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पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 48 करोड़ 43 लाख रूपए की दी गई स्वीकृति

रायपुर. प्रसाद योजना अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास परियोजना पूर्ण पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की प्रसाद योजना अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास परियोजना के लिए पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन को 48 करोड़ 43 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना के तहत माँ बम्लेश्वरी पहाड़ी में सीढिय़ों का जीर्णोद्धार, सीढिय़ों में शेड, रेलिंग, पेयजल, शौचालय, प्रकाशीकरण तथा पहाड़ी के नीचे तालाब का सौंदर्यीकरण,शॉप्स, पार्किंग एवं संपूर्ण क्षेत्र में साइनेज का कार्य कराया गया है। प्रज्ञागिरि परिसर में ध्यान केन्द्र, कैफेटेरिया, पार्किंग, सीढिय़ों का जीर्णाेद्धार, सोलर प्रकाशीकरण, पेयजल का कार्य कराया गया है। श्रद्धालुओं के लिए 9.5 एकड़ में एक पर्यटक सुविधा केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है, जिसका आकार श्रीयंत्र के जैसा है। इसमें ध्यान केन्द्र, विश्राम कक्ष, प्रसाद कक्ष, सांस्कृतिक मंच, क्लॉक रूम, सत्संग कक्ष, पेयजल, शौचालय, लैंडस्केपिंग, सोलर प्रकाशीकरण, पार्किंग एवं प्रवेश द्वारा सहित अन्य निर्माण कार्य किए गए है। कार्य पूर्ण हो चुका है, केवल फिनिशिंग कार्य किया जाना शेष है। निगरानी समिति एवं दिशा समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा समय-समय पर योजना की समीक्षा की जा रही है। नियमानुसार श्रमिकों को भुगतान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की अनुबंधित एजेंसी टीसीआईएल द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह निर्माण एजेंसी भारत सरकार के दूर संचार मंत्रालय से संबद्ध है।

मंत्रिपरिषद की स्वीकृति हेतु प्रकरणों को अनुशंसित करने लिया निर्णय

रायपुर. द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक – उपमुख्यमंत्री शर्मा आज मंत्रालय मे पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े  दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से दर्ज प्रकरणों की वापसी के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े सहित सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों सहित गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के समय दर्ज राजज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपसमिति द्वारा विभिन्न मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्रिमंडल उपसमिति ने पूर्व में प्रकरण वापसी के लिए अनुशंसित मामलों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगवा को दिए। बैठक के पश्चात उपसमिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में लोकतांत्रिक विरोध का सदैव सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओ के साथ  गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित आंदोलनों को भी इस प्रक्रिया के शामिल किया जा रहा है, जिनमें आंदोलनरत लोगों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रूप से मुकदमे भी दर्ज हुए थे, उन सभी को वापस लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे द्वेषपूर्ण मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत यथासंभव निर्णय लेने का संकल्प लिया है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके और अनावश्यक मुकदमों से जनता को राहत मिल सके।  

आबकारी घोटाले पर आरोप–प्रत्यारोप तेज: पूर्व मंत्री को जमानत, डिप्टी सीएम ने भूपेश सरकार को ठहराया जिम्मेदार

रायपुर सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शराब घोटाले में आरोपी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज जेल से बाहर निकलेंगे. इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार ने शराब, डीएमएफ, कोयला जैसे कई घोटाले लिए, लेकिन कवासी लखमा को बलि का बकरा बनाया गया है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ में हाई लेवल मीटिंग को लेकर कहा कि 15% भूभाग और 15% नक्सलियों का शस्त्र बल शेष है. केंद्र और राज्य की सरकार एक भी गोली नहीं चलाना चाहती. नक्सलियों के लिए पुनर्वास एक अच्छी व्यवस्था है, शेष नक्सलियों पर सुरक्षाबल कार्रवाई करेंगे. सुरक्षाबल की भुजाओं के सामने कोई नहीं टिक सका है. दिल्ली में राहुल गांधी से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुलाकात पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तंज पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासन बहुत बड़ी बात है. कांग्रेस मंडल बना लेगी, लेकिन अनुशासन कहां से लाएगी. बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि विनय सहस्त्रबुद्धे वहां मौजूद थे, वहां विनय सहस्त्रबुद्धे से चर्चा हो रही थी. धान की खरीदी की तारीख में दो दिनों की बढ़ोतरी पर विजय शर्मा ने कहा कि किसी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी. कांग्रेस का जनता से कोई लेना-देना नहीं है. कांग्रेस हमेशा अपने मुद्दों को लेकर सोचती है. किसानों को लेकर सरकार संवेदनशील है.

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी।  मुख्यमंत्री साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये। बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया । बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई। बैठक में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग पी दयानंद, संचालक खनिज रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

टाइगर रिज़र्व में शिकार की कोशिश नाकाम, 3 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर छत्तीसगढ के गरियाबंद और धमतरी जिलें में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व  के कोर क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यहाँ मुख्य रूप से संकटग्रस्त एशियाई जंगली भैंसों और बाघों के संरक्षण के लिए विशेष प्रजनन केंद्र, गश्ती, और सामुदायिक भागीदारी जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। हाल ही में पेरेग्रीन फाल्कन जैसे दुर्लभ पक्षियों की मौजूदगी भी यहाँ के बेहतर पारिस्थितिक तंत्र का संकेत देती है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व के कोर क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए वन विभाग एवं एंटी पोचिंग टीम ने अवैध शिकार में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के मद्देनज़र क्षेत्र में बढ़ाई गई विशेष निगरानी के दौरान की गई।  वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को दक्षिण उदंती परिक्षेत्र के नागेश बीट में नियमित गश्त के दौरान छह संदिग्ध सशस्त्र व्यक्तियों की गतिविधि देखी गई। तत्काल कार्रवाई करते हुए एंटी पोचिंग टीम ने घेराबंदी कर राजमन यादव को मौके से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों गुप्ताराम, भादुराम तथा ओडिशा के कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में अवैध रूप से डेरा डालने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि 16 जनवरी 2026 को गोमारझरी नाले के पास पानी पीने आए जंगली सुअरों का शिकार किया गया। इसके बाद मांस को टांगापानी गांव ले जाकर आपस में बांटा गया।  टाइगर रिज़र्व के उपनिदेशक श्री वरुण जैन के मार्गदर्शन में तथा गरियाबंद पुलिस के सहयोग से 20 जनवरी 2026 को मुख्य आरोपी गुप्ताराम को भूतबेड़ा बाजार से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के घर से एक भरमार बंदूक, 3.100 किलोग्राम जंगली सुअर का मांस, भालू का पंजा तथा शिकार में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। वहीं अन्य आरोपी भादुराम के घर से वन्यजीवों को फंसाने के लिए उपयोग किए जाने वाले फंदे और क्लच वायर जब्त किए गए। रिकॉर्ड जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी पेशेवर शिकारी हैं तथा मुख्य आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी वन्यजीव अपराध का प्रकरण दर्ज है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को 22 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।  उल्लेखनीय है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उनके मार्गदर्शन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में नियमित रूप से एंटी स्नेर वॉक अभियान, सतत गश्त और निगरानी को सुदृढ़ किया गया है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप वन विभाग अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर रहा है और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

घरेलू कलह ने ली दो जिंदगियां, बुजुर्ग ने पत्नी की हत्या के बाद की आत्महत्या

शहर के दंतेश्वरी वार्ड में बुजुर्ग दंपती के बीच आधी रात को गहराए विवाद ने भयावह रूप ले लिया. बुजुर्ग ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और फिर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी, मृतकों की पहचान 73 वर्षीय तारा सिंह और उनकी 70 वर्षीय पत्नी विजय कौर के रूप में हुई है, बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अक्सर विवाद होता रहता था. दोनों के बेटा, बहू और बेटी घर की ऊपरी मंजिल में रहते थे. बेटे-बहु ने कराया शांत, लेकिन दोबारा करने लगे थे विवाद जानकारी के अनुसार, बीती रात भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिस पर बेटा और बहू नीचे आए और मामला शांत कराया, इसके बाद वे फिर ऊपर चले गए। लेकिन रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच दोबारा विवाद शुरू हो गया. इस बाद विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर तारा सिंह ने मोटे लकड़ी के डंडे से पत्नी के सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही विजय कौर की मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद तारा सिंह ने भी घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घर पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.

आस्था और संस्कृति का संगम: राजिम कुंभ कल्प 2026 में मंत्री राजेश अग्रवाल, बिहानों के व्यंजनों की प्रशंसा

रायपुर. राजिम कुंभ कल्प 2026: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने त्रिवेणी संगम पर संतों से की भेंट, बिहान दीदियों द्वारा बनाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का चखा स्वाद प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजिम कुंभ कल्प 2026 के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम के तट पर पहुंचकर विभिन्न अखाड़ों, पीठों से पधारे पूज्य धर्माचार्यों, संतों एवं लाखों श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने कुंभ की सभी व्यवस्थाओं का सघन निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री अग्रवाल ने कुंभ स्थल पर विभिन्न अखाड़ों के पूज्य संतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया। संतों ने कुंभ की भव्यता की सराहना करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं तथा तत्काल समाधान के निर्देश दिए।  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के स्टॉल पर पहुंचे मंत्री अग्रवाल ने स्वयं समूह की दीदियों से बातचीत की। उन्होंने दीदियों द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसे चीला, फरा और ठेठरी का स्वाद लिया तथा उनकी कुशलता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अग्रवाल ने कहा कि बिहान दीदियों की मेहनत से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि राजिम कुंभ जैसे वैश्विक आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर भी विश्व पटल पर चमक रही है।  मंत्री ने बांस और लकड़ी से बनी आदिवासी कलाकृतियों के स्टॉल पर जाकर स्थानीय कारीगरों से मुलाकात की। उन्होंने मूर्तियों, शोपीस और उपयोगी वस्तुओं की बारीकी से सराहना की तथा उनके उत्साहवर्धन के लिए खरीदारी भी की। अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार राजिम कुंभ के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करेगी। मंत्री अग्रवाल ने राजिम कुंभ स्थल पर बनाई गई रामवनगमन पथ की जीवंत प्रतिकृति का भी निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ के पौराणिक राम वनगमन मार्ग को चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाती यह प्रतिकृति श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अग्रवाल ने प्रतिकृति की बारीकी और कलात्मकता की प्रशंसा की। राजिम कुंभ कल्प 2026 की अन्य व्यवस्थाओं जैसे पानी की आपूर्ति, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, यातायात और सुरक्षा का जायजा लेते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस अवसर पर विधायक रोहित साहू, गरियाबंद कलेक्टर बी एस उइके, एसडीएम विशाल महाराणा, गरियाबंद जिला प्रशासन व पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।  राजिम कुंभ कल्प 2026 छत्तीसगढ़ की सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक बन चुका है, जहां लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर स्नान कर रहे हैं। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक-आर्थिक उत्सव के रूप में चमक रहा है।

अखिल भारतीय बाघ गणना के तहत कोटा परियोजना मंडल में प्रशिक्षण कार्यक्रम

रायपुर. अखिल भारतीय बाघ गणना पर कोटा परियोजना मण्डल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक की प्रेरणा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय बाघ गणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल द्वारा आयोजित की गयी। यह प्रशिक्षण विगत दिवस शिवतराई विश्राम गृह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाघों की संख्या का वैज्ञानिक आंकलन, उनके आवास एवं गतिविधियों की पहचान तथा क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की आधुनिक विधियों से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाघों की पहचान, पगमार्क, मल एवं खरोंच के निशानों के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि, कैमरा ट्रैप तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, फील्ड डाटा संग्रहण एवं निगरानी की आधुनिक प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यप्राणियों तथा तेंदुआ जैसे अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बाघों की वास्तविक संख्या, उनके शिकार प्रजातियों की उपलब्धता तथा वन्यजीव संरक्षण की स्थिति का आंकलन कैसे किया जाता है। इससे वन अधिकारियों को संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं चौकीदारों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध होगा।

छात्रों को बोस-आइंस्टीन सिद्धांत से कराया गया परिचय

रायपुर. आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने उनके सिद्धांतों को बढ़ाया आगे: प्रोफेसर शिव कुमार पाण्डेय भारत के महान वैज्ञानिक आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस जी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर पूर्व कुलपति डॉ. एस.के. पाण्डेय थे। प्रोफेसर डॉ. एस.के. पाण्डेय ने विस्तृत व्याख्यान में बताया कि आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के सम्पूर्ण जीवन-वृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके बाल्यकाल, शिक्षा, शैक्षणिक जीवन एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों का क्रमबद्ध एवं प्रेरणादायी विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से क्वांटम भौतिकी के क्षेत्र में आचार्य बोस के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित करते हुए बोसदृआइंस्टीन सांख्यिकी की अवधारणा को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। व्याख्यान के दौरान उन्होंने बोसॉन की संकल्पना, उनकी विशेषताओं तथा आधुनिक भौतिकी में उनकी भूमिका को उदाहरणों के माध्यम से विस्तारपूर्वक स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य बोस के शोध कार्य से प्रेरित होकर अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप बोस-आइंस्टीन संघनन जैसी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अवधारणा का विकास हुआ, जिसका उपयोग आज आधुनिक भौतिकी, क्वांटम अनुसंधान एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में किया जा रहा है।  कार्यक्रम का शुभारंभ साइंस सेंटर के महानिदेशक प्रशांत कविश्वर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में आचार्य सत्येन्द्रनाथ बोस के वैज्ञानिक योगदान, उनकी मौलिक सोच तथा युवा पीढ़ी के लिए उनके प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में शासकीय विद्यालय दलदल सिवनी एवं बी.पी. पुजारी स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही। इसके साथ ही बी.एड., डी.एड. विज्ञान विषय के शिक्षक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रायपुर के अतिरिक्त संचालक से जे.पी. रथ, सहित छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही।

छत्तीसगढ़ सरकार की नई स्टार्टअप नीति मंजूर, अगले 5 साल में 5 हजार स्टार्टअप्स होंगे मजबूत

रायपुर. छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने आज “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को स्वीकृति प्रदान की। इस नीति का उद्देश्य राज्य में एक सशक्त, समावेशी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले, रोजगार सृजन हो तथा सतत आर्थिक विकास को गति प्राप्त हो। यह नीति राज्य के युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित एवं सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए क्च्प्प्ज्-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नीति के माध्यम से वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण तथा प्रौद्योगिकी एवं बौद्धिक संपदा समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नीति में 100 करोड़ रूपए के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ रूपए के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख रूपए तक), ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, रोजगार सृजन सब्सिडी सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं।  उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके तहत राज्य में उन्नत सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब इनक्यूबेटर्स) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता, एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। यह नीति “अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विज़न/2047” के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार-आधारित उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।   स्टार्टअप्स के लिए प्रमुख आर्थिक सहायता नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की अनुदान और छूट का प्रावधान किया गया है,-  ’ सीड फंड सहायता – नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रूपए तक सहायता। ’ स्टार्टअप कैपिटल फंड – निवेश उपलब्ध कराने हेतु 100 करोड़ रूपए का फंड। ’ क्रेडिट रिस्क फंड – बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने हेतु 50 करोड़ रूपए का फंड। ’ ब्याज अनुदान – 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान । ’ किराया अनुदान – 3 वर्षों तक भुगतान किये गए किराए का 50 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रूपए प्रति माह)। ’ स्थायी पूंजी निवेश अनुदान – मशीनरी एवं उपकरण पर 35 प्रतिशत तक (अधिकतम 35 लाख  रूपए )। ’ पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहायता – राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट एवं प्रमाणन पर 75 प्रतिशत तक अधितम 10 लाख प्रतिपूर्ति। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु यात्रा, पंजीयन एवं स्टॉल व्यय पर 50 प्रतिशत अनुदान सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं। इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा नई नीति के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके तहत मेगा इनक्यूबेटर (हब इनक्यूबेटर) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, निवेश से जुड़ाव एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर स्पोक इनक्यूबेटर्स नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। इनक्यूबेटर एवं एक्सेलेरेटर के लिए वित्तीय सहायता  शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान ।  निजी  इनक्यूबेटर्स को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रूपए)।  बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता। इनक्यूबेटर उन्नयन एवं संचालन सहायता स्थापित इनक्यूबेटर्स द्वारा अधोसंरचना या क्षमता में 25 प्रतिशत वृद्धि करने पर उन्हें भी अनुदान की पात्रता होगी। कार्यक्रम एवं एक्सेलेरेशन सहायता  मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 1 लाख रूपए प्रति कार्यक्रम (अधिकतम 4 लाख रूपए वार्षिक)।  न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख रूपए तक व्यय प्रतिपूर्ति। कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने हेतु कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को इसके संचालन हेतु 5 लाख रूपए प्रति वर्ष तक सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति “अमृतकाल – छत्तीसगढ़ विज़न /2047” के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। वर्जन  छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति से प्रदेश स्टार्टअप इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनेगा। तकनीक और नवाचार के नए मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी प्रोत्साहित करने हेतु नए स्टार्टअप नीति में बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया अभियान ने बीते 10 वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन चुका है। इसी उद्देश्य के साथ माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी स्टार्टअप नीति के माध्यम से इनोवेशन, मेक इन इंडिया  और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देते हुए यह नीति लाई गई है।

आईगॉट प्लेटफॉर्म पर विभागीय नोडल अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर स्थित पंचम तल सभागार में आईगॉट (Government Online Training) प्लेटफॉर्म पर विभागीय क्षमता निर्माण योजना (Departmental Capacity Building Plan – CBP) तैयार करने हेतु वर्चुअल हैंड होल्डिंग एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में  नई दिल्ली स्थित क्षमता निर्माण आयोग के विशेषज्ञों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को CBP तैयार करने की प्रक्रिया, प्रशिक्षण आवश्यकताओं के आकलन तथा कर्मचारियों के कौशल विकास की रूपरेखा तैयार करने संबंधी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दक्षता एवं क्षमता वृद्धि के लिए सुव्यवस्थित प्रशिक्षण योजना तैयार करना है, जिससे शासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बन सके। कार्यक्रम के दौरान विभागों के नोडल अधिकारियों को विभागीय कार्य आवंटन विवरण, ऑर्गेनोग्राम, वार्षिक प्रतिवेदन एवं संबंधित नियम/अधिनियम के आधार पर विभागीय क्षमता निर्माण योजना तैयार करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत iGOT प्लेटफॉर्म के माध्यम से शासकीय सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल की गई है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।  

मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट बैठक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिए बड़े फैसले

रायपुर. मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – मंत्रिपरिषद की बैठक मादक पदार्था की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की  स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।  मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।  मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।  मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी। अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।  मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।  गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।  मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।  छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।  नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।  कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।  मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं … Read more

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल, मुख्यमंत्री ने ‘वूमेन फॉर वेटलैण्ड्स’ पोस्टर का विमोचन किया

रायपुर. विश्व आर्द्रभूमि दिवस  के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है। मुख्यमंत्रीसाय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।” प्रज्ञा निर्वाणी चला रहीं व्यापक जन-जागरण अभियान ‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं  महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा, मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई, कलेक्टर ने CHO को नौकरी से किया बाहर

कोण्डागांव. कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के प्रसव-पूर्व एवं प्रसव-पश्चात नियमित निगरानी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उच्च जोखिम (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी तरह की कोताही न हो। स्वास्थ्य केन्द्र शामपुर में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई कलेक्टर पन्ना के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केन्द्र शामपुर में स्वास्थ्यकर्मियों की गंभीर लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित आरएचओ को तीन माह का अवैतनिक तथा सीएचओ की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। बैठक में कलेक्टर ने संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम के सभी इंडिकेटर्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने इंडिकेटर्स में शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के स्वीकृत कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए सभी जनपद सीईओ को आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाकर स्वीकृत आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

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