There’s no water at the Railway Stadium. How can the players practice? They say their throats are drying up.
- बाथरूम की भी सुविधा नहीं, 150 खिलाड़ी और सैकड़ों लोग होते हैं परेशान।
हरिप्रसाद गोहे
आमला। नगर के रेलवे स्टेडियम में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से खिलाड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह व शाम को प्रैक्टिस करने आने वाले खिलाड़ियों को अपने साथ पानी की बोतल लानी पड़ती है। अगर कोई खिलाड़ी बिना पानी के आ जाता है तो स्टेडियम के आसपास भी पानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में खिलाड़ी को बीच अभ्यास में ही घर लौटना पड़ता है। बताया गया स्टेडियम में सुबह व शाम को करीब 100 से 150 खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए आते हैं। साथ ही नगर और ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी सैर करने पहुंचते हैं। रात 9 बजे तक यहां भीड़ रहती है। बच्चों के साथ उनके पैरेंट्स भी आते हैं। गौरतलब हो की इसी स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिताए भी हो चुकी है। इस दौरान भी विभाग ने पीने के पानी के लिए कोई स्थायी सुविधा तक नहीं बनाई। प्रतियोगिता के दौरान सिर्फ पानी के टैंकर मंगवाकर काम चलाया गया। कार्यक्रमों में प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण करते हैं, लेकिन आज तक स्टेडियम में पानी की समस्या की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। वहीं पानी के अभाव के साथ खिलाड़ियों को स्टेडियम में बाथरूम की सुविधा भी नहीं मिल रही है। खिलाड़ियों के कोच ने बताया अभ्यास में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है खो-खो कोच दुर्गेश धुर्वे, जीत नागले और ऋतिक प्रजापति ने कहा कि प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ियों को काफी पसीना बहाना पड़ता है और प्यास भी लगती है, लेकिन स्टेडियम में आसपास पानी नहीं है। घर से ही केन से पानी लाना पड़ता है।
इनका कहना है
नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे ने कहा, “रेलवे स्टेडियम इंचार्ज से बात करके पीने के पानी की व्यवस्था जल्द बनाई जाएगी।”









