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सीएम योगी ने लखीमपुर के जंगल से आए बाघ का किया नामकरण

Lakhs of devotees reached Manora fair

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (गोरखपुर चिड़ियाघर) में बब्बर शेर भरत और शेरनी गौरी को बाड़े में प्रवेश कराया। इन दोनों को मई माह के अंतिम सप्ताह में इटावा लायन सफारी से यहां लाया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा इन्हें बाड़े में छोड़े जाने के बाद अब चिड़ियाघर आने वाले दर्शक बब्बर शेर की इस जोड़ी का दीदार कर सकेंगे। इसके पहले दो जून को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चिड़ियाघर का भ्रमण करने आए थे, तब उन्होंने बब्बर शेर पांच साल के भरत और शेरनी गौरी को देखने के साथ उनके बारे में जानकारी ली थी। गोरखपुर चिड़ियाघर से सीएम योगी को बहुत लगाव है, जब भी उन्हें मौका मिलता है, वह यहां वन्यजीवों को देखने और उनके देखभाल की जानकारी लेने आते हैं। शनिवार को वह बब्बर शेर की जोड़ी भरत और गौरी को बाड़े में छोड़ने आए। मुख्यमंत्री के साथ वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना भी थे। जैसे ही सीएम ने क्रॉल का गेट खोलकर यह कहा कि चलो जाओ, बब्बर शेर दौड़ते हुए बाड़े में चला गया। मुख्यमंत्री ने यहां चिड़ियाघर के निदेशक एवं डीएफओ विकास यादव से दोनों शेरों के बारे में जानकारी ली। शेर के बाड़े के समीप हरिशंकरी पौधे का रोपण कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। सीएम ने यहां तैल चित्रों का भी अवलोकन किया। हरि-गौरी की खिलाया चारा, बिल्लू को आइसक्रीम और शहद सीएम योगी ने चिड़ियाघर का भ्रमण करते हुए निरीक्षण भी किया। इस दौरान भ्रमण करते हुए सीएम योगी गैंडों की जोड़ी हरि और गौरी के बाड़े के पास पहुंचे और अपने हाथों से दोनों को चारा खिलाया। गैंडों की यह जोड़ी मुख्यमंत्री को काफी प्रिय है और इसके पहले 2 जून को वह यहां आकर उन्हें केले खिला चुके हैं। भ्रमण के दौरान सीएम योगी हिमालयन भालू बिल्लू के बाड़े पर भी पहुंचे। उसे आवाज देकर बुलाया। गर्मी से परेशान इस भालू को उन्होंने आइसक्रीम, बर्फ का गोला और शहद खिलाया। हरि-गौरी और बिल्लू के बाड़े के पास सीएम ने कुल मिलाकर करीब 12 मिनट का वक्त बिताया। उन्होंने चिड़ियाघर के अन्य वन्यजीवों के बाड़ों का भी अवलोकन किया। लखीमपुर के जंगल से आए बाघ का किया नामकरण चिड़ियाघर भ्रमण के दौरान सीएम योगी ने लखीमपुर के जंगल से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ का नामकरण किया। बाघ का नाम उन्होंने शक्ति रखा। नामकरण के बाद बाड़े के अंदर यह बाघ काफी देर तक दहाड़ता रहा।  बच्चों से की मुलाकात, अभिभावक जैसे दी नसीहत चिड़ियाघर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां आए वनटांगिया बस्ती, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जंगल तिकोनिया नम्बर तीन के बच्चों से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उन्हें आशीर्वाद दिया। उन्हें चॉकलेट भी गिफ्ट की। इस दौरान उन्होंने अभिभावक जैसे बच्चों को समझाया कि चॉकलेट का रैपर या अन्य कूड़ा इधर उधर न फेंकें, डस्टबिन में ही डालें। गर्मी को देखते हुए खूब पानी पीते रहें। मुख्यमंत्री ने यहां लायन थीम पर फेस पेंटिंग कराए कुछ बच्चों से खूब हंसी ठिठोली की।

PM Modi 18 जून को आएंगे वाराणसी, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित

The Forest Department organized a program titled One Tree in the Name of Mother.

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार भारत के पीएम के तौर पर शपथ लेने के बाद पहली अपने 18 जून को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी  जाएंगे. उनके वाराणसी दौरा का शेड्यूल भी जारी हो गया है. पीएम 18 जून को शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में  भी शामिल होंगे. तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 18 जून को उत्तर प्रदेश और 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे. लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र आने वाले हैं. शाम सवा चार बजे वह (पीएम) किसान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. वाराणसी में ही रुकेंगे पीएम किसान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम शाम सवा छह बजे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे और शाम सात बजे दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में हिस्सा लेंगे. और रात में वाराणसी में ही रुकेंगे. cm ने किया कार्यक्रम स्थल का दौरा वहीं, पीएम के दौरे से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. वाराणसी के दौरे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी आगले दिन 19 जून को बिहार का दौरा करेंगे, जहां पीएम सुबह दस बजे नालंदा यूनिवर्सिटी कैंपस का उद्घाटन करेंगे. G-7 समिट में बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, ‘इस समिट में निमंत्रण के लिए मैं प्रधानमंत्री मेलोनी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. मैं चांसलर शोल्ज़ को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं. G-7 समिट का ये आयोजन विशेष भी है और ऐतिहासिक भी है. G-7 के सभी साथियों को इस समूह की पचासवीं वर्षगांठ की बहुत-बहुत बधाई.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले सप्ताह आप में से कई मित्र, यूरोपियन पार्लियामेंट के चुनावों में व्यस्त थे. कुछ मित्र आने वाले समय में चुनावों की सरगर्मी से गुजरेंगे.भारत में भी पीछे कुछ महीने चुनाव का समय था. भारत के चुनाव की विशेषता और विशालता कुछ आकड़ों से समझी जा सकती है.   2600 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियां, 1 मिलियन से ज्यादा पोलिंग बूथ, 5 मिलियन से ज्यादा ईवीएम, 15 मिलियन पोलिंग स्टाफ और लगभग 970 मिलियन वोटर्स, जिनमें से 640 मिलियन लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.’  

ED पूर्व बीएसपी एमएलसी मोहम्मद इकबाल और उसके परिवार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, 4440 करोड़ की जमीन जब्त

सहारनपुर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बीएसपी के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल (former MLC Mohammad Iqbal) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने पूर्व एमएलसी की 4 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों को अटैच कर दिया है. यहां यूनीवर्सिटी की 4,440 करोड़ रुपये की कीमत की इमारत और जमीन कुर्क की गई है. एजेंसी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच एजेंसी ने एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया था, इसके बाद 121 एकड़ जमीन और ग्लोकल यूनिवर्सिटी की इमारत को जब्त कर लिया गया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बयान में कहा कि ये संपत्तियां अब्दुल वहीद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर दर्ज हैं, इन पर मोहम्मद इकबाल और उनके परिवार के सदस्यों का कंट्रोल था. मोहम्मद इकबाल, ट्रस्ट और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ की गई ये कार्रवाई अवैध खनन मामले से जुड़ी है. ईडी के अनुसार, पूर्व एमएलसी फरार है. माना जा रहा है कि वह दुबई में है. मोहम्मद इकबाल के चार बेटे हैं. बेटों और भाई के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जो जेल में बंद हैं. मनी लॉन्ड्रिंग का केस उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रेत खनन, पट्टों के अवैध नवीनीकरण और कई खनन पट्टा धारकों, कुछ अधिकारियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ दिल्ली में दर्ज सीबीआई की एफआईआर से जुड़ा है. सभी खनन फर्मों का स्वामित्व और संचालन मोहम्मद इकबाल ग्रुप के पास था. ये फर्म सहारनपुर और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन में शामिल थीं. ईडी ने कहा कि आईटीआर (आयकर रिटर्न) में मामूली आय दिखाए जाने के बावजूद खनन फर्मों और मोहम्मद इकबाल के ग्रुप की कंपनियों के बीच बिना किसी व्यापारिक संबंध के करोड़ों के लेनदेन मिले हैं. यह मुकदमा सहारनपुर में खनन के पट्टों में हुई धांधली से जुड़ा था, जिसमें लीज होल्डर महमूद अली, दिलशाद, मोहम्मद इनाम, महबूब आलम (अब मृत), नसीम अहमद, अमित जैन, नरेंद्र कुमार जैन, विकास अग्रवाल, मोहम्मद इकबाल का बेटा मोहम्मद वाजिद, मुकेश जैन, नरेंद्र कुमार, पुनीत कुमार और कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों को नामजद किया गया था। ईडी की जांच से पता चला कि सभी खनन फर्मों का स्वामित्व और संचालन मोहम्मद इकबाल के पास था। इकबाल और उसके करीबियों की कंपनियां और फर्में सहारनपुर और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन में शामिल थीं।  इसके जरिए मोहम्मद इकबाल के साथ करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया, जबकि इन कंपनियों से उसका कोई कारोबारी संबंध नहीं था। इतना ही नहीं, मोहम्मद इकबाल ने इस अवैध कमाई को आयकर विवरण में इसे छिपा लिया गया था। बाद में मोहम्मद इकबाल ने सारी धनराशि अब्दुल वहीद एजुकेशनल ट्रस्ट के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी।  अधिकतर रकम को असुरक्षित कर्ज और दान के रूप में दिया जाना दर्शाया गया था। बाद में ट्रस्ट ने इस धनराशि का उपयोग यूनिवर्सिटी की भूमि खरीदने और भवनों के निर्माण के लिए किया। ईडी की जांच में सामने आया है कि इस तरह करीब 500 करोड़ रुपये ट्रस्ट के जरिए ग्लोकल यूनिवर्सिटी में निवेश किए गये। वर्तमान में यूनिवर्सिटी की भूमि और भवनों की बाजार कीमत 4440 करोड़ रुपये है। बता दें मोहम्मद इकबाल के चार बेटे और भाई अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं।  

नोएडा में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, पकड़े गए आठ बदमाश

Dr. Ankur Pathak's team removed a three and a half kilo lump from the stomach.

नोएडा दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा में पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन से बदमाश खौफ में हैं.  नोएडा पुलिस ने सिलसिलेवार मुठभेड़ों के बाद 48 घंटों के भीतर आठ अपराधियों को दबोचा है. इनमें से सात को मुठभेड़ में घायल होने के बाद पकड़ा गया है. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में दिल्ली का एक लुटेरा भी शामिल है, जिसके खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और ‘ठक-ठक’ गिरोह के दो सदस्य भी हैं. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि तीन मुठभेड़ों में से पहली मुठभेड़ बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि को सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन की सीमा में सेक्टर-96 जंक्शन के पास एक नियमित जांच के दौरान हुई. पुलिस ने बताया, ‘मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों को पूछताछ के लिए रुकने का इशारा किया गया, इसके बाद संदिग्धों ने हाजीपुर अंडरपास की ओर भागने का प्रयास किया जिसके बाद उनका पीछा किया गया तो उन्होंने सर्विस रोड पर सिक्का मॉल के पास पुलिस पर गोलीबारी की.” . “पुलिस की जवाबी कार्रवाई में, दो बदमाश अरुण (खेरिया टप्पल, हाथरस ) और गौरव (दिल्ली के मीत नगर से) को पैरों में गोली लगी और उन्हें पकड़ लिया गया, जबकि तीसरा संदिग्ध, जो मौके से भाग गया था. बाद में तलाशी अभियान के दौरान उसे भी पकड़ लिया गया. पुलिस ने कहा कि उन्होंने तीनों के पास से 1 लाख रुपये नकद, बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल और गोला-बारूद के साथ दो अवैध हथियार बरामद किए. एनकाउंटर के बाद पकड़े गए बदमाश पुलिस और बदमाशों के बीच गोलीबारी की दूसरी घटना गुरुवार देर रात हुई, जब फेज-1 पुलिस स्टेशन के कर्मी सेक्टर-15ए की ओर जाने वाली सड़क पर गोल चक्कर चौकी के पास जांच कर रहे थे, तभी अपराधी से उनका सामना हो गया. आरोपी ऋषभ दयाल, दिल्ली के फेज-3 इलाके में मयूर विहार का निवासी है, उसने पुलिस पर गोलीबारी की, लेकिन मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लग गई और उसे पकड़ लिया गया. उसका आपराधिक इतिहास रहा है और वो कई मामलों में आरोपी है. अधिकारी ने कहा, ”नोएडा और गाजियाबाद में डकैती, चोरी और अवैध हथियार रखने का उस पर राय है. पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से एक .315 बोर की देशी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए और उसका स्कूटर जब्त कर लिया गया. तीसरी मुठभेड़ शुक्रवार तड़के बिसरख थाना क्षेत्र के रोजा याकूबपुर के पास हुई, जब नियमित जांच के दौरान स्थानीय पुलिस ने मोटरसाइकिल पर दो लोगों को पूछताछ के लिए रुकने का इशारा किया. इसके बाद संदिग्धों ने रोजा याकूबपुर की ओर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद उनका पीछा किया गया. इसी दौरान उनकी बाइक फिसल गई और गिर गए. दीपक उर्फ ​​​​बंटी और रवि कुमार ने पुलिस पर गोलीबारी करते हुए भगाने की कोशिश करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनके पैरों में गोली मार दी और घायल होने पर पकड़ लिया. पुलिस ने कहा कि उन्होंने दोनों के पास से दो .315 बोर की देशी पिस्टल, गोला-बारूद, 18,850 रुपये नकद जब्त किए है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चौथी मुठभेड़ की घटना शुक्रवार देर रात एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गुलशन मॉल के पास हुई जहां दो लोगों को पूछताछ के लिए रोकने पर वो भागने लगे. जब पुलिस ने उनका पीछा किया, तो दोनों ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं, लेकिन पुलिस पार्टी की जवाबी फायरिंग में उन्हें गोली लग गई. घायलों की पहचान दिल्ली के रहने वाले दीपक और हापुड के रहने वाले तरुण के रूप में हुई है, जो ठक-ठक गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं. ऐसे ही अन्य मुठेभड़ में कुल 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया है.  

जौनपुर में भीषण सड़क हादसा दो लोगों की मौत और 5 की हालत गंभीर घायल

जौनपुर  उत्तर प्रदेश के जौनपुर में भीषण सड़क हादसा हो गया है। यहां बारातियों से भरी बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और 5 की हालत गंभीर है। घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बोलेरो गाड़ी में अराजकतत्वों ने आग लगा दी। यह हादसा सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बछुआर गांव का मामला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ के छतौना गांव से जौनपुर के महाराजगंज केवटली गांव में बारात गई हुई थी। बारात से वापस जाते समय ट्रैक्टर ट्रॉली से भिड़ंत के बाद यह हादसा हुआ। भोजन के बाद देर रात प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थानांतर्गत लछिपट्टी गांव निवासी राहुल निषाद (24), छतौना निवासी दीपक (26), राजन, आशीष, गोलू, भैरोपुर निवासी राजेश कुमार आदि एक बोलेरो पर सवार होकर वापस निकले। वाहन को वहीं का इम्तियाज चला रहा था। जैसे ही बोलेरो बछुआर स्थित हाइवे पर पहुंची सामने से आ रहे ट्रैक्टर से भिड़कर पलट गई। हादसे के बाद वहां चीख पुकार मच गई। आवाज़ सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। बारातियों को किसी तरह बोलेरो से बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक राहुल निषाद और दीपक की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। अन्य सभी घायल हुए थे। ग्रामीणों की मदद से घायलों को सीएचसी बदलापुर में भर्ती कराया गया। वहां हालत गंभीर देख सभी को जिला अस्पताल भेज दिया गया सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस के वहां से हटने के बाद किसी ने बोलेरो में आग लगा दी।

घोसी सीट पर बेटे की हार के बाद राजभर का बड़ा बयान सामने आया, जनता ने PM मोदी और CM योगी को नकारा

बलिया उत्तर प्रदेश के पिछड़ी जाति के चंचल और मुखर नेता ओम प्रकाश राजभर के सुर एक बार फिर बदले बदले लग रहे हैं। घोसी सीट पर बेटे की हार के बाद राजभर का बड़ा बयान सामने आया है। हार का ठीकरा ओम प्रकाश राजभर ने भारतीय जनता पार्टी पर ही फोड़ डाला है। सुभासपा के केंद्रीय कार्यालय रसड़ा पर एक समीक्षा बैठक के दौरान अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओपी राजभर ने कहा कि आप लोग भी बोलना सीखिए, हमारी पार्टी ईमानदारी से जहां जो लड़ा उसको वोट किया। गठबंधन के तमाम पार्टियों के नेता गठबंधन धर्म निभाना नहीं जानते, लेकिन हम लोगों ने ईमानदारी से गठबंधन का धर्म निभाया है, लेकिन जनता ने योगी और मोदी को नकार दिया है। ऐसे लोगों को भी सबक सिखाने की जरूरत है… इतना ही नही, राजभर ने कहा कि ऐसे लोगों को भी सबक सिखाने की जरूरत है। आप बोलना सीखो तब इनको समझ में आएगा अब तो हम पूरी बगावत करेंगे देखिएगा आगे हम मंच से ही बता देंगे कि किसको वोट देना किसको नहीं देना है। ऐसे लोगों की भी हम दवाई करने जा रहे हैं जो मंच पर लच्छेदार भाषण देते थे और गाड़ी में बैठकर अपने लोगों से कहते थे की इधर नहीं उधर वोट देना। ऐसे लोगों को भी हम लोग चिन्हित कर लिए हैं। हम ऐसे लोगों को खोज भी रहे हैं चाहे वह हमारा प्रधान हो, चाहे जिला पंचायत हो, चाहे कोई हो, चाहे अधिकारी हो, ऐसे लोगों को भी हम चिन्हित कर लिए हैं और दवाई करने जा रहे हैं। ‘जब सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का’ उन्होंने कहा कि आप लोगों से कहूंगा कि जब ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो तब आगे मत आना क्योंकि हो सकता है उसमें आपका रिश्तेदार भी हो उस समय मैं किसी की बात नहीं सुनूंगा। जब हमारी कलम चलेगी तो चलेगी जैसा जो किया है वैसा ओमप्रकाश राजभर देने की तैयारी में भी है और दूंगा और अभी 3 साल सत्ता में रहूंगा। सत्ता में रहकर ऐसा पावर बना लेंगे कि भारतीय जनता पार्टी से और सीट ले लेंगे। अब हम चाहते हैं कि कम से कम 25 से 30 सीट ले आएं, अब अगर कोई भी हमारा नेता अब दबा तो हम समझ लेंगे कि वह हमारा मुर्दा नेता है उसका नाम रख दिया जाएगा मुर्दा नेता। राजभर ने कहा कि ‘जब सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का’ अब दिल खोल कर रहिये। कभी अपने मन में निराशा मत लाना आप काम करते जाइए हम सुबह उठकर जब महाराजा सुहेलदेव को याद करके कहते हैं कि माल आ जाए तो अपने आप माल आ जाता है। आप लोग भी ‌सुबह नहा धोकर महाराजा सुहेलदेव को याद करके माल मांगोगे तो मिल जाएगा और ‘मांगो उसी से जो दे दे खुशी से और कहे ना किसी से।

योगी के अहम प्रोजेक्ट पर लगा ग्रहण, बलिया में गंगा की दिशा बदलने वाली परियोजना की ही बिगड़ी दशा

 बलिया यूपी के बलिया को गंगा की कटान से बचाने के लिए नदी की दिशा बदलने की जिस परियोजनाओं पर पूरे तामझाम से काम शुरू हुआ था उसकी ही दशा बिगड़ गयी है। करीब 31 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रेजिंग परियोजना का फिलहाल कोई पूछनहार नहीं है। इसे धरातल पर उतारने के लिए शासन ने कार्यदायी संस्था में बदलाव भी किया गया। इसके बावजूद नतीजा सिफर रहा। सितंबर, 2019 में गंगा ने जिले में भयंकर तबाही मचाई थी। बैरिया तहसील में गोपालपुर ग्राम पंचायत के सौ से अधिक मकान नदी में समा गये थे। गंगा पार नौरंगा पंचायत में प्रधानमंत्री योजना के तहत बनी सड़क का बड़ा हिस्सा भी इसमें विलीन हो गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवाई सर्वेक्षण के बाद जिले को कटान से स्थायी छुटकारा दिलाने के लिए गोरखपुर की तर्ज पर नदी की धारा मोड़ने को यहां भी ड्रेजिंग कार्य कराने की घोषणा की थी। संबंधित अधिकारियों ने प्रोजेक्ट तैयार किया और शासन ने तुरंत इसकी मंजूरी भी दे दी। कुल 30 करोड़ नौ लाख (लगभग 31 करोड़) रुपये की परियोजना में गंगा की धारा मोड़ने के लिए मौजा पचरुखिया से नौरंगा तक नदी में 13.6 किमी लंबाई में ड्रेजिंग कार्य प्रस्तावित था। ऊपरी सिरे पर 46 तथा निचले सिरे पर 40 मीटर चौड़ाई के बीच गंगा को ड्रेज करना था। इसके अलावा गहराई में जलस्तर के चार मीटर नीचे तक मिट्टी खोदी जानी थी। निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के बैराज खंड (वाराणसी) ने 29 मई, 2020 को पहले चरण में तीन किमी लंबाई में काम शुरू भी कर दिया। काम पूरा होने से पहले ही बाढ़ आ गयी। लिहाजा, गंगा से निकाली गई मिट्टी फिर पुरानी जगह पर पहुंच गई। कार्यदायी संस्था ने इस काम में करीब सात करोड़ रुपये का खर्च दिखाया। लेटलतीफी और नुकसान के बाद शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया। वर्ष 2021 में यह काम बैराज खंड से लेकर यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड) के हवाले कर दिया गया। नई कार्यदायी संस्था बाढ़ में पट चुकी मिट्टी को वापस निकालने के साथ ही चंद कदम ही और आगे बढ़ पायी थी कि फिर बाढ़ आ गई। इससे काम रुक गया। कुल मिलाकर सरकार की यह परियोजना ठंडे बस्ते में है। सीएम योगी की महत्वाकांक्षी योजना पर लगा ग्रहण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 सितंबर, 2019 को बाढ़ से तबाही का जायजा लेने बलिया आये थे। दयाछपरा पानी टंकी के मैदान में सभा में उन्होंने नदी की धारा मोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र किया। उन्होंने इस दिशा में काम के लिए अफसरों को प्रोजेक्ट बनाने को कहा था। बहरहाल, शासन के जिम्मेदार अफसरों की उदासीनता-लापरवाही से सीएम की महत्वाकांक्षी योजना पर ग्रहण लग गया है। हर साल करोड़ों खर्च करने के बाद भी प्रभावित क्षेत्रों मे गंगा की कटान पर अंकुश नहीं लग पाया है। गोरखपुर की तर्ज पर जिले में होना था काम गोरखपुर की तर्ज पर जिले में भी गंगा की धारा मोड़ने का काम होना था। दरअसल, गोरखपुर में राप्ती की कटान से हर साल भारी तबाही होती है। स्थायी समाधान के लिए नदी की धारा मोड़ने की दिशा में काम किया गया। इसका फायदा हुआ और लोगों का कटान से निजात मिली। गोरखपुर की तर्ज पर ही बलिया में भी गंगा की धारा मोड़ने के लिए ड्रेजिंग कराने का निर्णय किया गया। कटान प्रभावित क्षेत्र के लोगों के अनुसार यदि कार्य पूरा हो गया होता तो हजारों की आबादी के साथ ही सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि कटान से सुरक्षित हो जाती। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड बलिया संजय कुमार मिश्र के अनुसार गंगा में ड्रेजिंग का कार्य पहले बैराज खंड वाराणसी और उसके बाद यूपीपीसीएल के जिम्मे था। इस संबंध में उसी विभाग से संबंधित अधिकारी कुछ बता सकेंगे। उनसे हमारा कोई संपर्क नहीं है।  

संघ प्रमुख मोहन भागवत से आज गोरखपुर में मिल सकते है सीएम योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर आ सकते हैं। माना जा रहा है कि सीएम योगी आरएसएस के शिविर में संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम करीब चार बजे प्रस्तावित है। शाम पांच बजे वे एनेक्सी भवन में सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं। इसे लेकर विभिन्न विभागों में अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी ले सकते हैं। इसे लेकर नगर निगम में संचालित व प्रस्तावित परियोजनाओं की बुकलेट तैयार की जा रही है। लोकसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री का शहर में पहली बार आगमन हो रहा है। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को मानीराम, चिऊटहां स्थित एसवीएम पब्लिक स्कूल में चल रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग के बौद्धिक सत्र को संबोधित किया। भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की समाजसेवा को लेकर समाज में जो बेहतर छवि बनी है, उसमें निरंतरता बनाए रखने की जरूरत है। संघ का विस्तार करने के लिए स्वयं सेवक अपनी भूमिका का विस्तार करें। संघ की समाज में सकारात्मक छवि बने इसकी जिम्मेदारी सभी स्वयंसेवकों की है। संघ प्रमुख ने कहा कि संघ का हर कार्यकर्ता समाज में अपनी भूमिका को अदा करे। समाज में बेहतरी की तरफ बदलाव हो यह हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। संघ ने लंबे सफर में बहुत सी चुनौतियों का किया सामना संघ प्रमुख ने कहा कि संघ की स्थापना को 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। इस लंबे सफर में संघ ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों की बेहतरी के लिए काम किये हैं। इस छवि और काम की पहचान को आगे बढ़ाते हुए निरंतरता बनाए रखने की जरूरत है।   उन्होंने कहा कि संघ समाज में सेवा, संपर्क और प्रचार के माध्यम से लगातार सभी वर्गों के बीच राष्ट्रीय विचारों का आदान-प्रदान कर रहा है। संघ प्रमुख ने कहा कि संघ के शिविरों में जो लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं वह समाज के लिए कैसे उपयोगी हों, इसकी चिंता हमें करनी होगी। समाज में विभिन्न चुनौतियों का संघ ने सामना किया है। सकारात्मक छवि बनाने के लिए हमें समाज हित में निरंतर कार्य करना होगा। प्रशिक्षणार्थियों को संघ कार्य के लिए अधिक से अधिक समय देने की बात कही।  

यूपी के बरेली में सिपाही की गंदी हरकतें आई सामने, शादी का झांसा देकर युवती से बनाए संबंध

बरेली यूपी के बरेली में सिपाही की गंदी हरकतें सामने आई है। आरोप है कि एक छात्रा को शादी का झांसा देकर सिपाही ने कई बार संबंध बनाए। इस दौरान उसकी अश्लील वीडियो भी बना ली। प्रैग्नेट होने पर गर्भपात करा दिया। लड़की ने जब शादी के लिए कहा तो सिपाही मुकर गया और कहा कि उसे कही और दहेज में 40 लाख रुपये मिल रहे हैं। जब युवती ने दबाव डालने की कोशिश की तो युवक ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दे डाली। अब पीड़िता ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई है। ये मामला कैंट थाना क्षेत्र का है। बीए की छात्रा ने बताया कि तीन साल पहले एक शादी के दौरान उसकी मुलाकात कासगंज के युवक से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बात होने लगी तो उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए। इसके बाद वह नौकरी लगने के बाद शादी की बात कहने लगा और जगह-जगह बुलाकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। युवती ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसकी पुलिस में नौकरी लग गई तो उसने शादी से इनकार कर दिया है। इस बीच वह दो बार गर्भवती हुई तो आरोपी ने गर्भपात करा दिया। दो जून को आरोपी मिलने के बहाने छात्रा के घर पहुंचा। शारीरिक संबंध बनाने के बाद कहा कि दूसरी जगह उसे दहेज में 40 लाख रुपये मिल रहे हैं और शादी से इनकार कर दिया। विरोध पर उसने अश्लील वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दी। छात्रा ने कांस्टेबल की हरकत से तंग आकर अब एसएसपी ऑफिस में शिकायत की है। पीडिता ने बताया कि युवक अब वर्दी का रौब दिखाते हुए धमकी दे रहा है। वहीं, इस मामले में एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने आला अधिकारियों को आरोपी युवक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल के खिलाफ केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।    

यूपी के स्कूलों में बढ़ाई गर्मी की छुट्टियां, बेसिक शिक्षा विभाग जुटा रहा जानकारी

लखनऊ  गर्मी को देखते हुए परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की छुट्टियां बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। अभी 18 जून से परिषदीय स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने पर विचार कर रहा है। मौसम के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पहले एक हफ्ते छुट्टियां आगे बढ़ाई जाएंगी। फिर स्थिति का आकलन करते हुए इन्हें और आगे बढ़ाया जाएगा। गर्मी के कारण विद्यालयों में विद्यार्थी बीमार न हो जाएं इसे लेकर विभाग चिंतित है। कुछ जिलों में जिलाधिकारी अपने स्तर पर छुट्टियां आगे बढ़ा चुके हैं। ऐसे मे सभी जिलों में अवकाश बढ़ाने को लेकर एकरूपता रहे इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षक संगठनों की ओर से भी छुट्टियां बढ़ाए जाने की मांग की गई है। पिछले वर्ष परिषदीय स्कूल 30 जून तक बंद थे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी छुट्टियां बढ़ाई जाएंगी।

वीडियो कांफ्रेंसिंग कर मुख्यमंत्री ने मंडल, रेंज और जिलों के अधिकारियों को दिए निर्देश

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लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता दर्शन दोबारा शुरू हो गया है। जिलों से आ रहीं शिकायतों एवं आवेदनों की समीक्षा हो रही है। जहां से अधिक शिकायतें मिलेंगी, वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जनता दर्शन कार्यक्रम जिला, रेंज, जोन स्तर भी शुरू हो। अधिकारी जहां जनसुनवाई करेगा, इसकी सूचना जनता को पहले से दे। लोगों की समस्याएं सुनें और तत्काल निस्तारण करें। कॉमन मैन की संतुष्टि ही आपके काम का मानक है। उसका विश्वास जीतें। फील्ड में तैनात अधिकारियों को सीयूजी फोन जनता के लिए मिले हैं, इसे चालू रखें। अधिकारी फोन स्वयं रिसीव करें, अथवा कॉल बैक करे। अपने सरकारी आवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने मंडल, रेंज और जिलों में तैनात विभिन्न विभागों के अधिकारियों से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बाबत कहा कि ब्लॉक, जिला मुख्यालय, सचिवालय, यदि कहीं भी अनैतिक लेन-देन की शिकायत मिली तो इसमें संलिप्त लोगों पर कार्रवाई होनी तय है। वहीं आगामी त्योहारों के संबंध में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नरों, मंडलायुक्तों, डीएम व पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि जून और जुलाई में तमाम पर्व, मोहर्रम और कांवड़ यात्रा आदि हैं। यह समय अत्यंत संवेदनशील है, लिहाजा लगातार एक्टिव मोड में रहना होगा। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि जहां स्थानीय प्रशासन ने संवादहीनता रखी, वहां अप्रिय घटना की स्थिति बनी। इससे सीख लेते हुए सतर्क रहना होगा। वरिष्ठ अधिकारी धर्मगुरुओं, संभ्रांत नागरिकों से संवाद बनाएं। सकारात्मक संदेश जारी कराएं। पीस कमेटी की बैठक करें। मीडिया का सहयोग लें। दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत करने वाली घटना न हो। शरारती तत्व दूसरे संप्रदाय को उत्तेजित करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर नजर रखें। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करें। रोज पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग करे। पीआरवी 112 एक्टिव रहे। अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता से निपटा जाए। सरकारी, निजी वाहनों में प्रेशर हार्न और हूटर स्वीकार्य नहीं योगी ने वीआईपी कल्चर को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सरकारी और निजी वाहनों में प्रेशर हार्न, हूटर पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि यह जहां लगा हो, तत्काल उतरवाएं। वीआईपी फ्लीट में सबसे आगे की गाड़ी में एक तय ध्वनि सीमा के साथ ही हूटर बजे। अन्य किसी वाहन में नहीं। यदि कहीं से भी प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर बजने की सूचना मिली तो संबंधित थाना पर कार्रवाई होनी तय है। वीआईपी कल्चर को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अयोध्या के राम मंदिर को दी धमकी, अलर्ट जारी

अयोध्या अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर को उड़ाने की एक बार फिर धमकी मिली है। इस बार धमकी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने दी है। इसका एक ऑडियो वायरल होने के बाद यूपी की योगी सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। राम नगरी में तैनात सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है। अलर्ट के बाद अयोध्या में रामकोट के सभी बैरियरों पर सघन चेकिंग अभियान के साथ जांच शुरू कर दी गई है। रामलला के दर्शन मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की निगरानी बढ़ा दी गई है। बताया जाता है कि धमकी वाले ऑडियो में आमिर नामक जैश-ए-मोहम्मद आतंकी को कहते सुना जा रहा है कि हमारी मस्जिद को हटाकर मंदिर बनाया गया है। अब इसे बम से उड़ा दिया जाएगा। आतंकी कह रहा है कि हमारे तीन साथी कुर्बान हुए हैं और अब इस मंदिर को गिराना ही होगा। अलर्ट के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां ऑडियो की जांच कर रही हैं। राज्य सरकार की तरफ से निर्देश के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की धमकी इससे पहले भी दो तीन बार मिल चुकी है। पिछले साल भी धमकी मिली थी। हालांकि तब फर्जी निकली थी। इससे पहले 2005 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने यहां हमला भी किया था। अब एक बार फिर जैश-ए-मोहम्मद के नाम से अयोध्या में आतंकी हमले का ऑडियो वायरल हुआ तो सतर्कता तत्काल बढ़ा दी गई है। अलर्ट के बाद अयोध्या में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंदिर परिसर और आसपास के साथ ही बैरिकेडिंग आदि पर चेकिंग भी बढ़ाई गई है। रामपथ के साथ यहां जगह जगह मौजूद श्रद्धालुओं पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी हो रही है। बस अड्डे पर भी संदिग्ध वस्तुओं की जांच हो रही है।  

समाजवादी पार्टी को यूपी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का पद वापस मिला

While discussing NEET paper, Rahul Gandhi's mic was switched off again in Parliament

लखनऊ समाजवादी पार्टी के लिए फिलहाल यूपी में ‘अच्छे दिन’ चल रहे हैं। लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत हासिल करने के बाद अब उसे एक और कुर्सी मिलने जा रही है। दो साल पहले विधान परिषद में जो उसने नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी गंवाई थी, जुलाई में होने वाले विधानमंडल सत्र में उसे वह वापस मिल जाएगी। क्योंकि, सदस्य संख्या के कोरम को उसने पूरा कर लिया है। अब दोनों सदनों में ही उसके पास नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी होगी। वहीं, कांग्रेस के बाद बसपा भी आधिकारिक तौर पर परिषद में शून्य हो चुकी है। 6 जुलाई 2022 के पहले विधान परिषद में सपा ने लाल बहादुर यादव को पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष बनाया था। 6 जुलाई को परिषद के 12 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो गया। इनका चुनाव विधायक करते हैं। विधानसभा में सदस्य संख्या के आधार पर सपा के 3 ही सदस्य ही चुनकर आ पाए। इससे उसके पास 9 ही सदस्य रह गए। नेता प्रतिपक्ष के लिए 10% सदस्य होने आवश्यक हैं। सपा से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा छीन लिया गया। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी सपा के एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था। परिषद के 13 सदस्यों का कार्यकाल मई के पहले हफ्ते में खत्म हो गया था। इसमें सपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी शामिल थे। ऐसे में सपा के 7 सदस्य ही रह गए थे। मार्च में 13 सीटों पर हुए चुनाव में सपा को 3 सीटें मिली हैं। शुक्रवार को शपथ ग्रहण के बाद सपा की सदस्य संख्या अब 10 हो गई है। पार्टी जल्द ही नेता प्रतिपक्ष के लिए नाम का चयन कर सभापति के पास भेजेगी। भाजपा के पास अब 78 सदस्य, सुभासपा भी पहली बार उच्च सदन में मई में हुए चुनाव में NDA के खाते में परिषद की 10 सीटें आई थीं। इसमें 7 भाजपा, 1 अपना दल (एस), 1 रालोद और 1 सुभासपा को मिली थी। विधान परिषद में भाजपा के अभी 71 सदस्य हैं। शुक्रवार को 7 और सदस्यों के शपथ लेने के बाद यह संख्या बढ़कर 78 हो जाएगी। वहीं, 6 साल बाद विधान परिषद में फिर रालोद की वापसी होगी। 5 मई 2018 को उसके एकमात्र सदस्य चौधरी मुश्ताक अहमद का कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके बाद रालोद के पास परिषद में पहुंचने लायक सदस्य संख्या ही नहीं रही। इस बार भाजपा के सहयोग से पार्टी की फिर उच्च सदन में वापसी हुई है। वहीं, ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा की भी परिषद में एंट्री हो गई है। बिच्छेलाल राजभर सुभासपा की अगुआई करेंगे। जबकि, यह पहली बार होगा कि यूपी में राजनीति करने वाली दो राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस व बसपा का कोई प्रतिनिधि परिषद में नहीं होगा। कांग्रेस जुलाई 2022 में जीरो हो गई थी और बसपा 4 मई के बाद शून्य हो चुकी है। दो सीटें अब भी खाली विधान परिषद में दो सीटें अब भी खाली हैं। इसमें एक सीट तो हाल में ही पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के पीलीभीत से सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई है। वह नामित कोटे में एमएलसी थे। इस पर सरकार की संस्तुति पर राज्यपाल सदस्य मनोनीत करते हैं। इसलिए, यह सीट फिर से भाजपा के खाते में जानी तय है। वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफा दिए जाने के चलते भी एक सीट खाली है, जिस पर उपचुनाव होना है। उनका कार्यकाल जुलाई 2028 तक था। इसलिए, बची अवधि के लिए नया चेहरा चुना जाएगा। सदस्य संख्या के आधार पर उपचुनाव में यह सीट भी सत्ता पक्ष के खाते में ही जाएगी।  

सीएम योगी ने बैठक में अधिकारियों को दिया, बकरीद पर सड़क पर नहीं होगी नमाज

Bharat Ratna Lal Krishna Advani discharged from AIIMS, was admitted last night

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए सुदृढ़ कानून-व्यवस्था व श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम ने पर्वों व त्योहारों को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सीएम योगी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए है। सीएम योगी ने कहा कि 16 जून को गंगा दशहरा, 17 जून को बकरीद, 18 जून को ज्येष्ठ माह का मंगल का पर्व और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन है। जुलाई महीने में मोहर्रम और कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र कार्यक्रम होने हैं। स्वाभाविक रूप से यह समय कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। शासन-प्रशासन को 24 घंटे एक्टिव मोड में रहने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में 15 से 22 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाना चाहिए। गंगा दशहरा के दृष्टिगत गंगा नदी के घाटों की साफ-सफाई और साज-सज्जा की जानी चाहिए। स्नान कहां करना है, यह सुनिश्चित हो। सतर्कता के दृष्टिगत गोताखोरों, पीएसी के फ्लड यूनिट और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की तैनाती भी की जाए। उन्होंने कहा कि इस समय भीषण गर्मी का समय है, साथ ही त्योहारों का आयोजन भी होना है। ऐसे में गांव, नगर, महानगर, कहीं भी रोस्टरिंग के नाम पर अनावश्यक ‘पॉवर कट’ न हो। ट्रांसफार्मर खराब होने और फॉल्ट की समस्या का तेजी के साथ निस्तारण कराएं। आम जन की जरूरतों का ध्यान रखें। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि जहां स्थानीय प्रशासन ने संवादहीनता बनाए रखी, वहां अप्रिय घटना की स्थिति बनी। हमें इनसे सीख लेते हुए सतर्क रहना होगा। थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान पहले से ही तय होना चाहिए। इसके अतिरिक्त कहीं और कुर्बानी न हो। विवादित/संवेदनशील स्थलों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न हो। उन्होंने कहा कि नमाज परंपरानुसार एक निर्धारित स्थल पर ही हो। सड़कों पर नमाज नहीं होनी चाहिए। आस्था का सम्मान करें, लेकिन किसी नई परंपरा को प्रोत्साहन न दें। योगी ने कहा कि हर एक पर्व शांति और सौहार्द के बीच संपन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। यदि कोई भी कानून हाथ में लेने का प्रयास करे तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। अराजक तत्वों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ माह के बड़ा मंगल पर भंडारा आयोजन की परंपरा रही है। आयोजकों को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि प्रसाद खाकर अपशिष्ट सड़क किनारे न फेकें जाएं। डस्टबिन की उपलब्धता हर भंडारा स्थल पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हो। उन्होंने कहा कि आम आदमी का विश्वास जीतें। हमारी कार्रवाई माफिया के खिलाफ है, गरीब के खिलाफ नहीं। यह कार्रवाई और तेज की जाएगी। हर गरीब, शोषित, पीड़ित और वंचित के हितों की रक्षा, हमारी जिम्मेदारी है। फील्ड में तैनात अधिकारियों को लेकर सीयूजी फोन दिए गए हैं। यह जनता के लिए हैं। 24 घंटे इसे चालू रखें। हर अधिकारी यह फोन खुद रिसीव करें। जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाये रखें। उनकी अपेक्षाओं- समस्याओं को सुनें। मेरिट के आधार पर उसका निराकरण करें।

12 सिपाही लाइन हाजिर और 13 के तबादले, आचार सहिंता हटते ही एक्शन मोड में आए SSP

Bhajanlal government closed another scheme of Gehlot

बुलंदशहर पुलिसिंग में सुधार के लिए एसएसपी श्लोक कुमार ने 12 सिपाहियों को लाइन हाजिर किया है और 13 के तबादले किए हैं। दो क्लर्क के भी तबादले किए गए हैं। थाना डिबाई के कांस्टेबल मोहित सांगवान, थाना पहासू के कांस्टेबल मनोज कुमार व कृष्णकांत, थाना अहमदगढ़ के कांस्टेबल सोहन सिंह, थाना शिकारपुर के कांस्टेबल सहेद्र सिंह और थाना सिकंदराबाद के कांस्टेबल रमन खोखर को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि कोतवाली खुर्जा नगर से हैड कांस्टेबल कुणाल पांचाल, हैड कांस्टेबल अखिलेश यादव, हैड कांस्टेबल अल्ला राजी व हैड कांस्टेबल संदीप कुमार, थाना अहमदगढ़ से हैड कांस्टेबल वकील अहमद और थाना सिकंदराबाद से हैड कांस्टेबल संजीव कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। तबादले वालों में थाना सिकंदराबाद से कांस्टेबल कपिल बैंसला को थाना अनूपशहर, हैड कांस्टेबल सतीश कुमार को थाना जहांगीरपुर, हैड कांस्टेबल विपिन जावला को थाना नरसेना, हैड कांस्टेबल नीरज राठी को थाना पहासू एवं हैड कांस्टेबल राजन भडाना को थाना छतारी भेजा गया है। थाना गुलावठी से हैड कांस्टेबल अरूण कुमार को थाना छतारी, विजय कुमार को थाना अहार, कुलदीप को थाना नरसेना, नरेंद्र कुमार को थाना रामघाट एवं कांस्टेबल विपिन कुमार को थाना नरौरा भेजा गया है। नगर कोतवाली के कांस्टेबल प्रिंस कुमार को थाना डिबाई, कांस्टेबल मंदीप कुमार को थाना पहासू, हैड कांस्टेबल विपिन कुमार को थाना अहमदगढ़, कांस्टेबल क्लर्क हरेंद्र कुमार को थाना नरसेना और थाना नरसेना से हैड कांस्टेबल अमरजीत सिंह को थाना अरनियां भेजा गया है।

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