“अंग्रेजों से युद्ध मुसलमानों ने लड़ा था, भाजपा और RSS ने नहीं”
“अंग्रेजों से युद्ध मुसलमानों ने लड़ा था, भाजपा और RSS ने नहीं” AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान
“अंग्रेजों से युद्ध मुसलमानों ने लड़ा था, भाजपा और RSS ने नहीं” AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान
AIADMK ने BJP के साथ गठबंधन तोड़ा पार्टी के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने दी जानकारी कहा- “हम चुनाव के दौरान ही गठबंधन के बारे में फैसला करेंगे. यह मेरा निजी विचार नहीं है. यह हमारी पार्टी का रुख है”
ग्वालियर। शहर के सिरोल थाना इलाके की पॉश टाउनशिप एमके सिटी के फ्लैट से क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलवाते पकड़े गए 15 सटोरियों ने पुलिस की पूंछ-तांछ में बहुत बड़ा राज उजागर किया जिसके चलते पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सटोरियों ने एक सब इंस्पेक्टर, दो पुलिस कर्मियों सहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति पर जेल में सड़ाने की धमकी देकर 23 लाख रुपये ऐंठने का खुलासा करते हुए सटोरिये के मोबाइल से पुलिसकर्मी द्वारा रकम को बैंक खाते में ट्रांसफर करने का राज उजागर कर दिया। आरोपी का मोबाइल चेक करने पर एक अकाउंट में 23 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन भी मिला है। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ग्वालियर के निर्देश पर तत्काल गोल का मंदिर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, क्राइम ब्रांच के हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव आहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध थाना सिरोल में मामला दर्ज कर लिया गया है। तीनों पुलिस कर्मियों को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उक्त पुलिस कर्मियों ने किसके खाते में 23 लाख रुपए ट्रांसफर किये है ये पड़ताल जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सिरोल थाना इलाके में क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगवाने वाला गिरोह सक्रिय है। सिरोल स्थित पॉश टाउनशिप एमके सिटी में फ्लैट नंबर ई-105 में सटोरिए फड़ जमाए बैठे हैं। पुलिस ने फ्लैट की घेराबंदी कर दबिश दी तो वहां खलबली मच गई। पुलिस ने फ्लैट के अलग-अलग रूम से 15 सटोरियों को पकड़ा है। इनके पास से के मोबाइल फोन और लेपटॉप सहित दो करोड़ से ज्यादा का लेनदेन और हिसाब किताब मिला। क्राइम ब्रांच व सिरोल थाना पुलिस ने पकड़े गए सटोरियों से पूछताछ की सटोरियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पकड़े जाने के ठीक पहले सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव और एक अन्य व्यक्ति द्वारा फ्लैट में पहुंच कर जेल में सड़ाने की धमकी देकर 23 लाख रुपए खाते से ट्रांसफर करने का मामला उजागर कर दिया। सटोरियों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उक्त पुलिसकर्मियों ने किसी को भी रकम ट्रांसफर करने की बात ना बताने की भी धमकी दी थी। इस बात का खुलासा होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने मामले की जानकारी तत्काल पुलिस अधीक्षक ग्वालियर राजेश सिंह चंदेल को दी। मामले की पूरी हकीकत जाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनके विरुद्ध मामला दर्ज करने के निर्देश दे दिये। जिसके बाद सिरोल थाना पुलिस ने गोला का मंदिर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, क्राइम ब्रांच के हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव आहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध धारा 384,389,294,506,34 के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया। अब पुलिस अधिकारी मामले की विवेचना कर उक्त पुलिस कर्मियों के चौथे अज्ञात साथी के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही पुलिस कर्मियों द्वारा किसके खाते में 23 लाख रुपए ट्रांसफर किये गए हैं यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह है कि जिस प्रकार किसी आम नागरिक के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज होने के साथ ही पुलिस तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज देती है उसी प्रकार उक्त पुलिसकर्मियों को भी तत्काल गिरफ्तार किया जाएगा या फिर उन्हें विभागीय जांच के नाम पर आजाद घूमने दिया जाएगा ताकी वर्दी की धौंस दिखाकर या साम,दाम,दंड,भेद वाली नीति अपनाकर गवाह ओर सबूतों के साथ छेड़-छाड़ कर अपना बचाव कर सकें। शहर और अंचल से जुड़े हैं तार फ्लैट के तीन अलग-अलग रूम में बैठै स्टोरिए अलग-अलग इलाकों के सटोरियों को कवर कर रहे थे। इनके साथ एप के माध्यम से ग्वालियर और आसपास के शहरों के सट्टा खेलने वाले जुड़े थे। इनके मोबाइल में कई नाम कोडवर्ड में भी सेव हैं, इनका भी पुलिस पता लगा रही है। दतिया की गैंग यहां से खिला रही थी सट्टा पुलिस द्वारा पकड़े गए सटोरियों की पहचान आशीष रजक निवासी दतिया, विशाल कुशवाह निवासी दतिया, उदयभान कुशवाह निवासी दतिया, अमित कुशवाह निवासी दतिया, जितेंद्र परिहार निवासी दतिया, करण अहिरवार निवासी दतिया, बज्जू अहिरवार निवासी दतिया, विकास पाल निवासी दतिया, ऋ षभ विश्वकर्मा निवासी दतिया, आकाश रजक निवासी झांसी बाइपास, अनुराग देव निवासी सुंदर नगर लुधियाना, आशीष सोनी निवासी राधा कृष्ण का मंदिर, राजकुमार रैकवार निवासी दतिया, हृदेश पांडे निवासी दतिया, और अमित सोनी निवासी दतिया के रूप में हुई है। पुलिस का कहना इस मामले में एसएसपी ग्वालियर राजेश सिंह चंदेल का कहना है कि सिरोल थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवा रहे 15 सटोरिए पकड़े हैं। इनके पास से गोला का मंदिर थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव, क्राइम ब्रांच के हवलदार विकास तोमर, आरक्षक राहुल यादव आहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के द्वारा 23 लाख रुपए किसी बैंक खाते में ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। जिसपर तीनो पुलिस कर्मियों को निलंबित करते हुए इनपर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
ग्वालियर। जिला योगा एसोसिएशन ग्वालियर के तत्वावधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय योगासन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जहां 200 प्रतियोगियों ने अपने टैलेंट का प्रदर्शन किया। साथ ही विभिन्न आयु वर्ग के आधा सैकड़ा प्रतिभागियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन किया गया। लक्ष्मीबाई कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ. आदित्य भदौरिया थे। जिला योगा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय ने अध्यक्षता की। प्रतियोगिता में शहर के अनेक स्कूल, कॉलेज और संस्थाओं के के दो सैकड़ा से अधिक प्रतियोगियों ने भाग लिया। सुबह नौ बजे से शुरू हुई यह प्रतियोगित शाम पॉच बजे तक चली। इस दौरान विभिन्न आयु वर्ग के प्रतियोगियों ने अपनी-अपनी श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन कर जीत हासिल की और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान पक्का किया। समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ.एसपी श्रीवास्तव थे। जबकि स्वदेश के वरिष्ठ पत्रकार सुबोध पचौरी विशिष्ट अतिथि थे। अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय ने अतिथियों को स्वागत किया और एसोसिएशन की ओर से योगा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। अतिथियों ने सामुहिक रूप से विजयी प्रतियोगियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। निर्णायक मंडल के सदस्यों को स्मृति-चिंह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र कांत ने तथा आभार व्यक्त सचिव अरुण शर्मा ने किया। आयोजन में थिंक एंड सपोर्ट फाउंडेशन सहित रेखा मिश्रा, अभिलाष रावत, योग शिक्षक महेंद्र सिंह, विकास सोनी, हर्ष बंसल, सुकन्या शर्मा एवं चित्रा कुशवाह का विशेष योगदान रहा। ये बचे हुए पुरूस्कृत बालिका वर्ग 8 से 10 आयु वर्ग : श्रेया कुमारी, एंजल शर्मा, उन्नति सिंह 10 से 12 अन्नू प्रजापति, राधिका यादव, दीपिका माझी 12 से 14 कशिश कुमारी, मोनालिसा मेहरा, नियति राजपूत 14 से 16 ज्योति, खुशी सिंह ,लक्ष्मी गुप्ता 16 से 18 मान्या जैन, तनुष्का बाड़े, तनिष्का प्रजापति 18 से 24 अपर्णा राठौर, पूजा सिंह, रोशनी मांरीप 24 से 30 पूनम जैन, रत्ना भदौरिया, दीक्षा सिंघल 30 से 40 महिला वर्ग रिचा राठौर बालक वर्ग 8 से 10 आयु वर्ग सूर्यांश दुबे, हितेश, मृदुल 12 से 14 अहम प्रताप सिंह, शिवम, मनुज कुमावत 12 से 14 शौर्य दांगी, उत्कर्ष सिंह तोमर, ध्रुव कुमार द्विवेदी 14 से 16 ओम प्रकाश शर्मा, अखिलेश तोमर, राजीव कुमार भारद्वाज 16 से 18 आयु वर्ग अभिषेक शिंदे, हिमांशु दुबे, सौरभ छवाई 18 से 24 निखिल साई, विवेक गुप्ता, वंश तिवारी 24 से 30 राजेश कुशवाह, सनी मौर्य, अनिल सोनी 30 से 40 जितेंद्र यादव, विकास सोनी
ग्वालियर/भिंड। चम्बल नदी का जलस्तर बढ़ने की खबर आने से मध्य प्रदेश के भिंड एवं मुरैना जिले के चम्बल नदी के सीमावर्ती इलाकों में हाईअलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी क्षेत्र से दूर रहने के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रसाशन ने आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए भी आवश्यक तैयारीयां कर लीं हैं। जानकारी के अनुसार चम्बल नदी पर बने गांधी सागर बांध के जलसंग्रहण क्षेत्र में वर्षा होने के कारण बांध से 17 सितम्बर को रात 10:30 बजे 273819 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। छोड़े गए पानी के कारण कोटा बैराज से 70000 क्यूसेक पानी दिनांक 18 सितम्बर 2023 को दोपहर 12:00 बजे एवं शाम 7:15 बजे 170000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण मुरैना एवं भिण्ड जिले की सीमा में चम्बल नदी का जलस्तर 19 सितम्बर 2023 की शाम तक बढ़ना शुरू होगा। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला आपदा नियंत्रण कक्ष ने आम जन को सुरक्षा के दृष्टि सूचना जारी की है। की चंबल नदी में अगले 72 घंटे में जल स्तर बढ़ेगा, अतः समस्त चंबल के आस पास रहने वाले रहवासी और ग्रामीण जन नदी के किनारों पर जाने से बचें और तत्काल ऐसे इलाकों से ऊपर स्तर पर आ जायें और पालतू पशुओं को भी नदी के किनारे नहीं जाने दें। आपदा प्रबंधन और आपदा स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर जारी किए गए:- फोन नं. 07534 230061 07534 230062 07534 230063 07534 299751 चंबल में बाढ़ या किनारों के आस पर जल भराव की स्थिति निर्मित होने या अन्य किसी आपात परिस्थिति में इन नंबरों पर सूचना दी जा सकती है।
ग्वालियर/ नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा बुलाये गए विशेष सत्र के दौरान मोदी केबिनेट ने देश की महिलाओं को लोकसभा, राज्यसभा ओर सभी राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण बिल को मंजूरी देकर देश की राजनीती में बड़ा फेरबदल कर दिया। वैसे तो महिला आरक्षण का मुददा 1947 में देश आजाद होने के बाद ही उठा था लेकिन सबसे अधिक जोर इसपर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने दिया। स्व.अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने अपने कार्यकाल में चार बार महिला आरक्षण बिल पेश किया लेकिन तब विपक्ष लगातार इस बिल के रास्ते का रोड़ा बनता रहा। संसद के विशेष सत्र के बीच मोदी कैबिनेट की अहम बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल को मंजूरी मिल गई है। इस बिल को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन तमाम कयासों को दरकिनार करते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने आखिरकार इस बिल को मंजूरी दे दी। इस मंजूरी के बाद बुधवार को महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही यह नए संसद भवन में पेश होने वाला पहला बिल बन जाएगा हालांकि अभी सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान आना बाकी है। कांग्रेस पार्टी ने फैसले का स्वागत किया हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इससे पहले ही महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत कर दिया है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, “कांग्रेस पार्टी लंबे समय से महिला आरक्षण को लागू करने की मांग कर रही है। हम कथित तौर पर सामने आ रहे केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत करते हैं और विधेयक के विवरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में इस पर अच्छी तरह से चर्चा की जा सकती थी और पर्दे के पीछे वाली राजनीति के बजाय आम सहमति बनाई जा सकती थी। इस बिल में क्या है? महिला आरक्षण विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी या एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव है। विधेयक में 33 फीसदी कोटा के भीतर एससी, एसटी और एंग्लो-इंडियन के लिए उप-आरक्षण का भी प्रस्ताव है। विधेयक में प्रस्तावित है कि प्रत्येक आम चुनाव के बाद आरक्षित सीटों को रोटेट किया जाना चाहिए. आरक्षित सीटें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेशन द्वारा आवंटित की जा सकती हैं। सदनों में महिलाओं की वर्तमान स्थिति यहाँ आपको ये भी जानना जरूरी है कि वर्तमान लोकसभा में, 78 महिला सदस्य चुनी गईं, जो कुल संख्या 543 का 15 प्रतिशत से भी कम है। वहीं राज्यसभा में मात्र 32 महिला सांसद हैं, जोकि कुल राज्यसभा सांसदों का 11 प्रतिशत है। इसके अलावा अगर राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, ओडिशा, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना सहित कई राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 10 प्रतिशत से भी कम है। दिसंबर 2022 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 10-12 प्रतिशत महिला विधायक थीं।
अखिल भारतीय पंचायत परिषद (All India Panchayat Parishad) के संस्थापक अध्यक्ष,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी , त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनक एवं पूर्व मुख्य मंत्री गुजरात अमर शहीद श्री बलवंत राय मेहता जी की कल 58वीं पूर्ण तिथि है । अखिल भारतीय पंचायत परिषद के अनवरत संघर्षो के परिणाम स्वरूप एवं बलवंत राय मेहता पंचायती राज संस्थान ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष डाक्टर एल एम सिंघवी की अध्यक्षता में गठित संवैधानिक संशोधन कमीशन की संस्तुतियों के आधार पर भारत सरकार ने वैश्वी करण के दौर में 73वें ,74वें संविधान संसोधन द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा तो दे दिया परंतु राज्य सरकारें 29 विषयक अधिकारों का स्थानांतरण स्वायत्त शासी संस्थाओं को पूर्णतः नहीं कर रही हैं । राज्य सरकारें पंचायत धनराशि एवं पंचायती राज की बोटियाँ नोचने में लगी हैं जो पतन की पराकाष्ठा के प्रतीक है।राजनीति का यह ओछा पन दूर करना देश एवं पंचायती राज के हित में नितांत आवश्यक है । पंचायती राज की तीसरी सरकार एवं लोक राज स्थापित करने के लिए देश भर की 2 लाख 48हज़ार 160ग्राम पंचायतों ,6,284 ब्लॉक पंचायतों ,595 ज़िला पंचायतों एवं त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लगभग 31 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों जिसमें 14लाख 39 हज़ार निर्वाचित महिला प्रतिनिधि शामिल हैं को चाहिए कि संगठित होकर वर्तमान ऑल इंडिया पंचायत परिषद के अध्यक्ष मंडल के सामूहिक नेतृत्व में संघर्ष करने का कल 19 सितम्बर को अमर शहीद श्री बलवंत राय मेहता जी की 58 वीं पुण्य तिथि पर संकल्प लें ताकि बलवंत राय मेहता के द्वारा ग्राम स्वराज के लिए किए गए प्रयासों को पूर्णता प्राप्त हो सके । मा० सदस्य गण अध्यक्ष मंडल से / समस्त अध्यक्ष गण , प्रदेश पंचायत परिषद से अपील है कि अपने- अपने प्रदेश /राज्यों में कल 19सितम्बर को परम श्रद्धेय अमर शहीद श्री वलवंत राय मेहता जी की पुण्य तिथि पर पंचायती राज से सम्बंधित विषयों पर संगोष्ठी एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करें। जयपंचायती राज । शीतला शंकर विजय मिश्र मुख्य महामंत्री ऑल इंडिया पंचायत परिषद न्यासी सचिव बलवंत राय मेहता पंचायती राज
भोपाल । मध्य प्रदेश में मनरेगा के इंजीनियरों पर सवाल खड़ा हुआ है। श्योपुर जिले में मनरेगा के काम एक प्रायवेट इंजीनियर कर रहा था। कलेक्टर संजय कुमार को जब सूचना मिली तो उन्होंने दबिश दिलाई। वहां कई पंचायतों के मनरेगा के काम की फाइलें मिलीं तो यह खुलासा हुआ। कलेक्टर संजय कुमार ने कहा है कि जब्त रिकार्ड की जांच कराई जा रही है तथा दोषी पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। पंचायतो में मूल्यांकन करने के लिए नियुक्त सरकारी इंजीनियरों की भूमिका भी जांच कराई जा रही है। श्योपुर जिले में कलेक्टर संजय कुमार ने ग्राम पंचायतों के काम प्रायवेट इंजीनियरों की ओर से किए जाने की सूचना पर एक प्रायवेट इंजीनियर द्वारकाप्रसाद द्विवेदी के यहां दबिश दी। वहां कई ग्राम पंचायतों के सरकारी कागजात मिले। निजी इंजीनियर के यहां से आधा सैकड़ा पंचायतों का रिकॉर्ड जप्त कलेक्टर ने कार्रवाई शुरू की है। श्योपुर की कल्याणपुरम कॉलोनी स्थित द्विवेदी के यहां से बड़ी संख्या में एमबी जप्त की गई है। यह प्रायवेट इंजीनियर खुद इस्टीमेट बनाता था और खुद ही कार्य का मूल्यांकन करता था। कलेक्टर संजय कुमार के निर्देश पर प्रशासनिक एवं पुलिस की टीम द्वारा श्योपुर की कल्याणपुरम कॉलोनी स्थित एक निजी इंजीनियर के आवास तथा बडौदा में विद्यार्थी सेवा केन्द्र के नाम से संचालित एक दुकान पर छापामार कार्यवाही करते हुए आधा सैकडा ग्राम पंचायतों का सरकारी रिकार्ड जब्त किया गया है। जिसमें निर्माण कायो से संबंधित माप पुस्तिकाएं, मस्टर रोल, बिल बाउचर, जॉबकार्ड सहित निर्माण कार्यो से संबंधित फाइले शामिल है। फाइलों के अलावा सरकारी दस्तावेजों को किया जब्त – कलेक्टर संजय कुमार के निर्देश पर तहसीलदार संजय जैन द्वारा पुलिस अधिकारी के साथ कल्याणपुरम कॉलोनी में रहने वाले निजी इंजीनियर द्वारिका प्रसाद त्रिवेदी के आवास पर छापा मारते हुए निर्माण कार्यो के मूल्यांकन से संबंधित एमबी तथा अन्य फाइले जब्त की गई है। जिन पंचायतों की एमबी जब्त की गई है, उनमें लाडपुरा, सेवापुर, हासिलपुर, बगदरी, खिरखिरी, बासोद, इन्द्रपुरी, बगदिया, ढोढर, सेमल्दा, ललितपुरा, गलमान्या, हिरनीखेडा, पनवाडा, बांजरली, जैनी, बांसोद, तुलसैफ, दूबडी, उतनवाड, नारायणपुरा, लुहाड, छोटाखेडा, ढोटी, गुहेडा, दलारना कलां, तिल्लीपुर, पच्चीपुरा, बडौदाराम, आसीदा, सोठवा, जैनी, बागल्दा, आसीदा, धीरोली, चकरामपुरा शामिल है। इसके साथ ही विभिन्न निर्माण कार्यो से संबंधित फाइले भी जब्त की गई है। दुकान के अंदर बनाया पंचायतों के अलग-अलग कैबिन – बडौदा में तहसील गेट के पास विद्यार्थी सेवा केन्द्र के नाम से संचालित प्रीतम बैरवा की दुकान पर एसडीएम मनोज गढवाल द्वारा छापा मारकर दुकान को सील करने की कार्यवाही की गई है। इस केन्द्र से ग्राम पंचायत पाण्डोली, गलमान्या, ललितपुरा, कुंहाजापुर, उदोतपुरा, राधापुरा, मकडावदाकलां, बोरदा देव, कुडायता, भिलवाडिया, हलगावडा खुर्द, रतोदन, बासोंद, बहाडवद, पनवाड, बांजरली, बुखारी, सुबकरा के दस्तावेज जैसे बैंक खाते, मस्टर रोल, आधार, बिल बाउचर, जॉब कार्ड सूची आदि जब्त किये गये है। एसडीएम मनोज गढवाल ने बताया कि केन्द्र पर इन 18 पंचायतो के अलग-अलग केबिन बने हुए थे, जिन पर पंचायतो के नाम लिखकर दस्तावेज रखे गये थे, यहा दो कम्प्युटर, तीन प्रिंटर, एक लैपटॉप और इनवेटर पाये गये, छापा मारने के दौरान संचालक प्रीतम बैरवा, आॅपरेटर महेश माहौर, बृजराज गुर्जर मौके पर पाये गये। एसडीएम मनोज गढवाल द्वारा विद्यार्थी सेवा केन्द्र को सील किया गया है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में एकलव्य आदिवासी गुरुकुल छात्रावास विद्यालय में 100 बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके हाथ में सलाइन की बोतल थमाकर खड़े-खड़े ही इलाज शुरू कर दिया गया। जबलपुर | मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के मांडवा बस्ती में संचालित एकलव्य आदिवासी गुरुकुल छात्रावास विद्यालय के सैकड़ों बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। दरअसल, सोमवार शाम छात्रावास में रहने वाले करीब 460 बच्चों को खाने में कटहल की सब्जी दी गई थी। सब्जी खाने के बाद एक के बाद एक बच्चों की हालत बिगड़ती चली गई। बच्चों को खून की उल्टियां तक होने लगीं। बच्चों की हालत बिगड़ती देख छात्रावास में हड़कंप मच गया। छात्रावास प्रबंधन ने आनन-फानन में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करा, जहां डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि छात्रावास के करीब 100 बच्चे फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए हैं, जिनमें से एक दर्जन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, खबर मिलने के बाद जब वे छात्रावास पहुंचे तो वहां के जिम्मेदार पूरे मामले में लीपापोती की कोशिशों में जुटे रहे। सैकड़ों की तादाद में बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसे देखकर कोई भी चौंक सकता है। लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए बच्चे हाथों में दवा की बोतलें लेकर छात्रावास से अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। छात्रावास में 460 बच्चे रहते हैं- क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक वहीं पूरे मामले में क्षेत्रीय स्वास्थ्य संचालक संजय मिश्रा का कहना है कि यह फूड प्वाइजनिंग ही है, जिसकी वजह से सभी बच्चों की तबीयत बिगड़ी है। बताया जा रहा है कि एकलव्य आदिवासी छात्रावास में तकरीबन 460 बच्चे रहते हैं। पहली शिफ्ट में 5वीं से लेकर 8वीं तक के बच्चों को खाना खिलाया जाता है। इसी के तहत आज भी तकरीबन 120 बच्चों ने एक साथ खाना खाया. खाने में बच्चों को दाल-चावल, कटहल की सब्जी और रोटियां दी गई थीं। बच्चों को हुई फूड पॉइजनिंग हालांकि खाना खाते ही कुछ बच्चों ने उल्टियां शुरू कर दीं और पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद छात्रावास के स्टाफ ने तत्काल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सभी बच्चों की हालत बेहतर है। बच्चों को फूड पॉइजनिंग ही हुई है। बच्चों का इलाज जारी है। कुछ बच्चों को मेडिकल अस्पताल भी रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि छात्रावास से खाने का सैंपल ले लिया गया है और उसकी जांच खाद्य विभाग से कराई जाएगी। अगल-अलग अस्पतालों में किए गए भर्ती वहीं अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास में अक्सर बच्चों को खराब खाना ही दिया जाता है, जिसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है, लेकिन छात्रावास के कर्मचारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा आज कई बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। बीमार हुए इन बच्चों में से जबलपुर के विक्टोरिया अस्पताल में करीब 40 बच्चों को भर्ती कराया गया है तो वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में 45 बच्चों को भर्ती कराया गया है। इसके साथ जबलपुर के निजी अस्पतालों में भी अलग-अलग इन बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है। खराब खाने खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ी वहीं बच्चों के परिजनों का आरोप है कि इससे पहले भी कई बार छात्रावास में खराब खाना दिया जाता है, जिसकी शिकायत भी कई बार की गई है, लेकिन जिम्मेदारों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और यही वजह है कि आज खराब खाने की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल मेडिकल अस्पताल के बाहर और विक्टोरिया अस्पताल में परिजनों की भारी भीड़ लगी हुई है तो वहीं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
विदिशा, ग्यारसपुर थाना परिसर में आगामी गणेश उत्सव एवं त्योहार को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें नया तहसीलदार राजेंद्र सेन की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई जिसमें उप निरीक्षक राजेश मिश्रा के द्वारा ग्राम के सभी गणमान्य नागरिकों एवं गणेश उत्सव समिति के अध्यक्षों से चर्चा की गई एवं डीजे संचालकों से भी बातचीत कर कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट की गार्ड लाइन के तहत थी डीजे का संचालन किया जाए एवं तेज आवाज में डीजे ना बजाया जाए । उन्होंने कहा है कि ग्यारसपुर हमेशा से ही हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है जहां पर सभी त्योहारों को बड़े ही सुहाद के साथ मनाया जाता है । उप निरीक्षक ने कहा है कि झांकी के अध्यक्ष 24 घंटे अपने दो व्यक्तियों के लिए झांकी के पास रखें । कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी प्रताप सिंह रघुवंशी, रामसेवक सक्सेना, रघुराज सिंह ठाकुर पूर्व सरपंच लीलाधर कुशवाहा, स्वदीप रघुवंशी, संजीव सोनी, राघवेंद्र शर्मा सीताराम कुशवाहा, जितेंद्र विश्वकर्मा, चौकी प्रभारी यादव ए एस आई धर्मजीत गौतम आदि उपस्थित रहे
शब्द पावर। जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे नए-नए कारनामे देखने को मिल रहे हैं और आरोप प्रत्यारोप का दौर तो जारी है ही लेकिन पोस्टर लगाकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कीरकिरी कर ली है अभी चुनाव हुआ नहीं, जनता ने किसी को चुना नहीं और भाजपा ने अपने बड़वारा के प्रत्याशी को विधायक होने का तमगा दे दिया। जनता के आशीर्वाद से ऊपर उठ कर भाजपा ने अपनी मनमानी पूर्ण कार्यशैली का परिचय देते हुए शहर के बीचोबीच सुभाष चौक सहित अन्य जगहों पर भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह को बड़वारा का विधायक बना दिया। भारतीय जनता पार्टी के द्वारा शहर में लगाए गए भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी को विधायक संबोधित करने वाले पोस्ट को लेकर कांग्रेस जनों में खासा आक्रोश व्याप्त है। कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष रौनक खंडेलवाल सहित अन्य कांग्रेस जनों ने इन पोस्टों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कार्यवाहक अध्यक्ष रौनक खंडेलवाल सहित अन्य कांग्रेस जनों ने कहा कि क्या भाजपा के लोग यह मानते हैं कि बड़वारा में दो विधायक हैं। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा की टिकट मिलने मात्र से ही व्यक्ति को विधायक मान लिया जाता है। क्या क्षेत्रीय जनता की भावनाओं से ऊपर उठकर बीजेपी वोट रूपी जनादेश की भी आवश्यकता नहीं समझती। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़वारा के विधायक कांग्रेस के बसंत सिंह हैं। लेकिन भाजपा ने मनमानी पूर्वक आगामी विधानसभा चुनाव के लिए घोषित किए गए भाजपा के बड़वारा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह को अभी से विधायक का तमगा थमा दिया है। भाजपा द्वारा किया गया यह कृत्य विधानसभा क्षेत्र के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। ऐसा करके भाजपा ने न केवल बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के जनादेश को ठेस पहुंचाई है बल्कि अपनी मनमानी कार्यशैली का भी परिचय दिया है। भाजपा का यही चरित्र इस बार उन्हें सत्ता से बाहर कर देगा। कार्यवाहक अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर होकर भारतीय जनता पार्टी के लोग जन भावनाओं को भी ठोकर मारते फिर रहे हैं। कहते हैं राजनीति में सब संभव है लेकिन इस तरह सरेआम बीच बाजार में जो पोस्टर लगाया गया है वह चर्चा का विषय बना हुआ है अब देखना यह होगा कि इस पोस्टर का आम जनता पर क्या असर पड़ता है यह तो समय ही बताएगा जनता जनार्दन जवाब देगी
मध्य प्रदेश में विधानसभा के चुनाव बेहद नजदीक है l भारतीय जनता पार्टी के द्वारा अपने पक्ष में माहौल करने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा जी जान लगाकर मेहनत कर रहे हैं लेकिन उनकी ही पार्टी से निर्वाचित हुई नगर पालिका परिषद छतरपुर की अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी की नैया डुबाने में लगी हुई है l नगर पालिका परिषद छतरपुर के भाजपा पार्षद ही उनके खिलाफ मोर्चा खोले हुए है l कई बार यह पार्षद भोपाल भी अपना दुखड़ा सुना आए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी अध्यक्ष अपनी कर शैली में बदलाव नहीं ला रही है l यही कारण है कि बीते दिन ही भाजपा पार्षद के पुत्र के द्वारा नगर पालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्ञापन सोपा गया है। सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष के द्वारा एक सूत्रीय कार्यक्रम किया जा रहा है l उनका कहना है कि चुनाव में बहुत अधिक रुपए खर्च हुए हैं, उनको कैसे भी करके पूरा किया जाना है l लोगों को योजनाएं मिले ना मिले शहर में काम हो ना हो लेकिन हमारे पैसों का बजट पूरा होना चाहिए। यही कारण है कि नगर पालिका परिषद छतरपुर से राज्य व केंद्र सरकार की किसी भी योजनाओ का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता ही दबी जुबान यह कहने से नहीं चूक रहे हैं कि अध्यक्ष पति का ख्वाब है कि अध्यक्ष के बाद वह सीधे विधानसभा में एंट्री करें यही हाल रहा तो भविष्य में विधायक क्या वह पार्षद बनने के योग्य भी नहीं रहेंगे ?
ग्वालियर। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर बड़े गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने 19 घोषणाएं की हैं। इन आधी अधूरी घोषणाओं का खामियाजा प्रदेश को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश की शिवराज सरकार में प्रदेश शासन पर तीन लाख बत्तीस हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। मप्र में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त है और प्रदेश में अपराध का ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बुकलेट जारी की है जिस पर 250 घोटाले है यह घोटाले सीएजी की रिपोर्ट में लिखे हैं जिनका अध्ययन कोई भी कर सकता है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अपने को महिलाओं के लिए अग्रणी कहने वाली सरकार में महिला सशक्तिकरण कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। लाड़ली बहनों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। पूछे जाने पर कि जब आप कर्ज में सरकार बता रहीं है और कांग्रेस की सरकार आने पर क्या कांग्रेस बहनों को 1500 रुपए की जो घोषणा की है देगी के जबाब में अनुमा आचार्य ने कहा कि उनकी महिलाओं के लिए लाई गई सम्मान योजनाए राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सफल रही है। इसलिए उन्हें यहां भी उसी प्रकार से लागू किया जायेगा उन्होंने कहा कि ग्वालियर में चंबल से पानी लाने की बात वह स्वयं जब से सुन रही है तब महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन पर पदस्थ थी लेकिन आज तक चंबल से ग्वालियर को पानी लाने की योजना की शुभारंभ तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अमृत योजना हो या स्मार्ट सिटी योजना सभी में भ्रष्टाचार हुआ है हां एक सड़क जरूर स्मार्ट हुई है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर चंबल में विकास थम गया है। भाजपा सरकार में कोई नया उद्योग नहीं लगा है। बल्की ग्वालियर, बामौर और मालनपुर के कई बड़े-बड़े उद्योग बंद हो गये हैं।जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गये हैं। उन्होंने जीआई टैग की बात की थी लेकिन वह भी आज तक किसानों के धान को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि 20 सालों में भाजपा सरकार ने केवल भ्रष्टाचार किया है। शिवराज सिंह को एडमिनिस्ट्रेशन आता नहीं है वह केवल योजनाओं की घोषणा करते हैं उसे पूरी नहीं करते। उन्होने दो बार रोप वे का शिलान्यास किया लेकिन दो दशक में उसकी नींव तक नहीं रख पाई । उन्होंने कहा कि 2014 से पहले फर्जी पोस्ट मोबाइल के माध्यम से की गुजरात का माडल हमे दिखाया और भाजपा को वोट दिया लेकिन गुजरात मॉडल खोखला साबित हुआ। ग्वालियर चंबल संभाग राजनीति का प्रमुख केन्द्र रहने और भाजपा के बड़े नेताओं के लगातार दौरे के बारे में पूछे प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है उनके भी बडे नेता ग्वालियर आयेंगे इससे पहले महासचिव प्रियंका गांधी डेढ़ माह पूर्व आई थी। पत्रकार वार्ता में विधायक डा सतीश सिंह सिकरवार, शहर जिलाध्यक्ष डा देवेन्द्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह, राम पांडे, संभागीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र शर्मा आदि मौजूद थे।
ग्वालियर। मप्र विधानसभा चुनाव आते ही आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरु हो गए हैं। डबरा विधानसभा क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य नेहा मुकेश परिहार ने पूर्व मंत्री इमरती देवी पर जिला पंचायत अध्यक्ष बनबाने के नाम पर 45 लाख रुपए लेने और धमकी देने का आरोप लगाया हैं। इसको लेकर जिला पंचायत सदस्य ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जिला पंचायत सदस्य ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होनें शिकायत में कहा कि मेरी विधानसभा दावेदारी को लेकर इमरती देवी हमें जान से मारने की धमकी दे रही हैं। वहीं पूर्व मंत्री ने आरोपों को सिरे नकार दिया है। जिला पंचायत सदस्य नेहा मुकेश परिहार ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी को शिकायती आवेदन देकर पूर्व मंत्री इमरती देवी द्वारा धमकाने का आरोप लगाया। साथ पत्रकार वार्ता कर जिला पंचायत सदस्य ने बताया कि मेरी विधानसभा की दावेदारी से घबराकर पूर्व मंत्री इमरती देवी ने मेरे पति को जान से मारने की धमकी दी है। इससे हम काफी डरे हुए हैं, क्योंकि इमरती देवी कभी भी मुझ पर या मेरे पति पर हमला करवा सकती है। अगर मेरे परिवार पर किसी भी तरह का हमला होता है तो उसकी जिम्मेदार पूर्व मंत्री इमरती देवी होंगी। नेहा परिहार ने कहा कि जब मैं जिला पंचायत सदस्य चुनी गई और अध्यक्ष के लिए दावेदारी की तो इमरती देवी ने हमसे 45 लाख रुपए यह कहकर लिए थे कि अध्यक्ष के लिए कुछ खर्च होगा। इसके बाद न तो आज तक हमें हमारे पैसे वापस मिले, न ही हमें अध्यक्ष बनाया गया। इन आरोपों के जवाब में पूर्व मंत्री इमरती देवी ने नेहा परिहार को पहचानने से इंकार कर दिया।इमरती देवी का कहना है कि मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। विधानसभा चुनाव में मेरी छवि धूमिल करने के लिए विरोधी इस तरीके के आरोप मुझ पर लगा रहे हैं। अगर मैंने उन्हें धमकी दी है तो इसका सबूत वह सबके सामने रखें। रही बात जिला पंचायत के चुनाव में पैसों के लेनदेन की तो वह जो 45 लाख रुपए का मुझ पर आरोप लगा रहे हैं तो वह यह बताएं कि उनके पास 45 लाख रुपए आए कहां से। अगर उन्होंने मुझे पैसे दिए हैं तो उसके सबूत पेश करें।
मणिपुर हिंसा, 3 मई से अब तक हिंसा में 175 लोगों की मौत हो चुकी है, 1,118 लोग घायल हैं मणिपुर हिंसा को लेकर पुलिस ने दिए आंकड़े कहा, “90 शव लावारिस पड़े हुए हैं, दर्जनों लोग अभी भी लापता है” “3 मई से अब तक हिंसा में 175 लोगों की मौत हो चुकी है, 1,118 लोग घायल हैं”