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शरद पवार ने कहा, ‘‘पिछले 25 साल में हमने पार्टी की विचारधारा को फैलाने की दिशा में काम किया

पुणे  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस साल के अंत में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए तैयार रहने का  आह्वान किया और चुनावों के बाद राज्य की सत्ता पार्टी के हाथों में आने का भरोसा जताया। पवार ने पार्टी कार्यालय में आयोजित राकांपा के 25वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। राकांपा-एसपी ने 2024 के आम चुनावों में विपक्षी गठबंधन के रूप में महाराष्ट्र से लोकसभा की 10 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से आठ पर उसकी जीत हुई। पवार ने अपनी पुत्री एवं बारामती से राकांपा (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में अपनी पार्टी का झंडा फहराया। राकांपा संस्थापक ने कहा, ‘‘पिछले 25 साल में हमने पार्टी की विचारधारा को फैलाने की दिशा में काम किया है और आइए, इसे आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करें। अगले तीन महीनों में राज्य विधानसभा चुनाव होंगे और इसके लिए काम करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है क्योंकि चुनावों के बाद राज्य की सत्ता आपके हाथों में होगी।’’ पवार ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया था। पिछले साल जुलाई में अजित पवार और कुछ अन्य विधायकों के राज्य में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने के बाद राकांपा में विभाजन हो गया था। निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष फरवरी में अजित पवार गुट को असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी घोषित किया था और इस गुट को राकांपा का चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ आवंटित किया था। शरद पवार की पार्टी राकांपा (एसपी) को बाद में ‘‘तुरही बजाते व्यक्ति’’ का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया।  

अमेरिका, ब्रिटेन की खुली चेतावनी के बाद हूती विद्रोही अपनी हरकत से बाज नहीं आ

वॉशिंगटन  इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद यमन के हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देश खुले शब्दों में चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन हूती अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। एक बार फिर विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी में मिसाइल हमले कर दो वाणिज्यिक जहाजों को क्षतिग्रस्त कर दिया। पिछले 24 घंटों में दो जहाजों को निशाना अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने  बताया कि यमन के हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन के खिलाफ मिलिशिया समूह के चल रहे अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में दो जहाजों को निशाना बनाया है। जिन जहाजों को निशाना बनाया गया उनमें से एक का नाम तव्विशी था। स्विस के स्वामित्व वाले जहाज पर लाइबेरियाई झंडा लगा था। इस जहाज पर एंटी शिप बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया था। हालांकि, शुक्र रहा कि चालक दल को कोई चोट नहीं आई। इसे पर भी किया हमला सेंटकॉम के अनुसार, हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई दो मिसाइलें जर्मन स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज नोर्डनी पर गिरीं। इस पर  एंटीगुआ और बारबाडोस के झंडे लगे हुए थे। सेंटकॉम ने कहा कि जहाज को नुकसान पहुंचा। मगर चालक दल का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ। इससे पहले हूतियों ने दावा किया था कि उन्होंने नोर्डनी और तव्विशी पर हमला किया और बाद में आग के हवाले कर दिया था। अमेरिका को बना रहा निशाना बता दें, गाजा में हो रहे इस्राइल हमलों से मध्यपूर्व बौखलाया हुआ है। मध्यपूर्व गाजा में हो रहे हमलों का कारण अमेरिका को मानता है। इसी वजह से हूती विद्रोही अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों के खिलाफ हमले कर रहे हैं। साथ ही कभी ईरान तो कभी जॉर्डन को कभी सीरिया में अमेरिकी सेना और अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले हो रहे हैं। हाल ही में तुर्किये में दो बंदूकधारी एक अमेरिकी कंपनी में घुस गए, उन्होंने कंपनी में मौजूद सात लोगों को को बंधक बना लिया था।

मुश्किल समय में गेंदबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ धैर्य बनाए रखा : बुमराह

न्यूयॉर्क  भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। बुमराह ने इस मामले में हार्दिक को पीछे छोड़ दिया है। बुमराह ने यह उपलब्धि न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी इंटरनेशनल स्टेडियम में आईसीसी टी20 विश्व कप मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में हासिल की। भारत ने यह मैच छह रन से जीता। बुमराह ने मैच में 3.50 की इकॉनमी रेट से चार ओवर में सिर्फ 14 रन देकर तीन विकेट लिए। बुमराह ने कप्तान बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और इफ्तिखार अहमद के विकेट लिए। बुमराह ने 64 टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 18.67 की औसत और 6.44 की इकॉनमी रेट से 79 विकेट लिए हैं, जिसमें 3/11 का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा है। हार्दिक ने 94 टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 4/16 के सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों के साथ 78 विकेट लिए हैं। टी-20 प्रारूप में भारत के लिए अग्रणी विकेट लेने वाले स्पिन अनुभवी युजवेंद्र चहल हैं, जिन्होंने 80 खेलों में 25.09 की औसत और 8.19 की इकॉनमी रेट से 6/25 के सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों के साथ 96 विकेट लिए हैं। दूसरे स्थान पर भारत के स्विंग विशेषज्ञ भुवनेश्वर कुमार हैं, जिन्होंने 87 मैचों में 23.10 की औसत और 6.96 की इकॉनमी रेट से 90 विकेट लिए हैं, तथा उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/4 रहा है। न्यूजीलैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज टिम साउथी टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जिन्होंने 123 मैचों में 23.15 की औसत और 8.13 की इकॉनमी रेट से 157 विकेट लिए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/13 रहा है।   मुश्किल समय में गेंदबाजों ने पाकिस्तान के खिलाफ धैर्य बनाए रखा : बुमराह  टी20 विश्व कप में अपने 4 ओवर में मात्र 14 रन पर तीन विकेट लेने वाले भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने पाकिस्तान के खिलाफ गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना की है। जसप्रीत बुमराह ने अपने चार ओवरों में 14 रन देकर 3 विकेट लिए, जिसमें 15 डॉट बॉल शामिल थे। पाकिस्तान को सिर्फ 36 गेंदों पर 40 रन चाहिए थे, बुमराह ने अच्छी तरह से सेट मोहम्मद रिजवान को आउट कर भारत की जीत मुमकिन की। इसके बाद 119 रन का पीछा कर रही पाकिस्तान की टीम 7 विकेट पर 113 रन ही बना पाई। बुमराह ने मैच के बाद कहा, “हमारे लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि हम कूल रहे। जब हम सुबह बल्लेबाजी कर रहे थे तो गेंदबाजों को मदद मिल रही थी। लेकिन जब हम गेंदबाजी करने आए, तो गेंद सीम नहीं कर रही थी। “इसलिए, हमें अधिक स्टेबल और सटीक होना था। हम एक इकाई के रूप में बहुत शांत और स्पष्ट थे कि हम क्या करना चाहते हैं। इसलिए, हम बहुत खुश हैं कि एक टीम के रूप में हम योगदान करने में सक्षम थे और उस दबाव को बनाया और फिर हम जीत हासिल करने में सक्षम हुए।” पिछले साल बुमराह पीठ की चोट से उबर रहे थे, जिसके कारण वो टी20 विश्व कप 2022 से बाहर थे और घरेलू धरती पर वनडे विश्व कप 2023 में उनके खेलने पर भी संदेह था। लेकिन अब बुमराह अपनी बेहतरीन फॉर्म में हैं और भारत को मैच जिताने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बुमराह ने हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज, अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह की भी तारीफ की, जिन्होंने भारत को पाकिस्तान के खिलाफ जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आगे कहा, “एक गेंदबाजी इकाई के तौर पर हमें अपनी गेंदबाजी पर बहुत गर्व है। हम खुद को बेहतर करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और जितना हो सके टीम की मदद करने की कोशिश करते हैं। इसलिए हम बहुत खुश हैं कि हम इस मैच में ऐसा करने में सफल रहे।” बुमराह ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “एक साल पहले यही लोग कह रहे थे कि मैं शायद दोबारा नहीं खेल पाऊंगा और मेरा करियर खत्म हो जाएगा। लेकिन मैं इस पर गौर नहीं करता। जहां तक मेरा सवाल है, मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहा हूं। मैं अपने सामने मौजूद समस्या का समाधान और चीजों पर नियंत्रण करने की कोशिश करता हूं।”   टी20 विश्व कप: भारत से मिली हार के बाद बाबर ने कहा- हमने बहुत ज्यादा डॉट बॉल खेली  आईसीसी टी 20 विश्व कप मैच में भारत के खिलाफ छह रन से हार के बाद, पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने स्वीकार किया कि उनकी टीम ने पारी के दूसरे भाग में अधिक डॉट बॉल खेली, जिससे शानदार गेंदबाजी के बावजूद उनकी हार हुई। रविवार को न्यूयॉर्क के नासाऊ काउंटी स्टेडियम में गेंद और बल्ले के बीच रोमांचक मुकाबले में 120 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही पाकिस्तान की टीम एक समय जीत की स्थिति में थी, लेकिन इसके बाद जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने अपनी गेंदबाजी से मैच को वापस खींच लिया और भारत को 6 रन से जीत दिला दी। मैच के बाद बाबर ने कहा, हमने अच्छी गेंदबाजी की। बल्लेबाजी में, हमने लगातार दो विकेट खोए और बहुत सारी डॉट बॉल खेली। रणनीति सामान्य रूप से खेलना आसान था। बस स्ट्राइक रोटेशन और कुछ बाउंड्री। लेकिन उस अवधि में (उनके रन-चेज़ के दूसरे भाग में) हमने बहुत सारी डॉट बॉल खेली। हम टेलएंडर्स से बहुत उम्मीद नहीं कर सकते। हमारा दिमाग बल्लेबाजी में पहले छह ओवरों का उपयोग करने पर था। लेकिन एक विकेट गिरने के बाद, हम फिर से उस चरण में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। पिच अच्छी दिख रही थी। गेंद अच्छी तरह से आ रही थी। यह थोड़ी धीमी थी, और कुछ गेंदें अतिरिक्त उछाल वाली थीं। हमें आखिरी दो मैच जीतने हैं। बैठकर अपनी गलतियों पर चर्चा करेंगे, लेकिन आखिरी दो मैचों का बेसब्री से इंतजार है। इस रोमांचक मुकाबले में जीत के बाद भारत दो मैचों में दो जीत और चार अंकों के साथ ग्रुप ए में शीर्ष पर है। पाकिस्तान चौथे स्थान पर है, जिसने अमेरिका और भारत से अपने दोनों मैच हारे हैं। नॉकआउट चरण में उनके पहुंचने की संभावना कम ही दिखती है। मैच की बात करें तो पाकिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, भारतीय बल्लेबाज इस कठिन सतह पर अच्छा … Read more

मंगलवार 11 जून 2024 का राशिफल

मेष राशि- आज आपका दिन सामान्य रहेगा। आत्मविश्वास के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करेंगे। कार्यस्थल पर अफसरों का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का माहौल होगा। अपने भावनाओं को वश में रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें। अपने जीवन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नए प्रयास करें। परिजनों के साथ व्यर्थ में वाद-विवाद से बचें। आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन कार्यों के तनाव से बचें। वृषभ राशि- आज का दिन सामान्य रहने वाला है। व्यापार में धन लाभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन धन से जुड़े फैसले बड़ी सावधानी से लें। बजट के अनुसार ही खर्च करें। मुश्किल घड़ी से निपटने के लिए धन बचत जरूर करें। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। वैवाहिक जीवन की दिक्कतें दूर होंगी। आज जीवनसाथी से वाद-विवाद करने से बचें। इससे रिश्तों में मनमुटाव बढ़ सकता है। मिथुन राशि- रिलेशनशिप की दिक्कतों को सुलझाने की कोशिश करें। ऑफिस में कड़ी मेहनत और लगन के साथ सभी टास्क हैंडल करें। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और धन से जुड़े फैसले बड़ी होशियारी से लें। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। धन से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। आज नया बजट बनाएं और जरूरी वस्तुओं की प्राथमिकताओं के अनुसार ही धन खर्च करें। विद्यार्थियों के ट्यूशन फीस या बुक खरीदने के लिए पैसे खर्च होंगे। कर्क राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आय के नए साधनों से धन लाभ होगा। धर्म-कर्म के कार्यों में व्यस्थ रहेंगे। कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलेंगी। ऑफिस में नई पहचान बनेगी। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। माता के सहयोग से धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे, लेकिन अनियोजित खर्चों में वृद्धि भी होगी।  आलस्य से बचें और जीवन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। सिंह राशि- प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की के भरपूर अवसर मिलेंगे। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आत्मसंयत रहें। घर में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है। वाणी में मधुरता आएगी। ऊर्जा और उत्साह की कमी नहीं होगी। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और प्रेम-संबंधों में मिठास आएगी। आज इंकम कम और खर्चों की अधिकता रह सकती है। इसलिए सोच-समझकर धन खर्च करें। कन्या राशि- सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। लेखानादि-बौद्धिक कार्यों से आय के नए साधन बनेंगे। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन सकते हैं। कार्यों की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। किसी मित्र के सहयोग से धन लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखमय व्यतीत होगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। तुला राशि- रिश्तों की कड़वाहट दूर होगी। रिश्तों में प्यार और विश्वास बढ़ेगा। नौकरी-कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। ऑफिस में प्रमोशन या अप्रेजल के अवसर मिलेंगे। बच्चों की ट्यूशन की फीस के लिए धन खर्च करते रहें। आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए नए प्लान बनाएं। निवेश के नए अवसर मिलेंगे। वाहन के रखरखाव के लिए धन खर्च हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि- कार्यों की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करेंगे। कार्यों की जिम्मेदारियां बड़ी सावधानी से संभालें। जीवन में बड़े बदलावों के लिए तैयार रहें। आज आपका किसी अज्ञात भय से मन परेशान रह सकता है। पॉजिटिव माइंडसेट के साथ सभी टास्क को कंपलीट करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें। इससे आपको मनचाही सफलता जरूर मिलेगी। व्यापारियों के लिए आज का दिन शुभ है। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे। धनु राशि- प्रेम-संबंधों में प्यार और रोमांस बढ़ेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में खुशनुमा माहौल होगा। नौकरी-कारोबार में तरक्की करेंगे। आय के नए स्त्रोतों से धन लाभ होगा। हालांकि, क्रोध पर नियंत्रण रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए नया बजट बनाएं। सोच-समझकर धन खर्च करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेने में संकोचान न करें। आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मकर राशि- एक्स-पार्टनर से मुलाकात हो सकती है। रिश्ते की नई शुरुआत कर सकते हैं। विद्यार्थियों को परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होगी। कारोबारियों को आंख मूंदकर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। दोस्त की सहायता से नौकरी-कारोबार में आ रही बाधाएं दूर होंगी। धन का आवक बढ़ेगा। प्रोफेशनल लाइफ में थोड़े उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन परिस्थियां जल्द ही सामान्य हो जाएंगी। कुंभ राशि- आकर्षण के केंद्र बने रहेंगे। प्रेम-संबंधों में मधुरता आएगी। भौतिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार आएगी। निवेश का फैसला बड़ी सावधानी से लें। अपने खर्चों पर नजर रखें। व्यर्थ की चीजों पर धन खर्च करने से बचें। नौकरी और कारोबार में वातावरण अनुकूल रहेगा। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। करियर में तरक्की करेंगे। शुभ समय रहने वाला है। मीन राशि- सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धन आगमन के नए मार्ग प्रशस्त होंगे, लेकिन वाहन के रखरखाव में धन खर्च करना पड़ सकता है। आज धन से जुड़े फैसले बड़ी सावधानी से लें। शैक्षिक कार्यों में शुभ परिणाम मिलेंगे। विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत के बाद ही सफलता प्राप्त होगी। जीवनसाथी से अनबन के संकेत हैं। व्यर्थ में वाद-विवाद से बचें। सकारात्मक रहें और अपने परिजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

गुड गर्ल कंपनी, दुबई, लास वेगास और कोलंबिया में ‘सेक्स आइलैंड’ की मेजबानी करने वाला

वॉशिंगटन  दुनिया में अय्याशी के कई अड्डे हैं। उनमें से एक ‘सेक्स आइलैंड’ है। यह जगह बेहद सीक्रेट होती है, जहां क्या होता है, इसके बारे में ज्यादा खबर नहीं। लेकिन रिपोर्ट्स का कहना है कि यहां हर तरह की सेक्सुअल फैंटेसी सच होती है। सेक्स आइलैंड साल में कुछ दिनों के लिए खुलता है। एक बार फिर यह शुरू हो गया है। इसकी आयोजक गुड गर्ल कंपनी, जून में दुबई, लास वेगास और कोलंबिया के कार्टाजेना के तट पर ‘सेक्स आइलैंड’ की मेजबानी करने वाला है। एक हफ्ते की इस ट्रिप पर 50 लोग जा सकते हैं, जिन्हें लाखों खर्च करने पड़ते हैं। सेक्स आइलैंड ड्रग्स पार्टियों के लिए मशहूर है। दुनिया के कई मशहूर लोगों का नाम इससे जोड़ा जाता रहा है, जो यहां जाते थे। हालांकि हर किसी की दिलचस्पी इसमें नहीं है। सेक्स आइलैंड के आलोचकों का कहना है कि यह डरावना और बेहद घृणित है। वहीं इसके आयोजकों का दावा है कि यह पूरी तरह से कानूनी है। वेबसाइट पर कहा गया है कि इसमें होलोग्राफिक संगीत कार्यक्रम, सुंदर महिलाएं, अनलिमिटेड सेक्स और नशा और ड्रग्स के लिए अनुकूल वातावरण, मुफ्त शराब रिसॉर्ट में उपलब्ध है। क्या-क्या होता है यहां? सेक्स आइलैंड के आयोजक इसे नशे के लिए ‘धरती पर स्वर्ग’ कहते हैं। वेबसाइट के मुताबिक कंपनी महिलाओं की अदला बदली की इजाजत देता है। पूरे बीच पर नग्न घूमा जा सकता है। वहीं एचआईवी और एसटीडी का टेस्ट भी किया जा सकता है। अपनी इस पार्टियों को लेकर कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर वीडियो शेयर किया है। गुड गर्ल कंपनी का दावा है कि यह कपल फ्रेंडली है, जहां आप प्रेमिका के साथ जा सकते हैं। हालांकि अपनी इन्हीं फैसिलिटीज के कारण इसे अय्याशी के अड्डे के रूप में देखा जाता है। कितना लगता है खर्च द सन की रिपोर्ट के मुताबिक यहां जाने वाले एक शख्स ने बताया कि वह अपने घर बिजनेस ट्रिप का बताकर आया था। उसने कहा, ‘नाव सुंदर महिलाओं से भरी थी। वह डांस कर रही थीं और शराब पी रही थीं। जैसे ही हम आगे बढ़े हमें ड्रिंक्स दिए गए और हम पार्टी एंजॉय करने लगे। उसने कहा कि हर व्यक्ति दो लड़कियां चुन सकता था जो पूरी यात्रा के दौरान उनके साथ रहतीं।’ हालांकि यह ट्रिप बेहद महंगी होगी। लास वेगास में सेक्स आइलैंड पर जाने वालों को तीन दिनों के लिए 4,500 डॉलर (3.75 लाख) देने होंगे। इस ट्रिप पर सिर्फ 50 लोग ही जा सकते हैं।

उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के पहले स्पिरिचुअल सिटी बनाई जाएगी

उज्जैन  सिंहस्थ महापर्व 2028 से पहले धर्मधानी उज्जैन में स्थित चौरासी महादेव मंदिरों का जीर्णोंद्धार होगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इसके लिए 30 करोड़ रुपये से योजना तैयार की है। स्वीकृति के बाद काम शुरू हो जाएगा। पुराणों में महाकाल वन में चौरासी महादेव का उल्लेख है। भक्त प्रतिवर्ष श्रावण मास तथा प्रत्येक तीन वर्ष में आने वाले अधिकमास के दौरान चौरासी महादेव मंदिरों की यात्रा करते हैं। इस बार भी श्रावण मास में 22 जुलाई से चौरासी महादेव यात्रा शुरू होगी, जो 19 अगस्त तक चलेगी। पुराने शहर की सघन बस्ती तथा शिप्रा किराने चौरासी महादेव के मंदिर हैं। कुछ मंदिरों की जमीन पर अतिक्रमण पसरा है। कुछ जमीनों पर अवैध निर्माण भी हो गए हैं। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम नहीं है। ऐसे में उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा मंदिरों के उन्नयन तथा विकास की योजना बनाई गई है। सिंहस्थ से पहले इनका कायाकल्प हो जाएगा। यहां आने वाले दर्शनार्थियों को सुविधा के साथ बेहतर आध्यात्मिक वातावरण मिलेगा। अध्ययन के बाद तैयार कराई डिजाइन उविप्रा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार सोनी ने बताया कंसलटेंट से मंदिरों का अध्ययन कराकर डिजाइन तैयार कराई गई है। विचार विमर्श के बाद, जो योजना तैयार हुई है इसमें मंदिरों का विकास, आसपास की खाली जमीन का विकास, बाउंड्रीवाल, अप्रोच, फसाड, रंगरोगन, लाइटिंग, हरियाली तथा नाली आदि का निर्माण शामिल है। जिन मंदिरों में जिस प्रकार के काम की आवश्यकता होगी वह कराया जाएगा। कुल मिलकर मंदिरों के संपूर्ण विकास की योजना बनाई गई है। पिछले सिंहस्थ में भी हुआ था काम चौरासी महादेव मंदिरों को लेकर सिंहस्थ 2016 में भी योजना बनाई गई थी। इसके तहत कई मंदिरों में परिसर आदि का निर्माण भी कराया गया था। प्राचीन मंदिर काले पत्थरों से निर्मित है, लेकिन शिखर पर रंगरोगन तथा मरम्मत आदि के काम किए गए थे। इस बार महापर्व के पहले से संधारण शुरू होगा, इससे काम में गुणवत्ता भी बनी रहेगी।   भगवान शिव की विशाल मूर्ति के साथ होंगे 12 ज्योतिर्लिंग जानकारी के मुताबिक यह सिटी उज्जैन से 15 किमी दूर बनाई जाएगी, जिसके लिए 150 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है। यहां भगवान भोलेनाथ की मूर्ति के चारों ओर देश के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंग के स्वरूप स्थापित किए जाएंगे। यहां ज्योतिर्लिंग के साथ अपनाई जाने वाली पूजा पद्धति की जानकारी भी रहेगी, ताकि आने वाले श्रद्धालु 12 अलग-अलग ज्योतिर्लिंग में की जाने वाली पूजा के आधार पर पूजन कर सकें। उज्जैन में बनेगा म्यूजियम सिंहस्थ के पहले उज्जैन में बड़ा म्यूजियम बनाने की तैयारी भी की जा रही है। यह म्यूजियम कोठी एरिया में बनाया जाएगा। इसमें विक्रमादित्य के शासन काल के साथ भगवान कृष्ण, महाकाल बाबा और अन्य धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मूर्तियों और अन्य ऐतिहासिक, पुरातात्विक वस्तुओं को रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालु म्यूजियम में जाकर उज्जैन के गौरवशाली इतिहास और धार्मिक महत्व से परिचित हो सकें।

प्रदेश के अधिकांश प्राइवेट स्कूलों ने सरकारी पोर्टल पर नहीं चढाई फीस की जानकारी

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार जहां प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने की कोशिश कर रही है, वहीं स्कूल संचालक भी अपनी ‘अकड़’ दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला स्कूलों की फीस से जुड़ा हुआ है। सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिये थे कि वे 8 जून के पहले फीस सहित अन्य जानकारी सरकारी पोर्टल पर चढ़ा दें, लेकिन अब तक अधिकांश स्कूलों ने यह काम नहीं किया है। बता दें, कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा काफी समय से विशेष अभियान चलाकर निजी स्कूलों में अनियमितताओं की जांच की जा रही है। कुछ स्कूलों द्वारा फर्जी व डुप्लीकेट पाठ्य-पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात सामने आई थी। जिसके बाद इस बड़े फर्जीवाड़े का उजागर हुआ। इसके बाद सरकार के द्वारा यह सख्त कार्रवाई की गई हैं। एमपी के स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसा रवैया देखने के बाद भी इन स्कूलों को 15 दिन का और अतिरिक्त समय दिया है। पहले के मुकाबले अब इन्हें 24 जून तक पोर्टल पर फीस स्ट्रक्चर और अन्य जानकारी अपलोड करने के लिए कहा है। कलेक्टर भी नहीं दे रहे ध्यान यह बात भी सामने आई है कि सरकार के आदेश के बाद भी अधिकांश जिला कलेक्टर ने शिक्षा माफिया के खिलाफ को ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसे देखते हुए विभाग ने कलेक्टर, संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि अपने जिले और संभाग के प्राइवेट स्कूलों से यह जानकारी जल्दी से जल्दी भरवाएं। क्या कहते हैं नियम गौरतलब है कि प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा फीस में वृद्धि एवं इससे जुड़े अन्य विषयों को नियमन करने के लिए मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस और संबंधित विषयों का विनियमन अधिनियम-2017 बनाया गया है। इस अधिनियम को 2018 में लागू किया गया था। इसके बाद इस अधिनियम के अधीन एमपी के निजी स्कूल फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन 2020 में प्रावधान किया गया है। इस नियम के हिसाब से राज्य सरकार प्राइवेट स्कूलों की फीस और अन्य विषयों पर निर्णय लेकर फीस विनियमन कर सकेगी। डुप्लीकेट किताब चलाने का खुलासा गौरतलब है कि जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने 11 निजी स्कूलों की जांच कराकर वहां फर्जी और डुप्लीकेट पुस्तकें चलाने का खुलासा किया था। उन्होंने यह भी पकड़ा कि इन स्कूलों ने 81.30 करोड़ रुपए की फीस ज्यादा वसूल ली और 240 करोड़ की नियम विरुद्ध आय अर्जित की थी। इन स्कूलों पर 22 लाख की पेनाल्टी लगाकर स्कूलों के 20 प्राचार्यों, चेयरमैन, सीईओ, सचिव और अन्य पदाधिकारियों की गिरफ्तार किया गया था। इसे बड़ी कार्रवाई के बाद एक बार फिर सरकार एक्शन मोड़ में नजर आ रही है।

अर्जेंटीना सरकार पर भारी कर्ज, 40 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे रहने को मजबूर

ब्यूनस आयर्स अर्जेंटीना क्षेत्रफल के लिहाज से दुनिया का आठवां बड़ा देश है। प्रथम विश्व युद्ध से पहले इस दक्षिण अमेरिकी देश की गिनती दुनिया के टॉप 10 अमीर देशों में होती थी। लेकिन आज इस देश में महंगाई चरम पर है। दुनिया में सबसे ज्यादा महंगाई इसी देश में है। अप्रैल में अर्जेंटीना में महंगाई की सालाना दर 289 फीसदी पहुंच गई। दुनिया में कोई दूसरा देश महंगाई इस मामले में उसके आसपास भी नहीं है। तुर्की 75.45 फीसदी के साथ दूसरे और वेनेजुएला 64.9 फीसदी से साथ तीसरे नंबर पर है। अर्जेंटीना में महंगाई का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि यह भारत के मुकाबले करीब 60 गुना है। भारत में अप्रैल में खुदरा महंगाई की दर 4.83 फीसदी रही थी। सवाल यह है कि कभी दुनिया के अमीर देशों में शुमार अर्जेंटीना की यह दुर्गति कैसे हुई? प्रथम विश्व युद्ध से पहले अर्जेंटीना की गिनती दुनिया के टॉप अमीर देशों में होती थी। इस देश की अमीरी का अंदाजा इसी बात से ही लगाया जा सकता है कि As rich as an Argentine जैसे मुहावरे चलन में थे। 19वीं शताब्दी के अंत में और 20वीं सदी की शुरुआत में पूरे यूरोप से लोग अर्जेंटीना आए। यह देश धनधान्य से भरपूर था। लेकिन 1946 से देश में लोकलुभावन नीतियों और खर्च का ऐसा दौर शुरू हुआ कि उसकी इकॉनमी गर्त में चली गई। इसकी शुरुआत राष्ट्रपति जुआन पेरोन ने की जो 1946 से 1955 तक सत्ता में रहे। 1990 के दशक में राष्ट्रपति कार्लोस मेनम ने फ्री-मार्केट रिफॉर्म्स की कुछ कोशिशें की लेकिन वह नाकाम रहे। साल 2001 के अंत में चीजें हाथ से निकल गई जब देश को भयंकर आर्थिक संकट से गुजरना पड़ा और उसने 102 अरब डॉलर के कर्ज के भुगतान में डिफॉल्ट किया। 40 फीसदी आबादी गरीब अर्जेंटीना की सरकार ने अपनी करेंसी पीसो की कीमत डॉलर के बराबर रखने के लिए सख्त नीतियां बनाई। पिछले दो दशक से भी अधिक समय से देश में वामपंथी सरकारें रही जिन्होंने देश की आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के बजाय लोकलुभावन नीतियों को आगे बढ़ाया और सरकारी खर्च पर लगाम लगाने में नाकाम रहीं। छह महीने पहले जेवियर मिलेई बड़े-बड़े वादों के साथ सत्ता में आए लेकिन जनता की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। पीसो की कीमत सालभर में चार गुना से ज्यादा गिर चुकी है। जानकारों का कहना है कि अगर इसे सरकारी नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाए तो यह अब भी काफी नीचे जा सकती है। हालत यह है कि देश के अमीरों को भी दो जून की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। देश के पास कैश रिजर्व नहीं है, सरकार पर भारी कर्ज है जबकि 40 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे रह रही है।

जेल में बंद कैदी की बिगड़ी तबियत, हॉस्पिटल पहुंचते ही तोड़ा दम, परिजनों ने पथराव और नारेबाजी भी की

गंगापुर जिला मुख्यालय पर एक मामले में बंद कैदी की सोमवार सुबह अचानक तबियत बिगड़ गई। आनन फानन में जेल प्रशासन कैदी को राजकीय अस्पताल गंगापुर सिटी लेकर पहुंचे जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद कैदी के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेल पर पथराव कर दिया। साथ ही नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। यहां अस्पताल में भी परिजन विभिन्न मांगों को लेकर अड़ गए और पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। दोपहर बाद प्रशासन द्वारा समझाइश कर, न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराए जाने के आश्वासन के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनू बेरवा निवासी रुंडी का पूरा कुड़गांव पर बामनवास थाने से एक मामले में यहां जेल में बंद था। 4 जून को शाम के समय सोनू बैरवा ने जेल प्रशासन से तबीयत खराब होने की बात कही थी। इस पर जेल प्रशासन के द्वारा 5 जून को सोनू को राजकीय अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। इसी तरह 6, 7, 8 जून को भी रोजाना राजकीय अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया और जांच करवाकर दवा दिलाई गई। इसके बाद 9 जून को भी जब सोनू को आराम नहीं आया तो स्थानीय प्रशासन और जेल डॉक्टर द्वारा सोनू को जयपुर भेजने का निर्णय लिया गया। सोनू को इलाज के लिए 10 जून को सुबह जयपुर के एसएमएस अस्पताल ले जाया जाना था। सोमवार सुबह जेलर सुखबीर सिंह और जेल स्टाफ ने बैरक खोलकर जब जांच की तो बैरक नंबर तीन में बंद सोनू ने जेल प्रशासन को तबीयत में सुधार नहीं होने की बात कही और इसके बाद जेल प्रशासन के द्वारा तत्काल सोनू को राजकीय अस्पताल लाया गया। लेकिन, यहां कुछ ही देर बाद में डॉक्टर ने सोनू को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के शव को राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। वहीं प्रशासन के द्वारा सोनू के परिजनों को सूचना दी गई। कुछ ही देर में सोनू के परिजन भी जेल पहुंच गए लेकिन यहां सोनू की मौत की खबर सुनकर परिजनों में आक्रोश हो गया। परिजनों की सूचना पर मृतक के अन्य रिश्तेदार और जान पहचान के लोग भी जेल पर पहुंच गए और इस दौरान आक्रोशित मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेल पर पथराव शुरू कर दिया। जेल पर पथराव की सूचना पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। बाद में परिजन सोनू की मौत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना था कि जेल प्रशासन के द्वारा उन्हें एक बार भी सूचना नहीं दी गई कि सोनू की तबीयत खराब है। इस दौरान परिजनों ने मृतक का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया कि जब तक जेल प्रशासन के दोषी अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाएगा और उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, सहित अन्य मांगे पूरी नहीं की जाएगी तब तक पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा। प्रशासन के द्वारा परिजनों से समझाइश कर दोपहर बाद शब का पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इस मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी दी बधाई, निभाई औपचारिकता : राजनीतिक विश्लेषक

नई दिल्ली पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार भारत का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने एक्स पर लिखा कि भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर नरेंद्र मोदी को बधाई। पीएम मोदी को कई देशों के नेताओं ने बधाई संदेश भेजे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पीएम मोदी को संदेश केंद्र सरकार के पिछले दो कार्यकालों के दौरान पड़ोसी देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए काफी महत्व रखता है। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक जावेद सिद्दीकी ने कहा कि पीएम शहबाज के बधाई संदेश से दोनों देशों के बीच बनी दरार साफ झलकती है। संदेश में गर्मजोशी का कोई संकेत नहीं दिखा और न ही दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में काम करने की कोई उम्मीद जताई गई। इसके बजाय, यह प्रधानमंत्री को मजबूरी में की गई औपचारिकता जैसा लग रहा है। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि पीएम मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान को निमंत्रण नहीं दिया था। हालांकि, 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आमंत्रित किया गया था। सोमवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उनके बड़े भाई और देश की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष नवाज शरीफ द्वारा पीएम मोदी को भेजे गए संदेशों में भी काफी फर्क देखा गया। नवाज शरीफ ने एक्स पर लिखा कि नरेंद्र मोदी को तीसरी बार पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई। हाल के चुनावों में आपकी पार्टी की सफलता आपके नेतृत्व में लोगों के विश्वास को दर्शाती है। आइए हम नफरत की जगह उम्मीद लाएं और दक्षिण एशिया के दो अरब लोगों की नियति को आकार देने के अवसर का फायदा उठाएं।

हिंदू पक्ष ने दावा किया- भोजशाला में मिली भगवान ब्रह्मा की मूर्ति, 7 नए पुरावशेष भी पाए गए

धार भोजशाला में रविवार को मिले 79 पुरावशेषों की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सोमवार को सफाई तो उनमें शामिल एक मूर्ति को लेकर हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि यह भगवान ब्रह्मा की है, जो अपने पूरे परिवार के साथ विराजित हैं। एक अन्य पुरावशेष पर कमल के फूल पर कछुआ विराजमान है, जो लक्ष्मी का प्रतीक चिह्न माना जाता है। हिंदू पक्ष ने किया ये दावा हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा और आशीष गोयल ने दावा किया है कि रविवार को मिले 79 अवशेषों में भगवान गणेश, महिषासुर मर्दिनी, मां पार्वती, भगवान हनुमान और भैरवनाथ की मूर्तियां भी शामिल हैं। भोजशाला के भीतर कमरे में खोदाई से ये मूर्तियां बरामद हुईं। इस कमरे से भगवान गणेश और मां वाग्देवी की मूर्ति खंडित हैं। 81वें दिन से जारी है सर्वे सोमवार को ASI की ओर से भोजशाला में 81वें दिन का सर्वे किया गया। अंदर उत्तरी भाग में सात और पुरावशेष मिले। अब इनकी भी सफाई की जाएगी। सुबह से लेकर शाम तक गर्भगृह में कई नए स्थान पर सर्वे किया गया। यज्ञ कुंड परिसर के परिक्रमा वाले क्षेत्र और पूर्वी भाग यानी प्रवेश द्वार के नजदीक भी खोदाई की गई। अब तक मिल चुके हैं 1607 पुरावशेष 22 मार्च से भोजशाला में सर्वे का कार्य किया जा रहा है। इसमें अब तक 1607 अवशेष मिल चुके हैं। इसमें प्रमुख रूप से स्तंभ के पत्थर मिल रहे हैं। रविवार व सोमवार को दोनों दिन के सर्वे में 86 अवशेष मिले। बता दें कि पूर्व में भोजशाला में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) उपकरण से भी सर्वे किया गया था। इसकी रिपोर्ट के आधार पर नए स्थानों पर खोदाई की जा रही है। दस्तावेज बनाने का कार्य शुरू भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर 4 जुलाई तक हर हाल में अपनी सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसके लिए प्रतिदिन होने वाले सर्वे के आधार पर विशेषज्ञ टीम दस्तावेजों को तैयार कर रही है। इसमें वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के साथ ड्राइंग के आधार पर अवशेषों के बारे में विवरण तैयार किया जा रहा है। सर्वे की समय सीमा 27 जून तक है। सर्वे समाप्त होने के एक सप्ताह के भीतर चार जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगी, इसलिए अब ASI की ओर से रिपोर्ट तैयार करने पर फोकस किया जा रहा है।

नर्मदापुरम के सेठानीघाट पर हुई घटना, तैरते समय हादसे का शिकार हो गए मामा-भांजे

नर्मदापुरम ग्राम मरोड निवासी दो किशोर जो कि रिश्ते में भामा-भांजे थे, नर्मदा में तैरते समय हादसे का शिकार हो गए। दोनों किशोर नर्मदापुरम के एक हास्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। सोमवार शाम को दोनों किशोर सेठानीघाट पर पहुंचे थे। इसी दौरान तैरते-तैरते घाट से करीब पांच सौ मीटर दूर तक पहुंच गए। कुछ देर रुकने के बाद दोनों वहां से तैरकर वापस सेठानीघाट की ओर आ रहे थे, इसी दौरान दोनों की सांस फूल गई और गहरे पानी में डूब गए। सेठानीघाट पर मौजूद होमगार्ड के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों युवकों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।   एक माह में डूबने की कई घटनाएं सिटी कोतवाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार डूबने वाले अनिल पाल व पियूष पाल हैं। दोनों रिश्ते में मामा- भांजे थे। पिछले एक माह में डूबने की लगातार घटनाएं हुई हैं। सेठानीघाट पर छह लोग हादसे का शिकार हो चुके हैं। इसके अलावा अन्य घाटों पर घटनाएं हुई हैं। होमगार्ड के जवान घाट पर तैनात विवेकानंद घाट पर भी रविवार शाम को इटारसी निवासी युवक डूब गया था। होमगार्ड जवानों को नर्मदा घाटों पर तैनात किया गया है, कुछ घाटों पर सख्ती भी की गई हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग घाटों पर पहुंच रहे हैं।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने किया आदेश जारी, निजी स्कूल अब नहीं कर सकेंगे मनमानी फीस

रायपुर अब निजी स्कूल मनमानी तरीके से फीस वसूल नहीं कर सकेंगे। उन्हें स्कूलों के बाहर 4×8 फीट का बोर्ड लगाकर फीस की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा वेबसाइट पर भी जानकारी अपलोड करनी होगी। इसे लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आदेश जारी कर दिया है। आयोग ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि निजी स्कूलों की फीस की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। गौरतलब है कि प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस को लेकर कई तरीके की शिकायत हर साल आती है। किसी न किसी बहाने से कई निजी स्कूल के संचालक मनमानी फीस लागू कर देते हैं। इससे विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। अब जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ अशासकीय फीस विनियमन और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार फीस तय होगी। उसी के मुताबिक स्कूल अपनी फीस बढ़ा सकते हैं। 20 जून तक मांगी गई है जानकारी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्राइवेट स्कूलों को 20 जून तक फीस की सूची मांगी है। इसमें यह भी कहा गया है कि तय मानक के अनुसार ही फीस की बढ़ोतरी करनी होगी। तय की गई कक्षावार फीस में प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से छूट देने और अन्य नाम से फीस लेने का अधिकार नहीं होगा। प्रवेश या बच्चों के शाला ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में भी पालकों से मनमाने फीस वसूली न की जाए। इस कारण से फीस को लेकर है दिक्कत आयोग के पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूलों में फीस विनियमन कानून के अनुसार स्कूल फीस समिति में जागरूक और निष्पक्ष अभिभावकों को शामिल नहीं करने, आय-व्यय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करने और जिला फीस समिति की नियमित बैठक नहीं करने की वजह से प्रथम बार की उपयुक्त फीस का निर्धारण नहीं हो पाया है।

प्रदेश में 2025-26 में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी, फैकल्टी की भर्ती शुरू

भोपाल प्रदेश में अगले वर्ष (2025-26) में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रारंभ कर दी है। इनमें शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी, राजगढ़, श्योपुर, सिंगरौली और मंडला का मेडिकल कालेज शामिल है। सभी जगह 150-150 सीटें होंगी। बुधनी में नर्सिंग कॉलेज भी शुरू किया जाएगा। मापदंड पूरा करने में कोई कमी नहीं रह जाए, इसलिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने लगभग एक वर्ष पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। श्योपुर और सिंगरौली में फैकल्टी की पदस्थापना भी शुरू हो गई है, क्योंकि मान्यता मिलने में सबसे बड़ी अड़चन फैकल्टी को लेकर ही आती है। कॉलेज भवन का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। 60 फीसदी राशि केंद्र से मिली बता दें कि बुधनी छोड़ बाकी 4 कालेज केंद्र सरकार के सहयोग से बनाए जा रहे हैं। 60 प्रतिशत राशि केंद्र से मिली है, 40 प्रतशित राज्य सरकार लगा रही है। दरअसल, विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में घोषणा की थी कि प्रदेश के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में अगले पांच वर्ष के भीतर सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। सरकार बनने के अब इस संकल्प को पूरा करने में सबसे अधिक जोर है। इसी कड़ी में अगले वर्ष 5 कॉलेज शुरू होना लगभग तय माना जा रहा है। इनमें सबसे तेज काम बुधनी मेडिकल कॉलेज का चल रहा है। राजगढ़ कॉलेज भवन बनाने का काम पिछड़ा है। अब अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान ने निर्माणाधीन कालेजों की समीक्षा कर कहा है कि इस वर्ष अंत तक सभी कऑलेजों का भवन तैयार हो जाना चाहिए। बता दें कि इनमें सिंगरौली और श्योपुर का कॉलेज इसी वर्ष से शुरू करने की तैयारी पहले थी, पर भवन नहीं बन पाने के कारण अगले वर्ष से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष यानी 2024-25 में सिवनी, नीमच और मंदसौर में सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल सकती है। इसके साथ प्रदेश में 17 सरकारी और 13 निजी मिलाकर कुल 30 मेडिकल कालेज हो जाएंगे।

मणिपुर एक साल से देख रहा शांति की राह, प्राथमिकता से हल करना होगा विवाद: मोहन भागवत

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मणिपुर की हिंसा और चुनाव को लेकर बड़ी बातें कही हैं। मणिपुर को लेकर भागवत ने कहा देश में शांति  चाहिए। जगह-जगह और समाज में कलह नहीं चलता। एक साल से मणिपुर शांति की राह देख रहा है। उससे पहले 10 साल शांत रहा। पुराना जन कल्चर समाप्त हो गया, ऐसा लगा। अचानक जो कलह वहां उपजी या उपजाई गई उसकी आग में अभी तक चल रहा है। त्राहि त्राहि कर रहा है। उसका ध्यान कौन देगा। प्राथमिकता देकर उसपर विचार करना कर्तव्य है। उन्होंने कहा, भले घर की महिला शराब पीकर कार चलाती है और लोगों को रौंद देती है। तो हमारी संस्कृति कहां है। संस्कृति के वाहक हम लोग उसकी परवार करेंगे तभी सामंजस्य बना रहेगा। इसलिए जो संस्कृति हमें सिखाती है उसे आगे की पीढ़ी तक पहुंचने का प्रश्न खड़ा हो गया है। जिन्होंने उसको त्याग दिया वे खुश नहीं हैं। चुनाव को लेकर क्या बोले भागवत मोहन भागवत ने चुनाव को लेकर कहा कि यह एक सहमित बनाने की प्रक्रिया है। संसद में किसी भी प्रश्न के दोनों पहलू सामने आए इसलिए ऐसी व्यवस्था की गई है। चुनाव प्रचार में जिस प्रकार एक दूसरे को लताड़ना, तकनीक का दुरुपयोग, असत्य का प्रसारित किया जाता है, वह ठीक नहीं है। विरोधी की जगह प्रतिपक्षा कहना उचित होगा। चुनाव के आवेश से मुक्त होकर देश के सामने उपस्थित समस्याओं पर विचार करना होगा। प्रचार में इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया कि ऐसा करने पर समाज में मनमुटाव बढ़ सकता है। संघ को भी उसमें घसीटा गया। तकनीक का भी दुरुपयोग किया गया। आधुनिक तकनीक का उपयोग असत्य परोसने के लिए किया गया। ऐसे देश कैसे चलेगा। आखिरकार सबको देश ही चलाना है। लोग विरोधी पक्ष कहते हैं, मैं प्रतिपक्ष कहता हूं। उसका भी विचार होना चाहिए। चुनाव लड़ने में मर्यादा होती है जिसका पालन नहीं हुआ। देश के सामने चुनौतियां समाप्त नहीं हुई। वही सरकार फिर से आई। पिछले 10 सालों में बहुत कुछ अच्छा हुआ। दुनिया जिस आधार पर आर्थिक स्थिति का मापन करती है. उसके हिसाब से आर्थिक स्थिति सुधरी है। दुनियाभर में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। कला और संस्कृति के क्षेत्र में हम आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम चुनौतियों से मुक्त हो गए हैं। अभी चुनाव के आवेश से मुक्त होकर आने वाली बातों का विचार करना है।

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