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बिजली बिल बकाया चुकाने का सुनहरा मौका, छत्तीसगढ़ सरकार की खास छूट योजना लागू

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गुरुवार को रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार बिजली बिल भुगतान पर भारी छुट दी है। योजना के तहत 29 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। लगभग 75% तक बिजली बिल माफ किया जाएगा। मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल के समय आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से बहुत से लोग बिजली बिल नहीं भर पाए थे। जिस वजह से उनका बिजली बिल धीरे-धीरे करके बढ़ते चल गया। सरकार ऐसे लोगों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत उन्हें छूट देगी। यदि उपभोक्ता की बिजली बिल राशि अधिक है और उसे वह भुगतान नहीं कर पता है तो उसे किस्तों में भी पटाने की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ 29 जून 2026 तक दिया जाएगा। बिजली बिल का भुगतान करने के लिए उपभोक्ताओं को विभाग वेबसाइट पर पंजीयन करना होगा।

आदित्य धर के जन्मदिन पर यामी गौतम का खास पोस्ट, अनदेखी तस्वीरों से जताया प्यार

मुंबई,  ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ और ‘धुरंधर’ जैसी दमदार फिल्में बनाने वाले मशहूर निर्देशक आदित्य धर गुरुवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उनकी पत्नी और अभिनेत्री यामी गौतम ने जन्मदिन की बधाई दी। यामी गौतम ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर आदित्यधर के साथ तस्वीरें शेयर कीं। पहली तस्वीर में दोनों रेगिस्तान में रेत के टीलों के बीच खड़े हैं, तो दूसरी तस्वीर में दोनों सेल्फी लेते दिख रहे हैं। यामी ने पोस्ट कर लिखा, “काश मेरे पास इतने शब्द होते कि मैं बता पाती कि तुम मेरे लिए कितने खास हो। मेरे प्रिय आदित्य, जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं, आदित्य।” यामी गौतम और आदित्य धर ने एक-दूसरे-दूसरे को तीन साल तक डेट करने के बाद 4 जून 2021 ‘कोइंटिमेट वेडिंग’ की, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग शामिल हुए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अपने पैतृक घर पर पारंपरिक तरीके से शादी की थी। बता दें कि दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के सेट पर हुई थी, जिसमें आदित्य धर निर्देशक थे और और अभिनेत्री मुख्य भूमिका में थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर वह प्यार में बदल गई। दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम वेदविद है। आदित्य धर एक जाने-माने फिल्ममेकर हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक करने के बाद रेडियो जॉकी के तौर पर करियर की शुरुआत की। इसके बाद स्क्रीनराइटर के तौर पर काम किया। आक्रोश और तेज जैसी फिल्मों के वह लेखक रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने का मन बनाया। पहले तो वो फिल्मों के लिए गाने लिखा करते थे। उन्होंने हाल-ए-दिल, काबुल एक्सप्रेस और डैडी कूल जैसी फिल्मों के लिए गाने लिखे थे। गाने लिखने के साथ ही उन्होंने स्क्रीनराइटिंग भी शुरू कर दी थी। इसके बाद आदित्य ने 2019 में फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ रिलीज की थी। इस फिल्म ने उन्हें काफी लोकप्रियता दी थी। साथ ही, इस फिल्म के लिए आदित्य को नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया। इसके बाद निर्देशक ने साल 2025 में धुरंधर रिलीज की, जिसने बॉक्स ऑफिस में जोरदार सफलता के साथ वर्ल्डवाइड लोकप्रियता हासिल की।  

नंबर प्लेट पर गड़बड़ी से होगा पेट्रोल-डीजल का वितरण रोक, पुलिस ने एटीएम संचालकों को दिए सख्त निर्देश

 बिलासपुर  गलत, फर्जी अथवा बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई तेज करते हुए पेट्रोल और डीजल पंप संचालकों को भी निर्देश दिया है कि बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। एएसपी रामगोपाल करियारे ने बताया कि जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। बीट प्रणाली के माध्यम से लगातार निगरानी साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वाहनों का उपयोग किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में न हो सके। इसके लिए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में बीट प्रणाली के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा अलग-अलग जगहों पर चेकिंग पाइंट लगाकर वाहनों की जांच की जा रही है। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों की तस्दीक भी की जा रही है। मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई ऐसे वाहन विशेष निगरानी में रखे गए हैं जिनमें नंबर प्लेट नहीं है। या नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई है। अमानक तरीके से नंबर लिखा गया है। अगर किसी दूसरे वाहन का नंबर लिखकर वाहन चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल न दिया जाए अभियान के तहत जिले के सभी पेट्रोल और डीजल पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल न दिया जाए। यदि इस तरह का कोई वाहन ईंधन लेने आता है तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम या संबंधित थाने को दी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने प्रयास एएसपी रामगोपाल करियारे ने बताया कि यातायात नियमों की अनदेखी न केवल ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि कई बार गंभीर हादसों का कारण भी बनती है। इसके अलावा नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर अपराध की आशंका भी बनी रहती है। दुर्घटना की स्थिति में ऐसे वाहनों की पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध नंबर वाले वाहन चलते हुए दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल यातायात पुलिस या नजदीकी थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। 

दिल्ली में सीएम मोहन यादव ने प्रहलाद के साथ की शिवराज से बैठक, तुअर की फसल सरकार करेगी पूरी तरह खरीद

भोपाल   दिल्ली में हुई एक बड़ी राजनतिक बैठक के बाद मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य के किसानों के मुद्दों पर चर्चा की, जिसके बाद सरसों और तुअर की खरीद को लेकर बड़ी मंजूरी मिली है। तुअर की 100% सरकारी खरीद को मंजूरी बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को तुअर की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र सौंपा। इस फैसले बाद मध्यप्रदेश के तुअर उत्पादक किसानों की पूरी उपज का सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरसों पर भावांतर भुगतान योजना लागू इसके साथ ही सरसों की फसल के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत खरीद को भी केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस योजना के माध्यम से किसानों को बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की भरपाई की जाएगी। विजयवर्गीय भी दिल्ली में थे मौजूद एमपी के बजट सत्र के दौरान विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से सीएम और विजयवर्गीय के बीच अंदरूनी मतभेद नजर आए थे। इसके बाद पिछले हफ्ते सीएम डॉ मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने एक ही दिन अलग-अलग समय पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बार शिवराज सिंह चौहान से सीएम ने मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मुलाकात की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन वे एक निजी शादी समारोह में शामिल होने गए थे। शिवराज-मोहन और प्रहलाद के बीच चर्चा तीनों दिग्गजों के बीच हुई बैठक के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि खेती से जुड़े इन मुद्दों पर चर्चा हुई है।     सरसों उत्पादकों को भावांतर का तोहफा : लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दे दी है। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि सीधे खाते में मिलेगी।     तुअर की 100% सरकारी खरीद: शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को स्वयं स्वीकृति पत्र सौंपा, जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों की पूरी की पूरी तुअर फसल सरकार खरीदेगी। यह दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।     2026 किसान कल्याण वर्ष का रोडमैप: वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसे तिलहनों पर भी विशेष फोकस रहेगा। कई योजनाओं पर हुई चर्चा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और अधिकारियों की मौजूदगी में दलहन–तिलहन मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण सड़कों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आवास और ग्रामीण विकास को बढ़ावा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के तहत 2018 की आवास प्लस सूची के सभी पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर भी सहमति बनी। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बचे पात्र परिवारों को भी आवास स्वीकृत करने की दिशा में काम करेंगी। इतना ही नहीं ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और चौड़ाई को लेकर भी समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया है।

आंखों के नीचे काले घेरे हटाने के 7 सरल और कारगर टिप्स

आंखों के नीचे काले घेरे जहां हमारे खराब स्वास्थ्य,अधूरी नींद ,थकान ,आयु और हमारे तनाव को अभिव्यक्त करते हैं, वहीं ये हमारे अच्छे भले सौंदर्य को अनाकर्षक बना देते हैं ।उपरोक्त लेख में हम इस समस्या के कारणों और समाधान के उपायों का उल्लेख करेंगे जिन्हें अपना कर आप भी अपनी आंखों के काले घेरों की समस्या का समाधान कर सकेंगे। आंखों के काले घेरों के कारण… -अपर्याप्त नींद आंखों के काले घेरों की समस्या का प्रमुख कारण है। -खराब स्वास्थ्य के कारण भी आंखों के नीचे काले घेरे पड जाते हैं। -आयरन की कमी भी काले घेरों की समस्या का कारण है । -विटामिन ‘ए’ की कमी भी काले घेरों की समस्या को उत्पन्न करती है। -आंखों के प्रति असावधानी रखना भी इस समस्या को उत्पन्न करती है। -आनुवांशिक कारणों से भी यह समस्या उत्पन्न हो जाती है। -अध्ययन करते समय पर्याप्त प्रकाश न होना भी काले घेरों की समस्या को उत्पन्न करता है।   क्या करें? -पर्याप्त नींद लें। -पानी का पर्याप्त सेवन करें। -दूध और अंडे का सेवन करें। -लाल पके टमाटरों का नियमित सेवन करें। -आंखों का नियमित व्यायाम करें। -व्यर्थ की चिन्ता और तनाव से बचें। -गाजर के रस का नियमित सेवन करें। -शराब व धूम्रपान के सेवन से बचें। -ताजा गुलाब के फूलों से बने गुलकंद का सेवन करें। -आंखों पर खीरे का रस भी लगाएं। -ऐलोवेरा के पल्प से आंखों की मसाज करने से काले घेरों की समस्या का समाधान होता है। -आंखों के काले घेरों को साफ करने के लिए आलू के रस को आंखों के चारों ओर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें।  

ईरान के सैन्य दबदबे के बीच इराक, सऊदी और बहरीन में हमलों की लहर, अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला

तेहरान   मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव और भी गहरा होता जा रहा है. खाड़ी देश के इलाके में ईरान भारी पड़ता दिख रहा है. अमेरिका और इजरायल पर काल बनकर टूट पड़ा है. गुरुवार को ईरान ने पर्शियन गल्फ में दो तेल टैंकरों पर सुसाइड अटैक किया, जिसमें एक अमेरिकी स्वामित्व वाली टैंकर थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यूएई और कुवैत में तीन स्ट्रेटेजिक टारगेट पर हमला किया. सैटेलाइट इमेज में साफ दिख रहा है कि फुजैराह के तेल जोन, शारजाह के इंडस्ट्रियल एरिया और कुवैत के अल-सलेम बेस पर हमले हुए हैं. दुबई के क्रीक हार्बर जैसे रिहायशी इलाकों में ईरानी ड्रोन हमलों ने पेंटागन की नींद उड़ा दी है. इराक से लेकर सऊदी अरब तक फैले इस बारूदी खेल और तेल टैंकरों पर होते लगातार हमलों ने साबित कर दिया है कि ईरान अब आर-पार की जंग के मूड में है, जिससे पूरी दुनिया पर महायुद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा मंडराने लगा है. ईरान ने गुरुवार को इराक के क्षेत्रीय जल क्षेत्र (Territorial Waters) में दो विदेशी तेल टैंकरों ड्रोन हमला किया. इस भीषण हमले में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई है, जबकि इराकी अधिकारियों ने अब तक 38 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है. ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उसके अंडरवॉटर ड्रोन ने टैंकरों को उड़ा दिया, जिसे इराक ने अपनी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन करार दिया है. दुबई के इन इलाके पर हमला दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोग सुरक्षित हैं. दुबई क्रीक हार्बर के पास एक बिल्डिंग पर ड्रोन गिरने की घटना हुई थी. सिविल डिफेंस टीमों ने ड्रोन के बिल्डिंग से टकराने के बाद लगी छोटी सी आग पर तुरंत काबू पा लिया. अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि किसी के घायल होने की खबर नहीं है. अमेरिका के तीन ठिकानों पर ईरान का हमला ईरान ने तेहरान के तेल ठिकानों पर हुए हालिया अमेरिका-इजरायल हमले का करारा जवाब देते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत में तीन रणनीतिक ठिकानों पर भीषण हमला किया है. सैटेलाइट तस्वीरों ने पुष्टि की है कि यूएई के फुजैराह तेल क्षेत्र और शारजाह के औद्योगिक इलाके को निशाना बनाया गया है. इसके अलावा, कुवैत स्थित ‘अल-सालेम’ सैन्य अड्डे पर अमेरिकी लॉजिस्टिक्स सेंटर्स पर भी सीधे प्रहार हुए हैं. ईरान का यह प्रतिशोध न केवल खाड़ी देशों में युद्ध की आग भड़का रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है. तेल टैंकरों पर हमले के बाद इराक का बयान इराकी पोर्ट्स कंपनी के महानिदेशक फरहान अल-फर्तूसी ने बताया कि हमला उस समय हुआ जब माल्टीज़ ध्वज वाला जेफिरोस (Zefyros) और मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला सेफसी विष्णु (Safesea Vishnu) इराक के खोर अल-जुबैर बंदरगाह के पास साइडलोडिंग क्षेत्र में लंगर डाले हुए थे. चश्मदीदों और सैटेलाइट फुटेज में दोनों टैंकरों को आग की लपटों में घिरा देखा गया. आग इतनी भीषण थी कि तेल रिसाव के कारण समुद्र की सतह पर भी लपटें फैल गईं, जिससे बड़े पर्यावरणीय संकट का खतरा पैदा हो गया है. इराक ने दी ईरान को चेतावनी ईरानी के सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया कि उनकी सेना ने अंडरवॉटर ड्रोन के जरिए इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है. दूसरी ओर, इराक के संयुक्त अभियान कमान के लेफ्टिनेंट जनरल साद मान ने इसे इराकी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि धमाके के लिए विस्फोटकों से लदी एक ईरानी नाव का भी इस्तेमाल किया गया होगा. हमले के तुरंत बाद, इराक ने एहतियात के तौर पर अपने तेल बंदरगाहों का संचालन रोक दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आने की आशंका है. ऑयल टैंकर का अमेरिका-ग्रीक कनेक्शन ईरान के हमले का शिकार हुए जहाजों में से एक सेफसी विष्णु का मालिकाना हक अमेरिका की कंपनी सेफसी ट्रांसपोर्ट इंक के पास है. वहीं, दूसरी जहाज जेफिरोस ग्रीस की एक कंपनी का है. चूंकि एक जहाज अमेरिकी कंपनी का है, इसलिए इस घटना में वाशिंगटन के सीधे हस्तक्षेप की संभावना बढ़ गई है. इराक के तेल मंत्रालय ने इसे तनाव बढ़ाने वाला एक चिंताजनक संकेतक बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए वैश्विक समुदाय से संयम और सुरक्षा की अपील की है. खतरनाक जंग की आहट? इराकी मीडिया सेल ने इसे सोची-समझी तोड़फोड़ करार दिया है. वर्तमान में लापता चालक दल के सदस्यों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान और इराक के बीच यह समुद्री टकराव और बढ़ा, तो फारस की खाड़ी में वैश्विक व्यापार पूरी तरह ठप हो सकता है. इराक ने साफ कर दिया है कि वह इस हमले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखता है.  

बिना पर्चे वाली दवाइयों से किडनी पर असर, AIIMS के डॉक्टर ने बताए जरूरी टेस्ट और यूरिन का रंग

नई दिल्ली World Kidney Day:12 मार्च को वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है और इस दिन लोगों को किडनी हेल्थ के लिए अवेयर किया जाता है. भारत में किडनी की बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है और दुनिया भर में भारत दूसरे नंबर पर है जहां पर सबसे अधिक क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के मरीज हैं. भारत में किडनी की बीमारी अब सिर्फ बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गई है, 15 साल से ऊपर की आबादी में भी क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) की चपेट में आ रहे हैं. ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज’ के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में लगभग 17% आबादी किसी न किसी रूप में किडनी की समस्या से जूझ रही है. वर्ल्ड किडनी डे पर AIIMS भोपाल के डॉक्यर ने बताया है कि कैसे छोटी-छोटी गलतियां आपकी किडनी फेल कर सकती हैं। यंगस्टर्स में क्यों बढ़ रहा है खतरा? AIIMS भोपाल के यूरोलॉजिस्ट और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केतन मेहरा ने बताया, ‘किडनी की समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है. मेरे पास ऐसे कई मरीज आते हैं जो 20 साल के आसपास के हैं या उससे भी कम हैं. ऐसे लोगों में किडनी खराब होने का एक बड़ा कारण ‘ऑटो-इम्यून डिजीज’ है जिसमें शरीर की इम्यूनिटी ही किडनी को नुकसान पहुंचाने लगती है. इसके अलावा, कई मामलों में कारण का पता नहीं चल पाता जिसे मेडिकल भाषा में ‘क्रिप्टोजेनिक’ कहते हैं. युवाओं में सिरदर्द, पैरों में सूजन और धुंधला दिखना जैसे लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है जो बाद में किडनी फेलियर के रूप में सामने आते हैं। पेनकिलर्स बन रहे दुश्मन डॉ. कहते हैं, ‘आजकल सिरदर्द या शरीर में दर्द होने पर लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाइयां खा लेते हैं. ऐसे में हैवी डोज वाली पेनकिलर्स किडनी को सीधा नुकसान पहुंचाती हैं. हालांकि पैरासिटामोल को सुरक्षित माना जाता है लेकिन अन्य हेवी पेनकिलर्स का लगातार सेवन किडनी फेलियर का बड़ा कारण बन रहा है. बिना डॉक्टरी पर्चे के कोई भी दर्द निवारक दवा लेना जोखिम भरा हो सकता है। किडनी की सेहत के लिए जरूरी टेस्ट हमारी किडनी 50% तक खराब होने पर भी खुद को कॉम्पेंसेट (एडजस्ट) कर लेती है, इसलिए लक्षण तब दिखते हैं जब नुकसान ज्यादा हो चुका होता ह इसलिए समय-समय पर जांच ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। डॉ. मेहरा ने बताया, ‘अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षण महसूस होते हैं तो तुरंत जांच करानी चाहिए. इसके अलावा समय-समय पर कुछ टेस्ट कराते रहें ताकि आपको अपनी किडनी की सेहत का पता चलता रहे। KFT/RFT (किडनी फंक्शन टेस्ट): इसमें मुख्य रूप से सेरम यूरिया और सेरम क्रिएटिनिन की जांच की जाती है। इलेक्ट्रोलाइट्स: ब्लड में सोडियम और पोटेशियम के लेवल की जांच। यूरिन रूटीन: यूरिन में प्रोटीन या अन्य तत्वों की मौजूदगी देखने के लिए। यूरिन भी बताती है किडनी खतरे में है डॉ. मेहरा के अनुसार, ‘किडनी शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है. यूरिन का रंग और उसकी फ्रीक्वेंसी किडनी की सेहत का हाल बता देती है इसलिए सभी को अपनी यूरिन के कलर और फिक्वेंसी पर भी ध्यान देना चाहिए। कम यूरिन आना: अगर आपको पहले की तुलना में कम पेशाब आ रहा है, तो यह किडनी के सही से काम न करने का संकेत है। डार्क या कॉफी कलर: यदि यूरिन का रंग गहरा यानी कोला या ब्लैक कॉफी कलर का आ रहा है तो समझ लीजिए कि मामला गंभीर है। झाग या सूजन: चेहरे और पैरों पर सूजन आना इस बात का संकेत है कि किडनी लिक्विड को शरीर से बाहर नहीं निकाल पा रही है और वह अंदर ही जमा हो रहा है।

जीवाजी विश्वविद्यालय में नकल पर कड़ा शिकंजा, सेवानिवृत्त IAS-IPS अधिकारी के नेतृत्व में उड़नदस्ता की तैनाती

ग्वालियर  ग्वालियर-चंबल अंचल लंबे समय तक परीक्षाओं में नकल की घटनाओं के लिए बदनाम रहा है। हालांकि स्कूली परीक्षाओं में लगातार सख्ती के कारण नकल पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाओं में अभी भी नकल के मामले सामने आते रहते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक अभिनव पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय अब स्नातक परीक्षाओं के दौरान नकल रोकने के लिए सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की सेवाएं लेने जा रहा है। इन अधिकारियों को उड़नदस्तों में शामिल कर परीक्षा केंद्रों की निगरानी कराई जाएगी, जिससे नकल पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। 26 मार्च से शुरू होने वाली परीक्षाओं में लागू होगी व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह नई व्यवस्था 26 मार्च से शुरू होने वाली स्नातक परीक्षाओं में लागू की जाएगी। इसके लिए ग्वालियर-चंबल अंचल में रहने वाले सेवानिवृत्त प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की सूची तैयार कर ली गई है। उनसे अनुमति लेने की प्रक्रिया भी जारी है। विश्वविद्यालय का मानना है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले अधिकारियों की मौजूदगी से परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ेगी। चार सेवानिवृत्त अधिकारियों ने दी सहमति अब तक चार सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने उड़नदस्ते में शामिल होने के लिए सहमति दे दी है। इसके अलावा करीब 10 अन्य सेवानिवृत्त प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं। आईएएस (सेवानिवृत्त) विनोद शर्मा का कहना है कि उड़नदस्तों में अनुभवी अधिकारियों की मौजूदगी एक सकारात्मक पहल है। इससे न केवल उड़नदस्तों को मजबूती मिलेगी, बल्कि परीक्षा केंद्रों पर सख्ती भी बढ़ेगी और नकल की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। मुरैना और भिंड में बढ़ेगी विशेष सख्ती विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के पीछे मुरैना और भिंड जिलों में पहले सामने आती रही नकल की घटनाओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इन क्षेत्रों में उड़नदस्तों की विशेष निगरानी रखी जाएगी। माना जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर जान-पहचान और मेलजोल के कारण कभी-कभी विश्वविद्यालय के अधिकारी अपेक्षित सख्ती नहीं कर पाते, जिससे नकल की घटनाएं सामने आती हैं। साथ ही सूचनाएं लीक होने का भी खतरा बना रहता है। कुलसचिव और कुलगुरु ने बताया सकारात्मक कदम जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा के अनुसार उड़नदस्ते में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और कुलगुरु से अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों की सहायता लेने से परीक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। वहीं कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने भी इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को सहमति दी जाएगी और आगामी परीक्षाओं में इसे लागू किया जाएगा।  

ज्योतिष चेतावनी: अगर दिखें ये संकेत, तो समझ लें कुंडली में ग्रह हो गया है अशुभ

ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह को छाया ग्रह माना जाता है. यह ग्रह भ्रम, मायाजाल, अचानक होने वाली घटनाओं और अप्रत्याशित परिस्थितियों से जुड़ा होता है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ या कमजोर हो जाती है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं. ज्योतिषियों के अनुसार राहु का प्रभाव व्यक्ति के मानसिक व्यवहार, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में अगर जीवन में कुछ खास संकेत बार-बार दिखाई देने लगें, तो यह समझना चाहिए कि कुंडली में राहु की स्थिति ठीक नहीं है. आइए जानते हैं वे कौन-से संकेत हैं, जो राहु के अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करते हैं. बार-बार गलत फैसले लेना अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गलत निर्णय लेने की आदत हो जाए या वह जल्दबाजी में ऐसे फैसले लेने लगे, जिनसे नुकसान उठाना पड़े, तो यह राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है. राहु भ्रम पैदा करता है, जिससे व्यक्ति सही और गलत में फर्क करने में कठिनाई महसूस करता है. मानसिक भ्रम और अनावश्यक डर राहु के खराब होने पर व्यक्ति के मन में बिना वजह डर, चिंता और अस्थिरता बढ़ सकती है. कई बार व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि कोई दबाव या तनाव लगातार बना हुआ है. मानसिक उलझन और बेचैनी भी राहु के प्रभाव से जुड़ी मानी जाती है. अचानक नुकसान या रुकावटें ज्योतिष के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के काम बार-बार बनते-बनते बिगड़ जाएं, अचानक आर्थिक नुकसान हो जाए या बिना कारण रुकावटें आने लगें, तो यह भी राहु की अशुभ स्थिति का संकेत हो सकता है. राहु अचानक बदलाव और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा ग्रह माना जाता है. गलत संगति की ओर झुकाव कुंडली में राहु के खराब होने पर व्यक्ति गलत संगत में पड़ सकता है. नकारात्मक लोगों का साथ, गलत आदतों की ओर झुकाव या ऐसे फैसले जो जीवन को गलत दिशा में ले जाएं, ये सभी संकेत राहु के प्रभाव से जुड़े माने जाते हैं. बार-बार विवाद और तनाव अगर व्यक्ति के जीवन में बिना वजह विवाद बढ़ने लगें, रिश्तों में तनाव रहने लगे या लोग अचानक विरोध करने लगें, तो ज्योतिष में इसे भी राहु के प्रभाव से जोड़ा जाता है. राहु भ्रम और टकराव की स्थितियां पैदा कर सकता है. राहु के अशुभ प्रभाव को कैसे करें कम? ज्योतिष शास्त्र में राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं.     नियमित रूप से राहु मंत्र का जाप करना, जरूरतमंद लोगों को दान देना और जीवन में सकारात्मक सोच अपनाना लाभकारी माना जाता है.     इसके अलावा सात्विक जीवनशैली अपनाना, गलत संगति से बचना और संयमित व्यवहार रखना भी राहु के प्रभाव को संतुलित करने में मददगार माना जाता है.     ज्योतिष के अनुसार जब व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों को सकारात्मक दिशा देता है, तो ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं.  

राजधानी दिल्ली में MP की निधि और ज्योति ने पाया सम्मान, देशभर में इन दोनों का नाम हुआ मशहूर

छतरपुर  राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित पंचायतों की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छतरपुर जिले की दो महिला सरपंचों ने सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व किया। नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) में आयोजित इस कार्यक्रम में सशक्त पंचायत नेत्री अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत ईशानगर की सरपंच निधि मिश्रा (बीकन लीडर) और ग्राम पंचायत गोरा की सरपंच ज्योति मिश्रा ने भाग लिया। उनके साथ जनपद पंचायत बड़ामलहरा के सीईओ ईश्वर सिंह वर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला सरपंचों को सम्मानित किया गया। साथ ही महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत के तहत गांवों में किए गए कार्यों और बदलावों पर आधारित शॉर्ट फिल्म दिखाई गई। इस दौरान महिला सरपंचों ने अपनी पंचायतों में महिला और बालिका हित में किए गए कार्यों, सामने आने वाली चुनौतियों और अपने अनुभवों को साझा किया। यह सम्मेलन पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएस) और यूएनएफपीए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य पंचायतों में महिला नेतृत्व को मजबूत करना और उन्हें महिला व बालिका हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना है। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से जमीनी लोकतंत्र मजबूत होता है और विकास की प्राथमिकताएं पानी, पोषण, स्वच्छता और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर केंद्रित होती हैं। सम्मेलन में पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी ने महिला नेतृत्व की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब महिलाएं पंचायतों का नेतृत्व करती हैं तो ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ती है और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी बनती है। कार्यक्रम में महिला नेतृत्व की क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायतों को सशक्त बनाने पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस चर्चा की अध्यक्षता युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने की। वहीं आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत के विकास विषय पर आयोजित पैनल चर्चा की अध्यक्षता राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन ने की।

‘बिहान’ का असर: सेंट्रिंग प्लेट कारोबार से धमतरी की ग्रामीण महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

रायपुर. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं स्वसहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।  “बिहान” का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनकर आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें। धमतरी जिले में “बिहान” योजना के अंतर्गत 58 महिला सदस्यों को सेंट्रिंग प्लेट निर्माण एवं किराये के व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है। इनमें धमतरी विकासखंड की 27, कुरूद की 15, मगरलोड की 7 तथा नगरी विकासखंड की 9 महिलाएं शामिल हैं। इन समूहों को प्रकरण तैयार कर आरएफ मद से 15 हजार रुपये, सीआईएफ से 60 हजार रुपये तथा बैंक ऋण के रूप में 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। प्राप्त राशि से महिलाओं के समूहों ने 59 हजार 300 वर्गफीट सेंट्रिंग प्लेट की खरीदी की है। इन प्लेटों को महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य शासकीय निर्माण कार्यों और स्थानीय बाजार में 20 से 25 रुपये प्रति वर्गफीट के किराये पर उपलब्ध करा रही हैं। इससे उन्हें नियमित रूप से अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। समूह की महिलाओं ने न केवल स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि नियमित बचत करते हुए समय पर ऋण की अदायगी भी कर रही हैं। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और समाज में उनकी प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। ग्रामीण गरीबी की चुनौती को दूर करने के लिए आजीविका को बढ़ावा देना है ताकि वे गरीबी से बाहर आ सकें। जिला पंचायत धमतरी द्वारा इन स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग के साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया है, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। “बिहान” से जुड़कर महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं और अपने परिवार तथा समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। यह पहल दर्शाती है कि जब महिलाएं संगठित होकर कार्य करती हैं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा और विकास की संभावनाएं स्वतः खुल जाती हैं।

“सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी और रामलला मंदिर में मत्था टेका, विकास कार्यों की समीक्षा की”

 अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

संजू सैमसन के बराबर चमका ये स्टार, डिविलियर्स बोले– असली हीरो उसी को मानता हूं

नई दिल्ली भारत ने 2026 टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट के बीच में एक हार के बाद टीम ने शानदार वापसी की और फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एबी डिविलियर्स ने अपने ‘360 शो’ में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट किसे मिलना चाहिए इस पर एक बड़ी बात कही है। हालांकि, यह खिताब आधिकारिक तौर पर संजू सैमसन को मिला, लेकिन डिविलियर्स का मानना है कि जसप्रीत बुमराह इस पुरस्कार के उतने ही बड़े दावेदार थे। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे, लेकिन मुझे लगा कि उनके और बुमराह के बीच यह बहुत ही करीबी मुकाबला था।” सबसे अहम क्षणों में बुमराह ने की गेंदबाजी बुमराह के योगदान पर बात करते हुए डिविलियर्स ने बताया कि बुमराह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जो उन्हें इस पुरस्कार के लिए दावेदार बनाता था। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “मेरे लिए खेल के कुछ ऐसे महत्वपूर्ण क्षण और महत्वपूर्ण ओवर थे जो बुमराह ने फेंके, जिनके कारण मुझे लगा कि शायद उन्हें इस पुरस्कार में और अधिक महत्व मिलना चाहिए था या उन्हें इसके और करीब होना चाहिए था।” डिविलियर्स के अनुसार, विशेष रूप से सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े दबाव वाले मैचों में बुमराह ने अविश्वसनीय ओवर फेंके और वह एक अलग ही स्तर पर नजर आए। उन्होंने बुमराह को अपने पूरे करियर में सामना किए गए शीर्ष तीन गेंदबाजों में से एक करार दिया। सबसे मुश्किल वक्त में संजू ने प्रदर्शन किया दूसरी ओर, डिविलियर्स ने संजू सैमसन के शानदार प्रदर्शन की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के साथ मिलकर भारतीय बल्लेबाजी की मजबूत नींव रखी। उन्होंने बताया कि सैमसन ने तब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जब उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, खासकर सेमीफाइनल और फाइनल जैसे नॉकआउट मुकाबलों में। डिविलियर्स ने सैमसन के करियर के उतार-चढ़ाव और इसमें सचिन तेंदुलकर की मेंटर के रूप में भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सैमसन के पास वह फायरपावर है जिसने टीम के संतुलन को बेहतर बनाया और बड़े स्कोर बनाने में मदद की। टीम इंडिया यह विश्व कप डिजर्व करती थी डिविलियर्स ने बुमराह के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए उन्हें एक डाउन-टू-अर्थ (विनम्र) और अच्छा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि बुमराह बिना किसी दिखावे के मैदान पर उतरते हैं और अपना काम बखूबी अंजाम देते हैं। हालांकि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का चयन एक कठिन फैसला था, लेकिन डिविलियर्स ने टीम इंडिया को उनकी जीत के लिए बधाई देते हुए उन्हें पूरी तरह से हकदार विजेता बताया।

बेचैन मन को शांत करने का उपाय, नित्यानंद चरण दास ने बताए जीवन के मंत्र

जीवन में हर इंसान मुश्किल हालातों से गुजरता है। कोई वही परिस्थिति देखकर टूट जाता है, तो कोई उसी स्थिति में आगे बढ़ने का रास्ता खोज लेता है। फर्क हालात में नहीं, बल्कि मन की स्थिति में होता है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, ‘जीवन पहले नहीं बदलता, मन बदलता है। और जब मन बदलता है, तो जीवन अपने आप बदलने लगता है।’ भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – ‘मनुष्य को चाहिए कि वह अपने मन के द्वारा स्वयं का उद्धार करे और स्वयं का पतन ना करे। क्योंकि मन ही मनुष्य का मित्र है और मन ही उसका शत्रु।’ यह श्लोक हमें सिखाता है कि हमारा सबसे बड़ा सहारा और सबसे बड़ी चुनौती- दोनों हमारा मन ही है। नित्यानंद चरण दास बताते हैं कि एक ही परिस्थिति दो लोगों के लिए बिल्कुल अलग परिणाम दे सकती है। इसका कारण है- मन का नजरिया।     जब मन कमजोर होता है, तब हर स्थिति समस्या लगती है।     जब मन संतुलित होता है, वही स्थिति चुनौती बन जाती है। कमजोर मन की पहचान जब मन कमजोर होता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों से घबरा जाता है। नकारात्मक सोच हावी रहती है। डर, असुरक्षा और तुलना मन को नियंत्रित करने लगती है। ऐसे में व्यक्ति हालात को दोष देता है- कभी लोगों को, कभी किस्मत को और कभी भगवान को। कमजोर मन समाधान नहीं, सिर्फ शिकायत खोजता है। संतुलित मन की ताकत संतुलित मन हालात से भागता नहीं, बल्कि उन्हें समझता है। ऐसा मन जानता है कि हर चुनौती कुछ सिखाने आई है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, संतुलित मन वाला व्यक्ति यह नहीं पूछता कि ‘मेरे साथ ही ऐसा क्यों?’, बल्कि यह पूछता है कि ‘इससे मुझे क्या सीख मिल सकती है?’ यही सोच व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है। मन को कैसे बनाएं अपना मित्र?     आत्मनिरीक्षण करें: अपने विचारों को रोज देखें, परखें और सुधारें।     शास्त्रों का अध्ययन: गीता जैसे ग्रंथ मन को दिशा देते हैं।     सकारात्मक संगति: जैसा संग होगा, वैसा ही मन बनेगा।     ध्यान और प्रार्थना: ये मन को शांत और स्थिर बनाते हैं।     स्वीकार करना सीखें: हर चीज आपके नियंत्रण में नहीं होती, यह स्वीकार करना भी शक्ति है। जीवन मंत्र: जीवन की परिस्थितियां अक्सर हमारे बस में नहीं होतीं, लेकिन उन पर हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह हमारे हाथ में होती है। अगर मन कमजोर है, तो जीवन बोझ बन जाता है। और अगर मन संतुलित है, तो वही जीवन साधना बन जाता है। इसलिए जैसा नित्यानंद चरण दास कहते हैं- पहले मन को समझिए, जीवन अपने आप समझ में आने लगेगा।

ईरान ने अमेरिका से युद्ध खत्म करने की दी बात, तीन शर्तें ट्रंप के लिए बनी चुनौती

वाशिंगटन ईरान के खिलाफ जारी युद्ध अमेरिका के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है. पेंटागन के शुरुआती अनुमान के मुताबिक जंग के पहले छह दिनों में ही अमेरिकी टैक्सपेयर्स के कम से कम 11.3 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. इस बीच ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने का ऑफर रखा है. लेकिन इसके साथ उन्होंने तीन शर्तें भी रखी हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि तेहरान क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मौजूदा संघर्ष तभी खत्म हो सकता है जब ईरान के ‘वैध अधिकारों’ को मान्यता दी जाए. उन्होंने साफ किया कि किसी भी समाधान के लिए ईरान की मुख्य मांगों को स्वीकार करना जरूरी होगा। ईरान ने युद्ध खत्म करने की क्या शर्तें रखीं? पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत की है. उन्होंने दोहराया कि ईरान का मानना है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत ‘जायनिस्ट शासन और अमेरिका’ की कार्रवाई से हुई. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि इस संकट के समाधान के लिए तीन अहम बातें जरूरी हैं।     ईरान के वैध अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए.     युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई यानी मुआवजा दिया जाए.     भविष्य में ईरान पर हमले रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए. अमेरिका ईरान से जीत गया- ट्रंप एक तरफ जब पेंटागन कह रहा है कि अरबों डॉलर हर रोज इस युद्ध में खर्च हो रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ ट्रंप जीत का दावा कर रहे हैं. केंटकी में एक रैली करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध अमेरिका जीत चुका है. हालांकि उन्होंने आगे बताया कि ऑपरेशन खत्म नहीं होगा. वहीं उन्होंने दावा किया कि अब तक 58 नौसैनिक जहाज नष्ट किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका काम पूरा होने तक अभियान जारी रखेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई है। युद्ध में अब तक कितनी मौत? अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे. इसके बाद से दोनों देशों ने ईरान के कई सैन्य और राजनीतिक ठिकानों पर हमले किए. रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में 1,200 से ज्यादा ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है. दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर हमले किए, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 140 से ज्यादा घायल हुए हैं।

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