LATEST NEWS

एप्लास्टिक एनीमिया: खून की कमी से आगे की बीमारी, लक्षण, खतरे और आम एनीमिया से फर्क

जब भी हम एनीमिया शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले शरीर में आयरन की कमी, थकान और चेहरे का पीलापन जैसे लक्षण आते हैं। पोषण संबंधी एनीमिया या आयरन की कमी एक आम समस्या है जिसे सही खान-पान से ठीक किया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एप्लास्टिक एनीमिया इससे पूरी तरह अलग और कहीं ज्यादा खतरनाक स्थिति है? इसे सामान्य एनीमिया समझकर केवल आयरन की गोलियों से इलाज करना एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। आइए डॉ. नितिन अग्रवाल (एमडी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, एचओडी – डोनर रिक्वेस्ट मैनेजमेंट, DKMS फाउंडेशन इंडिया) से जानते हैं एप्लास्टिक एनीमिया कैसे एनीमिया से अलग है। क्या है एप्लास्टिक एनीमिया? एप्लास्टिक एनीमिया बोन मैरो के फ्लोयोर से जुड़ी एक समस्या है। इस कंडीशन में बोन मैरो नए ब्लड सेल्स बनाना बंद कर देती है। यह स्थिति न केवल हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे शरीर पर असर डालती है। आम एनीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया में अंतर क्या है? जहां सामान्य एनीमिया में अक्सर केवल रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की कमी होती है, वहीं एप्लास्टिक एनीमिया में तीन मुख्य समस्याएं एक साथ पैदा होती हैं-     कम हीमोग्लोबिन- जिससे बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है।     व्हाइट ब्लड सेल्स की कमी- इनके घटने से शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।     प्लेटलेट्स की कमी- प्लेटलेट्स कम होने से शरीर में चोट लगने पर खून बहना रुकना मुश्किल हो जाता है और इंटरनल ब्लीडिंग का जोखिम रहता है। क्यों होती है यह बीमारी? एप्लास्टिक एनीमिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से ऑटोइम्यून डिजीज, कुछ दवाएं, टॉक्सिक चीजों से कॉन्टेक्ट और वायरल इन्फेक्शन इसके जिम्मेदार हो सकते हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में यह बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है। इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज एप्लास्टिक एनीमिया के लक्षण शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करते हैं। इसके मुख्य संकेतों में शामिल हैं-     सांस लेने में तकलीफ और थकान।     दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना।     बार-बार या लंबे समय तक चलने वाले इन्फेक्शन और बुखार।     बिना किसी कारण के शरीर पर नीले निशान पड़ना।     नाक और मसूड़ों से खून आना या चोट लगने पर खून का न रुकना।     त्वचा का पीला पड़ना और त्वचा पर रैश होना।  

गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के दिए निर्देश, महासमुंद के कलेक्टर ने किया एनएच-06 का निरीक्षण

महासमुंद. कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सोमवार को एनएच-06 से बेलटुकरी तक जाने वाले मार्ग एवं महासमुंद-तुमगांव रोड का निरीक्षण किया तथा संबंधित निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर लंगेह ने एनएच-06 से बेलटुकरी मार्ग के निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति, और भारी वाहनों के कारण हो रही क्षति का जायजा लिया। कलेक्टर लंगेह ने इस दौरान जिला खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश एवं पीएमजेएसवाई के कार्यपालन अभियंता आशीष कुलदीप एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में संचालित फर्सी पत्थर एवं अन्य खनन उद्योगों की सहायता से सड़क मरम्मत का कार्य शीघ्र कराया जाए। उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन में लगे भारी वाहनों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि खनन कंपनियां अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा आवश्यक सुधार कार्य जल्द पूरा करें। साथ ही, निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों, स्कूली बच्चों एवं राहगीरों को सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को समय-सीमा तय कर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। तत्पश्चात कलेक्टर लंगेह ने महासमुंद-तुमगांव निर्माणाधीन सड़क के डामरीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 9.65 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और इसे जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभाग एवं ठेकेदार एजेंसी को दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सड़क की गुणवत्ता, बेस लेयर, डामरीकरण की मोटाई, जल निकासी व्यवस्था एवं सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मानकों के अनुरूप कार्य करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा का सख्ती से पालन करने तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने, प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता सी.एस. चंद्राकर एवं अनुविभागीय अधिकारी मौजूद थे।

होली पर हुड़दंग से निपटने के लिए पुलिस ने की तैयारी, ड्रोन निगरानी, जिग-जैग बैरियर और एलआईयू अलर्ट

  मेरठ   होली पर हुड़दंगियों से निपटने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। ड्रोन कैमरों और जिग-जैग बैरियर लगाकर निगरानी की जाएगी। स्थानीय खुफिया इकाई एलआईयू को भी अलर्ट कर दिया गया है।   पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने सभी एसीपी और थाना प्रभारियों के साथ ब्रीफिंग की। उन्होंने बताया कि रंग लगाने के बहाने हुड़दंग पर पुलिस शांतिभंग में कार्रवाई करेगी। आरोपियों को एसीपी कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें पुलिस की रिपोर्ट पर जेल भी भेजा जाएगा। पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि चेकिंग के नाम पर किसी से अभद्रता नहीं होनी चाहिए। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।   संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग हर चाैराहे पर किया जा रहा है। होली के दो दिन पुलिस विशेष नजर रखेगी। तेज गति से वाहन चलाने पर चालान की कार्रवाई होगी। कंट्रोल रूम से चाैराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया जाएगा। कहीं भी अनावश्यक भीड़ लगने या माहौल गड़बड़ दिखने पर वायरलेस पर अलर्ट किया जाएगा। लोकेशन के आधार पर गश्त कर रही पुलिस टीम को मौके पर भेजा जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन से नजर रखी जाएगी और एसीपी और थानों का फोर्स थोड़ी-थोड़ी देर में गश्त करेगा।   60 पॉइंट पर लगेंगे जिग-जैग बैरियर पुलिस आयुक्त ने बताया कि 112 नंबर पर आईं शिकायतों का डाटा देखकर रणनीति तैयार की गई है। विवादित जगहों पर पहले से लोगों को चेतावनी दी गई है। शहर में 60 स्थानों पर जिग-जैग बैरियर लगाकर चेकिंग की जाएगी। हर थाने में 12 स्थानों पर स्टेटिक टीम तैनात रहेंगी। लगातार भ्रमणशील रहेंगी। बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर बॉडी वार्म कैमरों के साथ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। एलआईयू संवेदनशील क्षेत्रों में घूमकर जानकारी जुटाएगी और थाना पुलिस को सूचना देगी। सोशल मीडिया सेल 24 घंटे भ्रामक पोस्ट और माहौल बिगाड़ने वालों पर नजर रखेगी।  

संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक समीकरण का मिला लाभ, राज्यसभा चुनाव में लक्ष्मी वर्मा बनीं भाजपा उम्मीदवार

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्यसभा के चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है. भाजपा ने कई राज्यों के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई गई है. पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है. लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुकी हैं. राज्यसभा की इस सीट के लिए नामांकन प्रक्रिया निर्धारित तिथि पर शुरू होगी. राजनीतिक सफर बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मु़ड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर बहुत लंबा है. वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने 2000 में रायपुर सांसद रमेश बैस की सांसद प्रतिनिधि नियुक्त की गईं. अगले ही साल 2001 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति की सदस्य चुना गया. इस दायित्व को उन्होंने चार साल तक संभाला. पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता का फल भी मिला, 2010 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्य समिति (2010 से 2014 तक) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति का सदस्य (2010 से 2022 तक ) नियुक्ति किया गया. उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष (2021 से 2025 तक) नियुक्त किया. इसके साथ (2021 से 2024 तक ) उन्हें गरियाबंद संगठन प्रभारी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी मीडिया प्रवक्ता का भी दायित्व संभाला. संवैधानिक सफर लक्ष्मी वर्मा 1994 में रायपुर नगर पालिका निगम में वार्ड नं. 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं. 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं. 2019 में एफएसएनएल स्टील मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम किया. वहीं 7 अक्टूबर 2024 से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य संवैधानिक पद संभाल रही हैं. सामाजिक पद लक्ष्मी वर्मा की केवल राजनीति में ही नहीं बल्कि सामाजिक स्तर पर अपनी पहचान है. 1998 में शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1999 में नेहरू युवा केन्द्र रायपुर से जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2004 में श्रम पुनर्वास समिति जिला रायपुर के सदस्य मनोनीत की गईं. 2009 से मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ पंजीयन क्र. को 467 की प्रधान संरक्षक हैं. 2011 से कुटुम्ब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य हैं. वहीं 2014 वर्तमान में किसान संघर्ष समिति रायपुर छत्तीसगढ़ के विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया. 2023 से वर्तमान में अखिल भारतीय पंचायत परिषद राष्ट्रीय महासचिव हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं. लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में अच्छी-खासी पैठ है. 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला महामंत्री रहीं. 2006 से 2008 तक समाज की प्रदेश संगठन मंत्री , 2008 से 2010 तक छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी प्रदेश महिला अध्यक्ष रहीं. वर्तमान में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा महिला राष्ट्रीय महासचिव हैं.

भोले नामक विशाल नंदी के शरीर की धूल-मिट्टी को अपने हाथों से साफ किया सीएम योगी ने

गोसेवा में रमे सीएम योगी, गोवंश को खिलाया गुड़-रोटी नामों से पुकार कर, स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा मुख्यमंत्री ने भोले नामक विशाल नंदी के शरीर की धूल-मिट्टी को अपने हाथों से साफ किया सीएम योगी ने गोरखपुर  गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह जनता दर्शन लगाकर जनसेवा करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा में भी रमे रहे। उन्होंने नामों से पुकार कर, स्नेहिल थपकी देकर गायों-गोवंश को खूब दुलारा, उन्हें गुड़-रोटी खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए। गोरखनाथ मंदिर प्रवास पर मंगलवार प्रातःकाल सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं तो गोसेवा उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा रहती है। मंगलवार सुबह भी वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया।  गोशाला में सीएम योगी ने चारों तरफ भ्रमण करते हुए श्यामा, गौरी, गंगा, भोला आदि नामों से गोवंश को पुकारा। उनकी आवाज इन गोवंश के लिए जानी पहचानी है। प्यार भरी पुकार सुनते ही कई गोवंश दौड़ते-कूदते उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी के माथे पर हाथ फेरा, उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाया। इसी क्रम में उन्होंने भोले नामक एक विशाल नंदी को स्नेह की थपकी देते हुए गुड़-रोटी खिलाया। उसके शरीर पर लगी धूल-मिट्टी को पहले अपने हाथों से साफ किया और फिर गोशाला कार्यकर्ता को निर्देशित किया कि भोले के शरीर को सूखे कपड़े से साफ कर दिया जाए। मंदिर की गोशाला में सीएम योगी ने मोर पर भी स्नेह बरसाया और उसे अपने हाथों से रोटी खिलाई।

खामेनेई की मौत पर ईरान में खुशी, भारत में क्यों मना रहे हैं मातम?

नई दिल्ली ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मिसाइल हमले में हत्या की खबर सामने आने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है और पूरे इलाके में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. अमेरिका और इजरायल की तरफ से किए गए इस हमले के बाद जहां एक तरफ कई देशों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं और शिया मुस्लिम समुदाय के बीच गहरा शोक छा गया है. वहीं दूसरी तरफ ईरान और दुनिया के कुछ हिस्सों में लोगों ने इसे ‘फ्री ईरान’ की दिशा में पहला कदम बताते हुए जश्न भी मनाया है. इसी बीच भारतीय सिनेमा में काम कर रहीं ईरानी एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी का सोशल मीडिया रिएक्शन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है. ईरान से आई दो तस्वीरों ने पहले विरोध की आग दिखाई थी, अब वही तस्वीरें जश्न की कहानी बन गई हैं. कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर में एक युवती देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगाती नजर आई थी. यह दृश्य ईरान में महिलाओं के गुस्से और सत्ता के खिलाफ खुली चुनौती का प्रतीक बना. अब खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद उसी तरह की महिलाएं ‘चीयर्स’ करती और जश्न मनाती दिखाई दे रही हैं. इन तस्वीरों ने दुनिया भर में बहस छेड़ दी है कि क्या यह सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया है या फिर दशकों से सख्त सामाजिक और धार्मिक पाबंदियों में जी रही ईरानी महिलाओं की आजादी की शुरुआत? ईरान में महिलाओं का संघर्ष क्यों बना वैश्विक मुद्दा?     पिछले कुछ सालों में ईरान में महिलाओं के अधिकार सबसे बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनकर उभरे हैं. ड्रेस कोड, सार्वजनिक जीवन में पाबंदियां और मोरल पुलिसिंग के खिलाफ लगातार आंदोलन होते रहे हैं. कई बार इन आंदोलनों को सख्ती से दबाया गया, लेकिन विरोध की आवाज पूरी तरह खत्म नहीं हुई. महसा अमिनी की मौत के बाद आंदोलन और तेज हो गया.     खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संरचना में संभावित बदलाव महिलाओं के आंदोलन को नई दिशा दे सकता है. हालांकि यह भी सच है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था सिर्फ एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, इसलिए तुरंत बड़े बदलाव की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी. खामेनेई की मौत पर भारत में मातम क्यों  तेहरान में अमेरिका और इजरायल ने जिस तरह से ताबड़तोड़ हमले किए और इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई ने जान गंवाई, उसे लेकर हंगामा मचा हुआ है। खामेनेई की मौत को लेकर भारत के मुस्लिम समुदाय में कुछ वर्गों के बीच खास प्रतिक्रिया नजर आई। लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई और अलीगढ़ में शोक सभाओं, अंतिम संस्कार की प्रार्थना और ऑनलाइन संदेशों से संकेत मिलता है कि यह एक रेयर मूमेंट है। ऐसा पहली बार है जब शिया और सुन्नी, धार्मिक मतभेदों के लंबे इतिहास के बाद भी एक नेता के निधन पर साथ में शोक जताते नजर आए। खामेनेई 1989 से कर रहे थे ईरान का नेतृत्व     खामेनेई, जिन्होंने अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी की मृत्यु के बाद 1989 से ईरान का नेतृत्व किया।     वो एक शिया धर्मगुरु थे और सुन्नियों के लिए कोई धार्मिक प्राधिकारी नहीं थे।     उनकी मृत्यु पर प्रतिक्रियाएं सांप्रदायिक सीमाओं को पार कर गईं।     कई सुन्नियों के लिए, यह भावना ईरान से कम और फिलिस्तीन से अधिक जुड़ी है।     ये एक ऐसा मुद्दा है जो दक्षिण एशिया में सांप्रदायिक विभाजनों को भी पार कर जाता है। खामेनेई पर क्यों आए शिया सुन्नी साथ? जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रमुख सैयद सदातुल्लाह हुसैनी ने कहा कि खामेनेई का जीवन धार्मिक अधिकार के साथ-साथ राजनीतिक दृढ़ विश्वास को भी दर्शाता था। एक बयान में कहा गया कि रमजान के पवित्र महीने में खामेनेई की शहादत ने मुस्लिम जगत के लाखों लोगों को गहरा शोक पहुंचाया है। कुछ सुन्नी मौलवियों में शोक के साथ-साथ उन मुस्लिम सरकारों की आलोचना भी शामिल थी जिन्हें चुप्पी साधे हुए देखा गया।  सुन्नियों की इस प्रतिक्रिया पर क्या कह रहे जानकार विद्वान बशारत अली ने कहा कि शिया राजनीतिक कल्पना में, शहादत एकता और राजनीतिक शक्ति का स्रोत बन जाती है। भारत में कई शियाओं के लिए, ईरान का धार्मिक महत्व है क्योंकि यह दुनिया का सबसे बड़ा शिया-बहुसंख्यक देश है। ये कोम और मशहद जैसे धार्मिक केंद्रों का घर है। सुन्नियों के लिए प्रतिक्रिया काफी हद तक राजनीतिक रही है, जो फिलिस्तीन और इजरायल के विरोध के इर्द-गिर्द केंद्रित है।  

चंद्र ग्रहण 2026 LIVE: 6:48 बजे मोक्ष काल, भारत में कुछ मिनटों के लिए दिखेगा लालिमा लिए ‘ब्लड मून’

नई दिल्ली 3 मार्च 2026, मंगलवार (फाल्गुन पूर्णिमा) को साल का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है। दोपहर 3:20 बजे ग्रहण का स्पर्श काल प्रारंभ हुआ और इसी के साथ यह खगोलीय घटना आधिकारिक रूप से शुरू मानी गई। यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण है, जिसमें पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा के एक हिस्से पर डालती है। इसी कारण चंद्रमा का कुछ भाग ढका हुआ दिखाई देता है। खगोलीय दृष्टि से यह पूरी तरह प्राकृतिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के कारण समय-समय पर होती रहती है। लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं में चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने के कारण इस ग्रहण को और भी अहम माना जा रहा है। यह भारत में ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा- यानी चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंतिम चरण नजर आएगा। कब से कब तक रहेगा ग्रहण? भारतीय समयानुसार ग्रहण की प्रमुख टाइमिंग इस प्रकार है: ग्रहण प्रारंभ (स्पर्श): दोपहर 3:20 बजे ग्रहण मध्य: शाम 5:05 बजे ग्रहण समाप्ति (मोक्ष): शाम 6:48 बजे उपच्छाया समाप्ति: रात 7:55 बजे हालांकि यह पूरा समय भारत में दिखाई नहीं देगा। वजह यह है कि ग्रहण शुरू होने के समय देश में दिन रहेगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा। यानी जब यहां चंद्रमा उदय होगा, तब तक ग्रहण अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका होगा। क्यों कहा जा रहा है ‘ब्लड मून’?- ग्रहण के दौरान जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को ढकती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरते हुए चंद्रमा तक पहुंचती हैं। इस प्रक्रिया में लाल रंग की किरणें ज्यादा परावर्तित होती हैं। इसी वजह से चंद्रमा तांबे या लालिमा लिए दिखाई देता है। इसी कारण इसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित- वैज्ञानिकों के अनुसार यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित घटना है। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है और इसके लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती। भारत में कितनी देर दिखेगा ग्रहण?- भारत में चंद्रमा शाम को उदय होगा, इसलिए लोग ग्रहण का केवल अंतिम हिस्सा ही देख पाएंगे। अधिकांश शहरों में यह दृश्य लगभग 20 से 25 मिनट तक ही दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण ‘ग्रस्तोदय’ रूप में दिखाई देगा, इसलिए चंद्रोदय के बाद यानी लगभग 6:20–6:30 बजे के बीच (शहर अनुसार अलग-अलग) से लेकर 6:48 बजे तक ही इसका अंतिम हिस्सा नजर आएगा। उत्तर-पूर्वी राज्यों- जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर – में चंद्रमा सबसे पहले उदय होता है, इसलिए वहां दृश्यता का समय अपेक्षाकृत अधिक रहेगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में ग्रहण नजर आएगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में ग्रहण लगभग 6:22 बजे के बाद दिखाई देगा और 6:48 बजे मोक्ष तक ही सीमित रहेगा। पश्चिमी भारत- मुंबई, गुजरात और राजस्थान- में यह अवधि और भी कम हो सकती है। सूतक काल का महत्व- ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस बार सूतक सुबह लगभग 6:20 बजे से प्रभावी है और ग्रहण समाप्ति यानी 6:48 बजे तक रहेगा। सूतक के दौरान परंपरागत रूप से मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं, शुभ कार्यों को टाला जाता है और कई लोग भोजन बनाने या ग्रहण करने से परहेज करते हैं। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण का दैनिक जीवन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जाता। 2026 में कितने चंद्र ग्रहण?- साल 2026 में कुल दो चंद्र ग्रहण होंगे। हालांकि भारत में केवल 3 मार्च का ग्रहण ही दिखाई देगा। वर्ष का दूसरा ग्रहण भारत से दृश्य नहीं होगा।  

चंद्र ग्रहण आज: भारत में 6:20 के बाद होगा दृश्य, 25 मिनट तक रहेगा असर

साल के पहले चंद्र ग्रहण के लगने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है. आज दोपहर को 03 बजकर 20 मिनट पर इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी. इस ग्रहण की समाप्ति शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर हो जाएगी. ये ग्रहण 03 घंटे 26 मिनट तक रहेगा. चूंकि ये ग्रहण भारत में नजर आने वाला है, इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. इस ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर ही लग गया है. देशभर में ग्रहण के सूतक काल के विशेष नियमों का पालन किया जा रहा है. मंदिरों के कपाट बंद हैं. घरों में पूजा-पाठ समेत तमाम धार्मिक कार्य और खानपान बंद है. भारत में जब चंद्रोदय होगा तो चांद को ग्रहण लगा हुआ होगा. भारत में यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में नजर आने वाला है. भारत में 20 से 25 मिनट ही रहेगा ग्रहण का प्रभाव शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा. भारत में ये ग्रहण करीब 20 से 25 मिनट ही नजर ही नजर आने वाला है. भारत में आज शाम को 06 बजकर 20 मिनट के बाद ग्रहण लगा चांद दिखने लगेगा. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. इसके बाद 06 बजकर 46 मिनट पर ये चंद्र ग्रहण खत्म हो जाएगा. दिल्ली समेत इन बडे़े शहरों में ग्रहण के दिखने का समय     दिल्ली-एनसीआर: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     प्रयागराग: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 08 मिनट पर दिखेगा.     कानपुर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 14 मिनट पर दिखेगा.     वाराणसी: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बदकर 04 मिनट पर दिखेगा.     पटना: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     रांची: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     कोलकाता: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 43 मिनट पर दिखेगा.     भुवनेश्वर:यहां चंद्र ग्रहण 05 बजकर 54 मिनट पर दिखेगा.     गुवाहाटी:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 27 मिनट पर दिखेगा.     चेन्नई: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 21 मिनट पर दिखेगा.     बेंगलुरु: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 32 मिनट पर दिखेगा.     हैदराबाद:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     ईटानगर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 07 मिनट पर दिखेगा. इस सभी स्थानों पर ग्रहण शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. ग्रहण के बाद क्या करें? शाम को ग्रहण के समाप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. खुद स्नान करें और फिर ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें.

सुरभि चंदना ने पूल में पति संग रोमांटिक किस किया, मोनोकनी लुक से ढाया बोल्ड कहर

मुंबई  मशहूर टीवी एक्ट्रेस सुरभि चंदना अपनी मैरिड लाइफ खुलकर एन्जॉय कर रही हैं. सुरभि ने साल 2024 में करण शर्मा संग शादी रचाई थी. अब उन्होंने शादी की दूसरी सालगिरह सेलिब्रेट की. इस खास मौके पर सुरभि ने पति संग रोमांटिक पोस्ट शेयर की है, जो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रही है |  सुरभि का पति संग रोमांस शादी की दूसरी एनिवर्सरी पर कपल ने रोमांटिक पूल डेट एन्जॉय की. सुरभि पूल में पति संग खूबसूरत क्वालिटी टाइम स्पेंड करती नजर आईं. कपल एक दूसरे संग मस्ती करता दिखा, तो कभी रोमांस करता नजर आया. सुरभि और करण पूल में एक दूसरे संग रोमांस करते नजर आए. दोनों ने एक दूसरे को कई बार KISS करके प्यार भी लुटाया. एक दूजे की बांहों में लिपटे उनकी केमिस्ट्री भी बेहद किलर लगी. फैंस कपल पर दिल हार रहे हैं |  ब्लैक मोनोकनी में सुरभि का लुक देखने लायक है. उन्होंने न्यूड लिपस्टिक लगाई और बालों को ओपन रखा. उनका ग्रेसफुल मोनोकनी लुक फैंस को पसंद आ रहा है |   पति संग रोमांटिक वीडियो शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा- मुझे ईश्वर का दिया हुआ गिफ्ट. हमें दो साल पूरे होने की बधाई. जिंदगीभर तुम्हारी मंकी बने रहना चाहती हूं. सुरभि की पोस्ट पर फैंस उन्हें एनिवर्सरी की बधाई दे रहे हैं और उन्हें हमेशा साथ में खुश रहने की दुआएं भी दे रहे हैं |   बता दें कि सुरभि और करण ने साल 2024 में शादी रचाई थी. शादी से पहले कपल ने करीब 14 साल तक एक दूसरे को डेट किया था. दोनों की सिजलिंग केमिस्ट्री चर्चा में बनी रहती है. दोनों साथ में मेड फॉर ईच अदर लगते हैं |  सुरभि की बात करें तो वो टीवी की बड़ी एक्ट्रेस हैं. वो नागिन, इश्कबाज, कुबूल है जैसे शोज में नजर आ चुकी हैं. अपनी दमदार एक्टिंग से उन्होंने हमेशा फैंस का दिल जीता है |     

होली के त्यौहार पर बनाए रखें कानून व्यवस्था, गरियाबंद के कलेक्टर ने जारी किए आदेश

गरियाबंद. कलेक्टर बीएस उइके ने होली त्यौहार के दौरान होलिका दहन एवं 04 मार्च को होली का त्यौहार के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में जरूरी निर्देश जारी किये हैं। इस संबंध में तहसील गरियाबंद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी चितेश कुमार देवांगन, नायब तहसीलदार अवंतिका गुप्ता एवं योगेन्द्र कुमार देवांगन का ड्यूटी लगाया गया है। इसी प्रकार तहसील छुरा के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी गैंदलाल साहू, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी डोनेश्वर साहू, तहसील राजिम के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी मयंक अग्रवाल एवं नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तारेन्द्र कुमार ठाकुर, तहसील फिंगेश्वर के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी डिंपल धु्रव, तहसील मैनपुर के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी रमेश मेहता, तहसील अमलीपदर के लिए प्रभारी तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी सुशील कुुमार भोई तथा तहसील देवभोग के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी अजय कुमार चंद्रवंशी को शांति व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 2 रिसर्चर्स को MPCST अवॉर्ड, विकसित की डायबिटीज और स्तन कैंसर की दवा प्रणाली

सागर  डॉ हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. मध्य प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की 41वीं एमपी यंग साइंटिस्ट कांग्रेस में फार्मास्युटिकल साइंसेज श्रेणी में सागर यूनिवर्सिटी के फार्मेसी डिपार्टमेंट के 2 शोध छात्रों को यह अवॉर्ड मिला है. प्रियांशु नेमा और हर्षिता सिंघई को एमपीसीएसटी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने यह सम्मान उनके शोध कार्यों के लिए प्रदान किया है| डायबिटीज के इलाज के लिए मिला अवॉर्ड प्रियांशु नेमा को शोध विषय मधुमेह-रोधी चिकित्सीय विकास के लिए एकीकृत ट्रांसक्रिप्टोमिक्स और कम्प्यूटेशनल ड्रग डिस्कवरी के लिए एमपीसीएसटी यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. जिसमें डायबिटीज के इलाज के लिए आधुनिक ट्रांसक्रिप्टोमिक्स और कम्प्यूटेशनल तकनीकों के समन्वय से नई औषधीय संभावनाओं का विकास किया जा रहा है |  स्तन कैंसर की दवा प्रणाली विकसित करने पर मिला अवॉर्ड हर्षिता सिंघई को उनकी रिसर्च स्तन कैंसर के उपचार के लिए उत्तेजना-प्रतिक्रियाशील सह-युक्त लिपोसोमल दवा वितरण प्रणाली के लिए अवॉर्ड प्रदान किया गया. शोध में स्तन कैंसर के उपचार के लिए उन्नत लिपोसोमल ड्रग डिलीवरी सिस्टम विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है, जो लक्षित (टारगेटेड) और प्रभावी इलाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है |  रिसर्च वर्क के लिए नई दिशा एमपीसीएसटी द्वारा आयोजित सम्मेलन का उद्देश्य नवीन और उपयोगी शोध को प्रोत्साहित करना और युवा वैज्ञानिकों को रिसर्च वर्क के लिए मंच प्रदान करना है. इस उपलब्धि पर शोधार्थियों के मार्गदर्शक डॉ. उमेश के. पाटिल, डॉ. सुशील काशव और डॉ. अश्मिता गजभिये ने विभाग और विश्ववि‌द्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया|   एमपीसीएसटी द्वारा युवा वैज्ञानिकों को उनकी रिसर्च के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है. इसी के तहत प्रियांशु नेमा फिलहाल आईएलएस, भुवनेश्वर में डॉ. अंशुमान दीक्षित के मार्गदर्शन में रिसर्च को आगे बढ़ा रहे हैं. यह प्रदेश में वैज्ञानिक शोध को नई दिशा देने का कार्य करेगी |   

गरियाबंद में उद्यम उन्नयन योजना के मांगे गए आवेदन, रायपुर में जलाशय योजना के लिए 7.94 करोड़ स्वीकृत

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा सरगुजा जिले के विकासखण्ड-मैनपाट की सरईकेरचा व्यपवर्तन योजना के नहर की जीर्णोंद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 95 लाख 91 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण हो जाने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 414 हेक्टेयर के विरूद्ध 253 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। इसी तरह से विकासखण्ड-अंबिकापुर की बरकेला जलाशय योजना के बांध एवं नहर के नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 67 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्य के पूर्ण होने पर रूपांकित सिंचाई क्षमता 251 हेक्टेयर के विरूद्ध 102 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी।  गरियाबंद : पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अंतर्गत आवेदन आमंत्रित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अन्तर्गत जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यमियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विभाग के महाप्रबंधक श्री दिनबंधु धु्रव ने बताया कि आवेदन के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक का आधार कार्ड, पेन कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, मशीनरी का कोटेशन एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट अनिवार्य है। योजना में कुल परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति उद्यमी निर्धारित है। लाभार्थी द्वारा 10 प्रतिशत अंशदान अनिवार्य रूप से वहन किया जाएगा तथा शेष राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के अन्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों को लाभ मिलेगा जिसमें पोहा उद्योग, आचार एवं मसाला निर्माण, बेकरी उत्पाद, सेवईयां निर्माण, नमकीन निर्माण, पशु आहार उत्पादन, टमाटर सॉस निर्माण, मक्का प्रोसेसिंग, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी आधारित उत्पाद, फल, फूल, सब्जी प्रसंस्करण उद्योग, हर्बल उत्पाद तथा लघु वनोपज आधारित इकाइयाँ सम्मिलित हैं। योजनान्तर्गत इच्छुक आवेदक योजना की अधिकृत पोर्टल एचटीटीपीएस पीएमएफएमई डॉट एमओएफपीआई डॉट गवर्नमेंट डॉट इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु इच्छुक आवेदक जिले के व्यापार एवं उद्योग केंद्र, गरियाबंद, संयुक्त जिला कार्यालय, कक्ष क्रमांक 92 में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं इसके अतिरिक्त दूरभाष क्रमांक 07706-241268 में भी संपर्क कर सकते है।

विजय देवरकोंडा के गांव में रश्मिका का भव्य स्वागत, 3 हजार को खिलाया खाना, दिया दिलचस्प सरप्राइज

मुंबई  रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा शादी के बाद हैप्पी लाइफ जी रहे हैं. कपल हनीमून पर ना जाकर रस्मों रिवाजों को पूरा कर रहा है. 4 मार्च को उनका वेडिंग रिसेप्शन होना है. इससे पहले कपल ने बची हुई रस्मों को पूरा किया. हैदराबाद में रश्मिका का ग्रैंड वेलकम हुआ. इसके बाद विजय देवरकोंडा के तेलंगाना स्थित गांव Thummanapeta में सोमवार को कपल का भव्य स्वागत किया गया|  रश्मिका-विजय का बड़ा ऐलान गांव के नए घर में गृहप्रवेश और सत्यनारायण पूजा रखी गई थी. विजय और रश्मिका ने पूजा में साथ बैठकर विधियों को पूरा किया. सिल्क साड़ी में नई नवेली दुल्हन रश्मिका की खुशी का ठिकाना नहीं था. अपने लव ऑफ लाइफ विजय संग वो खुश दिखीं. न्यूलीवेड कपल की एक झलक पाने को पूरा गांव वहां पर इकट्ठा हुआ. रश्मिका और विजय ने सभी का हाथ जोड़कर नमन किया. गांववालों ने कपल को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया |  विजय ने स्टेज पर आकर गांववालों को उनकी बहू रश्मिका से मिलवाया. एक्ट्रेस ने गांववालों का इतना प्यार देने के लिए शुक्रिया अदा किया. कपल ने गांव के 3000 लोगों को खाना खिलाया. इसके अलावा विजय ने एक बड़ा ऐलान भी किया. एक्टर ने देवरकोंडा चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत 9वीं और 10वीं क्लास के बच्चों को स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया. ये सौगात तेलंगाना के Nagarkurnool जिले के Achampet डिवीजन के 44 सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगी. इस अनाउंसमेट को सुनने के बाद उनकी मां की खुशी का ठिकाना नहीं था. भाई आनंद ने भी इस पहल को सराहा. विजय ने गांववालों से कहा- मेरे होमटाउन में मेरा घर और जमीन है. अब से मैं लगातार गांव आता रहूंगा |  शादी के बाद कपल तिरुमाला तिरुपति मंदिर भगवान का आशीर्वाद लेने गया था. कपल की एक झलक पाने को फैंस बेकरार रहते हैं. रश्मिका-विजय ने 7 साल डेटिंग के बाद अपने रिश्ते को शादी का नाम दिया है. उनका वेडिंग लुक सोशल मीडिया पर अभी तक वायरल हो रहा है. कपल ने कोडावा और आंध्रा रीति रिवाजों से शादी की. अब फैंस को उनके वेडिंग रिसेप्शन लुक का इतंजार है |   

सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश

बेफिक्र होकर उपचार कराएं, सरकार देगी भरपूर आर्थिक सहायता: सीएम योगी जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश जमीन कब्जाने व दबंगई के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने आए लोगों को आश्वस्त किया कि वे बेफिक्र होकर अच्छे अस्पताल में उपचार कराएं। सरकार उनको भरपूर आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर अधिकारियों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  होलिकोत्सव मनाने के लिए सोमवार को गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों के पास जाकर, एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के लिए लोगों को आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को भरोसा दिया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं, ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  जनता दर्शन में एक व्यक्ति ने किडनी की बीमारी में धन की कमी आड़े आने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। कार्ड न होना बताए जाने पर उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए। इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद मिलेगी। अन्य कई लोग भी गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ परिजनों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी को स्नेहिल आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दीं और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

‘सर्विस ऑन व्हील्स’ अभियान बना जनसेवा की मिसाल, हजारों दिव्यांग एवं वृद्धजन लाभान्वित

मोहला. जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 18 दिवसीय सर्विस ऑन व्हील्स दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सेवा रथ अभियान ने दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में शासकीय सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करते हुए जनसेवा की मिसाल कायम की। अभियान के अंतर्गत जिले के तीनों विकासखंड कृमानपुर, मोहला एवं अंबागढ़ चौकी में क्लस्टर स्तरीय शिविरों और सेवा रथ के माध्यम से ग्राम-ग्राम पहुँचकर दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को उनके घर के समीप विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। सीमावर्ती एवं अंतिम छोर के गांवों तक प्रशासन की सीधी पहुँच इस अभियान की प्रमुख उपलब्धि रही। अभियान के दौरान सेवा रथ के माध्यम से 337 डीएलसी, भौतिक सत्यापन, 209 मृत्यु प्रविष्टि 39 पलायन प्रविष्टि तथा 245 आधार सीडिंग की कार्यवाही पूर्ण की गई। वहीं वय वंदन योजना अंतर्गत 56 पंजीयन किए गए और 72 आयुष्मान कार्डों का निर्माण एवं वितरण किया गया। सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु 14 स्थानों पर नशा मुक्ति शपथ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पात्र हितग्राहियों को 2 बैटरी ट्राइसाइकिल, 21 ट्राइसाइकिल, 17 व्हीलचेयर, 175 वॉकिंग स्टिक, 35 श्रवण यंत्र, 12 बैसाखी, 8 वॉकर, 8 कमर ध्घुटना बेल्ट, 8 डिजिटल/सेंसर स्टिक, 3 कृत्रिम पैर/कृत्रिम अंग तथा 1 मानसिक दिव्यांगजन हेतु विशेष टीएलएम किट का वितरण किया गया, जिससे उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त 21 दिव्यांगजनों से कौशल प्रशिक्षण हेतु आवेदन तथा 9 हितग्राहियों से यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त किए गए। ग्राम स्तर पर सेवाएँ उपलब्ध होने से उन दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को विशेष राहत मिलीए जिनके लिए शासकीय कार्यालयों तक पहुँचना कठिन था। जिला प्रशासन के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने की पहल में अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांग मितान जनप्रतिनिधि एवं मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet