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डिप्टी सीएम शर्मा ने किया भोरमदेव महोत्सव का शुभारंभ, हंसराज रघुवंशी के शिव भजन पर झूमे श्रोता

 कवर्धा  दो दिन चलने वाले भोरमदेव महोत्सव का बुधवार को रंगारंग शुभारंभ हुआ. शिव भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने अपनी प्रस्तुति से शिव भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया. 30 वर्षों के इतिहास में पहली बार भोरमदेव महोत्सव में इतनी अधिक भीड़ देखने को मिली. प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडे और विधायक भावना बोहरा ने दीप प्रज्ज्वलित कर भोरमदेव महोत्सव का शुभारंभ किया. कार्यक्रम के दौरान बैगा नृत्य और बांसुरी वादन के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया गया. इसके बाद प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकार अनुराग शर्मा ने छत्तीसगढ़ी और हिंदी गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर समां बांध दिया. आयोजन के बाद हंसराज रघुवंशी ने लल्लूराम डॉट कॉम से खास बातचीत में कहा कि भगवान शिव के आशीर्वाद से मैं शिव भजन गाता हूं. पहली बार मुझे भोरमदेव आने का अवसर मिला है. यहां मेरे चाहने वाले बहुत हैं. डिप्टी सीएम विजय शर्मा और जनता ने मुझे खूब प्यार दिया. रंगारंग प्रस्तुति के साथ होगा समापन भोरमदेव महोत्सव का समापन आज एक भव्य और रंगारंग आयोजन के रूप में होगा. समापन समारोह में सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी पार्श्व गायक पद्मश्री अनुज शर्मा द्वारा अपनी संगीत प्रस्तुति दी जाएगी. इसके अलावा, सोनी टीवी के सुपर डांसर फेम अनिल टांडी डांस ग्रुप द्वारा शानदार डांस प्रदर्शन होगा. स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुतियां भी होंगी, जिसमें युवा पीढ़ी की कला और संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रदर्शन होगा. इसके अलावा बसंताबाई और साथी द्वारा बैगा नृत्य, संगीता कापसे और सुश्री राधिका शर्मा द्वारा कत्थक नृत्य, दानी वर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक विधा परसा के फुल, नासीर निदंर द्वारा भजन गायन, दुष्यंत हरमुख द्वारा छत्तीसगढ़ लोक कला मंच रंग झरोखा की भव्य प्रस्तुति की जाएगी. इसके अलावा समापन समारोह में विशेष रूप से आकर्षक लाइट और लेजर शो का भी आयोजन किया जाएगा, जो कार्यक्रम को और भी रोमांचक और यादगार बना देगा. समापन में सीएम होंगे शामिल छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक स्थल भोरमदेव में आयोजित होने वाले भोरमदेव महोत्सव का उद्घाटन 26 मार्च 2025 को भव्य तरीके से किया जाएगा. उद्घाटन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. वहीं भोरमदेव महोत्सव का समापन समारोह 27 मार्च 2025 को होगा. समापन समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा करेंगे.

30 मार्च से 6 अप्रैल डोंगरगढ़ में चैत्र नवरात्रि पर रूकेंगी ये ट्रेनें

रायपुर चैत्र नवरात्रि के अवसर पर डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन ने विशेष ट्रेन सेवाओं और अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की है. यह सुविधा 30 मार्च से 6 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगी. रेलवे की विशेष सुविधाएं     गोंदिया-दुर्ग-गोंदिया मेमू पैसेंजर (68742/68741) को रायपुर तक विस्तारित किया जाएगा.     रायपुर-डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर (68729/68730) को बहाल कर इसे गोंदिया तक विस्तार दिया जा रहा है.     डोंगरगढ़-दुर्ग-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल (08709/08710) ट्रेन चलाई जाएगी.     दुर्ग-रायपुर-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल (08701/08702) ट्रेन का संचालन किया जाएगा. डोंगरगढ़ में प्रमुख ट्रेनों का अस्थायी ठहराव इसके अतिरिक्त, कुछ दूरगामी एक्सप्रेस ट्रेनों का भी डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर 30 मार्च से 6 अप्रैल 2025 तक अस्थायी ठहराव रहेगा, ताकि श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें.

परिवहन कर्ताओं की समस्याओं से अवगत हुए अंजय शुक्ला

 बलौदा बाजार आज  बलौदा बाजार में सी सी टी डब्लू असोसिएसन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला द्वारा बलौदा बाजार के विभिन्न सीमेंट संयंत्रों का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने नवयुवकों से भीविशेष चर्चा कर इच्छुक लोगों को अधीकृत परिवहनकर्ता के रूप में पंजीयन तथा कार्य करने के सम्बन्ध में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। वे बलौदा बाजार ट्रक मालिक संघ के संरक्षक गणेश प्रसाद जायसवाल एवं अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह से भी उनके कार्यालय में भेट मुलाकात कर ट्रक मालिको का हाल चाल जाना तथा उनके समस्याओं से अवगत होकर शीघ्र निराकृत करने जिलाधीश महोदय एवं संयंत्र प्रमुख तथा लॉजिस्टिक हेड से संबंधित समस्याओं को हल करने हेतु निर्देषित किया गया। बलौदा बाजार ट्रक मालिक संघ के अध्यक्ष एवं संरक्षक गणेश प्रसाद जायसवाल सहित विभिन्न परिवहनकर्ताओ एवं मोटर मालिको ने सी सी टी ए के अध्यक्ष अंजय शुक्ला के प्रति आभार जताया और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद

बेंगलुरू, देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन,  आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे। देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की। छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक – GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी। – क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी। – ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा। – कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा। – गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां 200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी। – BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। – पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं।

छत्तीसगढ़ बनेगा टेक्सटाइल हब, Punit Creations का बड़ा निवेश प्रस्ताव

बेंगलुरु/रायपुर छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख उद्योगपति मनोज अग्रवाल, जो Punit Creations के प्रमुख हैं, ने राज्य में निवेश का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। * मनोज अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में श्रमशक्ति (लेबर) और अनुकूल औद्योगिक माहौल की वजह से टेक्सटाइल उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार की नीतियों के तहत यदि किसी उद्योग में 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है, तो सरकार अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान करेगी। इस पहल से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

पराली से बनेगा हरित ईंधन, छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा ग्रीन एनर्जी निवेश

बेंगलुरु,  छत्तीसगढ़ में हरित ईंधन के क्षेत्र में निवेश को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी बढ़ रही है। बेंगलुरु में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से GPRS Arya Pvt. Ltd. के दीपक अग्रवाल ने मुलाकात कर बताया कि उनकी कंपनी राज्य में पराली से Compressed Bio-Gas (CBG) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में CBG प्लांट लगाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। कंपनी ने हाल ही में बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्य करने की दिशा में है। दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना के सफल होने के बाद वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को अपनाना चाहते हैं। इस पहल से जैविक ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत जैविक ईंधन और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस बैठक में उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई।

तीन दिनों में रेलवे ने टिकट यात्रियों से वसूला 17 लाख रुपये का जुर्माना

जगदलपुर रेल मंडल में बिना टिकट यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए एक केंद्रित प्रयास के तहत वाल्टेयर मंडल के वाणिज्यिक विभाग ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ मिलकर विशेष टिकट जांच अभियान शुरू किया है, जिसके चलते तीन दिनों में 3,368 लोगों से 17 लाख रुपये जुर्माना की वसूली की गई है. वाल्टेयर के मंडल रेल प्रबंधक ललित बोहरा ने इन पहलों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इसका प्राथमिक लक्ष्य सभी स्टेशनों पर यात्रियों के लिए आरामदायक और सुरक्षित यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना है. इन जांचों का उद्देश्य दिव्यांगजन यात्रियों, महिला यात्रियों और अन्य के लिए आरक्षित और निर्दिष्ट कोचों में अनधिकृत प्रवेश को रोकना भी है. बताया गया कि वाल्टेयर डिवीजन के टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा गत 19, 20 और 21 मार्च को किए गए विशेष अभियान में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के 3,368 मामलों का पता लगाकर किराए और जुर्माने के रूप में 17 लाख रुपये एकत्र किए गए. इन अभियानों के परिणामस्वरूप डिवीजन के काउंटरों पर टिकट बिक्री में 10% से अधिक की वृद्धि हुई है.

मुख्यमंत्री साय बोले – कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार

नई दिल्ली/रायपुर छत्तीसगढ़ जल्द ही आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभरेगा। छत्तीसगढ़ सरकार और नैसकॉम के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) संपन्न हुआ है, जिससे छत्तीसगढ़ में कौशल विकास में निवेश बढ़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में नैसकॉम के उपाध्यक्ष श्रीकांत श्रीनिवासन व अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात की और राज्य की कौशल विकास के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि रायपुर देश का ऐसा प्रमुख शहर है, जहां आईआईटी, एनआईटी, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान हैं, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल युवा तैयार कर रहे हैं।   नया रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कई आईटी कंपनियों ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। सरकार बेंगलुरु और हैदराबाद की तर्ज पर नया रायपुर को एक प्रमुख टेक हब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।   सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत आईटी और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्किलिंग प्रोग्राम के माध्यम से कॉलेज के विद्यार्थियों को उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे रोजगार के लिए तैयार हो सकें।   मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि अभी तक 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य की औद्योगिक नीति की सफलता को दर्शाता है। इस बैठक के दौरान दिल्ली, मुंबई और रायपुर में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में मिले सकारात्मक प्रतिक्रिया पर भी चर्चा हुई।

हाईकोर्ट बोला- 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा 6वें वेतन आयोग का लाभ

बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक फैसले में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की राज्य सरकारों को छठवें वेतन आयोग योजना के तहत 2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पेंशन लाभ का भुगतान करने का निर्देश दिया है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन पेंशनर्स संघ बनाम छत्तीसगढ़ राज्य के मामले में ये फैसला सुनाया है। याचिकाकर्ता छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन पेंशनर्स संघ सरकारी महाविद्यालयों के पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक पंजीकृत संस्था है। संस्था ने 1 जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त होने वालों के साथ किए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट ने याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि 2006 के बाद सेवानिवृत्त हुए लोगों को छठे वेतन आयोग का लाभ दिया गया, जबकि इससे पहले सेवानिवृत्त हुए उनके समकक्षों को इससे वंचित रखा गया, जो भेदभाव के समान है। इससे पहले सोसायटी ने WP(S) संख्या 5333/2012 दायर की थी, जिसका निपटारा 25 जनवरी, 2018 को किया गया था, जिसमें अधिकारियों को एक अभ्यावेदन पेश करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग ने 28 फरवरी 2018 के एक आदेश के माध्यम से उनके अभ्यावेदन को खारिज कर दिया था, जिसके कारण उन्हें वर्तमान याचिका दायर करनी पड़ी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इस तरह का वर्गीकरण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, जो कानून के समक्ष समानता की गारंटी देता है। छत्तीसगढ़ राज्य ने तर्क दिया कि 2006 से पूर्व सेवानिवृत्त लोगों को लाभ देने से राज्य के खजाने पर अनुचित वित्तीय बोझ पड़ेगा। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए राज्य के तर्क को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49 के अनुसार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों को पेंशन भुगतान की देयता साझा करनी होगी। राज्य को 120 के भीतर संशोधित पेंशन जारी करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले आईईएसए अध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को लेकर हुई चर्चा

नई दिल्ली, बेंगलुरू में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) के अध्यक्ष अशोक चंडक सहित अन्य प्रतिनिधियों ने राउंड टेबल बैठक में हिस्सा लिया। जहां मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेश अनुकूल वातावरण और बुनियादी ढांचे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर खुल रहे हैं। आईईएसए अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को लेकर रुचि जताई और इस क्षेत्र में संभावित निवेश को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। बैठक में इंडस्ट्रियल क्लस्टर, स्किल डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।   यह बैठक छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष महंत ने विभिन्न विषयों पर जांच की मांग की थी और उन्हें ईडी और सीबीआई पर विश्वास : गृह मंत्री शर्मा

रायपुर छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर CBI ने बड़ी कार्रवाई की है. आज तड़के CBI की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके करीबियों और कई अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की. इस छापेमार कार्रवाई से प्रदेश में सियासी बवाल मचा हुआ है. पक्ष और विपक्ष के बयान सामने आ रहे हैं. वहीं CBI की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि “CBI की रेड की जानकारी मिली है, लेकिन किस विषय की जांच हो रही है, इसकी जानकारी नहीं है. अनेक विषयों की जांच का जिम्मा CBI को सौंपा गया है. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विभिन्न विषयों पर जांच की मांग की थी और उन्हें ईडी और सीबीआई पर विश्वास है. नतीजे तक पहुंचने के लिए ही जांच की जा रही है.” कांग्रेस के केंद्रीय एजेंसी के दुरुपयोग करने के आरोप पर विजय शर्मा ने कहा कि शायद उन्हें पता नहीं उनके ही नेता प्रतिपक्ष विभिन्न विषयों पर सीबीआई और ईडी जांच की मांग कर रहे हैं, उन्हें भी सीबीआई और ईडी पर भरोसा है. क्योंकि उन्होंने सदन में सीबीआई जांच नहीं होगी तो प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखने की बात कही है. CBI की टीम ने आज तड़के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, KPS ग्रुप के निशांत त्रिपाठी, पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत अन्य के ठिकानों पर छापे की खबर है. ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील राजनांदगांव के VIP कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर CBI की टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे. भूपेश बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी में भिलाई स्थित आवास में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल से टीम पूछताछ कर रही है. वहीं बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी के बीच परिवार के साथ अपने निवास पर मौजूद हैं. सौम्या चौरसिया के घर में छान-बीन, मिले अहम दस्तावेज बघेल सरकार में सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित घर पर सीबीआई की टीम छान-बीन कर रही है. कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज घर से बरामद किए जाने की चर्चा है. कांग्रेस कार्यकर्त्ता और पुलिस के बीच झूमाझटकी सीबीआई की पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुरानी भिलाई निवास में कार्रवाई के दौरान बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई. सीबीआई दबिश के दौरान सीएसपी हरीश पाटिल के साथ 4 थानों के टीआई और 100 पुलिस जवान मौके पर मौजूद थे. कार्रवाई के दौरान कांग्रेस पार्षद के पति लाभेश मन्दरकर और जामुल टीआई कपिल देव पांडेय के बीच झूमाझटकी हुई. क्या है मामला छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी. ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मा एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था. भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. कई अन्य भी आरोपी बनाए गए थे.

मुंगेली-बिलासपुर के बीच बना अंग्रेजों के जमाने का पुल कर रहा मरम्मत का इंतजार

मुंगेली अंग्रेजों को तो भारत छोड़े 75 साल से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अभी तक उनके किए गए निर्माणों की उपयोगिता जिम्मेदारों के नकारेपन का सबूत है. ऐसा ही एक मॉडल मुंगेली और बिलासपुर को जोड़ने वाला पुल है. अंग्रेजों के जमाने में बन यह पुल आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. बरेला और तखतपुर के बीच इस पुल को नए सिरे से बनाने की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन न तो नेता को और न ही किसी अधिकारी को परवाह है. बीच-बीच में दिखाने के लिए मरम्मत कार्य कर छोड़ दिया जाता है. यही नहीं इस पुल से ही नहीं बल्कि शहर के बीच से भारी वाहनों का गुजरना प्रतिबंधित है. फिर भी धड़ल्ले से गुजर रहे हैं. केवल संकरा पुल ही अपनी मरम्मत की बांट नहीं जोह रहा है, बल्कि पुल पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं. इसकी भी समय के साथ मरम्मत करने की जरूरत है.  

IAS डॉ. एस. भारतीदासन संभालेंगे उच्च शिक्षा विभाग, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जा रहे आर. प्रसन्ना

 रायपुर IAS डॉ. एस. भारतीदासन उच्च शिक्षा विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभालने जा रहे हैं. राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर सकती है. 2006 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी भारतीदासन, IAS आर. प्रसन्ना की जगह लेंगे, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जा रहे हैं. IAS डॉ. एस. भारतीदासन और IAS आर. प्रसन्ना भारतीदासन इससे पहले स्कूल शिक्षा और कृषि विभाग के सचिव रह चुके हैं. वे जनसंपर्क आयुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा, वे जांजगीर और रायपुर के कलेक्टर भी रह चुके हैं. कोविड महामारी के दौरान रायपुर कलेक्टर के रूप में उनके कार्यों की सराहना की गई थी. आईएएस भारतीदासन ईमानदार और स्वच्छ छवि वाले अधिकारी माने जाते हैं. पूर्ववर्ती सरकार में वे मुख्यमंत्री के सचिव भी रह चुके हैं, लेकिन वर्तमान सरकार में अब तक उनके पास कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं थी. वहीं IAS आर. प्रसन्ना को केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव  के रूप में नियुक्त किया गया है. प्रशासनिक सेवा में आने के बाद यह पहली बार है जब वे प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। केंद्र सरकार में उन्हें पांच साल की पोस्टिंग मिली है.

कोंटा ब्लॉक में सक्रिय वेट्टी कन्नी सहित 9 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा सरकार के नक्सल अभियान को बड़ी सफलता मिली. कोंटा ब्लॉक में नक्सल संगठन में लम्बे समय से सक्रिय वेट्टी कन्नी के साथ 26 लाख के इनामी 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. सुकमा एसपी किरण चव्हाण, एएसपी उमेश गुप्ता व सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सलियों में 6 महिला नक्सली भी शामिल हैं. ये सभी नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं. नक्सली बटालियन में सक्रिय एक नक्सली ने भी आत्मसमर्पण किया है. इस दौरान सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन और कैंप खोलने से प्रभावित होकर नौ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें बटालियन नंबर वन के अलावा जगरमुंडा एरिया में शामिल नक्सली हैं. ये नक्सलियों की खोखली विचारधारा को त्यागकर आत्मसर्मपण किया है. इन्हें शासन की आत्मसमर्पण की नीतियों का लाभ दिया जाएगा.

मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार

रायपुर : जशपुर की छवि को राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर उकेरने मुख्यमंत्री साय की पहल: तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार रायपुर मयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगारमयाली नेचर कैम्प में साहसिक खेलों की रोमांचक शुरुआत: जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच और युवाओं को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों—आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक (स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज), प्राकृतिक एवं वन्य जीव (नेचर एंड वाइल्ड लाइफ) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट—का लोकार्पण किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं पोंटून बोट में सवार होकर मधेश्वर महादेव के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया और कहा कि मयाली एडवेंचर ज़ोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहाँ एक्वा साइक्लिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बम्पर बोट जैसे एडवेंचर एक्टिविटी की शुरुआत की गई है। तीन नए पर्यटन सर्किटों की झलक मुख्यमंत्री साय द्वारा जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का लोकार्पण किया गया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं। स्पिरिचुअल और हेरिटेज सर्किट कोतेबीरा से शुरुआत होती है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पहाड़, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थलों से होकर गुजरता है—यह सर्किट श्रद्धा, विरासत और जनजातीय परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है। प्राकृतिक एवं वन्य जीव सर्किट उन पर्यटकों को आकर्षित करेगा जो प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारुडीह का चाय बागान तक शामिल हैं—प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा। साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच के शौकीनों को आकर्षित करेगा। इसमें दनगरी कैम्प साइट, बेलवार जलप्रपात, देशदेखा हिल कैम्प, सरना ईको एथेनिक रिसोर्ट और क्लाइम्बिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और नेचर-कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनेंगे। जनजातीय युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वास मुख्यमंत्री साय की पहल पर अब जशपुर के जनजातीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश के मियाड़ घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइम्बिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पर्यटन और युवाशक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री साय से अभियान में जाने वाले बच्चों ने मिलकर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें ये अनोखा अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन द्वारा युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराने की इच्छा दर्शाई थी जिसे तुरन्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उसने किलीमंजारो फतह किया। इसी तरह आपको भी खूब मेहनत कर राज्य का नाम ऊंचा करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा अब हमारी पारी है हम भी राज्य को गौरवान्वित करेंगे। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा—पर्यटन ने बदली जिंदगी मयाली नेचर कैम्प में कार्यरत लक्ष्मी एवं तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि पर्यटन की वजह से अब उन्हें नियमित आय मिल रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की काष्ठ-निर्मित कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री साय की यह पहल पर्यटन को सिर्फ सैर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और जनजातीय आत्मबल को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है।

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