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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बनाया , महादेव सट्टा खिलाने वालों को मोदी और शाह का संरक्षण

 रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई छापे पर कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया कि जो महादेव सट्टा खिलाने के खिलाफ कार्रवाई करेगा, उसके घर सीबीआई का छापा पड़ेगा. महादेव सट्टा खिलाने वाले सभी को मोदी और शाह का संरक्षण प्राप्त है. मामले में वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे. महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, महामंत्री मल्कित सिंह गैदू, पूर्व मंत्री शिव डहरिया, पूर्व विधायक सत्य नारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के साथ प्रेस वार्ता के जरिए अपना पक्ष रखा. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कल पूरे देश में सीबीआई का छापा पड़ा. इसे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे के रूप में देखा जा सकता है. पहली बार 2018 में एसपी-कलेक्टर कांफ्रेंस में मैंने निर्देश दिया कि कार्रवाई होनी चाहिए. कारवाई में 200 से अधिक गिरफ्तारियों हुई, 2000 से अधिक खाते सील हुए, गैजेट्स जब्त हुए. 2020 में बने कानून को मार्च 2022 में कड़ा किया गया. बड़े बदलाव किए गए, ऑनलाइन बेटिंग को भी कानून के दायरे में लाया गया. जुआ-सट्टा को रोकने का उद्देश्य था. उन्होंने कहा कि महादेव एप मामले में कार्रवाई कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में जब्ती और गिरफ़्तारियां की. छह महीने बाद ईडी ने इंटरफेयर किया, कुछ गिरफ्तारियां हुई. इसे रवि उपल और सौरभ चंद्राकर दुबई से संचालित कर रहे थे, लेकिन आज तक इनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई. हमने भारत सरकार को इनकी गिरफ़्तारी के लिए पत्र लिखा. ऑनलाइन बेटिंग के लिए गूगल को राज्य सरकार ने पत्र लिखा, गूगल ने एप हटाया भी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बीच शुभम सोनी प्रकट हुआ, उसका वीडियो जारी हुआ. लेकिन पुलिस ने नहीं, बीजेपी ने उसका वीडियो जारी किया. वीडियो में शुभम सोनी ने कहा मैं इसका मालिक हूं. असीम दास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक ड्राइवर के घर से, जो राशन कार्ड से अनाज लेता है, करोड़ों रुपए मिले. इसे क्या कहा जाए पूर्व मंत्री बीजेपी के बड़े नेता की गाड़ी. कुछ दिन पहले बीजेपी के नेता ने सीबीआई के डायरेक्टर को चिट्ठी लिखी, जिसकी लिखावट सीबीआई की लगती है. भूपेश बघेल ने कहा कि जब से सरकार बदली है, तब से सट्टे के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई. सीबीआई को सौंपने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है. गृह मंत्री को हमने कहा कि दुबई से लोगों को गिरफ्तार करके लाया जाए, लेकिन इन्हें राजनीति करनी है. बीते हफ्ते में दुबई से गिरफ़्तार कर छत्तीसगढ़ लाने का दावा किया गया था, लेकिन आरटीआई से पता चला कि ऐसी कोई गिरफ़्तारी की जानकारी नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से नई सरकार बनी है, कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सीबीआई को सौंपने के बाद से अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है. इसका मतलब सरकार प्रोटेक्शन मनी ले रही है. प्रदीप मिश्रा अभी छत्तीसगढ़ में हैं, उनसे मामले में पूछताछ क्यों नहीं होती. इतने सेलिब्रिटी उनके कार्यक्रम में गये थे, उनसे पूछताछ क्यों नहीं हो रही है. हमने कानून बनाया, कार्रवाई की, अब ये कार्रवाई करने वालों पर कार्रवाई कर रहे हैं. भूपेश बघेल ने कहा कि हमने ईडी-सीबीआई को पूरी तरह सहयोग किया. कल एक भी महिला अफसर घर पर नहीं थीं. 9.15 बजे रात को अधिकारी निकले. मेरे घर में पत्नी, बहू, बेटियाँ हैं, एक भी महिला अफसर मौजूद नहीं थे. बिना महिला पुलिस अधिकारी के बहू-बेटे के घर में जाँच की गई. हम पत्र लिखेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विष्णुदेव जी को सत्ता की कितनी लत है. हसदेव कट गया, केडिया फैक्ट्री से बैन हैट गया. पॉवर प्लांट यहां लगेंगे. सत्ता का लत, सरकार आने से पहले ही उन्हें लग गई है. इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि महादेव सट्टा कब बंद कर रहे है. वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे.

ऑनलाइन कार्य कर घर बैठे पैसे कमाने का ऑफर दे कर 19 लाख रुपए ठगे

  बिलासपुर आप Telegram डाउनलोड कर लीजिए… आपको इससे फायदा होगा… अगर आपसे भी कोई लड़की ये बात कहे तो जरा सावधान हो जाइयेगा… क्योंकि ऐसे ही झांसे में आकर आकर छत्तीसगढ़ के युवक के साथ जो हुआ वो आपको जानना जरूरी है. ऑनलाइन जॉब के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर बिलासपुर के युवक से 19 लाख 38 हजार 731 रुपए ऑनलाइन जमा करवा लिया. इसके बाद पीड़ित को कोई मुनाफा नहीं दिया गया और न ही जमा पैसे को वापस किया गया. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज किया है.  बिलासपुर के सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक शुभम विहार निवासी उत्तम सिंह श्रोवाणी पिता स्व. फिरत राम (45) के मोबाइल पर 23 फरवरी को ऑनलाइन कार्य कर घर बैठे पैसे कमाने का ऑफर मैसेज आया. मैसेज करने वाली ने अपना नाम पार्वती, वर्तमान निवास मुंबई, मूल निवासी कोची (केरल) बताया. अपनी कंपनी का नाम रेडफाइन जिसे अमेरिका की रियल एस्टेट कंपनी होने का दावा किया. कंपनी का भारत में कारोबार रेंट डॉट कॉम के माध्यम से ऑनलाइन होना बताया गया, जिसमें एक दिन में किराए के केवल 75 मकानों को रिव्यु देने की बात की गई. 10 हजार रुपए लगाकर रोजाना 3 हजार रुपए प्रेफिट का लालच दिया. इसके बाद पीड़ित उत्तम सिंह ने 7 मार्च से 9 मार्च 25 की अवधि में 4 किश्तों में 51 हजार 241 रुपए कस्टमर सपोर्ट द्वारा साझा किया. कंपनी की तरफ से 3 किश्तों में 70 हजार 817 रूपए का भुगतान उसी दिन कार्य समाप्ति पर मेरे बैंक खाते में कर दिया गया था. 10 अक्टूबर को कंपनी का एनिवर्सरी बताया गया और कार्य शुरू करने के लिए न्यूनतम 1 लाख रुपये जमा करना अनिवार्य बताया गया. साथ ही ज्यादा प्रफिट मिलने का लालच दिया गया. कार्य करने के लिए सुरक्षा का हवाला देकर वेबसाइट का अलग अलग लिंक समय समय पर दिया जाता था. पीड़ित युवक ने 10 मार्च 25 को 1 लाख रुपए कस्टमर सपोर्ट द्वारा दिए गए बैंक खाता में जमा कर ऑनलाइन कार्य प्रारंभ कर दिया गया. कार्य के दौरान पीड़ित को चैप्टर लीज (कूपन) मिला, उसके बारे में बताया गया कि 2 लाख 25 हजार 59 रुपए और जमा करने होंगे, तभी आगे के कार्य कर सकेंगे. इसके बाद प्रफिट 7 गुना मिलेगा. 11 मार्च की सुबह राशि जमा कर दी गई. दूसरा दिन दोबारा कूपन भेजा गया. इसके एवज में 4 लाख 53 हजार 224 रुपए जमा कराया. इस पर 30 गुना प्रफिट का लालच दिया गया. इसेक बाद फिर से 11 लाख 60 हजार 448 रुपए जमा करने के लिए कस्टमर सपोर्ट शिवा प्रकाश (सीनियर व एडमिन), एजेंट पार्वती, अन्य सीनियर टेलीग्राम मेम्बर व एडमिन लोगों के द्वारा लगातार दबाव बनाया गया. इसके बाद पीड़ित को धोखाधड़ी के बारे में पता चला. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है. पैसे वापस करने गिड़गिड़ाता रहा युवक पीड़ित उत्तम सिंह ने टेलीग्राम मैसेज, व्हाट्सएप मैसेज, व्हाट्सएप कॉल आदि के माध्यम से इन्वेस्ट की हुई राशि को वापस करने के लिए निवेदन किया. उन्होंने कोई फायदा भी नहीं लेने की बात कही, लेकिन किसी भी सीनियर, एडमिन या कस्टमर सपोर्ट द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया. जमा राशि वापस नहीं की गई.

भिलाई स्टील प्लांट में फिर लगी आग, मची अफरा-तफरी

दुर्ग भिलाई इस्पात संयंत्र के कोकोवन डिपार्टमेंट में आज सुबह फिर आग लगने से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई. इस घटना से बीएसपी प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान हुआ है. बीएसपी के दमकल कर्मियों ने 5 गाड़ी पानी की मदद से लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. फिलहाल इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. वहीं बीएसपी प्रबंधन हमेशा की तरह इस घटना को छिपाने में लगा रहा. बता दें कि हाल ही में भिलाई स्टील प्लांट में फिर आग लगी थी, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था. बताया जा रहा है कि कोकोवन बैटरी के 9 और 10 के पीछे कन्वेयर बेल्ट नम्बर 4 में आग लगी थी, जिससे बेल्ट लगभग 70 से 80 मीटर बेल्ट जलकर खाक हो गया. बेल्ट को घुमाने में लगे मशीन और केबल भी जलकर खाक हो गए. विभाग के सूत्रों ने बताया कि कोकोवन बैटरी में कोयले के जलने के दौरान उसे ठंडा करने के बाद उसमें नेप्था लिक्विड का छिड़काव किया जाता जाता है. इसके बाद उसे कन्वेयर बेल्ट में पावडर बनाने के लिए दूसरे डिपार्टमेंट में ले जाया जाता है. इसी दौरान कोयले की आग से यह आग लगी है. इसमें नाइट शिफ्ट वाले ड्यूटी कर्मचारी की लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि जब बेल्ट पूरी तरह जलकर गिर गया तब जाकर दमकल को इसकी सूचना दी गई, जबकि आग को बढ़ने में दो से 3 घंटे का समय लगा होगा.

सीबीआई की छापेमारी को लेकर बड़ा सवाल, हमने ही कार्रवाई की तो हम पर संरक्षण का आरोप कैसे? : भूपेश बघेल

रायपुर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव सट्टा एप को लेकर सीबीआई की छापेमारी को लेकर सवाल खड़ा किया है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि जब हमने ही कार्रवाई की तो हम पर संरक्षण का आरोप कैसे? ये कैसी जाँच है? पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिखा है कि महादेव एप के बारे में देश में कोई नहीं जानता था. मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस सरकार में ही 74 FIR दर्ज हुई हैं. 200 से अधिक गिरफ़्तारी हुई हैं. 2000 से अधिक बैंक खाते सीज किए गए. हमारी सरकार में ही गूगल को पत्र लिखकर प्ले स्टोर से इस एप को हटाया गया. वहीं ईडी पर निशाना साधते हुए कहा कि ईडी ने झूठी खबर छपवाई कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में गिरफ़्तार हो गए हैं, लेकिन वे वहाँ शिवकथा की जजमानी करते पाए गए. तो ये कैसी जाँच है? षड्यंत्र रचने की जताई आशंका इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेशबघेल ने पोस्ट में कहा कि CBI अधिकारियों ने न तो मेरे रायपुर स्थित शासकीय आवास में सूचना दी, और न ही भिलाई निवास में कोई सूचना दी. मेरी अनुपस्थिति में मेरे शासकीय आवास में बिना मुझे सूचना दिए प्रवेश करना पूर्णतः अनाधिकृत है. क्या भाजपा अब सीबीआई के माध्यम से कोई षड्यंत्र रच रही है?

कल रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन , 305 पदों पर नकली भर्ती

रायगढ़ बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर है. 28 मार्च 2025 को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा. इस कैंप में 305 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें कई निजी कंपनियां भाग लेंगी. यह प्लेसमेंट कैंप सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा, जहां इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपने मूल प्रमाण पत्रों और रिज्यूम के साथ उपस्थित होकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं. विस्तृत जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र रायगढ़ से प्राप्त की जा सकती है. इन पदों पर होगी भर्ती प्राप्त जानकारी के अनुसार मे.मुथुट माइक्रोफिन लिमिटेड रायपुर में रिलेशनशिप ऑफिसर, मे.फिजिक्स वाला ढिमरापुर रोड रायगढ़ में क्लास इंचार्ज, काउंसलर, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, मे.चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्रा.लिमिटेड रायगढ़ में सीआरई (कस्टमर रिलेशनशिप एक्जीक्यूटिव), मे.अपराजिता सर्विसेस ढिमरापुर रोड रायगढ़ में वर्कशॉप मैनेजर, मैकेनिक, सेल्स मैनेजर, सेल्समैन, मे.एसबी टे्रडर्स कबीर चौक कोरबा में ड्राईवर(कैम्पर, बोलेरो), मे.शिवशक्ति एग्रीटेक तेलीबांधा रायपुर में सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव, मे.सिंघल स्टील एंड पावर प्रा.लि.तराईमाल गेरवानी रायगढ़ में सीआरओ (डीआरआई), जूनियर कैमेस्टि/असिस्टेंट कैमिस्ट, फिटर (डीआरआई), सीनियर फिटर (डीआरआई), फील्ड ऑपरेटर (डीआरआई) तथा टे्रनी एवं मे.पावर लाइन एक्सेसरिज भानपुरी रायपुर में टेक्नीशियन एवं अनस्कील्ड के रिक्त पदों पर भर्ती होगी.

MIC की पहली बैठक, .50 करोड़ का स्ट्रीट लाइट टेंडर किया निरस्त के बाद हंगामा

बिलासपुर बिलासपुर नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) की पहली बैठक हुई। जिसमें सड़क, नाली, पानी और लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 37 प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बिलासपुर नगर निगम के नए कार्यकाल की पहली एमआईसी बैठक में ही स्ट्रीट लाइट टेंडर को लेकर हंगामा हुआ। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने टेंडर पर आपत्ति जताई, जिस पर सदस्यों से चर्चा के बाद 5.50 करोड़ रुपए के इस टेंडर को निरस्त कर दिया गया। दरअसल, शहर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम ने 5.50 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। यह टेंडर 2.31 प्रतिशत बिलो रेट पर जांजगीर की उदयश्री ग्रुप कंपनी को दिया गया था। बैठक में विजय ताम्रकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में आमतौर पर 20 से 25 प्रतिशत बिलो रेट पर काम होता है। ऐसे में इस टेंडर से निगम को लगभग 1.25 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उनकी आपत्ति के बाद बैठक में गर्मागर्म बहस हुई। पेयजल सहित 37 प्रस्ताव पास नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में यह पहली एमआईसी बैठक बुधवार शाम 5 बजे विकास भवन के दृष्टि सभागार में आयोजित हुई। इसमें कुल 37 प्रस्ताव पारित किए गए। गर्मी को देखते हुए बैठक में शहर में पानी की आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने तथा सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भाजपा ही लगाती है शहर में स्ट्रीट लाइट स्ट्रीट लाइट के ठेके को लेकर हुई बहस के बीच यह चर्चा होती रही कि शहरभर में स्ट्रीट लाइट का काम भाजपा का एक वरिष्ठ नेता, गोलबाजार के एक फर्म के नाम से टेंडर लेकर करता है। टेंडर भी इसी कारण निरस्त किया गया ताकि नेताजी को टेंडर मिल सके।

जनहित याचिका: गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

बिलाषपुर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत नि:शुल्क शिक्षा देने के मामले में प्रस्तुत जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। चीफ जस्टिस की बेंच ने राज्य शासन को इस बारे में संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत एक नई नीति बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 6 माह के भीतर इसकी कार्रवाई पूरी करने को कहा है। सीवी भगवंत राव ने 6 से 14 वर्ष की आयु के उन बच्चों को निजी स्कूलों में भी नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग रखी जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं। शिक्षा के अधिकार के तहत यह मांग रखते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डीबी ने पिछली बार अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज इसे जारी करते हुए कोर्ट ने सरकार को इस विषय पर 6 माह में नई नीति बनाने का निर्देश दिया। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए तैयार करें नीति कोर्ट ने कहा कि पक्षकारों के अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों, इस जनहित याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ता द्वारा उठाई गई शिकायत, जनहित याचिका के साथ संलग्न दस्तावेजों और प्रतिवादियों द्वारा दाखिल रिटर्न तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उपर्युक्त निर्णय में निर्धारित कानून तथा आरटीई अधिनियम में निहित प्रावधानों तथा विश्लेषण से मालूम हुआ कि राज्य सरकार द्वारा उपरोक्त विषय पर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं बनाया गया है। इसलिए प्रतिवादी-राज्य को यह निर्देश दिया जाता है कि वह ‘आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग’ के बच्चों को मुत और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के संबंध में नीति तैयार करे। ताकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 ए में निहित आरटीई अधिनियम की भावना और उद्देश्य को कानून के अनुसार यथाशीघ्र पूरा किया जा सके।

दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, मौके पर ही मौत

धरसींवा सांकरा-सिमगा सिक्स लाइन पर आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है. हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार का शरीर दो भागों में बंट गया और सड़क खून से सन गई. जानकारी के अनुसार, यह घटना टाटीबंध ब्रिज के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और बाइक सवार को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गया. इस भीषण हादसे में बाइक चला रहे व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है.

प्रदेश में प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट की रोक

बिलासपुर प्रदेश में प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि सभी पक्षकार आवश्यक जानकारी सहित अपना पक्ष(रिज्वाइंडर) सबमिट कर दें। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को निर्धारित की गई है। प्रकरण पर चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई। प्राचार्य पदोन्नति के लिए बीएड की डिग्री को अनिवार्य किया जाए या नहीं, इस पर याचिकाकर्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी के अधिवक्ता और हस्तक्षेपकर्ता अधिवक्ता आलोक बशी ने अपना पक्ष रखा। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्त महाअधिवक्ता यशवंत ठाकुर ने अपना पक्ष रखा। यह है मामला याचिकाकर्ता व्यायाता अखिलेश त्रिपाठी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर लेक्चरर से प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति के लिए बीएड डिग्री की अनिवार्यता और बीएड डिग्रीधारक लेक्चरर को ही प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति देने की मांग की है। इस याचिका के बाद प्राचार्य पदोन्नति फोरम की ओर से व्यायाता लूनकरण ठाकुर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हस्तक्षेप याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। हस्तक्षेप याचिका में कहा है कि प्राचार्य प्रशासनिक पद, जबकि व्यायाता शैक्षणिक पद है।

गरियाबंद में अधेड़ आदिवासी को पुलिस ने पिटा, आदिवासी समाज लामबंद, दोषियों पर हो कार्रवाई

गरियाबंद देवभोग पुलिस पर जांच के नाम पर आदिवासी अधेड़ के साथ बर्बरता करने का गंभीर आरोप लगा है. मामले को लेकर आदिवासी समाज लामबंद हो गया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है. जनवरी माह में एक नाबालिग की गुमशुदगी के मामले की जांच के दौरान देवभोग पुलिस ने चलनापदर पोडपारा निवासी लालधर पोर्टी को पूछताछ के लिए बुलाया था. आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान उसे बेरहमी से पीटा गया. पुलिस की बर्बरता से पीड़ित के एक पैर की हड्डी टूट गई. जिससे अब तक वह लंगड़ा लंगड़ा कर चल रहा है. डर के कारण पीड़ित ने किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन जब मामला आदिवासी समाज के पदाधिकारियों तक पहुंचा, तो वे उग्र हो गए हैं. आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारी पीड़ित को थाने लेकर पहुंचे जहां जम कर हंगामा किया. पीड़ित को उस कमरे में भी ले गए, जहां कमरा बंद उसे पिटाई किया गया था. जिसके बाद पुलिस और आदिवासी नेताओं के बीच जम कर बहस हुई. मामले में आदिवासी नेताओं ने अब दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं. आज जिला मुख्यालय पहुंच आदिवासी समाज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे. इधर मामले में पुलिस ने भी अपनी सफाई में कहा कि घर छोड़ते वक्त डॉक्टरी मुलाहिजा कराया गया था, उसे स्वास्थ्य हालात में सुरक्षित घर छोड़ दिया गया था.

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा फिर हुई शुरू रामेश्वरम रवाना हुए 800 यात्री, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

रायपुर छत्तीसगढ़ में छह साल बाद आज फिर से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत गौरव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रायपुर रेलवे स्टेशन से रवाना किया. इस ट्रेन में छत्तीसगढ़ से 800 यात्री तीर्थ यात्रा के लिए रवाना रवाना हुए हैं. इस योजना के तहत दर्शनार्थियों को मदुरई, तिरुपति और रामेश्वरम के दर्शन कराए जाएंगे. ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के लिए खाने-पीने के साथ ही चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है. इस दौरान सीएम साय ने कार्यक्रम को संबोधितक करते हुए उनके सुखद याात्रा की कामना की है. सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज बड़ा ही ऐतिहासिक और गौरव का दिन है. मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा का आज पुनः शुभारंभ कर रहे हैं. आज हम लोग फिर से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार में इस योजना की शुरुआत डॉ. रमन सिंह ने की थी. बीच में यह योजना बंद हो गई थी, लेकिन इसे फिर शुरुकर दिया है. उन्होंने कहा कि हमारा जो वादा था, उसे पूरा करने का काम कर रहे हैं. इनकी यात्रा सुखमय हो. हम एक और मोदी की गारंटी का काम पूरा कर रहे हैं. सर्वसुविधा युक्त ट्रेन में यात्रियों के साथ 20 अधिकारी भी मौजूद सीएम साय ने आगे कहा कि रामलला दर्शन योजना की भी हमने शुरुआत की है. इसमें 22 हजार से ज्यादा लोग दर्शन कर आ चुके हैं. बुजुर्गों को तीर्थयात्रा की इच्छा होती है, लेकिन वे आर्थिक समस्या की वजह से जा नहीं पाते. सरकार ऐसे लोगों का पूरा ध्यान रख रही है. तीर्थयात्रियों को किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी. तीर्थयात्रियों की देख रेख के लिए 20 अधिकारी भी साथ जा रहे हैं. वहीं तीर्थ यात्रा के लिए रवाना हुए यात्रियों में भारी उत्साह भी देखने को मिला. यात्रियों ने इस योजना को फिर से शुरू करने के लिए साय सरकार का धन्यवाद भी किया है.

बिलासपुर नगर निगम के नए नियम से सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद धूमिल

बिलासपुर शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने सफाई के टेंडर में एक नया नियम जोड़ा है। इसमें अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव के चलते अब केवल वे ठेकेदार ही टेंडर के पात्र होंगे, जिन्होंने पहले सफाई कार्य में अनुभव प्राप्त किया है। हालांकि, इस नियम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, इससे नए ठेकेदारों के लिए टेंडर हासिल करना लगभग असंभव हो गया है। कई लोगों का मानना है कि यह नियम पुराने ठेकेदारों के पक्ष में एक तरह का आरक्षण साबित हो सकता है, जिससे सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद धूमिल होती दिख रही है। नगर निगम द्वारा सफाई कार्यों के लिए समय-समय पर टेंडर जारी किए जाते हैं। इस बार के टेंडर में अनुभव को अनिवार्य शर्त बना दिया गया है। इससे नए ठेकेदारों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, क्योंकि जिनके पास पूर्व में सफाई का ठेका नहीं रहा, वे टेंडर प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाएंगे। पुराने ठेकेदारों का बना रहेगा एकाधिकार इससे पुराने ठेकेदारों का एकाधिकार बना रहेगा और वे अपनी मनमानी जारी रखेंगे। शहर में सफाई व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। वर्तमान में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब है, लेकिन पुराने ठेकेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। अब जब टेंडर प्रक्रिया में अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है, तो वही ठेकेदार फिर से सफाई का काम संभालेंगे, जिनके कार्यों को लेकर पहले ही शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। नगर निगम द्वारा सफाई कार्यों की मानिटरिंग के बावजूद कचरा उठाने और नालों की सफाई में लापरवाही सामने आती रही है। नालियां जाम, गलियों में नहीं उठाया जाता कचरा शहर के कई इलाकों में गंदगी और कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। शहर की कई नालियां ठेकेदारों की मनमानी के कारण बजबजा रही हैं। तंग गलियों में कचरा उठाने कर्मचारी पहुंच नहीं पाते हैं। कई जगहों पर आधा कचरा उठाकर आधा छोड़ दिया जाता है। मुख्य मार्ग को छोड़कर अंदर की गलियों की हालत खराब है। पुराने ठेकेदार लंबे समय से काम कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों से सांठगाठ के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इधर, नए नियम से पुराने ठेकेदारों को एक तरह से इस काम के लिए आरक्षण मिल गया है। जिससे उनकी मनमानी और बढ़ेगी। मुख्य अभियंता ने जारी किया आदेश मुख्य अभियंता राजकुमार मिश्रा ने पांच मार्च को आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने उल्लेख है कि नालियों की सफाई में वही ठेकेदार भाग ले सकता है, जिनके पास तीन साल का अनुभव हो। इसका सीधा मतलब है कि पुराने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाना है। एक सवाल यह भी है कि क्या निगम आयुक्त के बिना हस्ताक्षर से आदेश जारी हो सकता है।

32 गौवंश को ठूंस-ठूंस कर कत्लखाने ले जा रहे ट्रक पुलिस ने पकड़ा , आरोपी फरार

दुर्ग दुर्ग जिले के अहिवारा क्षेत्र में गौवंश से भरी एक ट्रक को पुलिस ने पकड़ा है. ट्रक में 32 गौवंश को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था और उन्हें मुंगेली से नागपुर के कत्लखाने ले जाया जा रहा था. जानकारी के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नंदनी थाना पुलिस ने माटरा और खजरी गांव के बीच सड़क पर घेराबंदी कर गौवंश से भरे ट्रक को पकड़ा. लेकिन पुलिस को देख ड्राइवर और सह-चालक मौके से फरार हो गए. वहीं पुलिस ने गौवंश को थाने लाकर चारा-पानी दिया और पशु चिकित्सकों से उनका इलाज कराया जा रहा है. नंदनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

IPL 2025: सटोरियों ने मैदान में उतारे गुर्गे, नेटवर्क को मोबाइल से कर रहे ऑपरेट

बिलासपुर आईपीएल के शुरू होते ही शहर में सट्टेबाजों का नेटवर्क फिर से सक्रिय हो गया है। हर गली-मोहल्ले में इनके गुर्गे घूम रहे हैं और क्रिकेट मैचों पर जमकर सट्टा लगवा रहे हैं। खास बात यह है कि पुलिस और एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की टीम इससे बेखबर नजर आ रही है, जिससे सटोरियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। आईपीएल शुरू होते ही शहर के पुराने और कुख्यात सटोरिए फिर से सक्रिय हो चुके हैं। मगर, खुद सामने आने के बजाय उन्होंने अपने गुर्गों को मैदान में उतार दिया है। तोरवा पुरानी बस्ती, देवरीखुर्द, विनोबा नगर, राजकिशोर नगर और सिंधी कॉलोनी में कई ऐसे पुराने सटोरिए हैं, जो आईपीएल शुरू होते ही अंडरग्राउंड हो गए हैं। अब वे अपने नेटवर्क को मोबाइल पर ऑपरेट कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को सट्टे में फंसा रहे हैं। हर साल आईपीएल के दौरान सट्टेबाज करोड़ों रुपये का खेल करते हैं। यह सट्टा सिर्फ बड़े बुकी ही नहीं बल्कि उनके छोटे-छोटे एजेंटों के जरिए भी चलाया जाता है। कई इलाकों में बनाए बुकिंग के लिए ठिकाने शहर के कई इलाकों में सट्टे की बुकिंग के लिए ठिकाने बनाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, हर रोज लाखों रुपये की सट्टेबाजी हो रही है और इसमें कई स्थानीय युवाओं को भी शामिल किया गया है। सट्टेबाजी का यह खेल कॉल पर चल रहा है, जिसमें एक तयशुदा सिस्टम के तहत पैसे का लेनदेन किया जा रहा है। गली-मोहल्लों में बैठे छोटे गुर्गे सट्टे की एंट्री कर रहे हैं और फिर बड़ी रकम बुकी तक पहुंचा रहे हैं। लंबे समय से नहीं हुई कार्रवाई बिलासपुर के अलग-अलग क्षेत्र में सटोरिए सक्रिय हैं। पुराने सटोरियों के गुर्गे शहर के प्रमुख जगहों पर अपना कारोबार चला रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस सटाेरियों पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है। लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा चलाने वालों पर पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है। उपर से आदेश मिलने पर सटोरियों के गुर्गों को पकड़कर खानापूर्ति की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और एसीसीयू की सेटिंग से चल रहा खेल शहर में सट्टेबाजी के इस बढ़ते खेल को लेकर पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर आईपीएल के दौरान पुलिस सक्रियता दिखाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। इससे सटोरिए निडर होकर अपना कारोबार चला रहे हैं। सटोरियों की सक्रियता से पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस और एसीसीयू के कुछ लोगों से सेटिंग कर ऑनलाइन सटोरिए सक्रिय हैं। ऑनलाइन सटोरियों के ठिकानों की जानकारी साइबर सेल से ही निकाली जा सकती है।

छत्तीसगढ़वासियों को बेंगलुरू के लिए नहीं मिलेगी नई ट्रेन

रायपुर छत्तीसगढ़ को बेंगलुरू के लिए नई ट्रेन नहीं मिलेगी. इसलिए पहले से चल रही वैनगंगा एक्सप्रेस के भरोसे रहना पड़ेगा. जिसमें सीट मिलना मुश्किल रहता है. दुर्ग सांसद विजय बघेल के प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने जानकारी दी. उन्होंने फिलहाल बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन की घोषणा या वायदा नहीं किया है. लोकसभा में दुर्ग सांसद विजय बघेल ने प्रश्न किया कि छत्तीसगढ़ से बेंगलुरु के लिए इस मार्ग पर केवल एक सीधी रेलगाड़ी वैनगंगा एक्सप्रेस उपलब्ध है. जिसके कारण यात्रियों को सीट उपलब्धता, यात्रा समय और सुविधा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसको ध्यान रखते हुए छत्तीसगढ़ से बेंगलुरू के लिए एक अतिरिक्त सीधी रेलगाड़ी सेवा शुरू करने के संबंध में प्रश्न पूछा. उसके लिखित उत्तर में रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि रेल नेटवर्क राज्य की सीमाओं के आर-पार फैला होता है. तदनुसार, नेटवर्क की आवश्यकता के अनुसार ऐसे सीमाओं के आर-पार रेलगाड़ियां शुरू की जाती हैं. वर्तमान में, 12251/12252 कोरबा-यशवंतपुर वैनगंगा एक्सप्रेस को बिलासपुर-रायपुर-गोंदिया के रास्ते परिचालित किया जा रहा है और यह छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न स्टेशनों के यात्रियों को सेवा प्रदान कर रही है. इसके अलावा, नागपुर से बेंगलुरू की ओर जाने वाली 15 जोड़ी रेलगाड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं, जो बिलासपुर, रायपुर और गोंदिया जैसे शहरों से 39 जोड़ी, 50 जोड़ी और 53 जोड़ी रेलगाड़ी सेवाओं के माध्यम से भली-भाँति जुड़ी हुई हैं. इसके अलावा, भारतीय रेल में नई रेलगाड़ी सेवाओं को शुरू करना सतत प्रक्रिया है जो यातायात औचित्य, परिचालनिक व्यवहार्यता और संसाधनों की उपलब्धता आदि के अध्यधीन है.

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