बोले—पहले बताते तो न होता खर्च Child marriage stopped before the wedding procession: The marriage was postponed due to the strictness of the administration, the father said – if I had told you earlier, there would have been no expense. हरिप्रसाद गोहे बैतूल/आमला । बैतूल जिले के आमला ब्लॉक अंतर्गत बिसखान पंचायत के खारी गांव में एक बाल विवाह को प्रशासन ने ऐन मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। बारात आने से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से शादी टल गई और प्रशासन की तत्परता से एक नाबालिग की जिंदगी बचाई जा सकी। जानकारी के अनुसार, खारी गांव में एक परिवार अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ था। छिंदवाड़ा जिले से बारात आने वाली थी और घर में मेहमानों के स्वागत के लिए भोजन सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई थीं। इसी दौरान प्रशासन को बाल विवाह की सूचना मिली, जिस पर एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया के मार्गदर्शन में टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान लड़की के दस्तावेजों में उम्र को लेकर विरोधाभास सामने आया। जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड में लड़की की उम्र बालिग दर्शाई गई, जबकि आंगनवाड़ी रिकॉर्ड और सर्वे पंजी में उसे नाबालिग पाया गया। दस्तावेजों में 11 अप्रैल 2008 और 11 अप्रैल 2011 की अलग-अलग जन्म तिथियां दर्ज थीं। प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट होने पर बाल विवाह को तत्काल रुकवा दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद परिजन भी मान गए और उन्होंने लड़की के 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने पर सहमति जताई। हालांकि इस कार्रवाई से लड़की के पिता भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पहले ही स्पष्ट जानकारी दी जाती, तो वे इतनी तैयारी और खर्च नहीं करते। उनका कहना था कि समय रहते सूचना मिलने पर भोजन बनाने और मेहमान बुलाने से बचा जा सकता था। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। गांव में शादी की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं, इसके बावजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा, पटवारी, कोटवार और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा समय पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया। आमला के सीडीपीओ निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि स्थानीय कार्यकर्ता द्वारा करीब 15 दिन पहले परिवार को समझाइश दी गई थी, लेकिन परिजन नहीं माने। यदि उच्च अधिकारियों को समय पर सूचना मिलती, तो पहले ही कार्रवाई की जा सकती थी। इस दौरान परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर, तहसीलदार ऋचा कौरव, पर्यवेक्षक देवा बेले सहित राजस्व और महिला बाल विकास विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन अब इस मामले में लापरवाही बरतने वाले स्थानीय अमले के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।