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जल्द होगा आयोग का गठन, किसानों से जुड़ा है मामला: रेवंत रेड्डी

हैदराबाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा और किसानों से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम रेड्डी ने सोमवार को कहा कि सरकार इन दोनों क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए जल्द ही एक पैनल का गठन करेगी। सरकार ने दो क्षेत्रों की पहचान कीः सीएम रेड्डी सीएम रेड्डी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक और महिला आयोग शिकायतें प्राप्त करते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए सरकारों को सिफारिशें और निर्देश देते हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार ने राज्य में शिक्षा और कृषि दो विभागों की विशेष रूप से पहचान की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा आयोग के माध्यम से आपकी समस्याओं को दूर करने की दिशा में लगातार काम करने के लिए एक तंत्र नियुक्त करने का फैसला किया है। शिकायतों का समाधान करेगा आयोग उन्होंने आगे कहा कि किसान आयोग राज्य में नकली बीजों, उर्वरकों सहित कई तरह की शिकायतों का समाधान करेगा और किसानों के कल्याण के लिए सिफारिशें करेगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता से लेते हुए इन दोनों के लिए एक आयोग का गठन करने का निर्णय लिया है। सरकारी स्कूलों से निकले हैं पीएम मोदी सहित कई नेता सीएम रेड्डी ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्रों का पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना सरकार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि 90 प्रतिशत सिविल सेवा अधिकारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू और यहां तक ​​कि वह खुद भी सरकारी स्कूलों से निकले हैं। सीएम ने कहा कि सरकार ने पुराने सरकारी स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण कराने का फैसला किया है।

कूलर निर्माता कंपनी भुर्जी सुपरटेक इंडस्ट्रीज में लगी आग, मुश्किल में काम कर रहे लोगों और दमकल कर्मी

भिवाड़ी भिवाड़ी के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित भुर्जी सुपरटेक इंडस्ट्रीज में दिन में भयंकर गर्मी के बीच आग लग गई। यह कंपनी कूलर बनाने का काम करती है और आग की लपटों ने वहां काम कर रहे लोगों और दमकल कर्मियों को मुश्किल में डाल दिया है। कंपनी के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले जनरेटर में लगी, जो देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर गई। आग तेजी से कंपनी के अन्य हिस्सों में फैल गई और कंपनी के कर्मचारी तुरंत बाहर निकलने लगे। आग की भयंकरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से भी दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। आसपास के क्षेत्र और भिवाड़ी की तमाम दमकल गाड़ियाँ आग बुझाने में लगी हुई हैं। दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी परेशानी हो रही है क्योंकि आग की लपटें बहुत तेज हैं और गर्मी की वजह से आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। दमकल कर्मी पूरी तत्परता से आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आग की विकरालता को देखते हुए यह कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इस आगजनी की घटना से भुर्जी सुपरटेक इंडस्ट्रीज को भारी नुकसान होने की संभावना है। आग के कारण इंडस्ट्रियल एरिया में हड़कंप मच गया है और वहां काम कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। इस आगजनी की घटना से उद्योग क्षेत्र में सुरक्षा के प्रबंधों पर सवाल उठने लगे हैं।

शौचालय ना होने से नाराज पत्नी, पति का घर छोड़कर मायके चली गई, कहा-शौचालय बनेगा तभी आऊंगी

रीवा जिले के चाकघाट थाना अंतर्गत एक गांव में एक अनोखा मामला देखने को मिला है। जहां ससुराल में शौचालय ना होने से नाराज पत्नी, पति का घर छोड़कर मायके चली गई। महिला ने मोबाइल पर ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ फिल्म देखी थी। जिसके बाद उसने ये कदम उठाया।   पति ने थाने में दिया आवेदन ये असल कहानी भी बिल्कुल ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ फिल्म के जैसी है। जिसमें नायिका ने टॉयलेट ना होने से नाराज होकर पति का घर छोड़ दिया था। दोनों की शादी 4 वर्ष पहले हुई थी। रीवा के त्योंथर तहसील में रियल लाइफ में ये मामला देख पुलिस भी हैरान रह गई। जब सोमवार को शिकायत लेकर फरियादी चाकघाट थाने पहुंचा।पूरा मामला चाकघाट थाना क्षेत्र के आमव गांव का है। प्रदीप मिश्रा पिता रंगू मिश्रा ने बताया कि उसकी पत्नी रोशनी मिश्रा पिछले दो माह से मायके चली गई है। कई बार बुलाने पर भी आने के लिए तैयार नहीं है। महिला का कहना है कि जब तक ससुराल में शौचालय नहीं बनेगा। तब तक वो ससुराल वापस नहीं आएगी। हालांकि मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मियों ने उसे समझा बुझा कर भेज दिया है। बतौर थाना प्रभारी कम कर रहे उपनिरीक्षक संजीव शर्मा ने बताया कि इसमें पुलिस के हस्तक्षेप का मामला नहीं बनता है लिया जाए युवक को समझ कर घर भेजा गया है।

गोंदिया-गोरेगांव मार्ग पर मिलटोली के पास सड़क हादसा, हादसे में एक की मौत, 11 अन्य घायल

गोंदिया महाराष्ट्र के गोंदिया में सोमवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि यह हादसा गोंदिया-गोरेगांव मार्ग पर मिलटोली के पास सुबह करीब साढ़े सात बजे हुई। दीवार से टकराई बस उन्होंने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब 35 यात्रियों वाली बस तेलंगाना के हैदराबाद से वापस आ रही थी और बस पर चालक के नियंत्रण खो जाने के बाद एक दीवार से जा टकराई। पुलिस ने बस ड्राइवर को किया गिरफ्तार गोंदिया ग्रामीण पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के बालाघाट निवासी ड्राइवर मोहित उमाप्रसाद किरसन को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। उपचार के दौरान एक ने तोड़ा दम उन्होंने आगे बताया कि चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस एक कृषि फर्म की दीवार और तौल पुल से जा टकराई। इस हादसे में 12 लोग घायल हुए थे। हालांकि, 30 साल के थानसिंह यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

सीएम विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब कर घटना की प्रारंभिक जानकारी ली

रायपुर बलौदाबाजार जिले में उत्पन्न हुई अप्रिय स्थिति पर सीएम विष्णुदेव साय ने सीएम हाउस में आपात बैठक की. उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब कर घटना की प्रारंभिक जानकारी ली एवं घटना की रिपोर्ट भी मंगाई है. सीएम ने आईजी और कमिश्नर को तत्काल घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं. सीएम साय ने कहा, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने सभी से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की है. बलौदा बाजार जिले में उत्पन्न हुई अप्रिय स्थिति पर आईजी व कमिश्नर को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव और डीजीपी को तलब कर घटना की प्रारंभिक जानकारी ली एवं घटना की रिपोर्ट भी मंगाई है। कलेक्टर-एसपी दफ्तर को लगाई आग, 200 से अधिक दोपहिया, 50 चारपहिया छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में उग्र प्रदर्शनकारियों ने सोमवार शाम को कलेक्टर और एसपी दफ्तर में आग लगा दी। भीड़ ने पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। साथ ही 200 दोपहिया, 50 चारपहिया वाहनों को भी जला दिया। भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। रायपुर आइजी अमरेश मिश्रा, बिलासपुर आइजी संजीव शुक्ला समेत अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया है। खबर लिखे जाने तक एक पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना है।

श‍िवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनता की सेवा मेरे लिए सदैव भगवान की पूजा रही है

भोपाल मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और विदिशा से लोकसभा सांसद श‍िवराज सिंह चौहान को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री के रूप में जगह मिली है। श‍िवराज सिंह चौहान ने कल कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। अपने जीवन का दिन महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण यह है कि हम अपने देश के लिए कितना जीते हैं और क्या कर पाते हैं।शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में श‍िवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में बेहतर से बेहतर करने का प्रयास करूंगा। उन्‍होंने कहा कि अपने जीवन का दिन महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि हम अपने देश के लिए कितना जीते हैं और क्या कर पाते हैं। श‍िवराज ने कहा – मैं भाव विभोर हूं, अपने महान राष्ट्र की सेवा करने का अवसर मुझे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। उनके नेतृत्व में भारत नई ऊंचाइयां छुएगा और मेरा अपना विश्वास है भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को शाश्वत और शांति के पद का दिग्दर्शन कराएगा। श‍िवराज ने कहा कि जनता की सेवा मेरे लिए सदैव भगवान की पूजा रही है। अपनी जनता की सेवा और देश के विकास का जो अवसर मिला है। मन में है कि दिन और रात अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ परिश्रम करके अपने देश और अपनी जनता के लिए प्रधानमंत्रीजी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में बेहतर से बेहतर करने का प्रयास करूं। उल्‍लेखनीय है कि श‍िवराज सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव में मप्र की विदिशा सीट पर 8 से अधिक मतों से जीत हासिल की है। वे चार बार मप्र के मुख्‍यमंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वे मप्र की बुधनी विधानसभा सीट से विधायक भी हैं। श‍िवराज छठवीं बार विदिशा सीट से सांसद चुने गए हैं।

खुलासा :महापौर विक्रम अहांके फिर मारेंगे पलटी, बीजेपी का करेंगे समर्थन !

छिंदवाड़ा प्रदेश लोकसभा चुनाव के दौरान कई नेताओं ने कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी में पलायन किया था. जिसके कारण वे सुर्खियों में बने रहे. खासतौर पर छिंदवाड़ा में कई नेताओं ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामा था. इन्हीं में से महापौर विक्रम अहांके भी थे. जिन्होंने कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था, लेकिन वोटिंग के दिन उन्होंने पाला पलटते हुए कांग्रेस को वोट देने की अपील की थी. जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई थी. अब जब कांग्रेस छिंदवाड़ा लोकसभा चुनाव हार चुकी है. ऐसे में उनको लेकर एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्मी है. कि क्या वे फिर से भारतीय जनता पार्टी में आने वाले हैं? इसको लेकर विवेक बंटी साहू ने खुलासा किया है. क्या बोले विवेक बंटी साहू? विवेक बंटी साहू ने बताया कि “विक्रम अहाके मुझसे मिलने आए थे. उन्होंने मुझे बधाई दी हैं. उनका कहना था कि मैं छिंदवाड़ा के विकास में आप लोग जहां मेरी भूमिका तय करिए छिंदवाड़ा के विकास में आपका साथ देना चाहता हूं.” उन्होंने आगे कहा “विक्रम अहाके मेयर हैं. आदिवासी समाज से हैं. हम भी उनका सम्मान करते हैं. और आगे वरिष्ठ नेताओें से बातचीत करके फिर उनके आने पर निर्णय लेंगे. विवेक बंटी साहू की माने तो विक्रम अहाके के लिए अभी भी बीजेपी के दरवाजे खुले हुए हैं.” अब देखना होगा कि विक्रम पलटी मारते हैं या फिर कांग्रेस में रहकर ही कमलनाथ का साथ देते हैं. 

विरासत में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिली राजनीति, मोदी सरकार में दूसरी मंत्री बने

गुना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में ज्योतिरादित्य सिंधिया का शामिल होना भाजपा में उनके बढ़ते कद को दर्शाता है। चार साल पहले कांग्रेस छोड़ने वाले सिंधिया ने रविवार को केंद्रीय मंत्री के तौर पर शपथ ली। ग्वालियर राजघराने से नाता रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंघिया की राजनीतिक क्षेत्र में छवि नपा-तुला बोलने वाले नेता, कुशल प्रशासक और मिलनसार जन प्रतिनिधि की रही है तथा पिछले काफी समय से ग्वालियर-चंबल संभाग की चुनावी राजनीति में उनका अच्छा दबदबा माना जाता है। सिंधिया ने 2024 आम चुनाव के चार जून को घोषित परिणामों में गुना संसदीय सीट पर कांग्रेस के यादवेंद्र राव देसराज सिंह को पांच लाख से अधिक मतों से हराया। राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवराव सिंधिया और वसुंधरा राजे सिंधिया जैसी हस्तियों के शाही खानदान से आने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजनीति का ककहरा सीखने के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने अपने दिवंगत पिता माधव राव सिंधिया के निधन के बाद 2002 में गुना लोकसभा सीट जीतकर चुनावी राजनीति में दस्तक दी थी। उनके पिता की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद यह उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी थी। उस वक्त ज्योतिरादित्य 31 साल के थे। सिधिंया 2007 में कांग्रेस नीत संप्रग-1 सरकार में संचार राज्य मंत्री बने। साल 2009 में वह वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री बने और 2012 में उन्हें संप्रग-2 में ऊर्जा राज्यमंत्री नियुक्त किया गया। 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने उन्हें लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया था। सिंधिया कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी मित्रों में शामिल माने जाते थे। सिंधिया के लिए लोकसभा चुनाव 2019 काफी उलट-फेर वाला साबित हुआ क्योंकि वह गुना सीट पर अपने ही पूर्व सहयोगी डॉ के पी यादव (भाजपा) से हार गये। कभी कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे सिंधिया 10 मार्च 2020 को कांग्रेस छोड़ 11 मार्च 2020 को भाजपा में शामिल हुए थे। उनके साथ ही 22 कांग्रेस विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिससे मध्यप्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिर गई थी और 23 मार्च 2020 को भाजपा के शिवराज सिंह चौहान चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। पाला बदलकर भाजपा में आने के बाद सिंधिया मध्यप्रदेश से राज्यसभा में निर्वाचित हुए और उन्हें केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार में नागर विमानन जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया। एक जनवरी, 1971 को जन्मे सिंधिया ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड संस्थानों से शिक्षा ग्रहण की। ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्तमान में सिंधिया स्कूल के निदेशक मंडल के अध्यक्ष हैं। पिछले वर्ष अक्तूबर में इसी स्कूल की स्थापना के 125वें वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया था।

जम्मू में आतंकी हमला है इंसानियत को शर्मसार करने वाला कृत्य : राजस्थान-अजमेर दरगाह प्रमुख

अजमेर. अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख हजरत दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने जम्मू में रियासी जिले के शिवखोड़ी से दर्शन करके लौट रहे यात्रियों की बस पर घात लगाकर हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों मे निंदा करते हुए कहा कि यह घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। हादसे का शिकार हुए लोगों में औरतें, बच्चे और बुजुर्ग भी थे, जिनका कोई कसूर नहीं था। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति पिछले 10 सालो में मोदी सरकार की नीति ही बहुत कारगर रही है, इसलिये प्रधानमंत्री मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में कश्मीर से आतंकवादियों को जड़ से खत्म कर कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करवाएं। अजमेर दरगाह प्रमुख ने कहा कि भारत के हर नागरिक को प्रधानमंत्री से बहुत अपेक्षाएं हैं और देश के हर नागरिक को पूरा विश्वास है कि मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ देश को दस दशक पुराने आतंकवाद और अतिवाद से भी मुक्त करवाएंगे।

मशरूम का सेवन: कितना सुरक्षित है और इसके स्वास्थ्य लाभ

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट पर सख्ती से ध्यान देना चाहिए और उनके द्वारा खाए जाने वाले फलों, सब्जियों, अनाजों और दूसरे फूड आइटम्स का बहुत ही सावधानी चयन करना चाहिए. लांकि, फूड एक कैटेगरी है फंजाई जिसे नजरअंदाज किया जा सकता है. हम बात कर रहे हैं मशरूम की. बहुत से लोग फंजाई के रूप में क्लासिफिकेशन के कारण मशरूम से परहेज करते हैं, ये जाने बिना कि वो एक सेहतमंद और टेस्टी आइटम से महरूम रह जा रहे हैं. मशरूम असल में ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाते हुए डायबिटीज पेशेंट को फायदा पहुंचा सकते हैं. डायबिटीज पेशेंट के लिए क्यों फायदेमंद है मशरूम? 1. ब्लड शुगर करे कंट्रोल मशरूम एक ऐसा सुपरफूड है जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड कम होता है, जो ब्लड शुगर को लेवल बढ़ने से रोकता है, यानी इसके जरिए आफ ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं. 2. कैलोरी इनटेक हो सकता है मैनेज मशरूम में न के बराबर मात्रा में चीनी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं. कुछ स्टडीज से पता चलता है कि कम कार्ब वाली डाइट मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, हालांकि यह जरूरी नहीं कि इसे रोके. 3. डायबिटीज के खिलाफ रक्षा कवच मशरूम में पोलीसेकेराइड होते हैं, जो एंटी डायबिटिक इफेक्ट रखते हैं, इससे मधुमेह के खिलाफ सुरक्षा कवच तैयार होता है, जो मरीजों की सेहत के लिहाज से काफी अच्छा है. 4. वेट लॉस और दिल की सेहत जो लोग नियमित तौर से मशरूम खाते हैं उनके लिए वेट मैनेज करना आसान हो जाता है, मोटापे को डायबिटीज की पहली सीढ़ी माना जाता है. इसके अलावा ओवरवेट होना हार्ट डिजीज के रिस्क को बढ़ा देता है. मशरूम कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की सेहत को बेहतर बना सकता है. मशरूम कैसे पकाएं? मशरूम में प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, मिनरल्स, विटामिन B1, विटामिन बी2, विटामिन बी12, विटामिन सी, विटामिन ई, टेरपेन, क्विनोलोन, स्टेरॉयड, फ्लेवोनोइड्स, एंटीऑक्सिडेंट जैसे कैरोटीनॉयड और पॉलिसैकेराइड जैसे बीटा-ग्लूकन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. ये फायदे तभी मिलेंगे जब आप इसे सही तरीके से पकाएं. आप मशरूम को सलाद के तौर पर खाएं. इसके अलावा इस कम तेल और कम आंच में धीरे-धीरे पकाएं.

छत्तीसगढ़-कवर्धा में शराब की दुकान पर सुरक्षा गार्ड का गला रेतकर आरोपी फरार

कवर्धा. रविवार रात करीब 11 बजे कवर्धा के बायपास रोड स्थित सरकारी शराब दुकान के सुरक्षा गार्ड का अज्ञात लोगों ने गला रेत दिया। गार्ड को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। घायल गार्ड का नाम रुस्तम कुमार है, जो नाइट ड्यूटी पर तैनात था। बताया जा रहा है कि यह गार्ड दुकान पर ही था। इसी दौरान उसके ऊपर हमला हुआ है। इस वारदात की पुष्टि कबीरधाम एसपी डाक्टर अभिषेक पल्लव ने किया है। उन्होंने बताया कि मामले में सिटी कोतवाली थाना में धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है। घायल गार्ड को सामान्य चोट आई है। जिला अस्पताल में उपचार किया गया। गार्ड भी शराब के नशे में था। उसकी स्थिति सामान्य होने के बाद पूछताछ की जाएगी। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खांगले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी हो जायेगी।

Modi 3.0: मोदी सरकार 3.0 का गठन हो चुका, कुछ हारे हुए नेताओं को भी दिया गया मंत्री पद

नई दिल्ली नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बन गए हैं। रविवार को उन्होंने राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मोदी के साथ ही 71 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इनमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्री हैं। ज्यादातर पुराने चेहरों को ही नई सरकार में जगह मिली। लेकिन मोदी सरकार 3.0 में एनडीए के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में मौका मिला है। वहीं नए मंत्रिमंडल में लगभग हर राज्य का प्रतिनिधित्व है। केरल से दो मंत्रियों को बनाया गया है, पंजाब से भी मंत्री बनाए गए हैं। ये बताता है कि सरकार का केरल और पंजाब पर फोकस है, और हो भी क्यों न पहली बार केरल में कमल खिला है। वहीं पंजाब में बीजेपी का वोट शेयर 9 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया। सबका साथ: मोदी मंत्रिमंडल में सामाजिक समीकरणों का पूरा ख्याल मोदी सरकार 3.0 में सामाजिक समीकरणों का पूरा ख्याल रखा गया। प्रधानमंत्री के बाद सबसे पहले राजनाथ सिंह ने फिर अमित शाह, फिर नितिन गडकरी और फिर जेपी नड्डा ने शपथ ली। नड्डा के बाद शिवराज सिंह चौहान, फिर निर्मला सीतारमण, फिर एस जयशंकर और उनके बाद मनोहर लाल खट्टर ने शपथ ली। सहयोगी दलों में से सबसे पहले जेडीएस के एचडी कुमार स्वामी ने शपथ ली। एनडीए सरकार में जिन 71 मंत्रियों ने शपथ ली उनमें 27 ओबीसी, 10 एससी, 5 एसटी और 5 माइनॉरिटी से हैं। हालांकि कोई भी मुस्लिम मंत्री नहीं बना है। मोदी सरकार 3.0 में महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहेगा। कैबिनेट मंत्री के तौर पर 2 महिलाओं को शामिल किया गया है। इसमें झारखंड से सांसद अन्नपूर्णा देवी और राज्यसभा सांसद निर्मला सीतारण शामिल हैं। वहीं राज्य मंत्री में 4 महिलाएं हैं। इसमें अपना दल की अनुप्रिया पटेल, बीजेपी की शोभा करंदलाजे, रक्षा खडसे और सावित्री ठाकुर, नीमूबेन बंभानिया शामिल हैं। गठबंधन के बोझ तले नहीं है मोदी 3.0 मोदी सरकार 3.0 के मंत्रिमंडल ने ये संदेश दिया है कि सरकार पर गठबंधन की कोई राजनीतिक मजबूरी नहीं है। मोदी के 71 मंत्रियों में से 60 से ज्यादा बीजेपी के ही हैं। इसके अलावा सरकार के टॉप-4 मंत्रिमंडल भी बीजेपी को ही मिलने के आसार हैं। एनसीपी को सरकार की ओर से एक मंत्री पद की पेशकश की गई, लेकिन एनसीपी के भीतर भी खींचतान के चलते इसका फैसला नहीं हो पाया। बीजेपी ने भी इस पर बहुत फोकस नहीं किया। यही हाल जेडीयू और टीडीपी का दिखा। भले ही खबरों में आया कि गठबंधन को बड़े मंत्री पद देने होंगे, लेकिन ऐसा नहीं दिखा।   इधर कांग्रेस ने भी तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट शेयर करते हुए कहा था कि ‘अबकी बार बैसाखी सरकार’। लेकिन मोदी 3.0 ने साफ कर दिया कि नई सरकार में उनका पुराना अंदाज कायम रहेगा।   तीसरे टर्म में आजमाए नामों पर भरोसा मोदी सरकार 3.0 में कई आजमाए नामों पर ही भरोसा रखा गया है। पहले ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि अपने तीसरे टर्म में नरेंद्र मोदी पूरी तरह नई टीम बना सकते हैं। सरकार के स्तर पर नई टीम दे सकते हैं। मगर, 71 मंत्रियों के शपथ में राजनीतिक मजबूरी दिखी। 10 वर्षों के शासन में मात्र 14 ऐसे मंत्री रहे जो पीएम मोदी के तीनों कार्यकाल में मंत्री बने रहे। जो नाम तीनों टर्म में कॉमन रहे वे हैं- राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, जितेंद्र सिंह, राव इंद्रजीत सिंह, मनसुख मांडविया, किरेन रिजिजू, सर्वानंद सोनेवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, अनुप्रिया पटेल, हरदीप पुरी और धर्मेंद्र प्रधान। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि BJP के अंदर क्या मंत्रियों को उनके पुराने मंत्रालय ही रिपीट होंगे।   चुनाव में हार के बाद भी बनाया मंत्री नई सरकार में पीएम मोदी ने कुछ ऐसे मंत्रियों को भी शामिल किया है, जो लोकसभा चुनाव हार गए थे। सबसे हैरतअंगेज रहे नामों में पंजाब के लुधियाना से ‌BJP उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू और तमिलनाडु के नीलगिरी के उम्मीदवार एल. मुरुगन माने जा रहे हैं। पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थामा था। वहीं मोदी सरकार में राज्यमंत्री रहे एल. मुरुगन DMK के ए. राजा से हारे थे। मोदी ने इन दोनों को मंत्रिमंडल में जगह देकर पंजाब और साउथ के राज्यों को संदेश दिया है। माना जा रहा है कि BJP ने भावी राजनीति को ध्यान में रखते हुए हारने के बावजूद पंजाब में एक जट सिख चेहरे पर दांव लगाया है, ये कदम बीजेपी को पंजाब में फायदा दिला सकता है।   कौन-कौन ड्रॉप हुए? अब तक केंद्रीय मंत्री रहे अनुराग ठाकुर, स्मृति इरानी, अर्जुन मुंडा, महेंद्र नाथ पांडे, नारायण राणे, पुरुषोत्तम रूपाला, आरके सिंह को इस बार जगह नहीं मिला। अनुराग ठाकुर हिमाचल से, नारायण राणे महाराष्ट्र से और पुरुषोत्तम रूपाला गुजरात से चुनाव जीते हैं। चुनाव के दौरान रुपाला के एक बयान को लेकर खासा विवाद हुआ था और राजपूत संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। स्मृति इरानी ने जहां 2019 में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को अमेठी से हराया था, वहीं इस बार वह अमेठी से चुनाव हार गई हैं। अर्जुन मुंडा, महेंद्र नाथ पांडे और आरके सिंह भी चुनाव नहीं जीत पाए। पिछली सरकार में राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर को भी सरकार में जगह नहीं मिली। उन्होंने केरल से कांग्रेस नेता शशि थरूर के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन करीबी मुकाबले में हार गए। मंत्रिमंडल की औसत उम्र 59 साल मोदी सरकार 3.0 की औसत उम्र 59 साल है। पिछली बार यह औसत उम्र 61 साल थी, हालांकि 2021 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में यह घटकर 58 साल रह गई थी। इस बार सबसे उम्रदराज मंत्रियों में 79 साल के जीतनराम मांझी हैं तो वहीं सबसे कमउम्र के टीडीपी के 36 वर्षीय के राममोहन नायडू और बीजेपी की 37 वर्षीया रक्षा खड़से हैं। पीएम नरेंद्र मोदी को मिलाकर उनकी सरकार में लगभग एक दर्जन चेहरे 70 साल या उससे ज्यादा के हैं। सरकार में महिला और युवा चेहरे मोदी सरकार में इस बार युवा और महिलाओं का एक संतुलन दिखा। हालांकि महिलाओं को … Read more

गर्मियों में दही को खट्टा होने से कैसे बचाएं: जानें आसान और प्रभावी तरीके

गर्मी के मौसम में अक्सर खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब होने लगती है। तापमान बढ़ने से नमी वाली जगहों पर बैक्‍टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। स्टोरेज में थोड़ी भी लापरवाही से खाना खराब हो जाता है। खासतौर पर डेयरी प्रोडक्‍ट पर ज्यादा असर देखने को मिलता है। इन्हीं में से एक है दही, जिसके स्वाद में खट्टापन तेजी से आ जाता है। अब गर्मी में दही खाना किसे पसंद नहीं होता, लेकिन खट्टापन स्वाद खराब कर देता है। इसके पीछे तापमान बढ़ने के साथ कई और भी कारण होते हैं। अगर आप सही तरीके से दही जमाने के साथ स्‍टोर करें तो खट्टेपन को कई दिनों तक दूर रख सकते हैं। ऐसे में हम आपको दही को स्टोर करने को लेकर खास जानकारी दे रहे हैं। ताकी लापरवाही से आपके दही का स्वाद खराब न हो। सही बर्तन का करें सिलेक्शन दही को स्टील या किसी दूसरी धातु के बर्तन में जमाने से अच्छा होगा कि आप मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल करें। गर्मी के मौसम में मिट्टी के बर्तन में दही जमाने से इससे पानी नहीं निकलता, क्योंकि ये दही का पानी सोख लेता है। ऐसे में दही ठंडा होने की वजह से लंबे समय तक स्वादिष्ट बना रहता है। दही जमाने का सही वक्‍त दही के खट्टेपन के पीछे गलत समय पर इसे जमाना भी होता है। ऐसे में अगर आप सुबह-सुबह दही जमाने का सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि इस वक्‍त ये गाढ़ा नहीं होगा और पानी छोड़ देगा। इसलिए बेहतर होगा कि रात के वक्‍त दही जमाएं। सुबह जब जम जाए तो इसे कुछ घंटे फ्रिज में जरूर रखें। इससे स्‍वाद में खटास नहीं आएगी। ठंडी जगह करें स्‍टोर दही को जमाने के साथ स्टोर करते वक्त भी तापमान का ध्यान रखना होता है। जैसे कि दही को जमने के लिए गर्म वातावरण की जरूरत होती है लेकिन जब दही जम जाए तो फिर उसे गर्म जगह पर बिल्कुल भी नहीं छोड़ें। आप इसे ठंडे कमरे में रखें, इससे वो खट्टा नहीं होगा। इसलिए सबसे जरूरी है कि दही को फ्रिज में रखें। जामन की मात्रा का रखें ध्यान दही को खट्टा होने से बचाने के लिए दही के जामन की मात्रा का ध्यान रखें। दही को बेहतर बनाने के चक्कर में अक्सर लोग दूध में अधिक जामन डाल देते हैं, लेकिन इसकी वजह से दही खट्टा हो जाता है। ध्यान रखें कि जामन के लिए सिर्फ थोड़ी सी फ्रेश दही का इस्तेमाल करें। दूर रखें अन्‍य खाने की चीजें अगर आप दही को खाने की अन्‍य चीजों के साथ रख रहे हैं तो ये दूसरे फूड आइटम्‍स की महक को एब्‍जॉर्ब कर लेता है जिससे दही जल्‍दी खट्टा होने लगता है। इसलिए आप इसे ऐसी जगह रखें जहां दूध के आइटम हों। यही तरीके से स्टोर करने से दही को खट्टा होने से बचाया जा सकता है।

भोजशाला का एएसआई सर्वे के दौरान खुदाई में मिली हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियां

धार मप्र के धार में भोजशाला का एएसआई सर्वे चल रहा है। सर्वे के 80वें दिन सीढ़ियों के नीचे बंद कमरे से भगवान गणेश, मां वाग्देवी, मां पार्वती, हनुमानजी व अन्य देवी प्रतिमाएं मिली हैं। इसके साथ सनातनी आकृतियों वाले शंख-चक्र, शिखर समेत करीब 79 अवशेष मिले हैं। 8 बाय 10 फीट का यह कमरा दोनों पक्षों की मौजूदगी में खोला गया। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के याचिकाकर्ता ने इसे भोजशाला के प्रमाणित होने की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। वहीं मुस्लिम पक्षकार ने कहा कि इन सभी चीजों को यहां पर बाद में रखा गया था। देवी, गणेशजी, हनुमानजी समेत कई मूर्तियां मिली जीपीआर मशीन की जांच के बाद मिले डाटा के आधार पर सर्वे के लिहाज से इसे खोला गया। जहां एक फर्श हटाने के बाद टीम ने जैसे-जैसे मिट्टी हटाई इसके बाद कमरे से सबसे पहले भगवान गणेश, मां वाग्देवी, पार्वती, महिषासुरमर्दिनी, हनुमानजी की प्रतिमा निकली। कोई प्रतिमा डेढ़ फीट की तो कोई दो से ढाई फीट की है। यज्ञशाला की मिट्टी हटाई तो मिली पुरातन चीजें उत्तरी हिस्से में भी मिट्टी की लेवलिंग के दौरान पिलर के बेस, बीच के हिस्से समेत करीब 6 अवशेष निकले हैं। यज्ञशाला के समीप मिट्टी हटाने के दौरान छह बड़े सनातनी अवशेष मिले हैं। इन्हें एएसआई ने जांच में शामिल किया। हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा ने बताया बारिश के चलते भोजशाला के आसपास बनाई गई ट्रेंच को भी मिट्टी भरकर बंद कर रहे हैं। जो अवशेष मिले वह प्रमाणित हैं और अब तक हुए सर्वे में एक दिन में सबसे ज्यादा मिले हैं। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के सदस्य व याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने दावा किया है कि भोजशाला के भीतर बंद कमरा एएसआई के अधीन होकर सालों से बंद पड़ा है। मुस्लिम पक्ष दर्ज करवाएगा आपत्ति मुस्लिम पक्ष के अब्दुल समद का कहना है यह सर्वे पूरी तरह से हाई कोर्ट के आदेश पर गोपनीय तरीके से हो रहा है। मिट्टी हटाने के साथ परिसर में लेवलिंग का भी काम चला है। जो अवशेष सफाई में मिले वह बाद में रखे गए थे। इन अवशेषों के सूचीबद्ध करने पर इनके रखे जाने वाले वर्ष को शामिल कराने की आपत्ति एएसआई को दर्ज कराई जाएगी। धार जिले की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक भोजशाला मंदिर को राजा भोज ने बनवाया था। राजा भोज परमार वंश के महान राजा थे जिन्होंने 1000 से 1055 ईस्वी तक राज किया। बताया जाता है कि 1305 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी ने भोजशाला पर हमला किया था और 1401 ईस्वी में दिलवार खान गौरी ने भोजशाला के एक हिस्से में और 1514 ईस्वी में महमूद शाह खिलजी ने दूसरे हिस्से में मस्जिद को बनवाया था। 19वीं शताब्दी में यहां पर खुदाई हुई तो सरस्वती देवी की प्रतिमा मिली जिसे अंग्रेज अपने साथ ले गए। यह प्रतिमा अभी लंदन के संग्रहालय में है। इस प्रतिमा को वापस भारत लाने के लिए भी विवाद चल रहा है। देश की आजादी के बाद भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर विवाद बढ़ने लगा। कोर्ट ने अभी यहां पर हिंदुओं को मंगलवार को प्रवेश के साथ पूजा की मंजूरी दी है और मुस्लिम समाज को शुक्रवार को परिसर में नमाज अदा करने की मंजूरी दी है। जब भी शुक्रवार को बसंत पंचमी आती है तो विवाद बढ़ जाता है। दोनों पक्ष अपनी पूजा और नमाज के लिए विवाद करते हैं। अब कोर्ट के आदेश पर ही यहां एएसआई का सर्वे चल रहा है। 

PM मोदी के मंत्रिमंडल में 7 महिलाएं शामिल, निर्मला सीतारमण-रक्षा खडसे समेत इनको मिला मौका

नईदिल्ली नई केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कुल 7 महिलाओं को शामिल किया गया है, जिनमें 2 कैबिनेट मंत्री बनाई गई हैं। वहीं, 5 जून को भंग की जा चुकी पिछली मंत्रिपरिषद में कुल 10 महिला मंत्री थीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, ​​राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार, साध्वी निरंजन ज्योति, दर्शना जरदोश, मीनाक्षी लेखी और प्रतिमा भौमिक को 18वीं लोकसभा की मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिली। नई मंत्रिपरिषद में पूर्व केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, भाजपा सांसद अन्नपूर्णा देवी, शोभा करंदलाजे, रक्षा खडसे, सावित्री ठाकुर और निमुबेन बांभनिया और अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल को शामिल किया गया है। सीतारमण और अन्नपूर्णा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि शेष ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। लोकसभा चुनाव में इरानी, पवार और ज्योति अपनी मौजूदा सीटों क्रमश: अमेठी डंडोरी और फतेहपुर से हार गईं। वहीं, जरदोश, लेखी और भौमिक को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। आम चुनाव में 74 महिला उम्मीदवादों ने जीत दर्ज की और यह संख्या 2019 में निर्वाचित 78 महिला प्रत्याशियों की तुलना में कुछ कम है। मालूम हो कि रविवार शाम को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की और उनकी मंत्रिपरिषद के 71 सदस्यों ने शपथ ली। मंत्रियों की टीम युवा और अनुभवी लोगों का मिश्रण: मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने नए केंद्रीय मंत्रिपरिषद को युवाओं और अनुभवी लोगों का बेहतरीन मिश्रण बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, ‘मैं 140 करोड़ भारतीयों की सेवा करने और भारत को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मंत्रिपरिषद के साथ काम करने के लिए तत्पर हूं।’ नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, ‘मंत्रियों की यह टीम युवा और अनुभवी लोगों का बेहतरीन मिश्रण है। हम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’ मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए विदेशी गणमान्य व्यक्तियों का भी आभार जताया।  

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