जनसुनवाई में हंगामा: सरकारी आदेश के बाद भी नहीं हटा हरन्या का अवैध कब्जा, कांग्रेस नेत्री ने एसडीएम के सामने फाड़ा आवेदन
जनसुनवाई में हंगामा: सरकारी आदेश के बाद भी नहीं हटा हरन्या का अवैध कब्जा, कांग्रेस नेत्री ने एसडीएम के सामने फाड़ा आवेदन Uproar in public hearing: Despite government orders, illegal occupation of Harnya was not removed, Congress leader tore the application in front of SDM हरिप्रसाद गोहे आमला। जनपद पंचायत आमला में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में उस समय बवाल मच गया जब कांग्रेस नेत्री सीमा अतुलकर ने एसडीएम शैलेन्द्र बड़ोनिया के सामने अपना आवेदन फाड़कर फेंक दिया। नेत्री ग्राम पंचायत हरन्या की शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण नहीं हटने की शिकायत लेकर पहुंची थीं। एसडीएम-नेत्री में तीखी बहस जनसुनवाई में एसडीएम बड़ोनिया जनता की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान सीमा अतुलकर ने कहा कि हरन्या में अवैध अतिक्रमण हटाने का सरकारी आदेश 02.12.2025 को जारी हो चुका है, लेकिन महीनों बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्साई नेत्री ने कहा, “अधिकारियों की अनदेखी से जनता परेशान है। आवेदन देने से क्या फायदा जब कार्यवाही ही नहीं होती?” और आवेदन फाड़ दिया। क्या है पूरा मामला किसान संघर्ष समिति तहसील आमला ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। तहसील अध्यक्ष दिनेश यदुवंशी का आरोप है कि ग्राम हरन्या के खसरा नंबर 47/1/1, 47/1/2 एवं खसरा नं. 245, 83 की शासकीय पहाड़-चट्टान वाली भूमि को समतल कर अवैध प्लॉट काटे जा रहे हैं। सरपंच, सचिव व पटवारी की मिलीभगत से पट्टे के नाम पर मोटी रकम लेकर जमीन बेची जा रही है। कलेक्टर के निर्देश भी बेअसर नवागत बैतूल कलेक्टर के निर्देश पर हर मंगलवार जनपद में जनसुनवाई लगाई जा रही है ताकि लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। मगर तय समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण न होने से नाराजगी बढ़ रही है। शिकायतें ज्यादा, समाधान कम हो रहे हैं। किसान संघर्ष समिति ने दोषी पर कार्यवाही की मांग की है। इस विषय में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आमला शैलेन्द्र बड़ोनिया से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।