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लोकप्रेम की अमर कथा: हीर–रांझा, लैला–मजनूं और 250 साल से मंचित जयपुर तमाशा

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर लोक एवं प्रदर्शन आधारित कलाओं का प्रमुख केंद्र रही है। ग्रामीण अंचलों में जन्मी अनेक लोक कलाएं यहां संरक्षण और निरंतर मंचन के कारण परिष्कृत रूप में विकसित हुईं। पर्यटन नगरी होने के कारण बड़ी संख्या में लोक कलाकार यहां आकर बसे, जो देश-विदेश से आने वाले सैलानियों के सामने अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। कालबेलिया और घूमर जैसे लोकनृत्य भी इसी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। इन्हीं परंपराओं के बीच जयपुर तमाशा, जिसे जयपुरी ख्याल भी कहा जाता है, एक विशिष्ट लोकनाट्य विधा के रूप में पहचाना जाता है। शास्त्रीय, अर्धशास्त्रीय और लोक संगीत के संगम से सजी यह रंगशैली अभिनय, गायन और नृत्य का प्रभावशाली संयोजन प्रस्तुत करती है। पिछले लगभग 250 वर्षों से इसका मंचन ब्रह्मपुरी स्थित खुले रंगमंच ‘अखाड़ा’ में किया जा रहा है। परंपरागत रूप से होली, अमावस्या और रामनवमी जैसे अवसरों पर इसका विशेष आयोजन होता है। 18वीं सदी से चली आ रही परंपरा तमाशा की शुरुआत 18वीं शताब्दी में आगरा के आसपास काव्यात्मक संवाद शैली के रूप में हुई। बाद में तत्कालीन शासक सवाई जसवंत सिंह कलाकारों को जयपुर लेकर आए और उन्हें ब्रह्मपुरी में बसाया। यहां भट्ट परिवार के बंशीधर भट्ट के संरक्षण में इस कला ने अपना विशिष्ट स्वरूप ग्रहण किया। तमाशा की कथाएं प्रेम, सामाजिक समरसता और धार्मिक सह-अस्तित्व के संदेश पर आधारित होती हैं। ‘हीर-रांझा’ और ‘लैला-मजनूं’ जैसी अमर प्रेम गाथाओं के साथ-साथ ‘तमाशा गोपीचंद’, ‘जोगी जोगन’, ‘रूपचंद गांधी’, ‘जुत्थान मियां’ और ‘छैला पनिहारी’ जैसी प्रस्तुतियां भी मंचित की जाती हैं। इन रचनाओं को भूपाली, आसावरी, जौनपुरी, मालकौंस, दरबारी, बिहाग, सिंध काफ़ी, भैरवी, कलिंगड़ा और केदार जैसे रागों में प्रस्तुत किया जाता है, जो इसकी संगीतात्मक गरिमा को और समृद्ध बनाते हैं। सौहार्द और समरसता का संदेश तमाशा की कहानियों में सामाजिक एकता का संदेश प्रमुखता से उभरता है। ‘रांझा-हीर’ कथा में नायक रांझा प्रेम की प्राप्ति के लिए अजमेर शरीफ दरगाह स्थित सूफी संत मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर आशीर्वाद लेने जाता है। यह प्रसंग सांप्रदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक माना जाता है। विशिष्ट वेशभूषा और रंगशैली तमाशा की वेशभूषा इसकी अलग पहचान है। कलंगी, गोतेदार भगवस्त्र, सिंगी और सेली जैसे पारंपरिक आभूषण मंचन को आकर्षक बनाते हैं। कई बार कलाकार काल्पनिक वेशभूषा और दृश्यावली का वर्णन भी संवादों के माध्यम से करते हैं, जिससे दर्शकों की कल्पना शक्ति सक्रिय होती है और प्रस्तुति का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। बदलते समय के साथ तालमेल करीब ढाई सौ वर्षों में इसकी मूल संरचना भले ही सुरक्षित रही हो, लेकिन कहानी कहने की शैली में समय के साथ परिवर्तन आया है। आधुनिक तकनीक, प्रकाश व्यवस्था और समसामयिक घटनाओं के संदर्भ भी अब मंचन में शामिल किए जाने लगे हैं। यही कारण है कि जयपुर तमाशा आज भी जीवंत, प्रासंगिक और दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है। होली जैसे उत्सवों पर जब परकोटे में यह मंचन होता है, तो हीर-रांझा और लैला-मजनूं की प्रेम गाथाएं एक बार फिर जयपुर की सांस्कृतिक धरोहर को सजीव कर देती हैं।

टीम में बदलाव की तैयारी, क्या राशिद खान को हटाया जाएगा? अफगानिस्तान बोर्ड का सख्त रुख

नई दिल्ली अफगानिस्तान की टी20 टीम के कप्तान राशिद खान हैं, लेकिन अगली सीरीज से पहले उनसे कप्तानी छीनी भी जा सकती है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम सुपर 8 में नहीं पहुंच पाई थी, जबकि एशिया कप 2025 में भी टीम का प्रदर्शन खराब रहा था। इसके अलावा भी मल्टी नेशन टूर्नामेंट में टीम आगे नहीं जा सकी है। ऐसे में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड टीम में बदलाव और सुधार करने की मन बना चुका है। राशिद खान वैसे तो दुनिया के सबसे धाकड़ टी20 प्लेयर्स में शामिल हैं, लेकिन कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन बेहतर नहीं है। 2019 में पहली बार उनको अफगानिस्तान की टीम का कप्तान बनाया गया था। हालांकि, 2021 के टी20 वर्ल्ड कप से पहले उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी। इसके पीछे सिलेक्शन में मतभेद एक बड़ा कारण था। बाद फिर से कप्तान बने, जब 2022 के टी20 विश्व कप के बाद मोहम्मद नबी ने कप्तानी छोड़ी। एसीबी ने बड़ी उम्मीदों से उनको कप्तान बनाया और उन्होंने 2024 के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन इसके बाद प्रदर्शन टीम का गिरता चला गया। अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम टी20 फॉर्मेट में दमदार है, लेकिन एसीसी और आईसीसी इवेंट में अच्छा नहीं कर पा रही है। ऐसे में बोर्ड ने टीम में बदलावों की शुरुआत कर दी है। वर्ल्ड कप से पहले बल्लेबाजी कोच टॉबी रैडफोर्डको बल्लेबाजी कोच बनाया गया था, जबकि रिचर्ड पायबस ने हेड कोच के तौर पर जोनाथन ट्रॉट को रिप्लेस किया है। ट्रॉट और बोर्ड के बीच बन नहीं रही थी। इसके बाद क्या लीडरशिप में बदलाव होगा? इस पर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ एग्जक्यूटिव नसीब खान ने कहा है कि इसी संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। नसीब ने क्रिकबज से कहा, “हम अभी टीम में सुधारों पर विचार कर रहे हैं। अगर आप भविष्य के लिए टीम बना रहे हैं, तो बदलाव तो होंगे ही। हम पहले ही हेड कोच, बैटिंग कोच और ट्रेनर बदल चुके हैं और टीम में भी इसी तरह के बदलाव किए जाएंगे। हालांकि, कप्तानों के बारे में अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है, इसलिए मैं इस समय यह नहीं कह सकता कि उन्हें बदला जाएगा या बनाए रखा जाएगा।”

महंगाई और युद्ध का डबल असर! सोना ₹2 लाख, चांदी ₹3 लाख तक जाने की अटकलें

नई दिल्ली सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। यह लगातार 5वां कारोबारी दिन है जब गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव की वजह से निवेशक सुरक्षित निवेश तलाश रहे हैं। जिसकी वजह से इन धातुओं की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। आज फिर से बड़ा गोल्ड और सिल्वर का रेट COMEX गोल्ड का रेट 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ मंगलवार को 5300 डॉलर को पार कर गया है। वहीं, COMEX सिल्वर की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। COMEX Silver का रेट आज 91.61 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंचने में सफल रहा है। बता दें, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज का पहला सेशन आज बंद है। एमसीएक्स का दूसरा सेशन आज शाम को 5 बजे से 11 बजे तक खुला रहेगा। सोमवार को एमसीएक्स में गोल्ड का रेट 2.53 प्रतिशत की उछाल के बाद 166199 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का रेट गिरावट के साथ सोमवार को 280090 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। 2 लाख रुपये के पार जाएगा सोना? एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता की वजह से गोल्ड और सिल्वर की कीमतों तेजी का सिलसिला जारी रहेगा। जियोजीत इन्वेस्टमेंट के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी कहते हैं, “घरेलू बाजार में सोने का भाव अधिकतम 2 लाख रुपये और इंटनरेशनल मार्केट में 6000 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर जा सकता है।” एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी का भाव 100 डॉलर के स्तर तक फिर से पहुंच सकता है। एक्सपर्ट रेनिशा का मानना है कि चांदी का रेट 95 डॉलर (293000) के स्तर पर रेसिस्टेंस महसूस कर रहा है। अगर इस स्तर को यह क्रॉस करने में सफल रहा तो चांदी का रेट 310000 रुपये से 325000 रुपये के स्तर तक पहुंच सकता है। 265000 रुपये का स्तर चांदी का सपोर्ट लेवल है। सिल्वर ईटीएफ में 139% की तेजी जनवरी का महीना सिल्वर ईटीएफ के प्रवाह के लिहाज से काफी ऐतिहासिक रहा है। इस दौरान सिल्वर ईटीएफ का नेट प्रवाह 9500 करोड़ रुपये रहा है। दिसंबर 2025 में यह 4000 करोड़ रुपये रहा था।

प्रदेश में पांव पसार रही गर्मी, फतेहपुर रहा सबसे गर्म शहर, कई जिलों में पारा 33 पार

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में दिन चढ़ने के साथ धूप में तल्खी महसूस की जा रही है। प्रदेश में गर्मी की दस्तक और तापमान में बढ़ोतरी के संकेत साफ नजर आने लगे हैं।  34.8 डिग्री अधिकतम तापामान के साथ झांसी प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। वहीं फतेहपुर में 34.6 डिग्री, वाराणसी में 33.6 डिग्री, हमीरपुर में 33.2 डिग्री और आगरा में 33 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। इसके साथ ही प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।  साथ ही  फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में करीब 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रूखी पछुआ हवा चली, जिसे स्थानीय भाषा में फगुनहट कहा जाता है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मंगलवार से हवा की रफ्तार 35 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अगले सप्ताह अधिकतम तापमान में लगभग तीन डिग्री तक वृद्धि की संभावना है, जिससे गर्मी और बढ़ेगी। पछुआ के थमते ही तेजी से चढ़ेगा पारा  राजधानी में दिन चढ़ते ही चिलचिलाती धूप ने लोगों को परेशान किया। सोमवार को फाल्गुन की पूर्णिमा पर दिन भर 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली रूखी पछुआ हवाएं चलीं। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को पछुआ हवाओं की रफ्तार 35 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं। इन हवाओं के थमते ही तापमान में तेजी से बढ़त देखने को मिलेगी। गर्मी और तीखी महसूस होगी। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अब दिन और रात, दोनों के तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री की गिरावट के साथ 14.6 डिग्री सेल्सियस रहा।  

सीएम योगी के नेतृत्व में 9 वर्ष में प्रदेश में लगाए गए 242 करोड़ से अधिक पौधे

सर्वोत्तम के साथ यूपी को ‘हरित प्रदेश’ बनाने में जुटी योगी सरकार इस वर्ष भी प्रदेश में लगेंगे 35 करोड़ पौधे, पिछले वर्ष हुआ था 37.21 करोड़ पौधरोपण  सीएम योगी के नेतृत्व में 9 वर्ष में प्रदेश में लगाए गए 242 करोड़ से अधिक पौधे गांवों में लग रही ग्रीन चौपाल,  15 हजार से अधिक गांवों में हुआ आयोजन  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाया तो वहीं यूपी की पहचान ‘हरित प्रदेश’ के रूप में भी बन रही है। 9 वर्ष में यहां 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए। उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा है। पिछले वर्ष सिर्फ एक दिन (9 जुलाई) को ही 37.21 करोड़ पौधे लगाए गए। यही नहीं, रविवार को वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण किया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा। योगी सरकार 2026 में भी 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण की तैयारी में जुट गई है।  9 वर्ष में 242 करोड़ से अधिक लगे पौधे, यूपी का वनाच्छादन भी बढ़ा  2017 में सत्ता संभालने के बाद सीएम योगी ने खुद यूपी की हरियाली की चिंता की। 5 जून को पर्यावरण दिवस हो या वर्षाकाल में पौधरोपण, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इसकी कमान संभाली। पौधरोपण अभियान के पहले वे खुद कई बार इसकी मीटिंग करते हैं। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पहुंचकर पौधे भी लगाते हैं। योगी सरकार के प्रयास से 9 वर्ष में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। इससे यूपी का वनाच्छादन में भी वृद्धि हुई। भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट- 2023 के मुताबिक उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किमी. बढ़ा। योगी सरकार ने 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 बच्चों को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट और उनके अभिभावकों को लकड़ी, फल व सहजन आदि प्रजातियों के पौधे भी प्रदान किए। एक पेड़ मां के नाम अभियान में सराहनीय कार्य को लेकर पीएम मोदी ने भी बधाई दी थी।  ‘योगी के यूपी’ ने चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को किया ध्वस्त  ‘योगी के यूपी’ ने विश्व के पर्यावरण मानचित्र पर रविवार को नया इतिहास दर्ज किया। वाराणसी के सुजाबाद डोमरी में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण कर चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। पीएम मोदी से प्रेरणा लेकर सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन से यह रिकॉर्ड संभव हो सका। सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित किए गए इस आधुनिक ‘शहरी वन’ ने आज विश्व पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। इसके पहले 10 मार्च 2018 को 1,53,981 पौधों का रोपण कर चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था।  योगी सरकार-2026 में भी लगाएगी 35 करोड़ पौधे  योगी सरकार वर्षाकाल-2026 में भी पौधरोपण की तैयारी में जुट गई है। वन व पर्यावरण विभाग की ओर से 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है। पौधशालाओं, विभागों, जनपदों को आगामी दिनों में तैयारी को लेकर निर्देश दिए गए हैं। हाल में प्रस्तुत किए गए बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये तथा राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है।  गांवों में पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कर रही ‘ग्रीन चौपाल’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक लाने का निर्देश दिया है। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब पौधरोपण को जनांदोलन का स्वरूप दिया जा सके। सीएम के विजन को केंद्र में रखते हुए वन विभाग ने गांवों में ग्रीन चौपालों का गठन करने का निर्णय किया और इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की। विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रत्येक ग्रामसभा स्तर पर अब तक 15000 से अधिक गांवों में चौपाल का गठन/आयोजन किया जा चुका है। ग्रीन चौपाल ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हो रही है। इसमें सरकार के सभी वर्गों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से इसकी बैठक की जा रही है।

1090 करोड़ रुपये का निवेश उत्तर प्रदेश में शिशु देखभाल पर, मृत्यु दर घटाने पर जोर

गाजियाबाद गाजियाबाद समेत प्रदेश के 75 जिलों में बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के संचालन एवं शिशु देखभाल पर 1090 करोड़ खर्च होंगे।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक डॉ.पिंकी जोवल ने पहली बार बच्चों की देखभाल के लिये भारी भरकम बजट आवंटित करने के साथ ही इसको खर्च करने के लिये सख्त निर्देश जारी किये हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बजट आवंटन संबंधी पत्र के मिलने की पुष्टि की है। गाजियाबाद समेत सभी जिलों के सीएमओ को भेजे गये पत्र में निर्देश दिये गये हैं कि आवंटित धनराशि का उपयोग वित्तीय नियमों के तहत किया जाये। प्रत्येक भुगतान एफएएमएस एवं एसएनए स्पर्श पोर्टल का प्रयोग करते हुए ससमय नियमानुसार व्यय एवं भुगतान किया जाये। स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण के लिये 31 लाख का बजट मेरठ मंडल स्तर पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण के लिये 31 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। एसएनसीयू को बेहतर तरीके से संचालित करने, नये उपकरण लगाने एवं मेंटेनेंस के लिये भी बजट दिया गया है। जिला महिला अस्पताल में 18 बेड के एसएनसीयू, संयुक्त अस्पताल के पीकू-नीकू वार्ड में मेडिकल संसाधन बढ़ाने और छह सीएचसी में अत्याधुनिक नर्सरी बनाने को भी धनराशि दी गई है। शिशुओं की देखभाल में लगे चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों के मेडिकल कालेज के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिलाने का भी रोस्टर जारी किया गया है।शिशु मृत्यु दर को कम करने और आरबीएसके को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिये यह धनराशि आवंटित की गई है। बता दें कि जिले में हर साल 40 से अधिक शिशुओं की मौत नर्सरी में उपचार के दौरान हो रही है।घर पर होने वाली मौत का डाटा अलग है। अकेले जिला महिला अस्पाल में संचालित एसएनसीयू में अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच भर्ती होने वाले 1233 बच्चों में से 29 बच्चों की मौत हुई है। यह रिपोर्ट 28 फरवरी को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखी गई। जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष रखी गई जिला महिला अस्पताल में शिशु मृत्यु की रिपोर्ट माह     शिशु मृत्यु अप्रैल     3 मई     2 जून     2 जुलाई     10 अगस्त     3 सितंबर     2 नवंबर     4 दिसंबर     0 जनवरी 2026     3  

श्री होलिकोत्सव समिति व आरएसएस के बैनर तले बुधवार सुबह घंटाघर से निकलेगी शोभायात्रा

सीएम योगी के साथ खास होगा गोरखपुर का रंगोत्सव होलिकोत्सव पर भगवान नृसिंह की शोभायात्रा में शामिल होंगे गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री होलिकोत्सव समिति व आरएसएस के बैनर तले बुधवार सुबह घंटाघर से निकलेगी शोभायात्रा भक्ति की उमंग में सामाजिक समरसता के रंग से सराबोर होगी शोभायात्रा गोरखपुर  भक्ति की शक्ति की प्रतिष्ठा, भेदभाव भुलाकर सबको गले लगाने और समृद्ध सनातन संस्कृति के उत्सव पर्व होली पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर मौजूदगी गोरखपुर के रंगोत्सव को बेहद खास बनाती है। सीएम योगी के संग भक्ति की उमंग में यहां सामाजिक समरसता के रंग बरसते हैं। इसका माध्यम होती है घंटाघर से श्री होलिकोत्सव समिति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बैनर तले निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा। दशकों से जारी इस परंपरा का निर्वाह करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में बुधवार सुबह इस शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। गोरक्षपीठ के नेतृत्व वाला रंगोत्सव सामाजिक संदेश के ध्येय से काफी खास है। सामाजिक समरसता का स्नेह बांटने के लिए ही गोरक्षपीठाधीश्वर दशकों से होलिकोत्सव भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में शामिल होते रहे हैं। 1996 से 2019 तक शोभायात्रा का नेतृत्व करने वाले योगी आदित्यनाथ वर्ष 2020 और 2021 के होलिकोत्सव में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए इसमें शामिल नहीं हुए थे। कोरोना प्रबंधन का पूरी दुनिया में लोहा मनवाने और इस वैश्विक महामारी को पूरी तरह काबू में करने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ 2022 से पुनः शोभायात्रा का नेतृत्व करने लगे। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान नृसिंह की शोभायात्रा सीएम योगी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता के रंगों से सराबोर होगी।  गोरखपुर में भगवान नृसिंह रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरुआत अपने गोरखपुर प्रवासकाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख ने 1944 में की थी। गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन की राख से होली मनाने की परंपरा इसके काफी पहले से जारी थी। नानाजी का यह अभियान होली के अवसर पर समाज को एकजुट करने के लिए था। नानाजी के अनुरोध पर इस शोभायात्रा का गोरक्षपीठ से भी गहरा नाता जुड़ गया। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के निर्देश पर महंत अवेद्यनाथ शोभायात्रा में पीठ का प्रतिनिधित्व करने लगे और यह गोरक्षपीठ की होली का अभिन्न अंग बन गया। 1996 से योगी आदित्यनाथ ने इसे अपनी अगुवाई में न केवल गोरखपुर, बल्कि समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता का विशिष्ट पर्व बना दिया। अब इसकी ख्याति मथुरा-वृंदावन की होली सरीखी है और लोगों को इंतजार रहता है योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भगवान नृसिंह शोभायात्रा का। पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली शोभायात्रा में पथ नियोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता करते हैं और भगवान नृसिंह के रथ पर सवार होकर गोरक्षपीठाधीश्वर रंगों में सराबोर होकर बिना भेदभाव सबसे शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के रंगपर्व की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन या सम्मत की राख से तिलक लगाने के साथ होगी। पीठाधीश्वर के साथ ही मंदिर के प्रधान पुजारी एवं अन्य साधु-संत भी होलिकादहन की भस्म से रंगोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मंदिर में फाग गीत भी गाए जाएंगे। दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में होली मिलन समारोह का आयोजन भी होगा।

रायपुर में सनसनी: पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

रायपुर राजधानी में स्थित पासपोर्ट कार्यालय को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने अज्ञात ई-मेल धारक के खिलाफ धमकी, झूठी अफवाह फैलाने सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिविल लाइन क्षेत्र स्थित पासपोर्ट विभाग के आधिकारिक ई-मेल आइडी पर सोमवार सुबह एक मेल प्राप्त हुआ। मेल करने वाले ने खुद को तमिलनाडु का निवासी बताया है। उसने लिखा कि उसकी बात न तो पुलिस सुन रही है और न ही उसे न्यायालय से राहत मिल रही है, जिससे वह बेहद परेशान है। 12 बमों से उड़ाने की दी थी धमकी, खाली कराया गया परिसर मेल में आरोपित ने सोमवार दोपहर पासपोर्ट विभाग को 12 बम से उड़ाने की धमकी दी। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। सिविल लाइन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई। सुरक्षा के मद्देनजर कार्यालय परिसर को खाली कराया गया। बम स्क्वाड और डाग स्क्वाड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। जांच में नहीं मिला विस्फोटक, शरारती मेल की आशंका पूरे कांप्लेक्स और आसपास के क्षेत्र की सघन जांच की गई, लेकिन जांच के दौरान किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह प्रथम दृष्टया शरारती या धमकी भरा मेल प्रतीत हो रहा है, फिर भी मामले को गंभीरता से लिया गया है। ई-मेल आइडी और आइपी एड्रेस के आधार पर आरोपित की पहचान की जा रही है।

पीवी सिंधु दुबई से लौटीं धमाकों के बीच, भावुक पोस्ट में साझा की अपनी भावनाएं

 बेंगलुरु दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी स‍िंधु आखिरकार सुरक्षित अपने घर बेंगलुरु लौट आई हैं. मध्य-पूर्व में बढ़ते अमेरिका-ईरान-इजरायल तनाव के कारण एयरस्पेस बंद होने से वह कई दिनों तक दुबई में फंसी रहीं. इस दौरान पास में हुए एक धमाके के बाद दुबई एयरपोर्ट से उड़ानें निलंबित कर दी गई थीं, जिससे हालात और अनिश्चित हो गए |  स्थिति के चलते सिंधु को 3 मार्च 2026 से बर्मिंघम में शुरू हो रहे प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन चैम्प‍ियनश‍िप  (All England Open Championships) से नाम वापस लेना पड़ा. यह टूर्नामेंट बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) का सुपर 1000 इवेंट है और पेरिस ओलंपिक साइकिल की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा था. ऐसे में उनका बाहर होना बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा है |  सिंधु अपनी टीम के साथ जिसमें इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह अदी प्रतामा भी शामिल थे, दुबई में फंस गए थे और उनके ठहरने की जगह के पास हुए धमाके के बाद वे बाल-बाल बच गईं. हालांकि उन्हें एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया, लेकिन तनावपूर्ण स्थिति और यात्रा में रुकावटों के कारण ओलंपिक मेडलिस्ट को ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप से हटना पड़ा. बेंगलुरु पहुंचने के बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिन बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित रहे, लेकिन सुरक्षित घर लौटकर आभारी महसूस कर रही हैं. उन्होंने दुबई प्रशासन, एयरपोर्ट स्टाफ, इमिग्रेशन अधिकारियों और ग्राउंड टीमों का विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल समय में सहानुभूति और पेशेवर रवैया दिखाया |  सिंधु ने संकेत दिए कि फिलहाल वह आराम करेंगी, खुद को रीसेट करेंगी और आगे की ट्रेनिंग योजना पर विचार करेंगी. हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए उनके अगले टूर्नामेंट और अभ्यास कार्यक्रम को लेकर तस्वीर साफ नहीं है |  व‍िमल कुमार ने बताया पीवी स‍िंधु न‍िराश थीं इससे पहले भारत के पूर्व कोच विमल कुमार ने PTI को बताया कि सिंधु सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में सोच रही थीं. उन्होंने कहा कि एक एथलीट के लिए यह मुश्किल होता है क्योंकि वह सच में बहुत अच्छी दिख रही थीं और उनकी पूरी टीम ऑल इंग्लैंड को लेकर उत्साहित थी. उन्होंने सड़क के रास्ते ओमान जाने के बारे में भी सोचा था, लेकिन यह बहुत रिस्की होता, इसलिए उन्होंने प्लान छोड़ दिया |     

सोनम रघुवंशी की फेरों वाली साड़ी होली में जलाकर, परिवार ने लिया राजा रघुवंशी हत्याकांड पर बड़ा फैसला

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब होलिका दहन के मौके पर एक भावुक और प्रतीकात्मक फैसला सामने आया है। राजा रघुवंशी के परिवार ने सोनम द्वारा शादी में फेरों के समय पहनी गई साड़ी को होलिका दहन के दौरान आग के हवाले कर दिया। राजा के परिवार का कहना है कि यह कदम बुराई, धोखे और दर्दनाक यादों के अंत का प्रतीक है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने सोमवार को मीडिया को बताया था कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। सोनम फिलहाल जेल में है और कानून उसे सजा देगा, लेकिन उससे जुड़ी बुरी यादों को आज खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस साड़ी को सोनम ने शादी के समय पहना था, उसे को होलिका की अग्नि में जलाया जाएगा, ताकि उस धोखे और पीड़ा की यादों का अंत हो सके। परिवार का मानना है कि यह प्रतीकात्मक कदम उनके बेटे के साथ हुए विश्वासघात और दर्द को खत्म करने की एक कोशिश की है। पिछले साल साथ खेली थी होली, अब सिर्फ यादें इस दौरान राजा की मां बेटे की पुरानी होली की वीडियो देखकर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि पिछले साल सोनम ने खुद राजा को रंग लगाने के लिए बुलाया था। दोनों ने साथ में गुलाल से होली खेली थी और परिवार के साथ त्योहार मनाया था। उमा रघुवंशी ने भावुक होकर कहा कि उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह राजा की आखिरी होली होगी। अब वही यादें परिवार को बार-बार झकझोर रही हैं। मां बोलीं- हमारे लिए होली अब पहले जैसी नहीं रही राजा की मां ने कहा कि हमारे लिए होली अब पहले जैसी नहीं रही, लेकिन हमें विश्वास है कि सच जरूर सामने आएगा और हमारे बेटे को न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य होलिका दहन के दिन राजा रघुवंशी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे और साथ ही न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज भी उठाएंगे। हनीमून के बहाने ले जाकर की गई थी हत्या यह मामला मई 2025 का है। आरोप है कि सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को हनीमून के बहाने धोखे से शिलॉन्ग लेकर गई थी। वहीं उसने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके साथियों के साथ मिलकर साजिश रची और राजा की हत्या करवा दी थी। इस मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज फिलहाल जेल में बंद है। हाल ही में इसी प्रकरण में दो आरोपियों को कोर्ट ने बरी भी किया है। वहीं, कई अन्य आरोपियों की इंदौर से शिलॉन्ग की अदालत में ऑनलाइन पेशी करवाई जा रही है। राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया था और अब होलिका दहन के मौके पर परिवार का यह कदम एक बार फिर उस दर्दनाक घटना की यादें ताजा कर रहा है।

लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा टिकट, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पसंद पर पार्टी नेतृत्व की सहमति

रायपुर छत्तीसगढ़ से खाली होने वाली राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अनुशंसा पर भाजपा हाईकमान ने लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई है. राजनीतिक सफर बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक के ग्राम मु़ड़पार की निवासी लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर बहुत लंबा है. वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने 2000 में रायपुर सांसद रमेश बैस की सांसद प्रतिनिधि नियुक्त की गईं. अगले ही साल 2001 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति की सदस्य चुना गया. इस दायित्व को उन्होंने चार साल तक संभाला. पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता का फल भी मिला, 2010 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्य समिति (2010 से 2014 तक) के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्य समिति का सदस्य (2010 से 2022 तक ) नियुक्ति किया गया. उनके कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष (2021 से 2025 तक) नियुक्त किया. इसके साथ (2021 से 2024 तक ) उन्हें गरियाबंद संगठन प्रभारी के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी मीडिया प्रवक्ता का भी दायित्व संभाला. संवैधानिक सफर लक्ष्मी वर्मा 1994 में रायपुर नगर पालिका निगम में वार्ड नं. 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं. 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हुईं. 2019 में एफएसएनएल स्टील मिनिस्ट्री गवर्नमेंट ऑफ इंडिया में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम किया. वहीं 7 अक्टूबर 2024 से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य संवैधानिक पद संभाल रही हैं. सामाजिक पद लक्ष्मी वर्मा की केवल राजनीति में ही नहीं बल्कि सामाजिक स्तर पर अपनी पहचान है. 1998 में शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1999 में नेहरू युवा केन्द्र रायपुर से जिला युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 2004 में श्रम पुनर्वास समिति जिला रायपुर के सदस्य मनोनीत की गईं. 2009 से मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ पंजीयन क्र. को 467 की प्रधान संरक्षक हैं. 2011 से कुटुम्ब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य हैं. वहीं 2014 वर्तमान में किसान संघर्ष समिति रायपुर छत्तीसगढ़ के विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया. 2023 से वर्तमान में अखिल भारतीय पंचायत परिषद राष्ट्रीय महासचिव हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं. लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में अच्छी-खासी पैठ है. 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला महामंत्री रहीं. 2006 से 2008 तक समाज की प्रदेश संगठन मंत्री , 2008 से 2010 तक छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी प्रदेश महिला अध्यक्ष रहीं. वर्तमान में अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा महिला राष्ट्रीय महासचिव हैं.

रंगों के त्योहार पर सुरक्षा का सख्त पहरा, 800 पुलिस अधिकारी-जवान रहेंगे तैनात

बिलासपुर होली पर हुड़दंग और अपराध रोकने पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर शहर और ग्रामीण इलाकों में 4 एएसपी, 9 डीएसपी, सभी टीआई और एसआई सहित 800 जवान तैनात रहेंगे. 81 पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार गश्त करेंगी. किसी भी हुड़दंग या अपराध की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी. संबंधित क्षेत्र के राजपत्रित अधिकारी से लेकर टीआई तक मौके पर पहुंचकर संज्ञान लेंगे. पकड़े गए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी ने नागरिकों से सौहार्दपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील की है. आपराधिक गतिविधियों की सूचना के लिए नंबर जारी होली के दौरान आपराधिक गतिविधियों की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम 9479193099 पर दी जा सकती है. इसके अलावा सिविल लाइन 9479193019, कोतवाली 9479193018, सरकंडा 9479193022, सिरगिट्टी 9479190151, सकरी 9479191721, कोनी 9479193023, तारबाहर 9479193020 और तोरवा 9479193021 से संपर्क किया जा सकता है. इन इलाकों में पुलिस का रहेगा कड़ा पहरा 7 जोन के संवेदनशील इलाकों को विशेष निगरानी में रखा गया है. इनमें जोन क्रमांक दो तिफरा में मन्नाडोल, सिरगिट्टी बन्नाक चौक, जोन क्रमांक तीन का ठेठाडबरी, मिट्टीटीला, कुदुदंड सूर्यवंशी मोहल्ला और गुरु घासीदास नगर जरहाभाठा मिनीबस्ती शामिल है. इनके अलावा जोन चार अंतर्गत मिनीमाता नगर, तारबाहर, डिपूपारा, मंझवापारा, मरीमाई मंदिर, तालापारा, मगरपारा और जोन पांच के अंतर्गत करबला तालाब, कतियापारा नदी किनारे क्षेत्र, डबरीपारा, फिश मार्केट शनिचरी सहित जोन छह का मांडवा बस्ती, पटेल पारा, चुचुहियापारा, हेमूनगर पानी टंकी के पीछे, देवरीखुर्द, कंसा चौक टिकरापारा, खटीक मोहल्ला, मामा भांचा तालाब क्षेत्र, पुराना हाई कोर्ट के पीछे और मधुबन और जोन 7 में चिंगराजपारा, डबरीपारा, अशोक नगर मुरुम खदान, बंधवापारा इंमलीभाठा, चिल्हाटी, मोपका शामिल है.

10.53 लाख किसानों से हुई 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, किया गया 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान

लक्ष्य से अधिक धान खरीद योगी सरकार ने किसानों को किया 14,886 करोड़ रुपये का भुगतान  खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में सरकार ने तय किया था 60 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य  10.53 लाख किसानों से हुई 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, किया गया 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान 12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया था पंजीकरण, बीती 28 फरवरी को प्रदेश में पूरी हुई धान खरीद की प्रक्रिया पिछला रिकॉर्ड भी टूटा, 2024-25 में 57.70 लाख मीट्रिक टन हुई थी खरीद, तब भुगतान हुआ था 13370.17 करोड़ रुपये का  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए धान खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई। इसको लेकर किसान हितैषी योगी सरकार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। धान खरीद के तय लक्ष्य को काफी पीछे छोड़ दिया। योगी सरकार ने खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा था। इसे पार कर 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसके एवज में किसानों को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी हो गई। यही नहीं, 2024-25 की अपेक्षा इस वर्ष अधिक खरीद व भुगतान किया गया।  62.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीद, लगभग 14,886 करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान  प्रदेश के 4869 क्रय केंद्रों के जरिए 10.53 लाख किसानों से 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खऱीद हुई। धान की खरीद (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हुई। इसके एवज में किसानों को लगभग 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में भुगतान किया गया। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने के साथ ही किसानों को समय से पैसा भी मिला।  12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया है पंजीकरण  धान बिक्री के लिए 12,82,892 किसानों ने पंजीकरण कराया है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों तथा हरदोई, लखीमपुर खीरी व सीतापुर में 31 जनवरी तक धान खरीद चली। वहीं चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर, प्रयागराज संभाग तथा लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में 28 फरवरी तक धान खरीद हुई।  योगी सरकार ने पिछले साल के रिकॉर्ड को भी तोड़ा  (2025-26) इतने किसानों से हुई खरीद- 10,53,561  धान खरीद- 62,30,735.63 मीट्रिक टन भुगतान- 14,886.35 करोड़ रुपये  क्रय केंद्र- 4869 2024-25 इतने किसानों से हुई खरीद- 7,97,500 धान खरीद- 57,70,671.09 मीट्रिक टन   भुगतान- 13370.17 करोड़ रुपये क्रय केंद्र- 4372

एक अप्रैल से लागू होगा प्रतिबंध, जबलपुर के स्कूली वाहनों में एलपीजी किट का इस्तेमाल नहीं होगा

जबलपुर  शहर की सड़कों पर स्कूली बच्चों को एलपीजी (LPG) किट लगे असुरक्षित वाहनों में ढोना अब स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों को भारी पड़ेगा। जिला प्रशासन ने छात्र सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत, आरटीओ संतोष पॉल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजना तिवारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी व स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे। एलपीजी वाहनों से छात्रों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह तय किया गया है कि एक अप्रैल से जिले के किसी भी शासकीय या अशासकीय विद्यालय में एलपीजी संचालित वाहनों से विद्यार्थियों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बैठक में स्कूली परिवहन की सुरक्षा समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि गैस किट वाले वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सड़कों पर होगा औचक निरीक्षण: आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस को स्कूल समय के दौरान औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को जिले के समस्त सीबीएसई, आइसीएसई और माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों को इस आदेश से अवगत कराने और उनसे अनुपालन प्रतिवेदन लेने को कहा गया है। डेडलाइन तय एक अप्रैल के बाद यदि कोई स्कूल एलपीजी वाहन का उपयोग करता पाया गया, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित संस्था व वाहन स्वामी पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। वैकल्पिक व्यवस्था स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते इन वाहनों के स्थान पर वैधानिक रूप से अनुमन्य और फिटनेस प्रमाणित (पेट्रोल/डीजल/सीएनजी) वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सत्यापन अभियान आरटीओ को जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन कर गैस किट वाले वाहनों की पहचान करें।     विद्यार्थियों का सुरक्षित परिवहन हमारी प्राथमिकता है। एक अप्रैल के बाद अवैध गैस किट वाले वाहन सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। उल्लंघन करने वाले स्कूलों और वाहन मालिकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।     – राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर  

नशे में वाहन चलाते 130 ड्राइवर पकड़े, पुलिस ने चलाया बड़ा चेकिंग अभियान

रायपुर. होली पर्व को देखते हुए राजधानी में यातायात पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। नशे की हालत में तेज रफ्तार वाहन चलाकर स्वयं और अन्य राहगीरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) विकास कुमार के निर्देश पर शहरभर में सघन चेकिंग की गई। इस दौरान 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। बता दें कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात/प्रोटोकॉल) दौलत राम पोर्ते के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस आयुक्त सतीष ठाकुर, सुरेन्द्र साय पैकरा, रमेश येरेवार, गुरजीत सिंह एवं सीमा अहिरवार के नेतृत्व में यातायात के सभी थाना क्षेत्रों में कुल 42 चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए। शाम से देर रात तक ब्रीथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से सघन जांच अभियान चलाया गया। 130 चालक नशे में वाहन चलाते पकड़े गए जांच के दौरान कुल 130 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। कार्रवाई में शामिल वाहनों में 39 कार, 73 मोटरसाइकिल, 3 ट्रक तथा 15 टाटा एस, पिकअप और ई-रिक्शा वाहन शामिल हैं। सभी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत वाहन जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। जब्त वाहनों को यातायात मुख्यालय परिसर और संबंधित यातायात थानों में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के अनुसार, इन प्रकरणों को होली के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां नशे की हालत में वाहन चलाने पर प्रत्येक मामले में 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाता है। होली तक जारी रहेगी सख्त निगरानी पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश और डीसीपी विकास कुमार के मार्गदर्शन में होली तक विशेष रूप से रात्रि में चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि सड़कों पर बढ़ते हादसों को देखते हुए इस तरह की कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस ने शहरवासियों से की अपील रायपुर पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। तेज रफ्तार और शराब के सेवन के कारण लगातार हो रहे सड़क हादसों से सबक लेने की जरूरत है। त्योहार के दौरान सौहार्द बनाए रखें, जिम्मेदार नागरिक बनें और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करें।

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