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Indore Water Contamination: CAG ने 6 साल पहले चेताया था, सरकार सोती रही और 15 मौतें हो गईं; बोले नेता प्रतिपक्ष सिंघार

Indore Water Contamination: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर की जल आपूर्ति को लेकर कैग (CAG) ने 2019 में ही गंदे पानी, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। पढ़ें पूरी खबर इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने 2019 में ही गंभीर चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने न रिपोर्ट को गंभीरता से लिया और न ही सुधार किए। उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा कि गंदे पानी की वजह से जानें जाना किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम है। ADB से कर्ज, फिर भी साफ पानी नसीब नहींनेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2004 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के जल प्रबंधन के लिए 200 मिलियन डॉलर (तब करीब 906 करोड़ रुपये) का कर्ज लिया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य हर नागरिक को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। लेकिन कर्ज लेने के करीब 15 साल बाद 2019 में आई CAG रिपोर्ट ने इस पूरे प्रोजेक्ट को असफल और भ्रष्टाचार से ग्रस्त बताया। कैग (CAG) रिपोर्ट, सिस्टम फेल होने की कहानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में केवल 4 जोन और भोपाल में सिर्फ 5 जोन में रोज पानी की सप्लाई हो रही थी।दोनों शहरों के 9.41 लाख परिवारों में से महज 5.30 लाख को ही नल कनेक्शन मिल सके। इपलाइन लीकेज की शिकायतों पर नगर निगम 22 से 182 दिन तक लगाता रहा। 2013 से 2018 के बीच लिए गए 4,481 पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए, लेकिन इन पर की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। लाखों लोगों तक पहुंचा गंदा पानीनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG की स्वतंत्र जांच में 54 में से 10 पानी के नमूने दूषित पाए गए, जिनमें गंदगी और मल कोलिफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद था। इसके चलते भोपाल के 3.62 लाख और इंदौर के 5.33 लाख कुल 8.95 लाख लोगों को गंदा पानी सप्लाई हुआ। इसी अवधि में स्वास्थ्य विभाग ने 5.45 लाख जलजनित बीमारियों के मामले दर्ज किए। पानी गायब, जवाबदेही नदारदनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि गैर-राजस्व पानी (Non-Revenue Water) 30 से 70 प्रतिशत तक है, यानी इतना पानी कहां जा रहा है—किसी को पता नहीं। नियमित जल ऑडिट नहीं होने से बर्बादी और चोरी पर लगाम नहीं लग पाई। इसके अलावा दोनों शहरों में पानी के टैरिफ की वसूली भी नहीं हो सकी और नगर निगम पर 470 करोड़ रुपये का बकाया चढ़ गया। जरूरत से बहुत कम पानी मिल रहानेता प्रतिपक्ष ने कहा कि CAG के मुताबिक, भोपाल में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन केवल 9 से 20 लीटर और इंदौर में 36 से 62 लीटर पानी की आपूर्ति हो रही थी, जो तय मानकों से काफी कम है। वहीं, ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई भी नहीं की जा रही थी। सरकार बिना मौत के नहीं जागतीउमंग सिंघार ने कहा कि CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न दोषियों पर कार्रवाई हुई और न व्यवस्था सुधारी गई। अब जब इंदौर में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, तब सरकार हरकत में आई है।उन्होंने सवाल उठाया जब रिपोर्ट पहले से थी, चेतावनी पहले से थी, तो सुधार क्यों नहीं किए गए? क्या सरकार हर बार त्रासदी के बाद ही जागेगी?

Indore News: हाईकोर्ट ने कहा कुत्तों की नसबंदी बड़ा घोटाला, सड़क पर निकलने में भी लगता है डर

Indore News: High Court said that sterilization of dogs is a big scam, people are afraid to even go out on the road. इंदौर हाई कोर्ट ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया है। कोर्ट ने निगम द्वारा पेश किए गए नसबंदी के आंकड़ों को संदिग्ध बताते हुए इसे एक बड़ा घोटाला करार दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कागजी दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। नसबंदी अभियान पर न्यायिक जांच की चेतावनीसुनवाई के दौरान प्रशासनिक जज विजयकुमार शुक्ला और जस्टिस बीके द्विवेदी की बेंच ने निगम के दावों पर सवाल उठाए। जब निगम ने कहा कि वे 2.39 लाख कुत्तों की नसबंदी कर चुके हैं, तो कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों पर बढ़ती कुत्तों की संख्या कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अब तक हुए स्टरलाइजेशन अभियान की न्यायिक जांच कराई जाएगी। बच्चों के सामाजिक विकास पर बुरा असरमाननीय न्यायाधीशों ने इस बात पर चिंता जताई कि कॉलोनियों में कुत्तों के डर से बच्चों का घर से बाहर निकलना बंद हो गया है। इससे उनका सामाजिक विकास प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि एक कुत्ते की नसबंदी पर दो हजार रुपए खर्च करना और फिर भी समस्या का जस का तस बने रहना एक गंभीर विषय है। कोर्ट के अनुसार, इंदौर अब आवारा कुत्तों का हब बनता जा रहा है। सड़कों पर पैदल चलना और वाहन चलाना हुआ दूभरकोर्ट ने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि रात के समय सड़कों पर निकलना खतरनाक हो गया है। कुत्तों के झुंड राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर हमला कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। निगम के इस तर्क पर कि वे सूचना मिलने पर कार्रवाई करते हैं, कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि 25 नवंबर के निर्देशों के बावजूद शहर में कोई प्रभावी अभियान नजर नहीं आया है। अगली सुनवाई 12 जनवरी कोहाई कोर्ट ने अब इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर को न्यायमित्र नियुक्त किया है। कोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले शहर के प्रमुख स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने की प्रभावी कार्रवाई की जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को निर्धारित की गई है।

मध्य प्रदेश में छात्रों के आत्महत्या करने के मामले में इंदौर पहले और भोपाल दूसरे नंबर पर

Indore is at first place and Bhopal is at second place in the number of student suicides in Madhya Pradesh. भोपाल ! देशभर में स्वच्छता में पहले स्थान पर आने वाला इंदौर लोगों में बढ़ते तनाव को कम करने में काफी पीछे है। खासकर विद्यार्थियों में तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं। इंदौर के कोचिंग संस्थानों (Coaching institutes) में पढ़ने वाले 20 से अधिक विद्यार्थी हर वर्ष तनाव में आत्महत्या कर रहे हैं। सबसे अधिक तनाव नीट(NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में है। आत्महत्या की दर ने सरकार की चिंता बढ़ाईविद्यार्थियों में बढ़ रही आत्महत्या की दर ने सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2023 की रिपोर्ट बताती है कि 2023 में देशभर में 15 हजार से अधिक बच्चों ने आत्महत्या की है। 1668 मामलों के साथ मध्य प्रदेश देश में दूसरे नंबर (महाराष्ट्र के बाद) पर है। वहीं प्रदेश में भी इंदौर पहले और भोपाल जिला दूसरे स्थान पर है। एक्शन में सरकार, एसटीएफ का गठनमानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए एसटीएफ का गठन सरकार ने बच्चों को आत्मघात से बचाने की जिम्मेदारी शिक्षकों-अफसरों को सौंपी है। उच्चशिक्षा विभाग ने अभिनव प्रयोग करते हुए स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है। यह बल सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपायों की निगरानी और सुधार की रूपरेखा तय करेगा। शैक्षणिक संस्थानों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कॉलेजों में काउंसलिंग कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। एसटीएफ में स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बाल सुरक्षा, सामाजिक न्याय तथा नगरीय प्रशासन विभागों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। इंदौर में पांच हजार से अधिक कोचिंगइंदौर प्रदेश का कोचिंग हब है। यहां पांच हजार से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं। इसमें से 200 से अधिक नीट, जेईई और आईआईटी (IIT) की तैयारी की कोचिंग है। भंवरकुआं, गीताभवन, पलासिया, विजय नगर आदि क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान हैं। यहीं सबसे अधिक विद्यार्थी रहते भी हैं। इंदौर में आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। पढ़ाई का दबाव बना जानलेवाकेस 1ः फरवरी 2025 में भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नीट की परीक्षा में चयन न होने से परेशान छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। छात्रा का नाम गारगी सुमन (23) निवासी श्रीराम नगर पालदा था। गारगी कई वर्षों से नीट की तैयारी कर रही थी। दो बार कम अंक आने के कारण वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उसने बैंक की परीक्षा की तैयारी की, लेकिन इसमें भी वह सफल नहीं हो सकी। केस 2ः वर्ष 2024 में भंवरकुआं क्षेत्र में एक छात्र ने नोट लिखा कि मैं जीवन में सफल नहीं हो पाया और आत्महत्या कर ली। छात्र नीट की तैयारी कर रहा था। मूलरूप से शिवनी जिले का रहने वाला था। केस 3ः फरवरी 2024 में 20 वर्षीय आर्यन तिवारी ने फांसी लगा ली थी। वह मूलरूप से हुजूर (रीवा) का रहने वाला था। इंदौर रहकर वह नीट की तैयारी कर रहा था। केस 4ः मई 2025 में नर्सिंग की छात्रा आशा कानूनगो (25) ने आत्महत्या कर ली। वह मूलरूप से सिवनी की रहने वाली थी। उसकी दीवार पर कई नोट चिपके हुए थे। उनमें लिखा था कि वह सरकारी नर्स नहीं बन सकती और डिप्रेशन में है।केस 5ः मई 2025 में संयोगितागंज थाना क्षेत्र में नर्स यास्मित्रा ने आत्महत्या की। वह निजी मेडिकल कॉलेज में आगे की पढ़ाई कर रही थी। आशंका जताई गई थी कि पढ़ाई के दबाव के चलते यह कदम उठाया है। विशेषज्ञ ने बताया क्या करें माता-पितामनोचिकित्सक डॉ. राहुल माथुर ने बताया कि अब बच्चों में तनाव सहने की क्षमता कम हो गई है। पढ़ाई का तनाव इतना अधिक ले लेते हैं कि आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि वह बच्चों से उम्मीद रखने के बजाय उनके सहायक की भूमिका निभाएं। उनसे खुलकर बात करें। यदि बच्चा कई दिनों से चुपचाप है, अकेला रहने लगा है, रात में जल्दी नहीं सो रहा है, तो हमें इन लक्षणों को पहचानकर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। बच्चों को यह लगता है कि परीक्षा में फेल हो गया तो क्या होगा। उन्हें यह समझना होगा कि जो व्यक्ति परीक्षा में सफल नहीं हो पाते हैं, वह भी आगे बढ़ते हैं। विद्यार्थियों में इन लक्षणों को पहचानें

सीसीएफ पी.एन. मिश्रा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल — अवैध लकड़ी परिवहन से उत्खनन तक फाइलों में दबी कार्रवाई

Serious questions arise about the working style of CCF P.N. Mishra – actions ranging from illegal timber transportation to excavation remain buried in files. इंदौर। इंदौर वृत का वन विभाग इन दिनों सवालों के कटघरे में है। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) पी.एन. मिश्रा के कार्यभार संभालने के बाद क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन,फर्जी टीपी,उत्खनन और अन्य वन अपराधों पर ठोस कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह गहराया है। आरोप है कि पिछले कई महीनों में न तो बड़ी कार्रवाई हुई और न ही आरोपियों पर वह सख्ती दिखाई दी,जो लगातार बढ़ते वन अपराधों को रोक सके। फर्जी टीपी,पकड़ी गई गाड़ियां और गायब कार्रवाई! एक शिकायतकर्ता के अनुसार,इंदौर स्थित संदीप इंटरप्राइजेस के परिसर में फर्जी ट्रांजिट पास के जरिए दो वाहन अवैध लकड़ी खाली करते पकड़े गए,लेकिन आज तक विभाग यह तय नहीं कर पाया कि आरोपी कौन थे। गाड़ियां कैसे छोड़ दी गईं और आरा मशीन क्यों नहीं सील की गई— इन सवालों पर विभाग मौन है। मामला दबाने की कोशिश होने का आरोप भी सामने आया है। धार से आलीराजपुर तक नेटवर्क सक्रिय — फिर भी हल्की कार्रवाई! धार,पीथमपुर,सागौर कुटी,बदनावर,झाबुआ, आलीराजपुर, धामनोद, पेटलावद,मानपुर, मनावर और कुक्षी सहित इंदौर वृत क्षेत्रों में अवैध लकड़ी परिवहन और उत्खनन में शामिल वाहनों को पकड़ा गया, जिन्हें नियमों के अनुसार राजसात किया जाना चाहिए था। पर आरोप है कि सीसीएफ मिश्रा ने अपने अधिकार क्षेत्र में सुमोटो कार्रवाई करते हुए गाड़ियों को मामूली दंड लगाकर छोड़ दिया, जिससे वन माफियाओं के हौसले और बुलंद हुए। ‘नेता के पट्ठे’ के दबाव में काम करने के आरोप विशेष सूत्रों का दावा है कि सीसीएफ मिश्रा एक प्रभावशाली नेता के इशारे पर फैसले ले रहे हैं,जो लगातार सरकार की आलोचना करने के लिए भी पहचाने जाते हैं। आरोप यह भी कि भोपाल के कुछ शीर्ष अधिकारी भी इसी प्रभाव में विभागीय तबादलों और निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं। सत्ता पक्ष में बढ़ती नाराज़गी — “अधिकारियों ने काम रोका तो चुनाव में पड़ेगी मार” सत्ता पक्ष के कई नेता विभाग की इस कार्यवाहीहीनता से बेहद नाराज़ हैं। उनका कहना है कि“सरकार हमारी है लेकिन अधिकारी उन्हीं लोगों के इशारे पर काम कर रहे हैं जो सरकार पर सवाल उठाते हैं।” कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि“अगर जनता के काम नहीं होंगे तो वोट मांगने जाएंगे कैसे? इस ढीले रवैये का असर आगामी चुनाव तक पड़ेगा।” इंदौर वृत में लगातार बढ़ते वन अपराधों और विभाग की कमजोर कार्रवाई को लेकर अब माहौल तेज होता दिख रहा है। मामला जल्द ही बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है।

पहाड़, झरने और मैगी का मजा सिर्फ 20 रुपए में, 26 जुलाई से शुरू होगी हेरिटेज ट्रेन

Enjoy mountains, waterfalls and Maggi for just 20 rupees, heritage train will start from July 2 प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन, जो यात्रियों को सुहानी वादियों और प्राकृतिक नजारों का अनुभव कराती है, उसका संचालन चार माह के अंतराल के बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। यह ट्रेन 26 जुलाई से प्रत्येक शनिवार और रविवार को पातालपानी रेलवे स्टेशन से कालाकुंड तक चलेगी। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा इसके संचालन के लिए विभागीय आदेश जारी कर दिया गया है। हालांकि, पातालपानी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को सड़क मार्ग से ही जाना होगा। ट्रेन की यह यात्रा महू तहसील के घने जंगलों, ऊंची-नीची पहाड़ियों, झरनों और पक्षियों की चहचहाहट के बीच से गुजरती है, जिससे यात्रियों को अद्भुत अनुभव मिलता है। प्राकृतिक सौंदर्य और खानपान का मिलेगा लुत्फपातालपानी का झरना, भुट्टा, मैगी और गरमा-गरम भजिए के साथ इस यात्रा का स्वाद और आनंद कई गुना बढ़ जाएगा। यह पूरा सफर सुबह से शाम तक चलेगा, जिसमें पर्यटक हर पल प्राकृतिक नजारों का भरपूर आनंद उठा सकेंगे। मानसून की शुरुआत होते ही पर्यटक इस हेरिटेज ट्रेन के संचालन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। रेलवे ने हाल ही में एक ट्रायल रन भी किया है जो पूरी तरह सफल रहा। संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही टिकट बुकिंग भी शुरू की जाएगी। यात्रा का किराया और कोच की विशेषताएंहेरिटेज ट्रेन के रैक में दो विस्टाडोम और तीन नॉन एसी चेयर कार कोच होंगे। विस्टाडोम कोच का एक ओर का किराया 265 रुपए होगा जबकि नॉन एसी चेयर कार का किराया मात्र 20 रुपए प्रति सवारी तय किया गया है। विस्टाडोम कोच में बड़े साइज की खिड़कियां, ट्रेलिंग विंडो, स्नैक्स टेबल और साइड पेंट्री जैसी सुविधाएं होंगी। दो विस्टाडोम कोचों में कुल 120 सीटें होंगी जबकि नॉन एसी चेयर कार के तीन कोचों में कुल 152 सीटें (64+64+24) उपलब्ध होंगी। कोचों में स्वच्छ टॉयलेट और आकर्षक पीवीसी शीट से सजे बाहरी भाग पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे। 2018 से लेकर अब तक का सफरयह हेरिटेज ट्रेन पहली बार 25 दिसंबर 2018 को शुरू हुई थी और कुछ ही महीनों में प्रदेश ही नहीं, देशभर में मशहूर हो गई थी। अप्रैल 2020 में कोरोना महामारी के चलते इसका संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद 4 अगस्त 2021 को कई बदलावों के साथ इसका पुनः संचालन शुरू किया गया था। हर वर्ष गर्मी का मौसम शुरू होते ही मार्च में इस ट्रेन का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता है, और अब मानसून आते ही एक बार फिर यह पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता की सैर कराने के लिए तैयार है।

नायब तहसीलदार ने मांगी 50 लाख की रिश्वत, कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई

Naib Tehsildar demanded a bribe of 50 lakhs, Collector took strict action इंदौर | मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में जमीन के फौती नामांतरण के बदले 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल प्रभाव से संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है और नायब तहसीलदार नागेंद्र त्रिपाठी पर विभागीय जांच बैठा दी गई है। क्या है पूरा मामला?मल्हारगंज तहसील के जाख्या क्षेत्र में स्थित 31 हजार वर्गफुट जमीन का फौती नामांतरण करवाने के लिए वैभव, पिता अशोक, ने वकील राहुल दवे के माध्यम से आवेदन दिया था। आरोप है कि पटवारी ओम त्रिपुरेश मिश्रा ने पहले वकील से, फिर सीधे वैभव से संपर्क कर 50 लाख रुपये की मांग की। यह रकम नायब तहसीलदार के लिए बताई गई थी और आश्वासन दिया गया था कि रकम मिलते ही नामांतरण दो दिन में हो जाएगा। जब वैभव ने रिश्वत देने से इनकार किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी वकील को दी, तब वकील ने कलेक्टर से सीधे संपर्क कर सभी साक्ष्यों सहित पूरी बात बताई। कलेक्टर का त्वरित एक्शनकलेक्टर आशीष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पटवारी को निलंबित कर दिया और एसडीएम निधि वर्मा को मामले की जांच सौंपी। साथ ही, नायब तहसीलदार त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। बढ़ता भ्रष्टाचार और जमीनों की आसमान छूती कीमतेंइंदौर में जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ नामांतरण, बटांकन और सीमांकन जैसे मामलों में भ्रष्टाचार भी तेजी से बढ़ा है। आम नागरिकों को बिना लेन-देन के वैध कार्यों में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों का भंडार, संवाद केंद्र से खुल रही पोलकलेक्टर द्वारा शुरू किए गए संवाद केंद्र पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें कई पटवारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है। इस केंद्र से आवेदकों से सीधे संपर्क कर यह जाना जा रहा है कि उनसे रिश्वत तो नहीं मांगी गई। अंतिम निर्णय रिपोर्ट के बादएसडीएम निधि वर्मा की जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि “नामांतरण भी होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” इस खबर से जुड़ी हर अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।

मानसिक रोगियों को बिजली के झटके देना बंद, संगीत और गेम्स से करेंगे इलाज

Electric shocks will be stopped for mental patients, they will be treated with music and games बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में अब मानसिक रोगियों का इलाज पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा पद्धति से किया जा रहा है। यहां विद्युत झटकों की बजाय अब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स के माध्यम से इलाज किया जाता है। इसके साथ ही म्यूजिक थेरेपी, डांस, गायन और रचनात्मक गतिविधियों के जरिये मरीजों का मानसिक उपचार किया जा रहा है। गेम्स खिलाकर भी रोगियों की मानसिक स्थिति का आकलन किया जाता है। इन उन्नत तकनीकों और पद्धतियों की वजह से यह संस्थान एक मॉडल मानसिक चिकित्सालय के रूप में उभर कर सामने आया है, जहां अत्याधुनिक मशीनें भी उपलब्ध हैं। डीन ने किया चिकित्सालय का निरीक्षणमेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद यंघोरिया ने मानसिक चिकित्सालय का दौरा किया और यहां की सुविधाओं का जायजा लिया। प्रभारी डॉक्टर वी.एस. पाल ने जानकारी दी कि पहले गंभीर मानसिक रोगियों का इलाज बिजली के झटकों से किया जाता था, जिसमें मरीज को कुर्सी से बांधकर इलाज किया जाता था। लेकिन अब इस पुरानी पद्धति को छोड़ते हुए इलेक्ट्रो-कन्वल्सिव थेरेपी (ईसीटी) की आधुनिक तकनीक अपनाई गई है, जो विद्युत चुम्बकीय तरंगों के माध्यम से होती है और अधिक सुरक्षित व प्रभावी मानी जाती है। टेली मानस सेवा से चौबीसों घंटे मुफ्त परामर्शमानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए इंदौर के बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में टेली मानस सेवा भी उपलब्ध है, जो 24 घंटे निशुल्क परामर्श प्रदान करती है। मरीज या उनके परिजन टोल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर कॉल कर इस सेवा का लाभ ले सकते हैं। अस्पताल के ऑक्यूपेशनल थेरेपी कक्ष में मरीजों को कागज से फूल, दीये और ग्रीटिंग कार्ड जैसे रचनात्मक आइटम बनाने को प्रोत्साहित किया जाता है। इन गतिविधियों से रोगियों में रचनात्मकता के साथ-साथ मानसिक सुधार भी तेजी से होता है। म्यूजिक और गेम्स से मिल रहा मानसिक संतुलनचिकित्सालय में म्यूजिक थैरेपी के माध्यम से भी रोगियों का इलाज किया जा रहा है। गायन और नृत्य के दौरान मरीजों की शारीरिक भाषा और चेहरे के भावों से उनकी मानसिक स्थिति को समझा जाता है। डॉक्टर पाल के अनुसार, म्यूजिक थैरेपी के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसके साथ ही, स्टाफ की निगरानी में मरीजों को विभिन्न गेम्स भी खिलाए जाते हैं, जिससे उनकी मानसिक एकाग्रता और स्थिरता में सुधार होता है। ये नवाचार मरीजों को न सिर्फ उपचार देते हैं, बल्कि उन्हें जीवन की ओर भी वापस लाते हैं।

EOW की बड़ी कार्रवाई: निगम अधिकारी के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति जब्त

EOW’s big action: Raid on corporation officer’s premises, property worth crores seized इंदौर ! नगर निगम राजस्व अधिकारी राजेश परमार के घर और कार्यालय समेत कई ठिकानों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने शुक्रवार सुबह छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में करोड़ों की अवैध संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि परमार ने नौकरी के दौरान अपने और परिवार के नाम पर कई महंगी संपत्तियां खरीदीं। मामले की जांच जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है। घर और ऑफिस पर छापा, संपत्ति के दस्तावेज जब्त सूत्रों के अनुसार, इंदौर के बिजलपुर स्थित आवास कॉलोनी में EOW की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से सर्चिंग अभियान चलाया। टीम को परमार के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। साथ ही, परमार के कार्यालय पर भी छापा मारा गया, लेकिन वह बंद मिला। टीम ने श्रीजी वैली, बिचौली मर्दाना स्थित अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई की। EOW डीएसपी मधुर रीना गौड़ ने बताया कि परमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। अब तक की जांच में कुछ संपत्तियों के दस्तावेज सामने आए हैं, लेकिन उनकी सटीक कीमत का निर्धारण अभी बाकी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, यह संपत्तियां करोड़ों रुपये की हो सकती हैं। पहले ही हो चुका है निलंबन राजेश परमार को हाल ही में नगर निगम आयुक्त द्वारा अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया था। बताया जा रहा है कि परमार की भर्ती पहले बेलदार के पद पर हुई थी, लेकिन बाद में वह प्रमोशन पाकर सहायक राजस्व अधिकारी बन गया। नौकरी के दौरान, उसने अपने और परिवार के नाम पर कई महंगी संपत्तियां खरीदीं। परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत कांग्रेस पार्षद रुबिना खान ने 20 अक्टूबर 2024 को नगर निगम आयुक्त से की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि परमार दरोगा के पद पर रहते हुए प्रभारी एआरओ बन गया और जोन-19 में बेटरमेंट शुल्क की कम वसूली कर भ्रष्टाचार कर रहा था। इसके अलावा, बिना अनुमति विदेश यात्रा करने के भी आरोप हैं। रुबिना खान ने महापौर, आयुक्त, राजस्व समिति प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों को प्रमाणों के साथ शिकायत सौंपी थी। उन्होंने मांग की थी कि परमार को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उसके पूरे कार्यकाल की जांच की जाए। जांच जारी, और खुलासों की संभावना EOW की कार्रवाई अभी जारी है और आगे और भी संपत्तियों के दस्तावेज मिलने की संभावना जताई जा रही है। इस पूरे मामले में निगम के अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा सकती है। इस छापेमारी के बाद नगर निगम के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में आगे और क्या खुलासे होते हैं और राजेश परमार पर क्या कार्रवाई की जाती है।

Indore BRTS: इंदौर में भी टूटेगा बीआरटीएस… HC के आदेश पर बोले महापौर भार्गव- कल से ही कर देंगे काम शुरू

Indore BRTS: BRTS will be demolished in Indore too… Mayor Bhargava said on HC’s order – will start the work from tomorrow itself इंदौर। मध्य प्रदेश में भोपाल के बाद अब इंदौर में भी बीआरटीएस (इंदौर बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। हाई कोर्ट ने गुरुवार को इसकी अनुमति दे दी। हाई कोर्ट का आदेश आने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि सरकार खुद ही इसे हटाना चाहती थी, ताकि यातायात सुगम हो सके। अब हाई कोर्ट का आदेश भी आ गया है तो कल से ही हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद हाई कोर्ट ने भी लगाई मुहरइस तरह 12 साल पुराने इंदौर बीआरटीएस को तोड़ने का रास्ता साफ हो गया। बीआरटीएस को लेकर हाई कोर्ट में चल रही दो जनहित याचिकाओं में गुरुवार को सुनवाई हुई।वर्तमान परिस्थितियों में बीआरटीएस की उपयोगिता और व्यावहारिकता जांचने के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखी। इसमें कहा कि इंदौर का बीआरटीएस वर्तमान परिस्थिति में अपनी उपयोगिता खो चुका है।इसकी वजह से अक्सर जाम की स्थिति बनती है। मुख्यमंत्री खुद इसे तोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। याचिका में भी बीआरटीएस को तोड़ने की मांग है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट की युगलपीठ ने बीआरटीएस तोड़ने के सरकार के फैसले पर मुहर लगा दी।

पीथमपुर में ही जलेगा यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा, SC का रोक से इनकार… आज खोले जाएंगे कंटेनर

Union Carbide’s toxic waste will be burnt in Pithampur itself, SC refuses to stop it… containers will be opened today 1200 डिग्री रखा जाएगा इंसीनरेटर का तापमान इंदौर ! यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को जलाने का रास्ता साफ हो गया है। भोपाल से यह कचरा पीथमपुर लाया जा चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया। गुरुवार सुबह मामले को लेकर हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो इस संबंध में हाई कोर्ट के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कोर्ट ने शासन के उस जवाब को भी रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिसमें कहा है कि कचरा जलाने के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पिछली सुनवाई में सरकार से मांगा था जवाबपिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से पूछा था कि धार जिले के पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का कचरा जलाने के दौरान कोई घटना होगी, तो उससे निपटने के लिए उसके पास क्या इंतजाम हैं। गुरुवार को सरकार ने जवाब दाखिर कर दिया। याचिका में आरोप था कि कचरा जलाने के दौरान अकस्मात आपदा होने की स्थिति में आपदा प्रबंधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। आज खुलेंगे चार से पांच कंटेनर, 12 घंटे चलेगा ड्राई रन, शुक्रवार से कचरा जलाने का काम होगा शुरूपीथमपुर में रि-सस्टेनेबिलिटी कंपनी के परिसर में पिछले दो माह से रखे यूनियन कार्बाइड के 337 टन कचरे के 12 कंटेनर में चार से पांच कंटेनर को गुरुवार को खोला जाएगा। कंटेनर से कचरे को निकालकर उसमें मौजूद हानिकारक तत्वों पर नियंत्रण के लिए सोडियम सल्फाइड जैसे रसायन मिलाए जाएंगे। गुरुवार को इंसीनरेटर में ड्राई रन शुरू किया जाएगा और 12 घंटे तक इंसीनरेटर को चालू कर इसके प्रथम चेम्बर में 850 से 900 डिग्री सेल्सियस व दूसरे चेम्बर में 1100 से 1200 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचाया जाएगा। इसके बाद यूनियन कार्बाइड के कचरे को इंसीनरेटर में डालकर जलाने की प्रक्रिया शुरू होगी। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि कोर्ट के निर्देश के अनुसार गुरुवार से कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। याचिकाकर्ता की आपत्तियां खारिजयाचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि पर्यावरण और स्वास्थ्य नियमों का पालन किए बगैर यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने की तैयारी की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि जिस जगह कचरा जलाया जाना है, वहां से 250 मीटर दूर एक गांव है। एक किमी के दायरे में तीन अन्य गांव हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों को वैकल्पिक स्थान तक उपलब्ध नहीं करवाया गया। कचरा जलाने के दौरान कोई हादसा होता है तो पीथमपुर में अस्पताल भी नहीं है। हाई कोर्ट के आदेश पर जलाया जा रहा कचराउल्लेखनीय है कि भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड के कचरे का निस्तारण करा रही है। इसके लिए जनवरी में 337 टन कचरे को भोपाल से धार जिले के पीथमपुर स्थित संयंत्र में लाकर उसे जलाने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने कचरे के जलने से उसकी जहरीले तत्वों का जलवायु पर दुष्प्रभाव होने की आशंका जताते हुए विरोध कर दिया था।

13 जीवनरक्षक दवाइयां निकली अमानक, मध्य प्रदेश में इनके उपयोग पर लगाई रोक

13 life saving medicines turned out to be substandard, their use banned in Madhya Pradesh इंदौर। भोपाल की ड्रग टेस्टिंग लैब में 13 जीवनरक्षक दवाइयां अमानक निकली हैं। इस कारण इनके उपयोग पर प्रदेश में रोक लगा दी गई है। इनमें से कुछ दवाइयों के सैंपल ड्रग विभाग ने एमवाय अस्पताल से भी सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत लिए थे। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम ने जीवनरक्षक दवाएं, सलाइन और सिरिंज अमानक पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग को भेजे हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं में हार्मोन बढ़ाने वाली दवाइयों के साथ ही एनेस्थिसिया के इंजेक्शन भी शामिल हैं। आदेश के मुताबिक डेक्सट्रोस 5 प्रतिशत (बैच नंबर- एमपी230801055), नार्मल सलाइन 0.9 प्रतिशत (बैच नंबर-एमपी22063102), डिस्पोजेबल सिरिंज विथ निडल 2 एमएल (बैच नंबर- आर2203171), केटेमाइन हाइड्रोक्लोराइड 10 एमजी (बैच नंबर- वी22197), माइक्रोनाइज्ड प्रोगेस्ट्रोन 100 एमजी (बैच नंबर यूएचटी22004), सोडियम बिकार्बोनेट इंजेक्शन (बैच नंबर-1322038), नाइट्रोग्लिसरिन इंजेक्शन 25 एमजी (बैच नंबर-एआई22328), एस्प्रिन लो डोज 75 एमजी (बैच नंबर-एपीएसटी1012) आदि पर रोक लगाई है। डॉक्टरों पर एमवायएच में भर्ती मरीज से मारपीट का आरोपअक्सर शिकायत आती रहती हैं कि एमवाय अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। मंगलवार को ऐसी घटना सामने आई है। आरोप है कि वार्ड में भर्ती एक मरीज के साथ डॉक्टरों ने मारपीट की और बिना इलाज के उसे भगा दिया। मरीज 34 वर्षीय दीपक मोरे निवासी परदेशीपुरा की बस इतनी गलती थी कि वह पैर का पट्टा खोलकर शौचालय गया था। मरीज हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन डॉक्टर ने जिस पैर में चोट लगी, उसे ही मोड़ दिया। मारपीट का आरोप विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन कुशवाह की यूनिट में जूनियर डॉक्टरों पर लगाया गया है। मामले में अस्पताल अधीक्षक को मरीज की पत्नी ने लिखित शिकायत की है।

आखिरकार इंदौर के भी बीजेपी जिलाध्यक्ष घोषित

Finally declared BJP District President of Indore too भोपाल ! लंबी जद्दोजहद और खींचतान के बाद आखिरकार बीजेपी ने इंदौर के दोनों जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने इंदौर नगर में सुमित मिश्रा और इंदौर ग्रामीण में श्रवण सिंह चावड़ा को जिला अध्यक्ष बनाया है। बीजेपी ने जिला अध्यक्षों के चुनाव की रायशुमारी की प्रक्रिया दिसंबर में ही पूरी कर ली थी। लेकिन नेताओं के बीच आपसी खींचतान के चलते जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान करने में 12 दिन का वक्त लग गया। 12 जनवरी को बीजेपी ने सिर्फ दो जिलों- उज्जैन और विदिशा के जिला अध्यक्ष घोषित करके शुरुआत की थी।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, इंदौर-भोपाल हाईवे पर हुआ हादसा

Congress State President Jitu Patwari’s car hit by a truck, accident happened on Indore-Bhopal highway मध्य प्रदेश के सीहोर से इस वक्त बड़ी खबर आई है। बता दें, अपने प्रवास पर निकले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार सड़क हादसे का शिकार बन गई है। एक ट्रक ने जीतू पटवारी की कार को पीछे से टक्कर मारी है। हालांकि, इस दौरान राहत वाली बात ये है कि कांग्रेस नेता पटवारी सुरक्षित हैं। ग्राम लसूड़िया और फंदा टोल के बीच की घटना बताई जा रही है। जानकारी लगते ही तुरंत थाना खजूरी पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है।

राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले महू पहुंचे CM मोहन यादव, कांग्रेस बोली- ‘खुद नहीं आए, उनका डर लाया है’

Jitu Patwari on Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गणतंत्र दिवस के अवसर पर महू पहुंचे जहां उन्होंने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतीक स्थली के दर्शन किए. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सीएम मोहन यादव के महू आने पर जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि सीएम मोहन यादव अपने आप यहां नहीं आए, बल्कि उनका डर उन्हें महू खींच कर लाया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जीतू पटवारी ने लिखा, “मुख्यमंत्री जी, सच यह है कि बाबा साहब की जन्म भूमि और संविधान की प्रतीक स्थली डॉ. अंबेडकर नगर (महू) आप नहीं आए, आपका ‘डर’ आपको यहां लेकर आया है. डर जनता का, डर लोकतंत्र की शक्ति का, डर संवैधानिक मूल्यों/मान्यताओं का. याद रखें कि संविधान के अस्तित्व को ही नकारने वाले आप जैसे कितने ही बीजेपी वाले आएंगे और चले भी जाएंगे, लेकिन बाबा साहब के पवित्र संविधान को छू भी नहीं पाएंगे.” राहुल गांधी-प्रियंका गांधी पहुंचेंगे महूकांग्रेस ने कहा है कि सोमवार को मध्य प्रदेश के महू में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी संबोधित करेंगे. इंदौर से करीब 25 किलोमीटर दूर महू भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर की जन्मस्थली है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि रैली में 2 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे. संविधान की रक्षा का लेंगे संकल्पकांग्रेस ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मध्य प्रदेश के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी रैली को संबोधित करेंगे. कार्यक्रम के दौरान नेता और कार्यकर्ता संविधान की रक्षा का संकल्प लेंगे. भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर संविधान का ‘बार-बार अपमान’ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी संविधान बदलने के लिए लोकसभा में 400 सीटें चाहती है. जीतू पटवारी ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सत्तारूढ़ पार्टी के नेता आरक्षण को चुनौती दे रहे हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में आंबेडकर का अपमान किया था. पटवारी ने कहा, ‘‘ये सभी मुद्दे कांग्रेस के लिए चिंता का विषय हैं. कांग्रेस ने संविधान की रक्षा के लिए काम किया है, जिसके लिए पार्टी देश भर में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान चलाएगी.”

Food Safety: खानें की चीजों में मिलावट, तो घर बैठे इस तरह कर सकते हैं शिकायत

Food Safety: If there is adulteration in food items, then you can complain like this sitting at home इंदौर। घर पर आने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर कई लोगों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि कहीं इसमें मिलावट तो नहीं है, लेकिन मिलावट की आशंका पर लोगों को अपने अधिकार पहचानने की आवश्यकता है। यदि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका है तो इसकी जांच हम स्वयं घर पर भी कर सकते हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि इसकी जांच के लिए यूट्यूब पर डीएआईटी एफएसएसएआई द्वारा अलग-अलग खाद्य पदार्थों के वीडियो अपलोड किए हुए हैं, जिसके माध्यम से आसानी से पता कर सकते हैं। वॉट्सएप पर करें शिकायतवहीं किसी भी खाद्य पदार्थ की मिलावट की आशंका है तो वॉट्सएप पर 9406764084 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आप अपना नाम और मोबइल नंबर भी नहीं बताना चाहते हैं तो वेबसाइट पर शिकायत कर सकते हैं। बिना आपकी पहचान उजागर किए, आपकी शिकायत पर कार्रवाई की जाती है। वहीं फूड कनेक्ट एप पर भी शिकायत की जा सकती है। जैसे हम मिठाई खरीदने से पहले उसे खाकर और सूंघकर देखते हैं। खराबी लगने पर शिकायत कर सकते हैं, उस पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। शहर में संचालित हो रही एक फूड वैनयदि आप स्वयं किसी खाद्य पदार्थ की जांच करवाना चाहते हैं, तो इसके लिए खाद्य विभाग की एक फूड वेन संचालित हो रही है। यह वैन अलग-अलग दिन क्षेत्रों के हिसाब से जाती है। इस वैन की सुविधा का लाभ लेकर भी आप जांच करवा सकते हैं। एक्सपायरी डेट जरूर देखना चाहिएनाममात्र शुल्क पर इससे जांच होती है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत खुले पैकेट में यदि मिलावट सामने आती है, तो आप शिकायत कर सकते हैं। कई लोग शिकायत नहीं करते हैं। हमेशा पैकेज्ड फूड खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखना चाहिए। ऐसे पहचाने चाय पत्ती में मिलावटचाय पत्ती में लोहे का बारीक चूरा डालने की आशंका हो सकती है। इसके लिए आप चुंबक को उस पर रखें। यदि चिपक रहा है तो वह मिलावटी होगी। वहीं, मिर्च पाउडर की पहचान के लिए आधा ग्लास पानी लीजिए और उसमें थोड़ा मिर्च पाउडर डालिए। यदि शुद्ध होगा तो वह तले में चला जाएगा। अशुद्ध होगा तो ऊपर आ जाएगा और पानी का रंग लाल हो जाएगा। नारियल तेल को फ्रीज में रख दें। यदि वह जम जाता है तो शुद्ध है और नहीं जमता है तो उसमें मिलावट है। फूड कनेक्ट एप से घर बैठे ऐसे करें शिकायतफूड कनेक्ट एप के जरिए आप खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वाले लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण तक अपनी शिकायत सीधे पहुंचा सकते हैं। एफएसएसएआई की तरफ से भी आपको आपकी शिकायत के बारे में लगातार अपडेट दिया जाएगा। इस एप के जरिए आप ये भी मालूम कर पाएंगे कि आपकी शिकायत पर क्या और कब कार्रवाई हुई? यही नहीं, खाने-पीने की चीजों को बनाने से लेकर बेचने वालों तक की पूरी जानकारी भी इस मोबाइल एप के जरिए आप हासिल कर सकते हैं।

इंदौर के लिए राहुल गांधी रवाना, रैली स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा

Congress Jai Bapu Jai Bhim Jai Constitution Rally in Mhow Live: इंदौर में बाबा साहेब आंबेडकर और बापू के नाम पर कांग्रेस की ‘जय भीम, जय बापू, जय संविधान’ रैली आज (सोमवार) आयोजित होने जा रही है। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और अन्य प्रमुख नेता इसमें शामिल होंगे। एमपी कांग्रेस ने तस्वीरें की शेयर

इंदौर को ‘हांगकांग’ बनाने को हरी झंडी, हजारों मकान व दुकानों पर मंडराया संकट

INDORE MASTER PLAN GREEN SIGNAL इंदौर ! देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को हांगकांग जैसा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वच्छता में नंबर वन इंदौर को अब ट्रैफिक में भी नंबर वन बनाने के लिए नगरी प्रशासन विभाग ने कमर कस ली है. शहर में करीब 3 हजार करोड़ की मास्टर प्लान की सड़कों और ड्रेनेज समेत विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई है. समीक्षा बैठक में तमाम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में शहर की सड़कों के मास्टर प्लान के तहत सड़के के साथ ही ड्रेनेज लाइन और पेयजल की व्यवस्था पर चर्चा की गई. मास्टर प्लान को लेकर मैराथन मीटिंगदरअसल, इंदौर को ट्रैफिक की दृष्टि से और भविष्य में विकास के मद्देनजर ये बैठक हुई. बैठक में चर्चा के बाद फैसला लिया कि शहर की 23 सड़कों को 468.41 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा. साथ करीब इतनी ही राशि से अन्य सड़कें बनाई जाएंगी. करीब 1000 करोड़ की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत पानी की सप्लाई और 1000 करोड़ की राशि से अमृत 2 योजना अंतर्गत ड्रेनेज और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे. यह पहला मौका है जब इंदौर में एक साथ 3000 करोड़ के कार्यों को आगामी 30 महीने में पूरा करने का फैसला लिया गया है. व्यापक स्तर पर टूटेंगे मकान व दुकानेंइंदौर में अपने तरीके के पहले कायाकल्प अभियान के तहत जिन सड़कों का निर्माण होगा, उनके आसपास मौजूद मकान और दुकानों को बड़े पैमाने पर तोड़ा जाएगा. ऐसे मकान मालिकों और भूमि स्वामी को नगरी प्रशासन विभाग द्वारा वैकल्पिक रूप से फ्लैट दिए जाएंगे. इसके अलावा निर्माण के दायरे में जो मकान व दुकानें आएंगी, उनके लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान नहीं किया गया है. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम और जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा “सभी 23 सड़कें ढाई साल में बनाई जाएंगी. इनके लिए टेंडर होने के बाद हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देनी पड़ेगी.” 25 सड़कों के चौड़ीकरण में 3000 मकान टूटेंगेइंदौर शहर में मास्टर प्लान के तहत बनाई जा रही 25 सड़कों चौड़ाई अलग-अलग निश्चित है. सड़कों को चौड़ा करके बनाने के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 3000 मकान तोड़ने होंगे. इन मकानों में अधिकांश ऐसे हैं, जो पूरी तरह सड़क में जा रहे हैं, जबकि 75 फ़ीसदी मकान आधे से ज्यादा तोड़े जाएंगे. इनमें कई दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान सड़कों के चौडीकरण के कारण पूरी तरह से हटा दिए जाएंगे. ऐसे अतिक्रमण और मकान तोड़े जाने के बदले नगरीय प्रशासन विभाग अब फ्लैट देने की तैयारी में है. इन फ्लैट में 1 बीएचके के स्थान पर 2 और 3 बीएचके फ्लैट देने की नीति नगरीय प्रशासन विभाग तैयार कर रहा है. मास्टर प्लान में टूटने वाले धार्मिक स्थल बनाकर देंगेइंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों को नए सिरे से बनाने और चौड़ा करने के मार्ग में कई धार्मिक स्थल भी आ रहे हैं. इसको लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है “धार्मिक स्थलों को लेकर लोगों को समझाकर और आमराय बनाकर काम करेंगे, जितने भी धार्मिक स्थल हटाए जाएंगे, उनके स्थान पर नए बनाकर दिए जाएंगे. इस बारे में निर्देश दिए गए हैं.”

इंदौर के पिलियाखाल क्षेत्र नाला इतना साफ कि अब वहां होगी निगम की बैठक

Indore’s Piliyakhal area drain is so clean that now corporation meeting will be held there इंदौर में स्वच्छता को लेकर फिर से नगर निगम ने कमर कस ली है,क्योकि 15 फरवरी से इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। इंदौर सात बार से सफाई में नंबर वन है। आठवीं बार भी इंदौर इस खिताब को बरकरार रखना चाहता है। इस बार शहर के जलस्त्रोतों को साफ करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इंदौर के पिलियाखाल क्षेत्र के घाट की सूरत निगम ने चार माह में बदल दी। पहले यहां चारों तरफ गाद और गंदा पानी था, किनारे पर खड़े रहने पर बदबू आती थी, लेकिन अब घाट इतना सुंदर हो चुका है कि मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने अगली महापौर परिषद बैठक सूख चुके नाले में करने का फैसला लिया है। घाट के दोनो तरफ पत्थर की दीवार भी बनाई गई है। इंदौर के एक नंबर विधनासभा क्षेत्र में आने वाले पिलियाखाल क्षेत्र में कई आश्रम और प्राचीन मंदिर है। नाले के प्रदूषित पानी के कारण यहां के घाटों पर पर एक फीट तक गाद जमी रहती थी। इस कारण लोग घाट के समीप बने मंदिरों तक भी नहीं जा सकते थे, लेकिन लगातार तीन से ज्यादा पोकलेन की मदद से पूरे क्षेत्र के नाले की गाद को हटाया गया और एक ट्रेंच के जरिए नाले के दूषित पानी का बहाव सीमित किया गया। अब नाला पूरी तरह सूख चुका है। इस बार जल प्रदूषण कम करने के भी अंक स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे में इस बार जल प्रदूषण कम करने के लिए किए गए उपायों के भी नंबर है। इस कारण नगर निगम नालों की सफाई पर जोर दे रहा है। इंदौर के बापट चौराहा वाले नाले, कुलकर्णी नगर और पलासिया नाले की गाद भी साफ की गई है। कृष्णपुरा छत्री से लालबाग तक 100 से ज्यादा डंपर खाद निकाली गई है। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि है कि इस बार पिलियाखाल के घाट पर महापौर परिषद की बैठक अायोजित की जाएगी। जिमसें शहर विकास से जुड़े एजेंडों पर चर्चा होगी।

अकेले पड़े जीतू यादव, खुद इस्तीफा नहीं देते तो पार्टी कर देती निलंबित

Jitu Yadav lying alone, had he not resigned himself, the party would have suspended him. पार्षद कालरा के घर हमले और उनके नाबालिग बेटे के साथ की गई हरकत के कारण एमआईसी मेंबर जीतू यादव की राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। अनुशासन समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संगठन यादव के खिलाफ एक्शन लेता, उससे पहले उन्होंने ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और एमआईसी मेंबर पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा जीतू के पास कोई चारा भी नहीं था,क्योकि संगठन की तरफ से भी जीतू के खिलाफ कार्रवाईकी तैयारी हो चुकी थी। पार्षद कालरा के घर हुए विवाद के बाद जीतू यादव को उनके राजनीतिक आका ही मदद के लिए तैयार नहीं थे, क्योकि घर में घुसकर नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत से वे खुश नहीं थे और पूरे मामले में चुप्पी साध रखी थी। मामला ज्यादा तूल नहीं पकड़ता, लेकिन यादव खेमे की तरफ से ही इस मामले को हवा दी गई। नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत की वीडियो उनके समर्थकों ने ही वायरल की। जब मालिनी गौड़ ने कालरा के परिजनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलवाया तो दूसरे दिन यादव भी अपने समर्थकों के साथ इंदौर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उसके वीडियो भी अपने पक्ष में सोशल मीडिया पर खूब वायरल कराए। इसके बाद कालरा खेमे की तरफ से भी काॅल रिकार्डिंग वायरल करना शुरू हो गई और मामला भोपाल तक पहुंच गया। बताते है कि नाबालिग बच्चे को नग्न करने के मामले में पीएमअेा कार्यालय से भी रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके बाद मामला और गंभीर होता गया। अतत: यादव को इस्तीफा देना पड़ा।

‘झगड़े के लिए नहीं सीखते हैं लाठी चलाना, बल्कि…’, इंदौर में क्या बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत?

wielding stick brings bravery rss chief mohan bhagwat statement राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे और स्वर शतकम कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया और बताया कि लाठी चलाना क्यों सीखना जरूरी है। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में हमारा देश पीछे रहने वाला नहीं है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के पास जो है, वो हमारे देश के पास नहीं है, ऐसे नहीं हो सकता है। हमारा देश पीछे रहने वाला मुल्क नहीं है। हम भी ऐसा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। विश्व के देशों की पहली पंक्ति में बैठकर हम भी बता सकते हैं कि हमारे पास क्या-क्या है? कार्यक्रम करते हैं, इसलिए उसका प्रदर्शन होता है : मोहन भागवत उन्होंने आगे कहा कि एक बात और है। संघ कोई भी कार्य प्रदर्शन के लिए नहीं करता है, बल्कि जो काम करता है उसी का प्रदर्शन हो जाता है। संघ के जितने भी कार्यक्रम होते हैं और जिसका आप प्रदर्शन देखते हैं। हम शाखा में भी ये कार्यक्रम करते हैं, लेकिन वो प्रदर्शन के लिए नहीं करते हैं। कार्यक्रम करते हैं, इसलिए उसका प्रदर्शन होता है। इंसानों के सद्गुणों में होती है वृद्धि : RSS प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा कि संघ के कार्यक्रमों से इंसान की प्रवृति, स्वभाव और संस्कार बनता है। उनके सद्गुणों में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि हम संघ में दंड सीखते हैं। लाठी चलाना प्रदर्शन या झगड़े करने के लिए नहीं सीखते हैं। अगर सीख गए और दोनों प्रसंग आए तो दोनों में काम आ जाते हैं। लाठी चलाने वाले व्यक्ति में आती है वीरता : भागवत आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि हमें उत्सवों में प्रदर्शन करना पड़ता है। हम झगड़ा नहीं करते हैं। अगर कोई आकर झगड़ा करने लगे तो उसका इलाज करना ही पड़ता है। लाठी चलाना इसलिए नहीं सीखते हैं। लाठी चलाना इसलिए सीखते हैं, क्योंकि लाठी चलाने वाले व्यक्तियों में वीरता आती है। वो किसी से डरता नहीं है।

मध्य प्रदेश में यूनियन कार्बाइड के जहर का कहर, पीथमपुर में लोग कर रहे आत्मदाह

Union Carbide poison wreaks havoc in Madhya Pradesh, people are committing suicide in Pithampur धार ! पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध में शुक्रवार को व्यापक बंद का ऐलान किया गया था. बंद के दौरान विरोध कर रहे दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसमें दोनों के सिर पर आग लग गई. इस दौरान आग से कई लोग झुलस गए और भगदड़ मच गई. इस घटना में दो प्रदर्शनकारी राजकुमार और राज पटेल की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना से जुड़ा एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है. विरोध प्रदर्शन के दौरान किया आत्मदाहदरअसल विगत कई दिनों से पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर रैली और धरने का आयोजन था. तो वहीं आज नगरवासियों ने बंद का आह्वान किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर महाराणा प्रताप चौराहे पर पहुंचे जहां यूनियन कार्बाइड के विरोध में जमकर नारेबाजी हुई. इस दौरान जब मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने लोगों को रोकने की कोशिश तो इसी बीच प्रदर्शन स्थल पर बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचे राजकुमार और राज पटेल ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. इस दौरान अचानक आग भड़क गई. 60 फीसदी जले, दोनों प्रदर्शनकारियों की हालत गंभीरकुछ ही सेकंड में दो प्रदर्शनकारियों के सिर और ऊपरी हिस्सों में आग लग गई. ये देखते ही भगदड़ मच गई. हालांकि वहां मौजूद पुलिस ने दोनों की आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक दोनों करीब 60 फीसदी से ज्यादा जल चुके थे. आनन-फानन में दोनों को चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. इंदौर से भेजा गया अतिरिक्त पुलिस बलइस घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल है और क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है. वहीं स्थिति और ना बिगड़े इसे लेकर इंदौर से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने बताया, ” घटना में दो लोग जल गए हैं. राजकुमार रघुवंशी और राज पटेल दोनों को आग लेग देखा मैंने. दोनों के चेहरे जले हैं. राज पटेल की जलती शर्ट मैंने खींचकर उतारी इसमें मेरा हाथ भी जला है.” क्यों हुआ पीथमपुर में हिंसक विरोध? दरअसल, 3 दिसंबर 1984 को हुए भोपाल गैस कांड में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव होने से हजारों लोग काल के गाल में समा गए थे. इस गैस कांड के बाद से भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में ये जहरीला कचरा सालों से बंद पड़ा था, जिसे पीथमपुर प्लांट में जलाया जा रहा है. इसी के विरोध में पीथमपुर में बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें हिंसा भड़क गई.

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

Patwari met Sumitra Mahajan on Union Carbide waste, expressed concern प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। नहीं बनना चाहिए राजनीतिक मुद्दा उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। कचरा जलाने की योजना को अभी थोड़ा रोका जाए पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। कोर्ट का आदेश है लेकिन यह आदेश नहीं है कि यही जलाया जाए पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए।

UPI नहीं, कैश… इंदौर के व्यापारियों का ऐलान, दुकानों के बाहर क्यों लगाए ऐसे पोस्टर?

indore traders declare that they will not accept payments through upi posters put up outside shops stwma देश भर में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. इसी के तहत साइबर क्राइम टीम भी लगातार काम कर रही है. कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है और कई लोगों के खिलाफ अभी भी लगातार जांच जारी है. इसमें सबसे बड़ी समस्या व्यापारियों के लिए सामने आती है. इंदौर ! मध्य प्रदेश के इंदौर में व्यापारियों ने UPI पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. कोई भी दुकानदार ग्राहक से यूपीआई के जरिए पेमेंट नहीं लेंगे. इसकी जानकारी वह अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर पोस्टर लगाकर दे रहे हैं. दुकानदारों के इस निर्णय से ग्राहक परेशान हो रहे हैं. इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर व्यापारियों से बात करेंगे. वहीं, यूपीआई पेमेंट ने लेने पर व्यापारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड के कारण वह परेशान हो रहे हैं, पुलिस भी उनके अकाउंट होल्ड कर देती है. पूरी दुनिया डिजिटलाइजेशन पर निर्भर हो चुकी है. अब हर चीज मोबाइल से ऑपरेट की जाती है. इसके कई फायदे भी हैं तो कई नुकसान भी. व्यापारियों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान साइबर फ्रॉड है. उनका कहना है कि जब कोई बदमाश एक अकाउंट से पैसा लेकर दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करता है और उसी अकाउंटस से वह किसी व्यापारी के यहां से खरीदारी करता है. जांच में वह अकाउंट पाया जाता है तो व्यापारी का भी अकाउंट सीज कर लिया जाता है. इस समस्या से परेशान इंदौर के व्यापारियों ने यूपीआई पेमेंट को अब ना कह दिया है. कैश और क्रेडिट कार्ड से लेंगे पेमेंट इंदौर के व्यापारी ग्राहक से कैश और क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट लेंगे. उन्होंने यूपीआई के जरिए पेमेंट लेने से इनकार कर दिया है. इसका फैसला राजवाड़ा के व्यापारी एसोसिएशन ने लिया है. व्यापारियों का कहना है कि अगर कोई ग्राहक उनकी दुकान पर आता है और वह यूपीआई पेमेंट करता है, जब पुलिस जांच में वह ग्राहक गुनाहगार निकलता है तो पुलिस व्यापारियों का अकाउंट भी सीज कर देती है. उसको खुलवाने में कई महीनों लग जाते हैं. तब तक व्यापारी का पैसा उसी अकाउंट में रखा रह जाता है. इस बीच न वो उसका इस्तेमाल कर सकता है और न पेमेंट निकाल सकता है, जिससे की कई व्यापारी परेशान हो जाते हैं. कलेक्टर करेंगे व्यापारियों से बात इस मामले में इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जैसे ही साइबर फ्रॉड की शिकायत आती है, पुलिस प्रशासन उस पर तुरंत कार्रवाई करता है. अगर एक दो ट्रांजेक्शन के कारण ऐसा हुआ है और यूपीआई पेमेंट को गलत कहना गलत हे. वहीं व्यापारियों द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर कहा कि हम एक टीम भेजकर उनसे बातचीत करेंगे, क्योंकि डिजिटल इकोनॉमी भी बहुत आवश्यक है. उसमें अगर किसी चीज की कमी है तो उसको दूर किया जाना चाहिए

युगपुरुष धाम आश्रम की मान्यता रद्द, 10 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने उठाया कदम

Recognition of Yugpurush Dham Ashram cancelled, administration took action after death of 10 children इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर शहर में संचालित युग पुरुष बौद्धिक विकास केंद्र (युगपुरुष धाम आश्रम) की मान्यता शासन ने रद्द कर दी है। सामाजिक न्याय विभाग संचनालय द्वारा मान्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया गया है। आश्रम में 10 बच्चों की मौत के बाद कलेक्टर इंदौर ने जांच के आदेश जारी किए थे। जांच में कई लापरवाही सामने आई थी। बच्चों के खाने पीने को लेकर गंभीर लापरवाही मिली थी। बता दें युगपुरुष धाम आश्रम सरकारी अनुदान प्राप्त करने वाला निजी आश्रम है। वहां प्रदेश से करीब 200 से अधिक मानसिक-शारीरिक दिव्यांग अनाथ बच्चों को रखा जाता था। युगपुरुष धाम आश्रम पर दिव्यांग बच्चों के आश्रम के अलावा अस्पताल भी संचालित किया जाता है। वहां करीब हर तरह के प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया जाता था। पिछले दो महीनों में आश्रम के 10 बच्चों की मौत हुई थी। बच्चों में खून की कमी और इंफेक्शन के कारण मौत की बातें सामने आई थी।

अनशन और धरना खत्म करने को लेकर अभ्यर्थियों पर अधिकारियों का दबाव

Pressure from officials on candidates to end fast and strike इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के खिलाफ सैकड़ों अभ्यर्थियों का तीसरे दिन शुक्रवार को भी धरना प्रदर्शन और अनशन जारी रहा। मांगों पर आयोग ने कोई चर्चा नहीं की, जबकि धरना खत्म करने को लेकर दिनभर जिला प्रशासन के अधिकारी दबाव बनाते रहे। साथ ही अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की बात कही। बावजूद इसके उन्होंने धरना से उठने से साफ मना कर दिया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुद्दे को विधानसभा में उठाने पर जोर दिया। बुधवार सुबह दस बजे से नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाययू) के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थी आयोग कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों का दबाव60 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, मगर परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं दिखाने, 100 फीसद रिजल्ट जारी करने, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां सहित अन्य मांगों पर आयोग ने कोई आश्वासन नहीं दिया है। शुक्रवार सुबह से जिला प्रशासन के अधिकारी अभ्यर्थियों को डराने में लगे रहे। एफआईआर का भी डर दिखायाउन्होंने धरना खत्म नहीं करने पर कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही एफआईआर का भी डर बनाया। गुरुवार रात आठ बजे से राधे जाट और अरविंद भदौरिया अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने मांगे नहीं माने जाने तक अनशन से उठने से इन्कार कर दिया है।

इंदौर लोकायुक्त ने धार जिला स्वास्थ्य अधिकारी को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

Indore Lokayukta caught Dhar District Health Officer red handed taking bribe of Rs 25 thousand इंदौर लोकायुक्त ने धार जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर मोदी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई आशीष चौहान, प्रबंध संचालक श्रीश्याम हॉस्पिटल, धार द्वारा की गई शिकायत पर की गई। चौहान ने लोकायुक्त को बताया था कि डॉ. मोदी ने उनके हॉस्पिटल से संबंधित शिकायत के बाद रिश्वत की मांग की थी। सत्यापन के बाद, लोकायुक्त ने 13 दिसंबर 2024 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। डॉ. मोदी को 25 हजार लेते हुए गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत की गई। FD रिलीज करने के नाम पर एक लाख की घूस मांगने वाले तीन गिरफ्तारभोपाल में लोकायुक्त ने नगर पालिका परिषद बाड़ी के तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी ₹1,00,000 रिश्वत मांग रहे थे। ट्रैप के दौरान ₹40,000 नगद और ₹60,000 चेक लेते हुए गिरफ्तार किए गए। मामले की जांच जारी है। आवेदक राजेश मिश्रा ने शिकायत की थी कि वर्ष 2021 में नगर पालिका परिषद बाड़ी के श्मशान घाट निर्माण कार्य के लिए टेंडर के साथ 3 लाख 40 हजार रुपये की FD जमा की गई थी, जिसे रिलीज करने के लिए आरोपी बद्री प्रसाद शर्मा ने एक लाख रुपयों की मांग की थी। मिश्रा द्वारा पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना भोपाल को शिकायत करने के बाद शिकायत का सत्यापन लोकायुक्त विभाग द्वारा किया गया। सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि आरोपी बद्री प्रसाद शर्मा के साथ अन्य दो आरोपियों, शुभम जैन और जय कुमार ने मिलकर आवेदक को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया था।

इन्दौर : कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन लिया वापस, भाजपा की ले सकते हैं सदस्यता

Indore: Congress candidate Akshay Kanti Bam withdraws nomination, can take membership of BJP. इंदौर ! लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने आज पार्टी को झटका देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद इंदौर सीट पर अब भाजपा के लिए मैदान लगभग साफ हो गया है उसके सामने निर्दलीय और अन्य दलों के अलावा कोई प्रत्याशी नहीं बचा। लोकसभा चुनाव से पहले ही इंदौर में कांग्रेस का बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने आज पार्टी को झटका देते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद इंदौर सीट पर अब भाजपा के लिए मैदान लगभग साफ हो गया है, उसके सामने निर्दलीय और अन्य दलों के अलावा कोई प्रत्याशी नहीं बचा। BJP की ले सकते हैं सदस्यताजानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक मेंदोला के साथ भाजपा कार्यालय के लिए रवाना हो गए। माना जा रहा है कि बम भाजपा की सदस्‍यता लेंगे। अक्षय कांति बोले- कांग्रेस नहीं दे रही थी साथ?नामांकन वापस लेने के बाद अक्षय कांति बम ने कहा कि जब से उन्होंने नामांकन जमा किया था, तब से ही कांग्रेस की ओर से उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा था। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि फॉर्म भरने के बाद से ही कांग्रेस अक्षय कांति पर दबाव बना रही थी। सूरत जैसा खेल हो सकताकांग्रेस प्रत्याशी अक्षय के नामांकन वापस लेने के बाद यहां भी सूरत जैसा खेल होने की चर्चा होने लगी है। दरअसल, इससे पहले गुजरात के सूरत में भी ऐसा ही घटनाक्रम हुआ था। वहां, कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, इसके साथ ही अन्य दलों की उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी अपना पर्चा वापस ले चुके थे। जिसके बाद सूरत में भाजपा ने निर्विरोध चुनाव जीत लिया था।

महाकाल मंदिर में लगी आग, 14 लोग झुलसे, जांच के आदेश, इंदौर में घायलों से मिले सीएम

Fire broke out in Mahakal temple, 14 people burnt, investigation ordered, CM met the injured in Indore. पीएम और राष्‍ट्रपति ने ली घटना की जानकारीमहाकाल भस्‍मारती के दौरान मंदिर में आग लगी, इसमें पुजारियों के साथ कुछ सेवक भी झुलस गए हैं। उज्‍जैन के महाकाल मं‍दिर में भस्‍मारती के दौरान आग लग गई।इसकी चपेट में आकर पुजारियों के साथ सेवक भी झुलस गएआग के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल निर्मित हो गया था उज्‍जैन। धुलेंडी के अवसर पर उज्‍जैन के महाकाल मं‍दिर में भस्‍मारती के दौरान आग लग गई। इसकी चपेट में पुजारी, पंडे और सेवकों सहित कुल 14 लोग झुलस गए। घटना के दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर में मौजूद थे। कुछ पुजारी गंभीर घायल बताए गए हैं। बाकी लोगों की हालत सामान्‍य बताई गई है। आधा दर्जन से अधिक पुजारियों को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया था। तीन पुजारियों को अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। सीएम डॉ मोहन यादव ने इंदौर के अरबिंदो हाॅस्पिटल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्‍होंने सत्‍यनारायण सोनी नामक गंभीर घायल के बेहतर उपचार के निर्देश भी दिए।मीडिया से सीएम ने कहा कि घटना दुखद है। यहां अस्‍पताल में ही पीएम मोदीजी और राष्‍ट्रपतिजी का फोन आया है। मैंने बताया कि सभी की हालत लगभग ठीक है। डाॅक्‍टरों ने विपरीत हालातों में बेहतर उपचार किया परमात्‍मा ने बड़ी घटना होने से बचा लिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सभी के उपचार का ध्‍यान रख रहे हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस घटना में कोई षड्यंत्र तो नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।गुलाल उड़ाने के दौरान भभकी आग होली के कारण श्रृंगार के बाद गर्भगृह और उसके ठीक बाहर गुलाल उड़ाया जा रहा था। इस दौरान आग भभकी। बताया जा रहा है कि स्प्रे से गुलाल उड़ाया जा रहा था। गुलाल में केमिकल होने के कारण आग भभकी। इधर गर्भगृह की दीवार को गुलाल से बचाने के लिए फ्लैक्स, कपड़े भी लगाए गए थे। इससे आग और तेजी से फैली। अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पाया गया। घटना में सत्यनारायण, चिंतामन, रमेश, अंश, शुभम, विकास, महेश, मनोज, संजय, आनंद, सोनू और राजकुमार नाम के पुजारी और सेवक झुलसे हैं। सीएम के कार्यक्रम में परिवर्तन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव महाकाल गर्भगृह में हुई आग की घटना में प्रभावित लोगों से मिलने इंदौर पहुंचे। यहां से वे उज्जैन जाएंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। पूर्व सीएम श‍िवराज सिंह चौहान ने भी हादसे पर दुख जताया है। इंदौर कलेक्‍टर आशीष के अनुसार 8 लोगों को इंदौर के अरबिंदो अस्‍पताल लाया गया है सभी की हालत स्थिर है , जरूरत पड़ने पर डाक्‍टरों की संख्‍या बढ़ाई जाएगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उज्‍जैन में घायलों से मिले। विजयवर्गीय के साथ मंत्री तुलसी सिलावट भी सीएम के साथ इंदौर अस्‍पताल में मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में डॉ मोहन यादव ने कहा था कि पहले वे इंदौर और फ‍िर उज्‍जैन जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि बड़ा हादसा टल गया। कुछ लोग घायल हुए हैं। मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।मजिस्ट्रियल जांच :श्री महाकालेश्वर मंदिर में हुई आगजनी की घटना की होगी मजिस्ट्रियल जांच महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में सोमवार भस्म आरती के दौरान हुई आगजनी की घटना के उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना और अपर कलेक्टर उज्जैन अनुकूल जैन द्वारा संपूर्ण घटना की जांच की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने 3 दिन में जांच समिति को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्‍पताल में जाकर घायलों की कुशलक्षेम जानी।

अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को भाजपा विधायक ने नहीं करने दी कार्रवाई वापस लौटे अधिकारी , नेता प्रतिपक्ष बोले, टीम का लौटना शर्मनाक

BJP MLA did not allow the team that arrived to remove encroachment to take action. Officers returned, Leader of Opposition said, it is shameful for the team to return इंदौर ! भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने अतिक्रमण हटाने गई निगम की टीम को मौके से लौटा दिया। अब इस मामले पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। घटना की जिम्मेदारी इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव को लेना चाहिए और उन्हें शहर की जनता को बताना चाहिए की निगम ने वापस लौटने का फैसला क्यों लिया। क्या है मामलाएरोड्रम थाना क्षेत्र की मारवाड़ी अग्रवाल कॉलोनी में नगर निगम की टीम शनिवार सुबह अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही रहवासियों ने पूर्व मंत्री और विधायक उषा ठाकुर को इसकी जानकारी दे दी। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इसके बाद उषा ठाकुर ने कार्रवाई रुकवा दी और टीम को मौके से वापस लौटना पड़ा। विधायक के रिश्तेदार की है कालोनीबताया जा रहा है कि कॉलोनी उषा ठाकुर के रिश्तेदार की है। रहवासियों का यह भी कहना है कि दो बड़े नेताओं की लड़ाई में गरीबों का नुकसान हो रहा है। रहवासियों ने आरोप लगा हैं कि क्षेत्रीय पार्षद अश्विन शुक्ल के कहने पर इंदौर नगर निगम की टीम अतिक्रमण की कार्रवाई कर रही है। वहीं उषा ठाकुर के रिश्तेदार की कालोनी होने की वजह से वह इस कार्रवाई को रुकवा रही हैं।

नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय के करीबी कारोबारी से मांगी रंगदारी, मचा हड़कंप

Extortion demanded from a businessman close to Urban Administration Minister Vijayvargiya, created panic भोपाल। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्रोई के नाम से इंदौर के एक कारोबारी के पास धमकी मिली है। फरियादी ने पुलिस को इसकी शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू कर दी है और जिस नंबर से कॉल आया था, उसका पता लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि कारोबारी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी मित्र भी हैं। इस लिहाज से पुलिस ने जांच की गति बढ़ा दी है। इंदौर के कारोबारी के पास 19 जनवरी को विदेशी नंबर से कॉल आया, लेकिन उन्होंने बात नहीं नहीं की। इसके बाद वाट्सएप पर कॉल आया। फिर भी उन्होंने बात नहीं की। फिर उसी नंबर से एक वाइस मैसेज आया। जिसे भेजने वाले ने खुद का नाम लॉरेंस बताया और कहा कि यदि तुमने कॉल नहीं उठाया तो तुम्हें नहीं पता की हम क्या कर सकते हैं। कारोबारी ने इस धमकी को गंभीरता से लिया और पुलिस को शिकायत की। क्राइम ब्रांच ने उस नंबर की जांच की। धमकी देने के बाद उस नंबर पर संपर्क किया, लेकिन वह बंद आ रहा है। सायबर सेल ने जांच की तो पता चला कि जिस नंबर से वाट्सएप मैसेज आया है। उसकी प्रोफाइल पर भगवान लिखा है। पुलिस को आशंका है कि कोई स्थानीय बदमाश लॉरेंस का नाम लेकर कारोबारी को धमका रहा है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बताया और रंगदारी के लिए वाइस मैसेज में धमकी दी। इसके बाद कहा कि तुम नहीं जानते हम क्या कर सकते हैं। ये तुमको नहीं पता। मैसेज करने वाले ने खुद का नाम लॉरेंस विश्रोई बताया। लॉरेंस फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। पहले भी जुड़ा लॉरेंस का नाम- इससे पहले भी लॉरेंस का नाम इंदौर से जुड़ चुका है। लॉरेंस गिरोह को हथियार सप्लाय करने वाले सिकलीगर को पुलिस पकड़ चुकी है।

प्रदेश में तबादले का दौर जारी इसी कड़ी में इंदौर और भोपाल कलेक्टर का तबादला

Round of transfers continues in the state, in this series Indore and Bhopal Collector transferred आशीष सिंह इंदौर और कौशलेंद्र विक्रम सिंह भोपाल कलेक्‍टर बनाए गए भोपाल ! मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं।भोपाल। मप्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी कर दिए हैं। आशीष सिंह को इंदौर कलेक्‍टर बनाया गया है। इंदौर कलेक्‍टर इलैया राजा टी को अब मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बना दिया गया है। आशीष सिंह इससे पहले भोपाल कलेक्‍टर थे। भोपाल कलेक्‍टर का दायित्‍व अब कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंपा गया है। वे इससे पहले मध्‍य प्रदेश पर्यटन विकास निगम भोपाल के प्रबंध संचालक थे।

देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी में डिस्टलरी मालिक को सजा.

Punishment for the owner of the country’s largest liquor distillery in the biggest liquor smuggling case. शराब तस्करी करवाने के लिए आबकारी अधिकारियो ने छपवा लिए फर्जी परमिट, शासन को राजस्व का मोटा चुना भोपाल/इंदौर । डिस्टलरीज से शराब तस्करी करने पर, बेटमा थाने में दर्ज अपराध क्रमांक/565/11 धारा 34(2), 420, 467, 468, 471, 120बी में अपर सत्र न्यायाधीश निलेश यादव ने दिनांक 23/12/2023 को डिस्टलरीज मालिक और तत्कालीन आबकारी अधिकारियो को सश्रम कारावास और अर्थ दंड से दंडित किया, जज ने अधिकारियों की अधिक उम्र को देखते हुए सजा कम दी है। सोम डिस्टलरीज से शराब तस्करी का मुरैना के बाद यह दूसरा अपराध है, जिसमे सोम डिस्टलरीज/मालिक को सजा हुई है। यह प्रकरण देश की सबसे बड़ी शराब तस्करी है क्योंकि इसमें आबकारी विभाग के अफसरों ने ही शासन के द्वारा जारी किए जाने वाले परमिट फर्जी बना कर दिए जाना प्रमाणित हुआ है, इसके लिए फर्जी परमिट प्रोफार्मा छपवाए गए है, जो शराब तस्करी के लिए प्रदेश में धडल्ले से जारी किए जा रहे है….

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने किया हुकमचंद मिल के मजदूरों को बकाया राशि का भुगतान.

Chief Minister Dr. Mohan Yadav made the payment of outstanding dues to Hukamchand Mill workers. 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कार्यक्रम में वर्चुअली जुडें ।इंदौर। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बटन दबाकर सोमवार को 428 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। वर्चुअल तौर पर जुड़े प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हुकमचंद मिल के मजदूरों को लिक्विडेटर चेक सौंपा। प्रधानमंत्री मोदी ने बटन दबाकर राशि मजदूरों के खातों में ट्रांसफर किया।मोहन यादव ने कहा कि मैं खुद मजदूर का बेटा हूं। उज्जैन में भी हुकमचंद मिल के जैसे ही मिल का मामला देख चुका हूं। मजदूरों और उनके परिवार का हाल देख चुका हूं। इसलिए मैं समझता हूं कि क्या परेशानियां आती है। हम उनके साथ हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मजदूर के बेटे हैं औऱ वह उनका दर्द समझते हैं। इसलिए उन्होंने शपथ लेने के बाद पहला काम उनके हक में किया। मैं उनका धन्यवाद करता हूं। हमने अहिल्या को नहीं देखा, लेकिन अहिल्या की तरह काम करने वाली ताई को देखा हैं। मधु भैया ने बड़ा शिकार किया है, उनके लिए ताली बजनी चाहिए, एक नंबर का विधायक कोन है, मैं ही हूं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि ओलंपिक का एक खेल होना चाहिए, कुश्ती का मैच हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का कुश्ती मैदान बन जाए इंदौर में। वह सोमवार सुबह 11 बजे इंदौर पहुंचे। हैलीपेड पर उनका स्वागत कैलाश विजयवर्गीय ने किया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर आगमन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुष्पगुच्छ और अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत आगमन किया। इस दौरान तुलसी सिलावट, महेंद्र हार्डिया व अन्य भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हैं।

हुकुमचंद मिल मजदूरों को 25 दिसंबर को मिलेगी राहत राशि, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Hukumchand Mill workers will receive relief funds on December 25, says Chief Minister Dr. Mohan Yadav. इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित होगा कार्यक्रम। लंबित देनदारियों के भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 25 दिसंबर को इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 464 करोड़ रुपये की राशि वितरण करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस पर इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित हितलाभ वितरण के इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और इस कार्यक्रम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मजदूरों को संबोधित करेंगे पीएम मोदीयहां पर यह बता दें कि हुकुमचंद मिल के मजदूरों की 30 साल से देनदारियां बकाया हैं। देनदारियों के इस भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशि सीधे मजदूरों को ही मिले। इस संदर्भ में उन्होंने मजदूर संघों से बात करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश की अन्य बंद मिलों और उनके मजदूरों को होने वाले भुगतान की लंबित जानकारी भी तलब की।

प्रदेश में कोरोना वायरस ने फैलायें पांव, इन्दौर में मिलें दो मरीज़ मिलें

Corona virus spread in the state, two patients found in Indore इंदौर ! मध्य प्रदेश फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मंच गया है। इंदौर में एक महिला और पुरुष कोरोना संक्रमित मिले है। दोनों पलासिया क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरुष एक ही परिवार से है। दोनों हाल ही में मालदीव से लौटे थे। सप्ताहभर पहले एक मरीज मिला था। वह ठीक हो गया। मध्य प्रदेश में दो कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ा दी है। दोनों मरीजों को आईसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर दिशा निर्देश जारी किए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनको कोई गंभीर लक्षण नहीं है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी किया है। इसमें आरटी पीसीआर और रैपिड जांच के निर्देश सरकार ने दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बयान दिया था कि केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए है। कोविड समेत दूसरी बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। केंद्र ने बुलाई बैठककेरल समेत दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के साथ ही इलाज के अस्पतालों में तैयारी को लेकर जानकारी साझा की जा सकती है। क्या है नया सब वेरिएंटकेंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि जेएन.1, एसएआरएस-सीओवी-2 का एक उप्रकार है, जो कोविड-19 का कारण बनता है। इसका एक मामला केरल में सामने आया है। इस सबवेरिएंट को ओमिक्रॉन सबवेरिएंट का ही एक रूप बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण हैं। इससे संक्रमित जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

शहर में आवारा कुत्तों की धमक, प्रशासन, निगम लाचार

Threat of stray dogs in the city, administration, corporation helpless दहशत में लोगों ने सुबह-शाम टहलना छोड़ा। स्कूली बच्चों से लेकर साइकिल व बाइक वालों पर झपटते हैं श्वान। 3500 मामले हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।2014-15 से कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा।1 लाख 80 हजार श्वानों की अब तक हुई नसबंदी। 60 हजार करीब श्वान नसबंदी के लिए बचे। इंदौर। ऐसा लगता है, मानो नगर निगम और प्रशासन ने इंदौर को आवारा कुत्तों के हवाले कर दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हद तो यह कि बीते कुछ ही दिनों में शहर में डाग बाइट अर्थात कुत्तों द्वारा बच्चों या लोगों पर हमला करने, उन्हें काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिमाह औसतन 3500 ऐसे मामले हो रहे हैं, जिनमें किसी व्यक्ति, बच्चे या महिला को कुत्ते ने काटा हो। यह बहुत भयावह आंकड़ा है। लोगों ने कुत्तों की दहशत के कारण सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे दहशत में हैं। बाइक सवारों पर कुत्तों के झपटने और उन्हें गिरा देने के मामले भी लगातार हो रहे हैं। इसके बावजूद निगम आयुक्त, महापौर और कलेक्टर नींद में हैं तथा कुत्तों के इस आतंक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।देश के सबसे स्वच्छ शहर की टांग पर इन दिनों आवारा कुत्तों के दांत गड़े हुए हैं और इन कुत्तों के सामने नगर निगम, प्रशासन, जनप्रतिनिधि…सब मानो असहाय हो गए हैं। दरअसल, कुछ दिनों से शहर में डाग बाइट के मामले अचानक तेजी से बढ़ गए हैं। महालक्ष्मी नगर, निपानिया क्षेत्र में तो ऐसे-ऐसे केस हो रहे हैं कि लोगों ने डर के मारे सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।शाम होते ही बच्चों को घरों में कैद कर दिया जाता है। कोचिंग के लिए बच्चों को साइकिल से भेजने के बजाय पालक उन्हें कार से छोड़ने जा रहे हैं। इधर, नगर निगम के जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब है कि श्वानों की नसबंदी कराकर हम उन्हें कैद में नहीं रख सकते, उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समाधान निकालना ही होगा।

शून्य दुघर्टना सर्वोच्च लक्ष्य एम पी ट्रांसकों की समीक्षा बैठक में – एम.डी. श्री सुनील तिवारी

Zero accident is the highest goal, in the review meeting of MP Trans, MD Shri Sunil Tiwari Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpurजबलपुर ! एम पी ट्रांसकों के प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने मैदानी अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली एवं उन्हें यह सख्त निर्देश दिये कि कंपनी के सभी कार्यों में पूर्ण सावधानी रखी जावे एवं शून्य दुघर्टना ही हमारा सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए। इस हेतु आवश्यक सभी कदम उठाये जावें । इंजीनियर सुनील तिवारी ने विगत विधानसभा चुनावों के दौरान संपूर्ण मध्यप्रदेश में व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति के लिये कंपनी के सभी कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि इसी प्रकार आगामी रबी सीजन में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जावे । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप विधानसभा चुनावों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति की परीक्षा में खरे उतरे उसी प्रकार आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान भी व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति हेतु आवश्यक संधारण कार्य पूर्ण किये जावें ताकि कंपनी पुनः अपने लक्ष्य में खरी उतर सके । इस समीक्षा बैठक में एम पी ट्रांसको के संपूर्ण मध्यप्रदेश के अधिकारी तथा मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी उपस्थित थे।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे – पटवारी.

Before the Lok Sabha elections, the Congress will propagate its ideology to every household, says the party spokesperson. दिल्ली में राहुल गांधी से मिले नेता प्रतिपक्ष उमंग और हेमंत कटारे भोपाल – मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद जीतू पटवारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर पहुंचाएंगे। सभी वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेकर कांग्रेस को मजबूत करेंगे। पटवारी ने कहा कि सक्रिय युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को पार्टी वाला कमाने नई जिम्मेदारी देते ही दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे और मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से हुई। वहीं इन दोनों नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान की ओर से दोनों नेताओं को मध्यप्रदेश के लिए आगमी रणनीति और दिशा निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव को लेकर भी प्लान बताया है। जीतू पटवारी 19 दिसंबर से प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगे। वह मंगलवार को पूरे विधि विधान के साथ भोपाल स्तिथ कांग्रेस मुख्यालय इंद्रा भवन पहुंच कर प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे। पीसीसी में इसके लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जानकारी के अनुसार वे सबसे पहले इंदौर से उज्जैन पहुंच कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद से यहां से देवास सोनकच, आष्टा, सीहोर होते भोपाल पहुचेंगे। यहां दोपहर तीन बजे वे प्रदेश के तौर पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। बता दें कि, कांग्रेस हाईकमान ने मध्य प्रदेश के संगठन में बड़ा उलट फेर करते हुए कमलनाथ से प्रदेश की कमान वापस ले ली है। उनके स्थान पर जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। उनके साथ ही उमंग सिंघार को नेताप्रतिपक्ष और हेमंत कटारे को उप नेताप्रतिपक्ष बनाया गया है।

मध्य प्रदेश में फिर डराने लगा कोरोना, इंदौर में मरीज मिलने के बाद मचा हड़कंप

COVID in Madhya Pradesh, as a patient in Indore tests positive. Doctors advise people to stay vigilant. इंदौर। मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। इंदौर में एक मरीज मिलने के बाद डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। एक बुजुर्ग की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वह सर्दी और बुखार से पीड़ित था। निजी लैब में कोविड जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को होम आईसोलेशन में रखा गया है। दो साल बाद भी कोविड का भय खत्म नहीं हुआ है। 70 वर्षीय बुजुर्ग की सर्दी खांसी के जांच के बाद कोविड पॉजिविट मिला है। इसके बाद मरीज का होम आईसोलेशन कर उपचार किया गया। मरीज की हालत ठीक है।कोविड नोडल अधिकारी डॉ अमित मालाकार ने बताया कि हरदा निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग सर्दी खांसी और बुखार से पीड़ित था। निजी लैब में कोविड जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिसके बाद मरीज को आईसोलेशन में रखकर उसका उपचार किया गया। फिलहाल मरीज की हालत ठीक है। मामला 24 नवंबर का है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच की गई, लेकिन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है। बता दे कि मामले के 16 दिन बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट मरीज की सांझा नहीं की है।

INDW vs ENGW: भारत-इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मैच आज, महिला क्रिकेट टीम दिखाएगी दम ‘वानखेडे स्टेडियम’

टीम इंडिया वानखेडे से शुरू करेगी अभियान भारतीय महिला टीम इंग्लैंड के खिलाफ कमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है. टीम को बुधवार से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है. हेड टू हेड इंग्लैंड टीम का पलड़ा भारी है.स्टोरी हाइलाइट्स:भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत बुधवार से मुंबई में खेले जाएंगे सभी मैचभारत की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में काफी समय बाद भारत की महिला टीम इंग्लैंड की महिला टीम के खिलाफ सीरीज खेलेगी. दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज और इकलौता टेस्ट खेला जाएगा. बीसीसीआई महिला सोशल मीडिया अकाउंट ने स्मृति मांधना, कप्तान हरमनप्रीत कौर और जमाइमा रोड्रिग्स की ट्रेनिंग करते हुए तस्वीरें शेयर की हैं. इन सभी मैचों का आयोजन मुंबई के वानखेड़े और डीवाई पाटिल स्टेडियम में होगा. फैंस के लिए बेहद अच्छी खबर है क्योंकि सभी इन मुकाबलों को मुफ्त में देख पाएंगे.हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी 16 सदस्यीय टीम को लीड करेंगी. जबकि स्मृति मांधना उप कप्तान हैं. रेणुका सिंह की चोट के बाद वापसी हो रही है. टीम में युवा टैलेंट्स भी हैं जिन्हें एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद टीम में मौका मिला है. वहीं वीमेंस प्रीमियर लीग में धांसू प्रदर्शन करने वाली श्रेयांका पाटिल और साइका इशाक की भी एंट्री हुई है.

बहुचर्चित सरपंच मर्डर कांड का आरोपी PF कमिश्नर गिरफ्तार.

The accused in the high-profile Sarpanch murder case, Commissioner of PF, has been arrested. ग्वालियर। इंदौर के PF कमिश्नर मुकेश रावत गिरफ्तारमुंबई एयरपोर्ट से हुई गिरफ़्तारी मुंबई पुलिस के ACP डा. मनोज शर्मा की मदद से पकड़ा सरपंच विक्रम रावत के मर्डर का आरोपी है PF कमिश्नरग्वालियर पुलिस ने आरोपी पर 10 हज़ार का घोषित किया था इनाम 9 अक्टूबर को ग्वालियर में हुआ था विक्रम रावत हत्या कांड शार्प शूटरों ने फायरिंग कर की थी विक्रम की हत्या

राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या.

National Karni Sena Chief Mr. Sukhdev Singh Gogamani was shot dead in Jaipur. जयपुर। बहुत ही दुखद घटना 05/12/2023 को राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख श्री सुखदेव सिंह गोगामणि की जयपुर में गोलीमार कर हत्या कर दी गई है उनका इस तरह आकस्मिक निधन पूरे राजपूत समाज की अपूरणीय क्षति है पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तब तक आरोपी भाग गए। मामले की पुलिस प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की एवं आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। वहीं लोगों ने राज्यशासन और प्रशासन से मांग है कि इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले अपराधियों को फांसी की सजा दी जाए।

बलिदान दिवस: अमीरों का लुटेरा…गरीबों का मसीह ‘टंट्या भील’

मध्यप्रदेश का जननायक टंट्या भील आजादी के आंदोलन में उन महान नायकों में शामिल है जिन्होंने आखिरी सांस तक अंग्रेजी सत्ता की नाक में दम कर रखा था। टंट्या भील को आदिवासियों का रॉबिनहुड भी कहा जाता है, क्योंकि वो अंग्रेजों के भारत की जनता से लूटे गए माल को अपनी जनता में ही बांट देते थे। टंट्या भील को टंट्या मामा के नाम से भी जाना जाता है। आज यानी 4 दिसंबर को उनका बलिदान दिवस मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं उनकी शौर्य गाथा को। बता दें कि इंदौर से लगभग 25 किलोमीटर दूर पातालपानी क्रांतिकारी टंट्या भील की कर्म स्थली है। यही वह जगह है जहां टंट्या भील अंग्रेजों की रेलगाड़ियों को तीर कामठी और गोफन के दम पर अपने साथियों के साथ रोक लिया करते थे। इन रेलगाड़ियों में भरा धन, जेवरात, अनाज, तेल और नमक लूट कर गरीबों में बांट दिया करते थे। टंट्या भील देवी के मंदिर में आराधना कर शक्ति प्राप्त करते थे और अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर आस पास घने जंगलों में रहा करते थे। टंट्या भील 7 फीट 10 इंच के थे और काफी शक्तिशाली थे, उन्होंने अंग्रेजों को थका दिया था। जानिए, कौन थे टंट्या मामा… इतिहासकारों की मानें तो साल 1842 खंडवा जिले की पंधाना तहसील के बडदा में भाऊसिंह के घर टंट्या का जन्म हुआ था। पिता ने टंट्या को लाठी-गोफन और तीर-कमान चलाने का प्रशिक्षण दिया। टंट्या ने धर्नुविद्या के साथ-साथ लाठी चलाने और गोफन कला में भी दक्षता हासिल कर ली। युवावस्था में अंग्रेजों के सहयोगी साहूकारों की प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने साथियों के साथ जंगल में कूद गया। टंट्या मामा भील ने आखिरी सांस तक अंग्रेजी सत्ता की ईंट से ईंट बजाने की मुहिम जारी रखी थी। टंट्या मामा का जन्म 1840 में खंडवा के पास पंधाना तहसील के गांव बरदा में होना ऐतिहासिक तथ्यों से प्रमाणित है। उनकी क्रांतिकारी गतिविधियां 1878 से 1889 तक रहीं। साल 1889 में उन पर जबलपुर में मुकदमा चला और 4 दिसंबर 1889 को उन्हें फांसी दे दी गई। वे मातृभूमि के लिए शहीद कर दिए गए।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व गृह मंत्री के समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष को घेरा.

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Supporters of the former Home Minister of the Bharatiya Janata Party surrounded the state president.

इंदौर-3 से टिकट कटने पर आकाश विजयवर्गीय बोले- ‘जब पिता जी को टिकट मिला तभी…’

आकाश विजयवर्गीय ने कहा, आगामी राज्य चुनावों के लिए राकेश गोलू शुक्ला को इंदौर-3 से टिकट दिया गया है. हमें खुशी है, हमने इस फैसले को स्वीकार किया क्योंकि यह पार्टी के हित में है. आदित्य शर्मा, इन्दौर | मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी (BJP) ने अपने प्रत्याशियों की 5वीं लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने इंदौर 3 विधानसभा क्षेत्र से कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय की जगह इस बार गोलू शुक्ला (Golu Shukla) को चुनावी मैदान में उतारा है. अब इस पर आकाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. आकाश ने पार्टी के फैसले का स्वागत किया है. आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब उनके पिता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने टिकट दिया था उसी समय ये बात लगभग स्पष्ट हो गई थी इस बार उन्हें टिकट नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला उन्हें मंजूर है. पार्टी के हिट में जो भी होता है वो हम सभी के लिए मान्य होता है. आकाश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके भाई जैसे गोलू शुक्ला को पार्टी ने इंदौर 3 (INdore) से उम्मीदवार बनाया है, और उन्हें क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का मौका मिल रहा है. गोलू शुक्ला जैसे नेता को टिकट मिलना खुशी की बात आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले पांच सालों में पार्टी ने क्षेत्र में काफी विकास किया है. सरकार की सभी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया. बीजेपी का जो नारा है सबका साथ सबका विकास, हमने उसी के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम किया है. इसके आगे आकाश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि गोलू शुक्ला जैसा ऊर्जावान और युवा नेता क्षेत्र को मिलने वाला है. उन्होंने कहा कि गोलू शुक्ला उनसे भी ज्यादा अनुभवी हैं, ऐसे में उन्हें यकीन है कि गोलू शुक्ला के नेतृत्व में भी क्षेत्र का और भी तेज गति से विकास किया जाएगा. इसके अलावा आकाश ने कहा कि वो पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं. आगे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उन्हें वो निभाएंगे । संजय शुक्ला के चचेरे भाई हैं गोलू शुक्ला गौरतलब है कि शनिवार को पार्टी ने अपने 92 उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट जारी की है, जिसमें आकाश की जगह गोलू शुक्ला को इदौंर 3 से उम्मीदवार बनाया गया है. गोलू शुक्ला संजय शुक्ला के चचेरे भाई हैं जो इंदौर 1 से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. जिनका मुकाबला कैलाश विजयवर्गीय से है. आकाश के टिकट पर थी सभी की निगाहें बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश के टिकट को लेकर कई दिनों से चर्चाएं थी. सभी की निगाहें इस क्षेत्र पर थी. पहले ही अटकलें लगाई जा रही कि इस बार आकाश का पत्ता साफ हो सकता है. जिसके पीछे एक बड़ी वजह 2019 का बल्ला कांड भी हो सकता है. दरअसल 2019 में आकाश का बल्ला कांड काफी सुर्खियों में रहा था. जर्जर मकान पर कार्रवाई के दौरान आकाश ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर क्रिकेट के बैट से वहां मौजूद एक अधिकारी की जमकर पिटाई कर दी थी.

बागली के कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल भोसले ने जीत को लेकर कही बड़ी बात

विधानसभा चुनाव के लिए जारी हुई कांग्रेस की दूसरी सूची में देवास जिले की अजजा आरक्षित सीट बागली से परंपरागत नामों से हट कर पार्टी ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के गनमैन रहे गोपाल भोंसले को अपना प्रत्याशी बनाया है।गोपाल भोसले पुलिस विभाग के एस एस एफ में पदस्थ थे,और दिग्विजय सिंह के साथ नर्मदा परिक्रमा में पूरे समय साथ थे।भोसले ने जिले के चर्चित नेमावर कांड के बाद शासकीय सेवा से त्याग पत्र दे दिया था ,और पिछले कई दिनों से कांग्रेस से टिकट के लिए प्रयासरत थे। भोंसले का मजबूत पक्ष भोंसले कोरकू समाज से आते हैं। कोरकू समाज के क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता हैं इसलिए जातिगत फेक्टर पूरी तरह पक्ष से कांग्रेस के में है। वह कांग्रेस में अब तक के सबसे युवा प्रत्याशी हैं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और दीपक जोशी के करीबी होने का भी लाभ भी भोंसले को मिलेगा। बागली को जिला बनाना सबसे पहली प्राथमिकता पूर्व में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के द्वारा बागली को जिला बनाने की घोषणा हुई पर इसका विरोध न झेलना पड़े इसलिए भाजपा ये कदम नही उठा पाई भोसले ने कहा यदि वो विधायक बनते है तो सर्वप्रथम वो बागली को जिला बनाएंगे । भोंसले ने कहा सुशासन लायेंगे । भोंसले ने कहा की वो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की सुशासन वाली नीति से सहमत है वर्तमान विधायक के कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार हुआ है उस पर हुई जांच से असंतुष्ट है आगे वो हर जांच में निष्पक्षता लायेंगे और सुशासन को पूरे विधानसभा में स्थापित करेंगे

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