LATEST NEWS

छत्तीसगढ़ में गैर संचारी रोग के ईलाज में आभा आईडी है मददगार

इस डिजिटल तकनीक से इलाज की गुणवत्ता में हो रहा सुधार रायपुर,  छत्तीसगढ़ राज्य में अब गैर संचारी रोग (नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़- एनसीडी) जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ , कैंसर के स्क्रीनिंग , इलाज और मॉनिटिरिंग  में डिजिटल तकनीक का उपयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शुरू की गई आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी इस दिशा में गेमचेंजर साबित हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से आसानी से साझा कर सकते हैं। इस आईडी की मदद से अस्पतालों, क्लीनिकों और लेबोटरी के बीच जानकारी साझा करना भी आसान हो गया है, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आभा आईडी को राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे मरीजों की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस, इलाज और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो गई है।  एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर  के लिए मोबाइल और टैबलेट आधारित ऐप्स तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए वेब पोर्टल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे काम करना आसान हो गया है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला का कहना है कि आभा आईडी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे एनसीडी जैसी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में मदद मिलेगी। दुर्ग जिले में इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच, 12,627 आभा आईडी को एनसीडी मरीजों के रिकॉर्ड से जोड़ा गया। इसके परिणामस्वरूप, आभा से जुड़े मरीजों में फॉलोअप रेट 68 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि बिना आभा आईडी वाले मरीजों में यह केवल 37 प्रतिशत रहा। इसी तरह, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ नियंत्रण में भी आभा से जुड़े मरीजों में सुधार देखा गया। 49 प्रतिशत मरीज नियंत्रण में रहे, जबकि गैर-जुड़े मरीजों में यह आंकड़ा 29 प्रतिशत रहा। डब्ल्यूएचओ की मदद से स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रही है। आभा आईडी को आधार की डेमोग्राफिक जानकारी से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने हिंदी में प्रशिक्षण वीडियो भी बनाया है। छत्तीसगढ़ में यह डिजिटल पहल ना सिर्फ बीमारियों के रोकथाम में मददगार साबित हो रही है, बल्कि इससे स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है।

NCERT की चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं की किताबें जुलाई तक आने की संभावना है

रायपुर  राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इस साल कक्षा चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। इस कारण अभी तक इनकी किताबें बाजार में नहीं आई हैं। इधर एनसीईआरटी का ब्रिज कोर्स भी तैयार किया है, जो छात्रों को अगली कक्षा में जाने से पहले, नई शिक्षा नीति और नई पाठ्यक्रम के अनुसार है। यह पाठ्यक्रम मुख्य रूप से कक्षा पांचवीं, छठवीं, सातवीं और आठवीं के लिए तैयार किया है। स्कूल शुरू, लेकिन किताबें नहीं एक अप्रैल से स्कूल शुरू हो चुके हैं और अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे बच्चों के पुस्तकें लेकर भेजें। इस कारण अभिभावक भी परेशान हैं, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों का उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। ब्रिज कोर्स से पढ़ाई     केंद्रीय विद्यालय-1 के प्राचार्य अशोक चंद्राकर ने बताया कि इस बार एनसीईआरटी ने सभी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने के लिए ब्रिज कोर्स दिया है। पिछली कक्षा के कुछ विषयों को लेकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा और उन्हें रिकाल करवाया जा रहा है।     वहीं सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि उनके पास जो किताबें हैं, वे अभी वही बच्चों को पढ़ाएंगे। सीबीएसई स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि पाठ्यक्रम बदलाव से पूरी किताबें छप नहीं पाई हैं, जिससे बच्चों को नई किताबें मिलने में देरी हो रही है। इससे सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है।     इन कक्षाओं के हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के कोर्स में बदलाव किया है। विद्यार्थियों को बदले हुए पाठ्यक्रम की किताबें जुलाई से मिलने की संभावना है।  

कोबरा 208 की टीम ने मुर्कराजगुटटा की जंगल पहाड़ी में माओवादियों के बंकर को खोजकर नष्ट किया

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कैम्प जीड़पल्ली से कोबरा 208 की टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान मुर्कराजगुटटा की जंगल पहाड़ी में माओवादियों के द्वारा बंकर बनाकर छिपाया गया सामान बरामद किया गया है। सामान को माओवादियों के द्वारा कांक्रीट आरसीसी स्लेब से बने बंकरनुमा कक्ष में छिपाकर रखा गया था। बंकरनुमा कमरा 20 बाय 08 फीट साइज का था। उक्त बंकर से माओवादियों द्वारा छुपाकर रखे गये 6 नग सोलर प्लेट, 6 नग जरकीन, 2 नग माओवादी वर्दी, 2 नग सिलिंग पंखा बरामद किया गया। माओवादियों के कोर एरिया में लगातार जारी है सर्चिंग कोबरा 208 की टीम द्वारा पूरे क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान मुर्कराजगुटटा की पहाड़ी जंगल से माओवादी सामान के छिपाने के जगह को खोजकर नष्ट किया गया। इसके पूर्व कोमटपल्ली और तुमरेल के जंगल से माओवादियों के द्वारा हथियार बनाने का उपकरण, औजार, विस्फोटक सामग्री आदि का सामान भी बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों के द्वारा माओवादियों के बटालियन कोर एरिया में लगातार गश्त सर्चिंग की कार्रवाही की जा रही है। बड़े माओवादियों के लिए बनाया था बंकर माओवादियों के सबसे मजबूत अंडरग्राउंड सुरंग की यह तस्वीर है। माओवादियों के कांक्रीट से बने बंकर तक पहुंची फोर्स। सुकमा और बीजापुर जिले की सीमा पर माओवादियों के बटालियन नंबर 1 के कोर जोन में बंकर बना रखा था। हिड़मा जैसे माओवादियों ने फोर्स से बचने पक्का बंकर बनाया था। इससे पहले माओवादियों के कई अंडरग्राउंड बंकर मिल चुके हैं। अब सीमेंट और ईंट से बना बंकर मिला है। माओवादियों ने अपने बड़े मेंबर्स को छुपाने और माओवादी गतिविधियों को ड्रोन या यूएवी की नजर में आए बिना जारी रखने बनाए था यह बंकर।

बिलासपुर में आंधी-तूफान का कहर, सीपत तूफान ने किया आयोजन का गणित फेल, आज से थी कथा

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान ने एक बड़े हादसे को टाल दिया, जब अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा से एक दिन पहले ही सीपत क्षेत्र के दर्राभाठा गांव में बना भव्य पंडाल पूरी तरह से धराशायी हो गया। आंधी और मूसलधार बारिश ने टेंट, साउंड सिस्टम, कूलर समेत तमाम इंतजामों को तहस-नहस कर दिया। आयोजन स्थल की हालत इस कदर बिगड़ी कि पूरा मैदान कीचड़ में तब्दील हो गया और श्रद्धा का समंदर बहने से पहले ही सूख गया। गौरतलब है कि कथा का शुभारंभ शनिवार 19 अप्रैल से होना था, और शुक्र है कि हादसा इससे पूर्व घटित हुआ। आज सैकड़ों श्रद्धालु जो वहां एकत्र होने वाले थे, उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। इस घटना के बाद आयोजकों को प्रशासन की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बताया गया है कि पुलिस व प्रशासन ने पहले ही आयोजन समिति को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का पालन किया जाए। सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और एएसपी अर्चना झा द्वारा बुधवार को आयोजकों को नोटिस देकर चेताया गया था कि यदि किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती है तो आयोजक ही जिम्मेदार माने जाएंगे। बावजूद इसके पार्किंग की अपर्याप्त व्यवस्था, गैर-वॉटरप्रूफ मंच और अन्य सुरक्षा कमियों को नजरअंदाज कर दिया गया। मालूम हो कि पिछले वर्षों में देशभर में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। मथुरा (उत्तर प्रदेश) में 2016 में धार्मिक सभा के दौरान हिंसा में कई लोग मारे गए थे, वहीं 2022 में हरिद्वार में एक संत सम्मेलन के दौरान आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए। एक भीषण हादसा 2013 में मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के रतनगढ़ में घटित हुआ था, जब एक धार्मिक मेले के दौरान भगदड़ में दर्जनों लोगों की जान चली गई थी। बिलासपुर में आंधी-तूफान का कहर बिलासपुर में अचानक आई तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। मुख्य चौराहे, पटेल चौक और अहरो तिराहा समेत कई जगहों पर टीनशैड और फ्लैक्स बोर्ड हवा में उड़ गए। हाईवे और शहर की बस्तियों में तूफान की वजह से हाईटेंशन और लोकल लाइनों के खंभे उखड़कर सड़कों पर गिर गए। हाईवे पर कई विशालकाय पेड़ों के गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से पूरी रात विद्युत आपूर्ति ठप रही। गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।विद्युत विभाग की टीम जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची और बहाली कार्य में जुट गई। मनिहारखेड़ा गांव में दिलबाग सिंह के मकान की दीवार गिर गई और छत के टीनशैड उड़ गए। हालांकि, परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मुहल्ला भट्टी टोला में साप्ताहिक पैठ वाली पुलिया के पास खड़ी विहिप महामंत्री प्रदीप गंगवार की बुलेरो नहर में गिर गई। क्रेन की मदद से वाहन को बाहर निकाला गया।  

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आपसी रजामंदी से तलाक के बाद भी पत्नी को मिलेगा भरण-पोषण

बिलासपुर  पति पत्नी आपसी सहमति से तलाक ले रहे है तो भी पति को पत्नी का भरण पोषण देना होगा। ये फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने तलाक और भरण पोषण के मामले में सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि जब तक तलाकशुदा पत्नी की दूसरी शादी नहीं हो जाती, वह भरण-पोषण की हकदार होती है। यह पति की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह अपनी पूर्व पत्नी को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करे। इस आदेश के साथ ही कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति के बाद भी पति को भरण-पोषण के लिए भत्ता देना होगा। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पति की याचिका को खारिज कर दी है। पीड़िता ने लगाई थी याचिका दरअसल, मुंगेली जिले के एक युवक और युवती की शादी 12 जून 2020 को हुई थी। कुछ ही समय बाद उनके बीच विवाद शुरू हो गया। जिसके बाद महिला ने आरोप लगाया कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है और घर से निकाल दिया गया है। 27 जून 2023 को महिला ने मुंगेली के फैमिली कोर्ट में 15,000 प्रतिमाह भरण-पोषण की मांग करते हुए परिवाद दायर की। उसने बताया कि उसका पति ट्रक ड्राइवर है और खेती से भी सालाना दो लाख रुपए की कमाई होती है। प्रतिमाह 3000 गुजारा भत्ता देने फैमिली कोर्ट का आदेश युवक ने कोर्ट में दावा किया कि पत्नी बिना कारण ससुराल छोड़ चुकी है। जिसके बाद दोनों का आपसी सहमति से तलाक 20 फरवरी 2023 को हो चुका है। इसलिए वह किसी भी तरह से भत्ता देने का हकदार नहीं है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैमिली कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में महिला को प्रतिमाह 3,000 रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया। फैमिली कोर्ट के आदेश को दी चुनौती, याचिका खारिज युवक ने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि महिला ने दूसरी शादी कर ली है और अब भत्ते की हकदार नहीं है। इसके समर्थन में प्रकाश ने एक कथित पंचनामा और कवरिंग लेटर दाखिल किया, लेकिन हाईकोर्ट ने उसे कानूनी रूप से अप्रासंगिक बताया, क्योंकि वह अभिप्रमाणित नहीं है। जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि, तलाकशुदा पत्नी, जब तक वह पुनर्विवाहित नहीं हो जाती, वह भरण-पोषण की हकदार होती है।

राज्य के दो जिले मोहला-मानपुर-चौकी और सक्ति को मिला बेस्ट परफॉर्मिंग जिला अवार्ड

रायपुर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना  के शानदार प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की 12वीं राष्ट्रीय समीक्षा बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ को देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में आज सेकंड बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राज्य के मोहला – मानपुर- चौकी और सक्ति को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बेस्ट परफॉर्मिंग जिला चुना गया है।यह दो दिवसीय राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन 18-19 अप्रैल 2025 को  तिरुवनंतपुरम (केरल) में आयोजित हो रहा है।  भारत सरकार के कैबिनेट सचिव कृषि के करकमलों यह सम्मान आज छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से  संयुक्त संचालक बी.के. मिश्रा एवं उपसंचालक उद्यानिकी नीरज शाह ने प्राप्त किया।इसके साथ ही मोहला-मानपुर-चौकी जिले की कलेक्टर  श्रीमती तूलिका प्रजापति एवं सक्ति जिले के कलेक्टर टोपनो ने  बेस्ट परफॉर्मिंग डिस्ट्रिक्ट का अवार्ड प्राप्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा  है कि यह सम्मान राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों, कृषि मंत्री राम विचार नेताम के मार्गदर्शन और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के किसानों के कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग की टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी और किसानों को समय पर लाभ पहुंचाने हेतु जारी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ कृषि के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए संवाद से समाधान की पहल की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए संवाद से समाधान की पहल की है। तीन चरणों में आयोजित सुशासन तिहार अपने दूसरे चरण में पहुंच चुका है जिसमें लोगों से मिले आवेदनों का मिशन मोड में निराकरण किया जा रहा है। यह सरकार की पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने की सार्थक पहल है। यह न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह नागरिकों और सरकार के बीच विश्वास की मजबूत नींव भी रखता है। सुशासन तिहार में डिजिटल तकनीकों का उपयोग नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरल, त्वरित और प्रभावशाली बना रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ जिले में भी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है। ननसिया के सुन्दरलाल उरांव तथा श्रीमती अनीता बाई ने श्रमिक पंजीयन और श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था। इसका तत्काल निराकरण करते हुए उनका पंजीयन कर श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं और पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई जिससे वे योजनाओं का लाभ ले सकें। श्रम विभाग द्वारा महतारी जतन, छात्रवृत्ति, नोनी सशक्तिकरण, मृत्यु पर परिवार को सहायता, सियान योजना, पेंशन योजना, साइकिल, सिलाई मशीन तथा अन्य उपकरण प्रदान करने से संबंधित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिक पंजीयन कराकर पात्र हितग्राही इनका लाभ ले सकते हैं। श्रमिक कार्ड बन जाने से खुश सुन्दर लाल उरांव ने कहा कि उसके आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करते हुए श्रम कार्ड बनाकर दे दिया गया। सुशासन तिहार के इस आयोजन के लिए वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहते है कि श्रमिक कार्ड बनने से अब उन्हें श्रम विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। दिव्यांग सुदर्शन को मिली ट्राइसिकल समाज कल्याण विभाग द्वारा पुसौर विकासखंड के ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा के सुदर्शन खडिय़ा के आवेदन पर कार्यवाही करते हुए ट्राइसिकल एवं बैसाखी प्रदान किया गया। सुदर्शन 80 प्रतिशत दिव्यांग है जिसके चलते उसे कहीं भी आने-जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुदर्शन ने कहा कि ट्रायसिकल मिलने से अब उसकी दूसरों पर निर्भरता कम होगी और उसे आने-जाने में सहूलियत होगी। उन्होंने सुशासन तिहार के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पहल ने आमजन के लिए संवाद से समाधान की नई राह खोली है।

रायपुर : छत्तीसगढ़ में गैर संचारी रोग के ईलाज में आभा आईडी है वरदान गैर संचारी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में गैर संचारी रोग के ईलाज में आभा आईडी है वरदान रायपुर छत्तीसगढ़ में गैर संचारी रोग के ईलाज में आभा आईडी है वरदान छत्तीसगढ़ राज्य में अब गैर संचारी रोग (नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़- एनसीडी) जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ , कैंसर के स्क्रीनिंग , इलाज और मॉनिटिरिंग  में डिजिटल तकनीक का उपयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत शुरू की गई आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी इस दिशा में गेमचेंजर साबित हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से आसानी से साझा कर सकते हैं। इस आईडी की मदद से अस्पतालों, क्लीनिकों और लेबोटरी के बीच जानकारी साझा करना भी आसान हो गया है, जिससे इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आभा आईडी को राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे मरीजों की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस, इलाज और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो गई है।  एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर  के लिए मोबाइल और टैबलेट आधारित ऐप्स तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए वेब पोर्टल उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे काम करना आसान हो गया है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला का कहना है कि आभा आईडी बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे एनसीडी जैसी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में मदद मिलेगी। दुर्ग जिले में इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच, 12,627 आभा आईडी को एनसीडी मरीजों के रिकॉर्ड से जोड़ा गया। इसके परिणामस्वरूप, आभा से जुड़े मरीजों में फॉलोअप रेट 68 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि बिना आभा आईडी वाले मरीजों में यह केवल 37 प्रतिशत रहा। इसी तरह, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ नियंत्रण में भी आभा से जुड़े मरीजों में सुधार देखा गया। 49 प्रतिशत मरीज नियंत्रण में रहे, जबकि गैर-जुड़े मरीजों में यह आंकड़ा 29 प्रतिशत रहा। डब्ल्यूएचओ की मदद से स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रही है। आभा आईडी को आधार की डेमोग्राफिक जानकारी से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डब्ल्यूएचओ ने हिंदी में प्रशिक्षण वीडियो भी बनाया है। छत्तीसगढ़ में यह डिजिटल पहल ना सिर्फ बीमारियों के रोकथाम में मददगार साबित हो रही है, बल्कि इससे स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है।

मनेन्द्रगढ़ में कांग्रेस नेताओं का पुतला दहन, ईडी की चार्जशीट के बाद भाजपा युवा मोर्चा का प्रदर्शन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया।यह विरोध प्रदर्शन भाजयुमो के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर, प्रदेश युवा मोर्चा के निर्देश और एमसीबी जिला भाजपा अध्यक्ष श्रीमती चम्पा देवी पावले के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने उद्देश्य में सफल रहे।इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष श्रीमती चम्पा देवी पावले ने कहा कि, “ईडी ने एक लंबी जांच प्रक्रिया के बाद कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सेम पित्रोदा और सुमन दुबे जैसे नाम शामिल हैं। यह साफ है कि कांग्रेस पार्टी देश को गुमराह करने वाले षड्यंत्र में शामिल रही है। अब कांग्रेस धरना-प्रदर्शन के जरिए न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन न्यायपालिका सर्वोच्च है, और जो भी दोषी होगा उसे सजा जरूर मिलेगी।”प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजपा और युवा मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव,नपा उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा,लखन लाल श्रीवास्तव,सरजू यादव,रामचरित द्विवेदी,प्रतिमा पटवा, भाजयुमो जिलाध्यक्ष सुशील सिंह,हिमांशु श्रीवास्तव,संजय सिंह,दिनेश्वर मिश्रा,सुरेश श्रीवास्तव,सुरेश सोनी,अधिवक्ता आशीष सिंह,अधि. आशीष मजूमदार, पार्षद श्रीमती नीलू जायसवाल, सुनैना विश्वकर्मा,डॉ. रश्मि सोनकर,जे.के. सिंह,सुरेंद्र सिंधवानी, आलोक जायसवाल, रोहित वर्मा,जमुना पाण्डेय, विनीत जायसवाल, रोशनी मिश्रा, नीतू मनहरे, उर्मिला राव, विजय पाठक, इरशाद अंसारी, गीता पासी, श्रीमती मीनू सिंह, आनंद ताम्रकार, विवेक अग्रवाल, रूबी पासी, भगवान दास, जया घोष, संजय गुप्ता, मनीष सिंह, अखिलेश मिश्रा, दिलीप सेन सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे.कार्यक्रम का संचालन रामचरित द्विवेदी ने किया।

श्रीमती शुन्नी बाई एवं टीकम सिंह सेवता ने श्रमिक पंजीयन को पुनर्जीवित स्थिति में लाने के लिए शासन-प्रशासन को दिया धन्यवाद

रायपुर सुशासन तिहार में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनसरोकार से जुड़े समस्याओं के समाधान के लिए तेजी से कदम बढ़ाऐ गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप जिले में सुशासन तिहार में शासन की लोकहितकारी योजनाओं को जनमानस तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। इसकी एक बानगी दिखाई दी, श्रम विभाग में प्राप्त आवेदन में जिसमें नगर निगम राजनांदगांव के शीतला माता वार्ड निवासी श्रीमती भारती देवांगन की समस्या का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया गया और उन्हें तत्काल श्रमिक कार्ड बनाकर दिया गया। सुशासन तिहार अंतर्गत श्रीमती भारती देवांगन ने श्रमिक कार्ड बनाने के लिए आवेदन किया था। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत श्रमपदाधिकारी कार्यालय राजनांदगांव में आवेदन किया गया था। इस पर श्रम विभाग में तत्काल पंजीयन किया गया एवं श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया। श्रीमती भारती देवांगन ने कहा कि श्रमिक कार्ड मिलने से राहत मिली है और आगे इसका फायदा उन्हें मिलेगा, जिससे वे श्रम विभाग अंतर्गत शासन की अन्य योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की एक बहुत अच्छी पहल है।     सुशासन तिहार अंतर्गत श्रीमती शुन्नी बाई एवं टीकम सिंह सेवता ने असंगठित कार्ड को रद्द करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। श्रमपदाधिकारी कार्यालय राजनांदगांव द्वारा आवेदन पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत आवेदकों के पंजीयन को पुनर्जीवित स्थिति में लाया गया है। डुप्लीकेसी के कारण उनका श्रमिक कार्ड निरस्त हो गया था। जिसे आधार कार्ड मंगाकर पुन: तकनीकी दिक्कतों को दूर करते हुए.   आवेदकों के पंजीयन को पुनर्जीवित स्थिति में लाया गया। समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निराकरण होने पर श्रीमती शुन्नी बाई एवं टीकम सिंह सेवता ने सुशासन तिहार के अवसर पर शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया। आवेदक मंडल अंतर्गत संचालित योजना के लिए पात्रतानुसार आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इसी तरह श्रीमती संगीता साहू ने श्रमिक कार्ड अंतर्गत अपने बच्चे को छात्रवृत्ति दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। श्रम विभाग द्वारा आवेदन पर कार्रवाई करते हुए हितग्राही को कार्यालय बुलाकर आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु असंगठित कर्मकार के बच्चे हेतु छात्रवृत्ति योजना के तहत निर्धारित अध्ययनरत प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु नियमानुसार आवेदन करने पर छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत लाभ दिया जा सकेगा।

लॉकडाउन के चलते विवाह स्थगित, होटल संचालक ने एडवांस नहीं लौटाने पर आयोग ने नाराजगी जताई

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने एक शिकायतकर्ता के होटल बुकिंग के पूरे पैसे वापस करने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि Covid-19 लॉकडाउन एक आपदा थी। यह ऐसी परिस्थिति थी, जिस पर उपभोक्ता का कोई नियंत्रण नहीं था। इस फैसले के साथ, राज्य आयोग ने बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश के खिलाफ एक उपभोक्ता की अपील को स्वीकार कर लिया। पहले, जिला आयोग ने केवल 50,000 रुपये वापस करने का आदेश दिया था। यह एडवांस राशि का आधा हिस्सा था। भाई की शादी के लिए बुक किया था होटल दरअसल, पूरा मामला होटल इंटरसिटी इंटरनेशनल, बिलासपुर से जुड़ा है। विकास कुमार गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने अपने भाई की शादी के लिए 21-22 अप्रैल 2021 को होटल बुक किया था। कुल बुकिंग राशि 4,91,000 रुपये थी। इसके लिए 1,00,000 रुपये का एडवांस दिया गया था, लेकिन Covid-19 महामारी के कारण सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया। इस वजह से शादी तय तारीखों पर नहीं हो सकी। शादी की तारीख बदलने की कोशिश की गई, लेकिन होटल ने बुकिंग को मानने या एडवांस वापस करने से इनकार कर दिया। जिला आयोग ने सुनाया था फैसला जिला आयोग ने जून 2024 के अपने आदेश में माना कि लॉकडाउन एक अप्रत्याशित घटना थी। लेकिन, उन्होंने केवल 50% रिफंड की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि होटल प्रशासनिक शुल्क के रूप में कुछ राशि रखने का हकदार है। हालांकि, राज्य आयोग ने कहा कि जिला आयोग का 50% कटौती करने का तर्क सही नहीं है। आयोग ने कहा कि कलेक्टर ने 14 अप्रैल से 6 मई, 2021 तक पूरे बिलासपुर जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था। इसका मतलब है कि शादी की तारीखों के दौरान भी जिले में पाबंदी थी। आयोग ने जोर देकर कहा कि सरकारी पाबंदियों को देखते हुए, होटल उस दौरान कोई भी कार्यक्रम नहीं कर सकता था। इसलिए, होटल को नुकसान होने की संभावना नहीं है, जैसा कि उन्होंने दावा किया था। राज्य आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की बेंच ने कहा, “लॉकडाउन की अवधि के दौरान, प्रतिवादी न तो व्यवस्था कर सकता था और न ही अन्य बुकिंग ले सकता था। प्रशासनिक शुल्क के नाम पर 50% की कटौती सही नहीं है। पूरा रिफंड देना ही न्यायसंगत है।” जिला आयोग के आदेश को बदला इसलिए, राज्य आयोग ने जिला आयोग के आदेश को बदल दिया। उन्होंने होटल को शिकायतकर्ता को 1,00,000 रुपये की पूरी एडवांस राशि वापस करने का आदेश दिया। मानसिक पीड़ा (5,000 रुपये) और मुकदमेबाजी के खर्च (2,000 रुपये) के लिए मुआवजे के पहले के आदेश को बरकरार रखा गया। यह पैसा 45 दिनों के भीतर देना होगा।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा- ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस और गांधी परिवार पर जुबानी हमले किए। उन्होंने कहा कि इस मामले में ईडी द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। सीएम विष्णु देव साय ने गांधी परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिए, न कि सड़क पर। वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार अभी भी जमानत पर है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”करप्शन और कांग्रेस, ये पर्यायवाची शब्द जैसे हैं। नेशनल हेराल्ड मामले में भी जिस तरह के संस्थागत घोटाले और धोखाधड़ी किए गए, उसका सच जनता के सामने आ चुका है। मामले में ईडी द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उनकी संलिप्तता को दर्शाता है। भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालने की कोशिश या इसके विरुद्ध सड़क पर आना यह साबित करता है कि कोर्ट में इनके पास अपनी सफाई में कहने को कुछ नहीं है। कांग्रेस को यह पता है कि आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य पुख्ता हैं।” सीएम विष्णु देव साय ने आगे लिखा, ”गांधी परिवार को अब यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिए, न कि सड़क पर। वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार अभी भी जमानत पर है। उन्हें कानूनी उपचार का सहारा लेना चाहिए। अनावश्यक प्रोपेगेंडा करने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है।” बता दें कि नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। इस मामले को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है। दोनों दलों के बीच वार-पलटवार भी देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही है। दूसरी तरफ भाजपा, कांग्रेस को घेर रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव ने मामले को लेकर कांग्रेस को फिर से घेरा।

आरोपी और पीड़िता के बीच सहमति से यौन संबंध बने थे, नहीं थे कोई सबूत, हाईकोर्ट ने आरोपी को किया बरी

रायपुर छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को रेप और POCSO एक्ट के तहत दोषी ठहराए जाने के बाद बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में नाबालिग होने के पर्याप्त सबूत नहीं थे और यह भी माना कि आरोपी और पीड़िता के बीच सहमति से यौन संबंध बने थे। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को रिहा कर दिया। बता दें कि यह मामला 2018 में हुआ था, जब 12 जुलाई को पीड़िता के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 8 जुलाई को अपनी दादी से मिलने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वह वहां नहीं पहुंची। इसके बाद पड़ोसियों से जानकारी मिली कि पीड़िता और आरोपी को एक साथ देखा गया था। आरोपी उसी दिन से लापता था और 18 जुलाई को दोनों को एक साथ पाया गया। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में ‘फर्स्ट क्लास मार्कशीट’ को प्रमाण मानते हुए यह मान लिया था कि पीड़िता नाबालिग थी। इस मार्कशीट में पीड़िता की जन्म तिथि 10 अप्रैल, 2001 दर्ज थी। इसके आधार पर आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(n) और POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया गया था। हालांकि, आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस सबूत को नकारते हुए कहा कि यह पर्याप्त नहीं है कि पीड़िता नाबालिग थी। कोर्ट ने यह भी माना कि पीड़िता और आरोपी के बीच सहमति से यौन संबंध बने थे। अदालत ने यह भी बताया कि डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पीड़िता के शरीर और निजी अंगों पर किसी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट नहीं पाई गई। इसके अलावा, डॉक्टर ने यह भी कहा कि पीड़िता के सेकेंडरी सेक्सुअल ऑर्गन पूरी तरह से विकसित थे, जो यह दर्शाता है कि वह यौन संबंधों के लिए आदी थी। अंत में, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आरोपी को बरी करते हुए कहा कि पीड़िता ने सहमति दी थी और आरोपी को पहले ही लगभग छह साल की सजा हो चुकी थी। न्यायालय ने इस आधार पर आरोपी को रिहा कर दिया।  

सुशासन तिहार :30 अप्रैल तक आवेदनों का निराकरण किया जाएगा, कलेक्टर ने कहा किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

 महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सभी जिला अधिकारियों की बैठक लेकर सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का त्वरित गुणवत्तापूर्ण और गंभीरता पूर्वक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार,समाधान शिविर, मोर दूआर साय सरकार आदि की तैयारी की समीक्षा की। ज्ञात है कि सुशासन तिहार के पहले चरण में 08 अप्रैल से 13 अप्रैल 2025 तक महासमुंद जिले के पांचों जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों से कुल 1 लाख 80 हजार 212 आवेदन प्राप्त हुए।  इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे। सभी जनपद, नगरीय निकाय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के सभी पांच जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में सुशासन तिहार का प्रथम चरण 08 से 11 अप्रैल 2025 तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस चार दिवसीय जनभागीदारी अभियान में नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए अपनी समस्याएं एवं आवश्यकताओं को लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई।ग्राम पंचायतों से लेकर नगर पंचायत कार्यालयों तक आमजन ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन निर्धारित समाधान पेटियों में जमा किए गए। जिनका निराकरण संबंधित विभागों द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।      उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की साफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जा रहा है और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि सोमवार से नियमित तौर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। आगामी तीन दिन में सभी आवेदन पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करें। प्राप्त आवेदनों का अवलोकन कर उन्हें संबंधित विभागों को आगामी तीन दिन में भेज दिया जाए।कलेक्टर ने कहा कि 30 अप्रैल तक सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों को प्राप्त आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आवेदनों के निराकरण में गंभीरता बरते।   कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की आठ से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर लगाया जाएगा। निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

सीपत, मस्तूरी, मल्हार की अस्पतालों का हो रहा कायाकल्प, कलेक्टर ने लिया जायज़ा, कार्य पूर्ण करने दिए निर्देश

बिलासपुर सीपत, मस्तूरी, मल्हार जैसी दूरस्थ ग्रामीण अस्पतालों का कायाकल्प होने लगा है। सीएसआर, डीएमएफ आदि मंदों  का इस्तेमाल कर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दी जा रही है। कलेक्टर अवनीश शरण स्वयं व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इनकी सतत निगरानी कर रहे हैं। श्री शरण ने आज दौरा कर सीपत, मस्तूरी और मल्हार के अस्पतालों में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने एक माह में शेष निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम को जीवनदीप समिति की बैठक लेकर अस्पतालों की छोटी छोटी दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्यालय सीपत में रहने वाली दो स्वास्थ्य कर्मियों को परिसर में निर्मित नया आवास तत्काल आबंटित कर दिए। उन्हें सामान शिफ्ट कर रहना शुरू करने कहा ताकि मरीजों की और अच्छे से देखभाल की जा सके। इस अवसर पर एसडीएम प्रवेश पैकरा, सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी, ई ई लोक निर्माण चैन सिंह विंध्यराज,सीईओ श्री जे आर भगत भी उपस्थित थे।        कलेक्टर ने सीपत से दौरे की शुरुआत की। लगभग 57 लाख की लागत से सीपत पीएचसी का कायाकल्प हो रहा है। ग्राम पंचायत, लोक निर्माण विभाग और सीजीएमएससी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न वार्डों को देखा। सीएसआर मद से लेबर वार्ड में भी एसी सुविधा देने के निर्देश दिए। प्रतीक्षा कक्ष में कुर्सी लगाने के निर्देश भी दिए। परिसर में निर्मित कुछ कर्मचारी आवासों के सुधार करने को भी कहा। अब तक हो चुके कामों की जानकारी ली। प्रति माह इस पीएचसी में लगभग 65 डिलीवरी होती है, जो कि अच्छी प्रगति है। कलेक्टर ने एनक्यूएएस प्रमाण पत्र हासिल करने की तैयारी रखने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर सीपत में ही बन रहे 50 सीटर कन्या छात्रावास देखने पहुंचे। सीएसआर मद से 80 लाख रुपए में इसका निर्माण किया जा रहा है। धीमी प्रगति पर नाराज़गी दिखाते हुए 1 माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मस्तूरी में 1.93 करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनाया जा रहा है। काम की गति तेज करने को कहा। उन्होंने पुराने जर्जर हो चुके भवन को डिस्मेंटल कर पार्किंग और गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अंत में ऐतिहासिक नगरी मल्हार पहुंचे। अस्पताल में बरसात के मौसम में पानी भर जाता है। इसके निदान के निर्देश सीएमओ और एसडीएम को दिए। डॉग बाइट के 4-5 प्रकरण रोज अस्पताल पहुंच रहे है। एंटी रेबीज इंजेक्शन मौजूद है। अस्पताल तक पहुंचने का मार्ग काफी जर्जर हो चुका है। कलेक्टर ने इसके जीर्णोद्धार का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet