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सर्दी जा रही, गर्मी बढ़ रही: मध्य प्रदेश में पारा 30 डिग्री के पार, अगले सप्ताह नए मौसम सिस्टम से सीमित बदलाव

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब सर्दी की रवानगी शुरू हो चुकी है. न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी साफ दिखाई दे रही है और दिन का पारा तेजी से चढ़ रहा है. प्रदेश के 15 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. वहीं ज्यादातर शहरों में रात का तापमान भी 10 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है. यानी अब ठंड धीरे-धीरे विदा लेने वाली है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सीमित असर मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. हालांकि इनका असर पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रहेगा. मध्यप्रदेश में इसका प्रभाव बहुत कम देखने को मिलेगा. फिलहाल प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं और कुछ जिलों में मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है, लेकिन तेज ठंड की वापसी के आसार नहीं हैं. कुछ जिलों में हल्के बदल  फिलहाल सक्रिय मौसमी हलचल के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल देखे जा रहे हैं। कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया और गुरुवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। ठंड का हल्का एक और दौर संभव मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी के बाद जब सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, तब तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इससे प्रदेश में हल्की ठंड की वापसी हो सकती है, हालांकि तीखी सर्दी की संभावना नहीं है। अगले दो दिन का पूर्वानुमा 14 फरवरी: कुछ जिलों में सुबह हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश के आसार नहीं हैं। दिन में बादल छा सकते हैं। 15 फरवरी: सीमित इलाकों में हल्का कोहरा रहेगा। वर्षा की संभावना नहीं। इन शहरों में 30°C पार धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी सहित 15 से अधिक शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई। नर्मदापुरम और सागर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री या उससे अधिक रहा। दूसरी ओर पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो, मंदसौर, कटनी (करौंदी), रीवा और राजगढ़ में भी पारा 10 डिग्री के आसपास या उससे अधिक रहा। प्रदेश में अब ठंड की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है और मौसम धीरे-धीरे गर्मी की ओर रुख कर रहा है।  हल्की सर्दी का एक और दौर मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     14 फरवरी- कुछ जिलों हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छा सकते हैं।     15 फरवरी- कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। इन जिलों में पारा बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री के पार रहा। वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात में नर्मदापुरम और सागर में तापमान 17 डिग्री या इससे अधिक पहुंच गया। वहीं, पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 8.6 डिग्री, मंदसौर में 9.7 डिग्री, कटनी के करौंदी में 10 डिग्री, रीवा में 10.2 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।

50% टैक्स छूट के बाद ग्वालियर व्यापार मेले में धूम, शोरूम्स ने बुकिंग रोककर संभाली स्थिति

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार ऑटोमोबाइल सेक्टर में आकर्षक ऑफर और आरटीओ टैक्स छूट के बावजूद ग्राहकों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुकिंग के दो-दो महीने बाद भी गाड़ियों की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। मेले में छूट की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने कार बुक कराई, लेकिन अब डिलीवरी में देरी से असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई शोरूमों पर ग्राहकों को यह तक कहा जा रहा है कि मेला छूट जल्द खत्म होने वाली है, जबकि परिवहन विभाग की छूट पूरी मेला अवधि तक लागू है। इस भ्रमित जानकारी से ग्राहक और अधिक परेशान हैं। एक से दो महीने तक की वेटिंग लोकप्रिय मॉडलों पर एक से दो महीने तक की वेटिंग बताई जा रही है। ग्राहक मेले के ऑफर के भरोसे तुरंत कार लेने पहुंचते हैं, लेकिन लंबी प्रतीक्षा अवधि सुनते ही निराश हो जाते हैं। टाटा शोरूम के सीईओ श्रवण सिंह के अनुसार, बढ़ती मांग के कारण कई मॉडलों पर वेटिंग बढ़ी है, जिससे ग्राहक असंतोष जता रहे हैं। रोड टैक्स में छूट से बदला माहौल ग्वालियर व्यापार मेले में सरकार की ओर से रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट का ऐलान भले ही कुछ देर से हुआ हो, लेकिन इसका असर तुरंत नजर आने लगा. ऑटोमोबाइल सेक्टर में अचानक रौनक लौट आई और कार-बाइक खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई. ग्राहक लंबे समय से इस छूट का इंतजार कर रहे थे. ऑटोमोबाइल सेक्टर में उमड़ी भीड़ मेले में अब देशी ही नहीं, विदेशी कारों और बाइकों के शोरूम भी सज चुके हैं. टैक्स छूट के साथ-साथ जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव का भी फायदा ग्राहकों को मिल रहा है. इसी वजह से लोग बड़ी संख्या में मेले का रुख कर रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं. चार दिन में 4000 गाड़ियों की बिक्री टैक्स में छूट लागू होने के बाद सिर्फ चार दिनों में करीब 4000 गाड़ियों की बिक्री हो चुकी है. इन वाहनों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है. इससे मेले में कारोबार पहले से कहीं ज्यादा तेजी पकड़ चुका है. लाखों रुपये की हो रही सीधी बचत रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट के चलते 20 लाख रुपये तक की कीमत वाली गाड़ियों पर करीब डेढ़ लाख रुपये तक की सीधी बचत हो रही है. यही वजह है कि मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग दोनों ही बड़ी संख्या में वाहन खरीद रहे हैं. पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट का फायदा उठाकर वाहन लेकर लौट रहे ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. कई लोग परिवार के साथ मेले में पहुंच रहे हैं और अपनी पसंद की कार या बाइक खरीद रहे हैं. व्यापारियों और डीलरों का कहना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो इस साल ग्वालियर व्यापार मेला नए रिकॉर्ड बना सकता है. लग्जरी कारों की बिक्री गुरुवार को मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर से चार लग्जरी वाहन बिके, जिनमें एक करोड़ 44 लाख रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर सहित ऑडी और बीएमडब्ल्यू की गाड़ियां शामिल रहीं। हालांकि इस बार लग्जरी वाहनों की बिक्री देरी से शुरू हुई है। फारच्यूनर की बुकिंग बंद टोयोटा शोरूम के प्रतिनिधि के अनुसार, अधिक मांग और लंबी वेटिंग के चलते फारच्यूनर की बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। समय पर डिलीवरी न होने से विवाद की स्थिति बन रही थी। महंगी एसेसरीज और बीमा की शर्तें कुछ ग्राहकों ने आरोप लगाया कि मेले में एसेसरीज बाजार से तीन से पांच हजार रुपये तक महंगी दी जा रही हैं। शोरूम संचालकों का कहना है कि वे केवल कंपनी की ओरिजिनल और वारंटी वाली एसेसरीज उपलब्ध करा रहे हैं। पार्किंग में भी अव्यवस्था मेला परिसर की पार्किंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। अब तक तीन वाहन चोरी हो चुके हैं और ठेकेदार पर सात-आठ नोटिस तथा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्राहकों की प्रतिक्रिया महिंद्रा थार के एक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने तीन महीने पहले बुकिंग कराई थी, तब जाकर डिलीवरी मिली। वहीं एक अन्य ग्राहक ने कहा कि वे तुरंत कार लेने की उम्मीद से आए थे, लेकिन एक महीने की वेटिंग सुनकर निराश लौटना पड़ा। पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट … Read more

गन्ना किसानों के लिए बड़ा फायदा, छत्तीसगढ़ में करोड़ों रुपये का ट्रांसफर; होली पर राहत का तोहफा

रायपुर  होली से पहले छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित द्वारा किसानों के खातों में 4.73 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। त्योहार से पहले हुए इस भुगतान से किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जारी है। प्रशासन और कारखाना प्रबंधन किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित भुगतान सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का भरोसा और मजबूत हुआ है। पेराई और उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन चालू पेराई सत्र में अब तक: 2,42,990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई 2,86,743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यप्रणाली का संयुक्त परिणाम है। गन्ना आपूर्ति को लेकर अहम अपील कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है। पिछले पेराई सत्र 2024-25 और वर्तमान सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं होने से पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका।  पर्याप्त गन्ना आपूर्ति से: पेराई अवधि बढ़ेगी उत्पादन में वृद्धि होगी समय पर भुगतान जारी रहेगा उपविधि धारा 07(02)(घ) के अनुसार सदस्य किसानों के लिए उत्पादित गन्ना कारखाने में देना अनिवार्य है। लगातार आपूर्ति नहीं करने पर सदस्यता समाप्त किए जाने का प्रावधान भी है। किसानों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं कारखाना केवल एफआरपी भुगतान ही नहीं करता, बल्कि: रिकवरी राशि का अतिरिक्त भुगतान शासन द्वारा घोषित बोनस का वितरण रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध उन्नत बीज वितरण प्रशिक्षण सुविधा कारखाना परिसर में “बलराम सदन” ,केवल 5 रुपये में गरम भोजन की कैंटीन,इन प्रयासों से किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति सुनिश्चित की जा रही है। सामूहिक सहभागिता से मजबूत होगा कारखाना प्रबंधन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे सर्वे के अनुसार अधिकतम गन्ना कारखाने में दें, ताकि सहकारी व्यवस्था मजबूत हो और क्षेत्र के किसानों का भविष्य सुरक्षित रहे। होली से पहले किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान महिला पर पड़ा भारी असर, कार्डियक अरेस्ट से हालात गंभीर

डबरा  ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जमकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का चल रही थी। इसी दौरान एक महिला कार्डियक अरेस्ट आ गया। 65 वर्षीय महिला मौत नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान आयोजित हो रही शिव पुराण कथा में शामिल होने के लिए 65 वर्षीय पुष्पा देवी पहुंची थी। जो कि यूपी के इटावा की रहने वाली थी। शुक्रवार की सुबह करीब 8:00 बजे कथा सुनने के लिए पंडाल में पहुंची थी। जिसके करीब 10 मिनट बाद हालत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 10 मिनट में बिगड़ी तबीयत जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पुष्पा देवी (65 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के इटावा की निवासी थीं। वह इन दिनों ग्वालियर के सराफा बाजार स्थित अपने जीजा के घर आई हुई थीं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वह कथा पंडाल में पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कथा शुरू होने के लगभग 10 मिनट बाद ही उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़ीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। श्रद्धालुओं में शोक धार्मिक आयोजन में हुई इस अचानक घटना से पंडाल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। आयोजन से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। फिलहाल परिजन महिला के पार्थिव शरीर को अपने गृह नगर ले जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वह सराफा बाजार में स्थित अपने जीजा के घर आईं थी।

आर्मी जनरल के साथ मारपीट की खबरें, पाकिस्तान सरकार का अजीबो-गरीब बयान आया सामने

इस्लामाबाद   पाकिस्तान में एक बार फिर से सेना की थू-थू हो रही है. पूरे देश में पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की गंभीर चोटों को लेकर चर्चाएं हैं. वो अस्पताल में भर्ती हैं और उनका स्कल फ्रैक्चर बताया जा रहा है. जब पाकिस्तान भर में खुसुर-फुसुर शुरू हुई तो सेना और परिवार ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी करके कहा है कि ‘बाथरूम में फिसल जाने’ से उनका ये हाल हुआ है. हालांकि, भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय खुफिया सूत्र को अंदर की बात पता चली है. CNN न्यूज18 को खुफिया सूत्रों ने बताया है कि बाजवा पर ये अटैक असल में फौजियों ने ही किया है. ‘बाथरूम में फिसले बाजवा’ दावा किया जा रहा है बाजवा के साथ ये घटना 10 फरवरी 2026 की सुबह तड़के 4:30 बजे हुई, ISPR और परिवार ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा है कि जनरल बाथरूम में फिसल गए और उनके सिर पर गंभीर चोटें आ गई. रावपिंडी के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) के आईसीयू में भर्ती बाजवा की खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. इस घटना ने पाकिस्तान सेना के भीतर पनप रहे आंतरिक असंतोष और बदले की आग को एक बार फिर सतह पर ला दिया है. जनरल बाजवा के साले नईम घुम्मन ने बताया कि जनरल नंगे पैर थे और बाथरूम में फिसल गए, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई. इसके बाद ISPR ने भी तुरंत पुष्टि की कि यह एक घरेलू दुर्घटना है और उनका सफल ऑपरेशन हो चुका है. Military Attack या कुछ और? हालांकि, खुफिया सूत्रों का मानना है कि यह कोई साधारण बाथरूम में फिसल जाने वाली घटना नहीं है. असल में जनरल बाजवा को तीन सैन्य कर्मियों ने घेर कर पीटा है. उन पर तब तक अटैक किया गया जब तक स्कल फ्रैक्चर नहीं हो गया. सूत्रों का दावा है कि 2022 में इमरान खान की सरकार गिराने के दौरान जनरल बाजवा ने ISI को कुछ ऐसे अधिकारियों के परिवारों को निशाना बनाने का आदेश दिया था जो इस तख्तापलट का विरोध कर रहे थे. माना जा रहा है कि यह हमला उन्हीं पीड़ित अधिकारियों के परिजनों या जूनियर कर्मियों ने किया है.

रेप और धमकी के मामले में केस दर्ज, युवती ने दिल्ली पुलिस को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी

जयपुर  महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर राजस्थान निवासी एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने ई-मेल के माध्यम से दिल्ली पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि धर्म और आस्था का भरोसा दिलाकर उसके साथ मानसिक रूप से प्रभाव डालते हुए दुष्कर्म किया गया। शिकायत में युवती का कहना है कि उत्तम स्वामी स्वयं को आध्यात्मिक गुरु बताते हैं और समाज में उनका व्यापक प्रभाव है। युवती के अनुसार, जब उन्हें यह जानकारी मिली कि वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है, तो उसे सीधे और परोक्ष रूप से धमकियां दी जाने लगीं, ताकि वह एफआईआर दर्ज न कराए। पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज करवाने की भनक लगते ही उसे धमकियां मिलने लगी हैं। उत्तम स्वामी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनके करीबी लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं। युवती ने ई-मेल में लिखा है कि उसके और उसके परिवार के बारे में बेहद निजी जानकारी रखी जा रही है। उसे नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका है। पीड़िता ने कहा- धर्म की आड़ में कई साल किया यौन शोषण युवती ने आरोप लगाया है कि उत्तम स्वामी कई साल से उसका यौन शोषण कर रहा था। जब वह नाबालिग थी, तभी से धर्म की आड़ में उसके साथ गलत काम किए गए। उसने विरोध किया तो उसे डराया-धमकाया गया। उत्तम स्वामी के प्रभाव के कारण लंबे समय तक वह शिकायत नहीं कर सकी। पीड़िता ने यह भी कहा है कि उसके पास आरोपों से जुड़े सबूत हैं और वह कानून की मदद लेना चाहती है। उसने आशंका जताई है कि आरोपी के प्रभाव के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है। गवाहों को प्रभावित करने की आशंका युवती ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि मामले के गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। साथ ही उसने दावा किया है कि उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी के पास ऐसे समर्थक हैं, जो उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी हासिल कर सकते हैं, जिससे उसकी सुरक्षा को खतरा है। पीड़िता के अंग्रेजी में भेजे गए ईमेल का हिन्दी में अनुवाद… मैं (पीड़िता) अपने लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा का औपचारिक अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं। मुझे उत्तम स्वामी (आरोपी) द्वारा गंभीर यौन अपराध (बलात्कार) का शिकार बनाया गया है। मैं भारतीय न्याय संहिता (BNS)/भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत औपचारिक शिकायत दर्ज कराने वाली हूं। आरोपी स्वयंभू आध्यात्मिक व्यक्ति है, जिसका काफी प्रभाव और बड़ा अनुयायी वर्ग है। उसे हाल ही में मेरे द्वारा कानूनी कार्रवाई करने के इरादे की जानकारी मिल गई है। तब से मुझे एफआईआर दर्ज होने से रोकने और चुप कराने के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी के “गॉडमैन” जैसे प्रभाव के कारण गवाहों को प्रभावित करने, शारीरिक डराने-धमकाने और सबूत नष्ट करने का गंभीर खतरा है। आरोपी के पास मेरे आवागमन पर नजर रखने के संसाधन हैं, जिससे मैं अत्यंत असुरक्षित महसूस कर रही हूं। साथ ही, मीडिया में खबरें आने और आरोपी को मेरी पहचान पता चलने के कारण मेरी सुरक्षा खतरे में है। आरोपी ने धर्म और आस्था के नाम पर मुझे बहला-फुसलाकर कई स्थानों पर मेरे साथ बलात्कार किया है। बलात्कार के अतिरिक्त उस पर धोखाधड़ी, छल और आपराधिक विश्वासघात के भी आरोप हैं। मैं निवेदन करती हूं कि मेरे वर्तमान निवास पर 24×7 पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। कृपया मेरी पहचान और वर्तमान स्थान को गोपनीय रखा जाए। हमें आपके कार्यालय की प्रतिबद्धता पर विश्वास है और आशा है कि भय के कारण न्याय बाधित नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस ने की जांच और कार्रवाई की मांग उत्तम स्वामी पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े नेताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

रास्ता भटकने से बड़ा हादसा, विदिशा में तालाब में गिरी कार; 3 की मौत, 7 घायल

विदिशा  मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार देर रात बारातियों से भरी तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लाेग घायल हो गए, घायलाें में दाे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार गैरतगंज के जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहां बारात आ रही थी। टवेरा कार में कुल 10 लोग सवार थे। देर रात अंधेरा होने और तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 30 फीट नीचे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 30 वर्षीय सोनू लोधी (ड्राइवर) और 35 वर्षीय चंद्रशेखर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों में अशोक लोधी (25) का बायां हाथ फ्रैक्चर हुआ है। 14 वर्षीय राज बोधी के पेट में गंभीर चोट आई है। बृजेश लोधी (27) और सुदीप लोधी (20) के सीने में गंभीर चोटें हैं। 45 वर्षीय भावसिंह लोधी और 10 वर्षीय ऋतुराज लोधी की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक घायल को देर रात गंभीर हालत में भोपाल रेफर करना पड़ा। ग्रामीणों ने दिखाई मानवता हादसा शादी वाले घर से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। कई घायल खून से लथपथ थे—किसी के माथे से तो किसी के हाथ से लगातार खून बह रहा था। कलेक्टर पहुंचे अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।  

सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई

ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है। परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई।  दोगुना से अधिक हुआ निर्यात उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। 200 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

Wall Street से Dalal Street तक कोहराम, निवेशकों के अरबों डूबे; समझिए गिरावट की बड़ी वजहें

मुंबई  अमेरिका से भारतीय शेयर बाजार तक कोहराम मचा हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह AI को लेकर चिंता अब ग्‍लोबल स्‍तर पर आ चुकी है. एआई से मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है. खासकर आईटी कंपनियों के लिए तो बड़ा संकट खड़ा हो चुका है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भी खुलते ही तेजी से गिरा.  सेंसेक्‍स 772.19 अंक या 0.92% टूटकर 82,902.73 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 0.78 फीसदी या 200.30 अंक गिरकर  25,606.90 पर कारोबार कर रहा था. सबसे ज्‍यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखी जा रही है. टीसीएस इंफोस‍िस, एचसीएल टेक से लेकर महिंद्रा टेक के शेयर करीब 6 फीसदी तक गिरे हैं.   BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. बाकी 6 शेयरों में तेजी है, जो मामूली तेजी पर हैं. Infosys में करीब 6 फीसदी, टीसीएस में 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एचसीएल टेक 4.14 फीसदी और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट है.   बीएसई के 3,337  शेयरों में से 847 शेयरों में तेजी और 2,327 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 163 शेयर अनचेंज हैं. 41 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. वहीं 55 शेयरों में लोअर सर्किट और 79 शेयरों में अपर सर्किट है.                 अमेरिकी बाजार में 90 लाख करोड़ स्‍वाहा वहीं अमेरिका में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है. वहीं अब एशियाई मार्केट में भी गिरावट हावी है. निवेशकों को डर है कि नए AI टूल्स कई पारंपरिक बिजनेस मॉडल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और कंपनियों के मुनाफे को कम कर सकता है. AI का सबसे ज्‍यादा असबर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े शेयरों में देखने को मिल रहा है. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि अमेरिकी बाजार में आई गिरावट से करीब एक ट्रिलियन डॉलर या 90 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं.  अमेरिकी बाजार में कोहराम  अमेरिकी मार्केट में गुरुवार को डॉऊ जोंस 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98  पर क्‍लोज हुआ. नैसडैक में सबसे ज्‍यादा गिरावट रही, जो 469.32  अंक या 2.03% टूटकर 22,597.15 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्‍स 1.57% या 108.71 अंक टूटकर 6,832.76  पर क्‍लोज हुए.

अंतरधार्मिक विवाह मामले में सुरक्षा कड़ी, पुलिस ने सभा पर लगाई पाबंदी

मेरठ  मेरठ में बकायदा कार्ड छपवाकर मुस्लिम युवक से शादी का ऐलान करने वाली हिंदू लड़की का मामला बहुत ज्यादा गरमा गया है। हिंदूवादी नेताओं ने शादी नहीं होने देने का ऐलान किया तो पुलिस एक्टिव हुई। रार बढ़ने पर फिलहाल आज यानी 13 फरवरी को होनी वाली शादी टल गई है। रिसोर्ट मालिक ने बुकिंग भी कैंसिल कर दी है। युवती के चाचा ने मुस्लिम युवक के खिलाफ धर्मांतरण और लव जेहाद का आरोप लगा मुकदमा गंगानगर थाने में दर्ज कराया है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, हिंदू संगठनों ने शादी वाले रिसोर्ट के बाहर हिंदू महापंचायत का ऐलान किया है। पुलिस इसे भी रोकने में जुट गई है। हिंदूवादी नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है। क्या है पूरा मामला गंगानगर निवासी युवती की 13 फरवरी को पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में शादी होनी थी। शादी के जो कार्ड युवती पक्ष ने छपवाए, उन पर दूल्हे का नाम साहिल था, जबकि युवक का असली नाम शाहवेज बताया गया। हिंदू संगठनों और अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इसे लेकर हंगामा किया। मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने युवती के चाचा की तहरीर पर शाहवेज के खिलाफ धर्मांतरण का मुकदमा गंगानगर थाने में दर्ज किया। अभी शाहवेज की गिरफ्तारी नहीं की गई है। शादी टल गई है। अब सोशल मीडिया पर पैराडाइव व्यू रिसोर्ट के बाहर शुक्रवार दोपहर हिंदू महापंचायत का ऐलान किया गया है। लव जेहाद और धर्मांतरण के मुद्दे पर महापंचायत बुलाई है। कई संगठनों समेत हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत कई संगठन के पदाधिकारियों ने महापंचायत में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है महापंचायत की अनुमति नहीं है, आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। गंगानगर समेत सर्किल के बाकी थानों से फोर्स और पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स को शुक्रवार दोपहर गंगानगर में तैनात किया जा रहा है। धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराने वाले युवती के चाचा को धमकी भी मिल चुकी है। एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रही है। इस मामले में पहले से मुकदमा दर्ज है और जांच शुरू कर दी गई है। नियमानुसार कार्रवाई कराई जा रही है। मंडप एसोसिएशन महामंत्री बोले, कोई बुकिंग नहीं मेरठ मंडप एसोसिएशन महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया 13 फरवरी को गंगानगर मवाना रोड स्थित पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में आकांक्षा और शाहवेज की शादी का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है। रिसोर्ट मालिक सतीश मंगा ने बताया है कुछ संगठन द्वारा 13 अप्रैल को रिसोर्ट पर कथित हिंदू पंचायत को लेकर मैसेज वायरल किया जा रहा है। इस तरह के आयोजन के लिए रिसोर्ट पर न तो बुकिंग है और न ही ऐसी कोई पंचायत रिसोर्ट में होने दी जाएगी। न तो विवादित विवाह समारोह आयोजित होगा और न पंचायत के लिए कोई व्यवस्था की है। युवती ने पुलिस को दर्ज कराए बयान युवती ने मीडिया को बताया गंगानगर थाने में दर्ज मुकदमे को लेकर बयान दर्ज कराए हैं। 13 फरवरी को होनी वाली शादी को फिलहाल निरस्त कर दिया है। शाहवेज से बात नहीं हो पा रही है। पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने मदद करने से इंकार कर दिया। कानून व्यवस्था का हवाला दिया। स्पेशल मैरिज एक्ट में एडीएम कार्यालय पर नवंबर में आवेदन किया था। इसके बाद ही शादी की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। युवती ने कहा कि वह बौद्ध धर्म को मानती है और हिंदू धर्म से कोई वास्ता नहीं है। पुलिस जिसे खोज रही, वो सोशल मीडिया पर एक्टिव अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने बताया वह पंचायत को लेकर सोशल मीडिया पर लाइव थे। इसी दौरान वांटेड शाहवेज सोशल मीडिया पर आया और कमेंट किया। लिखा सिरोही जी, मेरा पीछा छोड़ दो, मेरी शादी हो जाने दो। सचिन सिरोही ने सवाल उठाया जिसके खिलाफ धर्मांतरण में मुकदमा है, वह सोशल मीडिया चला रहा है, लेकिन पुलिस पकड़ नहीं रही। युवती के बौद्ध धर्म वाले बयान पर कहा कि युवती ने अपने घर पर पांच दिन पहले माता की चौकी और पूजा का कार्यक्रम रखा था, जिसकी वीडियो भी है। यदि युवती बौद्ध धर्म अपना चुकी है तो ये पूजा क्यों हुई? बौद्ध धर्म अपनाने के साक्ष्य दें।

NASA के साथ काम करने का मौका, समर इंटर्नशिप के लिए खुली भर्ती; जानिए कैसे करें अप्लाई

NASA ने साल 2026 के लिए समर पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है. यह इंटर्नशिप खास तौर पर उन छात्रों के लिए है जो स्पेस, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इस प्रोग्राम के जरिए छात्रों को NASA के साथ काम करने और असली प्रोजेक्ट्स पर अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा. इस इंटर्नशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इच्छुक और योग्य छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने की अंतिम तारीख 27 फरवरी 2026 तय की गई है, इसलिए छात्रों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है. इस इंटर्नशिप के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे छात्र आवेदन कर सकते हैं. खास बात यह है कि आवेदन के लिए केवल STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) बैकग्राउंड होना जरूरी नहीं है. जिन छात्रों की स्पेस, रिसर्च या इनोवेशन में रुचि है, वे भी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं. NASA की यह इंटर्नशिप पेड प्रोग्राम है, जिसमें चयनित छात्रों को स्टाइपेंड भी दिया जाएगा.इसके अलावा छात्रों को इंटरनेशनल स्तर पर काम करने का अनुभव मिलेगा, जिससे उनके करियर को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है. इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को NASA के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ काम करने का मौका मिलेगा. उन्हें रिसर्च प्रोजेक्ट्स, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और कई अहम मिशनों से जुड़े कार्यों में शामिल किया जाएगा, जिससे उनकी स्किल्स और ज्ञान दोनों मजबूत होंगे. चयन प्रक्रिया में छात्रों का एकेडमिक रिकॉर्ड, पर्सनल स्टेटमेंट, रिसर्च या प्रोजेक्ट अनुभव और उनकी स्किल्स को ध्यान में रखा जाएगा. इसलिए आवेदन करते समय छात्रों को अपने अनुभव और उपलब्धियों को सही तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी है. NASA की आधिकारिक इंटर्नशिप वेबसाइट पर जायें. वहां OSTEM सेक्शन में जाकर समर 2026 इंटर्नशिप चुनें अपना अपडेटेड रिज्यूमे और कवर लेटर तैयार करें. तय समय सीमा से पहले ऑनलाइन आवेदन जमा करें.

पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा

राम की नगरी में आने वाले भक्तों का स्वागत करेगा लक्ष्मण द्वार एनएच-330ए पर बन रहा भव्य लक्ष्मण द्वार, 3,970.50 लाख रुपये की लागत से हो रहा निर्माण पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है अयोध्या का धार्मिक विकास अयोध्या  राम की नगरी अब भक्तों के लिए और अधिक आकर्षक व स्वागतमय बन रही है। राम मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करने के लिए एनएच-330ए (अयोध्या-गोण्डा मार्ग) पर एक शानदार लक्ष्मण द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह प्रवेश द्वार अयोध्या की धार्मिक गरिमा को और निखारने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भव्य लक्ष्मण द्वार देईपुर/कटरा भागचंद्र अहतमाली क्षेत्र में 40 मीटर चौड़े मार्ग पर बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल निर्माण लागत 3,970.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। द्वार को पिंक सॉलिड स्टोन से सजाया जाएगा, जो इसे राजसी एवं आकर्षक बनाएगा। पिंक स्टोन का उपयोग न केवल सौंदर्य बढ़ाएगा, बल्कि यह स्थानीय शिल्प कौशल को भी प्रदर्शित करेगा और अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला से प्रेरित होगा। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव ने बताया कि वर्तमान में परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अक्टूबर तक पूरा लक्ष्मण द्वार तैयार हो जाएगा। भव्य और यादगार पड़ाव साबित होगा लक्ष्मण द्वार के बनने से यह मार्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक भी बन जाएगा। रामायण काल में लक्ष्मण जी के भाई राम के प्रति समर्पण की याद दिलाता यह द्वार भक्तों के मन में श्रद्धा एवं उत्साह का संचार करेगा। अयोध्या विकास की इस नई परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का धार्मिक पर्यटन नक्शा और चमकदार हो रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में धार्मिक स्थलों का विकास एवं पर्यटन संवर्धन प्रमुख स्थान रखता है। अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद यहां पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लक्ष्मण द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक और कदम है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्थानीय व्यापारियों, होटलों, परिवहन सेवाओं और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एनएच-330ए पर यह लक्ष्मण द्वार अयोध्या-गोण्डा मार्ग की गरिमा को कई गुना बढ़ा देगा।

289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना

एएम ग्रुप और इन्वेस्ट यूपी के बीच एमओयू, 2030 तक पूर्ण क्षमता से संचालन का लक्ष्य यीडा के सीईओ ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट 289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एएम ग्रुप और राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ के बीच सहमति बनी है। इसके तहत 1 गीगावॉट (GW) हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (HPC) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। गुरुवार को यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है।  289 एकड़ भूमि के लिए एलओआई जारी यीडा द्वारा सेक्टर 28 में 114 एकड़ और सेक्टर 8डी में 175 एकड़, कुल 289 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किया गया है। यह अत्याधुनिक हब लगभग पांच लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स से लैस होगा और 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा (पवन, सौर एवं पम्प्ड स्टोरेज) से संचालित होगा। यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2028 तक प्रथम चरण का संचालन शुरू होगा, जबकि 2030 तक पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को नई गति भारत में एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए यह हब वैश्विक हाइपरस्केलर्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्यमों और संप्रभु एआई पहलों की जरूरतों को पूरा करेगा। एएमजी एआई लैब्स ‘एआई के लोकतंत्रीकरण’ के तहत ऊर्जा से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। यह सुविधा भारतीय डेवलपर समुदाय को अत्याधुनिक चिपसेट्स तक व्यापक पहुंच देगी, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर एआई समाधान विकसित करने में तेजी आएगी। आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव इस परियोजना से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजित होंगे। हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के क्षेत्र में स्थानीय इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के अग्रिम पंक्ति के राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

रक्षा शक्ति पर बड़ा बयान, सीएम योगी ने ब्रह्मोस के जरिए दिखाया ‘हार्ड पावर’ रोडमैप

सीएम योगी ने दिया ब्रह्मोस संग ‘हार्ड पावर’ विजन   मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बदली कवर इमेज अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया ने दिया ‘नए यूपी’ का संकेत   लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ‘नए यूपी’ की बढ़ती ताकत का संकेत दिया। बजट 2026-27 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कवर इमेज बदल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस संग अपनी फोटो लगाकर ‘हार्ड पावर’ विजन” का संदेश दिया।  सोशल मीडिया हैंडल पर मुख्यमंत्री का यह संदेश बताता है कि लखनऊ में ब्रह्मोस निर्माण के जरिए उत्तर प्रदेश एक तरफ रक्षा उत्पादन का उभरता वैश्विक हब हो गया है। वहीं दूसरी ओर 9.12 लाख करोड़ का बजट और सामरिक शक्ति के संगम का भी संकेत प्रदेशवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। बजट के जरिए सीएम योगी ने संदेश दिया कि यूपी की अर्थव्यवस्था “फर्श से अर्श तक पहुंच गई है, जो यूपी के विकास, सुरक्षा और निवेश के त्रिवेणी मॉडल को प्रदर्शित करता है। योगी का यह “‘सुपरसोनिक केसरिया’ संदेश बताता है कि उत्तर प्रदेश विकास का इंजन और प्रदेशवासियों की सुरक्षा का कवच भी बन गया है।

बांग्लादेश में सत्ता पर BNP का कब्जा, जमात हाशिये पर; प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान की जीत को बताया ऐतिहासिक

ढाका  सत्ता के लिए 20 साल का इंतज़ार खत्म करते हुए, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) 13वें आम चुनावों में बहुमत का आंकड़ा पार करने के बाद अगली सरकार बनाने के लिए तैयार है. यह एक अहम जनादेश है, जो उथल-पुथल से जूझ रहे देश की सियासी दिशा में एक बड़ी तब्दीली की तरफ इशारा करता है.  तारिक रहमान के नेतृत्व वाली पार्टी ने आखिरी बार 2001 में चुनाव जीता था. आज पार्टी ने जीत का ऐलान कर दिया है क्योंकि गिनती के ट्रेंड्स में भारी जीत का इशारा मिल रहा था, जिससे दो दशकों के बाद सत्ता में उसकी वापसी पक्की हो गई. इस बीच, जमात-ए-इस्लामी को बड़ा झटका लगा है, जो नतीजों के धीरे-धीरे आने के बावजूद डबल-डिजिट सीटों तक ही सीमित रही. स्थानीय मीडिया ने बताया कि सुबह-सुबह हुई वोटिंग में BNP गठबंधन ने 209 सीटें जीतीं. कैसा रहा जमात-ए-इस्लामी का प्रदर्शन? BNP के प्रदर्शन ने उसे सिंपल मेजॉरिटी के लिए ज़रूरी 151 सीटों की लिमिट से आगे पहुंचा दिया, जिससे पार्टी अगली सरकार बनाने के लिए मज़बूत स्थिति में आ गई. कई चुनाव क्षेत्रों में वोटों की गिनती जारी रही, लेकिन कुल मिलाकर ट्रेंड्स से पता चला कि फ़ाइनल टैली में बड़े बदलाव की गुंजाइश कम है. सुबह करीब 4 बजे तक, जमात-ए-इस्लामी ने 56 सीटें जीत ली थीं. बांग्लादेश के रेफरेंडम के अनऑफिशियल नतीजों से जुलाई चार्टर के लिए लोगों के मज़बूत सपोर्ट का भी पता चलता है, जो 2024 के विद्रोह से बना एक सुधार डॉक्यूमेंट है जिसमें बड़े संवैधानिक बदलावों का प्रस्ताव है. The Daily Star के मुताबिक, गिने गए वोटों में से करीब 72.9 फीसदी चार्टर को अपनाने के पक्ष में थे, जबकि 27.1 परसेंट इसके खिलाफ थे.  जगह-जगह से हिंसा की खबरें लोकल मीडिया के मुताबिक, बांग्लादेश के कई हिस्सों में चुनाव के दौरान हिंसा की भी घटनाएं सामने आईं. वोटिंग से जुड़ी झड़पों में 70 से ज़्यादा लोग घायल बताए गए हैं. बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने कहा कि 14 अलग-अलग घटनाओं में करीब 72 लोग घायल हुए, जिनमें से कई पोलिंग स्टेशन के पास या अंदर हुए. पुलिस ने इस हंगामे के सिलसिले में कम से कम नौ लोगों को हिरासत में लिया. सबसे बुरी हिंसा नोआखली जिले के हटिया में हुई, जहां BNP और नेशनल सिटीजन पार्टी के समर्थकों के बीच हुई झड़प में 31 लोग घायल हो गए. वोटिंग सुबह 7:30 बजे शुरू हुई और नौ घंटे तक बिना रुके चलती रही. वोटरों ने दो अलग-अलग बैलेट पेपर इस्तेमाल किए- एक पार्लियामेंट्री चुनाव के लिए और दूसरा रेफरेंडम के लिए, जिन्हें देश भर के 42,659 पोलिंग स्टेशनों पर ट्रांसपेरेंट बैलेट बॉक्स में रखा गया था. देश के 300 में से 299 चुनाव क्षेत्रों में चुनाव हुए. शेरपुर-3 में एक पार्लियामेंट्री उम्मीदवार की मौत के बाद वोटिंग टाल दी गई. बांग्लादेश इलेक्शन कमीशन (EC) के मुताबिक, देश भर में 60.69 फीसदी वोटिंग हुई, जिसमें पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल 80.11 परसेंट और कुल वैलिड वोट रेट 70.25 परसेंट रहा. कई वोटरों ने कहा कि 2008 के पार्लियामेंट्री चुनावों के बाद यह पहला शांतिपूर्ण और खुशी वाला चुनाव था जो उन्होंने देखा. वोटों की गिनती के बीच, जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश के चीफ, शफीकुर रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी अपने फायदे के लिए ‘विपक्ष की राजनीति’ नहीं करेगी, जिससे गिनती जारी रहने पर चुनाव के नतीजों को मानने का संकेत मिला. उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, “हम पॉजिटिव पॉलिटिक्स करेंगे.” PM मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान को बांग्लादेश चुनावों में उनकी पार्टी की बड़ी जीत के बाद बधाई देते हुए PM मोदी का बयान दोबारा पोस्ट किया. PM मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा. मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं.” बांग्लादेश में हुए 13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को गर्मजोशी से बधाई दी है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया (X) पर साझा किए अपने संदेश में इस जीत को बांग्लादेश की जनता का उनके नेतृत्व पर अटूट विश्वास बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “संसदीय चुनावों में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं. यह जीत आपके नेतृत्व में बांग्लादेशी लोगों के भरोसे को दर्शाती है.” उन्होंने आगे कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा और दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक है. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह बांग्लादेश में पहला बड़ा चुनाव था. 17 साल के वनवास के बाद तारिक रहमान की पार्टी की सत्ता में वापसी दक्षिण एशिया की राजनीति के लिए एक बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ है. भारत ने इस बधाई संदेश के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि वह नई सरकार के साथ भी मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता देगा. आपको बता दें कि बांग्लादेश में गुरुवार को आम चुनाव के लिए वोट डाले गए थे और शाम को ही मतगणना शुरू हो गई है. अभी तक जो नतीजे सामने आए हैं उसमें रहमान की पार्टी वाले गठबंधन ने 209 सीटें जीतकर 300 सदस्यों वाले जातीय संसद या देश के सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है.  बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने चुनाव में जीत का दावा करते हुए देशवासियों को बधाई दी है लेकिन समर्थकों से जश्न न मनाने की अपील की है.पार्टी ने कहा कि विजय उत्सव के बजाय कार्यकर्ता और समर्थक पूरे देश में शुक्रवार की नमाज़ अदा करें और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को याद करें.  तारिक रहमान को ऐतिहासिक जीत पर US ने दी बधाई बांग्लादेश के 13वें आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत के लिए तारिक रहमान और BNP को बधाई देने वाला यूनाइटेड स्टेट्स पहला देश बन गया. बांग्लादेश में US के राजदूत ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बांग्लादेश के लोगों को सफल चुनाव के लिए और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और तारिक रहमान … Read more

बैंकिंग ग्राहकों के लिए राहत की खबर, PAN से जुड़े नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू

नई दिल्ली भारत सरकार ने 7 फरवरी को नए आयकर नियम 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है. नए आयकर नियम, 2026 में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं. अब कई कामों के लिए PAN कार्ड बताने की जरूरत की सीमा बढ़ाई जा रही है. जैसे मोटर व्हीकल खरीदना, बैंक से बड़ी रकम निकालना या जमा करना, प्रॉपर्टी खरीदना और होटल में बड़ा बिल चुकाना आदि के लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी. नए नियमों में यह भी प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं का मूल्य बढ़ा दिया जाए. साथ ही, क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपनी जानकारी आयकर विभाग के साथ साझा करें. इसके अलावा डिजिटल रुपया (CBDC) को भी अब आधिकारिक तौर पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के एक मान्य तरीके के रूप में शामिल किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026 की घोषणा के कुछ दिनों बाद, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नए आयकर कानून 2025 से जुड़े ड्राफ्ट नियम और फॉर्म जारी किए हैं. इन पर आम लोग अपनी राय दे सकते हैं. नए ड्राफ्ट Income Tax Rules 2026 के मुताबिक, कई जगहों पर PAN नंबर बताना अनिवार्य कर दिया गया है. भारत सरकार ने 7 फरवरी को नए आयकर नियम 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है. नए आयकर नियम, 2026 में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं. अब कई कामों के लिए PAN कार्ड बताने की जरूरत की सीमा बढ़ाई जा रही है. जैसे मोटर व्हीकल खरीदना, बैंक से बड़ी रकम निकालना या जमा करना, प्रॉपर्टी खरीदना और होटल में बड़ा बिल चुकाना आदि के लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी. नए नियमों में यह भी प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं का मूल्य बढ़ा दिया जाए. साथ ही, क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपनी जानकारी आयकर विभाग के साथ साझा करें. इसके अलावा डिजिटल रुपया (CBDC) को भी अब आधिकारिक तौर पर इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के एक मान्य तरीके के रूप में शामिल किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2026 की घोषणा के कुछ दिनों बाद, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नए आयकर कानून 2025 से जुड़े ड्राफ्ट नियम और फॉर्म जारी किए हैं. इन पर आम लोग अपनी राय दे सकते हैं. नए ड्राफ्ट Income Tax Rules 2026 के मुताबिक, कई जगहों पर PAN नंबर बताना अनिवार्य कर दिया गया है. बैंक में कैश जमा या निकासी अब प्रस्ताव है कि अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में कुल 10 लाख या उससे अधिक की कैश जमा या निकासी करता है. चाहे एक खाते में या कई खातों में तो PAN बताना जरूरी होगा. वर्तमान नियमों के अनुसार, एक ही दिन में बैंक या कोऑपरेटिव बैंक में 50,000 से अधिक का कैश जमा करने पर PAN देना अनिवार्य है. मोटर वाहन खरीदने पर PAN मौजूदा नियमों में अगर खरीदी जाने वाली गाड़ी (कार या बाइक) की कीमत 5 लाख से ज्यादा होती थी, तो PAN बताना जरूरी था. दोपहिया वाहनों के लिए PAN बताने का कोई नियम नहीं था. नए ड्राफ्ट नियम में किसी भी मोटर वाहन की खरीद पर, कीमत चाहे जो भी हो, PAN बताना अनिवार्य होगा यानी दोपहिया वाहन भी अब इस दायरे में आ जाएंगे. बैंक में कैश जमा या निकासी अब प्रस्ताव है कि अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में कुल 10 लाख या उससे अधिक की कैश जमा या निकासी करता है. चाहे एक खाते में या कई खातों में तो PAN बताना जरूरी होगा. वर्तमान नियमों के अनुसार, एक ही दिन में बैंक या कोऑपरेटिव बैंक में 50,000 से अधिक का कैश जमा करने पर PAN देना अनिवार्य है. मोटर वाहन खरीदने पर PAN मौजूदा नियमों में अगर खरीदी जाने वाली गाड़ी (कार या बाइक) की कीमत 5 लाख से ज्यादा होती थी, तो PAN बताना जरूरी था. दोपहिया वाहनों के लिए PAN बताने का कोई नियम नहीं था. नए ड्राफ्ट नियम में किसी भी मोटर वाहन की खरीद पर, कीमत चाहे जो भी हो, PAN बताना अनिवार्य होगा यानी दोपहिया वाहन भी अब इस दायरे में आ जाएंगे.

ChatGPT मेकर की नई तैयारी, टेक मार्केट में उतरेगा खास हार्डवेयर प्रोडक्ट

नई दिल्ली OpenAI का नाम आते ही लोगों के जेहन में एक सॉफ्टवेयर का ख्याल आता है. मगर कंपनी अब हार्डवेयर सेक्टर में एंट्री करना चाहती है. कंपनी ने कुछ वक्त पहले ही ऐलान किया है कि वो इस साल के अंत तक AI इनेबल हार्डवेयर प्रोडक्ट लॉन्च कर सकते हैं. कंपनी इससे पहले एक नया प्रोडक्ट लॉन्च कर सकती है.  2026 के अंत में कंपनी AI इनेबल डिवाइस को लॉन्च करेगी, जो लोगों के लिए 2027 में मिलेगा. अब एक लीक सामने आई है, जिसमें कंपनी के अपकमिंग हार्डवेयर की जरूरी डिटेल्स हैं. ये एक नॉन-AI डिवाइस हो सकता है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.  क्या होगा कंपनी का पहला डिवाइस? टिप्स्टर स्मार्ट पिकाचू के मुताबिक, OpenAI का पहला हार्डवेयर ईयरबड्स होंगे. इन ईयरबड्स का नाम Dime हो सकता है. हालांकि, कंपनी इसका बेसिक वर्जन रिलीज करेगी. ये संभवतः कंपनी के अपने ड्रीम डिवाइस के लॉन्च से पहले का वॉर्मअप हो सकता है.  OpenAI से जुड़ी एक पेटेंट फाइलिंग चीन में पब्लिक की गई है. इस फाइलिंग के मुताबिक प्रोडक्ट का नाम Dime होगा. टिप्स्टर का कहना है कि कंपनी पहले सिंपल ईयरबड्स लॉन्च करेगी. इसके अलावा OpenAI के स्मार्टफोन जैसे डिवाइस को लॉन्च होने में वक्त लगेगा.  फोन जैसा डिवाइस भी लाएगी कंपनी इसकी वजह HBM स्टोरेज है जो मैटेरियल की कीमत को बढ़ा सकती है. कंपनी का स्मार्टफोन जैसा डिवाइस कंप्यूटर जैसी पावर के साथ आएगा. इससे पहले OpenAI के चीफ ग्लोबल अफेयर ऑफिसर क्रिस लेहेन ने बताया था कि इस साल के अंत तक वे पहला AI डिवाइस लॉन्च करेंगे. हालांकि, लॉन्च की निश्चित तारीख की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई हैं. OpenAI ने हाल में ही नया AI मॉडल एजेंटिक कोडिंग को लॉन्च किया है, जिसका नाम GPT-5.3-Codex है. ये मॉडल सभी पेड यूजर्स के लिए उपलब्ध है. कंपनी का कहना है कि ये डिवाइस पिछले वर्जन के मुकाबले 25 परसेंट फास्ट होगा.

मसान होली का सच: इस अनोखे उत्सव में महिलाओं को क्यों नहीं मिलती जगह?

भारत में होली के सैकड़ों रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन मोक्ष की नगरी काशी (वाराणसी) में एक ऐसी होली खेली जाती है जिसे देख दुनिया दंग रह जाती है. इसे कहते हैं मसाने की होली. जहां पूरी दुनिया रंगों और गुलाल से सराबोर होती है, वहीं काशी के मणिकर्णिका घाट पर धधकती चिताओ के बीच राख (भस्म) से होली खेली जाती है. इस साल मसान होली 28 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इस अद्भुत परंपरा के पीछे की कहानी और वह कारण जिसकी वजह से महिलाओं को इस आयोजन से दूर रखा जाता है. क्या है मसान होली? मसान होली को भस्म होली या भभूत होली के नाम से भी जाना जाता है. मसान शब्द का अर्थ है श्मशान. काशी की मान्यता है कि भगवान शिव (महादेव) अपने भक्तों के साथ श्मशान में होली खेलते हैं. यहां न तो पिचकारी होती है और न ही रंग-गुलाल यहां बस होती है चिता की राख और महादेव के जयकारे. इस दिन भक्त भूत-पिशाच का रूप धरकर श्मशान घाट पर जुटते हैं और जलती चिताओं के बीच भस्म उड़ाकर उत्सव मनाते हैं. क्यों महिलाओं को रखा जाता है इस परंपरा से दूर? मसान होली को लेकर कुछ कड़े धार्मिक और आध्यात्मिक नियम हैं, जिसके चलते महिलाओं का वहां जाना वर्जित माना जाता है. नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्मशान घाट पर कई तरह की सूक्ष्म शक्तियां और नकारात्मक ऊर्जाएं सक्रिय होती हैं. इसलिए सुरक्षा के लिहाज से महिलाओं और बच्चों को इन ऊर्जाओं से बचाने के लिए वहां जाने से रोका जाता है. वैराग्य का प्रतीक श्मशान को वैराग्य और मृत्यु का प्रतीक माना जाता है. अखाड़ों और विद्वानों के अनुसार, यह स्थान गृहस्थ जीवन और कोमल मन वाले बच्चों के लिए सही नहीं माना गया है. शारीरिक और मानसिक संवेदनशीलता प्राचीन परंपराओं के अनुसार, महिलाओं को भावनात्मक रूप से अधिक संवेदनशील माना जाता है. श्मशान की भयानक शांति और वहां का नजारा उनके मन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, इसलिए उन्हें इस उत्सव से दूर रहने की सलाह दी जाती है. कैसे हुई मसान होली की शुरुआत? पौराणिक कथाओं के अनुसार, मसान होली की शुरुआत खुद भगवान शिव ने की थी. कहा जाता है कि रंगभरी एकादशी के दिन महादेव माता पार्वती का विदाई कराकर काशी लाए थे. तब उन्होंने अपने गणों, देवताओं और भक्तों के साथ गुलाल से होली खेली थी. लेकिन महादेव के सबसे प्रिय भक्त, भूत, प्रेत, पिशाच और अघोरी उस उत्सव में शामिल नहीं हो पाए थे. इसलिए, अगले दिन महादेव ने श्मशान घाट पर जाकर अपने इन भक्तों के साथ चिता की भस्म से होली खेली. तभी से यह परंपरा मसाने की होली के रूप में प्रसिद्ध हो गई. विश्व प्रसिद्ध है काशी का यह रूप काशी की यह होली देखने के लिए आज केवल देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में पर्यटक आते हैं. यह उत्सव जीवन और मृत्यु के बीच के उस अटूट संबंध को दर्शाता है, जिसे काशी की संस्कृति में महाशमशान का आनंद कहा जाता है.

ऑनलाइन लेन-देन में धोखाधड़ी पर अब मुआवजा, RBI ने तय की 25,000 रुपये की सीमा

नई दिल्ली केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने साइबर फ्रॉड के शिकार ग्राहकों के लिए बड़ी योजना बनाई है। अब ऐसे ग्राहकों को धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन के मामले में 25,000 रुपये तक का हर्जाना मिल सकेगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद जारी बयान में इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कम मूल्य के धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन के मामलों में 25,000 रुपये तक का हर्जाना देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव है। 50 हजार रुपये तक के फ्रॉड मामले शामिल इसमें 50 हजार रुपये या उससे कम की धोखाधड़ी के मामलों को शामिल किया जाएगा। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि “बिना कोई सवाल पूछे” ग्राहकों को 85 प्रतिशत राशि (अधिकतम 25 हजार रुपये) वापस की जायेगी। धोखाधड़ी की राशि में से 15 प्रतिशत का नुकसान ग्राहक को उठाना होगा और 15 प्रतिशत का नुकसान संबंधित बैंक उठाएगा। शेष 70 प्रतिशत राशि आरबीआई देगा। हालांकि, किसी भी स्थिति में ग्राहक को 25,000 रुपये से अधिक का हर्जाना नहीं मिलेगा। एक बार ही ले सकेंगे लाभ आरबीआई गवर्नर ने स्पष्ट किया कि ग्राहक इस सुविधा का लाभ अपने जीवनकाल में सिर्फ एक बार उठा सकेंगे। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि ग्राहक एक बार की गलती से सीख लें।” एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने साफ किया कि भले ही ग्राहक ने खुद ही ठगों को ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) बताया हो, तब भी वे हर्जाना राशि पाने के हकदार होंगे। मल्होत्रा ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी में 50 हजार रुपये तक की राशि वाले मामले 65 प्रतिशत हैं, हालांकि मूल्य के हिसाब से उनका अनुपात काफी कम है। यह पहली बार है जब आरबीआई ने साइबर फ्रॉड मामले में पीड़ित को हर्जाने देने की पहल की है। RBI के डेटा के मुताबिक भारतीय बैंकों ने वित्त वर्ष 2024-25 में कार्ड और इंटरनेट-आधारित ट्रांजैक्शन से जुड़े धोखाधड़ी के 13,469 मामले दर्ज किए, जिससे 520 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, 2023-24 में 29,080 धोखाधड़ी और 1,457 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। साइबर फ्रॉड की शिकायत सबसे पहले बैंक/पेमेंट ऐप को सूचित करें। इसके बाद 1930 पर कॉल करें। यह नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन का ऑफिशियल नंबर है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। इसके लिए वेबसाइट https://cybercrime.gov.in पर विजिट करें। यहां सभी डिटेल भरने के बाद Acknowledgement नंबर मिलेगा। इसे सेव करके रखना जरूरी है। इस नंबर को लेकर नजदीकी साइबर सेल/पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। आप शिकायत का स्टेटस cybercrime.gov.in पर ट्रैक कर सकते हैं।

बचपन में खरीदा डोमेन, 600 करोड़ में बेचा—10 साल की उम्र में किया कमाल

 नई दिल्ली 1993 में 10 साल के एक लड़के ने AI.com नाम की वेबसाइट खरीदी थी. तब यह सिर्फ एक आम इंटरनेट एड्रेस था. उस समय AI कोई ट्रेंड नहीं था. न सोशल मीडिया था, न चैटबॉट्स, न लोग रोज AI की बातें करते थे. उस वक्त इस डोमेन की कीमत कुछ सौ रुपये से ज्यादा नहीं थी. आज वही AI.com डोमेन करीब 70 मिलियन डॉलर में बिक चुका है. भारतीय रुपये में देखें तो यह रकम 600 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है. यह सिर्फ एक डोमेन की बिक्री नहीं है. यह बताता है कि इंटरनेट पर नाम की कीमत कैसे बदलती है. डोमेन खरीद फरोख्त की पूरी कहानी  जिस शख्स ने AI.com खरीदा था, उसका नाम अरस्यान इस्माइल है. वह मलेशिया का टेक एंटरप्रेन्योर हैं. 1993 में जब इंटरनेट नया-नया आया था, तब उन्होंने यह डोमेन सिर्फ शौक में रजिस्टर करा लिया था. उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि AI एक दिन इतना बड़ा ट्रेंड बनेगा. उस समय डोमेन खरीदने की फीस बहुत कम होती थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक अरस्यान इस्माइल ने AI.com बहुत ही मामूली कीमत पर लिया था. आज के पैसों में देखें तो कुछ सौ रुपये से ज्यादा नहीं. तब यह एक आम टेक-टर्म जैसा नाम था. बीच के सालों में AI.com कई बार लीज पर भी दिया गया. अलग-अलग कंपनियों ने इस डोमेन को कुछ समय के लिए इस्तेमाल किया. लेकिन डोमेन की असली मालकिनी अरस्यान के पास ही रही. 80 करोड़ में दुबारा हासिल किया डोमेन 2025 में एक दिलचस्प मोड़ आया. AI.com कुछ समय के लिए उनके कंट्रोल से बाहर चला गया था. रिपोर्ट्स में बताया गया कि डोमेन पर कंट्रोल वापस पाने के लिए अरस्यान को करीब 10 मिलियन डॉलर चुकाने पड़े. यानी करीब 80 करोड़ रुपये से ज्यादा. मतलब जिस डोमेन को उन्होंने कभी मामूली रकम में खरीदा था, उसी को वापस पाने के लिए करोड़ों खर्च करने पड़े. लेकिन तब तक AI पूरी दुनिया में ट्रेंड बन चुका था. उन्हें पता था कि यह नाम आगे चलकर और बड़ा बन सकता है. Crypto.com के सीईओ ने खरीदा डोमेन डोमेन वापस लेने के बाद उन्होंने इसे कुछ समय तक होल्ड किया. फिर 2026 में यह डोमेन Crypto.com के CEO को करीब 70 मिलियन डॉलर में बेच दिया गया. AI.com को अब Crypto.com के CEO ने खरीदा है. Crypto.com पहले से डिजिटल फाइनेंस की दुनिया में बड़ा नाम है. अब कंपनी AI की तरफ भी कदम बढ़ा रही है. माना जा रहा है कि AI.com को एक नए AI प्लेटफॉर्म या सर्विस के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा. पिछले दो साल में AI अचानक हर जगह दिखने लगा है. लोग AI से फोटो बना रहे हैं. वीडियो बना रहे हैं. ऑफिस का काम कर रहे हैं. AI अब सिर्फ टेक का टूल नहीं रहा. AI एक ब्रांड बन चुका है. इसी वजह से AI.com जैसे नाम की कीमत अचानक आसमान पर पहुंच गई. जो कंपनी AI से जुड़ी सर्विस बनाना चाहती है, उसके लिए ऐसा नाम बहुत काम का होता है. यूजर को भी ऐसा नाम देखकर भरोसा जल्दी होता है. यह डील यह भी दिखाती है कि आने वाले समय में इंटरनेट पर ब्रांडिंग कितनी अहम होने वाली है. आज जमीन और फ्लैट की कीमत बढ़ती है. वैसे ही अब डिजिटल नामों की कीमत बढ़ रही है. आज जो डोमेन आम लगते हैं, कल वही करोड़ों में बिक सकते हैं. AI.com की कहानी सिर्फ किस्मत की कहानी नहीं है. यह आने वाले डिजिटल ट्रेंड की झलक भी है.  

ऑस्ट्रेलिया सावधान! जिम्बाब्वे कर सकता है बड़ा उलटफेर

कोलंबो ग्रुप बी में सबकी नजरें अब क्लासिक डेविड बनाम गोलियथ मुकाबले पर टिकी हैं, जब शुक्रवार को यहां आर. प्रेमदासा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे का मुकाबला टूर्नामेंट की फेवरेट टीम ऑस्ट्रेलिया से होगा। ऑस्ट्रेलिया इस मुकाबले में जीत की जबरदस्त संभावना और दुनिया भर में दबदबे के साथ उतर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्बाब्वे इस एडिशन का पहला बड़ा उलटफेर कर सकता है? सिकंदर रजा की टीम ने चुपचाप मोमेंटम बना लिया है। ओमान पर उनकी आठ विकेट की बड़ी जीत ने गेंद से डिसिप्लिन और बल्ले से धैर्य दिखाया। लेकिन शुक्रवार का मुकाबला एक बिल्कुल अलग चुनौती पेश करता है – ऑस्ट्रेलियाई टीम का सामना करना जिसमें पावर-हिटर्स, अच्छे ऑलराउंडर्स और कोलंबो के हालात के हिसाब से एक मजबूत स्पिन अटैक है। जिम्बाब्वे की उम्मीदें निडर रवैये पर टिकी होंगी। ब्रायन बेनेट, जिन्होंने पिछले गेम में 48 रन बनाए, पिछले साल उनके सबसे लगातार परफॉर्मर रहे हैं और टॉप पर अहम होंगे। अगर बेनेट और तदीवानाशे मारुमानी नई गेंद को संभालकर एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार कर पाते हैं, तो ब्रेंडन टेलर, रज़ा और रयान बर्ल की अनुभवी तिकड़ी बीच के ओवरों में स्कोरिंग को आगे बढ़ा सकती है। असली मौका गेंद के साथ हो सकता है। ब्लेसिंग मुजराबानी और रिचर्ड नगारवा ने अपने पिछले मैच में छह विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। एक ऐसी सतह पर जिससे शुरू में स्विंग और बाद में टर्न मिलने की उम्मीद है, ज़िम्बाब्वे का पेस-स्पिन कॉम्बिनेशन ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक टॉप ऑर्डर की परीक्षा ले सकता है। आयरलैंड के खिलाफ थोड़ी कमज़ोरी दिखाने वाले मिडिल ऑर्डर को बेनकाब करने के लिए शुरुआती ब्रेकथ्रू जरूरी होंगे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया अभी भी मजबूत है। कप्तान ट्रैविस हेड लीडर के तौर पर पहली जीत हासिल करने के बाद आगे से लीड करने के लिए बेताब होंगे। जोश इंग्लिस, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन की मौजूदगी पूर्व चैंपियन को ऐसी गहराई देती है जिसका मुकाबला कुछ ही टीमें कर सकती हैं। एडम जम्पा और मैथ्यू कुहनेमन की उनकी स्पिन जोड़ी भी कोलंबो की धीमी होती पिच का फ़ायदा उठा सकती है। प्रेमदासा की पिच ने हमेशा लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फ़ायदा पहुँचाया है, पिछले दस में से आठ मैच बाद में बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। मैच के दिन बादल छाए रहने का अनुमान है, जिससे गेंदबाजों को शुरुआत में और मदद मिल सकती है, जिससे मुकाबले में एक और अप्रत्याशित बात जुड़ जाएगी। ज़िम्बाब्वे के लिए, यह सिर्फ़ ग्रुप-स्टेज का मैच नहीं है। यह सोच को बदलने और खुद को सिर्फ़ हिस्सा लेने वाले के बजाय असली दावेदार के तौर पर पेश करने का मौका है। उलटफेर टी20 वर्ल्ड कप की धड़कन रहे हैं, और सबसे छोटे फ़ॉर्मेट में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होती। कागज़ पर ऑस्ट्रेलिया शायद बहुत ज़्यादा पसंदीदा हो, लेकिन अगर ज़िम्बाब्वे खास मौकों का फ़ायदा उठाता है – खासकर पावरप्ले और डेथ ओवरों में – तो कहानी एक बड़ा मोड़ ले सकती है। मंच तैयार है। पसंदीदा टीमें पक्की हैं। लेकिन टी20 क्रिकेट में, भरोसा भी नाम जितना ही ताकतवर हो सकता है।  

सोशल मीडिया पर AI कंटेंट का सफाया? सरकार ने जारी किया नया कड़ा नियम

 नई दिल्ली सरकार ने AI से बने कंटेंट को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं. अब सोशल मीडिया पर जो भी फोटो, वीडियो या ऑडियो AI टूल्स से बनेगा, उस पर साफ लेबल दिखाना जरूरी होगा. इसके लिए कंपनियों को 20 फरवरी तक का डेडलाइन मिला है.  प्लेटफॉर्म्स को यह भी पक्का करना होगा कि यूज़र सच बता रहा है या नहीं कि कंटेंट AI से बना है. भ्रामक या गैरकानूनी AI कंटेंट को तीन घंटे के अंदर हटाने का नियम भी लाया गया है. मतलब डीपफेक और फेक वीडियो पर अब ढील नहीं चलेगी. ये बदलाव 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे. सोशल मीडिया कंपनियों के लिए असली चुनौती इन नियमों के बाद इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स का काम करने का तरीका बदलेगा. अभी तक AI कंटेंट अक्सर बिना पहचान के घूमता रहा है. कई बार यूज़र को पता भी नहीं चलता कि वीडियो या फोटो असली है या मशीन से बना है. अब अपलोड के वक्त ही यह जानकारी लेनी होगी कि उस वीडियो में कितना AI यूज हुआ है. यहां अब सिर्फ यूज़र की बात पर भरोसा नहीं चलेगा. प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके से भी चेक करना होगा. दिक्कत यह है कि हाई क्वालिटी डीपफेक आज इतने रियल लगते हैं कि सिस्टम भी कन्फ्यूज हो जाता है. ऊपर से तीन घंटे में कंटेंट हटाने की डेडलाइन बहुत टाइट है. इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर हर केस में इतनी तेजी से एक्शन लेना आसान नहीं होगा. AI कंटेंट क्रिएटर्स के लिए क्या मुश्किलें बढ़ेंगी इन नियमों का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो AI से रील्स, फेसस्वैप वीडियो, फेक वॉइस या जनरेटेड क्लिप्स बनाकर ग्रो कर रहे थे. अब कंटेंट पर AI का लेबल दिखेगा. मतलब जो लोग जानबूझकर रियल जैसा दिखाकर वीडियो वायरल करते थे, उनकी ट्रिक पकड़ी जाएगी. इससे क्लिकबेट और शॉक वैल्यू कम होगी. अगर नोटिस के बावजूद कोई कंटेंट क्रिएटर इसे इग्नोर करेगा तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स उन्हें हमेशा के लिए बैन कर सकती हैं. क्योंकि सरकार की तरफ से सख्त हिदायत मिल चुकी है.  AI क्रिएटर्स को अब यह भी ध्यान रखना होगा कि किसी असली इंसान का चेहरा या आवाज बिना परमिशन यूज न करें. आज जो मजाक या ट्रेंड लग रहा है, वही कल कानूनी परेशानी बन सकता है. अगर प्लेटफॉर्म ने पकड़ लिया कि आपने जानबूझकर AI कंटेंट को छुपाया है, तो अकाउंट पर स्ट्राइक या बैन का रिस्क भी रहेगा. यानी अब AI से कंटेंट बनाना सिर्फ क्रिएटिव काम नहीं रहेगा. उसमें जिम्मेदारी भी जुड़ जाएगी. यूज़र का एक्सपीरियंस कैसे बदलेगा नए नियम यूज़र की आदतें भी बदलेंगे. अब फीड में दिखने वाले वीडियो या फोटो पर लेबल देखना पड़ेगा. अगर AI लिखा है, तो समझना होगा कि यह असली घटना या असली व्यक्ति का वीडियो नहीं है. इससे लोग थोड़ा रुककर सोचेंगे. अभी तक बहुत से लोग डीपफेक को सच मानकर शेयर कर देते थे. अब शायद वह आदत बदले. हालांकि एक खतरा यह भी है कि अगर हर दूसरी पोस्ट पर AI टैग दिखने लगे, तो लोग उसे इग्नोर करना शुरू कर दें. तब लेबल का असर धीरे धीरे कम हो सकता है. प्लेटफॉर्म्स के बिजनेस पर असर यह बदलाव सिर्फ टेक्निकल नहीं है. यह बिजनेस का भी सवाल है. AI कंटेंट आज सोशल मीडिया की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा बन चुका है. रील्स और शॉर्ट्स में AI ट्रेंड्स खूब चलते हैं. अब अगर हर AI कंटेंट पर सख्त लेबल और चेकिंग होगी, तो एंगेजमेंट पैटर्न बदल सकता है. कुछ यूज़र AI कंटेंट से दूरी बना सकते हैं. वहीं ब्रांड्स और एडवर्टाइज़र ज्यादा सेफ फील करेंगे क्योंकि फेक और भ्रामक कंटेंट पर कंट्रोल बढ़ेगा. प्लेटफॉर्म्स को अब ग्रोथ और रेगुलेशन के बीच बैलेंस बनाना होगा. आगे क्या बदलेगा आने वाले वक्त में सोशल मीडिया पर कुछ भी चलेगा वाला माहौल खत्म होगा. डीपफेक, फेक डॉक्यूमेंट और बिना सहमति वाली तस्वीरों पर पहले जैसी ढील नहीं मिलेगी. सरकार साफ कह चुकी है कि प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदारी लेनी होगी. इसका मतलब ज्यादा मॉडरेशन टीम, बेहतर टेक और भारत के हिसाब से अलग सिस्टम बनाना पड़ेगा. कुल मिलाकर, नए AI कंटेंट नियम सोशल मीडिया को ज्यादा जिम्मेदार बनाने की कोशिश हैं. यह बदलाव एकदम परफेक्ट नहीं होगा. शुरुआत में टेक्निकल दिक्कतें आएंगी. गलतियां भी होंगी. लेकिन लंबे वक्त में सोशल मीडिया का माहौल बदलेगा. कंटेंट बनाना अब सिर्फ क्रिएटिविटी का खेल नहीं रहेगा. उसमें जवाबदेही भी जुड़ जाएगी. यही इस पूरे बदलाव की असली दिशा है. रास्ता आसान नहीं है भले ही सरकार ने डेडलाइन दे दी है, लेकिन टेक्निकल तौर पर बात करें तो ये तुरंत इंप्लिमेंट करना आसान नहीं है. क्योंकि लेबल लगाए हुए वीडियो को डाउनलोड करके फिर से अपलोड किया जा सकता है. AI डिटेक्शन सिस्टम भी पूरी तरह ठीक से काम नहीं करते हैं. कई बार वो असली को नकली और नकली को असली समझने की भी गलती कर रहे हैं.  

50 साल की तलाश खत्म, कटनी में मिली सोने की खदान, MP में मार्च से खनन की तैयारी

कटनी  मध्यप्रदेश के कटनी जिले की धरती अब सोना-चांदी उगलेगी. दरअसल, कटनी जिले के इमलिया गांव की पहचान अब जल्द ही सुनहरी होने जा रही है, क्योंकि इस गांव में साढ़े 6 हेक्टेयर धरती में खनन कर करीब 7 लाख टन सोना-चांदी सहित मिनरल्स निकाले जाएंगे.यह काम मुंबई की निजी कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड स्लीमनाबाद करेगी. इसके लिए जिला प्रशासन के साथ 50 साल के लिए करार किया गया है, जहां कटनी जिले को कंपनी से टैक्स के रूप में करीब 100 करोड रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा. करीब 50 साल की लंबी खोज और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद, जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के इमलिया गांव में सोने का खनन शुरू होने की तैयारी अंतिम चरण में है। अनुमान है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े से खनन का काम शुरू हो जाएगा। एक साल की तेज प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद स्वर्ण खनन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, मार्च से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है, जो मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में नया अध्याय लिखेगा, 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली ने इमलिया को राष्ट्रीय मानचित्र पर ला खड़ा किया है। अब कटनी सिर्फ जिला नहीं, स्वर्ण नगरी बनने की दहलीज पर खड़ी है…। जिले के इतिहास में एक ऐसी उपलब्धि जुडऩे जा रही है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बदल देगी। ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इमलिया में स्वर्ण खनन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है। यह मध्यप्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान होगी, जिससे राज्य को राष्ट्रीय खनिज मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत मुंबई की कंपनी प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड खनन कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाकर इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। कंपनी और कलेक्टर आशीष मिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के साथ ही जिले में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं। यह परियोजना न केवल कटनी को ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में एक नई पहचान देगी, बल्कि यह मध्य प्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान भी होगी। इस ऐतिहासिक कदम से राज्य का नाम देश के खनिज मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है। 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली इस स्वर्ण खदान के लिए हुई ई-नीलामी प्रक्रिया में मुंबई की कंपनी ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने सबसे ऊंची बोली लगाई। कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की बोली के साथ इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। इसके बाद, कंपनी और कटनी के कलेक्टर आशीष तिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे खनन का रास्ता आधिकारिक तौर पर साफ हो गया। 50 साल की खोज का अंत इमलिया में सोने की मौजूदगी की खोज पिछले पांच दशकों से चल रही थी। बीते एक साल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप यह परियोजना अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। इस समझौते ने जिले में बड़े निवेश, विकास और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। बदलेगी जिले की पहचान अब तक कटनी की पहचान चूना पत्थर और संगमरमर जैसे खनिजों से होती थी, लेकिन अब यह सोने की चमक से भी जाना जाएगा। इस परियोजना से न केवल राज्य सरकार को राजस्व का लाभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने दिया था बड़ा संकेत इस परियोजना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार सक्रियता रही। 18 सितंबर को बड़वारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से कटनी को कनकपुरी की संज्ञा देते हुए इमलिया गांव में स्वर्ण भंडार की सार्वजनिक जानकारी दी थी। इसके बाद नवरात्रि के पहले दिन ही खनन से जुड़ा एग्रीमेंट होना, इस परियोजना की प्राथमिकता और गंभीरता को दर्शाता है। यह है सोना व उत्पादन का स्तर खनन विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार इमलिया गोल्ड ब्लॉक से प्रतिवर्ष लगभग 33,214 टन अयस्क उत्पादन का अनुमान है। यहां कुल स्वर्ण खनिज भंडार 3,57,789 टन बताया गया है, जिसमें से 3,35,059 टन खानयोग्य है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, प्रति टन अयस्क से औसतन 1.13 ग्राम सोना निकलने की संभावना है। इसके अलावा तांबा 2,71,632 टन, लेड-जिंक 3,88,726 टन, चांदी 3,86,468 टन का अनुमान है। रोजगार और विकास की नई उम्मीद गांव और आसपास के क्षेत्र में इस परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि खनन शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार, बेहतर सडक़, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इमलिया की पहचान अब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाएगी। अब तक देश में बड़े पैमाने पर स्वर्ण खनन कर्नाटक के कोलार और हत्ती क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन इमलिया खदान के शुरू होते ही मध्यप्रदेश भी स्वर्ण उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा। मार्च से शुरू होने वाला यह खनन न केवल कटनी को स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाई देगा।

MP में मार्च में सरकारी छुट्टियों का दौर, स्कूल-ऑफिस और बैंक बंद रहेंगे कुल 14 दिन

भोपाल  एमपी में रहने वाले लोगों के लिए मार्च का महीना छुट्टियों से भरा होने वाला है। अगले महीने सरकारी कर्मचारियों को कई सारी छुट्टियां मिलने वाली हैं। बता दें कि आने वाले दिनों में आप परिवार, दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते है। मार्च के महीने में 6 छुट्टियां मिलने वाली है। इन छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाई जा सकती है। जानें कब-कब रहेगी छुट्टी जानकारी के लिए बता दें कि आने वाले मार्च के महीने में 03, 19, 20, 21, 27 और 31 मार्च को सरकारी छुट्टी रहेगी। मध्यप्रदेश के सरकारी कलेंडर 2026 के मुताबिक 03 मार्च को होली, 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, 20 मार्च चैती चांद, 21 मार्च ईद-उल-फित्र, 27 मार्च को रामनवमी, 31 मार्च को महावीर जयन्ती की छुट्टी रहेगी। इस दौरान सभी बैंक, स्कूल, ऑफिस बंद रहेंगे। मार्च में 14 दिन बंद रहेंगे ऑफिस सबसे ज्यादा मार्च माह में 14 दिन ऑफिस बंद रहेंगे और इस माह 17 दिन ही काम होगा। क्योंकि मार्च में शनिवार-रविवार की नौ छुट्टियों के अलावा छह त्यौहारों की छुट्टियां हैं, हालांकि इनमें से एक छुट्टी शनिवार में शामिल है। इससे 14 दिन ऑफिसों में ताला रहेगा। वहीं फरवरी व जुलाई माह में शनिवार व रविवार के अलावा कोई अन्य छुट्टियां नहीं हैं, इससे जुलाई माह में सबसे ज्यादा 23 दिन ऑफिस खुले रहेंगे। इस साल एक छुट्टी अधिक साल 2026 में सरकारी कर्मचारियों को 2025 की तुलना में एक सार्वजनिक अवकाश अधिक मिलेगा। इस बार गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक अवकाश की सूची में जोड़ा गया है। 14 सितंबर को पड़ने वाली इस छुट्टी के शामिल होने से कुल सार्वजनिक अवकाशों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इससे त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

जयपुर तैयार, 28 फरवरी को होगा महामूर्ख सम्मेलन, ठहाकों से गूंजेगा पूरा शहर

जयपुर.  फरवरी की हल्की ठंडक के बीच 28 तारीख को मानसरोवर का दीप स्मृति ऑडिटोरियम कुछ अलग ही रंग में नजर आएगा। यहां न कोई गंभीर भाषण होगा, न सियासी बहस… बल्कि मंच सजेगा ठहाकों, तंज और व्यंग्य की धार से। मौका होगा तरुण समाज (गुलाबी) के तत्वावधान में आयोजित 50वें महामूर्ख सम्मेलन का। जैसे-जैसे तारीख करीब आ रही है, शहर में उत्सुकता बढ़ती जा रही है—आखिर इस बार हंसी का बादशाह कौन बनेगा? कौन अपनी चुटीली बातों से दर्शकों को लोटपोट कर देगा? सम्मेलन में देशभर से हास्य और व्यंग्य के दिग्गज जुटेंगे। अजमेर के रासबिहारी गौड़ से लेकर बारां के सुरेन्द्र यादवेन्द्र, मध्यप्रदेश के संदीप शर्मा और नाथद्वारा के लोकेश महाकाली तक—हर नाम अपने साथ हंसी का तूफान लाएगा। गुरुग्राम के अशोक बत्रा, दिल्ली की बलजीत कौर, शक्करगढ़ के राजकुमार बादल और अलवर के राजेंद्र खंडेलवाल भी मंच पर रंग जमाएंगे। कविताओं के तीर चलेंगे, व्यंग्य के वार होंगे और दर्शक ठहाकों में डूब जाएंगे। यह सिर्फ सम्मेलन नहीं, बल्कि हंसी का ऐसा उत्सव होगा, जहां ‘मूर्खता’ ही सबसे बड़ा सम्मान बनेगी।

सिंहस्थ मद से इंदौर को नहीं मिली नई सौगात, पहले सड़कों पर खर्च हो चुका धन

इंदौर  उज्जैन में ढाई साल बाद लगने वाले सिंहस्थ मेले की तैयारियां जोरों पर है। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक लेकर अफसरों को तय सयमसीमा में काम करने के निर्देश दिए। 25 से ज्यादा विभागों को अलग-अलग निर्माणों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश के बजट में भी सिंहस्थ मद में राशि बढ़ाकर रखी जाएगी, लेकिन इस मद से इंदौर में अभी तक कोई बड़ा काम नही हुआ है, जबकि पिछले दो सिंहस्थ मेलों को दौरान इस मद में इंदौर में भी करोड़ों काम हुए,क्योकि इंदौर उज्जैन का निकटवर्ती शहर है और इंदौर से होकर ही ज्यादातर भक्त उज्जैन जाते है। सरकार का फोकस उज्जैन की कनेक्टिविटी और शिप्रा नदी के शुद्धिकरण पर है। अफसरों का अनुमान है कि सिंहस्थ मेले मेें पंद्रह करोड़ के करीब लोग सकते है, उसके हिसाब से ही घाटों के विस्तार, मेला क्षेत्र के दायरे के प्रोजेक्ट डिजाइन किए गए है। शाही स्नान के दौरान डेढ़ करोड़ से अधिक भक्तों के आने का अनुमान भी जताया जा रहा है। इंदौर-उज्जैन छह लेन का काम चल रहा है। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन फोरलेन का काम भी अब जल्दी ही शुरू होगा, लेकिन इंदौर शहर के लिए अलग से कोई प्रोजेक्ट सिंहस्थ मद में मंजूर नहीं हुआ है।  पिछले सिंहस्थ में बनी थी एमआर-4 सड़क पिछले सिंहस्थ मेले के समय इंदौर विकास प्राधिकरण को 30 करोड़ रुपये सिंहस्थ मद में मिले थे। यह राशि एमआर-4 के निर्माण पर खर्च की गई थी। इसे लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया था। वर्ष 2004 के सिंहस्थ के समय रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास के अतिक्रमण हटाकर रोड चौड़ी की गई थी,लेकिन इस साल एमआर-12 सड़क इंदौर विकास प्राधिकरण अपने खर्च पर बना रहा है। इसके अलावा कुर्मेडी में बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। इसका निर्माण भी प्राधिकरण ने किया है।    

धीरेंद्र शास्त्री बोले, धर्म की रक्षा के लिए मठों से सक्रिय होना होगा, माला और भाला साथ रखना जरूरी

छतरपुर  बागेश्वर धाम में 301 कन्या विवाह महोत्सव के दौरान  सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ किया जा रहा है। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सीताराम-सीताराम करने भर से धर्म नहीं बचेगा, बल्कि माला और भाला रखना होगा।  उन्होंने कहा- 12 देशों के बाद अब अमेरिका में भी बागेश्वर धाम का सुंदरकांड मंडल बनेगा। इस साल यूरोप के 8 देशों में भी बनाएंगे। सुंदर कांड मंडल बनाने के बाद हम शस्त्र और शास्त्र का भी प्रशिक्षण देंगे। बेटियों को जूडो कराटे सिखाएंगे। दाढ़ी तब बनाएंगे जब बेटियों का विवाह हो जाएगा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- हम दाढ़ी तब बनाएंगे जब बेटियों का विवाह हो जाएगा। हम एक जाप कर रहे हैं। एक टाइम फलाहार और दूसरे टाइम दवा कर खा रहे हैं। बेटियों का विवाह बहुत ही पुण्य का काम है। हमारी समिति और शिष्यमंडल ने ये जिम्मेदारी उठाई है। यूपी के मऊ से भी पाठ के लिए 300 सदस्य पहुंचे हैं हनुमान चालीसा पाठ के लिए उत्तर प्रदेश के मऊ से श्री हनुमत कृपा सेवा समिति के 300 सदस्य पहुंचे हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि 7100 सदस्यों की ओर से 21 बार पाठ होना है। इसमें राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक मोहम्मद फैज खान भी शामिल हैं। 15 फरवरी को सात फेरे, बारात और विदाई होगी शुक्रवार से मेहंदी और हल्दी रस्म होना है। दूसरे दिन संगीत होगा। 15 फरवरी को सात फेरे, बारात और विदाई होगी। इससे पहले, सुबह 8 बजे से 11 बजे तक सुंदर कांड पाठ किया गया था। दोपहर 12 बजे से सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है। पाठ से पहले पूजन किया गया। शाम को भागवत कथा होगी और रात में हवन किया जाएगा। सेवादार कमल अवस्थी ने बताया कि ऑनलाइन हवन में करीब 5 लाख लोगों के जुड़ने की उम्मीद है। कल मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव मंडप कार्यक्रम में बेटियों को आशीर्वाद देने आएंगे।

मधुर भंडारकर की नई फिल्म में मौनी रॉय, महक के रूप में करेंगी धमाल; शूटिंग हुई खत्म

मुंबई   अभिनेत्री मौनी रॉय निर्देशक मधुर भंडारकर की आगामी फिल्म ‘द वाइव्स’ में नजर आएंगी। इस फिल्म की शूटिंग हाल ही में पूरी हो गई है। बुधवार को मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम के जरिए इस बात की जानकारी दी। फिल्म में मौनी रॉय ‘महक’ नाम का किरदार निभा रही हैं। अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है और निर्देशक मधुर भंडारकर के साथ काम करना उनकी बकेट लिस्ट का एक अहम हिस्सा था। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर फिल्म की बीटीएस तस्वीरें शेयर कीं। इसमें मौनी के साथ-साथ फिल्म के बाकी कलाकार और मधुर भंडारकर भी नजर आ रहे हैं। मौनी ने लिखा, “शानदार फिल्म ‘द वाइव्स’ की मैंने शूटिंग पूरी कर ली है। यह मेरी जिंदगी की सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक बनने वाली है। मधुर भंडारकर सर का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे यह किरदार दिया। आपके साथ काम करना मेरी बकेट लिस्ट का अहम हिस्सा था।” इसी के साथ ही मौनी ने अपने सह-कलाकारों की भी तारीफ की। उन्होंने लिखा, “मेरे शानदार को-स्टार्स का भी शुक्रिया, जो बहुत दयालु, प्यारे और सहयोगी रहे। फिल्म जल्द ही आपके नजदीकी सिनेमाघरों में रिलीज होगी।” निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर आगामी फिल्म ‘द वाइव्स’ के जरिए सेलेब्स की पत्नियों की कहानी को पर्दे पर लेकर आ रहे हैं। फिल्म में बॉलीवुड की महिलाओं के ग्लैमर के पीछे छिपी जिंदगी से जुड़ी कहानी को दिखाया जाएगा। इसमें मौनी के अलावा, सोनाली कुलकर्णी, रेजिना कैसंड्रा, राहुल भट्ट, सौरभ सचदेवा, अर्जन बाजवा और फ्रेडी दारूवाला जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। इसके अलावा, फिल्म में अन्य कलाकार भी नजर आएंगे, लेकिन अभी उनके बारे में जानकारी सामने नहीं आई है। मेकर्स ने रिलीज की तारीख अनाउंस नहीं की है। इसके अलावा, मौनी आगामी क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज ‘अब होगा हिसाब’ में नजर आएंगी। इस सीरीज में मौनी रॉय, शाहीर शेख और निमृत कौर अहलूवालिया भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। हालांकि, मेकर्स ने सीरीज के रिलीज डेट की घोषणा अभी तक नहीं की।

इंदौर का लालबाग पैलेस लौट रहा आकर्षक रूप में, अगले हफ्ते जनता के लिए खुलेंगे दरवाजे

इंदौर  इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग पैलेस का दरबार हॉल नए रूप में पर्यटकों के सामने आने के लिए तैयार है। करीब दो महीने तक चले संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्य के बाद अगले हफ्ते से इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। फिलहाल काम के चलते दरबार हॉल को पर्यटकों के लिए बंद रखा गया था।  आईजीएनसीए ने संभाली संरक्षण की जिम्मेदारी लालबाग पैलेस के भीतर संरक्षण और फिनिशिंग का कार्य दिल्ली की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। पुराने एंटीक्स के संरक्षण के साथ दरबार हॉल के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए सुधार कार्य किए गए। नवंबर में फिनिशिंग और मरम्मत कार्य के चलते इसे बंद किया गया था। पुराने वैभव के साथ लौट रही शाही चमक आईजीएनसीए की टीम ने दरबार हॉल को उसके मूल स्वरूप में ही नई चमक दी है। यहां किए गए स्टुको वर्क को पॉलिश और सफाई के साथ रीस्टोर किया गया। इसके लिए बड्स, रूई और छोटे ब्रशों की मदद से बेहद बारीकी से काम किया गया। छत पर लगे पानी के दाग भी साफ किए गए हैं और फॉल सीलिंग के कुछ हिस्सों में सुधार किया गया है। प्राकृतिक रंगों से हुआ पुनरुद्धार लालबाग के निर्माण के समय जिन रंगों का उपयोग किया गया था, उन्हीं रंगों को विशेषज्ञों की मौजूदगी में दोबारा लगाया गया है। इसका उद्देश्य लालबाग के ऐतिहासिक और शाही वैभव को यथावत बनाए रखना है, ताकि पर्यटक उसी पुराने दौर की भव्यता का अनुभव कर सकें। सेंट्रल म्यूजियम का भी हो रहा विकास लालबाग परिसर स्थित सेंट्रल म्यूजियम में भी विकास कार्य जारी हैं। सिंहस्थ से पहले यहां कई सुविधाओं का विस्तार किया जाना है। बाउंड्रीवाल का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य स्टोन लगने और पॉलिशिंग के बाद पूरा किया जाएगा। आज कुछ हिस्सों से प्राचीन मूर्तियों को शिफ्ट किया जाएगा, जिसके बाद कैफेटेरिया, नए टिकट काउंटर और क्लॉक रूम का निर्माण कार्य शुरू होगा। आउटर गार्डन और कन्वेंशन सेंटर पर काम जारी लालबाग के बाहरी हिस्से और कन्वेंशन सेंटर का कार्य बीते वर्ष जून से मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। यह कार्य सिंहस्थ से पहले पूरा किया जाना है। यहां आउटर गार्डन, फव्वारे, देवी अहिल्याबाई सेंटर फॉर सेल्फ डिफेंस, साइकिलिंग और वॉकिंग ट्रैक विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटकों की रुचि बढ़ाने के लिए ओपन थिएटर का प्रस्ताव भी है। दरबार हॉल की ऐतिहासिक विशेषताएं लालबाग पैलेस का दरबार हॉल, जिसे दीवान-ए-आम भी कहा जाता है, इंदौर की शाही विरासत का प्रतीक है। इसका इंटीरियर रोकोको शैली से प्रेरित है और इसमें इटली से आयातित सफेद व रंगीन संगमरमर का उपयोग किया गया है। हॉल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दिन के समय बिना बिजली के भी पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिलती है। इसकी छतों पर ग्रीक पौराणिक कथाओं के दृश्य चित्रित हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस पर की गई सुनहरी पॉलिश इसे शाही रूप देती है। यूरोप से मंगवाए गए भव्य क्रिस्टल झूमर, बेल्जियम के रंगीन कांच से बनी खिड़कियां और दरवाजे, तथा जॉर्जियन और रीजेंसी शैली का फर्नीचर इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं। दीवारों और कांच के पैनल्स पर होलकर राज्य का आदर्श वाक्य ‘जो प्रयास करता है, वही सफल होता है’ भी अंकित है।

महाशिवरात्रि 2026: उज्जैन महाकाल में श्रद्धालुओं का मेला, पुलिस ने सुरक्षा कड़े की

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर दर्शन व्यवस्था को लेकर बुधवार को पुलिस ओर प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई. पर्व पर 24 घंटे मंदिर खुला रहने ओर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देख अधिकारियों ने दर्शन की रणनीति तय की. वहीं दर्शनार्थियों के आने वाले मार्ग ओर पार्किंग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. महाशिवरात्रि के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में इस बार 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अनुमानित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में एडीजी राकेश गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंदिर की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं तथा वीवीआईपी मूवमेंट की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई। महाशिवरात्रि पर सुरक्षा के लिए 6 एएसपी, 18 डीएसपी, 38 थाना प्रभारी, 50 एसआई, 85 एएसआई सहित कुल 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनका कंट्रोल रूम मंदिर परिसर में ही बनाया गया है। ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार एक नई पहल की गई है। नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों के साथ जिम में कसरत करने वाले युवा, आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी तथा कॉलेज छात्रों को वालंटियर के रूप में लगाया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को 40 मिनट के भीतर दर्शन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। महाकाल नगरी पूरी तरह तैयार है, अब इंतजार है श्रद्धालुओं की आस्था के सैलाब का। 24 घंटे खुला रहेगा बाबा का दरबार इस संबंध में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि नववर्ष के पहले दिन करीब 8 लाख दर्शनार्थी महाकाल मंदिर पहुंचे थे. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर यह संख्या 10 लाख पहुंच सकती है. पर्व पर तड़के होने वाली भस्म आरती आधा घंटा पूर्व होगी और मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा. इसलिए दर्शन व्यवस्था के साथ पार्किंग ओर दर्शनार्थियों के मार्ग का निरीक्षण किया जा रहा है. यह दिए निर्देश महाशिवरात्रि पर दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए कमिश्नर सिंह ने अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर, महाकाल महालोक के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्रों का भ्रमण व निरीक्षण किया. उन्होंने दर्शन मार्ग,श्रद्धालुओं की आवाजाही,पार्किंग, जूता स्‍टेण्‍ड, पेयज , लड्डू प्रसाद, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधा और भीड़ प्रबंधन का अवलोकन कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. साथ ही मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए. 

नई आबकारी नीति पेश, मोहन सरकार का 21 हजार करोड़ रुपये का शराब राजस्व लक्ष्य

भोपाल   मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार कमाई और राजस्व बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने प्लान बनाने शुरु कर दिया है और इस दिशा में काम भी शुरु कर दिया है। दरअसल मोहन सरकार शराब से राजस्व हासिल करने की सोच रही है। जानकारी के मुताबिक सरकार शराब के जरिए 21 हजार करोड़ राजस्व हासिल करने का लक्ष्य एकत्र करने की योजना बना रही है। नई नीति में 19,000 से 21,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति का मसौदा तैयार किया है, जिसमें शराब से लगभग 19,000 से 21,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। नई नीति में अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने पर भी फोकस है। जिसके चलते दुकानों की नीलामी 20% अधिक दर पर की जा सकती है, इससे शराब महंगी हो सकती है। दरअसल  सरकार के आबकारी विभाग ने आबकारी नीति 2026-27 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। शासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल समिति ने कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रालय में नई आबकारी नीति के ड्राफ्ट पर चर्चा की है। इस बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ने शिरकत की। नई नीति में शराब दुकानों की बिक्री से राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 21 हजार  करोड़ रुपये करने पर केंद्रित किया गया है। मध्यप्रदेश में बहुत जल्द ही नई आबकारी नीति आने वाली है जिसमें बहुत सारे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इशारा किया है कि अप्रैल महीने में मध्य प्रदेश में नई आबकारी नीति लागू होगी। आबकारी नीति 2025- 26 में कई शहरों में शराब की बिक्री प्रतिबंधित कर दी जाएगी। वहीं, कुछ और बड़े फैसले लिए जाएंगे। कब तक मिल सकती है नई नीति को मंजूरी मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग की एक बड़ी अधिकारी ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि फरवरी महीने की आखिरी में या मार्च की शुरुआत में कैबिनेट नई शराब नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। इसके तहत सबसे बड़ी शुरुआत मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक और धार्मिक राजधानी उज्जैन से होगी। यहां की करीब 20 दुकान शराब की दुकान बंद कर दी जाएंगी। उज्जैन समेत 16 धार्मिक शहरों में होगी शराबबंदी उज्जैन के अलावा मध्य प्रदेश के करीब 15 शहरों में शराब की बिक्री बंद कर दी जाएगी। यह प्रावधान आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई नीति के ड्राफ्ट में किया है। यह ड्राफ्ट मंत्री परिषद की समिति को भेजा गया था,जिस पर सरकार ने चर्चा की है। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इशारों में है बात बताई है कि जहां से है कई शहरों में शराबबंदी की जाएगी, वहां कुछ बड़े शहरों में मिनी बार के विकल्प पर मंथन किया जा रहा है। यह मिनी बार की तरह होंगे। क्यों की जा रही है शराबंदी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार चाहती है कि शराब की बिक्री को हतोत्साहित किया जाए ताकि नागरिक उसके दुष्प्रभाव से बच सकें। वहीं, नई नीति में 25 फीसदी पुरानी शराब की दुकानों के ठेके करीब 20% बढ़ोतरी के साथ रिन्यू किए जा सकते हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने कुछ जगहों पर दुकान बंद करने तो कुछ जगहों पर नई दुकान शुरू करने का भी प्रावधान बनाया है। लेकिन कुल मिलाकर सरकार प्रदेश की अधिकांश शहरों में शराब की दुकान बंद करके शराब की बिक्री को हतोत्साहित करने की ओर बढ़ रही है। शराबबंदी को लेकर क्या बोले थे सीएम आपको बता दे कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन में बयान देकर कहा है कि सरकार धार्मिक नगरों में शराब बंदी को लेकर आगे बढ़ रही है। नई वित्तीय वर्ष में इस पर अमल किया जा सकता है। चित्रकूट, उज्जैन, ओंकारेश्वर, अमरकंटक जैसे कई शहरों में शराब की दुकान बंद कर दी जाएगी। कई शहरों की शराब दुकान हटाकर उन्हें शहर की सीमा से दूर स्थापित किया जाएगा। नई नीति में अवैध शराब निर्माण, अवैध परिवहन को रोकने के लिए कड़े प्रावधान जानकारी के मुताबिक ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए नई नीति में शराब के अवैध निर्माण के साथ ही अवैध परिवहन को रोकने के लिए कड़े बताए जा रहे हैं। सबसे पहले नवीनीकरण के जरिए दुकानें आवंटित होंगी। फिर लॉटरी के जरिए और इसके बाद ई-टेंडर के माध्यम से शराब दुकानों का ठेका दिया जाएगा। आबकारी नीति ड्राफ्ट में जरूरी संशोधन के बाद सीएम मोहन यादव के समक्ष पेश किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक नई आबकारी नीति में मप्र आबकारी अधिनियम-1915 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार अधिनियम की वो चीजें खत्म कर दी जाएंगी जो अब अव्यावहारिक हैं और न ही राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। अगर  दुकान नहीं बिकती है तो ई टेंडर के माध्यम से होगी नीलामी जानकारी के मुताबिक नई आबकारी नीति में न कोई शराब दुकान बंद करने का प्रस्ताव है और न ही नई शराब दुकान खोला जाना प्रस्तावित है।  मप्र में शराब दुकानों की कुल संख्या 3,558 है। वहीं प्रदेश में  जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रावधान बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही  नई आबकारी नीति में शॉपिंग मॉल में महंगी शराब के काउंटर खोले जाने की जानकारी भी है।

एमपी में टाउनशिप के नियम अपडेट: डेवलपर को 80% जमीन, पंजीयन जरूरी, राज्य स्तर पर शहरों की निगरानी

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब एकीकृत टाउनशिप बनेंगी। किसान, किसानों के समूह या निजी व्यक्ति भी शहरों के आसपास लैंड पुलिंग के जरिये भूमि लेकर टाउनशिप बना सकेंगे। परियोजना के 15 प्रतिशत भू-भाग पर उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और एलआइजी श्रेणी के आवास बनाने होंगे। किफायती आवास बनाने पर अलग से अनुदान मिलेगा। विकासकर्ता को नगर तथा ग्राम निवेश में पंजीयन कराना होगा। ग्रीन बेल्ट जैसी पांबदियों से छूट मिलेगी। परियोजना के बीच सरकारी भूमि आने पर आठ हेक्टेयर तक छूट दी जा सकेगी। नियम अधिसूचित कर लागू कर दिए हैं नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने  नियम अधिसूचित कर लागू कर दिए हैं। प्रदेश में शहरीकरण को लेकर बढ़ते दबाव और बेतरतीब विकास को व्यवस्थित करने के लिए सरकार अब एकीकृत टाउनशिप को बढ़ावा देगी। इसके लिए नियम लागू कर दिए हैं, जो विकास प्राधिकरण सहित अन्य हाउसिंग एजेंसियों पर भी लागू होंगे। 10 से 20 हेक्टेयर न्यूनतम भूमि की शर्त नियमों के अनुसार पांच लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों में एकीकृत टाउनशिप के लिए न्यूनतम 10 हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी। पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में यह सीमा 20 हेक्टेयर तय की गई है। स्थानीय निकाय सीमा या योजना क्षेत्र में 40 हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल वाली परियोजनाओं के लिए कम से कम 30 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य होगी। बड़े शहरों में विकास योजना सड़क की चौड़ाई 24 मीटर निर्धारित की गई है। 66 वर्गमीटर तक अफोर्डेबल आवास का प्रावधान नियमों में अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत अधिकतम 66 वर्गमीटर तक के आवास निर्माण की अनुमति दी गई है। परियोजना स्थल एक ही स्थान पर होना चाहिए। केवल राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग या प्रमुख जिला मार्ग से विभाजित स्थिति में छूट रहेगी। डेवलपर के पंजीयन के लिए संचालक नगर एवं ग्राम निवेश को पंजीयन अधिकारी बनाया गया है। आवेदन ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। 15 दिन के भीतर आवेदन स्वीकृत या निरस्त किया जाएगा। निरस्तीकरण की स्थिति में 20 प्रतिशत कटौती के बाद शुल्क वापस होगा। पंजीयन शुल्क 50 हजार, नवीनीकरण 25 हजार पंजीयन शुल्क 50 हजार रुपए और नवीनीकरण शुल्क 25 हजार रुपए तय किया गया है। पंजीयन पूरे राज्य में मान्य रहेगा। डेवलपर को शपथ पत्र देना होगा कि वह किसी आपराधिक मामले में दोषी नहीं है। पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले जिलों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। इसमें संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी सदस्य होंगे। अन्य जिलों में कलेक्टर अध्यक्ष होंगे और संबंधित स्थानीय अधिकारी सदस्य रहेंगे। बड़े जिलों में नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय नोडल एजेंसी होगा, जबकि अन्य में संयुक्त संचालक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। भूमि अधिग्रहण में प्रशासनिक सहयोग का प्रावधान डेवलपर को कम से कम 80 प्रतिशत भूमि स्वयं प्राप्त करनी होगी। शेष भूमि के लिए आवश्यकता होने पर प्रशासनिक सहयोग लिया जा सकेगा। पारस्परिक सहमति के माध्यम से भूमि एकत्र करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यहां नियम लागू नहीं बनक्षेत्र के नदी-ताला, तालाब, बांध आदि राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य। रक्षा संपदा क्षेत्र, छावनी बोई। अधिसूचित पर्यावरण ईको संवेदनशील क्षेत्र। खदान, एसईजेड वन्यजीव गलियारा। ऐतिहासिक पुरा स्थलों से प्रभावित स्थल। रेलवे भूमि या जिसे राज्य सरकार ने प्रतिबंधित किया। यह करना अनिवार्य     टाउनशिप डेगालपर का टीएंडसीपी में पंजीयन।     पंजीयन शुल्क 50000, नवीनीकरण शुल्क 25000 व प्रमाण-पत्र की वैधता 5 वर्ष जैसी व्यवस्थाएं लागू।     कुल क्षेत्र का 2.5%, ग्रीन कवर।     टाउनशिप में कुल क्षेत्रफल का 10%, पार्क और खुला क्षेत्र राना अनिवार्य।     15% ईडबल्यूएस-निम्न आय वर्ग के लिए रिजर्व। कोई भी व्यक्ति या किसानों का समूह टाउनशिप विकसित कर सकेगा अभी तक टाउनशिप का विकास कालोनाइजरों तक सीमित था, लेकिन अब कोई भी व्यक्ति या किसानों का समूह टाउनशिप विकसित कर सकेगा। इन पर कालोनाइजर एक्ट के प्रविधान लागू होंगे। नागरिकों को पेयजल, बिजली, सड़क, नाली सहित सभी सुविधाएं देनी होंगी। निजी भूमि का आपसी सहमति से होगा अधिग्रहण टाउनशिप विकसित करने के लिए यदि भूमि कम पड़ती है और वहां सरकारी भूमि उपलब्ध है तो वह आठ हेक्टेयर की सीमा में उपलब्ध कराई जा सकेगी। बीच में यदि निजी भूमि आती है तो विकासकर्ता सरकार से अनुरोध कर आपसी सहमति के आधार पर अधिग्रहण करा सकेंगे। टाउनशिप का विकास अधिकतम तीन चरण में करना होगा निर्धारित शुल्क चुकाकर उन्हें पंजीयन भी कराना होगा। टाउनशिप का विकास अधिकतम तीन चरण में करना होगा। प्रत्येक चरण के लिए तीन वर्ष रखे जाएंगे। दूसरे चरण का काम तभी प्रारंभ किया जा सकेगा, जब पहले चरण का काम कम से कम 50 प्रतिशत पूरा हो जाए। पांच लाख से कम आबादी क्षेत्र के लिए दस हेक्टेयर भूमि नियम में स्पष्ट किया गया है कि पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों के आसपास टाउनशिप के लिए कम से कम दस हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी। पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए यह 20 हेक्टेयर रहेगी। मार्ग चौड़ाई 24.0 मीटर से कम न हो। मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 30.0 मीटर रखनी होगी 40 हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्र वाले टाउनशिप में मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 30.0 मीटर रखनी होगी। पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में टाउनशिप के विकास की अनुमति राज्य स्तर से लेनी होगी। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में साधिकार समिति रहेगी। बाकी के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति देगी। आवेदन करने पर 60 दिन के अंदर अनुमति देनी होगी।  

रूस ने ठहराया BRICS को ताकतवर विकल्प, अमेरिका पर कटाक्ष: ‘यहां कोई हुक्म नहीं चलता’

मास्को  रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में अमेरिका और पश्चिमी देशों के समूह नाटो के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए उन पर निशाना साधा है। लावरोव ने कहा है कि ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) ज्यादातर मामलों में सर्वसम्मति के आधार पर फैसले करते हैं, जबकि नाटो के फैसले अमेरिका पर निर्भर करते हैं। लावरोव ने रूस के एक यूट्यूब चैनल एमपाशिया मनुची प्रोजेक्ट के साथ बातचीत में कहा, “ज्यादातर मामलों में अंतरराष्ट्रीय समझौतों का पालन किया जाता है। जब बात हमारे पश्चिमी साथियों की हो तब नहीं, बल्कि जब उन प्रतिनिधियों की होती है जिन्हें हम वैश्विक बहुमत कहते हैं। ब्रिक्स, एससीओ, और सोवियत के बाद वाले सीएसटीओ, ईएईयू, और सीआईएस जैसे समूहों में आम सहमति ज़्यादातर बनी रहती है।” उन्होंने कहा, “ यहां आप नाटो की तरह आसानी से फैसले नहीं ले सकते, जहां अमेरिकी कहते हैं ‘चुप रहो’ और सबको पता है कि यह सब कैसे काम करता है।” लावरोव ने आगे कहा कि यूरोपीय संघ भी फैसलों पर असर डालता है। यूरोपीय संघ की तरह, जहां ब्रसेल्स में बिना चुने हुए नौकरशाह देश की चुनी हुई सरकारों को बताते हैं कि क्या करना है, कैसे बर्ताव करना है, किसके साथ व्यापार करना है और किसके साथ नहीं करना है। हमारे हंगरी के साथियों ने ब्रसेल्स के हाल के गलत कामों पर साफ और समझने लायक टिप्पणी की है।” बता दें कि हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने दिसंबर 2025 में कहा था कि यूरोपीय संघ यूक्रेनी संघर्ष को लंबा खींचने के लिए व्यवस्थित तरीके से कानून को रौंद रहा है। उन्होंने कहा कि यूराेपीय संघ में कानून का राज “ब्रसेल्स की तानाशाही” से बदल गया है। इससे पहले ने लावरोव ने रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर प्रतिस्पर्धियों को दबाने के लिए अमेरिका पर ‘अनुचित तरीकों’ का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। लावरोव ने एक इंटरव्यू में कहा, ”अमेरिका भारत और अन्य ब्रिक्स सदस्यों जैसे प्रमुख रणनीतिक साझेदारों के साथ हमारे व्यापार, निवेश सहयोग और सैन्य-तकनीकी संबंधों को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है।”

संसद में खुलासा: MP के अधिकतर गांवों में BSNL की पहुँच सीमित, निजी कंपनियों ने आधे प्रदेश में 5G पहुंचाई

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी टेलीकॉम सेवाओं के बीच की खाई गहरी होती जा रही है। संसद में पेश सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि जहां एक ओर प्रदेश के आधे से ज्यादा गांव अत्याधुनिक 5G नेटवर्क से जुड़ चुके हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी कंपनी बीएसएनएल (BSNL) अभी भी आधे से ज्यादा प्रदेश में अपनी पहुंच बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। BSNL का हाल: 56% गांवों तक अब भी नहीं पहुंची पहुंच संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में बीएसएनएल के नेटवर्क विस्तार की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। मध्य प्रदेश में कुल 54,903 गांव हैं इनमें से केवल 24,394 गांवों को ही बीएसएनएल की सेलुलर सेवाओं से कवर किया जा सका है। नेटवर्क विहीन: प्रदेश के लगभग 55.5% (करीब 30,509 गांव) में आज भी बीएसएनएल का सिग्नल नहीं पहुंचता है। उत्तर प्रदेश (पूर्व) जैसे सर्कल में बीएसएनएल ने 92% गांवों को कवर कर लिया है, जबकि एमपी में यह आंकड़ा आधे से भी कम है। 4G टावरों का जाल और 5G की तैयारी संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने बताया कि बीएसएनएल वर्तमान में पूरे देश में 1 लाख स्वदेशी 4G टावर लगा रहा है । 15 जनवरी, 2026 तक 97,672 साइटें स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें से 95,511 साइटें ऑन-एयर हो चुकी हैं । खास बात यह है कि ये सभी उपकरण भविष्य में 5G में अपग्रेड किए जा सकेंगे । 5G की रफ्तार: आधा मध्य प्रदेश हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस बीएसएनएल की सुस्ती के विपरीत, देश में 5G के विस्तार ने प्रदेश में तेज रफ्तार पकड़ी है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन गया है। मध्य प्रदेश के 27,961 गांवों में 5G नेटवर्क पहुंच चुका है. यानी प्रदेश के 51% से अधिक गांव अब सुपर-फास्ट इंटरनेट जोन में हैं। गांवों तक 5G पहुंचाने में एमपी देश में 6वें नंबर पर टावरों का जाल: प्रदेश भर में अब तक 22,182 5G बीटीएस (BTS) टावर लगाए जा चुके हैं। गांवों तक 5G पहुंचाने के मामले में मध्य प्रदेश देश के टॉप राज्यों की सूची में छठे (6th) स्थान पर है। बीटीएस (BTS) टावर: क्या है यह तकनीक? खबरों में बार-बार आने वाला शब्द ‘बीटीएस’ (Base Transceiver Station) वह मुख्य मशीन है जो मोबाइल और नेटवर्क के बीच सिग्नल का आदान-प्रदान करती है। 5G के लिए लगाए जा रहे ये नए बीटीएस पुराने टावरों की तुलना में कई गुना ज्यादा डेटा स्पीड और कम विलंबता (Latency) प्रदान करते हैं, जिससे वीडियो कॉलिंग और गेमिंग जैसे काम बिना रुके होते हैं। मप्र-छग सर्किल में किस कंपनी के पास कितने यूजर्स? मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सर्किल में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 7.98 करोड़ के पार पहुंच गई है। मार्केट शेयर के हिसाब से रिलायंस जियो का दबदबा बरकरार है। ट्राई (TRAI) द्वारा 10 फरवरी 2026 को जारी की गई रिपोर्ट (दिसंबर 2025 के आंकड़ों तक) के अनुसार, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (MP-CG) सर्किल में मोबाइल यूजर्स का डेटा और कंपनियों की स्थिति इस प्रकार है ..   टेलीकॉम कंपनी कुल यूजर्स (लगभग) मार्केट शेयर (%) स्थिति रिलायंस जियो (Jio) 4.02 करोड़ 50.4% नंबर-1 पर एयरटेल (Airtel) 1.65 करोड़ 20.6% दूसरे स्थान पर वोडाफोन-आइडिया (Vi) 1.62 करोड़ 20.3% तीसरे स्थान पर बीएसएनएल (BSNL) 69 लाख 8.7% चौथे स्थान पर

13 फरवरी का भविष्यफल: करियर, धन और रिश्तों में किसे मिलेगा लाभ?

मेष राशि- 13 फरवरी के दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। आपके काम की सराहना होगी और तारीफ भी मिलेगी। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ राशि- 13 फरवरी के दिन करियर और फाइनेंशियल लाइफ नॉर्मल रहेगी। आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। व्यवसायों में आर्थिक कमजोरी का अनुभव हो सकता है और कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। मिथुन राशि- 13 फरवरी के दिन व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। ऑयली फूड से दूरी बनाएं और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। कर्क राशि- 13 फरवरी के दिन आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। वहीं, खुद और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें और तनाव से दूर रहें। सिंह राशि- 13 फरवरी के दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं और आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। कन्या राशि- 13 फरवरी का दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है, हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। तुला राशि- 13 फरवरी के दिन आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी लेकिन कुछ अप्रत्याशित खर्चे चीजें बिगाड़ सकते हैं और तनाव का कारण बन सकते हैं। इसलिए तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। वृश्चिक राशि- 13 फरवरी के दिन व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। धनु राशि- 13 फरवरी के दिन परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। मकर राशि- 13 फरवरी के दिन आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। पार्टनरशिप में व्यवसाय करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। दोपहर में आपको कुछ राहत मिलने की संभावना है। कुंभ राशि- 13 फरवरी के दिन अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। कारोबार फलेगा-फूलेगा, इसलिए अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। मीन राशि- 13 फरवरी का दिन धन और वित्त के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। दोपहर के बाद नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है।

केजरीवाल-सिसोदिया पर चार्ज फ्रेमिंग पर सस्पेंस, अदालत ने सुरक्षित रखा आदेश

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली शराब घोटाला मामले में आरोप तय करने पर आदेश सुरक्षित रख लिया। स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने सीबीआई और अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद अपना ऑर्डर सुरक्षित रख लिया। अब इस नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। देखना होगा कि कोर्ट अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर आरोप तय करने के आदेश देती है या नहीं… क्या आरोप? अदालत 27 फरवरी को अपना फैसला सुना सकती है। सीबीआई ने सबसे पहले 2022 में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद उसकी ओर से पूरक आरोप पत्र पेश किए गए थे। आरोप है कि दिल्ली आबकारी नीति को अपने पक्ष में करवाने के लिए शराब कारोबारियों की साउथ लॉबी की ओर से 100 करोड़ रुपये दिए गए थे। 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट इस मामले में सीबीआई की ओर से 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इन आरोपियों में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मुथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बुच्चीबाबू गोरंटला, राकेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, चनप्रीत सिंह रायत, अरविंद कुमार सिंह, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष माथुर और पी सरथ चंद्र रेड्डी शामिल हैं। आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत- सीबीआई सीबीआई ने कहा कि साजिश के अपराध को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए। आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। सीबीआई की तरफ से एएसजी डीपी सिंह और वकील मनु मिश्रा पेश ने अपनी दलीलों में कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए काफी सबूत और आधार मौजूद हैं। केजरीवाल के खिलाफ ठोस सबूत नहीं- बचाव पक्ष वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने अपनी दलील में कहा कि अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। केजरीवाल के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट पिछली चार्जशीट की बस एक कट-पेस्ट कॉपी है। वह उस समय मुख्यमंत्री के रूप में केवल अपना आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। केजरीवाल के खिलाफ आरोप कट-पेस्ट वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने यह भी कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो उनके साउथ लॉबी से पैसे लेने के अनुरोध से जोड़ता हो। केजरीवाल का नाम पहली चार्जशीट या उसके बाद की 3 पूरक चार्जशीट में नहीं था। उनका नाम चौथी पूरक चार्जशीट में आया। यह भी कहा गया कि चौथी चार्जशीट का विषय वही है जो पिछली चार्जशीट का था। केजरीवाल के खिलाफ लगाए आरोप कट पेस्ट ही हैं। पैसे लेने के लिए कहने के कोई सबूत नहीं अदालत ने वरिष्ठ वकील से मगुंटा के बयान के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी है जो अब सरकारी गवाह बन गया है। आरोप है कि किसी ने मगुंटा को केजरीवाल की ओर से पैसे देने के लिए कहा था। यह भी बताया गया कि राघव मगुंटा पहले आरोपी था लेकिन बाद में उसे सरकारी गवाह बना दिया गया। वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने अपनी दलील में कहा कि ऐसा कोई सबूत या लिंक नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि केजरीवाल ने किसी से भी साउथ लॉबी से पैसे लेने के लिए कहा था।

इमरान खान की बिगड़ती सेहत से सियासी तूफान, 85% नजर कमजोर होने की खबर पर CJP एक्टिव

इस्लामाबाद पाक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान के दाहिनी आंख में ‘सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन’ (CRVO) नामक गंभीर बीमारी का पता चला है, जो समय पर इलाज न मिलने पर स्थाई अंधापन पैदा कर सकती है। इसी वजह से उनकी 85 फीसदी रोशनी चली गई। लंबे समय से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के हेल्थ अपडेट से पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। पाक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खान की दाहिनी आंख की रोशनी 85 फीसदी खत्म हो चुकी है। उसमें अब सिर्फ 15 फीसदी को रोशनी बची है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इमरान खान की आंख की जांच के लिए एक स्पेशल मेडिकल टीम बनाने का आदेश दिया है। यह आदेश कोर्ट में पेश की गई एक रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें PTI फाउंडर ने दावा किया था कि उनकी दाहिनी आंख में “सिर्फ़ 15 फीसदी” रोशनी बची है। SC ने यह भी निर्देश दिया कि इमरान को उनके बच्चों से बात करने की इजाज़त दी जाए। यह आदेश दिया गया कि आंखों की जांच और फोन कॉल दोनों 16 फरवरी (सोमवार) से पहले किए जाएं। SC का यह निर्देश तब आया जब पाकिस्तान के चीफ जस्टिस (CJP) याह्या अफरीदी की अगुवाई वाली और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन सहित दो अन्य जजों की बेंच ने PTI संस्थापक के अदियाला जेल में रहने की स्थिति से जुड़े मामले की सुनवाई फिर से शुरू की। खून का थक्का जमने से गई रोशनी कोर्ट में पेश रिपोर्ट में बताया गया कि इमरान खान ने कहा है कि उनकी दाईं आंख की केवल लगभग 15% दृष्टि बची है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की दृष्टि सामान्य थी, लेकिन बाद में धुंधलापन शुरू हुआ और इलाज में देरी के कारण स्थिति बिगड़ गई। बताया गया कि बाद में डॉक्टरों ने जांच में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) जैसी समस्या की पहचान की और इंजेक्शन सहित इलाज किया गया, लेकिन दृष्टि पूरी तरह वापस नहीं आ सकी। कैदी की सेहत राज्य की जिम्मेदारी सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कैदी की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है और राज्य का दायित्व है कि उसे उचित इलाज मिले। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के तहत सभी कैदियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। कोर्ट ने माना कि परिवार से संपर्क भी महत्वपूर्ण मानवीय पहलू है। इसलिए बच्चों से टेलीफोन पर बातचीत की अनुमति देने के निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान टॉप जज ने कहा, “हम उनकी (इमरान की) हेल्थ के मामले पर सरकार का स्टैंड जानना चाहते हैं।” इस पर पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (AGP) मंसूर उस्मान अवान ने कन्फर्म किया कि मेडिकल फैसिलिटी देना सरकार की ज़िम्मेदारी है। AGP अवान ने कहा, “अगर कैदी सैटिस्फाइड नहीं है, तो सरकार कदम उठाएगी।” इस पर CJP अफरीदी ने फिर कहा कि इमरान के “अपने बच्चों के साथ टेलीफोन कॉल का मामला भी जरूरी है”। जेल में इलाज पर उठे सवाल रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इमरान खान ने पहले जेल प्रशासन को आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन समय पर विशेष इलाज नहीं मिला। बाद में विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए गए। यह मामला सिर्फ एक कैदी के स्वास्थ्य का नहीं बल्कि जेलों में मेडिकल सुविधाओं, मानवाधिकार और राजनीतिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा माना जा रहा है। इस बीच, इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने कहा कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार द्वारा फैलाई जा रही कहानी रिपोर्ट के सामने “पूरी तरह से गलत साबित हुई है।”

पहले OBC आयोग की रिपोर्ट, फिर पंचायत चुनाव—हाईकोर्ट में योगी सरकार का रुख साफ

लखनऊ यूपी पंचायत चुनाव का टलना लगभग तय माना जा रहा है। योगी सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले समर्पित ओबीसी आयोग बनाया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय होगा। आयोग की रिपोर्ट के बाद ही चुनाव की तारीखें घोषित होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में यह कदम उठाया गया है।   उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव का टलना तय माना जा रहा है। चुनाव की तैयारियों के बीच योगी सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हलफनामा देते हुए बताया कि एक समर्पित पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग का गठन किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट के बाद चुनाव कराए जाएंगे। जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। दरअसल, हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि नए समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद पंचायत चुनाव यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों से पहले समर्पित आयोग का गठन जरूरी बताया गया है। प्रदेश का मौजूदा ओबीसी आयोग अक्टूबर 2025 में अपना मूल कार्यकाल पूरा कर चुका है। हालांकि सरकार ने इसका कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है, लेकिन कानूनी तौर पर उसे समर्पित आयोग के अधिकार नहीं मिले हैं, जिस पर सवाल उठे थे। अब नया आयोग पिछड़े वर्गों का ‘रैपिड सर्वे’ करेगा, जिससे उनकी वास्तविक आबादी का आकलन कर आरक्षण तय किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक स्थानीय निकाय चुनाव से पहले तीन साल के कार्यकाल वाला समर्पित आयोग जरूरी है। सरकार का कहना है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव होगा। सियासी गलियारों में क्या है चर्चा? वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव कराने को लेकर नेगेटिव फीडबैक है। पार्टी के कई नेताओं को आशंका है कि पंचायत चुनाव के दौरान प्रधान से लेकर जिला पंचायत के चुनाव तक पार्टी के ही नेता और कार्यकर्ता आपस में लड़ेंगे। ऐसे नेताओं को आशंका है कि पंचायत चुनाव में किसी एक कैंडिडेट का समर्थन करने से विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं के एक वर्ग की नाराजगी उठाने का खतरा है। इसलिए ये बात चल रही है कि पहले विधानसभा हो जाए, फिर तनावपूर्ण पंचायत चुनाव की बिसात बिछे। पंचायत चुनाव का टलना तय! ऐसे में अब पंचायत चुनाव का टलना लगभग तय माना जा रहा है। प्रदेश में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई के पहले सप्ताह में हो जाएगा। वहीं, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच साल का कार्यकाल जुलाई के पहले सप्ताह में पूरा होगा। ऐसे में यदि समय पर चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों की जगह वहां सरकार की ओर से किसी सक्षम अधिकारी को रिसीवर (प्रशासक) नियुक्त किया जाएगा। पिछले पंचायत चुनाव 4 चरणों में हुए थे यूपी में 57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं, जिला पंचायत वार्ड 3051, जिला पंचायत 75, क्षेत्र पंचायत 826 हैं। पिछले पंचायत चुनाव कोरोना लहर के बीच साल 2021 चार चरणों में हुए थे। पहले चरण में 18 जिले, दूसरे और तीसरे चरण में 20-20 जिले, और चौथे चरण में 17 जिलों में चुनाव हुए थे।  

200+ का चौथा कारनामा, विश्व कप में भारत ने फिर दिखाई बल्लेबाजी की ताकत

नई दिल्ली दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारत ने रचा इतिहास, बनाया विश्व कप का अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार छुआ 200+ का आंकड़ा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मैच में भारत ने नामीबिया के खिलाफ रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय टीम इस विश्व कप में कितनी मजबूत स्थिति में है। इस मैच में भारत की शुरुआत और अंत दोनों ही धमाकेदार रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 61 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनके बाद मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने भी नामीबियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 52 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारत के 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। भारत की पारी आखिरी के दो ओवरों में लड़खड़ाती हुई नजर आई वरना यहां आंकड़े कुछ और होते और भारतीय टीम और विशाल स्कोर खड़ा करती। भारत ने पहली बार 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रन बनाए थे। डरबन के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक मैच में भारत ने 218/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह आज भी टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके बाद साल 2021 में अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला जमकर बोला था। उस मुकाबले में भारत ने मात्र 2 विकेट खोकर 210 रन बनाए थे, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इन दोनों ही मैचों में भारतीय टीम ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। तीसरी बार 200 का आंकड़ा छूने का कारनामा भारत ने पिछले 2024 के वर्ल्ड कप में किया था। ग्रॉस आइलेट में ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ भारत ने 205/5 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। आज नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाकर भारत चौथी बार 200 का स्कोर बनाने का कारनामा किया है और अपने पिछले उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का भारतीय बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टीम को और मजबूती प्रदान की। टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के 4 सबसे बड़े स्कोर 1. 218/4 बनाम इंग्लैंड (डरबन, 2007): यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का उच्चतम स्कोर है। 2. 210/2 बनाम अफगानिस्तान (अबू धाबी, 2021): भारत ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 200+ का आंकड़ा छुआ था। 3. 209/9 बनाम नामीबिया (दिल्ली, 2026): आज के मैच में ईशान किशन (61) और हार्दिक पांड्या (52) के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने यह स्कोर बनाया। 4. 205/5 बनाम ऑस्ट्रेलिया (ग्रॉस आइलेट, 2024): पिछले विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने यह धमाकेदार प्रदर्शन किया थ

‘सस्ता कर्ज़, महंगी कीमत’—पेरू में चीन की पैठ पर अमेरिका ने जताई गहरी चिंता

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चिंता जताई है कि चीन लातिन अमेरिकी देश पेरू के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर अपना नियंत्रण मजबूत करके उसकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचा रहा है। अमेरिकी की यह चेतावनी पेरू की एक अदालत के उस फैसले के बाद आई है जिसमें एक स्थानीय नियामक ने चीन द्वारा बनाए गए विशाल बंदरगाह की निगरानी को सीमित कर दिया है। पेरू की राजधानी लीमा के उत्तर में चांकाय में स्थित 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से स्थापित गहरे पानी का बंदरगाह लातिन अमेरिका में चीन की पकड़ का प्रतीक बन गया है। यह बंदरगाह अमेरिका के साथ तनाव का केंद्र बिंदु भी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के पश्चिमी गोलार्ध मामलों के ब्यूरो ने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि वह ”उन नवीनतम खबरों से चिंतित है कि पेरू अपने सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक, चांकाय पर नजर रखने में असहाय हो सकता है, जो लालची चीनी मालिकों के अधिकार क्षेत्र में है।” अमेरिका ने कहा, ”हम पेरू के उसके क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की देखरेख करने के संप्रभु अधिकार का समर्थन करते हैं। इसे इस क्षेत्र और दुनिया के लिए एक सबक के रूप में लें, सस्ते चीनी ऋण की कीमत संप्रभुता से चुकानी पड़ती है।” यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन पश्चिमी गोलार्ध पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, चीन लंबे समय से बड़े पैमाने पर ऋण और व्यापार के माध्यम से अपना प्रभाव स्थापित कर रहा है। चीन की सरकार ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बृहस्पतिवार को अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, ”चीन चांकाय बंदरगाह के बारे में अमेरिका द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और दुष्प्रचार का कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।”  

9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

रायपुर. पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग के क्षेत्र में सक्रिय ग्राम पोंड़, जिला गरियाबंद के युवा खेमराज साहू ने हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियों में राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार कर जिले एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कुल्लू जिले की सोलंग वैली से पतालसू पीक ट्रैक के दौरान लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 6 डिग्री तापमान में तिरंगा एवं छत्तीसगढ़ महतारी की छायाप्रति के साथ मेले का संदेश प्रदर्शित किया। उल्लेखनीय है कि पतालसू पीक की कुल ऊंचाई लगभग 13,900 फीट है। 03 फरवरी 2026 को अत्यधिक बर्फबारी एवं प्रतिकूल मौसम के कारण कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। निर्धारित मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमी होने के बावजूद खेमराज साहू एवं उनके साथियों ने एडवेंचर वैली के प्रशिक्षु माउंटेनियर के मार्गदर्शन में सोलंग वैली से शगाडुग के जंगलों के रास्ते ट्रैकिंग का प्रयास किया। सीने तक जमी बर्फ को हटाते हुए एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर उन्होंने सफलतापूर्वक तिरंगा लहराते हुए राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार किया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ के नितेश अग्रवाल, राजनांदगांव तथा ओड़िशा की प्रवासिनी सहित अन्य साथी शामिल रहे। पूर्व में वर्ष 2023 में खेमराज साहू केदारकंठा (12,500 फीट), उत्तराखंड में भी जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा उनका नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।

दूरस्थ बोड़ेगाँव तक पहुंची प्रशासन की पहल, सेवा रथ से 137 हितग्राही लाभान्वित

रायपुर. जिले के अंतिम छोर बोड़ेगाँव पहुँचा ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ सेवा रथ, 137 हितग्राहियों को मिला लाभ मोहला-मानपुर-चौकी जिले में संचालित ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ (दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सेवा रथ) बुधवार को जिले के अंतिम छोर, महाराष्ट्र सीमा से लगे दूरस्थ एवं सीमावर्ती ग्राम बोड़ेगाँव पहुँचा। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण देखा गया। पूर्व में जहां शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु ग्रामीणों को दूरस्थ मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब सेवाएं सीधे गाँव तक पहुँच रही हैं। सेवा रथ के माध्यम से दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान 48 डीएलसी भौतिक सत्यापन, 34 आधार सीडिंग, 32 वय वंदन योजना पंजीयन तथा 23 हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस प्रकार कुल 137 हितग्राही लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे दूरस्थ क्षेत्र के लिए उपयोगी एवं राहतकारी कदम बताया। 

होटल बिल बना शर्मिंदगी की वजह! पाक खिलाड़ियों को विदेश में झेलनी पड़ी भारी बेइज्जती

कैनबरा पाकिस्तान हॉकी टीम के सदस्यों को कैनबरा पहुंचने पर कई घंटे सड़क पर ही बिताने पड़े क्योंकि पैसे के अभाव में पाकिस्तान हॉकी महासंघ होटल के बिल का भुगतान नहीं कर सका, जिससे होटल बुकिंग रद्द हो गई। पाकिस्तानी टीम होबर्ट में एफआईएच प्रो लीग के दूसरे चरण के मैच खेलने आस्ट्रेलिया में है। टीम के सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को घंटों तक सड़क पर रहकर धूल फांकनी पड़ी। एक सूत्र ने बताया ,”खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिये कैनबरा में एक चार सितारा होटल में कमरे बुक किये गए थे । उन्हें बताया गया था कि पाकिस्तान खेल बोर्ड और पीएचएफ ने कैनबरा में उनके रहने के लिये सारे भुगतान कर दिये हैं ।” सूत्र ने कहा , ”लेकिन पिछले सप्ताह कैनबरा पहुंचने पर पता चला कि उस होटल में कोई बुकिंग थी ही नहीं । टीम के मुख्य कोच ताहिर जमान टाइम जोन अलग होने के कारण पीएसबी और पीएचएफ अधिकारियों से संपर्क नहीं कर सके ।” सू्त्र ने कहा ,”ताहिर ने उन्हें इस स्थिति के बारे में बताया कि लाहौर से लंबा सफर करके आये खिलाड़ियों के पास आराम करने की कोई जगह नहीं है ।” हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल बता दें कि हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल है और टीम प्रो लीग में आस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों से खेल रही है । सूत्र ने बताया कि कई घंटे बाहर इंतजार करने के बाद होटल प्रबंधन ने खिलाड़ियों को कुछ कमरे दिये । सूत्र ने कहा ,”कमरे उपलब्ध नहीं थे लिहाजा एक ही कमरे में दो तीन खिलाड़ी रूके और अगले दिन आस्ट्रेलिया से मैच खेलने स्टेडियम गए जिसमें 2-3 से पराजय मिली ।”इससे पहले अर्जेंटीना में प्रो लीग के पहले चरण में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ते नहीं मिले थे जिससे विदेश में उन्हें पैसों की किल्लत हो गई । सुरक्षा अधिकारियों से झड़प कैनबरा में टीम मैनेजर के बिना गई है क्योंकि नियमित मैनेजर और पूर्व ओलंपियन अंजुम सईद को पीएचएफ ने निकाल दिया है ।उन्हें वापिस लौटते समय फ्लाइट में सिगरेट पीते पाया गया और हवाई अड्डे पर सुरक्षा अधिकारियों से उनकी झड़प भी हुई । सूत्र ने बताया कि कैनबरा में कुछ स्थानीय पाकिस्तानी लोगों से संपर्क किया गया जिन्होंने आकर उनकी मदद की । पाकिस्तान प्रो लीग के सभी छह मैच हार चुका है ।

उन्नत डेयरी मॉडल से बढ़ेगा किसानों का लाभ: विजय शर्मा और केदार कश्यप

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने दी शुभकामनाएं, उन्नत डेयरी मॉडल अपनाने का आह्वान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित निवास में गुजरात के बनासकांठा जिले के शैक्षणिक भ्रमण पर जा रहे बस्तर संभाग के पशुपालकों और बिहान समूह की दीदियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर भ्रमण के उद्देश्य और उससे मिलने वाली संभावित सीख पर चर्चा की।         उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल देखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीखने और उसे अपने क्षेत्र में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे बनासकांठा के सफल डेयरी सहकारी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गंभीर अध्ययन कर बस्तर में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।        वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण से उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण और विपणन व्यवस्था का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।      उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से प्रतिभागी गुजरात में बनास डेयरी, अमूल डेयरी तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहित विभिन्न डेयरी संस्थानों का अवलोकन करेंगे। बनासकांठा अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और मजबूत सहकारी ढांचे के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में नया मोड़: साझा समझ के बावजूद बदलीं शर्तें, विदेश मंत्रालय की सफाई

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील की चर्चा इन दिनों सभी जगह है। इस डील की फैक्टशीट पर हाल ही में वाइट हाउस द्वारा कुछ बदलाव किए गए थे। अब इन बदलावों पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन दोनों देशों की आपसी सहमति के बाद हुए हैं। यह दोनों देशों की साझा समझ को भी प्रदर्शित करते हैं। मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर सरकार का मत सामने रखा। उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच में पारस्परिक लाभ और व्यापारिक लाभ को ध्यान में रखकर एक अंतरिम समझौते पर सहमति बनी थी। इसे एक संयुक्त बयान के रूप में पेश किया गया था। यही बयान (फैक्टशीट) इस मामले में हमारी समझ का आधार बना हुआ है। अमेरिका की तरफ से इसमें जो भी संशोधन किए गए हैं, वह पूरी तरह से आपसी समझ को प्रदर्शित करते हैं। क्या है पूरा मामला? लंबी बातचीत और कई दौर की मीटिंग के बाद आखिरकार भारत और अमेरिका के बीच एक समझौते पर मुहर लगी थी। हालांकि, अभी भी इस पर बातचीत जारी है, लेकिन एक संयुक्त बयान जारी कर दिया गया था। यह एक बार 10 फरवरी को फिर चर्चा में आया, जब वाइट हाउस ने इस बयान की फैक्टशीट में बदलाव कर दिया। इस बदलाव के मुताबिक भारत द्वारा जिन अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने या समाप्त करने की बात पहले कही गई थी, उनमें से कुछ दालों को हटा दिया गया। इस संशोधन के पहले वाइट हाउस की आधिकारिक बेवसाइट पर उपलब्ध बयान के मुताबिक कहा गया था कि भारत सभी प्रकार की औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर से टैरिफ हटाने या कम करने के लिए सहमत हुआ है। इसके अलावा अमेरिका की तरफ से पहले 500 बिलियन डॉलर की खरीद को लेकर भारत के प्रतिबद्ध होने की बात कही गई थी, इसे बाद में संशोधित करके ‘इरादा रखता है’ वाली बात जोड़ी गई। यानी यह बात भारत के लिए बाध्यकारी न होकर एक आपसी सहमति पर आधारित होगी। भारत और अमेरिका व्यापारिक समझौता ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से लगातार भारत और अमेरिका के बीच में तनाव बना हुआ था। यह तनाव इतना बढ़ गया कि ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को भी खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दी। अमेरिकी ट्रंप, प्रशासन द्वारा लगातार बनाए गए दबाव के बाद भी सरकार ने किसानों के हितों को ताक पर नहीं रखा। महीनों की वार्ता के बाद आखिरकार दोनों देश एक समझौते पर पहुंचे। इस समझौते की तरफ सबसे पहले अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने इशारा किया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी साझा कर दी। इसके बाद भारत सरकार की तरफ से भी इस पर जानकारी साझा की गई।

घुड़सवारी महासंघ पर आयकर का शिकंजा, करोड़ों की देनदारी को लेकर भेजा नोटिस

नई दिल्ली आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 156 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को पहली बार 4.62 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी दी गई है। ईएफआई को नौ फरवरी, 2026 के नोटिस में कहा गया है कि इस खेल महासंघ को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,62,18,102 रुपये की राशि भुगतान करनी होगी। ईएफआई के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा महासंघ के पदाधिकारियों को लिखे गए पत्र के अनुसार, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें आयकर विभाग के समक्ष पेश करना जरूरी था। इस मामले के संबंध में एक अंतिम संचय प्रमाण पत्र भी तैयार किया गया है, लेकिन ईएफआई के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने बताया कि ईएफआई कार्यकारी समिति ने दस्तावेज तैयार करने में देरी की जिससे उसे इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित यह संचय प्रमाण पत्र आयकर विभाग के पास जमा करना जरूरी था। इस दस्तावेज़ को प्रस्तुत न करने के कारण यह पत्र जारी किया गया है। आयकर नियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार महासंघ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’’ ‘संचय प्रमाणपत्र’ से तात्पर्य आम तौर पर उस दस्तावेज़ से है जिसे कोई संगठन चालू वर्ष में कर लगाए बिना भविष्य में उपयोग के लिए आय अलग रखने के लिए दाखिल करता है। ईएफआई सूत्रों ने यह भी कहा कि कर्नल जगत सिंह के नेतृत्व वाले महासंघ ने अधिनियम की धारा 11 से संबंधित प्रावधानों के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुमोदन हासिल नहीं किया था, जो कुछ विदेशी लेन देन से जुड़े मामलों में जरूरी होता है। ईएफआई अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध होने के कारण राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में संबद्धता शुल्क, भागीदारी राशि और संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के लिए विदेशों में धन भेजता है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान न करने पर अधिनियम की धारा 220(2) के तहत प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज लगेगा। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि भुगतान न करने पर धारा 221 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है जो सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद बकाया कर की राशि तक हो सकती है। यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत वसूली की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है। ईएफआई युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध है।  

22वें स्थापना दिवस पर योजनाओं की प्रगति का आकलन, गुणवत्ता सुधार पर फोकस

रायपुर. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने आज अपना 22वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। राज्य गठन के बाद 12 फरवरी 2004 को मंडल का पुनर्गठन किया गया था। पुनर्गठन के पश्चात अब तक मंडल द्वारा निर्मित लगभग एक लाख आवासों एवं संपत्तियों में से करीब 75 प्रतिशत आवास कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए तैयार किए गए हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव और आयुक्त  अवनीश शरण  ने सभी शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। अध्यक्ष  सिंह देव ने हाउसिंग बोर्ड परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बेहतर कार्य संस्कृति और हितग्राहियों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सभी संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  बैठक में उन्होंने “रिव्यू, रिफॉर्म और रिवोल्यूशन” की कार्यसंस्कृति अपनाने पर बल दिया। अध्यक्ष ने बताया कि वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों में से 70 प्रतिशत का विक्रय किया जा चुका है। शेष 30 प्रतिशत संपत्तियों के शीघ्र विक्रय के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित कॉलोनियों में ऐसे भूखंड, जो मंडल के उपयोग में नहीं हैं या अतिरिक्त रूप में आबंटित किए जा सकते हैं, उनका त्वरित निराकरण किया जाए। नई आवासीय योजनाओं के तहत विक्रय हो रहे मकानों की साइट पर एक टिन शेड कार्यालय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, जहां परियोजना से संबंधित सभी जानकारी और ब्रोशर उपलब्ध कराए जाएं। मंडल द्वारा हाल ही में 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। वर्ष 2025 में 1023.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया, वहीं चालू वर्ष के मात्र 40 दिनों में ही लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है। आयुक्त  अवनीश शरण ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध प्रगति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी शाखाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ शीघ्रता से आम जनता तक पहुंच सके। आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल द्वारा कार्यों की समीक्षा को सकारात्मक पहल बताते हुए अध्यक्ष, आयुक्त और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समीक्षा बैठक में तकनीकी, विद्युत, लेखा, प्रशासन, संपदा, वास्तु, मार्केटिंग और आईटी शाखाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर आयुक्त  हर्ष कुमार जोशी,  अजीत सिंह पटेल,  एम.डी. पनारिया,  आर.के. राठौर,  एस.के. भगत,  एच.के. वर्मा, मुख्य संपदा अधिकारी  सुनील कुमार सिंह सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

4% ब्याज वाले लोन पर असर? RBI की नई गाइडलाइन से बदलेंगे क्रेडिट कार्ड नियम

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के दिशा-निर्देशों में बदलाव के लिए ड्राफ्ट जारी किया है। इसका मकसद कवरेज का विस्तार, परिचालन प्रक्रियाओं का सरलीकरण और कृषि क्षेत्र की उभरती जरूरतों का ध्यान रखना है। इस ड्राफ्ट पर आम लोग और अन्य हितधारक छह मार्च 2026 तक टिप्पणियां और सुझाव दे सकते हैं। होने वाले हैं ये बदलाव आरबीआई ने केसीसी लोन की मंजूरी और री-पेमेंट प्रोग्राम में एकरूपता लाने के लिए फसल सत्रों की अवधि को मानकीकृत करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों को 12 माह के चक्र और लंबी अवधि वाली फसलों को 18 माह के चक्र के रूप में परिभाषित किया गया है। लंबी अवधि की फसलों के चक्र के अनुरूप लोन अवधि तय करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की कुल अवधि छह वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है। ड्राफ्ट में केसीसी के तहत निकासी सीमा को प्रत्येक फसल सत्र के लिए फसल की अनुमानित लागत के साथ समायोजित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसानों को वास्तविक खेती लागत के अनुरूप पर्याप्त लोन मिल सके। इसके अलावा, मिट्टी की जांच, वास्तविक समय में मौसम पूर्वानुमान, जैविक एवं उत्तम कृषि पद्धतियों के सर्टिफिकेशन जैसे तकनीकी खर्चों को भी पात्र मद में शामिल किया गया है। ये खर्च कृषि परिसंपत्तियों के मेंटेनेंस के लिए वर्तमान में स्वीकृत 20 प्रतिशत अतिरिक्त के भीतर रखे जाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड सिर्फ सरकारी बैंक ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय ग्रामीण और कुछ निजी बैंकों से भी मिलता है। इस कार्ड के लिए जमीन का मालिक होना जरूरी नहीं, किरायेदार और शेयरफार्मर भी पात्र हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेज में दो पासपोर्ट साइज के फोटो, राजस्व अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रमाणित भूमि जोत का प्रमाण, रकबे के साथ फसल पैटर्न (उगाई जाने वाली फसलें) आदि शामिल हैं। शॉर्ट टर्म के लिए कितना लोन किसान क्रेडिट कार्ड योजना, किसानों को उनकी विविध वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त और समय पर लोन प्रोवाइड करने के लिए बनाई गई है। यह किसानों को संस्थागत लोन तक आसान पहुंच प्राप्त करने मदद करती है। इसके जरिए कृषि और फसल के बाद के खर्चों के लिए पैसे की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सकता है। संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) के तहत किसानों को फसल और संबद्ध गतिविधियों के लिए रियायती शॉर्ट टर्म एग्री लोन प्रोवाइड किया जाता है। योजना में 3 लाख रुपये तक के लोन पर 7 प्रतिशत ब्याज दर है। वहीं, समय पर री-पेमेंट के लिए अतिरिक्त 3 प्रतिशत अनुदान के साथ प्रभावी दर को घटकर 4 प्रतिशत हो जाता है। एमआईएसएस में किसान क्रेडिट कार्ड वाले छोटे किसानों के लिए नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीदों यानी एनडब्ल्यूआर पर फसल के बाद के लोन भी शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा मंत्री तोमर के सुपुत्र रिपुदमन के विवाह समारोह में शामिल हुए वर-वधु को दिया आशीर्वाद

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के सुपुत्र रिपुदमन सिंह (सागर) के विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया। ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के सुपुत्र रिपुदमन सिंह का विवाह कनिका (सिमरन) सुपुत्री मती सीमा-स्व. सूर्यवीर सिंह सिसौदिया के साथ हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान कर राधाकृष्ण की मूर्ति भेंट की। उन्होंने मंत्री  तोमर एवं उनके परिजन को शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव में होंगे शामिल

भोपाल. नोहटा स्थित ऐतिहासिक नोहलेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित दस दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव में शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन में चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ही छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में महाशिव रात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित गरीब परिवारों की कन्याओं के सामुहिक विवाह समारोह में भी शामिल होंगे। नोहलेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व नोहटा में स्थित नोहलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है। यह मंदिर कलचुरी कालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण 10वीं–11वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। मंदिर की शिल्पकला, अलंकृत स्तंभ, विशाल गर्भगृह एवं कलात्मक नक्काशी आज भी दर्शकों को उस युग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती है। पुरातत्वविदों के अनुसार नोहलेश्वर मंदिर मध्य भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है, जहां प्राचीन काल से ही श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते आ रहे हैं। यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। महोत्सव की विशेषताएं महोत्सव के दौरान देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बॉध रहे है। साथ ही, धार्मिक, सांस्कृतिक संध्याएं, कार्यशालाएं, महिला सम्मेलन, किसान गोष्ठी और पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है।  

2027 वर्ल्ड कप मिशन पर हिटमैन फोकस्ड: भारत के लिए ट्रॉफी जीतना ही सपना

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब दिलाया, लेकिन उनके दिल में विश्व कप 2023 का खिताब न जीत पाने का गम अभी भी जिंदा है। रोहित उस कसक को मिटाने के लिए अगला वनडे विश्व कप खेलने और जीतने के प्रति दृढ़संकल्पित हैं। रोहित शर्मा ने बुधवार को एक आईसीसी इवेंट में कहा, “वह सिर्फ वनडे विश्व कप 2027 खेलना नहीं चाहते हैं, बल्कि 2023 में अहमदाबाद में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने वाली ट्रॉफी उठाने के लिए बेताब हैं। पूर्व कप्तान ने कहा, “मैं 50-ओवर का विश्व कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं। उस समय कोई टी20 विश्व कप नहीं था, कोई आईपीएल नहीं था। वह क्रिकेट का सबसे ऊंचा स्तर था, जो हर चार साल में होता था। इसलिए, बेताबी थी। उस एक ट्रॉफी का इतना ज्यादा बोझ था। मैं सच में वह ट्रॉफी चाहता हूं, इसलिए मैं कड़ी मेहनत करने और उसे पाने के लिए अपनी पूरी ताकत और काबिलियत से सब कुछ करने की कोशिश करूंगा। मैं वहां जाकर अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं।” टी20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके रोहित शर्मा की उम्र और फिटनेस की वजह से 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल था। पिछले 6 महीने में रोहित ने अपनी फिटनेस पर काम किया और अपना वजन कम किया है। साथ ही उनकी बल्लेबाजी में भी जोरदार बदलाव दिखा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उनका बल्ला बेशक नहीं चला था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित ने अपनी बल्लेबाजी से रोमांचित किया था। फिटनेस और फॉर्म के प्रति रोहित की सजगता देखते हुए विश्व कप 2027 को लेकर उनके समर्पण का अंदाजा लगाया जा सकता है। मौजूदा समय में वनडे फॉर्मेट के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में से रोहित शर्मा ने 282 वनडे की 274 पारियों में 33 शतक और 61 अर्धशतक की मदद से 11,577 रन बनाए हैं।  

दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के रिसर्च फेलोशिप के पोस्टर और वेबसाइट का हुआ विमोचन

संस्थान द्वारा प्रकाशित 7 पुस्तकों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ़ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “Mahakal: The master of time” वेबसाइट का शुभारंभ, महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले “41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव” के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा। पूज्य आचार्य श्री मिथलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महाकाल की प्रतिष्ठा से विश्व को अवगत कराया है। हम दुनिया को सर्वस्व दे रहे हैं, क्योंकि हमारे पास महाकाल हैं। शोधार्थी एक प्रकार से बोधार्थी भी हैं, जो शोध हमें बोध तक न ले जाए, वो व्यर्थ है। मनुष्य का ज्ञान चिंतन आधारित है, न कि डाटा आधारित। डाटा का विश्लेषण करना तो मशीनों का काम है। हम पश्चिमी देशों से क्यों डरते हैं। पश्चिम की केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हमें समग्र रूप से सभी दिशाओं में सोचते हुए शोध करना है। हमारे शोध को भारतीय संस्कृति और चरित्र मूलक होना चाहिए, प्रतिक्रिया पराणय न हो। कोई भी नया विचार नवाचार नहीं होता है। परंपराओं को अंगीकार करते हुए नया काम करना ही नवाचार है। वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक श्री सुरेश सोनी ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारत के भौगोलिक स्वरूप में वेद आधारित सांस्कृतिक परिदृश्य नजर आता है। भारत के पुनरोत्थान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि इसमें विदेशी मूल्यों का प्रकटीकरण नहीं होना चाहिए। भारत में पिछले 150 से 200 सालों में यूरोप आधारित अकादमिक शिक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। अब हमारे शोधार्थी कला, संस्कृति, न्याय, अर्थव्यवस्था जैसे अन्य विषयों पर भारतीय शिक्षा पद्धति आधारित शोध पर कार्य करें। इसमें भारतीय समग्रता को भी ध्यान में रखा जाए। अभी हमारी चिकित्सा पद्धति भौतिक है। आयुर्वेद शास्त्र में महर्षि चरक कहते हैं कि किसी पदार्थ के 5 स्तर- स्थूल, स्वरूप, सूक्ष्म, अवयव और अर्थत्व होते हैं। भारतीय दृष्टि के आधार पर हमें अध्ययन करना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को वर्तमान मे कैसे नवाचारों के साथ उसे उपयोग करें। शोध करते समय इसी पर ध्यान देना है। भारतीय समाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मधुकर एस पड़वी ने कहा कि भारत के पुनरोत्थान के लिए हमारी सभ्यता और ज्ञान की पुन: प्रतिष्ठा करने की आवश्यकता है। हम अपने शोध कार्यों में किसी दूसरे देश की दृष्टि का अनुसरण न करें और स्वदेशी दृष्टि को अपनाएंगे। अनुसंधान व्यक्तिगत न होकर सहयोगात्मक होना चाहिए। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत केंद्रित परंपरा, संस्कृति और विरासत के शोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया गया है। भारत केंद्रित शोध और शिक्षा के माध्यम से हम पुन: विश्व गुरू बनेंगे।  

शतरंज बदला, रणनीति बदली; गहरी समझ ही बनाती है चैंपियन: विश्वनाथन आनंद

मदुरै (तमिलनाडु) पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने गुरुवार को यहां कहा कि ऐसे युग में जहां खिलाड़ी कंप्यूटर से मिलने वाली सहायता से अभिभूत हैं तब खेल की गहरी समझ आधुनिक शतरंज में एकमात्र असली निर्णायक कारक बन गई है। आनंद ने तीन दिवसीय शतरंज कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि आपको जितना अधिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है, उतना ही कम आप जान पाते हैं। यदि हर दिन आपको 20-30 नए निष्कर्ष मिलते हैं तो आप उन्हें कैसे समझ पाएंगे। मेरा मानना है कि आज के शतरंज खिलाड़ियों को अलग करने वाली एकमात्र चीज गहरी समझ है।’’ कई साल पहले जब आनंद ने कंप्यूटर का उपयोग करना सीखा था, तब का उदाहरण देते हुए इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि नए विचारों के प्रति खुला रहना मददगार होता है, लेकिन बारीकियों को समझना एक खिलाड़ी को नए स्तर पर ले जाता है। आनंद ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि शतरंज में महारत हासिल करना रटने के बजाय पैटर्न को पहचानने पर आधारित है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दिमाग हमारी क्षमता से कहीं अधिक पैटर्न बनाता है। किसी का खेल देखने के हफ्तों बाद अक्सर खिलाड़ियों के दिमाग में नए विचार आ जाते हैं। उन्हें इसका अहसास नहीं होता है कि वे कहीं और से कुछ नकल कर रहे हैं।’’  

टीम इंडिया का तूफानी प्रदर्शन, दूसरे मैच में नामीबिया के सामने 210 रनों की चुनौती

नई दिल्ली दिल्ली के अरुण जेलटी स्टेडियम में भारत और नामीबिया के बीच खेले जा रहे विश्व कप के मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209 रन बनाए हैं। नामीबिया को अब निर्धारित 20 ओवरों में 210 रनों का विशाल स्कोर बनाना है। नामीबिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया लेकिन उसका यह फैसला सही साबित नहीं हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। संजू सैमसन ने आते ही 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। वे 8 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए। उसके बाद ईशान किशन ने मोर्चा संभाला जिन्होंने 20 गेंदों में ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ा। वे 61 रन बनाकर आउट हुए। भारत की ओर से हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रनों की पारी खेली। तिलक वर्मा ने 25 रन बनाए वहीं, सूर्यकुमार यादव 12 रन बनाकर आउट हुए। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए हैं। नामीबिया ने आखिरी दो ओवरों में शानदार गेंदबाजी की और भारत के एक के बाद एक विकेट लिए जिससे भारतीय टीम 209 रनों पर ही रुक गई। अब क्या 210 रनों के स्कोर का नामीबिया पीछा कर पाएगी जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ।   पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंटरनेशनल पैरा स्विमर श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया को दी बधाई

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के इंटरनेशनल पैरा स्विमर श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया को दुनिया के सबसे मुश्किल समुद्री चैनलों में से एक, न्यूज़ीलैंड के कुक स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पद्मश्री और तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड जीतने वाले श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया ने इतिहास रच दिया है। इस शानदार कामयाबी के साथ, वे कुक स्ट्रेट को जीतने वाले एशिया के पहले पैरा स्विमर बन गए हैं। उनकी यह असाधारण कामयाबी देश और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया के ज़बरदस्त जज़्बा और पक्का इरादा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहेगा।  

पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता बढ़ाने के लिये मध्‍यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में 2 दिवसीय सेमिनार संपन्न

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में विगत दिनों अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा सूचना का अधिकार अधिनियम विषयों पर आयोजित 2 दिवसीय सेमिनार का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस सेमिनार का मुख्‍य उद्देश्य अधिकारियों की विधिक समझ को सुदृढ़ करना, संवेदनशील प्रकरणों में विधि अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। सेमिनार में मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों से आए अधिकारियों को अधिनियमों के नवीनतम संशोधनों और माननीय न्यायालयों द्वारा दी गई कानूनी व्याख्याओं से अवगत कराया गया।साथ ही केस स्टडीज के माध्यम से जटिल प्रकरणों के प्रभावी क्रियान्वयन और विधिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पक्षों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक डॉ.  संजय कुमार अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।  

रूस का कड़ा फैसला, WhatsApp, Facebook और YouTube पर प्रतिबंध

रूस टेलीग्राम पर रोक लगाने के बाद रूस की पुत‍िन सरकार ने अमेर‍िकी सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर कार्रवाई शुरू कर दी है। मीड‍िया र‍िपोर्टों के अनुसार, रूस में वॉट्सऐप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय अमेर‍िकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी गई है। कहा जा रहा है क‍ि वहां लोग इन पॉपुलर ऐप्‍स को इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को रूस ने पॉपुलर मैसेजिंग ऐप Telegram पर रोक लगा दी थी। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है, ताकि लोग सरकारी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने लगें। रूस की नियामक संस्था ‘रोसकोमनाडजोर’ ने सुरक्षा का हवाला देते हुए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। अब अमेरिका के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रोक लग गई है। इन वेबसाइट्स के डोमेन नाम को रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुतिन सरकार ने सिर्फ अमेरिका के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों पर भी रोक लगाई है। इससे प्रभावित हुई वेबसाइट्स में बीबीसी, डॉउचा वेले, रेडियो फ्री यूरोप रेडियो लिबर्टी शामिल हैं। इसके अलावा, टॉर ब्राउजर (Tor Browser) को भी ब्लॉक कर दिया गया है, जिसका इस्तेमाल गुमनाम ब्राउजिंग के लिए किया जाता था। राष्ट्रीय DNS सिस्टम इस्तेमाल करना हुआ अनिवार्य बता दें कि रूस में इंटरनेट सेवा देने वालों के लिए देश के राष्ट्रीय DNS सिस्टम का इस्तेमाल करना अनिवार्य हो गया है। यह सिस्टम Roskomnadzor नाम की सरकारी एजेंसी की निगरानी में काम करता है। सिस्टम का काम “सॉवरेन इंटरनेट” कानून के तहत इंटरनेट कंट्रोल को लागू करना है। क्यों उठाया रूस ने ये कदम? कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रूस ने यह कदम देश में विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मीडिया वेबसाइट्स के इस्तेमाल को लगभग खत्म कर देने के लिए उठाया है। हालांकि, इससे रूस में रहने वाले लोग कई ग्लोबल सर्विस और खबरों के सोर्स से दूर हो गए हैं। वॉट्सऐप कॉल‍िंंग फीचर पर पहले से बैन बता दें कि रूस में पहले से ही वॉट्सऐप की कई सर्विस पर बैन लगा हुआ है। पिछले साल WhatsApp और Telegram की कॉलिंग फीचर पर रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा, रूस ने दिसंबर में ऐपल के फेसटाइम और स्नैपचैट को भी देश में बैन कर दिया था।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं खेती के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी कार्यवाही के परिणामस्वरूप राजगढ़ एवं नीमच जिले में की गई दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में पुलिस ने 21 करोड़ 97 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्‍स एवं अफीम के पौधे) जब्‍त किए है। नीमच- 9.76 क्विंटल अवैध अफीम के हरे पौधे जब्‍त — कीमत लगभग 97 लाख 60 हजार रूपए जिले की पुलिस चौकी जाट को 11 फरवरी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्रामलुहारिया जाटमें कपास की फसल की आड़ में अवैध अफीम की खेती की जा रही है। सूचना पर पुलिस द्वारा तकनीकी साधनों एवं ड्रोन सर्चिंग के माध्यम से पुष्टि कर कार्रवाई की गई।पुलिस टीम द्वारा मौके से 11,600 नग हरे पौधे (कुल वजन 09 क्विंटल 76 किलोग्राम) अफीम के पौधे जब्‍त किए गए। कुल बरामद किए गए है। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 97 लाख 60 हजार रुपयेहै। आरोपी के विरूद्ध एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। 

एआई पर वैश्विक मंथन में लूला की एंट्री, भारत दौरे से बढ़ेगी रणनीतिक साझेदारी

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा भारत के दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वे एआई-इम्पेक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति लूला यहां पहुंचने वाले हैं। 19-20 फरवरी को एआई इम्पेक्ट समिट का आयोजन होगा, जिसमें ब्राजील के राष्ट्रपति शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय वार्ता 21 फरवरी को होगी। ब्राजील के राष्ट्रपति 21 फरवरी को भारत की प्रथम नागरिक और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, भारत के उपराष्ट्रपति समेत अन्य अधिकारियों से भी उनकी मुलाकात होगी। राष्ट्रपति लूला अपने बिजनेस डेलिगेशन समेत अन्य अधिकारियों के साथ भारत पहुंचेंगे। इससे पहले एमईए ने जानकारी दी थी कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी भारत पहुंचने वाले हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत में रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे के दौरान पीएम मोदी और मैक्रों हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, नेता आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में भी सहयोग शामिल है। दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे। इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा। राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पेक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। एमईए प्रवक्ता ने बताया कि अभी और भी कई अन्य नेता इस समिट में शामिल होने वाले हैं, जिनके बारे में बाद में जानकारी साझा की जाएगी। इसमें दुनिया भर के नेता, नीति बनाने वाले, इंडस्ट्री और एक्सपर्ट शामिल होंगे, ताकि गवर्नेस, नवाचार और स्थिर विकास के लिए एआई की क्षमता को दिखाया जा सके और उस पर चर्चा की जा सके।

आचार्य संतोषदास जी (सतुआ बाबा) का उप मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय स्वागत व अभिनंदन

भोपाल. महामंडलेश्वर काशी पीठ आचार्य  संतोषदास जी (सतुआ बाबा) का उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने अपने अमहिया (रीवा) निवास में आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य जी का सानिध्य एवं आशीर्वाद सदैव समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। उप मुख्यमंत्री ने  सतुआ बाबा के साथ ईको पार्क स्थित कुंडलेश्वर मंदिर में भगवान आशुतोष का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने आचार्य जी को ईको पार्क की प्राकृतिक सुंदरता का अवलोकन कराया जिसकी संत  ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।  

घर में हिंदू संस्कारों की झलक: बेटी की परवरिश और संस्कृति पर निक जोनस–प्रियंका चोपड़ा की सोच

लॉस एंजिल्स प्रियंका चोपड़ा भले सात समंदर पार भारत से बहुत दूर रह रही हों लेकिन उन्होंने अपने देसी अंदाज और भारतीय संस्कृति को कभी नहीं छोड़ा। अपने विदेशी पति निक जोनस भी अब भारतीय संस्कृति और हिंदुत्व को अच्छी तरह महसूस करने लगे हैं। निक जोनस और प्रियंका चोपड़ा अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस का पालन-पोषण हिंदू मूल्यों के साथ कर रहे हैं। निक जोनस ने हाल ही में अपनी बातचीत में इस बारे में काफी सारी बातें कही हैं। निक इन दिनों अपने एल्बम ‘संडे बेस्ट’ के प्रमोशन में जुटे हैं और अपने हालिया इंटरव्यू में उन्होंने अपने परिवार के बारे में बातें कीं। उन्होंने अपनी हालिया बातचीत में बेटी के पालन-पोषण पर निक ने बातें कीं। Zach Sang Show में नजर आए निक जोनस ने अपने प्रोजेक्ट के अलावा अपनी फैमिली पर बातें करते हुए कहा कि जब एक एक नन्हा सा बच्चा पहली बार किसी चीज का अनुभव करता है तो ये अद्भुत होता है। एक पिता और एक आर्टिस्ट के रूप में अपनी जिम्मेदारी को लेकर बातें करते हुए निक जोनस ने कहा, ‘किसी चिड़चिड़े बच्चे से सहानुभूति और प्यार से पेश आना, माता-पिता होने का सबसे दिलचस्प पहलू रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं अब उन चीजों के बारे में लिख रहा हूं जो मैं उसे समझाना चाहता हूं। वो सुनेगी और मैं इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता। उसे हमारा गाना (लव मी टू हेवन) बहुत पसंद है और हम इसे हमेशा सेट की शुरुआत में बजाते हैं। प्रियंका के साथ स्टेज के किनारे उसकी ड्रेस पकड़े हुए उसके कई शानदार वीडियो हैं, क्योंकि वह बस दौड़कर हमारे साथ शामिल होना चाहती है।’ इसी पॉडकास्ट पर निक से भारतीय संस्कृति के बारे में पूछा गया। उन्होंने इसका जवाब देते हुए कुछ ऐसा कहा जिसे सुनकर भारतीय फैन्स जमकर तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह हमेशा से एक बड़ा परिवार चाहते थे और उन्हें खुशी है कि प्रियंका भी यही सोचती हैं। भारत में अपनी पहली यात्रा को याद करते हुए निक ने इस बातचीत में कहा, ‘जब मैं पहली बार भारत गया तो वो अनुभव एकदम जादू वाला था। मुझे प्रियंका के दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने और भारतीय संस्कृति को और भी गहराई से समझने का मौका मिला। कुछ भारतीय परंपराएं और त्योहार अब मेरी फेवरेट परंपराएं और त्योहार बन गए हैं।’ निक ने ये भी कहा- मेरे जीवन की कुछ सबसे प्यारी यादें या तो भारत से जुड़ी हैं या भारत के आसपास के इलाकों से। निक भी अब भारतीय संस्कृति में रच-बस गए हैं। उन्होंने इसकी जमकर तारीफ की और कहा कि बेटी मालती का पालन-पोषण हिंदू मूल्यों के साथ ही हो रहा है, क्योंकि इस धर्म ने उनकी भी स्प्रिचुअलिटी को भी बदल दिया है। उन्होंने कहा, ‘यह वाकई अविश्वसनीय रहा है। मैंने हिंदू धर्म के बारे में बहुत कुछ सीखा है, जो अद्भुत है। यह गहरा और सुंदर है, और कर्म का अभ्यास और दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना जैसा आप अपने साथ करवाना चाहते हैं… और आपके पास अच्छे फल का आना बहुत सुंदर है।’

पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने रचा इतिहास

भोपाल . मध्यप्रदेश के गौरव, पद्म सम्मानित अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया ने विश्व की सबसे कठिन समुद्री तैराकियों में से एक न्यूज़ीलैंड के कुक स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर इतिहास रच दिया। वे इस चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्ग को पार करने वाले एशिया के पहले दिव्यांग तैराक बन गए हैं। तैराक  लोहिया 18 जनवरी 2026 से न्यूज़ीलैंड में इस अभियान की तैयारी कर रहे थे और लगातार ठंडे पानी में कठिन अभ्यास व अक्लिमेटाइजेशन कर रहे थे। 28 जनवरी को उनका पहला प्रयास खराब मौसम के कारण रोकना पड़ा था। उन्होंने हार नहीं मानी और पुनः तैयारी कर निर्धारित दिनांक 12 फरवरी को अदम्य साहस और आत्मविश्वास के साथ चुनौती स्वीकार की। तैराकी के दौरान उन्हें अत्यंत ठंडे पानी, तेज़ समुद्री धाराओं और प्रतिकूल मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, फिर भी उन्होंने दृढ़ संकल्प के बल पर लक्ष्य हासिल किया। 70 प्रतिशत दिव्यांग और व्हीलचेयर बाउंड होने के बावजूद उनकी यह उपलब्धि अदम्य इच्छाशक्ति और संघर्ष की मिसाल बन गई है। तैराक  लोहिया ने अपनी सफलता का श्रेय न्यूज़ीलैंड के अपने तैराक साथियों, पायलट फिलिप्स तथा सहयोगी मुजीब खान को दिया, जिन्होंने पूरे प्रशिक्षण और प्रयास के दौरान उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश और पूरे भारत की विजय है। यह विजय संदेश देती है कि संकल्प, साहस और निरंतर प्रयास से कोई भी असंभव लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।  

भारत के खिलाफ नई रणनीति? बांग्लादेश और अमेरिका की नजदीकी से सियासी भूचाल

नई दिल्ली कपड़ा उद्योग बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस रीढ़ को सहारा देते हैं भारत समेत सेंट्रल एशिया के कुछ देश. बांग्लादेश कपड़े बनाता है लेकिन इसके लिए कपास (Cotton) भारत सप्लाई करता है, लेकिन अब बांग्लादेश ने इसमें बड़े बदलाव की घोषणा कर दी है. मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने 9 फरवरी को अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता किया था. आज यानी गुरुवार को बांग्लादेश में चुनाव हो रहे हैं और इस चुनाव से ठीक तीन दिन पहले यूनुस सरकार ने अमेरिका से व्यापार समझौता कर लिया. समझौते की वैधता पर कई सवाल खड़े हुए क्योंकि यूनुस सरकार ने समझौते को काफी सीक्रेट रखा और इसका ड्राफ्ट किसी के साथ शेयर नहीं किया गया. अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत बांग्लादेश भारत से कपास की खरीद को धीरे-धीरे कम करने जा रहा है. बांग्लादेश ने घोषणा की है कि भारत की जगह अब अमेरिका से कपास खरीदी जाएगी.   ‘बांग्लादेश के लिए गेमचेंजर साबित होगा अमेरिका से कपास की खरीद’ बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के सूचना सलाहकार शफीकुल आलम ने एक इंटरव्यू में अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को ‘गेम चेंजर’ बताया. उन्होंने कहा कि इससे बांग्लादेश को अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जो उसके लिए बेहद अहम है. अमेरिका ने बांग्लादेश से व्यापार समझौते के तहत टैरिफ में एक प्रतिशत की कटौती कर उसे 19% कर दिया है. कंबोडिया और इंडोनेशिया जैसे देश वस्त्र उद्योग में बांग्लादेश के प्रतिस्पर्धी हैं और इन देशों पर भी अमेरिका ने 19% का ही टैरिफ लगाया है. साथ ही, अमेरिका ने कहा है कि अगर बांग्लादेश अपने कपड़े अमेरिकी कपास या मानव निर्मित फाइबर से बनाता है तो उस पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा यानी बांग्लादेश बिना किसी फीस के उसे अमेरिका में बेच सकेगा. भारत से बड़ी मात्रा में कपास खरीदता है बांग्लादेश बांग्लादेश का वस्त्र उद्योग काफी बड़ा है लेकिन वो कपड़ों के लिए पर्याप्त कपास या जरूरी धागे का उत्पादन नहीं कर पाता. इसके लिए वो भारत और सेंट्रल एशिया के देशों पर निर्भर है. लेकिन माना जा रहा है कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद अब उसके सप्लायर्स में अमेरिका शीर्ष के देशों में शामिल हो जाएगा. 2024 में भारत ने बांग्लादेश को 1.6 अरब डॉलर का कपास धागा और लगभग 8.5 करोड़ डॉलर का मानव निर्मित फाइबर धागा बेचा था. इनका बड़ा हिस्सा जमीनी बंदरगाहों के रास्ते भेजा गया. लेकिन 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया. भारत ने शेख हसीना को राजनीतिक शरण दी जिसके बाद से रिश्ते और खराब हुए. इसे देखते हुए 13 अप्रैल 2025 को बांग्लादेश ने जमीनी रास्ते से भारतीय कपास के आयात पर रोक लगा दी. इसके जवाब में भारत ने 16 मई 2025 से बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट्स समेत कई उत्पादों के जमीनी रास्ते से देश में एंट्री पर रोक लगा दी. बांग्लादेश भारत को सबसे अधिक रेडीमेड गारमेंट्स बेचता है. तनावपूर्ण रिश्तों के बीच बांग्लादेश ने भारत के बजाए अब अमेरिका से कपास खरीदने की योजना बनाई है. अमेरिका बांग्लादेशी कपड़ों का सबसे बड़ा बाजार भी है. ऐसे में बांग्लादेश मान रहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में कपास खरीद को शामिल करना टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए बहुत अच्छा फैसला साबित होगा. ब्रैक यूनिवर्सिटी के प्रमुख अर्थशास्त्री प्रोफेसर सलीम जहान ने द हिंदू से बात करते हुए कहा कि इस समझौते से अमेरिका के कपास उत्पादकों के लिए बांग्लादेश अब आकर्षक जगह बन गया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका का कपास भारत और मिस्र के कपास जैसी क्वालिटी वाला होगा या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा, ‘टेक्सटाइल सेक्टर में कपास की क्वालिटी सबसे ज्यादा मायने रखती है. अगर अमेरिकी कपास स्टैंडर्ड पर खरी नहीं उतरी, तो अमेरिकी खरीदार भी हमारे कपड़े पसंद नहीं करेंगे.’ प्रोफेसर जहान ने यह भी कहा कि अमेरिका बांग्लादेश से काफी दूर है और वहां से कपास के आने की वजह से उसका शिपिंग चार्ज काफी बढ़ सकता है जिससे टैरिफ में मिली छूट का फायदा कम हो जाएगा.

अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को 4 वर्ष की सजा

भोपाल. अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को 4 वर्ष की सजा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इसी दिशा में कार्रवाई करते हुए स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश को वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो भारत सरकार, नई दिल्ली से प्राप्त इन्टेलिजेंस इनपुट के आधार पर 18 अगस्त, 2023 को ग्यारसपुर विदिशा से कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी एवं तस्कर आदिम सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ द्वारा की गयी सटीक विवेचना एवं वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर एकत्रित किये गये सबूतों तथा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नर्मदापुरम द्वारा ठोस पक्षों के आधार पर न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम द्वारा 11 फरवरी को सभी 3 आरोपियों को दोषी मानते हुए 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया। वन विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर तस्कर कल्ला बावरिया को नेपाल को सौंपने की कार्यवाही की जायेगी। इससे दक्षिण एशिया महाद्वीप में फैले इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह द्वारा बाघों के शिकार एवं उनके अवयवों की तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा भारत सरकार के माध्यम से एसएडब्ल्यूईएन (साउथ एशिया वाइल्ड लाइफ इन्फोर्समेंट नेटवर्क) मुख्यालय काठमांडू नेपाल से संपर्क कर कल्ला व उसके गिरोह के अन्य सदस्यों तथा अपराधों के संबंध में पड़ोसी देश नेपाल से जानकारी एकत्रित की, जिसमें नेपाल में भी वर्ष 2012 में कल्ला के विरुद्ध बाघ के शिकार व उसके अवयवों की तस्करी का प्रकरण दर्ज होना पाया गया। साथ ही पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों के अवैध व्यापार का एक प्रकरण वर्ष 2013 का पाया गया। कल्ला बावरिया को विगत कई वर्षों से कई राज्यों की पुलिस, वन विभाग एवं नेपाल सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (सीआईबी) तलाश रही थी। एसटीएसाएफ द्वारा उक्त आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर वन विभाग जिला अकोला महाराष्ट्र को सौंपा गया था। प्रकरण की अग्रिम विवेचना के दौरान पुजारी सिंह वल्द रामकुमार सिंह बावरिया निवासी होशियारपुर पंजाब एवं गिरोह की मुख्य कड़ी बाघ तस्कर एक महिला रिंडिक टेरोंपी निवासी असम को एसटीएसएफ द्वारा वर्ष 2025 में गिरफ्तार किया गया था।  

टी20 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक विकेट लेने वाले नंबर-2 गेंदबाज बने एडम जांपा

कोलंबो एडम जांपा टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। इस लेग स्पिनर ने अब तक टी20 वर्ल्ड कप में 40 विकेट हासिल किए हैं, जिसके साथ उन्होंने वानिंदु हसरंगा और राशिद खान की बराबरी कर ली है। इन तीनों ही गेंदबाजों ने टी20 वर्ल्ड कप में 40-40 विकेट हासिल किए हैं, जबकि शाहिद अफरीदी 39 विकेट के साथ इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पर बांग्लादेश के शाकिब अल हसन हैं, जिन्होंने 50 विकेट अपने नाम किए। आयरलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में एडम जांपा ने 4 ओवर गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर 4 विकेट निकाले। यह जांपा का टी20 वर्ल्ड कप में दूसरा ‘फोर-विकेट हॉल’ है। उन्होंने टूर्नामेंट में एक बार मैच में 5 विकेट भी निकाले हैं। कुल मिलाकर, जांपा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 112 मुकाबलों में 20.56 की औसत से 143 विकेट लिए हैं। इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 182 रन बनाए। इस टीम के लिए मार्कस स्टोइनिस ने सर्वाधिक 45 रन बनाए, जबकि मैट रेनेशॉ और जोश इंगलिस ने 37-37 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। विपक्षी खेमे से मार्क अडायर ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि मैथ्यू हम्फ्रीज, जॉर्ज डॉकरेल और हैरी टेक्टर ने 1-1 विकेट निकाला। इसके जवाब में आयरलैंड की टीम 16.5 ओवरों में 115 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए जॉर्ज डॉकरेल ने सर्वाधिक 41 रन बनाए, जबकि लॉरेन टकर ने 24 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से नाथन एलिस और एडम जांपा ने 4-4 विकेट निकाले। एक विकेट मैथ्यू कुहनेमन के हाथ लगा। ऑस्ट्रेलियाई टीम 13 फरवरी को अपने अगले मुकाबले में इसी वेन्यू पर जिम्बाब्वे से भिड़ेगी, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के उनके ग्रुप स्टेज का दूसरा मैच होगा। इस मुकाबले में जांपा के पास राशिद और हसरंगा से आगे निकलने का मौका होगा।  

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर. आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति की बैठक हुई। बैठक नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में संपन्न हुई। आज की बैठक में कुल 17 प्रकरणों की समीक्षा एवं सुनवाई की गई। इनमें जाति जांच प्रकरण से संबंधित 12 प्रकरणों में पक्षकार समिति के समक्ष उपस्थित हुए। 06 प्रकरणों की सुनवाई पूर्ण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। 05 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र धारकों को सुनवाई का एक और अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आगामी बैठक में उपस्थित होकर अपनी जाति के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 01 प्रकरण में विजिलेंस टीम को दुबारा मौके पर जाकर जाचं कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं 05 प्रकरणों में पक्षकार अनुपस्थित रहे।  बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर (सदस्य), आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक मती हिना अनिमेष नेताम (सदस्य सचिव), लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक  ऋतुराज रघुवंशी (सदस्य), संचालक, भू अभिलेख,  विनीत नंदंनवार, संयुक्त संचालक, टीआरटीआई मती गायत्री नेताम (प्रभारी अधिकारी, जाति जांच प्रकोष्ठ), मती रमा उइके (सदस्य), डॉ. अनिल विरूलकर (सदस्य) सहित जाति जाँच प्रकोष्ठ के  जितेन्द्र गुप्ता, मती अंजनी भगत,  ईश्वर साहू उपस्थित थे।   उल्लेखनीय है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा नियमित अंतराल में बैठक आयोजित कर जाति प्रमाण पत्र एवं सामाजिक प्रस्थिति से संबंधी प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय से संबद्ध प्रकरणों पर भी नियमानुसार पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनवाई कर प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। आज की बैठक में बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अधिवक्ता अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु उपस्थित हुए।     विदित हो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में दिये गये मार्गदर्शी निर्देश एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) अधिनियम 2013 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत कुल 07 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति का गठन किया गया है। समिति अर्द्ध न्यायिक स्वरूप में कार्य करते हुए निष्पक्ष एंव समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित कर रही है। 

महाशिवरात्रि विवाद सुप्रीम कोर्ट में: दरगाह प्रबंधन की गुहार पर SC की अहम टिप्पणी

कर्नाटक सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (12 फरवरी) को कर्नाटक स्थित अलंद लाडले मशाइक दरगाह प्रबंधन की उस अर्जी पर सुनवाई करने से मना कर दिया जिसमें जिसमें दरगाह परिसर में हिंदू महाशिवरात्रि पूजा और दूसरे हिंदू रीति-रिवाजों पर रोक लगाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। दरगाह मैनेजमेंट ने भारत के संविधान के आर्टिकल 32 के तहत अर्जी दी थी, जो उन पार्टियों को राहत के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने की इजाज़त देता है जिनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। दरगाह प्रबंधन याचिका में दावा किया था कि दरगाह के धार्मिक स्वरूप को बदलने के लिए हर साल रणनीतिक तरीके से पूजा की अनुमति लेने की कोशिश की जा रही है। प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप कर दरगाह के मूल धार्मिक चरित्र को बनाए रखने की भी मांग की थी। हालांकि, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एससी शर्मा की पीठ ने कहा कि इस तरह के मामलों में पहले हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने भी टिप्पणी की थी कि हर मामला सीधे अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट लाना उचित नहीं है, क्योंकि इससे यह संदेश जाता है कि हाई कोर्ट प्रभावी नहीं हैं। जब कल चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची के सामने यह मामला आया, तो इस बेंच ने यह भी सवाल उठाया था कि पहले हाई कोर्ट जाने के बजाय आर्टिकल 32 की पिटीशन क्यों फाइल की गई। यह विवाद उस दरगाह से जुड़ा है जो 14वीं सदी के सूफी संत हजरत शेख अलाउद्दीन अंसारी (लाडले मशाइक) और 15वीं सदी के हिंदू संत राघव चैतन्य से संबंधित मानी जाती है। दरगाह परिसर में राघव चैतन्य शिवलिंग नाम से पहचानी जाने वाली एक संरचना भी मौजूद बताई जाती है। ऐतिहासिक रूप से इस स्थल पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय पूजा-अर्चना करते रहे हैं, हालांकि 2022 में यहां पूजा अधिकार को लेकर तनाव की स्थिति बनी थी। गौरतलब है कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने 2025 में 15 हिंदू श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि पर पूजा की अनुमति दी थी, जो भारी सुरक्षा के बीच सम्पन्न हुई थी। इससे पहले भी कोर्ट के आदेश पर सीमित संख्या में पूजा कराई गई थी। दरगाह प्रबंधन का कहना था कि बार-बार अंतरिम आदेश लेकर धार्मिक स्थल के स्वरूप को बदलने की कोशिश की जा रही है, जो Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 के खिलाफ हो सकता है। इस कानून के तहत 15 अगस्त 1947 को किसी धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, उसे बनाए रखना जरूरी माना गया है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद इस मामले में आगे की कानूनी लड़ाई हाई कोर्ट में होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला धार्मिक अधिकार, ऐतिहासिक दावों और कानून के संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

कानपुर हिट-एंड-रन पर कानूनी ट्विस्ट: 7 घंटे में छूटा आरोपी शिवम, रिमांड पर कोर्ट सख्त

कानपुर कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड में तंबाकू व्यापारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को एसीएमएम कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने शिवम को 20-20 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश किया। साथ की पुलिस की 14 दिन की रिमांड अर्जी को खारिज कर दिया है। आज सुबह ही करीब 9 बजे शिवम की गिरफ्तारी हुई थी। और महज 7 घंटे में छूट गया है। हालांकि पुलिस जांच में सामने आया था कि हादसे के वक्त शिवम मिश्रा ही ड्राइविंग सीट पर था, और कार चला रहा था। आपको बता दें कानपुर के वीआईपी रोड पर करीब 12 करोड़ रुपये की लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार से हुए हादसे के मामले में पुलिस ने बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को आज ही गिरफ्तार किया था। हादसे में कई लोग घायल हुए थे, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया। पुलिस का दावा है कि दुर्घटना के समय शिवम मिश्रा खुद कार चला रहा था, जबकि बचाव पक्ष का कहना है कि वाहन ड्राइवर मोहन लाल चला रहा था। हालांकि वायरल वीडियो में शिवम ड्राइविंग सीट से बाहर निकलते हुए दिखाई दिया, जिससे पुलिस की जांच को मजबूती मिली। हादसे के बाद मौके पर मौजूद बाउंसरों की भूमिका भी सवालों में रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोग कार की नंबर प्लेट हटाने या ढकने की कोशिश करते नजर आए और उनके पास वॉकी-टॉकी भी थे। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे, जिसके बाद ग्वालटोली थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया और सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो की जांच की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जब शिवम के घर पहुंची तो दरवाजा नहीं खोला गया, लेकिन गुरुवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। मामले की आगे जांच जारी है।  

अब तक 14,518 किसानों को मिला 51.51 करोड़ का भुगतान

रायपुर. उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों से 4.73 करोड़ रुपये जारी होली पर्व से पूर्व कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा गन्ना किसानों के लिए 4.73 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। नियमित एवं समयबद्ध भुगतान की इस प्रक्रिया से किसानों को आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी सुचारु रूप से कर पा रहे हैं। कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी  गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है। उनके निर्देशन में कारखाना प्रबंधन द्वारा किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी एवं त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।      कारखाना प्रबंधन ने बताया कि चालू पेराई सत्र में अब तक 2,42,990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है तथा 2,86,743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया गया है। यह उपलब्धि किसानों के सतत सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यक्षमता का संयुक्त परिणाम है। गौरतलब है कि होली जैसे प्रमुख त्योहार से पूर्व भुगतान की पहल से किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन एवं कारखाना प्रबंधन ने किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहने का विश्वास दिलाया है।    भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रबंधन ने इसे सहकारिता को मजबूत करने और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने का साझा अवसर बताया है। विगत पेराई सत्र 2024-25 एवं वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुरूप गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण कारखाने की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि पर्याप्त गन्ना आपूर्ति होने से पेराई अवधि बढ़ेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को आगे भी समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।  कारखाना प्रबंधन ने कारखाने की पंजीकृत उपविधियों के अंतर्गत जानकारी देते हुए बताया कि उपविधि धारा 07(02)(घ) के अंतर्गत सदस्य किसानों के लिए अपने उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करना अनिवार्य है। वहीं उपविधि धारा 09(क)(05) में यह प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य लगातार सर्वे के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सहकारी संस्था की निरंतरता और किसानों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा करना है। किसानों के हित में सतत प्रयास कारखाना प्रबंधन ने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना अपनी स्थापना से ही क्षेत्र के गन्ना किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति का सशक्त माध्यम रहा है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और किसानों के सहयोग से कारखाना निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। कारखाना द्वारा एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी की राशि, शासन द्वारा जारी बोनस राशि का भी भुगतान किया जाता है। शक्कर कारखाना द्वारा किसानों को शासन के सहयोग से रियायती दर पर शक्कर वितरण भी किया जाता है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों के लिए उन्नत बीज उपलब्ध कराया जाता है,गन्ना किसानों को गन्ना संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। किसानों के लिए कारखाना परिसर में सर्व सुविधा युक्त बलराम सदन का निर्माण किया गया है। कारखाना परिसर में श्रमिकों एवं किसान भाइयों के लिए केवल 5 रुपए में गरम भोजन के लिए कैंटीन शुरू की गई है। इस प्रकार भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी निर्वहन किया जाता है। अस्तित्व की रक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता जरूरी  कारखाना प्रबंधन ने सभी शेयरधारक किसानों और अन्य गन्ना उत्पादकों से अपील की है कि वे सर्वे के अनुसार अधिक से अधिक गन्ना कारखाने में दें। प्रबंधन का कहना है कि अगर सभी किसान मिलकर सहयोग करेंगे तो पेराई का लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा और कारखाना मजबूत बना रहेगा। इससे सहकारी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के गन्ना किसानों का भविष्य भी सुरक्षित और बेहतर होगा।  

समन विवाद पर नया मोड़, केजरीवाल को मिली राहत से असंतुष्ट ED पहुंची ऊपरी अदालत

नई दिल्ली ईडी ने समन की अनदेखी करने के मामले में अरविंद केजरीवाल की दोबारा कानूनी घेरेबंदी करने की तैयारी कर ली है। ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया गया कि वह दिल्ली आबकारी मामले में समन का पालन नहीं करने के आरोप में अरविंद केजरीवाल को दो मामलों में बरी करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देगी। केजरीवाल को मिली राहत को देंगे चुनौती ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। इसी साल 22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को उनके खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में बरी कर दिया था। ये मामले कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले की जांच में शामिल होने के लिए भेजे गए समन के बाद ईडी के सामने पेश नहीं होने को लेकर दर्ज किए गए थे। याचिका वापस लेने की परमिशन दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में ईडी की ओर से उन्हें जारी समन को चुनौती देने वाली अपनी याचिका वापस लेने की परमिशन दे दी। केजरीवाल के वकील ने कहा कि वह इस मामले को नहीं बढ़ाना चाहते हैं क्योंकि समन के बाद एजेंसी के सामने पेश नहीं होने के कारण दर्ज मामले में उनको पहले ही बरी कर दिया गया है। निचली अदालत ने फैसले में क्या कहा? समन की अनदेखी मामले में यह देखते हुए कि आरोपी एक मौजूदा मुख्यमंत्री थे। उन्हें भी आने-जाने का अपना मौलिक अधिकार था… ट्रायल कोर्ट ने कहा कि समन की सही सेवा को कानूनी चुनौती दी जा सकती है। जांच एजेंसी ईडी यह साबित करने में नाकाम रही है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अवहेलना की। नौवें समन के बाद पहुंचे थे हाईकोर्ट बता दें कि केजरीवाल ने ईडी नौवें समन के बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 20 मार्च, 2024 को ईडी से जवाब मांगा था। हालांकि अदालत का कहना था कि वह इस स्टेज पर केजरीवाल को कोई अंतरिम राहत नहीं देगी। केजरीवाल को उसी शाम ईडी की ओर से गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल केजरीवाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में अंतरिम बेल पर हैं। ईडी के क्या हैं आरोप? ईडी का आरोप है कि केस के दूसरे आरोपी पूर्व की एक्साइज पॉलिसी बनाने के लिए केजरीवाल के संपर्क में थे। इससे उन्हें गलत फायदा हुआ। वहीं अपनी अर्जी में केजरीवाल ने गिरफ्तारी, पूछताछ और बेल देने के संबंध में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है। उन्होंने कई मुद्दे उठाए हैं जिसमें शामिल है कि क्या कोई पॉलिटिकल पार्टी एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत आती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंजीनियर्स की एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का किया शुभारंभ

भगवान विश्वकर्मा का साक्षात् अवतार हैं इंजीनियर्स सड़क एवं भवन विकास कार्यों के लिए म.प्र. शासन के साथ हुए 4 एमओयू पीडब्ल्यूडी की प्रशिक्षण कार्ययोजना 2026-27, न्यूज लेटर सहित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं बजट मॉड्यूल का भी हुआ विमोचन पिछले 2 वर्ष में लोक निर्माण विभाग ने अपने कार्यों के आधार पर बनाई विशिष्ठ पहचान   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निर्माण सिर्फ ईंट–पत्थर का संयोजन नहीं, एक अभिनव कला है। इसमें उत्कृष्ट दृष्टिकोण के साथ दीर्घकालिक कार्य योजना को अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अब हर निर्माण कार्य में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच अनिवार्य रूप से दिखाई देना चाहिए। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए हम सभी को पूरी क्षमता दक्षता से काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अभियंताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैचारिक प्रतिबद्धता और कार्यशैली में जड़ता से बचने और बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने के लिए कौशल संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। ऐसी कार्यशालाएं अभियंताओं की स्किल्स को रिफ्रेश करती हैं और उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टि, नवाचार और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से लोक निर्माण विभाग नवाचारों को धरातल पर उतार रहा है। वर्तमान समय में हमारे इंजीनियर्स साक्षात् भगवान विश्वकर्मा के अवतार हैं। लोक निर्माण विभाग ने पिछले 2 वर्षों के कार्यों के आधार पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस अवधि में सराहनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के अंतिम अध्याय में ज्ञान और विज्ञान की बात कही गई है, जिसमें मन, बुद्धि और अहंकार के साथ पंच तत्वों की व्याख्या की गई है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर्स की यह कार्यशाला आधुनिक संरचनाओं के निर्माण को गति प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण पहल है। हमारे इंजीनियर्स ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक विकास के निर्माण कार्य किए हैं। सड़क, पुल, स्टेडियम और भवन जैसे निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से ही किये जाते हैं। विभागीय इंजीनियर्स की क्षमता संवर्धन के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की आवश्यकता भी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर्स को अपना काम करने में अनेक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आज की कार्यशाला में एमपीआईडीसी सहित देश की विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते हुए हैं। प्रदेश में ग्रीन बिल्डिंग के विकास को लेकर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कार्यों और नवाचारों के लिए लोक निर्माण मंत्री एवं विभाग को बधाई दीं। तकनीक, पारदर्शिता और गुणवत्ता से बदलेगा निर्माण तंत्र : लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने क्षमता संवर्धन कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभाग की उस निरंतर सुधार यात्रा का प्रतीक है जिसमें नई सोच, नई प्रणाली और उच्च गुणवत्ता के साथ लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब सोच बदलती है तभी व्यवस्था बदलती है, और यह कार्यशाला विभाग के नवाचारों की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में अधोसंरचना विकास को केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता, तकनीक और नागरिक सुविधा से जोड़ा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, डिजिटल इंडिया, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, हरित विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब विकास समन्वित सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति और दिशा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट संदेश है कि निर्माण केवल संरचना नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है। समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता अब विभाग की कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के लिए 293 इंजीनियर्स के पद भरने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कार्य जारी है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल 2.0 विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सरकारी भवन निर्माण परियोजनाओं के लिए एक समग्र मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। मंत्री श्री सिंह ने पीएम गति शक्ति पोर्टल आधारित रोड नेटवर्क मास्टर प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सड़कों, पुलों और भवनों का वास्तविक आधार प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन होता है। इसी उद्देश्य से विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर एक वर्ष का प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया है, जिसमें प्रत्येक त्रैमास के लिए सड़क, पुल, भवन, पर्यावरण और नवीन तकनीकों जैसी थीम निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप निर्मित करने के निर्देशों के पालन में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियंताओं को इस विषय पर प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है, जो विभाग की सकारात्मक कार्य संस्कृति का उदाहरण है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के कार्यों के लिए ट्री शिफ्टिंग की एक कार्यशाला भी बहुत जल्द आयोजित की जाएगी। भास्कराचार्य संस्थान ने लोक निर्माण विभाग के 500 से अधिक लोक कल्याण सरोवरों की कार्य योजना तैयार कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों का औचक निरीक्षण की शुरुआत की है, जिसे ओडिशा और राजस्थान जैसे राज्यों ने अपनाया है। लोक निर्माण तकनीक, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यशाला में प्रशिक्षण कैलेंडर एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट मैन्युअल का विमोचन किया गया तथा पी.एम.एस. पोर्टल-2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को प्रेजेंटेशन के साथ लाँच किया गया। साथ ही, … Read more

साइबर ठगी पर करारा प्रहार: फर्जी RTO ई-चालान लिंक भेजकर लाखों की ठगी, दो ठग गिरफ्तार

रायपुर रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी लिंक के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले दो साइबर आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपी Winmate और Wingo जैसे संदिग्ध ऐप के जरिए एंड्रॉइड यूजर्स को निशाना बनाते थे और उनके मोबाइल से फर्जी एसएमएस भेजकर बैंक खातों से रकम पार कर देते थे। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पृथ्वी कुमार बिश्नोई उर्फ राहुल (20) निवासी ग्राम डोलीकला, थाना कल्याणपुर, बाड़मेर (राजस्थान) और नरसिंह सिंह (24) निवासी भोपालगढ़, जोधपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। ऐसे हुआ पर्दाफाश प्रार्थी धर्मेंद्र सिंह ने थाना विधानसभा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर RTOechallan नाम से एक एसएमएस आया। उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक खाते से 4.52 लाख रुपये कट गए। इस पर अपराध क्रमांक 8/26 के तहत धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता और 66(D) आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर रेंज साइबर थाना ने जांच शुरू की। जांच के दौरान गूगल, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल सेवा प्रदाता, यूट्यूब और टेलीग्राम से मिले तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया, जिससे आरोपियों की पहचान कर राजस्थान में दबिश देकर गिरफ्तारी की गई। सोशल मीडिया पर लालच देकर फंसाते थे पुलिस के अनुसार आरोपी यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “Task Complete”, “Instant Bonus”, “Referral Bonus” और गेम खेलकर कमाई जैसे प्रलोभन देकर Winmate और Wingo जैसे ऐप डाउनलोड करवाते थे। ये ऐप प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं होते थे। ऐप इंस्टॉल करते ही यूजर को बोनस राशि दिखती थी और “SMS Task” के नाम पर उसके मोबाइल से बड़ी संख्या में फर्जी ई-चालान और संदिग्ध लिंक भेजे जाते थे। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता था और बैंक खाते या ई-वॉलेट से रकम निकाल ली जाती थी। Swiggy-Instamart से खपाते थे ठगी की रकम जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी की रकम को छिपाने के लिए Swiggy और Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से महंगे सामान की ऑनलाइन खरीदारी कर उसे अलग-अलग राज्यों में डिलीवर कराते थे, जिससे पैसों का ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। इससे पहले भी इसी तरह के मामले में WinGo ऐप के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपियों को महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—     केवल Play Store या App Store से ही ऐप डाउनलोड करें।     “गारंटीड मुनाफा” या “आसान कमाई” के झांसे में न आएं।     अनावश्यक रूप से SMS, कॉन्टैक्ट या बैंक संबंधी अनुमति मांगने वाले ऐप इंस्टॉल न करें।     किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल पर क्लिक न करें।     साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।  

बायर्न का सेमीफाइनल टिकट कन्फर्म, जर्मन कप में लीपजिग को चटाई धूल

बर्लिन बायर्न म्यूनिख ने 2020 के बाद पहली बार जर्मन कप के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। क्वार्टरफाइनल में आरबी लीपजिग को 2-0 से हराकर बायर्न ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। दोनों गोल दूसरे हाफ में आए। लीपजिग ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। क्रिस्टोफ बॉमगार्टनर ने चौथे मिनट में गोल भी कर दिया था, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद इसे ऑफसाइड करार दिया गया। इसके बाद बायर्न ने धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। हैरी केन ने शुरुआती मिनटों में गोलकीपर मार्टेन वेंडेवोर्ड्ट को कठिन बचाव करने पर मजबूर किया, जबकि 11वें मिनट में कैस्टेलो लुकेबा ने रिबाउंड पर संभावित गोल को लाइन से हटाकर टीम को राहत दी। पहले हाफ के मध्य में बायर्न ने दबाव बढ़ाया। लुइस डियाज और केन ने करीब से गोल करने की कोशिश की, लेकिन लीपजिग का डिफेंस मजबूती से डटा रहा। एक विवादित क्षण तब आया जब जोसिप स्टैनिसिक ने एंटोनियो नुसा को पेनल्टी बॉक्स के बाहर गिराया, पर रेफरी ने पेनल्टी नहीं दी। हाफ टाइम तक दोनों टीमें गोलरहित रहीं। दूसरे हाफ में मुकाबला संतुलित रहा, लेकिन 64वें मिनट में निर्णायक मोड़ आया। लीपजिग के गोलकीपर वेंडेवोर्ड्ट स्टैनिसिक को चैलेंज करते हुए फिसल गए और बायर्न को पेनल्टी मिल गई। हैरी केन ने शांतचित्त होकर पेनल्टी को गोल में बदला और टीम को बढ़त दिलाई। इसके तीन मिनट बाद ही लुइस डियाज ने 67वें मिनट में दूसरा गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। इसके बाद बायर्न ने खेल पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और लीपजिग को वापसी का मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ बायर्न सेमीफाइनल में बायर लेवरकुसेन, स्टटगार्ट और फ्रीबर्ग के साथ शामिल हो गया है। अंतिम चार के लिए ड्रॉ 22 फरवरी को होगा। मैच के बाद लीपजिग के चेयरमैन ओलिवर मिंट्जलाफ ने बायर्न को बधाई देते हुए कहा कि उनकी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन भविष्य में बायर्न को हराने के लिए और मेहनत की जरूरत होगी।  

छत्तीसगढ़ की 4 सेंट्रल जेलों को मिला आईएसओ गुणवत्ता प्रमाणन

रायपुर. छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्थाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उप मुख्यमंत्री एवं जेल विभाग के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के निर्देशन में राज्य की जेलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। इन्हीं प्रयासों का ही यह परिणाम है कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर एवं अम्बिकापुर को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक आईएसओ 9001ः2015 का प्रमाणन प्राप्त हुआ है।  उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा जेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से आईएसओ सर्टिफिकेशन कराने की पहल की थी। यह प्रक्रिया पूर्ण कर राज्य की चार प्रमुख केंद्रीय जेलों को प्रमाणन प्राप्त हो गया है। इस प्रमाणन से जेल प्रशासन में कार्य प्रक्रियाओं में एकरूपता एवं पारदर्शिता, बंदी कल्याण और मानवाधिकार संरक्षण को बढ़ावा, जोखिम प्रबंधन और जवाबदेही में सुधार, जनविश्वास एवं संस्थागत विश्वास में वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य की सुधारात्मक न्याय प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य जेलों को केवल निरुद्ध स्थान के रूप में नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित करना है। 

ईरान बनाम इजरायल: हाइपरसोनिक मिसाइलों के खिलाफ डेविड्स स्लिंग की रणनीति क्या है?

इजरायल  इजरायल की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली डेविड्स स्लिंग ने एक बार फिर अपनी शक्ति साबित की है। भविष्य में बढ़ते मिसाइल खतरों, खासकर ईरान जैसे दुश्मनों को ध्यान में रखते हुए, इजरायल ने इस मध्यम दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम के कई जटिल और चुनौतीपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इजरायल ने तैयार कर लिया ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों का तोड़, डेविड्स स्लिंग के साथ क्या प्लान? इजरायल की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली डेविड्स स्लिंग ने एक बार फिर अपनी शक्ति साबित की है। भविष्य में बढ़ते मिसाइल खतरों, खासकर ईरान जैसे दुश्मनों को ध्यान में रखते हुए, इजरायल ने इस मध्यम दूरी की एयर डिफेंस सिस्टम के कई जटिल और चुनौतीपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। ये परीक्षण जून 2025 में ईरान के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध से सीखे गए महत्वपूर्ण सबकों पर आधारित हैं, जहां डेविड्स स्लिंग ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को भी सफलतापूर्वक रोक लिया था। यह प्रणाली इजरायल की बहु-स्तरीय रक्षा ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें आयरन डोम (छोटी दूरी), डेविड्स स्लिंग (मध्यम दूरी) और एरो (लंबी दूरी) शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि भविष्य के खतरों के लिए तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से इस मध्यम दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली के साथ कई उन्नत परीक्षण किए गए। राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित डेविड्स स्लिंग को 40 से 300 किलोमीटर की दूरी तक रॉकेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, विमान तथा मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी/ड्रोन) को मार गिराने के लिए तैयार किया गया है। इन परीक्षणों के नए चरण की घोषणा ऐसे समय में हुई जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता कर रहे थे। यह घटनाक्रम क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सामने आया है, जहां तेहरान की ओर से संभावित हमले की आशंका जताई जा रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये अभ्यास जून 2025 में ईरान के साथ हुए 12 दिवसीय युद्ध से प्राप्त ‘परिचालन अनुभवों’ पर आधारित थे। इसमें मौजूदा और उभरते खतरों के अनुरूप कई चुनौतीपूर्ण परिदृश्य शामिल किए गए। मंत्रालय ने कहा कि परीक्षणों की सफलता प्रणाली के तकनीकी और परिचालन उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। युद्ध के दौरान इस प्रणाली ने उच्च प्रदर्शन दिखाया और सफल अवरोधनों से कई जानें बचाईं तथा बड़े नुकसान को टाला। बता दें कि डेविड्स स्लिंग वर्ष 2017 से इजरायल में सक्रिय है और देश की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली का मध्य स्तर बनाती है। इस ढांचे में कम दूरी के लिए आयरन डोम और आयरन बीम शामिल हैं, जबकि लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए शीर्ष स्तर पर एरो-3 प्रणाली तैनात है। डेविड्स स्लिंग के उन्नयन से एरो-3 पर दबाव कम होता है। एरो-3 को इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए विकसित किया है। जहां डेविड्स स्लिंग की एक मिसाइल दागने की लागत लगभग 10 लाख डॉलर है, वहीं एरो-3 के इस्तेमाल पर 25 लाख डॉलर से अधिक खर्च आ सकता है। हालांकि डेविड्स स्लिंग को मूल रूप से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था, लेकिन रक्षा सूत्रों के अनुसार जून 2025 में ईरान के साथ संघर्ष के दौरान इसे तैनात किया गया और इसने लगभग 1500 किलोमीटर दूर से दागी गई कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया। इससे पहले इसका उपयोग मुख्य रूप से गाजा पट्टी और लेबनान से हमास तथा हिज़बुल्लाह द्वारा दागे गए मध्यम दूरी के रॉकेटों के खिलाफ किया जाता था। सेना के अनुसार, जून के संघर्ष के दौरान तेहरान की ओर से दागी गई लगभग 550 बैलिस्टिक मिसाइलों और 1000 से अधिक ड्रोनों में से करीब 85 प्रतिशत को सफलतापूर्वक मार गिराया गया।

13 वर्षीय ईसाई लड़की संग कथित जबरन इस्लाम कबूलनामा और निकाह, पाकिस्तान में मानवाधिकारों पर सवाल

इस्लामाबाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा। बार-बार ऐसे मामले सामने आते हैं जहां अल्पसंख्यक समुदाय की मासूम बच्चियों का अपहरण कर उनके धर्म को जबरन बदल दिया जाता है और छोटी उम्र में ही जबरदस्ती शादी कर दी जाती है। एक बार फिर ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान (HRFP) ने पाकिस्तान के साहिवाल जिले की तहसील चिचावतनी में 13 वर्षीय ईसाई लड़की सतीश मरियम के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन शादी पर गहरी चिंता जताई है। 11 जनवरी को दर्ज हुआ था मामला रिपोर्ट के अनुसार, 11 जनवरी 2026 को पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 365-बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि सतीश मरियम का अपहरण 10 और 11 जनवरी की रात के बीच हुआ। उसके पिता दिहाड़ी मजदूर बशारत मसीह ने बताया कि स्थानीय लोगों ने अली हैदर गुलजार को कुछ अज्ञात साथियों के साथ नाबालिग लड़की को जबरन गाड़ी में ले जाते देखा था। बशारत मसीह ने एचआरएफपी टीम को बताया कि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है। बताया गया कि यह घटना तब हुई जब सतीश की मां शाहनाज बीबी एड़ी में फ्रैक्चर के कारण चलने-फिरने में असमर्थ थीं। परिवार के अनुसार, सतीश घर के काम के लिए बाहर गई थी, तभी उसे जबरन उठा लिया गया। कानून प्रवर्तन अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने और कराची में लड़की के होने के दावों के बावजूद, परिवार का आरोप है कि उसे ढूंढने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। 22 जनवरी 2026 को अपहरण के मामले को आगे बढ़ाने के लिए परिवार के घर में कई व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर घुसपैठ की गई, धमकियां दी गईं और उन्हें डराया-धमकाया गया, जिसके बाद दूसरी एफआईआर दर्ज की गई। इसमें पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 452, 506, 148 और 149 के तहत घर में जबरन घुसने, आपराधिक धमकी और गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े आरोप लगाए गए। लड़की ने कबूल कर लिया है इस्लाम रिपोर्ट के अनुसार, मामला तब और गंभीर हो गया जब कथित अपहरणकर्ता ने दावा किया कि नाबालिग लड़की ने इस्लाम कबूल कर लिया है और शादी भी कर ली है। पीड़िता के परिवार का कहना है कि सतीश के बयान दर्ज किए गए थे और 28 जनवरी को चिचावतनी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नूर मोहम्मद दोथर के समक्ष हुई अदालती सुनवाई में अपहरणकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया गया। इसमें माता-पिता को बेटी से मिलने की इजाजत नहीं दी गई और कानूनी जानकारी के बिना कार्यवाही की गई। 3 फरवरी 2026 को एचआरएफपी कार्यालय में बोलते हुए सतीश के माता-पिता ने न्याय की अपनी मांग दोहराई। सतीश की मां शाहनाज बीबी ने कहा कि वह घर पर अकेली है, स्वास्थ्य खराब होने के कारण बेटी की रक्षा नहीं कर पा रही है और लगातार मिल रही धमकियों से परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। माता-पिता का कहना है कि सतीश नाबालिग है, इसलिए कानूनी रूप से न तो विवाह की सहमति दे सकती है और न ही धर्म परिवर्तन कर सकती है। सुरक्षा की मांग ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान के अध्यक्ष नवीद वाल्टर ने अल्पसंख्यक नाबालिग लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और बाल विवाह से सुरक्षा, पीड़ित परिवारों द्वारा झेली जा रही धमकियों व उत्पीड़न, बिना पूर्ण पारदर्शिता और प्रतिनिधित्व के कानूनी कार्यवाही तथा नाबालिग की सुरक्षा व कल्याण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। वहीं, एचआरएफपी अध्यक्ष नवीद वाल्टर ने सतीश मरियम के माता-पिता को उनके दौरे के दौरान आश्वासन दिया कि हम सतीश मरियम और उनके परिवार के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। हम संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, नाबालिग के अधिकारों की रक्षा करने और परिवार को उत्पीड़न व धमकियों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग करते हैं।  

बांग्लादेश चुनाव में तनाव का माहौल, कई बूथों पर हिंसक घटनाएं; महिला एजेंट्स ने लगाए उत्पीड़न के आरोप

ढाका  बांग्लादेश में गुरुवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग संपन्न हो गई है। कड़ी सुरक्षा और लोगों में भारी उत्साह के बीच 299 सीटों पर वोट डाले गए। हालांकि, वोटिंग के दौरान भारी हिंसा और पोलिंग बूथों पर महिला एजेंट्स के साथ बदतमीजी का भी मामला सामने आया है। देश भर के 42,659 पोलिंग बूथों पर सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक वोटिंग हुई। बांग्लादेशी मीडिया की ओर से जारी साझा जानकारी के अनुसार, शेरपुर-3 सीट पर एक उम्मीदवार की मौत के बाद चुनाव टाल दिया गया है। 299 सीटों पर कुल 127,298,522 वोटर वोट डालने के लिए उपयुक्त थे। इनमें से 64,620,077 पुरुष वोटर, 62,677,232 महिला वोटर और 1,213 थर्ड-जेंडर वोटर शामिल हैं। अगर कुल 300 सीटों की बात करें तो वोटरों की कुल संख्या 127,711,899 है। चुनाव आयोग की ओर से बांग्लादेशी मीडिया को बताया गया कि दोपहर दो बजे तक 48 फीसदी वोटिंग हुई। निर्दलीय उम्मीदवार तस्नीम जारा ने आरोप लगाया कि ढाका-9 चुनाव क्षेत्र में कई जगहों पर महिला पोलिंग एजेंट्स को परेशान किया जा रहा है और पोलिंग सेंटरों में घुसने से रोका जा रहा है। जारा ने खिलगांव मॉडल कॉलेज पोलिंग सेंटर का दौरा करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके पोलिंग एजेंट्स, खासकर महिलाओं को, कई सेंटरों में घुसने की कोशिश करते समय रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “हमारे पोलिंग एजेंट्स को अलग-अलग बहानों से पोलिंग सेंटरों में घुसने से रोका जा रहा है। उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है, और महिला एजेंट्स को परेशान किया जा रहा है।” जारा ने आरोप लगाया कि पोलिंग बूथों के अधिकारी मनमाने नियम बनाकर रुकावटें पैदा कर रहे हैं। महिला एजेंट्स को अंदर जाने से रोका गया, सेंटर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, या उन्हें अलग-अलग निर्देश दिए गए। बता दें कि इससे पहले भी बांग्लादेश की निर्दलीय महिला उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें परेशानी हो रही है। महिलाओं को चरित्र हनन या धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दो पोलिंग बूथ, गोपालगंज और मुंशीगंज में धमाके की जानकारी भी सामने आई।

DNA रिपोर्ट के आधार पर बंद किया केस, हाईकोर्ट बोला– लापरवाही बर्दाश्त नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने डीएनए रिपोर्ट में आरोपी के निर्दोष पाए जाने के बावजूद असली आरोपी की तलाश शुरू न करने पर पुलिस विभाग को आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने डीजीपी से पूछा कि क्या उनके अधीनस्थ अधिकारियों को दोबारा प्रशिक्षण की जरूरत है या आम जनता ऐसे ही पुलिस की कानूनी जानकारी की कमी का खामियाजा भुगतती रहे। बार एंड बेंच में छपी खबर के मुताबिक, मामला बैतूल जिले का है। आरोपी को 10 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ चालान पेश किया जा चुका था। दिसंबर 2025 में आई डीएनए रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि आरोपी नाबालिग पीड़िता से जन्मे बच्चे का जैविक पिता नहीं है। इसके बावजूद पुलिस ने वास्तविक आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अदालत की टिप्पणी- पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण की जरूरत 10 फरवरी को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन से पूछा कि डीएनए रिपोर्ट के बाद आगे क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने पाया कि एसपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। आदेश में कहा गया कि यह स्थिति राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। डीएनए जांच में आरोपी को क्लीन चिट कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि दो अन्य दुष्कर्म मामलों में भी शुरुआती तौर पर गिरफ्तार किए गए आरोपी बाद में डीएनए जांच में निर्दोष पाए गए, लेकिन पुलिस ने समय रहते वास्तविक आरोपियों की तलाश में सक्रियता नहीं दिखाई। पीठ ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने एसपी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई का आदेश नहीं दिया, बल्कि डीजीपी से यह विचार करने को कहा कि क्या विभाग को सक्षम और विधिक रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों की आवश्यकता है? कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आगे की जांच ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेकर की जाए, क्योंकि चार्जशीट दाखिल होने के बाद आगे की जांच के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों में निर्धारित है। जमानत अर्जी खारिज कोर्ट ने कहा कि चूंकि बच्चा जीवित है, इसलिए सभी संभावित संदिग्धों के रक्त नमूने लेकर जैविक पिता की पहचान सुनिश्चित की जाए। जहां तक जमानत का सवाल है, कोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी। पीठ ने कहा कि केवल डीएनए रिपोर्ट के आधार पर पीड़िता के बयान को खारिज नहीं किया जा सकता। चूंकि अभी पीड़िता का साक्ष्य दर्ज नहीं हुआ है, इसलिए इस स्तर पर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। बता दें कि आरोपी की ओर से अधिवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने पैरवी की, जबकि राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता स्वाति जॉर्ज उपस्थित रहीं।

2.36 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों का हुआ भूमिपूजन और लोकार्पण

रायपुर. माता मावली मेले में विकास की सौगात       नारायणपुर में आयोजित ऐतिहासिक माता मावली मेले में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप तथा राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता मावली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों, विशेषकर जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं।      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि मावली माता के आशीर्वाद से बस्तर की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराएं सदैव अक्षुण्ण रहें। उन्होंने कहा कि नारायणपुर का यह मेला सामाजिक समरसता, लोककला और परंपरा का जीवंत संगम है, जहां दूर-दूर से लोग पहुंचकर बस्तर की संस्कृति से रूबरू होते हैं। उन्होंने सभी को मेले में शामिल होकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का आग्रह किया।        मंत्री द्वय ने मेले में लगे विभिन्न दुकानों एवं विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा स्थानीय उत्पादों और पूजा सामग्री की खरीदारी भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं।        इस अवसर पर कुल 1 करोड़ 76 लाख 59 हजार रुपये के कार्यों का भूमिपूजन तथा 59 लाख 51 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 10 प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया, जिनकी स्वीकृत राशि 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रुपये है। इसके अलावा जनपद पंचायत ओरछा के ग्राम कुतुल एवं जाटलूर में दो-दो बाजार शेड निर्माण के लिए 34 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए।        जनपद पंचायत नारायणपुर अंतर्गत बागडोंगरी, पालकी और महिमागवाड़ी में 59 लाख 51 हजार रुपये की लागत से निर्मित खाद्यान्न भवनों का लोकार्पण किया गया। साथ ही नेलवाड़ और खोड़गांव में 100-100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों का भी लोकार्पण किया गया।         कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित

नरवणे की किताब विवाद में नया मोड़, लीक के पीछे साजिश की आशंका; प्रकाशक से 15 सवालों की सूची

नई दिल्ली पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब लीक मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छानबीन तेज कर दी है। इस सिलसिले में प्रकाशक पेंगुइन इंडिया के प्रतिनिधियों से पूछताछ की गई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस 15 सवालों के जवाब जानना चाहती है। स्पेशल सेल तकनीकी सबूतों के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि यह पूरी घटना किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। कोई आपराधिक साजिश तो नहीं? पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल की छानबीन अब इस बात पर फोकस है कि क्या पांडुलिपि के कथित लीक के पीछे कोई आपराधिक साजिश तो नहीं थी। हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नरवणे की किताब के कथित लीक की जांच में आपराधिक साजिश के आरोप भी जोड़ दिए हैं। 15 सवालों के जवाब चाह रही स्पेशल सेल पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्पेशल सेल ने पेंगुइन इंडिया को नोटिस जारी कर 15 अहम सवालों के जवाब मांगे थे। जांच एजेंसी ने कंपनी से पांडुलिपि की हैंडलिंग, डिजिटल और फिजिकल एक्सेस, एडिटिंग प्रक्रिया, प्रिंटिंग से पहले की सुरक्षा व्यवस्था और ड्राफ्ट कॉपी तक किन-किन लोगों की पहुंच थी, जैसे बिंदुओं पर जानकारी तलब की थी। पेंगुइन इंडिया के प्रतिनिधियों से पूछताछ वहीं जांच टीम ने पेंगुइन इंडिया के प्रतिनिधियों से विस्तृत पूछताछ की है। कंपनी के प्रतिनिधि पूछताछ के लिए पेश हुए। उन्होंने कुछ सवालों के जवाब जांच एजेंसी को सौंप दिए हैं। कुछ बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है। स्पेशल सेल अब पेंगुइन इंडिया द्वारा दिए गए जवाबों और दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है। डिजिटल ट्रेल की भी जांच जांच में इस सवाल का भी जवाब तलाशा जा रहा है कि क्या यह घटना किसी आंतरिक लापरवाही का नतीजा है। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जा सकेगी। नहीं प्रकाशित की पुस्तक- पेंगुइन इंडिया गौरतलब है कि राहुल गांधी ने लोकसभा में इसके कुछ अंश का जिक्र करते हुए सरकार की घेरेबंदी की थी। इसके बाद पुस्तक को लेकर विवाद बढ़ गया। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने अपने बयान में कहा कि हम स्पष्ट कर रहे हैं कि पुस्तक का प्रकाशन नहीं हुआ है। पुस्तक की कोई भी प्रति प्रिंट या डिजिटल रूप में जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। फिर कैसे लीक हो गए बुक के अंश? ऐसे में सवाल उठता है कि जब किताब प्रकाशित नहीं हुई तो इसके अंश आम कैसे हो गए? पुलिस सूत्रों ने बताया कि अप्रकाशित पांडुलिपि कथित तौर पर कैसे प्रसारित हुई? इसके जवाब तलाशे जा रहे हैं।

निपाह अलर्ट के बीच पहली मौत, टेस्ट निगेटिव लेकिन हार्ट अटैक से नर्स का निधन

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में निपाह वायरस इंफेक्शन से जूझ रही 25 साल की एक नर्स की गुरुवार को मौत हो गई। हाल के इतिहास में पश्चिम बंगाल में इस वायरस से यह पहली मौत है। निपाह वायरस से देश में पहली मौत, टेस्ट निगेटिव के बावजूद नर्स की हार्ट अटैक से चली गई जान निपाह वायरस से देश में पहली मौत का मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के एक प्राइवेट अस्पताल में निपाह वायरस इंफेक्शन से जूझ रही 25 साल की एक नर्स की गुरुवार (12 फरवरी) को मौत हो गई। हाल के इतिहास में पश्चिम बंगाल में इस वायरस से यह पहली मौत है। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि नर्स, उन दो लोगों में एक थीं, जो निपाह वायरस से संक्रमित हुए थे और कई हफ़्तों से इलाज करा रही थी। हालांकि, हाल ही में उसका वायरस टेस्ट नेगेटिव आया था, बावजूद इसके उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी और गुरुवार को हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नर्स को जनवरी के अंत में जीवन-रक्षक प्रणाली से हटाया गया था। उन्होंने कहा, ”आज दोपहर हृदयगति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि वह निपाह संक्रमण से उबर चुकी थीं, लेकिन वह कई जटिलताओं से ग्रस्त थीं।” अधिकारी ने बताया कि नर्स लंबे समय तक कोमा में थीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई और बाद में उन्हें फेफड़ों का संक्रमण हो गया था। उन्होंने बताया कि वह उन दो लोगों में से एक थीं जिनके पिछले महीने निपाह से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। दूसरा संक्रमित व्यक्ति पुरुष नर्स है और ठीक हो चुका है।

‘संविधान नहीं देता मजबूरी की इजाजत’ — वंदे मातरम् फैसले पर मदनी ने उठाए सवाल

नई दिल्ली वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत के रूप में बजाने को अनिवार्य घोषित किए जाने के फैसले को जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने धर्म की स्वतंत्रता पर खुला हमला बताया है। केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में इसके सभी अंशों की धुन बजाने को अनिवार्य कर दिया है। मदनी ने केंद्र सरकार के इस फैसले को अत्यंत दुखद तथा नागरिकों पर जबरन थोपा गया बताया है। धार्मिक स्वतंत्रता पर गहरी चोट करने का प्रयास मदनी ने कहा कि यह न केवल एक पक्षपातपूर्ण फैसला है बल्कि नागरिकों की उस धार्मिक स्वतंत्रता पर गहरी चोट करने का प्रयास है जो देश के संविधान ने उन्हें प्रदान की है। उन्होंने कहा कि अब यह दुखद सच्चाई पूरी तरह सामने आ गई है कि इन लोगों को देश की प्रगति और जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है, वे हर समय चुनावी मोड में रहते हैं। उनका हर काम और हर फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि उससे चुनाव में कितना लाभ मिल सकता है। हम केवल एक अल्लाह की इबादत करते हैं मौलाना मदनी ने कहा कि वंदे मातरम् का विवाद बहुत पुराना है। इससे पहले दिसंबर 2025 में जब इसे लेकर संसद में चर्चा हुई थी तब भी हमने अपने एक बयान के माध्यम से अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। हमें किसी के वंदे मातरम् गाने या किसी समारोह में इसकी धुन बजाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हम मुसलमान इस गीत को इसलिए नहीं गा सकते क्योंकि हम केवल एक अल्लाह की इबादत करते हैं और अपनी इस इबादत में किसी और को शामिल नहीं कर सकते। हर धर्म के अपने आदेश और नियम होते हैं उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् की विषयवस्तु शिर्क से संबंधित मान्यताओं पर आधारित है और इसके एक अंतरे में देश को दुर्गा माता से उपमा देकर उसकी उपासना के लिए शब्दों का प्रयोग किया गया है। हर धर्म के अपने आदेश और नियम होते हैं जिन पर अमल करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता और इसी कारण हमारे संविधान में भी अनुच्छेद 25 के तहत प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता दी गई है। ऐसे में किसी विशेष नागरिक या नागरिकों पर किसी विशेष विचारधारा को अपनाने, उसका उच्चारण करने या उसे मानने के लिए मजबूर करना संविधान के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट का भी यह निर्णय है कि किसी भी नागरिक को राष्ट्रगान या किसी ऐसे गीत को गाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जो उसके धार्मिक विश्वास के विरुद्ध हो। उन्होंने कहा कि देश से प्रेम एक अलग बात है और उसकी पूजा दूसरी बात। मुसलमानों को इस देश से कितनी मोहब्बत है, इसके लिए उन्हें किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। देशभक्ति का संबंध दिल की निष्ठा और कर्म से मदनी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों और जमीयत उलमा-ए-हिंद के बुजुर्गों की बेमिसाल कुर्बानियां और विशेष रूप से देश के विभाजन के विरोध में जमीयत की कोशिशें दिन के उजाले की तरह स्पष्ट हैं। आजादी के बाद भी देश की एकता और अखंडता के लिए उनकी जद्दोजहद को भुलाया नहीं जा सकता। हमने हमेशा कहा है कि देशभक्ति का संबंध दिल की निष्ठा और कर्म से है, न कि नारों से। टैगोर ने नेहरू को सलाह दी थी आजादी से पहले का ऐतिहासिक रिकॉर्ड मौजूद है कि 26 अक्टूबर 1937 को रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को एक पत्र में सलाह दी थी कि वंदे मातरम् के प्रारंभिक दो बंदों को ही राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया जाए क्योंकि शेष पंक्तियां एकेश्वरवादी धर्मों की मान्यताओं से टकराती हैं। फलस्वरूप 19 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी ने निर्णय लिया कि इसके केवल दो बंदों को ही राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया जाए। पूरे गीत को थोपने की कोशिश संसद में हुई पूरे दिन की चर्चा में भी कांग्रेस सहित अन्य दलों के सदस्यों ने इसी बात पर जोर दिया था, लेकिन अब एक आदेश के माध्यम से पूरे गीत को नागरिकों पर थोपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके पीछे देशभक्ति की भावना नहीं बल्कि राजनीति काम कर रही है। वर्तमान सरकार जब भी किसी मुद्दे पर घिरती है तो जानबूझकर कोई न कोई विवाद खड़ा करने की कोशिश करती है ताकि जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाया जा सके, वंदे मातरम् संबंधी अधिसूचना इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने अंत में कहा कि यह देश को बांटने वाली राजनीति है। हर हाल में सत्ता बनाए रखने का यह जुनून देश की शांति और एकता को नष्ट करने वाला ही नहीं है बल्कि उस संविधान को भी पैरों तले रौंदता है जिस पर हमारे देश के महान लोकतंत्र की नींव टिकी हुई है।  

खेत बना ड्रग्स का गोदाम: 21 करोड़ का नशा जब्त, आरोपी गिरफ्तार

राजगढ़ राजगढ़ जिले में नशे की फैक्ट्री व कारोबार चलाने वाले इस कार्य में संलिप्त पांच सौदागरों को पुलिस ने अंतत: धर दबोचा। उनमें से गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले व अभयपुर में ड्रग्स फिंकवाने वाले दोनों मुख्य आरोपितों के पास से पुलिस ने 21 किलो एमडी ड्रग्स भी जब्त किया है। जो खेतों में छिपा रखी थी। इसकी कीमत 21 करोड़ आंकी है। मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी अमित कुमार तोलानी ने बताया कि एमडी ड्रग्स केस में कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी रात को राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी।उसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली। इसमें ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला।पिकअप सवारों ने बताया कि वह इसे मप्र के आगरा मालवा जिले की और लेकर जा रहे थे।दस्तावेज मांगने पर कुछ नहीं दिखा सके। उसी से इनपुट मिला था कि राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है। इसके बाद राजस्थान व माचलपुर की पुलिस ने 4 फरवरी को संयुक्त रूप से गोघटपुर में रघुनंदन पाटीदार के मकान पर दबिश दी, जहां कैमिकल से ड्रग्स बनाने की फैक्टी काे पकड़ा। जहां से करीब 4 करोड़ के कैमिकल बरामद किया था। इसके बाद 07-08 फ़रवरी को ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्स) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है।पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान खंती में 05 नीले रंग के ड्रम मिले। जिनमें प्लास्टिक की पन्नियों में भरा हुआ सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा कैमिकल पाउडर पाया गया।उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। कुल वजन 266.9 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये है। इसके बाद से ही आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी थी।पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।दो मुख्य आरोपितों से 21 करोड़ की ड्रग्स जब्त की है। आदमपुरा केस से मिले सुराग, ऐसे खुला रहस्य 7-8 फरवरी की रात को आदमपुरा के जंगल में 5 करोड़ का कैमिकल मिलने के बाद पुलिस टीम द्वारा ग्राम आदमपुरा क्षेत्र में विवेचना के दौरान स्थानीय व्यक्तियों से पूछताछ की गई।पूछताछ में 07 फरवरी 2026 को एक सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार द्वारा संदिग्ध नीले रंग के केमिकल ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई।जांच के दौरान ग्राम रामगढ़ स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। फुटेज में 07 फरवरी को सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार आरजे-02, सीएफ-2543 को आते-जाते देखा गया।उक्त कार ललित कुमार गुर्जर निवासी बरखेड़ा खुर्द, जिला झालावाड़ के नाम पर पंजीबद्ध होना पाया गया।वाहन की तलाश के दौरान मुखबिर सूचना पर ब्राह्मणगांव क्षेत्र में संदिग्ध वाहन को घेराबंदी कर रोका गया।वाहन में सवार तीन व्यक्ति दिनेश गुर्जर पिता कालूलाल गुर्जर, उम्र 30 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, ललित गुर्जर पिता भगवान सिंह गुर्जर, उम्र 26 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, रामेश्वर गुर्जर पिता कैलाश गुर्जर, उम्र 35 वर्ष, निवासी कोटरा राड़ी थाना बकानी सवार थे।जिन्हें पुलिस टीम द्वारा तत्परता से पकड़ लिया गया।घटना में प्रयुक्त कार आरजे-02, सीएफ-2543 को जब्त किया।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों द्वारा बताया गया कि दीपक पिता भगवान गुर्जर ने उन्हें उक्त ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने के लिए कहा था।आरोपितों ने यह भी बताया कि वे ड्रम दीपक के अरनिया स्थित स्थान से लेकर आए थे।इसके बाद कार सवारों की सूचना पर पकड़ा दीपक, फिर रघुनंदन पाटीदार कार सवार तीनों अारोपितों द्वारा जैसे ही दीपक का नाम बताया तो पुलिस ने मुखबिर सूचना पर ग्राम माणा के पास से आरोपित दीपक गुर्जर (29 वर्ष) निवासी ग्राम अरनिया को पकड़ा गया।पूछताछ में आरोपित द्वारा अपने घर ग्राम अरनिया में एमडी ड्रग्स छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।आरोपित के घर की तलाशी ली गई, जहां किचन में रखे कार्टून से 10.160 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई।विधिवत तौल, सीलिंग एवं जब्ती की कार्यवाही की गई तथा आरोपित को मौके से गिरफ्तार किया गया।आरोपित दीपक के पकड़े जाने के बाद पुलिस को गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन की तलाश थी।पुलिस ने फिर दीपक की निशानदेही पर संदेही रघुनंदन पाटीदार (34 वर्ष) निवासी ग्राम गोघटपुर को बरखेड़ा खुर्द (राजस्थान) से हिरासत में लिया गया।पूछताछ में उसके द्वारा बाबाजी वाले सरसों के खेत में मादक पदार्थ छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।खेत से हरे रंग के कार्टून में रखी 11.350 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई।विधिवत तौल, सीलबंदी एवं जप्ती उपरांत आरोपी को गिरफ्तार किया गया।कुल मिलाकर 11 फरवरी को मुख्य गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन पाटीदार व आदमपुरा के जंगल में कैमिकल फेंकने वाले दीपक गुर्जर के कब्जे से 21 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त की है।जो कि खेतों में व अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखी थी।जबकि गोघटपुर, अादमपुरा के जंगल सहित सभी दूर से मिलाकर कुल एमडी ड्रग्स एवं 309 किलोग्राम से अधिक रॉ मटेरियल जब्त किया है।जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹30 करोड़ आंकी है।

खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़ : राज्य में 10,796 हेक्टेयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती

रायपुर. खाद्य तेल में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ में ऑयल पाम की खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 10,796 हेक्टयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती हो रही है। जिसमें 7,315 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जिला प्रशासन भी ऑयल पाम के लिए जमीन चिहांकित कर रकबा बढ़ाने प्रयासरत हैं।  इसी क्रम में संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग एवं बेमेतरा जिलों के किसानों के खेतों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम लगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उद्यानिकी संचालक श्री लोकेश कुमार ने निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन, समेकित उद्यानिकी विकास कार्यक्रम तथा नेशनल मिशन ऑन ऑयल पाम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। गौरतलब है कि राज्य में ऑयल पाम की खेती वर्ष 2012-13 से की जा रही है। वर्तमान में राज्य के समस्त जिलों में लगभग 10,796 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण किया जा चुका है, जिससे 7,315 किसान लाभान्वित हुए हैं। अब तक लगभग 1,394.88 टन फ्रेश फ्रूट बंच का उत्पादन हुआ है। भारत सरकार द्वारा फ्रेश फ्रूट बंच का न्यूनतम मूल्य 16,460.46 रुपये प्रति टन निर्धारित कया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में किसानों से 22,000 रुपये प्रति टन की दर से सीधी खरीदी की जा रही है। संचालक श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग जिले के ग्राम ढाबा में श्रीमती सुनिती देवी मढरिया के एक हेक्टेयर में लगाए गए ऑयल पाम के साथ टमाटर की अंतरवर्ती फसल तथा श्री प्रवीण मढरिया के एक हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम के साथ केले की खेती का अवलोकन किया। यहां किसानों से सब्सिडी और अनुदान से जुड़ी जानकारी साझा की। इसके पश्चात दुर्ग जिले के ही परसदापार, चिखला एवं राजपुर तथा बेमेतरा जिले के डोंगीतराई गांव में चयनित और लाभान्वित किसानों के खेतों में रोपित ऑयल पाम, केला, आम, फेंसिंग और अंतरवर्ती फसलों का अवलोकन किया।  संचालक श्री लोकेश कुमार ने किसानों को योजना के अंतर्गत ऑयल पाम पौध, फेंसिंग, ट्यूबवेल, ड्रिप सिंचाई तथा अंतरवर्ती फसलों पर मिलने वाली आर्थिक सहायता और उत्पाद की बाजार व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑयल पाम की खेती किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प बन रही है। राजपुर स्थित शासकीय बीज प्रगुणन प्रक्षेत्र में प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट का निरीक्षण कर इसे शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी मौसम में किसानों को गुणवत्तायुक्त पौध उपलब्ध कराई जा सके।

मुश्किलों को दी मात, देश को दिलाया मेडल: वरुण सिंह भाटी का जज्बा सलाम के काबिल

नई दिल्ली वरुण सिंह भाटी का नाम देश के श्रेष्ठ पैरा एथलीटों में लिया जाता है। वह ऊंची कूद में देश को पैरालंपिक में पदक दिला चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता का सफर वरुण के लिए आसान नहीं था, लेकिन अपनी मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपना रास्ता बनाया है। वरुण सिंह भाटी का जन्म 13 फरवरी 1995 को नोएडा में हुआ था। महज छह महीने की उम्र में पोलियोमाइलाइटिस का शिकार होने के बाद उनके एक पैर में स्थायी विकलांगता आ गई। गलत दवा की वजह से उनकी परेशानी और बढ़ गई। बचपन में शारीरिक रूप से मिले इस झटके के बावजूद वरुण के परिवार ने उन्हें कभी कमजोर और हतोत्साहित नहीं होने दिया और हमेशा उन्हें कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही वरुण को खेलों में रुचि थी। बास्केटबॉल उनका पसंदीदा खेल था, लेकिन बाद में उन्होंने ऊंची कूद में बेहतर करने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने सामान्य एथलीटों के साथ अभ्यास करना शुरू किया ताकि उन्हें बेहतर करने की प्रेरणा मिल सके। पूर्व राष्ट्रीय एथलीट सत्यनारायण की कोचिंग में उनके करियर को नई उड़ान मिली। गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन के पैरा चैंपियंस प्रोग्राम से मिले समर्थन ने भी उनके सफर को मजबूती दी। टी42 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले वरुण ने 2012 में 1.60 मीटर की छलांग के साथ लंदन पैरालिंपिक के लिए ‘ए’ क्वालिफिकेशन मार्क हासिल किया था, हालांकि सीमित स्लॉट के कारण वे उस संस्करण में हिस्सा नहीं ले सके। इसके बाद उन्होंने 2014 एशियन पैरा गेम्स में भाग लिया और उसी साल चाइना ओपन में स्वर्ण पदक जीता। 2016 उनके करियर के लिए शानदार था। आईपीसी एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप में 1.82 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने स्वर्ण और एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया। रियो पैरालिंपिक 2016 में 1.86 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ उन्होंने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। 2017 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। 2018 एशियन पैरा गेम्स में 1.82 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके बेहतरीन खेल और सफलता को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 29 अगस्त 2018 को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।  

डायबिटीज अलर्ट देगी स्मार्टवॉच? दुबई में शुरू हुई नई टेक्नोलॉजी की जांच

दुबई में एक ऐसी स्मार्टवॉच की टेस्टिंग चल रही है, जो लोगों को डायबटीज रिस्क के बारे में बताएगी। मंगलवार को दुबई में वर्ल्ड हेल्थ एक्सपो (WHX) 2026 का आयोजन किया गया। इसमें डायबिटीज के खतरे का पता लगाने के लिए स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी के बारे में बताया गया है। इसका मकसद बढ़ते डायबिटीज संकट से निपटना है। दुनिया भर में लाखों लोगों को यह भी नहीं पता चल पाता है कि उन्हें डायबटीज का खतरा है। इस कारण स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी के जरिए लोगों की मदद की जा रही है। इसके लिए नए स्टडी हो रही है, जिसमें स्मार्टवॉच की टेस्टिंग हो रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वॉच डायबटीज रिस्क के बारे में कितनी सटीक जानकारी दे सकती है। Huawei Watch GT 6 Pro की हो रही टेस्टिंग आजकल मार्केट में अलग-अलग तरह के गैजेट्स आते हैं। स्मार्टवॉच के जरिए लोग अपनी कई हेल्थ एक्टिविटीज को ट्रैक कर पाते हैं। दुनिया में डायबटीज के मरीज दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इससे निपटने के लिए नई स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है। Gulf News की रिपोर्ट के अमुसार, दुबई हेल्थ के तहत मोहम्मद बिन राशिद यूनिवर्सिटी (MBRU) में असिस्टेंट प्रोफेसर और एंडोक्राइनोलॉजी डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. मरियम अल सईद ने बताया कि रिसर्च में 150 मरीजों और वॉलंटियर्स पर Huawei Watch GT 6 Pro को टेस्ट किया जाएगा। यह टेस्टिंग इसलिए है ताकि यह देखा जा सके कि वॉच बढ़े हुए ब्लड ग्लूकोज लेवल को पहचानने में कितनी सही है। टेस्टिंग में शामिल होंगे कई लोग इस ट्रायल में 50 हेल्दी वॉलंटियर्स, 50 जाने-माने डायबिटीज के मरीज के साथ दुबई हेल्थ हॉस्पिटल और शहर भर के प्राइमरी हेल्थकेयर सेंटर से 50 प्री-डायबिटीज वाले मरीज भी शामिल होंगे। डॉ. सईद ने प्री-डायबिटीज ग्रुप में खास दिलचस्पी दिखाई। बता दें कि यह ग्रुप उन लोगों का है, जिनका ब्लड शुगर लेवल कभी ज्यादा और कभी कम हो सकता है और जिन्हें अपनी हालत के बारे में पता हो भी सकता है और नहीं भी। ​ट्रेडिशनल कैपिलरी ग्लूकोज मॉनिटर से होगी तुलना स्टडी में स्मार्टवॉच की रीडिंग की तुलना ट्रेडिशनल कैपिलरी ग्लूकोज मॉनिटर से की जाएगी। यह वह टेस्ट होता है, जिसमें एक्यूरेसी टेस्ट करने के लिए उंगली पर सुई चुभाते हैं और बल्ड की एक बूंद से टेस्ट किया जाता है। बता दें कि Huawei ने WHX में Huawei Health Strategy and Research Platform इवेंट में Huawei Watch GT 6 Pro के लिए डायबिटीज रिस्क के नए फीचर की घोषणा की थी। इसके बाद यह स्टडी की घोषणा हुई। क्या है टेक्नोलॉजी? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Huawei Watch GTX में फोटोप्लेथिस्मोग्राफी (PPG) का इस्तेमाल होता है। यह एक ऑप्टिकल तरीका है, जो लाइट सेंसर के जरिए ब्लड ग्लूकोज का अंदाजा लगा सकता है। कलाई पर पहना जाने वाले एक बाहरी और नॉन-इनवेसिव डिवाइस होने के कारण यह मिनिमली इनवेसिव कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटर से अलग है, जिन्हें स्किन के नीचे लगाना पड़ता है। डॉ. अल सईद ने कहा कि वॉच यह नहीं बताएगी कि आपको डायबिटीज है, लेकिन यह उन्हें बताएगी कि ग्लूकोज बढ़ा हुआ है। इस तरह वॉच आपको सिग्नल देगी कि शायद आपको अपने डॉक्टर के पास जाकर लैब टेस्ट करवाना चाहिए। जल्दी पता लगाना है जरूरी डॉ. सईद ने कहा कि दुनिया भर में 500 मिलियन से भी ज्यादा लोग टाइप 2 या टाइप 1 डायबिटीज के डायग्नोसिस के साथ जी रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिन लोगों को डायग्नोस नहीं हुआ है, उन्हें ये पता ही नहीं है कि उनको डायबिटीज है, क्योंकि उन्होंने कभी चेकअप ही नहीं करवाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्री-डायबिटीज वाले दो-तिहाई लोगों में कुछ समय बाद यह बीमारी पूरी तरह हो जाती है, इसलिए इसका जल्दी पता लगाना बहुत जरूरी है।

नेपाल बेबस, इटली का जलवा बरकरार—10 विकेट से दर्ज की ऐतिहासिक फतह

मुंबई (महाराष्ट्र) इटली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप C मैच में नेपाल को 10 विकेट से हराकर ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इटली ने पूरे मैच में अपनी ऑलराउंड कोशिशें दिखाईं जिसमें नेपाल को टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने वाली टीम ने हराया और वानखेड़े में यादगार जीत हासिल की। 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओपनर और भाई जस्टिन मोस्का और एंथनी मोस्का ने इटली को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले 2 ओवर में 16 रन बनाए। एंथनी ने शुरुआती ओवरों में कुछ बाउंड्री लगाईं। अगले ही ओवर में नेपाल के बॉलर करण केसी को जस्टिन ने एक छक्के और दो चौकों की मदद से 14 रन ठोके जिससे इटली का स्कोर 30/0 हो गया। यूरोपियन नेशन ने एक और महंगे ओवर के बाद सिर्फ चार ओवर में अपनी फिफ्टी पूरी की, जब ओपनर्स ने ललित राजबंशी को 20 रन ठोके। वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाली टीम ने पावरप्ले का अंत 68/0 के जबरदस्त स्कोर के साथ किया। इटली के 10वें ओवर में 97/0 के मजबूत स्कोर पर पहुंचने के बाद दोनों ओपनर्स ने राइनोज के खिलाफ अपना अटैक जारी रखा। दोनों भाइयों ने 11वें ओवर में अपनी-अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की जिसमें जस्टिन ने 37 गेंदों में और एंथनी ने 28 गेंदों में यह माइलस्टोन पूरा किया। इटली की बैटिंग का यह शानदार प्रदर्शन था क्योंकि उन्होंने सिर्फ 12.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने नेपाल को 10 विकेट से हराया और इटली ने ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इससे पहले टॉस जीतकर पहले गेंदाबाजी चुनने वाले इटैलियन बॉलर्स ने शानदार परफॉर्मेंस दी और ग्रुप C मैच में नेपाल को सिर्फ 123 रनों पर रोक दिया। दूसरे ओवर में अली हसन की गेंद पर कुशाल भुर्टेल (5) के आउट होने के बाद राइनोज की शुरुआत खराब रही और नेपाल का स्कोर 8/1 हो गया। आसिफ शेख और कप्तान रोहित पौडेल ने दूसरे विकेट के लिए 41 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन दो विकेट जल्दी गिर गए। पौडेल का विकेट कलुगामागे की गेंद पर गिर गया और आसिफ को बेन मानेंटी ने आउट किया जिससे आठवें ओवर में नेपाल का स्कोर 49/3 हो गया। इसके बाद दीपेंद्र सिंह ऐरी और आरिफ शेख के बीच चौथे विकेट के लिए 43 रन की अहम पार्टनरशिप हुई जिसके बाद एक और विकेट गिर गया। हालांकि, इटली की शानदार बॉलिंग के बाद अचानक विकेट गिरे। दीपेंद्र सिंह ऐरी 17 रन बनाकर आउट हो गए, आरिफ ने 27, लोकेश बाम (3), गुलसन झा (3), और नादान यादव (0) ने 17वें ओवर में नेपाल का स्कोर 8/102 कर दिया। नेपाल ने सिर्फ 9 रन पर 5 विकेट खो दिए। आखिर में नेपाल 19.3 ओवर में 123 रन के मामूली स्कोर पर आउट हो गया। इटली के लिए बेन मानेंटी (2/9), अली हसन (1/34), जेजे स्मट्स (1/22), कलुगामागे (3/18) और जसप्रीत सिंह (1/8) ने विकेट लिए।

विदिशा 220 केवी सबस्टेशन में सुरक्षा और ट्रेनिंग पर एम.पी. ट्रांसको की विशेष कार्यशाला

एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत विदिशा जिले के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा एवं सबस्टेशन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं कार्यपालन अभियंता श्री संजय श्रीवास्तव ने सबस्टेशन मेंटेनेंस एवं आपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया। सुरक्षित एवं व्यवहारिक कार्य प्रणाली पर दिया जोर कार्यशाला में कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया। इस कार्यशाला में सबस्टेशन के अभियंता एवं नियमित व आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के प्रति जागरूक भी किया गया।  

श्रम मंत्री ने की विभागीय कामकाज की गहन समीक्षा, सुधार के दिए निर्देश

रायपुर. श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग की दो चरणों में मैराथन समीक्षा बैठक ली। प्रथम चरण की बैठक में श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों मंडलों की योजनाओं और कारखानों में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई। मंत्री  देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए की कारखाने की नियमित तौर पर निरीक्षण करें। श्रमिकों की हितों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें। कमी मिलने पर संबंधित उद्योग को निर्देशित करें। हर महीने किए जाने वाले निरीक्षण की भी समीक्षा करने की निर्देश दिए गए।        बैठक में उपस्थित अधिकारियों को श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप श्रमिक भाई बहनों को योजनाओं के ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाए, सुरक्षा के मानको का पूरा ख्याल रखने का प्रयास करें। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। बैठक में श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, उप सचिव  विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस. एल. जांगड़े, मती सविता मिश्रा, बीओसी सचिव गिरीश रामटेके सहित जिलो से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे। कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम पर विशेष फोकस करें  बैठक में श्रम मंत्री  देवांगन ने कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। इस अधिनियम के तहत पंजीकृत श्रमिकों को ईएसआईसी और पीएफ का लाभ सुनिश्चित करने साथ ही श्रमिकों की संख्या का मिलान करने के भी निर्देश दिए गए। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। इसके साथ-साथ निजी कंपनिययों से सेवानिवृत हो चुके कर्मियों के उपादन भुगतान संबंधी मामले के जल्द निराकरण, विभिन्न माध्यमों से आने वाले शिकायतों का समय अवधि में निराकरण, करने के निर्देश दिए गए। सात जिलों में शहीद वीर नारायण श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने की निर्देश  बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत किफायती दर पर भोजन केंद्र की भी समीक्षा की गई। प्रदेश के साथ जिलों में जल्द ही श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने निर्देश दिए गए। इनमें मुंगेली, सक्ति, जगदलपुर, कांकेर, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, जशपुर और जगदलपुर में केंद्र शुरू करने कहा गया है।     श्रमिकों के स्वास्थ्य के नियमित जांच करने की निर्देश        दूसरे चरण की बैठक में मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री  देवांगन ने सभी जिलों के डिस्पेंसरी की समीक्षा की। ओपीडी की संख्या को और बढ़ाने और श्रमिकों के गुणवत्तापूर्ण इलाज के निर्देश दिए गए। डिस्पेंसरी के स्टाफ की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक के आधार पर करने के निर्देश दिए। प्रमुख डिस्पेंसरी में सुविधा और बढ़ाने कार्य योजना बनाने कहां गया है। मंत्री  देवांगन ने उद्योगों में नजदीकी डिस्पेंसरी का पता चस्पा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कारखाने की नियमित जांच कर उनमें आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए।

तानाशाह का नया दांव या उत्तराधिकारी तय? किम की बेटी की बढ़ती मौजूदगी से उठे बड़े सवाल

उत्तर कोरिया उत्तर कोरिया के तानाशह किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने की प्रक्रिया में बहुत आगे बढ़ चुका है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (एनआईएस) ने गुरुवार को संसद की एक बंद कमरे की ब्रीफिंग में इस बात की जानकारी दी है। एनआईएस ने बताया कि किम जू ऐ अब ‘उत्तराधिकारी के रूप में नामित होने के चरण’ में पहुंच चुकी हैं। एजेंसी के अनुसार, पहले उन्हें ‘उत्तराधिकारी प्रशिक्षण में’ बताया जाता था, लेकिन अब भाषा में बदलाव आया है, जो प्रक्रिया के अधिक ठोस और सुनियोजित होने का संकेत देता है। सांसद ली सियोंग-क्वेउन ने ब्रीफिंग के बाद पत्रकारों से कहा कि एनआईएस ने कहा कि किम जू ऐ विभिन्न प्रमुख सैन्य और प्रतीकात्मक कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई दी हैं, जैसे कोरियन पीपुल्स आर्मी की स्थापना वर्षगांठ, कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन का दौरा और वायु सेना दिवस समारोह। साथ ही, निरीक्षण के दौरान नीतिगत मुद्दों पर उनके विचार व्यक्त करने के संकेत मिले हैं। एजेंसी ने किम की बेटी की सार्वजनिक उपस्थिति, पिता के ठीक बगल में प्रमुख स्थिति, सरकारी मीडिया कॉवरेज और व्यवहार को उत्तराधिकार की तैयारी का प्रमाण बताया है। दरअसल, पिछले दो वर्षों में सरकारी मीडिया ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च, सैन्य परेड और वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की बैठकों में बार-बार दिखाया है। एनआईएस का मानना है कि किम जू ऐ अब डी फैक्टो दूसरे सबसे उच्च पद पर हैं और नीतिगत मामलों पर इनपुट दे रही हैं। एजेंसी इस महीने के अंत में होने वाली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस पर नजर रखेगी, जहां उनकी भागीदारी, प्रोटोकॉल स्तर, कोई आधिकारिक उपाधि या पार्टी नियमों में संशोधन उत्तराधिकार की पुष्टि कर सकता है। बता दें कि किम जू ऐ की पहली अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति पिछले साल चीन की यात्रा में देखी गई थी, जहां वह अपने पिता के साथ बुलेटप्रूफ ट्रेन से बीजिंग पहुंचीं और एक सैन्य परेड में शामिल हुई थी। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया में 1940 के दशक से किम परिवार का वंशानुगत शासन है। किम जोंग उन को 2011 में उनके पिता किम जोंग इल की मृत्यु से पहले उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। किम जू ऐ को माना जाता है कि वह किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल जू की संतान हैं, जिनमें दो या तीन बच्चे हो सकते हैं, लेकिन प्योंगयांग ने अन्य बच्चों की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है।  

राहुल गांधी पर संसद में प्रस्ताव, BJP सांसद ने चुनाव न लड़ने की उठाई मांग

नई दिल्ली भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा में एक मोशन पेश किया है, जिसमें विपक्षी नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और भविष्य में चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने की मांग की गई। डॉ. दुबे ने कहा सोरोस फाउंडेशन और देश को टुकड़े करने वाले ताक़तों के साथ मिलकर राहुल गांधी भारत का विभाजन करना चाहते हैं। इसलिए मैंने लोकसभा के नियम 352(5) और 353 के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने और भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने की पाबंदी का मोशन पेश किया। सोरोस फाउंडेशन व देश को टुकड़े करने वाले ताक़तों के साथ मिलकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी भारत का विभाजन करना चाहते हैं। मैंने लोकसभा के नियम 352(5) और नियम 353 के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने व भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने की पाबंदी का मोशन पेश किया। क्या है लोकसभा नियम 352(5) और 353 लोकसभा नियम 352(5) और 353 के तहत संसद किसी सदस्य की सदस्यता रद्द करने या भविष्य के चुनावों में भाग लेने पर रोक लगाने की प्रक्रिया को अपनाती है यदि उसके कार्य संविधान और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ हों। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मोशन राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और संसद में इस पर बहस और निर्णय का असर विपक्ष और राजनीतिक माहौल पर पड़ सकता है। भाजपा नेता ने दी राहुल गांधी को राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति न करने की नसीहत इसके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता वानाथी श्रीनिवासन ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील की कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करना बंद करें और इसके बजाय रचनात्मक राजनीति पर ध्यान दें। वानाथी श्रीनिवासन ने लोकसभा में कथित रूप से एक पूर्व सेना प्रमुख की आत्मकथा को लेकर उत्पन्न हंगामे की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता जानबूझकर देश की सुरक्षा के साथ राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी, जिन्हें जनता ने नकार दिया है, लोकसभा में अराजकता पैदा कर रहे हैं। राजनीति में करने के लिए हजारों काम हैं, लेकिन वे अनावश्यक रूप से देश की सुरक्षा को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। इससे उनका विपक्षी नेता का पद भी खतरे में पड़ सकता है।

पीयूष गोयल ने दी बड़ी खबर, US टेक्सटाइल पर लगा सकता है 0% टैरिफ

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) प्रशासन की ओर से भारत को एक के बाद एक राहत मिल रही है. पहले भारत-अमेरिका डील की फैक्टशीट में बड़े बदलाव करते हुए कुछ शर्तों में छूट दी गई, तो अब एक दिन बाद ही और रियायतें मिलने की संभावना नजर आ रही हैं. इस संबंध में खुलासा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने किया है. गुरुवार को उन्होंने कहा कि भारत के कपड़ा सेक्टर को और भी लाभ मिलेंगे, जो अमेरिका द्वारा बांग्लादेश को दिए गए हैं.  भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने संकेत दिया कि बांग्लादेश की तरह, भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को भी अंतिम समझौते पर साइन होने के बाद शून्य टैरिफ (Zero US Tariff) की सुविधा मिलने की उम्मीद है. उनके इस बयान से भारत के कपड़ा निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौते ने इस बिजनेस के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.  कांग्रेस पर ऐसे साधा निशाना पीयूष गोयल का इस संबंध में बयान ऐसे समय में दिया है, जबकि India-US Trade Deal को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी वार-पलटवार का सिलसिला जारी है. बता दें कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ यह समझौता डोनाल्ड ट्रंप के सामने पूरी तरह आत्मसमर्पण है. अब Piyush Goyal ने उनके बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने संसद में एक और झूठ फैलाया कि व्यापार समझौते से भारत की तुलना में बांग्लादेश को अधिक लाभ मिला है. बांग्लादेश की तरह भारत को भी लाभ वाणिज्य मंत्री ने कांग्रेस कहा कि जिस प्रकार बांग्लादेश को यह सुविधा मिली है कि अगर अमेरिका से कच्चा माल खरीदा जाता है और उसे संसाधित करके कपड़ा तैयार करके फिर इसका निर्यात किया जाता है, तो उस पर कोई टैरिफ नहीं लगता है. उन्होंने कहा कि भारत को भी यही सुविधा मिलेगी. ‘अंतिम समझौते में ये शामिल होगा’ इस संबंध में विस्तार से बताते हुए पीयूष गोयल ने साफ किया कि यह पार्ट पिछले सप्ताह दोनों देशों द्वारा जारी किए गए अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क में शामिल नहीं हो सकता है, लेकिन यह अंतिम समझौते में शामिल होगा. उन्होंने कहा कि अभी हमारा व्यापार समझौता तैयार हो रहा है और जब ये अंतरिम समझौता अंतिम रूप ले लेगा, तब आपको इसकी हर बारीकी समझ में आने लगेगी. भारत के लिए कैसे बंपर फायदा?  भारत के लिए पीयूष गोयल द्वारा दिया गया ये बयान इसलिए भी बेहद खास हो जाता है, क्योंकि अंतिम समझौते में इसे शामिल करने से टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी. बता दें कि अमेरिका भारत के कपड़ा निर्यात के लिए सबसे बड़ा बड़ा बाजार है और देश से होने वाले सभी वस्त्र और परिधान शिपमेंट का 30% हिस्सा अमेरिका पहुंचता है. पिछले सप्ताह, भारत और अमेरिका के बीच डील के बाद कपड़ा निर्यातकों में खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि ट्रंप ने टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया था. हालांकि, इस बीच अमेरिकी कपास से बने बांग्लादेशी वस्त्रों के निर्यात पर शून्य शुल्क की खबर आ गई थी. इससे चिंता बढ़ गई थी कि इस वजह से अगर बांग्लादेशी कपड़ों पर शुल्क नहीं लगेगा, तो भारतीय कपड़ों पर 18% शुल्क लगने के बाद भी उसे प्रतिस्पर्धात्मक लाभ नहीं हासिल होगा.

किसानों ने कहा धन्यवाद, भावांतर योजना के लिए कृषि मंत्री कंषाना की सराहना

भावान्तर योजना से लाभान्वित किसानों ने कृषि मंत्री  कंषाना का किया आभार व्यक्त भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि मंत्री  एदल सिंह कंषाना का देवास जिले की तहसील कन्नौज के ग्राम ननासा में भावान्तर भुगतान योजना से लाभान्वित किसानों ने स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कृषि मंत्री  कंषाना ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। भावान्तर योजना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिये अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका सीधा लाभ किसानों तक पहुँच रहा है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।  

नामीबिया से भिड़ंत में टीम इंडिया पहले करेगी बैटिंग, जानें किन खिलाड़ियों को मिला मौका

नई दिल्ली आज टी20 विश्व कप 2026 के 18वें मुकाबले में भारत का सामना नामीबिया से हो रहा है। यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है, जहां नामीबिया के कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया है।  पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है।   भारत पिछला मैच अमेरिका से जीतकर आया है, लेकिन मुंबई की वानखेड़े स्टेडियम की पिच में भारतीय बल्लेबाज लड़खड़ाते हुए नजर आए थे। आज देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय धुरंधर क्या करते हैं और उन्हें नमीबियाई गेंदबाज कहां तक रोक पाते हैं। बने रहिए हमारे साथ लाइव अपडेट के लिए। टी-20 विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज   दोनों टीमों की प्लेइंग 11: भारत -संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह। नामीबिया- लौरेन स्टीनकैंप, जान फ्रिलिंक, जान निकोल लोफ्टी-ईटन, गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, ज़ेन ग्रीन (विकेटकीपर), रूबेन ट्रम्पलमैन, मालन क्रूगर, बर्नार्ड शोट्ज़, बेन शिकोंगो और मैक्स हेंगो। नामीबिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी।  

नगर के सर्वांगीण विकास के लिए आधारभूत संरचनाओं को किया जा रहा मजबूत– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर शहर के अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक बनेगी सड़क और सामुदायिक भवन का होगा निर्माण उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज कवर्धा नगर के विकास को नई गति देते हुए कुल 2 करोड़ 80 लाख रुपए के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक बी.टी. रोड एवं नाली निर्माण तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया।  उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि नगर के विकास के लिए सड़क, नाली और सामुदायिक भवन जैसे मूलभूत कार्य अत्यंत आवश्यक हैं। अंबेडकर चौक से समनापुर पुल तक लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से बी.टी. रोड एवं नाली का निर्माण किया जाएगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास 20 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण होगा, जिससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर के सर्वांगीण विकास के लिए आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने मोहल्लावासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क गैस सिलेंडर एवं चूल्हा वितरित किया।        उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने कहा कि अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों के लिए आवास स्वीकृत होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उन्होंने बताया कि जो लोग जिस स्थान पर काबिज हैं और वहां समेकित कर, बिजली बिल तथा संपत्ति कर जमा कर रहे हैं या जिनके पास पुराना पट्टा है लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं हुआ है, ऐसे सभी पात्र लोगों का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया जाएगा। नगर पालिका द्वारा उन्हें कब्जे का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिसके बाद आवास की स्वीकृति में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष को कहा कि ऐसे सभी लोगों को शीघ्र प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को 2 लाख 36 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपने अनुरूप बेहतर घर बना सकेंगे।         उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबेडकर चौक के पास 30 लाख रुपए की लागत से सियान सदन बनाया जाएगा, जहां वरिष्ठ नागरिक बैठकर समय व्यतीत कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें घर से लाने-ले जाने की व्यवस्था भी की जाएगी। शहर के सभी प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए भी 20-20 लाख रुपए की स्वीकृति मिलने वाली है, जिसमें गाडगे जी, सहस्त्रबाहु जी, सेन जी और महाराज करपात्री जी महाराज से जुड़े चौकों का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही कवर्धा कॉलेज परिसर में 4.5 करोड़ रुपए की लागत से नालंदा परिसर के रूप में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही है। भोजपुरी तालाब के समीप हनुमंत वाटिका का निर्माण किया जा चुका है, वहीं घोटिया क्षेत्र में 354 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। रायपुर–बिलासपुर मार्ग के 7.8 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाते हुए कवर्धा एंट्रेंस का विकास किया जाएगा, जिसके लिए 54 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।      नगर पालिका अध्यक्ष  चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा का चौमुखी विकास उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के मार्गदर्शन में लगातार हो रहा है और यह पूरे शहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि 4 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से गौरव पथ रोड का निर्माण कराया गया है। ठाकुर देव से नया बस स्टैंड तक तक 11 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सड़क बनकर तैयार हो चुकी है। उन्होंने बताया कि शहीद वीर स्तंभ चौक में शहीदों की प्रतिमा स्थापित की गई है और शहर के हर क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं। चौपाटी, हनुमंत वाटिका और बूढ़ा महादेव मंदिर में कांवड़ियों के विश्राम के लिए  निर्माण किया जा रहा है।         इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू,  मनिराम साहू,  विजय पाटिल, नगर पालिका उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  संतोष पटेल, पार्षद  बिहारी धुर्वे,  अजय ठाकुर,  योगेश चंद्रवंशी,  दीपक सिन्हा,  केशरीचंद सोनी,  संजीव, मती सुषमा उपाध्याय,  केशरीचंद सोनी,  भुनेश्वर चंद्राकर,  उमंग पाण्डेय, डॉ. आनंद मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

रिश्तों पर खून के छींटे: छोटी कहासुनी के बाद पत्नी पर चाकू से हमला,

भोपाल. गांधीनगर के सेक्टर पांच में पति-पत्नी के मामूली विवाद में खून-खराबे का रूप ले लिया। जहां नशा से रोकने और बाइक की चाबी न देने पर पति ने पहले पत्नी को लात-घूसों से मारा और फिर उसपर ताबड़तोड़ चाकूओं से हमला किया, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल हमीदिया अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उधर गांधीनगर पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार 34 वर्षीय इरफान खान गांधीनगर के सेक्टर नंबर पांच में परिवार के साथ रहता है। वह केटरिंग सर्विस का काम करता है। उसकी पत्नी सबा खान भी उसकी सहयोगी के रूप में काम करती है। जबकि 14 साल का बेटा और दस वर्षीय बेटी स्कूली छात्र हैं। इरफान नशे का आदी है और अक्सर पत्नी से विवाद करता है। बुधवार शाम करीब पांच बजे वह घर में मौजूद था। वह बाहर घूमने जाने के लिए पत्नी से बाइक की चाबी मांग रहा था। पत्नी को शक हुआ कि वह नशा करने जाएगा, जिससे उसने चाबी देने से इनकार किया। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान दोनों बच्चे भी घर में ही मौजूद थे। झगड़ बढ़ने पर इरफान ने आव देखा न ताव, किचन में रखा चाकू उठाकर सबा के सीने और पेट में एक के बाद एक हमले किए। इंदौर में गाड़ी टकराने पर हत्या, पीठ में ऐसा चाकू मारा कि हो गया आरपार जिससे उसके सीने में दो और पेट में दो चाकू लगा। चाकू लगने से लहूलुहान महिला घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी। उसे इस हालत में देख इमरान को लगा कि वह मर चुकी है और मौके से भाग निकला। वहीं महिला की हालत देख बच्चों ने चीख-पुकार की तो पड़ोसी वहां पहुंचे और उसे हमीदिया अस्पताल पहुंचाया। जहां वह गंभीर हालत में इलाजरत है। वहीं गुरुवार सुबह पुलिस ने उसी क्षेत्र में छुपे इरफान को गिरफ्तार कर लिया है।

पैसे से लेकर फिल्म तक: सलमान खान और सोनू सूद ने कैसे की राजपाल यादव की मदद?

अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में जेल में हैं। मामला करीब 9 करोड़ रुपये की देनदारी से जुड़ा हुआ है, जिन्हें वे तय समय सीमा पर चुका नहीं पाए। इसी वजह से उन्होंने बीते दिनों तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था। ऐसे वक्त में इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे राजपाल की मदद को सामने आए हैं। सोनू सूद ने शुरू की मदद की पहल सबसे पहले 10 फरवरी को सोनू सूद ने एक पोस्ट शेयर करते हुए राजपाल की मदद करने की बात कही थी। उन्होंने राजपाल को फिल्म ऑफर करने की भी बात कही थी। साथ ही पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री से अपील की थी कि सब लोग राजपाल की मदद के लिए आगे आएं। सोनू की इस पहल के बाद जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप ने भी मदद का हाथ बढ़ाया था और 11 लाख की मदद का वादा किया था।     मुझे अभी मेरे बड़े भाई राव इंदरजीत यादव जी की पोस्ट के माध्यम से माननीय राजपाल यादव जी के परिवार की पीड़ा के विषय में जानकारी प्राप्त हुई।     इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा JJD (जन शक्ति जनता दल) परिवार, उनके साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है। एक्टर और प्रोड्यूसर मदद को आए आगे इसके बाद टीवी एक्टर गुरमीत चौधरी ने X पर पोस्ट कर राजपाल को हर संभव मदद देने का वादा किया था। साथ ही सभी एक्टर्स से अपील की थी कि वे मदद के लिए आगे आएं। वहीं संगीत कंपनी के मालिक राव इंद्रजीत सिंह यादव ने भी बड़ी मदद की पेशकश की। उन्होंने राजपाल यादव को 1.11 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है।   इसके बाद मंगलवार को अभिनेता और फिल्म क्रिटिक केआरके ने राजपाल को 10 लाख रुपये देने की बात कही। उन्होंने बॉलीवुड के सभी लोगों से कहा कि मिलकर उन्हें 5 करोड़ देते हैं। अगर वह सिर्फ 5 करोड़ वापस कर देते हैं, तो वह तुरंत जेल से बाहर आ सकते हैं। चलो सब उनकी मदद करते हैं।   नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने चुपके से की मदद ‘इंडियाटुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी राजपाल की चुपके से मदद की है और 10 लाख रुपये भिजवाए हैं। इसके बाद गुरु रंधावा ने भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर राजपाल की मदद की बात कही। दरअसल, राजपाल और गुरु रंधावा ने साथ में एक म्यूजिक वीडियो में काम किया है, जो अभी रिलीज नहीं हुआ है। इसकी पेमेंट भी अभी क्लियर नहीं हुई थी, पर राजपाल यादव की हालत देख गुरु रंधावा ने उन्हें एडवांस पेमेंट देने का ऐलान किया है। इसके साथ, FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉय्ज) ने भी बुधवार, 11 फरवरी को सभी प्रोड्यूसर्स से अपील की है कि वो जल्द से जल्द राजपाल यादव की मदद करें। इंडस्ट्री के बड़े एक्टर मदद को आए आगे वहीं, हाल ही में राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने ‘द स्क्रीन’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि सलमान खान अजय देवगन और वरुण धवन भी एक्टर की मदद को आगे आए हैं और आर्थिक मदद की है। हालांकि अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि उन्होंने कितनी राशि की आर्थिक मदद दी है। सिंगर मीका और अनूप जलोटा ने भी की आर्थिक मदद सिंगर मीका सिंह ने भी राजपाल के सामने मदद का हाथ बढ़ाया। सिंगर मीका सिंह ने 11 लाख रुपये की मदद देने का एलान किया। उन्होंने कहा, ‘राजपाल जी, मैं आपके साथ खड़ा हूं।’ वहीं सिंगर अनूप जलोटा ने भी आज 12 फरवरी को एक वीडियो शेयर कर राजपाल की मदद की बात कही। उन्होंने कहा, ‘उतार-चढ़ाव जीवन का हिस्सा हैं। हमें हमारे दोस्तों की मदद करना चाहिए। मुझे पता है कई लोग उनकी मदद को आगे आएं हैं। मैं भी 5 लाख रुपये उन्हें भेज रहा हूं। उम्मीद है इनसे उन्हें मदद मिलेगी।   इसके साथ टीवीएफ (द वायरल फीवर), जो कि एक डिजिटल एंटरटेनमेंट कंपनी और प्रोडक्शन हाउस है, उन्होंने भी एक पोस्ट शेयर कर राजपाल की मदद की बात कही है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- ‘हम आपके साथ खड़े हैं और आपका समर्थन करते हैं।’ क्या है मामला? साल 2010 से जुड़े एक पुराने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव इस समय जेल में हैं। दरअसल, उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण और निर्देशन के लिए एक कंपनी से करोड़ों रुपये का कर्ज लिया था। बताया जाता है कि तय समयसीमा के भीतर राशि वापस नहीं चुकाई जा सकी। अदालत की ओर से कई अवसर दिए गए, लेकिन भुगतान न होने पर सख्त रुख अपनाया गया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें तिहाड़ जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया। अदालती आदेश के पालन में राजपाल यादव ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। यह मामला करीब 9 करोड़ रुपये की देनदारी से जुड़ा हुआ है, जिस पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।  

बांग्लादेश में बढ़ा तनाव: चुनावी माहौल के बीच हिंदू युवक की नृशंस हत्या से सनसनी

ढाका    बांग्लादेश में आम चुनाव के दिन वोटिंग जारी है, लेकिन उससे ठीक पहले हिंदू अल्पसंख्यक पर हुई एक और हत्या ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। मौलवीबाजार जिले में बुधवार को 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार का शव संदिग्ध हालात में बरामद किया गया। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर गहरे जख्मों के निशान मिले हैं। मौलवी बाजार से मिली लाश रतन साहूकार चंपा इलाके के चाय बागानों में काम करता था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शव पर चोटों से खून बह रहा था, जिससे साफ संकेत मिलता है कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई। रतन के सहकर्मियों ने पुलिस को बताया कि जिस तरह से उसके हाथ-पैर बांधे गए और शरीर पर चोटें हैं, उससे यह सुनियोजित हत्या प्रतीत होती है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हत्या चुनाव से जुड़ी हिंसा है या किसी अन्य कारण से हुई।   पहले भी हो चुकी  ऐसी वारदातें यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले मैमनसिंह जिले में 62 वर्षीय हिंदू व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी दुकान में ही हत्या कर शटर बंद कर दिया और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। शेख हसीना के भारत आने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार पर कट्टरपंथी तत्वों को खुली छूट देने के आरोप लगते रहे हैं।  चुनावी माहौल और सरकार की अपील आज बांग्लादेश में सुबह 7:30 बजे से वोटिंग जारी है, जो शाम 4:30 बजे तक चलेगी। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से संयम बरतने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की है। लेकिन चुनाव से पहले हुई यह हत्या उनकी अपीलों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े

रायपुर  एमसीबी में बिजली उपभोक्ता करीब 3 गुना, सिंचाई पंप 9 गुना बढ़े मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पिछले 25 वर्षों में बिजली व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। वर्ष 2000 में अविभाजित कोरिया जिले का हिस्सा रहे इस क्षेत्र में अब विद्युत उपभोक्ताओं, उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों और लाइनों के नेटवर्क में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसका सीधा लाभ कृषि, उद्योग और घरेलू उपभोक्ताओं को मिला है। वर्ष 2000 में जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6,228 वर्ग किमी था, जो 2022 में पृथक जिला बनने के बाद 4,227 वर्ग किमी रह गया। क्षेत्रफल कम होने के बावजूद बिजली सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। उपभोक्ता संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी जिले में कुल विद्युत उपभोक्ता वर्ष 2000 में 21,209 थे, जो बढ़कर 57,549 हो गए हैं। उच्च दाब (एचटी) उपभोक्ता 15 से बढ़कर 37 और निम्न दाब (एलटी) उपभोक्ता 9,505 से बढ़कर 57,549 तक पहुंच गए हैं। बीपीएल कनेक्शन 3,562 से बढ़कर 22,679 हो गए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 7,999 से बढ़कर 27,213 हो गई है। कृषि क्षेत्र को मिली बड़ी राहत सिंचाई पंप उपभोक्ताओं की संख्या 128 से बढ़कर 1,159 हो गई है, जो लगभग 9 गुना वृद्धि है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है। उपकेंद्र और ट्रांसफार्मर बढ़े 132/33 केवी उपकेंद्र 1 से बढ़कर 2 (चैनपुर और बहरासी) हो गए हैं। 33/11 केवी उपकेंद्र 4 से बढ़कर 13 हो गए। पावर ट्रांसफार्मर 5 से बढ़कर 17 और वितरण ट्रांसफार्मर 276 से बढ़कर 3,018 हो गए हैं। लाइन नेटवर्क में भी बड़ा विस्तार उच्च दाब लाइनें 734 किमी से बढ़कर 3,718 किमी और निम्न दाब लाइनें 368 किमी से बढ़कर 3,429 किमी तक पहुंच गई हैं। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा एक जोन और 8 वितरण केंद्रों के माध्यम से जिले के सभी गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में 57 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को नियमित बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बिजली अधोसंरचना के इस विस्तार ने जिले में विकास की रफ्तार को तेज किया है। कृषि, लघु उद्योग और घरेलू सुविधाओं में सुधार के साथ एमसीबी जिले में बिजली अब विकास की मजबूत धुरी बन गई है।

मुख्यमंत्री साय सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है- उपमुख्यंत्री विजय शर्मा

रायपुर. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शैक्षणिक भ्रमण के लिए बस को दिखाई हरी झंडी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा के समनापुर पुल के पास से डेयरी कोऑपरेटिव एवं अमूल डेयरी कोऑपरेटिव बनासकाठा गुजरात के शैक्षणिक भ्रमण पर जाने वाले पशुपालकों और बिहान की दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने बस में पहुंचकर बिहान समूह की दीदियों एवं पशुपालकों से आत्मीय संवाद किया तथा भ्रमण के उद्देश्य और अपेक्षित सीख के संबंध में चर्चा की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बनासकाठा जाकर वहां की उन्नत व्यवस्थाओं को गंभीरता से देखें, समझें और सीखें। यह भ्रमण केवल देखने भर का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सीखने और उसे लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे वहां के सफल डेयरी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गहन अध्ययन कर जिले में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।              उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण से प्रतिभागियों को उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, डेयरी कोऑपरेटिव की अवधारणा, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण तथा विपणन व्यवस्था के संबंध में व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। साथ ही उन्हें यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि किस प्रकार सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूह (एनआरएलएम) की दीदियां एवं 17 पशुपालक इस शैक्षणिक भ्रमण में शामिल हो रहे हैं। यह दल गुजरात के बनासकाठा डेयरी कोऑपरेटिव और अमूल डेयरी कोऑपरेटिव का अवलोकन करेगा, जो देश-विदेश में अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और सहकारी मॉडल के लिए प्रसिद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सतत प्रयासरत है। बिहान समूहों के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, वहीं पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।       इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य रामकुमार भट्ट, डॉ. बीरेन्द्र साहू, मनिराम साहू, विजय पाटिल, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, पार्षद बिहारी धुर्वे, अजय ठाकुर, योगेश चंद्रवंशी, दीपक सिन्हा, केशरीचंद सोनी, संजीव, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, केशरीचंद सोनी, भुनेश्वर चंद्राकर, उमंग पाण्डेय, डॉ. आनंद मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बिहान समूह की दीदियां एवं पशुपालक उपस्थित थे।

कोयला व्यापारी पर आयकर का शिकंजा, SIR सर्वे टीम बनकर की गई छापेमारी

बिलासपुर  इनकम टैक्स की टीम ने बिलासपुर और चांपा में कोयला व्यापारी के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई कर रही है. इस छापामार कार्रवाई के लिए आईटी की टीम SIR की सर्वे टीम बनकर पहुंची थी. जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स की टीम बिलासपुर में फिल ग्रुप के मालिक प्रवीण झा के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, जिसमें श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित दफ्तर और रामा वर्ल्ड स्थित घर शामिल है. इसके अलावा इनकम टैक्स की टीम चाम्पा में चाम्पा-बिर्रा ओवर ब्रिज के पास स्थित तिरुपति मिनरल्समें भी छापामार कार्रवाई कर रही है.

फेडरर के टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के समारोह के टिकट दो मिनट में बिके

न्यूपोर्ट (अमेरिका) रोजर फेडरर ने भले ही टेनिस को अलविदा कह दिया हो लेकिन उनका जादू अब भी प्रशंसकों पर सर चढ़कर बोलता है जिसकी बानगी यहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय टेनिस हॉल ऑफ़ फेम में शामिल करने के समारोह के टिकटों की भारी मांग में देखने में मिली। फेडरर से जुड़े इस समारोह के सभी टिकट दो मिनट में बिक गए। आयोजकों ने आउटडोर पार्टी के लिए अलग से अतिरिक्त टिकट जारी किए जो हाथों हाथ बिक गए। आखिर में आयोजकों को कहना पड़ा कि उनकी क्षमता सीमित है और वह अधिक टिकट जारी नहीं कर सकते हैं। आयोजक हॉल ऑफ़ फेम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक स्थल होने के कारण हमारी क्षमता सीमित है।’’ हॉल ने कहा कि उसे पहले से ही इस बात का अंदाज़ा था कि 20 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी फेडरर को लेकर कितना उत्साह होगा। इस दिग्गज टेनिस खिलाड़ी को 29 अगस्त को प्रसारक मैरी कैरिलो के साथ हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया जाएगा। न्यूपोर्ट स्थित इस प्रतिष्ठित हॉल में होने वाले मुख्य समारोह के लिए पहले से उपलब्ध 900 टिकटों के अलावा हॉल अपने 3,600 सीटों वाले स्टेडियम को एक विशेष कार्यक्रम के लिए खोलेगा। इसके बावजूद हॉल की प्रवक्ता मेगन एर्ब्स ने कहा कि 4,500 टिकट दो मिनट के भीतर ही बिक गए।  

एक्ने से बचना है? पहले जान लें कौन-सा क्लींजर है आपकी स्किन के लिए सही

स्किन केयर रूटीन की शुरुआत हमेशा चेहरे की सफाई यानी क्लींजिंग से होती है। अक्सर हम विज्ञापनों या दोस्तों की सलाह पर कोई भी फेसवॉश खरीद लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत फेसवॉश आपकी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा, रूखा या मुंहासों से भर सकता है? चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए सबसे जरूरी है अपनी स्किन टाइप को समझना और उसके अनुसार सही इंग्रिडिएंट्स वाला फेसवॉश चुनना। आइए जानते हैं अपनी स्किन के लिए सही फेसवॉश कैसे चुनें। ऑयली स्किन के लिए अगर आपका चेहरा धोने के कुछ देर बाद ही चिपचिपा और चमकदार दिखने लगता है, तो आपकी स्किन ऑयली है। ऐसी त्वचा के पोर्स अक्सर बंद हो जाते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स और मुंहासे होते हैं। इसलिए अगर स्किन ऑयली है, तो आपको फोमिंग या जेल-बेस्ड फेसवॉश चुनना चाहिए। इसमें सैलिसिलिक एसिड, ग्लाइकोलिक एसिड, टी-ट्री ऑयल या नीम होना चाहिए। ये स्किन के ऑयल प्रोडक्शन को कंट्रोल करते हैं और पोर्स की गहराई से सफाई करते हैं। ड्राई स्किन के लिए चेहरा धोने के बाद अगर त्वचा खिंची-खिंची और सफेद दिखने लगे, तो आपकी स्किन ड्राई है। ऐसी त्वचा को ऐसे क्लींजर की जरूरत होती है जो सफाई तो करे, लेकिन नेचुरल ऑयल्स को न छीने। आपको क्रीमी या लोशन-बेस्ड फेसवॉश का चुनाव करना चाहिए, जिसमें हयालूरोनिक एसिड, ग्लिसरीन, एलोवेरा या विटामिन-ई हो। ये सफाई के साथ-साथ त्वचा को हाइड्रेट भी रखते हैं। कॉम्बिनेशन स्किन के लिए यह सबसे आम स्किन टाइप है, जिसमें ‘T-Zone’ (माथा, नाक और ठुड्डी) ऑयली होता है, जबकि गाल सूखे या नॉर्मल होते हैं। इसके लिए आपको एक जेंटल फेसवॉश की जरूरत है जो न तो बहुत ज्यादा ऑयली हो और न ही बहुत ज्यादा ड्राई। ऐसे फेसवॉश चुनें जो बैलेंसिंग हों। लैक्टिक एसिड या विटामिन-सी वाला माइल्ड क्लींजर आपके लिए बेहतरीन काम करेंगे। सेंसिटिव स्किन के लिए ऐसी त्वचा पर कोई भी नया प्रोडक्ट लगाते ही जलन, रेडनेस या खुजली होने लगती है। आपको फ्रेग्रेंस-फ्री और हाइपोएलर्जेनिक फेसवॉश की तलाश करनी चाहिए। इसमें कैमोमाइल, ओट्स या सेरामाइड्स होने चाहिए, जो स्किन बैरियर को मजबूत करते हैं। फेसवॉश खरीदते समय इन 3 बातों का भी रखें खास ध्यान     pH बैलेंस- हमारी त्वचा का प्राकृतिक pH लगभग 5.5 होता है। हमेशा ‘pH Balanced’ फेसवॉश ही चुनें ताकि त्वचा का नेचुरल बैलेंस न बिगड़े।     सल्फेट और पैराबेन से बचें- सल्फेट (जैसे SLS) फेसवॉश में झाग तो बहुत बनाता है, लेकिन यह त्वचा को बहुत ज्यादा रूखा कर देता है। हमेशा सल्फेट-फ्री फेसवॉश चुनें।     मौसम का मिजाज- याद रखें कि मौसम के साथ आपकी स्किन की जरूरतें बदलती हैं। सर्दियों में माइल्ड क्रीमी क्लींजर और गर्मियों में डीप क्लीनिंग फेसवॉश का इस्तेमाल करना समझदारी है।     दिन में दो बार इस्तेमाल करें- सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से पहले हरा साफ करना न भूलें।  

मीना बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बलरामपुर

बलरामपुर  जिले के रामचन्द्रपुर जनपद पंचायत के ग्राम मरमा की मीना रवि स्व-सहायता समूह से जुड़ कर अपने व परिवार के भविष्य को नई दिशा दी है। कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने वाली मीना आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बन चुकी हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक मीना रवि का जीवन अभावों से घिरा हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी, तब कहीं जाकर घर में खाने की पूर्ति हो पाती थी। सीमित आय के कारण बच्चों के पढ़ाई-लिखाई और बेहतर भविष्य की कल्पना भी मुश्किल लगती थी। हर दिन उनके लिए एक नई चुनौती लेकर आता था। इस दौरान महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला मीना के जीवन में बदलाव लेकर आया। इससे उन्हें नियमित आय का साधन मिला। साथ ही उन्होंने गांव में कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) का कार्य भी संभाला। धीरे-धीरे उनकी मासिक आय 1,500 से बढ़कर 2000 तक पहुंच गई। समूह से मिले सहयोग के साथ मीना ने स्व-सहायता समूह से चार किश्तों में कुल 60,000 का ऋण लिया और अपने पति के साथ मिलकर एक राशन दुकान शुरू किया। और आज उनकी दुकान से सालाना लगभग 1,50,000 की आय हो रही है। उन्होंने अपनी मेहनत और समूह से मिले ऋण की सहायता से 5 डिसमिल जमीन खरीदा और उसी जमीन पर अपना दुकान स्थापित किया। जो आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। अब मीना रवि आत्मनिर्भर बन लाखों रुपए आय अर्जित कर लखपति दीदी के रूप में जानी जा रही है। वे बच्चों की शिक्षा , परिवार संबंधित सभी आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं। वे कहती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिले तो वे स्वयं सशक्त बन पूरे परिवार और समाज की दिशा बदल सकती हैं।    

ऑफर वाले बयान पर सियासी तकरार, केदार कश्यप बोले— बयानबाजी से नहीं बदलती हकीकत

 रायपुर भूपेश बघेल के बीजेपी में शामिल होने के ऑफर पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी जरूरत न छत्तीसगढ़ को है, और न ही भाजपा को है. वो सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं. कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने आज अपने विभाग का लेखा-जोखा मीडिया के सामने पेश किया. इस दौरान पत्रकारों के सवालों का दवाब देते हुए कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब भी दिया. उन्होंने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पीडीएस दुकान के खाली होने के आरोप पर कहा कि जिन लोगों ने पूरे प्रदेश को लूटने का काम किया, जिनके ऊपर केस चल रहा हैं, वो बता रहे हैं कि हमारी पीडीएस की दुकानें खाली हो गई हैं. जिन लोगों ने खाली किया आज वे विपक्ष में हैं. वहीं अमरजीत भगत के नक्सली कमांडर हिडमा को सपोर्ट वाले बयान पर कहा मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा नक्सलियों के साथ में रही है. झीरम घाटी के नाम पर ये घड़ियाली आंसू बहाते हैं. इस बात को साबित करता है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हो या यहाँ के लोग हों. ये कहते हैं कि झीरम के सबूत इनके पास है. जब सबूत है तो स्वाभाविक है, आपसी गुटबाजी के कारण झीरम कांड हुआ है. दरअसल, कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, और कांग्रेस के समर्थक खत्म हो रहे हैं. कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हमेशा मंचों से कहा है कि वे नक्सलियों के साथ खड़े हैं. वहीं बीजापुर विधायक के सुरक्षा वाले मामले में केदार कश्यप ने कहा कि कहीं किसी को जाने के लिए नहीं रोका जा रहा है. वो बिना सुरक्षा के अंदरूनी क्षेत्र में चले जाते थे. उनको सुरक्षा की क्या आवश्यकता है. वो बिना सुरक्षा और बिना पुलिसकर्मी के नक्सल क्षेत्र में घूमते थे, उन्हें क्या सुरक्षा की आवश्यकता है. अब बस्तर नक्सल मुक्त हो रहा है. असम में कांग्रेस नेता चुनाव में गए हैं, क्या बीजेपी नेता भी जाएंगे? इस पर केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि असम में हमारे नेता प्रचार करने जा रहे है. फिर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में लोग किसलिए जा रहे, ये बाद में पता चलेगा. पिछले बार तो यहां लाकर बकरा और सूअर खिलाए थे. इस बात क्या खिलाएंगे ये देखना होगा. वहीं बस्तर में स्वास्थ्य की स्थिति पर मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार में 3 मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो, इसे लेकर हमारी सरकार काम कर रही है. चिकित्सा के क्षेत्र में और भी विस्तार हो रहा है. अंदुरूनी क्षेत्र में भी चिकित्सा का जाल बिछ रहा है. वहीं युवा कांग्रेस की महापंचायत का केदार कश्यप ने स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि वो वास्तविक लोगों को लेकर आएंगे, मरे हुए लोगों को न लाए. 2 सालों में परिवहन विभाग के कार्यों को लेकर कहा कि सीएम ग्रामीण बस योजना से लोगों को लाभ मिला. 425 नए गांव तक पहली बार बस पहुंचे. सड़क दुर्घटना में रायपुर जिले को सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में शामिल किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन नीति में वाहन मूल्य का 10% या अधिकतम 1 लाख रुपए छूट दी जा रही है. आटो एक्सपो के माध्यम से 133.4 करोड़ के RTO टैक्स का छूट मिला. बस संगवारी एप की सुविधा लोगों को दी गई है. वाहन 4.0 और सारथी 4.0 ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे है. आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को डाक के माध्यम से भेजा जा रहा है. ई-चालान के माध्यम से अनफिट वाहनों पर कार्रवाई हो रही है. वर्तमान में 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस और टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है. सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेश उपचार की व्यवस्था की जा रही है. वन विभाग की दो साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 355 हाथियों का विचरण हो रहा है. हाथी-मानव द्वंद कम हो, इस पर काम हो रहा है. प्रभावित इलाकों में एलिफेंट ट्रेकिंग मेसेज के माध्यम से जानकारी दी जाती है. दो सालों में छत्तीसगढ़ ने नया कीर्तिमान रचा है. सघन वनों में 70% घनत्व बढ़ा है. 7 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का कार्य हुआ है. भूमि स्वामी को वृक्षारोपण के लिए योजना बनाकर प्रेरित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले देवगुड़ियों का निर्माण कराया गया. 463 पदों में भर्ती की गई, 1500 में और भी करना है. वर्तमान में बाघों की संख्या 35 है. बाघों के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वन भैंसा, पहाड़ी मैना के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वहीं सहकारिता विभाग में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प से विभाग लोगों के हित में काम कर रहा है. 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया गया है. 2739 उपार्जन केंद्रों में 25.49 किसानों से 139 मिट्रिक टन धान खरीदी हुई है, 1.45 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया गया. उच्च शक्कर कारखाने लगाए गए है.

वन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता : दिनांक 12 फरवरी 2026 वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर. वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में वन संरक्षण, हरित आवरण विस्तार, वन्यजीव संवर्धन, इको-टूरिज्म विकास तथा वनवासियों की आजीविका सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण और वनवासियों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वन आवरण में वृद्धि           प्रेस वार्ता में मंत्री कश्यप ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान द्वारा दिसंबर 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण में लगभग 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र है। अत्यंत सघन वनों (Very Dense Forest) में 348 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज होना वनों की गुणवत्ता और पारिस्थितिक संतुलन में सुधार का प्रमाण है। हरित छत्तीसगढ़ अभियान       कश्यप ने बताया कि राज्य में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत वर्ष 2024 में 4 करोड़ 20 लाख से अधिक तथा वर्ष 2025 में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया है। किसान वृक्ष मित्र योजना           उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत निजी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को पांच एकड़ तक 100 प्रतिशत तथा उससे अधिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाता है। विगत दो वर्षों में 36 हजार 896 हितग्राहियों की 62 हजार 441 एकड़ भूमि में 3 करोड़ 67 लाख से अधिक पौधे लगाए गए। देव स्थलों का संरक्षण         प्रेस वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप आदिवासी देव स्थलों के संरक्षण के लिए “मोदी की गारंटी” के तहत पिछले दो वर्षों में 435 देवगुड़ियों का निर्माण किया गया, जिस पर लगभग 16.17 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वन विभाग में भर्ती         उन्होंने बताया कि वन विभाग में पिछले दो वर्षों में तृतीय श्रेणी के 313 पदों पर भर्ती की गई है। इसके अलावा 150 आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है। वनरक्षक के 1484 पदों की शारीरिक परीक्षा पूर्ण हो चुकी है तथा आगे की प्रक्रिया जारी है। बाघ संरक्षण में सफलता           कश्यप ने बताया कि राज्य में बाघ संरक्षण के लिए गुरू घासी दास- तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का गठन किया गया है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 17 बाघ थे, जो अब बढ़कर 35 हो गए हैं। बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य टाइगर रिजर्व से बाघों के स्थानांतरण की अनुमति भी प्राप्त हुई है। वनभैंसा और पहाड़ी मैना संरक्षण           प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राजकीय पशु वनभैंसा के संरक्षण के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में 14 से 17 वनभैंसे देखे गए हैं। राज्य पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को ‘मैना मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप अब लगभग 600 से 700 पहाड़ी मैना देखे जा रहे हैं। बर्ड सफारी और रामसर साइट             उन्होंने बताया कि गिधवा- परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ किया गया है, जहां 270 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला और देश का 96 वां रामसर स्थल घोषित हुआ है, जिससे इको- टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास     मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 से अधिक स्वावलंबी बन चुके हैं। वनवासियों की सुविधा के लिए 96 रपटा-पुलिया का निर्माण किया गया है। मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण       प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी कर ग्रामीणों को समय पर सूचना दी जा रही है। राज्य में 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 355 हाथी दर्ज किए गए हैं। औषधीय पौध रोपण और महिला सशक्तिकरण            उन्होंने कहा कि औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने हेतु विभिन्न जिलों में औषधीय पौधों का रोपण कराया गया है। हजारों महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं तथा पारंपरिक वैद्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। वन विकास निगम की उपलब्धियां वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस वार्ता में राज्य वन विकास निगम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा सतत वानिकी सिद्धांतों के तहत काष्ठ उत्पादन, वृक्षारोपण, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने जैसे कार्य किए गए हैं। काष्ठिय वनोपज की बिक्री ई-ऑक्शन के माध्यम से प्रारंभ की गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसके अतिरिक्त वन संरक्षण के साथ साथ विकास कार्य भी लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए 1165 प्रकरणों में वनभूमि उपयोग की स्वीकृति प्रदान की गई है। सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क वन मंत्री कश्यप ने बताया कि मनेन्द्रगढ-चिरमिरी- भरतपुर जिला का मरीन फ़ासिल पार्क एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क है l यह जीवाश्म हसदेव नदी के किनारे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है l यहां 29 करोड़ वर्ष पूर्व के जीवाश्म मिले हैं l देश में ऐसे 4 जगह समुद्रीय जीवाश्म मिले हैं l

सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

रायपुर सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर प्रदेश है और धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित इस धरा को हमारी सरकार सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में सिक्किम राज्य से अध्ययन भ्रमण पर पहुंचे पत्रकारों के दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया और उनसे छत्तीसगढ़ को लेकर ढेर सारी बातें साझा की। उन्होंने सभी अतिथियों को राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ में स्वागत और अभिवादन किया। मुख्यमंत्री की सहृदयता और आतिथ्य पाकर  सभी पत्रकार अभिभूत हुए और उन्हें सिक्किम आने का निमंत्रण भी दिया।                मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ 44 प्रतिशत वन क्षेत्र से आच्छादित है तथा यहां 31 प्रतिशत आदिवासी समुदाय निवासरत है। वनोपज संग्रहण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘जशप्योर’ ब्रांड के अंतर्गत उत्पाद तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए सरकार द्वारा 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना के तहत निःशुल्क चप्पल प्रदान की जा रही है।                 मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। हाल ही छह हजार से अधिक जोड़े इस योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नवदंपतियों को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता एवं 15 हजार रुपये का सामग्री सहयोग प्रदान किया जाता है।                    नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सफल नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। राज्य सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50 हजार रुपये की सहायता तथा तीन वर्षों तक प्रति माह 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 2,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। श्री साय ने बताया कि जगदलपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा ‘बस्तर पंडुम’ कैफे का सफल संचालन इसका सशक्त उदाहरण है।            मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के अंतर्गत 17 शासकीय योजनाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है, जिससे सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं। पर्यटन की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं, अबूझमाड़ के वन और धुड़मारास जैसे स्थल प्रदेश की पहचान हैं। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होम स्टे को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसके तहत ग्रामीणों को पांच कमरों तक निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं औद्योगिक विकास के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है, जहां निम्न आय वर्ग के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने प्रदेश की आकर्षक नवीन औद्योगिक नीति का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसके तहत राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना से प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।  “छत्तीसगढ़ ने भारतीय होने का गर्व कराया” –  अर्चना प्रधान सिक्किम की पत्रकार  अर्चना प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मेक इन इंडिया’ का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। भिलाई स्टील प्लांट में रेल पटरियों सहित विभिन्न इस्पात उत्पादों का निर्माण प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इकाइयों को हमें करीब से देखने का मौका मिला और हम जान पाए है कि इस प्रदेश का देश के विकास में कितना महत्वपूर्ण योगदान है।  सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री से भ्रमण उपरांत मिलने पहुंचे पत्रकारों ने  कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला है। उन्होंने भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। सिक्किम से आए पत्रकारों ने अपने पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान भिलाई स्टील प्लांट, गेवरा ओपन माइंस, नवा रायपुर तथा जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया। पत्रकारों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भ्रमण की सुंदर स्मृतियों को अपने साथ लेकर जा रहे हैं, जो उन्हें आजीवन याद रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, किसानों के हित में की गई घोषणाओं, स्वच्छ वातावरण तथा पुनर्वास नीति की सराहना की। मुख्यमंत्री को भेंट किया सिक्किम का स्मृति चिन्ह ‘थांका’ पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को सिक्किम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ‘थांका’ पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस उपहार के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे स्नेह और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बताया।          पत्रकारों ने बताया कि सिक्किम का थांका पेंटिंग एक पवित्र स्मृति चिन्ह है, जो सूती या रेशमी कपड़े पर बौद्ध देवताओं, मंडलों और बुद्ध के जीवन दृश्यों को दर्शाता है। यह हस्तनिर्मित कला सिक्किम की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे अक्सर घर की सजावट और सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाया जाता है। इन्हें रोल करके आसानी से ले जाया जा सकता है, जो यात्रियों के लिए एक बेहतरीन सोवेनियर है। यह पारंपरिक कलाकृति सिक्किम के निवासियों के लिए धार्मिक विश्वास और आस्था का प्रतीक है।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, पीआईबी गंगटोक के सहायक निदेशक श्री मानस प्रतिम शर्मा, पीआईबी रायपुर के सहायक निदेशक श्री सुदीप्तो कर, श्री पुरुषोत्तम झा और श्री … Read more

गन्ना किसानों के चेहरे पर खुशी, भोरमदेव शक्कर कारखाने ने होली से पहले बांटे ₹4.73 करोड़

कवर्धा होली से पहले भोरमदेव शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना किसानों के लिए राहतभरी खबर है। कारखाने ने किसानों के खातों में 4 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि जारी की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उत्साह का माहौल बन गया है। चालू पेराई सत्र में अब तक 14,518 किसानों को कुल 51 करोड़ 51 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। समयबद्ध भुगतान से किसानों में भरोसा मजबूत हुआ है और खेती-किसानी के साथ त्योहारी तैयारियों को भी बल मिला है। प्रशासनिक मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी रहने की जानकारी कारखाना प्रबंधन ने दी है। उत्पादन के मोर्चे पर भी कारखाना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अब तक 2 लाख 42 हजार 990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2 लाख 86 हजार 743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। प्रबंधन का मानना है कि किसानों के सहयोग और सुव्यवस्थित संचालन से इस वर्ष बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। कारखाना प्रशासन ने सदस्य और गैर-सदस्य किसानों से सर्वे के अनुरूप अधिक से अधिक गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है, ताकि पेराई लक्ष्य समय पर पूरा हो सके और सहकारी व्यवस्था मजबूत बनी रहे। किसानों को एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी राशि, बोनस, रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों और किसानों के लिए सस्ती भोजन व्यवस्था जैसी पहलें सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती हैं।

गुस्से ने बिगाड़ा खेल! अंपायर से बहस के बाद अफगानी स्टार पर भारी फाइन

नई दिल्ली अफगानिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद नबी पर बुधवार (11 फरवरी) को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले के दौरान आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। उन्हें उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना देने का निर्देश दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें आईसीसी की आचार संहिता के स्तर 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। नबी पर यह कार्रवाई विशेष रूप से संहिता के अनुच्छेद 2.4 के तहत की गई है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अवहेलना करने या उनके आदेशों को न मानने से संबंधित है। जुर्माने के अलावा, नबी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है, जो पिछले 24 महीनों के भीतर उनका पहला आधिकारिक अपराध दर्ज किया गया है। यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में हुई, जब मैदान पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। नबी दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी एनगिडी के हाथ में बंधे रिस्ट बैंड यानी कलाई की पट्टी को लेकर मैदानी अंपायरों के साथ लंबी और तीखी बहस करने लगे। अंपायरों द्वारा दिए गए निर्देशों को नजरअंदाज करना और बहस को लंबा खींचना आईसीसी के नियमों के खिलाफ माना गया। इस मामले में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद के साथ-साथ तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर के.एन. अनंतपद्मनाभन ने आधिकारिक रूप से उन पर यह चार्ज लगाया था। मोहम्मद नबी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के डेविड गिल्बर्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को बिना किसी विरोध के मान लिया है। खिलाड़ी द्वारा स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किए जाने के कारण इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई (फॉर्मल हियरिंग) की आवश्यकता नहीं पड़ी और मैच रेफरी के फैसले को अंतिम माना गया। आईसीसी के नियमों के अनुसार, स्तर 1 के उल्लंघनों के लिए सजा का दायरा एक आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के अधिकतम 50 प्रतिशत तक की कटौती और एक या दो डिमेरिट अंक जोड़ने तक हो सकता है। नबी के मामले में, उनके व्यवहार को देखते हुए मैच फीस में कटौती का यह फैसला लिया गया। आईसीसी की सख्त नीतियों के अनुसार, ये डिमेरिट अंक खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड पर पूरे 24 महीनों तक बने रहते हैं और उसके बाद ही उन्हें हटाया जाता है। यदि कोई खिलाड़ी इस 24 महीने की अवधि के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक प्राप्त कर लेता है, तो उन्हें निलंबन अंकों (सस्पेंशन पॉइंट्स) में बदल दिया जाता है, जिससे खिलाड़ी पर मैचों के लिए प्रतिबंध लग जाता है। उदाहरण के लिए, दो निलंबन अंक एक टेस्ट मैच या दो वनडे या फिर दो टी20 मैचों के प्रतिबंध के बराबर होते हैं, जो भी पहले हो। हालांकि नबी के लिए यह इस अवधि का पहला अपराध है, लेकिन भविष्य में और अधिक डिमेरिट अंक उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से बाहर कर सकते हैं।

सरकारी नौकरी का मौका: UPSC IES और ISS के 44 पदों पर आवेदन आमंत्रित

संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी इंडियन इकोनॉमिक सर्विसेज / इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विसेज 2026 भर्ती परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर कुल 44 वैकेंसी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अप्लाई करने की आखिरी तारीख 3 मार्च, 2026 है। यूपीएससी आईईएस के तहत 16 और यूपीएससी आईएसएस एग्जाम से 28 पदों पर भर्ती होगी। आयु सीमा कैंडिडेट की उम्र 1 अगस्त, 2026 को 21 साल होनी चाहिए और 30 साल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए, यानी उसका जन्म 2 अगस्त, 1996 से पहले और 1 अगस्त, 2005 के बाद नहीं हुआ होना चाहिए। क्या है योग्यता आईईएस भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र / व्यावहारिक अर्थशास्त्र / व्यवसाय अर्थशास्त्र / अर्थमिति में स्नातकोत्तर / मास्टर डिग्री उत्तीर्ण / उपस्थित होना। आईएसएस स्टैटिस्टिक्स/मैथमेटिकल स्टैटिस्टिक्स/एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में से किसी एक सब्जेक्ट के साथ बैचलर्स डिग्री पास/कर रहे हों या स्टैटिस्टिक्स/मैथमेटिकल स्टैटिस्टिक्स/एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में मास्टर डिग्री हो। आवेदन फीस- 200 रुपये महिला/SC/ST/बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले लोग (PwBD) कैंडिडेट्स के लिए कोई फीस नहीं। अप्लाई कैसे करें 1. UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं। 2. होम पेज पर मौजूद UPSC IES/ ISS एग्जाम 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। 3. रजिस्ट्रेशन डिटेल्स डालें और सबमिट पर क्लिक करें। 4. हो जाने के बाद, एप्लीकेशन फॉर्म भरें। 5. एप्लीकेशन फीस का पेमेंट करें। 6. सबमिट पर क्लिक करें और पेज डाउनलोड करें। 7. आगे की जरूरत के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें। यूपीएससी खोलने जा रहा है करेक्शन विंडो, फॉर्म में सुधार के लिए मिलेंगे 3 दिन का समय संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE) 2026 के उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। आयोग उन अभ्यर्थियों के लिए तीन दिनों की ‘करेक्शन विंडो’ खोलने जा रहा है, जिन्होंने आवेदन फॉर्म भरते समय अनजाने में कोई गलती कर दी थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुधार की यह प्रक्रिया मुख्य रजिस्ट्रेशन अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद शुरू होगी। यह उन उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है जो अपनी डिटेल्स को लेकर चिंतित थे। करेक्शन विंडो का समय और महत्वपूर्ण तिथियां UPSC द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, आवेदन फॉर्म में सुधार करने के लिए पोर्टल केवल सीमित समय के लिए ही खुला रहेगा। खुलने की तिथि: आवेदन की अंतिम तिथि के अगले दिन से यह विंडो एक्टिव होगी। समय सीमा: उम्मीदवारों को सुधार के लिए कुल 3 दिनों का समय दिया जाएगा। अंतिम समय: तीसरे दिन शाम 6:00 बजे यह लिंक निष्क्रिय कर दिया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस समय सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन में बदलाव के अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे। क्या-क्या बदला जा सकता है? उम्मीदवारों को अपने आवेदन फॉर्म के कुछ खास डिटेल्स में संशोधन करने की अनुमति होगी: व्यक्तिगत जानकारी: उम्मीदवार अपने माता-पिता के नाम की स्पेलिंग और अन्य छोटे विवरणों में सुधार कर सकते हैं। शैक्षणिक विवरण: स्नातक के अंकों या कॉलेज के नाम से संबंधित त्रुटियों को ठीक किया जा सकता है। डॉक्यूमेंट: यदि अपलोड की गई फोटो या सिग्नेचर स्पष्ट नहीं हैं, तो उन्हें फिर से अपलोड करने का विकल्प मिल सकता है। केंद्र का चुनाव: कुछ विशेष परिस्थितियों में परीक्षा केंद्र की वरीयता को बदलने का मौका भी दिया जा सकता है। महत्वपूर्ण नोट: ओटीआर प्रोफाइल में सुधार करने के लिए उम्मीदवार को ओटीआर पोर्टल पर अलग से जाकर बदलाव करना होगा।  

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की भेंट

भोपाल/नई दिल्ली  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री  जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने  कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री  गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बड़े पैमाने पर अभियान, समितियों को प्रशिक्षण

वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का अभियान 26 हज़ार गाँवो में वन अधिकार समितियों का प्रशिक्षण भोपाल  वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण-सत्रों की शुरुआत की गई है। प्रथम चरण में 21 जिला मुख्यालयों पर उपखण्ड स्तरीय वन अधिकार समिति के शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों सहित जिला स्तर पर नामांकित मास्टर ट्रेनर्स के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार के लिए 26 हजार से अधिक ग्रामों को चिंहित किया गया है। इन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पिछले वर्ष से अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इसका संचालन किया जा रहा है। उपखंड स्तरीय समितियों को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के साथ विशेष रूप से सामुदायिक वन संसाधन के अधिकारों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनजातीय कार्य विभाग ने विशेष पहल करते हुए, टास्क फोर्स के विशेषज्ञों की मदद से राज्य स्तर पर 35 ‘’राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स’’ की टीम तैयार की है। यह टीम अनुसूचित क्षेत्र के 20 जिलों की उपखंड स्तरीय समितियों के 828 सदस्यों का प्रशिक्षण पूरा करेगी। साथ ही जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का भी प्रशिक्षण हो रहा है। ये मास्टर ट्रेनर ग्राम स्तर की वन अधिकार समितियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्थान अभियान’ के अंतर्गत किए जा रहे हैं। जनजातीय कार्य विभाग की ओर से इन समितियों के शासकीय सदस्यों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी (वन) और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं समिति में नामांकित जनपद पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इन समितियों को सामुदायिक वन संसाधन दावों के तैयार कराने, इनका निराकरण तथा मान्यता प्रदान कराये जाने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। वन अधिकार अधिनियम 2006 में वन निवासियों के मान्य किए वन अधिकारों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों का विशेष स्थान है। ये ग्राम सभाओं को अपने जंगलों के संरक्षण, प्रबंधन का अधिकार प्रदान करता है और अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासियों को वन प्रबंधन में प्रमुख स्थान देता हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता

शोध ऐसा हो, जो बदल दें सबकी सोच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय संस्कृति में एकल शोध नहीं, समग्र कल्याण आधारित है शोध की परंपरा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के रिसर्च फेलोशिप के पोस्टर और वेबसाइट का हुआ विमोचन संस्थान द्वारा प्रकाशित 7 पुस्तकों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में  दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ़ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “Mahakal: The master of time” वेबसाइट का शुभारंभ, महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले “41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव” के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा। पूज्य आचार्य  मिथलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महाकाल की प्रतिष्ठा से विश्व को अवगत कराया है। हम दुनिया को सर्वस्व दे रहे हैं, क्योंकि हमारे पास महाकाल हैं। शोधार्थी एक प्रकार से बोधार्थी भी हैं, जो शोध हमें बोध तक न ले जाए, वो व्यर्थ है। मनुष्य का ज्ञान चिंतन आधारित है, न कि डाटा आधारित। डाटा का विश्लेषण करना तो मशीनों का काम है। हम पश्चिमी देशों से क्यों डरते हैं। पश्चिम की केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हमें समग्र रूप से सभी दिशाओं में सोचते हुए शोध करना है। हमारे शोध को भारतीय संस्कृति और चरित्र मूलक होना चाहिए, प्रतिक्रिया पराणय न हो। कोई भी नया विचार नवाचार नहीं होता है। परंपराओं को अंगीकार करते हुए नया काम करना ही नवाचार है। वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक  सुरेश सोनी ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारत के भौगोलिक स्वरूप में वेद आधारित सांस्कृतिक परिदृश्य नजर आता है। भारत के पुनरोत्थान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि इसमें विदेशी मूल्यों का प्रकटीकरण नहीं होना चाहिए। भारत में पिछले 150 से 200 सालों में यूरोप आधारित अकादमिक शिक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। अब हमारे शोधार्थी कला, संस्कृति, न्याय, अर्थव्यवस्था जैसे अन्य विषयों पर भारतीय शिक्षा पद्धति आधारित शोध पर कार्य करें। इसमें भारतीय समग्रता को भी ध्यान में रखा जाए। अभी हमारी चिकित्सा पद्धति भौतिक है। आयुर्वेद शास्त्र में महर्षि चरक कहते हैं कि किसी पदार्थ के 5 स्तर- स्थूल, स्वरूप, सूक्ष्म, अवयव और अर्थत्व होते हैं। भारतीय दृष्टि के आधार पर हमें अध्ययन करना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को वर्तमान मे कैसे नवाचारों के साथ उसे उपयोग करें। शोध करते समय इसी पर ध्यान देना है। भारतीय समाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मधुकर एस पड़वी ने कहा कि भारत के पुनरोत्थान के लिए हमारी सभ्यता और ज्ञान की पुन: प्रतिष्ठा करने की आवश्यकता है। हम अपने शोध कार्यों में किसी दूसरे देश की दृष्टि का अनुसरण न करें और स्वदेशी दृष्टि को अपनाएंगे। अनुसंधान व्यक्तिगत न होकर सहयोगात्मक होना चाहिए। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत केंद्रित परंपरा, संस्कृति और विरासत के शोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया गया है। भारत केंद्रित शोध और शिक्षा के माध्यम से हम पुन: विश्व गुरू बनेंगे। स्वागत उद्बोधन राष्ट्रीय शोधार्थी समागम की संयोजिका डॉ. अल्पना त्रिवेदी ने दिया। विषय प्रवर्तन डा. मुकेश कुमार मिश्रा ने दिया। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के अध्यक्ष  अशोक पाण्डेय ने समागम की विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। शुभारंभ-सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान भवन परिसर में पौध-रोपण भी किया। उद्घाटन सत्र में मैपकास्ट के अध्यक्ष डॉ. अनिल कोठारी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी सहित शिक्षक एवं शोधार्थी-विद्यार्थी उपस्थित थे।  

कानपुर हिट एंड रन: SOG ने डिकोड की पूरी साजिश, लैंबॉर्गिनी केस में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

 कानपुर     कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कोर्ट को अवगत कराया कि 8 तारीख को घटना घटित होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. इसके अगले दिन, 9 तारीख को एक डमी ड्राइवर को वाहन चालक बताकर फर्जी हलफनामा तैयार किया गया. जिसे बाद में कोर्ट में भी दाखिल कर दिया गया. पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि घटना के समय गाड़ी शिवम ही चला रहा था. इसके बाद पुलिस टीम नोटिस की तामील कराने उसके पास पहुंची और उसे जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए. लेकिन इसके बावजूद वह खुद को कानून से बचाने के लिए छिपता रहा और तरह-तरह के बहाने बनाता रहा. देर से गिरफ्तारी पर भी पुलिस का आया बयान उसकी गिरफ्तारी 35 बीएनएस का पालन न करने पर हुई है. वहीं आरोपी की देर से गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस का बयान आया है. पुलिस के मुताबिक मामले में लगी धाराएं 7 साल से कम सजा की होने के कारण अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया. बल्कि नोटिस तामील कराने के लिए पुलिस टीम उसके पास भेजी गई. हालांकि, अभियुक्त द्वारा 35-बीएस के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते पुलिस के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह 7 साल से कम सजा वाली धाराओं में भी अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकती है. पुलिस ने कोर्ट से यह मांग की है कि आरोपी को 14 दिन की न्याय हिरासत में भेजा जाए.  मोहन को बनाया गया था डमी ड्राइवर कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में शिवम मिश्रा की तरफ से समझौते के लिए शपथ पत्र दाखिल किया गया था. वादी के वकील ने कहा कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चला रहा था. जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चल रहा था. कोर्ट में मोहन लाल का शपथ पत्र भी दिया गया था. जिसमें घटना से जुड़े तथ्यों का जिक्र है. न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. इस मामले में अधिवक्ता धर्मेद्र कुमार धर्मू ने कहा एसीजेएम-7 की कोर्ट से कार चालक का आत्मसमर्पण खारिज होने के फैसले के खिलाफ वह जिला जज कोर्ट में रिवीजन दाखिल करेंगे। चालक खुद बता रहा है कि हादसे के समय वह कार चला रहा था।शिवम की कार रिलीज अर्जी पर भी कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने रिपोर्ट में कहा वाहन संख्या डीएल 11 सीफ 4018 लेम्बोर्गिनी कार से अपराध कारित किया है। चालक शिवम कुमार मिश्रा का नाम सामने आया है। आरोपी की ओर से कार से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। पुलिस की इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने शिवम को आदेश दिया वह कार से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए। थाना प्रभारी को आदेश दिया कार का परीक्षण कर 13 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट दें। पुलिस ने शिवम को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर तलब किया है। वहीं इस मामले में कोर्ट में समझौता पत्र दाखिल होने के बाद सामने आए वादी मो. तौफीक ने कहा हादसे में बाएं पैर में चोट आई थी। इलाज करा दिया, अब कोई शिकायत नहीं है। मो. तौफीक चमनगंज के घोसियाना में रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजर-बसर करता है। अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह धर्मू ने बताया कि चमनगंज घोसियाना निवासी मो. तौफीक ने मुकदमा दर्ज कराया था। उसने कोर्ट में एक समझौतानामा दाखिल किया है। उसने कहा कि हादसे में उसे चोट लगी थी। इसमें उसे इलाज का पैसा मिल गया है, जिससे वह संतुष्ट है। आपको बता दें कि कानपुर में लैंबॉर्गिनी कर दुर्घटना मामले में जितनी चर्चा दुर्घटना की है, उससे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि गाड़ी कौन चला रहा है. क्योंकि वीडियो में शिवम मिश्रा कार से बाउंसर के साथ निकलते हुए देखा गया. साथ ही पुलिस भी कह रही है कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. लेकिन कोर्ट में शिवम मिश्रा के एडवोकेट की तरफ से दावा किया गया था कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चल रहा था. यह दावा खुद शिवम मिश्रा के पिता केकेबमिश्रा ने भी किया था. मोहन को सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करना था. आज तक से बातचीत करने के दौरान डमी ड्राइवर मोहन ने बताया कि गाड़ी मैं ही चल रहा था. गाड़ी ठीक करने के लिए मैं दिल्ली से आया था. गाड़ी टेस्ट कर रहा था. बगल की सीट में शिवम मिश्रा बैठे थे. तभी वह मेरे ऊपर गिर गए. मैं कुछ समझ नहीं पाया और गाड़ी का बैलेंस खो गया.

निक्की तंबोली के नाम से फ्रॉड का मामला, एक्ट्रेस ने पोस्ट के जरिए लोगों को किया आगाह

मुंबई बिग बॉस 14 फेम एक्ट्रेस निक्की तंबोली इन दिनों रियलिटी शो ‘द 50’  में नजर आ रही हैं. शो में उनके बॉयफ्रेंड अरबाज पटेल भी शामिल हुए हैं. पहली बार दोनों किसी शो में साथ नजर आ रहे हैं. इसी बीच एक्ट्रेस ने एक बड़ा खुलासा कर दिया है. बता दें कि निक्की तंबोली ने अपने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि उनके नंबर और तस्वीरों का यूज करके कोई लोगों को ठगने की कोशिश कर रहा है. कोई उनका नाम लेकर उनके करीबियों को कॉन्टैक्ट कर रहा है. ये निक्की नहीं है. निक्की ने कहा – ये इंसान मैं नहीं हूं. प्लीज आप लोग इस शख्स पर ध्यान न दें. इस शख्स को रिप्लाई न करें. ये एक स्कैम हो सकता है. इस नंबर से टैक्स आते ही इस नंबर को ब्लॉक कर दें. एक्ट्रेस ने ये बात अपने इंस्टाग्राम की स्टोरी पर लिखकर शयर किया है. इस ठगी की बात बताते हुए निक्की तंबोली ने उस फेक नंबर को भी स्क्रीनशॉट के जरिए सोशल मीडिया पर मेंशन किया है. स्क्रीनशॉट में ये आदमी दावा कर रहा है कि ये नंबर निक्की तंबोली का है. अब सोशल मीडिया पर निक्की तंबोली की ये पोस्ट धमाल मचा रही है.

वैष्णो देवी में नियमों का उल्लंघन? अंदर का वीडियो वायरल, शिखा के खिलाफ FIR

जम्मू  जम्मू-कश्मीर के कटड़ा में स्थित माता वैष्णो देवी का भवन देश के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है. लेकिन हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर ने इस अभेद्य किले जैसी सुरक्षा को चुनौती दे दी है. शिखा नाम की एक कंटेंट क्रिएटर ने माता वैष्णो देवी भवन के अंदर का वीडियो शूट किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वीडियो किसी मोबाइल से नहीं, बल्कि एक आधुनिक कैमरा वाले चश्मे (Spy Camera Glasses) से बनाया गया है. इस घटना ने श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वीवीआईपी (VVIP) को भी नहीं अंदर फोटो खींचने की इजाजत माता वैष्णो देवी की पवित्र तीनों पिंडियों के दर्शन के लिए प्रधानमंत्री से लेकर देश के बड़े से बड़े दिग्गज नेता और फिल्मी हस्तियां पहुंचती हैं. लेकिन सुरक्षा और मर्यादा के नियमों के कारण किसी को भी भवन के अंदर मोबाइल या कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होती. श्राइन बोर्ड के सख्त निर्देशों के मुताबिक भवन परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके बावजूद एक आम कंटेंट क्रिएटर का कैमरा लेकर वहां तक पहुंच जाना यह बताता है कि चेकिंग के दौरान कितनी बड़ी लापरवाही हुई है. कैमरा वाले चश्मे ने कैसे दी सुरक्षा घेरे को मात? वायरल वीडियो में भवन के अंदर के दृश्य साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं. कंटेंट क्रिएटर ने चालाकी दिखाते हुए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया. उसने अपनी आंखों पर कैमरा वाला चश्मा पहन रखा था, जिसे सामान्य चश्मा समझकर सुरक्षाकर्मियों ने नजरअंदाज कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद जब सोशल मीडिया पर बवाल मचा, तो शिखा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से उस वीडियो को डिलीट कर दिया. हालांकि तब तक यह वीडियो हजारों बार देखा जा चुका था और सुरक्षा में लगी सेंध उजागर हो चुकी थी. श्राइन बोर्ड का एक्शन और एफआईआर (FIR) की कार्रवाई इस गंभीर चूक पर प्रतिक्रिया देते हुए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है. बोर्ड ने साफ कहा है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच शुरू हो चुकी है. श्राइन बोर्ड इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या इस हरकत में बोर्ड के किसी कर्मचारी की मिलीभगत थी. बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

माल्या के खिलाफ हाईकोर्ट का कड़ा संदेश: भगोड़ा टैग पर सुनवाई के लिए भारत लौटना अनिवार्य

मुंबई  बॉम्बे हाई कोर्ट ने कारोबारी विजय माल्या को कड़ी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि जब तक माल्या भारत वापस नहीं लौटते, तब तक अदालत उनकी  याचिका पर सुनवाई नहीं करेगी। इस याचिका में उन्होंने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओ) के प्रावधानों को चुनौती दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति खुद को न्यायिक प्रक्रिया से दूर रखे हुए है, उसे अदालत से राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।  माल्या को पहले बतना होगा वह भारत लौटेंगे या नहीं मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने कहा कि माल्या को पहले यह स्पष्ट करना होगा कि वह भारत लौटेंगे या नहीं। कोर्ट ने कहा कि आपको (माल्या) वापस आना होगा…अगर आप वापस नहीं आ सकते तो हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। माल्या की दो याचिकाएं  2016 से ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने उच्च न्यायालय में दो याचिकाएं दायर की हैं, एक में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के आदेश को चुनौती दी गई है और दूसरी में 2018 के अधिनियम की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया गया है।  18 फरवरी को होगी अगली सुनवाई  पीठ ने याचिका पर आगे की सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख तय करते हुए कहा कि वह माल्या को यह स्पष्ट करने का एक और अवसर दे रही है कि क्या वह भारत लौटने के लिए तैयार है। माल्या अदालत की प्रक्रिया से बच रहे हैं अदालत ने कहा कि हमें यह दर्ज करना पड़ सकता है कि आप अदालत की प्रक्रिया से बच रहे हैं। आप कार्यवाही का लाभ नहीं उठा सकते। आपके साथ निष्पक्षता बरतते हुए, हम याचिका खारिज नहीं कर रहे हैं बल्कि आपको एक और अवसर दे रहे हैं। अदालत ने दिसंबर 2025 में पिछली सुनवाई में अपना रुख स्पष्ट कर दिया था कि वह याचिका पर तभी सुनवाई करेगी जब माल्या भारत लौट आएंगे और उसने उनके वकील से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा था। आज बेंच ने कहा कि कारोबारी को एक हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वह भारत लौटेगा या नहीं। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर ने कहा कि आप कब आएंगे? आप (माल्या) पहले ही यह तर्क दे चुके हैं कि आपको अदालत में शारीरिक उपस्थिति के बिना सुनवाई का अधिकार है। लेकिन पहले एक हलफनामा दाखिल करें जिसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा हो। शारीरिक उपस्थिति के बिना भी याचिकाओं पर हो सकती है सुनवाई  माल्या की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अमित देसाई ने कहा कि ऐसे फैसले मौजूद हैं जिनसे पता चलता है कि याचिकाकर्ता की शारीरिक उपस्थिति के बिना भी ऐसी याचिकाओं पर सुनवाई और फैसला किया जा सकता है। एफईओ घोषित होने के बाद माल्या ने अधिनियम के प्रावधानों को दी चुनौती सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि माल्या ने एफईओ घोषित किए जाने के बाद एफईओ अधिनियम के प्रावधानों को चुनौती दी है। मेहता ने दलील दी कि मल्ल्या को पहले भारत आना चाहिए, उसके बाद ही यह तय किया जा सकता है कि वे भुगतान के लिए जिम्मेदार हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि मल्ल्या पहले भारत आएं, फिर देखा जाएगा कि वे देनदार हैं या नहीं। वे देश के कानून पर अविश्वास नहीं जता सकते। सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि लंदन में प्रत्यर्पण के खिलाफ मल्ल्या द्वारा शुरू की गई कार्यवाही अंतिम चरण में है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि प्रत्यर्पण पास आता देख मल्ल्या ने भारत में अपने ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किए जाने के आदेश को चुनौती दी है। मेहता ने यह भी दलील दी कि अपने हलफनामे में मल्ल्या ने कहा है कि बैंकों द्वारा उनसे धन की मांग करना गलत है। माल्या के ऊपर कौन-कौन से आरोप? वहीं, मल्ल्या की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि कारोबारी की भारत स्थित संपत्तियां पहले ही प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा अटैच की जा चुकी हैं। गौरतलब है कि जनवरी 2019 में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने मल्ल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। उन पर कई बैंकों के ऋण चूक और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। मल्ल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर चले गए थे। 

आयशा शर्मा की बहुमुखी प्रतिभा, अब लेखिका भी बनीं अभिनेत्री

मुंबई  आयशा शर्मा अपनी रचनात्मक पहचान को एक नया आयाम दे रही हैं। अब वे पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के साथ बतौर लेखिका डेब्यू कर रही हैं। सोशल मीडिया पर अपनी दमदार मौजूदगी और एक गहराई से जुड़ी कम्युनिटी के लिए जानी जाने वाली आयशा शर्मा ने धीरे-धीरे अपनी एक अलग आवाज़ बनाई है, जो सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं है।  इस किताब के जरिए वह अभिव्यक्ति का एक और रास्ता तलाश रही हैं—एक ऐसा रास्ता जो ठहराव, आत्मचिंतन और भावनात्मक ईमानदारी को जगह देता है। उनकी पहली किताब सौ छोटे-छोटे ध्यानपूर्ण विचारों का संग्रह है, जो ताकत, कोमलता और आत्म-प्रेम के इर्द-गिर्द बुना गया है। रोजमर्रा की भावनाओं से जुड़ी यह किताब खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो थकान, आत्म-संदेह और हर वक्त खुद को साबित करने के दबाव से जूझ रहे हैं। यह किताब हल देने का दावा नहीं करती, बल्कि एक ऐसा स्पेस बनाती है जहाँ पाठक खुद को पहचान सकें और एक सुकून भरी तसल्ली महसूस कर सकें।  किताब के पीछे की भावना साझा करते हुए आयशा शर्मा कहती हैं, मेरा मानना है कि सही किताब आपको सही समय पर मिलती है। उम्मीद है यह किताब आपको तब मिले जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो। और जब मिले, तो आपको ऐसा महसूस हो जैसे किसी ने चुपचाप आपको गले लगा लिया हो। मेरे पास सारे जवाब नहीं हैं, लेकिन अगर मेरी लिखी बातों में आपको लगे कि ‘ये तो वही एहसास है जिसे मैं हमेशा महसूस करती थी, पर शब्द नहीं दे पाती थी, तो मेरे लिए वही काफी है। आयशा शर्मा के लिए लेखन उनकी डिजिटल मौजूदगी का स्वाभाविक विस्तार है, जहाँ आत्म-विकास, भावनात्मक संतुलन और अंदरूनी सफर जैसे विषय पहले से ही उनके दर्शकों से गहराई से जुड़ते हैं। यह नया अध्याय उनकी उस कोशिश को दर्शाता है जिसमें वह अभिनय, डिजिटल कहानी कहने और अब लेखन—तीनों के बीच सहजता से सफर करती हुई एक मुकम्मल क्रिएटिव पहचान गढ़ रही हैं।

भारतीय लड़की की मौत पर अमेरिका ने दिया 2.6 अरब का मुआवजा, जाह्नवी कंदुला केस में फैसला

सिएटल  अमेरिका के सिएटल शहर ने 2023 में एक पुलिस अधिकारी की तेज रफ्तार गाड़ी की टक्कर से जान गंवाने वाली भारत की 23 साल की छात्रा जाह्नवी कंदुला के परिवार के साथ 2.9 करोड़ डॉलर (2.62 अरब रुपये) के समझौते पर सहमति दी है. कंदुला को अधिकारी केविन डेव की गाड़ी ने उस वक्त टक्कर मारी थी जब वह ड्रग्स से जुड़ी एक कॉल के बाद 40 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा वाले इलाके में 119 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा रहे थे. उनकी गाड़ी की इमरजेंसी लाइट जल रही थी और चौराहों पर सायरन भी बज रहा था. सिटी अटॉर्नी एरिका इवांस ने बुधवार को बयान में कहा, ‘जाह्नवी कंदुला की मौत बहुत दुखद है और शहर को उम्मीद है कि यह समझौता कंदुला परिवार को कुछ हद तक संतोष देगा. जाह्नवी कंदुला का जीवन बहुत अहम था. यह उनके परिवार, दोस्तों और हमारे समुदाय के लिए मायने रखता था.’ जाह्नवी कंदुला कौन थीं? कंदुला सिएटल की नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में सूचना प्रणाली में मास्टर डिग्री कर रही थीं. कंदुला के परिवार के वकीलों ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. दोनों पक्षों ने पिछले शुक्रवार को किंग काउंटी सुपीरियर कोर्ट में समझौते की जानकारी दी. स्थानीय वेबसाइट ‘पब्लिकॉला’ ने सबसे पहले इस समझौते की खबर दी थी. कंदुला की मौत के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे. लोगों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब एक अधिकारी के बॉडी कैमरा की रिकॉर्डिंग सामने आई जिसमें वह हंसते हुए कंदुला के जीवन को ‘मामूली’ बताते और कहते सुनाई दिए कि शहर को ‘बस एक चेक लिख देना चाहिए.’ अमेरिका में पुलिसवालों की हुई बर्खास्तगी भारत के राजनयिकों ने भी मामले की जांच की मांग की थी. शहर के नागरिक निगरानी प्राधिकरण ने पाया कि यूनियन नेता रहे अधिकारी डैनियल ऑडरर की टिप्पणियों से विभाग की साख को नुकसान पहुंचा और लोगों का भरोसा कमजोर हुआ. ऑडरर को बर्खास्त कर दिया गया और उन्होंने गलत तरीके से सेवा समाप्ति के खिलाफ शहर पर मुकदमा किया. उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियां इस बात की आलोचना करने के लिए थीं कि वकील इस मौत पर शायद कैसे प्रतिक्रिया देंगे. पुलिस विभाग ने वाहन चला रहे अधिकारी को भी बर्खास्त कर दिया. उन्हें लापरवाही से वाहन चलाने का दोषी पाया गया और 5,000 डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया. किंग काउंटी के अभियोजकों ने उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप लगाने से इनकार किया क्योंकि यह साबित नहीं हुआ कि उन्होंने जानबूझकर सुरक्षा की अनदेखी की. समझौते की करीब दो करोड़ डॉलर की राशि शहर की बीमा पॉलिसी के तहत कवर होने की संभावना है.

CJI ने जारी किया गंभीर संदेश: जयराम, साजिशों की खबर है, कीमत चुकानी पड़ेगी

नई दिल्ली  राज्यसभा सांसद जयराम रमेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि भारी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहें. हम इसके पीछे की साजिश जानते हैं. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की तल्खी देखते हुए कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री जयराम रमेश की तरफ से याचिका वापस ले ली गई. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश की एक्स-पोस्ट फैक्टो एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस (EC) दिए जाने के खिलाफ दायर की गई रिट पिटीशन पर सुनवाई की. याचिका देखते ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया. इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने जयराम रमेश से टफ सवाल पूछे. यहां एक्स-पोस्ट फैक्टो एनवायरमेंट क्लीयरेंस (कार्योत्तर पर्यावरणीय मंजूरी) उन परियोजनाओं को दी जाने वाली मंजूरी है, जो बिना पहले से अनिवार्य पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) लिए शुरू हो चुकी हैं. सीजेआई ने पूछा तीखा सवाल सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने वनशक्ति रिव्यू जजमेंट में एक्स-पोस्ट फैक्टो EC पर यूनियन के ऑफिस मेमोरेंडम को मंजूरी दी है तो रिट पिटीशन कैसे फाइल की जा सकती है? इस सवाल के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री जयराम रमेश पर नाराजगी जताई. इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना लगाने की धमकी भी दी. SC की जयराम रमेश को फटकार जयराम रमेश से नाराजगी जताते हुए सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘आप एक जिम्मेदार नेता हैं. अगर यह गलत साबित हुआ तो इसकी भारी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहें. हम इसके पीछे की साजिश जानते हैं.’ दरअसल, जयराम रमेश ने केंद्र द्वारा जारी उस कार्यालय ज्ञापन को चुनौती दी है. इसमें पर्यावरण संबंधी पूर्वव्यापी मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का प्रावधान है. सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ, सीजेआई ने और क्या-क्या कहा?     सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कार्यालय ज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए है, इसलिए चुनौती फैसले को दी गई है.     सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या कोई रिट याचिका के जरिए फैसले को चुनौती दे सकता है? यह तो सिर्फ मीडिया के लिए है.     जब सुप्रीम कोर्ट ने भारी जुर्माने की चेतावनी दी तो कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली.  

India vs Namibia: दूसरे मैच में दम दिखाने को तैयार टीम इंडिया, T20 वर्ल्ड कप में बड़ी टक्कर आज

नई दिल्ली नमस्कार, विश्व कप की लाइव कवरेज में आपका स्वागत है। आज आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के 18वें मुकाबले में भारत का सामना नामीबिया से होगा। यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से खेला जाएगा, साढ़े 6 बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए बीच मैदान पर होंगे। पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। भारत पिछला मैच अमेरिका से जीतकर आया है, लेकिन मुंबई की वानखेड़े स्टेडियम की पिच में भारतीय बल्लेबाज लड़खड़ाते हुए नजर आए थे। आज देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय धुरंधर क्या करते हैं और उन्हें नमीबियाई गेंदबाज कहां तक रोक पाते हैं। बने रहिए हमारे साथ लाइव अपडेट के लिए। दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11: • भारत: संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह। • नामीबिया: लौरें स्टीनकैंप, जान फ्रिलिंक, जान निकोल लॉफ्टी-ईटन, गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, जेन ग्रीन (विकेटकीपर), डायलन लीचर, रूबेन ट्रम्पेलमैन, विलेम मायबर्ग, बर्नार्ड शोल्ट्ज़, मैक्स हेंगो।  

पदकों की बरसात: अनीश को ब्रॉन्ज़, एड्रियन के नाम गोल्ड मेडल

नई दिल्ली ओलंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट अनीश भनवाला ने पुरुषों की 25मी रैपिड-फायर पिस्टल (आरपीएफ) में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, यह उनकी तीसरी एशियन चैंपियनशिप थी। कजाकिस्तान ने एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप, नई दिल्ली 2026 के आठवें दिन बुधवार को डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में चार गोल्ड मेडल जीते। एड्रियन करमाकर ने 50मी राइफल प्रोन जूनियर मेन्स इवेंट में और जूनियर मेन्स 25 मी आरपीएफ टीम ने भी उस दिन गोल्ड मेडल जीता, जिससे भारत की मेडल टैली 41 गोल्ड, 19 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज़ मेडल तक पहुंच गई, जबकि कॉम्पिटिशन के दो दिन और बचे हैं। अनीश भनवाला और आदर्श सिंह ने क्रमशः 574 और 573 के स्कोर के साथ सातवां और आठवां क्वालिफाइंग स्थान हासिल किया, जिससे आरपीएफ फाइनल में दो भारतीय पक्के हो गए। पूर्व चैंपियन कजाकिस्तान के निकिता चिरुकिन ने 582 के स्कोर के साथ क्वालिफायर में टॉप किया और अपने तीन साथियों को डिसाइडर में पहुंचाया। जापान के दाई योशियोका, जो दो बार के ओलंपियन और वर्ल्ड कप गोल्ड मेडलिस्ट हैं, और हा मिन्ह थान, जो दो बार एशियन गेम्स में मेडल जीत चुके हैं, भी हा के टीममेट वु टिएन नाम के साथ आगे बढ़े। फाइनल में, जिसमें पांच रैपिड-फायर शॉट्स की आठ सीरीज थीं, योशियोका, अनीश और चिरयुकिन सबसे तेज थे, जबकि वु और कज़ाख आर्टेमी कबाकोव तीसरी सीरीज के बाद बाहर होने वाले पहले दो खिलाड़ी बने। जब उनके लंबे समय के टीममेट आदर्श चौथी सीरीज़ के बाद 11 हिट के साथ बाहर हो गए, तो अनीश छठी सीरीज के बाद 21 हिट के साथ योशियोका और निकिता के साथ जॉइंट लीड में थे। हालांकि, उन्हें सातवीं सीरीज में दो हिट मिले, जबकि जापानी खिलाड़ी ने पांच और चिरयुकिन ने चार हिट मारे, और उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा, यही नतीजा उन्हें तीन साल पहले चांगवोन एशियन चैंपियनशिप में मिला था। योशियोका ने एक और परफेक्ट फाइव के साथ चांगवोन में अपनी परफॉर्मेंस को एक और बेहतर किया, और 31 के वर्ल्ड और एशियन रिकॉर्ड स्कोर के साथ खत्म किया। चिरुकिन ने 28 हिट के साथ सिल्वर जीता, जबकि अनीश ने 23 हिट के साथ खत्म किया। दिन के पहले इवेंट में, इस्लाम सतपायेव, टैलेंटेड कज़ाख राइफल शूटर, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक्स में मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था, ने नॉन-ओलंपिक लेकिन पॉपुलर 50मी राइफल प्रोन मेन्स कॉम्पिटिशन में कुछ गोल्ड जीतकर दिन में चमक बिखेरी। उन्होंने इंडिविजुअल इवेंट में 622.5 के स्कोर के साथ और टीम के साथी निकिता शाख्तोरिन (622.5, इंडिविजुअल सिल्वर) और कॉन्स्टेंटिन मालिनोव्स्की (615.0) के साथ टीम गोल्ड जीता। भारत ने पुरुषों के इंडिविजुअल इवेंट में बाबू सिंह पंवार (621.3) की मदद से ब्रॉन्ज़ मेडल जीता और टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, जब बाबू ने समरवीर सिंह (618.2) और सरताज सिंह तिवाना (614.4) के साथ मिलकर मेडल जीता। जूनियर पुरुषों की राइफल प्रोन में, भारत के एड्रियन करमाकर ने 60 शॉट्स में 621.7 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता। कज़ाखस्तान ने ओलेग नोसकोव (620.6) और तामेरलान काबुलोव (617.3) की मदद से सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। कज़ाखस्तान ने इस इवेंट में 1848.7 के स्कोर के साथ टीम गोल्ड भी जीता, जो भारत के 1847.6 से बेहतर था। दिन के आखिरी इवेंट, जूनियर पुरुषों की 25मी आरएफपी में, इंडोनेशिया के मुहम्मद फवाज अदितिया फैरेल ने फाइनल में 29 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता, जो वर्ल्ड और एशियन जूनियर रिकॉर्ड भी था। भारत के सूरज शर्मा ने 23 के स्कोर के साथ सिल्वर और मुकेश नेलावल्ली ने 19 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। सूरज (582) और मुकेश (572) ने टीम कॉम्पिटिशन में गोल्ड जीता, क्वालिफिकेशन राउंड में साहिल चौधरी (575) के साथ मिलकर कुल 1729 का स्कोर बनाया। टीम कज़ाकिस्तान ने 1613 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता।  

इतिहास रचने की दहलीज पर सूर्यकुमार यादव, नामीबिया मुकाबले में टूट सकता है कोहली का रिकॉर्ड

नामीबिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सूर्यकुमार यादव ने दमदार शुरुआत की है। नामीबिया के खिलाफ मैच में उनके पास एक खास रिकॉर्ड बनाने और विराट कोहली को पीछे छोड़ने का सुनहरा मौका होगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन भारतीय टीम ने जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने यूएसए को 29 रनों से हराया। इस मैच में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और 77 रन के स्कोर तक 6 विकेट गिर गए थे। मुश्किल समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यकुमार यादव ने इस मुकाबले में 49 गेंदों पर 84 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत टीम इंडिया 20 ओवर में 161 रन तक पहुंच सकी। अब भारत को अपना अगला मुकाबला नामीबिया के खिलाफ खेलना है, जिसमें एक बार फिर सूर्या पर बड़ी जिम्मेदारी रहने वाली है। सूर्या के पास खास रिकॉर्ड बनाने का मौका सूर्यकुमार यादव टी20 क्रिकेट के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में गिने जाते हैं और अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में उनके पास एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। यदि सूर्या इस मैच में अर्धशतक लगाने में सफल रहते हैं तो वह घर पर टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 50 प्लस पारियां खेलने के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ सकते हैं। फिलहाल सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली दोनों के नाम घर पर टी20 इंटरनेशनल में 14-14 फिफ्टी प्लस पारियां दर्ज हैं। इस सूची में केएल राहुल 12 पारियों के साथ तीसरे, रोहित शर्मा 10 पारियों के साथ चौथे और ईशान किशन 8 पारियों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। भारत में सबसे ज्यादा 50+ पारी खेलने वाले टीम इंडिया के खिलाड़ी विराट कोहली – 14 पारियां सूर्यकुमार यादव – 14 पारियां केएल राहुल – 12 पारियां रोहित शर्मा – 10 पारियां ईशान किशन – 8 पारियां घर पर शानदार रहा है सूर्या का रिकॉर्ड भारतीय कप्तान का घर पर टी20 इंटरनेशनल में प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। सूर्यकुमार यादव ने अब तक 44 मैचों की 43 पारियों में 39 की औसत से 1404 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 13 अर्धशतक और एक शतक भी देखने को मिला है। स्ट्राइक रेट की बात करें तो घर पर उनका स्ट्राइक रेट 170.18 का रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है। सूर्या अब तक घरेलू मैदानों पर 86 छक्के और 126 चौके भी लगा चुके हैं। नामीबिया मैच में रहेंगी खास नजरें भारत और नामीबिया के बीच मुकाबला 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में भारतीय टीम जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी, वहीं सभी की नजरें सूर्यकुमार यादव पर होंगी कि क्या वह एक और शानदार पारी खेलकर नया रिकॉर्ड अपने नाम कर पाते हैं।  

व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग के सबूत मान्य, हाईकोर्ट ने पत्नी की याचिका की खारिज

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने पति-पत्नी से संबंधित विवाद के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मंजूर करने की अनुमति दी है। हाईकोर्ट ने मामले में पत्नी की याचिका खारिज करते हुए कहा है कि परिवार न्यायालय के पास यह विशेष शक्ति है कि मामले के प्रभावी निपटारे के लिए किसी भी दस्तावेज या जानकारी को बतौर सबूत स्वीकार कर सकते हैं। बता दें कि रायपुर निवासी ने पत्नी से तलाक की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता पति ने पत्नी की अन्य लोगों के साथ व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को रिकॉर्ड में लेने के लिए आवेदन किया था। पत्नी ने इसका विरोध करते हुए इसे निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया। हालांकि फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका मंजूर कर ली, जिसके खिलाफ पत्नी हाईकोर्ट पहुंची। हाईकोर्ट ने भी परिवार न्यायालय के आदेश पर मुहर लगाते हुए पति को राहत दी है और प्राइवेसी से अहम फेयर ट्रायल को माना है।

T20 वर्ल्ड कप में ‘स्लो फिफ्टी’ का रिकॉर्ड! नदीम ने रचा इतिहास, जानें किस नंबर पर हैं सूर्यकुमार

नई दिल्ली श्रीलंका ने गुरुवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप बी मैच में ओमान को 105 रनों से धूल चटाई। पल्लेकेले स्टेडियम में 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओमान की टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट पर 120 रन ही बना सकी। ओमान के लिए मोहम्मद नदीम ने संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली और इतिहास रचा। उन्होंने 56 गेंदों में नाबाद 53 रन बनाए। उनके बल्ले से तीन चौके और एक छक्का निकला। वह टी20 वर्ल्ड कप में 50 प्लस रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 43 साल 161 दिन की उम्र में ऐसा किया। नदीम ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज सनथ जयसूर्या (39 साल और 345 दिन, 2009 में वेस्टइंडीज के खिलाफ) का रिकॉर्ड तोड़ा। नदीम ने साथ ही एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। वह टी20 वर्ल्ड कप में संयुक्त रूप से सबसे धीमी फिफ्टी लगाने वाले प्लेयर बन गए हैं। उन्होंने श्रीलंका के सामने 52 गेंदों में फिफ्टी कंप्लीट की। पाकिस्तान के विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान ने 2024 में आयोजित टूर्नामेंट में कनाडा के खिलाफ 52 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज डेविड मिलर ने पिछले टी20 वर्ल्ड कप में 50 गेंदों में नीदरलैंड के विरुद्ध अर्धशतक जमाया था। लिस्ट में सूर्यकुमार यादव भी शामिल हैं। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अमेरिका के खिलाफ 49 गेंदों में पचासा पूरा किया था। वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर डेवोन स्मिथ और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेविड हसी ने भी 49 गेंदों में अर्धशतक जमाया। T20 वर्ल्ड कप में सबसे धीमी फिफ्टी 52 – मोहम्मद रिजवान (पाकिस्तान) बनाम कनाडा, न्यूयॉर्क, 2024 52 – मोहम्मद नदीम (ओमान) बनाम श्रीलंका, पल्लेकेले, 2026* 50 – डेविड मिलर (साउथ अफ्रीका) बनाम नीदरलैंड, न्यूयॉर्क, 2024 49 – डेवोन स्मिथ (वेस्टइंडीज) बनाम बांग्लादेश, जोबर्ग, 2007 49 – डेविड हसी (ऑस्ट्रेलिया) बनाम इंग्लैंड, ब्रिजटाउन, 2010 49 – सूर्यकुमार यादव (भारत) बनाम अमेरिका, न्यूयॉर्क, 2024 कप्तान दासुन शनाका सहित तीन बल्लेबाजों के अर्धशतक और बाद में धारदार गेंदबाजी की मदद से श्रीलंका ने ओमान को 105 रन से करारी शिकस्त देकर सुपर आठ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत किया। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद पांच विकेट पर 225 रन का मजबूत स्कोर बनाया। ओमान के बल्लेबाजों के पास श्रीलंका के तेज और स्पिन आक्रमण का कोई जवाब नहीं था। यह श्रीलंका की टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत है जबकि ओमान को इस फॉर्मेट में अपनी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। श्रीलंका की लगातार दूसरी जीत से चार अंक लेकर ग्रुप बी में शीर्ष पर पहुंच गया है। ओमान को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।

क्या शादी से पहले मां बनेंगी Zendaya? टॉम हॉलैंड संग रिश्ते के बीच प्रेग्नेंसी की अटकलें

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड के गलियारे से एक दिलचस्‍प अफवाह सामने आई है। एक तरफ जहां जेंडया और टॉम हॉलैंड की शादी की अटकलें चल रही हैं, वहीं सोशल मीडिया पर शोर मचा हुआ है कि यह कपल जल्‍द पैरेंट्स बनने वाले हैं। इस नई अफवाह में दावा किया जा रहा है कि ‘ड्यून’ फेम जेंडया अपने मंगेतर के पहले बच्चे की मां बनने वाली हैं। यह चर्चा तब शुरू हुई जब, एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि जेंडया प्रेग्नेंट हैं। हालांकि, अभी तक इन दावों की पुष्‍ट‍ि नहीं हुई है। इसलिए इस पर शक गहरा रहा है कि यह झूठा दावा है। जेंडया और टॉम हॉलैंड को हाल ही स्‍पॉट किया गया। वायरल तस्‍वीरों को देखकर ही एक्‍ट्रेस की प्रेग्‍नेंसी की अटकलों ने जोर पकड़ा है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ऐसी अफवाह उड़ी है। इससे पहले जब ऐसा हुआ था, तब जेंडया की मां, क्लेयर स्टॉर्मर ने इन दावों को सख्ती से खारिज कर दिया था और लोगों से बेहतर सोर्स पर भरोसा करने की अपील की थी। जेंडया के लूज-फिट कपड़ों को देखकर उड़ी अफवाह बहरहाल, इस बीच कई फैंस और ऑनलाइन कमेंटेटर्स का कहना है कि एक्‍ट्रेस जिस तरह बड़े साइज के कपड़े पहन रही हैं, यह सर्दियों में कई लेयर्स में पहने जाने वाले कपड़ों से अलग है। जेंडया और टॉम हॉलैंड आधिकारिक तौर पर सगाई कर चुके हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वे शादी को लेकर कोई जल्‍दबाजी नहीं करना चाहते हैं। इसकी वजह दोनों का बिजी वर्क शेड्यूल है। जेंडया की आने वाली फिल्‍में वर्क फ्रंट की बात करें तो जेंडया अब अपनी आने वाली रोमांटिक कॉमेडी फिल्म, ‘द ड्रामा’ में रॉबर्ट पैटिनसन के साथ नजर आने वाली हैं। इसके अलावा वह ‘यूफोरिया सीजन 3’, ‘ड्यून: पार्ट 3’, ‘द ओडिसी’, और ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में दिखने वाली हैं। जेंडया और टॉम हॉलैंड की लव स्‍टोरी और सगाई ‘ड्यून’ फेम जेंडया और ‘स्‍पाइडर-मैन’ फेम टॉम हॉलैंड की लव स्‍टोरी की शुरुआत साल 2016 में हुई। दोनों ‘स्पाइडर-मैन: होमकमिंग’ के सेट पर मिले थे। जहां उनके बीच दोस्ती बढ़ी और फिर प्‍यार हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 2024 के आखिर में छुट्टियों के आसपास सगाई कर ली है। मार्वल फ्रैंचाइजी में कई साल तक साथ काम करने के दौरान उनका रोमांस परवान चढ़ा, और 2021 से दोनों ऑफिश‍ियली पार्टनर बन गए हैं। कार में एक-दूसरे को चूमते नजर आए थे जेंडया और टॉम हॉलैंड साल 2021 की जुलाई में, पैपराजी ने दोनों को एक कार में एक-दूसरे को चूमते हुए कैमरे में कैद किया था। इसके बाद से ही दोनों का रोमांस पब्लिक हुआ। साल 2024 के आख‍िर में सगाई की खबरों को तब और हवा मिली, जब 2025 गोल्डन ग्लोब्स में जेंडया रिंग फिगर में एक अंगूठी पहने नजर आईं।

एअर इंडिया 171 हादसे में पायलट पर गंभीर आरोप, इटली अखबार ने किया खुलासा

नई दिल्ली अहमदाबाद में एअर इंडिया फ़्लाइट क्रैश की जांच कर रहे इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह हादसा किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं हुआ था, बल्कि यह एक ‘जानबूझकर की गई हरकत’ का नतीजा था. इटैलियन डेली अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई ताज़ा बातचीत से वाकिफ़ दो सोर्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया. हालांकि, DGCA की ऑफिशियल रिपोर्ट जारी होने से पहले कुछ भी नतीजा निकालना जल्दबाज़ी होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि 12 जून, 2025 को इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद हुआ क्रैश किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई एक्टिविटी की वजह से हुआ था. अधिकारी अब अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट का ड्राफ़्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं. अख़बार ने आगे कहा कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को ‘एक बड़ी कामयाबी’ बताया है. इटली के एक अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी रिपोर्ट में कह सकते हैं कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 एक पायलट के ऐक्शन के कारण क्रैश हो गई थी। अखबार ने पश्चिमी एविएशन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट में बता सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग जानबूझकर’ विमान के फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। पायलट ने ‘जानबूझ’ कर बंद किए फ्यूल स्विच इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने अपनी रिपोर्ट में पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा कि जांचकर्ता अपनी फाइनल रिपोर्ट में ऐसा कह सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग पक्का’ ‘जानबूझ कर’ फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। ये नतीजे कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की जांच के साथ इस बात पर भी आधारित हैं कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। 260 लोगों की हुई थी मौत दावे पर भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का रिएक्शन नहीं मिल सका है। बता दें कि 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट 171) अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। हादसे में 260 लोग मारे गए थे। एयरक्राफ्ट दोनों इंजनों से थ्रस्ट खत्म होने के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल छात्रों के एक हॉस्टल पर गिर गया था। पायलट एसोसिएशन ने की निंदा हालांकि यह साफ नहीं है कि फाइनल रिपोर्ट में इसका जिक्र होगा कि स्विच जानबूझकर कैसे बंद किए गए थे? या यह भी कि साफ तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध एयरक्राफ्ट कमांडर सुमीत सभरवाल हैं। हालांकि इंडियन पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इस दावे की निंदा की है। उनका कहना है कि यह हादसे के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने की एक सोची-समझी कोशिश है। हादसे में विमान निर्माता, एयरलाइन समेत अन्य फैक्टर की बारीकी से जांच की जानी चाहिए। जांच में केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के भारतीय जांचकर्ता वाशिंगटन गए थे। उन्होंने वहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में विमान के ब्लैक बॉक्स के डेटा का फिर से एनालिसिस किया था। इसमें खास तौर पर केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस किया गया था। ऑडियो एनालिसिस से यह साफ हो गया था कि किस पायलट ने जानलेवा ऐक्शन लिया। अमेरिकी एक्सपर्ट्स को नहीं मिली तकनीकी खामी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग 787 के सिम्युलेटर टेस्ट करने वाले अमेरिकी एक्सपर्ट्स को कभी ऐसा कुछ नहीं मिला जिसमें दोनों इंजन किसी खराबी की वजह से बंद हो गए हों। हादसे के पीछे इंसानी दखल (जानबूझकर या गलती) ही एकमात्र वजह थी। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आधार पर पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों के आकलन में सभरवाल की ओर इशारा किया गया। यही नहीं इंजन एक के बाद एक बंद हुए। पहले बायां जहां कैप्टन बैठते हैं इसके बाद दायां इंजन… शुरुआती रिपोर्ट में भी फ्यूल स्विच का जिक्र सनद रहे हादसे के एक महीने बाद जारी शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि फ्यूल स्विच को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर ले जाने के बाद इंजन लगभग एक साथ बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट यह पूछते हुए रिकॉर्ड हुआ कि आपने इंजन क्यों बंद किए? इस पर दूसरे ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया था कि किस पायलट ने इनमें से कौन सी बात कही थी।

भारत ने ट्रंप की योजना पर ठोंका ब्रेक, अमेरिकी ‘दाल’ गलाने का सपना अधूरा

 नई दिल्ली भारत और अमेरिका में ट्रेड डील (India-US Trade Deal) का ऐलान हो चुका है. इसका फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और फैक्टशीट रिलीज होने के बाद इसमें अमेरिका की ओर से चुपचाप बड़ा बदलाव भी किया गया है. ये चेंज दालों (Pulses) से जुड़ा हुआ है. जी हां, भारत के साथ ट्रेड डील में अमेरिका की दाल नहीं गल पाई और भारत की रेड लाइन ने डोनाल्ड ट्रंप का पूरा खेल ही बिगाड़ दिया. आइए जानते हैं कैसे मोदी सरकार के किसानों के हित में अपना रुख अडिग रखने को साफ असर इस व्यापार समझौते में देखने को मिला है?  एग्री प्रोडक्ट पर ट्रंप की नहीं चली  सबसे पहले बात करते हैं ‘दाल’ को लेकर भारत की रणनीति के कामयाब होने के बारे में, तो बता दें कि बीते दिनों Donald Trump ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए थे. इसके बाद दोनों देशों ने डील का फ्रेमवर्क और फैक्टशीट जारी कर दी थी. लेकिन नया मोड़ तब आया, जब अमेरिका ने इस India-US Trade Deal Factsheet में अचानक बदलाव कर दिया, जो खासतौर पर भारत के लिए राहत भरा है. दरअसल, व्हाइट हाउस ने अमेरिकी टैरिफ लिस्ट में भारतीय दालों का जिक्र ही हटा दिया. यानी इस डील में Pulses शामिल नहीं की गईं.  India-US Trade Deal की संशोधित फैक्टशीट को देखें, डील के तहत भारत द्वारा 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों की खरीदारी की शर्त को प्रतिबद्धता (Committed) के बजाय अब इरादा या योजना में तब्दील कर दिया गया है. मतलब ये बाध्यकारी नहीं है. वहीं US White House की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, डील के तहत लागू प्रोडक्ट कैटेगरी की लिस्ट से कृषि शब्द को हटाया गया है. कुछ वस्तुओं, जिनमें दालें भी शामिल हैं, उन्हें Tariff Cut सूची से दूर कर दिया गया है. भारत ने पहले ही खींच दी थी Red Line गौरतलब है कि भारत ने अबतक जिन भी देशों से व्यापार समझौते किए हैं, उनमें भारतीय कृषि और डेयरी सेक्टर को दूर रखा है. देश के किसानों के हित के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता न करने के लिए भारत ने पहले ही रेड लाइन (Red Line) खींच रखी थी. बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील लंबे समय तक अटकी रहने के पीछे ये भी एक अहम कारण रहा था, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी एग्री-डेयरी प्रोडक्ट के लिए भारतीय बाजार में Tariff Free एंट्री पर अड़े हुए थे, जबकि भारत अपने रुख पर सख्ती से कायम रहा. अब इसका असर भी देखने को मिला है.  एग्री-डेयरी क्षेत्र को लेकर कैसा रहा भारत का रुख? गौरतलब है कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत शुरू होने से लेकर इसके फाइनल होने तक भारत का Agri-Dairy Sector को लेकर रुख साफ रहा है. जब अमेरिका ने अपने ऐसे प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में एंट्री दिलाने के लिए दबाव बढ़ाया था, तो बीते साल जुलाई महीने में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो-टूक कह दिया था. भारत किसी दबाव में नहीं आएगा और अपने मूल हितों खासतौर पर किसानों के हित से समझौता कतई नहीं करेगा. उन्होंने कहा था कि ‘Nation First हमारा मूल मंत्र है और किसी भी तरह की कोई बातचीत दबाव में नहीं होगी. भारतीय किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही बातचीत की जाएगी. अब India-US Trade Deal का ऐलान होने के बाद भी उन्होंने साफ किया है कि इस समझौते से भारत के किसानों और उनकी खेती को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा. इसमें कोई भी ऐसा उत्पाद शामिल नहीं है, जो भारतीय किसानों की आजीविका या देश की कृषि को प्रभावित कर सके. पीयूष गोयल ने भी बताया क्या-क्या डील से बाहर?  शिवराज सिंह चौहान के अलावा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्रेड डील के ऐलान और फ्रेमवर्क जारी होने के बाद कहा था कि यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है.  सबसे बड़ा उत्पादक, आयातक भी भारत सिर्फ दालों के लिहाज से देखें, तो भारत विश्व में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और आयातक है और लगातार इस सेक्टर में आत्मनिर्भरता पर जोर देता रहा है. बीते कुछ वित्तीय वर्षों में उत्पादन के आंकड़े देखें, तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में दाल उत्पादन  2022–23 में 26 मिलियन टन के करीब, 2023–24 में लगभग 24 मिलियन टन और 2024–25 में 25–27 मिलियन टन के बीच रहा है.  मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सबसे बड़े उत्पादक राज्य हैं. वहीं भारत कई देशों में दाल का निर्यात भी करता रहा है. इनमें बांग्लादेश, नेपाल, UAE, श्रीलंका, अमेरिका और कनाडा सबसे ऊपर रहे हैं. आयात की बात करें, तो 2024-25 में रिकॉर्ड 73 लाख टन दालों का इंपोर्ट किया गया था, जो घरेलू खपत का करीब 15% से अधिक था.   

महंगे ट्रीटमेंट को कहें अलविदा, अपनाएं प्याज का तेल

आजकल के प्रदूषण, खराब लाइफस्टाइल और केमिकल प्रोडक्ट्स के ज्यादा इस्तेमाल के कारण बाल झड़ना एक आम समस्या बन गई है। इसके लिए बाजार में कई तरह के महंगे तेल और ट्रीटमेंट्स उपलब्ध हैं, लेकिन जो बात प्राकृतिक नुस्खों में है, वह कहीं और नहीं। बालों की मजबूती और उन्हें दोबारा उगाने के लिए प्याज का रस सदियों भारतीय घरों में इस्तेमाल होता आया है। प्याज में भरपूर मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जो बालों को टूटने से बचाता है और उन्हें जड़ों से पोषण देता है। अगर आप भी हेयर फॉल से परेशान हैं, तो प्याज के रस से हेयर ऑयल बना सकते हैं। आइए जानें कैसे। प्याज के तेल के फायदे     सल्फर से भरपूर- सल्फर को बालों का बिल्डिंग ब्लॉक माना जाता है, जो केराटिन प्रोडक्शन में मदद करता है।     एंटी-बैक्टीरियल गुण- यह स्कैल्प के इन्फेक्शन और डैंड्रफ को दूर रखता है।     ब्लड सर्कुलेशन- यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे नए बाल उगने में मदद मिलती है।     बाल सफेद होने से बचाव- प्याज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकते हैं। घर पर प्याज का तेल बनाने की विधि सामग्री-     प्याज- 2-3 बड़े आकार के (लाल प्याज सबसे बेहतर होते हैं)     नारियल का तेल- 200 मिली     कढ़ी पत्ता- एक मुट्ठी     मेथी दाना- एक चम्मच बनाने का तरीका     सबसे पहले प्याज को छीलकर टुकड़ों में काट लें और मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें। आप चाहें तो इसमें बिना पानी डाले प्याज का रस भी छानकर निकाल सकते हैं।     अब एक भारी तले वाली कड़ाही लें और इसमें नारियल का तेल डालें और मध्यम आंच पर गरम करें।     जब तेल गरम हो जाए, तब इसमें प्याज का पेस्ट, कढ़ी पत्ता और मेथी दाना डालें। आंच को बिल्कुल धीमा रखें।     इसे धीरे-धीरे तब तक चलाएं जब तक प्याज का पेस्ट गहरा भूरा न हो जाए। ध्यान रहे कि प्याज जलना नहीं चाहिए, बस उसका अर्क तेल में उतरना चाहिए। इसमें करीब 15-20 मिनट लग सकते हैं।     जब तेल ठंडा हो जाए, तो इसे एक सूती कपड़े से छान लें। अब इस तेल को एक कांच की बोतल में भर कर रख लें। इस्तेमाल का तरीका     उंगलियों के टिप्स से तेल को स्कैल्प पर धीरे-धीरे लगाएं। कम से कम 10-15 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मालिश करें।     तेल को कम से कम 1 घंटा बालों में लगा रहने दें।     किसी माइल्ड या सल्फेट-फ्री शैम्पू से बालों को धो लें। प्याज की महक हटाने के लिए आप नींबू के रस वाले पानी से भी बाल धो सकते हैं।  

100 साल पुरानी मस्जिद का भविष्य अंजान, कृषि भवन के नए टेंडर से वक्फ बोर्ड परेशान

नई दिल्ली सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत नई दिल्ली के कृषि भवन परिसर में स्थित 100 साल से अधिक पुरानी ‘कदीमी मस्जिद’ के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिल्ली वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज करने और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा हाल ही में जारी टेंडर के बाद मस्जिद को हटाए जाने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने पूर्व में मस्जिद को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया था। 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि बोर्ड तब दोबारा कोर्ट आ सकता है जब उसे सेंट्रल विस्टा परियोजना में अपनी संपत्ति पर खतरा महसूस हो। याचिका में कृषि भवन की मस्जिद सहित छह धार्मिक स्थलों को सुरक्षा देने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान 1 दिसंबर 2021 को सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया था कि उन धार्मिक स्थलों के साथ कुछ नहीं हो रहा है और सरकार अभी वहां तक नहीं पहुंची है। लेकिन, अब स्थिति बदलती दिख रही है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 19 जनवरी 2026 को CPWD द्वारा कृषि भवन और शास्त्री भवन के पुनर्विकास के लिए जारी किए गए टेंडर दस्तावेजों में, मस्जिद को हटाए जाने वाली संरचनाओं की सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया है। इसके बावजूद, टेंडर के साथ संलग्न विस्तृत ड्रॉइंग्स में मस्जिद को नए प्रस्तावित भवन के नक्शे में उसके मूल स्थान पर नहीं दिखाया गया है। वक्फ बोर्ड और इमाम का पक्ष कदीमी मस्जिद कृषि भवन के खुले प्रांगण में स्थित है। यह मुख्य रूप से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों द्वारा नमाज अदा करने के लिए उपयोग की जाती है। हालांकि यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के तहत एक संरक्षित स्मारक नहीं है, लेकिन यह 1970 के दिल्ली प्रशासन के राजपत्र में प्रकाशित वक्फ संपत्तियों की सूची में दर्ज है। वक्फ बोर्ड ने अदालत को बताया था कि यह मस्जिद सरकारी इमारत से भी पुरानी है। बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्ला खान ने कहा, “सरकार ने अदालत में कहा था कि मस्जिदों को प्रभावित नहीं किया जाएगा। अगर अब वे इसे ध्वस्त करने जा रहे हैं, तो यह गलत है।” CPWD ने कृषि भवन और शास्त्री भवन के स्थान पर ‘कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट’ (CCS) की इमारतों 4 और 5 के निर्माण के लिए 19 जनवरी को टेंडर जारी किया था। इस टेंडर में बोली लगाने की अंतिम तिथि 13 फरवरी है। CCS 4 और 5 परियोजनाओं की अनुमानित लागत 3,006.07 करोड़ रुपये है और इसे 24 महीने में पूरा किया जाना है। इसके साथ ही, सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत उपराष्ट्रपति के पूर्व आधिकारिक निवास परिसर में स्थित एक मस्जिद और एक मंदिर को पहले ही हटाया जा चुका है।

फेस स्वैप की तैयारी में इंस्टाग्राम! AI फीचर से फोटो-वीडियो होंगे और भी मजेदार

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते चलन को देखते हुए मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टाग्राम एक ऐसा फीचर लाने पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से एआई से बनी फोटो और वीडियो में यूजर डिजिटली अपना चहरा जोड़ सकेंगे। कंपनी जल्द ही एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर ला सकती है। इंस्टाग्राम का यह फीचर OpenAI के Sora प्लेटफॉर्म को टक्कर दे सकता है। एक टिप्सटर Alessandro Paluzzi ने अपने एक्स अकाउंट से ट्वीट करके इस अपकमिंग टूल के बारे में बताया है। उनके अनुसार, इंस्टाग्राम में आने वाला यह टूल, सिंपल इमेज फिल्टर के बजाय पर्सनलाइज्ड “लाइकनेस” बनाने पर फोकस करता है। अभी तक इंस्टाग्राम ने इस फीचर के लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, टिप्सटर द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि इस सुविधा पर काफी पहले से काम चल रहा है। फेस स्वैप टूल लाने की तैयारी Alessandro Paluzzi ने X पर इंस्टाग्राम के अपकमिंग फीचर की डिलेट शेयर की है। उन्होंने दावा किया है कि इंस्टाग्राम AI-पावर्ड फेस स्वैप सिस्टम पर काम कर रहा है। इसे फेस स्वैप टूल भी कहा जाता है। हालांकि, इंस्टाग्राम में इसे “मेरी लाइकनेस बनाएं” नाम से लाया जा सकता है। लीक हुई इमेज के अनुसार, यूजर्स AI विजुअल्स या छोटी क्लिप बना सकते हैं। एआई से बनाई गई इन क्लिप में उनका चहरा भी जोड़ सकते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इंस्टाग्राम यह लाइकनेस डेटा कैसे इकट्ठा करेगा। उम्मीद है कि सिस्टम मौजूदा पोस्ट और हाइलाइट्स को एनालाइज करेगा या फिर ऑप्शन को एक्टिवेट करने के लिए यूजर्स को एक डेडिकेटेड सेल्फी अपलोड करने के लिए कहा जा सकता है। सेटअप हो जाने के बाद यूजर अलग-अलग सिनेरियो में खुद को दिखाते हुए कस्टमाइज्ड इमेज या वीडियो बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालना होगा। शेयरिंग और क्रिएटिव को मिलेगा बढ़ावा इस फीचर की मदद से एआई कंटेंट को और भी आकर्षक बनाया जा सकेगा। यूजर डायरेक्ट मैसेज के जरिए प्राइवेटली क्रिएशन भेज सकते हैं या उन्हें स्टोरीज और फीड पर पब्लिकली पोस्ट भी कर सकते हैं। हालांकि, ऐसी किसी भी डिटेल के लिए कोई कन्फर्मेशन नहीं है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो यह टूल मेटा के अपने ऐप्स में जेनरेटिव AI में बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के साथ अलाइन होगा। इससे यूजर्स को ज्यादा इंटरैक्टिव और पर्सनलाइज्ड कंटेंट क्रिएशन टूल मिलेंगे। लेनी होगी परमिशन रिपोर्ट की मानें तो यूजर्स डायरेक्ट मैसेज से इनवाइट या रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। AI से बने मीडिया में उनके अपीयरेंस का इस्तेमाल करने से पहले दूसरे यूजर को मंजूरी देनी होगी। यह परमिशन बेस्ड तरीका गलत इस्तेमाल को रोकने और पर्सनल आइडेंटिटी को प्रोटेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। अभी इस अपकमिंग फीचर की इतनी जानकारी ही सामने आई है। आगे आने वाले समय कंपनी इसके बारे में अन्य डिटेल शेयर कर सकती है।

लंकाई शेरों की दहाड़! ओमान को 105 रन से हराकर रचा T20 वर्ल्ड कप इतिहास

नई दिल्ली पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-B मुकाबले में श्रीलंका और ओमान आमने-सामने हुईं. जहां श्रीलंका ने पहले खेलते हुए 225 का स्कोर बनाया. जवाब में खेलने उतरी ओमान की टीम 120/9 रन ही बना सकी. इस तरह वो टारगेट से 105 रन पीछे रह गई. जो इस वर्ल्ड कप में रनों के ल‍िहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत रही. वहीं श्रीलंका का बनाया हुआ यह स्कोर भी इस टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर रहा. श्रीलंका ने टी20 वर्ल्ड कप में ओमान को 105 रनों से हराया. वह अपने दोनों मैच जीत चुकी है. पवन रत्नाएके को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार दिया गया| तो क्रिकेट फैन्स इस मुकाबले से महज़ इतना ही| अब हम रुख करते हैं आज के दूसरे मैच की तरफ जो नेपाल और इटली के बीच मुंबई में शुरू होने जा रहा है| आइये अब वहां होगी आपसे मुलाकात| गेंदबाजी में इस दौरान ओमान टीम के लिए जीतेन रामानंदी को 2 जबकि जय ओडेड्रा, सुफ्यान महमूद को 1-1 सफलता हाथ लगी थी| 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने जब ओमान की टीम उतरी तो उन्हें अच्छी शुरुआत नहीं मिली| महज 36 रनों पर टीम ने तीन विकेट गंवा दिए| वहां से चौथे विकेट के लिए मुहम्मद नदीम और वसीम अली (27) ने कुछ झुझारुपन दिखाया लेकिन फिर श्रीलंकाई कसी हुई गेंदबाजी के सामने बढ़ते रन रेट को वो पकड़ में नहीं ला सके| इन दोनों के अलावा और कोई भी बल्लेबाज दस रन क आंकड़े तक को पार नहीं कर पाया जिसकी वजह से श्रीलंकाई टीम को 105 रनों की बड़ी जीत हाथ लग गई| वहीँ अगर पहली पारी की बात करें तो श्रीलंका की तरफ से आज बल्लेबाजी में शुरुआत अच्छी नहीं रही रही| महज 15 के स्कोर पर टीम को पहला बड़ा झटका लगा| दोनों सलामी बल्लेबाज आज नहीं चल सके और ओमान के गेंदबाजों का शिकार बन गए| कुसल मेंडिस (23) और पवन रत्नाएके (60) ने शानदार बल्लेबाजी करते तीसरे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी निभाई और स्कोर को तेजी के साथ आगे बढ़ा दिया| लोअर ऑर्डर में दसुन शनाक के बल्ले से महज 20 गेंदों पर 50 रनों की तेज तर्रार पारी आई जिसकी वजह से टीम इस मुकाबले में विशाल स्कोर तक पहुँच पाई| इस बीच श्रीलंकाई मध्य क्रम ने शानदार तरीके से ओमानी गेंदबाजों पर काउंटर अटैक किया| आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप के 16वें मुकाबले में श्रीलंका ने ओमान को 105 रन से मात दी है| इस जीत के साथ श्रीलंकाई टीम ने इस प्रतियोगिता में अपनी दूसरी जीत दर्ज की है| टॉस आज ओमान के कप्तान ने जीता था और अपनी तगड़ी बल्लेबाजी को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने रन चेज करने का फैसला किया था जो ग़लत साबित हुआ| श्रीलंका द्वारा बोर्ड पर लगाए गए 225 रनों के जवाब में ओमान की टीम की बल्लेबाजी आज उम्मीद अनुसार नहीं चली| ओमान टीम के लिए इस रन चेज में मुहम्मद नदीम ने सबसे अधिक 53 रनों की पारी खेली| मोहम्मद नदीम को मथीशा पथिराना, डॉट बॉल के साथ ओवर और पारी की हुई समाप्ति| 105 रन से श्रीलंका ने इस मुकाबले में ओमान को हरा दिया है| कमाल का प्रदर्शन आज गेंद और बल्ले दोनों से इस टीम ने किया है| इस बार जड़ में डाली गई गेंद| लेग साइड पर फ्लिक किया और क्रीज से थोड़ा आगे आये| शॉर्ट मिड विकेट की तरफ गई गेंद| फील्डर ने उसे फील्ड करते हुए बल्लेबाजी एंड पर थ्रो किया जो विकटों के पास से निकल गया| अगर लग जाता तो शायद बल्लेबाज क्रीज के बाहर रह जाते|

ग्वालियर HC का सख्त रुख: NDPS केस में सैंपल बैग गायब, पांच अफसरों को लाइन अटैच किया गया

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती। 1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की जांच हुई और न ही प्राप्त करने वालों की। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे। न्यायालय ने यह भी पाया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना। विभागीय जांच के निर्देश हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिए हैं कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी। दोषसिद्धि और सजा विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई। इन अधिकारियों पर कार्रवाई एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (जेएसआई कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ उनि अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। दो अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।

सेहत का काला जादू: Black Coffee के रोज़ाना फायदे

आजकल की भागती हुई स्ट्रेसफुल लाइफ में सुबह की शुरुआत ताजगी और एनर्जी के साथ करना हर किसी की जरूरत है। कई लोग इसके लिए ब्लैक कॉफी का सहारा लेते हैं। ब्लैक कॉफी न सिर्फ आपको नींद और थकान से बाहर निकालती है बल्कि सेहत के लिए भी किसी टॉनिक से कम नहीं है। बिना दूध और चीनी के बनी यह कॉफी कैलोरी में बेहद कम और पोषक तत्वों में भरपूर होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, कैफीन, विटामिन्स और मिनरल्स शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं रोजाना एक कप ब्लैक कॉफी पीने से मिलने वाले कुछ बड़े लाभ के बारे में विस्तार से- एनर्जी लेवल को बढ़ाए ब्लैक कॉफी का सबसे पहला फायदा है एनर्जी बूस्ट। इसमें मौजूद कैफीन तुरंत दिमाग को सक्रिय करता है और थकान को मिटाकर शरीर में चुस्ती-फुर्ती भर देता है। कामकाजी लोगों और स्टूडेंट्स के लिए यह दिन की बेहतरीन शुरुआत है। वेट लॉस करने में मददगार ब्लैक कॉफी मेटाबॉलिज्म को तेज करके फैट बर्निंग में मदद करती है। यह कैलोरी में बहुत कम होती है और भूख को कुछ समय के लिए दबाकर ओवरईटिंग से बचाती है। वजन कम करने वालों के लिए यह नेचुरल सपोर्ट है। दिल की सेहत के लिए फायदेमंद रोजाना ब्लैक कॉफी का संतुलित सेवन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है। डायबिटीज के खतरे को कम करे ब्लैक कॉफी इंसुलिन की सेंसटिविटी को सुधारती है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखती है। इसके नियमित सेवन से टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम होता है। लिवर को स्वस्थ रखे ब्लैक कॉफी लिवर के लिए बेहद लाभकारी है। यह फैटी लिवर, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव करती है। लिवर की डिटॉक्स प्रक्रिया को भी यह सपोर्ट करती है। दिमाग की क्षमता बढ़ाए ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन न्यूरॉन्स को उत्तेजित करता है, जिससे मेमोरी, एकाग्रता और अलर्टनेस बढ़ती है। इसके सेवन से अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होता है। एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस ब्लैक कॉफी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है,जो शरीर को फ्री-रैडिकल्स से बचाकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है। यह एजिंग प्रोसेस को धीमा करती है और स्किन को हेल्दी ग्लो देती है। स्ट्रेस और डिप्रेशन से राहत ब्लैक कॉफी दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे “हैप्पी हार्मोन” को बढ़ाती है, जिससे मूड अच्छा होता है और स्ट्रेस व डिप्रेशन कम होता है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाए ब्लैक कॉफी पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करती है जिससे खाना आसानी से पचता है। यह कब्ज जैसी समस्या को भी कम करती है और पेट को हल्का रखती है।

होटल में छापा, 500 लड़कियों के साथ सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, विदेशी भी शामिल

गाजियाबाद गाजियाबाद के वैशाली में बुधवार को एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ जिसे महागुन सरोवर पोर्टिगो नाम के होटल से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी फरार हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल से 11 लड़कियों को बरामद किया गया, जो देश के अलग-अलग राज्यों की रहने वाली हैं। मैनेजर के फोन से 500 लड़कियों की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है, जिससे पता चलता है कि यह रैकेट कितना बड़ा है। ग्राहकों को वॉट्सऐप पर लड़कियों की तस्वीरें और रेट भेजकर जिस्म का सौदा किया जाता था। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें होटल का मैनेजर राहुल शर्मा (46) भी शामिल है, जिसे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसके अलावा वेटर सुनील सिंह (39) और अंकित चौहान (19) को गिरफ्तार किया गया है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने सूचना के आधार पर पुलिस टीमों के साथ सेक्टर तीन एफ वैशाली स्थित होटल पर छापेमारी की। पुलिस के होटल में पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने होटल के अलग अलग कमरों से देह व्यापार के लिए लाई गईं 11 युवतियों को रेस्क्यू किया। इस दौरान कुछ लोग फरार भी हो गए। चार आरोपी अब भी फरार एसीपी ने बताया कि टीम ने मौके से होटल मैनेजर राहुल शर्मा, अंकित चौहान निवासी कासिमपुर पावर हाउस थाना जवा जिला अलीगढ़ और सुनील निवासी ग्राम दभी थाना अकराबाद जिला अलीगढ़ को गिरफ्तार किया है। इस धंधे में शामिल सुमित रावत निवासी कोटद्वार उत्तराखंड , राहुल, निर्दोष और अफजल फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। निर्दोष का संबंध एक राजनीतिक दल से भी बताया जा रहा है। 21 से 31साल की लड़कियां, कई राज्यों से आईं एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोपनीय सूचना के बाद दोपहर करीब 2 बजे होटल पर छापेमारी की गई। उन्होंने कहा, ‘होटल से रेस्क्यू की गईं लड़कियां 21 से 31 साल की हैं। ये गुजरात, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिसा की रहने वाली हैं।’ पूछताछ के दौरान लड़कियों ने बताया कि राहुल रोजगार के नाम पर उन्हें होटल लाया था और दबाव डालकर गंदे धंधे में धकेल दिया। होटल में आती थीं विदेशी लड़कियां, ग्राहकों से लेते थे 15-20 हजार एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक महिलाओं ने पूछताछ के दौरान बताया कि ग्राहकों से 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे, जबकि उन्हें एक रात के लिए 5 हजार रुपये मिलते थे। कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि होटल में विदेशी लड़कियां भी सेक्स वर्कर्स के रूप में आती थीं। राहुल के मुताबिक वह ग्राहकों को वॉट्सऐप पर लड़कियों की तस्वीरें भेजता था, जिसके बाद वे होटल में आते थे। इसके अलावा लड़कियों को ग्राहकों के साथ दूसरे होटलो में भी भेजा जाता था। उनके लिए रूम की बुकिंग ऑनलाइन की जाती थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को मैनेजर के फोन से 500 से ज्यादा लड़कियों की तस्वीरें और 100 से ज्यादा ग्राहकों के फोन नंबर मिले हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि: हेपेटाइटिस-बी की जांच होगी अब सरल और विश्वसनीय

आस्ट्रेलिया में दुनिया के पहले ट्रायल में पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट  स्टैंडर्ड लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है, जिससे दूरदराज और सीमित संसाधनों वाली जगहों के ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच का रास्ता खुल गया है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलाजी में प्रकाशित हुआ। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह प्वॉइंट ऑफ केयर टेस्ट एक घंटे के अंदर नतीजे दे सकता है और इसे विकेंद्रीकृत क्लीनिकों में भी किया जा सकता है। टेस्ट में देरी को करेगा कम आस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के किर्बी इंस्टीट्यूट के एक बयान के अनुसार, फिंगरस्टिक टेस्ट प्रयोगशाला आधारित टेस्टिंग की वजह से होने वाली देरी को दूर करने में मदद कर सकता है। किर्बी इंस्टीट्यूट में अनुसंधान का नेतृत्व करने वाली प्रोफेसर गैल मैथ्यूज ने कहा, परिणामों ने पाया कि फिंगरस्टिक प्वाइंट आफ केयर परीक्षण अत्यधिक सटीक है, जो पारंपरिक परीक्षणों की सटीकता के करीब है। मैथ्यूज ने कहा कि यह खोज वैश्विक स्तर पर परीक्षण और उपचार की पहुंच को बढ़ाने की क्षमता रखती है, विशेष रूप क्लिनिक में फिंगर स्टिक ब्लड सैंपल का से जहां परीक्षण की पहुंच सीमित है । हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है जो लिवर पर हमला करता है । ग्लोबल डाटा के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 25 करोड़ 40 लाख लोग इससे पीड़ित हैं और हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। हालांकि वैक्सीन से इसे रोका जा सकता है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, क्रानिक हेपेटाइटिस बी से पीड़ित लोगों में से सिर्फ आठ प्रतिशत को ही इलाज मिल पाता है। अभी हेपेटाइटिस बी डीएन टेस्टिंग, निदान और निगरानी दोनों के लिए, एक केंद्रीय प्रयोगशाला में प्रोसेस करने के लिए वीनस ब्लड सैंपल इकट्ठा करने की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि टेस्ट के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है और फिर अक्सर रिजल्ट के लिए कई दिनों या हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। यह देरी इलाज और देखभाल में रुकावट डाल सकती हैं। 60 मिनट के अंदर रिजल्ट   इसकी तुलना में नया प्वाइंट आफ केयर टेस्ट छोटे हेल्थ इस्तेमाल करके किया जा सकता है, जिसे ज्यादा हेल्थ केयर वर्कर कर सकते हैं और 60 मिनट के अंदर रिजल्ट मिल जाता है। यह कई संक्रामक रोगों जिसमें हेपेटाइटिस सी भी शामिल है, के लिए लैब टेस्ट का एक प्रभावी विकल्प है। नया परीक्षण डब्ल्यूएचओ के 2030 तक हेपेटाइटिस बी को स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वैश्विक प्रयासों का समर्थन कर सकता है।  

राज्यमंत्री कृष्णा गौर और केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन के बीच शिष्टाचार भेंट

केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  

CM डॉ. यादव का फैसला: MP में अनिवार्य होगा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का ससम्मान गायन

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है। 

Rafale और P8I डील पर भारत की हरी झंडी, सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली भारत की ताकत में और इजाफा होने जा रहा है. इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में राफेल जेट की संख्या बढ़ने जा रही है. जी हां, जिसका इंतजार था, वह घड़ी आ गई है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की एक बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इतना ही नहीं, अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद की बैठक में यह फैसला हुआ. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से ठीक पहले यह फैसला आया है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे. रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद ने फाइटर जेट राफेल की खरीद को आज यानी गुरुवार को मंजूरी दी. इतना ही नहीं, भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I विमानों की खरीद को भी मंज़ूरी मिली है.  राफेल डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की है, जो भारत की अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदे बन जाएगा. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसके बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से भी मंजूरी लेनी होगी. एयरफोर्स के लिए बेहद अहम है यह डील यह डील इंडियन एयर फोर्स के बेड़े में फाइटर जेट्स की कमी को दूर करने के लिए बहुत जरूरी थी. अभी भारतीय वायुसेना के पास सिर्फ 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 की है. पुराने एयरक्राफ्ट रिटायर हो रहे हैं, इसलिए नए और आधुनिक फाइटर जेट्स की जरूरत थी. राफेल जेट्स फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन से लिए जाएंगे.  इनमें से 18 जेट्स तैयार हालत में (फ्लाई-अवे कंडीशन) आएंगे, जबकि बाकी 96 भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बूस्ट मिलेगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी. अब जानते हैं कि राफेल जेट्स की खासियत क्या है? राफेल मल्टी-रोल फाइटर हैं. यानी हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री हमलों में इस्तेमाल हो सकते हैं. पाकिस्तान इसकी ताकत देख चुका है. राफेल फाइटर जेट्स पहले ही ऑपरेशन सिंदूर में अपना दमखम दिखा चुके हैं. वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा है कि राफेल जैसे नए जेट्स से एयर फोर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. ये जेट्स लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं, तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों से लैस हैं. इससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से खतरे का मुकाबला करना आसान होगा. पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट अब बात पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट की. ये 6 अतिरिक्त एयरक्राफ्ट इंडियन नेवी के लिए हैं. पी-8आई बोइंग कंपनी का बनाया हुआ है और समुद्री निगरानी के लिए इस्तेमाल होता है. ये दुश्मन की सबमरीन, जहाजों और एयरक्राफ्ट को दूर से ही पकड़ सकता है. भारत के पास पहले से 12 पी-8आई हैं, और ये नए 6 और ताकत बढ़ाएंगे. समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर हिंद महासागर में जहां चीन की गतिविधियां बढ़ रही हैं. यह डील क्यों इतनी बड़ी है? फ्रांस से गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील है, इसलिए पारदर्शिता ज्यादा है. पहले 36 राफेल की डील में भी ऐसा ही हुआ था, जो 2016 में साइन हुई. अब 114 की डील से IAF की स्क्वाड्रन संख्या बढ़कर 35-36 के करीब पहुंच जाएगी. राफेल डील की खास बातें     इस डील के अनुसार, भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इनमें से कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा. इस डील में आधुनिक तकनीक भारत को देने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है.     भारतीय वायुसेना के के बेड़े में पहले से ही दो स्क्वाड्रनों में 36 राफेल विमान शामिल हैं, जिनमें से ‘सी’ वेरिएंट की अंतिम डिलीवरी दिसंबर 2024 में हुई थी.     राफेल विमानों का इस्तेमाल भारत ने पिछले साल मई में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में किया था, जिसमें पाकिस्तान के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे.     राफेल विमानों का इस्तेमाल स्कैल्प (एससीएएलपी) मिसाइल को लॉन्च करने के लिए किया गया था, जो 250 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक बहुत सटीक हमला कर सकती है. इसके अलावा यह मेटियोर हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हैमर हथियार, स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और आधुनिक रडार से भी लैस है.     पिछले साल जून में भारत और फ्रांस ने डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के बीच चार बड़े समझौतों की घोषणा की थी, जिससे भारत को राफेल विमानों की डिलीवरी तेजी से मिलने में मदद मिलेगी.  

महाशिवरात्रि 2026: अपनी राशि के अनुसार चढ़ाएं ये वस्तुएं, शिव कृपा पाएं

महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव भक्तों के लिए सबसे बड़ा दिन होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था.शास्त्रों के अनुसार, यदि इस दिन भक्त अपनी राशि के अनुसार भोलेनाथ का पूजन और अभिषेक करें, तो उनकी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर अपनी राशि के अनुसार आपको किन चीजों से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए. महाशिवरात्रि पर राशि अनुसार क्या चढ़ाएं मेष राशि मेष राशि के जातकों को भगवान शिव को लाल चंदन, शहद और गुड़ अर्पित करना चाहिए. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलती है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों को शिवलिंग पर कच्चा दूध, दही और सफेद फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है. इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातक भगवान शिव को दूर्वा, हरी इलायची और बेलपत्र अर्पित करें. इससे बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है. कर्क राशि कर्क राशि वालों को शिवलिंग पर दूध, चावल और सफेद मिठाई चढ़ानी चाहिए. इससे मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों को भगवान शिव को गुड़, गेहूं और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. इससे सम्मान और पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है. कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को शिवलिंग पर शहद, घी और हरे फल चढ़ाने चाहिए. इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में स्थिरता आती है. तुला राशि तुला राशि के जातकों को भगवान शिव को इत्र, सफेद फूल और मिश्री अर्पित करनी चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और रिश्ते मजबूत होते हैं. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों को शिवलिंग पर जल, शहद और लाल चंदन चढ़ाना लाभकारी माना जाता है. इससे साहस और ऊर्जा में वृद्धि होती है. धनु राशि धनु राशि के जातकों को भगवान शिव को हल्दी, पीले फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करने चाहिए. इससे भाग्य मजबूत होता है और बाधाएं दूर होती हैं. मकर राशि मकर राशि के लोगों को शिवलिंग पर काले तिल, जल और नीले फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है. इससे कार्यक्षेत्र में सफलता और शनि दोष से राहत मिलती है. कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों को भगवान शिव को नीले फूल, काले तिल और दूध अर्पित करना चाहिए. इससे जीवन में स्थिरता और तरक्की के योग बनते हैं. मीन राशि मीन राशि वालों को शिवलिंग पर केसर मिला दूध, पीले फूल और चंदन अर्पित करना चाहिए. इससे आध्यात्मिक उन्नति और मन की शांति मिलती है. महाशिवरात्रि पूजा का विशेष महत्व धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से सभी प्रकार के दोष दूर होते हैं. इस दिन व्रत रखने, रुद्राभिषेक करने और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष फल मिलता है. इसके अलावा रात्रि जागरण और शिव पुराण का पाठ करना भी बेहद शुभ माना जाता है. ऐसा करने से भगवान शिव भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

SC का आदेश: ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले नाम बदलना अनिवार्य

नई दिल्ली  नेटफ्लिक्स की अगली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का प्रोमो आने के बाद फिल्म विवादों में घिर गई. मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म के टाइटल पर इतना हंगामा मचा कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा गया. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर नीरज पांडे की फिल्म के टाइटल को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और इस टाइटल से फिल्म के रिलीज पर रोक लगा दी. कोर्ट ने दो टूक कहा कि किसी समाज के एक वर्ग को इस तरह के नाम से क्यों बदनाम किया जा रहा है? इस टाइटल से फिल्म रिलीज नहीं होगी. हाईकोर्ट से भी मेकर्स को झटका लग चुका है. मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने फिल्म निर्माता नीरज पांडे को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में स्पष्ट रूप से यह बताया जाए कि फिल्म किसी भी समाज या समुदाय के किसी वर्ग का अपमान या अवमानना नहीं करती है. CBFC की भूमिका पर जताई नाराजगी सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि फिल्म की सामग्री को लेकर जो आपत्तियां सामने आई हैं, उन पर निर्माता पक्ष को अपनी स्थिति पारदर्शी ढंग से रखनी होगी. सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की भूमिका पर भी नाराजगी जताई. जजों ने सवाल किया कि जब फिल्म को प्रमाणपत्र दिया गया, तब क्या संभावित विवादित पहलुओं पर पर्याप्त विचार किया गया था. कोर्ट की टिप्पणी से यह संकेत मिला कि वह प्रमाणन प्रक्रिया की गंभीरता और जवाबदेही को लेकर संतुष्ट नहीं है. समुदाय विशेष का किया टारगेट याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फिल्म का शीर्षक और कुछ हिस्से विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं. वहीं निर्माता पक्ष का तर्क है कि फिल्म का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि एक सामाजिक व्यंग्य प्रस्तुत करना है. 19 फरवरी को होगी अगली सुनवाई अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जो 19 फरवरी को निर्धारित की गई है. माना जा रहा है कि तब तक निर्माता द्वारा दाखिल किया जाने वाला हलफनामा इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.

राफेल की नई खेप से वायुसेना की लड़ाकू क्षमता में बड़ा इजाफा

 नई दिल्ली भारतीय वायुसेना (IAF) अपनी लड़ाकू ताकत बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है. हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 114 और राफेल फाइटर जेट्स की खरीद को मंजूरी दी है, जो फ्रांस से आएंगे. इससे वायुसेना की स्क्वॉड्रन संख्या में सीधा इजाफा होगा. साथ ही, स्वदेशी विमान LCA Mk1A, LCA Mk2 और AMCA के साथ यह एक शक्तिशाली कॉम्बो बनेगा. वर्तमान में वायुसेना के पास करीब 20 स्क्वॉड्रन हैं, जबकि  42 होने चाहिए. समझते हैं कि 114 राफेल से कितनी ताकत बढ़ेगी, स्वदेशी विमानों का क्या रोल है और कुल मिलाकर वायुसेना कैसे मजबूत होगी.  वायुसेना की मौजूदा स्थिति: स्क्वॉड्रन की कमी भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल 29 लड़ाकू स्क्वॉड्रन हैं, जिसमें Su-30MKI (12-13 स्क्वाड्रन), राफेल (2), मिराज 2000 (3), मिग-29 (3), तेजस Mk1 (2) और जगुआर (6) शामिल हैं. 42 स्क्वॉड्रन की जरूरत है, लेकिन पुराने विमान रिटायर हो रहे हैं. अगले 10 सालों में 8-10 स्क्वाड्रन और रिटायर हो सकते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है.  चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से खतरे को देखते हुए स्क्वाड्रन बढ़ाना जरूरी है। वायुसेना का लक्ष्य 2035 तक 42 स्क्वाड्रन पहुंचना है, लेकिन देरी हो रही है.  एक स्क्वॉड्रन में आमतौर पर 16-18 लड़ाकू विमान होते हैं. राफेल जैसे आधुनिक विमान एक स्क्वॉड्रन में 18 रखे जाते हैं. 114 राफेल से कितनी ताकत बढ़ेगी? वायुसेना के पास पहले से 36 राफेल हैं, जो 2 स्क्वॉड्रन में हैं. 114 और राफेल आने से कुल राफेल 150 हो जाएंगे. यह करीब 6 नए स्क्वॉड्रन जोड़ेंगे. इससे वायुसेना की स्क्वॉड्रन संख्या 29 से बढ़कर 35 हो जाएगी, जो कमी को काफी हद तक पूरा करेगी. राफेल 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर है, जो हवा से हवा, हवा से जमीन हमले और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में माहिर है. इसकी लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें 18 तैयार हालत में आएंगे और बाकी भारत में बनेंगे. यह ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगा. राफेल की रेंज, रडार और मिसाइलें वायुसेना को चीन-पाकिस्तान के खिलाफ बढ़त देंगी. हालांकि, यह स्टॉपगैप (अस्थायी) समाधान है, क्योंकि स्वदेशी विमान लंबे समय के लिए हैं.  स्वदेशी विमानों का रोल: LCA Mk1A, Mk2 और AMCA राफेल के साथ स्वदेशी विमान LCA Mk1A, LCA Mk2 और AMCA का कॉम्बो वायुसेना को आत्मनिर्भर बनाएगा. ये ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बन रहे हैं और कुल 400 से ज्यादा स्वदेशी फाइटर्स का प्लान है. LCA Mk1A (तेजस Mk1A): यह तेजस का एडवांस वर्जन है. 180 विमान ऑर्डर हो चुके हैं (83 + 97), जो 10 स्क्वॉड्रन बनाएंगे. यह पुराने मिग-21 को रिप्लेस करेगा. Mk1A में बेहतर रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और मिसाइलें हैं. डिलीवरी 2024-2029 तक होगी. इससे स्क्वाड्रन में 10 का इजाफा. LCA Mk2 (तेजस Mk2): यह मध्यम वजन का फाइटर है, जो राफेल जैसा शक्तिशाली होगा. 120-130 विमान प्लान हैं (6-7 स्क्वॉड्रन), जो 200 तक बढ़ सकते हैं. इसमें ज्यादा पावरफुल इंजन, पेलोड और रेंज है. पहली उड़ान 2026 में संभव है. यह हाई-ऐल्टीट्यूड (चीन सीमा) पर बेहतर काम करेगा.  AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट): यह 5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर है. शुरुआत में 126 विमान (7 स्क्वॉड्रन) प्लान हैं, जो Mk1 और Mk2 वैरिएंट में बंटेंगे. AMCA में स्टेल्थ, सुपरक्रूज और AI जैसी तकनीकें होंगी. इंडक्शन 2030 के मध्य से शुरू होगा. यह चीन के J-20 जैसे विमानों से मुकाबला करेगा. राफेल + स्वदेशी कॉम्बो से कुल इजाफा 114 राफेल से 6 स्क्वॉड्रन बढ़ेंगे. स्वदेशी से Mk1A से 10, Mk2 से 6-7, AMCA से 7 – कुल 23-24 स्क्वॉड्रन. इससे वायुसेना 30 से बढ़कर 50+ स्क्वॉड्रन तक पहुंच सकती है, जो तीन मोर्चों (चीन, पाकिस्तान, अन्य) पर लड़ने के लिए काफी होगी. यह कॉम्बो मिश्रित फ्लीट देगा – राफेल हाई-एंड हमलों के लिए, तेजस मीडियम रोल के लिए और AMCA स्टेल्थ ऑपरेशंस के लिए. चुनौतियां और भविष्य देरी एक समस्या है – Mk1A की डिलीवरी लेट है, Mk2 और AMCA विकास में हैं. लेकिन राफेल जैसे आयात तुरंत ताकत बढ़ाएंगे. विशेषज्ञ कहते हैं कि स्वदेशी पर फोकस से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी. अगर प्लान सफल रहा, तो 2035 तक वायुसेना दुनिया की मजबूत सेनाओं में शुमार होगी.

विवाद बढ़ा: AIMIM नेता का बयान ‘हिंदू भाई 4 नहीं 14 बच्चे पैदा करें’

मुजफ्फरनगर एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली मुजफ्फरनगर पहुंचे, जहां उन्होंने दो नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर कहा कि देश की आबादी बढ़ने से राष्ट्र मजबूत होता है. शौकत अली ने हिंदू संगठनों के चार बच्चे पैदा करने वाले बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि हिंदू भाइयों को 4 नहीं बल्कि 14 बच्चे पैदा करने चाहिए. उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि चीन अपनी विशाल आबादी के कारण ही हमसे अधिक मजबूत है, इसलिए भारत को भी अपनी जनसंख्या बढ़ानी चाहिए. बाबरी मस्जिद और नामकरण पर तीखे तेवर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम से हो रहे निर्माण पर शौकत अली ने कहा कि संविधान किसी भी नाम से धार्मिक स्थल बनाने की अनुमति देता है. उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई अपने बेटे का नाम बाबर रखकर काम शुरू करे, तो क्या उसे लाइसेंस नहीं मिलेगा? शौकत ने आरोप लगाया कि देश में दाढ़ी, टोपी और गोश्त के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं. उनके अनुसार, यदि सरकार को जनसंख्या से आपत्ति है, तो वह ‘हम दो हमारे दो’ का कानून लेकर आए. चुनावों और बजट पर भी रखी अपनी बात शौकत अली ने आगामी जिला पंचायत और विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों का जिक्र किया. उन्होंने स्वीकार किया कि 2022 के चुनाव में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, इसलिए अब संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है. बजट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें आम जनता के लिए राहत की उम्मीद बेहद कम है. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान परिस्थितियों में मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा है, जिसे लेकर उनकी पार्टी आवाज उठाती रहेगी.

किसानों को 1508 करोड़ रुपए किए भुगतान, समर्थन मूल्य पर हुई धान खरीदी

बिलासपुर. सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने वाले किसानों को सरकार द्वारा अब तक 1 हजार 508 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि इतना भुगतान करने के बाद अभी भी हजारों की संख्या में किसान शेष हैं, जो भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। विपणन विभाग के अनुसार ऐसे सभी किसानों को दो से तीन दिनों के भीतर राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। 15 नवंबर से प्रारंभ की गई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शासन द्वारा समय-समय पर भुगतान जारी किया जाता रहा है। इसके अंतर्गत आज की स्थिति तक किसानों को 1 हजार 508 करोड़ रूपए का भुगतान जारी किया जा चुका है। हालांकि भुगतान की गति काफी धीमी रही है। ऐसे किसान जिन्होंने 15 जनवरी या इसके बाद की स्थिति में अपना धान बेचा था, इन्हें तेरह दिनों बाद भी भुगतान प्राप्त नहीं हो सका था। भुगतान प्राप्त नहीं होने से परेशान किसान किसी गड़बड़ी की आशंका पर लगातार अपनी समितियों में एवं बैंकों में जाकर पतासाजी कर रहे थे। इन किसानों को जनवरी के अंत तक भुगतान प्राप्त हो सका था। इधर सरकार ने भले ही किसानों को 15 सौ करोड़ का भुगतान किया है, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में किसान भुगतान का इंतजार कर ही रहे हैं, जिन्हें दो से तीन दिनों के भीतर भुगतान होने की बात कही जा रही है।

नीम करोली बाबा की 5 बातें: जो पैसा, सफलता और शांति दिला सकती हैं

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, आध्यात्मिक गुरु, नीम करोली बाबा, का आश्रम है। नीम करोली बाबा आज भले ही भौतिक रूप से लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी उनके अनुयायियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करके हुए सुखी सफल जीवन जीने का रास्ता बताती रहती हैं। नीम करोली बाबा के ज्ञान को अपनाते हुए अपनी कुछ नकारात्मक आदतों को त्यागकर, कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदलकर पैसा कमा सकता है। आइए जानते हैं पैसा और कामयाबी हासिल करने के लिए नीम करोली बाबा ने कौन सी 5 आदतों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया है। अहंकार का त्याग नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है। क्रोध पर नियंत्रण नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है। लालच से बचें नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। ईर्ष्या से करें परहेज नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है। नकारात्मकता से रहें दूर नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।

अदालत तक पहुंचा विवाद: जज को धमकाने वाला बीजेपी नेता अब जेल में

 देवास देवास में बीजेपी नेता पंकज घारू द्वारा न्यायाधीश के साथ अभद्रता करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने जज का रास्ता रोकने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी पंकज घारू और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार घटना देवास के जय श्री नगर इलाके में हुई. चतुर्थ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत अपनी कार से कोर्ट जा रहे थे. इसी दौरान धन लक्ष्मी मैरिज गार्डन के पास आरोपियों ने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी सड़क पर खड़ी कर रखी थी. जय श्री नगर में जज का रास्ता रोकने को लेकर हुआ विवाद जब न्यायाधीश ने वाहन हटाने को कहा तो आरोपियों ने अभद्रता की और धमकियां दीं. इस घटना के बाद जज साहब ने नाहर दरवाजा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. साथ ही एसपी और डीजीपी को भी मोबाइल पर घटना की जानकारी दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने पंकज घारू सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले के तूल पकड़ने के बाद बुधवार दोपहर जिला प्रशासन ने भी सख्त कदम उठाया. अभद्रता और धमकी देने पर भाजपा नेता पंकज घारू पर FIR दर्ज प्रशासनिक टीम ने आरोपी पंकज घारू के भोपाल रोड और बिलावली बामनखेड़ा क्षेत्र में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया. तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि संबंधित शख्स ने कांकड़ की सरकारी जमीन पर पोल्ट्री फार्म सहित अन्य निर्माण कर रखे थे. मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जे पर चलाया बुलडोजर कई बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए कार्रवाई की गई. पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं जिला अभिभाषक संघ ने पत्र जारी कर कहा है कि संघ का कोई भी सदस्य आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा.

भोपाल समेत पूरे प्रदेश में तपिश तेज, अगले दिनों मौसम में बदलाव की संभावना

भोपाल  फरवरी का महीना मध्य प्रदेश में इस बार अपने अलग ही रंग दिखा रहा है। जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ रहा है, मौसम अलग ही मिजाज दिखा रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्मी का एहसास होने लगा है, जबकि देर रात और सुबह ठंड का असर बरकरार है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। कई जिलों में 32 डिग्री के पार तापमान मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. खरगोन 32.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया. वहीं मंडला और खंडवा में भी तापमान 32 डिग्री के आसपास पहुंच गया है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया. रात में भी बढ़ी गर्माहट दिन ही नहीं, रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. पहले जहां रात में ठंड का अहसास होता था, अब हल्की गर्माहट बनी हुई है. इससे साफ है कि मौसम अब पूरी तरह बदलने की ओर है. दिन में गर्मी… रात में ठंड मध्यप्रदेश में फरवरी के इस दूसरे हफ्ते में मौसम का दोहरा मिजाज साफ देखने को मिल रहा है। दिन के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान से गर्मी का एहसास बढ़ गया है। वहीं रात और सुबह का मौसम ठंडा बना हुआ है। राजधानी भोपाल और इंदौर में दिन का अधिकतम तापमान लगभग 30.2°C और 30.3°C दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 13.4°C और 15.9°C के आसपास रहा। ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान 29.4°C और न्यूनतम 13.6°C दर्ज हुआ। उज्जैन में अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 15.5°C रहा। इससे पता चलता है कि, दिन और रात के बीच तापमान का फर्क अब भी काफी है, जिससे मौसम का दोहरा स्वरूप बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सिस्टम का असर मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) और ट्रफ सिस्टम के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। फिलहाल बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में बादल बनाए रह सकते हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में सिस्टम के असर से कई शहरों में बादल बने हुए हैं। अगले 3-4 दिन तक ठंड का दौर जारी रहेगा। खासकर देर रात और सुबह ठंड अधिक महसूस होगी। दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी का ट्रेंड देखा जा सकता है, लेकिन सर्दी बहुत तेज नहीं होगी। क्यों बढ़ रहा तापमान? मौसम केंद्र का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं. किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय न होने के कारण धूप तेज हो गई है. इसी वजह से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है. आगे क्या रहेगा हाल? मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है. अगर यही स्थिति बनी रही तो मार्च की शुरुआत से पहले ही प्रदेश में तेज गर्मी दस्तक दे सकती है.

सूत्रों का दावा: केंद्र सरकार लाएगी राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ BJP के सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में एक ‘सब्सटेंटिव मोशन’ (Substantive Motion) पेश किया है। इस प्रस्ताव के जरिए उन्होंने राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने और उन पर जीवनभर चुनाव लड़ने से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।   क्या है पूरा मामला? निशिकांत दुबे ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में साफ किया कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक ‘ठोस प्रस्ताव’ (Substantive Motion) दिया है। दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी बाहरी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं। प्रस्ताव में की गई मुख्य मांगें भाजपा सांसद ने अपने प्रस्ताव में गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:     राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता को तुरंत खत्म किया जाए।     उन्हें भविष्य में किसी भी चुनाव को लड़ने के लिए आजीवन अयोग्य घोषित किया जाए।     दुबे ने कहा कि इस मामले पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए कि किस तरह विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को भ्रमित किया जा रहा है। किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर पलटवार केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं। जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा। राहुल गांधी ने ऐसा क्या कहा जिस पर मचा घमासान किरेन रिजिजू ने कहा कि मैंने रिक्वेस्ट की है कि राहुल गांधी को सदन में बुलाया जाए ताकि वे अपनी बातों को साबित कर सकें। राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर बेकार और झूठे आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि प्रधानमंत्री ने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। किस आधार पर? उन्होंने बिना कोई नोटिस दिए हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाया है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है और देश का विदेशी ताकतों के सामने ‘समर्पण’ कर दिया है। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष की ओर से जोरदार विरोध हुआ। यूएस ट्रेड डील के मुद्दे पर बोले राहुल गांधी राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करते समय भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे ‘नॉनसेंस’ कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है। राहुल गांधी के बयान पर किरेन रिजिजू ने जताई आपत्ति उनके इस बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों को ‘बेतुका’ बताया और कहा कि आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए। रिजिजू ने मांग की कि असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटाया जाए। सदन की कार्यवाही देख रहे अध्यक्षीय पीठासीन सदस्य जगदंबिका पाल ने भी राहुल गांधी से आपत्तिजनक शब्दों से बचने को कहा। राहुल गांधी ने इसे स्वीकार किया, लेकिन सरकार को घेरना जारी रखा। इस तरह सदन में शुरू हो गया हंगामे और नारेबाजी का दौर सदन में उस समय हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई जब विपक्षी सदस्यों ने राहुल के ‘सरेंडर’ वाले आरोप का समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य उनका विरोध करते रहे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह सरकार देश, किसानों, आईटी सेक्टर और ऊर्जा सुरक्षा को बेच चुकी है और अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक गई है। इस पर किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो देश को बेच सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अब तक के सबसे मजबूत नेता हैं। रुचिर शुक्ला निशिकांत दुबे का बयान सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “मैंने आज लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया है कि कैसे वह सोरोस जैसी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं। मैंने प्रस्ताव में कहा है कि इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए, उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए और उन्हें जीवन भर चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।”

12वीं पास के लिए खुशखबरी: फॉरेस्ट गार्ड भर्ती में 779 पदों पर निकली वैकेंसी

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने राज्य के युवाओं के लिए वन विभाग में सरकारी नौकरी पाने का एक शानदार अवसर प्रदान किया है। आयोग ने फॉरेस्ट गार्ड के कुल 779 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन की विंडो खुल चुकी है, और योग्य उम्मीदवार 23 फरवरी 2026 तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। पदों का विवरण और आरक्षण हरियाणा फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 के तहत कुल 779 पदों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें सामान्य श्रेणी (General) के लिए सबसे अधिक 318 पद आरक्षित हैं। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए 123 पद, बीसीए (BCA) के लिए 102 पद और एससी (SC/DSC) श्रेणी के लिए भी पदों का आवंटन किया गया है। यह भर्ती ग्रुप-सी (Group-C) सेवाओं के अंतर्गत आती है। कौन कर सकता है आवेदन? आयोग ने इस पद के लिए सरल योग्यता मानदंड रखे हैं: शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) कक्षा पास होना अनिवार्य है। साथ ही, दसवीं कक्षा तक हिंदी या संस्कृत एक विषय के रूप में पढ़ा होना चाहिए। अनिवार्य शर्त: केवल वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने हरियाणा CET 2025 (Group C) परीक्षा पास की है और जिनके पास वैलिड स्कोरकार्ड है। आयु सीमा: उम्मीदवारों की आयु 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए (आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर होगी)। आरक्षित श्रेणियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। शारीरिक मापदंड और टेस्ट (PMT/PET) यह वन सुरक्षा से जुड़ा पद है, इसलिए शारीरिक फिटनेस अत्यंत महत्वपूर्ण है: ऊंचाई : पुरुष उम्मीदवारों के लिए 168 सेमी और महिलाओं के लिए 155 सेमी। छाती : पुरुषों के लिए 79 सेमी (बिना फुलाए) और 84 सेमी (फुलाने पर)। पैदल चाल टेस्ट : पुरुषों को 4 घंटे में 25 किमी और महिलाओं को 4 घंटे में 14 किमी की दूरी पैदल चलकर पूरी करनी होगी। चयन प्रक्रिया और वेतन उम्मीदवारों का चयन मल्टी-लेवल प्रक्रिया के माध्यम से होगा, जिसमें सीईटी स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा (OMR आधारित), शारीरिक माप और दक्षता परीक्षा (PMT/PET) तथा डॉक्यूमेंट को वेरिफिकेशन शामिल है। चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-3 के तहत 21,700 रुपये से 69,100 रुपये का वेतनमान मिलेगा। इसके साथ ही डीए (DA), एचआरए (HRA) और अन्य सरकारी भत्ते भी देय होंगे, जिससे मासिक वेतन करीब 37,000 से 39,000 रुपये के आसपास होगा। आवेदन कैसे करें? इच्छुक उम्मीदवार एचएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट www.hssc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 23 फरवरी 2026 (रात 11:59 बजे) है।  

संजय कुमार ने किया अचानक थाने का दौरा, टीटी नगर में पुलिस कार्यों की समीक्षा

भोपाल  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बीती रात टीटी नगर थाने का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने थाने में दर्ज और लंबित अपराधों की जानकारी ली, साथ ही आगतुंकों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयुक्त ने मालखाना, बंदीगृह आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने इलाके में पैदल भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बाणगंगा चौकी के पास एकत्रित हुए जन समुदाय जिसमें बालक एवं बालिकाएं तथा महिलाओं को जन जागरूकता के संबंध में बताया। इसके साथ ही पुलिस आयुक्त ने लोगों को हेलमेट लगाये जाने की सलाह एवं शपथ दिलायी। उन्होंने सायबर फ्रॉड, डिजीटल अरेस्टिंग से होने वाले फ्रॉड से सावधान रहने की बात कही। ड्रग्स एवं मादक पदार्थ से दूर रहने की सलाह युवाओं को दी।पुलिस आयुक्त ने थाने के अन्तर्गत चलने वाले डिजीटल मालखाने और ट्रैफिक बाधित यातायात स्थान रंगमहल चौराहा व माता मंदिर चौराहे का निरीक्षण किया। उन्होंने इलाके में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल, एडीसीपी रश्मि दुबे अग्रवाल, एसीपी टीटी नगर अंकिता खातरकर, थाना प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक गौरव दोहरे समेत स्टाफ रहा मौजूद।

आईटीआई कोनी में दो दिवसीय आयोजन, संभाग स्तरीय रोजगार मेला शुरू

बिलासपुर. राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 12 एवं 13 फरवरी को सवेरे 10 बजे से शाम 4 बजे तक आईटीआई कोनी में संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन शुरू किया गया है। 26 निजी कंपनियों द्वारा फायनेंस, एग्रीकल्चर, मैनेजमेंट, मेडिकल व फार्मेसी, सोलर एनर्जी, टेक्सटाईल इंडस्ट्री, सर्विस टेक्निकल, मेनुफैक्चरिंग, सिक्यूरिटी सर्विस, इंश्योरेंस, आटोमोबाईल, ज्वेलेरी जैसे क्षेत्रों में लगभग 4 हजार पदों पर भर्ती की कार्रवाई की जाएगी। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए रोजगार पंजीयन, ई रोजगार पोर्टल में आवेदक का ऑनलाईन मेला पंजीयन होना अनिवार्य है। इच्छुक आवेदक आधार कार्ड, फोटो, बायोडाटा एवं निर्धारित शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ रोजगार मेले में शामिल हो सकते है। मेले में शामिल होने एवं रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी www.eroj-gar.cg.gov.in एवं छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप से प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय कोनी से भी संपर्क किया जा सकता है।

मैदान में हैं 61 प्रत्याशी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव आज

बिलासपुर. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव गुरुवार 12 फरवरी को होगा। चुनाव के लिए कुल 17 पदों के लिए 61 प्रत्याशी मैदान में है। जारी चुनावी कार्यक्रम के तहत मतदान गुरुवार की सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। अगले दिन 13 फरवरी को मतगणना होगी और उसी दिन देर शाम परिणाम भी जारी कर दिए जाएंगे। ध्यान रहे कि इससे पहले इस चुनाव पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका को हाईकोर्ट के जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने खारिज कर दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए अब इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इधर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वर्ष 2026-2028 के लिए चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनूप मजुमदार द्वारा जारी सूचना के अनुसार सुबह 11 बजे से वोटिंग होगी। चुनाव में अध्यक्ष के लिए सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव, अरविंद सिन्हा, दिनेश कुमार तिवारी, अब्दुल वहाब खान, शैलेन्द्र कुमार बाजपेयी, हनुमान प्रसाद अग्रवाल और रजनीश सिंह बघेल मैदान में हैं। वहीं, उपाध्यक्ष (वरिष्ठ) के लिए दीपक कुमार जैन, भरत लाल सोनी, गौतम खेत्रपाल, अरविंद दुबे, महेन्द्र नाथ दुबे और शशिकांत सोनकर ने फार्म भरे हैं। वहीं उपाध्यक्ष (महिला) पद के लिए मांडवी भारद्वाज, संगीता मिश्रा, मधुनिशा सिंह और रीमा दुबे के बीच प्रतिस्पर्धा होगी।

वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका का रौद्र रूप, टूर्नामेंट का सबसे ऊँचा स्कोर

पल्लेकेले  पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज (गुरुवार) को आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-B मुकाबले में श्रीलंका और ओमान आमने-सामने हैं. जहां श्रीलंका ने पहले खेलते हुए 225 का स्कोर बनाया. यह इस टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर रहा. अब ओमान की टीम बल्लेबाजी कर रही है. दोनों टीमें सुपर-8 की दौड़ में अहम अंक हासिल करना चाहेंगी.  टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पल्लेकेले के मैदान पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने रनों का ऐसा तूफान खड़ा किया कि ओमान के गेंदबाज असहाय नजर आए। दाशुन शनाका की ऐतिहासिक पारी की बदौलत श्रीलंका ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक का सबसे विशाल स्कोर खड़ा कर दिया है। श्रीलंका के अन्य बल्लेबाजों ने भी इस मैच में कमाल की पारी खेली है, लेकिन शनाका की पारी ने हर किसी के ध्यान को अपनी ओर खींचा। पल्लेकेले में श्रीलंका ने लगाया रनों का पहाड़ ओमान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का साहसिक फैसला लिया, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि श्रीलंकाई बल्लेबाज आज इतिहास रचने के इरादे से उतरे हैं। निर्धारित 20 ओवरों में श्रीलंका ने महज 5 विकेट खोकर 225 रन बना डाले। यह न केवल इस वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर है, बल्कि इसने ओमान के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। ओमान के लिए इस टारगेट को चेज कर पाना बेहद मुश्किल होगा। दाशुन शनाका का सुपरफास्ट अर्धशतक श्रीलंका को इस ऐतिहासिक स्कोर तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका अनुभवी बल्लेबाज दाशुन शनाका ने निभाई। शनाका ने मैदान के हर कोने में बाउंड्री की बौछार करते हुए मात्र 19 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। 20 गेंदों में 50 रनों की उनकी इस आतिशी पारी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। वह श्रीलंका के लिए टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी है। इससे पहले किसी भी बल्लेबाज ने यह कमाल नहीं किया है। ओमान की रणनीतिक विफलता पहले गेंदबाजी करने का ओमान का निर्णय पूरी तरह गलत साबित हुआ। पल्लेकेले की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर उनके गेंदबाज न तो लाइन-लेंथ बरकरार रख पाए और न ही रनों की गति पर लगाम लगा सके। 226 रनों का यह विशाल लक्ष्य ओमान जैसी टीम के लिए किसी हिमालय चढ़ने जैसी चुनौती से कम नहीं होगा।

कीमती धातुओं में गिरावट जारी, चांदी हाई लेवल से भारी सस्ती

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है. इस साल की शुरुआत में जहां दोनों कीमती धातुओं ने रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए पहले रिकॉर्ड बनाए, फिर अचानक ये क्रैश (Gold-Silver Price Crash) नजर आईं. इसके बाद लगातार इसके भाव में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को जहां चांदी फिर सस्ती (Silver Price Fall) हो गई, तो सोने का भाव भी कम (Gold Rate Fall) हुआ है. अब अपने हाई से चांदी 1.59 लाख रुपये से ज्यादा कम रेट पर मिल रही है.  कहां तक टूटेगा Silver Rate?  चांदी की कीमत में गुरुवार को फिर से गिरावट देखने को मिली है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव बीते कारोबारी दिन 2,63,018 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था और ये खुलने के साथ ही 2,60,453 रुपये तक फिसल गया. यानी एक झटके में 1 Kg Silver Price 2,565 रुपये कम हो गया. कुछ एक्सपर्ट्स का आने वाले समय में इसके 2 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर तक टूटने का अनुमान जता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि ये एक बार फिर से तेज रफ्तार पकड़ सकती है.  हाई से अब इतनी सस्ती चांदी   इस साल के शुरुआती जनवरी महीने में ही चांदी ने लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. बीते 29 जनवरी को Silver Price रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के ऐतिहासिक स्तर के पार निकला था और 4,20,048 रुपये प्रति किलो के हाई लेवल पर पहुंचा था. हालांकि, इसके उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली. गुरुवार के ओपनिंग भाव से तुलना करें, तो अभी 1 किलो चांदी 1,59,595 रुपये तक सस्ती (Silver Cheaper) मिल रही है.  Gold Rate भी चांदी के साथ फिसला गुरुवार को कमोडिटी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर न सिर्फ चांदी की कीमत टूटी है, बल्कि सोने का भाव भी फिसला है और 1000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया है. बीते कारोबारी दिन बुधवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,58,755 रुपये पर क्लोज हुआ था और ये ओपनिंग के साथ ही गिरकर 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. यानी ये 1,054 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है.  सोना भी हाई से काफी सस्ता  चांदी की तरह ही सोने की कीमत ने भी बीते 29 जनवरी को ही अपना रिकॉर्ड हाई लेवल टच किया था. जी हां, ये तूफानी तेजी से भागते हुए 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर जा पहुंचा था और इसमें भी लगातार गिरावट देखने को मिली. Gold Rate MCX High से तुलना करें, तो इसका वायदा भाव हाई से अभी 35,395 रुपये कम चल रहा है. 

छात्रों के बैग से 14 पुस्तकें बरामद, जशपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षक ने बांटे बाइबिल

जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में नियमों की अनदेखी कर छात्रों को बाइबिल बांटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय के एक व्याख्याता ने कक्षा में बाइबिल की प्रतियां वितरित की, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी को व्याख्याता दीपक तिग्गा विलंब से विद्यालय पहुंचे और बिना प्राचार्य को सूचित किए सीधे कक्षा में चले गए, जहां विद्यार्थियों के बीच उन्होंने बाइबिल की पुस्तिकाएं वितरित की। मामला सामने आने के बाद छात्रों के बैग की जांच की गई, जिसमें बाइबिल की 14 प्रतियां बरामद होने की बात कही जा रही है। प्राचार्य ने इसे गंभीर प्रशासनिक उल्लंघन मानते हुए संबंधित व्याख्याता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। व्याख्याता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग पूरे घटनाक्रम की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई है। साथ ही आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। फिलहाल प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं व्याख्याता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

मुरैना से दिल दहला देने वाली खबर: बहू भागी, ससुर ने उठाया अंतिम कदम

मुरैना  मध्य प्रदेश के मुरैना में एक नई नवेली दुल्हन शादी के अलगे दिन अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। आरोप है कि, ससुराल वालों ने उसे तलाशने के लिए जब पुलिस के सामने गुहार लगाई तो यहां भी कार्रवाई के बजाए उन्हें बेइज्जती ही मिली। पुलिस के रवैय्ये से आहत होकर और सामाजिक शर्मिंदगी के चलते ससुर ने आत्महत्या करने के लिए जहरीला पदार्थ खा लिया। दरअसल, एक शख्स की हाल ही में शादी हुई थी। समारोह में सबकुछ ठीक था। धूमधाम से विवाद हुआ और एक सामान्य ढंग से एक परिवार अपे बहु की विदा कराकर घर ले आया। लेकिन, अगली सुबह दूल्हा समेत पूरे परिवार के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब उन्हें पता चला कि, जिस लड़की को बीती रात राजी खुशी विदा कराकर घर लाए हैं, वो अपने प्रेमी संग फरार हो गई। दूल्हें के घर वालों का आरोप दूल्हें के घर वालों ने आरोप लगाया कि, उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की, लेकिन पुलिस ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया। लड़की को ढूंढने के बजाए पुलिस द्वारा उनकी ही बेइज्जती की गई। लम ये है कि, बहू की तलाश के लिए वे बीते दो माह से थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी बहु का पुलिस को कहीं पता नहीं चला। थाना प्रभारी पर आरोप ससुराल वालों ने ये भी आरोप लगाया कि, कड़ी मशक्कत के बाद जब उन्हीं लोगों ने बहू को ढूंढा तो उसने उनके साथ जाने से इंकार कर दिया। पोरसा थाना प्रभारी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने में न्याय मांगने जाने पर उन्हें बेइज्जत किया जाता था। ससुर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के रवैय्ये और सामाजिक शर्म के चलते दूल्हा के पिता ने जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। फिलहाल, उन्हें गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया गया है। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

कांग्रेस सांसदों की करतूत का खुलासा, किरेन रिजिजू ने वीडियो शेयर कर दिया सबूत

नई दिल्ली केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों का एक और वीडियो जारी किया है. किरेन रिजिजू ने गुरुवार को आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष और सरकार के बीच हाल ही में हुए टकराव के दौरान कांग्रेस सांसदों का एक बड़ा ग्रुप लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुस गया, जहां उन्होंने उन्हें गालियां दीं और पीएम मोदी को धमकाया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस घटना का एक वीडियो भी शेयर किया है. किरेन रिजिजू ने इस वीडियो के जरिए कांग्रेस को घेरा है. इस वीडियो के बारे में उन्होंने दावा किया कि इसे गैर-कानूनी तरीके से रिकॉर्ड किया गया था, जिससे संसद में तनावपूर्ण कार्यवाही जारी रहने के बीच एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है. किरिन रिजिजू ने वीडियो जारी करते हुए लिखा, ‘यह एक गैर-कानूनी वीडियो क्लिप है जिसे एक कांग्रेस सांसदों ने तब बनाया था, जब 20-25 कांग्रेस सांसद माननीय स्पीकर के चैंबर में घुसे, उन्हें गालियां दीं और माननीय प्रधानमंत्री को धमकाया. हमारी पार्टी बहस और चर्चा में विश्वास करती है और कभी भी सांसद को मारपीट करने के लिए बढ़ावा नहीं देती.’ इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को भी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ अभद्र व्यवहार किया. इसका उन्होंने एक नया वीडियो जारी किया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन के अंदर स्पीकर के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करता है और फिर उन पर उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाता है. केंद्रीय मंत्री ने पार्लियामेंट के नियमों को बार-बार तोड़ने के लिए विपक्ष की भी आलोचना की और उन्हें स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पेश करते समय भी तय नियमों और नॉर्म्स को मानने की सलाह दी. संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, ‘लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुसकर अभद्रता की गई और भला-बुरा कहा गया. फिर, स्पीकर ने जो रूलिंग दिया. उसे भी नहीं माना. राहुल गांधी कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की परमिशन की जरूरत नहीं है. वे अपनी मर्जी से बोलेंगे. यह मेरा बोलने का अधिकार है. सब कुछ रिकॉर्ड पर है.’ उन्होंने कहा कि जब तक सदन में स्पीकर से परमिशन नहीं मिलती है, तब तक कोई नहीं बोल सकता है. सदन का कोई भी सदस्य, चाहे वह सांसद हो या प्रधानमंत्री, स्पीकर की परमिशन से ही बोलता है, लेकिन विपक्ष के नेता के लिए पार्लियामेंट के नियमों का कोई मतलब नहीं है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे बताया कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उनके साथ अभद्रता की। मैं भी वहीं पर मौजूद था. स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो कड़े कदम उठा सकते थे. जिस वक्त स्पीकर के साथ अभद्रता की जा रही थी, उस समय केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई सीनियर नेता भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे.

दो की मौत और एक गंभीर, तेज रफ्तार पिकअप ने 3 लाेगाें को रौंदा

जशपुर. सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर गम्हरिया में गुरुवार सुबह लगभग 6 बजे एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। मॉर्निंग वॉक पर निकले स्थानीय नागरिकों को एक तेज रफ्तार पिकअप ने निर्ममता से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो लाेगों की घटना स्थल पर ही माैत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया है। मृतकों की शिनाख्त गम्हरिया निवासी लकड़ा मिस्त्री एवं हिरा मिस्त्री के रूप में की गई है। दोनों पेशे से वाहन मिस्त्री बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वाहन की रफ्तार बहुत तेज थी। चालक ने नियंत्रण खोते हुए पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित घटना स्थल से फरार हो गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। हादसे की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस दल मौके पर पहुंचा और पंचनामा कार्रवाई उपरांत शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर लिया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही घटना की तह तक पहुंचने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कांम्बिंग गश्त में 300 जवानों ने संभाला मोर्चा, 126 वारंटी और 11 फरार आरोपी पकड़े

बिलासपुर. जिले में अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए बिलासपुर पुलिस ने रात में व्यापक कांबिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ की गई इस कार्रवाई में लगभग 300 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। अभियान के दौरान पुलिस ने 126 वारंटियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 50 स्थायी वारंटी और 76 गिरफ्तारी वारंट शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न गंभीर अपराधों में लंबे समय से फरार चल रहे 11 आरोपियों को भी दबोच लिया गया। सभी आरोपियों को न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों, संदिग्ध स्थानों, होटल-ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर सघन जांच की। निगरानी सूची में दर्ज 41 गुंडा/बदमाशों की विधिवत चेकिंग कर उनकी गतिविधियों का सत्यापन किया गया और आवश्यक वैधानिक चेतावनी दी गई। वहीं संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए 10 व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। एक मामले में आरोपी के कब्जे से धारदार हथियार बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले एक सप्ताह में 105 शराबी वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पूरे अभियान में थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों, पेट्रोलिंग स्टाफ और विशेष टीमों ने समन्वित एवं योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की।

पुतिन की धमकी, अमेरिका को करारा जवाब—चीन वाले इरादे भी सामने

मॉस्को  मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने आरोप लगाया है कि रूस ने देश में उसकी सेवाओं को पूरी तरह ब्लॉक करने की कोशिश की है, ताकि यूजर्स को स्‍टेट सपोर्टेड डोमेस्टिक ऐप की ओर मोड़ा जा सके. Meta Platforms के स्वामित्व वाले इस ऐप के प्रवक्ता ने बताया कि रूस का यह कदम इंटरनेट स्पेस पर नियंत्रण बढ़ाने और विदेशी टेक कंपनियों की भूमिका सीमित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. तो क्‍या रूस भी चीन की राह पर चलने की तैयारी कर रहा है. दिलचस्‍प है कि चीन ने मैसेजिंग एप से लेकर सोशल साइट्स तक खुद की डेवलप की है. बीजिंग का उद्देश्‍य है कि इसके जरिये देश में पश्चिमी देशों के प्रभाव को रोका जा सकेगा और अमेरिका-यूरोप के टेक्‍नोलॉजी मोनोपोली पर लगाम लगाया जाएगा. अब रूस के कदम ने एक तरफ जहां मेटा चीफ मार्क जुकरबर्ग को उनकी औकात दिखा दी तो दूसरी तरफ अमेरिकी दादागिरी को भी ठोस चुनौती दी है. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद मॉस्को और वेस्‍टर्न टेक्‍नोलॉजिकल कंपनियों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. रूसी अधिकारी घरेलू स्तर पर विकसित ऐप ‘MAX’ को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे सरकार समर्थित बताया जा रहा है. हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स की निगरानी और डेटा ट्रैकिंग के लिए किया जा सकता है, लेकिन सरकारी मीडिया ने इन आरोपों को निराधार करार दिया है. WhatsApp ने कहा कि रूस द्वारा उठाए गए कदम यूजर्स को एक सरकारी-स्वामित्व वाले सर्विलांस ऐप की ओर धकेलने की कोशिश है. कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘हम उपयोगकर्ताओं को जुड़े रखने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे.’ हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रूस में सेवा बहाली को लेकर आगे की रणनीति क्या होगी. WhatsApp पर सख्‍ती इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सरकारी समाचार एजेंसी TASS को दिए वीडियो बयान में कहा कि WhatsApp की वापसी रूसी कानूनों के पालन पर निर्भर करेगी. उन्होंने कहा, ‘अगर Meta कॉरपोरेशन कानून का पालन करती है और रूसी अधिकारियों के साथ संवाद करती है, तो समझौते की संभावना बन सकती है. लेकिन यदि कंपनी अडिग रुख अपनाती है और कानून के अनुरूप ढलने के लिए तैयार नहीं होती, तो कोई संभावना नहीं है.’ फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के संचार नियामक रोसकोमनादज़ोर ने WhatsApp को अपने ऑनलाइन डायरेक्टरी से हटा दिया है. बताया जाता है कि रूस में इस ऐप के करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं, जो इसे देश के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक बनाता है. इस कदम को रूस की डिजिटल नीति में एक और सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है. Apple पर भी गाज रूस ने पिछले साल WhatsApp और टेलीग्राम जैसी विदेशी मैसेजिंग सेवाओं पर कुछ कॉल सुविधाओं को सीमित करना शुरू कर दिया था. अधिकारियों का आरोप है कि ये प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी और आतंकवाद से जुड़े मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करने से इनकार करते हैं. इसके अलावा दिसंबर में Apple के वीडियो-कॉलिंग ऐप FaceTime को भी ब्लॉक कर दिया गया था. टेलीग्राम के रूसी मूल के संस्थापक पावेल ड्यूरोव पहले ही कह चुके हैं कि उनकी कंपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और यूजर्स की गोपनीयता की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहेगी. वहीं, मानवाधिकार संगठनों और डिजिटल राइट ग्रुप्‍स का कहना है कि रूस द्वारा घरेलू प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देना और विदेशी सेवाओं को सीमित करना इंटरनेट स्वतंत्रता पर गंभीर असर डाल सकता है. डिजिटल संप्रभुता विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल तकनीकी कंपनियों और सरकारों के बीच नियामक संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल संप्रभुता, डेटा नियंत्रण और नागरिकों की ऑनलाइन स्वतंत्रता जैसे व्यापक मुद्दों से भी जुड़ा हुआ है. WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म के संभावित पूर्ण प्रतिबंध से रूस में लाखों यूजर्स की रोजमर्रा की संचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. संकेत साफ है कि रूस और वेस्‍टर्न टेक कंपनियों के बीच टकराव आने वाले समय में और गहरा सकता है, जिसका असर वैश्विक डिजिटल इकोसिस्टम पर भी पड़ सकता है.

MP कर्मचारी भत्ते अपडेट: नई दरें लागू करने का निर्णय, राहत और बदलाव दोनों

भोपाल मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को लेकर एक बडी खबर आई है। जो प्रदेश के लाखो कर्मचारियो के लिए अहम हो सकता है। दरअसल निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के भत्तों पर बड़ा फैसला आया है। यह फैसला यात्रा भत्ता की नई दरों को लेकर है। दरअसल मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN ने यात्रा भत्ता की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया है। निगम यात्रा भत्तों की नई दरों को किया गया लागू निगम की संचालक मंडल बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल लघु उद्योग निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संचालक मंडल की बैठक बड़ा कुछ लेकर आई है। बैठक में यात्रा भत्तों के संबंध में बहुत अहम निर्णय लिया गया है । संचालक मंडल ने निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के यात्रा भत्तों की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया। इसमें खास बात यह है कि अब कर्मचारियों और अधिकारियों को मध्यप्रदेश शासन के समान ही यात्रा भत्ता देय होगा। आपको बता दें कि  लघु उद्योग निगम के संचालक मंडल की यह 294 वीं बैठक थी। बैठक में एमएसएमई प्रमुख सचिव और निगम प्रबंध संचालक दिलीप कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।इस दौरान आडिट रिपोर्ट की समीक्षा भी गई। वहीं संचालक मंडल की बैठक में ये भी फैसला लिया है कि निगम आय बढ़ाने के लिए आगामी वित्त वर्ष में बड़ी मात्रा में कार्य आदेश जारी करेगा। लिहाजा निगम कर्मचारियों के लिए यात्रा भत्ता की नई दरें लागू होने का फैसला काफी बड़ा है। ‍मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम MPLUN के संचालक मंडल की बैठक राज्य के एमएसएमई मंत्री व निगम के अध्यक्ष चैतन्य कुमार काश्यप की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर जहां चर्चा हुई वहीं विचार विमर्श भी किया गया।

400 जवानों के साथ बड़ा अभियान, भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा से अपराधियों को निकाला

भोपाल   कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरे पर बड़ा प्रहार किया है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात पुलिस की बड़ी टीम ने ईरानी डेरे पर प्रहार किया है। इस दौरान सैकड़ों पेंडिंग वारंट तामील करवाए गए हैं। साथ ही दर्जनों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। ईरानी डेरा अमन कॉलोनी के पास है। अलग-अलग राज्यों के अपराधी छुपे यहां भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार यहां अलग-अलग जिलों और राज्यों के अपराधी छिपे हुए थे। ये उन जगहों के वांटेड क्रिमिनल थे। पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके बाद बेहद गोपनीय तरीके से पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है। 400 जवान हुए शामिल वहीं, स्पेशल टीम में 9 असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर, 16 इंस्पेक्टर और 400 पुलिस बल के जवान थे। निशातपुरा थाना क्षेत्र के अमन कॉलोनी की घेराबंदी की गई। इसे ही ईरानी डेरा भी कहा जाता है। घेराबंदी के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग और महिलाओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस टीम ने सख्ती बरती और उन्हें रोक दिया गया। साथ ही कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। यूपी का मोस्टवांटेड शहादत भी गिरफ्तार इस कार्रवाई के दौरान भोपाल पुलिस ने 31 आदमी और 8 औरतों को गिरफ्तार किया है। इसमें शहादत भी शामिल है जो यूपी पुलिस का वांटेड क्रिमिनिल है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम है। गिरफ्तार आरोपियों कई लोग भोपाल ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी वॉन्टेड थे। इनके पास से पुलिस ने चोरी के 17 टू-व्हीलर, 644 ग्राम सोना, 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1.34 लाख रुपए कैश और 1.7 केजी गांजा बरामद किया है। गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरे शहर में अभियान चलाया था। पुलिस ने 238 परमानेंट वारंट, 125 अरेस्ट वारंट और 121 बेलेबल वारंट तामील करवाए हैं। इसके अलावे 21 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फरार, गाड़ी चोर और जिले के बाहर के क्रिमिनल शामिल हैं। साथ ही गंभीर क्राइम के पेंडिंग केस में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

सुरक्षा परिषद में खुलासा: लाल किले धमाके के पीछे जैश और पाकिस्तान का हाथ

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मंच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है. यूएन की सुरक्षा परिषद की नवीनतम रिपोर्ट में बीते साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए आतंकवादी विस्फोट के तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट में जैश को कई हालिया आतंकी हमलों से लिंक किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार जैश प्रमुख मसूद अजहर ने आठ अक्टूबर को महिलाओं की विशेष शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ बनाने की घोषणा की थी. इस शाखा का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों में सहयोग और समर्थन प्रदान करना बताया गया है. रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने पुष्टि की कि जैश ने कई हमलों की जिम्मेदारी खुद ली है, जिसमें लाल किले के पास का विस्फोट भी शामिल है. दूसरी ओर, एक अन्य सदस्य देश ने जैश को निष्क्रिय बताया, जिसे विशेषज्ञ पाकिस्तान की ओर से दिए गए संकेत के रूप में देख रहे हैं. यह विरोधाभासी बयान सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के दोहरे रवैये को उजागर करता है. रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि 28 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में शामिल तीन संदिग्ध आतंकी मारे गए थे. पहलगाम हमले की जिम्मेदारी हालांकि अप्रैल में पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ ने ली थी, लेकिन जैश के लिंक को अलग से हाइलाइट किया गया है. पहलगाम हमले के बाद भारत ने निर्णायक कार्रवाई की थी. मई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे पर सटीक हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप चार दिनों तक सीमा पर तीव्र संघर्ष हुआ. इन कार्रवाइयों से जैस और लश्कर के कई ठिकाने नष्ट हुए और कई हाईप्रोफाइल आतंकी मारे गए. भारत ने इन हमलों को आत्मरक्षा में जरूरी बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की मांग की. रिपोर्ट में जैश और लश्कर को 1990 के दशक से अल-कायदा से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित रखा गया है. दोनों संगठनों पर हथियार प्रतिबंध, यात्रा प्रतिबंध और वित्तीय प्रतिबंध लागू हैं. मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा परिषद की यह रिपोर्ट पाकिस्तान के अच्छे आतंकवादी-बुरे आतंकवादी वाली नीति को एक बार फिर उजागर करती है. जैस की महिलाओं की नई शाखा बनाने की घोषणा से साफ है कि संगठन अपनी गतिविधियां बढ़ाने और नई भर्ती के लिए प्रयासरत है. लाल किले के पास का हमला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला था, जिसने राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया.

ट्रोल्स को प्रियंका चोपड़ा का जवाब: शादी पर अफवाहों पर खुलकर बोलीं

मुंबई  ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी इंडियन सिनेमा में कमबैक फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं. उनके इंडियन फैन्स उन्हें फिर से बड़े पर्दे पर इंडियन अवतार में देखने के लिए उत्सुक हैं. हाल ही में प्रियंका ने एक इंटरव्यू में अपनी अपकमिंग फिल्म से लेकर पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ बातें साझा की हैं. निक से शादी के वक्त उठे सवाल? प्रियंका चोपड़ा ने वैराइटी इंडिया से अपनी चर्चित शादी को लेकर बात की है. उन्होंने बताया कि कैसे हॉलीवुड के फेमस सिंगर-एक्टर निक जोनस संग शादी को लेकर कई लोगों को आपत्ति थी. एक्ट्रेस ने साथ ही साथ अपनी शादी टूटने की बातों पर भी रिएक्ट किया. प्रियंका ने कहा, ‘हमारी शादी को अब 8 साल हो गए हैं. अगर लोग अभी भी इंतजार कर रहे हैं कि ये रिश्ता कब टूटेगा या बर्बाद होगा, तो वो उनकी मर्जी.’ ‘मैंने तो अब इसके बारे में सोचना ही छोड़ दिया है. पता नहीं हमने ऐसा क्या किया जो लोगों को हमारा रिश्ता इतना खटकता था. शायद इसलिए क्योंकि हम अलग-अलग देशों से हैं, अलग-अलग धर्म के हैं, और उम्र में भी फर्क है. ये सब सुनकर बहुत दुख होता था.’ प्रियंका बताती हैं कि उन्हें अब अपने रिश्ते को लेकर होने वाली चर्चाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता. वो और निक अब एक-दूसरे में खोए रहते हैं, बाहरी दुनिया से खुद को अलग कर चुके हैं.  पति निक की तारीफ में क्या बोलीं प्रियंका? प्रियंका ने आगे अपने पति निक जोनस के बारे में भी बात की और उनकी तारीफ में भी कुछ बातें कहीं. उन्होंने कहा, ‘हमारी शादी बहुत जल्दी हो गई थी, मिलने के सिर्फ छह महीने में. जब मैंने निक से शादी की, तो मुझे भी लग रहा था कि ये सच में हो रहा है या नहीं. उनका ये वाला हिस्सा… मतलब मुझे लगा कि ये सब नकली है, ये दिखावा है, ये पागलपन है. लेकिन निक में सच्चाई है, पूरी ईमानदारी है. ये बात मुझे हर रोज इंस्पायर करती है.’ ‘मेरे प्रोफेशन में तो हर बार कुछ ना कुछ बनना पड़ता है, रोल बदलना पड़ता है, जो दिखाना हो वो दिखाना पड़ता है. लेकिन निक दिन भर जो भी बात करते हैं, जिससे भी बात करते हैं, वो हमेशा बिल्कुल सच्चे रहते हैं. वो बहुत छोटी उम्र से काम करने लगे थे. उनके मम्मी-पापा बहुत अच्छे, समझदार और सच्चे इंसान हैं, संत जैसे. तो मुझे पता चल गया कि ये गुण कहां से आए. ये उनकी ऐसी खूबी है जो सबको हैरान कर देती है, कोई बचाव नहीं कर पाता.’  प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी साल 2018 में हुई थी. दोनों के बीच लगभग 10 साल का अंतर है, जिसपर कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे. मगर कपल ने हमेशा उन सभी सवालों का अपनी दमदार केमिस्ट्री से मुंह तोड़ जवाब दिया. अब दोनों एक बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस के पेरेंट्स भी हैं, जिनका जन्म साल 2022 में हुआ था.

लेबर कानून विरोध प्रदर्शन: जबलपुर-इटारसी में मिली-जुली प्रतिक्रिया, सरकारी ऑफिस में हल्की हड़ताल

भोपाल  केंद्र सरकार की ‘ नो वर्क नो पे’ (No Work No Pay) सहित अन्य जनविरोधी और कॉर्पोरेट परस्त आर्थिक नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी गुरुवार को देशव्यापी आम हड़ताल का बिगुल फूंका गया है। ग्वालियर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। नए लेबर लॉ समेत कई मुद्दों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठन आज हड़ताल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में इसका मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है।जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन ​​किया। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हालांकि, इन जगह स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हुए हैं। हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा। हड़ताल का असर बीमा सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। वहीं, बीएसएनएल-डाक विभाग में भी हड़ताल का असर दिखाई देगा। बीओआइएसयूइयू के एजीएस सौरभ सिकरवार ने बताया कि ग्वालियर में राष्ट्रीयकृत 11 बैंकों की 70 शाखाओं के 900 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी इस हड़ताल में ‘नो वर्क-नो पे’ के आधार पर शामिल होंगे। हड़ताल के चलते कल सुबह 9 से 11 बजे तक फूलबाग स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सामने जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक, आयकर और आंगनबाड़ी जैसे विभागों में भी काम पूरी तरह ठप रहेगा।  हड़ताल में ये भी शामिल ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ देशभर के दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सौ से अधिक स्वतंत्र ट्रेड यूनियंस के आह्वान पर देशभर के 25 अधिकारी- इस राष्ट्रव्यापी आम हड़‌ताल में भाग लेंगे। इस हड़ताल में बैंक, बीमा, केंद्र, बीएसएनएल, पोस्टल, आयकर, आंगनबाड़ी, आशाकर्मी, मध्यान्ह भोजन कर्मी, खेतिहर मजदूर, किसान संघ, पेंशनर्स, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, हम्माल मजदूर सभा आदि से संबंधित यूनियंस के साथ-साथ इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआइयूटीयूसी, सेवा समेत दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत ट्रेड यूनियंस के सदस्य भाग ले रहे हैं। संगठनों की प्रमुख मांगें     चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।     ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।     बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।     SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।     मनरेगा की बहाली की मांग।     विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।

समृद्ध वन-खुशहाल जनता की थीम पर उज्जैन में पहली बार महाकाल वन मेला लगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनजातीय समुदाय की समृद्धि का आधार बन रहे हैं वन मेले : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन मेले हर दौर की जरूरत, वनौषधियों से असंभव बीमारी का भी इलाज संभव “समृद्ध वन-खुशहाल जन की थीम पर उज्जैन में पहली बार लगा ‘ महाकाल वन मेला’ महाकाल स्मृति उपहार किट और महाकाल वन प्रसादम् का किया शुभारंभ  वनौषधियों के जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित मुख्यमंत्री ने वन मेले का किया शुभारंभ, 16 फरवरी तक चलेगा वन मेला उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन हमारी वसुंधरा का वैभव हैं, धरती की धरोहर और धरा का अलंकरण हैं। वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन मेले प्रदेश की समृद्ध जैविक और वानस्पतिक विविधताओं को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए हमारे जनजातीय भाई-बहनों को अपने वनोत्पाद और काष्ठ शिल्प विक्रय करने का सुनहरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘ महाकाल वन मेले’ की आज से शुरूआत हो गई है। ये मेला शीघ्र ही अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मेले में प्रदर्शित जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के शुद्ध एवं सुरक्षित अकाष्ठीय लघु वनोत्पाद आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगोपचार में बेहद उपयोगी होते हैं। वनौषधियां हर रोग के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनसे असंभव रोग का इलाज भी संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट-2026 में एम्स की तर्ज पर देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भगवान धनवंतरी की कर्मभूमि और सिंहस्थ भूमि उज्जैन में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘ महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस वन मेले में नागरिकों को प्राकृतिक रंग-गुलाल मिलेंगे। इसमें नाड़ी वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन मेले में प्रदर्शित काष्ठ और बांस से निर्मित एथनिक क्रॉफ्ट आइटम्स न केवल पारम्परिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, बल्कि सबके घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों से अपील की कि वे इस वन मेले का भरपूर लाभ उठाएं और प्रदेश की वन संपदा तथा जनजातीय उत्पादों का उपयोग कर सबको प्रोत्साहित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘महाकाल वन मेले’ के जरिए स्थानीय वन उत्पादों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यावरण जागरूकता, आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। उज्जैन के दशहरा मैदान में यह वन मेला 16 फरवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से प्रदेश में मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों की संख्या में वृद्धि कर रही है। पिछले साल हमने विभिन्न जिलों में 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए हैं। इस साल हम और भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य हर्बल के प्राकृतिक रंग-गुलाल, महाकाल स्मृति उपहार किट एवं ‘महाकाल वन प्रसादम्’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले के वन औषधियों से उपचार पद्धति के विशेष जानकार वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री  मोदी ने 25 जनवरी को ‘मन की बात’ में वनरक्षक  अहिरवार द्वारा वनौषधियों के देशज ज्ञान के संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय और वनांचल को समृद्धि देने के लिए भोपाल और उज्जैन जैसे वन मेले प्रदेश भर में लगाए जाने की आवश्यकता है। उज्जैन में महाशिवरात्रि और विक्रमोत्सव के अवसर पर आयोजित वन मेला प्रदेशवासियों के लिए अद्भुत है। वन विभाग ने प्राकृतिक रूप से महाकाल वन प्रसादम् तैयार किया है। इसमें काष्ठ से बने गमले में एक पौधा लगाया गया है। यह गमला महाकाल को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। वापस मिलने पर इसे किसी भी जगह पर सीधे रोपित कर दिया जाएगा। काष्ठ गलकर खाद बन जाएगा और पौधा बिना गमला निकालते ही निर्बाध रूप से पल्लवित होता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के  महाकाल वन मेले में महुआ के लड्डू, अन्नों से बनी मिष्ठान्न सहित अनेक वनोपज उत्पाद भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के वन मेले में आए वैद्य और चिकित्सक अनेक असाध्य रोगों के उपचार के लिए नागरिकों को नि:शुल्क सेवाएं देंगे। वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। उज्जैन की धरती पर आयोजित यह वन मेला निश्चित रूप से भोपाल वन मेले की तरह सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यहां विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक औषधियां एवं बांस से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। नागरिक इसका भरपूर लाभ उठाएं। अपर मुख्य सचिव वन एवं सहकारिता  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के शहर-शहर में वन मेला लगाने की शुरुआत की है। भोपाल के बाहर यह पहला वन मेला उज्जैन में लगाया गया है। वन मेलों के दो उद्देश्य होते हैं। इनसे जनजातीय समुदायों को तो आमदनी होती ही है, शहरी लोगों को प्राकृतिक उत्पाद खरीदने और नेचर के साथ चलने-संवरने का अवसर भी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि म.प्र. लघु वनोपज संघ के जरिए प्रदेश के 30 लाख जनजातीय संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। भोपाल में डेढ़ माह पहले हुए वन मेले में 3 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई थी।  महाकाल वन मेला में प्रदेशभर के विभिन्न उत्पादों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां 150 से अधिक वैद्य एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों को परामर्श प्रदान करेंगे। वन मेले के शुभारंभ अवसर पर विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक  सतीश मालवीय, विधायक  जितेंद्र पंड्या, जिला पंचायत अध्यक्ष उज्जैन मती कमला कुंवर सहित डॉ. प्रभुराम जाटवा,  उमेश सेंगर,  राजेश पांचाल,  बहादुर सिंह,  ओम जैन, वन बल प्रमुख  वीएन अंबाड़े, प्रबंध संचालक, मप्र लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा, सीएफ उज्जैन  आलोक पाठक, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में … Read more

अलीगढ़ से हैरान करने वाली खबर: सास दूसरी बार फरार, दो लाख रुपये भी गायब

 अलीगढ़  अलीगढ़ की वह सास, जो पिछले साल अपने होने वाले दामाद के साथ भाग गई थी, एक बार फिर चर्चा में है. करीब दस महीने तक दामाद राहुल के साथ बिहार में पति-पत्नी की तरह रहने के बाद अब उसने उसे भी अलविदा कह दिया है. इस बार वह अपने जीजा के साथ भाग गई और जाते-जाते दो लाख रुपये नकद व जेवर भी साथ ले गई. परेशान राहुल शिकायत लेकर अलीगढ़ पहुंचा, लेकिन पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि मामला बिहार का है. रिश्तों की यह उलझी कहानी अब एक नए मोड़ पर खड़ी है.  जब बेटी की शादी से पहले बदल गई कहानी यह पूरा घटनाक्रम अप्रैल 2025 से शुरू होता है. 16 अप्रैल को महिला की बेटी की शादी तय थी. घर में रंगाई-पुताई, रिश्तेदारों की आवाजाही और शादी की तैयारियां जोरों पर थीं. लेकिन शादी से महज 12 दिन पहले ऐसा हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. जिस युवक राहुल से बेटी की शादी होने वाली थी, उसी के साथ सास घर से चली गई. आरोप लगा कि वह घर से लाखों रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हुई. परिवार ने तब दावा किया था कि करीब पांच लाख रुपये के जेवर और साढ़े तीन लाख रुपये कैश गायब थे. बेटी ने मीडिया के सामने कहा था, मां घर में दस रुपये भी नहीं छोड़कर गईं. मोबाइल से शुरू हुई नजदीकियां परिवार के मुताबिक, महिला ने राहुल को एक स्मार्टफोन दिलवाया था. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी. पहले शादी की तैयारियों के नाम पर बात होती थी, फिर घंटों-घंटों फोन कॉल चलने लगे. महिला के पति जितेंद्र ने तब आरोप लगाया था कि जब वह शादी की तैयारी के सिलसिले में घर आए तो पता चला कि पत्नी और राहुल के बीच 15-20 घंटे तक फोन पर बातचीत हो रही है. पहले उन्होंने इसे सामान्य माना, लेकिन बाद में शक गहराता गया. भागकर कहां-कहां पहुंचे जब मामला सुर्खियों में आया और पुलिस सक्रिय हुई, तब पता चला कि दोनों अलीगढ़ से कासगंज, फिर बरेली होते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. कुछ दिन वहीं रुके. यहां तक कि नेपाल बॉर्डर जाने की भी योजना बनाई गई थी. राहुल ने बाद में बताया था कि जब उन्होंने मोबाइल चलाया तो देखा कि दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं. हर तरफ चर्चा थी. तब दोनों ने खुद लौटने का फैसला किया. मुजफ्फरपुर से बस पकड़कर वे उत्तर प्रदेश लौटे और अंततः थाना दादों पहुंचकर सरेंडर कर दिया. पुलिस के सामने क्या कहा था थाने में पूछताछ के दौरान सास ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. उसने कहा कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था, अपमानित करता था और अक्सर घर से निकाल देने की धमकी देता था. सास का कहना था कि जब राहुल फोन करता था तो कभी बेटी बात करती थी, कभी वह खुद. इसी बात को लेकर घर में विवाद बढ़ता गया. पति ताने मारते थे अब तो राहुल के साथ ही भाग जाओ. उसने पुलिस के सामने कहा था कि जब हालात असहनीय हो गए तो उसने वही किया जो उसे उस समय ठीक लगा. राहुल ने भी बयान दिया था कि वह महिला को पहले से जानता था और उसके कहने पर ही साथ गया. वह रोती थी, कहती थी कि अब जीने का मन नहीं करता. मुझे लगा कि उसे अकेला छोड़ना ठीक नहीं होगा. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को राहुल के साथ जाने की अनुमति दे दी थी. दस महीने साथ रहने के बाद नया मोड़ करीब दस महीने तक दोनों बिहार में साथ रहे. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. लेकिन हाल ही में राहुल ने आरोप लगाया कि महिला उसे छोड़कर अपने जीजा के साथ चली गई है. राहुल का कहना है कि जाते समय वह दो लाख रुपये नकद और कुछ जेवर भी साथ ले गई. राहुल ने कहा कि मैंने उसके लिए अपना घर छोड़ा, समाज की बातें सुनीं. अब वह मुझे ही छोड़कर चली गई.  शिकायत और पुलिस का जवाब राहुल अलीगढ़ पहुंचा और थाना दादों में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए कहा कि कथित घटना बिहार में हुई है, इसलिए वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी. अब राहुल बिहार जाकर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है.

नरवणे की पुस्तक लीक पर बड़ा खुलासा, साजिश एंगल से हो रही जांच

नई दिल्ली पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) एमएम नरवणे की किताब के लीक का मामला अब गंभीर साजिश की दिशा में बढ़ता दिख रहा है. सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि किताब को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस की अनिवार्य क्लीयरेंस के बिना सुनियोजित तरीके से लीक किया गया. कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका में बिकी किताब सूत्र बताते हैं कि किताब का सर्कुलेशन कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों में हुआ. इतना ही नहीं, इन देशों में यह किताब ऑनलाइन सबसे पहले बिक्री के लिए उपलब्ध हुई. इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है और जांच का दायरा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया तक बढ़ाया गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि लीक हुई कॉपी सबसे पहले .io डोमेन एक्सटेंशन पर अपलोड की गई थी, जो ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी से जुड़ा कंट्री कोड डोमेन है. इसके बाद यह कई अन्य होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर फैल गई. किताब के ISBN नंबर की जांच स्पेशल सेल अब किताब के ISBN नंबर की भी जांच कर रही है. ISBN यानी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर, 13 अंकों का एक यूनिक डिजिटल कोड होता है जो किसी भी किताब की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है. लीक वर्जन में जो ISBN नंबर मिला है, वह ‘Four Stars Of Destiny’ नाम से प्रकाशित एमएम नरवणे की किताब का ही बताया जा रहा है. इस कोड को लेकर Penguin India से भी पूछताछ की जा रही है. आज तक की पड़ताल में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में ऑनलाइन बिक्री कर रही वेबसाइटों पर जो ISBN कोड मिला, वह भी Penguin India की ओर से जारी इसी किताब से जुड़ा पाया गया. राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की तैयारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा. रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया और निराधार बयान दिए. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह प्रस्ताव कब और किसकी ओर से लाया जाएगा. माना जा रहा है कि लोकसभा में सत्ता पक्ष का कोई सदस्य विशेषाधिकार प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है.

IND vs NAM मुकाबले में टीम इंडिया की नई रणनीति, कई खिलाड़ियों पर गिरी गाज

 नई दिल्ली टी20 विश्व कप 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम का सामना नामीबिया से होगा. यह मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आज यानी गुरुवार को खेला जाएगा. टीम इंडिया ने टूर्नामेंट का आगाज जीत के साथ किया था और अब कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इस लय को बरकरार रखना चाहेगी. दूसरी ओर नामीबिया को इसी मैदान पर नीदरलैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी, ऐसे में वह वापसी की कोशिश करेगा. अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर संशय भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की सेहत को लेकर है. अभिषेक पेट में संक्रमण और बुखार से जूझ रहे हैं और उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि उन्हें छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन नामीबिया के खिलाफ उनके खेलने पर संशय बना हुआ है. अगर अभिषेक मैच से बाहर होते हैं तो संजू सैमसन को ओपनिंग का मौका मिल सकता है. सैमसन के पास आक्रामक शुरुआत देने की क्षमता है, जो टीम को पावरप्ले में मजबूती दे सकती है. बुमराह की वापसी से बढ़ेगा आत्मविश्वास पहले मुकाबले में अमेरिका के खिलाफ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बुखार के कारण नहीं खेल पाए थे. अब वह पूरी तरह फिट बताए जा रहे हैं और उन्होंने मंगलवार को नेट्स में गेंदबाजी अभ्यास भी किया. ऐसे में नामीबिया के खिलाफ उनकी प्लेइंग इलेवन में वापसी लगभग तय मानी जा रही है. अगर बुमराह टीम में लौटते हैं तो मोहम्मद सिराज को बाहर बैठना पड़ सकता है. बुमराह की मौजूदगी भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और धारदार बना देगी, खासकर डेथ ओवर्स में. पाकिस्तान मैच से पहले लय पाना जरूरी अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में कप्तान सूर्यकुमार यादव को छोड़कर बाकी बल्लेबाज खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे. 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले यह मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए लय हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. अगर सैमसन और ईशान किशन ओपनिंग करते हैं तो टीम को तेज शुरुआत मिल सकती है. मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा और इन-फॉर्म सूर्यकुमार यादव बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं, जबकि रिंकू सिंह फिनिशर की भूमिका निभाएंगे. तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है टीम भारतीय टीम संतुलन बनाए रखने के लिए तीन ऑलराउंडर्स के साथ उतर सकती है. हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में गहराई देंगे. स्पिन विभाग की जिम्मेदारी वरुण चक्रवर्ती के कंधों पर रह सकती है, जिसमें उपकप्तान अक्षर पटेल उनका साथ देंगे. तेज गेंदबाजी आक्रमण में अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह की जोड़ी अहम भूमिका निभा सकती है. भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह. भारतीय टीम स्क्वॉड संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अभिषेक शर्मा, कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर.

गोल्ड-सिल्वर डाउन, शेयर बाजार भी कमजोर—सेंसेक्स 400 अंक टूटा

मुंबई     सोना-चांदी की कीमतों में फिर से गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) आई है. अपने हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं क्रैश नजर आ रही हैं. एक ओर जहां चांदी का भाव एमसीएक्स पर हाई से 1.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम कम है, तो वहीं सोना भी 35,000 रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा है. कीमती धातुओं के भाव में नरमी के साथ ही भारतीय शेयर बाजार भी सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (BSE Sensex) ने तो ओपनिंग के साथ ही 400 अंकों से ज्यादा का गोता लगा दिया.  सेंसेक्स-निफ्टी की खराब शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,233.64 की तुलना में फिसलकर 83,968.43 पर खुला और फिर तेजी से फिसलता ही चला गया. ये शुरुआती कारोबार में ही 438 अंक की गिरावट लेकर 83,795.65 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty का भी हाल नजर आया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 25,953.85के मुकाबले गिरावट के साथ 25,906.70 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर गिरकर 25,822.30 तक टूट गया. इसके शुरुआती कारोबार में ही 131 अंक की गिरावट आई.  IT Stocks भर-भराकर टूटे मार्केट में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा आईटी शेयर फिसले. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (4.50%), Tech Mahindra Share (4.20%), TCS Share (3.80%). HCL Tech Share (3.40%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. आईटी शेयरों में बीते सप्ताह भी तेज गिरावट देखने को मिली थी, जब अमेरिका में Anthropic AI Tools की एंट्री से कोहराम मचा था और NASDAQ लगातार कई दिन डेढ़ फीसदी के ज्यादा फिसला था.  ये 10 शेयर सबसे बड़े लूजर  भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के बीच सबसे बड़े लूजर शेयरों की लिस्ट देखें, तो आईटी शेयरों के अलावा लार्जकैप में Eternal Share (2%), M&M Share (1.10%) फिसला. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Coforge Share (5%), Mphasis Share (4.10%), Presistent Share (3.90%), Godrej Properties Share (2%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप शेयरों में देखें, तो ARE&M Share (4.10%), CYIENT Share (3.50%), KFintech Share (3%) और FSL Share (2.80%) की गिरावट में ट्रेड कर रहा था.  Gold-Silver हाई से इतना सस्ता  एक ओर जहां शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रेड जोन में कारोबार करते नजर आ रहे हैं, तो वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना-चांदी भी फिसल गए हैं. 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव बीते कारोबारी दिन के 2,63,018 रुपये प्रति किलोग्राम से टूटकर 2,60,453 रुपये पर आ गया और 1 Kg Silver Price 2,565 रुपये कम हो गया. वहीं हाई लेवल 4,20,048 रुपये प्रति किलो से ये 1,59,595 रुपये तक सस्ती (Silver Cheaper) हो चुकी है.  सोने का भाव भी फिसला है और 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate पिछले बंद 1,58,755 रुपये से गिरकर गुरुवार को खुलते ही 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया. यानी ये 1,054 रुपये सस्ता हुआ. वहीं हाई बीते 29 जनवरी के रिकॉर्ड हाई 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल से ये अभी 35,395 रुपये सस्ता मिल रहा है. 

इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपये

नव निर्माण के नौ वर्ष: बजट 2026-27  नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास को मिले नए पंख, बजट में 2,111 करोड़ रुपये की घोषणा जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को मिले 750 करोड़ रुपये, ऑपरेशन हब के रूप में होगा विकास इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ और चार्जिंग स्टेशन के लिए दिए गए 50 करोड़ रुपये लखनऊ प्रदेश में नागरिक उड्डयन और परिवहन अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में व्यापक वित्तीय प्रावधान किए हैं। इस क्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास हेतु 2,111 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की। इसमें विशेष रूप से जेवर एयरपोर्ट में नए विकास कार्यों के साथ प्रदेश के अन्य एयरपोर्टों पर हवाई पट्टियों के निर्माण के लिए बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही सड़क परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए 400 करोड़ रुपये ईवी बसों की खरीद के लिए स्वीकृत किए गए हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान प्रदेश के महत्वाकांक्षी जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट में नए निर्माण कार्यों के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि पीपीपी मोड पर बन रहे इस एयरपोर्ट के प्रथम चरण का विकास कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने यहां प्रस्तावित दो रनवे की संख्या बढ़ाकर पांच रनवे किए जाने का निर्णय लिया है। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को एविएशन इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर के अलावा रखरखाव एवं ऑपरेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार, सुदृढ़ीकरण एवं भूमि अर्जन के लिए 1,100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के माध्यम से हवाई सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में सड़क परिवहन को सुदृढ़ बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने ईवी बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये और बस अड्डों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं परिवहन संरचना के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से बस अड्डों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं दुर्घटना के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री सड़क सेफ्टी विजन योजना के अंतर्गत 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योगी सरकार की इन पहलों से प्रदेश में हवाई और सड़क परिवहन ढांचे को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे कनेक्टिविटी, निवेश और आर्थिक विकास को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा।

उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गुणवत्ताके साथ समय पर हो सिंहस्थ के सभी विकास कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में लें मदद उज्जैन मेट्रो शहर के रूप में स्थापित हो रहा है, सभी कार्य हो उसी अनुरुप संवेदनशीलता के साथ जनता की कठिनाई को कम करने में बने सहभागी अधिकारी अपने कार्य संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ युद्ध स्तर पर कराए पूर्ण अब मुख्यमंत्री निवास से भी होगी सिंहस्थ कार्यों की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में की सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा  उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अंतर्गत मंत्री मंडलीय समिति से अनुशंसित अधोसरंचना के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व के आयोजन पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलग-अलग विभागों के माध्यम से सिंहस्थ-2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से सेवाभाव की तरह कार्य करने का आहवान किया है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं। मुख्यमंत्री ने की किसानों की फसल की चिंता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ 2028 के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरुरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि सभी अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अधिकारियों को निर्देश         1. सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।         2. उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की  मैपिंग की जाए।         3. उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में  महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।         4. उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।         5.  मंगलनाथ,  भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।         6. सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री उज्जैन  गौतम टेटवाल, महापौर  मुकेश टटवाल, विधायक  अनिल जैन कालूहेडा,  सतीश मालवीय,  जितेन्द्र पंड्या, नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव, सिंहस्थ मेला अधिकारी सह संभागायुक्त  आशीष सिंह, एडीजी  राकेश गुप्ता, कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।   

किसान संगठनों का राष्ट्रव्यापी बंद, ट्रेड यूनियनों ने भी किया समर्थन

नई दिल्ली  संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। आंदोलन को INTUC, AITUC, CITU, HMS सहित कई राष्ट्रीय यूनियनों का समर्थन प्राप्त है। संगठनों का दावा है कि करीब 30 करोड़ मजदूर हड़ताल में भाग ले सकते हैं. बंद के समर्थन में कई बैंक यूनियनों के शामिल होने से देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है. AIBEA, AIBOA और BEFI जैसी यूनियनों ने हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज धीमा रह सकता है. किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? परिवहन सेवाएं कई राज्यों में प्रभावित हो सकती हैं. बस, ऑटो और ट्रक यूनियनों के समर्थन के कारण सार्वजनिक और निजी परिवहन बाधित हो सकता है. बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है. बैंकिंग सेवाओं में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं धीमी रह सकती हैं और चेक क्लीयरेंस में देरी संभव है. हालांकि, बैंक औपचारिक रूप से बंद नहीं रहेंगे. ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी.बाजार और व्यापार पर भी असर पड़ सकता है. कई व्यापारिक संगठनों और मंडियों ने हड़ताल को समर्थन दिया है, जिससे थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं. सरकारी कार्यालयों में ट्रेड यूनियनों के प्रभाव वाले विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रह सकती है, जिससे कामकाज धीमा हो सकता है. स्कूल और कॉलेजों के संबंध में स्थानीय प्रशासन स्थिति के अनुसार निर्णय ले सकता है. परिवहन और सुरक्षा कारणों से कुछ जिलों में छुट्टी घोषित की जा सकती है. SKM की किसानों से अपील ट्रेड यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में संगठित और असंगठित क्षेत्रों के लाखों मजदूर शामिल हो सकते हैं. एसकेएम ने किसानों से अपील की है कि वे भारी संख्या में प्रदर्शनों में शामिल हों और औद्योगिक श्रमिकों के साथ एकजुटता दिखाएं. उनका कहना है कि सरकार की नीतियां केवल कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं, जिससे आम जनता की आजीविका पर सीधा हमला हो रहा है.  कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने समर्थन किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा, ‘आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक की आवाज बुलंद करने सड़कों पर हैं. मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी. किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आखिरी सहारा भी छिन सकता है.’ उन्होंने सरकार पर किसानों-मजदूरों की आवाज को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए आगे लिखा, ‘जब उनके भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी आवाज़ को नजरअंदाज किया गया. क्या मोदी जी अब सुनेंगे? या उन पर किसी ‘grip’ की पकड़ बहुत मजबूत है? मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं.’ कौन-सी सेवाएं रहेंगी सामान्य? अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी. दमकल विभाग, हवाई यात्रा और एयरपोर्ट संचालन पर असर नहीं पड़ेगा. डिजिटल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं भी चालू रहेंगी. क्या 12 फरवरी को बैंक बंद रहेंगे? भारतीय रिजर्व बैंक या किसी बैंक की ओर से 12 फरवरी को आधिकारिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है. शाखाएं खुली रहेंगी, लेकिन यूनियन की भागीदारी के कारण सेवाओं में आंशिक बाधा आ सकती है. अगर आप 12 फरवरी को बाहर निकलने की प्लान बना रहे हैं तो अपने शहर की परिवहन व्यवस्था की स्थिति पहले से जांच लें. बैंकिंग कार्यों को संभव हो तो ऑनलाइन निपटाएं और बाजार या सरकारी कार्यालय जाने से पहले स्थानीय अपडेट अवश्य देखें. बंद की वजह: किन मुद्दों पर आंदोलन? कई किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठनों ने भारत बंद का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:     भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध     चार नए लेबर कोड वापसी की मांग     सरकारी उपक्रमों के निजीकरण का विरोध     पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली     न्यूनतम वेतन में वृद्धि     निर्माण और बिजली क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा     कृषि संबंधित कानूनों और नीतियों में बदलाव की मांग कई राज्यों में बस, ऑटो-रिक्शा और ट्रक यूनियनों के भी हड़ताल में शामिल होने की संभावना है, जिससे परिवहन सेवाओं पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है. किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? 1. परिवहन सेवाएं कई राज्यों में बस, ऑटो और लॉरी ड्राइवर्स यूनियनों के समर्थन के कारण सार्वजनिक व निजी परिवहन प्रभावित हो सकता है. बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था में बाधा आने की संभावना है.  2. बैंकिंग सेवाएं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं धीमी रह सकती हैं. चेक क्लीयरेंस में देरी की आशंका बनी हुई है. हालांकि, बैंक बंद नहीं होंगे और ऑनलाइन लेन-देन व एटीएम सेवाएं सामान्य रहेंगी. 3. बाजार और व्यापार कई व्यापारिक संगठनों और मंडियों ने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है, जिससे बड़े शहरों में थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं. 4. सरकारी कार्यालय ट्रेड यूनियनों के अधिक प्रभाव वाले विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने की संभावना, जिससे सरकारी कामकाज धीमा हो सकता है. 5. स्कूल और कॉलेज सुरक्षा और परिवहन समस्याओं को देखते हुए, कुछ राज्यों में जिला प्रशासन स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर सकता है. जो सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी     एंबुलेंस, अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाएं     दमकल विभाग     हवाई यात्रा और एयरपोर्ट संचालन     डिजिटल बैंकिंग और एटीएम क्या बैंक औपचारिक रूप से बंद रहेंगे? नहीं. भारतीय रिजर्व बैंक या किसी भी बैंक ने 12 फरवरी को अवकाश घोषित नहीं किया है. शाखाएं खुली रहेंगी, लेकिन यूनियन भागीदारी के कारण सेवा में रुकावट आ सकती है.

केन्या में जल संकट और सूखा, 20 लाख लोग भूख से जूझ रहे

नैरोबी केन्या के उत्तर पूर्वी इलाकों से दिल दहला देने वाली खबरें आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, केन्या के कई हिस्सों में भीषण सूखे की वजह से 20 लाख से अधिक लोग भुखमरी की कागर पर खड़े हैं। सबसे बुरा असर पशुपालक समुदायों पर पड़ा है जिनका पूरा जीवन अपने पशुओं पर निर्भर रहता है। केन्या के राष्ट्रीय सूखा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि देश के करीब 10 जिले इस वक्त पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। सोमालिया की सीमा से सटे मंडेरा जिले में स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि इसे चेतावनी स्तर पर रखा गया है, जिसका मतलब है कि वहां अब हालात काबू के बाहर हो रहें हैं।  पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या इस समय पिछले कई दशकों के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और विभिन्न राहत संगठनों द्वारा जारी ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश के उत्तर-पूर्वी इलाकों में सूखे की स्थिति भयावह हो गई है, जिससे 20 लाख से अधिक लोग गंभीर भुखमरी का शिकार हैं। केन्या के राष्ट्रीय सूखा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, देश के करीब 10 जिले इस समय सूखे से जूझ रहे हैं। सोमालिया से सटे केन्या के उत्तर-पूर्वी मंडेरा जिले में स्थिति “चेतावनी” स्तर पर पहुंच गई है। इसका मतलब है कि पानी की गंभीर कमी के कारण पशुओं की मौत हो रही है और बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। जनवरी के अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि यही परेशानी सोमालिया, तंजानिया और यहां तक कि युगांडा तक फैल रही है, जहां लोग इसी तरह के मौसम और पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। हाल के हफ्तों में सोमाली सीमा के पास सूखाग्रस्त इलाकों से झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मवेशियों को बेहद कमजोर और कुपोषित हालत में देखा जा सकता है। इस संकट की सबसे बड़ी वजह दुनिया भर में बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग और जसवायु परिवर्तन है। वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती का तापमान का चक्र पूरी तरह से बिगड़ गया है। पहले केन्या और आसपास के इलाकों में बारिश का एक निश्चित समय होता था। अब वह समय लगातार छोटा होता जा रहा है। हाल ही में अक्टूबर से दिसंबर के बीच जो बारिश होनी चाहिए थी, वह पिछले कई दशकों के मुकाबले कम रही है। यह इलाका अब जलवायु परिवर्तन की मार झेलने वाला सबसे संवेदनशील हिस्सा बन गया है। बेजुबान जानवरों और मासूम बच्चों पर असर  इस सूखे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि सोमालिया सीमा के पास का इलाका, जहां पशुओं को कभी इन परिवारों की संपत्ति और गौरव हुआ करते था। अब हड्डियों का ढांचा बनकर रह गए हैं। पानी और चारे की कमी के कारण हजारों पशु दम तोड़ चुके हैं। पशुओं की मौत का सीधा असर वहां रहने वाले लोगों की खाने और कमाई पर पड़ा है। दूध और मांस की कमी की वजह से छोटे बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मदद नहीं पहुंची, तो यह स्थिति एक बड़े मानवीय संकट में बदल जाएगी क्योंकि बच्चों के शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत खत्म होती जा रही है। पूरे क्षेत्र में हाहाकार  यह परेशानी सिर्फ केन्या तक सीमित नहीं है। जनवरी के अंत में जारी विश्व स्वास्थय संगठनों के आंकड़ों के अनुसार, यह संकट अब सोमालिया, तंजानिया और युगांडा जैसे पड़ोसी देश भी तेजी से फैल रहा है। पूरी दुनिया में हो रहे कार्बन उत्सर्जन और बढ़ते प्रदूषण का खामियाजा उन गरीब समुदायों को भुगतना पड़ रहा है।

कंधा टकराने पर बढ़ा विवाद, युवक की हत्या के चार आरोपी घंटों में गिरफ्तार

बीयर की बोतल से हमला कर युवक की हत्या   कंधा टकराने की बात को लेकर हुआ था विवाद   चंद्र घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए चारों आरोपी  इंदौर जिले के विजयनगर थाना क्षेत्र में मामूली बात को लेकर चार लड़कों ने एक युवक की बीयर की बोतल मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।विजयनगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि इलाके में रहने वाले गोलू चंद्रवंशी का कंधा टकराने की बात को लेकर एक युवक से विवाद हो गया था।इसके बाद उक्त युवक ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बीयर की बोतल से गोलू चंद्रवंशी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गोलू को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।पुलिस ने इस मामले में अखिलेश वासरे, अमोघ रैदास, आकाश कदम और वरुण श्रीनिवास को तत्काल घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस की टीम को देख यह चारों बदमाश नाले में कूद गए थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोट आई है।आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी, कृषि में तकनीकी बदलाव की ओर कदम

भोपाल राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत प्रदेश में कृषि रथों का भ्रमण जारी है। इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले के सभी 6 विकासखंडों में कृषि रथ चलाया जा रहा है। जिले के किसानों को ई-विकास प्रणाली (ई-टोकन उर्वरक वितरण), आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत खेती आदि की जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, विभागीय कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था और पराली प्रबंधन की जानकारी दी गई। किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, स्ट्रॉ रीपर और रीपर कम बाइंडर की तकनीकी जानकारी दी गई। किसानों को जानकारी दी गई कि सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे तीन काम एक साथ करते हैं। इन यंत्रों के उपयोग से न केवल समय और लागत की बचत होती है, बल्कि पैदावार भी अच्छी मिलती है। उन्होंने किसानों को समझाइश दी गई कि नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। नरवाई न जलाकर उसे खाद के रूप में उपयोग करना ही श्रेष्ठ है। रतलाम जिले में कृषि रथ के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, आत्मा, मत्स्य पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिकी तकनीकी सुधार की जानकारी कृषकों को दी जा रही है। कृषि रथ द्वारा किसानों को जिले के विभिन्न ग्रामों में जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, पराली न जलाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढावा देने, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था आदि के संबंध में जानकारी दी गई।  

पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित….

पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित…. बिलासपुर  भाजपा मंडल बिलासपुर  में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके तेलीय चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय एक प्रमुख राजनीतिक चिंतक, अर्थशास्त्री एवं भारतीय जनसंघ के शीर्ष नेताओं में से थे। वे अपने दार्शनिक सिद्धांत ‘एकात्म मानव दर्शन’ के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि उपाध्याय जी की विचारधारा का मूल आधार यह था कि विकास केवल भौतिक प्रगति तक सीमित न होकर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए। व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन और सामंजस्य को उन्होंने विकास का केंद्र बिंदु माना। उनके अनुसार आर्थिक नीतियों का उद्देश्य केवल उत्पादन और उपभोग बढ़ाना नहीं, बल्कि मानव के समग्र विकास को सुनिश्चित करना होना चाहिए। वे 1968 में अपने असामयिक निधन तक भारतीय जनसंघ का नेतृत्व करते रहे। भाजपा जिला मंत्री पंकज तिवारी ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को अंत्योदय और एकात्म मानववाद का प्रणेता बताते हुए कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का विकास ही राष्ट्र के विकास का वास्तविक मापदंड है। उन्होंने कहा कि उपाध्याय जी के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। भाजपा मंडल बिलासपुर के महामंत्री ने भी उन्हें निस्वार्थ कर्मयोगी और महान विचारक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से दिया गया अंत्योदय का मंत्र आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने और विकसित भारत के निर्माण की मजबूत बुनियाद है। राष्ट्र सेवा और समर्पण के उनके आदर्श सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। कार्यक्रम में भाजपा जिला मंत्री पंकज तिवारी भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री विनायक तिवारी उपाध्यक्ष रवि शंकर सोनी,विजय सोनी,गोविंद सोनी,बच्चू सोनी,किश्शू महार एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रॉपर्टी दामों में तेजी, मध्य प्रदेश में फाइनल हुई 74 हजार लोकेशन की नई गाइडलाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही लोगों के लिए जमीन और मकान खरीदना भी मंहगा होने जा रहा है. राजस्व और पंजीयन विभाग ने प्रदेश के करीब 74 हजार लोकेशन का विस्तृत सर्वे पूरा कर नई कलेक्टर गाइडलाइन का मसौदा तैयार कर लिया है. यह गाइडलाइन 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी. हालांकि अब इस प्रस्ताव को पहले उप जिला मूल्यांकन समिति, फिर जिला मूल्यांकन समिति में चर्चा के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा जाएगा. वहां से अंतिम स्वीकृति मिलते ही नई दरें प्रभावी हो जाएंगी. कलेक्टर गाइड लाइन में पहली बार एआई का प्रयोग इस बार कलेक्टर गाइडलाइन के तहत दर निर्धारण की प्रक्रिया पारंपरिक तरीके से बिलकुल अलग और हाईटेक बनाई गई है. पंजीयन विभाग ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट इमेजरी का सहारा लिया है. एमपी इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के सहयोग से जिलों की एक साल पुरानी और वर्तमान सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया गया. इससे यह स्पष्ट हुआ कि बीते एक वर्ष में किन क्षेत्रों में नया विकास हुआ है. सैटेलाइट इमेज के जरिए यह चिह्नित किया गया कि जहां पहले खाली जमीन थी, वहां अब प्लाटिंग, कॉलोनी, सड़क या व्यावसायिक निर्माण तो नहीं हो गया. जिन स्थानों पर तेजी से विकास हुआ है. डायवर्सन के डेटा का किया गया व्यापक विश्लेषण नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से कृषि भूमि के आवासीय और व्यावसायिक उपयोग में हुए डायवर्सन का डेटा लिया गया है. जिन क्षेत्रों में कृषि भूमि का स्वरूप बदल चुका है और विकास कार्य शुरू हो गए हैं, वहां अब कृषि दरों के बजाय प्लाट के अनुरूप दरें तय की जाएंगी. कृषि विभाग से भी भूमि उपयोग से जुड़ी जानकारी लेकर क्रास वेरिफिकेशन किया गया है. इससे जमीन की दरें वास्तविक बाजार मूल्य के ज्यादा करीब तय करने का दावा किया जा रहा है. भोपाल सहित प्रदेशभर में प्राइम लोकेशन पर बढ़ोत्तरी अधिकारियों के अनुसार भोपाल की करीब 500 लोकेशन सहित प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और ग्रामीण-शहरी सीमावर्ती इलाकों में दरों में बढ़ोतरी संभावित है. खासतौर पर उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहां बाजार में प्रापर्टी का वास्तविक सौदा गाइडलाइन से अधिक कीमत पर हो रहा है. चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 55 जिलों के 60 हजार स्थानों पर औसतन 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी. तकनीकी सर्वे में यह सामने आया था कि कई क्षेत्रों में सुविधाओं और निर्माण गतिविधियों के कारण जमीन का बाजार भाव पहले से कहीं अधिक हो चुका है. कलेक्टर गाइड लाइन में एआई के प्रयोग से यह होगा लाभ राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एआई द्वारा किए गए सर्वे और सैटेलाइट इमेज के आधार पर कलेक्टर गाइडलाइन के निर्धारण से कई फायदे होंगे. इससे जहां अंडरवैल्यू रजिस्ट्रियों पर रोक लग सकेगी, वहीं नई गाइडलाइन लागू होने के बाद बाजार मूल्य के अनुरूप ही दरें तय होंगी. कृषि से आवासीय या व्यावसायिक बनी जमीन का सटीक मूल्यांकन किया जाएगा. वहीं कम कीमत दिखाकर होने वाली रजिस्ट्रियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा. इससे राज्य के राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी. साथ ही सभी जिलों में एक समान और वैज्ञानिक पद्धति से दर निर्धारण संभव होगा. केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की स्वीकृति के बाद होगी लागू मध्य प्रदेश पंजीयन विभाग के महानिरीक्षक अमित तोमर ने बताया कि “नई कलेक्टर गाइडलाइन का मसौदा तैयार किया जा रहा है. जल्द ही संबंधित समितियों की बैठक बुलाकर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा. केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की स्वीकृति के बाद 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में नई दरें लागू कर दी जाएगी. तोमर ने बताया कि नई व्यवस्था से जहां पारदर्शिता बढ़ने का दावा किया जा रहा है, वहीं आम खरीदारों और निवेशकों के लिए प्रापर्टी सौदे पहले से महंगे हो सकते हैं.

मारुति का कमाल: सड़क और रेल दोनों पर दर्ज हुआ नया कीर्तिमान

 नई दिल्ली आपने सड़क पर दौड़ती मारु़ति की रफ्तार तो खूब देखी होगी. लेकिन अब रेल की पटरियों पर भी मारुति की स्पीड देख लीजिए. मारुति सुजुकी ने साल 2025 में गाड़ियों की ढुलाई के मामले में एक नया कीर्तिमान बना दिया है. कंपनी ने कैलेंडर ईयर 2025 में रेल के जरिए 5.85 लाख से ज्यादा गाड़ियां भेजी हैं. यह अब तक का सबसे बड़ा रेल डिस्पैच आंकड़ा है. साल 2024 के मुकाबले इसमें 18 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे साफ है कि मारुति के लॉजिस्टिक्स सिस्टम में रेलवे की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है. रेल से भेजी जा रही हर चौथी कार अब मारुति सुजुकी की कुल गाड़ियों में से करीब 26 फीसदी गाड़ियां रेल के जरिए डिस्पैच हो रही हैं. साल 2016 में यह हिस्सा सिर्फ 5.1 फीसदी था. आंकड़ों के हिसाब से देखें तो पिछले 10 साल में रेल से भेजी जाने वाली गाड़ियों की संख्या सात गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है. 2016 में जहां यह संख्या करीब 77 हजार यूनिट थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 5.85 लाख यूनिट से ज्यादा हो गई. कंपनी के मुताबिक रेल ट्रांसपोर्ट के बढ़ते इस्तेमाल से साल 2025 में करीब 88 हजार मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचाव हुआ. इसके साथ ही 6.8 करोड़ लीटर से ज्यादा ईंधन की बचत भी हुई. माना जा रहा है कि इससे देश के कई बड़े वाहन कॉरिडोर पर सड़क ट्रैफिक का दबाव भी कम हुआ है. साल 2025 में मारुति सुजुकी के रेल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में दो अहम बदलाव देखने को मिले. कंपनी ने अपने मानेसर प्लांट में इन प्लांट रेलवे साइडिंग शुरू की, जिसे भारत में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सबसे बड़ी साइडिंग बताया जा रहा है. इसके अलावा मारुति ने पहली बार कश्मीर घाटी तक रेल के जरिए गाड़ियों की डिलीवरी की. यह खेप चिनाब रेल ब्रिज के रास्ते भेजी गई. फैक्ट्री से सीधे रेल कनेक्शन का असर गुजरात और मानेसर प्लांट में मौजूद इन प्लांट रेलवे साइडिंग से भेजी गई गाड़ियों का हिस्सा 2025 में मारुति के कुल रेल डिस्पैच का 53 फीसदी रहा. यह दिखाता है कि कंपनी अब सीधे फैक्ट्री से जुड़े रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा भरोसा कर रही है. मारुति सुजुकी साल 2013 से रेलवे के जरिए वाहन ढुलाई कर रही है. उस वक्त मारुति देश की पहली कार कंपनी बनी थी, जिसे ऑटोमोबाइल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर का लाइसेंस मिला.  फाइनेंशियल ईयर 2014-15 से अब तक कंपनी 22 डिस्पैच लोकेशन से 28 लाख से ज्यादा गाड़ियां रेल के जरिए भेज चुकी है. ये गाड़ियां देश के 600 से ज्यादा शहरों तक पहुंचाई गई हैं. फिलहाल कंपनी के पास 45 से ज्यादा फ्लेक्सी डेक रेक हैं, जिनमें हर एक रेक करीब 260 गाड़ियां एक बार में ले जाने की क्षमता रखता है. मारुति सुजुकी का कहना है कि आने वाले सालों में वह रेल के जरिए होने वाली गाड़ियों की ढुलाई को और बढ़ाएगी. कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2031 तक अपने कुल आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स में रेल का हिस्सा करीब 35 फीसदी तक पहुंचाने का है.  जाहिर है कि, इतनी भारी मात्रा में यदि कारों को आम ट्रांसपोर्ट (ट्रकों) द्वारा एक जगह से दूसरी जगह तक भेजा जाता तो इससे लाखों लीटर डीजल की खपत होती. साथ ही भारी वाहनों की सड़क पर मौजूदगी से जो ट्रैफिक जाम जैसी समस्या होती वो अलग. इसके अलावा रोड ट्रांसपोर्ट के चलते वाहनों की डिलीवरी में भी देरी होती, जिसका सीधा असर कारों के वेटिंग पीरियड पर भी देखने को मिलता. 

वंदे मातरम का राष्ट्रगीत होने पर केंद्र सरकार का आभार

वंदे मातरम का राष्ट्रगीत होने पर केंद्र सरकार का आभार  भोपाल  वंदे मातरम भारत का राष्ट्रीय गीत है जिसका एक ऐतिहासिक महत्व ही नहीं देशभक्त की भावना और मातृभूमि के प्रति सम्मान प्रकट के लिए है यह गीत वकील चंद चटर्जी द्वारा रचित किया गया था यह उसे अवसर का है जब देश गुलामी की जंजीरों में झगड़ा हुआ था तब स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एकता और ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रतिरोध का सबसे बड़ा प्रतीक बना इसका गायन राष्ट्रीय गौरव एवं बलिदानों की याद और देश प्रेम के समर्पण के प्रतीक स्वरूप है भारत की संविधान सभा ने वर्ष 1950 भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया। शुरू में वंदे मातरम की रचना स्वतंत्र रूप से की गई थी और बाद में इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास “आनंदमठ” (1882 में प्रकाशित) में शामिल किया गया था। इसे पहली बार 1896 में कलकत्ता में कांग्रेस अधिवेशन में भी रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया था। ‘वंदे मातरम्’ भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसे बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा है। ‘सुजलाम सुफलाम’  जो भारत माता की सुंदरता (स्वच्छ जल, फलदार, शीतल हवा, फसलों से हरी-भरी) का वर्णन करता है। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरणा का स्रोत रहा है। श्री बंकिम चंद्र चटर्जी ने यह गीत बंगाल के हुगली नदी के पास वर्ष 1876 में लिखा था, और इसकी धुन यदुनाथ भट्टाचार्य ने बनाई थी फिर यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यास पुस्तक ‘आनंद मठ’ में शामिल किया गया, जो संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित था। बंगाल विभाजन के विरोध में यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों का मुख्य नारा बन गया था, जिससे देशभर में स्वदेशी आंदोलन को बल मिला। इसका प्रथम गायन वर्ष 1896 में रविंद्रनाथ टैगोर ने कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में इसे पहली बार लय और संगीत के साथ गाया। एवं रायहाना तैयबजी कांग्रेस के एक अधिवेशन में वंदे मातरम गाने वाली पहली मुस्लिम महिला थीं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक प्रमुख व्यक्ति थीं और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए जानी जाती थीं वंदे मातरम विवाद के विषय में इतिहास के अनुसार यह था कि मुख्य रूप से इसके कुछ अंश को लेकर उठा था जिस पर कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई थी 1937 में कांग्रेस ने भी राष्ट्रगान बनाने हेतु निर्णय लिया था और यह विवाद देश में धार्मिक और राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बना रहा यह विवाद केवल उसे मुद्दे पर आधारित रहा जो भारत माता को देवी के रूप में चित्रित करती है सभी धर्म विशेष कर इस्लाम को भी यह गीत स्वीकार था इसलिए 24 जनवरी 1950 में भारत सरकार ने  ‘जन गण मन’ के साथ ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। इसकी संरचना:  में छह छंद हैं, शुरु आती दो संस्कृत में और बाकी बांग्ला में हैं। इसका महत्व: यह है की यह गीत भारत के लोगों को एकता, बलिदान और मातृभूमि के प्रति गहरी भक्ति सिखाता है, और ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बन गया।वंदे मातरम गीत यह शोधपत्र राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान हैदराबाद राज्य और विशेष रूप से हैदराबाद, कर्नाटक के वंदे मातरम आंदोलन पर केंद्रित है। वंदे मातरम आंदोलन हैदराबाद के निज़ाम राज्य के स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रभावी और सबसे लोकप्रिय नारा था। वंदे मातरम, यह एक शब्द ऐसा है जो हमें इतिहास में ले जाता है। यह हमारे आत्मविश्वास को, हमारे वर्तमान को, आत्मविश्वास से भर देता है और हमारे भविष्य को यह नया साहस प्रदान करता है कि ऐसा कोई संकल्प नहीं है, जिसे पूरा न किया जा सके । ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जिसे हम भारतीय हासिल न कर सकें। वंदे मातरम का अर्थ है “मैं तुम्हें नमन करता हूँ, माँ” “मैं तुम्हारी वंदना करता हूँ, माँ,” जिसमें ‘माँ’ भारत माता को कहां गया है जो की हमारी मातृभूमि की प्रतीक है,  जो देश के प्रति गहरे प्रेम, सम्मान और भक्ति को व्यक्त करता है, विशेषकर वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के लिए एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य वंदे मातरम की भावना और भारत के इतिहास में इसकी अनूठी भूमिका को याद करना है। वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं है; यह भारत की सामूहिक चेतना है और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों का प्रेरणादायक संकल्प था भारत सरकार ने जैसा की अपेक्षा थी ऐसे वंदे मातरम गीत को राष्ट्रीय गीत का दर्जा देकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों का सम्मान किया है जिसके लिए हम कृतज्ञ हैं डॉ.राजेंद्र प्रसाद आचार्य  पूर्व सदस्य धर्मस्य विशेषज्ञ समिति मध्य प्रदेश शासन

Maha Shivratri 2026 Date & Muhurat: इस पावन महासंयोग में भोलेनाथ करेंगे हर कामना पूर्ण

हर साल महाशिवरात्रि का इंतजार शिवभक्तों को बेसब्री से होता है। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। इसे हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस खास दिन पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से शिव-शक्ति को पूजा जाए तो हर कामना पूरी होती है। इस दिन कई लोग व्रत रखते हैं। माना जाता है इस दिन की गई पूजा और इस दिन रखे गए व्रत से सुख-समृद्धि आती है और हर रूका हुआ काम पूरा हो जाता है। हर बार की तरह इस बार भी लोग महाशिवरात्रि की तारीख को लेकर कन्फ्यूज हैं।  महाशिवरात्रि की तारीख और मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन महीने में पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी से शुरु होगी। इसका समय शाम को 5:04 से शुरू होगा। इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 16 फरवरी की शाम साढ़े 5 बजे होगी। इस वजह के महाशिवरात्रि 15 फरवरी को होगी। इसी दिन भगवान शिव की पूजा होगी और इसी दिन व्रत रखा जाएगा। बात करें पूजा के शुभ मुहूर्त की तो 15 फरवरी की शाम 5:54 बजे से लेकर रात 12:12 बजे के बीच कभी भी महाशिवरात्रि की पूजा की जा सकती है। अगले दिन दोपहर 3 बजे तक इस व्रत का पारण कभी भी किया जा सकता है। बन रहा है ये खास योग इस साल की महाशिवरात्रि कई वजह से खास होने वाली है। इस दिन कई योग एक साथ बन रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस महासंयोग से हर कामना पूरी हो सकती है। ऐसे में इस दिन व्रत रखना काफी फलदायी होगा। इस साल महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। वहीं अभिजीत मुहूर्त के साथ ही इस दिन भद्रावास योग का भी संयोग बनने वाला है। इस महासंयोग को काफी दुर्लभ माना जाता है।

बड़ी डील के बाद भारत को मिली अहम भूमिका: अमेरिकी कंपनियों का मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की तैयारी

नई दिल्ली  भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो चुकी है. अब एक और अच्छी खबर आई है. भारत अब अमेरिकी कंपनियों का सहारा बनेगा. जी हां, खुद अमेरिका का कहना है कि भारत अब चीन से निकलने वाली अमेरिकी कंपनियों के लिए नया ठिकाना होगा. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमिसन ग्रीर के मुताबिक, चीन से बाहर निकलने वाली अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत एक नया अड्डा हो सकता है. कारण कि यहां लोग हैं और मैनुफैक्चरिंग कैपेसिटी है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के लिए इंपोर्ट के मामले में भारत एक अच्छा सोर्स हो सकता है. दरअसल, फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में जैमिसन ग्रीर ने ये बातें कहीं. जब उनसे पूछा गया कि अगर अमेरिकी कंपनियां चीन से सप्लाई चेन हटाना चाहें तो क्या भारत सही जगह है, तो उन्होंने साफ कहा कि हम जानते हैं कि कई कंपनियां पहले से ही उस दिशा में जा रही हैं. हम चाहते हैं कि सप्लाई चेन अमेरिका में हों या जितना हो सके घर के पास हों. लेकिन जब ग्लोबलाइजेशन से हटते हैं तो सप्लाई चेन को बदलना पड़ता है. भारत इसके लिए एक अच्छा रास्ता हो सकता है. वहां बहुत सारे लोग हैं, मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता है.’ भारत बनेगा अमेरिका का नया बिजनेस अड्डा उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘हम चाहते हैं कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग और अमेरिकी वर्कर सबसे पहले हों, लेकिन जहां हमें दूसरे देशों से आयात करना हो, वहां भारत एक अच्छा स्रोत हो सकता है,बशर्ते व्यापार संतुलित और निष्पक्ष हो.’ अमेरिका का यह बयान भारत के लिए बड़ा संदेश है. अमेरिका अब भारत को चीन का विकल्प मान रहा है. भारत की युवा आबादी, बढ़ती फैक्ट्री क्षमता, अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार की नीतियां इसे आकर्षक बनाती हैं. कई अमेरिकी कंपनियां पहले से ही भारत में प्लांट लगा रही हैं. ऐपल, गूगल, अमेजन, टेस्ला जैसे नाम इस दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं. इससे क्या फायदा होगा? इस डील के बाद दोनों देशों को फायदा होगा. भारत को अमेरिकी बाजार में ज्यादा निर्यात का मौका मिलेगा, रोजगार बढ़ेंगे, टेक्नोलॉजी आएगी. वहीं, अमेरिका को सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन मिलेगी, चीन पर निर्भरता कम होगी. कुल मिलाकर देखा जाए तो अमेरिका का भारत पर भरोसा बढ़ता जा रहा है. साउथ एशिया में भारत अब अमेरिका का विश्वसनीय साथी बन रहा है. न सिर्फ ऊर्जा में, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन में भी. भारत बनेगा अमेरिका का नया बिजनेस अड्डा क्या भारत वास्तव में रूसी तेल खरीदना बंद कर रहा है? अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर या ग्रीयर ने मंगलवार को कहा कि भारत ने रूसी तेल की खरीद को पहले ही धीरे-धीरे कम करना शुरू कर दिया है और अमेरिका एवं अन्य स्रोतों से ऊर्जा की खरीद को फिर से बढ़ा रहा है. ‘फॉक्स बिजनेस’ के साथ इंटरव्यू में इस सवाल पर कि क्या भारत वास्तव में रूसी तेल खरीदना बंद कर रहा है, ग्रीयर ने कहा: ‘संक्षिप्त उत्तर हां है. उन्होंने पहले ही रूसी ऊर्जा उत्पादों की अपनी खरीद को कम करना शुरू कर दिया है. उन्होंने अन्य स्रोतों से खरीद को फिर से बढ़ाना शुरू कर दिया है.’ सप्लाई चेन पर ग्रीर का पूरा बयान क्या है? फॉक्स न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि अगर अमेरिकी कंपनियां चीन से सप्लाई चेन हटाना चाहती हैं, तो क्या भारत सही जगह होगी, तो इस पर अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एम्बेसडर जैमीसन ग्रीर ने कहा, ‘हम जानते हैं कि कई कंपनियां पहले से ही उस दिशा में जा रही हैं. हम चाहते हैं कि सप्लाई चेन यहां यूनाइटेड स्टेट्स में हों और जितना हो सके घर के पास हों. हम जानते हैं कि जब आप ग्लोबलाइज़ेशन से हटते हैं और जब आप एक ज़्यादा मज़बूत और सुरक्षित इकॉनमी की ओर बढ़ते हैं, तो हमारे देश के सामने आने वाली सभी चुनौतियों का एक प्रोसेस होता है. किसी न किसी पॉइंट पर आपको सप्लाई चेन को इधर-उधर करना ही होगा; भारत इसके लिए एक रास्ता हो सकता है. उनके पास वहां बहुत सारे लोग हैं, उनके पास मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी है. बेशक, हम यह पक्का करना चाहते हैं कि अमेरिकन मैन्युफैक्चरिंग सबसे पहले और सबसे ज़रूरी हो और अमेरिकन वर्कर सबसे पहले हों, लेकिन जहां तक हम दूसरे देशों से इंपोर्ट करना चाहते हैं, भारत एक अच्छा सोर्स हो सकता है, जब तक यह बैलेंस्ड और फेयर हो.’ भारत पर अब कितना टैरिफ है? भारत और अमेरिका ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर पहुंचने की घोषणा की जिसके तहत दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे. ट्रेड डील के साथ ही अमेरिका ने भारत का टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. एडिशनल टैरिफ भी हटा दिया है.

देखें पालमपुर में खुला नया ट्यूलिप गार्डन, ख्वाब जैसा अनुभव

पालमपुर  हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में धौलाधार की वादियों में देश का दूसरा ट्यूलिप गार्डन सैलानियों के लिए खोल दिया गया है. कश्मीर के बाद देश का दूसरा और प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन कुछ वर्ष पूर्व पालमपुर में हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान में स्थापित किया गया था. यहां पर ट्यूलिप्स की विभिन्न प्रजातियों को लगाया जाता है.  यह गार्डन हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा एवं पर्यटन को अग्रसर करने में मदद कर रहा है. गौर रहे कि कश्मीर में ट्यूलिप गार्डन में चर्चित ‘देखा एक ख्वाब को सिलसिले हुए’ गाना शूट हुआ था और यह गाना ट्यूलिप से जोड़ा जाता है. जानकारी के अनुसार, पालमपुर स्थित आईएचबीटी संस्थान केंद्र सरकार और सीएसआईआर ने 2022 को फ्लोरीकल्चर मिशन के तहत इस ट्यूलिप गार्डन का आगाज किया था. संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. भव्य भार्गव ने कहा कि इस बार ट्यूलिप की 6 किस्मों के  50000 पौधे लगाए गए है. उन्होंने बताया कि 5 साल में 23 लाख ट्यूलिप तैयार करने का लक्ष्य रखा है. सीएसआईआर ने 2022 को फ्लोरीकल्चर मिशन के तहत इस ट्यूलिप गार्डन का आगाज किया था. सीएसआईआर के निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने बताया कि जब से यह गार्डन खोला गया है कि तब से अब तक 4 लाख से ऊपर दर्शक यहां आ चुके हैं. इस बार भी दर्शकों  का आंकड़ा एक लाख से अधिक रहने की संभावना है. डॉ. सुदेश कुमार यादव ने कहा कि  संस्थान कुछ कम्पनी के  के साथ मिलकर बल्ब प्रोडक्शन पर काम कर रहा हैं इसमें और ऑफ सीजन में ट्यूलिप लेने की कोशिश की जा रही है. इस वर्ष दिल्ली मुख्यालय में भी 1000 से ज्यादा ट्यूलिप लगाए गए है और उन्हें भी आम जनता के लिए खोला दिया गया है. संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. भव्य भार्गव ने कहा कि इस बार ट्यूलिप की 6 किस्मों के  50000 पौधे लगाए गए है.गौर रहे कि हालैंड में ट्यूलिप के फूलों की सबसे अधिक पैदावार होती है और वहीं से अन्य देश इन्हें आयात करते हैं. भारत में भी हालैंड से ही ट्यूलिप मंगवाए जाते रहे हैं. हालांकि, अब आईएचबीटी के वैज्ञानिकों के प्रयासों से देश में फूलों की खेती में एक बड़े बदलाव हुआ है.

व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में घातक T-90 टैंकों का अपग्रेड, नया आकार मिलेगा

जबलपुर वाहन निर्माणी जबलपुर सैन्य वाहनों के साथ अब युद्धक टैंक उत्पादन क्षेत्र में कदम रख चुका है। टी-72 युद्धक टैंक की सफल टेस्टिंग के बाद निर्माणी अब पहली बार टी-90 टैंक को आकार देने के अपने अभियान में जुटने जा रही है। देश में चेन्नई के बाद जबलपुर टैंकों को नया आकार देने वाला शहर बन गया है। एमआरओ प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में चेन्नई से दो टी-90 टैंक की पहली आने जा रही है। जिसे नया स्वरूप प्रदान करने निर्माणी की 150 सदस्यीय दक्ष इंजीनियरों की टीम तैयार है। टी-90 में तकनीकी सुधार के साथ विभिन्न कलपुर्जों पर कार्य निर्माणी के लिए अपनी तरह का पहला होगा। अभी तक वह सुरंगरोधी वाहन व सैन्य उपयोगी ट्रकों पर ही फोकस करती रही है। श्रमिक सूत्रों के अनुसार वीएफजे पहली बार भारतीय सेना के प्रमुख टी-90 भीष्म टैंकों के ओवरहालिंग (मरम्मत और नवीनीकरण) का कार्य करने जा रही है। घातक टैंकों को किया जा रहा अपग्रेड टी-72 टैंकों की मरम्मत में सफलता के बाद, वीएफजे अब टी-90 टैंकों की खेप को नया आकार देगा, जिससे इन टैंकों की युद्ध क्षमता और आयु में वृद्धि होगी। वीएफजे अपनी एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग) क्षमताओं का विस्तार करते हुए टी-90 जैसे घातक टैंकों को अपग्रेड करने जा रहा है। टी-72 के सफल ट्रायल के बाद, टी-90 टैंकों की ओवरहालिंग की सप्लाई चेन स्थापित की जा रही है। यह टैंक अपनी मारक क्षमता, सुरक्षा (एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर) और जैविक-रासायनिक हमलों से निपटने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है, जिसे ‘भीष्म’ भी कहा जाता है। इस पहल से सेना के बख्तरबंद फॉर्मेशन की परिचालन तत्परता सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही यह कदम रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा। तकनीक व गुणवत्ता पर भी कार्य निर्माणी टैंकों के सफल मरम्मत को लेकर नए सिरे से कार्य कर रही है। यही कारण है कि अपनी दक्ष टीम के साथ नगर के ट्रिपल आईटीडीएम के छात्रों की मदद भी तकनीक में ली जा रही है। जिससे भविष्य में शक्तिशाली टैंक तैयार किए जा सकें। नया आकार देने के साथ इसकी गुणवत्ता का खास ख्याल रखा जा रहा है। ताकि इनका प्रदर्शन पूर्व के मुकाबले बेहतर हो और कोई त्रुटि न रहे जाए। टैंकों के लिए एमआरओ प्रोजेक्ट में नया प्लांट विकसित किया गया है।

किसानों के लिए राहत: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिलेगा ₹4,000

भोपाल  किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना की 22वीं किस्त का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। कृषि मंत्रालय ने इस किस्त के ट्रांसफर की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। क्या खास है इस बार? जिन किसानों की 21वीं किस्त रुक गई थी, उनके खाते में 21वीं और 22वीं किस्त का पैसा एक साथ आएगा। यानी ऐसे किसानों के खाते में 4-4 हजार रुपये क्रेडिट होंगे। बाकी किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये जल्द ही ट्रांसफर किए जाएंगे। कब आएगी अगली किस्त? पिछली किस्त 2025 में आई थी। सूत्रों की मानें तो होली से पहले यानी मार्च की शुरुआत में 22वीं किस्त जारी हो सकती है। इस साल होली 4 मार्च को है, इसलिए संभावना है कि सरकार इसे होली का तोहफा मानते हुए किसानों के खाते में भेज दे। किसान की किस्त का पैसा सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते में आएगा। PM Kisan Yojana के तहत हर किसान को साल में तीन बार 2-2 हजार रुपये मिलते हैं। अगर पिछली किस्त रुक गई थी तो अब 4 हजार रुपये एक साथ मिलने वाले हैं। लाभार्थी सूची में नाम कैसे जांचें पीएम किसान योजना के तहत लाभार्थी सूची में नाम देखना अब बेहद आसान हो गया है। किसान घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्थिति जांच सकते हैं। इसके लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फार्मर कॉर्नर में उपलब्ध लाभार्थी सूची के विकल्प पर जाना होता है। वहां राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव का चयन करने के बाद पूरी सूची खुल जाती है। इस सूची में किसान अपना नाम और पिछली किस्तों की भुगतान स्थिति आसानी से देख सकते हैं, जिससे यह साफ हो जाता है कि वे अगली किस्त के लिए पात्र हैं या नहीं। ई-केवाईसी क्यों है जरूरी सरकार ने 22वीं किस्त के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं है, उनकी किस्त रोकी जा सकती है। ई-केवाईसी प्रक्रिया आधार आधारित होती है और इसे पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी के जरिए पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा किसान का बैंक खाता आधार से लिंक होना और डीबीटी सुविधा चालू होना भी जरूरी है। कई मामलों में बैंक खाता आधार से लिंक न होने की वजह से भुगतान अटक जाता है या वापस चला जाता है। समय रहते जरूरी सुधार करें किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी, बैंक डिटेल और आधार लिंकिंग की स्थिति जांच लें। अगर किसी भी तरह की गलती है तो उसे तुरंत सही करवाएं, ताकि 22वीं किस्त मिलने में कोई परेशानी न हो। सही जानकारी और समय पर अपडेट से किसान बिना किसी रुकावट के योजना का लाभ उठा सकते हैं।

AIIMS भोपाल ने पेश किया ‘मैजिक नाइफ’, डेंटल सर्जरी में होगी आसान प्रक्रिया

भोपाल एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने दांतों की सर्जरी में इस्तेमाल होने वाला एक मल्टीपल टूल विकसित किया है, जिसे भारत सरकार से पेटेंट मिला है. यह उपकरण डेंटल इम्प्लांट और ओरल सर्जरी को आसान और कम समय में पूरा करने में मदद करेगा.  दरअसल, दांतों के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को एक ही उपकरण से  कट लगाना, पकड़ना और इम्प्लांट करना  जैसे अलग अलग काम करने होते हैं.  इससे निजात पाने के लिए एम्स के डॉक्टरों ने डेंटल इम्प्लांट और माइनर ओरल सर्जरी के लिए एक मल्टीपर्पज सर्जिकल टूल बनाया है. यह एक ‘स्विस नाइफ’ की तरह काम करता है, जिसमें सर्जरी के तमाम स्टेपस् के लिएजरूरी  कई टूल्स एक ही डिवाइस में मिलते हैं.  इस ‘स्विस नाइफ’ की 5 बड़ी विशेषताएं     ऑल-इन-वन डिज़ाइन यानी सर्जरी के दौरान अलग-अलग दर्जनों औजारों की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे प्रक्रिया आसान होगी.     कम उपकरणों के उपयोग से संक्रमण का खतरा कम होगा और शल्य चिकित्सा की सटीकता बढ़ेगी.     प्रक्रिया कम समय में पूरी होने से मरीजों को कम असुविधा होगी और उनकी रिकवरी तेज होगी.     इसका डिजाइन काफी छोटा और हल्का है, जो इसे मोबाइल क्लीनिकों और ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों के लिए आदर्श बनाता है.     वहीं, महंगे विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम होने से दंत चिकित्सा की लागत में कमी आएगी.  विशेषज्ञों का मानना है कि यह पेटेंट न केवल एम्स भोपाल के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती प्रदान करता है. आने वाले समय में यह उपकरण सरकारी अस्पतालों, प्राइवेट क्लीनिकों और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है. इस स्वदेशी उपकरण के मुख्य आविष्कारक डॉ. अंशुल राय हैं. उनके साथ डॉ. बाबूलाल, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. ज़ेनिश भट्टी और डॉ. मोनिका राय ने सह-आविष्कारकों के रूप में इस पर काम किया. टीम का उद्देश्य सर्जरी के दौरान बार-बार उपकरण बदलने की जटिलता और उससे होने वाली मानवीय त्रुटियों को कम करना था. 

12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की कार्यशाला, डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन

12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे मुख्य अतिथि भोपाल  लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरंतर क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, परियोजना क्रियान्वयन इकाई, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2,000 अभियंता एवं तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर एवं परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा तथा परियोजना प्रबंधन प्रणाली–2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन एवं औपचारिक शुभारंभ होगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं—केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी, इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मंत्री  राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण, हरित भवन अवधारणा, आधुनिक भवन निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण तथा निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही  विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान दिया जाएगा। मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल–2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रबंधन प्रणाली है। इससे समस्त निर्माण कार्यों का सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायी–जवाबदेह–समय-सीमा प्रणाली के माध्यम से संबंधित अधिकारी, सक्षम स्वीकृतकर्ता तथा निर्धारित समय-सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहती है, जिससे सतत निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित होती है। प्रक्रिया नियंत्रण द्वार प्रणाली के अंतर्गत आवश्यक कार्य, अभिलेख एवं स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के पश्चात ही अगले चरण की अनुमति प्रदान की जाती है। मानक कार्य प्रणाली के अनुसार कार्य निष्पादन से सभी परियोजनाओं में एकरूपता एवं प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित होती है, वहीं स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा से विभागीय पत्राचार त्वरित, पारदर्शी एवं कागजरहित बनता है। क्षमता संवर्धन कार्यशाला न केवल प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान, गुणवत्ता आधारित निर्माण प्रक्रिया तथा सतत विकास के सिद्धांतों से भी अवगत कराएगी। लोक निर्माण विभाग की यह पहल “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के संकल्प को तकनीकी सुदृढ़ता, डिजिटल नवाचार और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से नई दिशा प्रदान करेगी।  

8वें वेतन आयोग के मामले में संसद में सरकार का अहम बयान, जानें कर्मचारियों को क्या मिलेगा

नई दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) औपचारिक रूप से गठित किया जा चुका है और तय समय सीमा के भीतर अपनी सिफारिशें देगा। राज्यसभा में पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में वित्त मंत्रालय ने मंगलवार बताया कि 3 नवंबर 2025 को आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई थी। सांसदों ने सरकार से यह जानना चाहा था कि आयोग किन-किन मुद्दों की समीक्षा करेगा और उसकी सिफारिशें लागू होने की संभावित समय-सीमा क्या होगी। क्या है डिटेल सरकार के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान, भत्ते, पेंशन ढांचे और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यानी मौजूदा समय-सीमा को देखते हुए रिपोर्ट 2027 तक आने की संभावना है। हालांकि, सरकार ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि सिफारिशें लागू करने का रोडमैप क्या होगा या कोई चरणबद्ध योजना तैयार की गई है या नहीं। सरकार के बजट पर कितना बोझ पड़ेगा संसद में यह सवाल भी उठा कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से केंद्र सरकार के बजट पर कितना बोझ पड़ेगा। इस पर सरकार ने कहा कि फिलहाल लागत का आकलन करना संभव नहीं है। आयोग की सिफारिशें आने और सरकार द्वारा उन्हें स्वीकार किए जाने के बाद ही वास्तविक वित्तीय प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकेगा। इसका मतलब है कि बजटीय योजना आयोग की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही बनेगी। 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल इधर, कर्मचारी संगठनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (CCGEW) ने 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। उनकी मांगों में 20% अंतरिम राहत, 50% महंगाई भत्ते का मूल वेतन में विलय और एनपीएस खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करना शामिल है। ऐसे में संसद के अंदर सवालों और सड़कों पर बढ़ते दबाव के बीच 8वें वेतन आयोग की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

14 फरवरी को महिलाओं के खाते में 1500 रुपये जमा, ऐसे करें आसान स्टेटस वेरिफिकेशन

भोपाल   मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त का इंतज़ार  महिलाएं बेसब्री से कर रही हैं. स्कीम की 32वीं किस्त 16 जनवरी को जारी की गई थी. नियमों के मुताबिक हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच किस्तें जारी की जाती हैं, इसलिए लोग फरवरी 2026 की किस्त जारी होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. जिन महिलाओं को इस बार पैसे नहीं मिलेंगे वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकती हैं. लाडली बहना योजना अपडेट मध्य प्रदेश सरकार की लाडली बहना योजना राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक अहम पहल बन गई है. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 14 फरवरी को खंडवा जिले में होने वाले कार्यक्रम से 33वीं किस्त महिलाओं के खाते में ट्रांसफर करेंगे। इस बार कार्यक्रम खंडवा जिले के पंधाना में आयोजित होगा। लाडली बहना योजना के अलावा पंधाना विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का उदघाटन भी मुख्यमंत्री करने वाले हैं। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 32वीं किस्त 16 जनवरी को नर्मदापुरम से जारी की गई थी। पिछली बार पात्र महिलाओं के खाते में 1856 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इस बार महिलाओं को यही सौगात मिलने वाली है। इस बीच लाडली बहना योजना से करीब 1 लाख से ज्यादा नाम कम हो चुके हैं। क्यों कम हुए लाडली बहना योजना से नाम लाडली बहना योजना जब शुरू हुई थी, तब इसमें 1.32 करोड़ नाम जुड़े थे। लेकिन बाद में इसे 1.29 करोड़ और फिर 1.26 करोड़ कर दिया गया। पिछले महीने इस योजना से एक लाख नाम और कम हो गए। जानकारी के मुताबिक जो महिलाएं पात्रता की शर्त पूरी नहीं कर रही थीं, उनके नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा जिनकी उम्र 60 साल हो चुकी है, उनके नाम भी योजना से हटा दिए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक इस योजना का लाभ 60 की उम्र तक ही मिल सकता है। कैसे चेक करें स्टेटस अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि आपका नाम लिस्ट में है भी या नहीं, तो आप ऑनलाइन पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाकर पता कर सकते हैं। यहां आपके पास दो विकल्प होंगे। आप चाहें तो अंतिम सूची में जाकर अपना नाम चेक कर सकती हैं। या फिर ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ में जाकर भी स्टेटस चेक कर सकती हैं। इस पर क्लिक करने के बाद बस आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी ही भरना है। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफाई करना है, आपका स्टेटस खुल जाएगा। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 14 फरवरी को सीएम मोहन यादव खंडवा आ रहे हैं। वे पंधाना में लाडली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।  14फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना का दौरा प्रस्तावित है। यह से लाडली बहना योजना की राशि का विवरण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ मोहन पंधाना विधानसभा में अभी जितने में कार्य पूरे हो चुके है उन निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर विधायक की अध्यक्षता में विभागों की बैठक भी ली गई है। सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में इस योजना का शुभारंभ किया था। जिसके तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है। फरवरी में इस योजना की 33वीं किस्त जारी की जाएगी।  क्या बजट में लाडली बहना को लेकर होगा ऐलान लाडली बहना योजना में नए रजिस्ट्रेशन लंबे समय से शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की महिलाएं 18 फरवरी को आने वाले बजट से उम्मीदें लगाए बैठी हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से उन्हें बड़ी सौगात मिल सकती है। इसके अलावा इस साल लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की भी बात है, उसे लेकर बजट में घोषणा हो सकती है।  

किसानों पर कर्ज का भारी बोझ: एमपी, आंध्र और नागालैंड में स्थिति का अंतर

भोपाल देश के किसानों की आर्थिक स्थिति पर संसद में पेश ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश के हर किसान परिवार पर औसत बकाया 74,420 रुपए का कर्ज है। यह राष्ट्रीय औसत 74,121 रुपए के लगभग बराबर है। आंकड़े केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने टीएमसी सांसद कालिपद सरेन खेरवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दिए। रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में किसानों पर कर्ज का बोझ मध्य भारत की तुलना में काफी अधिक है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में यह सबसे कम है। दरअसल, संसद में पेश की गई ताजा रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के किसानों की मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। वहीं आंकड़ों के मुताबिक, भारत में प्रति कृषक परिवार पर औसत बकाया ऋण 74,121 रुपए है। चौंकाने वाली बात यह है कि दक्षिण भारतीय राज्यों के किसान कर्ज के मामले में उत्तर भारत के मुकाबले कहीं आगे हैं। टीएमसी सांसद कालिपद सरेन खेरवाल के सवाल के जवाब में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी दी। एमपी की स्थिति: राष्ट्रीय औसत के करीब, राजस्थान से बेहतर आंकड़ों का विश्लेषण करें तो मध्य प्रदेश में किसानों की स्थिति कर्ज के मामले में कई राज्यों से बेहतर है। जहां पड़ोसी राज्य राजस्थान में प्रति किसान परिवार कर्ज का बोझ ₹1,13,865 है, वहीं मध्य प्रदेश में यह ₹74,420 पर टिका है। हालांकि, छोटे राज्यों जैसे छत्तीसगढ़ (₹21,443) की तुलना में एमपी के किसानों पर कर्ज का दबाव अधिक है। दक्षिण के राज्यों के किसान सबसे ज्यादा कर्जदार आंकड़ों के मुताबिक, भारत में प्रति कृषक परिवार पर औसत बकाया ऋण ₹74,121 है। चौंकाने वाली बात यह है कि दक्षिण भारतीय राज्यों के किसान कर्ज के मामले में उत्तर भारत के मुकाबले कहीं आगे हैं । केसीसी (KCC) का कर्ज ₹10 लाख करोड़ के पार कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में बताया कि 30 सितंबर 2025 की स्थिति के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत बकाया धनराशि ₹10.39 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि 1 फरवरी 2026 तक का एकदम सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि पिछला बड़ा सर्वेक्षण (NSS 77वां दौरा) साल 2019 में ही किया गया था। राजस्थान कर्ज के मामले में आगे     राजस्थान: ₹1,13,865     मध्य प्रदेश: ₹74,420     उत्तर प्रदेश: ₹51,107     बिहार: ₹23,534 इन राज्यों में बोझ कम     नागालैंड: सिर्फ ₹1,750     मेघालय: ₹2,237     अरुणाचल प्रदेश: ₹3,581 किसानों की आया बढ़ाने में जुटी राज्य सरकार इधर, मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बढ़ती लागत और ऋण दबाव को देखते हुए वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। राज्य में जून 2026 तक शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध रहेगा। समय पर भुगतान करने वाले किसानों को अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। सहकारी बैंकों के डिफॉल्टर किसानों को पुनर्वित्त के माध्यम से मुख्यधारा में लाने की योजना लागू है। साथ ही नर्मदा-क्षिप्रा सहित नदी जोड़ो परियोजनाओं से सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय औसत के करीब, राजस्थान से बेहतर दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश में किसानों की स्थिति कर्ज के मामले में कई राज्यों से बेहतर है। जहां पड़ोसी राज्य राजस्थान में प्रति किसान परिवार कर्ज का बोझ 1,13,865 रुपए है। वहीं मध्य प्रदेश में यह 74,420 रुपए पर टिका है। हालांकि, छोटे राज्यों जैसे छत्तीसगढ़ (21,443) की तुलना में मध्यप्रदेश के किसानों पर कर्ज का दबाव अधिक है। केसीसी का कर्ज 10 लाख करोड़ के पार शिवराज ने सदन में बताया कि 30 सितंबर 2025 की स्थिति के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत बकाया धनराशि 10.39 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि 1 फरवरी 2026 तक का एकदम सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि पिछला बड़ा सर्वेक्षण साल 2019 में ही किया गया था। उत्तरप्रदेश-बिहार में औसत बोझ कम आंध्र प्रदेश प्रति किसान परिवार औसत 2,45,554 के साथ देश में सबसे अधिक कर्जदार राज्य है। इसके बाद केरल (2,42,482), पंजाब (2,03,249), हरियाणा (1,82,922) और तेलंगाना (1,52,113) का स्थान है। इसके विपरीत नागालैंड में औसत कर्ज मात्र 1,750, मेघालय में 2,237 और अरुणाचल प्रदेश में 3,581 दर्ज किया गया। उत्तर और मध्य भारत में राजस्थान (1,13,865) के किसान अपेक्षाकृत अधिक कर्जदार पाए गए, जबकि उत्तर प्रदेश (51,107) और बिहार (23,534) में औसत बोझ कम है। कर्ज में टॉप-5 राज्य राज्य         कर्ज रुपए में आंध्रप्रदेश    2,45,554 केरल          2,42,482 पंजाब         2,03,249 हरियाणा    1,82,922 तेलंगाना    1,52,113 एमपी सरकार की रणनीति: ‘किसान कल्याण वर्ष’ और जीरो ब्याज योजना बढ़ते कर्ज और खेती की लागत को देखते हुए मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। सरकार की ओर से किसानों को राहत देने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं।     ब्याज मुक्त ऋण: प्रदेश में किसानों को जून 2026 तक 0% ब्याज पर फसल ऋण (Crop Loan) मिलता रहेगा। समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को 4% अतिरिक्त ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा।     डिफॉल्टरों को राहत: सरकार ने सहकारी बैंकों के उन किसानों को फिर से मुख्यधारा में लाने की योजना बनाई है जो कर्ज के कारण डिफॉल्टर हो गए थे।     सिंचाई विस्तार: नर्मदा-क्षिप्रा और अन्य नदी जोड़ो परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य है, ताकि खेती को लाभकारी बनाया जा सके। एमपी में भी बढ़ रहा किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा आंकड़ों के मुताबिक, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) कर्ज का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरा है। मध्य प्रदेश में भी ग्रामीण बैंकों और सहकारी समितियों के माध्यम से केसीसी का वितरण तेजी से हुआ है। सरकार का कहना है कि यह कर्ज किसानों की निवेश क्षमता बढ़ाता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि फसलों के उचित दाम (MSP) और प्राकृतिक आपदाओं के कारण यह कर्ज किसानों के लिए बोझ बन जाता है।  

भारत के लिए राहत भरी खबर: ट्रेड डील में बदलाव, दाल बाहर और नए नियम लागू

नई दिल्ली India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील में एक नया अपडेट हुआ है. अमेरिका ने भङारत के साथ हुई ट्रेड डील के फैक्टशीट में बड़ा बदलाव किया है. इस बदलाव से भारत को बड़ा फायदा होगा. दरअसल, वाइट हाउस ने फैक्टशीट में जो बदलाव किया है, उसके मुताबिक ट्रेड डील वाली लिस्ट से अब दाल हट गई है. पिछले हफ्ते भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा की थी. उस समय वाइट हाउस ने एक फैक्टशीट जारी की थी. उसमें कुछ बातें ऐसी थीं, जिनसे भारत को थोड़ी परेशानी हो सकती थी. इसे लेकर सवाल उठ रहे थे. लेकिन अब अमेरिका ने उस फैक्टशीट को अपडेट कर दिया है. ट्रेड डील वाली फैक्टशीट से कई चीजें हटा दी गई हैं या शब्द बदले गए हैं. इसमें सबसे अहम है दाल. जी हां, सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि दाल का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है. पहले फैक्टशीट में साफ लिखा था कि भारत अमेरिकी दालों पर टैरिफ कम या खत्म करेगा. अब उस लिस्ट से ‘certain pulses’ शब्द निकाल दिए गए हैं. इसका मतलब साफ है कि भारत को अब अमेरिकी दालों पर टैरिफ घटाने की जरूरत नहीं है. भारतीय किसानों और दाल उत्पादकों के लिए यह बहुत अच्छी खबर है. पहला बड़ा बदलाव दाल दरअसल, बीते दिनों ही पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी. इसके बाद अमेरिका और भारत के बीच ड्रेड डील पर सहमति बनी थी. इसके बाद एक फैक्टशीट जारी किया गया था. अब वाइट हाउस ने भारत के साथ हुए व्यापार समझौते का फैक्टशीट थोड़ा बदल दिया है. पहले की फैक्ट शीट में जो बातें लिखी गई थीं, अब उनमें से कुछ हिस्से हटा दिए गए हैं और कुछ शब्द भी बदल दिए गए हैं. पहला सबसे बड़ा बदलाव दाल ही है. दूसरा बड़ा बदलाव क्या? दूसरा बड़ा बदलाव है 500 अरब डॉलर खरीद का वादा. जी हां, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के फैक्टशीट में पहले लिखा था कि भारत ‘committed’ है यानी वादा कर चुका है कि वह अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदेगा. अब शब्द बदलकर ‘intend’ कर दिया गया है यानी ‘इरादा है’. मतलब कि भारत ने कोई वादा नहीं किया है, बल्कि भारत इरादा रखता है. इरादा डील के हिसाब से बदल भी सकता है, मगर वादा नहीं. यहां भी राहत ही राहत इसके अलावा खरीद की लिस्ट से ‘Agricultural products’ भी हटा दिए गए हैं. अब सिर्फ एनर्जी, आईसीटी, कोयला और दूसरे उत्पादों का जिक्र है. यानी कृषि उत्पादों को खरीदने का कोई दबाव नहीं रहा. बदले हुए वर्जन में टेक्स्ट से खेती के सामान का ज़िक्र हटा दिया गया है. अब इसमें लिखा है, ‘भारत ज़्यादा अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदने और $500 बिलियन से ज़्यादा की US एनर्जी, इन्फॉर्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, कोयला और दूसरे प्रोडक्ट खरीदने का इरादा रखता है.’ और क्या बदलाव हुए? इसके अलावा, व्हाइट हाउस की अपडेटेड फैक्टशीट में भारत के अपने डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने से जुड़ा टेक्स्ट भी हटा दिया गया है. पहले के टेक्स्ट में कहा गया था, ‘भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स हटा देगा और डिजिटल ट्रेड में भेदभाव वाले या बोझिल तरीकों और दूसरी रुकावटों को दूर करने वाले मज़बूत बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने के लिए कमिटेड है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर कस्टम ड्यूटी लगाने पर रोक लगाने वाले नियम भी शामिल हैं. इसमें अब कहा गया है, ‘भारत ने डिजिटल ट्रेड के लिए भेदभाव वाले या बोझिल तरीकों और दूसरी रुकावटों को दूर करने वाले मज़बूत बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने का वादा किया है.’ राहत देने वाले हैं ये यूटर्न ये सारे बदलाव भारत के लिए राहत देने वाले हैं. अगर टैरिफ की बात करें तो भारत पर अब 18 फीसदी टैरिफ लग रहा है. यह पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन से कम है. यह समझौता लगभग एक साल की बातचीत के बाद हुआ. फरवरी 2025 से बातें चल रही थीं. पहले ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिए थे. बाद में यह 18 फीसदी कर दिया गया. अब जब अमेरिका ने फैक्टशीट में ये बदलाव किए हैं तो लगता है कि भारत ने अपनी बात काफी मजबूती से रखी. भारत की दलीलों के कारण ही अमेरिका को कुछ बातें माननी पड़ीं. फैक्टशीट में बदलाव का क्या मतलब     दाल पर टैरिफ न घटाने का फैसला भारतीय किसानों के लिए बहुत बड़ा है. दाल हमारे देश में बहुत महत्वपूर्ण फसल है. अगर अमेरिकी दाल सस्ती होकर आती तो किसानों को नुकसान होता. अब वह खतरा टल गया.     500 अरब डॉलर की खरीद को भी ‘वादा’ से ‘इरादा’ बना दिया गया. इससे भारत पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं रहेगी.     डिजिटल टैक्स पर भी भारत को तुरंत कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.  सिर्फ भविष्य में नियमों पर बात होगी. भारत का हित सर्वोपरि पहले समझौते की घोषणा के समय कुछ बातें थोड़ी सख्त लग रही थीं. लेकिन अब अमेरिका ने खुद अपनी लिस्ट को नरम कर दिया है. इससे साफ है कि भारत ने डील में अपना हित अच्छे से सुरक्षित रखा है. आगे जब पूरा डिटेल्ड समझौता आएगा तब और साफ होगा. लेकिन फिलहाल ये बदलाव भारत के लिए सकारात्मक हैं.

उज्जैन में महाकाल के दर्शन पर 9 भव्य द्वार, सनातन का गौरव होगा प्रदर्शित

उज्जैन  भगवान महाकाल की नगरी ‘उज्जैन’, अपने प्रवेश मार्गों पर भव्य और प्रतीकात्मक पहचान गढ़ने जा रही है। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने शहर के नए प्रमुख मार्गों पर 92.25 करोड़ लाख रुपये से नौ प्रवेश द्वार बनाने जा रहा है। यह परियोजना केवल शहरी सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य उज्जैन की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, खगोल–कालगणना, सिंहस्थ संस्कृति और राजकीय गौरव को मूर्त रूप देना है। जब कोई श्रद्धालु, पर्यटक या आगंतुक उज्जैन की सीमा में प्रवेश करेगा, तो ये द्वार उसे यह एहसास कराएंगे कि वह किसी साधारण नगर में नहीं, बल्कि काल, धर्म और मोक्ष की राजधानी में कदम रख रहा है। योजना के तहत इंदौर रोड, देवास रोड, आगर रोड, मक्सी रोड, बड़नगर रोड और सिंहस्थ से जुड़े प्रमुख मार्गों सहित विभिन्न दिशाओं से शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर ये द्वार निर्मित किए जाएंगे। प्रवेश द्वारों के आसपास सड़क चौड़ीकरण, सर्विस रोड, मीडियन, हरित पट्टी और ट्रैफिक सुव्यवस्था का भी समग्र विकास किया जाएगा, ताकि शहर की पहली छवि भव्य, सुव्यवस्थित और गरिमामयी बने। स्थापत्य में दिखेगा काल और संस्कृति का संवाद नौ प्रवेश द्वारों का डिजाइन पारंपरिक भारतीय स्थापत्य और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक का संतुलित समन्वय होगा। निर्माण में बंसी पहाड़पुर के गुलाबी–सफेद पत्थर और जैसलमेर के पीले पत्थर का उपयोग किया जाएगा। द्वारों पर 10 से 50 मिमी तक की गहरी 3-डी नक्काशी की जाएगी, जिसमें पौराणिक प्रसंग, धार्मिक प्रतीक, शेर, हाथी, मानव आकृतियां और सांस्कृतिक चिन्ह उकेरे जाएंगे। रात्रिकालीन दृश्य प्रभाव के लिए आरजीबीडब्ल्यू लाइटिंग, एलईडी डाउनलाइटर और डीएमएक्स कंट्रोलर आधारित प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी द्वारों पर सोलर सिस्टम भी लगाए जाएंगे, जिससे ये द्वार रात में भी उज्जैन की भव्य पहचान बनेंगे। यूडीए के अनुसार सभी स्वीकृतियों के बाद 18 महीनों में नौ प्रवेश द्वारों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूर्ण होने के बाद संबंधित एजेंसी को पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। जानिये, किस द्वार के लिए कितना बजट     अमृत द्वार 9.68 करोड़     पांचजन्य द्वार 12.50 करोड़     गज द्वार 8.51 करोड़     कालगणना द्वार 11.07 करोड़     उज्जैनी द्वार 6.48 करोड़     सिंहस्थ द्वार 6.48 करोड़     त्रिशुल द्वार 10.65 करोड़     विक्रमादित्य द्वार 13.58 करोड़     डमरू द्वार 13.29 करोड़ सदियों पुरानी परंपरा को मिलेगा नया स्वरूप इतिहासकारों के अनुसार उज्जैन में प्रवेश द्वारों की परंपरा वर्षों पुरानी रही है। प्राचीन काल में नगर की सीमाओं पर बने द्वार न केवल सुरक्षा के लिए होते थे, बल्कि नगर की पहचान, सांस्कृतिक गौरव और शक्ति के प्रतीक भी माने जाते थे। यूडीए की यह योजना उसी परंपरा को आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप पुनर्जीवित करने का प्रयास है। नामों की साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता     अमृत द्वार : समुद्र मंथन से निकले अमृत का प्रतीक, उज्जैन को मोक्ष और अमरत्व की भूमि के रूप में दर्शाता है।     पंचजन्य द्वार : भगवान कृष्ण के शंख ‘पंचजन्य’ से प्रेरित, धर्म और विजय का प्रतीक।     गज द्वार : भारतीय परंपरा में हाथी ऐश्वर्य, शक्ति और मंगल का संकेतक।     कालगणना द्वार : उज्जैन की विश्वविख्यात कालगणना और खगोल परंपरा की पहचान।     उज्जैनी द्वार : नगर की सांस्कृतिक आत्मा और ऐतिहासिक अस्मिता का प्रतीक।     सिंहस्थ द्वार : विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ कुंभ के माध्यम से उज्जैन की वैश्विक धार्मिक पहचान को दर्शाता है।     त्रिशूल द्वार : भगवान महाकाल के त्रिशूल का प्रतीक, सृजन–संरक्षण–संहार का दर्शन।     विक्रमादित्य द्वार : सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, शौर्य और उज्जैन की राजकीय परंपरा का प्रतीक।     डमरू द्वार : शिव के डमरू से उद्भूत नाद, सृष्टि और समय चक्र का संकेत। (नोट : इन नौ भव्य प्रवेश द्वारों के साथ उज्जैन न केवल भौतिक रूप से भव्य दिखेगा, बल्कि अपनी हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को भी आधुनिक स्वरूप में सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा।) 

12 फरवरी का राशिफल: इन राशियों के जीवन में हो सकते हैं अहम परिवर्तन

मेष 12 फरवरी के दिन आज हर पहलू में संतुलन बनाए रखें। प्यार में शांत रहें, काम पर टीमवर्क पर ध्यान दें। छोटी-मोटी गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। धन को समझदारी से मैनेज करें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। वृषभ 12 फरवरी के दिन आप रिश्तों में क्लैरिटी पाएंगे, चाहे वे रोमांटिक हों या नहीं। करियर के लिहाज से, एक नया नजरिया आपके सामने आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने में मदद करेगा। मिथुन 12 फरवरी के दिन आर्थिक रूप से, फ्यूचर में स्टेबिलिटी के लिए सावधानी के साथ योजना बनाना महत्वपूर्ण है। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को सपोर्ट करने के लिए संतुलित जीवनशैली बनाए रखने पर ध्यान दें। कर्क 12 फरवरी का दिन विकास से भरे अवसरों का दिन है। आज का दिन काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने, नए अवसरों को सामने लाने, विभिन्न क्षेत्रों में विकास और संतुष्टि लाने के बारे में है। सिंह 12 फरवरी का दिन संभावनाओं से भरा हुआ है। प्यार में, आप गहरे संबंध पाएंगे। करियर के लिहाज से, नई चुनौतियां सामने हैं, जो चमकने के अवसर दे सकती। आर्थिक रूप से, अप्रत्याशित लाभ के लिए नजर बनाए रखें। कन्या 12 फरवरी के दिन तनाव या छोटी-मोटी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को नजरअंदाज न करें। कुल मिलाकर, दिन को पॉजिटिव बदलाव के साथ अपनाएं। ध्यान रखें कि आप रोमांटिक एक्टिविटी के जरिए लव लाइफ को प्रोडक्टिविटी बनाए रखें। तुला 12 फरवरी के दिन सेहत के लिहाज से, अपने शरीर की सुनें और संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। आगे बढ़ने और फलने-फूलने के हर अवसर का लाभ उठाएं। अगर आप सिंगल हैं, तो आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिल सकते हैं, जो आपकी रुचि जगाएगा। वृश्चिक 12 फरवरी के दिन अपने प्रेम जीवन में सुखद पलों की तलाश करें। ऐसे महत्वपूर्ण काम करें, जिनमें स्किल्स की जरूरत हो। वित्तीय जरूरतों को पूरा करें, जबकि सेहत पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। धनु 12 फरवरी के दिन ऑफिस में आप खुद को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार पाएंगे। आपको ऐसे नए अवसर मिलने की संभावना है, जिनके लिए पॉजिटिव मानसिकता की आवश्यकता होगी। मकर 12 फरवरी के दिन गहरे संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रियजनों और सहकर्मियों के साथ संवाद बनाए रखें। आज धन के प्रति सचेत रहें और लॉन्ग टर्म स्ट्रैटजी पर विचार करें। आपके स्वास्थ्य को संतुलन की आवश्यकता है। कुंभ 12 फरवरी के दिन आपके पास प्यार का जश्न मनाने के लिए शानदार पल हैं। ऐसी नई जिम्मेदारियां लें, जो उत्पादकता बढ़ाएं। आज आपको धन को सावधानी से संभालने की जरूरत है। आपका शरीर और मन आपकी देखभाल के लिए आपको धन्यवाद देंगे। मीन 12 फरवरी के दिन जब आपको नौकरी में महत्वपूर्ण डिसीजन लेने की आवश्यकता हो, तो दृढ़ रहें। लव के मामले में आपका रवैया आज महत्वपूर्ण है। आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

बागेश्वरधाम महाशिवरात्रि स्पेशल: लाखों लोग होंगे शामिल, 5 किमी तिरंगा लाइटिंग से सजा भव्य आयोजन

छतरपुर  छतरपुर जिले के गढ़ा गांव स्थित बागेश्वर धाम एक बार फिर भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 15 फरवरी को यहां 300 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। सभी अतिथियों को औपचारिक आमंत्रण भेजे जा चुके हैं और धाम समिति ने उनके आगमन को लेकर संकेत भी जारी कर दिए हैं। देशभर के दिग्गज राजनेताओं को न्योता बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर सामूहिक कन्या विवाह की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस वर्ष यह आयोजन अपने सातवें संस्करण में प्रवेश कर रहा है, जिसे लेकर खास उत्साह है। समारोह में देश के कई बड़े राजनीतिक चेहरों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन की व्यापकता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जा रही है। बुंदेलखंड के जिलों के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल संभाग से अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। धाम परिसर में भव्य तैयारियां जोरों पर हैं। खजुराहो के बागेश्वर धाम में 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि पर होने वाली 301 जोड़ों के विवाह समारोह की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। 12 फरवरी से तीन दिन कल्चरल नाइट होगी। इन दिनों में करीब 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। 100 एकड़ में कार्यक्रम की व्यवस्था है। बारातियों के लिए बुफे की व्यवस्था रहेगी। पिछले साल इलाहाबाद में हुए महाकुंभ की तर्ज पर 11 तोरण द्वार भी बनाए गए हैं। मुख्य कार्यक्रम में छह प्रदेशों के मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल, विदेशी मेहमान, सेलिब्रिटी और खिलाड़ी शामिल होंगे। दो किमी दूर से नजर आने लगती है सजावट अलसुबह अभी सूरज नहीं निकला है। जैसा कि बताया गया था कि शादी के लिए बागेश्वरधाम तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। उसकी झलक धाम के पांच किलोमीटर दूर से ही नजर आने लगती है। सड़क के दोनों पर तिरंगा थीम पर लाइटिंग की गई है। कुछ देर में धाम के मुख्य मंदिर के सामने पहुंच गए। यहां आरती हो रही है। दूर-दूर से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की भी भीड़ है। जिस जगह पर समाराेह होना है, वहां 24 घंटे काम चल रहा है। सामान से भरी लारियां आ रही हैं। सेवादार सही जगह पर सामान अनलोड कराने में व्यस्त हैं। किसी में टेंट का सामान है, तो किसी में खाने-पीने का। कोलकाता से आए कारीगर रंग-बिरंगा छत्री नुमा टेंट लगा रहे हैं। दूसरे लोग डोम के लिए पाइप कस रहे हैं। राज मिस्त्री करीब छह लाख लोगों के लिए बनने वाले खाने के लिए बड़ी-बड़ी भट्टियां बना रहे हैं। शादी वाली इस जगह की जिम्मेदारी संभाल रहे सेवादार नितेंद्र चौबे कहते हैं कि चार दिन बचे हैं, सभी काम समय से पूरे हो जाएंगे। पंडित प्रदीप मिश्रा से लेकर मोरारी बापू तक आएंगे नितेंद्र कहते हैं- पहले 300 बेटियों की शादी होनी थी, लेकिन अब ये संख्या 301 हो गई है। उसी हिसाब से तैयारियां हो रही हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली की मुख्यमंत्री कन्याओं को आशीर्वाद देने आ रहे हैं। 12 फरवरी को गुरुकुलम के भूमिपूजन के लिए एमपी के राज्यपाल मंगुभाई पटेल आने वाले हैं। 13 से 15 फरवरी तीनों दिन अलग-अलग लोग आएंगे। इसमें संत राजेंद्र दास, इंद्रेश कुमार, अनिरुद्धचार्य, पुंडरीक महाराज, मोरारी बापू, बाबा रामदेव, पंडित प्रदीप मिश्रा और रमेश भाई ओझा का आना तो तय हो चुका है। कई दूसरे संत भी आएंगे, लेकिन उनकी अभी तारीख फिक्स नहीं हुई है। कुछ खिलाड़ी भी आने वाले हैं- उमेश यादव और शिखर धवन का आना तय हो चुका है। 1500 विदेशी भक्त भी आएंगे शादी समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर कहते हैं कि आस-पास के ग्रामों में पीले चावल बांटे जा रहे हैं। विदेश से करीब 1500 भक्त आएंगे। अभी करीब 100 श्रद्धालु आ चुके हैं। दुबई, नेपाल, फिजी आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और लंदन से गुरुभाई आना शुरू हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के तो एमएलए भी आ रहे हैं। तीन दिन में 10 से 12 लाख लोगों के आने का अनुमान है। बहुत बड़ी व्यस्था होनी है। भारत में धाम से रजिस्टर्ड 75 सेवादारों के संगठन अलग-अलग जगह हैं। इनके करीब 12 हजार सदस्य शादी समारोह की व्यवस्था संभालने आ रहे हैं। उनकी अलग-अलग ड्यूटी लगाई जाएगी। धीरेंद्र शास्त्री को पसंद है मटर-पनीर की सब्जी भंडारा प्रभारी कपिल साहू के पास भंडार की जिम्मेदारी है। शादी पंडाल के आसपास ये तीन जगह होगा। एक बराता-घराती के लिए तो दूसरा सेवादारों के लिए। वहीं, तीसरा– शादी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए। इसके अलावा, धाम में आठ-दस जगह भी भोजन-फल की व्यवस्था है। वह कहते हैं कि गुरु धीरेंद्र शास्त्री को मटर-पनीर की सब्जी बहुत पसंद है, वो खासतौर पर शादी वाले दिन ही बनाई जाएगी। ये खास सब्जी आने वाले पांच सीएम के अलावा अन्य VVIP को भी परोसी जाएगी। इसमें सबसे खास बात है कि इस बार माल-पुआ के साथ लाखों मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। अस्थायी अस्पताल भी बनाया समारोह के लिए प्रशासन द्वारा यहां अस्पताल भी बनाया गया है। राजनगर बीएमओ और बागेश्वर धाम में स्वास्थ व्यवस्था प्रभारी अवधेश चतुर्वेदी ने बताया कि टीम 24 घंटे काम करेगी। तीन शिफ्ट में 50 स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। जिनमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और ड्रेसर शामिल हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन, पलंग और आपातकालीन दवाओं की सुविधा रहेगी। फिलहाल 6 बेड की व्यवस्था की गई है। दो एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। 12 से 14 फरवरी के दौरान तीन और एम्बुलेंस आ जाएंगी। हालत गंभीर होने पर मरीज को छतरपुर रेफर किया जाएगा। इसलिए दी जा रही 30-30 हजार रुपए की FD समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर को बनाया गया है। इस बार नव दंपत्ति को बाइक और होम आटा-चक्की नहीं दी जा रही है। धीरेंद्र गौर कहते हैं कि इन दो उपहार से नए परिवार का खर्च बढ़ रहा था, इसलिए इस बार प्रत्येक जोड़े को 30- 30 हजार की फिक्स डिपॉजिट (FD) दी जा रही है। इसके साथ ही सोने की लौंग और बाली। मंगलसूत्र के … Read more

भारत के साथ मुकाबले से पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों की कड़ी चेतावनी, सूर्या पर निशाना

 नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच कोलंबो में मुकाबला खेला जाना है. इस मैच से पहले साहिबजादा फरहान और उस्मान तारिक ने सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी को चेतावनी दी है. पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार साहिबज़ादा फरहान ने वादा किया है कि जब 15 फरवरी को कोलंबो में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी तो उनकी टीम भारत के खिलाफ बिल्कुल अलग मानसिकता के साथ खेलेगी.  फरहान ने अपने साथी उस्मान तारिक के साथ भारत को कड़ी टक्कर देने का भरोसा जताया है और IND vs PAK मुकाबले से पहले सूर्यकुमार यादव एंड कंपनी को चेतावनी दी है. ‘हम अलग मानसिकता के साथ खेलेंगे’ अमेरिका के खिलाफ पाकिस्तान की जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में फरहान ने कहा कि भारत के खिलाफ आगामी मुकाबला कोई बड़ी बात नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दो मैच जीतकर ग्रुप ए में शीर्ष पर है और टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है. 73 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए ओपनर ने कहा कि टीम पहले भी भारत का सामना कर चुकी है और टी20 विश्व कप 2026 के आगामी मैच में वे अलग मानसिकता के साथ उतरेंगे. उन्होंने कहा, ‘देखिए, जब आप दो मैच जीतते हैं और तालिका में शीर्ष पर होते हैं तो आत्मविश्वास आता है. आगामी मैच कोई इतनी बड़ी बात नहीं है, हम पहली बार उनके खिलाफ नहीं खेल रहे हैं. हम पहले भी खेल चुके हैं और इस बार हम अलग मानसिकता के साथ खेलेंगे. आपने हमें इस बदलाव में देखा है. आपने मिडिल ऑर्डर में हमारा संघर्ष देखा है. आपने देखा होगा कि शादाब रन बना रहे हैं, नवाज रन बना रहे हैं. तो उम्मीद है कि आप हमारे उनके खिलाफ मुकाबले का आनंद लेंगे.’ ‘भारत पर अतिरिक्त दबाव’ पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों पर उन्हें खेलने को लेकर अतिरिक्त दबाव होगा. हाल ही में जिनकी गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठे थे, उस्मान ने अमेरिका के खिलाफ 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट लिए. अपने एक्शन को लेकर भारतीय प्रशंसकों के बीच हो रही चर्चा पर पूछे गए सवाल के जवाब में उस्मान ने कहा कि वह केवल अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं और बाहरी शोर से प्रभावित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि  मेरा मानना है कि उन पर अतिरिक्त दबाव होगा. क्योंकि जिस तरह वे इन बातों पर चर्चा कर रहे हैं, अगर वे इस तरह आपत्ति जता रहे हैं, तो इससे लगता है कि शायद उन पर अतिरिक्त दबाव होगा. 

नव निर्माण के नौ वर्ष : एमएसएमई से हथकरघा और खादी तक, रोजगार व आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार देता बजट 2026-27

एमएसएमई को 3,822 करोड़ का संबल, 3.11 करोड़ रोजगार वाले क्षेत्र को और मजबूती वस्त्रोद्योग में 5,041 करोड़ का प्रावधान, 30,000 नए रोजगार और मेगा टेक्सटाइल पार्क की तैयारी लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा वस्त्र उद्योग और खादी ग्रामोद्योग क्षेत्रों को केंद्र में रखकर रोजगार और औद्योगिक विस्तार की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन क्षेत्रों के लिए बढ़े हुए बजटीय प्रावधानों के साथ नई योजनाओं और लक्ष्यों की घोषणा की गई है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर रोजगार सृजन, परंपरागत उद्योगों का आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को गति देना है।  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र से लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। उत्तर प्रदेश एमएसएमई के मामले में सभी राज्यों में अग्रणी बना हुआ है। एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सरदार वल्लभभाई पटेल इम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके लिए 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 1 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है और आवश्यकता अनुसार इसे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये तथा एक जनपद एक व्यंजन योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग   हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र के लिए लगभग 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में पांच गुने से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में गारमेंटिंग हब विकसित करने के लिए पीएम मित्र पार्क योजना के अंतर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जाएगी। हथकरघा बुनकरों के साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना हेतु 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022 के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मध्यप्रदेश की स्टोन आधारित 9 एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर के इंडिया स्टोन मार्ट में की भागीदारी

मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में इंडिया स्टोन मार्ट में की सहभागिता भोपाल मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने इंडिया स्टोन मार्ट, 2026 जयपुर में सहभागिता कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय स्टोन आधारित प्रदर्शनी 5 से 8 फरवरी तक जयपुर में आयोजित की गई थी। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने सहभागिता की, जिसमे ग्वालियर से 6 इकाईयों (तंवर स्टोर इंडस्ट्रीज, जैन स्टोन इंडस्ट्रीज, के.आर. स्टोन इंडस्ट्रीज, महाकाय इंडस्ट्रीज, अभ्युदय इंटरप्राइजेज,  साईं राम स्टोन) , कटनी से दो इकाईयों (एमके ग्रेनाइट एवं मार्बल कंपनी तथा  राम मार्बल्स) एवं इंदौर (द राईट एंगल्स) से एक इकाई शामिल है। सभी चयनित इकाइयों को एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया।इकाइयों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए इकाइयों का चयन एमएसएमई विभाग के माध्यम से मुख्यालय स्तर पर किया गया। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों का वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में शामिल होने के साथ उनकी गुणवत्ता, नवाचार क्षमता एवं बाजार संभावनाओं को चयन का आधार बनाया गया। प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया एवं देश-विदेश से आए क्रेताओं एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों से सार्थक व्यावसायिक संवाद किया।इस सहभागिता से स्टोन जगत के हितधारकों का परिचय मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर से हो सका एवं सभी ने मध्यप्रदेश के उत्पादों को सराहा। विजिट स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निर्यात संभावनाओं के विस्तार तथा महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता, रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास को सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगी।  

राष्ट्र निर्माण में पावर ग्रिड और एमपी ट्रांसको की साझेदारी, मिलकर बढ़ाएंगे कदम

एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगी पावर ग्रिड पॉवर ग्रिड के प्रतिनिधि मंडल के साथ एमपी ट्रांसको की उच्च स्तरीय बैठक भोपाल  मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन परियोजनाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको), भारत सरकार के उद्यम, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी। इस संबंध में आपसी सहमति जबलपुर शक्ति भवन में आयोजित एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी तथा पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, वेस्टर्न रीजन–2 के मुख्य महाप्रबंधक एवं रीजनल हेड  आर.के. गुप्ता की उपस्थिति मे हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बनी। वर्तमान स्थिति में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार चुनौती पूर्ण प्रबंध संचालक  तिवारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) तथा फॉरेस्ट अप्रूवल से जुड़ी चुनौतियों के कारण अत्यंत कठिन हो गया है। इसके बावजूद एमपी ट्रांसको, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ समन्वय एवं सहयोग बनाए रखते हुए कार्य करेगी, ताकि राष्ट्र निर्माण में दोनों ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। सहयोग के लिए एम पी ट्रांसको का आभार व्यक्त किया पावर ग्रिड ने पॉवर ग्रिड के सीजीएम  गुप्ता ने मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार के लिए एमपी ट्रांसको से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पॉवर ग्रिड भी राज्य में संचालित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश में तेजी से बढ़ रहे बिजली उत्पादन का समयबद्ध ट्रांसमिशन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पॉवर ग्रिड द्वारा किए जा रहे विभिन्न ट्रांसमिशन निर्माण कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। 

इंदौर नगर निगम में छापेमारी, करोड़पति पूर्व अधिकारी की जायदाद कुर्क

इंदौर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निगम के पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज 1 करोड़ 6 लाख रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में एक आवासीय मकान, एक प्लॉट, एक फ्लैट और कृषि भूमि शामिल है। ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर ईडी ने बताया कि यह जांच भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत राजेश परमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अपने और परिवार के नाम पर अर्जित की। घोषित आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति जांच में सामने आया कि वर्ष 2007 से 2022 के बीच परमार ने करीब 1 करोड़ 66 लाख रुपये की संपत्ति जुटाई। यह राशि उनकी घोषित आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक बताई गई है। ईडी ने अपनी जांच में करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये को संदिग्ध और अवैध आय माना है। दस्तावेज पेश नहीं कर सके परमार जांच एजेंसी के अनुसार परमार और उनके परिवार के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा किया गया। यह राशि अलग-अलग खातों के माध्यम से जमा कर बाद में संपत्तियों की खरीद में उपयोग की गई। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान परमार इन संपत्तियों के लिए इस्तेमाल किए गए धन के वैध स्रोत से जुड़े ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

8.41 करोड़ कामगारों को फैमिली आईडी उपलब्ध, घर से दूर रहने वाले श्रमिकों के लिए लेबर अड्डों का होगा निर्माण

लखनऊ योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बजट में राज्य में रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति को संस्थागत मजबूती दी गई है। इसके गठन हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसके माध्यम से श्रमिकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। अपने घर और गांव से दूर शहरों में कार्यरत मजदूरों के लिए लेबर अड्डों के निर्माण की घोषणा कर श्रमिकों को संगठित, सुरक्षित और व्यवस्थित कार्यस्थल उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। यह कदम प्रवासी श्रमिकों के श्रम प्रबंधन और सुविधा विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य के माध्यम से श्रमिक परिवारों का सशक्तिकरण बजट 2026-27 में श्रमिक परिवारों के सामाजिक उत्थान को भी प्राथमिकता दी गई है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क आदर्श शिक्षा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में इन विद्यालयों में श्रमिकों के 10,876 बच्चे अध्ययनरत हैं। इस योजना हेतु बजट में 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए पहली बार मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया है। एक्स-ग्रेशिया अनुदान व्यवस्था के तहत पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये के भुगतान का प्रावधान जारी रखा गया है।  8.41 करोड़ कामगारों को फैमिली आईडी वित्त मंत्री ने कहा कि कामगारों को मुख्यधारा की योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत 8.41 करोड़ कामगारों के सापेक्ष फैमिली आईडी उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य योजनाओं का लक्षित क्रियान्वयन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है। डिजिटल पहचान के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ाने का संकेत बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा: ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है अमेरिका

न्यूयॉर्क मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लड़ाकू विमानों, टैंकरों और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की संख्या तेजी से बढ़ रही है. प्लैनेट लैब्स और रॉयटर्स की तस्वीरों में कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब के अड्डों पर बदलाव साफ दिख रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमले की तैयारी या जवाबी कार्रवाई से बचाव का संकेत हो सकता है.   अमेरिका-ईरान के बीच तनाव  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से न्यूक्लियर डील चाहते हैं, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर भी रोक की मांग कर रहे हैं. ईरान ने साफ मना कर दिया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर डील नहीं हुई तो अगला हमला बहुत बुरा होगा. पिछले साल अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे. अब फिर तनाव बढ़ रहा है. ईरान अपनी न्यूक्लियर साइट्स को मिट्टी से ढक रहा है. टनल बंद कर रहा है, जो हमले की आशंका दिखाता है. सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिख रहा है? अल उदेद एयर बेस, कतर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय. 17 जनवरी से 1 फरवरी के बीच विमानों की संख्या बढ़ी है. मोबाइल पैट्रियट मिसाइल लॉन्चर्स तैनात किए गए है, जो ईरान की मिसाइलों से बचाव के लिए हैं.  मुवाफक साल्टी एयर बेस, जॉर्डन: 25 जनवरी से 2 फरवरी के बीच दर्जनों F-15E फाइटर जेट्स, A-10 ग्राउंड अटैक विमान और MQ-9 ड्रोन आए. यह ईरान के करीब है.  प्रिंस सुल्तान एयर बेस, सऊदी अरब: C-5 गैलेक्सी और C-17 ट्रांसपोर्ट विमान दिखे, जो भारी सामान ले जाते हैं. अन्य जगहों जैसे ओमान और डिएगो गार्सिया में भी विमान बढ़े हैं. कुल मिलाकर फाइटर जेट्स, टैंकर और डिफेंस सिस्टम की तैनाती बढ़ी है. इसका मतलब क्या है?     ट्रंप प्रशासन साफ संदेश दे रहा है कि वह तैयार है.     यह हमले की तैयारी हो सकती है, क्योंकि इतनी तैनाती महंगी है.     या ईरान की जवाबी मिसाइलों से बचाव, क्योंकि ईरान ने पहले अल उदेद पर हमला किया था.     ईरान भी अपनी न्यूक्लियर साइट्स (जैसे इस्फहान) को मजबूत कर रहा है, टनल मिट्टी से भर रहा है. आगे क्या? बातचीत चल रही है, लेकिन दोनों तरफ तैयारी जोरों पर है. अगर हमला हुआ तो क्षेत्रीय युद्ध हो सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि यह डिप्लोमेसी को मजबूत करने का दबाव भी हो सकता है. 

जापान की छुपी तस्वीर: हाईटेक छवि के पीछे भी लोग हैं आर्थिक तंगी में

टोक्यो  यह खबर तो आपको भी पता चल गई होगी कि जापान में संपन्‍न हुए हालिया चुनाव में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता सनाए तकाची ने 75.7 फीसदी सीटों पर कब्‍जा जमाकर जीत हासिल की है. यह दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद किसी भी जापानी नेता को मिला सबसे बड़ा समर्थन है. इस चुनाव ने न सिर्फ जापान की सत्‍ता को ग्‍लोबल चर्चा का विषय बना दिया, बल्कि दुनिया के सामने जापान की ऐसी तस्‍वीर भी पेश की जिसके बारे में ज्‍यादातर लोगों को पता ही नहीं है. हमें आपको यही लगता होगा कि विकसित देशों की सूची में शामिल जापान आर्थिक प्रगति का रोल मॉडल है, लेकिन इस बार के चुनाव में की गई घोषणाओं ने जापान की पिछड़ी तस्‍वीर भी दुनिया के सामने रखी. दूसरा विश्‍व युद्ध समाप्‍त होने के बाद जापान साल 1960 से 1980 के बीच इकनॉमिक सुपरपॉवर बनकर उभरा. 90 के दशक तक जापान की जीडीपी ग्रोथ जी-7 में शामिल अन्‍य देशों के मुकाबले काफी तेज रही थी. इसके बाद से ही जापान की अर्थव्यवस्‍था पर दबाव बढ़ने लगा और आज तो यह भयंकर आर्थिक संकट में घिर चुका है. 60 से 70 और 70 से 80 के दशक में जापान की जीडीपी ग्रोथ 16.4 फीसदी और 17.9 फीसदी रही थी. साल 2010 से 2024 तक जापान की जीडीपी ग्रोथ शून्‍य से भी 2.4 फीसदी नीचे रही यानी फिलहाल वहां मंदी चल रही है. दुनिया में सबसे ज्‍यादा सरकारी कर्ज जापान इस समय आगे कुआं और पीछे खाई वाली स्थिति में है. एक तो उसकी जीडीपी ग्रोथ माइनस में चल रही है, जबकि सरकारी कर्ज जीडीपी के मुकाबले 230 फीसदी पहुंच गया है. यह दशकों से चले आ रहे घाटे वाले खर्चों का नतीजा है. जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए तकाची ने अपने चुनावी वादों में अतिरिक्‍त खर्चों को घटाने और टैक्‍स कम करने का ऐलान किया था. इसके बाद से ही जापान के बॉन्‍ड मार्केट में हलचल बढ़ गई है. फिलहाल बॉन्‍ड यील्‍ड 3.56 फीसदी के साथ रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है. इसे जापान के लिए डेट क्राइसिस की शुरुआत माना जा रहा है, जो ग्‍लोबल इकनॉमी के लिए जोखिम पैदा कर सकता है. कमजोर मुद्रा बन रही परेशानी जापान की मुद्रा येन भी लगातार कमजोर हो रही है, जो फिलहाल डॉलर के मुकाबले कई साल के निचले स्‍तर पर पहुंच गई है. जापान ने ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे आयात महंगा हो रहा है और महंगाई भी बढ़ रही है. अमेरिका के साथ टैरिफ वॉर की वजह से निर्यात में कमी आ रही और निवेश भी कमजोर पड़ा है. फिलहाल सबकुछ बैंक ऑफ जापान पर निर्भर करता है, जो आने वाले समय के लिए नीतियां निर्धारित करेगा और जापान को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. गरीबों के लिए चुनावी वादे प्रधानमंत्री सनाए तकाची ने चुनावी वादों में गरीबों और निम्‍न आय वर्ग के लिए कई घोषणाएं की हैं. उनका कदम महंगाई से निपटने और स्थिर मजदूरी और बढ़ते खर्च से निपटने के लिए है. इस कड़ी में पीएम ने खाद्य उत्‍पादों पर 8 फीसदी का कंजप्‍शन टैक्‍स भी दो साल के लिए खत्‍म कर दिया है. इससे गरीब परिवारों के लिए भोजन की लागत कम होगी और उनके जीवन यापन में सुधार आएगा. साथ ही टैक्‍स छूट का दायरा भी बढ़ाए जाने की तैयारी है, ताकि निम्‍न आय वर्ग वालों की बचत को बढ़ाया जा सके.  

उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के लिए 194 करोड़ की व्यवस्था

लखनऊ योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में वन-पर्यावरण क्षेत्र का भी विशेष ध्यान रखा। वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने 2017 से प्रदेश में अब तक 242.13 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया। आगामी वर्षाकाल-2026 में भी 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है। वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में किए गए कार्यों की बदौलत उत्तर प्रदेश वनावरण व वृक्षादन में वृद्धि के मामले में देश में द्वितीय स्थान पर रहा है। योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे पौधरोपण अभियान के कारण राज्य को यह गौरव प्राप्त होने का श्रेय है।  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में वन एवं पर्यावरण विभाग का भी जिक्र किया और बताया कि बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। उन्होंने बताया कि पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये तथा राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है।  वित्त मंत्री ने बताया कि लखनऊ स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी पार्क की स्थापना के लिए लगभग 207 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं रानीपुर बांध फाउंडेशन, चित्रकूट के कॉर्पस फंड के गठन के लिए 50 करोड़ रुपये की भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।  परिसंकटमय अपशिष्ट निस्तारण सुविधा, सामूहिक जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण सुविधा एवं ई. वेस्ट रिसाइकिलिंग एंडे ट्रीटमेंट सुविधा की स्थापना कराए जाने की कार्यवाही करायी जा रही है। उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट वर्ष 2025-2026 से 2030-2031 तक क्रियान्वित होना है। यह विश्व बैंक सहायतित मल्टीसेक्टोरल योजना है। इसके लिए 194 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है।

400 सौ से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने दी एक साथ दबिश

निशातपुरा की अमन कॉलोनी से 8 महिलाएं और 31 पुरुष अपराधी गिरफ्तार 17 दोपहिया और 39 मोबाइल समेत लाखों के जेवरात बरामद भोपाल के अलावा दूसरे राज्यों के अपराधी भी लिए हुए थे पनाह भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार के निर्देश पर डीसीपी जोन 4 मयूर खंडेलवाल के मार्गदर्शन में बीती रात 400 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों एक बार फिर निशातपुरा की अमन कालोनी में एकसाथ दबिश दी। इस दौरान 8 महिलाएं और 31 पुरुष अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 17 दोपहिया वाहन, 39 मोबाइल फोन समेत लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। पकड़े गए बदमाशों ने भोपाल के अलावा दूसरे राज्यों के अपराधी भी शामिल हैं, जो यहां आकर पनाह लिए हुए थे।  जानकारी के अनुसार राजधानी की अमन कालोनी निशातपुरा अपराधियों का गढ़ बना हुआ था। पिछले दिनों पुलिस ने इस इलाके से आधा सैकड़ा बदमाशों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये का चोरी का माल बरामद किया था। पिछले दिनों सूचना मिली कि उक्त कार्रवाई के बाद से यहां फिर से स्थानीय और बाहरी राज्यों के बदमाश आकर ठहरे हुए हैं।  पुलिस की टीम जब भी इलाके में बदमाशों की तलाश में पहुंची तो स्थानीय रहवासी एकजुट होकर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते थे। जिसके चलते पुलिस टीम को मजबूरन वापस लौटना पड़ता था। पिछले दिनों पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने इलाके में पहुंचकर स्थानीय लोगों से संवाद किया था, जिसके बाद एकसाथ काम्बिंग गश्त करते हुए कार्रवाई की योजना तैयार की गई। बीती रात डीसीपी मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मलकीत सिंह एवं अनिल शर्मा, सहायक पुलिस उपायुक्त अक्षय चौधरी के साथ ही 8 अन्य सहायक पुलिस आयुक्त, 16 पुलिस निरीक्षकों के साथ ही 400 पुलिस कर्मचारियों का बल तैयार कर एकसाथ कार्रवाई की गई। बदमाशों से जब्त हुआ लाखों रुपये कीमत का माल पुलिस टीमों ने बीती रात एकसाथ पूरी कॉलोनी को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद गंभीर किस्म के आपराधिक मामलों में फरार चल रहे बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ दूसरे राज्यों के भी है, जो यहां कर शरण लिए हुए थे। इन बदमाशों की दूसरे राज्यों की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही थी, जिनमें से कईयों पर इनाम भी घोषित था। पकड़े गए बदमाश में 5 स्थाई वारंटी भी पकड़े गए हैं।  गिरफ्तार हुए बदमाशों के कब्जे से चोरी के संदेह में 17 दोपहिया वाहन, 39 मोबाइल फोन, 640 ग्राम सोने एवं 240 ग्राम चांदी के जेवरात और नकदी 1 लाख 35 हजार रुपये जब्त किए गए हैं।इसके साथ ही एक महिला नाजमा के कब्जे से 1 किलो 700 ग्राम गांजा भी जब्त हुआ है, जिसके खिलाफ अलग से एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। बदमाशों से बरामद हुए माल की कुल कीमत करीब सवा करोड़ रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार पुरुष आरोपियों की विवरण कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी सादिक अली, काजी बाबू खान, रहमान इमदाद, गुलाब नबी, मोहम्मद अली उर्फ साविर हुसैन, सरु उर्फ यूसूफ अली, मुख्तार खान उर्फ मुकद्दर मिर्जा, बाकर अली, वसीम खान, शब्बीर अली, सज्जाद हुसैन, मिर्जा उर्फ पिल्लू, जावेद अली उर्फ ईशा, शब्बीर अली, जाकिर हुसैन, शब्बीर अली उर्फ एपी, जहीर अली, रायत अली, हसनैन अली, जाफर अली उर्फ मिच्चा, नबी हसन उर्फ नबलू, अब्बास अली उर्फ अब्बासी, सफदर अली उर्फ सबदर अली, हसन अली, मोहम्मद अली उर्फ टिड्डा, शहादत हुसैन उर्फ शादाब, फतेह उल्ला, हैदर अली, शब्बीर खान उर्फ शब्बे, अमजद अली उर्फ गब्बर, मुजायद उर्फ मुजाहिद और जाकिर हुसैन शामिल है। आठ महिलाओं को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार अमन कालोनी से पुलिस ने आठ महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिलाओं में जायदा बी, मरीयम, फतीम बी, बानो अली, खुशनूर, राबिया, मरियम अली और नाजमा शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त मनीष भारद्वाज, रजनीश कश्यप, आदित्यराज ठाकुर,देवेंद्र यादव, उमेश तिवारी, सुजीत तिवारी, हेमंत श्रीवास्तव, दिव्या झारिया, निरीक्षक मनोज पटवा, मनीषराज भदौरिया, अवधेश भदौरिया, अवधेश तोमर, अमित सोनी, जितेंद्र गढ़वाल, सरस्वती तिवारी, बृजेंद्र मर्सकोले, निरुपा राय, पल्लवी पांडे, सरिता बर्मन, नीतू कुनसारिया, नीरज वर्मा और एसआई इंदर सिह मुजाल्दे का सराहनीय योगदान रहा है।

Epstein Files विवाद: राहुल गांधी के आरोपों को हरदीप पुरी ने किया खारिज, बोले– यह सिर्फ़ राजनीतिक शोर है

नई दिल्ली लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आज कांग्रेस संसद राहुल गांधी ने Epstein Files का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास मौजूद इन दस्तावेजों में एक केंद्रीय मंत्री और एक प्रमुख उद्योगपति का नाम शामिल है। सदन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि एक खास उद्योगपति अभी तक जेल से बाहर क्यों है, जबकि उसका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित फाइलों में है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए पूछा, “मंत्री जी बताएं कि उस उद्योगपति को एपस्टीन से किसने मिलवाया था?” सदन के बाहर भी राहुल ने दोहराया कि भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता खतरे में है और सरकार बाहरी दबाव में काम कर रही है। इन आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि राहुल गांधी का हमला पूरी तरह से बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि साल 2014 में जब वे एक अंतरराष्ट्रीय संस्था (IPI) से जुड़े थे और न्यूयॉर्क में थे, तब एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में उनकी जेफरी एपस्टीन से दो-तीन बार औपचारिक मुलाकात हुई थी। जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बदनाम फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोप थे। उसकी मृत्यु के बाद जारी की गई फाइलों में दुनिया भर की कई नामचीन हस्तियों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों के नाम शामिल हैं, जो कभी न कभी उसके संपर्क में रहे थे।  

नव निर्माण के नौ वर्ष: 2025-26 के बजट की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट

लखनऊ उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। “नव निर्माण के नौ वर्ष” की थीम पर प्रस्तुत बजट 2026-27 का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। आकार के लिहाज से योगी सरकार ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को बताया कि यह बजट राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता, निवेश के अनुकूल माहौल और सुदृढ़ राजकोषीय प्रबंधन का परिणाम है। यह बजट न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सतत विकास की स्पष्ट रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। बजट 2026-27 सरकार की उस सोच को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और भविष्य की तैयारी तीनों को समान महत्व दिया गया है। इस बजट में अन्नदाता किसान, युवा, महिला, छात्र-छात्राओं समेत हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।  शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को प्राथमिकता वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है, जो आधारभूत ढांचे, औद्योगिक विकास, सड़क, ऊर्जा और शहरी-ग्रामीण अधोसंरचना को नई गति देगा। पूंजीगत निवेश से रोजगार सृजन होगा और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार ने सामाजिक क्षेत्रों को बजट में प्रमुख स्थान दिया है। इसके अंतर्गत शिक्षा के लिए कुल बजट का 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए 6 प्रतिशत और कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत का आवंटन किया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मानव संसाधन विकास और किसानों की आय बढ़ाने को विकास की धुरी मानकर चल रही है। राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत की सीमा में उन्होंने बताया कि 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह राजकोषीय अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 1,18,480.59 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.98 प्रतिशत है। यह 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर है और वित्तीय अनुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। समग्र परिप्रेक्ष्य में, बजट 2026-27 में एक ओर जहां विकासोन्मुख नई योजनाओं का विस्तार है, वहीं दूसरी ओर राजस्व बचत और नियंत्रित राजकोषीय घाटे के माध्यम से वित्तीय स्थिरता बनाए रखने का स्पष्ट प्रयास किया गया है।  डीजल से सोलर की ओर बड़ा कदम बजट में विशेष रूप से कृषि विभाग के अंतर्गत डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की महत्वाकांक्षी योजना के लिए 637.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की डीजल पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम कृषि क्षेत्र में हरित ऊर्जा संक्रमण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष और एफपीओ को मजबूती संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना के अंतर्गत 150 करोड़ रुपये का कोष नाबार्ड की सहभागी संस्था ‘नैब किसान’ के साथ मिलकर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें सरकार 75 करोड़ रुपये का अंशदान देगी। प्रत्येक पात्र एफपीओ को अधिकतम 50 लाख रुपये तक की ऋण सीमा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, यूपी एग्रीज के अंतर्गत प्रदेश में एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  इसके अलावा, बजट में स्वच्छताकर्मियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये भेजने का भी प्राविधान किया गया है। इसके लिए सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही स्कीम का फायदा स्वच्छताकर्मियों को मिलेगा। शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिकों तथा पीएम पोषण योजना की रसोइयों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए 357.84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 89.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्कूल उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एआई प्रमाणन शुल्क प्रतिपूर्ति योजना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत मेधावी छात्रों के शिक्षा ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। एमएसएमई और रोजगार को बढ़ावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉइमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय खाद्य उत्पादों को पहचान और बाजार मिलेगा। इसके साथ ही, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में फिल्म उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यूपी एआई मिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ (यूपीएआई मिशन) शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत अगले तीन वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। स्टेट डाटा सेंटर 2.0 के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ … Read more

आजमाएं गुस्से को छूमंतर करने के लिए ये लाजबाव उपाय

कहते हैं क्रोध बुद्धि को खा जाता है, यह बात कई लोग जानते हैं फिर भी क्रोध करते हैं और बेवजह अपना और अपने साथी को परेशान करते हैं। वैसे अगर आपको कभी गुस्सा आ भी जाए तो इन उपायों से आप अपने गुस्से को काबू में रख सकते हैं। अमूमन देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति गुस्सा होता है तो उसके आस-पास का माहौल भी प्रभावित होता है। ऐसे में अगर आपको गुस्सा आ रहा हो तो एकांत मे चले जाइए और उस समस्या के बारे में एक बार सोचिए क्या आप जिस बात या जिस पर गुस्सा कर रहे हैं। क्या वह जायज है? अगर हां तो उसका निवारण तलाशिए। आपकी एक पहल गुस्से को छूमंतर कर सकती है। अगर आपको किसी व्यक्ति का बात करने का तरीका पसंद नहीं है लेकिन उसके हाव-भाव अच्छे लगते हैं तो अपने गुस्से को शांत करने के लिए ध्यान लगाएं। इसे एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए कि एक तालाब काई से ढका हुआ है। वहां एक प्यासा और थका हुआ आदमी पहुंचता है। वह उस काई को हटाता है, पानी पीता है, उसमें नहाता है और अपनी थकावट दूर करता है। ठीक इसी तरह आप उस व्यक्ति के हाव-भाव पर ध्यान न देकर उसकी बातों पर ध्यान लगाएंगे तो आपको कभी गुस्सा नहीं आएगा और आप हमेशा खुश रहेंगे। ऐसा गुस्सा किस काम का जिसके कारण गुस्सा समाधान की वजह खुद एक समस्या बन जाए। बेहतर है गुस्से को शांत करने के बोलना बंद कर दें। ऐसे में आपको उसका खुले दिल से स्वागत करना चाहिए और उसके प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। अगर कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसकी बातें अच्छी हैं, हाव-भाव अच्छे हैं और वह दयालु भी है लेकिन आपको उस पर फिर भी खीझ आती है तो अपने गुस्से पर काबू करने के लिए ध्यान लगाएं। एक तालाब का पानी बहुत मीठा और साफ है। एक प्यासा और गर्मी से बेहाल आदमी उस तालाब के पास पहुंचता है, जिसका पानी पीकर और उसमें नहा कर उसे परम सुख की अनुभूति होती है और उसकी परेशानियां दूर हो जाती हैं। ठीक ऐसे ही आप भी अपना सारा ध्यान उस आदमी की अच्छाइयों पर लगाएं और अपने गुस्से को खुद पर हावी न होने दें।  

राजपाल यादव की रिहाई पर बड़ा अपडेट: सलमान खान और अजय देवगन ने संभाला मोर्चा, मैनेजर का बयान

मुंबई राजपाल याद इस वक्त 5 करोड़ रुपये को लेकर चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे हैं। साल 2010 का ये मामला धीरे-धीरे ऐसा नासूर बना कि अब उन्होंने घुटने टेक दिए। तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने सीधे और साफ शब्दों में कहा था कि उनके पास पैसे नहीं है इसलिए कोई और उपाय नहीं है। वहीं उन्होंने ये भी कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा कोई नहीं जो उनकी मदद कर सके। अब घटना ने जहां फैन्स को दुखी किया वहीं बॉलीवुड सितारे भी उनकी मदद के लिए सामने आ रहे हैं। सबसे पहले सोनू सूद ने उनकी मदद के लिए आवाज उठाई और अब सलमान खान से लेकर अजय देवगन तक जैसे एक्टर्स ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ा दिया है। राजपाल यादव के मैनेजर ने बताया 9 करोड़ रुपये कर्ज और उसके निपटारे और जमानत पर बातें कीं। राजपाल यादव अपनी कुछ गलतियों की वजह से पर्सनल और प्रफेशनल लाइफ में जिस बुरे दौर से गुजर रहे हैं, अब उनकी मदद के लिए इंडस्ट्री ने हाथ बढ़ा दिया है। एक्टर के मैनेजर गोल्डी ने इस खास बातचीत में बताया कि उन्हें मदद करने वालों में अजय देवगन, सलमान खान, वरुण धवन और कई अन्य सितारे शामिल हैं। गोल्डी बोले- बहुत से लोगों ने राजपाल यादव की मदद के लिए हाथ बढ़ाया गोल्डी ने सलमान और अजय देनगन से मिले सपोर्ट पर बातें करते हुए कहा, ‘बहुत से लोगों ने राजपाल यादव की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे एक्टर्स ने उन्हें सपोर्ट दिया है। मेरी अभी डेविड धवन से बात हुई थी, उन्होंने भी सम्पर्क किया है। रतन नैन, वरुण धवन… इस बार कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं, जिसकी राजपाल ने दिल से सराहना की है।’ राजपाल यादव के मैनेजर बोले- कल तक हो सकते हैं रिहा उन्होंने कहा, ‘अच्छी बात ये है कि उनकी स्थिति बिगड़ने के बाद इंडस्ट्री ने चट्टान की तरह उनका साथ दिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।’ उन्होंने बताया कि घर में सभी चाह रहे हैं कि राजपाल तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वो कल तक रिहा हो जाएंगे।

UP Budget 2026: आलोम्पिक 2032 एवं 2036 के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को किया जाएगा तैयार

लखनऊ 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने की व्यापक रूपरेखा पेश की गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने इसके तहत प्रत्येक मंडल में एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना कर उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इससे वर्ष 2032 और 2036 ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर खिलाड़ियों को तैयार किया जा सकेगा। इसके लिए अभी 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है। वहीं, प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों में 03 लाख प्रति विधानसभा तथा 80 संसदीय क्षेत्रों में 10 लाख प्रति संसदीय क्षेत्र की दर से सांसद / विधायक खेल स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 20 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया जा रहा है। मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय, मेरठ के नवीन भवन निर्माण एवं विकास कार्य के लिए 80 करोड़ रुपये, पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन के लिए 30 करोड़ रुपये तथा शैक्षणिक व खेल गतिविधियों के संचालन के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 170 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान नई मांग के माध्यम से किया जा रहा है। कानपुर स्थित ग्रीनपार्क अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के उच्चीकरण और आधुनिकीकरण के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है, जिससे स्टेडियम का पुनर्विकास कर उसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराएं और उत्तर प्रदेश खेल प्रतिभा का नया केंद्र बने। वर्तमान में प्रदेश में तीन स्पोर्ट्स कॉलेज हैं। गोरखपुर में वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ में गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज और सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज।

फोन स्लो हो गया है? Google Photos का ये गुप्त फीचर मिनटों में खाली करेगा स्टोरेज

नई दिल्ली  स्मार्टफोन में स्टोरेज भरने की समस्या बहुत आती है। ज्यादा स्टोरेज वाले फोन मंहगे आते हैं। इस कारण लोगों को कम स्टोरेज वाले फोन में ही किसी ऐसी ट्रिक की तलाश होती है, जो हैंडसेट के स्टोरेज को खाली रखे। अगर आप भी ऐसी ही कोई ट्रिक चाहते हैं तो आपके लिए यह आर्टिकल काफी उपयोगी साबित होने वाला है। नई फोटो क्लिक करने या ऐप्स डाउनलोड करने पर ‘Storage Full’ का नोटिफिकेशन किसी को भी परेशान कर देता है। अक्सर हमारे फोन में एक ही फोटो के कई वर्जन होते हैं। उदाहरण के लिए जैसी कई सारी सेल्फी या व्हाट्सऐप से डाउनलोड की गई डुप्लीकेट फाइलें। ये फोन में काफी स्पेस लेते हैं। इन्हें एक साथ डिलीट करके फोन के स्टोरेज को खाली किया जा सकता है। Google Photos का एक छिपा हुआ और बेहद स्मार्ट फीचर स्मार्टफोन यूजर्स को बिना किसी फोटो को सर्च किए तुरंत सैकड़ों MB या GB जगह खाली करने में मदद कर सकता है। यह फीचर आपके स्टोरेज को क्लीन करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है, जिससे आपका फोन फिर से सुपरफास्ट हो जाएगा। स्टोरेज खाली होने के फायदा     स्टोरेज खाली होने से आपके स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है।     डुप्लिकेट, धुंधली और एक जैसी फोटो अपने आप हट जाती हैं।     आपकी फोटो लाइब्रेरी को ऑर्गनाइज करना और नेविगेट करना आसान हो जाता है। डिलीट करने से पहले जरूर कर लें ये काम     फोटोज डिलीट करने से पहले स्मार्टफोन पर Google Photos ऐप खोलें।     स्क्रीन के ऊपर राइट साइड में आ रही अपनी प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें।     इसके बाद फोटो सेटिंग्स पर क्लिक करें और फिर ‘बैक अप एंड सिंक’ पर क्लिक करें।     इससे क्लाउड पर आपकी फोटोज का बैकअप आ जाएगा।     पहले से बैकअप की गई फोटो और वीडियो देखने के लिए ‘स्पेस खाली करें’ पर क्लिक करें।     उन्हें अपने स्मार्टफोन से डिलीट करने के लिए ‘स्पेस खाली करें’ पर क्लिक करें सजेस्ट डिटेक्शन टूल का इस्तेमाल करें     ‘लाइब्रेरी’ टैब पर जाएं और ‘यूटिलिटीज’ एरिया में जाएं।     यहां धुंधली, मिलती-जुलती या पुरानी इमेज को पहचानने और मार्क करने के लिए ‘Suggest Deletion’ को सिलेक्ट करें।     सुझावों को देखें और उन्हें एक-एक करके, एक साथ डिलीट करें, या आर्काइव में ले जाएं। बड़े वीडियो आर्काइव करें     Google Photos ऐप से एक बड़ा वीडियो ढूंढें और सिलेक्ट करें।     वीडियो को दबाकर रखें और ‘मूव टू आर्काइव’ चुनें।     अपने फोन पर काफी जगह खाली करने के लिए इन वीडियो को क्लाउड में सेव करें।

प्रार्थना सभा में सच की आवाज़: अख़बार की सुर्खियाँ होंगी शामिल

शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड की अभिनव पहल रायपुर,  छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना एक लाभकारी आदत है। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं, महत्वपूर्ण मुद्दों और विविध विचारों से अवगत होने का अवसर मिलता है। यह आदत गुणवत्तापूर्ण भाषा और सुव्यवस्थित सामग्री के संपर्क में आने से उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बढ़ाती है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में सरगुजा जिला के विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय एवं अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है। इस प्रयास से परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक श्री राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित होगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत होंगे। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होगा। विद्यालय की इस नवाचारपूर्ण पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उप अभियंताओं को राहत: हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

रायपुर ग्रामीण अभियांत्रिक सेवा की वर्ष 2011 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। हाईकोर्ट द्वारा 66 उप अभियंताओं (सिविल) की नियुक्तियां नियमों के विरुद्ध बताते हुए रद्द किए जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। दरअसल, इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर याचिकाकर्ता रवि तिवारी ने अधिवक्ता शाल्विक तिवारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 3 फरवरी 2026 को मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने भर्ती को अवैध करार देते हुए 66 उप अभियंताओं की नियुक्तियां निरस्त कर दी थीं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा था कि भर्ती विज्ञापन के अनुसार अभ्यर्थियों के पास कट-ऑफ तिथि तक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होना अनिवार्य था, जबकि कई चयनित अभ्यर्थियों ने आवश्यक डिग्री या डिप्लोमा बाद में प्राप्त किया। ऐसे में उनकी नियुक्तियां प्रारंभ से ही अवैध मानी गईं। कोर्ट ने यह भी पाया कि 275 पदों के लिए जारी विज्ञापन के बावजूद उससे अधिक पदों पर नियुक्तियां की गईं, जो सेवा कानून के सिद्धांतों के विपरीत है। सुनवाई के दौरान नियुक्त उप अभियंताओं की ओर से यह तर्क दिया गया कि वे करीब 14 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, इसलिए उनके मामलों में सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा था कि लंबी सेवा अवधि किसी अवैध नियुक्ति को वैध नहीं बना सकती। इसके बाद कोर्ट ने क्वो वारंटो का रिट जारी करते हुए नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। हाईकोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक वहीं हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए प्रभावित कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली का रुख किया। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य को नोटिस जारी किया और हाईकोर्ट के आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर स्थगन आदेश पारित किया है। यह प्रकरण लगभग 60 शासकीय कर्मचारियों की सामूहिक सेवा-समाप्ति से संबंधित है, जिन्हें प्रारंभिक रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन में उप अभियंता (सिविल) के पद पर नियुक्त किया गया था। उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में यह कहते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया था कि संबंधित अभ्यर्थियों के पास भर्ती विज्ञापन के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि तक निर्धारित शैक्षणिक अर्हता उपलब्ध नहीं थी। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों की सेवा की निरंतरता अब सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। मामले में याचिकाकर्ताओं एवं निजी प्रत्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, परमेश्वर के. तथा गौरव अग्रवाल ने पक्ष रखा। उनके साथ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा, चंद्रशेखर ए. चकलाब्बी (AOR) और सुधांशु प्रकाश (AOR) भी उपस्थित रहे।

सौर, जैव ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन पर दोगुना जोर, 22,000 मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य

लखनऊ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में स्पष्ट किया कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश को हरित और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिए लगभग 2,104 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में दो गुने से अधिक है। यह प्रावधान राज्य की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। 22,000 मेगावॉट का महत्वाकांक्षी लक्ष्य राज्य सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022, उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 और उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत आगामी पांच वर्षों में 22,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य प्रदेश को पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम कर आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 2,815 मेगावॉट सौर क्षमता स्थापित प्रदेश में अब तक 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि नीति निर्माण के साथ-साथ क्रियान्वयन स्तर पर भी सरकार सक्रिय है। पीएम कुसुम और सूर्यघर योजना को 1,500 करोड़ पीएम कुसुम सूर्यघर योजना को प्रदेश में सघन रूप से लागू किया जा रहा है। बजट में इसके लिए 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गति मिलेगी। 17 नगर निगम सोलर सिटी की ओर अयोध्या और मथुरा सहित 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित ढांचे को मजबूत करने का यह प्रयास स्वच्छ ऊर्जा की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ऊर्जा बचत के साथ-साथ सुरक्षा और सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। जैव ऊर्जा में देश में अग्रणी उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 के अंतर्गत प्रदेश में 36 सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इससे अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ ईंधन उत्पादन दोनों को बढ़ावा मिला है। ग्रीन हाइड्रोजन में नई पहल ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने अग्रणी कदम उठाया है। ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पहल भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के अनुसंधान और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा देगी।

उत्तर प्रदेश एआई मिशन, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंडियन एआई डाटा लैब्स और डेटा सेंटर क्लस्टर की होगी स्थापना: : मुख्यमंत्री

डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा और साइबर अपराध रोकने के लिए होगी साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था के लिए भी बजट में प्रावधान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में प्रदेश को अग्रणी बनाने की दिशा में बजट में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बजट में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे ऑनलाइन शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के आधुनिक अवसरों से जुड़ सकें।  साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर से साइबर फ्राड पर लगेगी रोक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए विशेष पहल की गई है। खासतौर पर पुराने कंबल कारखानों के आधुनिकीकरण की दिशा में बजट में प्रस्ताव रखा गया है। हर वर्ष गरीबों को कंबल वितरण के लिए अतिरिक्त प्रावधान करने पड़ते हैं, ऐसे में कंबल उद्योग के आधुनिकीकरण से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश एआई मिशन के तहत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडियन एआई डेटा लैब्स की स्थापना, साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है और वर्तमान में कई डेटा सेंटर की स्थापना हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एआई के लिए आवश्यक डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना की घोषणा की गई है, जिसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। इस नई योजना से प्रदेश में तकनीकी निवेश को और गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अपने पूर्व में दिए गए सफल मॉडलों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। ऑपरेशन कायाकल्प और निराश्रित बच्चों तथा निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शुरू किए गए अटल आवासीय विद्यालय के मॉडल को आधार बनाते हुए अब बेसिक शिक्षा परिषद में सीएम कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। बजट में सभी 75 जनपदों में प्रत्येक जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालयों के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। विकासखंडों में होगी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की स्थापना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के उन विकासखंडों में जहां अब तक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं थे या उनकी मांग लंबे समय से की जा रही थी, वहां इन विद्यालयों के विस्तार की व्यवस्था की गई है। सरकार ने परिषदीय स्कूलों, माध्यमिक स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों और अन्य शिक्षकों के लिए भी बड़ी राहत की घोषणा की है। इनके लिए आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है, जिससे सभी प्रकार के शिक्षक इस योजना से जुड़ सकेंगे। इसके अलावा एआई का उपयोग माध्यमिक स्तर से ही प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए बजट में विशेष धनराशि की व्यवस्था की गई है। साथ ही बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर की स्थापना के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने शिक्षा, कौशल, तकनीक और सशक्तिकरण के समन्वय को मजबूत करने के लिए एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और डाटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष पहल की है। इन क्षेत्रों में प्रदेश को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से तकनीकी शिक्षा की दृष्टि से नए कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। एआई मिशन के जरिये एसटीईएम को दिया जाएगा बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (एसटीईएम) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एसटीईएम एआई मिशन की घोषणा की गई है। इसके तहत राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों और अन्य तकनीकी संस्थानों को एक बड़े कार्यक्रम के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसमें एआई इनेबल्ड लैब की स्थापना, स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी गतिविधियां और एआई से संबंधित सामग्री को स्थानीय भाषा हिंदी में उपलब्ध कराने की व्यवस्था शामिल है। इसके साथ ही नॉलेज पार्टनर के रूप में डीपटेक के लिए आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों को जोड़ने की भी घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट में विशेष धनराशि का प्रावधान किया गया है।

पॉलीमर साइंस में बनाएं भविष्य

कई बार प्रतिभाशाली होने के बावजूद छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसे छात्रों के लिए बीएससी पॉलीमर साइंस एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आज की जिंदगी में प्लास्टिक कुछ इस तरह रचा-बसा है कि उसके बिना जिंदगी की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यदि हम आसपास नजर डालें तो कम से कम दस में से आठ चीजें प्लास्टिक निर्मित मिलेंगी। प्लास्टिक, फाइबर और रबर:- तीनों ही किसी न किसी रूप में एक ही फैमिली से हैं और इन सभी का निर्माण पॉलीमर की मदद से होता है। प्लास्टिक-पॉलीमर उत्पादों की लिस्ट काफी लंबी है। पॉलिमर कपड़े, रेडियो, टीवी, सीडी, टायर, पेंट, दरवाजे और चिपकाने वाले पदार्थ इसी उद्योग की देन हैं। अकेले ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में 75 प्रतिशत पाट्र्स इसी उद्योग की मदद से बनाए जाते हैं। इतना ही नहीं, हवाई जहाज में भी प्लास्टिक का ही परिमार्जित रूप इस्तेमाल होता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्लास्टिक की खपत के मामले में चीन के बाद भारत का दूसरा नंबर है। प्लास्टिक इंडस्ट्री में भारत का प्रतिवर्ष 4,000 करोड़ रुपए का कारोबार है। अकेले पैकेजिंग इंडस्ट्री में ही बड़ी तादाद में प्लास्टिक का उपयोग होता है। इसमें हर साल 30 प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है। दुनिया में हर एक व्यक्ति औसतन साल में 30 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग करता है, जबकि भारत में यह आंकड़ा फिलहाल चार किलो ग्राम प्रतिवर्ष ही है। लेकिन जिस किस्म की पैकेजिंग जागरूकता भारत में भी बढ़ रही है, आने वाले दिनों में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक की खपत का औसत कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा। ये है कोर्स: इसकी इसी व्यापकता को देखते हुए कई तरह के कोर्स की शुरुआत हुई है। हालांकि ये कोर्स अभी कुछ चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध हैं। कई बार प्रतिभाशाली होने के बावजूद छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसे छात्रों के लिए बीएससी पॉलीमर साइंस एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कोर्स के बाद छात्र आगे एमएससी या एमटेक कर सकते हैं। अगर नौकरी करना चाहें तो उसके लिए भी काफी बेहतर अवसर हैं यानी आप आईओसी, ओएनजीसी जैसे सरकारी संस्थानों में भी अच्छी नौकरियां पा सकते हैं। बीएससी पॉलीमर साइंस अवसरों की दृष्टि से उपयोगी कोर्स माना जा रहा है। पॉलीमर और प्लास्टिक के क्षेत्र में डिप्लोमा, बीएससी, एमएससी और इंजीनियरिंग कोर्स उपलब्ध हैं। डिप्लोमा कोर्स के लिए अपने राज्य में स्थित पॉलीटेक्निक संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं। इंजीनियरिंग कोर्स में बीई (पॉलीमर साइंस), बीटेक (प्लास्टिक एंड पॉलीमर), बीटेक (प्लास्टिक एंड रबर) हैं, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर एमटेक के लिए प्लास्टिक-पॉलीमर कोर्स हैं। इसके अलावा, केमिकल पॉलीमर, बीएससी पॉलीमर साइंस, एमएससी पॉलीमर, केमेस्ट्री कोर्स भी देश के कुछ संस्थानों में पढ़ाए जाते हैं। बीई, बीटेक, बीएससी और बीकॉम कोर्स के लिए 102 पीसीएम विषयों में 50 प्रतिशत अंकों में पास छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसमें बीएससी को छोड़ कर तीनों कोर्स चार वर्ष की अवधि के हैं। कुछ संस्थानों में जैसे आईआईटी दिल्ली, मुंबई यूनिवर्सिटी में एम.टेक डेढ़ वर्ष की अवधि का है। इसमें केवल संबंधित ब्रांच में बीई और बीटेक पास छात्रों को ही दाखिला मिल सकता है। मद्रास यूनिवर्सिटी में पांच वर्षीय एमएससी इंटीग्रेटेड कोर्स में 102 पीसीएम छात्रों को प्रवेश मिल सकता है। एमएससी कोर्स में प्रवेश के लिए इंडस्ट्रियल, केमिकल या केमेस्ट्री ऑनर्स के अलावा वे छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने बीएससी में केमेस्ट्री को एक विषय के रूप में पढ़ा है। प्रमुख संस्थान:- दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नई दिल्ली कोर्स- बीई (पॉलीमर साइंस), एमई (डेढ़ वर्ष का), पीएचडी। आईआईटी, नई दिल्ली कोर्स- एमटेक,डेढ़ वर्ष। हरकोर्ट बटलर इंस्टीट्यूट, कानपुर कोर्स- बीटेक (प्लास्टिक टेक)। बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची कोर्स- बीई पॉलीमर। भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ अप्लाइड साइंस, नई दिल्ली कोर्स-बीएससी ऑनर्स (पॉलीमर साइंस) डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई कोर्स- बीकॉम (पॉलीमर), बीएससी, एमटेक (डेढ़ वर्ष)। लक्ष्मी नारायण इंडस्ट्री ऑफ टेक्नोलॉजी, नागपुर कोर्स- बीटेक। संत लोंगोवाल इंडस्ट्री ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, संगरूर, पंजाब कोर्स- बीई (पेपर एंड प्लास्टिक) तीन वर्ष। इंडस्ट्री ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कानपुर यूनिवर्सिटी, कानपुर कोर्स- बीटेक (प्लास्टिक), एमटेक (प्लास्टिक)। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी कोर्स- एमएससी (इंटीग्रेटेड), एमएससी (पॉलीमर), एससी (पॉलीमर केमिस्ट्री)।  

रजनीकांत की फिल्म को लेकर हाईकोर्ट का सख्त फैसला, 12 साल बाद क्यों लगा ₹2.52 करोड़ का जुर्माना?

मद्रास रजनीकांत और दीपिका पादुकोण की 2014 में रिलीज तमिल फिल्‍म ‘कोचादाइयां’ अचानक चर्चा में आ गई है। मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्‍म के प्रोड्यूसर जे मुरली मनोहर और उनके प्रोडक्शन हाउस, मीडियावन ग्लोबल एंटरटेनमेंट लिमिटेड पर ₹2.52 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यही नहीं, कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि मेकर्स या तो चार हफ्ते के अंदर यह जुर्माना चुकाएं या फिर छह महीने जेल की सजा भुगतने के लिए तैयार हो जाएं। यकीनन, आप भी यही सोच रहे होंगे कि आख‍िर 12 साल बाद ऐसा क्‍या हो गया, तो आइए इस पूरे मामले को तफ्तील से समझाते हैं। Kochadaiiyaan को रजीनकांत की बेटी सौंदर्या रजनीकांत ने डायरेक्‍ट किया है। फिल्‍म में रजनीकांत और दीपिका पादुकोण के अलावा जैकी श्रॉफ भी थे। यह फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। लेकिन रजनीकांत के कारण इसने खूब चर्चा बटोरी थी। हाई कोर्ट का यह मामला असल में एक एडवरटाइजिंग एजेंसी को मुआवजा देने और चेक बाउंस होने से जुड़ा है। आइए, पहले जानते हैं कि कोर्ट में क्‍या हुआ। 2021 और 2023 में भी सुनाई गई थी सजा मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस सुंदर मोहन ने फिल्‍म के प्रोड्यूसर जे मुरली मनोहर और उनकी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा दायर एक क्रिमिनल रिवीजन केस को कुछ हद तक मंजूरी दी है। यह केस 2021 में एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें दी गई सजा और 2023 में एक सिटी सिविल कोर्ट द्वारा कन्फर्म किए जाने के खिलाफ दायर किया गया था। करोड़ों का कर्ज, नहीं चुकाए बकाया पैसे हाई कोर्ट ने मनोहर को 4 हफ्ते के अंदर एडवरटाइजिंग एजेंसी, ‘एडब्यूरो एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को ₹2.52 करोड़ देने या 6 महीने जेल की सजा भुगतने का निर्देश दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और गड़बड़ियों पर सवाल उठाने के बाद, फैसला सुनाया कि ऐड एजेंसी ने सिर्फ ₹10 करोड़ उधार दिए थे और उसे ₹8.74 करोड़ चुका दिए गए थे, जिससे ₹1.26 करोड़ का बैलेंस रह गया। इसलिए सजा को बदलकर ₹2.52 करोड़ का जुर्माना कर दिया गया, जो उस पर बकाया रकम से दोगुना था। 2014 में प्रोडक्‍शन हाउस ने लिया था 20 करोड़ रुपये का कर्ज ‘द हिंदू’ ने इससे पहले एक रिपोर्ट में बताया कि एडब्यूरो एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के अबीरचंद नाहर ने प्रोड्यूसर मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया कि उनकी फर्म ने 25 अप्रैल, 2014 को मीडियावन ग्लोबल एंटरटेनमेंट के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) किया था। उन्होंने फोटोरियलिस्टिक मोशन-कैप्चर मूवी के पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए प्रोडक्शन हाउस को ₹20 करोड़ का कर्ज दिया था। प्रोडक्शन हाउस ने फाइनेंसर को बताया था कि ‘कोचादाइयां’ के लीज राइट्स की बिक्री से कम से कम ₹20 करोड़ मिलेंगे। ऐड एजेंसी ने किया था गारंटी मुनाफा का वादा, चेक हुआ बाउंस ऐड एजेंसी ने अपनी शिकायत में कहा कि किसी तीसरे पक्ष को राइट्स बेचने से पहले उसे बिक्री से होने वाली कमाई का 20% या कम से कम ₹2.40 करोड़ के गारंटी मुनाफे का वादा किया गया था। ऐड एजेंसी ने 28 अप्रैल, 2014 को प्रोडक्शन हाउस के बैंक अकाउंट में ₹10 करोड़ ट्रांसफर कर दिए। लेकिन दिसंबर 2014 में, प्रोडक्शन हाउस की तरफ से एजेंसी को जारी किया गया चेक बाउंस हो गया। 2021 में कोर्ट ने प्रोड्यूसर मोहन को माना दोषी दिसंबर 2021 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मोहन को दोषी ठहराया और उन्‍हें छह महीने जेल की सजा सुनाई। उन्‍हें तब ₹7.70 करोड़ देने या छह महीने की और जेल की सजा भुगतने का भी आदेश दिया गया। फिर अगस्त 2023 में, एक सिविल कोर्ट ने सजा को जारी रखा। लेकिन प्रोड्यूसर ने ₹12.75 करोड़ चुकाने का दावा किया। उसने ऐड एजेंसी पर बाद में दिए गए चेक को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। रजनीकांत की पत्‍नी लता का भी धोखाधड़ी केस में आया नाम मामले में एक और ट्व‍िस्‍ट तब आया, जब ऐड एजेंसी ने 2016 में रजनीकांत की पत्नी लता के खिलाफ भी धोखाधड़ी का केस किया था। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के राइट्स बेचने के बारे में तब उन्हें नोटिस जारी किया था। साल 2018 में, सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने उन्हें ₹6.20 करोड़ देने का आदेश दिया था।

वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेडक्वार्टर, वन स्पोर्ट्स कॉलेज की परिकल्पना होगी पूरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं, युवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और दिव्यांगजन कल्याण को केंद्र में रखते हुए प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रोडमैप पेश किया है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। युवाओं के लिए वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर, वन स्पोटर्स कॉलेज की परिकल्पना मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने कहा कि प्रदेश ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए ई क्यूब के रूप में एंप्लाइमेंट, इंटरप्राइसेस और एक्सीलेंस के तहत उल्लेखनीय प्रगति की है। बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसे आगे बढ़ाने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना की बजट में घोषणा की गई है, जो केंद्रीय बजट में प्रस्तावित सी-मार्ट की तर्ज पर कार्य करेगी। इसके साथ ही बजट में महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से महिलाओं को ब्याज मुक्त पूंजी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे छोटे-छोटे उद्यमों के लिए महंगे कर्ज के बोझ से मुक्त रह सकें और लखपति दीदी लक्ष्य को साकार किया जा सके। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए भी बजट में धनराशि सुनिश्चित की गई है। बजट में युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए वन डिस्ट्रिक्ट, वन कमिश्नरी, वन डिविजनल हेड क्वार्टर, वन स्पोटर्स कॉलेज की परिकल्पना रखी गई है। प्रदेश के 18 कमिश्नरी मुख्यालयों पर एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी।मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अप्रैल-मई तक पूरी हो जाएगी, जहां शैक्षणिक सत्र पहले से प्रारंभ हो चुके हैं। वर्ष 2030 अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक में भारत की प्रस्तावित दावेदारी को ध्यान में रखते हुए इन स्पोर्ट्स कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम, खेल मैदान, मिनी स्टेडियम और स्टेडियम निर्माण को प्राथमिकता दी गई है, जिसे खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत  केंद्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। एसजीपीजीआई में देश का पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर होगा स्थापित मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पर्यटन क्षेत्र में भी लंबी छलांग लगाई है। वर्ष 2017 से पहले खराब सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश के धार्मिक, हेरिटेज, इको और एडवेंचर टूरिज्म स्थलों पर 122 करोड़ पर्यटकों ने यात्रा की। बजट में पीपीपी मोड पर 1 लाख अतिरिक्त होटल रूम जोड़ने और 50,000 नए होम-स्टे विकसित करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिला गाइडों के लिए 10,000 रुपये का लाइसेंस शुल्क माफ कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। पहले जहां कुल 36 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज, 2 एम्स और कई सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 करोड़ 46 लाख से अधिक आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी कर यूपी देश में अग्रणी राज्य बन चुका है। हर जिले में निःशुल्क डायलिसिस, रेडियोलॉजी सेवाएं (एमआरआई, सीटी, कलर डॉप्लर, डिजिटल एक्स-रे) उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ ही एसजीपीजीआई लखनऊ में देश का पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए प्रथम चरण में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह सेंटर विशेष रूप से ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। मेडिकल और हेल्थ सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष फोकस सीएम ने बताया कि बजट में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया है, जिससे छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकें और चिकित्सा शिक्षा के वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाया जा सके। वहीं सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में भी बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके और जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके। इसके साथ ही प्रदेश के मेडिकल और हेल्थ सेक्टर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष फोकस किया गया है। बजट में मिडटेक (मेडिकल टेक्नोलॉजी) की स्थापना का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक तकनीक और अन्य आधुनिक सहायता प्रणालियों का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों तक भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि बड़े शहरों तक सीमित आधुनिक इलाज का लाभ अन्य जनपदों के लोगों को भी मिल सके। वर्तमान में राज्य में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इनमें से एक सेंटर लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में कार्यरत है, जबकि दूसरा सेंटर आईआईटी कानपुर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने इन दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था की है और इन पर कार्य प्रगति पर है। इन केंद्रों के माध्यम से आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी, रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। रोड सेफ्टी की दृष्टि से आवश्यक प्रावधान किए गए हैं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ दुर्घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके। सड़क हादसों, अन्य दुर्घटनाओं या किसी भी प्रकार की आपदा के समय ट्रॉमा सेवाएं मजबूत रहें, इसके लिए प्रदेश में नए ट्रॉमा सेंटर विकसित करने के लिए भी बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है।  हेल्थ सेक्टर में मिडटेक की स्थापना के साथ एआई, रोबोटिक पर जोर राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन के अंतर्गत राज्य वन हेल्थ मिशन के लिए भी धनराशि की … Read more

एक सप्ताह में 83 लाख से अधिक की अवैध शराब और वाहन बरामद

 नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस को मिली बड़ी सफलता भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में अवैध शराब के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने अवैध शराब के विरूद्ध कार्यवाही कर 83 लाख रूपए से अधिक की अवैध शराब और वाहन जब्त किए हैं। जानकारी के अनुसार झाबुआ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 293 पेटी अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक को पकड़ा, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 55 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है।इसी प्रकार मुरैना जिले के बामोर पुलिस ने शराब तस्करी करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 पेटी अवैध शराब सहित एक कार जब्त की। इस कार्यवाही में कुल 9 लाख 60 हजार रुपये की सामग्री जब्त की है।अशोकनगर पुलिस ने अवैध कच्ची शराब की फैक्ट्री पर छापा मारकर 500 लीटर शराब जब्त कर 8 लाख 75 हजार रुपये का सामग्री जब्त की है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य कार्यवाही में 8 हजार 250 रुपये की शराब जब्त किया है। विभिन्न जिलों में अवैध शराब के खिलाफ हुई कार्रवाई इंदौर जिले के देपालपुर थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 40 पेटी बीयर और एक कार जब्त कर 6 लाख 44 हजार रुपये की सामग्री जब्?त की है। ग्वालियर जिले में पुरानी छावनी पुलिस ने कार में परिवहन की जा रही 1 लाख रूपए की 19 पेटी अवैध शराब कार सहित जब्त की है। इसी प्रकार कटनी जिले की चौकी झिंझरी थाना माधवनगर पुलिस ने शराब तस्करी पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर 35 हजार रुपये की शराब और इलेक्ट्रिक स्कूटी जब्त की है। दतिया जिले की कोतवाली और पंडोखर पुलिस ने अलग-अलग कार्यवाहियों में 55 हजार  रुपये और 32 हजार रुपये की अवैध शराब जब्त की है। जबलपुर पुलिस ने देशी व अंग्रेजी शराब एवं वाहन सहित  लगभग 1 लाख 2 हजार रूपए की सामग्री जब्त की है।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का सतना में भव्य स्वागत

सतना सतना आगमन पर भाजपा जिला मंत्री शुभम् तिवारी  के आव्हान और भाजयुमो नेता शुभम् सिंह परिहार के नेतृत्व में बायपास तिराहा युवाओं के जोश से गूंज उठा। युवा हुजूम ने ऐतिहासिक और भव्य अभिनंदन कर ऊर्जा और एकजुटता का संदेश दिया।

नए ऐप में आधार अपडेट का ऑप्शन नहीं? इस तरीके से ऑनलाइन करें बच्चे का आधार अपडेट

नई दिल्ली बच्चों के आधार कार्ड नए UIDAI ऐप पर अपडेट हो सकते हैं लेकिन बायोमेट्रिक डिटेल्स अपडेट कराने के लिए आपको आधार सेंटर जाना होगा। क्या आपको अपने बच्चे का आधार अपडेट कराना है? सरकार ने 5 साल से बड़े बच्चों का आधार अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया है। बता दें कि इसे MBU यानी कि Mandatory Biometric Update कहते हैं। इस उम्र से पहले बनने वाले आधार में बच्चों का बायोमेट्रिक डेटा जैसे कि आंखों का स्कैन (आईरिस स्कैन) और उंगलियों के निशान नहीं लिए जाते। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये ऑप्शन आपको UIDAI के ऐप में मिल जाएगा? क्या आप ऑनलाइन घर बैठे बच्चों का MBU करवा सकते हैं? इसका जवाब है नहीं। दरअसल नए आधार ऐप में आप आधार से जुड़ी कुछ जानकारी अपडेट करवा सकते हैं लेकिन बायोमेट्रिक डिटेल्स ऐप से अपडेट नहीं कराई जा सकती। क्या होता है MBU? MBU का मतलब है Mandatory Biometric Update, जो कि बच्चों के आधार कार्ड के लिए होता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बनवाते समय उनके बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिए जाते। बच्चों का आधार कार्ड माता-पिता के आधार से लिंक होता है। हालांकि 5 साल की उम्र के बाद आधार को अपडेट कराना जरूरी होता है। इसे ही MBU कहते हैं। नए आधार ऐप से हो पाएगा काम? हाल ही में UIDAI ने नया आधार ऐप लॉन्च किया था। इसमें कई तरह के फीचर्स दिए गए हैं। मसलन मोबाइल नंबर और पता बदलने का ऑप्शन इस ऐप में दिया गया है। हालांकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए यूजर को आधार सेंटर विजिट करना पड़ता है। सेंटर पर ही क्यों अपडेट होता है डेटा? सवाल उठता है कि आखिर बायोमेट्रिक डेटा आधार सेंटर पर ही क्यों अपडेट होता है? ऐसा इसलिए क्योंकि बायोमेट्रिक डेटा लेने के लिए कुछ खास मशीनों जैसे कि फिंगरप्रिंट रीडर, आईरिस स्कैनर आदि की जरूरत पड़ती है। यह डिवाइस सेंटर पर मौजूद होते हैं और इसके लिए शख्स या बच्चे का सेंटर पर मौजूद होना जरूरी हो जाता है। वहीं नाम या पता जैसी जानकारी ऐप पर भी जरूरी डॉक्यूमेंट सबमिट करके अपडेट हो सकती है। Aadhaar ऐप ऐसे करेगा मदद हालांकि ऐसा नहीं है कि आधार ऐप बच्चे का आधार अपडेट कराने में बिल्कुल मदद नहीं कर सकती। अगर आप नया आधार ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो ऐप में नीचे मौजूद Help ऑप्शन के जरिए मदद ले सकते हैं।     Help सेक्शन में आपको FAQ और CONTACT US का ऑप्शन मिलता है।     आप CONTACT US ऑप्शन के जरिए अपने पास मौजूद आधार सेंटर का पता लगा सकते हैं।     इसके अलावा बच्चों के स्कूलों और पोस्ट ऑफिस में भी MBU का काम किया जा रहा है। आप इन दो जगहों पर भी बच्चे की बायोमेट्रिक डिटेल्स आधार में अपडेट करवा सकते हैं।

गौरव की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली रवाना

सतना  युवक कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब जी के नेतृत्व में जंतर मंतर से प्रधानमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम रखा गया है जिसमें मध्यप्रदेश से प्रदेशाध्यक्ष श्री यश घनघोरिया नेतृत्व करेंगे जिनके समर्थन में सतना जिले से गौरव मिश्रा जी के अगुवाई में युवक कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार को दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुए । मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस नेता गौरव मिश्रा ने कहा कि पूरी दुनिया में एप्स्टीन फाइल्स को लेकर गंभीर और चिंताजनक खुलासे सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए गहरी चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री का दावा: 9 साल में तीन गुना बजट बढ़ोतरी से यूपी बना ‘अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट’

  यूपी बना रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, ऋणग्रस्तता घटकर 23 प्रतिशत लाने का लक्ष्य स्टेट डेटा अथॉरिटी का होगा गठन, एआई मिशन, डेटा सेंटर क्लस्टर और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा  लखनऊ आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश का यह बजट  9 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है। प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं से रोजगार का सृजन होता है। यह प्रदेश में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले 9 वर्षों में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही यूपी में जो कर चोरी और लीकेज थे, इन सबको रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बीमारू राज्य से उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक ब्रेकथ्रू के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। वर्ष 2017 में 30 फीसदी से अधिक राज्य में ऋणग्रस्तता थी। हम लोगों ने इसे घटाकर पिछले दो-तीन वर्षों में 27 फीसदी लाने में सफलता प्राप्त की। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार किसी भी राज्य की जो कुल जीएसडीपी होगी, उस पर 30 फीसदी से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की निर्धारित सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है। कोई नया टैक्स लगाए बिना प्रदेश ने जन-कल्याण व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कीम के साथ प्रत्येक सेक्टर में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है। स्टेट डेटा अथॉरिटी का किया जाएगा गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों ने प्रदेश में अनइंप्लॉयमेंट रेट को 2.24 प्रतिशत तक नीचे लाने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2017 के पहले यह लगभग 17 से 19 फीसदी तक था। बजट में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को शुरू करने का प्रावधान किया गया है। बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। पहले प्रदेश में अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डेटा प्रस्तुत करते थे। हमारी सरकार ने तय किया है कि हम एक स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन करेंगे। यह स्टेट डेटा अथॉरिटी प्रदेश में रियल टाइम डेटा और इसकी मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। वहीं बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का प्रावधान किया गया है। मेडटेक और डीपटेक के लिए एआई मिशन की घोषणा की गई है, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक जॉब उपलब्ध कराए जा सकें। इसके लिए उनकी स्किल डेवलपमेंट की प्लानिंग भी बजट में की गई है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और उनके उत्पादों के लिए शी-मार्ट विपणन केंद्र विकसित करने की बात भी बजट में कही गई है। इस योजना से स्थानीय महिलाओं को काफी मदद मिलेगी, जो एसएचजी के माध्यम से लोकल गांवों और शहरी क्षेत्र में अपना प्रोडक्ट बनाती हैं। आज यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग दूसरे स्थान पर, खुद को चीफ अचीवर स्टेट के रूप में किया स्थापित मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सिटी इकॉनमिक जोन, एससीआर, काशी-मीरजापुर इकॉनमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकॉनमिक जोन, कानपुर-झांसी इकॉनमिक जोन को विकिसत करने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017 में यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग 13-14 पर थी। आज नंबर दो पर है। इसके बाद यूपी ने चीफ अचीवर स्टेट के रूप में खुद को स्थापित किया। प्रदेश में डिजिटल आन्त्रोप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इन सभी सफलता को प्राप्त करने में रूल ऑफ लॉ की बड़ी भूमिका है, यही रियल ग्रोथ है। हर व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी चाहता है और वह गारंटी आज यूपी दे रहा है। पहले यूपी में कोई नहीं सोच सकता था कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आएंगे। यूपी का एमएसएमई सेक्टर जो पहले मृत हो गया था, आज उसने 3 करोड़ से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उद्यमी बनाने के लिए नए प्रयास किये जा रहे हैं। विकास की यात्रा में प्रदेश का अन्नदाता भी सक्रिय साझेदार बने, इस दृष्टि से कृषि को इनकम बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। वहीं 23 लाख से अधिक डीजल से संचालित ट्यूबवेल को सोलर से जोड़ने के लिए बजट में घोषणा की गई है। इसके साथ पीएम कुसुम योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 फीसदी सब्सिडी की घोषणा की गई है। बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा … Read more

iPhone खोया, किस्मत जागी: Apple ने बदले में दे दिया 2TB वाला मॉडल

नई दिल्ली एक शख्स के लिए उसके iPhone का खो जाना बेहद फायदेमंद साबित हुआ। दरअसल Reddit यूजर ‘ScienceFuture2300’ ने आप बीती शेयर करते हुए बताया कि किस तरह उसका 256GB स्टोरेज वाला iPhone 17 Pro Max खो गया था। इसके बाद जब उसने AppleCare+ प्लान के तरह फोन के चोरी या गुमशुदगी का क्लेम फाइल किया, तो ऐपल ने उसे 8 गुना ज्यादा स्टोरेज वाला iPhone लौटा दिया। गौर करने वाली बात है कि इस शख्स का iPhone सिर्फ 256 GB का था लेकिन बदले में उसे 2TB वाला मॉडल मिल गया। सर्विस सेंटर की गलती से यूजर की मौज रेडिट पर शेयर किया गया ये मामला,(REF.) काफी दिलचस्प है। Reddit यूजर ‘ScienceFuture2300’ को उनके 256GB वाले iPhone 17 Pro Max के बदले 2TB वाला मॉडल थमा दिया गया। इसे लेकर यूजर ने अपने पोस्ट में फोन के सीरियल नंबर और स्टोरेज से जुड़ी तस्वीरें भी शेयर की हैं। बता दें कि iPhone के सीरियल नंबर के जरिए पता लगाया जा सकता है कि फोन नया है या Apple द्वारा रिप्लेस किया गया यूनिट। खोने पर क्यों मिला रिप्लेसमेंट? आपके मन में सवाल आ सकता है कि इस यूजर को आखिर फोन खोने पर रिप्लेसमेंट क्यों मिला। बता दें कि AppleCare+ प्लान लेने पर यूजर फोन खराब होने, टूटने और खो जाने पर ऐपल से रिप्लेसमेंट मांग सकता है। iPhone के टूटने या खराब होने पर अगर फोन रिपेयर हो सकता है, तो ऐपल फोन ठीक करके देता है। वहीं अगर फोन ठीक होने की हालत में न हो या खो जाए, तो AppleCare+ प्लान के तहत बदले में फोन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए कुछ चार्ज ऐपल लेता है। हालांकि जिस फोन के खोने की शिकायत की जाती है, उसे ऐपल बैकएंड से ब्लॉक कर देता है ताकि उसका इस्तेमाल कोई न कर पाए। ऐपल ने क्यों दिया ज्यादा महंगा फोन? कई बार यूजर जिस फोन के लिए क्लेम करता है, वह अगर ऐपल के पास न हो तो ऐपल हर्जाने के तौर पर उससे बेहतर मॉडल अपने यूजर को उपलब्ध कराता है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि संभव है इस यूजर के फोन का मॉडल ऐपल के पास स्टॉक में नहीं होगा। इसके साथ ही ऐसा होने पर ऐपल किसी तरह का एक्सट्रा चार्ज नहीं लेता। ऐसा ही इस यूजर के साथ भी हुआ है। Apple ने पहले भी दिखाई है उदारता ऐसा पहली बार नहीं है कि ऐपल ने किसी के साथ इतनी उदारता दिखाई हो। 2018 में इंटेल मैकबुक प्रो के मालिक को रिपेयर के बदले सीधे M4 Max चिप वाला मैकबुक प्रो दे दिया गया था। इसी तरह 2019 में मैकबुक प्रो के मालिक को M5 मॉडल वाला लेटेस्ट मैकबुक प्रो रिप्लेसमेंट में मिला था। यही वजह है कि अक्सर लोग ऐपल के प्रोडक्ट लेते समय Apple का Care+ प्लान जरूर लेते हैं।

किरगी पंचायत में नहीं है ऑटो स्टैंड की सुविधा पंचायत नहीं है खतरों से खाली

राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर के समीप ग्राम पंचायत किरंगी में इन दोनों खतरे का संकेत माना जाता है देखा जाए तो रीवा अमरकंटक मार्ग में ऑटो की भारी संख्या में लगाई जा रही ऑटो की भीड़ जहां आवा जाहि करने वाले अधिकारी कर्मचारी व आम नागरिकों को हो रही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लगातार घटना का संकेत दिखता नजर आ रहा है जहां रीवा अमरकंटक मार्ग में सारे ऑफिस स्थित हैं जहां अधिकारी रोज आवा गवन करते हैं लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी को दिखाई नहीं पड़ रहा है अगर सड़क किनारे  ऑटो लगेगी तो खतरा हो सकता है आए दिनों जहां अमरकंटक तिराहा राजेंद्र ग्राम में घटना भी हो चुकी है लेकिन अभी भी शासन प्रशासन मौन है और पूरी तरह दुर्घटना ही दुर्घटना दिखाई दे रही है वही देखा जाए तो अमरकंटक तिराहा में बनी यात्री प्रतीक्षालय जहां यात्रियों को बैठने की जगह दुकानदारों ने अपना कब्जा जमा रखें है और यात्रियों को बैठने के लिए रास्ता ढूंढना पड़ रहा है और असुविधा होने की आशंका जताई जा रही है रोज इस मार्ग से पंचायत कर्मचारी सरपंच सचिव थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम एसडीओपी पुष्पराजगढ़ एसडीएम पुष्पराजगढ़ जनपद सीईओ पुष्पराजगढ़ व तहसीलदार एवं सभी अधिकारी कर्मचारी इस मार्ग से आवा गमन करते हैं लेकिन किसी को दिखाई नहीं पड़ता है कहा जाए तो वही पशु चिकित्सालय भी स्थित है जहां आने-जाने या घुसने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जहां शासन प्रशासन इन दिनों बाहर से आए हुए हैंडलूम वालों को पशु चिकित्सालय के अंदर मेला लगाने की अनुमति दी जाती है अगर बाहर के व्यापारियों को मेला लगाने की अनुमति दी जाती है न कि ऑटो स्टैंड बनाने की सुविधा नहीं दी जाती है जहा इन दिनों अतिक्रमण देखा जा रहा है और पुलिस प्रशासन के द्वारा ऑटो संचालकों से हफ्ता वसूली कर अपना जेब भरने में लगे रहते हैं नहीं कि उनको सुविधा दिलाने में और उसी मार्ग से लखौरा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों व कस्तूरबा गांधी हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थीयो को कतार में आना जाना पड़ता है लेकिन विद्यार्थियों को हो रही है सुविधा किसी अधिकारी या कर्मचारी के नजरों में दिखाई नहीं पड़ रहा है और सड़क के किनारे पचासा में चलने की तो जगह ही नहीं है तो विद्यार्थी रोड में चलने को मजबूर हो रहे हैं जहां घटना का संकेत माना गया है।

जहाँ सफर में घुली मिठास और बजा संगीत: भारत के पहले ‘मेलोडी रोड’ की शुरुआत

मुंबई क्या आपने कभी सोचा है कि जिस सड़क पर आप गाड़ी चला रहे हैं, वही आपके लिए सुरीला संगीत बजाने लगे? भारत में यह कल्पना अब हकीकत बन चुकी है। देश में पहली बार एक ऐसी सड़क तैयार की गई है, जहां टायरों की गड़गड़ाहट नहीं, बल्कि मधुर संगीत सुनाई देगा। इस अनूठी पहल से न सिर्फ ड्राइविंग का अनुभव बदलेगा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस जादुई सफर की शुरुआत की गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई के नवनिर्मित कोस्टल रोड (Coastal Road) पर इस ‘मेलोडी रोड’ खंड का उद्घाटन किया। समुद्र के किनारे सफर का आनंद अब संगीत के साथ दोगुना हो जाएगा। कैसे काम करती है यह जादुई तकनीक? यह कोई लाउडस्पीकर का कमाल नहीं, बल्कि हंगरी की एक विशेष तकनीक है। इसे वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किया गया है…     खास मार्किंग: सड़क के एक निश्चित हिस्से पर विशेष प्रकार की बारीक खांचें (Grooves) बनाई गई हैं।     संगीत का ट्रिगर: जैसे ही गाड़ी के टायर इन खांचों के ऊपर से गुजरते हैं, घर्षण (Friction) से एक खास फ्रीक्वेंसी पैदा होती है जो संगीत की धुन में बदल जाती है।     स्पीड की शर्त: संगीत का पूरा आनंद तभी मिलता है जब वाहन की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा हो। यदि गाड़ी इससे तेज या धीमी होगी, तो धुन बदल जाएगी। सुरक्षा और मनोरंजन का मेल फिलहाल इसे कोस्टल रोड के कुछ मीटर के हिस्से में प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया है। सरकार की योजना भविष्य में इसकी लंबाई बढ़ाने और अन्य प्रमुख सड़कों पर भी इसे लागू करने की है। यह तकनीक न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि ड्राइवर को एक निश्चित गति सीमा (60 kmph) बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित भी करती है, जिससे हादसों का खतरा कम होता है।

गुप्त बंकर में छिपी थी करोड़ों की साजिश: नरसिंहपुर पुलिस ने 50 लाख की अवैध शराब जब्त कर दो तस्करों को दबोचा

 नरसिंहपुर  नरसिंहपुर पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन ईगल क्लॉ” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब जब्त की है। कार्रवाई में पुलिस ने दो अंतर्राज्जीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में जिले भर में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 फरवरी की रात्रि में विश्वस्त मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि महाराष्ट्र पासिंग एक आयशर ट्रक में भारी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता के नेतृत्व में दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। एक टीम को नरसिंहपुर से लखनादौन मार्ग पर तथा दूसरी टीम को राजमार्ग चौराहे की ओर तैनात कर सघन वाहन चेकिंग प्रारंभ की गई। बरमान के पास घेराबंदी कर पकड़ा ट्रक चेकिंग के दौरान थाना करेली पुलिस को राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक आयशर ट्रक नरसिंहपुर की ओर से आता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर चालक ट्रक को तेज गति से भगाने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर बैहर तिराहा, बरमान के पास ट्रक को घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी में ट्रक में बड़ी संख्या में मिठाई पैक करने के खाली डिब्बे भरे मिले। चालक की घबराहट को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ। बारीकी से जांच करने पर जब डिब्बों में नुकीली रॉड डाली गई तो नीचे किसी भारी वस्तु की आवाज आई। डिब्बे हटाने पर लगभग तीन फीट नीचे बनाए गए गुप्त बंकर में 286 पेटी अंग्रेजी शराब (इम्पीरियल ब्लू) छिपाकर रखी मिली। हरियाणा व दिल्ली के निवासी हैं आरोपी आरोपियों से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिला और वे शराब नरसिंहपुर से सिलीगुड़ी ले जाने की बात कह रहे थे, किंतु कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने अवैध शराब एवं आयशर ट्रक क्रमांक एमएच 04 के एफ 3613 जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सतीश नंदड निवासी उदेशीपुर, थाना गनोर, जिला सोनीपत हरियाणा एवं मनोज यादव निवासी जफरपुर साउथ वेस्ट दिल्ली शामिल हैं। प्रकरण में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक करेली रत्नाकर हिग्वे, सउनि संतराम मरकाम, प्रधान आरक्षक कुलदीप सोमकुवर, आरक्षक राजेश बागरी, विपिन पटेल, सैनिक रियाज खान एवं रमेश सिसोदिया की विशेष भूमिका रही।  

पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान को प्रेरणादायी स्थान बताया स्कूल शिक्षा मंत्री ने

भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान होगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान : स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह राजधानी भोपाल के बर्राई क्षेत्र में एकात्म मानववाद के जनक की प्रतिमा का अनावरण विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ किया सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बच्चों को किया प्रेरित भोपाल  ‘एकात्म मानववाद’ के जनक पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भोपाल के बर्राई क्षेत्र को 11 जनवरी को दो सौगातें मिलीं। विधासनभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से बने उद्यान की शुरुआत और उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ-साथ विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालय में भी प्रवेश कराया। बच्चों को गुलाब के फूल दिए गए और उन्हें विकसित भारत में योगदान के लिए प्रेरित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर, स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह और विधायक  रामेश्वर शर्मा ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने से परिचित कराया और उनके पद चिन्हों पर चलने के लिए कहा। स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि आज के दिन इस क्षेत्र के लोगों को खुशियां मिलने वाली हैं। इस पार्क को पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से उद्यान के रूप में जाना जाएगा। उनकी प्रतिमा का आज लोकार्पण हुआ है। यह प्रतिमा आपके लिए आगे आने वाले समय में प्रेरणा का काम करेगी, प्रेरक का काम करेगी। ये पार्क इस क्षेत्र में पर्यावरण की दृष्टि से श्रेष्ठ स्थान होगा, जहां बच्चे-बुजुर्ग-नौजवान, सभी यहां पर सुबह और शाम अपना समय यहां व्यतीत कर सकते हैं। ये उद्यान आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान के रूप में जाना जाएगा। पहले लक्ष्य तय करें, फिर उसे पाने की कोशिश करें स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी देश में और हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में सच कर रहे हैं। उस सपने को साकार करने के लिए पीढ़ियां संघर्ष कर रही हैं। हमारे प्रधानमंत्री  मोदी कहते हैं कि पहले लक्ष्य तय करो फिर उसे पाने की कोशिश करो। मैं बच्चों से कहूंगा कि जब तक जीवन में आप लक्ष्य तय नहीं करोगे, तब तक उस तक नहीं पहुंच पाओगे। इसलिए पहले तय करो कि हमको कहां जाना है। पूजे जाते हैं देश को समर्पित लोग विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि हमारे देश में व्यक्ति की पूजा नहीं होती, हमेशा गुणों की पूजा होती है। इन गुणों के साथ जो व्यक्ति अपना जीवन भारत माता को और इस देश के लोगों को समर्पित करता है, वह हमारे देश में पूजा के योग्य हो जाता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय की कद-काठी साधारण थी, उन्होंने गरीब परिवार में जन्म लिया। उन्होंने व्यक्तित्व से, सादा जीवन से, विद्वत्ता से कम समय में भारत माता की जो सेवा की और भारत से जुड़ा जो चिंतन इस धरती को दिया, उसके कारण आज भारत ही नहीं सारी दुनिया उनके चरणों में शीश झुकाती है। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि आज यहां सांदीपनि विद्यालय में बच्चों का स्कूल प्रवेश होगा। इस विद्यालय को स्थापित करने की विचारधारा पं. दीनदयाल उपाध्याय का ही चिंतन है, यही सबका साथ और सबका विकास है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश की साख मजबूत हो रही है। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि ये बच्चे साल 2047 के साक्षी बनेंगे। ये बच्चे विकसित भारत के नागरिक होने का गौरव प्राप्त करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो काम किया है, उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। प्रधानमंत्री  मोदी का सपना सच करेंगे विद्यार्थी विधायक  रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय भारत के चिंतन को जनमानस तक पहुंचाया, उसे अमर कर दिया। पं. दीनदयाल उपाध्याय के प्राण जनमानस में बसते थे। आज बच्चे सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश कर रहे हैं। इस विद्यालय में उन्हें अच्छी सुविधाएं दी गई हैं। ये बच्चे भारत का भविष्य हैं। ये हमारे लिए गौरव की बात है कि हमें प्रधानमंत्री के रूप में  मोदी जैसी शख्सियत मिली। उनका सपना देश को विश्वगुरू बनाना है। ये बच्चे उनके इस सपने को साकार करने में अहम योगदान देंगे। विधायक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने विकास की अभूतपूर्व गति पकड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गरीब-युवा-अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। विधायक शर्मा ने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए झागरिया में स्टेडियम का निर्माण भी होगा।  

डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को याद किया, समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे वे

पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर किया नमन लालघाटी स्थित प्रतिमा पर की पुष्पांजलि अर्पित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नमो वन में लगाया रुद्राक्ष का पौधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब विश्व में सभी ओर साम्यवाद और समाजवाद की विचारधाराओं का प्रभाव था, तब पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद और अंत्योदय की कल्याणकारी दृष्टि प्रदान की। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को निरंतरता प्रदान करने का प्रभावी प्रयास था। पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता तथा समर्थ भारत निर्माण के चिंतक थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक, संगठनकर्ता और भारतीय जनसंघ के सह संस्थापक रहे। दीनदयाल जी का विचार था कि स्वतंत्रता तभी सार्थक होती है, जब वो हमारी संस्कृति की अभिव्यक्ति का साधन बने। उनके विचारों ने समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में उजास लाने का मार्ग प्रशस्त किया। दीनदयाल जी के विचार भारतीय मानस को सशक्त राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदायल उपाध्याय की प्रतिमा के निकट विकसित नमो वन का अवलोकन कर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, गरीब-किसान-युवा और महिलाओं कल्याण के साथ सभी को प्रगति के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर सक्रिय है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विश्व में देश का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर केश शिल्पियों को उपलब्ध कराई जा रही किट उनके अंत्योदय के विचारों को व्यावहारिक रूप देने का सार्थक प्रयास है।  इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग, भोपाल महापौर मती मालती राय सहित  रविन्द्र यति जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

भूपेश ने बताया- मोदी और शाह ने BJP में शामिल होने का प्रस्ताव दिया, मना करने पर दबाव का सामना करना पड़ा

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में कहा कि मुझे भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया गया था। जब कमिटमेंट नहीं दिया तो मेरे यहां लगातार छापे पड़ने लगे। भूपेश बघेल ने कहा कि एक-दो बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मिलने के लिए बुलाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। शुरुआत में समझ नहीं आया कि किस मकसद से बुलाया जा रहा है। बाद में एहसास हुआ कि जब-जब वे इन मुलाकातों से लौटते थे, उसके कुछ दिनों के भीतर छापा पड़ जाता था। भूपेश बोले- मदद का दिया ऑफर भूपेश बघेल ने कहा कि मुलाकात के दौरान पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह मदद की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है, जिसे वे निभाते रहेंगे। इसके बावजूद मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी। 8-10 दिन अंदर फिर से पड़ता था छापा पूर्व सीएम ने कहा कि वे अपनी बात कहकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे। ज्ञात हो कि कई बड़े मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता कपिल सिब्बल यू ट्यूब में दिल से विद कपिल सिब्बल नाम का एक शो संचालित करते हैं. अपने इस शो में उन्होंने देश की कई नामचीन हस्तियों से बातचीत की है. अभी चंद दिनों पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी अपने शो में आमंत्रित किया था. इस शो में जब कपिल सिब्बल ने बघेल से पूछा कि क्या मोदी और शाह ने कभी भाजपा में शामिल होने के लिए कोई दबाव डाला था तो जवाब में बघेल ने कहा कि एक-दो बार मुझे गृहमंत्री अमित शाह ने बुलाया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आमंत्रित किया था. जब दोनों नेताओं ने मुझे बुलाया तो मैं यह समझ नहीं पाया कि मुझे किसलिए बुलाया गया है, लेकिन उनका इशारा बाद में समझ में आया. जब मैं उनसे मिलकर आता था तो उसके बाद और ज्यादा छापा पड़ता था…फिर वे पूछते थे कि आपको कैसे मदद करें. उनकी लाइन यहीं होती थी कि आपके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं ? कौन-कौन से अधिकारी आपके विश्वसनीय है. बघेल ने कपिल सिब्बल को बताया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात के बाद उन्हें इस बात का सुखद आश्चर्य भी होता था कि विपक्ष में होने के बावजूद दोनों नेता उनकी मदद के लिए तत्पर है. इंटरव्यूह में बघेल यह कहते हुए भी दिखाई देते है कि- जब-जब मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलता था तो यह जरूर कहता था कि मैं विपक्ष में हूं और विपक्ष का धर्म है कि आपकी आलोचना करुं…बावजूद इसके आप सहयोग करना चाहते हैं. बस…इतना कहकर जाता था और आठवें दिन फिर से  छापा पड़ जाता था. एक बार मैंने प्रधानमंत्री को फोन पर कहा कि आपने तो मदद करने को कहा था, लेकिन इधर तो रेड डलवा दी आपने. प्रधानमंत्री का जवाब था-मैं अधिकारियों से बात करता हूं. बघेल के इस बयान के बाद राजनीति के गलियारों में हलचल मची हुई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि देश के कई अन्य नेताओं की तरह बघेल भी भाजपा की वाशिंग मशीन में प्रवेश लेते तो उन पर और उनके पुत्र चैतन्य बघेल पर जबरिया लादे गए प्रकरणों से उन्हें निजात तो मिल जाती, लेकिन उनकी इमेज संकट के समय भी कांग्रेस का साथ न छोड़ने वाले एक प्रतिबद्ध कांग्रेसी नेता के तौर पर बनी हुई है तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा नुकसान झेलना भी पड़ता. भाजपा में आने का इशारा था- भूपेश भूपेश बघेल ने कहा कि शुरुआत में समझ नहीं आया कि भाजपा में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। कभी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि वे कोई कमिटमेंट देकर नहीं लौटते थे, इसलिए हर चार-पांच दिन में उनके यहां छापे पड़ते थे। भूपेश बोले- मदद का दिया ऑफर भूपेश बघेल ने कहा कि मुलाकात के दौरान पूछा जाता था कि उनके खिलाफ कौन-कौन से केस चल रहे हैं, कौन से अधिकारी भरोसेमंद हैं और किस तरह मदद की जा सकती है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे विपक्ष में हैं और विपक्ष का धर्म सरकार की आलोचना करना होता है, जिसे वे निभाते रहेंगे। इसके बावजूद मदद की बात सुनकर उन्हें हैरानी होती थी। 8-10 दिन के अंदर फिर से पड़ता था छापा पूर्व सीएम ने कहा कि वे अपनी बात कहकर लौट आते थे, लेकिन करीब आठ-दस दिन के भीतर फिर से छापा पड़ जाता था। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर कहा कि आपने तो मदद की बात कही थी, लेकिन मेरे यहां तो छापा पड़ गया। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वे अधिकारियों से बात करेंगे। भाजपा में आने का इशारा था- भूपेश भूपेश बघेल ने कहा कि शुरुआत में समझ नहीं आया कि भाजपा में शामिल होने के लिए बुलाया जा रहा है। कभी सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा गया, लेकिन बाद में यह साफ हो गया कि वे कोई कमिटमेंट देकर नहीं लौटते थे, इसलिए हर चार-पांच दिन में उनके यहां छापे पड़ते थे। 18 जुलाई 2025 को ED ने किया था चैतन्य को गिरफ्तार दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था, हालांकि अब उन्हें जमानत मिल गई है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया। साथ ही 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई। हालांकि, शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैतन्य को 2 जनवरी हाईकोर्ट से जमानत … Read more

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग का रास्ता साफ

जयपुर राजस्थान सरकार ने बजट 2026 में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामदानी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि आठवें वेतन आयोग के गठन के लिए एक हाई पावर कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही 8 नए जिलों और नई पंचायत समितियों में सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे। नई ग्राम पंचायतों को मिला बड़ा तोहफा राज्य के 3467 नई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्रामदानी गांवों के किसानों को अब खातेदारी अधिकार दिए जाएंगे, जो अब तक उन्हें प्राप्त नहीं थे। मुख्य सचिव कार्यालय में डिरेगुलेशन सेल बनाई जाएगी और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा। होमगार्ड की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी शहरों में होमगार्ड की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाएगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, उपनिवेशन विभाग को समाप्त कर उसका राजस्व विभाग में विलय किया जाएगा। गृह विभाग का रिवॉल्विंग फंड बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार ने बेहतरीन काम करने वाली पंचायतों के लिए राष्ट्रीय पंचायती पुरस्कार की तर्ज पर राज्य स्तरीय ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ की घोषणा भी की है। इसके अलावा, शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल लाने के लिए 32,000 करोड़ रुपये की विशाल परियोजना का काम जल्द ही शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और पंचायतों के लिए इन घोषणाओं के माध्यम से प्रशासनिक क्षमता, सुरक्षा और विकास को मजबूत बनाने का संदेश दिया है।  

बस से उतरते वक्त हुआ जानलेवा हादसा, प्रधान आरक्षक की मौके पर मौत

दुर्ग जिले के महिला थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक की मौत की खबर सामने आई है. यह घटना दुर्ग बस स्टैंड में हुई. 15 दिन की छुट्टी से वापस लौटे प्रधान आरक्षक बस से उतरते समय फिसल कर नीचे गिर गए. जिससे उन्हें चोंट आई. उन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले गया, लेकिन उनकी मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के महिला थाना भिलाई में पदस्थ प्रधान आरक्षक त्रिलोक सिंह (आरक्षक क्रमांक 33) मूलतः मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के निवासी थे. वह 15 दिनों की छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव गए हुए थे. छुट्टी समाप्त होने के बाद वह अपनी बेटी के साथ बस से दुर्ग वापस लौटे. यहां दुर्ग लौटकर उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करना था. दुर्ग बस स्टैंड में बस पहुंचने के बाद वह बस से उतर रहे थे. इस दौरान उनका पैर फिसल गया और अचानक वे असंतुलित होकर जमीन पर गिर पड़े. जमीन पर गिरने से उनकी आंख के नीचे गंभीर चोटें आई. साथ में मौजूद उनकी बेटी और अन्य लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया. जहां परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. गिरने से लगी गंभीर चोट के बाद मौत डॉक्टरों ने मौत की प्रारंभिक वजह बस से उतरने के दौरान गिरने से लगी चोट बताई है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है.

कर्मचारियों को मिलेगा ₹9 लाख तक एरियर, 8वें वेतन आयोग का लाभकारी फॉर्मूला

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। वैसे तो वेतन आयोग की सिफारिशें आने में एक साल से भी ज्यादा लगेंगे लेकिन लोग अपनी सैलरी का कैल्कुलेशन अभी से करने लगे हैं। दरअसल, वेतन आयोग की सिफारिशें फिटमेंट फॉर्मूले के तहत लागू होने की उम्मीद है। वहीं, सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू होंगी तो ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि उन्हें एरियर भी मिलेगा। एरियर की अवधि 18 से 24 महीनों तक की हो सकती है। अब सवाल है कि आखिर कितना तक एरियर मिल सकता है। आइए फिटमेंट फॉर्मूले के अलग-अलग आंकड़ों के हिसाब से समझ लेते हैं। लाखों रुपये का एरियर लेवल 1 से लेवल 5 तक के कर्मचारियों के लिए यह एरियर लाखों रुपये में मिल सकता है। अगर 1 जनवरी 2026 को प्रभावी तिथि मानते हुए 20 महीनों का एरियर लिया जाए और फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.15, 2.28 या 2.57 के आधार पर गणना की जाए, तो लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिलने की संभावना बनती है। 9 लाख रुपये से ज्यादा एरियर मान लीजिए कि सातवें वेतन आयोग के तहत लेवल 1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। वहीं,लेवल 5 कर्मचारियों की सैलरी 29,200 रुपये है। अब आठवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का 20 महीने का एरियर 3.60 लाख रुपये से 9.17 लाख रुपये तक बन जाता है। यह कैल्कुलेशन फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.15, 2.28 और 2.57 के आधार पर किया गया है। बता दें कि एरियर की गणना का तरीका सीधा होता है। इसमें 7वें वेतन आयोग के तहत मौजूदा बेसिक पे पर स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर लागू कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। इसके बाद पुरानी और नई सैलरी के बीच का मासिक अंतर निकाला जाता है और उसे देरी के महीनों की संख्या से गुणा किया जाता है। आमतौर पर एरियर में बेसिक पे का अंतर और संशोधित वेतन के अनुसार महंगाई भत्ते (DA) का अंतर शामिल होता है। मांगे गए हैं सुझाव हाल ही में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। आयोग ने MyGov पोर्टल पर एक संरचित प्रश्नावली के जरिए मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं। मतलब ये कि आप वेतन आयोग को किसी भी तरह के सुझाव दे सकते हैं। अगर सुझाव सही होंगे तो उस पर अमल भी किया जा सकता है। बता दें कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी, जबकि वित्त मंत्रालय ने 3 नवंबर को इसकी अधिसूचना जारी की।

जनगणना 2027: MP में अप्रैल से पहला चरण, आधुनिक तकनीक से होगी पूरी आबादी की गिनती

इंदौर  देश में 2011 के बाद से पूरे 15 साल बाद एक बार फिर जनगणना हो रही है. मध्य प्रदेश में 16वीं जनगणना के लिए फिलहाल दो चरणों में कार्य प्रारंभ होगा, जो 2 साल तक चलेगा. देश में रहने वाले नागरिकों की संख्या और जनसंख्या के अनुपात में विकास योजनाओं तथा अन्य सांख्यिकी महत्व के लिए जनगणना की जा रही है. इधर, इंदौर में जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा, जो अगले साल फरवरी तक चलेगा. 15 साल बाद शुरू होने जा रही जनगणना इसी प्रकार फरवरी 2027 में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसके तहत देशभर में जनगणना पूरी की जाएगी. लंबे समय बाद हो रही जनगणना उन युवाओं के लिए भी कुतूहल का विषय है, जिन्होंने कभी भी जनगणना जैसी प्रक्रिया में भागीदारी नहीं की है. हालांकि, इस बार जनगणना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें देश के प्रत्येक नागरिक की लगभग पूरी जानकारी सांख्यिकी आंकड़ों में दर्ज की जाएगी. घर-घर जाकर पूछे जाएंगे ये सवाल सांख्यिकी विभाग के मुताबिक इस बार की जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें नागरिक का मकान और भूमि स्वामी की स्थिति, पक्का अथवा कच्चा मकान, पीने के पानी का उपलब्ध साधन, खाना पकाने का ईंधन और इंटरनेट के अलावा फोन, टीवी, वाहन आदि जानकारी भी ली जाएगी. इसके अलावा आहार एवं जीवन शैली से जुड़े अन्य सवाल और परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर भी पूछा जाएगा जो पहली बार रिकॉर्ड में दर्ज होंगे. मोबाइल ऐप से दर्ज होगी जानकारी जनगणना को लेकर इंदौर में तैयारी शुरू हो गई है. इसे लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया, “जनगणना में गुणवत्ता और उच्च स्तर से प्राप्त नियमों और निर्देशों का विशेष ध्यान रखा जाएगा.” उन्होंने बताया, “जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा. इस चरण में 1 से 30 मई 2026 तक घर-घर जाकर मकानों को सूचीबद्ध कर गणना की जाएगी. इसके पूर्व 15 दिन की समयावधि में ऐप के माध्यम से स्व गणना का विकल्प भी मौजूद रहेगा.” प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर नियुक्त दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है. इस दूसरे चरण में डिजिटल माध्यम से घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी. इसके लिए इंदौर में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी. इन्हें विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति की जा रही है.” 

कांग्रेस नेताओं पर भारी मामला: 500 करोड़ का मानहानि केस, CM हिमंता ने सवाल उठाए—सबूत दिखाइए

रायपुर   असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर 500 करोड़ रुपये मानहानि का मुकदमा दायर कर राजनीतिक हलचल मचा दी है. सीएम सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत अन्य नेताओं पर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाने का आरोप लगाया है. यह मुकदमा गुवाहाटी की अदालत में दाखिल किया गया. इस बात से शुरू हुआ विवाद विवाद की जड़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस है. उसमें असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी को पता चला कि राज्य भर में मुख्यमंत्री और उनके परिवार की ओर से लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया गया है. इसके अलावा, AI जनित वीडियो को लेकर भी तनाव बढ़ा है, जिसमें कथित तौर पर सीएम सरमा के खिलाफ गलत सामग्री प्रसारित की गई. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए सरमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जन के आरोप में घेरा गया. 9 फरवरी को शुरू हुई कानूनी कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया। सरमा ने कांग्रेस नेताओं दावों को पूरी तरह से “झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक” करार दिया है। सीएम ने एक्स पर किया पोस्ट सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, “आरोप लगाकर भागने वाली राजनीति का दौर खत्म हो चुका है. गांधी परिवार की इस साजिश को अदालत में देखूंगा.” उन्होंने 9 फरवरी को सिविल और क्रिमिनल मानहानि की कार्यवाही शुरू करने की घोषणा की थी, जो अब अमल में आ गई. भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. गांधी परिवार पर भी हमला मुकदमे के पहले सीएम कह चुके थे कि वह कांग्रेस नेताओं के आरोपों को लेकर लीगल एक्शन लेंगे. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस लीडरशिप पर मिलकर बदनामी करने और पॉलिटिकल ड्रामा करने का भी आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि यह हमला गांधी परिवार के कहने पर किया गया था. उन्होंने कहा कि विपक्ष को पर्सनल बुराई के बजाय मुद्दों और गवर्नेंस पर फोकस करना चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान बने विवाद की वजह बता दें कि, मामला 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से शुरू हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। सरमा ने इन दावों को पूरी तरह से “झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक” करार दिया है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि वे गांधी परिवार के गुलामों की ओर से किए जा रहे प्रचार, बदनाम करने की कोशिश या राजनीतिक नाटक से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनके पास जरा भी साहस या सबूत है तो अदालत में पेश करें। इसी बीच असम की राजनीति में हिमंता सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से गहरे संबंध हैं और इससे संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है और उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है।

त्योहार पर रेल सुविधा बढ़ी: छत्तीसगढ़–बिहार के बीच दुर्ग–मधुबनी होली स्पेशल ट्रेन का संचालन

रायपुर मार्च महीने में होली के महापर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने एक बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने दुर्ग से बिहार के मधुबनी के बीच ‘होली स्पेशल ट्रेन’ चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्टेशनों जैसे रायपुर, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ से होते हुए झारखंड और बंगाल के रास्ते बिहार पहुंचेगी। होली के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे विशेष पहल बता दें कि अक्सर होली के दौरान नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को सुलझाने और यात्रियों को सुगम सफर प्रदान करने के लिए रेलवे द्वारा गाड़ी संख्या 08753/08754 का परिचालन किया जा रहा है। ट्रेन की समय-सारणी और रूट 1. दुर्ग-मधुबनी होली स्पेशल (08753): यह ट्रेन 1 मार्च 2026 को दुर्ग से रवाना होगी।     प्रस्थान: दुर्ग से रात 00:30 बजे।     प्रमुख स्टॉपेज: रायपुर (01:20), बिलासपुर (03:30), रायगढ़ (05:28), झारसुगुड़ा (07:15), हटिया (12:10), रांची (12:30), धनबाद (17:00), जसीडीह (20:25), बरौनी (00:40) और दरभंगा (03:15)।     आगमन: मधुबनी स्टेशन पर 2 मार्च को सुबह 04:45 बजे। 2. मधुबनी-दुर्ग होली स्पेशल (08754): वापसी में यह ट्रेन 2 मार्च 2026 को मधुबनी से प्रस्थान करेगी।     प्रस्थान: मधुबनी से सुबह 06:15 बजे।     वापसी का मार्ग: समस्तीपुर (08:40), क्यूल (12:00), चितरंजन (16:05), बोकारो स्टील सिटी (21:35), राउरकेला (03:18) और बिलासपुर (09:50)।     आगमन: रायपुर (11:40) और दुर्ग दोपहर 12:45 बजे (3 मार्च)। कोच संरचना यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच लगाए गए हैं, जिसका विवरण निम्नानुसार है:     एसी थ्री टायर: 02 कोच     स्लीपर क्लास: 09 कोच     जनरल (सामान्य): 05 कोच     एसटीआरडी (गार्ड एवं दिव्यांग): 02 कोच     यात्रियों के लिए सलाह: रेलवे ने अपील की है कि यात्री अपनी टिकट रेलवे काउंटर या आधिकारिक वेबसाइट www.indianrail.gov.in के माध्यम से समय रहते बुक करा लें ताकि अंतिम समय की अफरा-तफरी से बचा जा सके।

थाईलैंड में दिल दहला देने वाली घटना: डे-केयर सेंटर में फायरिंग, 34 मरे

बैंकाक थाईलैंड से दहशतगर्दी की बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. यहां दो अलग-अलग घटनाओं में 34 लोगों की हत्या कर दी गई है, जिसमें 22 बच्चे शामिल हैं. इन घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया है. सामने आया है कि एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने डे-केयर सेंटर में घुसकर 34 लोगों की हत्या कर दी. इसके अलावा साउथ थाईलैंड के हाट याई में मौजूद एक स्कूल में 18 साल के युवक ने फायरिंग कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और एक महिला कर्मचारी को बंधक बना लिया. इसे थाईलैंड के इतिहास की सबसे भयावह घटना के तौर पर देखा जा रहा है. एक पूर्व पुलिस अफसर ने एक डे-केयर सेंटर में अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस हमले में कम से कम 22 बच्चों और 12 वयस्कों की मौत हो गई. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह देश के इतिहास की सबसे घातक मास शूटिंग है. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक पसर गया और लोगों में गुस्सा भी है.  पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की मंशा का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

NH-30 पर तेज रफ्तार का तांडव, सड़क हादसे में DRG जवान शहीद

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से सटे आसना क्षेत्र में मंगलवार की रात दर्दनाक सड़क हादसे ने सुरक्षा बल के एक जांबाज को छीन लिया. नेशनल हाइवे 30 पर अज्ञात वाहन ने जगदलपुर की ओर जा रहे डीआरजी जवान भरत भारती की बाइक को जोरदार टक्कर से मारी. हादसा इतना भीषण था कि जवान की मौके पर ही मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, घटना कोतवाली थाना इलाके की है. लोगों की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पंहुची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस हादसे के कारणों और चालक की तलाश में जुट गई है. अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. 2022 में बस्तर फाइटर में हुथा था चयन बताया गया कि वर्ष 2022 में भरत भारती का चयन बस्तर फाइटर में हुआ था, जिसके बाद उनकी पोस्टिंग डीआरजी दस्ते में की गई थी. हादसे के बाद पुलिस महकमे और जवान के साथियों में शोक की लहर है. पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की पड़ताल तेज कर दी है.

US-Pak रिश्तों पर खुलासा: रक्षा मंत्री के बयान से गरमाई राजनीति, संसद में उठे तीखे सवाल

 इस्लामाबाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में स्वीकार किया है कि अमेरिका ने अपने रणनीतिक हितों के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और फिर उसे ‘टॉयलेट पेपर से भी बदतर तरीके से फेंक दिया’. उन्होंने कहा कि अमेरिका की जंगों में शामिल होने का खामियाजा पाकिस्तान को भारी कीमत चुकाकर उठाना पड़ा. ख्वाजा आसिफ ने 1999 के बाद अफगानिस्तान में पाकिस्तान की दोबारा सक्रिय भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस वक्त इस्लामाबाद ने एक बार फिर वॉशिंगटन के साथ खड़े होने का फैसला किया, ताकि अमेरिकी समर्थन हासिल किया जा सके. उन्होंने साफ कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के लिए तबाही भरा साबित हुआ. ‘जिहाद के नाम पर बड़ी गलती हुई’ पाकिस्तान में वर्षों से गढ़ी गई आधिकारिक धारणाओं को खारिज करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि अफगान युद्धों में पाकिस्तान की भागीदारी इस्लाम की रक्षा के लिए नहीं थी. उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि पाकिस्तानियों को जिहाद के नाम पर लड़ने और मरने भेजा गया, जो एक गलत फैसला था. ख्वाजा आसिफ ने यह भी बताया कि इन युद्धों को जायज ठहराने के लिए पाकिस्तान के शिक्षा पाठ्यक्रम तक में बदलाव किए गए और आज भी वे बदलाव पूरी तरह वापस नहीं लिए जा सके हैं. उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ अफगान युद्ध धार्मिक कर्तव्य नहीं बल्कि अमेरिकी रणनीति का हिस्सा था. आसिफ के मुताबिक, रूस ने अफगानिस्तान पर इस तरह कब्जा नहीं किया था कि जिहाद का ऐलान जरूरी हो, इसके बावजूद पाकिस्तान उस युद्ध में कूद पड़ा. उन्होंने माना कि उस फैसले के दुष्परिणाम दशकों बाद भी देश भुगत रहा है. ‘अमेरिका ने इस्तेमाल किया और छोड़ दिया’ रक्षा मंत्री ने कहा कि 1999 के बाद अमेरिका के साथ फिर से खड़े होने की पाकिस्तान को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी, जिससे देश आज तक पूरी तरह उबर नहीं सका है. उन्होंने पूर्व सैन्य शासकों जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तान को ऐसी जंगों में झोंक दिया, जो उसकी नहीं थीं. संसद में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान को ‘टॉयलेट पेपर से भी बदतर’ तरीके से इस्तेमाल किया गया. पहले जरूरत पड़ी तो साथ लिया गया और फिर बेरहमी से छोड़ दिया गया. 11 सितंबर 2001 के बाद के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका के नेतृत्व वाली वॉर ऑन टेरर में तालिबान के खिलाफ मोर्चा लिया. हालांकि बाद में अमेरिका वहां से चला गया, लेकिन उस जंग के दीर्घकालिक दुष्परिणाम आज भी पाकिस्तान झेल रहा है. ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती.’ उन्होंने इन फैसलों को अपरिवर्तनीय गलतियां करार देते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से पाकिस्तान दूसरों की जंगों में एक मोहरा बनकर रह गया.

भारत की बड़ी छलांग: अमेरिका के 206 अरब डॉलर बाजार में एंट्री, इन सेक्टरों पर होगी मेहरबानी

नई दिल्ली भारत के एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए एक बड़ा मौका सामने आया है. लंबे समय से भारतीय किसान और फूड एक्सपोर्ट करने वाले अमेरिकी मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहते थे, और अब हालात उनके पक्ष में दिख रहे हैं. अमेरिका का कुल कृषि आयात बाजार करीब 206 अरब डॉलर का है, जो दुनिया के सबसे बड़े इम्पोर्ट मार्केट्स में गिना जाता है. नई ट्रेड व्यवस्था के तहत भारत को इस बड़े बाजार में एंट्री आसान होने जा रही है. कुछ भारतीय प्रोडक्ट्स को पूरी तरह जीरो ड्यूटी पर एंट्री मिलेगी, जबकि कई अन्य सामानों पर पहले से कम टैरिफ देना होगा. इसका सीधा असर यह होगा कि भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में ज्यादा किफायती और कॉम्पिटिटिव हो जाएगा. वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के 46 अरब डॉलर के एग्रीकल्चर इम्पोर्ट सेगमेंट में भारत को जीरो ड्यूटी का फायदा मिलेगा. इसमें मसाले, प्रोसेस्ड फूड, फल, चाय, कॉफी और एसेंशियल ऑयल जैसे अहम प्रोडक्ट शामिल हैं. इसके अलावा करीब 160 अरब डॉलर के बड़े हिस्से में भारतीय सामान 18 प्रतिशत की कम रेसिप्रोकल टैरिफ रेट पर जाएगा. यानी पहले जहां ज्यादा ड्यूटी लगती थी, अब वहां कम शुल्क लगेगा. इससे एक्सपोर्ट की लागत घटेगी और अमेरिकी खरीदारों के लिए भारतीय प्रोडक्ट्स ज्यादा आकर्षक बनेंगे. भारत का होगा ट्रेड सरप्लस आंकड़े भी भारत के पक्ष में संकेत दे रहे हैं. साल 2024 में भारत ने अमेरिका को लगभग 3.4 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात किए, जबकि आयात 2.1 अरब डॉलर का रहा. इस तरह भारत को करीब 1.3 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस मिला. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर नई टैरिफ व्यवस्था सही समय पर लागू हो जाती है, तो यह सरप्लस और बढ़ सकता है. इसका फायदा सीधे किसानों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और एक्सपोर्ट कंपनियों को मिलेगा. यह जीरो ड्यूटी की सुविधा एक इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन होने के बाद लागू होगी, जिसकी संभावना मार्च के आसपास जताई जा रही है. वहीं 18 प्रतिशत की कम टैरिफ दर तब प्रभावी होगी, जब अमेरिका इस संबंध में एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करेगा. उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकती है. यानी आने वाले कुछ महीनों में जमीन पर इसका असर दिखने लगेगा. मसालों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ अगर प्रोडक्ट कैटेगरी की बात करें तो मसालों के सबसे अधिक लाभ मिलने वाला है. अभी अमेरिका के कुल मसाला आयात में भारत की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत है, जिसकी वैल्यू लगभग 2.01 अरब डॉलर है. चाय और कॉफी की हिस्सेदारी फिलहाल 1 प्रतिशत से भी कम है, जबकि पूरा बाजार 9.38 अरब डॉलर का है. इसका मतलब है कि यहां ग्रोथ की बड़ी गुंजाइश मौजूद है. फलों में आम और केले जैसे प्रोडक्ट अमेरिका की कुल खरीद का सिर्फ 0.3 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं. वहीं प्रोसेस्ड फलों का इम्पोर्ट लगभग 759 मिलियन डॉलर का है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी करीब 4.6 प्रतिशत है. साफ है कि सही रणनीति के साथ यह आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है. वनों वाले प्रोडक्ट्स जैसे बांस की कोपलें, वेजिटेबल वैक्स, नट्स और बीजवैक्स भी अलग-अलग सेगमेंट में 0.2 प्रतिशत से लेकर 38 प्रतिशत तक हिस्सेदारी रखते हैं. अब जब टैरिफ में राहत मिलेगी, तो इन प्रोडक्ट्स की डिमांड में इजाफा हो सकता है. खास तौर पर वे प्रोडक्ट्स, जिनकी क्वालिटी पहले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती है, उन्हें बड़ा फायदा मिल सकता है. मरीन सेक्टर को भी मिलेगा फायदा 18 प्रतिशत की रेसिप्रोकल टैरिफ व्यवस्था से मरीन सेक्टर को भी बड़ा बूस्ट मिल सकता है. खासकर झींगा जैसे उत्पाद, जिनका अमेरिकी इम्पोर्ट मार्केट करीब 25 अरब डॉलर का है. इसके अलावा बासमती और प्रीमियम चावल, तिल जैसे ऑयलसीड्स और कुछ खास फलों को भी इस रियायत का लाभ मिलेगा. अगर सप्लाई चेन मजबूत रही और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पूरे किए गए, तो भारत इस सेगमेंट में तेजी से आगे बढ़ सकता है. कुल मिलाकर यह कदम भारतीय एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है. लेकिन सिर्फ टैरिफ में छूट काफी नहीं होगी. सरकार और एक्सपोर्टर्स को क्वालिटी कंट्रोल, टाइमली सप्लाई, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी फोकस करना होगा. अगर इन पहलुओं पर गंभीरता से काम हुआ, तो आने वाले समय में अमेरिकी बाजार में भारत की हिस्सेदारी कई गुना बढ़ सकती है और इसका सीधा फायदा देश के किसानों और एग्री-बिजनेस से जुड़े लोगों को मिलेगा.

महिला नेता पर राष्ट्रपति ट्रंप का गुस्सा, टैरिफ वृद्धि से दिखाया विरोध

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड पर टैरिफ बढ़ा दिया था। अब उन्होंने खुलकर इसकी वजह पर भी बात की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें स्विट्जरलैंड की महिला नेता का बात करने का तरीका पसंद नहीं आया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि महिला नेता छोटा देश होने का हवाला देते हुए टैरिफ में राहत की मांग भी कर रही थीं। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने स्विस फेडरल काउंसिल की सदस्य कैरिन कैलर सटर से हुई बातचीत का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने स्विस नेता को बता दिया कि छोटा देश होने के बाद अमेरिका के साथ उसका 42 बिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसिट है। ट्रंप ने कहा, ‘मैंने 30 फीसदी टैरिफ लगाया था, जो काफी कम था। इसके बाद मुझे कॉल आया, जो मुझे लगा कि स्विट्जरलैंड की प्रधानमंत्री का था। और वह बहुत आक्रामक, लेकिन अच्छे से बात कर रहीं थीं। वह बहुत आक्रामक थीं। उन्होंने मुझसे कहा कि सर हम छोटे से देश हैं। हम ऐसा नहीं कर पाएंगे। हम ऐसा नहीं कर सकते। वह फोन रखने को तैयार ही नहीं थीं।’ ट्रंप ने कहा, ‘नहीं, नहीं, हम एक छोटा देश हैं। बार-बार एक ही बात। वह फोन रखने के लिए तैयार ही नहीं थीं और टैरिफ 30 फीसदी था। और जिस तरह से उन्होंने मुझसे बात की मुझे अच्छा नहीं लगा। ऐसे में उन्हें रियायत देने के बजाए, मैंने उसे बढ़ाकर 39 प्रतिशत कर दिया था।’ उन्होंने दावा किया कि स्विट्जरलैंड अपना सामान अमेरिका निर्यात कर रहा था, लेकिन कोई भी टैरिफ नहीं दे रहा था। पहले भी किया था दावा दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी ट्रंप ने स्विट्जरलैंड की नेता से बात करने का दावा किया था। उन्होंने कहा था, ‘मुझे लगता है प्रधानमंत्री थीं। मुझे नहीं पता राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री किसका फोन था। एक महिला थीं। वह एक ही बात बार-बार दोहरा रही थीं। वह कह रही थीं, नहीं नहीं आप ऐसा नहीं कर सकते। 30 फीसदी टैरिफ। हम बहुत छोटे देश हैं। लेकिन मैंने कहा कि आप भले ही छोटे हैं, लेकिन डेफिसिट बड़ा है।’ खास बात है कि स्विट्जरलैंड में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं होता। यहां सरकार की अगुवाई फेडरल काउंसिल की तरफ से की जाती है, जिसमें सात सदस्य होते हैं। भारत के साथ डील हाल ही में अमेरिका ने भारत के साथ ट्रेड डील की है, जिसके बाद टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत पर आ गया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर बीते सोमवार को घोषणा की थी कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं।

सायबर जालसाजों ने व्यवसायी को लगाई 1.60 लाख की चपत

सायबर जालसाजों ने व्यवसायी को लगाई 1.60 लाख की चपत   टेलीग्राम ग्रुप से जोडऩे के बाद दिया ठगी को अंजाम  भोपाल  पिपलानी पुलिस ने एक व्यवसायी की रिपोर्ट पर अज्ञात सायबर जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने शेयर बाजार तथा अन्य कंपनियों में निवेश का लालच देकर रुपये जमा करवाए और उसके बाद करीब एक लाख साठ हजार रुपये ठग लिए। जानकारी के अनुसार जगदीश सिंह (50) कर्मवीर नगर पिपलानी में रहते हैं और आक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई करने का काम करते हैं। करीब एक महीने पहले उनके वाट्सएप नंबर पर एक लिंक आई।उन्होंने जैसे ही उसे खोला तो एक ग्रुप में जोड़ लिया गया। इस गुप में कई मेंबर थे जो कि ट्रेड में निवेश का काम ऑनलाइन तरीके से कर रहे थे। वह अलग-अलग कंपनियों में पैसा लगाते थे, जिसके बाद उन्हें मुनाफा होता था। मुनाफे की बात वे इस ग्रुप पर शेयर करते थे। जगदीश सिंह ने भी जब ट्रेड में निवेश के लिए हामी भर दी तो उन्हें टेलीग्राम ऐप के एक ग्रुप में जोड़ लिया गया। उन्होंने शुरूआत में 2 हजार रुपए का निवेश किया तो उन्हें फायदा हुआ। इसके बाद दो-तीन बार और उन्हें फायदा हुआ। फायदे की यह रकम ग्रुप के एडमिन द्वारा बनाए गए उनके खाते में दिखाई दे रही थी। दो दिन के भीतर ही उन्होंने 1 लाख 59 हजार रुपए का निवेश कर दिया। बाद में जब उन्होंने यह मूल राशि और मुनाफे की राशि लेना चाही तो उनसे कहा गया कि आपको और भी पैसे भरने होंगे तभी आपके पैसे मिलेंगे। जगदीश सिंह को ठगी का अहसास हुआ तथा उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल को कर दी। वहां से पिपलानी थाने में शिकायत आने पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया।

हिंदूवादी संगठनों का विरोध: जबलपुर मंदिर में पेशाब करने वाला आरोपी गिरफ्तार

 जबलपुर शहर के गढ़ा थाना अंतर्गत छोटी बजरिया क्षेत्र में सोमवार रात एक धार्मिक स्थल पर की गई आपत्तिजनक हरकत के बाद सांप्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। 1963 से स्थापित एक प्राचीन बरगद के पेड़ के नीचे स्थित पूजनीय स्थल पर एक संप्रदाय विशेष के युवक द्वारा की गई अमर्यादित क्रिया ने स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों को आक्रोशित कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। यह है घटनाक्रम जानकारी के अनुसार, गढ़ा छोटी बजरिया में एक विशाल बरगद के पेड़ के नीचे दशकों पुराना धार्मिक स्थल है, जहां स्थानीय नागरिक नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक पूजन-पाठ करते हैं। सोमवार की रात काजी मोहल्ला, गढ़ा निवासी मोहम्मद रिजवान उर्फ रिज्जू वहां पहुंचा और धार्मिक स्थल पर लघुशंका कर दी। इस घृणित कृत्य पर पास ही खड़े स्थानीय निवासी मोहित तिवारी की नजर पड़ गई। मोहित द्वारा आपत्ति जताने और शोर मचाने पर आरोपित रिजवान मौके से भाग निकला।     दरअसल, घटना 9 फरवरी की रात करीब 9:30 बजे गढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत छोटी बजरिया स्थित एक शिव मंदिर की है. यहां मुजावर मोहल्ला के रहने बाले एक मुस्लिम युवक रिजवान ने शिवलिंग पर पेशाब कर दिया था. लोगों ने जब उसे ऐसा करते देखा, तो पीटने लगे. इसकी सूचना हिंदूवादी संगठनों को भी मिली. वो भी वहां पहुंचे. साथ ही पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई. इससे पहले की पुलिस वहां पहुंची आरोपी मौके से फरार हो गया. पुलिस ने लिया ये एक्शन पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान रिजवान खान उर्फ रिज्जु उर्फ भूरा के रूप में हुई. गढ़ा थाना पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196B, 298 और 299 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे संवेदनशील मामले में पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है. साथ ही आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में शांति व्यवस्था भंग न हो. शिवलिंग का शुद्धिकरण घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे और विधि-विधान के साथ शिवलिंग का शुद्धिकरण किया. हनुमान चालीसा और शिव स्तोत्र का पाठ किया गया तथा गंगा और नर्मदा जल से जलाभिषेक कर मंदिर परिसर को पुनः पवित्र किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे. वहीं सुरक्षा में भी भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा. इसके अलावा पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार की जा रही है और अतिरिक्त फोर्स को भी तैनात किया गया है. मुस्लिम समुदाय ने की निंदा इधर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी इस घटना की निंदा की है. समुदाय के लोगों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी का समाज से कोई संबंध नहीं है और उसके कृत्य का वे समर्थन नहीं करते. ज्ञापन में आरोपी को समाज से बहिष्कृत करने की बात कही गई है. साथ ही ये भी मांग की गई कि कानून के तहत उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की हरकत करने का साहस न करे. मंदिरों में पुलिस गश्त बढ़ाई महाशिवरात्रि पर्व को देखते हुए प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है. मंदिरों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है. वहीं पूरे मामले में जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है. थाने का घेराव कर प्रदर्शन सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य और क्षेत्रीय नागरिक गढ़ा थाने पहुँच गए। आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और आरोपित को तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने की ऐसी कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। तनाव के बाद पुलिस ने मोहित तिवारी की शिकायत पर आरोपी मोहम्मद रिजवान उर्फ रिज्जू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे देर रात ही गिरफ्तार कर लिया।

संसद में हंगामा: 25 कांग्रेस सांसदों ने चेंबर में घुसकर की गाली-गलौज, रिजिजू का आरोप

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र में लगातार जारी हंगामे के बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर बड़ा आरोप लगाया है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चेंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। उन्होंने यह आरोप लगाए हैं कि इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत कई सीनियर कांग्रेस नेता भी वहां मौजूद थे। बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए किरन रिजिजू ने कहा, “स्पीकर साहब बहुत आहत हैं। मैंने उनसे बात की है। स्पीकर साहब के चेंबर में जाकर गाली गलौज किया, बुरा भला कहा। फिर स्पीकर साहब ने जो फैसला सुनाया उसको नहीं माने, और फिर राहुल गांधी कहते हैं कि उन्हें सदन में बोलने के लिए किसी की परमिशन नहीं चाहिए, वो मर्जी से बोलेंगे। ये सब रिकॉर्ड पर है। लेकिन सदन में चेयर की अनुमति के बिना नहीं बोल सकते।” केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “स्पीकर के चेंबर में 20,25 कांग्रेस के MPs जब घुसे, तो मैं भी वहां गया। उन्होंने जो गाली गलौज किया स्पीकर के साथ, वह मैं आपको बता नहीं सकता। स्पीकर बहुत नरम आदमी हैं। नहीं तो और कठोर कदम उठाया जा सकता था। यह कोई तरीका नहीं होता।” रिजिजू ने कहा, “जब स्पीकर को गाली दी जा रही थी तब वहां प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं, वेणुगोपाल भी मौजूद थे, कांग्रेस के सीनियर नेता वहां मौजूद थे और इसे बढ़ावा दे रहे थे।” विपक्ष ने पेश किया है अविश्वास प्रस्ताव इससे पहले विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा है। ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने और अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया है कि विपक्ष की ओर से नोटिस सौंपे जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने फैसला किया है कि वह मामले का निपटारा होने तक आसन पर नहीं बैठेंगे और उन्होंने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। सूत्रों ने यह भी कहा कि नोटिस पर विचार किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सौ से ज्यादा सांसदों ने किए हस्ताक्षर जानकारी के मुताबिक निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सचेतक मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को ओम बिरला को पद से हटाने से संबंधित नोटिस सौंपा। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के करीब 120 सांसदों से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। ओम बिरला पर क्या आरोप? यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत सौंपा गया है। विपक्ष ने नोटिस में कहा, ”बीते दो फरवरी को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते समय अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया। यह कोई अकेली घटना नहीं है। करीब-करीब हमेशा ही ऐसा होता है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता।” उन्होंने दावा किया कि गत 3 फ़रवरी को, विपक्ष के आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए ”मनमाने ढंग से” निलंबित कर दिया गया और उन्हें केवल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए दंडित किया जा रहा है। विपक्ष ने ओम बिरला द्वारा सदन में पांच फरवरी को दिए गए उस वक्तव्य का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि चार फरवरी को कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता (प्रधानमंत्री) की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नहीं आए।

साय कैबिनेट की अहम बैठक: किसानों को होली से पहले मिलेगा अंतर की राशि का लाभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसानों के हित समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय     मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।     मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।

बस्तर ओलंपिक बना ‘स्पोर्ट्स फॉर पीस’ मॉडल, साकार हुआ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सपना

रायपुर नक्सलवाद, हिंसा और पिछड़ेपन की पहचान बन चुका था छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल, आज वहां खेल, विश्वास और उम्मीद के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। यह परिवर्तन राज्य के साय सरकार की एक सुदृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति, संवेदनशील प्रशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक’ इस ऐतिहासिक बदलाव का सबसे सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि बस्तर के सामाजिक पुनर्जागरण, सांस्कृतिक गौरव और अंचल में शांति स्थापना का व्यापक अभियान है। ऐतिहासिक सहभागिता आया नजर जब पूरा बस्तर मैदान में उतर गया बस्तर ओलंपिक 2025 के प्रति जनता में अभूतपूर्व उत्साह दिखाई दिया।बस्तर संभाग के सातों जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर से 3,91,289 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया जिसमें पुरुष खिलाड़ी 1,63,668 और महिला खिलाड़ी 2,27,621 रहे। यह एक आंकड़ा नही बल्कि एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। वो बस्तर जहाँ कभी भय और अविश्वास का माहौल था वहीं आज महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी यह दर्शाती है कि बस्तर की बेटियों ने भी राज्य सरकार के प्रति भरोसा जताया है और अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने क्रीड़ा को बनाया सामाजिक परिवर्तन का माध्यम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह स्पष्ट मानना है कि “नक्सलवाद का स्थायी समाधान सिर्फ़ सुरक्षा बलों से नहीं बल्कि आम बस्तरिया को अवसर, विश्वास और सकारात्मक मंच देने से होगा।” इसी सोच के साथ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर ओलंपिक को गृह (पुलिस) विभागखेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से आकार दिया और यह आयोजन छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में बस्तर की नई पहचान बन गया है। खेलों की विविधता : परंपरा और आधुनिकता का संगम बस्तर ओलंपिक 2025 में शामिल खेलों की सूची यह दर्शाती है कि यह आयोजन समावेशी और संतुलित दृष्टिकोण पर आधारित है, खेलों की लिस्ट में शामिल थे एथलेटिक्स, तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल,कराते और वेटलिफ्टिंग लेकिन इन खेलों के साथ ही स्थानीय प्रतिभा को उतना ही सम्मान दिया गया।बस्तर ओलंपिक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मानवीय और संवेदनशील सोच रही। इस आयोजन में विशेष रूप से सम्मिलित हुए आत्मसमर्पित नक्सली (नुवा बाट), माओवादी हिंसा से प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी, जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष), सीनियर वर्ग। 300 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सलियों और 18 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों की भागीदारी यह सिद्ध करती है कि छत्तीसगढ़ का बस्तर अब बहिष्कार नहीं, पुनर्वास और पुनर्जन्म की भूमि बन रहा है। तीन स्तरीय प्रतियोगिता बनी पारदर्शिता और अवसरों का खजाना प्रतियोगिताएँ तीन चरणों में आयोजित की गईं— विकासखंड स्तर – 25 अक्टूबर से, जिला स्तर – 5 नवम्बर से और संभाग स्तर – 24 नवम्बर से। विजेताओं को नगद पुरस्कार,मेडल, ट्रॉफी और शील्ड प्रदान किए गए जिनमे नगद पुरस्कार DBT के माध्यम से राशि सीधे खातों में भेजी गई। संभागीय विजेताओं को “बस्तर यूथ आइकॉन” के रूप में प्रचारित किया गया। “बस्तर यूथ आइकॉन” बस्तर के युवाओं के लिए एक नई पहचान बन गई है। ‘स्पोर्ट्स फॉर पीस’ मॉडल बनी देश के लिए मिसाल देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ में कहा कि “बस्तर ओलंपिक केवल खेल आयोजन नहीं बल्कि विकास और खेल का संगम है।”आज बस्तर ओलंपिक पूरे देश में‘खेल के माध्यम से शांति और विश्वास’ के एक सफल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। बस्तर ओलंपिक का शुभंकर वन भैंसा और पहाड़ी मैना बस्तर की आत्मा के प्रतीक बने जिसमे वन भैंसा, सामूहिक शक्ति और साहस और पहाड़ी मैना, संवाद, संस्कृति और जीवंतता का प्रतीक बना। ये शुभंकर बताते हैं कि बस्तर की पहचान उसकी संस्कृति और सामूहिक चेतना ही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे बताया ‘भविष्य की नींव’ समापन समारोह में अमित शाह का वक्तव्य बस्तर के भविष्य का रोडमैप साबित हो रहा है उन्होंने स्पष्ट कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत होगा। बस्तर को पर्यटन और उद्योग का केंद्र बनाया जाएगा और कश्मीर से अधिक पर्यटक बस्तर में लाने का लक्ष्य सफ़ल होगा। केंद्रीय गृह मंत्री का यह विश्वास कि बस्तर का कोई बच्चा अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक में गोल्ड लाएगा, पूरे देश के लिए प्रेरणा है। बस्तर ओलंपिक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भावनात्मक नेतृत्व प्रदेश के मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “यह आयोजन केवल खेल नहीं अपितु बस्तर की संस्कृति, उत्साह और प्रतिभा का उत्सव है।” उन्होंने माना कि इतनी बड़ी सहभागिता का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण था।सातों जिलों की टीम ने ऐतिहासिक कार्य किया उनके शब्दों में संवेदना, आत्मीयता और आत्मविश्वास झलक थी। आज बस्तर- सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और खेल जैसे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।बस्तर ओलंपिक इसी परिवर्तन का एक और जीवंत प्रमाण है।बस्तर की मिट्टी में साहस है, बस्तर के युवाओं में क्षमता है और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिशा भी। बस्तर ओलंपिक केवल एक आयोजन नहीं बल्कि यह उस बस्तर का जय घोष है जो आज हिंसा नहीं, विकास से पहचाना जा रहा है, जो अब डर नहीं, गर्व का विषय बना हुआ है। जो अतीत नहीं, भविष्य की ओर देख रहा है। वह बस्तर जो आज स्थायी तौर पर बदल चुका है।

ऑपरेशन मुस्कान में सफलता, 27 नाबालिगों को सुरक्षित बरामद किया गया

ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलताएं   राजस्थान-उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न जिलों से 27 नाबालिग बालक-बालिकाएं सुरक्षित बरामद  भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में पुलिस टीम ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से 27 नाबालिग/गुमशुदा बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 5 नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में अपहृत नाबालिग बालक को मात्र 10 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। वहीं थाना तेंदुआ पुलिस ने दो नाबालिक बालिका एवं थाना सुभाषपुरा पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका को जयपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। इसके अतिरिक्त थाना नरवर पुलिस ने भी अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया।इसी प्रकार सीहोर जिले में 4 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना आष्टा, जावर, रेहटी एवं भैरूंदा पुलिस द्वारा गठित टीमों ने तकनीकी सहायता से नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया, साथ ही अपहरण के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। तीन साल की बच्ची समेत तीन नाबालिग दस्तयाब सीधी जिले की थाना कोतवाली क्षेत्र में चीता मोबाइल टीम द्वारा 3 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया, वहीं थाना मझौली पुलिस द्वारा महाराष्ट्र एवं गुजरात से दो नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।विदिशा जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 2 नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब किया गया। अशोकनगर जिले में थाना ईसागढ़ पुलिस द्वारा दो अलग अलग कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। बैतूल जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 2 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। उज्जैन जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा राजस्थान के सांवलियाजी से दो बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर अपहरण में प्रयुक्त वाहन जप्त किया गया तथा 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।   बारह सौ किलोमीटर दूर मिली नाबालिग कटनी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 2 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना बरही पुलिस द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों से दोनों बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। इसी प्रकार उमरिया जिले के थाना मानपुर पुलिस टीम ने लगभग 1200 किलोमीटर दूर सिलवासा (दादर एवं नगर हवेली) से 15 वर्षीय गुमशुदा बालिका को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सकुशल दस्तयाब किया। इसी प्रकार मंदसौर जिले के थाना दलौदा पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर लगभग 700 किलोमीटर दूर ग्रेटर नोएडा, उत्तरप्रदेश से 16 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इधर दतिया, देवास एवं बड़वानी पुलिस ने 1-1 अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है।

मैनिट के विद्यार्थियों को सायबर क्राइम से किया जागरूक

मैनिट के विद्यार्थियों को सायबर क्राइम से किया जागरूक   शेफर इंटरनेट डे पर कार्यक्रम का आयोजन  भोपाल  शेफर इंटरनेट डे के अवसर पर मैनिट कैम्पस में सायबर क्राइम एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त संजय कुमार, विशेष अतिथि के रूप में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला एवं डायरेक्टर मैनिट केके शुक्ला उपस्थित रहे। इस अवसर पर डीसीपी अपराध अखिल पटेल, एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान, मैनिट का स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बढ़ते सायबर अपराध को चिंताजनक एवं पुलिस के लिए आने वाले समय में अत्यधिक चुनौतीपूर्ण बताया। साथ ही विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने तथा अनुशासित होकर जीवन पथ पर आगे बढऩे हेतु सारगर्भित मार्गदर्शन दिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला ने भोपाल शहर की यातायात व्यवस्था, एक्सीडेंट डेथ, ट्रैफिक रूल्स इत्यादि विषयों पर चर्चा करते हुए सभी से ट्रैफिक नियमों का पालन कर अपना जीवन सुरक्षित करने हेतु अपील की। उन्होंने आईटीएमएस, ई- चालान और नई तकनीक के प्रयोग के बारे में जानकारी दी।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस उपायुक्त अखिल पटेल ने विद्यार्थियों द्वारा सायबर क्राइम और ट्रैफिक के बारे पूछे गए सवालों एवं संदेह का जवाब दिया।अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान ने सायबर अपराध के प्रकार एवं उनसे बचाव हेतु व्यावहारिक जानकारी दी तथा सायबर क्राइम के बदलते ट्रेंड, गाइड लाइंस, संचार साथी ऐप्प इत्यादि विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर मैनिट संस्थान के डायेक्टर प्रो. डॉ0 केके शुक्ला ने विद्यार्थियों को सजग और सतर्क रहने हेतु तथा उक्त जागरूकता कार्यक्रम का महत्व बताया और अनुशासित बनकर जीवन का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु मार्गदर्शन दिया।

निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़

बॉटलनेक टू ब्रेकथ्रू बजट 2026-27 (कृषि, मत्स्य, उद्यान, दुग्ध विकास, खाद्य-रसद)  योगी सरकार की प्राथमिकता में किसान, कृषि योजनाओं के लिए 10,888 करोड़ रुपये कृषकों के डीजल पंप सेट को सोलर पम्प में परिवर्तित करने के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये  निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़  उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2832 करोड़ की व्यवस्था पशुधनः छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2,000 करोड़ मत्स्यः अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये  खाद्य एवं रसद की योजनाओं के लिए 20,124 करोड़  दुग्ध विकासः मथुरा में 30 हजार से बढ़कर एक लाख लीटर प्रतिदिन वाली क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना  लखनऊ योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिकों का सशक्तिकरण, रोजगार के अवसर सृजित करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने अपनी बात को सार्थक करते हुए बजट में कृषि योजनाओं पर जोर दिया। इस बजट में कृषि योजनाओं के लिये 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। बजट में पशुधन, मत्स्य, खाद्य-रसद, उद्यान विभाग के लिए भी बजट में बड़ी धनराशि की व्यवस्था की है।  यूपीएग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपये सदन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बजट 2026-27 में कृषि योजनाओं के लिये लगभग 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, यह वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। खन्ना ने बताया कि वर्ष 2026-2027 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन एवं 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य है। एक्वाब्रिज द्वारा प्रस्तावित यूपीएग्रीज परियोजना में एक्वा कल्चर आधारभूत संरचना के तहत विश्वस्तरीय हैचरी तथा विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की बाह्य सहायतित परियोजना के लिये 155 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। यूपीएग्रीज परियोजना के अन्तर्गत एग्रीएक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिये 245 करोड़ रुपये तथा किसान उत्पादक संगठनों हेतु रिवाल्विंग फण्ड योजना के लिये 75 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है।  डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 673 करोड़ 84 लाख  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कृषकों के डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की योजना के लिए 637 करोड़ 84 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फॉर्मिंग योजना सभी जनपदों के 94,300 हेक्टेयर में संचालित है। इस योजना के लिए बजट में 298 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  निजी नलकूपों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2400 करोड़ प्रस्तावित सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि किसानों के निजी नलकूपों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए बजट में 2,400 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत प्रदेश में सीड पार्क विकास परियोजना के लिए 251 करोड़ रुपये और पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के लिए लगभग 103 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2832 करोड़  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजट में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 2,832 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह वर्ष 2025-2026 के सापेक्ष 7 प्रतिशत से अधिक है। राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन योजना के लिए 715 करोड़ तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लिए 478 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2022 के क्रियान्वयन के लिए 300 करोड़ रुपये तो मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।  दुग्ध विकासः मथुरा में 30 हजार से बढ़कर अब एक लाख लीटर प्रतिदिन वाली क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना  दुग्ध विकास के अंतर्गत वित्त मंत्री ने बताया कि सहकारी क्षेत्र के तहत प्रदेश में 19 दुग्ध संघों के माध्यम से दुग्धशाला विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मथुरा में पहले 30 हजार लीटर क्षमता की नवीन डेयरी परियोजना प्रस्तावित की गयी थी, लेकिन इसे संशोधित करते हुये 1 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के नवीन डेयरी प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव है। सरकार ने इसके लिए बजट में 23 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजना के तहत प्रस्तावित दुग्ध संघों में 220 नई दुग्ध समितियों के गठन तथा 450 दुग्ध समितियों के पुनर्गठन का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए 107 करोड़ रुपये की व्यवस्था हुई है।  पशुधनः छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ खन्ना ने बताया कि प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित है। इसके अतिरिक्त 155 वृहद गो- संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन के तहत 1,13,631 पशुपालकों को 1,81,418 गोवंश सुपुर्द किये गये हैं। इन्हें भरण पोषण के लिए 50 रुपये की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे भुगतान किया जा रहा है। छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ तथा वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 253 करोड़ तथा पशु चिकित्सालयों/पशु संघ केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 155 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में पहली बार मोबाइल वेटरेनरी यूनिट की स्थापना भारत सरकार की अम्ब्रेला स्कीम पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण योजना के अंतर्गत सम्मिलित की गयी है। मत्स्यः अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये  सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पुरुष व महिला घटक के लिए क्रमशः 195 करोड़ तथा 115 करोड़ की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए बजट में 190 करोड़ रुपये दिए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा अत्याधुनिक मत्स्य थोक बाजार, एकीकृत एक्वा पार्क तथा मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की नई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। खाद्य एवं रसदः योजनाओं के लिए 20,124 करोड़  खाद्य एवं रसद की योजनाओं के लिये बजट में लगभग 20,124 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अन्नपूर्ति योजना के लिए 15,480 करोड़, निःशुल्क एलपीजी सिलिंडर रीफिलिंग योजना के … Read more

सरकार का बड़ा ऐलान: अब राष्ट्रगान से पहले बजेगा वंदे मातरम्, नियमों में हुआ बदलाव

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नया प्रोटोकॉल जारी किया है. इसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों वाला 3 मिनट 10 सेकंड का पूरा संस्करण कई आधिकारिक अवसरों पर बजाया या गाया जाना अब अनिवार्य कर दिया गया है. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय का यह 10 पन्नों का आदेश 28 जनवरी को जारी किया गया है, जो सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक संस्थाओं को भेजा जा चुका है. गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, तिरंगा फहराए जाने के समय, राष्ट्रपति के किसी कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान पर, राष्ट्र के नाम उनके संबोधन से ठीक पहले और बाद में, तथा राज्यपाल या उपराज्यपाल के आगमन-प्रस्थान और भाषणों से पहले-बाद में ‘वंदे मातरम्’ बजाया या गाया जाएगा. अगर किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ होगा. इस दौरान उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़े रहना होगा. वंदे मातरम् के समय खड़ा होना अनिवार्य रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब ‘वंदे मातरम्’ का आधिकारिक संस्करण बजाया या गाया जाए, तो श्रोताओं को सम्मान में खड़ा होना चाहिए. हालांकि, अगर किसी समाचार फिल्म या डॉक्यूमेंट्री में यह गीत फिल्म का हिस्सा हो, तो दर्शकों से खड़े होने की अपेक्षा नहीं की जाएगी, ताकि कार्यक्रम में अव्यवस्था न हो. दरअसल अब तक ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रोटोकॉल नहीं था, जबकि राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के लिए समय, धुन और प्रस्तुति के नियम पहले से तय हैं. यह पहली बार है जब छह अंतरों वाले विस्तारित संस्करण को आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं. क्या हैं नियम वंदे मातरम को कई आधिकारिक कार्यक्रमों में गाया जाना अनिवार्य किया गया है। इनमें ध्वजारोहण के दौरान, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आने से पहले और जाने के बाद, राज्यपालों के आने से पहले और जाने के बाद शामिल है। पद्म पुरस्कार जैसे समारोहों के दौरान भी वंदे मातरम गाया जाना जरूरी है। इसके अलावा सरकार ने कार्यक्रमों की सूची भी जारी की है। अंग्रेजों ने की रोक लगाने की कोशिशें PIB के अनुसार, गाने और नारेदोनों के तौर परवंदे मातरम के बढ़ते प्रभाव से घबराकर ब्रिटिश सरकार ने इसके प्रसार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। नए बने पूर्वी बंगाल प्रांत की सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों में वंदे मातरम गाने या बोलने पर रोक लगाने वाले परिपत्र जारी किए। शैक्षणिक संस्‍थानों को मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी गई, और राजनीतिक आंदोलन में हिस्सा लेने वाले छात्रों को सरकारी नौकरी से निकालने की धमकी दी गई थी। नवंबर 1905 में, बंगाल के रंगपुर के एक स्कूल के 200 छात्रों में से हर एक पर 5-5 रुपये का जुर्माना लगाया गया, क्योंकि वे वंदे मातरम गाने के दोषी थे। रंगपुर में, बंटवारे का विरोध करने वाले जाने-माने नेताओं को स्पेशल कांस्टेबल के तौर पर काम करने और वंदे मातरम गाने से रोकने का निर्देश दिया गया। नवंबर 1906 में, धुलिया (महाराष्ट्र) में हुई एक विशाल सभा में वंदे मातरम के नारे लगाए गए। 1908 में, बेलगाम (कर्नाटक) में, जिस दिन लोकमान्य तिलक को बर्मा के मांडले भेजा जा रहा था, वंदे मातरम गाने के खिलाफ एक मौखिक आदेश के बावजूद ऐसा करने के लिए पुलिस ने कई लड़कों को पीटा और कई लोगों को गिरफ्तार किया। तीन कैटेगरी में बांटे गए कार्यक्रम आदेश में कार्यक्रमों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में वे अवसर हैं, जहां राष्ट्रीय गीत केवल बजाया जाएगा, जैसे- नागरिक अलंकरण समारोह, राष्ट्रपति का औपचारिक राजकीय समारोहों में आगमन-प्रस्थान, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में, राज्यपाल या उपराज्यपाल का औपचारिक कार्यक्रमों में आगमन-प्रस्थान, परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय आदि. दूसरी श्रेणी में वे कार्यक्रम शामिल हैं, जहां गीत को बजाने के साथ-साथ सामूहिक गायन भी होगा. इसमें राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अवसर, सांस्कृतिक और औपचारिक समारोह (परेड को छोड़कर), तथा राष्ट्रपति का किसी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में आगमन और प्रस्थान शामिल है. इसके लिए कोयर, साउंड सिस्टम और आवश्यकता होने पर गीत के बोल वितरित करने की भी सलाह दी गई है. तीसरी श्रेणी में वे अवसर हैं, जहां ‘वंदे मातरम्’ गाया जा सकता है, जैसे स्कूलों के कार्यक्रम. आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत गाकर की जा सकती है और छात्रों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान बढ़ाने के प्रयास किए जाएं. वंदे मातरम् पर नए आदेश की खास बातें केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है? गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि अब ‘वंदे मातरम्’ का छह अंतरों वाला, 3 मिनट 10 सेकंड का आधिकारिक संस्करण कई सरकारी और औपचारिक कार्यक्रमों में बजाया या गाया जाएगा. किन-किन मौकों पर ‘वंदे मातरम्’ बजाना या गाना अनिवार्य होगा? राष्ट्रपति के आगमन-प्रस्थान, तिरंगा फहराने, राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले-बाद, राज्यपाल/उपराज्यपाल के कार्यक्रमों और नागरिक अलंकरण समारोहों जैसे अवसरों पर. अगर ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों बजें तो क्रम क्या होगा? पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया जाएगा. क्या सभी लोगों के लिए खड़ा होना जरूरी होगा? हां, जब आधिकारिक रूप से गीत बजाया या गाया जाए तो सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा होना होगा. क्या हर स्थिति में खड़ा होना अनिवार्य है? नहीं, अगर किसी डॉक्यूमेंट्री या न्यूज़रील में ‘वंदे मातरम्’ फिल्म का हिस्सा हो, तो खड़े होने की जरूरत नहीं होगी. स्कूलों के लिए क्या निर्देश हैं? स्कूलों में दिन की शुरुआत सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ गाकर की जा सकती है. वंदे मातरम् पर सरकार का जोर यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब केंद्र सरकार ‘वंदे मातरम्’ को लोकप्रिय बनाने पर जोर दे रही है. हाल ही में संसद में राष्ट्रीय गीत की 150वीं जयंती पर लंबी बहस हुई थी और इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का विषय भी ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ रखा गया था. बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1870 के दशक में रचित इस गीत के पहले … Read more

सांसें थाम देने वाला मुकाबला: डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हराया

अहमदाबाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कांटे की टक्कर में दक्षिण अफ्रीका ने डबल सुपर ओवर में अफगानिस्तान को हरा दिया है। दोनों टीमों ने 20-20 ओवर के खेल के बाद 187-187 रन बनाए थे। मैच टाई रहने पर सुपर ओवर में पहुंचा था। इसके बाद अफगानिस्तान ने पहले सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने भी 17 रन बना डाले। सुपर ओवर में स्कोर टाई रहने के बाद मैच दूसरे सुपर ओवर में पहुंचा। दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 23 रन बनाए। जवाब में अफगानिस्तान की टीम ने शुरुआती दो गेंद में कोई रन नहीं बनाए थे, साथ ही नबी भी आउट हो गए थे। इसके बाद गुरबाज बल्लेबाजी के लिए आए और अगली तीन गेंद पर तीन छक्के लगाए। ऐसे में केशव महाराज की आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को छह रन चाहिए थे। फिर महाराज ने वाइड गेंद फेंकी। ऐसे में अफगानिस्तान को मैच टाई कराने के लिए चार रन और जीत के लिए पांच रन चाहिए थे। हालांकि, आखिरी गेंद पर गुरबाज कैच दे बैठे और आउट हो गए। ऐसे में अफगानिस्तान की टीम हार गई। यह हार अफगानिस्तान के लिए दिल तोड़ देने वाली है। गुरबाज मैच के बाद भावुक दिखे।

लोकतंत्र के रक्षकों को नमन: गौरेला में सीएम साय ने मीसाबंदियों को किया सम्मानित

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के प्रवास के दौरान गौरेला के मंगली बाजार में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जिले के मीसाबंदियों एवं उनके परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने मीसाबंदी कोमलचन्द जैन एवं शिव कुमार सोनी के निवास पहुंचकर शाल एवं श्रीफल भेंटकर उन्हें नमन किया और विनम्र भाव से कहा, “हम आपका आशीर्वाद लेने आए हैं।” मुख्यमंत्री साय ने आपातकाल के दौरान मीसाबंदियों द्वारा झेली गई पीड़ा और संघर्ष की दास्तां को गंभीरता से सुना और उनके साहस व त्याग को नमन किया। उन्होंने कहा कि मीसाबंदी लोकतंत्र के सच्चे रक्षक हैं, जिन्होंने देश में आपातकाल के कठिन दौर में अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने मीसाबंदियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सम्मान राशि एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मीसाबंदियों के सम्मान और कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उनके योगदान को सदैव स्मरण रखा जाएगा। मीसाबंदियों ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिया जा रहा सम्मान और सहयोग उनके संघर्ष की सच्ची मान्यता है। इस अवसर पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची, विधायक धरसींवा अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम ने हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जिला प्रवास के दौरान गौरेला स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान हनुमान के समक्ष प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास के लिए प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में आयोजित हवन कार्यक्रम में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका कुशल-क्षेम भी जाना। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्धि और सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है और सभी वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न जनहितकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक प्रणव मरपच्ची, विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी, एसपी मनोज कुमार खिलारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक रूप से स्वागत किया।

‘हमारे हक की जंग’ से गूंज उठी रैली, हिडमा के गीत पर झूमे लोग, मचा सियासी विवाद

बस्तर बस्तर में आयोजित भूमकाल स्मृति दिवस की रैली उस वक्त चर्चा का विषय बन गई, जब रैली के दौरान सार्वजनिक स्थान पर हिडमा के नाम से जुड़ा गीत बजाया गया. गीत के बोलों पर रैली में शामिल लोग झूमते और तालियां बजाते नजर आए, जबकि मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी भी रही. जानकारी के मुताबिक, यह घटना जगदलपुर शहर के अग्रसेन चौक के पास सामने आई, जहां रैली गुजरने के दौरान तेज आवाज में गीत चलाया गया. गीत के बोलों में “हमारे हक की जंग है हिडमा”, “दिल की बस्ती में हिडमा”, “हमारा झंडा तू ही हिडमा” जैसे शब्द शामिल थे. इतना ही नहीं, गीत में जन्म से लेकर मृत्यु तक की कहानी को भी हिडमा के नाम से जोड़ा गया है. गीत बजते ही रैली में शामिल कई लोग भावनाओं में बहते हुए उस पर झूमते नजर आए. पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, हालांकि किसी तरह की तत्काल कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है. अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है कि ऐतिहासिक स्मृति दिवस जैसे कार्यक्रम में इस तरह के गीत का बजना कितना उचित है, और क्या यह कानून-व्यवस्था या सामाजिक संतुलन के लिहाज से सवाल खड़े करता है. अभी भी नक्लवाद की जड़ें बस्तर में समाए हुई : कांग्रेस छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशिल आनंद शुक्ला ने बस्तर में हिड़मा जिंदाबाद के नारे लगाए जाने की घटना को चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि यह सरकार की विफलता है. मार्च 2026 में नक्सलवाद खत्म करने की घोषणा की गई है, जिसमें अब लगभग 49 दिन बचें हैं. ऐसे में बस्तर में यह नारेबाजी सरकार के दावों के विपरीत हैं. अभी भी बस्तर में नक्सलवाद की जड़ें समाई हुई हैं. सिर्फ झूठी बयानबाजी से नक्लवाद समाप्त नहीं होगा. वायरल वीडियो की जांच जारी : बस्तर रेंज आईजी इस घटनाक्रम को लेकर बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है. यह गाना किसने चलाया और कौन-कौन मौके पर मौजूद था इसकी जांच जारी है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी.

आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 2059 करोड़ के प्रावधान के साथ एआई मिशन, साइबर सुरक्षा केंद्र और एआई लैब की बड़ी पहल

बोटलनेक टू ब्रेक थ्रू : यूपी ने तकनीकी महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ाया निर्णायक कदम  2025-26 की तुलना में आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के आवंटन में 76 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर  के लिए 2059  करोड़ के प्रावधान के साथ एआई मिशन, साइबर सुरक्षा केंद्र और एआई लैब की बड़ी पहल 30,000 करोड़ निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क, 900 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य मोबाइल निर्माण में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी, 44744 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और स्टार्टअप में लीडर का दर्जा लखनऊ उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर बड़ा भरोसा जताया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 2059 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है,  जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76 प्रतिशत की भारी भरकम वृद्धि की गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था और उन्नत तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा। बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही इंडिया एआई मिशन के तहत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना के लिए 32 करोड़ 82 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। साइबर सुरक्षा को भी बजट में अहम स्थान मिला है। साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की नई योजना प्रस्तावित की गई है। डिजिटल विस्तार के साथ बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एआई प्रज्ञा कार्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है। इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वन एम वन बी जैसी वैश्विक कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ मिलकर एआई प्रशिक्षण दे रही हैं। किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों तथा राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य एआई तकनीक को जमीनी स्तर तक उतरना है। डाटा सेंटर के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 6 डाटा सेंटर पार्क और 2 डाटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश और 644  मेगावाट क्षमता अर्जित की जा चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत बनी हुई है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स इकाइयां भी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उद्योग और तकनीक में बढ़ते निवेश तथा नवाचार को प्रोत्साहन देने की नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर का दर्जा प्राप्त हुआ है। बजट में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर 76  प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी को प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित विकास मॉडल की ओर तेजी से अग्रसर करेगा।

लाडली बहनों के लिए तोहफा: इस दिन CM सागर से वितरित होगी 33वीं किस्त

भोपाल   मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की 33वीं किस्त का इंतज़ार कर रही महिलाओं की इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली है। सीएम मोहन यादव 14 फरवरी को प्रदेश की करोड़ों लाडली बहनों को बड़ी सौगात देंगे। सीएम मोहन खंडवा जिले के पंधाना से सिंगल क्लिक के माध्यम से बहनों के खाते में राशि डालेंगे। इसके अलावा करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। जिसमें भूमिपूजन भी शामिल है। सीएम के खंडवा दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, 14 फरवरी को सीएम मोहन यादव खंडवा आ रहे हैं। वे पंधाना में लाडली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।  14फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना का दौरा प्रस्तावित है। यह से लाडली बहना योजना की राशि का विवरण किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ मोहन पंधाना विधानसभा में अभी जितने में कार्य पूरे हो चुके है उन निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सीएम के दौरे को लेकर विधायक की अध्यक्षता में विभागों की बैठक भी ली गई है। सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। बता दें कि लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की बेहद महत्वपूर्ण योजना है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में इस योजना का शुभारंभ किया था। जिसके तहत लाभार्थी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में मिलती है। फरवरी में इस योजना की 33वीं किस्त जारी की जाएगी। क्यों कम हुए लाडली बहना योजना से नाम लाडली बहना योजना जब शुरू हुई थी, तब इसमें 1.32 करोड़ नाम जुड़े थे। लेकिन बाद में इसे 1.29 करोड़ और फिर 1.26 करोड़ कर दिया गया। पिछले महीने इस योजना से एक लाख नाम और कम हो गए। जानकारी के मुताबिक जो महिलाएं पात्रता की शर्त पूरी नहीं कर रही थीं, उनके नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा जिनकी उम्र 60 साल हो चुकी है, उनके नाम भी योजना से हटा दिए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक इस योजना का लाभ 60 की उम्र तक ही मिल सकता है। कैसे चेक करें स्टेटस अगर आप इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि आपका नाम लिस्ट में है भी या नहीं, तो आप ऑनलाइन पोर्टल https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाकर पता कर सकते हैं। यहां आपके पास दो विकल्प होंगे। आप चाहें तो अंतिम सूची में जाकर अपना नाम चेक कर सकती हैं। या फिर ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ में जाकर भी स्टेटस चेक कर सकती हैं। इस पर क्लिक करने के बाद बस आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी ही भरना है। इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी से वेरिफाई करना है, आपका स्टेटस खुल जाएगा। क्या बजट में लाडली बहना को लेकर होगा ऐलान लाडली बहना योजना में नए रजिस्ट्रेशन लंबे समय से शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की महिलाएं 18 फरवरी को आने वाले बजट से उम्मीदें लगाए बैठी हैं कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से उन्हें बड़ी सौगात मिल सकती है। इसके अलावा इस साल लाडली बहना योजना का पैसा बढ़ाने की भी बात है, उसे लेकर बजट में घोषणा हो सकती है।  

वित्तीय वर्ष में कर्ज का बूम: सरकार ने एक हफ्ते में दूसरी बार उठाए 5,000 करोड़

भोपाल  विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने और अनुपूरक बजट के पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बजट सत्र के पहले बाजार से 5 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है। पिछले एक सप्ताह में सरकार ने दूसरी बार कर्ज लिया है। इससे पहले 4 फरवरी को ही सरकार ने 5300 करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से तीन किस्तों में ये कर्ज ले रही है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार द्वारा अब तक 67,300 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है। उल्लेखनीय है कि, बजट सत्र 16 फरवरी से शुरु हो रहा है और 18 एमपी का बजट पेश होगा। बता दें कि, एक हफ्ते में लिया गया ये दूसरा कर्ज है, जो सरकार ने तीन किस्तों में लिया है। इसका भुगतान सरकार को आज यानी बुधवार को होने वाला है। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में लिए गए कुल कर्ज की संख्या 36 हो गई है और कर्ज का आंकड़ा 67300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अलग-अलग किस्तों में लिया गया कर्ज जनवरी 2026 तक सरकार ने 30 कर्ज लिए थे, जो फरवरी के पहले 10 दिनों में लिए गए कुल 6 कर्ज मिलाकर 36 तक पहुंच गया है। 3 फरवरी को 3 नए कर्ज लिए जाने के बाद आंकड़ा 33 तक पहुंचा था और आज फिर तीन अलग-अलग किस्तों में कर्ज लिया गया है। इसलिए लिया गया कर्ज 10 फरवरी को लिए गए दो-दो हजार करोड़ के दोनों ही कर्ज 21 साल और 16 साल की अवधि के हैं, जबकि 1000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 8 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान छमाही ब्याज के रूप में किया जाएगा। यहां गौरतलब है कि, मंगलवार को मोहन सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट का प्रजेंटेशन कैबिनेट के सामने किया है, जिसे 18 फरवरी को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। एग्रीकल्चर स्कीम, सिंचाई और पॉवर प्रोजेक्ट तथा कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के स्थायी निर्माण के नाम पर यह कर्ज लिए गए हैं। 2025-26 में महीने दर महीने ऐसे लिया कर्ज -चालू वित्त वर्ष में पहला और दूसरा कर्ज मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए का लिया। -जून में 2 हजार और ढाई हजार के दो लोन लिए गए। -जुलाई माह में पहली बार 2500 और 2300 तथा दूसरी बार 2000 और 2300 करोड़ के चार कर्ज लिए गए। -अगस्त में 1600 करोड़, 1400 करोड़ और 1000 करोड़ रुपए के तीन कर्ज पहले राउंड में और 2500 तथा 2300 करोड़ के दो कर्ज दूसरे राउंड में लिए गए। -सितम्बर महीने में पहले राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ और एक हजार करोड़ के तीन लोन, दूसरे राउंड में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो लोन और तीसरे राउंड में 1500 करोड़ तथा 1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए। इस तरह सितम्बर में सात कर्ज लिए गए। -अक्टूबर में 2700 करोड़ और 2500 करोड़ के दो लोन लिए गए। -नवम्बर में 1500 करोड़, 1500 करोड़ के दो और एक हजार करोड़ का एक कर्ज समेत तीन लोन लिए गए। -दिसम्बर में 1000-1000 करोड़ के तीन कर्ज लिए गए। -जनवरी 2026 में 1500-1500 करोड़ रुपए के दो और एक हजार करोड़ रुपए का एक कर्ज लिया गया। -तीन फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो और 1200 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है। -10 फरवरी को 2000-2000 करोड़ रुपए के दो कर्ज और 1000 करोड़ का एक कर्ज लिया गया है।

सीएम साय की अगुवाई में कैबिनेट मीटिंग आरंभ, नीतिगत फैसलों पर लग सकती है मुहर

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार यानी 11 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है. बजट सत्र से पूर्व हो रही बैठक काफी अहम मानी जा रही है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की संभावना है. कैबिनेट सदस्यों में चर्चा के बाद महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगेगी. बैठक के बाद मंत्री अरुण साव कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी साझा करेंगे.

पूर्व मंत्री ने उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा: ननकीराम ने PM मोदी को लिखा पत्र, PWD विभाग पर सवाल

रायपुर  सूबे में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को विपक्ष से अधिक अपने ही नेताओं से निपटने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक बार फिर भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपनी बेबाकी के लिए चर्चित कंवर ने इस बार सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। यह विभाग वर्तमान में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास है। ननकीराम कंवर की इस आक्रामकता से न केवल राज्य के प्रशासनिक, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में कंठ तक डूब चुकी है। सीजीपीएससी घोटाले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था वहीं भाजपा ने भी पलटवार करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों को गिनाया है। गौरतलब है कि ननकीराम कंवर वही नेता हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के दौरान सामने आए सीजीपीएससी घोटाले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में अब तक 13 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे इससे पहले वे कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर रायपुर में धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद प्रशासन को संबंधित अधिकारी का तबादला करना पड़ा था। वहीं, पिछले महीने ही रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बालोद जिले में आयोजित स्काउट-गाइड के जंबूरी कार्यक्रम में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस आयोजन को रद करने की सिफारिश की थी। प्रमुख अभियंता पर गंभीर आरोप, सीबीआइ जांच की मांग कंवर ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में प्रमुख अभियंता विजय भतपहरी पर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने और अकूत काली संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वर्ष 2011 और 2015 के पुराने आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए कहा है कि कथित रसूख के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। कंवर ने भ्रष्टाचार से अर्जित धन के जरिए जांच एजेंसियों को प्रभावित किए जाने की आशंका भी जताई है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने और अपनी मौजूदगी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है। कांग्रेस को मिला मुद्दा, दीपक बैज ने बोला हमला भाजपा के भीतर से उठ रही इन आवाजों ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की पोल अब उसके अपने ही विधायक और सांसद खोल रहे हैं। बैज ने राजिम कुंभ की अव्यवस्था, शिक्षक भर्ती और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, राजेश मूणत और सुनील सोनी जैसे नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए सरकार को ‘भ्रष्ट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ननकीराम कंवर के आरोपों पर सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि सभी गड़बड़ियां सरकार के इशारे पर ही हो रही हैं। भाजपा का पलटवार कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कड़ा पलटवार किया है। चिमनानी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि महादेव एप, गोठान, शराब और राशन जैसे संवेदनशील मामलों में घोटाले करने वाली कांग्रेस का भ्रष्टाचार पर बोलना वैसा ही है, जैसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में मोहन मरकाम और जयसिंह अग्रवाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने स्वयं अपनी ही सरकार में डीएमएफ भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों की जगह अब केवल जेल है। कई कांग्रेसी नेता पहले ही सलाखों के पीछे हैं और जिसने भी जनता का पैसा लूटा है, वह बच नहीं पाएगा।  

रेल यातायात में बड़ा बदलाव: छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 26 ट्रेनें 14-15 फरवरी और अप्रैल में नहीं चलेंगी

रायपुर  छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कुल 26 यात्री ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया है। यह फैसला रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े निर्माण और रखरखाव कार्यों के चलते लिया गया है। ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार और पंजाब की ओर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, कुछ ट्रेनें 14 और 15 फरवरी को, जबकि बड़ी संख्या में गाड़ियां 4 अप्रैल से 26 अप्रैल तक संचालित नहीं होंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर नया बैलेस्टेड ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए लगभग 20 दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है। इसके अलावा रायपुर मंडल के हथबंद–भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग की जाएगी, जिसके चलते फरवरी में भी कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 14 और 15 फरवरी को कैंसिल होने वाली ट्रेनों के नाम-     68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर     68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर     58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर     58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर 15 फरवरी को ये ट्रेनें कैंसिल रहेंगी     58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर     58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द की जाने वाली ट्रेनों के नाम-     18030 (शालीमार-LTT एक्सप्रेस): 4 अप्रैल से 24 अप्रैल तक     18029 (LTT-शालीमार एक्सप्रेस): 6 अप्रैल से 26 अप्रैल तक     18237 (कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     18238 (अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस): 7 अप्रैल से 27 अप्रैल तक     12410 (निजामुद्दीन-रायगढ़): 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल     12409 (रायगढ़-निजामुद्दीन): 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल     12101 (LTT-शालीमार): 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल     12102 (शालीमार-LTT): 6, 8, 9, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22 और 23 अप्रैल     12807 (विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन): 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल     12808 (निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम): 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल मेमू और डेमू पैसेंजर      68815 (बल्लारशाह-गोंदिया मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     68816 (गोंदिया-बल्लारशाह मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78805 (गोंदिया-कटंगी डेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78806 (कटंगी-गोंदिया डेमू): 5 अप्रैल से 26 अप्रैल तक रद्द की गई ट्रेनों में कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस, शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, रायगढ़–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस और विशाखापट्टनम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है। इसके अलावा कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें भी इस अवधि में नहीं चलेंगी, जिससे दैनिक यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ ट्रेनें अपने अंतिम गंतव्य तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही समाप्त कर दी जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, गोंदिया–बल्लारशाह रूट की पैसेंजर ट्रेनें अप्रैल माह में हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी। वहीं बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक सीमित किया जाएगा, जिससे दुर्ग से आगे का सफर रद्द रहेगा। यात्रियों का कहना है कि पहले से टिकट बुक करा चुके लोगों के लिए अचानक ट्रेनों का रद्द होना असुविधाजनक है, खासकर शादी और परीक्षा सीजन को देखते हुए। हालांकि रेलवे का तर्क है कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर रेल सुविधाओं के लिए आवश्यक है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या नजदीकी स्टेशन से जरूर जांच लें। जिन यात्रियों की ट्रेन रद्द की गई है, उन्हें टिकट रिफंड या वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की सुविधा नियमों के तहत दी जाएगी। आने वाले दिनों में रेलवे द्वारा और ट्रेनों के संचालन में बदलाव की सूचना जारी की जा सकती है।

धार्मिक नियमों पर झगड़ा: हॉस्टल वार्डन पर लड़कियों से बाइबिल पढ़वाने का आरोप, राम-राम व सूर्य नमस्कार

झाबुआ: मध्य प्रदेश के झाबुआ स्थित एक शासकीय हॉस्टल में वार्डन पर छात्रों से बाइबिल पढ़वाने का आरोप लगा है। बाइबिल पढ़वाने का वीडियो भी वायरल हुआ था। हॉस्टल के अंदर प्रार्थना सभाएं हो रही थीं। मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राएं कलेक्टर ऑफिस पहुंची और अपनी शिकायत दी है। ये हॉस्टल की वार्डन बबीता डाबी पर है। बाइबिल पढ़ने का बनाया जा रहा दबाव हॉस्टल से आईं छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उनकी मर्जी के खिलाफ वार्डन वहां पर बाइबिल पढ़ने का दबाव बनाती हैं। वहीं, जब लड़कियां मना करती हैं तो उन्हें हॉस्टल से निकालने की धमकी देती हैं। साथ ही कहती हैं कि करियर बर्बाद कर दूंगा। लड़कियों ने हॉस्टल में चल रही गतिविधियों के बारे में अपने परिजनों को जानकारी दी थीं। सहमी हैं लड़कियां बताया जा रहा है कि हॉस्टल में रह रहीं लड़कियां डर के मारे पढ़ाई छोड़ रहे हैं। अभी तक 10-12 लड़कियों के छोड़ने के आरोप हैं। लड़कियों के पालकों के साथ आए हिंदू संगठन के लोगों ने कहा कि वहां धर्मांतरण चल रहा है। उनसे बाइबिल पढ़वाई जाती है। हॉस्टल में 150-200 लड़कियां यहां रहती हैं। हमलोग झाबुआ कलेक्टर से मिलने आए हैं। उनसे शिकायत की है। साथ ही कार्रवाई की मांग की है। वार्डन को तुरंत सस्पेंड किया जाए। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि हम जांच के लिए टीम गठित कर रहे हैं। एक पालक ने कहा कि हम बच्ची से मिलने गए तो उसने रो दिया। वह घर चलने की जिद करने लगी। फिर बताया कि मैडम कहती हैं कि तुम्हें राम-राम नहीं बोलना है। वह लड़कियों को बाइबिल पढ़ाती हैं। एक अन्य बच्ची के पालक ने कहा कि हमारी बच्ची को ईसाई के बारे में पढ़ाती हैं। साथ ही उसे सूर्य नमस्कार नहीं करवाती है। वह लड़कियों को कहती हैं कि सूर्य नमस्कार करोगी तो यहां नहीं रहने दूंगा। अधिकारियों ने जांच की बात कही वहीं, अभिभावकों की शिकायत पर अधिकारियों ने कहा कि हम इसकी जांच जरूर कराएंगे। वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि वह पुराना है। गौरतलब है कि सरकारी नियम के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान में धार्मिक प्रचार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

चोरी रोकने में तकनीक की मदद: ऐप से ट्रैक होंगी गाड़ियां, हैवी हार्न और साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई

रायपुर /रायगढ़  जिले में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाई साइलेंसर एवं हैवी हार्न के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर सीएसपी मयंक मिश्रा एवं ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह द्वारा सटीक कार्ययोजना तैयार कर अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। अभियान को सफल बनाने  शाम सीएसपी मयंक मिश्रा ने स्थानीय गैरेज संचालकों की पुलिस कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के “सशक्त ऐप” के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि गैरेज में प्रतिदिन आने वाले वाहनों में चोरी के वाहन भी हो सकते हैं, जिनकी पहचान इस ऐप के माध्यम से की जा सकती है। सभी गैरेज संचालकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराया गया तथा उसके उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि चोरी वाहन की सूचना देने वाले पुलिस मित्रों को रायगढ़ पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सीएसपी ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र मॉडिफाई साइलेंसर से विद्यार्थियों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गैरेज में मॉडिफाई साइलेंसर न लगाए जाएं। यदि कोई वाहन चालक यह बताए कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई अन्यथा ऐसे वाहन चालक पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही मॉडिफाई साइलेंसर की खरीद-फरोख्त पर भी निगरानी रखे हुए है। आम नागरिकों एवं गैरेज संचालकों से अपील की गई है कि ऐसे वाहनों की सूचना *पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479193299 पर दें* तथा संभव हो तो फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करें। सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न के खिलाफ अभियान तेज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न वाले वाहनों पर अभियान चलाया जा रहा है। गैरेज संचालकों को कहा गया कि ऐसे उपकरण न लगाएं। यदि कोई वाहन चालक पकड़े जाने के बाद यह बताता है कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई एसएसपी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न लगे वाहन चालक स्वयं तत्काल ऐसे उपकरण हटवा लें। पुलिस चेकिंग में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से समझौता नहीं किया जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर पर कार्यवाही अभियान के पहले ही दिन सघन चेकिंग दौरान यातायात पुलिस ने तीन दुपहिया वाहनों को मॉडिफाई साइलेंसर के साथ पकड़ा। वाहन चालकों के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई तथा चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोहराया है कि अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोबारा उल्लंघन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान का बजट 2026-27: युवाओं के लिए लोन, सौर ऊर्जा विकास और जल सुविधा योजनाओं पर जोर

जयपुर  राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राज्य के 2026-27 के बजट में गांव और शहर की आबादी को नल का पानी देने के लिए 6,800 करोड़ रुपये और बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। साल 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री दीया कुमारी ने मौजूदा सरकार की ओर से किए गए स्ट्रक्चरल सुधारों और समझदारी भरे फाइनेंशियल मैनेजमेंट के असर पर रोशनी डाली और कहा कि राज्य का इकोनॉमिक साइज़ काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि CM जल जीवन मिशन के तहत गांवों को कवर किया जाएगा और हर घर को नल के पानी से जोड़ा जाएगा। इस पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। शहरों में 2,300 करोड़ रुपये की लागत से पीने का पानी दिया जाएगा। 10 लाख तक बिना ब्याज का लोन मिलेगा बीकानेर और जैसलमेर में 2,950 करोड़ रुपये से नए सोलर पार्क बनाए जाएंगे। CM सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट स्कीम के तहत, 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला लोन और ग्रांट दिया जाएगा। इससे 30,000 युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा, नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्थान की इकॉनमी 2026-27 में 21,52,100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, और राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी 2025-26 के आखिर तक 1.67 लाख रुपये से बढ़कर 2.02 लाख रुपये हो जाएगी। दीया कुमारी ने कहा कि यह ग्रोथ फिस्कल डिसिप्लिन और पॉलिसी रिफॉर्म के जरिए इकॉनमी को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दिखाती है। ‘पीएम मोदी के सिद्धांतों पर चल रहे हैं’ दीया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मुख्य सिद्धांतों को अपनाते हुए, राज्य को आर्थिक समृद्धि, टिकाऊ और समावेशी विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा, “2047 तक एक विकसित राजस्थान के सपने को पूरा करने के लिए, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने सेवा, समर्पण और अच्छे शासन को प्राथमिकता दी है, और इस विकास यात्रा में गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखा है।”

योगी सरकार का बजट 2026-27: सुरेश खन्ना ने विधानसभा में पेश किया 9.12 लाख करोड़ का वित्तीय प्लान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ का आधार बताया है, जिसमें समाज के हर वर्ग किसान, युवा, महिला और गरीब की आशाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। बजट के मुख्य आंकड़े कुल बजट आकार: ₹9,12,696 करोड़ राजस्व प्राप्तियां: ₹3,53,315 करोड़ (अनुमानित) प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (जो 2016-17 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है) बेरोजगारी दर: घटकर महज 2.24% रह गई है। दुगनी हुई प्रति व्यक्ति आय योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में राज्य की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 06 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्र से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की शानदार वृद्धि दिखाती है। 14 नए मेडिकल कॉलेज, 1,023 करोड़ का प्रावधान वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं.  रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की दिक्कतों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.  ऊर्जा क्षेत्र को 65,926 करोड़ का बजट ऊर्जा सेक्टर में सरकार ने 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है. –  दिसंबर 2025 तक औसत बिजली आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्र में 19 घंटे, तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट और जनपद मुख्यालय में 24 घंटे सप्लाई हो रही. – 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन जारी. – 2017-18 से अब तक 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन जारी. – 4,680 कृषि फीडर लक्ष्य के मुकाबले 4,048 फीडर बन चुके हैं. इन पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक बताई गई. –  1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बने. – 20,924 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 85,684 की क्षमता बढ़ाई गई. – पारेषण क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट थी, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट किया गया.  नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति को 22,676 करोड़ – नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान. – 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य. अब तक 2.43 करोड़ घरों तक नल संयोजन पहुंच चुका है. – जल जीवन मिशन के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान. – गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 74 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत. 41 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं. सड़क और सेतु के लिए 34,468 करोड़ का प्रावधान प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा बजट आवंटन किया है.  – सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था.  – नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये. – सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये. – राज्य व जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये. – राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये और निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये. – शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये. -औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ी सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये.  यूपी बनेगा IT हब वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकट भविष्य में देश का IT हब बनेगा. भाषण के दौरान उन्होंने कहा, ‘सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में.’  खादी एवं ग्रामोद्योग… 16 हजार रोजगार का लक्ष्य योगी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में बड़े प्रावधान किए हैं. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है. इससे 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है. पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर के खजनी स्थित कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है. माटीकला के पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.  टेक्नोलॉजी और एआई मिशन – राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे. – नई टेक्नोलॉजी … Read more

Deepfake और झूठे AI पोस्ट पर कंट्रोल, भारत सरकार ने लागू की नई गाइडलाइंस

नई दिल्ली  भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही फर्ज़ी वीडियो, डीपफेक, ऑनलाइन ठगी और गलत जानकारी का खतरा भी बढ़ा है. इन्हीं समस्याओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने आईटी नियमों में बड़ा बदलाव किया है. भारत सरकार ने इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी ((Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) रूल्स, 2021 में संशोधन करते हुए नए नियम नोटिफाई किए हैं, जो 20 फरवरी 2026 से लागू होंगे. इन नए नियमों के तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप्स, वीडियो शेयरिंग साइट्स और एआई टूल्स को यह साफ बताना होगा कि कोई कंटेंट एआई से बना है या उसमें एआई का इस्तेमाल किया गया है. भारत सरकार का साफ कहना है कि यूजर्स को यह जानने का हक है कि वो जो भी देख या सुन रहे हैं, वह असली है या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई टेक्नोलॉजी की मदद से बनाया गया है. एआई और सिंथेटिक कंटेंट की नई परिभाषा भारत सरकार ने एआई-जनरेटेड कंटेंट और सिंथेटिक कंटेंट की परिभाषा को पहले से ज्यादा बेहतर बना दिया है. अब फोटो, वीडियो, ऑडियो, ग्राफिक्स या किसी भी डिजिटल कंटेंट को, अगर कंप्यूटर या एआई टेक्नोलॉजी से इस तरह बदला गया है कि आम यूज़र को उसमें फर्क न समझ आए, तो उसे सिंथेटिक कंटेंट माना जाएगा. इसका सीधा निशाना डीपफेक कंटेंट है, जिसमें किसी व्यक्ति की नकली वीडियो या आवाज़ बनाकर उसे गलत तरीके से पेश किया जाता है. ऐसे कंटेंट को अब गैरकानूनी जानकारी की कैटेगिरटी में रखा जाएगा. हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि सामान्य फोटो एडिटिंग, कलर करेक्शन, सबटाइटल जोड़ना, ट्रांसलेशन, पढ़ाई या एक्सेसिबिलिटी से जुड़े काम सिंथेटिक कंटेंट नहीं माने जाएंगे, जब तक कि वो लोगों को गुमराह न करें.     AI कंटेंट पर लेबलिंग होगी जरूरी: नए नियमों के मुताबिक एआई से बने या बदले गए कंटेंट पर साफ लेबल लगाना अनिवार्य होगा. वीडियो में ऑन-स्क्रीन टैग दिखेगा और ऑडियो कंटेंट की शुरुआत में यह बताया जाएगा कि यह एआई से तैयार किया गया है. इसके अलावा कंटेंट में मेटाडेटा भी जोड़ा जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि वह किस प्लेटफॉर्म या टूल से बनाया गया है.     कंटेंट हटाने की समय सीमा बेहद कम: अब किसी भी गैरकानूनी या नुकसानदेह कंटेंट को हटाने के लिए प्लेटफॉर्म्स को पहले की तरह 36 घंटे नहीं, बल्कि सिर्फ 3 घंटे का समय मिलेगा. आपातकालीन शिकायतों पर कार्रवाई का समय भी घटाकर 2 घंटे कर दिया गया है.     बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती: Facebook, Instagram, YouTube, X जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को अब पोस्ट अपलोड करते वक्त यूजर्स से यह घोषणा लेनी होगी कि कंटेंट AI से बना है या नहीं. प्लेटफॉर्म्स को तकनीकी तरीकों से इस दावे की जांच भी करनी होगी और AI कंटेंट को साफ तौर पर अलग दिखाना होगा. नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है.     हर तीन महीने यूजर्स को चेतावनी जरूरी: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अब हर तीन महीने में यूजर्स को यह याद दिलाना होगा कि नियम तोड़ने पर अकाउंट सस्पेंड या बंद हो सकता है. ये नोटिस अंग्रेजी या भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं में दिए जा सकते हैं. गंभीर मामलों में प्लेटफॉर्म्स को पुलिस या जांच एजेंसियों को सूचना देना भी अनिवार्य होगा.     AI टूल देने वाली कंपनियों की जिम्मेदारी: जो प्लेटफॉर्म एआई या डीपफेक बनाने के टूल देते हैं, उन्हें यूजर्स को साफ चेतावनी देनी होगी कि गलत इस्तेमाल करने पर जेल और कानूनी कार्रवाई हो सकती है. अगर कोई नियम तोड़ता है, तो प्लेटफॉर्म को कंटेंट हटाने, अकाउंट बंद करने, सबूत सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर जानकारी शेयर करने की जिम्मेदारी निभानी होगी. कुल मिलाकर, ये नए नियम भारत में एआई कंटेंट को लेकर अब तक की सबसे सख्त और व्यापक पहल माने जा रहे हैं, जो डिजिटल दुनिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं.

बांधवगढ़ रिजर्व में कड़ा एक्शन: सफारी नियम तोड़ने पर चालक और गाइड हुए नोटिस के हकदार

बांधवगढ़ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली जोन में सफारी के दौरान नियमों की अनदेखी करना 17 वाहन चालकों और गाइडों को महंगा पड़ गया। पर्यटन अधिकारी ने सभी संबंधित चालकों और गाइडों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। कार्रवाई तब हुई जब सफारी के दौरान पर्यटकों को वाहन से नीचे उतरकर मोबाइल फोन का उपयोग करते देखा गया और कई वाहनों की गति निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई।  टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लागू है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण की शांति और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद खितौली जोन में नियमों की खुली अनदेखी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, कुछ पर्यटक वाहन से उतरकर मोबाइल का उपयोग कर रहे थे, जबकि संबंधित चालक और गाइड उन्हें रोकने में असफल रहे। साथ ही जंगल क्षेत्र में तेज रफ्तार से वाहन चलाने की शिकायतें भी दर्ज की गईं। वन विभाग का कहना है कि टाइगर रिजर्व में हर नियम वन्यजीवों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर बनाया गया है। तेज रफ्तार वाहन या अनियंत्रित गतिविधियां न केवल जानवरों को परेशान करती हैं, बल्कि हादसों की आशंका भी बढ़ाती हैं। ऐसे में नियमों का पालन सुनिश्चित करना चालक और गाइड दोनों की जिम्मेदारी है। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है उनमें राम भगत यादव, राम सहाय यादव, प्रियांजू सिंह, नरेश सिंह, प्रवीण यादव, अंशुमन शाह, उत्तम सिंह, पवन साहू, विश्वजीत सिंह, महेश सिंह, शुयष केशरी, संजय गुप्ता, विनोद यादव, सूरज यादव, संजीव यादव और कार्तिकेय सिंह जैसे वाहन चालक शामिल हैं। इनके साथ देवराज सिंह, सोमेल सिंह, विजय सिंह, अनिल साहू, नंदलाल सिंह, रामावतार यादव, निखिल सिंह, अजय सिंह, अर्जन सिंह, पुष्पांजलि साहू, अजय कुमार गुप्ता, लवकेश सिंह, बसंतलाल यादव, राम कृपाल सिंह और काशी यादव जैसे गाइडों को भी नोटिस दिया गया है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक न मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बांधवगढ़ की पहचान उसके अनुशासन और संरक्षण व्यवस्था से है, और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

इंदौर फिर तैयारी में: क्लीन सिटी का रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए नगर निगम का फोकस स्वच्छता पर

इंदौर पूरे देश में स्वच्छता के लिए पहचाने जाने वाले इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत नगर निगम के लिए अब कोई मुद्दा नहीं है. यही वजह है कि नगर निगम ने भागीरथपुरा के हालातों से किनारा करते हुए अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इस बीच फिर यहां दो लोगों की मौत हो गई है. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मृत्यु का दौर जारी है. हालांकि 2 महीने बीतने के बाद भी न तो सरकार मृत्यु का कारण स्पष्ट कर पाई न ही मरने वालों की संख्या सार्वजनिक कर पाई. इस मामले में दायर जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने खुद एक सदस्य जांच आयोग गठित किया है. लेकिन इसके बावजूद सरकार भागीरथपुरा की स्थिति पर अब तक नियंत्रण नहीं कर पाई. भागीरथपुरा में दो लोगों की मौत नतीजेतन यहां बॉम्बे अस्पताल में बीते कुछ दिनों से भर्ती भागीरथपुरा निवासी 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर और 2 साल की मासूम रिया जो सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल में भर्ती थी की मौत हो गई. हालांकि नगर निगम कमिश्नर ने विगत दिनों भागीरथपुरा को लेकर दावा किया था कि वहां पानी की लाइन बदलने का काम अंतिम दौर में है वही नर्मदा के पानी की सप्लाई भी शुरू करवा दी गई है. यह बात और है कि अभी भी लोग वहां नलों से आने वाले पानी को पीने से डर रहे हैं. नगर निगम का दावा इंदौर के हालात सामान्य हालांकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से यह मान लिया है कि अब वहां के हालात पूरी तरह सामान्य है. इसलिए निगम ने अब स्वच्छता रैंकिंग पर फोकस कर दिया है. इसे लेकर मंगलवार को आयोजित एक समारोह में इंदौर को नवमी बार स्वच्छता रैंकिंग में पहले नंबर पर लाने के लिए वार्ड बार स्वच्छता अभियान की प्लानिंग की गई है. इसके अलावा शहर को स्वच्छता अभियान को लेकर प्रेरित करने के लिए नए सिरे से स्वच्छता गान तैयार किया गया है. स्वच्छता की शपथ दिलाई गई नगर निगम की परिषद में स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने बताया कि, ”स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत स्वच्छता गीत 2025-26 की लाॅचिंग, स्वच्छ वार्ड रैकिंग लाॅचिंग की शुरुआत की गई.” इसे लेकर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री व महापौर ने इंदौर के स्वच्छता अभियान में सहयोगी स्वच्छता चैम्पियन का सम्मान तथा 22 जोनल कार्यालय के उत्कृष्ठ सफाई मित्रों का सम्मान किया. इस अवसर पर समस्त उपस्थित जन को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए, आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की नवीन टूल किट की भी प्रेजेटेंशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गई. इस दौरान कार्यक्रम मेंं मौजूद केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया का कहना था, ”इंदौर स्वच्छता का महागुरु है, जिससे की अन्य शहर स्वच्छता का पाठ पढ़ते है. इंदौर स्वच्छता का चैम्पियन है, मुझे पुरी उम्मीद है कि इंदौर नवीं बार भी स्वच्छता में नंबर वन आएगा.” महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, ”इंदौर की स्वच्छता टीम ने इंदौर को आठ बार नंबर वन स्वच्छ शहर बनाने का गौरव हासिल किया. इसके साथ ही इंदौर जैसा बड़ा शहर अपने साथ ही देपालपुर को भी स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिये सहयोग कर रहा है.”

बैंक और बीमा सेवा प्रभावित! कर्मचारी हड़ताल के चलते आज निपटाएं अहम काम

इंदौर  केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के विरोध में गुरुवार को बैंककर्मी हड़ताल पर जा रहे हैं। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन और बेफी समेत विभिन्न बैंक यूनियनों द्वारा इस हड़ताल का आह्वान किया है। सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के अलावा एलआईसी, जीआईसी जैसी बीमा क्षेत्र की यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। इस हड़ताल के कारण गुरुवार को बैंकिंग और बीमा सेवाएं प्रभावित रहेंगी। देशव्यापी इस हड़ताल में हजारों बैंककर्मी शामिल होंगे। गांधी हॉल में विशाल आम सभा मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, गुरुवार सुबह 10 बजे इंदौर के गांधी हाल स्थित अभिनव कला समाज में विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि चार श्रम संहिताओं में बदलाव किया गया है जो कर्मचारी विरोधी नीतियां हैं। हड़ताल से पहले प्रदर्शन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा संस्थानों के निजीकरण, कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पुरानी पेंशन योजना की समाप्ति और बढ़ते सेवा शुल्क से न सिर्फ कर्मचारी बल्कि आम जनता भी प्रभावित हो रही है। हड़ताल से पहले आज बुधवार 11 फरवरी को शाम सवा पांच बजे पंजाब नेशनल बैंक में प्रदर्शन होगा।

नए रंग-रूप में 24 थाने, न्याय सेवा सदन बनाकर बालाघाट पुलिस ने गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की योजना

बालाघाट पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संबंधों को मजबूती देने की दिशा में बालाघाट पुलिस ने अनूठी पहल की है। ये पहल बदलाव की है, जिसमें बालाघाट के सभी 24 पुलिस थानों को नए रंग-स्वरूप में परिवर्तित किया गया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा का कहना है कि इस पहल का यही उद्देश्य है कि चाहे वह महिला हो, युवती हो या अन्य कोई भी व्यक्ति, वह बिना डरे थाने में जाकर अपनी शिकायत कर सके। पुलिस स्टाफ उसके साथ अच्छा व्यवहार करे, थाने सुंदर और व्यवस्थित हों। फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड का बेहतर संधारण और डिजिटलाइजेशन हो। आइएसओ प्रमाणित किया गया जिले के सभी 24 थानों, छह एसडीओपी कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा पुलिस लाइन बालाघाट को आइएसओ प्रमाणित किया गया है। 32 पुलिस संस्थानों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए प्रमाण पत्र खास बात है कि सभी थाने उन्नयन, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। ये अंतरराष्ट्रीय मापदंड पर तैयार किए गए हैं, जिन्हें सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आइएसओ प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। जिले के सभी थानों और एसडीओपी कार्यालयों को महज चार महीने में नए स्वरूप में तैयार किया गया है। पहले अव्यवस्था का आलम रहता था इन संस्थानों में पहले अव्यवस्था का आलम रहता था। फाइलें धूल खाती थीं। कंप्यूटर कक्ष, मुंशी कक्ष, थाना प्रभारी कक्ष, विवेचक कक्ष, मालखाना आदि में फाइल सहित अन्य सामग्री अव्यवस्थित ढंग से रखी होती थीं, लेकिन अब इन्हें व्यवस्थित किया गया है। हर कक्ष की रंगाई-पोताई के साथ फाइलों के संधारण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा प्रस्ताव बालाघाट पुलिस ने एक-साथ 32 पुलिस संस्थानों के आइएसओ प्रमाणीकरण की उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय पटल पर दर्ज कराने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रस्ताव भेजा है। बालाघाट पुलिस ने थानों के उन्नयन के लिए पांच बिंदुओं पर काम किया है। इन्हीं बिंदुओं पर आइएसओ प्रमाणीकरण हुआ है। थानों में इन पांच बिंदुओं पर किया काम 1. सैनेटाइजेशन: थाना परिसर में गंदगी को दूर किया गया। गार्डन तैयार कर परिसर में सुंदर और स्वच्छ बनाया गया। पुलिस ने सिर्फ थानों की अस्वच्छता को दूर नहीं किया बल्कि अव्यवस्थित दस्तावेज, फाइल, पुराने रिकार्ड को व्यवस्थित किया गया। 2. डिजिटाइजेशन: पुलिस ने सभी दस्तावेजों, फाइलों को फिजिकल सुरक्षित रखने के साथ इन्हें डिजिटल रूप में भी सुरक्षित किया है। ताकि कोई दस्तावेज भौतिक रूप से गुम भी हो, तो वह डिजिटल प्लेटफार्म में उपलब्ध हो और कार्रवाई में बाधा न आए। 3. आधारभूत संरचना: फरियादी के थाने पहुंचने पर उसे रिस्पेशन डेस्क उपलब्ध कराई गई है। फरियादी के लिए डे आफिसर को तैनात किया गया है। क्योंकि हर बार थाना प्रभारी थाने में हो ये संभव नहीं होता। डे आफिसर उस शिकायत पर निश्चित समय पर कार्रवाई करेगा। 4. समीक्षा बैठक कक्ष: थाना परिसर में रोज की कार्रवाइयों की समीक्षा के लिए पृथक कक्ष तैयार किया गया है। इस कक्ष में थाना प्रभारी अपने सभी विवेचकों के साथ बैठक लेंगे। जनता के साथ शांति समिति जैसी बैठकें भी कर सकेंगे। एसपी बैठक की निगरानी करेंगे। 5. साइबर सारथी: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने प्रत्येक थाने में साइबर सारथी के रूप में सात पुलिसकर्मियों का स्टाफ होगा, जिन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये स्टाफ फंड फ्रिजिंग करेगा और लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेगा।  

कीमती धातुओं में हलचल: सोना महंगा, चांदी अब भी ₹1.60 लाख नीचे — देखें लेटेस्ट रेट

नई दिल्ली  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है. इस साल बीते 29 जनवरी को लाइफ टाइम हाई छूने के बाद अचानक दोनों कीमती धातुएं क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो गई थीं, लेकिन बुधवार को इनमें एक बार फिर से तेज उछाल देखने को मिला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सिल्वर प्राइस खुलने के साथ ही झटके में 8200 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो सोना भी महंगा हुआ है. हालांकि, अगर गोल्ड-सिल्वर हाई रेट्स से तुलना करें, तो चांदी अभी भी 1.60 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  चांदी की ये लेटेस्ट कीमत सबसे पहले बात करते हैं, सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को एमसीएक्स पर चांदी के ओपनिंग कारोबार के बारे में, तो 5 मार्च की एक्सपायरी वाला MCX Silver Price अपने पिछले कारोबारी बंद 2,52,548 रुपये की तुलना में ओपन होते ही एक झटके में 2,60,838 रुपये के लेवल पर जा पहुंचा. इस हिसाब से कैलकुलेट करें, तो 1 Kg Silver 8,290 रुपये मंहगी हो गई है.  हाई से अभी भी इतनी सस्ती चांदी भले ही चांदी की कीमत में बुधवार को तेज उछाल देखने को मिला है, लेकिन ये अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से अभी भी करीब 1.60 लाख रुपये के आसपास सस्ती मिल रही है. दरअसल, बीते 29 जनवरी को चांदी ने तूफानी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख का स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये के हाई पर पहुंच गई थी. लेकिन ये स्तर छूने के बाद से ही Silver Crash होने का सिलसिला शुरु हो गया. फिलहाल, हाई से गिरावट देखें, तो चांदी 1,59,210 रुपये प्रति किलो सस्ती है.  Gold Rate का आज का हाल  चांदी के बाद बताते हैं बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने के वायदा भाव के बारे में, तो MCX पर सोना ओपनिंग के साथ ही 1633 रुपये उछल गया. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,56,803 रुपये पर क्लोज हुआ था और ये खुलने के साथ ही उछलकर 1,58,436 रुपये पर पहुंच गया.  हाई लेवल से इतना सस्ता सोना चांदी की तरह ही सोने की कीमतों में ताजा उछाल के बावजूद ये कीमती धातु अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से सस्ती बनी हुई है. जी हां, बीते 29 जनवरी को जहां Silver Price 4 लाख रुपये के पार निकला था, तो इसके कदम से कदम मिलाकर चलते हुए Gold Rate भी 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था. इस हाई से अभी भी वायदा सोना 34,660 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता बना हुआ है.

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न

यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप बनाएगा ट्रॉमा सेंटर मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ के गठन के निर्देश एलोपैथी एवं आयुष के समन्वय से इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना का निर्णय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ट्रॉमा सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मंगलवार को बतौर कुलाधिपति विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में बहुमूल्य समय नष्ट होता है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण तथा मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को पश्चिमी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इस इकाई के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से इंटीग्रेटिव ओपीडी, विशेष क्लीनिक, योग एवं वेलनेस इकाई स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसंपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करे। इस क्रम में विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, रोग-निवारण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रमाणिक जानकारी तथा शैक्षणिक सामग्री का प्रसारण किया जाएगा।

रिश्तों की बहाली बनी घोटाले की कहानी: तंत्र-मंत्र के चक्कर में पत्नी और तांत्रिक फरार

 इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला अचानक सोने-चांदी के जेवर और नगदी रकम लेकर घर से लापता हो गई. महिला के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस जांच में सामने आया कि महिला एक तांत्रिक के साथ फरार हुई थी, जिसे बाद में भोपाल से बरामद कर लिया गया. मामले की जानकारी देते हुए एसीपी रुबीना मिजबानी ने बताया कि महिला के लापता होने के बाद पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की. सबसे पहले महिला के पति और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए गए. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि पति और परिवार के बयानों में कई बिंदुओं पर अंतर था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महिला की लोकेशन ट्रेस की. तकनीकी जांच में महिला की अंतिम लोकेशन भोपाल में पाई गई, जिसके बाद इंदौर पुलिस की टीम ने भोपाल जाकर महिला को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया. महिला के पास से कुछ सोने-चांदी के जेवर भी बरामद किए गए हैं. फिलहाल महिला को इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपने पति से लंबे समय से परेशान थी. इसी दौरान उसकी पहचान राकेश जाटव नामक युवक से हुई, जो तांत्रिक क्रिया और पूजा-पाठ करवाने का काम करता था. महिला ने बताया कि घरेलू परेशानियों को लेकर राकेश द्वारा पूजा-पाठ के दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे नजदीकियां हो गईं. घरेलू तनाव से परेशान होकर महिला ने राकेश के साथ जाने का फैसला किया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला के साथ फरार हुआ युवक राकेश जाटव तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लोगों को प्रभावित करता था. इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है कि कहीं महिला को बहला-फुसलाकर या मानसिक रूप से प्रभावित कर तो नहीं ले जाया गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है. महिला के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और बरामद जेवरों व नगदी को लेकर भी पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

भोपाल बीजेपी कार्यकारिणी घोषित, लेकिन विवाद के चलते सोशल मीडिया से हटाई गई लिस्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी का गठन विवादों की भेंट चढ़ गया है। शहर अध्यक्ष रविंद्र यती द्वारा मंगलवार को घोषित की गई टीम के खिलाफ पार्टी के भीतर ही जबरदस्त नाराजगी और विरोध के स्वर उठने लगे। मामला इतना बढ़ा कि कुछ ही घंटों के भीतर इस नई कार्यकारिणी को होल्ड पर रखना पड़ा। कार्यकारिणी पर क्यों मचा बवाल? विरोध का सबसे बड़ा कारण जिला महामंत्री के पद पर सचिन दास बब्बा की नियुक्ति को माना जा रहा है। पार्टी के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सचिन दास 2013 में भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी सुरेंद्र नाथ सिंह के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं। इतना ही नहीं, उन पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ करने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। ऐसे व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद दिए जाने से निष्ठावान कार्यकर्ताओं में गहरा रोष फैल गया। बीजेपी की ये कार्यकारिणी हुई होल्ड ये बनाए गए थे उपाध्यक्ष: राजकुमार विश्वकर्मा, अश्विनी राय, राकेश कुकरेजा, अशोक वाणी, राजू अनेजा, भाषित दीक्षित, विभा गरुण, शिखा मोनू गोहल, ये बने महामंत्री : मनोज राठौर, योगेश परमार, सचिन दास बब्बा मंत्री: अमन यादव, योगेश वासवानी, सुनील यादव, सुषमा बावीसा, लक्ष्मी ठाकुर, पार्थ पाटीदार, प्रतीक्षा ब्रह्मभट्ट कोषाध्यक्ष: राघवेन्द्र द्विवेदी सह कोषाध्यक्ष: संतोष जाट कार्यालय मंत्री: योगेन्द्र मुखरैया सह कार्यालय मंत्री: अमित कुमार सिंह, सुमित पांडे आईटी प्रभारी: विश्वविजय सिंह आईटी सह प्रभारी: रवि यादव, शरद पंडित, शेखर श्रीवास्तव सोशल मीडिया प्रभारी: जगदीश विश्वकर्मा सोशल मीडिया सह प्रभारी: हेतराम, चंद्रभान यादव, आरती बोराना कार्यालय प्रभारी: शैलेन्द्र निगम मन की बात प्रभारी: सुनील निगम, सह प्रभारी: चंद्रशेखर तिवारी(राधे महाराज), राजेश खटीक, अनुपम जैन इन वजहों से हुआ विरोध तो होल्ड हुई सूची बीजेपी ऑफिस में तोड़फोड़ करने वाले को महामंत्री बनाया बीजेपी की जिला कार्यकारिणी में सचिन दास बब्बा को जिला महामंत्री बनाया गया था। लिस्ट जारी होने के बाद संगठन में भोपाल के कई नेताओं ने इस बात की शिकायत की कि सचिन दास प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ में शामिल थे। 2013 में उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी सुरेन्द्र नाथ सिंह के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। पार्षदों का क्लब बनी जिला कार्यकारिणी बीजेपी की जिला कार्यकारिणी में पांच पार्षद पदाधिकारी बनाए गए थे। इनमें वार्ड 70 के पार्षद अशोक वाणी, वार्ड 32 के पार्षद प्रतिनिधि राजू अनेजा, वार्ड 45 के पार्षद प्रतिनिधि मोनू गोहल, वार्ड 50 की पार्षद सुषमा बावीसा और वार्ड 13 के पार्षद मनोज राठौर जिला पदाधिकारी बनाए गए हैं। जिला और प्रदेश अध्यक्ष ने पोस्ट डिलीट की भोपाल की जिला कार्यकारिणी घोषित होने की लिस्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भोपाल के शहर अध्यक्ष रविन्द्र यती और बीजेपी मध्य प्रदेश के ऑफिशियल पेज पर पोस्ट की गई लेकिन, कुछ ही समय बाद सबने पोस्ट डिलीट कर दी। पार्षदों का क्लब बनी टीम संगठन के भीतर इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि नई कार्यकारिणी में पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों का दबदबा रहा। वार्ड 70 के पार्षद अशोक वाणी, वार्ड 32 के पार्षद प्रतिनिधि राजू अनेजा, वार्ड 45 के पार्षद प्रतिनिधि मोनू गोहल, वार्ड 50 की पार्षद सुषमा बावीसा और वार्ड 13 के पार्षद मनोज राठौर को टीम में जगह दी गई। कार्यकर्ताओं का तर्क है कि इससे संगठन ‘पार्षदों का क्लब’ बनकर रह गया और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। हटाए गए सोशल मीडिया पोस्ट विवाद इतना गहराया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, शहर अध्यक्ष रविंद्र यती और भाजपा मध्य प्रदेश के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से सूची वाले पोस्ट आनन-फानन में डिलीट कर दिए गए। फिलहाल पूरी सूची को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। गौरतलब है कि रविंद्र यती की नियुक्ति के एक साल बाद यह सूची जारी हुई थी, जिसमें राजकुमार विश्वकर्मा और अश्विनी राय जैसे नेताओं को उपाध्यक्ष और योगेश परमार को महामंत्री बनाया गया था। महाशिवरात्रि तक के लिए होल्ड हुई है लिस्ट जिला कार्यकारिणी होल्ड होने को लेकर भोपाल के शहर अध्यक्ष रविन्द्र यती ने भास्कर से कहा- अभी महाशिवरात्रि तक के लिए लिस्ट होल्ड की गई है।

हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गई: एयरपोर्ट पर साबुन के बॉक्स से निकली 6.8 करोड़ की ड्रग्स

 अहमदाबाद अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बार फिर नशीले पदार्थों की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है. एयर इंटेलिजेंस यूनिट और कस्टम्स विभाग की संयुक्त टीम ने एक यात्री के पास से 6.8 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 6.8 करोड़ रुपये है. कस्टम अधिकारी ने बताया, ये हेरोइन कुदरती और हर्बल साबुन के पैकेट्स में चालाकी से छिपाई गई थी. आरोपी यात्री कुतुब सिहाबुद्दीन अब्बास अली जो चेन्नई का निवासी है, कुआलालंपुर से एयर एशिया की फ्लाइट AK91 से अहमदाबाद पहुंचा था. अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के इंटरनेशनल टर्मिनल पर उतरने के बाद यात्रियों की प्रोफाइलिंग के दौरान कुतुब ग्रीन चैनल से गुजर रहा था. उसकी हरकतों पर शक होने के कारण कस्टम्स टीम ने उसे रोका. अधिकारियों ने उसे डोर मेटल डिटेक्टर से गुजरने को कहा और पूछताछ की, लेकिन कुतुब ने कोई प्रतिबंधित सामान होने से इनकार कर दिया. हालांकि, जब उसका बैग एक्स-रे स्कैन किया गया तो प्रतिबंधित सामान होने की आशंका बढ़ गई. बैग की गहन जांच में 29 पैकेट मिले जो बाहर से कुदरती और हर्बल साबुन के लग रहे थे. इन पैकेट्स को काटकर जांचने पर अंदर नशीला पदार्थ छिपा हुआ पाया गया. इसके अलावा आरोपी के पास से सिल्वर फॉयल और कार्बन पेपर में लपेटे हुए तीन सफेद कवर भी मिले, जिनमें ड्रग्स का जत्था छिपाया गया था.जिसका सैंपल एफएसएल को भेजा गया है. अधिकारियों ने बताया कि कड़ी पूछताछ के दौरान कुतुब सिहाबुद्दीन ने कबूल किया कि ये पार्सल उसे उसके दोस्त पानीर ने दिया था. उसे इस पार्सल को पहुंचाने के बदले एक बड़ी रकम देने का वादा किया गया था. पुलिस और कस्टम विभाग अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की चेन खंगालने में जुटी है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ कर ये पता लगाया जा रहा है कि ये नशे की खेप भारत में किसे सप्लाई की जानी थी.र्ट पर साबुन के बॉक्स से निकली 6.8 करोड़ की हेरोइन, यात्री गिरफ्तार

उदित नारायण विवाद: पहली पत्नी बोली—‘मेरे साथ की गई जघन्य साजिश, न्याय की तलाश जारी’

सुपौल  मशहूर पार्श्व गायक उदित नारायण झा एक बड़े विवाद में फिर से घिर गए हैं. उनकी पहली पत्नी रंजना नारायण झा ने सुपौल महिला थाना में उनके, उनके दो भाइयों और दूसरी पत्नी के खिलाफ आपराधिक आरोपों सहित एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है. रंजना ने आरोप लगाया कि उनका गर्भाशय आपराधिक साज़िश के तहत इलाज के बहाने बिना जानकारी निकलवा दिया गया और उन्होंने धोखा, उत्पीड़न और वादाखिलाफी जैसे आरोप भी लगाए हैं. रंजना अब बीमारी और आर्थिक तंगी के बीच न्याय की उम्मीद लेकर थाने का दरवाजा खटखटा रही हैं. 1984 की शादी, फिर दूरी उदित नारायण की पहली पत्नी रंजना झा के अनुसार, उनकी शादी 7 दिसंबर 1984 को पारंपरिक रीति रिवाज से उदित नारायण से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद उदित अपने करियर के लिए मुंबई चले गए. रंजना का कहना है कि इसके बाद उनके वैवाहिक जीवन में दूरी बढ़ती गई. उन्हें बाद में मीडिया के जरिए पता चला कि उदित ने दूसरी शादी कर ली है. जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला. इलाज के नाम पर बड़ा आरोप रंजना झा ने अपने आवेदन में सबसे गंभीर आरोप 1996 की एक घटना को लेकर लगाया है. उनका कहना है कि उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के एक बड़े अस्पताल ले जाया गया. वहां उनके अनुसार बिना उनकी स्पष्ट सहमति के उनका गर्भाशय निकाल दिया गया. उन्हें इस बात की जानकारी बहुत बाद में दूसरे इलाज के दौरान हुई. रंजना इसे एक सुनियोजित साजिश बताती हैं और कहती हैं कि इस घटना ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया. रिश्तों में तनाव और अलगाव रंजना झा का कहना है कि बाद के वर्षों में जब वह मुंबई गईं तो उन्हें पति के घर में सम्मानजनक स्थान नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया गया. इसके बाद वह नेपाल स्थित ससुराल पहुंचीं, लेकिन वहां भी उन्हें सहारा नहीं मिला. थक हारकर वह अपने मायके में रहने को मजबूर हो गईं. बीमारी और आर्थिक तंगी का दर्द रंजना झा अब 61 वर्ष की हो चुकी हैं और अब उम्र के इस पड़ाव पर आकर वह स्वास्थ्य समस्याओं और आर्थिक तंगी से जूझ रही हैं. उनका कहना है कि लगातार आश्वासन के बावजूद उन्हें ठोस सहायता नहीं मिली. इसी कारण उन्होंने एक बार फिर महिला थाना में आवेदन दिया है. उनका कहना है कि वह किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि अपने सम्मान और अधिकार के लिए लड़ रही हैं. सुपौल पुलिस मामले की जांच करेगी! सुपौल महिला थाना में दिए गए आवेदन के बाद अब पुलिस जांच की प्रक्रिया शुरू करेगी. आरोप गंभीर हैं और कानूनी रूप से हर पहलू की जांच जरूरी होगी. दूसरी ओर, उदित नारायण या उनके परिवार की ओर से इस नए आरोप पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. बहरहाल, इस आरोप की सच्चाई की जांच अब पुलिस प्रक्रिया के तहत होगी. फिलहाल यह एक पक्ष का दावा है और कानूनी रूप से इसकी पुष्टि होना बाकी है. भरोसा, अधिकार और सम्मान जैसे सवाल बता दें कि यह विवाद नया नहीं है. पहले भी परिवार न्यायालय और महिला आयोग में मामला पहुंच चुका है. रंजना का दावा है कि एक समय पर उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया गया था और समझौते की बात हुई थी, लेकिन व्यवहार में उन्हें वह सम्मान और सहयोग नहीं मिला जिसकी वह अपेक्षा करती थीं. दरअसल, यह मामला केवल एक सेलिब्रिटी विवाद नहीं है, बल्कि एक ऐसे रिश्ते की कहानी है जिसमें भरोसा, अधिकार और सम्मान जैसे सवाल खड़े हो गए हैं.

भोपाल-इंदौर और 13 अन्य शहरों में गर्मी का असर, रात में तापमान गिरकर 10°C से भी नीचे

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। दोपहर में धूप तेज हो रही है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, वहीं रात और सुबह के समय सर्दी अब भी महसूस की जा रही है। मंगलवार को भोपाल और इंदौर सहित 15 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार दर्ज किया गया, जबकि रात के समय 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है।  मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल देश में दो सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन वे कमजोर स्थिति में हैं, इसलिए प्रदेश में बारिश की संभावना कम है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे दिन और रात के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, सागर, दमोह, खजुराहो, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम और मंडला सहित कई शहरों में पारा 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा।वहीं रात के तापमान की बात करें तो शहडोल जिले के कल्याणपुर में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई, जहां पारा 4.5 डिग्री तक लुढ़क गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी और उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दिन में नर्मदापुरम सबसे गर्म, कल्याणपुर की रात ठंडी मंगलवार को भोपाल, इंदौर, दमोह, खजुराहो, मंडला, सागर, टीकमगढ़, बैतूल, गुना, धार, खंडवा, खरगोन, रायसेन, रतलाम समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री से ज्यादा रहा। नर्मदापुरम में तापमान सबसे ज्यादा 33 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, सोमवार-मंगलवार की रात में शहडोल के कल्याणपुर की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री पहुंच गया। कटनी के करौंदी में 5.9 डिग्री, अनूपपुर के अमरकंटक में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी-उमरिया में 8.4 डिग्री, रीवा में 8.5 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.1 डिग्री, दतिया में 9.5 डिग्री और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बर्फ पिघलने के बाद बढ़ेगी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक साइक्लोनिक सर्ककुलेशन एवं वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। वहीं, पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश होने का अनुमान है। इस वजह से प्रदेश में अगले 2 दिन तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्से में मंगलवार को दिन में तेज धूप खिली रही। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ा हुआ रहा। हालांकि, रात व अलसुबह ठंड का असर बरकरार रहेगा। पारे में जरूर बढ़ोतरी होगी। इसलिए बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     12 फरवरी- अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी।     13 फरवरी- तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। रात और अलसुबह ही ठंड का असर रहेगा। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। विशेषज्ञों के मुताबिक 13, 14 और 15 फरवरी के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। दिन और रात दोनों के पारे में 3 से 4 डिग्री तक कमी आ सकती है। इससे एक बार फिर ठंड का असर बढ़ेगा, खासकर सुबह और देर रात के समय सर्दी ज्यादा महसूस होगी। फिलहाल प्रदेश में मौसम का यह ‘मिक्स पैटर्न’ लोगों को हैरान कर रहा है दोपहर में गर्मी और रात में सर्दी, यानी एक ही दिन में दो मौसम का एहसास। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और बारिश का असर आने वाले दिनों में प्रदेश पर पड़ेगा। फिलहाल अगले दो दिन तक दिन का तापमान बढ़ा हुआ रह सकता है, क्योंकि धूप तेज बनी हुई है। लेकिन जैसे ही सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम में फिर बदलाव आएगा। 

सूर्या की बढ़ी मुश्किलें! पाकिस्तान के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाएंगे अभिषेक ? जानिए कौन ले सकता है उनकी जगह

  नई दिल्ली टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा को पेट में इन्फेक्शन के कारण सोमवार को दिल्ली के एक फोर्टिस अस्तपताल में भर्ती कराया गया है. कल (मंगलवार)  रात तक वह हॉस्पिटल में थे, उनकी हेल्थ कंडीशन पर आगे के अपडेट का इंतजार किया जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि अगर वो पूरी तरह 12 फरवरी संग नामीब‍िया उनकी जगह कौन लेगा.  आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच टीम इंडिया को पहला बड़ा झटका तब लगा, जब हर्षित राणा घुटने की गंभीर चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए. जांच के बाद पता चला कि हर्षित के दाएं घुटने में लेटरल मेनिस्कस इंजरी हुई है. मेडिकल टीम ने उन्हें तुरंत सर्जरी कराने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने ऑपरेशन करवाया. अब अभ‍िषेक के अस्पताल में भर्ती होने से टीम इंड‍िया संकट में है.  अब सवाल है कि अगर अभ‍िषेक 12 फरवरी को नहीं खेलते हैं तो उनकी जगह कौन टीम में लेगा? वहीं भारत को पाकिस्तान से भी 15 फरवरी को  कोलंबो में मैच खेलना है. अगर अभ‍िषेक उस मुकाबले से हटते हैं तो उनकी जगह कौन आएगा.  इसका सीधा जवाब है- संजू सैमसन. क्योंकि वह हाल फ‍िलहाल में टीम इंड‍िया के लिए वही ओपन‍िंग कर रहे थे. ईशान किशन के न्यूजीलैंड सीरीज में फॉर्म के बाद उनको बेंच पर बैठना पड़ा. अभ‍िषेक की गैरमौजूदगी में वो ओपन‍िंग करते हुए दिखेंगे.  अभ‍िषेक शर्मा को क्या हुआ अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण के कारण दिल्ली के फोर्टि‍स अस्पताल में भर्ती हैं, जिससे गुरुवार को नामीबिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं. अभिषेक पिछले दो दिनों से अस्पताल में हैं और उनकी स्थिति जानने के लिए कई मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं. PTI को एक BCCI सूत्र ने बताया- अभिषेक को स्टमक इन्फेक्शन के कारण दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. समस्या की सही वजह जानने के लिए जांच चल रही है. आज डिस्चार्ज होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है. फिलहाल नामीबिया मैच खेलना मुश्किल लग रहा है. अभिषेक ने मुंबई में USA के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में खाता भी नहीं खोला था और शून्य पर आउट हो गए थे. इसके बाद वह मैदान पर नहीं उतरे और फील्डिंग के दौरान संजू सैमसन ने उनकी जगह संभाली थी.भारतीय टीम के लिए फिलहाल नामीबिया मुकाबले से ज्यादा अहम 15 फरवरी को कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा है. वहां की पिच और परिस्थितियां अलग होंगी, ऐसे में टीम मैनेजमेंट अभिषेक को पूरी तरह फिट देखना चाहता है.   मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक स्टमक इन्फेक्शन का असर खिलाड़ी की स्टैमिना और एंड्योरेंस पर पड़ता है. ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या अभिषेक शुक्रवार को यात्रा कर पाएंगे, शनिवार को अभ्यास कर सकेंगे और रविवार को मैदान में उतरने की स्थिति में होंगे. इस बीच संजू सैमसन ने मंगलवार को नेट्स में लंबा अभ्यास किया और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के साथ काफी समय बिताया. इसे इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट विकल्प तैयार रख रहा है. हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि 25 वर्षीय बल्लेबाज पाकिस्तान मैच तक फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे. गंभीर के यह ड‍िनर में गए थे अभ‍िषेक दिलचस्प बात यह भी रही कि अभिषेक रविवार को हेड कोच गौतम गंभीर के घर आयोजित टीम डिनर में शामिल हुए थे, लेकिन बाकी खिलाड़ियों से पहले ही वापस लौट गए थे, जो उनकी तबीयत ठीक न होने का संकेत था. अब सभी की नजर उनकी मेडिकल रिपोर्ट और रिकवरी टाइमलाइन पर टिकी है. 12 फरवरी को दिल्ली में है भारत का नामीब‍िया से मैच  ध्यान रहे भारत को 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ अपना लीग मुकाबला दिल्ली में खेलना है. मुंबई में USA के खिलाफ मैच खेलने वाले अभिषेक पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं और मंगलवार के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा नहीं ले सके थे. इस बारे में भारत के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी बात की थी. रयान ने कहा था- अभिषेक को अभी भी पेट से जुड़ी कुछ दिक्कत है. हमें उम्मीद है कि वह मैच तक उपलब्ध हो जाएंगे. मंगलवार शाम फ्लडलाइट्स में हुए अभ्यास में ईशान किशन सबसे पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे, जबकि संजू सैमसन उनके साथ पेस बॉलिंग नेट में नजर आए. दोनों ने हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह और एक लंबे बाएं हाथ के नेट गेंदबाज का सामना किया, जिसे नामीबिया के तेज गेंदबाज रूबेन ट्रम्पेलमैन जैसी एंगल तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया गया. दूसरे नेट में तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव ने साथ बल्लेबाजी की, जिससे भारत के संभावित टॉप-4 संयोजन का संकेत मिला. पिछले कुछ हफ्ते संजू सैमसन के लिए उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. मुंबई में विश्व कप के पहले मैच में वह ओपनिंग स्थान गंवा चुके हैं. खराब फॉर्म और ईशान किशन की शानदार लय के चलते उन्हें फिलहाल बेंच पर बैठना पड़ा. टेन डोशेट ने कहा टीम  मैनेजमेंट ने संजू को पूरा सपोर्ट किया, लेकिन जब ईशान जैसे खिलाड़ी न्यूज़ीलैंड सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो पहले मैच का चयन साफ हो जाता है. वैसे नेट्स में सैमसन ने करीब 30 मिनट बल्लेबाजी की.  बुमराह हुए फ‍िट, क्या नामीब‍िया के ख‍िलाफ खेलेंगे?  इस बीच जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर राहत की खबर मिली. टेन डोशेट ने मंगलवार को बताया- बुमराह 10 दिन से गेंदबाजी से दूर थे, लेकिन अब काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं. अभ्यास के दौरान बुमराह ने सूर्यकुमार और तिलक को लगभग 25 मिनट गेंदबाजी की और पूरी तरह फिट दिखे. इसके बाद बल्लेबाजी क्रम में रिंकू सिंह, शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या ने नेट्स संभाले. अब सबकी नजरें अभिषेक शर्मा की फिटनेस अपडेट और अंतिम प्लेइंग इलेवन पर टिकी हैं, जिसका फैसला मैच से ठीक पहले ही होगा. अगर अभ‍िषेक शर्मा फ‍िट नहीं हो पाते हैं तो उनकी जगह  संजू सैमसन ओपन‍िंग करते हुए नजर आएंगे. 

साथी ने ही बदल दिया समीकरण: शिवसेना UBT के सपोर्ट से भाजपा की जीत, कांग्रेस देखती रह गई

मुंबई  गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस को उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जब उसकी सहयोगी शिवसेना (UBT) और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच अचानक हुए गठबंधन से चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा का महापौर चुन लिया गया। यह तब हुआ, जब कांग्रेस इस पद पर दावा करने की स्थिति में थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संगीता खांडेकर ने कांग्रेस उम्मीदवार वैशाली महादुले को एक वोट से हराकर महापौर चुनाव जीत लिया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने भाजपा को समर्थन दिया। शिवसेना (UBT) के पार्षद प्रशांत दानव उपमहापौर चुने गए। सबसे बड़ी पार्टी बनी थी कांग्रेस इस घटनाक्रम ने विपक्षी एकता और महा विकास आघाडी (MVA) की व्यवहार्यता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि शिवसेना (UBT) MVA और विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन दोनों में कांग्रेस की एक प्रमुख सहयोगी है। चंद्रपुर उन कुछ नगर निकायों में से एक है जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और महापौर का पद हासिल करने की स्थिति में थी। हालांकि, विजय वडेट्टीवार और प्रतिभा धनोरकर के नेतृत्व वाले गुटों के बीच गहरे आंतरिक मतभेदों ने भाजपा को अपना महापौर बनाने का अवसर प्रदान कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद इस घटनाक्रम पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस ने इन दलों को घेरा तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने पार्षदों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया और इस झटके के लिए शिवसेना (UBT), AIMIM और वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘चंद्रपुर महापौर चुनाव में भाजपा को 32 वोट और कांग्रेस को 31 वोट मिले। शिवसेना (UBT), MVA और विपक्षी दलों के ‘INDIA’ गठबंधन की सहयोगी है। उम्मीद थी कि शिवसेना (UBT) अपने छह पार्षदों के साथ कांग्रेस को समर्थन देगी लेकिन पार्टी ने भाजपा का साथ देना चुना। इस घटनाक्रम का राज्य पर असर पड़ेगा।’ महापौर पद के लिए मची थी होड़ यहां 66 सदस्यीय नगर निकाय में कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी जबकि भाजपा 23 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही जिससे दोनों दलों के बीच प्रतिष्ठित महापौर और उप महापौर पदों को पाने की होड़ मच गई। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने छह सीट जीतीं, भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष (जनविकास सेना) को तीन, वीबीए को दो और एआईएमआईएम, बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट मिली। दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव जीता। पंद्रह जनवरी को हुए चुनाव में खंडित जनादेश के बाद चंद्रपुर नगर निकाय में गठबंधन को लेकर सोमवार तक कोई स्पष्टता नहीं थी। शिवसेना यूबीटी थी भाजपा के विरोध में महापौर चुनाव से पहले, शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने उद्धव ठाकरे के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि पार्टी विपक्ष में बैठना पसंद करेगी और भाजपा का कभी समर्थन नहीं करेगी। हालांकि, परिणाम आने के बाद, शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि यह घटनाक्रम पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बिना हुआ प्रतीत होता है। पार्टी के स्थानीय नेताओं ने अलग-अलग स्पष्टीकरण दिया। चंद्रपुर जिला शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष संदीप गिरहे ने बताया कि स्थानीय नेताओं ने महापौर पद के लिए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार से मुलाकात की थी, लेकिन कांग्रेस ने पांच साल के लिए यह पद देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ”इसके बाद शिवसेना (UBT) ने ‘विकास के हित में’ भाजपा से बातचीत शुरू की।” गिरहे ने कहा कि वह शिवसेना (UBT) के नेता वरुण सरदेसाई के संपर्क में रहे और नेतृत्व ने स्थानीय इकाइयों को संगठनात्मक एकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उप महापौर दानव ने पुष्टि की कि भाजपा और शिवसेना (UBT) के बीच हुई चर्चा के परिणामस्वरूप एक समझौता हुआ जिसके तहत भाजपा को महापौर का पद और शिवसेना (UBT) को उपमहापौर का पद मिला। भाजपा ने क्या कहा भाजपा के महापौर चुनाव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के समर्थन के कारण भाजपा को बढ़त मिली, जबकि प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाडी (VBA) मतदान के दौरान अनुपस्थित रही। सपकाल ने कहा, ”वंचित बहुजन आघाडी के साथ हमने नगर निकाय चुनावों में वास्तविक गठबंधन किया और अगर उसने कांग्रेस का समर्थन किया होता तो हमारा उम्मीदवार जीत जाता। पार्षदों की खरीद-फरोख्त हुई।” चंद्रपुर कांग्रेस में गुटबाजी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पार्टी के पार्षद एकजुट हैं और उन्होंने चंद्रपुर में कांग्रेस नेताओं के बीच मतभेदों को सुलझा लिया है। उन्होंने कहा, ”शिवसेना (UBT), एआईएमआईएम और वीबीए की वजह से ही भाजपा अपना महापौर बना सकी।” शिवसेना (UBT) पर निशाना साधते हुए, शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के पार्षदों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अब कांग्रेस और राकांपा के साथ गठबंधन नहीं करना चाहते।

पवार परिवार में शादी की शहनाई: शरद पवार की नातिन रेवती नागपुर की बहू बनेंगी

 नागपुर एनसीपी (शरद पवार) की नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं. रेवती की शादी नागपुर के प्रतिष्ठित बिजनेसमैन के बेटे सारंग लखानी से तय हुई है. इस खबर की पुष्टि परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर किए गए बधाई संदेशों से हुई है. लोकसभा सांसद के बेटे विजय सुले ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बधाई मैसेज पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बहन रेवती और सारंग की एक फोटो शेयर की, जिसके साथ कैप्शन था, “बधाई हो बहन और जीजाजी,” साथ में दिल और अंगूठी वाले इमोजी भी थे. कांग्रेस लीडर सुशील कुमार शिंदे की बेटी स्मृति शिंदे ने भी सोशल मीडिया पर ऐसा ही मैसेज और फोटो शेयर किया. रेवती सुले ने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर किया और बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की. वहीं, सारंग लखानी अभी विश्वराज ग्रुप में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जो उनके पिता की फर्म है. सारंग ने यूनाइटेड स्टेट्स के कोलंबिया बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. साथ ही सारंग लखानी एक कुशल बैडमिंटन खिलाड़ी भी रह चुके हैं.  खुशी की इस खबर के बीच परिवार के वरिष्ठ सदस्य और दिग्गज नेता शरद पवार के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है. उन्हें सीने में संक्रमण के चलते सोमवार को पुणे के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द स्वस्थ होकर पोती के विवाह समारोहों में शामिल होंगे.

अब स्क्रीन पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, CBSE ने लागू किया नया मूल्यांकन सिस्टम

नई दिल्ली केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपनी परीक्षा मूल्यांकन प्रोसेस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. साल 2026 से CBSE कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियां ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के जरिए चेक की जाएगी. इसका साफ मतलब यह है कि अब कॉपियों की जांच डिजिटल तरीके से कंप्यूटर स्क्रीन से होगी. हालांकि, बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 10वीं की कॉपियां अभी भी पुराने तरीके से यानी कि फिजिकल मोड में ही चेक की जाएगी. डिजिटल माध्यम से जब कॉपियों का मूल्यांकन होगा तो, इससे गलतियां कम होंगी, जांच तेज होगी और शिक्षक अपने स्कूल से ही कॉपियां चेक कर सकेंगे.  बता दें कि हर साल CBSE 26 देशों में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करता है. इनमें लगभग 46 लाख छात्र शामिल होते हैं. ऐसे में इतने बड़े लेवल पर कॉपियों की जांच करना आसान नहीं होता है. इसे तेज, आसान और पारदर्शी बनाने के लिए ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू किया जाएगा.  इतने से शुरू होगी परीक्षा  जारी किए गए नोटिफिकेशन में इस साल CBSE की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी. कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 11 मार्च को खत्म हो जाएगी. हालांकि, कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेगी. ऐसे में डिजिटल तरह से कॉपियों की जांच एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.  क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम? ऑन-स्क्रीन मार्किंग एक डिजिटल मूल्यांकन प्रोसेस है. इसमें छात्रों की कॉपियों को स्कैन कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा. इसके बाद शिक्षक कंप्यूटर या लैपटॉप पर लॉगिन करके सीधे स्क्रीन पर ही आंसर को पढ़ेंगे और नंबर देंगे. इस तरीके से कॉपियों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय भी बचेगा. सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर में बताया कि यह सिस्टम मैन्युअल जांच में होने वाली आम गलतियों और देरी को कम करने में भी मदद करेगी.  किस तरह काम करेगा ये सिस्टम? सीबीएसई ने जारी किए अपने सर्कुलर में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के फायदे भी बताए हैं. उन्होंने बता कि:-     इस सिस्टम से कॉपियां ले जाने और हाथ से तालमेल करने की जरूरत कम हो जाएगी.      शिक्षक अपने स्कूल में रहकर ही कॉपियां चेक कर सकेंगे, उन्हें जांच केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं होगी.       कॉपियों की जांच पहले से ज्यादा तेज होगी.     रिजल्ट के बाद नंबरों की दोबारा जांच (पोस्ट-रिजल्ट वेरिफिकेशन) की जरूरत कम हो जाएगी.       कुल अंक जोड़ने में होने वाली गलतियां खत्म होगी.     समय और लागत दोनों की बचत होगी.     विदेशों में मौजूद सीबीएसई से जुड़े स्कूल भी आसानी से मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे.      बोर्ड के अनुसार, यह डिजिटल तरीका पर्यावरण के लिए भी बेहतर है, क्योंकि इसमें कागज और ट्रांसपोर्ट का यूज कम होगा.      ज्यादा शिक्षक एक साथ इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे.  स्कूलों को दी गाइडलाइन  ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को सही तरह से लागू करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को कुछ जरूरी डिजिटल सुविधाएं तैयार रखने को कहा है. जारी हुए सर्कुलर में कहा गया है कि-      कंप्यूटर लैब जिसमें पब्लिक स्टैटिक आईपी उपलब्ध हो.      ऐसे कंप्यूटर या लैपटॉप होना चाहिए जिनमें Windows OS 8 या उससे ऊपर लेवल का वर्जन हो और कम से कम 4GB रैम और 1GB खाली स्पेस हो.      अपडेटेड इंटरनेट ब्राउजर जैसे Chrome, Edge या Firefox.      Adobe Reader सॉफ्टवेयर भी मौजूद हो.     कम से कम 2 Mbps की स्थिर इंटरनेट स्पीड होनी चाहिए.   

कालाबाजारी का नया रूप: राजश्री गुटखा में तय मूल्य से अधिक वसूली, बाजार में बढ़ी चिंता

राजश्री गुटखा की कालाबाजारी चरम पर, तय दाम से अधिक वसूली से उपभोक्ता और छोटे दुकानदार परेशान रायपुर  जिले में राजश्री गुटखा के अवैध मुनाफे और कालाबाजारी का खेल खुलेआम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर के कुछ बड़े व्यापारी और एजेंसी मालिक शासन के नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दामों पर गुटखा बेच रहे हैं। इस अवैध वसूली के पीछे जीएसटी में 40% वृद्धि का हवाला दिया जा रहा है, जिसकी आड़ में एजेंसी मालिक दुकानदारों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। प्रशासनिक निगरानी के अभाव में फल-फूल रहे इस काले कारोबार से आम उपभोक्ताओं में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की निष्क्रियता के चलते कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। जनता ने कलेक्टर और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस सिंडिकेट की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को हो रही इस लूट पर अंकुश लग सके। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, “हमें निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर गुटखा खरीदना पड़ रहा है, जिससे हमारा मुनाफा कम हो रहा है। अगर हम निर्धारित मूल्य पर गुटखा बेचते हैं तो एजेंसी मालिक हमें गुटखा देना बंद कर देते हैं।” एक उपभोक्ता ने बताया, “मैंने हाल ही में एक गुटखा पैकेट खरीदा था, जिसकी कीमत 5 रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन मुझसे 7 रुपये लिए गए। जब मैंने दुकानदार से इसकी शिकायत की तो उन्होंने बताया कि एजेंसी मालिक ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया है।”

कनाडा का टंबलर रिज बना खौफ का मंजर — स्कूल में गोलीबारी, शूटर सहित 9 मृत, 25 घायल

टंबलर रिज कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया (BC) प्रांत के टंबलर रिज शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. मंगलवार को एक माध्यमिक स्कूल और एक रिहायशी घर में गोलीबारी हुई, जिसमें हमलावर समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई. वहीं, इस फायरिंग में 25 लोग घायल भी हो गए.  रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के मुताबिक, दोपहर लगभग 1:20 बजे ‘टंबलर रिज सेकेंडरी स्कूल’ में एक सक्रिय शूटर के होने की रिपोर्ट मिली. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में ‘पुलिस इनिशिएटेड पब्लिक अलर्ट’ (PIPA) जारी किया और स्कूल को चारों ओर से घेर लिया. स्कूल में दाखिल होने पर पुलिस अधिकारियों को 7 लोगों के शव मिले. पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक संदिग्ध के मारे जाने की आशंका है, लेकिन अभी इस बात की जांच की जा रही है कि क्या कोई दूसरा हमलावर भी इस घटना में शामिल है.  स्कूल और घर से 9 शव बरामद जांच में स्कूल से जुड़ी इस घटना के तार एक स्थानीय निवास से भी जुड़ा पाए गए. वहां तलाशी के दौरान पुलिस को दो और लोगों के शव बरामद हुए. स्थिति को काबू में देख पुलिस ने शाम 5:45 बजे पब्लिक अलर्ट वापस ले लिया था और अब आगे की जांच जारी है. पुलिस हमलावर के मकसद पता लगाने की कोशिश कर रही है. लोगों को घरों में रहने की सलाह इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘BC RCMP मेजर क्राइम’ विभाग ने जांच की कमान संभाल ली है. इलाके में इमरजेंसी रिस्पांस टीम और फ्रंटलाइन अधिकारियों के साथ-साथ विक्टिम सर्विसेज को भी तैनात किया गया है, ताकि प्रभावित परिवारों को मानसिक और सामाजिक सहायता प्रदान की जा सके. कस्बे की करीब 2400 की आबादी को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पड़ोसी इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है. बंद किए गए सेकेंडरी और एलिमेंट्री स्कूल सुरक्षा के मद्देनजर टंबलर रिज के सेकेंडरी और एलिमेंट्री दोनों स्कूलों को फिलहाल बंद कर दिया गया है. स्थानीय विधायक लैरी न्यूफेल्ड ने जानकारी दी है कि समुदाय की मदद के लिए बड़ी संख्या में पुलिस (RCMP) और एम्बुलेंस की टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने सुरक्षा कारणों से फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा करने से मना किया है, ताकि चल रहे ऑपरेशन में कोई परेशानी न आए. 

सियासी तूफान! अजित पवार की मौत पर रोहित पवार के आरोपों ने प्रफुल्ल पटेल को भी घेरा

मुंबई  महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम रहे अजित पवार की मौत को लेकर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं. शरद पवार गुट के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई ऐसे सवाल उठाए, जिससे माहौल गरमा गया है. उनके सनसनीखेज आरोपों के घेरे में एनसीपी (अजित गुट) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आ गए. अब सबकी नजरें ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट और आधिकारिक जांच पर हैं. फिलहाल, रोहित पवार आज दिल्ली पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे वे प्रेस क्लब में विस्तृत जानकारी देंगे.  रोहित का कहना है कि मेरे मन में सवाल उठ रहे हैं और मैंने अपने काका को खोया है. महाराष्ट्र ने एक नेता खोया है. जब तक हमारी शंकाओं का समाधान नहीं होगा, हम यह मुद्दा उठाते रहेंगे. VSR कंपनी और मेंटेनेंस पर सवाल रोहित पवार ने सबसे पहले विमान की मालिक कंपनी VSR पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या विमान का रूटीन मेंटेनेंस हुआ था? टेक लॉग कहां है? एयरवर्दी रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं की गई? क्या क्रैश से पहले ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2023 में VSR के एक अन्य विमान हादसे की फाइनल रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई. उनका दावा है कि DGCA पर दबाव हो सकता है और जांच पूरी पारदर्शिता से नहीं हो रही. ARROW कंपनी और फ्लाइट बुकिंग पर शक रोहित ने कहा कि पहले अजित पवार सड़क मार्ग से बारामती जाने वाले थे और उनके काफिले की तैयारी हो चुकी थी. फिर आखिरी समय में विमान से जाने का फैसला क्यों हुआ? फ्लाइट बुकिंग देर रात क्यों की गई? उन्होंने ARROW कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि बुकिंग और हैंडलिंग की पूरी जांच होनी चाहिए. किसके दबाव में प्लान बदला गया? पायलट पर सीधे सवाल उठाए रोहित पवार ने पायलट कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कपूर को पहले शराब सेवन के मामले में सस्पेंड किया गया था. उन्होंने पूछा कि लैंडिंग के समय पायलट चुप क्यों थे? रनवे 29 की अनुमति मिलने के बाद रनवे 11 क्यों मांगा गया, जबकि वो ज्यादा चुनौतीपूर्ण था? उन्होंने यह भी कहा कि को-पायलट शांभवी पाठक का लियरजेट पर अनुभव ज्यादा था. ऐसे में अंतिम निर्णय किस आधार पर लिए गए? विजिबिलिटी और ट्रांसपोंडर का रहस्य रोहित ने DGCA रिपोर्ट और केंद्रीय रिपोर्ट के बीच समय में अंतर का मुद्दा उठाया. उनका दावा है कि आखिरी एक मिनट का ट्रांसपोंडर डेटा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने पूछा कि क्या इसे जानबूझकर बंद किया गया? उन्होंने ब्लैक बॉक्स की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों जैसे NTSB और UK की AAIB को भी जांच में शामिल किया जाए. रोहित ने और क्या दावे किए? रोहित पवार ने सवाल उठाया कि क्या यह सिर्फ हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है? उन्होंने एक किताब का हवाला देते हुए कहा, जो इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर आधारित है. उसमें एक लाइन लिखी है- ‘कभी-कभी सबसे प्रभावी तरीका ड्राइवर को खत्म करना होता है.’ इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ घटनाओं को सिर्फ संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को अजित पवार का कार्यक्रम बदला गया था. उनके बंगले के बाहर बारामती जाने के लिए काफिला तैयार था. सड़क मार्ग से यात्रा की तैयारी हो चुकी थी. लेकिन एक वरिष्ठ नेता उनसे मिलने आने वाले थे, जो देर से पहुंचे. इस वजह से वे सड़क मार्ग से नहीं जा सके और फ्लाइट बुक करनी पड़ी. रोहित का दावा है कि फ्लाइट यात्रा की योजना पहले से बन रही थी, भले ही अंतिम निर्णय बाद में लिया गया हो. रोहित ने यह भी कहा कि अजित पवार को विदर्भ से जुड़ी एक फाइल पर हस्ताक्षर करने थे. वह मंत्रालय (मंत्रालय भवन) में मौजूद थे और फाइल साइन करने के कारण उन्हें देर हो गई. इसी वजह से बारामती रवाना होने में देरी हुई. उन्होंने सवाल उठाया कि विमान का निर्धारित समय सुबह 7 बजे था, लेकिन उड़ान 8:10 बजे भरी गई. टेक-ऑफ में देरी क्यों हुई? इसके लिए कौन जिम्मेदार था? रोहित ने यह भी याद दिलाया कि एक बार पहले जब विजिबिलिटी कम थी, तब अजित पवार ने दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने के बावजूद हवाई यात्रा टाल दी थी और सड़क मार्ग से यात्रा की थी. ऐसे में इस बार कम विजिबिलिटी के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई? उन्होंने दावा किया कि एक ईमेल के मुताबिक कैप्टन साहिल मदान और कैप्टन यश को इस फ्लाइट के लिए तैनात किया जाना था, लेकिन आखिरी समय में यह बदलाव कर दिया गया. रोहित ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर सुमित कपूर के नाम से जो एक वायरल फोटो साझा की गई, वो दरअसल साहिल मदान की थी. इस पर उनकी पत्नी ने भी टिप्पणी की थी. सुबह 7:02 बजे एक अधिकारी ने संदेश भेजा था कि सभी क्रू पहुंच चुके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जिन पायलटों को पहले असाइन किया गया था, वे वहां क्यों नहीं थे? क्या वे वास्तव में ट्रैफिक में फंसे थे? क्या DGCA के पास उनका कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) है? क्या वे एयरपोर्ट के पास रहते थे या दूर? इन तमाम बिंदुओं को आधार बनाकर रोहित पवार ने कहा कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए. प्रफुल्ल पटेल का नाम क्यों चर्चा में आया? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने लियरजेट विमानों के मेंटेनेंस से जुड़े मुद्दे पर प्रफुल्ल पटेल की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि देश में विमानों की MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) सेवाएं देने वाली सिर्फ दो कंपनियां हैं. एक दिल्ली में स्थित है और दूसरी मुंबई में. रोहित के अनुसार, मुंबई स्थित कंपनी का स्वामित्व प्रफुल्ल पटेल से जुड़ा बताया जाता है. इसके साथ ही रोहित पवार ने यह भी कहा कि VSR कंपनी ने अपनी अलग इन-हाउस मेंटेनेंस यूनिट शुरू कर रखी है, जहां विमान की देखभाल और तकनीकी कार्य किए जाते हैं. रोहित ने पूछा कि क्या मेंटेनेंस में कोई चूक हुई? रोहित ने … Read more

पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती-2025 की परीक्षा 19 अप्रैल को, अंक तय करने का प्रावधान नहीं

अजमेर  राजस्थान लोक सेवा आयोग ने पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में उपजे भ्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उक्त परीक्षा का आयोजन 19 अप्रैल 2026 को किया जाना प्रस्तावित है। आयोग सचिव ने बताया कि राजस्थान पशुपालन सेवा नियम, 1963 के दिनांक 23 मई 2022 को संशोधित नियम ’19’, के क्रम में साक्षात्कार द्वारा सीधी भर्ती के स्थान पर भर्ती को प्रतियोगी परीक्षा से किया गया है। इस संशोधित सेवा नियम में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है। परीक्षा स्कीमः कुल प्रश्न: 150 (बहुविकल्पीय) कुल अंक: 150 समय: 2 घंटे 30 मिनट नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटा जाएगा। परीक्षा दो भागों में होगी: भाग-ए: राजस्थान का सामान्य ज्ञान (40 प्रश्न, 40 अंक) भाग-बी: संबंधित विषय (110 प्रश्न, 110 अंक) फर्जी सूचनाओं से रहें सावधानः इस संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक कथित अपील निर्णय क्रमांक एफ.23(163) दिनांक 15 नवंबर 2025 पूरी तरह फर्जी है। इस भ्रामक सूचना को फैलाने वालों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्यवाही की जा रही है। अभ्यर्थी केवल आयोग द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

शबाना महमूद की ब्रिटेन पीएम बनने की संभावना, कश्मीर पर पड़ सकता है प्रभाव?

लंदन   शबाना महमूद यह नाम विश्व की राजनीति पर हाल ही में चर्चा का केंद्र बन गया है, क्योंकि ऐसी संभावना जताई जा रही है कि शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं. शबाना महमूद पाकिस्तानी मूल की ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने आर्टिकल 370 को हटाने जाने का विरोध किया था. उन्होंने कश्मीर को लेकर कई बार भारत विरोधी तेवर दिखाया है, ऐसे में उनके प्रधानमंत्री बनने से क्या भारत और यूके के संबंधों पर असर पड़ सकता है? कौन है शबाना महमूद? शबाना महमूद लेबर पार्टी की तेज तर्रार नेता हैं. वह महज 45 साल की हैं. उनका जन्म इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुआ है और वे एक पाकिस्तानी मूल के माता–पिता की संतान हैं. शबाना ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है और शुरुआत में पेशे से वकील रही हैं और बाद में उन्होंने राजनेता बनने की ओर कदम बढ़ा दिया. शबाना का परिवार पीओके के मीरपुर से वास्ता रखता है. उनके पिता सिविल इंजीनियर हैं. शबाना ने शादी नहीं की है और अपने 4 भाई-बहनों में वो सबसे बड़ी हैं. 2010 में वे पहली बार संसद सदस्य (MP) के रूप में चुनी गईं. शबाना महमूद लेबर पार्टी की सदस्य हैं और कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुकी है. वर्तमान में वो होम सेक्रेटरी के तौर पर कार्यरत हैं. ब्रिटेन में होम सेक्रेटरी को भारत के गृहमंत्री के समकक्ष माना जा सकता है, लेकिन उसकी भूमिका विदेश नीतियों में भी अहम होती है. 2024 में शबाना ने न्याय मंत्री (Justice Secretary) और लॉर्ड चांसलर (Lord Chancellor) के रूप में भी सेवा दी. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की कुर्सी पर खतरा क्यों मंडराया? ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर सुपरमेरी जीत(बड़ी जीत) के साथ 5 जुलाई 2024 को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन एपस्टीन फाइल्स ने उनके लिए परेशानी खड़ी कर दी है. दरअसल कीर स्टारमर की परेशानी की वजह हैं पीटर मैंडेलसन. पीटर मैंडेलसन को कुछ समय पहले अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत नियुक्त किया गया था और मैंडेलसन के संबंध जेफ्री एपस्टीन से थे. एपस्टीन फाइल्स में यह बताया गया है कि कि मैंडेलसन ने कई संवेदनशील जानकारी एपस्टीन को मेल की थी. इस मुद्दे को लेकर ब्रिटेन में बड़ा बवाल मचा हुआ है और प्रधानमंत्री की इस बात को लेकर आलोचना हो रही है कि आखिर उन्होंने ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति क्यों की. पीटर मैंडेलसन को पद से हटा दिया गया है, लेकिन ब्रिटेन में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग हो रही है. हालांकि कीर स्टारमर ने इस्तीफा देने से मना किया है, लेकिन उनपर इस्तीफे का दबाव बहुत बढ़ गया है. शबाना महमूद अगर ब्रिटेन की पीएम बनी, तो भारत के साथ बिगड़ेंगे संबंध? शबाना महमूद पाकिस्तानी मूल की राजनेता हैं. इसी वजह से एक आम भारतीय के मन में यह सवाल है कि क्या शबाना महमूद के प्रधानमंत्री बनने से भारत के साथ ब्रिटेन के संबंध बिगड़ सकते हैं? इस शंका के बीच हमें कुछ बातों को समझना होगा. सबसे बड़ी बात यह है कि किसी भी देश की राजनीति और वहां की नीतियां राष्ट्रीय हित के अनुसार तय होती हैं ना कि किसी व्यक्ति के धर्म और उसके सोच के आधार पर. इस स्थिति में अगर शबाना महमूद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बन भी जाती हैं, तो उनकी व्यक्तिगत राय का असर भारत और ब्रिटेन के संबंधों पर पर पड़ेगा इसकी संभावना शून्य है.

वलयाकार सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को, ग्रहों की चाल से इन राशियों पर पड़ेगा भारी असर

फरवरी में साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन पड़ रहा है. यह एक वलयाकार यानी रिंग ऑफ फायर सूर्य ग्रहण होगा. खगोलीय जानकारी के अनुसार यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा. ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका, अफ्रीका के कुछ इलाकों और दक्षिण अटलांटिक महासागर के ऊपर दिखाई देगा. साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ज्योतिषीय दृष्टि से यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लग रहा है. ऐसे में इस राशि और नक्षत्र से जुड़े लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. सेहत और पैसों से जुड़े मामलों में लापरवाही नुकसान दे सकती है. इस दौरान लिए गए फैसले बाद में गलत साबित हो सकते हैं, इसलिए किसी भी बड़े निर्णय से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना जरूरी होगा. आंख मूंदकर किसी पर भरोसा करना ठीक नहीं रहेगा. सूर्य ग्रहण से इन राशियों को रहना होगा सावधान साल 2026 के पहले सूर्य ग्रहण का प्रभाव कुछ राशियों पर देखने को मिल सकता है. जिसमें सिंह राशि वालों को दांपत्य जीवन और साझेदारी के काम में सावधानी रखनी होगी. वृश्चिक राशि के लोगों को पारिवारिक मामलों और माता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा. कुंभ राशि के लिए मानसिक दबाव और उलझन की स्थिति बन सकती है, जिससे काम अटक सकते हैं. वहीं, मकर राशि वालों को धन संबंधी मामलों में संभलकर कदम उठाने की जरूरत है, खासकर निवेश करते समय विशेषज्ञ की राय लेना बेहतर रहेगा. सूर्य ग्रहण के दौरान जरूर करें ये काम 1. ग्रहण के समय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है.  2. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान करना भी लाभकारी बताया गया है.  3. इस दौरान भोजन बनाने या खाने से बचने की परंपरा है.  4. खासकर गर्भवती महिलाओं को सावधानी रखने और तेज या नुकीली वस्तुओं का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है.

बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े हुमायूं कबीर के समधी की संपत्ति जब्त, ड्रग मामले में कार्रवाई

  कोलकाता पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर के परिवार से जुड़ा मामला सियासी और कानूनी दोनों ही मोर्चों पर तूल पकड़ता जा रहा है. जिस समय हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम से एक नई मस्जिद के निर्माण की शुरुआत की तैयारी चल रही थी, उससे ठीक दो दिन पहले राज्य पुलिस ने उनकी बेटी के ससुर शरीफुल इस्लाम से जुड़ी करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर लिया. यह कार्रवाई ड्रग तस्करी से जुड़े एक मामले में अदालत के आदेश के बाद की गई. पुलिस के अनुसार, शरीफुल इस्लाम के एक रिश्तेदार जियाउर रहमान को इस्लाम के घर के पास से करीब 500 ग्राम नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया था. इसी मामले की जांच के तहत संपत्तियों को एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत अटैच किया गया है. हुमायूं कबीर ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें और उनके परिवार को राजनीतिक रूप से अपमानित करने के लिए झूठे मामले में फंसाया गया है. वहीं, उनकी बेटी नजमा सुल्ताना ने पुलिस पर परिवार को लगातार नोटिस भेजकर परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इशारे पर की जा रही है और इसका मकसद उनके पिता को राजनीतिक रूप से दबाव में लाना है. भारी पुलिस बल ने  लालगोला बस स्टैंड से सटे इलाके में शरीफुल इस्लाम से जुड़ी कई संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें एक होटल और एक आवासीय मकान शामिल है. यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली. इसके बाद मंगलवार को भी सुबह से ही लालगोला थाने की पुलिस ने हुमायूं कबीर की बेटी के ससुराल पक्ष की संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. पुलिस ने जिले के अलग-अलग इलाकों में स्थित कुल छह संपत्तियों को सील किया, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है. दूसरे दिन सील की गई संपत्तियों में ईंट भट्टे और व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं. इस तरह पुलिस ने दो दिनों में हुमायूं कबीर की बेटी के ससुराल पक्ष की कुल 18 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों पर कार्रवाई की है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शरीफुल इस्लाम लालगोला पंचायत क्षेत्र के नलदहारी इलाके के निवासी हैं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में ड्रग्स की तस्करी और उससे अर्जित संपत्तियों की जांच की जा रही है तथा जब्त की गई संपत्तियों को आगे नीलाम किया जाएगा. सूत्रों का दावा है कि शरीफुल इस्लाम ने ड्रग तस्करी के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है और मुर्शिदाबाद के अलावा कोलकाता में भी उनके फ्लैट और मकान हैं. उन्हें पहले भी दो बार ड्रग तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है. बता दें कि हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर 2025 को अयोध्या में विवादित ढांचे के ध्वंस की बरसी के दिन बाबरी मस्जिद के मॉडल पर बनने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी थी. मस्जिद निर्माण कार्य 11 फरवरी को कुरान तिलावत के बाद शुरू होने वाला है, जिसमें करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है. टीएमसी द्वारा मस्जिद निर्माण का विरोध किए जाने के बाद हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ (JUP) बनाई और आगामी विधानसभा चुनाव में करीब 135 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. वहीं, बीजेपी उन्हें अक्सर सत्तारूढ़ दल की ‘बी-टीम’ बताकर निशाना बनाती रही है.

सोमनाथ में 1000 साल बाद महाशिवरात्रि का भव्य आयोजन, 5 लाख श्रद्धालु होंगे शामिल

अहमदाबाद महाशिवरात्रि के अवसर पर इस वीकेंड पर गुजरात के विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के बाद से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कैलाश खेर समेत कई कलाकार देंगे प्रस्तुति 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के मद्देनजर सोमनाथ मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. गिर सोमनाथ जिले के कलेक्टर एनवी उपाध्याय ने सोमवार को बताया कि भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे हैं.गुजरात पर्यटन निगम की ओर से 14, 15 और 16 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर समेत देशभर के कलाकार प्रस्तुति देंगे. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के बाद बढ़ी दर्शनार्थियों की संख्या उन्होंने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ 8 से 11 जनवरी के बीच आयोजित किया गया था, जो जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले ऐतिहासिक हमले के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय आयोजन था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे. उपाध्याय के अनुसार, पहले जहां रोजाना करीब 20 हजार श्रद्धालु मंदिर आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 75 हजार प्रतिदिन हो गई है. महाशिवरात्रि के मुख्य दिन करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की उम्मीद है. 10 गेटों पर सुरक्षा जांच के प्रबंध भीड़ प्रबंधन के लिए सुरक्षा जांच गेट की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. दर्शन को सुचारु बनाने के लिए वन-वे एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया जाएगा. आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी. इसके अलावा मंदिर परिसर के पार्किंग क्षेत्र में बड़े स्तर पर भंडारे और प्रसाद वितरण के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए जाएंगे. गुजरात पर्यटन निगम की ओर से 14, 15 और 16 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर समेत देशभर के कलाकार प्रस्तुति देंगे.

बिजली वितरण कंपनियों पर भारी बोझ: MP पर 71 हजार करोड़ का घाटा, देश में कहां है स्थान?

भोपाल  मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों पर मार्च 2025 तक 49 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज हैं। वहीं, तीनों को कुल 71,395 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। इस भारी नुकसान के साथ मध्य प्रदेश देश में बिजली वितरण के मामले में चौथे सबसे अधिक घाटे वाले राज्यों में शामिल हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था पर और अधिक वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। यह जानकारी बिजली राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।   एक कंपनी पर सबसे ज्यादा बोझ राज्य की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमपीएमकेवीवीसीएल) पर अकेले 30,900 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज है। यह नुकसान कई छोटे राज्यों के कुल घाटे से भी अधिक बताया जा रहा है। वहीं, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर लगभग 27,992 करोड़ रुपये का घाटा है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को करीब 12,503 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। तीनों कंपनियों का संयुक्त घाटा प्रदेश की बिजली व्यवस्था की कमजोर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। देश में कहां है मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर डिस्कॉम ने वर्ष 2025 में 2,701 करोड़ रुपए का कर पश्चात मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन एमपी समेत कई राज्यों के लिए पुराने कर्ज और घाटे की भरपाई करना चुनौती बना हुआ है। बिजली वितरण कंपनियों के कुल घाटे के मामले में पहले स्थान पर तमिलनाडु है। वहीं, दूसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश, तीसरे नंबर पर राजस्थान और चौथे नंबर पर मध्य प्रदेश है।    घाटे के पीछे ये कारण विशेषज्ञों के अनुसार बिजली कंपनियों के घाटे के मुख्य कारणों में तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान, बिजली दरों में समय पर संशोधन न होना, सरकारी विभागों का बकाया भुगतान और सब्सिडी की देर से भरपाई शामिल हैं। 

देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर फास्टैग से शुल्क कटने की दिक्कत, सात मिनट की छूट नहीं बनी वास्तविक राहत

 इंदौर देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई फास्टैग पार्किंग व्यवस्था परेशानी का कारण बन गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहने को तो ‘पिक एंड ड्राप’ के लिए सात मिनट और 59 सेकंड की समय-सीमा तय कर रखी है, लेकिन हकीकत यह है कि निकास द्वार (एग्जिट गेट) पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतार के कारण यह छूट बेमानी साबित हो रही है। यदि कोई वाहन चालक समय रहते अपने स्वजन को छोड़कर बाहर निकलने की कोशिश भी करे तो कतार में खड़े-खड़े ही समय की सीमा पार हो जाती है और गेट पर पहुंचते ही फास्टैग से शुल्क कट जाता है। दरअसल, इंदौर एयरपोर्ट पर प्रवेश करते ही ऑनलाइन फास्टैग से एंट्री हो जाती है। निकासी के दौरान फास्टैग के तय समय से अधिक होने पर पार्किंग शुल्क काट लिया जाता है। समय की गणना के लिए यात्री के पास किसी तरह की रसीद नहीं होती है। पार्किंग शुल्क 20 से 55 रुपये वसूल हो रहा निकास द्वार पर तैनात कर्मचारी केवल कंप्यूटर स्क्रीन का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। कई बार निकासी द्वार पर लंबी कतार के कारण वाहन चालकों को पांच से सात मिनट का समय लग जाता है। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि प्रवेश और निकास के बीच महज कुछ सेकंड की देरी होने पर भी सिस्टम पार्किंग शुल्क 20 से 55 रुपये वसूल रहा है। फास्टैग और कैश की लाइन अलग-अलग करना चाहिए एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी सदस्य सावन लड्ढा का कहना है कि पिक एंड ड्राप के दौरान हमेशा विवाद की स्थिति बनती है। एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था अलग होने तक फास्टैग और कैश की लाइन अलग-अलग करना चाहिए। इससे फास्टैग वाले वाहनों को निकलने में देरी नहीं होगी। डबल डिडक्शन की गड़बड़ी भी सामने आ रही कैश के साथ फास्टैग भी पार्किंग में एक और बड़ी गड़बड़ी डबल डिडक्शन की सामने आ रही है। यदि कोई यात्री फास्टैग काम न करने की स्थिति में या जल्दबाजी में नकद भुगतान कर देता है तो भी सेंसर वाहन का नंबर स्कैन कर फास्टैग से पैसे काट लेता है। ऐसे मामलों में रिफंड की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि अधिकांश यात्री चंद रुपयों के लिए शिकायत दर्ज कराने का झंझट ही नहीं पालते। मनीष कुमार ने बताया कि जनवरी में एयरपोर्ट पर उन्होंने नकद शुल्क दिया था, बाद में फास्टैग से भी शुल्क कट गया। जाम में फंसी सुविधा एयरपोर्ट पर पार्किंग और पिकअप पाइंट के बीच का ट्रैफिक मैनेजमेंट पूरी तरह फेल नजर आता है। क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ पीक आवर्स के दौरान जब उड़ानों का दबाव ज्यादा होता है, तब सात मिनट के भीतर एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकलना लगभग नामुमकिन है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निकास द्वारों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती और कतार में लगने वाले समय को शुल्क से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक यात्रियों की जेब इसी तरह कटती रहेगी।     पिक एंड ड्रॉप में शुल्क लेने की शिकायतें आई थीं और एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस समस्या को रखा था। यदि अभी भी शिकायत आ रही है, तो अधिकारियों से सुधार के लिए बात करेंगे। एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था अलग की जा रही है। बिजासन माता मंदिर की तरफ से एग्जिट रहेगा। इसके बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।     – शंकर लालवानी, सांसद  

MP से अमृतसर और बैंकाक के लिए सीधी उड़ान, इस महीने से शुरू होगा संचालन

इंदौर   इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट (Devi Ahilyabai Holkar Airport) पर अप्रैल से लागू होने वाले समर शेड्यूल में कई नई उड़ानें मिलने की उम्मीद है। अमृतसर से लेकर बैंकाक तक की फ्लाइट मिल सकती है। 26 अक्टूबर से शुरू हुए विंटर शेड्यूल में 6 नई घरेलू फ्लाइट शुरू हुई, लेकिन एक भी नई इंटरनेशनल उड़ान नहीं मिली थी। मालूम हो दुबई, थाइलैंड और सिंगापुर की डिमांड बहुत है शहर से एक मात्र शारजाह इंटरनेशनल उड़ान का संचालन होता है। तीन साल से थाइलैंड और सिंगापुर के लिए डिमांड है तो दुबई उड़ान फिर से शुरू करने की मांग है। कई बार जनप्रतिनिधि और एयरपोर्ट प्रबंधन इनको लेकर पहल कर चुका है। अभी दिल्ली-मुंबई जाने की मजबूरी वर्तमान में मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों से इन देशों के लिए जाना पड़ता है। यह महंगा होने के साथ समय भी ज्यादा लगता है। बीते साल एक एयरलाइंस ने बैंकाक की उड़ान की तैयारी कर सभी औपचारिकता पूरी कर ली थी, लेकिन जानकारों ऐनवक्त पर नहीं चली। एयरपोर्ट के सकती है। इधर, अमृतसर, कोच्ची और के अनुसार इस बार बैंकाक की उड़ान मिल बागडोगरा की भी उड़ानें शुरू हो सकती हैं। जोधपुर जहां बंद हो चुकी है तो उदयपुर, नासिक की उड़ानें भी बंद हो सकती हैं। सर्वे में पता चली डिमांड अक्टूबर में एयरपोर्ट की एडवाइजरी कमेटी की ने कई रूट को लेकर सर्वे बैठक में पता चला था कि एक एयरलाइंस किया था। इसमें बैंकॉक, दुबई और सिंगापुर उड़ान की मांग आई थी। सांसद शंकर लालवानी, अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने आश्वासन दिया था कि उड़ान शुरू हो जाएगी। मार्च में बढ़ जाएगी एयरपोर्ट की क्षमता अप्रेल में समर शेड्यूल लागू होगा, इसके पहले मार्च में रनवे का काम पूरा हो जाएगा जिससे एयरपोर्ट 24 घंटे चालू रहेगा। इतना ही नहीं पुराने टर्मिनल भी नए रूप में शुरू हो जाएगा। इससे उड़ानें बढ़ने पर सुविधाएं भी मिल जाएंगी।  थाइलैंड, दुबई और सिंगापुर की डिमांड से एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन को हमने डिमांड भेजी बैंकाक, अमृतसर, कोच्ची, बागडोगरा उड़ान मिलने की उम्मीद है। – हेमेन्द्र जादौन, अध्यक्ष, ट्रेवल एसोसिएशन ऑफ इंडिया एमपी-सीजी

ISRO ने चंद्रयान-4 के लिए चांद के साउथ पोल में लैंडिंग साइट निर्धारित की, लैंड रोवर भेजेगा

बेंगलुरु  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) अपने अगले बड़े चंद्र मिशन की तैयारी में तेजी से जुट गया है. चंद्रयान-4 मिशन के लॉन्च होने में भले ही अभी करीब दो साल बाकी हैं, लेकिन इसकी सबसे अहम तैयारियों को पूरा कर लिया गया है. इसरो ने चंद्रमा के साउथ पोल में लैंडिंग के लिए एक सुरक्षित जगह भी चुन ली है. केंद्र सरकार पहले ही चंद्रयान-4 मिशन को मंजूरी दे चुकी है. यह मिशन भारत का पहला लूनर सैंपल रिटर्न मिशन होगा. इसका मतलब है कि इस बार चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानों के सैंपल को पृथ्वी पर लाया जाएगा. इस कारण से इस मिशन यानी चंद्रयान-4 को अभी तक का सबसे मुश्किल लूनर मिशन यानी चंद्र मिशन माना जा रहा है. इसरो प्रमुख वी नारायणन पहले ही साफ कर चुके हैं कि चंद्रयान-4 को साल 2028 में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है. इस मिशन के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के साउथ पोल वाले इलाके में स्थित मॉन्स मूटन क्षेत्र का गहराई से अध्ययन किया. इस क्षेत्र में चार संभावित लैंडिंग साइट्स की पहचान की गई है, जिनके नाम MM-1, MM-3, MM-4 और MM-5 रखे गए. MM-4 साइट सबसे सुरक्षित इन सभी जगहों का अध्ययन इसरो के हाई-रिजॉल्यूशन ऑर्बिटर हाई रेजॉल्यूशन कैमरा की मदद से किया गया है. अलग-अलग एंगल से ली गई तस्वीरों और डेटा के आधार पर वैज्ञानिकों ने जमीन की ढलान, ऊंचाई और खतरे की संभावना को परखा. इस जांच में MM-4 साइट सबसे सुरक्षित पाई गई. इसरो अधिकारियों के मुताबिक MM-4 के आसपास एक किलोमीटर के क्षेत्र में खतरे वाली जगहें सबसे कम हैं. यहां जमीन की औसत ढलान करीब 5 डिग्री है, जो लैंडिंग के लिए काफी सुरक्षित मानी जाती है. इस जगह की औसत ऊंचाई 5334 मीटर है और यहां 24 मीटर गुणा 24 मीटर के कई ऐसे ग्रिड मिले हैं, जहां बिना किसी रुकावट के लैंडर उतारा जा सकता है. चंद्रयान-4 मिशन में कुल पांच मॉड्यूल होंगे. इनमें प्रोपल्शन मॉड्यूल, डिसेंडर मॉड्यूल, असेंडर मॉड्यूल, ट्रांसफर मॉड्यूल और री-एंट्री मॉड्यूल शामिल हैं. डिसेंडर और असेंडर मॉड्यूल मिलकर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेंगे. इसके बाद सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे और उन्हें सुरक्षित तरीके से पृथ्वी तक वापस लाया जाएगा. इस मिशन की सफलता भारत को चंद्र अन्वेषण (Moon Exploration) के क्षेत्र में दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर देगी.

भोपाल वृत्‍त में 3 लाख उपभोक्ताओं को मिली 2 करोड़ रुपये से अधिक की राहत

भोपाल वृत्‍त के लगभग 3 लाख उपभोक्‍ताओं को जनवरी में 2 करोड़ से अधिक की छूट स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिला सोलर ऑवर में 20 प्रतिशत छूट का लाभ भोपाल  मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्य क्षेत्र में 5 लाख 20  हजार 457 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे छूट का लाभ प्रदान करते हुए जनवरी 2026 में कुल 3 करोड़ 61 लाख 26 हजार की रियायत प्रदान की गई है। इसमें भोपाल शहरी एवं ग्रामीण वृत्‍त के 2 लाख 97 हजार 813 उपभोक्‍ताओं को 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार रूपए की दिन के टैरिफ में छूट मिली है। कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे छूट के तहत यह रियायत प्रदान की गई है।   मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत माह जनवरी 2026 के दौरान यह छूट प्रदान की गई है। दिन के टैरिफ में स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। कंपनी ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर में स्‍मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और स्‍मार्ट मीटर लगवाने से न घबराएं। स्‍मार्ट मीटर उनके लिए हर तरह से फायदेमंद है और स्‍मार्ट मीटर की सटीक रीडिंग और बिलिंग के साथ ही कार्यप्रणाली में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलती है। स्‍मार्ट मीटर बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। ऐप से मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है। उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाया जा सकता है। उपभोक्‍ता ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन मोबाइल एप के द्वारा किसी भी समय कहीं से भी देख सकते हैं। स्‍मार्ट मीटर ऊर्जा की खपत को कम करने में सहायक होकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करता है।  

भोपाल को मिलेगा नया पुलिस थाना, कजली खेड़ा से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार

भोपाल  राजधानी भोपाल के नगरीय क्षेत्र में एक और थाना बहुत जल्दी बढ़ने वाला है। दरअसल राज्य सरकार ने पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर कोलार के ग्रामीण क्षेत्र कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को उन्नयन कर थाना बनाने की मंजूरी प्रदान कर चुक है। लेकिन थाना अभी तक संचालित नहीं हो सका है। भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल, एडीसीपी जोन-4 मलकीत सिंह के साथ कोलार थाने का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं देखीं।  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने एक-दो दिन में कजलीखेड़ा थाने को व्यवस्थाएं कर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि कोलार थाना क्षेत्र क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा है और ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल होने के कारण काम का बोझ अधिक है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुलिस की तुरंत उपस्थिति के लिए कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू किया जाए।  उल्लेखनीय है कि कजलीखेड़ा पहले पुलिस सहायता केंद्र था। वर्तमान में वह चौकी है। और वहां उप निरीक्षक केशांत शार्मा पदस्थ हैं। पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी सहित 13 पुलिसकर्मियों को फिलहाल कोलार थाने से ही कजलीखेड़ा में पदस्थ किया जा रहा है। संभावना है कि बाद में नया थाना प्रभारी भी लाइन से भेजा जाए। पुलिस सूत्रों की मानें तो औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फरवरी माह के अंत तक कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू होने की संभावना है।  यह पुलिसकर्मी नए थाने में होंगे पदस्थ कोलार थाने से अलग होकर कजलीखेड़ा थाने में उप निरीक्षक सहित 13 पुलिसकर्मी पदस्थ किए जा रहे हैं। वर्तमान कजलीखेड़ा चौकी प्रभारी केशांत शर्मा को ही फिलहाल थाने की कमान सौंपी जा रही है। केशांत शर्मा के साथ एएसआई ⁠एएसआई रूपेश नर्रे, संतोष कुमार, ⁠प्रधान आरक्षक देवकीनंदन, सन्तोष यादव, रंजीत, महेश परमार के साथ आरक्षक रविन्द्र तोमर, रविन्द्र मालवीय, राजेश जाटव, ⁠प्रदीप यदुवंशी, ⁠जितेंद्र गुर्जर और ⁠महिला आरक्षक राधिका को नए थाने में पदस्थ करने संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।

भारत का सशक्त कदम: सिंधु नदी पर बांधों का जाल और पाकिस्तान की बढ़ती मुश्किलें

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद अगर आपने सोचा होगा क‍ि भारत ने पाक‍िस्‍तान की ओर ध्‍यान देना बंद कर द‍िया है तो रुक‍िये… भारत ने जम्मू-कश्मीर की बर्फीली वादियों से बहने वाली चिनाब, झेलम और सिंधु नदी पर कुछ ऐसा क‍िया है क‍ि अगले कुछ महीनों बाद पाक‍िस्‍तान की सांसें अटक जाएंगी. सिंधु जल संध‍ि पर कंप्‍लीट ब्रेक के बाद मोदी सरकार ने इन नद‍ियों पर बांधों का जाल बिछाना शुरू कर द‍िया है. एक दो नहीं, बल्‍क‍ि कई बड़े बांध बनाए जा रहे हैं. सबको इमरजेंसी मोड में पूरा करने को कहा गया है. बजट पहले से अलॉट कर द‍िया गया है. टाइम फ‍िक्‍स है. साफ है क‍ि भारत अब अपनी नदियों के पानी की एक-एक बूंद का हिसाब रखेगा. पाक‍िस्‍तान के ल‍िए यह क‍िसी सर्जिकल स्‍ट्राइक से कम नहीं. वो प्रोजेक्‍ट जो पाक‍िस्‍तान का हलक सुखा देंगे च‍िनाब नदी सवलकोट हाइड्रो पावर प्रोजेक्‍ट     सवलकोट प्रोजेक्‍ट को चिनाब नदी पर भारत का सबसे महत्वाकांक्षी कदम माना जा रहा है. यह प्रोजेक्ट ऊधमपुर और रामबन जिलों में फैला हुआ है. यह चिनाब नदी पर पहले से मौजूद बागलीहार प्रोजेक्ट (अपस्ट्रीम) और सलाल प्रोजेक्ट (डाउनस्ट्रीम) के बीच में स्थित है. इसकी लोकेशन ऐसी है कि यह चिनाब के पानी के बहाव को नियंत्रित करने में भारत को अभूतपूर्व बढ़त देती है. पहले चरण में 1,406 मेगावाट और दूसरे चरण में 450 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा.     इमरजेंसी मोड: NHPC ने फरवरी 2026 में इसके लिए टेंडर जारी किए हैं. दस्तावेजों से पता चलता है कि सरकार इसे जितनी जल्दी हो सके (As early as possible) कमीशन करना चाहती है. मानसून के दौरान भी इसका काम 50% गति से जारी रखने का निर्देश दिया गया है. पाकल दुल परियोजना     किश्तवाड़ जिले में बन रही यह परियोजना पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा दुःस्वप्न है. सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान की ओर बहने वाली पश्चिमी नदियों पर भारत को ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ प्रोजेक्ट बनाने की अनुमति थी, लेकिन पाकल दुल भारत की पहली ऐसी परियोजना है जिसमें पानी को स्टोर करने की क्षमता है.167 मीटर की ऊंचाई के साथ यह भारत का सबसे ऊंचा बांध होगा. इसकी मदद से भारत सर्दियों में जब पाकिस्तान को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब पानी के बहाव को रेगुलेट कर सकेगा. सरकार ने इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. कीरू प्रोजेक्‍ट     चिनाब नदी पर किश्तवाड़ में ही एक और महत्वपूर्ण बांध ‘कीरू’ आकार ले रहा है. कीरू को पाकल दुल और अन्य परियोजनाओं के साथ एक ‘चेन’ के रूप में डिजाइन किया गया है. इसका मतलब है कि अगर भारत ऊपर के बांध से पानी रोकता है, तो नीचे के सभी बांधों का प्रबंधन एक साथ किया जा सकेगा. इसे भी दिसंबर 2026 तक पाकल दुल के साथ ही चालू करने का आदेश दिया गया है, ताकि चिनाब पर भारत की पकड़ एक साथ मजबूत हो. क्वार प्रोजेक्‍ट     क्वार परियोजना इंजीनियरिंग का एक नमूना है. जनवरी 2024 में चिनाब नदी का रुख मोड़कर इसके निर्माण के लिए रास्ता बनाया गया था, जिसे पाकिस्तान ने बहुत करीब से ट्रैक किया था. केंद्र ने इसके लिए मार्च 2028 की समयसीमा तय की है. नदी का मार्ग परिवर्तन इस बात का सबूत है कि भारत अब पाकिस्तान के कड़े विरोध की परवाह किए बिना निर्माण कार्य जारी रख रहा है. रतले प्रोजेक्‍ट     रतले प्रोजेक्ट पिछले एक दशक से भारत और पाकिस्तान के बीच सबसे विवादित मुद्दा रहा है. पाकिस्तान ने इसके डिजाइन, विशेष रूप से इसके स्पिलवे को लेकर अंतरराष्ट्रीय अदालतों तक का दरवाजा खटखटाया है. भारत ने इन विरोधों को खारिज करते हुए 2024 में नदी का रुख मोड़ा और बांध के कंक्रीट कार्य की आधारशिला रखी. यह प्रोजेक्ट भी 2028 तक चालू होने की उम्मीद है. दुलहस्ती स्टेज-2     मौजूदा दुलहस्ती-1 के ठीक नीचे स्टेज-2 को भी पर्यावरण मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. पाकिस्तान ने इस पर हाल ही में यह कहकर आपत्ति जताई कि उसे सूचित नहीं किया गया था, लेकिन भारत ने इसे संधि के दायरे में बताते हुए आपत्ति को दरकिनार कर दिया है. झेलम नदी     किशनगंगा जलविद्युत परियोजना (330 MW): यह झेलम की सहायक नदी किशनगंगा (पाकिस्तान में नीलम) पर है. भारत ने इसे 2018 में चालू किया था. यह पानी को मोड़कर वुलर झील में डालती है, जिससे पाकिस्तान के नीलम-झेलम प्रोजेक्ट की बिजली क्षमता कम हो जाती है.     उरी स्टेज-II (240 MW): बारामूला जिले में स्थित इस प्रोजेक्ट को सरकार ने अब प्राथमिकता पर रखा है. संधि के स्थगन के बाद इसकी फाइलें तेजी से आगे बढ़ी हैं ताकि झेलम के पानी का अधिकतम उपयोग भारत की सीमा के भीतर हो सके.     तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट: यह वुलर झील के मुहाने पर एक ‘बराज’ है. पाकिस्तान के विरोध के कारण यह सालों से लटका था, लेकिन अब भारत इसे नेविगेशन और पानी के स्‍टोरेज के लिए फिर से जीवित कर रहा है. सिंधु नदी     निमो-बाजगो (45 MW): लेह के पास अलची गांव में स्थित यह बांध सिंधु नदी पर बना है. यह लद्दाख की बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ सिंधु के मुख्य बहाव पर भारत की कूटनीतिक पकड़ मजबूत करता है.     चुटक प्रोजेक्ट (44 MW): यह सिंधु की सहायक नदी ‘सुरु’ पर कारगिल जिले में स्थित है.     दुर्बुक-शायोक और निमू-चिलिंग प्रोजेक्ट: लद्दाख की इन परियोजनाओं पर भी पाकिस्तान ने हाल ही में आपत्ति जताई थी, लेकिन भारत इन्हें अपनी रणनीतिक जरूरतों के लिए तेजी से आगे बढ़ा रहा है. रावी नदी     शाहपुर कंडी बांध: पंजाब के पठानकोट में रावी नदी पर स्थित इस बांध का मुख्य हिस्सा फरवरी 2024 में तैयार हो गया है. यह रणजीत सागर बांध से निकलने वाले पानी को रोकेगा, जिससे पाकिस्तान जाने वाला पानी पूरी तरह बंद हो जाएगा और जम्मू-कश्मीर व पंजाब के खेतों को सिंचाई मिलेगी.     उझ मल्‍टी परपज प्रोजेक्‍ट: रावी की सहायक नदी ‘उझ’ पर यह प्रोजेक्ट कठुआ में बन रहा है. केंद्र ने हाल ही में यहां नहर प्रणाली को मंजूरी दी है ताकि पाकिस्तान जाने वाले अनियंत्रित पानी को रोककर पंजाब और राजस्थान की … Read 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आगे की उड़ान: 6th जनरेशन के फाइटर प्लेन कैसे होंगे 5वीं पीढ़ी से ज्यादा शक्तिशाली?

नई दिल्ली दूसरे विश्व युद्ध के प्रोपेलर वाले एयरक्राफ्ट से लेकर आज के स्टील्थ फाइटर जेट तक पिछले 8 दशकों में हवाई युद्ध में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है. फाइटर जेट्स की पांचवीं पीढ़ी जो रडार से बचने वाले, सेंसर से लैस एयरक्राफ्ट हैं, पहले ही उन सीमाओं को पार कर चुके हैं जिन्हें कभी मुमकिन माना जाता था. लेकिन अब दुनिया की बड़ी ताकतें छठी पीढ़ी के फाइटर जेट पर तेजी से कम कर रही हैं. हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने भी अमेरिका के नए F-47 को दुनिया का सबसे विनाशकारी एयरक्राफ्ट बताया था. आपको बता दें कि यह एयरक्राफ्ट भी छठी पीढ़ी का ही है. इसी बीच आइए जानते हैं कि आखिर कैसे होंगे छठी जनरेशन के फाइटर प्लेन. पांचवीं पीढ़ी से छलांग F-35 और F-22 जैसी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स ने स्टील्थ, सेंसर फ्यूजन और एडवांस्ड एविएशन को पेश किए हैं. अब नई पीढ़ी के एयरक्राफ्ट से इससे कहीं आगे जाने की उम्मीद की जा रही है. यह कोई सिंपल अपग्रेड नहीं होगा बल्कि एक क्वांटम छलांग होगी. बिना पायलट और ऑप्शनल पायलट वाला कॉम्बैट  छठी पीढ़ी के जेट्स की सबसे खास विशेषता यह है कि इसमें ऑप्शनल मैनिंग होगी. इन एयरक्राफ्ट को पायलट उड़ा सकता है, रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है, या पूरी तरह से बिना पायलट के ऑपरेट किया जा सकता है. वे ऑटोनॉमस सपोर्ट ड्रोन के झुंड को भी कमांड करेंगे. इन्हें अक्सर लॉयल विंगमैन सिस्टम कहा जाता है. यह मुख्य फाइटर के साथ टोही, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध या हमले के मिशन कर सकते हैं. कोर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम पायलटों की मदद करेंगे, युद्ध के मैदान के भारी मात्रा में डाटा का रियल टाइम में एनालिसिस करेंगे, रडार जैमिंग को मैनेज करेंगे, खतरों को भी प्रायोरिटी पर रखेंगे और यहां तक की तेज गति वाली लड़ाई के दौरान  टैक्टिकल फैसलों की भी सलाह देंगे.  नेक्स्ट लेवल स्टील्थ और रेडिकल डिजाइन स्टील्थ टेक्नोलॉजी में काफी सुधार किया जाएगा. छठी पीढ़ी के एयरक्राफ्ट को रडार, इंफ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में पता लगाना और भी मुश्किल होने की उम्मीद है. कुछ डिजाइन पारंपरिक वर्टिकल स्टेबलाइजर को पूरी तरह से हटा सकते हैं. इससे ड्रैग और रडार रिफ्लेक्शन कम होगा और एफिशिएंसी और सर्वाइवल में काफी ज्यादा सुधार होगा.  लेजर और डायरेक्टेड एनर्जी हथियार  पांचवीं पीढ़ी के जेट्स मुख्य रूप से मिसाइल पर निर्भर करते हैं. लेकिन छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स डायरेक्टेड एनर्जी हथियार ले जाएंगे. इसमें हाई एनर्जी लेजर और माइक्रोवेव सिस्टम शामिल हैं. यह हथियार लाइट की स्पीड से टारगेट को निशाना बना सकते हैं.  

43,000 करोड़ रुपये केंद्रीय योजनाओं में बचे अनspent, राज्यों की लापरवाही उजागर

नई दिल्ली वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं पर खर्च की रफ्तार बेहद धीमी रही है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने अपनी 53 सबसे बड़ी योजनाओं के लिए आवंटित कुल बजट का मात्र 41.2 प्रतिशत हिस्सा ही अब तक जारी किया है। विश्लेषण से पता चलता है कि 500 करोड़ रुपये से अधिक के बजट वाली इन योजनाओं में से अधिकतर के आवंटन में भारी कटौती की गई है। आशंका जताई जा रही है कि मार्च में वित्त वर्ष खत्म होने तक इन योजनाओं का कुल खर्च शुरुआती बजट के 75 प्रतिशत के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाएगा। प्रमुख योजनाओं के बजट में की जा रही भारी कटौती  रिपोर्ट के अनुसार, विश्लेषण की गई 53 योजनाओं में से 47 के बजट को संशोधित कर कम कर दिया गया है। मूल बजट अनुमान जो 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक था, उसे घटाकर अब 3.8 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। सबसे चौंकाने वाली कटौती प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) में देखी गई, जहां बजट 850 करोड़ रुपये से घटाकर मात्र 150 करोड़ रुपये कर दिया गया है। केवल मनरेगा (MGNREGS) और अनुसूचित जनजातियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप जैसी तीन योजनाओं में ही मूल बजट से अधिक खर्च दर्ज किया गया है। सबसे बड़ी गिरावट PM कृषि सिंचाई योजना में बाकी 47 योजनाओं के लिए, RE अलग-अलग मात्रा में BE से कम है। सबसे बड़ी गिरावट PM कृषि सिंचाई योजना में देखी गई, जहां 150 करोड़ रुपये की RE 850 करोड़ रुपये के BE का मुश्किल से छठा हिस्सा है। कुल मिलाकर, इन 53 योजनाओं के लिए BE 5 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा ज़्यादा था, जिसे संशोधित करके 3.8 लाख करोड़ रुपये से कम, या बजटीय आवंटन का 74.4 प्रतिशत कर दिया गया। 31 दिसंबर को खत्म होने वाले नौ महीनों में जारी किया गया फंड कुल 2 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा था, जो बजट आवंटन का 41.2% और RE का 55.4% था। RE, BE के 40% से कम  पीएमकेएसवाई कमांड एरिया डेवलपमेंट और जल संसाधन, पीएम ई-बस सेवा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन/राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों का कंप्यूटरीकरण और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश घटक-PMAY शहरी की अन्य मदों के लिए RE, BE के 40% से कम है। इनमें से छह योजनाओं में जारी की गई वास्तविक राशि BE के 10% से कम है। इन बड़ी योजनाओं (2,000 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा BE) में जल जीवन मिशन/नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वाटर मिशन (BE 67,000 करोड़ रुपये, नौ महीनों में असल खर्च RE 31 करोड़ रुपये), PM स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (BE 7,500 करोड़ रुपये, असल खर्च 473 करोड़ रुपये), और प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (BE 2,140 करोड़ रुपये, असल खर्च 40 करोड़ रुपये) शामिल हैं। अगर कुल 53 योजनाओं पर कुल खर्च की बात करें तो यह 3.8 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं पर 5 लाख करोड़ के बजट का ऐलान हुआ था। 31 दिसंबर तक दो लाख करोड़ का बजट रिलीज किया गया था। यह कुल बजट का 41.2 फीसदी था। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, वॉटर मैनेजमेंट, पीएम ईबस सेवा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, कंप्यूटराइजेशन ऑफ प्राइमरी ऐग्रीकस्च्र क्रेडिट सोसाइटी और अन्य कई योजाओं पर बजट का 40 फीसदी ही खर्च हुआ है। इनमें से 6 योजनाएं ऐसी भी हैं जिनके लिए केवल 10 फीसदी ही बजट रिलीज हुआ है। इस बजट सत्र के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील ने शनिवार को यहां बताया कि देश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है।पाटिल ने यहां केन्द्रीय बजट को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमृत सरोवर योजना और जेजेएम ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं और अमृत सरोवर योजना के तहहत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जेजेएम के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है और चार-पांच करोड़ घरों को और पानी देना है तथा इस योजना को वर्ष 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग नौ करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया गया है और आठ लाख महिलाओं ने परीक्षण पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट को रखा है। जल जीवन मिशन और पीएम आवास योजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर असर

Air Taxi की तैयारी: दिल्ली-नोएडा-गुरुग्राम में अब मिनटों में पहुंचेगा ऑफिस और अस्पताल

 नई दिल्ली  दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को अक्सर भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है. इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए Air Tax का प्रस्ताव सामने आया है. इसके बाद सेंट्रल दिल्ली से गुरुग्राम का सफर सिर्फ 12 मिनट में पूरा होगा.  एयर टैक्सी कॉरिडोर योजना की दिल्ली -NCR में लगने वाले समय को घटाकर मिनटों में कर सकती है. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एयर टैक्सी कॉरिडोर की यह पहल दिल्ली-NCR में ट्रैफिक जाम और बुनियादी ढांचे की पुरानी समस्या का सॉल्यूशन बन सकती है.  दिल्ली वालों को गुरुग्राम और नोएडा की कनेक्टिविटी  CII ने गुरुग्राम-कनॉट प्लेस-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले एक पायलट एडवांस्ड एयर मोबिलिटी कॉरिडोर प्रपोजल पेश किया है.  रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) फ्लाइट और अन्य  टेक्नोलॉजी पर काम को शामिल करके दिल्ली-NCR में एविएशन इकोसिस्टम को सुरक्षित तरीके से शामिल किया जा सकता है. हालांकि अभी यह प्रपोजल है और इसको कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है.  सफल होने के बाद और भी शहरों में हो सकेगा शुरू दिल्ली-NCR में यह मॉडल सफल होता है तो आगे चलकर इस मॉडल को देश के अन्य बड़े शहरों में शामिल किया जा सकेगा. इसमें मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे नाम शामिल होंगे.  एयर एम्बुलेंस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को फायदा  दिल्ली-NCR में एयर टैक्सी का एम्बुलेंस में भी किया जा सकता है. इसके लिए अस्पतालों पर वर्टीपोर्ट्स तैयार किए जाएंगे. इसकी मदद एम्स समेत दूसरे बड़े अस्पतालों के बीच मरीज को रेफर करना आसान हो जाएगा.  ट्रैवल टाइम में होगी बारी कटौती  एयर टैक्सी की मदद से ट्रैवल टाइम में भारी कटौती आएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल दिल्ली से गुरुग्राम तक का सफर 12 मिनट से कम समय में होगा. सड़क से सफर में 1  घंटे से करीब डेढ़ घंटा लगता है.  कनॉट प्लेस से नोएडा इंटरनेशनल नेशनल एयरपोर्ट का सफर 20 मिनट से कम समय में होगा. सड़क से इस सफर में करीब 2 से 3 घंटे का समय लगता है. आगे क्या होंगे चुनौतियां?  देश की राजधानी होने की वजह से दिल्ली में कुछ हिस्से हाई सेंसटिव जोन हैं. दिल्ली कैंट, लुटियंस दिल्ली और IGI एयरपोर्ट के ऊपर से एयर टैक्सी को उड़ने की परमिशन नहीं दी जा सकती है. इसके लिए DGCA को नए स्टैंडर्ड और रूट्स तैयार करने होंगे. फायर सेफ्टी, इमरजेंसी इवैक्यूएशन और स्टॉप फ्री क्लीयरेंस जरूरी होगी. 

बिना शादी के बच्चों का बढ़ता आंकड़ा, ये देश सबसे आगे—भारत और एशिया में क्या हो रहा है?

नईदिल्ली  शादी, परिवार और संतान… जिन्हें कभी समाज की स्थायी नींव माना जाता था, लेकिन बदलते समय में दुनिया के कई हिस्सों में ये अवधारणाएं नए सिरे से परिभाषित हो रही हैं। बदलती जीवनशैली, कानूनी व्यवस्था और सामाजिक स्वीकृति के कारण विवाह के बाहर बच्चों का जन्म कुछ देशों में सामान्य हो चुका है, जबकि कहीं यह अभी भी सामाजिक कलंक बना हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई देशों में विवाह के बाहर बच्चों का जन्म अब आम बात हो गई है। हालांकि एशिया और कुछ अन्य क्षेत्रों में यह प्रवृत्ति अभी भी बहुत कम है। ये बदलाव सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हैं, जहां विवाह हर जगह संतान प्राप्ति की शर्त नहीं रहा। यूं कहें तो बिना शादी के परिवार बसाना कई जगहों पर ‘न्यू नॉर्मल’ बन गया है। ओईसीडी (OECD) के नए आंकड़ों के अनुसार, विश्व के कई देशों में औसतन लगभग 43% बच्चे विवाह के बाहर पैदा हो रहे हैं। यानी बिना शादी के महिलाएं मां बन रही हैं। आइए जानते हैं कि इस मामले में कौन-से देश सबसे आगे हैं… सबसे आगे लैटिन अमेरिका लैटिन अमेरिकी देश इस मामले में सबसे आगे हैं। कोलंबिया में 87% बच्चे विवाह के बाहर जन्म ले रहे हैं। इसके बाद चिली (78.1%), कोस्टा रिका (74%) और मैक्सिको (73.7%) का नंबर आता है। यहां लिव-इन रिलेशनशिप लंबे समय से सामाजिक और कानूनी रूप से स्वीकार्य है, जिससे औपचारिक शादी की जरूरत कम हो गई है। ऐतिहासिक असमानता और कानूनी पहुंच की कमी ने भी इन बदलावों को बढ़ावा दिया है। नॉर्डिक देशों में कल्याण व्यवस्था के साथ हाई रेशियो नॉर्डिक देशों ने परिवार के मानदंडों को नए सिरे से परिभाषित किया है। आइसलैंड में 69.4%, नॉर्वे में 61.2%, स्वीडन में 58% (लगभग) और डेनमार्क में 55% के आसपास बच्चे विवाह के बाहर पैदा हो रहे हैं। यहां मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों को माता-पिता की वैवाहिक स्थिति से अलग कानूनी संरक्षण मिलने से विवाह अब व्यक्तिगत चुनाव बन गया है। लिव इन में रहने वाले जोड़ों को विवाहित जोड़ों के बराबर अधिकार प्राप्त हैं। एशिया और पूर्वी भूमध्यसागरीय में न्यूनतम दरें दूसरी ओर एशिया के कई देशों में स्थिति बिल्कुल उलट है। जापान में सिर्फ 2.4%, दक्षिण कोरिया में 4.7%, तुर्की में 3.1%, इजरायल में 8.6% और ग्रीस में 9.7% बच्चे विवाह के बाहर जन्म लेते हैं। यहां सांस्कृतिक मूल्य, धार्मिक परंपराएं और सख्त कानूनी ढांचा विवाह को संतान से जोड़े रखते हैं। एकल माता-पिता को सामाजिक कलंक और कम सहायता मिलने से यह प्रवृत्ति दबाव में रहती है। ओईसीडी भारत जैसे देशों में भी विवाह के बाहर जन्म की दर बहुत कम बनी हुई है। यही विवाद के बाहर बच्चों की जन्म दर एक फीसदी से भी कम है। भारत के पड़ोसी देशों और एशिया में भी यही स्थिति है, जहां सांस्कृतिक और सामाजिक मानदंड विवाह को प्राथमिकता देते हैं। एंग्लो-अमेरिकी और पश्चिमी यूरोप संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और ज्यादातर पश्चिमी यूरोपीय देश बीचों बीच खड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में लगभग 40 प्रतिशत बच्चे विवाह के बाहर पैदा होते हैं, जो ऑस्ट्रिया और इटली के स्तर के करीब है। इन आंकड़ों से साफ है कि विवाह के बाहर बच्चों का जन्म सिर्फ सामाजिक बदलाव नहीं, बल्कि कानूनी संरचना, कल्याणकारी नीतियों और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का संयुक्त परिणाम है। आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ सकता है, जिसका असर भारत समेत अन्य एशियाई देशों पर भी पड़ सकता है।

11 फरवरी राशिफल: बड़े बदलाव के संकेत, इन राशियों पर मेहरबान होंगे ग्रह

मेष 11 फरवरी के दिन स्वयं की तुलना दूसरों से न करें। लव लाइफ में रोमांस रहेगा। नेटवर्किंग या पुराने दोस्तों की मदद से नए अवसर मिल सकते हैं। विद्यालय में स्टूडेंट्स की सफलता का राज रहेगा कि वे रट्टा मारने के बजाय दीप लर्निंग पर फोकस करें। वृषभ 11 फरवरी के दिन जल्दबाजी में खर्च करने के बजाय सोच समझकर प्लान करना चाहिए। सेहत का ध्यान रखना आवश्यक है। आप अपने अपने सभी पेंडिंग काम पूरा करने के लिए मोटिवेटेड महसूस करेंगे। मिथुन 11 फरवरी के दिन ऑफिस में लोग आपकी मेहनत और प्रयासों की तारीफ करेंगे। आपको पैसों के मामले में लाभ हो सकता है। कुछ की जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन साथ ही आपका कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा। कर्क 11 फरवरी के दिन रोमांटिक रोमांच के लिए खुद को तैयार रखें। सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए तैयार रहें क्योंकि लव का कनेक्शन स्ट्रॉंग होगा। आपको ट्रैवल या ड्राइव करते समय सावधान रहना चाहिए। सिंह 11 फरवरी के दिन तुरंत डीसीजन लेने से बचने के लिए सावधानी बरतें। लाइफ में बैलेंस बनाकर रखना बेहद जरूरी है। रोमांटिक रहें। हो सकता है कि आप आपके जैसी ही ज्ञान की इच्छा रखने वाले किसी व्यक्ति की ओर आकर्षित हों। कन्या 11 फरवरी के दिन बाहर कोई संबंध तलाशने से पहले अपनी जरूरतों को समझना जरूरी है। एक ऐसी जीवनशैली विकसित करें, जो आपको खुशी का एहसास दे, चाहे कोई शौक सीखने के माध्यम से, अपने दोस्तों के साथ रहने या नई चीजों की खोज करने के माध्यम से। तुला 11 फरवरी के दिन याद रखें कि अगर आप दया के साथ मुश्किलों का सामना करते हैं तो आप अधिक शक्तिशाली हो सकते हैं। विलासिता की इच्छा महसूस कर सकते हैं। किसी अजनबी के साथ आपकी बात-चीत रोमांचकारी हो सकती है। वृश्चिक 11 फरवरी के दिन अपने दिल को अप्रत्याशित संबंधों के लिए खुला रखें। ब्रह्मांड आपके लिए रोमांचकारी अवसर लाने की साजिश कर रहा है। इसलिए आपको अपना दिमाग खुला रखना होगा और उस पल को कैद करने के लिए तैयार रहना होगा। धनु 11 फरवरी के दिन आपको कुछ कठिनाइयों का अनुभव हो सकता है। किसी भी असहमति या गलतफहमी से मेच्योरिटी के साथ निपटें। अपने साथी के दृष्टिकोण पर पूरा ध्यान दें और अपनी बात व्यक्त करते समय समझ के साथ रिस्पॉन्स दें। मकर 11 फरवरी के दिन आपको अपने रिश्तों में पर्सनल ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित करने का एक दुर्लभ अवसर दिया गया है। अपने बारे में अधिक जानने और दूसरों की अपेक्षाओं के आगे झुके बिना सकारात्मक बदलाव करने के इस अवसर का लाभ उठाएं। कुंभ 11 फरवरी के दिन जैसे-जैसे आप खुशी महसूस करेंगे, आप उन लोगों के लिए स्वाभाविक रूप से आकर्षक हो जाते हैं, जो आपके साथ रहना चाहते हैं। अपनी खुशियों को प्राथमिकता देते हुए नए लोगों से मिलने के लिए खुद को तैयार रखें। मीन 11 फरवरी के दिन खुद के बॉस बनने और सभी चीजों में प्यार का अनुभव करने के अवसर के रूप में लें। ब्रह्मांड आपको सामाजिक दुनिया के बंधनों से मुक्त होने के लिए आमंत्रित करता है। स्वयं द्वारा बनाए गए रूल्स से मुक्त रहें।

प्रदेश में संचालित आयुष विभाग अंतर्गत समस्त गतिविधियों से कराया अवगत

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने, मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  प्रताप राव जाधव से भेंट कर, प्रदेश में संचालित आयुष विभाग अंतर्गत समस्त गतिविधियों से अवगत कराया। इस दौरान मंत्री  परमार ने, केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई घोषणा के तारतम्य में, प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की उज्जैन में स्थापना के लिए केंद्रीय आयुष मंत्री से अनुरोध किया। प्रदेश के लिए दो नवीन आयुर्वेद महाविद्यालयों एवं एक होम्योपैथी महाविद्यालय की स्थापना, प्रदेश में वैलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच अन्य केंद्रों की स्थापना एवं टीकमगढ़ में 50 बिस्तरीय चिकित्सालय की स्थापना के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए भी आग्रह किया। इस दौरान केंद्रीय आयुष मंत्री  जाधव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत हुई गतिविधियों के लिए भूरी-भूरी प्रशंसा एवं सराहना की। मंत्री  परमार के नेतृत्व में पहुंची आयुष विभाग की टीम ने, केंद्रीय मंत्री  जाधव से प्रदेश में आयुष अन्तर्गत संचालित गतिविधियों के अवलोकन के लिए आमंत्रित भी किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सचिव वैद्य  राजेश कोटेचा ने, प्रदेश को अधिकतम वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने के लिए आश्वस्त भी किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष  शोभित जैन भी उपस्थित थे। ज्ञातव्य है कि पिछले दो वर्ष में प्रदेश सरकार द्वारा 8 नवीन आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित किया जा रहे हैं, इनमें से 7 आयुर्वेद महाविद्यालयों का वित्तीय पोषण, भारत सरकार अंतर्गत राष्ट्रीय आयुष मिशन से प्राप्त हुआ है। इसके साथ प्रदेश के लिए खजुराहो में योग संस्थान स्थापित किए जाने और नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के अंतर्गत प्रदेश के एकलव्य स्कूलों में पोषण वाटिका स्थापित किए जाने के लिए भी केंद्रीय वित्तीय सहायता का अनुरोध किया गया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डबरा की घटना में मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए एवं गंभीर तीन घायलों को एक–एक लाख रुपए देने के दिये निर्देश

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को ग्वालियर जिले के डबरा में हुई दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दुर्घटना में एक मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए एवं गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को एक – एक लाख रुपए की सहायता देने के निर्देश दिये है। साथ ही गंभीर सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार कराने के निर्देश भी दिए। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर मती रुचिका चौहान ग्वालियर स्थित एप्पल अस्पताल एवं जयारोग्य चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर पहुँचीं और घटना में घायल मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि घायलों का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। कलेक्टर मती चौहान ने इसके पश्चात डबरा पहुंचकर नवग्रह शक्ति पीठ पर आयोजित कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया एवं अधिकारियों को आवश्यक पुख्ता प्रबंध करने के दिशा-निर्देश दिए।  

MP विधायक 4 जनवरी से अंडरग्राउंड, मूसा गैंग का डर बताया, मऊगंज पुलिस ने खारिज किया

 मऊगंज मऊगंज से भाजपा विधायक पिछले एक महीने से छिप कर बैठे हैं. विधायक ने सोशल मीडिया में इसकी वजह मूसा गैंग का खतरा होना बताया है. जबकि पुलिस का दावा है कि जिले में इस तरह का कोई गैंग नहीं है. उधर भाजपा सांसद ने विधायक के ‘अवकाश’ पर होने की बात कह कर राजनीतिक गलियारों में नई बहस का मुद्दा दे दिया है. आखिर बार भाजपा विधायक 4 जनवरी 2026 को विवादित जमीन के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे थे. विधायक को जमकर विरोध का सामना करना पड़ा. उग्र भीड़ के आगे विधायक जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए. इस जमीन का प्रकरण न्यायालय में चल रहा है. मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने किसी कदर विधायक को भीड़ से बचा कर निकला. इसके बाद से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल अचानक गायब को गए.  हाल ही में विधायक ने एक बयान जारी किया है. उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया है, इसलिए वह क्षेत्र से दूर हैं. विधायक ने कहा है कि उन्हें मूसा गैंग से जान का खतरा है. जबकि एसपी दिलीप सोनी ने इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है. उनका दावा है कि जिले में कोई भी इस तरह की गैंग नहीं है.  उधर, इस मुद्दे विधायक की पार्टी के ही सांसद जनार्दन मिश्रा ने विधायक के अवकाश में होने की बात कह कर राजनीतिक गलियारों में नई बहस बना दी है. सांसद ने कहा कि हर किसी को काम से आराम पाने के लिए अवकाश लेना चाहिए, विधायक ने भी लिया है. विधायक के गायब होने की खबर से क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है. स्थानीय विधायक के गायब होने की असल वजह मूसा गैंग नहीं, बल्कि निजी जमीन का विवाद मान रहे है. सत्ताधारी दल के विधायक ने इस मामले में भूस्वामी के खिलाफ जिंदा जलाकर मारने की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने कई के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी, बावजूद इसके विधायक अभी भी नाराज हैं.  

सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास-मंत्री टंक राम वर्मा सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास

रायपुर खिलौरा को मिली विकास की सौगात, राजस्व मंत्री ने किए डेढ़ करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा मंगलवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम खिलौरा पहुंचे, जहां उनके प्रथम आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री  वर्मा ने ग्राम खिलौरा में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।        लोकार्पित कार्यों में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रार्थना शेड, 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी, 3 लाख रुपये की लागत से रंगमंच उन्नयन, 5 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम अहाता तथा 5 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन (बाल समाज) शामिल हैं। वहीं, 10 लाख रुपये और 9.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पीडीएस भवन के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। पूरे प्रदेश में विकास कार्य तीव्र गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने से लोगों में खुशी और विश्वास का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर समृद्धि की बयार बह रही है। मंत्री  वर्मा ने उपस्थित स्कूली बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।   इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्य, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मालेगांव की नई मेयर नसरीन शेख: बुर्के वाली मेयर, जानिए उनके अधिकार और जिम्मेदारियां

मालेगांव मालेगांव नगर निगम (MMC) के मेयर चुनाव में इस्लाम पार्टी की नसरीन शेख (Nasreen Sheikh) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. उन्‍हें लेकर सोशल मीडिया पर बुर्के वाली मेयर के रूप में चर्चाएं इन दिनों आम हैं. नसरीन शेख ने शिवसेना (शिंदे गुट) की उम्मीदवार लता घोडके को हराकर यह पद हासिल किया है. नसरीन बानो शेख मालेगांव की सक्रिय राजनीति में पिछले कुछ वर्षों से जमीनी स्तर पर जुड़ी रही हैं. वह मूल रूप से एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं लेकिन उनका परिवार राजनीति में काफी प्रभावशाली रहा है. • पारिवारिक व्यवसाय और पृष्ठभूमि: नसरीन शेख का परिवार पारंपरिक रूप से पावरलूम (Powerloom) व्यवसाय से जुड़ा हुआ है. मालेगांव एक बुनकर बहुल शहर है जहां उनके परिवार का अच्छा-खासा व्यापारिक आधार है. • शिक्षा: नसरीन शेख की शुरुआती और उच्च शिक्षा मालेगांव में ही हुई है. स्थानीय स्तर पर उन्हें एक शिक्षित और जागरूक महिला के रूप में पहचाना जाता है. नसरीन शेख स्नातक (Graduate) हैं. उन्होंने अपनी शिक्षा मालेगांव के ही शिक्षण संस्थानों से पूरी की है. वह उर्दू और मराठी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ रखती हैं. • राजनीतिक करियर: नसरीन ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत नगरसेवक के रूप में की थी. वह ‘इस्लाम पार्टी’ के टिकट पर चुनाव जीतकर नगर निगम पहुंचीं. उनकी पार्टी ने इस बार मालेगांव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के साथ गठबंधन (मालेगांव सेक्युलर फ्रंट) कर सत्ता हासिल की है. नसरीन शेख दिवंगत पूर्व विधायक रशीद शेख की बहू हैं. उनके पति शेख खालिद भी राजनीति में सक्रिय हैं. उनके परिवार के सदस्य आसिफ शेख (पूर्व विधायक) ने ही ‘इस्लाम पार्टी’ (ISLAM Party) की स्थापना की है. उनकी सास ताहिरा शेख भी 2012 और 2022 के बीच मालेगांव की मेयर रह चुकी हैं. यानी मेयर का पद उनके परिवार के लिए नया नहीं है. जीत का समीकरण: कैसे बनीं मेयर? मालेगांव नगर निगम में कुल 84 सीटें हैं, जहां बहुमत के लिए 43 पार्षदों के समर्थन की जरूरत थी. नसरीन शेख को अपनी पार्टी के 35 पार्षदों के अलावा सपा और कांग्रेस का साथ मिला. उम्मीदवार            पार्टी          मिले वोट नसरीन शेख    इस्लाम पार्टी       43 लता घोडके    शिवसेना (शिंदे)    18 सैलरी और नगर निगम का बजट मालेगांव नगर निगम का बजट शहर के बुनियादी ढांचे और बुनकर समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित रहता है. • मेयर की सैलरी: महाराष्ट्र के नगर निगम नियमों के अनुसार, मेयर को सीधा ‘वेतन’ नहीं बल्कि मानदेय (Honorarium) और भत्ते मिलते हैं. यह राशि लगभग 20,000 से 25,000 रुपये प्रति माह के बीच होती है. इसके अलावा उन्हें सरकारी आवास, गाड़ी और अन्य प्रोटोकॉल सुविधाएं प्रदान की जाती हैं. • नगर निगम बजट: मालेगांव नगर निगम का वार्षिक बजट लगभग 700 से 900 करोड़ रुपये के बीच रहता है. यह बजट मुख्य रूप से जलापूर्ति, सड़क निर्माण और सफाई व्यवस्था के लिए आवंटित किया जाता है. नसरीन शेख के साथ नई टीम नसरीन शेख के साथ शान-ए-हिंद निहाल अहमद (समाजवादी पार्टी) को डिप्टी मेयर चुना गया है. यह मालेगांव के इतिहास में पहली बार है जब मेयर और डिप्टी मेयर दोनों ही महिलाएं हैं. नसरीन शेख ने अपनी प्राथमिकता में शहर की सफाई व्यवस्था और हॉस्पिटल्स की स्थिति को सुधारना बताया है.

मध्‍यप्रदेश पुलिस की ऑपरेशन मुस्कान के तहत प्रभावी कार्यवाही

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 5 दिन में पुलिस टीम ने प्रदेश के विभिन्‍न जिलों से27 नाबालिग/गुमशुदा बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। शिवपुरी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 05 नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र में अपहृत नाबालिग बालक को मात्र 10 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। वहीं थाना तेंदुआपुलिस ने दो नाबालिक बालिका एवं थाना सुभाषपुरा पुलिस ने एक अपहृत नाबालिग बालिका को जयपुर, राजस्थान से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। इसके अतिरिक्त थाना नरवर पुलिस ने भी अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाबकर परिजनों के सुपुर्द किया। सीहोर जिले में 04 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना आष्टा, जावर, रेहटीएवं भैरूंदापुलिस द्वारा गठित टीमों ने तकनीकी सहायता से नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया, साथ ही अपहरण के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। सीधी थाना कोतवाली क्षेत्र में चीता मोबाइल टीम द्वारा 03 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया, वहीं थाना मझौली पुलिस द्वारा महाराष्ट्र एवं गुजरात से दो नाबालिग बालिकाओं को दस्तयाब कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विदिशा जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत कुल 02 नाबालिग बालिकाओं कोदस्तयाब किया गया। शमशाबाद एवं गंजबासौदा थाना पुलिस द्वारा घर से नाराज होकर चली गई नाबालिग बालिकाओं को त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। अशोकनगर जिले में थाना ईसागढ़ पुलिस द्वारा दो अलग अलग कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। बैतूल जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 02 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना कोतवाली बैतूल पुलिस द्वारा दोनों नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया। उज्जैन जिले में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत थाना भाटपचलाना पुलिस द्वारा राजस्थान के सांवलियाजी से दो बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर अपहरण में प्रयुक्त वाहन जप्त किया गया तथा 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कटनी जिले में ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 02 नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी की गई है। थाना बरही पुलिस द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों से दोनों बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया गया। उमरिया थाना मानपुर पुलिस टीम ने लगभग 1200 किलोमीटर दूर सिलवासा (दादर एवं नगर हवेली) से 15 वर्षीय गुमशुदा बालिका को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सकुशल दस्तयाबकिया। मंदसौर थाना दलौदा पुलिस ने150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच कर लगभग 700 किलोमीटर दूर ग्रेटर नोएडा, उत्तरप्रदेश से 16 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल दस्तयाबकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसी प्रकार दतिया, देवास एवं बड़वानी पुलिस ने 01-01अपहृत नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया है। ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत की गई प्रदेश भर में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस नाबालिगों एवं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पूर्णतः प्रतिबद्ध, सतर्क एवं संवेदनशील है। अंतर्राज्यीय समन्वय, तकनीकी दक्षता एवं समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है।  

राजस्थान बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से, शिक्षा विभाग ने बनाई सुचारू संचालन की योजना

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

12 राज्यों के 124 जिलों में 2 सप्ताह तक चलेगा अभियान

भोपाल. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जे.पी. नड्डा ने 12 राज्यों के 124 जिलों के लिए ‘मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान 2026’ का नई दिल्ली से वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की कि वे प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व, सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधियों और जिला परिषद सदस्य सहित सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दवा का सेवन केवल वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि दवा पूरी मात्रा में ली जाए। केंद्रीय मंत्री  नड्डा ने कहा कि भारत सरकार 2027 तक लसीका फाइलेरिया को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे अभियान के दौरान सभी आवश्यक संसाधनों और जागरूकता गतिविधियों को सुनिश्चित करें। हर नागरिक की भागीदारी और दवा का समय पर सेवन ही इस गंभीर रोग को समाप्त करने की कुंजी है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह अभियान लसीका फाइलेरिया उन्मूलन रणनीति का अहम घटक है। उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल सहित 12 राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों, विभागीय अधिकारियों ने वर्चुअल सहभागिता की। नागरिक स्वयं दवा का सेवन करें, परिवार जन और पड़ोसियों को भी करें जागरूक: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस अभियान को 8 जिलों – छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मऊगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड – के 12 ब्लॉकों में संचालित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अपील की है कि वे नागरिक स्वयं दवा का सेवन करें, अपने परिवार जन और पड़ोसियों को जागरूक करें और स्वयंसेवक के रूप में अभियान में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अभियान की सफलता और मध्यप्रदेश को फाइलेरिया मुक्त राज्य बनाने में निर्णायक होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि इस अभियान में सामुदायिक नेतृत्व और पंचायतों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। फायलेरिया लक्षण और बचाव फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण के लिये क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों (पैरों/हाथ/अण्डकोष/स्तन) में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है। राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन के लिये मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी (डाय इथाईल कार्बामैज़ीन) एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है।  

18 करोड़ के लागत से बनेगा 100 बिस्तरयुक्त जिला अस्पताल भवन

रायपुर. मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक  प्रणव मरपच्ची ने की। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

एमबीबीएस छात्रा की रहस्यमयी मौत: बाथरूम से बरामद शव, एसिड की बोतल ने बढ़ाया शक

भोपाल  भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का शव कोहेफिजा क्षेत्र स्थित एक निजी छात्रावास में रह रही थी। उसकी लाश छात्रावास के बाथरूम में मिला। घटनास्थल के पास एसिड की खाली बोतल मिलने से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने बताया कि अलीराजपुर निवासी 19 वर्षीय रोशनी ने अक्तूबर माह में गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। वह कोहेफिजा इलाके में एक घर में पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी। बताया जा रहा है कि पढ़ाई ठीक से समझ में न आने के कारण वह लगातार तनाव में थी और सहपाठियों से भी अपनी परेशानी साझा करती रहती थी। मंगलवार सुबह जब रोशनी तय समय पर कॉलेज जाने के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ रहने वाली छात्राओं को चिंता हुई। कई बार आवाज देने और फोन करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी गई। दरवाजा तोड़कर जब बाथरूम खोला गया, तो रोशनी वहां बेसुध पड़ी मिली। पास ही एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। घटना की जानकारी तत्काल कॉलेज प्रबंधन को दी गई। रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हाल ही में घर से लौटी थी छात्रा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रोशनी एक सप्ताह पहले ही घर से लौटकर आई थी। वह शांत और गंभीर स्वभाव की थी। पुलिस को छात्रा के मोबाइल फोन से परिजनों को भेजे गए कुछ संदेश मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह पढ़ाई को लेकर मानसिक दबाव में थी और मेहनत के बावजूद विषय समझ नहीं पा रही थी। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मरच्यूरी भेज दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। कोहेफिजा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पढ़ाई के तनाव के चलते छात्रा ने यह कदम उठाया, हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।  

जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने राजस्व मंत्री श्री वर्मा से की मुलाकात

भोपाल  जल संसाधन मंत्री से तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जल संरचनाओं के आसपास, विशेष रूप से बेतवा नदी के कैचमेंट एरिया एवं पेड़ों का संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा आदि विषयों पर चर्चा की। मंत्रीद्वय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंध में स्थल निरीक्षण कर तत्परता के साथ कार्रवाई करें और एक सप्ताह के अंदर निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करें.  

महाकाल की नगरी में पहली बार होगा वन मेले का आयोजन

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में बुधवार को शाम 4 बजे दशहरा मैदान, सेठी नगर उज्जैन में वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित प्राकृतिक “होली रंग गुलाल” एवं “महाकाल स्मृति उपहार” का विमोचन करेंगे। साथ ही वन विभाग की एक नवीन पहल “महाकाल वन प्रसादम” का भी शुभारंभ करेंगे। महाकाल वन मेला “समृद्ध वन, खुशहालजन” थीम पर आधारित होगा, जो 11 से 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। महाकाल की नगरी उज्जैन में वन मेले का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन विभाग की प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे। साथ ही वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना एवं वन रक्षक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं प्रशासक, मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अंबाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहेंगे। मेले में प्रदेश के वनवासियों द्वारा एकत्र की जाने वाली अकाष्ठीय वनोपज के प्रदर्शन, संरक्षण, संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेले का आयोजन किया जा रहा है। वन मेला प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के वैभव को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। अकाष्ठीय वनोपज संग्राहक, वन धन केन्द्रों, प्राथमिक लघु वनोपज समितियाँ, व्यापारीगण, हर्बल और आयुर्वेदिक उद्योग के प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग लेंगे और अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। वनों में उपलब्ध अकाष्ठीय वनोपज व्यापक तौर पर ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश में अकाष्ठीय वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। वन मेले में लगभग 250 भव्य एवं आकर्षक स्टॉल्स लगाये जा रहे हैं, जिसमें 16 स्टॉल्स विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी के लिये, 76 स्टॉल्स प्राथमिक लघु वनोपज समितियों एवं वन धन केन्द्रों के लिये, एक भव्य स्टॉल विंध्य हर्बल्स के लिये, 5 स्टॉल्स लघु वनोपज के जीवंत प्रदर्शन के लिये, ओपीडी (नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श) के लिये 50 स्टॉल्स आरक्षित रखे गये हैं। इसके अलावा 76 स्टॉल्स निजी क्षेत्र के स्टॉल धारकों के लिये और 16 स्टॉल्स फूड जेन के लिये रखे गये हैं। मेले में किड्स जोन, व्हील चेयर्स, गोल्फ कार्ट, सिटिंग एरिया, वॉटर पाइंट, सेल्फी पाइंट की सुविधाएँ भी आगंतुकों को उपलब्ध रहेंगी। मेले में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, आयुर्वेर्दिक डॉक्टर्स एवं परम्परागत वैद्यों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श, ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक कार्यक्रम और परम्परागत भोज्य पदार्थों की उपलब्धता रहेगी। वन मेले में चीता परिवार एवं डायनासोर का विशाल स्कल्पचर, वरिष्ठ नागरिकों के लिये व्हील-चेयर एवं गोल्फ कॉर्ट की सुविधा, ओपीडी में उपचार कराने वाले लोगों के लिये पृथक से बैठक व्यवस्था, महाकाल मंदिर से मेला परिसर तक नि:शुल्क बस सुविधा, बच्चों के लिये आकर्षक एवं मजेदार किड्स जोन की सुविधा, फूड जोन में बाँधवगढ़ का गोंडी व्यंजन, छिंदवाड़ा का वन भोज रसोई और अलीराजपुर का दाल पानिया आकर्षण का विशेष केन्द्र रहेगा।  

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को धमकी भरा मैसेज, करोड़ों की फिरौती मांगी गई

मुंबई मुंबई से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बाद अब बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह से रंगदारी की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि रणवीर सिंह के व्हाट्सएप पर एक वॉइस नोट मिला है, जिसमें उनसे करोड़ों रुपये की फिरौती की मांग की गई है। वहीं, धमकी भरा मैसेज आते ही रणवीर सिंह से ने मुंबई पुलिस को जानकारी दी। धमकी वाले मैसेज की जानकारी मिलते ही पुलिस मामले की जांच तेज कर दी है और अभिनेता के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस यह पता करने में जुटी है कि धमकी भरा मैसेज किसने भेजा है। गौरतलब है कि फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना बॉलीवुड की किसी हस्ती के लिए सुरक्षा खतरे का सामना करने का पहला मामला नहीं है। रविवार की तड़के मुंबई के जुहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी हुई, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली है। पुणे पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए लोग कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने मुंबई के जुहू क्षेत्र में स्थित नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर रात करीब 12:45 बजे गोलीबारी की। कम से कम पांच गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली इमारत के अंदर स्थित जिम के कांच के सामने वाले हिस्से पर लगी। घटना के बादगिरोह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद, कथित तौर पर अर्जू बिश्नोई नाम के एक गैंगस्टर ने एक ऑडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने गोलीबारी की जिम्मेदारी ली।  

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 272 जोड़ों की सामुहिक विवाह में शामिल होकर आशीर्वाद प्रदान किया

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिला सम्मान और सहारा– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामाजिक रिती-रिवाजों और अभुतपूर्व उत्साह के साथ कबीरधाम जिले के 272 जोड़े एक साथ सात फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।          सरदार पटेल मैदान में आयोजित इस समारोह में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा शामिल वधुओं के परिजन बनकर शामिल हुए। इस अवसर में उन्होंने बारात का स्वागत करने के साथ सभी को परघाते हुए समधी की तरह सभी का अभिवादन किया। वरों एवं उनके परिजनों का फूल माला के साथ स्वागत करते हुए सभी का गले लगाकर अभिनंदन किया। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करने वाले सभी नवदंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पंडित द्वारा वर-वधुओं को सात वचनों का संकल्प दिलाया गया, जिसके साथ ही विवाह की रस्में संपन्न हुईं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने मंच पर पहुंचकर सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक और सामग्री भेंट किया।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अनेक जोड़े एक साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियों को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की थी। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने उनकी बड़ी चिंता दूर की है। इस पहल से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो रहा है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नवदाम्पत वर एवं वधु को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से आज पूरे सम्मान के साथ कबीरधाम जिले के 272 बेटियों की विवाह पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपरा के साथ एक आदर्श विवाह के रूप में संपन्न कराया गया। आज हम सब इस सामुहिक विवाह के साक्षी बने और नवदाम्पत जोड़ों को एक साथ, एक स्थान और एक मंच पर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करने का अवसर भी हम सबकों मिला। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को वर्तमान में 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें जीवन की नई शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में रायपुर के बाद सबसे अधिक नवजोड़ों का विवाह एक साथ संपन्न हो रहा है, जो इस जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यहां विवाह का यह आयोजन सार्वजनिक रूप से पूरे परंपरा और रीति-रिवाज के साथ किया जाता है, जिसमें पूरे जिले के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं और समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा रहता है। उन्होंने नवजोड़ों को संदेश देते हुए कहा कि सुखी जीवन का सबसे बड़ा सूत्र एक-दूसरे को समझना, सम्मान देना और हर परिस्थिति में साथ निभाना है। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया गया है, अब सभी नवदंपति अपने वचनों को निभाते हुए जीवनभर साथ चलें और अपने परिवार को आगे बढ़ाएं। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कवर्धा में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण है, जहां पूरे मंडप को दूल्हा–दुल्हनों से सजा हुआ देखकर अत्यंत खुशी और गर्व का अनुभव हो रहा है।  इस अवसर पर  कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  बिसेसर पटेल, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू,  मोतीराम चंद्रवंशी,  अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट,  अनिल ठाकुर,  नितेश अग्रवाल,  मुकेश ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत  संतोष पटेल,  विदेशी राम धुर्वे, सभापति मती सुमित्रा पटेल, जनपद अध्यक्ष कवर्धा मती सुषमा बघेल, बोड़ला मती बालका वर्मा, पडरिया मती नंदनी साहू, सहसपुर लोहारा मती दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेंद्र साहू, सभापति  राज कुमार मरावी, मती पूर्णिमा साहू, मती दीपा धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य मती गंगा साहू, सदस्य जिला पंचायत  रोशन दुबे, मती राजकुमारी साहू, मती ललिता धुर्वे सहित सभी जनप्रतिनिधि ने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। उपमुख्यमंत्री बेटिंयों के अभिभावक बनकर दुल्हों का किया स्वागत सत्कार  मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सरदार पटेल मैदान में सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। कवर्धा शहर के पुरानी मंडी से बैंड और डीजे सहित आतिशबाजी के साथ 272 दुल्हों की सामुहिक बारात निकाली गई। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू बेटियों की तरफ से उनके अभिभावक बनकर दुल्हों और वर पक्ष का महामाया मंदिर के पास माला पहनाकर स्वागत किया। वही वर पक्ष की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार भट्ट, पूर्व विधायक  सियाराम साहू,  नितेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि बारात में शामिल होकर दुल्हों का आत्मविश्वास बढ़ाया।  बरातियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति ‘डंडा खेल’ और बैंड से हुआ भव्य परघौनी स्वागत छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हुए आज सामूहिक विवाह के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति देखने को मिली, जहां बरातियों का स्वागत डंडा खेल के जरिए किया गया। पारंपरिक अंदाज में आयोजित इस ’परघौनी’ ने न सिर्फ शादी समारोह को खास बना दिया, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की झलक भी पेश की। वर पक्ष का जब बरात पहुंची, तो वधु पक्ष ने डंडा खेल की आकर्षक प्रस्तुति दी। डंडा खेल, जो छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, आमतौर पर शारीरिक चुस्ती और कलात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस खेल के जरिए वधु पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम, 50 हजार पौधारोपण को लेकर अनुबंध

रायपुर. वन विकास निगम और एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधारोपण का अनुबंध पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और जैव विविधता का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से वायु की गुणवत्ता सुधारना, मिट्टी के कटाव को रोकना, ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाना और सतत विकास के द्वारा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ व संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करना है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विकास निगम एवं एनएमडीसी बचेली के बीच विगत 13 जनवरी  को 50 हजार पौधों के रोपण हेतु अनुबंध हुआ है।                इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना तथा स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण करना है। वन विकास निगम वर्ष 2005 से एनएमडीसी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पौधारोपण कार्य कर रहा है। अब तक निगम द्वारा कुल 15 लाख 37 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है और क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है। यह पौधारोपण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा पौधों की देखरेख और संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।              गौरतलब है कि इस अभियान के लिए वन मंत्री  केदार कश्यप ने वन विकास निगम की सराहना की है। उनका मानना है कि इस अभियान से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। पौधरोपण, देखरेख और संरक्षण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।  एनएमडीसी बचेली द्वारा यह पहल कंपनी की सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

13 देशों के 200 मेहमान, संस्कृत मंत्र और भारतीय रस्में: इटली के युवक ने मुंबई की बाला से की शादी

झुंझुनूं  जिले के मंडावा स्थित एक हेरिटेज होटल में 8 फरवरी को इटली के नागरिक माकार्े और मुंबई की जुई वैदिक रीति से विवाह बंधन मेंं बंध गए। शादी में नौ ब्राह्मणों ने संस्कृत मंत्रों के साथ फेरे कराए, जिनका अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया। इटली सहित 13 देशों से आए लगभग 200 मेहमान शादी समारोह के साक्षी बने। शादी दोपहर करीब 3 बजे तक अग्नि के सात फेरे पूरे होने के साथ सम्पन्न हुई। शादी के बाद  रिसेप्शन नहीं रखा गया। रात को ब्रज परंपरा अनुसार फू लों की होली का आयोजन किया गया, जिसमें गुलाल या रंगों के बजाय ताजे फू लों की पंखुड़ियों से होली खेली गई। इस अवसर पर राधा-कृष्ण के जीवन और ब्रज संस्कृति से जुड़े नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रेम और भक्ति का भाव दर्शाया गया। विदेशी मेहमानों को पहले इस परंपरा की जानकारी दी गई, जिससे  वे इसके सांस्कृतिक महत्व को समझ सकें। इसके बाद मेहमानों ने फ ूलों की होली में भाग लिया। समारोह में भारतीय और यूरोपीय संस्कृति का अद्भुत मिश्रण देखा गया। आयोजन को लेकर उपस्थित मेहमान और परिवारजन बेहद खुश और उत्साहित दिखाई दिए। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ब्रज की परंपरा और प्रेमभाव को दर्शाया, जिससे विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति की झलक नजदीक से देख और समझ सके। 

पशुपालन योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय दल

रायपुर. छत्तीसगढ़ में संचालित केन्द्रीय पशुपालन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग, नई दिल्ली द्वारा तीन राष्ट्रीय स्तर के पर्यवेक्षक (नेशनल लेवल मॉनिटर) नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी 9 से 14 फरवरी 2026 तक दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों का दौरा कर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम और पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति को मौके पर जाकर परीक्षण करेंगे। भ्रमण दल में भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। भ्रमण कार्यक्रम के पहले दिन संचालनालय स्तर पर ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, पशुधन विकास विभाग तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा केन्द्र से आए अधिकारियों और नेशनल लेवल मॉनिटर  दल को योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भारत सरकार से आए अधिकारी  मुकेश शर्मा,  ने योजनाओं की समीक्षा ।  बैठक में राष्ट्रीय गोकुल मिशन और राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिया। वहीं पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों को समय पर लाभ दिलाना और पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है। 1962 कॉल सेंटर का किया निरीक्षण नेशनल लेवल मॉनिटर और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने संचालनालय परिसर में स्थित मोबाइल वेटेनरी यूनिट के कॉल सेंटर 1962 का भी निरीक्षण किया और वहां संचालित सेवाओं की जानकारी ली।

सजा की जगह इनाम! ICC ने बांग्लादेश मामले में लिया विवादित निर्णय

 नई दिल्ली जब किसी बड़े टूर्नामेंट से कोई देश आखिरी वक्त पर खुद हटता है तो आमतौर पर उम्मीद यही होती है कि उस देश को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे. लेकिन ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप  के मामले में ऐसा नहीं हुआ. बांग्लादेश को इस टूर्नामेंट से हटने पर सज़ा नहीं, बल्कि फायदा मिला. ऐसा क्यों हुआ आज इसी के बारे में हम आपको बताएंगे… पहले एक नजर पूरे विवाद पर वर्ल्ड कप के पूरे विवाद के केंद्र में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) था. बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के मैचों के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम भेजने से इनकार कर दिया था. जब आईसीसी ने उसकी ये बात नहीं मानी तो बीसीबी ने वर्ल्ड कप के बहिष्कार का ऐलान कर दिया. बांग्लादेश के इस एक्शन के बाद पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी शुरू की और भारत के साथ होने वाले मैच का बहिष्कार करने की बात कही.  इस पूरे नाटक के बाद माना जा रहा था की आईसीसी बांग्लादेश पर तगड़ा एक्शन लेगा.  लेकिन जुर्माना या किसी तरह की कार्रवाई झेलने के बजाय, BCB को भविष्य की मेज़बानी का आश्वासन मिला और उसके खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया गया. ICC का ये नरम रुख क्यों? अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) का यह रुख, जो दंडात्मक होने के बजाय सहयोगी दिखता है, कई लोगों को विरोधाभासी और चिंता पैदा करने वाला लगा. यहां समझते हैं कि आखिर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप से हटने पर सज़ा क्यों नहीं दी गई. ICC ने पुष्टि की कि टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बावजूद बांग्लादेश पर किसी तरह का वित्तीय, खेल या प्रशासनिक प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा. यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और BCB के साथ हुई गहन बातचीत के बाद लिया गया. इतना ही नहीं, बांग्लादेश को 2031 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप से पहले एक और ICC टूर्नामेंट की मेज़बानी का भरोसा भी दिया गया है. ICC ने कहा कि बांग्लादेश वैश्विक क्रिकेट के विकास में एक अहम और प्राथमिक देश बना हुआ है. BCB अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल ने इस फैसले का स्वागत किया और ICC व अन्य क्रिकेट बोर्डों के साथ सहयोग जारी रहने की बात कही.  बांग्लादेश को सज़ा क्यों नहीं मिली? लाहौर की बैठक को सिर्फ मध्यस्थता नहीं, बल्कि कड़ी सौदेबाज़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका और ICC की मजबूरियां साफ दिखीं. पाकिस्तान का शुरुआती बहिष्कार बांग्लादेश के लिए दबाव बनाने का ज़रिया था. लेकिन जैसा कि पहले ही अनुमान लगाया गया था, पाकिस्तान का रुख बदला जा सकता था. ICC के लिए भारत-पाकिस्तान मैच का होना बेहद ज़रूरी था. यह मुकाबला कई अन्य मैचों से ज़्यादा कमाई करता है. इसके अलावा, ICC को उन छोटे बोर्डों की भी चिंता थी जो उसकी केंद्रीय फंडिंग पर निर्भर हैं. बांग्लादेश ने इस स्थिति को समझते हुए, पाकिस्तान के समर्थन के साथ हालात को अपने पक्ष में मोड़ लिया. नतीजा यह हुआ कि ICC ने अपना सबसे बड़ा मैच बचा लिया, पाकिस्तान ने यू-टर्न ले लिया और बांग्लादेश को बिना किसी सज़ा के भविष्य की गारंटी मिल गई. अगर बांग्लादेश को सज़ा मिलती तो? अगर ICC ने बांग्लादेश को दंडित किया होता, तो इसके गंभीर असर होते. आर्थिक जुर्माना BCB की हालत और खराब कर देता, फैंस में नाराज़गी बढ़ती और क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ता. बांग्लादेश दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाज़ारों में से एक है, जहां 20 करोड़ से ज़्यादा क्रिकेट प्रेमी हैं. ICC इस बाज़ार को नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठा सकता. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, टी20 वर्ल्ड कप से हटने के कारण BCB को लगभग 325 करोड़ टका (करीब 27 मिलियन डॉलर) का नुकसान हो सकता है. कुल मिलाकर 2025-26 में उसकी आय 60 प्रतिशत तक गिर सकती थी. पूर्व कप्तान तमीम इक़बाल ने भी चेताया था कि भावनाओं में लिया गया फैसला आने वाले 10 साल तक असर डाल सकता है. बांग्लादेश को दी गई राहत सिर्फ निष्पक्षता का मामला नहीं थी, बल्कि आर्थिक नुकसान को सीमित करने की कोशिश भी थी. इसी वजह से टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बावजूद बांग्लादेश को सज़ा नहीं, बल्कि फायदे मिले.

यूपी विधानसभा: शोक प्रस्ताव के दौरान विधायक का मोबाइल बजा, स्पीकर ने कर लिया जब्त

लखनऊ  यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में शोक प्रस्ताव पास हुआ। विधायक का मोबाइल एक-दो बार बजा जिसे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान माना। स्पीकर महाना ने सदन में मार्शल टीम के सदस्य को इशारा किया। महाना ने कहने पर विधायक चौधरी बाबू लाल का फोन जब्त कर लिया गया। दरअसल, विधान सभा और विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने की मनाही है। अगर मोबाइल सदन के भीतर लाया जाए तो उसे साइलेंट मोड में हो लाना होता है। इसके अतिरिक्त तब भी सदन की कार्यवाही के दौरान लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने की भी मनाही है। मंगलवार को दूसरे दिन भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल और सपा विधायक विजय सिंह गौड़ के निधन पर शोक प्रस्ताव पास हुआ। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही कल 11 बजे तक स्थगित कर दी है। मुख्यमंत्री योगी समेत सभी दल के नेताओं ने अपने विचार रखे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी को हुआ था। बरेली की फरीदपुर सीट से दूसरी बार निर्वाचित हुए थे। वह मिलनसार, शिक्षित और जमीन से जुड़े नेता थे। समाज के सभी तबके के विकास के लिए समर्पित रहे। अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ावाएं। इतिहास संकलन समिति बरेली और जेएनयू की कार्यसमिति के भी सदस्य थे। उनके निधन से कुशल नेता खो दिया है। 8 जनवरी को हुआ था विजय सिंह गौड़ का निधन वहीं विजय सिंह गौड़ का निधन 8 जनवरी को हुआ था। वे वरिष्ठ सदस्य थे।आठवीं बार निर्वाचित हुए थे। विधानसभा की अनेक समितियों के सदस्य थे। जनजातीय समाज की सशक्त आवाज थे। जनता के और समाज के जन जंगल और जमीन के अधिकार को सदैव प्राथमिकता दी। आदिवासी विकास परिषद के भी सदस्य थे। उनके निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं नेता प्रतिपक्ष् माता प्रसाद पांडेय ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल जी चले गए। जब मनुष्य आता है तब ही तय हो जाता है की जाना है। सामयिक मृत्य तब होती है जब व्यक्ति अपना पूरा काम करके जाता है जबकि असामयिक मृत्य तब होती है जब वह अधूरा काम छोड़ जाता है। इनके जाने से विधासभा उनकी जानकारी और ज्ञान से वंचित रह गई है। विजय सिंह गौड़ हमारे साथ 1980 में चुनकर आए थे। राजनीतिक चमक दमक से दूर रहते थे। जब पांच बार के विधायकों को सम्मानित किया जा रहा था तब उन्होंने इसे गैरजरूरी बताते हुए उसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। राम निवास वर्मा ने कहा कि इतिहास के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान रहा। लगातार दो बार वह फरीदपुर से निर्वाचित हुए। उनके निधन से हुई रिक्ति की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। विजय सिंह गौड़ के निधन पर अपनी संवेदनाएं भारी मन से व्यक्त करता हूं। उन्होंने जनसेवा के लिए स्वयं को समर्पित किया।वह विशेष रूप से आदिवासी समाज के विकास के लिए प्रयत्नशील रहे। राजनीति को उन्होंने सेवा का माध्यम बनाया। शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना। श्याम बिहारी लाल को दी श्रद्धांजलि राजपाल सिंह बालियान ने कहा कि श्याम बिहारी लाल का असामयिक निधन बेहद दुखद है। उनके निधन से प्रदेश ने कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। आत्म की शांति की कामना और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना है। विजय सिंह गौड़ का असामयिक निधन दुखद है। इनका राजनीति में काफी अनुभव था। 18वीं विधानसभा के उपचुनाव में सदस्य निर्वाचित हुए थे। निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। दिवंगत आत्मा की शांति की कामना है। ओपी राजभर ने भी प्रोफेसर लाल और विजय सिंह को श्रद्धांजलि दी। आराधना मिश्रा मोना ने भी विनम्र श्रद्धांजलि दी। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। दो बार सदन के सदस्य रहे। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से उठाया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य दे। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे सतीश महाना ने कहा कि समाज सेवा, अध्ययन और अध्यापन में प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल की विशेष रुचि थी। विजय सिंह गौड़ मुलायम सिंह मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री थे। वह विभिन्न आंदोलनों में जेल भी गए। उनके निधन से कुशल राजनीतिक और समाजसेवी खो दिया है। पूरा सदन शोकाकुल है। दोनों की आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संवेदनाएं। दोनों परिवारों को सदन की ओर से संवेदनाएं प्रेषित की जाएंगी।

मंगल दोष के कारण रुक रहे हैं काम? आज अपनाएं ये उपाय और पाएं राहत

मंगल दोष कई तरह से लोगों को परेशान कर सकता है जिसे मंगल दोष है उसे इससे जुड़े उपाय कर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है.ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति कहा गया है. इसे उग्र ग्रह माना गया है. कुंडली में मंगल की दशा यदि खराब हो तो इससे मंगल दोष होता है और व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल दोष होने से विवाह होने में कई तरह की परेशानी होती है या विवाह में देरी भी होती है. यदि विवाह हो भी जाए तो विवाह के बाद भी वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रहता और कई तरह की परेशानियां जीवन में लगी रहती है. इसलिए विवाह से पहले यह जान लेना चाहिए कि क्या कुंडली में मंगल दोष है या नहीं. यदि मंगल दोष है तो ज्योतिष उपायों की मदद से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है. क्या है मंगल दोष ज्योतिष के अनुसार किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल ग्रह के कुछ निश्चित भाव में होने से मंगल दोष बनता है. मंगल जब किसी व्यक्ति की कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में बैठा हो तो, इससे मांगलिक या मंगल दोष बनता है. मंगल ग्रह की ऐसी स्थिति वैवाहिक जीवन के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है. इसके अलावा कुछ ज्योतिष तो मंगल दोष को तीन लग्न (चंद्र, सूर्य और शुक्र) से भी देखते है. विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए लड़का या लड़की को मंगल दोष दूर करने के उपायों को जरूर कर लेना चाहिए. मंगल दोष के लक्षण     जिसकी कुंडली में मंगल दोष होता है, उसके विवाह में कई तरह की परेशानियां आती है. विवाह में देरी होना, किसी कारण रिश्ता टूट जाना या विवाह के बाद जीवनसाथी के अच्छा तालमेल न बैठना. ये सभी मंगल दोष के प्रभाव से होते हैं.     यदि किसी की कुंडली के सातवें भाव में मंगल दोष हो तो ऐसे में पति-पत्नी के बीच हमेशा मनमुटाव होता रहता है. कभी-कभी लड़ाई-झगड़े इतने बढ़ जाते हैं कि यह तनाव, टकराव और तलाक का कारण भी बन जाती है.     विवाह के अलावा मंगल दोष होने से व्यक्ति कर्ज के बोझ में भी डूबा रहता है या फिर जमीन-जायदाद से जुड़ी समस्याएं लगी रहती है.     कुंडली के द्वादश भाव में मंगल दोष होने से वैवाहिक जीवन के साथ ही शारीरिक क्षमताओं में कमी, क्षीण आयु, रोग द्वेष और कलह-क्लेश को जन्म देता है.     मंगल दोष होने से व्यक्ति का स्वभाव गुस्सैल, क्रोधिक और अहंकारी हो जाता है.     ससुराल पक्ष से रिश्ते खराब होने या बिगड़ने की वजह भी मंगल दोष होता है. मंगल दोष के लिए उपाय     मंगल दोष के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मंगल ग्रह की शांति पूजा करें करें.     मंगलवार के दिन व्रत रखें और हनुमान मंदिर जाकर बूंदी का प्रसाद बांटे.     मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें.     मंगलवार के दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करें और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं.     मंगल ग्रह की शांति के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष या फिर मूंगा रत्न ज्योतिषी की सलाह से धारण करें तो शुभ रहेगा.     घर आए मेहमानों को मिठाई खिलाने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम होता है. कुंडली में मंगल दोष है तो विवाह से पहले नीम का पेड़ लगाएं और 43 दिनों तक कम से कम पेड़ की देखरेख करें. इससे भी मंगल दोष दूर हो जाता है.     राजधानी में हरियाली को लगी बुरी नजरः पेड़ काटकर नहीं स्लो प्वाइजन देकर ग्रीनरी को किया जा रहा खत्म     युवक का शव मिलने से सनसनी: शरीर पर मिले चोट के निशान, जांच में जुटी पुलिस     ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में विशेष पहचान बनाएगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय     छत्तीसगढ़ में SIR की प्रक्रिया में आई तेजी : 98 % नोटिसों की सुनवाई पूरी, इस दिन होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन     ​बिहार सदन में संग्राम, उंगली दिखाने पर भड़के अशोक चौधरी, सुनील सिंह से हुई जुबानी जंग, मार्शल ने विपक्षी सदस्यों को सदन से निकाला  

नृत्य के साथ रोमांच का संगम: पर्यटकों के लिए विलेज कैंपिंग और वॉटर स्पोर्ट्स जैसे ढेरों आकर्षण

भोपाल. अपर मुख्य सचिव संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश की पावन धरा कला और संस्कृति की सुगंध एक बार फिर विश्व पटल पर बिखरने को तैयार है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक ‘खजुराहो नृत्य समारोह’ के 52वें संस्करण का भव्य आयोजन 20 से 26 फरवरी, 2026 तक किया जा रहा है। विश्व धरोहर स्थल खजुराहो के सुप्रसिद्ध पश्चिमी मंदिर समूह परिसर की गौरवशाली पृष्ठभूमि में आयोजित होने वाला यह समारोह इस वर्ष भी अपनी उत्कृष्ट नृत्य प्रस्तुतियों, नवाचारों और नवीन आयामों के साथ कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग द्वारा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक-परंपराओं और शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और प्रसार के लिए निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य इस जीवंत परंपरा को जन-जन तक पहुँचाकर मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊचाइयां प्रदान करना है। खजुराहो नृत्य समारोह वास्तव में भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की वह जीवंत साधना है, जहाँ इतिहास, अध्यात्म और सौंदर्य के अद्भुत संगम का शाहकार होता है। भव्य मंदिरों के प्रांगण में आयोजित यह समारोह नृत्य को केवल एक मंचीय प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक पवित्र सांस्कृतिक अनुष्ठान के रूप में प्रतिष्ठित करता है। इस वर्ष समारोह की केंद्रीय थीम ‘नटराज’ रखी गई है, जो भारतीय नृत्य की आध्यात्मिक चेतना, लयबद्धता और सृजनात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। मंच पर भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्य रूप अपनी परंपरागत गरिमा और शास्त्रबद्धता के साथ प्रस्तुत होंगे। समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष देश के 7 पद्म और 6 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त दिग्गज कलाकारों के साथ उभरते हुए युवा कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। विभाग का यह विशेष प्रयास है कि नई पीढ़ी के कलाकारों को अधिक अवसर प्रदान किए जाएं। इस वर्ष समारोह में कई नवाचार देखने को मिलेंगे। पहली बार खजुराहो की सड़कों पर एक ‘सांस्कृतिक रैली’ का आयोजन किया जाएगा, जो 20 फरवरी को समारोह के शुभारंभ के साथ निकलेगी। इस रैली में विभिन्न विधाओं के कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में नगर भ्रमण करते हुए मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। ‘राष्ट्रीय खजुराहो बाल नृत्य महोत्सव’ को भी अब राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया गया है। 10 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बाल कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव हेतु देश के 23 राज्यों से 310 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कथक के 136 और भरतनाट्यम के 106 आवेदन शामिल हैं। इन नन्हें कलाकारों का चयन वरिष्ठ कला गुरुओं द्वारा किया जाएगा और उनका प्रदर्शन मेला परिसर के विशेष मंच पर होगा। समारोह को और अधिक समावेशी बनाने के लिए इस वर्ष ‘खजुराहो कार्निवाल’ का पहली बार शुभारंभ किया जा रहा है। शिल्प ग्राम में आयोजित होने वाले इस कार्निवाल में 10 राज्यों के कलाकार अपनी लोक कलाओं, लोक नृत्यों और पारंपरिक शिल्पों का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही, कार्निवाल के दौरान शास्त्रीय एवं उप-शास्त्रीय नृत्यों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। बौद्धिक संवाद के लिए ‘कलावार्ता’ का आयोजन होगा, जहाँ कलाविद् खजुराहो के मंदिर स्थापत्य और कला परंपराओं पर चर्चा करेंगे। ‘लयशाला’ के माध्यम से विद्यार्थी प्रतिष्ठित गुरुओं से नृत्य के तकनीकी पक्षों की बारीकियां सीखेंगे। वहीं, ‘आर्ट-मार्ट’ में समकालीन भारतीय चित्रकला और ‘सृजन एवं हुनर’ में पारंपरिक शिल्प तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। भोजन के शौकीनों के लिए ‘स्वाद’ प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के जनजातीय और क्षेत्रीय व्यंजनों का आनंद उपलब्ध होगा। पर्यटन विभाग ने इस बार पर्यटकों के रोमांच को दोगुना करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ई-बाइक टूर, सेगवे टूर और विलेज टूर जैसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। साहसिक पर्यटन के शौकीन पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के पास झिन्ना एवं मड़ला में कैंपिंग कर सकते हैं और ‘वॉक विद पारधी’ के तहत प्रकृति भ्रमण का आनंद ले सकते हैं। कुटनी आईलैंड में वॉटर स्पोर्ट्स जैसे स्पीड बोट और शिकारा नाव की सवारी का भी प्रबंध किया गया है। स्थानीय कला को प्रोत्साहन देने के लिए टेराकोटा, बुंदेली पेंटिंग और बीड ज्वेलरी के प्रत्यक्ष प्रदर्शन स्टॉल लगाए जाएंगे। कुल मिलाकर, यह समारोह नृत्य, शिल्प, संवाद और पर्यटन का एक ऐसा अनूठा मंच बनेगा जो मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त करेगा। खजुराहो महोत्सव संस्कृति विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन छतरपुर के साझा सहयोग से आयोजित किया जा रहा हैं।  

अब नहीं होगी EV चार्जिंग की चिंता: दिल्ली सरकार के 2026 प्लान से मोहल्ला-मोहल्ला लगेगा चार्जिंग स्टेशन

नई दिल्ली अगर आप दिल्ली में रहते हैं और इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) खरीदने से सिर्फ इसलिए हिचक रहे हैं कि चार्जिंग कहां करेंगे, तो अब आपकी यह चिंता जल्द दूर होने वाली है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 2026 तक का विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है, जिसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। सरकारी योजना के मुताबिक, शहर के हर प्रमुख रिहायशी, व्यावसायिक और सार्वजनिक इलाके में चार्जिंग की सुविधा बढ़ाई जाएगी। इसके तहत मॉल, मार्केट, ऑफिस कॉम्प्लेक्स, पार्किंग एरिया, मेट्रो स्टेशन और हाउसिंग सोसाइटीज़ में चार्जिंग पॉइंट्स लगाने पर जोर रहेगा। एक साल में लगेंगे 7,000 नए चार्जिंग प्वाइंट कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 2026 के अंत तक करीब 7,000 नए पब्लिक EV चार्जिंग प्वाइंट लगाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल राजधानी में 8,998 पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट मौजूद हैं, लेकिन सरकार की योजना के तहत इनकी संख्या बढ़ाकर 16,070 तक पहुंचाई जाएगी, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में आ रही चार्जिंग से जुड़ी बाधा को दूर किया जा सके। अभी भी है 75% की भारी कमी भले ही दिल्ली सरकार EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की तैयारी में जुटी हो, लेकिन मौजूदा हालात में मांग और सप्लाई के बीच बड़ा गैप बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल 36,177 चार्जिंग प्वाइंट्स की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा व्यवस्था इस लक्ष्य से काफी पीछे है। आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में अभी करीब 75.2 फीसदी यानी लगभग 27,179 चार्जिंग प्वाइंट्स की कमी है। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार और एजेंसियां इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही हैं। दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर 66 नए चार्जिंग प्वाइंट्स लगाने का प्रस्ताव है, जबकि आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे RRTS स्टेशनों पर 6-6 चार्जिंग प्वाइंट्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है। माना जा रहा है कि इन कदमों से सार्वजनिक स्थानों पर EV चार्जिंग की सुविधा बेहतर होगी और लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर भरोसा बढ़ेगा। पड़ोसी फेल, दिल्ली पास NCR में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात तो हो रही है, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में दिल्ली ने बाकी शहरों को काफी पीछे छोड़ दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद की हालत बेहद खराब है, जबकि दिल्ली EV चार्जिंग के मामले में ‘किंग’ बनकर उभरी है। रिपोर्ट बताती है कि गुड़गांव और फरीदाबाद में सरकारी जमीन पर एक भी पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट मौजूद नहीं है। वहीं नोएडा में सिर्फ 69 पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट्स हैं, जबकि यहां कम से कम 150 प्वाइंट्स की जरूरत बताई गई है। स्थिति गाजियाबाद में भी कुछ खास बेहतर नहीं है, जहां 126 चार्जिंग प्वाइंट्स मौजूद हैं, लेकिन वास्तविक जरूरत करीब 450 प्वाइंट्स की है। ‘बैटरी स्वैपिंग‘ पर भी बड़ा जोर अगर आपके पास बैटरी स्वैपेबल इलेक्ट्रिक गाड़ी है, तो यह खबर आपके लिए भी राहत लेकर आई है। दिल्ली में फिलहाल 948 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन काम कर रहे हैं, जिन्हें 2026 के अंत तक बढ़ाकर 1,268 करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे खासतौर पर ई-रिक्शा, डिलीवरी व्हीकल और टू-व्हीलर यूज़र्स को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बैटरी चार्ज करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कुछ ही मिनटों में बैटरी बदली जा सकेगी। एक्सपर्ट की चेतावनी इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) के अमित भट्ट का कहना है कि EV चार्जिंग को लेकर एक अहम सच्चाई अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। उनके मुताबिक 80 से 90 फीसदी चार्जिंग घर या ऑफिस में ही होती है, न कि पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर। असली समस्या यह है कि कई हाउसिंग सोसाइटियां और RWA लोगों को निजी चार्जर लगाने की अनुमति नहीं देतीं, जिससे EV अपनाने में बड़ी रुकावट पैदा होती है। अमित भट्ट का सुझाव है कि भारत को नॉर्वे की तर्ज पर ‘चार्ज करने का कानूनी अधिकार’ (Right to Charge) लाना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी तय पार्किंग में बिना प्रशासनिक अड़चनों के चार्जर लगा सके। उनका मानना है कि इससे EV अपनाने की रफ्तार पब्लिक चार्जिंग बढ़ाने से भी ज्यादा तेज हो सकती है।

रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: मैक्रों के भारत दौरे से पहले 114 राफेल खरीद प्रस्ताव मंजूर

नई दिल्ली  भारतीय रक्षा खरीद बोर्ड (Defence Procurement Board) ने भारतीय वायु सेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) के सामने रखा जाएगा। अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से लगने की उम्मीद है। मेक इन इंडिया पर ज़ोर सूत्रों के मुताबिक, इस डील की सबसे अहम बात यह है कि राफेल विमानों का अधिकतर निर्माण भारत में किया जाएगा। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 30 फीसदी स्वदेशी कंटेंट शामिल होगा। शुरुआती चरण में 12 से 18 राफेल जेट सीधे फ्रांस से ‘फ्लाई-अवे कंडीशन’ में भारत लाए जाएंगे, जबकि बाकी विमानों का निर्माण भारत में निजी कंपनियों की साझेदारी से होगा। 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील भारत और फ्रांस के बीच इस राफेल सौदे की कुल लागत करीब ₹3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है। डील पूरी होने के बाद भारतीय वायुसेना के पास राफेल विमानों की कुल संख्या 176 हो जाएगी, जिससे वायुसेना की ताकत और रणनीतिक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। हथियारों के इंटीग्रेशन की अनुमति हालांकि इस डील में राफेल का सोर्स कोड भारत को नहीं मिलेगा, लेकिन भारत को अपने स्वदेशी और अन्य हथियारों को राफेल में इंटीग्रेट करने की पूरी छूट होगी। इससे भारतीय वायुसेना अपनी जरूरत के हिसाब से विमानों को और ज्यादा सक्षम बना सकेगी। ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की सफलता का प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के मौजूदा 36 राफेल जेट पहले ही अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों ने SCALP मिसाइल, Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल और HAMMER बमों के साथ आतंकी ठिकानों और दुश्मन के सैन्य ठिकानों को सटीक निशाना बनाया था। मैक्रों की प्रस्तावित भारत यात्रा से पहले अहम कदम यह पूरा मामला ऐसे समय आगे बढ़ा है, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 15 से 17 फरवरी 2026 के बीच भारत दौरे पर आने वाले हैं। इससे भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को और मजबूती मिलने के संकेत मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे 13 फरवरी को मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर. छत्तीसगढ़ के शिमला और छोटा तिब्बत के नाम से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। यह महोत्सव रोपाखार जलाशय के समीप 13 से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन राज्य शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल करेंगे।  मैनपाट महोत्सव में लोक गीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 13 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी प्रस्तुति देंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी। 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी। 15 फरवरी को महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इसके साथ ही रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योति वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकार और स्कूली बच्चों के द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।  जिला प्रशासन द्वारा मैनपाट महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस मौके पर  विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जहां शासन की योजनाओं और स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा। महोत्सव स्थल पर एडवेंचर एक्टिविटी में पर्यटकों के लिए बोटिंग, साहसिक खेल और पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। फूड ज़ोन में सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा।  मैनपाट के प्रमुख आकर्षण अंबिकापुर मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित मैनपाट एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जोकि समुद्र तल से 3,781 फीट की ऊंचाई पर है। मैनपाट में बड़ा तिब्बती समुदाय बसा है, जहां का थाकपो शेडुप्लिंग मठ मुख्य आकर्षण है। जलजली- यह एक भूगर्भीय आश्चर्य है जहाँ जमीन दलदली है और कूदने पर स्पंज की तरह हिलती है, इसे म्यूजिकल लैंड भी कहते हैं। उल्टा पानी- यहाँ का पानी ढलान के विपरीत दिशा में बहता है, जो एक अनसुलझा रहस्य है। इसके अलावा टाइगर पॉइंट, मछली पॉइंट, मेहता पॉइंट, सरभंजा जलप्रपात जैसे अनेक दर्शनीय स्थान हैं।

मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में शामिल करने सहित कई घोषणाएं

रायपुर. जीपीएम के समन्वित विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव एवं गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के छठवें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर जिले को लगभग 100 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि जिले के समन्वित विकास के लिए हर संभव पहल की जाएगी। उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जिले को शामिल करने के साथ ही कई घोषणाएं की। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 300 नव विवाहित जोड़ों को सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।  जीपीएम के समन्वित विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 100 करोड़ से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन जिले के समन्वित विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि पेंड्रारोड से अमरकंटक तक 19 किलोमीटर सड़क निर्माण से आवागमन में सुविधा होगी तथा केवची मार्ग के निर्माण से पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में 6 हजार 414 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ है, जो ऐतिहासिक क्षण है तथा इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बेटियों के सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना है। नव विवाहित 300 जोड़ों को दिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री  साय ने इस मौके पर नगर पंचायत मरवाही में उच्च विश्राम गृह की स्वीकृति, मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जीपीएम जिले को शामिल करने, जिला मुख्यालय में भव्य ऑडिटोरियम निर्माण तथा समदलई पर्यटन स्थल में स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण के साथ ही  स्वामित्व योजना अंतर्गत 435 किसानों को पट्टा प्रदान किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाए गए सभी स्टालों का मुख्यमंत्री  साय ने अवलोकन किया।   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने जिले के विकास कार्यों पर आधारित बुकलेट का विमोचन भी किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में जिले की पर्यटन संभावनाओं और जिले की दो वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित वीडियो फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व प्रणव कुमार मरपच्ची, अटल वास्तव, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष मती समीरा पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।

उत्तराखंड में अधिकारियों के तबादले, नई जिम्मेदारियाँ तय

देहरादून उत्तराखंड के देहरादून में से अहम खबर सामने आ रही है। जहां पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। राजधानी में छह पुलिस उपाधीक्षकों (सीओ/डीएसपी) का तबादला हुआ है। इन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया हैं। साथ ही उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एसएसपी अजय सिंह की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इन अधिकारियों का हुआ तबादला पुलिस उपाधीक्षक विवेक सिंह कुटियाल को क्षेत्राधिकारी प्रेमनगर बनाया गया है। उनके अधीन थाना प्रेमनगर, थाना सेलाकुई, गोपनीय शाखा, एलआईयू व पीएसी रहेंगे। रीना राठौर को क्षेत्राधिकारी डोईवाला की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अंतर्गत कोतवाली डोईवाला, थाना रायपुर, शिकायत जांच प्रकोष्ठ, विशेष जांच प्रकोष्ठ, सीसीएम हेल्पलाइन, होमिसाइड सेल, महिला हेल्पलाइन, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 समेत अन्य शामिल किए गए हैं। स्वप्निल मुयाल को क्षेत्राधिकारी नगर नियुक्त किया गया है। उन पर कोतवाली नगर, थाना वसंत विहार, पुलिस लाइन के साथ कुछ अन्य जिम्मेदारियां भी रहेंगी। नीरज सेमवाल को क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश बनाया गया है। उन्हें कोतवाली ऋषिकेश, थाना रायवाला, थाना रानीपोखरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जगदीश चंद्र पंत को क्षेत्राधिकारी यातायात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अधीन यातायात, प्रधान लिपिक, भवन, ऑडिट, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट, ऑपरेशन स्माइल, ट्रैक मिसिंग चाइल्ड, हाईकोर्ट/सम्मन सेल, लोक सूचना व सीसीओआर/डीसीआरओ रहेंगे।  

मेले में सुरक्षा चूक: शिवरीनारायण में आकाश झूले की कुर्सी टूटी, दो घायल

जांजगीर चांपा शिवरीनारायण में चल रहे माघी मेले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नगर पंचायत कार्यालय के सामने संचालित आकाश झूले की कुर्सी टूटकर नीचे खड़ी दो युवतियों पर गिर गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक युवती को बिलासपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे उमेश गुप्ता द्वारा संचालित आकाश झूले में यह हादसा हुआ। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मल्दा से मेला देखने आई दो युवतियां मेला ग्राउंड में झूले के नीचे खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक आकाश झूले की एक कुर्सी टूटकर नीचे गिर गई, जो सीधे दोनों युवतियों पर आ गिरी। हादसे में चंद्रकांती कश्यप (15 वर्ष) एवं भूमिका कश्यप (21 वर्ष), निवासी ग्राम मल्दा, गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से शिवरीनारायण स्थित शबरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार चंद्रकांती कश्यप की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि भूमिका कश्यप की स्थिति गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद मेले में लगे झूलों एवं अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में झूलों और मौत के कुएं जैसे खेलों की फिटनेस जांच को लेकर लापरवाही बरती जाती है। वहीं नगर पंचायत और संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई न होने को भी हादसे का कारण बताया जा रहा है। फिलहाल घटना के बाद पुलिस और मेला प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है। हादसे ने मेला में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। एसडीओपी यदुमणि सिदार ने बताया कि झूला संचालक को नोटिस जारी कर तकनीकी जांच प्रमाणपत्र की मांग की गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी झूला को एहतियात के तौर पर बंद करा दिया गया है।  

EPF को लेकर योगी सरकार का बड़ा कदम, विधान परिषद में छाया आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मामला

लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में मंगलवार को भारतीय जनता पाटर्ी (भाजपा) के एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने नियम 115 के अंतर्गत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से की जा रही ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) कटौती की राशि कर्मचारियों के खातों में अनिवार्य रूप से जमा कराए जाने की मांग उठाई। उन्होंने इस विषय को लोक महत्व का बताते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। आउटसोर्सिंग सेवा निगम बनाए जाने का निर्णय एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि राज्य में आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आउटसोर्सिंग सेवा निगम बनाए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण आम बात थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस दिशा में सकारात्मक पहल की है। कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं हो रही थी ईपीएफ की राशि उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ की कटौती तो नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन संबंधित धनराशि कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं हो रही है। इस स्थिति से कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे लगातार संबंधित विभागाध्यक्षों से शिकायत कर रहे हैं। कर्मचारियों की मूल समस्या का अब होगा समाधान विजय बहादुर पाठक ने सदन को अवगत कराया कि विभागीय अधिकारी अक्सर ठेकेदारों और सेवा प्रदाता कंपनियों पर जिम्मेदारी डालकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं। कई स्थानों पर यह विषय आंदोलन का रूप ले चुका है और कहीं-कहीं ठेकेदार या एजेंसी बदल दी जाती है, लेकिन कर्मचारियों की मूल समस्या जस की तस बनी रहती है।  कर्मचारियों के खाते में अब पूरी राशि समय से जमा होगी उन्होंने बताया कि बरेली, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी सहित कई नगर निगमों से इस तरह की शिकायतें सामने आई हैं। लखनऊ नगर निगम में तो कर्मचारियों ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनकी ईपीएफ राशि एजेंसी, ठेकेदार और नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से हड़पी जा रही है। एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने सरकार से मांग की कि इस गंभीर और तात्कालिक लोक महत्व के विषय पर ठोस कारर्वाई करते हुए ऐसी सुनिश्चित व्यवस्था की जाए, जिससे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से की जाने वाली ईपीएफ कटौती की पूरी राशि समय से उनके खातों में जमा हो सके।

योगी सरकार में दिव्यांगजन पेंशन तीन गुना से अधिक बढ़ी, कोई भी पात्र वंचित नहीं

लखनऊ.   योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को सामाजिक न्याय की धुरी बनाते हुए पेंशन, सहायता योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। सरकार की पारदर्शी, ऑनलाइन और समयबद्ध व्यवस्था के चलते आज प्रदेश में कोई भी पात्र दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं है। विधानपरिषद में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार में दिव्यांगजनों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और जो भी पात्र है, उसे शत-प्रतिशत लाभ मिलेगा। तीन गुना से अधिक बढ़ी दिव्यांगजन पेंशन, सीधा खाते में भुगतान मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 से पूर्व दिव्यांग पेंशन मात्र 300 रुपये  प्रतिमाह थी, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। यह पेंशन पात्र लाभार्थियों के खातों में पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की जाती है, जिससे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहती। यूडीआईडी कार्ड से लेकर पेंशन तक पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था उन्होंने बताया कि भारत सरकार के स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाते हैं। आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर में 31 जनवरी 2026 तक 24,414 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14,356 पात्र दिव्यांगजनों को पेंशन, 153 कुष्ठावस्था पेंशन और 321 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। 31 दिसंबर 2025 तक कोई भी पात्र लाभार्थी लंबित नहीं है। पात्रता के आधार पर लाभ, यूडीआईडी कार्ड से स्वतः पेंशन नहीं मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि यूडीआईडी कार्ड धारक सभी दिव्यांगजन स्वतः पेंशन के पात्र नहीं होते। पेंशन के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता, ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से कम वार्षिक आय तथा अन्य किसी पेंशन योजना का लाभ न लेना अनिवार्य है। आवेदन एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है, जिसकी जांच जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा की जाती है। दलालों और भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने दो टूक कहा कि विभाग में दलालों और भ्रष्टाचारियों के लिए कोई स्थान नहीं है। यदि किसी स्तर पर शिकायत मिलती है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो दिव्यांगजन स्वयं कार्यालय नहीं आ सकते, उनके घर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई जाए। विशेष विद्यालयों और पदोन्नति प्रक्रिया पर भी सदन को दी जानकारी उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के विशेष विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चयनित शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े प्रस्ताव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजे जा चुके हैं और इस पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मंत्री कश्यप ने यह भी स्पष्ट किया कि वितरण कार्यक्रमों में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना अनिवार्य है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को मिला शैक्षणिक भ्रमण का अवस

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन की पहल पर ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला मिसमा और बालक आश्रम सामसट्टी के 40 विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को साइंस पार्क ले जाया गया, जहाँ उन्होंने विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। न्यूटन के नियम, ऊर्जा के रूपांतरण, ध्वनि के सिद्धांत, धूप घड़ी से समय मापन, पेंडुलम की गति तथा दर्पणों से जुड़े प्रयोगों ने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाई। इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े विषयों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे, जहाँ उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें शिक्षा, अनुशासन और मेहनत के महत्व के बारे में बताया तथा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को तुंगल बांध भी ले जाया गया, जहाँ उन्होंने प्राकृतिक वातावरण, जैव विविधता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन द्वारा वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक पहल की जा रही है।

8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को राहत? सरकार ने दूर किया संशय

नई दिल्ली अगर आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं या रिटायर हो चुके हैं, तो आपकी भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर संसद से एक बड़ी खबर आई है। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही तमाम अटकलों और पेंशन संशोधन के सवालों पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में स्थिति साफ कर दी है। इस जानकारी से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो 31 दिसंबर 2025 तक रिटायर होने वाले हैं या पेंशन में होने वाले बदलावों को लेकर चिंतित थे। वेतन आयोग की तैयारी: शुरू हुआ फीडबैक का दौर सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8th Pay Commission अब कागजों से निकलकर एक्शन मोड में आ गया है। 3 नवंबर 2025 को इसके गठन की अधिसूचना जारी होने के बाद अब आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च कर दी है। इतना ही नहीं, ‘MyGov’ पोर्टल के जरिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से उनकी राय और सुझाव मांगे जा रहे हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसके आधार पर वेतन, भत्ते और पेंशन की नई दरों का फैसला होगा। रिटायरमेंट की तारीख और पेंशन का गणित सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर होने वाले कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के दायरे में आएंगे? सरकार ने साफ किया है कि पेंशन में किसी भी तरह का बदलाव या बढ़ोतरी ‘पेंशन नियम 2021’ और आयोग की सिफारिशों के आधार पर जारी होने वाले सामान्य आदेशों से तय होती है। फाइनेंस बिल 2025 के जरिए किसी की पेंशन में अपने आप कोई बदलाव नहीं होता, बल्कि यह एक व्यवस्थित कानूनी प्रक्रिया है। क्या फाइनेंस एक्ट से बदल जाएंगे नियम? सांसद आनंद भदौरिया के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि फाइनेंस एक्ट 2025 मौजूदा पेंशन नियमों को सिर्फ मजबूती देता है, वह वर्तमान में मिल रही सिविल या डिफेंस पेंशन के ढांचे में कोई सीधा बदलाव नहीं करता। पेंशन में संशोधन तभी लागू होता है जब सरकार वेतन आयोग जैसी विशेषज्ञ संस्था की सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है। यानी, जो भी बदलाव होंगे, वे तय नियमों के तहत सभी पात्र श्रेणियों पर लागू किए जाएंगे। फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान आयोग के जरिए मिलने वाले फीडबैक और डेटा पर है, ताकि आने वाले समय में एक संतुलित और मजबूत वेतन ढांचा तैयार किया जा सके।

उखरूल, मणिपुर में हिंसा के बाद प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू, इंटरनेट 5 दिन तक रहेगा बंद

 इंफाल मणिपुर के उखरूल में हिंसा भड़कने की जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि कुछ सशस्त्र बदमाशों ने लिटन सारेइखोंग गांव में कई घरों को आग लगा दी. इस घटना के बाद स्थिति बिगड़ने की आशंका में प्रशासन ने पूरे जिले में कर्फ्यू लगा दिया और इंटरनेट सेवाओं को पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया है, ताकि आगे की हिंसा और अफवाहों को रोका जा सके. अधिकारियों ने बताया कि सशस्त्र समूहों ने पहाड़ी गांव के पास हवा में कई राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. कई ग्रामीण आवश्यक सामान लेकर पड़ोसी कांगपोकपी जिले के सुरक्षित क्षेत्रों की ओर भाग गए, जबकि तांगखुल गांव के कई ग्रामीणों के भी इलाका छोड़ने की जानकारी मिली है. ‘5 दिन के लिए इंटरनेट सेव बंद’ बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मणिपुर सरकार के गृह आयुक्त ने सार्वजनिक सुरक्षा और शांति को खतरा होने के कारण उखरूल जिले में तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवाओं को पांच दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश जारी किया है.  आदेश में कहा गया है कि हाल की घटनाओं से काफी अशांति फैली है और गलत सूचनाओं के प्रसार से तनाव बढ़ सकता है. इसलिए स्थिति को नियंत्रित करने और अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद की जा रही हैं. वहीं, आगजनी की घटनाओं के बाद उखरुल जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया और आगे की हिंसा को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई. शनिवार को हुई हिंसा की शुरुआत प्रशासन का कहना है कि उखरूल में हिंसा की शुरुआत शनिवार रात को हुई जब लीटन गांव में सात-आठ लोगों ने तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर मारपीट की. हालांकि, मामला सुलझने की उम्मीद थी, लेकिन रविवार की बैठक नहीं हो सकी. इसके बाद सोमवार आधी रात को कुछ हथियारधारी बदमाशों ने लीटन सारईखोंग में तांगखुल नागा समुदाय के घरों को आग लगा दी, जिसके बाद नाग समुदाय ने कुकी समुदाय के घरों को निशाना बनाया. पुलिस के अनुसार, के. लुंगविराम गांव में भी एक घर को आंशिक रूप से जलाया गया है. पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोमवार को रात करीब 12:10 बजे के. लुंगविराम गांव में एक छोटी-सी आग लगने की घटना हुई, जिससे एक आवासीय घर को आंशिक नुकसान पहुंचा. सुरक्षाबलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया. पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारण की जांच की जा रही है और स्थिति सामान्य है.

सिंचाई व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण, 74.33 करोड़ रुपये की लागत से 7 नई ड्रेनेज परियोजनाओं का होगा निर्माण

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जल प्रबंधन को बेहतर बनाने, बाढ़ की समस्या को कम करने और किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से ड्रेनेज व्यवस्था के विस्तार और ड्रेनों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग विभिन्न जनपदों में 7 नई ड्रेन परियोजनाओं का निर्माण करा रहा है। साथ ही जल प्रबंधन और खेतों तक सुचारू रूप से जल की पहुंच को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बहराइच, बिजनौर, गोण्डा, हापुड़ और मेरठ में बन रही हैं 7 नई ड्रेन वित्तीय वर्ष 2025-26 में सिंचाई व्यवस्था के विस्तार के उद्देश्य से विभिन्न जनपदों में 7 नई ड्रेन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें गोण्डा, हापुड़ और मेरठ में एक-एक ड्रेन परियोजना को मंजूरी दी गई है, जबकि बिजनौर और बहराइच में दो-दो ड्रेन परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। जिन पर कुल 74.33 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय करने की स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से संबंधित क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर खेत को पानी के विजन को साकार करने में मजबूती मिलेगी। मार्च 2026 तक पूरा होगा ड्रेनों की सफाई का कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक सफाई का कार्य भी नियमित तौर पर कराया जाता है। बाढ़ एवं साल भर ड्रेनों के परिचालन से इनमें भारी मात्रा में गाद और सिल्ट जमा हो जाती है, जो खेतों तक जल की पहुंच में बाधा उत्पन्न करती है। इस क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 11,065 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शेष कार्य मार्च 2026 तक पूरा किया जाना है। विभाग द्वारा कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण हो सके। इससे न केवल किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, बल्कि जलभराव और बाढ़ की समस्या में भी कमी आएगी, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।

कैंसर इलाज में नई क्रांति: MP में पहली बार इंदौर के MGM मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेंसिंग

इंदौर. इंदौर के एमजीएम मेडिकल कलेज में जल्द ही कैंसर की जीनोम सिक्वेंसिंग लैब शुरु होगी। यह प्रदेश की पहली लैब होगी। गौरतलब है कि अभी कैंसर के सेल व डीएनए में म्युटेशन की जांच के लिए इंदौर ही नहीं पूरे मप्र से दिल्ली के टाटा मेमोरियल अस्पताल व दिल्ली व बेंगलुरु के निजी अस्पतालों के जांच केंद्रों पर सैंपल भेजे जाते है। ऐसे में अब यह सुविधा इंदौर में ही मिल सकेगी। अभी सैंपल को अन्य शहरों में जांच के लिए भेजने के बाद उसकी रिपोर्ट आने में ही 10 से 15 दिन का समय लग जाता है, लेकिन इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज में शुरु होने वाली इस लैब में पांच से सात दिन में कैंसर सेल के म्युटेशन की जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। हालांकि शुरुआत में इस लैब में स्तन कैंसर व मस्तिष्क कैंसर के सेल की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच होगी। मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट तैयार इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च व डिपार्टमेंट आफ हेल्थ रिसर्च द्वारा 2014 में इंदौर के एमजीएम मेडिकल कालेज के लिए यह प्रोजेक्ट तैयार किया था, लेकिन अब जाकर यहां मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमडीआरयू) शुरु हुई है। इस यूनिट में अब कैंसर संबंधित रिसर्च व जांच की प्रक्रिया शुरु होगी। इसके लिए उपकरण खरीदे जा चुके है और जल्द इनका इंस्टालेशन किया जाएगा। वर्तमान में इस रिसर्च यूनिट में पांच लोगों का स्टाफ नियुक्त है। इसमें दो वैज्ञानिक व तीन टेक्नीशियन है। साढ़े तीन करोड़ की लागत से आए उपकरण इस रिसर्च यूनिट में केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से उपकरण बुलवाए गए है। इनमें नेक्स्ट जनरेशन जीन सिक्वेंसिंग व पीसीआर-आरपीसीआर जांच मशीने है। इसके अलावा 20 लाख रुपये के सेल की जांच में उपयोग होने वाले रीएजेंट व कंज्युमेंबल मिले है। ये रीएजेंट फिलहाल स्तन कैंसर व मस्तिष्क कैंसर की जांच में ही काम आएंगे। अन्य कैंसर संबंधित जांच के लिए मेडिकल कालेज को अन्य रीएजेंट खरीदना होंगे। डायबिटीज, थायराइड और अन्य बीमारियों पर भी होगा शोध भविष्य में इस लैब में मुंह, पेट, सर्वाइकल सहित अन्य कैंसर की जांच भी हो सकेगी। इसके अलावा नान कम्युनिकेबल डिसिज जिसमें हृदय रोग व मेटाबालिक डिसआर्डर जैसे डायबीटिज, थायराइड जैसी बीमारियों पर शोध किया जा सकेगा। इसके अलावा इन बीमारियों के कारण जानने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की जा सकेगी। डॉ. तरुण वर्मा, विज्ञानी, एमडीआरयू, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अनुसार, इस लैब में मॉलीक्युलर बायोलॉजी के तहत कैंसर सेल के डीएनए, आरएनए व प्रोटीन की जांच होगी, जिससे इन बीमारियों के भविष्य में उपचार में मदद मिल सकेगी। शुरुआती 200 मरीजों के लिए निशुल्क जांच की सुविधा केंद्र से मिले रीएजेंट के माध्यम से फिलहाल रिसर्च के दौरान जिन मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे, शुरुआत में स्तन व मस्तिष्क कैंसर से संबंधित करीब 200 मरीजों से जांच शुल्क नहीं लिया जाएगा। रिसर्च के अलावा यदि कोई अन्य मरीज अपने सैंपल की जांच करवाना चाहेगा तो उसे एक तय शुल्क देना होगा। यह जानकारी डॉ. शिल्पा मिश्रा शुक्ला, सीनियर साइंटिस्ट, एमडीआरयू, एमजीएम मेडिकल कालेज द्वारा दी गई है।

BCCI ने T20 World Cup की शुरुआत में टीम मैनेजमेंट की मांग खारिज की, खिलाड़ियों को दिया झटका

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 की शुरुआत में ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ियों की एक मांग को ठुकरा दिया है। टीम मैनेजमेंट की ओर से बीसीसीआई से पूछा गया था कि क्या भारतीय खिलाड़ी टी20 विश्व कप में अपने परिवार के साथ ट्रेवल कर सकते हैं तो इस अनुरोध को बोर्ड ने ठुकरा दिया। बीसीसीआई ने पहले ही नियम बना दिए थे कि खिलाड़ियों के साथ उनका परिवार कब कितने दिन तक ठहर सकता है। इसी पॉलिसी के मुताबिक, T20 वर्ल्ड कप कैंपेन के दौरान इंडियन क्रिकेटरों के साथ उनके परिवारों को रहने की इजाजत नहीं होगी। एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो टीम मैनेजमेंट ने क्रिकेटरों के परिवारों को उनके साथ रहने की इजाजत देने के बारे में जानकारी मांगी थी। BCCI की वैसे कोई रोक नहीं है, लेकिन समय-सीमा जरूर निर्धारित की हुई है। खिलाड़ियों को उनके परिवारों (पार्टनर और बच्चों) को ज्यादा से ज्यादा 14 दिनों तक अपने साथ रखने की इजाजत देता है, लेकिन इसके लिए शर्त ये है कि कोई विदेशी दौरा 45 दिनों से ज्यादा का हो। भारत में टी20 विश्व कप खेला जा रहा है और एक महीने तक ही ये टूर्नामेंट चलने वाला है तो बोर्ड ने टीम मैनेजमेंट की ओर से आई इस सिफारिश को खारिज कर दिया। BCCI के एक सोर्स ने इंडियन एक्सप्रेस को कन्फर्म किया, “इंडियन टीम मैनेजमेंट ने BCCI से पूछा था कि क्या पत्नियां और मंगेतर टीम के साथ ट्रैवल कर सकती हैं और क्या वे उनके साथ रह भी सकती हैं? बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परिवार प्लेयर्स के साथ नहीं रहेंगे। हालांकि, अगर वे चाहें तो अलग से इंतजाम कर सकते हैं।” बीसीसीआई ने पिछले साल ही कई गाइडलाइन्स खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बनाई थीं, जिन पर बोर्ड अभी भी अड़िग है। टीम इंडिया की बात करें तो लीग फेज में भारत को चार मुकाबले खेलने थे। इनमें से एक मैच खेला जा चुका है। एक मैच कोलंबो में है और दो मैच ही भारत में भारतीय टीम के लीग फेज के बाकी हैं। इसके बाद सुपर 8 के मैच शुरू हो जाएंगे। वर्ल्ड कप से पहले कई द्विपक्षीय सीरीज भी खेली गई थीं। उनमें भी खिलाड़ियों को अपने परिवार को साथ रखने की इजाजत नहीं थी। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान प्राइवेट चार्टर प्लेन से ट्रेवल करने वाली है। कुछ खिलाड़ियों के पर्सनल शेफ भी साथ में ट्रेवल कर रहे हैं, लेकिन वे नजदीक के होटल में ठहरते हैं।

पं. दीनदयाल उपाध्यायः एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक -डॉ. मोहन यादव

भोपाल  व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का मार्ग दिखाने वाले, विलक्षण व्यक्तित्व के धनी, एकात्म मानव दर्शन और अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन।  पं. दीनदयाल जी का जीवन भारत राष्ट्र को दिशा देने वाला प्रकाश स्तंभ है। वे एक ऐसे ऋषि राजनेता थे जो समाज, संस्कृति और राष्ट्र के समग्र उत्थान के लिए समर्पित रहे। उन्होंने राजनीति को राष्ट्रधर्म की साधना का माध्यम माना। उनका स्पष्ट मत था कि स्वतंत्र भारत की यात्रा भारतीय दर्शन, संस्कृति और परंपरा के अनुरूप होनी चाहिए। पं. दीनदयाल जी ने राजनीतिक चिंतन को भारतीय मूल्यों से जोड़ते हुए एकात्म मानव दर्शन का सूत्र दिया। इसमें व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और सृष्टि के बीच समन्वय और संतुलन समाहित है। यह जीवन और संपूर्ण सृष्टि को एक सूत्र में पिरोता है। यही दर्शन व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है। इसमें श्रीकृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम के भाव से लेकर आज के वैश्विक परिदृश्य का समावेश है। पं. दीनदयाल जी भारत के भविष्य की कल्पना चतुर्पुरुषार्थ-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के आधार पर की। उनका विश्वास था कि इन चारों का संतुलन ही व्यक्ति और समाज को पूर्णता की ओर ले जा सकता है। यदि व्यक्ति और समाज को विकास के समान अवसर दिए जाएँ, तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण संभव है। पं. दीनदयाल जी का मानना था कि राजनीति का अंतिम लक्ष्य सशक्त, समरस और स्वाभिमानी राष्ट्र का निर्माण है। उनका विकास मॉडल केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक संतुलन का समावेश था। वे चाहते थे कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, तभी वह सच्चा विकास कहलाएगा। यही अंत्योदय का भाव है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत जिस विकास पथ पर अग्रसर है, उसके मूल में पं. दीनदयाल जी का चिंतन है। विरासत से विकास, आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और सबका साथ – सबका विकास, यह सभी एकात्म मानव दर्शन के आधुनिक रूप हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का संकल्प है कि वर्ष 2047, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित किया जाए। यह संकल्प पं. दीनदयाल जी के स्वप्निल भारत की ही साकार अभिव्यक्ति है। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत निर्माण की परिकल्पना को मूर्तरूप देने की दिशा में प्रदेश के प्रत्येक अंचल को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के हर क्षेत्र की क्षमता, मेधा और दक्षता को अवसर प्रदान करने के लिए जहां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का नवाचार किया गया, वहीं भोपाल में संपन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से स्थानीय उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। निवेश के लिये हमने यूके, जर्मनी, जापान और दावोस आदि यात्राएं कीं और हैदराबाद, कोयंबटूर सहित मुंबई में रोड-शो के माध्यम से उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। यह क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर तक उद्योग को जोड़ने का पहला सशक्त प्रयास है। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चिंतन को व्यवहार में उतारने का प्रयत्न किया जा रहा है। समरस, संवेदनशील और उत्तरदायी शासन के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं और विकास के लक्ष्य धरातल पर पहुंच रहे हैं। प्रदेश में गरीब कल्याण, किसान कल्याण, युवा शक्ति और नारी सशक्तिकरण को केन्द्र में रखकर 4 मिशन के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। इससे समाज के सभी वर्गों के कल्याण का लक्ष्य पूर्ण होगा।  पं. दीनदयाल जी ने आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, परिवहन, व्यापार समाज, सुरक्षा एवं सेवा का एक स्पष्ट और व्यावहारिक क्रम बताया। इस क्रम में कृषि प्रधान देश भारत में खेती को प्रथम स्थान देने की आवश्यकता व्यक्त की। उनका मानना था यदि देश में कृषि सुदृढ़ होगी, तो किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण जीवन में स्थिरता आएगी और उद्योगों को कच्चा माल एवं श्रम दोनों सहज रूप से उपलब्ध होगा। इससे किसान, उपभोक्ता और समाज तीनों का संतुलन बना रहेगा। पं. दीनदयाल जी खेती की मजबूती और किसानों की समृद्धि को समग्र विकास का आधार मानते थे। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मार्गदर्शन में किसानों के स्वाभिमान, सुरक्षित जीवन और आत्मनिर्भरता को केन्द्र में रखकर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। कृषि आजीविका के साधन के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने वर्ष 2025-26 किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। मध्यप्रदेश में पार्वती-कालीसिंध-चंबल तथा केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वॉटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित होगा। प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाया जायेगा। प्रदेश में श्रीअन्न, सरसों और चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जा रही है। इससे श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। इन केंद्रों के जरिए फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पॉवर पम्प दिये जायेंगे। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 65 लाख हैक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी ने स्वाभिमानी, स्वावलंबी और विश्व कल्याण में अग्रणी भारत की कल्पना की थी। माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका जीवन और दर्शन हम सबको राष्ट्रधर्म के पथ पर निरंतर अग्रसर करता रहेगा।  राष्ट्र निर्माण के अमर साधक पं. दीनदयाल जी की पुण्यतिथि पर पुनः कोटिशः वंदन।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के सभी किसानों और मछुआरों की आर्थिक समृद्धि के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है, इसके साथ हमें मत्स्य उत्पादन में भी सक्रियता से कार्य कर आने वाले वर्षों में इसे दोगुना करने की दिशा में काम करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रदेश में मछली पालन के साथ ही एक्वाकल्चर के क्षेत्र में भी कार्य किया जाए। प्रदेश में ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जाए, जिससे मछुआरों का आर्थिक सशक्तिकरण हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषक कल्याण को समर्पित करते हुए यह वर्ष मना रही है। मध्यप्रदेश को मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने के लिए कार्य योजना तैयार करें। मछुआ सम्मेलन आयोजित कर मत्स्य पालन में बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। सीड प्रोडक्शन बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। प्रदेश में संचालित मत्स्य महासंघ के सुव्यवस्थित उपयोग के लिए भी कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि कम भू-जल स्तर वाले जिलों में फॉर्म पॉन्ड मॉडल के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए एक जिले को मॉडल के रूप में तैयार किया जाए, जिसमें मत्स्य उत्पादन के साथ ही सिंघाड़ा, कमल गट्टा, मखाना सहित अन्य एक्वाकल्चर आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में मध्यप्रदेश केज कल्चर नीति पर कार्य किया जा रहा है। इसमें 10 हजार केज हितग्राही मूलक योजना में और 90 हजार केज उद्यमी मॉडल के अंतर्गत तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के विषय में भी अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। बैठक में भोपाल में प्रस्तावित विशेष प्रोजेक्ट इंटीग्रेडेट एक्वा पार्क एंड रिसर्च सेंटर की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभाग स्तर पर मछली घर तैयार करने की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के विभागीय योजनाओं की प्रगति, किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत विशेष प्रोजेक्ट, केज कल्चर इंदिरा सागर जलाशय, टेक्नोलॉजी डिफ्यूशन सेंटर, रिजर्वायर कलस्टर आधारित मत्स्य पालन और समन्वित मछली घर एवं अनुसंधान केंद्र का बैठक में रिव्यू किया। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई एवं अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

गाजा पर इजरायल का कदम, ट्रंप की मीटिंग में पाकिस्तान समेत 8 मुस्लिम देश रहेंगे मौजूद

गाजा  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने गाजा के मसले पर बोर्ड ऑफ पीस का गठन किया है और इसकी पहली मीटिंग 19 फरवरी को होने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि इस बैठक में चर्चा होगी कि कैसे गाजा में विकास के काम दोबारा शुरू किए जाएं और वहां जंग समाप्त हो। इस बोर्ड में इजरायल भी सदस्य है, लेकिन उसे ही इसमें झटका भी लगता दिख रहा है। मामला यह है कि वह पाकिस्तान को कभी भी तवज्जो नहीं देना चाहता, लेकिन इस बोर्ड में डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी शामिल होंगे। यही नहीं तुर्की भी इसमें शामिल रहेगा, जो फिलिस्तीन के मसले पर खुलकर इजरायल का विरोधी रहा है। ऐसी स्थिति में यदि गाजा के भविष्य को लेकर बन रहे किसी प्लान में यदि शहबाज शरीफ शामिल होंगे तो यह इजरायल के लिए चिंता की बात होगी। वह पहले भी कह चुका है कि हम पाकिस्तान को शामिल नहीं करना चाहते। फिर भी उसकी एंट्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए चिंता की बात है। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ 18 फरवरी को ही वॉशिंगटन पहुंच जाएंगे और 19 को होने वाले समिट में हिस्सा लेंगे। यह आयोजन यूएस इंस्टिट्यूट ऑफ पीस में होना है। इस बैठक में चर्चा होगी कि कैसे गाजा में जंग के बाद पुनर्निर्माण शुरू किया जाए। इस बैठक में कई देशों के नेता और कुछ अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट और हस्तियां भी इसमें रहेंगी। इस मीटिंग में पाकिस्तान और तुर्की समेत कुल 8 मुसलमान देश शामिल होंगे। इनमें सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, कतर और यूएई हैं। दरअसल इजरायल की चिंता यह है कि मीटिंग में शामिल सभी मुसलमान देश एकजुट होकर कोई स्टैंड ले सकते हैं। खासतौर पर सीजफायर के उल्लंघन को लेकर इजरायल पर कठिन शर्तें थोपे जाने का खतरा है। इसके अलावा कुछ गारंटी भी उससे ली जा सकती है। मुसलमान देशों का कहना है कि गाजा में पुनर्निर्माण और शांति तभी संभव है, जब इजरायल के ऐक्शन पर कुछ लगाम लग सके। 22 देशों को अमेरिका की ओर से मिला था न्योता अमेरिका की ओर से कुल 22 देशों को बोर्ड ऑफ पीस का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। इनमें से ज्यादातर ने सहमति जताई है, लेकिन फ्रांस जैसे उसके मित्र देश ही दूरी बना रहे हैं। इसके अलावा भारत ने भी फिलहाल देखो और इंतजार करो की नीति अपना ली है। अब तक भारत की ओर से इसमें हिस्सा लेने की पुष्टि नहीं की गई है। माना जा रहा है कि भारत नहीं चाहता कि वह ऐसे किसी प्रयास में आगे दिखे, जिसे भविष्य में संयुक्त राष्ट्र संघ के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

आयुष्मान योजना से उपचार में मध्यप्रदेश देश में प्रथम

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 7 फरवरी से आरंभ हो गया है, यह 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष से 160 रुपए अधिक है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक संदेश मिला है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश देश के 5 शीर्ष राज्यों में शामिल है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के माध्यम से उपचार में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए वंदे मातरम के सामूहिक गान के बाद, अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास और उत्साह से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके तत्काल बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान आरंभ हो जाएगा जो 3 महीने तक जारी रहेगा। उन्होंने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नक्सलियों से मुक्त करने के उपलक्ष में 9 फरवरी को बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल क्षेत्र की कृषि कैबिनेट बालाघाट में की जाएगी, जो पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के संकल्प का प्रतीक होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को रेल के क्षेत्र में सिंगरौली जबलपुर ट्रेन की सौगात प्राप्त होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेस्क्यू सेंटर और जू एक साथ विकसित करने की योजना है, इसके अंतर्गत जबलपुर और उज्जैन में गतिविधियां आरंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां अभयारण्य हैं वहां रेस्क्यू सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिये पर्यटन, वन और संस्कृति विभाग समन्वित रूप से कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के परिवार में वृद्धि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया मैं विलुप्त हो रही वन्य प्रजाति पुनर्जीवित हो रही है। प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही और भी खुशखबरी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर जू से भी व्हाइट टाइगर की संख्या में वृद्धि का शुभ समाचार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव से प्रदेश में वन्य जीवों के पुनर्स्थापना के संबंध में हुई चर्चा के परिणाम स्वरूप अब प्रदेश में जंगली भैंसा भी लाए जा रहे हैं। साथ ही बोत्सवाना से 8 चीते 28 फरवरी को प्रदेश में लाऐ जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपए रखा गया है, जो पिछली बार की एमएसपी से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ। प्रदेश में 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 7 लाख 89 हजार से अधिक किसानों ने स्पॉट बुकिंग कर धान उत्पादन में अपना योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की पर्याप्त पैदावार होने की संभावना है, राज्य सरकार के पास भंडारण की समुचित व्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में वस्त्र उद्योग इकाई स्थापना की संभावनाओं को भी देखें तथा मूलभूत आवश्यकता वाले रोजगारपरक टेक्सटाइल यूनिटों की अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापना के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस हुई उनकी हरिद्वार यात्रा के संबंध में भी जानकारी दी।  

बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का रखा गया है ध्यान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा के दृष्टिकोण तथा प्रस्ताव तैयार करने में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त)  मनीष रस्तोगी तथा वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्रि-परिषद के समक्ष भी आज ही बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन हुआ। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को उप मुख्यंमत्री  देवड़ा द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा।  

हनीट्रैप केस का खुलासा: शिवपुरी में पति करता था टारगेटिंग, पत्नी फंसाती थी शिकार

 शिवपुरी.  देहात थाना क्षेत्र में बदरवास के गल्ला व्यवसायी को हनीट्रैप के जाल में फंसाकर उसे ब्लैकमेल करने और उससे पैसे ऐंठने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल महिला का पति और उसके दोस्त पैसे वाला शिकार ढूंढते थे, जबकि महिला उनसे दोस्ती कर प्रेम संबंध स्थापित करने का प्रयास करती थी। जब शिकार जाल में फंस जाता तो महिला उसे मिलने के लिए अपने पास बुलाती थी। इसी दौरान उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जाता था। बदरवास रेलवे स्टेशन रोड निवासी गल्ला व्यवसायी 26 वर्षीय आदित्य जैन के पास गत 26 जनवरी को अंजली नाम की एक युवती का फोन आया और उसने मित्रता की पेशकश की। आदित्य उसकी बातों में आ गया और उससे बात करने लगा। इंदौर में वकील को हनीट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपये मांगे, पहले खुद को पीड़‍ित बता मोबाइल पर भेजे थे अश्लील फोटो 31 जनवरी को युवती ने मिलने की इच्छा जाहिर की और उसे बड़ौदी स्थित पानी की टंकी पर बुलाया। आदित्य किराए की कार लेकर चालक विनोद राठौर के साथ टंकी पर पहुंचा, जहां उसे युवती मिली, वह उसकी कार में बैठ गई और शहर भर में घुमाती रही। कुछ घंटे बाद युवती ने अपने साथियों को फोन लगाया और कार से चार लोग बड़े गांव के पास आ गए। चारों ने आदित्य के साथ मारपीट की। इसके बाद चारों उसे कार में बिठाकर बांकड़े हनुमान मंदिर की तरफ ले गए, जहां उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करते हुए उससे एक लाख पांच हजार 640 रुपये फोन पे करवाए। आदित्य ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद हनीट्रैप गिरोह पकड़ा गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह इससे पहले जिले के विभिन्न क्षेत्रों के कई लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। बदरवास में बैठे गैंग लीडर ने च़िह्नित किया था शिकार पुलिस के अनुसार, ग्राम ऐनवारा बदरवास निवासी इस गैंग के लीडर चंद्रपाल सिंह धाकड़ ने आदित्य जैन के बारे में जानकारी जुटाई। उसका फोन नंबर हासिल किया और माधव नगर निवासी राजा ओझा और उसकी पत्नी कल्पना रजक उर्फ अंजली को उपलब्ध करवाया। कल्पना को पूरी प्लानिंग समझाई। आदित्य इसके बाद कल्पना उर्फ अंजली के जाल में फंस गया तो तीनों ने अपने दो अन्य साथी पवन रावत निवासी ढकरोरा खोरघार थाना सिरसौद व विकास रावत निवासी बड़ौदी शिवपुरी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।  

इंदौर मामला: कोचिंग सेंटर में छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, गुस्साए परिजनों ने मैनेजर को पीटा

इंदौर. अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में कोचिंग सेंटर में छात्रा के साथ छेड़छाड़ की घटना से हंगामा हो गया। रहवासी और स्वजन ने आरोपित को कोचिंग में ही पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की धारा में केस दर्ज करवाया है। कोचिंग के डायरेक्टर को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मैनेजर पर अश्लील हरकत का आरोप डीसीपी ऋषिकेश मीणा (कृष्ण लालचंदानी) के अनुसार घटना नरेंद्र तिवारी मार्ग स्थित केटेलाइजर कोचिंग सेंटर की है। क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी कोचिंग में आती है। उसका आरोप है कि सोमवार को वह कोचिंग में ही थी। उसी वक्त ब्रांच मैनेजर आदेश जोशी आया और छात्रा को लाबी में ले गया। उसने अश्लील हरकत करने की कोशिश की। छात्रा के बैग से परफ्यूम निकाल कर लगा लिया।  

खुशखबरी! 17 हजार पदों पर भर्ती, वेतन में भारी बढ़ोतरी

पटना बिहार सरकार ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के कुनबे में ऐतिहासिक विस्तार करने का निर्णय लिया है। राज्य कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, अब सैप जवानों की संख्या में 10 गुना तक की वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में तैनात 1,717 जवानों की संख्या को बढ़ाकर अब 17,000 करने की स्वीकृति दी गई है। सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी मौका इस बार बहाली की शर्तों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक सैप में केवल भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जवानों को ही अनुबंध पर रखा जाता था, लेकिन अब सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी इसमें शामिल होने का अवसर मिलेगा। विभाग के अनुसार, नए रंगरूटों के प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ड्यूटी में आ रही कमी को पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। पदों का विवरण और संरचना वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान होने वाली इस बहाली में पदों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है: पद का नाम                            प्रस्तावित संख्या जेसीओ (JCO)                         150 सैप जवान (SAP Jawans)          16,300 रसोइया (Cook)                         550 कुल पद                                   17,000 मानदेय में वृद्धि: अब मिलेगा बेहतर वेतन सरकार ने न केवल पदों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि जवानों के मानदेय  में भी आकर्षक वृद्धि की है। संशोधित दरों के अनुसार मासिक भुगतान निम्नवत होगा: JCO: ₹35,000 प्रति माह सैप जवान: ₹30,000 प्रति माह रसोइया: ₹25,000 प्रति माह विभागीय पक्ष: अधिकारियों का मानना है कि नवनियुक्त सिपाहियों के प्रशिक्षण अवधि में होने के कारण फील्ड में ‘एक्टिव वर्कफोर्स’ की कमी महसूस की जा रही थी। 17 हजार अनुभवी पूर्व सैनिकों की तैनाती से राज्य की पुलिसिंग और विशेष अभियानों को नई धार मिलेगी।

सेफर इंटरनेट डे 2026 पर एआई और साइबर जोखिमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भोपाल. सेफर इंटरनेट डे-2026 के अवसर पर इस वर्ष की निर्धारित थीम “एआई और उभरते साइबर जोखिम” के तहत राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) मध्यप्रदेश राज्य इकाई द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा निदेशालय के आयुक्त  अवधेश शर्मा उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी  कमलेश जोगी ने की। इस अवसर पर एनआईसी राज्य इकाई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। साथ ही प्रदेश के सभी शासकीय एवं स्वायत्त इंजीनियरिंग तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक एवं विद्यार्थी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग जहां विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से साइबर अपराधों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। एआई-सक्षम धोखाधड़ी, डीपफेक तकनीक, वॉयस क्लोनिंग, व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से ठगी और स्वचालित साइबर हमलों जैसे खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने साइबर स्वच्छता की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए मजबूत पासवर्ड का उपयोग, संदिग्ध लिंक या संदेशों से सावधानी, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचाव तथा नियमित रूप से डिजिटल उपकरणों के अपडेट रखने जैसे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में नागरिकों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर बताया गया कि सेफर इंटरनेट डे प्रत्येक वर्ष फरवरी के दूसरे मंगलवार को विश्व के लगभग 160 देशों में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को इंटरनेट एवं डिजिटल तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र के सहयोग से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के प्रति प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सुरक्षित डिजिटल वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया तथा नागरिकों से साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क और जागरूक रहने की अपील की गई।  

15 फरवरी को संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में होगा कार्यक्रम का समापन

रायपुर. 13 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का भव्य मंच छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का मैनपाट एक प्रमुख हिल स्टेशन है, जिसे अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी जलवायु और तिब्बती संस्कृति के कारण ’छत्तीसगढ़ का शिमला’ और ’छोटा तिब्बत’ भी कहा जाता है।  मैनपाट के रोपाखार जलाशय के समीप आगामी 13 से 15 फरवरी तक तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। राज्य शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मैनपाट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना तथा स्थानीय लोक कला व संस्कृति का संवर्धन करना है। 13 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का भव्य मंच मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ और सितारों से सजेगी शाम  मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ 13 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में लोक गीत और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रथम दिन 13 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार  मनोज तिवारी अपनी गायकी से दर्शकों का उत्साह बढ़ाएंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य लोक संस्कृति की छटा बिखेरेंगे। द्वितीय दिवस 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और ’इंडियन आइडल’ फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी। वहीं समापन दिवस 15 फरवरी को महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इसके साथ ही रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योति वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। साहसिक खेल और स्थानीय जायका मैनपाट महोत्सव केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यटकों के लिए मनोरंजन का पैकेज होगा। महोत्सव स्थल पर एडवेंचर एक्टिविटी में पर्यटकों के लिए बोटिंग, साहसिक खेल और पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा। फूड ज़ोन में सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ विभिन्न लजीज पकवानों का आनंद लिया जा सकेगा। प्रदर्शनी एवं मेला में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां शासन की योजनाओं और स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा। छत्तीसगढ़ का शिमला ’मैनपाट’ के प्रमुख आकर्षण अंबिकापुर मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित मैनपाट एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जोकि समुद्र तल से 3,781 फीट की ऊंचाई पर है। यहाँ के प्रमुख आकर्षणों में बौद्ध मंदिर, टाइगर पॉइंट, मेहता पॉइंट, मछली पॉइंट, और अनोखा जलजली शामिल हैं। यह स्थान तिब्बती संस्कृति, टाऊ की खेती और अद्भुत प्राकृतिक नजारों के लिए प्रसिद्ध है। मैनपाट के प्रमुख दर्शनीय स्थल तिब्बती शरणार्थी शिविर और बौद्ध मंदिर- मैनपाट में 1970 में बसाया गया एक बड़ा तिब्बती समुदाय है, जहां का थाकपो शेडुप्लिंग मठ (कैम्प नंबर 3) मुख्य आकर्षण है। टाइगर पॉइंट -200 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला यह वॉटरफॉल (झरना) घने जंगलों से घिरा है। जलजली- यह एक भूगर्भीय आश्चर्य है जहाँ जमीन दलदली है और कूदने पर स्पंज की तरह हिलती है, इसे “म्यूजिकल लैंड“ भी कहते हैं। मछली पॉइंट एक बहुत ही सुंदर झरना और मछली पकड़ने के लिए प्रसिद्ध स्थान है। मेहता पॉइंट-घाटियों के शानदार और मनोरम दृश्य देखने के लिए एक बेहतरीन व्यू पॉइंट। उल्टा पानी- यहाँ का पानी ढलान के विपरीत दिशा में बहता है, जो एक अनसुलझा रहस्य है। सरभंजा जलप्रपात-ग्राम पंचायत से तकरीबन दो किलोमीटर ट्रैकिंग मार्ग से इस प्राकृतिक जलप्रपात तक पहुंचा जा सकता है। जुलाई से मार्च के बीच यहां का मौसम बहुत सुहावना रहता है। जोकि पर्यटकों को आकर्षित करता है स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन जिला प्रशासन द्वारा मंच पर नामी कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय स्कूली बच्चों और क्षेत्रीय कलाकारों को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि सरगुजा की माटी की प्रतिभा को उचित मंच मिल और स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन भी हो सके। कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देशन में मैनपाट महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 15 फरवरी को समापन समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम सम्पन्न होगा।

Budget 2026 Rajasthan: रोजगार, किसानों और एक्सप्रेस-वे को लेकर अहम घोषणाओं के संकेत

जयपुर भजनलाल सरकार बुधवार को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री दीया कुमारी सदन में आय-व्यय अनुमान पेश करेंगी। इस बजट से राजस्थान को अगले साल क्या मिलने वाला है, इस पर सभी की नजरें है। मौटे तौर पर बजट का फोकस किन सेक्टर्स पर होगा और कौन सी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं पढ़िए इस रिपोर्ट में… इस बार का बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी-ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार की ओर से नई योजनाओं, भर्तियों और बड़े विकास कार्यों की घोषणाएं की जा सकती हैं। भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, 1.50 लाख नई नौकरियां भजनलाल सरकार नौकरियों को लेकर लगातार बड़े दावे कर रही है। पिछले बजट में एक लाख नई नौकरियों का ऐलान किया गया था। इस बजट में करीब 1.50 लाख नई भर्तियों की घोषणा की जा सकती है। आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकांश भर्तियों में इंटरव्यू खत्म कर केवल परीक्षा आधारित चयन लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के तहत चयनित युवाओं की संख्या बढ़ाने का भी एलान हो सकता है। सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सैलेरी बढ़ाने का प्रावधान बजट में किया जा सकता है, वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की संभावना है। इंफ्रा सेक्टर: 15 शहरों में ग्रीन फील्ड व सिटी इकोनॉमिक रीजन स्कीम राजस्थान में इंफ्रा सेक्टर के लिए बजट में कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। इसमें बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, सीकर, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, धौलपुर सहित 15 शहरों में रिंग रोड व नए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के लिए बजट का प्रावधान हो सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की धार्मिक स्थलों से जुड़े शहरों के विकास के लिए ‘सिटी इकोनॉमिक रीजन’ में  ऐलान  किया जा सकता है। जयपुर में मेट्रो फेज टू के लिए तय रूट में एयरपोर्ट टर्मिनल्स को शामिल करने सहित- दूसरे चरण का का काम शुरू करने के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है। जयपुर में पार्किंग से जुड़ी समस्या को लेकर पीपीपी पर नए पार्किंग जोन्स डवलप प्रोजेक्ट का एलान किया जा सकता है। वेडिंग डेस्टिनेशन साइट्स डवलप करने के लिए आर्थिक सहायता और शेखावाटी हैरिटेज टूरिज्म संरक्षण के लिए भी बजट में प्रावधान किए जाने की संभावना है। किसान: सम्मान निधि में बढ़ोतरी, बोनस में इजाफा किसान सम्मान निधि की राशि को चरणबद्ध तरीके से 12 हजार रुपये तक बढ़ाने की घोषणा संभव है। ब्याजमुक्त फसली कर्ज योजना का दायरा बढ़ेगा और लाखों नए किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। एमएसपी पर गेहूं समेत कुछ फसलों पर बोनस, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद, हाईटेक खेती योजनाओं और नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है। दूध खरीद पर मिलने वाले बोनस में बढ़ोतरी, पशुधन बीमा योजना का विस्तार और महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना की घोषणा संभव है। बाड़मेर में अनार और सवाई माधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट्स का भी ऐलान हो सकता है। महिलाओं और बच्चों के लिए योजनाएं लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाने, मेधावी छात्राओं को स्कूटी योजना के विस्तार और महिला स्वयं सहायता समूहों के बजट में बढ़ोतरी की संभावना है। आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देने का एलान भी हो सकता है। दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की रोक हटाने के लिए बिल लाने की घोषणा भी बजट सत्र में संभव है। शिक्षा और स्वास्थ्य सीएसआर की सहायता से प्रदेश के सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं है वहां नए मेडिकल कॉलेजों का ऐलान किया जाना भी संभव है। मेडिकल में चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टॉफ के पद बड़ी संख्या में खाली चल रहे हैं इन पर भी भर्तियों का ऐलान हो सकता है। 

CM योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट बयान, कहा- बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और कट्टरपंथी विचारधारा रखने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अयोध्या में जिस स्थान पर राम मंदिर बना है, वहां अब किसी और ढांचे की कल्पना करना भी व्यर्थ है. बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है. सीएम योगी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण अब कभी नहीं होगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा, “कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा.” जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, “हम लोगों ने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. और मंदिर वहीं बन गया.” उन्होंने दोहराया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अपने निर्धारित स्थान पर बन चुका है और यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. ‘अवसरवादी लोग स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं’ सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण के सपने देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का प्रतीक है. भगवान राम सबके हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं है, लेकिन कुछ अवसरवादी लोग अपने स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है. सीएम ने कहा कि जो कयामत के दिन का सपना देख रहे हैं, वे सड़-गल जाएंगे, वह दिन कभी आने वाला नहीं है. भारत की विरासत, गौरवशाली परंपरा और सनातन धर्म का सम्मान करते हुए केसरिया ध्वज सदैव देश का मान बढ़ाता रहेगा. योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर केसरिया ध्वजारोहण का उल्लेख करते हुए इसे सनातन का प्रतीक बताया. उन्होंने अवसरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट आने पर कुछ लोगों को राम याद आते हैं, बाकी समय वे राम को भूल जाते हैं, इसलिए भगवान राम भी उन्हें भूल चुके हैं.  कानून तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी सीएम योगी ने जनसभा में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे. कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा. सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है और कानून तोड़ने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि उनकी सात पीढ़ियां उसे याद रखेंगी. जो कानून तोड़ेगा, उसे जहन्नुम का रास्ता दिखाएंगे.” उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वालों और रामकाज में बाधा डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है. भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता. देश और सनातन पर अंदर और बाहर से प्रहार हो रहे हैं, जिनसे सजग और सचेत रहने की जरूरत है. कुछ लोग साजिश कर रहे हैं, कुछ साजिश का शिकार हो रहे हैं और कुछ लोग साजिश के लिए बिककर काम कर रहे हैं. उन्होंने जनता से इन दुष्प्रवृत्तियों के खिलाफ तैयार रहने का आह्वान किया. 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि तब प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा का माहौल रहता था. उन्होंने कहा कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न किसान, न नौजवान, मंदिर, विद्यालय और घर तक सुरक्षित नहीं थे. पहले हर तीसरे-चौथे दिन किसी न किसी जिले में कर्फ्यू लगता था और लोगों में भय का वातावरण बना रहता था. अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और सुरक्षा का माहौल स्थापित हुआ है.

CJI सूर्यकांत ने कहा: “चुनाव आते ही परेशानी होती है…” हिमंत सरमा पर याचिका पर टिप्पणी

नई दिल्ली असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के भाषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इसपर भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि कई बार राजनीतिक जंग सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाती है। उन्होंने इस याचिका पर विचार करने की बात कही है। विपक्ष ने सरमा के अल्पसंख्यकों पर निशाना लगाते वीडियो और भाषण पर आपत्ति जताई थी। शीर्ष न्यायालय याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय में सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच सुनवाई कर रही थी। सीजेआई ने कहा, ‘परेशानी यह है कि जब चुनाव आते हैं, जो कई बार उन्हें यहां सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है। हम इसे देखेंगे।’ अदालत में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया नेता एनी राजा की तरफ से याचिका दाखिल की गई थी। उन्होंने सीएम सरमा के 27 जनवरी को दिए भाषण पर आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत पहुंचे एडवोकेट निजाम पाशा ने कहा, ‘मीलॉर्ड राजनीतिक दल के सदस्य की तरफ से हेट स्पीच के खिलाफ एक याचिका दाखिल हुई है। एक वीडियो भी है, जिसमें मुख्यमंत्री अल्पसंख्यकों पर निशाना लगाते नजर आ रहे हैं।’ पीठ ने वकील निजाम पाशा की दलीलों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी। पाशा वाम दलों के कुछ नेताओं की ओर से पेश हुए थे। उन्होंने पीठ के समक्ष कहा, ‘हम इस अदालत से असम के मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए चिंताजनक बयानों और हाल में पोस्ट किए एक वीडियो को लेकर तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं। इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।’ जमीयत भी पहुंची थी सुप्रीम कोर्ट जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सरमा के भाषण के खिलाफ 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि विशेष रूप से उच्च संवैधानिक पद पर आसीन किसी व्यक्ति की तरफ से दिए गए इस तरह के बयानों को राजनीतिक बयानबाजी या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भाषण में क्या था सरमा ने 27 जनवरी को डिगबोई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘मिया’ समुदाय के लोगों को राज्य में मतदान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से ‘मिया’ मतदाताओं के नाम हटाना केवल एक प्रारंभिक कदम है, और जब बाद में राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया जाएगा, तो बांग्लादेश के मुसलमानों के चार से पांच लाख वोट रद्द कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा था, ‘हां, हम मिया समुदाय के वोट चुराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें हमारे देश में नहीं, बल्कि बांग्लादेश में वोट देना चाहिए। हम यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था कर रहे हैं कि वे असम में वोट न दे सकें।’ उन्होंने कहा था, ‘अगर मिया समुदाय को इस संबंध में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो हमें क्यों चिंतित होना चाहिए?’

CBSE का अहम निर्णय: ऑन स्क्रीन मार्किंग से तेज और पारदर्शी होगा 12वीं का रिजल्ट

इंदौर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए 12वीं कक्षा के लिए ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम लागू करने की घोषणा की है। आगामी सत्र से प्रभावी होने वाली इस डिजिटल जांच प्रणाली का मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन को अधिक पारदर्शी, सटीक और तीव्र बनाना है। हालांकि, कक्षा 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन फिलहाल पारंपरिक भौतिक तरीके से ही जारी रहेगा। इस बदलाव से शिक्षकों की कार्यशैली और छात्रों के उत्तर लिखने के तरीके पर भी बड़ा प्रभाव पड़ेगा।शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में सीबीएसई ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब 12वीं के छात्रों की मेहनत का मूल्यांकन शिक्षक भौतिक रूप से नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल माध्यम से करेंगे। पारदर्शिता और गति पर ध्यान बोर्ड के अनुसार, ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) से मानवीय भूलों, विशेषकर अंकों को जोड़ने (टोटलिंग) की गलतियों की संभावना शून्य हो जाएगी। लॉगिन और लॉगआउट का समय स्वतः दर्ज होने से मूल्यांकन प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी। इससे न केवल परिणाम तैयार करने की गति बढ़ेगी, बल्कि कॉपियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने में होने वाले जोखिम और समय की बर्बादी भी कम होगी। बोर्ड का मानना है कि इस व्यवस्था से व्यक्तिगत पक्षपात की संभावना भी न्यूनतम हो जाएगी। उत्तर पुस्तिका के प्रारूप में बदलाव डिजिटल मूल्यांकन को सुगम बनाने के लिए उत्तर पुस्तिका के स्ट्रक्चर में भी बदलाव किए गए हैं। विशेषकर विज्ञान संकाय (Science Stream) की कापियों को अब भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के अलग-अलग सेक्शन में विभाजित किया गया है। छात्रों के लिए अब यह अनिवार्य होगा कि वे संबंधित विषय का उत्तर उसी के लिए निर्धारित सेक्शन में लिखें। यदि कोई छात्र गलत सेक्शन में उत्तर लिखता है, तो उसे जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि डिजिटल जांच के दौरान परीक्षक को उत्तर ढूंढने में कोई तकनीकी समस्या न हो। तकनीकी चुनौतियां और समाधान इंदौर के सरदार पटेल स्कूल के विशेषज्ञ योगेंद्र दुबे का कहना है कि यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन शुरुआत में शिक्षकों को कुछ कठिनाइयां आ सकती हैं। धुंधली इमेज, सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन में त्रुटि या इनपुट डिवाइसेस की खराबी जैसी तकनीकी बाधाएं चुनौती पेश कर सकती हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए सीबीएसई ने शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी सहायता टीम की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है, ताकि नई प्रणाली को बिना किसी बाधा के लागू किया जा सके। 10वीं के लिए फिलहाल कोई बदलाव नहीं सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यह डिजिटल व्यवस्था अभी केवल 12वीं कक्षा के लिए है। 10वीं कक्षा के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले की तरह भौतिक रूप में ही किया जाएगा। बोर्ड चरणबद्ध तरीके से इस प्रणाली को आगे बढ़ाने पर विचार कर सकता है।  

MPPSC 2026: EWS वर्ग के लिए नया नियम, अब इस उम्र तक परीक्षा में शामिल हो सकते हैं

इंदौर  मप्र लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा पात्रता परीक्षा-2026 की आवेदन प्रक्रिया के बीच सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS Category) के तीन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ईडब्ल्यूएस ने याचिकाकर्ताओं को आयु सीमा (EWS Age Limit) में अंतरिम छूट देते हुए उन्हें 40 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा से आगे भी आवेदन करने की अनुमति दे दी है। तीनों याचिकाकर्ता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे, लेकिन इनकी चयन प्रक्रिया कोर्ट के आदेश के अधीन रहेगी। हालांकि अभी अन्य ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को कोई फायदा नहीं मिल सकेगा, लेकिन इस मामले में होने वाले अंतिम फैसले से उन हजारों ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कोर्ट का यह आदेश ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख वाले दिन ही आया है।  हाईकोर्ट पहुंचा मामला; विज्ञापन को बताया भेदभावपूर्ण आयोग द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन में गैर वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 1 जनवरी 2026 को 40 वर्ष तय की थी। इस विज्ञापन में एससी/एसटी/ओबीसी, महिलाएं, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना से जुड़े अभ्यर्थी शामिल थे। इस सभी वर्ग को आयु में छूट दी थी, लेकिन ईडबल्यूएस वर्ग को आयु छूट नहीं दी गई, जिसे भेदभावपूर्ण बताया गया। अभ्यर्थी अभिषेक तिवारी ने इस पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विकास मिश्रा और अधिवक्ता धीरज तिवारी ने कोर्ट को बताया, ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थी पूरी योग्यता रखने के बावजूद सिर्फ 1 से 3 वर्ष ज्यादा आयु के कारण ऑनलाइन पोर्टल पर अयोग्य घोषित कर दिए जा रहे है। सरकार के नियमों में लगभग सभी वर्ग को आयु छूट मिलती रही है, लेकिन ईडब्ल्यूएस को जानबूझकर अलग रखा, जिससे आरक्षण सिर्फ कागजी बनकर रह जाता है। राजस्थान बना उदाहरण मामले के दौरान कोर्ट को बताया, राजस्थान में पुरुष ईडब्ल्यूएस को 5 वर्ष, महिला ईडब्ल्यूएस को 10 वर्ष की आयु छूट दी जा रही है। राजस्थान लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड ने स्पष्ट रूप से ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु छूट देकर आवेदन आमंत्रित किए है। इससे साबित हुआ कि ईडब्ल्यूएस को आयु छूट देना न केवल संभव है, बल्कि देश में पहले से लागू व्यवस्था भी है। सभी तथ्यों पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को अंतरिम संरक्षण दिया। उन्हें प्रोविजनल रूप से आवेदन करने और चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने माना कि यदि समय रहते राहत नहीं दी जाती तो भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाती और याचिका निरर्थक हो जाती, जिससे विद्यार्थियों को अपूरणीय नुकसान होता। 

बाबरी ढांचे का सपना देखने वालों से सीएम योगी की दो टूक, कभी नहीं आने वाला कयामत का दिन

बाराबंकी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी ढांचे का सपना देखने वालों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक कहा कि कयामत का दिन कभी आने वाला नहीं है, जो लोग इसका सपना देख रहे हैं, सड़-गल जाएंगे। हिंदुस्तान में कायदे में रहने वाले फायदे में रहेंगे। अगर कोई कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देख रहा है तो उसका यह सपना कभी पूरा नहीं होने वाला। कानून तोड़ने वाले का रास्ता कहीं और नहीं, सीधे जहन्नुम की तरफ ले जाता है। मुख्यमंत्री ने पूरी दृढ़ता के साथ कहा कि यह डबल इंजन सरकार पीएम मोदी के मार्गदर्शन में जो बोलती है, वह करके दिखाती है और जितना करती है, उतना ही बोलती है। हमने कहा कि रामलला आएंगे…। अब मंदिर भी बन गया है। हम विरासत को सम्मान देते हुए भारत व सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण रखेंगे। पीएम मोदी ने 25 नवंबर को अयोध्या में सनातन के प्रतीक श्रीराम मंदिर में भव्य केसरिया ध्वज का आरोहण किया था,  यह ध्वज सदा भारत व सनातन के गौरव को आगे बढ़ाएगा।  मुख्यमंत्री मंगलवार को हिंद केसरी ब्रह्मलीन महंत बाबा हरिशंकर दास जी महाराज की पुण्य स्मृति में श्रीराम जानकी मंदिर, दुल्हदेपुर कुटी (बाराबंकी) में आयोजित दशम श्री हनुमत विराट महायज्ञ एवं श्री रामार्चा पूजन में सम्मिलित हुए। सीएम ने केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाएं व उपलब्धियां गिनाने के साथ ही कहा कि बाराबंकी में जल्द ही विकास प्राधिकरण प्रारंभ होगा। सीएम की दो टूक, कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे  सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्ष पश्चात यह गौरवशाली क्षण आया। इतने वर्षों में अनेक राजा-महाराजा आए। 1952 के बाद से अनेक सरकारें बनीं, लेकिन किसी से मन में यह नहीं आया कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या पर भव्य मंदिर निर्माण हो। राम सबके हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो अवसरवादी रवैया अपनाते हैं। जब संकट आता है तो उन्हें राम याद आते हैं, बाकी समय राम को भूल जाते हैं। ऐसे लोगों को भगवान राम भी भूल चुके हैं, अब उनकी नैया कभी पार नहीं होनी है। रामभक्तों पर गोली चलाने वालों और रामकाज में बाधक रामद्रोहियों के लिए कोई जगह नहीं है। बाबरी ढांचे का सपना देखने वालों को योगी ने चेताया कि कयामत का दिन कभी नहीं आने वाला। कयामत के दिन के लिए मत जियो। हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। यहां का कानून मानो, कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे। कानून तोड़ने वालों का रास्ता जन्नत नहीं, सीधे जहन्नुम की तरफ जाएगा।  यह देश कभी कमजोर नहीं था सीएम योगी ने कहा कि यह देश कभी कमजोर नहीं था। हमारे पास सब कुछ था। उन्होंने 2017 के पहले यूपी में फैली असुरक्षा का जिक्र किया। कहा, हर तीसरे-चौथे दिन किसी न किसी जनपद व शहर में कर्फ्यू-दंगे होते थे। परिवार का कोई सदस्य बाहर गया है और सूर्यास्त होते यदि घऱ नहीं आया तो घरवाले सशंकित रहते थे। गरीबों की जमीन पर कब्जा हो जाता था। सैकड़ों पहलवान तैयार करने वाले बाबा हरिशंकर दास का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि श्रीराम जानकी मंदिर की जमीन पर भी कब्जा करने का प्रयास हुआ। बाबा जी को गोली मार दी गई, लेकिन सरकार बदलते ही यूपी में सारी अराजकता गायब हो गई। 2013 कुंभ में 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे और इस वर्ष माघ मेला में अब तक 21 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं। अयोध्या व वाराणसी में पहले लाखों श्रद्धालु आते थे, अब वह संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। 2024-25 में 122 करोड़ श्रद्धालु यूपी के धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने आए। महाकुम्भ में 66 करोड़ श्रद्धालु आए, यह संख्या बताती है कि यूपी में अब सुरक्षा और सुविधा है। बेटी सुरक्षित होगी तो समाज सुरक्षा का अहसास कर लेगा, व्यापारी सुरक्षित होगा तो उत्तर से दक्षिण तक सेतुबंध के रूप में कार्य करेगा।  पहले भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया था विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। पहले यूपी में वेतन देने का पैसा नहीं था, लेकिन आज पैसे का उपयोग हर तबके के हित के लिए हो रहा है। छात्रों को बिना भेदभाव छात्रवृत्ति दी जा रही है। यूपी में अच्छे संस्थान खुल रहे हैं, हर तीर्थ स्थल का विकास हो रहा है। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही है। कानून को ठेंगा दिखाने वालों को ऐसा मजा चखाएंगे कि सात पीढ़ियां याद करेंगी। सीएम ने विकास कार्यों को गिनाया और कहा कि 8-9 साल पहले तक जो पैसा भ्रष्टाचार में खर्च होता था, वह आज विकास में खर्च हो रहा है।  यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था का मजबूत राज्य  सीएम योगी ने कहा कि यूपी देश की तीन बड़ी अर्थव्यवस्था में शामिल है। यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था का मजबूत राज्य बनकर उभरा है। गांव की बेटी, सबकी बेटी मानते हुए सरकार बेटी के जन्म लेने से लेकर स्नातक की पढ़ाई, शादी आदि की जिम्मेदारी उठा रही है। दिव्यांगजन, वृद्धजन व निराश्रित महिलाओं के रूप में 1.6 करोड़ परिवारों को सरकार 12 हजार रुपये सालाना की पेंशन दे रही है। यूपी में 15-16 करोड़ लोग राशन की सुविधा पा रहे हैं। आयुष्मान भारत के अंतर्गत अब तक 5.46 करोड़ से अधिक गरीबों के लिए पांच लाख रुपये निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा वाले गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार बिना भेदभाव सबके विकास के लिए कार्य कर रही है।  दुनिया भर से सनातन, भारत-भारतीयता पर प्रहार मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हर भारतीय का दायित्व सकारात्मक सोच के साथ भारत का विकास होना चाहिए। सभी भारतीय मिलकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए कार्य करें। जीवन का संकल्प होना चाहिए कि हमारा देश वैभवशाली व विकसित हो। हर संत की साधना देश, धर्म के लिए होती है और धर्म भी देश के लिए समर्पित होता है। एक शरीर है तो दूसरा उसकी आत्मा। भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं, इसे अलग करके नहीं रखा जा सकता। वर्तमान में दुनिया भर से सनातन, भारत-भारतीयता पर प्रहार हो रहे हैं। अंदर-बाहर से होने वाले इन प्रहारों से सचेत रहना होगा। जिन्हें भारत की प्रगति अच्छी नहीं लग रही है, विकसित भारत की संकल्पना पचती नहीं … Read more

बजट से पहले रविंद्र सिंह भाटी का बयान, राजस्थान सरकार से किन मुद्दों पर जताई उम्मीद?

जयपुर राजस्थान सरकार अपना वार्षिक बजट कल विधानसभा में पेश करेगी। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी बजट प्रस्तुत करेंगी। बजट से पहले पश्चिमी राजस्थान में विभिन्न वर्गों की उम्मीदें सामने आ रही हैं, जिनमें शिक्षा, सड़क, चिकित्सा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विशेष अपेक्षाएं जताई जा रही हैं। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की प्राथमिकताएं शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बजट से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बजट से बहुत सारी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क और चिकित्सा पर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस रहना चाहिए। साथ ही युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर किस प्रकार दिए जा सकें, इस दिशा में ठोस प्रावधानों की आवश्यकता है।   रोजगार और औद्योगिक अवसरों पर जोर विधायक भाटी ने कहा कि सरकार ने एक एनुअल कैलेंडर जारी किया है, लेकिन उसमें तमाम लोगों को शामिल नहीं किया जा सका। मल्टीनेशनल कंपनियों के माध्यम से रिफाइनरी आ रही है, साथ ही अन्य फैक्टरियां और इंडस्ट्रीज भी स्थापित होंगी। इन सभी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को किस तरह अवसर मिल सकें, इस पर ध्यान देना जरूरी है।   सड़क और चिकित्सा ढांचे की जरूरत उन्होंने सड़कों पर विशेष रूप से गांवों की इंटरनल सड़कों और हाईवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। हाल ही में एक बस दुर्घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इलाके में 1 यूनिट की सुविधा नहीं होने के कारण घायलों को जोधपुर तक ले जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाए, इस पर बजट में ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि गांव और ढाणियां दूर-दूर स्थित हैं।   खेल जगत से जुड़ी उम्मीदें खेल जगत से जुड़े हेमंत शर्मा ने भी राज्य सरकार के बजट से काफी उम्मीदें जताईं। उन्होंने कहा कि जोधपुर की मूलभूत सुविधाओं जैसे पानी, सड़क और बिजली पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। जोधपुर में पानी की गंभीर समस्या है, जहां हर सातवें और आठवें दिन पानी की कटौती की जा रही है।   पानी और सीवरेज की समस्या हेमंत शर्मा ने कहा कि जोधपुर में सीवरेज की समस्या भी काफी बढ़ गई है। यदि बजट में इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रावधान किए जाएं, तो प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।   संजय गौड ने उम्मीद जताई कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा लागू की गई योजनाओं को उचित बजट जारी कर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए, ताकि आम जनता को फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।   महंगाई और चिकित्सा योजनाओं पर नजर संजय गौड ने यह भी कहा कि चिकित्सा क्षेत्र की योजनाएं फिर से रफ्तार पकड़ें, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। महंगाई अपने चरम स्तर पर है, ऐसे में बजट में इसे लेकर भी कुछ ठोस कदम उठाए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

आ गई रिलीज डेट, ‘बॉर्डर 2’ के बाद अब ‘लाहौर 1947’ में धमाल मचाने को तैयार सनी देओल

मुंबई, सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का जादू बॉक्स ऑफिस पर जारी है। इस बीच मेकर्स ने उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘लाहौर 1947’ की रिलीज डेट अनाउंस कर दी है। ‘लाहौर 1947’ 13 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म के जरिए पहली बार सनी देओल, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी और प्रोड्यूसर आमिर खान एक साथ काम करने जा रहे हैं। आमिर खान प्रोडक्शंस द्वारा बनाई गई यह फिल्म साल 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्याय में से एक को खास अंदाज में पर्दे पर पेश करेगी। आमिर खान ने बताया कि यह दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की पसंदीदा स्क्रिप्ट थी। उन्होंने फिल्म को लेकर बताया, “यह धरम जी (धर्मेंद्र) की सबसे पसंदीदा स्क्रिप्ट्स में से एक थी। मुझे बहुत खुशी है कि यह फिल्म उसी अंदाज में रिलीज होगी और इसे उनका प्यार मिलेगा।” अपकमिंग फिल्म की कहानी असगर वजाहत के नाटक ‘जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्याई नई’ से प्रेरित है। यह नाटक विभाजन की बड़ी राजनीति के बजाय सांप्रदायिक हिंसा और विस्थापन से टूटे हुए रिश्तों पर फोकस करता है। कहानी एक हिंदू परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे लाहौर से भारत आने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्हें एक मुस्लिम परिवार द्वारा छोड़ी गई हवेली मिलती है, लेकिन वहां एक बूढ़ी मुस्लिम महिला अभी भी रह रही होती है। इसके बाद विभाजन के उथल-पुथल भरे दिनों में पहचान, नुकसान और नैतिक जिम्मेदारी जैसे गहरे सवाल उठते हैं। फिल्म तमाशे वाली देशभक्ति कहानियों से अलग हटकर विभाजन के स्थायी जख्मों, सहानुभूति और साझा दर्द पर रोशनी डालती है। यह एक भावुक और गंभीर पीरियड ड्रामा है। फिल्म में सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं, जिसमें शबाना आजमी, प्रीति जिंटा और करण देओल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। संगीत को एआर रहमान ने तैयार किया है और गीतों के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं।  

केंद्र सरकार की योजना में उत्तर प्रदेश से 4 एक्सेलेरेटरों का चयन, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी पहचान

लखनऊ.  केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेटी) की महत्वाकांक्षी “स्टार्टअप एक्सेलेरेटर ऑफ मेटी फॉर प्रोडक्ट इनोवेशन, डेवलपमेंट एंड ग्रोथ” (SAMRIDH) योजना में उत्तर प्रदेश ने प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। स्टार्टअप्स को नवाचार, उत्पाद विकास और विस्तार के लिए तैयार करने वाली इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश से चयनित एक्सेलेरेटरों और स्टार्टअप्स की संख्या यह संकेत देती है कि प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपनाई गई नीतियों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर साफ दिखने लगा है। योगी सरकार द्वारा केंद्र की योजनाओं का लाभ जमीन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। एक्सेलेरेटरों और स्टार्टअप्स की निगरानी, मेंटरशिप और बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है, ताकि युवा उद्यमियों को केवल फंडिंग ही नहीं बल्कि स्थायी विकास का रास्ता भी मिल सके। समृद्ध को लेकर उत्तर प्रदेश से कुल 10 एक्सेलेरेटरों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा किया था। इनमें से 4 एक्सेलेरेटरों का चयन किया गया। इन चयनित एक्सेलेरेटरों के माध्यम से प्रदेश के 35 स्टार्टअप्स को एक्सेलेरेशन सपोर्ट दिया गया, जिनमें से 27 स्टार्टअप्स फंडिंग प्राप्त करने में सफल रहे। उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स को इस योजना के तहत कुल 9.91 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। यह राशि स्टार्टअप्स को उनके उत्पाद के विकास, बाजार विस्तार और तकनीकी मजबूती के लिए दी गई है। केंद्र सरकार की इस योजना में स्टार्टअप्स को अधिकतम 40 लाख रुपये तक की मैचिंग फंडिंग का प्रावधान है, जबकि प्रत्येक स्टार्टअप के लिए एक्सेलेरेटरों को भी वित्तीय सहयोग दिया जाता है। प्रदेश सरकार का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल का ही यह परिणाम है कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं बल्कि नवाचार और उद्यमिता का मजबूत केंद्र बन रहा है। नई स्टार्टअप नीति, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा, इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहल युवाओं को उद्यम के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। समृद्ध योजना के अंतर्गत हेल्थ टेक, एजुकेशन टेक, एग्री टेक, फिनटेक, सॉफ्टवेयर सर्विस और कंज्यूमर टेक जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को समर्थन दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स की इन सेक्टर्स में सक्रिय भागीदारी यह दिखाती है कि राज्य की अर्थव्यवस्था अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर ज्ञान और तकनीक आधारित मॉडल की ओर अग्रसर है।

दिल्ली में बेटियों के लिए नई योजना, रेखा गुप्ता सरकार देगी आर्थिक मजबूती

दिल्ली दिल्ली की भाजपा सरकार ने लखपति बिटिया योजना का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुआई में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। इसके साथ ही 2008 में लॉन्च की गई लाडली योजना को बंद कर दिया गया है। लखपति बिटिया योजना के तहत ग्रेजुएशन करने के बाद बेटियों को एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इससे पहले महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी महिला केंद्रित योजनाएं चलाई जा चुकी हैं जिनमें प्रतिमाह अथवा सालाना आर्थिक सहायता महिलाओं को दी जाती है। अब दिल्ली में भाजपा सरकार ने बेटियों को एकमुश्त रकम देकर लखपति बनाने की पहल की है। कैबिनेट में मुहर के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 31 मार्च तक लाडली योजना बंद कर दी जाएगी और इसकी जगह दिल्ली लखपति बिटिया योजना की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा हर परिवार से दो बिटिया को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। दिल्ली में जन्मी हर बच्ची को इस योजना से जोड़ा जाएगा और ग्रेजुएशन पूरा होने पर मिनिमम एक लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना के तहत हर बच्ची को, जो दिल्ली की निवासी है, जिसका परिवार दिल्ली में रहता होगा, घर में दो बच्चियों को इसका लाभ दिया जाएगा। हर बच्ची पर 20-20 हजार रुपये बढ़ाया जाएगा। पहले 36 हजार था, उसे हमने 56 हजार किया है। 12वीं में जाने पर नहीं, हमने मोटिवेट किया है कि ग्रेजुएशन करने पर मैच्योरिटी मिलती है। मेच्योरिटी पर मिनिमम एक लाख रुपये मिलेंगे।’ दिल्ली लखपति बिटिया योजना की क्या-क्या शर्तें मुख्यमंत्री ने योजना की कुछ शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि योजना की लाभार्थी बच्चियों का वैक्सीनेशन होना जरूरी है। मान्यताप्राप्त स्कूल से पढ़ना जरूरी है और यदि 18 साल के उम्र से पहले शादी की जाती है तो लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इसकी अनुमानित लागत 160 करोड़ रुपये आएगी, लेकिन यदि इससे अधिक भी लगे तो सरकार फंड को बढ़ाएगी। लाडली योजना क्यों बंद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली की बेटियों से जुड़ी लाडली योजना 2008 में शुरू हुई थी। बच्ची को अलग-अलग फेज में पैसे दिए जाते थे। उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने जब पता किया तो सामने आया कि करोड़ों रुपये बैंक के पास अनक्लेम्ड हैं। लाभार्थी को मिले ही नहीं। 1.86 लाख बेटियों को यह पैसा नहीं मिला। सरकार ने उन्हें खोजा। एक साल में ऐसी तीस हजार बच्चियों को खोजकर 90 करोड़ राशि दी है। अब 41 हजार बच्चियां और मिली हैं जिन्हें लगभग 100 करोड़ का फंड दिया जाएगा।  

बिहान योजना से पंचबाई की बदली तकदीर, बनी सफल व्यवसायी

रायपुर. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में  मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम खपरीडीह निवासी श्रीमती पंचबाई साहू ने बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता प्राप्त की है। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी तकदीर बदली है, अब वे सफल व्यसायी बन चुकी है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पूर्व पंचबाई साहू की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उन्हें साहूकारों से ऊँचे ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था। आर्थिक निर्भरता के कारण न केवल परिवार की बुनियादी ज़रूरतें अधूरी रह जाती थीं, बल्कि आत्मसम्मान भी प्रभावित होता था।        श्रीमती  पंच बाई ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत माँ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने व्यवसाय के लिए रिवॉल्विंग फंड से 15 हजार रूपए, बैंक ऋण 01 लाख 50 हजार रूपए और 60 हजार रूपए सीआईएफ राशि प्राप्त हुई। साथ ही समूह के स्तर पर उन्हें 30 हजार रूपए का अतिरिक्त सहयोग भी मिला। प्राप्त राशि से उन्होंने फर्नीचर दुकान की शुरुआत की। परिश्रम, सही योजना और समूह के सहयोग से उनका व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता गया। आज उनकी मासिक आय लगभग 2.5 लाख रूपए से 03 लाख रूपए तक पहुँच चुकी है। इससे उनके बच्चों की शिक्षा बेहतर होने के साथ-साथ जीवन स्तर में सुधार आया है। श्रीमती पंचवाई साहू आज केवल स्वयं सफल नहीं हैं, बल्कि ग्राम की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

ठंड के मौसम में बढ़ी गर्मी, राजस्थान में पारा चढ़ा

जयपुर  कुछ दिनों पहले तक राजस्थान के मौसम की तस्वीरों में बर्फ से जमे खेत-खलिहान दिखाई दे रहे थे लेकिन अब यहां भर सर्दी में गर्मी के जैसा एहसास होने लगा है। यहां मौसम अब धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। दिन में तेज धूप के कारण लोगों को हल्की गर्मी का एहसास होने लगा है। सोमवार को बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर समेत प्रदेश के 8 शहरों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर में सबसे अधिक तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर में 30.6 डिग्री, फलोदी और जवाई (पाली) में 30.2, डूंगरपुर में 30.1, जालौर में 30 और चित्तौड़गढ़ में 30.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। अन्य शहरों की बात करें तो भीलवाड़ा में 29.3, जयपुर में 27, अजमेर में 28.4, पिलानी में 26.9, सीकर में 27.4, उदयपुर में 29.5, कोटा में 27.9, चूरू में 29.8, गंगानगर में 26.3 और नागौर में 29.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन सभी स्थानों पर तापमान औसत से करीब 2 डिग्री अधिक रहा। रात की सर्दी से मिलने लगी राहत दिन के साथ-साथ अब रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। डूंगरपुर में 14.9, बीकानेर में 15.3, जैसलमेर में 14.6, जयपुर में 13.7 और प्रतापगढ़ में 13.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। सबसे ठंडा इलाका पाली रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले कुछ दिन मौसम साफ मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों तक मौसम साफ रहेगा और तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों में उत्तरी जिलों को छोड़कर अधिकांश इलाकों में आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली रही।

सबक्लेवियन आर्टरी कटने के बावजूद अत्यंत जटिल सर्जरी से बचाया गया मरीज का हाथ

रायपुर. मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर के हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग की एक और बड़ी सफलता, चाकू से कटी मुख्य धमनी, सबक्लेवियन आर्टरी को जोड़कर बचाया युवक का हाथ पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के डॉक्टरों ने एक बार फिर जटिल और जानलेवा केस की जटिल एवं सफलतापूर्वक  सर्जरी कर घायल मरीज के हाथ को कटने से बचाया। डॉक्टरों के अनुसार, यदि मरीज को समय पर इस प्रकार की जटिल शल्य- चिकित्सा की सुविधा नहीं मिलती तो मरीज के हाथ कटने की नौबत आ जाती और मरीज दिव्यांग हो जाता।  हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में एक युवक के कंधे पर चाकू से हुए हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त मुख्य रक्त नली (सबक्लेवियन आर्टरी) को जोड़कर डॉक्टरों की टीम ने न केवल मरीज की जान बचाई, बल्कि उसका हाथ कटने से भी बचा लिया। इस सर्जरी की एक और विशेष बात यह रही कि इसमें ऑर्थोपेडिक सर्जन भी शामिल रहे जिनकी मदद से कॉलर बोन को काटा गया एवं ऑपरेशन के बाद वापस प्लेट लगाकर जोड़ दिया गया।   इस केस की विस्तृत जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष (हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी) डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि :- अम्बेडकर अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में 34 वर्षीय एक मरीज अत्यधिक रक्तस्राव और मरणासन्न अवस्था में लाया गया। मरीज  इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी में काम करता है और अमलेश्वर का निवासी है। परिजनों के अनुसार, मरीज अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था, तभी इलेक्ट्रिक रिक्शा से टक्कर हो गई। विवाद के दौरान रिक्शा चालक ने मरीज के बाएं कंधे पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। घाव इतना गहरा था कि कंधे की हड्डी (क्लेविकल बोन) के पीछे से गुजरने वाली मुख्य धमनी सबक्लेवियन आर्टरी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। चोट लगते ही धमनी से खून का तेज फव्वारा निकलने लगा और कुछ ही देर में मरीज बेहोश हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे अम्बेडकर अस्पताल के आपातकालीन विभाग पहुंचाया, जहां घाव में कॉटन गॉज भरकर रक्तस्राव को अस्थायी रूप से रोका गया। हालांकि रक्तस्राव रुकने के साथ ही बाएं हाथ में रक्त प्रवाह भी बंद हो गया, जिससे हाथ काला पड़ने लगा और ताकत खत्म होने लगी। समय पर ऑपरेशन न होने की स्थिति में हाथ काटने की नौबत आ सकती थी। प्रारंभिक उपचार के बाद मरीज के परिजन उसे अपनी इच्छा से अन्य अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन चोट की गंभीरता और धमनी के क्षतिग्रस्त होने के कारण अन्य अस्पतालों ने इलाज से मना कर दिया। इसके बाद मरीज को पुनः अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में लाया गया, जहां मेरे (डॉ. कृष्णकांत साहू के) नेतृत्व में तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी सबक्लेवियन आर्टरी की सर्जरी विशेष रूप से उसके दूसरे भाग (सेकंड पार्ट) में बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि यह धमनी छाती के भीतर कॉलर बोन के पीछे स्थित रहती है। पट्टी हटाते ही अत्यधिक रक्तस्राव की आशंका बनी हुई थी, जिसके लिए वैस्कुलर कंट्रोल अत्यंत आवश्यक था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निर्णय लिया गया कि मरीज की कॉलर बोन को काटकर धमनी तक पहुंच बनाई जाए। कॉलर बोन को काटने के बाद पाया गया कि धमनी लगभग 3 सेमी तक पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुकी थी। इसे जोड़ने के लिए 7×30 मिमी. साइज का डेक्रॉन ग्राफ्ट (कृत्रिम नस) लगाया गया। सर्जरी के दौरान लगभग 5 यूनिट रक्त चढ़ाया गया और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथ में पुनः रक्त प्रवाह शुरू हो सका। इस दौरान ब्रैकियल प्लेक्सस (तंत्रिका तंत्र) को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया, क्योंकि इसमें क्षति होने पर हाथ में स्थायी लकवे की संभावना रहती है। ऑपरेशन के बाद कॉलर बोन को प्लेट लगाकर वापस जोड़ दिया गया अब पूरी तरह स्वस्थ, काम पर लौटा मरीज सफल ऑपरेशन और समय पर उपचार के चलते मरीज का हाथ बच गया और गैंगरीन की स्थिति टल गई। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपने रोजमर्रा के कार्यों में वापस लौट चुका है। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रणय वास्तव, डॉ लोमेश साहू,  एनेस्थेटिस्ट डॉ. संकल्प दीवान, डॉ. बालस्वरूप साहू, जूनियर डॉक्टर – डॉ. आयुषी खरे, ख्याति, , आकांक्षा साहू, संजय त्रिपाठी, डॉ. ओमप्रकाश शामिल रहे। नर्सिंग स्टाफ में राजेन्द्र, नरेन्द्र, मुनेश, चोवा, दुष्यंत तथा एनेस्थेसिया तकनीशियन भूपेन्द्र और हरीश ने अहम भूमिका निभाई। यह सफलता न केवल अम्बेडकर अस्पताल बल्कि सभी के लिए गर्व का विषय है, जो यह साबित करती है कि समय पर सही निर्णय, समेकित प्रयास और विशेषज्ञ चिकित्सा से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। डॉ. विवेक चौधरी, डीन, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर यह सर्जरी अत्यंत जटिल और जोखिम भरी थी। सबक्लेवियन आर्टरी जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण धमनी की मरम्मत प्रत्येक अस्पताल में संभव नहीं होती। अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग, ट्रॉमा यूनिट और एनेस्थेसिया टीम के समन्वित प्रयास से यह संभव हो सका। यह प्रयास यह दर्शाती है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्चस्तरीय और जीवन रक्षक उपचार सुविधा उपलब्ध है। डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल

नेपाल में महसूस किए गए भूकंप के झटके, प्रशासन मुस्तैद

ताप्लेजंग, नेपाल पूर्वी नेपाल के ताप्लेजंग जिले में मंगलवार तड़के चार तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, भूकंप मंगलवार सुबह 2 बजकर 47 मिनट पर आया।भूकंप का केंद्र ताप्लेजंग जिले के कंचनजंगा क्षेत्र में स्थित था। झटकों के बाद स्थानीय लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई और कई लोग घरों से बाहर निकल आए। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के झटके ताप्लेजंग के अलावा पूर्वी नेपाल के अन्य जिलों में भी महसूस किए गए। हालांकि, अब तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या संपत्ति क्षति की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर इस तरह की गतिविधियां दर्ज की जाती रही हैं।

राजिम में धूमधाम से संपन्न हुआ सामूहिक विवाह समारोह

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहनीय पहल छत्तीसगढ़ की साय सरकार की संवेदनशील और कल्याणकारी सोच का प्रतीक बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मंगलवार को राजिम के नवीन मेला मैदान में 283 जोड़ों का सामूहिक विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य अतिथि प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे, जिन्होंने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। अध्यक्षता राजिम विधायक  रोहित साहू ने की। राज्य सरकार की इस योजना ने जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाई है, जो समाज के हर वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में बेटी की शादी हर परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ की साय सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने इसे सुलझा दिया है। इस योजना के तहत प्रति जोड़े 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये वधु के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित होते हैं। शेष 15 हजार रुपये श्रृंगार सामग्री, व्यवस्था और अन्य खर्चों पर व्यय किए जाते हैं।  अग्रवाल ने कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से बेटी का विवाह करने में सहारा देती है। पूरे रीति-रिवाजों के साथ एक साथ इतने जोड़ों का विवाह होना समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना की तथा नवदंपतियों को सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस भव्य समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के 94, बिन्द्रनवागढ़ के 181 तथा कुरूद विधानसभा के 8 जोड़े शामिल हुए। राज्य सरकार की इस दूरदर्शी योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नई उम्मीद दी है। विधायक  रोहित साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सरकार की जनकल्याणकारी भावना का जीवंत उदाहरण है। विवाह का आर्थिक बोझ अब बोझ नहीं, बल्कि खुशी का अवसर बन गया है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार माना। कलेक्टर  बीएस उइके ने बताया कि यह आयोजन पूरे प्रदेश में एक साथ हो रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होगा। 4 आत्मसमर्पित नक्सली बंधे विवाह बंधन में, मुख्यधारा में लौटकर सराहा राज्य सरकार की योजना योजना की सबसे प्रेरणादायक कहानी रही चार आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों की। कांकेर, सुकमा और बीजापुर जिले से इन जोड़ों ने मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी अपनाई है। इनमें दिलीप उर्फ संतु, मंजुला उर्फ लखमी, दीपक उर्फ भीमा मंडावी, सुनीता उर्फ जुनकी, कैलाश उर्फ भीमा, रनीता उर्फ पायकी कारम तथा राजेंद्र उर्फ कोसा मुरिया, जैनी उर्फ देवे मड़कम शामिल हैं। विवाह मंत्रोचार के बीच विवाह बंधन में बंधे इन नवदंपतियों ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियों की तारीफ की। नक्सली जोड़ों ने मीडिया से कहा कि मुख्यधारा में जुड़ने के बाद हमें नई जिंदगी मिली है। इस योजना से जीवनसाथी के साथ खुशहाल भविष्य का सपना साकार हो रहा है। इस अवसर पर कलेक्टर  बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक  वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ  प्रखर चंद्राकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी  अशोक पाण्डेय के अलावा पूर्व विधायक  संतोष उपध्याय, राजिम नगर पालिका अध्यक्ष  महेश यादव, विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्षगण मती इंद्राणी साहू, मती मीरा ठाकुर,  सोहन धु्रव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप ने भी संबोधित किया। राज्य सरकार की यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य भी कर रही है।

एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ छोड़ने पर बतौर मुआवजा 40 करोड़ रुपये की मांग की

नई दिल्ली,  रणवीर सिंह ने ‘डॉन 3’ फिल्म छोड़ दी है और इसके बाद एक्सेल एंटरटेनमेंट ने उनसे 40 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है। सूत्रों ने ‘वैरायटी इंडिया’ को बताया कि ‘डॉन 3’ के प्रोजेक्ट से अचानक से अभिनेता के बाहर होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म जगत के कई सूत्रों ने बताया कि एक्सेल एंटरटेनमेंट का दावा है कि सिंह के फिल्म छोड़ने से उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। इसमें विकास कार्य पर हुआ खर्च और शेड्यूलिंग, प्लानिंग तथा अन्य प्री-प्रोडक्शन प्रतिबद्धताओं से जुड़ी देरी शामिल है। ‘वैरायटी इंडिया’ को एक ऐसा पत्र भी मिला है, जिससे पता चलता है कि प्रोडक्शन हाउस ने विभिन्न विभागों के प्रमुखों से इस प्रोजेक्ट के बाहर काम खोजने को कहा है। सूत्रों का कहना है कि बैनर का मानना है कि रणवीर सिंह को कंपनी के हुए नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। हालांकि, कहा जा रहा है कि सिंह इस दावे का कड़ा विरोध कर रहे हैं और उनका तर्क है कि वह किसी भी राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। अभिनेता के करीबी लोगों ने कहा है कि रणवीर का तर्क है कि उन्होंने अतीत में भी कई प्रोजेक्ट छोड़े हैं और तब ऐसी मुआवजे की मांग का सामना नहीं करना पड़ा, इसलिए इस मामले को अलग तरह से नहीं देखा जाना चाहिए। नाम न छापने की शर्त पर, एक सूत्र ने ‘वैरायटी इंडिया’ को बताया, “रणवीर का दावा है कि उन्होंने यह प्रोजेक्ट इसलिए छोड़ा, क्योंकि वे पटकथा से खुश नहीं थे। वे लगातार बदलावों की मांग कर रहे थे और उन्हें फाइनल ड्राफ्ट पसंद नहीं आया। दूसरी ओर एक्सेल का दावा है कि उन्होंने प्री-प्रोडक्शन का काम रणवीर सिंह की हरी झंडी मिलने के बाद ही शुरू किया था। पिछले शुक्रवार को सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के प्रतिनिधियों के बीच दो घंटे की बैठक के दौरान विवाद पर चर्चा हुई, लेकिन कथित तौर पर बातचीत बिना समाधान के समाप्त हो गयी। अंदरूनी सूत्रों ने इस बैठक को ‘विवादास्पद’ बताया, जिसमें दोनों पक्षों ने प्रोजेक्ट के पटरी से उतरने के लिए जवाबदेही और वित्तीय जिम्मेदारी पर असहमति जतायी। फिलहाल दोनों पक्षों में बढ़ते तनाव को कम करने और मामला सुलझाने के लिए ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ (पीजीआई) मध्यस्थता कर रही है।  

प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में महासमुंद दूसरे स्थान पर, 10 माह में 27441 आवासों का निर्माण

महासमुंद महासमुंद जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मात्र 10 माह की अवधि में जिले में कुल 27 हजार 441 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। जिसके आधार पर महासमुंद जिला राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। जिले में निर्मित कुल 27,441 आवासों में विभिन्न विकासखंडों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिथौरा विकासखंड में सर्वाधिक 7,193 आवास, बागबाहरा विकासखंड में 6,102 आवास, महासमुंद विकासखंड अंतर्गत 5,775 आवास, सरायपाली विकासखंड अंतर्गत 5,062 आवास तथा बसना विकासखंड में 3,309 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। योजना के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार के सतत निरीक्षण में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जनप्रतिनिधियों तथा मैदानी अमले के सतत प्रयासों, नियमित निगरानी एवं प्रभावी समन्वय के चलते यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हितग्राहियों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता एवं निर्माण सामग्री उपलब्ध कराकर कार्यों में गति लाई गई। जिले में आवास निर्माण की इस उपलब्धि से हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। लाभान्वित परिवारों ने केन्द्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने निरंतर समन्वय के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है। ताकि कोई भी पात्र परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।

पीएमजी एवं प्रगति परियोजनाओं की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

रायपुर. मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत केन्द्र शासन की पीएमजी प्रगति परियोजनाओं के अंतर्गत आने कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि छत्तीसगढ़ में पीएमजी एवं प्रगति पोर्टल के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं से संबंधित सभी कार्यों को आपसी समन्वय से निपटाएं। उन्होंने टेलीकॉम, वन तथा एससीसीएल, रेल्वे एवं अन्य संबंधी विभागों  के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे परियोजनाओं  के कार्य को गतिशील बनाने के लिए कार्य करें। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग के सचिव  रजत कुमार, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी के सचिव  अंकित आनंद सहित वन, रेल्वे, खनिज एवं जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

संजय मिश्रा ने बाबिल खान की जमकर तारीफ की

मुंबई,  बॉलीवुड के जानेमाने चरित्र अभिनेता संजय मिश्रा ने हाल ही में चैट शो के दौरान अभिनेता बाबिल खान की तारीफ की है। संजय मिश्रा अपनी हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म वध 2 के प्रमोशन के सिलसिले में शो पर मौजूद थे। बातचीत के दौरान जब बाबिल का ज़िक्र आया, तो संजय मिश्रा ने उनकी तुलना उनके दिवंगत पिता और दिग्गज अभिनेता इरफान खान से की, जो अपने आप में बड़ी तारीफ मानी जा रही है। संजय मिश्रा ने कहा, “ बबिल बड़ा क्यूट लगता है यार। कभी-कभी वह यंग इरफान भाई, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) वाले लगते हैं।” संजय मिश्रा जैसे अनुभवी अभिनेता की यह बात खास मायने रखती है। इरफान खान को भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में गिना जाता है। ऐसे में बाबिल की तुलना इरफान खान से होना उनके लिए एक बड़ी सराहना है।  

मोहन सरकार ने किया ऐलान, तलाकशुदा बेटियां भी होंगी माता-पिता की पेंशन की हकदार

भोपाल  मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के पेंशन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। इस नए प्रावधान के तहत, अब प्रदेश की तलाकशुदा बेटियां भी अपने माता-पिता की ‘परिवार पेंशन’ की पात्र होंगी। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में एमबी कैबिनेट की मीटिंग हुई है। कैबिनेट की मीटिंग में कई बड़े फैसले हुए हैं। मीटिंग के बाद उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन मंत्री काश्यप ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, इसीलिए तलाकशुदा बेटियों को परिवार पेंशन के दायरे में लाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। साथ ही, उन्होंने आगामी 18 फरवरी को विधानसभा में पेश होने वाले बजट की तैयारियों की भी पुष्टि की। भविष्य के विकास का रोडमैप भी तैयार बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी बजट का भी अनुमोदन किया गया। यह बजट 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट के इन निर्णयों से जहां एक ओर हजारों महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के भविष्य के विकास का रोडमैप भी तैयार हो गया है। हजारों ऐसी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा उन्होंने बताया कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश की हजारों ऐसी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो कानूनी रूप से तलाक के बाद अपने माता-पिता पर आश्रित हैं। अब तक परिवार पेंशन के नियमों में कुछ तकनीकी सीमाओं के कारण तलाकशुदा बेटियों को इसमें शामिल नहीं किया गया था, लेकिन कैबिनेट की इस मुहर के बाद उन्हें आर्थिक संबल प्राप्त होगा। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज के एक संवेदनशील वर्ग को सुरक्षा भी प्रदान करेगा। पेंशन नियमों में बदलाव के साथ ही कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के आगामी बजट प्रस्तावों का भी अनुमोदन कर दिया है। सरकार का यह नया बजट आगामी 18 फरवरी को मध्यप्रदेश विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।

जनजातीय एवं महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं के लिए 7,133.17 करोड़ रुपये की मंजूरी, लंबी अवधि तक जारी रहेंगे प्रोजेक्ट

जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत अविद्युतीकृत घरों एवं शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रूपये की स्वीकृति उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आई टी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को एक बार के लिए आयु सीमा में पाँच वर्ष की छूट की स्वीकृति म.प्र. सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन का सारांशीकरण) नियम 2026 का अनुमोदन मध्यप्रदेश सिविल सेवा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन नियम 2026 तथा उपदान का संदाय नियम 2026 का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रूपये, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रूपये, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रूपये, आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रूपये के साथ ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल को शुल्क की प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति जनजाति के अभ्‍यार्थियों को छात्रवृत्ति, कक्षा-9वीं  की छात्रवृत्ति  के लिए 522 करोड़ 8 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे-मातरम् गायन के साथ आरंभ हुई। मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) अन्तर्गत विद्युत अधोसंरचना विस्तार द्वारा 63 हजार 77 अविद्युतीकृत घरों एवं 650 अविद्युतीकृत शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण  के लिए 366 करोड़ 72 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें केन्द्र शासन से अनुदान राशि 220 करोड़ 03 लाख रूपये तथा राज्य शासन का अंश 146 करोड़ 69 लाख रूपये का भार आयेगा।  इसके अतिरिक्त (म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा) 8 हजार 521 घरों को ऑफ-ग्रिड से विद्युतीकरण के लिए अनुमानित लागत 97 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना में विद्युतीकरण से संबंधित वितरण प्रणाली निर्माण के लिए योजना लागत की शेष राशि (केन्द्र से प्राप्त अनुदान को छोड़कर) राज्य शासन द्वारा राज्य की वितरण कंपनियों को अंश-पूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी। म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा किए जाने वाले ऑफ ग्रिड विद्युतीकरण (सोलर + बैटरी) के लिए योजना के समस्त व्यय का वहन राज्य शासन द्वारा किया जायेगा। अनुमोदन अनुसार भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वितरण कंपनी स्तर पर निर्धारित सीलिंग कॉस्ट का पालन करते हुए, 2 लाख रुपये प्रति घर तक अनुमानित लागत वाली बसाहटों में राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा विद्युत अधोसंरचना निर्माण कर ऑन-लाइन प्रणाली से विद्युतीकरण किया जायेगा। खेतों पर बने घरों के साथ ही 5 घरों से छोटी बसाहटें एवं ऐसी दूरस्थ बसाहटें, जहाँ विद्युतीकरण की औसत लागत रूपये 2 लाख प्रति घर से अधिक है, उनमें म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा 1 किलोवाट क्षमता के ऑफ-ग्रिड प्रणाली (सोलर + बैटरी) से विद्युतीकरण किया जायेगा।  मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आई टी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की प्रचलित और भावी भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए सिर्फ एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में अनारक्षित वर्ग के लिए 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन का सारांशीकरण) नियम 2026 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रस्तावित नियमों में प्रक्रियाओं एवं अधिकारिताओं को सहज बनाया गया है, जिससे पेंशनर्स को सुविधा होगी। संबंधित प्रकरणों का निराकरण समयसीमा में हो सकेगा। सेवानिवृत्तों को सारांशीकरण कराया जाने में सुविधा होगी तथा पेंशन सारांशीकरण मूल्य की गणना में सुविधा होगी। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2026 के नियम-44 के अंतर्गत परिवार पेंशन के लिए पात्र सदस्यों में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी सम्मिलित किया गया है। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 का अनुमोदन किया गया है।  अनुमोदन अनुसार यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होंगे। नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रमुख नवीन प्रावधान अंतर्गत अभिदाता की मृत्यु की दशा में परिवार पेंशन का प्रावधान किया गया है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी प्रावधान किया गया है। केन्द्र तथा मध्यप्रदेश शासन की पूर्व सेवाओं को जोड़ा जायेगा। निलम्बन अवधि में अभिदाता तथा नियोक्‍ता के अंशदान का प्रावधान किया। इसके साथ ही राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत एवं स्पष्ट प्रक्रिया, अंशदान की दर, गणना एवं विलंब की स्थिति में उत्तरदायित्व निर्धारण के साथ सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र एवं मृत्यु की दशा में निकास प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले शासकीय सेवकों के लिए उपदान की पात्रता निर्धारण एवं भुगतान की सुस्पष्ट प्रक्रिया होगी। विभागीय जांच (सेवा निवृत्ति उपरांत) आदेश के संदर्भ में उपदान से वसूली संभव होगी। विभागीय जांच की अवधि में नियोक्‍ता के अंशदान का भुगतान रोका जाना, सेवानिवृत्ति के तीन माह पूर्व अभिदाता अंशदान रोका जाना और सेवानिवृत्ति उपरांत विभागीय जांच संस्थित किये जाने का प्रावधान के साथ नियमों के निवर्तन और शिथिलीकरण के संबंध में राज्य शासन की शक्ति के प्रावधान शामिल है।  

लोकपथ एप से सड़कों के गड्ढे होंगे ठीक, फोटो डालते ही लोक निर्माण विभाग करेगा सुधार

भोपाल   संकल्प से समाधान अभियान गत 12 जनवरी से प्रारंभ है। यह अभियान चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम चरण 12 जनवरी से 16 फरवरी तक, द्वितीय चरण 16 फरवरी से 16 मार्च तक, तृतीय चरण 16 मार्च से 26 मार्च तक एवं चतुर्थ चरण 26 मार्च से 31 मार्च तक चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 16 विभाग की 65 योजनाओं में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। साथ ही इन योजनाओं से संबंधित शिकायतों का भी प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत हितग्राहियों के अधिक से अधिक आवेदन लेकर उनका निराकरण कर संकल्प से समाधान पोर्टल पर निराकरण की स्थिति अपलोड करें। 15 मार्च से शिविर आयोजित किए जाएंगे कमिश्नर ने बताया कि 15 मार्च से कलस्टर लेबल पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में भी नवीन आवेदन प्राप्त कर निराकरण किया जाएगा। बताया गया कि अभियान के अंतर्गत अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, कृषि, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उघानिकी, नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जिला परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, वित्त विभाग, श्रम, सहकारिता, विद्युत विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित 65 योजनाओं के आवेदन प्राप्त कर प्राथमिकता से निराकरण किए जाएंगे। एप बताएगा रास्ता, मोहन सरकार की पहल यदि आप मध्य प्रदेश में यात्रा कर रहे हैं, तो सड़कों की भूल-भुलैया से परेशान नहीं होना पड़ेगा. गूगल मैप से होने वाली दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार अब मोबाइल एप के जरिए राहगीरों को रास्ता भी बताएगी. इस एप पर सबसे आसान रास्तों के अलावा आसपास स्थित पेट्रोल पंप, होटल्स जैसी तमाम सुविधाएं भी मिलेंगी. लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक हमारी कोशिश है कि मध्य प्रदेश की सड़कों पर चलने वाले यात्रियों को सड़कों की सबसे सटीक और सुरक्षित जानकारी मिले. अब इस तरह काम करेगा एप लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश में सड़कों पर गड्ढों की शिकायतें सरकार तक पहुंचाने शुरू किए गए लोकपथ एप पर अब नई सुविधाएं शुरू करने जा रहा है. अब यह एप सिर्फ सड़कों के गड्ढों की शिकायतों तक ही सीमित नहीं रहेगा, इस मोबाइल एप के माध्यम से यात्रा के दौरान प्रदेश की सड़कों को भी खोजा जा सकेगा. लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने मोबाइल एप में जोड़े जा रहे नए फीचर्स की जानकारी दी है. ब्लैक स्पॉट्स भी बताएगा एप मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि “इस एप पर ब्लैक स्पॉट्स की भी जानकारी मिलेगी. यानी यात्रा के दौरान इस मोबाइल एप का उपयोग कर रहे हैं तो पहले ही अलर्ट आ जाएगा कि आगे कौन-कौन से ब्लैक स्पॉट्स हैं. जहां दुर्घटनाएं होती रहती है. ऐसे में वाहन चालक पहले ही सतर्क हो जाएगा. इसके अलावा एप पर यात्रा वाले मार्ग पर कहां-कितनी दूरी पर पेट्रोल पंप, होट्ल्स, रेस्टोरेंट आदि मौजूद हैं, इसकी भी जानकारी मिल सकेगी. इस एप के जरिए हमारी कोशिश है कि यात्रियों को क्वालिटी ऑफ जर्नी मिल सके.  

मध्यप्रदेश में नए आपराधिक कानूनों के लागू होने पर समीक्षा बैठक, अपर मुख्य सचिव गृह ने की अध्यक्षता

मध्यप्रदेश में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक आंतरिक सुरक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा भोपाल  मध्यप्रदेश में नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग  शिव शेखर शुक्ला की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, आंतरिक सुरक्षा की स्थिति तथा संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करना रहा। इस दौरान आपराधिक न्याय प्रणाली, फॉरेंसिक व्यवस्था, जेल प्रबंधन, साइबर अपराध नियंत्रण, आतंकवाद निरोध, मादक पदार्थ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण सहित राज्य से जुड़े अन्य विशिष्ट मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में भारत सरकार, गृह मंत्रालय की ओर से संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा–II) सु निष्ठा तिवारी एवं संयुक्त निदेशक सु अमृता डेस, उपस्थित रहीं। अतिथियों का औपचारिक स्वागत पुलिस महानिरीक्षक एवं सचिव, गृह विभाग मती कृष्णावेणी देशावतु द्वारा किया गया। समीक्षा बैठक में गृह विभाग एवं पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विधि एवं विधायी कार्य विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, लोक अभियोजन, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) तथा मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने सहभागिता की।  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से नारी निकेतन की बालिका को मिला सुरक्षित भविष्य

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से नारी निकेतन की बालिका को मिला सुरक्षित भविष्य जब अपनों से जीवन की राह में सहारा छूट गया, तब छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शालू के जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई। ओटगन निवासी शालू आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम माहुद मचांदुर निवासी  दीपक कुंजाम के साथ वैवाहिक जीवन में बंध गई। यह विवाह न केवल दो व्यक्तियों का मिलन था, बल्कि संवेदनशील शासन और सामाजिक सहयोग की जीवंत मिसाल भी बना। शालू के जीवन में संघर्षों की लंबी श्रृंखला रही। पिता का कैंसर से निधन और मां का कोरोना काल में असमय चले जाना, फिर पारिवारिक परिस्थितियों के चलते भाई-बहनों से बिछड़ना—इन सभी कठिन परिस्थितियों में शालू अकेली पड़ गई। इस दौरान उनका स्वास्थ्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। ऐसे समय में ओटगन की पूर्व सरपंच मती संजीता दीवान ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए उन्हें सखी सेंटर पहुंचाया, जहां से बेहतर देखभाल के लिए शालू को नारी निकेतन भेजा गया। नारी निकेतन की अधीक्षिका मती प्रीति मिश्रा ने बताया कि संस्थान में शालू की नियमित देखभाल, उपचार और परामर्श से उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ। शालू की सहमति से उनके भविष्य को सुरक्षित करने हेतु जीवन साथी की तलाश प्रारंभ की गई। इसी क्रम में खम्हारडीह क्षेत्र में पुलिस कार्य से जुड़े  दीपक कुंजाम ने शालू से विवाह का प्रस्ताव रखा। आज मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आदर्श विवाह संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय आयोजन में शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस विवाह को विशेष बना दिया।  दीपक ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें शालू जैसी संस्कारी और सुशील जीवनसाथी मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब और सभी जनप्रतिनिधियों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए बारात जैसा रहा। शालू ने भी अपने नए जीवन की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और समाज के सहयोग से उन्हें एक नई पहचान, सम्मान और सुरक्षित भविष्य मिला है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शालू जैसी बेटियों को न केवल वैवाहिक सहारा मिल रहा है, बल्कि यह योजना उन्हें आत्मसम्मान, सुरक्षा और नए जीवन की आशा भी प्रदान कर रही है।

राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की होगी स्थापना

रायपुर. मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता-मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।   मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।                मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई  रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ  प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

जनपद प्रशासन में बड़ा खुलासा, लाखों की वित्तीय अनियमितता में तत्कालीन CEO गिरफ्तार

बलरामपुर जनपद पंचायत वाड्रफनगर के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण मरकाम को पुलिस ने लाखों रुपये की शासकीय राशि हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बता दें कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। पूरा मामला वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2013-14 में श्रवण मरकाम वाड्रफनगर जनपद पंचायत में CEO के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान कुटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि गबन का मामला सामने आया था। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस मामले में पूर्व में चार अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस प्रकरण को लेकर वाड्रफनगर पुलिस की जांच आगे भी जारी है। शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ शुभारंभ

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री  साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में  ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है। कार्यक्रम में विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा,  मोतीलाल साहू,  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका वास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

17 फरवरी को एमपी की समीक्षा: नई दिल्ली में अमित शाह लेंगे राज्य की क्लास

भोपाल  ‘केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 फरवरी को नई दिल्ली में सहकारिता सम्मेलन में समीक्षा करेंगे। इसमें राज्यों के सहकारिता विभागों के क्रियाकलापों की समीक्षा के साथ उनके नवाचारों पर भी चर्चा होगी।प्रदेश के सहकारिता विभाग ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी इसमें शामिल होंगे। प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश उन्होंने विभाग में किए गए नवाचार एवं उपलब्धियों से संबंधित प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा चाही गई बिन्दुवार जानकारी तैयार की जाए।  दी हिदायत भी इस बात का रखा जाए खास ख्याल जानकारी पूर्णत: अद्यतन हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री ने कहा कि प्रजेंटेशन में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों के साथ सीपीपीपी मॉडल, चीता, बीज और नवाचारों का भी समावेश किया जाए।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन का पुनर्मूल्यांकन कर उसमें रियायत प्रदान करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।  मुख्यमंत्री को गजमाला पहनाकर प्रतिनिधिमंडल ने उनका सम्मान किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को भी राहत प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि इससे आम नागरिकों, किसानों, व्यवसायियों सहित सभी वर्ग के लोगों को सहूलियत मिले। उन्होंने कहा कि नई गाडलाइन दरों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेंद्र आहूजा, श्री दीपक रहेजा, श्री राजीव अग्रवाल, श्री विजय पिंजानी, श्री अजय अग्रवाल, श्री प्रतीक अग्रवाल, श्री मुलकराज शर्मा, श्री रजत चाबड़ा, श्री विलास सुतार, श्री विनोद छितिजा, श्री विजय मोटवानी, श्री सनी सेवलानी तथा श्री गौरव खेतपाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में कोरोना वॉरियर्स की पहचान पक्की, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सत्यापित सूची

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और कोरोना काल के संकट मोचकों को उनके समर्पण का समुचित अवसर देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक निर्णायक कदम उठाया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के तहत उन हजारों अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्रों की सत्यापित सूची सार्वजनिक कर दी गई है, जिन्होंने महामारी के कठिन दौर में छह माह से अधिक का समय अस्पतालों में निरंतर सेवा देते हुए व्यतीत किया था। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी इस ताजा अपडेट के बाद अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। विभागीय जानकारी के अनुसार संभाग स्तरीय समितियों द्वारा 30 जनवरी से 8 फरवरी के बीच किए गए गहन भौतिक सत्यापन के परिणामों को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। इस सूची के सार्वजनिक होते ही अब अभ्यर्थियों के लिए दावा-आपत्ति की खिड़की खुल गई है, जिसके तहत वे 16 फरवरी तक अपने संबंधित संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय में जाकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी उसी क्षेत्र में अपना पक्ष रखें जहाँ से उनका अनुभव प्रमाण पत्र संबद्ध है, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। यह प्रक्रिया आगामी 19 मार्च को अपने अंतिम मुकाम तक पहुँचेगी। संशोधित समय-सारणी के मुताबिक, 20 फरवरी तक प्राप्त आपत्तियों का त्वरित निराकरण किया जाएगा, जिसके पश्चात 3 मार्च को पहली मेरिट सूची का प्रकाशन होगा। इस चरण में भी अभ्यर्थियों को पुनर्विचार का मौका देने के बाद, आगामी 19 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से अंतिम चयन सूची वेबसाइट https://www.cghealth.nic.in/public/#/ पर साझा कर दी जाएगी। 

280 जोड़े, एक मंच और इतिहास रचा गया: बस्तर के सिटी ग्राउंड में सामूहिक विवाह से छत्तीसगढ़ ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

जगदलपुर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर का प्रतिष्ठित सिटी ग्राउंड मंगलवार 10 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य नजारे का गवाह बना, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 280 जोड़ों ने एक ही मंडप के नीचे अपने नव-दाम्पत्य जीवन की सामूहिक शुरुआत की। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस गरिमामय समारोह ने उस वक्त और भी गौरव हासिल कर लिया, जब पूरे प्रदेश में एक साथ 6,412 जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इसी कड़ी में जगदलपुर का यह आयोजन अपनी पारंपरिक भव्यता और सांस्कृतिक छटा के कारण आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समारोह का आगाज एक भव्य बारात के साथ हुआ, जिसमें 280 वरों के साथ उनकी माताएं हाथों में कलश और दीप लेकर परंपरा अनुसार चल रही थीं। बस्तर की पारंपरिक बाजा मोहरी की सुमधुर स्वर लहरियों के बीच निकली इस बारात ने पूरे शहर को उल्लास से भर दिया। विवाह मंडप में हरिद्रालेपन, सप्तपदी और जयमाला जैसी रस्में पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हुईं और हवन से उठने वाले सुगंधित द्रव्यों ने समूचे वातावरण को महका दिया। नव-वधुओं ने वरों के साथ एकसूत्र में बंधकर नए जीवन का संकल्प लिया, जिससे सिटी ग्राउंड का माहौल अत्यंत भावुक और उत्साहजनक हो गया। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर नव विवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना गरीब माता-पिता के लिए एक बहुत बड़ा सहारा है। उन्होंने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि पूर्व में निर्धन परिवारों को बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए अपनी संपत्ति तक गिरवी रखनी पड़ती थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ने 2005 में इस जिम्मेदारी को उठाया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 2005 में मात्र 5 हजार रुपये की सहायता राशि से शुरू हुई यह योजना आज 50 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है, जो गरीब परिवारों के सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि इस पुनीत कार्य के साक्षी बने, जिनमें महापौर श्री संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पदलाम नाग शामिल थे। इन सभी ने नव-दंपत्तियों को सुखमय दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदिनी साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री मनोज सिन्हा सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की सक्रिय मौजूदगी में यह विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

बिहान योजना की सफलता कहानी: पंचबाई बनीं आत्मनिर्भर व्यवसायी, मासिक आय ₹2.5–3 लाख

रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में  मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम खपरीडीह निवासी पंचबाई साहू ने बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता प्राप्त की है। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी तकदीर बदली है, अब वे सफल व्यसायी बन चुकी है।  स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पूर्व पंचबाई साहू की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उन्हें साहूकारों से ऊँचे ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था। आर्थिक निर्भरता के कारण न केवल परिवार की बुनियादी ज़रूरतें अधूरी रह जाती थीं, बल्कि आत्मसम्मान भी प्रभावित होता था। पंच बाई ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत माँ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने व्यवसाय के लिए रिवॉल्विंग फंड से 15 हजार रूपए, बैंक ऋण 01 लाख 50 हजार रूपए और 60 हजार रूपए सीआईएफ राशि प्राप्त हुई। साथ ही समूह के स्तर पर उन्हें 30 हजार रूपए का अतिरिक्त सहयोग भी मिला।  प्राप्त राशि से उन्होंने फर्नीचर दुकान की शुरुआत की। परिश्रम, सही योजना और समूह के सहयोग से उनका व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता गया। आज उनकी मासिक आय लगभग 2.5 लाख रूपए से 03 लाख रूपए तक पहुँच चुकी है। इससे उनके बच्चों की शिक्षा बेहतर होने के साथ-साथ जीवन स्तर में सुधार आया है। पंचवाई साहू आज केवल स्वयं सफल नहीं हैं, बल्कि ग्राम की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल की जयंती पर किया नमन मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में की पुष्पांजलि अर्पित विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने भी किया स्मरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की जयंती पर विधानसभा परिसर में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। विधायक  रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री  पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक  सुदर्शन गुप्ता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. शुक्ल के परिजन ने भी चित्र पर पुष्पांजलि की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे  राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, वर्ष 1985 से 1990 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया। लोकप्रिय जन नेता रहे  शुक्ल राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री भी रहे। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद, उन्होंने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां’ नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ है। उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई पुस्तक लिखीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष  तोमर की सराहना करते हुए उनका आभार माना।  

एपस्टीन की पार्टी में मस्क और जकरबर्ग की उपस्थिति का खुलासा, वायरल हुई तस्वीर

वाशिंगटन  जेफरी एपस्टीन मामले में हर दिन कोई ना कोई नया खुलासा हो रहा है. एक नई फोटो सामने आई है, जिसमें जेफरी एपस्टीन की लैविश डिनर पार्टी में एलॉन मस्क और मार्क जकरबर्ग नजर आए हैं. ये तस्वीर उस वक्त की है, जब जेफरी एपस्टीन यौन अपराध में दोषी साबित हो चुका था. यानी मस्क और मार्क ये जानते हुए पार्टी में शामिल हुए थे कि जेफरी किस तरह के काम में शामिल था. एपस्टीन ने बाद में दावा किया था कि इस पार्टी में LinkedIn को-फाउंडर रीड हॉफमैन और PayPal को-फाउंडर पीटर थिएल भी शामिल हुए थे. एक अन्य मेल में इस पार्टी को ‘वाइल्ड’ बताया गया था.  सामने आई तस्वीर में मस्क और जकरबर्ग एक साथ टेबल पर बैठे दिख रहे हैं. टेस्ला और SpaceX के CEO एलॉन मस्क कैमरा पर्सन की ओर देख रहे हैं, जो संभवतः एपस्टीन ने ही क्लिक की हो. वहीं तस्वीर में जकरबर्ग भी हैं, जो थोड़े सीरियस दिख रहे हैं.  मस्क ने क्या किया था दावा? जेफरी ने ये तस्वीर खुद को ही 3 अगस्त 2015 को भेजी थी. इस तस्वीर के आने के बाद इसलिए भी हंगामा मचा है क्योंकि मस्क ने दावा किया था कि वो कभी-भी जेफरी एपस्टीन की पार्टियों का हिस्सा नहीं रहे हैं. इतना ही नहीं मस्क ने जेफरी के साथ क्राइम करने वालों पर भी मुकदमा चलाने की बात कही थी.  मस्क ने इस बारे में 31 जनवरी को ट्वीट किया था. एपस्टीन की पार्टियों में सिर्फ एलॉन मस्क या मार्क जकरबर्ग नहीं बल्कि कई दूसरे बड़े चेहरे भी दिख चुके हैं. यहां तक की माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स भी इन पार्टियों का हिस्सा थे और उन्होंने शादी से बाहर भी लड़कियों से संबंध बनाया था. बिल गेट्स का नाम भी आया है सामने एपस्टीन फाइल्स की मानें तो बिल गेट्स रूसी लड़कियों से मिले थे. इसमें STD का जिक्र भी मिलता है. एक नोट में लिखा है कि एपस्टीन ने गेट्स के लिए दवाओं का इंतजाम किया था, जिससे उन्हें संबंध बनाने के बाद होने किसी बीमारी का सामना ना करना पड़े.  गेट्स के अलावा गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन का नाम भी एपस्टीन फाइल्स में सामने आया है. डॉक्यूमेंट्स की मानें तो ब्रिन ने एपस्टीन के प्राइवेट आईलैंड का दौरा किया था, जहां उन्होंने घिसलेन मैक्सवेल से मुलाकात की थी. 2003 में भेजे एक ईमेल में मैक्सवेल ने डिनर को सामान्य और आरामदायक बताया था.

वक्फ संशोधन कानून के तहत एमपी की 1,178 संपत्तियां बाहर, सरकार ने 24,696 वक्फ दावे किए खारिज

भोपाल  वक्फ संपत्तियों के रख-रखाव और उनके जनहित में उपयोग के लिए केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ संशोधन कानून के परिणाम सामने आने लगे हैं। वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया के बीच सरकार ने अब तक 24,696 वक्फ दावे खारिज (अस्वीकार) कर दिए हैं। यानी इन दावों में शामिल संपत्तियों को फिलहाल वक्फ संपत्तियां नहीं माना गया है। अस्वीकार होने वाले मामलों में सबसे अधिक 4,802 दावे राजस्थान में हैं। तेलंगाना 4,458 खारिज मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में 1,178 दावे निरस्त किए गए हैं। संशोधित कानून में वक्फ संपत्तियों के अनिवार्य पंजीकरण के प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद केंद्र ने जून में ‘उम्मीद’ पोर्टल शुरू कर वक्फ संपत्तियों का डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य किया था। देश में 8,72,802 वक्फ अचल संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से 5,82,541 का विवरण अपलोड किया जा चुका है। 1. डीड या घोषणा का अभाव यदि किसी संपत्तियों को वक्फ घोषित करने का विधिवत दस्तावेज उपलब्ध नहीं है या रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। 2. राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होना राज्य के भू-राजस्व अभिलेख (खसरा, खतौनी, जमाबंदी आदि) में संपत्ति वक्फ के नाम दर्ज नहीं हो, या निजी/सरकारी भूमि के रूप में दर्ज हो  3. स्वामित्व विवाद यदि संपत्ति पर निजी व्यक्ति का दावा हो, कोर्ट में मामला लंबित हो, सरकारी भूमि के रूप में दर्ज होने पर 4. डुप्लीकेट या ओवरलैप एंट्री एक ही संपत्ति को दो बार दर्ज या सीमांकन स्पष्ट न होना 5. अधूरी जानकारी पोर्टल पर दस्तावेज अधूरे, नक्शा या सर्वे विवरण न हो, क्षेत्रफल में विसंगति क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया? अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण पारदर्शिता बढ़ाने, फर्जी दावों पर रोक लगाने और वक्फ संपतियों के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया: बजट प्रस्तावों में सभी वर्गों और क्षेत्रों के कल्याण पर केंद्रित

बजब प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का रखा गया है ध्यान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री के समक्ष वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का हुआ प्रेजेंटेशन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा के दृष्टिकोण तथा प्रस्ताव तैयार करने में विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त)  मनीष रस्तोगी तथा वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्रि-परिषद के समक्ष भी आज ही बजट प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन हुआ। मंत्रि-परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को उप मुख्यंमत्री  देवड़ा द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत किया जायेगा।  

RBC 6-4 के तहत 08 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत

महासमुंद  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 2 मृतकों के निकटतम वारिसान के लिए चार लाख रुपए के मान से कुल 08 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम मुनगासेर के मृतक मनीष बरिहा की माता नर्मदा बरिहा के लिए एवं आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु होने पर पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कोल्दा के मृतक सदानंद चक्रधारी की पत्नी गायत्री चक्रधारी के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

स्कूल में दवा खाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी, जिलेभर की एंबुलेंस मौके पर

फर्रुखाबाद फर्रुखाबाद जिले में मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव राठौर मोहिद्दीनपुर के एक स्कूल में मंगलवार दोपहर में दवा खाने के बाद कुछ ही देर में 100 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। उल्टी-दस्त पेट में दर्द की शिकायत के बाद पहुंचे अभिभावकों ने इसकी शिकायत शिक्षकों से की। इसके बाद मौके पर जिले भर की एंबुलेंस बुला ली गईं। बच्चों को कमालगंज सीएचसी भेजा जा रहा है। कई परिजन अपने बच्चों को निजी अस्पताल लेकर चले गए हैं। गांव में अफरा तफरी का माहौल है। शिक्षा विभाग और पुलिस को सूचना दी गई हैं। अधिकारी मौके पर रवाना हो रहे हैं। दोपहर ढाई बजे जिले की सभी एंबुलेंस को मौके पर रवाना होने के निर्देश दिए गए हैं।  

शर्लिन चोपड़ा का जन्मदिन: मिस आंध्र से ‘प्लेबॉय’ तक, ऐसा रहा उनका सफर

मुंबई   हिंदी सिनेमा में जहां सशक्त मुख्य भूमिकाओं के लिए अभिनेत्रियों की अहमियत बनी रही है, वहीं कुछ बोल्ड अभिनेत्रियों और मॉडलों ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। इन कलाकारों ने पारंपरिक अभिनय से इतर अपनी बेबाक छवि और बोल्ड प्रजेंटेशन के जरिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। इसी कड़ी में नाम आता है शर्लिन चोपड़ा का, जो 11 फरवरी को अपना 38वां जन्मदिन मना रही हैं। आज भी वह ओटीटी मंचों पर सक्रिय हैं और अपने बोल्ड दृश्यों के कारण चर्चा में रहती हैं।  मीडिया में भी उनकी मौजूदगी लगातार बनी रहती है, जिससे वह सुर्खियों में रहती हैं। कम ही लोग जानते हैं कि शर्लिन चोपड़ा को असली पहचान फिल्मों के जरिए नहीं, बल्कि मैग्जीन जगत से मिली। एक प्रतिष्ठित मैग्जीन में उनकी बोल्ड फोटोज ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई, जिसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चर्चा का विषय बनीं। यही पहचान आगे चलकर उनके करियर की दिशा तय करने में भी अहम साबित हुई। हैदराबाद में जन्मी शर्लिन को मॉडल बनने का शौक बचपन से था और यही वजह रही कि मात्र 15 साल की उम्र में अभिनेत्री ने मिस आंध्र का खिताब जीता था। मॉडलिंग के बाद अभिनेत्री फिल्मों में काम करने के लिए कई ऑडिशन दिए और साल 2002 में उन्हें तमिल फिल्म वेंडी मब्बू’ में काम किया था, जो एरोटिक फिल्म थी। उसी साल, उन्होंने एक तमिल फिल्म ‘यूनिवर्सिटी’ और एक अंग्रेजी फिल्म ‘बीपर’ में भी अभिनय किया। तीनों फिल्में पर्दे पर रिलीज हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में अपना बजट भी नहीं निकाल पाई। बॉलीवुड में शर्लिन ने एंट्री 2005 में आई फिल्म ‘टाइम पास’ से की थी। जिसके बाद ‘दोस्ती: फ्रेंड्स फॉरएवर’, जवानी दीवानी: ए यूथफुल जॉयराइड’, ‘नॉटी बॉय’,’गेम’,’रकीब’, ‘रेड स्वस्तिक’,और ‘दिल बोले हड़िप्पा! जैसी फिल्मों में काम किया। शर्लिन की फिल्में कब आईं और कब चली गईं, किसी को पता नहीं चला, लेकिन साल 2012 में ग्लोबल लेवल पर शर्लिन के नाम की सुनामी आ गई। अभिनेत्री शर्लिन चोपड़ा उस समय सुर्खियों में आईं, जब वह प्लेबॉय मैग्जीन के लिए बिना कपड़ों के फोटो शूट कराने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। हालांकि, इस मामले में विवाद तब खड़ा हुआ, जब प्लेबॉय मैग्जीन ने यह कहकर इनकार किया कि उनकी शर्लिन के साथ किसी तरह की प्रत्यक्ष मुलाकात हुई थी। इसके बावजूद बाद में अभिनेत्री का डिजिटल फोटो शूट जारी किया गया। डिजिटल फोटो शूट के सामने आते ही व्यापक चर्चा शुरू हो गई और रातो-रात शर्लिन देशभर के अखबारों और टीवी चैनलों की सुर्खियां बन गईं। इस घटनाक्रम ने मनोरंजन जगत में खासा हलचल पैदा की। मैग्जीन के अलावा शर्लिन चोपड़ा ने रियलिटी शो बिग बॉस-3 में भी हिस्सा लिया था। शो के दौरान उनके पहनावे और बयानों को लेकर भी खूब चर्चा हुई। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि वह अभिनेता अमिताभ बच्चन की बड़ी प्रशंसक हैं और भविष्य में ऐसे ही लंबे कद और मजबूत कद-काठी वाले जीवनसाथी से विवाह करना चाहेंगी। शर्लिन चोपड़ा अपने बेबाक बयानों और बोल्ड अंदाज के कारण आज भी अक्सर खबरों में बनी रहती हैं और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय रहती हैं।

योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह

महासमुंद  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः30 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं आगामी आयोजनों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सिरपुर महोत्सव 2026 के सफल आयोजन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने आयोजन के दौरान सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने एवं विभिन्न व्यवस्थाओं में सराहनीय सहयोग देने के लिए सभी को बधाई दी। कलेक्टर लंगेह ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत दवा सेवन करते हुए अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर बैठक में मौजूद जिला अधिकारियों ने भी दवा का सेवन किया। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सामूहिक दवा सेवन कराया जाना है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का वितरण एवं सेवन निर्धारित समय-सारणी एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए तथा दवा सेवन स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में कराया जाए। कलेक्टर लंगेह ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और स्वयं तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों को दवा अवश्य सेवन कराएं, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में जारी धान उठाव की समीक्षा करते हुए डीईओ के विरुद्ध लंबित धान उठाव की स्थिति पर ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपार्जन केंद्रों में डीईओ के विरुद्ध धान का उठाव लंबित है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उठाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने तथा धान खरीदी पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान उठाव के लिए 15 फरवरी तक डीईओ जारी करें एवं उठाव सुनिश्चित करें। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित रहें। उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी फाइलों का मूवमेंट ई-फाइल के माध्यम से ही किया जाए, यह अनिवार्य है। इससे कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा किए गए समीक्षा के अनुरूप विभिन्न विभागों के व्यापक समीक्षा की और शासन से प्राप्त निर्देशानुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख रूप से स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, जिला पंचायत, कृषि, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कार्यक्रम अनुसार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए जिले को विकास क्रम में अग्रणी बनाए रखना है। इसके अतिरिक्त बैठक में अन्य शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, तथा समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टी20 विश्व कप में नीदरलैंड की शानदार जीत, बास डे लीडे रहे मैच के हीरो

नई दिल्ली   अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में टी20 विश्व कप 2026 का ग्रुप ए का मुकाबला नामीबिया और नीदरलैंड के बीच मंगलवार को खेला गया। बास डे लीडे के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर नीदरलैंड ने नामीबिया को 2 ओवर पहले ही 7 विकेट से हरा दिया। नीदरलैंड को जीत के लिए 157 रन का लक्ष्य मिला। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और मैक्स ओ दाउद के रूप में पहला झटका 16 के स्कोर पर लगा। वह 7 रन बनाकर आउट हुए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे बास डे लीडे ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और 48 गेंद पर 4 छक्कों और 5 चौकों सहित नाबाद 72 रन की पारी खेल टीम को 12 गेंद पहले 7 विकेट से जीत दिला दी। डे लीडे ने दूसरे विकेट के लिए माइकल लेविट 28, के साथ 30 और तीसरे विकेट के लिए कोलिन एकरमैन 32 के साथ 68 रन की अहम साझेदारी की। इसके अलावा लीडे ने कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स नाबाद 18 के साथ 43 रन की साझेदारी की। नीदरलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट पर 159 रन बनाकर मैच जीता। विजयी चौका बास डे लीडे के बल्ले से निकला। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नामीबिया ने 8 विकेट पर 156 रन बनाए थे। निकोल लोफ्टी-ईटन ने सबसे ज्यादा 42 रन की पारी खेली थी। 38 गेंदों की पारी में उन्होंने 2 छक्के और 1 चौका लगाया था। इसके अलावा जान फ्राइलिंक ने 30 और जेजे स्मिट ने 22 रन की पारी खेली। कप्तान गेरहर्ड इरासमस ने 9 गेंद पर 18 रन बनाए थे। नीदरलैंड के लिए बास डे लीडे और लोगान वान बीक ने 2-2, जबकि आर्यन दत्त और फ्रेड क्लासेन ने 1-1 विकेट लिए थे। बास डे लीडे को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 

आधार बायोमेट्रिक अपडेट अभियान: 352 विद्यालयों में लगाए जाएंगे कैंप, 21,406 छात्रों को लाभ

महासमुंद जिले में यूडाईस 2025-26 के अंतर्गत आधार से संबंधित बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 06 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले में कुल 30,587 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाना है। इस हेतु विद्यालयों में विशेष बायोमेट्रिक अपडेट शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से यूआईडीएआई से डाटा अपडेट कर उसकी प्रविष्टि यूडाईस पोर्टल पर की जाएगी। अभियान के अंतर्गत ई.डी.एम. चिप्स से समन्वय कर 20 से अधिक लंबित बायोमेट्रिक वाले 352 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिसमें लगभग 21,406 विद्यार्थियों का अपडेट किया जाना है। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा रेखराज शर्मा द्वारा सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयकों को निर्देशित करते हुए अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों को पालकों एवं विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं शिविर में उपस्थित होकर अपना बायोमेट्रिक अपडेट करवा सकें। इस कार्य के सफल संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर बीआरसी एवं संकुल स्तर पर संकुल समन्वयकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पूरे अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 से 7 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट पर फोकस करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यूआईडीएआई द्वारा बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी यूडाईस पोर्टल पर अपडेट करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही यूआईडीएआई के निर्देशानुसार 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट एक वर्ष के लिए निःशुल्क किया गया है, जबकि 5 से 7 वर्ष एवं 17 वर्ष के बच्चों के लिए यह सुविधा पहले से ही निःशुल्क है। आधार ऑपरेटरों को प्रतिदिन शिविर की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संधारित करने तथा शिविर स्थल पर आवश्यक दस्तावेज सूची, शुल्क सूची एवं अन्य निर्देश प्रदर्शित करने कहा गया हैं। 

विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी

प्रदेश ने खोए जमीन से जुड़े और जनजातीय समाज के नेता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने विधानसभा के दिवंगत सदस्यों के प्रति अर्पित की श्रद्धांजलि सीएम बोले- प्रो. श्याम बिहारी लाल ने शिक्षण अनुभव को जनसेवा से जोड़कर लोकतंत्र को दी मजबूती विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक जताते हुए सदन में कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी 2026 को 60 वर्ष की आयु में हो गया। वह दूसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और फरीदपुर (बरेली) से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल मिलनसार और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे। शिक्षा जगत से उनका गहरा जुड़ाव रहा। वह इतिहास संकलन समिति, बरेली के अध्यक्ष तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की कार्यसमिति के सदस्य भी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों को गति दी और पिछड़े, वंचित व गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम किया। शिक्षा जगत से जुड़े विद्वान जब जनप्रतिनिधि बनते हैं तो वह लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करते हैं। उनके निधन से प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य विजय सिंह गौड़ के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सदन को बताया कि समाजवादी पार्टी से विधायक विजय सिंह का निधन 8 जनवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में हो गया था। वह आठवीं बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वर्ष 1980 से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था। उन्होंने सर्वप्रथम वर्ष 1980, फिर 1985, 1989, 1991, 1993, 1996, 2002 में चुनाव जीता था। वर्ष 2024 के उप चुनाव में वह दुद्धी विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। वह जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे। सीएम योगी ने कहा कि विजय सिंह गौड़ ने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी। उनके निधन से न केवल जनजातीय समाज, बल्कि पूरे प्रदेश ने संघर्षशील समाजसेवी और अनुभवी राजनेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत सदस्यों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की।

दूषित पानी से इंदौर में मौतों का सिलसिला, बच्ची और बुजुर्ग की मौत के बाद संख्या 35

इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बस्ती में दो लोगों की मौत हो गई। इनमें दो साल की बच्ची रिया भी शामिल है। इसके अलावा 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की भी जान चली गई। उन्हें सात दिन पहले उल्टी दस्त की शिकायत के चलते निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था।   परिजनों का कहना है कि उन्हें लकवे की शिकायत थी, अन्य कोई बीमारी नहीं थी। उधर दो वर्षीय रिया प्रजापति को भी दिसंबर में उल्टी दस्त की शिकायत के चलते भर्ती किया गया था। बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि बीमार होने के कारण रिया काफी कमजोर हो गई थी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट कराया गया था। उसे लीवर की शिकायत थी।  बच्ची ने इलाज के दौरान तोड़ा दम परिजनों के मुताबिक, बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर चाचा नेहरू अस्पताल में दाखिल किया गया था। वहां इलाज में फायदा नहीं होने पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल किया गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, 75 वर्षीय शालिग्राम के परिजनों ने बताया कि दो जनवरी को उल्टी-दस्त के कारण शैल्बी अस्पताल में रेफर किया गया था। वहां से उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। इसके बाद वह वेंटिलेटर पर ही थे। करीब 12 दिन पहले उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। फिलहाल दोनों मौतों को मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया की वजह से नहीं की है। डॉक्टरों का कहना है कि दोनों को दूसरी बीमारियां भी थीं। बता दें कि अब तक 35 मौतें दूषित पानी के कारण हो चुकी हैं। कोर्ट ने अफसरों ने 16 लोगों की मौत डायरिया की वजह मानी है। आयोग ने जांच शुरू की इंदौर भागीरथपुरा में दूषित जल से 35 मौतें और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा गठित आयोग की जांच शुरू हो गई है। आयोग के समक्ष रहवासी या अन्य व्यक्ति शिकायत और आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उच्च न्यायालय ने भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल प्रदूषण तथा उससे जनस्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों पर पड़े प्रभाव की जांच के लिए न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया है। आयोग द्वारा जल प्रदूषण के कारणों, प्रशासनिक लापरवाही, जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई, जनहानि, चिकित्सकीय प्रभाव तथा सुधारात्मक उपायों की जांच की जाएगी। आयोग ने इसे लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की है। इसके तहत भागीरथपुरा एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी प्रभावित नागरिक, परिजन, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, अस्पताल, सामाजिक संगठन, ठेकेदार, शासकीय अधिकारी अथवा कोई भी व्यक्ति, जिनके पास प्रकरण से संबंधित जानकारी, दस्तावेज या साक्ष्य उपलब्ध हों, वह आयोग के सामने पेश कर सकता है। साथ ही पेयजल प्रदूषण से संबंधित शिकायतें या आवेदन, चिकित्सकीय अभिलेख, अस्पताल में भर्ती होने की पर्चियां, डिस्चार्ज समरी, मृत्यु प्रमाण पत्र, जल पाइप लाइन में रिसाव, सीवरेज मिश्रण या क्षति से संबंधित फोटो/वीडियो, जल आपूर्ति से संबंधित टेंडर दस्तावेज, कार्य आदेश, निरीक्षण रिपोर्ट या कोई अन्य सामग्री भी आयोग के कार्यालय स्कीम नंबर 140 आरसीएम 10, प्रथम मंजिल आनंद वन स्थित आयोग के कार्यालय में 28 फरवरी तक प्रस्तुत कर सकते हैं। बच्ची के लिवर में तकलीफ बताई गई थी 15 दिन पहले रिया को चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट किया गया था। यहां उसके लिवर में तकलीफ बताई गई थी। इसके बाद उसे सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, जहां करीब 5 दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि दूषित पानी के कारण ही तबीयत बिगड़ी। उसका असर लिवर तक हुआ। गुइलेन बैरे सिंड्रोम से जूझ रही महिला 57 वर्षीय एक महिला गंभीर जीबीएस (गुइलेन बैरे सिंड्रोम) से जूझ रही हैं। हालांकि इस मरीज को जीबीएस होने का स्वास्थ्य विभाग खंडन कर चुका है, लेकिन परिजन का कहना है कि इसी बीमारी के कारण उन्हें HDU (High Dependency Unit) में एडमिट किया गया है। दरअसल, दूषित पानी के कारण इस महिला की हालत 28 दिसंबर को बिगड़ी थी। पहले उसे एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इसके बाद 2 जनवरी को दूसरे बड़े हॉस्पिटल में रेफर किया गया। इस तरह करीब डेढ़ माह से इलाज चल रहा है। इस बीच हालत गंभीर होने पर 20 दिन से ज्यादा समय तक वह आईसीयू, वेंटिलेटर पर भी एडमिट रही। परिजन के मुताबिक, अभी ठीक होने में समय लगेगा। जीबीएस गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी जीबीएस एक दुर्लभ और गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही स्वस्थ तंत्रिकाओं पर हमला करने लगती है। इसका एक कारण गंदे पानी में पनपने वाला कैम्पीलोबैक्टर जेजुनी बैक्टीरिया भी है। बीमारी के तहत हाथ-पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन होता है। यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का इंफेक्शन) देखने में आता है। इसमें मरीज को ठीक होने में समय लगता है। इसमें 70% मरीज स्वस्थ हो पाते हैं। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। मरीज सांस तक नहीं ले पाता है और वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ता है। ये क्या…12 किमी दूर जाकर करें शिकायत जिस भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों व बीमारी के मामले में जांच होनी है, उसका ऑफिस भागीरथपुरा से करीब 12 किलोमीटर दूर खोला गया है। प्रशासन द्वारा ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। पीडितों को शिकायत करने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। भागीरथपुरा से स्कीम 140 तक का लंबा सफर चर्चा का विषय है। HC के आदेश पर बना आयोग कर रहा जांच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए एक आयोग बनाया गया है। इस आयोग के अध्यक्ष एमपी हाईकोर्ट के रिटायर्ट जज सुशील कुमार गुप्ता हैं। आयोग किन पॉइंट्स पर जांच कर रहा?     पीने का पानी कैसे और क्यों प्रदूषित हुआ?     इसमें किस स्तर पर प्रशासन की लापरवाही हुई?     कौन-कौन लोग इसके जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?     लोगों की सेहत पर इसका क्या असर पड़ा?     कितनी जनहानि हुई?     भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या सुधार जरूरी हैं? इस मामले को लेकर आयोग ने सार्वजनिक सूचना भी … Read more

पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ डबल खेला: पहले बायकॉट, फिर खुद लिया यू-टर्न!

 नई दिल्ली    भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का ताजा यू-टर्न सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि उसकी विफल राजनीति की खुली स्वीकारोक्ति है. 2026 टी20 विश्व कप से पहले जिस बायकॉट की धमकी को सिद्धांत, स्वाभिमान और सुरक्षा का मुद्दा बनाकर उछाला गया, वही अंततः पाकिस्तान की कमजोरी बन गई. मैच अब खेला जाएगा- बिना शर्त, बिना रियायत…. और यही इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा सच है. धमकी की शुरुआत, लेकिन दिशा विहीन PCB ने जिस आक्रामक भाषा में भारत के खिलाफ खेलने पर आपत्ति जताई, उसने शुरू से यह संकेत दे दिया था कि यह फैसला कम और दबाव की राजनीति ज्यादा है. सुरक्षा जैसे पुराने तर्क दोहराए गए, लेकिन कोई नई परिस्थिति, कोई नया खतरा या कोई ठोस रिपोर्ट सामने नहीं रखी गई यह बायकॉट कोई अंतिम निर्णय नहीं था, बल्कि सौदेबाजी का औजार था और यही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बनी. सीधे टकराव से बचने की चाल भारत के खिलाफ सीधे खड़े होने की हिम्मत PCB में नहीं दिखी. इसकी बजाय बांग्लादेश की मांगों को आगे कर दिया गया, ताकि विवाद को क्षेत्रीय सहमति का रूप दिया जा सके. यह एक सोची-समझी रणनीति थी- खुद पीछे रहो, माहौल दूसरों के जरिए बनाओ और ICC पर दबाव डालो. … लेकिन यह चाल ज्यादा देर नहीं चल सकी. ICC के भीतर यह स्पष्ट हो गया कि बांग्लादेश का नाम केवल ढाल है, असली एजेंडा पाकिस्तान की अपनी राजनीतिक जिद है. बांग्लादेश के साथ ‘डबल गेम’ यही वह मोड़ था, जहां पाकिस्तान की राजनीति पूरी तरह बेनकाब हो गई.जिस बांग्लादेश को PCB ने बायकॉट की मुहिम में आगे किया, उसी को यू-टर्न के वक्त पूरी तरह किनारे कर दिया गया. न कोई साझा बयान, न कोई संयुक्त विरोध, न कोई नैतिक जिम्मेदारी.दबाव बनाने के लिए बांग्लादेश का इस्तेमाल हुआ, लेकिन जब ICC के सामने चाल नाकाम हुई, तो पाकिस्तान ने अकेले पीछे हटना बेहतर समझा. यह ‘साझा चिंता’ नहीं, बल्कि सुविधाजनक साझेदारी थी- काम निकलते ही खत्म. यहीं PCB का दोहरा चरित्र उजागर होता है.पहले बांग्लादेश को ढाल बनाना और फिर हालात बिगड़ते ही उसे मैदान में अकेला छोड़ देना. क्रिकेट नहीं, आर्थिक हकीकत ने तोड़ा भ्रम PCB शायद यह भूल बैठा कि आधुनिक क्रिकेट भावनाओं और नारों से नहीं चलता. भारत–पाक मुकाबला किसी भी ICC टूर्नामेंट की आर्थिक रीढ़ है. इस एक मैच से जुड़े प्रसारण अधिकार, विज्ञापन, प्रायोजन और वैश्विक दर्शक संख्या पूरे आयोजन की दिशा तय करते हैं. इस मैच के न होने से ICC को झटका जरूर लगता, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान को ही उठाना पड़ता- आर्थिक रूप से भी और क्रिकेटिंग प्रासंगिकता के लिहाज से भी. ICC के सामने नहीं चलीं शर्तें PCB की उम्मीद थी कि हाइब्रिड मॉडल, विशेष प्रावधान या राजनीतिक सहानुभूति के जरिए वह ICC को झुका लेगा. लेकिन परिषद ने इस बार साफ कर दिया कि टूर्नामेंट किसी एक बोर्ड की जिद से नहीं चलेगा. जब यह संदेश स्पष्ट हो गया कि न तो ढांचा बदलेगा और न ही भारत पर कोई दबाव बनेगा, PCB का सख्त रुख अचानक पिघल गया. भारत–पाक मैच खेलने पर सहमति बन गई, लेकिन यह सहमति किसी समझौते की जीत नहीं, बल्कि मजबूरी की स्वीकारोक्ति है. PCB न तो कोई शर्त मनवा सका, न किसी तरह की नैतिक या कूटनीतिक बढ़त हासिल कर पाया. जिस बायकॉट को ‘सिद्धांत’ बताया गया था, वह अंततः खोखली बयानबाजी साबित हुआ. … साख पर गहरा दाग इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा नुकसान पाकिस्तान क्रिकेट की विश्वसनीयता को हुआ. बार-बार राजनीतिक दबाव की रणनीति अपनाकर PCB ने यह संदेश दिया कि वह क्रिकेट को खेल की बजाय मंच के रूप में इस्तेमाल करता है. इसका असर सिर्फ बोर्ड की छवि पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और अंतरराष्ट्रीय भरोसे पर भी पड़ता है. नतीजा पहले से तय था भारत-पाक मुकाबले को लेकर PCB की रणनीति हर मोर्चे पर विफल रही. बायकॉट की धमकी बेअसर रही, बांग्लादेश की आड़ बेनकाब हुई और ICC पर दबाव नहीं बन सका.अंततः वही हुआ, जो शुरू से तय था- मैच खेला जाएगा, नियम ICC तय करेगी और झुकना पाकिस्तान को ही पड़ा.

दुर्घटना पीड़ित परिवार को बड़ी राहत, मृतक के परिजनों के लिए ₹2 लाख प्रतिकर राशि मंजूर

महासमुन्द दावा निपटान आयुक्त एवं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा दुर्घटना में मृतक के परिजन को हुए अपहानि को दृष्टिगत रखते हुए दो लाख रूपए प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-53 में टक्कर मारकर भागने मोटरयान सड़क दुर्घटना में ग्राम लोहारडीह निवासी नेहरू यादव की मृत्यु हो गई थी। अपहानि के कारण मृतक के विधिक प्रतिनिधि के रूप में उनकी माता शिखा यादव को दो लाख रुपये की प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत की गई है।

PNB की भर्ती 5000 पदों के लिए, सैलरी के बारे में जानें क्या है प्रस्तावित रकम?

मुंबई   पंजाब नेशनल बैंक में 5000 से ज्यादा पदों के लिए वैकेंसी निकली है. पीएनबी की इस भर्ती में 8 फरवरी से आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है और भर्ती में इच्छुक उम्मीदवार 24 फरवरी 2026 तक इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं. ऐसे में जानते हैं कि इस भर्ती में किन पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है और सेलेक्शन होने के बाद कितनी सैलरी दी जाएगी.  किन पदों पर हो रही है भर्ती? बैंक की ओर से अप्रेंटिस पदों पर भर्ती हो रही है. ये पर्मानेंट जॉब नहीं होगी और उम्मीदवारों को सिर्फ एक साल तक ही ट्रेनिंग का मौका मिलेगा. ऐसे में जो भी भर्ती में अप्लाई कर रहे हैं, वो इस बात को ध्यान में रखकर ही अप्लाई करें. ये भर्ती देशभर में है और हर राज्य में उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी कितनी मिलेगी सैलरी? अगर सैलरी की बात करें तो इस भर्ती में शहर के आधार पर उम्मीदवारों को पैसे दिए जाएंगे. जिन उम्मीदवारों की नियुक्ति ग्रामीण, सेमी अर्बन, अर्बन इलाकों में होती है, उन्हें 12,300 रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा जिन उम्मीदवारों को मेट्रो सिटी के लिए चयनित किया जाएगा, उन्हें 15 हजार रुपये तक सैलरी दी जाएगी.  कितनी साल के उम्मीदवार कर पाएंगे अप्लाई? जिन उम्मीदवारो की उम्र 1 जनवरी 2026 को कम से कम 20 साल हो गई है और ज्यादा से ज्यादा 28 हो गई है, वो इस भर्ती में अप्लाई करने के लिए एलिजिबल हैं. इसके अलावा एससी-एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 5 साल, ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 3 साल, दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 साल की छूट दी गई है.  साथ ही इसमें किसी भी वर्ग से ग्रेजुएट उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं, लेकिन परीक्षा का रिजल्ट 31 दिसंबर 2025 से पहले घोषित हो गया हो. ये ट्रेनिंग इसलिए खास है, क्योंकि इसमें 50 हफ्ते तक ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी.

TESLA में बड़ा बदलाव: 13 साल बाद VP राज जगन्नाथन का इस्तीफा, कौन हैं वे?

 नई दिल्ली  इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली दिग्गज अमेरिकन कंपनी टेस्ला के लिए यह समय आसान नहीं चल रहा है. इसी बीच कंपनी को एक और बड़ा झटका लगा है. टेस्ला के वाइस प्रेसिडेंट राज जगन्नाथन (Raj Jegannathan) ने 13 साल तक काम करने के बाद कंपनी छोड़ने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने यह जानकारी लिंक्डइन पर एक छोटे से पोस्ट के जरिए दी. राज जगन्नाथन ने टेस्ला में अपने सफर को “लगातार बदलते और आगे बढ़ते रहने वाली जर्नी” बताया. राज जगन्नाथन ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा कि, “13 साल के सफर को एक ही पोस्ट में समेटना आसान नहीं है. टेस्ला में यह यात्रा लगातार बदलाव और आगे बढ़ने की रही है. दुनिया के सबसे बड़े एआई क्लस्टर में से एक को डिजाइन करने, तैयार करने और चलाने की तकनीकी चुनौतियों से लेकर आईटी, सिक्योरिटी, सेल्स और सर्विस में अहम योगदान देना मेरे लिए एक सम्मान की बात रही है.” हालांकि उन्होंने कंपनी छोड़ने की वजह को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की. क्या थी राज जगन्नाथन की भूमिका राज जगन्नाथन टेस्ला में वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर आईटी, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजनेस एप्लीकेशंस और इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. पिछले साल उन्हें टेस्ला की सेल्स टीम को लीड करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली थी जब नॉर्थ अमेरिका के सेल्स हेड ट्रॉय जोन्स को कंपनी से हटा दिया गया था. टेस्ला की गिरती बिक्री  इस समय टेस्ला कई चुनौतियों से जूझ रही है. कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में गिरावट देखी जा रही है. इसकी एक बड़ी वजह टेस्ला के पुराने हो चुके इलेक्ट्रिक वाहन मॉडल माने जा रहे हैं. इसके अलावा सीईओ एलन मस्क के राजनीतिक बयानों और गतिविधियों को लेकर भी कंपनी को आलोचना का सामना करना पड़ा है. इससे टेस्ला की ब्रांड इमेज को काफी नुकसान पहुंचा है. यूरोपीय बाजार में भी टेस्ला की कारों की बिक्री गिर चुकी है. EV के गढ़ में लड़खड़ाई टेस्ला  Tesla कारों की बिक्री में आई सुस्ती का असर अब उन बाजारों में भी नजर आने लगा है, जिन्हें टेस्ला का गढ़ माना जाता था. नॉर्वे ऐसा ही एक देश है, जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों की जबरदस्त मांग रहती है, लेकिन अब यहां भी टेस्ला की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है. जनवरी 2026 के नए रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के अनुसार, नॉर्वे में Tesla Model Y की सिर्फ 62 यूनिट्स बिकीं. यह कुल नई कार बिक्री का केवल 2.8 प्रतिशत है. पूरी टेस्ला रेंज की बात करें तो कंपनी ने कुल 83 कारें बेचीं, जो पिछले साल जनवरी में बेचे गए कारों के मुकाबले 88 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है. पहली बार घटा रेवेन्यू टेस्ला के लिए 2025 एक अहम साल साबित हुआ. इस साल कंपनी का रेवेन्यू 3 प्रतिशत गिर गया, जो अब तक का पहला मौका है जब टेस्ला की कमाई में गिरावट दर्ज की गई. अब कंपनी पर दबाव है कि वह इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री को दोबारा रफ्तार दे और लंबे समय से किए जा रहे ड्राइवरलेस तकनीक के वादों को पूरा करे. कौन हैं राज जगन्नाथन राज जगन्नाथन ने साल 2012 में टेस्ला जॉइन की थी. उस समय वे क्लाउड सिक्योरिटी और आईटी के तकनीकी विशेषज्ञ थे. धीरे धीरे उन्होंने कंपनी में ऊंचे पद हासिल किए और वाइस प्रेसिडेंट बने. टेस्ला से पहले भी उन्होंने बड़ी टेक कंपनियों के साथ काम किया. उन्होंने ओरेकल में सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम किया और माइक्रोसॉफ्ट के एज़्योर एआई प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े रहे. राज जगन्नाथन ने आईआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है और स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया है. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने भारत में इंफोसिस से की थी, जहां वे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट टीम को लीड कर चुके हैं. राज जगन्नाथन का जाना टेस्ला के लिए ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी पहले से दबाव में है. अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में सुस्ती है. वहीं एलन मस्क का फोकस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेल्फ ड्राइविंग सिस्टम और ह्यूमनॉइड रोबोट्स पर ज्यादा नजर आ रहा है. पिछले साल टेस्ला दुनिया की सबसे बड़ी ईवी कंपनी का खिताब भी चीन की बीवाईडी के हाथों गंवा चुकी है. दुनिया के इलेक्ट्रिक कार बाजार में BYD का दबदबा बढ़ रहा है.  टेस्ला में लगातार हो रहे बड़े इस्तीफे राज जगन्नाथन अकेले ऐसे सीनियर अधिकारी नहीं हैं जिन्होंने हाल के समय में टेस्ला छोड़ी है. पिछले कुछ सालों में कई बड़े नाम कंपनी से बाहर हो चुके हैं. एलन मस्क के करीबी माने जाने वाले ओमेद अफशार भी पिछले साल कंपनी छोड़ चुके हैं. इसके अलावा ऑप्टिमस रोबोट प्रोजेक्ट के इंजीनियरिंग हेड मिलान कोवाक और लंबे समय तक सॉफ्टवेयर टीम संभालने वाले डेविड लॉ भी टेस्ला से विदा ले चुके हैं. इन लगातार हो रहे इस्तीफों ने टेस्ला के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सबकी नजर इस पर है कि कंपनी इन चुनौतियों से कैसे उबरती है और क्या एक बार फिर अपनी खोई हुई रफ्तार हासिल कर पाती है. भारत में भी टेस्ला की शुरुआत बेहद धीमी रही है. पिछले साल जुलाई में टेस्ला ने मुंबई के बांद्र कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में देश का पहला शोरूम शुरू किया. इस दौरान कंपनी ने Tesla Model Y को इंडियन मार्केट में लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआती कीमत 59.89 लाख रुपये है. हाई इंपोर्ट ड्यूटी के चलते कार की कीमत काफी ज्यादा है, और इसका असर कार सेल्स पर भी देखने को मिल रहा है. फिलहाल कंपनी इस कार की खरीद पर एक्सचेंज ऑफर भी दे रही है, ताकि बिक्री को रफ्तार दी जा सके. 

हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: मुस्लिम व्यक्ति संपत्ति पूरी वसीयत नहीं कर सकता, वारिसों की सहमति अनिवार्य

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई मुस्लिम व्यक्ति अपनी संपत्ति का एक तिहाई से अधिक हिस्सा वसीयत के जरिए किसी को नहीं दे सकता। जब तक कि बाकी वैध वारिस अपनी सहमति न दें। हाईकोर्ट ने कहा कि मुस्लिम कानून में वारिसों के अधिकारों की सुरक्षा एक मूल सिद्धांत है। यह फैसला कोरबा जिले से जुड़े एक मामले में आया है। जहां एक विधवा को उसके पति की संपत्ति में हिस्सा देने से निचली अदालतों ने इनकार कर दिया था। जानिए पूरा मामला दरअसल, 64 साल की जैबुननिशा ने अपने पति अब्दुल सत्तार लोधिया की जायदाद पर हक मांगते हुए हाईकोर्ट में अपील की थी। उन्होंने कोरबा के द्वितीय अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने उनके केस को 2015 और 2016 में खारिज कर दिया था। जैबुननिशा के पति की 2004 में मौत हो गई थी। जिसके बाद भतीजे मोहम्मद सिकंदर ने एक वसीयत पेश की, जिसमें दावा किया गया कि सारी जायदाद उसे मिलेगी। सिकंदर ने खुद को ‘’पालक बेटा’ बताया था। जैबुननिशा ने इस वसीयत को फर्जी बताया और कहा कि यह उनकी सहमति के बिना बनाई गई थी। लोअर कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील जैबुननिशा ने पहले निचली अदालतों में मुकदमा दायर किया था, लेकिन दोनों अदालतों ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालतों के आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि निचली अदालतें विधवा के वैध कानूनी अधिकार की रक्षा करने में असफल रही थी। मुस्लिम लॉ एक्ट में है यह प्रावधान हाईकोर्ट ने मुस्लिम लॉ के सेक्शन 117 और 118 का हवाला देते हुए कहा कि वसीयत के जरिए जायदाद देने की एक सीमा है। मुस्लिम व्यक्ति अपनी जायदाद का सिर्फ एक तिहाई हिस्सा ही वसीयत कर सकता है। अगर इससे ज्यादा जायदाद वसीयत की जाती है, या किसी वारिस को दी जाती है, तो उसके लिए बाकी वारिसों की सहमति जरूरी है। जस्टिस बीडी गुरु ने यह भी कहा कि निचली अदालतों ने गलती की कि उन्होंने विधवा पर वसीयत को गलत साबित करने का बोझ डाल दिया। असल में यह सिकंदर की जिम्मेदारी थी कि वह साबित करे कि जैबुननिशा ने पति की मौत के बाद अपनी मर्जी से और पूरी समझदारी से वसीयत के लिए सहमति दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ चुप रहने या केस दायर करने में देरी करने को रजामंदी नहीं माना जा सकता। इस मामले में कोई भी गवाह यह साबित नहीं कर पाया कि जैबुननिशा ने पूरी जायदाद वसीयत करने की इजाजत दी थी। हाईकोर्ट ने निरस्त किया लोअर कोर्ट का आदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अगर सिकंदर की वसीयत असली भी होती, तब भी वह जायदाद का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा नहीं मांग सकता था। हाईकोर्ट ने लोअर कोर्ट के फैसलों को रद्द कर दिया और इस बात पर जोर दिया है कि वारिसों के हक की हिफाजत मुस्लिम कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है। कोर्ट ने कहा, ‘कानूनी एक तिहाई से ज्यादा की वसीयत वारिसों की मौत के बाद की रजामंदी के बिना प्रभावी नहीं हो सकती।

अमेरिका ने पाकिस्तान की दुखती रग पर रखा हाथ, विश्व कप से पहले बढ़ेगा दबाव

कोलंबो टी20 विश्व कप में मंगलवार को ग्रुप ए के मुकाबले में शाम 7 बजे कोलंबो में पाकिस्तान और अमेरिका की टीमें आमने-सामने होंगी। पिछले वर्ल्ड कप में यूएस की टीम ने पाकिस्तान को सुपर ओवर तक चले मैच में शिकस्त देकर बड़ा उलटफेर किया था। अब इस बार मुकाबले से पहले अमेरिका ने पाकिस्तान की उस दुखती रग पर हाथ रख दिया है। अमेरिकी स्पिनर मोहम्मद मोहसिन ने पाकिस्तान को पिछली हार की याद दिलाते हुए कहा है कि उनकी टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल है। मुकाबले से पहले सलमान अली आगा के नेतृत्व वाली टीम को चेतावनी देते हुए मोहसिन ने कहा, ‘पिछला मैच हारने की वजह से पाकिस्तान के ऊपर दबाव होगा।’ मोहसिन पाकिस्तानी मूल के हैं और वह 5 साल पहले अमेरिका शिफ्ट होने से पहले पाकिस्तान में काफी क्रिकेट खेले हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं पाकिस्तान टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूं, इसलिए मैंने टीम को इनपुट दिया है और अब हम और ज्यादा कुशल और विश्वास से भरी टीम हैं।’ जब अमेरिका ने पाकिस्तान को 22 गज की पट्टी पर चटाई थी धूल पिछले वर्ल्ड कप में अमेरिका ने पाकिस्तान को हराकर चौंका दिया था। वो मैच काफी चर्चित रहा था और उसका फैसला सुपर ओवर में हुआ था। डलास में 6 जून 2024 को खेले गए मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाए थे। जवाब में अमेरिका ने भी निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 159 रन ही बनाए। उसके बाद मैच सुपर ओवर में गया। सुपर ओवर में पाकिस्तान के सबसे अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने लचर गेंदबाजी की। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण ओवर में 3 वाइड फेंके। इसके अलावा विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान की गलती से ओवरथ्रो के रूप में भी अमेरिका को गिफ्ट मिला। अमेरिकी टीम ने सुपर ओवर में 1 विकेट खोकर कुल 18 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान सुपर ओवर में 1 विकेट खोकर सिर्फ 13 रन ही बना सका और उसे हार का सामना करना पड़ा था। इस बार पहले ही मैच में अमेरिका ने भारत की बढ़ा दी थी टेंशन पिछले वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ऊपर अमेरिका की जीत को तुक्का समझने की भूल किसी भी टीम को भारी पड़ सकती है। इस बार भारत के पहले ही मुकाबले में अमेरिका ने ये साबित भी कर दिया। भारत की बेजोड़ बल्लेबाजी को अमेरिकी गेंदबाजों ने पूरी तरह अंकुश में रखा। एक समय तो 76 रन पर भारत के 6 विकेट गिर चुके थे। भला हो कप्तान सूर्यकुमार यादव के नाबाद 84 रनों की जबरदस्त पारी का जो टीम 9 विकेट के नुकसान पर 161 रन का स्कोर खड़ा कर पाई। जवाब में अमेरिका की टीम 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी और इस तरह टीम इंडिया ने मैच 29 रनों से जीता।

CM विष्णु देव साय की मौजूदगी में IT विभाग और STPI के बीच हुआ समझौता

रायपुर छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।                मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

गोपाल भार्गव का बड़ा खुलासा: दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस में शामिल होने का दिया था ऑफर, मैंने कहा- मैं टिकाऊ हूं, बिकाऊ नहीं

भोपाल/सागर  मध्य प्रदेश की राजनीति में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और संगठनात्मक सम्मान को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है. इसकी वजह बने हैं भाजपा के कद्दावर नेता और रहली विधायक गोपाल भार्गव, जिनका सार्वजनिक मंच से दिया गया बयान सियासी हलकों में दूर तक गूंज रहा है. सागर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गोपाल भार्गव ने न सिर्फ अपने लंबे राजनीतिक संघर्ष का जिक्र किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि राजनीति में उपेक्षा किसी भी नेता को भीतर से तोड़ सकती है. उनके शब्दों में दर्द भी था और अनुभव की गंभीरता भी. जिस तरह उन्होंने अपने जीवन के तीन दशक से अधिक समय को पार्टी और संगठन को समर्पित करने की बात कही, उसने यह संकेत दिया कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत असंतोष का नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और सम्मान से जुड़ा बड़ा सवाल है. गोपाल भार्गव बोले-मैं टिकाऊं, बिकाऊं नहीं  गोपाल भार्गव ने कहा ‘राजनीति में उपेक्षा किसी भी व्यक्ति को भीतर से तोड़ देती है, कई बार सरकार में बात नहीं सुनी जाती तो भी मन टूट जाता है. उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने तो 20 साल संघर्ष किया है, अपनी मांगे रखता रहा, जूझता रहा. लेकिन जब सरकार नहीं मानती तो मन टूट जाता है. मैंने 20 साल मन को बांधे रखा, उस दौरान कई मंत्री यहां तक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कहते थे कि गोपालजी बीजेपी में क्या रखा है, कुछ नहीं है, आप तो हमारे पास आ जाओ, मैं आपको किसी अच्छे विभाग का मंत्री बना दूंगा, लेकिन तब मैंने भी कहा दिया था कि  राजा साहब एक बात कहता हूं, ये माल टिकाऊ है बिकाऊ नहीं है. मैं 20 साल विपक्ष में रहा, लेकिन यहां तो लोग 20 महीने में पलटी मार जाते हैं.  9 बार के अपराजेय विधायक गोपाल भार्गव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मोहन यादव सरकार की कैबिनेट को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं. वरिष्ठ होने के बावजूद मंत्री पद न मिलना और संगठनात्मक फैसलों में कथित अनदेखी, इन सभी बातों ने उनके शब्दों को और अधिक अर्थपूर्ण बना दिया है. जब उन्होंने कहा कि उन्होंने 20 साल तक कठिन परिस्थितियों में खुद को टिकाए रखा, जबकि आज के दौर में लोग 20 महीने भी नहीं टिक पाते, तो यह सिर्फ आत्मकथा नहीं थी, बल्कि वर्तमान राजनीतिक संस्कृति पर सीधा कटाक्ष था. यही वजह है कि उनका “मैं टिकाऊ हूं, बिकाऊ नहीं” वाला बयान अब सिर्फ एक संवाद नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में वैचारिक निष्ठा बनाम अवसरवाद की बहस का प्रतीक बन गया है. राजनीति में उपेक्षा का दर्द, अनुभव और योगदान की अनदेखी से गहरी हुई पीड़ा  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपाल भार्गव ने साफ शब्दों में कहा कि जब किसी जनप्रतिनिधि की बात सरकार या संगठन नहीं सुनता, तो उसका मनोबल टूटता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि उपेक्षा किसी को भी भीतर से कमजोर कर सकती है. यह बयान उस मानसिक स्थिति को दर्शाता है, जिससे अक्सर लंबे समय तक सेवा देने वाले वरिष्ठ नेता गुजरते हैं. राजनीति में पद और प्रभाव भले बदलते रहते हों, लेकिन अनुभव और योगदान की अनदेखी गहरी पीड़ा पैदा करती है. भार्गव के शब्दों में यही पीड़ा झलकती है. “मैं टिकाऊ हूं, बिकाऊ नहीं” का सियासी संदेश गोपाल भार्गव के बयान का सबसे चर्चित हिस्सा तब सामने आया, जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के प्रस्ताव का जिक्र किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, क्योंकि वे बिकाऊ नहीं हैं. यह टिप्पणी सिर्फ एक घटना का जिक्र नहीं थी, बल्कि उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता और राजनीतिक ईमानदारी का सार्वजनिक ऐलान भी थी. भाजपा के भीतर इसे निष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे संगठन के अंदर असंतोष की स्वीकारोक्ति के रूप में देख रहा है. पूरा जीवन पार्टी को समर्पित कर दिया, अपेक्षित सम्मान नहीं  गोपाल भार्गव ने यह भी कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन पार्टी को समर्पित कर दिया है. उन्होंने कई बार चुनाव जीते, संगठन को मजबूत किया और सरकार में रहते हुए अहम विभागों की जिम्मेदारी निभाई. इसके बावजूद जब अपेक्षित सम्मान नहीं मिलता, तो पीड़ा स्वाभाविक है. उनका यह बयान भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं की आवाज बनता दिख रहा है, जो खुद को हाशिए पर महसूस कर रहे हैं. भाजपा में वरिष्ठता और अनुभव का सवाल गोपाल भार्गव का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा है. वे रहली विधानसभा से लगातार विधायक चुने गए हैं और कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं. संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनका अनुभव उन्हें भाजपा के मजबूत स्तंभों में शामिल करता है. जनता ने मेरा साथ दिया  गोपाल भार्गव ने कहा ‘हमने उस दौरान बहुत कोशिश की है, जब हमारी सरकार आएंगी तो हमने अपने क्षेत्र का विकास करवाएंगे, इस दौरान जनता ने भी मेरा पूरा साथ दिया है, आज जनता के साथ होने से ही क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं.’ गोपाल भार्गव का यह बयान अहम माना जा रहा है, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एक तरह से उन्होंने न केवल अपनी पीड़ा जाहिर की है, साथ ही यह भी बताया है कि वह पार्टी के प्रति हमेशा वैचारिक प्रतिबद्धता और राजनीतिक ईमानदारी से काम करते रहे हैं.  गोपाल भार्गव रिकॉर्ड 9वीं बार विधायक  गोपाल भार्गव वर्तमान में मध्य प्रदेश विधानसभा में सबसे सीनियर विधायक हैं, वह सागर जिले की रहली विधानसभा सीट से लगातार 9वीं बार 2023 में विधायक चुने गए थे. वह 2003 से 2013 तक लगातार अलग-अलग विभागों के मंत्री रहे, जबकि 15 महीने की कमलनाथ सरकार के दौरान वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं, इसके अलावा 2023 तक वह फिर से मंत्री रहे हैं, लेकिन नई सरकार में उन्हें जिम्मेदारी नहीं मिली है. बीजेपी में गोपाल भार्गव के प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को अहम माना जाता है. ऐसे में उनका यह बयान फिलहाल चर्चा में बना हुआ है.   मोहन कैबिनेट से बाहर रहने की पीड़ा मुख्यमंत्री मोहन यादव की वर्तमान कैबिनेट में गोपाल भार्गव को मंत्री पद नहीं मिला. इसके बाद से ही उनके … Read more

राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर साइन नहीं किया, कांग्रेस ने बताई वजह

 नई दिल्ली विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. अब विपक्षी ने लोकसभा सेक्रेटरी जनरल को बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंप दिया है. इसमें कांग्रेस, DMK, समाजवादी पार्टी जैसे दलों के करीब 120 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर साइन किए हैं. लोकसभा के महासचिव को सौंपे गए नोटिस के बाद ओम बिरला ने खुद को सदन की कार्यवाही के संचालन से अलग कर लिया है और मंगलवार को वह सदन की कार्यवाही का संचालन करने आसन पर नहीं आए. अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी ने हस्ताक्षर नहीं किया है. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को देखते हुए विपक्ष के नेता के द्वारा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर करना ठीक नहीं है. विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया. बिरला ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका था. विपक्ष ने नोटिस में कहा है कि सदन में स्पीकर की टिप्पणी से कांग्रेस सदस्यों पर साफ़ तौर पर झूठे आरोप लगे. अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर से TMC का इनकार संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार गतिरोध देखने को मिल रहा है. विपक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है. इसके चलते कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला से बेहद नाराज हैं. यही कारण है कि विपक्षी पार्टियां उनके खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने जा रही है. हालांकि इस बार विपक्ष बंटा हुआ नजर आ रहा है. विपक्ष की सबसे प्रमुख पार्टियों में से एक तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा अध्‍यक्ष के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर हस्‍ताक्षर नहीं किए हैं. तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ब्रह्मास्‍त्र का इस्‍तेमाल पहले क्‍यों किया जाए.  लोकसभा अध्‍यक्ष के खिलाफ जब पूरा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है, तृणमूल कांग्रेस ने अलग रुख अपनाया है. टीएमसी ने स्‍पीकर के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर हस्‍ताक्षर नहीं किए हैं. इसे लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सफाई दी है. स्‍पीकर को साझा चिट्ठी लिखनी चाहिए थी: बनर्जी  उन्‍होंने एनडीटीवी से कहा कि हमारी राय में पहले विपक्ष को अपनी मांगों को लेकर स्पीकर को एक साझा चिट्ठी लिखनी चाहिए थी और तीन दिनों का समय देना चाहिए था.  पहले ही ब्रह्मास्‍त्र का इस्‍तेमाल क्‍यों करें: बनर्जी  उन्‍होंने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं होती तो फिर तीन दिन बाद अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देना चाहिए था, तब टीएमसी भी इसमें साथ देती. उन्‍होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव आखिरी कदम है, पहले ही ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल क्यों करें. अभिषेक बनर्जी चाहे कोई भी तर्क दें, लेकिन इससे संदेश ठीक नहीं है. जानकार कहते हैं कि विपक्षी एकता की बात करने वाले इंडिया गठबंधन के दलों के बीच इस तरह की स्थिति बताती है कि ऐसे मतभेद सामूहिक प्रयासों को ही कमजोर करते हैं.  विपक्ष क्यों लेकर आई अविश्वास प्रस्ताव विपक्षी नेताओं का आरोप है कि स्पीकर सदन में पक्षपाती रवैया अपनाते हैं। विपक्ष की आवाज को दबाया जाता है। प्रियंका गांधी ने कहा कि स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है। ‘बहुत ही जरूरी कदम…’ कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर बी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “विपक्ष ने संवैधानिक मर्यादा में अपना भरोसा रखा है. माननीय स्पीकर का पर्सनल सम्मान करते हुए भी, हम विपक्षी MPs को पब्लिक इंपॉर्टेंस के मुद्दे उठाने का मौका लगातार न देने से दुखी और परेशान हैं. कई सालों के बाद, स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस नोटिस दिया गया है. यह एक बहुत ही जरूरी कदम है.”

‘बस्तर पंडुम’ बस्तर की बदली पहचान का सशक्त प्रतीक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ बस्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताते हुए इससे जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त प्रतीक के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रभावी संदेश देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में भरोसे और सहभागिता का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों तक निरंतर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मध्य प्रदेश: 60 जवानों को प्रमोशन, बालाघाट में बन रहा अमर जवान ज्योति स्मारक

 बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बालाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ों में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले 60 जवानों को नियमों से हटकर पदोन्नति प्रदान की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य की शांति और सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री यादव ने बालाघाट जिले में आईएसओ मानकों के अनुसार विकसित किए गए 32 थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों का रिमोट से उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हॉक फोर्स और पुलिस कर्मियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बालाघाट नाम में ही शक्ति निहित है। अपने दृढ़ संकल्प से इस जिले ने यह साबित कर दिया है कि नक्सलवाद जैसी हिमालयी चुनौती का भी अंत किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रभावी अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और राज्य में लाल सलाम को अंतिम विदाई दी। मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने में हॉक फोर्स के बहादुर जवानों की भूमिका वाकई सराहनीय है। बालाघाट कभी नक्सलियों के खून-खराबे का अड्डा हुआ करता था, लेकिन सुरक्षा बलों की बहादुरी, पुलिस के दृढ़ संकल्प और जनता के भरोसे ने मिलकर इस क्षेत्र को नक्सली आतंक की जंजीरों से मुक्त कराया। राज्य सरकार अमर जवान ज्योति के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त है। नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था कर रही है कि नक्सलियों को दोबारा पैर जमाने का मौका कभी न मिले। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल-खिड़की सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि आदिवासी समुदायों को वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शिविरों का आयोजन किया गया है। बालाघाट में अमर जवान ज्योति बनेगा मुख्यमंत्री ने इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित करते हुए महाकौशल क्षेत्र के बालाघाट में कृषि मंत्रिमंडल की बैठक की घोषणा की। बालाघाट में अमर जवान ज्योति नक्सल मुक्त अभियान की स्मृति के रूप में स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता के लिए पुलिसकर्मियों को बधाई दी।

गिरवानी और कन्हर एनीकट के लिए 7.69 करोड़ स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर रामानुजगंज जिले के अंतर्गत दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.69 करोड़ की राशि स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यो में विकासखण्ड-रामचंद्रपुर की रामानुजगंज शहर के कन्हर एनीकट के जीर्णोद्धार व घाट निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 11 लाख 87 हजार  रुपये स्वीकृत किये गये है।  योजना के निर्माण से भू-जल संवर्धन निस्तारी एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह से विकासखण्ड-रामचंद्रपुर की गिरवानी नदी एनीकट योजना के निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 57 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना से जल संवर्धन निस्तारी, पेयजल एवं आवागमन के साथ किसानों द्वारा स्वयं के साधनो से 75 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों को कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई हैं।

बसनारा और पहिया जलाशय योजना के लिए 5.61 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा सूरजपुर जिले की दो जलाशय योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 61 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-ओड़गी की बसनारा जलाशय का मरम्मत (जीर्णोद्वार) कार्य के लिए एक करोड 26 लाख 66 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।  योजना के प्रस्तावित कार्यो के पूर्ण हो जाने से रूपांकित सिंचाई क्षमता 60 हेक्टेयर के विरूद्ध 30 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसी तरह विकासखण्ड प्रतापपुर की पहिया जलाशय योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 34 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के निर्माण से 100 हेक्टेयर खरीफ एवं 30 हेक्टेयर रबी सहित कुल 130 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

बांग्लादेश प्रधानमंत्री चुनाव से पहले सर्वे का खुलासा: भारत विरोधी जमात की हालत और भविष्य

ढाका  बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले माहौल काफी गर्म हैं। इस बार बांग्लादेश में भारत विरोधी ताकतें भी चुनाव में पूरा जोर लगा रही हैं। वहीं अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग को बैन कर दिया गया है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुआई में अंतरिम सरकार चल रही है। वहीं अब उम्मीद है कि बांग्लादेश को पूर्णकालिक प्रधानमंत्री मिल जाएगा। किसके बीच है मुकाबला इस बार बांग्लादेश में मुख्य मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की अगुआई वाली बीएनपी और कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। जमात-ए-इस्लामी का प्रमुख मुद्दा ही अल्पसंख्यकों और भारत के विरोध में रहता है। वहीं बीएनपी का अजेंडा भी भारत के समर्थन में कभी नहीं रहा है। क्या कहता है चुनाव पूर्व का सर्वे बांग्लादेश के अखबार प्रथोमोलो ने इस चुनाव को लेकर सर्वे करवाया है। इसके मुताबिक बीएनपी को 200 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं और तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री हो सकते हैं। तारिक रहमान लंबे समय के बाद ब्रिटेन से बांग्लादेश लौटे है। सर्वे के मुताबिक बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) पूर्ण बहुतम मिल सकता है। वहीं भारत विरोधी जमात की हालत बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि वह विपक्ष की भूमिका अदा कर सकता है। जमात-ए-इस्लामी शफीकुर्रहमान के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। सर्वे में बताया गया है कि बीएनपी 200 से ज्यादा सीटें जीत सकती है वहीं, जमात-ए-इस्लामी 50 के आसपास सीटें जीत सकता है। बांग्लादेश की जातीय पार्टी के खाते में 3 सीटें जा सकती हैं। बाकी सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में जाने का अनुमान है। बता दें कि बांग्लादेश की संसद निर्वाचिन के लिए कुल सीटों की संख्या 350 है। 300 सदस्यों को जनता चुनती है और 50 सदस्यों का सीधा निर्वाचन होता है। भारत की तरह बांग्लादेश में भी सांसदों का कार्यकाल पांच साल का होता है। बांग्लादेश में बनेगी किसकी सरकार? सर्वे ने किया इशारा बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है. इसके बाद अब कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार प्रचार नहीं कर सकेगा. मतदान संसद की कुल 300 में से 299 सीटों पर होगा. एक सीट पर चुनाव नहीं हो रहा है. इसके साथ ही मतदाता जुलाई चार्टर पर एक जनमत संग्रह में भी हिस्सा लेंगे. इस चुनाव के लिए भारत ने कोई चुनाव पर्यवेक्षक नहीं भेजा है. वहीं अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई है, जिसका विरोध शेख हसीना कर रही हैं. बांग्लादेश में चुनाव प्रचार 22 जनवरी से शुरू हुआ था. इस दौरान 299 सीटों के लिए 1,981 उम्मीदवार मैदान में हैं और करीब 12.7 करोड़ पंजीकृत मतदाता वोट डालेंगे. चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से दो बड़े गठबंधनों के बीच माना जा रहा है. एक तरफ तारिक रहमान के नेतृत्व वाला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन है, जिसे 33 से 35 फीसदी समर्थन अकेले ही मिलने का अनुमान है. दूसरी तरफ जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व वाला 11 दलों का गठबंधन है, जिसे 30 से 34 फीसदी समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है. सबसे बुरी खबर तो जमात-ए-इस्लामी के लिए है. निकल गई जमात-ए-इस्लामी की अकड़ अन्य सर्वे क्या कहते हैं? हालांकि एक अन्य सर्वे में मुकाबला काफी करीबी बताया गया है. इस सर्वे के मुताबिक बीएनपी गठबंधन को 44.1 फीसदी और जमात गठबंधन को 43.9 फीसदी वोट मिल सकते हैं. इसमें कहा गया है कि जमात गठबंधन 105 सीटों और बीएनपी गठबंधन 101 सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है. चुनाव के नतीजे 13 फरवरी को घोषित किए जाएंगे. चुनाव के साथ ही जनमत संग्रह भी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने अपने देश के लोगों से 12 फरवरी को आम चुनावों के साथ-साथ होने वाले जनमत संग्रह में ‘हां’ में वोट देने और उनके प्रस्तावित सुधार पैकेज का समर्थन करने की जोरदार अपील की। यूनुस ने सोमवार देर रात वरिष्ठ सचिवों और शीर्ष नौकरशाहों को संबोधित करते हुए कहा, ”यदि जनमत संग्रह के दौरान ‘हां’ में अधिक वोट मिलते हैं तो बांग्लादेश के भविष्य का निर्माण अधिक सकारात्मक तरीके से होगा।” यूनुस ने कहा कि जनमत संग्रह के दौरान यदि लोग ‘हां’ में वोट करते है तो इससे ”कुशासन” दूर करने में मदद मिलेगी। यूनुस का प्रशासन जटिल 84-सूत्रीय सुधार पैकेज को लेकर जनता का समर्थन हासिल करने के लिए पिछले कई हफ्तों से सक्रिय अभियान चला रहा है।

नारी शक्ति का प्रतीक आशा, 2500Km का सफर तय कर रही—आर्मी डे पर शुरू की थी साइकल यात्रा

राजगढ़ राजगढ़ जिले की रहने वाली साइक्लिस्ट आशा मालवीय ने अपनी भारत यात्रा के तहत लगभग 2550 किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। बीती रात वह जयपुर, राजस्थान से गुजरात यात्रा करते हुए पीथमपुर पहुंचीं, जहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे महू के लिए रवाना हुईं। आशा मालवीय ने यह यात्रा आर्मी डे 15 जनवरी के अवसर पर जयपुर से शुरू की थी। उनकी कुल यात्रा 7500 किलोमीटर की है, जो जयपुर से अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य नारी शक्ति, देशभक्ति और अदम्य साहस का संदेश देना है। मालवीय ने जानकारी दी कि वर्तमान यात्रा से पहले भी वह लगभग 60 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्राएं कर चुकी हैं। वह एक एथलीट भी रह चुकी हैं। पुलिस ने प्रोटोकॉल के तहत सीमा तक छोड़ा पीथमपुर के सेक्टर एक थाना क्षेत्र में संजय जलाशय चौकी प्रभारी अजय भदौरिया, सहायक उप निरीक्षक राजेश चौहान और हेड कांस्टेबल मंजीत सिंह ने आशा मालवीय की आगवानी की। सेक्टर एक थाना पुलिस ने उन्हें प्रोटोकॉल के तहत अपनी सीमा से विदा किया और उनके साहस की सराहना की। किशनगंज थाना पुलिस के उप निरीक्षक सखाराम जामोद, सहायक उप निरीक्षक सुरेश यादव और हेड कांस्टेबल आशीष पारिख ने उन्हें महू के लिए रवाना किया। जहां वो रात रुकेंगी।

ग्वालियर में कलश यात्रा के दौरान भगदड़, महिला की मौत और कई घायल

ग्वालियर  ग्वालियर में नवग्रह पीठ मंदिर पर चल रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान कलश यात्रा में बड़ा हादसा हो गया. यात्रा में शामिल दो महिलाएं बुरी तरह घायल हो गईं जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों में रति साहू, विमला और कला बाथम शामिल हैं. सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. जानकारी के अनुसार पूर्व गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा नवग्रह मंदिर पर प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन करा रहे थे. इसी कार्यक्रम के तहत कलश यात्रा निकाली गई थी जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे. यात्रा के दौरान किसी कारणवश हादसा हो गया जिससे महिलाएं घायल हो गईं. मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चिल्लाने-चिल्लाने लगे. आयोजन समिति और प्रशासन ने तुरंत घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और उनका इलाज शुरू कराया. पुलिस और प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति संभाली. नवग्रह पीठ पर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 20 फरवरी तक चलेगा जिसमें विभिन्न अनुष्ठान और पूजा-अर्चना होंगे. घटना के बाद श्रद्धालुओं में चिंता है लेकिन आयोजकों ने कहा कि सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं और आगे ऐसी घटना नहीं होने दी जाएगी. पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: 6,412 जोड़ें आज शादी के लिए बंधेंगे, मुख्यमंत्री देंगे आशीर्वाद

रायपुर  छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी को सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बड़ा दृश्य देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे. यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे, जबकि अन्य जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे. नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी. इसके अलावा 15 हजार रुपये की उपहार सामग्री और विवाह आयोजन की अन्य व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा की जाएंगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और सामाजिक गरिमा के साथ बेटियों का विवाह संभव हो पाता है. हर धर्म, हर समाज की होगी भागीदारी इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामाजिक विविधता भी दिखाई देगी. कुल विवाहों में से 6,281 हिंदू रीति रिवाज से, 3 इस्लामिक रीति रिवाज से, 113 ईसाई रीति रिवाज से, 5 बौद्ध रीति रिवाज से कराए जाएंगे. इसके अलावा, 10 बैगा समुदाय के जोड़े भी इस कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधेंगे. यानी यह आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देगा. इन जिलों के जोड़े कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ेंगे इस कार्यक्रम से बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़ेंगे। शेष जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संबंधित प्रभारी मंत्री एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से राज्य शासन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान कर रहा है। यह वृहद आयोजन सामाजिक समानता, समरसता एवं जनकल्याणकारी शासन के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण सहायता दी जाएगी. इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से होगी. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का संदेश देती है. एक ही मंच पर हजारों जोड़ों का विवाह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है, वहीं कुपोषण मुक्त अभियान भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने की दिशा में अहम कदम है. छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी का दिन सामाजिक उत्सव और जनहित योजनाओं के संगम के रूप में याद किया जाएगा.

MP में बर्फ पिघलने के बाद ठंडी हवाएं, अगले 2 दिन तेज ठंड नहीं, ग्वालियर-चंबल में ज्यादा असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड से फिलहाल थोड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन प्रदेश में तापमान बढ़ेगा और दिन में सर्दी का असर कम रहेगा। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही पहाड़ी इलाकों में सक्रिय सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज होगी, वैसे ही उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं एक बार फिर प्रदेश में ठंड बढ़ा देंगी। फरवरी महीने में मौसम का मिजाज बार-बार बदलता रहेगा। फिलहाल प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है।  पहाड़ी इलाकों की बर्फ से बढ़ी एमपी में ठंड भोपाल के मौसम वैज्ञानिक डॉ अरुन शर्मा के मुताबिक, पहाड़ों के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन आगे बढ़ रहा है. जैसे ही यह सिस्टम कमजोर होगा और बर्फ पिघलेगी, उसके बाद उत्तर से ठंडी हवाएं फिर से प्रदेश में असर दिखाएंगी. इसी कारण फरवरी महीने में मौसम में बार-बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. अब धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में सोमवार को दिनभर तेज धूप रही. इससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि, रात और तड़के सुबह ठंड का असर अभी बना रहेगा, लेकिन पारा धीरे-धीरे ऊपर चढ़ेगा. 13 से 15 फरवरी के बीच फिर बढ़ेगी ठंड एमपी के मौसम को लेकर मौसम विभाग का कहना है कि सिस्टम गुजरने के बाद 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट आएगी. इस दौरान उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण एक बार फिर ठिठुरन बढ़ सकती है. प्रदेश में कटनी का इलाका सबसे ठंडा, तापमान 5.9 दर्ज रविवार-सोमवार की रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. जहां प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान कटनी का करौंदी रहा, यहां तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा खजुराहो में तापमान 6.4 दर्ज हुआ तो शहडोल के कल्याणपुर में 6.6 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8 तक पारा दर्ज हुआ है.  बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक पांडे ने बताया, सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट होगी और ठंड का असर बढ़ जाएगी। उत्तर से ठंडी हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश के 13 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा कटनी का करौंदी रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4 डिग्री, अमरकंटक में 7.8 डिग्री, दतिया में 8.1 डिग्री, रीवा में 8.3 डिग्री, राजगढ़ में 8.6 डिग्री, उमरिया में 8.8 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, मंडला में 9.4 डिग्री, मलाजखंड में 9.5 डिग्री और नौगांव में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे कम 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 12.4 डिग्री और जबलपुर में 11.4 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों के मौसम का हाल  मध्यप्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 11.2, ग्वालियर में 10.6, उज्जैन में 12.4 और जबलपुर में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. अगले दो दिन का मौसम अनुमान एमपी में 11 फरवरी को दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी. दिन में धूप तेज रहेगी. एमपी में 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है. ठंड का असर मुख्य रूप से रात और सुबह के समय ही रहेगा.

बड़ी डील: US ने बांग्लादेश से किया समझौता, ट्रंप ने घटाए टैरिफ और यूनुस को किया सलाम

ढाका  भारत के बाद अमेरिका ने बांग्लादेश से भी डील कर ली है। खबर है कि अमेरिका सरकार ने बांग्लादेश पर लगाए टैरिफ को कम किया है। साथ ही कुछ कपड़ा उत्पादों पर शुल्क शून्य करने का भी फैसला किया है। खास बात है कि यह डील ऐसे समय पर हुई है, जब खबरें थीं कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस डील जल्द ही अमेरिका के साथ सीक्रेट डील करने वाले हैं। अमेरिका ने बांग्लादेश पर लगाए 20 फीसदी टैरिफ को घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही कुछ ऐसे कपड़ों पर जवाबी टैरिफ शून्य कर दिया है, जिन्हें बनाने का सामान अमेरिका से आयात किया जाता है। सोमवार को दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय समझौता हुआ। दोनों देशों की तरफ से औपचारिक अधिसूचना जारी किए जाने के बाद यह समझौता प्रभाव में आ जाएगा। खबर है कि बांग्लादेश की तरफ से कॉमर्स एडवाइजर शेख बशीरुद्दीन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलील उर रहमान की तरफ से दस्तखत किए गए। जबकि, अमेरिकी पक्ष की तरफ से राजदूत जेमीसन ग्रीर मौजूद रहे। ग्रीर ने इस समझौते के लिए यूनुस और उनकी वार्ताकार टीम की तारीफ भी की है। उन्होंने कहा है कि यह समझौता अमेरिकी व्यापार नीति में बांग्लादेश की स्थिति को मजबूत करेगा। गारमेंट सेक्टर को बड़ी राहत दरअसल, गारमेंट सेक्टर बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। बांग्लादेश को निर्यात से करीब 80 प्रतिशत आय इसी से होती है। इसमें 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं और इनमें मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि कम टैरिफ रेट बांग्लादेशी निर्माताओं को अमेरिका बाजार में टिके रहने का मौका देंगे। पहले कितना था टैरिफ बीते साल अप्रैल में अमेरिका ने जवाबी शुल्क का ऐलान किया था। उस दौरान बांग्लादेश पर 37 फीसदी टैरिफ लगाया गया था। बाद में अगस्त में इसे घटाकर 20 प्रतिशत किया गया था। अब ताजा समझौते के बाद यह घटकर 19 फीसदी पर आ गया है।

महाशिवरात्रि पर छोटा महादेव भोपाली की गुफा में नहीं मिलेगा श्रद्धालुओं को प्रवेश

बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल छोटा महादेव भोपाली में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को गुफा दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए गुफा तक पहुंच पर प्रतिबंध जारी रखने का निर्णय लिया है। शिवलिंग के दर्शन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए गुफा में विराजित शिवलिंग के दर्शन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कराए जाएंगे। शाहपुर एसडीएम प्रपंज आर के अनुसार हाल ही में चार विभागों की संयुक्त टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया। स्थिति पूर्व वर्षों की तुलना में और जोखिमपूर्ण हो गई है इंजीनियरों के साथ की गई तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र की स्थिति पूर्व वर्षों की तुलना में और अधिक जोखिमपूर्ण हो गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका बनी हुई है। प्रशासन के अनुसार वर्ष 2014 से छोटा महादेव क्षेत्र की पहाड़ियों में दरारें दिखाई देने लगी थीं। बारिश के कारण ये दरारें और चौड़ी हो गई हैं समय-समय पर हुई भारी बारिश के कारण ये दरारें और चौड़ी हो गई हैं। शिवलिंग गुफा के ऊपर स्थित काला बाबा मंदिर और झरना क्षेत्र के बीच दरारों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके चलते इस पूरे हिस्से को असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।  

खरगोन के प्राइवेट स्कूल में बड़ी चूक: 12वीं के 13 छात्र नहीं दे पाए अंग्रेजी का पेपर

खरगोन  खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए. जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई.  लापरवाही की हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन परीक्षा के 2 दिन पहले तक भी नहीं जागा. मंगलवार  यानी 10 फरवरी को आयोजित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए जब बच्चों को सोमवार के दिन तक प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया तब यह पता चला कि बच्चों की फीस ही जमा नहीं की गई है. धीरे-धीरे सभी पालकों को पता चला तो गुस्साए पालक स्कूल पहुंच गए, यहां जमकर हंगामा हुआ.  इसके बाद सैकड़ों लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खंडवा वडोदरा स्टेट हाईवे पर गांधी प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. चक्का जाम आधी रात तक जारी रहा. थाना इंचार्ज और बीईओ दिनेश पटेल ने गुस्साए लोगों को समझने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना. स्कूल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अकाउंट में 3 लाख 73 हजार जमा किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मंगलवार को ही 12वीं के 13 बच्चों को अंग्रेजी के पेपर में शामिल होना था. कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने भी प्रयास किए, लेकिन पोर्टल बंद होने और समय की कमी के चलते मंगलवार सुबह होने वाले पेपर के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल सके. मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश पटेल का कहना है, छात्रों के फॉर्म तो भरवा गए, लेकिन उनकी फीस जमा नहीं की गई. इससे बच्चे परीक्षा से वंचित हुए हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को अवगत कराया गया है. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वे ही कार्रवाई करेंगे. 

गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार

गोविंदपुरा थाने पहुंचे पुलिस आयुक्त संजय कुमार   थाने में दर्ज आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड, लंबित प्रकरणों की जानकारी और बीटचार्ज का लिया जायजा  भोपाल  राजधानी भोपाल के नवागत पुलिस आयुक्त संजय कुमार लगातार थानों का जायजा ले रहे हैं। इसी कड़ी में पुलिस आयुक्त सोमवार रात गोविंदपुरा थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में दर्ज अपराधों की जानकारी और लंबित मामलों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने बीटचार्ट और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही थाने की स्वच्छता और आगंतुकों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। दरअसल नए पुलिस आयुक्त संजय कुमार की कार्य प्रणाली अन्य अधिकारियों से कुछ हटकर है। वह कार्यालय से दिशा निर्देश देने से ज्यादा जरूरी फील्ड में उतरकर काम करने में विश्वास रखते हैं। इसी के चलते पुलिस आयुक्त लगातार अलग-अलग थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त अपराधियों से सख्ती से निपटने और आमजनों से सद्व्यवहार करने की नसीहत पहले ही दे चुके हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थानों के निरीक्षण के बाद काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

10 फरवरी 2026: शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 84,300 पार, रुपया 90.77 प्रति डॉलर पर

मुंबई  एशियाई बाजारों में मजबूती और विदेशी निवेशकों के लगातार निवेश से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख बना रहा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुझान बड़े शेयरों की ओर रहा, जिससे प्रमुख सूचकांक नई ऊंचाइयों के करीब पहुंच गए. बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 247.01 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,312.76 अंक पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 80.25 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ़कर 25,947.55 अंक पर कारोबार करता दिखा. इन शेयरों में रही मजबूती सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अधिकांश के शेयर हरे निशान में रहे. इटर्नल, टाइटन, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मास्युटिकल्स, पावरग्रिड, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और टाटा स्टील के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. कुछ दिग्गज शेयरों में दबाव हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही. बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एशियन पेंट्स, इंडिगो, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक सीमित रही. एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे. वहीं चीन का एसएसई कंपोजिट लगभग स्थिर रहा. अमेरिकी शेयर बाजार भी सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजारों पर पड़ा. कच्चे तेल और रुपये की चाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.85 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. वहीं मुद्रा बाजार में रुपया दबाव में रहा. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 90.77 के स्तर पर पहुंच गया. विदेशी निवेशकों की बढ़ती भागीदारी शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को शुद्ध खरीदार रहे. उन्होंने 2,254.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों का निवेश करीब दो अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है, जिससे बाजार को मजबूती मिल रही है.

महाशिवरात्रि 2026 राशिफल: महालक्ष्मी राजयोग के साथ इन राशियों को होगा अपार धनलाभ

इस बार महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा और ठीक अगले दिन यानी 16 फरवरी को महाशिवरात्रि के व्रत का पारण किया जाएगा. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि बहुत ही खास मानी जा रही है क्योंकि अगले दिन यानी 16 फरवरी को चंद्रमा मकर राशि में प्रवेश करेंगे. जहां पहले से ही मंगल ग्रह मौजूद हैं. लगभग 18 महीनों बाद मंगल का मकर में आना इस युति को खास बना रहा है. इन दोनों ग्रहों के मिलन से महालक्ष्मी राजयोग बनने की स्थिति बन रही है, जिसे धन और प्रगति से जोड़कर देखा जाता है. माना जा रहा है कि इस योग से कुछ राशियों के लिए उन्नति के नए रास्ते खुल सकते हैं. तो आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है.  मेष राशि मेष राशि के लिए यह राजयोग कार्यक्षेत्र में उन्नति का संकेत दे रहा है. बेरोजगार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. बिजनेस करने वालों को नए प्रोजेक्ट या लाभदायक सौदे मिल सकते हैं. प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ सकता है, जो भविष्य में फायदेमंद रहेगा.  पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई लाभ मिल सकता है. परिवार में, खासकर पिता के साथ संबंध मधुर रहेंगे.  वृष राशि वृष राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिला सकता है. करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा, जिससे प्रमोशन या वेतन वृद्धि की संभावना बन सकती है. पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भी समय अनुकूल है, खासकर जो विदेश में शिक्षा का सपना देख रहे हैं. धार्मिक गतिविधियों या यात्राओं का योग भी बन सकता है. लंबे समय से अटकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं.  मकर राशि मकर राशि के लिए यह योग काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह आपकी ही राशि में बन रहा है. इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है और व्यक्तित्व में अलग चमक देखने को मिलेगी. जो लोग अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें नए अवसर मिल सकते हैं. साझेदारी में किया गया काम लाभ दे सकता है. वैवाहिक जीवन में तालमेल बेहतर रहेगा. अविवाहित लोगों के लिए रिश्ते की बातचीत आगे बढ़ सकती है. आप अपनी समझदारी और मेहनत से महत्वपूर्ण फैसले ले पाएंगे. 

Gold-Silver Rates Crash: चांदी ₹1.63 लाख सस्ती, सोना भी 5500 रुपये तक गिरा

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतें लगातार क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद बीते कुछ दिनों में रफ्तार पकड़ती हुई नजर आ रही थीं, लेकिन सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को ये फिर से बिखरी हुई नजर आ रही हैं. जी हां, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी की कीमत ओपनिंग के साथ ही करीब 5500 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो गई (Silver Price Fall), तो वहीं सोने की कीमत ने भी 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम का गोता लगा दिया. अपने हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं अब तक काफी सस्ती हो चुकी हैं. चांदी का वायदा भाव को 1.63 लाख रुपये तक कम हुआ है.  चांदी में तेजी पर अचानक ब्रेक  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमतों में बीते कुछ समय में आए क्रैश, तेजी और फिर गिरावट के बारे में, तो बीते 29 जनवरी को Silver Price रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए पहले बार ऐतिहासिक 4 लाख रुपये के स्तर के पार निकला था और 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई लेवल छू लिया था. इस स्तर को छूने के बाद ये कीमती धातु सिल्वर अगले ही दिन से क्रैश होनी शुरू हो गई, लेकिन बीते कुछ दिनों में ये ग्रीन जोन में भी नजर आई थी.  बात कमोडिटी मार्केट में कारोबार की करें, तो ओपन होने के साथ ही Silver Price अपने पिछले कारोबारी बंद के मुकाबले बुरी तरह टूट गया. सोमवार को ये एमसीएक्स पर 2,62,620 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही सस्ती होकर 2,56,864 रुपये तक फिसल गई. इस हिसाब से देखें, तो झटके में 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 Kg Silver Price 5,756 रुपये कम हो गया. वहीं हाई से ये 1,63,184 रुपये कम हो चुका है.  Gold रेट भी हो गया इतना कम  चांदी के बाद अब बात करें, सोने की कीमत में आई गिरावट (Gold Rate Fall) के बारे में, तो ये येलो मेटल सोमवार को एमसीएक्स पर तेजी के साथ कारोबार करते हुए 1,58,066 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और मंगलवार को खुलने के साथ ही गिरकर 1,56,001 रुपये पर आ गया. ऐसे में 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate 2,065 रुपये कम हो गया.  हाई से अब इतना सस्ता Gold सिल्वर प्राइस की तरह ही सोने ने भी बीते 29 जनवरी को ही अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था. इस लेवल पर पहुंचने के बाद Gold Rate Crash होना शुरू हो गया, लेकिन बीते हफ्ते इसमें फिर उछाल देखने को मिला था, तो सोमवार तक जारी रहा. अगर हाई  से गिरावट की बात करें, तो सोना 37,095 रुपये तक सस्ता हो चुका है.  विदेशी बाजार में भी हुआ सस्ता मंगलवार को सोने की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद अतंरराष्ट्रीय बाजार में ये 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बना हुआ है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुाबिक, स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.7% गिरकर 5,029.49 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) हो गई. इससे पहले सोमवार को डॉलर के एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर कमजोर होने के कारण सोना 2% उछला था, जबकि 29 जनवरी को कॉमेक्स पर इसने 5,594.82 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई टच किया था. गिरावट के पीछे की वजह देखें, तो निवेशक इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़ों से पहले सतर्क मोड में है.

प्रकृति संरक्षण, रोजगार और निवेश का समन्वित मॉडल बने इको-टूरिज़्म, स्थानीय सहभागिता अनिवार्य: मुख्यमंत्री

निजी क्षेत्र की भागीदारी से इको-टूरिज्म स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित हों: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, प्रदेश में इको-टूरिज्म विकास हेतु समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए प्रकृति संरक्षण, रोजगार और निवेश का समन्वित मॉडल बने इको-टूरिज़्म, स्थानीय सहभागिता अनिवार्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज़्म विकास बोर्ड की बैठक सप्ताहांत में दिल्ली-पलिया और लखनऊ पलिया बस सेवाएं शुरू हों: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म को रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाते हुए इसके लिए एक समग्र एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध जैवविविधता, वन क्षेत्रों और प्राकृतिक विरासत में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं निहित हैं, जिन्हें योजनाबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। इसके लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि इको-टूरिज्म को एक सशक्त और टिकाऊ उद्योग के रूप में विकसित किया जा सके। सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की बैठक मेंमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित इको-टूरिज्म स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छे होटल और स्तरीय रेस्टोरेंट, गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का कुसम्ही जंगल, अयोध्या का कुमारगंज क्षेत्र, गाजीपुर का कामाख्या वन पार्क तथा लखीमपुर खीरी की महेशपुर रेंज जैसे संभावनाशील क्षेत्रों को पीपीपी मॉडल के माध्यम से विकसित किया जाए और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जैवविविधता, प्राकृतिक संपदा, वेटलैंड, झीलें, वन्यजीव और नदी तंत्र केवल पर्यटन का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य का आधार हैं। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म आने वाले वर्षों में रोजगार, अर्थव्यवस्था, संरक्षण और वैश्विक पहचान का बड़ा स्तंभ बनेगा, इसलिए प्रत्येक जिले में सुरक्षित, स्वच्छ और सस्टेनेबल इको-टूरिज़्म मॉडल विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इको-टूरिज्म को प्रकृति संरक्षण, स्थानीय रोजगार, निजी निवेश और ग्रामीण विकास का मजबूत मॉडल बनाया जाए तथा इसके संचालन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए।  बैठक में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच दुधवा, पीलीभीत, रानीपुर और कतरनियाघाट टाइगर रिज़र्व सहित हैदरपुर, बखिरा, सूर सरोवर, समसपुर और नवाबगंज जैसे प्रमुख वेटलैंड्स में कुल 44 इको-टूरिज़्म इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। बोर्ड अब परिसंपत्तियों के मॉनेटाइजेशन और दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी पर काम कर रहा है, जिसके तहत इको लॉज, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और पर्यटक सुविधाओं के लिए पीपीपी मॉडल लागू किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कनेक्टिविटी सुधार पर जोर देते हुए कहा कि लखनऊ-पलिया और नई दिल्ली-पलिया के बीच सप्ताहांत एसी बस सेवा का संचालन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पीलीभीत-मैलानी-बहराइच के लिए क्षेत्रीय बस सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए और कहा कि परिवहन निगम के सफल मॉडल को देखते हुए इन सेवाओं का विस्तार अन्य इको-टूरिज़्म स्थलों तक किया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न जिलों जैसे अयोध्या, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, चित्रकूट, महराजगंज, प्रयागराज, बांदा, बहराइच, सीतापुर, उन्नाव, बलिया, इटावा, मैनपुरी आदि में नए पार्क, इंटरप्रिटेशन सेंटर, वेटलैंड विकास, बर्ड वॉचिंग टॉवर, ट्रेल्स, कैंपिंग और पर्यटक सुविधाओं पर आधारित कुल 31 नई परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। बोर्ड द्वारा एक एआई चैटबॉट और मोबाइल एप भी विकसित किया जा रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विकास की विभागीय गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना की गरिमामयी सहभागिता रही।

मथुरा में दिल दहला देने वाली घटना: परिवार के 5 लोग दूध में जहर मिलाकर खाते हैं, सभी की मौत

मथुरा  उत्तर प्रदेश के मथुरा से बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है. महावन थाना क्षेत्र के खप्परपुर गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खा लिया. इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी सहित तीन बच्चो की मौत हो गई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल ज़हर खाने के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए ले गई है. मृतक परिवार के घर के बाहर भारी तादात में लोग मौजूद है.

CJI सूर्यकांत का गंभीर बयान, 54 हजार करोड़ रुपये के गबन पर इन बैंकों की स्थिति पर उठाया सवाल

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल धोखाधड़ी के जरिये 54 हजार करोड़ रुपये के गबन को पूरी तरह से लूट और डकैती करार दिया। सोमवार को केंद्र सरकार को ऐसे मामलों से निपटने के लिए आरबीआई, बैंकों और दूरसंचार विभाग जैसे हितधारकों के साथ चर्चा करके मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का निर्देश दिया। न्यायालय ने डिजिटल अरेस्ट मामलों से जुड़े ‘खतरे’ पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि साइबर धोखाधड़ी को रोकने में बैंकों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे उन खातों में असामान्य और बड़े पैमाने का लेनदेन होने पर ग्राहकों को सतर्क करें, जिनका आम तौर पर छोटे लेनदेन के लिए उपयोग किया जाता है। पीठ ने कहा कि यदि 10,000 या 20,000 रुपये की राशि निकालने वाला कोई सेवानिवृत्त व्यक्ति अचानक बहुत बड़ी रकम निकालता है, तो बैंक को तुरंत अलर्ट जारी करना चाहिए। कई राज्यों के बजट से ज्यादा धोखाधड़ी की धनराशि पीठ ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के जरिये गबन की गई धनराशि कई छोटे राज्यों के बजट से अधिक है। अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराध बैंक अधिकारियों की मिलीभगत या उनकी लापरवाही के कारण हो सकते हैं। शीर्ष अदालत ने आरबीआई और बैंकों की ओर से समय पर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। CBI को किया शामिल अदालत ने सीबीआई को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की पहचान करने का निर्देश दिया और गुजरात तथा दिल्ली की सरकार से कहा कि वे इन मामलों में जांच के लिए सीबीआई को आवश्यक स्वीकृति प्रदान करें। शीर्ष अदालत ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट के शिकार लोगों को मुआवजा देने के मामलों में एक व्यावहारिक और उदार दृष्टिकोण अपनाए जाने की आवश्यकता है। अदालत ने याचिका को चार सप्ताह बाद अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। SOP तैयार सुनवाई की शुरुआत में, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने पीठ को बताया कि आरबीआई ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए बैंकों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का मसौदा तैयार किया है, जिसमें साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए खातों पर अस्थायी डेबिट होल्ड लगाए जाने जैसी कार्रवाई समेत कई प्रावधान हैं। अदालत ने कई नए निर्देश जारी करते हुए गृह मंत्रालय से कहा कि वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विचार करे और देशभर में लागू करने के लिए निर्देश जारी करे। AI के इस्तेमाल की सिफारिश न्यायमित्र के तौर पर पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता एनएस नप्पिनई ने कहा कि बैंकों को संदिग्ध लेनदेन के बारे में ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए जाने चाहिए और इसके लिए AI उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है। क्या बोला सुप्रीम कोर्ट पीठ ने कहा, ‘यदि करोड़ों रुपये का लेनदेन करने वाली कोई कारोबारी संस्था है, तो उस पर संदेह नहीं हो सकता। लेकिन यदि आमतौर पर 15,000 से 20,000 रुपये निकालने वाले पेंशनभोगी के खाते से अचानक 50 लाख, 70 लाख या एक करोड़ रुपये निकाले जा रहे हैं, तो बैंक के एआई से चलने वाले उपकरणों ने इसे संदिग्ध मानकर उसे अलर्ट क्यों नहीं किया?’ अटॉर्नी जनरल ने कहा कि RBI इस मुद्दे पर विचार करेगा। बैंकों पर भड़की अदालत इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, ‘समस्या यह है कि बैंक ज्यादातर व्यवसायिक मोड में काम कर रहे हैं, और यह स्वाभाविक भी है। लेकिन ऐसा करते हुए वे या तो अनजाने में या मिलीभगत से ऐसे मंच बनते जा रहे हैं, जिनके जरिये अपराध से अर्जित धन का तेज और निर्बाध लेनदेन हो रहा है।’ न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में ही यह दर्शाया गया है कि अप्रैल 2021 से नवंबर 2025 के बीच साइबर धोखाधड़ी के जरिये 52,000 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘ये बैंक अब एक बोझ बनते जा रहे हैं। बैंकों को यह समझना चाहिए कि वे धन के रखवाले हैं और उन्हें इसके प्रति अति-उत्साहित नहीं होना चाहिए। उस भरोसे को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। समस्या यह है कि ये बैंक ऐसे धोखेबाज़ों को ऋण भी देते हैं और फिर एनसीएलटी, एनसीएलएटी जैसी संस्थाएं सामने आती हैं, जब धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां दिवालिया कार्यवाहियों में उलझ जाती हैं।’ यह टिप्पणी उस समय की गई जब अटॉर्नी जनरल ने अदालत को बताया कि आरबीआई द्वारा लागू किए गए उपायों के दौरान ‘म्यूल’ बैंक खातों का पता चला है। डिजिटल अरेस्ट पर पहले से अलर्ट सुप्रीम कोर्ट पीठ ने 16 दिसंबर को केंद्र सरकार से कहा था कि वह डिजिटल अरेस्ट पीड़ितों के लिए मुआवजा सुनिश्चित करने के संबंध में न्यायमित्र के सुझावों पर विचार करे। साथ ही उसने साइबर अपराधियों द्वारा देश से बाहर ले जाई जा रही भारी धनराशि पर चिंता भी जताई थी। ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ स्वरूप है, जिसमें ठग कानून प्रवर्तन एजेंसियों, अदालतों या सरकारी विभागों के अधिकारियों के रूप में खुद को प्रस्तुत करके ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ितों को डराते-धमकाते हैं। वे पीड़ितों को उलझाकर रखते हैं और उन पर पैसे देने का दबाव डालते हैं। एक दिसंबर को शीर्ष अदालत ने सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट मामलों की एकीकृत, देशव्यापी जांच करने का निर्देश दिया था और आरबीआई से यह भी पूछा था कि वह साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों का पता लगाने और उन्हें ‘फ्रीज़’ करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग क्यों नहीं कर रहा है।

बांग्लादेश चुनाव में विवाद: ‘प्रो-इंडिया’ BNP और ‘अमेरिकी’ जमात के बीच खिंची जंग

ढाका     बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होना है. इस बीच राजनीति का माहौल गरम है. लोग रोज नई बातें सुनते हैं. खासकर यह कि किस पर किस देश का असर है. काफी बार कहा जा रहा है कि BNP और जमात-ए-इस्लामी विदेशी ताकतों से जुड़े हैं. कुछ लोग इसे सच मानते हैं. कुछ इसे दुष्प्रचार कहते हैं. लेकिन असल बात क्या है, इसे समझना जरूरी है. बांग्लादेश में आम तौर पर लोकल मुद्दे जबकि चुनाव का मुख्य विषय होना चाहिए. जैसे रोजगार, महंगाई और नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियां. लेकिन इस बार चीजें थोड़ी अलग हैं. चुनाव भले लोकल है, लेकिन दूसरे देशों के नाम जमकर उछाले जा रहे हैं. खासकर भारत और अमेरिका. पता लगाया जा रहा है कि कौन किसके साथ है. भारत और अमेरिका का पहले भी बांग्लादेश के चुनाव से रिश्ता रहा है. लेकिन इस बार तो पाकिस्तान और तुर्की का नाम भी उठ रहा है. प्रो अमेरिका जमात सबसे पहले बात जमात-ए-इस्लामी की. जमात पर यह आरोप तब उठे जब वॉशिंगटन पोस्ट अखबार में यह खबर छपी कि अमेरिका के कुछ राजनयिक मानते हैं कि जमात इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है. यह रिपोर्ट कहती थी कि शायद अमेरिका जमात के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करना चाहता है. यह भी इशारा किया गया था कि अमेरिका जमात को दोस्त मान सकता है. बाद में इस रिपोर्ट को लेकर बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों ने कहा कि अमेरिका सीधे जमात को सपोर्ट कर रहा है. यह बात जल्दी ही आग की तरह फैल गई. सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हुईं. लोगों ने इसी को आधार बनाकर कह दिया कि जमात अब अमेरिकी पार्टी बन चुकी है. जमात-ए-इस्लामी की तरफ से इसका जवाब भी आया. पार्टी के लोग कहते हैं कि किसी भी विदेशी देश से उनकी कोई सीधी दोस्ती या गठजोड़ नहीं है. उन्होंने कहा कि एक अखबार की रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं. उनका कहना है कि उनके पास किसी भी तरह का आधिकारिक अमेरिकी समर्थन नहीं है. क्या हुआ था कि कुछ बयानों में यह भी सुनने को मिला कि अमेरिका और जमात के नेता कुछ बातचीत कर रहे थे. जमात ने ब्रिटिश और अमेरिकी राजदूतों से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर बातें हुईं. इन बैठकों को कुछ लोगों ने बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया. इससे और अफवाहें पनपीं. BNP का भारत से गुप्त समझौता दूसरी तरफ BNP पर यह आरोप उभरने लगे कि वह प्रो-इंडिया पार्ट‍ी है. इसका आधार क्या है? इसके पीछे की कहानी थोड़ी अलग है. चुनाव शुरू होने से पहले कुछ नेताओं और सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह दावा किया कि BNP भारत के साथ किसी गुप्त समझौते के जरिये सत्ता में आना चाहती है. ऐसा कहा गया कि BNP के बड़े नेताओं ने भारत के प्रतिनिधियों से प्राइवेट बैठक की है. इन आरोपों को फैलाने वाले लोग यह भी कहते हैं कि BNP का नेतृत्व भारत के दबाव में काम कर रहा है. यह बात सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और कुछ भाषणों में सुनी गई. लोग इसे बार-बार दोहरा रहे हैं. धीरे-धीरे यह धारणा बन गई कि BNP प्रो-इंडिया है. BNP ने एक आधिकारिक बयान में इन बातों को गलत बताया. पार्टी ने कहा कि भारत के साथ कोई शर्तों वाला समझौता नहीं हुआ है. कोई गुप्त डील नहीं है. BNP की नीति के बारे में पार्टी नेता बार-बार कहते रहे कि बांग्लादेश पहले है. उन्होंने यह साफ कहा कि वह किसी भी देश का एजेंडा नहीं अपनाएंगे. BNP का अध्यक्ष तारिक रहमान कई सभाओं में यही कहते दिखे कि राजनीति विदेशों के बारे में नहीं है. उनका कहना है कि देश की जनता ही तय करेगी कि कौन किसे चुनता है. वह कहते हैं कि दिल्ली या पिंडी या कोई और देश चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए. लेकिन इन आरोपों का असर चुनावी राजनीति में दिख रहा है. दोनों पक्ष अपने विरोधियों को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. किसी पार्टी को विदेशी समर्थक बताना आसान होता है. इससे विरोधी वोटरों को डराया जा सकता है. यह तरीका पुराना है. राजनीति में अक्सर विपक्ष को विदेशी ताकतों से जोड़कर देखा जाता है. वे लोग जो यह आरोप लगा रहे हैं, वे यह भी कहते हैं कि चुनाव संचालन में विदेशी तत्वों की मौजूदगी महसूस की जा रही है. वे दावा करते हैं कि वीडियो, इमेज और सोशल मीडिया सामग्री इस काम में मदद कर रहे हैं. कई बार ऐसी चीजें फैलती हैं जो असली नहीं होतीं. इनसे धारणा जल्दी बन जाती है. भारत-अमेरिका का है बांग्लादेश से पुराना याराना बांग्लादेश मीडिया प्रोथोम आलो के लिए पत्रकार मनोज डे लिखते हैं कि भारत और अमेरिका दोनों की बांग्लादेश में दिलचस्पी है. यह कोई गोपनीय बात नहीं. दोनों देश देख रहे हैं कि बांग्लादेश की राजनीति किस दिशा में जाए. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि अब किसी पार्टी ने उनके एजेंडे को अपनाया है. कूटनीतिक संबंध और राजनीतिक गठबंधन में फर्क होता है. असल में यह चुनाव नैरेटिव की लड़ाई बन गया है. पार्टियां मुद्दों की बजाय नैरेटिव पर जोर दे रही हैं. कौन सा नेता किस देश के साथ है, यह चर्चा से हटकर एक बड़ा विषय बन गया है. लेकिन सवाल यह है कि क्या इन आरोपों के पीछे सच्चाई है या सिर्फ प्रचार का हिस्सा? इसका जवाब अभी साफ नहीं है. अंत में यह भी याद रखना होगा कि इन आरोपों को साबित करने वाला कोई ठोस सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है. जमात के मामले में अमेरिकी समर्थन की कोई ऑफ़िशियल घोषणा नहीं हुई. BNP के प्रो-इंडिया होने का कोई लिखित समझौता नहीं दिखा. हर तरफ बातें हैं, दस्तावेज कम हैं. बांग्लादेश के चुनाव में जब वोट पड़ेगा, तब पता चलेगा कि जनता इन आवाजों को किस नजर से देखती है. तब यह साफ होगा कि लोग विदेशी आरोपों के आधार पर फैसला करते हैं या देश के अपने मुद्दों को अहमियत देते हैं.  

1 करोड़ 61 लाख का मायरा: मामा ने भांजे की शादी में दिए 81 लाख कैश और 25 तोला सोना

नागौर राजस्थान के नागौर जिले के जायल में एक बार फिर मायरा की चर्चा छा गई है, लेकिन इस बार जाट समाज के बाद ब्राह्मण भाइयों ने इतिहास रच दिया. यहां दो ब्राह्मण भाइयों ललित कुमार व्यास और ओमप्रकाश व्यास ने अपनी बहन गायत्री देवी के बेटे नीलेश की शादी में 1 करोड़ 61 लाख रुपये का भव्य मायरा भरा. यह ब्राह्मण समाज में अब तक का सबसे बड़ा मायरा माना जा रहा है, जिसने जायल की परंपरा को नई ऊंचाई दी है. यह रस्म जायल के माहेश्वरी भवन में पारंपरिक विधि-विधान से पूरी हुई. पिता श्यामसुंदर व्यास की मौजूदगी में भाइयों ने बहन गायत्री को चुनरी ओढ़ाकर मायरा भरा. यह न सिर्फ भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, बल्कि ब्राह्मण समाज की एकता, संस्कार और परंपरा को भी दर्शाता है. ब्रॉम्हण भाइयों के मायरे की खास बातें – 81 लाख रुपये नकद – 25 तोला सोना – चांदी के जेवरात – अन्य कपड़े, उपहार और सामान जायल का मायरा है एक ऐतिहासिक परंपरा  राजस्थान के नागौर जिले में जायल-खिंयाला का मायरा सदियों पुरानी संस्कृति का हिस्सा है. यहां मामा (भाई) अपनी बहन के बच्चों की शादी में दिल खोलकर उपहार देते हैं, जिसे महिलाएं विशेष गीतों (जायल खिंयाला रो मायरो) में गाती हैं. पहले मुख्य रूप से जाट समुदाय में बड़े मायरे चर्चित थे, लेकिन अब अन्य समाज भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. आपको बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में नागौर में कई बड़े मायरे भरे गए हैं. जिसके तहत कुछ परिवारों ने करोड़ों की जमीन, नकद, सोना-चांदी दिए. जबकि हाल ही में 21 करोड़ से ज्यादा के मायरे भी सुर्खियां बने. लेकिन इस बार ब्राह्मण समाज का यह योगदान खास है. क्योंकि यह समाज में एक नई मिसाल कायम कर रहा है. आज भी जीवंत हैं राजस्थान की परंपरा जायल क्षेत्र में इस ऐतिहासिक मायरे की हर ओर चर्चा है. भाई-बहन का प्यार, परंपरा का सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा का जीता-जागता उदाहरण भी है. साथ ही यह मायरा बताती है कि राजस्थान की रस्में आज भी जीवंत हैं, जहां रिश्ते पैसे से नहीं, बल्कि भावनाओं और संस्कारों से मजबूत होते हैं.   

भजनलाल शर्मा बोले, हमारी सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की मिट्टी में आयुर्वेद की जड़ें गहरी हैं, यहां औषधि उत्पादन की अद्भुत क्षमता है। प्रदेश की पहाड़ी, वन, औषधीय पौधे इसके साक्षी हैं कि यहां की भूमि सदियों से आयुर्वेद का केंद्र रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयुर्वेद के संवर्धन तथा जनमानस में उसके व्यापक उपयोग के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने  राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में अपने उद्बोधन के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान एक महाविद्यालय के रूप में आरंभ होकर आज देश के प्रमुख डीम्ड टू बी आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित हो गया है। राजस्थान की धरती पर स्थापित इस संस्थान ने पचास वर्षों में जिस ऊंचाई, प्रतिष्ठा और राष्ट्रीय नेतृत्व को प्राप्त किया है, वह प्रेरणास्पद है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोगी सेवा – इन चारों स्तंभों पर राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने पिछले पांच दशकों में नेतृत्व स्थापित किया है। देश को विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद और योग की प्रमुख भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश को विश्वगुरु बनाने में आयुर्वेद और योग की प्रमुख भूमिका रही है। आयुर्वेद के माध्यम से हम यह पहले से ही जान लेते हैं कि कौन से महीने में कौन सी बीमारी होगी और उसका उपचार कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि वेदों के साथ हमारे ऋषियों ने आयुर्वेद के माध्यम से मानव जीवन को समझा है। चरक, सुश्रुत, वाग्भट्ट जी जैसे महान वैद्यों ने इस विद्या को व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने कहा कि चरक संहिता में कहा गया है कि स्वस्थ शरीर धर्म का प्रथम साधन है। सुश्रुत को आज पूरा विश्व शल्य चिकित्सा का जनक मानता है। प्रधानमंत्री का सपना ‘भारत में उपचार और भारत द्वारा उपचार’ शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना ‘भारत में उपचार और भारत द्वारा उपचार’ है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एक अलग आयुष मंत्रालय की स्थापना की गई। जिससे आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई ऊर्जा मिली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में अपने प्रयासों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कराया। इससे न केवल योग, बल्कि पूरी भारतीय चिकित्सा परंपरा को विश्व मंच पर पहचान मिली। आयुर्वेद अनुसंधान में निवेश बढ़ाया गया, आयुर्वेद संस्थानों का विस्तार किया गया। आयुर्वेद को जन-स्वास्थ्य की मुख्यधारा में आगे बढ़ाना हमारी प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्षों में आयुर्वेद के लिए नए आयुर्वेद चिकित्सालय, महाविद्यालय एवं डिस्पेंसरी की स्थापना से सुलभ चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की गई। स्नातक-स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि, आधुनिक लैब, ड्रग-स्टैंडर्डाइजेशन यूनिट और शिक्षण-फार्मेसी को सुदृढ़ किया गया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद अस्पतालों का विस्तार, पंचकर्म इकाइयों का सुदृढ़ीकरण, दवाखानों का आधुनिकीकरण, शिक्षा एवं अनुसंधान के नए अवसर सहित विभिन्न निर्णयों से आयुर्वेद को जन-स्वास्थ्य की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एनआईए के लिए जयपुर में जमीन आवंटित करने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। एनआईए की भूमिका से पीढ़ी दर पीढ़ी आयुर्वेद का दीपक प्रज्वलित केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय प्रताप राव जाधव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की 50 वर्ष की यह यात्रा केवल समय की गणना नहीं है, बल्कि उन असंख्य चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, और कर्मयोगियों की अटूट निष्ठा, समर्पण और तपस्या का प्रतीक है, जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी आयुर्वेद के दीपक को प्रज्वलित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोगों की असंतुलित जीवनशैली के कारण मधुमेह, विटामिन बी 12 एवं डी की कमी जैसी अनेक बीमारियां पनप रही हैं। इन बीमारियों के निदान के लिए योग एवं आयुर्वेद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शक्तिशाली नेतृत्व में हमारी सरकार का विजन स्पष्ट है परंपरा की जड़ों में विज्ञान का संरक्षण और कल्याण की शाखाओं का विस्तार। भारत सरकार का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना ही नहीं, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और संतुलित व्यवस्था का निर्माण करना है। उन्होंने इस वर्ष के बजट में आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थान सहित सभी घोषणाओं के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान में आयुष के क्षेत्र में हो रहे उल्लेेखनीय कार्य की भी सराहना की। उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना लाकर आयुर्वेद और योग के माध्यम से आरोग्य ग्राम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को आयुर्वेद और योग भारत की देन है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेशनल आयुष मिशन में वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना के तहत राजस्थान को देश में सर्वाधिक 348 करोड़ रुपए आवंटित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एनआईए परिसर में नवनिर्मित ओपीडी सुश्रुत भवन का लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विधायक बालमुकुन्द आचार्य, केन्द्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, एनसीआईएसएम अध्यक्ष डॉ. मनीषा कोटेकर, प्रमुख शासन सचिव आयुष सुबीर कुमार, एनआईए कुलपति प्रो. संजीव शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

20 लाख बैरल की ‘Oil Deal’: भारतीय कंपनियों ने वेनेजुएला से खरीदी तेल, ट्रंप के कब्जे के बाद नया मोड़

 नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप का तेल वाला गेम प्लान (Donald Trump Oil Game) अब काम करता दिखने लगा है. बीते दिनों वेनेजुएला पर स्ट्राइक और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने वहां के तेल के खजाने पर अपने कंट्रोल का दावा किया था और ट्रंप के कब्जे में आने के बाद Venezuelan Oil का सौदा भी शुरू हो गया. भारतीय तेल कंपनियों ने 20 लाख बैरल Oil Deal की है. रिपोर्ट की मानें, तो ये खरीद सिर्फ दो भारतीय सरकारी रिफाइनरियों ने की है और इनके पास ये तेल अप्रैल तक आ सकता है.  IOCL-HPCL ने खरीदा वेनेजुएला का तेल! अमेरिका का वेनेजुएला के तेल रिजर्व (Venezuela Oil Reserve) पर कंट्रोल होने के बाद अब 20 लाख बैरल तेल का सौदा किया गया है और ये डील भारत की सरकारी ऑयल कंपनियों ने की है. रॉयटर्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अब भारतीय रिफाइनरियां Crude Oil की नई आपूर्ति के लिए वेनेजुएला की ओर रुख कर रही हैं, क्योंकि वे अपनी सोर्स स्ट्रेटजी को फिर से सेट कर रही हैं. इंडियन ऑयल कॉर्प (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प (HPCL) ने संयुक्त रूप से अप्रैल में डिलीवरी के लिए 20 लाख बैरल मेरेय क्रूड खरीदा है.  क्रूड ऑयल के आयात में विविधिता रिपोर्ट के मुताबिक, Venezuelan Oil की ये खेप एक ही बड़े कच्चे तेल वाहक पोत (VLCC) पर भेजी जाएगी. इसमें इंडियन ऑयल कॉर्प करीब 15 लाख बैरल तेल, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लगभग 5 लाख बैरल तेल लेगी. इस खेप के भारत के पूर्वी तट पर अप्रैल में पहुंचने का समय निर्धारित है. सूत्रों की मानें, तो इसका विक्रेता कमोडिटी व्यापारी ट्रैफिगुरा है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियां गोपनीयता समझौतों के कारण स्पॉट टेंडरों पर आमतौर पर टिप्पणी नहीं करती हैं और ट्रैफिगुरा ने भी इस Oil Deal को लेकर टिप्पणी करने से इनकार किया है.  HPCL ने पहली बार खरीदा ये तेल रॉयटर्स द्वारा जुटाए गए आंकड़ों को देखें, तो देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी IOC ने इससे पहले भी साल 2024 में वेनेजुएला के तेल का प्रसंस्करण किया था. लेकिन एचपीसीएल के लिए यह वेनेजुएला के कच्चे तेल की पहली खरीद है. यह तेल समझौता भारतीय रिफाइनरों द्वारा कच्चे तेल के आयात (Crude Oil Import) में विविधता लाने के व्यापक प्रयास का संकेत देता है, क्योंकि रूसी तेल आपूर्ति पर निर्भरता की कमी का प्रयास किया जा रहा है. इसके साथ ही इसे अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए (India-US Trade Deal) भारत के कदम के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. Reliance ने इस भाव पर की थी खरीद सूत्रों में से एक ने बताया कि मेरेय कार्गो का मूल्य दुबई बेंचमार्क के आधार पर तय किया गया है और यह उन दरों के समान है, जिन पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने व्यापारी विटोल से वेनेजुएला का तेल खरीदा था. सूत्रों के मुताबिक, Reliance दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करती है, उसने अप्रैल डिलीवरी के लिए 20 लाख बैरल वेनेजुएला का कच्चा तेल ICE ब्रेंट की तुलना में लगभग 6.50-7 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर खरीदा था. इधर ट्रेड डील, उधर खरीदारी शुरू  पिछले महीने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने और अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद वेनेजुएला के तेल पर कब्जा करने के बाद ट्रंप प्रशासन ने विटोल और ट्रैफिगुरा को वेनेजुएला का तेल बेचने के लिए अमेरिकी लाइसेंस दिए थे. भारतीय सरकारी रिफाइनरियों द्वारा यह खरीदारी ऐसे समय में हुई है, जबकि हाल ही में India-US Trade Deal पर सहमति बनी है और इसका आधिकारिक ऐलान होने वाला है. भारत और अमेरिका दोनों ही पक्षों ने Tariff Cut और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से ट्रेड डील के तहत एक फ्रेमवर्क की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य मार्च तक समझौते को अंतिम रूप देना है. हालांकि, फ्रेमवर्क को लेकर जारी संयुक्त बयान में रूसी तेल (Russian Oil) का विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया गया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीद पर भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए एक्स्ट्रा 25 फीसदी टैरिफ को रद्द करने का ऐलान किया था और कहा था कि भारत ने रूसी तेल का आयात प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बंद करने के लिए सहमति जताई है.

अमित शाह का आज ऐलान: OTP, लिंक और कॉल धोखाधड़ी पर लगेगा ब्रेक, जानिए क्या होगा नया

नई दिल्ली  साइबर स्कैम और ठगी के ईकोसिस्टम को खत्म करने को लेकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत होने जा रही है. आज यानी 10 फरवरी 2026 को केंद्रीय केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे.  दो दिवसीय चलने वाले इस नेशनल इवेंट का नाम साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और इसके इकोसिस्टम को ध्वस्त करना है. इस अवसर पर गृह मंत्री CBI अधिकारियों के समारोह की अध्यक्षता करेंगे. साथ ही गृह मंत्री नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन करेंगे. वे होम मिनिस्ट्री के अंतर्गत I4C के S4C डैशबोर्ड की भी शुरुआत करेंगे.  नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 2 दिन चलेगा कार्यक्रम यह दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस 10–11 फरवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा. इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन सेंट्रल ब्यूरो इनवेस्टीगेशन (CBI) कर रही है, जिसमें गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) का सहयोग भी है. S4C क्या है?  S4C को सिंपल शब्दों में समझें तो यह एक नेशनल डैशबोर्ड है, जिसका काम साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए तुरंत उसको डिटेक्ट और ट्रैस करना है.  S4C, असल में एक शॉर्ट नाम है, जिसका पूरा नाम सस्पेक्ट रजिस्ट्री एंड साइबर क्राइम कॉर्डिनेशनल सिस्टम है. यह एक नेशनल साइबर इंटेलीजेंस एंड मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म, जिसको इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने डेवलप किया है. I4C एजेंसी गृह मंत्रालय के तहत काम करती है.   2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन सीबीआई साल 2000 से साइबर क्राइम्स की जांच कर रही है और 2022 में साइबर क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिविजन की शुरुआत की थी. यह केंद्र सरकार और उसके ऑफिस को प्रभावित करने वाले साइबर अपराधों की जांच के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है. ये डिविजन साइबर क्रिमिनल्स और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी दोनों से निपटती है.  भारत में कई सर्विस डिजिटल काम कर रही हैं ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नेशनल कॉन्फ्रेंस ऐसे समय आयोजित होने जा रही है, जब भारत डिजिटल चेजेंस तेजी से हो रहे हैं. बैंकिंग से लेकर कम्युनिकेशन तक तक में बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है. वहीं, संगठिग साइबर अपराधी नेटवर्क इस सिस्टम में मौजूद खामियों का मिसयूज कर रहे हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस का मकसद क्या है?       भारत में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी बदलते स्वरूप पर समझ विकसित करना.      साइबर ठगी के इकोसिस्टम के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों का अध्ययन करना.      फाइनेंशियल पिलर्स (म्यूल खाते और धन शोधन).     टेलिकॉम पिलर (SIM/eSIM और डिजिटल का मिसयूज करना).     ह्यूमन पिलर (साइबर गुलामी और ठगी केंद्रों में तस्करी).      कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों, दूरसंचार प्रदाताओं, नियामकों और प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्मों के बीच सहयोग को मजबूत करना है.      साइबर स्कैम और धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग, रियल-टाइम फंड ट्रेसिंग, समय पर साक्ष्य संरक्षण और पीड़ितों की बेहतर सुरक्षा के लिए सिस्टम को मजबूत बनाना है.  आज से शुरू होने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस का अंतिम उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा, आपराधिक नेटवर्कों को रोकना और भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में विश्वास को बढ़ाना है. 

BCCI का बड़ा फैसला: कोहली-रोहित का डिमोशन, किशन-शमी को नहीं मिली जगह

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल और सीनियर ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को बीसीसीआई ने 2025-26 सत्र के लिए ग्रेड A सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया है. ये तीनों ही इस बार सबसे ऊंची कैटेगरी में जगह पाने वाले खिलाड़ी हैं. बीसीसीआई ने इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है. बोर्ड ने A+ कैटेगरी को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिसके बाद अब ग्रेड A ही सबसे ऊंचा दर्जा बन गया है. रोहित-कोहली का डिमोशन पूर्व कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा, जो अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते हैं, उन्हें ग्रेड B में रखा गया है. इससे पहले दोनों ही खिलाड़ी टॉप A+ कैटेगरी का हिस्सा थे, लेकिन टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से हटने के बाद उन्हें एक दर्जा नीचे किया गया है. टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को भी ग्रेड B में जगह मिली है. उनके साथ केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर भी इसी कैटेगरी में शामिल हैं. ग्रेड सी में इनका नाम ग्रेड C की बात करें तो इसमें अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नीतीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई और ऋतुराज गायकवाड़ को जगह दी गई है. शमी-किशन  सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर इस लिस्ट से सबसे बड़ा नाम बाहर होने वाला तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी हैं. शमी को इस बार बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है. उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद से भारत के लिए कोई भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है. इसके अलावा ईशान किशन का नाम भी किसी भी कैटेगरी में शामिल नहीं किया गया है. यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि ईशान टी20 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थे और हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहा था. बीसीसीआई के नए कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में खिलाड़ियों को उनके मौजूदा फॉर्मेट और नियमितता के आधार पर ग्रेड दिया गया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि बोर्ड अब तीनों फॉर्मेट में योगदान को प्राथमिकता दे रहा है. BCCI कॉन्ट्रैक्ट 2025-26 में अहम बदलाव * टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली को दूसरे स्तर (ग्रेड बी) में रखा गया. * शुभमन गिल को ग्रेड बी से प्रमोट कर टॉप कैटेगरी ग्रेड ए में शामिल किया गया. * जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा ने अपना टॉप ग्रेड कॉन्ट्रैक्ट बरकरार रखा. * वॉशिंगटन सुंदर को ग्रेड सी से ग्रेड बी में प्रमोशन मिला. * श्रेयस अय्यर की ग्रेड बी कॉन्ट्रैक्ट में वापसी हुई. * मोहम्मद शमी को बीसीसीआई की वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट सूची से बाहर कर दिया गया. ग्रेड ए: शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा ग्रेड बी: रोहित शर्मा, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, वॉशिंगटन सुंदर, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर ग्रेड सी: अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई, ऋतुराज गायकवाड़. महिला टीम की बात करें तो कप्तान हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स को ग्रेड A में रखा गया है. इन तीनों खिलाड़ियों ने बीते समय में भारतीय महिला क्रिकेट की रीढ़ के रूप में अहम भूमिका निभाई है. ग्रेड B में दीप्ति शर्मा, रेणुका ठाकुर, शैफाली वर्मा और ऋचा घोष जैसी खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने सीमित ओवरों के प्रारूप में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. ग्रेड C में युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका दिया गया है, जिनमें यास्तिका भाटिया, हरलीन देओल, काश्वी गौतम और कई नए नाम शामिल हैं. महिला टीम के लिए कुल 21 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सूची में जगह मिली है.  

वर्ल्ड कप से बाहर बांग्लादेश को लाहौर का न्योता, जानिए 5 घंटे की मीटिंग का राज

 ढाका शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे (8 फरवरी) बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ ढाका के हज़रत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में थे. उस वक्त बीसीबी के कुछ अधिकारी सो रहे थे, तो कई को यह भी पता नहीं था कि उनके अध्यक्ष कहां जा रहे हैं. बुलबुल की इस अचानक यात्रा की जानकारी बीसीबी के डायरेक्टर्स को तब मिली, जब उनके व्हाट्सऐप ग्रुप पर एक मैसेज आया. मैसेज में बताया गया कि अमीनुल इस्लाम बुलबुल लाहौर के लिए रवाना हो चुके हैं. बांग्लादेशी अखबार प्रथम आलो के मुताबिक, बुलबुल ने मैसेज में लिखा, ‘इस यात्रा की पुष्टि सिर्फ 90 मिनट पहले हुई है. मैं अभी एयरपोर्ट पर हूं. इतने कम समय में किसी को फोन नहीं कर पाया. बैठक 8 फरवरी को लाहौर समय के अनुसार शाम 4 बजे होगी. मैं 9 फरवरी की शाम तक लौट आऊंगा.’ हालांकि इस मैसेज से यह तो साफ हो गया कि बुलबुल लाहौर जा रहे हैं, लेकिन उनके अपने बोर्ड के सदस्य भी यह नहीं जान पाए कि आखिर इस दौरे का मकसद क्या है. टी20 वर्ल्ड कप विवाद से जुड़ी थी यह यात्रा अमीनुल इस्लाम बुलबुल की यह आधी रात की उड़ान आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बड़े विवाद से जुड़ी थी. बांग्लादेश पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है, जबकि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला मैच खेलने से इनकार कर दिया था. पाकिस्तान ने यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया था. इसी बीच खबरें आईं कि पाकिस्तान अपने फैसले पर यू-टर्न ले सकता है. ऐसे में लाहौर में होने वाली आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की बैठक काफी अहम हो गई. इसी बैठक में अमीनुल इस्लाम बुलबुल की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए. सवाल यह था कि क्या बुलबुल पाकिस्तान के समर्थन में वहां पहुंचे थे? या यह किसी तरह की सौदेबाजी का संकेत था? और अगर सौदा हो रहा था, तो किस बात पर? यह भी हैरानी की बात रही कि जब कई लोग ज़ूम के जरिए बैठक में शामिल हुए, तो फिर बीसीबी प्रमुख को खुद लाहौर जाकर मौजूद रहने की जरूरत क्यों पड़ी, जबकि बैठक का एजेंडा बांग्लादेश से ज्यादा पाकिस्तान से जुड़ा हुआ था. खासकर तब, जब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप में शामिल कर लिया गया है. बांग्लादेश के क्रिकेट अध्यक्ष क्यों पहुंचे पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमीनुल इस्लाम बुलबुल रविवार को लाहौर पहुंचे, जहां उन्हें पीसीबी के सीईओ सलमान नसीर ने रिसीव किया. पीसीबी ने सोशल मीडिया पर उनका स्वागत करते हुए एक वीडियो भी साझा किया. दरअसल, पाकिस्तान ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाला टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से इनकार तब किया था, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से मना कर दिया था. मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के समर्थन से बांग्लादेश ने आईसीसी से अपने मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी. आईसीसी ने यह मांग ठुकरा दी और बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद यह पूरा विवाद और गहरा गया.  5 घंटे की बैठक, लेकिन फैसला अधूरा लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी के बीच करीब 5 घंटे तक चली बैठक के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. पाकिस्तान ने आईसीसी को बताया कि वह भारत के खिलाफ मैच खेलने पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की अगुवाई वाली केंद्र सरकार से सलाह के बाद ही करेगा. बैठक में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के बदले तीन शर्तें रखीं— 1. आईसीसी रेवेन्यू में ज्यादा हिस्सा 2. भारत-पाक द्विपक्षीय क्रिकेट की बहाली 3. खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल खबरों के मुताबिक, बुलबुल और पीसीबी प्रमुख नक़वी के बीच अलग से वन-ऑन-वन बैठक भी हुई. तो आखिर बैठक में बांग्लादेश क्यों था? भले ही बांग्लादेश अब वर्ल्ड कप से बाहर हो चुका है, लेकिन लाहौर बैठक में उसकी मौजूदगी अहम मानी जा रही है. बीसीबी लगातार पाकिस्तान के रुख के साथ खड़ा रहा है और यह मौजूदगी पाकिस्तान की मोलभाव की ताकत बढ़ाने वाली मानी जा रही है. भारत-पाकिस्तान मैच दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मुकाबलों में से एक है. इससे आईसीसी को ब्रॉडकास्ट, स्पॉन्सरशिप और विज्ञापन से करोड़ों की कमाई होती है. इसका असर बाकी छोटे बोर्ड्स, जैसे बांग्लादेश, की सालाना कमाई पर भी पड़ता है. बांग्लादेशी खेल पत्रकार देब चौधरी के मुताबिक, आईसीसी बांग्लादेश के जरिए पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है. अगर यह मैच होता है, तो बांग्लादेश को भी आईसीसी की कमाई में हिस्सा मिल सकता है, जिससे वर्ल्ड कप से बाहर होने का आर्थिक नुकसान कुछ हद तक कम हो जाएगा. खेल और राजनीति की जटिल कहानी अमीनुल इस्लाम बुलबुल की रात 1 बजे की यह अचानक उड़ान भले ही उनके अपने बोर्ड के लिए रहस्य रही हो, लेकिन इससे यह साफ हो गया कि बांग्लादेश क्रिकेट किस तरह पाकिस्तान के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ गया है. यह पूरा मामला एक बार फिर दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेल और राजनीति को अलग करना आसान नहीं है.

विकास की आड़ में अनावश्यक वृक्ष कटान नहीं, विकल्पों में इको-फ्रेंडली तकनीक अपनाई जाए: मुख्यमंत्री

वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में सभी विकास कार्य वैज्ञानिक मानकों और पर्यावरणीय संतुलन के साथ हों: मुख्यमंत्री वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े प्रत्येक प्रस्ताव में पर्यावरणीय जोखिम और जैव-विविधता का वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य: मुख्यमंत्री राज्य वन्यजीव परिषद की बैठक में विभिन्न जनपदों की अनेक विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी विकास की आड़ में अनावश्यक वृक्ष कटान नहीं, विकल्पों में इको-फ्रेंडली तकनीक अपनाई जाए: मुख्यमंत्री वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर, सिल्ट हटाने का कार्य तत्काल कराया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास एवं निर्माण कार्य वैज्ञानिक मानकों, न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव और विधिक प्रक्रियाओं के पूर्ण अनुपालन के साथ ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि विकास की प्रत्येक प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवागमन तथा आवासीय निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को राज्य वन्यजीव परिषद की 20वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े सभी विकास प्रस्ताव संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ तैयार किए जाएं। प्रस्ताव भेजते समय संबंधित विभाग पर्यावरणीय जोखिम, जैव-विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्गों और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत एवं वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित एवं टिकाऊ दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में विभिन्न वन्य जीव क्षेत्रों में विकास की विभिन्न परियोजनाओं पर निर्णय भी हुआ। परिषद के समक्ष कुल 12 नए प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें सड़क चौड़ीकरण, पेट्रोल पंप एवं फ्यूल स्टेशन स्थापना, ट्यूबवेल प्रेशर प्रणाली, भूमिगत पाइपलाइन, मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल तथा संपर्क मार्ग निर्माण जैसी विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। ये प्रस्ताव इटावा, गोंडा, पीलीभीत, बरेली, बांदा सहित विभिन्न जनपदों के वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों तथा इको-सेंसिटिव जोन से संबद्ध हैं। बैठक में परियोजनाओं पर सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने वृक्ष कटाई से संबंधित प्रस्तावों पर विशेषज्ञों की राय लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक वृक्ष कटान की अनुमति न दी जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वृक्षों की कटाई केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही की जाए और विकास की आड़ में पर्यावरण को क्षति न पहुँचे। जहां विकल्प उपलब्ध हों, वहां ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी, एलिवेटेड स्ट्रक्चर तथा इको-फ्रेंडली तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं की गति और वन्यजीव संरक्षण, दोनों राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं और उत्तर प्रदेश सरकार संतुलित, वैज्ञानिक तथा दूरदर्शी नीति के साथ इन दोनों उद्देश्यों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वेटलैंड्स में सिल्ट जमा होने की जानकारी उनके संज्ञान में आई है, जिसका तत्काल निराकरण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यह कार्य ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अभियान के अंतर्गत कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर हैं और प्रत्येक दशा में उनका संरक्षण किया जाना चाहिए।

अंत्योदय योजना से 40.85 लाख परिवारों को लाभ, प्रदेश में अब नहीं सोता कोई भूखा

आर्थिक समीक्षा प्रदेश में अब नहीं सोता कोई भूखा, अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख परिवार लाभान्वित 78,510 उचित दर दुकानें संचालित, 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित ‘मॉडल फेयर प्राईस शॉप’ की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित लखनऊ  वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानमंडल में प्रस्तुत पहली आर्थिक समीक्षा के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत प्रदेश सरकार, गरीब एवं पात्र परिवारों को निःशुल्क और रियायती दरों पर खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये प्रतिबद्ध है। इस हेतु पात्र परिवारों का चयन कर राशन कार्ड जारी किये गये हैं, जिनको डिजिटल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में दिसंबर, 2025 तक कुल 78,510 उचित दर दुकानें संचालित है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र की 67,114 तथा नगरीय क्षेत्र की 11,396 दुकाने हैं। इसमें 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित हैं। राज्य में दिसंबर, 2025 तक जारी कुल 362.35 लाख राशनकार्ड्स में अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख (11.27%) परिवार एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के 321.50 लाख (88 73%) परिवार हैं, जो उक्त अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित हैं। वन नेशन वन राशनकार्ड बना संबल वर्ष 2020-21 से प्रारम्भ वन नेशन बन राशनकार्ड’ योजनान्तर्गत अन्तर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी (उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों द्वारा अन्य राज्यों में प्राप्त किया) की सुविधा से वर्ष 2024-25 में 38.12 लाख राशनकार्ड धारक लाभान्वित हुए, जो योजना प्रारंभ के अग्रिम वर्ष 2021-22 में लाभान्वित 8.88 लाख के सापेक्ष (03 वर्षों में) कई गुना वृद्धि है। वर्ष 2025-26 के अंतर्गत दिसंबर, 2025 तक 28.03 लाख लाभान्वित हुए हैं। ‘मॉडल फेयर प्राईस शॉप’ के तहत 7481 अन्नपूर्णा भवन ‘मॉडल फेयर प्राईस शॉप’ की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 31 जनवरी, 2026 तक कुल 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित कराये गये हैं, जिनमें राशन वितरण के साथ सी एस सी सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। सी. पी. आई आधारित मुद्रास्फीति की दर कोविड के बाद लगातार गिरावट के साथ वर्ष 2025-26 में माह अक्टूबर, 2025 तक (-)1.71 हो गयी, जिसके फलस्वरूप महगाई नियंत्रित हुयी, क्रय शक्ति बढ़ी तथा मांग आधारित अर्थव्यवस्था में सुधार परिलक्षित हुआ। अद्यतन प्रकाशित बहुआयामी गरीबी (हेडकाउंट रेशियो आकलन) वर्ष 2013-14 में 42.59% थी. जो वर्ष 2022-23 में तेजी से घटते हुए 17.40% रह गयी, इस अवधि में प्रदेश के सर्वाधिक 5.94 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये।

देहरादून में इस्लामिक इंस्टीट्यूट के लिए जमीन आवंटन पर IMA के पास विवाद, जानिए पूरा मामला

    देहरादून     देहरादून की राजधानी देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) के पास मौजूद करीब 20 एकड़ ज़मीन विवादों में आ गई है. असल में नया विवाद जमीन के ट्रांसफर को लेकर शुरू हुआ है. कथित तौर पर यह जमीन एक इस्लामिक एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बनाने के लिए आवंटित की गई थी, जो जांच के दायरे में आ गई है. यह भी आरोप लग रहे हैं कि यहां पर इंस्टीट्यूशन वाला प्लॉट काटकर लोगों को बसाया जा रहा है.  कथित तौर पर यह ज़मीन करीब दो दशक पहले उस वक्त की कांग्रेस सरकार ने अलॉट की थी. एजेंसी के मुताबिक, विकासनगर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट विनोद कुमार की शुरुआती जांच के मुताबिक, IMA के पास धौलास इलाके में मौजूद ज़मीन के प्लॉट को अब रहने के मकसद से छोटे-छोटे प्लॉट में बेचा जा रहा है, जिससे मिलिट्री ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन की सिक्योरिटी को खतरा है. सियासी बयानबाजी तेज… पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले में सख्त एक्शन लेगी. उन्होंने कहा, “इस मामले से यह साफ है कि ये लोग (कांग्रेस), जो मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की बात करते थे, अगर सत्ता में आते तो उसी दिशा में आगे बढ़ते. हम सख्त एक्शन लेंगे.” मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह मामला 2004 का है, जब नारायण दत्त तिवारी मुख्यमंत्री थे. उन्होंने कहा, “यह 2004 का पुराना केस है, जब नारायण दत्त तिवारी मुख्यमंत्री थे. उसके बाद, बीजेपी कई बार सत्ता में आई और वे इस अलॉटमेंट को कैंसल कर सकते थे.” बीजेपी विधायक और राज्य पार्टी प्रवक्ता विनोद चमोली ने कहा कि मामले से जुड़ी रिपोर्ट्स ने एक बार फिर कांग्रेस सरकारों की ‘खतरनाक साज़िशों’ को सामने ला दिया है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या तिवारी सरकार के दौरान दी गई ज़मीन हरीश रावत की देख-रेख में इस्लामिक यूनिवर्सिटी बनाने के लिए थी? चमोली ने कहा, “बीजेपी के विरोध और 2022 में जनता के कांग्रेस को नकारने की वजह से यह इरादा पूरा नहीं हो सका और अब ज़मीन पर लैंड माफिया कब्ज़ा कर रहे हैं.”  

पाकिस्तान ने स्वीकार किया, T20 वर्ल्ड कप में भारत से खेलेगा मुकाबला

 नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहुप्रतीक्षित मुकाबला 15 फरवरी को तय कार्यक्रम के अनुसार खेला जाएगा. पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को औपचारिक रूप से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को यह मैच खेलने की अनुमति दे दी, जिससे पिछले कई दिनों से बना गतिरोध समाप्त हो गया. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ को PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने आईसीसी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और अन्य सदस्य देशों के साथ हुई उच्चस्तरीय बातचीत की जानकारी दी. इसके बाद सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार करते हुए पाकिस्तान टीम को मैदान में उतरने का निर्देश दिया. पाकिस्तान ने पहले अपनी सरकार की सलाह पर भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने की बात कही थी, जिससे पूरे टूर्नामेंट पर संकट के बादल मंडराने लगे थे. हालांकि आईसीसी की सख्ती, बांग्लादेश की अपील और लगातार बातचीत के बाद पाकिस्तान पीछे हटता नजर आया. लाहौर मीटिंग के बाद रास्ता साफ लाहौर में हुई बैठक कई घंटों तक चली, लेकिन सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से रखी गई ज्यादातर मांगों पर आईसीसी ने सहमति नहीं जताई. इसके बाद पीसीबी ने बहिष्कार के रुख को नरम किया और अब मैच खेले जाने का रास्ता साफ हो गया है. भारत-पाकिस्तान मुकाबला क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा और कमाई वाला मैच माना जाता है. ऐसे में इसके रद्द होने से आईसीसी, ब्रॉडकास्टर्स और सभी सदस्य बोर्डों को भारी नुकसान होता. अब मैच तय समय पर होने से टूर्नामेंट और क्रिकेट इकोसिस्टम को बड़ी राहत मिली है. बता दें कि लाहौर में हुई बैठक में पाकिस्तान ने कई शर्त रखी थीं. जिसमें भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज, भारत-बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय सीरीज. हैंडशेक विवाद औऱ रेवन्यू बढ़ाने की बात कही गई थी. लेकिन आईसीसी ने पाकिस्तान की कोई बात नहीं मानी. आईसीसी ने बस इतना कहा कि वो बांग्लादेश पर कोई आर्थिक एक्शन नहीं लेगा. लेकिन उसने पाकिस्तान की कोई बात मानने से इनकार कर दिया. आखिरकार पाकिस्तान को झुकना पड़ा. पाकिस्तान ने कैसे लिया यू-टर्न,पूरी इनसाइड स्टोरी पाकिस्तान सरकार ने आखिर कर देर रात यू टर्न लेते हुए भारत के साथ कोलंबो में 15 फरवरी को मैच खेलने के लिए अपनी टीम को निर्देश दे दिया.  पाकिस्तान सरकार ने प्रेस रिलीज जारी कर अपने यू टर्न के फैसले की वजहें बताई. पाकिस्तान सरकार ने यह भी कहा कि उन्होंने ग्लोबल क्रिकेट के लिए और श्रीलंका और बांग्लादेश का ख्याल रखते हुए भारत के साथ 15 फरवरी को मैच खेलने के लिए अपना मन बनाया. पाकिस्तान के माननीय प्रधानमंत्री, श्री शहबाज शरीफ को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष, श्री मोहसिन नकवी ने पीसीबी, आईसीसी के प्रतिनिधियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के परिणामों के बारे में औपचारिक रूप से जानकारी दी है.   पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की ओर से पीसीबी को भेजे गए औपचारिक अनुरोधों, साथ ही श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य सदस्य देशों के समर्थन पत्रों की समीक्षा की है. इन पत्रों में हाल की चुनौतियों का समाधान करने के लिए पाकिस्तान के नेतृत्व की मांग की गई थी. सरकार ने बीसीबी अध्यक्ष, श्री अमीनुल इस्लाम के बयान को भी नोट किया है.  हमारे भाईचारे वाले देश द्वारा व्यक्त की गई गहरी आंतरिकता को गर्मजोशी से स्वीकार किया गया है. पाकिस्तान ने दोहराया है कि वह बांग्लादेश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है.  इसी शाम, प्रधानमंत्री ने श्रीलंका के राष्ट्रपति, एच.ई. अनुर कुमार दिसानायके के साथ एक टेलीफोन वार्ता की. उनकी गर्म और मित्रवत बातचीत के दौरान, उन्होंने याद किया कि पाकिस्तान और श्रीलंका हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं, खासकर चुनौतीपूर्ण समय में। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री से वर्तमान गतिरोध को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए गंभीर विचार करने का अनुरोध किया. बहुपक्षीय वार्ता में हासिल किए गए परिणामों और मित्र देशों के अनुरोध को देखते हुए, पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 15 फरवरी, 2026 को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में अपने निर्धारित मैच के लिए मैदान में उतरने का निर्देश दिया है. इसके अलावा, यह निर्णय क्रिकेट की भावना की रक्षा करने और सभी भाग लेने वाले देशों में इस वैश्विक खेल की निरंतरता का समर्थन करने के उद्देश्य से लिया गया . प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के लोगों ने “मेन इन ग्रीन” को अपनी शुभकामनाएं दी हैं. हमें विश्वास है कि हमारी टीम वैश्विक गौरव के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए खेल भावना और राष्ट्रीय गर्व को मैदान में ले जाएगी. बांग्लादेश पर कोई पेनल्टी नहीं ICC ने बांग्लादेश के प्रति नरम रुख अपनाने पर सहमति जताई है, क्योंकि टीम ने T20 वर्ल्ड कप के लिए भारत जाने से मना कर दिया था, जिस वजह से इस बड़े टूर्नामेंट में उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया. सोमवार को, दुनिया की गवर्निंग बॉडी ने पुष्टि की कि वह पीछे हटने के बावजूद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर कोई पेनल्टी नहीं लगाएगी.  यह फैसला BCB के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड  के साथ बातचीत के बाद लिया गया, जिसने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की थी.  यह सारा ड्रामा किस बारे में था? यह सब तब शुरू हुआ जब मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से अलग किया गया जिसके बाद बांग्लादेश ने कड़ा रूख अपनाया और इसको लेकर आईसीसी से शिकायत की, वहीं, बांग्लादेश बोर्ड ने  सुरक्षा मामले को लेकर भारत आने से मना कर दिया. आईसीसी से लाख समझाने के बाद भी बांग्लादेश नहीं माना तो आईसीसी ने उन्हें टी-2- वर्ल्ड कप से अलग कर दिया जिसके बाद पाकिस्तान बोर्ड इस विवाद में कूद गया और पैंतरे बाजी करने लगा. पाकिस्तान ने बॉयकॉट का ड्रामा किया जिसके बाद आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी ने मिलकर इस विवाद को सुलझाया और आखिकार पाकिस्तान बॉयकॉट ड्रामे पर यू-टर्न लिया. बांग्लादेश पर कोई एक्शन नहीं लेगा आईसीसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने सोमवार को कहा कि भारत में अपने टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) पर किसी भी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा. विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने कहा कि यह फैसला बीसीबी के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से बातचीत के बाद लिया गया … Read more

कानपुर: NICU में नवजात की मौत पर बड़ा कदम, राजा नर्सिंग होम की रजिस्ट्रेशन निरस्तीकरण

 कानपुर बिठूर के ब्रह्मनगर स्थित राजा नर्सिंग होम में एनआईसीयू के भीतर वार्मर मशीन में आग लगने से नवजात बच्ची की जलकर मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर कराई गई जांच में सामने आया कि अस्पताल में बिना अनुमति के एनआईसीयू यूनिट संचालित की जा रही थी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के अनुसार, नर्सिंग होम का पंजीकरण तो था, लेकिन एनआईसीयू संचालन की अनुमति कभी नहीं ली गई. इसके बावजूद परिसर में अवैध रूप से एनआईसीयू चलाया जा रहा था.  निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त पाई गई, जो गंभीर सुरक्षा लापरवाही को दर्शाता है. इसके चलते मौके पर ही अवैध एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया. गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए राजा नर्सिंग होम (पंजीकरण संख्या RMEE2122829) का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर अस्पताल को पूरी तरह बंद करने के आदेश दिए गए हैं. प्रबंधन को तीन कार्य दिवसों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस भी जारी किया गया है. आदेशों की अवहेलना करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. वहीं, पीड़ित परिजनों की तहरीर के आधार पर बिठूर थाने में अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने सख्त एक्शन की मांग की है.  गौरतलब है कि यह घटना निजी अस्पतालों की संवेदनहीनता और लचर व्यवस्था को उजागर करती है. पहली संतान खोने वाले परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय प्रशासन अब अस्पताल की अन्य कमियों की भी फाइल खंगाल रहा है. पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल अस्पताल परिसर में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है.

पीरियड्स के दर्द और ऐंठन से निजात पाने के लिए गर्भासन अपनाएं, जानिए इसके लाभ

 पीरियड्स शुरू होते ही कई महिलाओं को तेज दर्द, ऐंठन और पेट में सूजन की शिकायत होती है, जो बेहद कष्टदायक होता है। ऐसे में हर बार पेन किलर का सहारा लेना जरूरी नहीं। योग के माध्यम से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकती है। इसी क्रम में गर्भासन एक बहुत प्रभावी योग मुद्रा है। गर्भासन के रोजाना अभ्यास से पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियां कम होती हैं, गर्भाशय स्वस्थ रहता है और मासिक चक्र भी नियमित बनता है। यह आसन तनाव दूर कर शरीर-मन को संतुलित रखने में भी मदद करता है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गर्भासन को बहुत फायदेमंद बताया है। यह योगासन खासतौर पर स्वस्थ गर्भाशय बनाए रखने और पीरियड्स के दर्द में राहत के साथ ही उसे नियमित करने में मदद करता है। रोजाना कुछ मिनट इस आसन का अभ्यास करने से शरीर और मन दोनों को शांति मिलती है। गर्भासन का नाम ‘गर्भ’ यानी भ्रूण और ‘आसन’ यानी मुद्रा से मिलकर बना है। इस आसन में शरीर की स्थिति भ्रूण जैसी हो जाती है, इसलिए इसे गर्भासन कहते हैं। नियमित अभ्यास से तनाव और चिंता काफी कम होती है, मन शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। महिलाओं के लिए यह आसन विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि यह प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और पीरियड्स से जुड़ी कई समस्याओं में राहत देता है। इस आसन को सही तरीके से करने के लिए पहले कुछ तैयारी जरूरी है। एक्सपर्ट के अनुसार, गर्भासन शुरू करने से कुछ दिन पहले कुक्कटासन का अभ्यास करें। कुक्कटासन में शरीर का संतुलन अच्छा होने पर ही गर्भासन को आजमाएं। सबसे पहले पद्मासन में बैठें, हाथों को जांघों-पिंडलियों के बीच फंसाकर कोहनियां बाहर निकालें। कोहनियां मोड़कर दोनों कान पकड़ने की कोशिश करें। भार कूल्हों पर रहे। क्षमता अनुसार 30 सेकंड से 1 मिनट तक रहें, फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आएं। एक्सपर्ट के अनुसार, नियमित अभ्यास से न सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ती है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। हालांकि, कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। गर्भासन का अभ्यास सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है। कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो, जैसे गर्दन, कंधे या कमर में दर्द, तो सलाह लेकर ही करें।

बांग्लादेश को नुकसान, भारत के साथ डील से 15 हजार करोड़ का कारोबार होगा भारत के पक्ष में, निर्यात बढ़ेगा दोगुना

नई दिल्‍ली  अमेरिका के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता होने से भारत के कपड़ा निर्यात को सबसे ज्‍यादा लाभ मिलने की उम्‍मीद है. कपड़ा निर्यात संगठनों ने अनुमान लगाया है कि महज तीन साल में परिधान निर्यात बढ़कर दोगुना होने की पूरी उम्‍मीद है. अभी भारत से अमेरिका को होने वाला कपड़ा निर्यात करीब 15 हजार करोड़ रुपये सालाना का है, जो तीन साल के भीतर बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा पहुंच सकता है. देश में कपड़ा निर्यात का हब माने जाने वाले तिरुप्‍पुर के कपड़ा उद्योग निर्यातकों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया समझौते के बाद अगले तीन वर्षों में अमेरिका को कपड़ों का निर्यात दोगुना होकर 30,000 करोड़ रुपये तक पहुचने की उम्मीद है. तिरुप्पुर निर्यातक संघ के अध्यक्ष के एम सुब्रमणियन ने कहा कि चेन्नई से लगभग 450 किलोमीटर पश्चिम में स्थित तिरुप्पुर में भी इस अवधि के दौरान रोजगार सृजन में लगभग पांच लाख की वृद्धि होने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि इस डील ने 5 लाख नौकरियों के भी अवसर बनाए हैं. 5 साल में जबरदस्‍त बढ़ोतरी भारत और अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके तहत दोनों पक्ष दोतरफा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे. इस समझौते पर टिप्पणी करते हुए सुब्रमणियन ने कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं. यह समझौता महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे तिरुप्पुर को अगले 5 वर्षों में जबरदस्त वृद्धि मिलेगी. अभी 15 हजार करोड़ का है निर्यात उन्होंने बताया कि वर्तमान में तमिलनाडु से कपड़ों का निर्यात 15,000 करोड़ रुपये का है और इस समझौते के बाद इसके अगले तीन वर्षों में 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. सुब्रमणियन ने कहा कि भारत-अमेरिका समझौते के कारण पांच लाख और नए रोजगार पैदा होंगे. तिरुप्पुर के एक अन्य उद्यमी और स्टारलाइट एक्सपोर्टर्स के संस्थापक एम. रथिनसामी ने कहा कि इस सौदे से तमिलनाडु को अमेरिका से और अधिक ऑर्डर मिलेंगे. बांग्‍लादेश को पीछे छोड़ देंगे तिरुप्पुर निर्यातक संघ के कार्यकारी समिति सदस्य रथिनासामी ने कहा कि पहले कुछ ऑर्डर बांग्लादेश और अन्य देशों को जाते थे. इस समझौते के बाद हमें (अमेरिका से) और अधिक ऑर्डर मिलेंगे. यह समझौता सीधे तौर पर बांग्‍लादेश के लिए भी बड़ा झटका है. बांग्‍लादेश पर इससे पहले कम टैरिफ होने की वजह से अमेरिका के कई ऑर्डर वहां से जाते थे, जबकि अब भारत पर टैरिफ बांग्‍लादेश से भी कम हो गया है. लिहाजा आने वाले समय में अमेरिका से ज्‍यादा ऑर्डर मिलने का अनुमान है.

सावरकर को भारत रत्न देने पर सियासी घमासान, विपक्ष ने उठाए सवाल

नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की ओर से वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि मोहन भागवत कैसे बयान देते हैं, समझ में नहीं आ रहा है। राजद सांसद मनोज झा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “भारत रत्न का गौरव आज तक किसी के लिए प्रतीक्षा कर रहा है क्या? मुझे समझ नहीं आ रहा कि मोहन भागवत कैसे बयान देते हैं। विसंगतियों पर बात करिए, सरकार तो आप ही चला रहे हैं, बाकी सब तो कठपुतली हैं।” निर्दलीय सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, “अभिव्यक्ति की आजादी है। कोई किसी के लिए भी पुरस्कार की मांग कर सकता है। मोहन भागवत तो सरकार के मालिक हैं। उन्हें मांग करने की क्या जरूरत है? वे कह देंगे तो कौन मना करेगा?” उन्होंने कहा कि देश की आजादी में किसका कितना बड़ा योगदान है, यह किसी से छिपा नहीं है। हम लंबे समय से कांशीराम साहब को भारत रत्न दिए जाने की मांग कर रहे हैं। 1857 क्रांति के नायक कोतवाल धन सिंह गुर्जर के लिए भी हमने भारत रत्न की मांग की है, लेकिन ऐसे महापुरुषों को भारत रत्न न देकर सरकार इन वर्गों का अपमान कर रही है। यह हमारे लोग होने नहीं देंगे और वोट से इसका बदला लेंगे।” समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा, “बजट का जो हलवा बना था, वह ज्यादा किसे मिला? आज समय यह है कि 18 बड़ा है या शून्य? बजट पर चर्चा इसलिए होनी चाहिए क्योंकि अब किसान क्या करेगा? कभी भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था खोली थी और यह बताया गया था कि गरीब, किसान की तरक्की होगी, लेकिन जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो अमीर और अमीर और गरीब और गरीब हुआ है। उससे ज्यादा अर्थव्यवस्था आज खोल दी गई। ये सब बातें सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए की जा रही हैं।” समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “हमें लगातार देखने को मिला है कि जब से भाजपा आई है, सत्तापक्ष के कभी माइक ऑफ नहीं होते, लेकिन विपक्ष के नेताओं और सांसदों का माइक ऑफ किया जाता है। तो अगर अविश्वास प्रस्ताव लाना है तो इंडी गठबंधन मिलकर ही ये प्रस्ताव लाएगी।”

भारत में 2025 तक सस्ते 5G स्मार्टफोन का शिपमेंट होगा रिकॉर्ड 1,900% तक बढ़ा: रिपोर्ट

नई दिल्ली   साल 2025 में भारत में सस्ते 5जी स्मार्टफोन की शिपमेंट (डिलीवरी) में साल-दर-साल आधार पर 1,900 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। इसकी बड़ी वजह आक्रामक कीमतें, एंट्री-लेवल 5जी चिपसेट की बेहतर उपलब्धता और देश भर में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार रहा। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत का स्मार्टफोन बाजार एक बड़े बदलाव के दौर में पहुंच गया। इस दौरान सस्ते 5जी फोन की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और महंगे (प्रीमियम) स्मार्टफोन की मांग भी बनी रही। सबसे बड़ा बदलाव 6,000 से 8,000 रुपए की कीमत वाले फोन सेगमेंट में देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया कि कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 5जी फोन की हिस्सेदारी 88 प्रतिशत रही, जो सालाना आधार पर 12 प्रतिशत ज्यादा है। इससे साफ है कि 5जी अब सिर्फ महंगे फोन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। भारत में एप्पल ने सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की और मार्केट शेयर 9 प्रतिशत तक पहुंच गया। आईफोन 16 सीरीज में बेस मॉडल आईफोन 16 की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि लोग प्रो या प्लस मॉडल के बजाय कम कीमत वाले मॉडल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सीएमआर की सीनियर एनालिस्ट मेनका कुमारी ने कहा, “2025 भारत के स्मार्टफोन बाजार के लिए गिरावट का नहीं, बल्कि दोबारा संतुलन बनाने का साल रहा। भले ही कुल बिक्री में थोड़ी कमी आई हो, लेकिन सस्ते 5जी फोन की तेजी, महंगे फोन की स्थिर मांग और नए ब्रांड्स के उभरने से यह साफ है कि बाजार कमजोर नहीं हो रहा, बल्कि बदल रहा है।” 2025 में 6.7 इंच या उससे बड़े डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रही, जिससे साफ है कि अब ग्राहक बड़े स्क्रीन वाले फोन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के स्मार्टफोन चिपसेट बाजार में मीडियाटेक 45 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में क्वालकॉम ने 34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ बढ़त बनाए रखी। सीएमआर में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के एनालिस्ट पंकज जादली ने कहा कि 2026 में कंपोनेंट और मेमोरी की बढ़ी हुई लागत के चलते स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। इसका असर यह होगा कि साल भर उपभोक्ताओं का खरीदारी व्यवहार ज्यादा सोच-समझकर और सीमित रहेगा। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता स्मार्टफोन बाजार से दूर नहीं हुए हैं, बल्कि वे अब ज्यादा चयनशील हो गए हैं। लोग अपने मौजूदा फोन का इस्तेमाल लंबे समय तक कर रहे हैं और तभी अपग्रेड कर रहे हैं, जब उन्हें नए डिवाइस में वाकई बेहतर वैल्यू नजर आती है।

सावधान! मौसम में बदलाव बन रहा है वायरल बुखार का कारण

बदलता मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। यह सब जानते हुए भी हम असावधान रहते हैं और वायरल बुखार की चपेट में आ जाते हैं। प्रायः बुखार वायरल की शुरुआत खांसी, जुकाम और बुखार से होती है। विशेषकर सर्दियां प्रारंभ होते ही मौसम की शुष्कता वायरल बुखार की जिम्मेदार होती है। इस दौरान नाक, कान, गले की एलर्जी सांस लेते समय छाती में परेशानी, आवाज बैठना, खांसी, जुकाम का होना आम बात है। कौन कौन से होते हैं वायरल इंफेक्शन:- -हैजा भी वायरल इंफेक्शन है। यह किसी भी मौसम में हो सकता है। -डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, पीलिया, हेपेटाइटिस, डायरिया आदि वायरस से फैलते हैं। ये भी साल में कभी भी हो सकते हैं। -जुकाम-खांसी आदि साधारण वायरल इंफेक्शन हैं। जुकाम में नाक बंद रहती है, छींके आती हैं, गला खराब रहता है, खांसी होती है। ये अधिकतर सर्दियों में फैलते हैं। -शरीर में दर्द और बुखार भी वायरल इंफेक्शन से होता है। -बच्चों में डायरिया का मुख्य कारण भी वायरल इंफेक्शन होता है। कैसे फैलता है वायरल -वातावरण में फैला प्रदूषण वायरल इंफेक्शन को फैलाने में मदद करता है। उसी प्रदूषित वातावरण में हम सांस लेते हैं जिसमें हजारों वायरस होते हैं। -भीड़भाड़ वाले स्थान में जाने से वायरल संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। -एयर कंडीशंड रूम में हम ताजी हवा का सुख नहीं ले पाते। अगर कोई खांसता है तो उसका वायरस वहीं रहता है जिससे अन्य कमजोर लोग उसकी चपेट में आ जाते हैं। -आस-पास की गंदगी भी वायरस फैलाने में मददगार होती है। कोई भी काम करने के बाद हाथों का न धोना, नाखूनों का गंदा होना, गंदे बर्तनों में खाना पकाना या खाना, सब्जियों और फलों को बिना धुले खाना आदि से भी संक्रमण हो सकता है। वायरल हो जाए तो क्या करें -नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें। -ज्यादा खट्टे फलों का सेवन न करें। -पानी अधिक लें। विटामिन सी वाली चीजें लें। -पौष्टिक और संतुलित आहार लें। -गर्म सब्जियों का सूप, खिचड़ी, दलिया और रसदार सब्जियों का भरपूर सेवन करें। -अदरक व शहद वाली चाय लें। -च्यवनप्राश का सेवन करें। -शहद व गुड़ का प्रयोग करें। -तुलसी पत्र को प्रातःखाली पेट पानी के साथ निगल लें। -गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी रात्रि में सोने से पहले ले सकते हैं। लाभ मिलेगा। ताकि स्वयं को बचा सकें वायरल की चपेट से -मौसम के अनुसार पूरे वस्त्र पहनें। -खाली पेट बाहर न निकलें। खाली पेट रहने से शरीर में कमजोरी आती है और संक्रमण का प्रभाव जल्दी होता है। -खांसी और जुकाम होने पर रूमाल का प्रयोग करें। अगर आसपास कोई खांस रहा है तो आप रूमाल अपने मुंह पर रख लें। -खाना मौसम के अनुसार लें। अगर बाहर खाएं तो सफाई का पूरा ध्यान रखें। -ठंडे खाद्य पदार्थों से परहेज रखें। -बदलते मौसम में फ्रिज का पानी न पिएं। -डब्ल्यू एच ओ साल में दो बार एंटी-फ्लू वैक्सीन निकालता है, सितंबर और मार्च में। 6 महीने तक के छोटे बच्चों को साल में दो बार टीका लगवाएं। छः माह से बड़े बच्चों और बुजुर्गों को भी यह टीका लगवाया जा सकता है।  

तमिलनाडु: 100 साल पुरानी दरगाह में बदलाव, रोज नमाज पर रोक और पशु बलि पर बैन

चेन्नई  सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के एक संवेदनशील में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है. शीर्ष अदालत ने थिरुप्परनकुंड्रम (Thirupparankundram) दरगाह में रोज़ाना नमाज़ पढ़ने की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने साफ किया है कि इस दरगाह में हर दिन नमाज़ नहीं पढ़ी जाएगी, बल्कि केवल रमजान और बकरीद जैसे विशेष त्योहारों पर ही नमाज अदा करने की इजाजत रहेगी. यह अपील एक प्रैक्टिसिंग मुस्लिम, इमाम हुसैन द्वारा दायर की गई थी. इसमें उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने मामले की सुनवाई की. पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने का कोई कारण नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने न केवल रोजाना नमाज की मांग को ठुकराया, बल्कि दरगाह परिसर में पशु बलि (Animal Sacrifice) पर लगी रोक को भी सही ठहराया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और वहां की स्थापित परंपराओं का पालन करना जरूरी है. क्या है पूरा विवाद और इसका इतिहास? यह पूरा मामला मदुरै के पास स्थित ऐतिहासिक थिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ी से जुड़ा है. यह पहाड़ी भगवान मुरुगन के प्राचीन मंदिर (अरुपदाई वीदु में से एक) के लिए प्रसिद्ध है. इसी पहाड़ी की चोटी पर सिकंदर बादुशा की दरगाह भी स्थित है. विवाद की जड़ दरगाह के उपयोग को लेकर थी. याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि दरगाह को एक मस्जिद की तरह इस्तेमाल करने दिया जाए. यहां रोज़ाना पांच वक्त की नमाज पढ़ने की मांग की गई थी. इसके अलावा, उर्स और अन्य मौकों पर वहां पशु बलि की अनुमति भी मांगी गई थी. हालांकि, हिंदू संगठनों और मंदिर प्रशासन ने इसका विरोध किया था, क्योंकि यह स्थान भौगोलिक और ऐतिहासिक रूप से मुरुगन मंदिर परिसर का हिस्सा माना जाता है. नई प्रथा को इजाजत नहीं मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया था कि दरगाह में रोज़ाना नमाज़ की परंपरा नहीं रही है और इसे नई प्रथा के रूप में शुरू नहीं किया जा सकता. हाईकोर्ट ने माना था कि यह स्थान सभी धर्मों के लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र हो सकता है, लेकिन इसे विशेष समुदाय के लिए दैनिक प्रार्थना स्थल (मस्जिद) में नहीं बदला जा सकता. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी तर्क पर मुहर लगा दी है.

एक साल में AI ले लेगा 99% जॉब्स, ये नौकरियां बचेंगी: एक्सपर्ट की भविष्यवाणी

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इंसानों की जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। आज AI पॉवर्ड डिवाइसेज की मदद से लोग हर तरह का काम निकलवा रहे हैं। हालांकि वह दिन अब दूर नहीं है जब AI महज हेल्पर की तरह हमारी मदद करने की बजाय, हमें रिप्लेस ही कर दे। ऐसा कहना है कि जाने-माने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्चर डॉ. रोमन याम्पोल्स्की का। डॉ. रोमन ने चेतावनी दी है कि महज एक साल में AI इंसानों की 99 फीसदी नौकरियां खा जाएगा। उन्होंने यह तक कह दिया है कि कोई भी ऐसा इंसानी काम नहीं दिख रहा, जिसे ऑटोमेट ना किया जा सकता हो। याम्पोल्स्की के मुताबिक 2045 तक समाज एक ऐसे टेक्नोलॉजिकल पॉइंट पर पहुंच सकता है जहां से वापस लौटना मुमकिन नहीं होगा। आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और इस मुद्दे पर विस्तार से बात करते हुए, डॉ. रोमन याम्पोल्स्की ने कहा कि आने वाले बदलाव पिछले इंडस्ट्रियल बदलावों से बिल्कुल अलग होंगे। बता दें कि कम्प्यूटर साइंटिस्ट डॉ. याम्पोल्स्की लातविया से आते हैं और वे फिलहाल लुइसविले यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। उन्होंने AI सुरक्षा और जोखिम पर 100 से ज्यादा एकेडमिक पेपर पब्लिश किए हैं। उन्होंने हाल ही में स्टीवन बार्टलेट द्वारा होस्ट किए जाने वाले ‘द डायरी ऑफ ए CEO’ में यह बातें कही हैं। किसी भी फिजिकल लेबर को किया जा सकता है ऑटोमेट टाइम्स ऑफ इंडिया लाइक रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत के दौरान, डॉ. याम्पोल्स्की ने कहा, “पांच सालों में किसी भी तरह के फिजिकल लेबर को ऑटोमेट किया जा सकता है। तो हम एक ऐसी दुनिया देख रहे हैं जहां बेरोजगारी का स्तर ऐसा होगा जो हमने पहले कभी नहीं देखा। मैं 10 प्रतिशत बेरोज़गारी की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि 99 प्रतिशत की बात कर रहा हूं।” कौन सी नौकरियां बचने की संभावना? डॉ. याम्पोल्स्की ने बताया है कि कौन सी नौकरियां बचने की संभावना है। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, “आपके पास सिर्फ वही नौकरियां बचेंगी जहां किसी भी वजह से आप चाहेंगे कि कोई दूसरा इंसान आपके लिए वह काम करे। कुछ नौकरियां ऐसी होती हैं जहां इंसान की जरूरत होती है। हो सकता है आप अमीर हों और किसी भी वजह से आप एक इंसानी अकाउंटेंट चाहते हों।” उन्होंने कहा कि इंसानों द्वारा बनाए गए सामानों के लिए शौक की वजह से भी कुछ नौकरियां बीच सकती हैं। उन्होंने कहा, “आपको ऐसे लोगों के लिए एक छोटा सा मार्केट मिल सकता है जो अभी भी हाथ से बनी चीज़ों को पसंद करते हैं।” वहीं AI की निगरानी और रेगुलेशन का जॉब भी बचा हुआ रहेगा। हालांकि डॉ. याम्पोल्स्की ने कहा कि लंबे समय में AI को पूरी तरह से कंट्रोल करना शायद नामुमकिन हो, लेकिन उन्होंने कहा है कि इंसानी निगरानी बदलाव की गति को धीमा कर सकती है।

इंदौर में नर्मदा लाइन का रास्ता: सड़क के बीच बिछी लाइन, एलिवेटेड कॉरिडोर की राह में अड़चने

इंदौर  इंदौर में छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की कवायद की जा रही है, लेकिन उसे बनाना इतना आसान भी नहीं होगा, क्योंकि जब बीआरटीएस कॉरिडोर पंद्रह साल पहले बनाया गया था, तब नर्मदा लाइन सड़क के बीच वाले हिस्से में डाली गई थी। इसके अलावा हर चौराहे पर सीवरेज के बड़े पाइप भी क्रॉस हुए हैं। यदि एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनता है तो जगह-जगह लाइनों को शिफ्ट करना होगा। इसमें काफी समय लगेगा।  बीआरटीएस निर्माण की समयसीमा दो साल तय की गई थी, लेकिन उसके बनने में पांच साल से अधिक का समय लगा, क्योंकि एबी रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी रहता है। ट्रैफिक को दूसरे रूटों पर भी ज्यादा डायवर्ट नहीं किया जा सकता है। यह परेशानी एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने में भी आएगी। व्हाइट चर्च चौराहे पर पथरीली जमीन एलिवेटेड कॉरिडोर के कॉलम बनाने के लिए जमीन में गहरी खुदाई करना होगी। इसमें सबसे ज्यादा समय गीता भवन से जीपीओ के बीच लगेगा। यहां पथरीला हिस्सा है। सीवरेज लाइन बिछाने के लिए इस हिस्से में चट्टानें तोड़ने के लिए विस्फोट का इस्तेमाल किया गया था। यहां लाइन शिफ्ट करना पड़ी तो उसके लिए भी अलग से खुदाई करना होगी। लंबी दूरी का ट्रैफिक और होगा कम एलआईजी से भंवरकुआं या राजीव गांधी चौराहे तक शहरवासियों को जाना हो तो वे अब रिंग रोड का उपयोग करने लगे हैं, क्योंकि खजराना चौराहा, बंगाली चौराहा, वर्ल्ड कप चौराहा, पालदा चौराहा पर ब्रिज बनने से अब रिंग रोड पर समय कम लगता है। इस मार्ग पर मुसाखेड़ी और आईटी चौराहे पर भी ब्रिज बन रहे हैं। इसके बाद ट्रैफिक और आसान हो जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर याचिका लगाने वाले अतुल शेठ का कहना है कि रिंग रोड के कारण वैसे ही एबी रोड के ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। इस कारण एलिवेटेड कॉरिडोर ज्यादा उपयोगी साबित नहीं होगा। पहले जब इसे लेकर सर्वे हुआ था, तब ट्रैफिक चार प्रतिशत आया था।

इंदौर में नगर निगम की नई सुविधा, अब 72 घंटे में मिलेगा मृत्यु प्रमाण पत्र सीधे ईमेल पर

इंदौर  इंदौर नगर निगम ने नागरिकों को बड़ी राहत देने वाली नई व्यवस्था लागू की है। अब घर पर होने वाली मृत्यु के मामलों में मृत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र 72 घंटे के भीतर परिजनों के ईमेल पर भेजा जाएगा। इसके लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने या किसी तरह का आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।  पहले घर भेजा जाता था प्रमाण पत्र महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि पहले नगर निगम की ओर से मृत्यु होने पर 72 घंटे के भीतर शोक संदेश के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र मृतक के घर भिजवाया जाता था। बाद में जन्म–मृत्यु के राष्ट्रीय पोर्टल से नगर निगम पोर्टल के जुड़ने के कारण यह व्यवस्था बंद हो गई थी। संशोधित रूप में फिर लागू हुई व्यवस्था महापौर ने बताया कि अब राष्ट्रीय पोर्टल से जुड़े रहते हुए इस व्यवस्था को संशोधित स्वरूप में फिर से लागू किया गया है। मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार के समय यदि यह जानकारी दी जाती है कि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु घर पर हुई है, तो परिजनों द्वारा दिए गए ईमेल एड्रेस पर 72 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र भेज दिया जाएगा। नगर निगम आने की जरूरत नहीं इस नई व्यवस्था के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए परिजनों को नगर निगम कार्यालय आने, आवेदन करने या किसी तरह का शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नगर निगम ने ईमेल के माध्यम से प्रमाण पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अस्पताल में मृत्यु पर लागू नहीं होगी सुविधा प्रश्न के उत्तर में महापौर ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में होने वाली मृत्यु के मामलों में यह सुविधा फिलहाल लागू नहीं हो पाएगी। इसका कारण यह है कि अस्पतालों से मृत्यु की जानकारी नगर निगम को विलंब से प्राप्त होती है, जिससे 72 घंटे के भीतर प्रमाण पत्र जारी करना संभव नहीं हो पाता। जन्म प्रमाण पत्र की व्यवस्था पहले से लागू जन्म प्रमाण पत्र को लेकर उन्होंने बताया कि जिन अस्पतालों में प्रसूति होती है, वहां से जन्म प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था पहले से ही लागू है। इसे तत्काल व्यवस्था में परिवर्तित करना अभी संभव नहीं है। हर साल जारी होते हैं हजारों मृत्यु प्रमाण पत्र इंदौर नगर निगम द्वारा हर वर्ष औसतन 14 हजार मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। वर्ष 2026 में अब तक 1084 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 में 15314, 2024 में 14119, 2023 में 13461 और 2022 में 14237 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए थे।

जबलपुर में रेल यातायात में सुधार: पैसेंजर ट्रेनों में 20 कोच लगेंगे, यात्रियों को मिलेगी राहत

जबलपुर   पैसेंजर ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने पैसेंजर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाने पर सहमति दिए जाने के बाद रेल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने सभी रेल जीनों से उन पैसेंजर ट्रेनों की जानकारी मांगी है, जिनमें अतिरिक्त कोच जोड़े जा सकते है। वर्तमान में अधिकांश पैसेंजर ट्रेनें 10 से 12 कोच के साथ संचालित हो रही है। योजना के तहत अब इन ट्रेनों में 12 से 20 कोच तक लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही मेमू और डेमू ट्रेनों में भी कोचों की संख्या बढ़ाकर 8 से 12 करने का प्रस्ताव है।  पमरे जोन को मिलेगा विशेष लाभ सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) जोन में संचालित करीब 40 पैसेंजर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। अभी सीमित कोच होने के कारण सामान्य श्रेणी के यात्रियों को भारी परेशानी होती है और कई बार उन्हें खड़े होकर यात्रा करना पड़ती है। कोचों की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम होगी, वहीं स्टेशनों पर भी भीड़भाड़ नियंत्रित होने की उम्मीद है। जबलपुर मंडल में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन जबलपुर रेल मंडल में वर्तमान में 10 जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से जबलपुर-नैनपुर पैसेंजर, रीवा-जबलपुर पैसेंजर, जबलपुर-रीवा पैसेंजर, कटनी-चौपन पैसेंजर, कटनी-भुसावल पैसेंजर, बीना-कटनी पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनें शामिल है। सीमित कोच होने के कारण कई बार 100 से 150 यात्री मजबूरी में भीड़भाड़ के बीच यात्रा करते है। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान मेमू और डेमू ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ देखने को मिलती है। बड़ी संख्या में एमएसटी धारक यात्री यात्रा करते है, जिससे कई बार ट्रेन में चढ़ने तक में कठिनाई होती है। रीवा-रानी कमलापति के बीच स्पेशल ट्रेन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए रीवा रानी कमलापति के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में एक एक ट्रिप संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना एवं विदिशा स्टेशनों पर रुकेगी। रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी को रीवा से दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान करेगी। इसी तरह रानी कमलापति-रीवा सुपरफास्ट होली स्पेशल ट्रेन रानी कमलापति से रात 22:15 बजे प्रस्थान करेगी।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति: हाई-स्पीड इंटरनेट सभी पंचायतों तक पहुंचेगा, केंद्र को भेजा बड़ा प्रस्ताव

रायपुर  केंद्र सरकार की भारत नेट योजना के तीसरे चरण (फेज-थ्री) में प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में आप्टिकल फाइबर केबल पहुंचाई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा लोगों को मिलेगी। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को 3,500 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। इसके साथ प्रदेश में पांच हजार नए मोबाइल टावर भी लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। 11,693 ग्राम पंचायतें हैं त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के तहत 11,693 ग्राम पंचायतें हैं। वर्ष 2024-25 की स्थिति में पहले और दूसरे चरण को मिलाकर भारत नेट परियोजना के तहत राज्य की 9,804 ग्राम पंचायतों को आप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ा जा चुका है। इसके रखरखाव एवं संचालन के लिए 66 करोड़ की पूल निधि के गठन का भी प्रविधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वाई.फाई के माध्यम से हाट-स्पाट स्थापित कर प्रदेश भर में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रथम चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों में वाईफाई की सुविधा के लिए पीएमवाणी परियोजना अंतर्गत 37 करोड़ का प्रविधान किया गया है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा उपयोग किए जा रहे ई. परिसंपत्ति, मोबाइल एप और वेबसाइट की साइबर सुरक्षा के लिए आवश्यक जांच एवं सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की जाएगी। बस्तर के माओवाद प्रभावित 735 गांवों में पहुंचाना है कनेक्टिविटी बस्तर संभाग में कुल 3,791 एलडब्ल्यूई प्रभावित क्षेत्रों में से 3,056 स्थानों पर मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जबकि 735 ग्राम अब भी इससे वंचित हैं। शेष इलाकों में नेटवर्क विस्तार के लिए 481 नए मोबाइल टावरों की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिन्हें स्वीकृति मिल चुकी है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक सभी स्वीकृत मोबाइल टावर स्थापित कर दिए जाएंगे। वर्तमान में टावर स्थलों का सर्वे कार्य प्रगति पर है। इन टावरों की स्थापना और संचालन का कार्य भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) द्वारा किया जा सकता है। फेज टू की कंपनी के साथ कानूनी विवाद जानकारी के मुताबिक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा चिप्स और टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के बीच 3,056 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था, जिसका लक्ष्य 6,000 गांवों तक ब्राडबैंड पहुंचाना था। हालांकि, जमीनी स्तर पर काम न होने के कारण मई 2025 में टाटा प्रोजेक्ट्स ने अनुबंध समाप्त कर दिया गया था। कंपनी ने खुदाई में आने वाली बाधाओं और प्रशासनिक दिक्कतों को इसका मुख्य कारण बताया था। यह मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। इस कानूनी विवाद और काम की धीमी गति के कारण फेज-दो का काम भी बाधित हुआ। अधिकारियों का क्या कहना अंकित आनंद, सचिव, इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी का कहना है कि राज्य के हर गांव तक मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार काम कर रही है। भारत नेट योजना के तीसरे चरण में हम सभी ग्राम पंचायतों को कवर कर सकेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

रुद्राक्ष महोत्सव से पहले सीहोर में रेल सुविधा बढ़ी, दो एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज मिला

 सीहोर  रुद्राक्ष महोत्सव के आयोजन से पहले सीहोरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सांसद आलोक शर्मा के प्रयासों से सीहोर रेलवे स्टेशन पर दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज स्वीकृत हुआ है। इससे धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों तक सीधी रेल यात्रा संभव हो सकेगी।  सीहोर शहर के लिए यह निर्णय किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव से पहले रेलवे द्वारा दो प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का सीहोर स्टेशन पर स्टॉपेज स्वीकृत किया गया है। इस फैसले से देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। अब श्रद्धालु बिना भोपाल या अन्य बड़े स्टेशनों पर भटके सीधे सीहोर उतर सकेंगे। सांसद आलोक शर्मा के प्रयास रंग लाए भोपाल-सीहोर सांसद आलोक शर्मा द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही सीहोर की रेल कनेक्टिविटी की मांग आखिरकार पूरी हो गई। सांसद शर्मा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात कर सीहोर को बड़े शहरों से जोड़ने का आग्रह किया था। रेल मंत्री ने इस मांग को जनहित में स्वीकार करते हुए दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज को मंजूरी दी। सांसद आलोक शर्मा ने दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों के सीहोर रेलवे स्टेशन पर स्टापेज के संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट भी जारी की है। प्रयागराज और वाराणसी जाने वालों को मिली बड़ी राहत सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी जाने की मांग वर्षों से की जा रही थी। विशेष रूप से अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक कार्यों के लिए लोगों को पहले भोपाल जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। अब सीधे सीहोर से प्रयागराज और वाराणसी तक यात्रा संभव हो सकेगी। यह निर्णय आम नागरिकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस का विस्तृत लाभ गाड़ी संख्या 19489/19490 अहमदाबाद–गोरखपुर एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। यह ट्रेन अहमदाबाद, सूरत, रतलाम, उज्जैन, मैहर, सतना, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ती है। सीहोर के व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह ट्रेन विकास की नई राह खोलेगी। गाड़ी सं. 19489 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस अहमदाबाद से सोमवार को छोड़कर प्रतिदिन चलेगी। अहमदाबाद से एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 9.17 बजे से चलकर आणंद, छायापुरी, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयासराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया होते हुए अगले दिन शाम 6.15 बजे गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी सं. 19490 गोरखपुर स्टेशन से मंगलवार को छोड़कर प्रतिदिन रात 9.20 बजे रवाना होकर सीहोर स्टेशन गंतव्य दिवस के अगले दिन रात पौने छह बजे के करीब पहुंचेगी और फिर अहमदाबाद के लिए रवाना हो जाएगी। मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस से बढ़े अवसर सप्ताह में एक दिन चलने वाली मुंबई बांद्रा-गोरखपुर हमसफर एक्सप्रेस भी अब सीहोर स्टेशन पर रुकेगी। इससे मुंबई और सूरत जैसे औद्योगिक शहरों तक सीधी पहुंच संभव होगी। यह ट्रेन रोजगार, व्यापार और शिक्षा के लिए महानगरों से जुड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी। एक्सप्रेस ट्रेन 19091 मुंबई बांद्रा से सोमवार को सुबह 5.10 चलकर बोरोवली, वापी, सूरत, बडोदरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, शुजालपुर स्टेशनों से होती हुई रात आठ बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना,सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, प्रयागराज, वाराणसी, मउ, भटनी, देवरिया स्टेशन होती हुई अगले दिन मंगलवार को गोरखपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी तरह एक्सप्रेस ट्रेन 19092 गोरखपुर से मंगलवार को रात 9.20 बजे से चलकर वापस उन्हीं स्टेशनों से होती हुई बुधवार की शाम पौने छह बजे के करीब सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी और फिर विभिन्न स्टेशनों से होती हुई गुरुवार की सुबह साढे़ आठ बजे मुंबई बांद्रा पहुंचेगी। श्रद्धालुओं और सीहोर के विकास को नई दिशा इन ट्रेनों के स्टॉपेज से कुबेरेश्वर धाम में कथा सुनने आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान सीहोर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। यह निर्णय न केवल यात्रा सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सीहोर के सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।  

‘जहर मुक्त खेती’ के लिए एमपी में महायज्ञ, पहली बार देशभर के किसान होंगे एकत्रित

नीमच  भारतीय कृषि के इतिहास में ये संभवतः पहला अवसर है, जब देश का कोई जनप्रतिनिधि किसानों को ‘आत्मनिर्भर’ और खेती को ‘जहर मुक्त’ बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा बीड़ा उठा रहा है। रासायनिक खाद के बोझ और कर्ज के चक्रव्यूह में फंसे अन्नदाता को उबारने के लिए मध्य प्रदेश के नीमच जिले की जावद तहसील, देशव्यापी बदलाव का केंद्र बिंदु बनने जा रही है। पूर्व मंत्री और क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा की अनूठी पहल पर 28 से 31 मार्च 2026 तक जावद में 04 दिवसीय ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती शिविर’ का आयोजन होने जा रहा है। इस महासंगम में ‘कृषि ऋषि’ कहे जाने वाले पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर स्वयं मौजूद रहेंगे। वे कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश के कोने-कोने से आने वाले किसानों को ये समझाएंगे कि, कैसे बाजार के फंदे से निकलकर स्वाभिमान की खेती की जा सकती है। शिविर का मूल मंत्र ये है कि, एक किसान को अपनी खेती के लिए बाजार से एक रुपए की भी खाद या कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं है। डॉ. पालेकर बताएंगे कि, सिर्फ एक देसी गोमाता के सहारे 10 से 15 एकड़ जमीन पर शून्य लागत (जीरो बजट) में भरपूर और विषमुक्त फसल कैसे की जा सकती है। संसाधन आड़े न आएं, इसलिए विधायक ने की ठहरने-खाने की चिंता अक्सर आर्थिक तंगी और संसाधनों का अभाव किसानों को ऐसे ज्ञानवर्धक आयोजनों से दूर कर देता है। इस पीड़ा को समझते हुए विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने एक मिसाल पेश की है। देश में अपनी तरह के इस पहले आयोजन में भाग लेने वाले प्रत्येक किसान के लिए आवास, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है। विधायक का आह्वान: ‘मिट्टी और पीढ़ियों को बचाने का ये अंतिम अवसर’ इस ऐतिहासिक आयोजन के सूत्रधार विधायक ओमप्रकाश सखलेचा का कहना है कि ‘जावद अब देशभर के किसानों के लिए प्राकृतिक खेती का तीर्थ बनने जा रहा है। ये शिविर उन किसानों के लिए है, जो कर्ज और रसायनों के चक्रव्यूह से बाहर निकलना चाहते हैं। जो अपनी मिट्टी, अपने पानी और अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं। जावद में होने जा रहा ये आयोजन किसान के आत्मसम्मान, स्वास्थ्य और समृद्धि की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है।’ आयोजकों ने बताया कि, ये मॉडल किसानों की लागत घटाकर और आय बढ़ाकर खेती में नई उम्मीद जगाएगा।

मैनपाट महोत्सव 2026: 13 फरवरी को CM साय करेंगे शुभारंभ, एडवेंचर गेम्स और गायकी का शानदार समागम

रायपुर  छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मैनपाट महोत्सव 2026 का आयोजन 13 से 15 फरवरी तक किया जाएगा। यह महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी, बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर सहित कई नामी कलाकार होंगे शामिल होंगे।  महोत्सव के दौरान एडवेंचर गेम्स, बोटिंग, झूले, भव्य मेला और दंगल जैसे आकर्षक आयोजन भी किए जाएंगे। मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। लंबे समय बाद इस महोत्सव की रौनक फिर से लौटती नजर आ रही है। पिछले कुछ सालों में आयोजन औपचारिकता तक सीमित रह गया था, लेकिन इस बार इसे भव्य रूप दिया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा इस महोत्सव के लिए 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और सैलानियों को आकर्षित करना है। पहले दिन भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी बांधेगे शमा 13 फरवरी (शुक्रवार) को महोत्सव का शुभारंभ होगा। पहले दिन भाजपा सांसद और भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार मनोज तिवारी मंच पर प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा पहले दिन छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा के प्रसिद्ध छउ नृत्य कलाकार हरिपद मोहंता भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही स्थानीय कलाकार भी रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। दूसरा दिन छत्तीसगढ़ के कलाकार देंगे प्रस्तुति आयोजन के दूसरे दिन 14 फरवरी शनिवार को सरगुजा के मशहूर गायक स्वप्निल जायसवाल, छत्तीसगढ़ी गायिका अलका चंद्राकर, इंडियन आइडल और सारे-गा-मा-पा जैसी रियलिटी शोज की फेम वैशाली रायकवार अपनी प्रस्तुति देंगे। ओडिशा के कलाकारों की भागीदारी भी इस दिन विशेष रहेगी। अन्य रंगारंग कार्यक्रम माहौल को मनोरंजक बनाएंगे। तीसरे दिन कनिका कपूर बिखेरेंगी जादू महोत्सव का समापन 15 फरवरी रविवार को होगा। अंतिम दिन बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर अपनी प्रस्तुति देंगी। उनके अलावे रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योतिश्री वैष्णव, छत्तीसगढ़ के उभरते गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुति देंगे। एडवेंचर करेगा सैलानियों को आकर्षित मैनपाट की सुरम्य वादियां सैलानियों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करती हैं। सालभर यहां सैलानी पहुंचते हैं। खासकर ठंड के दिनों में मैनपाट में सैलानियों की सर्वाधिक संख्या होती है। बसंत के आगमन के बावजूद मैनपाट में रातें सर्द हैं। मैनपाट महोत्सव में सैलानियों को रोमांचक गेम्स भी आकर्षित करेंगे। पैरा सेलिंग, नौका विहार के साथ एडवेंचर एक्टिविटी का आयोजन किया गया है। इसके अलावे यहां आयोजित भव्य मेला भी सैलानियों को आकर्षित करेगा। स्थानीय कलाकारों को दें अधिक अवसर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि, आयोजन में स्थानीय कलाकारों, स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक अवसर मिले। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों को कार्यक्रम स्थल पर स्टॉल के लिए स्थान देने का निर्देश दिया। इसमें निजी संस्थान भाग ले सकते हैं। मंत्री ने कहा कि मनोरंजन एवं खेल गतिविधियों, स्टॉल आदि के लिए स्थान प्रदान किया जाएगा। मंत्री अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभागों को गरिमामयी आयोजन के लिए सहभागिता के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे। महोत्सव के लिए मिलेंगे 50 लाख मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि, महोत्सव के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा की गई है। पिछले साल चुनाव के कारण मैनपाट महोत्सव का आयोजन नहीं किया गया था। पहले मैनपाट महोत्सव के लिए प्रशासन की तरफ से अधिकारियों और व्यापारिक संगठनों से वसूली की जाती थी। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस साल ऐसी स्थिति नहीं बनेगी। राज्य सरकार मैनपाट महोत्सव के लिए राशि देगी। कुछ राशि की व्यवस्था डीएमएफ और अन्य मदों से किए जाएंगे।

महाशक्तियों के बीच भारत से दोस्ती की होड़, चीन ने भी बढ़ाया दोस्ती का हाथ, वर्ल्ड डिप्लोमेसी में नया मोड़

महाशक्तियों में भारत से दोस्ती की होड़, अमेरिका के बाद अब चीन ने भी बढ़ाया हाथ भारत से दोस्ती का दौर तेज, अमेरिका के बाद चीन ने भी बढ़ाया मित्रता का हाथ, वर्ल्ड डिप्लोमेसी में U टर्न महाशक्तियों के बीच भारत से दोस्ती की होड़, चीन ने भी बढ़ाया दोस्ती का हाथ, वर्ल्ड डिप्लोमेसी में नया मोड़ नई दिल्ली  साल 2026 भारत की विदेश नीति के लिए एक नई सुबह लेकर आया है. जहां एक तरफ भारत को रोज धमक‍ियां देने वाले ट्रंप को भारत पर से टैर‍िफ हटाने के ल‍िए मजबूर होना पड़ा. वहीं, हिमालय के उस पार से भी शांति और मेल-मिलाप के संकेत मिल रहे हैं. भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग का रव‍िवार का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि बीजिंग अब नई दिल्ली के साथ अपने रिश्तों को शत्रुता के बजाय सहयोग के तराजू पर तौलने को मजबूर है. चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने एक्‍स पर ल‍िखा, चीन भारत के साथ मिलकर उस महत्वपूर्ण आम सहमति को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, जिसमें दोनों देश एक-दूसरे के लिए सहयोग के भागीदार और विकास के अवसर हैं. यह बयान पिछले कुछ वर्षों के कड़वे और तनावपूर्ण संबंधों के बाद एक बड़ी नरमी की ओर इशारा करता है. उन्होंने पारस्परिक लाभ के दायरे को और अधिक विस्तार देने की बात कही है. इसका सीधा अर्थ यह है कि दोनों देशों की आर्थिक रणनीतियों को एक दिशा में लाकर व्यापारिक और व्यावहारिक सहयोग को गहरा किया जाए. ब्रिक्स में भारत का साथ चीन ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए भारत की भूमिका का पुरजोर समर्थन किया है. बहुपक्षीय मंचों पर भारत की बढ़ती ताकत को स्वीकार करना चीन की कूटनीतिक विवशता और रणनीति दोनों का हिस्सा है. राजदूत ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, ताकि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के करीब आ सकें. बीजिंग के इस हृदय परिवर्तन के पीछे की असली वजह आखिर चीन, जो कल तक सीमा पर आक्रामक रुख अपनाए हुए था, आज दोस्ती की बात क्यों कर रहा है? इसके पीछे वजह है.     चीन की अपनी अर्थव्यवस्था इस समय मंदी और आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही है. भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार को लंबे समय तक छोड़ना चीन के लिए आत्मघाती साबित हो रहा है. व्यापारिक घाटे और भारतीय कड़े रुख के कारण चीनी कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है.     अमेरिका ने जिस तरह से भारत के साथ अपने रक्षा और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत किया है, उसने चीन को बेचैन कर दिया है. हाल ही में भारत को शुल्कों में मिली छूट इस बात का प्रमाण है कि भारत अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बन रहा है. चीन को डर है कि अगर वह अब भी अड़ा रहा, तो भारत पूरी तरह से पश्चिमी गुट के पाले में चला जाएगा.     रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जिस तरह से वैश्विक व्यवस्था बदली है, उसमें भारत एक ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बनकर उभरा है. चीन जानता है कि एशिया की राजनीति में बिना भारत के सहयोग के वह अपनी धाक नहीं जमा सकता. भारत की गजब ड‍िप्‍लोमेसी चीन के इस शांति प्रस्ताव को भारत बड़े ही सतर्क नजरिए से देख रहा है. भारतीय विदेश नीति के रणनीतिकारों के लिए यह स्थिति किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. इसल‍िए भारत बहुत सोच समझकर आगे बढ़ रहा है. 2020 की गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन के बीच जो ‘विश्वास का संकट’ पैदा हुआ है, वह महज बयानों से दूर नहीं हो सकता. भारत का रुख साफ है क‍ि जब तक सीमा पर शांति और यथास्थिति बहाल नहीं होती, तब तक व्यापार और संबंधों का सामान्य होना मुश्किल है. अमेरिका या चीन कौन बेहतर दोस्‍त भारत इस समय उस स्थिति में है जहां वह दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के साथ अपनी शर्तों पर संवाद कर रहा है. एक तरफ अमेरिका है जो भारत को रक्षा तकनीक दे रहा है, और दूसरी तरफ चीन है जो व्यापारिक लाभ का लालच दे रहा है. भारत की असली चुनौती इन दोनों के बीच अपनी ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ को बचाए रखने की है. राजदूत जू फेइहोंग का बयान निश्चित रूप से स्वागत योग्य है, लेकिन इसे जमीन पर उतरने में अभी समय लगेगा. 2026 की यह बदली हुई कूटनीति दिखाती है कि भारत अब किसी का ‘पिछलग्गू’ नहीं, बल्कि वह केंद्र है जिसके इर्द-गिर्द महाशक्तियों की नीतियां घूम रही हैं. वहीं भारत का लक्ष्य स्पष्ट है. साझेदारी में अवसर तो तलाशने हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की कीमत पर नहीं. चीन के साथ ‘सहयोग के दायरे’ को बढ़ाने से पहले पुरानी कड़वाहटों और सीमा विवादों का स्थायी समाधान जरूरी है.

MP बोर्ड परीक्षा आज से, 16 लाख छात्रों के लिए 3800 सेंटरों पर होगी कड़ी सुरक्षा, शिफ्ट रहेगी सुबह 9 से 12 बजे

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का दौरआज से  शुरू होने जा रहा है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में इस बार 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। राज्यभर में बनाए गए 3856 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी, जहां नकल रोकने के लिए तकनीक और प्रशासन दोनों का कड़ा पहरा रहेगा।इस बार बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित बनाने पर जोर दिया गया है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित होंगी। परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा तक हर स्तर पर सख्ती की गई है।  10 फरवरी से 12वीं, 13 फरवरी से 10वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के अनुसार 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आज 10 फरवरी से शुरू हो रही , जबकि 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। इस बार करीब 9.07 लाख छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा देंगे। हर जिले में उड़नदस्ते, संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख प्रदेश के हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां CCTV कैमरों के जरिए भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा थानों से प्रश्नपत्र निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा देंगे। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। स्कूलों को सख्त निर्देश… एक भी छात्र न छूटे माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संशोधित टाइमटेबल की जानकारी हर हाल में छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचे। स्कूलों को कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए यह सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रह जाए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के सख्त नियम जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना गया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। अब बात बच्चों की सेहत की परीक्षाओं की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। 10 फरवरी से 12वीं और 13 फरवरी से 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में छात्र घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कम समय में ज्यादा सिलेबस पूरा करने की दौड़ में बच्चे अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसका असर अब उनके शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल में 104 परीक्षा केंद्र भोपाल में 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 छात्र परीक्षा देंगे। इसके लिए शहर में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां भी हर केंद्र पर सख्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी।बोर्ड ने पहले ही संशोधित टाइम टेबल जारी कर दिया है। किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यह टाइम टेबल हर छात्र और अभिभावक तक अनिवार्य रूप से पहुंचे। इसके लिए नोटिस बोर्ड, असेंबली और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। एग्जाम के दौरान सख्त नियम परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक रहेगी। फिजियोथेरेपी सेंटरों में बढ़ी बच्चों की संख्या फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म हो गई है। लगातार 3 से 4 घंटे बिना ब्रेक पढ़ने से गर्दन और कंधों में दर्द, हाथों में झुन्नझुनी, सुन्नपन और कभी-कभी उल्टी जैसा मन होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिजियोथेरेपी सेंटर्स में 13 से 17 साल की उम्र के बच्चों की संख्या करीब 30 प्रतिशत … Read more

10 फरवरी का राशिफल: इन राशियों के लिए ग्रहों की चाल से आ सकते हैं बड़े बदलाव

मेष 10 फरवरी के दिन संतुलन तलाशने और बदलावों के लिए तैयार रहने का दिन है। लव के मामले में पॉजिटिव रहें, अपने करियर के लक्ष्यों पर ध्यान दें, पैसों को स्मार्ट तरीके से मैनेज करें और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वृषभ 10 फरवरी का दिन नई शुरुआत के बारे में है। आपको प्यार और करियर से लेकर सेहत तक रोमांचक अवसर मिल सकते हैं। बदलावों के लिए तैयार रहें। खुद पर भरोसा रखें। मिथुन 10 फरवरी के दिन आपको जीवन के हर क्षेत्र में विकास और सुधार के अवसर मिलेंगे। तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। अपनी डाइट पर ध्यान दें। रिलेशनशिप वालों को आज एक दूसरे को समझने की कोशिश करनी चाहिए। कर्क 10 फरवरी के दिन जीवन में बैलेंस बनाने की सलाह दी जाती है। चाहे वह रिलेशन हो, करियर हो, आर्थिक मामले हो या स्वास्थ्य हो, खुद को पॉजिटिव बनाए रखें। आज की चुनौतियों और अवसरों को पार करने में आपकी स्किल्स मददगार साबित होंगी। सिंह 10 फरवरी के दिन हर काम को आसानी से निपटा लेने का आपका स्वभाव आपकी सबसे बड़ी संपत्ति होगी। सीखने और एक साथ आगे बढ़ने के अवसरों को अपनाएं। खर्चों को कंट्रोल में रखें। कन्या 10 फरवरी के दिन ऐसी एक्टिविटी में शामिल हों, जो तनाव से राहत दिला सके। आप सावधानी के साथ मौकों को एक्सप्लोर करें। नया कनेक्शन भी बन सकता है। कॉन्फिडेंस के साथ कदम उठाएं। तुला 10 फरवरी के दिन नई फीलिंग्स एक्सप्लोर करने से न हिचकिचाएं। आपकी स्किल्स ही आपकी क्षमता है, जो आपको दूसरों से अलग बनाएगी। कभी-कभी पैसे कमाने के नए रास्ते भी आजमाने चाहिए। सेहत पर गौर करें। कन्या 10 फरवरी के दिन ऐसी एक्टिविटी में शामिल हों, जो तनाव से राहत दिला सके। आप सावधानी के साथ मौकों को एक्सप्लोर करें। नया कनेक्शन भी बन सकता है। कॉन्फिडेंस के साथ कदम उठाएं। वृश्चिक 10 फरवरी के दिन आपको नए अवसर मिल सकते हैं, जो आपको उन्नति की ओर ले जा सकते हैं। अपने बजट और बचत प्लान पर नजर जरूर रखें। बेहतर रिजल्ट के लिए अपनी योजनाओं में बदलाव करने के लिए तैयार रहें। धनु 10 फरवरी के दिन सहकर्मियों के फीडबैक पर भी ध्यान दें। दिन का लाभ उठाएं। इसे अपने रिश्ते को मजबूत बनाने पर फोकस करें। आप शांति या आराम में रहना पसंद करेंगे। खुद की देखभाल की जरूरत को भी समझेंगे। मकर 10 फरवरी के दिन टीमवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। आपको मान सम्मान और पहचान मिल सकती है। पुरानी यादों को भुलाकर वर्तमान को अपनाना बेहद जरूरी है। कुंभ 10 फरवरी के दिन आपको अपनी कमाई बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। आज अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। अगर आप सिचूएशन को पलटने पर विचार कर रहे हैं, तो आगे बढ़ें। मीन 10 फरवरी 2026 का दिन करियर के मामले में आज शुभ है। आज का दिन बदलावों को अपनाने और संतुलन खोजने के बारे है। नए अवसरों के लिए खुद को पॉजिटिव रखें। खुद को हेल्दी रखने के लिए जंक फूड्स का ज्यादा सेवन करने से बचें।

सत्ता बनाम सुधारवादी: इस्तीफे की मांग पड़ी भारी, नोबेल विजेता नरगिस सहित कई हस्तियों की गिरफ्तारी

ईरान   ईरानी सुरक्षा बलों ने देश में जारी सुधारवादी आंदोलन से जुड़ी प्रमुख हस्तियों को हिरासत में लेने के लिए अभियान शुरू कर किया। सोमवार को प्रसारित खबरों में यह जानकारी सामने आई है। खबरों के मुताबिक, सुरक्षा बलों के इस कदम से दमनकारी कार्रवाई और भी तेज हो गई है। इससे पहले अधिकारियों ने हिंसा के जरिए देशव्यापी प्रदर्शनों को दबा दिया था। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों लोग मारे गए थे और हजारों अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया था। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को गिरफ्तार कर सात साल से अधिक जेल की एक अन्य सजा सुनाई गई है। यह कदम ईरान सरकार के अशांति के खिलाफ बगावत करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को चुप कराने का प्रयास दिखाई देता है क्योंकि ईरान, अमेरिका के साथ नई परमाणु वार्ता का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो वह देश पर हमला कर सकते हैं। मीडिया में प्रसारित खबरों में ईरान की धर्मतांत्रिक व्यवस्था को बदलने की कोशिश कर रहे सुधारवादी आंदोलन के कार्यकर्ताओं के हवाले से बताया गया कि उनके कम से कम चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई सुधारवादी गुटों का प्रतिनिधित्व करने वाले सुधारवादी मोर्चे के प्रमुख अजर मंसूरी और पूर्व राजनयिक मोहसेन अमीनजादेह शामिल हैं।  इब्राहिम असगरजादेह को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने 1979 में तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर धावा बोलने वाले विद्यार्थियों का नेतृत्व किया था। इन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां संभवतः जनवरी में दिए गए एक सुधारवादी बयान से जुड़ी हैं, जिसमें ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से इस्तीफा देने और देश की देखरेख के लिए एक अंतरिम शासी परिषद नियुक्त करने का आह्वान किया गया था।  

ब्रिटेन को मिल सकती है पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री, शबाना महमूद का PoK से क्या है रिश्ता?

लंदन ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर की सरकार गिर सकती है। इस बीच युनाइटेड किंगडम में चर्चाएं तेज हैं कि देश को पहली मुस्लिम महिला पीएम मिल सकती है। इसके लिए शबाना महमूद के नाम की चर्चा जोरों पर है। फिलहाल वह ब्रिटिश सरकार में होम मिनिस्टर के तौर पर काम कर रही हैं। उन्हें लेबर पार्टी में सबसे बड़ी नेता के तौर पर देखा जा रहा है, जो पीएम के पद तक पहुंच सकती हैं। ऐसी स्थितियां तब बन रही हैं, जब दुनिया भर की सरकारों को एपस्टीन फाइल्स वाले विवाद ने हिलाकर रख दिया है। शबाना महमूद को कीर स्टार्मर के करीबी लोगों में शुमार किया जाता है। 45 साल की शबाना पेशे से वकील हैं और एक युवा नेता हैं।   लेबर पार्टी में उनकी पहचान एक कुशल वक्ता के तौर पर रही है। उनके परिवार का ताल्लुक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मीरपुर कस्बे से रहा है। उनका जन्म ब्रिटेन के ही बर्मिंगम में हुआ था। उनकी मां का नाम जुबैदा है और पिता का नाम महमूद अहमद है। 2025 में होम मिनिस्टर के तौर पर जिम्मेदारी संभालने के बाद से उनके आगे सबसे बड़ा टास्क ब्रिटेन की सीमा सुरक्षा का रहा है। ऑक्सफोर्ड के लिंकन कॉलेज से लॉ की डिग्री हासिल करने वाली शबाना महमूद को 2010 में पहली बार सांसद बनने का मौका मिला था। वह उन चंद मुस्लिम महिलाओं में से हैं, जो ब्रिटेन में सांसद बनी हैं। इनमें रौशनआरा अली और यासमीन कुरैशी के नाम भी शामिल हैं। शबाना महमूद ने लेबर पार्टी से ऐसे लोगों को भी जोड़ा है, जो बीते कुछ सालों में उससे छिटक गए थे। इसकी वजह यह है कि लेबर पार्टी ने गाजा में इजरायली हमलों का पक्ष लिया था, जबकि शबाना महमूद खुलकर इजरायल का विरोध करती रही हैं। ऐसे में एक तबका है, जो शबाना महमूद को पसंद करता है और उनकी राय के चलते वापस लेबर पार्टी से जुड़ा है। दरअसल एपस्टीन फाइल्स वाले मामले में कीर स्टार्मर को लेकर भी कयास लग रहे हैं और कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी ही खतरे में है। ऐसी स्थिति में शबाना महमूद को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाने लगा है। फिलिस्तीन की समर्थक हैं शबाना महमूद, पर एक और बात दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ शबाना फिलिस्तीन की समर्थक हैं तो वहीं ब्रिटिश नागरिकता को लेकर सख्त नियम बनाने की भी पैरोकार हैं। कीर स्टार्मर की सरकार ने बीते दिनों पीटर मैंडलसन को वॉशिंगटन में यूके के राजदूत के तौर पर नियुक्त किया था। इसे लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। दरअसल मेंडलसन का भी एपस्टीन से कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। इसी के चलते विवाद गहरा गया है।

औद्योगिक क्षेत्र बना प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार

लखनऊ.  वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानमंडल में प्रस्तुत पहली आर्थिक समीक्षा के अनुसार उत्तर प्रदेश का औद्योगिक क्षेत्र बीते वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में विभिन्न औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत लगभग ₹4,000 करोड़ की इंसेंटिव राशि का भुगतान किया गया, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। औद्योगिक गलियारों, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और आधुनिक अवसंरचना परियोजनाओं ने प्रदेश को उद्योगों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाया है। दोगुने से ज्यादा बढ़ी कारखानों की संख्या आर्थिक समीक्षा में बताया गया कि कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत पंजीकृत कारखानों की संख्या में दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2016-17 में जहां प्रदेश में 14,169 कारखाने पंजीकृत थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के नवंबर माह तक यह संख्या बढ़कर 30,695 तक पहुंच गई है। इसे प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा संकेत माना गया है। इसके साथ ही वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की नवीनतम रिपोर्ट में राज्य के उद्योगों के सकल मूल्य वर्धन में गत वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश के प्रमुख राज्यों में प्रथम स्थान पर है और अखिल भारतीय औसत वृद्धि दर (11.9 प्रतिशत) से दोगुनी से भी अधिक है। निर्यात में भी दोगुने से अधिक वृद्धि निर्यात के मोर्चे पर भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आर्थिक समीक्षा के अनुसार वर्ष 2016-17 में जहां प्रदेश से कुल ₹0.84 लाख करोड़ का निर्यात हुआ था, वहीं वर्ष 2024–25 में यह दोगुने से भी अधिक बढ़कर ₹1.86 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवंबर माह तक ₹1.31 लाख करोड़ का निर्यात किया जा चुका है। यह वृद्धि प्रदेश की विनिर्माण क्षमता, नीति आधारित विकास और वैश्विक बाजारों में उत्तर प्रदेश की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है। भारत सरकार द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने चौथा स्थान प्राप्त किया है, जबकि वर्ष 2022 में प्रदेश सातवें स्थान पर था। लैंडलॉक्ड राज्यों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश इस सूचकांक में प्रथम स्थान पर रहा, जिसे निर्यात अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स सुधार और नीतिगत मजबूती का परिणाम माना गया है।  निवेश आकर्षण में उत्तर प्रदेश अग्रणी उत्तर प्रदेश निवेश आकर्षित करने में भी अग्रणी राज्य है। हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में उत्तर प्रदेश ने ₹2.94 लाख करोड़ से अधिक के निवेश समझौते किए, जिनमें एआई रेडी डेटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट-टू-एनर्जी और रक्षा निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। भारत सरकार द्वारा जारी स्टेट स्टार्ट अप इकोसिस्टम रैंकिंग के 5वें संस्करण में उत्तर प्रदेश टॉप परफॉर्मर कैटेगरी ‘ए-1’  में शामिल है।  स्थानीय उद्योगों को मिला बढ़ावा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाते हुए वर्ष 2018–19 से दिसंबर 2025 तक कुल ₹890.44 करोड़ की मार्जिन मनी वितरित की गई, जिससे 3.22 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए। सितंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित तीसरे इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगभग 70 देशों के बायर्स की भागीदारी ने प्रदेश के एक जिला एक उत्पाद को वैश्विक मंच प्रदान किया। उत्तर प्रदेश अब ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेस मॉडल की ओर आर्थिक समीक्षा के अनुसार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश अब ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेस मॉडल की ओर अग्रसर है। कंप्लायंस रिडक्शन में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। डिरेगुलेशन, निवेश मित्र के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम, और भूमि से श्रम तक किए गए सुधारों ने पारदर्शी, तेज और निवेश-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया है।

हरित ऊर्जा में उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग, सौर व जैव ऊर्जा से बनेगा ऊर्जा आत्मनिर्भर राज्य

लखनऊ. उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार राज्य स्वच्छ, हरित और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों में 22,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पर्यावरण-संवेदनशील तरीके से पूरा किया जा सकेगा। 22 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा का रोडमैप आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि प्रस्तावित 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन में 6,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर संयंत्रों से, 14,000 मेगावाट यूटिलिटी स्केल एवं सोलर पार्कों से तथा 2,000 मेगावाट पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। नीति के तहत 13.50 लाख घरों को रूफटॉप सोलर प्लांट से आच्छादित कर राज्य अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे आम उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ बिजली मिलेगी। अयोध्या मॉडल सोलर सिटी, 16 नगर निगम होंगे सौर नगर प्रदेश सरकार ने अयोध्या को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही 16 नगर निगमों एवं नोएडा को सोलर सिटी बनाया जाएगा। बैटरी स्टोरेज को बढ़ावा देने, बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में ट्रांसमिशन सहायता, सार्वजनिक व निजी भूमि पर रियायती लीज तथा 30,000 युवाओं के कौशल विकास को भी इस नीति का हिस्सा बनाया गया है। नेट-मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से ग्रिड से जुड़ी रूफटॉप परियोजनाओं को केंद्र और राज्य सरकार के अनुदान से प्रोत्साहित किया जा रहा है। सौर ऊर्जा क्षमता में दस गुना से अधिक वृद्धि आर्थिक समीक्षा के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 में प्रदेश में जहां मात्र 288 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित थीं, वहीं वर्तमान में यह क्षमता बढ़कर 2,815 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। यह वृद्धि प्रदेश की ऊर्जा नीति और निवेश-अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जैव ऊर्जा में देश में नंबर वन उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश जैव ऊर्जा नीति-2022 के सकारात्मक परिणाम भी आर्थिक समीक्षा में सामने आए हैं। जैव अपशिष्टों के उपयोग, कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट, बायो-कोल, बायो-डीजल और बायो-एथेनॉल की स्थापना को बढ़ावा देने के चलते प्रदेश 213 टन प्रतिदिन की सीबीजी उत्पादन क्षमता के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का विस्तार कृषि में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत बड़े स्तर पर कार्य किया गया है। योजना के घटक सी-1 के तहत वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में 3,024 कृषि पम्पों का सोलराइजेशन कराया गया। वहीं घटक सी-2 के अंतर्गत पृथक कृषि विद्युत फीडरों के सोलराइजेशन हेतु प्रथम चरण में 22 सबस्टेशनों पर 34.8 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं के लिए पीपीए हस्ताक्षरित किए गए हैं। द्वितीय चरण में 567 सबस्टेशनों पर 1,586.44 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवार्ड जारी किए जा चुके हैं। स्वच्छ हवा और ऊर्जा का साझा लक्ष्य आर्थिक समीक्षा में यह भी उल्लेख किया गया है कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एनसीएपी (नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम) के अंतर्गत चयनित 130 शहरों में स्वीकृत गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन और वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।

नफरत भरे बयान पर बवाल: ओवैसी ने बताया ‘नरसंहार की सोच’, शिकायत दर्ज—हिमंता सरमा ने क्या कहा?

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एक कथित सोशल मीडिया वीडियो को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ओवैसी ने इस मामले में हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। यह विवाद उस वीडियो को लेकर है, जिसे असम भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया था और बाद में हटा लिया। इस वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री सरमा को राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाया गया है। वीडियो के दृश्य में दो लोग दिखाई देते हैं। उनमें से एक ने टोपी पहनी हुई थी और दूसरे ने दाढ़ी रखी थी। इसके कैप्शन में “प्वाइंट-ब्लैंक शॉट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, बाद में इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। नफरत भरी भाषा अब सामान्य होती जा रही: ओवैसी ओवैसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “दुर्भाग्य से, नरसंहार की मानसिकता वाली नफरत भरी भाषा अब सामान्य होती जा रही है।” ओवैसी ने अपनी शिकायत में सरमा पर ‘मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करने’, दोनों धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और ‘राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप लगाने’ की बात कही है। AIMIM प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया, सार्वजनिक मंचों और भाषणों के जरिये मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार बयान देते रहे हैं। ओवैसी की सख्त कार्रवाई की मांग ओवैसी के अनुसार, हाल के महीनों में यह बयानबाजी और भी उग्र हो गई है, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर खतरा पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि 7 फरवरी को पोस्ट किया गया यह वीडियो भले ही एक दिन बाद हटा लिया गया हो, लेकिन अब भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में मुस्लिम समुदाय का स्पष्ट संकेत देने वाले किरदारों को निशाना बनाए जाने का चित्रण किया गया है, जो अत्यंत आपत्तिजनक है। ओवैसी ने मांग की कि इस मामले में कानून के तहत सख़्त कार्रवाई की जाए, ताकि सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे कृत्यों पर रोक लगाई जा सके। क्या बोले CM हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि अहर उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है तो पुलिस गिरफ्तार करे। हालांकि, उन्होंने इस तरह के किसी वीडियो के बारे में जानकारी होने से इनकार किया और कहा कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बोलते रहेंगे।

पीएम मोदी पर राहुल का तीखा वार— ‘सदन में आने से डरते हैं’, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

नई दिल्ली कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद की कार्यवाही और सरकार के रवैये को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री सदन में आने से डरते हैं और अगर सच में कोई खतरा था तो FIR दर्ज करानी चाहिए थी। राहुल गांधी ने बताया कि पूरा विवाद कुछ दिन पहले पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब से जुड़े मुद्दे से शुरू हुआ। उनका आरोप है कि सरकार नहीं चाहती थी कि वह इस विषय पर कोई भी बात रखें, इसी वजह से सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले यह कहा गया कि वह किताब से उद्धरण नहीं दे सकते, फिर मैगज़ीन से भी कोट करने से रोका गया और अंत में बिना किसी उद्धरण के बोलने की इजाज़त भी नहीं दी गई। उन्होंने रक्षा मंत्री पर भी झूठा दावा करने का आरोप लगाया कि संबंधित किताब प्रकाशित नहीं हुई है, जबकि किताब प्रकाशित हो चुकी है और उसकी प्रति मौजूद है। राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष के नेता और पूरे विपक्ष को बोलने का मौका ही नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी के एक सदस्य ने कई किताबों से उद्धरण देते हुए आपत्तिजनक बातें कहीं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, विपक्ष के सदस्यों को लगातार रोका गया और कई सांसदों को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर लगाए गए आरोपों पर राहुल गांधी ने कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठा है कि विपक्ष के सदस्य पीएम को धमकी देने वाले थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदस्यों की वजह से नहीं, बल्कि सच्चाई से डरकर सदन में नहीं आए। अगर सच में किसी ने धमकी दी होती, तो तुरंत FIR दर्ज होती और गिरफ्तारी होती, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष चर्चा और बहस चाहता है, लेकिन सरकार इससे बच रही है। उनके अनुसार, सरकार बजट और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते जैसे मुद्दों पर चर्चा से डरती है, क्योंकि इनसे किसानों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि सरकार बहस से भाग रही है और यही वजह है कि प्रधानमंत्री सदन से दूर रहे।

देश कमजोर हुआ तो सनातन के समक्ष होगा अस्तित्व का संकटः योगी

सीतापुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज तपोधाम आश्रम में मूर्ति स्थापना दिवस व भंडारा में शामिल हुए। सीएम ने यहां फिर समाज को चेताया और कहा कि सनातन कमजोर होगा तो देश कमजोर होगा। देश कमजोर होगा तो सनातन के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा होगा, इसलिए बांटने वालों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मरने और जलाए जाने वाले हिंदुओं पर सभी मौन हैं। मरने वाले दलित हिंदू हैं। धर्माचार्यों व कुछ हिंदु संगठनों को छोड़ दिया जाए तो कोई मानवाधिकार या दुनिया का संगठन उनकी वकालत करने वाला नहीं है।  पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत लंबी यात्रा के लिए खुद को तैयार कर रहा है। भारत दुनिया की बड़ी ताकत बनेगा, इसे कोई रोक नहीं सकता है। भारतवासियों का दायित्व है कि इस यात्रा में सहभागी बनें और मिलकर कार्य करें। यदि ऐसा कर सके तो वर्तमान व भावी पीढ़ी के लिए परिणाम बेहतर होगा।  भारत ने विपत्ति में सभी का साथ दिया, लेकिन कुछ लोगों ने यहां आकर गला दबाने का प्रयास किया सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में तमाम सभ्यता-संस्कृति समय के साथ समाप्त हो गई, लेकिन सनातन संस्कृति तमाम तूफानों को झेलते हुए आज भी गरिमा-गौरव के साथ खड़ी है और दुनिया को मैत्री, करुणा के साथ वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दे रही है। इसे तोड़ने के लिए अनेक प्रयास हुए। सनातन धर्मावलंबियों ने विपत्ति के समय हर किसी को शरण देकर उसे पुष्पित-पल्लवित होने का अवसर दिया, लेकिन कुछ लोगों ने शरणार्थी धर्म का निर्वहन नहीं किया, बल्कि यहां आकर हाथ की अंगुली पकड़कर गला दबाने का प्रयास किया और देश को लूटने में कसर नहीं छोड़ी।  वसुधैव कुटुम्बम् का भाव सनातन धर्मावलंबियों के जीवन का व्रत सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्मावलंबियों के पास बल, वैभव व बुद्धि भी थी, लेकिन कभी दुरुपयोग नहीं किया, बल्कि इसका उपयोग मानव कल्याण के लिए किया। वसुधैव कुटुम्बम् का भाव सनातन धर्मावलंबियों के जीवन का व्रत है। हमने चराचर जगत के कल्याण की बात की है। हमारे यहां पहला ग्रास गोमाता और अंतिम ग्रास कुत्ते का होता है। गाय और कुत्ते को भी हमने अपना हिस्सा प्रदान किया है। चींटी को आटा-चीनी तो जहरीले सांप को भी दूध-बताशा चढ़ाते हैं।  सभ्यता और संस्कृति के साथ समृद्धि की चिंता साथ-साथ चलती है तो परिणाम भी आते दिखाई देते हैं  सीएम योगी ने 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में बदलते भारत की प्रगति का जिक्र किया। बोले कि सभ्यता और संस्कृति के साथ समृद्धि की चिंता साथ-साथ चलती है तो परिणाम भी आते दिखाई देते हैं। भारत फिर से तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। अमेरिका व चीन को छोड़कर शेष देश भारत से पीछे होंगे। भारत तेज गति से बढ़ रहा है तो इसका कारण है कि भारत ने अपने मूल्यों-आदर्शों को पहचाना, विरासत को पुनर्स्थापित करने के अभियान को अपने कंधे पर लिया।  विकास की नई बुलंदियों को छू रहा सीतापुर सीएम योगी ने कहा कि 1947 में योगीराज गिरधारी नाथ जी महाराज को पाकिस्तान के हिंगलाज देवी के धाम को छोड़कर कुरुक्षेत्र होते हुए सीतापुर आना पड़ा। इस स्थान पर उन्होंने गुफा बनाई और वर्षों तक यहां साधना की। उनके उपरांत गुरु योगीराज चरणनाथ जी महाराज ने योग आश्रम बनाया, गुफा बनाई और महीनों साधना की। बिना कुछ खाए महीनों तक साधना योग से ही संभव है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर को भारत के सनातन धर्म का पौराणिक स्थल बताते हुए कहा कि सीतापुर आज भी विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। मत-संप्रदाय की दीवारों को फांदकर पूरे भारत को जोड़ने वाली है राम और भारतीयों की आत्मीयता सीएम योगी ने कहा कि कुंभ की परंपरा भारत में हजारों वर्षों की है, लेकिन पहली बार 2019 में प्रयागराज कुंभ को पहली बार वैश्विक मान्यता तब मिली, जब पीएम मोदी ने यूनेस्को के माध्यम से इस मेले को विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दिलाई। यह विरासत पर गौरव की अनुभूति करने वाला क्षण था। 22 जनवरी 2024 को पीएम मोदी के करकमलों से अयोध्या में प्रभु रामलला की भव्य प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा हो रही थी तो हर आंखों में श्रद्धा व गौरव के आंसू थे। हर भारतीय ने राम से आत्मीयता का रिश्ता जोड़ा है। यह आत्मीयता राजनीति की दीवारों से हटकर और मत-संप्रदाय की दीवारों को फांदकर पूरे भारत को जोड़ने वाली है।  इस दौरान राजस्थान के विधानसभा सदस्य बालक नाथ, योगी तेजनाथ, पीर महंत हरिनाथ, महंत कृष्णनाथ, महंत सुंदरनाथ, यूपी के मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’, सुरेश राही, विधायक ज्ञान तिवारी, मनीष रावत, रामकृष्ण भार्गव, शशांक त्रिवेदी, निर्मल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सागर आदि की मौजूदगी रही।

वन एवं पर्यावरण संरक्षण की नई मिसाल, सतत विकास की अवधारणा को साकार कर रहा उत्तर प्रदेश

 लखनऊ.  उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में भूमि एवं वन सम्पदा के संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पौध रोपण को जन अभियान बनाते हुए वर्ष 2017-18 से वर्ष 2025-26 तक प्रदेश में 242.13 करोड़ पौधों का रोपण किया गया है। जिसमें एक पेड़ मां के नाम अभियान में रिकॉर्ड पौध रोपण के साथ पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ एवं सेवा पर्वों पर रिकॉर्ड संख्या में पौध रोपण किया गया है। परिणामस्वरूप घनी आबादी वाला प्रदेश होने के बाद भी उत्तर प्रदेश में वन एवं वृक्षावरण में देश में दूसरा स्थान है। साथ ही वन्यजीव संरक्षण अभियानों के सफल संचालन से प्रदेश की जैव विविधता का भी संरक्षण किया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सतत एवं संपोषणीय विकास की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदूषण निवारण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 37.20 करोड़ पौधे रोपित पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देते हुए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाया। अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित लक्ष्य 37 करोड़ के सापेक्ष अक्टूबर 2025 तक 37.20 करोड़ पौधे रोपित कर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। साथ ही 01 से 07 जुलाई 2025 तक चले “पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ” अभियान के तहत 1,86,053 एवं सेवा पर्वों पर चलाए गए अभियानों में 15,49,137 पौधों का रोपण किया गया। इससे न केवल प्रदेश के हरित आवरण में वृद्धि हुई, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने और कार्बन अवशोषण को भी बढ़ावा मिला। भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून की इंडिया स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023 के अनुसार उत्तर प्रदेश वनावरण व वृक्षाच्छादन की दृष्टि से देश में दूसरे स्थान पर है। पर्यावरणीय सहभागिता को संस्थागत स्वरूप देते हुए वर्ष 2025 में प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘ग्रीन चौपाल’ का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जनजागरूकता को बढ़ावा देना है। साथ ही सामाजिक वानिकी के अंतर्गत वन महोत्सव 2025, सेवा पर्व और ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों पौधों का रोपण किया गया, जिससे समाज के हर वर्ग की भागीदारी के साथ प्रदेश के वृक्षावरण और वनावरण में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की गई। वन्यजीव संरक्षण में प्रदेश ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। गोरखपुर के कैम्पियरगंज रेंज में स्थापित जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र रेड-हेडेड गिद्ध के संरक्षण के लिए देश का पहला समर्पित केंद्र है। वहीं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की स्टेटस ऑफ टाइगर्स-2022 रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में बाघों की संख्या वर्ष 2018 के 173 से बढ़कर वर्ष 2022 में 205 हो गई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर बाघों की आबादी का लगभग 5.6 प्रतिशत है। साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व को बाघ संरक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीएक्स-2 अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रदेश में गंगा डॉल्फिन, सारस पक्षी, बारासिंघा, काला हिरण, चिंकारा, भालू, लंगूर जैसे वन्यजीवों के संरक्षण के भी विशेष अभियान चलाए गए। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में वर्ष 2025 में आगरा, झांसी और मुरादाबाद को राष्ट्रीय सम्मान उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना लागू की है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वर्ष 2025 में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण के अंतर्गत आगरा, झांसी और मुरादाबाद जैसे शहरों को शहरी हरियाली, मियावाकी वृक्षारोपण और अपशिष्ट प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। वहीं उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 के अंतर्गत वर्तमान में 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। साथ ही कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) में 213 टन प्रतिदिन की क्षमता के साथ यूपी देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक वनावरण एवं वृक्षावरण को 15 प्रतिशत तक बढ़ाना है। वर्ष 2025 के आंकड़े दर्शाते हैं कि सतत एवं संपोषणीय विकास और पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी के समन्वय से उत्तर प्रदेश भूमि एवं वन सम्पदा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रीन यूपी के संकल्प की सिद्धि की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

सीएम के निर्देश पर हरकत में आया लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन, स्पॉन्सरशिप योजना का दिया गया लाभ

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता दर्शन में लखीमपुर खीरी के दो बेहारा बच्चों की आपबीती सुनी तो उन्होंने तत्काल लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन को दोनों अनाथ बच्चों हर संभव मदद के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन हरकत में आया गया। जनता दर्शन में आए दोनों अनाथ बच्चों के खीरी पहुंचने से पहले ही दोनों बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के लिए स्कूल में दाखिला करा दिया गया। इसके साथ ही बच्चों को 50 हजार नगद के साथ खाद्यान्न व सीएसआर किट सौंपी गई। वर्ष 2018 में एक दुर्घटना में माता पिता की हो गयी थी मृत्यु लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि धौरहरा के सरसवा गांव के शिवांशु और अजय कुमार के माता की वर्ष 2018 में एक दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी जबकि पिता ने उपचार के दौरान 41 दिनों बाद दम तोड़ दिया। माता-पिता के निधन से दोनों बच्चों के समक्ष भरण-पोषण एवं शिक्षा का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया। ऐसे में आर्थिक संसाधनों के अभाव में पढ़ाई बाधित हो गई। धौरहारा के शिवांशु और अजय ने अपने बाबा दादी के साथ सोमवार को जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपनी समस्या बतायी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।  दोनों बच्चों को दिया गया स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ, दोनों को स्कूल में कराया गया दाखिला डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि दोनों बच्चों का स्पॉन्सरशिप योजना में आवेदन कराकर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है। अब दोनों बच्चों को चार-चार हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, पात्र गृहस्थी राशन कार्ड को अंत्योदय कार्ड में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भरण पोषण की समस्या दोबारा सामने न आए। इसके साथ ही प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। इतना ही नहीं अजय कुमार का गांव के ही विद्यालय में कक्षा सात में प्रवेश करा दिया गया है, जबकि शिवांशु का कक्षा नौ में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। परिवार को 50 हजार की मदद के साथ खाद्यान्न व सीएसआर किट सौंपी डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर सीडीओ अभिषेक कुमार ने विकास भवन में संबंधित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही खाद्यान्न किट में आटा, चावल, दाल, तेल, बिस्किट, हल्दी, धनिया, मिर्च, भुना चना, नमक, माचिस व आलू उपलब्ध कराए गए। इसके अतिरिक्त सीएसआर किट के तहत पानी की बोतल, छाता, टॉर्च (बैट्री सहित) व मच्छरदानी दी गई। दोनों बच्चों को स्कूल बैग, ज्योमेट्री बॉक्स, स्कूली ड्रेस, जूते, मौजे व स्वेटर, कंबल भी प्रदान किए गए। बाद में परिवार को सरकारी वाहन से उनके घर भिजवाया गया।

IND vs PAK विवाद गरमाया: PCB की ब्लैकमेलिंग चाल नाकाम, ICC ने नहीं मानी मुआवजे की मांग

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर छाया सस्पेंस अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। जिस मैच को लेकर बॉयकॉट करने की बात की गई थी, उसी पर अब पाकिस्तान क्रिकेट यू-टर्न मार सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) भारत के खिलाफ खेलने को तैयार है, लेकिन उसने आईसीसी के सामने तीन अहम शर्तें रख दी हैं। ICC ने जब उनकी शर्तें नहीं मानी है। अब डॉन की एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि PCB ने ICC के सामने एक और अजीब मांग रखी है, जिसमें T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बावजूद बांग्लादेश को मुआवजा देने के लिए कहा गया है। PCB ने ICC से की मुआवजे की मांग लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में 8 फरवरी को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, ICC और बांग्लादेश क्रिकेट के अधिकारियों के बीच 4 घंटे की लंबी मीटिंग हुई। इस मीटिंग में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का असली चेहरा बेनकाब हो गया। बांग्लादेश को ढाल बनाकर अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ICC से भारत बनाम पाकिस्तान मैच के बदले मुआवजे की मांग कर रहा है। इसके साथ ही PCB ने टी20 वर्ल्ड कप में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए ICC के सामने अब कुछ अलग मांग रखी है। सूत्रों के अनुसार उनमें से पहला डिमांड ये है कि बांग्लादेश को ICC से अधिक से अधिक मुआवजा मिले। टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बावजूद बांग्लादेश को पार्टिसिपेशन फीस मिले। वहीं उनकी आखिरी डिमांड ये थे कि आने वाले समय में बांग्लादेश को ICC टूर्नामेंट की मेजबानी मिले। ICC ने पाकिस्तान और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के साथ की मीटिंग पाकिस्तानी न्यूज एजेंसी डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक ICC ने 8 फरवरी 2026 को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के साथ एक मीटिंग की। मीटिंग में पाकिस्तान के बॉयकॉट करने के फैसले पर चर्चा हुई। बोर्ड अधिकारियों के बीच ये मीटिंग चार घंटे तक चली। लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला। मीटिंग के बाद किसी भी बोर्ड की तरफ से संयुक्त रूप से कोई बयान नहीं जारी किया गया। ICC ने अपना रूख कर दिया साफ रिपोर्ट में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दोनों टीमें पाकिस्तान सरकार से मंजूरी मिलने के बाद ही कोई ऐलान करेंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आईसीसी के पास बांग्लादेश को मुआवजे के तौर पर देने के लिए कुछ नहीं था। बांग्लादेश को सिर्फ आईसीसी की कमाई का अपना पूरा हिस्सा मिल सकता है। इसके अलावा ICC उन्हें कुछ भी नहीं दे सकता है। ICC के डिप्टी चेयर पर्सन ने दी पीसीबी को सलाह रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ICC के डिप्टी चेयर पर्सन इमरान ख्वाजा ने PCB को सलाह दी है कि वह तुरंत भारत बनाम पाकिस्तान मैच का बहिष्कार खत्म करे, क्योंकि यह क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है। यदि उसे कोई दिक्कत है तो वह अपना मामला आईसीसी आर्बिट्रेशन कमेटी के सामने रखे या आईसीसी बोर्ड मीटिंग के दौरान उठाए। लेकिन उनका ये मैच बॉयकॉट करने का फैसला पूरी तरह से गलत है।

हर घर नल, हर घर जल : यूपी में जल जीवन मिशन ने रचा इतिहास

लखनऊ उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26 की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन और स्वच्छ पेयजल योजनाओं की अभूतपूर्व उपलब्धियों का विस्तृत खाका सामने आया है। आर्थिक समीक्षा के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में पेयजल आपूर्ति का दायरा अब केवल बसाहटों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हर ग्रामीण परिवार तक शुद्ध और नियमित जल पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन औसतन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति की बड़ी चुनौती निर्बाध बिजली की उपलब्धता रही है। इसे ध्यान में रखते हुए दुर्गम क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। जनवरी 2026 तक 40,955 परियोजनाओं में से 33,157 परियोजनाएं सौर ऊर्जा से संचालित हो रही हैं, जिनकी क्षमता लगभग 900 मेगावाट है। इन परियोजनाओं से 67,013 गांवों को लाभ मिलेगा और 13.30 करोड़ ग्रामीण आबादी संतृप्त होगी। सौर ऊर्जा के उपयोग से परियोजनाओं के समय पर पूर्ण होने में मदद मिली है, साथ ही संचालन लागत में भारी बचत और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। अनुमान है कि 30 वर्षों में संचालन लागत में लगभग 37,395 करोड़ रुपये की बचत होगी। इसके साथ ही 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरणीय दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 91 प्रतिशत घरों तक पहुंचा नल से जल प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना के माध्यम से दिसंबर तक 2.67 करोड़ घरों की 16.69 करोड़ ग्रामीण आबादी को संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष दिसंबर 2025 तक 2.43 करोड़ घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर 15.12 करोड़ ग्रामीण जनसंख्या को शुद्ध पेयजल से जोड़ा जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 91 प्रतिशत है। वर्तमान में 46,303 राजस्व ग्रामों में नियमित, गुणवत्तायुक्त और पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। युवा और महिलाएं बने मिशन की ताकत जल जीवन मिशन के तहत पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर कौशल विकास भी किया गया है। जनवरी 2026 तक 7.56 लाख युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, पम्प ऑपरेटर, प्लम्बर, फिटर और मोटर मैकेनिक जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ 5.51 लाख महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रशिक्षित कर उन्हें जल सुरक्षा की जिम्मेदारी से जोड़ा गया है। स्वच्छता और जागरूकता पर जोर राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा ‘स्टॉप डायरिया कैंपेन’ के तहत ‘अपने पानी को जानो’, पानी के रिसाव की पहचान और मरम्मत जैसे अभियानों को जिला, ब्लॉक और गांव स्तर तक पहुंचाया गया है।

राजस्व कार्यों में डिजिटल क्रांति: भुइयां चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न सुविधा शुरू

रायपुर. राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सशक्त बनाते हुए आज नागरिक सुविधा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण और अभिनव पहल का शुभारंभ किया गया।  राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा तथा ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का औपचारिक राज्यव्यापी शुभारंभ किया। ये दोनों डिजिटल पहल राज्य में ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को अब राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कार्यवाही पूरी तरह सरल, तेज़ और पारदर्शी होगी। भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिक अब अपने मोबाइल फोन पर ही विभिन्न राजस्व सेवाओं की जानकारी और सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। यह सेवा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से सीधे शासन से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है, जो राज्य की डिजिटल रूपांतरण यात्रा को नई गति प्रदान करेगी। इस चैटबॉट सेवा के अंतर्गत नागरिकों को जमीन संबंधी जानकारी, राजस्व न्यायालय से संबंधित जानकारी, मोबाइल नंबर जोड़ने की सुविधा, आधार नंबर जोड़ने हेतु ऑनलाइन आवेदन, किसान किताब हेतु आवेदन, नामांतरण हेतु आवेदन सहित अन्य नागरिक हितैषी राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक इन सभी सेवाओं का लाभ घर बैठे केवल एक व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से ले सकते हैं। इस सेवा का उपयोग करने के लिए नागरिक +91 7289056060 नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर व्हाट्सऐप पर संदेश भेज सकते हैं, जिसके पश्चात चैटबॉट तुरंत आवश्यक जानकारी एवं सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। इसी क्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का भी शुभारंभ किया। यह सुविधा भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान करेगी।इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब नागरिक बिना किसी कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाए अपने भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर भूमि चयन से लेकर प्रीमियम एवं शुल्क की गणना तक की पूरी प्रक्रिया स्वचालित और सहज बनाई गई है। भुगतान प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए ई-चालान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवेदन के साथ छह आवश्यक दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। आवेदन जमा होते ही वह स्वतः संबंधित सक्षम अधिकारी के पास परीक्षण हेतु प्रेषित हो जाएगा। सक्षम अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय लेना अनिवार्य होगा, जिससे अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकेगी। यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं होता है, तो नागरिक को डिम्ड डाइवर्ज़न प्रमाणपत्र स्वतः जारी कर दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी और शासन की जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी। नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि नागरिक द्वारा गणना की गई राशि वास्तविक देय राशि से कम पाई जाती है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा इसकी सूचना दी जाएगी। नागरिक को 60 दिनों के भीतर शेष राशि जमा करनी होगी, अन्यथा विलंब की स्थिति में अर्थदंड का प्रावधान लागू होगा।  नागरिक https://revenue.cg.nic.in/citizenrequest/ पोर्टल के माध्यम से इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर राजस्व सचिव मती रीना बाबासाहेब कंगाले तथा संचालक राजस्व  विनीत नंदनवार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। “तकनीक के माध्यम से शासन को सीधे नागरिकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है, ताकि समय, संसाधन और श्रम की बचत हो तथा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। छत्तीसगढ़ सरकार नागरिकों को तेज़, सरल और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल गवर्नेंस को निरंतर सशक्त बना रही है। भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) जैसी पहल इसी सोच का परिणाम हैं, जिनसे आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये डिजिटल सेवाएँ छत्तीसगढ़ को सुशासन और डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक नई ऊँचाई प्रदान करेंगी।”-मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय “भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऑटो-डाइवर्ज़न व्यवस्था से भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया स्पष्ट समय-सीमा में पूरी होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को त्वरित राहत मिलेगी। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन, तकनीकी दक्षता और नागरिक सुविधा को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।” -राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा “भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है। इन पहल के माध्यम से नागरिकों को सूचनाओं और सेवाओं तक त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद पहुँच सुनिश्चित की गई है। ऑटो-डाइवर्ज़न व्यवस्था में तय समय-सीमा, ऑनलाइन भुगतान और डिम्ड डाइवर्ज़न जैसे प्रावधानों से प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और अनावश्यक विलंब समाप्त होगा। यह पहल राजस्व प्रशासन को अधिक कुशल, तकनीकी रूप से सक्षम और नागरिक-अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगी।” -राजस्व सचिव मती रीना बाबासाहेब कंगाले

पुतिन भी एपस्टीन फाइल्स में? 1005 बार नाम आने से बढ़ी हलचल, रिश्तों पर सवाल

वाशिंगटन अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी जेफ्री एपस्टीन की फाइलों ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। इन लाखों पन्नों के दस्तावेजों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम कम से कम 1005 बार आया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश उल्लेख न्यूज क्लिपिंग्स या रिपोर्ट्स से जुड़े हैं जो एपस्टीन को भेजी जाती थीं, लेकिन कुछ ईमेल्स में एपस्टीन की पुतिन से मुलाकात कराने की बार-बार कोशिशों का जिक्र है। हालांकि, इन फाइलों में कहीं भी यह साबित नहीं होता कि दोनों की कभी वास्तविक मुलाकात हुई। रिपोर्ट के अनुसार, एपस्टीन ने रूसी अधिकारियों, पूर्व राजदूतों और यहां तक कि FSB से जुड़े लोगों से संपर्क बनाने की कोशिश की थी। इस खुलासे के बाद हनीट्रैप और जासूसी की अटकलें तेज हो गई हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इसे रूसी खुफिया एजेंसियों से जुड़ा बड़ा घोटाला बताते हुए जांच शुरू करने की घोषणा की है, जबकि क्रेमलिन ने इन दावों को बकवास करार देते हुए खारिज कर दिया है। रूसी राजदूत से मिलता था एपस्टीन जारी दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन न्यूयॉर्क में रूस के पूर्व राजदूत विटाली चर्किन से नियमित रूप से मिलता रहता था। एपस्टीन ने चर्किन के बेटे मैक्सिम को न्यूयॉर्क की एक प्रमुख वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी में नौकरी दिलाने का ऑफर भी दिया था। वर्ष 2017 में चर्किन की अचानक मौत के बाद एपस्टीन ने रूस से संपर्क बनाए रखने के लिए नए रास्ते तलाशने शुरू कर दिए। जून 2018 में एपस्टीन ने नॉर्वे के राजनेता थोरबजर्न जागलैंड (जो उस समय काउंसिल ऑफ यूरोप के सेक्रेटरी जनरल थे) को ईमेल किया। इस ईमेल में उसने लिखा कि जागलैंड को पुतिन से सुझाव देना चाहिए कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मुझसे बात करके जानकारी ले सकते हैं। एपस्टीन ने लिखा था कि चर्किन बहुत अच्छे थे, उन्होंने मेरी बातों के बाद ट्रंप को समझ लिया था। जागलैंड ने जवाब में कहा था कि वह लावरोव के असिस्टेंट से मिलकर यह बात पहुंचा देंगे। रूसी जासूसी और निवेश का कनेक्शन रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपस्टीन के संबंध सर्गेई बेल्याकोव जैसे अधिकारियों से भी थे, जिनके लिंक रूस की खुफिया एजेंसी (FSB) से बताए जाते हैं। वह सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में भी शामिल हुआ था और रूसी अधिकारियों को पश्चिमी निवेश लाने की सलाह देता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, एपस्टीन ने 2019 तक रूस के वीजा के लिए भी कोशिशें की थीं। हालांकि, इन दस्तावेजों में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि एपस्टीन की पुतिन से कभी मुलाकात हुई थी। पोलैंड के प्रधानमंत्री ने दिए जांच के आदेश इस खुलासे के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि उनका देश एपस्टीन के रूसी खुफिया एजेंसियों से संभावित संबंधों की जांच शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रेस में मिल रहे बढ़ते सुराग, जानकारी और टिप्पणियां इस संदेह की ओर इशारा करती हैं कि बाल यौन शोषण का यह अभूतपूर्व घोटाला रूसी खुफिया सेवाओं द्वारा सह-आयोजित किया गया था। इस पर क्या बोला रूस? दूसरी ओर, रूस की सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि एपस्टीन और रूसी जासूसी के दावों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस सिद्धांत को किसी भी तरह से लिया जा सकता है, लेकिन गंभीरता से नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसे सिद्धांतों पर बहुत सारे चुटकुले बनाने का मन कर रहा है, लेकिन अपना समय बर्बाद न करें।  

लोकसभा में सरकार पर गंभीर आरोप, कांग्रेस की महिला सांसदों का अध्यक्ष को पत्र

नई दिल्ली कांग्रेस की महिला सांसदों ने सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के निरंतर दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें सदन के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए उन्होंने यह पत्र उस वक्त लिखा है जब बिरला ने बीते गुरुवार को कहा था कि इससे एक दिन पहले कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता (प्रधानमंत्री) की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में नहीं आए।   इस पत्र पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, सांसद वर्षा गायकवाड़, ज्योति मणि और कुछ अन्य महिला सांसदों के हस्ताक्षर हैं। कांग्रेस की महिला सांसदों ने पत्र में लिखा, “हम यह पत्र गहरे दुःख और संवैधानिक दायित्व की भावना के साथ लिख रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको, लोकसभा के माननीय अध्यक्ष और इस सदन के संवैधानिक संरक्षक के रूप में सत्तारूढ़ दल द्वारा विपक्ष की महिला सांसदों विशेषकर कांग्रेस की सांसदों के विरुद्ध झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाने के लिए मजबूर किया गया।” आवाज उठाने के लिए बनाया जा रहा निशाना उन्होंने कहा, “हमें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि हमने लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनविरोधी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाई है और उनसे जवाबदेही की मांग की है। प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति किसी भय के कारण नहीं थी, वह सिर्फ इस डर के कारण सदन में नहीं आए कि उनमें विपक्ष का सामना करने का साहस नहीं था।” राहुल गांधी को नहीं बोलने दिया गया- कांग्रेस सांसद उन्होंने कहा, “अध्यक्ष का पद एक संवैधानिक दायित्व वाला है जिसका उद्देश्य संसद की गरिमा बनाए रखना, निष्पक्षता सुनिश्चित करना और सभी सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना है, चाहे वे किसी भी दल से हों। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्थापित संसदीय परंपरा यह है कि पहले सत्ता पक्ष और फिर विपक्ष को बोलने का अवसर दिया जाता है, जिसके बाद प्रधानमंत्री उत्तर देते हैं।” उनके मुताबिक, पिछले सप्ताह लगातार चार दिनों तक लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जानबूझकर बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। कांग्रेस की महिला सांसदों ने दावा किया, “दूसरी ओर, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के आठ सांसदों को सत्तारूढ़ दल के कहने पर निलंबित किया गया और एक भाजपा सांसद को पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में अभद्र भाषा में बोलने की अनुमति दी गई।” उन्होंने कहा, “जब हम आपसे मिले, तो हमने न्याय की मांग की और उन भाजपा सांसद के निलंबन की मांग की। आपने स्वयं स्वीकार किया कि एक गंभीर गलती हुई है और हमें शाम चार बजे फिर आने को कहा। दोबारा मिलने पर आपने कहा कि आप सरकार की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि अब आप इन मामलों में निर्णयकर्ता नहीं हैं।” बिरला के अधिकारों पर उठाए सवाल महिला सदस्यों ने दावा किया कि इससे अध्यक्ष के रूप में बिरला की स्वतंत्रता और अधिकार पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। कांग्रेस की महिला सांसदों ने कहा, गुरुवार को शाम 5 बजे, परंपरा प्रक्रिया के विरुद्ध, प्रधानमंत्री का लोकसभा में बोलना निर्धारित किया गया। ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सदस्यों ने विरोध में खड़े होकर आपत्ति जताई और प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित नहीं हुए।” उन्होंने दावा किया, “अगले दिन, स्पष्ट रूप से सत्तारूढ़ दल के दबाव में आकर प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति का बचाव करते हुए आपने कांग्रेस पार्टी की महिला सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए।” उनका कहना है, “हमारे विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और मर्यादित रहे हैं। हममें से अधिकतर साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और कई पहली पीढ़ी की नेता हैं। हमने दशकों तक जनता के बीच संघर्ष करते हुए, भेदभाव और बाधाओं का सामना करते हुए अपना स्थान बनाया है। हमारी ईमानदारी पर प्रश्न उठाना हर उस महिला का अपमान है जो साहस और गरिमा के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी जगह बनाती है।” कांग्रेस की महिला सांसदों ने कहा, “हम हिंसा और धमकी की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। हम साहसी निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं जिन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता। हमें विश्वास है कि पारदर्शिता ही अध्यक्ष के पद की गरिमा और इस सदन की विश्वसनीयता को पुनः स्थापित कर सकती है।” उन्होंने बिरला से कहा, “हमें आपके पद और आपके प्रति पूर्ण सम्मान है। किंतु यह स्पष्ट है कि आप पर सत्तारूढ़ दल का लगातार दबाव है। हम आपसे पुनः आग्रह करते हैं कि आप लोकसभा के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करें। इस प्रयास में हम आपके साथ खड़े रहेंगे और आपको पूरा समर्थन देंगे।”उन्होंने इस बात पर जोर दिया, “इतिहास आपको उस व्यक्ति के रूप में याद रखे जो कठिन परिस्थितियों में भी सही के साथ खड़ा रहा और देश के हित में संवैधानिक मर्यादा की रक्षा की। 

सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्री सम्मेलन में लेंगे भाग

भोपाल. सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश सहकारिता विभाग में किये गये नवाचार एवं उपलब्धियों से संबंधित प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा चाही गयी बिन्दुवार जानकारी तैयार की जाये। जानकारी पूर्णत: अद्यतन हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। मंत्री  सारंग सोमवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की अध्यक्षता में 17 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले प्रस्तावित सम्मेलन के परिप्रेक्ष्य में आयोजित की गयी थी। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रजेंटेशन में सहकारिता विभाग की विशेषताएँ एवं उपलब्धियों सहित सीपीपीपी मॉडल, चीता बीज और नवाचारों का भी समावेश किया जाये। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में किये गये सर्वोत्तम कार्यों की जानकारी भी दी जाये। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में सर्कुलेरिटी एवं सस्टेनेबिलिटी का भी समावेश किया जाये। सहकारिता में सहकार अभियान के तहत दुग्ध, मत्स्य सहित अन्य सहकारी संस्थाओं तथा उनके सदस्यों के खातों की संख्या दर्शाई जाये। प्रचार-प्रसार की दृष्टि से किये गये प्रयासों को भी बतायें। प्रजेंटेशन को अद्यतन जानकारी के साथ आकर्षक बनाया जाये और कम्पाइल प्रजेंटेशन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें। मंत्री  सारंग ने कहा कि पेक्स का बहुउद्देश्यीकरण, राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की योजनाएँ एवं सहकारिता क्षेत्र को लाभ, वित्तीय सहायता आदि का समावेश किया जाये। बैठक में प्रमुख सचिव  डी.पी. आहूजा, प्रबंध संचालक बीज संघ  महेन्द्र दीक्षित, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक  मनोज गुप्ता, प्रबंध संचालक सहकारी संघ  ऋतुराज रंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

अरब दुनिया का ड्रीम प्रोजेक्ट मुश्किल में! विजन 2030 क्यों फंस रहा, MBS के सामने क्या विकल्प बचे?

ब्लूमबर्ग, रियाद सऊदी अरब की महत्वाकांक्षी आर्थिक योजना विजन 2030 रास्ते में ही हिचकोले मारने लगी है। ऐसे में विजन 2030 में बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब अब इस विजन के लिए नई रणनीति पेश करेगा जिसके तहत खर्च और प्राथमिकताओं में फेरबदल किया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में चल रही इस योजना पर नई और अपडेटेड रणनीति जल्द सामने आ सकती है, जिसमें बदलते आर्थिक हालात और बढ़ते वित्तीय बोझ को ध्यान में रखते हुए नीतियों और सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं में बदलाव किया जाएगा।   सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जादान ने ब्लूमबर्ग टीवी को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सरकार अगले पांच वर्षों की रणनीति को कैसे जनता और निवेशकों तक पहुंचाया जाए, इस पर चर्चा शुरू कर चुकी है। यह बातचीत सऊदी अरब में आयोजित अलऊला इमर्जिंग मार्केट इकोनॉमीज़ कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई। उन्होंने संकेत दिया कि नई रणनीति में पर्यटन, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर खास जोर होगा, हालांकि इसके विस्तृत ब्योरे और लॉन्च की तारीख अभी तय नहीं की गई है। 2034 फीफा वर्ल्ड कप से जुड़े नए स्टेडियम पर ग्रहण इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) समेत कई वैश्विक संस्थाएं सऊदी सरकार से अधिक पारदर्शिता और स्पष्ट संवाद की मांग कर रही हैं। माना जा रहा है कि सरकार 2034 फीफा वर्ल्ड कप से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे नए स्टेडियम की योजनाओं की भी दोबारा समीक्षा कर रही है। तेल पर निर्भरता कम करने के मकसद से शुरू किए गए विजन 2030 के तहत अब खर्च की दक्षता पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के असर को कम किया जा सकेगा और बजट घाटे पर भी काबू पाया जा सकेगा। साथ ही, निजी क्षेत्र और विदेशी निवेश को आकर्षित करना अब इस योजना की बड़ी प्राथमिकता बन गया है। विजन 2030 पर कुल लागत करीब 2 ट्रिलियन डॉलर जा रही ब्लूमबर्ग के अनुमानों के मुताबिक, विजन 2030 पर कुल लागत करीब 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इस बीच, वित्त मंत्री अल-जादान ने कहा, “हम लगातार अपनी नीतियों को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि निजी क्षेत्र अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर सके।” गौरतलब है कि सऊदी अरब 2022 से बजट घाटे में चल रहा है, क्योंकि आर्थिक विविधीकरण पर खर्च तेल से होने वाली आय से ज्यादा रहा है। सरकार का कहना है कि यह घाटा जानबूझकर स्वीकार किया गया है ताकि अर्थव्यवस्था में निवेश जारी रह सके। सरकारी अनुमान के मुताबिक, बजट घाटा 2025 में 5.3% से घटकर इस साल 3.3% रह सकता है। सऊदी अरब को करीब 58 अरब डॉलर फंडिंग की जरूरत हालांकि वॉल स्ट्रीट के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है। इस साल सऊदी अरब को करीब 58 अरब डॉलर की फंडिंग की जरूरत होगी और सरकार अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड बाजार से 17 अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना रही है। अल-जादान ने भरोसा जताते हुए कहा, “जरूरत पड़ी तो हमारे पास फंडिंग के कई रास्ते खुले हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में सऊदी जीडीपी तीन साल की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ी, जिसमें नए ओपेक सप्लाई समझौते के तहत तेल क्षेत्र ने अहम भूमिका निभाई।

विजया एकादशी कब है—12 या 13 फरवरी? जानिए व्रत तिथि, शुभ समय और पूजा का तरीका

सनातन धर्म में एकादशी तिथि बहुत ही पावन और विशेष मानी जाती है. ये तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित की गई है. एकादशी के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु का व्रत और पूजन किया जाता है. साल में 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं. हर एक एकादशी व्रत का अपना विशेष महत्व है. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकदशी तिथि पर विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है. विजया एकदशी के दिन व्रत के साथ ही पूरे विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. उनसे आशीर्वाद की कामना की जाती है. मान्यता है कि विजया एकादशी का व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय मिलती है. इस व्रत की महिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रीराम ने भी ये व्रत रखा था. हालांकि, इस साल लोगों के मन में विजया एकादशी के व्रत को लेकर संशय है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल 12 या 13 फरवरी किस दिन रखा जाएगा विजया एकादशी का व्रत? साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. विजया एकादशी कब है? पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए इस साल विजया एकादशी व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा और अगले दिन व्रत का पारण किया जाएगा. विजया एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त विजया एकदाशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक रहेगा. विजया एकादशी पूजा विधि विजया एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. एक वेदी बनाकर उस पर सात अनाज रखें और उसके ऊपर कलश स्थापित करें. कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें. उन्हें पीले फूल, ऋतु फल, तुलसी दल और पंचामृत चढ़ाएं. धूप-दीप, घी का दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. विजया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें. अंत में विष्णु जी की आरती करके पूजा का समापन करें.  

नाबालिग बच्चों पर राजनीति बर्दाश्त नहीं: विवाद के बीच गौरव गोगोई का कड़ा संदेश

गुवाहाटी असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की कड़ी आलोचना की, जिन्होंने कथित तौर पर उनके नाबालिग बच्चों को राजनीतिक विवाद में घसीटा। उन्होंने सीएम सरमा के इस कदम को अस्वीकार्य और राजनीतिक शिष्टाचार की सभी हदें पार करने वाला बताया। गोगोई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक लड़ाई सख्ती से नेताओं के बीच लड़ी जानी चाहिए और इसमें बच्चों को कभी भी शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने पांच साल और नौ साल के बच्चों के बारे में की गई टिप्पणियों पर दुख व्यक्त किया और कहा कि ऐसी बातों की सार्वजनिक चर्चा में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं अपने ऊपर होने वाले किसी भी व्यक्तिगत हमले का सामना करने के लिए तैयार हूं, लेकिन अगर मेरे बच्चों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं या आम नागरिकों को निशाना बनाया जाता है तो मैं चुप नहीं रहूंगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी हरकतें जारी रहीं तो वह इस मुद्दे को आखिर तक ले जाएंगे। गौरव गोगोई ने सीएम सरमा को व्यक्तिगत मामलों को और आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके बच्चों से संबंधित जानकारी का खुलासा करने की हद पार कर दी है। हम उनके परिवार के बारे में भी जानते हैं। हर कोई जानता है। लेकिन, हमने कभी भी ऐसा व्यवहार नहीं किया है। इन टिप्पणियों से असम को शर्मिंदगी हुई है। गोगोई ने आरोप लगाया कि जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। यह मुद्दा इतना गंभीर है कि सुप्रीम कोर्ट का ध्यान आकर्षित करने लायक है और सुझाव दिया कि शीर्ष अदालत को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। गोगोई ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मुझे ऐसी स्थिति में मजबूर न करें, जहां मुझे जवाब देना पड़े। अपने परिवार के बारे में बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी पत्नी एक स्वतंत्र महिला हैं और अपने बच्चों की देखभाल करने में पूरी तरह सक्षम हैं। एक व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनका पालन-पोषण ज्यादातर उनकी मां ने किया है और उनके बच्चों का पालन-पोषण भी इसी तरह से हो रहा है। जब वे 18 साल के हो जाएंगे, तो वे अपने फैसले खुद लेंगे। गोगोई ने यह भी कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस राजनीतिक नाटक के लिए नहीं बल्कि मीडिया और असम के लोगों की गरिमा बनाए रखने के लिए थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को राजनीतिक हमलों में घसीटने से राज्य को शर्मिंदा किया गया है और यह मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अशोभनीय है। मैं असम के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए राजनीति में हूं। लोगों को फैसला करने दीजिए।

BCCI ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया, विराट कोहली–रोहित शर्मा का डिमोशन; शुभमन गिल समेत कई खिलाड़ियों को फायदा

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2025-26 सीजन (1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026) के लिए सीनियर पुरुष और महिला खिलाड़ियों के वार्षिक अनुबंधों की घोषणा कर दी है। जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल और रविंद्र जडेजा को ग्रेड ए में जगह मिली है, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड ए प्लस से हटाकर ग्रेड बी में रखा गया है। इसका मुख्य कारण उनका केवल एक फॉर्मेट (वनडे) में खेलना बताया जा रहा है। बीसीसीआई ने ए प्लस ग्रेड हटाने के बाद तीस पुरुष खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा को महिला केंद्रीय अनुबंध में ए ग्रेड मिला है। शमी-किशन को नहीं मिली जगह अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और विकेटकीपर ईशान किशन को इस बार कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। इनके अलावा सरफराज खान और रजत पाटीदार को भी जगह नहीं मिली है। युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को पहली बार बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध (Grade C) में शामिल किया गया है।

लोकसभा में टकराव तेज़: ‘किसी को दिलचस्पी नहीं’ कहकर शशि थरूर ने स्पीकर और वित्त मंत्री को क्यों घेरा?

नई दिल्ली लोकसभा में सदन चलाने के लिए सुलह की बातचीत के बाद भी विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच सोमवार को जमकर नोकझोंक हुई जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर संसद चलाने में रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया और कहा कि लोकसभा में बार-बार व्यवधान के कारण वह केंद्रीय बजट 2026-27 पर बोलने में असमर्थ रहे। सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने कहा कि वह बजट चर्चा में भाग लेने के लिए तैयार होकर आए थे लेकिन उन्हें ऐसा करने की बहुत कम गुंजाइश मिली। उन्होंने कहा,”ऐसा लगता है कि सरकार और लोकसभा अध्यक्ष को सदन चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।”   थरूर ने सदन की कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसका मतलब साफ है कि सदन में स्थगन पहले से ही तय था। उन्होंने कहा, “वित्त मंत्री सदन में बैठी ही नहीं थी।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें पता था कि सदन स्थगित कर दिया जाएगा।” संसद के दोनों सदनों में सोमवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा होने वाली थी क्योंकि सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया था लेकिन यह चर्चा नहीं हो सकी। 2 बजे से पहले भी दो बार स्थगन लोकसभा में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे जैसे ही फिर सदन की कार्यवाही शुरु हुई और पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने बजट पर चर्चा की शुरुआत कराने के लिए कांग्रेस के शशि थरूर का नाम लिया। उन्होंने थरूर का नाम लेते हुए उन्हें बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन थरूर ने कहा कि विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं। यह उनका अधिकार है, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर पीठासीन संध्या राय ने कहा कि सबको बोलने का अधिकार है लेकिन इस समय सिर्फ बजट पर ही बोलना है। सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा: राहुल गांधी इसी बीच सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि करीब एक घंटा पहले वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले थे और उन्होंने कहा था कि वह उन्हें सदन में कुछ मुद्दों पर बोलने की अनुमति देंगे लेकिन सदन की कार्यवाही शुरु होते ही सरकार अपनी बात से पीछे हट गई है। राहुल ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर पीठासीन अधिकारी ने व्यवस्था दी कि सदन में सिर्फ बजट पर ही बोलना है। इसके अलावा आपको अन्य किसी विषय पर नहीं बोल सकते क्योंकि किसी अन्य विषय पर बोलने के लिए आपकी तरफ से कोई नोटिस नहीं है इसलिए आप सिर्फ बजट पर अपनी बात कह सकते हैं। उनका कहना था कि बजट के अलावा किसी और विषय पर सदन में बोलना है तो पहले नोटिस देना पड़ेगा। सदन को गुनराह कर रहे राहुल: किरेन रिजिजू इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा “जिस मुलाकात की बात विपक्ष के नेता कर रहे हैं उस दौरान वह भी अध्यक्ष के कमरे में थे। राहुल गांधी के साथ उनकी पार्टी के नेता के सी वेणुगोपाल भी थे लेकिन उस समय अध्यक्ष ने कहा था कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलाने पर सहमति बनती है तो बोलने दिया जाएगा। आप जो बोलना चाहते हैं उस पर बोलने की बात नहीं हुई थी।” रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी सदन में इस मुलाकात में हुई बात को लेकर जो कुछ कह रहे हैं ऐसी कोई बात अध्यक्ष के कमरे में नहीं हुई थी। अध्यक्ष ने कहा कि यदि सबकी सहमति बनती है और सदन शांति से चलता है तो देखेंगे। यह बात हुई थी।” थरूर ने अपना नाम आने के बाद भी नहीं बोला इतना के बाद राय ने फिर से डॉ थरूर को बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने बजट पर कुछ नहीं बोला। इसी बीच, दोनों तरफ से तकरार तेज हो गयी तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरु किया तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके कारण उन्हें 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। फिर 12 बजे सदन शुरु हुआ तो विपक्ष के तेवरों में कोई बदलाव नहीं आया जिसके कारण सदन को दो बजे तक स्थगित किया गया था।

MSME को मिलेगा नया संबल, RBI के फैसले से 20 लाख तक आसान फाइनेंसिंग

मुंबई देश में अब सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) को 20 लाख रुपए तक का कोलैटरल फ्री लोन (बिना कुछ गिरवी रखकर लोन लेना) मिलेगा। यह जानकारी आरबीआई की ओर से सोमवार को जारी सर्कुलर में दी गई। आरबीआई द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को लोन देने संबंधी (संशोधन) निर्देश, 2026 जारी किए हैं। ये संशोधन निर्देश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को लोन देने संबंधी मुख्य दिशा-निर्देश (दिनांक 23 जुलाई, 2025 तक अपडेटेड) के कुछ प्रावधानों में बदलाव करते हैं। सर्कुलर में आगे कहा गया कि इस संशोधन के बाद सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) बिना कुछ गिरवी रखकर 20 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ नियामक बदलावों के अनुरूप कुछ संशोधनों को अलग से अधिसूचित किया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने बताया कि यह संशोधित निर्देश एक अप्रैल 2026 से लागू होंगे। आरबीआई ने आगे बताया कि इन निर्देशों का उद्देश्य सीमित परिसंपत्तियों वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए अंतिम छोर तक लोन वितरण को मजबूत करना है, जिससे वह आसानी से लोन ले पाएं। सरकार लगातार एमएसएमई उद्योगों को मदद करने के लिए कदम उठा रही है। बीते महीने सरकार ने डाक चैनल के माध्यम से होने वाले निर्यात को निर्यात लाभों से जोड़ दिया है। इससे उन छोटे उद्योगों को फायदा होगा, जो कि निर्यात करने के लिए डाक चैनलों का इस्तेमाल करते हैं। संचार मंत्रालय ने बयान में कहा, “डाक विभाग (डीओपी) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी अधिसूचनाओं का पालन करते हुए डाक चैनल के माध्यम से किए गए निर्यातों के लिए शुल्क वापसी, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) तथा राज्य और केंद्रीय करों एवं शुल्कों पर छूट (आरओएससीटीएल) जैसे निर्यात लाभों को 15 जनवरी, 2025 से लागू कर दिया है।”

टोल-फ्री नम्बर 1962 बना लाइफ लाइन, घोड़े के बच्‍चे को मिला नया जीवन

भोपाल. पशुओं को सही समय पर घर पर ही बेहतर इलाज की सुविधा मिले, इसके लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा 1962 टोल फ्री नंबर का संचालन किया जा रहा है। चलित पशु एंबुलेंस चलाई जा रही है। खण्डवा जिले के खानशाहवली निवासी सैयद वसीम रजा के घोड़े के बच्‍चे कबीर के लिए प्रदेश सरकार का टोल फ्री नंबर लाइफ लाइन बना। समय पर उपचार मिलने की वजह से उसे नया जीवन मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पशु चिकित्सा हेल्पलाइन 1962 सुविधा के लिए वसीम और उनके परिवारजन ने आभार प्रकट किया है। खण्डवा के खानशाहवली क्षेत्र के निवासी सैयद वसीम रजा लगभग 5 माह पूर्व घोड़े का एक बच्चा लाए और उसका नाम “कबीर” रखा। घर में बच्चे की तरह कबीर का लालन पालन हो रहा था, और घर के सभी सदस्य उसे बच्चे जैसा दुलार करते। कुछ दिन पूर्व कबीर को जुएं पड़ गई। रविवार शाम को वसीम ने मेडिकल स्टोर से जूं नाशक दवा लाकर कबीर के शरीर पर दवा लगा दी। वसीम ने दवा तो लगा दी, लेकिन वह कबीर के मुंह को कवर करना भूल गया। कबीर ने अपने शरीर पर लगी जुंआ नाशक विषैली दवा चाटना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विषैली दवा ने असर दिखाया और कबीर को बैचेनी होने लगी और वह लोटपोट होने लगा और उसके मुंह से झाग आने लगा। घर के सदस्यों ने यह सब देखा, तो घबरा गए। वसीम को इसकी खबर लगी तो वह तुरंत घर आया और टोल-फ्री नम्बर 1962 पर फोन लगाकर पशुओं के उपचार हेतु उपलब्ध शासन की एम्बुलेंस सुविधा के लिए कॉल किया। कुछ ही देर में पशु चिकित्सक डॉ. कौस्तुभ त्रिवेदी एम्बुलेंस सहित अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपना इलाज शुरू किया। डॉ. त्रिवेदी ने एम्बुलेंस पैरावेट स्टॉफ सुश्री विधि पटेल, एवं अटेण्डेंट श्री नीलेश विश्वकर्मा के सामूहिक प्रयासों से लगभग आधे घंटे के उपचार के बाद कबीर को आराम मिलना शुरू हो गया और धीरे धीरे वह बिल्कुल स्वस्थ हो गया। वसीम और उसका परिवार कबीर की जान बचाने के लिए पशु चिकित्सक डॉ. त्रिवेदी और उनके सहयोगी स्टॉफ की सराहना करते नहीं थकते हैं।  

आप देश का भविष्य हैं, अपने कौशल और प्रदर्शन में सुधार करें, खुद को निखारें

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। देश की बागडोर आगे चलकर इन्हें ही संभालनी है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने कौशल, ज्ञान और प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर खुद को निखारें। परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत और लगन से करें, तनाव बिलकुल भी न लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा हमारे जीवन का एक पड़ाव मात्र है, अंतिम लक्ष्य नहीं। मेहनत करना आपकी आदत में होना चाहिए, लेकिन तनाव को खुद पर हावी न होने दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के वक्त आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलित दिनचर्या ही सफलता की अंतिम कुंजी है। स्वयं पर सदैव विश्वास बनाए रखें, किसी बात से डरकर नहीं, डटकर आगे बढ़िए और अपने सभी सपनों को साकार कीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से पहले “परीक्षा पर संवाद – 2026” कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी के लिये मार्गदर्शन भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों से परीक्षा के समय खुद को तनाव से दूर रखते हुए निरंतर भरपूर मेहनत करने और जितना भी हो सके, अच्छे अंक लाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और किसी भी हालात में खुद पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने की बजाए उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही एक सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ अपना भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की समझाइश दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा के समय सभी विद्यार्थी पर्याप्त नींद लें। पढ़ाई का एक शेड्यूल निर्धारित करें। किसी विषय के अध्ययन के बाद उस पर चिंतन-मनन की आदत डालें। केवल अक्षर ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने मित्रों और शिक्षकों के साथ पाठ्यक्रम के विषयों पर चर्चा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रा लक्ष्मी तिवारी के प्रश्न पर कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच परस्पर संवाद होते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से पूछा कि परीक्षा से कौन-कौन डरते हैं या किसको डर नहीं लगता है? इस पर छात्र आदित्य ने कहा कि रेगुलर तैयारी करेंगे तो परीक्षा से बिल्कुल भी डर नहीं लगेगा। सिलेबस को डिवाइड कर रिवीजन करना चाहिए। छात्रा सरस्वती ने कहा कि हमें परीक्षा देते समय खुद पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा है कि परीक्षा एक उत्सव की तरह है। छात्रा तान्या दुबे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि वे हमेशा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से पूछा कि परीक्षा के समय में पेपर में आए प्रश्नों का उत्तर देने में चयन कैसे करते हैं? इस पर छात्र हिमांशु ने कहा कि वह सबसे पहले अच्छी तरह से आने वाले प्रश्नों को हल करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में भारी उमंग और उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीधे संवाद का अवसर पाकर विद्यार्थियों ने बेहिचक सवाल किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी एक गुरू, एक शिक्षक, एक अभिभावक और एक मनोविज्ञान विशेषज्ञ की भांति पहले विद्यार्थियों के मन का भाव जाना, उनसे खुलकर बात की, फिर पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए। विद्यार्थियों ने अपनी परीक्षा की तैयारियों और इस दौरान आई कठिनाईयां भी शेयर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ इस आत्मीय संवाद से सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले मानसिक संबल और हर परिस्थिति में पॉजीटिव रहने की नई ऊर्जा मिली। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा हर वर्ष एक चुनौती की तरह होती है। विद्यार्थियों को समुचित समय नियोजन करते हुए अपनी तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतत रूप से विद्यार्थियों के साथ परस्पर संवाद करते हैं एवं उनकी कठिनाईयों को समझकर निराकरण करने का हरसंभव प्रयास करते हैं। वे लीडर विथ लेटेस्ट नॉलेज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरंभ में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विद्यार्थियों से संवाद की शुरूआत की। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता सहित सुभाष स्कूल के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

वायरल स्किन फास्टिंग ट्रेंड—फायदा ज्यादा या नुकसान? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

सुबह के क्लींजर से लेकर रात के नाइट जेल तक, हम रोज अपनी स्किन को केमिकल प्रोडक्ट्स की कई परतों में दबा देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपकी स्किन की नेचुरल ग्लो को छीन सकता है? ऐसे में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड काफी चर्चा में है। लेकिन सवाल आता है कि क्या वाकई यह फायदा होता है, या सिर्फ एक ट्रेंड है? आइए जानते हैं इसके बारे में। क्या है स्किन फास्टिंग? स्किन फास्टिंग का मतलब है कुछ दिनों या हफ्तों के लिए अपनी स्किनकेयर रूटीन को बेहद सिंपल कर देना। इस दौरान त्वचा की देखभाल के लिए सिर्फ क्लींजर, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक तरह का डिटॉक्स है, जिसमें स्किन को एक्टिव इंग्रिडिएंट्स से ब्रेक मिलता है और वह खुद को रिपेयर करती है। क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड? आजकल मल्टी-स्टेप रूटीन में ढेर सारे एक्टिव इंग्रेडिएंट्स इस्तेमाल होते हैं, जिससे स्किन का नेचुरल बैरियर कमजोर होने लगता है। ऐसे में स्किन फास्टिंग के दौरान स्किन को रिपेयर होने का मौका मिलता है। साथ ही, कम प्रोडक्ट्स लगाने से स्किन उसे बेहतर अब्जॉर्ब कर पाती है। स्किन फास्टिंग के फायदे     स्किन के नेचुरल बैरियर को रिपेयर करने में मदद करती है।     इससे स्किन का पीएच बैलेंस बरकरार रहता है और त्वचा में नमी बनी रहती है।     स्किन फास्टिंग इरिटेशन और सेंसिटिव को कम करने में मदद करती है। यह रोजेसिया से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद होती है।     ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने से होने वाले ब्रेकआउट, कंजेशन और रिएक्शन का खतरा भी कम होता है।     रेटिनॉल और एक्सफोलिएशन जैसे प्रोडक्ट्स से ब्रेक लेने पर स्किन खुद को रिपेयर कर पाती है। क्या हर किसी के लिए सही है? स्किन फास्टिंग पर रिसर्च सीमित है। इसलिए हर व्यक्ति पर इसका अलग असर देखने को मिल सकता है, जैसे-     अगर आपकी स्किन ज्यादा ड्राई है, तो आपको रूखापन या स्किन डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसके कारण स्किन बैरियर डैमेज होने का रिस्क रहता है।     स्किन फास्टिंग का असर रातों-रात नहीं दिखता। इसलिए अच्छे नतीजों के लिए आपको इंतजार करना पड़ सकता है।     एक्ने या हाइपरपिग्मेंटेशन जैसी परेशानियों के लिए सही ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। ऐसे में स्किन फास्टिंग ज्यादा फायदेमंद साबित नहीं होगी।     स्किन फास्टिंग के बाद दोबारा एक्टिव इंग्रिडिएंट्स को स्किनकेयर में शामिल करने पर इरिटेशन हो सकती है।     इसी तरह अचानक कुछ एक्टिव इंग्रिडिएंट्स का इस्तेमाल बंद करने पर भी रिएक्शन होने का खतरा रहता है। कुल मिलाकर बात यह है कि स्किन फास्टिंग कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, तो कुछ के लिए नुकसानदेह। इसलिए अपनी स्किन की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लें।  

अप्रकाशित किताब लीक मामला: जनरल नरवणे से जुड़ी FIR, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

 दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और समाचार मंचों पर चल रही उन खबरों का संज्ञान लिया है, जिनमें यह दावा किया गया है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की एक प्री-प्रिंट कॉपी सार्वजनिक रूप से प्रसारित की जा रही है। जांच में क्या पाया गया? इस किताब के प्रकाशन के लिए संबंधित अधिकारियों से जरूरी मंजूरी मिलना अभी बाकी है। जांच के दौरान यह पाया गया कि ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा तैयार की गई इसी शीर्षक वाली पुस्तक की एक पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स ने पुस्तक के कवर को इस तरह प्रदर्शित किया है जैसे कि यह बिक्री के लिए उपलब्ध हो। इस मामले की जांच करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक मामला दर्ज किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बिना आधिकारिक मंजूरी के यह किताब ऑनलाइन कैसे पहुंची और क्या यह किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है ताकि इस ब्रीच के पीछे के कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके। बता दें, राहुल गांधी को पिछले हफ्ते संसद परिसर में कथित तौर पर इस किताब की एक कॉपी लहराते हुए देखा गया था। इस मामले ने काफी बवाल मचा दिया है, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई और मौजूदा बजट सत्र के शेष समय के लिए आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया है।  

7 साल पुराना प्यार, एक कॉल और खून का खेल: वेटर से रिश्ता बना पति की हत्या की वजह

जयपुर संयोग से हुई एक मुलाकात का अंजाम करीब 8 साल बाद बेहद खौफनाक हुआ। राजस्थान में प्रेमी संजू के हाथों पति की हत्या कराने वाली अंजू की कहानी काफी हद तक इंदौर की सोनम रघुवंशी से मिलती-जुलती है। राजा रघुवंशी की तरह ही आशीष को भी उसकी दुल्हन ने ही धोखे से मौत के घाट उतार दिया। अंजू और संजू की इस कहानी की शुरुआत 2018 में हुई थी, लेकिन करीब 7 साल तक दोनों में कोई संपर्क नहीं था। दोबारा हुई मुलाकात के बाद दोनों ने सारी हदें पार कर दीं।   आरोप है कि अंजलि उर्फ अंजू ने 30 जनवरी को संजू और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति आशीष की हत्या कर दी, जिसके साथ 3 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। अंजू और संजू की पहली मुलाकात 2018 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। अंजू वहां एक मेहमान बनकर गई थी जबकि संजू वहां एक वेटर के रूप में लोगों को नाश्ता और खाना परोस रहा था। यहां दोनों ने एक दूसरे को देखा और दिल दे बैठे। थोड़ी देर बातचीत के बाद संजू ने अंजू को अपना मोबाइल नंबर दिया। लेकिन अंजू के पास कोई मोबाइल नहीं होने की वजह से दोनों का संपर्क नहीं बन पाया। मोबाइल हाथ आने के बाद जिंदगी में नया मोड़ अंजलि की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उसने 2014 में अपना मोबाइल फोन खरीदा। अब उसने करीब 7 साल पहले उस नंबर को डायल किया जो संजू ने दिया था। सालों पहले मिले और कुछ घंटों के बाद ही बिछड़े अंजू-संजू की फोन पर लंबी बात होने लगी। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने लगे और एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताने की कसमें खाने लगे थे। इधर, बीकॉम कर चुकी अंजू के लिए परिवार के लोग योग्य दूल्हे की तलाश में थे। उनकी तलाश रवाला के आशीष पर जाकर खत्म हुई। एमकॉम करने के बाद बीएड कर रहे संजय से अंजू की शादी तय कर दी गई। परिवार की मर्जी के मुताबिक आशीष से शादी करके वह सादुलशहर से रावला चली गई पर खुश नहीं थी। पति की हत्या के 16 दिन पहले अंजलि मायके गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उसने संजू के साथ मिलकर आशीष की हत्या की साजिश रची। शादी के बाद दोनों की आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई, पर वे वॉट्सऐप पर लगातार संपर्क में रहते थे। हत्या के दिन भी दोनों के बीच 5-7 बार बात हुई थी। पति की हत्या और लूट का नाटक 30 जनवरी की रात अंजलि ने डिनर के बाद पति को टहलने के लिए चलने को कहा। वह पति को लेकर गांव के सुनसान रास्ते की ओर चली गई जहां प्लान के मुताबिक संजय अपने दो दोस्तों के साथ झाड़ियों में छिपा था। जैसे ही अंजलि अपने पति के साथ वहां पहुंची, संजू ने अपने दो दोस्तों के साथ आशीष पर हमला कर दिया। रॉड से पीटने के बाद मफलर से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद अंजलि ने इसे दुर्घटना और लूट दिखाने के लिए प्रेमी को अपने गहने दे दिए। वह बेहोशी का नाटक करके लेट गई। बाद में एक राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आशीष को अस्पताल पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जब यह बात सामने आई कि आशीष का गला घोंटा गया था तो पुलिस ने हत्या के एंगल से पड़ताल की और जो सच सामने आया उससे पूरा देश हैरान है।

दिल्ली में लग्ज़री स्टे महंगा क्यों? 5-स्टार होटलों के रूम रेट में अचानक उछाल का पूरा सच

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से पहले 5 स्टार होटलों के कमरों के किराए में भारी उछाल आया है। सम्मेलन 16 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। इसमें बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों, वक्ताओं और टेक जगत के एक्सपर्ट के शामिल होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इस समिट के लिए दुनियाभर से 35,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हासिल हुए हैं। यही वजह है कि होटलों के कमरों के किराए में भारी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।   एक रात के लिए जिन कमरों का किराया आमतौर पर 20,000 रुपये से 40,000 रुपये होता था अब उनकी कीमतें अब लाखों में पहुंच गई है। ट्रेवल वेबसाइटों के अनुसार, 19 और 20 फरवरी को कई 5 स्टार होटलों में कमरे की कीमतें एक रात के लिए लाखों रुपये तक पहुंच रही हैं। वहीं लग्जरी कैटेगरी में तो एक कमरे की कीमत एक रात के लिए 4 से 5 लाख रुपये के बीच पहुंच चुकी है। कई होटलों ने ‘मिनिमम-स्टे’ जैसी शर्ते लागू कर दी हैं। कमरों के किराए में भारी बढ़ोत्तरी लीला पैलेस, आईटीसी मौर्या और ताज पैलेस, द इंपीरियल, शांगरी-ला इरोज और द पार्क होटल 18 से 20 फरवरी की पीक तारीखों के लिए लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। वहीं जो कमरे बचे हैं उन्हें बेहद ही ऊंचे दामों में बुक किया जा रहा है। कनॉट प्लेस में स्थित द इंपीरियल होटल में 17 फरवरी को एक कमरे की कीमत 2.4 लाख रुपये से ज्यादा है तो वहीं रेडिसन ब्लू होटल करीब 1.1 लाख रुपये चार्ज कर रहा है। आपको बता दें कि समिट के लिए अब तक करीब 50 वैश्विक कंपनियों के प्रमुखों और संस्थापकों ने सम्मेलन में भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जबकि 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधित्व की उम्मीद जताई गई है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए मध्य दिल्ली को जी20 की तर्ज पर सजाया जाएगा।  

मध्यप्रदेश को बंधुआ-बाल श्रम से मुक्त करने का संकल्प: श्रम मंत्री श्री पटेल

भोपाल. श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि चार नवीन श्रम संहिताओं में स्वास्थ्य, दुर्घटना बीमा और व्यावसायिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को जड़ से उन्मूलन के लिये ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस रोडमैप के पाँच प्रमुख स्तंभ होंगे कानूनी सहायता, पुनर्वास, कौशल विकास, जनजागरूकता और प्रशासनिक संवेदनशीलता। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को बंधुआ और बाल श्रम मुक्त बनाना है। यह बात श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयोजित कार्यशाला में कही। श्रम मंत्री  पटेल ने कहा कि बंधुआ मजदूर की स्पष्ट परिभाषा तय करना आसान नहीं है, लेकिन यह अवश्य तय किया जा सकता है कि किन परिस्थितियों में कोई मजदूर बंधुआ बनता है। प्रवासी मजदूर होना, अशिक्षा, कानून की जानकारी का अभाव, नशे की लत, मानसिक रूप से कमजोर स्थिति, बाल श्रम और परंपरागत व्यवसायों से जुड़ी तात्कालिक आवश्यकताएं ये सभी बंधुआ श्रम के प्रमुख कारण हैं। मंत्री  पटेल ने बताया कि बारूद से जुड़े कारखानों को मध्यप्रदेश में अत्यंत खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। उद्योगों का वर्गीकरण खतरनाक और अति-खतरनाक श्रेणियों में किया जाना चाहिए, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। श्रम मंत्री श्रह पटेल ने स्पष्ट किया कि आज संकल्प करने का दिन है कि आने वाले समय में हम यह कह सकें कि मध्यप्रदेश में न कोई बाल मजदूर है और न कोई बंधुआ मजदूर। उन्होंने कहा कि हुनर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी को मजदूरी के कारण बंधुआ न बनाया जाए और न ही किसी बच्चे से उसका बचपन छीना जाए। एआई युग में श्रम कानूनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सचिव, श्रम विभाग  रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में आज एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक बड़ा परिवर्तनकारी तत्व बनकर उभरा है। तकनीकी बदलाव हमेशा टूल के रूप में आए हैं, लेकिन एआई में सोचने की क्षमता होने के कारण यह कार्यबल और रोजगार के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि नियम निर्माण के दौरान जोखिमों को कैसे कम किया जाए, इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें चार नवीन श्रम संहिताओं पर चर्चा कर एक बेहतर और समावेशी समाज की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा तीन संस्थानों को श्रम स्टार रेटिंग में उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मान प्रदान किया गया। कार्यशाला में श्रमायुक्त मती तन्वी हुड्डा ने स्वागत भाषण देते हुए माननीय अतिथियों का अभिनंदन किया। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा स्टेट एक्शन प्लान (SAP) पर आधारित प्रस्तुति  लॉलीचैन पी. जोसेफ, बाल संरक्षण विशेषज्ञ, यूनिसेफ भोपाल द्वारा दी गई। कार्यशाला में यूनीसेफ एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवीन श्रम संहिताओं की जागरूकता करना एवं उनके प्रावधानों से अवगत कराना था। कार्यशाला में लगभग 200 प्रतिभागियों के रूप में विभिन्न जिलों से श्रम अधिकारी/ कर्मचारी श्रमिक संगठन/यूनियन नियोजन एवं NGOs से सहभागिता दी गई। इसके साथ-साथ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत राज्य कार्य योजना का विमोचन श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया गया। श्रम अधिनियमों के मापदंडों के अनुपालन संबंधी नवीन अवधारणा श्रम स्टार रेटिंग के सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। कार्यशाला में वाचकों द्वारा चार नवीन श्रम संहिताओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रतिभागियों द्वारा समूह चर्चा एवं शंका समाधान सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए मांग सुझाव दिए गए।  

भरोसे की सीमा टूटी: बेटी ने मां के निजी पलों से किया खिलवाड़, सच जानकर सन्न रह गया परिवार

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला के आरोप हैं कि बेटी ने प्रेमी के कहने पर अपनी मां और मौसी की अश्लील तस्वीरें युवक को भेजी हैं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश की जा रही है।   जब फोन की जांच की तो चौंका परिवार रिपोर्ट के अनुसार, 49 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उन्हें बेटी के फोन में आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। परिवार ने जांचकर्ताओं को बताया है कि यह बात करीब एक महीने पहले की है, जब युवती की मां ने उसे एक युवक के साथ बात करते हुए पकड़ा था। पढ़ने के लिए मांगा फोन, खींची न्यूड फोटोज शिकायत की गई है कि बीबीए ग्रेजुएट युवती ने अपने पिता से पढ़ाई के लिए फोन की करीब एक साल पहले मांग की थी। परिवार ने मांग को पूरा कर दिया। बात तब बिगड़ी जब एक दिन घर में काम कर रही महिला अचानक बेटी के कमरे में गईं और उसे एक युवक से वीडियो कॉल करते देख लिया। मां को देखते ही युवती ने फोन काट दिया, जिससे उनका शक और गहरा गया था। गुमराह करने की कोशिश जब परिवार ने युवक को लेकर सवाल किया और पासवर्ड मांगा, तो युवती उन्हें सीधा जवाब देने से बचती रही। हालांकि, बाद में परिवार को फोन का पासवर्ड हासिल करने में सफलता मिली। रिपोर्ट के अनुसार, युवती की मां के आरोप हैं कि उन्हें फोन में उनके अश्लील फोटोज मिले हैं, जो सोने के दौरान खींचे गए थे। मौसी की अश्लील तस्वीरें भी शेयर कर दीं उन्होंने आरोप लगाए कि ये फोटोज वरुण नाम के युवक के साथ शेयर किए गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया है कि बेटी ने अपनी मौसी की नहाते हुए तस्वीरें भी लेकर वरुण को शेयर की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दर्ज शिकायत में बताया गया है कि युवती के फोन से मिले संदेशों से पता चला है कि वरुण ने युवती से फोटो शेयर करने के लिए कहा था। घर से भागी युवती विवाद खड़ा होने के बावजूद युवती परिवार से लगातार बहस करती रही। खबर है कि करीब एक सप्ताह पहले वह कथित तौर पर घर छोड़कर चली गई और परिवार को बताया कि वह वरुण से शादी करना चाहती है। इसके बाद परिवार ने पुलिस का रुख किया। फिलहाल, वरुण की तलाश की जा रही है।

पीली हल्दी के बाद अब ‘नीली हल्दी’ की बारी: सेहत के लिए क्यों मानी जाती है खास?

हल्दी का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में गहरा पीला रंग आता है। हम सभी जानते हैं कि पीली हल्दी हमारी रसोई की शान है, क्योंकि यह सेहत और स्किन दोनों के लिए काफी फायदेमंद होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि भारत की मिट्टी में एक ऐसी दुर्लभ हल्दी भी उगती है जो पीली नहीं, बल्कि अंदर से नीले रंग की होती है? जी हां, इसे ‘नीला सोना’ भी कहा जा सकता है क्योंकि यह सामान्य मसाले से कहीं बढ़कर, एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है। आइए, शारदा हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से जानते हैं इसके बारे में। क्या है नीली हल्दी? यह एक बहुत ही दुर्लभ पौधा है जिसे विज्ञान की भाषा में करकुमा कैसिया (Curcuma Caesia) कहा जाता है। आम बोलचाल में लोग इसे ‘काली हल्दी’ के नाम से भी जानते हैं। यह सामान्य हल्दी से बिल्कुल अलग दिखती है। जब आप इसकी जड़ को तोड़ते हैं, तो यह अंदर से चमकदार पीली नहीं, बल्कि गहरे नीले या नीले-काले रंग की निकलती है। यह मुख्य रूप से भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ चुनिंदा इलाकों में ही पाई जाती है। क्यों है यह इतनी खास? हम जो पीली हल्दी खाते हैं, उसमें ‘करक्यूमिन’ होता है, जो उसे पीला रंग और स्वाद देता है, लेकिन नीली हल्दी का मामला थोड़ा अलग है। इसमें करक्यूमिन बहुत कम होता है, लेकिन इसमें कपूर और कई तरह के ‘एशेंशियल ऑयल्स’ भरपूर मात्रा में होते हैं। इसका स्वाद कड़वा होता है और इसमें कपूर जैसी तेज महक आती है। यही कारण है कि इसका इस्तेमाल खाना पकाने में नहीं, बल्कि आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में दवा के तौर पर किया जाता है। नीली हल्दी के अद्भुत फायदे नीली हल्दी को इसके औषधीय गुणों के कारण ‘सुपरचार्ज्ड’ माना जाता है। सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर इसके कई फायदे हैं:     जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की अकड़न या किसी चोट के दर्द में यह बहुत राहत देती है। यह सूजन को कम करने में भी कारगर मानी जाती है।     इसमें रोगाणुओं से लड़ने की ताकत होती है, जो इन्फेक्शन को दूर रखने और घावों को भरने में मदद करती है।     पारंपरिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल खांसी, अस्थमा और छाती में जकड़न जैसी समस्याओं के लिए किया जाता है। इसके अलावा, यह पाचन को भी सुधारती है और पेट की गैस को कम करती है। साथ ही, त्वचा की खुजली, रशेज और छोटे-मोटे घावों पर इसका लेप बहुत फायदेमंद होता है। सावधानी भी है जरूरी चूंकि, नीली हल्दी में बहुत शक्तिशाली तत्व होते हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल बहुत संभलकर करना चाहिए। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि इसे हमेशा कम मात्रा में ही यूज करें। गर्भवती महिलाओं और किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को बिना डॉक्टरी सलाह के इसका उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में लेने पर इसके साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।  

कृषि के साथ पशुपालन: किसानों के लिए मुनाफे का नया मॉडल

भोपाल. ग्रामीण अर्थव्यवस्था का उत्थान, शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे कृषि और पशुपालन अब न केवल लाभ का व्यवसाय बन गया है, बल्कि इससे किसानों और पशुपालकों को नई पहचान भी मिल रही है। छिंदवाड़ा जिले के चौरई विकासखंड के ग्राम बांकानागनपुर के श्री नवीन रघुवंशी भी उन्हीं किसानों और पशुपालकों में से एक हैं। श्री रघुवंशी ने पशुपालन विभाग की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) योजना का लाभ लेकर बकरी पालन को एक सशक्त और लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित किया है। सीमित संसाधनों से शुरू हुई उनकी यह पहल आज आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के कारण क्षेत्र में एक मॉडल बकरी फार्म के रूप में पहचान बना चुकी है। श्री रघुवंशी बताते हैं कि एनएलएम योजना के अंतर्गत स्वीकृत उनके इस बकरी फार्म में सिरोही नस्ल की कुल 175 बकरियाँ, बकरे एवं उनके बच्चे उपलब्ध हैं। फार्म को मॉडल स्वरूप में विकसित किया गया है, जिसमें बीमार बकरियों के लिए पृथक क्वारंटाइन शेड, बच्चों के लिए अलग कमरे तथा बकरियों के बैठने के लिए 4 फीट ऊँचाई पर प्लाई प्लेटफॉर्म बनाया गया है। इसी प्लेटफॉर्म के नीचे कड़कनाथ मुर्गी का पालन भी किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित हुआ है। बकरी फार्म की कुल लागत लगभग 1 करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सरकार द्वारा 50 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। योजना के अंतर्गत प्रथम किस्त के रूप में 25 लाख रुपये की राशि श्री नवीन रघुवंशी को प्रदाय की जा चुकी है। इस आर्थिक सहयोग से फार्म को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। बकरियों के पोषण के लिए फार्म में तीन प्रकार की नेपियर घास का उत्पादन किया जा रहा है। दाना बनाने की मशीन एवं चैफ कटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। ब्रीडिंग के उद्देश्य से उच्च गुणवत्ता के बकरे रखे गए हैं, जिनमें एक बकरे की कीमत लगभग 2 लाख रुपये है। बेहतर पोषण और प्रबंधन के कारण बकरियों का स्वास्थ्य एवं उत्पादन स्तर उत्कृष्ट बना हुआ है। बकरी पालन के साथ प्राकृतिक खेती फार्म में बकरी पालन के साथ-साथ प्राकृतिक खेती भी की जा रही है। इससे न केवल लागत में कमी आई है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल खेती को भी बढ़ावा मिला है। श्री नवीन रघुवंशी के पुत्र श्री मंथन रघुवंशी द्वारा बकरी पालन एवं उन्नत कृषि को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई पहचान दी जा रही है। वे यूट्यूब एवं इंस्टाग्राम के माध्यम से बकरी पालन, उन्नत कृषि, मक्का उत्पादन तथा कम उम्र में पशुओं का वजन बढ़ाने जैसे विषयों पर शैक्षणिक वीडियो साझा कर रहे हैं। श्री मंथन रघुवंशी को उनके प्रभावी डिजिटल योगदान के लिए कृषि जागरण की ओर से “एग्री इंफ्लूएंसर ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि युवाओं को कृषि एवं पशुपालन से जोड़ने की प्रेरणा देती है। महिला किसानों की पहल को मिली प्रदेश स्तर पर सराहना छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ ब्लॉक की महिला किसान श्रीमती ज्योति सोमकुंवर ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने नवाचार, अनुभव और जमीनी प्रयासों से प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने में सफलता पाई है। भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित “मनन 2026” प्राकृतिक खेती विषयक कार्यक्रम में प्रदेश की महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमने छिंदवाड़ा जिले की ज्योति सोमकुंवर को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला, जिसकी प्रदेश स्तर पर सराहना की गई। श्रीमती सोमकुंवर ने हकदर्शिका संस्था से जुड़कर किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के अपने अनुभव साझा किए। नव गठित पांढुर्णा जिले के विकासखंड सौंसर से महिला किसान श्रीमती मीता धुर्वे एवं श्रीमती कविता सिरसाम ने भी बड़ादेव जैविक उत्पादक समूह के माध्यम से ग्राम जोबनढाना में सृजन संस्था के सहयोग से संचालित जैविक उत्पाद केंद्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जैविक उत्पाद बनाकर किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जा रहा है और इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मोहखेड़ एवं सौंसर ब्लॉक की जैविक उत्पाद केंद्र से जुड़ी इन महिला किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के किए का रहे प्रयासों को प्रदेश स्तर पर सराहा गया। महिला किसानों की यह पहल न केवल अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है, बल्कि प्राकृतिक खेती को अपनाने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दे रही है।  

दबोचा रेलवे संपत्ति चोरी गिरोह पर शिकंजा, मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस अपने ध्येय वाक्य “देशभक्ति–जनसेवा” के अनुरूप प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं नागरिकों की आस्था व संपत्ति की सुरक्षा हेतु सतत् एवं ठोस कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में चोरी की गंभीर घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए पुलिस ने लगभग 37 लाख 40 हजार रूपए से अधिक मूल्य का चोरी की सामग्री जप्त की है। पन्ना- रेलवे स्टेशन भवन से चोरी गई सामग्री बरामद थाना देवेंद्रनगर क्षेत्र में नागौद–खजुराहो रेलवे प्रोजेक्ट के तहत ग्राम फुलवारी स्थित रेलवे स्टेशन भवन से केबल, वायर, पीवीसी पाइप एवं अन्य इलेक्ट्रिकल सामग्री की चोरी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 20 लाख रूपए की संपत्ति जप्त की है। विदिशा- तीन चोरी के प्रकरणों का खुलासा जिले के थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन अलग-अलग चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्‍जे से पुलिस ने चोरी की बोलेरो पिकअप वाहन, मंदिर से चोरी किया गया मुकुट एवं छत्र तथा चोरी किया गया बिजली तार सहित लगभग 9 लाख 20 हजार रूपए की सामग्री जब्‍त की है। शाजापुर-ग्राम जावदी स्थित हनुमान मंदिर चोरी का खुलासा शाजापुर जिले के थाना मोहन बड़ोदिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम जावदी स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने 600 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं साइबर सेल की सहायता से सफलतापूर्वक खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही चोरी का माल बेचने हेतु रखने वाले एक अन्‍य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्‍जे से चांदी के आभूषण एवं नगदी, चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं दो धारदार चाकू सहित  कुल 4 लाख 20 हजार 570 रूपए की सामग्री जब्‍त की है। सीहोर-सराफा दुकान में चोरी का त्वरित खुलासा जिले के थाना आष्टा क्षेत्र में बुधबारा खरी खुंडी स्थित एक सोने-चांदी की दुकान से कर्मचारी द्वारा लगभग 1 किलो 390 ग्राम चांदी के आभूषण (पायल, कड़े, ब्रेसलेट एवं गले की चेन) चोरी किए जाने की घटना का त्‍वरित खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 1 किलो 359 ग्राम चांदी के आभूषण कीमत लगभग 4 लाख रूपए जब्‍त किए है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन की आस्था, धार्मिक स्थलों एवं निजी संपत्ति की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें सकते हैं।  

न्यायपालिका की मर्यादा तार-तार! जज के सामने हमला, CJI एक्शन मोड में

नई दिल्ली भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत के सामने वकील ने अपने साथ मारपीट का मुद्दा उठाया। वकील ने सीजेआई को बताया कि कोर्ट में दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की और ये सब एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज के सामने हुआ। इसपर सीजेआई ने नाराजगी जाहिर की। साथ ही कहा कि अदालत में इस तरह का गुंडाराज नहीं चलेगा। वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ‘मैं ADJ हरजीत सिंह पाल की अदालत तीस हजार कोर्ट में पेश हुआ था। मैं आरोपी की तरफ से कोर्ट में पेश हुआ था। शिकायतकर्ता और उसके कई गुंडों ने मुझपर हमला किया। पीटा भी। जज वहीं बैठे थे। कोर्ट के सभी सदस्य वहीं पर बैठे हुए थे।’ उन्होंने आरोप लगाए हैं कि कोर्ट रूम का दरवाज बंद करके आरोपी के साथ उनके साथ मारपीट की गई थी। CJI ने शिकायत दाखिल करने कहा सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने वकील से शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास शिकायत दर्ज कराई जाए और इसमें उनका नाम भी शामिल किया जाए। CJI ने कहा, ‘ये सब 7 फरवरी को हुआ? क्या आपने इसकी जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को दी है? सीजे को लेटर लिखें और मुझे भी मार्क करें। इसपर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संज्ञान लेने दीजिए और कार्रवाई प्रशासनिक पक्ष की तरफ से की जाएगी। इस तरह का गुंडा राज हमें स्वीकार्य नहीं है। इसका मतलब कानून का व्यर्थ होना है। ऐसा करें और मुझे बताएं।’

महाशिवरात्रि 2026: भद्रा के कारण बदलेगा जलाभिषेक का समय, जानें पूरी जानकारी

हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन शिव-शक्ति का मिलन हुआ था. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाने वाली है. महाशिवरात्रि के दिन भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती की विशेष पूजा करते हैं. साथ ही व्रत रखते हैं. मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं और पूजन व व्रत से प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं जल्द पूर्ण करते हैं. महाशिवरात्रि के दिन देश भर के शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतार देखने को मिलती है. हालांकि, इस साल महाशिवरात्रि पर भद्रा का योग भी बन रहा है. ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या इसका प्रभाव शिव जी के जलाभिषेक पर भी पड़ेगा? ऐसे में आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर भद्रा काल कब से कब तक रहेगा? साथ ही कब जलाभिषेक किया जा सकता है? महाशिवरात्रि 2026 भद्रा काल का समय पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी की शाम 05 बजकर 04 मिनट से भद्रा काल शुरू होगा. वहीं भद्रा काल का समापन 16 फरवरी की सुबह 05 बजकर 23 मिनट पर होगा. यानी महाशविरात्रि पर करीब 12 घंटे 19 मिनट तक भद्रा काल रहेगा. हालांकि, चिंता की कोई बात नहीं है. पंडितों और ज्योतिषविदों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भद्रा पाताल लोक में वास करेगी. शास्त्रों में बताया गया है कि भद्रा के पाताल लोक में होने पर उसका प्रभाव धरती पर नहीं पड़ता. इसलिए महाशिवरात्रि के दिन भक्त बिना किसी असमंजस के भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा कर सकते हैं. महाशिवरात्रि 2026 जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त इस साल महाशिवरात्रि के दिन महादेव के जलाभिषेक के लिए कई मुहूर्त हैं. इस दिन पहला मुहूर्त सुबह 08 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 48 मिनट मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त सुबह 09 बजकर 48 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. तीसरा अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा. ये सुबह 11 बजकर 11 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. शाम को शुभ-उत्तम मुहूर्त 06 बजकर 11 मिनट से 07 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. इन सभी मुहूर्तों में भक्त शिव जी का जलाभिषेक कर सकते हैं.

‘इतिहास सब याद रखेगा’—SIR विवाद पर अभिषेक बनर्जी की कविता से गरमाई राजनीति

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर एक कविता लिखी, जिसमें उन्होंने लोगों पर इसके असर को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। राजनीतिक लामबंदी या दूसरे तरीकों से विरोध करने के बजाय, बनर्जी ने चुनाव आयोग के कदम के खिलाफ लोगों की तरफ से बोलने के लिए अपनी कलम की ताकत का इस्तेमाल किया। कविता की हर लाइन केंद्र सरकार द्वारा लोगों पर किए जा रहे अत्याचार को दिखाती है। कविता का नाम ‘आमी अस्वीकार कोरी’ (मैं मानने से इनकार करता हूं) है। सोशल मीडिया पोस्ट पर कविता शेयर करते हुए बनर्जी ने कहा, “एक खतरनाक प्रक्रिया को लेकर मेरे अंदर बहुत उथल-पुथल मची हुई है, जिसने लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है, और हमारे लोगों के सामूहिक दुख, दर्द और गुस्से को आवाज देते हुए, मैंने इन भावनाओं को एक छोटी सी कविता में ढाला है।” कविता की शुरुआती लाइनें हैं—’मैं ‘मानने से इनकार करता हूं, यह लापरवाही, यह लिस्टों का राज, यह डर का राज। मैं मानने से इनकार करता हूं, राज्य के नाम पर खून का कर्ज। मैं मानने से इनकार करता हूं, खून पर स्याही का राज।’ कविता में, हर शब्द और वाक्यांश एसआईआर से पैदा हुई हाल की स्थिति के डर और दर्द को दिखाता है। यह कविता एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लोगों पर थोपे गए नियमों के खिलाफ विरोध की आवाज उठाती है। अब तक, राज्य में एसआईआर अभ्यास शुरू होने के बाद से लगभग 150 लोगों की मौत हो चुकी है। उस संख्या का जिक्र करते हुए, बनर्जी ने दावा किया, “यह सिर्फ एक संख्या नहीं है; यह राज्य द्वारा लगाई गई आग में लोगों की चीख है।” उन्होंने एसआईआर तरीके की व्यर्थता को निशाना बनाते हुए लिखा, “राज्य के रिकॉर्ड में, आंकड़े जिंदगी की जगह ले लेते हैं। जमीर, सच्चाई और सम्मान शासक के जूतों के नीचे कुचल दिए जाते हैं।” बनर्जी ने अपनी कविता में इतिहास का भी जिक्र किया। उनकी पंक्तियां कहती हैं, “इतिहास- वह माफ नहीं करता, वह लिस्टें नहीं पढ़ता। इतिहास याद रखता है कि किसने विरोध किया, किसने लड़ाई लड़ी, कौन अपनी जगह पर डटा रहा, किसने आग लगाई। इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करता जो लोगों को छोटा समझते हैं।” इस कविता के जरिए, उन्होंने एक बार फिर एसआईआर अभ्यास के खिलाफ आवाज उठाई है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस अभ्यास के विरोध में 26 कविताएं लिखी थीं। अब, अभिषेक बनर्जी भी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं।

गंभीर का बड़ा बयान: SKY की कप्तानी से टीम को मिल रही है नई ऊर्जा

नई दिल्ली भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार यादव की ‘संयमित नेतृत्व क्षमता’ की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टी20 प्रारूप में कप्तान के तौर पर SKY सभी कसौटी पर खरे उतरते हैं और इससे उनका दबाव भरा काम थोड़ा आसान हो जाता है। स्टार स्पोर्ट्स द्वारा साझा किए गए एक छोटे वीडियो में गंभीर ने कहा कि मौजूदा टी20 विश्व कप में सूर्यकुमार जैसे आक्रामक बल्लेबाज का कप्तान होना भारत के लिए सौभाग्य की बात है। इस वीडियो में यह नहीं पता चल रहा है कि गंभीर ने यह बयान कब दिया है। गंभीर ने कहा, ‘सूर्यकुमार ने इस प्रारूप में मेरा काम बहुत आसान कर दिया है। वह लोगों के लिए एक बेहतरीन कप्तान हैं, यह सिर्फ इसलिए नहीं कि वह मैदान पर क्या करते हैं, या बल्लेबाज के रूप में कैसे हैं, या उनके शॉट्स इस प्रारूप में कैसे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कोच के तौर पर कभी-कभी आपके दिमाग में कई बातें चल रही होती हैं, लेकिन जब आप जानते हैं कि सूर्यकुमार माहौल को शांत बनाए रखेंगे, जैसा किसी भी कोच का सपना होता है, तो बहुत कुछ आसान हो जाता है।’ भारत ने सूर्यकुमार यादव की शानदार बल्लेबाजी के बूते शनिवार को विश्व कप के अपने शुरुआती मैच में अमेरिका को हराया। भारतीय कप्तान ने एक छोर से विकेटों के पतझड़ के बीच 49 गेंदों में नाबाद 84 रन के साथ पारी को संभाला था। भारतीय टीम बृहस्पतिवार को अब दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ खेलेगी। गंभीर ने कहा, ‘मेरे लिए खिलाड़ी सूर्यकुमार को अलग रखा जा सकता है, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार के तौर पर उन्होंने हर कसौटी पर खरा उतरकर मेरी जिंदगी बहुत आसान बना दी है। वह वास्तव में एक शानदार नेतृत्वकर्ता हैं।’ उन्होंने कहा, ‘यह बहुत अच्छा है कि देश का नेतृत्व उनके जैसे खिलाड़ी के हाथ में है, क्योंकि उनका दिल सही जगह पर है और दबाव में वह सही निर्णय लेते हैं।’ पैंतीस साल के सूर्यकुमार यादव दो साल पहले रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। रोहित के इस प्रारूप से संन्यास के बाद उन्हें टीम की कमान सौंपी गई।

आर्थिक समीक्षा में ग्राम विकास क्षेत्र की उपलब्धियों का ब्योरा, ग्राम पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा के अनुसार, ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए योगी सरकार ने ग्रामीण विकास पर खर्च लगातार बढ़ाया है। वर्ष 2017-18 में जहां ग्राम विकास पर 10,508 करोड़ रुपये व्यय हुए थे,  जो 2025-26 में बढ़कर 20,081 करोड़ रुपये हो गया। बीते आठ वर्षों में ग्राम विकास कार्यों में व्यय में 8.43 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से वृद्धि हुई है। मानव दिवस सृजन में देश में पहला स्थान वर्ष 2017-18 के 1814.34 लाख मानव दिवसों की तुलना में 2024-25 में 85.41 प्रतिशत वृद्धि के साथ 3363.97 लाख मानव दिवस सृजित किए गए, जिससे यूपी को देश में प्रथम स्थान मिला। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 1805 लाख से अधिक मानव रोजगार दिवस सृजित हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार संवर्धन के लिए वीबी-जी राम जी योजना के तहत आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के कार्य तेजी से कराए गए। योजना के अंतर्गत 266 प्रकार के सामुदायिक और व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्यों को लागू किया गया। तकनीक, पारदर्शिता और नवाचार का असर बुंदेलखंड की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अभिनव पहल करते हुए ललितपुर के बिरधा विकास खंड में विलुप्त शहजाद नदी के 1500 मीटर हिस्से का पुनरुद्धार किया गया, जिससे 9859 मानव दिवसों का सृजन हुआ और भूजल व सिंचाई संसाधनों को मजबूती मिली। कार्यों में पारदर्शिता के लिए ई-एमबी मॉड्यूल, त्रि-स्तरीय जियो टैगिंग, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर, आधार आधारित मजदूरी भुगतान, नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप, एरिया ऑफिसर ऐप और ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया। 2024-25 में 65.26 लाख परिवारों के 75.83 लाख श्रमिकों को रोजगार मिला। जबकि 6.16 लाख परिवारों को पूर्ण 100 दिन का काम दिया गया। 2025-26 में अक्तूबर 2025 तक 47 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। तमिलनाडु के बाद यूपी दूसरा सबसे अधिक परिवारों को रोजगार देने वाला राज्य है। पर्यावरण, खेल और सामाजिक सहभागिता वीबी-जी राम जी योजना के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में 2024-25 में 13.54 करोड़ और 2025-26 में 13.23 करोड़ पौधरोपण किया गया। वहीं, नवंबर 2025 तक 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण/पुनरुद्धार कर यूपी देश में अग्रणी रहा। इसके साथ ही 2025-26 में अक्तूबर 2025 तक 3550 खेल मैदान और 1706 आंगनबाड़ियों का निर्माण पूरा किया गया। महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 42 फीसदी पहुंची वीबी-जी राम जी के तहत महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। यह 2018-19 में 35 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 42 प्रतिशत तक पहुंच गई। वहीं, सोशल ऑडिट के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए 2024-25 में 55,991 ग्राम पंचायतों में और 2025-26 में दिसंबर तक 51,648 ग्राम पंचायतों में ऑडिट पूरा किया गया।

सदन में टकराव चरम पर: राहुल-खरगे को नहीं मिला मौका, विपक्षी सांसदों का वॉकआउट

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों ही सदनों में जमकर हंगामा हो रहा है। मंगलवार को कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में हंगामे का दौर शुरू हो गया और थोड़ी ही देर बाद सदन को 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दूसरी तरफ राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को ना बोलने देने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया। एक बार स्थगन के बाद बारह बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने जरूरी कागजात सभा पटल पर रखवाए। उन्होंने उसके बाद आम बजट पर चर्चा की शुरुआत करने के लिए कांग्रेस के शशि थरूर का नाम पुकारा। इस बीच कांग्रेस के कयी सदस्य अपने स्थान से खड़े होकर शून्यकाल के साथ राहुल गांधी को अपनी बात रखने देने की मांग करने लगे। पीठासीन अधिकारी ने बार बार कहा कि यह समय बजट पर चर्चा के लिए निर्धारित किया गया है और विपक्ष के नेता बजट पर अपनी बात रख सकते हैं। इस पर कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य श्री गांधी को अपनी बात रखने देने की मांग करने लगे। विपक्षी सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर अपनी मांग को लेकर शोरगुल करने लगे जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि छह फरवरी को अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्हें वह सदन की तरफ से बधाई देते हैं। युवा क्रिकेट टीम को बधाई देने के बाद श्री बिरला ने प्रश्न काल की कार्रवाई शुरू की तो विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों को लेकर सीटों पर खड़े हो गए और जोर-जोर से बोलने लगे। अध्यक्ष ने इसी बीच प्रश्न काल की कार्यवाही को आगे बढ़ाया लेकिन विपक्ष की तरफ से तेज हंगामा शुरू हो गया। बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि प्रश्न काल के बाद सदस्यों को बोलने का अवसर दिया जाएगा। उनका कहना था कि वह हमेशा सब सदस्यों को बोलने का अवसर देते हैं इसलिए सदन को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बजट पर चर्चा होगी तो सभी दलों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा इसलिए प्रश्न काल को चलने दें। उनका कहना था कि यह सदस्यों का समय होता है और सबको मौका मिलना चाहिए इसलिए वह सभी सदस्यों से सदन को बाधित न करने का आग्रह कर रहे है। सदन में सार्थक चर्चा के लिये सहयोग करें। उन्होंने तेज लहजे में कहा कि सदस्य नियमित सदन की कार्यवाही में अवरोध करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें ऐसा नहीं होना चाहिए। इसी बीच सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और शोर शराबा करने लगे। हंगामा और बढ़ने लगा तो श्री बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।  

प्रदेश में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकार के अभूतपूर्व प्रयास

लखनऊ. प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 से अब तक शिक्षा को सर्वसुलभ, गुणवत्तापरक और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए अनेक ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए हैं। युवाओं को कौशल विकास, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ते हुए शिक्षा को प्रदेश की प्रगति का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। बजट सत्र के पहले दिन प्रस्तुत आर्थिक समीक्षा में यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है कि प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट रोकने से लेकर उच्च शिक्षा को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने तक में सरकार ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विद्यालयों का विस्तृत नेटवर्क  केन्द्र की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को उत्तर प्रदेश में क्रियान्वित करने और सबके लिए शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए 2 लाख 62 हजार 358 विद्यालयों का एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया गया है। इनमें 1 लाख 35 हजार 658 प्राथमिक, 90 हजार 243 उच्च प्राथमिक, 11 हजार 938 सेकेंडरी, 24 हजार 519 हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। वहीं प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1722 विद्यालयों का चयन किया गया जिन्हें “हरित विद्यालय” के रूप में विकसित किया जा रहा है।  साक्षरता दर में वृद्धि 2017-18 से लेकर 2023-24 तक उत्तर प्रदेश में शैक्षिक उपलब्धता, आधारभूत ढांचे, बच्चों के नामांकन, शिक्षा में लोगों की सामुदायिक सहभागिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। साक्षरता दर की बात करें तो जहां 2017-18 में पुरुष साक्षरता दर 80.6% व महिला साक्षरता दर 62.9% थीं, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर क्रमश: 86% व 70.4% हो गई है।  बढ़ाया गया प्राथमिक शिक्षा का बजट सुदृढ़ शैक्षिक ढांचे के लिए आर्थिक प्रोत्साहन के महत्व को समझते हुए प्रदेश सरकार ने 2024-25 में प्राथमिक शिक्षा पर कुल 68.46 हजार करोड़ और 2025-26 में 82.34 हजार करोड़ रुपये व्यय किए, जो कि वर्ष 2016-17 में केवल 32.91 हजार करोड़ था। अर्थात 2017-18 की तुलना में 2025-26 में लगभग 2.08 गुना की वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूली शिक्षा संवर्धन के लिए वर्ष 2017-18 में कुल 6322.07 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो कि 2024-25 में बढ़कर 8263.37 करोड़ रुपये हो गया। समग्र शिक्षा योजना के ही अंतर्गत 2274 उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट स्कूलों में लर्निंग-बाई-डूइंग कार्यक्रम चल रहा है, जो 2025-26 में 3288 स्कूलों तक पहुंच चुका है।  योजनाएं, जिनसे हो रहा है प्राथमिक शिक्षा का उन्नयन  शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा 1 से 8 के 1 करोड़ 47 लाख बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें व कार्य पुस्तिकाएं वितरित की गई हैं। सभी परिषदीय व एडेड स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल-बैग, जूता-मोजा व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए उनके माता-पिता के खाते में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये प्रति छात्र/छात्रा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 25 हजार 790 परिषदीय उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सेटअप बनाए गए हैं। साथ ही 880 विकासखंडों के ब्लॉक संसाधन केन्द्रों व 4688 स्कूलों में आईसीटी लैब की स्थापना की गई है। वर्ष 2025-26 में 5810 उच्च प्राथमिक व कम्पोजिट स्कूलों में स्मार्ट क्लास सेटअप व 8291 स्कूलों में आईसीटी लैब की स्थापना की जा रही है।  शिक्षा के पंखों से उड़ान भरती बालिकाएं प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी 746 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में 87700 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। आईआईटी गांधीनगर, गुजरात के सहयोग से लगभग 68000 बालिकाओं में रोचक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान विषय में रुचि व क्षमता बढ़ाने के लिए क्यूरियोसिटी प्रोग्राम चल रहे हैं। खेलों के प्रति बालिकाओं की रुचि बढ़ाने के लिए “एक केजीबीवी एक खेल” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। बालिकाओं में आत्मरक्षा कौशल बढ़ाकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 10 लाख 22 हजार 508 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शिक्षा को सर्वोन्मुखी बनाने के लिए सरकार के अन्य प्रयास दिव्यांग बच्चों की गुणवत्तापरक समावेशी शिक्षा के लिए 6 से 14 वर्ष के दिव्यांग बच्चों को चिन्हित करने व ऑनलाइन ट्रैकिंग करने के लिए समर्थ पोर्टल विकसित किया गया है। दृष्टि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए 2793 पूर्ण दृष्टि दिव्यांग बच्चों को ब्रेल पाठ्य-पुस्तकें, 4438 अल्प दृष्टि दिव्यांग बच्चों को इन्लार्ज प्रिंट की पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही विशिष्ट दिव्यांग बच्चों को उनकी जरूरत के हिसाब से उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार के प्रयासों से हुए उल्लेखनीय सुधार यूनीफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस, भारत सरकार की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार शैक्षिक सत्र 2017-18 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की सकल नामांकन दर 75.3% थी जो वर्ष 2024-25 में 83.9% हो गई है। प्राथमिक विद्यालयों में सत्र 2017-18 में ड्रॉपआउट की दर 7.2 थी जो 8 वर्षों में घटकर शून्य हो चुकी है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट 7.4 से घटकर आठ वर्षों में 3.0 हो गया है। सरकार के प्रयासों से स्कूलों में रिटेंशन (ठहराव) भी बढ़ा है। वर्ष 2017-18 के मुकाबले यह रिटेंशन 77.8% से बढ़कर 2025-26 में 86.9% हो चुका है।  सुदृढ़ हुआ माध्यमिक शिक्षा का ढांचा वर्तमान में प्रदेश में 29 हजार 532 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं जिनमें 2814 राजकीय, 4523 अशासकीय सहायता प्राप्त व 22195 स्ववित्तपोषित विद्यालय हैं। माध्यमिक शिक्षा का ढांचा सुदृढ़ करने के लिए परख, प्रज्ञान, पहुंच पोर्टल विकसित किए गए हैं। “पंख पोर्टल” से करियर गाइडेंस दिया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान राज्य स्तरीय कंट्रोल रूप से सभी 8373 परीक्षा केन्द्रों में वॉयस रिकॉर्डर से लैस सीसीटीवी कैमरों द्वारा लाइव मॉनीटिरिंग करवाई गई। प्रोजेक्ट अलंकार व समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कुल 500 स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं बनाने का लक्ष्य है। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 1084 आईसीटी लैब स्थापित हो चुके हैं।  पिछले एक दशक में महाविद्यालयों की संख्या 6681 से बढ़कर 8030 हो गई है, यानी लगभग 20% की वृद्धि हुई है। कुल 75 निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालयों में से 70 महाविद्यालय संचालित भी हो चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में कुल 38 राज्य विश्वविद्यालय और 52 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। उच्च शिक्षा में शोध, नवाचार व ज्ञान सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26916.03 लाख रुपये के बजट … Read more

बंगाल SIR विवाद में सुप्रीम कोर्ट की फटकार, समयसीमा बढ़ी; पुलिस प्रमुख से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पश्चिम बंगाल के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) मामले पर सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अन्य नेताओं की याचिकाओं पर यह सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में दस्तावेजों की पड़ताल और फाइनल वोटर लिस्ट की समयसीमा को 1 हफ्ते बढ़ाया। पहले फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की डेडलाइन 14 फरवरी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सुनिश्चित करें कि उसकी ओर से उपलब्ध कराए गए 8505 ग्रुप बी के अधिकारी कल शाम 5 बजे तक निर्वाचन अधिकारी (निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी) को रिपोर्ट करें। ईसीआई चाहे तो अपने अधिकारियों की जगह इन अधिकारियों की सेवा ले सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि माइक्रो ऑब्जर्वर या ग्रुप बी के अधिकारियों की भूमिका सिर्फ ईआरओ को सहयोग करने की रहेगी। वोटर लिस्ट पर अंतिम फैसला ईआरओ ही लेंगे। चुनाव आयोग की ओर से कोर्ट को शिकायत की गई कि ऑब्जेक्शन फॉर्म जलाने वाले लोगों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। कोर्ट ने इस पर राज्य के डीजीपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा कि डीजीपी हलफनामा दाखिल करें। वहीं, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र उदय सिंह ने कहा कि नोटिस के जवाब पर चर्चा होनी चाहिए। शुरुआत में वकीलों की दलीलों में तालमेल न होने से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि सब एक साथ बोल रहे हैं और एक-दूसरे की बात काट रहे हैं, जिससे सुनवाई करना मुश्किल हो रहा है। इसके बाद ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दिवान ने दलीलें शुरू कीं। सीजेआई ने पिछली सुनवाई का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या ड्राफ्ट में 70 लाख मतदाताओं के नामों में स्पेलिंग मिसमैच है। साथ ही मैनपावर की कमी के कारण चुनाव आयोग को माइक्रो-ऑब्जर्वर्स लगाने पड़े थे। श्याम दिवान ने बताया कि राज्य सरकार ने 8,500 अधिकारियों की व्यवस्था कर ली है। सीजेआई ने चुनाव आयोग से पूछा कि क्या आपको इन अधिकारियों की सूची मिल गई है। आयोग के वकील ने कहा कि अभी तक कोई नाम नहीं मिला है। सीजेआई ने टिप्पणी की कि 4 या 5 फरवरी को ही नाम भेजे जा सकते थे। दिवान ने कहा कि डेटा भेज दिया गया था और आयोग से पुष्टि मांगी गई थी, उसके बाद पूरा विवरण भेजा जाता। सीजेआई ने कहा कि राज्य सरकार को तुरंत सूची भेजनी चाहिए थी, कोर्ट के माध्यम से नहीं। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कहा कि आयोग ने कभी ग्रुप-बी अधिकारियों की मांग नहीं की थी। यह सुझाव कोर्ट से आया था, इसलिए विवरण जुटाने में समय लगा। दिवान ने दोहराया कि सूची सौंप दी गई है, लेकिन आयोग ने इनकार किया। सीजेआई ने ईमेल चेक करने को कहा और पूछा कि क्या सूची में नाम, पदनाम, संपर्क और क्षेत्र दिए गए हैं। सिंघवी ने कहा कि ईमेल भेज दिया गया है और क्या इन अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट करने के निर्देश दिए जाएं। दिवान ने कहा कि आयोग की मंजूरी के बाद नामों की सूची दी जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि छोटी-मोटी विसंगतियों के कारण बड़े पैमाने पर नाम नहीं हटाए जा सकते। सीजेआई ने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल का कोई अधिकारी है, जिससे सवाल किए जा सकें। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान प्रधान सचिव मनोज पंत मौजूद हैं। पंत ने कहा कि 292 ईआरओ (ग्रुप-ए, एसडीएम रैंक) के नाम भेजे गए हैं। कुछ आईएएस भी हैं। कुल 8,525 सहायक ईआरओ हैं। सीजेआई ने हर विधानसभा क्षेत्र में एईआरओ की संख्या पूछी। पंत ने बताया कि सूची में 65 प्रतिशत ग्रुप-बी, 10-12 प्रतिशत ग्रुप-सी और बाकी ग्रुप-ए के अधिकारी हैं। इन्हें तैनात करने से पहले आयोग को सूचित किया गया था। सीजेआई ने पूछा कि क्या एईआरओ ईआरओ से वरिष्ठ होगा? राज्य ने कहा कि एईआरओ सहायता करता है। आयोग के वकील डीएस नायडू ने कहा कि ईआरओ अर्ध-न्यायिक अधिकारी होते हैं, इसलिए एसडीएम जैसे अनुभवी अधिकारियों की जरूरत थी। राज्य ने वेतन समानता पर आधारित सूची दी, लेकिन आयोग ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के लोग अर्ध-न्यायिक कार्य नहीं कर पाएंगे। सीजेआई ने कहा कि अनुपयुक्त ईआरओ और एईआरओ को नए सक्षम अधिकारियों से बदला जा सकता है। दिवान ने कहा कि बदलाव में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन छोटी विसंगतियों के लिए बड़े पैमाने पर नाम हटाने की अनुमति नहीं है। सीजेआई ने आयोग से कहा कि वे एईआरओ बदलने पर विचार करें। माइक्रो-ऑब्जर्वर्स मतदाताओं की आपत्तियों पर सलाह देते हैं, लेकिन निर्णय ईआरओ लेते हैं। आयोग ने कहा कि माइक्रो-ऑब्जर्वर्स को 10 दिनों का प्रशिक्षण दिया गया और दस्तावेज जांच पूरी हो गई है। सीजेआई ने सुझाव दिया कि अगर ये अधिकारी कल सुबह शामिल होते हैं, तो उन्हें फाइलें देखने दें, जिससे निर्णय की गुणवत्ता बढ़ेगी। सुनवाई जारी है और कोर्ट ने सभी पक्षों से सहयोग की अपील की है ताकि वैध मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें। वहीं, सीजेआई ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को आसान बनाने और जताई गई चिंताओं का ध्यान रखने के लिए निम्नलिखित अंतरिम निर्देश जारी किए जाते हैं। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि सभी 8,555 ग्रुप बी अधिकारी, जिनकी सूची आज सौंपी गई है, शाम 5 बजे तक जिला चुनाव अधिकारियों (डीआरओ) को रिपोर्ट करें। चुनाव आयोग (ईसीआई) के पास मौजूदा ईआरओ और एईआरओ को बदलने और योग्य पाए जाने पर अधिकारियों की सेवाओं का उपयोग करने का अधिकार होगा।

वित्तीय वर्ष 2025–26 में ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने की ओर अग्रसर है यूपी की इकॉनमी

लखनऊ.  वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश की पहली आर्थिक समीक्षा सदन के पटल पर प्रस्तुत की। समीक्षा में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश, प्रति व्यक्ति आय, राजकोषीय स्थिति और क्षेत्रीय योगदान को विस्तार से सामने रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने बीते आठ वर्षों में ऐतिहासिक विस्तार किया है। वर्ष 2016–17 में ₹13.30 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹30.25 लाख करोड़ पार कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में इसके ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से स्थापित करती है। राज्य की प्रगति, जन-आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि आज हम सब एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं, जब उत्तर प्रदेश भी भारत सरकार की तरह अपनी आर्थिक समीक्षा पहली बार सदन के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। प्रदेश की आर्थिक समीक्षा केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य की प्रगति, जनता की आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। भारत की सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक, उत्तर प्रदेश आज नई आर्थिक दृष्टि और ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था 25 करोड से अधिक नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है, जो इसे कृषि उत्पादन, औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बना रहा है। निवेशकों का बदला नजरिया, ₹50 लाख करोड़ से अधिक के मिले निवेश प्रस्ताव वित्त मंत्री ने कहा कि एक समय निवेशकों की प्राथमिकता सूची में न रहने वाला उत्तर प्रदेश अब औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पारदर्शी नीतियों, समयबद्ध स्वीकृतियों और ‘ट्रिपल एस’ (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) की गारंटी के चलते प्रदेश को अब तक ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश वातावरण में आए निर्णायक बदलाव को दर्शाता है। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ा उत्तर प्रदेश का योगदान आर्थिक समीक्षा के अनुसार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान वर्ष 2016–17 के 8.6 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024–25 में 9.1 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह वृद्धि प्रदेश की आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय विकास में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक बदलाव समीक्षा में बताया गया कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश ने प्रति व्यक्ति आय में गिरावट के लंबे रुझान को पलटा है। वर्ष 2016–17 में ₹54,564 रही प्रति व्यक्ति आय (प्रति व्यक्ति निवल उत्पाद) वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹1,09,844 हो गई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए इसके ₹1,20,000 तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। राष्ट्रीय औसत की तुलना में भी प्रति व्यक्ति आय अनुपात में सुधार दर्ज किया गया है। 2014-15 में यह राष्ट्रीय औसत का केवल 50.2% रह गई थी, जबकि 2024-25 में गिरावट के रुख में बदलाव करते हुए प्रतिव्यक्ति अनुपात बढ़कर 53.5% हो गया।  कृषि, उद्योग और सेवा तीनों क्षेत्र में संतुलित विकास आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वर्ष 2024–25 में प्रदेश की जीएसडीपी में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 25.8 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र की 27.2 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र की 47 प्रतिशत रही है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब केवल कृषि आधारित न रहकर बहु-क्षेत्रीय विकास की ओर अग्रसर है। बजट आकार में अभूतपूर्व वृद्धि वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के बजट आकार में भी विगत 9 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016–17 में ₹3.47 लाख करोड़ का बजट अब बढ़कर वर्ष 2025–26 में ₹8.33 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। समीक्षा में बताया गया कि यह वृद्धि 4.86 लाख करोड़) पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में कहीं अधिक तेज रही है। 2008-09 से 2016-17 (8 वर्ष) में यह वृद्धि मात्र 2.34 लाख करोड़ थी। पूंजीगत व्यय से विकास को गति उन्होंने बताया कि सार्वजनिक निवेश को प्राथमिकता देते हुए पूंजीगत व्यय में दो गुने से अधिक वृद्धि की गई है। वर्ष 2016–17 में पूंजीगत व्यय ₹69.79 हजार करोड़ रहा, जबकि वर्ष 2024–25 में यह बढ़कर ₹147.72 हजार करोड़ हो गया है। इसका सीधा असर अवसंरचना, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर पड़ा है। वित्तीय अनुशासन की मिसाल बना उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा में प्रदेश की राजकोषीय स्थिति को संतुलित और अनुशासित बताया गया है। सार्वजनिक ऋण-से-जीसडीपी अनुपात वर्ष 2016–17 के 29.3 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024–25 में 28.0 प्रतिशत हो गया है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक औसत से काफी कम है। यह प्रदेश की मजबूत वित्तीय प्रबंधन नीति को दर्शाता है। कर राजस्व में ढाई गुना वृद्धि प्रदेश का अपना कर राजस्व भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। वर्ष 2016–17 में ₹0.86 लाख करोड़ रहा स्टेट ओन टैक्स रेवेन्यू वर्ष 2024–25 में लगभग ढाई गुना बढ़कर ₹2.09 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। आर्थिक समीक्षा में इसे कर सुधारों और प्रशासनिक दक्षता का परिणाम बताया गया है।

वीबी जी राम जी योजना से गांव-गांव पहुंचेगा रोजगार

रायपुर. शासन की महत्वाकांक्षी विकसित भारत जी राम जी (वीबी जी राम जी) योजना के अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 07 तारीख को रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। ग्रामीण जरूरतमंद परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना अधिकारियों ने बताया कि पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, जिसे अब विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत बढ़ाकर 125 दिनों तक किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना है। क्यूआर कोड से बढी पारदर्शिता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को क्यूआर कोड आधारित नई प्रणाली की जानकारी दी गई। अब जॉब कार्ड और मस्टर रोल का मिलान क्यूआर कोड स्कैन कर किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और गड़बड़ी की संभावना कम हुई है। गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों के नामों का वाचन किया गया तथा आवास निर्माण के लिए मिलने वाली किश्तों, मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री और अन्य विभागों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण पूरा करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली और नागरिक सहभागिता से पारदर्शिता रोजगार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत मिलने वाली रोजगार गारंटी की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रही है। कार्यक्रम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली और नागरिक सहभागिता जैसे आधुनिक तकनीकी उपायों की जानकारी दी गई, जिससे कार्यों की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। डबरी निर्माण कर मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन इसके अलावा आजीविका डबरी निर्माण के बारे में भी ग्रामीणों को बताया गया। डबरी निर्माण से मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे प्रत्येक माह की 07 तारीख को आयोजित रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस में भाग लेकर शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

स्थापना दिवस विशेष—संकल्प से सशक्त अर्थव्यवस्था तक का सफर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के विकास को रफ्तार दे रहा एनएचएआई भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अपने गठन के 31वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से विकसित होते राज्य के लिए सड़कें केवल आवागमन का साधन मात्र नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक प्रगति की धमनियां हैं। पिछले वर्षों में एनएचएआई ने राज्य के भौगोलिक नक्शे पर डामर और कांक्रीट से विकास की जो गाथा लिखी है, उसने छत्तीसगढ़ को देश के लॉजिस्टिक और औद्योगिक हब के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। आज छत्तीसगढ़ की सड़कें केवल गंतव्य तक पहुँचने का रास्ता नहीं, बल्कि राज्य के सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन – एनएच-53 छत्तीसगढ़ से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-53 जो एशियाई मार्ग-46 का एक अभिन्न हिस्सा है, वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। महाराष्ट्र सीमा से शुरू होकर राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, आरंग और सरायपाली होते हुए ओडिशा सीमा तक फैला यह शानदार फोरलेन खंड राज्य की औद्योगिक क्षमता को वैश्विक पहचान दिला रहा है। इसी मार्ग पर आरंग के पास साल 2019 में महानदी पर बना एक किलोमीटर लंबा छत्तीसगढ़ का पहला भव्य सिक्स-लेन ब्रिज इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना है। दुर्ग बायपास से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैला यह राजमार्ग व्यापारिक सुगमता को नई ऊंचाइयां दे रहा है। राजधानी और औद्योगिक केंद्रों का ‘गोल्डन लिंक’ एनएचएआई ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, न्यायधानी बिलासपुर और ऊर्जाधानी कोरबा को आपस में जोड़ने के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के माध्यम से रायपुर- से बिलासपुर और वहां से पथरापाली-कटघोरा तक की फोरलेन सड़क ने सफर के समय को आधा कर दिया है। इसी क्रम में चांपा-कोरबा-कटघोरा खंड (NH-149B) ने कोयला और ऊर्जा क्षेत्र के परिवहन को नई गति प्रदान की है। उत्तर में अंबिकापुर और दक्षिण में धमतरी तक फैले सड़कों के इस जाल ने राज्य के सुदूर कोनों को मुख्य धारा से जोड़ दिया है। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर वर्तमान में निर्माणाधीन परियोजनाओं में सबसे महत्वाकांक्षी ‘रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर’ है। रायपुर से धमतरी और कांकेर होते हुए कोंडागांव के बीच तैयार हो रहा यह 125 किलोमीटर का सिक्स-लेन मार्ग छत्तीसगढ़ को सीधे बंदरगाह से जोड़ेगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता राज्य की पहली 3 किलोमीटर लंबी स्मार्ट टनल (सुरंग) है। यह कॉरिडोर बस्तर के घने वनों के बीच से गुजरते हुए पर्यावरण संरक्षण और आधुनिकता के अद्भुत संगम के रूप में उभर रहा है। फ्लाईओवर और आधुनिक इंटरचेंज राजधानी रायपुर का टाटीबंध चौक, जो कभी अपनी जटिल बनावट के कारण दुर्घटनाओं का केंद्र था, आज एनएचएआई के इंजीनियरिंग का गौरव है। साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्टैंड-अलोन फ्लाईओवर ने न केवल यातायात को सुगम बनाया है, बल्कि इसे जीरो एक्सीडेंट जोन बनाने की दिशा में भी बड़ी सफलता हासिल की है। इसी तरह बिलासपुर का पेंड्रीडीह इंटरचेंज आधुनिक कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बिना किसी बाधा के अपनी मंजिल तक पहुँचाता है। औद्योगिक क्रांति का नया गलियारा – दुर्ग बायपास शहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण और यातायात के दबाव को कम करने 92 किलोमीटर लंबा दुर्ग-रायपुर-आरंग बायपास निर्माणाधीन है। सिक्स-लेन का यह मार्ग मुंबई-कोलकाता कॉरिडोर का हिस्सा होगा, जो राज्य में औद्योगिक निवेश के नए द्वार खोलेगा।  रायपुर-धनबाद कॉरिडोर छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच की दूरियां अब बीते दौर की बात होने वाली हैं। 627 किलोमीटर लंबा रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारा इन दो राज्यों के रिश्तों को नई मजबूती देगा। इस कॉरिडोर का 384 किलोमीटर का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। इसके पूर्ण होने से रायपुर से धनबाद का 11 घंटे का सफर मात्र 7 घंटे में सिमट जाएगा, जिससे कोरबा और रायगढ़ के इस्पात एवं कोयला उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। पर्यटन और आस्था की सुगम राह आधुनिक राजमार्गों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा तक पहुँच को अत्यंत सहज बना दिया है। एनएच-53 आज डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी देवी, ऐतिहासिक सिरपुर और बारनवापारा अभयारण्य जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़कर पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है। इसी प्रकार, एनएच-130 श्रद्धालुओं को रतनपुर स्थित माँ महामाया मंदिर से जोड़ने के साथ-साथ अंबिकापुर के रास्ते छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के नैसर्गिक सौंदर्य तक पहुँचने का सुगम मार्ग प्रशस्त करता है। वहीं एनएच-30 छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम और गंगरेल बांध को राजधानी से जोड़ता है। बस्तर के पर्यटन केंद्रों तक पहुँचना भी अब बेहद आसान हो गया है। वहीं, एनएच-149बी के माध्यम से कोरबा के सतरेंगा, कोसगाई, मडवारानी और चांपा के प्रसिद्ध कोसा केंद्र व स्थानीय मंदिरों तक पहुँचना अब सुगम हो गया है। अब पर्यटकों को राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से विश्वस्तरीय सड़कों की सुविधा मिल रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की नई संभावनाएं जागृत हुई हैं। सड़कों के साथ संरक्षण और सामाजिक सरोकार एनएचएआई का लक्ष्य केवल कांक्रीट का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना भी है। इसी कड़ी में बिलासपुर के भेलमुड़ी और रतनपुर में ‘केटल शेल्टर’ का निर्माण किया जा रहा है। राजमार्गों पर पशुओं की सुरक्षा और उनके संरक्षण की दिशा में यह एक अनूठी और संवेदनशील पहल है, जो सड़क सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती है।  “मजबूत सड़कें किसी भी राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था की बुनियाद होती हैं। एनएचएआई और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे उद्योग, कृषि, खनन और पर्यटन सभी क्षेत्रों को नई गति मिली है। बेहतर कनेक्टिविटी ने दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है और रोजगार, निवेश व व्यापार के नए अवसर पैदा किए हैं। यही सड़कें आज छत्तीसगढ़ की प्रगति की पहचान बन रही हैं।” – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय “छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग केवल रास्ते नहीं, बल्कि विकास के कॉरिडोर बन चुके हैं। एनएचएआई द्वारा निर्मित आधुनिक सड़कें, फ्लाईओवर और आर्थिक गलियारे शहरों का दबाव कम कर रहे हैं और औद्योगिक निवेश को आकर्षित कर रहे हैं। बेहतर परिवहन व्यवस्था से समय, ईंधन और लागत की बचत हो रही है, जिससे राज्य की आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। यह सड़क नेटवर्क छत्तीसगढ़ के आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव है।” – उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव

जो बनना चाहो, वो बन जाओगे—स्वामी विवेकानंद की प्रेरक 7 सीखें

स्वामी विवेकानंद का नाम सुनते ही मन में आशा, उम्मीद, प्रेरणा, जीत, सफलता जैसे शब्द चलने लगते हैं और खुद में आत्मविश्वास महसूस होता है। उन्होंने अपने विचारों से सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी बातें, विचार आज भी युवाओं को सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। अगर आप उनके मार्ग पर चलें या फिर उनकी बातों को गांठ बांध लें, तो जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। चलिए आपको उनकी कुछ प्रभावशाली बातें बताते हैं, जिनसे आप प्रेरणा ले सकते हैं। स्वामी विवेकानंद जी के विचार- 1- सोच बड़ी करो जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे। खुद को निर्बल मानोगे तो निर्बल और सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे। अगर आप सोचते हैं कि आप सफल होंगे, तो उसी दिशा में मेहनत करना शुरू करें और एकदिन आप जरूर सफल होंगे। 2- रिस्क लें जीवन में जोखिम उठाइए, यदि आप जीतते हैं तो आप नेतृत्व करेंगे, यदि हारते हैं तो आप दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे। जीत-हार सब आपकी सफलता के राह के साथी है, जो भी मिले उसे स्वीकार कर आगे बढ़ें और फिर मेहनत करें। 3- गलत मार्ग न चुनें किसी दिन जब आपके सामने कोई समस्या न आए, तो आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं। विवेकानंद जी ने कहा था कि सही रास्ता वही है, जिसमें रिस्क हो, कठिनाई हो, हर चीज जो सरलता से मिले वो गलत मार्ग हो सकता है। 4- त्याग करो जो कुछ भी तुम्हें कमजोर बनाता है- शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक, उसे जहर की तरह त्याग दो। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि आपकी सफलता के बीच में जो भी चीज बाधा बन रही है, उसे त्याग करने की कोशिश करें। फिर चाहे वो नींद हो, गर्मी-सर्दी हो या फिर आपकी कोई इच्छा या आदत। 5- सीखते रहो जब तक जीना, तब तक सीखना। अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। जिस दिन आप सोच लेंगे कि अब सीखने को कुछ बाकि नहीं है, उस दिन आपको करने के लिए कुछ नहीं होगा। आखिरी सांस तक सीखना व्यक्ति का गुण होना चाहिए। 6- संगत का असर स्वामी जी कहते थे कि संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आपको ऊंचाई से गिरा भी सकती है, इसलिए संगति अच्छे लोगों से करें। इसलिए हमेशा उन लोगों के साथ रहें, जो आपको सफलता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें न कि आपके कदम पीछे खींच लें। 7- लक्ष्य तय करें उठो, जागो और तबतक न रुको, जब तक तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते। अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसपर काम करना शुरू करें। इस बीच आपकी लोग बुराई करें या तारीफ इससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।

सर्जरी के बाद हर्षित राणा का पहला बयान, T20 WC मिस करने पर बोले– अब लक्ष्य सिर्फ फिट होकर लौटना

नई दिल्ली भारतीय टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा का उस वक्त टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने का का सपना टूट गया, जब वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में चोटिल हो गए थे। हर्षित ने अभ्यास मैच में केवल एक ओवर डाला और उसके बाद घुटने की चोट के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा। उन्होंने अब अहम इंजरी अपडेट दिया है। उन्होंने सर्जरी कराई है, जो सफल रही। वह सर्जरी के बाद जल्द से जल्द क्रिकेट के मैदान पर लौटना चाहते हैं। हर्षित ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ”सर्जरी सही तरह हो गई है। अब मेरा ध्यान रिकवरी और फिर से उस चीज को करने पर है जो मुझे पसंद है।” गेंदबाज की पोस्ट पर फैंस और शुभचिंतकों के जमकर रिएक्शन आ रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, ”जल्दी ठीक हो जाओ भाई।” दूसरे ने लिखा, ”तुम्हारी जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं।” अन्य ने कहा, ”मैदान पर देखने का बेसब्री से इंतजार है।” हर्षित ने नवंबर 2024 में इंटरनेशनल डेब्यू किया। उन्होंने अब तक दो टेस्ट, 14 वनडे और 9 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। हर्षित के बाहर होने पर पेसर मोहम्मद सिराज की 18 महीने बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी हुई। सिराज टी20 वर्ल्ड कप के लिए शुरुआत में भारत की योजनाओं का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने टूर्नामेंट में पहले मैच ही प्रभावी गेंदबाजी की। सिराज ने अमेरिका के खिलाफ 4 ओवर में 29 रन देकर तीन विकेट चटकाए। सिराज ने शनिवार को मैच के बाद कहा कि उन्हें नहीं लगा था कि तुरंत प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी लेकिन रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद की कप्तानी के अनुभव से मदद मिली। उन्होंने कहा, ”सबसे पहले तो मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा। मुझे बुलाए जाने पर खुशी हुई लेकिन मुझे सुबह पता चला कि मैं खेल रहा हूं इसलिए मैं थोड़ा और उत्साहित था क्योंकि मैं शुक्रवार को ही आया था।”

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के प्रथम दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया संबोधित

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के प्रथम दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण प्रदेश की बदली हुई पहचान का स्पष्ट घोषणापत्र बनकर सामने आया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में ‘बॉटलनेक स्टेट’ की छवि से बाहर निकलकर ‘ब्रेकथ्रू स्टेट’ के रूप में सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आर्थिक सशक्तिकरण, कृषि विस्तार, महिला सशक्तिकरण, अवसंरचना विकास और व्यापक जनकल्याण के क्षेत्रों में ठोस उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतिगत दृढ़ता, प्रशासनिक दक्षता और विकसित उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते आत्मविश्वासपूर्ण कदमों का तथ्यात्मक और संवैधानिक प्रस्तुतीकरण रहा। यूपी बना देश के लिए मॉडल राज्य राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति आज देशभर में एक प्रभावी मानक के रूप में उभर रही है। सरकार की कठोरता और संवेदनशीलता के संतुलित दृष्टिकोण ने संगठित अपराध और माफिया तंत्र पर निर्णायक नियंत्रण स्थापित किया है। आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग, पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण, त्वरित एवं प्रभावी न्याय व्यवस्था तथा पारदर्शी प्रशासनिक प्रणालियों के माध्यम से प्रदेश में भयमुक्त और विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार हुआ है। यही सुरक्षित परिवेश उत्तर प्रदेश को उद्योग, व्यापार, स्टार्टअप, निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए देश के सर्वाधिक आकर्षक और भरोसेमंद राज्यों में स्थापित कर रहा है। जीरो टॉलरेंस, सख्त कार्रवाई राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने ठोस और निर्णायक परिणाम दिए हैं। संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई में अब तक 35 माफिया व 94 सह-अपराधी दोषसिद्ध, 2 अपराधियों को मृत्युदंड, जबकि 267 अपराधी मुठभेड़ में ढेर किए गए हैं। 977 अभियुक्तों को एनएसए के तहत निरुद्ध किया गया है और माफिया तत्वों से ₹4,137 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। त्वरित पुलिसिंग के लिए यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट 42 सेकंड से घटकर 6 मिनट 51 सेकंड किया गया है। साइबर अपराधों से निपटने हेतु प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने कार्यरत हैं, जबकि एटीएस ने 148 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। 146 रोहिंग्या बांग्लादेशी, पाकिस्तानी व अन्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार करते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा 999 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए गए हैं। मजबूत हुए संस्थान राज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा तंत्र की संस्थागत मजबूती की दिशा में 2017 के बाद 8 नई विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं और 6 अन्य निर्माणाधीन हैं। इसी अवधि में 2.19 लाख से अधिक पुलिस भर्तियां, 1.58 लाख कर्मियों को प्रोन्नति तथा 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण हेतु बजट में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 41,424 होमगार्ड पदों पर नामांकन, 6 नए जिला कारागारों सहित इटावा केंद्रीय कारागार का निर्माण, और 1,010 बंदियों की समयपूर्व रिहाई कारागार सुधारों की दिशा में अहम कदम हैं। न्याय व्यवस्था को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए 10 जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसरों को स्वीकृति, प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना, 81 फास्ट ट्रैक न्यायालयों का स्थायीकरण, लोक अदालतों में 3.60 करोड़ मामलों का निस्तारण, तथा 2,609 विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया है, जिससे प्रदेश में त्वरित, पारदर्शी और जन-संवेदनशील न्याय व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। तेज कनेक्टिविटी, तेज विकास राज्यपाल ने अवसंरचना विकास के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में संपर्क, परिवहन और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 168 विकासखंड मुख्यालयों को डबल-लेन सड़कों से जोड़ा जा चुका है, जबकि 1,410 किलोमीटर लंबाई की 161 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025–26 तक 46,600 किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, वहीं अब तक लगभग 28,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण पूरा हो चुका है। अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े प्रमुख मार्गों को न्यूनतम फोर-लेन कनेक्टिविटी प्रदान करने का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे व्यापार, परिवहन, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को व्यापक गति मिल रही है। उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है उत्तर प्रदेश: राज्यपाल विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की व्यापक और तथ्यपरक तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति से लेकर कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, गन्ना किसानों के भुगतान, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण, खनन सुधार, सार्वजनिक परिवहन, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी आवास और श्रमिक कल्याण तक सरकार की नीतियों और उनके ठोस परिणामों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया।  रोशनी, भरोसा और राहत राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज किया गया है। वर्तमान में नगरीय मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 19 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ‘इंटेंसिव डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम’ के अंतर्गत अब तक 59.83 लाख स्मार्ट/इलेक्ट्रिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 37.45 लाख पुराने मीटरों का प्री-पेड में प्रतिस्थापन किया गया है। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले 6 वर्षों में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई, जिससे उपभोक्ताओं को स्थायी राहत मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में भरोसे का वातावरण मजबूत हुआ है। अन्नदाता की ताकत, प्रदेश की प्रगति राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2016–17 में 557.46 लाख मीट्रिक टन रहा खाद्यान्न उत्पादन 2023–24 में बढ़कर 670.80 लाख मीट्रिक टन हो गया, और 2024–25 में यह 737.40 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा। कृषि क्षेत्र के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है, जो 2016–17 में ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹6.95 लाख करोड़ हो गया है। यह 135 प्रतिशत वृद्धि के साथ लगभग 18 प्रतिशत वार्षिक विकास दर को दर्शाता है। बागवानी बना ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बागवानी क्षेत्र में भी प्रदेश ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। खेती का क्षेत्रफल 21.40 लाख हेक्टेयर … Read more

नींद में बुझ गई जिंदगी: मच्छरों से परेशान कंडक्टर ने जलाई अगरबत्ती, बस में लगी आग

नई दिल्ली दिल्ली के विकासपुरी में एक प्राइवेट बस में आग लगने की वजह से 25 वर्षीय हेल्पर की मौत हो गई। पुलिस को संदेह है कि आग लगने की वजह अगरबत्ती है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि मृतक का नाम सुनील है वह रात में बस में ही सोता था। इस दौरान मच्छरों को भगाने के लिए अगरबत्ती जलाता था। पुलिस के मुताबिक मामले में अभी जांच जारी है लेकिन शुरुआती जांच में आग की वजह अगरबत्ती को माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि आग अगरबत्ती से लगी और धीरे-धीरे पूरी बस को अपने चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि सुनील को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। आग इतनी तेज थी कि सुनील को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। पूरी बस जल चुकी थी सुनील के जले हुए शव को दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि बस में लगी आग इतनी भयंकर थी कि जब तक दमकलकर्मी वहां पहुंचे पूरी बस जल चुकी थी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और सुनील के शव को बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी प्रिया अपार्टमेंट्स में रहने वाले विजय ने बताया, ‘रविवार रात करीब 12:30 बजे हमने देखा कि बस में आग लग गई है। मैंने दमकलकर्मियों को फोन कर दिया था। जब दमकलकर्मी रात 12:45 बजे पहुंचे, तो उन्होंने खिड़कियां तोड़ दीं। तब तक पूरी बस आग की लपटों में घिर चुकी थी। हमें बताया गया कि बस के अंदर सो रहा व्यक्ति सफाईकर्मी था और इसके बाद बस के ड्राइवरों को भी बुलाया गया। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का आपको बता दें कि बस का मालिक विजय कुमार (46) है और बस का रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का था। फिलहाल मामले में पुलिस ये पता लगाने में लगी है कि अगरबत्ती ही आग लगने की असल वजह थी या फिर कोई तकनीकी खराबी के चलते ऐसा हुआ।

नशे के कारोबार पर बड़ा वार: 3 ऑपरेशन में गांजा तस्करी का पूरा जाल टूटा, 11 गिरफ्तारी

महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) ने गांजा तस्करी के खिलाफ रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। महज 6 घंटे के अंदर एंड-टू-एंड ऑपरेशन के तहत थोक विक्रेता से लेकर खरीदार तक पूरे नेटवर्क को पकड़ लिया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में थाना सिंघोड़ा, कोमाखान और बागबाहरा क्षेत्र से कुल 132.5 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। साथ ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गांजा तस्करी में प्रयुक्त 6 चार पहिया वाहन (अनुमानित कीमत 55 लाख रुपए) भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश के 5, महाराष्ट्र के 4 और ओडिशा के 2 आरोपी शामिल हैं। इस कार्रवाई में रायपुर, राजनांदगांव और महाराष्ट्र के भंडारा जिले की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय देखने को मिला। पूरे ऑपरेशन में साइबर थाना के डाटा एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस डेस्क की भूमिका अहम रही। वर्ष 2026 में अब तक की बड़ी उपलब्धि पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 34 प्रकरणों में 2285 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 11 करोड़ 42 लाख 74 हजार रुपए है। 35 वाहन (कीमत 1 करोड़ 20 लाख रुपए) जब्त किए जा चुके हैं। इन मामलों में 93 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 69 आरोपी अन्य राज्यों से हैं। थाना सिंघोड़ा मामला 09 फरवरी 2026 को ओडिशा के सोनपुर से गांजा तस्करी की सूचना पर नेशनल हाईवे-53 पर नाकेबंदी की गई। इस दौरान स्विफ्ट डिजायर और टाटा इंडिका कार से 52.5 किलो गांजा बरामद किया गया। जब्ती विवरण गांजा: 52.5 किलो, 2 कार (कीमत लगभग 10 लाख रुपए), 4 मोबाइल फोन, 10 हजार रुपए नकद गिरफ्तार आरोपी अमित राय – जबलपुर (म.प्र.), राजकुमार केंवट – जबलपुर (म.प्र.), प्रकाश शर्मा – जबलपुर (म.प्र.)। तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(b) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। थाना कोमाखान मामला नाकेबंदी के दौरान बोलेरो वाहन (OD-08-P-0321) से 40 किलो गांजा बरामद किया गया। इस केस में परिवहनकर्ता, पायलट वाहन, फॉलो वाहन और गांजा मंगाने वाले सहित कुल 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों से गांजा 40 किलो (कीमत 20 लाख रुपए), 3 कार और 1 बोलेरो (कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपए) जब्त किए गए। मामले में धारा 20(b)(2)(c), 29 NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। थाना बागबाहरा मामला वाहन चेकिंग के दौरान हुंडई वेरना कार (MP07AG8311) से 40 किलो गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी सुमित श्रीवास्तव – मुरैना (म.प्र.) रीना भदौरिया उर्फ रीना तोमर – मुरैना (म.प्र.) आरोपियों से जब्ती गांजा: 40 किलो, हुंडई वेरना कार (कीमत लगभग 15 लाख रुपए)

किसान सुरेश कुमार नाग बने ‘भुइयां के भगवान’, सम्मान से नवाज़े गए

रायपुर. किसान सुरेश कुमार नाग को मिला ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम कासौली (विकासखंड दंतेवाड़ा) के प्रगतिशील किसान  सुरेश कुमार नाग को आईबीसी 24 द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान से नवाजा गया है। 06 फरवरी 2026 को आयोजित कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह उपलब्धि दंतेवाड़ा जिले के किसानों के लिए गर्व का विषय है। खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद सुरेश कुमार नाग लंबे समय से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खेती के दुष्परिणामों को समझते हुए अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया और जीवामृत, घन-जीवामृत तथा नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उपायों को अपनाया। इसके अच्छे परिणाम मिलने के बाद उन्होंने अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा किए, जिससे आसपास के कई किसान भी प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हुए। जैविक खेती को बढ़ावा देने चलाए जा रहे प्रयास नाग 100 से अधिक परंपरागत धान की किस्मों के संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं। इसके साथ ही  विधि से रागी और कोसरा की खेती जैसे नवाचारों को अपनाकर जिले में प्राकृतिक खेती को नई दिशा दी है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को  नाग जैसे किसानों ने जमीन पर सफल बनाया है। उनकी इस उपलब्धि पर किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि सुरेश कुमार नाग जैसे किसान समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो खेती के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद  नाग ने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी किसानों को समर्पित है, जो प्राकृतिक खेती अपनाकर धरती और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच सुरेश कुमार नाग को मिला यह सम्मान दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इससे युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होने की उम्मीद है।

मोर गांव मोर पानी अभियान से संवरे 45 परिवार, आजीविका और जल उपलब्धता में सुधार

रायपुर. जल संरक्षण की पहल से पांच एकड़ से अधिक भूमि में लहलहाई खेती मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल मोर गांव मोर पानी अभियान आज गांवों में जल आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम मुख्तियारपारा में वर्षों से उपेक्षित एक अनुपयोगी स्टापडेम को नया जीवन मिला है। बहते पानी को सहेजने की इस सामूहिक कोशिश ने न सिर्फ जल संकट दूर किया बल्कि खेती, पशुपालन और ग्रामीण जीवन को नई दिशा दे दी। जब जर्जर स्टापडेम बना समस्या ग्राम मुख्तियार पारा में कई वर्ष पूर्व एक स्थानीय नाले पर निर्मित स्टापडेम समय के साथ जर्जर हो चुका था। गाद जमाव के कारण इसकी जल धारण क्षमता लगभग समाप्त हो गई थी। सर्दियों के बाद नाले का प्रवाह कम होते ही ग्रामीणों को दैनिक उपयोग तक के लिए पानी नहीं मिल पाता था। खेतों की सिंचाई तो दूर, पशुओं के लिए भी जल का संकट बना रहता था। ग्राम सभा से निकली समाधान की राह गत वित्तीय वर्ष में आयोजित ग्राम सभा में मोर गांव मोर पानी अभियान पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर खराब पड़े स्टापडेम के पुनरुद्धार का प्रस्ताव रखा। सामुदायिक जलभराव क्षेत्र निर्माण एवं भूमि सुधार कार्य को सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत लगभग 4.95 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई और ग्राम पंचायत मुख्तियार पारा को निर्माण एजेंसी बनाया गया। तकनीकी निगरानी में यह कार्य समय-सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। जल से समृद्ध हुआ गांव का भविष्य सिल्ट हटने और भूमि सुधार कार्य के बाद स्टापडेम में जल का ठहराव पहले की तुलना में कहीं अधिक हो गया है। इसका सीधा लाभ ग्राम सलका और सिरौली के लगभग 45 परिवारों को मिल रहा है। आज यहां घरेलू उपयोग, पशुपालन और निस्तार के लिए भरपूर जल उपलब्ध है। आसपास के जलस्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस जलसंचय के कारण 8 से 10 परिवारों ने रबी फसल के साथ-साथ सब्जी उत्पादन भी शुरू कर दिया है और पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि सिंचित हो चुकी है। यह कहानी बताती है कि जब सरकार की योजना, ग्राम सभा की सहभागिता और श्रमशक्ति एक साथ आती है, तो अनुपयोगी संरचनाएं भी समृद्धि का आधार बन जाती हैं। मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत किया गया यह कार्य ग्रामीण आत्मनिर्भरता, जल संरक्षण और टिकाऊ विकास की एक प्रेरणादायी सफलता की कहानी बनकर उभरा है।

पूजा के दौरान हादसा: मुरैना के मंदिर में छत गिरने से 3 मासूम बच्चियों की मौत

मुरैना पूजा और प्रसाद वितरण के समय मंदिर की छत भरभरा कर गिर पड़ी। पत्थर की पटियों से बनी छत के नीचे दबने से तीन बालिकाओं की मौत हो गई, जबकि चार घायल हो गए हैं। सोमवार की दोपहर यह हादसा कैलारस थाना क्षेत्र के अहरौली गांव में हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार अहरौली गांव में चामड़ माता का मंदिर है। यह मंदिर एक कमरे जैसा बना है, जिसकी छत पटियों से बनी है। कन्याभोज के लिए जमा हुए थे बच्चे सोमवार की दोपहर एक परिवार पूजा करने आया था, पूजा के बाद कन्याभोज व प्रसाद वितरण होना था। कन्या भोज व प्रसाद के लिए गांव के बच्चे बुलाए गए, जिनमें से अधिकांश मंदिर के अंदर ही थे, उसी समय एक पटिया चटकी और उसके बाद पूरी छत भरभरा कर गिर पड़ी। हादसे में 11 साल की वैष्णवी पुत्री जीतू सिकरवार, सात वर्षीय छाया पुत्री अशोक गोस्वामी और करिश्मा पुत्री अशोक गोस्वामी उम्र नौ साल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चार बच्चे घायल हादसे में योगेंद्र सिंह की तीन बेटियां 12 साल की गुंजन, आठ साल की परी और छह साल की विद्या निवासी अहरौली सहित एक अन्य बच्चा घायल हो गया है। घायलों को कैलारस अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद गांव में मातम छा गया है और पीड़ित परिवारों का बुरा हाल है। राहत और बचाव कार्य जारी घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी व अन्य अधिकारी घटना स्थल पर रवाना हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मलबे को हटाने और स्थिति का जायजा लेने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता घायलों को समुचित उपचार दिलाने और घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने की है।  

अविश्वास प्रस्ताव की चेतावनी: विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली विपक्ष के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। उनका आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही में पक्षपाती रवैया अपनाया है और विपक्ष की आवाज़ को दबाया है। इस पर कांग्रेस नेताओं ने जमकर प्रतिक्रिया दी है और इसे संसद की परंपरा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है।” कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष एक संवैधानिक पद है, यह सत्ताधारी पार्टी का नहीं है। जिस तरह से विपक्ष के नेता की आवाज को भेदभाव के साथ दबाया जा रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। यह संसद है, सेंसर बोर्ड नहीं।” उनका इशारा लोकसभा में विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने की ओर था, जो उनके अनुसार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा का नहीं, बल्कि सदन की परंपरा और उसकी गरिमा का है। उन्होंने यह सवाल उठाया, “क्या कभी आपने सुना है कि संसद में प्रधानमंत्री महिला सांसदों से डरते हैं? यह शर्मनाक नहीं है?” उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए और इसी कारण विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने पर मजबूर है। कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की और कहा, “स्पीकर को सभी पार्टियों को साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन ओम बिरला ने भाजपा की पार्टी लाइन अपनाई है, जो उन्हें नहीं करना चाहिए था।” उनका मानना है कि स्पीकर को सदन की परंपरा का पालन करना चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जब आएगा तो हम आपको बताएंगे।” कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हम बजट पर बोलने आए थे, लेकिन अब लग रहा है कि सरकार और स्पीकर संसद की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं रखते।” कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा, “संसद बहस और प्रक्रिया का पालन करने के लिए है। विपक्ष को देश से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए जगह देनी चाहिए। यह अविश्वास प्रस्ताव उसी का हिस्सा है।”

महाराष्ट्र में BJP की चुनावी लहर, जिला परिषद में जीत से विपक्ष को करारा झटका

मुंबई महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के बाद भाजपा ने एक बार फिर से परचम लहराया है। भाजपा को जिला परिषद चुनावों में 145 सीटों पर बढ़त मिली है। इसके अलावा एकनाथ शिंदे की शिवसेना 85 और अजित पवार की एनसीपी 80 सीटों पर आगे है। राज्य में कुल 731 जिला परिषद और 1462 पंचायत समिति के लिए रविवार को मतदान हुआ था। इसमें करीब 2 करोड़ वोटर शामिल हुए थे। पहले ये चुनाव 5 फरवरी को ही होने वाले थे, लेकिन डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के चलते इन्हें टाल दिया गया था और फिर 8 फरवरी को ही मतदान हुआ और आज नतीजे आ रहे हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार भाजपा को सांगली, सतारा और पनवेल जैसे इलाकों में बढ़त मिली है। वहीं अजित पवार के गढ़ बारामती में एनसीपी काफी आगे है। माना जा रहा है कि एनसीपी को अजित पवार के निधन के चलते सहानुभूति लहर का फायदा मिला होगा। अजित पवार को पुणे और मराठवाड़ा क्षेत्र के बड़े नेताओं में गिना जाता था। उनकी इस इलाके में अच्छी पकड़ रही है। ऐसे में उनकी निधन के चलते सहानुभूति की लहर पैदा होने की बात भी की जा रही है। जिला परिषद की कुल 731 सीटों के चुनाव में भाजपा सबसे आगे है। उसके सहयोगी शिवसेना और एनसीपी दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। वहीं विधानसभा चुनाव के बाद से ही निराशा झेल रहे विपक्ष को एक बार फिर झटका लगा है। यहां कांग्रेस को 30 सीटें ही मिली हैं। वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना 21 सीटों पर ही बढ़त हासिल कर पाई है। पुणे, सोलापुर जैसे जिलों में एनसीपी ने बाजी मारी है। सोलापुर और पुणे में एनसीपी आगे, सहानुभूति की दिखी लहर सोलापुर में एनसीपी अब तक 24 सीटों पर आगे है। इसके अलावा पुणे में भी उसे बढ़त हासिल हुई है। सोलापुर में कांग्रेस का अब तक खाता भी नहीं खुल पाया है। अब सतारा की बात करें तो भाजपा को यहां 32 सीटों पर बढ़त है। इसके अलावा एनसीपी को 17 और शिवसेना को 10 सीटों पर बढ़त हासिल है।  

अर्जुन कुच्छल ने जीती ओवरऑल ग्रॉस विनर रोलिंग ट्रॉफी

जयपुर रामबाग गोल्फ क्लब में आयोजित श्री पी. एम. रुंगटा मेमोरियल गोल्फ कप 2026 में अर्जुन कुच्छल ने ओवरऑल ग्रॉस विनर रोलिंग ट्रॉफी अपने नाम की। एक दिवसीय इस गोल्फ टूर्नामेंट में करीब 143 गोल्फर्स ने हिस्सा लिया। टूर्नामेंट का समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न श्रेणियों और हैंडीकैप कैटेगरी के विजेताओं एवं उपविजेताओं को सम्मानित किया गया। इस टूर्नामेंट में बिज़नेस पर्सनालिटी, उद्योग जगत, न्यायपालिका, सेना और रेलवे सहित विविध पृष्ठभूमि के गोल्फर्स ने भाग लिया। प्रतियोगिता स्टेबलफोर्ड – सिंगल पियोरिया फॉर्मेट में खेली गई। इस मौके पर कपिल देव, मदन लाल, गगन खोड़ा और अमृत माथुर सहित सेलिब्रिटी गोल्फर्स भी मौजूद रहे। हैंडीकैप श्रेणियों में उपविजेता के रूप में 0–9 कैटेगरी में दीप करन सिंह, 10–18 कैटेगरी में योगेंद्र सिंह, तथा 19–24 कैटेगरी में योगेंद्र गोटेवाल रहे। हैंडीकैप श्रेणियों में विजेताओं में 0–9 कैटेगरी में हिमांशु सिंह, 10–18 कैटेगरी में देवेंद्र राजावत, तथा 19–24 कैटेगरी में अंकुर ठाकुर शामिल रहे। वेटरन गोल्फर अवॉर्ड डॉ. बसंत खेतान ने जीता, जबकि लेडी गोल्फर का खिताब विम्मी भाटिया ने अपने नाम किया। इस अवसर पर कपिल देव ने कहा, “गोल्फ के प्रति इतना उत्साह और सभी प्रतिभागियों में खेल भावना देखकर सचमुच प्रेरणा मिलती है। श्री पी. एम. रुंगटा मेमोरियल गोल्फ कप जैसे आयोजन न केवल खेल को बढ़ावा देते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को एक मंच पर भी लाते हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूं और आने वाले वर्षों में इस टूर्नामेंट को और आगे बढ़ते देखने के लिए उत्साहित हूं।” श्री पी. एम. रुंगटा फाउंडेशन के ट्रस्टी गौरव रुंगटा ने कहा कि यह टूर्नामेंट खेल भावना को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ गोल्फ के प्रति बढ़ते जुनून और रुचि को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गोल्फ केवल खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और रणनीतिक सोच विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने इस खेल को अधिक लोकप्रिय बनाने और नए खिलाड़ियों को इससे जोड़ने के उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि यह टूर्नामेंट हर वर्ष आयोजित किया जाएगा तथा फाउंडेशन उभरते युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और विकास के अवसर उपलब्ध कराकर सहयोग करेगा। उल्लेखनीय है कि श्री पी. एम. रुंगटा फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2013 में स्व. पी. एम. रुंगटा की स्मृति में की गई थी। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। यह संस्कृत कॉलेजों के संचालन, आदिवासी स्कूलों के सहयोग, मिड-डे मील कार्यक्रमों और नेत्र-चिकित्सा शिविरों के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है। साथ ही फाउंडेशन युवा उभरती प्रतिभाओं को प्रायोजन के माध्यम से भी समर्थन प्रदान करता है।

Moodys ने भारत की ताकत को किया स्वीकार, कहा- ‘भारत बना रहेगा नंबर-1’

Moodys ने भारत की GDP पर कहा- ‘भारत रुकने वाला नहीं, बने रहेगा नंबर-1’ Moodys की रिपोर्ट: भारत की GDP में होगा लगातार उछाल, विदेशी एजेंसी ने माना लोहा Moodys ने भारत की ताकत को किया स्वीकार, कहा- ‘भारत बना रहेगा नंबर-1’     नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में दम है और ये दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में टॉप पर बना रहेगा. इंडियन इकोनॉमी को लेकर ये गुड न्यूज विदेशी रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s Ratings) ने दी है. एजेंसी ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ (India’s GDP Growth) जी-20 में शामिल सभी देशों में सबसे तेज रहेगी.  इस रफ्तार से भागेगी इंडियन इकोनॉमी भारतीय अर्थव्यवस्था के अगले वित्तीय वर्ष में मजबूत ग्रोथ के ट्रैक पर बने रहने की उम्मीद है. मूडीज ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि FY27 देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.4% रहेगी और इकोनॉमी की इस रफ्तार के साथ भारत G-20 Nations में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन जाएगा. Moody’s ने इसके पीछे वजह बताते हुए कहा है कि भारत की आर्थिक ग्रोथ को स्थिर घरेलू डिमांड, बेहतर इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज और स्थिर व्यापक आर्थिक परिस्थितियों से समर्थन मिलेगा, जो कि कारोबारी विश्वास बढ़ने और कंपनियों को कर्ज व निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है. GST Reform का जारी रहेगा असर  मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ग्रोथ में संरचनात्मक सुधारों की अहम भूमिका रह सकती है. खासतौर पर जीएसटी रिफॉर्म और इनकम टैक्स में कटौती जैसे उपायों से घरेलू उपभोग को समर्थन मिलने की संभावना है. इसके साथ ही मॉनेटरी पॉलिसी से फाइनेंशियल हेल्थ भी दुरुस्त बनी रहेगी.  RBI ने भी बढ़ाया है ग्रोथ अनुमान भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी हाल ही में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव रुख अपनाया है. अपनी नई मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा रिपोर्ट में RBI ने FY2026-27 के लिए अपने प्रारंभिक ग्रोथ अनुमान को बढ़ा दिया है. केंद्रीय बैंक ने अब पहली तिमाही में रियल जीडीपी में 6.9% और Q2 में 7.0% की ग्रोथ का अनुमान जाहिर किया है. ये इससे पहले के क्रमश: 6.7% और 6.8% से ज्यादा है. रिजर्व बैंक ने भी इसके पीछे उपभोग और निवेश में निरंतर मजबूती को वजह बताया है. भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट फिट मूडीज के मुताबिक, मजबूत इकोनॉमी के चलते अगले 12 से 18 महीनों में वित्तीय स्थितियां स्थिर रहने की उम्मीद है. भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत मानी जा रही है और यह माहौल बैंकों को बढ़ती लोन डिमांड के बावजूद अपनी इनकम के माध्यम से पर्याप्त पूंजी भंडार बनाए रखने का मौका देता है. भारत-US ट्रेड डील के फायदे रेटिंग एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) के बाद निर्यात से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSMEs के लिए ऑपरेशनल स्थितियों में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है. इस समझौते से इस क्षेत्र में तनाव का जोखिम कम होने की उम्मीद है. हालांकि, जमा राशि के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कम लागत वाले लो-कॉस्ट फंडिंग सोर्सों का विस्तार करने की कोशिश में लगे बैंकों के लिए चुनौतियां पैदा हो सकती हैं.  

छत्तीसगढ़ में होगा विकास का नया दौर: 5 मेडिकल हब और रायपुर एयरपोर्ट बनेगा कृषि कार्गो पोर्ट

रायपुर  एक दिवसीय दौरे पर  छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए खजाना खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच मेडिकल हब बनेंगे और रायपुर एयरपोर्ट को कृषि कार्गो पोर्ट के तौर पर विकसित किया जाएगा। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने केंद्रीय बजट को देश के अगले 25 वर्षों का फाइनेंशियल विजन बताया। सरकार के 11 वर्षों के विकास कार्यों का लेखा-जोखा साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट आर्थिक मजबूती, इंफ्रास्ट्रक्चर और गरीब व मध्यम वर्ग के सशक्तीकरण पर केंद्रित है। प्रदेश को मिली बड़ी सौगात केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बजट में छत्तीसगढ़ को कुल 50,427 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें राज्य सरकार को सीधे 9,704 करोड़ रुपये और रेलवे विकास के लिए 7,770 करोड़ रुपये शामिल हैं। रेल नेटवर्क विस्तार के तहत ब्रॉडगेज और रायपुर-दुर्ग सहित कई जिलों में आधुनिक रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 34 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की घोषणा की गई है। कृषि, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर फोकस रायपुर एयरपोर्ट को कृषि कार्गो पोर्ट के रूप में विकसित किए जाने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। अमृत सरोवर योजना के तहत मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए कार्बन कैप्चर स्टोरेज हेतु 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश में एक लाख स्वास्थ्यकर्मी और 1.5 लाख परिचारक तैयार किए जाएंगे। साथ ही पांच मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। शिक्षा क्षेत्र में देशभर में पांच यूनिवर्सिटी हब विकसित किए जाएंगे। केंद्र की अन्य योजनाएं बजट में 67 हजार करोड़ रुपये मुद्रा लोन के लिए, दो करोड़ आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दो करोड़ 80 लाख आवासों की स्वीकृति और स्वच्छ भारत मिशन की राशि दोगुनी की गई है। शहरी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है। कोयले के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम और कार्गो कोस्टल ट्रांसपोर्टेशन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन अग्नि रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान

रायपुर. नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वन अग्नि रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान वन अग्नि (दावानल) जंगलों के लिए एक गंभीर समस्या है। आग लगने से केवल सूखी पत्तियाँ ही नहीं जलतीं, बल्कि बीज, छोटे पौधे, झाड़ियाँ, घास और मिट्टी में मौजूद पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। इससे जंगलों का प्राकृतिक पुनरुत्पादन प्रभावित होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पत्तियों और सूखी लकड़ियों के सड़ने-गलने से बनने वाले फंगस और बैक्टीरिया मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, जो आग लगने पर नष्ट हो जाते हैं। वन अग्नि से मिट्टी की ऊपरी परत कठोर हो जाती है, जिससे वर्षा का पानी जमीन में नहीं समा पाता और जल स्तर में कमी आती है। औषधीय पौधों के नष्ट होने से वनांचल में रहने वाले लोगों की आजीविका भी प्रभावित होती है। आग के कारण वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है, वे भटक जाते हैं और मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की स्थिति बन सकती है। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इन दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए वनमंडल अधिकारी, खैरागढ़ द्वारा वन अग्नि की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वन क्षेत्रों में फायर लाइन की कटाई-सफाई, फायर वाचर्स की नियुक्ति तथा आग की सूचना मिलते ही तत्काल नियंत्रण की व्यवस्था हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी की जा रही है। बेहतर प्रबंधन के लिए वनमंडल कार्यालय खैरागढ़ में फॉरेस्ट फायर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वन अग्नि की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर +91-9301321797 पर देने की अपील आम नागरिकों से की गई है।  इसके साथ ही महुआ वृक्षों की ब्लेजिंग कर कंट्रोल बर्निंग, गाँवों में मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर चस्पा करना, स्कूलों में वाद-विवाद, निबंध, चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिताएँ तथा सरपंच एवं संयुक्त वन प्रबंधन समिति अध्यक्षों को पोस्टकार्ड के माध्यम से अपील जैसी नवाचारी पहल भी की जा रही है। जनजागरूकता के तहत  03 फरवरी 2026 से खैरागढ़, छुईखदान, गंडई एवं साल्हेवारा परिक्षेत्र के 36 गाँवों में नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अंचल के प्रसिद्ध कलाकारों की टीम ‘झंकार कला मंच’ पैलीमेटा द्वारा अग्नि सुरक्षा पर आधारित झांकी और प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। 07 फरवरी 2026 को छुईखदान परिक्षेत्र के ग्राम कानीमेरा, हाटबंजा एवं बुढ़ानभाठ में आयोजित कार्यक्रमों में प्रत्येक गाँव से लगभग 200 से 250 ग्रामीणों की सहभागिता रही। झंकार कला मंच के संचालक  प्रकाश वैष्णव ने बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को वन अग्नि से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जा रही है तथा आग से बचाव और समय पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कार्यक्रमों में वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी ग्रामीणों से वन अग्नि रोकथाम में सहयोग करने की अपील की जा रही है। संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की बैठकों में भी अग्नि सुरक्षा विषय पर विशेष चर्चा की जा रही है, ताकि जनसहभागिता से वन संरक्षण को और मजबूत बनाया जा सके।

राजस्थान बोर्ड अपडेट: 9वीं–11वीं की नई परीक्षा तारीख घोषित

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं की तिथियों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी ताजा आदेशों के अनुसार, अब ये परीक्षाएं पहले से निर्धारित समय से पहले आयोजित की जाएंगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को समय पर 1 अप्रैल 2026 से शुरू करना है। नया परीक्षा शेड्यूल रिवाइज्ड शेड्यूल के मुताबिक, राजस्थान बोर्ड की कक्षा 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं अब 7 मार्च से 19 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। इससे पहले ये परीक्षाएं 10 मार्च से प्रस्तावित थीं। कक्षा 9वीं: परीक्षा 7 मार्च से शुरू होकर 17 मार्च 2026 तक चलेगी। कक्षा 11वीं: परीक्षा 7 मार्च से 19 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी। रिजल्ट की घोषणा बोर्ड ने न केवल परीक्षा की तारीखें बदली हैं, बल्कि परिणाम घोषित करने की गति में भी तेजी लाने का निर्देश दिया है। कक्षा 9वीं और 11वीं के परिणाम 25 मार्च 2026 को जारी कर दिए जाएंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश और नई किताबों की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। ऑटोमैटिक प्रमोशन पॉलिसी खत्म: 5वीं और 8वीं के लिए नए नियम परीक्षा तिथियों में बदलाव के साथ ही राजस्थान शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। अब राज्य में कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए ‘ऑटोमैटिक प्रमोशन’ (नॉन-डिटेंशन पॉलिसी) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अनिवार्य पासिंग मार्क्स: अब इन कक्षाओं के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट होने के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाने होंगे। इम्प्रूवमेंट का मौका: यदि कोई छात्र असफल होता है, तो उसे 45 दिनों के भीतर ‘इम्प्रूवमेंट एग्जाम’ देने का एक अवसर दिया जाएगा। यदि वह इसमें भी पास नहीं होता, तो उसे उसी कक्षा में रुकना होगा। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे टाइम टेबल के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर नियमित रूप से नजर रखें या अपने संबंधित स्कूलों से संपर्क करें।  

एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप: शूट-ऑफ में गोल्ड से चूकीं मनु भाकर, ईशा ने जीता ब्रॉन्ज

नई दिल्ली एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में सोमवार को 25 मीटर विमेंस पिस्टल का रोमांचक फाइनल खेला गया, जिसमें मनु भाकर को वियतनाम की थुय ट्रांग गुयेन से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ मनु ने गोल्ड मेडल जीतने का मौका भी गंवा दिया। डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में यह फाइनल दो शूट-ऑफ के बाद तय हुआ। फाइनल में, ईशा सिंह ने पहली सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाए, जबकि मनु और थुय ट्रांग ने चार-चार शॉट लगाए। कड़े मुकाबले वाले फाइनल में हर सीरीज के बाद तीनों निशानेबाज मेडल की पोजीशन बदल रहे थे। भारतीय निशानेबाज वियतनामी निशानेबाज पर दबाव बना रहे थे, लेकिन छठी सीरीज में परफेक्ट पांच शॉट लगाकर उन्होंने दो अंकों की बढ़त बना ली। मनु और ईशा ने गुयेन की सातवीं सीरीज में एक शॉट का फायदा उठाकर अंतर कम किया। ईशा आठवीं सीरीज के अंत में 30 अंकों के साथ आगे चल रही थीं। वह नौवीं सीरीज में अपने सभी शॉट चूक गईं, जिसके चलते उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। आखिरी सीरीज में, मनु ने तीन शॉट लगाए, जबकि गुयेन ने दो शॉट लगाए और फाइनल 35 शॉट पर खत्म हुआ, जिससे मुकाबला शूट-ऑफ में चला गया। पहले शूट-ऑफ में, दोनों निशानेबाजों ने दो-दो शॉट लगाए, और अगले शूट-ऑफ में मनु तीन शॉट चूक गईं और गोल्ड मेडल से चूक गईं। फाइनल में तीसरी भारतीय, रिदम सांगवान चौथे स्थान पर रहीं। दूसरी ओर, ईशा सिंह ने चैंपियनशिप में अपना दूसरा व्यक्तिगत मेडल जीता, उन्होंने ब्रॉन्ज पर निशाना साधा। नाम्या कपूर ने जूनियर कैटेगरी में एक और कड़े शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता, जबकि अंजलि भागवत ने इसी इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इसी के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 60 हो गई है, जिसमें 37 गोल्ड, 13 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। जूनियर फाइनल में, नाम्या कपूर ने शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल जीता। वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली सबसे युवा भारतीय निशानेबाज ने 29 शॉट लगाए, जो इंडोनेशिया की रिहादतुल अस्यिफा के बराबर थे। युवा निशानेबाज ने शूट-ऑफ में अपना संयम बनाए रखा, उन्होंने तीन शॉट लगाए जबकि अस्यिफा अपने सभी शॉट चूक गईं। अंजलि भागवत ने 24 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। टॉप स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वालीं पारिशा गुप्ता 14 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय टीमों ने सीनियर और जूनियर दोनों कैटेगरी में गोल्ड मेडल भी हासिल किया।

विकास को मिली नई सौगात: मुड़ापार हेलीपेड में सामुदायिक भवन का उद्घाटन

रायपुर. उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने मथुरा माली मरार पटेल समाज को दी 10 लाख के सामुदायिक भवन की सौगात कोरबा नगर विधायक और छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने रविवार को मुड़ापार, हेलीपेड में मथुरा माली मरार पटेल समाज को 10 लाख की लागत से बने सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन की सौगात दी। कार्यक्रम में मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर मती संजू देवी राजपूत ने समाज के पदाधिकारियों के साथ मां शाकम्भरी देवी की पूजा अर्चना कर प्रदेश और शहर की खुशहाली की कामना की।नवनिर्मित सामुदायिक भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया।  इस अवसर पर मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि सभी समाज की आर्थिक उत्थान और प्रगति के लिए छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव सरकार सभी समाज के साथ खड़ी है और उनके उत्थान और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरबा विधानसभा में भी सभी समाज की मांग अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। मंत्री  देवांगन ने कहा कि मथुरा माली मरार पटेल समाज का आशीर्वाद मुझे सदैव मिलता रहा है, समाज की सेवा करने का मुझे यह सौभाग्य मिला है। समाज की मांग पर प्रभारी मंत्री मद से 10 लाख की लागत से भवन का निर्माण कराया गया है, आज भवन समाज को समर्पित किया जा रहा है। इसी के साथ-साथ वार्ड क्रमांक 55 सुमेधा नागिन भाटा में समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 10 लाख की स्वीकृति दी गई है, जल्द ही भवन पूर्ण हो जाएगा। मथुरा माली मरार पटेल समाज  के समाज के सभी प्रमुख जनों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि पटेल समाज एक संगठित और सशक्त समाज है।  समाज  एक सशक्त और संगठित समाज की अवधारणा को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। पटेल समाज एक मेहनतकश समाज है। कड़ी मेहनत कर धरती को हरा भरा बनाने का कार्य मरार समाज करता है। उन्होंने कहा कि समाज आज खेती किसानी, सब्जी-भाजी के उत्पादन के साथ- साथ हर क्षेत्र में काफी आगे है।  इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर, एमआइसी सदस्य मती धन कुमारी गर्ग, पार्षद ईश्वर पटेल, पार्षद  नरेंद्र देवांगन, पार्षद  मुकुंद कंवर, कोरबा मंडल अध्यक्ष  योगेश मिश्रा,  रामकृष्ण साहू, मती स्मिता सिंह, मती पूर्णिमा पासवान,  नवनीत शुक्ला,  सुकेश दलाल, मती संगीता साहू,  अनुज यादव व समाज के प्रमुख, वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर महापौर मती संजू देवी राजपूत ने कहा कि माननीय कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन की नेतृत्व में कोरबा शहर विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। शहर के वार्ड, बस्तियों के मूलभूत विकास कार्य की बात हो, या फिर बड़े निर्माण कार्यों की बात हो, और सबसे महत्वपूर्ण सभी समाज को उनके मांग अनुरूप विकास कार्यों की सौगात देने की बात हो। सभी कार्यों के लिए   शासन से राशि की स्वीकृति भी ला रहे हैं, विकास कार्यों को शुरू कर पूर्ण कर सौगात भी दे रहे हैं। समाज ने किया मंत्री और महापौर का अभिनंदन     इस सौगात पर समाज के अध्यक्ष श्  आर डी पटेल,  महादेव पटेल,  लक्ष्मण पटेल, उपाध्यक्ष मती राजकुमारी पटेल, मती संध्या पटेल, मती संगीता पटेल,  राम अवतार पटेल,  चंद्र लाल पटेल,  गोविंद पटेल,  संतोषी पटेल,  राजाराम पटेल के साथ-साथ अधिक संख्या में समाज के पदाधिकारियों ने मंत्री  लखन लाल देवांगन और महापौर मती संजू देवी राजपूत का आभार जताते हुए उनका अभिनंदन किया।

आदिवासी उद्यमिता की मिसाल: एलोवेरा पर्सनल केयर उत्पादों से उभरा दुगली का वन धन केंद्र

रायपुर एलोवेरा आधारित पर्सनल केयर उत्पादों से पहचान बना रहा दुगली का वन धन विकास केंद्र प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन के अंतर्गत जिला धमतरी के ग्राम दुगली में स्थापित वन- धन विकास केंद्र (VDVK) आज महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का सफल उदाहरण बन गया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के मार्गदर्शन में संचालित यह केंद्र वनोपज के मूल्य संवर्धन के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को रोजगार और सम्मानजनक आय प्रदान कर रहा है। 25 विभिन्न प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार दुगली वन धन विकास केंद्र के स्व-सहायता समूहों के संघ के रूप में कार्य कर रहा है। एक प्रमुख समूह संचालन की जिम्मेदारी संभालता है, जबकि अन्य समूह आवश्यकता और ऑर्डर के अनुसार उत्पादन कार्य में सहयोग करते हैं। केंद्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिला है। केंद्र में वर्तमान में लगभग 25 विभिन्न प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें हर्बल पाउडर, स्वास्थ्य पेय और अन्य हर्बल उत्पाद शामिल हैं। सभी उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बनाए जाते हैं तथा आयुष और खाद्य सुरक्षा विभाग से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँच विशेष रूप से एलोवेरा से तैयार साबुन, क्रीम, बॉडी वॉश और हैंडवॉश जैसे पर्सनल केयर उत्पादों ने बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे महिलाओं की आय में भी वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनरी सहायता, ब्रांडिंग और विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके परिणामस्वरूप उत्पाद राज्य स्तरीय मेलों, विभागीय नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँच रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र का वार्षिक कारोबार 74 लाख 62 हजार 156 रुपए दर्ज किया गया, जो इसकी सफलता को दर्शाता है। ‘छत्तीसगढ़ हर्बल’ ब्रांड के अंतर्गत तैयार उत्पाद अब विभिन्न मार्ट, चयनित आउटलेट्स और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध हैं तथा आयुष विभाग और पर्यटन मंडल को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का सपना किया साकार दुगली वन धन विकास केंद्र आज केवल एक उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव की प्रेरक कहानी बन चुका है, जो यह दर्शाता है कि शासकीय योजनाओं और सामूहिक प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया जा सकता है।

महिला पुलिस बीट, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और सेफ सिटी परियोजना से सुरक्षित हुई सार्वजनिक स्थल

आर्थिक सर्वे 2025-26 प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई से अपराध दर में आई गिरावट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया सुदृढ़ कानून व्यवस्था का खाका   बोले, आधुनिक तकनीक से सशक्त हुई पुलिसिंग,सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था से बढ़ा जनविश्वास महिला पुलिस बीट, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और सेफ सिटी परियोजना से सुरक्षित हुई सार्वजनिक स्थल लखनऊ  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। इसका सकारात्मक असर यह रहा कि प्रदेश में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता के साथ-साथ निवेशकों का भी विश्वास बढ़ा है। महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी और एंटी रोमियो स्क्वायड ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देकर पुलिस सुधारों को नई दिशा दी गई है। सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से पुलिस की कार्यक्षमता और जवाबदेही में वृद्धि हुई है। इससे जनता में निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने का वातावरण तैयार हुआ है और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिली है। महिला सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सेफ सिटी परियोजना के तहत महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश फैक्ट्री अधिनियम (संशोधित) 2025 के माध्यम से महिलाओं को औद्योगिक कार्यों, विशेषकर नाइट शिफ्ट में, समान अवसर प्रदान किए गए हैं। मिशन शक्ति से सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली है। वहीं न्यायिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और ई-कोर्ट्स की स्थापना की गई है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है। आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख है कि जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से छोटे प्रक्रियात्मक अपराधों का अपराधीकरण समाप्त कर पारदर्शिता आधारित शासन मॉडल को मजबूती दी गई है। कुल मिलाकर, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और न्यायिक सुधारों के क्षेत्र में सरकार के इन कदमों ने उत्तर प्रदेश को सुरक्षित और निवेश के अनुकूल राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जनजातीय संस्कृति की अनूठी पहचान बना बस्तर पंडुम, विजेताओं को मिला सम्मान

रायपुर. अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 के समापन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने लालबाग मैदान में आयोजित जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर जनजातीय समाज के जीवन में उपयोग होने वाले उत्पादों, हस्तशिल्प और कलाओं की जानकारी ली। अमित शाह ने देखा बस्तर की जनजातीय विरासत का वैभव, विजेता दलों से मिलकर बढ़ाया उत्साह केंद्रीय गृह मंत्री ने ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस व लौह शिल्प, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, जनजातीय चित्रकला, वन औषधि, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित प्रदर्शनी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति भारत की आत्मा का जीवंत स्वरूप है। प्रदर्शनी में दंडामी माड़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों का प्रदर्शन किया गया। जनजातीय चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। वहीं, वैद्यराज द्वारा वन औषधियों का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया। स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जोंधरी लाई के लड्डू, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजन तथा लांदा और सल्फी पेय पदार्थ प्रदर्शित किए गए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “बस्तर पंडुम जनजातीय संस्कृति को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। राज्य सरकार जनजातीय कला, शिल्प और परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।” इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर पंडुम की बारह विधाओं की प्रतियोगिता में विजेता दलों से भेंट कर उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। “बस्तर पंडुम 2026” संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता 1.     जनजातीय नृत्य – गौर माड़िया नृत्य (बुधराम सोढ़ी, दंतेवाड़ा) 2.     जनजातीय गीत – पालनार दल (मंगली एवं साथी, दंतेवाड़ा) 3.     जनजातीय नाट्य – लेखम लखा (सुकमा) 4.     जनजातीय वाद्ययंत्र – रजऊ मंडदी एवं साथी (कोण्डागांव) 5.     जनजातीय वेशभूषा – गुंजन नाग (सुकमा) 6.     जनजातीय आभूषण – सुदनी दुग्गा (नारायणपुर) 7.     जनजातीय शिल्प – ओमप्रकाश गावड़े (कोया आर्ट्स, कांकेर) 8.     जनजातीय चित्रकला – दीपक जुर्री (कांकेर) 9.     जनजातीय पेय पदार्थ – भैरम बाबा समूह (उर्मीला प्रधान, बीजापुर) 10.     जनजातीय व्यंजन – श्रीमती ताराबती (दंतेवाड़ा) 11.     आंचलिक साहित्य – उत्तम नाईक (कोण्डागांव) 12.     बस्तर वन औषधि – राजदेव बघेल (बस्तर)

‘अब खुद को बदलना होगा’—बाबर आज़म को शास्त्री-पोंटिंग की सलाह, पाकिस्तान क्रिकेट में हलचल

इस्लामाबाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बाबर आजम अपनी फॉर्म को लेकर काफी चर्चा में हैं। टी20 विश्व कप 2026 में अपने पहले मुकाबले में नीदरलैंड के खिलाफ टीम मैच हारने के करीब पहुंच गई थी। इस मैच में भी बाबर आजम के बल्ले से रन नहीं निकले थे। नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में बाबर आजम ने 18 गेंद में सिर्फ 15 रन बनाए। हालांकि उनकी इस पारी ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी, क्योंकि वह चौथे स्थान पर बैटिंग के लिए उतर रहे हैं और उनका योगदान टीम की जीत के लिए काफी मायने रखता है। रिकी पोंटिंग और रवि शास्त्री ने बाबर आजम की बैटिंग पर अपनी राय दी है।   क्रिकेट लीजेंड रिकी पोंटिंग ने कहा, ”अगर आप 18 गेंद में 15 रन बनाते हैं, तो आप खुद पर ही दबाव नहीं डालते बल्कि दूसरे तरफ खड़े खिलाड़ी पर भी दबाव बनता है। बाबर आजम को शुरुआत में बाउंड्री मारने की जरूरत है वरना हर बार जब वह बल्लेबाजी करने उतरता है, तो पूरे मैच का मोमेंटम बदल जाता है।” भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा, ”जब आप करियर के उस दौर में होते हैं, तो वहां एक मानसिक बोझ और उम्मीदों का वजन होता है उन्होंने बाबर को सलाह दी कि वे क्रीज पर सेट होने के लिए ज्यादा समय लेने के बजाय शुरुआत से ही अपने इरादे जाहिर करें। पाकिस्तान को नीदरलैंड के खिलाफ लक्ष्य हासिल करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होनी चाहिए थी। टीम को 53 गेंद में 50 रनों की जरूरत थी और सात विकेट शेष थे लेकिन बाबर आजम की धीमी पारी ने मुश्किलें बढ़ा दी। कमेंट्री के दौरान वसीम अकरम ने बाबर आजम को पारी की गति बढ़ाने की जरुरत है। फहीम 11 गेंद में नाबाद 29 रन की पारी के साथ पाकिस्तान के नायक बनकर उभरे। उन्होंने पारी के 19वें ओवर में तीन छक्के और एक चौके के साथ 24 रन बटोर कर मैच का रूख पाकिस्तान की तरफ मोड़ दिया। पाकिस्तान ने जीत के लिए 148 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 10 ओवर में दो विकेट पर 90 रन बना लिए थे। इसके हालांकि बाद लगातार विकेट गिरते गए और 16.1 ओवर में स्कोर सात विकेट 114 रन हो गया। टीम को आखिरी दो ओवर में 29 रन की जरूरत थी लेकिन फहीम ने जीवनदान का फायदा उठाते हुए 19वें ओवर में तीन छक्कों के साथ मैच का रूख तय कर दिया।  

‘ऐसा जादू है मेरे बस्तर में’ गीत पर बच्चों की प्रस्तुति ने बांधा समा

रायपुर. बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 2026 के समापन समारोह में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और ताली बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री के स्वागत में जगदलपुर के हजारों स्कूली बच्चों ने “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों की भावपूर्ण और अनुशासित प्रस्तुति देखकर  अमित शाह भी भावविभोर हो उठे और उन्होंने बच्चों को ताली बजाकर प्रोत्साहित किया। बस्तर पण्डुम समापन समारोह में बच्चों की कला को मिला केंद्रीय गृहमंत्री का सम्मान कार्यक्रम में बालिकाओं द्वारा *मलखंभ प्रदर्शन* भी किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। केंद्रीय गृहमंत्री  शाह ने बच्चों की कला, अनुशासन एवं आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उल्लेखनीय है कि “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत को हिंदी एवं हल्बी बोली में रचा गया है। इसमें बस्तर की बादल अकादमी के कलाकारों ने अपनी आवाज और संगीत का योगदान दिया है। दायरा बैंड द्वारा इस गीत को आधुनिक संगीत के साथ नया स्वरूप प्रदान किया गया है, जिससे यह गीत युवाओं और बच्चों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहा है।

देश पर कर्ज का दबाव, पांच साल में दोगुना और बजट में नया रिकॉर्ड

जयपुर राजस्थान का बजट 11 फरवरी को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। इसमें राजस्थान के आय-व्यय अनुमान भी पेश किए जाएंगे। सरकार अपने खर्च का लेखा-जोखा रखने के साथ ही यह भी बताएगी कि प्रदेश पर कर्ज कितना बढ़ चुका है और आने वाले वित्त वर्ष में यह और कितना बढ़ जाएगा।  बीते 5 वर्षों में राजस्थान में कर्ज की रफ्तार दोगुनी तेजी से बढ़ी है। मार्च  2022 तक राजस्थान पर कुल कर्ज 3,53,556.08 करोड़ रुपए था। यानी प्रति व्यक्ति लगभग 45 हजार रुपए का औसत कर्ज था, जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में यह 7 लाख 23 हजार करोड़ रुपए प्रोजेक्टेड है और यदि इसी रफ्तार से यह आगे बढ़ा तो आने वाले नए बजट में कर्ज की यह सीमा बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपए पार कर जाएगी। बजट अनुमान के मुताबिक 2025-26 में कर्मचारियों के वेतन पर 83,775 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इसमें अगले साल भी औसतन 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं आने वाले वित्त वर्ष में पेंशन व्यय 34,146 करोड़ रुपए से 40 हजार करोड़ रुपए  तक पहुंचने की संभावना है, जिसमें 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन व्यय में यह तेज बढ़ोतरी आने वाले वर्षों में गंभीर वित्तीय चुनौती बन सकती है। ब्याज भुगतान बना हुआ है दबाव राज्य पर बढ़ते कर्ज का असर ब्याज भुगतान पर भी दिखाई देता है। 2025-26 में ब्याज भुगतान 40,058 करोड़ रुपए बताया गया है, जो भले ही केवल 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता हो लेकिन कुल राजस्व व्यय का बड़ा हिस्सा अब भी ब्याज चुकाने में जा रहा है। वित्त वर्ष 2021-22 में कुल ऋण की स्थिति 3,53,556 करोड़ रुपये थी। अगले वर्ष, 2022-23 में कुल ऋण बढ़कर 3,88,383 करोड़ रुपये हो गया। 2023-24 में कुल ऋण लगभग 571638 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 में यह 641740 करोड़ और मौजूदा वित्त वर्ष में यह लगभग 726384 करोड़ रुपए हो गया।

48 घंटे की मोहलत, दो करोड़ की मांग—जोधपुर में सनसनी

जोधपुर जोधपुर शहर में दो कारोबारियों को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर जान से मारने की धमकी देने और दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। डिब्बा कॉल के जरिए दी गई धमकी पुलिस के अनुसार हाउसिंग बोर्ड के दो लोगों को एक डिब्बा कॉल के जरिए धमकी दी गई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए लॉरेंस का भाई ‘आरजू’ होने का दावा किया। आरोपी ने दोनों कारोबारियों से 48 घंटे के भीतर एक-एक करोड़ रुपये, कुल दो करोड़ रुपये की रंगदारी देने की मांग की और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। भारत से ही आया था धमकी जानकारी के मुताबिक धमकी देने वाला और कॉल रिसीव करने वाला व्यक्ति दोनों ही भारत से बाहर थे। आरोपी ने पहले एक व्यक्ति को कॉल किया और फिर उसी के माध्यम से व्हाट्सएप कॉल से बात करवाई गई। बिचौलिए ने अपने मोबाइल का स्पीकर ऑन कर धमकी देने वाले की आवाज दोनों को सुनाई। इस तरह की तकनीक को डिब्बा कॉल कहा जाता है, जिसमें कॉल को तीसरे व्यक्ति के माध्यम से जोड़कर बातचीत करवाई जाती है, जिससे कॉल का स्रोत ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। क्रिकेट सट्टे के व्यवसाय से जुड़े हैं कारोबारी सूत्रों के अनुसार दोनों कारोबारी क्रिकेट सट्टे के व्यवसाय से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें से एक हाल ही में दुबई से भारत लौटा है। धमकी मिलने के बाद उनके परिवार में डर और दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहले भी कई बार लॉरेंस गैंग के नाम पर फर्जी लोगों द्वारा धमकी देने के मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और बिचौलिए की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी वास्तविक गैंग से जुड़ी है या किसी ने फर्जी तरीके से डराने की कोशिश की है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नक्सली मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले 60 जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति देने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे।

बालाघाट  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नक्सली मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने वाले 60 जवानों को क्रम  से पूर्व पदोन्नति देने के लिए बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सलामी लेने के बाद अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ यादव को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने “वो बांके अलबेले- जो वापस न लौटे- इस मिट्टी के बेटे” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने “नक्सल संस्मरण” पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह सांसद श्रीमती भारती पारधी ,पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन, एडीजी नक्सल विरोधी अभियान वेंकटेश्वर राव, पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा सहित विधायक गण जनप्रतिनिधि , पुलिस जवान तथा शहीद जवानों के परिजन उपस्थित रहे।

विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण

कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन किसानों के लिए अब खुशी का माध्यम बनी कृषि  विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण   विकसित उत्तर प्रदेश 2047- कृषि को आधुनिक व किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित  लखनऊ,  योगी सरकार ने विधान मंडल के बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। योगी सरकार ने प्रदेश के विकास में कृषि व किसान को प्राथमिकता में रखा। लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर देकर योगी सरकार ने अन्नदाता किसानों को समृद्ध किया। योगी सरकार ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन में आर्थिक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सफलतम कहानी का जिक्र किया।  कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़कर हुआ 24.9 प्रतिशत  आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2017-18 के सापेक्ष 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान 24 प्रतिशत से बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया। 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। 2017-18 से 2024-25 की अवधि में कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत तथा उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रदेश में कुल खाद्यान्न उत्पादन का देश में योगदान 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गया। फसलों का प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.98 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 1.73 लाख प्रति हेक्टेयर हो गया है। 2023-24 व 2024-25 में खरीफ, रबी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में काफी परिवर्तन हुआ। राज्य के कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में धान की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत है। धान के क्षेत्रफल में 19.4 प्रतिशत, उत्पादन में 23.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024-25 में 29.4 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। रबी फसलों की बात करें तो 2023-24 व 2024-25 में प्रदेश की क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है। रबी फसल गेहूं की कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में 18.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके क्षेत्रफल में 2.6 प्रतिशत, उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.5 प्रतिशत बढ़कर 41.2 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। राज्य सरकार की नीतियों (दलहन-तिलहन मिशन, बागवानी विकास कार्यक्रम, एमएसपी और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं ने फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दिया है। 2017-18 से 2024-25 के बीच दलहन का क्षेत्रफल 22.64 से बढ़कर 25.66 लाख हेक्टेयर हो गया है। तिलहन का क्षेत्रफल 10.87 से बढ़कर 28.8 लाख हेक्टेयर (लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि) हो गया।  कृषि विकास के लिए संचालित की जा रहीं महत्वपूर्ण योजनाएं व कार्यक्रम  उर्वरक वितरण: 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 806.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया। कृषि रक्षा रसायनः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 1,52,960.11 मीट्रिक टन/किलोलीटर कृषि रक्षा रसायन वितरित किए गए। फसली ऋण वितरणः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल रु.1,34,2978.3 करोड़ फसली ऋण वितरित किया गया। पीएम-किसान सम्मान निधि : वर्ष 2018-19 से माह नवम्बर 2025 तक कुल 21 किस्तों में 3.12 करोड़ किसानों को कुल रु० 94,668.58 करोड़ की धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गयी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाः वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल 61.98 लाख बीमित किसानों को रु० 5110.23 करोड़ धनराशि की क्षतिपूर्ति दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के माह नवम्बर तक कुल 2.03 लाख कृषकों को रु० 138.89 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है। खेत तालाब योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 32,732 खेत तालाब का निर्माण कराया गया। एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान-2025- इसके तहत 24 लाख सदस्य बनाये गए। 43 करोड़ की राशि एकत्र एवं जिला सहकारी बैंक में 2 लाख से अधिक खाते खोले गए एवं 550 करोड़ रुपये जमा किए गए। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम कुसुम) योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक किसानों के प्रक्षेत्रों पर कुल 86,128 सोलर पम्प की स्थापना की गई।  भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा उत्तर प्रदेश  सीड पार्क- उत्तर प्रदेश में बीज पार्कों की स्थापना : कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक-एक उन्नत बीज पार्क की स्थापना की जा रही है। यह निर्णय प्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130.63 एकड़ भूमि पर 266.70 करोड़ के निवेश से बनेगा, जहाँ बीज प्रसंस्करण, स्पीड ब्रीडिंग, हाइब्रिड बीज विकास की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे। *सीड पार्कों की स्थापना से बाहर से बीज आयात पर निर्भरता घटने के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे बेहतर उत्पादन होगा और आय में वृद्धि होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगा तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा। बागवानी फसलों के संवर्धन हेतु संचालित योजनाएं एवं कार्यक्रम प्रदेश में 2024-25 में कुल बागवानी का क्षेत्रफल 2566.4 हेक्टेयर व उत्पादन 60339.8 मीट्रिक टन है। आम, आलू, मटर, सब्जी, शहद के उत्पादन में यूपी देश का अग्रणी राज्य है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पर ड्राप मोर क्राप योजना तथा फल पट्टियों के विकास हेतु अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में हाईटेक नर्सरी की स्थापना, टिश्यू कल्चर से केला, पपीता जैसे फलदार बागों के रोपण, मशरूम उत्पादन, पोली हाउस व शेडनेट हाउस की स्थापना, मधुमक्खी पालन, शीत गृहों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार हेतु अनुदान भी दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-पर ड्राप मोर क्रॉप माइक्रोइरीगेशन के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 से पर ड्राप मोर क्राप माइक्रोइरीगेशन उपघटक के रूप में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत समस्त जनपदों में संचालित की जा रही है। वर्ष 2023-24 के 18,257 हे० की तुलना में 2024-25 के 37,627 हे० तथा ड्रिप सिंचाई में 42,450 हे० के सापेक्ष 64,711 हे० माइक्रोइरीगेशन किया गया। आलू बीज उत्पादन एवं वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में उच्च गुणवत्तायुक्त आलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आलू उत्पादकों को उच्चकोटि के रोग रहित आलू बीज उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय आलू अनुसंधान … Read more

T20 वर्ल्ड कप विवाद: PCB को UAE ने दिया कड़ा संदेश, ‘एहसान ना भूले पाकिस्तान’

  दुबई आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाईवोल्टेज मुकाबले पर अनिश्चितता लगातार बढ़ती जा रही है. श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के बाद अब एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को पत्र लिखकर 15 फरवरी को प्रस्तावित भारत-PAK मैच से दूरी बनाने के फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. इस बीच आईसीसी भी लगातार बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिश में जुटी है, ताकि टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला संकट में ना पड़े. RevSportz की रिपोर्ट के अनुसार एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने अपने पत्र में पाकिस्तान को ‘क्रिकेट परिवार का अहम सदस्य’ बताते हुए कहा कि उसने मुश्किल समय में पाकिस्तान को अपने मैदान उपलब्ध कराए और कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित करने में मदद की. बोर्ड ने याद दिलाया कि पाकिस्तान क्रिकेट को वैश्विक मंच पर बनाए रखने में यूएई की भूमिका अहम रही है. ऐसे में भारत के खिलाफ मैच का बायकॉट ना केवल क्रिकेट के लिए नुकसानदेह होगा, बल्कि एसोसिएट देशों की वित्तीय स्थिति पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है. एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने अपने संदेश में कहा कि टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में किसी भी बड़े मुकाबले का रद्द होना प्रसारण अधिकार, स्पॉन्सरशिप और वैश्विक दर्शकों पर सीधा असर डालता है, जिससे पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम को नुकसान हो सकता है. इसलिए सभी पक्षों को मिलकर व्यावहारिक और स्वीकार्य समाधान निकालना चाहिए. श्रीलंका ने भी दी थी कड़ी चेतावनी इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट ने भी पीसीबी से अपना रुख बदलने की अपील की थी और संभावित आर्थिक नुकसान का हवाला दिया था. अब यूएई के सामने आने से यह साफ है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है कि वह टूर्नामेंट की गरिमा बनाए रखे और विवाद का समाधान बातचीत से निकाले. आईसीसी इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. आईसीसी के अधिकारियों ने PCB साथ कई दौर की बातचीत की है, ताकि किसी भी तरह से टूर्नामेंट के शेड्यूल और व्यावसायिक संरचना पर असर न पड़े. आईसीसी के लिए भारत-पाकिस्तान मैच बेहद अहम है, क्योंकि यह मुकाबला प्रसारण राजस्व, विज्ञापन और वैश्विक दर्शकों के लिहाज से सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है. उधर क्रिकबज की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए आईसीसी के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी है. पहली मांग यह है कि आईसीसी से मिलने वाली वार्षिक फंडिंग में बढ़ोतरी. वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज की बहाली के लिए आईसीसी प्रयास करे. साथ ही मैच के बाद हैंडशेक जैसी खेल भावना से जुड़ी परंपराओं का पालन किया जाए. रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान सरकार से परामर्श के बाद ही पीसीबी कोई अंतिम निर्णय लेगा. यही कारण है कि अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पाकिस्तान अपने रुख में नरमी दिखाएगा या फिर वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा मुकाबला विवादों में ही घिरा रहेगा. भारत-पाकिस्तान मैच को दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मुकाबला माना जाता है.  ऐसे में अगर यह मैच नहीं होता है तो इसका असर सिर्फ टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि पूरे क्रिकेट कैलेंडर और वैश्विक क्रिकेट अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता मैदान पर दिखेगी या इतिहास में एक बड़ी अनुपस्थिति के रूप में दर्ज होगी.

Census 2027: 33 सवालों में घर की छत, रसोई, इंटरनेट और अन्य सुविधाओं की होगी गिनती

रायपुर देश की अगली जनगणना सिर्फ जनसंख्या गिनने का अभियान नहीं रह जाएगी, बल्कि यह लोगों के रहन-सहन, सुविधाओं और जीवन स्तर का पूरा सामाजिक एक्स-रे साबित होने जा रही है। जनगणना-2027 के मकान सूचीकरण चरण में हर घर से 33 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। इन सवालों से यह साफ होगा कि देश में कौन पक्के घर में रह रहा है, किसके पास शौचालय है, कौन गैस पर खाना बना रहा है और किस घर तक इंटरनेट पहुंच चुका है। सरकारी तैयारियों के मुताबिक इस बार जनगणना कर्मी टैबलेट आधारित डिजिटल सिस्टम से डाटा दर्ज करेंगे, ताकि योजनाएं कागजी नहीं, जमीनी हकीकत पर बन सकें। सबसे पहले घर की पहचान और बनावट जनगणना टीम घर पहुंचते ही भवन नंबर और जनगणना मकान नंबर दर्ज करेगी। इसके बाद मकान की बुनियादी संरचना पर सवाल होंगे। फर्श किस सामग्री की है, दीवारें कच्ची हैं या पक्की, छत टीन, कंक्रीट या अन्य किस्म की है। मकान रिहायशी है, दुकान है या किसी और उपयोग में यह भी दर्ज होगा। मकान की हालत (अच्छी, रहने लायक या जर्जर) भी लिखी जाएगी। परिवार मुख्य रूप से कौन-सा अनाज खाता है गेहूं, चावल, मक्का या अन्य, यह भी जनगणना में शामिल रहेगा। अंत में एक मोबाइल नंबर लिया जाएगा, जिसका उपयोग केवल जनगणना से जुड़ी आधिकारिक सूचना पहुंचने के लिए किया जाएगा। यही जानकारी भविष्य की आवास योजनाओं की दिशा तय करेगी। परिवार की पूरी प्रोफाइल बनेगी घर के बाद बारी परिवार की होगी। परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले लोगों की कुल संख्या, परिवार क्रमांक और परिवार के मुखिया का नाम दर्ज किया जाएगा। मुखिया का लिंग और यह भी कि वह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य वर्ग से है, यह पूछा जाएगा। घर में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या भी दर्ज होगी, जिससे पारिवारिक संरचना का सामाजिक विश्लेषण हो सके। कमरे कितने, घर किसका मकान का स्वामित्व किसके पास है खुद का, किराये का या अन्य, यह महत्वपूर्ण सवाल रहेगा। परिवार के पास रहने के लिए कुल कितने कमरे हैं, यह भी पूछा जाएगा। यह डाटा भीड़भाड़ और आवासीय घनत्व की वास्तविक स्थिति बताएगा। पानी, बिजली, शौचालय की असली तस्वीर पीने का पानी किस स्रोत से आता है, पानी घर में उपलब्ध है या बाहर से लाना पड़ता है। रोशनी का मुख्य साधन क्या है जैसे बिजली, सोलर या अन्य। शौचालय है या नहीं, है तो किस प्रकार का। गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, साथ ही यह भी दर्ज होगा कि घर में स्नानगृह है या नहीं। रसोई का धुआं या गैस की लौ जनगणना कर्मी यह भी पूछेंगे कि घर में अलग रसोई घर है या नहीं। एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन है या नहीं और खाना पकाने में किस ईंधन का उपयोग होता है, लकड़ी, गोबर, कोयला या गैस। यह जानकारी उज्ज्वला जैसी योजनाओं के असर का वास्तविक मूल्यांकन करेगी। इलेक्ट्रानिक और डिजिटल पहुंच भी होगी दर्ज अब जनगणना में यह भी गिना जाएगा कि घर सूचना और तकनीक से कितना जुड़ा है। घर में रेडियो या ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर या लैपटाप है या नहीं, यह पूछा जाएगा। टेलीफोन, मोबाइल या स्मार्ट फोन की उपलब्धता भी दर्ज होगी। यह डाटा बताएगा कि डिजिटल इंडिया की योजनाएं गांव और शहर तक कितनी पहुंची हैं। साइकिल से कार तक की गिनती परिवार के पास साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड है या नहीं। कार, जीप या वैन जैसी चार पहिया गाड़ियों की जानकारी भी दर्ज होगी। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति का एक बड़ा संकेत मिलेगा। अहम हैं ये 33 सवाल विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ डाटा संग्रह नहीं, बल्कि आने वाले दशक की नीतियों की नींव है। आवास, पेयजल, स्वच्छता, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और सामाजिक कल्याण की योजनाएं इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तय होंगी। इस बार जनगणना का मकसद सिर्फ कितने लोग है यह जानना नहीं, बल्कि यह समझना है कि लोग कैसे जी रहे हैं। जानकारी अनुसार जनगणना-2027 का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। यह प्रक्रिया अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चयनित 30 दिनों में पूरी की जाएगी। पहले चरण के पूरा होने के बाद इससे संबंधित अधिसूचना राज्य राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी। सीमा स्थिरीकरण लागू सरकार की सीमा स्थिरीकरण अधिसूचना के तहत 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में किसी भी ग्रामीण या शहरी प्रशासनिक इकाई की सीमा या क्षेत्राधिकार में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। डिजिटल जनगणना की पूरी तैयारी जनगणना 2027 इस बार पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित होगी। पहले चरण में कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकानों की स्थिति, उनके उपयोग, उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, घरेलू परिसंपत्तियों और परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज से जुड़े होंगे। केंद्र सरकार ने इन प्रश्नों को 23 जनवरी 2026 को विधिवत जारी कर दिया है। इस चरण की नोडल जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को सौंपी गई है। जनगणना में इस बार शुरुआत से ही जियो-स्पैशियल डेटा और एनालिटिक्स के उपयोग को अनिवार्य किया गया है, जिससे हर मकान का डिजिटल मैपिंग आधारित रिकॉर्ड तैयार होगा। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार प्रक्रिया दो चरणों में होगी। प्रथम चरण (अप्रैल–सितंबर 2026) में मकान सूचीकरण और आवास संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि द्वितीय चरण (फरवरी 2027) में जनसंख्या की वास्तविक गणना होगी। देशभर के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि तय की गई है।

बोले, पिछले नौ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई ऐतिहासिक वृद्धि, वर्ष 2017 के 36 से बढ़कर 2025 में 81 हुए मेडिकल कॉलेज

प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों से बढ़े डॉक्टर्स, चिकित्सा शिक्षा को मिला विस्तार वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका  बोले, पिछले नौ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई ऐतिहासिक वृद्धि, वर्ष 2017 के 36 से बढ़कर 2025 में 81 हुए मेडिकल कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हुई मजबूत, 54 जनपदों में 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट से 2.05 करोड़ मरीजों का हुआ उपचार लखनऊ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर सभी का ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और क्षमता बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से किए गए प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई ऐतिहासिक वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और आधुनिक तकनीक आधारित टेली मेडिसिन सेवाएं इसकी प्रमुख मिसाल हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या में बढ़ोत्तरी से स्वास्थ्य सेवाएं हुईं बेहतर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2017 तक कुल 36 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जिनमें 15 राजकीय और 21 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल थे। पिछले कई वर्षों में प्रदेश सरकार ने मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की। वर्ष 2025 के अंत तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 81 हो गई है। इनमें 45 राजकीय और 36 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या में इस निरंतर वृद्धि से न केवल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर हुई है, बल्कि हर वर्ष बड़ी संख्या में नए डॉक्टरों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। इससे भविष्य में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। 22 लाख से अधिक लोगों ने ई संजीवनी टेली परामर्श सेवा का उठाया लाभ वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल और डेंटल शिक्षा के पाठ्यक्रमों तथा परीक्षाओं के स्तर में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अटल बिहारी वाजपेयी राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। प्रदेश के ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं उनके द्वार तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा की शुरुआत की है। वर्तमान में प्रदेश के 54 जनपदों में कुल 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जा रहा है। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए अब तक कुल 2.05 करोड़ रोगियों का उपचार किया जा चुका है। यह सेवा उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है, जिन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों से अस्पतालों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। प्रदेश में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए प्रदेश में टेली मेडिसिन सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 11 मई 2021 से ई-संजीवनी टेली परामर्श सेवाएं प्रारंभ की गईं। वर्तमान में प्रदेश के 26 मेडिकल कॉलेजों में यह सेवा संचालित हैं, जिसके माध्यम से अब तक 22,53,320 ओपीडी परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं। इससे मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सुविधा मिली है।

कुल बजट का 6.1 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र को हुआ आवंटित, राष्ट्रीय औसत से अधिक निवेश का दावा

आर्थिक सर्वे 2025-26:  प्रदेश में मजबूत हो रहा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, आमजन पर कम हुआ स्वास्थ्य खर्च का बोझ – वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का ब्यौरा – स्वास्थ्य बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 46,728.48 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक आवंटन – कुल बजट का 6.1 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र को हुआ आवंटित, राष्ट्रीय औसत से अधिक निवेश का दावा – सरकारी निवेश बढ़ने से आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर में आई कमी, सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में  हुआ सुधार लखनऊ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। पटल पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। आर्थिक सर्वे के आंकड़े के अनुसार, प्रदेश सरकार चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के विस्तार और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्ष 2025-26 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए आवंटित किया गया 46,728.48 करोड़ का बजट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 46,728.48 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया। यह अब तक का सर्वाधिक आवंटन है, जिससे यह साफ है कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। बजट में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य अवसंरचना और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की “स्टेट फाइनेंस: ए स्टडी ऑफ बजट ऑफ 2025-26” रिपोर्ट का हवाला देते हुए आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य बजट कुल बजट का 6.1 प्रतिशत रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। यह तथ्य दर्शाता है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अन्य राज्यों की तुलना में अधिक निवेश कर रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर प्रकाशित राष्ट्रीय लेखा अनुमानों और अद्यतन रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश के कुल स्वास्थ्य व्यय में सरकार द्वारा वहन किए जा रहे खर्च में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही आम लोगों के आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर में कमी दर्ज की गई है। आर्थिक सर्वे के अनुसार यह बदलाव इस बात का संकेत है कि सरकारी निवेश बढ़ने से नागरिकों पर स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक बोझ कम हो रहा है। अस्पताल, क्लीनिक, टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और स्वास्थ्य अवसंरचना में सुधार के लिए अधिक बजट आवंटन किया गया है, जिससे सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। वर्ष 2024-25 में गैर-संस्थागत प्रसव की संख्या घटकर 1.66 लाख पहुंची आर्थिक सर्वे में यह भी बताया गया है कि प्रदेश में राज्य सरकार के सुधारात्मक प्रयासों और जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं के प्रभाव से संस्थागत प्रसव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की सक्रिय भूमिका से गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा। वर्ष 2021-22 में प्रदेश में कुल 34.74 लाख संस्थागत प्रसव हुए थे, जो वर्ष 2024-25 में 18.02 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 41 लाख तक पहुंच गए। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में कुल प्रसव का 96.12 प्रतिशत संस्थागत प्रसव रहा। इसके विपरीत गैर-संस्थागत प्रसव की संख्या वर्ष 2021-22 में 3.35 लाख थी, जो वर्ष 2024-25 में 50.44 प्रतिशत की कमी के साथ घटकर 1.66 लाख रह गई। यह उपलब्धि सरकार के सकारात्मक प्रयासों और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है। वर्ष 2024-25 में 100 प्रतिशत बच्चों को टीकाकरण किया गया प्रदेश में टीकाकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आर्थिक सर्वे के अनुसार, प्रदेश के सभी जनपदों में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों पोलियो, टीबी, गलाघोंटू, टिटनेस, काली खांसी, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप-बी (हिब), हेपेटाइटिस-बी, निमोनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस (जे.ई.), खसरा, रूबेला और डायरिया से बचाव के लिए नियमित रूप से निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। साथ ही गर्भवती महिलाओं को टिटनेस से बचाव के लिए टीके लगाए जा रहे हैं। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एचएमआईएस (HMIS)डाटा के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 100 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया। वहीं वर्ष 2025-26 में सितंबर 2025 तक 28.62 लाख बच्चे (98 प्रतिशत) पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किए जा चुके हैं। आर्थिक सर्वे में इसे जन-जागरूकता अभियानों, सेवा प्रदायगी में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का सकारात्मक परिणाम बताया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में नवजात, शिशु और बाल मृत्यु दर को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU),न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (पोषण पुनर्वास केंद्र), गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम (HBNC)और कंगारू मदर केयर (KMC)जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कमजोर और कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल प्रदान की जा रही है, जिससे बाल स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार हो रहा है।

67.50 लाख वृद्धजनों तथा 22.89 लाख दिव्यागजनों को पेंशन, 17.48 लाख छात्रों को मिली छात्रवृत्ति

सामाजिक सुरक्षा और कल्याण पर विशेष फोकस, वर्ष 2025-26 के लिए 34,504 करोड़ रुपये प्रस्तावित ‘सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास, सबका प्रयास’ अभियान को मिली गति, वंचित और पिछड़ों को मिला संबल 67.50 लाख वृद्धजनों तथा 22.89 लाख दिव्यागजनों को पेंशन, 17.48 लाख छात्रों को मिली छात्रवृत्ति लखनऊ  उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 34,504 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। वित्त वर्ष 2024-25 में इसके लिए 30,530 करोड़ रुपये का खर्च किए गए थे। वहीं 2017-18 में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए केवल 18,674 करोड़ व्यय किए गए थे। पिछले 9 वर्षों में ये वृद्धि दिखाती है कि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानमंडल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार का वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए ये जानकारी दी।  वृद्धजनों और दिव्यांगों को आर्थिक संबल प्रदेश सरकार का वृद्धजनों और दिव्यांगों के आर्थिक उन्नयन पर विशेष फोकस रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक 67.50 लाख वृद्धजनों तथा जनवरी, 2026 तक 22.89 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन से लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2024-25 में 7363.55 करोड़ रुपये से 60.99 लाख वृद्धजनों को लाभान्वित किया गया जो 2017-18 के मुकाबले 62.79 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।  छात्रवृत्ति योजना बनी 17.48 लाख निर्धन छात्रों का सहारा  छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से वर्तमान सरकार गरीब और पिछड़े छात्रों की शिक्षा के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करा रही है। वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक पूर्वदशम एव दशमोत्तर छात्रवृत्ति से अनु. जा.वर्ग के 3.42 लाख, पिछड़ावर्ग के 12.76 लाख तथा सामान्य वर्ग के 1.30 लाख छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2024-25 में पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति से अनु. जा. वर्ग के 14.98 लाख विद्यार्थियों को रु.636.34 करोड़, पिछडावर्ग के 29.94 लाख विद्यार्थियों को रु. 2454.32 करोड़ एवं सामान्य वर्ग के 8.78 लाख विद्यार्थियों को रु. 909.99 करोड़ व्यय कर लाभान्वित किया गया।  मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से 23,801 अभ्यर्थी प्रशिक्षित समीक्षा में कहा गया है कि वर्ष 2021-22 से आरम्भ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजनान्तर्गत वर्ष 2024-25 में रु. 34.92 करोड़ व्यय कर 23,017 अभ्यर्थियों को लाभान्वित किया गया। वर्ष 2025-26 में (दिसंबर, 2025 की स्थिति) रु. 10.57 करोड़ व्यय कर 23,801 अभ्यर्थियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2024-25 में सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत 95,466 कन्याओं के विवाह सम्पन्न हुए। 2017-18 के मुकाबले विवाहों की संख्या लगभग 5 गुना और व्यय 7 गुना बढ़ा है। जनवरी, 2026 तक कन्या सुमंगला से 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुईं। 53,607 आश्रितों को 162.50 करोड़ की मदद बी.पी.एल. परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु होने पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत सरकार द्वारा 2017-18 में 86.26 हजार आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान की गयी थी, वर्ष 2024-25 में लाभार्थियों की संख्या में 31.35% की वृद्धि हुई। साथ ही लाभार्थियों को वितरित धनराशि वर्ष 2017-18 में रु. 258.77 करोड़ थी, जो वर्ष 2024-25 में 14.53% बढ़कर रु. 296.36 करोड़ हो गयी। वर्ष 2025-26 में दिसंबर, 2025 तक 53,607 आश्रित व्यक्तियों को 162.50 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गयी।

पांच साल में विकसित बनेगा बस्तर

रायपुर. बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पण्डुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर पंडुम 2026 के सभी विजेताओं को केंद्रीय गृहमंत्री  शाह और मुख्यमंत्री  साय ने  सम्मानित किया। केंद्रीय गृहमंत्री ने बताया कि इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और सहभोज करने का अवसर भी मिलेगा। केंद्रीय गृहमंत्री  शाह ने जनजातीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन तथा जनजातीय प्रकृति व परंपरा का उत्सव बस्तर पण्डुम के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन के समापन अवसर पर आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 07 जिले के 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन्हीं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य बस्तर पण्डुम 2026 के माध्यम से राज्य की सरकार द्वारा किया जा रहा है।   आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना        शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु  राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की।  शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे। उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।  40 गांवों के स्कूलों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती है केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाईल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास से कोसों दूर थे, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं।   दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ जिले में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ    शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री  साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री  अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी  शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है। समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन        साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया। बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है। बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है।   साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करेंगे।  आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला … Read more

जैद मसूद बने मिस्टर भोपाल संभाग 2026

भोपाल गत दिवस मानस भवन भोपाल में भोपाल संभाग 2026 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें भोपाल संभाग के लगभग 200 खिलाड़ियों ने सहभागिता की इस प्रतियोगिता में फिटनेस 365 जिम के जेद मसूद ने चैंपियन का चैंपियन का खिताब अपने नाम किया बेस्ट पोजर का खिताब फिटनेस हेडक्वार्टर के सिकंदर खान के नाम रहा बेस्ट इंप्रूव जकी अली एवं मोस्ट मस्कुलर उदय सिंह चौहान बॉडी ग्रो हेल्थ केयर विदिशा के नाम रहा। सभी टाइटल होल्डर खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार भी दिया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक आशीष टॉक,माज कुरैशी , गोविंद गौरव, सीमा वर्मा एवं शराफत खान रहे प्रतियोगिता में मेंस फिजिक चैंपियनशिप का भी आयोजन किया गया जिसमें लगभग 60 खिलाड़ियों ने भाग लिया एवं इस टाइटल  को जैद अली फिटनेस 365 जिम ने अपने नाम किया। प्रतियोगिता के अन्य विजेता इस प्रकार रहे 55 किलो वर्ग में मूवीस कुरैशी फिटनेस हैडक्वाटर प्रथम असलम कुरैशी फिटनेस फॉरएवर द्वितीय निलेश कैलाश चौधरी अलेक्स जिम तीसरे स्थान, 60 किलो वर्ग में विशाल तोमर हंड्रेड क्रंचेज भोपाल प्रथम अभिषेक बंगाली मसाला फैक्ट्री जिम एवं आजाद खान टाइगर फिटनेस तीसरे स्थान पर रहे 65 किलो में उदय सिंह चौहान बॉडी ग्रो हेल्थ केयर विदिशा प्रथम मेघ श्याम धुरी इन शॉप फिटनेस क्लब द्वितीय एवं राकेश लोधी रूटिंग फिटनेस तीसरे स्थान पर रहे 70 किलो में मोहित चौरसिया फिटनेस हैडक्वाटर प्रथम अंकित परस्ते फ्लैश फिटनेस द्वितीय एवं सागर अठवाले शिवाय द फिटनेस क्लब तीसरे स्थान पर रहे 75 किलो कैटेगरी में जकी अली फिटनेस 365 प्रथम असीम फिटनेस हेडक्वार्टर द्वितीय एवं अरशद खान भारत जिम तीसरे स्थान पर रहे 80 किलो में जेद मसूद फिटनेस 365 प्रथम सलमान डी मार्क फिटनेस द्वितीय एवं मोहम्मद नईम टाइगर फिटनेस तृतीय स्थान पर रहे 85 किलो वर्ग में सिकंदर खान फिटनेस हेडक्वार्टर प्रथम संजय सिंह विआईपी फिटनेस द्वितीय एवं मोहम्मद अबरार फिटनेस 365 तीसरे स्थान पर रहे प्लस 85 कैटेगरी में दीपेंद्र गौर से फिटनेस प्रथम माधव इंगले एब्सलूट जिम द्वितीय एवं युसूफ अली स्मार्ट न्यू बॉडी शेप जिम तृतीय स्थान पर रहे।  सभी विजेता खिलाड़ियों को भोपाल जिला संगठन के प्रेसिडेंट राजेंद्र राहूरिकर, आजम खान,इसरार मलिक, गीत धीर, अभय सिंह चौहान शकील खान, अतुल व्यास जी द्वारा पुरस्कृत किया गया।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र शुरू, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पहले दिन किया संबोधन

राज्यपाल अभिभाषण-Copy 2 उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है उत्तर प्रदेश: राज्यपाल लखनऊ विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की व्यापक और तथ्यपरक तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति से लेकर कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, गन्ना किसानों के भुगतान, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण, खनन सुधार, सार्वजनिक परिवहन, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी आवास और श्रमिक कल्याण तक सरकार की नीतियों और उनके ठोस परिणामों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया।  रोशनी, भरोसा और राहत राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज किया गया है। वर्तमान में नगरीय मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 19 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ‘इंटेंसिव डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम’ के अंतर्गत अब तक 59.83 लाख स्मार्ट/इलेक्ट्रिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 37.45 लाख पुराने मीटरों का प्री-पेड में प्रतिस्थापन किया गया है। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले नौ वर्षों में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई, जिससे उपभोक्ताओं को स्थायी राहत मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में भरोसे का वातावरण मजबूत हुआ है। अन्नदाता की ताकत, प्रदेश की प्रगति राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2016–17 में 557.46 लाख मीट्रिक टन रहा खाद्यान्न उत्पादन 2023–24 में बढ़कर 670.80 लाख मीट्रिक टन हो गया, और 2024–25 में यह 737.40 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा। कृषि क्षेत्र के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है, जो 2016–17 में ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹6.95 लाख करोड़ हो गया है। यह 135 प्रतिशत वृद्धि के साथ लगभग 18 प्रतिशत वार्षिक विकास दर को दर्शाता है। बागवानी बना ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बागवानी क्षेत्र में भी प्रदेश ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। खेती का क्षेत्रफल 21.40 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि उत्पादन 3.80 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 6 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है। बागवानी उत्पादों के निर्यात में ₹400 करोड़ से बढ़कर ₹1,700 करोड़ तक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन उपलब्धियों का सीधा लाभ किसानों को मिला है, जिससे फलों और सब्जियों से किसानों की आय ₹41,000 करोड़ से बढ़कर ₹1,25,000 करोड़ तक पहुंच गई है। गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान, चीनी उद्योग को नई मजबूती राज्यपाल ने चीनी उद्योग और गन्ना किसानों को लेकर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने गन्ना मूल्य भुगतान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक किसानों को ₹3,04,321 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है, जो 1995 से 2017 के बीच हुए कुल भुगतान ₹2,13,519 करोड़ से ₹90,802 करोड़ अधिक है। राज्यपाल ने बताया कि 2017 के बाद पिपराइच, मुंडेरवा और रामाला में तीन नई चीनी मिलों की स्थापना से प्रदेश की पेराई क्षमता में प्रतिदिन 1.25 लाख क्विंटल की वृद्धि हुई है। किसानों के हित में गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, वहीं गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 84 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 59.75 करोड़ पौध किसानों तक पहुंचाई गईं तथा ₹76.88 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इन समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि चीनी उद्योग और गन्ना क्षेत्र से जुड़े 10 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। गो-कल्याण ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दी नई मजबूती राज्यपाल ने पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गो-कल्याण को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 निराश्रित गोवंश की देखभाल की जा रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत 1,81,418 गोवंश गो-पालकों को सुपुर्द किए गए हैं, जिससे 1,13,631 परिवारों को स्थायी आजीविका प्राप्त हुई है। गो-पालन को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए प्रति पशु प्रतिदिन ₹50 की दर से सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा रही है, जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक ₹1,484 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है। इन समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठोस आधार मिला है और पशुपालन आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी साधन बनकर उभरा है। जनभागीदारी से मजबूत हुआ पर्यावरण संरक्षण राज्यपाल ने वनों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक 242.13 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश का वनावरण बढ़कर 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न मानकर सामाजिक जनभागीदारी से जोड़ने की रणनीति ने उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित किया है। पौधरोपण, संरक्षण और संवर्धन के समन्वित प्रयासों से प्रदेश ने सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में ठोस प्रगति की है। पारदर्शी खनन से बढ़ा राजस्व राज्यपाल ने खनन क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक प्रदेश को ₹28,920 करोड़ का खनन राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि 2012–17 की अवधि में यह मात्र ₹7,712 करोड़ था। तकनीक-सक्षम निगरानी, ई-टेंडरिंग और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था के चलते न केवल राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हुआ है। -सार्वजनिक परिवहन को नई गति* उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने बताया कि निगम की 13,621 बसों ने 103.37 करोड़ किलोमीटर का संचालन किया, जिससे 37.10 करोड़ यात्रियों को सुरक्षित और सुलभ परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस कुशल प्रबंधन के परिणामस्वरूप निगम ने ₹3,810.63 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो … Read more

इशिता दत्ता ने 60 दिन में 15 किलो वजन घटाया: ‘दृश्यम’ एक्ट्रेस ने खुद शेयर किया वजन घटाने का राज

 मुंबई  फिल्म दृश्यम में अजय देवगन की बड़ी बेटी का रोल निभाकर फेम पाने वाली एक्ट्रेस इशिता दत्ता अपने वेट लॉस को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. दो बच्चों की मां इशिता ने हाल ही में बताया है कि कैसे दूसरी डिलीवरी के बाद उन्होंने 2 महीने में 15 किलो वजन कम  किया था. अक्सर ही प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ने लगता है, जिसे कम करना सबसे मुश्किल होता है. डिलीवरी के बाद भी वजन घटने की बजाय स्पीड से बढ़ता है,लेकिन इशिता का महज 2 महीने में ही काफी घट गया था. आखिर इसके पीछे की क्या वजह थी, अब एक्ट्रेस ने खुद खुलासा किया है.  प्रेग्नेंसी के दौरान क्या मुश्किलें आईं? इशिता ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी प्रेग्नेंसी के पहले दो ट्राइमेस्टर बहुत अच्छे रहे, जिसमें वो घूमीं, काम किया, अच्छा खाना खाया और सब कुछ नॉर्मल था. लेकिन छठे महीने में उन्हें प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा हो गया, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें पूरा बेड रेस्ट की सलाह दे दी थी.  प्रेग्नेंसी में पता चली नई बीमारी इशिता ने बताया कि प्रेंग्नेंसी के दौरान उनको एक दिन तेज पेट में दर्द हुआ था, कई बार हॉस्पिटल तक जाना पड़ा. तब टेस्ट में मालूम चला कि उनको गॉलब्लैडर स्टोन यानी पित्त की पथरी हो गई है. अब उनके लिए मुश्किल यह थी कि वो प्रेग्नेंट थी और ऐसे में ना तो उनका ऑपरेशन हो सकता था और ना ही वो कोई पेन किलर खा सकती थीं.  उसके बाद उनके लिए प्रेग्नेंसी उनके लिए बहुत दर्दभरी रही, उनको असहनीय दर्द होता था. फिर आठवें महीने में ही उन्होंने अपनी बेटी को जन्म दिया. हालांकि यहां भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई, क्योंकि डॉक्टर ने साफ कहा कि डिलीवरी के बाद एकदम से सर्जरी नहीं कर सकते हैं. वह ब्रेस्टफीडिंग कर रही थीं और शरीर को रिकवर होने में समय लग रहा था, इसलिए लगभग 40 दिन बाद गॉलब्लैडर का ऑपरेशन हुआ.  वेट लॉस की पीछे का असली सच इशिता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी धीरे-धीरे ही उनकी रिकवरी हुई और इस दौरान उनको सख्त डाइट फॉलो करनी पड़ी. इसलिए उनका वजन किसी डाइट प्लान या एक्सरसाइज से नहीं, बल्कि बीमारी, सर्जरी, बैलेंस डाइट और लंबे समय की रिकवरी की वजह से कम हुआ. यह कोई  मैजिक या शॉर्टकट नहीं है.       

भारतीय टेनिस का नया सितारा दक्षिणेश्वर सुरेश, डेविस कप में ऐतिहासिक जीत से टीम को दिलाई सफलता

 बेंगलुरु भारतीय टेनिस के उभरते सितारे दक्षिणेश्वर सुरेश ने डेविस कप में ऐसा कमाल कर दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है. बेंगलुरु में आयोजित नीदरलैंड्स के खिलाफ वर्ल्ड ग्रुप-I मुकाबले में इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 3-2 से जीत दिलाई. नीदरलैंड्स के खिलाफ ये जीत ऐतिहासिक रही क्योंकि डच टीम की वर्ल्ड रैंकिंग 6 है, जबकि भारत 33वें नंबर पर है, इस जीत के बाद सुरेश मौजूदा भारतीय टेनिस के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं. शुरुआत में दक्षिणेश्वर सुरेश को इस मुकाबले का मुख्य चेहरा नहीं माना जा रहा था, लेकिन रविवार तक आते-आते उन्होंने पूरी कहानी बदल दी. ‘डीके’ के नाम से मशहूर सुरेश ने अपने खेले तीनों मुकाबले जीते. उन्होंने दोनों सिंगल्स मैच तो अपने नाम किए ही, साथ ही युकी भांबरी के साथ डबल्स मुकाबला भी जीता. उनके इस प्रदर्शन ने भारत को डेविस कप के क्वालिफायर राउंड-2 में पहुंचा दिया. यह नए डेविस कप फॉर्मेट में टीम की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. सीरीज का सबसे अहम पल निर्णायक पांचवें मुकाबले में आया, जहां दक्षिणेश्वर सुरेश ने गाय डी ओडेन को 6-4, 7-6(4) से हराकर भारत की जीत पक्की की. आखिरी शॉट के बाद वे कोर्ट पर ही लेट गए और फिर साथियों ने उन्हें घेरकर जश्न मनाया. दक्षिणेश्वर सुरेश कौन हैं? तमिलनाडु के मदुरै से आने वाले 6 फीट 5 इंच लंबे दक्षिणेश्वर सुरेश आधुनिक पावर-बेसलाइनर खिलाड़ी हैं. उनका खेल तेज सर्विस, दमदार फोरहैंड और बेसलाइन से रैलियों पर नियंत्रण बनाने पर आधारित है. पारंपरिक भारतीय ‘वॉली’ स्टाइल से अलग उनका आक्रामक अंदाज उन्हें खास बनाता है. उनका टेनिस सफर अमेरिकी कॉलेज सिस्टम से होकर गुजरा. उन्होंने जॉर्जिया ग्विनेट कॉलेज में कई एनएआईए खिताब जीते और बाद में वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी में एनसीएए डिवीजन-I टेनिस खेलते हुए ऑल-अमेरिकन सम्मान हासिल किया. कॉलेज टेनिस के कठिन माहौल ने उनके मानसिक संतुलन और फिटनेस को मजबूत बनाया, जिसका फायदा डेविस कप में साफ नजर आया. 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत दक्षिणेश्वर सुरेश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई. बेंगलुरु ओपन में उन्होंने कई बड़े उलटफेर किए और ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को हराया. जनवरी 2026 में उनकी रैंकिंग दुनिया में 460 के आसपास पहुंच गई. उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें 2025 में ITD मेल प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया. अब नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप में तीन मैच जीतकर उन्होंने खुद को भारतीय टेनिस के नए स्टार के रूप में स्थापित कर दिया है. भारत की इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ाया है और फैन्स को एक नया नाम मिल गया है, जिस पर आने वाले वर्षों में सबकी नजर रहने वाली है.  

बेहद सम्मानजनक पल: कैबिनेट मंत्री ने रिपोर्टर के पैर छूकर किया सम्मान, वीडियो हुआ वायरल

नरसिंहपुर  नरसिंहपुर जिले के बम्होरी में एक अस्पताल के उद्घाटन के दौरान मंच पर एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. यहां नन्ही रिपोर्टर छवि विश्वकर्मा ने पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का इंटरव्यू लिया. छवि के बेबाक अंदाज में पूछे गए सवालों ने मंत्री जी को यह कहने पर मजबूर कर दिया कि लगता है नर्मदा जी का असर आप पर भी है, इसीलिए आप इतना अच्छा प्रश्न पूछ पा रही हैं.  रिपोर्टर छवि ने जब संगम की ऊर्जा पर सवाल किया, तो मंत्री पटेल ने समझाया कि जहां संगम होता है, वहां जीवन की संभावना होती है और उद्गम पर अपूर्व ऊर्जा. चाहे पहाड़ों का संगम हो या नदियों का या फिर चाहे स्त्री-पुरुष का हो, वहां जीवन की संभावना रहती है, इसलिए संगम पर लोग स्नान करने जाते हैं, लेकिन उनको कारण पता नहीं होता. हर गृहस्थ को जीवन चाहिए. जीवन में खुशियां चाहिए, इसलिए वो तीर्थों पर जाता है जहां संगम होते हैं.   छवि ने जब नर्मदा परिक्रमा के दौरान एक भील द्वारा आटा दान करने वाली कहानी पूछी, तो मंत्री हैरान रह गए. उन्होंने चौंकते हुए नन्हीं छवि से पूछा कि आपको किसने बताया? इस पर बालिका ने कहा कि दीदी और पिताजी ने.   इसके बाद जवाब में मंत्री ने कहा, ”उस नशे में धुत भील ने अपनी आधी खुराक दान कर दी थी, जो दुनिया का सबसे बड़ा दान है. वहीं उनके गुरु ने सिखाया कि खुद आधा खाने से बेहतर है किसी दूसरे को पूरी रोटी मिल जाए…” जब छवि ने पूछा कि आप किस रूप में ज्यादा खुश हैं, तो प्रहलाद पटेल ने मुस्कुराते हुए कहा, “रेवा (नर्मदा) दोधारी तलवार है, यह जोग (योग) भी देती है और भोग भी. मैं दोनों के तालमेल में खुश हूं.”  देखें VIDEO:-  छवि विश्वकर्मा के सवाल पूछने के स्टाइल और उनके आत्मविश्वास की रील सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. खुद कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल भी इस नन्ही प्रतिभा के कायल हो गए और उन्होंने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर इस पूरे इंटरव्यू को पोस्ट किया है. यही नहीं, इंटरव्यू खत्म होने के बाद मंत्री ने नन्ही रिपोर्टर को चरण छूकर प्रणाम किया. मोहन सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ”आयुर्वेद औषधालय के लोकार्पण पर एक 12 वर्ष की बेटी छाया विश्वकर्मा ने मेरा इंटरव्यू लिया. उनके प्रश्नों ने मुझे, उनके चरणों में झुका दिया. मैंने विनोदवश पूछा कि आप किस चैनल से हैं? तो उन्होंने कहा- मेरा ही चैनल है. मुझे आपका इंटरव्यू लेना है.” 

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बागेश्वर धाम में होगा सामूहिक विवाह, अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

छतरपुर  बागेश्वर धाम में होने जा रहे  पर सामूहिक विवाह स्थल का कलेक्टर- एसपी सहित अधिकारियों ने किया निरीक्षण। व्यवस्थाओं का लिया जायजा। इस दौरान बागेश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ भी हुई अधिकारियों की बैठक, विधायक अरविंद पटेरिया भी रहे मौजूद। खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की।

विशाखापत्तनम-रायपुर भारतमाला घोटाला: 43 करोड़ की अनियमितता, EOW बाकी खसरा की जांच से क्यों कतरा रही?

रायपुर विशाखापत्तनम-रायपुर भारतमाला इकोनामिक कारिडोर में अभनपुर के आसपास के जिन छह गांवों की जमीन के अधिग्रहण में मुआवजा घोटाले की शिकायत हुई है, उनमें सभी खसरों की जांच नहीं हो पाई है। जबकि 12 खसरों की जांच में ही 43 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। चार वर्ष पूर्व सबसे पहले लगभग 53 खसरों की एक साथ शिकायत की गई थी। पिछले कुछ महीनों में 16 खसरा नंबरों की और शिकायत हुई है। अब गड़बड़ी वाले खसरों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। 12 खसरों की जांच में ही बड़े-बड़े नाम घोटाले में लिप्त पाए गए हैं। अब शेष 63 खसरों में खेल करने वाले अफसरों की भूमिका जांच के घेरे में है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए जल्द ही अन्य खसरों की जांच शुरू की जाएगी। जांच की कछुआ चाल और सिस्टम पर सवाल जुलाई 2022 में पहली बार शिकायत होने के बाद शासन ने जांच के आदेश तो दिए, लेकिन कार्रवाई की गति बेहद संदिग्ध रही। 14 माह की लंबी जांच के बाद भी नतीजा ‘ढाक के तीन पात’ ही रहा। स्थिति यह है कि ग्राम झांकी में 16 संदिग्ध खसरों में से 12 सरकारी भूमि के हैं, जिनका मुआवजा निजी बताकर उठा लिया गया। इसी तरह ग्राम नायक बांधा में 31 खसरों की शिकायत हुई, लेकिन जांच केवल छह की हुई। यहां जमीन को 247 टुकड़ों में बांटने की शिकायत है, जबकि ग्राम टोकरो के आठ संदिग्ध खसरों में से केवल एक की जांच हो सकी है। अब ईडी की चौखट पर पहुंचा मामला लगातार शिकायतों के बावजूद जब स्थानीय प्रशासन और राजस्व अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो अब मामले की शिकायत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में की गई है। रिकार्ड बताते हैं कि 38 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीनों को करीब 561 भागों में बांटा गया है, ताकि मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ाया जा सके। इसमें सरकारी जमीन को निजी दिखाकर हड़पने का आरोप है। दुर्ग-अभनपुर बायपास : 1,196 खसरों पर खामोशी सिर्फ मुख्य कारिडोर ही नहीं, बल्कि दुर्ग-अभनपुर बायपास में भी भारी अनियमितता की बू आ रही है। यहां 18 गांवों के 1,196 खसरे प्रभावित हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत खसरों में गड़बड़ी की शिकायतें हैं। ग्राम भेलवाडीह में 174, झांकी में 114 और पचेड़ा में 102 खसरे में मुआवजे का खेल हुआ है, लेकिन यहां अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। सात आरोपित गिरफ्तार रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनामिक कारिडोर (भारतमाला परियोजना) जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में अब तक सात मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अप्रैल 2025 में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने सबसे पहले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी और उनके पति केदार तिवारी शामिल थे। इसके बाद अक्टूबर 2025 में टीम ने घोटाले में शामिल तीन पटवारियों को गिरफ्तार किया। इनके नाम दिनेश पटेल (नायकबांधा), लेखराम देवांगन (टोकरो) और बसंती घृतलहरे (भेलवाडीह) हैं। ईओडब्ल्यू ने अपनी 7,500 पन्नों की चार्जशीट में कुल 10 लोगों को आरोपित बनाया है, जिनमें से कई राजस्व अधिकारी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

रणजी में उलटफेर का तूफान, जम्मू-कश्मीर ने MP को रौंदा; आकिब बना जीत का हीरो

इंदौर तेज गेंदबाज आकिब नबी के करियर के सर्वश्रेष्ठ 12 विकेट से जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैच के चौथे दिन सोमवार को इंदौर में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। पहली पारी में सात विकेट चटकाने वाले 29 साल के नबी ने दूसरी पारी में पांच विकेट झटके जिससे जीत के लिए 291 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही 2021-22 की चैंपियन मध्य प्रदेश की टीम 234 रन पर आउट हो गई। जम्मू-कश्मीर के सामने सेमीफाइनल में बंगाल और आंध्र के बीच खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ने वाली टीम की चुनौती होगी। दूसरे सेमीफाइनल में उत्तराखंड की टक्कर कर्नाटक से हागी। आकिब ने बीते दिन 23 रन देकर तीन विकेट लिए थे जिससे मध्य प्रदेश का स्कोर दूसरी पारी में पांच विकेट पर 84 रन था। आकिब ने मैच के चौथे दिन रामवीर गुर्जर (11) और फिर मध्य प्रदेश की आखिरी उम्मीद सारांश जैन (81 गेंद में 64 रन) को आउट कर मैच में दूसरी बार पांच विकेट झटकने का कारनामा पूरा किया। आर्यन पांडे (22) आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे। इससे पहले दिन की शुरुआत में टीम ने अभी 20 रन ही जोड़े थे कि अनुभवी वेंकटेश अय्यर (17) सुनील कुमार की गेंद को विकेटकीपर के हाथों में खेल गए। सारांश ने इसके बाद शुभम शर्मा (32) और रामवीर के साथ अहम साझेदारियां कर जम्मू-कश्मीर के जीत के इंतजार को बढ़ाया। वामहस्त स्पिनर आबिद मुश्ताक ने 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए। आकिब प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। वहीं, केएल राहुल के 24वें प्रथम श्रेणी शतक की बदौलत कर्नाटक ने सोमवार को 42 बार के चैंपियन मुंबई को चार विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। राहुल ने 182 गेंद में 14 चौकों और एक छक्के से 130 रन की पारी खेली जिससे कर्नाटक ने 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए छह विकेट पर 325 रन बनाकर जीत दर्ज की।

भारत के अमेरिकी तेल आयात पर पीयूष गोयल का बयान:

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका में लंबे समय से अटकी ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर बात बन चुकी है और इसे लेकर फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया गया है. इसके तहत भारत अमेरिका से तेल का आयात भी करेगा. इसके बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या ट्रेड डील में ऐसी बाध्यता शामिल की गई है, जिसके चलते देश को US Crude Oil खरीदना होगा. इसे लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal On US Oil Import) ने बड़ा बयान दिया है और ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार करते हुए अमेरिकी तेल की खरीदारी को पूरी तरह से रणनीतिक फैसला करार दिया है. US Oil खरीद पर पर बड़ा बयान भारत-US के बीच व्यापार समझौते को लेकर Piyush Goyal ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा खरीदने से भारत को तेल के सीमित सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही उन्होंने दोहराया कि इसकी वास्तविक खरीदारी बायर्स और सप्लायर्स कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से ही की जाती है. गोयल ने जोर देते हुए कहा कि ये निर्णय वाणिज्यिक विचारों से प्रेरित हैं और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) द्वारा निर्धारित नहीं हैं यानी इस समझौते में ऐसी कोई बाध्यता नहीं रखी गई है. गोयल बोले- ‘ये भारत के हित में…’ एएनआई को दिए एक इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ढांचा यह अनिवार्य नहीं करता कि कौन क्या और कहां से खरीदेगा?, बल्कि यह सिर्फ व्यापार और अच्छी पहुंच के लिए एक आसान रास्ता मुहैया कराता है. Piyush Goyal  के मुताबिक, अमेरिका से कच्चा तेल (Crude Oil), एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) खरीदना भारत के अपने रणनीतिक हित में है, क्योंकि देश अपने ऊर्जा स्रोतों में लगातार विविधता ला रहा है.    US के साथ ट्रेड डील के ये फायदे इंटरव्यू के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि Trade Deal के तहक आज जब हमें हाई टैरिफ से काफी कम 18% Tariff मिला है, तो हमें अन्य विकासशील देशों पर वरीयता भी मिली है, जो आमतौर पर हमारे प्रतिस्पर्धी हैं. उन्होंने कहा कि ये डील तमाम सेक्टर्स को व्यापक मौके मुहैया कराएगा. इसके साथ ही हमारे युवाओं, बहनों, महिलाओं के लिए भी अपार अवसर मिलेंगे और साथ ही हमारे किसानों और मछुआरों के लिए भी ये अच्छा है.  वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमारे MSMEs तेज रफ्तार से बढ़ेंगे और वे अमेरिका को आवश्यक कई सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता बनेंगे. ये समझौता हमारे कपड़ा क्षेत्र, हमारा जूता और चमड़ा क्षेत्र, हमारा खिलौना क्षेत्र, हैंडक्राफ्ट सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, फर्नीचर समेत अन्य के लिए असीमित संभावनाओं से भरा हुआ है, जैसा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भी कहा है.  दवाओं से डायमंड तक पर हटेगा टैरिफ! गौरतलब है कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में चुनिंदा भारतीय निर्यातों पर Reciprocal Tariff हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, जेम्स एंड ज्वेलरी, डायमंड और विमान के पुर्जे शामिल हैं. इसके साथ ही भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क भी हटाए जाएंगे. इस डील के तहत भारत भी अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर वैल्यू के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, आईटी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोयला खरीदेगा. 

IRCTC की नई सर्विस: अब ट्रेन में सीट छोड़कर नहीं जाना होगा, मिलेगा खाना सीधी सीट पर

  नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने ‘ई-पैंट्री’ सर्विस शुरू की है. जिसके जरिए अब यात्री 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनलाइन खाना और पानी पहले से बुक कर सकते हैं. खाना सीधे उनकी सीट पर पहुंचा दिया जाएगा. यह सर्विस उन ट्रेनों के लिए है, जहां टिकट में खाना शामिल नहीं होता. बता दें कि IRCTC भारतीय रेलवे का हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म विभाग है, यह कैटरिंग, टूरिज्म और ऑनलाइन टिकट बुकिंग का काम देखता है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ई-पैंट्री सेवा यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और तकनीक से यात्रा को बेहतर बनाने का हिस्सा है. ई-पैंट्री सर्विस कैसे काम करती है? ई-पैंट्री सर्विस IRCTC की टिकट बुकिंग वेबसाइट और ऐप से जुड़ी हुई है. जिन यात्रियों का टिकट कन्फर्म, RAC या आंशिक कन्फर्म है, वे टिकट बुक करते समय या बाद में “बुक टिकट हिस्ट्री” सेक्शन में जाकर स्टैंडर्ड मील और रेल नीर (पैकेज्ड पानी) पहले से ऑर्डर कर सकते हैं. ऑर्डर करने के बाद यात्री को SMS या ईमेल से कन्फर्मेशन मैसेज और मील वेरिफिकेशन कोड (MVC) मिलता है. यात्रा के दिन ट्रेन में वेंडर को MVC दिखाना होता है, फिर खाना सीट पर डिलीवर कर दिया जाता है. इन ट्रेनों में शुरू ई-पैंट्री सर्विस ई-पैंट्री सर्विस विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22503/04) पर आजमाई गई थी, जो भारत की सबसे लंबी दूरी वाली ट्रेनों में से एक है. अच्छे रिस्पॉन्स के बाद अब इसे 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में शुरू कर दिया गया है. आइए जानते हैं किन प्रमुख ट्रेनों में ई-पैंट्री सर्विस शुरू की गई है.       स्वतंत्र सेनानी एक्सप्रेस     स्वर्णजयंती एक्सप्रेस     कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस     मंगला द्वीप एक्सप्रेस     कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस     पुष्पक एक्सप्रेस     पश्चिम एक्सप्रेस     नेत्रावती एक्सप्रेस     ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस     पूर्वा एक्सप्रेस     लिच्छवी एक्सप्रेस     आजाद हिंद एक्सप्रेस     मालवा एक्सप्रेस     अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस     पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और अन्य कई ट्रेनें.  

SIR पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ममता बनर्जी को झटका, चीफ जस्टिस बोले—हर राज्य जिम्मेदारी निभाए

नई दिल्ली देश के कई राज्यों में चल रहे SIR के खिलाफ देश की शीर्ष अदालत में वकील बनकर पहुंचीं ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने साफ कर दिया है कि SIR की प्रक्रिया में किसी तरह की रोक लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। इसमें कोई बाधा भी पैदा करने की परमिशन अदालत नहीं देगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी राज्यों को इस बात को समझ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो कुछ भी स्पष्टता चाहिए, वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी जाएगी।

मध्य प्रदेश: खरगोन में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

खरगोन खरगोन जिले में हनीट्रैप और ब्लैकमेल रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने इस मामले में रविवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया. ये आरोपी कथित तौर पर पिछले एक साल में लगभग 40 लोगों से लाखों रुपये बटोर चुके थे. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने जिन 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से तीन महिलाएं हैं. एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उससे 2.5 लाख रुपये ऐंठे हैं. शिकायतकर्ता की शिकायत पर सनावद पुलिस स्टेशन ने एक्शन लिया. थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव की अगुवाई में जांच शुरू की गई और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया. लोगों की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करता था गिरोह सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी अर्चना रावत ने इस गैंग की स्ट्रैटेजी का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि गिरोह की महिलाएं बातचीत के जरिए लोगों को फुसलाती थीं और उन्हें मिलने के लिए बुलाती थीं. तभी गिरोह के दूसरे सदस्य चोरी-छुपे इस मुलाकात की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे.  ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूलते थे पैसे रावत ने बताया कि आरोपी इन वीडियो को वायरल करने की धमकी या उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे और लोगों से लाखों रुपये वसूल करते थे. उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

शरद पवार अस्पताल में भर्ती, तबीयत में आई खराबी

 पुणे एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार की तबीयत सोमवार को अचानक बिगड़ गई है. शरद पवार को बारामती से पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक ले जाया जा रहा है. शरद पवार के कार्यालय ने जानकारी दी है कि उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत है. सोमवार को बारामती तालुका के काठेवाड़ी में दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की तेरहवीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है. शरद पवार और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को इस समारोह में शामिल होना था, लेकिन शरद पवार की आज सुबह से ही तबीयत खराब हो गयी. इसकी वजह से वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए. प्राप्त जानकारी के अनुसार शरद पवार को सुबह से ही खांसी, बुखार और जुकाम था, इसलिए डॉक्टरों की एक टीम सुबह ही बारामती के गोविंदबाग स्थित उनके आवास पर पहुंच गई थी. डॉक्टरों ने शरद पवार की नियमित जांच की. इसके बाद, डॉक्टरों की एक टीम दोपहर में शरद पवार की दोबारा जांच करने गई. पुणे के रूबी अस्पताल में किया जाएगा भर्ती शरद पवार को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया गया है. कुछ मिनट पहले शरद पवार पुणे के लिए रवाना हुए. उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भी उनके साथ हैं. शरद पवार के काफिले में एक एम्बुलेंस भी है. शरद पवार जल्द ही पुणे पहुंचेंगे. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. उनका आगे का इलाज पुणे के रूबी अस्पताल में होगा. परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि शरद पवार को लगातार खांसी और कफ की दिक्कत हो रही है, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने प्रोटेक्टिव मास्क पहना हुआ था और मेडिकल सपोर्ट स्टैंडबाय पर था. पिछले कुछ दिनों से पवार की तबीयत ठीक नहीं माना जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से शरद पवार की सेहत ठीक नहीं रही है. बीमारी की वजह से वह पिछले दो-तीन महीनों से ज्यादातर सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहे थे, लेकिन अपने भतीजे और अजीत पवार की अचानक मौत के बाद उन्होंने पार्टी वर्कर्स और आम लोगों से मिलना फिर से शुरू कर दिया. पिछले हफ्ते, उन्होंने लगातार तीन दिन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में बिताए, जहां अजीत पवार रहते थे, जहां पार्टी लीडर्स और शुभचिंतक शोक जताने के लिए इकट्ठा हुए थे. माना जा रहा है कि पिछले आठ दिनों से बारामती में लगातार आने वालों की वजह से वह थक गए थे. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य भर में डिस्ट्रिक्ट काउंसिल और पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित होने के साथ पॉलिटिकल एक्टिविटी बढ़ गई है.

किसानों के पक्ष में शिवराज का बयान, भारतीय मसालों के लिए नया व्यापारिक अवसर होगा तैयार

भोपाल  भारत-अमरीका ट्रेड डील पर डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर कई दिन से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेसवार्ता कर खेती-किसानी से जुड़े मामले पर बात रखी। कहा कि यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमरीका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमरीकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, अमरीका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे घटाकर शून्य कर दिया है। विदेशी कृषि उत्पादों को देना होगा टैरिफ शिवराज ने कहा कि हमारे मसालों को अमरीका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।  अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट प्राप्त है। यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज में टैरिफ शून्य रहेगा। अमरीका के लिए नहीं खोले द्वार शिवराज ने कहा कि ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे हमारे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमरीका के लिए द्वार नहीं खोला गया है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी, विपक्ष ने बताए कारण

नई दिल्ली संसद का बजट सत्र 2026 अब तक काफी हंगामेदार रहा है. हर दिन सदन की कार्यवाही विपक्षी सांसदों के चलते स्थगित करनी पड़ रही है. आज सोमवार को भी लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. वहीं, सूत्रों से जानकारी मिली है कि विपक्षी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है. सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष इसे बजट सेशन 2026 के दूसरे फेज में पेश करेगा, क्योंकि इसके लिए उसे 20 दिन का नोटिस देना होता है. वहीं, इस फैसले के लिए जो वजहें बताई गई हैं, उनमें सबसे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की इजाजत नहीं देना; दूसरा चेयर पर बैठे पीठासीन अधिकारी द्वारा महिला सांसदों का नाम लिया जाना; तीसरा कुछ ट्रेजरी बेंच सांसदों को हमेशा सदन में प्रिविलेज दिया जाना; और आखिरी जिस तरह से 8 विपक्षी सांसदों को पूरे सेशन के लिए सस्पेंड किया गया शामिल है. लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला तब हुआ जब विपक्ष ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में बोलने नहीं दिया गया. बता दें, पिछले हफ्ते, संसद के निचले सदन में उस समय नारेबाजी और हंगामा हुआ जब राहुल गांधी ने चीन के साथ 2020 के गतिरोध पर चर्चा करने के लिए पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की ‘अनपब्लिश्ड’ यादों का जिक्र किया. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक आदेश पारित किया था, जिसमें राहुल गांधी से ‘अनपब्लिश्ड’ लिटरेचर का हवाला न देने को कहा गया था और पढ़ने की अनुमति देने से मना कर दिया था. वहीं, 5 फरवरी को स्पीकर बिरला ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो, क्योंकि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेसी सांसद सदन में पीएम मोदी की सीट तक आ सकते हैं और ‘ऐसी घटना कर सकते हैं जो पहले कभी नहीं हुई.’ आज सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही में कोई कानूनी काम नहीं हुआ, क्योंकि स्पीकर बिरला ने विपक्ष के भारत-US अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी के बीच सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया, जिससे प्रश्नकाल में रुकावट आई. आज सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब सात मिनट बाद ही स्थगित कर दी गई. जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्षी बेंचों से नारेबाज़ी जारी रही, सांसदों ने मांग की कि उनके मुद्दों पर ध्यान दिया जाए. हालांकि, स्पीकर बिरला ने सांसदों से अपील की कि वे मर्यादा बनाए रखें, क्योंकि किसी भी सांसद को सदन में बोलने पर कोई रोक नहीं होगी. सदन में रुकावट डालने के लिए विपक्षी सांसदों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि क्या आप सदन को स्थगित करना चाहते हैं? क्या आप काम नहीं करना चाहते? सदन बहस और चर्चा के लिए है, कृपया मुद्दों पर बात करें और उन्हें उठाएं. सभी को बोलने का मौका मिलेगा; किसी को भी बोलने से नहीं रोका जाएगा. लगातार नारेबाजी जारी रहने से स्पीकर बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी. संसद के दोनों सदनों में सोमवार को यूनियन बजट 2026-27 पर चर्चा जारी रहने वाली थी, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किया था. सीतारमण ने लगातार नौवीं बार लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया.

कपूर खानदान की लाडली खुशी कपूर ने बिकिनी टॉप और अनबटन जींस में दिखाया अपना स्वैग

मुंबई  बोनी कपूर की बेटी और जाह्नवी कपूर की छोटी बहन खुशी कपूर अपने ग्लैमरस अंदाज और फैशन सेंस से फैंस को क्रेजी कर देती हैं. खुशी का हर लुक एक से बढ़कर एक होता है. 25 साल की खुशी कपूर ने अब अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर रेड एंड व्हाइट बिकिनी में अपनी कुछ स्टनिंग तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें देखकर फैंस की धड़कनें भी तेज हो गई हैं.  खुशी कपूर ने बिकिनी टॉप के साथ जैकेट भी कैरी की है, जिसे उन्होंने फ्रंट से ओपन ही रखा है. बिकिनी संग एक्ट्रेस ने जींस को भी अनबटन करके स्टाइल किया है.  खुशी कपूर के इस अनोखे स्टाइल स्टेटमेंट से फैंस काफी इंप्रेस नजर आ रहे हैं. एक्ट्रेस ने इस लुक को स्मोकी आई मेकअप, ग्लॉसी लिपस्टिक के साथ कंप्लीट किया. ओपन हेयर में वो डीवा लग रही हैं.  खुशी ने कभी बैठकर, कभी लेटकर तो कभी खड़े होकर कई अलग अंदाज में पोज दिए. उनका हर एक पोज बेहद किलर है. एक्ट्रेस के ग्रेस और स्वैग से नजरें हटाना भी मुश्किल है.  खुशी ने फोटोज के कैप्शन में लिखा- हैप्पी संडे. उनकी ये ग्लैमरस तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. जाह्नवी कपूर ने भी बहन की तस्वीरों पर रिएक्ट किया है. उन्होंने कैप्शन में लिखा- नाइस कैजुअल कैप्शन. शनाया कपूर ने भी खुशी पर प्यार लुटाया है.         फैंस भी खुशी पर दिल हार बैठे हैं. एक्ट्रेस के पोस्ट का कमेंट सेक्शन तारीफों से भरा हुआ है. एक यूजर ने लिखा- आपसे प्यार हो गया है. दूसरे ने लिखा- सुपर हॉट. कोई हार्ट इमोजी बना रहा है, तो कोई फायर इमोजी बनाकर रिएक्शन दे रहा है. खुशी कपूर की बात करें तो वो बॉलीवुड में अपने कदम जमाने में लगी हैं. खुशी ने ‘द आर्चीज’ से अपना एक्टिंग डेब्यू किया था. इसके बाद वो ‘लवयापा’, ‘नादानियां’ में नजर आईं. 

माशिमं का बड़ा फैसला: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा फीस बढ़ाई, 5 साल बाद 800 रुपए तय

रायपुर  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने करीब 5 साल बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की है। यह बढ़ा हुआ शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। नए प्रावधान के तहत नियमित परीक्षार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रति विषय प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर 800 रुपए चुकाने होंगे, जबकि पहले इसके लिए 460 रुपए देने पड़ते थे। बोर्ड परीक्षा के आवेदन फॉर्म के शुल्क में भी 70 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां आवेदन शुल्क 80 रुपए था, अब इसे बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है। हालांकि, प्रवेश पत्र की द्वितीय प्रति के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके लिए पहले की तरह 80 रुपए ही देने होंगे। कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया फैसला 10वीं और 12वीं परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी का निर्णय माशिमं की कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया। समिति ने करीब 22 मदों के शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी है। इनमें नामांकन शुल्क, अतिरिक्त विषय, एक विषय या दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा), स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क समेत अन्य मद शामिल हैं। स्वाध्यायी छात्रों पर भी पड़ेगा असर प्रदेश के स्वाध्यायी एससी/एसटी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी लगभग डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। पहले जहां इसके लिए 560 रुपए देने होते थे, अब 800 रुपए चुकाने होंगे। वहीं, राज्य के नए छात्रों और राज्य से बाहर के छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले यह शुल्क 1,540 रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है। विषयवार परीक्षा शुल्क में इजाफा एक विषय की परीक्षा: 280 → 400 रुपए दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा): 340 → 600 रुपए 2021 में हुई थी पिछली बढ़ोतरी गौरतलब है कि, माशिमं ने इससे पहले साल 2021 में बोर्ड परीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न शुल्कों में वृद्धि की थी। पांच साल बाद एक बार फिर परीक्षा शुल्क बढ़ने से छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।

रिटायरमेंट के बाद GPF वसूली अवैध: हाईकोर्ट ने रिटायर्ड लेक्चरर को राहत देते हुए आदेश निरस्त किया

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी के रिटायरमेंट होने के छह माह बाद सामान्य भविष्य निधि (GPF) की राशि से किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जा सकती। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने एक रिटायर्ड लेक्चरर को राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया। दरअसल, मामला जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ निवासी लक्ष्मीनारायण तिवारी से जुड़ा है। वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ससहा में व्याख्याता के पद पर पदस्थ थे। लक्ष्मीनारायण तिवारी 31 जनवरी 2011 को 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर रिटायरमेंट हुए थे। रिटायरमेंट के करीब 12 साल बाद महालेखाकार कार्यालय रायपुर ने उनके GPF खाते में ऋणात्मक शेष दर्शाते हुए उनके खिलाफ वसूली आदेश जारी कर दिया। इस आदेश से परेशान होकर लक्ष्मीनारायण तिवारी ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर वसूली आदेश को चुनौती दी। 12 साल बाद की जा रही थी वसूली याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय ने कोर्ट में तर्क दिया। उन्होंने कहा कि जबलपुर हाईकोर्ट के रामनारायण शर्मा बनाम मध्यप्रदेश राज्य मामले में यह स्पष्ट किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के डीआर मंडावी बनाम छत्तीसगढ़ शासन और हृदयनारायण शुक्ला बनाम छत्तीसगढ़ शासन मामलों में भी यही बात कही गई है। इन फैसलों में कहा गया है कि शासकीय कर्मचारी के रिटायरमेंट के 6 माह के भीतर ही देयकों की वसूली की जा सकती है। इसके बाद वसूली करना नियमों के खिलाफ है। पेंशन नियम 65 के तहत 6 माह के भीतर ही वसूली का प्रावधान इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम, 1976 के नियम 65 का हवाला देते हुए बताया गया कि यदि किसी शासकीय सेवक के GPF खाते में ऋणात्मक शेष पाया जाता है, तो सेवानिवृत्ति की तिथि से केवल 6 माह की अवधि के भीतर ही वसूली की जा सकती है। निर्धारित समय-सीमा के बाद GPF राशि से किसी भी प्रकार की वसूली कानूनन गलत है। हाईकोर्ट ने किया वसूली आदेश को निरस्त हाईकोर्ट ने प्रस्तुत तर्कों और न्यायिक दृष्टांतों से सहमति जताते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के 12 साल बाद जारी किया गया वसूली आदेश विधि के विपरीत है। इसके बाद न्यायालय ने कार्यालय महालेखाकार रायपुर की ओर से जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया।

भोपाल में बड़ा मामला: जिम संचालक को गिरफ्तार, छात्रा से दुष्कर्म और लव जिहाद के आरोप में हवलदार निलंबित

भोपाल  राजधानी भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी का गिरोह चलाने वाले यासीन मछली गैंग से जुड़े एक बदमाश को भोपाल पुलिस ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी जिम संचालक है और वह यासीन के गिरोह में रहकर मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त बताया जा रहा है, हालांकि माज की गिरफ्तारी तस्करी में नहीं हुई है। माज का बड़ा भाई मोनिस खान यासीन मछली गिरोह के लिए तस्करी करने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। वह वर्तमान में जेल में है। 11वीं की छात्रा के साथ माज की थार में ही आरोपी ने दुष्कर्म कर वीडियो बनाया था।  कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने बताया कि 2 जनवरी को 11वीं की छात्रा से थार कार के अंदर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाकर नमाज पढ़वाने, मुस्लिम धर्म अपनाने और ब्लैकमेल कर एक लाख रुपये ऐंठने का प्रकरण ओसाफ के खिलाफ दर्ज किया गया है। इस मामले में ओसाफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की जांच में सामने आया कि नाबालिग छात्रा के साथ ओसाफ ने माज की थार कार में दुष्कर्म किया है। जिम संचालक माज को पुलिस ने आरोपी बनाया और उसकी गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त थार कार को जब्त करना था। इस मामले में थाने के प्रधान आरक्षक ज्ञानेन्द्र द्विवेदी की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। प्रधान आरक्षक द्विवेदी ने माज से को सरेंडर कराकर सीधे कोर्ट में पेश करने की योजना बना ली थी। इसकी सूचना के बाद प्रतिवेदन बनाकर डीसीपी जोन-3 को भेजा गया था। रविवार को डीसीपी जोन-3 ने प्रधान आरक्षक ज्ञानेन्द्र द्विवेदी को निलंबित कर दिया है। रविवार को आरोपी माज को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। खानूगांव क्षेत्र में किया था दुष्कर्म, मुख्य आरोपी जेल में पुलिस के अनुसार नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने वाला ओसाफ 12वीं का छात्र है और बालिग है। उसके पिता डॉक्टर और मां शासकीय स्कूल में टीचर हैं। ओसाफ अक्सर छात्रा की सहेली से मिलने स्कूल के आसपास आता था। इसी सहेली के माध्यम से उसकी पहचान पीड़िता से हुई। पिछले साल जुलाई में आरोपी ने पीड़िता को भोपाल घुमाने के बहाने बुलाया और खानूगांव के सुनसान इलाके में ले गया। वहां कार के अंदर आरोपी ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने शादी का झांसा देकर उसे चुप करा दिया। ओसाफ ने पीड़िता को पता चले बिना दुष्कर्म के दौरान का अश्लील वीडियो बना लिया था। कुछ समय बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से एक लाख रुपये की मांग की। बदनामी के डर से छात्रा ने किसी तरह 40 हजार रुपये का इंतजाम कर आरोपी को दिए। 40 हजार रुपये लेने के बाद भी ओसाफ की ब्लैकमेलिंग जारी रही। वह बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालता रहा। तंग आकर छात्रा ने उसे सोशल मीडिया और फोन पर ब्लॉक कर दिया, तो ओसाफ ने अलग-अलग फोन नंबरों से कॉल कर परेशान किया। जब छात्रा नहीं मानी, तो ओसाफ ने निजी वीडियो छात्रा के दोस्तों को दिखा दिया। इसके बाद छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई। ज्ञात हो कि ओसाफ को कोर्ट में पेशी के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर पीटा था। वह वर्तमान में जेल में बंद है।  

MP में सर्दी का आलम: अगले 2 दिन रहेगा ठंडा, कटनी-शहडोल में तापमान में गिरावट, भोपाल-इंदौर में पारा लुढ़का

भोपाल  मौसम विभाग (Indian Meteorological Department) ने मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक तेज सर्दी का अलर्ट जारी किया है. इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल, सागर और जबलपुर संभागों में देखने को मिल रहा है. राज्य का पूर्वी हिस्सा सबसे ज्यादा ठंडा बना हुआ है. लोगों को धुंध और कोहरे से निजात मिली है, हालांकि उज्जैन, जबलपुर, भोपाल समेत कई शहरों में सुबह के समय हल्का देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटे में मौसम कैसा रहा? एमपी में पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो सभी संभागों के जिलों में मौसम शुष्क रहा. अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं देखा गया. इसके साथ ही तापमान सामान्य ही बना रहा. उज्जैन में हल्का कोहरा देखा गया. कटनी, एमपी का सबसे ठंडा शहर पिछले कुछ दिनों से कटनी जिले का करौंदी एमपी का सबसे ठंडा स्थान बना हुआ है. यहां रविवार (8 फरवरी) को मिनिमम टेम्प्रेचर 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, शहडोल जिले के कल्याणपुर में 6.1 डिग्री, उमरिया, छतरपुर जिले के खजुराहो और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 8.4 डिग्री, राजगढ़ में 8.5 डिग्री और शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा. प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल सबसे ठंडा शहर रहा. जहां न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा. इंदौर में 10.6 डिग्री, ग्वालियर में 11.2 डिग्री, जबलपुर में 11.9 डिग्री और उज्जैन में मिनिमम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. खंडवा में रविवार को अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया. अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     10 फरवरी- हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड का असर बढ़ा हुआ रहेगा।     11 फरवरी- कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। नए सिस्टम का असर देखने को मिलेगा पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर फिर से प्रदेश में देखने को मिलेगा। 12 फरवरी से मावठा गिरने का अनुमान है। यानी, अगले 5 दिन तक तो प्रदेश में बारिश या ओले गिरने का अनुमान नहीं है। एमपी में आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा?     मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन मौसम ऐसा ही रहेगा, यानी तेज सर्दी का दौर जारी रहेगा.     इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.     मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है.     मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा. भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है।  

हमारी सरकार का यह 10वां बजट, 20 फरवरी तक चलेगा सदनः सीएम योगी

संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है सरकारः मुख्यमंत्री बजट सत्र प्रारंभ होने से पहले मीडियाकर्मियों से बात की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारी सरकार का यह 10वां बजट, 20 फरवरी तक चलेगा सदनः सीएम योगी  उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा उठाया गया कदमः मुख्यमंत्री   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र प्रारंभ होने से पहले सोमवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत की। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल आज से बजट सत्र प्रारंभ कर रहा है। यह हमारी सरकार का 10वां बजट है। सीएम ने सभी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। किसी भी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद करे, क्योंकि सरकार संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है। राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत  सीएम योगी ने कहा कि संसदीय परंपराओं के अनुरूप इसकी शुरुआत राज्यपाल जी के अभिभाषण से होगी। बजट सत्र में दो महत्वपूर्ण एजेंडे होते हैं। पहला- माननीय राज्यपाल का अभिभाषण और दूसरा- सामान्य बजट। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों व भारी कार्ययोजना का दस्तावेज होता है, जिसे उनके द्वारा सदन के माध्यम से जनता जनार्दन को समर्पित किया जाता है। सभी सदस्य इस पर चर्चा करते हैं। आज राज्यपाल द्वारा समवेत सदन को संबोधन के माध्यम से अपना अभिभाषण दिया जाएगा।  20 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र  सीएम योगी ने कहा कि 2026-27 का सामान्य बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत होगा। इसके उपरांत इस पर चर्चा होगी। बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।  उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत होगा  सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद सदन के पटल पर उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत होगा। पहली बार कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को लेकर यह कदम उठाएगी। हमने यूपी को बीमारूपन से उबारकर भारत की इकॉनमी के ब्रेकथ्रू के रूप में स्थापित किया है। इन सभी कारकों और यूपी के आर्थिक उन्नयन की इस यात्रा को जानने का अधिकार जनप्रतिनिधियों व जनता जनार्दन को भी होना चाहिए। हमने कितना आर्थिक उन्नयन किया है, यूपी में प्रति व्यक्ति आय में क्या वृद्धि हुई है, रोजगार सृजन की स्थिति क्या है, वित्तीय प्रबंधन में कैसे हमने विषम परिस्थितियों से उबार कर पिछले पांच वर्षों से लगातार यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। इन सभी बिंदुओं को लेकर आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत होगी। सदस्यों के लिए डेटा प्रस्तुत करने और चर्चा के लिए यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी। हर सदस्य के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करेगी सरकार  सीएम योगी ने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। यह कार्यवाही को बाधित करके नहीं, बल्कि संवाद से चलता है। किसी भी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो संवाद करे, क्योंकि सरकार संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है। हर सदस्य के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करने के साथ ही सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य के हित में आवश्यक कदम उठाने को सदैव तत्पर है। सीएम ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि कार्यवाही को बाधित न किया जाए, अनावश्यक शोरगुल से बचा जाए।  यूपी के विकास की गति को और तेज करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा बजट सत्र  सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों के दौरान विधानमंडल में कार्यवाही के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। बजट सत्र पर प्रदेश-देश की निगाहें होंगी। माननीय सदस्यों द्वारा यह अपने महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाने का मंच बनेगा। बजट सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की इस स्पीड को और तेज करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम ने सभी पक्षों के सदस्यों से अपील की कि विधायिका के सर्वोच्च मंच पर जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाएं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह व राकेश सचान, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे।

उज्जैन में चौड़ीकरण के विरोध में पोस्टर वॉर, ‘विकास’ नहीं ‘विनाश’ के खिलाफ नारे

 उज्जैन मध्य प्रदेश में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन इन दिनों विकास और जन-आक्रोश के दोराहे पर खड़ी है। उज्जैन में इन दिनों सिंहस्थ 2028 को लेकर कई विकास कार्य किए जा रहे हैं जिसमें सड़क चौड़ीकरण के साथ क्षिप्रा नदी के घाटों पर भी निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रही कॉलोनी के मार्ग के आसपास बसे 200 घरों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यहां MR-4 मार्ग चौड़ीकरण के प्रशासन के 24 मीटर वाले फॉर्मूले के खिलाफ ‘पोस्टर वॉर’ शुरू हो गया है। 190 परिवार सड़क पर उतर गए हैं और घरों की दीवारों पर दर्द भरे पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम विकास से नहीं विनाश के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने घर की दीवारों पर पोस्टर लगाकर प्रभावित परिवारों के लिए सरकार से राहत की गुहार लगाई है। प्रभावित परिवारों ने अब जनप्रतिनिधियों और शासन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए 15 मीटर के समझौते को स्वीकार करता है या फिर विकास का पहिया इन आशियानों के ऊपर से होकर गुजरता है। आर-पार की लड़ाई का ऐलान उज्जैन शहर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच प्रशासन द्वारा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे MR-4 मार्ग चौड़ीकरण अभियान ने अब एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला MR-5 मार्ग का है, जहां राणकेश्वर धाम से गाड़ी अड्डा और क्षिप्रा नदी के बड़े पुल तक होने वाले निर्माण ने दारू गोदाम, अमर नगर और प्रीति नगर के निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। प्रशासन जहां इस मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने की योजना पर अडिग है, वहीं स्थानीय रहवासियों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विरोध का आलम यह है कि क्षेत्र की गलियों में अब सन्नाटे के बजाय नारों और पोस्टरों की गूंज है। दुकानों और घरों के बाहर चस्पा किए गए पोस्टरों पर लिखा है, “हम विकास के नहीं, विनाश के खिलाफ” हैं। महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी से घर बनाने वाली महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू हैं। एक स्थानीय महिला ने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि “हमने अपनी गाढ़ी कमाई इन मकानों में लगा दी है, अगर ये टूट गए तो हम सड़क पर आ जाएंगे। हम विकास चाहते हैं, लेकिन अपनों की बर्बादी की कीमत पर नहीं।” क्या है मामला वर्तमान में इस प्रस्तावित मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में 15, 18 और 24 मीटर चौड़ाई तय की गई है, जिसे लेकर भ्रम और भय की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे सिंहस्थ के महत्व को समझते हैं और विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर घरों को पूरी तरह जमींदोज करना न्यायसंगत नहीं है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि वे 15 मीटर चौड़ीकरण के लिए सहर्ष तैयार हैं, जिससे मार्ग भी सुगम होगा और लोगों के आशियाने भी बच सकेंगे। लोगों का तर्क है कि यदि 24 मीटर का पैमाना लागू हुआ, तो लगभग 150 से 200 परिवार पूरी तरह बेघर हो जाएंगे।  

MP की सियासत में चौंकाने वाला ट्विस्ट, BJP नेता के घर चोरी पर कांग्रेस विधायक का अजीब बयान

 श्योपुर  श्योपुर के कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने बीजेपी नेता के घर हुई चोरी को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है. अपने धुर विरोधी बीजेपी के पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर हुई चोरी से विधायक जी इतने खुश हैं कि अब उस चोर को ढूंढकर ‘इनाम’ देने की बात कह रहे हैं. कानून-व्यवस्था पर तंज कसते-कसते विधायक बाबू जंडेल ने चोर को ‘धन्यवाद’ कह दिया. दरअसल, बीते दिन अल सुबह कोतवाली थाने के सामने स्थित भाजपा के पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर तड़के हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. घर से AC का आउटडोर यूनिट अज्ञात चोर चुरा ले गया. चोरी की घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल की खुशी का तो जैसे ठिकाना ही नहीं रहा और उन्होंने भाजपा नेता के यहां चोरी करने वाले चोर को ही धन्यवाद दे डाला. इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक ने यहां तक कह दिया कि ऐसे चोर को तो वह इनाम देंगे. पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय ने इसे मामूली बात कह मीडिया से बात करने से मना कर दिया लेकिन उनके घर पर काम करने वाले कर्मी रामू सुमन का कहना है कि रात को अज्ञात चोरों ने घर के पीछे से घुसकर चोरों ने घटना अंजाम दिया है. मेरी ड्यूटी खत्म हो गई थी. इसके बाद देर रात चोरी हुई है. उधर पूर्व विधायक के आवेदन पर कोतवाली पुलिस अज्ञात चोर की पतारसी में जुट गई है.

आठवें वेतन आयोग के नाम पर होने वाले सायबर फ्रॉड से रहे सावधान

इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने के कैलक्यूलेशन के नाम पर होने वाले सायबर  फ्रॉड से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।आठवें  वेतन आयोग में एम्पलाईज की सैलरी बढ़ने व एरियर चेक करने के कैलक्यूलेशन की उत्सुकता को ध्यान में रखते हुए सायबर क्रिमिनल्स द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यम से APK फ़ाइल और लिंक से सायबर फ्रॉड किया जा रहा है। अतः ऐसे अनजान मैसेज/लिंक, apk फाइल से सावधान रहे और इन पर बिना जांच पड़ताल के बिल्कुल भी क्लिक न करें।

कार चालक से मोबाइल फोन छीनकर भागे स्कॉर्पियो सवार दो युवक, आधी रात को ओवरटेक को लेकर हुआ था विवाद

हबीबगंज स्थित शालीमार बिल्डिंग के पास का मामला भोपाल राजधानी के हबीबगंज इलाके में आधी रात को ओवरटेक करने की बात को लेकर स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने कार चालक के साथ पहले विवाद किया और बाद में उसके हाथ से 2 मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले।घटना शालीमार बिल्डिंग के पास दानापानी रोड पर रात करीब साढ़े बारह बजे होना बताई गई है। पुलिस ने अज्ञात स्कॉर्पियो सवार दो आरोपियों के खिलाफ झपटमारी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्कॉर्पियो का नंबर पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।  जानकारी के अनुसार पीयूष मालवीय (22) रातीबड़ में रहता है और किराए पर टैक्सी चलाता है। शनिवार-रविवार की रात करीब साढ़े बारह बजे वह हबीबगंज स्थित शालीमार बिल्डिंग के पास सवारी छोडऩे गया था। वापस लौटते समय दानापानी रोड पर एक स्कॉर्पियो में सवार दो युवकों ने उसे रोक लिया और ओवरटेक की बात को लेकर विवाद करने लगे। दोनों वाहनों के चालकों के बीच विवाद चल रहा था, तभी स्कॉर्पियो चालक के साथी ने पीयूष के हाथ से उसके दो मोबाइल फोन छीन लिए। उसके बाद दोनों युवक स्कॉर्पियो में बैठकर वहां से भाग निकले।  झगड़े के दौरान पीयूष उनकी गाड़ी का नंबर नहीं देख पाया था। पहले उसे लगा कि स्कॉर्पियो वाले युवक उसके मोबाइल फोन वापस कर देंगे, लेकिन जब मोबाइल नहीं मिले तो रविवार की शाम को उसने थाने जाकर दोनों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज करवा दिया। इधर कोलार इलाके में रहने वाली संध्या शर्मा (58) कल दोपहर ऑटो में बैठकर जा रही थी, तभी ललिता नगर के पास उनके गले से किसी ने सोने की चैन चोरी कर ली। बाद में उन्होंने थाने जाकर चैन चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  युवक का पर्स और मोबाइल लूटने वालों का सुराग नहीं इधर शाहजहांनाबाद इलाके में एक युवक का पर्स और मोबाइल लूटने वाले ऑटो चालक और उसके साथियों का कुछ पता नहीं चल पाया है। जानकारी के अनुसार न्यू जेल रोड करोंद निवासी जितेंद्र कुमार शाक्य (33) एक निजी कंपनी में काम करते हैं शुक्रवार-शनिवार की रात वह बाहर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई थी। रात करीब डेढ़ बजे वह एक ऑटो में बैठकर अपने घर करोंद लौट रहे थे। ऑटो चालक करोंद के बजाए ऑटो को बड़ा बाग कब्रिस्तान की तरफ लेकर जाने लगा।  जितेंद्र ने उसे मना किया तो कहने लगा कि छोटा सा काम है, उसके बाद वह उन्हें घर छोड़ देगा। कब्रिस्तान के पास चालक ने ऑटो रोका, जहां उसके तीन अन्य साथी मौजूद थे। चारों ने मिलकर जितेंद्र के साथ मारपीट की और जेब में रखा पर्स तथा मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। लूटे गए पर्स में एटीएम कार्ड और साढ़े पांच हजार रुपये नकद रखे हुए थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया था, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

भिंड में दहेज की परंपरा को किया नकारा, दूल्हे के पिता ने 51 लाख लौटाकर लिया सिर्फ 1 रुपया

  भिंड मध्य प्रदेश के भिंड से जो कहानी सामने आई है, उसने पूरे समाज को पॉजिटिव मैसेज दिया है. यहां एक शादी समारोह में दूल्हे के पिता ने दहेज के रूप में दिए गए 51 लाख रुपये लौटा दिए और सिर्फ 1 रुपये व एक नारियल स्वीकार कर बेटे का विवाह कराया. दहेज जैसी कुरीति के खिलाफ इस फैसले की सराहना हो रही है. भिंड के खिड़किया मोहल्ले में रहने वाले अनोज पाठक के बेटे आकर्ष पाठक का विवाह 5 फरवरी को शहर के जगदीश मैरिज गार्डन में तय हुआ था. दुल्हन पक्ष जबलपुर से लगुन फलदान लेकर पहुंचा. पारंपरिक रीति के तहत दहेज के रूप में 51 लाख रुपये फलदान में रखे गए. समारोह में मेहमान मौजूद थे. इसी बीच ऐसा निर्णय हुआ, जिसने लोगों को भावुक भी किया और सकारात्मक मैसेज भी दिया. फलदान की रस्म के दौरान जब यह राशि दूल्हे को भेंट की गई, तभी अनोज पाठक ने सभी के सामने दहेज लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हम शादी करने आए हैं, कोई सौदा करने नहीं. यह कहते हुए उन्होंने पूरी राशि लौटा दी और केवल 1 रुपया व नारियल स्वीकार कर रस्म आगे बढ़ाई. दूल्हे के पिता अनोज पाठक का कहना है कि हमें अपने घर में बहू के रूप में बेटी चाहिए. रिश्ते पैसों से नहीं, अपनापन और संस्कार से बनते हैं. दहेज लेना हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है. उनके इस फैसले ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया. लोगों ने फैसले की सराहना की. लोगों ने कहा कि आज भी देश के कई हिस्सों में दहेज के कारण बेटियों के परिवार आर्थिक बोझ तले दब जाते हैं. कई बार कर्ज, अपमान और सामाजिक दबाव उनकी जिंदगी को कठिन बना देता है. ऐसे में यह एक सकारात्मक संदेश है. 51 लाख रुपये लौटाना आर्थिक निर्णय कम और सामाजिक संदेश ज्यादा था. यह संदेश कि बेटी कोई बोझ नहीं, और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं. दूल्हे के पिता अनोज पाठक ने कहा कि मेरे दो बेटे हैं. मेरा विचार था कि मैं अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लाऊंगा. जो अच्छी बच्चियां हैं, संस्कार वाली बच्चियां हैं, उनके घर वाले संकोचवश हमसे संपर्क नहीं कर पाते थे. इसलिए मैंने ऐसा सोचा कि मैं अपने बेटे की शादी में पैसे नहीं लूंगा. जब मैंने पैसे वापस किए तो वह बहुत व्यथित हो गए. उन्हें लगा कि मैंने नाराजगी में ऐसा किया है, लेकिन जब और रिश्तेदारों ने मुझसे बात की तो उन्होंने समझाया तो उनकी समझ में आ गया. फिर वह बहुत खुश हुए.

MP बोर्ड परीक्षा में कड़ी निगरानी: तीसरी आंख और फ्लाइंग स्क्वॉड रखेंगे सख्त पहरा, 16 लाख छात्र देंगे एग्जाम

भोपाल  मध्य प्रदेश में कल से माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इस बार प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र अपने भविष्य की परीक्षा देंगे। प्रशासन ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसमें वीडियोग्राफी से लेकर सीसीटीवी कैमरों तक की मदद ली जा रही है। परीक्षा का कार्यक्रम और समय बोर्ड द्वारा जारी संशोधित टाइम टेबल के अनुसार परीक्षाएं सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे की शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी। 12वीं बोर्ड: परीक्षाएं कल यानी 10 फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं बोर्ड: परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। शिक्षा मंडल ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों को संशोधित समय सारणी के प्रति जागरूक किया जाए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे। सुरक्षा के त्रि-स्तरीय इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने ‘फुलप्रूफ’ योजना तैयार की है: सीसीटीवी और वीडियोग्राफी: प्रदेश के 3856 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। थानों से प्रश्न-पत्र निकालने से लेकर वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते): हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात रहेंगे। इनमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे, जो केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। भोपाल में विशेष तैयारी: राजधानी में 104 केंद्रों पर 57 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। छात्रों की संख्या का गणित इस वर्ष कुल 16 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं: कक्षा 10वीं : लगभग 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी। कक्षा 12वीं : लगभग 7 लाख विद्यार्थी। विशेषज्ञों की सलाह: सेहत और तनाव का रखें ध्यान परीक्षाओं के दबाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने छात्रों को पर्याप्त नींद लेने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी है। अभिभावकों के लिए भी टिप्स जारी किए गए हैं कि वे घर का माहौल सकारात्मक रखें और बच्चों पर अत्यधिक अंकों का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सपोर्ट करें।

सीएम ने बच्चों को दी सीख- मन लगाकर पढ़ाई करो, मोबाइल से दूर रहो

जनता दर्शन  हर नागरिक की सेवा, सुरक्षा को प्रतिबद्ध है सरकारः मुख्यमंत्री शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’  हापुड़ से आए सैनिक ने जमीन कब्जे की शिकायत की, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर कार्रवाई का दिया निर्देश  सीएम ने बच्चों को दी सीख- मन लगाकर पढ़ाई करो, मोबाइल से दूर रहो  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने यहां आए प्रत्येक नागरिक से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। हापुड़ से आए दो सैनिकों ने मुख्यमंत्री से जमीन पर कब्जे की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर उचित निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने बच्चों को सीख दी कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो और मोबाइल से दूर रहो। सैनिकों ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत  हापुड़ से आए दो सैनिक भी ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। एक सैनिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। बताया कि वह और उनके भाई सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता नेत्रहीन हैं। उनकी जमीन ताऊ के लड़कों ने कब्जा कर ली है, जिनकी आपराधिक छवि है। ताऊ के लड़के हथियार के बल पर धमकी भी देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका प्रार्थना पत्र लेते हुए हापुड़ प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।  आप एस्टिमेट दीजिए, सरकार इलाज कराएगी  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप हॉस्पिटल से एस्टिमेट बनवाकर दें, सरकार इलाज में हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आप मरीज के स्वास्थ्य की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त बिजली, नगर निगम, राजस्व आदि से जुड़े मामले भी आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित निस्तारण का निर्देश दिया।  सीएम ने बच्चों को दुलारा और सीख भी दी  ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से समस्याएं जानीं तो बच्चों का हालचाल पूछा। उनकी पढ़ाई के बारे में भी जाना। फिर कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करना और मोबाइल से दूर रहना। सीएम ने इन बच्चों पर स्नेह बरसाने के साथ उन्हें चॉकलेट भी दी।

RSS प्रमुख बनने के लिए हिंदू होना है अनिवार्य, मोहन भागवत ने साझा की चुनाव प्रक्रिया की जानकारी

मुंबई  राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ या RSS प्रमुख मोहन भागवत ने अपने रिटायरमेंट को लेकर जारी अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि 75 वर्ष का होने के बाद भी संघ ने उनसे काम जारी रखने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि संघ के कहने पर वह काम छोड़ सकते हैं पर काम से रिटायर नहीं होंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संघ प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया और उम्मीदवारी पर भी बात की। कैसे होता है चुनाव भागवत ने यह भी कहा कि संघ का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति हमेशा एक हिंदू ही होगा, चाहे उसकी जाति कुछ भी हो और शीर्ष पद सबसे योग्य उम्मीदवार को ही दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘RSS प्रमुख के पद के लिए कोई चुनाव नहीं होता। क्षेत्रीय और मंडल प्रमुख ही संघ प्रमुख की नियुक्ति करते हैं। आम तौर पर कहा जाता है कि 75 वर्ष की आयु के बाद किसी को कोई पद धारण किए बिना काम करना चाहिए।’ RSS में कैसे होता है प्रमोशन भागवत ने कहा कि RSS में समुदाय आधारित प्रतिनिधित्व नहीं है और स्वयंसेवक अपने काम के आधार पर प्रमोशन पाते हैं। उन्होंने बताया कि जब RSS की स्थापना हुई थी, तब इसका काम ब्राह्मण-बहुल समुदाय में शुरू हुआ था और इसलिए इसके अधिकांश संस्थापक ब्राह्मण थे, जिसके कारण उस समय संगठन को ब्राह्मण संगठन के रूप में जाना जाता था। उन्होंने कहा कि लोग हमेशा ऐसे संगठन की तलाश करते हैं जिसमें उनके समुदाय के प्रतिनिधि हों। SC-ST से होगा प्रमुख? भागवत ने कहा कि वह इस बारे में कोई निश्चित जवाब नहीं दे सकते कि संघ प्रमुख अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति पृष्ठभूमि से होगा या नहीं क्योंकि यह निर्णय संघ प्रमुख की नियुक्ति करने वालों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से होना अयोग्यता नहीं है, और न ही ब्राह्मण होना संघ प्रमुख बनने की योग्यता है। मोहन भागवत ने बताई अपनी नियुक्ति की कहानी उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे किसी प्रमुख का चयन करना होता, तो मैं ‘सबसे योग्य उम्मीदवार’ के मानदंड को अपनाता। जब मुझे RSS प्रमुख नियुक्त किया गया था, तब कई योग्य उम्मीदवार थे लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे। मैं ही वह व्यक्ति था जिसे कार्यभार से मुक्त किया जा सकता था और नियुक्त किया जा सकता था।’ भागवत ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि संगठन ‘अपने स्वयंसेवकों से खून के आखिरी कतरे तक काम निकलवाता है’। उन्होंने दावा किया कि RSS के इतिहास में अब तक ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है जब किसी को सेवानिवृत्त करना पड़ा हो।

मैच से पहले राजनीति: PAK की 3 शर्तों पर भारत से भिड़ंत, ICC का क्या होगा फैसला?

 इस्लामाबाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 15 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में मुकाबला खेला जान है. पाकिस्तान सरकार ने इस मुकाबले के लिए अपनी टीम को मैदान पर उतरने की परमिशन नहीं दी, जिसके चलते विवाद गहरा गया. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को वॉर्निंग देते हुए कहा था कि यदि वो इस मैच का बायकॉट करता है, तो उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि टूर्नामेंट में चयनात्मक भागीदारी स्वीकार नहीं की जाएगी और किसी भी टीम को समझौते के तहत सभी मैच खेलने होंगे. आईसीसी ने चेताया था कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से पीछे हटता है, तो उसे भारी आर्थिक नुकसान और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. आईसीसी की सख्ती के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बैकफुट पर आया. पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए लाहौर में रविवार देर शाम आईससी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को भी इस बैठक में आमंत्रित किया था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ‘बुलबुल’ ने इस बैठक में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. अब जल्द ही कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए  तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं… 1. पीसीबी की पहली और सबसे बड़ी मांग आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल से जुड़ी है. पाकिस्तान चाहता है कि उसे आईसीसी की कमाई में ज्यादा हिस्सा मिले. हालांकि आईसीसी का रेवेन्यू वितरण पहले से तय नियमों के तहत होता है, इसलिए इस मांग पर तुरंत फैसला आसान नहीं माना जा रहा. 2. पाकिस्तान की दूसरी शर्त भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट को फिर से शुरू करने की है. लेकिन यह मामला आईसीसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि दोनों देशों के बीच सीरीज का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड और सरकारों के स्तर पर होता है. ऐसे में इस मांग को मानना बेहद मुश्किल माना जा रहा है. 3. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैचों के दौरान खिलाड़ियों के बीच अनिवार्य हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू करने की भी बात कही है. हालांकि मौजूदा नियमों के मुताबिक हैंडशेक अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह टीमों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है. इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम के मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. हालांकि आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ कोलंबो में होने वाला ग्रुप मैच नहीं खेलने की बात कही थी. इस विवाद पर श्रीलंका ने भी नाराजगी जताई थी. श्रीलंका क्रिकेट का कहना है कि अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है तो इससे पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान होगा. साथ ही श्रीलंका ने पाकिस्तान को उस दौर की याद भी दिलाई कि जब उसे अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ा और कैसे श्रीलंकाई टीम ने पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की वापसी में मदद की. आईसीसी ने साफ कर दिया था कि वर्ल्ड कप की प्रतिष्ठा सर्वोपरि है. हालांकि आईसीसी ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे थे. अब सबकी नजर इस अहम बैठक के नतीजे पर टिकी हुई हैं.

नकली नोटों की गड्डी थमाकर महिला के जेवरात ले उड़े जालसाज

भोपाल राजधानी के जहांगीराबाद इलाके में नकली नोटों की गड्डी थमाकर एक महिला के जेवरात लेकर गायब होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो जालसाजों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने महिला का रास्ता रोककर उन्हें बातों में उलझाया और लूटपाट तथा चोरी का डर दिखाकर जेवरात उतरवाकर एक पोटली में बंधवा दिए।बाद में महिला ने देखा तो पोलटी के अंदर पत्थर बंधा मिला और नोटों की गड्डी में कागज की कतरन लगी हुई थी।पुलिस बताए गए हुलिए के आधार पर जालसाजों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार बरखेड़ी जहांगीराबाद में रहने वाली केशरबाई यादव (55) आंगनबाड़ी में काम करती हैं। बीते शुक्रवार को वह अपने पासबुक की एंट्री कराने के लिए न्यू मार्केट स्थित बैंक गई थी। वहां से लौटते समय वह लिली टॉकीज तिराहे पर बस से उतरी और घर जाने लगी। रशीदिया स्कूल रोड पर रास्ते में उन्हें दो युवक मिले। युवकों ने कहा कि अम्मा आप थक गई होगी थोड़ी देर बैठ जाओ हम आपको पानी पिलाते हैं। युवकों की बातों में आकर केशरबाई एक मकान के सामने चबूतरे पर बैठ गई। इस दौरान युवकों ने नोटों की गड्डी देते हुए कहा कि यह एक लाख रुपए हैं, आप इसे अपने थैले में संभाल कर रख लो, हम आपके लिए नाश्ता लेकर आते हैं। इसके साथ ही युवकों ने यह भी कहा कि इलाके में लूटपाट और चोरी का डर है, इसलिए आप अपने गहने भी उतारकर थैले में रख लीजिए। उसके बाद केशरबाई ने मंगलूसत्र, कान के टॉप्स और चांदी की चेन उतारकर युवकों को दे दी। उन्होंने जेवरात एक पोटली में बांधे और केशरबाई के थैले में रखकर नाश्ता लेने का कहकर चले गए। काफी देर बाद भी जब दोनों युवक वापस नहीं लौटे तो केशरबाई ने अपना थैला चेक किया। उन्होंने देखा तो पोटली के अंदर पत्थर बंधा हुआ था, जबकि नोटों की गड्डी में कागज लगे हुए थे। उसके बाद वह तुरंत ही घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने पहले दोनों युवकों की तलाश की, लेकिन जब उनका कुछ पता नहीं चला तो रविवार को थाने जाकर केशरबाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। बताए गए हुलिए और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

तेज रफ्तार कार ने मारी 8 लोगों को टक्कर, रायबरेली में चार की मौत, हादसा गंभीर

  रायबरेली रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आठ लोगों को टक्कर मार दी. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह हादसा जगतपुर पुलिस थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव के पास तब हुआ, जब कोडर गांव के निवासी चुली गांव में आयोजित सामुदायिक भोज से लौट रहे थे. दो महिलाओं की मौके पर ही मौत पुलिस के मुताबिक ये लोग एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रहे थे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. पुलिस ने बताया कि हिमांशी (23) और शालिनी (22) नाम की दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में रश्मी (14) और आसमा (22) ने बाद में दम तोड़ दिया. घायल जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के मुताबिक हादसे में रिया पटेल (14), प्रिया पटेल (12), साधना (नौ), मीना (22) और रेशमा (14) घायल हुई हैं. उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया है. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया. उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह दुर्घटना निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार के कारण हुई. गाड़ी को को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.

कर्नाटक: बीदर और कोलार में सड़क हादसे, 6 की मौत, हादसे में गंभीर जख्मी कई लोग

 बीदर  कर्नाटक के बीदर और कोलार जिलों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, बीदर जिले के हमनाबाद तालुक में हल्लीखेड़ा के पास नागन्ना चौराहे के निकट रविवार को एक मोटरसाइकिल के पुल से टकरा जाने के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान राजेश्वर गांव के निवासी वेंकट करतमाल (40), उनकी पत्नी शिल्पा (35) और उनकी बेटी रक्षिता (12) के रूप में हुई है। उनके बेटे दिगंबर (15) को गंभीर चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा, “हादसा उस समय हुआ जब ये चारों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे और चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे मोटरसाइकिल पुल से टकरा गई।” एक अन्य हादसे में, कोलार जिले के श्रीनिवासपुर में रविवार को एक कार के पलट जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में से दो की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी मुनियम्मा और वेंकटप्पा के रूप में हुई है। इस दुर्घटना में 10 से अधिक अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया, “यह हादसा उस समय हुआ जब श्रमिक काम खत्म करके लौट रहे थे। श्रीनिवासपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।”

2 साल बाद रिश्ते में उतार-चढ़ाव: दिव्या अग्रवाल और उनके पति के बीच बढ़ी दूरी?

मुंबई  शो ‘द 50’ में जमकर बवाल हो रहा है. शो के बीते एपिसोड में दिव्या अग्रवाल और इंफ्लुएंसर भव्या सिंह के बीच तगड़ी लड़ाई देखने को मिली. झगड़े के दौरान भव्या पर्सनल गईं. उन्होंने दिव्या पर जमकर कमेंट किए. भव्या ने एक्ट्रेस की शादी पर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने दावा किया कि एक्ट्रेस अपने पति अपूर्व पडगांवकर से अलग रहती हैं. दिव्या-भव्या में हुई कैटफाइट दोनों के बीच झगड़ा बैल और बुद्धि टास्क के दौरान हुआ. यहां पर दिव्या ने कहा कि अर्चना गौतम के पास दिमाग नहीं है. ये कमेंट सुनकर भव्या नाराज हो जाती हैं. उन्होंने दिव्या को सबक सिखाने का फैसला किया. वॉशरूम एरिया में दिव्या लड़ाई के बाद रो रही थीं. उन्होंने भव्या से टिश्यू पास करने को कहा. मगर भव्या ने तुरंत मना कर दिया. भव्या का रिएक्शन देखकर दिव्या रोने लगीं और शो छोड़ने की बात कही. रिद्धि डोगरा संग अपनी फीलिंग्स बयां करते हुए दिव्या ने कहा- मैंने लोगों के साथ दोस्ती बनाने में सालों खर्च किए हैं. हर शो में सबसे ज्यादा मुझसे नफरत की जाती है. मैंने शो में अकेले खेला है. मैंने इसे अपनी ईगो पर लिया और शो जीतकर खुद को साबित किया. अर्चना मेरी दोस्त है. लेकिन यहां पर वो मेरे से दुश्मनों की तरह लड़ रही है. मैं अपने पति को मिस कर रही हूं. उसने मुझे अच्छा और शांत इंसान बनाया. उसके जिंदगी में आने के बाद मैंने दोस्त बनाने शुरू किए. उसने मुझे दोस्ती का असली मतलब समझाया.  तभी भव्या वहां पर आईं और दिव्या को चेतावनी देते हुए कहा कि वो उनसे अच्छे से बात करें. बाद में सपना चौधरी, आर्या संग बात करते हुए भव्या ने दिव्या पर निजी कमेंट किए. वो कहती हैं- ये इतनी फेक लड़की है. इसमें कोई हैरानी नहीं कि लोग इसे गोल्ड डिगर कहते हैं. मैंने इसे पॉडकास्ट पर पूछा है कि कभी रियलिटी शो करोगे? तब दिव्या ने कहा था- नहीं, मैंने बिग बॉस नहीं जीता था. मैं पूछती हूं- क्या उखाड़ लिया तुमने, सारी पीआर कराके और स्पॉटिंग कराके, थोड़ा दिख जाती हो. कुछ नहीं किया जिंदगी में, फेक औरत है. सबके साथ फेक कर रही है.. अब सबके साथ बैठकर गॉसिप करेगी. पति से अलग रहती हैं दिव्या? भव्या ने दावा किया कि दिव्या अपने पति संग नहीं रहती. उन्होंने कहा- दिवाली पर असली पटाखे तो इसके घर पर फूटे थे. वो मैंने फोड़े थे और आज तक मैंने कभी बोली नहीं ये बात, ना कभी पॉडकास्ट पर कहा, ना मैं कभी बोलूंगी. क्योंकि इनका खुद का आपसी पारिवारिक मामला था. उसमें मुझे इंवॉल्व कर दिया इन लोगों ने. भीख मांगती है लोगों से मुंबई में कि मेरे घर आ जाओ, आप मेरे पास आ जाओ, प्लीज मिलो मुझसे, अलग रहती है अपने पति से. भव्या ने कहा कि वो दिव्या को तबाह करके इस शो से जाएंगी. दिव्या ने बिजनेसमैन अपूर्व से 2024 में शादी की थी. पिछले साल जुलाई में दोनों के सेपरेशन की खबरें भी आई थीं. तब दिव्या ने मस्ती भरा पोस्ट शेयर कर शादी में खटपट की न्यूज को खारिज किया था. 

नरगिस मोहम्मदी पर ईरान का तगड़ा हमला: नोबेल विजेता को 7.5 साल की नई सजा, कुल जेल 44 साल

तेहरान  ईरान में महिलाओं के हक के लिए आवाज उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ईरानी कोर्ट ने उन्हें एक बार फिर दो अलग-अलग मामलों में कुल साढ़े सात साल की नई जेल की सजा सुनाई है. वकील ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी  नरगिस के वकील मुस्तफा नीली ने सोशल मीडिया पर बताया कि मशहद शहर की एक अदालत ने उन्हें दो बड़े आरोपों में सजा दी है. पहली सजा 6 साल की है, जो ‘गुटबाजी और साजिश’ के लिए दी गई है. दूसरी सजा डेढ़ साल की है, जो ‘सरकार के खिलाफ प्रचार’ करने के लिए मिली है. इसके अलावा, उन पर 2 साल का ट्रैवल बैन (विदेश जाने पर रोक) लगाया गया है और उन्हें देश के ही एक दूरदराज इलाके ‘खुस्फ’ में 2 साल के निर्वासन (Exile) की सजा भी दी गई है. क्यों हुई ताजा गिरफ्तारी? नरगिस (53 साल) को दिसंबर में तब गिरफ्तार किया गया था, जब वे वकील खुसरो अलीकोर्दी की शोक सभा में शामिल होने गई थीं. अलीकोर्दी अपने दफ्तर में मृत पाए गए थे. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, नरगिस ने वहां ‘भड़काऊ बातें’ की थीं. नरगिस के परिवार ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. कोर्ट को बताया ‘दिखावा’, शुरू की भूख हड़ताल नरगिस का समर्थन करने वाले ‘नरगिस फाउंडेशन’ ने शनिवार को हुई कोर्ट की इस सुनवाई को ‘दिखावा’ करार दिया है. फाउंडेशन के मुताबिक, अपनी अवैध गिरफ्तारी और जेल की खराब स्थिति के विरोध में नरगिस ने 2 फरवरी से भूख हड़ताल शुरू कर दी थी. उनकी सेहत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें जेल से अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन फिर वापस जेल भेज दिया गया. परिवार का दर्द- यह फैसला क्रूर है नरगिस के पति तघी रहमानी ने बीबीसी को बताया कि यह सजा बेहद नाइंसाफी भरी और क्रूर है. उन्होंने कहा कि नरगिस ने कोर्ट में अपना बचाव करने से भी इनकार कर दिया क्योंकि वे इस न्याय व्यवस्था को सही नहीं मानतीं. उन्होंने न तो कोर्ट में एक शब्द बोला और न ही किसी कागज पर साइन किए. वहीं, पेरिस में रह रही उनकी बेटी कियाना भी अपनी मां की गिरती सेहत को लेकर काफी डरी हुई हैं. 10 साल से जेल में, बच्चों से भी नहीं मिल पाईं नरगिस मोहम्मदी पिछले एक दशक का ज्यादातर समय जेल की सलाखों के पीछे ही गुजार चुकी हैं. कुल सजा: फाउंडेशन के अनुसार, ताजा फैसले के बाद उनकी कुल सजा अब 44 साल की हो गई है. दूरी का गम: नरगिस साल 2015 से अपने जुड़वां बच्चों से नहीं मिल पाई हैं, जो पेरिस में रहते हैं. बीमारी में भी राहत नहीं: दिसंबर 2024 में उन्हें ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए 3 हफ्ते की पैरोल मिली थी, लेकिन ठीक होते ही उन्हें फिर जेल भेज दिया गया. कौन हैं नरगिस मोहम्मदी और क्यों मिला नोबेल? नरगिस को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था. उन्हें यह सम्मान ईरान में महिलाओं के दमन के खिलाफ लड़ने, मानवाधिकारों की रक्षा और फांसी की सजा (Capital Punishment) के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मिला था. जब उन्हें यह अवॉर्ड मिला, तब भी वे जेल में ही थीं और उनकी तरफ से उनके बच्चों ने यह पुरस्कार लिया था. एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट  एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, ईरान दुनिया में चीन के बाद सबसे ज्यादा फांसी देने वाला देश है. नरगिस इसी सिस्टम के खिलाफ लड़ रही हैं, जिसके कारण उन पर बार-बार ‘देश की सुरक्षा को खतरा’ पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि, उनके वकील को अब भी उम्मीद है कि उनकी सेहत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए जमानत मिल सकती है और इस फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी.

Gold-Silver Rate में बदलाव: चांदी के दाम में छलांग, सोने की कीमत में भी हुआ इज़ाफा, जानिए ताजा रेट

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतों में हालिया भारी गिरावट के बाद अब एक बार फिर बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। कारोबार शुरू होते ही चांदी करीब ₹15,000 प्रति किलो महंगी हो गई, जबकि सोने के दामों में एक झटके में ₹3,000 की तेजी आ गई। हालांकि, तेजी के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से अब भी काफी सस्ती बनी हुई हैं। चांदी ने खुलते ही मचाया गदर MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले बंद ₹2,49,892 प्रति किलो से उछलकर ₹2,64,885 प्रति किलो पहुंच गया। इस तरह 1 किलो चांदी की कीमत में ₹14,993 का उछाल देखने को मिला। हालांकि, अगर इसके लाइफ टाइम हाई से तुलना करें तो चांदी अब भी काफी नीचे है। 29 जनवरी को चांदी पहली बार ₹4 लाख के पार गई थी और ₹4,20,048 प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद तेज गिरावट के चलते भाव ₹2.25 लाख तक लुढ़क गए थे। मौजूदा तेजी के बावजूद चांदी अब भी अपने हाई से ₹1,55,163 सस्ती चल रही है। सोने ने भी पकड़ी रफ्तार चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सोमवार को मजबूती देखने को मिली। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव शुक्रवार के बंद ₹1,55,451 से उछलकर ₹1,58,500 पहुंच गया। यानी सोना ₹3,049 प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। इसके बावजूद सोना अपने ऑल टाइम हाई से अभी भी ₹34,596 सस्ता मिल रहा है। देश ही नहीं, विदेशों में भी टूटी थी चांदी चांदी में गिरावट सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर में बड़ी टूट देखने को मिली। पिछले सप्ताह एक दिन में ही करीब 20% की गिरावट आई थी और अपने हाई से चांदी लगभग 40% तक फिसल चुकी थी। स्पॉट सिल्वर बीते महीने $120 प्रति औंस के स्तर से गिरकर $64 प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) तक आ गई थी। अब वैश्विक संकेतों के बीच इसमें फिर से मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। क्रैश के बाद सोना-चांदी में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत की खबर है, लेकिन कीमतें अभी भी रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड और डॉलर मूवमेंट पर निर्भर करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा में प्रेरणा: छात्रों को सपनों को हकीकत में बदलने की क्षमता पर जोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ के छात्रों से बात कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों को स्टार्टअप से लेकर परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद कर रहे हैं. इस बार पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं और उनके करियर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं.  परीक्षा पे चर्चा में ना सिर्फ पढ़ाई की तैयारी की बात हुई, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरान कल्चर, चाय आदि कई चीजों पर चर्चा की. इस दौरान हर चर्चा का उद्देश्य हर बच्चे को सुनना था. इस दौरान अंत में पीएम मोदी ने सभी बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के 9वें संस्करण का दूसरा एपिसोड सोमवार को जारी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।” इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया। उन्होंने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा, “विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥” इसका अर्थ है, ‘विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता, ये छह जिसके पास हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं।’ हम क्या डाइट फॉलो करें? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरा कोई डाइट का सिस्टम नहीं है. हमेशा डाइट अपने मन का करना चाहिए और इसे दवाई की तरह नहीं खाना चाहिए. खाना हमेशा मन भर कर खाना चाहिए. अपने शरीर को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए. आपकी लाइफ में टीचर का क्या रोल था? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टीचर का काफी रोल था और हमे लाइब्रेरी जाने के लिए कहते थे. इसके अलावा हमारे टीचर हमें फिजिकल फिटनेस के लिए आग्रह करते थे और योग के लिए कहते थे. हर एक टीचर का कुछ ना कुछ योगदान होता है.  पीएम मोदी ने गुजरात में पालतरिया समाज को लेकर किए गए काम का जिक्र भी परीक्षा पे चर्चा में किया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि बच्चों को तनाव से बचने के लिए अच्छी नींद लेना चाहिए.  साथ ही उन्होंने कहा कि सपना के अनूकुल मेहनत करनी चाहिए.  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले लीडर बनिए. पहले ये तय कीजिए कि मुझे ये करना है और वो करना शुरू कर दीजिए. जैसे आप सड़क से कोई कचरा हटा देंगे तो लोग आपको फॉलो करेंगे. लीडर का मतलब ये नहीं है कि चुनाव लड़ना है. लीडर का मतलब है कि आप कुछ लोगों को अपनी बात समझा सकें. ऐसे में आपको पहले उसके बारे में समझना होगा. पढ़ाई और खेल का संतुलन कैसे रखें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा सबकुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सिर्फ खेल से भी काम नहीं चलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदगी में खेल होने से बचना है तो खेलना चाहिए.  इस सेशन में तमिलनाडु के साथ पीएम मोदी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के बच्चों से भी बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें अपने शहर की अलग अलग जगहों पर जाना चाहिए. इस बार पीएम मोदी देश ने अलग अलग शहरों में जाकर बच्चों से बात की है.  क्या एआई से डरना चाहिए? हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसी चर्चा होती है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि वो उसका गुलाम नहीं बनेंगे. उसे अपना मालिक नहीं बनने देंगे. मैं गुलाम नहीं बनूंगा, ये आपको पक्का करना होगा. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जॉब नेचर बदलता रहता है, ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझना होगा. हमें डरने की जरुरत नहीं है.  इंस्पिरेशन और मोटिवेशन में क्या चुनें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी जरूरी है.  अगर अनुशासन है ही नहीं तो कितना ही इंस्पिरेशन होगा तो एक्सप्रेशन क्या काम करेगा. मान लीजिए एक किसान है उसकी प्रेरणा मिल रही है, बगल वाला किसान बहुत कमाई कर रहा है, ऐसे में इंस्पिरेशन तो मिलती है कि उतनी कमाई करनी चाहिए. लेकिन, डिसिप्लिन नहीं होगा तो इंस्पिरेशन काम नहीं करेगा. फिर वह बोझ बन जाता है निराशा पैदा करता है. स्टार्टअप शुरू करना है कैसे करुं? एक स्टूडेंट के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आप छोटे-छोटे स्टार्टअप से काम शुरू कर सकते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप पढ़ाई और पेशन दोनों को फॉलो करना चाहते हैं तो आप सप्ताह में दिन में कुछ वक्त पेशन के लिए निकालना शुरू कीजिए. इससे आप आसानी दोनों कामों को संतुलित तरीके से कर सकेंगे.    ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में पीएम मोदी की छात्रों के साथ बातचीत को दिखाया जाएगा। इस एपिसोड में पीएम मोदी एग्जाम की तैयारी करते समय कॉन्फिडेंट रहने, रूटीन फॉलो करने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में प्रैक्टिकल टिप्स शेयर करेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एपिसोड में कहा कि बहुत सारे छात्रों ने यह सुझाव दिया था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी परीक्षा पे चर्चा होनी चाहिए। इस स्पेशल एपिसोड में आप यही देखने जा रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम को संचालित करता है। साल 2025 के कार्यक्रम में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी देखी गई। 2026 के संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए। अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागी … Read more

मोहन भागवत बोले: बीजेपी की सफलता में RSS की अहम भूमिका, राम मंदिर आंदोलन ने भी दिया लाभ

 मुंबई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा को लेकर बड़ी लकीर खींच दी है। 2024 के आम चुनाव के दौरान तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम आरएसएस के बिना भी चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं। इसे लेकर संघ कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष देखा गया था। अब सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि भाजपा के ये ‘अच्छे दिन’ आरएसएस के चलते ही आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए आरएसएस ने प्रतिबद्धता दिखाई थी और जिसने इसका साथ दिया, उसे फायदा मिला। इस तरह उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि संघ के नेतृत्व में चले राम मंदिर आंदोलन का फायदा भाजपा को चुनावी राजनीति में भी मिला। इस तरह उन्होंने साफ कर दिया कि भाजपा के लिए आरएसएस का कितना महत्व है और वह भी उसका मातृ संगठन है। माना जा रहा है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं का उत्साह बनाए रखने के मकसद से उन्होंने ऐसी बात कही है। इसके अलावा भाजपा नेतृत्व के लिए भी यह एक संदेश है कि भले ही दल का विस्तार हो गया है, लेकिन उसका वैचारिक आधार अब भी आरएसएस ही है। बता दें कि आरएसएस और भाजपा के संबंधों को लेकर अकसर सवाल उठते रहे हैं। आरएसएस की ओर से भाजपा में किसी भी फैसले लेने के दावों को खारिज किया जाता रहा है। उसका कहना है कि हम संघ के कार्यकर्ता देते हैं, लेकिन उसके फैसलों में हमारा कोई दखल नहीं रहता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अलग राजनीतिक पार्टी है भाजपा। उसमें बहुत से स्वयंसेवक हैं, लेकिन वह संघ की पार्टी नहीं है। उसमें स्वयंसेवक हैं और वे अपना काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों के पास कोई और काम करने के लिए समय नहीं होता। उन्होंने कहा कि हमारे यहां माताओं-बहनों से आप बात करेंगे तो वे कहेंगे कि इन्हें घर पर भी ध्यान देने का समय नहीं है। आरएसएस का एक ही काम कि संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट किया जाए। इसके अतिरिक्त हमें कोई और काम नहीं करना है। हमारे विचार की बात करने से कुछ लोगों को मिलता है फायदा मोहन भागवत ने कहा कि फिर सवाल उठता है कि देश में और भी समस्याएं हैं। उनका क्या होगा। इस पर संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने कहा था कि संघ कुछ नहीं करेगा और स्वयंसेवक कुछ नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी अहम कामों में संघ के कार्यकर्ता शामिल हैं, लेकिन वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि हमारा काम मनमर्जी से चलता है। इसमें नियंत्रण नहीं चलता है। स्वयंसेवकों के बीच एक सहयोग की भावना है। हमारे पास एक शक्ति है तो राष्ट्र के लिए भी एक विचार है और उसके अनुसार जो लोग बात करते हैं। उन्हें लाभ होता है। लेकिन हमारा काम किसी को लाभ पहुंचाना नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दी विवेक ओबेरॉय को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा, बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल पर रोक

नई दिल्ली बॉलीवुड सेलेब्स इन दिनों पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख कर रहे हैं। सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, रजनीकांत, अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन, ऋतिक रोशन और जैकी श्रॉफ समेत कई स्टार्स को कोर्ट से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा मिल चुकी है। अब इस कड़ी में अभिनेता विवेक ओबरॉय का नाम भी शामिल हो चुका है। कोर्ट ने अपने नए आदेश में साफ कर दिया है कि अभिनेता की बिना परमिशन के उनसे जुड़ी किसी भी सामग्री का इस्तेमाल अपराध होगा। अभिनेता का कोर्ट में पक्ष रख रही अधिवक्ता सना रईस खान ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवेक आनंद ओबेरॉय के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए एक निर्णायक आदेश जारी किया है, जिससे उनके नाम, छवि और आवाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। न्यायालय ने उल्लंघनकारी सामग्री को तत्काल हटाने का आदेश दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उल्लंघन करने वाले लोग कानून से बच नहीं पाएंगे। अधिवक्ता सना रईस खान के मुताबिक सिनेमा और उद्यम जगत के एक अग्रणी व्यक्ति और दो दशकों से समाज के लिए काम कर रहे ओबेरॉय को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है। यह सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन और परिवार पर हमला है। इससे उनके परिवार और छोटे बच्चों पर गलत असर भी पड़ेगा। अभिनेता की कानूनी जीत एक सशक्त मिसाल कायम करती है कि किसी व्यक्ति का वंश सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। क्लिकबेट या लाभ पाने के लिए उनके व्यक्तित्व के साथ किया गया खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों को कानूनी तौर पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। अभिनेता की तरफ से दायर शिकायत में जिक्र किया गया कि कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां और डिजिटल टेक्नोलॉजी मिलकर बिना इजाजत के उनके फोटो, वीडियो, आवाज और ब्रॉडिंग के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। अभिनेता की तरफ से यह भी पक्ष रखा गया कि कई बार ऑनलाइन साइट्स से सामग्री को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट का रुख किया गया। बता दें कि हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के सेलेब्स को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि अपने लाभ के लिए कई ऑनलाइन साइट्स सेलेब्स के नामों और फोटोज का इस्तेमाल धड़ल्ले से करती हैं। 

भविष्यवाणी का बदला तरीका, लखनऊ विश्वविद्यालय बताएगा करियर और शादी का सही रास्ता

लखनऊ  लखनऊ विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित ज्योतिष परामर्श केंद्र अब सिर्फ छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी कर ली है। करियर की दिशा, शादी ब्याह, सेहत, पैसा, प्रॉपर्टी और भविष्य से जुड़े सवालों के जवाब अब एक तय प्रक्रिया और निर्धारित फीस के साथ विश्वविद्यालय परिसर में मिलेंगे। विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का मकसद ज्योतिष को एक संरचित और नियंत्रित मंच पर लाना है, ताकि बाहर चलने वाली अनौपचारिक और बिना रिकॉर्ड वाली प्रथाओं से अलग, यहां हर परामर्श का दस्तावेज़ीकरण हो और समय भी तय रहे। कितनी लगेगी फीस इस केंद्र में हर परामर्श आमतौर पर जन्म कुंडली के आधार पर किया जाएगा और एक सत्र की न्यूनतम अवधि 15 मिनट रखी गई है। सामान्य ज्योतिषीय परामर्श की फीस 1,500 रुपये से शुरू होगी। वहीं विदेश यात्रा की संभावना, सामाजिक प्रतिष्ठा, मान सम्मान और राजनीतिक करियर से जुड़े छोटे सवालों के लिए 15 मिनट का परामर्श 500 रुपये में मिलेगा। ज्योतिष केंद्र में केवल कुंडली देखने तक ही सेवाएं सीमित नहीं होंगी। यहां होरा ज्योतिष और हस्तरेखा शास्त्र से जुड़े सत्र भी रखे जाएंगे, जिनकी अवधि 30 मिनट होगी और शुल्क 700 रुपये तय किया गया है। अंक ज्योतिष यानी न्यूमरोलॉजी आधारित परामर्श के लिए 1,700 रुपये देने होंगे। कुछ सेवाओं के अलग अलग शुल्क कुछ खास सेवाओं के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। तंत्र मंत्र के प्रभाव से जुड़ा आकलन, शकुन अपशकुन और सपनों की व्याख्या जैसे विषयों पर 30 मिनट के सत्र के लिए 1,900 रुपये लिए जाएंगे। शादी से पहले कुंडली मिलान, जिसमें मांगलिक दोष का विश्लेषण भी शामिल होगा, उसके लिए 1,500 रुपये शुल्क रखा गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में ज्योतिर विज्ञान की पढ़ाई कोई नई बात नहीं है। यहां 18 अक्टूबर 2001 से इस विषय में शैक्षणिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। स्नातक और परास्नातक स्तर की पढ़ाई हिंदी, अंग्रेज़ी और संस्कृत तीनों भाषाओं में कराई जाती है। अब इसी अकादमिक पृष्ठभूमि के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ज्योतिषीय सेवाओं को एक सार्वजनिक ढांचे में लाने जा रहा है। कब से शुरुआत ज्योतिष परामर्श केंद्र की शुरुआत अगस्त महीने में हो चुकी थी, लेकिन अभी तक इसकी सेवाएं केवल विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों तक सीमित थीं। अब इसे आम जनता के लिए खोलने की मंजूरी मिल गई है। ज्योतिर विज्ञान विभाग के समन्वयक श्यामलेश कुमार तिवारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेवाओं की रूपरेखा और शुल्क संरचना को स्वीकृति दे दी है। उनका कहना है कि औपचारिक रूप से आम लोगों के लिए परामर्श शुरू करने से पहले केंद्र का आवश्यक उन्नयन किया जाएगा, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। अपॉइंटमेंट सिस्टम, रिकॉर्ड मेंटेनेंस और भुगतान प्रक्रिया को विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा। इस केंद्र में करियर और आय की संभावनाओं, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, शिक्षा, विवाह, संतान, मकान, आर्थिक स्थिति, निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों पर परामर्श दिया जाएगा। इसके अलावा, मांग पर कुंडली निर्माण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। छोटी कुंडली यानी तेवा तीन दिन में 500 रुपये में दी जाएगी। लग्न और चंद्र कुंडली के साथ मध्यम स्तर की कुंडली सात दिन में 1,100 रुपये में तैयार होगी। विस्तृत कुंडली विश्लेषण के लिए 15 दिन का समय लगेगा और इसकी फीस 3,100 रुपये तय की गई है। वहीं कंप्यूटराइज्ड कुंडली, जिसमें षडवर्ग विश्लेषण शामिल होगा, एक दिन में 1,100 रुपये में उपलब्ध होगी। मिलेगी वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह वास्तु शास्त्र से जुड़ी सलाह भी इस केंद्र का अहम हिस्सा होगी। आवासीय भवनों के लिए वास्तु परामर्श का शुल्क 5 रुपये प्रति वर्ग फुट और व्यावसायिक भवनों के लिए 15 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया है। इसके लिए दिशा स्पष्ट दर्शाने वाले साइट मैप जमा करना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय परिसर के भीतर सेवाओं को ज्यादा सुलभ बनाने के लिए छात्रों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को परामर्श शुल्क में 15 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सभी परामर्श विश्वविद्यालय के वित्तीय नियमों के तहत ही होंगे और बिना आधिकारिक रसीद के कोई सेवा नहीं दी जाएगी। अपॉइंटमेंट, भुगतान और दस्तावेज़ीकरण से जुड़े विस्तृत दिशा निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

बांग्लादेश चुनाव से पहले तनाव, BNP और जमात के बीच संघर्ष, 40 लोग घायल

ढाका  बांग्लादेश में आम चुनाव से ठीक 72 घंटे पहले राजनीति एक बार फिर सड़क पर उतर आई. शनिवार देर रात बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में महिलाओं समेत 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह घटना ऐसे वक्त पर हुई है, जब 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले चुनाव प्रचार सोमवार सुबह 7:30 बजे खत्म होने वाला है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक देर रात के कार्यक्रम में जमात पर पैसे बांटने का आरोप लगाते हुए BNP कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराने पहुंचे. इसके बाद दोनों पक्षों ने समर्थक जुटाए और बात हाथापाई से लेकर पत्थरबाजी तक पहुंच गई. रातभर चले टकराव को मौजूदा चुनाव अभियान की सबसे गंभीर हिंसा बताया जा रहा है. बांग्लादेश का चुनावी माहौल तनावपूर्ण पिछले छह हफ्तों में अलग-अलग इलाकों में चुनावी हिंसा में कई लोग घायल हो चुके हैं. अगस्त 2024 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है. शेख हसीना की पार्टी को चुनाव से बाहर कर दिया गया है. इसी वजह से इसे 2009 के बाद का सबसे निर्णायक चुनाव माना जा रहा है. चुनाव में किसके-किसके बीच है टक्कर? 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में 12.7 करोड़ से अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र हैं. मुकाबला मुख्य रूप से BNP और जमात-नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच माना जा रहा है. BNP प्रमुख तारिक रहमान ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 300 में से 292 सीटों पर चुनाव लड़कर सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल करेगी. अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चुनाव को ‘न्यू बांग्लादेश का उत्सव’ बताते हुए इसे स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने का वादा किया है. हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि लगातार हिंसा से प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है, खासतौर पर तब, जब सत्ता समीकरण उलट चुके हैं और सड़क पर दबदबा शेख हसीना के विपक्षी दलों का दिख रहा है. बवाल का अर्थव्यवस्था पर असर चुनाव का नतीजा देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है. हालिया अशांति से गारमेंट जैसे प्रमुख उद्योग प्रभावित हुए हैं और बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मदद की जरूरत पड़ी है. विदेश नीति के मोर्चे पर भी दिशा बदलने के संकेत हैं. विश्लेषकों के मुताबिक, BNP को भारत के प्रति अपेक्षाकृत संतुलित माना जाता है, जबकि जमात की भूमिका पाकिस्तान की ओर झुकाव की अटकलें बढ़ाती है.

विजय शाह के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी और माफी पर होगी चर्चा

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।  

सस्ते बिजली के सपने सच होंगे! अमित शाह देंगे मध्यप्रदेश को 550 करोड़ की मदद

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

टीम इंडिया का दिल छू लेने वाला पल: गंभीर के घर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का मिलन

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम अपना दूसरा ग्रुप मुकाबला 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया से खेलेगी. इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने रविवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए खास डिनर पार्टी रखी. डिफेंडिंग चैम्पियन टीम इंडिया नामीबिया के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले यहां टीम बॉन्डिंग, रणनीति और मानसिक मजबूती पर फोकस करती दिखी. समाचार एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए वीडियो में गंभीर अपने घर पहुंचते नजर आए, जहां बैटिंग कोच सितांशु कोटक समेत कई सपोर्ट स्टाफ सदस्य मौजूद थे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस खास आयोजन में शामिल हुए. खिलाड़ियों ने यहां हल्के-फुल्के माहौल में समय बिताया और अगले मैच की तैयारियों पर अनौपचारिक चर्चा भी की.     अमेरिका के खिलाफ सूर्या का धमाका     भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने पहले मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को 29 रनों से हराया था, लेकिन मैच आसान नहीं रहा. भारतीय टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया था और टीम 77 रनों पर 6 विकेट गंवा चुकी थी. ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभालते हुए 49 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की शानदार पारी खेली. गौतम गंभीर पहले भी टीम इंडिया के लिए ऐसे आयोजन करते रहे हैं. इससे पहले दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान भी उन्होंने टीम को अपने घर आमंत्रित किया था. माना जाता है कि गंभीर टीम में पारिवारिक माहौल बनाने और खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं, खासकर जब टीम किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए उतरती है. सूर्यकुमार यादव की इस पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे. उन्होंने लगभग अकेले दम पर टीम को 9 विकेट पर 161 रनों तक पहुंचाया, जबकि 18 ओवर में भारत का स्कोर 7 विकेट पर 128 रन ही था. मुश्किल पिच पर जहां बाकी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए, वहीं सूर्यकुमार ने शानदार संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया. जसप्रीत बुमराह की जगह प्लेइंग-11 में शामिल हुए मोहम्मद सिराज ने भी अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने चार ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके और मैच भारत के पक्ष में मोड़ दिया. इससे पहले साउथ अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शल्कविक ने भारतीय बल्लेबाजी को एक ही ओवर में तीन विकेट झटक लिए थे, जिससे भारत एक समय मुश्किल स्थिति में था. यूएसए पर जीत के बाद अब टीम इंडिया की नजर नामीबिया के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर है. इस मैच में जीत भारत की सुपर 8 में जगह लगभग पक्की कर सकती है. गंभीर के घर आयोजित यह खास डिनर खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से तरोताजा होने, पिछले मैच की कमियों पर चर्चा करने और अगले मुकाबले से पहले नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने का बेहतरीन मौका माना जा रहा है.

T20 World Cup: हसारंगा और तीक्ष्णा की जादुई गेंदबाजी, श्रीलंका ने आयरलैंड को दी करारी हार

कोलंबो टी20 वर्ल्ड का छठा मैच 8 फऱवरी श्रीलंका और आयरलैंड के बीच खेला गया. ये मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ. आयरलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड के सामने 164 रनों का लक्ष्य रखा था. जवाब में आयरिश टीम 19.5 ओवरों में 143 रनों पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से स्पिन गेंदबाजों वानिंदु हसारंगा और महीश तीक्ष्णा ने तीन-तीन विकेट लिए. ग्रुप चरण की शुरुआत में ही दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम था क्योंकि शुरुआती जीत आगे की राह आसान कर सकती है. श्रीलंका (प्लेइंग इलेवन): पथुम निसंका, कामिल मिशारा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रथनायके, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), डुनिथ वेलालगे, वानिंदु हसारंगा, दुष्मंथा चमीरा, महीश तीक्ष्णा, मथीशा पथिराना. आयरलैंड (प्लेइंग इलेवन): पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, बेंजामिन कैलिट्ज, जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, मार्क अडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज. श्रीलंका ने इस मुकाबले में घरेलू परिस्थितियों फायदा उठाया. कोलंबो की पिच और माहौल से अच्छी तरह वाकिफ श्रीलंकाई टीम के पास संतुलित बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है. बल्लेबाजी की जिम्मेदारी पथुम निसंका, कुसल मेंडिस और कप्तान दासुन शनाका के कंधों पर है, जो शुरुआत से ही रन गति बनाए रखने की कोशिश करते हैं. आयरलैंड की टीम इस टूर्नामेंट में आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और आक्रामक क्रिकेट खेलने का इरादा लेकर उतरी है. कप्तान पॉल स्टर्लिंग टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं और अगर उन्हें अच्छी शुरुआत मिलती है तो वे अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं. जोश लिटिल नई गेंद से श्रीलंका के शीर्ष क्रम को चुनौती दे रहे, जबकि कर्टिस कैम्फर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देने की भूमिका निभा रहे. कैसा रहता है पिच का मिजाज कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच आमतौर पर धीमी रहती है और यहां स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिलती है. अब तक खेले गए टी20 मुकाबलों में यहां औसत स्कोर 140 के आसपास रहा है. इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को ज़्यादा सफलता मिली है, जिससे टॉस की भूमिका अहम हो सकती है. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में श्रीलंका और आयरलैंड की अब तक 4 बार भिड़ंत हुई है और चारों मुकाबले श्रीलंका ने जीते हैं. आंकड़ों के लिहाज से मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा है. इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला.

कानपुर: वार्मर मशीन में नवजात को छोड़कर भागे डॉक्टर, तड़पते हुए बच्ची ने तोड़ा दम

 कानपुर कानपुर के बिठूर इलाके में स्थित राजा नर्सिंग होम में शाम अरुण निषाद की नवजात बच्ची की वार्मर मशीन में जलने से मौत हो गई. शालू नाम की महिला ने शाम करीब 4-5 बजे एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था. अस्पताल की नर्सों ने बच्ची को ठंड से बचाने के लिए उसे आईसीयू की वार्मर मशीन पर रखा था. नर्सिंग स्टाफ मशीन चलाकर उसकी निगरानी करना भूल गया, जिससे मशीन का तापमान अत्यधिक बढ़ गया. इस तकनीकी और मानवीय लापरवाही के कारण मासूम का शरीर काला पड़ गया और उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई. परिजनों का हंगामा, डॉक्टर फरार  बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन लापरवाही ने इसे मातम में बदल दिया. जब परिजनों ने बच्ची को देखने की जिद की, तो नर्सों ने उन्हें टाल दिया. शक होने पर परिजन जबरन आईसीयू में घुसे तो देखा कि मासूम का सिर और हाथ बुरी तरह जल चुके थे. इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा मच गया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर विवेक मिश्रा और पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर मौके से फरार हो गया. पुलिस की कार्रवाई   सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अस्पताल के आईसीयू को सील कर दिया गया है.स्वास्थ्य विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया गया है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, अस्पताल संचालक ने इसे महज एक ‘हादसा’ करार दिया है. पीड़ित परिवार का बुरा हाल यह अरुण की पहली संतान थी, जिसकी मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है. बच्ची की दादी प्रेमा और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. सबसे दुखद पहलू यह है कि अभी तक बच्ची की मां शालू को उसकी मौत की खबर नहीं दी गई है. परिजनों की मांग है कि इस आपराधिक लापरवाही के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो.

NEET UG 2026 तैयारी गाइड: इन चैप्टर्स को अच्छे से पढ़ा तो सफलता तय

नई दिल्ली  नीट (NEET UG) 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर है। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने आगामी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन नीट परीक्षा 2026 में टॉप रैंक और 100% मार्क्स पाने के लिए छात्रों को नीट सिलेबस की पूरी तरह से जानकारी होनी चाहिए। 3 मई 2026 को होने वाली इस महा-परीक्षा से पहले, सिलेबस का स्पष्ट होना छात्रों के लिए अपनी स्ट्रैटिजी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इसलिए अभी नीट परीक्षा का सिलेबस और एग्जाम पैटर्न समझ लीजिए और अपनी तैयारी को सही स्ट्रैटिजी के साथ शुरू कीजिए। NEET UG 2026 सिलेबस इस बार के सिलेबस को NCERT की नई किताबों और बदलती चिकित्सा शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। NMC ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी 2026 में 11वीं और 12वीं कक्षा के कोर विषयों—फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी —से प्रश्न पूछे जाएंगे। नीचे तीनों विषयों का डिटेल्ड सिलेबस दिया गया है 1. बायोलॉजी: यह विषय नीट परीक्षा का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। सिलेबस में ‘डाइवर्सिटी इन लिविंग ऑर्गनिज्म’, ‘सेल स्ट्रक्चर’, ‘ह्यूमन फिजियोलॉजी’ और ‘प्लांट फिजियोलॉजी’ जैसे चैप्टर पर विशेष जोर दिया गया है। 12वीं के हिस्से से ‘जेनेटिक्स’, ‘इवोल्यूशन’, ‘बायोटेक्नोलॉजी’ और ‘इकोलॉजी’ जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को शामिल किया गया है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे NCERT के हर डायग्राम और लेबलिंग को बारीकी से समझें। 2. फिजिक्स: फिजिक्स का सिलेबस कॉन्सेप्ट और न्यूमेरिकल पर आधारित है। इसमें ‘कैनेमेटिक्स’, ‘लॉ ऑफ मोशन’, ‘वर्क, एनर्जी एंड पावर’, ‘ग्रेविटेशन’ और ‘थर्मोडायनामिक्स’ जैसे प्रमुख चैप्टर शामिल हैं। 12वीं के स्तर से ‘इलेक्ट्रोस्टेटिक्स’, ‘ऑप्टिक्स’, ‘मैग्नेटिक इफेक्ट्स ऑफ करंट’ और ‘न्यूक्लियर फिजिक्स’ से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। इस विषय में महारत हासिल करने के लिए फॉर्मूलों का अभ्यास अनिवार्य है। 3. केमिस्ट्री: केमिस्ट्री को तीन सेक्शन में बांटा गया है—फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक। फिजिकल केमिस्ट्री: मोल कॉन्सेप्ट, एटॉमिक स्ट्रक्चर और केमिकल काइनेटिक्स। इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री: पीरियोडिक टेबल, पी-ब्लॉक, डी-ब्लॉक एलिमेंट्स और केमिकल बॉन्डिंग। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री: हाइड्रोकार्बंस, एल्कोहल, फिनोल और ईथर के साथ-साथ ‘प्रैक्टिकल केमिस्ट्री’ के कुछ नए प्रयोग भी सिलेबस का हिस्सा हैं। क्या इस बार कुछ बदला है? अभिभावकों और छात्रों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सिलेबस में कटौती की गई है। NMC ने पिछले साल के पैटर्न को ही लगभग बरकरार रखा है, लेकिन कुछ ऐसे टॉपिक्स जो NCERT की नई किताबों से हटा दिए गए थे, उन्हें भी मेडिकल एंट्रेंस की गहराई को देखते हुए शामिल किया गया है।  NEET UG 2026 परीक्षा का पैटर्न परीक्षा का पैटर्न पहले जैसा ही रहेगा, कुल 200 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें से 180 का उत्तर देना होगा। प्रत्येक सही उत्तर के लिए +4 अंक मिलेंगे और गलत उत्तर के लिए -1 अंक (नेगेटिव मार्किंग) का प्रावधान है। परीक्षा कुल 720 अंकों की होगी। छात्रों के लिए तैयारी की टिप्स छात्रों को सिलेबस के अनुसार अपना ‘स्टडी प्लान’ अपडेट करना चाहिए। सबसे पहले उन चैप्टर्स को खत्म करें जिनका वेटेज ज्यादा है। पिछले 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करें और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी स्पीड और सटीकता (एक्युरेसी) पर काम करें।  

स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से अफरा-तफरी, दिल्ली के 9 स्कूल अलर्ट पर

 नई दिल्ली दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार सुबह अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह करीब 8.30 से 9 बजे के बीच शहर के 9 बड़े स्कूलों को बम की धमकी वाली कॉल मिली. स्कूलों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. इसके बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. सुरक्षा के लिए बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालकर स्कूल की पूरी तलाशी ली गई. बताया जा रहा है कि सभी कॉल लगभग एक ही समय पर आईं, इसलिए एजेंसियां सतर्क हैं. फिलहाल पुलिस कॉल करने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है. जिन 9 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, उनमें दिल्ली कैंट का लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी का केम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी का वेंकटेश्वर स्कूल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का केम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर का इंडियन स्कूल, रोहिणी का CM श्री स्कूल, आईएनए का DTA स्कूल, रोहिणी का बाल भारती स्कूल और न्यू राजेंद्र नगर का वनस्थली स्कूल शामिल हैं. इन सभी स्कूलों में सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और एहतियाती कदम उठाए गए हैं. ईमेल में क्या लिखा है? धमकी भरे ईमेल में उकसावे और भड़काऊ संदेश लिखे गए हैं, जिसमें “दिल्ली बनेगा खालिस्तान”, “अफजल गुरु की याद में” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मेल में यह भी दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1:11 बजे स्कूल में धमाका होगा और अंत में खुद को “खालिस्तान नेशनल आर्मी” के नाम से जोड़ा गया. हालांकि इस तरह के संदेशों को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच करती हैं और आमतौर पर लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे दावों पर घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें. जनवरी से फरवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों को बम की धमकियों का सिलसिला लगातार देखा गया है. 7 फरवरी को बड़े पैमाने पर भेजे गए एक ईमेल के बाद 50 से अधिक स्कूलों को खाली कराया गया था, जिसे बाद में गृह मंत्रालय ने फर्जी बताया. इससे पहले 28-29 जनवरी को सरदार पटेल विद्यालय, लॉरेटो कॉन्वेंट और डॉन बॉस्को समेत पांच स्कूलों को धमकियां मिली थीं, लेकिन जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला और कुछ ही घंटों में परिसर सुरक्षित घोषित कर दिए गए.

ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही लंबी छलांग लगाते हुए 84,000 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी अपनी ओपनिंग के साथ ही 26,000 के करीब जा पहुंचा. इस बीच SBI, Tata Steel, Titan के साथ ही आईटी सेक्टर की कंपनियों TCS, HCL Tech, Infosys के शेयर भी रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए. बाजार में ये जोरदार तेजी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क (India-US Trade Deal Framework) जारी होने के बाद देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,580.40 की तुलना में रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 84,177 पर ओपन हुआ और अगले ही पल करीब 700 अंकों से ज्यादा की उछाल मारकर 84,314.68 के लेवल पर जा पहुंचा. Sensex के साथ ही एनएसई का निफ्टी भी अपने शुक्रवार के बंद 25,693.70 की तुलना में उछलकर 25,888.70 पर खुला और फिर 25,922 के स्तर तक उछल गया.  ये बड़े शेयर खुलते ही भागने लगे  भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई इस तेजी के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. इनमें आईटी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स भी शामिल थे. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (6.20%), Titan Share (2%), Eternal Share (1.50%), Kotak Bank Share (1.46%), Tata Steel Share (1.30%) की शुरुआती तेजी में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लार्जकैप में टीसीएस, रिलायंस, बीईएल, टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस भी ग्रीन जोन में थे.  मिडकैप में Godrej Properties Share (4.90%), Bharat Forge Share (2.10%), Policy Bazar Share (2.10%). Bhel Share (1.80%) उछलकर कारोबार करते नजर आए, तो स्मॉलकैप कैटेगरी में Hindustan Copper Share (4.30%), Poonawalla Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  विदेशों से मिल रहे थे ग्रीन सिग्नल  Indian Stock Market में तेजी के पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. जहां अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को Gift Nifty समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 5 फीसदी या 2400 अंकों के आसपास की उछाल के साथ 56,600 के पार ट्रेड कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng) 390 अंक या 1.50 फीसदी चढ़कर 26,950 पर कारोबार करता दिखाई दिया. साउथ कोरिया के कोस्पी (KOSPI Index) में भी रॉकेट सी तेजी नजर आई और ये इंडेक्स करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 5290 पर पहुंच गया.  ट्रेड डील की डिटेल आ गई समझ बीते दिनों जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर सहमति का बड़ा ऐलान किया था, तो उसके तुरंत बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागे थे और फिर जैसे-जैसे इसे लेकर अपडेट आते गए बाजार उछलता गया. बीते सप्ताह सेंसेक्स 2800 अंक से ज्यादा की बढ़त में रहा था और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यू में कंबाइंड रूप से 4.55 लाख करोड़ का इजाफा हुआ था.  अब ट्रेड डील को लेकर फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और शेयर बाजार को भी इस व्यापार समझौते के नफा नुकसान साफ समझ आने लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बता दें कि डील के तहत कई सामानों पर Zero Tariff, तो कई पर लागू टैरिफ कम करने का प्रस्ताव है, वहीं अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ भी 18% किया गया है. 

भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन शुरू करेगी पूर्वी भारत मंदिर दर्शन यात्रा, पैकेज डिटेल्स और रूट प्लान जारी

नई दिल्ली पूर्वी भारत के प्रमुख हिंदू मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की ओर से संचालित भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के दिव्य मंदिरों की यात्रा कराई जाएगी। यह 10 दिन की यात्रा श्रद्धालुओं को वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाएगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को सुविधाजनक ट्रेन यात्रा के साथ पूजा स्थल भ्रमण और स्थानीय अनुभव का अवसर भी मिलेगा। IRCTC की साइट से टिकट बुकिंग कर पाएंगे यात्री दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 9 मार्च को रवाना होगी। इस यात्रा में लगभग 150 यात्रियों के जाने की व्यवस्था है। इच्छुक यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट से टिकट बुक कर सकते हैं। इस बार के टूर के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के प्रमुख दिव्य मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे, जिनमें वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) शामिल हैं। यात्रा के दौरान न केवल मंदिरों बल्कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी भ्रमण कराया जाएगा। IRCTC की यह पहल देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रियों को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव एक साथ उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है। 18 मार्च को सफदरजंग वापस लौटेगी गाड़ी इस 10 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओं को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा और साथ ही गंगा आरती का भी अनुभव कराया जाएगा। इसके अलावा, कोलकाता में यात्रियों को विक्टोरिया मेमोरियल, काली घाट और दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा का अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा पुरी के जगन्नाथ मंदिर और झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर की यात्रा है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और 18 मार्च को वहीं वापस लौटेगी। इस दौरान यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी भ्रमण कराए जाने की योजना है, जिससे यह यात्रा धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक अनुभव दोनों के लिए यादगार बनेगी। पैकेज में क्या-क्या शामिल भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में एसी की तीनों श्रेणियों के कोच उपलब्ध होंगे। यात्रियों को इस पैकेज में शाकाहारी भोजन और सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त भी मिलेगा। किराया विवरण (प्रति यात्री) फर्स्ट एसी: ₹1,06,940, सेकंड एसी: ₹98,925, थर्ड एसी: ₹79,285 इस पैकेज में यात्रियों के होटल में ठहरने, खाने, एसी गाड़ी, यात्रा बीमा (इंश्योरेंस) का खर्च शामिल है, जिससे श्रद्धालु आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव कर सकें।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: भारतीय रेलवे शुरू करेगा करीब 1500 ट्रेनें, जानें रूट डिटेल

नई दिल्ली होली का त्योहार नजदीक है और इस त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ जाती है। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मार्च महीने में 1,410 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। ये संख्या मांग बढ़ने पर 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है। आपको बता दें कि पिछले साल 2025 में 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। रेलवे का यह कदम सुनिश्चित करता है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा मिल सके। स्पेशल ट्रेनों का संचालन न केवल भीड़ को नियंत्रित करेगा, बल्कि प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत करेगा। इस बार के अभियान में हर जोन ने यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुसार ट्रेन परिचालन में वृद्धि की है। आइए जानते हैं कि किस रूट पर कितनी ट्रेनें चलेंगी।   पूर्व मध्य रेलवे     पूर्व मध्य रेलवे इस होली पर सबसे ज्यादा 285 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     यह जोन बिहार, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है।      इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य त्योहार के समय भारी भीड़ में यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है। पश्चिम रेलवे     पश्चिम रेलवे ने 231 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।      मुंबई और गुजरात से जुड़े मार्गों पर यह ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।     इसकी वजह से यात्रियों को भीड़-भाड़ से बचते हुए यात्रा का बेहतर अनुभव मिल सकेगा।  मध्य रेलवे     मध्य रेलवे 209 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     ये विशेष ट्रेनें मुख्य रूप से मध्य भारत के प्रमुख शहरों और छोटे कस्बों के बीच यात्रा को आसान बनाएंगी। दक्षिण मध्य रेलवे     दक्षिण मध्य रेलवे कुल 160 ट्रेनें चलाएगा।     ये जोन हैदराबाद, विजयवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है और यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन परिचालन करेगा। उत्तर रेलवे     उत्तर रेलवे 108 स्पेशल ट्रेनें संचालित करेगा।     दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मार्गों पर ये ट्रेनें होली के अवसर पर यात्रियों को सुविधा प्रदान करेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे उत्तर पश्चिम रेलवे 71 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     राजस्थान और आसपास के राज्यों में इन ट्रेनों से यात्रा आसान और सुरक्षित होगी। उत्तर मध्य रेलवे     उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 66 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है।     यह जोन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम करेगा।     दोनों जोन 62-62 स्पेशल ट्रेनें चलाएंगे।     ये ट्रेनें पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय क्षेत्रों में त्योहार के समय यात्रियों को सुविधा देंगी।       दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR): 47 ट्रेनें     पश्चिम मध्य रेलवे (WCR): 43 ट्रेनें     दक्षिण रेलवे (SR): 39 ट्रेनें     दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR): 15 ट्रेनें      कोंकण रेलवे (KR): 9 ट्रेनें      पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (NFR): 2 ट्रेनें  

नौकरी की तलाश खत्म! 6 दिनों तक चलेगा रोजगार मेला, नामी कंपनियों में आवेदन का मौका

रायपुर प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संभाग स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेले 12 से 17 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों में आयोजित होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 एवं 13 फरवरी को बिलासपुर संभाग में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को दुर्ग संभाग में रोजगार मेले का आयोजन होगा। वहीं 16 एवं 17 फरवरी को सरगुजा और बस्तर संभाग में रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर ही अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगे, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत उम्मीदवारों को रोजगार मेले के दौरान साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में शामिल होने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

प्यार के लिए दादी का रूप और अलमारी का रहस्य! BLACKPINK की Rosé की अनसुनी कहानी

लॉस एंजिल्स के-पॉप स्टार ब्लैकपिंक की Rosé ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपने एक्स लवर से छिपकर मिलने के लिए एक मजेदार तरीका निकाला था। लोगों को उनके बारे में कुछ पता न लगे इसके लिए वो पूर्व प्रेमी से बूढ़ी दादी की तरह कपड़े पहनकर मिला करती थीं। ये किस्सा उन्होंने एक पॉडकास्ट पर खुद सुनाया। Rosé ने एलेक्स कूपर के पॉडकास्ट ‘कॉल हर डैडी’ पर बातचीत में बताया कि कैसे वो अपने रिश्ते को फैन्स और पपराजी से बचाने के लिए एक बुजुर्ग महिला का वेश धारण किया करती थीं। उन्होंने बताया कि डेटिंग के दौरान पकड़े जाने के डर ने उन्हें इस तरह से अपना हुलिया बदलने के लिए मजबूर कर दिया। उम्रदराज महिलाओं वाले सामान रखतीं इतना ही नहीं, 28 साल की सिंगर ने बताया कि पहचान छिपाने के लिए उन्होंने एक पूरी अलमारी ही उन तरह के कपड़ों के लिए बना ली थी जिसमें उम्रदराज महिला के लुक में बदलने के लिए जरूरी सारी चीजें वो रखा करती थीं। ‘मैंने एक काली घुंघराली विग खरीदी और बुजुर्ग महिलाओं को स्टडी करती’ उन्होंने कहा, ‘मैंने एक विग खरीदी। एक काली घुंघराली विग, छोटी सी। मैंने गौर करना शुरू किया कि बुजुर्ग महिलाएं सड़क पर कैसे कपड़े पहनती हैं। मैं सोचती थी- ठीक है, वे इस तरह की स्कर्ट, इस तरह के जूते, इस तरह का बैग पहनती हैं। मैं उनकी स्टडी करती और फिर उसे ऑर्डर करती और फिर वैसे ही कपड़े पहना करती।’ ज्यादातर समय घर के अंदर ही बिताते सिंगर ने ये भी बताया कि ये वेश बदलना पब्लिक जगहों पर घूमने या रेस्टोरेंट में डेट पर जाने के लिए नहीं थे, बल्कि पहचान छिपाकर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए हुआ करते थे। रोज़े के मुताबिक, वो शायद ही कभी साथ में बाहर निकले थे। वे ज्यादातर समय घर के अंदर ही बिताते। इस तरह अपना हुलिया बदलकर उसके घर जाती थी रोज़े उन्होंने पॉडकास्ट पर कहा, ‘मैं इस तरह अपना हुलिया बदलकर उसके घर जाती थी, क्योंकि हम कहीं जा नहीं सकते थे। उन्होंने ये भी माना कि डेटिंग करते पकड़े जाने के डर ने उन्हें एक समय में काफी डरा दिया था। उन्होंने ये किस्सा सुनाते हुए बताया है कि उन्होंने अपने घर में एक अलमारी में अलग हिस्सा बना रखा था जो पूरी तरह से उन कपड़ों से भरा था जिन्हें वो खुद को बदलने के लिए दादी जैसे कपड़े रखती थीं। उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने वो अलमारी हटा दी। बॉयफ्रेंड भी बदल लेते थे बुजुर्ग वाला लुक रोज़े ने बताया था कि उनके एक्स बॉयफ्रेंड ने भी दादा जी जैसे लुक में ढलने की कोशिश की थी और उन्होंने भी बुजुर्ग की तरह चलने का तरीका सीखा था।

आस्था और चमत्कार का संगम: छत्तीसगढ़ का वह शिवलिंग जो साल में तीन बार बदलता है स्वरूप

खरोरा   बेलदार राजा की राजधानी बेलदार सिवनी में एक अद्भुत प्राचीन शिवलिंग है जो साल में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है, इस प्रतिमा को लोग धरती फोड़ महादेव के नाम से भी जानते हैं।  खरोरा से 5 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर पूर्व दिशा में स्थित इस गांव की आबादी करीब 5000 है यहां का प्राचीन शिव मंदिर कितना पुराना है इस बारे में तीन पीढ़ी के सियान भी कुछ नहीं बता पाते हैं ।   इस प्राचीन शिवलिंग को स्थानीय लोग ‘धरतीफोड़ महादेव’ के नाम से जानते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह साल में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है:गर्मी में: प्रतिमा बीच से दो भागों में बंट जाती है, जिससे इसमें अर्धनारीश्वर (आधा शिव, आधा शक्ति) का रूप स्पष्ट दिखाई देता है। इस दौरान यह खुरदुरा भी हो जाता है।सावन (बरसात) में: यह वापस अपनी पूर्ण आकृति में आ जाता है, जिसे लोग ‘जड़-महादेव’ कहते हैं। ठंड में: शिवलिंग का रंग गहरा काला हो जाता है और इसकी सतह चिकनी व तैलीय दिखाई देने लगती है। प्राचीनता: यह मंदिर कितना पुराना है, इसके बारे में गांव के 80 साल के बुजुर्ग भी नहीं बता पाए। यह क्षेत्र कभी बेल्दार राजा की राजधानी हुआ करता था। पवित्र कुंड: मंदिर के चारों ओर लगभग 1000 वर्ग फीट में फैला एक कुंड है। कहा जाता है कि सावन के महीने में इस कुंड की गंदगी और दुर्गंध अपने आप गायब हो जाती है। नशामुक्त गांव: बेल्दारसिवनी अपनी पूर्ण शराबबंदी के लिए भी प्रसिद्ध है। सालों पहले गांव वालों ने कड़ा फैसला लेकर शराब बेचने और पीने वालों पर पाबंदी लगा दी थी जिसकी परंपरा आज भी जारी है।इस कुंड को अब शिव कुंड का नाम दिया गया है और इस कुंड के बीच में लक्ष्मी नारायण भगवान की प्रतिमा स्थापित है चारों ओर द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन देखने को मिलते हैं। बेलदार सिवनी के इस धरतीफोड़ महादेव जिसे अर्धनारीश्वर भी कहा जाता है इस प्रतिमा के बारे में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार गर्मी के दिनों में ढाई फीट ऊंची और 8 इंच विकास की प्रतिमा बीचो-बीच दो भागों में विभक्त हो जाती है तब इस प्रतिभा में अर्धनारीश्वर महादेव की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। सावन के महीने में यह प्रतिमा अपनी पूर्ण आकृति को प्राप्त करती है तब इसे जड़ महादेव के नाम से लोग जानते हैं। ठंड के दिनों में प्रतिमा चिकनी और तेली काले रंग की हो जाती है गर्मी में प्रतिमा खुरदुरा होकर अपना चोला छोड़ती है। इसके बावजूद इस मंदिर की सुरक्षा पर शासन या पुरातत्व विभाग का ध्यान अब तक नहीं गया है ग्रामीण खुद समय-समय पर इसका जीर्णोद्धार करते हैं। इसी तारतम्य में गांव के पूर्व सरपंच व वर्तमान जनपद सदस्य मुकेश वर्मा ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए संकल्प लिया एवं  बाबा अर्द्धनारीश्वर मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण समिति बेलदार सिवनी के अध्यक्ष थनवार वर्मा सहित सदस्यों में उद्योराम वर्मा, मुकेश वर्मा, पन्नालाल वर्मा, कैलाश वर्मा, नारद वर्मा ,बलराम वर्मा,अरुण वर्मा, ईश्वरी वर्मा, दिनेश वर्मा, भूपेंद्र वर्मा, मनहरन वर्मा, छेदु वर्मा, सुनील वर्मा, रामकुमार रातड़े, उमेंद क्षत्रिय, अजय वर्मा, यशवंत क्षत्रिय, मनीराम वर्मा, लोकेश शर्मा, गजानंद वर्मा शामिल हैं।विगत 2 से 3 वर्ष में स्थानीय व क्षेत्रीय दानदाताओं के सहयोग से मंदिर का भव्य स्वरूप का निर्माण कराया |  मंदिर के जीर्णोद्धार से एक मनोहारी मंदिर का निर्माण हो गया है परिसर से लगे कुंड में ही 12 ज्योर्तिलिंग व शिव मंदिर में अन्य देवी देवताओं के प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया जिसमें 5 फरवरी को कलश यात्रा निकाली गई, जिसके बाद 6 फरवरी को द्वितीय दिवस के रूप में वेदी पूजन और आधिवास यज्ञ संपन्न हुआ। 7 फरवरी को प्रातः 10 बजे से भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा, हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भोग-भंडारे का आयोजन किया गया । दर्शनार्थियों ने मंदिर परिसर पर बने कुंड में म्यूजिकल फाउंटेन की मांग शासन से की है जिससे मंदिर की भव्यता और बढ़ जाए|मान्यता के अनुसार लोगों मांग भगवान भोलेनाथ जरूर सुनते है और उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है.. यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, एकता एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार का माध्यम भी है। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए , जिसमें स्थानीय और दूर-दराज के  श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन किया जायेगा जिसमें 14 व 15 फरवरी रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा | आयोजक समिति के संरक्षक एवं जनपद सदस्य शिवशंकर वर्मा ने बतलाया कि तीन दिन तक चले इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक श्रीमती अनीता योगेंद्र शर्मा, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, तिल्दा जनपद अध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे, तिल्दा जनपद उपाध्यक्ष दुलारी सुरेंद्र वर्मा, संतोष शाह, रविंदर बबलू भाटिया, खूबी डहरिया, प्रवीण अग्रवाल, शेखर अग्रवाल, अनिल कुर्मी, प्रवीन लाटा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्त  कर क्षेत्र में खुशहाली व सम्पन्नता के लिए भोलेनाथ से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

यातायात में क्रांति! ₹2200 करोड़ की लागत से बन रहा भारत का सबसे लंबा फ्लाईओवर, कौन कर रहा निर्माण?

नई दिल्ली भारत में यातायात और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए फ्लाईओवर निर्माण में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। वर्तमान में देश का सबसे लंबा फ्लाईओवर (Longest Flyover in India) बनने का गौरव केरल के अरूर-थुरावूर एलिवेटेड हाईवे को मिलने वाला है। नेशनल हाईवे 66 (NH 66) पर बन रहा यह अनोखा रास्ता न केवल यात्रा का समय बचाएगा, बल्कि वास्तुकला का भी बेजोड़ नमूना होगा। प्रोजेक्ट की खासियत और लागत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा निर्मित यह एलिवेटेड हाईवे 12.75 किलोमीटर लंबा और छह लेन चौड़ा है। लगभग 2,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट देश का सबसे लंबा ‘सिंगल-पिलर’ वाला स्काईवे है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और मई 2026 तक इसके पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। यह फ्लाईओवर दक्षिण भारत के राज्यों के बीच व्यापार और परिवहन के नजरिए से गेम-चेंजर साबित होगा।     तेज सफर: यह तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।     कम होगा खर्च: बेहतर रास्ता मिलने से ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भी कमी आएगी।     रिकॉर्ड निर्माण: प्रोजेक्ट के सभी 360 सपोर्टिंग पिलर और 3,000 गर्डर का काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में गर्डर फिटिंग, एग्जिट रैंप और टोल प्लाजा पर काम युद्ध स्तर पर जारी है। 2,500 मजदूरों का ‘डे-नाइट’ मिशन केरल के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में यह प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होने वाला है। इसे समय पर पूरा करने के लिए लगभग 2,500 मजदूर और 350 अत्याधुनिक मशीनें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। पूरा होने के बाद यह फ्लाईओवर न केवल नेशनल रिकॉर्ड बनाएगा, बल्कि NH 66 पर यातायात की तस्वीर भी बदल देगा। सफर के लिए देना होगा टोल इस हाई-टेक फ्लाईओवर से गुजरने वाले यात्रियों का कीमती समय तो बचेगा, लेकिन इस सुविधा के लिए उन्हें अपनी जेब भी ढीली करनी होगी। छह-लेन वाले इस एलिवेटेड स्ट्रेच का उपयोग करने वाले मोटर चालकों को अलग से टोल टैक्स चुकाना होगा।  

जिंदा हैं फिर भी कागज़ों में मृत, SDM कार्यालय बुलाकर मांगा गया जीवित होने का सबूत

राजनांदगांव जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण  सर्वे के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड नंबर 10 की रहने वाली 96 वर्षीय बुजुर्ग महिला नूरजहां को कागजों में ‘मृतक’ घोषित कर दिया गया है। अब इस बीमार बुजुर्ग महिला को खुद के जीवित होने का सुबूत देने के लिए सरकारी दफ्तर की पेशी पर जाना होगा। 96 वर्षीय नूरजहां (पति स्व. रफीक अहमद) का कहना है कि देश की आजादी के समय वह करीब 17 वर्ष की थीं। उन्होंने आजादी के बाद से अब तक हुए लगभग सभी चुनावों में मतदान किया है। नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में होना होगा उपस्थित उनकी सामाजिक जड़ें और परिवार की कई पीढ़ियां इसी शहर से जुड़ी हैं। इसके बावजूद, किसी अज्ञात द्वेष या लापरवाही के चलते उन्हें मृत बताकर मतदाता सूची से नाम काटने की आपत्ति दर्ज कराई गई है। खराब स्वास्थ्य के बावजूद नूरजहां को नौ फरवरी को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर यह साबित करना होगा कि वह जीवित हैं।   बिना ठोस सुबूत के नाम काटने का अभियान जिले में मतदाता सूची से नाम काटने को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि फॉर्म-सात के जरिए एक वर्ग विशेष और समाज के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। आश्चर्यजनक यह है कि जमुना चौक और टिकरी पारा के कुछ सामान्य नागरिकों द्वारा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके पूर्वज वर्षों से यहीं के निवासी रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 2003 की मतदाता सूची जैसे पुख्ता दस्तावेज देने के बाद भी उन्हें बार-बार पेशी पर बुलाकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। कल होगी मामले की पहली सुनवाई प्रशासन ने इस पूरे विवादित मामले में सोमवार (नौ फरवरी) को एसडीएम कार्यालय में पहली सुनवाई निर्धारित की है। नोटिस के अनुसार, शिकायतकर्ता और पीड़ित पक्ष दोनों को अपने दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहना होगा। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि शहीद नगरी के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में मतदाता सूची के नाम पर भेदभाव का वातावरण तैयार किया जा रहा है। पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल शिकायतकर्ता किसी बड़े पद पर नहीं हैं, फिर भी उनकी थोक में दी गई शिकायतों पर जिस तरह से कार्रवाई हो रही है, उसने पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह केवल एक वार्ड का मामला नहीं है, बल्कि पूरे जिले में मतदाता सूची को प्रभावित करने के लिए इसी तरह का खेल चल रहा है। एक ही व्यक्ति द्वारा सैकड़ों लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराना और प्रशासन द्वारा बिना स्थलीय सत्यापन के जीवित लोगों को नोटिस जारी करना गहरी लापरवाही को दर्शाता है।

करियर बनाने का बड़ा चांस: 6 दिन का रोजगार मेला, मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब ऑफर

रायपुर प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संभाग स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेले 12 से 17 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों में आयोजित होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 एवं 13 फरवरी को बिलासपुर संभाग में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को दुर्ग संभाग में रोजगार मेले का आयोजन होगा। वहीं 16 एवं 17 फरवरी को सरगुजा और बस्तर संभाग में रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर ही अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगे, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत उम्मीदवारों को रोजगार मेले के दौरान साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में शामिल होने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

ठंड का डबल अटैक: 9–11 फरवरी के बीच बारिश-बर्फबारी की चेतावनी, इन राज्यों में रेड/ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली देश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। फरवरी का महीना होने के बावजूद ठंड का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 15 दिनों में लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे हैं, जिसके चलते उत्तर भारत के कई हिस्सों में ठंड, बारिश और बर्फबारी देखने को मिल रही है। कुछ इलाकों में शीत लहर और कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आने वाले 9 से 11 दिनों में भी मौसम का रुख कुछ ऐसा ही बना रह सकता है। आज रात सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 8 फरवरी की रात एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करना शुरू करेगा। इस दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में तेज पछुआ हवाएं चल रही हैं, जिनकी रफ्तार करीब 120 समुद्री मील तक पहुंच रही है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण 9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। इसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखेगा, जहां ठंडी हवाओं से ठिठुरन बढ़ सकती है।   चार राज्यों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम सक्रिय रहेगा। 10 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। उत्तराखंड के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की भी संभावना जताई गई है।   दिल्ली में सुबह-शाम की ठंड, दिन में धूप से राहत दिल्ली में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगा है। हवाओं के चलते सुबह और शाम ठंड महसूस की जा रही है, लेकिन दिन में धूप निकलने से हल्की गर्मी का अहसास हो रहा है। बीते दिन राजधानी में अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, हालांकि 9 फरवरी को तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट आ सकती है। 11 फरवरी के आसपास तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है।   दिल्ली में हल्के बादलों की संभावना आने वाले एक हफ्ते में दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहने की संभावना है। हालांकि 10 और 11 फरवरी को यह सामान्य से कुछ डिग्री अधिक हो सकता है। अगले 24 घंटों के दौरान राजधानी में 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों तक आसमान अधिकतर साफ रहेगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 9 और 10 फरवरी को हल्के बादल छा सकते हैं। फिलहाल दिल्ली में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।

अमेरिका के साथ समझौते से भारतीय शेयर बाजारों को मिल सकता है बढ़ावा

मुंबई पिछले सप्ताह रही तेजी के बाद आने वाले सप्ताह में अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का असर घरेलू शेयर बाजारों में देखा जायेगा। अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर दोनों देशों ने शनिवार को एक साझा बयान जारी किया जिसमें बताया गया है कि किन-किन वस्तुओं पर दोनों देशों में कितना-कितना आयात शुल्क और सीमा शुल्क घटाया जायेगा। इस समझौते से सेक्टर विशेष को लेकर निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी। पिछले सप्ताह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद व्यापार समझौता होने की घोषणा की गयी थी जिससे सेंसेक्स एक दिन में दो हजार अंक (ढाई प्रतिशत) से अधिक की तेजी के साथ बंद हुआ था। आने वाले सप्ताह में गुरुवार को आधार वर्ष 2024 की सीरीज पर पहली बार खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी होंगे। निवेशकों की नजर इस पर भी होगी। वाहनों की खुदरा बिक्री के आंकड़े भी इसी सप्ताह आने हैं। पिछले सप्ताह रविवार को आम बजट के दिन विशेष सत्र के कारण शेयर बाजारों में छह दिन कारोबार हुआ। यह पूरा सप्ताह बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। इस दौरान बीएसई का सेंसेक्स 1,310.62 अंक (1.59 प्रतिशत) की साप्ताहिक बढ़त में रहा। बजट के दिन रविवार को सेंसेक्स 1,547 अंक टूट गया। अगले ही दिन सोमवार को इसमें 944 अंक की तेजी देखी गयी। मंगलवार सुबह अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने की जानकारी आने के बाद सेंसेक्स 2,073 अंक उछल गया। बुधवार और शुक्रवार को भी सेंसेक्स हरे निशान में बंद हुआ जबकि गुरुवार को गिरावट रही। सप्ताहांत पर यह 83,580.40 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 373.05 अंक यानी 1.47 प्रतिशत चढ़कर शुक्रवार को 25,693.70 अंक पर बंद हुआ। मझौली और छोटी कंपनियों में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक सप्ताह के दौरान 1.98 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.35 प्रतिशत मजबूत हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में पावरग्रिड के शेयर सबसे अधिक 14.26 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी रही। ऊर्जा क्षेत्र की ही एनटीपीसी का शेयर 2.61 फीसदी चढ़ गया। एफएमसीजी कंपनी ट्रेंट में 8.80 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनीलिवर में 2.11 प्रतिशत और आईटीसी में 1.19 प्रतिशत की तेजी रही। वित्तीय एवं बैंकिंग कंपनियों में बजाज फाइनेंस का शेयर 5.49 फीसदी चढ़ गया। आईसीआईसीआई बैंक में 3.81 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व में 3.6 और एचडीएफसी बैंक में 1.27 प्रतिशत की तेजी रही। एक्सिस बैंक का शेयर 2.09 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक में 1.03 फीसदी की सप्ताहिक गिरावट रही। वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 2.24 फीसदी और मारुति सुजुकी का 2.74 फीसदी ऊपर रहा। बंदरगाह क्षेत्र की अडानी पोर्ट्स का शेयर 9.35 प्रतिशत, विमान सेवा कंपनी इंडिगो का 6.84 प्रतिशत और दवा कंपनी सनफार्मा का 6.25 प्रतिशत की बढ़त में रहा। विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज में 3.94 प्रतिशत, दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल में 3.57 प्रतिशत और इटरनल में 3.56 प्रतिशत की तेजी रही। इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनी एलएंडटी का शेयर 3.41 प्रतिशत, इस्पात कंपनी टाटा स्टील का 2.05 प्रतिशत और सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट का 0.20 प्रतिशत चढ़ा। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां साप्ताहिक नुकसान में रहीं। इंफोसिस का शेयर 8.14 फीसदी, टेक महिंद्रा का 7.12, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 5.95 और टीसीएस का 5.88 प्रतिशत टूट गया। बीईएल में 4.33 फीसदी और एशियन पेंट्स में 1.07 फीसदी की गिरावट रही।  

धीमे ज़हर की तरह काम कर रहा है कैंसर, अगर नहीं छोड़ीं ये 4 आदतें तो…

नई दिल्ली चिकित्सा विज्ञान में हुई अभूतपूर्व प्रगति के बावजूद ‘कैंसर’ आज भी दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है। जब शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित होकर स्वस्थ ऊतकों (Tissues) को नष्ट करने लगती हैं, तो यह घातक बीमारी जन्म लेती है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और भारत सरकार का आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) इस बात पर जोर देते हैं कि कैंसर कोई अपरिहार्य नियति नहीं है। सही जानकारी और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर इस जानलेवा बीमारी के जोखिम को 40% तक कम किया जा सकता है। आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देश: रोकथाम ही सबसे बड़ा इलाज आयुष मंत्रालय के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए महंगे इलाज से बेहतर ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ है। मंत्रालय ने कुछ बुनियादी आदतों को रेखांकित किया है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोक सकती हैं। कैंसर मुक्त जीवन के 5 मुख्य स्तंभ  1. तंबाकू का पूर्ण त्याग: कैंसर से बचाव का सबसे पहला और अनिवार्य कदम है नशा मुक्ति। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और खैनी जैसे उत्पाद न केवल मुंह और फेफड़ों, बल्कि पेट और किडनी के कैंसर का भी मुख्य कारक हैं। मंत्रालय के अनुसार, तंबाकू छोड़ना ही सुरक्षा की सबसे पहली ढाल है।   2. संतुलित वजन और मेटाबॉलिज्म: मोटापा केवल हृदय रोग ही नहीं, बल्कि स्तन, आंत और गर्भाशय के कैंसर का भी आमंत्रण है। शरीर में अत्यधिक वसा (Fat) हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है, जो ट्यूमर के विकास में सहायक हो सकता है। 3. सक्रिय जीवनशैली (Physical Activity): नियमित व्यायाम शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। रोजाना कम से कम 30-45 मिनट का योग, प्राणायाम या तेज पैदल चलना कैंसर के जोखिम को न्यूनतम स्तर पर ले आता है।   4. ‘रेनबो डाइट’ का महत्व: आयुष मंत्रालय पोषक तत्वों से भरपूर आहार की वकालत करता है। अपनी थाली में रंग-बिरंगे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और एंटीऑक्सीडेंट युक्त मसालों (जैसे हल्दी, अदरक) को शामिल करना चाहिए। प्रोसेस्ड मीट और अत्यधिक चीनी युक्त जंक फूड से दूरी बनाना अनिवार्य है।   5. समय पर स्क्रीनिंग और मेडिकल चेकअप: कैंसर की शुरुआती पहचान ही जीवन रक्षा की कुंजी है। मैमोग्राफी (स्तन कैंसर के लिए) और पैप स्मीयर (सर्वाइकल कैंसर के लिए) जैसे नियमित टेस्ट करवाने से बीमारी को प्रथम चरण में ही पकड़ा जा सकता है, जहाँ इलाज की सफलता दर 90% से अधिक होती है।  

कलेक्टर का आदेश: एमपी के इस पवित्र स्थल पर होंगे नि:शुल्क वीआईपी दर्शन

खंडवा 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक में अब श्रद्धालु नि:शुल्क वीआइपी दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। मध्यप्रदेश में मौजूद ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रशासन ने एक अहम पहल शुरू की है। रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए इस पहल को शुरू किया गया है। बता दें कि, ओंकारेश्वर में आने वाले श्रद्धालुओं को रक्तदान करने पर नि:शुल्क वीआइपी दर्शन कराए जाएंगे। इसके लिए यहां एक स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट भी मंदिर परिसर में स्थापित की जाएगी। कलेक्टर ने दिए निर्देश खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इसके लिए श्रीजी मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन को इसके लिए एक माह में स्थाई ब्लड डोनेशन यूनिट तैयार करने के निर्देश जारी किए है।   लंबे समय से की जा रही थी मांग लंबे समय से जय महाराणा रक्तदान समूह भारत खंडवा द्वारा भी इसकी मांग की जा रही थी। भारत में तिरूपति आंध्रप्रदेश, शिर्डी महाराष्ट्र के मंदिरों में वीआइपी दर्शन के लिए रक्तदान की पात्रता है। इसी आधार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी रक्तदाताओं को वीआइपी दर्शन की मांग की जा रही थी। इन्हें मिलेगी मदद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने यह व्यवस्था आरंभ करने को कहा है। रक्तमित्र शैलू मंडलोई ने बताया कि रक्तदान में मिले रक्त से गरीब और असहाय मरीजों की मदद की जा सकती है। थैलेसिमिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों का जीवन बचया जा सकता है।

रुके हुए पैसे वापस पाने का मौका! लाडली बहनों के खाते में आएंगे 1500 रुपये, ऐसे करें दावा

मुंबई महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने पात्र महिलाओं को बड़ी खुशखबरी देते हुए अपनी e-KYC में सुधार करने का फिर मौका दिया है। जिन महिलाओं ने अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया सही से पूरी नहीं की है या जिनके आवेदन में जानकारी भरते समय कोई चूक हो गई थी, उन्हें सरकार ने सुधार का एक अंतिम मौका दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ के माध्यम से जानकारी दी है कि अब लाभार्थी महिलाएं 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी ई-केवाईसी संबंधी गलतियों को सुधार सकती हैं। यह कदम उन लाडली बहनों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है जिनका लाभ तकनीकी त्रुटियों के कारण रुक गया था। गलत विकल्प से अटके 1500 रुपये मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Ladli Behen Scheme) के कार्यान्वयन के दौरान यह देखा गया कि 31 दिसंबर 2025 तक e-KYC करते समय कई महिलाओं ने अनजाने में गलत जानकारी दर्ज कर दी थी। विशेष रूप से e-KYC के दौरान परिवार के किसी सदस्य की सरकारी नौकरी या पेंशन से जुड़े विकल्प का गलत चयन करने के कारण कई पात्र महिलाओं के आवेदन अपात्र हो गए थे। और उनकी मासिक सहायता राशि रुक गई थी। ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आने के बाद अब सरकार ने सुधार का एक और मौका दिया है।   31 मार्च के बाद नहीं मिलेगा मौका प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि e-KYC और जानकारी में सुधार करने का यह अंतिम मौका है। 31 मार्च 2026 के बाद इस प्रक्रिया के लिए कोई और विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसलिए जिन लाडली बहनों की e-KYC प्रक्रिया में किसी भी तरह की गलती रह गई है, वे तय समय सीमा के भीतर इसे जरूर ठीक करा लें।

टी20 वर्ल्ड कप विवाद: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार पर कर सकता है पुनर्विचार

कराची पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने संकेत दिया है कि वह टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार पर पुनर्विचार करने के लिए अपनी सरकार से बातचीत करेगा। यह कदम श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के उस औपचारिक अनुरोध के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से कहा है कि भारत से मैच न खेलने के फैसले से सह-मेजबान होने के नाते उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को टी20 विश्व कप में भाग लेने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन साथ ही निर्देश दिया है कि टीम भारत के खिलाफ मुकाबले में हिस्सा नहीं लेगी। भारत–पाक मैच आईसीसी के लिए सबसे अधिक राजस्व देने वाला मुकाबला माना जाता है, जो प्रसारकों और आयोजकों के लिए भी बड़े आर्थिक लाभ का स्रोत होता है। पाकिस्तान के इस फैसले ने न सिर्फ टूर्नामेंट की वाणिज्यिक संभावनाओं पर असर डाला है, बल्कि क्रिकेट जगत में भी चिंता बढ़ा दी है। श्रीलंका क्रिकेट ने पीसीबी को ईमेल भेजकर साफ कहा है कि भारत-पाक मैच रद्द होने से उन्हें टिकट बिक्री, प्रसारण अधिकार और आतिथ्य सेवाओं से मिलने वाला बड़ा राजस्व नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा टूर्नामेंट की छवि को भी नुकसान पहुंचेगा, क्योंकि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को दुनिया भर में करोड़ों दर्शक देखते हैं। श्रीलंका इस टूर्नामेंट का सह-मेजबान है और पाकिस्तान अपने सारे मैच कोलंबो और पाल्लेकल में खेल रहा है, ऐसे में यह निर्णय मेजबान बोर्ड के लिए और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है। पीसीबी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान और श्रीलंका के क्रिकेट और सरकारी स्तर पर हमेशा सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, इसलिए श्रीलंका क्रिकेट के इस अनुरोध को अनदेखा करना मुश्किल है। सूत्रों ने यह भी पुष्टि की कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने पीसीबी प्रमुख मोहसिन नक़वी से सीधे संपर्क करके स्थिति की गंभीरता बताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में श्रीलंका को पाकिस्तान के समर्थन की आवश्यकता है, क्योंकि भारत-पाक मैच रद्द होने से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। अब गेंद पाकिस्तान सरकार के पाले में है कि वह इस संवेदनशील और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है। क्रिकेट जगत की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न सिर्फ वर्ल्ड कप के कार्यक्रम को प्रभावित करेगा, बल्कि एशियाई क्रिकेट कूटनीति पर भी बड़ा असर डाल सकता है।  

उज्जैन रेलवे स्टेशन में बड़ा बदलाव, 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले जाने से यात्री परेशान

उज्जैन रेलवे प्रशासन ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आने वाली 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म में बदलाव किया है। 10 फरवरी से ट्रेनें बदले हुए प्लेटफार्म पर ठहरेगी। इसके तहत सात ट्रेनें अब आठ नंबर प्लेटफार्म से संचालित होंगी। जबकि चार ट्रेनें सात नंबर प्लेटफार्म पर आएंगी। इस बदलाव से श्री महाकालेश्वर मंदिर दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानी होगी। उन्हें अब सात व आठ नंबर से एक नंबर की ओर पैदल आना पड़ेगा। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा, सुगम आवागमन तथा सभी प्लेटफार्मों के समान उपयोग को करने के उद्देश्य से रतलाम मंडल द्वारा उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण सुधार किया गया है। इसके तहत स्टेशन पर 31 ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान के प्लेटफार्म में परिवर्तन किया जा रहा है। यह बदलाव 10 फरवरी प्रभावी होगा।   इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्लेटफार्म क्रमांक एक पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करना, भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना तथा स्टेशन संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्लेटफार्म परिवर्तन के बाद यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने में अधिक सुविधा होगी। इस बदलाव से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांग यात्रियों को लाभ होगा, क्योंकि अब उन्हें स्टेशन के अंतिम छोर तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यात्री होंगे परेशान उज्जैन स्टेशन पर रोजाना 76 यात्री ट्रेनों को आवागमन होता है। इनमें अधिकांश यात्री उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए आते है। रेलवे ने 31 ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले हैं। यात्रियों को महाकाल जाने के लिए इंदौरगेट व मुख्य स्टेशन की ओर आना होगा। जिससे प्लेटफार्म नंबर सात व आठ से एक नंबर तक अपना सामान उठाकर पैदल आना होगा। नागदा एंड की ओर लिफ्ट व एस्केलेटर की सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानी होगी। इन ट्रेनों के प्लेटफार्म में किया बदलाव इंदौर शहीद कैप्टन तुषार महाजन सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, कामाख्या-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह के बजाए पांच पर, नागपुर-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, प्रयागराज-डा अंबेडकर नंबर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, गांधीधाम-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए पांच पर, इंदौर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार के बजाए आठ पर, इंदौर-आसरवा एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक के बजाए आठ पर आएगी। मन्नारगुड-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए छह पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर, यशवंतपु-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, बरेली-इंदौर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर चार से अब आठ पर, इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर छह से अब आठ पर, मदुरै-बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, ग्वालियर-दौंड सुपरफास्ट एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, तिरुवंतपुरम-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए पांच पर, वाराणसी-इंदौर एक्सप्रेस छह के बजाए चार पर आएगी एवं जाएगी। इनमें भी बदलाव इसके अलावा रेलवे ने 12 पैसेंजर ट्रेनों के प्लेटफार्म भी बदले हैं। इनमें नागदा-उज्जैन पैसेंजर को प्लेटफार्म नंबर दो के बजाए छह पर, उज्जैन-रतलाम मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए दो पर, उज्जैन-इंदौर मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच के बजाए आठ पर, उज्जैन-नागदा पैसेंजर पांच के बजाए छह पर, उज्जैन-इंदौर पैसेंजर आठ के बजाए सात पर, भोपाल-उज्जैन पैसेंजर पलेटफार्म नंबर दो के बजाए सात पर। इंदौर-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर पांच से अब आठ पर, उज्जैन-भोपाल पैसेंजर प्लेटफार्म नंबर आठ से सात पर, नागदा-उज्जैन पैसेंजर पांच से अब सात पर, रतलाम-उज्जैन मेमू प्लेटफार्म पांच से दो तथा चित्तौड़गढ- उज्जैन मेमू प्लेटफार्म नंबर दो से आठ पर भेजा गया है।

Aadhaar Card Lost? घर बैठे 2 मिनट में मिलेगा नया आधार, जानिए सरकारी App का आसान तरीका

नई दिल्ली Aadhaar Card आज हर काम के लिए जरूरी हो गया है। ऐसे में अगर Aadhaar Card अचानक खो जाए या जरूरी समय पर हाथ में न हो, तो परेशानी होना तय है। कई लोग ऐसे हालात में फोटो कॉपी ढूंढने लगते हैं या दोबारा Aadhaar निकालने की सोचते हैं, जो समय लेने वाला काम हो सकता है। लेकिन अब घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भारत सरकार की डिजिटल सेवा DigiLocker की मदद से आप सिर्फ 2 मिनट में अपना Aadhaar Card मोबाइल या लैपटॉप से डाउनलोड कर सकते हैं। न ही लंबी लाइन और न डॉक्यूमेंट इसके लिए न तो कहीं जाने की जरूरत है और न ही लंबी प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। बस आपका मोबाइल नंबर Aadhaar से जुड़ा होना चाहिए। DigiLocker भारत सरकार की एक डिजिटल सुविधा है, जिसमें आप अपने जरूरी दस्तावेज जैसे Aadhaar Card, Driving License, PAN Card आदि सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन रख सकते हैं। जानिए DigiLocker से Aadhaar Card डाउनलोड करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस। इसे इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है, ताकि आपको किसी तरह की दिक्कत न हो। DigiLocker से Aadhaar Card डाउनलोड करने से पहले क्या चाहिए? Aadhaar डाउनलोड करने से पहले आपके पास ये चीजें होनी चाहिए: Aadhaar से लिंक मोबाइल नंबर, स्मार्टफोन या कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, DigiLocker ऐप या वेबसाइट। DigiLocker से Aadhaar Card कैसे डाउनलोड करें? Step 1: सबसे पहले अपने मोबाइल में DigiLocker ऐप खोलें। चाहें तो वेबसाइट digilocker.gov.in भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब अपना वही मोबाइल नंबर डालें जो Aadhaar से जुड़ा हुआ है। OTP आएगा, उसे डालकर लॉगिन करें। Step 2: लॉगिन करने के बाद “Issued Documents” या “Get Documents” का ऑप्शन दिखेगा। यहां Aadhaar का विकल्प चुनें। अब अपना 12 अंकों का Aadhaar नंबर डालें और OTP से वेरिफिकेशन करें। Step 3: वेरिफिकेशन के बाद आपका Aadhaar Card DigiLocker में सेव हो जाएगा। यहां से आप इसे PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं। लैपटॉप या कंप्यूटर से Aadhaar कैसे डाउनलोड करें? अगर आप मोबाइल नहीं बल्कि लैपटॉप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो भी प्रोसेस लगभग वही है। वेबसाइट खोलें, लॉगिन करें, Aadhaar लिंक करें और PDF डाउनलोड कर लें।

दैनिक राशिफल: 9 फरवरी 2026 को 12 राशियों की किस्मत में क्या है खास?

मेष राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन अपनी क्षमता साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम हाथ में लें। पैसों से जुड़ी कोई समस्या नहीं आएगी। आपको अच्छी न्यूज मिल सकती है। आज आप स्वस्थ भी हैं। कुछ महिलाओं को संपत्ति भी विरासत में मिलेगी। वृषभ राशि: ऑफिस के काम पर ध्यान केंद्रित करें। अनुशासन और रोमांस के जरिए प्रेम जीवन को रोमांचक बनाए रखें। आज पेशेवर जीवन को उत्पादक बनाए रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन राशि: आज ऑफिस की गॉसिप से बचें। आपका प्रेम जीवन खुशनुमा रहेगा और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। आज का दिन समझदारी भरे निवेश के लिए भी अच्छा साबित हो सकता है। कर्क राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन प्यार से साथ रहें। लव के मामले में अहंकार को दूर रखें। भविष्य के लिए प्लान करें। पेशेवर जोखिम उठाने की इच्छा भी दिखाएं। धन और स्वास्थ्य दोनों अच्छी स्थिति में रहेंगे। सिंह राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन करियर में छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। सुबह के समय किसी स्पेशल व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। ऑफिस और पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें। आप दान भी कर सकते हैं। कन्या राशि: आज समृद्धि बनी रहेगी। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रोमांटिक मामलों को लगन से निपटाएं। आधिकारिक समस्याओं को मजबूती से सुलझाएं। आपको आर्थिक खर्चों में कटौती करनी चाहिए। तुला राशि: आज रिश्ते में सुखद पलों की तलाश करें। लव लाइफ को अगले लेवल पर ले जाने पर विचार करें। अहंकार को दफ्तर की जिंदगी से दूर रखें। आज आप हेल्दी महसूस करेंगे। वृश्चिक राशि: रोमांस से जुड़े मुद्दों का सोल्यूशन निकालें। प्रोफेशनल चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन आप उनका सोल्यूशन निकाल लेंगे। जब तक आपका स्वास्थ्य अच्छा है, धन का प्रबंधन समझदारी से करें। धनु राशि: 9 फरवरी 2026 के दिन सुरक्षित वित्तीय निवेश को प्राथमिकता दें। टीम मीटिंग में समझदारी से काम लें। कॉन्फिडेंस से नए विचारों को आगे बढ़ा सकते हैं। आज कई स्रोतों से धन प्राप्ति होगी। मकर राशि: स्टूडेंट्स को भी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए कोशिश करनी चाहिए। लव लाइफ में बेहतरीन पल देखने को मिलेंगे। प्रोफेशनल मुद्दों को सुलझाएं। आर्थिक निवेश पर विचार करें, जो सुरक्षित हों। कुंभ राशि: आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी। कुछ रिलेशनशिप में खटास भरे पल भी आ सकते हैं। रिश्तों की समस्याओं के समाधान के लिए आज का दिन चुनें। बेहतर विकास के लिए पेशेवर अवसरों का लाभ उठाएं। मीन राशि: धन मिलने पर सुरक्षित वित्तीय फैसले लें। निजी और पेशेवर जीवन, दोनों में समझदार और संवेदनशील रहें। कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी और आर्थिक समृद्धि भी आपके पक्ष में रहेगी।  

प्रियंका चतुर्वेदी की तीखी टिप्पणी: भारत-अमेरिका समझौता देशहित के खिलाफ?

नई दिल्ली शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने इस समझौते को ‘असमान और अन्यायपूर्ण’ बताते हुए कहा कि यह कोई बराबरी का करार नहीं, बल्कि अमेरिका की ओर से दिया गया एक आदेश है, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया है। प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने कुछ दबावों में आकर और राष्ट्रीय हितों की कीमत पर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद यह बात कह चुके हैं कि भारत द्वारा रूस से तेल न खरीदने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही 25 प्रतिशत डिजिटल टैरिफ वापस लिया गया। अगर भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीदने की कोशिश करता है, तो यह टैरिफ फिर से लागू किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह समझौता भारत की स्वतंत्र विदेश और व्यापार नीति के अनुरूप है। प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि किसी भी देश की नीतियों पर भरोसा दशकों की विश्वसनीयता से बनता है। भारत की साख पिछले 70 वर्षों और उससे भी पहले से बनी है। भारत ने कभी किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया, बल्कि जब भी आक्रामकता झेली, उसका उचित जवाब दिया। उन्होंने कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब भारत ने खासतौर पर ग्लोबल साउथ के देशों को वैक्सीन भेजकर अपनी नीति की विश्वसनीयता दिखाई। संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की नीति हमेशा मुक्त, समान और भरोसेमंद व्यापार की रही है। इसके साथ ही प्रियंका चतुर्वेदी ने दिल्ली में गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत के मामले पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता सरकार से बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद करती है, अच्छी और सुरक्षित सड़कें, साफ-सुथरा बुनियादी ढांचा। लेकिन सरकारें सड़क सुरक्षा के मूल नियमों का पालन नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में नोएडा में भी गड्ढे में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी और अब दिल्ली में ऐसा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है। दोनों ही जगह भाजपा की सरकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा और कब सरकारें जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगी।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मनोज झा का जोर: संसद की भूमिका अहम

नई दिल्ली राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने टैरिफ को 2.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया था और अब 50 फीसदी से घटाकर टैरिफ को 18 प्रतिशत पर लाया गया है, जबकि इस बात पर भारत में सरकार जश्न मना रही है। मनोज झा ने कहा कि असल में यह सामूहिक चिंता का विषय होना चाहिए। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मनोज झा ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट के सामूहिक दायित्व को खत्म किया जा चुका है। सवाल विदेश मंत्री से पूछा जाता है तो वह वाणिज्य मंत्री का नाम लेते हैं और वाणिज्य मंत्री इस सवाल को विदेश मंत्री की तरफ बढ़ा देते हैं। राजद सांसद ने कहा कि व्यापार समझौते पर सरकार को संसद को विश्वास में लेना चाहिए और बिंदुवार एक सूची जारी करनी चाहिए, क्योंकि आशंकाओं को सरकार निर्मूल साबित नहीं कर पाई है। रुपए की गिरती कीमत पर भी मनोज झा ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज कैबिनेट के दो मंत्रियों की उम्र को मिला लें, तब भी रुपया उससे नीचा जा चुका है। संघ प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी पर राजद सांसद ने कहा कि आजकल ऐसे लोग भी इतिहास और इतिहास के संदर्भों पर बयान देते हैं, जिन्होंने व्हाट्सअप के जरिए ही अपना भविष्य और वर्तमान देखा है। उन्होंने कहा, “जब हिंदू की बात होती है तो मोहन भागवत को बताना चाहिए कि सीवर में उतरकर जहरीली गैस से मरने वाला कौन है। क्या वह हिंदू नहीं है? वह व्यक्ति क्यों आपकी चिंताओं में शुमार नहीं है? अगर वह व्यक्ति आपकी चिंताओं में शुमार नहीं है तो स्पष्ट है कि आपने विसंगतियों से मुंह मोड़ लिया है।” इसी बीच, मनोज झा ने पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस गिरफ्तारी की टाइमिंग को लेकर सवाल उठाया। राजद नेता ने कहा कि मुकदमा लगभग 35 साल पुराना है। उसमें इतनी क्या जल्दी थी कि जब नीट छात्रा की मृत्यु पर बिहार की जनता आक्रोशित है और उस बीच गिरफ्तारी होती है? मनोज झा ने कहा कि इस प्रकरण में टाइमिंग ही महत्वपूर्ण हो चुकी है। क्या यह चुप कराने की कोशिश है?

व्यापारिक रिश्तों में पारदर्शिता: चिराग पासवान ने भारत-अमेरिका समझौते के बिंदु जल्द स्पष्ट करने का वादा किया

पटना भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भरोसा जताया कि सरकार जल्द ही इस समझौते के सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर देगी। वहीं जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि कॉमर्स मिनिस्टर ने पहले ही बता दिया है कि जल्द ही सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब भी कोई समझौता होता है तो साझा बयान जारी किए जाते हैं। उन्हें लगता है कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी दे दी जाएगी। वहीं, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी और न्यूक्लियर डील हुई थी, देश की संप्रभुता और जानकारी साझा करने को लेकर कांग्रेस सवालों के घेरे में आई थी, तब उन्हें अमेरिका के साथ हुई डील अच्छी लगी थी। आज की डील में उन्हें कमियां नजर आ रही हैं। संसद का सत्र चल रहा है, उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए; सरकार जवाब देगी। पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर आ रहे नेताओं के बयानों पर उन्होंने कहा कि पप्पू यादव सांसद हैं और वे फरार थे। उनके खिलाफ कुर्की के आदेश जारी हुए हैं। यह न्यायपालिका की अवहेलना है। न्यायपालिका ने उन्हें फरार घोषित किया, उनके खिलाफ वारंट जारी किया और कुर्की का आदेश दिया; ऐसे में वे कैसे कह सकते हैं कि नीट की छात्रा के विवाद के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। यह तो न्यायपालिका की प्रक्रिया का अपमान है। नीरज कुमार ने कहा कि न्यायपालिका में जमानत याचिका दाखिल करते समय यही लिखा जाना चाहिए कि नीट मामले के चलते ही गिरफ्तारी हुई है। प्रशांत किशोर को लेकर उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का शटर अब गिर चुका है। अब कोई उन्हें राज्य में रणनीतिकार बनाने के लिए तैयार नहीं है। पीएम और सीएम बनाने की बातें करते थे, लेकिन एक एमएलए भी नहीं बनवा पाए। स्वाभाविक है कि वे दर-दर भटकेंगे, लेकिन जनता से समर्थन नहीं मिलेगा। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर अभी राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे।

भुगतान और कारोबार में तेजी, फोनपे ने IPO से पहले नए मंच की योजना बनाई

नई दिल्ली वॉलमार्ट समर्थित फिनटेक दिग्गज फोनपे अप्रैल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं और नए उपभोक्ता मंचों के क्षेत्र में विस्तार करने की है। कंपनी ने अपने मसौदा दस्तावेजों (डीआरएचपी) में उल्लेख किया है कि डिजिटल भुगतान ही उसकी प्रगति का प्रमुख स्रोत बना रहेगा। इसके विस्तार के लिए कंपनी अपने उपभोक्ता आधार, संभावित बाजार और मंच के कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने हेतु पूंजी लगाने की योजना बना रही है। उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए कंपनी ने कहा कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जिसके वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 602-681 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सूत्रों के अनुसार, फोनपे ने अप्रैल में अपना आईपीओ लाने का लक्ष्य रखा है। यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसके तहत वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी निवेशक कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगी। इस प्रक्रिया में नए शेयरों का कोई ताजा निर्गम शामिल नहीं होगा। कंपनी को जनवरी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई थी। फोनपे अपने वित्तीय सेवा वितरण व्यवसाय, जैसे ऋण और बीमा का भी विस्तार कर रही है। राजस्व के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कंपनी अपने धन प्रबंधन मंच ‘शेयर.मार्केट’ और स्वदेशी ऐप स्टोर ‘इंडस ऐपस्टोर’ जैसे नए मंचों पर भी पूंजी निवेश कर रही है।  

एमपी के कई हिस्सों में मौसम ने मारी करवट, 48 घंटे में भारी बारिश की संभावना

भोपाल   मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे कोहरा छट रहा है ठंड के तीखे तेवर नजर आने लगे हैं। यानी आसमान साफ होते ही उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे गिराया है। आलम ये है कि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में तो कोहरा है, लेकिन जहां कोहरा नहीं, वो इलाका ठंड की चपेट में है। सबसे सर्द रात उमरिया और रीवा जिले में दर्ज हुई। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों तक मौसम शुष्क रहने और उसके बाद मावठी बारिश के आसार जताए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उमरिया, रीवा सबसे ठंडे रहे। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज हुआ। इसके बाद खजुराहो में भी खासा ठंड रही। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में पारा 11 डिग्री के आसपास रहा, जबकि जबलपुर में ये 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के पहाड़ी पर्यटन स्थल पचमढ़ी में भी पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया है। इन जिलों में 10 डिग्री से कम तापमान, उज्जैन सबसे ज्यादा प्रदेश के कई जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। इनमें खजुराहो 7.4 डिग्री, मंडला 7.9 डिग्री, नौगांव 8.8 डिग्री और सतना 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं राजगढ़, शिवपुरी, पचमढ़ी, दमोह और मलाजखंड में भी तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। उज्जैन में रात का पारा सबसे अधिक 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।   कई जिलों में कोहरे का असर रविवार सुबह प्रदेश के करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। इनमें भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला और सतना में कोहरे की वजह से दृश्यता कम रही। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में कोहरा छंटने की संभावना है, लेकिन सुबह और रात के समय सिहरन बनी रहेगी।   10 फरवरी से फिर ‘मावठा’ गिरने के आसार मौसम विभाग की मानें तो हिमालयी क्षेत्र में 8 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम का असर 10 फरवरी तक एमपी में दिखाई देने लगेगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में मावठा वाली बारिश हो सकती है। हालांकि, आज और कल बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन 10 फरवरी के बाद मौसम बदल सकता है।

हैंडपंपों में लगने वाली भीड़ से मिला छुटकारा, सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ी

सिर्फ आधार कार्ड दिया और कनैक्शन हो गया, सार्वजनिक नल भी लगे लखनऊ, बुंदेलखंड के लोगों के लिए यह किसी सपने से कम नहीं कि आज उन्हें उनके घर में ही पानी मिल रहा है। इस क्षेत्र में पानी की किल्लत से भुखमरी और गरीबी की जाने कितनी कहानियां हैं। सिर पर घड़ा रखकर दूरदराज से पानी लाती एक महिला की तस्वीर ही यहां के जिलों की पहचान बन गई थी। सालों साल तक यहां की महिलाओं ने पानी का संकट भुगता है। दूरदराज के कुंओं तक जाकर पानी खींचने के साथ ही हैंडपंप पर पानी के लिए लाइनें लगाई हैं। लेकिन अब यह सब अतीत की बातें हैं। अब सड़कों पर दूर से ही दिखनेवाली पानी की टंकियां उम्मीदों की जलधारा हैं। बात महोबा की करें तो यहां के लोगों ने पानी की किल्लत से लंबे समय तक दुर्दिन भरे दिन देखे हैं। कभी यहां वाटर ट्रेन से पानी पहुंचाने की नौबत आ गई थी। लोग घड़ा भर पानी के लिए जाने कहां-कहां तक भटकते थे। अब यहां दूर से ही दिखाई देने वाले वाटर टैंक नई कहानी कहते हैं। इस जिले में जल जीवन मिशन के तहत पांच परियोजनाओं के सहारे एक लाख 12 हजार से अधिक घरों को पाइपलाइन की कनेक्टिविटी दी जा चुकी है। हालांकि इसके लिए 1131 किलोमीटर सड़कों को क्षतिग्रस्त किया गया। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के दौरान लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना अवश्य करना पड़ा। महोबा के अरशद कहते हैं कि कोई योजना शुरू होने पर थोड़ी-बहुत परेशानी तो होती ही है। लेकिन, अब हर घर नल यहां के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है। चित्रकूट में सिलौटा ग्राम मुस्तकिल समूह योजना की बात करें तो इससे जुड़े विकास खंड पहाड़ी, रामनगर और मानिकपुर में सवा लाख लोगों के लिए पानी की समस्या खत्म हो गई है। मानिकपुर के उन लोगों का दर्द महसूस कीजिए जो कभी लगभग एक किमी दूर से पानी लाया करते थे।…और इस समस्या की वजह से वहां लोग अपनी बेटियां ब्याहने को आसानी से तैयार नहीं होते थे। उनके लिए यह पानी जिंदगी है, बच्चों का भविष्य है। योजना के तहत पूरे क्षेत्र में 576 किमी की पाइप लाइन बिछाई जानी है, जिसमें 572 किमी बिछा दी गई है। 17 ओवरहेड टैंक हैं जहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से रोज पानी लाया जा रहा। यमुना नदी से पानी लाकर इस प्लांट में संशोधित करके टैंकों में चढ़ाकर लोगों के घरों तक पहुंचाया जा रहा। बरहट की ग्राम प्रधान श्रीमती रज्जन देवी इस योजना का चर्चा करते हुए भावुक हो जाती हैं। कहती हैं कि हम योगी-मोदी सरकार के कृतज्ञ हैं कि उन्होंने हमारे बच्चों को बीमारियों से बचाने का इंतजाम कर दिया। हमारे बच्चे अब नहो-धोकर स्कूल जाते हैं। उनमें स्वच्छता का भाव स्वतः ही आने लगा है। चित्रकूट में सिलौटा के साथ ही रैपुरा, चांदी बांगर ग्राम समूह पेयजल योजनाएं चल रही हैं और यह सारी योजनाएं उम्मीद की वह धारा हैं जिसके बारे में लोगों ने सोचा तक नहीं था। रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत 19570 परिवारों को नल से पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इन सभी घरों में नल लग गए हैं और 60 राजस्व ग्रामों में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है। योजना के तहत आच्छादित मदना गांव के निवासी चुनबाद यादव बताते हैं कि हमारी बड़ी समस्या दूर हुई है। अपने लिए पानी का इंतजाम मुश्किल था, जानवरों की तो बात ही दूर। अब हमें परेशान नहीं होना पड़ रहा। लोगों के लिए यह सिर्फ एक नल की बात हो सकती है लेकिन बुंदेलखंड के लिए यह वरदान है। यह वस्तुतः उस संकल्प की सिद्धि है, जिसे मोदी-योगी सरकार ने साधना के रूप में लिया। झांसी के बडा गांव, चिरगांव और बंगरा में अंतिम छोर के गांव तक जल जीवन मिशन की पाइप लाइन बिछ गई है। झासी जिले के बंगरा विकासखंड में स्थित गैरहा ग्राम पंचायत के 65 साल के कामता प्रसाद भावुक हो गए। बोले कि यह दिन देखने के लिए आंखें तरस गईं थीं। जिला मुख्यालय से दूर बसे इस गांव की विवाहिता शगुन बताती हैं कि उन्हें पहले गांव से आधा किमी दूर पानी लेना जाना पड़ता था और बारिश के समय बड़ी मुश्किल होती थी। झांसी जिले के बंगरा ब्लाक की ग्राम पंचायत पचवारा में बहू बन कर जब रागिनी आईं तो उन्हें सरकारी हैंड पंप से पानी ले जाना पडता था। अब वे टोंटी खोलते हुए दिखाती हैं कि देखिये कितना साफ पानी है। गरीब परिवार की बहू खुश है कि मजदूरी करने वाले उनके पति मुकेश कुमार को एक पैसा तक नहीं देना पड़ा और नल का कनेक्शन हो गया। ग्राम पंचायत प्रधान अखिलेश रावत बताते हैं कि उनके गांव में एक हजार कनेक्शन हुए हैं। दलित बाहुल्य गांव में योगी सरकार में बनाए गए आरोग्य मंदिर में भी जल जीवन मिशन के तहत नल लगा है, जहां मरीजों, तीमारदारों के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध है। सरकारी स्कूलों में भी बच्चे स्वच्छ पानी पी रहे हैं। जल जीवन मिशन के अधिशाषी अभियंता रणविजय सिंह बताते हैं कि इस स्कीम के तहत 42 गांव आच्छादित हैं और इन गांवों में 11 हजार 437 कनेक्शन हुए हैं। बांदा का नाम आते ही सूखा, पानी की कमी और प्यास आदि शब्द अपने आप दिमाग में कौंधने लगते थे। अब यहां अमलीकौर पेयजल परियोजना और खटान पेयजल परियोजना से 544 गावों में पानी पहुंचा है। 82266 घरों में कनेक्शन किए जा चुके हैं। बड़ोखर खुर्द ब्लाक के बांधा पुरवा गांव के रहने वाले परदेशी ने बताया कि पहले हमें पानी के लिए पहले परेशान होना पड़ता था। वहीं अब हमको हमारे घरों में ही स्वच्छ पानी मिल रहा है। जल निगम के अधिशासी अभियंता विमल कुमार वर्मा ने बताया कि पाइपलाइन डालने के लिए जिन सड़कों को खोदा गया था। उनको भी ठीक कर दिया गया है। हमीरपुर में भी दो पेयजल परियोजनाएं चल रही हैं जहां 322 में से 320 गांवों में घरों तक नल से पानी पहुंचाया जा रहा है। यहां के लोगों की जिंदगी में यह योजना बहुत महत्वपूर्ण होने जा रही है।

शादी हुई सिर्फ 1 रुपये में, लेकिन पिता की शर्त पर लौटाए करोड़ों के तोहफे

भिंड मध्यप्रदेश के भिंड में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां शादी का मंडप सजा चुका था, मेहमान मौजूद थे और रस्में चल रही थीं। तभी एक वाक्या हुआ, जिसने पूरी शादी का माहौल बदल दिया। अनोज पाठक जो भिंड की एक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उन्होंने शादी में मिले दहेज के 51 लाख रूपये लौटा दिए। पाठक परिवार के इस कदम ने स्पष्ट कर दिया कि शादी किसी लेन-देन नहीं बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मेल है। अनोज पाठक ने दहेज के 51 लाख रूपये ठुकराकर केवल 1 रूपये और एक नारियल स्वीकार किया। दहेज लौटाया तो हैरानी में पड़ा परिवार शादी के दौरान जब लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष को दहेज की राशि लौटाई तो वह हैरानी में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं किसी बात पर लड़की वाले बिफर तो नहीं गए, लेकिन अनोज पाठक और उनकी मनोरमा पाठक ने लड़की वालों को बताया कि यह फैसला नाराजगी में नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने के लिए लिया है। दहेज के कारण परिवारों योग्य रिश्ते नहीं मिलते दादा सुरेश पाठक ने कहा कि आज भी दहेज के कारण मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को अच्छे रिश्ते नहीं मिल पाते हैं। इसको देखते हुए हमने फैसला लिया है कि हम अपने इंजीनियर पोते की शादी जानबूझकर मध्यवर्गीय परिवार में बिना दहेज के की है। हमारे समाज में जब तक बहू को घर में बेटी की तरह सम्मान नहीं मिलेगा। तब तक समाज आगे नहीं बढ़ेगा।   दूल्हा है इंजीनियर दूल्हा आकर्ष पाठक छत्तीसगढ़ इंजीनियर है। उसके पिता अनोज पाठक मार्केटिंग सोसायटी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। पिता का कहना था कि ये कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। ये सालों पुराना संकल्प था। लड़के के पिता बोले- बेटी बोझ नहीं लड़के के पिता अनोज पाठक ने बताया कि बेटियां कोई बोझ नहीं है और विवाह कोई लेन-देन का सौदा नहीं है। दूल्हे के पिता ने मेरे दो बेटे हैं। मैं चाहता था कि अपने बेटों की शादी में बहू के रूप में बेटी लेकर आऊंगा। अक्सर मध्यमवर्गीय परिवार संकोच में रहते हैं कि शादी में अगर ज्यादा दहेज नहीं देंगे। तो अच्छे घर में बेटियों की शादी नहीं होगी।

गौरव गोगोई का तंज: CM हिमंत की प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी झूठी दलीलों की हकीकत

नई दिल्ली असम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा रविवार को लोकसभा सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब कांग्रेस नेता ने तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस को गोगोई ने सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस करार दिया। मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि उन्हें दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर दया आती है, जिन्हें सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस झेलनी पड़ी। बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और एलिजाबेथ गोगोई, जो लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई की पत्नी हैं, से जुड़े आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं और इन्हें मामूली मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए। एक मौजूदा सांसद की संलिप्तता ने इस मुद्दे को एक सामान्य जांच के दायरे से ऊपर उठा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आरोप गंभीर हैं। जब एक मौजूदा सांसद, जो संसद में कांग्रेस पार्टी के उप नेता भी हैं, किसी भी तरह से पाकिस्तान से जुड़े होते हैं, तो मामला अपने आप ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने लिखा, “मुझे दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर दया आती है जिन्हें सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस झेलनी पड़ी। यह एक सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर था। तथाकथित राजनीतिक रूप से चतुर मुख्यमंत्री ने सबसे बेवकूफी भरे और फर्जी मुद्दे उठाए। यह सुपर फ्लॉप हमारी जोमोय परिवर्तन यात्रा के बिल्कुल उलट है, जो मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कब्जाई गई 12 हजार बीघा जमीन का खुलासा करने में हिट रही है।” सीएम सरमा ने आगे बताया कि इस मामले की शुरू में असम पुलिस द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच की थी। एसआईटी की फाइंडिंग्स के आधार पर, आगे की जांच के लिए सीआईडी पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस मामले में एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी, जिसके बाद मामला असम कैबिनेट के सामने रखा गया। विचार-विमर्श के बाद, कैबिनेट ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपों के दायरे, संवेदनशीलता और व्यापक प्रभावों के लिए एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की आवश्यकता है।

करदाताओं की राय आमंत्रित, आयकर विभाग ने नए प्रपत्रों और नियमों पर मांगा फीडबैक

नई दिल्ली आयकर विभाग ने रविवार को कहा कि उसने एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए आयकर कानून, 2025 के तहत कर नियमों और प्रपत्रों के मसौदे पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। विभाग ने एक बयान में जानकारी दी कि व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रस्तावित आयकर नियम, 2026’ और संबंधित फॉर्म को अंतिम अधिसूचना से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने परामर्श प्रक्रिया के तहत हितधारकों से चार श्रेणियों में सुझाव मांगे हैं। इनमें भाषा का सरलीकरण, मुकदमों में कमी, अनुपालन बोझ को कम करना और अप्रासंगिक या पुराने हो चुके नियमों व प्रपत्रों की पहचान करना शामिल है। विभाग ने कहा, ‘हितधारकों को इन मसौदों का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अंतिम अधिसूचना से पूर्व इन सभी सुझावों को संकलित कर उन पर समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।’ सुझाव देने की सुविधा के लिए ‘ई-फाइलिंग’ पोर्टल पर एक लिंक जारी किया गया है, जो चार फरवरी, 2026 से सक्रिय है। हितधारक अपने नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन के बाद अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव देते समय संबंधित नियम, उप-नियम या प्रपत्र संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के स्थान पर अब नया आयकर अधिनियम, 2025 आगामी एक अप्रैल से लागू होगा। वर्तमान आयकर नियम, 1962 में 511 नियम और 399 फॉर्म हैं, जबकि प्रस्तावित नए नियमों में इनकी संख्या घटाकर क्रमशः 333 नियम और 190 फॉर्म कर दी गई है।  

बड़ा हादसा टला: खुले मैदान में गिरा ट्रेनिंग विमान, पहले ही कूद गए पायलट और यात्री

बंगलूरू कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बालेश्वर तालुक के मंगलुरु गांव में रविवार दोपहर एक प्राइवेट मिनी विमान खुले मैदान में क्रैश हो गया। हादसे में पायलट समेत दोनों यात्री बाल-बाल बच गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेड बर्ड कंपनी का यह दो-सीटर ट्रेनिंग विमान था। क्रैश से ठीक पहले दोनों यात्री विमान से बाहर निकलने में सफल रहे। टक्कर के बाद विमान तीन हिस्सों में टूट गया। हादसे में दोनों को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आबकारी भवन अग्निकांड: ऑडिट रूम में लगी भीषण आग, जांच से पहले फाइलें स्वाहा

रायपुर राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। आग भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कार्यालय में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आग ऑडिट रूम में लगी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह से ही विभाग का महत्वपूर्ण ऑडिट शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही आधी रात को लगी इस आग में ऑडिट से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जलकर स्वाहा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।   पुलिस और एफएसएल की टीम कर रही जांच फिलहाल आग लगने का कारण अज्ञात बताया जा रहा है, लेकिन ऑडिट से ठीक पहले फाइलों का जलना कई संदेहों को जन्म दे रहा है। मामला तेलीबांधा थाना इलाके का है। पुलिस और एफएसएल की टीम घटना की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना है या किसी साजिश के तहत फाइलों को नष्ट किया गया है।

7500 गोशालाएं बनेंगी कैटल फूड सिक्योरिटी हब

हर गोशाला से जुड़ेंगे 50-100 किसान, संरक्षण केंद्र के साथ गोशालाओं को हरा चारा उत्पादन का बेहतर स्रोत बनाएगी योगी सरकार गोशालाओं में बड़े पैमाने पर लगाए जाएंगे सहजन के पौधे व नेपियर घास, किसानों की आमदनी व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती लखनऊ, प्रदेश की गोशालाओं को अब केवल गोवंश संरक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें कैटल फूड सिक्योरिटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। योगी सरकार की इस दूरदर्शी पहल के तहत प्रदेश की 7500 गोशालाओं और उनके आसपास के क्षेत्र को हरा चारा उत्पादन का सशक्त केंद्र बनाया जाएगा, जिससे गोवंश संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आमदनी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। संरक्षण से उत्पादन की ओर गोशालाएं उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि “मिशन फॉडर” के नाम से शुरू हो रहे इस प्रदेशव्यापी अभियान का उद्देश्य गोशालाओं को आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित करना है। इसके तहत हर गोशाला को 50 से 100 किसानों के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि चारा उत्पादन, विपणन और उचित मूल्य की व्यवस्थित श्रृंखला तैयार हो सके। इससे किसान भी आत्मनिर्भर बनेंगे और गोशालाओं को सतत रूप से पौष्टिक हरा चारा उपलब्ध होगा। मोरिंगा-नेपियर से बदलेगी तस्वीर मिशन फॉडर के अंतर्गत गोशालाओं की उपलब्ध भूमि का अधिकतम उपयोग करते हुए मोरिंगा (सहजन) और नेपियर घास का बड़े पैमाने पर रोपण कराया जाएगा। इसमें गन्ना घास, सुबबूल, ढैंचा और मौसमी चारे जैसे लोबिया, मक्का, ज्वार, बाजरा, बरसीम आदि को भी शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश की जलवायु में लगभग 50 प्रकार के पशु चारे सहज रूप से उगाए जा सकते हैं, जिनमें एकदलीय और बहुदलीय दोनों प्रकार के चारे शामिल हैं। यही विविधता इस मिशन की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। दीर्घकालिक समाधान, कम लागत मोरिंगा पौधे लगभग 12–15 वर्षों और नेपियर घास 7–8 वर्षों तक लगातार हरा चारा उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। मोरिंगा न केवल उच्च प्रोटीन और खनिज तत्वों से भरपूर है, बल्कि गोशालाओं में प्राकृतिक छाया और जैविक फेंसिंग का भी काम करेगा। वहीं नेपियर घास अपनी उच्च उत्पादन क्षमता और नियमित कटिंग के कारण सतत चारा स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण है। हर गोवंश को पर्याप्त हरा चारा योजना के अनुसार गोशालाओं में संरक्षित प्रत्येक गोवंश को पर्याप्त हरा चारा प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाएगा। हरा चारा पोषण की दृष्टि से सूखे चारे की तुलना में अधिक लाभकारी है। इससे गोवंश के स्वास्थ्य तथा दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही चारा उत्पादन में आत्मनिर्भरता से बाहरी निर्भरता घटेगी और गोशालाओं की संचालन लागत में कमी आएगी। हरित आवरण बढ़ेगा, भूमि की उर्वरता सुधरेगी श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार इस समग्र कार्ययोजना के केंद्र में गोवंश संरक्षण, पोषण सुरक्षा, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण-शहरी सहभागिता को रखा गया है। मिशन फॉडर के माध्यम से न केवल गोशालाओं का दीर्घकालिक संचालन मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हरित आवरण बढ़ेगा और भूमि की उर्वरता सुधरेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी योजना प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। यह पहल आत्मनिर्भर गोशाला, प्राकृतिक खेती और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उस विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है, जिसकी नींव योगी सरकार ने रखी है।

बसपा में नई रणनीति की तैयारी? मायावती ने अहम पद किए समाप्त

लखनऊ विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए बूथ और सेक्टर स्तर तक संगठन को नए सिरे से खड़ा करने का फैसला लिया है। इसके तहत संगठन में 50 प्रतिशत युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पार्टी प्रमुख ने दो-दो जिला प्रभारियों की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है और उन्हें विधानसभा प्रभारी बनाया गया है। अब विधानसभा अध्यक्ष, महासचिव और प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ और सेक्टर गठन की जिम्मेदारी संभालेंगे। 15 हजार नए बूथों पर संगठन का गठन अभी नहीं हुआ निर्वाचन आयोग द्वारा प्रति बूथ मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 किए जाने के बाद प्रदेश में बूथों की संख्या 1.62 लाख से बढ़कर 1.77 लाख हो गई है। इसके चलते पहले से गठित बूथ और सेक्टर स्तर के संगठन प्रभावी नहीं रह गए हैं। लगभग 15 हजार नए बूथों पर संगठन का गठन अभी नहीं हुआ है।   एक सेक्टर में औसतन 10 बूथ होते हैं पार्टी के अनुसार एक सेक्टर में औसतन 10 बूथ होते हैं, ऐसे में पूरे प्रदेश में नए सिरे से संगठन खड़ा करने में लगभग तीन माह का समय लग सकता है। जिलाध्यक्षों और मंडल प्रभारियों को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। कांशीराम और आंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाने के निर्देश बसपा प्रमुख ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती 15 मार्च को लखनऊ और नोएडा में भव्य रूप से मनाई जाए। वहीं 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती भी पूरे उत्साह के साथ मनाने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि 12 मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लखनऊ में, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह मंडलों के कार्यकर्ता नोएडा स्थित स्मारक पर पहुंचेंगे। संगठन मजबूत करने के लिए जिलों में उतरेंगे शीर्ष नेता एसआईआर और बूथ-सेक्टर गठन का कार्य पूरा होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल, विधायक उमा शंकर सिंह और मंडल स्तरीय मुस्लिम भाईचारा प्रभारियों द्वारा जिलों का दौरा किया जाएगा। सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे बैठक में मायावती ने कहा कि अगले वर्ष सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में बसपा ने अकेले दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। हालांकि इसके बाद पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है और वर्तमान में विधानसभा में बसपा का केवल एक विधायक है। पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की शहडोल सिंचाई काम्प्लेक्स की घोषणा

2300 करोड़ रुपए की योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का बढ़ेगा रकबा और लाभान्वित होंगे 122 गांव जैतपुर बनेगी नगर पंचायत शहडोल को गीता भवन, मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि और नए महाविद्यालय की मिली सौगात मिनी ओलंपिक मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल का शहडोल के धनपुरी में हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वॉटर पार्क लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी है। जनजातीय भाई-बहनों का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहडोल जिले के धनपुरी में नगर पालिका द्वारा 20 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए वॉटर पार्क के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का साफा तथा गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इसके बन जाने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स निर्माण की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सोन नदी पर 4 माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, जिससे 122 गांव को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के संबंध में विभाग से प्रस्ताव प्राप्त होने पर सीट वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल जिले में 160 करोड रुपए लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन महाविद्यालय आरंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण पर भी सहमति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता बहनों के कल्याण के लिए पूरी सरकार समर्पित है इसीलिए लाड़ली बहना योजना सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी योजना, लखपति ड्रोन दीदी योजना, रजिस्ट्री में माता-बहनों को 2 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। लोकसभा-विधानसभा में भी बहनों को आरक्षण मिलने वाला है। आने वाला समय माता-बहनों का है, हमारी संस्कृति बहनों के आधार पर ही पुष्पित पल्लवित होती रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। भारत वैश्विक मंच पर प्रमुख आर्थिक शक्ति बन कर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरीका से हुए समझौते में किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है। केंद्र हो या राज्य सरकार युवा,गरीब, किसान और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि हो या उद्योग सभी क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इन सब गतिविधियों से परिवारों के पोषण की स्थिति में भी सुधार होगा। सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में देश-प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इसी का परिणाम है कि धनपुरी को मिनी ओलंपिक के मापदंड पर आधारित स्विमिंग पूल की सौगात मिली है। विधायक जय सिंह मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा क्षेत्र को दी जा रही सौगात के लिए उनका आभार माना। मरावी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्यों और जन अपेक्षाओं से अवगत कराया। नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर छाबड़ा ने स्वागत भाषण दिया तथा नगर पालिका द्वारा निर्मित वॉटर पार्क और अन्य संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर नगरीय निकाय तथा पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।  

एमपी ट्रांसको के 220 केवी सबस्टेशन हंडिया में 200 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने हरदा जिले के ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ करते हुए अपने 220 केवी सबस्टेशन हंडिया में नया 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय एवं निर्बाध होगी। सबस्टेशन की क्षमता मे बढोत्तरी एम पी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने जानकारी दी कि यह ट्रांसफार्मर पुराने 160 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के स्थान पर पुरानी फाउंडेशन पर ही अधिक क्षमता के नये 220/132/33 केवी,200 एम वी ए पावर ट्रांसफार्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है । इस स्थापना के पश्चात सबस्टेशन की कुल क्षमता 480 एमवीए से बढ़कर 520 एमवीए हो गई है। हरदा जिले की ट्रांसफामेशन कैपेसिटी में वृद्धि हरदा जिले में एमपी ट्रांसको अपने कुल 04 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है, इसमें 220 के.व्ही के 01 , 132 के.व्ही. के , 03 सबस्टेशन शामिल है ,जिनकी कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता बढ़कर अब 879 एम.व्ही.ए. की हो गई है। यह क्षेत्र होंगे लाभान्वित 220 के वी सबस्टेशन में इस पावर ट्रांसफार्मर के उर्जीकृत होने से सबस्टेशन से जुड़े हरदा, खातेगांव,कन्नौद,सुल्तानपुर,गोपालपुर, नसरुल्लागंज, सतवास, फतेहाबाद क्षेत्र लाभान्वित होगें।  

सीधी में महिला पर हुई जानलेवा प्रहार, लाठी-घूंसे और धक्कों से घायल

सीधी मध्यप्रदेश में एक शख्स ने एक महिला के साथ बर्बरता की। उसने महिला को खूब मारा, उस पर ला​ठी बरसाई। महिला के बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात घूंसे भी बरसाए। प्रदेश के सीधी जिले में यह वारदात हुई। युवक महिला को मारता रहा। इस दौरान कई लोग आसपास थे पर किसी ने महिला को बचाने की कोशिश नहीं की। घटना का किसी ने वीडियो बना लिया जोकि अब वायरल हो रहा है। मध्यप्रदेश के सीधी जिले के एक गांव बहरी में महिला के साथ मारपीट की यह घटना हुई। वायरल वीडियो में युवक संतोष पाठक महिला के साथ बर्बरता से मारपीट करता नजर आ रहा है। महिला उसके कब्जे से छूटने से कोशिश करती रही लेकिन पाठक उसे कभी लाठी से मारता रहा तो कभी लात घूंसे बरसाता रहा। महिला की सरेआम पिटाई की बहरी बाजार में एक महिला के साथ युवक द्वारा मारपीट करने का वीडियो रविवार सुबह सोशल मीडिया में तेजी के साथ वायरल हुआ। वायरल वीडियो में यह बताया जा रहा था कि मारपीट करने वाला युवक संतोष पाठक भाजपा का पदाधिकारी है और लाडली बहना के साथ बेरहमी के साथ सार्वजनिक स्थल में मारपीट कर रहा है।   वायरल वीडियो पर बहरी पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मारपीट करने वाले युवक संतोष पाठक पिता दिवाशंकर पाठक निवासी ग्राम सिहौलिया के विरूद्ध गाली गलौज, मारपीट व जान से मारने की धमकी संबंधी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके साथ ही आरोपी युवक की तलाश भी की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि संतोष पाठक भाजपा का  पदाधिकारी नहीं है बल्कि एक यूट्यूबर व व्यापारी है। बहरी बाजार के तिराहे में एक गुमटी को हटाने को लेकर महिला से विवाद हुआ था, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडेय ने बताया, प्रथम दृष्टया वायरल वीडियो के आधार पर युवक के विरूद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। पता चला है कि वीडियो को कट करके सोशल मीडिया में डाला गया है, पूरा वीडियो देखने पर स्थिति और अधिक स्पष्ट होगी। पूरे मामले की जांच की जा रही है और युवक की तलाश भी जारी है।

तकनीक के सहारे कार्रवाई: उज्जैन में पंच पीर मजार के आसपास वर्षों पुराना अतिक्रमण हटाया गया

उज्जैन उज्जैन नगर निगम मुख्यालय के पीछे पंच पीर मजार के आसपास बढ़े अतिक्रमण पर शनिवार को नगर निगम का बुलडोजर चला। कार्रवाई, पुलिस के पहरे में घंटो चली। निगम की रिमूवल टीम ने बुल्डोजर चला अवैध निर्माण, शेड और बाउंड्री को हटाया। इस कार्रवाई में करीब 6 हजार स्क्वायर फीट शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। निगम अधिकारियों के अनुसार, सेटेलाइट इमेज के अध्ययन में स्पष्ट हुआ था कि वर्ष-2000 में उक्त स्थल पर मात्र लगभग 20 स्क्वायर फीट क्षेत्र में एक छोटा सा चबूतरा या दरगाहनुमा संरचना दिखाई देती है। लेकिन 2011, 2021 और 2025 की सैटेलाइट तस्वीरों में इसी स्थान पर अवैध रूप से अतिक्रमण बढ़ता गया।   धीरे-धीरे यहां टीन शेड, अस्थायी निर्माण, दीवारें और बाउंड्रीवाल बना दी गईं। साथ ही क्षेत्र में घनी झाड़ियां फैल गईं, जिनकी आड़ में असामाजिक तत्वों के डेरा डालने और गंदगी फैलाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शनिवार सुबह करीब 8.30 बजे नगर निगम की रिमूवल टीम ने कार्रवाई की शुरुआत की। पुलिस बल तैनात रहा चार जेसीबी मशीनों, डंपरों और अन्य संसाधनों की मदद से अवैध निर्माणों को तोड़ा गया। मौके पर सीएसपी कोतवाली राहुल देशमुख (आईपीएस) सहित पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आम नागरिकों की आवाजाही नियंत्रित की गई। कार्रवाई के दौरान टीन शेड, दीवारें और बाउंड्रीवाल हटाई गईं, वहीं भूमि का समतलीकरण भी कराया गया। निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर भी मौके पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मजार या धार्मिक स्थल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है, बल्कि उसके आसपास किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित कमेटी को पहले भी दो बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद मजबूरी में सख्त कदम उठाना पड़ा। जमीन शासकीय है, ऐसा लिखा बोर्ड लगेगा कार्रवाई के बाद नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने स्थल पर शासकीय भूमि का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो सके। निगम द्वारा क्षेत्र में लगातार मुनादी कर नागरिकों से अतिक्रमण न करने और गंदगी न फैलाने की अपील भी की जा रही है। निगम का कहना है कि शहर में शासकीय भूमि की सुरक्षा और सार्वजनिक हित में आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इधर, मजार कमेटी के सदस्य मोहम्मद गुफरान ने निगम पर पूर्व में कराई गई तार फेंसिंग तोड़ने का आरोप लगाया और भविष्य में सहयोग की बात कही।

प्रदेश में राही टूरिस्ट लॉज के नेटवर्क विस्तार से धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

एटा के पटना पक्षी विहार, हरदोई की सांडी झील और बुलंदशहर के नरौरा में भी बनेंगे लॉज लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म को नई पहचान मिली है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों काशी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज में पिछले कुछ सालों से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसे देखते हुए योगी सरकार राज्य में छोटे शहरों में भी पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) प्रदेश के विभिन्न जनपदों में राही टूरिस्ट लॉज का निर्माण करा रहा है। इसके साथ ही वर्तमान में मौजूद लॉजों का रेनोवेशन व सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ नये विकसित किये जा रहे धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म स्थलों पर टूरिस्टों को बेहतर आवासीय  व खानपान की सुविधा उपलब्ध कराना है। विभिन्न जनपदों में 11 राही टूरिस्ट लॉजों/बंगलों का निर्माण   पर्यटन विभाग विभिन्न जनपदों में 11 राही टूरिस्ट लॉजों/बंगलों का निर्माण करा रहा है। इन्हें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। मथुरा के गोकुलगांव, आगरा के बटेश्वर, कासगंज के सोरों और सीतापुर में राही टूरिस्ट बंगलों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक पर्यावासों के समीप एटा के पटना पक्षी विहार, हरदोई की सांडी झील, बुलंदशहर के नरौरा में राही टूरिस्ट लॉजों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रतापगढ़ के भूपियामऊ, औरैया के देवकली, बदायूं के कछला घाट और शामली के कांधला में भी टूरिस्ट लॉजों का निर्माण कराया जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य इन परिसंपत्तियों के माध्यम से पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। यूपीएसटीडीसी के ‘राही’ टूरिस्ट बंगले न केवल प्रदेश में पर्यटन अवसंरचना को मजबूती प्रदान करेंगे,  बल्कि यूपी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगें। प्रयागराज, वाराणसी और चित्रकूट में टूरिस्ट होटलों का रेनोवेशन महाकुम्भ और माघ मेले जैसे भव्य आयोजनों के समय प्रयागराज में सर्वाधिक पर्यटकों का आगमन होता है। इसे देखते हुए यूपीएसटीडीसी की ओर से प्रयागराज में यमुना नदी के किनारे होटल राही त्रिवेणी दर्शन में नए भवन का निर्माण कराया गया है। इससे पर्यटकों की आवसीय क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही प्रयागराज में यूपीएसटीडीसी के होटल राही इलावर्त में इंटीरियर डेकोरेशन का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में वाराणसी के सारनाथ में स्थित राही टूरिस्ट लॉज में सुविधाओं का विकास और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। जबकि धार्मिक स्थल चित्रकूट में स्थित राही टूरिस्ट लॉज के पार्ट-ए और पार्ट-बी के नवीनीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। बलरामपुर में भी टूरिस्ट लॉज के नवीनीकरण का कार्य तेज गति से चल रहा है।

गौ सेवा एवं प्राकृतिक खेती को मिलेगा बल : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

राजेन्द्र दास जी की कथा की तैयारियों की समीक्षा भोपाल बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास जी महाराज गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर कथा करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र दास जी की कथा से गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। गौ अभयारण्य परिसर में आयोजित होने वाली कथा अप्रतिम व भव्य होगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि महाराज जी एवं उनके साथ आने वाले संतों के रूकने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। बैठक व्यवस्था से लेकर पार्किंग तथा प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्थाओं सहित प्रचार-प्रसार समिति आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। कार्यक्रम स्थल में डॉक्टर्स की टीम की उपलब्धता एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल में बनने वाले प्रसाद में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न व सब्जी का ही उपयोग किया जायेगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक महाराज की कथा होगी। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में द्वितीय चरण में दुधारू गौवंश संरक्षित किये जायेंगे उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में द्वितीय चरण में दुधारू गौवंश के संरक्षण के लिये बनाये जाने वाले शेड व अन्य निर्माण कार्यों की कार्य योजना का अवलोकन किया। गौवंश वन्य विहार से लगी 10 एकड़ भूमि में दुधारू गाय, बछड़ा व गर्भवती गायों के लिए शेड सहित भूसा शेड का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। अभी बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में बेसहारा गौवंश के लिए संरक्षण केन्द्र स्थापित है। यहां प्राकृतिक खेती भी हो रही है। आने वाले समय में शेष भूमि में दुधारू गौवंश का संरक्षण भी किया जायेगा। इस प्रकार इस गौवंश वन्य विहार में दोनों मॉडल हो जायेंगे। निर्माणाधीन सड़क मार्ग के दोनों तरफ पीपल का पौधरोपण किया जायेगा। इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थायें करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण कार्यों की लंबित राशि का भुगतान संबंधितों को शीघ्र करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रात्रि विश्राम गौवंश वन्य विहार में किया। प्रात: भ्रमण के दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती और गौसंरक्षण स्थल सहित कथा स्थल का अवलोकन किया। भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की और गौपूजन कर गाय को आहार खिलाया।

यूजीसी एक्ट पर घमासान, सवर्ण एकता मंच ने किया जोरदार विरोध, जनसैलाब ने दिखाई ताकत

शाजापुर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून का जमकर विरोध हो रहा है। शाजापुर में भी रविवार को इसे लेकर सवर्ण एकता मंच के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न सवर्ण समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हैं। प्रदर्शन रैली के रूप में बस स्टैंड से शुरू हुआ है और अभी मुख्य मार्गों से रैली गुजर रही है। प्रदर्शन में शामिल लोग जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। सवर्ण एकता मंच के दिलीप शर्मा ने बताया कि मंच द्वारा रैली ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी एक्ट वापस लेने की मांग की जा रही है। सवर्ण एकता मंच से जुड़े एवं करणी सेना के अजित सिंह खड़ी डोडिया ने कहा कि यूजीसी का नया बिल काला कानून है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस नए बिल पर रोक लगाए जाने के फैसले का स्वागत योग्य है। किंतु सवर्ण समाज इस कानून को पूरी तरह समाप्त कराना चाहता है। इसी मांग को लेकर यह प्रदर्शन है।   करणी सेना जिलाध्यक्ष सोनू बना ने कहा कि कहा कि यह कानून उन छात्रों के हाथों में बेड़ियां डालेगा, जो देश का भविष्य है। इस कानून को तुरंत प्रभाव से रद्द कर देना चाहिए। वर्तमान में स्थिति यह है कि सामान्य वर्ग का बच्चा अब ना कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकता है ना नौकरियों में कंपीटिशन फाइट कर सकता है, ना सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकता है। सवर्णों को बर्बाद करने के लिए ये नियम लाया गया है। जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

योगी सरकार की औद्योगिक नीति को रफ्तार, यमुना एक्सप्रेसवे पर अपैरल पार्क बन रहा रोजगार और निर्यात का नया हब

  175 एकड़ में विकसित हो रहा आधुनिक अपैरल पार्क 173 औद्योगिक भूखंडों में अब तक 156 भूखंडों का किया गया आवंटन 106 इकाइयों के पक्ष में लीज डीड निष्पादित, 89 निवेशकों को मिला कब्जा लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किया जा रहा अपैरल पार्क राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह परियोजना न केवल निवेश को आकर्षित कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। प्राधिकरण द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में 175 एकड़ भूमि पर अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न आकार के कुल 173 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिन्हें अपैरल एवं टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को आवंटित किया जा रहा है। आवंटन में तेजी, निवेशकों का बढ़ता भरोसा 22 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, अपैरल पार्क योजना के तहत अब तक 156 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि केवल 17 भूखंड रिक्त हैं। 106 इकाइयों के पक्ष में अब तक लीज डीड निष्पादित हो चुकी है तो 89 निवेशकों को कब्जा भी सौंपा जा चुका है। यह आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि योगी सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। निर्माण प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार अपैरल पार्क में अब परियोजनाएं तेजी से जमीन पर उतरने लगी हैं। योजना के तहत अब तक 118 इकाइयों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है, जबकि 39 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं, 15 इकाइयों में निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सरकार द्वारा सभी आवंटियों से डीपीआर के अनुरूप एक्शन प्लान मांगा गया है, ताकि परियोजनाएं तय समय-सीमा में धरातल पर उतर सकें। रोजगार और निर्यात पर योगी सरकार का फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और टेक्सटाइल नीति के माध्यम से वैश्विक निर्यात मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया जाए। अपैरल पार्क से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नया प्लेटफॉर्म जैसे लाभ मिलने की उम्मीद है। शेष भूखंडों के लिए भूमि क्रय प्रक्रिया जारी अपैरल पार्क के अंतर्गत 33.5 एकड़ क्षेत्रफल के 17 भूखंड अभी आवंटन हेतु शेष हैं। आंशिक भूमि उपलब्ध न होने के कारण भूमि क्रय की कार्यवाही प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश आज निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है। अपैरल पार्क इसकी एक मजबूत मिसाल है, जो योगी सरकार के विकास, रोजगार और निर्यात आधारित विजन को जमीन पर साकार करता दिख रहा है।

आस्था का अनुपम संगम: शिव–पार्वती विवाह हेतु माता वैष्णो देवी की विशेष भेंट काशी पहुँची

वाराणसी महाशिवरात्रि के दिव्य पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में सनातन परंपरा को समृद्ध करने वाला एक शुभ और भावपूर्ण नवाचार इस वर्ष साकार हो रहा है. इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व के नवाचार में कई प्रसिद्ध देवालयों और देवी देवताओं द्वारा भगवान विश्वनाथ के इस महापर्व पर शुभेच्छपूर्वक उपहार प्रेषित किए जाने का विहंगम प्रयोग है. इसी श्रृंखला में महाशिवरात्रि उत्सव के दृष्टिगत 7 फरवरी को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड  की ओर से भगवान श्री विश्वेश्वर (श्री काशी विश्वनाथ महादेव) के लिए उपहार और प्रसाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास कार्यालय में प्राप्त हुआ. इस पावन भेंट के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करता है. यह नवाचार महाशिवरात्रि पर्व के महोत्सव को और ज्यादा आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान करने वाली है. माता वैष्णो देवी शक्ति स्वरूप की ओर से काशी में स्थित भगवान विश्वनाथ को अर्पित यह पावन उपहार शाश्वत शक्ति–शिव संबंध का सजीव प्रतीक है. महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर प्राप्त यह उपहार श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष माध्यम बनेगा और सनातन संस्कृति की मूल भावना को जनमानस के समक्ष सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए यह पावन उपहार प्रेषित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के प्रति हार्दिक धन्यवाद और कृतज्ञता ज्ञापित करता है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास मां वैष्णो देवी के प्रधान उत्सव पर भगवान विश्वनाथ की ओर से मां वैष्णो देवी को भी उपहार प्रेषित कर सनातन आस्था के केंद्रों के मध्य स्थाई पुण्य संबंधों को सशक्त करने के प्रति संकल्पित है. चेलेंग और गसोमा’ धारण करेंगे बाबा विश्वनाथ और मइया पार्वती इसके अलावा अन्य जगहों से भी बाबा विश्वनाथ और गौरा मइया के लिए उपहार आ रहे हैं. इस बार महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ और माता गौरा को जो परिधान धारण कराए जाएंगे, वह असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से विशेष रूप से मंगाए गए हैं. बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा को असमिया पुरुष परिधान ‘चेलेंग और गसोमा’ धारण कराया जाएगा. इस परिधान में बाबा का स्वरूप अत्यंत राजसी और दिव्य दिखाई देगा, जो शिव-विवाह की गरिमा को और भी भव्य बनाएगा.

NEET UG 2026 रजिस्ट्रेशन लाइव, गलती करने पर रद्द हो सकता है आवेदन

नई दिल्ली  अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं, तो नीट यूजी 2026 आपके लिए सबसे बड़ा पड़ाव है। आज से नीट यूजी 2026 का रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और हर साल की तरह इस बार भी हजारों फॉर्म सिर्फ एक छोटी-सी गलती की वजह से रिजेक्ट हो सकते हैं। खासतौर पर फोटो, सिग्नेचर और सर्टिफिकेट अपलोड करते वक्त जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने साफ किया है कि नीट यूजी 2026 के आवेदन में सभी दस्तावेज तय फॉर्मेट और साइज में ही अपलोड करने होंगे। एजेंसी ने आधार कार्ड और कैटेगरी सर्टिफिकेट को लेकर भी जरूरी सलाह जारी की है। जिन उम्मीदवारों का आधार अपडेट नहीं है या जिनके कैटेगरी सर्टिफिकेट नए सत्र के हिसाब से नहीं बने हैं, उन्हें तुरंत यह काम पूरा करने को कहा गया है। फोटो और सिग्नेचर को लेकर सबसे ज्यादा गड़बड़ी नीट यूजी फॉर्म रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह फोटो और सिग्नेचर का गलत साइज या गलत तरीका होता है। एनटीए ने इस बार भी बिल्कुल साफ निर्देश दिए हैं कि पासपोर्ट साइज फोटो सफेद बैकग्राउंड में होनी चाहिए, चेहरे का करीब अस्सी फीसदी हिस्सा दिखना चाहिए और दोनों कान साफ नजर आने चाहिए। पोस्टकार्ड साइज फोटो चार गुणा छह इंच की होनी चाहिए और उसका बैकग्राउंड भी सफेद ही होना जरूरी है। सिग्नेचर काले पेन से सफेद कागज पर किया हुआ होना चाहिए और ध्यान रखें कि नाम पूरे बड़े अक्षरों में न लिखा जाए। अंगूठे और उंगलियों के निशान साफ होने चाहिए, धुंधले या कटे हुए निशान मान्य नहीं होंगे। सर्टिफिकेट अपलोड करते वक्त रखें खास ध्यान नीट यूजी 2026 के फॉर्म में सभी सर्टिफिकेट मूल दस्तावेज़ से स्कैन करके ही अपलोड करने होंगे। दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र जन्मतिथि के सबूत के तौर पर जरूरी है, इसलिए इसमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए। एससी, एसटी, ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को सत्र 2026-27 के लिए मान्य कैटेगरी सर्टिफिकेट ही देना होगा। दिव्यांग कोटे से आवेदन करने वालों के लिए पीडब्ल्यूबीडी सर्टिफिकेट जरूरी है। एनआरआई, ओसीआई और विदेशी उम्मीदवारों को नागरिकता से जुड़ा प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा। स्थायी और वर्तमान पते के प्रमाण के लिए आधार, पासपोर्ट या वोटर पहचान पत्र में से कोई एक मान्य होगा। NEET UG 2026 की जरूरी तारीखें नीट यूजी 2026 की आधिकारिक सूचना 7 फरवरी 2026 को जारी की गई है। इसी दिन से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई है और 8 मार्च 2026 तक चलेगी। मार्च के दूसरे हफ्ते में करेक्शन विंडो खोली जाएगी, जिसमें उम्मीदवार कुछ सीमित जानकारियों में सुधार कर सकेंगे। प्रवेश पत्र अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में जारी होने की संभावना है, जबकि परीक्षा तीन मई 2026 को अस्थायी रूप से तय मानी जा रही है। NEET UG 2026 रजिस्ट्रेशन ऐसे करें आवेदन के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और नया रजिस्ट्रेशन करके आवेदन संख्या बनानी होगी। इसके बाद शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी और अधिकतम चार परीक्षा शहर चुनने का विकल्प मिलेगा। दस्तावेज अपलोड करते समय फोटो, सिग्नेचर और पीडीएफ फाइल का साइज एक बार फिर जांच लेना जरूरी है। फीस जमा करने के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करना न भूलें, क्योंकि काउंसलिंग के समय यही पेज सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है। आवेदन से पहले ये बातें जरूर समझ लें नीट यूजी 2026 का फॉर्म भरते वक्त जल्दबाजी न करें। एक-एक जानकारी ध्यान से भरें और अपलोड की गई फाइलें साफ दिख रही हैं या नहीं, यह जरूर चेक करें। एक छोटी सी गलती पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है, इसलिए फॉर्म सबमिट करने से पहले हर स्टेप दोबारा देख लेना ही समझदारी है।

उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र सोमवार से

माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत 11 फरवरी (बुधवार) को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट लखनऊ,  उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र 2026-27 9 फरवरी से प्रारंभ होगा। सत्र के प्रथम दिन सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा व विधान परिषद) के समक्ष माननीय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण होगा। 10 फरवरी को सदन के वर्तमान व पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की जाएगी। सदन की कार्यवाही 20 फरवरी तक प्रस्तावित है। 11 फरवरी (बुधवार) को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात राज्यपाल के अभिभाषण (धन्यवाद प्रस्ताव) पर चर्चा होगी। 13 फरवरी तक सदन नियमित तौर पर चलेगा। 14 व 15 फरवरी को क्रमशः शनिवार व रविवार होने के कारण सदन की बैठक स्थगित रहेगी। 16 फरवरी से पुनः सदन की कार्यवाही प्रारंभ होगी। विधानसभा अध्य़क्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों से सदन के सफल संचालन का अनुरोध किया है। वहीं नेता सदन (मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ ने सभी सदस्यों से जनता के मुद्दों को सदन में रखने और स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया है।

भोपाल एक्सप्रेस अलर्ट: ‘बी-2 कोच में आग लगी है’ अनाउंसमेंट के बाद यात्रियों में भगदड़

भोपाल भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन और भोपाल स्टेशन के बीच पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब भोपाल एक्सप्रेस के बी-2 कोच में आग लगने के एक अनाउंसमेंट से अफवाह फैल गई। ट्रेन के रवाना होते ही मची इसके कारण यात्रियों में दहशत फैल गई और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन के प्लेटफार्म छोड़ते ही कोच में आग को लेकर लेकर एक अनाउंसमेंट किया गया। इससे यात्री इस कदर डर गए कि ट्रेन रुकते ही चेतक ब्रिज के पास कोच से बाहर निकलकर पटरियों पर आ खड़े हुए। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कोच में सफर कर रहे यात्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस अनाउंसमेंट के बाद यात्री बाहर आ गए और लोग पटरियों पर खड़े हो गए थे। देखते ही देखते पूरी बोगी में हंगामा खड़ा हो गया, सामने से मालगाड़ी आ रही थी। यात्रियों को समझाकर वापस बैठाया जैसे-तैसे रेलवे कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को संभाला और यात्रियों को समझा-बुझाकर वापस ट्रेन में बैठाया। गहन जांच के बाद जब स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाई गई, तब ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। ट्रेन भोपाल मुख्य स्टेशन पहुंची और वहां पर उसकी जांच की गई। उसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। स्टेशन पर लोगों ने हंगामा मचाया कि ट्रेन की अच्छी तरह से जांच की जाए।

शांतिकुंज का कदम: हरिद्वार पंतद्वीप में जुटे साधक, बड़े पैमाने पर सफाई अभियान

हरिद्वार हरिद्वार के पंतद्वीप मैदान में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जहाँ अखिल विश्व गायत्री परिवार (शांतिकुंज) के हजारों साधकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिला शासन एवं नगर निगम ने स्वच्छता की अलख जगाई। शांतिकुंज की गरिमा और उसके अनुशासित कार्यबल का परिचय देते हुए हजारों की संख्या में आए शांतिकुंज के स्वयंसेवकों ने पंतद्वीप क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चलाया। कई ट्राली अपशिष्टों, कचरों का निस्तारण किया गया। इस दौरान न केवल कूड़ा-करकट हटाया गया, बल्कि उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया गया। उत्तराखंड सरकार ने आवाहन किया है कि राज्य के प्रत्येक जिले में प्रत्येक व्यक्ति को सप्ताह में एक दिन सामूहिक रूप से स्वच्छता के लिए समय दान करना है। ताकि अभियान में जन जन की भागीदारी हो। इस अवसर पर शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी डोबाल, महापौर किरण जैसल सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने कहा कि पूज्य पं श्रीराम शर्मा आचार्यश्री के स्वस्थ शरीर, स्वच्छ मन के सिद्धांत को अपनाकर ही हम देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ राज्य के रूप में विकसित कर सकते हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने शांतिकुंज के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जब आध्यात्मिक संस्थाएं प्रशासन के साथ जुड़‌ती हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाता। उल्लेखनीय है कि इस विशेष पहल के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य स्वच्छ भारत अभियान के तहत उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान दिलाना है। यदि जन भागीदारी इसी प्रकार बनी रही, तो हरिद्वार सहित पूरा उत्तराखंड स्वच्छता का एक नया उदारहण के रूप में विकसित होगा।

मुख्यमंत्री योगी बोले – जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें, स्वस्थ चर्चा से कराएं प्रदेश का विकास

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा विधान मंडल  का बजट सत्र लखनऊ विधान मंडल का बजट सत्र 9 फरवरी (सोमवार) से प्रारंभ होगा। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री व नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने का अनुरोध करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों के नेताओं से कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में रखें और इस पर स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश में विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करें। विधानसभा सत्र संचालन के संबंध में विधान भवन में आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान होता है। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता के हित से जुड़े हर मुद्दों पर सदन में सुचारु रूप से चर्चा करनी चाहिए। सदन के संचालन में किसी प्रकार की बाधाएं न आएं, इसका ध्यान सभी सदस्यों को रखना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सदन के सुचारु संचालन के लिए सभी सदस्यों का सहयोग मांगा। बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, लोकदल के राजपाल बालियान, अपना दल के रामनिवास वर्मा आदि मौजूद रहे।

पुलिस की सख्ती: देह व्यापार के आरोप में मकान मालिक और संदिग्ध महिला पकड़ी गई

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में देह व्यापार के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज एक बार फिर पुलिस ने बोईरदादर इलाके में देह व्यापार के अड्डे पर दबिश दी। इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। यह मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार देह व्यापार की सूचना पर सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सटीक योजना बनाकर बोईरदादर स्थित एक मकान में रेड की। कार्रवाई के दौरान मौके से मकान मालिक नारायण वैष्णव और एक संदिग्ध महिला को पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने मकान मालिक नारायण वैष्णव के खिलाफ पीटा एक्ट की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। वहीं आरोपी के कब्जे से नगद राशि, मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है। इस पूरी कार्रवाई में चक्रधरनगर थाना, साइबर थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम शामिल रही, जिन्होंने समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है और देह व्यापार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बता दें कि एक हप्ते के भीतर पुलिस ने पीटा एक्ट के तहत यह तीसरी कार्रवाई की है। मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस देह व्यापार सहित सभी प्रकार की सामाजिक बुराइयों का पूर्णतः खात्मा करने के लिए प्रतिबद्ध है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

ईशान खट्टर की करोड़ों की उड़ान: नया लग्जरी अपार्टमेंट, फीस और कुल संपत्ति पर एक नज़र

मुंबई एक्टर ईशान खट्टर के सितारे इस वक्त बुलंदियों पर हैं। ‘होमबाउंड’ जैसी फिल्म से दुनियाभर में डंका बजाने वाले ईशान ने अब एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। यह अपार्टमेंट मुंबई के बांद्रा स्थित पॉश पाली हिल इलाके में है। यह अपार्टमेंट नवरोज प्रेमिसेस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के नवरोज अपार्टमेंट में स्थित है। इसका बिल्ट-अप एरिया 2,989.05 स्क्वायर फुट है। हाल ही इस अपार्टमेंट का रजिस्ट्रेशन किया गया। ईशान खट्टर का रियल एस्टेट की दुनिया में यह पहला इन्वेस्टमेंट है। उनके इस अपार्टमेंट की कीमत 29.37 करोड़ रुपये है। ईशान अभी तीन बेडरूम अपार्टमेंट में रहते हैं, जो बांद्रा में हैं और समंदर किनारे स्थित है। इसकी कीमत 40 करोड़ रुपये बताई जाती है। प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर ने इसके लिए 1.76 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकाई। इसमें चार पार्किंग स्पेस हैं। ईशान खट्टर की नेट वर्थ, फीस और कमाई का जरिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर की नेट वर्थ 15-20 करोड़ रुपये बताई जाती है। ‘लाइफस्टाइल एशिया’ के मुताबिक, वह एक फिल्म के लिए एक करोड़ रुपये की फीस चार्ज करते हैं। फिल्मों के अलावा वह सोशल मीडिया और ब्रांड एंडोर्समेंट्स से भी कमाई करते हैं। इंस्टाग्राम पर उनके अभी 3M फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट से भी वह अच्छी कमाई करते हैं। प्रति ब्रांड भी उनकी अच्छी कमाई है। वह एक ब्रांड को एंडोर्स करने के लिए 50 लाख रुपये फीस तक लेते हैं। ईशान खट्टर का करियर और स्ट्रगल ईशान खट्टर रिश्ते में शाहिद कपूर के सौतेले भाई हैं। वह नीलिमा अजीम और राजेश खट्टर के बेटे हैं। ईशान ने वैसे तो अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 2005 में आई फिल्म ‘वाह! लाइफ हो तो ऐसी’ से की थी, लेकिन उन्हें पहचान 2017 में आई फिल्म Beyond The Clouds से मिली। इसके बाद ईशान खट्टर को फिल्मों के ऑफर मिलते चले गए। उन्होंने अपने 9-10 साल के करियर में आठ फिल्में की हैं, और सभी में अलग किरदार निभाया है और हैरान किया है। ईशान खट्टर हाल ही ‘होमबाउंड’ में नजर आए थे, जिसमें उनकी दमदार एक्टिंग ने सबको मुरीद बना लिया। इस फिल्म को भारत की तरफ से ऑस्कर्स 2026 में भी भेजा गया था, पर दुर्भाग्य से यह नॉमिनेशन नहीं पा सकी। पर दुनियाभर में फिल्म के साथ ईशान खट्टर और उनके को-स्टार विशाल जेठवा का खूब नाम हुआ। एक्टर ईशान खट्टर के सितारे इस वक्त बुलंदियों पर हैं। ‘होमबाउंड’ जैसी फिल्म से दुनियाभर में डंका बजाने वाले ईशान ने अब एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। यह अपार्टमेंट मुंबई के बांद्रा स्थित पॉश पाली हिल इलाके में है। यह अपार्टमेंट नवरोज प्रेमिसेस को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के नवरोज अपार्टमेंट में स्थित है। इसका बिल्ट-अप एरिया 2,989.05 स्क्वायर फुट है। हाल ही इस अपार्टमेंट का रजिस्ट्रेशन किया गया। ईशान खट्टर का रियल एस्टेट की दुनिया में यह पहला इन्वेस्टमेंट है। उनके इस अपार्टमेंट की कीमत 29.37 करोड़ रुपये है। ईशान अभी तीन बेडरूम अपार्टमेंट में रहते हैं, जो बांद्रा में हैं और समंदर किनारे स्थित है। इसकी कीमत 40 करोड़ रुपये बताई जाती है। प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर ने इसके लिए 1.76 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकाई। इसमें चार पार्किंग स्पेस हैं। ईशान खट्टर की नेट वर्थ, फीस और कमाई का जरिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईशान खट्टर की नेट वर्थ 15-20 करोड़ रुपये बताई जाती है। ‘लाइफस्टाइल एशिया’ के मुताबिक, वह एक फिल्म के लिए एक करोड़ रुपये की फीस चार्ज करते हैं। फिल्मों के अलावा वह सोशल मीडिया और ब्रांड एंडोर्समेंट्स से भी कमाई करते हैं। इंस्टाग्राम पर उनके अभी 3M फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पोस्ट से भी वह अच्छी कमाई करते हैं। प्रति ब्रांड भी उनकी अच्छी कमाई है। वह एक ब्रांड को एंडोर्स करने के लिए 50 लाख रुपये फीस तक लेते हैं। ईशान खट्टर का करियर और स्ट्रगल ईशान खट्टर रिश्ते में शाहिद कपूर के सौतेले भाई हैं। वह नीलिमा अजीम और राजेश खट्टर के बेटे हैं। ईशान ने वैसे तो अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 2005 में आई फिल्म ‘वाह! लाइफ हो तो ऐसी’ से की थी, लेकिन उन्हें पहचान 2017 में आई फिल्म Beyond The Clouds से मिली। इसके बाद ईशान खट्टर को फिल्मों के ऑफर मिलते चले गए। उन्होंने अपने 9-10 साल के करियर में आठ फिल्में की हैं, और सभी में अलग किरदार निभाया है और हैरान किया है। ईशान खट्टर हाल ही ‘होमबाउंड’ में नजर आए थे, जिसमें उनकी दमदार एक्टिंग ने सबको मुरीद बना लिया। इस फिल्म को भारत की तरफ से ऑस्कर्स 2026 में भी भेजा गया था, पर दुर्भाग्य से यह नॉमिनेशन नहीं पा सकी। पर दुनियाभर में फिल्म के साथ ईशान खट्टर और उनके को-स्टार विशाल जेठवा का खूब नाम हुआ।

आध्यात्म के साथ सेवा ही सनातन दर्शन – मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर की जिला प्रशासन की बैठक मंत्री सारंग एवं पंडित प्रदीप मिश्रा ने कुबेरेश्वरधाम में अस्पताल का किया लोकार्पण भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को सीहोर स्थित कुबेरेश्वरधाम में विट्ठलेश सेवा समिति, सीहोर के तत्वावधान में निर्मित पंडित रामेश्वर मिश्रा प्राथमिक चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंत्री सारंग एवं पंडित मिश्रा ने संयुक्त रूप से अस्पताल का लोकार्पण कर श्रद्धालुओं एवं आमजन को समर्पित किया। मंत्री सारंग ने इस अवसर पर कहा कि आध्यात्म के साथ सेवा ही सनातन दर्शन है। जब भक्ति के साथ मानव सेवा जुड़ जाती है, तो वह समाज के लिए एक सशक्त आधार बनती है। उन्होंने कहा कि पूज्य कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने देश-विदेश में सनातन संस्कृति का ध्वज फहराया है और अपनी कथाओं के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि कुबेरेश्वरधाम में निर्मित यह अस्पताल श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात है। यहां आने वाले हजारों भक्तों को अब बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 20 बिस्तरीय आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल नव निर्मित पंडित रामेश्वर मिश्रा प्राथमिक चिकित्सालय 20 बिस्तरों की क्षमता वाला एक आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल है, जहां श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। इस अस्पताल में ओपीडी एवं आईपीडी की सुविधा, आईसीयू की व्यवस्था, ऑपरेशन थियेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, ईसीजी, वेंटिलेटर तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इससे मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार प्राप्त हो सके। रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर की जिला प्रशासन की बैठक मंत्री सारंग ने सुप्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा की उपस्थिति में कुबेरेश्वरधाम में 14 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि श्रद्धालुओं के लिए शेड बनाए गए हैं, प्रवेश-निकास मार्ग सुव्यवस्थित किए गए हैं तथा अलग-अलग सेक्टर में दर्शन की व्यवस्था की गई है। स्थल पर 500 से अधिक शौचालयों के साथ चलित शौचालयों की भी व्यवस्था की जाएगी। पेयजल के लिए टैंकर लगाए जाएंगे। बताया गया कि आपात स्थिति के लिए विशेष कॉरिडोर बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिये 20 से अधिक एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के लिए 1500 से अधिक पुलिस बल तैनात रहेगा। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और समन्वय के साथ कार्य करे, ताकि महोत्सव सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो। बैठक में जिला कलेक्टर, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

भागवत की चेतावनी: अगर 1.25 करोड़ हिंदू खड़े हों, बांग्लादेश को भुगतना पड़ेगा

मुंबई बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश के सवा करोड़ हिंदू अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खुद खड़े होने का निर्णय लेते हैं, तो दुनिया भर के हिंदू उनके साथ मजबूती से खड़े होंगे। मुंबई में आयोजित संघ की दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ‘नए क्षितिज’ के दूसरे दिन संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने कहा, “बांग्लादेश में करीब सवा करोड़ हिंदू रहते हैं। अगर वे वहां रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का फैसला करते हैं, तो पूरी दुनिया के हिंदू उनकी मदद करेंगे।” ‘मैं आपको गारंटी देता हूं…’ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हुई घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा, “बांग्लादेश में जो घटनाएं हुई हैं… वहां आज भी करीब सवा करोड़ हिंदू रहते हैं। अगर वे एकजुट हो जाएं तो वहां की राजनीतिक व्यवस्था का इस्तेमाल अपने हित में, अपनी सुरक्षा के लिए कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उनका एकजुट होना बेहद जरूरी है। अच्छी बात यह है कि इस बार उन्होंने यह तय किया है कि वे भागेंगे नहीं, बल्कि वहीं रहकर संघर्ष करेंगे। अब अगर संघर्ष करना है, तो एकता सबसे जरूरी होगी। जितनी जल्दी वे एकजुट होंगे, उतना ही बेहतर होगा। बांग्लादेश में हिंदुओं की मौजूदा संख्या के साथ वे अपनी स्थिति में बड़ा सुधार ला सकते हैं। और इस दिशा में हम यहां अपनी सीमाओं के भीतर रहते हुए, और दुनिया भर में जहां-जहां हिंदू हैं, वहां से उनके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसकी मैं आपको गारंटी देता हूं।”   इस कार्यक्रम का आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम में किया गया है। गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई है। हालात उस समय और बिगड़ गए जब भारत विरोधी कट्टरपंथी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। इसके बाद अगस्त 2024 में हुए तथाकथित विद्रोह के तहत छात्र आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़कर देश से भागना पड़ा।   इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हिंसक भीड़ ने कई इलाकों में हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया। इन हमलों में व्यापारी, मजदूर और छात्र समेत कई निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है। कई जगह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे संगठित हमलों में बदल गए, जिनका सीधा असर हिंदू समुदाय पर पड़ा। मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। उनके इस संदेश को संघ और अन्य हिंदू संगठनों के बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन और एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के देवलोकगमन पर व्यक्त किया शोक

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने महान संत, आध्यात्मिक गुरु एवं सतना स्थित धारकुंडी आश्रम के संस्थापक स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज के देवलोकगमन पर गहन शोक व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पूज्य स्वामी जी का संपूर्ण जीवन धर्म, अध्यात्म और मानव सेवा को समर्पित रहा। उनका देवलोक गमन न केवल उनके असंख्य शिष्यों, बल्कि सम्पूर्ण समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विचारों और आचरण से जनमानस को सदैव सत्य, अहिंसा और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और उनके अनुयायियों एवं शोकाकुल परिवारजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल एवं शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।  

राजगढ़ में ड्रग्स बनाने का केमिकल पकड़ा गया, कीमत करीब 5 करोड़; बॉर्डर एरिया बना तस्करों का अड्डा

राजगढ़ राजगढ़ जिले की राजस्थान सीमा से सटे माचलपुर क्षेत्र के सुनसान इलाके में एक बार फिर से ड्रग्स बनाने प्रयोग किए जाना वाला कैमिकल पुलिस ने जब्त किया हैं। केमिकल की क़ीमत 5 करोड़ आंकी गई है। इसके चार दिन पहले गोघटपुर गांव में पुलिस ने पकड़ी थी ड्रगस बनाने वाली फैक्ट्री व 4 करोड़ का कैमिक बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक 7-8 फरवरी की रात को थाना माचलपुर में पदस्थ उप निरीक्षक गुड्डू कुशवाह को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्स) निर्माण में प्रयुक्त केमिकल ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है। सूचना की तस्दीक एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई।   तलाशी के दौरान खंती में 5 नीले रंग के ड्रम मिले, जिनमें प्लास्टिक की पन्नियों में भरा हुआ सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा केमिकल पाउडर पाया गया, जिससे तेज गंध आ रही थी। प्रारंभिक परीक्षण एवं अनुभव के आधार पर उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया। इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे से तौल करने पर ड्रमों सहित कुल वजन 266.9 किलोग्राम मिला, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। पुलिस ने उक्त संपूर्ण मादक पदार्थ को विधिवत सीलबंद कर, साक्षियों की उपस्थिति में जब्त किया गया। कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई तथा जब्तशुदा माल को सुरक्षित रूप से मालखाने में जमा किया गया। इस संबंध में थाना माचलपुर में अपराध क्रमांक 35/2026, धारा 30 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। अज्ञात आरोपितो की तलाश की जा रही है तथा अवैध मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के संबंध में गहन जांच जारी है। चार दिन पहले पकड़ी थी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री, 4 करोड़ का कैमिकल मंगलवार रात को राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली। जिसमें ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला। पिकअप सवारों ने बताया कि वह इसे मप्र के आगरा-मालवा जिले की और लेकर जा रहे थे। दस्तावेज मांगने पर कुछ नहीं दिखा सके। उसी से इनपुट मिला था कि राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में ड्रग्स की फैक्ट्री संचालित हो रही है। इसके बाद राजस्थान व माचलपुर की पुलिस ने संयुक्त रूप से गोघटपुर में रघुनंदन पिता गोवर्धन पाटीदार के मकान पर दबिश दी थी, जहां केमिकल से ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री को पकड़ा। जहां से करीब 4 करोड़ रुपये के केमिकल बरामद किया था, हालांकि आरोपित पाटीदार अभी भी फरार है।

कृषि रथ के माध्यम से किसानों को दी जा रही ई-विकास प्रणाली की जानकारी

भोपाल प्रदेश में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष“ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में हरदा जिले के तीनों विकासखंडों में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। कृषि रथ के साथ कृषि विज्ञान केंद्र, कोलीपुरा के वैज्ञानिक, कृषि विभाग एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा किसानों से सीधा संपर्क कर ई-विकास प्रणाली से उर्वरक क्रय करने के लिये जागरूक किया जा रहा है। साथ ही नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के स्थान पर उडद, मूंगफली, तिल आदि फसलों को प्रोत्साहन, प्राकृतिक व जैविक कृषि करने के लिये प्रोत्साहन, मृदा स्वास्थ कार्ड के आधार पर उर्वरको की संतुलित मात्रा का उपयोग करने और भूमि पर बोई गई फसल अनुसार सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग करने आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ किसानों को समसामयिक सलाह भी प्रदान की जा रही है। कृषि रथों द्वारा जिले की 162 ग्राम पंचायतो में भ्रमण किया गया है। इस दौरान 5270 किसानों, 247 जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभागीय अधिकारी कर्मचारी तथा वैज्ञानिकों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदाय की गई। किसानों को आधुनिक खेती और नरवाई प्रबंधन की दी जा रही जानकारी कटनी जिले के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और उन्नत खेती की जानकारी देने के लिए कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्‍यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड रीठी के गांवों में ‘कृषि रथ’ चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नरवाई प्रबंधन की जानकारी दी गई। किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) प्रबंधन के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, स्ट्रा रीपर और रीपर कम बाइंडर की तकनीकी जानकारी दी। सुपर सीडर और हैप्पी सीडर खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी सहित तीन काम एक साथ करते हैं। इन यंत्रों के उपयोग से न केवल समय और लागत की बचत होती है, बल्कि पैदावार भी अच्छी मिलती है। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट होती है और वायु प्रदूषण फैलता है, जिससे बीमारियां बढ़ती हैं। नरवाई न जलाकर उसे खाद के रूप में उपयोग करना ही श्रेष्ठ है। किसानों को कस्टम हायरिंग, डीबीटी, यंत्रदूत ग्राम योजना, वर्मी कंपोस्ट, नाडेप और जीवामृत खाद बनाने की विधि की भी जानकारी दी गई।  

चोरी का नया तरीका बेनकाब: एंबुलेंस बनी बोलेरो से कॉपर-एल्युमिनियम उड़ाता था गिरोह, पुलिस ने दबोचा

बिलासपुर जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण क्षेत्र में बिजली के ट्रांसफार्मरों से कॉपर और एल्युमिनियम वायर चोरी की लगातार हो रही घटनाओं पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य बोलेरो को एंबुलेंस के रूप में तैयार कर पुलिस और लोगों को भ्रमित करते थे। कब्जे से 17.30 लाख का चोरी का माल जब्त इसी वाहन से ट्रांसफार्मरों से चोरी किए गए कॉपर और एल्युमिनियम को कबाड़ी के ठिकाने तक पहुंचाया जाता था। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17 लाख 30 हजार रुपये का चोरी का माल, वाहन और औजार जब्त किए हैं।   जांजगीर-चांपा जिले के एएसपी उमेश कुमार कश्यप ने बताया कि शिवरीनारायण क्षेत्र में जनवरी माह के दौरान ट्रांसफार्मर चोरी की दो बड़ी घटनाएं सामने आई थीं। बिजली विभाग के इंजीनियर ने अपनी शिकायत में बताया कि 13–14 जनवरी की रात रोड दुरपा के पास लगे पुराने ट्रांसफार्मर से करीब 230 किलो कॉपर चोर ले गए हैं। इसी तरह 22 जनवरी को लोहर्सी के पास लगे ट्रांसफार्मर से लगभग 200 किलो कॉपर वायर चोरी होने की रिपोर्ट धनंजय यादव ने शिवरीनारायण थाने में दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों ने निर्देश पर स्पेशल टीम का गठन किया गया। संगठित गिरोह इस तरह की चोरी में लिप्त जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और पूर्व अपराध रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि एक संगठित गिरोह इस तरह की चोरी में लिप्त है। सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने मस्तूरी क्षेत्र के रिस्दा परसाडीह में रहने वाले अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह गोलमोल जवाब दे रहा था। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रांसफार्मर और केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपित के कब्जे से ट्रांसफार्मर, कॉपर और एल्युमिनियम वायर, चार मोबाइल, छोटा हाथी वाहन, बोलेरो, कटर मशीन, ब्लेड और पाना-पेंचिस जब्त किए हैं। इनकी हुई गिरफ्तारी पुलिस ने कापर और एल्यूमिनियम चोरी के मामले में अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी (26), संतोष भास्कर (38), वीरेंद्र सुमन (39), राज आर्यन वानी उर्फ छोटू वानी (20), अमन रात्रे (20) और राज आर्यन उर्फ रोहित वानी (21) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपित मस्तूरी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। 10 से अधिक चोरी की घटनाएं सामने आईं पूछताछ में आरोपित ने बताया कि गिरोह ने मुलमुला और अकलतरा क्षेत्र सहित अन्य गांवों में भी एल्युमिनियम केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। इसके अलावा बलौदाबाजार और बिलासपुर जिले में भी पूर्व में चोरी की वारदातों में शामिल रहे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 10 से अधिक चोरी की घटनाएं करना सामने आई हैं। आरोपित और उसके सहयोगियों के खिलाफ पूर्व में भी भाटापारा ग्रामीण, गिधौरी, मस्तूरी और पचपेड़ी थानों में चोरी के मामले दर्ज हैं। चोरी का तांबे और एल्यूमिनियम जब्त पूछताछ में पता चला है कि शहर में चोरी के तांबा और एल्यूमिनियम को खपाया जा रहा है। इधर बताया जा रहा है कि शहर के करबला, शनिचरी, सरकंडा, कोनी, उसलापुर ओवरब्रिज, तिफरा ओवरब्रिज और सिरगिट्टी क्षेत्र में तांबा और एल्यूमिनियम खरीदने वालों के बड़े यार्ड हैं।  

सड़क पर मौत का तांडव: लौह अयस्क लदे ट्रक की चपेट में आए बाइक सवार, दो युवकों की मौके पर मौत

भानुप्रताप्रतपुर भानुप्रतापुर–दल्ली राजहरा मार्ग पर ग्राम टेकाढ़ोडा (साल्हे) के पास एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक बाइक से जा रहे थे तभी लौह अयस्क से भरे एक ट्रक ने उनकी बाइक को चपेट में ले गया। घटना की सूचना मिलते ही कच्चे पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान ट्रक के नीचे फंसी बाइक और शव निकालने के लिए पुलिस को जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों मृतक युवक ग्राम साल्हे के निवासी थे और भानुप्रतापपुर की ओर जा रहे थे। ट्रक के संपर्क में आने के बाद एक युवक ट्रक के नीचे फंस गया, जबकि दूसरा ट्रक के पिछले चक्कों में दब गया। ट्रक ने दोनों को लगभग 50 मीटर तक घसीटते हुए आगे बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरा युवक अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ गया। हादसे के कारण लगभग एक घंटे तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक हादसे के बाद वाहन छोड़कर फरार हो गया था, लेकिन कुछ समय बाद वह कच्चे पुलिस चौकी में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एकता कपूर ने किए महाकाल के दर्शन, उज्जैन पहुंचकर साझा किया आध्यात्मिक अनुभव

उज्जैन उज्जैन महाकाल के दर्शनों के लिए बडी से बडी हस्तियां पहुंचती ही रहती हैं।  इसी कड़ी में प्रसिद्ध टेलीविजन सीरियल निर्माता और फिल्म प्रोड्यूसर एकता कपूर आज अपनी टीम के साथ विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने अपनी आगामी वेब सीरीज ‘लॉकअप’ की सफलता की कामना को लेकर बाबा महाकाल के दरबार में विधिवत पूजन-अर्चन किया। एकता कपूर ने नंदी हॉल से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न की। इस दौरान दर्शनों के पश्चात उन्होंने “जय श्री महाकाल” का उद्घोष भी किया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में गूंज उठा। इस अवसर पर एकता कपूर के साथ फिल्म एवं टीवी जगत की जानी-मानी अभिनेत्रियां दीपशिखा नागपाल, नीलम कोठारी, विद्या मालवदे, सीमा किरण सचदेव एवं पूजा भी उपस्थित रहीं। सभी अभिनेत्रियों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और मंदिर की दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा को अनुभव किया। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से एकता कपूर एवं उनके साथ आई सभी अभिनेत्रियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं सत्कार किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया और सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद एकता कपूर ने कहा कि उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उनका नया प्रोजेक्ट दर्शकों का भरपूर प्रेम प्राप्त करेगा। इस धार्मिक यात्रा ने न सिर्फ टीम को मानसिक शांति दी, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा से भी भर दिया।  

MP हनीट्रैप केस का खुलासा: फंसाकर बनाया वीडियो, ढाई लाख की मांग, 3 महिलाएं सहित 5 गिरफ्त में

खरगोन थाना सनावद की पुलिस टीम ने हनीट्रैप के जरिए ढाई लाख रुपये की मांग कर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गत 6 फरवरी को फरियादी निवासी ग्राम सताजना ने थाना सनावद पर शिकायत आवेदन दिया कि, दिनांक 02.02.2026 को एक महिला जिसने अपना नाम सपना बताया था, उसने बार-बार फरियादी को फोन करके उसे पद्मावती कॉलोनी, सनावद स्थित अपने घर बुलाया था। महिला द्वारा फरियादी को घर के कमरे में ले जाकर आपसी सहमति से संबंध बनाए जा रहे थे, तभी अचानक कमरे में 2 पुरुष व एक अन्य महिला आ गए। डरा-धमका कर वसूले पैसे महिला ने अपना नाम वैजन्ती बताया। जिनके द्वारा फरियादी को उसी कमरे में रखे मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने की बात कहते हुए फरियादी को डराया-धमकाया गया व वीडियो वायरल करने, जान से मारने व बलात्कार के झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देते हुए फरियादी से ढाई लाख रुपये की मांग की गई। फरियादी ने डर के कारण आरोपितों को 10 हजार रुपये दिए। इसके पश्चात भी लगातार वीडियो वायरल करने व पुलिस प्रकरण दर्ज कराने की धमकियां दी जाती रहीं, जिससे फरियादी मानसिक रूप से अत्यंत प्रताड़ित हो गया।   प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन, एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी सनावद उनि धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा फरियादी के बताए अनुसार घर में दबिश दी गई जहां पुलिस टीम को वैजन्ती नामक महिला मिली, जिसे महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से अभिरक्षा में लिया गया। महिला पुलिसकर्मियों के द्वारा वैजन्ती से उक्त कृत्य के बारे में पूछने पर उसने उक्त कृत्य को अपने साथी 2 अन्य महिलाओं, समीर व सावन के साथ मिलकर कारित करना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से बरामद हुए रुपये और वीडियो पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी वैजन्ती के अन्य साथी 2 महिलाओं व समीर और सावन को भी गिरफ्तार किया है। टीम द्वारा उक्त मामले में आरोपियों के कब्जे से फरियादी को ब्लैकमेल कर लिए 10 हजार रुपयों व बनाए गए वीडियो को नियमानुसार विधिवत जब्त किया गया।  

चार जीतों की लय में मैनचेस्टर, कैरिक के निर्देशन में टोटेनहैम पर शानदार जीत

मैनचेस्टर माइकल कैरिक के मार्गदर्शन में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने प्रीमियर लीग फुटबॉल में लगातार चौथी जीत हासिल की जिससे कुछ हफ्ते पहले मुश्किलों में नजर आ रही टीम अब काफी बेहतर स्थिति में दिख रही है। शनिवार को यूनाइटेड ने टोटेनहम को 2-0 से हराकर मुख्य कोच के तौर पर कैरिक की शत प्रतिशत जीत का सिलसिला जारी रखा और पिछले दो वर्षों से चैंपियंस लीग से बाहर रहने के बाद वापसी की उम्मीदों को बढ़ाया। टीम अब 25 मैच में 44 अंक के साथ चौथे स्थान पर है। आर्सेनल ने शीर्ष पर नौ अंक की बढ़त बना ली है। टीम ने स्थानापन्न खिलाड़ी विक्टर ग्योकेरेस के दो गोल से संडरलैंड के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की। आर्सेनल के 25 मैच में 56 अंक हैं। दूसरे स्थान पर मौजूद मैनचेस्टर सिटी (24 मैच में 47 अंक) रविवार को लीवरपूल से खेलेगा जबकि तीसरे स्थान पर मौजूद एस्टन विला (25 मैच में 47 अंक) ने बोर्नमाउथ के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला। चेल्सी ने कोल पाल्मर की हैट्रिक से आखिरी स्थान पर मौजूद वॉल्व्स के खिलाफ 3-1 की जीत दर्ज की।  

सेशेल्स के राष्ट्रपति भारत पहुंचे, मुंबई और चेन्नई की यात्रा पूरी कर नई दिल्ली में राजकीय बैठकें

नई दिल्ली सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी रविवार को दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका स्वागत किया। हर्मिनी इससे पहले मुंबई और चेन्नई में आयोजित कुछ बिजनेस इवेंट्स में शामिल होने गए थे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर तस्वीरों संग इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया: “सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी चेन्नई और मुंबई में अहम कार्यक्रमों को संपन्न कर यहां पहुंचे। वहां उन्होंने शासन, उद्योग, तटीय प्रबंधन और स्वास्थ्य क्षेत्र सहित अहम स्टेकहोल्डर्स से मुलाकात की।” उन्होंने आगे कहा, “एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उनका गर्मजोशी से विधिवत स्वागत किया। सेशेल्स भारत का एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी है और भारत के विजन महासागर और ग्लोबल साउथ के प्रति उसकी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण भागीदार है।” एमईए द्वारा जारी बयान के अनुसार, हर्मिनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पांच दिवसीय (5-10 फरवरी) राजकीय यात्रा पर गुरुवार को भारत पहुंचे। दिल्ली यात्रा के दौरान, वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने और पीएम मोदी के साथ आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत करने वाले हैं। मुंबई में उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की, और दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, खासकर पोर्ट-आधारित विकास, कोस्टल मैनेजमेंट, और महाराष्ट्र और सेशेल्स के बीच बेहतर सहयोग को लेकर वार्ता की गई। सीएम फडणवीस ने एक्स पोस्ट में अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “महाराष्ट्र सेशेल्स का स्वागत करता है! मुंबई के ताज महल पैलेस में खूबसूरत देश सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी और मंत्रियों का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हुई। मैंने उन्हें और सेशेल्स के लोगों को स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं!” उन्होंने राष्ट्रपति के साथ हुई वार्ता को शानदार बताया। कहा, “विभिन्न विषयों पर शानदार बातचीत हुई, खासकर पोर्ट-आधारित विकास, तटीय प्रबंधन और महाराष्ट्र और सेशेल्स के बीच बेहतर सहयोग को लेकर। मैं माननीय मंत्रियों विदेश मंत्री बैरी फॉरे, वित्त मंत्री पियरे लापोर्टे, परिवहन मंत्री वेरोनिक लापोर्टे और पर्यटन और संस्कृति मंत्री अमांडा बर्नस्टीन का भी स्वागत करता हूं।” 6 फरवरी को, हर्मिनी ने चेन्नई में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित भारत-सेशेल्स बिजनेस फोरम में भाग लिया। इसे लेकर फिक्की ने एक्स पर एक बयान जारी किया। फिक्की ने कहा, “फोरम के हिस्से के रूप में, एक खास सीईओ राउंडटेबल भी आयोजित की गई, जहां भारत के प्रमुख उद्योगपतियों ने माननीय राष्ट्रपति और सेशेल्स से आए मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधे बातचीत की।”

बारिश, ठंड या गर्मी? शेखावाटी के अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान

सीकर राजस्थान में उत्तरी हवाओं का दबाव कम होने के चलते अब शेखावाटी में सर्दी का असर कम होने लगा है। सुबह और रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अब एक सप्ताह तक शेखावाटी में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे लोगों को धीरे-धीरे सर्दी से राहत मिलने लगेगी। इस बार शेखावाटी में न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आमतौर पर शेखावाटी में तेज सर्दी का कारण पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाएं होती हैं। लेकिन इस बार पहाड़ी क्षेत्रों में भी केवल सीजन के आखिर में ही बर्फबारी हुई, जिसकी वजह से शेखावाटी में लंबे समय तक कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी। ठंड से मिली राहत इसी कारण फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही लोगों को ठंड से राहत मिलना शुरू हो गई है। शेखावाटी में न्यूनतम तापमान भले ही 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ हो, लेकिन दोपहर में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने के चलते अब धूप में तेजी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि यदि प्रदेश के मौसम में कोई नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय नहीं होता है या पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी नहीं होती है, तो शेखावाटी में धीरे-धीरे गर्मी का असर बढ़ना शुरू हो जाएगा। फरवरी के शेष दो सप्ताह में भले ही सुबह और रात के समय सर्दी कुछ तेज रह सकती है, लेकिन मार्च के पहले सप्ताह से ही लोगों को ठंड से साफ तौर पर राहत मिलना शुरू हो जाएगी। नहीं होगा कोई बदलाव जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, अभी एक सप्ताह तक राजस्थान और शेखावाटी के मौसम में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होगा। मौसम शुष्क बना रहेगा और इस दौरान तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा।

डॉ. चिन्मय पंड्या बोले: बाल्टिक देशों में भी सनातन संस्कृति का प्रभाव मजबूत

हरिद्वार अपने विदेश प्रवास के दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या लिथुआनिया की राजधानी विलनियस पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने राजधानी स्थित प्रसिद्ध बैलेंस सेंटर में वैदिक विधि-विधान के साथ गायत्री यज्ञ सम्पन्न कराया। यज्ञ में स्थानीय लिथुआनियाई नागरिकों, भारतीय समुदाय तथा गायत्री परिवार से जुड़े अनेक लोगों की भावपूर्ण सहभागिता रही, जिससे वातावरण शांति, सकारात्मक ऊर्जा और पवित्र चेतना से ओतप्रोत हो गया। गायत्री यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण एवं पवित्र अग्नि में आहुतियों के माध्यम से सर्वे भवन्तु सुखिन: तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य तथा मानवीय चेतना के उत्थान की कामना की गई। उपस्थित जनसमूह ने इस आध्यात्मिक अनुष्ठान को केवल एक धार्मिक कर्मकांड के रूप में नहीं, बल्कि आंतरिक संतुलन और सामूहिक चेतना को जाग्रत करने वाली प्रक्रिया के रूप में अनुभव किया। इस अवसर पर लिथुआनियाई नागरिकों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि प्राचीन भारतीय वैदिक साधनाएँ आज भी आधुनिक वैश्विक समाज में संतुलन, शांति, नैतिक मूल्यों और एकता की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन पूर्व और पश्चिम के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम सिद्ध हो रहे हैं। यह आयोजन बाल्टिक क्षेत्र में वैदिक परंपराओं के प्रति बढ़ती जागरूकता और रुचि का सजीव प्रमाण बना। विशेष रूप से लिथुआनियाई प्रतिभागियों ने यज्ञ के प्रतीकात्मक अर्थ, पंचतत्त्वों के साथ मानव के संबंध तथा प्रकृति-सम्मान की भारतीय दृष्टि के प्रति गहरी जिज्ञासा और सराहना व्यक्त की। यह कार्यक्रम अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार तथा देव संस्कृति विश्वविद्यालय के वैश्विक दृष्टिकोण को भी रेखांकित करता है, जिसके अंतर्गत एशिया का प्रथम एवं विश्व का सबसे बड़ा बाल्टिक सेंटर हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र भारत और बाल्टिक देशों के मध्य अकादमिक सहयोग, सांस्कृतिक संवाद और आध्यात्मिक आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। इस अवसर पर लिथुआनियाई नागरिकों ने सनातन संस्कृति के प्रति अपनी रुझान को व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा भी प्रकट की।

कृतिका कामरा के सिर सजेगा दुल्हन का ताज, गौरव कपूर से मार्च में शादी की चर्चाएं तेज

मुंबई ‘कितनी मोहब्बत है’ फेम कृतिका कामरा फाइनली शादी करने जा रहा हीं। उन्होंने गौरव कपूर के साथ अपने रिश्ते के बारे में पिछले साल ही बताया था। और अब खबर है कि ये दोनों फेरे वाले हैं। वह अपने रिश्ते को एक अगले लेवल पर ले जाने के लिए तैयार हैं और शायद मार्च, 2026 में पति-पत्नी बन जाएंगे। हालांकि अभी कपल की तरफ से पुष्टि नहीं की गई है। ‘कृतिका और गौरव साथ में खुश हैं और अच्छी लाइफ बिता रहे हैं। और वह अब अपने रिश्ते को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए एक्साइटेड हैं। वह मार्च के आखिरी दिनों या अप्रैल के पहले हफ्ते शादी करने की प्लानिंग कर रहे हैं।’ इस शादी में में उनके परिवार और दोस्त शामिल होंगे। कृतिका और गौरव की शादी सोर्स ने बताया है कि मुंबई में कपल फेरे लेगा। फिलहाल उसकी सभी रस्मों की तैयारी में वो जुटे हुए हैं। कृतिका और गौरव ने सभी फंक्शन्स के बारे में अभी कुछ फाइनल नहीं किया हैं कि वह क्या कुछ करेंगे। मगर वह मुंबई में इंडस्ट्री के लोगों को रिसेप्शन जरूर देंगे। कृतिका कामरा ने अफेयर की दी थी जानकारी बता दें कि कृतिका और गौरव ने दिसंबर, 2025 में अपना रिलेशनशिप ऑफिशियल किया था। उन्होंने साथ में नाश्ता करने के दौरान की फोटो पोस्ट की थी। और इसके बाद लोगों ने कमेंट सेक्शन में उन्हें बधाई देनी शुरू कर दी थी। इसके अलावा दोनों नए साल को सेलिब्रेट करने के लिए साथ जैसलमेर गए थे। कौन हैं कृतिका कामरा के दूल्हेराजा? गौरव कपूर टीवी प्रेजेंटर और एक्टर हैं। वह कमेंट्री से लेकर क्रिकेट मैचों की कवरेज करते हैं और पॉपुलर यूट्यूब शो ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ होस्ट करते हैं। उन्होंने चैनल V पर बतौर VJ यानी वीडियो जॉकी काम किया है। उन्होंने फिल्म ‘डरना मना है’ से डेब्यू किया था। और फिर ‘श्श्श’, ‘शोले’ के रीमेक ‘राम गोपाल वर्मा की आग’, ‘अगली और पगली’, ‘ए वेन्सडे’, ‘क्विक गन मुरुगन’, ‘चला मुसद्दी ऑफिस ऑफिस’ और ‘काय पो छे!’ में भी अभिनय करते दिखे थे। तलाकशुदा हैं गौरव कपूर , कृतिका का भी 2 ब्रेकअप! कृतिका संग फेरे लेने से पहले उन्होंने एक्ट्रेस और मॉडल किरत भट्टल से 2016 में शादी की थी लेकिन बाद में ये अलग हो गए थे। वहीं, कृतिका का भी नाम को-एक्टर करण कुंद्रा के साथ जोड़ा गया था। खबर थी की दोनों ने कुछ साल डेट किया था लेकिन बाद में इनका भी ब्रेकअप हो गया था। फिर वह जैकी भगनानी के साथ रिलेशनशिप में आईं लेकिन वहां भी बात नहीं बनी।

जैकलिन फर्नांडीस ने किए महाकालेश्वर के दर्शन, नंदी हॉल में बैठकर की पूजा, भक्तों में उत्साह

उज्जैन  मशहूर फिल्म अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडीस ने आज भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दोपहर के समय वह उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने विधि-विधान से बाबा महाकाल के दर्शन किए। दर्शन के पश्चात जैकलिन फर्नांडीस मंदिर परिसर स्थित नंदी हॉल में कुछ समय तक बैठकर भगवान महाकाल का ध्यान करती नजर आईं। इस दौरान उनके साथ उनकी टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। मंदिर में अभिनेत्री की सादगी और श्रद्धा को देखकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। जैसे ही मंदिर में जैकलिन फर्नांडीस की मौजूदगी की जानकारी श्रद्धालुओं को मिली, मंदिर परिसर में हलचल तेज हो गई। हालांकि मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा पहले से की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते दर्शन प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराई गई। मंदिर प्रशासन की निगरानी में अभिनेत्री को विशेष मार्ग से दर्शन कराए गए, जिससे अन्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जैकलिन के दर्शन को लेकर मंदिर परिसर में पूरे समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।

टीम इंडिया के खिलाफ यादगार प्रदर्शन के बाद अमेरिकी गेंदबाज ने खोला दिल—क्यों कहा ‘हमें ऐसे मैच नहीं मिलते’

मुंबई अमेरिका के तेज गेंदबाज शैडली वैन शाल्कविक ने कहा कि एसोसिएट देशों (जो आईसीसी के पूर्ण सदस्य नहीं हैं) के क्रिकेटरों के लिए अपना होमवर्क करना बहुत जरूरी होता है। उन्होंने साथ ही कहा कि उनकी टीम ने मुंबई में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में अपनी फील्डिंग की सजावट से भारत को चौंका दिया। वैन शाल्कविक ने 25 रन देकर चार विकेट चटकाए। उन्होंने छठे ओवर में तीन विकेट हासिल किए जिससे पावरप्ले के आखिर में भारत का स्कोर चार विकेट पर 46 रन हो गया। ‘लोग कंप्यूटर के पीछे बैठे हैं जो…’ मैच के बाद शाल्कविक ने संवाददाताओं से कहा, ”एसोसिएट क्रिकेटर के तौर पर हमें अच्छा क्रिकेटर होने पर गर्व है। इसलिए हम अपना होमवर्क करते हैं। हमें करना ही पड़ता है… क्योंकि हमें अक्सर सबसे बड़े मंच पर खेलने का मौका नहीं मिलता। हमारे लिए उन टीम के खिलाफ बहुत अच्छी तरह तैयारी करना जरूरी है जिनके खिलाफ हम खेलते हैं। हम योजना पर भी भरोसा करते हैं।” उन्होंने कहा, ”हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो पहले यहां खेल चुके हैं। हमारे पास ऐसे लोग हैं जो कंप्यूटर के पीछे बैठे हैं जो हमें स्थिति बताते हैं। साथ ही बताते हैं कि कहां गेंदबाजी करनी है और हम उस योजना पर भरोसा करते हैं। हम मैदान पर अभ्यास करते हैं और जितना हो सके उतना अच्छा करने की कोशिश करते हैं। यह किस्मत की बात थी कि आज मेरा दिन था।” ‘अगर अधिक योजना बनाते हैं तो…’ दक्षिण अफ्रीकी मूल के अमेरिका के गेंदबाज वैन शाल्कविक ने कहा कि विरोधियों के खिलाफ अधिक योजना नहीं बनाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा, ”अगर आप अधिक योजना बनाते हैं तो आपको खिलाड़ी कहीं अधिक बेहतर लगने लगते हैं। मुझे लगता है कि अधिक योजना बनाने से आप थोड़े अधिक नर्वस हो सकते हैं।” वैन शाल्कविक का प्रयास काबिले तारीफ था लेकिन भारत को कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बचाया जिन्होंने 10 चौके और चार छक्के लगाकर 49 गेंद में नाबाद 84 रन बनाए और भारत को नौ विकेट पर 161 रन के स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यकुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सौरभ नेत्रवलकर के आखिरी ओवर में 21 रन जोड़े। अमेरिकी टीम में शामिल मुंबई के तीन क्रिकेटरों में से एक नेत्रवलकर ने चार ओवर में 65 रन लुटाए। ‘आपको सूर्यकुमार को श्रेय देना होगा’ शाल्कविक ने कहा, ”आखिरी ओवर, इन मैच में ऐसा होता है, विशेषकर जब बाउंड्री थोड़ी छोटी हों।” उन्होंने कहा, ”सौरभ हमारे लिए शानदार रहे हैं और वह अब भी एक सच्चे जेंटलमैन हैं।” वैन शाल्कविक ने कहा कि अमेरिका को बल्लेबाजी में अपने मौके पर भरोसा था, फिर भले ही आधे ओवरों के बाद भारत बेहतर स्थिति में पहुंच गया हो। उन्होंने कहा, ”अगर आप भारत को 170 रन पर रोकते हैं तो हम निश्चित रूप से कहेंगे कि हमारे पास मौका था क्योंकि हम एक अच्छी टीम हैं। लेकिन आपको सूर्यकुमार को श्रेय देना होगा और उन्होंने वहां अविश्वसनीय पारी खेली। जहां श्रेय देना चाहिए, वहां देना चाहिए – निश्चित रूप से यही बल्लेबाजी का अंतर था।” शाल्कविक ने कहा अमेरिका के गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं पर अमल किया लेकिन बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में उनकी पसंद से अधिक विकेट गिर गए।

छोटी सी चिप, बड़ा सपना: अश्विनी वैष्णव की 2nm चिप और भारत की तकदीर का सवाल

नई दिल्ली द‍िग्‍गज कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने भारतीय केंद्रों में 2nm च‍िप के ड‍िजाइन को व‍िकसि‍त क‍िया है। केंद्रीय मंत्री अश्‍व‍िनी वैष्‍णव ने इस कामयाबी को देखा। यह उपलब्‍ध‍ि भारत को सेमीकंडक्‍टर के क्षेत्र में बहुत आगे ले जा सकती है। 2nm बेहद एडवांस्‍ड च‍िप है, ज‍िस एआई से लेकर गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल क‍िया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव की दो उंगलियों के बीच आपको एक छोटी सी चीज दिख रही होगी। यह 2nm (नैनोमीटर) चिप है। इस चिप को बड़ी अमेरिकी कंपनी क्‍वॉलकॉम ने अपने बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में विकसित किया है, जो भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी है। शनिवार को कंपनी ने इस चिप के डिजाइन के सफल टेप-आउट (डिजाइन के अंति‍म चरण) का ऐलान क‍िया। क्‍या 2nm चिप भारत की तकदीर को बदल सकती है? इसका जवाब है हां, क्‍योंकि यह सबसे एडवांस्‍ड चिप है जिसे आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस से लेकर हमारे गैजेट्स तक में इस्‍तेमाल करने की तैयारी है। क्‍यों खास है 2nm (नैनोमीटर) चिप? 2nm (नैनोमीटर) चिप को नेक्‍स्‍ट-जेनरेशन सेमीकंडक्‍टर टेक्‍नोलॉजी कहा जाता है। इसकी ट्रांजिस्‍टर डे‍ंसिटी बहुत अधिक है। इस चिप का बड़े पैमाने पर उत्‍पादन इस साल शुरू होने की उम्‍मीद है। दावा है कि इस चिप का इस्‍तेमाल शुरू होने के बाद किसी भी गैजेट या अन्‍य इस्‍तेमाल वाली चीज में ऊर्जा की खपत 45 फीसदी कम हो जाएगी। दावा है कि यह मौजूदा 3nm और 5nm चिपसेट से बेहतर परफॉर्मेंस देगी। इस चिप को आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस सर्वरों, स्‍मार्टफोन्‍स, IoT यानी इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। स्‍मार्टफोन्‍स की बात करें तो सबसे पहले यह चिप प्रीमियम स्‍मार्टफोन्‍स में देखने को मिल सकती है। इनमें iphone 18 सीरीज और Google की अपकमिंग पिक्‍सल स्‍मार्टफोन सीरीज का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। Samsung S26 सीरीज में भी आ सकती है चिप कहा जाता है कि 2nm चिप तकनीक को सैमसंग की अपकमिंग गैलेक्‍सी एस26 सीरीज के स्‍मार्टफोन्‍स में लाया जा सकता है। ऐसी अफवाहें हैं कि Exynos 2600 प्रोसेसर में 2एनएम प्रोसेस का इस्‍तेमाल किया गया है। इसके अलावा, एआई सर्वरों, डेटा सेंटरों और उन एआई ऐप्‍ल‍िकेशंस के लिए भी यह चिप कारगर होने वाली है, जो बहुत ज्‍यादा बिजली इस्‍तेमाल करते हैं। क्‍या सिर्फ क्‍वाॅलकॉम ये चिप बना रही या अन्‍य कंपनियां भी? 2nm (नैनोमीटर) चिप पर काम करने वाली क्‍वॉलकॉम अकेली नहीं है। TSMC (N2 process), सैमसंग, इंटेल, आईबीएम जैसी कंपनियां इसे तैयार कर रही हैं। भारत के लिए यह उपलब्‍ध‍ि अहम क्‍यों? क्‍वॉलकॉम का बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद स्थित इंजीनियरिंग केंद्रों में 2nm चिप को विकस‍ित करना भारत के लिए बड़ी उपलब्‍ध‍ि है। कंपनी ने खुद कहा है कि अमेरिका के बाहर यह उसका सबसे बड़ा इंजीनियर‍िंग टैलंट पूल है। केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव के अनुसार, इस तरह की उपलब्‍ध‍ियां यह बताती हैं कि भारत का डिजाइन इकोसिस्‍टम कितना आगे निकल गया है। दुनिया में सेमीकंडक्‍टर को लेकर जो मुकाबला चल रहा है, उसमें हमारी तैयारी भी काफी मजबूत है। खबर में जिस टेप-आउट का जिक्र हमने शुरू में किया था, उसका मतलब होता है चिप डिजाइनिंग की फाइनल स्‍टेज। कैसे बदल सकती है भारत की तकदीर? भारत मैन्‍युफैक्‍चरिंग का दुनिया में बड़ा हब बनता जा रहा है। इस कामयाबी के बाद वह प्रोडक्‍ट डिजाइनिंग का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है। टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में सेमीकंडक्‍टर का क्षेत्र आने वाले समय में काफी अहम होने वाला है। अगर भारत सेमीकंडक्‍टर के विकास में आगे निकलता है तो वह अमेरिका और चीन के समकक्ष खड़ा होकर दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। इससे भारतीय टैलंट की साख और मजबूत होगी।

भिवानी बुल्स को 32–30 से मात, रोहतक रॉयल्स पहली CHL ट्रॉफी के मालिक

सोनीपत  हरियाणा के राय स्थित खेल विश्वविद्यालय के खचाखच भरे स्टेडियम में कबड्डी चैंपियंस लीग का शानदार समापन हुआ। यहां रोहतक रॉयल्स ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में भिवानी बुल्स को 32-30 से हराकर केसीएल के पहले चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। भिवानी बुल्स के देवांक दलाल को रेडर ऑफ द मैच और भिवानी बुल्स के ही परवेश मलिक को डिफेंडर ऑफ द मैच चुना गया। भिवानी बुल्स के लिए देवांक दलाल ने बोनस अंक लेकर खाता खोला, लेकिन रोहतक की ओर से विजय मलिक और राकेश सिंह ने आक्रामक रेड के दम पर बढ़त बना ली। शुरुआती दौर में रोहतक ने पहला ऑल-आउट कर 9–3 की बढ़त ले ली। हालांकि देवांक की बेखौफ रेड और सौरव की वापसी ने भिवानी को मुकाबले में बनाए रखा। पहले हाफ तक रोहतक 20–16 से आगे था। दूसरे हाफ में मैच पूरी तरह रणनीतिक जंग में बदल गया। परवेश मलिक ने हाई-5 पूरा कर भिवानी को बढ़त दिलाई, जबकि रोहतक ने संयमित खेल दिखाया। चोट के बावजूद देवांक ने संघर्ष जारी रखा और टीम को अंत तक मुकाबले में रखा। आखिरी पलों में राकेश सिंह की समझदारी भरी रेड और संदीप नरवाल के लगातार सफल टैकल निर्णायक साबित हुए। अंतिम सेकंडों में दो महत्वपूर्ण डिफेंस ने रोहतक की जीत पक्की कर दी। फाइनल मुकाबले को देखने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार सहित कई खेल प्रशासक मौजूद रहे। सभी ने लीग को जमीनी स्तर पर कबड्डी को मजबूत मंच देने वाला बताया। जीत के बाद विजय मलिक ने कहा कि टीम ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और कड़ी मेहनत का फल मिला। मुख्य कोच सुरेंद्र नाडा ने बताया कि टीम की रणनीति मजबूत डिफेंस और देवांक को नियंत्रित करने पर केंद्रित थी, जो सफल रही।  

भारतीय नेतृत्व पर पीएम मोदी का भरोसा, मलेशिया में नेताओं से की महत्वपूर्ण चर्चा

कुआलालंपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशिया में मंत्रियों और सीनेटरों समेत भारतीय मूल के नेताओं से मुलाकात की और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियों की सराहना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “जाने-माने मंत्रियों और सीनेटरों समेत पीआईओ नेताओं के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। भारत के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव साफ दिख रहा था। सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां सभी के लिए बहुत गर्व की बात हैं।” बता दें, इससे पहले पीएम मोदी ने कुआलालंपुर में आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने सैनिकों के ऐतिहासिक योगदान और साउथ-ईस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों के बीच इसकी विरासत को लेकर चर्चा की। आजाद हिंद फौज को इंडियन नेशनल आर्मी (आईएनए) के नाम से भी जाना जाता है। एक्स पर जयराज राजा राव के साथ एक तस्वीर शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनए और इसके फाउंडर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आईएनए के अनुभवी जयराज राजा राव से मिलना बहुत खास था। उनका जीवन बहुत हिम्मत और त्याग से भरा है। उनके अनुभव सुनना बहुत प्रेरणा देने वाला था। हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आईएनए की बहादुर महिलाओं और पुरुषों के हमेशा कर्जदार रहेंगे, जिनकी बहादुरी ने भारत की किस्मत बनाने में मदद की।” पीएम मोदी ने अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ उनके आधिकारिक आवास सेरी परदाना में भी मीटिंग की। दोनों नेताओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अलग-अलग सेक्टर में विकास सहयोग की समीक्षा की और सुरक्षा, रक्षा, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। पीएम इब्राहिम से मुलाकात को लेकर भारत के प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, “आज सेरी परदाना में पीएम अनवर इब्राहिम के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके बीच हमेशा गहरी दोस्ती रही है। हमने व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, आईटी, बायोटेक्नोलॉजी और दूसरे सेक्टर में विकास सहयोग की समीक्षा की। हम सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर के फील्ड में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए।”

कम बजट में iPhone! लॉन्च डेट फाइनल, जानिए 4 बड़े बदलाव और संभावित कीमत

नई दिल्ली ऐपल लवर्स के लिए खुशखबरी है कि इस महीने ऐपल अपना iPhone 17 लॉन्च कर सकती है। पिछले साल फरवरी 2025 में ही ऐपल ने iPhone SE को बंद कर iPhone 16e पेश किया था। रिपोर्ट्स की मानें, तो ऐपल 19 फरवरी को नया iPhone 17e लॉन्च कर सकती है। यह मॉडल ऐपल की लेटेस्ट सीरीज का सबसे सस्ता iPhone होगा। ऐसी खबरें हैं कि इस iPhone में पिछली बार के मुकाबले 4 बड़े अपग्रेड्स देखने को मिल सकते हैं। क्या बदलेगा iPhone 17e में? iPhone 17e के लुक्स में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। यह दिखने में काफी हद तक iPhone 16e की तरह होगा। हालांकि इस बार ऐपल iPhone 17e में नॉच की जगह डायनामिक आइलैंड दे सकता है। हालांकि खबरें ऐसी भी आ रही हैं कि शायद ऐपल डायनामिक आइलैंड इसके अगले मॉडल में लेकर आए। ऐसे में देखना होगा कि ऐपल डायनामिक आइलैंड के साथ क्या फैसला लेता है। iPhone 17e में A19 चिपसेट दिया जाएगा, जो कि इसके पिछले मॉडल के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और एफीशिएंट बनाएगा। इसके अलावा iPhone 17e में N1 चिप भी होगी, जो Wi-Fi 7 और ब्लूटूथ 6 जैसे एडवांस फीचर्स को सपोर्ट देगी। iPhone 17e की कनेक्टिविटी में भी होंगे सुधार iPhone 17e में ऐपल अपना नया C1X मॉडम दे सकता है। ऐपल का दावा है कि यह दूसरी पीढ़ी का मॉडम पहले के मुकाबले दोगुना तेज है और अब तक का सबसे ज्यादा पावर-एफिशिएंट मॉडम है। इसका मतलब है कि आपको सुपरफास्ट 5G स्पीड के साथ बेहतर बैटरी लाइफ भी मिलेगी। इस फोन में बाकी मॉडल्स की तरह MagSafe सपोर्ट मिल सकता है। बता दें कि ऐपल ने iPhone 16e में सिर्फ 7.5W की स्लो वायरलेस चार्जिंग ही दी थी। वहीं iPhone 17e में 20W-25W की मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग मिलने की उम्मीद है। ऐसे में यूजर्स सस्ते iPhone के साथ भी मैग्नेटिक वॉलेट या बैटरी पैक जैसी एक्सेसरीज का इस्तेमाल कर पाएंगे। क्या रहेगी कीमत और कितने मिलेंगे कैमरे? iPhone 17e के कैमरा की बात करें, तो इसमें पीछे की तरफ सिंगल 48-मेगापिक्सल का कैमरा मिलने की उम्मीद है।वहीं कीमत को लेकर ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि iPhone 16e की तरह ही iPhone 17e की शुरुआत 599 डॉलर से हो सकती है। iPad 12 भी हो सकता है पेश रिपोर्ट्स की मानें, तो ऐपल iPad 12 पर भी काम कर रहा है। उम्मीद है कि iPhone 17e के साथ ऐपल इसे भी लॉन्च कर दे। इसका डिजाइन iPad 11 जैसा ही होगा। हालांकि चिप A18 और रैम 8 GB तक बढ़ सकती है। इसके अलावा इसमें ऐपल इंटेलिजेंस का सपोर्ट भी मिलेगा। आईपैड की कीमतों को लेकर फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

करियर बनाने का बड़ा चांस: 6 दिन का रोजगार मेला, बड़ी कंपनियां करेंगी सीधी भर्ती

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से मानवता को झकझोर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिजौली थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िताओं में एक शादीशुदा महिला है, जबकि दूसरी उसकी नाबालिग बहन बताई जा रही है। आरोप है कि महिला के मौसेरे भाई धर्मेंद्र और उसके दोस्त अमन खान ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार महिला का पति अहमदाबाद में काम करता है। इसी का फायदा उठाकर दोनों आरोपी देर रात बहाने से पीड़ित बहनों के घर रुक गए। आरोपियों ने शादी का झांसा देकर दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद घर में रखे 40 हजार रुपये नगद तथा चांदी की पायल लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने बिजौली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (IPC 376) सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहन जांच जारी है।

अचानक ढह गई तीन मंजिला इमारत, चीख-पुकार में बदली रात; 2 की मौत, 13 घायल, घंटों चला राहत कार्य

कोटा राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। तलवंडी इलाके में स्थित एक तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग मलबे में दब गए। इस इमारत में एक रेस्तरां चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया। 15 लोगों को मलबे से निकाला गया, दो की मौत प्रशासन के अनुसार अब तक 15 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 13 लोग घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, दो लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अब मलबे में किसी के दबे होने की संभावना कम है, फिर भी एहतियात के तौर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा गया है। घायलों की पहचान सीएमएचओ नरेंद्र नागर के अनुसार घायलों की पहचान सुदीता (30) निवासी कोटा, शालीन सुवास्या (25) निवासी कुन्हाड़ी, मोहम्मद जहांगीर (30) निवासी महावीर नगर, भूपेंद्र (40) निवासी रंगबाड़ी, पूरब मीणा (24) निवासी जय हिंद नगर, बोरखेड़ा, तलब निवासी सुभाष नगर, नावेद (20) निवासी सुभाष नगर, रेस्टोरेंट मालिक मोहम्मद जहांगीर और मोहम्मद साबिर निवासी झारखंड के रूप में हुई है। इसके अलावा, रेस्क्यू टीम का कर्मचारी रॉकी डेनियल भी इस हादसे में घायल हुआ है। कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता सक्सेना ने बताया कि कुल 10 लोग वहां लाए गए थे, जिनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि दो मरीज अभी अस्पताल में भर्ती हैं, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। वहीं, मामूली चोट वाले तीन मरीजों का इलाज करने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घायलों में एक व्यक्ति रेस्क्यू टीम का सदस्य भी था। कलेक्टर ने बताया इमारत गिरने का कारण जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि जिस इमारत के गिरने की घटना हुई है, उसके बगल में एक पुरानी इमारत को तोड़ा गया था। कलेक्टर के मुताबिक, इसी वजह से इस इमारत की नींव कमजोर हो गई थी और यही हादसे का शुरुआती कारण माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। मंत्री मदन दिलावर बोले- यह बड़ा हादसा है राज्य के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक बड़ा हादसा है। लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता ने कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पूरा प्रशासन मौके पर पहुंच गया था। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और बिल्डिंग गिरने से घायल हुए पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। ओम बिरला ने जताया दुख, अधिकारियों को दिए निर्देश लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला ने इस हादसे पर दुख जताते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि कोटा के इंद्रविहार में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है और वह जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि हादसे में घायल सभी लोगों को उचित और शीघ्र इलाज मिले। ओम बिरला ने ईश्वर से सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों को शक्ति और धैर्य देने की कामना की।

लखीमपुर खीरी हादसा: अनियंत्रित टेंपो पलटा, पांच गंभीर घायल, इलाके में मातम

लखीमपुर खीरी लखीमपुर खीरी के धौरहरा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। बसंतापुर पुलिया के समीप सवारियों से भरा टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में तीन मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टेंपो चालक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों का उपचार चल रहा है। ये सभी लोग रात करीब 12:45 बजे धौरहरा से धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर लोग टेंपो से अपने गांव ऊंचगांव (थाना खमरिया) वापस लौट रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे के चलते बसंतापुर पुलिया के पास टेंपो पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धौरहरा भेजा। इन बच्चों की हुई मौत सीएचसी में चिकित्सकों ने खुशबू (12 वर्ष), अबू तालिब (5 वर्ष) और अजरा (2 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। घायलों में किस्मतुन (45 वर्ष), साकिया (20 वर्ष), सादिया (22 वर्ष), निदा (10 वर्ष), अकील (18 वर्ष) निवासी ऊंचगांव थाना खमरिया तथा टेंपो चालक इसराइल उर्फ जीशान (30 वर्ष) निवासी ग्राम रसूलपुर थाना खमरिया शामिल हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी रेफर कर दिया गया। जहां जीशान की भी मौत हो गई है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जांच शुरू कर दी है।  

मायके जाने का बहाना, महिला तीन मासूमों के साथ रहस्यमयी ढंग से लापता

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ रहस्यमयी तरीके से लापता  हो गई है. महिला कबीरधाम जिले के पांडा तराई क्षेत्र से करीब सात दिन पहले अपने मायके बिलासपुर के अशोकनगर जाने के लिए निकली थी. परिजनों के अनुसार, वह घर से यह कहकर निकली थी कि बच्चों के साथ अस्पताल में इलाज कराने के लिए बिलासपुर जा रही है, लेकिन वहां पहुंचने ही नहीं। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, महिला और बच्चों की तलाश की जा रही है. पांडातराई थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 निवासी बिसेन कार्निक पिता राजेन्द्र कार्निक (34 वर्ष) ने पत्नी पुष्पनंदनी कार्निक (26 वर्ष) के तीन बच्चों सहित लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है. बिसेन कार्तिक ने पुलिस को सिविल लाइन पुलिस को बताया कि, 2 फरवरी को दोपहर लगभग 12 बजे उसकी पत्नी तबीयत खराब होने की बात कहकर इलाज कराने मायके बिलासपुर जाने के लिए तीन बच्चों के साथ शारदा बस से रवाना हुई थी. शाम करीब 6 बजे संपर्क करने पर पत्नी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले. इसके बाद ससुराल पक्ष से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि, पुष्पनन्दनी वहां भी नहीं पहुंची है. परिजनों द्वारा देर रात तक रिश्तेदारों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन बस चालक से पूछताछ करने पर उसने महाराणा प्रताप चौक में महिला और बच्चों को उतारने की जानकारी दी. लापता पति का पुलिस पर आरोप लापता महिला के पति की शिकायत पर पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. वहीं पति का आरोप है कि पुलिस  उसकी पत्नी और बच्चों को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही. उसने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई.

टूर्नामेंट के एंबेसडर और स्थानीय हीरो रोहित शर्मा का वानखेड़े में होना अच्छा था: जय शाह

मुंबई  भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 का अपना सफर शुरू कर दिया है। टीम इंडिया ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपना पहला ग्रुप स्टेज मैच यूएसए के खिलाफ खेला जिसमें 29 रन से जीत हासिल की। भारत-यूएसए मैच से पहले पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा विश्व कप की ट्रॉफी के साथ मैदान में आए। उनके साथ आईसीसी अध्यक्ष जय शाह भी मौजूद रहे। दोनों ने ट्रॉफी का अनावरण किया। रोहित शर्मा जब ट्रॉफी लेकर मैदान में उतरे तो आतिशबाजी के बीच दर्शक उनके नाम के नारे लगा रहे थे। रोहित ने टॉस से पहले अपने पुराने टीममेट युजवेंद्र चहल और मौजूदा भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से भी मुलाकात की। जय शाह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए इस पल को बेहद खास बताया। उन्होंने लिखा, “टूर्नामेंट के एंबेसडर और स्थानीय हीरो रोहित शर्मा का वानखेड़े स्टेडियम में होना बहुत अच्छा था, जब भारत ने अपना आईसीसी टी20 विश्व कप खिताब की रक्षा का अभियान शुरू किया।” शाह ने अपनी पोस्ट में रोहित शर्मा को भी टैग किया है। रोहित शर्मा को आईसीसी ने टी20 विश्व कप 2026 के लिए ब्रैंड अंबेसडर नियुक्त किया है। भारतीय टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 विश्व कप 2024 का खिताब जीता था। 2007 के बाद भारत का यह दूसरा टी20 विश्व कप खिताब था। भारत को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाने के बाद रोहित ने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान सूर्यकुमार यादव के 49 गेंदों पर 4 छक्कों और 10 चौकों की मदद से नाबाद 84 रन की पारी की बदौलत भारत ने 9 विकेट पर 161 रन बनाए थे। यूएसए 20 ओवर में 132 रन बना सकी और 29 रन से मैच हार गई।  

बॉलीवुड में नई रोमांटिक जोड़ी की एंट्री: ‘कॉकटेल 2’ के बाद शाहिद और रश्मिका करेंगे साथ काम

मुंबई शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना अपकमिंग फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में एक-साथ नजर आने वाले हैं। खबर है कि इस फिल्म के अलावा वह एक नई फिल्म में नजर आएंगे। ‘कॉकटेल 2’ में दोनों की केमिस्ट्री को लेकर फैंस उत्साहित हैं। अब वह अनिल शर्मा के निर्देशन में बनने वाली नई फिल्म का हिस्सा होंगे। काम करते हुए बनी बॉन्डिंग वैरायटी इंडिया के मुताबिक ‘कॉकटेल 2’ में काम करते हुए उनकी काफी तारीफ हुई। इस फिल्म से उनके लिए दूसरी फिल्म का रास्ता बना। बताया जाता है कि ‘कॉकटेल 2’ की शूटिंग के दौरान शाहिद और रश्मिका के बीच अच्छी बॉन्डिंग बन गई। जब उनसे नए प्रोजेक्ट के लिए संपर्क किया गया, तो वे एक-साथ काम करने के लिए तुरंत तैयार हो गए। अनाम फिल्म में रोमांस और कॉमेडी का मिश्रण होगा। इसे सुनील खेत्रपाल प्रोड्यूस करेंगे। कब रिलीज होगी ‘कॉकटेल 2’? फिल्म ‘कॉकटेल 2’ ने निर्देशक होमी अदजानिया हैं। यह 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल’ का सीक्वल है। इसमें शाहिद और रश्मिका के अलावा कृति सेनन भी अहम किरदार में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फिल्म इस साल सितंबर में रिलीज हो सकती है। शाहिद और रश्मिका का काम वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहिद कपूर, विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी फिल्म ‘ओ रोमियो’ में नजर आने वाले हैं। गैंगस्टर हुसैन उस्तरा से प्रेरित यह फिल्म 13 फरवरी, 2026 को रिलीज होगी। वहीं, रश्मिका मंदाना विजय देवरकोंडा के साथ ‘रणबाली’ में नजर आएंगी। यह फिल्म 11 सितंबर, 2026 को रिलीज होगी। उनके पास ‘मैसा’ और ‘AA22xA6’ भी पाइप लाइन में हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शबरी जयंती पर दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां शबरी जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रभु श्रीराम जी की परम भक्त, मां शबरी ने आस्था और श्रद्धा को भक्ति का श्रेष्ठ मार्ग बताया। उन्होंने मां से प्रार्थना की है कि सब पर कृपा बनी रहे।  

गोल्डन गर्ल लवलीना बरगोहाईं: स्पेन की अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक

गुवाहाटी  भारत की स्टार मुक्केबाज़ और ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बरगोहाईं ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है। स्पेन में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान लवलीना बरगोहाईं का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने विभिन्न देशों से आई अनुभवी और मजबूत प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज़ों को लगातार पराजित करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हर मुकाबले में उनकी तकनीक, आक्रामकता और रणनीतिक समझ साफ नजर आई, जिसने दर्शकों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया। फाइनल मुकाबले में लवलीना ने आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाते हुए निर्णायक जीत दर्ज की। उन्होंने पूरे मैच के दौरान नियंत्रण बनाए रखा और सटीक पंचों के जरिए प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। निर्णायकों ने सर्वसम्मति से उन्हें विजेता घोषित किया, जिसके साथ ही उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। लवलीना की इस जीत पर खेल जगत में खुशी की लहर है। भारतीय बॉक्सिंग संघ, खेल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाइयां दी हैं। इसे भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। गौरतलब है कि लवलीना बरगोहाईं पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं और उनकी यह ताजा सफलता भारतीय खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ती है। उनकी इस जीत से आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और ओलंपिक तैयारियों के लिए भी भारत की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।  

U19 वर्ल्ड कप की बेस्ट XI का ऐलान, कप्तान आयुष नहीं चुने गए, वैभव सूर्यवंशी समेत 3 भारतीय शामिल

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने हाल ही में खत्म हुए अंडर-19 मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान कर दिया है। ICC ने भारत की U19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के तीन खिलाड़ी – वैभव सूर्यवंशी, कनिष्क चौहान और हेनिल पटेल – को चुना गया है। वहीं कप्तान आयुष म्हात्रे आईसीसी की इस टीम में नहीं है। रनर-अप रही इंग्लैंड की टीम के तीन खिलाड़ी भी 12 सदस्यीय ICC U19 WC टीम ऑफ द टूर्नामेंट में शामिल हैं। आईसीसी ने कप्तान के रूप में इंग्लैंड के थॉमस रियू को चुना है।   वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर शानदार 175 रन बनाए और टूर्नामेंट में 439 रनों के साथ दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। वैभव सूर्यवंशी फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच के साथ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी ले गए। सूर्यवंशी ने फाइनल में 175 रन बनाते हुए कई रिकॉर्ड तोड़े, और वह अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक ही पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने 15 छक्के लगाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया के माइकल हिल का 12 छक्कों का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। 218.75 के ज़बरदस्त स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए, उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। खास बात यह है कि उनके 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही आए। दूसरी ओर, कनिष्क चौहान ने बल्ले और गेंद दोनों से लगातार अहम योगदान दिया, जबकि हेनिल पटेल के 11 विकेट में USA के खिलाफ 5/16 का शानदार स्पेल शामिल था। रनर-अप इंग्लैंड की टीम में तीन खिलाड़ी हैं, जिसमें थॉमस रेव को कप्तान और विकेटकीपर बनाया गया है। रेव ने 66 की औसत से 330 रन बनाए, जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में मैच जिताने वाला शतक भी शामिल है। उनके साथ मैनी लम्सडेन हैं, जो टूर्नामेंट में 16 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं, और बेन मेयस हैं, जो 444 रन बनाकर प्रतियोगिता के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, जिसमें स्कॉटलैंड के खिलाफ 191 रन की पारी शामिल है। चामुदिथा ने जापान के खिलाफ 192 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 26 चौके और एक छक्का शामिल था। अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व फैसल खान शिनोज़ादा और नूरिस्तानी उमरज़ई कर रहे हैं, दोनों ने अपनी टीम को सेमी-फ़ाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम ऑफ द टूर्नामेंट- वैभव सूर्यवंशी (भारत), वीरन चामुदिथा (श्रीलंका), फैसल खान शिनोजादा (अफगानिस्तान), थॉमस रीव (विकेटकीपर, कप्तान) (इंग्लैंड), ओलिवर पीक (ऑस्ट्रेलिया), बेन मेयस (इंग्लैंड), कनिष्क चौहान (भारत), नूरिस्तानी उमरजई (अफगानिस्तान), विटेल लॉज़ (वेस्टइंडीज), अली रजा (पाकिस्तान), मैनी लम्सडेन (इंग्लैंड), हेनिल पटेल (भारत)  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर किया स्मरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा, गरीब कल्याण और कमजोर वर्ग के उत्थान के प्रति डॉ. जाकिर हुसैन का समर्पण सदैव याद किया जाएगा।  

शहडोल को विकास की सौगात, जैतपुर नगर परिषद घोषित, धनपुरी वाटर पार्क का उद्घाटन

शहडोल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहडोल में धनपुरी वाटर पार्क का फीता काटकर शुभारंभ किया। सीएम ने कहा कि इससे क्षेत्र के पर्यटन को रफ्तार मिलेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने जैतपुर नगर को नगर परिषद का दर्जा देने की घोषणा की। सीएम ने कहा- बहनों को आगे बढाना है। विधायक जी ने कुछ मांगा है तो हम मना कैसे कर सकते हैं। 2300 करोड़ की सिंचाई योजना देने की घोषणा करता हूं। जैतपुर में महाविद्यालय का भवन बनेगा। शहडोल में नए महाविद्यालय की शुरूआत किया जाएगा। अब अगली बार भी आना है शेष बात हम बाद में करेंगे। सीएम ने लोगों की मांग पर जैतपुर को नगर पंचायत देने की घोषणा करता हूं।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुझे धनपुरी के अंदर इतना बढिया स्विमिंग पुल देखकर इंदौर, उज्जैन जैसे बड़े नगर की याद आ गई। जब मैं जय जयकार कराता हूं तो कांग्रेस वालों की पार्टी पर सांप लोट जाते हैं। हम भगवान श्रीराम की जयकार करने वाले लोग हैं। माता शबरी ने वर्षों तक राम का इंतजार किया। भगवान राम प्रेम के वशीभूत होकर शबरी माता के पास पहुंचे। श्रीराम ने शबरी के झूठे बेर खाए। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम यह है सनातन संस्कृति की विशेषता। हम जब पूरे शहडोल की तरफ देखते हैं तो देखते हैं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कितना काम यहां हुआ है। किसानों के हित का पूरा ध्यान रखा। मोदी जी का पूरा जीवन देश के विकास के लिए ही है। भारत का मान सम्मान बढाने के लिए सशक्त बनाने के लिए हम देश के प्रधानमंत्री का जोरदार अभिनंदन करें। धनपुरी धन्य हो गई आज धनपुरी में जो सौगात मिली है वह जंगल में मंगल हो गया है। धनपुरी धन्य हो गई। नगरपालिका अध्यक्ष को बधाई इतनी अच्छी सौगात इस क्षेत्र को मिली है। सभी क्षेत्र में काम करते हुए आज मप्र सबसे आगे बढ रहा है। हम लगातार काम कर रहे हैं। महिला सशक्तिकरण का काम किया गया है। बहुत जल्दी युवाओं को सभी तरह के कल कारखाने की सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की ओर ध्यान नहीं दिया। हमारी सरकारों के काम करने का तरीका ही अलग है। सांसद बोलीं, मुख्यमंत्री जी छोटी बहन को निराश नहीं करेंगे शहडोल में हुए कार्यक्रम मंच से नगर पालिका धनपुरी की अध्यक्ष रविंद्र कौर छाबड़ा ने विकास कार्य का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। क्षेत्रीय विधायक जयसिंह मरावी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मांग पत्र पढ़कर सुनाया। सांसद हिमाद्रि सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मंच भरा पूरा है और समय की सीमा है। आप सबको राम राम करती हूं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देश व प्रदेश विकास कर रहा है। सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आपके समक्ष जो मांगें विधायक जयसिंह मरावी ने रखी हैं, उनको पूरा करेंगे और छोटी बहन को निराश नहीं करेंगे। माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण इसके बाद मुख्यमंत्री गंधिया जनपद पंचायत जयसिंह नगर के लिए प्रस्थान कर स्थानीय कार्यक्रम में सहभागिता निभाएंगे। वह यहां पर सीतामढ़ी धाम में स्थापित की गई माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रवास के दौरान शहडोल जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमि पूजन एवं योजनाओं के लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण करेंगे।  

चीन का कड़ा रुख: ईसाई चर्च निशाने पर, पादरियों की धरपकड़ तेज

बीजिंग चीन में गैर-पंजीकृत ईसाई चर्चों के खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है। जनवरी 2026 की शुरुआत में झेजियांग प्रांत के वेनझोउ शहर स्थित यायांग चर्च को सैकड़ों सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने घेर लिया और चर्च के ऊपर लगे क्रॉस को हटा दिया गया। यह कार्रवाई केवल स्थानीय निर्माण नियमों का मामला नहीं, बल्कि स्वतंत्र ईसाई उपासना के खिलाफ चल रहे व्यापक राष्ट्रीय अभियान का संकेत मानी जा रही है। यायांग चर्च एक अपंजीकृत प्रोटेस्टेंट “हाउस चर्च” है, जो सरकारी नियंत्रण वाली धार्मिक व्यवस्था से बाहर काम करता है। रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2025 के मध्य से ही चर्च पर दबाव बढ़ाया जा रहा था और कई पादरियों व सदस्यों को हिरासत में लिया गया था। जनवरी आते-आते यह मामला पूर्ण पुलिस ऑपरेशन में बदल गया, जिससे साफ है कि प्रशासन अनौपचारिक चर्चों को पूरी तरह राज्य नियंत्रण में लाना चाहता है। चीन में ईसाई धर्म को आधिकारिक मान्यता तो है, लेकिन केवल राज्य-नियंत्रित संस्थाओं के माध्यम से। प्रोटेस्टेंट चर्चों को ‘थ्री-सेल्फ पैट्रियॉटिक मूवमेंट’ और कैथोलिक चर्चों को सरकारी कैथोलिक संघ से जुड़ना अनिवार्य है। जो चर्च पंजीकरण से इनकार करते हैं, उन्हें अवैध घोषित कर दिया जाता है। वेनझोउ को लंबे समय से स्वतंत्र ईसाई समुदाय का गढ़ माना जाता रहा है और इसे “चीन का यरुशलम” भी कहा जाता है। यहां पहले भी क्रॉस हटाने, चर्च सील करने और पादरियों की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हालिया कार्रवाई को अधिक संगठित और समन्वित अभियान के रूप में देखा जा रहा है। इसी अवधि में सिचुआन प्रांत के चेंगदू शहर में स्थित अर्ली रेन कवनेंट चर्च के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया। चर्च ने इसे सुनियोजित कार्रवाई बताया। वहीं, शांक्सी प्रांत के लिंफेन गोल्डन लैम्पस्टैंड चर्च से जुड़े लोगों को 2025 में कथित धोखाधड़ी के मामलों में सजा दी गई, जिसे मानवाधिकार समूह धार्मिक दमन का कानूनी जरिया बताते हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीन में संशोधित धार्मिक कानून सरकार को निगरानी, दंड और नियंत्रण की व्यापक शक्तियां देते हैं। आलोचकों के अनुसार, आपराधिक कानूनों का उपयोग कर शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों को दबाया जा रहा है, जिससे स्वतंत्र आस्था के लिए जगह लगातार सिमटती जा रही है।

न्यूजीलैंड ने टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान से लिया बदला, टिम सीफर्ट ने काटा गदर

चेन्नई न्यूजीलैंड ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में विजयी शुरुआत की है। ग्रुप डी का हिस्सा न्यूजीलैंड ने रविवार को टूर्नामेंट के चौथे मैच में अफगानिस्तान को पांच विकेट से धूल चटाई। न्यूजीलैंड ने चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में 183 रनों का टारगेट 13 गेंद बाकी रहते चेज किया। न्यूजीलैंड ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान से मिली हार का बदला ले लिया है। विकेटकीपर टिम सीफर्ट ने गदर काटा। उन्होंने 42 गेंदों में 62 रन बनाए। सीफर्ट के बल्ले से सात चौके और तीन छक्के निकले। लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने अच्छा आगाज नहीं किया। मुजीब उर रहमान ने दूसरे ओवर में फिन एलन (1) और रचिन रविंद्र (0) के रूप में डबल झटका दिया। इसके बाद, सीफर्ट और ग्लेन फिलिप्स (25 गेंदों में 42) ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 73 रनों की पार्टनरशिप की। मार्च चैपमैन ने 17 गेंदों में 25 रनों का योगदान दिया। डेरिल मिचेल (12 गेंदों में नाबाद 25) और कप्तान मिचेल सेंटनर (8 गेंदों में नाबाद 17) ने न्यूजीलैंड को जीत की दहलीज पार कराई। अफगानिस्तान के लिए कप्तान राशिद खान, मोहम्मद नबी और अजमतुल्लाह उमरजई ने एक-एक विकेट झटका इससे पहले, अफगनिस्तान ने टॉस जीतकर निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 182 रन जोड़े। गुलबदीन नईब ने अर्धशतक ठोका। उन्होंने 35 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली, जिसमें तीन चौके और चार सिक्स हैं। सेदिकुल्लाह अटल ने 29 और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 27 रनों का योगदान दिया। इब्राहिम जादरान 10, दरविश रसूली 20 और अजमतुल्लाह उमरजई 14 रन बनाकर लौटे। कीवी टीम की ओर से लॉकी फर्ग्यूसन ने दो शिकार किए जबकि मैट हेनरी, जैकब डफी और रचिन रवींद्र ने एक-एक विकेट लिया।

दो मेट्रो स्टेशनों को मिला नया नाम, राज्य नामकरण प्राधिकरण की सिफारिश पर सरकार की मुहर

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने दो मेट्रो स्टेशनों के नाम बदल दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली राज्य नामकरण प्राधिकरण (SNA) की सिफारिश के बाद पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार पॉकेट-I मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘श्री राम मंदिर मयूर विहार’ कर दिया गया है, जबकि पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन अब ‘मधुबन चौक’ के नाम से जाना जाएगा। नाम बदलने की मंजूरी मिलने के बाद DMRC ने दोनों स्टेशनों पर साइनेज और सूचना बोर्ड अपडेट कर दिए हैं। यात्रियों को किसी असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक घोषणाएं और डिजिटल डिस्प्ले भी बदले जा रहे हैं। सालों से मांग कर रहे थे लोग त्रिलोकपुरी के विधायक रविकांत उज्जैन ने स्टेशन का नाम बदले जाने पर कहा कि इससे लंबे समय से चली आ रही सार्वजनिक मांग पूरी हुई है। उन्होंने बताया कि लोग वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि मेट्रो स्टेशन का नाम मंदिर के नाम पर रखा जाए, लेकिन पहले इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने कहा, “पिछले छह महीनों से मैं इस मामले को गंभीरता से देख रहा था। मैंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने भी यह मुद्दा उठाया और इस संबंध में पत्र लिखे। आखिरकार यह नाम परिवर्तन हुआ, जो वास्तविक जन-भावना की पूर्ति है।” मयूर विहार स्टेशन प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट त्रिलोकपुरी के विधायक ने आगे कहा कि श्री राम मंदिर मयूर विहार मेट्रो स्टेशन, जो दिसंबर 2018 में दिल्ली मेट्रो के फेज-III विस्तार के तहत शुरू किया गया था, आज पूर्वी दिल्ली के यात्रियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट बन चुका है। उन्होंने बताया कि यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सबसे लंबे कॉरिडोर पर स्थित है और आवासीय इलाकों को प्रमुख कमर्शियल हब से जोड़ता है। साथ ही यह क्षेत्र की भीड़भाड़ वाली मुख्य सड़कों का प्रभावी विकल्प भी प्रदान करता है, जिससे रोज़ाना यात्रियों को काफी सुविधा मिलती है। क्या है राज्य नामकरण प्राधिकरण (SNA)? राज्य नामकरण प्राधिकरण (State Naming Authority – SNA) दिल्ली सरकार का एक गैर-संवैधानिक निकाय है, जो राजधानी दिल्ली के भीतर सड़कों, पार्कों, कॉलोनियों और अन्य संस्थाओं के नामकरण या नाम परिवर्तन से जुड़े मामलों का निर्णय करता है। हालांकि, इसके अधिकार क्षेत्र में दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के अधीन आने वाले क्षेत्र शामिल नहीं होते। इस प्राधिकरण में मुख्यमंत्री अध्यक्ष, मुख्य सचिव सदस्य होते हैं, जबकि अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव (शहरी विकास) सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करते हैं।

दादरी से मिशन 2027 की शुरुआत: सपा ने तय की रणनीति, इसके पीछे छिपी है बड़ी राजनीतिक वजह

लखनऊ समाजवादी पार्टी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर पूरे प्रदेश में समाजवादी समानता भाईचारा रैली करेगी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 मार्च को नोएडा के दादरी से इसकी शुरुआत करेंगे। इसके बाद ये रैलियां प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाएंगी। इस रैली की जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी संभालेंगे।  नोएडा से इस अभियान की शुरूआत के पीछे माना जा रहा है कि पार्टी इस कमजोर गढ़ में अपने को मजबूत दिखाने का संदेश देना चाहती है। पार्टी का मानना है कि अगर इन इलाकों में संगठन मजबूत किया गया, तो चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है विधानसभा चुनावों के करीब 11 महीने पहले नोएडा से शुरू होने वाली इस रैली की तर्ज पर प्रदेश के सभी जिलों में रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए समाजवादी पार्टी के नेता स्थानीय स्तर पर तैयारी कर रहे हैं। इन रैलियों के आयोजन के जरिये सपा की कोशिश उन विधानसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है, जहां समाजवादी पार्टी को 2022 विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। रैलियों की शुरुआत के साथ ही समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनावों के उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। जातीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि ऐसे नेताओं को प्रत्याशी बनाया जाए, जिनकी विधानसभा क्षेत्र में स्वीकार्यता हो। इसके अलावा टिकट के चयन में एसआईआर में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं का भी अहमियत दी जाएगी। सपा हर सीट पर प्रत्याशियों को टिकट देने के लिए सर्वे भी करा रही है। पार्टी शुभ संकेत के रूप में देख रही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि अखिलेश यादव ने 2012 में  गौतमबुद्धनगर से साइकिल यात्रा की शुरुआत की थी। उसी वर्ष समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी। एक बार फिर नोएडा से अभियान की शुरुआत को उसी ‘शुभ संकेत’ से जोड़कर देखा जा रहा है। नोएडा को लेकर लंबे समय से राजनीतिक मिथक भी रहा है कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है। वह छह महीने के भीतर कुर्सी गवां देता है। इसी कारण मुख्यमंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान अखिलेश यादव नोएडा नहीं गए थे। 2017 और 2022 के चुनावों में भी उन्होंने अभियान की शुरुआत दूसरे जिलों से की, लेकिन सत्ता हासिल नहीं कर सके।  

स्कोर उम्मीद से कम रहा! मोहम्मद सिराज बोले—इसी वजह से शांत था टीम इंडिया का ड्रेसिंग रूम

मुंबई भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि जून 2024 के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी पर वह सबसे छोटे प्रारूप के लिए अपनी तैयारी को लेकर साफ थे और अमेरिका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच में रणजी ट्रॉफी में फेंकी गई लाइन और लेंथ पर टिके रहना ही उनकी योजना थी। सिराज शनिवार से शुरू हुए विश्व कप के लिए शुरुआत में भारत की योजनाओं का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने हालांकि टीम में वापसी की और एकादश में शामिल होकर वानखेड़े स्टेडियम में मेजबान टीम की 29 रन की जीत में 29 रन देकर तीन विकेट लिए। ‘जब विश्व कप में खेलते हैं तो…’ मैच के बाद सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ”भावनाएं हमेशा होती हैं क्योंकि एक खिलाड़ी के तौर पर जब आप विश्व कप में खेलते हैं तो एक पेशेवर के तौर और टूर्नामेंट के लिए सपना अलग होता है।” उन्होंने कहा, ”मैं रणजी ट्रॉफी खेलकर आ रहा था इसलिए मेरी लाइन और लेंथ (अच्छी थी)… जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे तो नई गेंद को मारना आसान नहीं था और सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण था और अगर आपको विकेट मिलते तो यह टीम के लिए अच्छा होता। तो यही योजना थी और मैं इसे लागू कर पाया और विकेट भी लिए।” ‘मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा’ सिराज को चोटिल हर्षित राणा की जगह अंतिम लम्हों में टीम में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगा था कि उन्हें तुरंत इलेवन में जगह मिलेगी लेकिन रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद की कप्तानी के अनुभव से मदद मिली। उन्होंने कहा, ”सबसे पहले तो मुझे नहीं पता था कि मैं खेलूंगा। मुझे बुलाए जाने पर खुशी हुई लेकिन मुझे सुबह पता चला कि मैं खेल रहा हूं इसलिए मैं थोड़ा और उत्साहित था क्योंकि मैं कल (शुक्रवार) ही आया था।” सिराज ने कहा, ”जिस तरह से मैं रणजी ट्रॉफी में खेल रहा था, मैं (हैदराबाद की) कप्तानी भी कर रहा था इसलिए मैं खुद को शांत रखना चाहता था और मैं सिर्फ इस बारे में सोच रहा था कि मैं कैसे दबाव डाल सकता हूं और हमला कर सकता हूं। मैंने जो भी सोचा उसे मैं लागू कर पाया।” ’10 साल हो गए हैं इसलिए जब…’ इस तेज गेंदबाज ने कहा, ”बेशक मैंने यहां दोपहर तीन बजे पहुंचने के बाद वीडियो देखे। बिना तैयारी के आप मैदान पर नहीं उतर सकते, आखिर यह विश्व कप है।” सिराज ने बताया कि उनके फोन पर अब भी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वॉलपेपर लगा हुआ है जिसे उन्होंने इंग्लैंड दौरे के दौरान साझा किया था। उन्होंने कहा, ”वॉलपेपर अब भी वही है। आपको मानसिक रूप से बहुत तैयार रहना पड़ता है, विशेषकर जब आप विश्व कप में खेल रहे हों। मुझे भारत के लिए खेलते हुए लगभग 10 साल हो गए हैं इसलिए जब आपको मौका मिलता है तो आपको ज्यादा समय की जरूरत नहीं होती…।” सिराज ने कहा कि यह असमान गति वाला विकेट था क्योंकि पहले हाफ में एक समय भारत का स्कोर छह विकेट पर 77 रन हो गया था लेकिन ड्रेसिंग रूम में कभी दबाव नहीं था। ‘भारतीय टीम ने इतना स्कोर सोचा था’ उन्होंने कहा, ”ईशान (किशन) ने कहा कि यह असमान गति वाला विकेट है। हमने (शुरुआत में) विकेट गंवा दिए थे। हमने सोचा कि 170 का स्कोर बहुत अच्छा होगा क्योंकि ओस ज्यादा नहीं थी और हमने सोचा कि पावरप्ले में जितने ज्यादा विकेट ले सकें उससे विरोधी टीम पर दबाव पड़ेगा।” सिराज ने कहा, ”हमने योजनाओं को अच्छी तरह लागू किया। अर्शदीप (सिंह) ने अच्छी गेंदबाजी की जिससे काफी दबाव बना।” सिराज ने कहा कि ड्रेसिंग रूम शांत था क्योंकि कप्तान सूर्यकुमार यादव क्रीज पर थे जिन्होंने 49 गेंद में 84 रन की मैच जिताने वाली पारी खेली। उन्होंने कहा, ”हम शांत थे क्योंकि सूर्यकुमार खेल रहा था और वह विकेट को जानता है। वह मुंबई का है और उसने कहा ‘मैं यहां हूं, चिंता मत करो’।” सिराज ने कहा कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पेट खराब होने की वजह से दूसरे हाफ में अधिक समय तक क्षेत्ररक्षण नहीं किया। उन्होंने कहा, ”उसका पेट थोड़ा खराब था लेकिन मुझे यकीन है कि वह अगले मैच में अपना जादू दिखाएगा।”

भारत-मलेशिया संबंधों को मिली नई दिशा: PM मोदी से वार्ता के बाद अनवर का बयान, 11 समझौते फाइनल

मलेशिया मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक को “बहुत महत्वपूर्ण, रणनीतिक और निर्णायक” बताया और कहा कि यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। मोदी इस समय मलेशिया के दो-दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें वे कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। कुआलालंपुर में दोनों नेताओं ने प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता की और 11 दस्तावेजों सहित कई समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर का साक्षी बने। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनवर ने कहा कि भारत-मलेशिया के संबंध 1957 से चले आ रहे हैं और 2024 में इसे “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध, मजबूत जन-स्तरीय जुड़ाव और लगातार बढ़ती आर्थिक साझेदारी मौजूद है। अनवर ने आगे कहा कि भविष्य में दोनों देश व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन पहलों को तेजी से लागू करने के लिए दोनों सरकारों और विदेश मंत्रियों की प्रतिबद्धता है। वार्ता के परिणामों पर अनवर ने बताया कि 11 दस्तावेजों के हस्ताक्षर किए गए, जिनमें MoUs और पत्रों का आदान-प्रदान शामिल था। उन्होंने कहा कि ये समझौते पारंपरिक द्विपक्षीय समझौतों से आगे हैं और इनमें से कई क्षेत्र—जैसे सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहयोग-शांतिरक्षा (peacekeeping) जैसी पहलें भी शामिल हैं।   इससे पहले, अनवर ने मोदी का औपचारिक स्वागत किया और दोनों देशों के मजबूत संबंधों और इस दौरे की व्यक्तिगत अहमियत पर जोर दिया। इस यात्रा की शुरुआत पर पुत्राजया में प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर और अन्य औपचारिक सम्मान दिए गए। मोदी ने स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा कि मलेशिया ने उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल का बहुत ही गरिमामय और खूबसूरत स्वागत किया। मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस स्वागत के कुछ पल साझा किए और कहा कि भारत और मलेशिया का साझेदारी विश्वास, मित्रता और साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। यह मोदी का मलेशिया का तीसरा दौरा है और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों के “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में उन्नयन के बाद यह पहला दौरा है। इस दौरे के दौरान मोदी CEOs और व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और भारत-मलेशिया के व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने के लिए कदम उठाएंगे। दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का एक बड़ा कारण मलेशिया में भारतीय मूल की लगभग 2.9 मिलियन आबादी है, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी प्रवासी भारतीय समुदाय मानी जाती है।

हिमाचल बजट की तैयारी शुरू, CM सुक्खू ने विधायकों से विकास प्रस्तावों की लिस्ट तलब की

शिमला हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhu) ने शिमला और कांगड़ा जिलों के विधायकों के साथ बैठक की। यह बैठक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए बुलाई गई दो दिवसीय बैठक के अंतिम सत्र के दौरान हुई, जिसमें उन्होंने विधायकों से जल्द से जल्द अपनी विकास प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने की अपील की। विधायकों से निर्धारित प्रारूप में अपनी विकास प्राथमिकताओं को योजना विभाग को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया ताकि इन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जा सके। सुक्खू ने अधिकारियों को विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का निर्देश भी दिया। बैठक के दौरान, रोहरू विधायक मोहन लाल ब्राक्ता ने सरकार से सीमा कॉलेज में बी.एड. कक्षाएं शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया। शिमला (शहरी) के विधायक हरीश जनार्थ ने शहर में संपर्क सड़कों के निर्माण और मरम्मत तथा पेयजल योजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए अलग से बजट की मांग की। उन्होंने शिमला में भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के कार्य में भी तेजी लाने की मांग की।    

सीएम मोहन यादव के दौरे से पहले शहडोल गरमाया, विरोध के बीच किसान व कांग्रेसी हिरासत में

शहडोल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल आगमन से पहले ही जिले में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। एक ओर रामपुर बटूरा मेगा प्रोजेक्ट से प्रभावित किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रशासन ने दोनों ही समूहों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। रामपुर बटूरा प्रोजेक्ट से प्रभावित करीब 10 गांवों के किसान लंबे समय से एसईसीएल (SECL) प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि कोयला उत्खनन के कारण उनके घरों में दरारें पड़ रही हैं, स्कूल जर्जर हालत में पहुंच गए हैं और तीन साल बीत जाने के बावजूद न तो उन्हें स्थायी रोजगार मिला और न ही उचित पुनर्वास।मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे किसानों को बुढार पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि समाजसेवी भूपेश शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए थे।   जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल ने भी मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी और ब्लॉक अध्यक्ष अंकित सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी धनपुरी में वाटर पार्क के उद्घाटन को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए काले झंडे दिखाने की तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार, अवैध कोयला उत्खनन, रोजगार में स्थानीय लोगों की अनदेखी, कानून-व्यवस्था की स्थिति, दूषित पेयजल और खाद संकट जैसे मुद्दे उठाए। नारेबाजी के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर शहडोल भेज दिया। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान काले झंडे दिखाने और विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल मुख्यमंत्री के शहडोल पहुंचने से पहले ही जिले में विरोध के हालात बन गए हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के अलग-अलग समूह भी विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी में हैं, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।

मुंबई की सत्ता में मराठी फैक्टर! विपक्ष को मिल रहे समर्थन से बीजेपी ने चुना रितु तावड़े को महापौर

नई दिल्ली शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में उनकी पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को मिले मराठी लोगों के भारी समर्थन के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मुंबई के महापौर के रूप में एक मराठी व्यक्ति को चुनना पड़ा। राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी कटाक्ष किया। शनिवार को आरएसएस शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अभिनेता सलमान खान को संघ प्रमुख मोहन भगवत से बातचीत करते देखा गया था। राज्यसभा सदस्य ने पूछा, “क्या यह फिल्म अभिनेता सलमान खान का स्वागत था या (यह संदेश था कि) संघ व उसकी शाखाओं में मुसलमानों का भी स्वागत है?” उन्होंने आरोप लगाया कि भागवत को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए क्योंकि जिस तरह से हिंदू-मुस्लिम नफरत और बदले की भावना से प्रेरित दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, उसमें संघ भी शामिल है। राउत ने मुंबई के महापौर पद के लिए भाजपा द्वारा रितु तावडे (53) को उम्मीदवार बनाए जाने पर कहा कि वह मूल रूप से कांग्रेस से हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं है। राज्यसभा सदस्य ने कहा, “जिस तरह से मराठी लोगों ने भारी बहुमत से शिवसेना (उबाठा) और मनसे को वोट दिया, भाजपा को मुंबई में एक मराठी महापौर बनाना ही पड़ा।” रितु तावडे, मुंबई की महापौर बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और शिवसेना (उबाठा) द्वारा किसी प्रतिद्वंद्वी को मैदान में नहीं उतारने के फैसले के बाद चार दशकों में सत्तारूढ़ पार्टी की वह पहली महापौर बनेंगी। रितु के निर्विरोध चुने जाने से ठाकरे परिवार का बीएमसी पर 25 साल का वर्चस्व समाप्त हो गया।  

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीति, अमित शाह की अगुवाई में एंटी-नक्सल ऑपरेशन को लेकर बड़ी बैठक

रायपुर देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन को लेकर केंद्र और नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच आज रायपुर में निर्णायक दौर की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों को मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले की सबसे अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है। पहली समीक्षा बैठक सुबह शुरू हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी, गृह सचिव और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, इंटेलिजेंस नेटवर्क की मजबूती, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन की गति और बचे हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई को तेज करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद के अंतिम गढ़ों को समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। दिनभर चलेगा मंथन पहली बैठक दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि शाम 3 बजे से 4:15 बजे तक एक बार फिर उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक “छत्तीसगढ़ @ 25 – शिफ्टिंग द लेंस” विषय पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास के नए दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा। दो प्रमुख एजेंडों पर होगा फैसला उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले की अंतिम बड़ी समीक्षा बैठक है। बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पहला, देश को तय समय सीमा तक पूरी तरह सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त करने की रणनीति। दूसरा, बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति देने का रोडमैप।

काबुल दहला: रिहायशी मकान में विस्फोट, 8 लोगों की मौत से हड़कंप

काबुल अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक आवासीय घर के अंदर गैस सिलेंडर विस्फोट में कम से कम आठ लोग मारे गए। काबुल के गवर्नर कार्यालय ने शनिवार शाम जारी बयान में बताया कि घटना पुलिस डिस्ट्रिक्ट 21 में हुई, जहां एक परिवार अपने घर को ठंड से बचाने के लिए गैस हीटर का उपयोग कर रहा था। गैस रिसाव के कारण सिलेंडर फट गया और इससे घर में मौजूद लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अफगानिस्तान में व्यापक आधुनिक हीटिंग प्रणाली न होने के कारण अधिकांश घर सर्दियों में अपने घर गर्म रखने के लिए गैस सिलेंडर या पारंपरिक चूल्हे पर निर्भर रहते हैं। ऐसे हादसे अक्सर गैस रिसाव और विस्फोट के कारण होते हैं और गरीब देश में यह एक आम खतरा बन गया है।इससे पहले 5 फरवरी को पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में एक घर के अंदर गैस सिलेंडर फटने से तीन महिलाएं मारी गई थीं और एक अन्य घायल हुई थी। उस घटना में भी परिवार गैस हीटर का उपयोग कर रहा था और गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ था। घायल पुरुष सदस्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ सप्ताह पहले, पूर्वी नंगरहार प्रांत के स्पिन घर जिले में गैस सिलेंडर विस्फोट में दो महिलाएं मारी गईं और दो बच्चे घायल हुए थे।इसके अलावा 14 जनवरी को नंगरहार के बटिकोट जिले में एक होटल के अंदर गैस सिलेंडर फटने से 14 कर्मचारी घायल हो गए थे, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई थी। पुलिस ने घटना को होटल कर्मचारियों की लापरवाही का परिणाम बताया था और घायल लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था।  

मैदान के बाहर कप्तानी का अंदाज़: सूर्यकुमार का पेसर से वादा, नंबर 8 पर बैटिंग का वीडियो वायरल

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 का आगाज हो चुका है और टूर्नामेंट के पहले दिन भारतीय टीम भी मुकाबला खेलने उतरी। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और यूएसए की भिड़ंत हुई, जिसमें इंडिया ने 29 रनों से बाजी मारी। हालांकि, भारत ने सिर्फ 161 रन बनाए थे, लेकिन अमेरिका की टीम 132 रनों तक ही पहुंच सकी। इस मैच में सूर्यकुमार यादव ने कमाल की बल्लेबाजी की। मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने उनके साथ छोटी सी साझेदारी निभाने वाले एक पेसर से वादा कर दिया है कि वे अगले मैच में उसे 8 नंबर पर खिलाएंगे। दरअसल, भारतीय टीम जब बल्लेबाजी कर रही थी तो 17वें ओवर की चौथी गेंद पर अक्षर पटेल आउट हो गए थे। इसके बाद अर्शदीप सिंह बल्लेबाजी के लिए आए, जो पहली गेंद पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए, लेकिन अगली गेंद पर चौका जड़ दिया। हालांकि, अगली चार गेंदों में वह एक रन भी नहीं बना पाए और आउट हो गए। भारत ने इस मैच को जीता तो हर बार की तरह इस बार भी अर्शदीप सिंह मैच के बाद मस्ती करते नजर आए और सोशल मीडिया पर टीम बस का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह सूर्या के मजे ले रहे थे, लेकिन सूर्या ने उन्हीं के मजे ले लिए। पंजाब किंग्स ने इस वीडियो को शेयर किया है। अर्शदीप सिंह ने वीडियो में पूछा था कि उनकी बल्लेबाजी और इंटेंट कैसा था? इस पर सूर्या ने कहा कि एकदम बढ़िया। आगे से पाजी आप ही नंबर 8 पर बल्लेबाजी करोगे। भले ही ये बात सूर्या ने मजाक में कही हो, लेकिन भारत के पास अब कम से कम नंबर 9 का ऐसा कोई बल्लेबाज नहीं है, जो पेस या स्पिन बॉलर हो और लंबे छक्के भी मारता हो। अभी तक हर्षित राणा ऐसा कर रहे थे, लेकिन वे घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। 8वें नंबर तक भारत के पास बल्लेबाजी है। ऐसे में अर्शदीप सिंह 9वें से 11वें नंबर पर ही बल्लेबाजी कर सकते हैं। इस मैच में भी वे 9वें नंबर पर आए थे, क्योंकि विकेट इस मुकाबले में जल्दी गिर गए थे।

मुंबई मंच से मोहन भागवत का स्पष्ट संदेश— आरएसएस प्रमुख जाति से ऊपर, केवल हिंदू

मुंबई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख कौन बन सकता है, इस बात को लेकर बड़ा बयान दिया। भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ का सरसंघचालक किसी जाति का नहीं होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय या अन्य जाति का होना जरूरी नहीं है, केवल एक शर्त है, जो बने वह हिंदू होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जाति के आधार पर पद का चयन नहीं किया जाता, केवल हिन्दू होने की शर्त जरूरी है। बता दें कि मोहन भागतव ने मुंबई में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान कही। इस मौके पर कार्यक्रम में कई जानी-मानी हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि जाति से नहीं बल्कि हिंदू होने से ही इस पद के लिए पात्रता तय होती है। अपने पद को लेकर भी बोले भागवत इस दौरान मोहन भागवत ने उनकी उम्र 75 साल हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संघ ने उनसे काम जारी रखने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि संघ में पद छोड़ने का फैसला संगठन करता है, न कि कोई व्यक्ति खुद। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख का कोई चुनाव नहीं होता। क्षेत्र और प्रांत के प्रमुख मिलकर सरसंघचालक का चयन करते हैं। आम तौर पर कहा जाता है कि 75 साल के बाद बिना पद के काम करना चाहिए। मैंने अपनी उम्र के बारे में संघ को बताया, लेकिन संगठन ने मुझसे काम जारी रखने को कहा है। उन्होंने आगे कहा कि जब भी आरएसएस कहेगा, मैं पद छोड़ दूंगा, लेकिन काम से रिटायर होना कभी नहीं होगा। ‘परिस्थितियों पर ज्यादा नहीं, समाधान पर ध्यान देने की जरूरत’ मोहन भागवत ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां अनुकूल भी हो सकती हैं और कठिन भी, लेकिन उन पर जरूरत से ज्यादा सोचने की बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, भ्रम बना रहता है। इसके साथ ही हल्के-फुल्के अंदाज में भागवत ने कहा कि आरएसएस अपने स्वयंसेवकों से खून की आखिरी बूंद तक काम लेता है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी को जबरन रिटायर किया गया हो। प्रचार नहीं, संस्कार देना संघ का काम आरएसएस प्रमुख ने साफ किया कि संघ का काम चुनावी प्रचार या आत्म-प्रचार करना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अपने काम का ज्यादा प्रचार नहीं करते। जरूरत से ज्यादा प्रचार से अहंकार आता है। प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए, समय पर और उतना ही जितना जरूरी हो। ‘आरएसएस में अंग्रेजी नहीं, लेकिन विरोध भी नहीं’ इसके साथ ही भागवत ने भाषा को लेकर भी अहम टिप्पणी की। उन्होने कहा कि आरएसएस के कामकाज में अंग्रेजी माध्यम नहीं होगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जहां जरूरत होगी, वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाएगा। हमें इससे कोई परहेज नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को अंग्रेजी इस तरह बोलनी चाहिए कि अंग्रेजी बोलने वाले भी सुनना चाहें, लेकिन मातृभाषा को भूलना नहीं चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपने दक्षिण भारत और विदेश का कुछ अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि जब वे बंगलूरू में एक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण भारत के कई लोग हिंदी नहीं समझ पाए, तो उन्होंने अंग्रेजी में जवाब दिए। वहीं विदेशों में रहने वाले भारतीयों से बातचीत के दौरान वह हिंदी या उनकी मातृभाषा में संवाद करते हैं।

भारत–मलेशिया रिश्तों में नई गर्मजोशी: इब्राहिम ने PM मोदी को बताया सच्चा और भरोसेमंद दोस्त

मलेशिया मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की  तारीफों के पुल बांधते हुए उनको “सच्चा दोस्त” बताया और कहा कि उनके बीच भरोसेमंद और समझदारी भरा आदान-प्रदान हुआ।  इब्राहिम ने कहा- मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं  मोदी जी का बहुत अच्छा पर्सनल दोस्त हूं। और आप सही मायने में सच्चे, भरोसेमंद और समझदार दोस्त हैं।अनवर इब्राहिम ने कहा,  “मैं पर्सनली बहुत एक्साइटेड, बहुत शुक्रगुजार और बहुत खुश हूं कि भारत से मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त मलेशिया में हमारे साथ जुड़ रहा है।”  कुआलालंपुर में दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनवर ने इस बैठक को “बहुत महत्वपूर्ण, रणनीतिक और निर्णायक” बताया और कहा कि यह भारत-मलेशिया संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। अनवर ने कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध 1957 से हैं और 2024 में इसे “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में अपग्रेड किया गया। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध, मजबूत जन-स्तरीय जुड़ाव और तेजी से बढ़ती आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने 11 दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें MoUs और पत्रों का आदान-प्रदान शामिल है, और यह सामान्य द्विपक्षीय समझौतों से आगे है। इनमें से कुछ समझौतों में सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। अनवर ने कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा (रुपया और रिंगगिट) में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करेंगे।   उन्होंने 2025 में 8.59 अरब डॉलर के व्यापार आंकड़े से आगे बढ़कर 18.59 अरब डॉलर के लक्ष्य से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई। अनवर ने शैक्षिक संबंधों को “केंद्रिय” बताया और कहा कि कई मलेशियाई छात्रों की शिक्षा भारत में हुई है, जबकि भारत से भी छात्र मलेशिया में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारतीय शिक्षा संस्थानों को वैश्विक मान्यता मिली है और भविष्य में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर काम किया जाएगा। उन्होंने पर्यटन और कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने भारत के शांति प्रयासों यूक्रेन-रूस और मध्य पूर्व (गाजा) के संदर्भ में को समर्थन देने के लिए मोदी की सराहना की।   अंत में, अनवर ने भारत की सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि कोटा किनाबालु (साबाह) में भारत का वाणिज्य दूतावास खोलने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। इससे पहले दोनों नेताओं ने प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी को पुत्राजया में औपचारिक स्वागत भी किया गया। यह दौरा भारत-मलेशिया के लंबे समय से चल रहे मित्रता संबंध को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।    

USA को हराया, फिर खोला राज: मुंबई की पिच देखकर क्यों हैरान थी भारतीय टीम?

नई दिल्ली भारत की टी20 टीम के उपकप्तान अक्षर पटेल ने स्वीकार किया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ओपनिंग मैच में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच से पूरी टीम हैरान थी। भारत के 6 विकेट 77 रन पर गिर गए थे। जैसे-तैसे भारत 161 रनों तक पहुंचा था, जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव का अहम योगदान था, जिन्होंने जीवनदान का फायदा उठाते हुए 49 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली। चार बल्लेबाज ही ऐसे थे, जो यूएसए के खिलाफ इस मैच में दहाई का आंकड़ा पार कर पाए। हालांकि, गेंदबाजों ने भारत को 29 रनों से जीत दिलाई।   अक्षर पटेल और सूर्यकुमार यादव के बीच एक छोटी सी, लेकिन अहम साझेदारी हुई थी, जिसने भारत को बचाने का काम किया। मैच के बाद अक्षर ने कहा, “आम तौर पर मुंबई के विकेट फ्लैट होते हैं, लेकिन यह अलग था। इसलिए हमने 140-150 तक पहुंचने के लिए अपना प्लान बदल दिया। दो ओवर के बाद हम हैरान थे। आम तौर पर यह फ्लैट होता है, लेकिन यह अलग था। जब मैं बैटिंग करने गया, तो हमने सोचा कि इसे 140 तक ही रखें… फिर एक ओवर में 21 रन आए और बाद में सूर्या ने और रन बनाए।” भारत को पहला झटका 8 रन पर लगा था और फिर विकेट गिरते ही चले गए थे। स्कोर 77/6 हो चुका था। इसके बाद अक्षर और सूर्या ने 41 रन जोड़े और मैच में जान डाली। आखिर के ओवर में सूर्या ने कुछ ताबड़तोड़ शॉट खेले और टीम को 160 के पार पहुंचाया। यूएसए को अली खान की कमी खली, जो चोट के कारण आखिरी के दो ओवर नहीं फेंक सके। उन्होंने पहले दो ओवरों में 14 रन दिए थे और एक विकेट चटकाया था। अली खान ने अभिषेक शर्मा को पहली गेंद पर ही आउट कर दिया था। सौरभ नेत्रवल्कर से यूएसए को गेंदबाजी करानी पड़ी, जिनका दिन अच्छा नहीं था। आखिरी के ओवर में 21 रन उन्होंने दिए थे। अक्षर ने कहा कि शुरुआती विकेट गिरना भारतीय टीम के लिए अच्छा अनुभव था। उन्होंने कहा, “जो विकेट जल्दी गिरे, वो क्रिकेट है। यह अच्छा है कि यह पहले मैच में ही हो गया। क्रिकेट में पिच को समझना जरूरी है। इस अनुभव से हम बेहतर होंगे।” मोहम्मद सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिच का जिक्र किया और बताया कि ईशान ड्रेसिंग रूम लौटे तो उन्होंने कहा था कि ये टू-पेस्ड विकेट है। 170 या अच्छा स्कोर होगा।

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी विवाद: माफी मांगते वक्त भी नहीं छुपी मंत्री की मुस्कान

भोपाल अपने ही गैर-जिम्मेदाराना और विवादित बयानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह अब तक चार बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। 13 मई 2025, 14 मई 2025, फिर 23 मई 2025 और अब 07 फरवरी 2026, एक ही बयान और एक ही विषय पर इतनी बार माफी मांगने का रिकॉर्ड शायद ही किसी मंत्री के नाम दर्ज हो। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज हो या नहीं, लेकिन सियासी शर्मनाक घटनाओं की सूची में जरूर दर्ज किया जाना चाहिए। हैरानी की बात यह है कि शनिवार को इंदौर के रेसिडेंसी क्षेत्र में जब मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया को लेकर माफीनामा पढ़ रहे थे, तो वह भी बिना तैयारी के नहीं, बल्कि पूरी लिखित स्क्रिप्ट के साथ।   मीडिया के सवालों के दौरान शाह का रवैया भी अपने आप में कई सवाल खड़े करता नजर आया। माफी मांगने आए मंत्री जी के हाव भाव ऐसे थे मानों वह किसी गंभीर गलती पर पछतावा जताने नहीं, बल्कि सिर्फ औपचारिकता निभाने आए हों। “बोल दिया था, इसलिए माफी मांगनी पड़ रही है।” अगर वास्तव में उन्हें अपने बयान पर जरा भी मलाल या आत्मग्लानि होती, तो वह मीडिया से चर्चा से पहले कैमरों के सामने इस तरह बेशर्मी भरी मुस्कान के साथ खड़े नजर नहीं आते। उनके चेहरे पर न पश्चाताप था, न संकोच और न ही शब्दों की जिम्मेदारी का कोई भार। औपचारिकता निभाने आए थे? पूरा घटनाक्रम यही संकेत देता है कि शाह इंदौर केवल औपचारिकता निभाने आए थे, न कि अपने बयान की गंभीरता को समझने। कैमरों के सामने मुस्कुराते रहना और माफी को एक मजबूरी की तरह पेश करना, यह साफ दर्शाता है कि सत्ता के अहंकार में संवेदनशील मुद्दों को भी हल्के में लिया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह वही गंभीरता है, जिसकी उम्मीद जनता एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री से करती है, या फिर अब माफी भी एक राजनीतिक ड्रामा बनकर रह गई है? सवाल यह है कि क्या अब मंत्री को माफी मांगने के लिए भी स्क्रिप्ट की जरूरत पड़ने लगी है? क्या शब्द इतने अविश्वसनीय हो चुके हैं कि बिना कागज के बोलना भी जोखिम भरा हो गया है? 11 मई को दिया था विवादित बयान बीते वर्ष 11 मई को इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा दिया गया विवादित और आपत्तिजनक बयान अब कानूनी शिकंजे में बदल चुका है। कार्यक्रम में मंत्री शाह ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि जिन आतंकियों ने लोगों को मारा, उन्होंने कपड़े उतरवाए और हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए कहा था कि “प्रधानमंत्री ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।” मंत्री द्वारा सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई इस आपत्तिजनक टिप्पणी ने सियासी और सामाजिक हलकों में तीखा आक्रोश पैदा कर दिया। 15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश मंत्री विजय शाह को यह बयान देना अब भारी पड़ रहा है। हाईकोर्ट जबलपुर के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए डीजीपी को मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देश मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई और इंदौर जिले के मानपुर थाने में शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। चूंकि आपत्तिजनक बयान मानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, इसलिए मूल प्रकरण यहीं दर्ज किया गया था । मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश दिए थे।

तेल नीति में बदलाव! ट्रेड समझौते के बाद रूस से आयात कम कर रहीं भारतीय कंपनियां

वाशिंगटन अमेरिका के साथ टैरिफ में कटौती के बदले हुए समझौते के तहत भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद धीरे-धीरे कम करने की संभावना है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हालांकि, नायरा एनर्जी जैसी तेल शोधनशालाओं (रिफाइनरी) के पास सीमित विकल्प होने के कारण ये आयात फिलहाल पूरी तरह बंद नहीं होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को भारत से होने वाले सभी आयातों पर 25 प्रतिशत के दंडात्मक शुल्क को रद्द करने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि यह कदम नयी दिल्ली की उस प्रतिबद्धता के बाद उठाया गया है, जिसमें रूस से तेल आयात रोकने की बात कही गई है। रूस से खरीद कम करने की सलाह मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने बताया कि हालांकि तेल शोधनशालाओं को रूस से खरीद रोकने का कोई औपचारिक निर्देश नहीं मिला है, लेकिन उन्हें अनौपचारिक रूप से मॉस्को से खरीद कम करने की सलाह दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश तेल शोधनशालाएं इस घोषणा से पहले की गई खरीद प्रतिबद्धताओं (आमतौर पर 6-8 सप्ताह पहले दिए गए ऑर्डर) का सम्मान करेंगी, लेकिन उसके बाद नए ऑर्डर नहीं दिए जाएंगे। इन कंपनियों ने बंद किया रूस से तेल आयात हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) ने पिछले साल अमेरिका द्वारा रूस के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाए जाने के तुरंत बाद वहां से तेल खरीदना बंद कर दिया था। अब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) भी अपनी खरीद धीरे-धीरे बंद करेंगे। भारत की सबसे बड़ी खरीदार कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भी अगले कुछ हफ्तों में 1,50,000 बैरल की खेप प्राप्त होने के बाद रूसी तेल की खरीद बंद कर सकती है जिसने पिछले साल के अंत में रोसनेफ्ट और लुकॉइल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद खरीदारी रोक दी थी। इस नियम का एकमात्र अपवाद ‘नायरा एनर्जी’ हो सकती है। रूसी संबंधों (नायरा में रोसनेफ्ट की 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी) के कारण नायरा पर पहले यूरोपीय संघ और फिर ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के कारण कोई अन्य बड़ा आपूर्तिकर्ता कंपनी के साथ व्यावसायिक लेनदेन नहीं करना चाहता, जिससे वह प्रतिबंधित नहीं की गई संस्थाओं से रूसी तेल खरीदने को मजबूर है। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, वहीं वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने भी रूसी तेल खरीद के संबंध में भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूत्रों ने कहा कि रोसनेफ्ट और लुकॉइल पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने के बाद से ही रूस से भारत का तेल आयात लगातार घट रहा है। दिसंबर में अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के दौरान नायरा की इस विशिष्ट स्थिति के बारे में बताया गया था। सूत्रों का कहना है कि नायरा को ‘रूसी तेल न खरीदने’ की नीति से छूट दी जा सकती है। सूत्रों ने कहा कि नायरा एनर्जी द्वारा निकट भविष्य में उन संस्थाओं से रूसी तेल की खरीद जारी रखने की संभावना है, जो प्रतिबंधों के दायरे में नहीं हैं। दिसंबर 2025 में रूस से आयात औसतन 12 लाख बैरल प्रति दिन रहा, जो मई 2023 के 21 लाख बैरल प्रति दिन के उच्चतम स्तर से काफी कम है। जनवरी में यह घटकर 11 लाख बैरल रह गया और इस महीने या अगले महीने इसके 10 लाख बैरल से नीचे जाने की उम्मीद है। अमेरिका के साथ नयी समझौते के बाद यह आयात जल्द ही आधा हो सकता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण रूस से मिलने वाले रियायती तेल ने भारत के आयात बिल को कम करने में मदद की है। केपलर के प्रमुख शोध विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार, रूस से आने वाला तेल अगले 8-10 सप्ताह के लिए पहले से ही तय है और यह भारत की तेल शोधन प्रणाली के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि, निवेश सूचना और क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (इक्रा) के प्रशांत वशिष्ठ का कहना है कि भारत के पास अमेरिका और वेनेजुएला जैसे पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।  

यात्रियों को राहत: राजधानी की सड़कों पर उतरीं 500 ई-बसें, दिल्ली–पानीपत बस सेवा शुरू

नई दिल्ली दिल्ली में भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आज रामलीला मैदान से डीटीस की 500 नई ईवी बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह समेत तमाम मंत्री और भाजपा विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह, लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंच से इन इलेक्ट्रिक बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी : नितिन नबीन इस दौरान रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज के दिन 8 फरवरी को ही दिल्ली का मैंडेट आया था और दिल्ली की जनता ने कमल खिलाने का काम किया था। आज के दिन आपने दिल्ली की जनता को जो 500 ईवी बसों का तोहफा देने का काम किया है, यह निश्चित रूप से आप बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पिछली सरकार के झूठे वादे से दिल्ली की जनता त्रस्त हो गई थी। पिछली सरकारों ने दिल्ली की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया था। यूं कहें तो पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी, लेकिन आज भाजपा की सरकार दिल्ली की जनता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यहां तेजी से विकास के कार्य कर रही है। इसके लिए मैं दिल्ली की भाजपा सरकार को बहुत बहुत बधाई देता हूं। 11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही : रेखा गुप्ता इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही। दिल्ली के लोगों की उम्मीदें और सपने खत्म हो गए। दिल्ली ने विकास के सपने देखना बंद कर दिया। दिल्ली के लोग पानी-सीवेज और हेल्थकेयर जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए तरसते रह गए। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनावों में दिल्ली के लोगों ने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जो खुद को दिल्ली का मालिक समझते थे।” रेखा गुप्ता ने केजरीवाल को बताया घमंडी उन्होंने कहा कि घमंडी केजरीवाल कहता था, “मुझे हराने के लिए तुम्हें दोबारा जन्म लेना पड़ेगा”, लेकिन दिल्ली के लोगों ने इसी जन्म में इसी रामलीला मैदान में बीजेपी सरकार बनाकर दिल्ली का माहौल बदल दिया। दिल्ली के लोगों ने दिखा दिया कि अगर वे किसी को प्यार और स्नेह से सत्ता की कुर्सी पर बिठा सकते हैं, तो उसे नीचे गिराना भी जानते हैं।” रविवार को भाजपा द्वारा दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीतने के एक वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा जल्द ही दिल्लीवासियों को कई और तोहफे देने की योजना है। 20 फरवरी को दिल्ली सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि हो सकते हैं। दिल्ली के लोगों से किए वादों को पूरा करने की अधिक खुशी : पंकज सिंह दिल्ली के मंत्री पंकज सिंह ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज हमारी सरकार को सत्ता में आए एक साल पूरा हो गया है। इसी दिन मैं विधायक बना था। इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि हम दिल्ली के लोगों से किए गए वादों को पूरा कर रहे हैं। आज हमने दिल्ली के लोगों के लिए 500 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं। हम दिल्ली और पानीपत के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ा रहे हैं। इसलिए, मैं खुश हूं कि हमारा काम दिन-ब-दिन आगे बढ़ रहा है। वहीं, दिल्ली से बीजेपी विधायक अनिल गोयल ने भी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह जश्न दिल्ली के लिए और दिल्ली के पर्यावरण को ठीक करने के लिए है। दिल्ली की प्रदूषित हवा को ठीक करने के लिए, आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 500 ईवी बसों का उद्घाटन कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री पंकज सिंह और हमारी पूरी टीम को धन्यवाद देता हूं।  

बांग्लादेश की सियासत में हलचल, शेख हसीना की पार्टी के नेता रमेश चंद्र सेन की जेल में मौत

ढाका बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले हिंसा की घटनाएं आम हो गई हैं। वहीं इस बार अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को बैन कर दिया गया है। इसी बीच शेख हसीना की पार्टी के एक वरिष्ठ हिंदू नेता रमेश चंद्र सेन की जेल में ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उन्हें दीनाजपुर जिला जेल में रखा गया था। बता दें कि 12 फरवरी को बांग्लादेश में चुनाव होना है। रमेश चंद्र सेन की मौत, उनके इलाज को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।   83 साल की उम्र में जेल में बंद थे सेन सेन 83 साल के थे और उन्हें इलाज के लिए दीनाजपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। जेल अधीक्षक फरहद सरकार ने बताया कि सेन का शव उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा। 16 अगस्त 2024 को ही उन्हें हिरासत में लिया गया था। इससे पहले कुछ समय वह ठाकुरगांव जिला जिले में बंद थे। कौन थे रमेश चंद्र सेन सेन पर हत्या, राजनीतिक हिंसा और अन्य केस दर्ज किए गए थे। उनका जन्म 30 अप्रैल 1940 को हुआ था। वह ठाकुरगांव से कई बार सांसद चुने जा चुके थे। 2024 के आम चुनाव में भी इस सीट पर उन्होंने जीत हासिल की थी। वहीं इस बार उनकी पार्टी को चुनाव लड़ने से बैन कर दिया गया है। बताया गया कि उम्र की वजह से जेल में वह बीमार रहते थे लेकिन उनका ठीक से इलाज नहीं करवाया जाता था। बांग्लादेश में भड़क रही हिंसा की आग बांग्लादेश में दक्षिणपंथी इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की पिछले साल हुई हत्या के मामले में तत्काल न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस से हुई झड़प में संगठन के कम से कम 50 कार्यकर्ता घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों द्वारा अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक जमुना आवास के पास सुरक्षा अवरोधक को तोड़ने की कोशिश करने और वहां रैलियों के दौरान पहले से घोषित प्रतिबंधों का उल्लंघन किए जाने के बाद ढाका पुलिस ने लाठियां भांजी तथा पानी की बौछार की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने ‘साउंड ग्रेनेड’ भी दागे। बांग्लादेश में 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में हादी अग्रणी कार्यकर्ताओं में शामिल थे। वह 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए प्रमुख उम्मीदवारों में भी शामिल थे। चुनाव प्रचार के दौरान 12 दिसंबर को राजधानी में हादी को गोली मार दी गई थी और बाद में उनकी मौत हो गई। बांग्लादेश में 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन को जुलाई विद्रोह कहा जाता है और इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग की सरकार गिर गई थी।

न्यूजीलैंड की पारी लड़खड़ाई, मुजीब ने एलन–रचिन को दिखाया पवेलियन का रास्ता

चेन्नई टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चौथा मैच आज न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान के बीच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जा रहा है। दोनों टीम ग्रुप डी का हिस्सा हैं। अफगानिस्तान ने न्यूजीलैंड के सामने 183 रनों का मुश्किल टारगेट रखा है। अफगनिस्तान ने टॉस जीतकर निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 182 रन जोड़े। गुलबदीन नईब ने अर्धशतक ठोका। उन्होंने 35 गेंदों में 63 रनों की पारी खेली, जिसमें तीन चौके और चार सिक्स हैं। सेदिकुल्लाह अटल ने 29 और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 27 रनों का योगदान दिया। इब्राहिम जादरान 10, दरविश रसूली 20 और अजमतुल्लाह उमरजई 14 रन बनाकर लौटे। कीवी टीम की ओर से लॉकी फर्ग्यूसन ने दो शिकार किए जबकि मैट हेनरी, जैकब डफी और रचिन रवींद्र ने एक-एक विकेट लिया। का टूर्नामेंट में यह पहला मुकबला है और कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। मिचेल सेंटनर की अगुवाई वाली कीवी टीम रविवार को अफगानिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी क्योंकि वो उलटफेर करने में माहिर है। न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान ने आपस में सिर्फ दो टी20 मैच खेले हैं, जिसमें दोनों को एक-एक बार जीत नसीब हुई। अफगानिस्तान ने 2024 में आयोजित टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को 84 रनों से रौंदा था। टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड का सबसे छोटे फॉर्मेट प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। सेंटनर ब्रिगेड को भारत के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 1-4 से शिकस्त मिली। वहीं, राशिद खान की कप्तानी वाली अफगानिस्तान टीम ने पिछले महीने वेस्टइंडीज का तीन टी20 मैचों की सीरीज में सूपड़ा साफ किया।

डलास को लेकर अमेरिकी सांसद का तीखा हमला, मस्जिदों पर भड़के, बयान में आया भारत-पाकिस्तान एंगल

वाशिंगटन अमेरिकी कांग्रेस सदस्य ब्रैंडन गिल ने टेक्सास के डलास क्षेत्र में बढ़ रहे इस्लामीकरण को लेकर विवादित टिप्पणी की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से ताल्लुक रखने वाले गिल ने इंटरव्यू में कहा कि वहां के स्थानीय मॉल में जाने पर ऐसा महसूस होता है जैसे आप पाकिस्तान में हों, डलास में नहीं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने उनकी टिप्पणियों को उनकी भारतीय मूल की पत्नी डेनियल डीसूजा गिल से जोड़कर देखा है।   ब्रैंडन गिल ने ‘रियल अमेरिकाज वॉयस’ को दिए इंटरव्यू में डलास की सांस्कृतिक पहचान बदलने पर चिंता जताई। गिल ने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग डलास के मॉल में पाकिस्तानी माहौल महसूस कर रहे हैं, जो उनके अनुसार एक समस्या है। उन्हें पाकिस्तान से इसकी तुलना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन जमीनों के पास मस्जिदें बनाई जा रही हैं जो दशकों से स्थानीय परिवारों के पास रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि बड़े पैमाने पर इस्लामी प्रवासन उस अमेरिका को खत्म कर रहा है जिसे वे जानते और प्यार करते हैं। ब्रैंडन गिल की पत्नी डेनियल डीसूजा गिल मशहूर भारतीय-अमेरिकी लेखक और ट्रंप के सहयोगी दिनेश डीसूजा की बेटी हैं। गिल के पाकिस्तान वाले बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई यूजर्स ने लिखा कि गिल केवल अपनी भारतीय मूल की पत्नी को खुश करने के लिए पाकिस्तान का नाम ले रहे हैं। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “गिल साहब नई दिल्ली में रहने के इतने आदी हो गए हैं कि अब पाकिस्तान से नफरत करना उनके स्वभाव में आ गया है।” यह पहली बार नहीं है जब यह दंपत्ति चर्चा में है। कुछ समय पहले न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी के साथ उनका विवाद हुआ था। ब्रैंडन गिल ने ममदानी का हाथ से चावल खाते हुए एक वीडियो साझा कर उन्हें असभ्य कहा था और उन्हें ‘तीसरी दुनिया’ में वापस जाने की सलाह दी थी। डेनियल डीसूजा गिल ने अपने पति का बचाव करते हुए कहा था कि वह अमेरिका में पली-बढ़ी हैं और हमेशा फोर्क का इस्तेमाल करती हैं। जब लोगों ने उन्हें उनकी भारतीय जड़ों की याद दिलाई, तो उन्होंने खुद को “क्रिश्चियन मागा देशभक्त” बताते हुए कहा कि उनके ईसाई रिश्तेदार भी हाथ से खाना नहीं खाते। कौन हैं ब्रैंडन गिल? ब्रैंडन गिल टेक्सास के 26वें कांग्रेस जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2024 में निर्वाचित होने के बाद से वे अपने सख्त आव्रजन विरोधी रुख और शरिया मुक्त अमेरिका जैसे अभियानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में सोमालिया से आने वाले प्रवासियों पर 25 साल के प्रतिबंध का बिल भी पेश किया था।

SC/ST ऐक्ट पर हाईकोर्ट की स्पष्ट राय: हर अपमानजनक शब्द से नहीं बनता मामला

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति को ‘नीच’ जैसे सामान्य अपमानजनक शब्द कह देने मात्र से एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) ऐक्ट अपने-आप लागू नहीं होता। जस्टिस वीरेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि यह ऐक्ट तभी लगाया जा सकता है, जब यह साबित हो कि अपमान खास तौर पर जाति के आधार पर किया गया था और आरोपी को पीड़ित की जाति की जानकारी थी।   क्या है मामला यह मामला वर्ष 2011 में आईआईटी जोधपुर से जुड़े एक विवाद से संबंधित है। उस समय सरकारी अधिकारी अतिक्रमण की जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे। जांच के दौरान कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और कथित रूप से अधिकारियों को ‘नीच’ और ‘भिखारी’ जैसे शब्द कहे। अधिकारियों ने इसे जातिगत अपमान मानते हुए एफआईआर दर्ज करवाई और एससी/एसटी ऐक्ट की धारा के साथ आईपीसी की धाराएं भी जोड़ी गईं। आरोपियों की क्या दलील आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका देते हुए कहा कि उन्हें अधिकारियों की जाति के बारे में जानकारी नहीं थी और बोले गए शब्द जाति का संकेत नहीं देते। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था, इसलिए इसे जातिगत अपमान नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि इस्तेमाल किए गए शब्द किसी विशेष जाति की ओर संकेत नहीं करते और ना ही ऐसा कोई प्रमाण है कि आरोपियों को अधिकारियों की जाति के बारे में जानकारी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि एससी/एसटी ऐक्ट लगाने के लिए जाति-आधारित अपमान का स्पष्ट और ठोस प्रमाण होना आवश्यक है। इस आधार पर कोर्ट ने एससी/एसटी ऐक्ट के तहत लगाए गए आरोपों को रद्द कर दिया। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी से रोकने और उनसे धक्का-मुक्की से संबंधित आईपीसी की धाराएं बनी रहेंगी और इन्हीं धाराओं पर मामला आगे चलेगा।  

सरकारी योजनाओं की धीमी चाल: 9 महीने में बजट खर्च का हाल चौंकाने वाला

नई दिल्ली सरकार ने इस वित्त वर्ष में अपनी सबसे बड़ी योजनाओं पर 40 फीसदी बजट ही खर्च किया है। ये वे योजनाएं हैं जिनके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इन योजनाओं में केंद्र और राज्यों को मिलकर खर्च करना है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणके तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेशन योजना और अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए प्री मैट्रिक वजीफा योजना शामिल है। इसके अलावा मनरेगा, अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना पर भी 40 फीसदी ही खर्च हो पाया है।   कुल 53 योजनाओं में से 6 योजनाओं पर 40 फीसदी से कम खर्च किया गया है। चार पर 40 से 50 फीसदी, 15 योनजाओं पर 51 से 75 फीसदी, 10 पर 90 से 100 पर्सेंट और 6 योजनाों पर 100 प्रतिशत खर्च हुआ है। बाकी 47 योजनाओं पर रिवाइज्ड एस्टिमेट बजट एस्टिमेट से कम है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में 850 करोड़ के बजट काआवंटन किया गया था जिसमें से केवल 150 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अगर कुल 53 योजनाओं पर कुल खर्च की बात करें तो यह 3.8 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं पर 5 लाख करोड़ के बजट का ऐलान हुआ था। 31 दिसंबर तक दो लाख करोड़ का बजट रिलीज किया गया था। यह कुल बजट का 41.2 फीसदी था। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, वॉटर मैनेजमेंट, पीएम ईबस सेवा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, जल जीवन मिशन, कंप्यूटराइजेशन ऑफ प्राइमरी ऐग्रीकस्च्र क्रेडिट सोसाइटी और अन्य कई योजाओं पर बजट का 40 फीसदी ही खर्च हुआ है। इनमें से 6 योजनाएं ऐसी भी हैं जिनके लिए केवल 10 फीसदी ही बजट रिलीज हुआ है। इस बजट सत्र के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटील ने शनिवार को यहां बताया कि देश में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है।पाटिल ने यहां केन्द्रीय बजट को लेकर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमृत सरोवर योजना और जेजेएम ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं और अमृत सरोवर योजना के तहहत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि जेजेएम के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है और चार-पांच करोड़ घरों को और पानी देना है तथा इस योजना को वर्ष 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग नौ करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित भी किया गया है और आठ लाख महिलाओं ने परीक्षण पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट को रखा है।  

अमेरिका की नजरें, रूस से नाता मजबूत! ट्रंप के बयान ने क्यों बढ़ाया सस्पेंस?

नई दिल्ली 7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तो तैयार हो गई। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उस कार्यकारी आदेश को भी वापस ले लिया, जिसमें भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था। हालांकि, रूसी तेल को लेकर स्थिति अब भी कूटनीतिक रहस्यों में लिपटी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए गए कार्यकारी आदेश में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत ने रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत ने अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने और अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा सहयोग बढ़ाने का आश्वासन दिया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि अमेरिकी वाणिज्य सचिव को पता चलता है कि भारत ने दोबारा रूसी तेल खरीदना शुरू किया है तो 25% का दंडात्मक शुल्क दोबारा लगाया जा सकता है। भारत का क्या है रुख? ट्रंप के इस बड़े दावे पर भारत सरकार की ओर से शनिवार को कोई सीधा खंडन या पुष्टि नहीं आई है। जब अधिकारियों से ट्रंप के इस दावे पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के गुरुवार के बयान का हवाला दिया। भारत के द्वारा कहा गया है कि, “1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बदलते बाजार को देखते हुए अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है।” विशेषज्ञों का मानना है कि भारत रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए सीधे तौर पर किसी दबाव में झुकने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करना चाहता, भले ही हालिया हफ्तों में रूसी तेल के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई हो। तेल पर सस्पेंस के बावजूद, भारतीय निर्यातकों के लिए यह समझौता संजीवनी जैसा है। भारतीय सामानों पर प्रभावी शुल्क 50% से घटकर 18% पर आ जाएगा। कपड़ा, रत्न-आभूषण, फार्मा और विमानन पुर्जों पर से अतिरिक्त शुल्क हटा लिए गए हैं। बदले में भारत अमेरिकी कृषि उत्पादों (बादाम, अखरोट, सोयाबीन तेल) और औद्योगिक सामानों पर टैरिफ कम करने के साथ ही अगले 5 वर्षों में 500 अरब डॉलर की खरीदारी के लिए सहमत हुआ है। क्या भारत रूस को छोड़ देगा? आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का रूसी तेल आयात 38 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीद और अमेरिका से LNG आयात बढ़ाने के विकल्प खुले रखे हैं। रूस के क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें भारत की ओर से तेल खरीद बंद करने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। वे भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को महत्व देते हैं।

आतंक के खिलाफ भारत अडिग: मलेशिया में पीएम मोदी ने कहा– कोई समझौता नहीं होगा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मलेशिया के उनके समकक्ष अनवर इब्राहिम के बीच व्यापक बातचीत के बाद भारत और मलेशिया ने रविवार को रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर तथा व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई पहलों की शुरुआत की। बैठक के बाद मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया एक ‘विशेष संबंध’ साझा करते हैं और दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर भारत के रुख को दोहराते हुए कहा, ”आतंकवाद पर हमारा संदेश स्पष्ट है; कोई दोहरा मापदंड नहीं, कोई समझौता नहीं।’ पीएम मोदी कुआलालंपुर पहुंचे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर इब्राहिम ने उनका स्वागत किया जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नई गति का संकेत है। वार्ता से पहले मोदी का आज सुबह पर्दाना पुत्र में औपचारिक स्वागत किया गया। मोदी ने कहा, ”भारत और मलेशिया के बीच एक विशेष संबंध है। हम समुद्री पड़ोसी हैं। सदियों से दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आज, भारतीय मूल के लोगों की आबादी के मामले में मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। हमारी सभ्यताएं, साझा सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य हमें एक सूत्र में बांधते हैं।” मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद विरोधी उपायों, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हम रक्षा सहयोग को और अधिक व्यापक बनाएंगे। उन्होंने कहा, ”कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।’प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत के दृष्टिकोण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ”हिंद-प्रशांत क्षेत्र विश्व के विकास के इंजन के रूप में उभर रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, संपर्क और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर भारत ने शानदार वृद्धि दर्ज की है।  

राजकोट में ‘मैं नाथूराम’ को लेकर सियासी हंगामा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 45 गिरफ्तार

राजकोट राजकोट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यहां गुजराती नाटक ‘मैं नाथूराम’ के मंचन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और हॉल में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद पुलिस ने करीब 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। घटना शहर के हेमू गढ़वी हॉल में हुई, जहां रात 9:15 बजे नाटक का मंचन होना था।   कांग्रेस ने क्यों किया विरोध मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता नाटक के मंचन का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप था कि यह नाटक महात्मा गांधी के सिद्धांतों को कमतर दिखाने की कोशिश करता है। कांग्रेस के राजकोट अध्यक्ष राजदीपसिंह जडेजा ने बताया कि उन्होंने पहले हॉल ट्रस्ट से नाटक रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि गांधीजी का राजकोट से गहरा जुड़ाव रहा है, क्योंकि उन्होंने यहां पढ़ाई की थी। जडेजा के मुताबिक, जब आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने से इनकार कर दिया और पुलिस सुरक्षा में मंचन कराने की बात कही, तब कांग्रेस ने विरोध करने का फैसला किया। उन्होंने दावा किया कि विरोध के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और कुछ युवाओं ने मंच पर पड़े पाइप फेंक दिए। उनका कहना था कि यदि वे शांतिपूर्वक बैठते, तो नाटक जारी रहता। क्या बोले आयोजक इस मामले पर नाटक के निर्माता और प्रस्तुतकर्ता परितोष पेंटर ने कहा कि उनके पास सेंसर सर्टिफिकेट और पुलिस की अनुमति थी। उन्होंने बताया कि अचानक 200-300 लोगों का समूह वहां पहुंचा और नाटक को रोकने की कोशिश करने लगा। पेंटर ने कहा कि नाटक एक प्रकाशित किताब पर आधारित है और इसमें नाथूराम गोडसे के अदालत में दिए गए बयान को दिखाया गया है। उनका कहना है कि इसमें किसी को सही या गलत साबित करने की कोशिश नहीं की गई है। घटना के बाद पुलिस ने 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। देर शाम तक पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। बताया जा रहा है कि नाटक के आगामी दिनों में अन्य शहरों में भी मंचन की योजना है और आयोजक इसे जारी रखने पर अड़े हैं।  

खौफनाक हमला: रूस की यूनिवर्सिटी में भारतीय निशाने पर, दीवार पर खून से उकेरा स्वास्तिक

रूस रूस की एक यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना में कम से कम चार भारतीय छात्र भी बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना में कुल 8 लोगों क घायल होने की जानकारी है। घटना के बारे में कई हैरान करने वाली बातें भी पता चली हैं। बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में एक किशोर ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों पर अचानक हमला कर दिया। रूस के गृह मंत्रालय ने बताया है कि उसने कई छात्रों पर चाकू से वार किया। उसने खुद को भी नुकसान पहुंचाया है। नाबालिग था हमला करने वाला रूस की सरकार ने बताया कि जब पुलिस ने बीच बचाव की कोशिश को तो उसने जवानों पर भी हमला कर दिया। बताया गया है कि घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और एक ही हालत नाजुक है। वहीं हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू की है। हमले के दौरान वह होलोकॉस्ट का जिक्र कर रहा था। इसके अलावा उसने पीड़ितों के खून से दीवार पर स्वास्तिक का निशान भी बनाया। बता दें कि होलोकॉस्ट दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान लाखों यहूदियों की तहत्या को कहते हैं। एडोल्फ हिटल की नाजी पार्टी ने यहूदियों को यातना ग्रह में डाल दिया और लाखों यहूदियों की हत्या करवा दी। यूरोप में रहने वाले 10 में से सात यहूदी को मार दिया गया था। इसी सप्ताह संसद में सरकार ने बताया था कि विदेश में कितने भारतीय छात्रों की मौत हुई है। सरकार ने संसद में बताया कि 2018 से 2025 तक 17 छात्र कनाडा में और 9 छात्र अमेरिका में मारे गए हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में एक छात्र की मौत हुई है। सरकार ने कहा कि विदेश में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय दूतावास तुरंत सक्रिय हो जाता है और प्रयास करता है कि आरोपियों को सजा मिले  

ग्वालियर में हवा में आलू की खेती, वैज्ञानिकों ने 1KG बीज से 400 किलो आलू उगाया, बीमारी मुक्त खेती का कारनामा

ग्वालियर  राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ने 2 साल पहले रिसर्च के लिए खेती की एक नई तकनीक शुरू की थी. ये ऐरोपोनिक तकनीक थी, जिसके जरिए वैज्ञानिकों ने हवा में आलू उगाने का प्रयास शुरू किया था. ये प्रयास अब रंग ला चुका है और दो साल की शोध के बाद कृषि वैज्ञानिकों ने आलू के ऐसे बीज तैयार कर लिए हैं जो ना सिर्फ रोग रहित हैं बल्कि इसका प्रोडक्शन 50 गुना तक है. इनसे पैदा होने वाली आलू की फसल 400 गुना तक मिलती है. ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का कमाल देश में कृषि क्षेत्र रिसर्च के बलबूते नए आयाम स्थापित करने में जुटा हुआ है. किसान की लागत कैसे बढ़े और कैसे नवाचार का फायदा किसानों को मिले, इस ओर ग्वालियर का राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय भी अपना योगदान दे रहा है. कृषि यूनिवर्सिटी ने अपनी ऐरोपोनिक्स यूनिट में पानी के जरिए हवा में आलू उगाये जा रहे हैं. जो जल्द ही किसानों की किस्मत बदलने को तैयार हो जायेंगे. असल में ये आलू ऐरोपोनिक तकनीक का इस्तेमाल कर उगाए गए हैं. या कहें आलू के बीज तैयार किये गए हैं. कृषि वैज्ञानिकों की भाषा में इस यूनिट में आलू के 20 वेराइटी के मिनी ट्यूबर तैयार किए जा रहे हैं, जो प्रोसेस होने के बाद किसानों के खेतों में फसल बनकर फायदा देंगे. टिशू कल्चर तकनीक से लैब में तैयार होता है पौधा एरोपोनिक प्रोजेक्ट की इंचार्ज डॉ. सुषमा तिवारी ने बातचीत में बताया कि, ”एयरोपौनिक तकनीक में पौधे टिशू कल्चर के माध्यम से लैब में तैयार किए जाते हैं, जब ये पौधे एरोपोनिक यूनिट में ट्रांसप्लांट करने होते हैं तब एक महीने पहले इन पौधों की हार्डनिंग की जाती है. इसके बाद इन्हें ट्रांसप्लांट किया जाता है. पूरे मध्य प्रदेश में ये पहल राजमाता कृषि विश्व विद्यालय द्वारा की गई है.” रोग फ्री होता है एरोपोनिक तकनीक से उगा बीज इन पौधों में न्यूट्रिएंट देने के लिए फोगिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है. ऐसे में जो आलू के बीज यानी मिनी ट्यूबर बनते हैं वे उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं और रोग मुक्त होते हैं. जिसका मतलब है खेत में उगने वाले आलू में रोग या वायरस का असर फसल पर पड़ता है, लेकिन इन आलुओं में ऐसी कोई बीमारी नहीं होती. एरोपोनिक में तैयार पौधे बीमारी फ्री होते हैं. ये हेल्दी पौधे होते हैं जिसकी वजह बीज अच्छी क्वालिटी का बनता है और प्रोडक्शन भी कई गुना ज़्यादा होता है.”  उद्देश्य के अनुसार मिलेगा आलू, किसानों के पास होंगे विकल्प मध्य प्रदेश की इस शोध यूनिट का बड़ा फायदा किसानों को भी मिलने वाला है, क्योंकि जब अच्छी गुणवत्ता का बीज किसानों को मिलेगा, जब बीज में कोई बीमारी नहीं होगी तो उनका प्रोडक्शन भी अच्छा होगा. ऊपर से अभी जब किसान आलू के बीज लेते हैं तो उनके पास ज़्यादा विकल्प नहीं होते हैं. लेकिन विश्वविद्यालय 20 प्रजातियों के बीज तैयार कर रहा है, जिसमें किसानों के उद्देश्य के अनुसार वे आलू उगा सकेंगे. उदाहरण के लिए फ्रेंच फ्राई के लिए फ़्राइओम है, चिप्स के लिए चिपसोना आलू है. इस तरह उनके पास जरूरत के हिसाब से विकल्प भी होंगे.  ऐरोपोनिक से बीज की कितनी उत्पादकता? डॉ. सुषमा तिवारी ने बताया कि, ”एरोपोनिक तकनीक से उगाए गए बीज का वजन बेहद कम होता है. ये मिनी ट्यूबर 2-3 ग्राम वजन का होता है. दो साल पहले जब इसकी शुरुआत के समय डेमॉन्स्ट्रेशन यूनिट लगायी थी तब एक किलो बीज पैदा किया था. जिससे 400 किलो नार्मल आलू मिला था. लेकिन ये किसानों को जी-2 प्रोसेस के बाद ही दिए जाते हैं. जिससे वे इन्हें फील्ड में उगा सके. दो साल पहले जो प्रोसेस शुरू हुआ था उसका बीज अब तैयार हो चुका है और जल्द ही इनमें से कुछ बीज किसानों को जल्द मिलेंगे.”  किसान से पहले 3 चरणों से गुजरता है बीज एरोपोनिक तकनीक में बीज तीन चरणों में तैयार होता है. सबसे पहले चरण को जी-जीरो कहा जाता है. जिसमे कल्चर प्रोसेस से बीज को बोकर लैब में तैयार किया जाता है. इसके बाद ऐरोपोनिक यूनिट में मिनी ट्यूबर उगाए जाते हैं. दूसरा चरण जी-1 कहलाता है जिसमें ये मिनी ट्यूबर नेट हाउस यानी खास ग्रीन हाउस में लगाये जाते हैं. यह प्रोसेस पूरा होने के बाद जी-2 चरण शुरू होता है. जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा तैयार फील्ड में इन बीजों की बोवनी कर इनसे सॉइल बेस्ड बीज तैयार किए जाते हैं, जो किसानों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार होते हैं.  2 साल बाद बड़े स्तर पर तैयार होंगे बीज कृषि विज्ञानी सुषमा तिवारी कहती हैं कि, ”हम किसानों को बीज उपलब्ध कराने वाले हैं क्योंकि पुरानी खेप तैयार है हालांकि ये सीमित हैं, लेकिन अब से दो साल बाद हमारे पास बहुतायत में अलग अलग वेराइटी के बीज उपलब्ध होंगे और ये किसानों के लिए तैयार होंगे.” पोषक तत्वों के लिए अलग से होती व्यवस्था पोषक तत्वों की कमी इन बीजों में ना हो इसके लिए एरोपोनिक यूनिट में दो टैंक बनाये गए हैं. जिनमें माइक्रो न्यूट्रिएंट्स घोले जाते हैं, इसका इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी मेंटेन किया जाता है, जितना मात्र में इसे दिया जाना है. टैंक में बड़े बड़े पाइप लगाए गए हैं. साथ ही फोगिंग सिस्टम लगाया गया है. इनके जरिए कंट्रोल पैनल में इसकी प्रोग्रामोंग सेट की जाती है, इसमें जरूरत के अनुसार, तीस सेकंड तक फोग चलाया जाता है और इसी के जरिए पौधों को पोषक तत्व मिलते हैं. किसानों के लिए व्यवसायिक विकल्प बन सकती है एरोपोनिक यूनिट किसानों के लिए भी एरोपोनिक तकनीक फायदे का सौदा है क्योंकि यह यूनिट महज 70 से 75 लाख रुपये में तैयार हो जाती है. ये उनके लिए व्यावसायिक रास्ते भी खोलता है क्योंकि किसान अपनी यूनिट तैयार कर ख़ुद उच्च गुणवत्ता के बीज तैयार कर सकते है और फिर उन बीज को बेच सकते हैं. एक बार यूनिट लगने के बाद इसे 5 से 7 साल तक उपयोग में लिया जा सकता है. इसमें छोटी मोटी रिपेयर मेंटेनेस होती है लेकिन फायदा भी बड़ा होता है. पंजाब हिमाचल के कुछ किसान इसका उपयोग कर भी रहे हैं.

मध्य प्रदेश की 50% सब्सिडी स्कीम से बकरी पालन बनेगा किसानों का सुपरहिट बिजनेस, नोटों की बारिश

छिंदवाड़ा  किसानों के लिए एक ऐसी योजना आई है जो 50% सब्सिडी के साथ मालामाल कर सकती है. इसके लिए आधी रकम किसानों को लगाना होता है तो आधा सरकार खर्च उठाती है. कुछ ऐसा ही किया है बांका नागनपुर के किसान नवीन रघुवंशी ने. जिन्होंने एक करोड़ रुपए का बकरी फॉर्म खोलकर खेती को फायदा का सौदा बनाया है. राष्ट्रीय पशुधन मिशन से हो जाएंगे मालामाल छिंदवाड़ा के बांका नागनपुर के किसान नवीन रघुवंशी ने बताया कि, ”पशुपालन विभाग की राष्ट्रीय पशुधन मिशन एनएलएम योजना का लाभ लेकर बकरी पालन शुरू किया है और फायदे का व्यापार साबित किया है. सीमित संसाधनों से शुरू हुई उनकी यह पहल आज आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के कारण क्षेत्र में एक मॉडल बकरी फार्म के रूप में पहचान बना चुकी है.” उन्होंने बताया कि, ”एनएलएम योजना के अंतर्गत स्वीकृत उनके इस बकरी फार्म में सिरोही नस्ल की कुल 175 बकरियाँ, बकरे एवं उनके बच्चे उपलब्ध हैं. फार्म को मॉडल स्वरूप में विकसित किया गया है, जिसमें बीमार बकरियों के लिए अलग क्वारंटाइन शेड, बच्चों के लिए अलग कमरे तथा बकरियों के बैठने के लिए 4 फीट ऊँचाई पर प्लाई प्लेटफॉर्म बनाया गया है. इसी प्लेटफॉर्म के नीचे कड़कनाथ मुर्गी का पालन भी किया जा रहा है, जिससे एक्स्ट्रा इन्कम हो रही है.” 1 करोड़ की लागत में आधी सब्सिडी उपसंचालक कृषि जितेंद्र सिंह ने बताया कि, ”बकरी फार्म की कुल लागत लगभग 1 करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सरकार द्वारा 50 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है. योजना के अंतर्गत पहली किस्त के रूप में 25 लाख रुपये की राशि नवीन रघुवंशी को प्रदान की जा चुकी है. इस आर्थिक सहयोग से फार्म को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है. पोषण, ब्रीडिंग और तकनीक पर विशेष ध्यान बकरियों के पोषण के लिए फार्म में तीन प्रकार की नेपियर घास का उत्पादन किया जा रहा है. दाना बनाने की मशीन एवं चैफ कटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं. ब्रीडिंग के उद्देश्य से उच्च गुणवत्ता के बकरे रखे गए हैं, जिनमें एक बकरे की कीमत करीब 2 लाख रुपये है. बेहतर पोषण और मैनेजमेंट के कारण बकरियों का स्वास्थ्य एवं उत्पादन अच्छा हो रहा है. खेती में डिजिटल टेक्निक का उपयोग देश-विदेश तक पहचान नवीन रघुवंशी के बेटे मंथन रघुवंशी बकरी पालन एवं उन्नत कृषि को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई पहचान दे रहे हैं. वे यूट्यूब एवं इंस्टाग्राम के माध्यम से बकरी पालन, उन्नत कृषि, मक्का उत्पादन तथा कम उम्र में पशुओं का वजन बढ़ाने जैसे विषयों जानकारी के वीडियो भी शेयर कर रहे हैं. कुछ दिन पहले उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ.एच.जी.एस. पक्षवार, एपीसी ग्रुप एवं एसडीएम चौरई प्रभात मिश्रा के साथ एनएलएम योजना के अंतर्गत संचालित इस बकरी फार्म के संचालन की व्यवस्थाएं देखने पहुंचे थे. निरीक्षण दल में उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग जितेन्द्र कुमार सिंह, उप संचालक उद्यानिकी विभाग एम.एल. उइके, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. झाड़े, डॉ. अलवा तथा कृषि विज्ञान केंद्र देलाखारी के प्रमुख डॉ. आर.एल. राउत पहुंचे थे.

लाल सड़क पर लगा ग्रहण, जानवरों की सुरक्षा को खतरा, चोर चोरी कर रहे एलईडी साइन बोर्ड और वायर फेंसिंग

जबलपुर  नेशनल हाईवे-12 वाइल्डलाइफ प्रोटक्शन के लिए की गई रेड कलर की टेबल टॉप रेड मार्किंग की वजह से चर्चा में है. देश के कई इलाकों से इस तरह के सड़क बनाने के लिए जबलपुर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास इंक्वारी भी आई है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी का कहना है कि, उनका यह प्रयोग सफल रहा है, लेकिन वे अब चोरों से परेशान हैं, क्योंकि चोर सड़क पर लगे एलईडी साइन बोर्ड चुरा रहे हैं. सड़क किनारे लगी लोहे की जाली को भी कई जगह चुरा लिया गया है. एक बार फिर चर्चाओं में लाल सड़क जबलपुर से भोपाल तक के लिए नेशनल हाईवे 12 बनाया गया है. यह सड़क लगभग 300 किलोमीटर लंबी है. इस हाईवे का लगभग 12 किलोमीटर का क्षेत्र नौरादेही टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है. इसी में से लगभग 2 किलोमीटर इलाके में टेबल टॉप रेड मार्किंग की गई है, जिसकी वजह से यह सड़क चर्चा में बनी हुई है. इस 2 किलोमीटर इलाके में लाल कलर के बड़े-बड़े निशाना बनाए गए हैं. यह लगभग 2 मिलीमीटर मोटे हैं. देश के कई इलाकों से आई इंक्वायरी नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी अमृतलाल साहू का कहना है, “हमारा यह प्रयोग पूरे भारत में सराहा जा रहा है. इस सड़क के बनने के बाद देश के कई इलाकों से इसी तरह की सड़क बनाने के लिए जानकारियां मांगी गईं हैं. चेन्नई और पंजाब के सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने इस निर्माण कार्य की जानकारी ली है. वाइल्डलाइफ प्रोटक्शन के लिए पहला प्रयोग अमृतलाल साहू ने बताया, “यह आइडिया पूरी दुनिया में नया है. हालांकि, सड़कों पर लाल कलर कई जगह पर लगाया जाता है. दुबई में कुछ सड़कें ऐसी हैं, जहां वाहनों की गति धीमी करने के लिए पूरी सड़क को ही लाल कर दिया जाता है. हालांकि, यह लंबाई मात्र 100 मीटर तक होती है. इसी तरह साइकिल ट्रैक बनाने के लिए भी सड़क लाल की जाती है, लेकिन वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सड़क पर टेबल टॉप रेड मार्किंग पहली बार की गई.” बीते 1 साल में एक भी जानवर की नहीं हुई मौत अमृतलाल साहू ने बताया कि “हमारा यह प्रयोग सफल रहा है. सड़क पर केवल लाल कलर के निशान ही नहीं बनाए गए हैं, बल्कि इस सड़क में जंगल के पूरे इलाके में तार की फेंसिंग भी की गई है. 25 जगह पर जानवरों को सड़क पार करने के लिए अंडरपास भी बनाए गए हैं. जब इस सड़क पर यह सभी सुविधाएं नहीं थी, तो 2 साल में लगभग 300 जानवरों की एक्सीडेंट से मौत हुई थी, लेकिन इस कार्य के पूरे हो जाने के बाद बीते 1 साल में कोई भी जानवर सड़क दुर्घटना से इस क्षेत्र में नहीं मरा है.” चोरों से परेशान नेशनल हाईवे अथॉरिटी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इस सड़क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से तैयार किया था, इसलिए सड़क पर कई जगह पर एलईडी साइन बोर्ड लगाए गए थे. टेबल टॉप रेड मार्किंग पर लगे उपकरणों की वजह से जानवरों की मौतों में बहुत गिरावट आई है, लेकिन अब ये उपकरण चोरों के निशाने पर हैं. अमृतलाल साहू ने बताया कि “वे चोरों से बहुत परेशान हैं. हाईवे से कई एलईडी साइन बोर्ड चोरी कर लिए गए, कुछ जगह पर वायर फेसिंग भी चोरी हो गई. इस सड़क पर हमने रखवाली के लिए पेट्रोलिंग गाड़ी रखी है, लेकिन इतनी लंबी सड़क की पूरे समय सुरक्षा नहीं की जा सकती. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने चोरों के खिलाफ थाने में शिकायत भी करवाई है.”

1.5 लाख पदों पर रेलवे में भर्ती का मौका, युवाओं के लिए जानें पूरी डिटेल

 नई दिल्ली भारतीय रेल में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है. राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में भारतीय रेलवे की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि सभी खर्च पूरे करने के बाद भी अब रेलवे के पास साल के अंत में छोटा राजस्व अधिशेष बच भी रहा है. ये न केवल आर्थिक मजबूती लेकर आया है बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके भी लेकर आया है.  राशियों का दिया जायजा  रेल मंत्री ने बताया कि साल 2024-2025 में रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियों 99.22 फीसदी रहा. इसका साफ मलतब यही है कि रेलवे अपने खर्चों को अच्छी तरह से बैलेंस कर रहा है. इस बीच रेलवे की ग्रॉस ट्रैफिक रेवेन्यू 2 लाख 65 हजार करोड़ से ज्यादा रही, जिसमें से 2,660 करोड़ रुपये अधिशेष रहे.  पिछले 10 सालों में दी इतनी नौकरी  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 10 सालों में यानी 2024 से 2024 के बीच रेलवे में करीब 5 लाख से अधिक भर्ती की गई हैं. इनमें ट्रैक मेंटेनेंस, लोको पायलट, टेक्नीशियन, क्लर्क, इंजीनियर और ग्रुप-डी समेत कई पद शामिल हैं.  इस साल 1.5 लाख नौकरियों पर फोकस  उन्होंने आगे बताया कि तीसरे कार्यकाल में रेलवे में 1.5 लाख नौकरियां देने की प्रोसेस जारी है. मंत्री के मुताबिक, कई भर्तियों की परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. हालांकि, कई पदों के लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा.  इस तरह से बढ़ेगा रोजगार  पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे बजट को बढ़ाकर 11,486 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे नई लाइनें, स्टेशन और परियोजनाओं की शुरुआत होगी. इनसे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा. पंजाब, केरल, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी नई रेल परियोजनाओं से आने वाले समय में नौकरियों के मौके बढ़ने की उम्मीद है.      

एमपी एपेक्स बैंक में 2076 पदों पर भर्ती, क्लर्क से ऑफिसर तक बंपर अवसर; जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

भोपाल  सरकारी बैंक में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (MP Apex Bank) ने भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए प्रदेश के अलग-अलग जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में कुल 2076 पद भरे जाएंगे। खास बात ये है कि इसमें क्लर्क से लेकर ऑफिसर ग्रेड तक के पद शामिल हैं, यानी ग्रेजुएट युवाओं के लिए सुनहरा मौका। कितने पद और किसके लिए MP Apex Bank भर्ती 2026 में दो कैटेगरी में भर्तियां होंगी। पहली कैटेगरी में कंप्यूटर ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर (संविदा) और सोसायटी मैनेजर के कुल 1763 पद हैं। दूसरी तरफ ऑफिसर ग्रेड के 313 पद निकाले गए हैं, जिनमें ब्रांच मैनेजर, अकाउंटेंट, कंप्यूटर प्रोग्रामर और फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसे पद शामिल हैं। पदों का आरक्षण और जिलेवार बंटवारा आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिया गया है। योग्यता क्या होनी चाहिए क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर और सोसायटी मैनेजर पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना जरूरी है। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग का ज्ञान और कंप्यूटर से जुड़ी योग्यता मांगी गई है। ऑफिसर ग्रेड के पदों के लिए पोस्ट के अनुसार B.E./B.Tech, MCA, MBA, CA, ICWA जैसी डिग्री और संबंधित अनुभव जरूरी है। सभी डिग्रियों का रिजल्ट 30 नवंबर 2025 तक घोषित होना चाहिए। उम्र सीमा और छूट सामान्य पदों के लिए उम्र 18 से 35 साल रखी गई है, जबकि संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए अधिकतम उम्र 55 साल है। मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को नियमों के मुताबिक SC/ST, OBC, महिला और दिव्यांग वर्ग में उम्र की छूट भी मिलेगी। सैलरी कितनी मिलेगी MP Apex Bank भर्ती में सैलरी जिला बैंक के हिसाब से तय होगी। ज्यादातर बैंकों में लेवल 4 (19,500 से 62,000 रुपये) और कुछ में लेवल 7 (28,700 से 91,300 रुपये) तक वेतन मिलेगा। कुछ जिलों में 6th Pay Scale भी लागू होगी। चयन कैसे होगा चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षा पर आधारित होगी, जिसे IBPS मुंबई द्वारा कराया जाएगा। परीक्षा में कुल 200 सवाल, 200 अंक के होंगे और नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी। मेरिट लिस्ट परीक्षा अंकों के आधार पर बनेगी। आवेदन कैसे करें इच्छुक उम्मीदवार apexbankmp.bank.in पर जाकर 06 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय फोटो, सिग्नेचर, अंगूठे का निशान और हस्तलिखित घोषणा अपलोड करना जरूरी है।

इंदौर की बेटी आंकाक्षा ने 19,000 फीट ऊंची किलिमंजारो चोटी पर चढ़ाई, साड़ी पहन तिरंगा फहराया

इंदौर  इंदौर की पर्वतारोही आकांक्षा शर्मा कुटुम्बले ने 19341 फीट की ऊंचाई पर स्थित अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले उन्होंने पिछले वर्ष सितंबर माह में यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर भी चढ़ाई की थी। ये दोनों चोटियां विश्व की प्रतिष्ठित सेवन समिट्स में शामिल हैं।  पेशे से सिविल इंजीनियर आकांक्षा दोनों शिखरों पर चढ़ाई करने वाली इंदौर की संभवतः पहली पर्वतारोही हैं। साथ ही वे ऐसा करने वाली मध्य भारत की चुनिंदा पर्वतारोहियों में भी शामिल हो गई हैं। माउंट किलिमंजारो पर्वत की ऊंचाई बेस से शिखर तक की ऊंचाई के लिहाज से  दुनिया की किसी भी अन्य पर्वत चोटी से अधिक है। भूमध्य रेखा के समीप स्थित होने के कारण इसकी भौगोलिक परिस्थितियां अन्य पर्वत श्रृंखलाओं से अलग हैं, जिसके चलते शिखर पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है।आकांक्षा को भी चढ़ाई के दौरान ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ा। उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और एक-एक कदम बढ़ाना भी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विषम परिस्थितियों में भी चढ़ाई पूरी की। चढ़ाई के दौरान तापमान 12 डिग्री था और हवा 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी।   चोटी पर पहुंचने के बाद आकांक्षा ने कश्मीरी कानी साड़ी पहनकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को दर्शाया। उन्होंने बताया कि यह परिधान उन्हें अपने भारतीय होने का एहसास कराता है और कश्मीर से उनका विशेष लगाव है। वे अक्सर कश्मीर जाती रहती हैं।आकांक्षा ने कहा कि पर्वतारोहण के लिए उनकी कर्मभूमि कश्मीर रही है। उन्होंने माउंटेनियरिंग के बेसिक और एडवांस कोर्स वहीं से किए हैं और कश्मीर की कई चोटियों पर अभ्यास भी किया है। इसी कारण उन्होंने निर्णय लिया कि किलिमंजारो की चोटी पर पहुंचने के बाद वे कश्मीर से लाई गई कानी साड़ी पहनेंगी। उन्होंने यह साड़ी टी-शर्ट और लोअर के ऊपर पहनी, जिसे उन्होंने एक अत्यंत सुखद अनुभव बताया।   यह अभियान आकांक्षा ने सफारी टच तंजानिया कंपनी के साथ पूरा किया। इस अभियान में वे अपने समूह की एकमात्र पर्वतारोही थीं। विश्व के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को सेवन समिट्स कहा जाता है। पर्वतारोहण की दुनिया में इन सभी चोटियों पर चढ़ाई करना एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इसमें यूरोप की माउंट एलब्रुस और अफ्रीका की माउंट किलिमंजारो भी शामिल हैं।  आकांक्षा ने बताया कि माउंट किलिमंजारो की तैयारी के लिए उन्होंने नियमित रूप से रनिंग की, जिम में  ट्रेनिंग की और सीढ़ियों पर चढ़ने-उतरने का अभ्यास किया। वे पांचवीं मंजिल पर रहती हैं और बिल्डिंग के बाहर की सीढ़ियों पर अभ्यास करने से उन्हें विशेष लाभ मिला। इसके अलावा उन्होंने प्राणायाम का अभ्यास भी किया, जिससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिली।

मुख्यमंत्री का शहडोल दौरा आज, कमिश्नर और कलेक्टर ने की व्यवस्थाओं की जांच

शहडोल प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 8 फरवरी को शहडोल जिले के धनपुरी और गधिया क्षेत्र का दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में संभागायुक्त शहडोल सुरभि गुप्ता ने लालपुर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लालपुर हवाई पट्टी पर उतरेगा, जहां से वे सड़क मार्ग से धनपुरी के लिए रवाना होंगे। संभागायुक्त ने हवाई पट्टी पर सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और आपात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जयसिंहनगर के गधिया पहुंचकर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मंच, बैठक व्यवस्था, बिजली, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने में कोई कोताही नहीं बरती जाए। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले धनपुरी पहुंचेंगे, जहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे गधिया के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ पुलिस विभाग भी सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति, एसडीएम सोहागपुर अमृता गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और सभी विभाग निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूरी करने में जुटे हुए हैं।   

बांधवगढ़ की बाघिन का राजस्थान में रिश्ता, हेलीकॉप्टर से विदाई, बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए मुकुंदरा हिल रिजर्व में शिफ्ट

उमरिया  बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की बाघिन का रेस्क्यू सफल रहा. इस बाघिन को राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व में शिफ्ट करने की योजना है. फिलहाल बाघिन को ऑब्जरवेशन में रखा गया है. राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार के सामने मध्य प्रदेश से 3 टाइगर की डिमांड रखी थी. राजस्थान को एक ऐसी बाघिन की तलाश है, जो मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व में कुनबा बढ़ा सके. एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से राजस्थान जाएगी बाघिन बांधवगढ़ की बाघिन एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से राजस्थान जाएगी. यहां से उसकी दुल्हन की तरह धूमधाम से विदाई होगी. इसकी तैयारी के लिए एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर का ट्रायल लैंडिंग भी हो चुका है. कुछ दिन पहले पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को इसी तरह एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर से राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व शिफ्ट किया गया था. रेस्क्यू के बाद बाघिन को रेडियो कॉलर पहनाया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताया “बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व प्रबंधन ने कक्ष क्रमांक RF-327, के दमना बीट के ताला परिक्षेत्र से एक बाघिन का रेस्क्यू किया है, जिसकी उम्र 3 से 4 वर्ष है. अब बाघिन के हर मूवमेंट पर नजर रहेगी. रेस्क्यू करने के बाद उसके स्वास्थ्य की जांच की गई है और रेडियो कॉलर पहनाया गया.” बाघिन को अंडर ऑब्ज़र्वेशन रखने के लिए आगामी कुछ दिनों के लिए मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा स्थित बाड़े में सुरक्षित रूप से रखा गया है. योजना के अनुसार सभी तरह की परमिशन मिलने के बाद बाघिन को राजस्थान भेजा जाएगा. मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की शान बनेगी बाघिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व में भेजने की योजना है. इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. इसी के तहत इस बाघिन का रेस्क्यू किया गया है. राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व को एक एडल्ट बाघिन चाहिए, जो बाघों का कुनबा बढ़ा सके. ऐसी बाघिन की उम्र 3 से 5 साल तक के बीच होनीचाहिए, जो प्रजनन करने योग्य हो. इस बारे में राजस्थान सरकार ने भारत सरकार के माध्यम से परमिशन लेकर मध्य प्रदेश से 03 टाइगर और महाराष्ट्र से 02 टाइगर मांगे हैं. इसी कड़ी में पेंच टाइगर रिजर्व से राजस्थान जा चुकी है. अब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाघिन ले जाने की तैयारी है. 

गाजा में इजरायल का एयरस्ट्राइक, 3-मंजिला इमारत तबाह, खौफनाक तस्वीर हुई वायरल

गाजा सीजफायर लागू होने के बावजूद इजरायली सेना ने पूर्वी गाजा सिटी के जैतून इलाके में एक रिहायशी क्षेत्र को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की. रिपोर्ट के मुताबिक हमला असकुला जंक्शन के पास स्थित तीन मंजिला इमारत पर किया गया. हमले के बाद इलाके में आग की लपटें और घना धुआं उठता देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका प्रशासन ने जनवरी में घोषणा की थी कि युद्धविराम समझौते का दूसरा चरण शुरू हो चुका है. इस चरण में गाजा से इजरायली सेना की अतिरिक्त वापसी और पुनर्निर्माण कार्यों की शुरुआत शामिल है. संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गाजा के पुनर्निर्माण पर करीब 70 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है. अक्टूबर 2023 में शुरू हुई इजरायली सैन्य कार्रवाई एक साल से अधिक समय तक चली थी. इस अभियान में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार करीब 72 हजार फिलिस्तीनी मारे गए और 1.71 लाख से अधिक घायल हुए. इसके अलावा गाजा के लगभग 90 प्रतिशत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा या वह नष्ट हो गया.   युद्धविराम लागू होने के बाद भी हालात पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस अवधि में इजरायली कार्रवाइयों में 574 लोगों की मौत हुई और 1,518 अन्य घायल हुए हैं. इन आंकड़ों के सामने आने के बाद समझौते के पालन और क्षेत्र में स्थिरता को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं.   फिलहाल क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर स्थिति पर टिकी है. आगे की घटनाओं और प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है, जबकि युद्धविराम के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

ASUS ने लॉन्च किए 6 नए लैपटॉप्स, AI फीचर्स के साथ मिलेगा बेहतरीन बैटरी बैकअप

नई दिल्ली ASUS ने अपने लेटेस्ट लैपटॉप की प्रीबुकिंग शुरू कर दी है. ये लैपटॉप्स कंपनी की Zenbook और Vivobook सीरीज का हिस्सा हैं, जो AMD Ryzen AI प्रोसेसर के साथ आते हैं. कंपनी के पोर्टफोलियो में कई लैपटॉप शामिल हैं, जिन्हें आप प्रीबुक कर सकते हैं. जल्द ही इनकी सेल भी शुरू होगी.  इन लैपटॉप्स की कीमत और फीचर्स का खुलास कंपनी ने कर दिया है. ब्रांड का कहना है कि इन प्रोडक्ट्स को AI असिस्ट प्रोडक्टिविटी, मल्टीटास्किंग, क्रिएटिव वर्कलोड और रोजमर्रा की कम्प्यूटिंग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. आइए जानते हैं इनकी खास बातें.  क्या हैं फीचर्स? ASUS Zenbook S16 में AMD Ryzen AI 9 465 प्रोसेसर दिया गया है. ये लैपटॉप Copilot+ PC कैपेबिलिटी और ASUS AI ऐप्लिकेशन्स के साथ आता है. इसका वजन 1.5 किलोग्राम है और ये लैपटॉप ऑल-मेटल चैसी के साथ आता है. इसमें 16-inch का OLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. कंपनी की मानें तो डिवाइस 23 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ आता है.  Zenbook 14 को कंपनी ने AMD Ryzen AI 5 430 प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया है. इसमें 14-inch का FHD+ OLED टच स्क्रीन डिस्प्ले मिलता है. ब्रांड का कहना है कि ये लैपटॉप सिंगल चार्ज में 25 घंटे तक की बैटरी लाइफ ऑफर करता है.  इसके अलावा Vivobook S16 को कंपनी ने इंट्रोड्यूस किया है, जो AMD Ryzen AI 400 प्रोसेसर के साथ आता है. इसमें Copilot+ PC फीचर मिलता है. डिवाइस FHD+ OLED डिस्प्ले के साथ आता है. ये मशीन सिंगल चार्ज में 23 घंटे तक चल सकती है.  इनके अलावा कंपनी ने Vivobook 16, Vivobook 15 और दूसरे मॉडल्स को लॉन्च किया है. सभी में कंपनी ने AMD Ryzen प्रोसेसर दिया है, जो अगल-अगल कैपेबिलिटी के साथ आते हैं. इनमें कंपनी ने SSD स्टोरेज दिया है.  कितनी है कीमत?  इन सभी मॉडल्स को 12 फरवरी से खरीदा जा सकेगा. हालांकि, ASUS Vivobook 16 मार्च में उपलब्ध होगा. Zenbook S16 की कीमत 1,69,990 रुपये है. वहीं Zenbook 14 की कीमत 1,15,990 रुपये है. Vivobook S16 की कीमत 1,04,990 रुपये से शुरू है.  Vivobook 16 को कंपनी ने 87,990 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. वहीं Vivobook 15 की कीमत 62,990 रुपये से शुरू होती है. ASUS Vivobook 16 (M1605NAQ) की कीमत 65,990 रुपये से शुरू होती है. प्रीऑर्डर पर 5,599 रुपये का फायदा सिर्फ 1 रुपये में मिलेगा. ये ऑफर जेनबुक मॉडल्स पर है.

कब है होली? 3 या 4 मार्च, पंडितों से जानें इस बार होली की सही तिथि

इंदौर      इस साल होली के पर्व को लेकर लोगों में काफी ज्यादा असमंजस की स्थिति बनी हो गई है. इसके पीछे का मुख्य कारण है 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण. गणनाओं के मुताबिक, 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा है, जबकि रंगों का पर्व होली 4 मार्च को मनाया जाएगा. तो आइए देश के प्रसिद्ध पंडितों से जानते हैं कि होली की सही तिथि या डेट क्या रहने वाली है.  ज्योतिषाचार्य पंडित दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, भारतीय ज्योतिष और निर्णय सिंधु ग्रंथ के आधार पर फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 2 मार्च 2026 को पड़ रही है. शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन भद्रा समाप्त होने के बाद या भद्रा के पूंछ काल में होलिका दहन करना ही शास्त्र सम्मत माना जा रहा है. उन्होंने बताया कि 2 मार्च की रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट के बीच होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा. अगले दिन 3 मार्च 2026 को फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्रग्रहण लगेगा. ग्रहण होने के कारण अगले दिन चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा यानी 4 मार्च 2026 को पूरे भारत में होली मनाई जाएगी.  3 मार्च को ये रहेगी चंद्रग्रहण की टाइमिंग  दरअसल गणनाओं के मुताबिक, 3 मार्च 2026 फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी. ग्रहण का (मध्यकाल) मध्यान्ह समय शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगा और ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट रहेगा. पूरे भारत में चंद्रोदय के समय यानी 3 मार्च की शाम 05 बजकर 59 के बाद ही सभी स्थानों में चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा. केवल ग्रहण का मोक्ष काल ही दिखाई देगा, जबकि ग्रहण का प्रारंभ और मध्य काल भारत में कहीं भी दिखाई नहीं होगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण का आरंभ हो जाएगा.  सनातन धर्म के अनुसार, सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पूर्व और चंद्र ग्रहण में 9 घंटे पूर्व सूतक काल मान्य होता है. इस गणना के अनुसार, 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा. कहां कहां दिखाई देगा चंद्रग्रहण?  3 मार्च को लगने जा रहा यह चंद्रग्रहण भारत के अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में भी दिखाई देगा. ऐसे में पूरे भारत में होली का पर्व 4 मार्च 2026 को ही मनाया जाना उचित रहेगा. होलिका दहन 2 मार्च 2026 को भद्रा पूंछ काल में, रात 12 बजकर 50 मिनट के बाद करना ही शास्त्र सम्मत माना जा रहा है.  होली की तिथि को लेकर पंडित वेद प्रकाश मिश्रा ने भी दिया अपना मत ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि शास्त्रीय परंपरा के अनुसार, होलिका दहन रात में और रंगोत्सव अगले दिन प्रातः काल मनाया जाता है. लेकिन 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक काल होने के कारण उस दिन रंगोत्सव करना उचित नहीं है. इसी कारण होली का पर्व 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. दरअसल, हृषीकेश पंचाङ्ग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 18 मिनट पर होगी, जो 3 मार्च को शाम 4 बजकर 33 मिनट तक रहेगी. इस प्रकार 2 मार्च को निशाव्यापिनी पूर्णिमा प्राप्त हो रही है. हालांकि, 2 मार्च को शाम 5 बजकर 18 मिनट से भद्रा लग रही है, इसलिए भद्रा के मुख काल को त्यागकर, भद्रा पूंछ काल में रात 12 बजकर 50 मिनट से रात 2 बजकर 02 मिनट तक होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत माना जा रहा है.  आगे पंडित वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि, प्रचलित मान्यता के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन अर्थात् 3 मार्च को होली का पर्व मनाया जाना चाहिए. लेकिन इस दिन शाम को ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण है, जो शाम 5 बजकर 59 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. ग्रहण समाप्त होने के बाद 3 मार्च को चौसठ्ठी देवी की यात्रा और पूजन किया जाएगा.  यानी, सभी मतों और पंडितों के मुताबिक, 4 मार्च को ही होली मनाना ज्यादा शुभ माना जा रहा है.

सिंहस्थ महाकुंभ के लिए फूलों की खेती: 4200 हेक्टेयर में बनेगा विशेष क्लस्टर, केंद्र से मंजूरी की उम्मीद

उज्जैन  उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण धार्मिक दृष्टि से अहम इंदौर जिले में अब फूलों की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी है। राज्य सरकार ने इंदौर सहित कुछ जिलों को चिह्नित करते हुए पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना बनाई है। इस योजना के तहत इंदौर जिले में 110 हेक्टेयर भूमि पर फूलों की खेती का लक्ष्य तय किया गया है। 110 हेक्टेयर में सिर्फ गुलाब की खेती का लक्ष्य योजना के पहले चरण में 83.87 हेक्टेयर भूमि पर 142 हितग्राही किसानों को चयनित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक पूरे 110 हेक्टेयर क्षेत्र में केवल गुलाब की खेती की जाए। इससे धार्मिक आयोजनों में फूलों की बढ़ती मांग को स्थानीय स्तर पर पूरा किया जा सकेगा। मुख्य सचिव करेंगे प्रोजेक्ट की निगरानी इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग खुद मुख्य सचिव अनुराग जैन करेंगे। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में इस योजना पर चर्चा के बाद उद्यानिकी विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप संचालक उद्यान को योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन के लिए बड़ा प्लान सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन जिले के लिए भी बड़ी योजना बनाई गई है। यहां 4200 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती के क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भारत सरकार से विशेष प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ मेले के दौरान बड़ी मात्रा में फूलों की आवश्यकता होगी। इंदौर में रोज 8 से 12 टन फूलों की आवक इंदौर फूल बाजार एसोसिएशन के अनुसार शहर में प्रतिदिन 8 से 12 टन फूलों की आवक होती है। त्योहारी और पीक सीजन में यह मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। नवरात्रि, दीपावली और विवाह आयोजनों के दौरान आवक 30 से 70 टन तक पहुंच जाती है। बाजार में मुख्य रूप से गेंदा, गुलाब और सेवंती की आपूर्ति होती है। प्रदेश में तेजी से बढ़ रही फूलों की खेती प्रदेश में फूलों की खेती लगातार बढ़ रही है और मध्यप्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। गेंदा सबसे अधिक क्षेत्र में उगाया जाता है, इसके बाद गुलाब, क्रिसैंथेमम, ग्लैडियोलस, ट्यूबरोज और अन्य मौसमी फूलों की खेती होती है। राज्य में लगभग 43 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 5.12 लाख टन से अधिक फूलों का उत्पादन हुआ। धार्मिक स्थलों के कारण बढ़ी मांग उज्जैन, ओंकारेश्वर के अलावा देवास, सलकनपुर, नीमच, मंदसौर, महेश्वर, नलखेड़ा, परशुराम लोक सहित कई धार्मिक और तीर्थ स्थल इस क्षेत्र में स्थित हैं। इसी वजह से यहां फूलों की खेती पर विशेष फोकस किया जा रहा है। मंत्री बोले, बाहर से फूल मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने हाल ही में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि उज्जैन और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर साल भर फूलों की भारी मांग रहती है। सिंहस्थ मेले के दौरान यह मांग कई गुना बढ़ जाती है। सरकार की योजना है कि स्थानीय किसानों से ही फूलों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे परिवहन लागत घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।   

सऊदी अरब में पहली बार खुली शराब की दुकान, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का बड़ा कदम

रियाद सऊदी अरब ने चुपचाप अमीर विदेशी निवासियों को शराब खरीदने की इजाजत देना शुरू कर दिया है। यह खुलासा बीबीसी ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। इसमें कहा गया है कि सऊदी अरब ने 73 साल पहले शराब पर प्रतिबंध लगाया था। इसे सऊदी अरब के कानूनों में बहुत बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले सऊदी अरब ने विदेशी डिप्लोमेट्स को शराब खरीदने और उसका सेवन करने की इजाजत दी थी। हालांकि, सऊदी अरब में आज भी आम लोगों और मध्यम या गरीब तबके को शराब खरीदने या उसका सेवन करने की इजाजत नहीं है। सऊदी अरब में शराब की बिक्री पर कब लगा था प्रतिबंध सऊदी अरब इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों का घर है। उसने 1952 में शराब की बिक्री पर बैन लगा दिया था। लेकिन अपनी छवि को बदलने के बड़े प्रयास के तहत, सऊदी अरब ने हाल के सालों में बड़े सामाजिक और आर्थिक सुधार किए हैं। उसने खुद को एक ज्यादा उदार और निवेश-अनुकूल देश के रूप में पेश करने का प्रयास भी किया है। ये बदलाव क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में आए हैं, जो सऊदी अरब के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन उन्हें किंगडम के असली शासक माना जाता है। सऊदी अरब में हो रहे बदलावों को जानें क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में सऊदी अरब में सिनेमाघर फिर से खोले गए हैं, बड़े म्यूजिक फेस्टिवल और फैशन शो आयोजित किए हैं, महिलाओं के ड्राइविंग पर बैन हटाया है, और धार्मिक पुलिस की शक्तियों को कम किया गया है। हालांकि शराब की बिक्री से प्रतिबंध हटाने का फैसला सबसे बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है। सऊदी अरब में शराब की बिक्री शुरू सऊदी अरब में शराब की पहली दुकान जनवरी 2024 में रियाद में खुली थी। लेकिन, शुरुआत में इसमें खरीदारी की सिर्फ गैर-मुस्लिम डिप्लोमैट्स को ही इजाजत दी गई थी। अब रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 के आखिर में बिना किसी घोषणा के लागू किए गए नए नियमों के तहत, अमीर, गैर-मुस्लिम विदेशी निवासी अब बीयर, वाइन और स्पिरिट खरीदने के लिए वहां जा सकते हैं। सऊदी अरब में शराब खरीदने की योग्यता क्या है रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में शराब खरीदने के लिए योग्यता एक विदेशी के पास या तो प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट होना चाहिए, जिसकी कीमत सालाना 100,000 सऊदी रियाल ($27,000; £19,300) है; या यह दिखाना होगा कि वह हर महीने कम से कम 50,000 रियाल कमाता है। प्रीमियम रेजिडेंसी स्कीम के लिए अलग-अलग योग्यता मानदंड हैं, और यह आमतौर पर सीनियर विदेशी अधिकारियों, निवेशकों और खास स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स के लिए खुली है।  

लखनऊ में मायावती की बैठक, 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर होगी समीक्षा

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती आज लखनऊ में संगठन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगी। इस बैठक में प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के अध्यक्षों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करना है। बसपा लंबे समय से चुनावों की रणनीति पर काम कर रही बसपा लंबे समय से आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत पहले ही जिला और विधानसभा स्तर की इकाइयों को संगठन विस्तार, समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने तथा बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने जैसे निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही, भाईचारा कमेटियों को भी पार्टी की चुनावी रणनीति के अनुरूप जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। अब तक हुए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट लेंगी आज की बैठक में मायावती अब तक हुए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट लेंगी और संगठन की कमजोरियों व मजबूती दोनों पर मंथन करेंगी। इसके साथ ही वे कोर वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने और सोशल इंजीनियरिंग के जरिए नए वर्गों को जोड़ने की रणनीति स्पष्ट करेंगी। ब्राह्मण मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने पर विशेष जोर सूत्रों के अनुसार, इस बार बसपा प्रमुख ब्राह्मण मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही हैं। बैठक में इस दिशा में भी संगठन को ठोस दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है।

MP Police Bharti में आरक्षक भर्ती फिजिकल टेस्ट की तारीखों का ऐलान, 10 जिलों में होंगे एग्जाम

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती से जुड़ी बड़ी अपडेट है। आरक्षक भर्ती के लिए 23 फरवरी से फिजिकल टेस्ट शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के 10 जिलों में ये टेस्ट होगा। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम, मुरैना जिले शामिल हैं, जहां फिजिकल टेस्ट एग्जाम होना है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने आरक्षक जीडी के कुल 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरु करने वाली है। इसके लिए 30 अक्टूबर 2025 से 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी 2026 को जारी किया गया है। ये फिजिकल टेस्ट होंगे सफल उम्मदीवारों को अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा ली जाएगी। अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़, लंबी कूद और गोला फेंक तथा दस्तावेजों का परीक्षण 23 फरवरी से 13 मार्च के बीच किया जाएगा, जो हर दिन सुबह 6 बजे से शुरू होगा। चयन प्रक्रिया पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता और दस्तावेज सत्यापन होगा। एग्जाम का स्तर हाई स्कूल योग्यता पर आधारित होगा। ये सैलरी मिलेगी चयनित उम्मीदवारों को पुलिस विभाग में आरक्षक (कॉन्स्टेबल) के पद पर नियुक्ति मिलेगी। जिनका वेतन 19,500 से 62,000 रुपए प्रतिमाह होगा।

TESLA को बड़ा झटका: हाई-EV मार्केट में भी 88% फिसली बिक्री, जानें गिरावट की वजह

 नई दिल्ली     यूरोप में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बात हो और टेस्ला का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है. लेकिन इस बार कहानी थोड़ी उलटी है. जिस नॉर्वे को टेस्ला अपना सबसे मजबूत किला मानती रही, वहीं अब उसके दरवाजे चरमराते दिख रहे हैं. आंकड़े बताते हैं कि नॉर्वे की सड़कों पर इलेक्ट्रिक कारों की बाढ़ है, लेकिन EV की इस भीड़ में टेस्ला की नाव लड़खड़ा गई है. सवाल सिर्फ बिक्री घटने का नहीं है, सवाल यह है कि क्या यूरोप में टेस्ला का जादू सच में कमजोर पड़ने लगा है. बिक्री के मोर्चे पर आई सुस्ती का असर अब उन बाजारों में भी नजर आने लगा है, जिन्हें टेस्ला का गढ़ माना जाता था. नॉर्वे ऐसा ही एक देश है, जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों की जबरदस्त मांग रहती है, लेकिन अब यहां भी टेस्ला की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है. जनवरी 2026 के नए रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के अनुसार, नॉर्वे में Tesla Model Y की सिर्फ 62 यूनिट्स बिकीं. यह कुल नई कार बिक्री का केवल 2.8 प्रतिशत है. पूरी टेस्ला रेंज की बात करें तो कंपनी ने कुल 83 कारें बेचीं, जो पिछले साल जनवरी में बेचे गए कारों के मुकाबले 88 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है.  वहीं दूसरी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं. फॉक्सवैगन ID.3 ने 299 यूनिट्स की बिक्री के साथ टॉप पोजिशन हासिल की, जो टेस्ला से लगभग पांच गुना ज्यादा है. नॉर्वे में टेस्ला के लिए जनवरी भले ही मुश्किल रहा, लेकिन इस देश में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड बनी हुई है. पिछले महीने नॉर्वे में बिकने वाली नई गाड़ियों में से करीब 94 प्रतिशत इलेक्ट्रिक कारें थीं. डीजल गाड़ियों की सिर्फ 98 यूनिट्स बिकीं, जबकि पेट्रोल कारों का आंकड़ा केवल 7 पर सिमट गया. यह अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है. कुछ यूरोपीय देशों में टेस्ला की वापसी नॉर्वे में गिरावट के बावजूद टेस्ला को यूरोप के कुछ अन्य देशों में राहत मिली है. स्पेन में कंपनी की बिक्री 70 प्रतिशत बढ़कर 456 यूनिट्स तक पहुंच गई. इटली में 75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 713 कारें बिकीं. स्वीडन में बिक्री 26 प्रतिशत बढ़कर 512 यूनिट्स रही, जबकि डेनमार्क में 3 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ आंकड़ा 458 यूनिट्स तक पहुंचा. इन देशों में आई तेजी का कारण टेस्ला की नई और किफायती स्टैंडर्ड मॉडल्स मानी जा रही हैं. कंपनी ने हाल ही में Model 3 और Model Y के किफायती वेरिएंट को लॉन्च किया है. जो काफी बजट फ्रेंडली है. जानकारों का मानना है कि, कम कीमत और बेहतर रेंज के चलते इन कारों को लोग प्राथमिकता दे रहे हैं. भारत में बिक्री बढ़ाने के लिए खास ऑफर भारतीय बाजार की बात करें तो यहां भी टेस्ला की हालत खराब ही है. बीते साल जुलाई में टेस्ला ने बड़े जोर-शोर के साथ इंडिया एंट्री का ऐलान किया था. कंपनी ने मुंबई के ब्रांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स (BKC) में अपना पहला शोरूम शुरू किया. जिसे बाद में दिल्ली और गुरुग्राम तक बढ़ा दिया गया है. टेस्ला ने भारत में अपनी पहली कार के तौर पर Model Y को लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 59.89 लाख रुपये से शुरू होकर टॉप मॉडल के लिए 73.89 लाख रुपये तक जाती है. दरअसल, हाई इंपोर्ट ड्यूटी के चलते टेस्ला की कार यहां काफी महंगी पड़ रही है. शुरुआत में ऐसी रिपोर्ट आई थी कि, कुछ ग्राहकों ने टेस्ला मॉडल वाई की बुकिंग कराई थी, लेकिन बाद में उन्होंने कैंसिल करा दी. खैर, टेस्ला भारत में भी बिक्री बढ़ाने की कोशिश कर रही है. कंपनी टेस्ला मॉडल Y पर खास स्कीम्स दे रही है. इसके तहत पेट्रोल या डीजल गाड़ी के बदले एक्सचेंज कराने पर ग्राहकों को 3 लाख रुपये तक का एक्सचेंज बोनस ऑफर किया जा रहा है.   

टोल सिस्टम में बड़ा बदलाव, प्लाजा पर रुके बिना अपने आप कटेगा टोल टैक्स

नई दिल्ली देश में हाईवे नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और रोज लाखों वाहन लंबी दूरी तय करते हैं. लेकिन टोल प्लाजा पर रुकना यात्रियों के सफर को स्लो कर देता है. फास्टैग के बाद भी कई जगह कतारें, जाम और समय की बर्बादी आम है. अब इस परेशानी का समाधान नई तकनीक से किया जा रहा है.  देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ गुजरात के सूरत में शुरू किया गया है. यहां वाहन बिना रुके निकल जाएंगे और टोल अपने आप कट जाएगा. इस सिस्टम में हाई रिजोल्यूशन कैमरे, जीपीएस और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. यानी अब टोल देने का तरीका पूरी तरह डिजिटल और स्मूथ होने जा रहा है. जान लें पूरी खबर. बिना टोल प्लाजा के टोल कलेक्शन नए टोल प्लाजा सिस्टम में टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होगा. सड़क पर लगे हाई रिजोल्यूशन कैमरे हर गुजरने वाले वाहन की नंबर प्लेट पढ़ेंगे. अगर गाड़ी पर फास्टैग नहीं भी है. तब भी नंबर प्लेट के जरिए वाहन की पहचान हो जाएगी. सिस्टम इसे टोल उल्लंघन के तौर पर दर्ज करेगा और वाहन मालिक को ई चालान भेजा जाएगा.  हर लेन में रडार और लिडार आधारित कैमरे 360 डिग्री रिकॉर्डिंग करेंगे. पूरा डेटा कंट्रोल रूम और एनएचएआई सर्वर पर रियल टाइम दर्ज होगा. यानी कोई भी वाहन बिना पेमेंट के नहीं निकल सकेगा. यह टेक्नोलॉजी दुबई, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पहले से ही इस्तेमाल की जा रही है फास्टैग है लेकिन बैलेंस कम है तो क्या होगा? अगर आपकी गाड़ी में  फास्टैग लगा है लेकिन उसमें बैलेंस कम है या ब्लैकलिस्टेड है. तब भी सिस्टम उसे पहचान लेगा. ऐसे मामलों में वाहन को डिफॉल्टर के रूप में दर्ज किया जाएगा. वाहन मालिक को एसएमएस और ऐप के जरिए अलर्ट मिलेगा. तय समय के भीतर रिचार्ज न करने पर ई चालान जारी होगा.  जानबूझकर टोल चोरी करने की कोशिश करने वालों पर भी यह सिस्टम नजर रखेगा. कैमरे हर एंगल से रिकॉर्डिंग करते हैं. इसलिए बच निकलना मुश्किल होगा. आने वाले समय में यह बिना बैरियर वाला टोल सिस्टम देश के बाकी हाईवे पर भी लागू किया जा सकता है. इससे सफर तेज और आसान हो जाएगा. 

मौनी रॉय ने बिकिनी में 40 की उम्र में दिखाया हॉट लुक, पूल किनारे दिए बोल्ड पोज

मुंबई  टीवी से बॉलीवुड तक का सफर तय करने वालीं मौनी रॉय अपनी दमदार एक्टिंग के साथ बोल्ड लुक से भी फैंस को दीवाना बना देती हैं. मौनी ने अब बिकिनी में अपनी सेंशुअस तस्वीरें शेयर की हैं. 40 साल की मौनी रॉय नई तस्वीरों में सुपर गॉर्जियस लग रही हैं. एक्ट्रेस प्रिंटेड बिकिनी में कहर ढाती नजर आईं. उनके लुक से नजरें हटाना भी मुश्किल है.   बिकिनी संग मौनी ने ब्लैक सनग्लासेस लगाकर अपना लुक कंप्लीट किया है. ओपन हेयर और सटल मेकअप में एक्ट्रेस का सिजलिंग लुक देखते ही बनता है.  मौनी ने बिकिनी में पूल किनारे कई किलर पोज दिए. वो कभी बैठकर पोज देती दिखीं, तो कभी सुकून के पल बिताती नजर आईं. एक्ट्रेस की अदाओं पर फैंस अपना दिल हार बैठे हैं. मौनी ने कुछ सेल्फी फोटोज भी शेयर किए हैं. वो काफी स्टनिंग लग रही हैं. मौनी रॉय की बिकिनी फोटोज इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं. फैंस कमेंट सेक्शन में एक्ट्रेस की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं. मौनी को कोई गॉर्जियस बता रहा है, तो कोई सनशाइन. कई लोग फायर और हार्ट इमोजी के साथ उनकी तस्वीरों पर रिएक्ट कर रहे हैं.    मौनी रॉय की बात करें तो उन्हें सबसे पहले पॉपुलर टीवी सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से खास पहचान मिली थी. इसके बाद वो कई शोज में नजर आईं. टीवी पर धमाल मचाने के बाद मौनी ने फिल्मों का रुख किया. मौनी फिल्म ब्रह्मास्त्र, द भूतनी जैसी फिल्मों में दिखाई दे चुकी हैं. 

9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस पर कार्यशाला, नई श्रमिक संहिताओं पर चर्चा

9 फरवरी को बंधक श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर नयी श्रमिक संहिताओं पर कार्यशाला राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का भी होगा विमोचन भोपाल  श्रम विभाग ने 9 फरवरी को ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यशाला का आयोजन किया है। उद्घाटन सुबह 10 बजे श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। कार्यशाला में राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का विमोचन भी होगा। पूरे मध्य प्रदेश में महीनेभर चलेगा अभियान बंधक श्रम (बंधुआ मजदूरी) कराने वालों के विरुद्ध मध्यप्रदेश का श्रम विभाग 9 फरवरी ‘बंधक श्रम उन्मूलन दिवस’ से विशेष अभियान भी शुरू करने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रम मंत्री की पहल पर विभाग ने बाल एवं बंधक श्रम को रोकने और जागरुकता लाने एक विशेष ‘वेदा पहल’ की शुरुआत की है। कार्यशाला के प्रमुख चार बिंदु पहला: बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राज्य एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इसमें अधिनियम के अंतर्गत निरीक्षण, पहचान, बचाव एवं पुनर्वास की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी। दूसरा: बंधुआ श्रम (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के क्रियान्वयन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिनियम की उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों पर विचार किया जाएगा। तीसरा: नई चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। चौथा: राज्य एक्शन प्लान के माध्यम से विभागीय समन्वय, प्रवर्तन व्यवस्था एवं जनजागरूकता को सुदृढ़ करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी। श्रम विभाग के अनुसार, कार्यशाला का उद्देश्य कानून, नीति और जमीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि राज्य में बाल एवं बंधुआ श्रम के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।  

‘विक्रमोत्सव’ का भव्य आगाज 12 फरवरी से, उज्जैन में 139 दिनों तक चलेगा, महानाट्य और विज्ञान का संगम

उज्जैन  उज्जैन में 12 फरवरी से 30 जून तक 139 दिन का विक्रमोत्सव होगा। इसमें कलश यात्रा, नाटक मंचन, वैचारिक समागम, शोध संगोष्ठी, फिल्मों के प्रदर्शन, वेद अंताक्षरी और सूर्योपासना के आयोजन होंगे। प्रदेश के नगरों में विक्रमादित्य महानाट्य मंचन व शिक्षण संस्थाओं में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता की जाएंगी। 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ 15 फरवरी को प्रदेश में शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को विक्रमोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसकी रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के वैज्ञानिक पक्ष को भी प्रचारित किया जाएगा। विज्ञान सम्मत कार्यों के संबंध में विज्ञान महाविद्यालयों, अभियांत्रिकी महाविद्यालयों और पालिटेक्निक को जोड़कर अभिनव कार्यक्रम किए जाएंगे। 15 फरवरी को प्रदेश में महादेव की कलाओं के शिवार्चन, कलश यात्रा, बैंड प्रस्तुति, शिवनाद और विक्रम व्यापार मेले का आयोजन होगा। 16 से 20 फरवरी तक शिव पुराण, 16 से 25 फरवरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियां और 26 से 28 फरवरी तक इतिहास समागम, पुतुल समारोह और अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी जैसी गतिविधियां होंगी। कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन, गुड़ी पड़वा पर कार्यक्रम वैचारिक समागम, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, विभिन्न भाषाओं और बोलियों में लोकरंजन के तहत कवि गोष्ठियां, शोध संगोष्ठियां, फिल्म प्रदर्शन, गुड़ी पड़वा पर उज्जैन के रामघाट (दत्त अखाड़ा) पर सूर्य उपासना का कार्यक्रम होगा। उज्जयिनी गौरव दिवस अंतर्गत शिप्रा तट पर सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण और विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्ष भारत के द्वितीय संस्करण का लोकार्पण होगा। महादेव की नदी कथा-नृत्य नाट्य और पार्श्व गायकों द्वाराT सांगीतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। 15 फरवरी को शुभारंभ, 25 फरवरी तक नाट्य प्रस्तुतियां सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, विक्रमोत्सव का शुभारंभ 15 फरवरी को शिवरात्रि मेलों, भव्य कलश यात्रा और कलाकारों के समूह द्वारा प्रस्तुत ‘शिवोहम’ संगीतमय प्रस्तुति के उद्घाटन के साथ किया जाएगा. इसके बाद विक्रम थिएटर महोत्सव के अंतर्गत 16 से 25 फरवरी के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित नाट्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित नाटक होंगे. कठपुतली महोत्सव, बौद्धिक सम्मेलन और फिर कवि सम्मेलन 26 से 28 फरवरी के दौरान एक अंतरराष्ट्रीय इतिहास सम्मेलन, कठपुतली महोत्सव और अनुसंधान संगोष्ठी का आयोजन प्रस्तावित है. वहीं, सम्राट विक्रमादित्य के युग में न्याय व्यवस्था और शासन प्रणाली पर केंद्रित एक बौद्धिक सम्मेलन 28 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित किया जाएगा. इसके पश्चात 7 मार्च को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के प्रसिद्ध कवि भाग लेंगे. पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव विक्रमोत्सव के तहत अन्य प्रमुख कार्यक्रमों में 20 से अधिक देशों की प्रविष्टियों के साथ पौराणिक फिल्मों का एक अंतरराष्ट्रीय महोत्सव, वेद अंताक्षरी तथा गुड़ी पड़वा के अवसर पर रामघाट और दत्त अखाड़ा में सूर्योदय पूजा शामिल हैं. यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक विमर्श का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा. कार्यक्रम के अंतिम दिन, 19 मार्च को, वर्ष प्रतिपदा और सृष्टि आरंभ दिवस के अवसर पर ‘उज्जयिनी गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा. सरकार के अनुसार, इस दिन शिप्रा नदी के तट पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य पुरस्कार का वितरण, विक्रम पंचांग 2082-83 का विमोचन, ‘अर्शा भारत’ के दूसरे संस्करण का लोकार्पण तथा नृत्य-नाट्य प्रस्तुति ‘महादेव की नदी कथा’ प्रमुख आकर्षण होंगे. CM मोहन यादव का अधिकारियों को निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विक्रमोत्सव में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और कृतित्व के सभी आयामों की प्रभावी और व्यापक प्रस्तुति सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक निरंतरता को सशक्त बनाए रखने के लिए नई पीढ़ी को सम्राट विक्रमादित्य के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक योगदान से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है. सीएम मोहन यादव ने यह भी निर्देश दिए कि विज्ञान महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को विक्रमोत्सव से जोड़ा जाए, ताकि सम्राट विक्रमादित्य के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कालगणना, खगोल विज्ञान तथा प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को उजागर करने वाले विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें.   

छत्तीसगढ़ में रेल परियोजनाओं को बढ़ावा, ₹7,470 करोड़ का बजट और ₹51,080 करोड़ की परियोजनाएँ प्रगति पर

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य में रेल अधोसंरचना के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण को निरंतर गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को ₹7,470 करोड़ का बजट अनुदान प्रदान किया गया है। इस अनुदान के माध्यम से राज्य में रेल संपर्क को मजबूत करने, यात्री सुविधाओं में सुधार, माल परिवहन क्षमता बढ़ाने तथा सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में ₹51,080 करोड़ की लागत की रेल परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत नई रेल लाइनों का निर्माण, अतिरिक्त लाइनों का विकास, स्टेशनों का पुनर्विकास, रेल संरक्षा कार्य तथा आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना का विकास किया जा रहा है, जिससे राज्य के औद्योगिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास को निरंतर बल मिल रहा है। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित प्रमुख रेल परियोजनाओं में  बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना शामिल है, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर तथा लागत ₹2,135.34 करोड़ है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  बिलासपुर–नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।  दल्लीराझरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर एवं लागत ₹16,275.56 करोड़ है, के अंतर्गत 77.35 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में खरसिया–नया रायपुर–परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है, जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत ₹7,854 करोड़ है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी।  सरदेगा–भालूमाड़ा नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किलोमीटर एवं लागत ₹1,282 करोड़ है, क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी।  रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर तथा लागत ₹3,513 करोड़ है, बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यात्री सुविधाओं के उन्नयन की दिशा में अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है।  राज्य में वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी सेवाएँ ( बिलासपुर नागपुर बिलासपुर एवं दुर्ग विशाखापट्टनम दुर्ग ) तथा अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवा ब्रह्मपुर (ओडिशा)-उधना (सूरत गुजरात) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक रेल यात्रा का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार करते हुए पिछले 10-11 वर्षों में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण तथा 170 फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण किया गया है, जिससे रेल एवं सड़क यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है।  वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कुल 1,083 रेलवे कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से 845 कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। ये सभी प्रयास छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, सुरक्षित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित रेल नेटवर्क प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

अग्नि-3 मिसाइल ने मचाई हलचल, बंगाल की खाड़ी कांपी, चीन-पाक के पास नहीं है इसका कोई समान

भुवनेश्वर  भारत ने  सुबह ओडिशा के तट से एक ऐसा धमाका किया है, जिसकी गूंज ने सीमा पार बैठे दुश्मनों के बंकरों को हिला कर रख दिया है. भारत ने अपनी घातक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ‘अग्नि-3’ का सफल परीक्षण किया. इसकी सफलता ने चीन और पाकिस्तान को सीधा मैसेज भेजा है कि अगर आंख दिखाई, तो घर में घुसकर मारेंगे. इस मिसाइल को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से जब स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने दागा. रक्षा सूत्रों ने बताया कि लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स 100% सटीक पाए गए. DRDO द्वारा तैयार किया गया यह ‘ब्रह्मास्त्र’ अब पूरी तरह से अपने शिकार को तबाह करने के लिए तैयार है. बीजिंग और रावलपिंडी की ‘डेथ रेंज’ में एंट्री- इस परीक्षण ने पड़ोसी मुल्कों में खलबली मचा दी है. यह मिसाइल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि इसकी रेंज इतनी भयानक है कि पाकिस्तान का कोना-कोना इसकी जद में है. वहीं, अपनी विस्तारवादी सोच रखने वाला चीन भी अब सुरक्षित नहीं है. अग्नि-3 की मारक क्षमता चीन के बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों तक तबाही मचाने का दम रखती है. मध्यम दूरी की मिसाइल स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सफलतापूर्वक टेस्ट फायर किया. रक्षा सूत्रों की ओर से बताया गया कि लॉन्च में सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स सही पाए गए. बताते चलें कि भारत की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM – Intermediate Range Ballistic Missile) है. इसे डीआरडीओ ने विकसित किया है. अग्नि रेंज की मिसाइलों का लगातार परीक्षण हाल के दिनों में अग्नि सीरीज़ की दूसरी मिसाइलों का परीक्षण किया गया है. इसमें इसके अपग्रेडेड वेरिएंट भी शामिल हैं, का टेस्ट-फायर किया गया है. बता दें कि इन सब परीक्षण के बावजूद अग्नि-3 भारत की रक्षा ताकत में एक स्ट्रेटेजिक महत्व रखती है. यह मिसाइल दो-स्टेज वाला सिस्टम है जो सॉलिड फ्यूल से चलता है. पहला स्टेज जलने के बाद, दूसरा स्टेज जलता है ताकि मिसाइल अपने रास्ते पर आगे टारगेट की ओर बढ़े, जिससे स्टेबिलिटी और एक्यूरेसी पक्की होती है. अग्नि-3 का रेंज कितनी है अग्नि-3 दो-चरण की ठोस ईंधन वाली मिसाइल है. इसमें 1.5 टन तक का परमाणु या पारंपरिक वॉरहेड ले जाने की क्षमता है. साथ ही बताया गया कि इसकी अधिकतम रेंज 3,500 किलोमीटर होती है. हालांकि, अभी तक इसकी 3,000 से 3,200 किलोमीटर तक की रेंज में सफल परीक्षण हुआ है. इसकी विशेषताओं के बारे में बात करें तो-     लंबाई: इसकी लंबाई लगभग 17 मीटर तक है.     वजन: अग्नि-3 का वजन लगभग 48-50 टन है.     गति: यह मैक 7-8 यानी कि ध्वनि की गति से 7 से 8 गुना उड़ान भरने की क्षमता रखती है.     लक्ष्य सटीकता:  इसकी Circular Error Probable 40 मीटर से कम बताया जाता रहा है. पड़ोसी देश के कई शहर जद में मिसाइल पाकिस्तान के अधिकांश हिस्सों और चीन के कई महत्वपूर्ण शहरों जैसे बीजिंग तक नहीं, लेकिन शंघाई, चोंगकिंग आदि तक को कवर कर सकती है. वहीं, इसके जद में पाकिस्तान के अधिकांश शहर हैं. बताते चलें कि अग्नि-3 को 2006 के बाद कई बार सफलतापूर्वक परीक्षिण किया गया है. हालांकि, यह अग्नि-4 और अग्नि-5 की तुलना में छोटी लेकिन बहुत प्रभावी मिसाइल है.

उज्जैन में 500 हेक्टेयर में बनेंगे वन्य जीव केंद्र और रेस्क्यू सेंटर, वनतारा की तर्ज पर

 उज्जैन   उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाइल्ड लाइफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर पूरा अनुभव दें। इस वाइल्ड लाइफ सेंटर को करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हेक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केंद्र में शामिल कर लिया जाए। यह एक अनोखा वन्य जीव केंद्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केंद्रों से भिन्न हो। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  वन विभाग की समीक्षा में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कंसल्टेंट भी नियुक्त किए डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केंद्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में दो नए वन्य जीव केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष में उज्जैन के वन्य जीव केंद्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केंद्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फारेस्ट टूरिज्म स्पाट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। केंद्र ऐसे करें तैयार कि देशी और विदेशी सभी प्रजाति का दिन और रात कर विजिटर्स ले सकें आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केंद्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केंद्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव केंद्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केंद्र के रूप में तैयार किया जाए। देश-दुनिया के 11 जंगलों का कराया जाएगा अनुभव नियुक्त कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने बताया कि वन्य जीव केंद्र में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। वन्य जीव केंद्र का निर्माण कुल छह चरणों में किया जाएगा। इसमें दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केंद्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केंद्र में कराया जाएगा।

जैश आतंकी का बड़ा खुलासा: मुनीर ने दिया था ‘गजवा-ए-हिंद’ का नारा, ऑपरेशन सिंदूर पर कबूलनामा

 नई दिल्ली / इस्लामबाद  जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा कबूलनामा किया है. आतंकी इलियास कश्मीरी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ने आतंकियों से कहा था कि ये गजवा ए हिंद है. पीओके के रावलकोट में पांच फरवरी को जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने जैश के आतंकियों के बीच यह खुलासा किया. कश्मीरी ने कहा कि हमारे सिपहसालार ने युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि ये युद्ध गजवा ए हिंद है.  कश्मीरी ने कहा कि जब जंग छिड़ गई, असलहा निकल आया. फाइटर जेट टकरा गईं, टैंक आमने-सामने खड़े हो गए. तब सिपहसालार ने ऐलान कर दिया कि ये गजावत उल हिंद है. ये बुनयान अल मरसूस है.  ये रैली जैश ए मोहम्मद में भर्ती किए गए आतंकियों के लिए की गई थी. इलियास कश्मीरी ने आतंकवाद फैलाने के लिए इन ट्रेंड आतंकियों के सामने ये कबूलनाम किया. इलियास कश्मीरी ने कहा हमारा नाम, हमारी पहचान, हमारा Motto जिहाद (आतंकवाद) है. उन्होंने कहा कि जब सरकार साथ थी, तब भी जेहाद जब सरकार साथ नहीं थी, तब भी जेहाद, जिहाद हमारा मकसद है. हम जेहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे. बता दें कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले खुलासा किया था कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश आतंकी मौलाना मसूद अजहर का परिवार बहावलपुर में भारतीय हमले में मारा गया था. मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का नाम बुनयान अल मरसूस रखा था, जिसका मतलब होता है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती थी. 

8 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल से इन राशियों का भाग्य बदल सकता है, जानें क्या होगा खास

मेष आज के दिन खुद का साथ दें और अपने ऊपर भरोसा रखें। दूसरों के हिसाब से नहीं चलना है। कोई आपकी सहनशक्ति की परीक्षा ले सकता है, लेकिन इससे आपकी असली पहचान नहीं बदलेगी। अपने विश्वास पर खरे उतरेंगे। आपको अच्छे फैसले लेने में मदद करेगा। इसके अलावा कुछ सीमाएं तय करना भी जरूरी हो सकता है। सीमाएं बनाने से खुदगरजी नहीं है, बल्कि यह वो तरीका है जिससे आपका जीवन संतुलित रहता है। वृषभ आज आपको शांति पाने के लिए किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। किसी के साथ अगर आपको ठीक नहीं लग रहा है, तो आप उससे दूरी बना लें। इसके लिए लड़ाई या बहस करना जरूरी नहीं है। इससे आप अपनी शक्तियों का सही इस्तेमाल कर सकते हैं और उसे बचा सकते हैं। आज आप समझेंगे कि शांत रहना मतलब सब कुछ कंट्रोल करना नहीं, बल्कि जो होता है उसे स्वीकार करना और संतुलित रहना है। अपने अंदर की स्थिरता आपको बाहर की परेशानियों से लड़ने में मदद करेगी। मिथुन आज आपको अतिरिक्त महसूस करने की जरूरत नहीं है। आपको हर बात तुरंत लोगों से कहने या हर चीज में शामिल होने की जरूरत नहीं। आपको जो स्पष्टता मिलेगी, वह एकांत जगह पर मिलेगी, जहां शोर-शराबा ना हो। आज थोड़ी देर खुद को रोकें और अपनी ऊर्जा को बर्बाद होने से बचाएं। कम बोलने से आपको बेहतर लगेगा और बाहरी परेशानिया आपके महत्वपूर्ण काम में बाधा नहीं डालेंगी। खुद को पहले रखें। जैसे-जैसे आप अपने साथ खुश होंगे, आपकी दया और अपनापन भी बढ़ेगा। कर्क आज परिवार के रिश्ते मजबूत होंगे। जोड़ों की सेहत के लिए पोषण पर ध्यान देने से शारीरिक आराम बढ़ेगा। लंबी अवधि के निवेश की सोच से वित्तीय सुरक्षा अधिक मजबूत महसूस होगी। पेशेवर अवसर उन कामों में बेहतर होंगे जो आपके कौशल और विशेषज्ञता पर आधारित हों। अकेले या स्वयं-निर्देशित यात्रा करने से मानसिक शांति मिलेगी। संपत्ति या घर से जुड़े फैसले भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण होंगे। अध्ययन और सीखने में सफलता तब बेहतर रहेगी जब अनुशासन खुद से बनाए रखा जाए, न कि जब कोई बाहरी दबाव हो। सिंह आज का दिन शुभ रहेगा। आज आप अपने पुराने तौर-तरीके और आदतों को ठीक उस प्रकार छोड़ देंगे, जैसे सांप अपनी पुरानी खाल बदलता है। हालांकि ये चीजे आपकी पहचान तय नहीं करेंगी, जो पहले बहुत जरूरी लगता था, अब वह महत्वहीन लगेगा। हालांकि इस पर ज्यादा ध्यान ना दें। एक छोटा बदलाव नई चीजों के लिए रास्ता खोलता है। धीरे-धीरे तरक्की की राह पर हैं। आप जिस रास्ते पर हैं, वह आपके पुराने रास्ते से बेहतर है। कन्या आज आपका समझदारी वाला पक्ष सामने आएगा। भले ही आपको अनुशासन पसंद है, पर दूसरों और चीजों के प्रति कोमल रवैया अपनाने से ज्यादा फायदा होगा। दूसरों के साथ-साथ खुद के साथ भी दयालु रहें। आप अपनी सारी कामयाबी हासिल कर लेंगे, लेकिन बिना दबाव महसूस किए। कोमल और शांतिपूर्ण तरीके से बोलना आपके सोचने के तरीके को ताज़ा करता है और आपको अपने आप में बने रहने में मदद करता है। दया कमजोरी नहीं है; यह अभी आपके लिए सबसे सही तरीका है। तुला आज आपके लिए अच्छी बात यह रहेगी, कि अब आप उस चीज से नहीं भागेंगे, जो आपको परेशान कर रही है। आम तौर पर आप अपनी भावनाओं को अंदर ही अंदर दबा लेते हैं, लेकिन यह सही नहीं है। किसी बात को स्वीकार करना और यह मान लेना कि यह आपको प्रभावित कर रही है, थोड़ी तकलीफ दे सकता है, लेकिन सच को अपनाने से तनाव कम होगा और चीजें साफ दिखने लगेंगी। आपको सब कुछ ठीक करने की जरूरत नहीं है। बस अपनी भावनाओं को खुलकर महसूस करने और विकसित होने का समय दें। वृश्चिक जो भी चीजें आपको रोके हुए हैं, उसे छोड़ ने का वक्त आ गया है,जो एक नकारात्मक सोच, खराब आदत या झूठे सपने से जुड़ा हुआ हो सकता है। आज आपके लिए स्पष्टता और खोज का होगा। जब आप उन भ्रमों को छोड़ देंगे जो सच नहीं हैं, तो आपके लिए नई संभावनाओं और विकास की जगह बनेगी। विकास तब शुरू होता है जब आप उन चीजों को लेकर बचाव की मुद्रा छोड़ देते हैं जो अब काम नहीं कर रही हैं। धनु आज आपको बात करने के बजाय चीजों को देखकर सीखने का मौका मिलेगा। दूसरे जो आपके बारे में बोल रहे हैं, उनकी बातों पर बिल्कुल ध्यान न दें, आप चुप रहें और ध्यान से देखें कि वे क्या कर रहे हैं। अपने मन में सोचें, वाह, कितना अजीब है! आप जो जवाब ढूंढ रहे हैं, वह बिना पूछे ही मिल जाएगा। चुप रहना आपके सोचने को साफ करता है और आप असलियत तक पहुच पाएंगे। कभी-कभी सच बस बिना जबरदस्ती ढूंढे ही सामने आ जाता है। मकर आज आपको किसी पर गुस्सा करने का मन हो सकता है, लेकिन झगड़ा करने बजाय आप शांत रहेंगे। शांत रहना कमजोरी नहीं है, बल्कि यह समझदारी है। अपनी ऊर्जा को बर्बाद करने की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए कुछ बातें बिना जवाब छोड़ी जाए तो बेहतर है। जब आप शांत बैठने का विकल्प चुनेंगे, तो खुद को मजबूत महसूस करेंगे। शांति से आपकी मानसिक संतुलन बना रहेगा। आपको उन चीजों से दूर रहना है, जो आपकी ऊर्जा या ध्यान के लायक नहीं हैं। कुंभ कई दिनों से आप अपनी बातें दबा रखें हैं, उसे आप ज्यादा सोचने के बजाय, सच में महसूस करते हैं, वह आज कह दीजिए। चाहे काम का मामला हो या पर्सनल , आप अपनी सच्चाई बताएंगे। अपनी सच्चाई बोलने से आपको राहत मिलेगी, भावनात्मक बोझ हल्का होगा, मन को स्पष्टता और ताकत मिलेगी और नए अवसर खुलेंगे। मीन आज आप खुद को यह अनुमति देंगे कि आप कुछ न करें और किसी के भी समस्याओं को ठीक करने की जरूरत न महसूस करें। भावनात्मक रूप से आप किसी और का भारी बोझ नहीं उठा सकते। आप किसी ऐसे व्यक्ति के लिए खुश रह सकते हैं जो कठिन समय से गुजर रहा है। आप किसी से प्यार कर सकते हैं बिना उनकी समस्याएं अपने ऊपर लिए। जब आप किसी को अपनी जिदगी की जिम्मेदारी खुद लेने देते हैं, तो इससे दोनों के बीच जुड़ाव … Read more

अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने पर BCCI ने टीम इंडिया को दिया 7.5 करोड़ का इनाम, इंग्लैंड को हराया था

 नई दिल्ली भारत अपनी छठी अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत का जश्न मना रहा है. इसी बीच बीसीसीआई (BCCI) ने चैंपियन बनी भारतीय टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये के नकद इनाम का ऐलान किया है. यह इनाम भारत की शानदार जीत के बाद घोषित किया गया. भारत ने 6 फरवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराया. खास बात यह रही कि भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी. आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम की जीत के तुरंत बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस इनाम की पुष्टि की और टीम के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की. देवजीत सैकिया ने कहा, पूरा देश और बीसीसीआई हमारी अंडर-19 टीम की इस जीत पर गर्व महसूस कर रहा है. फाइनल में इंग्लैंड को जिस तरह हराया गया और पूरे टूर्नामेंट में टीम का अपराजित रहना, हम सभी के लिए गर्व की बात है. बीसीसीआई टीम को 7.5 करोड़ रुपये का नकद इनाम देगा. U19 वर्ल्ड कप 2026 में कैसा रहा भारत का सफर फाइनल में भारत की जीत की नींव शानदार बल्लेबाजी पर टिकी थी, जिसका नेतृत्व वैभव सूर्यवंशी ने किया. कप्तान अयुष म्हात्रे की अगुवाई में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 411 रन बनाए. यह स्कोर इतना बड़ा था कि इंग्लैंड पर शुरुआत से ही दबाव बन गया. वैभव सूर्यवंशी इस मैच के सबसे बड़े सितारे रहे. उन्होंने 175 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिससे फाइनल एकतरफा हो गया. * सूर्यवंशी ने सिर्फ 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है * इससे पहले उन्होंने 32 गेंदों में अर्धशतक लगाया * इसके बाद अगली फिफ्टी उन्होंने महज 23 गेंदों में पूरी कर दी इंग्लैंड की कोशिश नाकाम 412 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम कभी भी लय में नहीं आ सकी. हालांकि कालेब फाल्कनर ने संघर्ष करते हुए शतक लगाया, लेकिन बाकी बल्लेबाजों से उन्हें खास साथ नहीं मिला. भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाए और इंग्लैंड को कभी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया. आखिरकार इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 100 रन से फाइनल जीत लिया.

यूपी में बिजली महंगी होने की आशंका, 20% बढ़ोतरी के प्रस्ताव ने बढ़ाई चिंता

लखनऊ उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले कुछ महीने काफी हलचल भरे रहने वाले हैं. राज्य की बिजली कंपनियों ने घाटे की दुहाई देते हुए बिजली दरों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. बिजली नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव को कुछ शर्तों के साथ हरी झंडी दे दी है, जिस पर अब मार्च के महीने में अंतिम सुनवाई होगी. जनता के पास 21 दिन का समय नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को सख्त आदेश दिया है कि वे अगले 3 दिनों के भीतर अपना पूरा प्रस्ताव अखबारों में छपवाएं. इसके बाद आम उपभोक्ताओं को 21 दिन का समय दिया गया है ताकि वे इस प्रस्ताव को पढ़ सकें और अपनी आपत्तियां या सुझाव आयोग को भेज सकें. कंपनियों ने अपनी रिपोर्ट में करीब 12,453 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है और इसी की भरपाई के लिए रेट बढ़ाने की मांग की है. स्मार्ट मीटर का खर्च भी ग्राहकों की जेब पर? इस प्रस्ताव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनियों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और उनके संचालन पर होने वाले 3,837 करोड़ रुपये के खर्च का बोझ भी जनता पर डालने की तैयारी की है. कंपनियों का कहना है कि इस रकम को बिजली दरों में ही जोड़ दिया जाए. हालांकि, उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इन आंकड़ों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत करार दिया है. चोरी-छिपे वसूले गए 1400 करोड़ रुपये, अब होगी जांच गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछले 6 सालों से बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं, लेकिन पर्दे के पीछे का खेल कुछ और ही है. खबर है कि पिछले 11 महीनों में अलग-अलग शुल्कों के नाम पर उपभोक्ताओं से करीब 1400 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूल लिए गए हैं. ताज़ा मामला फरवरी के बिल में 10% की अतिरिक्त वसूली का है, जिससे नियामक आयोग भी हैरान है. आयोग ने पावर कॉरपोरेशन से इसकी पूरी गणना के कागजात मांगे हैं. माना जा रहा है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर अब तक हुई पूरी वसूली की बड़ी जांच हो सकती है. 12 फरवरी को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान इसके बाद बिजली दरों के साथ-साथ ‘निजीकरण’ का मुद्दा भी फिर से गरमा गया है. विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है. अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी 12 फरवरी को बड़ा प्रदर्शन करेंगे. बिजली कर्मचारियों के इस आंदोलन को किसान संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन मिला है. कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा.

भूमि सतीश पेडनेकर की ‘दलदल’ ने ओटीटी पर मचाई धूम, बनी ग्लोबल हिट

मुंबई  भूमि सतीश पेडनेकर कभी भी तयशुदा फॉर्मूले पर चलने वाली कलाकार नहीं रही हैं। उनकी फिल्मोग्राफी साफ दिखाती है कि वह ग्लैमर और ज़रूरत से ज़्यादा ड्रामा से दूर, अलग और दमदार कहानियों को चुनती हैं। अपनी पहली फिल्म से ही भूमि ने दम लगा के हईशा, टॉयलेट: एक प्रेम कथा, पति पत्नी और वो, बधाई दो, थैंक यू फॉर कमिंग, शुभ मंगल सावधान, बाला, भीड़, भक्षक, सांड की आंख जैसी फिल्मों के ज़रिए समाज से जुड़े मुद्दों पर बात करने की हिम्मत दिखाई है। अब उनकी ग्लोबल ओटीटी हिट सीरीज़ दलदल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। भूमि की फिल्मों और शोज़ में दिखावा कम और कंटेंट ज़्यादा होता है। यही वजह है कि दर्शक उनकी कहानियों से जुड़ते हैं और बार-बार उन्हें देखना चाहते हैं। दलदल के ओटीटी हिट बनने के साथ भूमि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए माध्यम नहीं, बल्कि कला और अभिनय सबसे ज़रूरी है। बड़े पर्दे पर अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद, भूमि ने अमेज़न प्राइम की टॉप-ट्रेंडिंग साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर दलदल के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी पकड़ साबित की है। यह सीरीज़ अमेरिका, यूके, यूएई समेत कई देशों में ट्रेंड कर रही है और दुनियाभर में सराही जा रही है। इसकी सफलता भूमि की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है और उन्हें भारत की सबसे भरोसेमंद और निडर अभिनेत्रियों में शामिल करती है। दलदल को मिल रही वैश्विक सराहना यह भी दिखाती है कि भूमि हमेशा कंटेंट और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को प्राथमिकता देती हैं। जहां कई कलाकार ऐसे किरदारों से हिचकते हैं जिनमें शारीरिक बदलाव, गहरी भावनात्मक तैयारी और व्यक्तित्व में बदलाव की जरूरत होती है, वहीं भूमि ने इन्हें अपनी ताकत बना लिया है। सिनेमाघरों से लेकर दुनियाभर के स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म तक, भूमि ऐसा काम कर रही हैं जो खुद बोलता है। दलदल की सफलता के साथ यह साफ है कि भूमि सतीश पेडनेकर हर बार बड़ा जोखिम लेती हैं और उसे पूरी मजबूती से निभाती हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने की घोषणा, जल्द खोले जायेंगें बिलहरा और सुरखी में करोड़ों की लागत से नये सांदीपनि विद्यालय

भोपाल . सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में विकास की एक और नई इबारत लिखी गई, जहां 38 करोड़ की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ स्कूल शिक्षा एवं परिहवन मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह द्वारा किया गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह का आत्मीय स्वागत किया। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  सिंह ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय निजी स्कूलों से ज्यादा अच्छे बन रहे हैं, यह सब जनता जनार्दन के आर्शीवाद से ही संभव हुआ है।  सिंह ने कहा कि देश का नेतृत्व आज एक ऐसा राष्ट्र भक्त व्यक्ति के हाथों में है जिनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्पों से भारत विश्व में एक अलग पहचान बना चुका है। हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का सपना है कि हर व्यक्ति के सर पर छत हो, जिसको लेकर उनका अभियान चल रहा है। उनके नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार म.प्र. को उंचाईयों की ओर ले जा रहे हैं।  सिंह ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को मसीहा बताते हुए कहा कि सुरखी की जनता ने एक मजबूत जनप्रतिनिधि को चुना है, जिसने जनता की आवाज को मजबूती से सरकार के सामने रखा और सुरखी विधानसभा में विकास के नये आयाम बनाये हैं। उन्होंने कहा कि सुरखी के पास एक नहीं दो-दो जनप्रतिनिधि है यदि मंत्री  राजपूत भोपाल में होते हैं तो सुरखी के पास  हीरा सिंह राजपूत हमेशा उपस्थित रहते हैं। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मांग पर जल्द ही बिलहरा और सुरखी में करोड़ो के नये सांदीपनि विद्यालय खोले जायेंगें। अभी राहतगढ़ और जैसीनगर में आपके यहां यह विद्यालय खोले जा चुके हैं जिनमें प्राईवेट स्कूलों से अच्छी शिक्षा एवं व्यवस्थाएं मिलेगी। जिसमें अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास, लैब, आने जाने के लिए बसें, डिजीटल लाजनिंग हब, पुस्तकालय, खेल परिसर, कोरीडोर, निःशुल्क कोचिंग, कैरियर काउंसिलिंग, इन्डोर, आउटडोर खेल की सुविधा, बाउंड्रीवाल, आधुनिक तकनीकि और सुरक्षा मानको से लैस यह सांदीपनि वि़द्यालय ग्रामीण क्षेत्र के लिए शिक्षा की संजीवनी होगा। प्रधानमंत्री की सोच को दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं मुख्यमंत्री:  राजपूत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री  राजपूत ने मंत्री उदय प्रताप सिंह का अभिनंदन करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का विशेष स्नेह है कि उनसे जो भी मांग की जाती है वह पूरी होती है, उनकी कार्य कुशलता के चलते शिक्षा एवं परिवहन विभाग में कई नवाचार हो रहे हैं, जिनका फायदा जनता को मिल रहा है।  राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जनकल्याणकारी सोच और सपनों को हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में सुरखी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में चहुंओर विकास हो रहा है।  राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के अंतिम गांव तक विकास योजनाएं पहुंच रही है, जिन गांव की आबादी भले ही पचास परिवारों की है वह भी पक्की सड़कों से जोड़े जायेंगें। यह डबल इंजन की सरकार ही है जो हर व्यक्ति की छोटी-बड़ी समस्याओं का ध्यान रखकर जनहितैषी योजनाओं से लांभावित कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में हर मांग पूरी करना मेरा कर्तव्य सुरखी विधानसभा क्षेत्र में भवनविहीन शास. माध्यमिक शाला जेरा, विशनपुर, बरखेरा महंत, धाउ, हड़ा एवं भवन निर्माण हेतु शास. हाईस्कूल विदवास, बरोदा सागर, मिडवासा, मसुरहाई, गेहूंरास बुजुर्ग, पड़रई, आदि के लिए मांग की गई थी। मंत्री  राजपूत द्वारा की गई मांग को पूरा करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जो भी मांग मंत्री  राजपूत द्वारा की जायेगी वह पूरी होगी और शिक्षा के लिए हर मांग पूरी करना मेरा दायित्व है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि विकास करने वाली सरकार है जिसमें 80 प्रतिशत बजट केवल गांव के लिए आवंटित किया है, जिससे पता चलता है कि सरकार जमीनी स्तर से काम कर ही है।  

नवसंकल्प की सफलता: जशपुर के 12 युवाओं का अर्धसैनिक बलों में चयन

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की पहल एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान, जशपुर ने युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। इस संस्थान के 12 छात्र-छात्राओं का चयन वर्ष 2025 में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित कांस्टेबल जनरल ड्यूटी (एसएससी जीडी) परीक्षा के माध्यम से विभिन्न अर्धसैनिक बलों में हुआ है। ज्ञातव्य है कि एसएससी जीडी की लिखित परीक्षा फरवरी-मार्च 2025 में आयोजित की गई थी, जिसमें नव संकल्प शिक्षण संस्थान के 36 विद्यार्थी सफल हुए। इसके पश्चात शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं मेडिकल परीक्षण नवंबर-दिसंबर 2025 में सम्पन्न हुए। सभी चरणों में सफल होने के उपरांत हाल ही में घोषित अंतिम परिणाम में संस्थान के कुल 12 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। चयनित विद्यार्थियों में 5 का चयन केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), 3 का केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), 2 का सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), 1 का भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा 1 का सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में हुआ है। सीआईएसएफ में बालेश्वर नाग, नोवेल टोप्पो, सोंकेश्वर प्रधान, नेहरू लाल एवं अरुण कुमार पैकरा, बीएसएफ में ब्रिन्देश्वर एवं सृष्टि तिर्की, सीआरपीएफ में रोहित केरकेट्टा, अरविंद केरकेट्टा एवं सुरेन्द्र राम, एसएसबी में देव प्रसाद नाग तथा आईटीबीपी में चन्दन कालो का चयन हुआ है। उल्लेखनीय है कि विगत वर्षों में भी नव संकल्प शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों का विभिन्न सुरक्षा बलों में चयन होता रहा है। केवल वर्ष 2025 में ही संस्थान के 125 विद्यार्थियों का चयन होमगार्ड्स, जिला पुलिस बल एवं केन्द्रीय पुलिस बलों में हुआ है। पूर्व में जशपुर जैसे सुदूर जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, किंतु अब नव संकल्प शिक्षण संस्थान जिले के युवाओं के लिए शासकीय सेवाओं में प्रवेश का एक सशक्त, भरोसेमंद एवं प्रेरणादायी माध्यम बनकर उभरा है

कोसीर एवं सरिया क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन पर सख्त कार्रवाई, ट्रैक्टर जब्त

रायपुर. सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमले द्वारा विगत दिनों कोसीर एवं सरिया तहसील क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। सारंगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम मल्दा, दहिदा एवं जसपुर क्षेत्र में गौण खनिज रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 02 ट्रैक्टरों को जब्त कर उन्हें थाना कोसीर के सुपुर्द किया गया, जबकि सरिया तहसील के पिहरा क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 03 ट्रैक्टरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें थाना सरिया के सुपुर्द किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर नियंत्रण हेतु यह जांच-पड़ताल और कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड दौरा: मुख्यमंत्री ने बिथ्याणी (यमकेश्वर) महाविद्यालय का निरीक्षण किया

पौड़ी गढ़वाल. उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बिथ्याणी (यमकेश्वर) स्थित महाविद्यालय का किया निरीक्षण   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दूसरे दिन गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी (यमकेश्वर) का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में आम का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर सेना की 127 गढ़वाल इन्फेंट्री बटालियन के जवानों ने भारत मां की जय के नारों से माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। मौके पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने भी भारत माता के साथ-साथ सीएम योगी के समर्थन में नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अपने गुरु राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। विद्यालय परिवार की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया।

दो साल में देशभर में चलाने का लक्ष्य, राजस्थान में जल्द शुरू होगी सरकारी ‘भारत टैक्सी’ सेवा?

जयपुर/नई दिल्ली. देश के टैक्सी सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र सरकार ने ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ ‘भारत टैक्सी’ ऐप लॉन्च कर दिया है। यह कोई साधारण प्राइवेट कंपनी नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा कोऑपरेटिव (सहकारी) टैक्सी प्लेटफॉर्म है। राजस्थान, जो अपनी पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, वहां इस सेवा का आना न केवल यात्रियों के लिए जेब राहत की खबर होगा, बल्कि हजारों टैक्सी ड्राइवरों के लिए शोषण से आजादी का मार्ग भी है। क्या है ‘भारत टैक्सी’?  ‘भारत टैक्सी’ एक सरकारी और सहकारी मॉडल पर आधारित ऐप है, जिसे ओला और उबर जैसी प्राइवेट कंपनियों के विकल्प के रूप में पेश किया गया है। इसका संचालन ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है। इस ऐप की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें टैक्सी चलाने वाला ड्राइवर (जिसे ‘सारथी’ कहा गया है) ही इस प्लेटफॉर्म का हिस्सेदार यानी मालिक है। जहाँ प्राइवेट कंपनियां हर राइड पर 20% से 30% तक कमीशन काटती हैं, वहीं भारत टैक्सी में ड्राइवर से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। राजस्थान में क्यों है ज्यादा जरूरत? राजस्थान एक ‘टूरिज्म हब’ है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और जैसलमेर जैसे शहरों में विदेशी और घरेलू पर्यटकों की भारी आवाजाही रहती है। पर्यटकों का भरोसा: अक्सर पर्यटकों को प्राइवेट कैब में ‘सर्ज प्राइसिंग’ (पीक आवर्स में बढ़ा हुआ किराया) और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। सरकारी भरोसे वाली ‘भारत टैक्सी’ आने से पर्यटकों के बीच ‘ट्रस्ट फैक्टर’ बढ़ेगा। सस्ती राइड: राजस्थान के आम नागरिकों को अब प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटर्स के मनमाने किराए से राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत टैक्सी का किराया अन्य ऐप्स के मुकाबले 20% से 30% तक कम हो सकता है। राजस्थान में कब और कहाँ होगी शुरुआत? वर्तमान में इस सेवा का दिल्ली-NCR और गुजरात में सफल पायलट ट्रायल पूरा हो चुका है और 5 फरवरी को इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। विस्तार योजना: केंद्र सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों के भीतर इसे देश के हर राज्य और शहर में पहुँचाना है। राजस्थान के ‘टॉप’ शहर: उम्मीद है कि अगले चरण में राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा जैसे महानगरों में ‘भारत टैक्सी’ के सपोर्ट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। टैक्सी ड्राइवरों के लिए ‘अच्छे दिन’! राजस्थान के हजारों टैक्सी और ऑटो चालक लंबे समय से प्राइवेट कंपनियों की भारी कमीशन कटौती और ‘सर्ज प्राइसिंग’ के कारण परेशान हैं। ऐसे में सरकारी ‘भारत टैक्सी’ उनके लिए ज़्यादा बेहतर विकल्प बन सकती है।  सीधे बैंक खाते में पैसा: भारत टैक्सी में यात्री द्वारा दिया गया किराया सीधे ड्राइवर के बैंक खाते में जाएगा। सामाजिक सुरक्षा: इस योजना के तहत ड्राइवरों को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा भी दिया जा रहा है, जो राजस्थान के चालक समुदाय के लिए एक बड़ी सुरक्षा है। फिलहाल ये चल रही टैक्सियांराजस्थान सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत उबर, ओला, मेरु और पिंक सिटी कैब जैसी निजी टैक्सी सेवाएं राज्य में संचालित हो रही हैं। ये शहर के भीतर और शहरों के बीच यात्रा के लिए मोबाइल ऐप और कॉल बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध हैं। सुरक्षा और नियमनराज्य परिवहन विभाग ने टैक्सी यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष- लाइव लोकेशन ट्रैकिंग सुविधा- आपातकालीन पैनिक बटन सुविधा- आठ वर्ष से अधिक पुराने वाहनों पर प्रतिबंध, महिला यात्रियों के लिए महिला चालक का विकल्प भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

अमित शाह का दावा: विकसित भारत के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा देश

जम्मू  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, केन्द्रीय गृह मंत्री ने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की। बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है। मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की जरूरत है। सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए। इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए। एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे। गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि देश वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी। गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। –

सड़क विकास को गति: किसानों की रज़ामंदी से भूमि अधिग्रहण का फैसला

भोपाल . गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा की उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने गुरूकुल विद्यालय से खैरा तक सड़क के चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि यह सड़क रीवा एयरपोर्ट को सिलपरा-बेला रिंग रोड से जोड़ेगी। सड़क चौड़ीकरण में आने वाली जमीनों के लिए चोरहटा, रघुनाथपुर व खैरा गांव के किसानों ने अपनी सहमति दी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हवाई अड्डे को जोड़ने वाली सड़क के बन जाने से किसानों की शेष जमीनों का भी मूल्य बढ़ेगा। कलेक्ट्रेट रीवा के सभागार में बैठक में किसानों ने कहा कि हम सब रीवा के विकास में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के साथ हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आपसी सहमति से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया कम से कम समय में पूरी हो जाएगी और किसानों को उनकी अधिग्रहीत जमीन का उचित मुआवजा भी शीघ्र मिल जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर अतिशीघ्र प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिलपरा-बेला रिंग रोड निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। आगामी अप्रैल माह में इसका लोकार्पण हो जाएगा। रिंग रोड के लोकार्पण से पूर्व ही गुरूकुल से खैरा होकर बनने वाली सड़क का चौड़ीकरण कार्य भी पूरा करा लिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा शहर के उत्तरी छोर में निर्माणाधीन चोरहटा-रतहरा बायपास के सिक्स लेन चौड़ीकरण मार्ग की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा का संभागीय मुख्यालय प्रदेश का पहला संभागीय मुख्यालय होगा जहाँ आगामी माह में शहर के चारों तरफ बायपास या रिंगरोड का निर्माण हो जाएगा। कलेक्टर मती प्रतिभा पाल ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 9 एवं 10 फरवरी को शिविर आयोजित कर किसानों से सहमति पत्र लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं जिससे शीघ्र ही जमीन का अधिग्रहण किया जाकर नियत समय में चौड़ीकरण कार्य किया जा सके। बैठक में ढेकहा तिराहा के चौड़ीकरण तथा एयरपोर्ट विस्तार कार्य पर भी चर्चा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर मती सपना त्रिपाठी सहित राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा संबंधित गांवों के किसान उपस्थित रहे।  

गले में डालकर घंटों तक बैठा रहा, ज्वैलरी शॉप से लाखों की सोने की चेन ले उड़ा कबूतर

नागौर. राजस्थान के नागौर जिले से सामने आया एक अनोखा वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कबूतर सोने की चेन चोंच में दबाकर उड़ता और बाद में उसे गले में डालकर बैठा नजर आ रहा है। जहां एक ओर सोने-चांदी के भावों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, वहीं इस ‘सोने की चेन पहने कबूतर’ ने लोगों को हैरान कर दिया है। ये है पूरा मामला ये वायरल वीडियो नागौर जिले के डेगाना कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार डेगाना के सर्राफा बाजार स्थित एक ज्वेलरी शॉप में सोने के आभूषण तैयार किए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक कबूतर दुकान के भीतर घुस आया और काउंटर पर रखी तैयार हो रही सोने की चेन को अपनी चोंच में दबाकर उड़ गया। कुछ ही पलों में कबूतर चेन लेकर दुकान के बाहर जा बैठा और उसे गले में डाल लिया। घटना को देखकर दुकान संचालक और आसपास मौजूद व्यापारी कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। सोने जैसी कीमती वस्तु को इस तरह उड़ते देख वहां अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों ने तुरंत कबूतर पर नजर बनाए रखी और उसे नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी देर की मशक्कत के बाद कबूतर ने चेन वहीं गिरा दी और उड़ गया, जिससे सोने की चेन सुरक्षित वापस मिल गई। इसके बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली। ये कमेंट कर रहे यूजर्स इस घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद ये तेजी से वायरल हो गया। वीडियो पर यूजर्स मजेदार कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘लगता है कबूतर को भी सोने की कीमत समझ आ गई है।’ वहीं दूसरे ने कहा, ‘कोई पुराना हिसाब-किताब बाकी होगा।’ कुछ यूजर्स ने तो अनोखी डिमांड करते हुए लिखा कि “ये कबूतर मुझे चाहिए।’ एक अन्य यूजर ने लिखा, भाई ये मॉडर्न कबूतर है, चिट्ठी नहीं अब सोने की चेन लेकर जाता है।’ अन्य ने कहा कि ‘शायद पत्नी ने एनिवर्सरी पर गोल्ड चेन की डिमांड कर दी होगी,’ तो किसी ने इसे वेलेंटाइन डे से जोड़ते हुए लिखा कि ‘वैलेंटाइन डे से पहले कबूतर अपनी GF के लिए गिफ्ट लेकर जा रहा है।’

यूक्रेन में तबाही: रूस ने एक साथ 400 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं, साल का सबसे खतरनाक हमला

कीव     रूस ने यूक्रेन पर इस साल का अब तक सबसे घातक हमला किया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने बताया कि रूस ने बीती रात यूक्रेन पर 400 से अधिक ड्रोन और लगभग 40 मिसाइलें दागीं, जिनका मुख्य निशाना देश की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर रहा. खासतौर से बिजली उत्पादन इकाइयों, एनर्जी ग्रिड और वितरण सब-स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. जेलेंस्की ने कहा कि वोलिन, इवानो-फ्रांकीव्स्क, लविव और रिव्ने क्षेत्रों में भी नुकसान के मामले सामने आए हैं, जहां रिव्ने में एक अपार्टमेंट भवन भी प्रभावित हुआ. वहीं, विनित्सिया क्षेत्र के लाडिज़िन शहर में ड्रोन हमले में एक सामान्य कॉलेज की प्रशासनिक इमारत को निशाना बनाया गया. कीव और खार्किव क्षेत्रों में भी हमले जारी हैं और कई स्थानों पर एयर डिफेंस ऑपरेशन अभी तक खत्म नहीं हुए हैं, जिससे स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि मॉस्को हर दिन वास्तविक कूटनीति का विकल्प चुन सकता है, लेकिन वह निरंतर हमलों का रास्ता अपनाए हुए है. उन्होंने उन देशों पर जोर दिया जो त्रिपक्षीय बातचीत का समर्थन करते हैं, कि वे रूस की इस रणनीति पर सख्त प्रतिक्रिया दें. उन्होंने रूस को सर्दियों के दबाव को हथियार बनाने से रोकने पर भी बल दिया. इसके लिए यूक्रेन को पैट्रियट, NASAMS और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अधिक मिसाइलों की जरूरत है.  जेलेंस्की ने सभी इंटरनेशनल पार्टनर्स का धन्यवाद किया जो यूक्रेन की स्थिति को समझते हुए मदद प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर एक शिपमेंट यूक्रेन को इस कठिन सर्दी से लड़ने में मदद करता है.

बरेली में मस्जिद पर बुलडोजर चला, कोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण ढहा, पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कार्रवाई

 बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है. इसी क्रम में भोजीपुरा इलाके के पिपरिया गांव में अवैध तरीके से बनी मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अधिकारियों का कहना है कि यह मस्जिद ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर बनाई गई थी. अदालत में लंबे समय तक सुनवाई हुई, अब अदालत के आदेश पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है. भोजीपुरा गांव में जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ पहुंची. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद का निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. करीब 300 वर्ग गज में यह निर्माण था. लंबे समय से इसे लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा. प्रशासन का कहना है कि निर्माण को अवैध श्रेणी में मानते हुए हटाया जा रहा है. ग्राम समाज के गाटा संख्या पर बनी मस्जिद का विवाद पहले तहसीलदार कोर्ट में चला, जहां से मस्जिद के पक्ष में कोर्ट में पेश होने वाले लोगों के खिलाफ आदेश आया. आदेश में यह साफ हुआ कि यह सरकारी ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अवैध तरीके से अस्थाई निर्माण हुआ. इसके बाद मुस्लिम पक्ष सिविल कोर्ट पहुंचा. वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले पर मोहर लगी. इसके बाद कई नोटिस दिए गए. नोटिस के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स, वरिष्ठ अधिकारियों, थाना भोजीपुरा की पुलिस, थाना अध्यक्ष, एसडीएम सदर व एएसपी की मौजूदगी में निर्माण ध्वस्त कर दिया गया. एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि इस अस्थाई मस्जिद में स्थानीय ग्रामीण नमाज पढ़ते थे. उन्हीं के द्वारा कोर्ट में केस दायर किया गया. विरोध में फैसला आने के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया. एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में बंजर (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी. गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण हुआ था. इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी. तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे. पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी उनका केस खारिज हो गया. अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की. बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था. सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई.

उज्जैन बनेगा सांस्कृतिक केंद्र: 139 दिनों तक चलेगा विक्रमोत्सव

भोपाल. अपर मुख्य सचिव संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व  शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सृष्टि सृजनकर्ता महादेव के भव्य-दिव्य महाशिवरात्रि उत्सव से 15 फरवरी को विक्रमोत्सव-2026 का भव्य औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। महोत्सव सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर अपनी पूर्णता जो प्राप्त करेगा। इसके पूर्व 12 फरवरी से महाकाल वन मेला में हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस तरह 12 फरवरी से 30 जून, 2026 तक यह 139 दिवसीय आयोजन देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव होगा। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से प्रारंभ होगा। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने यह जानकारी एमपीटी लेक व्यू रेजिडेंसी में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के  एन.पी. नामदेव, मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक राम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे। देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि गणनायक सम्राट विक्रमादित्य की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रूपये 1 करोड़ 1 लाख का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के 3 राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किये हैं। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ संचालित की जाएगी। शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियाँ शामिल है। इसके साथ ही भारतीय कालगणना पर केन्द्रित विक्रम पंचांग सहित विविध पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। और सबसे महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा। उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला का आयोजन विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी तक उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही इसमें आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच की जायेगी तथा इस मौके पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही है। देव महादेव पर्वः प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलो का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मंदिरों की साज सज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ प्रमुख है। पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियाँ विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएँ, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, कृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है। विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रस्तुतियों जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी के मंचन के साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन किया जाएगा। पुतुल समारोह 25 से 28 फरवरी तक भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियाँ होगी। भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन लोकरंजन के अंतर्गत 1 मार्च को जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषा के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। इसमें देश-प्रदेश की 9 महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। इसका संचालन अंतर्राष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे। शिव पुराण शिवपुराण के अंतर्गत 13 से 17 मार्च तक भारतीय ज्ञान परंपरा के 18पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान पर आधरित चित्र प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा। अंतर्राष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में 25 से अधिक देश होंगे शामिल पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 25 से देश शामिल हो रहे है। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक, भाषाओं की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जायेगा।  

अक्षरधाम मंदिर में उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने की नागरिकों की सुख-समृद्धि के लिये प्रार्थना

भोपाल उपमुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने इंदौर में स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में स्वामीनारायण की आरती कर नागरिकों के लिए सुख एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर इंदौर अतिसुंदर रूप में निर्मित हुआ है। मंदिर में आकर अत्यंत आत्मिक शांति मिली है। मंदिर से बड़ी संख्या में भक्त जुड़कर सफलतम जीवन की कामना करते हैं और जीवन के हर क्षेत्र में सफल होते हैं। उप मुख्यमंत्री  देवड़ा ने कहा कि यहां पहुंचकर स्वामीनारायण के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पूर्व सांसद  कृष्णमुरारी मोघे ने भी स्वामीनारायण भगवान की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अतिथियों को मंदिर समिति के सेवादारों ने शॉल, फल एवं साहित्य भेंट किया। इस अवसर पर  जे.पी. मूलचंदानी,  नीलेंद्र अजमेरा,  राकेश अजमेरा,  रमेश भाई पटेल,  गिरीश नीमा सहित सेवा मंडल के सदस्य उपस्थित थे।  

आरक्षक (जी.डी.) भर्ती 2025: द्वितीय चरण की शारीरिक परीक्षा की तिथियाँ घोषित

भोपाल. आरक्षक (जी.डी.) एवं आरक्षक (रेडियों) के कुल 7500 पदों पर भर्ती हेतु मध्‍यप्रदेश कर्मचारी मंडल भोपाल द्वारा ऑनलाईन परीक्षा दिनांक 30.10.2025 से 15.12.2025 तक आयोजित कराई गई थी। उक्त परीक्षा का परिणाम दिनांक 25.01.2026 को वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर घोषित किया जा चुका है। सफल उम्‍मीदवार को अगले चरण के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा physical proficiency test (PPT) ली जाएगी। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण एवं 800 मीटर दौड़, लम्बी कूद एवं गोला फेंक मध्यप्रदेश के 10 स्थानों पर 23 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक प्रतिदिन प्रात: 6:00 बजे से आरंभ होगी। ऑनलाइन परीक्षा में सफल उम्मीदवार म.प्र.कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर निर्धारित शारीरिक प्रवीणता परीक्षा स्थल पर पहुंचे। सभी उम्मीदवारों को उनकी निर्धारित दिनांक को ही पहुंचना आवश्यक है। उम्मीदवार को शारीरिक प्रवीणता के लिये जो दिनांक व स्थान सूचित किया जा रहा है उस दिनांक व स्थान में कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। इन जगहों पर होगा शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन भोपाल में लाल परेड ग्राउड भोपाल, इंदौर में माउण्टेड ट्रूप डिपार्टमेंट (MTD) परिसर आरएपीटीसी इन्दौर, जबलपुर में परेड ग्राउण्ड 6वीं वाहिनी विसबल रांझी जबलपुर, ग्वालियर में परेड ग्राउण्ड 14वीं वाहिनी विसबल कम्पू ग्वालियर, उज्जैन में महानंदा एरीना ग्राउण्ड देवास रोड उज्जैन, सागर में शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज बहेरिया सागर, रीवा में परेड ग्राउण्ड 9वीं वाहिनी विसबल रीवा, बालाघाट में फुटबॉल/हॉकी ग्राउण्उ 36वीं वाहिनी विसबल बालाघाट, रतलाम में भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बस स्टैण्ड के पास जावरा रतलाम तथा मुरैना में परेड ग्राउण्ड 05वीं वाहिनी विसबल मुरैना में आयोजित होगी। शारीरिक दक्षता चयन के विभिन्न चरणों में आधार ई-केवायसी सत्यापन कराया जाएगा। अत: अभ्यार्थी अपना आधार कार्ड साथ लेकर आएं। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नम्बर उनके द्वारा लॉक न कर दिया गया हो। दस्तावेज परीक्षण हेतु उम्मीदवारों को समस्त मूल आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति (photocopy) साथ लेकर उपस्थित होना अनिवार्य है।  

अवैध पशु तस्करी पर शिकंजा: मध्यप्रदेश पुलिस की निर्णायक कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध गौवंश एवं पशु तस्करी के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्‍त की है। पुलिस की सक्रिय, समन्वित और तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप विगत 7 दिनों में 141 गौवंश एवं अन्‍य पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया गया है। छतरपुर (थाना नौगांव): हाईवे पर पुलिस की घेराबंदी थाना नौगांव पुलिस ने सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए फोरलेन हाईवे पर एक संदिग्ध 16 चक्का ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में क्षमता से अधिक 45 मवेशी भरे पाए गए। इस कार्यवाही में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अनूपपुर (थाना कोतमा): अवैध हथियार के साथ तस्कर गिरफ्तार कोतमा पुलिस ने एक ट्रक से 22 नग भैंस/पाड़ा बरामद किए। इस कार्यवाही में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा और 02 जिंदा कारतूस भी जप्त किए हैं। जप्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपये आंकी गई है। सिवनी (थाना कोतवाली): रात्रि गश्त के दौरान बड़ी सफलता सिवनी पुलिस ने एक कंटेनर वाहन को जब्त कर उसमें अवैध रूप से ले जाए जा रहे 27 गौवंश को मुक्त कराया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने एक वाहन से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 39 गौवंश को भी मुक्त कराया। खरगोन एवं उमरिया खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 04 गौवंश को मुक्त कराया। वहीं उमरिया पुलिस ने एक पिकअप वाहन को जब्त कर 04 मवेशियों (भैंस व पाड़ा) को तस्करों से मुक्त कराया। इन मामलों में पशु क्रूरता अधिनियम एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गौवंश एवं अन्य पशुओं की तस्करी में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सतत् कार्यवाही जारी है। यह कार्यवाही न केवल गौवंश संरक्षण बल्कि पशु क्रूरता की रोकथाम एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

थाना करनपठार पुलिस ने आरोपी – तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह के कब्जे से अवैध रूप से लोहे की बका जप्त कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

अनूपपुर /करनपठार पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग पुष्पराजगढ के मार्गदर्शन में निरी. बीरेन्द्र कुमार बरकरे थाना प्रभारी करनपठार के नेतृत्व में सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार, चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर. 476 संतोष मरावी के द्वारा दिनांक 05/02/26 को जरिये मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की एक व्यक्ति  ग्राम करपा ग्राउण्ड रंग मंच के पास खडा होकर बका लहरा  रहा है और आने जाने वालो को डरा धमका रहा है । सूचना की तस्दीक हेतु गवाहान केशव नायक पिता मोती नायक निवासी मेढाखार एवं हीरा सिंह पिता स्व. नेशू राम निवासी करपा  को मुखबिर की सूचना से अवगत कराने के  उपरान्त गवाहानों को सांथ में लेकर मुखबिर के बताये स्थान में पहुंचा मुखबिर के बताये हुलिया के अनुसार एक व्यक्ति मिला ,जो  पुलिस  को आता देखकर वहां से भागने का प्रयास करने लगा । जिसे हमराह स्टाफ व  गवाहों के घेरा बंदी कर पकडा गया जो नाम पता पूंछने पर वह व्यक्ति अपना नाम तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह पिता नान सिंह उम्र 24 वर्ष निवासी पंडानटोला मेढाखार थाना करनपठार जिला अनूपपुर (म.प्र.) का होना बताया । हिरासत में लेकर जामा तलाशी ली गई तो उसके दाहिने तरफ कमर में खोंचकर बका रखा होना पाया गया । जिसे मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्त कर कब्जे पुलिस लिया गया । वापसी पर अपराध धारा 25B आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया । उपरोक्त कार्यवाही में निरी. वीरेन्द्र कुमार बरकरे के नेतृत्व में हमराह सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार , चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर.476 संतोष मराव  का  सराहनीय योगदान रहा ।

शक्ति से सुरक्षा की ओर: सृजन कार्यक्रम का भव्य समापन

भोपाल . राजधानी के निशांतपुरा थाना क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग की भावना को धरातल पर उतारते हुए आयोजित 16 दिवसीय ‘सृजन’ कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस विभाग और मुस्कान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में गांधीनगर, आरिफ नगर, कमला नगर और एहसान नगर के लगभग 350 बच्चों ने भाग लेकर आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास के गुर सीखे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनीत कपूर (DIG),मती किरण लता केरकेट्टा (DIG), मयूर खंडेलवाल (DCP ZONE-4), अमृत मीणा (AIG) और अक्षय चौधरी (ACP) निशातपुरा उपस्थित रहे। साथ ही थाना प्रभारी (TI) मनोज पटवा, एस.आई. अशोक शर्मा एवं निशातपुरा थाने का समस्त स्टाफ, मुस्कान संस्था, यूथ फैसिलिटेटर्स सहित उदय संस्था के स्टाफ की विशेष उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, जिसके बाद बच्चों ने मराठी और गोंडी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मार्शल आर्ट और पावर वॉक का प्रदर्शन रहा। बच्चों ने अपनी शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन करते हुए ‘शक्ति से सुरक्षा की ओर’ के संकल्प को जीवंत कर दिया। बच्चों ने जब पुलिस की वर्दी पहनकर अनुशासित परेड की, तो हर कदम के साथ यह एहसास गहरा होता गया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती—उसे बस अवसर और विश्वास चाहिए। कार्यक्रम का सबसे सशक्त, सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब DCP जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने अपनी पावर वॉक करती नन्ही बच्ची को, जो स्वयं पुलिस यूनिफ़ॉर्म में थी, अपनी IPS कैप महिला निरीक्षक के हाथों पहनवाई। यह दृश्य केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए एक जीवित सपना था कि वे भी एक दिन इसी वर्दी में, इसी गरिमा के साथ समाज और देश की सेवा कर सकते हैं। उस एक पल ने बच्चों के मन में आत्मविश्वास बोया, उनकी आँखों में भविष्य जगाया और यह संदेश दे दिया कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और संकल्प हो तो कोई भी बच्चा अपने सपनों तक पहुँच सकता है। यही क्षण इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बना। प्रशिक्षण के दौरान आए बदलावों पर चर्चा करते हुए बच्चों ने बताया कि इन 16 दिनों ने उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित किया है। एक प्रतिभागी की माता ने भावुक होकर बताया कि कैसे उनकी बेटी अब पढ़ाई, घर के काम और प्रशिक्षण के बीच बेहतरीन संतुलन बना रही है। मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी को दूर करने और मजबूत पारिवारिक संबंध बनाने पर जोर दिया, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षक गोविंद और अन्य समन्वयकों ने प्रशिक्षण की चुनौतियों और बच्चों के व्यवहार में आए सुधारों की रिपोर्ट साझा की। सभी 350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि पुलिस एवं आमजन के मध्य बढ़ते विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता का सशक्त प्रतीक है। ‘सृजन’ कार्यक्रम का उद्देश्य: ‘सृजन’ मात्र एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि सामुदायिक सुरक्षा की दिशा में एक मानवीय पहल है। इसके माध्यम से पुलिस प्रशासन बस्तियों के बच्चों तक पहुँचकर उन्हें मार्शल आर्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं जीवन कौशल (Life Skills) का प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे वे आत्मविश्वासी, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें और पुलिस को अपना विश्वसनीय साथी समझें।  

अभिनेता विजय पर 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना, मद्रास उच्च न्यायालय ने रखा फैसला जस का तस

मद्रास   दक्षिण के अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय एक बार फिर विवादों में घिर चुके हैं। इस बार मद्रास उच्च न्यायालय ने अभिनेता को झटका देते हुए आयकर विभाग द्वारा 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना अदा करने के आदेश को बरकरार रखने का फैसला लिया है। अभिनेता ने मद्रास उच्च न्यायालय में आयकर विभाग द्वारा लगाए जुर्माने को गलत बताते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल साल 2016-17 में अभिनेता ने आयकर रिटर्न दाखिल किया था और अपनी संपत्ति का विवरण देते हुए 35,42,91,890 रुपए की संपत्ति घोषित की थी। अभिनेता पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है और असल संपत्ति छिपाने की कोशिश की। आयकर विभाग ने अभिनेता की संपत्ति की तुलना साल 2015 के दस्तावेजों से की, जिसमें पाया गया कि विजय ने कथित तौर पर फिल्म ‘पुली’ में अभिनय के लिए प्राप्त 15 करोड़ रुपए की आय को छुपाया था, जिसका खुलासा उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में नहीं किया था। जिसके बाद साल 2022 में अभिनेता पर आयकर विभाग ने 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। अभिनेता ने जुर्माना न भरने का फैसला करते हुए आयकर विभाग द्वारा लगाए गए जुर्माने को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी। आदेश को चुनौती देते हुए अभिनेता का दावा था कि आदेश 30 जून, 2019 से पहले पारित किया जाना चाहिए था, और चूंकि आदेश देरी से जारी किया गया था, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने जुर्माने की राशि के भुगतान पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन अब न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति के समक्ष अंतिम सुनवाई में जुर्माने के फैसले को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। अब अभिनेता को 1.50 करोड़ रुपए भरने पड़ेंगे। इसके अलावा अभिनेता करूर भगदड़ मामले में भी फंसे हैं। अभिनेता से लगातार सीबीआई घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। अभिनेता दो बार सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं। सीबीआई लगातार अभिनेता और उनकी पार्टी की करूर भगदड़ में भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि विजय के देरी से आने की वजह से भीड़ ज्यादा एकत्रित हो गई और उन्हें देखने के लिए जुटी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। हालांकि अभिनेता और पार्टी से जुड़े अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है।उच्च न्यायालय ने फैसले को किया बरकरार मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा अभिनेता विजय पर 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना, मद्रास उच्च न्यायालय ने रखा फैसला जस का तस

विंध्य में जीएसटी घोटाला उजागर, 9 जगहों पर छापेमारी, 8 फर्मों का फर्जीवाड़ा सामने आया

जबलपुर  केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आयुक्तालय, जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। केंद्रीय जीएसटी आयुक्त लोकेश लिल्हारे के नेतृत्व और निर्देशन में विभाग की एंटी इवेजन टीम ने सीधी, सतना और कटनी जिलों में नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। खुफिया जानकारी मिली थी विभाग को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन क्षेत्रों में कई ऐसी फर्में पंजीकृत हैं जो केवल कागजों पर चल रही हैं और इनका उपयोग कोयले की फर्जी बिलिंग कर गलत तरीके से आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। छापामार कार्रवाई के दौरान टीम को चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच की गई नौ फर्मों में से आठ फर्में अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्वहीन यानी गैर-परिचालन की पाई गईं। इन फर्मों का मौके पर कोई नामो-निशान नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इनका गठन केवल सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए किया गया था। बहरहाल, विभाग अब इन फर्मों द्वारा काटे गए बिलों और पास की गई आइटीसी की गहन जांच कर रहा है, ताकि राजस्व हानि का सही आकलन किया जा सके। कमिश्नर लोकेश लिल्हारे ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी करने वालों और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ विभाग की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। इन फर्मों के खिलाफ की गई कार्रवाई मेसर्स महादेव ट्रेडर्स (सीधी) मेसर्स मिश्रा ट्रेडिंग कंपनी (सीधी) मेसर्स गायत्री एंटरप्राइजेज (सीधी) मेसर्स जय श्री बालाजी कोल ट्रेडर्स (कटनी) मेसर्स रिशाल एसोसिएट्स (सतना) मेसर्स भव्यंश सेल्स एंड लाजिस्टिक्स (सतना) मेसर्स श्री बालाजी एसोसिएट (सीधी) मेसर्स कुमार ट्रेडिंग कंपनी (कटनी) मेसर्स आदित्य फिलिंग स्टेशन (सीधी)  

विधायक नारायण सिंह पट्टा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी को वाटर प्यूरीफायर समर्पित किया

  घुघरी   विधायक नारायण सिंह पट्टा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी को समर्पित किया वाटर प्यूरीफायर  घुघरी  शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अस्पताल परिसर में मरीजों को स्वच्छ और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक नारायण सिंह पट्टा ने विधायक निधि से ‘वाटर प्यूरीफायर सह कोल्ड यूनिट’ प्रदाय की है। आज विधायक श्री पट्टा ने विधिवत पूजन कर इस यूनिट की शुरुआत की और इसे चिकित्सालय प्रबंधन को समर्पित किया। मरीजों को मिलेगी राहत अस्पताल में लंबे समय से शुद्ध और ठंडे पेयजल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, विशेषकर गर्मियों के मौसम में परिजनों को पानी के लिए भटकना पड़ता था। इस नई इकाई के लगने से अब अस्पताल में आने वाले लोगों को 24 घंटे स्वच्छ और शीतल जल मिल सकेगा। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित लोकार्पण के इस अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे:  * नारायण सिंह पट्टा: विधायक (बिछिया विधानसभा)  * डॉ. नीरज राज: खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO)  * विनय चौकसे: तकनीकी विशेषज्ञ  * वरिष्ठ जन: नेतराम साहू, पंकज झरिया, मेवा धुर्वे  * अन्य: अस्पताल का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी। इस दौरान विधायक श्री पट्टा ने अस्पताल प्रबंधन को मशीन के उचित रखरखाव के निर्देश दिए और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। अस्पताल स्टाफ और ग्रामीणों ने इस जनहितैषी कार्य के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।

खेती और पानी को प्राथमिकता: मंत्री श्री चौहान ने गिनाईं सरकार की शीर्ष योजनाएँ

भोपाल. अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। मंत्री  चौहान आलीराजपुर जिले के ग्राम मोरासा में हथनी बैराज परियोजना-02 के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री  चौहान ने ग्राम मोरासा में हथनी बैराज परियोजना-02 के का भूमिपूजन किया। परियोजना की लागत 471.03 लाख रुपये है। इस परियोजना से ग्राम मोरासा के 324 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।इस परियोजना से जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। मंत्री  चौहान ने कहा कि इस बैराज के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों के कुएं, तालाब और बोरिंग का जलस्तर बेहतर होगा। इससे सिंचाई का रकबा बढ़ेगा और किसान वर्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे। उन्होंने फाटा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद अब किसान ग्रीष्म ऋतु में भी फसल ले पा रहे हैं, जबकि पूर्व में खेती केवल बरसात तक सीमित रहती थी। मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना रही हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में दी जा रही है। वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब और पात्र परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री  चौहान ने युवाओं से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रोजगार प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही जो युवा औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें खेती के साथ वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने की सलाह दी। मोबाइल रिपेयरिंग, मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग, कियोस्क संचालन, कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे कार्यों के माध्यम से जिले में ही रोजगार के अवसर सृजित करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। किसानों से खेती के साथ पशुपालन और बकरी पालन अपनाकर आय बढ़ाने की भी अपील की।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

पीयूष गोयल ने कहा- US में दवाइयां, डायमंड्स और मसाले पर 0% टैरिफ, ट्रेड डील पर किया बयान

 नई दिल्‍ली भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्‍यापार समझौता का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री ने शनिवार को विस्‍तार से उन चीजों के बारे में जानकारी दी है, जिनपर 0  टैरिफ अमेरिका ने लगाया है. उन्‍होंने कहा कि भारत ने अमेरिका को किसी भी एग्री और डेयरी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है.  उन्‍होने कहा कि अमेरिका बहुत सी चीजों पर भारत के लिए ‘0 ‘ ड्यूटी लगा रहा है, जिसमें जेम्‍स एंड ज्‍वैलरी, एग्रीकल्‍चर चीजें,  दवाइंया और अन्‍य वस्‍तुएं शामिल हैं.  0  फीसदी टैरिफ वाली वस्‍तुएं     जेम्‍स एंड डायमंड, फार्मा , स्‍मार्टफोन्‍स, स्‍पाइसेज, चाय कॉफी, कोकोनट, कोकोनोट ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, केस्‍यू नट्स, मसाले, कई फल और सब्जियां     केला, आम, चीनी , पाइनएप्‍पल, मसरूम,  वेजिटेबल के रूट्स, कोका और कोका से बने वस्‍तु,  प्रोसेस फ्यूटस जैसे अमरूद का जेम्‍स      एयरक्रॉफॅ्ट के पार्ट्स, मशीनरी पार्ट,  फार्मा की वस्‍तुएं, जेम्‍स एंड डायमंड्स,   कॉइंस प्‍लैटिनम , इसेशियल ऑयल, एल्‍युमिनियम  पार्ट , जिंक ऑक्‍साइड, मिनिरल्‍स और नेचुरल चीजें, नेचुरल रबड आदि कृषि और डेयरी पर छूट नहीं  उद्योग मंत्री ने कहा कि हमने अमेरिका को डेयरी के किसी भी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है. साथ ही एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में भी छूट नहीं दी गई हैं, जो हमारे किसानों के हितों को प्रभावित करतीं. उन्‍होंने कहा कि मीट , चीनी, पॉल्‍ट्री, डेयरी, सोयाबीन , मक्‍का, चावल, गेंहूं , चीनी, ज्‍वार, बाजरा, रागी,  अमरनाथ , फल, ग्रीन टी, कोका,  चना , एनीमल सीड्स प्रोडक्‍ट्स, नॉन-एल्‍कोहलिक चीजें,  इथेनॉल, तंबाकू इन सभी वस्‍तुओं पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है.  30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुला पीयूष गोयल ने कहा कि 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर खुल गया है. किसानों और डेयरी को संरक्षित किया गया है. यह फ्रेमवर्क कल देर रात फाइनाइज हुआ. आज देश के कोने-कोने में इसका स्‍वागत हुआ है.  यह ज्‍वाइंट स्‍टेटमेंट हैं हर भारतीय को अवसर देता है. अब अमेरिका 50 प्रतिशत से घटाकर 18  फीसदी टैरिफ कर रहा है. यह पड़ोसी देशों से कम टैरिफ है. यह भारत के लिए आने वाले दिनों में ज्‍यादा लाभ पहुंचाएगा. उहोंने कहा कि हमारे कम्‍पटीटर देश जैसे चीन पर 35, वियतनाम पर 20 फीसदी और इंडोनेशिया पर 19 फीसदी टैरिफ है.   आज का दिन काफी खास पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा कि आज 2047 तक विकसित भारत बनने की भारत की यात्रा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. भविष्य को ध्यान में रखते हुए, और दोनों देशों के संबंधों, राजनयिक संबंधों और उनके नेताओं के बीच दोस्ती को देखते हुए, फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई. इसका मकसद भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना था. उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. पूरे देश में खुशी की लहर है.  देश के हर सेक्टर में भविष्य को लेकर बहुत उत्साह है. ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में नए अवसर खुलेंगे और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, लगभग तीस ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला संयुक्त राज्य अमेरिका, अब हमारे निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा देगा. 

सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका नहीं दे सकता BCCI, ICC के नियम ने खड़ी की बाधा

 नई दिल्ली हरारे स्पोर्ट्स क्लब में अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल खत्म हुए भले ही वक्त गुजर गया हो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की गूंज अब भी पूरी क्रिकेट दुनिया में सुनाई दे रही है. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रन बनाए.यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि रिकॉर्ड बुक पर सीधा कब्जा था. 15 छक्के, जबरदस्त स्ट्राइक रेट और ऐसा खेल जिसने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले को भी एकतरफा बना दिया. बिहार के 14 साल के इस बल्लेबाज को देखकर हर फैन के मन में एक ही सवाल है अगर वैभव इंग्लैंड के बेस्ट युवा गेंदबाजों को तहस-नहस कर सकता है और IPL में भी शतक ठोक सकता है, तो वह सीनियर भारतीय टीम में क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब है- आईसीसी का नियम. क्यों नहीं खेल सकते सीनियर टीम में? वैभव सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी रुकावट है ICC का न्यूनतम उम्र नियम. 2020 में लागू किए गए इस नियम के तहत किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए कम से कम 15 साल का होना जरूरी है. यह नियम खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था. फरवरी 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतते समय वह अभी भी तकनीकी रूप से 14 साल के ही थे. इसका मतलब साफ है  कि चाहे वह बिहार के लिए 36 गेंदों में शतक लगाए, चाहे IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दे, लेकिन सीनियर टीम में चयन 27 मार्च 2026 से पहले मुमकिन नहीं है. यहां एक दिलचस्प बात है. वैभव सीनियर टीम के लिए अभी छोटे हैं, लेकिन अंडर-19 टीम के लिए भी अब वह दोबारा नहीं खेल सकते. BCCI का एक सख्त नियम है कि एक खिलाड़ी सिर्फ एक बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है. इस नियम का मकसद है कि हर टूर्नामेंट में नए खिलाड़ियों को मौका मिले और कोई भी खिलाड़ी उम्र-ग्रुप का “स्पेशलिस्ट” न बन जाए. 2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद, वैभव अब 2028 या 2030 का U19 वर्ल्ड कप नहीं खेल सकते जबकि उम्र के हिसाब से वह तब भी अंडर-19 ही होते. पिछले 12 महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने जो रिकॉर्ड बनाए हैं, वही उनकी चर्चा की असली वजह हैं: * अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन. * 2026 वर्ल्ड कप में 30 छक्के- टूर्नामेंट का नया रिकॉर्ड * 14 साल 272 दिन की उम्र में लिस्ट-A शतक- दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी * विजय हजारे ट्रॉफी में 59 गेंदों में 150 रन- एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड टूटा * IPL में 35 गेंदों का शतक- सबसे कम उम्र के IPL शतकवीर * भारत-A के लिए T20 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी * इंग्लैंड U19 के खिलाफ 52 गेंदों में शतक- सबसे तेज यूथ ODI शतक * यूथ टेस्ट में 58 गेंदों में शतक- भारत के लिए सबसे तेज * सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में नाबाद 108- सबसे युवा शतक

नवनिर्मित सामुदायिक भवन हुआ लोकार्पित, वहीं सड़क, नाली, पेयजल व्यवस्था कार्य सहित आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्यो का किया गया भूमिपूजन

रायपुर. उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने किया विकास कार्यो  का भूमिपूजन व लोकार्पण कोरबा नगर निगम के बालको जोन अंतर्गत वार्ड क्र. 47 एवं 39 को आज शनिवार को 02 करोड़ 17 लाख रूपए के विकास कार्यो  की सौगात मिली, जिसमें नवनिर्मित सामुदायिक भवन के लोकार्पण, विभिन्न वार्डों  के 08 स्थानों पर आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण सहित सड़क, नाली व पाईप लाईन विस्तार के नवीन कार्य शामिल हैं। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने इन विकास कार्यो  का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। उन्होने पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुए समयसीमा में कार्य को पूरा करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 47 शिवनगर बिरसामुन्डा मोहल्ला में 25 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार निगम द्वारा वार्ड क्र. 47 अंतर्गत शिवनगर बिरसामुन्डा बस्ती में 30 लाख रूपये की लागत से आर.सी.सी.नाली एवं सी.सी. रोड का निर्माण, बालको जोन के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर 01 करोड़ 04 लाख रूपये की लागत से 08 नग आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण, वार्ड क्र. 39 अंतर्गत रिंग रोड से रोहित घर तक एवं रिंकी घर से विबल साहू घर तक 41 लाख 66 हजार रूपये की लागत से ओ.पी.व्ही.सी. पाईप बिछाने का कार्य एवं वार्ड क्र. 47 अंतर्गत पॉलिटेक्निक कालेज बस्ती 16 लाख 48 हजार रूपये की लागत से ओ.पी.व्ही.सी. पाईप बिछाने का कार्य कराया जाना हैं।  इस मौके पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि वार्डवासियों व आमजन की मांग एवं आवश्यकता के अनुरूप वार्डों  में विकास कार्य किए जाएं, यह हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है, जनता जनार्दन की मांग को पूरा करना, मैं अपना प्रथम कर्तव्य समझता हू। उन्होने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान शिवनगर बिरसामुन्डा मोहल्ला के नागरिक बंधुओं एवं शिव फाउंडेशन के द्वारा सामुदायिक भवन निर्माण की मांग मेरे समक्ष रखी गई थी, उनकी मांग का सम्मान करते हुए 25 लाख रूपये की लागत से यह भवन बनाया गया है, आज यह भवन यहॉं की जनता जनार्दन की सेवा के लिए समर्पित किया गया, अब बस्ती के लोगों को अपने विभिन्न आयोजनों, कार्यक्रमों के लिए एक सुविधापूर्ण स्थान उपलब्ध हो चुका है। मंत्री  देवांगन ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के आशीर्वाद एवं उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री  अरूण साव के मार्गदर्शन में कोरबा नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं हो रही है, जो भी प्रस्ताव मेरे द्वारा या महापौर के द्वारा उनके समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं, उन पर शीघ्र स्वीकृति मिल रही है, जिसके कारण कोरबा में तेजी से विकास हो रहा है। उन्हेने आगे कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने देश में दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित कर लोगों के दुख दर्द को दूर किया है, तो वहीं देश के सर्वांगीण विकास की दिशा में भी ऐतिहासिक रूप से कार्य हो रहे है।  इस अवसर पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन कोरबा के विकास के लिए सदैव समर्पित रहे हैं, उन्होने कोरबा के विकास के लिए, वार्ड बस्तियों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया है। महापौर मती राजपूत ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि अपने जिस आशा व विश्वास के साथ मुझे एवं उद्योग मंत्री  देवांगन को अपना आशीर्वाद दिया है, आपके उस विश्वास, आपकी उस उम्मीद को कभी खंडित नहीं होने दिया जाएगा तथा हम सदैव आपके सुख-दुख में आपके साथ खडे़ नजर आएंगे, मैं यह विश्वास दिलाती हूॅं। इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवांगन, सत्येन्द्र दुबे, वार्ड पार्षद सीमाबाई कंवर व चंदादेवी, पार्षद मुकुंद सिंह कंवर व जनकसिंह राजपूत, मनोज लहरे, प्रफुल्ल तिवारी, तुलसी ठाकुर, नारायण सिंह ठाकुर, ईश्वर साहू, हेतराम चन्द्रा, किशोर साहू, भूपेन्द्र साहू, धनबाई निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। रविवार को होगा विकास कार्यो  का भूमिपूजन उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा रविवार 08 फरवरी को नगर पालिक निगम कोरबा के टी.पी.नगर जोनांतर्गत एवं कोरबा जोनांतर्गत वार्ड क्र 09 में किए जाने वाले पेयजल व्यवस्था से जुड़े साढे़ 87 लाख रूपये के कार्यो  का भूमिपूजन किया जाएगा, भूमिपूजन का यह कार्यक्रम टी.पी.नगर स्थित टैगोर उद्यान में दोपहर 03 बजे से आयोजित किया गया है। 

भोपाल से रिलीव होने के बाद MP के दो IPS अफसरों को मिली IB में असिस्टेंट डायरेक्टर की पोस्टिंग

भोपाल   मध्य प्रदेश के दो IPS अफसरों को IB में पोस्टिंग मिली है। इसके बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश जारी हो गया है। दोनों अधिकारी भोपाल से रिलीव कर दिए गए हैं । मध्य प्रदेश के 2 IPS अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय गृह विभाग ने मध्यप्रदेश कैडर के दो भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अफसरों को प्रतिनियुक्ति गृह विभाग की एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरों में तैनात किया है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए दोनों ही अफसरों को राजधानी भोपाल से केंद्र के लिए रिलीव कर दिया है। 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक को बड़ी जिम्मेदारी आपको बता दें कि जिन दो IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनयुक्ति मिली है, उनमें 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक के नाम शामिल है।  अभिनव चौक राजधानी भोपाल के जोन-3 में पुलिस उपायुक्त के तौर पर सेवारत थे जबकि मृगांकी डेका के पास सहायक पुलिस निरीक्षक के रूप में पुलिस महानिदेशालय में तैनात थी। इससे पहले जारी हुई लिस्ट में 24 आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया था। इस आदेश में करीब दर्जन भर जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों का भी अन्यत्र जिलों में तबादला कर दिया गया था। लिहाजा ये इन हो IPS अफसरों के  लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 

अमरूद व शिमला मिर्च उत्पादन से कमाए पांच लाख, ड्रिप इरिगेशन का प्रयोग कर 4.09 हेक्टेयर में लगाई थी फसल

अयोध्या जिले में एक प्रगतिशील किसान की सफलता की प्रेरणादायक कहानी ने सबका ध्यान खींचा है। तारुन विकासखंड के ग्राम सिहोरिया के निवासी राजित राम ने अपनी मेहनत, नई तकनीकों और योगी सरकार की किसान-समर्थक नीतियों के सहारे मात्र 4.09 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद व शिमला मिर्च की खेती से पांच लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सफल रही, बल्कि जिले के अन्य किसानों के लिए भी एक मिसाल बन गई है। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि जनपद अयोध्या मे प्रगतिशील किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग लगातार कार्य कर रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक खेती से हटकर बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर रुख करें। राजित राम जैसे किसान अब अन्य साथी किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपनी तकनीक और अनुभव साझा कर रहे हैं। बता दें कि योगी सरकार ने पिछले वर्षों में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और अन्य सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं पर सब्सिडी, बागवानी मिशन के तहत सहायता और बाजार उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों से किसानों की स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है।  3.40 लाख रुपये लागत, मुनाफे ने भरा उत्साह राजित राम ने बताया कि उन्होंने इस सीजन में 4.09 हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद व शिमला मिर्च की फसल लगाई। इसमें ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग, इंटरक्रॉपिंग और स्टेप क्रॉपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भरपूर उपयोग किया गया। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप इरिगेशन) के कारण पानी की बचत हुई और फसल की गुणवत्ता बेहतर बनी। कुल निवेश लगभग 3.40 लाख रुपये रहा, जबकि उत्पादन से कुल आय 8.50 लाख रुपये हुई। इससे शुद्ध लाभ 5.10 लाख रुपये प्राप्त हुआ। उत्पादन में 20 टन अमरूद व 14 टन शिमला मिर्च शामिल थी। उन्होंने स्थानीय मंडियों के साथ-साथ मंडलीय स्तर पर भी विपणन किया, जिससे फसल का अच्छा भाव मिला।  राज्यपाल ने थपथपाई पीठ राजित राम की इस सफलता को राज्य स्तर पर भी सराहा गया। जन भवन में शुक्रवार को आयोजित फल-फूल एवं शाकभाजी प्रदर्शनी में उन्होंने भाग लिया, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनकी पीठ थपथपाई और उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान उनके नवाचारपूर्ण कार्य और किसानों की आय बढ़ाने में योगदान के लिए दिया गया। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे किसान प्रदेश की प्रगति के प्रतीक हैं और सरकार किसानों की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। औद्यानिक फसलों से की थी राजित ने शुरुआत अयोध्या जैसे पवित्र स्थल में जहां राम मंदिर के कारण पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, वहां बागवानी फसलों की मांग भी बढ़ी है। अमरूद व शिमला मिर्च जैसी फसलें न केवल स्थानीय बाजार में अच्छा दाम पाती हैं, बल्कि आसपास के शहरों में भी निर्यात की जा रही हैं। राजित राम कहते हैं कि मैंने लघु कृषक के रूप में औद्यानिक फसलों से शुरुआत की थी। पहले आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन नवीन तकनीकों और सरकारी सहायता से आय कई गुना बढ़ गई। अब हमारी परिवार की स्थिति आशातीत रूप से बेहतर हो गई है। उनकी सफलता से सिहोरिया गांव और तारुन ब्लॉक के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं।

33 बीघा जमीन व आलीशान मकान के साथ हैं महंगी कारें, गोल्ड लोन घोटाले का करोड़पति है मास्टरमाइंड

झुंझुनूं. झुंझुनूं के नवलगढ़ स्थित पीएनबी बैंक शाखा में सामने आया घोटाला बैंकिंग सेक्टर के सबसे बड़े घोटालों में से एक बताया जा रहा है। 6.50 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन घोटाले मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक अमित जांगिड़ और बीसी संतोष सैनी गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि मास्टरमाइंड करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला, जिसने घोटाले की रकम से आलीशान मकान, जमीन और महंगी कारें खरीदी। गोल्ड लोन घोटाले के मास्टरमाइंड अमित जांगिड़ के पास अकूत संपत्ति के सबूत मिले हैं। अमित के पास सीकर के पॉश इलाके में 3 मंजिला निर्माणाधीन मकान, सीथल गांव में बड़ा डेयरी फार्म है। जिसमें 100 से अधिक देशी व विदेशी नस्ल की गाय पाल रखी हैं। उसके पास 2 महंगी कार, एक बुलेट मोटरसाइकिल और डेयरी में 2 पिकअप गाड़ी भी मिली। अमित जांगिड़ ने पत्नी के नाम गुढ़ा में जमीन खरीद रखी है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अलावा अमित जांगिड़ के पास अन्य संपत्ति की जानकारी भी मिली। जिसमें उसने अपनी डेयरी वाली जमीन के पास 5 वर्ष पूर्व 15 बीघा जमीन खरीदी, गांव में ही एक दूसरी जगह 11 बीघा जमीन खरीदी और इस जमीन पर ट्यूबवैल भी बनवा रखा है। इसके अलावा सीथल में ही 2 साल पूर्व 7 बीघा जमीन और भी खरीदने की जानकारी मिली है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। महिला मित्र को दिया सोना झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि मुख्य आरोपी अमित जांगिड़ ने बीसी संतोष सैनी के जरिए लोगों के नाम फर्जी गोल्ड लोन खाते खोले। इसके लिए संतोष सैनी को मोटी रकम व गोल्ड का लालच दिया। अमित जांगिड़ ने अपनी महिला मित्र को बैंक में जमा सोना देकर अन्य बैंकों से गोल्ड लोन भी दिलवा रखा था। ऐसे पकड़ा गाया मुख्य आरोपी मुख्य आरोपी अमित पुलिस को मथुरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर पटरी के पास बैठा मिला। शक होने पर पूछताछ की तो उसने अपना नाम पवन जांगिड़ निवासी श्रीगंगानगर बताया। सख्ती से पूछताछ करने पर सही नाम पता बताया। उसने खुद का 4 करोड़ का बीमा करवा रखा था। वह रेल के आगे कूदकर आत्महत्या करने की योजना बना रहा था। गिरफ्तारी के समय अमित जांगिड़ के पास जहरीला पदार्थ भी मिला है। इससे पहले दिन वह वृ़ंदावन में था। पत्नी ने दर्ज करवाई थी गुमशुदगी की ​रिपोर्ट बताया जा रहा है कि आरोपी अमित को 28 जनवरी को मंडल कार्यालय हनुमानगढ़ में पेश होना था लेकिन वह वहां पहुंचा नहीं और फरार हो गया। इसके बाद अमित की पत्नी ने 30 जनवरी को गुढ़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग का देखें ब्योरा, 4227 पदों पर निकाली भर्ती

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने विज्ञापन संख्या 04/2026 के तहत ग्रुप सी के 4227 पदों पर भर्ती निकाली है। रिक्तियो में स्वास्थ्य कर्मचारियों (MPHW), स्टाफ नर्स, रेडियोग्राफर, डिस्पेंसर, डाइटिशियन, फॉरेस्ट गार्ड, जूनियर इंजीनियर, जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट, टेक्निशियन और लीगल असिस्टेंट के पद शामिल हैं। यह भर्ती सीईटी बेस्ड है। सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) पास कर चुके उम्मीदवार 9 से 23 फरवरी 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट hssc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभिन्न विभागों में रिक्तियों का विभागवार और पदवार विवरण निम्नलिखित है: स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग स्वास्थ्य विभाग एमपीएचडब्ल्यू (F): 595 पद एमपीएचडब्ल्यू (M): 700 पद नर्स: 296 पद सिस्टर ट्यूटर: 12 पद रेडियोग्राफर: 99 पद डाइटिशियन: 22 पद ईएसआई हेल्थ केयर एमपीएचडब्ल्यू (F): 20 पद स्टाफ नर्स : 20 पद डिस्पेंसर आयुर्वेदिक : 3 पद चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान नर्स: 1475 पद रेडियोग्राफर: 32 पद जेई हॉर्टिकल्चर : 3 पद इंजीनियरिंग और तकनीकी पद (सिविल और अन्य) हाफेड : जेई सिविल के 5 पद हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL): जूनियर इंजीनियर सिविल: 23 पद टेक्निशियन (इंस्ट्रियूमेंटेशन एंड कंट्रोल): 7 पद प्लांट अटेंडेंट (इंस्ट्रियूमेंटेशन एंड कंट्रोल): 10 पद पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन जूनियर इंजीनियर सिविल: 15 पद जेई हॉर्टिकल्चर :1 पद नगर एवं ग्राम नियोजन : जेई सिविल के 6 पद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP): जेई (Horticulture) के 16 पद कानूनी और प्रशासनिक पद • एचएसआईआईडीसी (HSIIDC): असिस्टेंट मैनेजर (IA): 8 पद लीगल असिस्टेटं : 2 पद • श्रम विभाग : लीगल असिस्टेंट के 2 पद • खान एवं भूविज्ञान : लीगल असिस्टेंट के 2 पद अन्य महत्वपूर्ण विभाग • वन विभाग : Forest Guard (फॉरेस्ट गार्ड) के 779 पद • हरियाणा राज्य भंडारण निगम (HSWC): जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट के 73 पद • कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB): जेई हॉर्टिकल्चर का 1 पद

अब तक 40,000 बीसी सखियों की तैनाती, ग्रामीणों को मिली बैंक संबंधित कार्यों में सहूलियत

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ‘एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी’ योजना ने सफलता की नई कहानी लिखी है। बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सखी (बीसी सखी) के रूप में काम कर रही ग्रामीण महिलाओं ने अब तक करीब 40,000 करोड़ का बैंकिंग लेन-देन किया है, जिसके जरिए 106 करोड़ से ज्यादा का लाभांश भी मिला है। राज्य में इस योजना के तहत अब तक 40 हजार बीसी सखियां तैनात की जा चुकी हैं, जिनके जरिए बैंक अब लोगों के घर तक पहुंचा है। ग्रामीणों को भी रोजमर्रा के बैंक संबंधित कामों में काफी सहूलियत मिल रही है। योजना से राज्य की हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं और परिवार की जिम्मेदारी भी उठा रही हैं। गांव में ही मिल रही बैंक की सुविधाएं बीसी सखियां गांवों में लोगों की पैसे जमा करने और निकालने समेत खाते से लेन-देन, लोन के लिए आवेदन, मनी ट्रांसफर, आरडी व एफडी खुलवाने तक में मदद करती हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक शाखा तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही। इस योजना की शुरुआत मई 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। इसका मकसद था कि गांवों के लोगों को बैंक की सुविधाएं उनके घर के पास मिल जाएं और स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार के अवसर मिलें। इस सुविधा के शुरू हो जाने के बाद से ग्रामीणों को शहरों के चक्कर काटने से राहत मिली है। सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तार राज्य की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अभी तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से लगभग 40,000 बीसी सखियां वर्तमान में गांवों में काम कर रही हैं। आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं बीसी सखियां बीसी सखी योजना ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। आज ये महिलाएं गांव में बैंकिंग की पहचान बन चुकी हैं और लोगों का भरोसा भी जीत रही हैं। योगी सरकार की यह योजना गांवों में बैंकिंग पहुंचाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल बन रही है। इस योजना के तहत 106 करोड़ रुपये से ज्यादा का लाभांश भी अर्जित किया जा चुका है।

वर्ष 2017 से अब तक 523 तटबंधों के निर्माण से 3,869 किमी क्षेत्र बना सुरक्षित

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बाढ़ सुरक्षा और जल प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में मॉडल स्टेट के तौर पर सामने आया है। वर्ष 2017-18 से लेकर 2025-26 तक हर साल बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं की संख्या, सुरक्षित क्षेत्र और लाभान्वित जनसंख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश के आठ प्रमुख रिवर बेसिन गंगा, यमुना, गण्डक, सरयू, रामगंगा, राप्ती-रोहिन, सोन और गोमती नदियों के डूब क्षेत्र में वर्ष 2017 से अब तक 1,950 बाढ़ परियोजनाओं को पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही 3869 किलोमीटर क्षेत्र में 523 तटबंधों का निर्माण किया गया है, जिससे प्रदेश की लगभग 3.72 करोड़ से अधिक आबादी प्रत्यक्ष तौर पर लाभान्वित हुई है, साथ ही प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को भी सुदृढ़ आधार प्राप्त हुआ है।   वर्ष 2017-18 से बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं में निरंतर वृद्धि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से वर्ष 2017-18 में जहां 74 बाढ़ नियंत्रण परियोजनाए संचालित की गई थीं, जिनकी संख्या वर्ष 2018-19 बढ़कर 111 हो गई। जिसके चलते प्रदेश में बाढ़ सुरक्षित क्षेत्र 0.65 लाख हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 1.88 लाख हेक्टेयर पहुंच गया और इससे लाभान्वित जनसंख्या बढ़कर 22.03 लाख पहुंच गई। इसी क्रम में वर्ष 2019-20 में 151 और वर्ष 2020-21 में 196 परियोजनाओं के माध्यम से क्रमशः 2.88 और 5.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान की गई। वहीं वर्ष 2021-22 में 167 परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में बाढ़ सुरक्षित क्षेत्र दोगुना बढ़कर 10.90 लाख हेक्टेयर पहुंच गया। जिसने प्रदेश के 46.26 लाख लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर राहत प्रदान की।  वर्ष 2023-24 में सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा बाढ़ सुरक्षा कार्य  प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं को निरंतर प्रगति देते हुए वर्ष 2022-23 में 283 परियोजनाओं के जरिए 3.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ सुरक्षा प्रदान की गई। वर्ष 2023-24 में प्रदेश में बाढ़ सुरक्षा कार्यों ने अब तक का सर्वोच्च स्तर छुआ। इस वर्ष 362 परियोजनाओं ने 10.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान की, जिससे 68.97 लाख लोगों को राहत मिली। वहीं वर्ष 2024-25 में 321 परियोजनाओं के संचालन से 4.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ सुरक्षा प्रदान की गई। इसी क्रम में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 285 परियोजनाओं के माध्यम से बाढ़ सुरक्षित क्षेत्र में  4.33 लाख हेक्टेयर वृद्धि की गई और 55.69 लाख आबादी को बाढ़ सुरक्षा प्रदान की गई है। विभाग की इन परियोजनाओं के सफल संचालन से प्रदेश में लगभग 3.72 करोड़ से अधिक आबादी प्रत्यक्षतौर पर लाभान्वित हुई है।  रिकार्ड संख्या में तटबंधों के निर्माण से हुआ प्रभावी बाढ़ नियंत्रण  प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण और रिवर बेसिन में रहने वाले लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तटबंधों का भी निर्माण करता है। इस दिशा में वर्ष 2017 से अबतक 3,869 किलोमीटर की लंबाई के 523 तटबंधों का निर्माण किया गया है। इनमें 464.92 किमी लंबाई के 19 अतिसंवेदनशील और 241.58 किमी के 18 संवेदनशील तटबंध भी शामिल हैं। इस क्रम में बाढ़ से प्रभावित बलिया, देवरिया, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, कुशीनगर सहित अनेक जिलों में कटान-रोधी एवं तटबंध सुरक्षा कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अतिरिक्त विभाग प्रदेश में 60,047 किमी की लगभग 10,727 ड्रेनेज परियोजनाओं का भी संचालन करता है। जिनके विस्तार के लिए वर्ष 2025-26 में 74.32 करोड़ रुपये की लागत से गोंडा, बिजनौर, हापुड़, बहराइच और मिर्जापुर में नये ड्रेजिंग कार्यों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में बाढ़ सुरक्षित क्षेत्र और लाभान्वित जनसंख्या में लगातार वृद्धि, योगी सरकार की जनकेंद्रित और जवाबदेह कार्यसंस्कृति का परिणाम है। राज्य सरकार की इन निरंतर पहलों ने उत्तर प्रदेश को जल प्रबंधन और बाढ़ सुरक्षा के क्षेत्र में देश के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया है।

5 जिलों को जोड़कर खोलेगा रोजगार के द्वार, जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी

जयपुर. राजस्थान के औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा बदलाव जयपुर से पचपदरा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से होने जा रहा है। लगभग 350 से 400 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से पचपदरा रिफाइनरी को प्रदेश की राजधानी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पश्चिमी राजस्थान में यात्रा सुगम होगी और लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत आधार मिलेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11,492 करोड़ रुपए है। यह एक्सप्रेस-वे जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर होते हुए बालोतरा जिले के पचपदरा तक पहुंचेगा। परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है तथा डीपीआर तैयार की जा रही है। संभावना है कि यह मार्ग जोधपुर-पाली क्षेत्र से होकर निकलेगा, जिससे रोहट में प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के पश्चिमी राजस्थान हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को सीधा लाभ इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ पचपदरा रिफाइनरी और प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा। रिफाइनरी को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए सीधा व सुरक्षित कॉरिडोर मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेगा, जिससे राजस्थान की औद्योगिक कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। एक्सपोर्ट की राह होगी आसान इस मार्ग के बनने से जयपुर-जोधपुर-बालोतरा की यात्रा समय में लगभग दो से तीन घंटे की कमी आने की संभावना है। हालांकि, सबसे बड़ा लाभ निर्यात क्षेत्र को होगा। एक्सप्रेस-वे को जामनगर-अमृतसर भारतमाला कॉरिडोर से जोड़े जाने के बाद सड़क और कंटेनर रेल मार्ग से भी तेज और आसान तरीके से कांडला पोर्ट तक पहुंच सकेंगे। डीएमआईसी जोधपुर-पाली रोड से जुड़ाव के कारण आगामी औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जोधपुर में प्रस्तावित नई रिंग रोड के समीप से एक्सप्रेस-वे गुजरने से ट्रांसपोर्टेशन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर लॉजिस्टिक मॉडल, कनेक्टिविटी बढ़ेगी उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी इस परियोजना से एक्सपोर्ट योग्य उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी और गुजरात तक की रफ्तार बढ़ेगी। नए औद्योगिक क्षेत्र और रिंग रोड के साथ यह एक्सप्रेस-वे रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। -कुशल प्रजापत, सिविल इंजीनियर फैक्ट फाइल… 350 से 400 किलोमीटर लगभग कुल लंबाई 11,492 करोड़ रुपए लगभग अनुमानित लागत 05 जिले जुड़ेंगे 2 से 3 घंटे की यात्रा समय में कमी

नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: अमित शाह के दौरे से पहले 103 नक्सलियों का सरेंडर, करोड़ों के इनामी भी

छतीसगढ़  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे से ठीक 2 दिन पहले बीजापुर जिले में 103 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें 49 नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपए का इनाम घोषित है। सरेंडर नक्सलियों में डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM), प्लाटून पार्टी कमेटी जानकारी के मुताबिक सिर्फ बीजापुर जिले में ही 1 जनवरी 2025 से अब तक 421 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं। 410 माओवादियों ने हथियार छोड़ दिया है। वहीं अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 137 माओवादी मारे गए हैं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी गई है। बीजापुर जिले में गुरुवार को 103 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। कैडर सरेंडर नक्सलियों की संख्या DVCM    1 PPCM    4 ACM    4 प्लाटून पार्टी सदस्य    1 DKAMS अध्यक्ष    3 CNM अध्यक्ष    4 KAMS अध्यक्ष    2 एरिया कमेटी पार्टी सदस्य    5 मिलिशिया कमांडर, डिप्टी कमांडर    5 जनताना सरकार अध्यक्ष    4 PLGA सदस्य    1 CNM सदस्य    12 जनताना सरकार उपाध्यक्ष    4 DAKMS उपाध्यक्ष    1 जनताना सरकार सदस्य    22 मिलिशिया प्लाटून सदस्य    23 जीपीसी    2 DAKMS सदस्य    4 भूमकाल मिलिशिया सदस्य    1 बीजापुर SP जितेंद्र यादव ने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में कैंप की स्थापना के साथ सड़कों का विस्तार, परिवहन की सुविधा, पानी, बिजली और शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजना ग्रामीणों तक पहुंचने लगी है। सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ सकारात्मक संवाद हो रहा है। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर और कई माओवादी नेताओं के मारे जाने या उनके आत्मसमर्पण करने के बाद इन लोगों ने वामपंथी उग्रवादी आंदोलन छोड़ने का फैसला किया। SP ने बताया कि माओवादियों के एक डिवीजनल कमेटी सदस्य लच्छू पुनेम उर्फ ​​संतोष (36), गुड्डू फरसा (30), भीमा सोढ़ी (45), हिड़मे फरसा (26) और सुखमती ओयम (27), सभी प्लाटून पार्टी कमेटी के सदस्य हैं। प्रत्येक पर 8 लाख रुपए का इनाम था। इसके अलावा 4 नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। 15 कैडरों पर 2-2 लाख रुपए का इनाम था। 10 पर 1-1 लाख रुपए का इनाम था। 12 कैडरों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम था और 3 पर 10-10 लाख रुपए का इनाम था। SP के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादियों के आरपीसी (क्रांतिकारी पार्टी समिति) सदस्यों की संख्या ज्यादा है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी गई है। 4 अक्टूबर को आ रहे शाह 4 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आएंगे। वे जगदलपुर में बस्तर दशहरा की मुरिया दरबार रस्म और लाल बाग मैदान में आयोजित स्वदेशी मेला में शामिल होंगे। अमित शाह के दौरे को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। पहले 71 नक्सलियों ने किया था सरेंडर बता दें कि इससे पहले दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर कुल 71 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इनमें 21 महिला और 50 पुरुष नक्सली शामिल थे। 30 नक्सलियों पर 64 लाख रुपए का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वालों में डिवीजन कमेटी मेंबर (DVCM) और एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रैंक के नक्सली हैं। कई नक्सली ऐसे थे, जो कई बड़ी मुठभेड़ों में भी शामिल रहे हैं। क्या है लोन वर्राटू अभियान लोन वर्राटू का मतलब होता है घर वापस आइए। इस अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस अपने जिलों के ऐसे युवाओं को पुनर्वास करने और समाज की मुख्य धारा में लौटने का संदेश देती है, जो नक्सलियों के साथ हो गए हैं। पुलिस की इस योजना के तहत गांवों में उस इलाके के नक्सलियों की सूची लगाई जाती है। उनसे घर वापस लौटने की अपील की जाती है। उन्हें पुनर्वास योजना के तहत कृषि उपकरण, वाहन और आजीविका के दूसरे साधन दिए जाते हैं, जिससे वे नक्सल विचारधारा को छोड़कर जीवन यापन कर सकें। शाह की डेडलाइन, 2026 तक करेंगे नक्सलवाद का खात्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगस्त 2024 और दिसंबर 2024 में छत्तीसगढ़ के रायपुर और जगदलपुर आए थे। वे यहां अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग मंचों से नक्सलियों को चेताते हुए कहा था कि हथियार डाल दें। हिंसा करोगे तो हमारे जवान निपटेंगे। वहीं उन्होंने एक डेडलाइन भी जारी की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। शाह के डेडलाइन जारी करने के बाद से बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन काफी तेज हो गए हैं। लगातार बड़े नक्सली लीडर मारे जा रहे इससे पहले 21 मई को हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए। इसमें 1.5 करोड़ का इनामी बसवा राजू भी था। 21 मई की मुठभेड़ से 7 दिन पहले पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की भी जानकारी दी थी। इसमें 31 नक्सलियों को मार गिराया था।छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर स्थित कर्रेगुट्टा के पहाड़ों पर सुरक्षाबलों ने 24 दिनों तक ऑपरेशन चलाया था।  

ईरान-अमेरिका वार्ता: खामनेई के फैसले पर निर्भर होगा वक्त और स्थान, अमेरिका को नहीं मिली कोई राहत

मस्कट: मिडिल ईस्ट में जंग और बातचीत एक बार फिर आमने-सामने खड़ी नजर आ रही है. अमेरिका और ईरान के बीच महीनों की तल्खी, धमकियों और सैन्य तनाव के बाद आखिरकार ओमान में बातचीत हुई. यह वही दौर है, जब बीते साल अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे और पूरा इलाका युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया था. खाड़ी देश ओमान की राजधानी मस्कट में शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता हुई. दोनों देश आमने-सामने नहीं बैठे, बल्कि ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी संदेशवाहक की भूमिका में रहे. यही मॉडल पहले भी ईरान-अमेरिका बातचीत में अपनाया जाता रहा है. हालांकि इस बातचीत के ठीक बाद अमेरिका ने नए प्रतिबंध ठोंक दिए. बातचीत को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके बाद दोनों पक्ष आगे और बातचीत करने पर सहमत हुए हैं. इसे फिलहाल एक ‘सकारात्मक लेकिन सतर्क शुरुआत’ माना जा रहा है. कौन-कौन था बातचीत में शामिल? ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए, जबकि अमेरिका की तरफ से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर मौजूद रहे. ओमान की सरकारी तस्वीरों में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर की मौजूदगी भी दिखी, जिसने इस बातचीत के सैन्य महत्व को और बढ़ा दिया. बातचीत से पहले धमकी दी गईं बातचीत से ठीक पहले माहौल बेहद गर्म था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुली चेतावनी दे चुके थे कि अगर ईरान ने परमाणु समझौते पर दस्तखत नहीं किए या प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ओर से भी सख्त तेवर दिखाए गए थे. अराघची ने बातचीत से पहले साफ कहा कि ईरान ‘खुली आंखों से कूटनीति’ में उतरा है और उसे पिछले साल की घटनाएं अच्छे से याद हैं. अपनी शर्तों पर बातचीत कर रहा ईरान ईरान ने ओमान के जरिए अमेरिका को एक शुरुआती प्रस्ताव सौंपा, जिसे मौजूदा हालात संभालने की कोशिश बताया गया. अमेरिका की प्रतिक्रिया इस प्रस्ताव पर अगली बातचीत में ईरान को दी जानी है. ईरान ने साफ कर दिया कि वह सिर्फ अपने परमाणु कार्यक्रम पर बात करना चाहता है. बैलिस्टिक मिसाइल, क्षेत्रीय संगठन और घरेलू विरोध जैसे मुद्दे उसके लिए बातचीत के एजेंडे में नहीं हैं. इसके उलट अमेरिका चाहता है कि मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार जैसे मुद्दे भी शामिल हों. हालांकि ईरान किसी भी कीमत पर झुक नहीं रहा है. अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध दिलचस्प बात यह रही कि बातचीत खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए. ईरानी तेल ढोने वाले 14 जहाजों और कई कंपनियों को निशाना बनाया गया. अमेरिका का आरोप है कि ईरान तेल से कमाए पैसे का इस्तेमाल दुनिया भर में अस्थिरता फैलाने और अपने ही नागरिकों पर दमन के लिए करता है. वहीं व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शासन के खिलाफ एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं, जिसमें उन देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही गई है जो ईरान से सामान या सेवाएं खरीदना जारी रखते हैं.

DK कैंप का दावा- ‘2.5 साल का फॉर्मूला था तय, सिद्धारमैया ने वादा किया था’

बेंगलुरु कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक बार फिर मुख्यमंत्री पद का मुद्दा सतह पर आ गया है. DK शिवकुमार कैंप के विधायक बसवराज शिवगंगा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार के बीच 2.5-2.5 साल का पावर-शेयरिंग समझौता हुआ था. बसवराज शिवगंगा ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लेकर किसी भी बयान को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए, जब तक वो कांग्रेस हाईकमान की ओर से ना आया हो. उन्होंने यथींद्रा के बयानों को भी हल्के में लेने की बात कही. शिवगंगा ने कहा, हाईकमान के अलावा किसी के बयान को गंभीरता से मत लीजिए. कम से कम मेरे बयान को तो गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि मैं एक विधायक हूं और मुख्यमंत्री चुनने में मेरा वोट है. यथींद्रा के पास ऐसा कोई वोट नहीं है. मीडिया को तय करना है कि किसके बयान को तवज्जो देनी है. उन्होंने आगे दावा किया कि उन्हें यह संदेश मिला है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच 2.5 साल का फॉर्मूला वास्तव में तय हुआ था. शिवगंगा के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस पावर शेयरिंग व्यवस्था का वादा किया था. इस बीच, DK शिवकुमार के समर्थन में एक और विधायक सामने आ गए हैं. मंगलुरु से कांग्रेस विधायक अशोक राय ने खुले मंच से DK शिवकुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. अशोक राय ने कहा कि DK शिवकुमार छह महीने के भीतर मुख्यमंत्री के रूप में मंगलुरु लौटेंगे. मंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान अशोक राय ने DK शिवकुमार के साथ मंच साझा करते हुए कहा, हम छह महीने में इस कांग्रेस भवन का निर्माण पूरा कर लेंगे और जब आप मुख्यमंत्री बनकर आएंगे, तब इसी भवन का उद्घाटन करेंगे. अशोक राय का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर पहले से ही अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. एक के बाद एक विधायकों के बयान पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही असहमति को सार्वजनिक रूप से उजागर कर रहे हैं. हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक किसी भी तरह के पावर शेयरिंग फॉर्मूले या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. कांग्रेस हाईकमान लगातार यह दोहराता रहा है कि सरकार स्थिर है और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बदलाव तय नहीं है.

भारत-पाक मुकाबले पर पिघला पाकिस्तान, ICC की सख्ती लाई असर

देश  भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले को लेकर जारी विवाद के बीच एक नया ट्विस्ट सामने आया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) से औपचारिक बातचीत की मांग की है. दरअसल, पीसीबी ने पहले आईसीसी को पत्र लिखकर भारत के खिलाफ मैच से हटने की बात कही थी और इसे असाधारण परिस्थितियों का मामला बताते हुए अपनी सरकार के ट्वीट को भी आधार के तौर पर जोड़ा था. इसके जवाब में आईसीसी ने पीसीबी से पूछा कि वह असाधारण परिस्थितियों के तहत किन हालातों का हवाला दे रहा है. साथ ही आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि मैच से हटने पर कानूनी परिणाम और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. अब ताजा घटनाक्रम में पीसीबी ने आईसीसी से इस पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए संवाद का रास्ता अपनाने की पहल की है, ताकि भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पैदा हुए विवाद का समाधान निकाला जा सके. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए 15 फरवरी (रविवार) को भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के लिए मैदान में नहीं उतरने की बात कही थी और इसे ;असाधारण परिस्थितियों’ के तहत रखा. इसके जवाब में आईसीसी ने नियमों के अनुसार पीसीबी से पूछा कि उसने किन परिस्थितियों में यह फैसला लिया और इन हालातों को कम करने के लिए क्या कदम उठाए. संवाद के जरिए निकलेगा समाधान सूत्रों के मुताबिक आईसीसी ने पूरे मामले में अपना रुख साफ करते हुए निष्पक्षता, नियमों की पवित्रता और संवाद को प्राथमिकता देने की बात दोहराई. आईसीसी का उद्देश्य वैश्विक टूर्नामेंट की गरिमा बनाए रखना, खिलाड़ियों और फैन्स के हितों की रक्षा करना और सभी फैसलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े विवादों को संभालते हुए आईसीसी ने टकराव के बजाय संवाद का रास्ता चुना. आईसीसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सदस्य देश के साथ निर्णय लेते समय नियमों, पूर्व उदाहरणों और टूर्नामेंट की अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. आईसीसी ने अपने आधिकारिक बयान में पाकिस्तान के चयनात्मक भागीदारी के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह वैश्विक खेल आयोजन की भावना के अनुरूप नहीं है. आईसीसी ने अपने विस्तृत जवाब में यह भी बताया कि किन शर्तों के तहत कोई बोर्ड असाधारण परिस्थितियों का दावा कर सकता है, इसके लिए किस तरह के सबूत जरूरी होते हैं और मैच से हटने के खेल, व्यावसायिक और प्रशासनिक परिणाम क्या हो सकते हैं. साथ ही आईसीसी ने संभावित आर्थिक नुकसान और कानूनी दावों की भी चेतावनी दी. सूत्रों के मुताबिक आईसीसी ने अपनी आधिकारिक नीति के तहत यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन नियमों और अनुबंधों से समझौता नहीं किया जाएगा. आईसीसी ने कहा कि खेल का हित किसी एकतरफा फैसले से ऊपर है और भविष्य में गलत उदाहरण बनने से रोकना भी जरूरी है. आईसीसी से औपचारिक जवाब मिलने के बाद पीसीबी ने अब अंतरराष्ट्रीय संस्था से आगे की बातचीत शुरू करने की पहल की है. फिलहाल आईसीसी और पीसीबी के बीच संरचित तरीके से संवाद जारी है, ताकि इस विवाद का समाधान निकाला जा सके. आईसीसी का यह रुख नया नहीं है. इससे पहले बांग्लादेश और अन्य सदस्य बोर्डों से जुड़े संवेदनशील मामलों में भी उसने जल्दबाजी या टकराव से बचते हुए संवाद, स्थिरता और नियमों की रक्षा को प्राथमिकता दी थी. आईसीसी ने साफ किया है कि उसका उद्देश्य क्रिकेट, खिलाड़ियों और फैन्स के हितों की रक्षा करना है.  

सतपुड़ा की वादियों में गूंजे हर-हर महादेव, त्रिशूल लेकर चौरागढ़ महादेव के लिए निकले श्रद्धालु

छिंदवाड़ा  सतपुड़ा की वादियों में  हर-हर महादेव के जयकारे गुंजायमान हो गए हैं। महादेव मेले में 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहले दिन विभिन्न इलाकों से पचमढ़ी स्थित चौरागढ़ महादेव के लिए निकले। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। वैसे तो ये मेला पचमढ़ी में भरता है, लेकिन श्रद्धालु छिंदवाड़ा जिले से होकर ही इस मेले में जा रहे हैं। खासतौर से महाराष्ट्र से आने वाले श्रद्धालु परासिया, दमुआ, जुन्नारदेव से गुजरकर दर्शन करने के लिए रवाना हो गए। महादेव मेला जाने के लिए श्रद्धालु भूरा भगत और पचमढ़ी वाले रास्ते से पहुंचते हैं। 15 दिन तक चलने वाले मेले में मप्र और महाराष्ट्र के लगभग पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। वजनी त्रिशूल लेकर निकले श्रद्धालु यात्रा के दौरान श्रद्धालु भारी वजनी त्रिशूल लेकर ऊंची-नीची पहाड़ियों पर पैदल निकले। ये त्रिशूल महादेव को चढ़ाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, भोजन और पार्किंग की व्यवस्था भूरा भगत क्षेत्र, मटकुली में की गई है। छोटा महादेव मंदिर (जमुनिया) में भी मेला लगा है, जो पेंच नदी के तट पर स्थित है। महादेव मेला रूट पर विशेष जांच डीएसपी यातायात रामेश्वर चौबे ने बताया कि मेला रूट के साथ ही भूरा भगत क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तकरीबन 250 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। छिंदवाड़ा से लेकर मटकुली सीमा और भूरा भगत मार्ग पर 30 जगह चेकिंग पाइंट बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों को लेकर महादेव मेला रूट पर विशेष जांच कर कार्रवाई की गई। पुलिस ने देहात थाने के आगे और कुआं बादला में दो स्थानों पर चेकिंग पाइंट बनाए हैं। जहां पर वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जा रही है। इसके साथ ही परासिया व जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में दो स्थानों पर भी वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। एक्सीडेंटल पाइंट स्थानीय पुलिस ने चिह्नित किए हैं, जिन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पचमढ़ी के साथ ही जुन्नारदेव से तामिया मार्ग और दमुआ मार्ग पर भी हादसों को रोकने इंतजाम किए गए हैं। यह है मेले का इतिहास 16वीं सदी की बात है जब भूरा भगत बचपन से ही प्रभु की आराधना में लीन रहते थे। एक बार भजन के दौरान वे समाधि में चले गए। 24 घंटे बाद उनकी समाधि टूटी। इसके बाद वे घर त्यागकर प्रभु की भक्ति में लीन हो गए। किवदंतियों के अनुसार चौरागढ़ की पहाड़ियों में साधना के दौरान उन्हें महादेव के दर्शन हुए थे। उन्होंने महादेव से वरदान मांगा कि मैं आपके ही चरणों में रहूं और यहां आने वालों को आपका मार्ग बता सकूं। तब से महाशिवरात्रि पर मेले की परंपरा शुरू हुई। भूराभगत हैं भोलेनाथ के द्वारपाल महादेव मेला चौरागढ़ महादेव, पचमढ़ी में लगता है। भूरा भगत का मंदिर छिंदवाड़ा जिले के दमुआ ब्लाक में स्थित है। दमुआ से भूराभगत की दूरी 27 किमी है और ये रास्ता काफी संकरा है। मान्यता अनुसार महादेव मंदिर जाने से पहले श्रद्धालुओं ने भूरा भगत के दर्शन और पूजन किया। उन्हें भगवान भोलेनाथ का द्वारपाल कहा जाता है। किवदंती है कि भूरा भगत भगवान शिव के भक्त थे और महादेव ने उन्हें आशीर्वाद दिया था कि उनके दर्शन के बिना यात्रा अधूरी है। उनकी मूर्ति एक द्वारपाल की तरह भक्तों का मार्गदर्शन करती है। महाशिवरात्रि मेले में यहां भारी भीड़ होती है।

Airtel ने लॉन्च किया खास ऑफर: जितना चाहे उतना इंटरनेट इस्तेमाल करें, डेटा खत्म नहीं होगा

मुंबई  एयरटेल ने अपने दो पॉपुलर प्लान्स को अपडेट कर दिया है. दोनों ही प्लान्स में कॉलिंग, डेटा और SMS तीनों ही बेनिफिट्स मिलते हैं. अब इन प्लान्स में यूजर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा बेनिफिट्स मिलेंगे. कंपनी इन प्लान्स में अनलिमिटेड डेटा ऑफर करेगी.हम बात कर रहे हैं Airtel के 399 रुपये और 449 रुपये के प्लान की, जिन्हें कंपनी ने अपडेट कर दिया है. दोनों ही प्लान्स पॉपुलर हैं और अब इनमें आपको अनलिमिटेड डेटा मिलेगा. इन प्लान्स में कॉलिंग और SMS बेनिफिट्स भी मिलता है.         बात करें Airtel के 399 रुपये के प्लान की, तो इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 100 SMS और अनलिमिटेड 4G और 5G डेटा मिलता है. ये प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के लिए आता है. यहां अनलिमिटेड 4G और 5G डेटा से मतलब 300GB तक के डेटा से है, जो 30 दिनों के लिए मिलेगा. यानी 30 दिनों के लिए 300GB डेटा की लिमिट होगी. कंपनी मार्केट के तहत इसे अनलिमिटेड कहती है. इसमें आपको Adobe Express Premium का एक साल का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलेगा. इसके अलावा कंपनी Airtel Xstream Play का फ्री एक्सेस और फ्री हैलो ट्यून दे रही है. वहीं दूसरा प्लान 449 रुपये का है. इसमें भी आपको 28 दिनों की वैलिडिटी मिलती है. ये प्लान अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 100 SMS और अनलिमिटेड 4G व 5G डेटा के साथ आता है. हालांकि, इसमें एडिशनल बेनिफिट्स ज्यादा हैं.  इस प्लान में Google One के तहत 30GB का स्टोरेज मिलता है. इसके अलावा JioHotstar Mobile का 28 दिनों का एक्सेस, Airtel Xstream play और ऐपल म्यूजिक का एक्सेस मिलेगा. (Photo: Reuters)

दांपत्य जीवन भी होगा खुशहाल, मनचाहे पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि पर करें खास उपाय

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। हर साल यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान और माता पार्वती की पूजा अर्चना होती है। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को है। यह पर्व भगवान शिव व माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव-पार्वती की पूजा मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से की गई पूजा से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साथ ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन कुछ उपाय करने से मनचाहे पार्टनर की प्राप्ति होती है। क्योंकि मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए सनातन धर्म में इस दिन को बहुत ही अच्छा माना गया है। चलिए जानते हैं कि मनचाहा पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि के दिन कौन से उपाय करने चाहिए। मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए उपाय 1. महाशिवरात्रि के दिन अगर आप मनचाहा वर चाहती हैं, तो इस दिन पूजा के समय गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ होगा। अभिषेक करते समय इस समय ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का जप करते रहें। मान्यता है कि इससे प्रेम विवाह करने में सफलता प्राप्त होती है। 2. अगर आप विवाह के बंधन में जल्द से जल्द बंधना चाहती हैं, तो महाशिवरात्रि के दिन स्नान-ध्यान के बाद भगवान शिव का अभिषेक करें। फिर पूरे विधि-विधान से शिव-शक्ति की पूजा आरधना करें। पूजा के समय अविवाहित लड़कियां मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करें। 3. इस दिन कच्चे दूध में शहद और काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना बेहद शुभफलदायी माना जाता है। इस उपाय से शादी के योग बनते हैं। 4.महाशिवरात्रि के दिन शुद्ध घी या दही से भगवान शिव का अभिषेक करने से ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। 5. वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए महाशिवरात्रि के दिन वर और वधु एक साथ जोड़े में पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ फलदायी माना जाता है। 6. महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती का एक साथ पूजन करें। पूजा के दौरान माता पार्वती को सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी अर्पित करें। वहीं, शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें। इस उपाय से रिश्तों में संवाद और समझ बढ़ती है। 7. महाशिवरात्रि पर गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने से धन संबंधी अड़चनें कम होती हैं। 8 ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए ये अभिषेक करने से मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाता है।

ब्रेकअप के बाद तारा सुतारिया का भावुक पल, वीर पहाड़िया से रिश्ता खत्म

मुंबई  एक्ट्रेस तारा सुतारिया अपने कथित ब्रेकअप की वजह से सुर्खियों में हैं. कुछ वक्त पहले ही तारा ने एक्टर वीर पहाड़िया संग अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था. हालांकि एक विवाद के बाद दोनों के अलग होने की खबरें आने लगीं. इस चर्चा के बीच तारा ने अपनी मानसिक शांति, काम और सफलता के अपने नजरिए के बारे में खुलकर बात की है. Elle India को दिए इंटरव्यू में तारा सुतारिया ने कहा, ‘मैं हमेशा से मानती रही हूं कि सफलता अंदरूनी होती है… मानसिक शांति, कुछ खास लोग जो आपसे प्यार करते हैं, खुद को जानना, ये हमेशा मेरा लक्ष्य रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने सीख लिया है कि अपनी शांति की रक्षा कैसे करनी है.’ तारा सुतारिया बचपन से ही कैमरे के सामने पली-बढ़ी हैं, इसलिए उन्हें खुद को शांत करना और शांति बनाए रखना समझने में कुछ वक्त लगा. लेकिन उन्होंने इसके लिए सेल्फ-रिफ्लेक्शन (आत्म-चिंतन) को अपना मंत्र बनाया. एक्ट्रेस ने कहा, ‘केवल हम ही जानते हैं कि अपने नर्वस सिस्टम को कैसे शांत करना है.’ एक्टर्स को अक्सर जनता द्वारा गलत समझा जाता है, लेकिन अब तारा को लोगों की बातों को ठीक करने की जरूरत महसूस नहीं होती.   उन्होंने कहा, ‘जब तक मुझे सच पता है और मेरे सबसे करीबी लोग सच जानते हैं, बस इतना ही काफी है.’ विवाद के बाद अलग हुए तारा-वीर? पिछले साल तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया के ब्रेकअप की खबरें सुर्खियों में आई थीं. यह खबर तब आई जब मुंबई में सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट में एपी ने तारा को गले लगाया और किस किया था. इसपर विवाद शुरू होने के बाद तारा को बेवफा कहा जाने लगा, जिसका उन्होंने और वीर ने कड़ा जवाब दिया था. लेकिन बाद में दोनों के ब्रेकअप की खबरों ने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या यह एपी के कॉन्सर्ट वाली घटना की वजह से हुआ. फिलहाल न तो वीर और न ही तारा ने इन ब्रेकअप की अफवाहों पर कोई आधिकारिक बयान दिया है. पर्सनल लाइफ पर चर्चा नहीं चाहतीं एक्ट्रेस दिसंबर 2025 में हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में तारा सुतारिया ने कहा था कि वे अपनी निजी जिंदगी को निजी रखना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं प्रसिद्धि के साथ आने वाली जांच और ध्यान को शालीनता और नजरिए के साथ संभालती हूं. मैंने सीख लिया है कि हर बात को व्यक्तिगत रूप से न लूं और शोर की बजाय प्यार पर ध्यान दूं. मैं बस पीछे हट जाती हूं, डिस्कनेक्ट कर लेती हूं और अपने ओरिजिन में लौट आती हूं. मेरा परिवार और करीबी दोस्त मुझे जमीन से जुड़ा और संतुलित रखते हैं. मैं अपनी निजी जिंदगी की बहुत रक्षा करती हूं. मैं सिर्फ वही शेयर करती हूं जिसमें मैं सहज हूं, बाकी सबको मैं पवित्र रखती हूं.’ काम की बात करें तो तारा को अगली बार फिल्म ‘टॉक्सिक’ में देखा जाएगा. इस फिल्म में मुख्य भूमिका में KGF स्टार यश हैं, साथ में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत भी हैं. फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी और ‘धुरंधर 2’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर टकराएगी.

पीरियड्स में चिड़चिड़ापन और थकान? सही देखभाल से रखें शरीर और मन स्वस्थ

 पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान या चिड़चिड़ापन महसूस होना बहुत आम बात है और हर लड़की या महिला कभी न कभी इससे गुजरती है। पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, कमर दर्द, सिर दर्द, उलझन या बिना किसी खास वजह के मूड खराब होना हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है। इस समय शरीर थोड़ा कमजोर भी महसूस करता है, इसलिए खुद को समझना और सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। सबसे पहले खाने-पीने पर ध्यान देना चाहिए। पीरियड्स के दिनों में हल्का, पोषण से भरपूर खाना जैसे हरी सब्जियां, फल, दालें और आयरन से भरपूर चीजें शरीर को ताकत देती हैं। खूब पानी पीना भी बहुत जरूरी है, इससे पेट की सूजन और थकान कम होती है। ज्यादा नमक, जंक फूड, चाय-कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाकर रखना बेहतर रहता है क्योंकि ये दर्द और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही आराम और हल्की-फुल्की गतिविधि का संतुलन भी जरूरी है। बहुत ज्यादा बिस्तर पर पड़े रहना भी शरीर को सुस्त बना देता है, इसलिए हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द में राहत मिलती है। हालांकि, भारी एक्सरसाइज या ज्यादा थकाने वाला काम करने से बचना चाहिए। अगर मन करता है तो गुनगुने पानी से नहाना या पेट पर गर्म पानी की थैली रखना भी काफी आराम देता है। नींद पूरी लेना भी जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी से मूड स्विंग्स और थकान बढ़ सकती है। पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। समय-समय पर सैनिटरी पैड या साफ कपड़ा बदलना चाहिए, आमतौर पर हर 6 घंटे में। इस्तेमाल किए गए पैड को ठीक से लपेटकर फेंकें और अंडरगारमेंट्स रोज बदलें। अंडरगारमेंट्स को अच्छे से धोकर धूप में सुखाना चाहिए ताकि कीटाणु न पनपें। इस दौरान गंदे या नम कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। हाथों की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें और बार-बार हाथ धोते रहें। मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना शारीरिक सेहत का। पीरियड्स के समय भावनाएं जल्दी आहत हो सकती हैं, गुस्सा या उदासी बिना वजह महसूस हो सकती है। ऐसे में खुद पर ज्यादा सख्त न हों। मनपसंद काम करें, हल्का संगीत सुनें, किताब पढ़ें या किसी अपने से बात करें। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो या पीरियड्स बहुत अनियमित हों, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

दलहन उत्पादन बढ़ाकर आत्मनिर्भरता हासिल करना हमारा लक्ष्य: केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की उपजाऊ धरती, समृद्ध जल संसाधन और अनुकूल जलवायु हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। इकार्डा जैसे अंतर्राष्ट्री य अनुसंधान संस्थान का सशक्त होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। भारत में अन्न केवल उत्पादन नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और संस्कार का आधार है “अन्न देवो भव:” हमारी कृषि परंपरा का मूल मंत्र है। मध्यप्रदेश ‘कृषक कल्याण वर्ष’ मना रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘बीज से बाजार तक’ किसान के साथ खड़ी सरकार ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की शुरुआत की है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक दलहन उत्पादन को 350 लाख टन तक पहुंचाना, आयात निर्भरता कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है। इस मिशन किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक भंडारण और सुनिश्चित विपणन की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दाल उत्पादक एवं उपभोक्ता देश है। दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जिससे इस मिशन का सर्वाधिक लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (ICARDA) सीहोर के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र तथा अत्याधुनिक प्लांट टिशु कल्चर प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इकार्डा का यह नवीन भवन प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए नई आशाओं और संभावनाओं का द्वार खोलेगा। यह केंद्र वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीक और वैश्विक कृषि अनुभव को किसानों से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंचाई विस्तार और जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इकार्डा द्वारा विकसित वैज्ञानिक मॉडल प्रदेश की योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय और इकार्डा का यह संयुक्त प्रयास मध्यप्रदेश को टिकाऊ और समृद्ध कृषि का राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक मॉडल बना सकता है। उन्होंने कहा कि सीहोर का यह राष्ट्रीय सम्मेलन दलहन क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, मूल संवेदनाओं और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विमर्श का सशक्त मंच बनेगा और नीति निर्धारण व अनुसंधान के क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं इकार्डा की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अनुसंधान केंद्र प्रदेश की कृषि को नई दिशा देगा और किसानों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का फूड बॉस्केट है। भारतीय संस्कृति में अन्न देवता के माध्यम से समाज पल्लवित होता है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देश के विकास और कल्याण के लिए 4 श्रेणियां गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण बताई हैं। हमारी भारतीय सभ्यता में कृषि आधारित जीवन शैली विकसित हुई। आधुनिक समय में खेती में कई प्रकार के विकार आ गए। खेती में रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से हमारी जीवन शैली में बदलाव आया। प्रधानमंत्री  मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा। अमेरिका जैसे देश ने भारत की बात मानी। उन्होंने कहा कि दाल हर भारतीय परिवार की प्रतिदिन की थाली का अभिन्न हिस्सा और हर मौसम में भारतीय परिवारों की जरूरत है। इसका उत्पादन और खपत बताता है कि दलहन क्षेत्र में हमें और अधिक काम करने की जरूरत है। इसलिए अब मध्यप्रदेश में दलहन फसलों का उत्पादन तेजी से बढ़ायेंगे। इसके लिए हम केन्द्र सरकार के साथ हम-कदम होकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दालों के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार के हर मिशन, हर संकल्प की पूर्ति में हर जरूरी सहयोग देगी। हम देश में दाल समृद्धि का संकल्प मिल-जुलकर पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना से सोयाबीन की उपज की 1500 करोड़ रूपये से अधिक राशि किसानों के खातों में पहुंची है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, लेकिन उपयुक्त प्रबंधन के अभाव में प्रदेश का बड़ा भू-भाग सिंचाई से वंचित था। हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हैक्टेयर बढ़ा है। देश की पहली केन-बेतवा राष्ट्रीय लिंक नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना से प्रदेश में सिंचाई का रकबा और तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने आने वाले सालों में प्रदेश का सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा है। दलहन उत्पादन में अग्रणी है मध्यप्रदेश : केन्द्रीय मंत्री  चौहान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  चौहान ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के 27 देशों से हमारा समझौता हुआ है। उन्होंने अमेरिका के साथ कृषि समझौते में किसानों के हितों की रक्षा की गई है। सीहोर का शरबती गेहूं दुनिया में धूम मचाएगा। देश के बासमती चावल और मसालों को 18 प्रतिशत टैरिफ से लाभ मिलेगा। टेक्सटाइल निर्यात बढ़ने से कपास उत्पादक किसानों को फायदा होगा। देश को दलहन में आत्मनिर्भर बनाना है। देश में मूंग को छोड़कर अन्य दालों का उत्पादन घट गया। दाल हमें विदेश से आयात करना पड़े यह देश के हित में नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को बधाई देते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश आज भी दलहन उत्पादन में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल गेहूं, सोयाबीन और धान ही नहीं उगाना चाहिए, बल्कि फसल चक्रण पर ध्यान देना चाहिए। देश में चना, मसूर और उड़द का उत्पादन बढ़ाना है। इकार्डा के माध्यम से दलहन फसलों के उन्नत बीज तैयार किए जाएंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्री  चौहान ने कहा कि देश का कृषि मंत्रालय अब दिल्ली से नहीं, गांव और खेतों से चल रहा है। हमारे कृषि वैज्ञानिक प्लांट टिशू कल्चर के माध्यम से मसूर सहित अन्य दलहन फसलों की नई और उन्नत किस्में तैयार हो रही हैं। किसानों को ज्यादा उत्पादन वाले और रोग रहित बीच उपलब्ध कराना है। दलहन आत्म निर्भरता मिशन के अंगर्तग दालों के कलस्टर बनाए जाएंगे। इकार्डा के सहयोग से बीज ग्राम और बीज हब बनाए जाएंगे। प्रगतिशील और आदर्श किसानों को एक हैक्टेयर में दलहन उत्पादन के लिए 10 … Read more

‘हिंदू शब्द का भारत में कोई उल्लेख नहीं, रामायण में भी नहीं’, भागवत ने स्पष्ट किया

 मुंबई  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे हो गए हैं. इसके उपलक्ष्य में आज मुंबई के वर्ली स्थित नेहरू सेंटर में एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस आयोजन का नाम ‘मुंबई व्याख्यानमाला’ है. उन्होंने इस संबोधन में साफ किया कि संघ कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोग पॉलिटिक्स में हैं. उन्होंने संघ की परिभाषा, संघ के कार्य, हिंदू शब्द की उत्पति और सभी धर्मों के भाव के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि क्या भारतीय होना, केवल नागरिक होना नहीं है, यह एक स्वभाव का होना है. ये जोड़ने वाला स्वभाव है, जिसे हमें अनुशासनबद्ध हो कर बड़ा करना होगा.     मोहन भागवत ने कहा कि संघ ने पहले से तय किया कि सम्पूर्ण समाज को संगठित करने के अलावा संघ को और कोई दूसरा काम नहीं करना है. जिसको आप RSS कहते हो, आप कैसे कहते हो पता नहीं. बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई प्रधानमंत्री हैं. वे RSS के प्रधानमंत्री हैं. तो बता दें कि उनकी एक पॉलिटिकल पार्टी है, बीजेपी है, जो अलग है. उसमें बहुत स्वयंसेवक है, प्रभावी भी है.     संघ किसी दूसरी संस्था की प्रतिस्पर्धा में नहीं निकला है, न ही किसी रिएक्शन या विरोध में निकला है. हमारा काम बिना किसी के विरोध किए है. संघ को लोकप्रियता नहीं चाहिए. संघ को पावर नहीं चाहिए. जितने भी भले काम देश में हो रहे हैं, वे ठीक से हो जाएं. उन्हें करने के लिए संघ है. बहुत कठिन परिस्थितियों में भी डॉ. हेडगेवार ने दो बातों को कभी नहीं छोड़ा- एक, अपनी पढ़ाई में हमेशा फ़र्स्ट क्लास आना; दूसरा, देश के लिए जो कुछ चल रहा था उसमें सक्रिय भाग लेना. ये उनके जीवन के स्थायी कार्य थे. संघ का काम अनोखा है, पूरी दुनिया में ऐसा काम नहीं है. अब तो यह प्रत्यक्ष अनुभव हो रहा है.     भागवत ने बताया– संघ में भारतीय रागदरबारी के आधार पर घोष की धुनें बजती है. व्यक्तिगत गीत होते हैं, सांगिक गीत होते हैं. लेकिन संघ कोई अखिल भारतीय संगीत शाला नहीं है. संघ के स्वयंसेवक राजनीति में भी है. लेकिन संघ पॉलिटिकल पार्टी नहीं है. कई बातें ऊपर से देखेंगे तो गलतफहमी होगी. और इसलिए संघ को जानना है तो संघ का अनुभव लेना है. संघ को अंदर से देखना है. चीनी कैसे, इस पर व्याख्यानमाला हो सकती है. प्रश्नोत्तर भी हो सकते हैं. लेकिन, एक चम्मच चीनी खा लेंगे तो इस सब की आवश्यकता ही नहीं है. परंतु ऐसा कुछ खाना है तो कम से कम वो ठीक है. उसकी परीक्षा करने में कोई खतरा नहीं है. इतना तो पता होना चाहिए. इसलिए फिर एक बार 100 साल के बाद हम आपको बता रहे हैं.     ये संघ क्या है? क्योंकि, संघ का जो काम है, वो संघ के लिए नहीं है, वो पूरे देश के लिए है. भारतवर्ष के लिए। संघ क्या है जानना है तो पहले संघ क्या नहीं है ये जानना चाहिए. संघ किसी दूसरे संगठन की कंपटीशन में निकला नहीं और नहीं है. संघ किसी एक विशिष्ट परिस्थिति की रिएक्शन में प्रतिक्रिया में नहीं चला है. संघ किसी के विरोध में नहीं चला है. हमारा काम सर्वेषाम अविरोधेन बिना किसी का विरोध किए करने का काम है, चलने वाला काम है. संघ को पॉपुलैरिटी नहीं चाहिए. संघ को पॉवर नहीं चाहिए.     मोहन भागवत ने कहा कि संघ का काम एक अनोखा काम हैं. पूरी दुनिया में ऐसा काम नहीं हैं. संघ को देखने के लिए देश विदेश से लोग आते हैं. देश के गतिविधियों के केंद्र में संघ का नाम आता हैं, इसलिए वो देखने आते हैं. कोई भी इसे देखने के बाद एक प्रश्न पूछता हैं. हमारे जवान पीढ़ी में ऐसा कुछ करने की इच्छा हैं , ये पद्यति आप हमको सीखा सकते है क्या. संघ को ऊपर से और दूर से देखेंगे तो भी गलतफहमी होती हैं. संघ के स्वयंसेवकक रूट मार्च करते हैं, लेकिन संघ पैरामिलिटरी आर्गेनाइजेशन नहीं हैं. संघ के स्वयंसेवक राजनीती में भी हैं, लेकिन संघ राजनितिक पार्टी नहीं हैं. इसलिए संघ को जानना है, तो संघ को अंदर से आ कर देखना होगा. संघ का काम पूरे देश के लिए हैं. संघ किसी दूसरे संगठन के कंपटीशन में निकला नहीं हैं. संघ किसी के विरोध में नहीं चला हैं. संघ को पॉपुलरीटी, पावर नहीं चाहिए.     मोहन भागवत ने भाषण में कहा, ‘RSS न तो कोई पैरामिलिट्री संगठन है और न ही कोई पॉलिटिकल पार्टी. संघ से जुड़े लोग भले ही पॉलिटिक्स में एक्टिव हों, लेकिन संगठन खुद पॉलिटिकल नहीं है. यह कोई रिएक्शनरी संगठन भी नहीं है. संघ किसी के खिलाफ नहीं है. संघ को पब्लिसिटी, पावर या पॉपुलैरिटी नहीं चाहिए.’     संघ के कार्यक्रम को आप यहां देख सकते हैं- इस कार्यक्रम में साधु-संत के साथ-साथ कई गणमान्य जुटे हुए हैं. आयोजन की शुरुआत वंदे मातरम के गायन के साथ हुई. क्यों अहम है आज का भाषण? दिल्ली में दिए गए उनके हालिया भाषणों की तर्ज पर, उम्मीद जताई जा रही है कि डॉ. भागवत आज कई ज्वलंत मुद्दों पर बात करेंगे. इसमें हाल ही में हुई बड़ी ट्रेड डील्स (Trade Deals), वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत, आगामी चुनाव और देश के वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक माहौल पर उनकी टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण होगी. क्या भागवत आज के भाषण में कोई बड़ा राजनीतिक संदेश देते हैं? हम उनके भाषण का पूरा प्रसारण नहीं, बल्कि मुख्य अंश (Highlights) और ब्रेकिंग हेडलाइंस अपने दर्शकों के लिए लेकर आएंगे. मुंबई के सियासी और कारोबारी गलियारों में इस आयोजन को लेकर जबरदस्त चर्चा है.

पुष्कर सिंह धामी ने कहा- यूपी का सुशासन और सुरक्षा मॉडल है देश के लिए आदर्श

सुशासन व सुरक्षा का यूपी मॉडल देश के लिए उदाहरण: पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने खुलकर प्रशंसा की यूपी के सीएम की, कहा- योगी आदित्यनाथ साधना से तपे संन्यासी, उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा गांव की मिट्टी में पले-बढ़े योगी आदित्यनाथ ने साधारण से असाधारण बनने की यात्रा तय की यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल  पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुले मन से सराहना करते हुए उन्हें सनातन संस्कृति का रक्षक, सुशासन का प्रतीक और प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि योगी आदित्यनाथ का सान्निध्य प्रदेश को बार-बार प्राप्त हो रहा है। वह इसी क्षेत्र की मिट्टी से निकले हैं और उनका इस पूरे अंचल से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। यही कारण है कि वह उत्तराखंड को कभी भूलते नहीं और समय-समय पर यहां के शिक्षा संस्थानों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूती देने के लिए सहयोग करते रहे हैं। साधारण राजनेता नहीं, साधना से तपे संन्यासी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि साधना से तपे संन्यासी हैं। उनके जीवन में अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। समाज में योगी आदित्यनाथ के प्रति जो सम्मान है, वह उनके व्यक्तित्व, आचरण और कार्यशैली का परिणाम है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिस प्रकार सुशासन स्थापित हुआ है, वह आज पूरे देश के लिए एक मॉडल बन चुका है। कभी गुंडाराज व माफिया संस्कृति के लिए बदनाम रहा उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, कानून व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। गांव की मिट्टी से निकलकर शिखर तक पहुंचने की प्रेरक यात्रा मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि योगी आदित्यनाथ ने इसी क्षेत्र में सामान्य परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण की। गांव की मिट्टी में पले-बढ़े योगी जी ने अपने अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प से असाधारण ऊंचाइयों को छुआ। आज वह देश में सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहे हैं। वह राज्य जिसे कभी बीमारू राज्य के रूप में देखा जाता था, लेकिन योगी जी ने अपनी नीतियों और विजन से उसे आज देश में अग्रिम राज्यों की पंक्ति में पहुंचा दिया है। योगी आदित्यनाथ का जीवन विद्यार्थियों के लिए जीवंत उदाहरण है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, यदि राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का भाव हो, तो हर चुनौती अवसर में बदल जाती है। उत्तराखंड से योगी का भावनात्मक रिश्ता मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जहां भी रहे, उन्होंने अपनी जन्मभूमि और देवभूमि उत्तराखंड से नाता कभी नहीं तोड़ा। भारतीय परंपरा में कहा गया है कि “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” और योगी जी इस भाव को अपने जीवन में आत्मसात करते हैं। पिछले वर्षों में योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में कई विद्यालयों का लोकार्पण हुआ, जहां आधुनिक शिक्षा सुविधाएं, कंप्यूटर लैब और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए गए। योगी आदित्यनाथ का जीवन यह सिखाता है कि सादा जीवन, उच्च विचार और कठोर परिश्रम से कोई भी व्यक्ति राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च शिखर तक पहुंच सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर किया हर्ष व्यक्त

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर किया हर्ष व्यक्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के चीता परिवार में 5 शावकों के जन्म पर हर्ष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में एक और अभूतपूर्व उपलब्धि दर्ज की गई है। मादा चीता आशा ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत के चीता पुनर्स्थापन अभियान को नई मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब भारत में जन्मे चीतों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि कूनो में कुल चीतों की संख्या 35 तक पहुँच गई है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश को देश में वन्य जीव संरक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है। इस सफलता का श्रेय समर्पित वन अमले और पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और अथक मेहनत को जाता है। कूनो में हो रहा यह सकारात्मक विकास भारत की जैव-विविधता संरक्षण यात्रा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।  

ग्रामीण परिवहन को मजबूत और टिकाऊ बनाना है योगी सरकार का लक्ष्य

योगी सरकार का ग्रामीण परिवहन को संबल, मुख्यमंत्री जनता सेवा बसों के चालकों-परिचालकों के मानदेय में बढ़ोतरी योगी सरकार ने चालक-परिचालकों को 14 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त भुगतान का लिया निर्णय ग्रामीण यात्रियों को साधारण बसों से 20% कम किराये का मिलेगा लाभ प्रदेश भर के 20 क्षेत्रों में 395 मार्गों पर 299 बसों का किया जा रहा संचालन ग्रामीण परिवहन को मजबूत और टिकाऊ बनाना है योगी सरकार का लक्ष्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचलों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा संचालित मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत चल रही बसों के संचालन हेतु चालकों व परिचालकों को दिए जाने वाले मानदेय में 14 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि की गई है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस फैसले से एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बस संचालन से जुड़े कर्मियों को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आम ग्रामीण यात्रियों को कम किराये में सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा निरंतर उपलब्ध होती रहेगी। मानदेय बढ़ोतरी से मिलेगा संचालन को बल परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि अब तक मुख्यमंत्री जनता सेवा के अंतर्गत संविदा चालकों और परिचालकों को 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जा रहा था। ताजा निर्णय के तहत अब यह दर बढ़ाकर 2.32 रुपये प्रति किलोमीटर कर दी गई है। मानदेय में की गई यह वृद्धि बस संचालकों और सेवा प्रदाताओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बसों का नियमित, सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। ग्रामीण यात्रियों को 20 प्रतिशत कम किराया परिवहन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत संचालित बसों का किराया साधारण बसों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम रखा गया है। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले यात्रियों को मिल रहा है, जिन्हें कम किराये में अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों को भी शहरी क्षेत्रों के समान किफायती और सुलभ परिवहन सुविधाएं मिलें। प्रदेशभर में 299 बसें कर रही हैं सेवा परिवहन विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों में कुल 395 अनुमन्य मार्गों पर 299 बसों का संचालन किया जा रहा है। यह योजना ग्रामीण परिवहन को सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार का एक बड़ा और प्रभावी कदम मानी जा रही है। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच भी बेहतर हुई है।

तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत

रायपुर. तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  संतोष पांडेय, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, विधायक  मोतीलाल साहू,  राजेश मूणत, मुख्य सचिव  विकास शील, पुलिस महानिदेशक  अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव (गृह)  मनोज पिंगुआ तथा रायपुर  पुलिस कमिश्नर  संजीव शुक्ला उपस्थित थे।

आदिवासी संस्कृति की झलक: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भव्य जनजातीय प्रदर्शनी देखी

रायपुर.  द्रौपदी मुर्मु ने किया अवलोकन बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने आज बस्तर की माटी की सुगंध और आदिम जनजातीय परंपराओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और कारीगरों से प्रदर्शित कलाओं एवं उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली। राष्ट्रपति  मुर्मु ने बस्तर पंडुम को आदिवासी विरासत को संजोने और उसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने एक-एक कर ढोकरा हस्तशिल्प कला, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस कला, लौह शिल्प, जनजातीय वेश-भूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, बस्तर की जनजातीय चित्रकला, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की। बस्तर पंडुम आयोजन स्थल पर जनजातीय हस्तशिल्प आधारित प्रदर्शनी में ढोकरा कला से निर्मित सामग्रियों का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस हस्तशिल्प में लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की प्राचीन जनजातीय धातु कला है, जिसमें प्रकृति, देवी-देवताओं और ग्रामीण जीवन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ढोकरा की प्रत्येक कृति पूर्णतः हस्तनिर्मित होती है। इसके निर्माण में समाड़ी मिट्टी, मोम वैक्स, तार, पीतल, गरम भट्टी एवं सफाई मशीन का उपयोग किया जाता है। स्थानीय टेराकोटा कला को दर्शाती मिट्टी से बनी आकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया, जो लोक आस्था, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक विश्वासों को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं। प्रदर्शनी में लकड़ी की नक्काशी (Wood Carving) कला के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति देखने को मिली। लकड़ी की मूर्तियां बनाने के लिए सागौन, बीजा, सिवनर एवं साल लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसमें कारीगर पारंपरिक औजारों से बारीक आकृतियां उकेरते हैं। इसी तरह सीसल कला से बने जूट के कपड़े एवं अन्य हस्तशिल्पों का भी राष्ट्रपति ने अवलोकन किया। एक अन्य स्टॉल में बांस से बनी पारंपरिक उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। वहीं गढ़ा हुआ लोहे की कला (Wrought Iron Art) से निर्मित कलाकृतियों ने भी राष्ट्रपति को विशेष रूप से आकर्षित किया। जनजातीय आभूषणों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल ने राष्ट्रपति का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस स्टॉल में चांदी, मोती, शंख एवं विभिन्न धातुओं से हाथ से बनाए गए जनजातीय आभूषण (Tribal Jewellery) प्रदर्शित किए गए। ये आभूषण आदिवासी समुदायों की पहचान, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। तुम्बा कला (Tumba Art) के अंतर्गत सूखी लौकी जैसी फली से बनाए गए पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शनी में रखी गई थीं। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण स्टॉल में बस्तर क्षेत्र की प्रमुख जनजातियां — दंडामी माढ़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा — की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण संबंधित जनजातियों के युवक-युवतियों द्वारा प्रदर्शित किए गए। बस्तर पंडुम स्थल पर जनजातीय चित्रकला से जुड़ी जीवंत प्रदर्शनी का भी राष्ट्रपति  मुर्मु ने अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में बस्तर की चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। बस्तर की कला में जंगल, लोक देवता, पर्व-त्योहार और दैनिक जीवन को सहज रंगों और प्रतीकों के माध्यम से उकेरा जाता है। यह चित्रकला पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है। स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जनजातीय दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। इसमें जोंधरी लाई के लड्डू, जोंधरा, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ पेय पदार्थ लांदा और सल्फी को प्रदर्शित किया गया। लोक जीवन से संबंधित लोकचित्रों की प्रदर्शनी में बस्तर की संस्कृति और इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन एवं लोक परंपराओं से जुड़ी तस्वीरों के साथ-साथ बस्तर के जनजातीय समाज और लोक संस्कृति से संबंधित साहित्य भी प्रदर्शित किया गया।  

छोटे बच्चों और अभिभावकों के लिए समस्या: 5वीं-8वीं के परीक्षा केंद्र 5 किमी दूर भेजे गए

भोपाल  प्रदेश में 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस परीक्षा में करीब 25 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए प्रदेश भर में लगभग 12 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये परीक्षा केंद्र मूल विद्यालय से पांच किलोमीटर दूर के विद्यालयों में बनाए जाने से परीक्षार्थी और अभिभावकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएगी और इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के नियमों के अनुसार छोटे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र स्कूल से कम दूरी पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। राज्य शिक्षा केंद्र ने एक से तीन किमी के अंदर तक केंद्र बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जगहों पर केंद्र चार से पांच किलोमीटर दूरी पर बनाए जाने की शिकायत सामने आ रही हैं। 5वीं व 8वीं की यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के पैटर्न पर आयोजित की जा रही है। इसमें सरकारी, निजी स्कूलों तथा मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि वहां परिवहन की सुविधा सीमित रहती है। छोटे बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए अधिक समय और संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। अभिभावकों का कहना है कि अधिक दूरी होने से बच्चों की सुरक्षा और समय पर पहुंचने की चिंता बढ़ जाती है। निजी स्कूलों को अधिक बनाए गए केंद्र भोपाल जिले में 201 केंद्रों पर करीब 78 हजार बच्चे शामिल होंगे। इसमें पुराने शहर में जनशिक्षा केंद्र प्रभारी एवं जनशिक्षक के प्रस्ताव को नजरअंदाज कर विकासखंड स्रोत समन्वयकों ने सरकारी के बदले निजी स्कूलों को केंद्र बना दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केंद्र विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं।  

रियल एस्टेट नियमन को मजबूती: रेरा का बड़ा कदम

रायपुर. रेरा प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में छत्तीसगढ़ रेरा का महत्वपूर्ण कदम छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन तथा रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के प्रभावी अनुपालन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 14 बैंकों को अंतिम पैनल (फाइनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया है। रेरा अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ रेरा द्वारा 03 अप्रैल 2025 को 17 बैंकों को अस्थायी पैनल (प्रोविजनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया गया था। निर्धारित प्रक्रियाओं, आवश्यक शर्तों एवं मापदंडों की पूर्ति के उपरांत अब इनमें से 14 बैंकों को अंतिम पैनल में सम्मिलित किया गया है। अंतिम पैनल में शामिल बैंकों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा यूको बैंक शामिल हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेरा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत रियल एस्टेट परियोजनाओं से संबंधित पृथक रेरा खाते केवल उन्हीं बैंकों में संचालित किए जाएं, जो रेरा नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हों। इससे परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में अनुशासन स्थापित होगा, निधियों के उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा घर खरीदारों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष  संजय शुक्ला ने कहा कि रेरा के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैंकों के अंतिम पैनल में शामिल होने से परियोजना खातों की निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे घर खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र अधिक व्यवस्थित एवं विश्वसनीय बनेगा। छत्तीसगढ़ रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं भरोसेमंद बनाने के लिए इस प्रकार की पहलें भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी।

अबूझमाड़ का गौरव बढ़ा: मल्लखंब की अद्भुत प्रस्तुति ने राष्ट्रपति का ध्यान खींचा

रायपुर. राष्ट्रपति  मुर्मु ने की प्रशंसा, ताली बजाकर हौसला बढ़ाया छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और लंबे समय तक संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ ने शनिवार को अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम के शुभारंभ समारोह में अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी के नन्हे खिलाड़ियों ने देश की सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु के समक्ष मल्लखंब की अद्भुत प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह पहला अवसर था जब अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने एक साथ राष्ट्रपति के समक्ष मल्लखंब का जीवंत और साहसिक प्रदर्शन किया। लकड़ी के खंभे पर जब इन नन्हे कलाकारों ने असाधारण संतुलन, फुर्ती और कठिन करतबों का प्रदर्शन किया, तो मैदान में मौजूद दर्शक विस्मय से भर उठे। जोश, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक से सजी इस प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावविभोर कर दिया। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु स्वयं बच्चों की प्रतिभा से अत्यंत प्रभावित हुईं । उन्होंने न केवल उनके साहस, कला और अनुशासन की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी प्रदान कीं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव नारायणपुर जिले के उन दुर्गम और बीहड़ इलाकों में पड़ी है, जहां आज भी बुनियादी सुविधाएं सीमित हैं। कुटूर, करपा और परपा जैसे सुदूर वनांचलों से निकलकर इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा न तो संसाधनों की मोहताज होती है और न ही भौगोलिक सीमाओं की। इस संघर्षपूर्ण यात्रा के प्रेरणास्रोत मनोज प्रसाद हैं, जो एकेडमी के संस्थापक होने के साथ-साथ 16वीं बटालियन में आरक्षक के रूप में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन में इन बच्चों ने अभावों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इन नन्हे मल्लखंब खिलाड़ियों ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ का खिताब जीतकर और ‘रोमानियाज गॉट टैलेंट’ में उपविजेता बनकर पहले ही वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में 40 से 50 से अधिक टेलीविजन शो, देशभर में सैकड़ों मंचीय प्रस्तुतियों, तथा अनेक प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर यह टोली निरंतर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है। अब यह दल अपनी मिट्टी की खुशबू, लोक-संस्कृति और अद्वितीय कौशल को और अधिक सशक्त रूप में सात समंदर पार ले जाने के लिए तैयार है। एकेडमी का अगला लक्ष्य भविष्य में ‘अमेरिकाज गॉट टैलेंट’ और ‘ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट’ जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर भारत और अबूझमाड़ की लोक-कला का प्रदर्शन करना है। जगदलपुर में हुआ यह ऐतिहासिक प्रदर्शन न केवल अबूझमाड़ मल्लखंब एंड स्पोर्ट्स एकेडमी, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। यह आयोजन ‘बदलते बस्तर’ की उस सशक्त तस्वीर को प्रस्तुत करता है, जहां संघर्ष की जमीन से प्रतिभा के नए सितारे उभर रहे हैं।

कांग्रेस में घमासान, लक्ष्मण तिवारी के इस्तीफे के बाद भाजपा ने जीतू पटवारी की कार्यकुशलता पर की टिप्पणी

 भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस एक ओर संगठन को सशक्त बनाने के लिए संगठन सृजन अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर गुटबाजी के आरोप लग रहे हैं। मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने गुटबाजी का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। उनके आरोप से भाजपा के निशाने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी आ गए हैं। भाजपा नेताओं ने कहा है कि प्रदेश नेतृत्व की ‘कार्यकुशलता’ से कांग्रेस के नेता ही आहत हैं। यह प्रदेश अध्यक्ष की ‘कार्यकुशलता’ पर सवाल है। लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी कांग्रेस में शामिल हुए थे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ही उन्हें सदस्यता दिलाई थी। भारतीय जनशक्ति पार्टी के टिकट पर विधायक वह 2008 में उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी के टिकट पर मऊगंज से विधायक बने। 2013 के विधानसभा चुनाव में मऊगंज सीट से ही भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2018 में टिकट नहीं मिलने पर भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा और 10 हजार मत प्राप्त किए। 2023 में समाजवादी पार्टी से होते हुए कांग्रेस में आए। अब उन्होंने कांग्रेस भी छोड़ दी। गुरुवार को रीवा में पत्रकार वार्ता में तिवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जमीनी मुद्दों से भटक गई है। गुटबाजी हावी है। पार्टी में खींचतान चल रही है, जो भविष्य के लिए हानिकारक है। ईमानदारी से काम करने वालों की बात नहीं सुनी जाती है। भाजपा का हमला इस आरोप को आधार बनाकर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा है कि दिग्विजय सिंह ने मंच से, हरीश चौधरी व उमंग सिंघार ने दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे-राहुल गांधी के सामने, कमलेश्वर पटेल ने मीडिया में जीतू पटवारी की कार्यकुशलता पर सवाल उठाए हैं। अब अपनी उपेक्षा से आहत पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी का पार्टी से त्यागपत्र दे दिया जो प्रदेश नेतृत्व की विफलता का प्रमाण है। अब उन्हें झूठ और भ्रम फैलाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति

रायपुर. बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति  मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।  जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा । सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में बस्तर पहुंची राष्ट्रपति उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े। राष्ट्रपति  मुर्मु ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यपाल  रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे। राज्यपाल  डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है। बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।      

क्रिस गेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, 2026 टी20 वर्ल्ड कप में लगा सबसे तेज अर्धशतक

नईदिल्ली  2026 टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा मैच वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच खेल जा रहा है. इस मुकाबले में शिमरोन हेटमायर ने क्रिस जेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला है. हेटमायर ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने स्कॉटलैंड के विरुद्ध 22 गेंदों में फिफ्टी पूरी की. अर्धशतक पूरा करने तक उन्होंने अपनी पारी में 6 छक्के और एक चौका लगाया. क्रिस गेल का 16 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा शिमरोन हेटमायर ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 22 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जो टी20 वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी है. इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 2009 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 23 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया था. हेटमायर ने उनसे एक गेंद कम खेलकर फिफ्टी पूरी की. गेल के बाद इस सूची में शाय होप का नाम आता है, जिन्होंने 2024 वर्ल्ड कप में 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया था. वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी (टी20 वर्ल्ड कप)     22 गेंद – शिमरोन हेटमायर – 2026     23 गेंद – क्रिस गेल – 2009     24 गेंद – शाय होप – 2024 अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट की बात करें तो वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड आज भी क्रिस गेल के ही नाम है. उन्होंने साल 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 17 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर ली थी. मगर सबसे तेज वर्ल्ड कप फिफ्टी के मामले में शिमरोन हेटमायर उनसे आगे निकल चुके हैं. युवराज सिंह हैं सबसे आगे टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड पिछले 19 सालों से युवराज सिंह के नाम है. उन्होंने 2007 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 12 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर ली थी. उस मैच को युवराज के 6 छक्कों के लिए याद किया जाता है.

जगदलपुर में इलाज अब भी अधूरा, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की इमारत खड़ी

जगदलपुर. जगदलपुर का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बस्तरवासियों के लिए राहत का केंद्र बनना था, लेकिन अब सवालों में है. दिल, किडनी और न्यूरो इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी खत्म करने का दावा अब खोखला दिख रहा है. 240 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू तो हो गया, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है. कई विभागों में आधुनिक मशीनें मौजूद हैं, पर उन्हें संचालित करने वाले विशेषज्ञ नहीं. ओपीडी को आनन-फानन में शुरू कर दिया गया, लेकिन परामर्श की व्यवस्था कमजोर बनी हुई है. आईसीयू और आपात सेवाओं के 24 घंटे संचालन के दावे जमीन पर पूरे नहीं उतर रहे. गंभीर मरीजों को आज भी बड़े शहरों में रेफर किया जा रहा है. सरकारी दरों पर इलाज का वादा, निजी मॉडल की कार्यप्रणाली में उलझता दिख रहा है. मरीजों से शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं अधूरी हैं. अब सवाल यह है कि करोड़ों की लागत से बनी यह व्यवस्था आम जनता को कब राहत देगी. स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासनिक निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है.

पीएम मोदी का बयान: भारत-मलेशिया संबंध मजबूत, मलेशिया पहुंचने पर बोले- ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा

नई दिल्ली/ कुआलालंपुर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिनों के दौरे पर हैं. वह शनिवार को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मलेशिया में भारत के लिए प्यार और सम्मान है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पिछले साल आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया नहीं आ पाया था. लेकिन मैंने मेरे दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा और जैसा वादा किया था मैं यहां हूं. ये 2026 की मेरी पहले विदेश यात्रा है. उन्होंने कहा कि भारत के प्रति मलेशिया का प्यार दिखा है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. मलेशिया में भारतीय संगीत और सिनेमा लोकप्रिय है. मलेशिया के 500 स्कूलों में भारतीय भाषाओं की पढ़ाई हो रही है. दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आई है..  पीएम मोदी ने कहा कि आज हम प्रगति में एक दूसरे के साथ हैं. भारत और मलेशिया की साझा विरासत है. मलेशिया में विवेकानंद को काफी लोग मानते हैं. मैंने मन की बात में भी मलेशिया का जिक्र किया था. हम एक दूसरे के साझेदार देश हैं. भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है.  यूपीआई मलेशिया में भी जल्द लॉन्च होगा. एक दशक में बड़े सुधार हुए हैं.  भारत और मलेशिया के रिश्तों को नई ऊंचाई देने की तैयारी हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिन के दौरे पर मलेशिया रवाना हो चुके हैं. इस यात्रा से पहले पीएम मोदी ने साफ संकेत दिए कि भारत अब मलेशिया के साथ रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना चाहता है. रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और बीते कुछ वर्षों में इन रिश्तों में लगातार मजबूती आई है. उन्होंने कहा कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ विस्तृत बातचीत को लेकर उत्साहित हैं. पीएम मोदी के मुताबिक, दोनों देश अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर फोकस करेंगे. इसमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को नई दिशा देने पर चर्चा होगी. साथ ही दोनों देश नए क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे. मलेशिया रवाना होने का वीडियो आया सामने पीएम नरेंद्र मोदी का मलेशिया से रवाना होने का वीडियो सामने आया है. इसमें वह हमेशा की तरह एक सफेद कुर्ते में हैं और उनके दाहिने कंधे पर शॉल रखा है. रवाने होने के दौरान उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की. मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है. कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’. इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे. आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है. रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी. 2047 तक बनेगा विकसित भारत : PM Modi पीएम मोदी ने विकसित भारत का सपना एक बार फिर से दोहराते हुए कहा कि ‘भारत के लोग 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे’. उन्होंने कहा इस जर्नी में भारतीय प्रवासी अहम पार्टनर हैं. ‘भारत का UPI जल्द आएगा मलेशिया’: PM Modi प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के लोगों से एक बड़ा वादा किया. उन्होंने कहा भारत का UPI जल्द मलेशिया में आएगा. पीएम मोदी ने भारत की बेहतरीन डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को दुनिया के सामने रखा. ‘हम टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं’: PM Modi पीएम मोदी ने मलेशिया के लोगों को भारत आने का न्योता दिया और इसके साथ ही अपने दोस्तों को साथ लाने के लिए भी कहा. उन्होंने भारत की सफलताएं गिनाते हुए कहा कि अब हम ‘टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं’. ‘MGR के गाने सुनते हैं मलेशिया के प्रधानमंत्री’ : पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि मलेशिया के प्रधानमंत्री बहुत अच्छे सिंगर हैं और भारतीय म्यूजिक के बहुत बड़े फैन हैं. मलेशिया पीएम तमिल अभिनेता, फिल्म निर्माता एमजीआर के गाने सुनते हैं. ‘ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है’: पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि कि कैसे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रोटोकॉल की सीमाओं को तोड़कर एयरपोर्ट पर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया और उन्हें अपनी ही कार में साथ बिठाया. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘उन्होंने अपनी कार ही नहीं, बल्कि अपनी सीट भी साझा की’. पीएम ने कहा कि ‘मैंने वादा किया था और मैं आ गया. ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है’.

सागर के रुद्राक्ष धाम में रामकथा में शामिल हुए शिवराज सिंह, भूपेंद्र सिंह को बताया सौभाग्यशाली

सागर  कथा तो भगवान की ही सुनने लायक है. हर जीव के पास उसकी कथा से ज्यादा उसकी व्यथा है. भगवान की कथा जीव की व्यथा का हरण कर लेती है. प्रभु की कथा हम जितनी बार सुनते हैं नित्य नई लगती है और मन को शांति प्रदान करती है. ये बात पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कही. पिछले सात दिनों से सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में श्रीराम कथा का आयोजन चल रहा था, जिसका शुक्रवार 6 फरवरी को समापन हो गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए. इसके बाद शिवराज सिंह ने रुद्राक्ष धाम पहुंचकर दक्षिण मुखी हनुमान जी के दर्शन और आरती कर आशीर्वाद लिया. कथा शुरू से आखिरी तक पढ़नी और सुननी चाहिए प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस में भगवान की पूरी कथा है. मानस जी में ही लिखा है कि “भगवान की कथा अति हरि कृपा होने से ही प्राप्त होती है. कथा प्रारंभ से अंत तक पढ़नी और सुननी चाहिए, खंडित करके नहीं. जैसे कक्षा 2, 4, 5 में नहीं पढ़कर सीधे मास्टर की पढ़ाई नहीं की जा सकती.” दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की सागर के रुद्राक्ष धाम में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा सात दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया गया. पं. प्रेमभूषण महाराज की राम कथा को सुनने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्तगण पंडाल में पहुंचे. वहीं 1 फरवरी को दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है. इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर राम कथा का श्रवण किया. राम कथा सुनने सागर पहुंचे शिवराज सिंह श्रीराम कथा को सुनने के लिए शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सागर पहुंचे. जहां विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया और देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया समेत अन्य बीजेपी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया. इसके बाद वे सड़क मार्ग से होते हुए रुद्राक्ष धाम पहुंचे. यहां पहुंचकर उन्होंने प्रेमभूषण महाराज का पूजन कर आशीर्वाद लिया और भगवान के दर्शन कर कथा में शामिल हुए. ‘सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनने में है’ मंच से भक्तों को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,”सच्चा आनंद नेता बनने में नहीं बल्कि सेवक बनकर कार्य करने में है. मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और आनंद की अनुभूति है. शास्त्रों में भगवान को प्राप्त करने के 3 मार्ग बताए गए हैं ज्ञान, भक्ति और कर्म. मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति और समाज कल्याण के लिए होना चाहिए.” ‘बड़े सौभाग्यशाली हैं भूपेंद्र सिंह’ मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “व्यासपीठ पर विराजमान परमपूज्य पं. प्रेमभूषण जी महाराज का जीवन प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अनुपम उदाहरण है. आत्मा के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए की जाने वाली उनकी कथाएं समाज को सही दिशा देती हैं.” उन्होंने कहा कि “दक्षिणमुखी हनुमान जी के भव्य मंदिर का निर्माण कराने वाले भूपेन्द्र सिंह वास्तव में सौभाग्यशाली हैं. ऐसे कार्य केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव होते हैं.” ‘रुद्राक्ष धाम के कण-कण में शिव हैं’ खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा, “पिछले 7 दिनों में भगवान श्री राधाकृष्ण और दक्षिणमुखी हनुमान के दर्शन और श्रीरामकथा का आप सभी ने धर्म लाभ लिया. रुद्राक्ष धाम भगवान की जागृत भूमि है. यहां हमारे गुरु देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा के सानिध्य में 2014 में 7 दिवस में 39 करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और उनका रुद्र अभिषेक हुआ था. ऐसा सौभाग्य प्राप्त करने वाली यह भारत की इकलौती भूमि है. 108 पुराण, श्रीमद्भागवत कथा भी उन 7 दिनों में हुई, इसलिए इसका नाम रुद्राक्ष धाम रखा गया, यहां के कण कण में शिव हैं.” 

गुटखा व्यापारी वाधवानी को कोर्ट का झटका, केस ट्रांसफर की अर्जी खारिज, आधार पर उठाए सवाल

इंदौर  करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी मामले में फंसे गुटखा व्यापारी किशोर वाधवानी को जिला कोर्ट से झटका लगा है। वाधवानी का केस एडीजे शुभ्रा सिंह की कोर्ट में चल रहा है। वाधवानी ने इस केस को किसी अन्य न्यायालय में ट्रांसफर करने के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दिया था। उसका कहना था कि जज शुभ्रा सिंह के पिता से उसके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई और भविष्य में किसी विवाद से बचने के लिए केस को ट्रांसफर करना जरूरी है। अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा इधर जज शुभ्रा सिंह ने कोर्ट को भेजी टिप्पणी में स्पष्ट कहा कि उनके पिता जस्टिस सिंह का अभियुक्तों से कभी कोई संबंध नहीं रहा। न तो उन्होंने अपने पिता से अभियुक्तों के संबंध में कभी कोई चर्चा सुनी और न ही अभियुक्तों को उनके पिता के निवास पर आते-जाते देखा। उनकी कोर्ट में पहले भी ये केस चला है, जिसे उन्होंने निराकृत किया था तथा उस समय कोई आपत्ति नहीं की गई थी। वह वर्ष 2009 से मार्च 2012 तक इंदौर में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-सीबीआइ थीं और उस दौरान भी उन्होंने अभियुक्तों के प्रकरणों की सुनवाई की थी। 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया वर्तमान में उन्होंने 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक केस चलाया है। चूंकि वह लगातार आरोप पर बहस के लिए कह रही हैं और इसके लिए लंबी-लंबी तारीख नहीं दी जा रही थीं, संभवत: इसी कारण से यह स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत किया गया है।  

चंदेरी से पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा शुरु करने की तैयारी

चंदेरी इस पर्यटन नगरी से पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने के लिए पर्यटन सचिव डॉ इलैयाराजा.टी द्वारा कलेक्टर अशोकनगर को चंदेरी हेलीपैड पर सुरक्षा व्यवस्था, एम्बुलेंस तथा फायर ब्रिगेड आदि की सुविधा उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।  चंदेरी से पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने की मांग का व्यापक असर देखने को मिला है। क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है जिस पर पर्यटन सचिव डॉ इलैयाराजा टी के द्वारा कलेक्टर जिला अशोकनगर को पीएम श्री हेलीकॉप्टर सेवा प्रारंभ किए जाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पत्र लिखा है। जिससे शीघ्र ही सचिव पर्यटन के पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि, जेट सर्व एवियशन प्राइवेट लिमिटेड हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन प्रारंभ करेगी और भोपाल चंदेरी ओरछा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा रहेगी।  सुरक्षा व्यवस्था एंबुलेंस एवं फायर ब्रिगेड पर आने वाले खर्च के लिए सर्विस प्रदाता एजेंसी जेट एवियशन इसका भुगतान करेगी और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड इसके लिए कार्रवाई करेगा। चंदेरी एक पर्यटन नगरी होने के साथ-साथ बॉलीवुड के आकर्षण का केंद्र भी बनती जा रही है जहां पर फीचर फिल्म एवं धारावाहिकों की शूटिंग होती रहती है। कई पर्यटक भी हवाई सेवा का लाभ लेना चाहते थे, अब चंदेरी से हेलीकॉप्टर सेवा नियमित रूप से प्रारंभ होने जा रही है यह चंदेरी पर्यटन में बहुत बड़ी कार्रवाई हो रही है जिसका लाभ भविष्य में चंदेरी को अवश्य मिलेगा।

इंदौर में मोबाइल पर भेजा गया शादी का कार्ड, लिंक पर क्लिक करने से अकाउंट खाली हो सकता है

 इंदौर इंदौर में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा तरीका अपनाया कि लोग पहले चौंके, फिर सतर्क हो गए. मामला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव यादव के नाम से जुड़े एक फर्जी शादी के निमंत्रण कार्ड का है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. यह डिजिटल कार्ड लोगों को शादी का न्योता दे रहा था, साथ में एक लिंक भी, जिस पर क्लिक करने की अपील की गई थी. शहर के कई लोगों के मोबाइल पर जब यह इनविटेशन कार्ड पहुंचा तो पहले तो उन्होंने इसे सामान्य समझा. तारीख लिखी थी… 24 फरवरी 2026… और भाषा भी बिल्कुल औपचारिक. लेकिन कुछ लोगों को लिंक देखकर शक हुआ. उधर, जब यह कार्ड खुद सदाशिव यादव तक पहुंचा, तो वे भी हैरान रह गए. उन्होंने तुरंत स्पष्ट किया कि यह इनविटेशन कार्ड पूरी तरह फर्जी है और उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है. सदाशिव यादव ने तुरंत सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट जारी कर लोगों को आगाह किया. उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर ये फैलाया जा रहा है. उन्होंने सभी परिचितों, कार्यकर्ताओं और रिश्तेदारों से अपील की कि इस कार्ड में दिए गए किसी भी लिंक को न खोलें और न ही इसे आगे फॉरवर्ड करें. इस मामले की जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला साइबर ठगी से जुड़ा हो सकता है. ऐसे मामलों में ठग फर्जी निमंत्रण, कूरियर या इवेंट लिंक भेजकर लोगों से क्लिक करवाते हैं, जिससे उनके मोबाइल या बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई जा सके. कई बार लिंक पर क्लिक करते ही मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है या फर्जी वेबसाइट पर ले जाकर निजी जानकारी मांगी जाती है. इस मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल सक्रिय हो गई. एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी कार्ड किस प्लेटफॉर्म से बनाया गया और सबसे पहले किस अकाउंट से शेयर हुआ. डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक, डिजिटल कार्ड या संदिग्ध मैसेज से सावधान रहें, भले ही वह किसी परिचित या बड़े नाम से क्यों न आया हो. किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें.

विधायक दिनेश राय मुनमुन के करकमलों से किये गये लाखों के विकास कार्यों के भूमिपूजन

 सिवनी  पिछले दिनों सिवनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने विधानसभा के सर्वांगीण विकास को गति देने के संकल्प के साथ क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर लाखों की लागत वाले सामुदायिक भवनों, टीन-शेड, नाली, सीसी मार्ग और सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमिपूजन कर जनसंपर्क किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं संघन जनसंपर्क का कारवां प्रातः 10:00 बजे ग्राम ढेंकी से प्रारंभ हुआ और देर शाम तक विभिन्न पंचायतों में उत्साह के साथ जारी रहा।भूमिपूजन एवं जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने ग्राम परतापुर के शांतिधाम में स्थाई शेड, लखनवाड़ा में स्नान घाट व गार्डन सौंदर्यीकरण और संगई में नए स्नान घाट का भूमिपूजन किया गया। तथा ग्राम ढेंकी, जैतपुर कलां, कन्हरगांव, चांवडी, गोपालगंज, सुकवाह और बोरदई में भव्य सामुदायिक भवन निर्माण की आधारशिला रखी। वही ग्राम कातलबोडी में टीन-शेड, भण्डारपुर में अतिरिक्त कक्ष और बोरदई टेकरी में सीसी रोड व नाली निर्माण जैसे जनहितैषी निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गांव-गांव मे कलश लेकर ढोल-बाजे से आगवानी की गयी तथा फूलमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया। इसके अलावा श्री राय ने ग्राम बोरदई मे श्री हरीश सनोडिया द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा मे सहभागिता किया। इस दौरान विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने कहा कि ​मेरा लक्ष्य केवल ईंट पत्थर का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ना ही मेरी प्राथमिकता है। इसके साथ ही विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन जी ने केवल विकास कार्यों का भूमिपूजन ही नहीं किया, बल्कि चौपाल लगाकर आमजनों से सीधा संवाद किया। और ग्रामीणों की समस्याओं को पूरी आत्मीयता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर सर्वश्री नितेश सनोडिया जी अध्यक्ष भाजपा मंडल लखनवाड़ा, रामजी चंद्रवंशी जी अध्यक्ष भाजपा मंडल करकोटी, श्याम मिलन पांडे जी, अभिषेक दुबे जी अध्यक्ष दक्षिण नगर मंडल, युवराजसिंह राहंगडाले जी अध्यक्ष उत्तर नगर मंडल, नितेन्द्र गुड्डू बघेल जी, विनय बघेल जी, राजू यादव जी, आसिफ जरदारी जी सरपंच, सचिन ठाकुर जी, विट्ठल पटेल जी, योगेश उईके जी सरपंच, नंदू यादव जी, राज पटेल जी, विनीश दुबे जी सहित भाजपा कार्यकर्ताओं, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच, उपसरपंच, सचिव, पंचगणों ग्रामीणों एवं विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की गरिमामय उपस्थिति रही।

अदालत ने कहा- प्रक्रिया शुरू होने से हस्तक्षेप ठीक नहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव पर रोक की याचिका खारिज

बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगाने की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए अब हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है। कोर्ट ने चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान सही समय और मंच पर करने का निर्देश कहा है। याचिकाकर्ताओं ने महिला आरक्षण के साथ ही कार्यकारिणी का पद बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके चंद्रवंशी की कोर्ट में हुई। दरअसल, बिलासपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लिए 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में अध्यक्ष सहित 17 पदों के लिए 61 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। एडवोकेट निरूपमा वाजपेयी ने हाई कोर्ट में यााचिका दायर कर कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रशासक समिति द्वारा चुनाव प्रक्रिया को लेकर जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी 15 की थी, जिसे गलत तरीके से बढ़ाकर महिला आरक्षण तय किया गया है। जबकि, प्रशासक को कार्यकारिणी के पदों में वृद्धि करने का अधिकार नहीं है। केवल सामान्य सभा के जरिए ही पद बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है, सामान्य सभा की अनुमति जरुरी है। हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद, चुनावी प्रक्रिया जारी रखने पर उन्होंने आवेदन भी प्रस्तुत किया था, जिसमें चुनाव पर रोक लगाने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का कार्यकाल खत्म हो चुका है, जिसके चलते हाई कोर्ट और राज्य अधिवक्ता परिषद ने प्रशासक नियुक्त किया है। प्रशासक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाई कोर्ट और राज्य अधिवक्ता परिषद से मार्गदर्शन लेकर चुनाव की प्रक्रिया शुरू की है। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने कहा, चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई और मतदान की तारीख के साथ ही नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी हो चुकी है। ऐसे में चुनाव पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

नीदरलैंड्स के खिलाफ पाकिस्तान की मुश्किल जीत, आखिरी ओवर में पसीने छूटे

 कोलंबो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में बड़ा उलटफेर होते-होते बचा. पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच ये मुकाबला कोलंबो में खेला गया. जिसमें पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. नीदरलैंड्स की टीम ने 148 का लक्ष्य रखा था. लेकिन इसके जवाब में उतरी पाकिस्तान एक समय पर बेहद मुश्किल स्थिति में आ गई थी. लेकिन फहीम अशरफ की ताबड़तोड़ पारी के चलते पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. ऐसे रही पाकिस्तान की बल्लेबाजी 148 के जवाब में उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. साहिबजादा फरहान और सैम अयूब ने तेज शुरुआत की. लेकिन तीसरे ही ओवर में पाकिस्तान को पहला झटका लगा, जब सैम अयूब आउट हुए. अयूब ने 24 रन बनाए. लेकिन कप्तान सलमान आगा भी ज्यादा नहीं चल सके. उनके बल्ले से केवल 12 रन आए. इसके बाद साहिबजादा फरहान और बाबर आजम के बीच अच्छी साझेदारी हुई. 10 ओवर में पाकिस्तान का स्कोर 90-2 था. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने कमाल की वापसी की. बैक-टू-बैक पाकिस्तान को 3 झटके दिए. आलम ये हुआ की 13 ओवर में पाकिस्तान के 103 रन पर 5 विकेट गिर गए. बाबर आजम 18 गेंद में 15 रन बनाकर आउट हुए. फरहान भी फिफ्टी से चूक गए. और उस्मान खान खाता भी नहीं खोल सके. 16वें ओवर में पाकिस्तान को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब मोहम्मद नवाज 13 गेंद में 6 रन बनाकर आउट हो गए. तब पाकिस्तान को 4 ओवर में 34 रन चाहिए थे. लेकिन 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर शादाब भी चलते बने. इसके बाद पाकिस्तान को 3 ओवर में 33 रन चाहिए थे. लेकिन 19वें ओवर में फहीम अशरफ ने 24 रन ठोक दिए और मैच पाकिस्तान की ओर मोड़ दिया. आखिरी ओवर में केवल 5 रन चाहिए थे. पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. फहीम पाकिस्तान के लिए गेम चेंजर बने, जिन्होंने 11 गेंद में 29 रन ठोके. जिसमें 3 छक्के शामिल थे. ऐसे रही नीदरलैंड्स की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत अच्छी रही. पहले विकेट के लिए 28 रनों की साझेदारी हुई. चौथे ओवर में पहला विकेट मैक्स का गिरा. इसके बाद अगले ही ओवर में माइकल भी चलते बने. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने अच्छी बल्लेबाजी. खास बात ये रही की रनों की गति नहीं रुकी. 13वें ओवर में जब नीदरलैंड्स को चौथा झटका लगा जब उसका स्कोर 105 था.  नीदरलैंड्स की ओर से सबसे ज्यादा रन स्कॉट एडवर्ड्स ने बनाए. उन्होंने 37 रन बनाए. उनकी इस पारी के दम पर नीदरलैंड्स ने 147 रन बनाए. वहीं, पाकिस्तान की ओर से सलमान मिर्जा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. वहीं, सैम अयूब, अबरार और नवाज को 2-2 विकेट मिले. शाहीन आफरीदी को 2 ओवर में 28 रन पड़े और केवल 1 विकेट मिला.  

मुंबई में मेयर पद पर बीजेपी का कब्जा, रितु तावड़े होंगी मेयर, शिंदे की शिवसेना को डिप्टी मेयर का दायित्व

मुंबई  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शनिवार को मुंबई मेयर चुनाव के लिए कॉर्पोरेटर रितु तावड़े को नॉमिनेट किया, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने संजय घाडी को डिप्टी मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया. बीजेपी नेता अमित सतम ने तावड़े के नाम की घोषणा की, जबकि शिवसेना नेता राहुल शेवाले ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) मुख्यालय में घड़ी की उम्मीदवारी की घोषणा की. तावड़े वार्ड 132 से कॉर्पोरेटर हैं, जबकि घड़ी 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड 5 से चुने गए थे. शिवसेना सचिव संजय मोरे ने एक बयान में कहा है कि घड़ी 15 महीने तक डिप्टी मेयर के तौर पर काम करेंगे. वह शिवसेना (UBT) के उन सीनियर पूर्व कॉर्पोरेटर में से एक थे, जिन्होंने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना जॉइन कर ली थी. मुंबई में डिप्टी मेयर का कार्यकाल बांटकर, शिवसेना अपने चार कॉर्पोरेटरों को मौका देना चाहती है. 227 सदस्यों वाली बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनावों में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना ने 29 सीटें जीती. सत्ताधारी गठबंधन, जिसके पास कुल 118 कॉर्पोरेटर हैं, 114 के आधे के आंकड़े को पार कर चुका है और मेयर का पद हासिल करने की अच्छी स्थिति में है. शिवसेना (UBT), जिसने 1997 से 25 सालों तक नगर निकाय पर राज किया, उसने 65 सीटें जीती, जबकि उसके सहयोगी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), ने क्रमशः छह और एक सीट जीती. अन्य पार्टियों में, कांग्रेस ने 24 सीटें, एआईएमआईएम ने आठ, एनसीपी (अजित पवार गुट) ने तीन और समाजवादी पार्टी ने दो सीटें जीती. नौ साल के अंतराल के बाद हुए महत्वपूर्ण चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते. पिछले कार्यकाल के खत्म होने के बाद 7 मार्च 2022 से बीएमसी कमिश्नर राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर काम कर रहे हैं. बीएमसी देश की सबसे अमीर सिविक बॉडी है, जिसका 2025-26 का बजट 74,450 करोड़ रुपये है, जो कुछ छोटे राज्यों के बजट से भी ज्यादा है.

PoK को भारत का हिस्सा मानने पर अमेरिका का बयान, शहबाज-मुनीर ने उठाया नक्शे का मुद्दा

वाशिंगटन  अमेरिका से पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाली खबर आई है. अमेरिका और भारत ने ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी किया है. मगर इससे पाकिस्तान की टेंशन बढ़ गई है. अब सवाल है कि आखिर अमेरिका ने ऐसा क्या किया कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की नींद उड़ जाएगी. दरअसल, अमेरिका ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को भारत का हिस्सा माना है. वैसे भी पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके भारत का हिस्सा है. भारत शुरू से यह मानता है कि पीओके भारत का अभिन्न अंग है, जिस पर पाकिस्तान ने कब्जा जमा रखा है. अब भारत की इस बात पर अमेरिका ने भी मुहर लगा दी है. अमेरिका ने जो नक्शा जारी किया है, वह साफ-साफ बता रहा है कि पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और पीओके भारत का ही हिस्सा है. जी हां, अमेरिका ने एक ऐसा नक्शा जारी किया है जिसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ने भारत-अमेरिका के नए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट की जानकारी देते हुए जो नक्शा इस्तेमाल किया है, उसे देखकर शहबाज और मुनीर की छाती फट जाएगी. अमेरिका की ओर से जारी नक्शे में पूरा कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. इस नक्शे के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी भारत में शामिल है. इस नक्शे में न कोई लाइन ऑफ कंट्रोल है और नकोई विवादित क्षेत्र. साफ-साफ सब कुछ भारत का दिखाया गया है. क्या हुआ नक्शे में दरअसल, यूएसटीआर यानी यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव (USTR) ने भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर अंतरिम फ्रेमवर्क से जुड़ा एक पोस्ट किया. इस पोस्ट में अमेरिकी उत्पादों (ट्री नट्स, ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन, रेड सोरघम, फल आदि) के लिए भारत में नए बाजार खुलने की बात थी. अमेरिका ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘ट्री नट्स और सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन से लेकर लाल ज्वार और ताज़े और प्रोसेस्ड फलों तक, अमेरिका-भारत एग्रीमेंट अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए नए मार्केट एक्सेस देगा.’ मगर इस पोस्ट के साथ जारी नक्शे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अमेरिका ने यही नक्शा जारी किया है, जिसमें पीओके को भारत का हिस्सा माना गया है. अमेरिका का बड़ा संकेत अमेरिका की ओर से जारी यह नक्शा सिर्फ एक तस्वीर नहीं है.यह अमेरिका की सोच का बड़ा संकेत है. भारत हमेशा कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका भारत का अभिन्न अंग है. इसमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान भी हैं. अब अमेरिका के आधिकारिक अकाउंट से ऐसा नक्शा आने का मतलब है कि वाशिंगटन भारत की इस बात को मान रहा है. इसका यह भी संकेत है कि अमेरिका अब पीओके के मसले पर न्यूट्रल नहीं है. यह बात हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील के साथ आई है. दोनों देशों ने टैरिफ कम करने और ट्रेड डील पर फ्रेमवर्क जारी किया है. पाक को झटका अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान के लिए यह बड़ा झटका है. पाकिस्तान दशकों से पीओके पर अवैध कब्जा जमा रखा है. भारत ने यह प्रण कर रखा है कि पीओके को वापस लेकर रहेगा. इस दिशा में भारत के लिए यह अच्छी खबर है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को इस नक्शे को आंख खोलकर देखना चाहिए. उनका सबसे पुराना दोस्त अमेरिका अब भारत के साथ खड़ा दिख रहा है. जिनके घर जाकर मुनीर बिरयानी खाते हैं, उन्होंने कैसे भारत का लोहा माना है.

WHO का अलर्ट: बांग्लादेश में निपाह वायरस के कारण कच्चा खजूर रस पीने से महिला की मौत

 ढाका विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को बांग्लादेश में निपाह वायरस (Nipah virus) से एक महिला की मौत की पुष्टि की है। यह घटना जनवरी के अंत में उत्तरी बांग्लादेश में हुई, जिसने एक बार फिर इस घातक वायरस के खतरे को चर्चा में ला दिया है। मृतक महिला की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच थी। महिला में 21 जनवरी को बुखार और सिरदर्द जैसे शुरुआती लक्षण दिखे। इसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ती गई, जिसमें अत्यधिक लार निकलना, मानसिक भ्रम और दौरे पड़ना शामिल था। लक्षणों के उभरने के एक सप्ताह बाद महिला की मृत्यु हो गई। मौत के अगले दिन जांच में उनके निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। संक्रमण का कारण जांच में पाया गया कि महिला का कोई हालिया यात्रा इतिहास नहीं था। हालांकि, उन्होंने कच्चा खजूर का रस पिया था। विशेषज्ञों के अनुसार, निपाह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों द्वारा दूषित किए गए फलों या तरल पदार्थों के जरिए इंसानों में फैलता है। एहतियाती कदम और वर्तमान स्थिति संपर्क ट्रेसिंग: महिला के संपर्क में आए सभी 35 लोगों की पहचान कर उन्हें निगरानी में रखा गया था। राहत की बात यह है कि उन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। क्षेत्रीय प्रभाव: भारत के पश्चिम बंगाल में भी निपाह के दो मामले सामने आने के बाद, एशिया के कई देशों जैसे मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और पाकिस्तान ने हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। WHO की राय: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में इस वायरस के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने का जोखिम कम है। इसलिए, अभी किसी भी प्रकार के यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की सिफारिश नहीं की गई है। यह संक्रमण काफी घातक है, जिसमें मृत्यु दर 75% तक हो सकती है। यह मुख्य रूप से संक्रमित चमगादड़ों के संपर्क में आए फलों/खाद्य पदार्थों से फैलता है। यह वायरस इंसानों के बीच बहुत आसानी से नहीं फैलता। वर्तमान में इसके लिए कोई लाइसेंस प्राप्त वैक्सीन या विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है। बांग्लादेश में पिछले साल (2025) भी निपाह वायरस के चार पुष्ट मामले सामने आए थे, जिनमें सभी मरीजों की जान चली गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे पेड़ों से गिरे फल न खाएं और खजूर के रस को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं।

मंदसौर में बछड़े के कटा सिर मिलने पर विरोध प्रदर्शन, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण आज बंद

मंदसौर मंदसौर शहर के जीवागंज क्षेत्र में बछड़े का कटा सिर मिलने के मामले में आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में सर्व हिंदू समाज, विहिप और ओर बजरंग दल ने शनिवार को मंदसौर बंद रखा। सुबह से ही रैली निकालकर कार्यकर्ता शहर में घूमकर दुकानें बंद कराते रहे। उल्लेखनीय है कि 5 फरवरी को 3 बजे जीवागंज में गाय के बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने के बाद हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने नयापुरा रोड पर कुछ देर चक्काजाम कर दिया था। आज बंद की दी थी चेतावनी इस दौरान पुलिस अधिकारियों व हिंदू संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी भी हुई थी। बाद में सभी रैली के रुप में घंटाघर पर शहर कोतवाली पहुंचे व ज्ञापन सौपा। जिसमे चेतावनी दी गई कि जल्द ही आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो 7 फरवरी को मंदसौर बंद करेंगे। इसके बाद 8 फरवरी को राजमार्ग को बंद करेंगे। पुलिस ने अभी जीवागंज वाले मामले में आरोपित को नहीं पकड़ा है। इसके चलते शनिवार सुबह से ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता शहर में घूमकर बंद कराते रहे।  

योगी सरकार ने चाइनीज मांझा कारोबार पर कसा शिकंजा, पूरे नेटवर्क की जांच शुरू

चाइनीज मांझा बेचने वालों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, पूरे नेटवर्क की सघन जांच शुरू मुख्यमंत्री योगी की दो टूक, चाइनीज मांझे से होने वाली मृत्यु हादसा नहीं, हत्या है ऑनलाइन सप्लायर से लेकर गोदामों तक जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई तेज स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, बच्चों और युवाओं से अपील,चाइनीज मांझे से दूर रहें दुर्घटना हुई तो स्थानीय पुलिस-प्रशासन भी जिम्मेदार माना जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेशभर में चाइनीज मांझे के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि चाइनीज मांझे की वजह से होने वाली मृत्यु कोई ‘साधारण हादसा’ नहीं है, बल्कि ‘हत्या’ जैसी गंभीर वारदात है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इसके उत्पादन, बिक्री, भंडारण और परिवहन से जुड़े हर व्यक्ति पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी जिलों में थोक विक्रेताओं, ऑनलाइन सप्लायर्स, परिवहन चैनल और गोदामों की सघन जांच कर पूरे अवैध नेटवर्क को खत्म करने का आदेश दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में चाइनीज मांझे की एक भी रील न बिके और न ही कहीं स्टोर हो पाए। इसके लिए जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा।  हर जिले में एक नोडल अधिकारी को 24×7 मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया ग्रुप्स और अनौपचारिक चैनलों के जरिए होने वाली अवैध बिक्री पर भी सख्त नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरीके से इसकी आपूर्ति को रोका जा सके। सरकार अब इस अभियान को जन-सहयोग से भी जोड़ रही है। स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को बताया जा सके कि चाइनीज मांझा प्रतिबंधित होने के साथ-साथ जानलेवा भी है। बाजारों और पतंग विक्रेताओं को आगाह किया जा रहा है कि कहीं भी चाइनीज मांझा मिलता पाया गया तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि किसी क्षेत्र में चाइनीज मांझे से कोई घटना हुई तो केवल विक्रेता ही नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी जिम्मेदार माना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के संदेशों का प्रसार कर रही यह यात्रा

लोकमंगल को समर्पित है  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा – सीएम योगी आदित्यनाथ नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन ने स्वास्थ्य यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों में लगाए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के संदेशों का प्रसार कर रही यह यात्रा  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से 1000 चिकित्सक देंगे 3 लाख लोगों को चिकित्सकीय परामर्श लखनऊ,   नेशनल मेडिकोस ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के अवध व गोरक्ष प्रांत की तरफ से  गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और अन्य संस्थाओं के सहयोग से 8 फरवरी तक चलने वाली तीन दिवसीय गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत नेपाल सीमा से लगे सात जिलों के दूरदराज के थारू बाहुल्य गांवों में शुक्रवार को निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। यह शिविर सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर, पीलीभीत में लगाए गए हैं। पहले दिन 70,000 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की गई। वर्ष 2019 से जारी इस सेवा प्रकल्प का यह छठवां पड़ाव है। इस वर्ष की स्वास्थ्य सेवा यात्रा में तीन दिन तक 1,000 से अधिक चिकित्सक प्रदेश के सीमावर्ती ग्रामीण अंचलों में 3 लाख से अधिक मरीजों का उपचार करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनमओ और यात्रा से जुड़े सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा लोक मंगल और जन सेवा के प्रति समर्पित है और भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है।  महायोगी गोरखनाथ का संदेश, सबका कल्याण, सबका उत्थान – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ जी ने समाज को योग, तप और करुणा का मार्ग दिखाया, जिनका स्पष्ट संदेश था, सबका कल्याण, सबका उत्थान। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से शुरू हुई इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा के माध्यम से अब तक लाखों नागरिकों को नि:शुल्क परामर्श, दवाइयों, जांच और स्वास्थ्य जागरूकता का लाभ मिल चुका है। पिछले साल फरवरी में आयोजित यात्रा में 2 लाख 18 हजार से अधिक नागरिकों को सेवा पहुंचाई गई थी।  सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा को सरकार ने दी सर्वोच्च प्राथमिकता सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की ‘डबल इंजन सरकार’ स्वास्थ्य को केवल इलाज तक सीमित न रखते हुए बीमारियों की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि ये स्वास्थ्य सेवा यात्रा उसी भाव को आत्मसात करते हुए भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजाति और वनटांगिया समुदाय के बीच स्वास्थ्य, सेवा और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित कर रही है। सीमावर्ती एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा का यह प्रयास नए भारत की सेवा संस्कृति का एक उत्कृष्ट और प्रेरक उदाहरण होने के साथ ही सेवा ही साधना और स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्र सेवा के रूप में स्थापित करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है।  जनजातीय समाज का सर्वांगीण विकास प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद हमारी सरकार ने वनटांगिया गांव को राजस्व गांव का दर्जा देकर उन्हें पहचान, सम्मान और शासन की सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों को समयबद्ध रणनीति, टीकाकरण और जन भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सीएम योगी ने सभी चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि गुरु गोरखनाथ की प्रेरणा से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस स्वास्थ्य सेवा अभियान के माध्यम से एक स्वस्थ, समर्थ जनजातीय समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के संकल्प को साकार किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा यात्रा ने 7 जिलों में 70,000 से अधिक लोगों को प्रदान की स्वास्थ्य सेवा एनएमओ अवध प्रांत के महामंत्री डॉ शिवम् मिश्र ने बताया कि  गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा की शुरूआत आज भारत नेपाल सीमा सीमा पर स्थित थारू जनजातीय बहुल सात जिलों में एक साथ हुई।  स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत आज पीलीभीत में 10 कैम्प, लखीमपुर में 30 कैम्प, बलरामपुर में 40 कैम्प और श्रावस्ती में लगभग 25 कैम्प आयोजित किए गये। वहीं बहराइच में 30 कैम्प, सिद्धार्थनगर में 10 कैम्प और महाराजगंज में भी लगभग 10 कैम्प आयोजित किए गये। इन शिविरों में स्थानीय और बाहरी चिकित्सकों को मिलाकर लगभग 1000 चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सेवा यात्रा के माध्यम से चिकित्सकों ने पहले ही दिन लगभग 70,000 से अधिक लोगों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, निःशुल्क दवाइयां दीं, और गांव में विभिन्न विषयों संतुलित भोजन, माहवारी स्वच्छता इत्यादि पर लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7 और 8 फरवरी को भी इसी प्रकार संचालित की जाएगी, जिसके माध्यम से लगभग 3 लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस क्रम में 8 फ़रवरी को प्रत्येक जिले में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवा यात्रा में एनएमओ के साथ एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती आदि अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी पूरा सहयोग प्रदान किया।

केंद्रीय गृहमंत्री शाह भी तीन दिन छत्तीसगढ़ में रहेंगे, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी बस्तर पंडुम का शुभारंभ

रायपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगी. वह सुबह 9.10 बजे भुवनेश्वर से उड़ान भरकर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगी. इसके बाद राष्ट्रपति लाल बाग मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगी. 10.55 से 11.10 बजे तक वह बस्तर पण्डुम में लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन करेंगी, जबकि 11.10 से 12.15 बजे तक कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ करेंगी. राष्ट्रपति मुर्मू करीब तीन घंटे छत्तीसगढ़ में प्रवास के बाद दोपहर 1.30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगी. सीएम विष्णुदेव साय का बस्तर दौरा  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 10.05 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करेंगे. वह 11 बजे बस्तर पण्डुम 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 12.30 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से रायपुर के लिए रवाना होंगे और रायपुर एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मुर्मू को विदाई देंगे. सीएम साय 1.45 बजे नए मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे. शाम 4.15 बजे वह दोबारा रायपुर एयरपोर्ट जाएंगे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत करेंगे. इसके बाद शाम 6 बजे एक निजी होटल जाएंगे और वहां से सीधे नए सीएम हाउस पहुंचकर कुछ देर विश्राम करेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे. वह 7 फरवरी को शाम 4.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचकर निजी होटल के लिए रवाना होंगे. 8 फरवरी को सुबह 11 बजे से बैठकों का दौर शुरू होगा, जहां शाम 5 बजे तक नक्सलवाद को लेकर हाई लेवल मीटिंग की जाएगी. इस दौरान केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ LWE और विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में रणनीति तैयार की जाएगी. शाम 5 से 6.10 बजे तक वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होंगे और होटल में ही रात्रि विश्राम करेंगे. 9 फरवरी को अमित शाह बस्तर पण्डुम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे. वह सुबह 11 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल जाएंगे. दोपहर 12.05 से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 4.20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

एनजीटी का आदेश: केरवा डेम में निजी भूमि नियमों से बाहर नहीं, 33 मीटर दायरे में हुआ भराव हटेगा

भोपाल  निजी जमीन का हवाला देकर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती. इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. एनजीटी ने जलस्रोतों, हरित क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में हो रहे अवैध निर्माण और अन्य गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई स्थानों पर रोक लगा दी है. एनजीटी का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास की मंजूरी नहीं दी जा सकती है. कैचमेंट एरिया में हो रहा हस्तक्षेप गंभीर एनजीटी के समक्ष आए मामलों में पाया गया कि कई जगहों पर निजी स्वामित्व की जमीन होने का तर्क देकर खनन, निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही थीं. इस पर एनजीटी ने स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण कानून सभी पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे निजी जमीन हो या सरकारी. एनजीटी ने खास तौर पर नदियों, तालाबों, जलाशयों और उनके कैचमेंट एरिया में हो रहे हस्तक्षेप को गंभीर माना है. इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि से पहले पर्यावरणीय स्वीकृति अनिवार्य बताई गई है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केरवा डेम के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) की स्पष्ट मार्किंग करने, उसका जोन ऑफ इन्फ्लुएंस यानी प्रभाव क्षेत्र तय करने और अतिक्रमण रोकने के लिए महीने में दो बार नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।  ट्रिब्यूनल ने यह निर्देश पिछले साल केरवा डेम के एफटीएल क्षेत्र में 2000 डंपर मिट्टी व निर्माण सामग्री के भराव को लेकर आई खबरों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर याचिका पर दिए हैं। एनजीटी ने साफ किया है कि बफर जोन में आने वाली निजी भूमि पर भी पर्यावरण से जुड़े सभी कानून-नियम पूरी तरह लागू होंगे। ऐसे में डेम के एफटीएल से 33 मीटर के दायरे में निजी जमीन पर किया गया भराव भी हटाना होगा। गौरतलब है कि पिछले साल एनजीटी के निर्देश पर कलेक्टर, सीपीसीबी, एमपीपीसीबी व स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी के प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति गठित की गई थी। शेष | पेज 12 पर वेटलैंड अथॉरिटी तय करेगी प्रभाव क्षेत्र     एनजीटी ने स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी को केरवा डेम का जोन ऑफ इन्फ्लुएंस तय करने के निर्देश दिए हैं, जबकि सीमांकन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपी गई है। जोन ऑफ इन्फ्लुएंस में जलाशय के एफटीएल के साथ-साथ कैचमेंट एरिया में आने वाली नदियों और नालों का भी सीमांकन किया जाएगा। इन क्षेत्रों के आसपास निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी।     निजी भूमि का तर्क नहीं चलेगा… एनजीटी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि एफटीएल व बफर जोन के भीतर निजी स्वामित्व का दावा पर्यावरण कानूनों से छूट का आधार नहीं बन सकता। ट्रिब्यूनल ने संकेत दिए हैं कि यदि निर्धारित क्षेत्र में किया गया भराव नहीं हटाया गया तो संबंधित विभागों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। दोषियों से होगी पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई एनजीटी ने संबंधित जिलों के कलेक्टर, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों की जांच करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करें. एनजीटी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है. साथ ही, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई भी दोषियों से कराई जाएगी. वेटलैंड रुल्स 2017 का हो रहा उल्लंघन इस मामले में शिकायतकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि “भोपाल के ग्राम महुआखेड़ा स्थित केरवा डैम के फुल टैंक लेवल और आसपास के क्षेत्र में 2000 से अधिक डंपरों से कोपरा, मुर्रम और काली मिट्टी डाली गई है. इसका उद्देश्य जलाशय और उसके कैचमेंट क्षेत्र को समतल कर भविष्य में प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियां करना बताया गया है. जो वेटलैंड नियम 2017 और पर्यावरण कानूनों का सीधा उल्लंघन है.” संयुक्त समिति की रिपोर्ट से हुआ खुलासा एनजीटी द्वारा गठित संयुक्त समिति ने स्थल निरीक्षण में पाया कि फुल टैंक लेवल की चिन्हांकित सीमा के भीतर करीब 10 फीट तक कोपरा से अवैध भराव किया गया है. इससे डैम की जल भंडारण क्षमता, संरचनात्मक सुरक्षा और पारिस्थितिकी को गंभीर खतरा बताया गया. समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी भूमि पर किया गया भराव भी सीधे जल निकाय को प्रभावित कर रहा है. एनजीटी ने स्पष्ट कहा कि भूमि का निजी होना पर्यावरणीय उल्लंघन को वैध नहीं बनाता. 33 मीटर बफर जोन के उल्लंघन को स्वीकार करते हुए मिट्टी और कोपरा हटाने के नोटिस को सही ठहराया गया. सख्त निर्देश और निगरानी के आदेश एनजीटी ने जल संसाधन विभाग को एफटीएल क्षेत्र की नियमित निगरानी, जिला प्रशासन को अतिक्रमण हटाने और राज्य वेटलैंड प्राधिकरण को 2 माह में जोन आफ इंफ्लुएंस चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सतत निगरानी के आदेश दिए गए हैं. एनजीटी ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है. वेटलैंड प्राकृतिक स्पंज की तरह     वेटलैंड पाटना कितना खतरनाक है…. वेटलैंड प्राकृतिक स्पंज की तरह काम करते हैं। बाढ़ रोकते हैं। भूजल रिचार्ज करते हैं। जैव विविधता बचाते हैं।     जोन ऑफ इन्फ्लुएंस क्यों तय होता है… इसमें वे इलाके आते हैं-जहां भूजल स्तर प्रभावित होता है, जहां बाढ़ या जलभराव का खतरा रहता है, जहां पर्यावरण व वेटलैंड सुरक्षित रखना जरूरी होता है। केरवा डेम महत्वपूर्ण क्यों? केरवा-कलियासोत का वन क्षेत्र आपस में जुड़ा है, जो जैव विविधता के लिहाज से संवेदनशील। केरवा से कोलार क्षेत्र में रोज करीब 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उत्तराखंड के पंचूर गांव में रात्रि विश्राम, बच्चों के बीच दिखा उनका बालप्रेम

‘हम भी तेरे दादा लगते हैं’ बच्चों के बीच उमड़ा ‘बाबा’ का बालप्रेम,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड के अपने पैतृक गांव पंचूर में किया रात्रि विश्राम  मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह गांव में बड़े-बुजुर्गों से हालचाल पूछा, बच्चों को किया दुलार  पंचूर  उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह उन्होंने अपने गांव के बड़े-बुजुर्गों का हालचाल जाना और बच्चों को दुलार किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बालप्रेम उमड़ आया। उन्होंने गांव के बच्चों पर अपना स्नेह बरसाया, उनसे बातचीत की और उन्हें चॉकलेट भी दी। सीएम योगी ने एक बच्चे को अपनी गोद में लेकर उसे प्रेम से खिलाया। बच्चों ने भी सहज भाव से मुख्यमंत्री से बातचीत की। इस दौरान, गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने परिजनों से भी मिले, सभी का कुशलक्षेम जाना। सीएम योगी की विनम्रता, सरलता व सहजता देखकर स्थानीय लोग भी भाव-विभोर हो गए। इसके बाद अपने गांव में भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों व परिचितों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को दुलार किया।  भ्रमण के दौरान मार्ग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बच्चे ने फूल भेंट किया तो उन्होंने मासूम को खाने का सामान दिया। बच्चे ने वह सामान वहां खड़े अपने दादा को दे दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए प्यार भरे शब्दों में बच्चे से कहा, ‘हम भी तेरे दादा लगते हैं।’ गांव में भ्रमण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों को गांव में रहने और खेतीबाड़ी करने के लिए प्रेरित किया।

अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा कर रही साकार

समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का सशक्त कदम, अल्पसंख्यक समुदाय के 2.39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का हुआ वितरण अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा कर रही साकार  लखनऊ  योगी सरकार ने समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के अपने संकल्प को मजबूती प्रदान की है। इस दिशा में योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 2.39 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया है। इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष अब तक लगभग 71.35 करोड़ रुपये की धनराशि का वितरण किया जा चुका है। योगी सरकार की ये योजना प्रदेश के सिख, जैन, बौद्ध और मुस्लिम जैसे अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक संबल प्रदान करती है। साथ ही समाज के सभी वर्गों को विकास का समान अवसर प्रदान कर सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की अवधारणा को साकार कर रही है।  प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के 1,09,084 छात्र हुए लाभान्वित अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 1,09,084 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। योजना के तहत इस मद में लगभग 37.20 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। इसमें पहले और दूसरे चरण में लगभग 64,312 छात्र-छात्राओं को 19.03 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक लगभग 44,772 विद्यार्थियों को 13.16 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है। इस प्रकार प्री-मैट्रिक स्तर पर अब तक तीन चरणों में लगभग 32.19 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का वितरण किया चुका है। शेष धनराशि से वंचित विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 1,30,265 छात्रों को मिली छात्रवृत्ति  राज्य सरकार, योजना के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के 11वीं और 12वीं के अलावा अन्य तकनीकी एवं व्यवसायिक शिक्षा के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इस क्रम में वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 1,30,265 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस दिशा में विभाग की ओर से अब तक तीन चरणों में लगभग 39.16 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई है। इसके तहत पहले और दूसरे चरण में लगभग 51,519 विद्यार्थियों को 15.72 करोड़ रुपये की छात्रवृति प्रदान की गई, जबकि तीसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक 78,746 विद्यार्थियों को 23.44 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार मानते हुए प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करती है ताकि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से पढ़ाई से वंचित न रहे, बल्कि शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर हो प्रदेश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सके। प्रदेश सरकार की ये पहल न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में सहायक साबित हुई है, डबल इंजन सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की अवधारणा को भी साकार किया है।

ओला, उबर और रैपिडो ड्राइवरों की हड़ताल, यूनियन ने नितिन गडकरी से सख्त कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली ओला, उबर या रैपिडो जैसे कैब, बाइक और ऑटो सर्विस देने वाले एप्स पर काम करने वाले चालकों के यूनियन ने 7 फरवरी 2026 को देश के प्रमुख शहरों में हड़ताल का एलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया गया है, जिसके चलते यात्रियों को कार और ऑटो बुक करने में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। TGPWU ने किया हड़ताल का नेतृत्व तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने राष्ट्रीय मजदूर संगठनों के साथ मिलकर इस हड़ताल का नेतृत्व किया है। यूनियन का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां ड्राइवरों का अंतहीन शोषण कर रही हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार द्वारा कोई न्यूनतम किराया (Minimum Fare) तय न होने के कारण कंपनियां अपनी मर्जी से रेट तय करती हैं। साथ ही कंपनियों की मनमानी के कारण ड्राइवरों की आय अनिश्चित हो गई है, जिससे वे गरीबी के जाल में फंस रहे हैं। इसके अलावा रेगुलेशन की कमी के कारण वर्किंग आवर्स और सुरक्षा मानकों को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। यूनियन ने नितिन गडकरी को लिखा पत्र यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि लंबे समय से लंबित इन समस्याओं के कारण लाखों ट्रांसपोर्ट वर्कर्स का भविष्य दांव पर लगा है। ड्राइवरों की मांग है कि सरकार एक पारदर्शी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करे ताकि एग्रीगेटर कंपनियों के एकाधिकार को खत्म किया जा सके।  

उत्तर प्रदेश में ‘गोदान’ फिल्म टैक्स फ्री, गो संरक्षण को बढ़ावा देने पर आधारित

उत्तर प्रदेश में फिल्म गोदान टैक्स फ्री, गो संरक्षण को बढ़ावा देने पर आधारित है फिल्म गो सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी आदित्यनाथ, करमुक्त होने से अधिक लोग देख सकेंगे फिल्म लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने गो संरक्षण पर आधारित फिल्म गोदान को राज्य में टैक्स फ्री कर दिया है। विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित फिल्म आज  देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय सरकार की उस नीति को रेखांकित करता है, जिसके तहत गो सुरक्षा को सामाजिक और प्रशासनिक प्राथमिकता दी गई है। सरकार का मानना है कि फिल्म के माध्यम से गो संरक्षण का संदेश व्यापक स्तर पर समाज तक पहुंचेगा और आमजन को इस विषय की गंभीरता से जोड़ने में मदद मिलेगी। अधिक दर्शक फिल्म देख सकेंगे उत्तर प्रदेश में करमुक्ति के बाद दर्शकों के लिए टिकट दरों में कमी आएगी, जिससे अधिक से अधिक लोग फिल्म देख सकेंगे। पद संभालते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु किया था और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई थी। गोहत्या और तस्करी के मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।  गो संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के डीएम व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।  वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है फिल्म गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुके हैं। लगभग दो घंटे की इस फिल्म में गाय के धार्मिक, सामाजिक और व्यावहारिक महत्व को दर्शाया गया है।

अगले 7 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम, रात का पारा बढ़ने से दिन रहेगा गर्म

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. फरवरी के पहले सप्ताह में दोपहर के वक्त गर्मी लोगों के पसीने छूटा रही है. हालांकि सुबह को कोहरे और रात के समय हल्की ठंड का सिलसिला जारी है. आगामी दिनों में रात के तापमान में बढ़ोतरी के संकेत है. राजनांदगांव में 32 डिग्री रिकॉर्ड मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया. बढ़ेगा रात का पारा मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर अफगानिस्तान उससे लगे क्षेत्र में स्थित है. प्रदेश में 7 फरवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, उसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री के आसपास वृद्धि होने की संभावना है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?  राजधानी रायपुर में शनिवार को सुबह के वक्त धुंध छाया रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है.

कर्नल सोफिया विवाद: मंत्री विजय शाह ने मीडिया से दूरी बनाई, 9 फरवरी को होगी मामले की सुनवाई

भोपाल  भाजपा प्रदेश मुख्यालय में  समस्याएं सुनने पहुंचे जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह उस वक्त असहज नजर आए, जब मीडिया ने उनसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण को लेकर सवाल पूछ लिया. सवाल सुनते ही मंत्री विजय शाह बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे वाहन में बैठकर रवाना हो गए. हालांकि, इसके बाद स्वास्थ्य राज्य मंत्री शिवाजी पटेल को अकेले प्रेस ब्रीफिंग की. मंत्री शाह और पटेल ने सुनी समस्या भाजपा संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रदेश मुख्यालय में मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है. प्रतिदिन दोपहर 1 से 3 बजे तक प्रदेशभर से कार्यकर्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं. जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव होता है, उनका मौके पर निराकरण किया जाता है, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजा जाता है. शुक्रवार को यह जिम्मेदारी मंत्री विजय शाह और मंत्री शिवाजी पटेल को सौंपी गई थी. मीडिया के सवालों से बचते दिखे विजय शाह कार्यकर्ताओं की सुनवाई के बाद जैसे ही दोनों मंत्री कार्यालय से बाहर निकले, मीडिया ने जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले को लेकर सवाल किया. सवाल सुनते ही मंत्री बिना कुछ कहे वाहन में बैठकर निकल गए. विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश सरकार मंत्री विजय शाह के मामले में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहती. इसलिए अभियोजन की मंजूरी को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है. सरकार को 3 दिन में देना होगा जबाव 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुनवाई करते हुए एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट देखने के बाद कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी गई है. कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन का निर्णय लेकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 9 फरवरी को है, जबकि कार्यदिवसों के आधार पर सरकार के पास अभी लगभग तीन दिन का समय बचा है. सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना है जवाब मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है। पार्टी और विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटार्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है। सरकार ने रिपोर्ट दिल्ली भेजी मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में एसीएस गृह शिवशेखर शुक्ला, सचिव गृह कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है। तीन सदस्यीय SIT कर रही जांच विजय शाह प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है। विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- ‘उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।’ शाह ने आगे कहा- ‘अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।’ बजट सत्र के बाद हो सकती है कार्रवाई एसआईटी छह माह पहले ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसमें आरोपों की पुष्टि करते हुए मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है. अब अंतिम निर्णय सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा लिया जाएगा. माना जा रहा है कि विधानसभा के बजट सत्र के बाद सरकार और पार्टी मंत्री विजय शाह के खिलाफ एकशन ले सकते हैं.

भारत ने कृषि और डेयरी सेक्टर को दिया सुरक्षा कवच, अमेरिका के लिए ढील से इनकार; लिस्ट देखें

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार इसकी जानकारी दी। इस फ्रेमवर्क के तहत भारत ने अपने संवेदनशील कृषि क्षेत्रों जैसे गेहूं, चावल, मक्का, सोयाबीन, पोल्ट्री, दूध, चीज, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कुछ कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म या कम करने का वादा किया है, लेकिन मुख्य रूप से केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में। कृषि क्षेत्र में क्या खुला है? भारत ने अमेरिकी उत्पादों जैसे ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs) और रेड सोरघम (पशु चारे के लिए), ट्री नट्स (जैसे बादाम, अखरोट आदि), ताजा और प्रोसेस्ड फ्रूट्स, सोयाबीन ऑयल, वाइन और स्पिरिट्स आदि पर टैरिफ कम या खत्म करने पर सहमति जताई है। ये मुख्य रूप से पशु आहार, नट्स और फलों से जुड़े हैं, जो भारत के मुख्य खाद्यान्न उत्पादन को सीधे प्रभावित नहीं करते। कृषि क्षेत्र में क्या बंद/संरक्षित है? भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील क्षेत्रों में कोई समझौता नहीं हुआ है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों और ग्रामीण आजीविका की रक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की गई है। गेहूं, चावल, दूध और डेयरी उत्पादों जैसे मुख्य आइटम्स को डील से लगभग पूरी तरह बाहर रखा गया है। यह भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति है कि कृषि क्षेत्र को बड़े पैमाने पर विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जाए, खासकर क्योंकि अमेरिकी उत्पाद सब्सिडी वाले होते हैं और भारतीय किसानों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच हुए इस हालिया व्यापार समझौते में एक महत्वपूर्ण पहलू ‘भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र का संरक्षण’ बनकर उभरा है। 1. अनाज और आटा भारतीय अनाज बाजार को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं: प्रमुख अनाज: गेहूं, चावल, मक्का, जौ, ज्वार और रागी। मोटा अनाज (Millets): बाजरा, कोदो, कांगनी, ओट्स, श्यामक और अमरंथ। अन्य: कोपरा, मैदा, विभिन्न प्रकार के आटे (गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा आदि) और छिलका रहित अनाज। 2. डेयरी उत्पाद भारतीय डेयरी क्षेत्र, जो करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है, उसे पूर्ण संरक्षण दिया गया है: तरल और पाउडर उत्पाद: दूध (तरल, पाउडर, कंडेंस्ड), क्रीम और बटर मिल्क। वसा और अन्य: घी, मक्खन, बटर ऑयल, योगहर्ट और पनीर। चीज की किस्में: मोज़ेरेला, ब्लू वेंड, ग्रेडेड/पाउडर्ड चीज और व्हे प्रोडक्ट्स। 3. मसाले और औषधीय जड़ी-बूटियां भारतीय मसालों की वैश्विक साख को देखते हुए, इस श्रेणी में व्यापक सुरक्षा दी गई है: रोजाना के मसाले: काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, धनिया, जीरा, हल्दी, अदरक और हींग। अन्य बीज और पाउडर: सूखी हरी मिर्च, अजवाइन, मेथी, सरसों, राई, भूसी, चक्रमर्द, कैसिया और अन्य सभी पाउडर मसाले। 4. सब्जियां और फल ताजी और फ्रोजन दोनों प्रकार की सब्जियों और फलों को इस समझौते में संरक्षित श्रेणी में रखा गया है: सब्जियां: आलू, प्याज, मटर, फलियां, मशरूम, तोरी, कुंदरू, भिंडी, कद्दू, लहसुन, खीरा, शिमला मिर्च, काबुली चना और शकरकंद। फल (सामान्य): केला, आम, स्ट्रॉबेरी, संरक्षित चेरी, इमली और सिंघाड़ा गिरी। ड्राई फ्रूट्स: सूखा आलू बुखारा, सूखा सेब और अन्य सूखे फल। साइट्रस फल: संतरा, मैंडरिन, चकोतरा, नींबू, अंगूर और अन्य साइट्रस फल। इस समझौते के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से $500 बिलियन (लगभग 500 अरब डॉलर) मूल्य का सामान खरीदेगा। इसमें शामिल हैं:     ऊर्जा और संसाधन: तेल, गैस और कोकिंग कोल।     विमानन: विमान और उनके पुर्जे।     तकनीक: डेटा सेंटर के पुर्जे और AI अनुप्रयोगों के लिए उपयोग होने वाले GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट)। भारतीय निर्यातकों को क्या मिलेगा? हालांकि अमेरिका अधिकांश भारतीय सामानों (जैसे कपड़ा, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक और रसायन) पर 18% टैरिफ जारी रखेगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में विशेष राहत दी गई है: विमानन और ऑटो पार्ट्स: भारतीय विमान पुर्जों को वही राहत मिलेगी जो अमेरिका के अन्य सहयोगी देशों को मिलती है। ऑटो पार्ट्स के लिए एक विशेष कोटा तय किया जाएगा जिस पर कम शुल्क लगेगा। फार्मास्युटिकल्स: जेनेरिक दवाओं और उनके कच्चे माल के लिए बातचीत के जरिए अनुकूल परिणाम निकाले जाएंगे। टैरिफ (शुल्क) में भारी कटौती अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि भारतीय सामानों पर लगने वाले 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया जाएगा। इस 50% टैरिफ में से 25% हिस्सा ट्रंप प्रशासन ने दंड स्वरूप लगाया था क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था। भारत द्वारा रूस से तेल खरीद बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला से तेल खरीदने की सहमति के बाद, ट्रंप ने शुक्रवार को उस 25% अतिरिक्त टैरिफ को हटाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। दोनों देशों का लक्ष्य मार्च 2026 तक एक औपचारिक और पूर्ण व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करना है। इसके बाद भारत द्वारा अमेरिकी सामानों पर दी जाने वाली टैरिफ कटौती प्रभावी हो जाएगी। बरसों के विवादों (जैसे डिजिटल ट्रेड और कृषि) के बाद, अब चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और ऊर्जा सुरक्षा ने इन वार्ताओं को नई गति दे दी है।  

नीट पीजी Cut Off पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल, कम अंक पर जताई चिंता

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने नीट पीजी 2025 के क्वालिफाइंग कटऑफ को शून्य और नेगेटिव वैल्यू किए जाने पर चिंता जताई है. SC का कहना है कि माइनस 40 क्राइटेरिया तय करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है. सीटें खाली रहने के कारण इस तरह का क्राइटेरिया सेट करना सही नहीं है. जजों ने जताई चिंता इस मामले की सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अराधे की बेंच कर रही थी. जजों ने कहा कि खाली सीटें बेकार नहीं जानी चाहिए, लेकिन सिर्फ कैंडिडेट्स की कमी के कारण कटऑफ इतना घटाना सही नहीं है. इससे एलिजिबिलिटी का जो क्राइटेरिया सेट किया जा रहा है, उसके कमजोर होने का डर है. याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट सत्याम सिंह राजपूत थे. NBEMS ने घटाया था परसेंटाइल दरअसल, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कुछ समय पहले NEET PG 2025 एडमिशन के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल में बदलाव किया है. सीट खाली रह जाने का हवाला देते हुए NBEMS ने परसेंटाइल घटाया. NBEMS ने बताया था कि राउंड 2 काउंसलिंग पूरी हो गई है और उसके बाद भी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की 18,000 से ज्यादा PG सीटें खाली रह गई थीं. ऐसे में परसेंटाइल घटाया गया. EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50 से घटाकर 7 परसेंटाइल कर दिया गया था. वहीं जनरल PwBD कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 45 की जगह केवल 5 परसेंटाइल का मानक तय किया गया था. इसके अलावा SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 40 से घटाकर शून्य (0) परसेंटाइल कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में क्या-क्या हुआ? केंद्र सरकार की ओर से सीटें खाली रह जाने का तर्क दिया गया. इस पर SC ने कहा कि आखिरी बैलेंस बनाने के लिए मानकों को कितनी हद तक गिराया जा सकता है. जजों ने केंद्र के उस तर्क पर भी विचार किया जिसमें कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों को ढील के तहत दाखिला दिया जा रहा है, उनके पास पहले से MBBS की डिग्री है. हालांकि याचिकाकर्ताओं ने उनकी योग्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ MBBS होना पर्याप्त नहीं है. अगर वे NEET PG परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं. कितनी हैं नीट पीजी की सीटें? इससे पहले देशभर के अलग-अलग हिस्सों में नीट परसेंटाइल घटाए जाने पर बवाल मचा था. भारत में हर साल करीब 2.4 लाख स्टूडेंट्स नीट पीजी परीक्षा देते हैं. इनमें से करीब 1 लाख स्टूडेंट्स पास होते हैं. फिलहाल देश में लगभग 80,000 नीट पीजी सीट्स हैं. समय-समय पर सीट में बदलाव होता रहता है. साल 2021 से 2025 सीटों की संख्या बढ़ाई गई है.

हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ने 15 यात्रियों को कुचला, छह की मौत; सीएम योगी ने घटना पर लिया संज्ञान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। लघुशंका के लिए बस से उतरे यात्रियों को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। यह घटना सुबह करीब 2:45 बजे की बताई जा रही है। हादसे की जानकारी होने पर सीएम योगी ने दुख जताया और हादसे का संज्ञान लिया है।  सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दिए ये निर्देश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कहां और कैसे हुआ हादसा पुलिस के अनुसार, बस दिल्ली के नांगलोई से कानपुर के रसूलाबाद जा रही थी। सुरीर थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 88 के पास कुछ यात्रियों ने लघुशंका के लिए बस रोकने को कहा। चालक ने निर्धारित सुरक्षित स्थान (ग्रीन जोन) पर बस न रोककर रास्ते में ही बस खड़ी कर दी। यात्री बस से नीचे उतरे ही थे कि पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार कंटेनर बस से टकरा गया। टक्कर के बाद वाहन नियंत्रण से बाहर हुआ और नीचे खड़े यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। इन लोगों की हुई मौत हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है: सोनू — निवासी सरवा कटरा, औरैया देवेश — निवासी अलेवल, बस्ती असलम — निवासी गणेश का पुरवा, कन्नौज संतोष — निवासी प्रेम नगर, दिल्ली दो अन्य यात्रियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है घटना में अमर दुबे (निवासी बेला, औरैया) घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस कार्रवाई सूचना मिलने पर पुलिस और एक्सप्रेसवे की इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी में बस को असुरक्षित स्थान पर रोकना हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

मास्टर कैडर के लिए PSTET-2 पास करना जरूरी, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

पटियाला. पंजाब में मास्टर कैडर के पदों पर प्रमोशन को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी) पंजाब की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (PSTET-2) पास करना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहले मेमो नंबर 19/23-16 A-4 (5) दिनांक 14.09.2017 के तहत कुछ कर्मचारियों को PSTET से छूट दी गई थी। यह छूट उन अध्यापकों को मिली थी जो NCTE की अधिसूचना 23.08.2010 और RTE एक्ट 2009 के तहत PSTET की पहली घोषणा 30.07.2011 के बाद सेवा में आए थे। हालांकि, अब माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 01 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले (भरुनेग मुथविभा वेवत तैले अंजुमन-ए-इशात बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य) के बाद स्थिति बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मास्टर कैडर में नियुक्ति और प्रमोशन के लिए PSTET-2 पास करना अनिवार्य घोषित किया है। इस फैसले के आधार पर शिक्षा विभाग ने पुराने नोटिस को रद्द करते हुए नया आदेश जारी किया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जो कर्मचारी प्रमोशन के बाद मास्टर कैडर में कार्यरत हैं और जिनकी शेष सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक है, यदि उन्होंने अब तक PSTET-2 पास नहीं किया है तो उन्हें दो वर्षों के भीतर PSTET-2 पास करना होगा। ऐसा न करने पर विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

राज्यपाल डेका और CM साय ने अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के दिए निर्देश, काफिला रोककर देखी NH-30 के कार्य की प्रगति

कोंडागांव. रायपुर से जगदलपुर जाते समय शुक्रवार को केशकाल में अचानक राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय का काफिला रुक गया. वजह थी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चल रहा सड़क उन्नयन कार्य. मुख्यमंत्री ने मौके पर उतरकर निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया और अधिकारियों को साफ शब्दों में चेताया कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनएच-30 बस्तर संभाग की सबसे अहम सड़क है, जो राजधानी रायपुर को बस्तर और अन्य राज्यों से जोड़ती है. ऐसे में सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को तय मापदंडों के अनुसार काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. केशकाल बायपास पर भी नजर निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने केशकाल नगर के साथ-साथ केशकाल बायपास निर्माण कार्य की जानकारी ली. कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए और नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके. कोंडागांव में दीदी की रसोई पहुंचे, फरा-अंगाकर रोटी चखी इसके बाद राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री साय कोंडागांव पहुंचे. यहां उन्होंने बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित “मोर सुआद–दीदी की रसोई” का निरीक्षण किया. महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया. मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने बस्तर के पारंपरिक व्यंजन फरा और अंगाकर रोटी का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री साय ने समूह की महिलाओं से आय और कामकाज की जानकारी ली और कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम हैं. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि महिलाओं को आजीविका के लिए हर संभव सहयोग दिया जाए. लोक कलाकारों की पेंटिंग्स देखी इस दौरान जिले के लोक कलाकारों की पेंटिंग्स का भी अवलोकन किया गया. मुख्यमंत्री साय ने कलाकारों से बातचीत कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की. कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, बस्तर सांसद, कोंडागांव विधायक सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

India-US डील के तहत $30 ट्रिलियन मार्केट का खुलासा, 18% टैरिफ आज से लागू, जानें 10 महत्वपूर्ण पहलु

 नई दिल्‍ली भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अगले हफ्ते साइन हो समती है. हालांकि उससे पहले दोनों देश ने अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट (India-US Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी किया है. इसके तहत भारत पर आज से  18 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाया गया एक्‍स्‍ट्रा 25%  टैरिफ को भी हटा दिया गया है.  भारत और अमेरिका के इस फ्रेमवर्क को जल्‍द लागू किया जा सकता है और दोनों देशों के बीच व्‍यापक द्विपक्षीय व्‍यापार समझौता (BTA) के तौर पर बात आगे बढ़ेगी. यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी से शुरू हो रहे भारत-अमेरिका द्व‍िपक्षीय व्‍यापार समझौता (BTA) वार्ता को आगे बढ़ाएंगे. पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि इस वार्ता के तहत धीरे-धीरे बाजार पहुंच बढ़ेगी, सप्‍लाई चेन को मजबूत किया जाएगा और  ट्रेड बैरियर जैसे प्रावधान खत्‍म किए जा सकते हैं. साथ ही भारत और अमेरिका सभी औद्योगिक चीजों पर टैरिफ को कम कर सकते हैं. वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि यह ट्रेड डील भारत के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोलेगा.  ट्रेड डील की 10 बड़ी बातें     अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ को हटाकर 18 फीसदी टैरिफ आज से लागू कर दिया है.      टैरिफ कम करने के बाद भारत के लिए अमेरिका 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोलेगा.      जिसके तहत टेक्‍सटाइल, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे कारोबार को बडा अवसर मिलेगा.      भारत ने अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर की वस्‍तुओं को खरीदने की सहमति जताई है, जिसमें तेल,  विमान, फाइटर जेट, एनर्जी और कुछ खाद्य पदार्थ शामिल हैं.      भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ हटा देगा या कम कर देगा.      इसमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेसिंग  फ्रूट, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं.      वहीं अमेरिका भारत के लिए  जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे और विमान के पुर्जों जैसे चुनिंदा उत्पादों पर टैरिफ समाप्त कर देगा.      इस डील से लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), किसानों और मछुआरों को ज्‍यादा लाभ होगा. महिलाओं और  युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.      भारत ने  मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, मांस, दूध, पनीर (डेयरी), इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू और कुछ सब्जियों जैसे प्रमुख उत्पादों पर कोई टैरिफ रियायत नहीं दी है.      भारत अगले पांच वर्षों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर की अमेरिकी ऊर्जा, विमान, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा. जीपीयू और डेटा-सेंटर उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देगा.   

उमरिया में 7° तापमान, 10 जिलों में हल्का कोहरा, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में पारा लुढ़केगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार रात तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे सर्दी का असर और गहरा हो गया है। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रीवा, खजुराहो, मंडला और सतना जैसे शहरों में भी पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत बड़े शहरों में भी सर्दी के इस नए दौर काअसर साफ नजर आ रहा है। करीब एक हफ्ते राहत नहीं मौसम विभाग के अनुसार- आने वाले दिनों में ठंड से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। 8 फरवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। हालांकि, 10 फरवरी से पहले बारिश या ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन कोहरा और सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन और बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, उमरिया के बाद रीवा दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में भी 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री, राजगढ़ और शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.4 डिग्री तथा दमोह और मलाजखंड में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इधर, प्रदेश में घने कोहरे का खास असर नहीं देखा गया। शनिवार सुबह भोपाल, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, मंडला, सतना समेत करीब 10 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जिससे सुबह के समय हल्की ठंड और दृश्यता में कमी महसूस की गई। कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान प्रदेश का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री, सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। एक नजर प्रदेश में तापमान पर MP में 4 दिन कड़ाके की ठंड  ग्वालियर-चंबल में असर ज्यादा भोपाल-उज्जैन में भी पारा गिरेगा ग्वालियर, खजुराहो समेत 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे  कटनी, शहडोल और छतरपुर सबसे ठंडे  वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सकुर्लेशन की वजह से प्रदेश में ओले-बारिश शहडोल के कल्याणपुर-खजुराहो में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री राजगढ़-उमरिया में 8 डिग्री, शाजापुर में 8.1 डिग्री, नौगांव-पचमढ़ी में 8.6 डिग्री सतना में 9.2 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, मंडला-सीधी में 9.8 डिग्री रहा

दिल्ली के लैंडफिल साइट पर सीएम रेखा का बयान, कूड़े के पहाड़ खत्म करने के लिए क्या है योजना?

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के भलस्वा, गाजीपुर और ओखला में तीन लैंडफिल साइट पर कचरा के पहाड़ बन चुके हैं। इन्हें खत्म करने को लेकर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया- 2 कूड़े के पहाड़ ओखला और भलस्वा पर बहुत ही शिद्दत से काम कर रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि इस साल के अंत में दोनों पहाड़ों पर मौजूद लीगेसी वेस्ट को खत्म कर पाएंगे। ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर क्या कहा लीगेसी वेस्ट का मतलब, सालों से डंपिंग ग्राउंड में जमा कचरा। इसे लंबे समय से प्रोसेस नहीं किया गया होता है। इसमें मिट्टी, प्लास्टिक, पॉलीथिन, कांच, धातू अन्य चीजें भी मिली होती हैं। इसी कचरे को लेकर सीएम रेखा ने कहा है कि हमें पूरी उम्मीद है कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट का लीगेसी वेस्ट 2026 के अंत तक खत्म कर पाएंगे। गाजीपुर लैंडफिल साइट पर क्या कहा तीसरे कचरा के पहाड़ पर बात करते हुए कहा- गाजीपुर लैंडफिल साइट को हो सकता है कि दो साल और लगे। लेकिन दिल्ली में जितना भी कूड़ा पैदा होता है, उसके 100% प्रोसेस के लिए जो प्लांट बन रहे हैं उसको बढ़ा रहे हैं। लेगेसी वेस्ट को निपटाने के लिए अलग-अलग सेगरीगेट कर रहे हैं। इसके बाद सीएम रेखा ने आप और कांग्रेस के दौर की सरकारों पर सवाल खड़े किए। पहला बायोगैस प्लांट हमने शुरू किया लगभग 15 साल कांग्रेस और 11 साल आम आदमी पार्टी की सरकार रहीं, क्या कभी इन लोगों ने बायोगैस प्लांट लगाने की सोची। क्या उन लोगों ने कभी इस पर काम किया? क्यों पहला बायोगैस प्लांट हमारे समय में हमने आकर शुरू किया। सीएम रेखा ने बायोट्रीटमेंट प्लांट का जिक्र करते हुए बताया- 200 टन गोबर प्रोसेस करने वाला वेस्ट मेनेजमेंट प्लांट चालू हो गया है। 400 टन क्षमता वाले अन्य प्लांट इस साल के अंत तक चालू हो जाएंगे।

सोने की कीमत में गिरावट, चांदी 9,000 रुपए से ज्यादा सस्ती, जानें ताजा दाम

नई दिल्ली  सोने की कीमत में  मामूली गिरावट देखने को मिली और चांदी का दाम 9,000 रुपए से अधिक कम हो गया है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपए कम होकर 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,692 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,39,303 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम 1,14,377 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,14,059 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।  चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 9,410 रुपए कम होकर 2,44,929 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,54,339 रुपए प्रति किलो था। आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार दोपहर 12 बजे और शाम को 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं। हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.83 प्रतिशत बढ़कर 1,53,337 रुपए हो गया है और चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.84 प्रतिशत कम होकर 2,39,339 रुपए पर था। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.39 प्रतिशत बढ़कर 4,908 डॉलर प्रति औंस है और चांदी की कीमत 3.61 प्रतिशत कम होकर 73.90 डॉलर प्रति औंस है। जानकारों ने कहा कि सोने में सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फिलहाल कॉमेक्स पर यह 4,900 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। आने वाले समय में सोने की चाल अमेरिका के बेरोजगारी के साथ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों पर निर्भर करेगी। -आईएएनएस

JNU में हड़ताल जारी, पदाधिकारी एक साल के लिए बाहर, छात्रों ने वापस लेने की की अपील

 नई दिल्ली जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन के उस फैसले की कड़ी निंदा की है जिसमें जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के सभी मौजूदा पदाधिकारियों और इसके पूर्व अध्यक्ष को दो सेमेस्टर यानी 1 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है. इसके बाद से विश्वविद्यालय में हड़ताल का आयोजन किया गया.   निष्कासित किए गए लोगों में जेएनयूएसयू अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका के बाबू, महासचिव सुनील यादव, संयुक्त सचिव दानिश अली और पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष नीतीश कुमार शामिल हैं. विश्वविद्यालय ने छात्रों के परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है.  जारी हुआ बयान संकाय संघ ने कहा है कि यह कदम कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के नेतृत्व में विरोध को दबाने के लिए किया गया है. निष्कासित छात्रों को कैंपस में आने पर रोक लगा दी गई है और उन पर भारी जुर्माना लगाया गया है. क्या है विवाद?  यह विवाद विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी में फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी की स्थापना को लेकर था. इस दौरान कुलपति पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए हैं. 2 फरवरी को जारी कार्यालय आदेश में मुख्य प्रॉक्टर ने बताया कि राजनीति अध्ययन केंद्र के पीएचडी छात्र नीतीश कुमार को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित किया गया है. उन पर विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है और 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. आदेश के अनुसार, जांच समिति ने छात्रों को विश्वविद्यालय लाइब्रेरी के अंदर लगाए गए फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी उपकरणों को तोड़ने के लिए जिम्मेदार माना है. वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अनुशासनात्मक नियमों के तहत की गई है और पूरी प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही फैसला लिया गया है.  छात्रों ने की आलोचना  जेएनयू छात्र संघ और वामपंथी छात्रों के ग्रुप ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि यह कदम छात्रों की असहमति दबाने के लिए किया गया है. बयान में जेएनयूएसयू ने प्रशासन और कुलपति पर आरोप लगाया कि वे आरएसएस और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं.  समय को लेकर भी हुए सवाल  जेएनयूएसयू की ओर से निष्कासन के समय पर भी सवाल उठाए हैं. यह कदम उस समय लिया गया जब छात्र यूजीसी के नए नियम 2026 के खिलाफ जुलूस और छात्र संसद जैसे विरोध प्रदर्शन करने वाले थे. छात्र संघ का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद छात्र आंदोलन को कमजोर करना और आने वाले प्रदर्शन की तैयारी को रोकना है. 

4 साल में 34 पुस्तकों को सरकार से मिली मंजूरी, मगर नरवणे की “फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी” पर संकट क्यों?

नई दिल्ली भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी अभी तक नहीं मिली है। यह वही किताब है जिसका जिक्र लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया था। इसको लेकर खूब हंगामा हुआ था। आपको बता दें कि पिछले पांच वर्षों में दर्जनों सैन्य अधिकारियों की पुस्तकों को हरी झंडी मिल गई, वहीं जनरल नरवणे की यह किताब इकलौती ऐसी पांडुलिपि बनकर उभरी है, जो अब भी समीक्षा के अधीन है।  एक रिपोर्ट में सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त जवाब के हवाले से कहा है कि रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 2020 से 2024 के बीच कुल 35 पुस्तकों के शीर्षक अनुमोदन के लिए आए थे। उनमें से 32 को अप्रूव किया जा चुका है। सिर्फ तीन ही अभी तक पेंडिंग है। उनमें नरवणे की किताब भी शामिल है। RTI के अनुसार, जिन तीन किताबों को लंबित दिखाया गया था, उनमें से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एन.सी. विज की पुस्तक ‘अलोन इन द रिंग’ मई 2025 में रिलीज हो चुकी है। वहीं ब्रिगेडियर जीवन राजपुरोहित की किताब को भी मंजूरी मिल गई है। अब इस सूची में जनरल नरवणे की किताब ही एकमात्र ऐसी है जो आधिकारिक रूप से मंत्रालय के पास अटकी हुई है। आखिर ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में ऐसा क्या है? जनरल नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख थे। यह वह दौर था जब पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव चरम पर था। दिसंबर 2023 में प्रकाशित इस पुस्तक के कुछ अंशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी थी। राहुल गांधी का दावा है कि किताब में जनरल नरवणे ने 31 अगस्त 2020 की उस रात का जिक्र किया है, जब चीनी टैंक रेचिन ला क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे। राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने लिखा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत के दौरान उन्हें एक ‘हॉट पोटैटो’ (बेहद कठिन स्थिति) थमा दिया गया था। उन्हें पलक झपकते ही बड़े सैन्य फैसले लेने थे। माना जा रहा है कि लद्दाख गतिरोध और सरकार के साथ सैन्य संवाद के इन संवेदनशील खुलासों के कारण ही रक्षा मंत्रालय इसकी गहन समीक्षा कर रहा है। हाल ही में जिन अधिकारियों की पुस्तकों को मंजूरी मिली है, उनमें लेफ्टिनेंट जनरल एस.ए. हसनैन, मेजर जनरल जी.डी. बख्शी और लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इस देरी पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार पूर्व सेना प्रमुख का अत्यधिक सम्मान करती है और विपक्ष महज इस मुद्दे का इस्तेमाल उनका मजाक उड़ाने के लिए कर रहा है। दूसरी ओर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस और रक्षा मंत्रालय ने वर्तमान स्थिति पर चुप्पी साध रखी है।

रुपये की शानदार बढ़त: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर साफ

 नई दिल्‍ली ,    शुक्रवार को डॉलर की संभावित निकासी और व्यापारियों द्वारा लॉन्ग पोजीशन कम करने के कारण भारतीय रुपया गिरावट पर बंद हुआ, लेकिन इस सप्‍ताह के दौरान भारतीय करेंसी ने शानदार तेजी दिखाई है. इस सप्‍ताह की तेजी ने 3 साल में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्ज किया है.  डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 90.6550 पर बंद हुआ, जो दिन में 0.3% की गिरावट के साथ सप्ताह में 1.4% की तेजी को दिखाता है. जनवरी 2023 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी वीकली ग्रोथ है. यह तेजी भारत और अमेरिका के बीच डील पर सहमति बनने के बाद आई है.  आरबीआई का बड़ा फैसला रुपया में तेज उछाल के साथ ही भारत के केंद्रीय बैंक (RBI) ने पॉजिटिव आर्थिक नजरिया, अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के बाद कम हुए दबावों से उत्साहित होकर रेपो दर को अपरिवर्तित रखा है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हमारा मानना ​​है कि एमपीसी बदलती व्यापक आर्थिक स्थितियों और नई श्रृंखला के आंकड़ों पर आधारित नजरिए से मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा तय करेगी.  वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई रेपो रेट को कम रखकर बैंकों और लोन लेने वाले लोगों को सपोर्ट देना चाहता है. यह लोन लेने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी. वहीं व्‍यापारियों का कहना है कि रेपो रेट में अनचेंज रखने से रुपया के गिरावट में ज्‍यादा योगदान नहीं रहेगा.  मंगलवार को आई थी उछाल मंगलवार को अमेरिका और भारत द्वारा महीनों की बातचीत के बाद व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय करेंसी में बड़ी उछाल आई थी, लेकिन शुक्रवार को  इसमें थोड़ी कमी आई.  हालांकि व्यापारियों और विश्लेषकों का कहना है कि इस व्यापारिक सफलता ने रुपये पर छाए संकट को दूर किया है. एक स्थायी तेजी विदेशी निवेश में उछाल पर निर्भर करेगी.  4 अरब डॉलर के शेयर बेचे गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने 4 अरब डॉलर के स्थानीय शेयरों की नेट सेलिंग के बाद फरवरी में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर के स्थानीय शेयर खरीदे हैं. वैश्विक बाजारों में, डॉलर सूचकांक थोड़ा नीचे 97.8 पर था, जबकि एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला असर देखने को मिला.  बता दें शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी पर बंद हुआ. निफ्टी 50 अंक ऊपर चढ़कर 25,693 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्‍स 266 अंक चढ़कर 83580 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक भी 56 अंक चढ़कर क्‍लोज हुआ. 

T20 वर्ल्ड कप में आज तीन रोमांचक मुकाबले, भारत-अमेरिका की भिड़ंत भी होगी

 नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी (शनिवार) से हो रही है.  ये टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में खेला जाना है. टूर्नामेंट में इस बार 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, लेकिन खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा ऑफ-फील्ड राजनीति और ड्रामे की रही है. डिफेंडिंग चैम्पियन और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े विवादों ने माहौल गरमा दिया है. बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं और तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) कॉन्ट्रैक्ट विवाद को लेकर भारत में खेलने से इनकार कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस फैसले को सही बताया. इस विश्व कप में पहले दिन कुल तीन मुकाबले खेले जाएंगे. उद्घाटन मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे से पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स में खेला जाएगा. ये दोनों टीमें ग्रुप-ए में हैं. फिर दूसरा मुकाबला वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच दोपहर तीन बजे से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होगा. वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड को ग्रुप-सी में रखा गया है. इसके बाद शाम 7 बजे से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप-ए का मुकाबला होगा, जिसपर फैन्स की निगाहें हैं. भारत सबसे संतुलित टीम दिख रही मैदान पर नजर डालें तो टीम इंडिया सबसे संतुलित और मजबूत दिखाई देती है. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को हराने के लिए किसी टीम को असाधारण प्रदर्शन करना होगा या फिर भारत को खुद बड़ी गलती करनी पड़ेगी. अगर भारत यह वर्ल्ड कप जीतता है तो इसे सामान्य माना जाएगा, लेकिन हार बड़ी उलटफेर साबित होगी. अन्य दावेदार टीमों में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और श्रीलंका शामिल हैं. ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी मजबूत है लेकिन मुख्य तेज गेंदबाजों की कमी दिख सकती है. इंग्लैंड की बल्लेबाजी बेहद आक्रामक है, जबकि साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी दुनिया की सबसे खतरनाक मानी जा रही है. न्यूजीलैंड उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में ढल चुका है और श्रीलंका घरेलू मैदान का फायदा उठा सकता है। एसोसिएट टीमों में नेपाल सबसे ज्यादा चर्चा में है. दीपेंद्र सिंह ऐरी पर सबकी नजरें रहेंगी, जिन्होंने 9 गेंदों में अर्धशतक का विश्व रिकॉर्ड बनाया हुआ है. वहीं यूएसए और इटली जैसी टीमें भी इस बार दिलचस्प कहानियां लेकर आई हैं. कुल मिलाकर, विवादों और राजनीतिक तनाव के बीच शुरू हो रहा यह टी20 वर्ल्ड कप क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ ऑफ-फील्ड ड्रामे के लिए भी यादगार रहने वाला है. टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज और ईशान किशन (विकेटकीपर). टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पहले दिन के मैच 07 फरवरी. 11:00 AM. पाकिस्तान vs नीदरलैंड्स. SSC, कोलंबो 07 फरवरी. 3:00 PM. वेस्टइंडीज vs बांग्लादेश. कोलकाता 07 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs USA. मुंबई

बैंक ऑफ बड़ौदा ने जारी की भर्ती, युवाओं के लिए 441 पदों पर आवेदन की आखिरी तारीख जानें

बैंक ऑफ बड़ौदा ने आईटी प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी संख्या में पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के जरिए कुल 441 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिसमें स्थायी और संविदा दोनों तरह की नौकरियां शामिल हैं. आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जो युवा बैंकिंग सेक्टर में आईटी फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह सुनहरा मौका साबित हो सकता है. बैंक ऑफ बड़ौदा की इस भर्ती में कुल 441 पद रखे गए हैं. इनमें से 418 पद स्थायी यानी रेगुलर आधार पर भरे जाएंगे. वहीं 23 पद संविदा यानी कॉन्ट्रैक्ट आधार पर होंगे. यह भर्ती बैंक के आईटी विभाग के लिए निकाली गई है ताकि डिजिटल कामकाज को और बेहतर बनाया जा सके. अलग-अलग पदों के लिए जिम्मेदारियां भी अलग होंगी, इसलिए उम्मीदवारों को अपने अनुभव और योग्यता के अनुसार आवेदन करना चाहिए. योग्यता क्या होनी चाहिए इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का आईटी या तकनीकी फील्ड से जुड़ा होना जरूरी है. उम्मीदवार के पास कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी या इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन से बीई, बीटेक, एमई, एमटेक या एमसीए की डिग्री होनी चाहिए.इस भर्ती में अनुभव को काफी महत्व दिया गया है जूनियर स्तर के पदों के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 1 साल का काम का अनुभव होना चाहिए. वहीं सीनियर पदों के लिए लगभग 5 साल तक का अनुभव मांगा गया है. अनुभव आईटी या संबंधित तकनीकी फील्ड का होना जरूरी है. उम्र सीमा  इस भर्ती के लिए उम्र की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी. रेगुलर पदों के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 22 साल रखी गई है. वहीं अधिकतम उम्र पद के अनुसार 32 से 37 साल तक तय की गई है. संविदा पदों के लिए उम्मीदवार की उम्र 25 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी दी जाएगी. चयन प्रक्रिया इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा. सबसे पहले रेगुलर पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा हो सकती है. इस परीक्षा में उम्मीदवारों की तकनीकी जानकारी और योग्यता को परखा जाएगा. कुछ पदों के लिए उम्मीदवारों को उनके अनुभव और पढ़ाई के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जा सकता है.इसके बाद उम्मीदवारों का मनोवैज्ञानिक या मानसिक क्षमता टेस्ट भी लिया जा सकता है, जिससे यह देखा जा सके कि उम्मीदवार काम के दबाव और जिम्मेदारी को कितनी अच्छी तरह संभाल सकता है. इसके बाद शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. अंतिम चयन इंटरव्यू और अन्य प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाएगा.इस भर्ती में एक खास शर्त भी रखी गई है. उम्मीदवार का CIBIL स्कोर 680 या उससे ज्यादा होना चाहिए. अगर किसी उम्मीदवार का स्कोर इससे कम है तो उसे जॉइनिंग में परेशानी हो सकती है. इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवार को अपना क्रेडिट स्कोर जरूर चेक कर लेना चाहिए. कैसे करें आवेदन  स्टेप 1: सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट पर जायें. स्टेप 2: वेबसाइट पर Career या Current Opportunities सेक्शन खोलें. स्टेप 3: आवेदन लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 4: अब अपना रजिस्ट्रेशन करें और वैध मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी दर्ज करें. स्टेप 5: लॉगिन करने के बाद अपनी जरूरी जानकारी सही तरीके से भरें. स्टेप 6: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें. स्टेप 7: सभी जानकारी ध्यान से जांच लें और फॉर्म सबमिट कर दें. स्टेप 8: आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर रख लें.

U-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जीत, लेकिन ICC ने नहीं दी प्राइज मनी, वैभव सूर्यवंशी को क्या मिला?

 हरारे U19 World Cup 2026 Prize Money: भारत ने शुक्रवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया है. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर विश्व चैम्प‍ियन बनने का गौरव हासिल किया. फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी जीत की सबसे बड़ी वजह रही. हालांकि, खिताब जीतने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से एक भी रुपया प्राइज मनी नहीं म‍िलेगी.  आयुष म्हात्रे की कप्तानी में खेल रही भारतीय अंडर-19 टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन ICC की नीति के तहत अंडर-19 वर्ल्ड कप को एक डेवलपमेंट टूर्नामेंट माना जाता है. इसी वजह से ICC इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली किसी भी टीम को प्राइज मनी नहीं देता. ICC का मानना है कि अंडर-19 वर्ल्ड कप युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन और विकास के लिए आयोजित किया जाता है. बोर्ड पहले ही सभी सदस्य देशों को क्रिकेट डेवलपमेंट के तहत ICC राजस्व का हिस्सा देता है. ऐसे में इस टूर्नामेंट के लिए अलग से प्राइज मनी देना डबल रिवार्ड माना जाएगा. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ियों को कोई इनाम नहीं मिलेगा. ICC भले ही प्राइज मनी नहीं देता, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अतीत में अंडर-19 टीमों को जीत के बाद भारी इनाम दिए हैं. साल 2022 में यश ढुल की कप्तानी में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को BCCI ने प्रति खिलाड़ी 40 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 25 लाख रुपये दिए थे. वहीं, 2023 और 2025 में अंडर-19 महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम को कुल 5 करोड़ रुपये का संयुक्त इनामी पूल दिया गया था. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अन्य खिलाड़ियों के लिए भी BCCI जल्द ही इनाम की घोषणा करेगा. भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद यह सिर्फ समय की बात मानी जा रही है. वैभव सूर्यवंशी को मिले 2 अवॉर्ड वैभव सूर्यवंशी को ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच (Player of the Match) और पूरे टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (Player of the Tournament) का अवॉर्ड मिला.  यह दोनों अवॉर्ड उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रनों की धमाकेदार पारी खेलने के बाद जीते, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. वहीं टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 439 रन बनाए (औसत 62.71, स्ट्राइक रेट 169.49) और सबसे ज्यादा 30 छक्के लगाए. वैभव U-19 विश्व कप इतिहास में प्लेयर ऑफ द फाइनल और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने. उन्होंने ये अवॉर्ड टीम के सपोर्ट स्टाफ को समर्पित किए. 

IAS पुलकित गर्ग की बेटी का आंगनबाड़ी में एडमिशन, समाज में हो रही तारीफ

चित्रकूट  चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग इन दिनों एक खास फैसले को लेकर चर्चा में हैं. जहां आमतौर पर सक्षम परिवार अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट प्ले स्कूलों में दाखिला दिलाना पसंद करते हैं, वहीं IAS अधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का एडमिशन सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर मिसाल पेश की है. उनके इस कदम को सरकारी शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है. पुलकित गर्ग की बतौर जिलाधिकारी पहली तैनाती चित्रकूट में हुई है. पद संभालने के कुछ समय बाद जब उनकी बेटी के प्ले स्कूल में एडमिशन की बारी आई, तो उन्होंने इसे औपचारिकता की तरह नहीं लिया, बल्कि एक जागरूक अभिभावक की तरह विकल्पों की गंभीरता से पड़ताल की. उन्होंने और उनकी पत्नी ने जिले के कई निजी प्ले स्कूलों के साथ-साथ कई आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया. सुविधाएं, वातावरण, बच्चों की गतिविधियां और शिक्षण व्यवस्था देखने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र को सबसे उपयुक्त पाया. जिस आंगनबाड़ी केंद्र में बेटी सिया का दाखिला कराया गया है, वहां करीब 35 बच्चे पंजीकृत हैं. सिया भी अन्य बच्चों की तरह उनके साथ बैठकर एक्टिविटीज में भाग लेती है, पढ़ाई करती है और मध्याह्न भोजन के समय सबके साथ जमीन पर बैठकर खाना खाती है. केंद्र में बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का माहौल तैयार किया गया है. रंगीन दीवारें, तस्वीरें, खिलौने, एजुकेशन किट, एबीसी और नंबर चार्ट जैसे साधन हैं, जो प्राइमरी एजुकेशन को रोचक बनाते हैं. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूती बड़ी बिल्डिंग्स या हाई फीस से नहीं, बल्कि सही माहौल, देखभाल और एक्टिविटी से आती है. उन्होंने कहा कि प्ले स्कूल या प्री-स्कूल स्तर की शिक्षा बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.  आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और शिक्षण सामग्री पर लगातार काम किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को यह तय शेड्यूल दिया जाता है कि बच्चों को रोज क्या और कैसे सिखाना है- जैसे कहानियां, भावगीत, खेल गतिविधियां और बुनियादी सीख. आईएएस पुलकित गर्ग ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमित ट्रेनिंग भी कराई जा रही है, ताकि बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण मिल सके. छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास पर यहां विशेष ध्यान दिया जाता है. उनका कहना है कि अभिभावकों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भरोसा करना चाहिए और छोटे बच्चों को वहां जरूर भेजना चाहिए. आईएएस अधिकारी के इस फैसले का एक प्रशासनिक संदेश भी माना जा रहा है. यदि व्यवस्थाएं मजबूत हों तो अधिकारी खुद भी उन पर भरोसा दिखा सकते हैं. पुलकित गर्ग ने कहा कि उनका लक्ष्य जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करना है. जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत, नवीनीकरण और संसाधन बढ़ाने का काम किया जाएगा. स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने इस कदम की सराहना की है. उनका कहना है कि जब जिले के शीर्ष अधिकारी खुद अपने बच्चे को आंगनबाड़ी भेजते हैं तो इससे व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है.

कानपुर में मुंडन संस्कार के बाद दुखद हादसा, परिवार की कार नहर में गिरने से तीन की जान गई, एक की हालत गंभीर

 कानपुर देहात कानपुर देहात में बड़ा हादसा हो गया. जहां मुंडन संस्कार से लौट रहे कार सवार युवकों की कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक घायल हो गया. हादसा रसूलाबाद क्षेत्र के हरि निवादा गांव के पास हुआ. जहां कार देखते ही देखते नहर में समा गई और वाहन के अंदर पानी भर गया. घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया. लोगों ने तुरंत कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार सवार चारों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद पहुंचाया गया. ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शैलेन्द्र ने जांच के बाद राजेश श्रीवास्तव, मुम्मू श्रीवास्तव और चालक करिया को मृत घोषित कर दिया. जबकि घायल अभिषेक की हालत गंभीर देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है. घायल अभिषेक ने बताया कि सभी लोग गोंडा जिले के निवासी हैं और अकौड़िया गांव में मुंडन संस्कार में शामिल होने आए थे. कार्यक्रम से लौटते समय अचानक कार अनियंत्रित हुई और नहर में गिर गई. ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया. लेकिन उनके पिता, चाचा और चालक की जान नहीं बच सकी. सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए. फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.    पुलिस ने बताया कि कानपुर देहात में एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया. मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. 

भारत बनाम अमेरिका: बुमराह की अनुपस्थिति में ईशान किशन करेंगे ओपन, 13 फिट खिलाड़ियों के साथ टीम इंडिया उतरेगी

मुंबई IND vs USA T20 WC Match: टी20 वर्ल्ड कप कप 2026 की शुरुआत आज (7 फरवरी) से हो रही है. भारत अपना पहला मैच संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के ख‍िलाफ खेलेगा. लेकिन इस मैच से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए टेंशन बढ़ गई है. भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मुकाबले में खेलने की संभावना बेहद कम है. वायरल फीवर से जूझ रहे बुमराह को टीम मैनेजमेंट आराम देने के पक्ष में है और उन्हें वानखेड़े स्टेडियम में शनिवार को होने वाले ओपनिंग मैच के लिए जल्दबाज़ी में उतारने का कोई इरादा नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के अनुसार, बुमराह को एहतियातन आराम दिया जाएगा. मैच की पूर्व संध्या पर वह मैदान पर जरूर पहुंचे, लेकिन उन्होंने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया. ऐसे में मोहम्मद सिराज के प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की पूरी संभावना है. इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम के पास फिलहाल सिर्फ 13 फिट खिलाड़ी उपलब्ध हैं. ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अंतिम फिटनेस क्लीयरेंस का इंतज़ार कर रहे हैं. सुंदर की गैरमौजूदगी में टीम चयन की चुनौती और बढ़ गई है. गौरतलब है कि मोहम्मद सिराज को अंतिम समय पर टीम में शामिल किया गया था, जब तेज गेंदबाज हर्षित राणा साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 फरवरी को नवी मुंबई में खेले गए वॉर्म-अप मुकाबले के दौरान घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे. उस समय बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा था कि विशेषज्ञ से सलाह और स्कैन के बाद हर्षित को टूर्नामेंट के लिए अनफिट घोषित किया गया है और सिराज को उनके स्थान पर टीम में शामिल किया गया है. बल्लेबाज़ी क्रम की बात करें तो ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के पारी की शुरुआत करने की संभावना है. ईशान किशन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में ओपनर के तौर पर 53 रन बनाए थे. इससे पहले, उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ त्रिवेंद्रम में खेले गए टी20 मुकाबले में नंबर तीन पर उतरते हुए 103 रन की पारी खेली थी. संजू सैमसन के फॉर्म में न होने के चलते टीम मैनेजमेंट शीर्ष क्रम में ईशान किशन पर भरोसा जता रहा है और उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

भारत पर 18% टैरिफ का असर: ट्रंप प्रशासन ने निर्धारित की डेडलाइन

 नई दिल्ली भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है. अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ को खत्म कर दिया है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी कार्यकारी आदेश के मुताबिक संशोधित 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था 7 फरवरी 2026 से लागू होगी. यह आदेश भारतीय समयानुसार आज सुबह 10:30 बजे से प्रभावी होगा. इसके बाद भारत से अमेरिका में आयात किए जाने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त एड-वेलोरम ड्यूटी लागू नहीं होगी. व्हाइट हाउस के कार्यकारी आदेश के अनुसार, भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत आयात शुल्क अब खत्म कर दिया गया है. इसके साथ ही अमेरिका की आधिकारिक टैरिफ सूची में शामिल भारत से जुड़े विशेष कोड और प्रावधान भी हटा दिए गए हैं, जिनके तहत यह अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा था. यह आदेश उन सभी वस्तुओं पर लागू होगा, जो 7 फरवरी 2026 को या उसके बाद अमेरिका में खपत के लिए पहुंचेंगी या वेयरहाउस से निकाली जाएंगी. यानी इस तारीख के बाद भारत से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैक्स नहीं लिया जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि 7 फरवरी की सुबह 10:30 बजे के बाद जो भी भारतीय सामान अमेरिका में आधिकारिक तौर पर एंट्री करेगा या अमेरिकी वेयरहाउस से बिक्री या इस्तेमाल के लिए बाहर निकाला जाएगा, उस पर सिर्फ सामान्य आयात शुल्क लगेगा, जो करीब 18% है. अतिरिक्त 25% टैक्स अब नहीं लिया जाएगा. इसके लिए बनाए गए खास टैरिफ कोड भी अमेरिकी टैरिफ लिस्ट से हटा दिए गए हैं. सरल शब्दों में कहें तो इस समय के बाद आने वाली या क्लियर होने वाली खेपों पर अब पेनल्टी टैक्स नहीं लगेगा, सिर्फ सामान्य ड्यूटी ही देनी होगी. जो खेपें पहले ही पहुंच चुकी हैं या रास्ते में हैं, या वेयरहाउस में हैं और जिन पर 25% अतिरिक्त टैक्स वसूला जा चुका है, उनके लिए भी राहत दी गई है. आदेश में साफ कहा गया है कि अगर अमेरिकी कस्टम्स ने पहले से 25% अतिरिक्त टैक्स वसूला है तो जरूरत पड़ने पर वह राशि वापस की जाएगी. यह रिफंड अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की सामान्य प्रक्रिया के तहत होगा. आमतौर पर अमेरिकी आयातक कंपनी या उसका कस्टम्स एजेंट इसके लिए आवेदन करता है. इसके लिए तय प्रक्रिया के तहत दस्तावेज जमा करने होते हैं. अधिकतर मामलों में रिफंड बिना ब्याज के और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाएगा. हालांकि यह रिफंड अपने आप सभी को नहीं मिलेगा. जिन कंपनियों पर इसका असर पड़ा है, उन्हें कस्टम्स के तय नियमों के मुताबिक आवेदन करना होगा. पीएम मोदी ने ट्रेड डील पर क्या कहा… इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए बड़ा बढ़ावा बताया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनी है और इसके लिए उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया. पीएम मोदी ने कहा कि यह फ्रेमवर्क दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे, साझेदारी और गतिशीलता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देगा और भारतीय किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप नवोन्मेषकों, मछुआरों समेत कई वर्गों के लिए नए अवसर खोलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार होंगी और वैश्विक विकास को गति मिलेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत भविष्य-केंद्रित वैश्विक साझेदारियों पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है. भारत-अमेरिका व्यापार को मिलेगा फायदा विशेषज्ञों के मुताबिक इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को मजबूती मिलेगी. भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में राहत मिलेगी और कई सेक्टरों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है.

15,000 करोड़ का निवेश और हजारों नौकरियां, महिंद्रा का ‘सुपर प्लांट’ बनेगा इस राज्य में

मुंबई  महाराष्ट्र के लिए महिंद्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा अब महाराष्ट्र में अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने जा रही है. कंपनी ने नागपुर में कार और ट्रैक्टर के लिए अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट पर अगले दस साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. महिंद्रा का ये इन्वेस्टमेंट विदर्भ इलाके की तस्वीर बदल देगा. क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. महिंद्रा ने इस तगड़े इन्वेस्टमेंट का ऐलान एडवांटेज विदर्भ (Advantage Vidarbha) कार्यक्रम के दौरान की. यह तीन दिन का आयोजन विदर्भ को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश करने के लिए किया गया था. इस मौके पर कंपनी ने साफ किया कि यह प्लांट न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अहम साबित होगा. 1500 एकड़ में बनेगा मेगा प्लांट नागपुर के पास बनने वाला यह नया प्लांट करीब 1,500 एकड़ में फैला होगा. इसके साथ ही संभाजीनगर में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी तैयार किया जाएगा. साल 2028 से इस फैक्ट्री में ऑपरेशन शुरू होने की योजना है. यहां हर साल 5 लाख से ज्यादा कारें और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनेंगे. इसके बाद यह महिंद्रा की भारत में सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बन जाएगी. इस प्लांट में महिंद्रा के नेक्स्ट जेनरेशन के वाहन प्लेटफॉर्म जैसे NU_IQ आर्किटेक्चर को सपोर्ट किया जाएगा. यहां पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन किया जाएगा. ये गाड़ियां घरेलू बाजार के साथ साथ दुनिया भर के बाजारों के लिए भी बनाई जाएंगी. इसके लिए फैक्ट्री में आधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे. महाराष्ट्र में और जमीन खरीदेगी कंपनी महिंद्रा यहीं नहीं रुकेगी. कंपनी इगतपुरी नासिक एरिया में भी जमीन खरीदेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके. साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी बिजनेस को भी मजबूत किया जाएगा. कुल मिलाकर महिंद्रा महाराष्ट्र में तीन जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन लेने की योजना बना रही है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि, “महिंद्रा का यह निवेश राज्य के मजबूत औद्योगिक माहौल और प्रगतिशील नीतियों पर भरोसे का संकेत है. इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और विदर्भ व आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होगा. साथ ही महाराष्ट्र देश के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगा.” महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि, “यह प्लांट कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग जर्नी में एक बड़ा कदम है. यह फैसिलिटी मॉडर्न कार और ट्रैक्टर बनाने के लिए तैयार की जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा. उन्होंने कहा कि यह निवेश मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के टार्गेट को और मजबूत करेगा.

देसी राफेल तैयार, HAL ने एयर फोर्स की चिंता खत्म की, अब चीन-पाकिस्तान होंगे थर्र-थर्र

बेंगलुरु  भारत का देसी राफेल अब धमाल मचाने को तैयार है. जिस बात की चिंता भारत के एयर फोर्स चीफ को सता रही थी, अब वह दूर होने जा रही है. खुद एचएएल यानी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने एयरफोर्स की टेंशन दूर कर दी है. अब चीन और पाकिस्तान थर्र-थर्र कांपेंगे. दरअसल, भारत का देसी लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए अब हवा में तूफान मचाने को पूरी तरह तैयार है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पहली खेप के पांच तेजस एमके-1ए विमान की डिलीवरी के लिए पूरी तरह तैयार है. एचएल का कहना है कि पांच LCA Mk1A फाइटर जेट की डिलीवरी में कोई देरी नहीं है और न कोई अड़चन है. इंडियन एयरफोर्स यानी IAF को स्वदेशी LCA Mk1A फाइटर जेट के पहले बैच की डिलीवरी होने वाली है. एचएएल ने अब देसी राफेल यानी LCA Mk1A फाइटर जेट की संभावित देरी की अटकलों को खारिज कर दिया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने गुरुवार को कहा कि पांच LCA Mk1A विमान डिलीवरी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिनमें सहमत स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार प्रमुख अनुबंधित क्षमताएं शामिल हैं. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘पांच LCA Mk1A विमान पूरी तरह तैयार हैं. उनमें सभी बड़े कॉन्ट्रैक्ट वाले फीचर्स लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा नौ और विमान बन चुके हैं और उड़ान भी भर चुके हैं. बस जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से इंजन आने का इंतजार है. जनरल इलेक्ट्रिक (अमेरिकी कंपनी) ने अब तक पांच इंजन दे दिए हैं और आने वाले इंजनों का प्लान भी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की डिलीवरी स्कीम से मैच कर रहा है. यानी इस वित्तीय वर्ष में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड अपना टारगेट पूरा कर लेगा. तेजस एमके-1ए अब हवा में तूफान मचाने को पूरी तरह तैयार है. कंपनी ने क्या कहा? LCA Mk1A विमानों के अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने कहा कि कंपनी एक साथ कई रणनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है, जिसमें इंडियन मल्टी रोल हेलीकॉप्टर (IMRH), तेजस LCA Mk2 और कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम (CATS) शामिल हैं, जिनमें से सभी के 2032 के बाद उत्पादन में आने की उम्मीद है. यह खबर उन खबरों पर पानी फेर देती है, जो कह रही थीं कि डिलीवरी में देरी हो रही है. अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने साफ कर दिया है कि सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा है. एचएएल को कितना ऑर्डर मिला दरअसल, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को फरवरी 2021 में भारतीय वायुसेना से 83 LCA Mk1A जेट (73 फाइटर और 10 ट्रेनर) के लिए पहला कॉन्ट्रैक्ट मिला था. बाद में सितंबर 2025 में 97 अतिरिक्त LCA Mk1A विमानों (68 फाइटर और 29 ट्विन-सीटर) के लिए 62,370 करोड़ रुपये से अधिक की लागत पर एक फॉलो-ऑन कॉन्ट्रैक्ट मिला. इन विमानों की डिलीवरी 2027-28 के दौरान शुरू होगी और छह साल की अवधि में पूरी हो जाएगी. कब तक पूरी फ्लीट मिलेगी इन लड़ाकू विमानों में 64 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री होगी, जिसमें 67 अतिरिक्त आइटम शामिल होंगे. कुल मिलाकर वायुसेना ने दो चरणों में इन विमानों के 180 का ऑर्डर दिया था. कुछ विमान पिछले साल डिलीवर किए जाने थे, लेकिन वायुसेना ने जोर दिया कि एचएएल विमानों को पूरी तरह से ऑपरेशनल कॉन्फ़िगरेशन में प्रदान करे. पिछले साल 17 अक्टूबर को कंपनी ने नासिक सुविधा से पहले तेजस Mk1A प्रोटोटाइप की पहली उड़ान का संचालन किया था. अभी, HAL की फाइटर एयरक्राफ्ट बनाने की क्षमता हर साल 24 एयरक्राफ्ट है. इस दर से 180 एयरक्राफ्ट के तेजस Mk1A ऑर्डर को पूरा करने में सात साल से ज़्यादा लगेंगे और वायुसेना को पूरा फ्लीट 2033 से पहले मिलने की उम्मीद नहीं है. एचएएल पांच तेजस फाइटर जेट की डिलीवरी करने को तैयार है. क्या है ये देसी राफेल? तेजस एमके-1ए हल्का लड़ाकू विमान है, लेकिन यह दमदार है. यही कारण है कि इसे भारत का देसी राफेल कहा जाता है. इसमें एडवांस्ड AESA रडार, बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, मिसाइलों के लिए नई कैपेबिलिटी, रिफ्यूलिंग की सुविधा…सब कुछ है. इसमें 64 फीसदी से अधिक पार्ट्स भारतीय हैं. यानी 67 नए आइटम्स भारतीय कंपनियों ने बनाए हैं. यह आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा उदाहरण है. चीन-पाकिस्तान क्यों कांपेंगे? तेजस एमके-1ए छोटा फाइटर जेट है, लेकिन तेज, दमदार और मॉडर्न हथियारों से लैस है. कहा तो यहां तक जा रहा है कि यह देसी राफेल पाकिस्तान के JF-17 और चीन के J-10, J-16 से मुकाबला करने में सक्षम है. जब 180+ तेजस आसमान में उड़ेंगे तो दुश्मन की सांसें अटक जाएंगी. खासकर बॉर्डर इलाके में. जब भारतीय पायलटों के हाथ में देसी राफेल होगा होगा तो दुश्मनों के होश उड़ने तय हैं.

Google ने दी चेतावनी, 40% स्मार्टफोन में है खतरा – जानें सेफ्टी के लिए क्या करें

 नई दिल्ली अमेरिकी कंपनी गूगल ने एक बड़ी वॉर्निंग दी है और बताया है कि करीब आधे एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स पर मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में है. ये खतरा पुराने Android OS वर्जन होने की वजह से है.  ये जानकारी फॉर्ब्स ने दी है. रिपोर्ट में बताया है कि इस खतरे की वजह पुराना एंड्रॉयड ओएस वर्जन है. जो एंड्रॉयड 13 या उससे भी पुराने ओएस पर काम करते हैं. पुराने Android OS को अब सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलता है, जिसकी वजह से उनपर सबसे ज्यादा खतरा है. ऐसे स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या दुनियाभर में 1 अरब से ज्यादा है.  Android 16 इतने यूजर्स के फोन में  दुनियाभर में Android 16 अभी सिर्फ 7.5% डिवाइस में ही मौजूद है, जो दिसंबर तक का डेटा है. Android 15 पर 19.3 परसेंट फोन काम करते हैं. Android 14 पर 17.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं और Android 13 पर 13.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं. सिर्फ इतने परसेंट लोग सिक्योरिटी अपडेट के तहत आते हैं रिपोर्ट्स में बताया है कि 58 परसेंट स्मार्टफोन ऐसे हैं, जो सिक्योरिटी सपोर्ट के अंदर आते हैं, जबकि 40 परसेंट स्मार्टफोन के लिए सिक्योरिटी अपडेट अवेलेबल नहीं है.  पुराना स्मार्टफोन चलाने वाले यूजर्स को सलाह  स्मार्टफोन यूजर्स को सलाह दी गई है कि जिनके मोबाइल पुराने OS पर काम करते हैं, उनको लेटेस्ट एंड्रॉयड ओएस के साथ अपडेट कर लेना चाहिए. साथ ही सिक्योरिटी सपोर्ट को रेगुलर अपडेट करते रहना चाहिए. iPhone को मिलते हैं सिक्योरिटी अपडेट  पुराने iPhone को समय रहते अपडेट मिल जाते हैं और कई पुराने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में जरूरी सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिल पाते हैं. अगर कंपनी की तरफ से सपोर्ट बंद किया जा चुका है तो नया स्मार्टफोन खरीद लेना चाहिए.   कंपनियां 4-5 साल के लिए देती हैं सिक्योरिटी अपडेट  स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर की तरफ से अपने हैंडसेट के लिए एक फिक्स टाइम तक सिक्योरिटी अपडेट दिया जाता है. आमतौर पर कंपनियां इसे 4 साल या 5 साल के लिए देती हैं. अब Samsung और गूगल पिक्सल हैंडसेट में 7 साल से ज्यादा के लिए सिक्योरिटी अपडेट देने का ऐलान किया है.  सिक्योरिटी अपडेट क्या होता है? स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर की तरफ से हैंडसेट की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी किए जाते हैं. यह अपडेट बग्स और उन खामियों को दूर करने का काम करता है, जो कई बार गलती से पुराने OS में आ जाती हैं. इन कमजोरियों और बग्स का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक एक्सेस कर सकते हैं और डेटा चोरी कर सकते हैं. कई बार स्मार्टफोन को हैक तक किया जा सकता है.     एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले स्मार्टफोन की संख्या दुनियाभर में बहुत ज्यादा है. वहीं iPhone के iOS का यूज सिर्फ ऐपल के स्मार्टफोन को ही मिलता है और उनकी संख्या भी बहुत कम है. Android OS के साथ मिलकर सैमसंग, रियलमी, रेडमी, ओप्पो, वनप्लस जैसे स्मार्टफोन तैयार करते हैं और उनको ग्लोबल मार्केट में सेल करते हैं.     

रेल यात्रियों को राहत: RAC टिकट पर रिफंड की संभावना, जानें कैसे मिलेगा फायदा

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को आने वाले समय में एक बड़ी राहत मिल सकती है। संसद की एक शक्तिशाली समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि आरएसी (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले वैसे यात्रियों को किराये का कुछ हिस्सा वापस करना चाहिए जिन्हें पूरा किराया देने के बावजूद ट्रेन में पूरी बर्थ नहीं मिल पाती है। संसद में 4 फरवरी को पेश की गई लोक लेखा समिति (PAC) की रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेनों के संचालन की समयबद्धता और यात्रा समय’ में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, आरएसी श्रेणी के यात्रियों को कंफर्म टिकट के बराबर ही पूरा किराया देना पड़ता है, लेकिन यात्रा के दौरान उन्हें केवल बैठने के लिए आधी सीट (बर्थ) ही मिलती है। समिति ने इस व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बिना बर्थ सुविधा के पूरा किराया वसूलना न्यायोचित नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा, “समिति का मानना है कि चार्ट तैयार होने के बाद भी यदि यात्री आरएसी श्रेणी में ही रहता है और उसे पूरी बर्थ नहीं मिलती है तो उससे पूरा किराया लेना गलत है। मंत्रालय को एक ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे ऐसे यात्रियों को किराये का आंशिक हिस्सा वापस मिल सके।” फिलहाल, आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के मुताबिक यदि आरएसी ई-टिकट को ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक कैंसिल नहीं किया जाता या ऑनलाइन टीडीआर (TDR) फाइल नहीं की जाती। ऐसे में कोई रिफंड नहीं मिलता है। समिति का तर्क है कि जब यात्री आधी सीट पर सफर करने को मजबूर है तो उसे सर्विस भी आधी ही मिल रही है, इसलिए भुगतान भी उसी अनुपात में होना चाहिए। यह सिफारिश अगर लागू होती है तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराये ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा। इन 13 ट्रेनों में RAC पर पाबंदी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ने इस साल की शुरुआत से आरएसी नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी 13 आधुनिक ट्रेनों में आरएसी टिकट धारकों को बोर्डिंग यानी ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इन ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं। गुवाहाटी (कामाख्या)-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार – एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (संतरागाछी) – ताम्बरम अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (हावड़ा)-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (सियालदह)-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम उत्तर-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस नागरकोइल जंक्शन-मंगलुरु जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस संसदीय समिति की सिफारिश के बाद अब गेंद रेल मंत्रालय के पाले में है। मंत्रालय को अब यह तय करना है कि वह इस पार्शियल रिफंड की गणना कैसे करेगा और इसे यात्रियों के खातों में डिजिटल रूप से वापस भेजने के लिए अपने सॉफ्टवेयर (CRIS/IRCTC) में क्या बदलाव करेगा।

2.42 करोड़ महिला वोटरों को साधने की रणनीति, तृणमूल ने बढ़ाया लक्खी भंडार का अनुदान

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार की निगाहें महिला वोट बैंक पर टिकी हुई हैं. महिला वोटरों को लुभाने के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अंतरिम बजट में लक्खी भंडार (लक्ष्मीर भंडार) योजना की राशि बढ़ाने की घोषणा की है. राज्य सरकार ने लक्खी भंडार के अनुदान की राशि में 500 रुपए की बढ़ोतरी की है. महिलाओं को अब मिलेंगे 1500 रुपए बजट घोषणा के अनुसार, सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती थी. उन्हें अब 1500 रुपए मिलेंगे. इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को इस परियोजना के तहत 1700 रुपए मिलेंगे. फरवरी से ही महिलाओं को बढ़ी हुई राशि मिलने लगेगी. इस योजना के लिए ममता बनर्जी की सरकार ने वर्ष 2026-27 में 15 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त फंड अलॉट किया है. 2021 में ममता बनर्जी ने की थी योजना की शुरुआत वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों के ठीक पहले ममता बनर्जी ने लक्खी भंडार योजना की घोषणा की थी. विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ही उन्होंने महिलाओं के खाते में 500 रुपए भेजने शुरू कर दिये थे. फिर 2024 में लोकसभा चुनाव में इस राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया. 2.21 करोड़ महिलाओं को अभी मिल रहा योजना का लाभ अब 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले इसमें फिर 500 रुपए की वृद्धि की गयी है. फिलहाल राज्य की 2 करोड़ 21 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है. 20.62 लाख नये आवेदन स्वीकार किये गये हैं. इसके बाद अब योजना की लाभुकों की संख्या बढ़कर 2.42 करोड़ हो जायेगी.

होली के लिए भोपाल-रीवा रूट पर 6 स्पेशल ट्रेनें, कंफर्म टिकट पाएं, देखें पूरा शेड्यूल

भोपाल   होली त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे रानी कमलापति और भोपाल से रीवा के लिए कुल चार जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसके अलावा रानी कमलापति दानापुर के बीच भी द्वि-साप्ताहिक होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इन ट्रेनों से सतना, कटनी, सागर, बीना सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि इस ट्रेन के स्टापेज की मांग लंबे समय से चल रही थी, जो अब मंजूर हो गई है। भोपाल–रीवा के बीच भी चलेगी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 01704 गुरुवार 5 मार्च को सुबह 10:30 बजे भोपाल से चलकर रात 8:45 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01703 उसी दिन रात 10:20 बजे रीवा से रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:05 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भी सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा में रहेगा। चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें रीवा–रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल (01-01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02192 शनिवार 28 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे रीवा से रवाना होकर रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02191 उसी दिन रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर अगले दिन सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। रीवा–रानी कमलापति द्वि-साप्ताहिक स्पेशल (02-02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02186, 2 और 3 मार्च को दोपहर 12:30 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी और रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02185 रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। इन दोनों ट्रेनों का ठहराव सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा स्टेशनों पर रहेगा। इन स्टेशनों में मिलेगा स्टॉपेज नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर और आरा में रहेगा।

सोना और चांदी क्यों हैं इंसान के फेवरेट मेटल्स? जानें साइंस से इसकी वजह

 नई दिल्ली दुनिया में करीब 95 ज्ञात धातुएं (Metals) हैं – लोहा, तांबा, एल्यूमिनियम से लेकर दुर्लभ प्लैटिनम तक. लेकिन हजारों साल से हर सभ्यता में सिर्फ सोना और चांदी ही मूल्य, सौंदर्य और धन के प्रतीक बने रहे हैं. मिस्र, रोम, भारत, चीन – सभी जगहों पर इन्हें देवता की तरह पूजा गया. गहने बनाए गए. सिक्के ढाले गए. आज भी शादियों में सोना-चांदी की मांग सबसे ज्यादा है. निवेश के रूप में ये सबसे सुरक्षित माने जाते हैं. आखिर इन दो धातुओं में ऐसा क्या खास है जो बाकी 93 धातुओं में नहीं? रासायनिक स्थिरता: ये कभी खराब नहीं होते सबसे बड़ी वजह विज्ञान में छिपी है. सोना और चांदी नोबल मेटल्स कहलाते हैं – यानी ये हवा, पानी, एसिड या नमी से आसानी से प्रतिक्रिया नहीं करते. सोना सबसे ज्यादा निष्क्रिय (इनर्ट) धातु है. यह ऑक्सीजन से नहीं जुड़ता. जंग नहीं लगता. हजारों साल तक चमक बरकरार रहती है. चांदी थोड़ी प्रतिक्रिया करती है. सल्फर से काली पड़ जाती है. लेकिन अन्य धातुओं की तुलना में बहुत कम. अन्य धातु जैसे– लोहा हवा लगते ही जंग लग जाता है. तांबा हरा पड़ जाता है. एल्यूमिनियम पर ऑक्साइड की परत बन जाती है. इसलिए प्राचीन काल में जब लोग कब्रों में सोने-चांदी के गहने दफनाते थे, तो हजारों साल बाद भी वे वैसा ही चमकदार मिलते था. यह स्थिरता ही इन्हें अमर धातु बनाती है. प्रकृति में शुद्ध रूप में मिलना प्राचीन मनुष्य को धातु गलाने (स्मेल्टिंग) की तकनीक नहीं थी. ज्यादातर धातुएं अयस्क (ऑक्साइड या सल्फाइड) के रूप में मिलती हैं, जिन्हें निकालने के लिए उच्च तापमान चाहिए. लेकिन… सोना और चांदी अक्सर शुद्ध रूप (नेटिव फॉर्म) में नदियों, चट्टानों में छोटे-छोटे दाने या टुकड़े के रूप में मिल जाते थे. इन्हें बस उठाकर हथौड़े से पीटकर आकार दिया जा सकता था. आज भी इतनी बड़ी मात्रा में इस्तेमाल क्यों?     गहने: भारत में सालाना 600-800 टन सोना सिर्फ गहनों में इस्तेमाल होता है. सौंदर्य और सामाजिक प्रतिष्ठा की वजह से.      निवेश: सोना सुरक्षित निवेश है – महंगाई और संकट में मूल्य बढ़ता है. औद्योगिक उपयोग…     चांदी: इलेक्ट्रॉनिक्स (सबसे अच्छी चालक), फोटोग्राफी, दर्पण, बैटरी.     सोना: इलेक्ट्रॉनिक्स (कनेक्टर), दंत चिकित्सा, अंतरिक्ष यान.     सांस्कृतिक महत्व: शादी-ब्याह, त्योहारों में परंपरा. विज्ञान और मानव स्वभाव का परफेक्ट मेल सोना और चांदी प्रकृति की ऐसी धातुएं हैं जो दुर्लभ, स्थिरता, सौंदर्य और इस्तेमाल होने का सही बैलेंस रखती हैं. अन्य धातुएं या तो बहुत आम हैं (जैसे लोहा) या बहुत प्रतिक्रियाशील या बहुत देर से खोजी गईं (जैसे प्लैटिनम). हजारों साल पहले मनुष्य ने जो चुना, वही आज भी पसंद है – क्योंकि विज्ञान और मानव भावनाएं दोनों इनके साथ में हैं. अगली बार जब आप सोने का गहना पहनें, तो याद रखिए – यह सिर्फ धातु नहीं, विज्ञान और इतिहास की जीती-जागती कहानी है. इसीलिए 5000-6000 ईसा पूर्व से सोने का इस्तेमाल शुरू हुआ. सबसे पुराना प्रमाण बुल्गारिया की वार्ना संस्कृति (4600 ई.पू.) से मिला है. चांदी का इस्तेमाल लगभग 4000 ई.पू. से शुरू हुआ. भौतिक गुण: सुंदरता और काम करने में आसानी     दुर्लभ लेकिन बहुत कम भी नहीं: दोनों पर्याप्त दुर्लभ हैं कि मूल्यवान लगें, लेकिन इतने कम नहीं कि मिलना असंभव हो.     चमक और रंग: सोना की पीली चमक और चांदी की सफेद चमक आंखों को बहुत आकर्षक लगती है.      मैलिबिलिटी और डक्टिलिटी: सोने की एक ग्राम को 1 वर्ग मीटर पतली शीट (गोल्ड लीफ) में पीटा जा सकता है. चांदी सबसे अच्छी बिजली और गर्मी की चालक है. ये आसानी से पिघलते नहीं (सोने का गलनांक 1064°C, चांदी का 962°C), इसलिए गहने बनाने में सुरक्षित. इतिहास में मुद्रा और मूल्य का प्रतीक क्यों बने?     टिकाऊ: खराब नहीं होते, इसलिए धन के रूप में जमा करने के बेस्ट है.       छोटे-छोटे टुकड़े किए जा सकते हैं.     पहचानने में आसान: नकली बनाना मुश्किल.      पूरी दुनिया में स्वीकृति: हर संस्कृति में मूल्यवान.     लिदिया (आधुनिक तुर्की) में 600 ई.पू. पहला सोने-चांदी का सिक्का बना. भारत में भी प्राचीन काल से रूप्य (चांदी) और हिरण्य (सोना) मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होते थे.  

MP Board Exam: ड्यूटी से इनकार करने वाले शिक्षक और कर्मचारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

ग्वालियर  माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। परीक्षा में जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, यदि वे ड्यूटी से इनकार करते हैं या अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थिति नहीं होते हैं तो वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इस संबंध में बोर्ड ने परीक्षा गाइडलाइन जारी करते समय ही एक पत्र जारी कर परीक्षा ड्यूटी में शामिल सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की सेवा को आवश्यक सेवा के दायरे में ला दिया था। यानी ड्यूटी लगने के बाद इनकार करने या ड्यूटी वाली जगह न पहुंचने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवा घोषित राज्यपाल के गजट नोटिफिकेशन और बोर्ड के आदेशों के क्रम में जिले में भी परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस अवधि के दौरान परीक्षा कार्य से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका को अनिवार्य माना जाएगा। बहानेबाजी नहीं चलेगी शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर परीक्षा ड्यूटी से नाम कटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते। लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें प्रमाण देना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।  

मध्य प्रदेश में सरकार का बड़ा कदम, ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा एमएसएमई

भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े शहरों व कस्बों के बाद अब राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर तक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों का विस्तार करेगी। एमएसएमई विभाग इसकी विस्तृत कार्ययोजना बना रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के माध्यम से ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और ग्राम स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए पहले जिलों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन कर प्रयोग किया जाएगा। ऐसी ग्राम पंचायतें चिह्नित की जाएंगी जहां सड़क, बिजली, पानी और उद्योग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। रियायती दरों पर निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। भोपाल से लगी ग्राम पंचायतों को किया जा रहा चिह्नित बता दें, इंदौर के आसपास की ग्राम पंचायतों में पहले से 308 उद्योग स्थापित हैं। यहां 90.41 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश हुआ है और इससे 1954 लोग रोजगार पा रहे हैं। भोपाल से लगी ग्राम पंचायतों को भी चिह्नित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इनमें क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के संतुलित विकास के लिए योजनाबद्ध हस्तक्षेप आवश्यक है। जिससे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित किया जा सके। इसमें छोटे उद्यमों के लिए वित्तीय क्रेडिट को सरल बनाया जाएगा। नए उद्यमों के लिए बाजार में प्रवेश की बाधाओं का सरलीकरण किया जाएगा। एमएसएमई ऋण मूल्यांकन -कैश फ्लो आधारित जोखिम मूल्यांकन को अपनाना, वित्तीय माड्यूल को प्रशिक्षण में एकीकृत करना, सूचना विषमता को दूर करना और श्रमिक अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में काम किया जाएगा।  

एमपी में क्यूआर कोड से ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से बचाव, जानें इसकी कार्यप्रणाली

भोपाल  मध्य प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश पुलिस एक नई और प्रभावी पहल करने जा रही है। ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे मामलों से आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से क्यूआर कोड आधारित जागरूकता व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही साइबर अपराध से बचाव से जुड़ी आवश्यक और प्रमाणिक जानकारी सीधे मोबाइल फोन पर उपलब्ध हो जाएगी। मध्य प्रदेश पुलिस साइबर विशेषज्ञों के सहयोग से इस नवाचार को अंतिम रूप दे रही है। योजना के तहत भोपाल सहित पूरे प्रदेश के भीड़भाड़ वाले स्थानों, प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी एवं निजी कार्यालयों तथा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर ये क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो मार्च 2026 से प्रदेशवासियों को यह सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।  इस परियोजना पर साइबर पुलिस के नेतृत्व में तेजी से काम चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आज के डिजिटल युग में अपराधी नये-नये हथकंडे अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे में तकनीक के जरिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। यह क्यूआर कोड न सिर्फ जानकारी देगा, बल्कि सही समय पर सही कदम उठाने में भी मदद करेगा। सभी प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे क्यूआर कोड सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी संस्थानों में भी प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ-साथ इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें। पुलिस अधीक्षक (साइबर) प्रणय नागवंशी ने बताया कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। साइबर मुख्यालय समय-समय पर एडवाइजरी जारी करता है और अब क्यूआर कोड के माध्यम से यह जानकारी और अधिक सुलभ हो जाएगी। क्यूआर कोड से मिलने वाले प्रमुख लाभ क्यूआर कोड स्कैन करने पर यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि साइबर अपराध से बचने के लिए क्या करें और किन बातों से बचें। आमतौर पर पूछे जाने वाले सवालों के सरल उत्तर भी उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime-gov-in) का सीधा लिंक दिया जाएगा, जिससे पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज कर सकेंगे। ठगी के अलावा फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी सावधानियों की जानकारी भी मिलेगी। साथ ही, फर्जी कॉल, नकली नोटिस और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धोखाधड़ी से बचने के जरूरी उपाय भी बताए जाएंगे। 

एमपी में 15 जिलों को 1500 करोड़ की छूट, बिजली कंपनी घर-घर पहुंचाएगी स्मार्ट मीटर के फायदे

भोपाल   राज्य शासन के निर्देश पर पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी इंदौर सहित सभी 15 जिलों में 9 से 23 फरवरी तक स्मार्ट मीटर पखवाड़ा मनाएगी। इस दौरान उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे, त्रुटिरहित व त्वरित बिजली बिल सेवा, ऊर्जस ऐप पर स्मार्ट मीटर की लाइव जानकारी, गैर घरेलू उपभोक्ताओं को पॉवर फैक्टर की छूट, सौर ऊर्जा गणना के लिए स्मार्ट मीटर से मीटर राशि की बचत और दिन में बिजली खपत के लिए टीओडी गणना इत्यादि लाभों को बताया जाएगा। स्मार्ट मीटर के फायदे बताए जाएंगे उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के साथ ही लगाए गए चेक मीटर संबंधित रिपोर्ट की जानकारी दी जाएगी, जिसमें दोनों ही मीटरों में खपत का स्तर समान दर्ज हुआ है। पखवाड़े के दौरान पश्चिम क्षेत्र कंपनी की ओर से शिविर, कार्यशालाएं, शिकायत निवारण, तकनीकी जानकारी प्रदान करने के लिए विशेष सत्र, प्रदर्शनी इत्यादि के आयोजन होंगे। इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य आम लोगों को स्मार्ट मीटर के फायदे बताने, भ्रम दूर करने एवं उपभोक्ताओं बिजली की संतुष्टि को लेकर रचनात्मक प्रयास है। 1500 करोड़ की छूट मिलेगी बिजली वितरण कंपनी औद्योगिक, उच्चदाब उपभोक्ताओं को नियमानुसार प्रति माह, प्रति बिल निर्धारित छूट (रिबेट) प्रदान कर रही है। पिछले बारह माह के दौरान नए कनेक्शनों पर छूट, कैप्टिव छूट, इंक्रीमेंटल छूट, टीओडी छूट, पॉवर फैक्टर छूट, सब्सिडी, प्रॉम्प्ट पैमेंट, ग्रीन फील्ड छूट मिलाकर कुल 1500 करोड़ रुपए की छूट प्रदान की गई है ताकि उद्योगों को गति मिले, रोजगार, विकास के अवसर में पर्याप्त वृद्धि हो।

हार्दिक पंड्या की एक्स वाइफ नताशा ने बिकिनी में पूल में दिखाए हॉट पोज़

मुंबई  क्रिकेटर हार्दिक पंड्या की एक्स वाइफ और बॉलीवुड एक्ट्रेस-मॉडल नताशा स्टेनकोविक इन दिनों गोवा में हॉलीडे पर हैं. उन्होंने अपने वेकेशन से कुछ बेहद ग्लैमरस तस्वीरें शेयर की हैं.नताशा ने पूल साइड कुछ सिजलिंग पोज देते हुए फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वो बेहद हॉट नजर आईं. रेड बिकिनी लुक में एक्ट्रेस का कोई जवाब नहीं दिखा.  नताशा ने कैमरा की तरफ बेहद कॉन्फिडेंस के साथ देखते हुए दिलकश अंदाज में पोज दिए, जिसे काफी पसंद किया गया. पूल साइड रेड बिकिनी में नताशा ने अपनी टोन्ड बॉडी भी फ्लॉन्ट की. उनके चेहरे पर एक अलग ही ग्लो दिखाई दिया.कैमरा पर नताशा का कॉन्फिडेंस देखकर यूजर्स खुद को उनकी तारीफ करने से नहीं रोक पाए. वो एक्ट्रेस के हॉट अवतार पर अपना दिल हार रहे हैं. नताशा की फिटनेस और उनके बोल्ड अवतार को देखकर एक यूजर ने लिखा, ‘किसी ने मेरा जबड़ा देखा है क्या? शायद वो खुला का खुला ही रह गया है.’        नताशा स्टेनकोविक सोशल मीडिया पर अपनी खूबसूरती के अलावा एक और कारण से भी ट्रेंड में रहती हैं. लोगों को उनका और बेटे अगस्त्य का बॉन्ड बेहद पसंद आता है. हार्दिक पंड्या से तलाक के बाद वो अपने बेटे की परवरिश अच्छी तरह से करती हैं.     बात करें नताशा की डेटिंग लाइफ के बारे में, तो वो कई मौकों पर एक मिस्ट्री मैन के साथ नजर आ चुकी हैं. लेकिन उन्होंने अभी तक किसी को डेट करनी की खबर कंफर्म नहीं की है. मगर वहीं दूसरी तरफ उनके एक्स हार्दिक मॉडल माहिका शर्मा को डेट कर रहे हैं.

पीएमएफएमई योजना के तहत प्रदेश के युवा बना रहे हैं उद्योग और स्थापित कर रहे हैं अपनी पहचान

पीएमएफएमई योजना प्रदेश के युवा विभिन्न उद्योग स्थापित कर बना रहे हैं अपनी पहचान सरकारी योजना, तकनीकी मार्गदर्शन एवं ईच्छाशक्ति युवाओं के सपने साकार करने में सहायक भोपाल  केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य, उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी  अभिषेक जायसवाल ने उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की है। यह प्रदेश के युवाओं एवं किसानों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन द्वारा विभागीय मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता एवं वित्तीय सहयोग के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापना हेतु प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकें। यूनिट स्थापना से मिली नई पहचान बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल एक शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने एग्रीकल्चर बीएससी तथा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई की है। शुरू से ही कृषि से जुड़े परिवार से होने के कारण अभिषेक की कृषि से संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने में रूचि थी। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना द्वारा अभिषेक ने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना कर मात्र 4 माह में ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पीएमएफएमई योजना से मिला संबल अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत करने का निर्णय लिया। योजना में उन्होंने बैंक से प्राप्त सहायता राशि के माध्यम से माह अक्टूबर 2025 में डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की। इस यूनिट में मुख्य रूप से प्याज, केला के डिहाइड्रेट उत्पादों को तैयार करते हैं। क्या है डिहाइड्रेट यूनिट डिहाइड्रेशन यूनिट एक ऐसी प्रसंस्करण इकाई है, जिसमें फल एवं सब्जियों जैसे प्याज, केला, हल्दी तथा पत्तेदार सब्जियों से कम तापमान पर नमी हटाकर उन्हें सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है और उन्हें फ्लेक्स, चिप्स अथवा पाउडर के रूप में उपयोग योग्य बनाती है। डिहाइड्रेशन के कारण उत्पाद लम्बे समय तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे भंडारण एवं परिवहन आसान और कम खर्चीला हो जाता है। सही तकनीक से सुखाने पर उत्पाद का रंग, स्वाद एवं पोषण तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं। प्रक्रिया अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि यूनिट में प्याज को डिहाइड्रेट करने के लिए पहले उसका छिलका हटाकर अच्छे से साफ कर कटर मशीन से 1 एमएम स्लाइस बनाए जाते हैं। इन स्लाइसों को क्रेट में भरकर इलेक्ट्रॉनिक ड्रायर में निर्धारित तापमान पर लगभग 10 घंटे रखा जाता है, जिससे डिहाइड्रेटेड उत्पाद तैयार होता है। पाउडर बनाने के लिए स्लाइस को पल्वराइज़र मशीन में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है और वाइब्रो फिल्टर से छाना जाता है। वहीं केले को डिहाइड्रेट करने के लिए करीबन 60 डिग्री तापमान पर लगभग 8 घंटे तक ड्रायर में रखा जाता है। इसी प्रकार हल्दी, मैथी एवं अन्य उत्पादों के लिए भी लगभग समान प्रक्रिया अपनाई जाती है। रोजगार के अवसर भी हुए सृजित यूनिट में वर्तमान में 5 से 6 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल अभिषेक का व्यवसाय आगे बढ़ रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मांग और बिक्री से बढ़ रही आय अभिषेक जायसवाल यूनिट में प्रतिमाह लगभग 5-6 क्विंटल उत्पादन की बिक्री कर लेते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 से 60 हजार रुपये शुद्ध आय प्रति माह का मुनाफा हो जाता है। अभिषेक जायसवाल बताते है कि, उत्पादों की पैकेजिंग 30 एवं 50 किलो के पैकेट्स में की जाती है। इसके लिए पैकिंग बैग में सामग्री भरकर पैकेजिंग मशीन से सील कर ग्राहकों तक पहुँचाया जाता है। ग्राहकों द्वारा इन डिहाइड्रेट उत्पादों को पसंद किया जा रहा है। नियमित ग्राहक के साथ-साथ मांग अनुसार पैकेट्स भी तैयार किए जाते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की तैयारी अभिषेक के उत्पादों की बिक्री बुरहानपुर जिले के साथ-साथ इंदौर, मुंबई सहित अन्य शहरों में भी हो रही है। आने वाले समय में वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी विक्रय करने की तैयारी कर रहे हैं। योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से सही मार्गदर्शन, योजना का लाभ और ईच्छाशक्ति के बल पर युवा न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बना रहे है।  

एमपी ट्रांसको में कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित

एमपी ट्रांसको में स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के आष्टा 132 केवी सबस्टेशन, सतवास में क्लस्टर (कन्नौद, खातेगांव एवं सतवास उपकेंद्र) के अंतर्गत कार्यरत सभी नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कार्यपालन अभियंता  योगेन्द्र चहार के विशेष प्रयासों से आयोजित किया गया। शिविर में सतवास के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राहुल ने कर्मचारियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) सहित प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने सीपीआर देने की परिस्थितियों, उसकी सही विधि एवं इसके व्यावहारिक महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ी इस उपयोगी जानकारी से सभी उपस्थित कर्मचारी लाभान्वित हुए। एमपी ट्रांसको की सतत मुहिम के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सक्षम बनाना।  

बंगाल में यूपी के 54 भाजपाई संभालेंगे चुनावी मोर्चा, 47 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई

कलकत्ता  बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में भी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश से मंत्रियों, संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं और रणनीतिकारों की एक जंबो टीम बंगाल भेजी है, ताकि चुनावी जमीन मजबूत की जा सके। भाजपा ने चुनावी रणनीति के तहत बंगाल को छह क्षेत्रों में विभाजित किया है। इनमें से तीन क्षेत्रों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को सौंपी गई है। इनके साथ संबंधित राज्यों के संगठन महामंत्री भी तैनात किए गए हैं।  47 सीटों का दायित्व यूपी के नेताओं को पार्टी ने 244 विधानसभा सीटों में से 47 सीटों का दायित्व यूपी के नेताओं को सौंपा है। बंगाल का चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है और देशभर की निगाहें यहां के नतीजों पर टिकी हैं। उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक प्रदेश महामंत्री रह चुके जेपीएस राठौर को उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए अक्टूबर में ही बंगाल भेज दिया गया था। वे कोलकाता दक्षिण क्षेत्र का प्रभार संभाल रहे हैं और इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान यहां सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। 44 जिलों में से पांच जिलों का प्रभार भी यूपी के नेताओं पूर्व गन्ना विकास मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके सुरेश राणा को कोलकाता उत्तर की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए अहम सीटों पर काम कर चुके हैं। राज्य के 44 जिलों में से पांच जिलों का प्रभार भी यूपी के नेताओं के पास है। इनमें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री दिनेश खटीक, संजय गंगवार, पूर्व सांसद अजय मिश्र टेनी और सुब्रत पाठक शामिल हैं। सुब्रत पाठक को हुगली जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां की सात विधानसभा सीटों पर फिलहाल भाजपा का कोई विधायक नहीं है, हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा सांसद जीत दर्ज कर चुके हैं।पूर्व मंत्री स्वाति सिंह को कोलकाता दक्षिण की बिहाला सीट, उपेंद्र तिवारी को हावड़ा टाउन की संकरेल सीट और आनंद शुक्ला को हाबरा सीट का दायित्व दिया गया है। वहीं मेरठ-गाजियाबाद क्षेत्र से एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज बैरकपुर जिले की जगतदल विधानसभा सीट और कानपुर से एमएलसी अरुण पाठक नईहाटी सीट पर कैंप किए हुए हैं। इसके अतिरिक्त जिला, क्षेत्र और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक पदाधिकारियों को भी चुनावी रणनीति के तहत पश्चिम बंगाल भेजा गया है। 

क्या बांग्लादेश को अमेरिका का गुलाम बनाएंगे यूनुस? चुनाव से पहले सीक्रेट डील ने बढ़ाई चिंताएं

ढाका  जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील की घोषणा की तब पड़ोसी बांग्लादेश में चिंताएं बढ़ गईं क्योंकि बांग्लादेश भी अमेरिका के साथ एक समझौता करने जा रहा है. ये चिंता इसलिए है क्योंकि बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौता पूरी तरह सीक्रेट रखा गया है. प्रस्तावित समझौते को लेकर सवाल ऐसे भी उठ रहे हैं कि क्या गैर-निर्वाचित मोहम्मद यूनुस प्रशासन के पास ऐसा समझौता करने का जनादेश भी है या नहीं. यह घटनाक्रम उन रिपोर्टों के बाद सामने आया है, जिनमें दावा किया गया है कि 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को गिराने वाली इस्लामी साजिश के साथ-साथ यूनुस प्रशासन को अमेरिकी डीप स्टेट का समर्थन मिला था. अमेरिका के साथ समझौता सीक्रेट रखा गया है जिसे लेकर बांग्लादेश के निर्यातक संगठनों और खासकर उसके अहम टेक्सटाइल सेक्टर के हितधारकों में चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि समझौते की शर्तें बांग्लादेशी निर्यात को और नुकसान पहुंचा सकती हैं. बांग्लादेश के कुल निर्यात का 90 फीसदी से ज्यादा रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल्स का है. ट्रंप के टैरिफ की वजह से बांग्लादेश के वस्त्र उद्योग को पहले ही भारी नुकसान पहुंचा है और अगर अमेरिका के साथ कोई सीक्रेट समझौता हो जाता है तो बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले क्षेत्रों को यह प्रभावित कर सकता है. इससे बांग्लादेश की पूरी अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है. समझौते की वैधता पर उठ रहे सवाल समझौते की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं. अमेरिका-बांग्लादेश ट्रेड डील बांग्लादेश में चुनाव से महज तीन दिन पहले 9 फरवरी को हो सकता है. ऐसे में सवाल यह है कि चुनाव से ठीक पहले और अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में यूनुस प्रशासन यह समझौता क्यों कर रहा है. बांग्लादेशी अखबार ‘प्रथम आलो’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में यूनुस प्रशासन ने अमेरिका के साथ एक नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट पर दस्तखत किए थे, जिसके चलते समझौते के ड्राफ्ट की जानकारी सार्वजनिक नहीं है. बांग्लादेशी अर्थशास्त्री और बुद्धिजीवी अनु मुहम्मद ने कहा है कि यूनुस प्रशासन की यह जल्दबाजी और झोल-झाल सिर्फ अमेरिका के साथ व्यापार समझौते तक सीमित नहीं है. उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट कर उन्होंने सवाल उठाए हैं कि आम चुनाव से ठीक पहले जल्दबाजी में बंदरगाह लीज पर दिया जा रहा, हथियार आयात किए जा रहे और अमेरिका के साथ ‘अधीनता’ वाले समझौते साइन किए जा रहे हैं. अनु मुहम्मद ने सवाल किया कि 9 फरवरी के बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौते से आखिर किसके हित सध रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये समझौते पूरी तरह गैर-पारदर्शी, अव्यावहारिक और अनियमित तरीके से आगे बढ़ाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि विदेशी ‘लॉबिस्ट’ सलाहकार बनकर यूनुस प्रशासन के भीतर बैठाए गए हैं, जो इन समझौतों को किसी भी कीमत पर कराना चाहते हैं. यह भी आरोप हैं कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को इस्लामिस्ट जमात-ए-इस्लामी के समर्थन से ही अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया गया. ट्रेड डील को लेकर चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब रिपोर्टें हैं कि अमेरिकी डिप्लोमैट्स जमात के साथ बातचीत कर रहे हैं. 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में जमात को एक बड़े राजनीतिक खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा है. कोलकाता में एक वर्चुअल प्रोग्राम को संबोधित करते हुए 2 फरवरी को शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि बांग्लादेश एक ‘फर्जी’ चुनाव की ओर बढ़ रहा है, जिसका मकसद विदेशी हितों के प्रति वफादार कमजोर सरकार बनाना है. उन्होंने यूनुस शासन पर इस्लामवादियों के समर्थन से चलने और अपारदर्शी तरीके से फैसले लेने का आरोप लगाया. रोचक बात ये हैं कि 12 फरवरी को बांग्लादेश सिर्फ नई सरकार के लिए वोटिंग नहीं करेगा, बल्कि जुलाई चार्टर पर भी मुहर लगाएगा या उसे खारिज करेगा. इस चार्टर को खुद मोहम्मद यूनुस और उनकी सरकार आगे बढ़ा रही है और ‘यस वोट’ के पक्ष में कैंपेन चला रही है. 2024 के हसीना-विरोधी प्रदर्शनों के बाद तैयार किया गया यह चार्टर संविधान में संशोधन करेगा. माना जा रहा है कि यह संशोधन अंतरिम शासन की तरफ से की गई कथित गड़बड़ियों का भी बचाव करेगा. जल्दबाजी में समझौता क्यों कराना चाहती है यूनुस सरकार? अप्रैल 2025 में जब ट्रंप ने 100 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान किया, तो बांग्लादेश पर 37 फीसदी का भारी टैरिफ लगा. जून 2025 में बांग्लादेश ने अमेरिका के साथ नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट साइन किया, जिससे टैरिफ पर बातचीत सीक्रेट हो गई. जुलाई में अमेरिका ने अचानक टैरिफ घटाकर 35 फीसदी और अगस्त में 20 फीसदी कर दिया. ढाका स्थित ‘डेली सन’ के मुताबिक, बांग्लादेश के वाणिज्य सचिव महबूबुर रहमान ने कहा है कि अमेरिका से 9 फरवरी की तारीख मिली है और उसी दिन समझौते पर दस्तखत होंगे. सबसे ज्यादा चिंता निर्यातकों, खासकर गारमेंट सेक्टर में है. बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट इनामुल हक खान ने कहा कि बिना किसी परामर्श के यह प्रक्रिया बेहद परेशान करने वाली है. उनका कहना है कि चुनाव से ठीक पहले समझौते पर दस्तखत करना ठीक नहीं है, क्योंकि इसके दूरगामी असर होंगे. यूनुस प्रशासन के जाने के कुछ ही दिनों बाद यह समझौता लागू कराने की जिम्मेदारी एक निर्वाचित सरकार पर आ जाएगी, जिसका इस समझौते की बातचीत में कोई रोल नहीं रहा. सेंटर फॉर पॉलिसी डायलॉग के वरिष्ठ फेलो देबप्रिया भट्टाचार्य ने कहा कि सवाल यह भी है कि क्या आने वाली सरकार के हाथ पहले से ही बांधे जा रहे हैं. डर क्यों फैला रहा है यह समझौता? समझौते की शर्तें किसी को नहीं पता. नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट के चलते समझौते के बाद प्रभावित होने वाले पक्ष पूरी तरह अंधेरे में हैं. चिंता सिर्फ निर्यातकों तक सीमित नहीं है, घरेलू बाजार पर निर्भर कारोबारी भी डरे हुए हैं. ढाका चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष तस्कीन अहमद ने कहा कि ड्राफ्ट की जानकारी न होने से इसके असर का आकलन करना मुश्किल है और इसे चुनाव से पहले साइन करने से बचा जा सकता था. ये चिंताएं जायज भी हैं क्योंकि शेख हसीना की सरकार को हटाने और यूनुस को सत्ता में लाने में अमेरिका पर संलिप्तता के आरोप लगे थे. बांग्लादेशी पत्रकार साहिदुल हसन खोकन के मुताबिक, हसीना को हटाने में अमेरिका सीधे तौर पर भले ही शामिल … Read more

बागेश्वर धाम में 300 बेटियों का ब्याह, कन्या विवाह महोत्सव में नेपाल की युवती भी बनेगी दुल्हन

खजुराहो  छतरपुर के बागेश्वर धाम में हर वर्ष की तरह इस साल भी बहुत ही शानदार कन्या विवाह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है. इस बार का महोत्सव काफी खास होने वाला है, क्योंकि यह महोत्सव सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हो गया है. नेपाल की भी एक बेटी की शादी धाम में होगी.  इस मौके पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधु को लहंगा, चुनरी, शेरवानी, टोपी, वरमाला आदि सामग्री दी. खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की। नेपाल की अस्मिता बोली- चार साल में आया नंबर अस्मिता ने फोन पर बताया कि परिवार की माली हालत कभी ठीक नहीं रही। मां दिल्ली में घर-घर जाकर बर्तन साफ करती हैं। पिता यहीं मजदूरी करते हैं। भाई केरल में मजदूरी करता है। एक बार मेरी तबीयत खराब हुई। पहले यहां फिर दिल्ली में डॉक्टर्स को दिखाया। फायदा नहीं हो रहा था। डॉक्टर बोलते थे कि दिमाग खराब है, पागल हो गई हूं। लोगों से सुना, तो बागेश्वरधाम पहुंचे। अब मैं एकदम ठीक हूं। बालाजी भगवान ने मुझे ठीक कर दिया। हमने यूट्यूब पर बागेश्वर धाम में हो रही शादियों के बारे में देखा था। मां पिछले चार साल से यहां मेरी शादी के लिए आवेदन कर रही थी, लेकिन इस बार नंबर लगा है। खुशी है कि मुझे गुरुजी से मिलने का मौका मिलेगा। अब मेरी शादी मेज बहादुर से हो रही है, वो मेरे ही देश के कंचनपुर के रहने वाले हैं। उनके परिवार की हालत भी हमारे जैसे ही हैं। पढ़ाई के दौरान हमारी मुलाकात हुई थी। मैं और उनकी बहन साथ पढ़ते थे। एक बार हम माउंटेन घूमने गए। वहां बात हुई। धीरे-धीरे प्यार हो गया। फिर हम लोगों ने अपने-अपने घर बताया, तो घरवाले बोले- इतना पैसा नहीं है कि अभी शादी कर दें। इसके बाद मां चार साल तक लगातार आवेदन करती रहीं। इस बार नंबर आ गया। फोन पर मिली सूचना, शादी के लिए चुना गया विदिशा जिले की गंजबासौदा के लाल पठार इलाके में रहने वाली सपना अहिरवार के पिता नहीं हैं। मां बीमार रहती हैं और भाई छोटा है। घर में दो वक्त खाने के लिए भी जद्दोजहद करनी होती है। सपना कहती हैं- बीमार मां को हमेशा मेरी शादी की चिंता रहती थी। जब बागेश्वर धाम में होने वाली सामूहिक विवाह समारोह के बारे में पता चला, तो मन में आस सी जागी। पहले भी यहां आ चुकी हूं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने परिवार की मदद की। उन्हें अपने पिता जैसा मानती हूं। आवेदन के बाद यहां से घर पहुंचे थे। कुछ दिन बाद फोन पर सूचना मिली कि मुझे यहां शादी के लिए चुना गया है। उन्होंने शादी का लहंगा, सैंडल और होने वाले पति को शेरवानी, पगड़ी, जूते और माला दी है। उस दिन कपड़े पहनकर यहां आना है। गरीब हूं, पर आज इसका अहसास नहीं हो रहा है। बागेश्वरधाम से शादी होना सपने की तरह बागेश्वरधाम … Read more

हिमालय से आ सकती है ‘सुनामी’, IIT रुड़की का चेतावनी अलर्ट, 93 लाख लोग होंगे खतरे में

नई दिल्ली  हिमालय की बर्फीली चोटियों के बीच एक ऐसी तबाही आकार ले रही है, जो सुनामी से कम खतरनाक नहीं है. IIT रुड़की के रिसर्चर्स ने एक चौंकाने वाली स्टडी में बताया है कि हिमालय के पहाड़ों पर बनी ग्लेशियल झीलों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में छपी रवींद्र कुमार और सौरभ विजय की इस रिसर्च के अनुसार, हाई माउंटेन एशिया (HMA) क्षेत्र में 2016 से 2024 के बीच इन झीलों के क्षेत्रफल में 5.5 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है. वर्तमान में करीब 31,000 से ज्यादा ऐसी झीलें हैं, जो 93 लाख लोगों के लिए सीधा खतरा बन गई हैं. क्या है ‘हिमालयी सुनामी’ या GLOF?     जब पहाड़ों पर स्थित ग्लेशियर पिघलते हैं, तो उनका पानी खाली जगहों पर जमा होकर झीलें बना लेता है. इन झीलों के चारों ओर पक्के बांध नहीं होते, बल्कि ये ढीली चट्टानों, बर्फ और मलबे (Moraine) के प्राकृतिक बांधों से घिरी होती हैं.     जब ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पानी का दबाव बढ़ता है या कोई एवलांच (बर्फ का तूफान) इन झीलों में गिरता है, तो ये बांध गुब्बारे की तरह फट जाते हैं. इसे ही ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) या हिमालयी सुनामी कहा जाता है.     केदारनाथ की 2013 वाली त्रासदी और 2023 में सिक्किम में आई बाढ़ इसी तरह के खतरे के बड़े उदाहरण हैं. ये झीलें इतनी ऊंचाई पर स्थित हैं कि जब इनका पानी नीचे गिरता है, तो वह जबरदस्त रफ्तार पकड़ लेता है.     इसमें सिर्फ पानी नहीं होता, बल्कि अपने साथ बोल्डर, मिट्टी और पेड़ों को बहाकर लाने वाला एक ‘चलता-फिरता पहाड़’ बन जाता है, जो रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह कर देता है. वैज्ञानिकों ने कैसे पहचाना इन 31,000 टाइम बमों को? हजारों फीट की ऊंचाई और बेहद कठिन रास्तों के कारण इन झीलों की निगरानी करना नामुमकिन जैसा था. लेकिन IIT रुड़की के वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का सहारा लिया. उन्होंने नासा (NASA) और यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के ‘लैंडसैट 8’ के हाई-रेजोल्यूशन डेटा का उपयोग किया. इसके साथ ही यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के ‘सेंटिनल 1 और 2’ और कोपरनिकस डिजिटल एलिवेशन मॉडल की मदद ली गई. अमेरिका के नेशनल रिकॉनेस्सेंस ऑफिस द्वारा 3 जनवरी 1976 को ली गई इस तस्वीर में माउंट एवरेस्ट बीच में दिख रहा है. (AP) इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके राडार और ऑप्टिकल सेंसर बादलों के पार भी देख सकते हैं. इसकी मदद से वैज्ञानिकों ने 20,000 से 1,00,000 वर्ग मीटर तक की छोटी झीलों की भी सटीक पहचान की है. अब इस तकनीक से ‘तीसरे ध्रुव’ (Third Pole) कहे जाने वाले इस पूरे इलाके की रूटीन मॉनिटरिंग मुमकिन हो गई है. किन इलाकों में सबसे तेजी से फैल रही हैं झीलें? स्टडी के मुताबिक, झीलों के बढ़ने की रफ्तार हर इलाके में अलग-अलग है: किलियन शान (Qilian Shan): इस क्षेत्र में झीलों के क्षेत्रफल में सबसे ज्यादा 22.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. पूर्वी हिमालय: यह इलाका सबसे ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यहां इन झीलों की संख्या सबसे अधिक है. भारत की स्थिति: भारत में करीब 30 लाख लोग सीधे तौर पर इन अस्थिर झीलों के नीचे बसे हुए हैं. बढ़ती गर्मी और बदलते मानसून की वजह से ग्लेशियर सिकुड़ रहे हैं. जहां पहले बर्फ हुआ करती थी, अब वहां गहरे और अस्थिर पानी के तालाब बन गए हैं. 93 लाख लोगों पर मंडराता मौत का साया दुनिया भर में ग्लेशियर की बाढ़ से जितने लोगों को खतरा है, उनमें से 62 प्रतिशत लोग अकेले हाई माउंटेन एशिया क्षेत्र में रहते हैं. हिमालय के इस हिस्से में रहने वाले कई परिवार झीलों से महज 10 किलोमीटर के दायरे में बसे हैं. इसका मतलब है कि अगर कोई झील फटती है, तो लोगों को चेतावनी देने और सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए समय बहुत ही कम मिलेगा. ये झीलें ‘टिकिंग टाइम बम’ की तरह हैं, जिनकी दीवारें मिट्टी और बर्फ की बनी हैं. अगर ग्लोबल वार्मिंग की रफ्तार यही रही, तो आने वाले समय में केदारनाथ जैसे हादसों का खतरा और बढ़ सकता है.

PM मोदी का मलेशिया दौरा: भारत के लिए सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ सेक्टर में होगा बड़ा बूस्ट

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से दो दिन के लिए (7-8 फरवरी 2026) मलेशिया की यात्रा पर जा रहे हैं. यह यात्रा दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए दरवाजे खोलने का काम करेगी. हाल ही में यूनियन बजट 2026 में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर्स की घोषणा के बाद यह यात्रा और भी खास हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की सप्लाई चेन मजबूत होगी, नौकरियां बढ़ेंगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) कई बार कह चुके हैं कि कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से सेल्फ-रिलायंस बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. मलेशिया के साथ टेक्नोलॉजी शेयरिंग से यह आसान होगा. बता दें कि वैष्णव क्रिटिकल मिनरल्स पर काम कर रहे हैं. बेंचमार्क मिनरल इंटेलिजेंस (Benchmark Mineral Intelligence) में रेयर अर्थ एक्सपर्ट और रिसर्च मैनेजर नेहा मुखर्जी (Neha Mukherjee) ने भारत की नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की तारीफ की है और कहा है कि मलेशिया जैसे पार्टनर्स से डाइवर्सिफिकेशन तेज होगा, जिससे चीन पर से निर्भरता घटेगी. कितना महत्वपूर्ण है मलेशिया? पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के बीच बातचीत के केंद्र में अन्य मुद्दों के साथ सेमीकंडक्टर पर गहरा सहयोग भी होगा. मलेशिया सेमीकंडक्टर का बड़ा हब है, जहां दुनिया की 12-15 फीसदी REE प्रोसेसिंग होती है. भारत यहां से तकनीक और निवेश ले सकता है. बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ रुपये का ऐलान हुआ है, जो इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग पर फोकस करेगा. इससे भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, मटेरियल और फुल स्टैक आईपी डेवलप होगा. मलेशिया रेयर अर्थ पर भी बड़ा जोर देता है. मलेशिया में लिनास प्लांट दुनिया का बड़ा REE प्रोसेसर है. 2025 में लिनास में पहली बार भारी REE (जैसे डिस्प्रोसियम ऑक्साइड) का कमर्शियल उत्पादन शुरू किया, जो चीन के बाहर पहला ऐसा प्लांट है. भारत के आम बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिल नाडु में डेडिकेटेड REE कॉरिडोर्स बनाने का प्लान है. यह माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा. लक्ष्य है 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष REE परमानेंट मैग्नेट बनाना, जो EV, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस में इस्तेमाल होंगे. गौरतलब है कि यह भारत सरकार की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका नाम REPM है. इसे नवंबर 2025 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, और कुल ₹7,280 करोड़ का बजट रखा गया है. भारत को कितना फायदा?     सप्लाई चेन मजबूत: मलेशिया से REE और सेमीकंडक्टर पार्ट्स आसानी से मिलेंगे. इससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग स्पीड बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता 20-30 फीसदी कम हो सकती है.     निवेश और टेक्नोलॉजी: मलेशिया के साथ JV से 3 अरब डॉलर का राजस्व और 24,800 नौकरियां पैदा होंगी. सेमीकंडक्टर मार्केट 2026 तक 64 अरब डॉलर और 2030 तक 110 अरब डॉलर पहुंचेगा.     EV और क्लीन एनर्जी: REE से EV बैटरी और मोटर सस्ते होंगे. मलेशिया 2030 तक EV प्रोडक्शन 15% बढ़ाना चाहता है, जिसमें भारत मदद कर सकता है.     ट्रेड बूस्ट: दोनों देशों का व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. MICECA समझौते की समीक्षा से निर्यात बढ़ेगा.     स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रक्षा, डिजिटल टेक और हेल्थ में सहयोग बढ़ेगा, जो भारत को ASEAN में मजबूत बनाएगा. कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा रोल प्ले करेगी. 2030 तक REE से 3 अरब डॉलर राजस्व और 6.5 अरब डॉलर की आर्थिक ग्रोथ हो सकती है. भारत और मलेशिया में कितना व्यापार? 2025 में भारत-मलेशिया का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 18-20 अरब डॉलर के आसपास रहा. भारत मलेशिया से मुख्य रूप से पाम ऑयल (करीब 2.8-3 अरब डॉलर का), इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, कंप्यूटर हार्डवेयर और अन्य वनस्पति तेल आयात करता है. वहीं भारत मलेशिया को परिष्कृत पेट्रोलियम (रिफाइंड पेट्रोलियम, करीब 2.3 अरब डॉलर), कृषि उत्पाद जैसे बफेलो मीट, और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीनरी निर्यात करता है. कैसे हैं दोनों देशों में ऐतिहासिक संबंध? दोनों देशों के बीच मजबूत नींव है. 2010 में MICECA (मलेशिया-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट) ने व्यापार को आसान बनाया. 2015 में संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला, और 2024 में इसे अपग्रेड करके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बना दिया गया. ये समझौते टैरिफ कम करने, निवेश बढ़ाने और नए क्षेत्रों में सहयोग का रास्ता खोलते हैं. भारत-मलेशिया: भविष्य के प्लान क्या हैं? दोनों देश AITIGA (ASEAN-इंडिया ट्रेड इन गुड्स एग्रीमेंट) की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि टैरिफ और मार्केट एक्सेस बेहतर हो. फोकस डिजिटल फाइनेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और EV जैसे हाई-टेक क्षेत्रों पर है. मलेशिया में अनुमानित 16.2 मिलियन टन रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) के रिजर्व हैं, जिनकी वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर है. ये रिजर्व भारत के साथ JV या टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए इस्तेमाल हो सकते हैं, खासकर REE प्रोसेसिंग और मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग में. व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट है. क्या चुनौतियां हैं सामने? ट्रेड बैलेंस अभी असंतुलित है. मलेशिया का सरप्लस ज्यादा है, इसलिए भारत नए निर्यात सेक्टर (जैसे सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग) ढूंढ रहा है. पर्यावरणीय मुद्दे भी बड़े हैं, खासकर पाम ऑयल की खेती से जुड़े जंगल कटाई और सस्टेनेबिलिटी के सवाल. REE माइनिंग में भी पर्यावरण सुरक्षा जरूरी है, ताकि प्रदूषण न फैले. दोनों देश इन मुद्दों पर बात करके बैलेंस्ड और ग्रीन ट्रेड बढ़ाना चाहते हैं. भारत-मलेशिया में ग्लोबल कनेक्शन? मलेशिया ने अमेरिका के साथ REE सप्लाई चेन पर MoU साइन किया है. भारत भी इंडो-US ट्रेड डील और क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के जरिए काम कर रहा है. इससे REE और सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन मजबूत होगी, चीन पर निर्भरता कम होगी, और दोनों देश ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर पोजिशन पा सकेंगे. कुल मिलाकर, ये रिश्ते सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का मजबूत आधार बन रहे हैं. मोदी की मलेशिया यात्रा कब है? 7-8 फरवरी 2026 को. यह उनकी तीसरी यात्रा है, जिसमें व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर बात होगी. मलेशिया से सेमीकंडक्टर में भारत को क्या फायदा? मलेशिया से टेक्नोलॉजी और निवेश मिलेगा. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से 40,000 करोड़ रुपये लगेंगे, जो जॉब्स और आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा. रेयर अर्थ एलीमेंट्स क्या हैं और क्यों जरूरी? REE विशेष … Read more

7 फरवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल से इन राशियों की किस्मत में आ सकते हैं शुभ परिवर्तन

मेष आज दिन पैसों के मामले में थोड़ा संभलकर चलने का समय है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आपको नुकसान करा सकता है।रिलेशनशिप में भी गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं।काम में दबाव रहेगा, पर आप जिम्मेदारी से काम करेंगे तो बात बन जाएगी। शाम तक मूड बेहतर होगा। सेहत में अगर सांस से जुड़ी दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। वृषभ आज आप पुराने झगड़े सुलझाने की कोशिश करेंगे। रिश्तों में आज आगे बढ़ेंगे और करीब आएंगे। ऑफिस में सीनियर्स नाराज हो सकते हैं, मैनेजमेंट की गुडबुक्स में रहें। परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। खुद की सेहत का भी ध्यान रखें, बाहर का खाना कम करें। मिथुन आज दिमाग तेज चलेगा और नए आइडिया इनोवेटिव हों, तो टीम मीटिंग्स में बताएं। बॉस से तारीफ मिलेगी। खर्च कंट्रोल में रखें, नहीं तो बजट बिगड़ सकता है। घर में माहौल ठीक रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी, बस नींद पूरी करने की कोशिश करें, वरना चिड़चिड़ापन रह सकता है। कर्क आज इमोशंस आपके लिए खास रहेंगे। पार्टनर की सुनें और स्पेस दें।पैसों को लेकर आज कोई बड़ा रिस्क न लें। सेहत के मामले में पेट या नींद से जुड़ी दिक्कत हो सकती है, खाने-पीने में थोड़ा ध्यान रखें। सिंह आज आप कॉन्फिडेंट रहेंगे और सामने वाले पर आपकी बात का असर पड़ेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत दिखेगी, भले तारीफ तुरंत न मिले। रिश्तों में खुलकर बात करेंगे तो गलतफहमी दूर होगी। पैसों को लेकर आज कैश फ्लो रहेगा। हेल्थ के लिए स्ट्रैचिंग और वॉक करें। तुला आज छोटे-छोटे कामों में उलझ सकते हैं, जिससे मन थोड़ा परेशान हो सकता है। लेकिन धैर्य से काम लेंगे तो सब संभल जाएगा। पैसों में बचत पर ध्यान दें, कोई पुराना खर्च सामने आ सकता है। सेहत को लेकर पीठ या गर्दन में हल्का दर्द हो सकता है, ज्यादा देर एक ही जगह न बैठें। धनु आज रिश्तों में बैलेंस बनाएंस आपके लिए आज काम के मौके आएंगे। आज किसी नौकरी का ऑफर भी आ सकता है। काम में टीमवर्क से काम आगे बढ़ेगा। पैसों में अचानक खर्च आ सकता है, इसलिए पहले से प्लान बनाकर चलें। तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन करें। मकर आज मन थोड़ा भारी रह सकता है, इसलिए कहीं घूमने जा सकती हैं। कोशिश करें खुद को बिजी रखें। ऑफिस में आपकी मेहनत काम आएगी और कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। पैसों को लेकर सतर्क रहें, बड़ी रकम ना उधार दें, ना लें। आपको हेल्थ में आज दिक्कत आएगी, खांसी और फीवर हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। कुंभ आज घूमने-फिरने का प्लान बना सकते हैं, इससे मन खुश होगा। काम में नए मौके मिल सकते हैं , डेडलाइन में रहकर काम करें। रिश्तों में खुलापन रहेगा, किसी दोस्त से अच्छी बात हो सकती है। पैसों में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन बेकार का खर्च ना करें, तो आपके लिए अच्छा है। भागदौड़ से बचें। कन्या आज जिम्मेदारियां अधिक और काम भी अधिक रहेगा। ऑफिस का काम घर पर ना लाएं। आप शांत रहकर काम करेंगे तो हालात आपके फेवर में रहेंगे। पैसों में धीरे-धीरे सुधार होगा, निवेश के लिए रिसर्च करें। अभी बड़ा खर्च करना रिस्की रहेगा।हेल्थ को लेकर जिम टालना बेहतर रहेगा। सेहत में जोड़ों या कमर में दर्द महसूस हो सकता है, थोड़ा स्ट्रेचिंग करें। वृश्चिक आज लोगों से जुड़ने का दिन है। आपको आज निवेश को लेकर ध्यान देना चाहिए धोखा हो सकता है। ऑफिस में नए लोगों से मिलेंगे, आपका नेटवर्क बनेगा। हत में हल्की थकान या आंखों में जलन हो सकती है, स्क्रीन टाइम कम रखें। मीन आज मन भावुक रह सकता है, आज उदास फील करेंगे। काम में ध्यान थोड़ा भटकेगा, इसलिए खुद को फोकस में लाने की जरूरत है। आज फालतू चीजों में पैसा लगाने से खर्च बढ़ सकता है, खासकर घर से जुड़े कामों पर। हेल्थ को लेकर खास ध्यान दें। बॉडी दर्द की दिक्कत हो सकती है, पानी ज्यादा पिएं और हल्का खाना खाएं।

संदीपनी विद्यालय घुघरी का मामला अतिथि शिक्षक की ‘अमर्यादित’ टिप्पणी पर हंगामा

मंडला.  जिले के शासकीय सांदीपनी विद्यालय घुघरी में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक अतिथि शिक्षक पर कक्षा 10वीं की छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और अपमानजनक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना से आक्रोशित छात्राओं ने विद्यालय के प्राचार्य को लिखित शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  *क्या है पूरा मामला   प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पदस्त अतिथि शिक्षक बिजेंद्र झारिया पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा 10वीं की छात्राओं के प्रति अत्यंत अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शिकायत पत्र में छात्रा ने उल्लेख किया है कि शिक्षक ने पूरी कक्षा के सामने उसे जलील किया, जिससे उसकी गरिमा को गहरी ठेस पहुँची है। इस शिकायत का समर्थन कक्षा की अन्य छात्राओं ने भी अपने हस्ताक्षर करके किया है।  अधिकारियों का रुख: “हटाया जाएगा आरोपी शिक्षक”  इस संवेदनशील मामले पर सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए कहा कि, “मुझे इस संबंध में पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन अब प्राचार्य के माध्यम से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। ऐसे आरोपी अतिथि शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें तत्काल प्रभाव से विद्यालय से हटाया जाएगा।”  राजनीतिक आक्रोश: “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”  मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री कमलेश तेकाम ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा मैंने पूर्व में ही अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन क्षेत्रीय संयोजक मंडला विष्णु सिंगोर जैसे लोगों की लापरवाही के कारण इन्हें संरक्षण मिल रहा है। बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों को शह देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस शिक्षक को तुरंत नहीं हटाया गया, तो हम स्वयं आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।” छात्राओं में डर और आक्रोश छात्राओं का कहना है कि स्कूल में सुरक्षित महसूस करना उनका अधिकार है, लेकिन शिक्षक के इस प्रकार के व्यवहार से वे मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी और कितनी ठोस कार्रवाई करता है एवं आरोपी अतिथि शिक्षक को कब तक हटाएगी  इनका कहना है कि मैने ऐसी मैडम बात की है कि ऐसे आरोपी शिक्षक को जल्द से जल्द हटाया जावे जो शिक्षा को शर्मसार कर रहे हैं

वन मंत्री केदार कश्यप एवं विधायक किरण सिंह देव भी रहे उपस्थित

  रायपुर. वन मंत्री  केदार कश्यप एवं विधायक  किरण सिंह देव भी रहे उपस्थित स्थानीय सर्किट हाऊस में शुक्रवार की शाम उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जब जमीनी स्तर पर उतरा, तो हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप एवं विधायक  किरण सिंह देव ने विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लोगों को सामग्री और सहायता राशि वितरित कर सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ किया। कार्यक्रम के दौरान सबसे भावुक और उत्साहजनक क्षण तब देखने को मिले जब समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की पहल की गई। उप मुख्यमंत्री  शर्मा, वनमंत्री  कश्यप एवं विधायक  देव ने करण नाग, संजय सांतरा और विजय मौर्य को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सौंपी, जिससे अब उनकी जिंदगी की रफ्तार नहीं थमेगी। इसी क्रम में राकेश कुमार मिश्रा को कृत्रिम पैर और विपिन सिंह को श्रवण यंत्र प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान के साथ जीने का संबल दिया गया। शिक्षा और तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, विवेक कुमार और सुभद्रा को मोबाइल किट तथा जयबती और गायत्री को टैबलेट वितरित किए गए, ताकि ये बच्चे डिजिटल युग के साथ कदमताल कर सकें। महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला समूहों को बड़े संसाधन सौंपे गए। जागृति, तिरंगा, इंद्रावती और झांसी की रानी महिला क्लस्टर संगठनों को ईंट-सीमेंट निर्माण इकाई के संचालन हेतु चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही कंकालीन और दुर्गा स्व-सहायता समूहों जैसी संस्थाओं को भी प्रोत्साहित किया गया। बरसों से अपने पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों के लिए भी यह शाम यादगार बन गई। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत लक्ष्मी बाई राव, बबिता कश्यप, अलाबती, गजमती और सेवती नायक समेत कई गृहणियों को उनके सपनों के घर की चाबी सौंपी। वहीं छोटे व्यापारियों को मदद पहुंचाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत ममता यादव और नासिर खान को चेक प्रदान किए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुजुर्ग हितग्राहियों को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ देकर सरकार ने हर वर्ग के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी, सीईओ जिला पंचायत  प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

‘PM मोदी ने यूक्रेन पर परमाणु हमले को रोका’, किसने खोला राज? पुतिन को दी ये समझाइश

नई दिल्ली पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय भूमिका की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक अहम हस्तक्षेप करते हुए हालात को और बिगड़ने से रोका था. IANS से बातचीत में बार्टोशेव्स्की ने दावा किया कि वर्ष 2022 के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बातचीत की थी. इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन में टैक्टिकल परमाणु हथियार के इस्तेमाल को लेकर रूस को पीछे हटने के लिए राजी किया. पोलैंड के उप विदेश मंत्री के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री मोदी की बेहद सकारात्मक और जिम्मेदार वैश्विक भूमिका का उदाहरण है. उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में जिस तरह की भूमिका निभा रहा है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. पोलैंड भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहद अहम मानता है और भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है. भारत के साथ पोलैंड के सौहार्दपूर्ण रिश्तों की चर्चा करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमारे भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और हम दुनिया में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हैं.’ क्या यूक्रेन पर होने वाला था परमाणु हमला? फिर उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग में भारतीय प्रधानमंत्री की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘जैसा कि मैंने नई दिल्ली में अपने एक इंटरव्यू में बताया था, प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 के आखिर में राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी और उन्हें यूक्रेन में टैक्टिकल न्यूक्लियर डिवाइस का इस्तेमाल करने की कोशिश करने से रोका था. यह एक सकारात्मक भूमिका थी जो प्रधानमंत्री मोदी ने निभाई और जो भारत दुनिया के मामलों में निभाता है, और मुझे उम्मीद है कि यह जारी रहेगा.’ 45 साल बाद पोलैंड की यात्रा पर गए थे पीएम मोदी पीएम मोदी के पोलैंड दौरे को याद करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमने 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. तब वो भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर पोलैंड आए थे; 45 साल में हमारे देश आने वाले वो भारत के पहले पीएम थे. यह एक बहुत अच्छी यात्रा थी, और अब हमने ईयू के साथ विदेश व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, हम भी इसका हिस्सा हैं. मैं अभी विदेश मंत्रालय से लौटा हूं, जहां हमने सैन्य सहयोग, डिजिटल उद्योग सहयोग, सुरक्षा मुद्दे, हाई-टेक में आईटी निवेश, अंतरिक्ष में सहयोग और अन्य चीजों से जुड़े कई व्यावहारिक कदमों पर चर्चा की.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत ने दूसरे देशों की तुलना में अमेरिका के साथ ज्यादा फायदेमंद ट्रेड डील की है, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति है. आप अब दुनिया में जीडीपी के मामले में चौथे नंबर पर हैं, और प्रधानमंत्री मोदी ने यह साफ कर दिया है कि आपका लक्ष्य बहुत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी शक्ति बनना है. भारत एक बहुत बड़ा बाजार है; लगभग डेढ़ अरब लोग यहां रहते हैं, और इस वजह से भी यह एक बहुत ही उन्नत बाजार है. इतनी क्षमता वाले देश को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है.’ भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या कहा? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पोलैंड के डिप्टी विदेश मंत्री बोले, ‘ट्रेड डील न होने के बजाय ट्रेड डील होना बेहतर है, क्योंकि आम तौर पर टैरिफ खुशहाली की गारंटी नहीं हैं. अगर आप किसी चीज पर टैरिफ लगाते हैं, तो ये टैरिफ आमतौर पर, आखिर में, कंज्यूमर ही चुकाता है इसलिए मुझे लगता है कि टैरिफ जितने कम होंगे, उतना ही अच्छा होगा. यह अच्छी बात है कि भारत और अमेरिका एक ऐसे समझौते पर पहुंचे जिससे टैरिफ में भारी कटौती की गई.’

महिला की मर्जी के बिना मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकती अदालत, SC ने गर्भपात की मंजूरी दी

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में महिला के प्रजनन संबंधी अधिकारों और उसकी स्वायत्तता को सर्वोपरि माना है। कोर्ट ने शुक्रवार को एक 18 वर्षीय युवती को 30 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दे दी। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। साथ ही हाई कोर्ट ने सुझाव दिया था कि युवती को बच्चे को जन्म देना चाहिए और बाद में उसे गोद दे देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा- अदालत किसी भी महिला को उसकी गर्भावस्था पूरी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, यदि वह ऐसा नहीं करना चाहती है। पूरा मामला क्या है? युवती ने 17 साल की उम्र में गर्भधारण किया था, और अब वह 18 साल 4 महीने की है। यह गर्भ एक मित्र के साथ संबंध के कारण ठहरा था। कोर्ट ने माना कि इस गर्भावस्था को जारी रखना युवती के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद दर्दनाक होगा। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में कहा गया कि गर्भपात की प्रक्रिया से युवती की जान को कोई गंभीर खतरा नहीं है। कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां युवती के वकील ने तर्क दिया कि अवैध बच्चे को जन्म देने से जुड़े सामाजिक कलंक के कारण उसे गहरा मानसिक आघात पहुंचेगा। कोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि अपीलकर्ता के अधिकारों की रक्षा करना अनिवार्य है, भले ही निर्णय लेने में देरी हुई हो। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नागरत्ना ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया- हमें किसके हित को देखना चाहिए? एक अजन्मा बच्चा या वह मां जो उसे जन्म दे रही है? जस्टिस नागरत्ना ने चिंता जताई कि जब डॉक्टर कानूनी जटिलताओं के कारण मना कर देते हैं, तो महिलाएं मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाती हैं, जो उनके जीवन के लिए खतरनाक है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि यहां मुख्य मुद्दा यह है कि लड़की गर्भावस्था जारी नहीं रखना चाहती। अदालत ने कहा- यह प्रश्न नहीं है कि संबंध सहमति से था या नहीं। वास्तविकता यह है कि बच्चा अवैध है और मां बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती। मां की प्रजनन स्वायत्तता को महत्व दिया जाना चाहिए। कानून क्या कहता है? भारत में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) कानून के तहत 20 सप्ताह तक महिला स्वयं गर्भपात का निर्णय ले सकती है। 20 से 24 सप्ताह के बीच मेडिकल बोर्ड की राय जरूरी होती है। 24 सप्ताह के बाद गर्भपात की अनुमति केवल अदालत दे सकती है। अंततः सुप्रीम कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए 30 सप्ताह की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दे दी और याचिकाकर्ता से इसके लिए लिखित सहमति देने का निर्देश दिया।

राजस्थान में भी दोहराया राजा रघुवंशी हत्याकांड, प्रेमी और दोस्तों के साथ मिलकर नवविवाहिता ने की पति की हत्या

श्रीगंगा नगर. इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड को लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि राजस्थान के श्रीगंगानगर से ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। जहां एक महिला ने शादी के तीन महीने बाद ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रावला थाना पुलिस ने आशीष सांसी हत्या मामले में मृतक की पत्नी अंजू उर्फ अंजली, प्रेमी संजय उर्फ संजू सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार, मफलर और अन्य सामान की बरामदगी को लेकर पूछताछ में जुटी हुई है। सोनम की तरह अंजली ने रची साजिश सोनम की तरह ही श्रीगंगानगर में अंजली ने खौफनाक साजिश रची। सोनम शादी के 10 दिन बाद ही पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून पर गई थी, जहां पर उसने प्रेमी राज के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की थी। वैसे ही राजस्थान में अंजली ने शादी के तीन महीने बाद पति आशीष की हत्या की प्लानिंग बनाई। पति को विश्वास में लेकर वह शाम के समय घूमने के लिए गई। जहां पर अंजली ने अपने प्रेमी संजय के साथ मिलकर पति आशीष की हत्या कर दी। अंजली के चाचा बोले- भतीजी के मिले फांसी की सजा आशीष के परिजनों के साथ-साथ अंजली के चाचा ने सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। अंजली के चाचा रवि कुमार का कहना है कि हमारी औलाद की वजह से एक परिवार बिखर गया। हमें अंदाजा तक नहीं था कि अंजली ऐसा कदम उठाएगी। तीन महीने पहले ही उसकी आशीष से शादी हुई थी। भतीजी सहित हत्या के सभी आरोपियों को फांसी दी जाए। चाचा रवि ने कहा कि इस हत्याकांड के बाद से ही अंजली की मां व अन्य रिश्तेदार आशीष के घर पर ही हैं। अंजली के पिता की 12 साल पहले मौत हो गई थी। ऐसे में उसकी मां ने ही उसे पढ़ाया। अंजू घर पर रहकर ही एमकॉम की पढ़ाई कर रही थी। लेकिन, भतीजी की करतूत से पूरा परिवार शर्मिंदा है। ऐसे हुआ था चौंकाने वाला खुलासा पुलिस ने अंजली की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि प्रेमी संजय से उसकी लगातार बात हो रही थी। दोनों लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस ने संजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पूछताछ में सामने आया कि कुछ दिन पहले ही अंजली ने पीहर सादुलशहर में संजय के साथ मिलकर पति की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। योजना के तहत अंजली दोबारा ससुराल लौटी और रोज की तरह पति के साथ रात में घूमने जाने लगी। 30 जनवरी की रात अंजली ने आशीष को बहाने से सूनसान सड़क पर ले जाकर पहले से झाड़ियों में छिपे आरोपियों को इशारा किया। इसके बाद आरोपियों ने डंडों से सिर पर वार कर उसे बेहोश किया और मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी। थाने में दर्ज हुई थी ये रिपोर्ट 31 जनवरी को रावला थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक चक एक केएलएम निवासी बजीरचंद ने बताया था कि 30 जनवरी की रात उसका भतीजा आशीष अपनी पत्नी के साथ घूमने निकला। तभी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर घायल हो गया। जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। लेकिन, जब पुलिस ने जांच शुरू की तो मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और गला घोंटने के निशान मिलने पर स्पष्ट हुआ कि आशीष की हत्या हुई है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले स्विस संसद सदस्य

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में स्विट्जरलैंड की संसद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य  निक्लाउस सैमुअल गुगर ने सौजन्य भेंट की।  गुगर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से औद्योगिक विकास, ऊर्जा संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, प्रबंध संचालक एमपीआईडीसी  चंद्रमौली शुक्ला सहित औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्विस संसद के सदस्य  गुगर ने स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, प्रिसिशन मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा दक्षता के लिए डिजिटल समाधान के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक ऑटोमेशन और सतत् प्रौद्योगिकी में स्विस विशेषज्ञता का विशेष लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु शासन, औद्योगिक संक्रमण पर नीति आदान-प्रदान के लिए स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर स्विस संसद सदस्य  गुगर ने मध्यप्रदेश के जलवायु और स्थिरता पहलों में स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी और यहां के युवाओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) में तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग/समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी पर शोध के लिए स्विस विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त पहल की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं।  गुगर ने कहा कि स्विस नागरिकों के लिए मध्यप्रदेश को एक विरासत एवं इको टूरिज्म गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाए, इससे लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों की योजना बनाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने  गुगर के सुझावों की सराहना कर हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में हुई थी भेंट उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से गत माह दावोस में हुए वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में स्विस संसद सदस्य  गुगर ने सौजन्य भेंट की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से भारत से अपने संबंधों, नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग, पर्यावरण-संरक्षण और जनजातीय कल्याण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की थी। चर्चा के दौरान ग्रामीण ईको पर्यटन, मिलेट्स के प्रमोशन और मध्यप्रदेश-स्विट्जरलैंड के बीच भावी सहयोग की सभी संभावनाओं और अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस शिविर एवं परेड में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स और कैम्प में

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एनसीसी युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के संस्कार प्रदान करने वाला एक सशक्त माध्यम है। ‘मुख्यमंत्री बैनर’ जैसे कार्यक्रम युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में एनसीसी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ ‘मुख्यमंत्री बैनर’ कार्यक्रम को संबोधित किया। यह कार्यक्रम युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संगठनात्मक दक्षता तथा राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के लिए हम सबको सक्रिय भागीदारी करनी होगी। इस दिशा में युवाओं को विशेष रूप से आगे आना चाहिये। युवा साथी अपनी असीम ऊर्जा का पूरी जिम्मेदारी और समर्पण भाव से सदुपयोग कर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में भारतीय सेना पूरी शक्ति के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं। भारत ने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया। देश में वैश्विक स्तर पर शांति के लिए दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। जब-जब आतंकियों ने दुस्साहस किया, हमारे सैनिकों ने अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए पड़ौसी देश में छिपे आतंकवादियों को तीन-तीन बार घर में घुसकर सबक सिखाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेनाओं में भी नारी सशक्तिकरण पर बल दिया जा रहा है। वर्ष 2026 का गणतंत्र दिवस समारोह नारी सशक्तिकरण को समर्पित रहा। देश में पहली बार परेड समारोह में अर्ध सैनिक बल की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व महिला ऑफिसर कर रही थीं। प्रदेश की 23 बेटियों (एनसीसी कैडेट्स) को गणतंत्र दिवस परेड में मार्च करते हुए देखा तो सीना गर्व से फूल गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने सेनाओं और सशस्त्र बलों में महिलाओं को समान अवसर देने के लिए स्थाई कमीशन देने सहित अनेक कदम उठाए हैं। नौसेना की अग्निपथ योजना में बेटियों को आरक्षण मिल रहा है। सैनिक स्कूलों में भी बेटियों को दाखिला मिलने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में हुए गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) की बेस्ट एनसीसी कैडेट्स प्रतियोगिता में एक स्वर्ण एवं 2 रजत पदक जीतने पर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय को बधाई दी। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस शिविर में देशभर के 17 निदेशालयों के कैडेट्स शामिल हुए और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इसमें तीसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने एनसीसी गणतंत्र दिवस टुकड़ी को सम्मानित किया एवं इस उपलब्धि के लिए कैडेट्स, प्रशिक्षक एवं अधिकारियों की निष्ठा, दृढ़ता और सतत प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, जबलपुर को प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का बेस्ट इंटर ग्रुप मुख्यमंत्री बैनर प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित नेशनल कैडेट कोर के कैंप में मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कैडेट्स को मैडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) में प्रतिभागी कैडेट्स को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रूपए के चेक भी सौंपे। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने नारी शक्ति समूह गीत एवं एनएसएस की कैड्टेस ने एनएसएस गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पीएम मेडल विजेता सीनियर अंडर ऑफिसर श्री विशाल सिंह ने आरडीसी के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजिटर बुक में स्वयं एनसीसी के लिए शुभकामना संदेश लिखा और सभी पदक विजेताओं को बधाई देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की तरह वे भी अपने स्कूल-कॉलेज के समय एनसीसी और एनएसएस के वर्दीधारी रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी एनसीसी के दौर में सीखे अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा पर गर्व करते हैं। एनसीसी के कैडेट्स जब जैसी आवश्यकता हो, भारतीय लोकतंत्र की भावना और विरासत को हर कालखंड में सशक्त करने से कभी पीछे नहीं हटते हैं। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के 8 कैड्टेस शामिल हुए। प्रदेश में अभी 1 लाख 56 हजार एनएसएस कैडेट हैं, जिन्होंने 1200 से अधिक गांवों को गोद लिया है। राज्य सरकार ने एनएसएस कैडेट्स की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिससे प्रदेश के युवाओं में समानता, समाजसेवा और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भाव विकसित हो। अपर महानिदेशक एनसीसी, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय मेजर जनरल श्री जे.पी. सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमें एनसीसी की गतिविधियों एवं विस्तार को सुदृढ़ करने में राज्य सरकार के समस्त विभागों, विशेष रूप से उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग एवं राज्य वित्त विभाग से पूर्ण सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश के भोपाल, जबलपुर और सागर में एनससी के नए कैंप स्थापित करने के लिए भूमि का आवंटन हो चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कभी कुल 77 हजार कैडेट्स हैं, आगामी वर्षों में इनकी संख्या 1 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मेजर जनरल श्री सिंह ने बताया कि 17 लाख कैडेट्स के साथ एनसीसी दुनिया में अपना अलग स्थान रखती है। गणतंत्र दिवस परेड-2026 के समारोह में एनसीसी के कुल 2200 कैडेट्स शामिल हुए। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय में कुल 1 लाख 5 हजार कैडेट्स हैं, इनमें से 136 कैडेट ने गणतंत्र दिवस शिविर में सहभागिता की। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ निदेशालय ने 2024 में छठा, 2025 में चौथा और इस वर्ष 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया है। निदेशालय के 23 कैडेट्स ने कर्तव्य पथ पर परेड में मार्च पास्ट किया। एनसीसी निदेशालय, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में भोपाल, जबलपुर, सागर, इंदौर, ग्वालियर तथा रायपुर में स्थित कुल छह एनसीसी ग्रुप कार्यरत हैं। प्रत्येक ग्रुप में 10 से 15 बटालियन हैं। सभी बटालियन अपने-अपने ग्रुप का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे प्रशिक्षण वर्ष के दौरान विभिन्न गतिविधियों में प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिनमें सेवा विषय, फायरिंग, वार्षिक प्रशिक्षण शिविर, सामाजिक सेवा गतिविधियाँ, साहसिक गतिविधियाँ तथा ग्रुप गीत प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन के आधार पर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय जबलपुर ने प्रशिक्षण वर्ष 2025-26 के लिए चैंपियन ग्रुप के रूप में उभरकर सफलता प्राप्त की। कार्यक्रम के … Read more

राजस्थान के पंचायत चुनाव को लेकर आई बड़ी अपडेट, ‘दो संतान’ और ‘शैक्षिक अनिवार्यता’ होगी लागू?

जयपुर. राजस्थान में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के बीच पात्रता नियमों को लेकर काफी असमंजस बना हुआ था। खास तौर से चर्चा थी कि राज्य सरकार दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे सकती है और शैक्षणिक योग्यता को भी अनिवार्य बना सकती है। हालांकि, राज्य सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर साफ कर दिया है कि निकट भविष्य में पात्रता नियमों में किसी बड़े बदलाव की कोई योजना नहीं है। सरकार के पास फिलहाल नियमों में संशोधन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जिसका मतलब साफ़ है कि अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे लोग भी पूर्व की भांति चुनाव लड़ सकेंगे। रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने स्पष्ट किया कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 21 के तहत पार्षदों या निकाय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए किसी भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान नहीं है। दो संतान नीति : ‘प्रक्रिया में है, पर लागू नहीं’ दो संतान नीति को हटाने पर विचार-विमर्श लंबे समय से चल रहा है। यह मामला अभी प्रक्रिया (Under Process) में है। कैबिनेट ने अभी तक इस संबंध में कोई बिल पास नहीं किया है और न ही कोई नया नियम लागू हुआ है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से चर्चा थी कि सरकार 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर चुनाव लड़ने की पाबंदी को हटा सकती है।  पक्ष और विपक्ष में छिड़ी नई बहस सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विरोध में स्वर: पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत ने सरकार के इस रुख की आलोचना की है। उनका कहना है कि 21वीं सदी में सरकार को पीछे की ओर नहीं मुड़ना चाहिए। कम संतान वाले जनप्रतिनिधि समाज के लिए उदाहरण होते हैं। साथ ही, उन्होंने निकायों के संचालन के लिए शैक्षणिक योग्यता न होने को भी गलत बताया। समर्थन में तर्क: पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल ने इस रुख का स्वागत करते हुए कहा कि शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य न होने से अधिक लोगों को लोकतंत्र में भागीदारी मिलेगी। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ दो से अधिक बच्चे होना सामान्य बात थी, वहाँ नियमों में ढील मिलने से कई योग्य उम्मीदवार चुनाव लड़ पाएंगे। भविष्य की संभावनाएं और कानूनी पेच हालांकि सरकार ने अभी संशोधनों को लागू करने से इनकार किया है, लेकिन स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के पूर्व के बयानों से संकेत मिलते हैं कि धारा 24 में संशोधन का प्रस्ताव विधि विभाग के पास भेजा गया है। यदि भविष्य में इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलती है, तो इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जा सकता है। लेकिन वर्तमान स्थिति यही है कि आगामी चुनावों में पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। उम्मीदवारों के लिए क्या है संदेश? निकाय चुनावों की तैयारी कर रहे दावेदारों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। फिलहाल वे लोग जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। वहीं, वे उम्मीदवार जो इस उम्मीद में थे कि शैक्षणिक योग्यता लागू होने से उनके प्रतिद्वंद्वी बाहर हो जाएंगे, उन्हें भी अब चुनावी मैदान में सीधी टक्कर के लिए तैयार रहना होगा। पिछले कुछ समय से 2 बच्चों की नीति को हटाने पर चर्चा चल रही है। फिलहाल यह अपेक्षित है और प्रक्रियाधीन है-रवि जैन, सचिव, डीएलबी

उज्जैन का ईको टूरिज्म पार्क वन्य जीव केन्द्र का ही होगा हिस्सा

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है‍ कि मध्यप्रदेश में पर्यटन विशेषकर वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर निर्मित किए जा रहे हैं। दोनों ही शहरों में इन सेंटर्स के निर्माण के लिए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर दिए गए हैं। बहुत जल्द प्रदेश में 2 नए वन्य जीव केन्द्र बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र सह रेस्क्यू सेंटर के निर्माण के संबंध में नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वन्य जीव केन्द्र के लिए निुयक्त कंसल्टेंट फर्म से कहा कि वे उज्जैन में वनतारा की तर्ज पर इस तरह का जंगल चिड़ियाघर सफारी (वाईल्ड लाईफ सेंटर कम इंडियन जू कम रेस्क्यू सेंटर) तैयार करें, जो यहां आने वाले विजिटर्स को पूरी दुनिया के अलग-अलग जंगलों का एक ही जगह पर फुल एक्सपीरियंस दे। उन्होंने कहा कि इस वाईल्ड लाईफ सेंटर को करीब 500 हैक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया जाए। उज्जैन में 50 हैक्टेयर रकबे में पहले से तैयार ईको टूरिज्म पार्क भी इसी वन्य जीव केन्द्र में शामिल कर लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंसल्टेंट से कहा कि यह एक अनोखा वन्य जीव केन्द्र होना चाहिए, जिसमें वन और वन्य प्राणियों की विविधता दूसरे वन्य जीव केन्द्रों से भिन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 में इस वन्य जीव केन्द्र के फेज-1 का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाए और जितनी जल्दी हो सके, वन्य जीव केन्द्र तैयार हो जाए, जिससे उज्जैन को एक बेहतरीन फॉरेस्ट टूरिज्म स्पॉट (सफारी एक्सपीरियंस के साथ) के रूप में ख्याति मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में देशी और विदेशी सभी प्रजाति के वन्य प्राणी हों। यह केन्द्र इस तरह तैयार किया जाए कि इसमें दिन और रात दोनों वक्त विजिटर्स इसका आनंद ले सकें। बैठक में उज्जैन में इस केन्द्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति व्यक्त कर निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं और सेंटर के डिजाइन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव केन्द्र को टूरिज्म डिपार्टमेंट के साथ मिलकर एक भव्य केन्द्र के रूप में तैयार किया जाए। बैठक में वन्य जीव केन्द्र निर्माण के लिए नियुक्त की गई कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों ने पॉवर पाईंट प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि करीब 500 हैक्टेयर रकबे में विजिटर्स को देश-दुनिया के 11 जंगलों का अनुभव कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में सेंटर फॉरमेशन का पहला चरण प्रारंभ करेंगे। वर्ष 2027 के अंत तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वन्य जीव केन्द्र का निर्माण कुल 6 चरणों में किया जाएगा। वन्य जीव केन्द्र में दिखाई नहीं देने वाली बाड़ का खुला जंगल होगा, जिसमें विजिटर्स पैदल, बग्घी, सफारी और सेवा वाहन का उपयोग कर सेंटर का विजिट कर सकेंगे। उन्होंने बताया‍ कि इस केन्द्र में 300 से अधिक देशी-विदेशी प्रजाति के जंगली जानवर होंगे। देशी और विदेशी जानवरों का अनुपात क्रमश: 75 एवं 25 प्रतिशत होगा। केन्द्र में एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया‍ कि विश्व में पहली बार विजिटर्स को असली जंगल चिड़ियाघर सफारी का अनुभव उज्जैन के वन्य जीव केन्द्र में कराया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ  शुभरंजन सेन, सीसीएफ  कृष्णमूर्ति सहित गुजरात के वनतारा जू से आए अधिकारी और कंसल्टेंट फर्म के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। 

बिजली कंपनी के वॉट्सएप चैटबॉट से बिल डाउनलोड और बिल भुगतान की सुविधा

भोपाल.  उपभोक्ता सुविधा का लाभ उठाएं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि वॉट्सएप चैटबॉट से बिल डाउनलोड एवं बिल भुगतान सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके लिए उपभोक्ता को कहीं भी जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे अपने मोबाइल के माध्यम से बिजली बिल डाउनलोड एवं भुगतान सहित अन्य 10 सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि चैटबॉट नंबर 0755 2551222 पर ‘Hi‘ (हाय) लिखते हैं तो तुरंत आपके सामने क्रमशः 10 अलग-अलग सुविधाओं की सूची आ जाएगी। यदि आपको अपने घर का बिजली बिल भरना है तो इसमें 2 नंबर पर ‘फॉर बिल’ का ऑप्शन दिखता है। मैसेज बॉक्स में जैसे ही आप 2 लिखते ही आपको 1 नंबर ‘फॉर व्यू एंड पे एलटी बिल’ का ऑप्शन सहित तीन अन्य ऑप्शन भी दिखेंगें। जब आप अपने बिल के लिए 1 नंबर लिखेंगे तो दो ऑप्शन आएंगे। इसमें 1 नंबर पर ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ और 2 नंबर पर ‘फॉर इंटर कस्टूमर आईडी। इसमें आप अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के लिए जैसे ही ‘टू यूज मोबाइल नंबर’ के लिए 1 नंबर लिखेंगे तो आपके कनेक्शन नंबर दिखेंगे। इसमें जिस नंबर का बिल आपको चाहिए वह नंबर जैसे ही लिखेंगे तो तुरंत आपके मोबाइल पर बिल की राशि सहित पीडीएफ आ जाएगी। इसी में ‘व्यू एंड पे’ तथा ‘पे नाऊ’ का ऑप्शन दिखेगा। यदि आप पहले बिल देखना चाहते हैं तो ‘व्यू एंड पे’ को टच करेंगे। यदि आपको राशि देखकर उसे जमा करना है तो ‘पे नाऊ’ को टच करना होगा। जैसे ही आप ‘पे नाऊ’ को टच करेंगे तो आपसे भुगतान के विकल्प पूछे जाएंगे। इसमें आपको पे ऑन वाट्सएप, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम सहित अन्य यूपीआई एप्स के ऑप्शन दिखेंगे। यहां पर जिस विकल्प से आपको पेमेंट करना है, उसे चयन कर ‘कांटीन्यू’ कर देंगे तो आपके वैलेट से पैमेंट की प्रक्रिया पूरी होगी और तत्पश्चात मोबाइल पर ही रसीद प्राप्त हो जाएगी। इस रसीद को आपके मोबाइल में सेव करने का ऑप्शन भी रहेगा। इसके अलावा आप चाहें तो उसका स्क्रीनशॉट भी ले सकते हैं। इस तरह से उपभोक्ता घर बैठे अपने मोबाइल से बिजली कंपनी की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। वॉट्सएप व चैटबॉट पर जिन 10 सुविधाओं का ऑप्शन उपलब्ध है उसमें फॉर कंप्लेंट, फॉर बिल (एलटी/एचटी), फॉर व्यू अदर एप्लीकेशंस, फॉर लिंक युअर मोबाइल टू कनेक्शन नंबर, फॉर सैल्फ रीडिंग, टू एप्लाई फॉर न्यू सर्विस कनेक्शन/नेट मीटरिंग, टू एप्लाई फॉर चैंज इन एक्जिस्टिंग कनेक्शन, टू एप्लाई फॉर फिजिकल बिल, फॉर सोलर रूफटॉप (नेट मीटरिंग) और एड ऑर रिमूव मोबाइल नंबर शामिल हैं। 

अंडर-19 विश्वकप फाइनल: भारत की बादशाहत बरकरार, छठा खिताब अपने नाम

हरारे . भारतीय अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और छठी बार विश्व कप का खिताब जीत लिया। भारत पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रहा और ग्रुप चरण से लेकर फाइनल मुकाबले तक कोई टीम आयुष म्हात्रे की अगुआई वाली टीम को हरा नहीं सकी। भारत के लिए वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अभिज्ञान कुंडू ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड को 100 रन से रौंदा भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 100 रनों से हराया। भारत ने इंग्लैंड के सामने 412 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन रन पर सिमट गई। टीम इंडिया के लिए वैभव सूर्यवंशी फाइनल के सुपरस्टार रहे। उन्होंने 80 गेंद में 175 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। वहीं, इंग्लैंड की ओर से कैलब फाल्कनर ने शतक जड़ा, लेकिन टीम को नहीं जिता पाए। फाल्कनर ने 67 गेंद पर 115 रन की पारी खेली।  टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रही। भारत ने पहले मैच में अमेरिका को छह विकेट से हराया। इसके बाद बांग्लादेश को 18 रन से मात देकर सुपर सिक्स चरण में प्रवेश किया। ग्रुप चरण के आखिरी मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को डीएलएस प्रणाली से सात विकेट से हराया। ग्रुप चरण में दमदार प्रदर्शन के बाद भारत ने सुपर सिक्स चरण में जिम्बाब्वे को 204 रनों के बड़े अंतर से हराया। फिर चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 58 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और पाकिस्तान को बाहर का रास्ता दिखाया। भारत ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब इंग्लैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। सर्वाधिक बार खिताबी मुकाबले खेलने का है रिकॉर्ड  इसमें कोई शक नहीं है कि भारत का अंडर-19 विश्व कप में हमेशा ही दबदबा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि भारत अंडर-19 विश्व कप के 16 सत्र में से 10 बार खिताबी मुकाबले में पहुंच चुका है जो सर्वाधिक है। भारत ने लगातार छठी बार खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। टीम ने 2016, 2018, 2020, 2022, 2024 और 2026 में खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। यह आंकड़ा ये बताने के लिए अपने आप में काफी है कि भारतीय टीम का अंडर-19 में कोई सानी नहीं है। यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया टीम भी भारत से काफी पीछे है। ऑस्ट्रेलिया ने छह बार अंडर-19 टीम के फाइनल में जगह बनाई है और चार बार खिताब जीता है। अंडर-19 विश्व कप का किया था सबसे बड़ा रन चेज भारत के नाम अंडर-19 विश्व कप में सबसे बड़ा रन चेज का रिकॉर्ड भी है। टीम ने यह उपलब्धि अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में हासिल की थी। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 310 रन बनाए। जवाब में भारत के लिए आरोन जॉर्ज ने शतक लगाया, जबकि वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने अर्धशतक लगाए जिससे टीम ने 41.1 ओवर में तीन विकेट पर 311 रन बनाकर मैच अपने नाम किया था। भारत ने इस तरह अंडर-19 विश्व कप का सबसे बड़ा रन चेज बनाया था। इससे पहले ये रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम था जिन्होंने 2006 में आयरलैंड के खिलाफ 305 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। भारत ने इस तरह 20 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था।    

दिल्ली में डबल डेकर बसों की वापसी, 37 साल बाद शुरू होंगे नए रूट और किराया

  नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर इतिहास अंगड़ाई लेने जा रहा है. करीब तीन दशक पहले दिल्ली की पहचान रही दो-मंजिला यानी डबल डेकर बसें एक बार फिर अपनी रफ्तार भरने के लिए तैयार हैं. 1989 के बाद ओझल हुई ये बसें अब बिल्कुल नए रंग-रूप और आधुनिक सुविधाओं के साथ वापसी कर रही हैं. दिल्ली सरकार ने पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए इस प्रतिष्ठित बस सेवा को फिर से जीवित करने का फैसला किया है.  37 साल बाद पुरानी यादों के साथ नई शुरुआत दिल्ली के परिवहन इतिहास में डबल डेकर बसों का एक सुनहरा दौर रहा है. 1989 से पहले ये बसें दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े का अहम हिस्सा हुआ करती थीं, लेकिन तकनीकी कारणों और पुराने बेड़े की वजह से इनका संचालन बंद कर दिया गया था. अब लगभग 37 साल बाद, ये प्रतिष्ठित बसें एक बार फिर दिल्ली की शान बढ़ाने आ रही हैं. इस नई शुरुआत के साथ पुरानी यादें तो ताजा होंगी ही, साथ ही दिल्ली दर्शन का अनुभव भी और रोमांचक हो जाएगा. फरवरी से शुरू होगी खास पर्यटन बस सेवा सैलानियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई यह बस सेवा फरवरी के तीसरे हफ्ते यानी करीब 20 फरवरी से सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है. यह बस सेवा न केवल पुराने ऐतिहासिक स्मारकों को कवर करेगी, बल्कि भारत मंडपम, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे नए टूरिस्ट स्पॉट्स को भी जोड़ेगी. इतना ही नहीं, जो लोग दिन की भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं, उनके लिए शाम के समय भी स्पेशल टूर चलाने की योजना है ताकि लोग ढलती शाम में दिल्ली की खूबसूरती निहार सकें. इन बसों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हैं. इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यात्रियों को शोर-शराबे से मुक्त एक आरामदायक सफर भी मिलेगा. यही नहीं, बस के भीतर एक गाइड भी मौजूद रहेगा जो यात्रियों को लाल किला, कुतुब मीनार और जामा मस्जिद जैसी जगहों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देगा. बस में एक साथ 63 यात्री बैठकर सफर का आनंद ले सकेंगे. बच्चों के लिए किराए में विशेष छूट सफर के किराये को बेहद संतुलित रखा गया है ताकि हर कोई इस शाही सवारी का लुत्फ उठा सके. बड़ों के लिए इसका टिकट 500 रुपये तय किया गया है, इसके अलावा 6 से 12 साल तक के बच्चों के लिए 300 रुपये का किराया निर्धारित है. डबल डेकर बसों को प्रमुख पर्यटन स्थलों की आकर्षक तस्वीरों से सजाया गया है, जो इन्हें देखने में और भी भव्य बनाता है. यह सेवा उन पर्यटकों के लिए वरदान साबित होगी जो कम समय में दिल्ली के प्रमुख केंद्रों को सुविधा के साथ घूमना चाहते हैं.  

कांग्रेस ने तय किया, बंगाल में ममता के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ेगी, लेकिन एजेंडा क्या रहेगा?

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव अप्रैल-मई में होने वाले हैं. लेकिन, अभी से ही संकेत मिलने लगे हैं कि बंगाल की लड़ाई भी लगभग दिल्ली और बिहार जैसी ही हो सकती है – बंगाल में भी कांग्रेस करीब करीब उसी भूमिका में नजर आ सकती है, जैसा कांग्रेस का रवैया दिल्ली और बिहार में देखा जा चुका है. पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ अपनी मुहिम को धार देने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली में हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिल चुकी हैं, और सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने अपने केस की पैरवी भी कर चुकी हैं. साथ ही, ममता बनर्जी चाहती हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस संसद में महाभियोग का प्रस्ताव लाए, और तृणमूल कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल उसको सपोर्ट करें – लेकिन, सपोर्ट के बदले में वो कुछ भी शेयर नहीं करना चाहती हैं.  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो पहले से ही तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर रखा है. अब तो कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल की सभी 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है – ऐसी सूरत में बंगाल के चुनाव नतीजे दिल्ली और बिहार से कितने अलग होंगे, देखना महत्वपूर्ण होगा. पश्चिम बंगाल की संभावित चुनावी जंग ये तो अब पूरी तरह साफ हो गया है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को चुनावी लड़ाई सिर्फ बीजेपी के खिलाफ नहीं लड़ना है. 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुत ज्यादा सीटें तो नहीं जीत पाई थी, लेकिन मुख्य विपक्षी दल तो बन ही गई. कांग्रेस का तो खाता भी नहीं खुल पाया था.  मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के मुद्दे पर विपक्ष का साथ चाह रहीं ममता बनर्जी से दिल्ली में जब कांग्रेस के बारे पूछा गया तो उनका जवाब था कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के चुनावी गठबंधन की संभावना को नकारते हुए ममता बनर्जी पहले भी कह चुकी हैं, तृणमूल कांग्रेस की रणनीति साफ है, जबकि बाकी पार्टियां टीएमसी के खिलाफ लड़ने की रणनीति बनाती हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अब कांग्रेस का रुख भी सामने आ गया है. कांग्रेस का कहना है, प्रदेश संगठन और कार्यकर्ताओं की लंबे समय से मांग रही है कि पार्टी राज्य में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ चुनावी मैदान में उतरे. पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने आलाकमान के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल कांग्रेस की भावनाओं का सम्मान किया और अकेले चुनाव लड़ने के फैसले को मंजूरी दी. बंगाल कांग्रेस की तरफ से एक बयान में कहा गया है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी, सांसद ईशा खान चौधरी सहित सूबे के सीनियर नेताओं की मौजूदगी में व्यापक विमर्श हुआ – और तय हुआ कि पार्टी 2026 का विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी. बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी की लड़ाई में कांग्रेस की ही तरह एक और मोर्चा खड़ा हो रहा है. सीपीएम की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने हाल ही में टीएमसी से सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर से मुलाकात की थी. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनवाने की घोषणा करके चर्चा में आए हुमायूं कबीर ने जनता उन्नयन पार्टी बनाई है, और ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करने का दावा कर रहे हैं.  बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका 2025 के शुरू में दिल्ली विधानसभा चुनाव और आखिर में बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. पश्चिम बंगाल के 2021 के चुनाव में तो राहुल गांधी की भूमिका रस्मअदायगी जैसी थी. राहुल गांधी एक दिन के लिए पश्चिम बंगाल में कैंपेन करने गए थे, और कोविड के कारण आगे के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए थे.  2025 के पश्चिम बंगाल चुनाव में कांग्रेस की भूमिका का अंदाजा कैसे लगाया जाए? क्या राहुल गांधी दिल्ली और बिहार की तरह बंगाल में भी कांग्रेस को चुनाव लड़ाने वाले हैं या 2021 की ही तरह रस्मअदायगी निभाने की तैयारी है?  दिल्ली में हुई कांग्रेस की मीटिंग में ममता बनर्जी के सबसे बड़े विरोधी अधीर रंजन चौधरी भी शामिल थे, जो 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद से हाशिये पर भेजे जा चुके हैं. और, ये भी ममता बनर्जी के फेवर में ही जाता है. 2024 के चुनाव से पहले ही ममता बनर्जी ने घोषणा कर डाली थी कि वो अकेले चुनाव लड़ेंगी. पहले तो सुनने में आया था कि वो कांग्रेस को दो सीटें गठबंधन के तहत देने के तैयार भी थीं, लेकिन बाद में मना कर दिया. और, भारत जोड़ो न्याय यात्रा के साथ राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल में प्रवेश की पूर्व संध्या पर ही ‘एकला चलो रे’ घोषणा कर दी थी. फिर कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से ममता बनर्जी के प्रति बयानों में सम्मान के भाव ही प्रकट किए जा रहे थे.  दिल्ली और बिहार चुनावों में राहुल गांधी के तेवर को देखें तो अंदाज बिल्कुल अलग था. दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के खिलाफ राहुल गांधी उतने ही आक्रामक नजर आते थे, जितना बीजेपी के नेता. शीशमहल से लेकर दिल्ली शराब घोटाले तक, राहुल गांधी ने एक एक मामला गिनाकर अरविंद केजरीवाल को कठघरे में खड़ा कर दिया था.  ये भी था कि अरविंद केजरीवाल का भी कांग्रेस के प्रति ममता बनर्जी जैसा ही रवैया था. ममता बनर्जी ने तो विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में रहते हुए भी अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था. मतलब, कांग्रेस के खिलाफ. जैसे समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने चुनाव कैंपेन भी किया था.  बिहार चुनाव राहुल गांधी दिल्ली की तरह तो नहीं लड़ रहे थे, लेकिन कोई कमी भी नहीं छोड़ी थी. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा करते हुए उनको मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बताया. तेजस्वी यादव के बड़े भाई और प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बता देने के बाद भी. बाद में जो हुआ, न होता तो भी नतीजे शायद ही अलग होते.  तृणमूल कांग्रेस के लिए बंगाल … Read more

नीमच की ‘बहादुर मां’ कंचन बाई ने 20 बच्चों को बचाने के लिए झेले मधुमक्खियों के डंक, सरकार उठाएगी बच्चों की पढ़ाई का खर्च

 नीमच मध्य प्रदेश सरकार ने  नीमच जिले में मधुमक्खियों के हमले में 20 बच्चों को बचाते हुए जान गंवाने वाली 45 साल की महिला के परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है.  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “नीमच जिले के रानपुर गांव में मधुमक्खियों के डंक से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल की असमय मौत बहुत दुखद और दिल दहला देने वाली है. राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के साथ है. मानवीय आधार पर, मैंने उनके परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है. राज्य सरकार उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी.” महिला के बेटे रवि मेघवाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि कंचन बाई एक सेल्फ-हेल्प ग्रुप की अध्यक्ष थीं, जो जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर रानपुर गांव में एक ही बिल्डिंग में स्थित आंगनवाड़ी और प्राइमरी स्कूल के बच्चों को खाना खिलाती थीं. घटना की जानकारी देते हुए मेघवाल ने कहा, “2 फरवरी को मधुमक्खियों के झुंड ने कुछ बच्चों पर हमला कर दिया, जब वे बिल्डिंग के बाहर हैंडपंप पर पानी पी रहे थे. बच्चे बिल्डिंग के अंदर भाग गए, लेकिन मधुमक्खियों का हमला जारी रहा. मेरी मां अंदर भागीं और एक टीचर की मदद से बच्चों को बचाया.” मेघवाल ने आगे बताया कि हमले के समय बिल्डिंग के अंदर करीब 20 बच्चे थे. उन्होंने कहा, “उन्हें बचाते समय मेरी मां को कई मधुमक्खियों ने काट लिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं और उनके मुंह से झाग निकलने लगा. उन्हें पास के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.” मुख्यमंत्री की ओर से दिए जा रहे 4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा के बारे में बात करते हुए मेघवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी मां को उनकी बहादुरी के लिए पूरा सम्मान और श्रेय मिले. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मधुमक्खियों के हमले से जुड़े हालात की जांच की जा रही है और जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे.

जनजातीय संस्कृति को नई पहचान: बस्तर में ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ की सौगात

रायपुर. उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया लोकार्पण शहर की आपाधापी, धूल और शोर-शराबे से दूर, बस्तरवासियों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने के लिए शुक्रवार को एक भव्य और अनमोल ठिकाना मिल गया। बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, परंपरा और नैसर्गिक सौंदर्य को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से कुम्हड़ाकोट में निर्मित ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ का लोकार्पण छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप और विधायक  किरण सिंह देव ने किया। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह वाटिका अब जनता के लिए समर्पित कर दी गई है, जो न केवल पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है। शुक्रवार शाम आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  किरण देव के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष  निवास मद्दी, सीसीएफ  आलोक तिवारी, स्टायलो मंडावी, संचालक कांगेर वैली सहित अन्य प्रमुख स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। लोकार्पण के पश्चात उपमुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने वाटिका का अवलोकन किया। वन मंडलाधिकारी  उत्तम कुमार गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अतिथियों को अवगत कराया कि करीब 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में एक हेल्थ पार्क के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसे बाद में एक भव्य वाटिका का रूप दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने यहाँ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए बनाए गए 1700 मीटर लंबे वॉकिंग ट्रेल, योगा शेड, योगा ज़ोन और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने वॉकिंग ट्रेल के बीच-बीच में बनाए गए ‘गपशप ज़ोन’ और पारिवारिक आयोजनों के लिए निर्मित पाँच सुंदर पगोड़ा को भी देखा, जो अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। वाटिका भ्रमण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने यहाँ की ‘इको-फ्रेंडली’ नीति और ‘प्लास्टिक फ्री ज़ोन’ के नियम को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वाटिका के बीच में निर्मित तालाब और आइलैंड ने सभी का मन मोह लिया। आगंतुकों की सुविधाओं के लिए प्रवेश द्वार पर भव्य पार्किंग और प्रसाधन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू हो गई है। वन विभाग द्वारा भविष्य में यहाँ ट्री-हाउस बनाने और एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने की योजना की जानकारी भी दी गई। उपमुख्यमंत्री  शर्मा द्वारा किए गए इस लोकार्पण के साथ ही अब ‘जनजातीय गौरव वाटिका’ बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थल के रूप में अंकित हो गई है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा तथा वन मंत्री  केदार कश्यप द्वारा विभिन्न स्व-सहायता समूहों और हितग्राहियों को कुल 1 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की राशि के चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से शासन ने वनांचल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और वन आश्रित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने ‘वृत्त स्तरीय चक्रीय निधि’ के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 करोड़ 20 लाख 13 हजार रुपये का ऋण वितरित किया। इसमें सबसे बड़ी राशि बकावण्ड के ‘मां धारणी करणी स्व-सहायता समूह’ को प्रदान की गई, जिन्हें काजू प्रसंस्करण और विपणन जैसे बड़े कार्यों के लिए 50 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। इसी कड़ी में, आसना के ‘गोधन स्व-सहायता समूह’ को गाय पालन के लिए 34 लाख रुपये की राशि दी गई। इसके अतिरिक्त,  शर्मा ने घोटिया और भानपुरी के समूहों को इमली संग्रहण व प्रसंस्करण के लिए क्रमशः 13.13 लाख और 13 लाख रुपये तथा कोलेंग की समिति को दोना-पत्तल निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि वितरित कर स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित किया।   कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को संबल भी प्रदान किया। उन्होंने ‘राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना’ के तहत कुरंदी निवासी कमलोचन नाग को 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा। यह सहायता राशि उनकी पत्नी स्वर्गीय भारती नाग के आकस्मिक निधन के पश्चात स्वीकृत की गई थी। उप मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह वितरण न केवल लाभार्थियों के लिए आर्थिक मदद है, बल्कि बस्तर के सुदूर वनांचलों में रोजगार और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इस दौरान उपस्थित महिला समूहों के सदस्यों से इमली, काजू के प्रोसेसिंग की गतिविधियों का संज्ञान लेकर बाजार की उपलब्धता एवं मार्केटिंग की व्यवस्था के संबंध चर्चा किए ।

PSTST-2025: RCI विशेष शिक्षा कॉलम में सुधार के लिए पोर्टल फिर से सक्रिय

PSTST-2025: RCI विशेष शिक्षा कॉलम में सुधार के लिए पोर्टल फिर खुला भोपाल मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा–2025 के आवेदन पत्र में कॉलम 7.7 (RCI विशेष शिक्षा संबंधी) को लेकर अभ्यर्थियों को सुधार का एक और मौका दिया गया है। पहले यह सुविधा 26 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक दी गई थी। अब लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश पर यह पोर्टल दोबारा 04 फरवरी 2026 से 11 फरवरी 2026 तक एमपी ऑनलाइन के माध्यम से खोला गया है। जिन अभ्यर्थियों के पास D.El.Ed Special Education (RCI) की योग्यता है, वे कॉलम 7.7 में “हाँ” का चयन करें। बाकी सभी अभ्यर्थी इसमें “नहीं” का चयन करें। मंडल ने बताया कि तय तारीख के भीतर किए गए सुधार ही मान्य होंगे और उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया होगी।  

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में “शोध शिखर 2026” का भव्य शुभारंभ

भोपाल।  नवाचार, अनुसंधान और समाजोन्मुख विकास पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय संवाद रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “शोध शिखर 2026” का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। यह सम्मेलन नवाचार, हरित प्रौद्योगिकी, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और समाजोन्मुख अनुसंधान की दिशा में वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। बतौर मुख्य अतिथि डॉ. अपर्णा एन., ग्रुप डायरेक्टर, एनआरएससी, इसरो, हैदराबाद ने रिमोट सेंसिंग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक शोध में भू-स्थानिक तकनीक अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। कृषि, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और संसाधन प्रबंधन में रिमोट सेंसिंग का योगदान समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने शोधार्थियों और पेपर प्रेजेंटर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शोध का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए  संतोष चौबे, कुलाधिपति, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आईसेक्ट समूह की प्रेरणादायी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस संस्था की शुरुआत एक पुस्तक “कंप्यूटर एक परिचय” से हुई थी, जिसकी अब तक लगभग दो मिलियन प्रतियां प्रकाशित और वितरित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक आंदोलन था। हाल ही में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर प्रकाशित पुस्तक भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जो भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं को रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार आज जिन पहलों—डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया—को आगे बढ़ा रही है, उन दिशाओं में आईसेक्ट समूह लंबे समय से कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों की भूमिका को नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का प्रमुख माध्यम बताते हुए शोध को व्यवहारिक और समाजोपयोगी बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट वक्ताओं में  माइकल श्क्लोव्स्की, वेंचर फाउंडर, बेयर क्रॉप साइंस ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से भारत में रह रहे हैं और यहां की संस्कृति, अनुशासन और कार्यशैली से अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि वे किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और किसानों के बीच तकनीकी हस्तांतरण पर कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक शोध और तकनीक का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा, तब तक उसका वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हमें व्यवहारिक और प्रैक्टिकल सोच विकसित करनी होगी, तभी हम लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकेंगे। डॉ. विनोद शिवरैन, सिन्जेंटा इंडिया ने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का उद्देश्य किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने ‘विजन 2047’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर नवाचारों को अपनाना होगा। केवल कृषि ही नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों में विश्व की चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में कार्य करना होगा। विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है। डॉ रजत संधीर, प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, ने अपने संबोधन में कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय किसानों, सरकार और उद्योग के साथ मिलकर कार्य कर रहा है, जो अनुसंधान को जमीन से जोड़ने का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है और लाखों युवाओं ने नवाचार के माध्यम से नए आयाम स्थापित किए हैं। विचारों को वास्तविकता में बदलने की क्षमता ही आज के भारत की सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम के प्रारंभ में रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो रवि प्रकाश दुबे ने स्वागत वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि “शोध शिखर” जैसे कार्यक्रमों से ऐसे विचार सामने आते हैं जो समाज और राष्ट्र के विकास में उपयोगी सिद्ध होते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां 10 संकायों में विविध पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं तथा 18 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से शोध और नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। डॉ अरुण जोशी, कुलगुरु, डॉ सी वी रामन यूनिवर्सिटी खण्डवा ने कहा कि यदि कोई अच्छा और नवाचारी शोधकर्ता बनना चाहता है, तो उसे ‘रिफ्लेक्शन’ शब्द को समझना और अपनाना होगा। जब तक आत्म-मंथन और चिंतन नहीं होगा, तब तक सच्चा शोध संभव नहीं है। उन्होंने शोध आधारित प्रशिक्षण और इनसाइटफुल एनालिसिस पर बल देते हुए कहा कि यही प्रक्रिया हमें क्रिटिकल थिंकिंग की ओर ले जाती है। डॉ. विजय सिंह, कुलगुरु, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी ने कहा कि आज कौशल आधारित शिक्षा और शोध की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि उद्योगों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय स्किल और रिसर्च दोनों क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। रक्षा, कृषि और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र प्रस्तुत होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष कार्य हो रहा है, जो भविष्य की शिक्षा और उद्योग दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। कार्यक्रम की प्रस्तावना और भूमिका रखते हुए सम्मेलन की संयोजक डॉ. रचना चतुर्वेदी ने “शोध शिखर” की अवधारणा, उद्देश्य और इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मंच केवल शोध प्रस्तुत करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह नवाचारों को समाज के वास्तविक मुद्दों से जोड़ने का प्रयास है, जिससे अकादमिक ज्ञान और सामाजिक आवश्यकताओं के बीच सेतु स्थापित किया जा सके। उद्घाटन समारोह के पश्चात पैनल डिस्कशन में डॉ. अपर्णा एन. ने सेटेलाइटों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसरो 32 मंत्रालयों के साथ काम कर रहा है, उन्होंने आगे कहा कि एनआरएससी और आरएनटीयू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ रिमोट सेंसिंग, डाटा एनालिसिस, जियो स्पेशियल जैसे विषयों पर ट्रेनिंग दे सकता है। वहीं डॉ मनीष मोहन गोरे, सीनियर साइंटिस्ट एंड एडिटर विज्ञान प्रगति एनआईएसपीआर नई दिल्ली ने एनआईएसपीआर की यात्रा को बताते हुए कहा कि एनआईएसपीआर और आरएनटीयू साथ मिलकर विज्ञान संचार के लिए काम कर सकते हैं जिसमें संयुक्त पब्लिकेशन और भारतीय भाषाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर सकते हैं। डॉ रजत संधीर, प्रोफेसर पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ ने विद्यार्थियों को माइंडसेट चेंज करने की बात कही। उन्होंने बताया कि आरएनटीयू कृषि में एआई के उपयोग पर साथ में कार्य कर सकता है। डॉ. विनोद शिवरैन, सिन्जेंटा इंडिया और  माइकल श्क्लोव्स्की, वेंचर … Read more

क्या आपने सोचा है—कीबोर्ड के बटन सीधे ABCDE में क्यों नहीं लगे होते?

नई दिल्ली क्या आपको पता है कि कीबोर्ड पर अक्षर एक पंक्ति में क्यों नहीं होते? ज्यादातर लोग कहेंगे कि ऐसा टाइपिंग की स्पीड बढ़ाने के लिए होता है। जबकि असर वजह इससे ठीक उलट है। कीबोर्ड पर अक्षर ABCDE की तरह एक पंक्ति में इसलिए नहीं होते ताकि टाइपिंग की स्पीड को कम किया जा सके। टाइपराइटर की समस्या 1870 के दशक में पहले टाइपराइटर के बटन ABCDE के क्रम में ही थे। उस समय मशीनें मकैनिकल थीं और इस वजह से तेजी से टाइप करने के चलते टाइपराइटर जाम हो जाया करते थे। इस वजह से काम बार-बार रुकता था और देरी भी होती थी। फिर आया QWERTY फॉर्मुला इस समस्या से निपटने के लिए QWERTY फॉर्मुला पेश किया गया। इसे लाने वाले शख्स का नाम क्रिस्टोफर लैथम शोल्स था। इसने कीबोर्ड पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले अक्षरों जैसे E, I, T, A एक-दूसरे से दूर रख दिया। इससे टाइप करने वाले की उंगलियों को ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे टाइपिंग की स्पीड थोड़ी कम हो गई और मशीनें जाम होना बंद हो गईं। कीबोर्ड के इस लेआउट का नाम बाद में QWERTY पड़ा। समय के साथ क्यों नहीं बदला गया? सवाल उठता है कि समय के साथ टेक्नोलॉजी के बेहतर होने पर कीबोर्ड के ले आउट को बदला क्यों नहीं गया। दरअसल ऐसा मसल मेमोरी के चलते किया गया। प्रैक्टिकली कीबोर्ड की टेक्नोलॉजी उन्नत होने के बाद ABCDE वाले फॉर्मेट पर वापिस जाया जा सकता था लेकिन दुनिया भर के लोगों को क्वर्टी (QWERTY) की आदत पड़ चुकी थी। आज भी अगर इसे बदला जाए, तो पूरी दुनिया की टाइपिंग स्पीड जीरो हो जाएगी।

पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान में कार्मिकों के लिए हुई पर्सनल एवं प्रोफेशनल एक्सीलेंस कार्यशाला

भोपाल . मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) द्वारा अपने अभियंताओं और कार्मिकों के लिए पर्सनल एवं प्रोफेशनल एक्सीलेंस विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन नयागांव स्थित कंपनी के प्रशिक्षण संस्थान में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्मिकों की व्यवहारिक दक्षताओं, नेतृत्व क्षमता व टीमवर्क कौशल को सुदृढ़ करना था, जिससे कम्पनी कार्यक्षमता को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में कंपनी के विभिन्न विभागों से कुल 67 अभियंताओं व कार्मिकों ने सक्रिय सहभागिता की। करियर काउंसलर एवं कॉर्पोरेट ट्रेनर मनीषा आनंद ने कार्मिकों को विविध टीम बिल्डिंग गतिविधियों, संवादात्मक अभ्यासों व व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से व्यावहारिक एवं नेतृत्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मॉडल एवं सिद्धांतों से परिचित कराया। सत्र के दौरान आत्म-विकास, प्रभावी संचार, सहयोगात्मक कार्यशैली एवं पेशेवर उत्कृष्टता जैसे विषयों पर विशेष बल दिया गया। मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन श्री दीपक कश्यप ने कहा कि कंपनी का दृष्टिकोण केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी अपने मानव संसाधन को निरंतर सीखने एवं कौशल उन्नयन की दिशा में प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि कंपनी के कार्मिक न केवल अपने-अपने तकनीकी क्षेत्रों में दक्ष हैं, बल्कि व्यक्तिगत एवं पेशेवर विकास के पथ पर भी निरंतर अग्रसर हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कंपनी के कार्मिकों में सकारात्मक कार्य संस्कृति के निर्माण एवं नेतृत्व क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निरन्तरता पर बल देते हुए कहा कि व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम आवश्यक हैं।  

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती: मनेंद्रगढ़ में पीएम राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम से मरीजों को लाभ

रायपुर. अब नहीं जाना पड़ता अन्य जिलों में, पांच हजार से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क उपचार का लाभ प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (जीवनधारा) के अंतर्गत एमसीबी जिले में किडनी रोगियों को निःशुल्क हेमोडायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अब तक पांच हजार से अधिक मरीजों को लाभ मिल चुका है। यह सुविधा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें पहले उपचार के लिए अन्य जिलों अथवा राज्य के बाहर जाना पड़ता था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि जिले में 01 अक्टूबर 2024 से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम प्रारंभ किया गया था, जिसका उद्घाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा किया गया था। बीते डेढ़ वर्ष में अब तक 5,210 से अधिक मरीजों का सफल डायलिसिस किया जा चुका है। इनमें नेगेटिव 3503, पॉजिटिव (सी) 1474 तथा पॉजिटिव (बी) 232 मरीज शामिल हैं। वर्तमान में मनेन्द्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय में यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस उन मरीजों के लिए आवश्यक होती है जिनकी किडनी की कार्यक्षमता 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हो चुकी होती है। विशेष रूप से स्टेज-5 क्रोनिक किडनी रोग, अचानक किडनी फेल्योर, अनियंत्रित मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी जटिलताओं से पीड़ित मरीजों को इस उपचार की आवश्यकता पड़ती है।  डायलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से शरीर से अपशिष्ट पदार्थ एवं अतिरिक्त तरल को बाहर निकालकर मरीजों को राहत दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब किडनी शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हो जाए, शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगें, अत्यधिक थकान, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ अथवा फेफड़ों में पानी भरने जैसी स्थिति उत्पन्न हो, तब डायलिसिस आवश्यक हो जाती है। यह प्रक्रिया मरीज की स्थिति के अनुसार अस्थायी या स्थायी दोनों प्रकार की हो सकती है। जिला अस्पताल में उपलब्ध इस निःशुल्क सुविधा से मरीजों का आर्थिक बोझ कम हुआ है तथा उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है, जिससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

मुख्यधारा में लौटने के बाद चौगेल कैंप में दिया जा रहा विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण

रायपुर. मुख्यधारा में लौटने के बाद चौगेल कैंप में दिया जा रहा विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा मन में हो तो जीवन में हर काम आसान हो जाता है। इस कथन को आत्मसमर्पित माओवादियों ने चरितार्थ किया है। जिन हाथों ने कभी बंदूक थामकर हिंसा की राह अख्तियार किया था, आज उन्हीं हाथों को राज्य की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत कुशल और दक्ष बनाने की कवायद जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। शासन की मंशानुसार ग्राम चौगेल (मुल्ला) कैंप में प्रशिक्षण देकर ’हिंसा से हुनर’ की ओर लौटे माओवादियों को नया जीवनदान मिल रहा है। आजीविका मूलक गतिविधियों का दिया जा रहा है प्रशिक्षण कभी माओवाद गतिविधियों में संलिप्त रहे युवक-युवतियों को अब ड्राइविंग, सिलाई, काष्ठशिल्प कला, सहायक इलेक्ट्रिशियन जैसे विभिन्न ट्रेड में सतत् प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे समाज की मुख्य धारा में लौटने के बाद आजीविका मूलक गतिविधियों में कुशल होकर बेहतर ढंग से सम्मान पूर्वक जीवन निर्वाह कर सके। चौगेल कैंप परिसर बना कौशलगढ़ वर्षों से लाल आतंक के साए में हिंसा का दंश झेल रहा बस्तर संभाग अब विकास की ओर शनैः-शनैः आगे बढ़ रहा है और माओवाद का दायरा धीरे-धीरे सिमटता जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहित देश को माओवाद से मुक्ति दिलाने केंद्र सरकार के संकल्प को पूरा करने प्रदेश सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। वहीं हथियार उठाने वालों को भविष्य गढ़ने का सुनहरा अवसर भी सरकार द्वारा दिया जा रहा है। आत्मसमर्पित/पीड़ित नक्सल पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत उन्हें विभिन्न सृजनात्मक और रोजगारमूलक गतिविधियों के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भानुप्रतापपुर विकासखंड से लगे ग्राम चौगेल (मुल्ला) का बीएसएफ कैम्प परिसर ‘कौशलगढ़’ बन गया है, जहां समाज की मुख्यधारा में लौटे 40 आत्मसमर्पित माओवादियों को अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, साथ ही उन्हें शिक्षित भी किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार कक्षा पहली से आठवीं तक के पाठ्यक्रमों का नियमित अध्ययन कराया जा रहा है, जिसमें रूचि लेते हुए सभी आत्मसमर्पित माओवादी अपने भविष्य को पूरी शिद्दत से गढ़ने में संलग्न हैं। 20-20 का बैच बनाकर उन्हें हुनरमंद बनाने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। ड्राइविंग सीखने का शौक अब पूरा हो रहा- मनहेर तारम चारपहिया वाहन चालन का प्रशिक्षण ले रहे आत्मसमर्पित माओवादी 40 वर्षीय  मनहेर तारम ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से उन्हें ड्रायविंग की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसे वे पूरी रूचि के साथ सीख रहे हैं। ट्रेनर द्वारा स्टेयरिंग थामने से लेकर क्लच, ब्रेक व एक्सिलरेटर का प्रयोग करना सिखाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रायविंग सीखने की चाहत अब पूरी हो रही है। इसके अलावा सिलाई और काष्ठशिल्प का प्रशिक्षण कैम्प में दिया जा रहा है। इसी तरह  नरसिंह नेताम ने बताया कि वह भी फोरव्हीलर की ड्रायविंग में अपना हाथ आजमा रहे हैं तथा यहां आकर ऐसी गतिविधियों से जुड़ रहे हैं, जिससे आगे का जीवन बेहतर हो सके। 19 साल के सुकदू पद्दा ने बताया कि यहां पिछले तीन महीने से ट्रेनिंग ले रहे हैं और खुद को आजीविका मूलक कार्यों से जोड़ रहे हैं,  जबकि वह निरक्षर है। वहीं 19 वर्ष की कु. काजल वेड़दा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां आकर अलग-अलग पाठ्यक्रमों में नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें बचपन से कपड़ों की सिलाई करने की इच्छा थी, यहां आकर वह भी पूरी हो रही है। वहीं शिक्षकां के द्वारा प्राथमिक शिक्षा का भी वह लाभ ले रही हैं। इसी तरह कैंप में रह रहे जगदेव कोमरा, राजू नुरूटी, बीरसिंह मण्डावी, मैनू नेगी, सनऊ गावड़े, मानकी नेताम, सामको नुरूटी, उंगी कोर्राम, रमोती कवाची, मानकेर हुपेंडी, डाली सलाम, गेंजो हुपेंडी सहित सभी आत्मसमर्पित माओवादी अपनी रूचि अनुसार ड्राईविंग, काष्ठशिल्प कला, सिलाई मशीन तथा सहायक इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में बेहतर ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनका नियमितरूप से स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार दवाईयां दी जाती हैं। कैम्प में मनोरंजनात्मक गतिविधियां कैरम, वाद्य यंत्र, विभिन्न प्रकार के खेल भी आयोजित किया जाता है। पुनर्वास कैंप के नोडल अधिकारी  विनोद अहिरवार ने बताया कि कलेक्टर उत्तर बस्तर कांकेर के निर्देशानुसार आत्मसमर्पित 40 माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए विभिन्न पाठ्यक्रमों में 20-20 के बैच में चौगेल (मुल्ला) कैंप में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और सभी को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित किया जा रहा है। भविष्य में मशरूम उत्पादन, बागवानी सहित विभिन्न सृजनात्मक एवं स्वरोजगार मूलक पाठ्यक्रमों में जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस तरह आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों को राज्य शासन द्वारा अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर तथा स्वरोजगारमूलक सकारात्मक कार्यों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करने का मौका मिल सके।

दशकों बाद इरान में महिलाओं को बाइक चलाने का अधिकार, नया क़ानून मंज़ूर

तेहरान   ईरान की सरकार ने महिलाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए उन्हें कानूनी रूप से मोटरसाइकिल चलाने की अनुमति दे दी है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान के मंत्रिमंडल ने इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे अब महिलाओं को भी दोपहिया वाहन चलाने के लिए आधिकारिक लाइसेंस जारी किए जा सकेंगे। दशकों पुरानी कानूनी अस्पष्टता का अंत ईरान में अब तक महिलाओं के मोटरसाइकिल चलाने पर कोई सीधा कानूनी प्रतिबंध नहीं था, लेकिन प्रशासन उन्हें लाइसेंस देने से इनकार कर देता था। इस अस्पष्टता के कारण महिलाएं सड़क पर वाहन नहीं चला पाती थीं। उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने मंगलवार को यातायात संहिता (Traffic Code) को स्पष्ट करने वाले प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर इस वर्षों पुराने गतिरोध को समाप्त कर दिया है। घायल होने पर महिलाओं को ही माना जाता था दोषी लाइसेंस न होने के कारण ईरानी महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। यदि सड़क हादसे में कोई महिला घायल होती थी, तो लाइसेंस के अभाव में उसे ही जिम्मेदार मान लिया जाता था। नए कानून के लागू होने से महिलाओं को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और दुर्घटनाओं की स्थिति में उन्हें न्याय मिल सकेगा। ट्रैफिक पुलिस के लिए अनिवार्य निर्देश ईरानी समाचार एजेंसी इलना (ILNA) के अनुसार, सरकार ने यातायात पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं…     महिला आवेदकों को व्यावहारिक (Practical) प्रशिक्षण देना होगा।     पुलिस की सीधी देखरेख में ड्राइविंग परीक्षा आयोजित करनी होगी।     योग्य महिलाओं को अनिवार्य रूप से मोटरसाइकिल चालक लाइसेंस जारी करना होगा।  

हाईवे किनारे बने अवैध निर्माणों पर चलेगा ‘पीला पंजा’, भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला

जयपुर. राजस्थान में नेशनल हाईवे के किनारे बसे अवैध निर्माणों पर अब भजनलाल सरकार का ‘पीला पंजा’ चलने को तैयार है। राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद राजस्थान सरकार ने हाईवे की बिल्डिंग लाइन और कंट्रोल लाइन के भीतर हुए तमाम अवैध निर्माणों को जमींदोज करने का बड़ा फैसला लिया है। राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने प्रदेश के सभी जिला कलक्टरों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। इस आदेश के बाद प्रदेशभर में हाईवे किनारे संचालित अवैध होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक तैयारी तेज सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी अब हाईवे सीमा का सीमांकन शुरू करने की तैयारी में है। जल्द ही अवैध निर्माण को चिन्हित कर उन्हें हटाने के नोटिस जारी किए जा सकते हैं। इस बड़ी कार्रवाई की आहट ने क्षेत्र के ‘अतिक्रमणकारियों’ की नींद उड़ा दी है। हाईकोर्ट का सख्त रुख: सड़क सुरक्षा सर्वोपरि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हाईवे के किनारे बेतरतीब और अवैध निर्माण सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। अनियंत्रित एंट्री-एग्जिट और अवैध कब्जों की वजह से आए दिन होने वाले हादसों में लोगों की जान जा रही है। अदालत ने सड़क सुरक्षा को देखते हुए सरकार को निर्देश दिए हैं कि इन अवैध ढांचों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोर कदम उठाए जाएं। 75 मीटर के दायरे में बने निर्माण हटेंगे इसके बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से आदेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि नेशनल हाईवे के सेंटर पॉइंट से 75 मीटर की दूरी तक किसी भी तरह का कॉमर्शियल या आवासीय निर्माण कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा। इस दायरे में आने वाले सभी अवैध होटल, ढाबे, दुकानें, सर्विस सेंटर और भवन हटाए जाएं। क्या है नया नियम? नेशनल हाईवे के सेंटर पॉइंट (मध्य बिंदु) से 75 मीटर की दूरी तक अब किसी भी प्रकार का निर्माण (व्यावसायिक या आवासीय) अवैध माना जाएगा। इस 75 मीटर के दायरे में आने वाले सभी होटल, ढाबे, दुकानें, शोरूम, गैराज और अन्य पक्के निर्माण हटाए जाएंगे।

राज्य स्तरीय पण्डूम 2026 को लेकर तैयारियां तेज, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया निरीक्षण

रायपुर. उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने लिया जायजा संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय बस्तर पण्डूम 2026 कार्यक्रम की तैयारियों का उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने आज निरीक्षण कर जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कार्यक्रम स्थल का भ्रमण कर आयोजन की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित बस्तर की पारंपरिक कला, संस्कृति एवं स्थानीय उत्पादों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित और जनसहभागिता से परिपूर्ण हो। निरीक्षण के दौरान स्कूली छात्रों द्वारा की जा रही सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों का अभ्यास देखकर उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बस्तर पण्डूम जैसे आयोजन बस्तर की लोकसंस्कृति, परंपरा और प्रतिभाओं को व्यापक पहचान दिलाने का सशक्त मंच हैं। इस अवसर पर कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ  प्रतीक जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कम जगह, ज्यादा उत्पादन: हाइड्रोपोनिक्स से टेरेस गार्डन को बढ़ावा

रायपुर. छत्तीसगढ़ वन निगम की पहल छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाइड्रोपोनिक्स पद्धति पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन नया रायपुर आवासीय परिसर, सेक्टर-26 में विगत दिनों किया गया। इस कार्यशाला में मिट्टी के बिना फल एवं सलाद सब्जियों के उत्पादन तथा टेरेस गार्डन की स्थापना पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का उद्घाटन निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें सीमित स्थान में अधिक उत्पादन का अवसर देती हैं और पर्यावरण संरक्षण के साथ आय बढ़ाने में भी सहायक हैं। यह पहल शासकीय योजनाओं के अनुरूप आधुनिक कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यशाला में हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक श्री जावेद आलम ने प्रतिभागियों को इस पद्धति के मूल सिद्धांत, टेरेस गार्डन की स्थापना, मृदा-रहित खेती की तकनीक तथा न्यूट्रिशन फ्लो टेक्नीक (एनएफटी) विधि के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी। साथ ही व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। इसके अलावा हाइड्रोपोनिक्स नर्सरी की स्थापना और प्रबंधन पर भी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे प्रतिभागी इस तकनीक को आसानी से अपनाने के लिए प्रेरित हुए। कार्यशाला में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल की सराहना की। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की यह पहल आधुनिक, कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे भविष्य में उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ नए आय के अवसर भी सृजित होने की संभावना है।

28 फरवरी को आसमान में 6 ग्रहों की कतार, देखिए यह दुर्लभ नजारा

28 फरवरी 2026 को शाम ढलते ही आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखेगा. सूर्यास्त के बाद पश्चिमी या दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज पर छह ग्रह एक लाइन में नजर आएंगे. ये ग्रह हैं – बुध, शुक्र, शनि, नेप्च्यून, यूरेनस और बृहस्पति. नासा और खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुर्लभ प्लैनेटरी अलाइनमेंट फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक चलेगा. 28 फरवरी को यह सबसे अच्छा नजारा दिखेगा. यह मौका खास है, क्योंकि इतने ग्रह एक साथ शाम के आसमान में कम ही दिखते हैं. कौन-से ग्रह दिखेंगे और कैसे पहचानें? ये छह ग्रह सूर्य की परिक्रमा पथ (एक्लिप्टिक) के साथ एक लाइन में लगेंगे. सूर्यास्त के करीब 30-45 मिनट बाद साफ मौसम में पश्चिमी क्षितिज की ओर देखें…      शुक्र (Venus): सबसे चमकदार, क्षितिज के बहुत करीब. इसे शाम का तारा कहते हैं.      बुध (Mercury): शुक्र के पास, थोड़ा ऊपर. क्षितिज के करीब होने से देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन साफ आसमान में नजर आएगा.     शनि (Saturn): स्थिर चमक वाला, शुक्र और बुध के ऊपर.     बृहस्पति (Jupiter): सबसे ऊंचा और चमकदार, आसमान में ऊपर की ओर.     यूरेनस: बृहस्पति के पास, लेकिन बहुत धुंधला. दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप से दिखेगा.     नेप्च्यून: क्षितिज के करीब, सबसे धुंधला. अच्छे टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी. नंगी आंखों से शुक्र, बृहस्पति, शनि और बुध (अगर अच्छा मौसम हो) आसानी से दिखेंगे. यूरेनस और नेप्च्यून के लिए दूरबीन जरूरी है. कब और कहां से सबसे अच्छा दिखेगा?     तारीख: 28 फरवरी 2026 को शाम में. यह नजारा फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक चलेगा.     समय: सूर्यास्त के 30 मिनट बाद से करीब 1 घंटे तक.     दिशा: पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम क्षितिज. शहर की लाइट्स से दूर, खुले स्थान से देखें.     भारत में: पूरे देश में दिखेगा लेकिन उत्तर भारत में मौसम साफ रहने की उम्मीद है. दक्षिण भारत में भी अच्छा नजारा मिलेगा. खगोल ऐप्स जैसे स्टेलारियम, स्काई टुनाइट या स्टार वॉक का इस्तेमाल करें. ये ऐप्स ग्रहों की सटीक स्थिति बताएंगे. कुछ चुनौतियां भी हैं 28 फरवरी को चांद लगभग पूर्णिमा के करीब होगा. बृहस्पति के पास रहेगा. इसकी चमक से धुंधले ग्रह (जैसे यूरेनस और नेप्च्यून) कम दिख सकते हैं. बुध और नेप्च्यून क्षितिज के बहुत करीब होंगे, इसलिए ऊंची इमारतों या पहाड़ों से बचें. मौसम साफ होना जरूरी – बादल या धुंध होने पर कुछ ग्रह छिप सकते हैं. यह अलाइनमेंट क्या है? सच में ग्रह एक सीधी लाइन में होते हैं? यह असल में ऑप्टिकल इल्यूजन है. ग्रह सूर्य के चारों ओर अलग-अलग कक्षाओं में घूमते हैं लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे एक कतार में लगते हैं. असल में वे एक सीधी लाइन में नहीं होते, बल्कि आसमान में फैले हुए दिखते हैं. ऐसे नजारे कुछ साल में होते हैं. छह ग्रहों का शाम के आसमान में एक साथ दिखना खास है. मंगल ग्रह क्यों नहीं शामिल? गलत तस्वीरों से सावधान! सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें सात ग्रहों की कतार दिखा रही हैं, जिनमें मंगल भी शामिल है. यह गलत है. मंगल इस बार इस कतार में नहीं है. वह सुबह के आसमान में दिखेगा. पुरानी या फेक इमेजेस से बचें. नासा और विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार सिर्फ छह ग्रह हैं.

अस्पताल में घूसखोरी का आरोप: नवजात देने के बदले ₹4 हजार की मांग, ₹1500 लेकर बच्चा सौंपा

बुधनी. शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद जहां आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद थी, वहीं अब यहां से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसूता के परिजनों से 4 हजार की मांग आरोप है कि सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद प्रसूति दाइयों द्वारा प्रसूता के परिजनों से खुलेआम पैसों की मांग की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात दाई ने नवजात शिशु को देने से पहले 4 हजार रुपये की मांग की। जब परिवार ने अपनी आर्थिक मजबूरी बताई और पूरी राशि देने में असमर्थता जताई, तो दाई ने कथित तौर पर बच्चा देने से इनकार कर दिया। 1500 रुपये की ‘वसूली’ के बाद मिला बच्चा बताया जा रहा है कि मजबूर गरीब परिवार ने जैसे-तैसे 1500 रुपये की व्यवस्था की, तब जाकर उन्हें उनका नवजात शिशु मिला। इस घटना से आक्रोशित परिवार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। जब इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी. बड़ोदिया से बात की गई, तो उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सरकारी योजनाओं की साख पर बट्टा यह घटना न केवल अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस तरह निम्न श्रेणी के कुछ कर्मचारी अपनी मनमानी से सरकारी योजनाओं की साख पर बट्टा लगा रहे हैं। सरकार जहां जननी सुरक्षा जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को निःशुल्क प्रसव सुविधा देने का दावा करती है, वहीं इस तरह की वसूली गरीबों के लिए दोहरी मार साबित हो रही है।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री मोदी के परीक्षा मंत्र

लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें प्रधानमंत्री  मोदी ने जबलपुर के छात्र आयुष के प्रश्न पर दिया जवाब स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र प्रदेश के विद्यालयों में हुआ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, शासकीय सुभाष स्कूल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र  आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री  मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। 2018 से लगातार हो रहा आयोजन प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया गया। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री  सिंह परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्‍कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री  सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्‍मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं। शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्‍कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्‍ट जनों, वरिष्‍ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण  केके द्व‍िवेदी सहि‍त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्‍त संचालक  एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे। प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की गई थी। 9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री  मोदी देश के विभिन्‍न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्‍त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।  

यूपी SIR से संबंधित दावे-आपत्तियों का समय एक महीने बढ़ा, 27 मार्च तक होगी नोटिस पर सुनवाई

लखनऊ यूपी एसआईआर को लेकर बड़ा अपडेट है। राज्य निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों का समय एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब छह मार्च तक दावे और आपत्तियों की जा सकेंगी। वहीं नोटिस पर सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिनवा ने बताया कि अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बूथ पर बैठेंगे। कुल 8990 एईआरओ सुनवाई करेंगे। उन्होंने बताया, मतदाता सूची से 2.89 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं। कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। अभी प्रतिदिन ढाई लाख से तीन लाख लोग मतदाता बनने को फॉर्म-6 भर रहे हैं। उन्होंने बताया, कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जानी है। अब तक 2.37 करोड़ लोगों को नोटिस जारी हुई है। जिसमें से 86.27 लाख को नोटिस दी जा चुकी है । 30.30 लाख वोटरों की सुनवाई हो चुकी है । 16.18 लाख लोगों ने 6 जनवरी तक फॉर्म 6 भरे थे मतदाता बनने को। 6 जनवरी से 4 फरवरी तक 37.80 लाख ने फॉर्म भरे हैं। 5 फरवरी को सर्वाधिक 3.51 लाख लोगों ने मतदाता बनने को फॉर्म 6 भरा है। बड़ी संख्या में महिला व युवा अभी भी वोटर बनने से बाकी हैं। ऐसे में यह लोग अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो इसका भी पूरा प्रयास किया जा रहा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां लोग ढंग से कर सकें इसके लिए उन्हें और समय दिया गया है। नोटिस पाने वाले सिर्फ 13 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई यूपी की मतदाता सूची में शामिल ऐसे मतदाता जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है, उन्हें नोटिस भेजा गया है। अभी तक 1.72 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है और अभी तक 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई की जा सकी है। यानी नोटिस पाने वालों में 13 प्रतिशत मतदाताओं की ही सुनवाई हो सकी है। जिन्हें नोटिस जारी होगी उनमें 3.26 करोड़ लोग हैं। जिसमें पुरानी सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले वोटर हैं। ऐसे में अभी 1.53 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होना बाकी है। यही कारण है कि मतदाता सूची में दावे-आपत्तियों व सुनवाई का समय बढ़ाया गया है।

सुशासन की दिशा में पहल: उन्नत जनपद पंचायत में 5 राज्यों के अधिकारियों का प्रशिक्षण

रायपुर. उन्नत जनपद पंचायत पर 5 राज्यों के सीईओ एवं बीडीओ का प्रशिक्षण संपन्न छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में उन्नत जनपद पंचायतों की स्थापना के उद्देश्य से बीडीओ एवं सीईओ हेतु छः दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 जनवरी से 01 फरवरी तक आयोजित किया गया, जिसमें राजस्थान, ओडिशा, गुजरात, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्यों से आए कुल 26 अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में पूर्ण संतृप्ति लाने हेतु नेतृत्व द्वारा समृद्ध विकासखंडों का निर्माण विषय के अंतर्गत जनपद स्तर पर समग्र ग्रामीण विकास को गति देना रहा। प्रशिक्षण का शुभारंभ ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संयुक्त संचालक  सी. सोम मिश्र द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के संस्थागत ढांचा, नेतृत्व विकास, सहभागितामूलक योजना निर्माण, पंचायत राज अधिनियम, पेसा अधिनियम, सतत विकास लक्ष्य, ग्राम पंचायत विकास योजना, विकासखण्ड विकास योजना, जिला विकास योजना, राजस्व तथा आजीविका एवं वित्तीय समावेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के अंतर्गत जिला रायपुर के जनपद पंचायत अभनपुर में विकासखंड विकास योजना पर आधारित एक दिवसीय क्षेत्रीय अध्ययन भ्रमण भी आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं हितग्राहियों से संवाद कर जमीनी वास्तविकताओं को समझा तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, अनुसूचित क्षेत्रों, आदिवासी संस्कृति एवं पेसा के जमीनी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अध्ययन किया। पांचवें दिवस प्रतिभागियों द्वारा प्राप्त अनुभवों के आधार पर विकासखण्ड विकास योजना आधारित योजना निर्माण एवं राज्यवार समूह प्रस्तुतियाँ दी गईं। सभी प्रतिभागियों को टीएमपी पोर्टल पर फीडबैक प्रस्तुत करने के पश्चात प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान एवं राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान के संकाय सदस्यों, विशेषज्ञों एवं सहयोगी अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समावेशी, परिणामोन्मुखी एवं सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को सजा पर एमपी हाईकोर्ट की युगलपीठ ने दी रोक

 जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने भोपाल नगर निगम की आयुक्त संस्कृति हैं को अवमानना की दोषी पाए जाने के आदेश पर रोक लगा दी। दरअसल, आज न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष सजा के प्रश्न पर सुनवाई होनी थी। निगमायुक्त को अपना पक्ष देखने हाजिर रहने कहा गया था। किन्तु इससे पूर्व ही युगलपीठ में आवेदन दायर कर निगमायुक्त जैन ने सजा पर रोक की मांग कर दी। गुरुवार को न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए नगर निगम, भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन को अवमानना का दोषी ठहराया था। कोर्ट ने साफ किया था कि नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी। लिहाजा, आयुक्त को सजा के प्रश्न पर अपना पक्ष रखना होगा। इस सिलसिले में शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे से सुनवाई नियत की गई थी। मई 2025 में जारी किया गया था नोटिस दरअसल, यह मामला मर्लिन बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि नगर निगम ने 18 नवंबर, 2025 को उसकी संपत्ति के फ्रंट हिस्से को विहित प्रक्रिया अपनाए बिना तोड़ दिया। नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि निर्माण अवैध था। सात नवंबर, 2024 को दी गई अनुमति निरस्त की जा चुकी थी। 14 मई, 2025 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट की 2025 में जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को नैसर्गिक न्याय सिद्यांत अनुरूप न तो व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, न ही सुनवाई की कोई कार्यवाही दर्ज की गई और न ही कोई अंतिम आदेश पारित किया गया। इसके स्थान पर सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी गई, जो अवैधानिक है। आदेशों की अवहेलना पर कड़ा रुख कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि बिना शर्त माफी के साथ तोड़े गए हिस्से को बहाल किया जाता, तो मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता था। लेकिन नगर निगम आयुक्त ने अदालत में स्पष्ट किया कि निर्माण को बहाल करना संभव नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना मानते हुए कड़ा रुख अपनाया। हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2(बी) के तहत दोषी ठहराया है। इस मामले में शुक्रवार, छह फरवरी को सुबह 10:30 बजे सजा के बिंदु पर सुनवाई निर्धारित की गई थी। किन्तु निगमायुक्त ने अपना बचाव सीजे की अध्यक्षता वाली बेंच पहुंचकर कर लिया।

शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय फेस-2 का कार्य जल्द होगा प्रारंभ: सोनमणि बोरा

रायपुर. नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान स्थित सभाकक्ष में आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।  गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।  प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की।   बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के पास ही निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर की रूपरेखा पर भी चर्चा की। इसके डिजाइन एवं लेआउट पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। इस कन्वेंशन सेंटर में एक ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट आदि की व्यवस्था रहेगी।   बैठक में संचालक, टीआरटीआई मती हिना अनिमेष नेताम, उपसचिव  बी.के.राजपूत, अपर संचालक  संजय गौड़,  जितेन्द्र गुप्ता,  आर.एस.भोई, उपायुक्त  विश्वनाथ रेडडी, कार्यपालन यंत्री  त्रिदीप चक्रवर्ती, उपयंत्री  गुप्ता एवं  यशवंत राव सहित आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मितानिनों के स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मंत्री राजेश अग्रवाल की सहभागिता, रामगढ़ में आयोजन

रायपुर रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल सरगुजा जिले में उदयपुर ब्लॉक के रामगढ़ में मितानिनों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने मितानिनों को सम्मानित करते हुए कहा कि मितानिन बहनें ग्रामीण एवं शहरी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे सशक्त और भरोसेमंद कड़ी हैं। शासन की स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा रही मितानिन बहनें ग्रामीण स्वास्थ्य की धुरी हैं। सरकार आपके हर प्रयास के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। सम्मेलन में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। उदयपुर विकासखंड की 59 ग्राम पंचायतों से 389 मितानिन, 20 मितानिन ट्रेनर, दो ब्लॉक को-आर्डिनेटर और पांच विकासखंड समन्वयक शामिल हुए। कार्यक्रम का लक्ष्य पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर कर संबंधित विभागों तक पहुंचाना था। मितानिनों ने अधिकारियों को क्षेत्रीय चुनौतियों से अवगत कराया, पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा तथा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता व पोषण समिति को सक्रिय बनाने पर बल दिया। जिला समन्वयक अर्चना कुशवाहा ने बताया कि मितानिनें मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण व स्वच्छता के माध्यम से समुदाय सशक्त कर रही हैं। विकासखंड समन्वयक गायत्री वास्तव व मानकुंवर प्रजापति ने उनकी भूमिका को स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत कड़ी बताया। इस वर्ष 85 स्वास्थ्य विभाग, 26 महिला-बाल विकास, 12 पीएचई, 12 खाद्य, 25 जनपद स्तर, 8 पुलिस, 5 विद्युत, 5 शिक्षा, 5 सेंट्रल बैंक व 7 विधायक स्तर के आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को और प्रभावी बनाया।

नकली ग्राहक बना पुलिस का हथियार, ड्रग्स केस में एक्ट्रेस अंजू कृष्णा की गिरफ्तारी

वलसारवक्कम साउथ फिल्मों में काम कर रहीं एक्ट्रेस अंजू कृष्णा और निर्देशक विंसी निवेथा समेत 8 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। खबर है कि इन्हें ड्रग्स के साथ पकड़ा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्ट्रेस अंजू के साथ 7 और लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं। वलसारवक्कम में गुरुवार को ये घटना घटी हुई, जिसमें असिस्टेंट डायरेक्टर विंसी निवेथा का भी नाम शामिल है। दरअसल एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट साउथ की टीम ने इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया। टीओआई सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि उन्हें इनलोगों के पास से मेथम्फेटामाइन और गांजा बरामद हुआ है। पुलिस को इस बारे में सूचना मिली था और इसके बाद उनकी टीम ने उस इलाके की तलाशी शुरू की। हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया खबर है कि पुलिस ने खबर लगते ही इसमें तुरंत कार्रवाई की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया। कहा जा रहा है कि सभी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि ANIU साउथ टीम के इंस्पेक्टर जॉनी चेल्लाप्पा ने सबसे पहले नेसापक्कम के रहने वाले 33 साल के विग्नेशवरन नामक शख्स को पकड़ा। जब उन्होंने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे ये ड्रग्स 31 साल के वेंकटेश कुमार से मिली थी। उन्होंने बताया कि वेंकटेश पोरूर के पास कोवूर में रहता है। पुलिस ने कार रोककर उसकी जांच की इसके बाद पुलिस ने प्लान किया और फिर एक नकली ग्राहक को वेंकटेश कुमार से मिलने भेजा। जब उसकी कार वलसारवाक्कम की एक खास जगह के पास पहुंची तो पुलिस ने कार रोककर उसकी जांच की। फिर उन्होंने उसे कार के अंदर या आसपास मौजूद अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कार रुकवाई और सवार लोगों की तलाशी ली कहा जा रहा है कि पुलिस ने कार रुकवाई और फिर उसमें सवार लोगों की तलाशी ली। इन लोगों के पास से अलग-अलग चीजें मिलीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनलोगों से उन्हें 6 ग्राम मेथम्फेटामाइन, 7 ग्राम ओजी गांजा, 15 ग्राम गांजा, एक स्मोकिंग बोंग, एक स्टाम्प और नौ मोबाइल फोन जब्त किए। इसके बाद उन्होंने जब्त की गई सभी वस्तुओं और गिरफ्तार लोगों को वलसारवाक्कम पुलिस के हवाले कर दिया। अगला कदम उन्हें मैजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश करना था। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यानी पुलिस की जांच जारी रहने तक वे हिरासत में रहेंगे। अंजू कृष्णा की फिल्में एक्ट्रेस अंजू कृष्णा की बात करें तो उन्होंने ओम विजय द्वारा निर्देशित तमिल फिल्म ‘वेल्लिमालई’ में काम किया है। उन्होंने कई मलयालम फिल्मों में भी काम किया है। उनकी फिल्मों में ‘आरो’ और ‘आकाशम कदन्न’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को दी बधाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को रिसॉर्ट एवं परिसर में स्वच्छता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों पर पूर्णतः उपयुक्त पाए जाने पर वर्ष 2025-26 हेतु प्रतिष्ठित ग्रीन लीफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अथक मेहनत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।  ग्रीन लीफ अवॉर्ड पर्यटन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग का हिस्सा है। यह अवॉर्ड होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को प्रदान किया जाता है जो उच्च स्वच्छता मानकों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं।  छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हाल के वर्षों में पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। बोर्ड ने इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, होमस्टे और ट्रेकिंग रूट्स विकसित कर पर्यटन राजस्व में वृद्धि दर्ज की। जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला यह सम्मान बोर्ड की स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय सशक्तिकरण की नीतियों का जीवंत प्रमाण है। इससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी।

स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर. स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके। मुख्यमंत्री  साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

PAK में कंगाली का आलम, गटर के ढक्कन तक चोरी, सरकार सख्त कानून लाने को मजबूर

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में खुले मैनहोल का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर ट्रेंड कर रहा है. दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक कराची और लाहौर से कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग सड़क पर चलते-चलते अचानक ‘गायब’ होते दिखते हैं. ये कोई मैजिक या ट्रिक वीडियो नहीं, बल्कि खुले मैनहोल और चोरी हुए ढक्कनों की वजह से हो रहे खतरनाक हादसे हैं. 3 साल के बच्चे का दर्दनाक वीडियो वायरल पाकिस्तान के कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसे कई मामलों का जिक्र है, जहां ढक्कन चोरी या गायब होने के कारण लोगों की जान पर बन आई है. सबसे ज़्यादा वायरल वीडियो कराची के निपा चौरंगी का है, जहां 3 साल का बच्चा इब्राहिम दुकान से बाहर निकलकर दौड़ता है और अचानक खुले मैनहोल में गिर जाता है. यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से फैली और पूरे पाकिस्तान में गुस्से की लहर दौड़ गई. लोगों ने नगरपालिका पर लापरवाही का आरोप लगाया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए. मां-बेटी की मौत ने हिला दिया पंजाब लाहौर के भत्ती गेट इलाके में भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां एक मां और उसकी 10 महीने की बच्ची खुले मैनहोल में गिरकर डूब गईं. यह वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ और पूरे पंजाब में हड़कंप मच गया. इसके अलावा शहर में बच्चों और महिलाओं के अचानक सड़क के भीतर गिरने के कई अन्य वीडियो भी सामने आए, जिन्होंने आम जनता में डर और नाराजगी दोनों बढ़ा दी. डेली पाकिस्तान के मुताबिक, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इन हादसों के बाद कड़ा कदम उठाया है. उन्होंने घोषणा की कि अब मैनहोल ढक्कन चुराने, खरीदने या बेचने वालों को 1 से 10 साल की जेल और भारी जुर्माना लगेगा. मरियम ने अफसरों को फटकारते हुए कहा कि वे हर रात यह जांचती हैं कि कहां-कहां ढक्कन गायब हैं, क्योंकि यह लोगों की जान का मामला है.मरियम नवाज ने पूरे पंजाब में ऐसे नए ढक्कन लगाने का आदेश दिया है जिन्हें बेचा न जा सके. कुछ जिलों में GPS ट्रैकर वाले कवर लगाने की योजना भी चर्चा में है, ताकि चोरी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. ढक्कन चोरी का बढ़ता रैकेट ढक्कन चोरी की घटनाओं ने पाकिस्तान की सड़कों को और असुरक्षित बना दिया है. कई वायरल क्लिप्स में देखा गया कि कुछ लोग महंगी कारों से उतरकर मैनहोल के ढक्कन चुरा रहे हैं. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इस्लामाबाद में 1600 से ज्यादा मैनहोल कवर गायब होने की रिपोर्ट सामने आई है. सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते दिखे-पाकिस्तान में अब गटर के ढक्कन भी सुरक्षित नहीं! पाकिस्तान में (खासकर लाहौर, कराची जैसे बड़े शहरों में) गटर के ढक्कन की चोरी का मुख्य कारण आर्थिक संकट और स्क्रैप (कबाड़) में लोहे की ऊंची कीमत है.इस लोहे को चुराकर कबाड़ी बाजार, फैक्ट्रियों या हार्डवेयर दुकानों में बेच दिया जाता है, जिससे चोरों को तुरंत कुछ सौ से हजार रुपये मिल जाते हैं.

वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत आगे बढ़ रहा है: राज्यमंत्री गौर

भोपाल. भारत सरकार द्वारा 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर भोपाल की एल.एन. सिटी यूनिवर्सिटी के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में महिला संवाद कार्यक्रम का आयोजिन किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा कि यह बजट देश की दिशा और तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि बजट के प्रभाव को समझना आवश्यक है, क्योंकि इससे आने वाले समय में देश की आर्थिक और सामाजिक संरचना पर व्यापक असर पड़ेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री को बजट प्रस्तुत करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व मंच पर यह साबित कर दिया है कि वह तेज गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि अब भारत की विकास यात्रा को कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति को रेखांकित करते हुए कहा गया कि मातृशक्ति की भागीदारी देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उपस्थित महिलाओं ने भी बजट को लेकर सकारात्मक उम्मीदें जताईं और इसे समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज नारी शक्ति को केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-निर्माण से लेकर नेतृत्व तक भागीदार बनाया गया है। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है जब लगातार 9वीं बार किसी महिला वित्त मंत्री द्वारा देश का बजट प्रस्तुत किया गया है। विकसित भारत बजट 2026–27 को लेकर भोपाल स्थित LNCT कॉलेज के आर्यभट्ट ऑडिटोरियम में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने भी  नारी सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार में भोपाल महापौर  मालती राय, भाजपा मध्य प्रदेश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष  अश्विनी परांजपे एवं भाजपा भोपाल जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति जी उपस्थित रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता, विद्यालय संस्कार व कौशल विकास के केंद्र भी बनें

यमकेश्वर/पौड़ी गढ़वाल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता, बल्कि वह केवल आवश्यकताओं की पूर्ति का माध्यम है। वास्तविक और सार्थक विकास वही है, जो अपनी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़े। शिक्षा केंद्रों को इसी सोच के साथ स्वयं को तैयार करना होगा, ताकि विद्यालय केवल पुस्तक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि संस्कार, कौशल और जीवन निर्माण के केंद्र बनें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय के मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचा सरकार की प्राथमिकता नवनिर्मित इंटर कॉलेज भवन के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य शैक्षणिक भवन अब छात्रों व शिक्षकों को समर्पित हो चुका है। शीघ्र ही यहां आवश्यक फर्नीचर सहित सभी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। डबल इंजन की उत्तराखंड सरकार का स्पष्ट फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक शिक्षा व स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर है, ताकि विद्यार्थियों को गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और वे अपने क्षेत्र में रहकर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह कालखंड केवल भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का अवसर है। विकास एकांगी नहीं हो सकता, यदि सभ्यता और संस्कृति सुरक्षित नहीं रहेंगी, तो भौतिक प्रगति भी अर्थहीन सिद्ध होगी। प्रगति का मार्ग सकारात्मक सोच से मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गोत्र व्यवस्था, ऋषि परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। प्राचीन काल के गुरुकुल केवल अध्ययन के केंद्र नहीं थे, बल्कि कृषि, आयुर्वेद, कौशल व जीवन मूल्यों के प्रशिक्षण के समग्र केंद्र थे। वहां से निकला विद्यार्थी जीवन के किसी भी संघर्ष में स्वयं को असहाय नहीं पाता था। कोई कार्य उसके लिए न छोटा होता था, न कठिन। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में वही व्यक्ति सफल होता है, जो सकारात्मक सोच के साथ अपने पुरुषार्थ व परिश्रम से आगे बढ़ता है। नकारात्मकता व्यक्ति को दुर्गति की ओर ले जाती है। मेहनत करने वालों पर बरसती है मां सरस्वती की कृपा उन्होंने कहा कि कुछ लोग विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रार्थना पर भी सवाल उठाते हैं। मां सरस्वती किसी जाति, मत या संप्रदाय की नहीं हैं, जो मेहनत करता है और सही दिशा में सोचता है, उस पर उनकी कृपा स्वतः होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इसी सोच को आगे बढ़ाती है कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि स्किल डेवलपमेंट और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र बनें।  आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है यमकेश्वर महादेव मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि 1965 में जब यह इंटर कॉलेज स्थापित हुआ था, तब न बिजली थी, न सड़कें और न आधुनिक साधन। आज गांव-गांव में बिजली, पेयजल, सड़कें और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यमकेश्वर महादेव मंदिर, जहां पहले पैदल यात्रा ही एकमात्र साधन थी, आज बेहतर संपर्क व्यवस्था से जुड़ चुका है। पहले का विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में था, आज भव्य भवन उपलब्ध है। सरकार ने सुविधाएं दी हैं, अब शिक्षकों का दायित्व है कि शिक्षा की गुणवत्ता को उसी स्तर तक पहुंचाएं और छात्रों का कर्तव्य है कि वे पूरे मनोयोग से अध्ययन करें। विद्यालय केवल शिक्षा के ही नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता के भी आधार स्तंभ होने चाहिए। गांवों को फिर से बनाना होगा आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। यहां का युवा देश की सीमाओं की रक्षा करता है और हर क्षेत्र में अपनी प्रभावी भूमिका निभाता है। हिमालय से निकलने वाला जल पूरे उत्तर भारत की भूमि को उपजाऊ बनाता है और देश की खाद्यान्न सुरक्षा में योगदान देता है। सरकार चाहती है कि हर स्तर पर मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो, लेकिन उसका सही उपयोग समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गांवों को पलायन से बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गांव हमारी सभ्यता की जड़ हैं। जड़ जितनी मजबूत होगी, समाज उतना ही स्थिर और समृद्ध होगा। गांवों को शिक्षा, नवाचार, शोध और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। पहले गांव आत्मनिर्भर थे, सरकार पर निर्भरता न्यूनतम थी। आज जरूरत है उस आत्मनिर्भरता की भावना को फिर से जीवित करने की। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में हो विद्यालय भवन का उपयोग मुख्यमंत्री ने आदित्य बिरला समूह के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह विद्यालय भवन समयबद्ध तरीके से बनकर तैयार हुआ। अब लक्ष्य है कि इस भवन का उपयोग प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी, विशेष कक्षाओं और कौशल विकास के लिए भी किया जाए। उन्होंने ‘अभ्युदय कोचिंग’ मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को आईआईटी जेईई, नीट जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालयों को पर्यटन, बागवानी, कृषि और स्थानीय संसाधनों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों और शुद्ध जल जैसी अमूल्य संपदा है, जिसका संरक्षण और सदुपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी नया और सकारात्मक प्रयास होगा, वही समाज के लिए प्रेरणा बनेगा और इस प्रेरणा का केंद्र हमारे शिक्षण संस्थान होंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धनसिंह रावत, विधायक मीनू बिष्ट, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजगौरव नौटियाल उपस्थित रहे।

राज्यपाल पटेल ने लोक भवन में 63 पुरस्कृत पुष्प किस्मों का किया अवलोकन, कहा- “मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल है पुरस्कार”

मेहनत और निष्ठा का प्रतिफल, पुरस्कार : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल ने लोक भवन की पुरस्कृत 63 पुष्प किस्मों का किया अवलोकन भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में प्रदर्शित लोक भवन के पुष्पों की विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया। उन्होंने लोक भवन को प्राप्त पुरस्कारों की जानकारी ली। लोकभवन उद्यानों के रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल  पटेल ने अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेहनत और निष्ठा से किए गए कार्य सदैव उत्कृष्ट होते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त पुरस्कार कर्मचारियों की कार्य-निष्ठा और समर्पण का प्रतिफल हैं। फूलों की देखभाल में बहाया गया पसीना ही इन पुरस्कारों का प्रसाद है। राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में 63 किस्मों को पुरस्कार मिलना हर्ष और गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत किस्मों में से 42 पुष्पों को प्रथम तथा 21 पुष्पों को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त होना एक विशिष्ट उपलब्धि है। राज्यपाल  पटेल लोक भवन की प्रदर्शनी में पुरस्कृत पुष्पों का अवलोकन करने के लिए लाल कोठी के सामने स्थित पुरानी तोप प्रांगण पहुँचे। उन्होंने प्रत्येक पुरस्कृत पुष्प किस्म का अवलोकन किया तथा पुरस्कारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि भोपाल में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थानों तथा कृषकों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में लोक भवन के पुष्पों की बड़ी संख्या में पुरस्कार प्राप्त होने के दृष्टिगत नियंत्रक, हाउसहोल्ड लोकभवन को शील्ड प्रदान कर अलंकृत किया गया। उनको बताया गया कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी में साल्विया,  पिंक,  एस्टर,  डॉगफ्लावर, सिनेरिया, हाइब्रिड डहेलिया, देशी डहेलिया, मिनी-डहेलिया, डायनामोर, स्वीट-विलियम, स्वीट-एलायसम, वर्बीना,  कैलेंडुला,  बिजली, सिलोसिया आदि मौसमी फूलों के गमले एवं कट-फ्लावर तथा गुलाब की विभिन्न किस्में—एच.टी. रोज (लाल, गहरे गुलाबी, हल्के गुलाबी, पीले, सफेद, ऑरेंज, मौव-पर्पल,  बहुरंगी,  धारदार, सुगंधित),  फ्लोरीबंडा (गुच्छ पुष्प), फ्ल्यूटी, समर स्नो, पोलिएंथा, मिनिएचर आदि के गमले एवं कट-फ्लावर प्रदर्शित किए गए थे।     

शिक्षा की राह हुई आसान: स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय एनसीडीसी के 68 छात्रों को साइकिल

रायपुर. उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन ने छात्राओं को बांटी साइकिल स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय एनसीडीसी कोरबा में , छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री  लखन लाल देवांगन ने सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत छात्राओं को  साइकिल वितरित की।     सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जलवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान मंत्री  देवांगन ने कहा कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत आज स्कूल में छात्राओं को साइकिल वितरण किया जा रहा है।  सभी छात्राओं को बधाई व शुभकामनाएं। खूब पढ़े-खूब बढ़े,  बेटियां हैं तो कल है ,सभी बच्चें लगन से पढ़ाई करें और अपने विद्यालय का नाम रोशन करें, हमारे प्रदेश के  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी की सोच है कि शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विकास करते हुए छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें। इसी उद्देश्य के साथ कोरबा जिले के सभी जर्जर हो चुके शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण को तेजी से कराया जा रहा है, स्कूलों में निशुल्क नाश्ता का प्रदाय किया जा रहा है। मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष कोचिंग की सुविधा रायपुर भेज कर उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी छात्राओं को स्कूल आने में परेशानी ना हो जिसके लिये सरस्वती साइकिल योजना के तहत सरकार द्वारा साइकिल वितरण किया जा रहा है, शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए अच्छा अवसर देना हमारा कर्तव्य है। हमारी सरकार के मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में आगे की ओर अग्रसर होते हुए प्रदेश में बेहतर शिक्षा देना हमारा कर्तव्य है।       इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष  राजेश राठौर ,पार्षद मती सिमरन कौर, पार्षद  मुकुंद कंवर , पार्षद  लक्ष्मण वास, शाला प्रतिनिधि  यासीन खान ,  मिलाप बरेठ , मती ज्योति वर्मा , धर द्विवेदी , मती अर्चना रूनीझा , मती मंदाकिनी त्रिपाठी जी, प्राचार्य डॉ अलका फिलिप्स सहित अभिभावक गण, छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा केन्द्रीय बजट के आधार पर तय हो रही हैं वैश्विक नीतियां मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बना, अब खाद्यान्न उत्पादन में हैं दूसरे स्थान पर उड़द और मसूर का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को सहयोग देने के लिए तत्पर है राज्य सरकार दाल उत्पादक कृषकों, मिल संचालकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की भोपाल में होगी कार्यशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के सम्मेलन को किया संबोधित इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बन चुका है। मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। राज्य सरकार जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने तुअर से मंडी टैक्स हटाया है, इससे दाल मिल उद्योग को लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में दालों का विशेष महत्व है। मूंग और मसूर की दालों पर मुहावरे बन गए। दालों से हमें प्रोटीन मिलता है। यह गर्व का विषय है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएशन के ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मसूर और उड़द उत्पादन को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों सहित उद्यमियों को भी लाभ होगा, इंदौर में उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, यहां से रोड, रेल और हवाई हर तरह की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है। प्रदेश में एयरकार्गों के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिससे व्यापार व्यावसाय विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल मिल से संबंधित उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों, कृषकों, आदि के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक विशिष्ट छवि बनी है। भारत के बजट के आधार पर दुनिया अपनी नीतियां तय करती है। अब समय बदल चुका है। भारत सरकार पर किसी टैरिफ का असर नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री  मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें। हमारी सरकार जमीन, मशीन और टैक्स कम करने से लेकर सभी प्रकार से सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है। राज्य सरकार ने लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, दूसरे राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए। औद्योगिक विकास के लिए नई नीतियां लागू कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5500 करोड़ से अधिक राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उद्यमियों को भी अंतरित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी और जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार उद्यमियों को श्रमिकों के वेतन में सहयोग के लिए 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगी। इसके लिये प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को फूड पार्क विकसित करने के लिए भी राज्य सरकार सभी सुविधाएं देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और लोक कल्याण से देशभर में ख्याति अर्जित की। उन्होंने मुगलकाल में ध्वस्त … Read more

सुव्यवस्था, स्वच्छता, जल प्रबंधन, डिजिटल मैपिंग, भीड़ प्रबंधन में दिखा प्रशासन का कौशल

प्रयागराज. संगम तट आयोजित माघ मेला 2026 ने अब तक के अपने सभी माघ मेलों के आयोजन को पीछे छोड़ दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता और सतत निगरानी के चलते इसे मिनी कुंभ जैसी पहचान ही हासिल नहीं हुई बल्कि संस्कृति,  सुशासन, सामाजिक समरसता और आत्मानुशासन की अभिव्यक्ति का यह अद्भुत समागम बन गया।   भारत की ‘संस्कृति-आधारित सुशासन’ संगम नगरी प्रयागराज में पावन त्रिवेणी के तट पर आयोजित माघ मेला 2026 भारत की संस्कृति पर आधारित गवर्नेंस का ऐसा ब्लू प्रिंट बन रहा है जिसका अन्य कहीं कोई उदाहरण देखने को नहीं मिलता। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के साथ 3 जनवरी से शुरू हुए इस आयोजन के पांच प्रमुख स्नान पर्व सकुशल संपन्न हो जाने के बाद यहां 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती में पुण्य की डुबकी लगाकर अपना संकल्प पूरा कर चुके हैं। अभी आखिरी स्नान पर्व महा शिवरात्रि शेष है। मेला प्रशासन 15 फरवरी को इसके सकुशल समापन की तैयारी में लगा है। पूर्ण अनुशासन के साथ आस्था का जन सैलाब यहां आया और सनातन की बयार की झलक दिखाकर आगे बढ़ गया।  सामाजिक समरसता, प्रकृति संतुलन और आत्मानुशासन का पर्याय कल्पवास   कुंभ और महाकुंभ को यदि सनातन के 13 अखाड़ों के वैभव का महा आयोजन माना जाता है तो माघ मेला त्रिवेणी की रेती पर एक महीने तक प्रवास करने वाले कल्पवासियों का समागम। इस बार 5 लाख से अधिक कल्पवासियों ने यहां कल्पवास किया जिन्हें प्रशासन की तरफ से हर तरह की सहूलियत मिली। कल्पवासियों को तीर्थ पुरोहित ही अपने तंबुओं से बने शिविरों में बसाते हैं। पहली बार तीर्थ पुरोहितों के लिए अलग से प्रयागवाल नगर बसाया गया। सभी तरह के जाति,  उप-जाति का भेद भुलाकर मां गंगा के पावन जल में स्नान कर इन कल्पवासियों ने अपने संकल्प पूर्ण किए। भीड़ प्रबंधन में दिखा प्रशासन का कौशल, मेला सेवा ऐप बना सारथी माघ मेले के अब तक के इतिहास में इस बार का माघ मेला सबसे अधिक विस्तारित क्षेत्र में बसाया गया। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार माघ मेले का इस बार 800 हेक्टेयर तक विस्तार किया गया। मेला क्षेत्र में पहली बार सात सेक्टर और 9 पांटून पुल बनवाए गए। आवागमन सुगम बनाने के लिए मेला क्षेत्र में पहली बार गोल्फ कार्ट सेवा की शुरुआत हुई। बसंत पंचमी तक 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इसकी सेवा ली। इसके अलावा शहर के अलग अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र पहुंचाने के लिए बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई। माघ पूर्णिमा तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इसकी सेवा ली। श्रद्धालुओं की सहूलियत की लिए पहली बार मेला सेवा ऐप का निर्माण किया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए 42 पार्किंग बनाई गई। माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 15 हजार से अधिक पुलिस कर्मी तैनात रहे, मेला क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के अलावा ड्रोन के जरिए भीड़ की सतत निगरानी होती रही।

इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के समय धमाका, 31 की मौत, 80 से ज्यादा घायल

 इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमाम बारगाह खदीजत-उल-कुबरा में जोरदार धमाका हुआ है. धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, यह ब्लास्ट जुमे की नमाज के दौरान हुआ जिसमें 31   से अधिक लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा घायल हो गए. इस्लामाबाद से संवाददाता हमजा आमिर ने बताया कि धमाका शुक्रवार को तब हुआ जब जुमे की नमाज अदा की जा रही थी. इसमें 31  लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा घायल हो गए. हालांकि अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित अधिकारियों के मुताबिक, हालात को देखते हुए पूरे शहर में इमरजेंसी लागू कर दी गई है. सुरक्षा एजेंसियों ने इमाम बारगाह और आसपास के इलाके को घेर लिया है और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है. फिलहाल31   से अधिक लोगों के हताहत होने की खबर है. धमाके के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. जांच एजेंसियां मौके से सबूत जुटा रही हैं और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोट कैसे और किन हालात में हुआ. मामले में आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है. धमाके में कई घायल पाकिस्तानी मीडिया डॉन न्यूज के मुताबिक, इस विस्फोट में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है. यह धमाका इस्लामाबाद के शहज़ाद टाउन इलाके में स्थित तरलाई इमामबाड़ा में हुआ. घायलों को तुरंत अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है. इस्लामाबाद के पॉलीक्लिनिक, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और सीडीए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित की गई है. PIMS के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि मुख्य इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को सक्रिय कर दिया गया है. घायलों को PIMS और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है.  

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे प्रदेश में 7500 से ज्यादा गोआश्रय स्थल बनाए गए

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। योगी सरकार ने अब तक देश में सबसे अधिक रिकॉर्ड 16.35 लाख निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया है। इससे पहले किसी भी राज्य में गोवंश संरक्षण को लेकर इतनी व्यापक, संगठित और प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक प्रदेशभर में 7500 से अधिक गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया। जहां निराश्रित गोवंश के लिए चारा, पानी, इलाज और देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यही नहीं, सरकार ने हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन करते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इसका नोडल अधिकारी बनाया, जिससे निगरानी और जवाबदेही मजबूत हुई। पशुपालकों को मिला सीधा लाभ मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत अब तक 1,13,534 पशुपालकों को 1,81,339 गोवंश उपलब्ध कराए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली और पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई। गोवंश संरक्षण को आजीविका से जोड़कर योगी सरकार ने इसे आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बनाया है। गो तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई सीएम योगी के नेतृत्व में गो तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया। बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी, वाहनों की जब्ती और नेटवर्क तोड़ने की कार्रवाई से प्रदेश में गोतस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ। इससे न केवल गोवंश सुरक्षित हुआ, बल्कि कानून-व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन सभी के लिए गोमाता सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। उत्तर प्रदेश आज गोवंश संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा योगी सरकार ने गोवंश संरक्षण को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और मानवीय दायित्व के रूप में आगे बढ़ाया। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज गोवंश संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है।

आज दंगा-दंगाई दोनों गायब, अब बेटी सुरक्षित और व्यापारी भी

लखनऊ/हरिद्वार  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय था, जब विरासत को कोसा जाता था, अपमानित किया जाता था, लांछित किया जाता था। राम भक्तों पर गोलियां चलती थीं, उनका अपमान किया जाता था। लेकिन, यह रामभक्तों का नहीं, भारत की विरासत का अपमान होता था, भारत के आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान होता था। इसका परिणाम यह निकला कि उत्तर प्रदेश अराजकता का अड्डा बन गया, लूट का अड्डा बन गया और दंगों की आग में झुलसने लगा। गुंडागर्दी भी चरम पर, ना बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। हमारी सरकार में विरासत का सम्मान हुआ तो बेटी सुरक्षित हो गई और व्यापारी भी। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था के रूप में भी आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी शुक्रवार को हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्री विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में न अराजकता है, न फसाद है, न गुंडागर्दी है। न कर्फ्यू है, न दंगा है – यूपी में अब सब चंगा है। दंगा और दंगाई, दोनों गायब हो गए हैं। कर्फ्यू दंगाइयों पर लग गया है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि नीति स्पष्ट थी, नीयत साफ थी। कोई सोचता था कि  500 वर्षों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा? लेकिन, आज भव्य राम मंदिर बन गया। आश्रम से मिला एमबीए का वास्तविक ज्ञान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग अक्सर पूछते हैं कि बिना किसी औपचारिक प्रशासनिक अनुभव के आप उत्तर प्रदेश कैसे चला रहे हैं,  तो मेरा उत्तर होता है कि आश्रम व्यवस्था से जुड़ा हूं। प्रशासन कैसे चलाना है, प्रबंधन कैसे करना है, भारत का संन्यासी आश्रम पद्धति से सीखता है। प्रशासन हमारे संस्कारों व जींस का हिस्सा है। एमबीए की वास्तविक शिक्षा तो भारतीय आश्रम पद्धति से ही मिलती है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश आज अराजकता से निकलकर विकास और सुशासन का मॉडल बनकर उभरा है। भारत की प्रशासनिक, आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति की जड़ें, आश्रम व गुरुकुल परंपरा में हैं। जहां कृषि, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, शिल्प व प्रशासन जैसे विषयों का केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है। जीवन से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर मिलता है।  माघ मेले में अब तक 21 करोड़ श्रद्धालुओं का स्नान सीएम योगी ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगा चुके हैं। यहां पहले केवल अव्यवस्था देखने को मिलती थी, लेकिन आज अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ धाम व केदारनाथ धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बने हैं। भारत राष्ट्र यहीं से शक्ति प्राप्त करता है, और जब हमने इन आस्था केंद्रों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया, संरक्षित करने का काम किया, परिणाम भी सामने आया है। लंबे समय तक बीमारू रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर लगातार प्रगति पथ पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा जन्म इसी देवभूमि उत्तराखंड में हुआ है। वर्ष 1982 में भारत माता मंदिर के भव्य लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व सर संघचालक बालासाहब देवरस, दोनों की उपस्थिति रही। यह स्पष्ट करता था कि राष्ट्राध्यक्ष के प्रति हमारा सम्मान सदैव रहेगा, लेकिन मूल्यों के साथ कभी कोई समझौता नहीं होगा। जब देश विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहा था, तब पूज्य स्वामी जी महाराज ने भारत माता मंदिर के भव्य निर्माण और उसके लोकार्पण के माध्यम से पूरे देश के सामने आध्यात्मिक नेतृत्व का चिरस्थायी स्मारक समर्पित किया। न जाति का भेद और न धर्म का अंतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड के चार धाम भारत की चेतना के आधार हैं। जब हम लोग बचपन में हरिद्वार आते थे, तो सबके मन में यह भाव रहता था कि हरि की पैड़ी में स्नान करना है और भारत माता मंदिर के दर्शन भी करने हैं। यहां न जाति भेद था और न धर्म का कोई अंतर। भारत माता मंदिर में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक, पूरे भारत का स्वरूप प्रतिबिंबित किया गया। यह उस समय की सबसे ऊंची (हाई-राइज) इमारत भी थी। मेरा सौभाग्य है कि देश के भीतर पिछले 11 वर्षों में हमने व्यापक परिवर्तन देखा है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज से लेकर केदारपुरी और बदरीनाथ से हरिद्वार तक, विकास की एक लंबी गाथा विरासत को संजोते हुए बढ़ रही है। यह नए भारत निर्माण की वही गाथा है, जिसका सैकड़ों वर्षों से वर्तमान पीढ़ी को इंतजार था। यह पीढ़ी यह सोच रही थी कि क्या हमारी भावनाओं के अनुरूप भारत का निर्माण हो पा रहा है या नहीं। एक प्रकार की असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उस असमंजस से उबरने का कार्य पिछले 11 वर्षों में हमने स्पष्ट देखा है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम भारत की बात करते हैं, तो भारत केवल एक भौगोलिक टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है। यह किसी सत्ता की उपज नहीं है, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या से निकली शाश्वत चेतना का केंद्र बिंदु है। भारत का उच्चतम न्यायालय भी इस मंत्र को अंगीकार करता है कि जहां धर्म है, वहीं विजय है। धर्म और विजय का यह शाश्वत स्वरूप हमें यह आभास कराता है कि धर्म कभी कमजोर नहीं होता, बल्कि उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता है। इतिहास साक्षी है कि जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न तो वर्तमान को सुधार पाता है और न ही भविष्य को सुरक्षित रख पाता है। वैदिक भारत आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक रहा है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत कोई अविकसित या उपेक्षित भूभाग नहीं था, बल्कि एक पूर्ण विकसित सभ्यता और समृद्ध संस्कृति था। यह राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम और कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 वर्ष पहले, जिसे हम भारत का स्वर्ण युग कहते हैं, उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी। इसी प्रकार आज से करीब 400 वर्ष पहले भी विश्व … Read more

पारदर्शिता और बढ़ेगा युवाओं का विश्वास, RPSC अब हर परीक्षा के नंबर करेगा सार्वजनिक

जयपुर. राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अब उम्मीदवारों के प्राप्तांकों को लेकर चली आ रही गोपनीयता की दीवार को गिरा दिया है। आयोग ने निर्णय लिया है कि अब हर भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों के नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। प्रदेश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित आरएएस (RAS) भर्ती-2023 इस नई व्यवस्था की पहली गवाह बनी है। आयोग ने न केवल परिणाम जारी किए, बल्कि चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंक भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। इससे पहले अभ्यर्थियों को अपने व्यक्तिगत अंकों के लिए एक लंबी प्रक्रिया और समय का इंतजार करना पड़ता था। पारदर्शिता कैसे बढ़ाएगा RPSC का फैसला? RPSC सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार, आयोग की कार्यप्रणाली में यह बदलाव केवल RAS तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं और वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्तियों के अंक भी इसी तरह सार्वजनिक किए जाएंगे। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। अभ्यर्थियों को क्या होंगे सीधे फायदे? अभ्यर्थियों को अब अपनी मेरिट और स्कोर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। छात्र यह समझ पाएंगे कि वे किस विषय में मजबूत रहे और इंटरव्यू में उनका प्रदर्शन कैसा रहा। नंबर सार्वजनिक होने से चयन प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों और आशंकाओं पर विराम लगेगा। आयोग अब सिर्फ कट-ऑफ नहीं बताएगा, बल्कि हर सफल उम्मीदवार की मेहनत का पूरा हिसाब (मार्क्स) वेबसाइट पर देगा। स्टूडेंट्स को अब क्या ध्यान रखना चाहिए? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्कशीट के बाद अब उम्मीद जगी है कि RPSC उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और आंसर-की विवादों को सुलझाने के लिए भी कुछ ऐसे ही कड़े और पारदर्शी कदम उठाएगा।

व्यापारी के आरोपों पर गृह विभाग का बड़ा एक्शन, फँसाऊबाज डीएसपी कल्पना वर्मा निलंबित

दांतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ पुलिस की वरिष्ठ महिला अधिकारी डीएसपी कल्पना वर्मा को गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. दांतेवाड़ा में तैनात कल्पना वर्मा पर व्यापारी दीपक टंडन के साथ अवैध वित्तीय लेन-देन, पद का दुरुपयोग और अनुपातहीन संपत्ति के गंभीर आरोप हैं. विभागीय जांच पूरी होने के बाद गृह विभाग ने यह आदेश जारी किया है. मामला तब सुर्खियों में आया जब व्यापारी दीपक टंडन के साथ कल्पना वर्मा की व्हाट्सएप चैट वायरल हो गई थी. चैट में दोनों के बीच पैसे के लेन-देन, संपत्ति और अन्य आर्थिक मामलों की चर्चा सामने आई थी. इन चैट्स के आधार पर शिकायत दर्ज हुई और गृह विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की. जांच में पाया गया कि डीएसपी पद पर रहते हुए कल्पना वर्मा ने अवैध आर्थिक लाभ उठाया, पद का दुरुपयोग किया और उनकी संपत्ति उनके वैध आय से कहीं अधिक है. 1400 पेज की जांच रिपोर्ट चर्चित महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर 1400 से ज्यादा पेज की जांच रिपोर्ट आईजी रायपुर के पास पहुंची थी. कल्पना वर्मा पर अपने आशिक कारोबारी दीपक टंडन से भारी मात्रा में कैश और गहने लेने के पुख्ता सबूत मिले थे. जांच रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा के कारोबारी के अकाउंट से करोड़ों ट्रांजेक्शन के भी सबूत मिले. साथ ही कल्पना वर्मा के व्हाट्सएप चैट से नक्सलियों से जुड़े कार्रवाई को लीक करने के भी सबूत मिले. क्यों चर्चा में आई थी डीएसपी कल्पना? बता दें कि पिछले साल दिसंबर महीने में डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच के गहरे प्रेम संबंध चर्चा में रहा था. पहले कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्रेम जाल में फंसाकर 2 करोड़ रुपये और कीमती सामान ठगने का आरोप लगाया था, वहीं बाद में डीएसपी ने पलटवार करते हुए कारोबारी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. डीएसपी कल्पना वर्मा ने कारोबारी दीपक टंडन के वायरल सीसीटीवी फुटेज और कथित चैट भी सामने आए थे. DFO से भी चक्कर! जानकारी के अनुसार, कल्पना वर्मा के चक्कर में एक डीएफओ ने अपनी बीवी से तलाक भी ले लिया था. वह कल्पना वर्मा से शादी करना चाहता था. जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कारोबारी दीपक टंडन से ब्रेकअप के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा एक डीएफओ से दिन रात व्हाट्सएप चैट में लीन रहती थी. इतना ही नहीं, कल्पना वर्मा ने कई नक्सल इनपुट्स ऐसे इनपुट्स जो खुफिया जानकारी किसी को नहीं दे सकते, वह भी शेयर किए हैं.

छत्तीसगढ़ में बाल विवाह मुक्त अभियान, CM साय ने रवाना किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’

रायपुर   छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह नगर जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रथ पर बाल विवाह के दुष्परिणामों के बाबत जागरूकता फैलाने वाले संदेशों के साथ ही इसके खिलाफ शपथ लेने के लिए एक शपथ पट भी लगाया गया है। यह रथ 8 मार्च तक पूरे राज्य के गांवों और कस्बों से गुजरेगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ भारत सरकार के बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की एक पहल है। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन 450 जिलों में 2030 तक बाल विवाह को खत्म करने व बाल संरक्षण तंत्र को मजबूती देने के लिए काम कर रहे हैं।    पोस्टरों व लाउडस्पीकर पर प्रभावशाली संदेशों के साथ ही बाल विवाह के खिलाफ प्रतिज्ञा लेने के लिए एक शपथ पट से लैस ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रा के दौरान यह राज्य के सबसे सुदूर स्थानों व हाशिये के समुदायों तक पहुंच सके। चारपहिया वाहन जहां प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों को कवर करेंगे, वहीं कमजोर संपर्क वाले अत्यंत दूरस्थ गांवों तक राज्यभर में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां के माध्यम से पहुंचा जाएगा। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन जशपुर जिले में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च ने किया। बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “राज्य में पहले ही बाल विवाह का चलन काफी हद तक कम हो चुका है और हम बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित कर चुके हैं। सरकार, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रशासन के सतत प्रयासों से हम छत्तीसगढ़ से बाल विवाह के पूरी तरह खात्मे के प्रति आश्वस्त हैं।” बाल विवाह के खात्मे की देशव्यापी लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रही है। राज्य का बालोद जिला वर्ष 2025 में देश का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बना, जबकि सूरजपुर जिले के जिला प्रशासन ने 75 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित किया है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश राज्य के अंतिम छोर और अंतिम गांव तक पहुंचाएगा। बाल विवाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार के दृढ़ रवैये की सराहना करते हुए चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय समन्वयक बिधान चंद्र सिंह ने कहा कि मजबूत साझेदारियों, राजनीतिक इच्छाशक्ति और सतत जमीनी कार्रवाइयों से छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक मानक बनकर उभरा है। ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की रवानगी के मौके पर हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “बाल विवाह के खात्मे के हमारे दृढ़ संकल्प को आज पूरी दुनिया देख रही है। सभी को साथ लेकर और यह सुनिश्चित कर कि प्रत्येक परिवार इससे जुड़े, हर बच्चे को सुरक्षा मिले और हर गांव बाल विवाह मुक्त होने की ओर अग्रसर हो, यह लड़ाई सफल हो रही है। छत्तीसगढ़ में आज हुआ यह कार्यक्रम इस अपराध के खात्मे के लिए देश की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।” चाइल्ड मैरेज फ्री इंडिया देश से 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लिए जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सबसे प्रमुख अभियान है। पिछले एक साल में ही इस नेटवर्क ने पूरे देश में 198,628 बाल विवाह रोके हैं। इसमें 3988 बाल विवाह अकेले छत्तीसगढ़ में रोके गए।  अपनी यात्रा के दौरान ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ पंचायतों, जिला प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) और अन्य सरकारी अधिकारियों को साथ जोड़ते हुए जागरूकता और संकल्प के लिए समुदायों तक पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संपन्न होने वाली यह यात्रा स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक स्थलों को कवर करेगी और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पीड़ितों/सर्वाइवरों की कहानियों के माध्यम से अपना संदेश फैलाएगी। इसके अतिरिक्त, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के इसी तरह के ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ इस समय देश के 25 राज्यों के 451 जिलों में यात्रा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के छह सहयोगी संगठन जमीन पर कार्य कर रहे हैं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के अनुसार, जो भी बाल विवाह का आयोजन करता है, उसे बढ़ावा देता है, जानबूझकर उसमें भाग लेता है या बाल विवाह से संबंधित किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान करता है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती, सोने के दाम में भी गिरावट – क्या कीमतें फिर रिकॉर्ड हाई पर जाएंगी?

इंदौर  सोना और चांदी के भाव में शुक्रवार को भी गिरावट देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम भरभराकर टूटे हैं. चांदी सुबह 11.30 बजे 5000 रुपये गिरकर 2.38 पर पहुंच गई थी, वहीं सोने के भाव में 1000 रुपये की गिरावट आई थी, जो 1.50 लाख रुपये के ऊपर थे. हालांकि शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत 12000 रुपये टूट गई थी और सोना 1800 रुपये गिर गया था.  वहीं रिकॉर्ड हाई से देखें तो सोना और चांदी काफी सस्‍ते हो चुके हैं. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्‍या फिर कभी चांदी और गोल्‍ड वापस उस लेवल पर आएंगे? आइए जानते हैं सोने और चांदी के भाव में इतनी गिरावट क्‍यों आ रही है.  रिकॉर्ड हाई से चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती  29 जनवरी को चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये पर थी, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है और आज चांदी 2.29 लाख रुपये पर आ गई थी. ऐसे में देखा जाए तो चांदी के भाव में 1.91 लाख रुपये तक की गिरावट आई है. इसके अलावा, गोल्‍ड प्राइस में भी बिग फाल हुआ है. सोने की कीमत 29 जनवरी को 1.93 लाख रुपये पर थी, लेकिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1.49 लाख रुपये पर आ गई. इसका  मतलब है कि सोने की कीमत में 44 हजार रुपये की गिरावट आई है.  गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ भी गिरा सोना और चांदी ईटीएफ प्राइस में शुक्रवार को 10 फीसदी तक की गिरावट आई. यह गिरावट ग्‍लोबल स्‍तर पर आईटी और टेक कंपनियों में बिकवाली हावी होने के बाद आई है, क्‍योंकि अमेरिकी इससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई. एआई घबराहट और अर्निंग को लेकर आईटी और टेक शेयरों में गिरावट आई.   कोटक सिल्वर ETF को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ, यह 10% गिर गया, जबकि HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF में से हर एक में लगभग 9% की गिरावट आई. बंधन सिल्वर ETF में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, यह लगभग 6% नीचे रहा. गोल्ड ETF में एंजेल वन गोल्ड ETF 8% गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में 5% की गिरावट आई. क्‍यों आ रही गोल्‍ड सिल्‍वर में गिरावट?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्‍ताह के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई थी, जिससे अस्थिरता बनी हुई है. यह गिरावट केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीदों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और सीएमई द्वारा मार्जिन में की गई भारी बढ़ोतरी के कारण हुई है. इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमत के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली आई है, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सोने-चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट पर ज्‍यादा पार्टिसिपेट नहीं कर रहे हैं. इंटरनेशनल लेवल पर सोने-चांदी का भाव  गुरुवार को इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सोना 4 फीसदी गिरा और चांदी के भाव में 9 फीसदी की गिरावट आई. सोना अभी 4,887 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है और चांदी की कीमत $78 प्रति औंस पर बनी हुई है.  क्‍या वापस रिकॉर्ड हाई पर जाएंगे सोने-चांदी के दाम?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी ग्‍लोबल अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में सोने और चांदी की कीमातों में उछाल आ सकता है. Goldman Sachs जैसे बड़े बैंकों का कहना है कि सोने के $4,900 प्रति औंस तक 2026 में पहुंचने की संभावना है. वहीं चांदी के मामले में ब्रोकरेज और विश्लेषक मानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्‍लोबल अनिश्चितता के कारण चांदी  एक बार फिर रिकॉर्ड हाई के करीब या इससे ऊपर जा सकती है.  Bank of America का कहना है कि चांदी 135 डॉलर के ऊपर भी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लाई और मांग बना रहना जरूरी है. ऐसे में अगर जियो -पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जारी रहती है तो  सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकती हैं. 

अबूझमाड़ में नक्सलियों के हथियार फैक्ट्री और विस्फोटक का जखीरा बरामद, सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई

नारायणपुर  जिले के अबूझमाड़ अंचल में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. थाना सोनपुर क्षेत्र के कुरुसकोड़ो जंगल में डीआरजी और नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों की एक गुप्त हथियार फैक्ट्री से जुड़े बड़े डंप का खुलासा किया है. जिस दिन कुरुसकोड़ो में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया, उसी दिन यह बड़ी सफलता हाथ लगी. खुफिया सूचना के आधार पर चला सर्च ऑपरेशन पुलिस को विश्वसनीय खुफिया सूचना मिली थी कि कुरुसकोड़ो–पांगुड–कंदुलपार क्षेत्र में नक्सलियों ने वर्षों पहले हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है. इसके बाद थाना सोनपुर से डीआरजी टीम ने एरिया डॉमिनेशन पैट्रोल योजना में बदलाव कर सघन तलाशी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान जमीन के भीतर प्लास्टिक ड्रम में दबाकर रखी गई भारी मात्रा में हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री बरामद की गई. हथियार फैक्ट्री के सबूत मिले बरामद सामग्री से साफ संकेत मिलता है कि नक्सलियों ने जंगल के अंदर अवैध हथियार फैक्ट्री विकसित कर रखी थी. एसएलआर की खाली मैगजीन, बीजीएल और यूबीजीएल सेल तथा एल्यूमिनियम पाइप से हैंड ग्रेनेड बनाने की सामग्री सबसे चौंकाने वाली बरामदगी रही. बरामद सामग्री का संक्षिप्त विवरण तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लोहे और एल्यूमिनियम के पाइप, बीजीएल सेल, खाली मैगजीन, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग उपकरण, मोटर पार्ट्स, कटर व्हील और अन्य मशीनरी सामान बरामद किया गया. विस्तार से जानिए क्या-क्या मिला?     लोहा पाइप हॉफ इंच – 584 नग     लोहा पाइप 1 इंच – 588 नग     लोहा पाइप डेढ़ इंच – 70 नग     लोहा पाइप 02 इंच – 30 नग     लोहा पाइप (छोटा) डेढ़ इंच – 11 नग     लोहा पाइप ढाई इंच – 03 नग     एल्युमिनियम हॉफ इंच – 140 नग     एल्युमिनियम 2 इंच – 32 नग (प्रत्येक वज़न 8 किलोग्राम)     एल्युमिनियम 3 इंच – 30 नग (प्रत्येक वज़न 22.5 किलोग्राम)     बीजीएल सेल – 61 नग     बीजीएल सेल (छोटा) – 21 नग     तीर-धनुष बीजीएल – 46 नग     एसएलआर की खाली मैगजीन – 14 नग     पिस्टल की खाली मैगजीन – 01 नग     टुलू मोटर – 01 नग     केरोसिन ब्रश ब्लू पम्प – 05 नग     कटर व्हील – 310 नग     स्क्रू (छोटा) – 04 पैकेट     स्क्रू (बड़ा) – 01 पैकेट     लाइट 3-पिन – 06 नग     लाइट सिंगल बटन – 10 नग     वेल्डिंग इलेक्ट्रोड होल्डर – 01 नग     वर्गों कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पैक्ट स्केल – 01 नग     मोटर सायकल स्पोक – 44 नग     रेतमल – 05 नग     ग्राइंडर मशीन – 02 नग     ग्राइंडर टूल बॉक्स – 01 नग     स्टॉक पिन – 40 नग     स्टॉक वाइसर – 11 पैकेट     ग्रेडिंग व्हील – 05 नग     मोटर पट्टा (रबर बेल्ट) – 05 नग     अन्य हथियार निर्माण एवं मशीनरी से संबंधित सामग्री बड़ी साजिश नाकाम पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीजीएल और यूबीजीएल सेल की बड़ी संख्या यह दर्शाती है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे. समय रहते इस डंप का पता लगने से एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया. पूरे अभियान में न तो किसी नागरिक को नुकसान पहुंचा और न ही सुरक्षा बलों को कोई क्षति हुई.     नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान लगातार जारी है. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से क्षेत्र में शांति और विकास का रास्ता खुलेगा और तय समय सीमा में नक्सलमुक्त बस्तर का लक्ष्य पूरा किया जाएगा.- पुलिस अधीक्षक, रॉबिनसन गुड़िया ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा हाल ही में कुरुसकोड़ो क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ के सहयोग से नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है. लगातार कैंप स्थापना, सड़क निर्माण और विकास कार्यों के कारण स्थानीय ग्रामीणों का भरोसा पुलिस पर बढ़ा है. 

T20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में बड़ा बदलाव, हर्षित राणा OUT, मोहम्मद सिराज की एंट्री तय

 नई दिल्ली आईसीसी पुरुष 20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले ही भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है. तेज गेंदबाज हर्षित राणा आगामी टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. हर्षित गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं. ऐसे में उनका बाहर होना भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है. भारतीय टीम मैनेजमेंट को गुरुवार (5 अक्तूबर) शाम ही हर्षित की चोट की जानकारी मिल गई थी. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि हर्षित को आधिकारिक तौर पर बाहर नहीं किया गया है, लेकिन अब सूत्रों ने पुष्टि की है कि वह टूर्नामेंट में खेलने के लिए फिट नहीं हो सके. रिपोर्ट के मुताबिक हर्षित राणा की जगह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया गया है. इसकी औपचारिक घोषणा जल्द होगी.’ हर्षित राणा को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वॉर्मअप मैच के दौरान चोट लगी थी. वह रनअप पूरा नहीं कर पा रहे थे और एक ही ओवर में दो बार ऐसा देखने को मिला. इसके बाद उन्हें घुटने में दर्द महसूस हुआ और वह लड़खड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे. उन्होंने मैच में सिर्फ एक ओवर डाला, जिसमें 16 रन दिए थे. हर्षित की कमी खलेगी: सूर्यकुमार संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ पहले मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने कहा था, ‘फिजियो उनकी जांच कर रहे हैं, लेकिन उनकी स्थिति अच्छी नहीं लग रही. टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से यह बड़ा नुकसान है. अगर वह नहीं खेलते हैं तो हमें उनकी कमी जरूर खलेगी, लेकिन हमारे पास विकल्प मौजूद हैं और हम सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज को चुनेंगे.’ मोहम्मद सिराज को शुरुआती स्क्वॉड में नहीं शामिल किया गया था, लेकिन हर्षित राणा के चोटिल होने के चलते उनकी किस्मत बदल गई है. 31 साल के सिराज ने भारतीय टीम के लिए 16 टी20 इंटरनेशनल में 32.28 की औसत से 14 विकेट झटके हैं. टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को ग्रुप-ए में संयुक्त राज्य अमेरिका, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स और नामीबिया के साथ रखा गया है. टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की अपडेटेड टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अक्षर पटेल (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, संजू सैमसन (विकेटकीपर), कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज और ईशान किशन (विकेटकीपर). भारत के ग्रुप मैचों का शेड्यूल 07 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs USA. मुंबई 12 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs नामीबिया. दिल्ली 15 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs पाकिस्तान. प्रेमदासा, कोलंबो 18 फरवरी. 7:00 PM. भारत vs नीदरलैंड्स. अहमदाबाद

जॉश हेजलवुड का टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होना, ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बड़ा झटका

मेलबर्न आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है और इसका खिताबी मुकाबला 8 मार्च को खेला जाना है. टी20 वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया को एक और झटका लगा है. अनुभवी तेज गेंदबाज जॉश हेजलवुड चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, जिससे टीम की गेंदबाजी और कमजोर हो गई है. 12 नवंबर को शेफील्ड शील्ड के दौरान हुई हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद से हेजलवुड कोई मैच नहीं खेल सके हैं. इसके बावजूद उन्हें वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल किया गया था. ऑस्ट्रेलियाई टीम जब श्रीलंका पहुंची, तब भी वह सिडनी में ही रहकर फिटनेस पर काम कर रहे थे. हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती मैच से सिर्फ पांच दिन पहले राष्ट्रीय चयनकर्ता टोनी डोडेमाइड ने साफ कर दिया कि हेजलवुड की वापसी अभी दूर है और उनकी फिटनेस प्रक्रिया तेज करना जोखिम भरा होगा. उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद थी कि जोश सुपर-8 स्टेज के लिए फिट हो जाएंगे, लेकिन अब संकेत हैं कि उन्हें अभी और समय लगेगा. हम तुरंत कोई रिप्लेसमेंट घोषित नहीं करेंगे और जरूरत के अनुसार बाद में फैसला लेंगे.’ हेजलवुड के बाहर होने से पहले ही कप्तान मिचेल मार्श की टीम को बड़ा झटका लग चुका था क्योंकि पैट कमिंस चोटिल हैं. वहीं मिचेल स्टार्क पिछले साल टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. इस तरह 2011 के बाद पहली बार ऐसा होगा जब ऑस्ट्रेलिया के ‘बिग थ्री’ तेज गेंदबाजों में से कोई भी वर्ल्ड कप में नहीं खेलेगा. ये 2 तेज गेंदबाज ही पूरी तरह फिट फिलहाल टीम के पास जेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस के रूप में पूरी तरह फिट दो मुख्य तेज गेंदबाज हैं. ट्रैवलिंग रिजर्व सीन एबॉट को बाद में टीम में शामिल किया जा सकता है. नाथन एलिस भी चोट से वापसी कर रहे हैं, लेकिन 11 फरवरी को होने वाले ऑस्ट्रेलियाा के पहले मैच में उनका खेलना तय नहीं है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक टिम डेविड और नाथन एलिस ग्रुप स्टेज के लिए उपलब्ध हो सकते हैं, जबकि स्पिनर एडम जाम्पा आयरलैंड के खिलाफ मैच के लिए फिट घोषित किए गए हैं. श्रीलंका की परिस्थितियों को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम शुरुआती मैचों में स्पिनर्स पर ज्यादा भरोसा जता सकती है. टीम के पास एडम जाम्पा, मैथ्यू कुह्नमैन और कूपर कोनोली के रूप में शानदार स्पिन विकल्प मौजूद हैं. इसके अलावा मार्कस स्टोइनिस और कैमरन ग्रीन जैसे सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर टीम को संतुलन देंगे. कप्तान मिचेल मार्श ने कहा कि टीम के पास पर्याप्त गहराई है और खिलाड़ी हालात के अनुसार बेहतर प्रदर्शन करने को तैयार हैं. वर्ल्ड कप से पहले ऑस्ट्रेलिया को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 0-3 से हार झेलनी पड़ी. वहीं नीदरलैंड्स के खिलाफ अभ्यास मैच बारिश के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया. टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम: मिचेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, बेन ड्वारशुइस, कैमरन ग्रीन, नाथन एलिस, ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, मैथ्यू कुह्नमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू रेनशॉ, मार्कस स्टोइनिस, एडम जाम्पा. रिजर्व: सीन एबॉट.

रास्ते पर अचानक सामने आया बाघ, अमरकंटक में शिक्षक ने बनाया हैरान कर देने वाला वीडियो

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही  लगभग सालभर के अंतराल के बाद अमरकंटक ज्वालेश्वर मार्ग पर बाघ की चहल कदमी दिखाई दी है। अमरकंटक से वापस लौट रहे स्थानीय शिक्षक ने बाघ के मूवमेंट को अपने मोबाइल फोन में कैद किया है। वीडियो में बाघ सड़क के बीचों बीच चलता दिखाई दे रहा है। एक सियार भी बाघ के आसपास दिखाई दे रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के दोनों ओर नुकीली कांटेदार तार होने के कारण बाघ उसे पार नहीं कर पा रहा है और बार-बार सड़क पर आना-जाना कर रहा है। बता दें कि बीते वर्ष कान्हा नेशनल पार्क से भटकर एक बाघिन ने मरवाही वनमंडल के मरवाही के जंगलों और गौरेला रेंज से जुड़े जंगलो में काफी समय बिताया था, जो काफी कौतूहल का विषय बन गया था। इस बाघिन को बड़ी आसानी के साथ उस दौरान देखा जा सकता था, इसी बाघिन ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के ज्वालेश्वर क्षेत्र में लगभग 15 दिनों तक विचरण करते हुए देखी गई थी, जिसका बाद में रेस्क्यू कर लिया गया था। बीती रात 5 फरवरी को शिक्षक योगेश बिसेन परिवार सहित अमरकंटक से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान रास्ते मे एक बड़े जानवर बाघ को देख कर टिठक गए। उन्होंने तत्काल अपना फ़ोन निकालकर इस बाघ का वीडियो बना लिया। इस बाघ के आसपास एक सियार भी था। माना जा रहा है कि अचानक मार्ग में बाघों की संख्या बढ़ने के कारण नए इलाके की तलाश में बाघ यहां पहुंच गया होगा।

जब बैंगनी रंग की पैदा हुईं मालती: 765 ग्राम वजन और प्रियंका के 12 घंटे अस्पताल में : निक जोनस

लॉस एंजिल्स सिंगर निक जोनास ने बताया है कि जन्म के बाद उनकी बेटी मालती मैरी चोपड़ा का वजन कम था और वह बहुत नाजुक थीं। जे शेट्टी पॉडकास्ट पर बात करते हुए प्रियंका चोपड़ा के पति निक जोनस ने मालती की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर बहुत खुशी होती है कि अब उन्हें बेटी की खूबसूरती का अनुभव करने का मौका मिल रहा है। अपनी बेटी के बारे में बात करते हुए सिंगर की आंखों में आंसू आ गए। इकना ही नहीं, प्रियंका की बहन परिणीति चोपड़ा ने भी उन्हें बधाई दी थी और उनकी मिसाल भी दी। निक जोनस ने मालती मैरी के जन्म के बाद अपने और प्रियंका के अनुभवों को शेयर किया। निक ने कहा, ‘उसका जन्म बहुत ही कठिन परिस्थितियों में हुआ, जिनके बारे में मैंने पहले कभी बात नहीं की। हम उसके अप्रैल में आने की उम्मीद कर रहे थे, जिस साल वह पैदा हुई थी। फिर हमें फोन आया कि वह जल्दी आ जाएगी… हम अस्पताल पहुंचे और जब वह बाहर आई तो उसका वजन 1 पाउंड 11 औंस (765 ग्राम)था और उसका रंग लगभग बैंगनी था।’ उन्होंने आगे बताया कि एनआईसीयू में नर्सों ने उसे कैसे पुनर्जीवित किया और उसकी देखभाल की। प्रियंका और निक करते थे 12 घंटे की शिफ्ट निक ने बताया कि मालती को घर लाने तक वह और प्रियंका हर दिन अस्पताल में 12-12 घंटे की शिफ्ट करते थे। निक ने कहा, यह कोविड-19 का दौर था, इसलिए मेरी पत्नी और मैंने साढ़े तीन महीने तक अस्पताल में 12-12 घंटे की शिफ्ट की। मुझे अभी भी उसकी गंध याद है। कुछ चीजें हमेशा दिल दहला देने वाली होती हैं। हर दिन वहां रहना और दूसरे परिवारों को ऐसी ही स्थिति से गुजरते देखना सुकून देने वाला और डरावना दोनों था। मालती ने साढ़े तीन महीने तक हर दिन संघर्ष किया और धीरे-धीरे उसका वजन बढ़ने लगा। छह बार खून चढ़ाने के बाद उसकी हालत में काफी सुधार हुआ। साढ़े तीन महीने बाद हम उसे घर ले आए।’

2 की मौत और दो की हालत गंभीर, बारात से लौट रही कार गड्ढे में गिरी

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा भारतमाला मुख्य मार्ग पर बीती रात एक रूह कंपा देने वाला भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र से कोरबा आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरी. दर्दनाक दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर घायल हुए हैं. जानकारी के अनुसार, मृतकों के नाम राहुल राय और विराट अग्रवाल बताए जा रहे हैं. कार क्रमांक सीजी 10 पी एफ 9922 पर सवार ये सभी लोग एक बारात में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही खुशियां मातम में बदल गईं. घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया. घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है. उरगा थाना पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. प्रथम दृष्टया हादसे का मुख्य कारण वाहन की अत्यधिक रफ्तार को माना जा रहा है, जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पलट गई.

राज्यपाल पटेल ने बच्चों के साथ किया “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में भागीदारी

राज्यपाल  पटेल बच्चों के साथ “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में हुए शामिल लोक भवन आए विद्यार्थियों ने कहा- पीएम  मोदी का मार्गदर्शन सरल, रोचक और प्रेरक भोपाल       राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने लोकप्रिय कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा”  को छात्र-छात्राओं के साथ लोक भवन में देखा। इस अवसर पर लोक भवन के जवाहर खण्ड में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी और लोक भवन परिसर में रहने वाले परिवारों के बच्चे उपस्थित थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का यह कार्यक्रम अभूतपूर्व है। देश के प्रधानमंत्री का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद सार्थक और नवाचारी है, जो विद्यार्थियों को जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देता है। चुनौतियों के समाधान के लिए नई प्रेरणा और आत्मबल प्रदान करता है। परीक्षा काल के दौरान आने वाली चुनौतियों और कठिनाईयों को दूर करने के तरीके और तकनीक बताता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा से जुड़े तनाव का प्रबंधन सिखाता है। यह जीवन में संतुलन, अनुशासन और आत्मबल विकसित करने का मार्गदर्शन भी देता है। तनाव मुक्त रहना, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना और सोच को सकारात्मक बनाने की प्रेरणा उज्जवल भविष्य निर्माण का रास्ता है। विद्यार्थियों ने कहा : प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, रोचक और प्रेरक संदेशों ने बढ़ाया आत्मविश्वास      राज्यपाल  पटेल द्वारा प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिये गए आमंत्रण से विद्यार्थी अभिभूत थे। सभी विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का एक अद्भुत, प्रेरक और अविस्मरणीय अनुभव बताया। मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर, भोपाल की कक्षा 12वीं की छात्रा सु आराध्या शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के सरल, व्यावहारिक और उत्साहवर्धक संदेशों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। वह अब परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज और सकारात्मक महसूस कर रही हैं। केन्द्रीय विद्यालय-2 के कक्षा 8वीं के विद्यार्थी अरिहंत जैन ने कार्यक्रम को व्यवहारिक सीख, चुनौतियों के रणनीतिक समाधान और परीक्षा के तनाव को कम करने में अत्यंत उपयोगी सुझावों का खजाना बताया। केन्द्रीय विद्यालय-1 की कक्षा 9वीं की छात्रा सु महक विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम ने हम सब विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उपस्थित सभी विद्यार्थियों ने “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम को परीक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। सभी छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल  पटेल और प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।      कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सचिव  मालसिंह भयड़िया, लोक भवन के अधिकारी और छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।  

दिल्ली में एमपी बीजेपी के नेताओं की बैठक, पार्टी में बदलाव के संकेत, हेमंत खंडेलवाल होंगे केंद्र में

भोपाल  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने डिनर डिप्लोमेसी का फॉर्मूला अपनाते हुए प्रदेश के सभी सांसदों को सहभोज पर बुलाया। यहां उन्होंने सांसदों से संगठनात्मक विषय व आगामी रणनीति पर वन-टू-वन चर्चा भी की। माना जा रहा है कि यह डिनर केवल आपसी संवाद तक सीमित नहीं था। बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति की नींव रखने की कोशिश भी थी। सांसदों से एमपी बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने किया आग्रह भाजपा के दोनों सदनों के सांसदों से खंडेलवाल ने आग्रह किया कि वे प्रदेश से जुड़े विषयों और विकास आवश्यकताओं के समाधान के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में सक्रिय सहयोग करें, ताकि केंद्र की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संवाद आने वाले समय में संगठात्मक निर्णयों और कार्ययोजनाओं में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है भाजपा की सरकार उन्होंने कहा, भाजपा सरकारमध्यप्रदेश की प्रगति और जन कल्याण के लिए हर स्तर पर केंद्र के साथ मिलकर कार्य कर रही है। इस सहभोज में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद एम. मुरुगन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, भोपाल सांसद आलोक शर्मा, इंदौर शंकर लालवानी सहित प्रदेशभर के सांसद शामिल हुए। इन मुद्दों पर हुई चर्चा सूत्रों के मुताबिक बैठक में चर्चा के दौरान बुनियादी ढ़ांचा, सड़क-रेल कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश, क्षेत्रीय विकास और केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं। ‘डिनर’ से साफ संदेश राजनीतिक जानकारों के मुताबिक दिल्ली में आयोजित यह सहभोज भाजपा के नेतृत्व की ओर से एकजुटता और सक्रियता का बड़ा संदेश देता है। विपक्ष के लिए भी संदेश साफ है कि एमपी प्रदेश संगठन पूरी तरह सक्रिय और समन्वित है। वहीं आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को लेकर गंभीर और तैयार है। अब आगे क्या बड़े परिवर्तन की है तैयारी? एक्सपर्ट का मानना है कि दिल्ली दौरे के बाद भाजपा प्रदेश संगठन भोपाल में भी समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हो सकता है। इसमें सांसदों से मिले फीडबैक के आधार पर रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यानी पार्टी की ये कवायद काफी कुछ बदलने की तैयारी मानी जा सकती है।

वोटर लिस्ट विवाद गहराया: नाम कटने से नाराज़ लोग कांग्रेस भवन पहुंचे, SIR प्रक्रिया पर पूर्व विधायक धनेंद्र का हमला

रायपुर छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने भाजपा और निर्वाचन आयोग को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है. अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है. धनेन्द्र साहू ने इसे साजिश बताते हुए प्रमाण भी दिया. प्रेस वार्ता में कई महिलाएं और पुरुष गले में मैं अभी जीवित हूं की तख्ती टांगकर मौजूद रहे. जो कथित तौर पर मृत बताकर मतदाता सूची से हटाए गए. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा अपना जनाधार खो चुकी है, इसलिए जो मतदाता उसे वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटवाए जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए करीब 21 हजार मतदाताओं के नाम काटे गए. निर्वाचन अधिकारी से जब फॉर्म-7 से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई, तो बीएलए की आपत्तियां देने से इनकार कर दिया गया. धनेंद्र साहू ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने बीएलए के माध्यम से 917 मतदाताओं के नाम विलोपित करवाए. लगभग हर बीएलए को 30 से 40 नाम हटाने के निर्देश दिए गए. जब कांग्रेस ने 914 नामों की जांच की, तो सभी संबंधित व्यक्ति उसी गांव और वार्ड में जीवित पाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कहा कि झूठी जानकारी देकर नाम कटवाना आपराधिक कृत्य है. इस पर संबंधित थानों में केस दर्ज होना चाहिए. धनेंद्र साहू का आरोप है कि निर्वाचन आयोग एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं है. न तो आपत्तियों का प्रकाशन किया जा रहा है और न ही दावा-आपत्ति की जानकारी कांग्रेस संगठन को दी जा रही है. दबाव के बाद ही निर्वाचन आयोग जानकारी देने को बाध्य हुआ. कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और नियमों के पालन के साथ काम कराने की मांग की है. धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में जिनका नाम कटा है, उनमें 70 प्रतिशत नाम मुस्लिम मतदाताओं के हैं. यह साजिश केवल अभनपुर में नहीं हो रही है. इधर बीएलए का कहना है कि उन्होंने आपत्ति नहीं की, भाजपा पार्टी के बड़े पदाधिकारी आए और साइन करवा लिए. धनेंद्र साहू ने कहा यह एक बड़ा षड्यंत्र है, जितने बीएलए हैं वह दूसरे गांव में शिकायत कर रहे हैं. धनेंद्र साहू ने एसआईआर में मतदाता लिस्ट से कटे नामों में करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह साजिश सिर्फ अभनपुर तक सीमित नहीं है. बीएलए का कहना है कि उन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की थी, बल्कि भाजपा के बड़े पदाधिकारी आए और उनसे साइन करवा लिए.

WPL चैंपियन RCB को मिली भारी पुरस्कार राशि, दिल्ली कैपिटल्स के लिए क्या था इनाम? देखें अवॉर्ड्स की पूरी लिस्ट

वडोदरा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स (DC) को छह विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. आरसीबी ने दूसरी बार डब्ल्यूपीएल खिताब जीता. इससे पहले उसने 2024 सीजन अपने नाम किया था, वहीं चारों सीजन में फाइनल खेलने के बावजूद दिल्ली कैपिटल्स अब तक टाइटल नहीं जीत सकी है. डब्ल्यूपीएल चैम्पियन बनने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली. पिछले सीजन में विजेता रही मुंबई इंडियंस (MI) को भी इतनी ही  प्राइज मनी हासिल हुई थी. वहीं रनर-अप दिल्ली कैपिटल्स को 3 करोड़ रुपये का चेक दिया गया. इसके अलावा भी खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए गए. वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए हाई स्कोरिंग मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 203 रन बनाए. कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने 37 गेंदों पर 57 रन की अहम पारी खेली, जबकि चिनेल हेनरी ने 15 गेंदों में नाबाद 35 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. लॉरा वोल्वार्ट (44 रन) और लिजेल ली (37 रन) ने भी उपयोगी योगदान दिया. 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB की शुरुआत अच्छी नहीं रही और ग्रेस हैरिस (9 रन) जल्दी आउट हो गईं. इसके बाद कप्तान स्मृति मंधाना (87 रन) और जॉर्जिया वॉल (79 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 165 रनों की शानदार साझेदारी कर मैच का रुख पलट दिया. दिल्ली ने आखिरी ओवरों में तीन विकेट लेकर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन आरसीबी ने दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया. WPL में अवॉर्ड्स की पूरी लिस्ट विजेता टीम (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)- 6 करोड़ रुपये रनर-अप (दिल्ली कैपिटल्स)- 3 करोड़ रुपये मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर ऑफ द सीजन- सोफी डिवाइन, 5 लाख रुपये ऑरेंज कैप- स्मृति मंधाना (377 रन), 5 लाख रुपये पर्पल कैप- सोफी डिवाइन (17 विकेट), 5 लाख रुपये सबसे ज्यादा छक्के- हरमनप्रीत कौर, 5 लाख रुपये सबसे ज्यादा डॉट बॉल- लॉरेन बेल, 5 लाख रुपये मैच आईक्यू ऑफ द सीजन- सोफी डिवाइन, 5 लाख रुपये सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट- ग्रेस हैरिस, 5 लाख रुपये इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन- नंदनी शर्मा, 5 लाख रुपये फेयर प्ले अवॉर्ड- मुंबई इंडियंस, 5 लाख रुपये फाइनल मैच में प्लेयर ऑफ द मैच- स्मृति मंधाना, 2.5 लाख रुपये रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस जीत के साथ ही मुंबई इंडियंस के बाद डब्ल्यूपीएल इतिहास में एक से ज्यादा खिताब जीतने वाली दूसरी टीम बन गई है. बता दें कि मुंबई इंडियंस (MI) ने 2023 और 2025 का डब्ल्यूपीएल सीजन अपने नाम किया था.

प्यार को मिला नया नाम: TV एक्ट्रेस येशा रूघानी ने डायरेक्टर से की सगाई, पहली बार दिखी मंगेतर की झलक

मुंबई ‘मुस्कान’, ‘हीरो: गायब मोड ऑन’, ‘कभी कभी इत्तेफाक से’ और ‘रब से है दुआ’ जैसे टीवी शो का हिस्सा रहीं टेलीविजन एक्ट्रेस येशा रूघानी ने सगाई कर ली है। एक्ट्रेस ने अपने लंबे समय के साथी और डायरेक्टर नरिंदर सिंह से सगाई कर ली है। उन्होंने सगाई की फोटोज अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कीं और उन्हें खूबसूरत कैप्शन दिया। येशा की सगाई 3 फरवरी को एक सादे और पारंपरिक समारोह में हुई। इस कपल ने एक-दूसरे के प्रति प्यार से भरी तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें वे एक-दूसरे के प्यार में पूरी तरह डूबे हुए नजर आ रहे हैं। येशा और नरिंदर ने गर्व से अपनी शादी की अंगूठियां दिखाईं और चारों ओर से शुभकामनाओं और बधाई भरे मैसेजेस की बाढ़ आ गई। येशा ने की सगाई एक्ट्रेस ने अपनी पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने शुभ मुहूर्त 11:11 बजे एक-दूसरे को अंगूठियां पहनाईं, जिसे अंकशास्त्र और आध्यात्मिकता में ‘मास्टर नंबर’ माना जाता है। तस्वीरों में नया कपल अपनी सगाई की रस्म की खूबसूरत सजावट के बीच बैठा नजर आ रहा है। एक तस्वीर में नरिंदर अपनी पार्टनर को प्यार से चूमते हुए दिख रहे हैं। 11:11 के वक्त पर सगाई पोस्ट का कैप्शन था, ’11:11 बजे, हमने हमेशा के लिए एक साथ रहने का फैसला किया।’ जैसे ही इस कपल ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कीं, धीरज धूपर, पलक सिंधवानी, अशनीर कौर, शरद मल्होत्रा, पूनम जांगरा, सपना ठाकुर और कई टेलीविजन हस्तियों ने पोस्ट के कमेंट सेक्शन में बधाई और प्यार भरे मैसेजेस की बाढ़ ला दी। येशा ने पहली बार दिखाया मंगेतर का चेहरा येशा हमेशा से ही सादगी भरी जिंदगी जीती आई हैं और बेहद प्राइवेट किस्म की हैं। उन्होंने अपने रिश्ते को मीडिया की नजरों से दूर रखा। सगाई की पोस्ट के जरिए येशा ने पहली बार नरिंदर सिंह से सभी को मिलवाया। उन्होंने अब तक अपने निजी जीवन को सुर्खियों से दूर रखा था। इस खास मौके को फैंस के साथ शेयर करके येशा ने हर किसी को खुशी से भर दिया है।

सेना में मेजर के साथ हैं लग्जरी फैशन ब्रांड, जोधपुर में थाईलैंड की राजकुमारी का होगा शाही स्वागत

जोधपुर. थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना 8 फरवरी से जोधपुर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। वे विशेष विमान से जोधपुर पहुंचेंगी। राजकुमारी के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा, आवागमन, ठहराव और भ्रमण को लेकर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजकुमारी के शाही स्वागत को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एयरपोर्ट से लेकर उनके ठहरने और भ्रमण स्थलों तक विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजकुमारी के स्वागत में पारंपरिक और शाही अंदाज अपनाया जाएगा। खुदका लग्जरी फैशन ब्रांड राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर के रूप में जानी जाती हैं। उनका खुद का लग्जरी फैशन ब्रांड है, जो दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय है। फैशन के क्षेत्र में उनके डिजाइन और कलेक्शन को खास पहचान मिली हुई है। सेना में मेजर पद पर कार्यरत राजकुमारी सिरिवन्नवारी केवल फैशन तक सीमित नहीं हैं। वे थाईलैंड की शाही सेना में मेजर के पद पर भी कार्यरत हैं। इसके अलावा वे एक कुशल घुड़सवार हैं और खेल, कला व संस्कृति के क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि है। दुनिया की सबसे अमीर राजकुमारियों में शामिल राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना को दुनिया की सबसे अमीर राजकुमारियों की सूची में भी शामिल किया जाता है। उनकी संपत्ति अरबों में बताई जाती है। राजस्थान और आगरा का भी करेंगी भ्रमण राजकुमारी भारत के 5 दिवसीय दौरे पर आई हैं। इस दौरान वे राजस्थान के विभिन्न शहरों के साथ-साथ आगरा का भी भ्रमण करेंगी। जोधपुर प्रवास के दौरान वे ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक स्थलों और शाही विरासत से रूबरू होंगी।

फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने खेली 175 रनों की शानदार पारी, तोड़ दी अंग्रेजों की कमर

 हरारे आईसीसी मेन्स अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में आज (6 फरवरी) भारतीय टीम का सामना इंग्लैंड से है. दोनों टीमों के बीच यह खिताबी मुकाबला हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में है. मुकाबले में टॉस भारतीय टीम ने जीता और पहले बैटिंग का फैसला किया. अभिज्ञान कुंडू और आरएस अम्बरीष क्रीज पर हैं. भारतीय टीम लगातार छठा और कुल 10वां फाइनल खेल रही है, जो एक रिकॉर्ड है. पांच बार खिताब जीत चुकी भारतीय टीम की निगाहें खिताबी जीत का सिक्सर लगाने पर हैं. भारतीय टीम 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में खिताब जीता था. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सिर्फ 1 बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता है. साल 1998 के फाइनल में उसने न्यूजीलैंड को पराजित किया था. ताजा स्कोर 40 ओवर 320 रन 5 विकेट  हरारे में  ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में इंग्लैंड के ख‍िलाफ आयुष म्हात्रे ने टॉस जीता और पहले पहले बल्लेबाजी चुनी.भारत की तरफ से ओपन‍िंग करने वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज आए. वैभव और जॉर्ज की जोड़ी ज्यादा कुछ नहीं कर पाई. 20 के स्कोर पर जॉर्ज का विकेट गिरा. वह 9 रन बनाकर लौटे. प्वाइंट पर उनका कैच लपका गया. इसके बाद आयुष म्हात्रे ने वैभव के साथ टिककर बल्लेबाजी शुरू की. भाररतीय टीम ने 8 ओवर में 50 रनों का आंकड़ा पार किया. इसके बाद नौवें ओवर में वैभव ने 18 रन बनाए, जिससे भारतीय टीम का स्कोर 9 ओवर में 71 रन हो गया.  इसी बीच भारतीय टीम के 100 रन 14वें ओवर में पूरे हुए. वैभव ने 17वें ओवर में ग्रेज गेंदबाज फरहान अहमद की जमकर खबर ली और उनके ओवर में 22 रन जड़ द‍िए. दूसरी ओर आयुष म्हात्रे 19वें ओवर में 50 गेंदों पर 53 रन बनाकर एलेक्स ग्रीन की गेंद पर आउट हुए.  आयुष के आउट होने के बाद वैभव ने 55 गेंदों पर 8 छक्के और 8 चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया. इसके बाद वैभव की आंधी जारी रही. 71 गेंदों में 150 (13 छक्के, 13 चौके) रन पूरे किए.  हालांकि इसके बाद वैभव की पारी का अंत 175 रनों पर हो गया.  वैभव ने अपनी पारी में 80 गेंदों का सामना किया और कुल 15 चौके और 15 छक्के जड़े, उनको थॉमस रेव ने मैनी लम्सडेन की गेंद पर कैच पकड़ा.  व‍िहान मल्होत्रा (30) के रूप में टीम का चौथा विकेट गिरा. उन्हें जेम्स मिंटो ने बेन डॉकिन्स के हाथों कैच कराया. 302 के स्कोर पर यह विकेट गिरा. इसके बाद ही 308 के स्कोर पर 5वां विकेट गिरा. वेदांत त्रिवेदी (32) को बेन मेस ने जेम्स मिंटो की गेंद पर कैच कर लिया. 

कंपनियों में AI कर्मचारियों की एंट्री, OpenAI का Frontier टूल लॉन्च—क्या इंसान होंगे आउटडेटेड?

नई दिल्ली OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि आने वाले समय में कंपनियों में AI का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होगा और ऑफिस में AI टीम्स काम करेंगी। इस काम के लिए OpenAI ने Frontier नाम का एक नया एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए AI कर्मचारी बनाने का काम करेगा। बतौर सैम ऑल्टमैन लोग कंपनियों में AI एजेंट्स की टीम को संभालेंगे। इसका मतलब है कि भविष्य में इंसानी कर्मचारियों की जगह AI एजेंट्स लें लेंगे और उन AI कर्मचारियों को संभालने का काम कुछ लोगों का होगा। X पर एक पोस्ट कर सैम ऑल्टमैन ने कहा है कि भविष्य में वही कंपनियां कामियाब होंगी, जो AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करेंगी और जहां लोग इन AI एजेंट्स की टीमों को मैनेज करेंगे। क्या है Frontier और क्या काम करेगा? रिपोर्ट के अनुसार, (REF.) Frontier को खास तौर पर बड़ी एंटरप्राइज कंपनियों के लिए ही बनाया गया है। इसके जरिए वह अपने इंटरनल सिस्टम में काम करने वाले AI एजेट्स को आसानी से मैनेज कर पाएंगी। गौर करने वाली बात है कि AI एजेंट्स इंसानी कर्मचारियों की तरह काम करते हैं। इन्हें इंसानों की तरह ही कंपनी के बारे में समझाया जाता है, इनकी भी ट्रेनिंग होती है और यह भी फीडबैक से सीखते हैं। इसके साथ ही हर एजेंट की पहचान और सुरक्षा सीमाएं होती हैं। कैसे काम करेंगे AI एजेंट्स Open AI का Frontier प्लेटफॉर्म कंपनियों के डेटा वेयरहाउस, CRM सिस्टम और टिकट टूल्स जैसे इंटरनल ऐप्स से कनेक्ट हो जाएगा। इससे कंपनी और उनके कामकाज के तरीके को लेकर AI की समझ और भी बेहतर होती है। इस तहह से AI एजेंट्स फाइलों के साथ काम कर सकेंगे, कोड चला सकेंगे और बिना किसी नए डेटा फॉर्मेट के मौजूदा एंटरप्राइज टूल्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। ऑल्टमैन के मुताबिक, (REF.) उनका प्लेटफॉर्म Codex का इस्तेमाल करता है ताकि कंपनिया या थर्ड पार्टी डेवलपर्स सुरक्षित एजेंट बना सकें। OpenAI ने इन्हें बेहतर बनाने के लिए इन-बिल्ट इवैल्यूएशन और ऑप्टिमाइजेशन टूल्स भी दिए हैं। अब आगे क्या? लॉन्च के साथ ही दुनिया के ढेरों कंपनियां Frontier को अपना चुकी हैं। इनमें HP, Oracle, Uber, और Thermo Fisher जैसी कंपनियों के नाम शामिल है। इतना ही नहीं Cisco और T-Mobile जैसी कंपनियों में इसके पायलट प्रोग्राम चल रहे हैं। OpenAI अपने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है ताकि उद्योगों के हिसाब से खास समाधान पेश किए जा सकें। फिलहाल यह प्लेटफॉर्म कुछ कंपनियों के लिए उपलब्ध हैं लेकिन जल्द ही इसे सभी के लिए खोल दिया जाएगा।

अधिकारियों की ID इस्तेमाल कर निकाले 26.87 लाख, बैंक कर्मचारी ने सरकारी खजाने में लगाई सेंध

मुंगेली. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी खजाने में सेंधमारी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. कलेक्ट्रेट के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से लगभग 26.87 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है. इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और बैंक प्रबंधन के बीच हड़कंप मच गया है. अधिकारियों की आईडी का दुरुपयोग कर निकाली राशि यह पूरा मामला सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा का है. अपर कलेक्टर जीएल यादव द्वारा बैंक को जारी नोटिस के बाद यह सच सामने आया कि खाते से हुए लेन-देन कलेक्ट्रेट कार्यालय द्वारा अधिकृत नहीं थे. बैंक ने स्वीकार किया है कि उनके कर्मचारी (CSA) टिकेश कुमार ने आंतरिक वाउचर के जरिए अधिकारियों की गोपनीय आईडी का दुरुपयोग कर अनाधिकृत रूप से यह बड़ी राशि निकाली थी. आरोपी कर्मचारी निलंबित, बैंक ने लौटाई रकम मामला उजागर होते ही बैंक ने गबन की गई पूरी राशि वापस खाते में जमा करा दी है. आरोपी कर्मचारी का जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया गया है और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आंतरिक जांच बिठाई गई है. हालांकि, जिला प्रशासन बैंक के इस जवाब से संतुष्ट नहीं है. प्रशासन का मानना है कि शासकीय राशि की सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ एक गंभीर अपराध है और इसमें बैंक प्रबंधन की लापरवाही भी शामिल है. फिलहाल मामले में दस्तावेजों की अंतिम जांच की जा रही है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में बैंक प्रबंधन और संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

महाकाल में कोटेश्वर भगवान के पूजन से शुरू शिवनवरात्रि पर्व, 10 दिनी महोत्सव के पहले दिन भगवान का श्रृंगार

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवनवरात्रि का पर्व शुक्रवार से सुबह से शुरू हुआ। कोटेश्वर महादेव के पूजन के साथ विशेष अनुष्ठान की शुरुआत हुई। गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों ने भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन और एकादश-एकादशनी रूद्राभिषेक होगा। इस बार दिन का महाशिवनवरात्रि पर्व महाकाल मंदिर में मनाया जाएगा, मान्यता है कि जिस तरह माता की आराधना के 9 दिनों तक नवरात्री पर्व मनाया जाता है ठीक उसी तरह देश भर में सिर्फ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही महाशिवनवरात्रि पर्व मनाए जाने की परम्परा निभाई जाती है। सुबह कोटेश्वर भगवान का पूजन अर्चन होगा। शाम को भगवान को सर्वप्रथम चंदन का उबटन लगाकर स्नान कराया गया। जलधारी पर हल्दी अर्पित की गई। दोपहर एक बजे भोग आरती के बाद अपराह्न तीन बजे पंचामृत पूजन के पश्चात भगवान का भांग से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को लाल, गुलाबी और पीले रंग के नए वस्त्र अर्पित कर शृंगारित। मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंड-माला और छत्र से सजाया जाएगा। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में 10 दिन तक शिवनवरात्रि महा उत्सव मनाया जायेगा। यह विशेष श्रृंगार 6 फरवरी से 15 फरवरी तक शिवनवरात्रि के सभी नौ दिनों तक चलेगा। प्रतिदिन भक्तों को भगवान महाकाल के दिव्य दर्शन होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।भगवान महाकाल के मंदिर में उत्सव का प्रारंभ कोटेश्वर महादेव के पूजन से होगा। शिवनवरात्रि पर 9 दिन यह शृंगार     6 फरवरी : चंदन, भांग शृंगार।     7 फरवरी :नवीन वस्त्र।     8 फरवरी : शेषनाग शृंगार।     9 फरवरी : घटाटोप शृंगार।     10 फरवरी : छबीना शृंगार।     11 फरवरी: होलकर शृंगार।     12 फरवरी : मनमहेश शृंगार।     13 फरवरी : उमा महेश शृंगार।     14 फरवरी : शिव तांडव शृंगार।     15 फरवरी: सप्तधान का मुखौटा। महाशिवरात्रि पर्व के लिए दर्शन व्यवस्था तय,10 लाख भक्त आएंगे महाशिवरात्रि महापर्व 2026 (15 फरवरी) पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ किलोमीटर और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।

जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप

‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के निर्देशक व टीम के खिलाफ एफआईआर CM की सामाजिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई  जातिगत भावनाएं आहत करने, वैमनस्य फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से प्रसारण का आरोप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के आपत्तिजनक कंटेंट पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई,  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समाज में सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को आहत करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और शांति व्यवस्था को भंग करने के प्रयास के आरोप में की गई है। प्रथम दृश्टया आपत्तिजनक पाया गया फिल्म का कंटेंट थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। उनके अनुसार, ‘घूसखोर पंडत’ नामक आगामी फिल्म का शीर्षक और उसकी प्रचारित सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है। एफआईआर में जातिगत अपमान के बिंदु पर स्पष्ट किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक समुदाय/जाति विशेष (ब्राह्मण) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। इस नामकरण तथा नेटफिल्क्स व सोशल मीडिया पर प्रचारित इसके संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रसारण फिल्म के नाम और उसकी सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। कई संगठनों ने इसके विरोध में उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कदम उठाया। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों के दृष्टिगत, थाना हजरतगंज पुलिस द्वारा फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई तथा विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित-प्रसारित सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार

यमुना एक्सप्रेसवे पर तेजी से आकार ले रहा टॉय पार्क, 154 में से 143 प्लॉट आवंटित ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, निर्माण की ओर बढ़ी परियोजनाएं यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत, कुछ इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू, योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रगति पर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास नीति का असर अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेज प्रगति दर्ज की गई है। प्राधिकरण द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यह आंकड़े प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि औद्योगिक परियोजनाओं को केवल मंजूरी तक सीमित न रखते हुए उनका समय पर क्रियान्वित सुनिश्चित करना। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है। पारदर्शी आवंटन, तेज लीज प्रक्रिया और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। 76 निवेशकों को मिला पजेशन भूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी टॉय पार्क परियोजना ने ठोस रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा किया जा चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। निर्माण कार्य भी प्रगति पर निर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। इसे टॉय पार्क के वास्तविक रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार का जोर है कि आवंटन के साथ-साथ परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। 7 भूखंडों के अधिग्रहण की कार्रवाई जारी प्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना टॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

ग्राम अमदरी में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

ग्राम अमदरी में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये उमरिया उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अमदरी में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। वहीं भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहे की भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी का सपना था। कि गांव-गांव सड़क हो जो आज छोटे से छोटे गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी गांव को शहर से जोड़ा जा रहा है। सभी महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर भी प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सभी वर्ग के लिए कार्य कर रही है।कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत अमदरी के सरपंच वीना नथ्थू सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,जनपद सदस्य लक्ष्मी राम प्रताप मिश्रा,सत्यनारायण गुप्ता, राजेश सिंह चौहान,राम सिंह,किश्शु महार,नीरज पटेल,बाबूलाल, शीतल महार, कनछेदी सिंह, लालजी सिंह एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे.  

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा

निशातपुरा में युवक से मारपीट कर बाइक, अंगूठियां, मोबाइल और पर्स लूटा   रात पौने दो बजे तीन बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम  पुलिस मिले महत्वपूर्ण सुराग, जल्द होगा मामले का खुलासा  भोपाल राजधानी के निशातपुरा इलाके में बाइक सवार एक युवक के साथ तीन बदमाशों ने जमकर मारपीट की और उसकी बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और सोने-चांदी की तीन अंगूठियां लूट ली। घटना रात करीब पौने दो बजे उस वक्त हुई, जब युवक अपने साथी हलवाई को छोड़कर घर लौट रहा था।पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूटपाट और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिससे कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हर्ष वर्मा (32) गुर्जरपुरा इतवारा में रहता है और शादी पाटिर्यों में लगने वाले कैटरिंग में खाना बनाने का काम करता है। बुधवार-गुरुवार की रात वह जेल रोड इलाके में एक कार्यक्रम में खाना बनाने के लिए पहुंचा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने साथ काम करने वाले हलवाई को अस्सी फीट रोड शिवनगर स्थित उसके घर छोडऩे गया था। रात करीब पौने दो बजे वह हलवाई को छोडऩे के बाद बाइक से अपने घर के लिए लौट रहा था। करोंद स्थित शिव मंदिर के पास अचानक तीन बदमाशों ने उसे रोक लिया और जमकर मारपीट कर दी। उसके बाद बदमाशों ने हर्ष की बाइक, मोबाइल फोन, पर्स और हाथ की उंगलियों में पहने एक सोने और दो चांदी की अंगूठियां उतरवा ली। उसके बाद तीनों बदमाश वहां से भाग निकले। पुलिस ने बीती देर रात तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया।   तीनों बदमाशों का सुराग मिला खुलासा जल्द  मामले की गंभीरता को देखते हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बदमाशों के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं। कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार शाम तक तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है।

अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में फरार आरोपी कट्टे के साथ गिरफ्तार

अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में फरार आरोपी कट्टे के साथ गिरफ्तार भोपाल  राजधानी की टीटी नगर पुलिस ने अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को कट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले चार महीने से फरार चल रहा था। जानकारी के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक स्मार्ट सिटी स्थित लाड़ली लक्ष्मी पार्क के पास हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर संदेही को दबोच लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम सनी अहिरवार उर्फ सरकार (26) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी करोंद हाल पता चार खंबा शौचालय के पास चार इमली बताया। तलाशी लेने पर उसके पास कट्टा और कारतूस रखा मिला। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ निशातपुरा में पहले से मारपीट, अड़ीबाजी और आर्म्स एक्ट पांच अपराध दर्ज हैं।

आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम व एबीसी सेंटर

आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम व एबीसी सेंटर डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर योगी सरकार गंभीर, नगर निगमों व जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम व एबीसी सेंटर बनाने की कार्यवाही शुरू शेल्टर होम्स के लिए अलग डीपीआर तैयार, प्रति यूनिट 470 से 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान,  डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी प्रयागराज और लखनऊ सहित कई नगर निगमों में भूमि चिह्नित, जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर के लिए जमीन तय आवारा कुत्तों की समस्या के मानवीय और वैज्ञानिक समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जारी की हैं गाइडलाइंस,  नागरिक सुरक्षा व पशु कल्याण दोनों को वरीयता लखनऊ  प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को योगी सरकार ने गंभीरता से लिया है। जन सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर सख्त व ठोस कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने नगर निगमों एवं जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम व एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की स्थापना प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन स्तर पर इसे प्राथमिकता देते हुए भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्रवाही एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गाइडलाइंस जारी की थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक व स्थायी तरीके से किया जाए। सरकार का मानना है कि डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की प्रभावी व्यवस्था से जहां एक ओर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर पशु कल्याण को भी मजबूती मिलेगी। नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित अथवा प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ ही डॉग शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि वह उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराए और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करे। शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस व पशु कल्याण से जुड़े मानकों के अनुरूप की जा रही है। योगी सरकार ने डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार प्रति शेल्टर होम 470 लाख रुपये से लेकर 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान है। डीपीआर में शेल्टर होम की क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। शासन स्तर पर इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है और अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रगति रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट, तहसील सोरांव में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। लखनऊ नगर निगम में भूमि की उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। वहीं अन्य नगर निगमों से भी सूचना प्राप्त की जा रही है, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान व्यवस्था लागू की जा सके। जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर एवं शेल्टर होम की स्थापना को लेकर तेजी से कार्यवाही की जा रही है। ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर तथा फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि एबीसी सेंटर एवं डॉग शेल्टर होम के लिए चिह्नित कर ली गई है। शेष जनपदों से सूचनाएं प्राप्त होते ही वहां भी भूमि चिह्नीकरण और परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

महाकाल दर्शन के बाद IPS राकेश गुप्ता ने संभाला पद, कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने का दिया वादा

उज्जैन  वर्ष 1999 बैच के आईपीएस राकेश गुप्ता ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आईजी का पदभार संभाल लिया है। राकेश गुप्ता पूर्व में भी उज्जैन के आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एक बार फिर प्रदेश सरकार द्वारा उज्जैन रेंज आईजी आईपीएस राकेश गुप्ता को सौंपी है। वह उज्जैन पहुंचे, जहां ऑफिसर मैस पर अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों द्वारा उनकी अगवानी की गई और पुष्पगुच्छ भेंट किया। आईपीएस राकेश गुप्ता बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे और वहां से कार्यालय लौटकर पदभार ग्रहण किया। आईजी गुप्ता उज्जैन संभाग रेंज से भली भांति परिचित हैं। उज्जैन में एसपी, डीआईजी और आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। एक बार फिर उन्हें आईजी की कमान सौंपी गई है। उन्हें वर्ष 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ का अनुभव है, उसे वक्त डीआईजी के रूप में उज्जैन में पदस्थ थे। इस बार का सिंहस्थ महाकुंभ बड़े पैमाने पर होने जा रहा है, उनका अनुभव व्यवस्थाएं संभालने के लिए काफी अहम होगा। उज्जैन मे कार्य करने का लंबा अनुभव 1999 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अफसर राकेश गुप्ता को उज्जैन में पुलिसिंग का लंबा अनुभव है। इसके पहले वे उज्जैन में आईजी, डीआईजी और एसपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वे 2011 से 2013 तक उज्जैन एसपी और सिंहस्थ 2016 में डीआईजी के रूप में पदस्थ रह चुके हैं। उज्जैन में उनकी वापस पदस्थी का कारण सिंहस्थ भी है। निश्चित रूप से उनके पिछले अनुभव का लाभ उज्जैन को मिलेगा।   इंदौर में चर्चित रहा उनका कार्यकाल वरिष्ठ आईपीएस राकेश गुप्ता का इंदौर में लंबा कार्यकाल रहा और उनके कार्यकाल में पुलिस ने कईं सफल पुलिसिंग के कार्य किए। वे इंदौर रेंज के आईजी, इंदौर के एसएसपी और बाद में इंदौर के तीसरे पुलिस कमिश्रर रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन पुलिस कमिश्रर मकरंद देऊस्कर के प्रतिनियुक्ति पर जाने पर गुप्ता को इंदौर का पुलिस कमिश्रर नियुक्त किया गया था। इंदौर में डीआईजी रहते गुप्ता ने कुख्यात सियागंज खड़ी कराई गैंग, कोतवाली क्षेत्र में हुए बोहरा व्यापारी हत्याकांड सहित कई हाई प्रोफाइल मामलों के खुलासे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जेल पहुंचाया था।

भारत में 3 मार्च को लॉन्च होगी नई Mercedes-Benz V-Class, जानें इसमें क्या हैं नए फीचर्स

मुंबई  लगभग तीन साल पहले लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने अपनी Mercedes-Benz V-Class की बिक्री भारतीय बाजार में बंद कर दी थी, जिसके बाद अब कंपनी आगामी 3 मार्च, 2026 को एक बार फिर से लॉन्च करने वाली है. कंपनी की इस बड़ी पैसेंजर कार का लेटेस्ट मॉडल 2024 में ग्लोबल मार्केट में बिक्री के लिए उतारा गया था और यह असल में V-Class का फेसलिफ्ट वर्जन है जो पहले भारत में बिकता था. Mercedes-Benz V-Class का डिजाइन फेसलिफ्ट अपडेट के साथ इस कार के डिज़ाइन में कुछ अपडेट किए गए, जिसमें एक बड़ी, ज़्यादा आकर्षक ग्रिल, नए हेडलैंप, बदले हुए बंपर और पीछे की तरफ़ नई टेल लाइट्स शामिल हैं, हालांकि केबिन में काफ़ी सुधार किया गया था. वहीं पुराने मॉडल के पुराने केबिन डिज़ाइन की जगह ज़्यादा मॉडर्न लुक दिया गया है, जो GLE जैसे मॉडलों में देखने को मिलता था, जिसमें डैशबोर्ड के ऊपर फ्री-स्टैंडिंग बेज़ल-लेस ट्विन स्क्रीन लगी थीं – यह पिछले V-क्लास के एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और COMAND इंफोटेनमेंट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव था. भारत के लिए आने वाली यह वैन अपने स्ट्रेच्ड एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस ट्रिम में पेश की जाएगी, जिसे पीछे के दरवाज़े और पिछले पहिये के बीच ज़्यादा जगह से पहचाना जा सकता है. पूरी दुनिया में, खरीदार Mercedes-Benz V-Class को लॉन्ग व्हीलबेस और एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस वर्ज़न में खरीद सकते हैं. Mercedes-Benz V-Class का इंटीरियर सीटिंग की बात करें तो, Mercedes-Benz V-Class तीन-रो कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध होगी. कंपनी ने इस कार का टीज़र जारी किया है, जिससे पता चलता है कि हमें V-Class स्टैंडर्ड कम्फर्ट सीटों के साथ मिलती है, जो दूसरी रो में 180 डिग्री तक घूम सकती हैं, हालांकि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि कंपनी इसके साथ एक ज़्यादा अपमार्केट वेरिएंट भी पेश कर सकती है. इस बीच, इस टॉप मॉडल में ज़्यादा शानदार फ़ीचर्स हो सकते हैं, जैसे कि दूसरी रो में ऑप्शनल (ग्लोबल मार्केट में) लग्ज़री सीटें जिनमें पावर एडजस्टमेंट, सीट वेंटिलेशन, मसाज फ़ंक्शन और भी बहुत कुछ शामिल है. Mercedes-Benz V-Class का इंजन इंजन की बात करें तो, दुनिया भर में Mercedes-Benz V-Class स्टैंडर्ड तौर पर 2.0-लीटर डीजल इंजन के साथ आती है, जो 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा होता है. संभावित खरीदार 250d और ज़्यादा पावरफुल 300d स्पेसिफिकेशन में से चुन सकते हैं, हालांकि यह देखना बाकी है कि भारत में कौन सा मॉडल लाया जाएगा. कीमत की बात करें तो इसे 1 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) से ज़्यादा की कीमत पर उतारा जा सकता है.

अंबिकापुर रहा सबसे ठंडा, छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन में गिरेगा तापमान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे रात की ठंड में इजाफा होने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है. इसके बाद आने वाले दिनों में किसी विशेष परिवर्तन के आसार नहीं हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट के बाद अगले 7 दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है. कहां रही सबसे ज्यादा गर्मी और कहां सबसे ज्यादा ठंड? मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया और अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5°C दर्ज किया गया.                     प्रमुख शहरों के तापमान का हाल  स्टेशन    अधिकतम तापमान (°C)    न्यूनतम तापमान (°C)    सापेक्ष आर्द्रता (08:30 am) रायपुर    30.7°C    18.4°C    71% बिलासपुर    29.5°C    18.4°C    73% दुर्ग    30.8°C    13.6°C    87% जगदलपुर    31.3°C    13.3°C    70% पेण्ड्रारोड    26.6°C    14.8°C    92% रायपुर शहर के लिए पूर्वानुमान  राजधानी रायपुर में 5 फरवरी को सुबह के समय धुंध छाए रहने की संभावना है. शहर का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 18°C के आसपास रहने का अनुमान है.

नक्सली मुठभेड़ में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर 3 नक्सली ढेर, एक जवान हुआ शहीद

बीजापुर  बीजापुर (Bijapur) और महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ (Abujhmad) क्षेत्र में पुलिस (Police) और नक्सलियों (Naxalite) के बीच पिछले दो दिनों से भीषण मुठभेड़ जारी है. यह मुठभेड़ एक बड़े एंटी नक्सली ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई, जिसे सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के निर्णायक सफाए के रूप में देखा है. मुठभेड़ के दौरान अब तक तीन नक्सली ढेर किए जा चुके हैं, जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है. घटना स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR बरामद की गई है. मारे गए नक्सलियों की पहचान अभी तक जारी नहीं की गई है और उनकी विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है. अबुझमाड़ जंगल इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन नक्सली मारे गए हैं।पुलिस के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल और एक SLR राइफल बरामद की गई है। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है।इस अभियान के दौरान C-60 यूनिट के कांस्टेबल दीपक चिन्ना मडावी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। वहीं एक अन्य जवान कांस्टेबल जोगा मडावी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक जवान शहीद, एक घायल इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को भी नुकसान झेलना पड़ा है. C-60 कमांडो के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्‍ना मडावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए थे. उन्हें हेलिकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने शहादत प्राप्त की. पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान जारी है. सुरक्षा बलों को आशंका है कि जंगलों में अभी भी नक्सलियों का समूह सक्रिय हो सकता है, इसलिए आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुठभेड़ जिस इलाके में चल रही है, वह घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक स्थितियों के कारण नक्सलियों का पुराना ठिकाना माना जाता रहा है. महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले से सटे इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों को गति दे रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा है और आगे भी इसी प्रकार के ऑपरेशन जारी रहेंगे.

PM मोदी का मजेदार जवाब: “आप 75 के हो गए, अभी तो 25 बाकी हैं” और चाय वाले को चाय पर दिया ये संदेश

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों से संवाद में अहम बात कही। उन्होंने कहा कि किसी को भी बीते वक्त का हिसाब लगाने की बजाय भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के एक वाकये का जिक्र किया और कहा, ‘एक नेता ने मुझे मेरे जन्मदिन पर फोन किया था। 17 सितंबर को फोन करके मुझसे कहा कि आपके 75 हो गए हैं। इस पर मैंने कहा कि अभी 25 बाकी हैं। मैं बीते हुए को गिनता नहीं हूं, जो बचा है, उसकी गिनती करता हूं।’ इसी को लेकर उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि इसलिए मैं आप लोगों से भी कहता हूं कि बीता है, उसकी गिनती में समय बर्बाद मत कीजिए। जो बचा है, उसे जीने के बारे में सोचिए। यह बात प्रधानमंत्री ने तब कही, जब पूर्वोत्तर की एक छात्रा ने उनसे कहा कि मेरा जन्मदिन भी 17 सितंबर को ही होता है। पीएम मोदी ने इस दौरान परीक्षा को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कई बार अखबारों में छपता है कि इस बार परीक्षा काफी कठिन रही। आखिर इसका क्या कारण होता है? पेपर तो सिलेबस से बाहर का नहीं होता है। फिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि परीक्षा कठिन थी। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को शॉर्ट में पढ़ने की आदत होती जा रही है। पहले स्योर सजेशन दिए जाते थे। फिर मॉडल पेपर बढ़े जाने लगे और अंत में यह हुआ कि बीते 10 सालों के प्रश्न पत्र आने लगे। परीक्षा में चर्चा में स्टूडेंट को पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कहा? परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आयोजित किया गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल एग्जाम के मुद्दे पर बात की बल्कि छात्रों के साथ हंसी-मजाक भी की. उन्होंने स्टूडेंट्स को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने के साथ ही कई विषयों पर टिप्स दिए हैं. लेकिन इस दौरान एक वाक्या को लोग बार-बार देख रहे हैं और खूब हंस रहे हैं.  वहां पर मौजूद बच्चों ने पीएम मोदी को अपने-अपने देश की यूनिक चीजें गिफ्ट की. इस दौरान वहां पर मौजूद एक छात्रा ने उन्हें चाय की पत्ति गिफ्ट किया.  इसे देखकर पीएम ने कहा कि चाय वाले को चाय… यह सुनते वहां का माहौल पूरा बदल गया और सारे छात्र हंसने लगे. फिर छात्रा उन्हें बताती है कि ये आर्गेनिक चाय है. पीएम ने उस छात्रा को ये भी कहा कि तुम कविता अच्छा लिखती हो, लिखना जारी रखना. अब जो छात्र बीते 10 साल के पेपर ही पढ़कर पहुंचे हैं और यदि उनसे अलग सिलेबस की कोई और चीज पूछ ली गई तो उन्हें परीक्षा कठिन लगती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बीमारी तब भी थी, जब मैं पढ़ता था। इस बीमारी को फैलाने का कम कुछ टीचर भी फैलाते हैं। उन्हें लगता है कि मेरी क्लास का रिपोर्ट कार्ड अच्छा रहे। इसलिए वही चीज पढ़ाते हैं, जिससे नंबर मिलें। लेकिन अच्छे अध्यापक सर्वांगीण विकास की बात करते हैं और पूरा सिलेबस पढ़ाते हैं। इस दौरान उन्होंने एक गेंदबाज का उदाहरण दिया और कहा कि यदि वह अपने कंधे को ही मजबूत करता रहे तो क्या अच्छा खिलाड़ी बन पाएगा। पीएम ने लाइट किया छात्रों का मूड  प्रधानमंत्री का यह भाव हल्के‑फुल्के अंदाज में छात्रों को जोड़ने और माहौल को सहज बनाने का तरीका था. पीएम मोदी अक्सर अपनी निजी यात्रा और जीवन की शुरुआत का जिक्र करते हैं, जब वे रोज रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले “चाय वाले” की भूमिका भी निभा रहे थे. यह उदाहरण उन्होंने साधारण जीवन के अनुभव और मेहनत का संदेश देने के लिए कई बार इस्तेमाल किया है.  इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों से उनके पढ़ाई, मार्क्स, AI, टीचर्स समेत कई विषयों पर संवाद किया है.  जो पढ़ते हैं, वो भूल जाते हैं… कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पीएम मोदी से पूछा गया कि अक्सर ही ऐसा होता है कि हम जो भी पढ़ते हैं, वह बहुत जल्दी भूल जाते हैं. इसके जवाब में पीएम ने छात्रों से कहा कि आपको हमेशा आज का दिन याद रहेगा क्योंकि आप इसमें पूरी तरह से इनवॉल्व हैं. ऐसे में आप खुद को कम होशियार बताएं और ज्यादा होशियारी से बात करें या राय लें.   मार्क्स बन गई है बीमारी  इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें ये भी बताया कि उन्हें केवल मार्क्स के पीछे नहीं भागना चाहिए. उन्होंने मार्क्स को बीमारी बताया है. ऐसे में अपने मन को नंबर से जोड़ने के बजाय जीवन में कहां जाएं, इसपर ध्यान देने की जरूरत है.  PM मोदी बोले- पढ़ाई एक माध्यम है, उसके लिए जिंदगी नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि उसके लिए यह जरूरी है कि पूरा शरीर मजबूत हो। मानसिक रूप से सक्षम हो। इसी तरह परीक्षा के लिए पूरी जिंदगी नहीं है। यह जिंदगी को संवारने का एक माध्यम है, लेकिन यही अंतिम लक्ष्य नहीं है। अंतिम लक्ष्य यह है कि संपूर्ण जिंदगी बेहतर बने। हमें 10 सालों के पेपर पढ़ने जैसी सोच के साथ खुद को सीमित नहीं करना चाहिए। जिंदगी सबसे उत्तम बने, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए।

हाईकोर्ट में आर्मी जवान का तलाक केस, पत्नी की प्रेगनेंसी पर सवाल, 4 दिन में कैसे हो गई गर्भवती?

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने शादी, तलाक और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में नई बहस छेड़ दी है. मामला एक आर्मी जवान और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे तलाक विवाद का है, जिसमें पत्नी ने बच्चे के DNA टेस्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह मामला बच्चे की वैधता पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों की जांच से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने क्या कहा, क्यों खारिज की पत्नी की याचिका? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ में जस्टिस विवेक जैन ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के DNA टेस्ट के आदेश को सही ठहराया. कोर्ट ने साफ कहा कि यह जांच किसी भी तरह से बच्ची को अवैध या नाजायज ठहराने के लिए नहीं है और न ही उसकी कानूनी पहचान पर इसका कोई असर पड़ेगा. कोर्ट का मकसद सिर्फ यह देखना है कि पत्नी पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. DNA सैंपल से इनकार किया तो क्या होगा?  खबर के मुताबिक, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगर पत्नी DNA सैंपल देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट को पूरा अधिकार होगा कि वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या नए BSA 2023 के तहत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाए. यानी सैंपल न देने का फायदा पत्नी को नहीं मिलेगा. पत्नी ने डीएनए नहीं दिया तो? कोर्ट ने कहा कि यदि पत्नी डीएनए नमूने देने से इनकार करती है, तो फैमिली कोर्ट भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114(h) या बीएसए 2023 के संबंधित प्रावधानों के तहत पत्नी के खिलाफ अनुमान लगा सकती है। यानी कि अगर पत्नी नमूने देने से इनकार करती है, तो कोर्ट यह मान लेगा कि पति जो कह रहा है, वही सच है। क्योंकि इस टेस्ट का मकसद पत्नी के ‘अफेयर’ की जांच करना है, बच्ची को ‘नाजायज’ साबित करना या उसे नीचा दिखाना नहीं। चार दिन बाद ही पत्नी हुई गर्भवती यह मामला व्यभिचार के आरोप पर दायर तलाक याचिका से संबंधित है। पति बच्चे की पितृत्व जानने या भरण-पोषण की देनदारी से इनकार करने के उद्देश्य से डीएनए टेस्ट नहीं चाहता है। पति का कहना है कि वह भारतीय सेना में है और पत्नी ने उसे अक्टूबर 2015 में बुलाया था। पति ने कोर्ट से कहा कि वह छुट्टी पर घर आए और सिर्फ 4 दिन में पत्नी ने कह दिया कि वह प्रेग्नेंट है।। पति के अनुसार, डॉक्टर 4 दिन में प्रेग्नेंसी की स्थिति नहीं बता सकते, यह नामुमकिन होता है। इसके लिए इंतजार करना होता है। दूसरी तरफ बच्चा भी तय समय से पहले और उस समय पैदा हुआ, जब वह घर पर नहीं थे। इसलिए पति ने बच्चे का डीएनए कराने की मांग की है।  पत्नी के वकील की दलील पत्नी के वकील अनुज पाठक ने तर्क दिया कि बच्चे का डीएनए टेस्ट उसकी निजता, स्वायत्तता और पहचान के अधिकार का उल्लंघन करेगा और उसकी वैधता पर अनुचित रूप से संदेह पैदा करेगा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 एक वैध विवाह के दौरान पैदा हुए बच्चे की वैधता का एक मजबूत अनुमान स्थापित करती है, और डीएनए टेस्ट नियमित रूप से नहीं दिए जाने चाहिए। वकील ने कहा कि अदालतों को बच्चे के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी बच्चे को इस तरह से पारिवारिक विवादों में नहीं घसीटा जाना चाहिए जिससे उसके भविष्य पर कलंक लगे। पति के वकील ने भी दिए तर्क पति के वकील शीतल तिवारी ने प्रतिवाद किया कि यह चुनौती कार्यवाही को रोकने और महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि पति भारतीय सेना में तैनात है और कुछ महीनों में एक बार घर आ पाता है, जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल है। पति के वकील ने दावा किया कि मेडिकल सलाह के अनुसार, गर्भधारण के चार दिनों के भीतर गर्भावस्था का पता नहीं लगाया जा सकता है। इस पर कोर्ट का भी मानना है कि जब पति पुख्ता सबूत दे रहा है कि वह उस वक्त पत्नी के साथ नहीं था, तो सच का पता लगाने के लिए DNA टेस्ट कराना गलत नहीं है। ‘4 दिन में प्रेग्नेंसी’ का दावा क्यों बना सबसे बड़ा सवाल मामले की सबसे चौंकाने वाली बात वही है, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी. पति ने कोर्ट को बताया कि वह भारतीय सेना में पदस्थ है और अक्टूबर 2015 में पत्नी के बुलाने पर घर आया था. लौटने के सिर्फ चार दिन बाद पत्नी ने उसे बताया कि वह गर्भवती है. कोर्ट ने माना कि मेडिकल साइंस के हिसाब से चार दिन में प्रेग्नेंसी का पता चलना बेहद संदिग्ध है. इसके अलावा बच्ची का जन्म भी अक्टूबर 2015 के करीब आठ महीने बाद हुआ, जिससे पति-पत्नी के साथ न होने की दलील और मजबूत हो जाती है. तीन तलाक याचिकाएं और 10 साल का विवाद यह कोई नया विवाद नहीं है. पहली तलाक याचिका 2019 में दायर हुई थी, जिसे आपसी सहमति से तलाक के आश्वासन पर वापस ले लिया गया. दूसरी याचिका भी 2019 में दाखिल हुई, लेकिन पत्नी दूसरी मोशन में पेश नहीं हुई और मामला 2 मार्च 2021 को बंद हो गया. इसके बाद 2021 में तीसरी तलाक याचिका दायर की गई, जो अब तक लंबित है और इसी में DNA टेस्ट की मांग की गई. कोर्ट का साफ संदेश हाईकोर्ट ने साफ कहा कि जब तलाक का आधार व्यभिचार हो, पति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चे की वैधता या भरण-पोषण का मुद्दा न हो, तो DNA टेस्ट का आदेश देना कानूनन गलत नहीं है. यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक अहम नजीर माना जा रहा है.

लोकसभा में भारी हंगामा, कार्यवाही नहीं हो पाई, 9 फरवरी तक स्थगन

नई दिल्ली लोकसभा में आज भी कार्यवाही की हंगामेदार शुरुआत हुई. लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य पोस्टर लहराते हुए वेल में आ गए. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप नियोजित तरीके से गतिरोध उत्पन्न करना चाहते हैं, गरिमा नहीं रखना चाहते. तो ऐसा सदन मैं नहीं चला सकता.लोकसभा में जोरदार हंगामा, नहीं चल सकी कार्यवाही, 9 फरवरी तक स्थगित. स्पीकर ने सदस्यों को दूसरी तरफ जाकर किसी भी तरह की बातचीत करने से भी सख्ती से मना किया और इसके बाद कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. वहीं, राज्यसभा में कार्यवाही की आज शांतिपूर्ण शुरुआत हुई है. राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही चल रही है. शून्यकाल के दौरान सदस्य जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं. विपक्षी सांसदों ने लगाए जय संविधान के नारे, कार्यवाही 9 फरवरी तक स्थगित विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में जय संविधान के नारे लगाए. 12 बजे कार्यवाही जब दूसरी बार शुरू हुई, विपक्षी सांसद हाथों में प्लेकार्ड लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए. विपक्षी सदस्यों से पीठासीन ने अपनी चेयर पर जाने की अपील की, लेकिन इसका असर नहीं हुआ. इसके बाद पीठासीन ने सदन की कार्यवाही 9 फरवरी को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.  ‘प्ले कार्ड लेकर नहीं दिखा सकते, ये नियमों के विपरीत’, पीठासीन की विपक्ष को नसीहत पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम सदन चलाना चाहते हैं. पीठासीन ने कहा कि हम बजट पर चर्चा शुरू कराना चाहते हैं. लेकिन हम ऐसे सदन नहीं चला सकते. आप प्ले कार्ड लेकर आएंगे, लहराएंगे, ये नियमों के अनुरूप नहीं है. पीठासीन की बार-बार अपील के बावजूद हंगामा जारी रहा. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही 9 फरवरी, 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू, हंगामे के बीच लिए जा रहे लिस्टेड बिजनेस लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है. सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया है. हंगामे के बीच ही सदन में आज के लिए लिस्टेड बिजनेस लिए जा रहे हैं.

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