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लंबी दूरी के हमले का दावा या डराने की रणनीति? पाकिस्तान की नापाक चाल का विश्लेषण

इस्लामाबाद हाल ही में अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने सीनेट इंटेलिजेंस कमिटी के सामने 2026 एनुअल थ्रेट असेसमेंट पेश किया। इसमें उन्होंने रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान के साथ पाकिस्तान को भी उन देशों की सूची में शामिल किया है जो ऐसी मिसाइल डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहे हैं जिनकी रेंज अमेरिकी मुख्य भूमि तक पहुंच सकती है। गबार्ड ने स्पष्ट कहा कि ‘पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल डेवलपमेंट संभावित रूप से इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल्स (ICBMs) तक जा सकती है, जिनकी रेंज अमेरिका को टारगेट करने लायक होगी।’ आतंकवाद को पालने वाले पाकिस्तान के पास वर्तमान में सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली ऑपरेशनल मिसाइल शाहीन-3 है। इसकी रेंज 2,750 किलोमीटर है। यानी यह मिसाइल भारत के प्रमुख शहरों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर तक पहुंच सकती है। शाहीन-3 कोई ICBM नहीं हालांकि, शाहीन-3 कोई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) नहीं है। किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को ICBM की श्रेणी में आने के लिए कम से कम 5,500 किलोमीटर की रेंज की आवश्यकता होती है। वहीं, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच की दूरी 11,000 किलोमीटर से अधिक है। ऐसे में अमेरिका का जिक्र क्यों हो रहा है? यही 11000 किलोमीटर की दूरी अब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक गंभीर रिपोर्ट के केंद्र में आ गई है। भले ही गबार्ड ने पाकिस्तानी मिसाइल कार्यक्रम की कोई सटीक समय-सीमा नहीं बताई, लेकिन अन्य अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान को एक कार्यात्मक लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल विकसित और तैनात करने में अभी कई साल से लेकर एक दशक तक का समय लग सकता है। पाकिस्तान का लक्ष्य अमेरिका क्यों? खुद को बचाने की नापाक चाल इस्लामाबाद का हमेशा से यही आधिकारिक रुख रहा है कि उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम केवल भारत के खिलाफ बनाए गए हैं। 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद, पाकिस्तान ने ‘आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड’ के गठन की घोषणा की थी जो छोटे देशों की क्षेत्रीय रक्षा और निवारक रणनीतियों के अनुरूप है। जब पाकिस्तान के पास क्षेत्रीय स्तर (भारत) पर हमले रोकने के लिए पर्याप्त हथियार मौजूद हैं, तो उसे ICBM की आवश्यकता क्यों है? विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस तरह की मिसाइल इसलिए भी बना रहा है ताकि उसके परमाणु हथियारों पर अमेरिका के किसी भी प्रकार के ‘निवारक हमले’ को रोका जा सके। इसके अलावा, पाकिस्तान भविष्य में किसी भी संभावित जंग में अमेरिका को सैन्य रूप से भारत के पक्ष में हस्तक्षेप करने से हतोत्साहित करना चाहता है। सीधे शब्दों में कहें तो पाकिस्तान खुद को बचाने की नापाक चाल चल रहा है। पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया और ईरान की वर्तमान स्थिति से भी सबक लिया है। अमेरिका उत्तर कोरिया को एक बड़ा खतरा मानता है, लेकिन उसके पास परमाणु हथियार होने के कारण सीधे हमले से बचता है। दूसरी ओर, ईरान पर अमेरिकी बमबारी इसलिए हो रही है क्योंकि उसके पास अभी तक एक सक्षम परमाणु प्लेटफॉर्म नहीं है। भड़क गया पाकिस्तान पाकिस्तानी विश्लेषकों ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज किया है। अल जजीरा से बात करते हुए परमाणु सुरक्षा विद्वान राबिया अख्तर ने कहा कि अमेरिकी आकलन में एक पुरानी खामी है- वे जमीनी और ठोस विश्लेषण के बजाय ‘सबसे खराब स्थिति की अटकलों’ को आधार बनाते हैं। इसके बावजूद, अमेरिकी खुफिया विभाग इस बात पर कायम है कि पाकिस्तान की ‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक’ नीति में अब वैश्विक स्तर पर शक्ति प्रदर्शन का तत्व भी शामिल हो गया है। ऐसा इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि इस्लामाबाद ने अमेरिका तक पहुंचने वाली ICBM विकसित करने की बात से न तो कभी साफ इनकार किया है और न ही इसकी पुष्टि की है। वर्तमान जमीनी हकीकत आज की तारीख में, पाकिस्तान के पास ऐसी कोई मिसाइल नहीं है जो अंतरमहाद्वीपीय रेंज के करीब भी हो। उनकी सबसे उन्नत MIRV (मल्टीपल वारहेड) सक्षम प्रणाली अबाबील है, जिसकी अनुमानित रेंज केवल 2,200 किमी है। वर्तमान में 2,750 किमी रेंज वाली शाहीन-3 ही उनकी सबसे लंबी दूरी की ऑपरेशनल मिसाइल बनी हुई है।  

एशियन चैलेंज में भारत की युवा महिला टीम पर नजरें, कप्तान शुभांगी सिंह ने भरी हुंकार

नई दिल्ली थाईलैंड में जापान के खिलाफ अपने पहले मैच से सिर्फ दो हफ्ते पहले, इंडियन अंडर20 विमेंस नेशनल टीम लंबे समय से इंतजार की जा रही वापसी के करीब है। अपनी पिछली मौजूदगी के दो दशक बाद, इंडिया एएफसी अंडर20 विमेंस एशियन कप में वापस आ गया है, और 2 अप्रैल को उन्हें इस मुश्किल से बाहर निकालने के लिए कैप्टन शुभांगी सिंह लीड करेंगी। शुभांगी के लिए, क्वालिफिकेशन की अहमियत पहले ही समझ में आ चुकी है। म्यांमार में जश्न, जहां इंडिया ने अपना 20 साल का इंतजार खत्म किया, अब एक तेज, ज्यादा तुरंत फोकस की जगह ले चुका है। उन्होंने कहा, “हम वहां क्वालिफाई करने के माइंडसेट के साथ गए थे, और हमने कर दिखाया।” “जब आपको पहले से ही लगता है कि कुछ होने वाला है, तो यह हैरानी की बात नहीं है।” यह विश्वास अब एक टीम को उस चीज के लिए तैयार कर रहा है जिसे वह मानती हैं कि यह एक कड़ी परीक्षा होगी। ग्रुप सी में भारत का मुकाबला 2 अप्रैल को 18:30 बजे जापान से, 5 अप्रैल को 14:30 बजे ऑस्ट्रेलिया से और 8 अप्रैल को 14:30 बजे चीनी ताइपे से होगा। ग्रुप की टॉप दो टीमें और तीसरे नंबर पर रहने वाली दो सबसे अच्छी टीमें क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचेंगी। इसके अलावा, क्वार्टर-फ़ाइनल जीतने वाली चार टीमें फीफा अंडर20 महिला वर्ल्ड कप पोलैंड 2026 के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी। अभी कोलकाता में ट्रेनिंग कर रही यंग टाइग्रेसेज़ शुक्रवार सुबह (20 मार्च) बैंकॉक, थाईलैंड के लिए रवाना होंगी। शुभांगी ने कहा, “हमारा फ़ोकस आगे के तीन मुश्किल ग्रुप गेम्स पर है। इस स्टेज पर, हमें किसी आसान मैच की उम्मीद नहीं है। हम तैयार हैं और टॉप टीमों के ख़िलाफ़ अच्छा परफ़ॉर्म करना चाहते हैं। एशियन कप से पहले, हम कुछ और तैयारी वाले मैच खेलेंगे, तो इससे भी हमें मदद मिलेगी।” कॉन्टिनेंटल स्टेज के लिए भारत की तैयारी काफ़ी बड़ी और सोच-समझकर की गई है। इस साल की शुरुआत में स्वीडन में एक महीने का तैयारी कैंप, और पिछले साल के आखिर में उज़्बेकिस्तान और कज़ाकिस्तान के खिलाफ़ कई इंटरनेशनल फ्रेंडली मैचों ने एक ऐसी टीम बनाई है जो अब हाई-इंटेंसिटी फुटबॉल से अनजान नहीं है।  

बॉर्डर पर फिर भड़की चिंगारी: युद्धविराम के बावजूद पाकिस्तान पर अफगानिस्तान का बड़ा आरोप

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के मद्देनजर 18 से 23 मार्च अस्थायी युद्ध विराम पर सहमति जताई है, लेकिन अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सेना युद्ध विराम के बावजूद गोलाबारी कर रही है। अफगानिस्तान के सशस्त्र बलों के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने पाकिस्तान की सेना पर डूरंड लाइन पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना के किए हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के बयान में दी गई। फितरत ने कहा कि युद्धविराम के बावजूद पाकिस्तान की लगातार हो रही गोलाबारी यह दिखाती है कि इस्लामाबाद इस समझौते को लेकर गंभीर नहीं है और वह धोखा दे रहा है। उन्होंने कहा कि हालात और न बिगड़ें, इसलिए अफगानिस्तान ने अब तक कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है और वह युद्धविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए हुए है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे हमले दोबारा हुए तो युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह जाएगा और तालिबान पाकिस्तान की कार्रवाई का निर्णायक जवाब देगा। बुधवार को अफगानिस्तान ने कहा था कि वह ईद के मौके पर अपनी ‘रद अल-जुल्म’ रक्षात्मक कार्रवाई को रोक देगा। यह फैसला सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे मध्यस्थ देशों के अनुरोध पर किया गया था। पाकिस्तान ने भी ईद के लिए सैन्य कार्रवाई में अस्थायी विराम देने की घोषणा की थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा था कि यह फैसला क्षेत्रीय मध्यस्थों के आग्रह पर लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में 70 से अधिक तोप के गोले दागे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कुनार के सूचना और संस्कृति विभाग के प्रमुख जिया-उर-रहमान स्पिन घर ने बताया कि नरई जिले के बारिकोट, डोकलाम और त्सोंगलई समेत कई इलाकों में 35 गोले दागे गए। इसके अलावा मनोगई जिले के कुछ हिस्सों में 37 गोले गिरने की खबर है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है, जबकि अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। 16 मार्च को पाकिस्तानी हवाई हमले में काबुल के ओमिद नशामुक्ति केंद्र/अस्पताल को निशाना बनाया गया। जब अफगानिस्तान ने आम नागरिकों पर हमले को लेकर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरा तो पाकिस्तान ने कहा कि उसने किसी नागरिक ठिकाने को नहीं, बल्कि सैन्य ढांचे और “आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर” को निशाना बनाया था। पिछले मंगलवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमलों की निंदा की थी और इसे मानवीय तथा इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी हमले में 408 से अधिक लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें अधिकांश नशामुक्ति केंद्र में इलाज करा रहे मरीज थे। काबुल में राजनयिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुत्ताकी ने कहा था कि पाकिस्तानी हवाई हमले में समाज के सबसे कमजोर वर्गों में से एक यानी नशे की लत का इलाज करा रहे लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी से अब तक अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में नागरिक इलाकों पर बार-बार हमले हुए हैं, जिससे कूटनीतिक समाधान पर भरोसा कम हुआ है। मुत्ताकी ने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अफगान बल रक्षात्मक जवाब देता रहेगा। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा जरूर करेगा।

पाकिस्तान में ‘धुरंधर 2’ का क्रेज, पाइरेसी के जरिए देख रहे लोग, भारत में जमकर ट्रोलिंग

मुंबई धुरंधर पार्ट वन की तरह इसका दूसर पार्ट द रिवेंज पाकिस्तान में बैन है। मूवी को लेकर पड़ोसी देश में इतना जबरदस्त क्रेज है कि वहां इसका पाइरेटेड वर्जन धड़ाधड़ देखा जा रहा है। पाकिस्तान से एक जर्नलिस्ट ने ट्विटर (X) पर क्लिप शेयर की है। इसमें दिखा रहे हैं कि वह लाहौर में टीवी पर धुरंधर 2 देख रहे हैं। इस पोस्ट पर भारत और पाकिस्तान के लोगों के मजेदार कमेंट्स दिख रहे हैं। रिलीज होते ही पाइरेसी शुरू धुरंधर का पहला पार्ट पाकिस्तानी दर्शकों ने काफी पसंद किया था। उस वक्त कई पोस्ट और वीडियोज वायरल थे जिसमें लोग रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म धुरंधर की तारीफ करते दिखे थे। इसके बाद पाकिस्तान की गलियों में धुरंधर की पाइरेटेड सीडीज भी बिकती दिखी थीं। अब पार्ट 2 आते ही इसका पाइरेटेड वर्जन पाकिस्तान पहुंच गया और वहां की जनता इस भारतीय फिल्म के मजे ले रही है। लोगों ने लिए मजे खालिद महमूद खालिद नाम के ट्विटर हैंडल से क्लिप शेयर की गई है जिसमें धुरंधर द रिवेंज की शुरुआत का एक सीन दिख रहा है। खालिद ने ट्वीट किया है, लाहौर में धुरंधर 2 देख रहा हूं। इस पर कई सारे कमेंट्स हैं। एक यूजर ने मजे लेने की कोशिश की है। लिखा है, टीवी स्क्रीन में थोड़ा क्रैक है लगता है T20 वर्ल्डकप मैच देख लिया। एक ने लिखा है, ब्रह्मोस की तरह धुरंधर भी उनके लिए फ्री है। एक ने लिखा है, खुलेआम पाइरेसी। इंडियन सिनेमा से प्यार एक और कमेंट है, लाहौर में बैठकर पाकिस्तान की ही बर्बादी देख रहा है। पाकिस्तान की तरफ से कमेंट है, हां देख रहे हैं क्योंकि हमें मनोरंजन की जरूरत है और दुनिया में भारत के कॉन्टेंट से ज्यादा हंसने लायक और क्या है। एक ने लिखा है कि धुरंधर की पाइरेसी वहां इतनी जल्दी पहुंच गई, पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद ये इंडियन सिनेमा के लिए प्यार को दिखाता है। पाकिस्तान के मार्केट में खूब बिकी सीडीज पाकिस्तान में धुरंधर के पहले पार्ट की सीडी 50 रुपये में बिक रही थी। न्यूजीलैंड के एक यूट्यूबर ने क्लिप शेयर की थी जिसमें सीडी मार्केट दिखाया था। वहां दुकानदार से दाम भी पूछे थे। धुरंधर का भारत में क्रेज धुरंधर 2 आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी और लीड रोल में रणवीर सिंह, सारा अर्जुन, अर्जुन रामपाल और राकेश बेदी हैं। धुरंधर द रिवेंज नाम से फिल्म रिलीज हुई है जिसकी टैगलाइन है हौसला ईधन बदला। मूवी को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है और पहले दिन इसकी भारत में कमाई 145 करोड़ नेट पहुंच चुकी है।

लंबी कैद के बाद बाहर आए शरजील इमाम, रिहाई पर खुशी जाहिर, कोर्ट ने रखीं ये शर्तें

नई दिल्ली दिल्ली दंगों का आरोपी शरजील इमाम करीब 6 साल बाद जेल से बाहर निकला है। इमाम को दिल्ली की एक अदालत ने 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी है। शुक्रवार को जब उसने तिहाड़ के गेट से बाहर कदम रखा तो ‘छोटी आजादी’ की बड़ी खुशी उसके चेहरे पर नजर आई। वह मीडिया के कैमरों के सामने मुस्कुराता हुआ और विक्ट्री साइन बनाता नजर आया। दिल्ली की एक अदालत ने 9 मार्च को 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी शरजील इमाम को पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए कई शर्तों के साथ 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। इमाम को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या परिवार के सदस्यों के अलावा किसी से भी नहीं मिलने और याचिका में उल्लिखित स्थानों के अलावा किसी अन्य स्थान पर नहीं जाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उसे सोशल मीडिया का उपयोग करने से भी प्रतिबंधित किया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत में इमाम ने अपने भाई के विवाह समारोह में शामिल होने और ईद के त्योहार के दौरान परिवार के साथ समय बिताने के लिए छह सप्ताह की राहत मांगी थी। 25 मार्च को इमाम के भाई की शादी होनी है। अदालत ने इमाम को 50,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने का भी निर्देश दिया। विक्ट्री साइन से दिखाई अपनी खुशी औपचारिकताओं को पूरी करने के बाद शुक्रवार को शरजील इमाम तिहाड़ से बाहर आया। रिमझिम बारिश के बीच उसे परिवार के कुछ लोग लेने पहुंचे थे। शरजील इमाम ने मीडिया की ओर से पूछे गए किसी सवाल का जवाब नहीं दिया और बचते हुए कार में जा बैठा। हालांकि, कार में बैठने के बाद वह काफी मुस्कुराता हुआ नजर आया। इसके अलावा एक बार विक्ट्री साइन बनाकर भी उसने अपनी खुशी जाहिर की। इन शर्तों का करना होगा पालन इमाम को मामले से जुड़े किसी भी गवाह या व्यक्ति से किसी भी तरह का संपर्क नहीं कर सकता है। शरजील इमाम को मामले के जांच अधिकारी को मोबाइल नंबर भी देने को कहा गया है। शरजील को 30 मार्च की शाम को जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। 6 सप्ताह के लिए चाहता था राहत इमाम ने शादी में शामिल होने के लिए 15 मार्च से 26 अप्रैल तक छह सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगी थी; हालांकि, अदालत ने केवल 10 दिनों की अवधि की जमानत मंजूर की। इमाम उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों से संबंधित मामले में आरोपी है, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे। यह हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। इमाम पर क्या आरोप पुलिस के अनुसार, उसने कथित तौर पर जेएनयू के मुस्लिम छात्रों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और संचालित किया, जो लामबंदी और विरोध स्थलों की पहचान के लिए एक समन्वय तंत्र के रूप में कार्य करता था। पुलिस ने इमाम पर जंगपुरा में आयोजित उन गुप्त बैठकों में भाग लेने का आरोप लगाया है, जहां चक्का जाम और विरोध प्रदर्शनों को और तेज़ करने की रणनीति पर चर्चा हुई थी। पुलिस के अनुसार, इमाम की भूमिका केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि उसने अलीगढ़ और अन्य स्थानों की यात्रा करके एक जनसंचालक और विचारक के रूप में भी काम किया। पुलिस ने इमाम पर शाहीन बाग विरोध स्थल के निर्माण और उसे कायम रखने में निर्णायक भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया, जो एक प्रमुख सड़क पर चौबीसों घंटे चलने वाले लंबे विरोध प्रदर्शन में बदल गया। पुलिस ने आरोप लगाया कि इमाम की भूमिका आधारभूत और प्रारंभिक थी, और एक बार योजना शुरू हो जाने के बाद साजिश के लिए हिंसा स्थल पर शारीरिक उपस्थिति अनिवार्य नहीं होती।

मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज की तीखी टिप्पणी

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत करने वाली महिला को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष न्यायालय ने महिला से कहा है कि अपनी लड़ाई कोर्ट में न लड़ें। साथ ही कहा है कि इस केस को उच्च न्यायालय में लेकर जाएं। महिला की तरफ से मांग की जा रही थी कि उन्हें सुरक्षा दी जाए। उन्होंने आरोप लगाए थे वह कर्नाटक से बाहर रहने के लिए मजबूर हैं। महिला ने क्या कहा बार एंड बेंच के अनुसार, महिला की तरफ से कोर्ट पहुंचे वकील ने कहा, ‘मुझे धमकियां मिल रहीं हैं। मैं कर्नाटक में प्रवेश नहीं कर पा रहीं हूं। मेरी सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है। मैं दिल्ली में रहने के लिए मजबूर हूं। मुझे बार-बार धमकियां मिल रहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि वह कर्नाटक में अपने ही घर में रहना चाहती हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहीं हैं। उन्होंने संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। वकील ने कहा, ‘मैं वापस जाना चाहती हूं और अपने आवास में रहना चाहती हूं। मैंने शिकायतें दर्ज कराईं हैं, अपने पक्ष में कोर्ट के आदेश भी हासिल किए हैं, लेकिन इसके बाद भी धमकियां दी जा रहीं हैं। मेरे घर पर पत्थरबाजी हुई, गुंडे आए थे और तोड़फोड़ करके गए हैं। वो मेरी संपत्ति को हथियाना चाहते हैं।’ क्या बोला कोर्ट कोर्ट ने कहा, ‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री आपके पीछे लोगों को दिल्ली भेज रहे हैं?’ कोर्ट ने कहा, ‘आप भी राजनेता हैं। आप अपनी लड़ाइयां कोर्ट में न लड़ें।’ इसपर वकील ने जवाब दिया, ‘मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं।’ सुप्रीम कोर्ट ने महिला को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है। वकील ने मांग की, ‘कम से कम मेरी सुरक्षा की जाए।’ इसपर कोर्ट ने अगले केस को सुनवाई के लिए बुलाया। फिल्म कहानी 2 पर भी हुई सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘कहानी 2’ को लेकर फिल्मकार सुजॉय घोष के खिलाफ कथित कॉपीराइट उल्लंघन के एक मामले में झारखंड की एक अदालत के समक्ष लंबित कार्यवाही को शुक्रवार को रद्द कर दिया। न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने घोष की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें झारखंड उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने घोष के खिलाफ लंबित कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया था। पीठ ने घोष की याचिका स्वीकार करते हुए कहा, ‘मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा सात जून, 2018 को पारित समन आदेश और उच्च न्यायालय द्वारा 22 अप्रैल, 2025 को पारित आदेश को रद्द किया जाता है तथा निरस्त किया जाता है।’  

24 घंटे, 500 मिलियन व्यूज! Spider-Man: Brand New Day Trailer में छिपा है ये बड़ा राज

लॉस एंजिल्स मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के फैंस फूले नहीं समा रहे हैं। वजह है Spider-Man: Brand New Day का ट्रेलर। बुधवार को मार्वल स्‍टूडियो और सोनी पिक्‍चर्स ने 2021 में रिलीज हुई ‘स्‍पाइडर-मैन: नो वे होम’ के मोस्‍ट अवेटेड सीक्‍वल का 2 मिनट 32 सेकेंड का ट्रेलर रिलीज किया। चौंकाने वाली खबर ये है कि इस ट्रेलर को 24 घंटों में अलग-अलग वर्जन और अलग-अलग प्‍लेटफॉर्म पर 500 म‍िल‍ियन से अध‍िक व्‍यूज मिल चुके हैं! टॉम हॉलैंड जहां इस फिल्‍म में पीटर पार्कर के रूप में वापसी कर रहे हैं, वहीं उनका साथ देने के लिए इस बार कोई दोस्त नहीं है, क्योंकि पीटर को एहसास हो चुका है कि स्‍पाइडर-मैन के तौर पर दुनिया को बचाने की जिम्मेदारी उसे अब खुद ही उठानी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रेलर ने व्‍यूज के मामले में नया इतिहास रच दिया है। इससे पहले कि हम ‘स्‍पाइडर-मैन: ब्रांड न्‍यू डे’ के ट्रेलर और कहानी की बात करें, बता दें इसने ‘Grand Theft Auto VI’ के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, GTA के ट्रेलर ने 24 घंटे में 475 म‍िल‍ियन व्‍यूज बटोरकर एक बेंचमार्क बनाया था, जो अब ‘स्‍पाइड-मैन 4’ के नाम है। इस ट्रेलर को सोनी पिक्‍चर्स ने अलग-अलग देशों में अलग-अलग भाषाओं में रिलीज किया है। यदि सिर्फ प्रोडक्‍शन हाउस के इंडिया चैनल की बात करें तो वहां अंग्रेजी ट्रेलर को 10 मिलियन, हिंदी वर्जन के ट्रेलर को 3.4 म‍िल‍ियन, तमिल वर्जन को 1.3 म‍िल‍ियन, तेलुगू को 1 म‍िल‍ियन, मयालमम और 97 हजार और कन्‍नड़ को 20 हजार से अध‍िक व्‍यूज मिल चुके हैं। हालांकि, Sony पिक्‍चर्स की ओर से 500 म‍िल‍ियन व्‍यूज के इस आंकड़े की पुष्‍ट‍ि होना अभी बाकी है। दुनिया भूल चुकी है पीटर पार्कर की असली पहचान बहरहाल, ट्रेलर की शुरुआत पीटर पार्कर (टॉम हॉलैंड) से होती है, जहां वह सोच रहा है कि दुनिया में हर किसी से अपनी असली पहचान भुला देने के उसके फैसले के क्या नतीजे होंगे। इसका मतलब है कि उसकी गर्लफ्रेंड, MJ (जेंडया), और सबसे अच्छे दोस्त नेड (जैकब बैटलॉन) को अब कोई अंदाजा नहीं है कि वह कौन है। वह आंटी मेय (मारिसा टोमेई) की मौत का भी शोक मना रहा है। हालांकि, जब एक सुबह वह जागता है और देखता है कि उसकी शक्तियां कम हो रही हैं, तो वह डॉ. बैनर (मार्क रुफ्फालो) से मदद मांगता है ताकि वह समझ सके कि वह इस मुश्किल से कैसे निपट सकता है। डॉ. ब्रूस बैनर ने पीटर को दी नसीहत डॉ. बैनर उसे समझाते हैं कि अगर DNA में बदलाव हो रहा है, तो यह बहुत ज्यादा खतरनाक होगा। लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि यह बात Spider-Man को चुनौतियों का सामना करने से रोक पाएगी, क्योंकि वह एक बार फिर दुनिया को बचाने के लिए निकल पड़ता है। ‘पनिशर’ जॉन बर्नथल की एंट्री ढाई मिनट के इस ट्रेलर की सबसे खास बातों में से एक है MCU में The Punisher की एंट्री, जिसका किरदार Jon Bernthal ने निभाया है। उन्होंने ही ‘नेटफ्ल‍िक्‍स’ के शो ‘पनिशर’ और ‘डेयरडेविल’ में भी इस किरदार को अमर बना दिया था। फैंस बोले- अब तक की सबसे बेहतरीन स्‍पाइडर-मैन मूवी जहां तक फैंस की बात है, तो वह ट्रेलर देखकर निहाल हो रहे हैं। एक फैन ने कमेंट किया है, ‘इस बार अंदाज बिल्कुल अलग है। मुझे स्‍पाइडर-मैन को एक नए और एकदम असली रूप में देखने की उम्मीद है।’ एक अन्‍य यूजर ने लिखा है, ‘यह अब तक की सबसे बेहतरीन Spider-Man फ‍िल्म होने वाली है।’ ‘स्‍पाइडर-मैन: नो वे होम’ के आख‍िर में क्‍या हुआ था पिछली फिल्‍म Spider-Man: No Way Home के आखिर में डॉक्‍टर स्‍ट्रेंज के जादू के बाद, दुनिया यह भूल चुकी है कि पीटर पार्कर नाम का कोई इंसान भी है। चार साल बाद, पीटर एक सुपरहीरो Spider-Man के तौर पर चुपके से न्‍यूयॉर्क की रक्षा करता है। कई तरह के अपराधों की जांच करते हुए उसे एक बड़े रहस्य का पता चलता है, जहां उसे अपने बीते हुए कल के कर्मों के नतीजों का सामना करना पड़ता है।’

दिल दहला देने वाली घटना: इंदौर में मनोज को हुआ अनहोनी का अंदेशा, कुछ ही पलों में 8 लोगों की मौत

इंदौर इंदौर में हुए खौफनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया, जहां मनोज पुगलिया समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मनोज का आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस तेजी से वायरल हो रहा है। 7 परिजनों के साथ अग्निकांड का शिकार हुए मनोज पुगलिया को क्या कुछ घंटे पहले ही काल की क्रूरता का अहसास हो गया था? इंदौर के भीषण हादसे के बाद मनोज पुगलिया के वॉट्सऐप स्टेटस को देखकर लोग ऐसी ही चर्चा कर रहे हैं। मौत से कुछ घंटे पहले मनोज ने वक्त की ताकत का जिक्र किया था, जिसकी पहली लाइन थी कि ‘वह सबकुछ छीन सकता है।’ आगे उन्होंने कहा था कि यह सबकुछ छीन सकता है पर पहचान नहीं। इंदौर के बृजेश्वरी (एनएक्स) में हुए खौफनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया, जहां मनोज पुगलिया समेत 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मनोज का आखिरी वॉट्सऐप स्टेटस तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने वक्त की इस ताकत का जिक्र करते हुए लिखा था, ‘वक्त सबकुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान नहीं छीन सकता।’ इन शब्दों को देखकर जहां मनोज के परिजन और रिश्तेदार भावुक हो जाते हैं तो उन्हें उनके लिए यह हौसला भी बन गया है, जिसे परिवार ने सहेजकर रख लिया है। और क्या लिखा था एक दिन पहले दोपहर 1.04 बजे मनोज ने दो स्टेट्स लगाए थे। एक में लिखा था, ‘वक्त सब कुछ छीन सकता है, मगर हुनर और मेहनत से मिली पहचान कभी नहीं छीन सकता है। एक अन्य स्टेट्स में उन्होंने लिखा था, ‘कभी फुरसत में अपनी कमियों पर भी गौर करना चाहिए। दूसरों को आईना दिखाने की आदत अपने आप छूट जाएगी।’ मनोज पुगलिया का वॉट्सऐप स्टेटस मौत की इस भयावह रात का मंजर किसी डरावने सपने से कम नहीं था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया, जहां पूरा घर जलकर खाक हो चुका था। नीचे किचन, डायनिंग हॉल और बेडरूम था, जिसमें गैस गीजर, फ्रिज, एसी और भारी फर्नीचर मौजूद था- जो आग को और भी भड़काने का कारण बने। उस रात क्या-क्या हुआ रिश्तेदारों के मुताबिक, मनोज अपनी पत्नी सुनीता, साले विजय और सुमन के साथ नीचे ही सो रहे थे। हादसे की शुरुआत एक जोरदार धमाके जैसी आवाज से हुई- जैसे बाइक का टायर फटा हो। मनोज सबसे पहले जागे, लेकिन जैसे ही दरवाजा खोला, आग की विकराल लपटें भीतर घुस पड़ीं। हालात बिगड़ते देख उन्होंने सुनीता को बालकनी की ओर धकेला। बेटे सौरभ, सौमिल और हर्षित किसी तरह जाली तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब हुए, लेकिन हर कोई इतना खुशकिस्मत नहीं था। बचने को खूब छटपटाए थे मासूमों की चीखें उस रात गूंजती रहीं। रुचिका के बच्चे 11 साल की राशि और 8 साल का तनय, अपने नाना-नानी को बचाने के लिए नीचे दौड़े, लेकिन खुद ही आग के शिकंजे में फंस गए। सिमरन ने भी बाहर निकलने की कोशिश की, पर वह आग की भेंट चढ़ गई। बाद में उसका जला हुआ शव मिला। निकल नहीं पाए पापा और बाकी लोग बचे हुए सौरभ की जुबानी उस रात की दहशत रोंगटे खड़े कर देती है, ‘मैं मां और भाइयों को लेकर बाहर आ गया, लेकिन पापा और बाकी लोग अंदर ही फंस गए। मैंने बार-बार चिल्लाकर कहा- पापा, सिमरन, कार्तिक बाहर आ जाओ… लेकिन धुएं ने सबको निगल लिया।’ इस हादसे ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया। कई तरह की अटकलें इधर, हादसे के बाद अफवाहों का बाजार भी गर्म हो गया। गैस टंकियों, इलेक्ट्रिक लॉक और अन्य कारणों को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। परिवार ने साफ किया कि घर में इलेक्ट्रिक लॉक नहीं था और कई दावे बेबुनियाद हैं। गीजर, एसी और फ्रिज जैसे उपकरण फटने से आग और भयानक हो गई।

Meta का मेटावर्स फेल, ₹6.5 लाख करोड़ का नुकसान, जो पाकिस्तान के साल भर के बजट के बराबर

 नई दिल्ली Meta ने अपने मेटावर्स प्लेटफॉर्म Horizon Worlds को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी अब इसे बंद करने जा रही है. साथ ही वीआर एक्सपीरियंस पर नए इन्वेस्टमेंट और डेवलपमेंट को भी लिमिट किया जा रहा है।  यह फैसला सिर्फ एक प्रोडक्ट बंद करने का नहीं है, बल्कि यह इस बात का इशारा है कि Meta धीरे-धीरे अपने उसी मेटावर्स विजन से पीछे हट रही है, जिसे कभी मार्क जकबरबर्ग इंटरनेट का फ्यूचर बताया गया था।  मेटावर्स को फ्यूचर बता कर जकरबर्ग ने Facebook को Meta कर दिया साल 2021 में फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने दुनिया को बताया था कि सोशल मीडिया का दौर खत्म होने वाला है और अगला मेटावर्स अगला बड़़ा प्लेटफॉर्म होगा. मेटावर्स यानी एक वर्चुअल दुनिया ।  हाइप इतनी बनी की मार्क जकरबर्ग ने फेसबुक का नाम बदलकर Meta कर दिया गया. यह टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा मोड़ था. पहली बार किसी बड़ी कंपनी ने खुले तौर पर कहा कि वह इंटरनेट के अगले रूप को खुद बनाएगी ।  उस समय यह सिर्फ एक कंपनी का फैसला नहीं था, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक सिग्नल था. माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, ऐपल, सबने इस दिशा में काम तेज कर दिया. वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी और डिजिटल दुनिया को लेकर एक नई दौड़ शुरू हो गई।  पांच साल बाद अब तस्वीर बिल्कुल अलग है Meta धीरे-धीरे अपने उसी मेटावर्स विजन से पीछे हटती दिख रही है. Horizon Worlds, जिसे कंपनी ने अपने वर्चुअल सोशल प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया था, वह उम्मीद के मुताबिक नहीं चला. अब कंपनी वर्चुअल रिएलिटी पर फोकस कम कर रही है और मोबाइल और AI पर ज्यादा ध्यान दे रही है।  यह सिर्फ एक प्रोडक्ट का फेल होना नहीं है. यह उस पूरे आइडिया की कमजोरी दिखाता है, जिसे इंटरनेट का भविष्य बताया गया थ।  80 अरब डॉलर का दांव, लेकिन यूजर नहीं आए Meta ने अपने Reality Labs डिवीजन के जरिए मेटावर्स पर 80 से 85 अरब डॉलर तक खर्च कर दिए. इसमें वीआर हेडसेट्स, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, चिप डिजाइन, डेटा सेंटर, और डेवलपर टूल्स तक सब शामिल था।  इतना बड़ा निवेश करने के बाद भी कंपनी उस स्तर का यूजर एडॉप्शन नहीं ला पाई, जो इस पूरे मॉडल को टिकाऊ बना सके।  Horizon Worlds पर एक्टिव यूजर्स की संख्या लाखों में ही सीमित रही. कई रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया कि ज्यादातर यूजर्स प्लेटफॉर्म पर कुछ ही समय के लिए आते थे और फिर वापस नहीं लौटते थे. यानी यूजर रिटेंशन में फेल हो गए।  टेक इंडस्ट्री में किसी भी प्लेटफॉर्म की सफलता सिर्फ यूजर्स से नहीं, बल्कि उनके बार-बार लौटने से तय होती है. मेटावर्स इस कसौटी पर कमजोर साबित हुआ।  टेक्नोलॉजी तैयार नहीं थी, या यूजर तैयार नहीं थे? मेटावर्स की असफलता को समझने के लिए यह सवाल जरूरी है. पहली नजर में लगता है कि समस्या टेक्नोलॉजी की थी. वीआर (VR) हेडसेट अभी भी महंगे हैं, भारी हैं, और लंबे समय तक पहनना आसान नहीं है. बैटरी लाइफ लिमिटेड है, और हाई क्वालिटी ग्राफिक्स के लिए ज्यादा कंप्यूटिंग पावर चाहिए।  लेकिन असली समस्या इससे भी गहरी है. यूजर्स को जरूरत ही महसूस नहीं हुई. लोग अपने फोन और लैपटॉप पर पहले से ही सोशल मीडिया, गेमिंग और वीडियो कॉल कर रहे हैं. मेटावर्स ने इन्हीं चीजों को एक नए फॉर्म में पेश किया, लेकिन ऐसा कुछ नया नहीं दिया जो लोगों को मजबूर करे कि वे अपनी आदतें बदलें यही वजह है कि मेटावर्स एक ऐसी टेक्नोलॉजी बन गया, जो मौजूद तो थी, लेकिन जरूरी नहीं थी. मेटावर्स कोनॉमी का सपना भी नहीं चला Meta का प्लान था कि मेटावर्स के अंदर एक पूरी डिजिटल इकोनॉमी बनेगी. लोग वर्चुअल जमीन खरीदेंगे, डिजिटल सामान लेंगे, और क्रिएटर्स पैसे कमाएंगे।  लेकिन यह मॉडल भी जमीन पर नहीं उतर पाया. यूजर्स के पास ऐसा कोई ऐसी वजह नहीं थी कि वे वर्चुअल चीजों पर पैसा खर्च करें।  जहां गेमिंग में लोग पैसे खर्च करते हैं, वहां भी एक स्ट्रॉन्ग गेम प्ले और कम्युनिटी होती है. मेटावर्स में वह दोनों चीजें कमजोर थीं. क्रिएटर्स के लिए भी कमाई का रास्ता साफ नहीं था, जिससे पूरा इकोसिस्टम धीमा पड़ गया।  फेसबुक से Meta बनना: एक बड़ा जोखिम जब फेसबुक ने अपना नाम बदलकर Meta किया, तब उसने अपने फ्यूचर को एक ही डायरेक्शन  में बांध दिया. यह एक साहसी बोल्ड मूव था, लेकिन रिस्की भी था।  कंपनी ने अपने मेन बिजनेस, जैसे विज्ञापन और सोशल प्लेटफॉर्म, से ध्यान हटाकर एक लंबे समय वाले विजन पर ज्यादा खर्च करना शुरू किया. इससे इन्वेस्टर्स का भरोसा डगमगाया और कंपनी को कई बार अपनी स्ट्रैटिजी भी बदलनी पड़ी।  बाद में Meta को लागत कम करनी पड़ी, कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी और नए फोकस की तलाश करनी पड़ी।  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने  पूरा खेल बदल दिया 2022 के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने टेक इंडस्ट्री का फोकस पूरी तरह बदल दिया. जहां मेटावर्स को भविष्य माना जा रहा था, वहीं एआई ने तुरंत असर दिखाया. कंटेंट बनाना, ऑटोमेशन, कोडिंग, कस्टमर सर्विस और हर जगह एआई का इस्तेमाल बढ़ गया।  कंपनियों को यहां तुरंत फायदा दिखा, जबकि मेटावर्स में फायदा दूर का सपना था. Meta ने भी यह बदलाव समझा और अब वह तेजी से एआई पर काम कर रहा है. इससे साफ है कि कंपनी ने अपनी प्रायॉरिटी बदल दी है।  क्या मेटावर्स को खत्म समझा जाए?  मेटावर्स पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन उसका बड़ा सपना फिलहाल रुक गया है. अब जो दिशा दिख रही है, वह ज्यादा प्रैक्टिकल है। पूरी वर्चुअल दुनिया बनाने के बजाय, अब कंपनियां असली दुनिया में डिजिटल चीजें जोड़ने पर काम कर रही हैं. ऑगमेंटेड रियलिटी, एआई और मोबाइल बेस्ड एक्सपीरिएंस इस डायेरक्शन में आगे बढ़ रहे हैं।  गेमिंग, ट्रेनिंग और कुछ खास इंडस्ट्री में मेटावर्स का इस्तेमाल जारी रहेगा, लेकिन यह आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा अभी नहीं बन पाया है।  Meta ने क्या खोया, क्या पाया? Meta ने इस पूरे एक्सपेरिमेंट में बहुत बड़ा पैसा खोया, समय खोया और कुछ हद तक भरोसा भी खोया. लेकिन इसके साथ ही कंपनी ने बहुत कुछ सीखा भी. वीआर और एआर टेक्नोलॉजी में उसकी पकड़ मजबूत हुई है. उसने नए प्लेटफॉर्म, नए चिप्स और नई तकनीकों पर … Read more

भागवत ने कहा, ईरान युद्ध स्वार्थी हितों का नतीजा, भारत ही इसे समाप्त करेगा

नागपुर   ईरान-अमेरिका जंग पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दुनिया को शांति का संदेश दिया है. नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि युद्ध केवल स्वार्थी हितों का परिणाम है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बगैर मोहन भागवत ने नसीहत दी कि दुनिया को संघर्ष की नहीं, बल्कि सद्भाव की जरूरत है. उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि युद्ध केवल भारत ही खत्म कर सकता है।  महाराष्ट्र के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने आज यानी शुक्रवार को कहा कि दुनिया में संघर्षों की जड़ स्वार्थ एवं वर्चस्व की चाह है और स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म के पालन से ही प्राप्त की जा सकती है. कई देश कह रहे हैं कि केलल भारत ही चल रहे युद्ध को खत्म कर सकता है. दुनिया के चिंतकों के ध्यान में बार-बार देशों से आवाज़ उठ रही है कि चल रहे युद्ध को खत्म भारत ही कर सकता है क्योंकि विकासशील भारत की प्रवृत्ति का ज्ञान है।  मोहन भागवत ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया 2,000 वर्षों से संघर्षों के समाधान के लिए विभिन्न विचारों के साथ प्रयोग करती रही है लेकिन उसे खास सफलता नहीं मिली. उन्होंने कहा कि धार्मिक असहिष्णुता, जबरन धर्म परिवर्तन और श्रेष्ठता एवं हीनता के विचार अब भी मौजूद हैं।  आरएसएस प्रमुख भागवत ने नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यालय की आधारशिला रखने के बाद इस सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का प्राचीन ज्ञान सिखाता है कि सभी जुड़े हुए हैं और एक हैं.’ उन्होंने संघर्ष से सौहार्द और सहयोग की ओर बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान भी धीरे-धीरे इसी समझ की ओर बढ़ रहा है।  आरएसएस प्रमुख ने कहा कि दुनिया में संघर्षों की जड़ स्वार्थ एवं वर्चस्व की चाह है और स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म के पालन से ही हासिल की जा सकती है. मोहन भागवत ने आचरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि धर्म केवल शास्त्रों तक सीमित नहीं रह सकता बल्कि यह लोगों के व्यवहार में भी दिखना चाहिए।  उन्होंने कहा कि अनुशासन और नैतिक मूल्यों के पालन के लिए निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है और इसमें अक्सर व्यक्तिगत कठिनाई भी झेलनी पड़ती हैं. भागवत ने कहा कि भारत मानवता में विश्वास करता है जबकि अन्य देश अस्तित्व के लिए संघर्ष और ताकतवर के टिके रहने के सिद्धांत को मानते हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया को संघर्ष नहीं, बल्कि सौहार्द की जरूरत है। 

रजिस्ट्री पर उपकर समाप्त: मुख्यमंत्री साय का ऐलान, लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

  जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी अधिक सरल, सुलभ और कम खर्चीली-वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित रायपुर,  छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के पारित होने से अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त हो गया है। वाणिज्यिक कर मंत्री ओ पी चौधरी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।            छत्तीसगढ़ उपकर समाप्त होने से अब संपत्ति पंजीयन की लागत में कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर एक करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, इससे जमीन-मकान की रजिस्ट्री अधिक सुलभ, सरल और कम खर्चीली बनेगी। इस अवसर पर विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करते हुए मंत्री चौधरी  ने कहा कि यह विधेयक केवल एक विधिक संशोधन नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जनहित, लोककल्याण और कर-व्यवस्था में न्यायपूर्ण सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट मत है कि शासन का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन को सरल, सुलभ और सम्मानजनक बनाना है।           वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 के माध्यम से आम जनता के उपयोग की वस्तुओं एवं सेवाओं पर व्यापक कर रियायतें प्रदान कीं, जिससे आम नागरिकों की निर्वाह लागत में कमी आई। इसी क्रम में पंजीयन विभाग में भी अनेक ऐतिहासिक, व्यावहारिक और जनहितकारी सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता पर आर्थिक बोझ कम करना और सेवाओं को सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि स्वतः नामांतरण व्यवस्था आम जनता के लिए अत्यंत राहतकारी सिद्ध हुई है। पंजीयन के बाद तत्काल नामांतरण होने से पक्षकारों को आर्थिक बचत के साथ-साथ महीनों चलने वाली नामांतरण प्रक्रिया से मुक्ति मिली है। मई 2025 से अब तक लगभग डेढ़ लाख दस्तावेजों का स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है।           पंजीयन प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सुगम मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो संपत्ति की सही भौगोलिक स्थिति सुनिश्चित करने में सहायक है। साथ ही, फर्जी व्यक्ति द्वारा पहचान छुपाकर पंजीयन न कराया जा सके, इसके लिए पंजीयन कार्यालयों में आधार आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा पंजीयन कार्यालयों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वीजा ऑफिस की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नागरिकों को वातानुकूलित प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, निःशुल्क वाई-फाई तथा क्यू-आधारित त्वरित पंजीयन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 10 पंजीयन कार्यालयों को पीपीपी मोड पर स्मार्ट पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके बाद अन्य कार्यालयों को भी चरणबद्ध रूप से स्मार्ट कार्यालय बनाया जाएगा।          चौधरी ने बताया कि सरकार ने पंजीयन शुल्क निर्धारण की व्यवस्था में सुधार किया है। पहले संपत्ति के पंजीयन में गाइडलाइन मूल्य एवं बाजार मूल्य से जो अधिक होता था, उसी पर शुल्क लिया जाता था। अब इस व्यवस्था को बदलते हुए पंजीयन शुल्क को आपसी लेनदेन की कीमत के बजाय गाइडलाइन मूल्य से जोड़ा गया है, इससे बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिली है। उदाहरण स्वरूप यदि किसी संपत्ति का गाइडलाइन मूल्य 10 लाख रुपये है, लेकिन दस्तावेज में बैंक ऋण आदि के कारण 25 लाख रुपये अंकित हैं, तो अब शुल्क केवल 10 लाख रुपये पर ही लगेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार ने लगभग 170 करोड़ रुपये के राजस्व का त्याग किया है।          चौधरी ने बताया कि पहले परिवारजनों के मध्य दान, बंटवारा और हक-त्याग जैसी रजिस्ट्रियों पर बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे सरकार ने घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया है, चाहे संपत्ति का मूल्य कितना भी हो। उदाहरण के तौर पर, एक करोड़ रुपये की संपत्ति के दान पर पहले 80 हजार रुपये शुल्क लगता था, जो अब केवल 500 रुपये रह गया है, इससे सामान्य परिवारों और किसानों को व्यापक राहत मिली है। गाइडलाइन मूल्य निर्धारण में भी व्यापक जनहितकारी सुधार किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी भूमि पर भी अत्यधिक मूल्यांकन की स्थिति को समाप्त करते हुए वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था खत्म कर दी गई है और अब मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जा रहा है, इससे आम जनता को 300 से 400 करोड़ रुपये तक के लाभ का अनुमान है।           मंत्री चौधरी ने बताया किसरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर लागू ढाई गुना मूल्यांकन, शहरों और गाँवों में कई प्रकार के अतिरिक्त मूल्यांकन तथा भूमि पर लगे वृक्षों के अलग मूल्यांकन जैसे प्रावधानों को भी समाप्त किया है, इससे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम हुआ है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। शहरी मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देते हुए अब फ्लैट का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बाउंड्री वॉल, प्लिंथ आदि जैसे कारणों से होने वाले अनावश्यक अतिरिक्त मूल्यांकन को भी समाप्त किया गया है।             चौधरी ने बताया कि किसानों के हित में भी सरकार ने महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहले दो-फसली भूमि, नकदी फसल, मछली पालन हेतु तालाब जैसी स्थितियों में अतिरिक्त मूल्यांकन कर आर्थिक भार बढ़ा दिया जाता था। अब इन सभी प्रावधानों को समाप्त कर कृषि भूमि के लेनदेन को अधिक सहज, न्यायसंगत और किफायती बनाया गया है। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन एवं राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण हेतु स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था। इसके कारण नागरिकों को संपत्ति के पंजीयन पर बाजार मूल्य का लगभग 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा था।            वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब … Read more

डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी बने सीआईआई मध्य प्रदेश के चेयरमैन

सीआईआई एमपी स्टेट एनुअल मीटिंग 2026 में उद्योग, संस्थागत निर्माण और समावेशी विकास पर हुआ मंथन भोपाल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा मध्य प्रदेश स्टेट एनुअल मीटिंग 2026 का आयोजन इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में राज्यभर से उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के भविष्य पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सीआईआई मध्य प्रदेश के नए नेतृत्व की घोषणा रही। आईसेक्ट लिमिटेड के निदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी को वर्ष 2026–27 के लिए सीआईआई मध्य प्रदेश का चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि कृति न्यूट्रिएंट्स लिमिटेड के निदेशक श्री सौरभ सिंह मेहता को वाइस चेयरमैन नियुक्त किया गया है। शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग-सरकार समन्वय के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के साथ डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी का नेतृत्व मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास, नवाचार और सहयोगात्मक पहल को नई दिशा देगा। उनके नेतृत्व में सीआईआई एमपी राज्य में नीति संवाद, उद्योग वृद्धि, कौशल विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए कार्य करेगा। यह सम्मेलन “India’s Moment: Enterprise, Institution Building and Inclusive Growth” थीम पर आयोजित किया गया, जो विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है। इस दौरान उद्योग की भूमिका, संस्थागत मजबूती और साझेदारी आधारित विकास मॉडल पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम के पब्लिक सेशन में “Advancing Industry, Powering Growth, Encouraging Collaboration” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राज्य में औद्योगिक विकास के नए अवसरों और संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण फायरसाइड चैट रहा, जिसमें भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन श्री राकेश भारती मित्तल ने “India’s Moment: Enterprise, Institution Building and Inclusive Growth” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उद्योग नेतृत्व, संस्थागत विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। यह वार्षिक बैठक इस बात का प्रमाण रही कि मध्य प्रदेश उद्योग, नवाचार और सहयोग के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में अग्रसर है।

गिरावट के बाद सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल, जानें अब क्या हैं नई कीमतें

भोपाल सोने और चांदी के बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। ब्लैक थर्सडे की भारी गिरावट के बाद आज शुक्रवार को दोनों कीमती धातुओं में जोरदार रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के चेहरे पर राहत की मुस्कान लौट आई है। आज भारतीय सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹1,47,660 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यह पिछले दिन के मुकाबले ₹2,737 की तेजी दर्शाता है। हालांकि, सोना अभी भी ₹1.5 लाख के अहम स्तर से नीचे बना हुआ है, जिसे बाजार में खरीदारी का सुनहरा मौका माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, चांदी ने आज सबसे बड़ा धमाका किया है। चांदी की कीमत ₹2,37,678 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो कल के मुकाबले ₹6,387 महंगी है। खास बात यह है कि चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से करीब ₹1.80 लाख सस्ती मिल रही है, जिससे इंडस्ट्रियल डिमांड में तेजी की उम्मीद और मजबूत हो गई है। बाजार में अचानक क्यों लौटी तेजी? निचले स्तर पर जबरदस्त खरीदारी: कल की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने मौके का फायदा उठाया ग्लोबल टेंशन: खाड़ी देशों में तनाव ने सोने को फिर से सेफ हेवन बना दिया फेड के संकेत: अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद डॉलर-रुपया अस्थिरता: कमजोर रुपये ने घरेलू कीमतों को सपोर्ट दिया एक्सपर्ट्स की राय मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बना रहेगा, तब तक सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह समय “Buy on Dip” यानी गिरावट पर खरीदारी का बेहतरीन अवसर माना जा रहा है। क्या करें निवेशक? शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है लॉन्ग टर्म के लिए यह खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है निवेश से पहले बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी कुल मिलाकर: गिरावट के बाद सोना-चांदी ने जबरदस्त वापसी की है, लेकिन बाजार अभी भी अस्थिर है — ऐसे में समझदारी से निवेश ही मुनाफे की कुंजी है।

भारती सिंह ने बेटे काजू का किया फेस रिवील, फैंस बोले– हूबहू हर्ष जैसा दिखता है!

मुंबई फेमस कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया ने फाइनली अपने दूसरे बेटे काजू की मुंह दिखाई कर दी है। अभी हाल ही में भारती ने दिसंबर 2025 में दूसरे बेटे को जन्म दिया था जिसका नाम यशवीर रखा है। भारती ने अब तक उसका चेहरा रिवील नहीं किया था। अब अपने नए व्लॉग में भारती ने आखिरकार बेटे का चेहरा फैन्स को दिखाया है। दिसंबर में दूसरी बार मां बनने के बाद से भारती अपने लाडले काजू से अपने फैन्स को कई बार मिलवाया जरूर था लेकिन उसका फेस इससे पहले दिखाया नहीं था। भारती और हर्ष कई दिनों से ये बता रहे थे कि वे जल्द ही अपने बेटे का चेहरा सबके सामने लाने की प्लानिंग कर रहे हैं। भारती और हर्ष ने फेस रिवील करने के लिए एक शानदार पार्टी रखी आखिरकार वो पल आ ही गया जब उन्होंने पहली बार यशवीर का चेहरा दिखाया। अपने हालिया व्लॉग में भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया ने बेटे यशवीर यानी काजू का फेस दिखाया, जिसका उनके फैंस बेसब्री से इंतजार भी कर रहे थे। भारती और हर्ष ने फेस रिवील करने के लिए एक शानदार पार्टी रखी थी, जहां कुछ मेहमानों को उन्होंने बुला रखा था। लोगों ने कहा- छोटे बेटे की शक्ल हर्ष लिंबाचिया जैसी अपने नए व्लॉग में भारती सिंह ने लिखा है, ‘मिलिए हमारे काजू से’। जैसे ही भारती सिंह ने बेटे का चेहरा दिखाया कि लोगों ने बताना शुरू कर दिया कि छोटो बेटे की शक्ल किसपर गई है। पार्टी में मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि बेटे की शक्ल भारती पर गई है वहीं यूट्यूब पर कुछ लोगों ने कॉमेंट करके बताया है कि उन्हें उनकी शक्ल हर्ष लिंबाचिया जैसी लग रही है। एक ने पूछा- इतना सस्पेंस तो डेली soap वाले नहीं रखते काफी लोगों ने लिखा है कि काजू दिखने में बिल्कुल हर्ष और अपने दादा जी जैसा है। लोगों ने कहा- गोला भारती की तरह है लेकिन काजू हर्ष जैसा लग रहा। एक ने कहा है- इतना सस्पेंस तो डेली soap वाले नहीं रखते जितना आप ने रखा है।

WhatsApp में अब ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन, iOS पर टेस्टिंग से चैटिंग होगी और भी सरल

मुंबई  WhatsApp पर चैटिंग करना और भी आसान होने जा रहा है, जिसमें यूजर्स आसानी से दूसरी भाषा में बात करने वाले लोगों से चैट कर पाएंगे. इसके लिए ऑटोमेट्रिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम हो रहा है. इसकी जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है।  वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाले पोर्टल Wabetainfo ने बताया है कि ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टम iOS प्लेटफॉर्म के लिए ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर टेस्टिंग हो रही है।  ट्रांसलेशन फीचर के तहत यूजर्स  21 भाषाओं में से किसी एक का चुनाव करना होगा. इसके बाद अपनी लैंग्वेज के साथ उनको ट्रांसलेट कर सकेंगे. इसके लिए सिर्फ एक टॉगल को ऑन करना होगा, जिसकी जानकारी एक स्क्रीनशॉट्स शेयर करके भी दी है।  वॉट्सऐप का यह फीचर उन लोगों से चैट करने में मददगार साबित होगा, जो आपकी भाषा को नहीं जानते हैं और दूसरी लैंग्वेज में बातचीत करते हैं. उदाहरण के तौर पर समझें तो एक शख्स हिंदी बोलता, समझता और लिख सकता है, जबकि दूसरा शख्स हिंदी ना तो बोल सकता है, ना पढ़ सकता है और ना ही लिख सकता है. ऐसे में वॉट्सऐप उन यूजर्स के लिए यूजफुल साबित होगा।  रिपोर्ट में बताया है कि ट्रांसलेशन के बावजूद एंड टू एंड एनक्रिप्शन सुविधा को मेंटेन करके रखा जाएगा. वॉट्सऐप बीटा के iOS 26.11.10.70 वर्जन टेस्टिंग के लिए उपलब्ध है।  टेस्टिंग वर्जन से पता चला है WhatsApp ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम कर रहा है, जो करीब 21 अलग-अलग लैंग्वेज को सपोर्ट करेगा. इसके लिए एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है।  WAbetainfo ने बताया है कि ट्रांसलेशन फीचर ऐसे काम करेगा।  स्क्रीनशॉट्स में दिखाया गया है कि यूजर्स को किसी एक शख्स का चैट ओपन करना होगा. फिर उसके अंदर दिए गए ट्रांसलेशन को ऑन करना होगा, जिसमें लैंग्वेज को सिलेक्ट भी करना होगा के कौन सी भाषा को किस भाषा में ट्रांसलेट करना है।  पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए देते हैं नए-नए फीचर्स  WhatsApp अपनी पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए लगातार ऐप में नए-नए फीचर्स को शामिल कर रहा है. साथ ही जो फीचर्स पहले से उनको बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है. इस मैसेजिंग ऐप पर एक सिंपल से यूजर इंटरफेस पर ढेरों फीचर्स मिलते हैं.  WhatsApp का iOS पर ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर कितना कारगर साबित होगा, उसका पता तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. हालांकि टेस्टिंग के बाद इसको स्टेबल वर्जन में कब जारी किया जाएगा, उसकी कोई टाइम लाइन नहीं दी है. 

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