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Eid-ul-Fitr 2026: त्योहार के मद्देनज़र देशभर में बढ़ी सुरक्षा, पुलिस सतर्क

नई दिल्ली ईद-उल-फितर के जश्न के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, क्योंकि इस त्योहार से पहले, रमजान के आखिरी दिन नमाज अदा करने के लिए नमाजी इकट्ठा हुए। धर्मगुरुओं ने घोषणा की है कि भारत में ईद-उल-फितर शनिवार को मनाई जाएगी, क्योंकि गुरुवार शाम को चांद नहीं दिखा। हालांकि, केरल में यह त्योहार शुक्रवार को ही मनाया गया। उत्तराखंड में हरदोई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अशोक कुमार मीणा ने कहा कि ईद-उल-फितर त्योहार और चल रही चैत्र नवरात्रि को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आज की ‘अलविदा नमाज’ के लिए हम कई जगहों पर फ्लैग मार्च कर रहे हैं और सभी मस्जिदों पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए हैं। जिले को सेक्टरों और जोन में बांटा गया है। कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है। हम किसी भी तरह के असामाजिक तत्वों पर भी नजर रख रहे हैं। दिल्ली के उत्तम नगर में भी भारी पुलिस तैनाती देखी गई, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने एक निर्देश जारी कर इलाके की पुलिस और सिविल प्रशासन को ईद के त्योहारों के दौरान सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया। दरअसल, 4 मार्च को होली के जश्न के दौरान 26 साल के तरुण कुमार की हत्या के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। सुरक्षा उपायों के तहत रूट मार्च करने के बाद, उत्तर प्रदेश के मऊ के एसपी श्री एलमारन जी ने कहा कि हम पूरी गश्त और चेकिंग कर रहे हैं। सिविल वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवान भी तैनात किए जाएंगे। हमने जिला और पुलिस, दोनों स्तरों पर सभी के साथ बैठकें की हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे त्योहार के दौरान निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिहार के संवेदनशील भागलपुर जिले को ईद, चैती छठ और रामनवमी त्योहारों से पहले अलर्ट पर रखा गया है। विभिन्न सुरक्षा बलों और समितियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने तैयारियों के तहत भागलपुर में एक मॉक ड्रिल की। ​​जिला मजिस्ट्रेट नवल किशोर चौधरी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि मार्च में कई त्योहारों और शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है और स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है। हैदराबाद के पुराने शहर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई, क्योंकि अधिकारियों ने मक्का मस्जिद और चारमीनार के आसपास कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए, ताकि ईद-उल-फितर से पहले जुमा-तुल-विदा (ईद से पहले का आखिरी शुक्रवार) की सभा शांतिपूर्ण ढंग से हो सके। कर्नाटक के मंगलुरु में एक मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद विधानसभा स्पीकर यूटी खादर फरीद ने कहा कि मैं हर किसी को ईद-उल-फितर की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। हर धार्मिक त्योहार का संदेश शांति, हमारी संस्कृति को साझा करना, एकता बनाए रखना, और एक शांतिपूर्ण समाज, एक शांतिपूर्ण देश और एक शांतिपूर्ण दुनिया है। तमिलनाडु के मदुरै और कोयंबटूर में भी विशेष नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम नमाजियों की बड़ी भीड़ देखी गई। इस बीच, जब केरल में शुक्रवार को ईद-उल-फितर मनाया जा रहा था, तो सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और भाजपा नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के उम्मीदवारों ने राज्य में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, सुबह-सुबह राज्य भर में नमाज स्थलों का दौरा किया।

खेलों में नया इतिहास रचेगा भारत, 2028 इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी तय

नयी दिल्ली भारत 2028 विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। ये खेल ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित किये जाये। भारत की मेजबानी वाली बोली को विश्व एथलेटिक्स परिषद की गुरुवार को पोलैंड के टोरून में हुई बैठक में मंजूरी दी। इससे पहले जनवरी में वर्ल्ड एथलेटिक्स की टीम ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया था। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने जनवरी 2026 में इस चैंपियनशिप के लिए अपनी बोली पेश की थी। इसके तुरंत बाद, उसी महीने वैश्विक एथलेटिक्स संस्था की दो-सदस्यीय टीम ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम परिसर में स्थित इंडोर सुविधा का दौरा किया था। केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस घटनाक्रम पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “यह जानकर बहुत खुशी हुई कि ओडिशा का भुवनेश्वर 2028 विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप की मेज़बानी करेगा।” भारत इस चैंपियनशिप की मेज़बानी करने वाला चौथा एशियाई देश बन जाएगा। जापान (1999), कतर (2010) और चीन (2025) अन्य एशियाई देश हैं जिन्होंने इस प्रतियोगिता की मेजबानी की है।  

सीजन के बीच राजस्थान रॉयल्स को तगड़ा झटका, स्टार प्लेयर टूर्नामेंट से बाहर

जयपुर आईपीएल 2026 से पहले चोटिल खिलाड़ियों की चिंता बढ़ती जा रही है। अब राजस्थान रॉयल्स का स्टार ऑलराउंडर भी इंजरी के चलते पूरे सीजन से बाहर हो सकता है। आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार इंग्लिश ऑलराउंडर सैम करन चोट के चलते पूरे सीजन से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वह ग्रोइन इंजरी से जूझ रहे हैं, जो पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई है। ऐसे में उनका इस सीजन में खेलना काफी मुश्किल माना जा रहा है। वर्ल्ड कप के बाद बढ़ी चिंता सैम करन ने आखिरी बार 5 मार्च को ICC Men’s T20 World Cup 2026 में इंग्लैंड के लिए मैच खेला था। इस मुकाबले के बाद से ही उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे थे। सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ हार के बाद वह मैदान पर नजर नहीं आए और अब यह साफ हो गया है कि चोट उम्मीद से ज्यादा गंभीर है। बड़े ट्रेड के जरिए टीम में एंट्री आईपीएल 2026 से पहले हुए बड़े ट्रेड में सैम करन चेन्नई सुपर किंग्स से राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए थे। इस डील में रवींद्र जडेजा भी राजस्थान पहुंचे, जबकि संजू सैमसन चेन्नई के साथ जुड़ गए। यह ट्रेड टूर्नामेंट से पहले सबसे चर्चित सौदों में से एक था और फैंस को करन से काफी उम्मीदें थीं। पिछले सीजन का प्रदर्शन रहा साधारण अगर करन के पिछले आईपीएल प्रदर्शन पर नजर डालें तो वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके थे। उन्होंने सीमित मैचों में बल्ले और गेंद दोनों से औसत प्रदर्शन किया। हालांकि, उनकी ऑलराउंड क्षमता को देखते हुए माना जा रहा था कि वह नए सीजन में जोरदार वापसी करेंगे। लेकिन चोट ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया है। टीम संतुलन पर पड़ेगा असर राजस्थान रॉयल्स के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि करन टीम को बैलेंस देने वाले खिलाड़ी हैं। वह मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने के साथ-साथ अहम मौकों पर विकेट लेने की क्षमता रखते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम को संयोजन बदलना पड़ सकता है। फिलहाल टीम मैनेजमेंट ने उनके रिप्लेसमेंट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन विकल्पों पर विचार जारी है। टीम में रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर मौजूद हैं, वहीं डोनोवन फरेरा भी उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान इस कमी को कैसे पूरा करता है और क्या कोई नया खिलाड़ी इस मौके को भुनाकर टीम में अपनी जगह पक्की कर पाता है।  

जब राकेश बेदी पर छाए अर्जुन रामपाल: मजाक में बोले सबको खा गए, आदित्य धर का भी मजेदार रिएक्शन

आदित्य धर की इस साल की मोस्ट अवेटे फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने रिलीज होते ही हर जगह धूम मचा दी है। फिल्म में भले ही रणवीर सिंह हैं लेकिन कई सीन में राकेश बेदी ने भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। अब फिल्म में उन्हें देखने के बाद हर कोई राकेश बेदी को फिल्म का असली ‘धुरंधर’ कह रहा है। राकेश बेदी से उनकी ही टीम के लोग कहते नजर आए- आप तो सबको खा गए सर। राकेश बेदी ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में वो फिल्म देखने के लिए निकलते नजर आ रहे हैं। वहीं फिल्म देखने के बाद वो कहते दिख रहे हैं, ‘फिल्म खत्म हो गई, अब कुछ खिलाओ।’ जिसपर अर्जुन रामपाल उनसे कहते हैं- आप तो सबको खा गए सर, अब और कितना खाओगे। आदित्य धर उस महिला से जिन्हें शुरुआत से था उनपर भरोसा वहीं इस वीडियो में आदित्य धर उस महिला से मिलवाते दिख रहे हैं, जिनका इस फिल्म के पीछे सबसे बड़ा सपोर्ट रहा है। आदित्य धर कहते हैं, ‘जिन्होंने मुझपर भरोसा किया शुरुआत से वो ज्योति हैं।’ इसी के साथ उनके लिए जमकर तालियां बजीं। हालांकि, ज्योति कहती हैं, ‘आदित्य उनमें से हैं जिनके रास्ते में काफी उठा-पटक आए लेकिन हमेशा वो मुस्कुराते रहे।’ राकेश बेदी को ‘हुकुम का इक्का’ बता रहे लोग सोशल मीडिया पर उनकी तारीफों के पुल बंधे हुए हैं और कई यूजर्स राकेश बेदी को ‘हुकुम का इक्का’ बता रहे हैं। शुक्रवार को राकेश ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर हालिया इंटरव्यू वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने निर्देशक आदित्य धर के साथ हुई एक मजेदार बातचीत का जिक्र किया। इसमें राकेश ने बताया कि फिल्म रिलीज के पहले आदित्य ने उनसे कहा था कि उन्हें कुछ बक्से खरीद लेने चाहिए। ‘आदित्य ने मुझसे कहा था कि सर आप कुछ टोकरी खरीद लीजिए’ एक्टर वीडियो में कहते हैं, ‘असल में, फिल्म की स्क्रिप्ट इतनी जबरदस्त थी कि आदित्य ने मुझसे कहा था कि सर आप कुछ टोकरी खरीद लीजिए, मुझे इतनी तारीफ मिलने वाली हैं, कहां रखेंगे इतने सारे प्राइज। मतलब कि फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत पावरफुल थी। सभी के रोल बहुत अच्छे थे, तो हमें ऐसे अंदाजा तो था कि फिल्म चलेगी, लेकिन इस कदर इसका क्रेज बढ़ेगा, ये नहीं पता था।’ ‘आदित्य ने वह लूज बॉल दी और मैंने छक्का मारा है’ राकेश ने आगे अपनी मन की बात को शेयर करते हुए कहा, ‘मैंने एक बार आदित्य से कहा था कि मुझे महसूस हो रहा है कि मैं पिछले कई सालों से क्रिकेट बल्ला लिए क्रीज पर खड़ा हूं और मैं एक लूज बॉल का इंतजार कर रहा हूं। अगर मुझे कोई लूज बॉल मिली तो मैं उस पर छक्का मार दूंगा, तो मुझे लग रहा है कि आदित्य ने वह लूज बॉल दी और मैंने छक्का मारा है।’ जमील का किरदार एक करप्ट पॉलिटिशियन का फिल्म ‘धुरंधर’ में राकेश बेदी ने एक पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली का किरदार निभाया था। जमील का किरदार एक करप्ट पॉलिटिशियन का था, जिसके तार अपराधियों के साथ जाकर जुड़ते थे। राकेश बेदी ने इस किरदार को कभी मजाकिया तो कभी गंभीर तरीके से निभाया। पहले पार्ट में यह किरदार दर्शकों को बस एक साइड कैरेक्टर लगता है, लेकिन ‘धुरंधर 2’ में राकेश बेदी का किरदार जमील जमाली चौंकाता है। जब उसकी असल पहचान सामने आती है तो दर्शक हैरान हो जाते हैं।

हमज़ा का हमसाया रिजवान: ‘धुरंधर 2’ में खुला आदित्य धर और रणवीर सिंह से जुड़ा राज

मुंबई ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद से ही ‘धुरंधर 2’ का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। दूसरे पार्ट के लिए यह क्रेज फिल्म की रिलीज के बाद और बढ़ गया। एक तरफ दर्शक हमजा अली मजारी के असली किरदार जसकीरत सिंह रंगी को देख चौंके, तो वहीं उजैर बलोच ने भी चौंका दिया। पर इन दो किरदारों के बीच एक और किरदार रहा, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। यह किरदार है रिजवान का, जो ‘धुरंधर’ में अरशद पप्पू गैंग का हिस्सा था, और दूसरे पार्ट यानी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में हर कदम हमजा का हमसाया बन खड़ा नजर आया। ‘धुरंधर’ में रिजवान का था कम रोल, अब ‘धुरंधर 2’ में छाया ‘धुरंधर 2’ के टीजर में ही रिजवान की एक झलक ने सनसनी मचा दी थी। दरअसल, रिजवान भी हमज़ा और आलम (गौरव गेरा) की तरह अंडरकवर एजेंट है, पर ल्यारी में किसी को भी इसकी भनक नहीं है। एक खास मकसद के तहत रिजवान अरशद पप्पू के गैंग में शामिल होता है। लेकिन जब हमजा, रहमान डकैत को मारने के बाद अरशद पप्पू गैंग का भी सफाया कर देता है, तो रिजवान उसके साथ आ जाता है आखिर तक उसके साथ रहता है। जानते हैं कि यह किरदार किसने निभाया है? ये हैं एक्टर मुस्तफा अहमद। मुस्तफा अहमद बने ‘रिजवान’, रणवीर सिंह को कर चुके ट्रेन मालूम हो कि ‘धुरंधर’ में रिजवान का किरदार काफी कम समय के लिए दिखाया गया था, जबकि दूसरे पार्ट में वह काफी लंबे समय तक हैं, बल्कि आखिर तक हैं। रिजवान, हमजा यानी जसकीरत सिंह रंगी को ट्रेनिंग की शुरुआत के दिनों से जानता है। फिल्म में भी इसे दिखाया गया है। पर आपको जानकर हैरानी होगी कि रिजवान का किरदार निभाने वाले मुस्तफा अहमद का असल में ‘धुरंधर’ से पहले से ही रणवीर सिंह संग नाता है। वह पहले से ही उन्हें जानते हैं। कौन हैं मुस्तफा अहमद? विक्की कौशल, यामी गौतम को भी किया ट्रेन ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ में तो मुस्तफा अहमद एक एक्टर के रूप में नजर आए हैं, पर असल में वह एक जिम ट्रेनर हैं। वह बॉलीवुड में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के रूप में जाने जाते हैं। मुस्तफा अहमद ने कई बॉलीवुड एक्टर्स को ट्रेन किया है, जिनमें रणवीर सिंह का भी नाम शामिल है। उन्होंने रणवीर को ‘पद्मावत’ के लिए ट्रेन किया था। और तो और ‘धुरंधर’ के लिए भी मुस्तफा ने उन्हें ट्रेनिंग दी। इसी तरह विक्की कौशल को फिल्म ‘सरदार ऊधम’ और यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए ट्रेन किया था। आदित्य धर के साथ तो मुस्तफा अहमद का बेहद पुराना कनेक्शन है। उन्होंने आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म ‘धूम धाम’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसमें आदित्य की पत्नी और एक्ट्रेस यामी गौतम भी थीं। बाद में वह ‘धुरंधर’ और अब ‘धुरंधर 2’ में नजर आ रहे हैं। एक समय पर मुस्तफा अहमद, ऋतिक रोशन के पर्सनल ट्रेनर भी रहे, और उन्हें चोट से उबरने में मदद की थी।

ज्योतिषाचार्य के रसूख का पर्दाफाश, सीएम से लेकर महिला आयोग अध्यक्ष तक को करता था प्रभावित

नासिक नासिक से रेप केस में गिरफ्तार ज्योतिषाचार्य अशोक खरात उर्फ कैप्टन खरात की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसके रसूख, पहुंच और प्रभाव की तस्वीरें भी साफ होती जा रही है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे एकनाथ शिंदे ने भी उससे मुलाकात की थी और उसने उनका ‘हाथ’ देखकर भविष्यवाणी की थी.  इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो को लेकर हो रही है, जिसमें महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर उनके पैर धोते हुए दिखाई दे रही हैं. खास बात यह है कि जिस व्यक्ति पर अब महिलाओं से जुड़े गंभीर आरोप हैं, उसी के साथ इस तरह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामले को और संवेदनशील बना रही हैं।  नेताओं और प्रभावशाली लोगों से संपर्क अशोक खरात की पहचान सिर्फ एक ज्योतिषाचार्य तक सीमित नहीं थी. उसके पास राज्य के कई बड़े नेता, कारोबारी और प्रभावशाली लोग पहुंचते थे. कई लोग उसे अपना गाइड मानते थे और महत्वपूर्ण फैसलों से पहले सलाह लेने आते थे. यही वजह थी कि उसका नेटवर्क लगातार मजबूत होता गया और उसकी पहुंच बढ़ती चली गई. उस पर लगे रेप केस की जांच अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते कर रही हैं. उन्होंने आरोपी से करीब दो घंटे तक पूछताछ की है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू को खंगाल रही है।  शिरडी से जुड़ा नया मामला इस बीच शिरडी में एक और शिकायत सामने आई है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है. एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे उसकी आपत्तिजनक तस्वीर भेजकर वायरल करने की धमकी दी गई और पैसे मांगे गए. इस मामले में खरात के ऑफिस से जुड़े कर्मचारी नीरज जाधव का नाम सामने आया है।  करोड़ों की संपत्ति पर भी सवाल जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने पिछले 15 सालों में करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई है. पाथर्डी, सिन्नर, मिरगांव, ओझर और शिरडी जैसे इलाकों में उसकी जमीनें और प्रॉपर्टी हैं. परिवार के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति दर्ज है. खरात की नासिक के पाथर्डी गांव में 30 एकड़ जमीन के बारे में भी पुलिस को पता चला है, जिसकी अनुमानित कीमत 150 करोड़ से ज्यादा की है. इसके अलावा नासिक जिले के सिन्नर तालुका के कहंदलवाड़ी मिरगांव में 45 एकड़ जमीन, 30 करोड़ रुपये से ज्यादा मार्केट वैल्यू वाली परचेज़ डीड, नासिक शहर के पाथर्डी, गौलाने इलाके में पत्नी कल्पना, बेटी सृष्टि और तृप्तबाला के नाम पर अलग जमीनों के कागज मिले हैं. वहीं 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत के  फार्महाउस की भी जांच की जा रही है. इस सब के अलावा कई अन्य इलाकों में भी कीमती जमीनों का पता चला है।  नासिक क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में आरोपी के अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ली. खबर है कि पुलिस ने 58 वीडियो जब्त किए हैं. बताया जा रहा है कि ये वीडियो कुछ मशहूर महिलाओं और सेलिब्रिटी से जुड़े लोगों के हैं. पुलिस द्वारा ज़ब्त किए गए वीडियो की पूरी जांच चल रही है, और उम्मीद है कि इससे और भी चौंकाने वाली बातें सामने आ सकती हैं।  पहले भी उठते रहे विरोध अंधविश्वास के खिलाफ काम करने वाले संगठनों ने पहले भी अशोक खरात के खिलाफ विरोध जताया था. उनका कहना था कि वह लोगों की आस्था का गलत इस्तेमाल कर रहा है. लेकिन तब यह मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया. अब गिरफ्तारी के बाद वही मुद्दे फिर से चर्चा में हैं।  इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं की शिकायतें हैं. एक ओर दुष्कर्म का आरोप है, वहीं दूसरी ओर ब्लैकमेलिंग से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं. इससे यह सवाल उठता है कि क्या प्रभाव और पहुंच के कारण पहले शिकायतें सामने नहीं आ पाईं। 

पेटेंट हटने से सस्ती होगी दवाइयां, ₹16,000 की दवा अब मिलेगी ₹1,500 में

नई दिल्‍ली  डेनमार्क की दिग्गज दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) के साल्ट ‘सेमाग्लूटाइड’ (Semaglutide) पर पेटेंट इसी सप्‍ताह समाप्‍त हो जाएगा. कंपनी द्वारा इसी सॉल्‍ट का इस्‍तेमाल कर वजन घटाने के लिए ‘ओजेम्पिक’ और डायबिटीज नियंत्रण के लिए ‘वेगोवी’ नामक दवा बनाई जाती हैं. पेटेंट की वजह से ये दोनों ही दवाएं काफी महंगी है. लेकिन, पेटेंट समाप्ति के बाद अन्‍य कंपनियां भी सेमाग्‍लूटाइड का इस्‍तेमाल कर वजन घटाने और डायबिटीज की जेनेरिक दवाएं बना सकेंगी. इससे आम आदमी को सस्‍ती दवाएं मिलने लगेंगी।  वर्तमान में नोवो नॉर्डिस्क की वजन घटाने वाली दवा ओजेम्पिक की मासिक खुराक की कीमत करीब 8000 से 11,000 रुपये तक पड़ती है. डायबिटीज दवा वेगावी का महीने का खर्च 16400 रुपये तक होता है. कीमत ज्‍यादा होने की वजह से यह आम आदमी की पहुंच से बाहर है. दवा बाजार जानकारों का कहना है कि जेनेरिक दवा इससे करीब 60 फीसदी तक सस्‍ती होगी. शुरुआती दौर में जेनेरिक दवाओं की मासिक कीमत 3,000 से 5,000 रुपये के बीच रह सकती है, लेकिन जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी यह और गिरकर 1,500 से 2,500 रुपये तक आ सकती है।  मोटापे और डायबिटीज के करोड़ों मरीज चीन के बाद डायबिटीज मरीजों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भारत में ही है. वहीं, लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक भारत में 44 करोड़ से अधिक लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं. फार्मारैक के अनुमान के मुताबिक, भारत का मोटापा-रोधी दवा बाजार 2030 तक 80 अरब रुपये तक पहुंच सकता है, जो वर्तमान में करीब 15 अरब रुपये है. सस्ती दवाओं की उपलब्धता से निम्न और मध्यम आय वर्ग के मरीज भी अब वैज्ञानिक तरीके से वजन घटाने का उपचार ले सकेंगे. यह कदम भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा।  50 से ज्यादा ब्रांड्स दवा बनाने को तैयार नोवो नॉर्डिस्क का पेटेंट खत्‍म होने का असर है कि सन फार्मा (Sun Pharma), मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma), डॉ. रेड्डीज (Dr. Reddy’s), जायडस (Zydus), ल्यूपिन (Lupin) और अल्केम (Alkem) जैसी 40 से अधिक कंपनियां अगले कुछ हफ्तों में सेमाग्लूटाइड के 50 से ज्यादा जेनेरिक संस्करण लॉन्च करने वाली हैं. कुछ कंपनियां तो इतनी तैयार हैं कि पेटेंट खत्म होने के अगले ही दिन अपने उत्पाद बाजार में उतार देंगी. इससे न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि मरीजों के पास चयन के लिए कई विश्वसनीय विकल्प भी मौजूद होंगे। 

IPL के इंजर्ड प्लेयर्स ने पाकिस्तान सुपर लीग पर लटकाया ताला, PCB में मच गया हड़कंप

 नई दिल्ली IPL (इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग ) 2026 शुरू होने से पहले ही खिलाड़ियों की चोटों ने फ्रेंचाइजियों की रणनीति हिला दी है. तेज गेंदबाजों की कमी को पूरा करने के लिए अब टीमों की नजर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेल रहे खिलाड़ियों पर है।  हाल ही में जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेस‍िंग मुजाबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड का साथ छोड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) जॉइन की, जिसने पूरे मामले को और गर्म कर दिया है।  इससे पहले भी ऐसा हो चुका है. पिछले सीजन में साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर कॉर्ब‍िन बॉश ने पेशावर जाल्मी को छोड़कर मुंबई इंडियंस का दामन थामा था. ऐसे में यह ट्रेंड अब बढ़ता नजर आ रहा है।  अब सोशल मीडिया पर चर्चा है कि ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन और साउथ अफ्रीका के  ओटनील बार्टमैन भी IPL टीमों के रडार पर हैं. इसकी बड़ी वजह IPL में तेज गेंदबाजों की चोटें हैं।  यानी साफ है कि IPL के इंजर्ड प्लेयर्स की चोटें पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के लिए टेंशन बढ़ गई है, ऐसे में वो अपने लिए अपने लिए ख‍िलाड़ी कहां से लाएगा।  चेन्नई सुपर किंग्स के नाथन एल‍िस, राजस्थान रॉयल्स के सैम करन और कोलकाता के हर्षित राणा जैसे खिलाड़ी पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं. वहीं ऑस्ट्रेल‍ियाई पेस बैटरी जोश हेजलवुड , पैट कम‍िंस, म‍िचेल स्टार्क के खेलने पर रहस्य बना हुआ है. मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड में से कोई भी अपनी फ्रेंचाइजी के लिए उपलब्ध नहीं होगा।  श्रीलंका के नुवान थुसारा के खेलने पर सस्पेंस है, वहीं मथीशा पथ‍िराना के कोलकाता के लिए खेलने को लेकर हरी झंडी मिल चुकी है।  PSL के कौन से गेंदबाज IPL में आएंगे?  ऐसे में IPL टीमों के पास PSL में मौजूद खिलाड़ियों को विकल्प के तौर पर देखने के अलावा ज्यादा रास्ते नहीं हैं. इस्लामाबाद यूनाइटेड के पास र‍िचर्ड ग्लीसन और शमार जोसेफ जैसे ऑप्शन हैं. शमार जोसेफ पिछले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा रह चुके हैं।  क्वेटा ग्लैडिएटर्स के पास अल्जारी जोसेफ हैं, जो IPL में अच्छा अनुभव रखते हैं. वहीं अन्य टीमों में र‍िले मेरड‍िथ और 41 साल के अनुभवी पीडर स‍िडल शाम‍िल हैं, जो अब भी 140 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं।  IPL में चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट लगातार बढ़ती जा रही है. मुंबई इंडियंस के अथर्व अंकोलेकर और चेन्नई के नाथन एलिस पहले ही बाहर हो चुके हैं, जबकि राजस्थान के सैम करन भी टूर्नामेंट से बाहर हैं. बाकी कई खिलाड़ी अन‍िश्च‍ित स्थ‍ित‍ि में है।  ऐसे हालात में यह लगभग तय माना जा रहा है कि IPL फ्रेंचाइजियां PSL में खेल रहे खिलाड़ियों को ऑफर दे सकती हैं. हालांकि, अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के लिए यह एक और बड़ा झटका साबित होगा।  IPL की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है, वहीं पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 (11वां सीजन) का आयोजन 26 मार्च से 3 मई 2026 के बीच होना है. इस सीजन में दो नई टीमों के शामिल होने से टीमों की संख्या 6 से बढ़कर 8 हो गई है, और कुल 44 मैच खेले होंगे।   

रिश्वतखोरी का भंडाफोड़: CSEB ग्रामीण कार्यालय में ACB रेड, तीन आरोपी रंगे हाथों पकड़े

जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने CSEB (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) के ग्रामीण कार्यालय में छापा मारकर तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, जेई राजेंद्र शुक्ला, एई विजय नोरगे और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। यह रिश्वत एचटी लाइन विस्तार (HT Line Expansion) के लिए एक उपभोक्ता से मांगी गई थी पर उपभोक्ता रिश्वत देना नहीं चाहते थे। बिना रिश्वत के काम नहीं करने पर परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय बिलासपुर में मामले की शिकायत की थी। ACB को शिकायत मिली थी कि संबंधित अधिकारी काम के एवज में पैसे की मांग कर रहे हैं। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। केमिकल युक्त नोटों के साथ प्रार्थी को रिश्वत देने बिजली ऑफिस में भेजा। जैसे ही सीएसईबी ग्रामीण कार्यालय में रिश्वत ली गई वैसे ही एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्यालय के बाहर तैनात टीम ने कार्यालय में छापा मारा। छापेमारी में जेई राजेंद्र शुक्ला, एई विजय नोरगे और कंप्यूटर ऑपरेटर को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एसीबी तीनों से कार्यालय में पूछताछ कर रही है।

हमारी गेंदबाजी सबसे बड़ी ताकत – IPL 2026 से पहले ऋषभ पंत ने भरत अरुण की तारीफ की

नई दिल्ली आईपीएल के पिछले सत्र में गेंदबाजी लखनऊ सुपर किंग्स की कमजोर कड़ी थी लेकिन कप्तान ऋषभ पंत का कहना है कि सहयोगी स्टाफ में भरत अरूण के आने से इस विभाग में टीम को मजबूत करने में काफी मदद मिल रही है। पंत ने जियोस्टार से बातचीत में लखनऊ टीम के चेन्नई में लगाये गए शिविर और भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच अरूण के जुड़ने से टीम के युवा तेज गेंदबाजों को मिल रही मदद के बारे में बताया। ऋषभ पंत ने कहा ,” तेज गेंदबाजों के साथ शिविर बेहतरीन रहा । भरत अरूण सर के आने से काफी मदद मिल रही है । हमने इस पर काफी बात की है कि मैं गेंदबाजों से क्या चाहता हूं और वह इसमें क्या मदद कर सकते हैं ।” उन्होंने कहा ,”वह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी कोचों में से एक हैं और उनके साथ काम करने के अनुभव के कारण मुझे पूरा भरोसा है । वह अपने साथ अपार अनुभव लाये हैं । गेंदबाजों को उन पर भरोसा है और वे उनसे बात करते हैं । आपको एक गेंदबाजी कोच से यही चाहिये होता है ।” पंत ने कहा ,” पिछले सत्र का प्रदर्शन देखें तो हमें गेंदबाजी में सुधार की जरूरत थी । इसमें अरूण सर हमारी मदद कर सकते हैं और मुझे खुशी है कि वह टीम के साथ हैं ।” ड्रेसिंग रूम में सबसे मजाकिया इंसान पंत ने कहा कि इससे तनाव के पलों में माहौल हल्का करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा ,” मुझे लगता है कि हंसी मजाक सबको पसंद है क्योंकि माहौल वैसे ही इतना तनावपूर्ण है । हर कोई एक दूसरे के साथ का आनंद लेना चाहता है। बहुत सारा तनाव लेकर मजा नहीं आता और आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते।” टीम प्रबंधन के मुताबिक लखनऊ सुपर जायंट्स के सभी भारतीय खिलाड़ी पहले ही टीम से जुड़ चुके हैं, शुक्रवार से ओवरसीज खिलाड़ियों का आना भी शुरू हो जाएगा। इसके बाद अभ्यास में और तेजी आएगी।  

चुनाव बाद थलपति विजय की शादी तृषा कृष्णन से? जानें सच

मुंबई  साउथ स्टार थलपति विजय फिल्मों के बाद तमिल राजनीति में कदम रख चुके हैं. इन दिनों हर ओर से उनका नाम सुर्खियों में है. बात चाहें फिल्म या राजनीति की हो, या फिर उनकी निजी जिंदगी की. तमिलनाडु चुनाव से ठीक पहले उनकी पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी दी है. तलाक की खबरों के बीच उनका नाम एक्ट्रेस तृषा कृष्णन संग जोड़ा जा रहा है. खबरें हैं कि इलेक्शन के बाद दोनों शादी कर सकते हैं।  क्यों हुई शादी की चर्चा? शादीशुदा थलपति विजय और तृषा  के रोमांस की चर्चा उनकी फिल्म ‘लियो’ के बाद शुरू हुई थी. फिल्म के बाद वो सोशल मीडिया, पब्लिक इवेंट और सेलिब्रिटी शादियों में साथ दिखाई देने लगे थे. इससे उनके डेटिंग की अफवाहें शुरू हुईं. विजय की तरह तृषा को भी राजनीति में गहरी रूची है, इससे दोनों की बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग होती गई।  थलपति विजय की पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी देते हुए एक्टर पर एक्स्ट्रा मैरिटल का आरोप लगाया हुआ है. ये भी कहा जा रहा है कि तलाक में विजय पत्नी को 200 करोड़ की एलिमिनी देंगे. सोशल मीडिया पर एक्टर की दूसरी शादी बज शुरू हो गया है. एक वायरल रील में दावा किया गया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद दोनों रिश्ता ऑफिशियल करेंगे. बात तब और गरमाई जब तृषा की मां उमा कृष्णन ने उस रील को लाइक कर दिया है।  एक ओर थलपति विजय का घर टूटने के कगार पर है. दूसरी ओर तृषा कृष्णन 11 साल पहले अपनी सगाई तोड़ चुकी हैं. 2015 में तृषा ने चेन्नई के बिजनेसमैन वरुण मनियन से सगाई की थी. जल्द ही दोनों शादी करने वाले थे. लेकिन पांच महीने बाद उन्होंने सगाई तोड़ दी. एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने बताया था कि उन्हें शादी में विश्वास है, लेकिन वो किसी दबाव में आकर ये फैसला नहीं लेना चाहती. ये भी कहा गया कि उनके पार्टनर ने उन्हें अभिनय छोड़ने के लिए कहा था. इसलिए उन्होंने सगाई तोड़ दी।  अब विजय और तृषा अपना रिश्ता कब ऑफिशियल करते हैं. इसका इंतजार हर किसी को है. फिलहाल दोनों में से किसी ने इस पर कुछ. नहीं कहा है। 

छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न हुई 6 दिवसीय फेम ट्रिप, पर्यटन को मिली नई दिशा

रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से राज्य के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 13 से 18 मार्च तक आयोजित 6 दिवसीय विशेष फेम (FAM) ट्रिप सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह आयोजन राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच और पर्यटन को आर्थिक विकास के प्रमुख साधन के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस ट्रिप में देश के विभिन्न राज्यों—दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, चेन्नई, बेंगलुरु एवं अंडमान-निकोबार से आए लगभग 30 टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट्स ने भाग लिया। इन प्रतिभागियों को दो समूहों में विभाजित कर उत्तर एवं दक्षिण छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। उत्तर छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, मैनपाट, रामगढ़ और जशपुर जैसे स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता एवं इको-टूरिज्म संभावनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में कांगेर घाटी, कोंडागांव, जगदलपुर, चित्रकोट, दंतेवाड़ा, बारसूर एवं धुडमारास जैसे स्थलों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कराया गया। फेम ट्रिप के दौरान बस्तर स्थित विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात ने प्रतिभागियों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जहां उन्होंने बोटिंग के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। चित्रकोट के प्राचीन शिव मंदिर में दर्शन कर उन्होंने आध्यात्मिक अनुभव भी प्राप्त किया। इसके अलावा स्थानीय हाट-बाजारों का भ्रमण कर प्रतिभागियों ने जनजातीय जीवनशैली, पारंपरिक आयोजनों और सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझा, जो छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान है। ऐतिहासिक नगरी बारसूर के बत्तीसा मंदिर एवं प्राचीन गणेश प्रतिमाओं का अवलोकन कर राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने बस्तर संभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर पर्यटन विकास, सुरक्षा व्यवस्था एवं बुनियादी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की, जिससे राज्य में पर्यटन के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण का विश्वास मजबूत हुआ। मैनपाट एवं जशपुर क्षेत्र में इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे मॉडल की संभावनाओं को प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार की योजनाओं और पहल की सराहना की गई। कुनकुरी का गिरजाघर, राजपुरी जलप्रपात तथा केरे विलेज के महुआ होमस्टे जैसे स्थलों ने यह सिद्ध किया कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विविध आयाम विकसित किए जा सकते हैं। फेम ट्रिप का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव यह है कि इसमें शामिल टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट्स अपने-अपने राज्यों में छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए और आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रचारित करेंगे। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, खासकर होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड सेवा, हस्तशिल्प एवं स्थानीय बाजारों को सीधा लाभ मिलेगा। जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय संस्कृति को संरक्षण एवं पहचान मिलेगी, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त, इस प्रकार के आयोजनों से राज्य की सकारात्मक छवि राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है, जिससे निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलता है और पर्यटन अधोसंरचना के विकास को गति मिलती है। समापन समारोह में पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने ट्रैवल पार्टनर्स से छत्तीसगढ़ को देशभर में बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही बेहतर सुविधाओं, सुरक्षित वातावरण और आतिथ्य की परंपरा पर विश्वास जताया। प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने भी प्रतिभागियों से अपने अनुभवों को व्यापक स्तर पर साझा करने और अधिक पर्यटकों को छत्तीसगढ़ लाने में सहयोग करने की अपील की। प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आत्मीय आतिथ्य की सराहना करते हुए इसे “हिडन जेम” बताया और भविष्य में यहां अधिक पर्यटकों को लाने का भरोसा जताया। यह 6 दिवसीय फेम ट्रिप छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड एवं राज्य सरकार की प्रभावी रणनीति का प्रमाण है, जो राज्य को देश के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

PAK की नापाक साजिश: सेना की जासूसी के लिए दिल्ली से कश्मीर तक CCTV कैमरे लगाने की कोशिश

गाजियाबाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. अब तक इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश जारी है. आरोपियों ने पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर भारतीय सेना की जासूसी की योजना बनाई थी।  जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क दिल्ली और सोनीपत रेलवे स्टेशन समेत कई महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों में सोलर पावर्ड CCTV कैमरे लगाकर लाइव फीड पाकिस्तान भेजने की योजना बना रहा था. इन कैमरों के जरिए सेना की मूवमेंट, हथियार और अन्य संवेदनशील जानकारी भेजी जानी थी।  पाकिस्तान ISI का जासूसी रैकेट का खुलासा  जासूसी नेटवर्क का संचालन सुहैल मलिक उर्फ रोमियो, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर कर रहे थे. सुहैल मलिक को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जबकि साने इरम उर्फ महक इस नेटवर्क को चलाने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी. इसके अलावा प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार भी गिरफ्तार हुए हैं. पूछताछ में पता चला कि नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और नेपाल तक फैला हुआ था।  CCTV और GPS लोकेशन का इस्तेमाल आरोपियों ने रेलवे स्टेशन और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की लाइव वीडियो और GPS लोकेशन विदेश में बैठे हैंडलर्स को भेजी. इसके लिए मोबाइल फोन में एक खास एप्लिकेशन इंस्टॉल किया गया था, जिसकी ट्रेनिंग ऑनलाइन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने दी थी. नेटवर्क के कई आरोपियों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर कैमरे छिपाकर लगाये. पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया है।  14 मार्च से SIT की कार्रवाई इस मामले की शुरुआत 14 मार्च 2026 को हुई, जब थाना कौशांबी पुलिस को भोवापुर इलाके में कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली. इसके बाद BNS की धारा 61(2)/152 और ऑफिशियल एक्ट की धारा 3/5 के तहत केस दर्ज किया गया. 5 युवक और 1 महिला को गिरफ्तार किया गया।  पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कई आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और महत्वपूर्ण लोकेशन मिलीं. इनके खिलाफ जांच के लिए एसआइटी गठित की गई. SIT में एसीपी रैंक के दो अधिकारी और चार इंस्पेक्टर शामिल हैं. इसमें अपराध शाखा, खुफिया विभाग, साइबर क्राइम टीम और SWAT टीम की मदद ली जा रही है।  20 मार्च को 9 और आरोपी गिरफ्तार SIT ने 20 मार्च को 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल थे. गिरफ्तार आरोपियों में गणेश, विवेक, गगन कुमार प्रजापति और दुर्गेश निषाद के नाम सामने आए. पूछताछ में पता चला कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर रेलवे और सुरक्षा ठिकानों की रेकी करते और फोटो, वीडियो व GPS लोकेशन भेजते थे।  जासूसी नेटवर्क ने भारतीय मोबाइल नंबरों के OTP विदेश भेजकर व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने की योजना बनाई थी. इसके लिए आरोपी 500 से 5000 रुपये तक लेते थे. सिम कार्ड हासिल करने के लिए स्नैचिंग, एजेंट्स से प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीदना और अपने या परिवार के नाम पर सिम लेना जैसे तरीके अपनाए गए. पैसे के लेन-देन के लिए UPI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, लेकिन सीधे खाते में पैसे नहीं लिए. इसके बजाय जन सेवा केंद्रों या दुकानों के जरिए ट्रांसफर कर नकद राशि हासिल की जाती थी।  मोबाइल, OTP और सिम कार्ड के जरिए जासूसी जांच में यह भी पता चला कि नेटवर्क ने तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को अपने साथ जोड़ा था, जैसे मोबाइल मैकेनिक, CCTV ऑपरेटर और कंप्यूटर से जुड़े लोग. इन युवाओं को पैसों के लालच और विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देशों के तहत शामिल किया गया. पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों नौशाद अली और समीर की तलाश में लगी हुई है. जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इसके पीछे की साजिश की गहनता से जांच कर रही हैं. यह मामला देश की सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। 

रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका से मिला रक्षा महाविद्यालय का अध्ययन दल, की सौजन्य भेंट

रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका से आज रक्षा महाविद्यालय (NDC) नई दिल्ली के अध्ययन दल ने सौजन्य भेंट की। रक्षा महाविद्यालय द्वारा “National Security and Strategic Studies” विषय पर Understanding India Study Tour (UIST)  के अंतर्गत 16 सदस्यों का दल 15 से 20 मार्च तक छत्तीसगढ़ भ्रमण पर था। अपनी यात्रा के अंतिम दिन आज इस दल ने राज्यपाल डेका से मुलाकात की। अध्ययन दल में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण, मित्र देशों के सेनाधिकारी तथा कुछ सिविल सेवाओं के अधिकारीगण शामिल थे। इस दल ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटक स्थलों, जैसे-बारनवापारा अभ्यारण्य, ट्राइबल म्यूजियम, पुरखैती मुक्तांगन, बस्तर के विभिन्न जलप्रताप, कोन्डागांव के शिल्पग्राम इत्यादि का भ्रमण किया।            राज्यपाल डेका ने अध्ययन दल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक सुंदर प्रदेश है। आप सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों को अपने भ्रमण और छत्तीसगढ़ की खूबसूरती के बारे में बताएं, ताकि वे भी पर्यटक के रूप में यहां आ सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की विशेषताओं के बारे में अध्ययन दल से चर्चा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां पर धान की प्रजातियों को संरक्षित करके रखा गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की शिल्प कला जैसे ढोकरा आर्ट, वुडन आर्ट, बैम्बु आर्ट के बारे मंे भी चर्चा की। इस प्रदेश में प्रतिभाशाली लोगों की भी कमी नही है, अमेरिका के ह्यूस्टन में छत्तीसगढ़ के हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके अलावा अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़ के प्रवासी लोगों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) अमेरिका में स्वदेशी मेले का आयोजन करते है, जहां पर छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया जाता है। उन्होंने इस दौरान ऊर्जा के नवीनीकृत स्रोतों को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही। डेका ने छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के बारे में भी अध्ययन दल को अवगत कराया।           अध्ययन दल के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सुंदर, संस्कृति, कला और परंपराओं की सराहना की। अध्ययन दल ने छत्तीसगढ़ के आतिथ्य की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग सीधे सरल और आत्मीय है। हम सभी को यहां आकर बहुत अच्छा लगा। अध्ययन  दल के सदस्यों ने प्रदेश में संचालित लोककल्याणकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन, कृषक उन्नति योजना, नक्सल पुनर्वास नीति आदि की सराहना की। 

रानी अवंतीबाई के बलिदान को श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- यह अविस्मरणीय रहेगा

मातृभूमि की रक्षा की लिए रानी अवंतीबाई का बलिदान सदियों तक रहेगा अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी अवंतीबाई की स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रूपए से निर्मित संग्रहालय का किया लोकार्पण सागर में रानी अवंतीबाई के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर हमने दी है वीरांगना को श्रद्धांजलि रानी अवंतीबाई बलिदान दिवस पर डिंडोरी में हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वीरांगनाओं की धरती है। रानी दुर्गावती से लेकर रानी कमलापति और रानी अवंतीबाई तक हमारी लोकनायिकाओं और वीरांगनाओं ने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे। मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी अवंतीबाई ने जो बलिदान दिया, वह सदियों-सदियों तक अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रानी अवंतीबाई के बलिदान दिवस के अवसर पर डिंडोरी जिले में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी अवंतीबाई के अटल साहस और अमर त्याग को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में डिंडोरी में एक करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित भव्य संग्रहालय का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय हमें रानी अवंतीबाई के बल और बलिदान की याद दिलाता रहेगा। इस संग्रहालय में उनकी फोटो गैलरी और उनके शस्त्र हमारी आने वाली पीढ़ियों को युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ते हुए अपने नायकों के पराक्रम को भी याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म तत्कालीन सिओनी (वर्तमान सिवनी) जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। कहते हैं कि रणभूमि में उनकी तलवार जब चलती थी, तो अंग्रेजों के हौसले पस्त हो जाते थे। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में डिंडोरी में रानी अवंतीबाई की भूमिका ठीक वैसी ही थी, जैसी झांसी में रानी लक्ष्मीबाई की। जब अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को तोप से उड़ाकर कायरता दिखाई, तब इस पूरे क्षेत्र में क्रांति की मशाल रानी अवंती बाई ने अपने हाथ में ली थी। सन् 1857 की क्रांति में रानी अवंतीबाई ने रेवांचल में मुक्ति आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद सन् 1858 में जब अंग्रेजों ने एक विशाल सेना के साथ उन पर हमला किया, त‍ब भी रानी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। अपने मान-सम्मान और देश की अस्मिता के लिए उन्होंने लड़ते-लड़ते, हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने रानी अवंती बाई की शहादत को अविस्मरणीय बनाए रखने के लिए सागर में उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडोरी जिला उनके हृदय के करीब है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प के साथ जिला प्रशासन डिंडोरी ने एक ही दिन में 50 हजार से ज्यादा महिलाओं और बेटियों की स्वास्थ्य जांच की। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी का नाम ‘एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। 14 से 15 साल की बेटियों को टीकाकरण (एचपीवी अभियान) में भी डिंडोरी जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के सपनों को पंख देने के लिए डिंडोरी जिले में ‘पंखिनी अभियान’ चलाया जा रहा है। इसमें बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। यह एक अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए जिला प्रशासन डिंडोरी को बधाई भी दी। डिंडोरी जिले के ग्राम बालपुर में हुए रानी अवंती बाई बलिदान दिवस कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, उपाध्यक्ष श्रीमती अंजू ब्यौहार, जनपद पंचायत डिंडोरी की अध्यक्ष श्रीमती आशा सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी बाई ठाकुर, जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, नरेन्द्र राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

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