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कांग्रेस चलाएगी आज से 60 दिवसीय संविधान रक्षक अभियान

रायपुर कांग्रेस पार्टी संविधान की रक्षा के लिये आगामी 26 नवंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक 60 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा हमारे संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा के लिए खड़ी रही है। पिछले दशक में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार द्वारा संविधान की नींव को कमजोर करने और सामाजिक न्याय, समानता और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कमजोर करने के व्यवस्थित प्रयास किया है। बैज ने कहा कि इस 60 दिवसीय संविधान रक्षक अभियान में पांच प्रमुख विषयों को आमजनता के समक्ष उजागर किया जाना है प्रत्येक विषय के लिये 10 दिवसीय अवधि तथा 5 विषय निर्धारित किये गये है। संविधान और समानता की लड़ाई भारत में असमानता और इसे संबोधित करने में भाजपा की केंद्र सरकार की विफलता को उजागर किया जाये। एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों, गैर-अधिसूचित जनजातियों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ, हाशिए पर रहने वाले समुदायों की स्थिति खराब करने वाली नीतियों को उजागर किया जायेगा। संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण की सुरक्षा जाति जनगणना की वकालत व आरक्षण व्यवस्था पर भाजपा के हमलों और उनकी भेदभावपूर्ण विचारधारा को उजागर किया जायेगा। भेदभाव का उन्मूलन एक प्रमुख संवैधानिक मूल्य अल्पसंख्यकों, एससी, एसटी और ओबीसी को निशाना बनाने वाली भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का उजागर करेंगे। भाजपा के व्यवस्थित भेदभाव को प्रदर्शित करने वाले डेटा सार्वजनिक और व्याख्यान आयोजित होगा। पूंजीवादी सरकार गरीबों के संविधान के विरूद्ध आम लोगों की कीमत पर कुछ पूंजीपतियों के प्रति भाजपा की पक्षपात को उजागर करेंगे। भाजपा के शासन में बढ़ी आर्थिक असमानता पर प्रकाश डाला जायेगा। लोकतंत्र और संविधान द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रता को बचाएं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, एजेंसियों के दुरुपयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण पर भाजपा के हमलों को संबोधित करें। भाजपा को अधिनायकवादी राज्य बनने से बचाने की आवश्यकता पर जोर देंगें।

समाज को ऐसा मंच मिलने से एकजुटता दिखती है : अनिता लोधी

रायपुर लोधी क्षत्रीय समाज द्वारा राजधानी रायपुर के लोधेश्वरधाम में दीपावली मिलन समारोह का आयोजन रखा गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य प्रांतों से सामाजिकजन शामिल हुए। मुख्यअतिथि के रूप में मौजूद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिता लोधी ने कहा कि समाज को ऐसा मंच मिलने से जहां समाज की एकजुटता दिखती हैं वहीं विचारों का खुलकर आदान प्रदान होता है। परिचय सम्मेलन जैसे आयोजन से पुरानी कुरीतियां भी दूर होती है। इस मौके पर विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय सम्मेलन,स्मारिका का विमोचन,लोधेश्वर भगवान मंदिर का भूमिपूजन, प्रतिभाशाली बच्चों व बुजुर्गों का स्मान व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ।  लोधी समाज की बेटी कलियुग की मीराबाई के नाम से प्रसिद्ध लोधी शिवांगी दीदी ने उपस्थितजनों को भक्ति सत्संग कराया। लोधी क्षत्रिय समाज चंगोराभाठा  के सचिव प्रहलाद दमाहे ने बताया कि यह उनके समाज का सालाना कार्यक्रम हैं जिसमें समाज के लोगों को एक बड़ा मंच मिलता हैं। खासकर विवाह योग्य युवक युवतियों के परिचय सम्मेलन के माध्यम से कई रिश्ते अब तक बन चुके हैं। इस साल भी बड़ीं संख्या में युवत युवतियों का परिचय हुआ। समाज के गौरव लांजी के युवा विधायक राजकुमार कुरार्हे व खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलाम्बर,उत्तम जंघेल,संयोजक लोधेश्वरधाम के आतिथ्य में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि व अन्य विशिष्टजन भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बुलंदशहर अनिता लोधी ने कहा कि महिलाओं को समाज मे आगे आकर कार्य करने की आवश्यकता है। बच्चों को अच्छी परवरिश देना व शिक्षा के प्रति जोड़कर आगे लाने की जरूरत है। इसकी पहली सीढ़ी तो मां ही होती है।  लोधेशवरधाम में प्रथम बार आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। खारुन नदी के तट पर हरियाली से आच्छादित यह बहुत ही मनोरम स्थल है। इस स्थान को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की हम सबकी जिम्मेदारी है। लांझी के विधायक राजकुमार करार्हे ने भी कहा कि समाज को एकता के सूत्र मे बांधने की आवश्यकता है। खैरागढ विधायक यशोदा नीलाम्बर   वर्मा  ने कहा कि समाज मे कुछ  पुरानी कुरीतियां हैं उससे हटकर कार्य करना जरूरी है। ऐेसे आयोजन उसमें महती भूमिका निभा सकते हैं।   इससे पूर्व लोधी समाज रायपुर के अध्यक्ष सुरेश सुलाखे ने मंत्रोचार के बीच विधि विधान से लोधेश्वरधाम मंदिर के लिए अतिथियों की मौजूदगी में भूमिपूजन कराया। वार्षिकय क्रियाकलापों को लेकर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया गया हैं। जिसमें समाज के लिए काफी अच्छी जानकारी व विवाह योग्य युवक युवतियों का बायोडाटा भी संकलित है। समाज के प्रतिभाशाली बच्चों व बुजुर्गो का सम्मान समारोह भी रखा गया था। सांस्कृतिक संध्या में देर शाम तक लोग शामिल रहे,इस बीच ख्यातिप्राप्त लोधी शिवांगी दीदी ने उपस्थितजनों को भक्ति सत्संग कराया और समाज के लोगों से आग्रह किया कि व्यस्त जीवन के बीच कुछ क्षण रोज अपने लड्डूगोपाल के लिए निकाले देखे जीवन में कैसे आनंद आ जायेगा। पूरे आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले संयोजक लोधी उत्तम वर्मा, अध्यक्ष सुरेश कुमार सुलाखे, सचिव प्रहलाद दमाहे, कोषाध्यक्ष राजेश नागपुरे, उपाध्यक्ष लोधी ज्ञानीराम मच्छिरके, संरक्षक लोधी सुमेरसिंह ठाकुर, लोधी जे एल कचलरिया, लोधी यशवंत लिल्हारे, लोधी एच डी ढेकवारे, लोधी एन के दशहरे व महिला समूह के सदस्य मौजूद रहे।

कलेक्टर सिंह बोले- धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन पर रखें नजर और करें कार्रवाई

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रोरेट परिसर के रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि सभी केन्द्रो में धान की खरीदी नियमानुसार व्यवस्थित तरीके से हो। अवैध धान भंडारण अवैध धान परिवहन करने वाले पर नजर रखें और कड़ी कार्रवाई करें। जिला स्तरीय अधिकारी सहित राजस्व अधिकारी धान केन्दो का दौरा करें और रिपोर्ट प्रदान करें। यह भी ध्यान रखे कि केन्द्रों पर किसानों को कोई असुविधा ना हो। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 5 लाख 48 हजार 164 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी राइस मिलर्स से नागरिक आपूर्ति निगम एवं एफसीआई में चावल जमा कराना सुनिश्चित करवाएं। कलेक्टर ने कहा कि जिले में पात्र बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाए इससे जुड़े लंबित सारे प्रकरण का जल्द निपटारा करें। जिला शिक्षा अधिकारी विकासखंड स्तर पर अधिकारी समन्वय कर इसे गति प्रदान करें। बीईओ अपने अपने स्कूलों में शिविर लगाकर तेजी से जाति प्रमाण पत्र बनाए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में होने वाले खनिज के अवैध उत्खनन पर कड़ाई से रोक लगाएं। खनिज विभाग सहित राजस्व अधिकारी इस पर नजर रखें और कड़ी कार्रवाई करें।  बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री अविनाश मिश्रा सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

महाविद्यालय की सरकारी जमीन बिल्डर को आबंटित, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, ग्रामीण कल देंगे धरना

रायपुर अमलीडीह में शासकीय नवीन महाविद्यालय के लिए आरक्षित करीब 9 एकड़ सरकारी जमीन को रामा बिल्डकॉन  को आबंटित कर दी गई। यह पूरी प्रक्रिया गुपचुप तरीके से हुई है और अब जमीन आबंटन की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने तत्काल आबंटन निरस्त करने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा है लेकिन अभी तक जमीन का आबंटन निरस्त नहीं किया गया है। अब ग्रामीण हमर माटी हमर भुईयां रक्षा समिति अमलीडीह के बैनर तले सांकेतिक रुप से मंगलवार को अमलीडीह स्थित केनाल रोड में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध जताएंगे। कुर्मी समाज के लीलाधर चंद्राकर, हरदिहा साहू समाज के अध्यक्ष मन्ना राम साहू, सतनामी समाज के मंगलदास कोसरिया, यादव समाज के कन्हैया यादव, सेन समाज के देव कुमार जैन, छत्तीसगढ़ क्रांतिसेना के धीरेंद्र साहू ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में बताया कि रायपुर नगर निगम सीमा के गांव अमलीडीह में 3.203 हेक्टेयर यानी करीब 9 एकड़ जमीन शासकीय नवीन महाविद्यालय के लिए आरक्षित की गई थी। कॉलेज अभी स्कूल बिल्डिंग में संचालित है। पिछली सरकार में रायपुर ग्रामीण के विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कॉलेज जमीन के लिए सरकारी जमीन आरक्षित कराई थी। इस जमीन पर बिल्डरों की भी नजर रही है और एक बड़े बिल्डर रामा बिल्डकॉन के संचालक राजेश अग्रवाल ने उस समय आरक्षित जमीन के आबंटन के लिए आवेदन किया था। न सिर्फ रामा बिल्डकॉन बल्कि इस्कॉन मंदिर ट्रस्ट ने भी उक्त जमीन के लिए आवेदन किया था। पिछली सरकार में सरकारी जमीन की नीलामी की नीति रही है। चूंकि कॉलेज बिल्डिंग-खेल मैदान के लिए आरक्षित होने की वजह से बिल्डर के आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि सरकार बदलने के बाद प्रभावशाली लोगों ने बिल्डर को उक्त जमीन को आबंटित करने के लिए पहल की। इसके बाद इसका तोड़ निकालते हुए रामा बिल्डकॉन के पुराने आवेदन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें आबंटित कर दी। यह आबंटन 28 जून को राजस्व विभाग ने किया है। खास बात यह है कि सब कुछ आबंटन पिछली सरकार की नीति के मुताबिक किया गया। सरकार बदलने के बाद सरकारी जमीन के आबंटन, और फ्रीहोल्ड संबंधी सभी निदेर्शों को 11 जुलाई को निरस्त कर दिया गया। चर्चा है कि जमीन का आबंटन आदेश जारी होने से पहले बैक डेट में किया गया। कॉलेज की जमीन बिल्डर को आबंटित होने की खबर अब जाकर ग्रामीणों को हुई है, और इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए लीलाधर ने बताया कि गांव में यही एक सरकारी जमीन बची थी जिस पर कॉलेज का निर्माण होना था। पिछली सरकार में विधायक सत्यनारायण शर्मा ने अस्पताल निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत कराई थी लेकिन सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। अब सरकारी जमीन को आबंटित करने के खिलाफ ग्रामीणों ने सडक की लड़ाई लडने का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्रीऔर स्थानीय विधायक मोतीलाल साहू को ज्ञापन भी भेजा है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया था कि इस मामले का जल्द ही पटाक्षेप हो जाएगा लेकिन अभी तक हुआ है। कल वे एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध जताएंगे और सरकार से मांग करेंगे कि यहां पर शासकीय नवीन कॉलेज का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो सकें।

छत्तीसगढ़ की जेलों में हिस्ट्रीशीटरों पर होगी सख्ती, शुरू होगा आपरेशन क्लीन’

रायपुर रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की जेलों के बिगड़े हालात को सुधारने की कवायद तेज हो गई है। जेल विभाग डीजी हिमांशु गुप्ता ने राज्य की जेलों में सुधार के लिए अब आपरेशन क्लीन चलाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल इस आपरेशन की शुरूआत रायपुर सेंट्रल जेल से की जाएगी। बाद में इसे प्रदेशभर की जेलों में लागू किया जाएगा। जेल के अधिकारियों ने बताया कि जेल में बंद हिस्ट्रीशीटरों, आदतन बदमाशों पर सख्ती बरती जाएगी, ताकि जेल की चार दिवारी के भीतर किसी तरह की घटना न हो सके। साथ ही हिस्ट्रीशीटरों से मिलने आने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी निगाह रखी जाएगी। अब तक जेल परिसर में बंदियों से मिलने के लिए स्वजनों के साथ रिश्तेदार, दोस्त आदि आकर भीड़ लगाए रहते हैं। इस पर भी सख्ती बरती जाएगी। बिना टोकन के परिसर में घूमने वालों को पकड़कर पुलिस थाने को सौंपा जाएगा। पिछले दिनों ही जेल के बाहर गोली कांड की घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखकर आपरेशन क्लीन चलाने का फैसला लिया है। सेल और बैरकों की होगी साफ-सफाई जेल की व्यवस्था सुधारने के लिए अब हर हफ्ते सेल और बैरकों की साफ-सफाई भी किया जाएगा। इससे यह होगा कि संदिग्ध वस्तुओं को आसानी से निकाला जा सकेगा। जेल अधिकारियों के मुताबिक हर हफ्ते रविवार को आपरेशन क्लीन अधिकारियों की मौजूदगी में चलाकर बंदियों की बैरकों खाली कराकर उसकी साफ-सफाई की जाएगी। इसके पीछे मकसद यह है कि बंदियों की बैरक साफ होने के साथ-साथ प्रतिबंधित सामानों को भी आसानी से बाहर निकाला जा सकेगा। आपरेशन क्लीन जेलों में शुरू कराने को लेकर जेल डीजी हिमांशु गुप्ता लगातार दौरा भी कर रहे है। मिल चुके है संदिग्ध वस्तुएं जेल के बैरकों की आकस्मिक जांच के दौरान कई चम्मच भी मिल चुके है,जिन्हें चाकू की तरह धारदार बनाकर हिस्ट्रीशीटर बंदियों ने छिपाकर रखा था। यहीं नहीं तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट समेत अन्य संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हो चुके है। मुलाकाती कक्ष में अब यह व्यवस्था जेल बंदियों से मिलने आने वाले उनके स्वजनों के लिए जेल प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत हर हफ्ते केवल एक बार ही बंदियों से उनके स्वजन मिल सकेंगे। मुलाकात कक्ष में आने वाले को टोकन दिया जाएगा। इसी के आधार पर बारी-बारी से मुलाकात कराया जाएगा। अब तक कोई भी बंदियों से मिलने पहुंच जाता था,इसे रोकने जेल प्रशासन ने स्वजनों और रिश्तेदारों का आइडी प्रूफ लेकर इसकी तस्दीक करने के बाद ही मिलने की अनुमति देगा। इसके आलावा बिना टोकन के परिसर में किसी को घुसने की अनुमति नहीं होगी।

प्रमुख सचिव निहारिका बारिक बोली- आधुनिक टेक्नालॉजी से जुड़ रहा है छत्तीसगढ़

रायपुर राजधानी के निजी होटल में इमर्जिंग टेक्नालाजी की जानकारी से अवगत कराने  के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। भारत सरकार की संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग (सी-डेक) द्वारा आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती निहारिका बारिक, प्रमुख सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आई.टी. विभाग ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक टेक्नालॉजी से जुड़ रहा है। इस मौके पर उन्होंने राज्य में आई.टी. क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।      कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्रीमती निहारिका बारिक ने कहा कि तकनीक हर पल बदल रही है। ऐसे में शासन के समक्ष इन उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ कदम मिलाकर चलना एक चुनौती है। छत्तीसगढ़ की सरकार ने इन चुनौतियों से पार पाने और उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ समन्वय करने के लिए  राज्य में डिजिटल अधोसंरचना विकास, ई-सुशासन, साइबर सुरक्ष, डिजिटल साक्षरता, कौशल विकास और आईटी उद्योगों को प्रोत्साहन आदि अनेक प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित कर प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।          छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक ने चिप्स की स्थापना का उद्देश्य बताते हुए कहा कि राज्य में आई.टी. अधोसंरचना का विकास करना चिप्स का प्रमुख लक्ष्य है। चिप्स द्वारा इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्टेट डाटा सेंटर विकसित किया गया है। शासकीय संस्थाओं को आपस में सुरक्षित रूप से जोड़ने के लिए सी.जी.स्वान परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य के विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुसार तकनीकी सहयोग भी चिप्स द्वारा प्रदान किया जाता है। साथ ही आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए निकट भविष्य में चिप्स द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा, ताकि उच्च स्तर पर निर्णयकर्ताओं के साथ-साथ राज्य के अधिकारयों और कर्मचारियों की क्षमता विकास किया जा सके। सी-डेक की वरिष्ठ निदेशक डॉ. पद्मा जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहली बार सी-डेक द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इमर्जिंग टेक्नालाजी, ब्लॉकचेन, आधार प्रमाणीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। डॉ. पद्मा जोशी ने कहा कि ऐसे कार्यशालाओं के आयोजन से आई. टी. क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। कार्यक्रम में आई.एस.बी.एम. यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आनंद मलावार, सी-डेक मुंबई से सुश्री वीणा त्यागी, श्री राजीव श्रीवास्तव, सुश्री निर्मला सलाम और चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कुमार बिश्व रंजन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

जल ही जीवन है: 12 गांवों के 1400 से अधिक घरों में मिलने लगा साफ पेयजल

  नदी-नाला से पानी लाने से मिला छुटकारा कोरिया केंद्र सरकार व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन व हर घर जल के तहत जिले के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार ने जानकारी दी है कि जिले के सुरमी, डकईपारा, खैरी, सोरगा, दुर्गापारा, जगदीशपुर, विक्रमपुर, कांटों, ओड़गी, हर्रीडीह, अमहर और खोड़री गांवों के एक हजार 469 घरों में साफ पेयजल मिलने लगा है। अब नदी-नाले से नही लाती पानी उमझर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम दुर्गापारा निवासी श्रीमती मंगली बाई, श्रीमती लीलावती, श्रीमती सोन कुंवर, श्रीमती बुधनी बाई व श्रीमती नीता पण्डो कहती है कि गांव में नल व पानी की सुविधा नहीं होने की वजह से कतकहिया नाला, केतकी झरिया से पानी लाकर जीवन बसर करती थीं। इस गांव में पण्डो जनजातीय की संख्या अधिक हैं। गांव वालों ने बताया कि नल नहीं होने के कारण उन्हें घर से करीब डेढ़-दो किलोमीटर पगडण्डी व उबड़खाबड़ रास्ते और जंगल के बीच गुजर कर पानी लाने लिए जाते थे जो जीवन का एक हिस्सा बन चुका था। सरपंच श्रीमती शान्ति बाई व पूर्व सरपंच श्री गम्भीर सिंह ने बताया कि ’’इस गांव में पेयजल सुविधा के लिए लगातार अधिकारियों से सम्पर्क किया, इसी कारण यहां पेयजल मुहैया हो पाया है। कुछ घरों में पानी की धार कम आने की शिकायत मिली है, उसे भी जल्दी दूर कर लिया जाएगा’’। गंदे पानी से मिली मुक्ति डकईपारा निवासी श्रीमती झुरकुंवर, श्रीमती लक्ष्मनिया और श्रीमती सुमित्रा पैकरा ने बताया कि घर में अब नल लग जाने से पानी की किल्लत दूर हुई है। इसी तरह खैरी निवासी श्री शिवप्रसाद सिंह ने बताया कि नल नहीं लगने पर उन्हें दूर से पानी लाना पड़ता था लेकिन अब घर में ही साफ पेयजल मिलने से उन्हे राहत मिल गया है। इन ग्रामवासियों ने बताया कि पहले पीने की पानी को लेकर काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बरसात में गंदे पानी तो गर्मी के दिनों में पानी के लिए दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ता था। केन्द्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को राज्य सरकार बेहद प्राथमिकता से क्रियान्वयन करने में लगी है, जिसके कारण घर में ही नल कनेक्शन लगने से पानी की समस्या दूर हुई वहीं समय की बचत भी हुई है। शुद्ध पेयजल मिलने से जलजनित बीमारियों से भी ग्रामीणों को छुटकारा मिल रहा है।

राजधानी रायपुर में संविधान के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर पदयात्रा का आयोजन

रायपुर  भारतीय संविधान के 75वें वर्ष पूर्ण होने पर 26 नवंबर 2024 को सुबह 9.30 बजे राजधानी रायपुर में पदयात्रा का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पदयात्रा के प्रारंभ में पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय के सभागार में संविधान पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसके बाद चिकित्सा महाविद्यालय कलेक्टोरेट परिसर अम्बेडकर चौक तक पदयात्रा निकाली जाएगी।   खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संविधान दिवस पर आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में  अति विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री श्री तोखन साहू, विशिष्ट अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, लोक सभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, गुरू खुशवंत साहेब के साथ छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर शामिल होंगे।

श्री रामलला दर्शन योजना, रायपुर से 850 श्रद्धालु रवाना, काशी विश्वनाथ का भी करेंगे दर्शन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू की गई श्री रामलला दर्शन योजना के तहत चलाई जा रही विशेष ट्रेन आज रायपुर रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-07 से रवाना हुई। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस विशेष ट्रेन से 850 श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। इस दौरान खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।    श्री रामलला दर्शन यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। श्रद्धालुगण भगवान राम का जय-जयकार करते हुए अयोध्या धाम के लिए निकले हैं। ट्रेन में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भक्तिमय माहौल में श्री रामलला के दर्शन को जा रहे हैं। रामलला दर्शन के लिए जाने वाले दर्शनार्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्री रामलला दर्शन के लिए योजना की शुरूआत की है। अयोध्या के दर्शन हम जैसे लोगों के लिए असंभव था, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर आज हमें अयोध्या में श्री रामलला के दर्शन संभव हुआ है। अयोध्या धाम की यात्रा को लेकर हमें बहुत खुशी हो रही है। अयोध्या में श्री रामलला के भव्य और सुंदर मंदिर बनाए गए है। यात्रा के दौरान हम सभी को काशी विश्वनाथ जी के दर्शन का लाभ भी प्राप्त होगा।

पीएम सूर्य घर योजना : आर्थिक बचत के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को मिल रहा है बढ़ावा

रायपुर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत देश के एक करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत बलौदाबाजार भाटापारा जिले में भी लोगों को पीएम सूर्य घर योजना का लाभ मिल रहा है। इस योजना से न सिर्फ हितग्राहियों को घर रौशन हो रहे हैं बल्कि आर्थिक बचत के साथ ही पर्यावरण का संरक्षण भी हो रहा है। भाटापारा शहर के गोकुल नगर निवासी ऋषि अग्रवाल की मानें तो पीएम सूर्य घर योजना से उन्हें तिहरा लाभ मिल रहा है। ऋषि के अनुसार एक ओर जहां सौर ऊर्जा से घर रोशन हो रहा है वहीं दूसरी और आर्थिक बचत भी हो रही है।इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।  पीएम सूर्यघर योजना के तहत लोगों के घरों में 3 किलोवाट का सोलर चलित बिजली कनेक्शन लग रहा है और इससे लोगों को बिजली बिल भरने से छुटकारा मिल रहा है।  ऋषि का कहना है कि मुझे गर्व होता है कि मैं बिना पर्यावरण को प्रदूषित करे बिजली का उपयोग कर रहा हूं। मैं इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद करता हूं। साथ ही सभी ने अपील करता हूं कि अपने घर में पीएम सूर्यघर योजना के तहत कनेक्शन लगवाएं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान दें। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हितग्राहियों को प्रतिमाह मिल रहा है 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही 78 हजार रूपए तक की अधिकतम सब्सिडी तथा सस्ते ब्याज पर लोन भी प्रदान किया जा रहा है।  इस योजना के अंतर्गत शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को भी अपने अधिकार क्षेत्र में छत पर सौर प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अधिक आय, कम बिजली बिल और नवीन रोजगारों का सृजन होगा तथा नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोत के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। सोलर पैनल स्थापना हेतु हितग्राहियों को रूफटाप सोलर प्लांट की क्षमता 01 से 02 किलोवाट तथा 0 से 150 यूनिट विद्युत खपत होने पर 30 हजार से 60 हजार रूपये की राशि का अनुदान प्रदान की जाएगी। इसी तरह रूफटाप सोलर प्लांट की क्षमता 2 से 3 किलोवाट तथा 150 से 300 यूनिट विद्युत खपत होने पर 60 हजार से 78 हजार रूपये की अनुदान प्रदान की जाएगी। यदि रूफटाप सोलर प्लांट की क्षमता 03 किलोवाट है तथा 300 यूनिट से अधिक विद्युत खपतहै तो 78 हजार रूपये की अनुदान प्रदान की जाएगी। इसके लिए लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे अनुदान राशि का अंतरण किया जाएगा। योजना का लाभ लेने हेतु हितग्राही प्रधानमंत्री सूर्य घर डाट जीओवी डाट इन या मोबाइल में प्रधानमंत्री सूर्य घर ऐप डाउनलोड कर पंजीयन कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के इच्छुक हितग्राही बिजली ऑफिस अथवा क्रेड़ा जिला कार्यालय में उपस्थित होकर योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के साथ अपना पंजीयन करा सकते हैं।

भारत फाइनेंस कंपनी में करीब 38 लाख का गबन, फरार आरोपी एक साल बाद गिरफ्तार

रामानुजगंज भारत फाइनेंस कंपनी में गबन के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को रामानुजगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने कंपनी में काम करते हुए 37 लाख 99 हजार रुपये का गबन किया था और पिछले एक साल से अलग-अलग स्थानों पर छिपा हुआ था. जानकारी के अनुसार, भारत फाइनेंस इनक्लूजन लिमिटेड में कार्यरत सुरेंद्र दास (24 वर्ष) ने अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर बैंक से ग्राहकों को मिलने वाली रकम और जमा राशि का गबन कर उसे अपने व्यक्तिगत उपयोग में खर्च किया. इस मामले में रामानुजगंज थाने में धारा 409 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामले में जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र के तीन अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. सुरेंद्र दास, जो सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के अंचला माझापारा गांव का निवासी है, लंबे समय से फरार था. पुलिस को मुखबिर से सुरेंद्र की मौजूदगी की सूचना मिली, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सुरेंद्र को विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए न्यायालय रामानुजगंज में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

साल दर साल बढ़ते ही जा रहे दाम निर्माण सामग्री के दाम, कैसे हो सपनो का आवास पूर्ण

रायगढ़ अति गरीब लोगों के आवास अधूरे पड़े हैं। प्रधानमंत्री शहरी और ग्रामीण आवास योजना वर्ष 2016-17 में शुरू हुई थी। जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में 942 से ज्यादा आवास ऐसे हैं जो या तो अधूरे हैं, या निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम स्तर पर भी 200 से ज्यादा आवास के मामले लंबित पड़े हैं। सिविल इंजीनियर का कहना है कि वर्ष 2016 से 2023 तक शहरी क्षेत्र में अनुदान 2.50 लाख और ग्रामीण क्षेत्र में अनुदान 1.30 लाख रुपये के साथ 17 हजार रुपये की मनरेगा मजदूरी का प्रविधान किया गया था। अब सामग्री के दाम आसमान पर पहले महंगाई कम थी तो इतनी लागत में मकान बन गए। वर्ष 2024 तक निर्माण सामग्री के दाम आसमान पर चढ़ गए। 18 प्रतिशत जीएसटी अलग है। वही देखा जाए तो इससे अब अनुदान राशि से मकान बनाना मुश्किल है। कम दिख रही राशि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में वर्ष 2024 में लागत 10 हजार रुपये कम दिख रही है। पहले लागत 1.30 लाख रुपये दिख रही थी, अब 1.20 लाख नजर आ रही है। इस लागत के साथ 18 हजार रुपये मनरेगा मजदूरी और 12 हजार शौचालय के अलग हैं। सरकार ने लागत राशि घटा दी है। इस साल 22 हजार मकान बनाए जाने हैं। नौ साल में इतने बढ़े निर्माण सामग्रियों के दाम सामग्री – साल 2016- 2024 सीमेंट 225 – 340-350 रु. बोरीछड़ 40-53-55 रु. किलो रेत 1,500 रुपये -3000 रुपये ट्राली गिट्टी -1,000 रुपये- 3,500 रुपये ट्राली फेक्ट फाइल आवास अनुदान 2.50 लाख रुपये शहरी एवं 1.50 ग्रामीण आवास अनुदान केस नबंर एक कर्ज लेकर पूरा कराया काम लैलूंगा रहवासी मिनकेत प्रधान साहू ने बताया कि उनको पीएम की अनुदान राशि मिली है, लेकिन इतने में निर्माण नहीं हो पा रहा था। ऐसे में कर्ज से लेकर निर्माण कार्य पूरा करवाया गया। सरकार को अनुदान राशि में बढ़ोतरी करनी चाहिए। केस नबंर दो – निर्माण में लगात अधिक कैसे कराए पूरा दिनेश मंडल धर्मजयगढ़ ने 2018 में मकान का आवंटन हुआ था, लेकिन अब तक निर्माण पूरा नहीं हुआ। आवंटन की किस्तें भी लंबे इंतजार के बाद मिली हैं। जो निर्माण सामग्री पहले सस्ते में मिलती थी वह महंगी हो गई है। एक नजर रायगढ़ में आवास योजना पर     तहसील – टारगेट- पूर्ण -अपूर्ण     धर्मजयगढ़ -14576-13520-1056     घरघोड़ा-4857-4676-181     खरसिया-9569-9212-357     लैलूंगा-4677-4507-169     पुसौर- 10825-10487-338     तमनार-4270-4158-112     रायगढ़ -9019-8794-225     टोटल- 57753-55355-2438  

शराब पीकर चला रहा था गाड़ी, अनियंत्रित होकर घुसी खेत में, हादसे में 6 लोग घायल

बालोद छत्‍तीसगढ़ के बालोद जिले के राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर स्थित कोरगुड़ा गांव के पास एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। एक मैक्सी कैब अनियंत्रित होकर खेत में घुस गई और एक बाइक सवार को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कुल 6 लोग घायल हो गए, जिनमें से सभी को गंभीर चोटें आईं। घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना की जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 11 बजे हुआ था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मैक्सी कैब में सवार सभी लोग राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव क्षेत्र से एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव उमरादाह लौट रहे थे। तभी अचानक कैब का चालक जो नशे की हालत में था, जिसके कारण वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और वह खेत में पलट गई। घटना के बाद मौके पर सिटी कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि चालक शराब के नशे में था, जिससे यह दुर्घटना हुई। कैब में कुल 17 लोग सवार थे, जो इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए, लेकिन छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है।

शीतलहर: ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर मासूम

बिलासपुर न्यायधानी में सुबह-सुबह शहर को ठंडी हवाओं और हल्के कोहरे ने अपनी चादर में लपेट लिया है। लोगों को सूर्य की पहली किरणें देखने के लिए अब देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह के वक्त रजाई छोड़ना किसी चुनौती से कम नहीं लगता। सूरज की गर्माहट भी दिन चढ़ने पर ही महसूस हो रही है। रविवार को न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। शीतलहर जैसी स्थिति ने न केवल जनजीवन को धीमा कर दिया है, बल्कि आम दिनचर्या से लेकर खान-पान और बाजारों तक सब कुछ बदल दिया है। सुबह ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। खेल मैदानों में अब सूरज उगने के बाद ही गतिविधियां शुरू हो रही हैं। लोग देर तक रजाई में रहते हैं। रूम हीटर और अलाव ठंड से बचाव का प्रमुख साधन बन गए हैं। ठंड के चलते बदल रही आदतें सर्दी के असर ने रसोई के रुझान को भी बदल दिया है। अब घरों में गर्म तासीर वाले भोजन को प्राथमिकता दी जा रही है। दाल-चावल के साथ-साथ अदरक वाली चाय, सूप और मेथी, सरसों जैसी सब्जियां लोगों के मेन्यू में शामिल हो गई हैं। फ्रीज में रखे ठंडे पानी और खाद्य पदार्थों से लोग बच रहे हैं। आइसक्रीम, दही और छाछ का सेवन लगभग बंद हो चुका है। शहर में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ी बाजारों में गर्म कपड़ों की रौनक देखते ही बन रही है। स्वेटर, जैकेट, मफलर, शाल और दस्ताने खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। कपड़ा विक्रेता आर वाधुमल के अनुसार ठंड के बढ़ते प्रकोप के कारण ऊनी कपड़ों की बिक्री में तेजी आई है। शनिचरी, तेलीपारा, पुराना बस स्टैंड, बुधवारी और सरकंडा क्षेत्र के दुकानों में देर रात तक ग्राहकी बनी रहती है। स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रभाव स्वास्थ्य विशेषज्ञ ठंड में बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, गर्म पानी पीने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह की हल्की धूप में बैठना और गर्म तरल पदार्थों का सेवन करने से सर्दी से बचा जा सकता है। इधर लोग सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में जल्दी लौट रहे हैं। अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिशें हो रही हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव की व्यवस्था देखी जा रही है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं मौसम विज्ञानी डा.एचपी चंद्रा के मुताबिक उत्तर से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाओं का आगमन लगातार जारी है। वातावरण के मध्य स्तर में नमी का आगमन प्रारंभ हो रहा है, जिसके कारण न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 26 नवंबर से दक्षिण छत्तीसगढ में न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में बहुत हल्की वृद्धि हुई है। पांच दिनों में न्यूनतम तापमान 24 नवंबर 14.4 23 नवंबर 13.2 22 नवंबर 13.6 21 नवंबर 14.6 20 नवंबर 14.4

उप मुख्यमंत्री ने कहा- ऐतिहासिक नगरी के विकास के लिए प्रतिबद्ध

बिलासपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने जन्म दिवस पर रतनपुर में सफाई कर्मचारियों का पद प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया और ऐतिहासिक नगरी के गौरव को लौटाने का वादा किया। महामाया देवी के दर्शन कर उन्होंने राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जनदिन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मकान की चाबियां सौंपी । कार्यक्रम में लगभग 2 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की गई, जिसमें 30 लाख रुपए के छह ई-रिक्शा भी शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा रतनपुर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। पिछले 10 महीनों में 6 करोड़ रुपए की योजनाओं को पूरा किया गया है। हम इस नगरी के गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए ईमानदारी से कार्यरत हैं। उपमुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओ ने तौला लड्डूओ से जन्म दिवस पर उप मुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओ ने लड्डुओं से तौला और मिठाई वितरित किया । कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें गुलदस्ता भेंटकर शुभकामनाएं दीं।     मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1552 में हुआ था।     मंदिर का जीर्णोद्धार वास्तुकला विभाग द्वारा कराया गया है।     मंदिर का स्थापत्य कला भी बेजोड़ है।     गर्भगृह और मंडप एक आकर्षक प्रांगण के साथ किलेबंद हैं।     जिसे 18 वीं शताब्दी के अंत में मराठा काल में बनाया गया था।     भारत में फैली 52 शक्तिपीठों में से एक है। देवी महामाया शक्तिपीठ रतनपुर।     मंदिरों और तालाबों का यह नगर मां महामाया के नगर के नाम से विख्यात है।     न्यायधानी बिलासपुर से तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है रतनपुर।     आदिशक्ति मां महामाया देवी की पवित्र पौराणिक नगरी रतनपुर का इतिहास प्राचीन एवं गौरवशाली है।  

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