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बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में स्टाफ नर्स के 672 पदों पर आवेदन शुरू

फरीदकोट स्टाफ नर्स की नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज ने 672 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन जारी किए हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की आनलाइन प्रक्रिया 13 मार्च से शुरू हो गई है। जो उम्मीदवार स्टाफ नर्स के पदों पर आवेदन करना चाहते हैं। वे उम्मीदवार आफिशियल वेबसाइट bfuhs.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 अप्रैल, 2026 निर्धारित की गई है। कौन कर सकते हैं आवेदनः आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट भी प्रदान की जाएगी। एससी एवं एसटी उम्मीदवारों को पांच वर्ष की छूट और दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट दी जाएगी। स्टाफ नर्स के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं व इसके समकक्ष कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास जीएमएम डिप्लोमा या बीएससी नर्सिंग डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार पंजाब नर्स पंजीकरण परिषद (PNRC) में बतौर नर्स या मिडवाइफ के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। रजिस्ट्रेशन फीसः आवेदन करने के लिए सभी कैटेगरी के उम्मीदवारों को अलग-अलग रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करना अनिवार्य है। अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 2,360 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, एससी उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 1,180 रुपये निर्धारित की गई है। इन स्टेप्स से करें रजिस्ट्रेशनः स्टाफ नर्स के पदों पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज यानी 13 मार्च से शुरू हो गई है। उम्मीदवारों की सहायता के लिए यहां रजिस्ट्रेशन करने के आसान स्टेप्स बताए गए हैं, जिसे फॉलो करके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट bfuhs.ac.in पर जाकर विजिट करें। अब वेबसाइट के होमपेज पर BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें। अब मांगी गई सभी जानकारी को ध्यान से दर्ज कर लें। फार्म भरने के बाद आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करें। अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।

कार्यकर्ताओं में जोश भरने पहुंचे जीतू पटवारी, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील

Jitu Patwari reached to energize the workers, appealed to strengthen the organization till the booth level. इंदौर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देपालपुर विधानसभा के बेटमा ब्लॉक में आयोजित ‘ब्लॉक स्तरीय पंचायत समिति कार्यकर्ता सम्मेलन’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आगामी राजनीतिक कार्ययोजना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पटवारी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में संगठन को और ज्यादा सक्रिय और मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, इंदौर जिला (ग्रामीण) अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, विधानसभा प्रभारी मनोज सिंह गौतम, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष जीतू ठाकुर, मनीष पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए विभिन्न सुझाव भी सामने आए।

इंदौर में 43 वर्षों बाद राष्ट्रीय सीनियर टेबल टेनिस प्रतियोगिता, 32 राज्यों से 400 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे

इंदौर  शहर में 43 वर्षों के बाद एक बार फिर देशभर के शीर्ष टेबल टेनिस खिलाड़ी आज से अगले कुछ दिनों तक अपनी प्रतिभा दिखाते नजर आएंगे। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तत्वावधान में मध्य प्रदेश टेबल टेनिस संगठन द्वारा यूटीटी राष्ट्रीय एवं अंतर राज्य सीनियर टेबल टेनिस स्पर्धा का आयोजन 14 मार्च से 21 मार्च तक स्थानीय अभय प्रशाल में होने जा रहा है। स्पर्धा में खिलाड़ियों को 20 लाख रुपए की नगद इनामी राशि प्रदान की जाएगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष ओम सोनी तथा स्पर्धा सचिव जयेश आचार्य ने बताया कि पिछली बार इंदौर में 1983 में राष्ट्रीय टेबल टेनिस स्पर्धा खेली गई थी। इसके अब यह स्पर्धा होगी। इंदौर में होने वाली इस स्पर्धा के तहत 14 से 17 मार्च तक टीम मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि 16 से 21 मार्च तक व्यक्तिगत मुकाबले होंगे। पुरुष तथा महिला टीम मुकाबलों के साथ ही पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल तथा मिश्रित युगल कुल सात विधाओं के मुकाबले होंगे। चैंपियनशिप स्टेग रोमा की 21 टेबलों पर खेली जाएगी। इसमें 32 राज्यों के करीब 400 खिलाड़ी भाग लेंगे। साथ ही करीब 500 खिलाड़ियों की अतिरिक्त प्रविष्ठियां प्राप्त हुई हैं। कुल मिलाकर इस स्पर्धा में 900 खिलाड़ी तथा 50 से ज्यादा अधिकारी भाग लेंगे। प्रत्येक राज्य की टीम में पांच पुरुष खिलाड़ी, पांच महिला खिलाड़ियों के साथ ही प्रबंधक तथा प्रशिक्षक सहित 12 सदस्यीय दल भाग लेगा। स्पर्धा में कई राष्ट्रीय विजेता खिलाड़ियों के साथ ही मानुष शाह, पायस जैन, अंकुर भट्टाचार्जी, हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, एफआर स्नेहित, रोनित भान्जा, सनिल शेट्टी, ए, अमलराज, दीया चितले, श्रीजा अकुला, सिंड्रेला दास, सुर्तीथा मुखर्जी, स्वस्तिका घोष, यशस्विनी घोरपोड़े, तनिषा कोटेचा, मधुरिका पाटकर, मौमा दास, पोयमंती वैष्य, अहिका मुखर्जी, अनुषा कुटुंबले आदि प्रमुख खिलाड़ी भाग लेंगे। 20 लाख से अधिक की राशि दांव पर सचिव जयेश आचार्य ने बताया कि स्पर्धा में कुल 20 लाख 10 हजार आठ सौ रुपए की इनामी राशि दाव पर होगी। पुरुष तथा महिला एकल विजेता को समान रूप से तीन लाख 52 हजार रुपए की नगद इनामी राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही एकल वर्ग में प्री-क्वार्टर फाइनल दौर तक खेलने वाले खिलाड़ियों को भी इनामी राशि प्रदान की जाएगी। युगल तथा मिश्रित युगल में विजेता, उपविजेता तथा सेमीफाइनल के खिलाड़ियों को नगट राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।

बिलासपुर को मिलेगी बड़ी सौगात: CM विष्णु देव साय आज लॉन्च करेंगे ‘गौधाम योजना’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। दौरे से पहले वे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से राजनांदगांव नगर पालिका निगम क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे और शहर को कई विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। बिलासपुर जिले के तखतपुर में वे गौ पूजा करेंगे, व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और ग्रामीणों से चर्चा भी करेंगे। दोपहर 3 बजे बिलासपुर से “गौधाम योजना” का शुभारंभ करेंगे तथा पशुपालन सम्मेलन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शाम 5 बजे बिलासपुर से रायपुर लौटेंगे। यहां नवा रायपुर में शाम 6 बजे आयोजित “आदि परब 2026” कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे। घुमंतू और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए गौधाम योजना का शुभारंभ रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर से गौधाम योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत प्रदेश में 29 गौधामों का उद्घाटन किया जाएगा। राज्य सरकार ने घुमंतू और निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 1460 गौधाम स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में करीब 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उनके संरक्षण और देखभाल को बेहतर बनाया जा सके।

जगदलपुर में पार्षद चुनाव की बन रही फोटोयुक्त मतदाता सूची, बस्तर में पंचायत उपचुनाव के तैयारी तेज

बस्तर. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पड़े पंचायत पदों को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में खाली पंच पदों के लिए उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत जगदलपुर, बस्तर, बकावंड, लोहंडीगुड़ा, तोकापाल और दरभा विकासखंडों में कुल 22 पदों पर मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया के लिए 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि मानते हुए नई फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन द्वारा मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। बता दें कि पहले चरण की शुरुआत 23 मार्च से होगी, जिसमें रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति और आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। इसके बाद विधानसभा की मतदाता सूची से वार्डवार आंकड़ों को अलग कर सॉफ्टवेयर की मदद से त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाएगी। प्रशासन के अनुसार 13 अप्रैल को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें नागरिक 20 अप्रैल तक नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण 27 अप्रैल तक किया जाएगा। इसके बाद 5 मई को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके। जगदलपुर नगर निगम के वार्ड 16 में पार्षद पद के लिए उपचुनाव, चुनावी प्रक्रिया शुरू जगदलपुर. नगर निगम के वार्ड क्रमांक 16 इंदिरा गांधी वार्ड में रिक्त पार्षद पद को भरने के लिए उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही निर्वाचन शाखा ने फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मतदाता सूची के लिए 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई है। प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को दो चरणों में पूरा करने की कार्ययोजना बनाई है। पहले चरण में 23 मार्च तक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति और कर्मचारियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नागरिकों को अपने नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन कराने का अवसर दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इधर, स्थानीय स्तर पर निर्वाचन से जुड़े अधिकारी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। वहीं वार्ड में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ने लगी है और संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

संसद की कैंटीन में चाय-कॉफी की कमी, LPG सिलेंडर संकट की बढ़ी मुश्किलें!

नई दिल्ली देशभर में रसोई गैस की किल्लत की शिकायतों के बीच सरकार ने साफ किया है कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है. लोगों को परेशानी की असल वजह कालाबाजारी है. सरकार ने इसके साथ ही इन कालाबाजारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि देश में रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है. सरकार का दावा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं और कई शहरों में लोग सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। सरकार का यह भी दावा है कि देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है और करीब एक लाख पेट्रोल पंपों में कहीं से भी ईंधन खत्म होने की सूचना नहीं मिली है. साथ ही पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई भी सामान्य बताई जा रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि घरों, अस्पतालों और जरूरी संस्थानों को एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। भाजपा नेताओं ने एलपीजी संकट को अफवाह करार देते हुए विपक्ष पर जनता में घबराहट फैलाने का आरोप लगाया है. वहीं कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि देश के कई हिस्सों में गैस की कमी से लोग परेशान हैं और सरकार को वास्तविक स्थिति स्वीकार करनी चाहिए. विपक्षी दलों का दावा है कि जमीनी हकीकत इससे अलग है. कई शहरों में लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि देश के कई शहरों में गैस जैसे ‘गायब’ हो गई है और लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।  नोएडा में 14 गैस एजेंसियों पर रेड, कालाबाजारी के नहीं मिले सबूत, लेकिन लोग परेशान गौतमबुद्ध नगर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कथित किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने अपनी जांच तेज कर दी है. प्रशासन का दावा है कि फिलहाल जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और जो माहौल बनाया जा रहा है, वह महज अफवाह है. हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट दिख रही है, जहां गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ सिलेंडर के लिए तरस रही है। जिलाधिकारी मेघा रूपम के निर्देशन में गठित चार संयुक्त टीमें लगातार अलग-अलग गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर छापेमारी कर रही हैं. इन टीमों में खाद्य और रसद विभाग, नापतोल विभाग और संबंधित तेल कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं. शुक्रवार को तहसील दादरी क्षेत्र के अंतर्गत 14 गैस एजेंसियों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। प्रशासन का कहना है कि इन एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक पाया गया और कालाबाजारी के कोई सबूत नहीं मिले. जनपद में कुल 65 गैस एजेंसियां हैं, जिनमें इंडियन ऑयल की 13, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम की 26-26 एजेंसियां शामिल हैं। ‘संसद की कैंटीन में भी नहीं मिल रही चाय-कॉफी’ LPG सिलेंडर की किल्लत पर कांग्रेस सांसद का दावा LPG सिलेंडर की किल्लत की खबरों पर कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं है कि कमी है… मैं रोज़ा रख रहा हूं, लेकिन कल संसद में चर्चा चल रही थी कि जब सांसदों ने संसद कैंटीन में चाय या कॉफ़ी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि यह उपलब्ध नहीं है. और फिर भी, आप दावा करते हैं कि घबराने की कोई बात नहीं है. कालाबाज़ारी की खबरें आ रही हैं, जिसमें कीमतें 1,500 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक मांगी जा रही हैं… 1483 जगहों पर रेड, 24 एफआईआर, 6 गिरफ्तार… यूपी में एलपीजी की कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ एक्शन उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाते हुए 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई. इस दौरान कालाबाजारी और अनियमितताओं के मामलों में 24 एफआईआर दर्ज की गईं और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 19 अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की जमाखोरी या अवैध बिक्री को रोका जा सके. अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी स्थापित किए हैं, जहां से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की निगरानी की जा रही है. सरकार का कहना है कि आम नागरिकों को ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी तरह की कालाबाजारी को सख्ती से रोका जाएगा। पटना में एलपीजी की कालाबाजी पर सख्त एक्शन, 4 एफआईआर दर्ज बिहार की राजधानी पटना में एलपीजी की सुचारू आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है. अब तक एलपीजी नियमों के उल्लंघन के संबंध में चार मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से तीन एफआईआर बाढ़ उपमंडल में और एक दानापुर उपमंडल में दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ में रेस्तरां और कैफे संचालकों के खिलाफ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल करने के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि व्यावसायिक सिलेंडरों का इस्तेमाल करना मौजूदा नियमों का उल्लंघन है. दानापुर में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रशासन उपभोक्ताओं के हित में घरेलू एलपीजी की पारदर्शी और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों, जिला स्तरीय अधिकारियों, उप-मंडल अधिकारियों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को एलपीजी डीलरों और वितरकों के ठिकानों पर नियमित निरीक्षण और छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी उपभोक्ताओं और आम जनता से भी प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहे हैं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज करें और दोषियों को गिरफ्तार करें. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की ढिलाई, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी … Read more

बगदाद में अमेरिकी एंबेसी पर मिसाइल और ड्रोन हमले से बड़ा खतरा

बगदाद इराक की राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘ग्रीन ज़ोन’ में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा हमला हुआ है. इराकी अधिकारियों के अनुसार, दूतावास परिसर के भीतर मौजूद हेलीपैड को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई है. हमले के तुरंत बाद दूतावास परिसर से काला धुआं निकलता देखा गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है. अमेरिकी दूतावास में लगे रडार सिस्टम को एक आत्मघाती ड्रोन द्वारा निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर से धुएं का गुबार उठता साफ दिखाई दे रहा है. हालांकि, अभी तक दूतावास के भीतर किसी के हताहत होने या सटीक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अमेरिकी पक्ष से नहीं की गई है. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में ‘इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस’ ने अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों पर भारी इनाम की घोषणा की थी और एक अमेरिकी विमान को मार गिराने का दावा किया था। माना जा रहा है कि यह हमला उसी कड़ी का हिस्सा हो सकता है. दूतावास पर हमला सीधे तौर पर वाशिंगटन को दी गई एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास सबसे सुरक्षित राजनयिक परिसरों में से एक माना जाता है. इसके बावजूद मिसाइल का हेलिपैड तक पहुंचना सुरक्षा में एक बड़ी सेंध मानी जा रही है। ईरान को घुटनों पर लाने का ट्रंप कार्ड?  फारस की खाड़ी के शांत दिखने वाले नीले पानी के बीच एक छोटा सा द्वीप है – खार्ग आइलैंड. आकार में यह इतना छोटा है कि पहली नजर में इसे मैप पर ढूंढना भी मुश्किल लगता है. लेकिन आज यही छोटा सा द्वीप वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और सैन्य रणनीति के केंद्र में आ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐलान किया कि अमेरिकी सेना ने खार्ग आइलैंड पर बड़ा सैन्य हमला किया है. ट्रंप के मुताबिक यह हमला “मध्य पूर्व के इतिहास की सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक” था, जिसमें द्वीप पर मौजूद लगभग सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस द्वीप को ईरानी शासन का “क्राउन ज्वेल” यानी सबसे कीमती संपत्ति बताया. उन्होंने यह भी कहा कि हमले के दौरान जानबूझकर तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को बाधित करने के आरोप लग रहे हैं. यही वजह है कि अचानक खार्ग आइलैंड अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है.खार्ग आइलैंड आकार में सिर्फ 20 वर्ग किलोमीटर का है. इसकी चौड़ाई करीब 3 मील और लंबाई लगभग 7 मील है. यह ईरान के बुशेहर प्रांत के तट से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है. द्वीप की आबादी बहुत बड़ी नहीं है. यहां लगभग 3,000 से 5,000 लोग रहते हैं. इनमें स्थानीय मछुआरों के परिवार, ईरान की राष्ट्रीय तेल कंपनी के कर्मचारी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के सैनिक शामिल हैं।  

इंदौर-शारजाह फ्लाइट अब हफ्ते में चार दिन, 29 मार्च से तीन दिन बंद, उम्मीद बैंकॉक फ्लाइट मिलेगी

इंदौर इंदौर के देवी अहिल्या बाई होल्कर इंटरनेशलन एयरपोर्ट से संचालित होने वाली एकमात्र इंटरनेशलन फ्लाइट अब सप्ताह में सिर्फ 4 दिन ही संचालित की जाएगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इंदौर से शारजाह के बीच सप्ताह में तीन फेरे कम करने जा रही है। 29 मार्च से यह फ्लाइट सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही संचालित होगी। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस आधार पर बुकिंग भी शुरू कर दी है। वहीं सूत्रों का कहना है कि खाली समय में इंदौर से बैंकॉक के लिए भी एक फ्लाइट का संचालन हो सकता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिकारियों ने बताया कि 29 मार्च से लागू हो रहे समर शेड्यूल में कंपनी सप्ताह में चार दिन सोम, बुध, शुक्र और रविवार को ही इंदौर से शारजाह के बीच जाने और आने वाली सीधी फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं शेष तीन दिन मंगल, गुरु और शनिवार को इस फ्लाइट का संचालन बंद रहेगा। इस फ्लाइट को 28 अक्टूबर से लागू हुई विंटर शेड्यूल में ही नियमित किया गया था। इससे पहले यह सप्ताह में चार दिन ही संचालित होती थी। नियमित फ्लाइट मिलने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब एक बार फिर सप्ताह में 4 दिन ही उड़ान के संचालन होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही इस फ्लाइट के समय में भी थोड़ा बदलाव किया जा रहा है। मौजूदा समय की अपेक्षा 29 मार्च से यह फ्लाइट 35 से 40 मिनट देरी से चलेगी। कंपनी अधिकारियों और ट्रैवल एजेंट्स ने बताया कि गर्मी के मौसम में यूएई में बहुत तेज गर्मी पड़ती है। इसके कारण यहां घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आ जाती है। इसे देखते हुए गर्मियों के सीजन को यहां पर्यटन की दृष्टि से ऑफ सीजन भी कहा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध की स्थिति के साथ ही इस बात को भी देखते हुए इस फ्लाइट को नियमित के बजाए सप्ताह में चार दिन संचालित करने का निर्णय लिया गया है। बैंकॉक के लिए विचार कर रही कंपनी ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि कंपनी सप्ताह के जिन तीन दिनों मंगल, गुरु और शनिवार को शारजाह फ्लाइट का संचालन बंद कर रही है, उन दिनों में इंदौर से किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय शहर के लिए फ्लाइट शुरू कर सकती है। इस पर विचार जारी है। संभावना है कि इन दिनों में इंदौर से बैंकॉक के लिए फ्लाइट शुरू की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यात्रियों को इंदौर से दो अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए सीधी उड़ान की सुविधा मिल जाएगी और थाईलैंड जाने वाले यात्रियों को देश के अन्य शहरों से होकर जाने के बजाए इंदौर से ही सीधी फ्लाइट की सुविधा मिलेगी, जिससे उनका समय और पैसा भी बचेगा। यूद्ध के कारण निरस्त चल रही फ्लाइट उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण 28 फरवरी से इंदौर शारजाह के बीच जाने और आने वाली फ्लाइट बंद है। पहले कंपनी इसे एक-एक दिन के लिए निरस्त कर रही थी। फिर कुछ दिनों पहले इसे 22 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया गया था। वहीं अब कंपनी ने इसे 28 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया है। यानी अब 28 मार्च तक जिन लोगों ने इस फ्लाइट में बुकिंग कर रखी थी उन्हें दूसरी उड़ानों का सहारा लेना पड़ेगा। युद्ध के चलते इंदौर से जाने वाले यात्री तो नहीं है, लेकिन वहां से आने वाले यात्रियों के लिए इस फ्लाइट के बंद होने से बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। यह रहेगा फ्लाइट का नया शेड्यूल     इंदौर-शारजाह : यह फ्लाइट सुबह 10.25 इंदौर से निकलकर यूएई के स्थानीय समयानुसार 12.10 बजे वहां पहुंचेगी। सफर 3.15 घंटे का होगा।     शारजाह-इंदौर : शारजाह से यह फ्लाइट यूएई के स्थानीय समयानुसार दोपहर 1.10 बजे निकलेगी और भारतीय समयानुसार शाम 6.10 बजे इंदौर पहुंचेगी। सफर का समय 3.30 घंटे होगा। .

मध्यप्रदेश में डाटा एंट्री ऑपरेटर के 770 पदों के लिए आवेदन की शुरुआत

भोपाल बेरोजगार युवाओं के मध्यप्रदेश लैंड रिकार्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी ने डाटा एंट्री आपरेटर के 770 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती में शामिल होने के इच्छुक युवा आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार मध्य प्रदेश राज्य में बतौर डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं। उन उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। उम्मीदवार MPLRS की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि तीन अप्रैल निर्धारित की गई है। इसके साथ ही फार्म में सुधार करने के लिए उम्मीदवारों को चार अप्रैल तक का समय दिया गया है। इतनी मिलेगी सैलरीः डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 5,200 रुपये से लेकर 20,200 रुपये प्रदान किए जाएंगे। आवेदन करने के लिए पात्रता मानदंडः इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास सीपीसीटी उत्तीर्ण प्रमाण-पत्र होना चाहिए। आयु-सीमाः आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर की जाएगी। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में कुछ वर्षों की छूट भी दी जाएगी। पद संबंधित विवरणः डाटा एंट्री आपरेटर के कुल 770 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 2029 पद, एससी के लिए 123 पद, एसटी के लिए 154 पद, ओबीसी के लिए 208 पद और ईडब्ल्यूएस के लिए कुल 76 पद आरक्षित किए गए हैं। ऐसे करें आवेदनः डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.mponline.gov.in पर जाकर विजिट कर सकते हैं। अब रजिस्ट्रेशन करने के लिए MPLRS Data Entry Operator Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई सभी डिटेल को ध्यान से दर्ज कर लें। इसके बाद दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करके अंत में इसका एक प्रिंट आउट निकाल लें।

T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद टीम इंडिया के क्रिकेटर ने वैष्णो देवी में माथा टेका, मां के दरबार में पहुंचे

 जम्मू भारतीय टी20 टीम के व‍िस्फोटक ओपनर अभ‍िषेक शर्मा ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित पवित्र वैष्णो देवी मंद‍िर पहुंचे और वहां पहुंचकर मां का आशीर्वाद लिया। दुन‍िया के नंबर 1 टी20 बैटर 25 वर्षीय बल्लेबाज ने हाल ही में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत के कुछ दिन बाद यह आध्यात्मिक यात्रा की. भारतीय टीम ने पिछले रविवार अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था। टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अपनी यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और कैप्शन लिखा- जय माता दी. तस्वीरों में वह पारंपरिक सफेद कुर्ता-पायजामा पहने, माथे पर तिलक लगाए और हाथ जोड़कर दर्शन करते नजर आए। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में पंजाब के इस क्रिकेटर को कटरा से वैष्णो देवी गुफा मंदिर तक पैदल जाते, बीच में बैटरी कार से यात्रा करते और रास्ते में लोगों से बातचीत करते भी देखा गया। अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में अहम भूमिका निभाई थी. फाइनल से पहले के मैचों में उनका प्रदर्शन उनके मानकों के मुताबिक अच्छा नहीं रहा था, लेकिन निर्णायक मुकाबले में उन्होंने शानदार वापसी की। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में उन्होंने महज 21 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. बाद में भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप और कुल मिलाकर रिकॉर्ड तीसरा खिताब अपने नाम किया। वर्ल्ड कप जीत के बाद अभिषेक शर्मा का यह वैष्णो देवी दर्शन चर्चा में है और उनकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. अभ‍िषेक शर्मा अब इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम से खेलते दिखेंगे।

रेलवे ने गर्मी की छुट्टियों के लिए 1,484 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की, वेटिंग लिस्ट कम होगी

भोपाल   गर्मी की छुट्टियों का आगाज़ और होली के त्योहार के बाद काम पर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। वेटिंग लिस्ट की लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए रेलवे ने देशभर में स्पेशल ट्रेनों के जाल बिछाने और मौजूदा सेवाओं की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यात्रियों को बड़ी राहत उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने गर्मियों में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं की बढ़ती मांग को देखते हुए तीन जोड़ी प्रमुख स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, रेवाड़ी-रींगस और जयपुर-भिवानी जैसे व्यस्त रूटों पर अब जुलाई तक ट्रेनें उपलब्ध रहेंगी। विस्तारित ट्रेनों का विवरण:     रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09633/34): अब 1 अप्रैल से 29 जून 2026 तक संचालित होगी।     रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09637/38): दोनों दिशाओं में 38 अतिरिक्त ट्रिप लगाएगी।     जयपुर–भिवानी–जयपुर (09733/34): इस सेवा को 15 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे कुल 92 नए ट्रिप मिलेंगे। लंबी दूरी के लिए 1,484 समर स्पेशल मध्य रेलवे (Central Railway) ने इस साल के ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए एक विशाल योजना तैयार की है। कुल 1,484 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें आरक्षित और अनारक्षित दोनों श्रेणियों का संतुलन रखा गया है:     749 आरक्षित (Reserved) सेवाएं: मध्यम और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए।     735 अनारक्षित (Unreserved) सेवाएं: अचानक यात्रा करने वाले आम यात्रियों के लिए। ये ट्रेनें मुख्य रूप से मुंबई–बलिया, पुणे–कोल्हापुर, नासिक–बडनेरा और सोलापुर–कलबुर्गी जैसे मार्गों पर दबाव कम करेंगी। होली के बाद ‘घर वापसी’ के लिए विशेष इंतजाम होली मनाकर महानगरों की ओर लौटने वाले कामगारों और छात्रों के लिए हाजीपुर जोन ने विशेष फेरे बढ़ाए हैं। मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि बिहार के विभिन्न जिलों से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत के लिए विशेष रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रमुख होली स्पेशल ट्रेनें और उनकी नई तिथियां     03697 शेखपुरा–आनंद विहार – 16 से 30 मार्च 2026 – सोम, मंगल, शुक्र, शनि।     03309 धनबाद–दिल्ली स्पेशल – 14 से 28 मार्च 2026 – मंगल और शनिवार।     02397 शेखपुरा–आनंद विहार – 22 और 29 मार्च 2026 – रविवार। इमरजेंसी कोटा और यात्रियों के लिए सलाह रेलवे ने वेटिंग लिस्ट के बीच ‘इमरजेंसी कोटा’ की व्यवस्था को भी चुस्त-दुरुस्त रखा है, ताकि अत्यंत आवश्यक कारणों से यात्रा करने वालों को अंतिम समय पर बर्थ मिल सके। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि किसी भी भ्रम से बचने के लिए यात्रा से पहले NTES (National Train Enquiry System) या आधिकारिक वेबसाइट पर शेड्यूल और उपलब्धता की पुनः जांच जरूर कर लें।

आदि रंग, परिधान और हाट के रंगों में रंगा जनजातीय परब

आदि परब’ का रंगारंग आगाज छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने किया शुभारंभ आदि रंग, परिधान और हाट के रंगों में रंगा जनजातीय परब जनजातीय समाज का रैंप शो में दिखा उत्साह रायपुर राजधानी में आदि परब का रंगारंग आज आगाज हुआ। जनजातीय समाज के इस दो दिवसीय उत्सव में छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकार शामिल हो रहे हैं। आदि परब की थीम ’परम्परा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कल 14 मार्च को आदि परब के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित जनजातीय समाज के पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। आदि परब का शुभारंभ नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने किया। राज्य अंत्याव्यावसायी आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेहरा, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, टीआरटीआई के संचालक श्री हिना अनिमेष नेताम, श्रीमती गायत्री नेताम सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रदेश से जनजातीय समुदाय उपस्थित थे।      आदि परब के शुभारंभ अवसर पर जनजातीय समाज के आकर्षक परिधान से सजे-धजे युवाओं ने रैंप में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया। इसे लोगों ने उत्साह के साथ आनंद लिया। आदि परब में जनजातीय समाज के खान-पान, वेशभूषा, विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो लोगों का आकर्षण का केन्द्र रही। “आदि रंग – जनजातीय चित्रकला महोत्सव” का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी तरह “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

700 पदों के लिए छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया शुरू

छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर होगी नियुक्ति रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी। विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

मोबाइल यूज़र्स को झटका! डेटा पर लग सकता है नया टैक्स, हर GB पर अतिरिक्त रकम देनी पड़ सकती है

 नई दिल्ली सरकार इंटरनेट को महंगा करने की तैयारी में है। दरअसल रिपोर्ट्स की मानें, तो अब हर GB डेटा के इस्तेमाल के साथ आपकी जेब से ज्यादा पैसे कट सकते हैं। फिलहाल सरकार में इस पर मंथन किया जा रहा है। गौरतलब है कि सरकार की कमाई को बढ़ाने के अनोखे तरीके के रूप में ‘डेटा यूसेज टैक्स’ लाने का प्रस्ताव चर्चा में है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई एक हालिया समीक्षा बैठक में इस पर चर्चा हुई। इस बारे में पता चलते ही टेक जगत में हलचल मच गई है। एक्सपर्ट्स का दावा है कि इसका सीधा असर लोगों के मोबाइल रिचार्ज प्लान के बजट पर पड़ सकता है। भारत में आने वाले समय में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करना महंगा हो सकता है. सरकार मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर नया टैक्स लगाने के विकल्प को देख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में Department of Telecommunications (DoT) से कहा गया है कि वह इस पर स्टडी करे और बताए कि क्या डेटा यूज़ पर टैक्स लगाना संभव है या नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर की एक रिव्यू मीटिंग में यह मुद्दा सामने आया. इसके बाद DoT को कहा गया कि वह यह जांच करे कि मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर टैक्स लगाया जा सकता है या नहीं और अगर लगाया जाए तो उसका मॉडल क्या होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार जिस विकल्प को देख रही है उसमें ₹1 प्रति GB डेटा पर टैक्स लगाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो हर बार जब कोई यूजर मोबाइल डेटा इस्तेमाल करेगा तो उस पर यह अतिरिक्त चार्ज जुड़ सकता है। बताया जा रहा है कि अगर ₹1 प्रति GB का टैक्स लागू होता है तो इससे सरकार को हर साल लगभग ₹22,900 करोड़ तक की कमाई हो सकती है. हालांकि अभी यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। भारत दुनिया के उन देशों में है जहां मोबाइल डेटा काफी सस्ता है. सस्ते इंटरनेट की वजह से भारत में डेटा की खपत बहुत तेजी से बढ़ी है. वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और रील्स देखने की वजह से मोबाइल डेटा का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। एक और अहम बात यह है कि अभी भी मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर 18% GST लिया जाता है. यानी यूजर्स पहले से ही टेलीकॉम सर्विस पर टैक्स दे रहे हैं. अगर भविष्य में डेटा पर अलग से टैक्स लगाया जाता है तो यह मौजूदा टैक्स के अलावा एक नया चार्ज हो सकता है। सरकार यह प्रस्ताव इस मकसद से ला रही है कि इंटरनेट का इस्तेमाल सकारात्मक कामों के लिए हो। दूरसंचार विभाग DoT को सितंबर 2026 तक रिपोर्ट सबमिट कर यह बताने के लिए कहा गया है कि ऐसा कर पाना संभव है या नहीं? इस टैक्स का एक मकसद बच्चों और युवाओं में बढ़ते ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करना है। सरकार एक ऐसा मॉडल बनाना चाह रही है जिससे पॉजिटिव डेटा कंजम्पशन बढ़े। इस टैक्स के जरिए सरकार इंटरनेट की लत और बढ़ते स्क्रीन-ऑन टाइम पर काबू पाना चाहती है। हालांकि यह देखना होगा कि सरकार शिक्षा और मनोरंजन के बीच डेटा के इस्तेमाल पर अंतर कैसे तय करेगी। क्या ऐसा कर पाना मुमकिन है? भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण TRAI के पूर्व प्रधान सलाहकार सत्या एन. गुप्ता ने इस प्रस्ताव पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि डेटा पर टैक्स लगा पाना न सिर्फ नामुमकिन है बल्कि यह देश में डिजिटल सेवाओं को बाधित भी कर सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार,(REF.) इससे डिजिटल इनोवेशन रुक जाएंगे और डिजिटल क्षेत्र में भारत की वैश्विक बढ़त खतरे में पड़ सकती है। गौर करने वाली बात है कि फिलहाल मोबाइल रिचार्ज पर 18% GST लगता है, ऐसे में डेटा पर अलग से कर लगाना यूजर्स के लिए दोहरी मार जैसा साबित हो सकता है। अगर टैक्स लगा, तो होगी कितनी कमाई? रिपोर्ट्स के अनुसार अब स्पेक्ट्रम नीलामी और लाइसेंस फीस के अलावा सरकार कमाई का नया तरीका तलाश रही है। आंकड़ों के अनुसार 2025 में भारत की मोबाइल डेटा खपत लगभग 229 अरब GB थी। ऐसे में अगर हर GB पर सरकार 1 रुपये का मामूली टैक्स भी लगाती है, तो इससे सरकार को सीधे 22,900 करोड़ रुपये का फायदा होगा। ऐसे में एक तर्क है कि यह रकम देश के विकास के काम आ सकती है, वहीं सच ये भी है कि इससे महंगे इंटरनेट का बोझ आम लोगों पर पड़ सकता है। फिलहाल सरकार ने DoT से कहा है कि वह इस प्रस्ताव की पूरी स्टडी करे और इसके फायदे-नुकसान को समझे. रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार तय करेगी कि भारत में मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर नया टैक्स लगाया जाएगा या नहीं। सराकर की तरफ से हालांकि अभी इसे लेकर कोई भी ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से रेडिट से लेकर तमाम सोशल मीडिया पर सूत्रों के हवालें से ये खबर चल रही है। 

गणगौर व्रत का रहस्य: जानें पार्वती जी को इस व्रत से कौन-सा फल मिला था

हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन गणगौर का व्रत रखा जाता है. इस साल 21 मार्च को ये व्रत रखा जाएगा. गणगौर दो शब्दों गण और गौर से मिलकर बना है. गण का अर्थ भगवान शिव है और गौर माता पार्वती को कहा जाता है. ये व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित किया गया है. सुहागिन महिलाएं गणगौर का व्रत करती हैं. प्रमुख तौर पर राजस्थान और हरियाणा समेत उत्तर भारतीय राज्यों में गणगौर व्रत किया जाता है. हिंदू मान्यता है कि गणगौर का व्रत रखने और विधि-विधान से शिव और पार्वती की पूजा करने से पति की उम्र लंबी होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है. अविवाहित कन्याएं भी गणगौर का व्रत रखती हैं. मान्यता ये भी है कि इस व्रत को रखने से मनचाहा वर प्राप्त होता है, लेकिन आइए जानते हैं कि गणगौर का व्रत करने से माता पार्वती को कौन सा फल मिला था? साथ ही जानते हैं इस व्रत की कथा. पार्वती को शिव मिले पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी पार्वती ने गणगौर का व्रत किया था. उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. तप के साथ-साथ उन्होंने ये व्रत भी किया था. तभी से गणगौर व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है. माना जाता है कि गणगौर व्रत के फल स्वरूप से ही देवों के देव महादेव देवी पार्वती को पति रूप में प्राप्त हुए. गणगौर व्रत की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव और माता पार्वती नारद मुनि के साथ भ्रमण पर निकले. चलते-चलते वे चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि के दिन एक गांव में पहुंचे. वहां की गरीब महिलाओं ने श्रद्धा के साथ माता पार्वती का पूजन किया. माता पार्वती ने उनकी भक्ति और पूजन से प्रसन्न होकर उनको अटल सौभाग्य का आशीर्वाद दिया. इसके बाद गांव की अमीर महिलाएं सोने-चांदी की थालियों में पकवान लेकर आईं. उस समय माता ने उन महिलाओं पर प्रसन्न होकर अपनी उंगली से रक्त की कुछ बूंदें उन पर छिड़ दीं और उनको स्वयं जैसी सौभाग्यवती बनने का आशीर्वाद दे दिया. इसके बाद पार्वती जी नदी में स्नान करने चली गईं. वहां उन्होंने बालू मिट्टी से शिव जी की प्रतिमा बनाई और पूजा की. तब शिव जी प्रकट हुए और माता पार्वती से कहा कि जो स्त्री इस दिन तुम्हारी तरह मेरा पूजन और व्रत करेगी, उसके पति की आयु लंबी होगी. पूजा करते हुए माता पार्वती को आने में देरी हो गई. जब वो शिव जी के पास पहुंची तो उन्होंने माता से देरी की वजह पूछी. इस पर माता पार्वती ने बताया कि उनको उनके भाई-भाभी मिले और दूध-भात खाने के लिए दिया, जिसमें समय लग गया. यह सुनकर शिव जी को भी वहां जाने का मन हुआ. फिरपार्वती जी ने मन ही मन भगवान शिव से उनकी लाज बचाने की प्रार्थना की. इसके बाद जब वे नदी तट पर पहुंचे, तो वहां एक मायावी महल नजर आया. वहां शिव-पार्वती का खूब आदर-सत्कार हुआ. वो तीन दिन महल में रहे. शिव जी का मन महल में ही रहने का था, लेकिन पार्वती जी चल पड़ीं तो उनको भी माता के पीछे आना पड़ा. रास्ते में भगवान शिव को याद आया कि वो महल में अपनी माला भूल आए हैं. माला लाने के लिए उन्होंने नारद जी को भेजा. नारद जी ने वहां जाकर देखा तो कोई महल नहीं था. बस पेड़ पर एक माला लटकी पड़ी थी. यह देखकर नारद जी हैरान रह गए.फिर नारद जी माला लेकर शिवजी के पास गए. माला देकर उन्होंने शिव जी से कहा कि प्रभु यह कैसी माया है जब मैं माला लेने गया तो वहां पर भवन नहीं था. इस पर शिव पार्वती मुस्कुराए और बोले कि यह सब तो देवी पार्वती की माया थी. इस पर देवी पार्वती ने कहा कि यह मेरी नहीं भोलेनाथ की माया थी. इसके बाद नारद जी ने कहा कि आप दोनों की माया को आपके अलावा को दूसरा नहीं समझ सकता. आप दोनों की जो भक्ति भाव से पूजा करेगा, उसके जीवन में भी आपकी तरह प्रेम बना रहेगा.

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