Traders are angry with the decision to remove shops, they said – first rehabilitation, then action
हरिप्रसाद गोहे
आमला। आमला नगर पालिका क्षेत्र के वन विभाग कार्यालय के पास वर्षों से संचालित छोटी-छोटी दुकानों को हटाने की तैयारी से व्यापारियों में भारी नाराजगी है।
दुकानदारों का कहना है कि यही दुकानें दर्जनों परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन हैं। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानें हटाना गरीबों के साथ अन्याय होगा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ केवल दुकानें हटाने पर जोर दे रहे हैं, जबकि पुनर्वास को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

व्यापारियों ने मांग की कि पहले सभी प्रभावित दुकानदारों के लिए उचित स्थान की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रोजी-रोटी छीनी गई तो वे धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि वे शहर के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर गरीबों का रोजगार नहीं छीना जाना चाहिए।









