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होली की मस्ती पर भारी लापरवाही: ड्रंक एंड ड्राइव के 130 मामले, राजधानी में चला विशेष अभियान

रायपुर होली के मद्देनज़र राजधानी में यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान चलाया। देर शाम से रात तक चले विशेष ड्राइव में 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया गया। यह अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश में चलाया गया। शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए, जहां ब्रीथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से चालकों की जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और दौलत राम पोर्ते के निर्देशन में सहायक पुलिस आयुक्तों और यातायात टीमों ने मोर्चा संभाला। जांच के दौरान 39 कार चालक, 73 मोटरसाइकिल सवार, 3 ट्रक चालक तथा 15 टाटा एस पिकअप और ई-रिक्शा चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। सभी मामलों में मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। जब्त किए गए वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर और संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के अनुसार होली के बाद सभी प्रकरण न्यायालय में पेश किए जाएंगे, जहां प्रत्येक मामले में 10,000 से 15,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान विशेषकर रात्रि में सघन जांच अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि होली की खुशियां जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ मनाएं तथा नशे की हालत में वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें।

उज्जैन के राघौ पिपलिया में बड़ा हादसा, तालाब में डूबे दो नाबालिग; इलाके में शोक की लहर

उज्जैन नाखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम राघौ पिपलिया में सोमवार को हादसा हो गया। तालाब में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि रितेश पुत्र पवन राजोरिया उम्र 14 वर्ष तथा रोहित पुत्र गोवर्धन डोरिया उम्र 15 वर्ष दोनों निवासी ग्राम राघौ पिपलिया सोमवार को गांव में स्थित तालाब में नहाने गए थे। गहरे पानी में जाने से दोनों किशोर की डूबने से मौत हो गई। तालाब के बाहर खड़े एक अन्य किशोर ने दोनों को डूबते हुए देखा था। उसने ग्रामीणों को किशोरों के डूबने की सूचना दी। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों नाबालिग को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए थे। यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।  

तेलुगु बॉक्स ऑफिस हिट ‘आया शेर’ अब हिंदी में, नानी का नया धमाका

मुंबई, नेचुरल स्टार नानी की फिल्म द पैराडाइज का गाना ‘आया शेर’तेलुगु वर्ज़न के जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब हिंदी वर्जन में भी रिलीज हो गया है। फिल्म द पैराडाइज के मेकर्स ने जश्न को और बढ़ा दिया है। तेलुगु गाने के रिकॉर्ड तोड़ धमाके के बाद अब “आया शेर” का हिंदी वर्जन रिलीज हो गया है। नेचुरल स्टार नानी के जन्मदिन पर आया तेलुगु गाना लोगों को खूब पसंद आया था। “आया शेर” का मतलब है “शेर आ गया” और यह लाइन ही गाने का जोश दिखा देती है। यह गाना पहले ही एक पावर-पैक एंथम बन चुका है। तेलुगु वर्जन ने नानी के जन्मदिन पर रिलीज होकर चार्ट्स और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था और अब हिंदी वर्जन भी उसी अंदाज में लोगों का पसंदीदा बन गया है। तेलुगु वर्जन ने यूट्यूब पर 44 मिलियन से ज्यादा व्यूज और एक मिलियन से ज्यादा लाइक्स पार कर लिए हैं। गाना अभी सबसे ट्रेंडिंग ट्रैक्स में से एक बन चुका है। दुनिया भर के फैंस इंस्टाग्राम पर नानी के इलेक्ट्रिफाइंग हुक स्टेप को दोहरा रहे हैं और इस ट्रैक से प्रेरित अनगिनत एनर्जेटिक रील्स शेयर कर रहे हैं। फिल्म में नानी के लिए यह एक धमाकेदार इंट्रोडक्शन ट्रैक है। “आया शेर” को अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया है और सुधान मास्टर ने कोरियोग्राफ किया है। गाने में रॉ एनर्जी, थिरकते बीट्स और नानी की ट्रेडमार्क इंटेंसिटी साफ नजर आती है। उनकी स्क्रीन पर कमांडिंग प्रेजेंस और डायनामिक डांस मूव्स ने इसे एक सांस्कृतिक पल बना दिया है, जिसे फैंस खुद एक थिएटरिकल स्पेक्ट्रेकल के रूप में सेलिब्रेट कर रहे हैं। द पैराडाइज श्रीकांत ओडेला का एक और बड़ा प्रोजेक्ट है, जिन्होंने अपने डेब्यू फिल्म दसरा से खूब तारीफें बटोरी थीं। जबरदस्त हाइप के बीच, अनिरुद्ध का पावरफुल साउंडट्रैक, जिसमें अरजुन चांडी की वॉइस है, फिल्म की इमोशनल गहराई और स्केल को और बढ़ा देता है। एसएलवी सिनेमाज के प्रोडक्शन में बनी द पैराडाइज का ग्रैंड वर्ल्डवाइड रिलीज़ 21 अगस्त 2026 को आठ भाषाओं में होने वाला है।  

भारत vs इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले Sunil Gavaskar का बड़ा दावा, Jasprit Bumrah की भूमिका पर खास टिप्पणी

नई दिल्ली अपने जमाने के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर को लगता है कि भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच बेहद रोमांचक होगा। बल्लेबाजी में लचीलापन और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज की मौजूदगी से भारतीय टीम थोड़ा फायदे में रहेगी। मौजूदा चैंपियन टीम इंडिया गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगी। इससे पहले 2022 और 2024 में भी इन दोनों टीमों के बीच सेमीफाइनल खेला गया था। इंग्लैंड ने 2022 में एडिलेड में भारत को 10 विकेट से हराया, जबकि रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम ने दो साल बाद वेस्टइंडीज के प्रोविडेंस में इसका बदला चुकता कर दिया था। गावस्कर ने बेंगलुरु में चुनिंदा मीडियाकर्मियों से कहा, ‘दोनों टीम बहुत अच्छी हैं। उनके पास अच्छे बल्लेबाज और अच्छे गेंदबाज हैं। उनके पास मध्य क्रम में अच्छे बल्लेबाज हैं और फिनिशर भी हैं। दोनों टीमों की गेंदबाजी में विविधता है।’ उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड के पास कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो आईपीएल में खेल चुके हैं और भारतीय परिस्थितियों से परिचित हैं। उसके खिलाड़ी नॉकआउट मैच खेलने के दबाव से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक रोमांचक मुकाबला होगा।’ गावस्कर ने हालांकि कहा कि तेज गेंदबाज बुमराह और इंग्लैंड के बल्लेबाजों के बीच जंग इस मैच का परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। इंग्लैंड की टीम में कप्तान हैरी ब्रूक इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि बुमराह को पावरप्ले में कम से कम दो ओवर करने चाहिए क्योंकि नई गेंद से अगर वह शुरू में विकेट ले लेते हैं, तो भारत का पलड़ा भारी हो जाएगा। वह जोस बटलर, फिल साल्ट और हैरी ब्रूक के विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर सकते हैं।’ गावस्कर ने कहा कि बुमराह को चार ओवर के बाद गेंदबाजी सौंपने का कोई मतलब नहीं है।उन्होंने कहा, ‘जब चार ओवर पहले ही फेंके जा चुके हैं और बल्लेबाजों को लगभग 20 गेंदें खेलने को मिल चुकी हैं, तो इसका मतलब होगा कि जब बुमराह गेंदबाजी करने के लिए आएंगे तो दोनों बल्लेबाजों को 8-10 गेंदें खेलने को मिल चुकी है और उन्होंने क्रीज पर अपने पांव जमा लिए होंगे। बुमराह और भारत दोनों के लिए यह बेहतर होगा कि बुमराह शुरू में गेंदबाजी करके विकेट हासिल करें।’ बुमराह का सभी प्रारूपों में इतना घातक गेंदबाज कैसे बने, इस बारे में गावस्कर ने कहा, ‘अगर आपने आंद्रे अगासी की आत्मकथा (ओपन) पढ़ी है तो आपको पता चल जाएगा कि उन्होंने बोरिस बेकर की सर्व का अंदाज़ा कैसे लगाया। शुरू में तो वह उनकी सर्व का अंदाज़ा नहीं लगा पाए, लेकिन फिर उन्हें अहसास हुआ कि अगर गेंद उछालते समय उनकी जीभ बाईं ओर होती है तो वे वाइड सर्व करेंगे। अगर उनकी जीभ दाईं ओर होती है तो वे सेंटर लाइन पर सर्व करेंगे।’ गावस्कर ने कहा, ‘लेकिन जहां तक बुमराह का सवाल है तो उनको समझना आसान नहीं है। वह पहले वाइड गेंद फेंकते हैं तो अक्सर लगता है कि गेंद अंदर की तरफ आएगी। लेकिन वह गेंद को स्विंग करा सकते हैं। इसीलिए वह तीनों प्रारूप में इतने खतरनाक गेंदबाज हैं।’ गावस्कर के अनुसार भारत का एक और फायदा यह है कि उसकी बल्लेबाजी में लचीलापन है और तिलक वर्मा जैसे बल्लेबाज किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं। तिलक ने शुरू में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की, लेकिन टीम प्रबंधन ने जब संजू सैमसन को अंतिम एकादश में शामिल करने का फैसला किया तो वह पांचवें और छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने लगे। गावस्कर ने कहा, ‘तिलक वर्मा बहुत ही समझदार क्रिकेटर है, जो स्थिति का अच्छी तरह आकलन करता है और फिर उसी के अनुसार खेलता है। मुझे लगता है कि पांचवें या छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए वह स्थिति की नजाकत को समझ सकता है। मुझे लगता है कि जिस तरह से उसने वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्लेबाजी की, उसने सैमसन पर से दबाव काफी हद तक कम कर दिया था।’उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत भाग्यशाली है कि उसके पास तिलक जैसे खिलाड़ी हैं जो तीसरे नंबर पर और यहां तक ​​कि पांचवें या छठे नंबर पर भी बल्लेबाजी कर सकते हैं।’ इंग्लैंड के बल्लेबाज जोस बटलर की टूर्नामेंट में खराब फॉर्म के बारे में गावस्कर ने कहा, ‘वह अभिषेक शर्मा की तरह खतरनाक खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि बटलर का विकेट जल्दी लेना महत्वपूर्ण होगा। हमने आईसीसी और आईपीएल जैसी प्रतियोगिताओं में देखा है कि वह काफी खतरनाक बल्लेबाज साबित हो सकते हैं।’  

आगरा मेट्रो: कैंट से आगरा कॉलेज तक सितंबर तक दौड़ेगी, काम की गति में तेजी

आगरा  उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन दूसरे कॉरिडोर में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक सितंबर तक मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी। यह कॉरिडोर दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।  उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। यह दो चरणों में बनेगा। पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक मेट्रो ट्रेन सेवा चलेगी। इसमें पिलर और स्टेशन बनाने का काम चल रहा है। सितंबर में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक मेट्रो ट्रेन चलने लगेगी आगरा कॉलेज से कालिंदी विहार का ट्रैक बनाने का कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। पहले कॉरिडोर की बात करें तो अप्रैल में ताज पूर्वी से आईएसबीटी तक मेट्रो ट्रेन चलने लगेगी। अभी 6 स्टेशनों पर ही मेट्रो ट्रेन चल रही है। अगले पांच स्टेशन एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस और आईएसबीटी स्टेशन है। इनका काम पूरा हो गया है। डाउन लेन की पटरी बिछाने का कार्य चल रहा है। इसी महीने हाईस्पीड ट्रायल करने के बाद अगले महीने में मेट्रो ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी।  

योगी सरकार की गोसंवर्धन नीति से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ पर्यावरण व स्वास्थ्य अनुकूल उत्पादों का निर्माण भी

होली में गोमाता ने रंग भरे गोपालकों व ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी में देसी गाय के गोबर के कंडों की राख तथा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों से बन रहा गुलाल योगी सरकार की गोसंवर्धन नीति से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ पर्यावरण व स्वास्थ्य अनुकूल उत्पादों का निर्माण भी बुलंदशहर, मथुरा, बिजनौर, सहारनपुर, संभल, उरई और मुरादाबाद समेत प्रदेश भर में किया जा रहा है निर्माण लखनऊ उत्तर प्रदेश में इस बार होली का उल्लास न केवल रंगों से, बल्कि गोमाता के आशीर्वाद और ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन से भी सराबोर होगा। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य के विभिन्न जिलों में पूरी तरह से प्राकृतिक तत्वों से पारंपरिक ‘ऑर्गेनिक गुलाल’ तैयार किया जा रहा है। यह गुलाल न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए नारी सशक्तिकरण का नया अध्याय लिख रहा है। प्रकृति के रंगों से सजेगा त्योहार गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस अनूठी पहल के तहत ग्रामीण महिलाएं गोशाला पालकों के सहयोग से प्राकृतिक तत्वों के जरिए गुलाल का निर्माण कर रही हैं। इसमें गोबर के कंडों की राख के अलावा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों और इंडिगो (नील) जैसे तत्वों का उपयोग किया जा रहा है। बाजार में मिलने वाले जहरीले केमिकल युक्त रंगों के मुकाबले यह गुलाल पूरी तरह इको-फ्रेंडली और त्वचा के लिए सुरक्षित है। गोबर की राख का ‘वैज्ञानिक’ आधार इस गुलाल की सबसे बड़ी विशेषता देशी गाय के गोबर के कंडों की राख का उपयोग है। पारंपरिक रूप से शुद्धिकारक मानी जाने वाली इस राख में वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित ‘क्षारीय तत्व’ पाए जाते हैं, जो नमी को कम कर सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकते हैं। प्रसंस्करण के बाद यह राख गुलाल को एक मुलायम आधार प्रदान करती है, जिससे रंगों का फैलाव बेहतर होता है और किसी कृत्रिम फिलर की जरूरत नहीं पड़ती। प्रदेश भर में रोजगार आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत बुलंदशहर, मथुरा, बिजनौर, सहारनपुर, संभल, उरई और मुरादाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया गया है। यह प्रयास न केवल होली को स्वास्थ्यकर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। गोशालाओं से प्राप्त सामग्री के उपयोग से गोवंश का संरक्षण हो रहा है और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

भारत-ऑस्ट्रेलिया-कनाडा के नए ट्रायंगल का असर, जानें क्यों इसे गेमचेंजर माना जा रहा है

नई दिल्ली एक तरफ अमेरिका ट्रेड वॉर और भारी टैरिफ लगाकर अपनी अर्थव्यवस्था को समेट रहा है, तो दूसरी तरफ चीन ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बाजार पर एकाधिकार जमाकर बैठा है. इस खींचतान के बीच, दुनिया को एक नए और सुरक्षित रास्ते की तलाश थी. इसी तलाश को पूरा करने और चीन-अमेरिका पर निर्भरता को जड़ से खत्म करने के लिए तीन बड़े देशों ने हाथ मिलाया है. भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने मिलकर एक नया और बेहद शक्तिशाली अलायंस बनाया गया है, जिसे ACITI यानी ऑस्‍ट्रेल‍िया, कनाडा, इंडिया टेक्‍नोलॉजी एंड इनोवेशन ट्रायंगल नाम द‍िया गया है. यह नया ट्रायंगल सिर्फ एक डील नहीं है, बल्कि इससे दुनिया की ग्रीन सप्लाई चेन का पूरा गेम बदलने वाला है |  आज की दुनिया में तरक्की का मतलब क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, सोलर पैनल और विंड टर्बाइन है. इन सभी को बनाने के लिए लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे खनिजों की जरूरत होती है.दिक्कत यह है कि इन खनिजों को निकालने और रिफाइन करने के बाजार पर चीन का लगभग पूरा कब्‍जा है. ग्रीन हाइड्रोजन बनाने वाले इलेक्ट्रोलाइजर की सप्लाई भी चीन ही कंट्रोल करता है. दूसरी ओर, अमेरिका ने अपनी नई नीतियों और टैरिफ से दुनिया भर के व्यापार को डरा दिया है. एक देश (चीन) पर पूरी तरह निर्भर रहना अब दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका था. ACITI गठबंधन इसी सिंगल-कंट्री डिपेंडेंस को तोड़ने का अचूक हथियार है | कैसे काम करेगा यह नया ट्रायंगल?     यह गठबंधन तीन देशों की अलग-अलग ताकतों को मिलाकर एक सुपर-पावरफुल सप्लाई चेन बनाएगा. इस साझेदारी का फोकस मुख्य रूप से क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और लॉन्ग-टर्म आर्थिक सुरक्षा पर होगा |      ऑस्ट्रेलिया की ताकत: ऑस्ट्रेलिया दुनिया में लिथियम का सबसे बड़ा उत्पादक है. यानी एक तरह से लीडर है. लिथियम वह मुख्य धातु है जिससे हर तरह की बैटरी बनती है |      कनाडा की ताकत: कनाडा के पास क्रिटिकल मिनरल्स का भारी भंडार है और वह ग्रीन टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए भारी फंड्स और नीतियां बना रहा है |      भारत की ताकत: भारत दुनिया का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार है. भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट र‍िन्‍यूएबल एनर्जी पैदा करने का विशाल लक्ष्य रखा है. यानी भारत के पास इस नई तकनीक की सबसे ज्यादा डिमांड है |      जब ऑस्ट्रेलिया का कच्चा माल, कनाडा की तकनीक-पैसा और भारत का विशाल बाजार और मैन्युफैक्चरिंग स्केल एक साथ मिलेंगे, तो यह तिकड़ी चीन के एकाधिकार को सीधी और कड़ी टक्कर देगी |  सिर्फ मुनाफा नहीं, धरती को बचाना है लक्ष्‍य अक्सर ऐसे बड़े गठबंधन सिर्फ पैसा कमाने के लिए बनते हैं, लेकिन ACITI का नजरिया अलग है. इस गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे अपना ध्यान सिर्फ स्मार्टफोन बनाने या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बुलबुले में पैसा फूंकने पर न लगाएं. इस ट्रायंगल का असली लक्ष्य टेक-फॉर-गुड यानी भलाई के लिए तकनीक बनाना है. इसके तहत तीनों देश मिलकर काम करेंगे कि खनिजों का खनन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे हो. पुरानी बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से लिथियम, कोबाल्ट और तांबे को दोबारा कैसे निकाला जाए. यह गठबंधन सर्कुलर इकॉनमी यानी जहां चीजें बर्बाद न हों, बल्कि बार-बार इस्तेमाल हों, उस पॉल‍िसी को बढ़ावा देगा |   

राजपाल यादव के बयान से उठे सवालों पर सोनू सूद बोले—मदद का मतलब क्या होता है

मुंबई राजपाल यादव धोखा-धड़ी केस में जेल में थे तो उन्हें बचाने के लिए इंडस्ट्री से कई हाथ आगे बढ़े। मुहिम की शुरुआत सोनू सूद ने की थी। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा था कि राजपाल यादव को सम्मान के साथ मदद दें, उन्हें काम दें। जेल से अंतरिम जमानत पर बाहर आए राजपाल यादव को जब पता चला तो उन्होंने तल्ख लहजे में जवाब दिया कि लोगों को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि उन्हें काम की जरूरत है। अब राजपाल के जवाब पर सोनू सूद का रिएक्शन सामने आया है। राजपाल के जवाब पर क्या बोले सोनू सोनू सूद ने राजपाल यादव के कमेंट के बारे में कहा, ‘उनके लिए खुश हूं। मैंने यह नहीं कहा था कि उन्हें काम की जरूरत है। मैंने कहा था कि उन्हें साइन कीजिए और एडवांस पैसे दीजिए क्योंकि वह इस योग्य हैं।’ सोनू सूद ने किया था ट्वीट बता दें कि जब राजपाल यादव ने जब तिहाड़ जेल में सरंडर किया तो उनका इमोशनल बयान चर्चा में था। उन्होंने कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं। यहां कोई किसी का नहीं। इसके बाद सोनू सूद ने एक ट्वीट किया। इसमें लिखा था कि राजपाल यादव के लिए वह जो बन पड़ेगा करेंगे। सोनू ने यह भी लिखा था कि उन्हें फिल्म के लिए साइन करें और एडवांस पैसे दें। सोनू के ट्वीट से इंस्पायर होकर कई लोग राजपाल की मदद करने आगे आए थे। टीवी एक्टर गुरमीत चौधरी ने भी राजपाल की मदद की थी और उन्हें भी सोनू सूद से प्रेरणा मिली थी। राजपाल ने दिया था ये जवाब राजपाल यादव जब जेल से बाहर आए और सोनू के कमेंट के बारे में पता चला तो बोले, ‘प्लीज गलतफहमी से बाहर आ जाइए कि मुझे काम मांगने की जरूरत है। हां काम मांगने में कोई शर्म की बात नहीं। मैं अपने काम की वजह से ही जिंदा हूं, सिनेमा मेरा पैशन है और मैं ऐसे काम करता हूं कि चार गुना ज्यादा काम मिलता है। मैं छुट्टियों में भी काम करता हूं। मुझे काम नहीं मिलता बल्कि यह 11 साल से मेरे साथ रहा है।’

सऊदी में हमले के बाद ट्रंप का ऐलान, कुवैत में US एंबेसी बंद, पाकिस्तान और इजरायल में नागरिक सेवाएं रद्द

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी जंग और खतरनाक होती जा रही है. शनिवार को ईरान पर अमेरिका ने हमला किया था. अब खबर आ रही है कि हमले की आशंका के बावजूद ईरान के शीर्ष नेतृत्व को दिन में हमले की उम्मीद नहीं थी. शनिवार सुबह अयातुल्ला अली खामेनेई अपने सलाहकारों के साथ बैठक कर रहे थे. रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सुरक्षित बंकर में जाने से इनकार किया और कहा कि छिपने से बेहतर है शहीद होना. बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद मिसाइलें गिरीं. इसके अलावा सोमवार को ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि खामेनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते का निधन हो गया. बताया गया कि हमलों के बाद वह कोमा में थीं. उनकी उम्र 78 वर्ष थी और उनकी शादी 1964 में हुई थी  |  सऊदी और खाड़ी में भी तनाव न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास के पास धमाके की आवाज सुनी गई और धुआं उठता देखा गया. एक सऊदी अधिकारी ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने अपनी एयर डिफेंस क्षमता इजरायल की सुरक्षा के लिए मोड़ दी और खाड़ी देशों को ईरानी हमलों के सामने खुला छोड़ दिया |  कुवैत में अमेरिकी सैनिकों पर सीधा हमला संघर्ष में पहली बार अमेरिकी सैनिकों की बड़ी मौत की पुष्टि हुई है. कुवैत के शुआइबा पोर्ट पर रविवार को एक अस्थायी ऑपरेशन सेंटर पर ईरानी हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि हमले के दौरान एक प्रोजेक्टाइल एयर डिफेंस को चकमा देकर अंदर पहुंच गया. इससे पहले इसे ड्रोन हमला बताया जा रहा था |  अमेरिकी F-15 भी क्रैश हुए तनाव के बीच कुवैत की एयर डिफेंस ने गलती से तीन अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमानों को मार गिराया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे फ्रेंडली फायर की घटना बताया. छहों क्रू मेंबर सुरक्षित बाहर निकल गए और उनकी हालत स्थिर है. वीडियो में एक जलता हुआ विमान गिरता दिखा और एक पायलट पैराशूट से उतरता नजर आया |  अमेरिका में समर्थन घट रहा रॉयटर्स और इप्सोस के सर्वे के अनुसार, सिर्फ चार में से एक अमेरिकी ही ईरान पर हमले का समर्थन कर रहा है. लगातार बढ़ती अमेरिकी सैनिकों की मौत से घरेलू समर्थन और घट सकता है. खुद ट्रंप ने भी चेतावनी दी है कि आगे और नुकसान हो सकता है. मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. मिसाइल, ड्रोन, एयर डिफेंस और अब दोस्ताना फायरिंग तक की घटनाएं दिखा रही हैं कि जंग का दायरा बढ़ चुका है |  कुवैत में अमेरिकी दूतावास बंद, कई देशों से स्टाफ हटाया गया अमेरिका ईरान का युद्ध: क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका ने कुवैत स्थित अपने दूतावास को अगली सूचना तक बंद करने का ऐलान किया है. इसके साथ ही अमेरिका ने बहरीन, जॉर्डन और इराक से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. लगातार बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यह कदम सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया है |  पाकिस्तान में अपॉइंटमेंट्स रद्द… इजरायल में भी प्रभावित हुईं नागरिक सेवाएं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. कराची में अमेरिकी दूतावास (कॉन्सुलेट) पर हुए हमले और उसके बाद हुई हिंसा और सुरक्षा को देखते हुए पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी कॉन्सुलेट ने अपने कामकाज रोक दिए हैं |  इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के साथ-साथ लाहौर और कराची के कॉन्सुलेट ने शुक्रवार, 6 मार्च तक के लिए सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए हैं. खामेनेई की मौत के विरोध में कराची की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए थे. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमला कर दिया और वहां जमकर तोड़फोड़ की. स्थिति को बिगड़ते देख सुरक्षा में तैनात अमेरिकी मरीन सैनिकों ने जवाबी गोलीबारी की. सूत्रों के मुताबिक, इस हिंसक झड़प में कई लोगों की मौत हो गई. वीजा सेवाएं और दूतावास पर सुरक्षा कड़ी सुरक्षा की नाजुक स्थिति को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने तत्काल प्रभाव से वीजा सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है. जिन लोगों के अपॉइंटमेंट 6 मार्च तक तय थे, उन्हें अब नई तारीखों का इंतजार करना होगा. अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को भी सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है |  कुवैत में भी दूतावास बंद पाकिस्तान के अलावा मिडिल-ईस्ट के अन्य देशों में भी अमेरिका के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है. कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास ने घोषणा की है कि सुरक्षा कारणों से वो अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रहेगा |  वहीं, इजरायल में अमेरिकी दूतावास ने X पर पोस्ट करते हुए लोगों को इजराइल छोड़कर जॉर्डन के रास्ते न जाने न करने की सलाह दी है. दूतावास ने कहा, ‘इस समय अमेरिकी दूतावास इजरायल से बाहर जा रहे अमेरिकियों को निकालने या मदद करने की स्थिति में नहीं है |  शनिवार को ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने हमला कर दिया, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. ईरान ने इसे “मुस्लिमों के खिलाफ युद्ध” करार दिया है, जिसके बाद से ही पाकिस्तान, कुवैत और इराक जैसे देशों में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं. फिलहाल, पाकिस्तान और कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं |  ईरान के साथ खड़ा हुआ चीन अमेरिका ईरान का युद्ध: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की और चीन ने ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय गरिमा के समर्थन में खड़ा होने का बयान दिया. बीजिंग ने अमेरिका और इजरायल से तत्काल सैन्य कार्रवाइयों को रोकने, तनाव को और न बढ़ने देने और संघर्ष को पूरे मिडिल ईस्ट में फैलने से रोकने की अपील की है. चीन ने कहा कि वह ईरान के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा का समर्थन करता है और उम्मीद जताई कि सभी पक्ष तनाव कम करने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएंगे.  ट्रंप की कड़ी चेतावनी, बोले- दूतावास पर हमले का जवाब मिलेगा सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर हमला लाइव: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन इस … Read more

वनडे क्रिकेट में भारत का दबदबा: स्मृति मंधाना टॉप पर, हरमनप्रीत कौर को रैंकिंग में बढ़त

नई दिल्ली भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल में संपन्न तीन मैच की श्रृंखला में उम्दा प्रदर्शन की बदौलत मंगलवार को जारी आईसीसी महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गईं। भारत की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल में संपन्न तीन मैच की श्रृंखला में उम्दा प्रदर्शन की बदौलत मंगलवार को जारी आईसीसी महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गईं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला में 58 और 31 रन की पारियां खेलने वाली स्मृति के 790 अंक हैं और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोलवार्ट को पछाड़ा जिनके 782 अंक हैं। वोलवार्ट के पास मार्च और अप्रैल में न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला के दौरान फिर से शीर्ष स्थान हासिल करने का मौका होगा। स्मृति मंधाना की बात करें तो भारत की इस स्टार बैटर ने अब तक 120 महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। इनमें उनके नाम 47.88 के शानदार औसत से 5411 रन दर्ज हैं। महिला ओडीआई में उनके नाम 14 शतक और 35 अर्धशतक हैं। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनकी सर्वोच्च पारी 136 रन की है। अपने अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक जड़ने वाली एलिसा हीली ने 744 अंक के साथ रैंकिंग में चौथे स्थान पर रहते हुए अलविदा कहा। बेथ मूनी तीसरे जबकि एशले गार्डनर (724) पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर नौवें स्थान के साथ शीर्ष 10 में जगह बनाने में सफल रहीं जबकि जेमिमा रोड्रिग्स 12वें स्थान पर हैं। तीन मैच की श्रृंखला में भारत के क्लीनस्वीप के बावजूद हरमनप्रीत (652) को चार स्थान का फायदा हुआ है। उन्होंने 53, 54 और 25 रन की पारियां खेलीं। गेंदबाजी सूची में दीप्ति शर्मा 10वें स्थान के साथ शीर्ष 10 में एकमात्र भारतीय गेंदबाज हैं। एलेना किंग (775) गेंदबाजी सूची में शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उन्होंने लगभग चार साल तक शीर्ष पर रहीं सोफी एकलेस्टोन को पछाड़ा। गार्डनर तीसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया की एलेना एकदिवसीय श्रृंखला में 16.71 की औसत से सात विकेट चटकाकर शीर्ष गेंदबाज रहीं। उन्होंने तीसरे और अंतिम एकदिवसीय में 33 रन देकर चार विकेट चटकाए जिससे ऑस्ट्रेलिया ने 185 रन की शानदार जीत दर्ज की। एलेना ने साथ ही अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग अंक भी हासिल किए। एलेना के अलावा ऑस्ट्रेलिया की तीन अन्य गेंदबाज गार्डनर (तीसरे), एनाबेल सदरलैंड (पांचवें) और किम गार्थ (आठवें) भी शीर्ष आठ में शामिल हैं। एकदिवसीय ऑलराउंडर की सूची में गार्डनर (516) शीर्ष पर बरकरार हैं। उन्होंने दूसरे स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज (418) पर 98 अंक की बढ़त बना रखी है। सदरलैंड (534) 23 स्थान की छलांग से 34वें स्थान पर पहुंच गई है। दीप्ति भी पांचवें स्थान के साथ ऑलराउंडर की सूची में शीर्ष 10 में हैं।  

खामेनेई की मौत का जश्न मनाने के बाद एलनाज नौरोजी ने जताया डर, “वे मुझे मार डालेंगे”

नई दिल्ली एलनाज नौरोजी बीते कुछ वक्त से चर्चा में हैं। वह अपने देश ईरान के शासकों के खिलाफ खुलकर बोल रही हैं। एलनाज ने अली खामेनेई की मौत पर खुशी जाहिर की थी। इसके बाद एक वीडियो शेयर करके कहा था कि वहां जो भी हो रहा है, वहां के हुक्मरान इसके जिम्मेदार हैं। अब एक इंटरव्यू में एलनाज ने यह भी कहा है कि जब तक वो सरकार है, वह अपने देश वापस नहीं जा सकतीं। उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इजराइल से अच्छे थे ईरान के रिश्ते एलनाज ने बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में बताया कि वह यूएस और इजराइल का सपोर्ट क्यों कर रही हैं। वह बोलीं, ‘जब हम ईरान के बारे में बात करते हैं तो मैं इस्लामिक रिपब्लिक को अलग कर देना चाहती हूं जिन्होंने ईरान के लोगों पर कब्जा कर रखा है। ईरान के ज्यादातर लोग स्मार्ट और पढ़े-लिखे हैं और उनके विचार इस्लामिक रिपब्लिक से नहीं मिलते। एक वक्त था जब ईरान और इजराइल के रिश्ते अच्छे थे। अगर आप सायरस द ग्रेट को देखें, जिस इंसान ने दुनिया का पहला मानवाधिकार लिखा, वो पर्शियन (ईरान का) था। उसने उसने यहूदियों को बेबीलोन से मुक्त करवाया था। शाह (मोहम्मद रजा पहलवी) के वक्त में भी हमारे यूएस से अच्छे रिश्ते थे। सिर्फ इस्लामिक रिपब्लिक ही है जो लगातार कह रहा है कि नक्शे से इजराइल को मिटाना चाहता है।’ एलनाज ने बताया क्यों कर रहीं विरोध एलनाज आगे बोलीं, ‘एक महीने पहले जो ईरानी इन शासकों का विरोध कर रहे थे, उन्हें मार दिया गया। मैं ईरान में पैर भी नहीं रख सकती। अगर मैंने ऐसा किया तो वे लोग मुझे भी मार देंगे। 2022 मूवमेंट में जो हुआ उसकी वजह से मैं ईरान नहीं जा पाई हूं, जहां उन्होंने माहसा अमीनी (22 साल की लड़की) को मार दिया था। सितंबर 2022 में पुलिस कस्टडी में जिसकी मौत होने के बाद जबरदस्त विरोध हुआ था। उस लड़की को इसलिए गिरफ्तार किया गया था कि उसने हिजाब गलत तरीके से पहना था। मैंने खामेनेई के खिलाफ बोला तो मेरे परिवार को मेरी सुरक्षा की चिंता हो गई। अगर युद्ध में लोग मारे जाते हैं तो मैं अयातुल्ला को दोष दूंगी क्योंकि लोग कई बार आए और उन्होंने कहा कि वे उन्हें नहीं चाहते लेकिन वे लोग नहीं हटे। ये डिक्टेटरशिप है।’ बचपन में ही ईरान से चली गई थीं एलनाज एलनाज का जन्म ईरान में हुआ था लेकिन वह 8 साल की हुईं तो उनके परिवार ने ईरान छोड़ दिया और जर्मनी चली गईं। उनके कुछ रिश्तेदार अभी भी वहां रहते हैं। जर्मनी में एलनाज ने मॉडलिंग की फिर 20 साल की उम्र में भारत आईं। वह कई साल से ईरान नहीं गई हैं।

भारत और इंग्लैंड का तीसरी बार सेमीफाइनल मुकाबला, किसकी होगी जीत?

नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है. अब 5 मार्च को सेमीफाइनल के नॉकआउट मैच में उसकी भिड़ंत इंग्लैंड के साथ होनी है. भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली इस टक्कर में जो भी टीम जीतेगी वो फाइनल में चली जाएगी और 8 मार्च को अहमदाबाद में नजर आएगी. तो आइए आपको इन दोनों टीमों के बीच की राइवलरी के बारे में बताते हैं… पहले एक नजर सभी 4 टीमों पर इस बार 20 टीमों ने इस वर्ल्ड कप के महासमर में हिस्सा लिया था. इनमें से केवल 4 टीमें अब सेमीफाइनल के लिए सेलेक्ट हुई हैं. इनमें ग्रुप 1 से साउथ अफ्रीका और टीम इंडिया हैं. तो ग्रुप 2 से इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने क्वालिफाई किया है |  पहला सेमीफाइल मैच 4 मार्च को कोलकाता में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा, जबकि दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े में इंग्लैंड और भारत के बीच होगा |  लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में भारत एक अजब संयोग भी है. टीम इंडिया लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है. और दिलचस्प ये है कि तीनों बार उसका सामना इंग्लैंड से ही तय हुआ है. इससे पहले साल 2022 और साल 2024 में जब टीम इंडिया ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया तो फिर उसकी भिड़ंत इंग्लैंड से ही हुई थी. अब ये तीसरी बार दोनों की टक्कर है |  कैसा रहा है रिकॉर्ड दोनों टीमों की 2022 में जब सेमीफाइनल की भिड़ंत हुई तो टीम इंडिया की कमान रोहित शर्मा के हाथों में थी और इंग्लैंड के कप्तान बटलर थे. इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने हार्दिक पंड्या और कोहली की फिफ्टी के दम पर 168 रन बनाए थे. लेकिन इसके जवाब में इंग्लैंड ने 16 ओवर में ही 10 विकेट से भारत को धूल चटा दी थी. और भारत की उम्मीदों को तोड़ डाला था. फिर इंग्लैंड इस बार चैम्पियन भी बनी थी |  अब कहानी 2024 की अगली बार जब टी20 वर्ल्ड कप हुआ तो फिर से भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल का मैच खेला गया. लेकिन इस बार टीम इंडिया तैयार थी. कप्तान दोनों टीमों के सेम थे. लेकिन इस बार नतीजा भारत के पक्ष में आया. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने रोहित शर्मा की फिफ्टी के दम पर 171 रन बनाए. इसके जवाब में इंग्लैंड 103 पर ही सिमट गया. अक्षर और कुलदीप ने इस मैच में 3-3 विकेट झटके थे. बुमराह को 2 सफलता मिली थी |  अब तीसरी भिड़ंत अब लगातार तीसरी बार दोनों टीमें सेमीफाइनल में हैं. इंग्लैंड की टीम सुपर-8 में एक भी मैच नहीं हारी है और अपने ग्रुप की टॉपर रही है. लेकिन भारत को सुपर-8 के पहले मैच में ही साउथ अफ्रीका के हाथों हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन फिर भारत ने बाउंस बैक किया और लगातार दो मैच जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया |  कैसा है टी20 वर्ल्ड कप का रिकॉर्ड सेमीफाइनल का आंकड़ा तो आपने जान लिया. लेकिन अब ये भी जानना जरूरी है कि आखिर टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के आंकड़े क्या कहते हैं. टी20 वर्ल्ड कप में दोनों के बीच पांच मैच हुए हैं, जिसमें भारत ने तीन और इंग्लैंड ने दो जीते हैं. हालांकि सेमीफाइनल में 1-1 की बराबरी रही है |  अब देखना होगा कि वानखेड़े में दोनों टीमें कैसा प्रदर्शन करती हैं. इस बार इंग्लैंड की कमान हैरी ब्रूक के हाथों में है, जबकि टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं | 

बलिया बनेगा नई फिल्म का केंद्र, अभिषेक चौबे संग हाथ मिलाएंगे सिद्धांत चतुर्वेदी

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी अपने मित्र और निर्देशक अभिषेक चौबे के साथ मिलकर अपने होम टाऊन बलिया को केंद्र में रखकर एक फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। छोटे शहर बलिया से निकलकर मेनस्ट्रीम हिंदी सिनेमा तक अपनी पहुंच बनानेवाले सिद्धांत चतुर्वेदी अब अपनी ज़िंदगी के अनुभवों को परदे पर लाने की तैयारी में जुटे हैं। हाल ही में सिद्धांत चतुर्वेदी ने खुद यह बात कही कि वह निर्देशक अभिषेक चौबे के साथ मिलकर अपने होम टाऊन बलिया को केंद्र में रखकर एक फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि ‘गली बॉय’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले सिद्धांत चतुर्वेदी ने ‘गहराइयाँ’, ‘खो गए हम कहाँ’ और ‘धड़क 2’ जैसी फ़िल्में की और हमेशा लेयर्ड और हटकर किरदार चुने। यही वजह है कि अपनी हर फिल्म में अपने हर परफॉर्मेंस के लिए सिद्धांत ने अपने दर्शकों की सराहना बटोरी। फिलहाल अब वह अपने करियर के एक ऐसे मोड़ पर हैं, जहां वे चाहते हैं कि कहानी सीधे उनके जीवन और यादों से निकलकर सामने आए। सिद्धांत ने कहा, “अभी तक ये ऑफिशियल नहीं है, लेकिन मुझे लगता है ये वही स्टेज है जहां मैं बोल देना चाहता हूं। मैं अपनी रूट्स (जड़ों) पर वापस जाना चाहता हूं। मुझे बलिया की कहानी कहनी है। वहां की ज़िंदगी मैंने देखी है, और मैं वही एक्सपीरियंस स्क्रीन पर लाना चाहता हूं।” उन्होंने इस फिल्म में निर्देशक अभिषेक चौबे के साथ अपने सहयोग को लेकर भी उत्साह ज़ाहिर करते हुए कहा, “अभिषेक चौबे के साथ हम एक बलिया-बेस्ड स्टोरी पर काम कर रहे हैं। यह वाकई बहुत ही कमाल की कहानी है। इस पर काफी चर्चा चल रही है और मुझे लगता है कि बहुत जल्द ये सबके सामने आएगी।” बलिया में पले-बढ़े एक आम लड़के से लेकर बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता बनने तक, सिद्धांत चतुर्वेदी की जर्नी मेहनत, आत्मविश्वास और उद्देश्य से भरी रही है। ऐसे में यह फिल्म सिर्फ एक नया प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनकी पहचान, यादों और जड़ों की ओर वापसी का संकेत है। यही वजह है कि सिद्धांत के मुंह से इस फिल्म की बात सुनते ही उनके दर्शकों के मन में उत्साह की लहर दौड़ गई है, क्योंकि वे जानते हैं की अपनी फिल्मों के ज़रिए सच्चाई, गहराई और भावनात्मक ईमानदारी का संदेश देनेवाले सिद्धांत चतुर्वेदी कुछ ख़ास ही करेंगे।  

महिलाओं में हार्ट अटैक के छुपे लक्षण—आज जानें, कल पछताने से बचें

महिलाएं अक्सर थकान, कमजोरी और लगातार बने रहने वाले दर्द को अपनी दिनचर्या का दोष मानकर नजरअंदाज करती रहती हैं, ये कमजोर या बीमार होते हार्ट के लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे में, तुरंत सतर्क होने और डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता होती है… पुरुषों और महिलाओं में हार्ट से जुड़ी बीमारियों के लक्षण अलग-अलग होते हैं। महिलाओं की बड़ी समस्या यही है कि लक्षणों को लंबे समय तक अनदेखा करने के कारण उन्हें सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता। हालांकि, एस्ट्रोजन के चलते महिलाओं को एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच मिला होता है, लेकिन 50 वर्ष की उम्र के बाद इस सुरक्षा का असर कम हो जाता है। एक हालिया डाटा की मानें तो बीते कुछ वर्षों में महिलाओं में कार्डियक मामलों में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। ऐसे में, हम समय रहते लक्षणों को लेकर गंभीरता बरतें तो ऐसी समस्याओं से काफी हद तक बचाव संभव है। महिलाओं में हार्ट से जुड़ी समस्याएं अधिक सामने आने लगी हैं। हालांकि, पुरुषों और महिलाओं में इस समस्या के पीछे कारण और लक्षण अलग-अलग होते हैं। महिलाओं में अक्सर मेनोपाज यानी 45 से 50 की उम्र के बाद यह समस्या देखने में आती है। मेनोपाज से पहले एस्ट्रोजन की मात्रा भरपूर होती है। इससे रक्त वाहिकाएं स्वस्थ रहती हैं और अच्छा कोलेस्ट्राल (एचडीएल) संतुलित रहता है। यह हार्ट को सुरक्षित रखने वाला कोलेस्ट्राल होता है। इससे बैड कोलेस्ट्राल एलडीएल से भी सुरक्षा मिलती है। मेनोपाज के बाद एस्ट्रोजन अचानक कम हो जाता है, जिससे कोलेस्ट्राल का संतुलन बिगड़ जाता है। कई सारे कारणों पर रखनी होगी नजर महिलाओं में हार्ट की समस्या के पीछे अन्य कारण भी जिम्मेदार होते हैं, जैसे पालिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम आदि से भी हार्ट की बीमारी का जोखिम बढ़ता है। जल्दी मेनोपाज या प्रेग्नेंसी भी इस परेशानी का कारण बन सकती है। हमें समझना होगा कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हृदय की धमनियों की बनावट थोड़ी छोटी और रक्तवाहिकाएं पतली होती हैं। अक्सर ब्लाकेज इन पतली और छोटी धमनियों में होता है। इन छोटी-छोटी धमनियों का ब्लाकेज अक्सर पता नहीं चलता। यही कारण है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में लक्षण बहुत ही अलग तरह के होते हैं। ये बहुत स्पष्ट नहीं होते, पर खतरनाक जरूर होते हैं। रोजमर्रा की थकान, कमजोरी को टालें नहीं महिलाओं में रोजमर्रा की थकान होती है, उन्हें लगता है कि यह दिनचर्या की वजह से है, इसलिए ऐसे लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करती रहती हैं। इसी तरह सीने में दर्द उठना और उसका गर्दन व कंधों तक फैलना भी एक बड़ा लक्षण होता है। हार्ट की समस्या होने पर चक्कर और बेहोशी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। अचानक कमजोरी महसूस करना, घबराहट या फिर लगना कि धड़कन बहुत अधिक तेज हो गई है तो इसे टालने के बजाय तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए। किन्हें है अधिक जोखिम? जिन महिलाओं का मेनोपाज हो चुका है या जिन लोगों के परिवार में हार्ट की बीमारी की हिस्ट्री है या फिर जिन्हें डायबिटीज, ब्लडप्रेशर जैसी समस्याएं हैं, उन्हें हार्ट की हेल्थ को लेकर अधिक सतर्क होने की जरूरत है। धूमपान या अल्कोहल का सेवन, मानसिक तनाव भी बड़े रिस्क फैक्टर हैं। गर्भकाल के दौरान सीने में होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चूंकि, महिलाओं में हार्ट की समस्या को चिह्नित करना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए समय रहते इन लक्षणों को पहचानने और समस्या होने पर डॉक्टर से मिलने के लिए जरूर प्रयास करना चाहिए। रिस्क फैक्टर पर रहे नजर     अगर आपकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है और बार-बार सीने में दबाव महसूस करती हैं।     अगर सांस फूल रही है, पसीना आ रहा है या कमजोरी महसूस होती है।     अगर उल्टी लगती है, दर्द गर्दन तक पहुंचता है, तो तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए। बचाव के लिए आदतों में करें सुधार     हार्ट की समस्या से बचने के लिए स्वस्थ और संतुलित भोजन की आदत बनाएं।     नियमित व्यायाम करें, वजन, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रण में रखें।     धूमपान या अल्कोहल, अल्ट्रा प्रोसेस्ड आहार आदि से दूरी बनाएं।     नींद को अच्छी तरह से पूरा करें। मानसिक तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।     अपना नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराते रहें।  

तेज साउंड बजाने पर जमकर चले लात-घूंसे, केंद्रीय विश्वविद्यालय में होली मिलन में भिड़े छात्र

बिलासपुर. गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) परिसर में ब्रदर हुड पैनल ने होली मिलन कार्यक्रम रंग बरसे 0.5 का आयोजन किया था। कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्रों ने नशे में जमकर रंग-गुलाल उड़ाए और एक दूसरे के कपड़े फाड़े। इसके बाद अचानक एक दूसरे से मारपीट करने लगे। मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ है। यूनिवर्सिटी में एबीवीपी द्वारा होली पर आयोजित कार्यक्रम में हुई मारपीट की चर्चा खत्म नहीं हुई और दूसरी बार छात्र आपस में भिड़ गए। ब्रदरहुड पैनल ने छात्रों के लिए रंग बरसे 0.5 का आयोजन किया था। ऑडिटोरियम के सामने तेज आवाज में साउंड सिस्टम लगाकर छात्र जमकर रंग-गुलाल उड़ा रहे थे। छात्र-छात्राएं सभी आपस में डांस कर रहे थे। कुछ छात्र आपस में ही एक दूसरे के शर्ट तक फाड़ रहे थे। अबीर गुलाल के नशे के बीच अचानक कुछ छात्रों ने मारपीट शुरू कर दी। बाकी छात्र विवाद देख इधर-उधर भागने लगे। मारपीट का वीडियो भी शाम तक सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। वीडियो में छात्र एक दूसरे से मारपीट करते नजर आ रहे हैं। इस विवाद के बाद न तो पुलिस यूनिवर्सिटी आई और ना ही कोई थाने गया। चार दिन पहले भी इसी तरह के आयोजन में लड़े थे छात्र चार दिन पहले एबीवीपी ने कैंपस में होली मिलन का आयोजन किया था। कार्यक्रम के दौरान यहां भी छात्र आपस में भिड़ गए थे। कुछ छात्र तो विवाद का पूरा कारण दबी जुबान में नशा और यूनिवर्सिटी प्रबंधन की उदासीनता को बता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले कार्यक्रम में विवाद के बाद यूनिवर्सिटी को ब्रदरहुड पैनल को रंग बरसे की अनुमति नहीं देना चाहिए था।

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