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देशभर के जनजातीय बहुल गांवों का होगा कायाकल्प

रायपुर देशभर के जनजातीय बहुल गांवों में निवास करने वाले जनजातीय परिवारों को समग्र विकास के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं देने के लिए आगामी 2 अक्टूबर से एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झारखंड से प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान) की शुरूआत करने जा रहे हैं। अभियान के तहत गांव में बुनियादी ढांचे में सुधार, आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के मानकों को भी शामिल किया गया है। यह योजना देश के 63 हजार जनजातीय बहुल गांवों में चलाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हाल में ही आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के जनजातीय बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में जनजातीय परिवारों के लिए परिपूर्णता लक्ष्य को अपनाकर जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान को मंजूरी दी गई है। इस मिशन में 79,156 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। यह योजना केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय जनसंख्या निवास करती है। इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए 32 जिलों के 138 विकासखण्डो के 6691 आदिवासी बहुल गांव का चयन किया गया है। चयनित गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, उन्नति के कार्य किए जाएंगे। जनजातीय बहुल इलाकों को देश की मुख्य धारा से जोडने के लिए चलाए जा रहे इस महत्वाकांक्षी मिशन के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 02 अक्टूबर को झारखण्ड़ के हजारीबाग में आयोजित समारोह में इस योजना का शुभारंभ करेंगे। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की लखपति दीदी मानकुंवर बाई और परिवारजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से कार्यक्रम में मुलाकात करेंगी। श्री मोदी बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोधित करेंगे। इस मौके पर राजपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित अन्य अतिथिगण शामिल होंगे। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का उद्देश्य भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सामाजिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल को भरना और पीएम जनमन की सीख और सफलता के आधार पर जनजातीय क्षेत्रों एवं समुदायों का समग्र और सतत विकास सुनिश्चित करना है। केन्द्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुसार देश में आदिवासी बहुल क्षेत्रों के  63,000 गांव शामिल होंगे, जिससे 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ होगा। इसमें 30 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय बहुल 549 जिले और 2,740 ब्लॉक के गांव शामिल होंगे। इस मिशन में 25 कार्यक्रम शामिल हैं, जिन्हें 17 मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा। प्रत्येक मंत्रालय-विभाग अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना के तहत उन्हें आवंटित धनराशि के माध्यम से अगले 5 वर्षों में समयबद्ध तरीके से योजना का क्रियान्वयन करेंगे। बुनियादी ढांचे का विकास मिशन के तहत पात्र अनुसूचित जनजाति परिवारों को पीएमएवाई (ग्रामीण) के तहत नल के पानी और बिजली आपूर्ति की उपलब्धता के साथ पक्के आवास मिलेंगे। इन परिवारों को आयुष्मान भारत कार्ड से भी जोड़ा जाएगा। जनजाति बहुल गांवों के लिए सभी मौसम में बेहतर सड़क संपर्क के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।  भारत नेट परियोजना के अंतर्गत मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट की सुविधा पहुचाई जाएगी। स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में सुधार के लिए बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया जाएगा। आर्थिक सशक्तिकरण जनजाति समुदाय के छात्र-छात्राओं को हर साल 10वीं-12वीं कक्षा के बाद दीर्घकालिक कौशल पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण की व्यवस्था, इसके अलावा, जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र के माध्यम से विपणन सहायता, पर्यटक गृह प्रवास, एफआरए पट्टा धारकों को कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। शिक्षा और स्वास्थ्य स्कूल और उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाना और जिला, ब्लॉक स्तर पर स्कूलों में जनजातीय छात्रावासों की स्थापना करके जनजातीय छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मिशन के तहत सुलभ बनाया जाएगा। जनजातीय परिवारों की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना, शिशु मृत्यु दर, मातृत्व मृत्यु दर में राष्ट्रीय मानकों को हासिल करना और उन स्थानों, जहां स्वास्थ्य उपकेंद्र मैदानी क्षेत्रों में 10 किमी से अधिक और पहाड़ी क्षेत्रों में 5 किमी से अधिक दूरी पर है, वहां मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से टीकाकरण की सुविधा दी जाएगी।

युवाओं के लिए खुशखबरी : दिल्ली में यूपीएससी तैयारी के लिए 135 सीटों की वृद्धि को वित्त से मंजूरी

रायपुर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के इच्छुक छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर वित्त विभाग ने युवा उत्थान योजना के तहत ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 135 सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। युवा उत्थान योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को दिल्ली में रहकर नि:शुल्क यूपीएससी कोचिंग की सुविधा दी जाती है। युवाओं के रहने, खाने और पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाती है। पूर्व में ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 50 नए और 15 रिपीटर बैच को यह सुविधा मिल रही थी। अब इस योजना में 135 सीटों की वृद्धि के बाद कुल 200 युवाओं को आवासीय सुविधा मिलेगी। ट्रायबल यूथ हॉस्टल के अलावा अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार कोचिंग संस्थाओं के निकट आवासीय व्यवस्था भी कर सकेंगे। कोचिंग शुल्क के तहत अंग्रेजी माध्यम के लिए 2 लाख रुपये और हिन्दी माध्यम के लिए 1.5 लाख रुपये निर्धारित है। इसके साथ ही, आवास, मेस और अन्य सुविधाओं के लिए प्रति विद्यार्थी प्रति माह 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वर्तमान में ट्रायबल यूथ हॉस्टल में अधिकतम 65 अभ्यर्थियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध थी। अब इस पहल के साथ छत्तीसगढ़ के युवा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अधिक समर्थ बन सकेंगे।

कवच 4.0 को सभी नई परियोजनाओं में लगाया जाएगा

नई दिल्ली/बिलासपुर/रायपुर एटीपी प्रणाली रेल परिवहन में उपयोग की जाने वाली एक सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उपयोग ट्रेनों को सुरक्षित गति से अधिक या खतरे में सिग्नल पास करने से रोकने के लिए किया जाता है। यह स्वचालित रूप से ट्रेन की गति को नियंत्रित करता है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यदि आवश्यक हो तो ब्रेक लगा सकता है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी नागपुर से झारसुगुडा मेन लाइन पर कवच की तैनाती के लिए कार्य शुरू किए गए है । ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (एटीपी) एटीपी प्रणाली आधुनिक रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो मानवीय त्रुटि के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करता है। पूरे विश्व में तैनाती अमेरिका में पॉजिटिव ट्रेन कंट्रोल (पीटीसी) शुरूआत 1980 में हुई और लगभग 30 साल बाद 2010 में इसके तैनाती के लिए नियम बनाए गए। यूरोप में यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) पर काम 1989 में शुरू हुआ था। और इसका पहला एमओयू 16 साल बाद 2005 में साइन हुआ। भारत में मुंबई सबरबन में 1986 में आॅक्जिलरी वार्निंग सिस्टम (एडब्ल्यूएस) लगाया गया था। दिल्ली आगरा चेन्नई और कोलकाता मेट्रो में ट्रेन प्रोटेक्शन वार्निंग सिस्टम लगाया गया। नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे में में 1,736 रूट किलोमीटर पर एंटी कोलाइजन डिवाइस का पायलट प्रोजेक्ट जुलाई 2006 में शुरू हुआ। इन सभी सिस्टम्स में कई आॅपरेशनल और टेक्निकल समस्याएं थी  फरवरी 2012 में, काकोदर कमेटी ने रिकमेंड किया कि भारतीय रेलवे को अत्याधुनिक, डिजिटल रेडियो बेस्ड सिग्नलिंग और प्रोटेक्शन सिस्टम का लक्ष्य रखना चाहिए, जो कम से कम श्वञ्जष्टस् रु-2 की कार्यक्षमता के बराबर हो और पूरे भारतीय रेलवे में तैनात हो। ऐसे में एक वैकल्पिक, रेडियो बेस्ड ट्रेन कोलाइजन अवॉयडेंस सिस्टम ‘ कवचझ् के विकास की परिकल्पना एक स्वदेशी, मल्टी वेंडर, फेल सेफ सिस्टम के रूप में की गई थी। कवच का डिप्लॉयमेंट 2014-15: दक्षिण मध्य रेलवे पर 250 रूट किलोमीटर के पायलट प्रोजेक्ट सिस्टम पर इंस्टॉलेशन 7 2015-16: यात्री ट्रेनों पर पहला फील्ड परीक्षण। 2017-18: कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 3.2 को अंतिम रूप दिया गया। 2018-19: ढ्ढस््र के आधार पर आरडीएसओ ने तीन कंपनियां अप्रूव करीं। जुलाई 2020 में “कवच” को राष्ट्रीय एटीपी घोषित किया गया। मार्च 2022 तक: कवच को एक एक्सटेंडेड सेक्शन के रूप में 1200 रूट किलोमीटर पर स्थापित किया जाएगा। मार्च 2022 में विभिन्न यूज केसेस और स्टेकहोल्डर की प्रतिक्रिया के आधार पर कवच स्पेसिफिकेशन वर्जन 4.0 का विकास करने का निर्णय लिया गया। 16.07.24 को कवच वर्जन 4.0 स्पेसिफिकेशन स्वीकृत एवं जारी किए गये। भारतीय रेलवे पर मिक्सड ट्रैफिक स्पीड डिफरेंशियल, लोको की विविधता, कोचिंग और वैगन स्टॉक की विभिन्न चुनौतियों के बावजूद दस साल से कम समय में यह किया गया। कवच कार्य की वर्तमान स्थिति दक्षिण मध्य रेलवे पर वर्जन 3.2 के साथ 1,465 रूट किलोमीटर पर डिप्लॉय किया गया है। दिल्ली झ्र मुंबई और दिल्ली झ्र हावड़ा सेक्शन (93,000 रूट किलोमीटर) पर कार्य प्रगति पर है। मथुरा-पलवल सेक्शन: 160 कि .मी./घंटे पर परीक्षण और सर्टिफिकेशन चल रहा है। बोलियां (टेंडर)आमंत्रित की जा रही हैं महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक सेक्शन पर (9 5,000 रूट किलोमीटर) आगामी योजना भारतीय रेलवे पर चरणबद्ध तैनाती फेस। अगले 4 वर्षों में सभी लोकोमोटिव में कवच।आर एफ आई डी के माध्यम से सीमित ब्लॉक सेक्शन पर कवच सुरक्षा  फेस ।। स्टेशन एवं यार्ड कवच इक्यूपमेंट का प्रावधान। पूर्ण कमीशनिंग कवच मुख्य विशेषताएं यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेक लगता है। कैब में लाइन साइड सिग्नल को दोहराता है। मूवमेंट अथॉरिटी का रेडियो आधारित निरंतर अपडेट करता है। लेवल क्रासिंग गेटों पर आॅटो सीटी बजाता है। डायरेक्ट लोको से लोको संचार द्वारा टकराव से बचाव । कवच के मुख्य अवयव: कवच एक अत्यंत टेक्नोलॉजी इंटेंसिव सिस्टम है, और इसमें निम्न चीजें शामिल हैं: स्टेशन कवच लोको कवच सिग्नलिंग सिस्टम से जानकारी प्राप्त करता है और लोकोमोटिव का मार्गदर्शन करता है। ट्रेन का लोकेशन और डायरेक्शन निर्धारित करने के लिए इसे 1किलोमीटर की दूरी पर पटरियों पर और प्रत्येक सिग्नल पर स्थापित किया गया है। लोको और स्टेशन के बीच सूचना के आदान-प्रदान के लिए ट्रैक के किनारे टावर और ओ एफ सी।  ब्रेकिंग सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड स्टेशन कवच के साथ संचार करता है और यदि ड्राइवर ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो स्वचालित ब्रेकिंग लागू करता है। स्टेशन कवच सिग्नलिंग इनपुट और लोको इनपुट इकट्ठा करता है और मूवमेंट अथॉरिटी को लोको कवच तक पहुंचाता है। रेडियो- लोकोमोटिव के साथ संचार के लिए।

लोधेशवरधाम में दीपावली मिलन समारोह, वार्षिक सम्मेलन एवं स्मारिका का होगा विमोचन

रायपुर लोधेशवरधाम में लोधी क्षत्रिय समाज चंगोराभाठा रायपुर छत्तीसगढ के तत्वावधान में 24 नवंबर को दीपावली मिलन समारोह, युवक युवती परिचय सम्मेलन, वार्षिक सम्मेलन एवं स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। यह कार्यक्रमअखिल भारतीय लोधी-लोधा-लोध राष्ट्रीय महासभा नई दिल्ली भारत के नेतृत्व में संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, विदर्भ, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, तेलगांना, गोवा एवं हरियाणा आदि राज्यों से पदाधिकारीगण शामिल होंगे। इस अवसर पर विगत 24 वर्षो से नियमित प्रकाशित रायपुर छत्तीसगढ ही नही अपितु हिन्दुस्तान के प्रथम स्मारिका का विमोचन भी होगा। सभी स्वजातीय बंधूओं और देश के सामाजिक संगठनों से आग्रह है कि स्मारिका 2024-25 के प्रकाशन के लिए अपना स्वलिखित आलेख एवं विवाह योग्य युवक – युवती का बायोडाटा भेजने की अपील लोधी क्षत्रिय समाज चंगोराभाठा रायपुर के द्वारा स्वाजतीय बंधुओं से किया गया है। स्मारिका में प्रकाशन के लिए अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी की जीवनी, परम पूज्य स्वामी ब्रम्हानंद लोधी के अलावा लोधी समाज अन्य महान विभूतियो की जीवनी भी प्रकाशित होगी। समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, व्यक्ति एवं महिलाओं द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यो को विशेष स्थान दिया जायेगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने छात्राओं को स्वच्छता की दिलाई शपथ, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर का लिया जायजा

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर के जे.आर. दानी स्कूल में स्वच्छता की पाठशाला-सह-सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में छात्राओं को स्वच्छता बनाए रखने और इसके बारे में लोगों को जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने शहर के स्वच्छता कर्मियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित शिविर का भी जायजा लिया। श्री साव ने कार्यक्रम में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की विजेता छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने सफाई कर्मियों को किट भी वितरित किए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, जिला प्रशासन और रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे भी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि के रूप में स्वच्छता की पाठशाला-सह-सफाई मित्र सुरक्षा शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान ने पिछले दस वर्षों में जन आंदोलन का रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से स्वच्छ भारत मिशन के आह्वान के बाद देश में स्वच्छता के प्रति काफी जागरूकता आई है। इससे हमारा परिवेश स्वच्छ और सुंदर होने के साथ ही बीमारियों में भी कमी आ रही है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि स्वच्छता परंपरागत रूप से हमारे स्वभाव और संस्कार में रहा है। विगत 17 सितम्बर से प्रारंभ स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता की थीम पर साफ-सफाई के बारे में लोगों को जागरूक करने और जन भागीदारी बढ़ाने विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता के कार्यों से जोड?े आज प्रदेशभर के 1800 स्कूलों, 105 कॉलेजों तथा 45 आईटीआई व इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब पांच लाख लोगों को शपथ दिलाई जा रही है। श्री साव ने आज कार्यक्रम स्थल में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में अपनी चेस्ट की स्क्रीनिंग के साथ शुगर और बीपी की भी जांच कराई। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक कुंदन कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर निगम के आयुक्त अबिनाश मिश्रा, सभापति प्रमोद दुबे, पार्षद सीमा कंदोई और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सफाई मित्रों के सम्मान, उनके द्वारा किए गए कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनका मनोबल बढ़ाने स्वच्छता ही सेवापखवाड़ा के दौरान राज्य के सभी शहरों में 250 से अधिक सफाई मित्र सुरक्षा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इनके माध्यम से 30 हजार सफाई मित्रों और उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच कर राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मोबाइल मेडिकल यूनिट और स्वास्थ्य शिविर में जांच, उपचार व नि:शुल्क दवाई के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली कनेक्शन, पीएम सूर्य घर योजना, पीएम स्वनिधि, पीएम जनधन, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, उज्जवला योजना, नल कनेक्शन, श्रमिक कल्याण तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन जैसी योजनाओं का लाभ इन शिविरों के माध्यम से सफाई मित्रों तक पहुंचाया जा रहा है। सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में आज 1964 सफाई मित्र लाभान्वित रायपुर के जे.आर. दानी स्कूल परिसर से लगे बूढ़ा तालाब में आयोजित सफाई मित्र सुरक्षा शिविर में आज 1964 सफाई मित्र व उनके परिजन लाभान्वित हुए। शिविर में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 880 और स्वास्थ्य विभाग द्वारा 818 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक परामर्श, उपचार व दवाईयां उपलब्ध कराई गईं। 120 लोगों के राशन कार्ड का नवीनीकरण और 18 परिवारों के लिए नए राशन कार्ड बनाए गए। 58 श्रमिकों के श्रमिक कार्ड बनाने के साथ ही 27 सफाई मित्रों को बीमा योजना, 14 सफाई मित्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना और दस सफाई मित्रों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ प्रदान किया गया।

हितग्राहियों को मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास की सौंपी चाबी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सूरजपुर में आयोजित सियान सम्मान समारोह में जिले के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों से एक-एक हितग्राहियों को आवास की चाभी सौंपकर शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों अपने पक्के आवास की चाबी पाकर हितग्राहियों के चेहरे चमक गए। अपने आवास की चाबी पाकर प्रतापपुर, प्रेमनगर एवं ओडगी के हितग्राही क्रमश: श्री देवशरण, श्री वीरसाय एवं श्री बृजलाल ने खुशी जताते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास हमारे लिए बहुत सार्थक सिद्ध हो रहा है, अब हमारे पास अपना पक्का मकान है। हमारा निवास क्षेत्र हाथियों के विचरण से प्रभावित होने के कारण मन के एक कोने में हमेशा चिंता बनी ही रहती थी, जो अब पूरी तरह खत्म हो गई है। भैयाथान, रामानुजनगर एवं सुरजपुर के हितग्राही श्री संतोष कुमार, श्रीमती सुखमनिया एवं श्री बरातू ने बताया कि हर वर्ष दीवार में सीलन, छानी ठीक करने, घर में पानी टपकने जैसी समस्याओं से दो चार होना पड़ता था जो अब दूर हो गई है। घर में होने वाली परेशानियां दूर होने से आर्थिक बचत हो रही है, जिसका उपयोग बच्चो की पढ़ाई-लिखाई, घर का राशन व अन्य कार्यों में कर पा रहे हैं। हितग्राहियों ने बताया कि यह योजना बहुत अच्छी है कि इसका पैसा सीधे हमारे खाते में आता है, किसी बिचौलिए या राशि नहीं मिलने जैसी समस्याएं नहीं होती हैं। राशि पाकर केवल हमें निश्चित स्तर तक का काम कराना होता है। हम माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी का बड़े सम्मानपूर्वक पीएम आवास योजना जैसी सुंदर योजना लागू करने के लिए आभार व्यक्त करते है। जिले में अब तक 35254 हितग्राहियों के ऐसे सपने पूरे हो चुके हैं7 जो इन आवासों को पूर्ण कराकर इसमें रह रहें हैं। इनके खातों में 505 करोड़ रुपय भेजी का चुकी है। साथ ही विगत 10 दिन पहले 20000 से अधिक के आवास के हितग्राहियों को अपने आवास की निर्माण शुरू करने के लिए लगभग 80 करोड़ से अधिक की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित कर आवास निर्माण शुरू किया जा रहा है7 शेष 7000 हितग्राहियों के भी स्वीकृति करने का कार्य जोरों से जारी है। आवास प्राप्त होने का आधार एसईसीसी 2011 एवम् आवास प्लस 2018 की सूची है, इन दोनों सूचियों में यदि जिन पात्र हितग्राहियों के नाम छूट गए हैं उन्हें जल्द ही आवास प्लस 2024 के माध्यम से आवास के लिए जोड़े जाएंगे।

रेलवे के लिए खोदी मिट्टी और बन गया सबसे बड़ा सरोवर

रायपुर कभी सूखे की समस्या की ओर बढ़ते धमतरी जिले में अब प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर बन चुका है, जो बारह महीने लबालब नजर आ रहा है। जिले के ग्राम कन्हारपुरी में निर्मित किए गए अमृत सरोवर को छत्तीसगढ़ प्रदेश का सबसे बड़ा अमृत सरोवर होने का गौरव प्राप्त हुआ है। इस अमृत सरोवर (तालाब) को लेकर खास बात यह है कि जितनी लागत इस सरोवर बनाने में आयी, उससे अधिक आय पंचायत को हो गई। केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना के बाद जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर की जाने वाली कवायद की कड़ी में प्रशासन की पहल पर संसाधनों के बेहतर उपयोग से संभव हो पाया है। एक काम, दो काज की कहावत को चरितार्थ करते हुए यहाँ काम किया गया है। कन्हारपुरी में 9 एकड़ के क्षेत्रफल में बनकर तैयार हुए तालाब से जहाँ गाँव वालों की निस्तारी की समस्या का समाधान हुआ है तो दूसरी ओर लबालब रहने वाले इस अमृत सरोवर का पानी गाँव के 50 एकड़ की कृषि भूमि को सिंचित कर रहा है। इस तालाब की मिट्टी और मुरूम रेलवे पटरी बिछाने के लिए भी आधार बनी है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर से धमतरी के बीच ब्राडगेज रेलवेलाइन बिछाने का कार्य कर रहा है। इसके लिए रेलवे को मिट्टी और मुरूम की जरूरत थी। यह बात जिला प्रशासन तक पहुँची तो उन्होंने धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक अंतर्गत कन्हारपुरी से ही मिट्टी और मुरूम उपलब्ध कराने की पहल की। गाँव के मुरा तालाब में उस वक्त मनेरगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य प्रस्तावित था। इस गहरीकरण कार्य के लिए 9 लाख 31 हजार का बजट रखा गया था। जिला प्रशासन ने रेलवे बोर्ड और कन्हारपुरी के पंचायत प्रतिनिधियों के बीच मध्यस्ता कर मुरा तालाब से ही रेलवे लाइन बिछाने के लिए आवश्यतानुसार मिट्टी और मुरूम निकालने का एग्रीमेंट कराया। पहले 6 एकड़ तक सिमटे तालाब का क्षेत्रफल बढ़कर 9 एकड़ तक हो गया। वहीं गहरीकरण के पूर्व कन्हारपुरी के मुरा तालाब की जलधारण क्षमता 32 हजार 400 घनमीटर थी, जो अब 57 हजार 800 घनमीटर हो चुकी है। पहले गहराई लगभग 10 फीट थी, वह अब 15 फीट है। बताते हैं कि गहरीकरण से भू-जल स्त्रोत के अन्य बंद पोर भी खुल गए तो लगातार अब भूमिगत जल भी तालाब को भरने लगा है। मिट्टी के बदले रेलवे देगा 12 लाख कन्हारपुरी से रेलवे लाइन के लिए मिट्टी और मुरूम निकालने के बदले में रेलवे बोर्ड ने एग्रीमेंट के तहत पंचायत को रायल्टी के रूप में करीब 12 लाख 20 हजार रुपये देगा। जिस राशि को पंचायत गाँव के अन्य विकास कार्य में लगाएगी। जिले में 121 अमृत सरोवर पूर्ण, 19 का काम जारी धमतरी जिल में मौजूद तालाबों को अमृत सरोवर का स्वरूप दिया जा रहा है, जहाँ गहरीकरण कर जलधारण क्षमता बढ़ाई जा रही है। वहीं आवश्यकता के आधार पर 8 नए अमृत सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इस तरह जिले में कुल 121 अमृत सरोवर प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से 102 अमृत सरोवर में कार्य पूर्ण हो चुका है, वहीं 19 अमृत सरोवर पर काम जारी है। धमतरी जिले में अमृत सरोवर को ब्लॉक आधार पर देखें तो धमतरी ब्लॉक में 25, कुरुद ब्लॉक में 38, मगरलोड ब्लॉक में 29 एवं नगरी ब्लॉक में 29 अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। 108 अमृत सरोवर के जल से रुद्राभिषेक धमतरी के रविशंकर जलाशय तट पर आगामी 5 व 6 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसे जल-जगार महा-उत्सव का नाम दिया गया है। इस दौरान होने वाले अनेक भव्य कार्यक्रमों में रुद्राभिषेक का आयोजन भी शामिल है। इस जल रुद्राभिषेक में 108 अमृत सरोवरों के जल से रुद्राभिषेक किया जाएगा।

नगर निगम रायपुर स्वच्छ भारत अभियान की उत्कृष्ट रैंक में हो रहा शामिल : सभापति प्रमोद दुबे

रायपुर नगर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किये गए कार्यो से नगर निगम रायपुर स्वच्छ भारत अभियान की उत्कृष्ट रैंक में शामिल हो रहा है जिनमे एक संस्था सरयूपारीण ब्राह्मण सभा रायपुर छत्तीसगढ़ भी है। उक्त बातें प्रमोद दुबे, सभापति नगर निगम रायपुर ने सम्मान करते हुए कही। विगत दिवस सभापति कक्ष में डॉ सुरेश शुक्ला अध्यक्ष व उनकी कार्यकारिणी सरयूपारीण ब्राह्मण  सभा रायपुर छत्तीसगढ़ को  स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट योगदान देने वाली संस्थाओं में से एक के रूप में  शाल व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में सरयूपारीण ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला ने सभापति प्रमोद दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रायपुर नगर हम सबका है और इसकी स्वच्छता की जिम्मेदारी भी हम सब की है जिसका हम सब मिलकर निर्वाह कर रहे हैं।  डॉ. सुरेश शुक्ला ने नगर निगम द्वारा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की सराहना की। उन्होंने नगर निगम अध्यक्ष प्रमोद दुबे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरयूपारीण ब्राह्मण सभा इन अभियानों में पूर्ण सहयोग करेगी।समारोह में प्रमुख रूप से कैलाश तिवारी, संगम लाल त्रिपाठी, राजेश मिश्र, रामहृदय तिवारी, आर. एल. द्विवेदी, मृत्युंजय शुक्ला, दिनेश शुक्ला, बैद्यनाथ मिश्र, शैलेन्द्र शर्मा, अजय तिवारी, एन. डी. तिवारी, अभिषेक पाण्डेय, ब्राह्मनंद तिवारी, शिवम तिवारी, घनश्याम तिवारी और राजकुमार पाण्डेय उपस्थित थे।

कमल सोनी बोले एक देश, एक सोने का भाव से उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए होगा लाभकारी

रायपुर जब से छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने कमल सोनी के नेतृत्व में काम संभाला है लगातार कारोबारियों के हित में मांग उठायी जा रही है। अब एक और बड़ा कैम्पेन वे शुरू कर रहे हैं।  छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने देशभर में सोने की कीमतों को एकसमान करने के लिए एक देश, एक सोने का भाव’ (वन नेशन, वन गोल्ड रेट) नीति को लागू करने की मांग की है। इस पहल का उद्देश्य सोने की कीमतों में राज्यों के बीच हो रहे भेदभाव को खत्म करना है। वर्तमान में राज्य दर राज्य सोने की कीमतों में भिन्नता देखी जाती है, जो परिवहन लागत, मांग और आपूर्ति में अंतर और कर ढांचे के चलते उत्पन्न होती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन राष्ट्रीय आभूषण संगठनों के साथ मिलकर इस मांग को केंद्र सरकार के सामने रखने की योजना बना रहा है, विशेषकर वित्त मंत्रालय के समक्ष। सोनी ने बताया, हम राष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर एकसमान सोने की कीमत की नीति को लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यह उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। ‘एक देश, एक सोने का भाव नीति से सोने की कीमतों में लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को दूर किया जा सकेगा। भारत में सोने की कीमतें वैश्विक मुद्रा विनिमय दरों, आयात शुल्क और स्थानीय बाजार के कारकों से प्रभावित होती हैं। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत किया गया था, जिसे उद्योग जगत ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है। हालांकि, अभी भी सोने की तस्करी और विभिन्न क्षेत्रों में मूल्य असमानता की चुनौतियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष आयात किए जाने वाले लगभग 950 टन सोने में से लगभग 100 टन सोने की तस्करी होती है। कमल सोनी ने आशा व्यक्त की कि ‘एक देश, एक सोने का भाव’ नीति सोने के बाजार में स्थिरता लाने और सभी हितधारकों के लिए समान अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि, चाहे सोने की कीमतें कितनी ही अस्थिर क्यों न हों, उपभोक्ता मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। इस नीति से न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि व्यापारियों को भी विभिन्न क्षेत्रों में कीमत प्रतिस्पर्धा से बचने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरार्फा एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साई और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी से मुलाकात कर इस मांग को केंद्र के समक्ष रखेगा।

पुलिस विभाग के भर्ती में आयु सीमा में मिली 5 साल की छूट

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निदेर्शानुसार और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल से सरकार द्वारा पुलिस के पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया-2024 के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का आदेश जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थियों द्वारा आयु सीमा में छूट की मांग का संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों को दिए आश्वासन को पूरा करते छूट का आदेश जारी किया गया है। यह छूट सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर के पद पर नियुक्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में केवल एक बार के लिए निर्धारित अधिकतम आयूसीमा में 05 वर्ष (सभी छूटो को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी) का शिथिलीकरण करते हुए निर्धारित आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान किया गया है।

महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल की आखिरी समान्य सभा 4 को

रायपुर रायपुर नगर निगम की समान्य सभा 4 अक्टूबर होगी। महापौर एजाज ढेबर के कार्यकाल की यह आखिरी समान्य सभा है। सामान्य सभा में 31 एजेंडा शामिल किए गए हैं। इससे पहले सामान्य सभा 3 अक्टूबर को रखी गई थी। तारीख बदलने के साथ ही कुछ एजेंडों को बदला गया है। जिस पर भाजपा पार्षदों ने विरोध जताते हुए सभापति को पत्र लिखा है। आखिरी सामान्य सभा दो दिन होने के आसार हैं और घमासान मचना भी तय है।

साय ने सूरजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सियान सम्मान कार्यक्रम में की कई घोषणाएं

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सियान सम्मान कार्यक्रम में कई घोषणाएं की। जिसमें ग्राम पंचायत शिवनन्दनपुर को नगर पंचायत का दर्जा देने, ग्राम बिहारपुर में खुलेगी सहकारी बैंक की शाखा, पहाड़ गांव को पर्यटन का दर्जा दिलाने की घोषणा, सूरजपुर जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था, भैयाथान-सूरजपुर में सड़क निर्माण, सूरजपुर महाविद्यालय में सिंथेटिक ग्राउंड बनाने व प्राथमिक शाला गोपालपुर  में नवीन भवन निर्माण की घोषणा शामिल है।

मुख्यमंत्री साय ने 187 करोड़ 51 लाख की लागत के 109 कार्यों का किया भूमिपूजन और शिलान्यास

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने लोक निर्माण विभाग सूरजपुर अंतर्गत 68.7725 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 7 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास और 57.1634 करोड़ की लागत से निर्मित 27 कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, सूरजपुर अंतर्गत 44.82 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 3 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अंतर्गत 43 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 01 कार्य का भूमिपूजन/शिलान्यास और 57.52 लाख की लागत से निर्मित 04 कार्यों के लोकार्पण के साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सूरजपुर अंतर्गत 18.6980 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 5 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सूरजपुर अंतर्गत 2.3047 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 18 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत 2.5559 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 23 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत भैयाथान सूरजपुर अंतर्गत 1.9292 करोड़ की लागत से 16 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यस और 19.82 लाख की लागत से 01 कार्यों का लोकार्पण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रामानुजनगर अंतर्गत 1.2553 करोड़ की लागत से 10 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास और 36.18 लाख की लागत से 03 कार्यों का लोकार्पण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रेमनगर अंतर्गत 1.0759 करोड़ की लागत से 08 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन, सूरजपुर अंतर्गत 12.7529 करोड़ की लागत से 5 कार्यों का भूमिपूजन/शिलान्यास और 10.18 करोड़ की लागत से 03 कार्यों का लोकार्पण, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सूरजपुर अंतर्गत 45 लाख की लागत से 13 कार्याे का भूमिपूजन/शिलान्यास, कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज लिमिटेड अंबिकापुर, अंतर्गत 1.6893 करोड़ की लागत से 05 कार्यों का लोकार्पण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 3.4271 करोड़ की लागत से 2 कार्यों का लोकार्पण, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 1.2096 करोड़ की लागत से 05 कार्यों का लोकार्पण, नगरपालिका परिषद सूरजपुर, अंतर्गत 2.04 करोड़ की लागत से 2 कार्यों का लोकार्पण किया गया।

राजपुर में 192 करोड़ 60 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमिपूजन

‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का शुभारंभ बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे शामिल राजपुर में 192 करोड़ 60 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का करेंगे लोकार्पण एवं भूमिपूजन रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश में जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास के लिए 02 अक्टूबर को ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ का झारखण्ड के हजारीबाग से शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और अन्य अतिथिगण शामिल होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राजपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हांेगे। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के सीधा प्रसारण दिखाने की व्यवस्था विकासखण्ड राजपुर के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल ग्राउंड बूढ़ा बगीचा में की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस मौके पर वे राजपुर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिलान्यास सहित जिले में 192 करोड़ 60 लाख रूपये के 108 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इस मौके पर श्री साय विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में सामग्री तथा सहायता राशि का भी वितरण करेंगे और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई जा रही योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में देश में आदिवासी बहुल क्षेत्रों के 63,000 गांव शामिल किया गया है, जिससे 5 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों को लाभ होगा। इसमें 30 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय बहुल 549 जिले और 2,740 ब्लॉक के गांव शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ में इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए 32 जिलों के 138 विकासखण्डो के 6691 आदिवासी बहुल गांव का चयन किया गया है। चयनित गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, उन्नति के कार्य किए जाएंगे। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में 25 कार्यक्रम शामिल हैं। यह योजना केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान का उद्देश्य भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका के क्षेत्र से जनजातीय परिवारों को जोड़कर उनके समग्र और सतत विकास को सुनिश्चित करना है।

जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में मनाया जाएगा ’जनजातीय गौरव दिवस’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए  जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया  : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनजातीय संस्कृति में छिपी है, गहरी आध्यात्मिकता देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय परम्परा रही है जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है। छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप ने की। विधायक भईयालाल राजवाड़े विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ। अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है। शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है। जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै, जो आज भी अनुकरणीय है। जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है। पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना। बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है। ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है। वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए। जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है। भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है। उन्होंने शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हीं की परिकल्पना के अनुरूप प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ कर विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों के जीवन में समृद्धि लाने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कल हजारीबाग से प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे, जिसमें जनजातीय बहुल 63 हजार गांवों के 5 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का बहुत बड़ा योगदान रहा हैै। इस समाज में अनेक महापुरूषों ने जन्म लिया जिन्होंने 1857 क्रांति के पहले ही अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष की शुरूआत की। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों को बड़ा नुकसान जनजातीय क्षेत्रों में हुआ, अनेक मौकों पर उन्हें मजबूर होकर पीछे हटना पड़ा। कश्यप ने कहा कि अंग्रेजों ने जब बस्तर में रेल लाईन बिछाने का काम शुरू किया उसमें लकड़ी का उपयोग किया जाता था। जनजातीय समाज ने इसका विरोध किया और यह भाव जताया कि हमारा जंगल कोई नहीं काटेगा। सामाजिक एकजुटता के कारण बहुत कुछ संरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि आज किए जा रहे आयोजन के माध्यम से इतिहास के पन्नों में दर्ज जनजातीय समाज के गौरव की गाथा हमारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस समाज में 80 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार है। मिलेट का उपयोग, जैविक खेती जैसी अनेक बातें जनजातीय समाज से शिक्षित समाज को सीखने की आवश्कता है। स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

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