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पुलिस ने हत्या के आरोपियो को किया गिरफतार

बिलासपुर मामूली विवाद के कारण दोस्त ने अपने भाई के साथ मिलकर की हत्याआरोपी बाहर भागने फिराक में थे बीट आरक्षको के मुस्तैदी एवं निगरानी के कारण आरोपियो के गिरफतारी में मिली सफलता आरोपी –1. राकेश कौशिक उर्फ़ छोटू पिता भागीरथी कौशिक उम्र 38 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर2- गणेश कौशिक पिता भगीरथी कौशिक उम्र 36 साल पता सम्बलपुर थाना सकरी जिला बिलासपुर विवरण – दिनांक 14-03-2026 को प्रार्थी कृष्णा कौशिक पिता भीषम कौशिक उम्र 23 वर्ष निवासी संबलपुरी थाना सकरी थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके बडे भाई सतीश कौशिक की अज्ञात आरोपियो द्वारा मारपीट कर हत्या कर दिए है प्रार्थी की रिपोर्ट पर मर्ग क्र 22/2026 एवं अपराध क्रमांक 254/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर वरिष्ठ अधिकिारियो को अवगत कराया गया, मामले की गंभीरता को देखते हुए मान उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय  रजनेश सिंह द्वारा आरोपियो को तत्काल गिरफतार करने निर्देशित किया गया, जिसके परिपालन में मान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर)  पंकज कुमार पटेल, मान नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाईन)  निमितेश सिंह परिहार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सकरी निरीक्षक विजय चौधरी द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर एवं बीट आरक्षको को आरोपियो की पतासाजी निर्देशित किया गया। हत्या के संदेही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक घटना दिनांक से फरार थे। दिनांक 16-03-2026 को बीट आरक्षको को सूचना मिली के हत्या के प्रकरण के संदही राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक ग्राम पांड में छिपे है। थाना सकरी पुलिस की सक्रियता एवं बीट आर पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र एवं अनुप नेताम की मुस्तैदी से हत्या के आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक को ग्राम मेण्ड्रा से घेरा बंदी कर पकडा गया। आरोपियो से पूछताछ करने पर बताए कि दिनांक 14-03-2026 को आरोपी राकेश कौशिक, गणेश कौशिक एवं म़ृतक सतीश कौशिक तीनो शराब पीने सकरी शराब भट्टी गये थे जहां तीनो शराब पिए और अपने साथ 01 पाव देशी प्लेन एवं 02 पाव देशी मशाला शराब और 6 रोटी 2 फीस मछली पानी डिस्पोजल लेकर सम्बलपुर खेत पीपल पेड के पास गये और शराब पीना शुरू किये शराब के नशे में मृतक सतीश कौशिक द्वारा आरोपी गणेश कौशिक और उसके परिवार को गाली गलौच करने लगा मना करने पर नही मना तो आरोपी राकेश कौशिक एवं गणेश कौशिक दोनेा भाई मिलकर हाथ मुक्का से मारपीट कर पीपल के पेड के नीचे जड के पास गिरा दिए जिससे मृतक के मुंह एवं सिंर में गंभीर चोट लगने से मृत्यु हो गई।  दोनो आरोपी हत्या करने कर बाद मरही माता भाग गए थे वहा से आने के बाद आरोपी अपने ससुराल मेण्ड्रा में छिपे थे जहां से बाहर भागने के फिराक में थे जिन्हे बीट आरक्षको की मुस्तैदी से रात्रि में पकडा गया। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक विजय चौधरी, उनि गणेशराम महिलांगे, सउनि सुरेंद्र तिवारी, प्रआर रवि कुमार लहरे, चोलाराम पटेल, पवन बंजारे, सज्जू अली,मनोज बघेल,रामचंद्र की भुमिका सराहनी रही।*

समर ट्रैवल हुआ आसान! MP से बिहार और महाराष्ट्र के लिए 15 जुलाई तक स्पेशल ट्रेनें

भोपाल यात्रियों की बढ़ती संख्या और ग्रीष्मकालीन भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। भोपाल मंडल से होकर पुणे-दानापुर विशेष ट्रेन और लोकमान्य तिलक टर्मिनस-दानापुर विशेष ट्रेन का संचालन निर्धारित तिथियों में किया जाएगा। इससे मध्य प्रदेश सहित भोपाल के यात्रियों को सीधे कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। पुणे-दानापुर विशेष ट्रेन: समय-सारणी और रूट गाड़ी संख्या 01449 पुणे से प्रतिदिन 15:30 बजे रवाना होकर इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना होते हुए अगले दिन 02:45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01450 दानापुर से 05:00 बजे चलकर शाम 18:15 बजे हडपसर पहुंचेगी। इन ट्रेनों में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी सहित पर्याप्त कोच लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-दानापुर स्पेशल वहीं, गाड़ी संख्या 01143 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 10:30 बजे प्रस्थान कर प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए 18:45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 01144 दानापुर से 21:30 बजे चलकर अगले दिन 07:45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। ये विशेष ट्रेनें एक अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल तक चलेंगी, जबकि ग्रीष्मकालीन विशेष सेवाएं 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक संचालित होंगी। बिहार और महाराष्ट्र की यात्रा होगी आसान भोपाल के यात्रियों के लिए यह सुविधा खास है, क्योंकि इससे बिहार और महाराष्ट्र के बीच यात्रा आसान होगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले समय-सारणी और अन्य जानकारी एनटीईएस (NTES) या हेल्पलाइन 139 से जरूर जांच लें।  

ट्रैक्टर से टकराई स्कूल वैन पलटने से 10 से ज्यादा बच्चे – टीचर घायल अस्पताल में इलाज जारी

जांजगीर-चांपा  जांजगीर-चांपा क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। यहां स्कूली वैन सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई, जिससे वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय वैन में सरस्वती ज्ञान मंदिर, कुथुर के 15 से अधिक बच्चे सवार थे, जो स्कूल जा रहे थे। हादसे में नर्सरी, पहली और छठवीं कक्षा के बच्चों समेत 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई बच्चों के सिर में चोट आई है, जबकि कुछ के हाथ-पैर में भी गंभीर चोटें आई हैं। एक महिला शिक्षिका के कंधे में गंभीर चोट बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक बच्चे मुड़पार गांव से कुथुर स्थित स्कूल जा रहे थे। बच्चों ने बताया कि नियमित ड्राइवर के नहीं आने पर वैन को स्कूल के प्रिंसिपल खुद चला रहे थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

गुंडागर्दी पर सख्ती: रायपुर में हथियार लहराने वालों पर त्वरित एक्शन, 24 घंटे में 12 गिरफ्तारी

रायपुर. राजधानी में कानून व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसीसीयू (क्राइम यूनिट) और थाना मौदहापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग घटनाओं में शामिल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानतीय संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है, जिसके तहत शहर में गुंडागर्दी, चाकूबाजी, पत्थरबाजी और हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। पहली घटना: चाकू से जानलेवा हमला 16 मार्च 2026 को मौदहापारा थाना क्षेत्र के तालाब पार बीटीएस चौक के पास पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने चाकू से हमला कर दो लोगों को घायल कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने रवि रक्सेल (19), हर्ष कोसले (19), अभय रक्सेल (19) और लोकेश रक्सेल (26) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से धारदार हथियार जब्त किए हैं। दूसरी घटना: मरही माता मंदिर के पास पत्थरबाजी 16 मार्च को ही मरही माता मंदिर क्षेत्र में कुछ लोगों ने समूह बनाकर गाली-गलौज करते हुए पत्थरबाजी की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और कई लोग घायल हुए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आमिर अहमद (26), मोह. अनस खान (32), मोह. मुशीर खान (29), अब्दुल समीर (29), मोह. फाजिल (29) और शेख सिकंदर (29) को गिरफ्तार किया है। तीसरी घटना: सड़क पर तलवार लहराकर दहशत फैलाना दूसरी घटना की प्रतिक्रिया में डेंटल कॉलेज चौक के पास कुछ युवक हाथ में तलवार लेकर लोगों को डरा रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। इस मामले में लोकेश रक्सेल (26), मयंक सोनी (19) और पिंटू ठाकुर (26) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई तीनों घटनाओं में आरोपियों के पास से दर्जन भर चाकू, तलवार और अन्य धारदार हथियार जब्त किए गए हैं। रायपुर पुलिस ने साफ कहा है कि शहर में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। सार्वजनिक स्थलों पर हथियार लहराने, मारपीट और पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

अब स्थायी पते पर ED: रायपुर के मेयर बंगले में शिफ्ट होगा कार्यालय

रायपुर  राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अब स्थायी पता मिल गया है। नगर निगम की एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहर के सुभाष स्टेडियम स्थित पुराने महापौर (मेयर) बंगले को ईडी कार्यालय के लिए आवंटित कर दिया गया है। जांच गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद जानकारी के अनुसार, लंबे समय से रायपुर में ईडी के लिए स्थायी कार्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब नगर निगम द्वारा यह कदम उठाए जाने के बाद ईडी को स्थायी और सुव्यवस्थित कार्यालय मिल सकेगा। इससे एजेंसी की कार्यप्रणाली और जांच गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। एमआईसी बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मिली मंजूरी नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि एमआईसी बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। पुराने मेयर बंगले की लोकेशन शहर के प्रमुख क्षेत्र सुभाष स्टेडियम के पास होने के कारण यह प्रशासनिक दृष्टि से भी उपयुक्त माना गया। प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा ईडी कार्यालय के शुरू होने से रायपुर में आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच में तेजी आने की संभावना है।

9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री

आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 9 वर्षों में राज्य में बदल गई कानून-व्यवस्था की तस्वीर  शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जा रहे त्योहार, नवरात्रि व रमजान में अब नहीं कोई तनाव: सीएम 9 साल में दीं 9 लाख नौकरियां, 2.19 लाख पुलिस भर्तियों से मजबूत हुआ तंत्र: मुख्यमंत्री 60,244 पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग अब प्रदेश में ही, कमिश्नरेट सिस्टम और साइबर थानों से आधुनिक हुई पुलिसिंग: सीएम योगी 2017 के बाद पीएसी को मिला पुनर्जीवन, महिला बटालियनों से बढ़ी ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ  ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था में हुए उल्लेखनीय सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। पहले जहां त्योहारों के दौरान भय, तनाव, दंगे और कर्फ्यू का माहौल बन जाता था, वहीं अब नवरात्रि और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं। अलविदा की नमाज और ईद जैसे अवसर भी पूरी शांति से संपन्न हो रहे हैं और कहीं कोई हलचल या अव्यवस्था देखने को नहीं मिलती। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जहां लोग निर्भय होकर अपने धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं और सुरक्षा का वास्तविक अहसास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल माहौल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीयत, नीति और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। अब लोग नए साल या अन्य आयोजनों पर भी धार्मिक स्थलों की ओर जा रहे हैं, जो सामाजिक विश्वास और सुरक्षा के मजबूत माहौल को दर्शाता है। आज प्रदेश में न कोई भय है, न तनाव, न अराजकता और न ही दंगों का खतरा, यह सब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में भर्तियां नहीं होती थीं, क्योंकि सरकार की नीयत साफ नहीं थी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में इस स्थिति को पूरी तरह बदला गया है। सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिनमें 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। यह अपने आप में एक बड़ा परिवर्तन है, जिसने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान किया है। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस भर्ती के साथ-साथ प्रशिक्षण क्षमता को भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ाया गया है। उन्होंने 2017 के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय 30 हजार पुलिस भर्ती के लिए केवल 3 हजार प्रशिक्षण क्षमता उपलब्ध थी। तब केंद्र सरकार के सहयोग से मिलिट्री, पैरामिलिट्री और अन्य राज्यों के प्रशिक्षण केंद्रों का उपयोग करना पड़ा था। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और वर्ष 2025 में भर्ती किए गए 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन भर्तियों में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त पुलिसकर्मी प्रशिक्षण पूर्ण कर नवरात्रि के तुरंत बाद फील्ड में उतरेंगे और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे। इससे कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और जनता में सुरक्षा का विश्वास और बढ़ेगा। सीएम ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य संस्थानों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते थे और समय पर भर्ती नहीं हो पाती थी। लेकिन अब इन व्यवस्थाओं को सुधारते हुए पारदर्शी और समयबद्ध प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पुलिस को आधुनिक व सक्षम बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश में कई फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL), स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई है, साथ ही स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) का गठन किया गया है। पिछली सरकारों के दौरान उपेक्षित पड़ी पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे प्रदेश की सुरक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। पहली बार उत्तर प्रदेश पीएसी में तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनका नामकरण वीरांगना ऊदा देवी पासी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर किया गया है। इन बटालियनों में संबंधित वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जा रही हैं, जो नारी शक्ति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार के तहत कमिश्नरेट प्रणाली को सात जनपदों में लागू किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और अधिक प्रभावी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसडीआरएफ (SDRF) को भी सशक्त किया गया है और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है, जिससे अपराध नियंत्रण और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश देश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है, जहां नागरिकों का विश्वास सरकार और प्रशासन पर लगातार बढ़ रहा है।

CM का दावा, डबल इंजन सरकार ने 9 साल में सुशासन और विकास का नया मानक स्थापित किया

डबल इंजन सरकार ने 9 वर्षों में सुरक्षा, विकास, रोजगार और सुशासन का नया मॉडल स्थापित किया: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने विगत 9 वर्षों में बदले उत्तर प्रदेश की तस्वीर के साथ गिनाईं सरकार की उपलब्धियां यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम: मुख्यमंत्री संवाद के माध्यम से न सिर्फ 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि भावी विकास का विजन भी तय किया जाएगा: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। 2017 के पहले था पहचान का संकट मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था।  9 वर्षों में यूपी को मिली नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। संवाद के माध्यम से 9 वर्षों की उपलब्धियों को करेंगे साझा मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्रि से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 9 वर्ष में 9 लाख करोड़ का बजट किया प्रस्तुत मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

‘माओवादी अब लोकतंत्र पर भरोसा जता रहे’ – CM साय के बीच विधानसभा भ्रमण पर 140 आत्मसमर्पित नक्सली

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन सरकार की ओर से एक अहम पहल देखने को मिली। बीजापुर और कांकेर जिले के 140 आत्मसमर्पित नक्सली विधानसभा का भ्रमण करने पहुंचे। इनमें 54 महिलाएं और 86 पुरुष शामिल रहे। विधानसभा पहुंचकर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सदन की कार्यवाही को करीब से देखा और लोकतंत्र की प्रक्रिया को समझा। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पुनर्वासित नक्सलियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में विकास और शांति के लिए पुनर्वास अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सली लोकतंत्र पर भरोसा जता रहे हैं, यह बेहद खुशी की बात है। बताया जा रहा है कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यह शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में पुष्टाहार वितरण में चेहरा पहचान प्रणाली से हुई प्रगति

चेहरा पहचान प्रणाली से आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुपूरक पुष्टाहार वितरण में बड़ी प्रगति फरवरी में लगभग 1 करोड़ लाभार्थियों में से 81 लाख लाभार्थियों तक एफआरएस से पहुंचा पुष्टाहार डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता बढ़ी, फर्जीवाड़े पर रोक लगने से उचित लाभार्थियों को फायदा  लखनऊ  प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों में अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए लागू की गई चेहरा पहचान प्रणाली यानी एफआरएस के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। फरवरी में प्रदेश के लगभग 1 करोड़ लाभार्थियों में से 81 लाख लाभार्थियों को इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के तहत प्रदेश में एफआरएस प्रणाली से ही पुष्टाहार वितरण को मान्यता दी गई है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही एफआरएस से पुष्टाहार वितरण का शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। योगी सरकार में न केवल पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि यह भी सुनिश्चित हुआ है कि पोषण का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक ही पहुंचे1 फरवरी में 81 प्रतिशत तक पहुंचे एफआरएस लाभार्थी प्रदेश में अनुपूरक पुष्टाहार के लगभग 1 करोड़ लाभार्थी हैं। इनमें छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने डिजिटल व्यवस्था को तेजी से अपनाते हुए फरवरी में करीब 81 प्रतिशत लाभार्थियों तक पुष्टाहार पहुंचाया। इस तरह फरवरी में लगभग 81 लाख लाभार्थियों को फेस रिकॉग्निशन प्रणाली के माध्यम से पुष्टाहार उपलब्ध कराया गया। विभाग के अनुसार यह उपलब्धि पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संकेत है। किशोरियों तक भी पहुंच रहा पोषण प्रदेश सरकार पोषण योजनाओं के दायरे को लगातार व्यापक बना रही है। इसी क्रम में आठ जनपदों में किशोरियों को भी अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्तमान माह में भी एफआरएस प्रणाली के माध्यम से वितरण की प्रगति संतोषजनक है और उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च महीने में लाभार्थियों तक पहुंचने का प्रतिशत फरवरी की तुलना में और बेहतर होगा। डिजिटल निगरानी और तकनीक आधारित व्यवस्था से पोषण योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी बनता दिखाई दे रहा है।

गेस्ट फैकल्टी नियमितीकरण पर हाईकोर्ट का फैसला, लंबी सेवा से नहीं मिलता नियुक्ति का अधिकार

जबलपुर  मध्यप्रदेश के कॉलेजों में अध्यापन का भार सम्भाल रहे 5000 से ज्यादा गेस्ट फैकल्टी को हाईकोर्ट के फैसले से तगड़ा झटका लगा है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नियमित नियुक्ति करने की स्थिति में सालों यही अतिथि विद्वान अध्यापन की व्यवस्था संभाल रहे हैं।कॉलेजों में नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया के दौरान गेस्ट फैकल्टी ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर नियमितीकरण की मांग की थी। सेवा के बदले मांगा नियमितीकरण याचिकाकर्ता अतिथि विद्वानों की याचिका के अनुसार वे एक से दो दशक से स्वीकृत और खाली पदों पर काम कर रहे हैं। नई भर्ती की जगह उन्हें सहायक प्राध्यापक, खेल अधिकारी और ग्रंथपाल के पदों पर नियमित किया जाए।   गेस्ट फैकल्टी द्वारा याचिका के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर फॉलेन आउट किए अतिथि विद्वानों की वापसी की मांग भी कर रहे थे। वहीं सरकार द्वारा नए सिरे से नियमित भर्ती के लिए जारी विज्ञापनों को रद्द करने की भी मांग की गई थी। गेस्ट फैकल्टी को सामाजिक सुरक्षा देने बनी समिति तीन दिन में ही बदली, उठे सवाल 20 साल से कार्यरत होने का दिया था हवाला याचिका में पन्ना निवासी डॉ. कमल प्रताप सिंह सहित 290 अन्य ने बताया था कि वे पिछले 20 सालों से शासकीय कॉलेजों में कार्यरत हैं। वे यूजीसी के मानकों के अनुसार पढ़ाई और अन्य कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ 50 हजार रुपए मानदेय मिलता है। हर साल 89 दिन का अनुबंध याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्हें हर साल 89 दिन के अनुबंध पर रखा जाता है। इसके बाद सेवा समाप्त कर फिर नई प्रक्रिया से नियुक्ति दी जाती है। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कोर्ट को बताया कि गेस्ट फैकल्टी को आयु सीमा में छूट, अनुभव के आधार पर वेटेज और 25 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है, ताकि वे नियमित भर्ती में शामिल हो सकें। नियमित भर्ती प्रक्रिया को बताया वैध सरकार ने कहा कि सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति एक वैधानिक आयोग के माध्यम से होती है। नियमों के विपरीत कोई भी नियुक्ति असंवैधानिक होगी। कोर्ट ने भी इस तर्क को सही माना। “फॉलन आउट” नियम को भी सही ठहराया हाईकोर्ट ने अपने फैसले में “फॉलन आउट” नियम को वैध बताया। कोर्ट ने कहा कि नियमित भर्ती होने पर गेस्ट फैकल्टी को हटाना कानूनन सही है, क्योंकि यह पद को स्थायी रूप से भरने की प्रक्रिया का हिस्सा है। कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु 1. भर्ती प्रक्रिया में अंतर नियमित भर्ती (1990 के नियमों के तहत) एमपीपीएससी (MPPSC) के माध्यम से होती है। इसका आधार खुली प्रतियोगिता परीक्षा और अखिल भारतीय स्तर है। जबकि अतिथि विद्वानों का चयन केवल पोस्ट ग्रेजुएशन के अंकों के आधार पर मध्य प्रदेश के मूल निवासियों के लिए ही सीमित है। 2. आरक्षण नियमों का पालन नहीं: नियमित भर्ती में SC, ST, OBC और दिव्यांगों के लिए संवैधानिक आरक्षण लागू होता है। अतिथि विद्वानों की नियुक्ति में ऐसा कोई प्रावधान प्रभावी नहीं।है। अभ्यर्थी को इसमें केवल अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं।   नियमित भर्ती के लिए हटाना गलत नहीं फैसले के अनुसार यदि किसी पद पर नियमित नियुक्ति या तबादले के कारण अतिथि विद्वान को हटाया जाता है, तो यह गलत नहीं है। नियम स्पष्ट है कि एक अस्थायी कर्मचारी की जगह दूसरा अस्थायी कर्मचारी नहीं रखा जा सकता। जबकि अस्थायी कर्मचारी की जगह स्थायी  कर्मचारी की नियुक्ति सही है।   जानकारी का अभाव नहीं सुनवाई पूरी करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अतिथि विद्वानों को नियुक्ति के पहले दिन से इस नियुक्ति की प्रकृति की सारी जानकारी थी।  उनकी नियुक्ति केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए थी इसलिए वे नियमित लाभ के हकदार नहीं होंगे। उमादेवी केस का हवाला हाईकोर्ट ने कहा कि ‘उमादेवी’ केस के लाभ यहां सीधे लागू नहीं होते। प्रोफेसर और लाइब्रेरियन जैसे उच्च शैक्षणिक पदों की योग्यता और कार्य की प्रकृति एक दिहाड़ी मजदूर से पूरी तरह अलग होती है।   भर्ती विज्ञापन को चुनौती नहीं अदालत ने कहा कि सरकार को नियमित भर्ती करने का पूरा अधिकार है। अतिथि विद्वान केवल इस आधार पर भर्ती विज्ञापन को चुनौती नहीं दे सकते कि वे लंबे समय से काम कर रहे हैं। यह कहते हुए हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

इंदौर अग्निकांड पर पीएम मोदी का शोक, गर्भवती बहू सिमरन सहित पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता

इंदौर  इंदौर अग्निकांड की खबर ने देशभर को झकझोरकर रख दिया है। सुनते ही लोगों की रूह कांप रही है। पीएम नरेंद्र मोदी  इंदौर में आग लगने के कारण आठ लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है। मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव, राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजय वर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने इस हादसे में गहरा दुख जताया है।   प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे  इंदौर की घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने की घटना में हुई जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अग्नि दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों को दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है, हमारी संवेदनाएं सभी शोकाकुल परिजन के साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है। गर्भवती थी पुगलिया परिवार की बहू सिमरन ब्रजेश्वरी कॉलोनी में पुगलिया परिवार के मकान में लगी आग ने दो परिवारों को तबाह कर दिया। पुगलिया परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन की इस हादसे में मौत हो गई। सिमरन, मनोज के बेटे सौरभ की पत्नी थी। वह तीन साल पहले ही इस घर की बहू बनकर आई थी और गर्भवती थी। उसने इस परिवार के साथ एक नई जिंदगी के सपने भी संजोए थे।   चार माह का गर्भ था चार महीने से अधिक की गर्भवती सिमरन अब इस दुनिया में नहीं रहीं और उनके साथ ही उस नन्ही जान ने भी दम तोड़ दिया, जो अभी इस दुनिया में आने वाली थी। गर्भवती होने के कारण डाॅक्टरों ने आराम की सलाह दी थी। इस कारण सिमरन नीचे की मंजिल पर थी।  जनवरी में हुई थी शादी, सामान लेने कमरे में गई थी हादसे में मृत कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर के बेटे की जनवरी माह में शादी हुई थी। उसकी पत्नी मायके में थी। तीसरे बेटे की शादी नहीं हुई है। बताया जाता है कि सौरभ ने अपनी पत्नी सिमरन को भी छत पर चलने के लिए कहा, लेकिन वह कुछ जरूरी सामान लेने कमरे के भीतर चली गई। इसके बाद पूरे घर में इतना धुआं भर गया कि नीचे के हिस्से में लोगों का दम घुटने लगा। मनोज के तीनों बेटे और पत्नी छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर चले गए, जबकि मेहमानों को छत पर जाने का मौका भी नहीं मिल पाया।  साले विजय सेठिया का परिवार रात में ही आया था मनोज के साले विजय सेठिया और उनका परिवार रात को ही घर आया था। खाना खाने के बाद रात 12 बजे तक सभी नीचे बैठकर बातें करते रहे। इसके बाद सभी अलग-अलग कमरों में सोने चले गए थे। बेटा आया कीमती सामान लेने आग लगने पर तीनों बेटों को भागने के अलावा कुछ नहीं सूझा। सबसे पहले उन्होंने अपनी जान बचाई। घर में कीमती सामान और जेवर रखे थे। इन्हें निकालने के लिए बेटा सौरभ सुबह आठ बजे अपने जले हुए घर पर फिर पहुंचा। सौरभ ने बताया कि जब आग लगी, तब पूरे घर में काला धुआं भरा हुआ था और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। 9 गैस सिलिंडर मिले, एक फूटा था फायर ब्रिगेड ने जले हुए घर से 9 गैस सिलिंडर भी निकाले, जिनमें कुछ खाली थे। आग उन सिलिंडर तक नहीं पहुंची, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था। हालांकि, रसोई  घर में रखे एक सिलिंडर में विस्फोट हुआ था।   गैस सिलिंडरों में धमाका हुआ  इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई, जिसने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कम से कम 8 लोग आग के चलते जान खो दी। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को बंगाली चौराहा क्षेत्र में स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में कार को चार्ज किया जा रहा था, तभी चार्जिंग के दौरान आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरी इमारत में आग की लपटें नजर आने लगीं। इस आग की चपेट में घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी आ गए और एक-एक कर कई गैस सिलिंडर में धमाका हुआ। इसके चलते मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया। इस हादसे को लेकर जानें पुलिस कमिश्नर ने क्या बताया? इस हादसे में आठ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, तिलक नगर थाना क्षेत्र में सुबह 4 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तीन मंजिला मकान में पुगलिया परिवार रहता था।  इस परिवार के सदस्य ऊपरी मंजिल में सो रहे थे जबकि इनके यहां बिहार से मनोज सेठिया का परिवार आया हुआ था जो ग्राउंड फ्लोर में सो रहा था। इसी सेठिया परिवार के छह लोगों की मौत हादसे में हुई है जबकि दो लोग पुगलिया परिवार के हैं। वहीं घटना में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। 

तेल टैंकर हादसा बना आग का तांडव, 200 मीटर तक फैल गई आग; एक शख्स जिंदा जला

जालौर जालौर जिले के सांचौर क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर एक बड़ा हादसा सामने आया, जब तेल से भरा टैंकर पलटने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि हाईवे पर करीब 200 मीटर तक लपटें फैल गईं। इस घटना में टैंकर में सवार एक व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, टैंकर बाड़मेर से सांचौर की ओर जा रहा था। यह हादसा जैसलमेर-जामनगर मार्ग पर सिंवाड़ा ओवरब्रिज के पास हुआ, जहां टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर के पलटते ही उसमें भरा ज्वलनशील पदार्थ सड़क पर फैल गया और कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।   प्रशासन और राहत कार्य हादसे के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई और सुरक्षा के लिहाज से एक तरफ का यातायात तुरंत बंद कर दिया गया। सूचना मिलते ही सांचौर उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार और सिंवाड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। सांचौर से दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए।   टैंकर और जांच की स्थिति बताया जा रहा है कि यह टैंकर भारत पेट्रोलियम का था और यह पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। चितलवाना थानाधिकारी भंवरलाल गुड़ियासर के अनुसार फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टैंकर में कौनसा ज्वलनशील पदार्थ भरा हुआ था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

विधानसभा में टकराव: अतिथि शिक्षकों के भविष्य पर बहस के बीच विपक्षी विधायकों का वॉकआउट

रायपुर. विधानसभा बजट सत्र के दौरान बुधवार को स्कूलों के युक्तियुक्करण के साथ-साथ अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितिकरण के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को न केवल विपक्ष बल्कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी घेरा. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया. सत्ता के पक्ष के विधायकों सुनील सोनी, राजेश मूणत और रोहित साहू ने स्कूलों के युक्तिकरण पर शिक्षा मंत्री को घेरा. राजेश मूणत ने कहा कि युक्तियुक्करण के बाद स्कूलों की स्थिति ख़राब है. मैंने स्वयं दरी ख़रीद कर दी. शिकायत के बाद भी परीक्षण करने अधिकारी नहीं पहुंचे. मूणत के आरोप पर मंत्री ने परीक्षण कराने की बात कही. इस पर आसंदी ने मंत्री को 30 मार्च तक सभी स्कूलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. विधायक सुनील कुमार सोनी ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से सवाल किया कि स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा कितनी शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया, एक वर्ष में जहां जहां स्कूल भवन खाली हुए है उसका उपयोग कहा हुआ है. शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विगत वर्ष पूरे प्रदेश में 10538 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया हैं, जहां भी खाली भवन हैं वहां स्मार्ट स्कूल, लैब बनाया जाएगा. 10,372 शालाओं का उपयोग हुआ हैं, और 166 स्कूल का उपयोग नहीं हुआ है. इस पर सुनील सोनी ने सवाल किया कि बहुत से स्कूल जर्जर हैं, कब तक नवीनीकरण होगा. इस पर गजेंद्र यादव ने कहा कि जहां-जहां आवश्यकता है, वह हम जांच करवा कर नवीनीकरण करेंगे. इस पर विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल किया कि कितने स्कूल के लिए आपने क्या नीति बनाई. इस पर गजेंद्र यादव ने कहा कि चीजों को आसान बनाने के लिए और स्कूल में प्रयाप्त शिक्षक हो इसके लिए हमने स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है. विधायक राजेश मूणत ने सवाल किया कि रायपुर जिले में कितने स्कूलों का युक्तियुक्तकरण हुआ? इस पर गजेंद्र यादव ने बताया कि रायपुर में 389 स्कूल में 385 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण हुआ है. 4 खाली हैं. नए सत्र से 150 स्कूल शुरू होंगे जो स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद के तर्ज पर होगा. विपक्ष ने अतिथि शिक्षकों की भर्ती, वेतन और नियमितिकरण का मुद्दा उठाया. विपक्ष ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी की गारंटी में नियमितीकरण का वादा था. ढाई साल बाद भी सरकार वादा नहीं पूरा कर पाई. इस पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट किया.

मायावती का बड़ा हमला: बोलीं- सपा-कांग्रेस दलित विरोधी, चुनाव नजदीक आते ही बदलता है रवैया

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन पर “दलित विरोधी” राजनीति में लिप्त होने और बसपा संस्थापक कांशीराम की विरासत का चुनावी लाभ के लिए लाभ उठाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ, सपा और कांग्रेस दलित वोट के स्वार्थ में एक “सोची-समझी रणनीति” के तहत कांशीराम की जयंती मना रही हैं। उन्होंने कांग्रेस पर यह कहते हुए निशाना साधा कि कांग्रेस पार्टी केन्द्र में अपनी सरकार रहने के दौरान कांशीराम को ‘भारतरत्न’ की उपाधि नहीं दी और अब दूसरी पार्टी की सरकार से देने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा, ”यह हास्यास्पद नहीं है तो क्या है?” मायावती ने दावा किया कि सपा और कांग्रेस ने शुरू से ही, बसपा को ख़त्म करने में लगी रहीं, जिस पार्टी की स्थापना कांशीराम ने की थी। उन्होंने कहा कि उसे कांशीराम की ‘एकमात्र उत्तराधिकारी” व बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के जीते-जी कोई हिला नहीं सकता है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टियों पर कांशीराम के जीते जी उनकी उपेक्षा करने और अब उनकी विरासत का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांशीराम के सम्मान में तत्कालीन बसपा सरकार द्वारा किये गये कार्यों को भी तत्कालीन सपा सरकार द्वारा ”अधिकांशः बदल दिया गया। यह है इन पार्टियों का इनके प्रति दोग़ला चाल व चरित्र।” मायावती ने प्रतिद्वंद्वी दलों के समर्थकों को चुप रहने की सलाह देते हुए कांशीराम की पुस्तक उल्लेख किया और कहा कि ”ऐसे लोगों से दूरी बनाने के लिए ही कांशीराम जी ने ‘चमचा युग’ के नाम से अंग्रेज़ी में एक किताब भी लिखी है।” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग की थी और इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा था।  

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा, रीवा-रायपुर हवाई सेवा से विकास में तेजी आएगी

रीवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ेगी विकास की रफ्तार : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ी नजदीकियां भोपाल /रायपुर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल दो दिवसीय रायपुर प्रवास में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और शिष्टाचार भेंट कार्यक्रमों में शामिल हुए। मंगलवार को रायपुर आगमन पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे क्वींस क्लब में विंध्य समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए शुरू हुई हवाई सेवा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सड़कों और रेल सेवाओं का बेहतर होना जरूरी है। इससे पहले रीवा से दिल्ली और इंदौर के लिए हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रीवा से दुर्ग तक ट्रेन सेवा जल्द शुरू करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विंध्याचल कल्याण सर्व समाज द्वारा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का अभिनंदन किया गया। यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का करेगी कार्य :  जायसवाल इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच संबंध बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का कार्य करेगी। विधायक  किरण सिंहदेव ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए हवाई सेवा शुरू होना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आवागमन आसान हो गया है। कार्यक्रम में विधायक  मोतीलाल साहू, रीवा के पूर्व विधायक  के.पी. त्रिपाठी, समाज के संरक्षक  शंकर सिंह गहरवार, अध्यक्ष  कल्याण प्रसाद पांडेय, डॉ. व्यास मुनि द्विवेदी,  मधुकर द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

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