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मुख्यमंत्री साय ने अधिवक्ता विवेक सारस्वत की लिखी ‘जीएसटी लॉ मैनुअल 2025’ का किया विमोचन

रायपुर  विख्यात कानूनी विशेषज्ञ और अप्रत्यक्ष कराधान के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले अधिवक्ता विवेक सारस्वत की नवीनतम पुस्तक “जीएसटी लॉ मैनुअल 2025” का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विमोचन किया. अधिवक्ता सारस्वत की यह छठी प्रकाशित पुस्तक है, जो कराधान साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अधिवक्ता विवेक सारस्वत की यह पुस्तक जीएसटी कानून की अद्यतन जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत है और यह मैनुअल कर पेशेवरों और व्यापारियों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा. कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता बीना सिंह गौतम, अभय तिवारी, प्रिंसी धावना, वंदना सारस्वत और प्रियांश शर्मा उपस्थित थे. यह मैनुअल भारत के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कानूनों का एक व्यापक और अद्यतन संस्करण है. यह पुस्तक सीजीएसटी, आईजीएसटी, यूटीजीएसटी और मुआवजा उपकर के लिए सभी जीएसटी अधिनियमों, नियमों, अनुसूचियों, अधिसूचनाओं और परिपत्रों का सार प्रस्तुत करती है. “जीएसटी लॉ मैनुअल 2025” की एक अनूठी विशेषता इसका द्विभाषी (अंग्रेजी और हिंदी) प्रारूप है, जो देश भर के उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर पहुंच और स्पष्टता सुनिश्चित करता है. पुस्तक में वित्त अधिनियम 2025 के माध्यम से अधिनियमित नवीनतम परिवर्तनों को दर्शाते हुए कानून का सबसे वर्तमान संस्करण शामिल है. व्यावसायिकों की व्यावहारिक आवश्यकताओं को पहचानते हुए, यह मैनुअल सभी आवश्यक जीएसटी फॉर्मों की डिजिटल प्रतियों तक सुविधाजनक पहुंच भी प्रदान करता है, जिन्हें क्यूआर कोड के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है. यह सुविधा अनुपालन को सुव्यवस्थित करती है और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाती है. कर पेशेवरों से लेकर छात्रों तक उपयोगी कर पेशेवरों, चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सचिवों, लागत एकाउंटेंट, सरकारी अधिकारियों, व्यापारियों, छात्रों और शिक्षाविदों की आवश्यकताओं की गहरी समझ के साथ लिखी गई यह पुस्तक जीएसटी ढांचे की जटिलताओं को समझने के लिए एक अमूल्य संसाधन के रूप में कार्य करती है. इसकी व्यापक सामग्री, द्विभाषी प्रस्तुति और डिजिटल उपकरणों का समावेश इसे भारत की वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था की सटीक व्याख्या, प्रभावी कार्यान्वयन और गहन समझ के लिए एक अमूल्य संपत्ति बनाता है. जीएसटी और वैट कानून के विशेषज्ञ हैं अधिवक्ता सारस्वत अधिवक्ता विवेक सारस्वत अप्रत्यक्ष कराधान में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, जिन्हें जीएसटी और वैट कानूनों में विशेषज्ञता हासिल है. कानूनी पेशे में उनके महत्वपूर्ण योगदान की मान्यता में, उन्हें वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण – कानून के क्षेत्र में सर्वोच्च राज्य पुरस्कार – “बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल पुरस्कार 2022” से सम्मानित किया गया है. उन्होंने जीएसटी और वैट कानूनों से संबंधित कई सेमिनार और कार्यशालाएं भी आयोजित की हैं. वह www.cggst.com और www.cgvatlaw.com जैसी सफल वेबसाइटों के निर्माता भी हैं, और उन्होंने अप्रत्यक्ष कर कानूनों पर देश का पहला मोबाइल ऐप CGVATLAW भी विकसित किया है.

शराब घोटाला : आरोपी विजय भाटिया को कोर्ट ने 29 तक भेजा न्यायिक रिमांड पर

रायपुर 2161 करोड़ रुपए के शराब घोटाला में आरोपी विजय भाटिया को 11 दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने पर गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया. ACB/EOW कोर्ट ने 14 दिन यानी 26 जून तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया. बताया जा रहा है कि पुलिस रिमांड के दौरान विजय भाटिया से शराब घोटाले से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं. बता दें कि एक जून को छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार करने के साथ उसके भिलाई के नेहरू नगर स्थित ठिकानों पर छापा मारा था. विजय भाटिया के साथ उनके मैनेजर संतोष रामटेके के घर में भी छापेमारी की गई थी. शराब घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में लगी एसीबी-ईओडब्ल्यू ने विजय भाटिया के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक और करीबी शराब कारोबारी पप्पू बंसल को हिरासत में ले चुकी है. बताया गया कि ईओडब्ल्यू दोनों शराब कारोबारियों – पप्पू बंसल और और विजय भाटिया को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की थी. 2161 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में ED ने 21 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से लेकर पूर्व रायपुर महापौर एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन के अलावा छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम साईं ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट, और सिद्धार्थ सिंघानिया जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.

ट्रेलर और हाइवा में भिड़ंत, लगी आग, एक चालक की मौत दूसरा गंभीर

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। यहां दो भारी वाहनों के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई, जिसमें एक चालक की मौके पर ही जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा आज दोपहर हुआ, जब छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत हाटी के पास तेज रफ्तार ट्रेलर और हाइवा वाहन आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में दोनों वाहनों में आग लग गई। आग की चपेट में आकर एक वाहन चालक बाहर नहीं निकल पाया और उसकी मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं दूसरे वाहन का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही छाल थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल फायर ब्रिगेड को बुलवाया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने के बाद जांच में जुट गई है। फिलहाल, मृतक चालक की पहचान और दुर्घटना के कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस कार्रवाई में लगी हुई है।

रेलवे सुरक्षा बल ने अवैध रूप से तत्काल टिकट बेचने वाले दो दलालों को किया गिरफ्तार

नागपुर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मंगलवार को नागपुर मंडल के विभिन्न आरक्षण केंद्रों पर छापेमारी कर अवैध रूप से तत्काल टिकट बेचने वाले दो दलालों को गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर ज़ोन के महा निरीक्षक एवं मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देशन में की गई. RPF के मोतीबाग स्थित व्यवस्थापन पोस्ट द्वारा यह अभियान चलाया गया, जिसमें तीन टीमें बनाई गईं. ये टीमें मोतीबाग रेलवे आरक्षण केंद्र, एयरपोर्ट नागपुर तथा अयोध्या नगर पोस्ट ऑफिस स्थित आरक्षण केंद्र पर तैनात की गई थीं. कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. अभियान के दौरान एयरपोर्ट नागपुर आरक्षण केंद्र से आनंद मेश्राम (36), निवासी बुद्ध विहार, नवनीत नगर, नागपुर को हिरासत में लिया गया. उसके पास से ₹3360 मूल्य की एक तत्काल टिकट जब्त की गई. पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि टिकट ग्राहक के ऑर्डर पर बनाई गई थी. दूसरी ओर, अयोध्या नगर आरक्षण केंद्र से श्रीकांत गायकवाड़ (35), निवासी न्यू सुबेदार लेआउट, नागपुर को पकड़ा गया. उसके पास से 2070 रुपए की तत्काल टिकट जब्त हुई, जो उसने भी ग्राहक के लिए बनवाई थी. दोनों मामलों में रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं:     मामला संख्या: 135/2025 और 136/2025     दिनांक: 10 जून 2025     धारा: 143 रेलवे अधिनियम (अवैध टिकट कारोबार) रेलवे अधिनियम की धारा 143 के अंतर्गत अवैध रूप से टिकट बनाना, बेचना या दलाली करना दंडनीय अपराध है. रेलवे सुरक्षा बल ने जनता से अपील की है कि वे अवैध टिकट दलालों से सावधान रहें और केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं.

विमान हादसे के बाद रायपुर से अहमदाबाद की फ्लाइट रद्द

रायपुर अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI171 आज एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। विमान ने दोपहर 1:17 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे 23 से उड़ान भरी थी, लेकिन टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद यह पास के मेघाणी नगर क्षेत्र स्थित BJ मेडिकल कॉलेज कैंपस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना के बाद रायपुर एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट को भी आगामी आदेश तक रद्द कर दिया गया है। रायपुर एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि रायपुर से अहमदाबाद जाने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। रायपुर से इंडिगो का विमान अहमदाबाद के लिए उड़ान भरता था। जिसे आगामी आदेश तक रद्द किया गया है। विमान टेकऑफ के तुरंत बाद हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान भरते ही विमान का पिछला हिस्सा एक पेड़ से टकरा गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह रिहायशी इलाके में जा गिरा। दुर्घटना स्थल से भारी काले धुएं का गुबार उठता देखा गया, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। विमान में 242 लोग थे सवार विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 2 पायलट, 10 केबिन क्रू मेंबर्स और 230 यात्री शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास थी, जिनके पास 8200 घंटे का उड़ान अनुभव था। को-पायलट क्लाइव कुंदर 1100 घंटे का अनुभव रखते थे। इस फ्लाइट में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार थे। राहत-बचाव कार्य जारी घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। कई घायलों को नजदीकी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, अब तक मृतकों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मेघाणी नगर और आसपास के इलाकों को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है। अहमदाबाद एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि यहां से ऑपरेट होने वाली सभी फ्लाइट्स को अगली सूचना तक के लिए निलंबित कर दी गई है।

अब कर्मचारियों की ‘कुंडली’ मोबाइल एप पर, मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम

प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को होगा लाभ: सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी: जीपीएफ का होगा त्वरित भुगतान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। “डिजिटल प्रशासन – पारदर्शी समाधान” की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी “कुंडली” को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा। संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है। अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा। कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है। साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

बरमपुर मुख्य मार्ग पर 20 फीट नीचे नहर में गिरी तेज रफ्तार कार

कोरबा कोरबा में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर 20 फीट नीचे नहर में गिर गई। कार में सवार लोग लापता हैं। यह घटना सर्वमंगला चौकी अंतर्गत बरमपुर मुख्य मार्ग पर आज सुबह हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह जब वह इस मार्ग से गुजर रहे थे तब उनकी नजर इस वाहन पर पड़ी। उन्होंने देखा कि नहर में वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई और इसकी सूचना सर्वमंगला चौकी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कार में कितने लोग सवार थे और कहां से कहां जा रहे थे, यह जानकारी अब तक सामने नहीं आई। कार सवार लोग लापता बताये जा रहे हैं। सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी ने बताया कि कार के नंबर के आधार पर वाहन मालिक का पता किया जा रहा है।  

111 स्कूलों को गणित-विज्ञान के शिक्षक मिले, दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की पदस्थापना से जनप्रतिनिधियों, पालकों और बच्चों में खुशी की लहर

रायपुर धमतरी जिले में स्कूलों और शिक्षकों के युतियुक्तकरण से सबसे ज्यादा फ़ायदा एक शिक्षक वाले स्कूलों को हुआ है। ऐसे 170 स्कूलों में से 133 स्कूलों को अतिरिक्त शिक्षक मिल गए है। दूरस्थ अंचलों में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शाला होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा था, जो अब शिक्षकों के पदस्थापना से दूर होने जा रहा है। धमतरी जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षकों की पदस्थापना से बिना टीचर वाले तीन प्राथमिक और चार मिडिल स्कूलों में भी शिक्षकों की पदस्थापना हो गई है। इसके साथ ही 111 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों को गणित तथा विज्ञान विषयों के टीचर भी मिल गए है, इससे इन शालाओं में शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा।           राज्य शासन के दिशा-निर्देश में जिले में अतिशेष शिक्षकों के काउंसलिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने पश्चात जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों को अब न केवल नए शिक्षक मिले हैं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा भी सुनिश्चित हुई है। जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के बच्चों को टीचर्स की कमी के कारण पढ़ाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।  शिक्षक नहीं होने से बच्चों का भविष्य अधर में था। लेकिन आज युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शालाओं को शिक्षक मिलने से बच्चों के भविष्य के लिए आशा की एक नई किरण दिखने लगी है।           युक्तियुक्तकरण से पहले जिले के मैदानी इलाकों के स्कूलों में दर्ज संख्या के मान से अधिक शिक्षक कार्यरत थे और वहीं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या के अनुपात से शिक्षक कार्यरत नहीं होने के कारण शिक्षक, छात्र-छात्राओं के अध्यापन कार्य में असंतुलन की स्थिति थी। टीचर्स के इस असंतुलित वितरण से कई विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई पर काफी नकारात्मक असर पड़ रहा था। गणित, विज्ञान, रसायन और भौतिकी विषय के शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने से छात्रों को इन विषयों पर पकड़ बनाने में दिक्कत होती थी। जिला प्रशासन ने इसे युक्तियुक्तकरण के माध्यम से दूर करने का काम किया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले के 111 स्कूलों में गणित विज्ञान के शिक्षक नहीं थे, ऐसे स्कूलों में विषय अनुसार टीचर्स नियुक्त किए गए हैं। युक्तियुक्तकरण से दूरस्थ अंचल जैसे दक्षिण मगरलोड नगरी विकासखंड और डूबान क्षेत्र में शिक्षकों की कमी को दूर कर समाधान निकाला गया है। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि युक्तियुक्तकरण पश्चात सभी शिक्षकों ने अपने आवंटित स्कूलों में ज्वाइन कर लिया है। इन क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्ति से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पालकों और स्कूली बच्चों में उत्साह है। बच्चों की पढ़ाई में जो समस्या होती थी, अब उससे राहत मिल पाएगी। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। अटंग प्राइमरी स्कूल में 121 बच्चों पर केवल दो टीचर, अब तीन नए और मिले, संख्या पाँच हुई विकासखंड कुरुद मुख्यालय से महज 4 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत अटंग के शासकीय नवीन प्राथमिक शाला प्रेमनगर अटंग में  121 बच्चे अध्ययनरत हैं। अत्यधिक दर्ज संख्या उपरांत भी विगत वर्षों से केवल दो शिक्षक एक प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक सहित स्थानीय व्यवस्था में वैकल्पिक शिक्षकों के भरोसे विद्यालय में अध्यपन कार्य संपादित हो रहे थे। अत्यधिक प्रयास के बाद भी बच्चों की पढ़ाई लिखाई में अपेक्षित गुणवत्ता प्राप्त कर पाना कठिन था। जिसके कारण शाला प्रबंधन समिति पदाधिकारियों, सरपंच और पालकों द्वारा शिक्षकों की मांग लगातार की जा रही थी। शासन द्वारा स्कूलों में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के द्वारा आज विद्यालय में 3 नए सहायक शिक्षकों  की पदस्थापना की गई है। इससे दर्ज विद्यार्थीयों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक की पूर्ति हो पाई है। युक्तियुक्तकरण से विद्यालय में शिक्षिका श्रीमती पार्वती बघेल, श्रीमती दूज कुर्रे और श्रीमती लक्ष्मी मुदलियार ने नवीन प्राथमिक शाला प्रेमनगर अटंग में कार्यभार ग्रहण किया। शासन के इस प्रक्रिया से शिक्षक मिलने पर  शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री उमेंद्र साहू, उपाध्यक्ष श्री शिवकुमार साहू, सही अन्य सदस्यों एवं पालकों ने ख़ुशी जाहिर की है ।

रायपुर : युक्तियुक्तकरण का असर: कोंडागांव जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को मिली नई मजबूती शिक्षक विहीन विद्यालयों की स्थिति में आया ऐतिहासिक सुधार सूरजपुर जिले की शालाएं बनीं शिक्षक युक्त, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर ऐतिहासिक पहल रायपुर : युक्तियुक्तकरण का असर: कोंडागांव जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं 10 पूर्णतः शिक्षकविहीन विद्यालयों को भी मिले शिक्षक रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित युक्तियुक्तकरण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह सुधार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। शासन के निर्देश पर जिले में संचालित विद्यालयों की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि युक्तियुक्तकरण से पूर्व जिले में 3 प्राथमिक शालाएं और 1 हाई स्कूल पूरी तरह से शिक्षक विहीन थे। इन सभी शालाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। अब जिले का कोई भी प्राथमिक विद्यालय या हाई स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है, जो प्रशासन की सक्रियता और शिक्षा विभाग की तत्परता को दर्शाता है। हालांकि, जिले में अभी भी 2 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षक प्रणाली पर आधारित हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन शालाओं को भी शीघ्र ही बहु-शिक्षक विद्यालयों में परिवर्तित करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मनेंद्रगढ़, चिरमिरी और भरतपुर विकासखंडों के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में स्थित कई विद्यालयों में पूर्व में शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा था। अब युक्तियुक्तकरण के पश्चात इन शालाओं में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि “राज्य शासन द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति से शिक्षकों की तैनाती में असंतुलन को दूर किया गया है। अब हमारा प्रयास शेष एकल शिक्षकीय विद्यालयों को भी बहु-शिक्षकीय स्वरूप प्रदान करने का है, जिससे शिक्षकों का कार्यभार संतुलित हो और छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिले।” विभाग ने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में जिले के सभी विकासखंडों से प्राप्त आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण कर प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की नवीन पदस्थापना की गई है। साथ ही, जहां आवश्यकता है, वहां त्वरित समाधान की दिशा में निरंतर कार्य जारी है।  सूरजपुर जिले की शालाएं बनीं शिक्षक युक्त, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर ऐतिहासिक पहल सूरजपुर जिले में बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई है। इस पहल के तहत अब जिले की लगभग सभी शालाएं शिक्षक युक्त हो चुकी हैं, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। पूर्व में जिले की 18 प्राथमिक शालाएं पूरी तरह से शिक्षकविहीन थीं, लेकिन अब ये सभी शालाएं शिक्षकयुक्त हो गई हैं। इसी तरह, पहले 281 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षक प्रणाली पर आधारित थीं, जिनकी संख्या अब घटकर केवल 47 रह गई है। इसके अतिरिक्त, दो हाई स्कूल भी शिक्षकविहीन थे, जिन्हें अब योग्य शिक्षकों से सुसज्जित कर दिया गया है। जिले के सभी पूर्व माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, 1 से 3 जून 2025 तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विश्रामपुर में ओपन काउंसलिंग का आयोजन किया गया। इस प्रक्रिया में वरीयता क्रम के आधार पर सैकड़ों अतिशेष शिक्षकों की नवीन पदस्थापना की गई। इससे न केवल शिक्षकविहीन शालाओं की समस्या का समाधान हुआ, बल्कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में भी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। शिक्षकों के इस युक्तियुक्तकरण से जिले में शिक्षा के परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। शासन और जिला प्रशासन की यह पहल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो रही है। युक्तियुक्तकरण का असर: कोंडागांव जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं 10 पूर्णतः शिक्षकविहीन विद्यालयों को भी मिले शिक्षक 244 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाओं सहित हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी हुई शिक्षक नियुक्ति, शिक्षा की गुणवत्ता में आएगा सुधार छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लागू की गई “युक्तियुक्तकरण” नीति के सकारात्मक नतीजे अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर संचालित इस प्रक्रिया के तहत कोंडागांव जिले के सभी शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों को आवश्यकतानुसार शिक्षक मिल चुके हैं। इससे जिले में शिक्षा का नया उजाला फैला है और विद्यार्थियों का भविष्य अब अधिक सुरक्षित हुआ है। इस पहल के तहत जिले के 10 पूरी तरह शिक्षकविहीन प्राथमिक विद्यालयों को शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही 244 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाएं, दो पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दो हाई स्कूल और एक हायर सेकेंडरी स्कूल में भी शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। अब जिले में एक भी विद्यालय ऐसा नहीं बचा है जहां शिक्षक न हो। इन विद्यालयों को मिला सबसे अधिक लाभ माकड़ी विकासखण्ड के प्राथमिक शाला करमरी, डोंगरीपारा क्षमतापुर और नेवरा, बड़ेराजपुर विकासखण्ड के रावसवाही, कोण्डागांव विकासखण्ड के कोरमेल, बाखरा, ज्ञान ज्योति नयापारा छोटेबंजोड़ा, एहरा और खुटडोबरा जैसे प्राथमिक विद्यालय वर्षों से शिक्षकविहीन थे। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति से अब बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सकेगी। एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी सुधार फरसगांव विकासखण्ड के उच्च प्राथमिक शाला भैंसाबोड़, माध्यमिक शाला बाजारपारा फरसगांव, कोण्डागांव विकासखण्ड के हाई स्कूल डोंगरीगुड़ा और हाई स्कूल नवागांव, माकड़ी विकासखण्ड के हाई स्कूल एरला जैसे अनेक स्कूलों में भी अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। कुल मिलाकर 244 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाओं में भी अब संतुलित शिक्षक संख्या उपलब्ध हो चुकी है। शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा युक्तियुक्तकरण के इस व्यापक और सुनियोजित प्रयास से जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। शिक्षकों की उपलब्धता से जहां बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता आएगी, वहीं शैक्षणिक गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

कलेक्टर ने की बाढ़ राहत तैयारियों की समीक्षा, आपदा से निपटने हमेशा तैयार रहें बचाव दल

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आगामी बरसात को देखते हुए बाढ़ राहत के लिए की जा रही प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपदाएं किसी को पूर्व सूचना देकर नहीं आती, अचानक रूप से कहीं पर भी प्रकट हो सकती हैं। इसलिए हमें हर समय हर तरह की आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को ठहराने के लिए राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, नावों की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी लेकर हमेशा तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष एवं दूरभाष नम्बर 07752-251000 को सक्रिय रखने को कहा है।     कलेक्टर ने कहा कि हमेशा की तरह बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर लिया जाये। इन इलाकों में लोगों को ठहराने के लिए राहत शिविर एवं सामुदायिक रसोई के लिए स्थल का भी चयन कर लिया जाये। सरकारी और निजी स्तर पर नावों की उपलब्धता का आकलन कर लिया जाये। नाविकों को लाईफ जैकेट भी उपलब्ध कराया जाये। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मोबाईल चिकित्सा यूनिट एवं चिकित्सा दलों का गठन अभी से कर लिया जाये। आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं होम गार्डस की टीमों को तैनात किया जायेगा। उन्हें अच्छी तरह से और अधिक प्रशिक्षित किया जाये उनकी मॉक ड्रिल भी समय-समय पर आयोजित होते रहना चाहिए ताकि वे तैयार एवं अपडेट रहें और लोगों में बचाव के प्रति जागरूकता भी आए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को बांधों और नदियों में जल स्तर की सतत् निगरानी करते हुए लोगों को इसकी जानकारी देते रहने के निर्देश दिए हैं। जिला कार्यालय में बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत मोबाईल नम्बर 9174755256 को बनाया गया है। बैठक में में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, डोगरा रेजिमेन्ट के कैप्टन गजराज, जिला कमाण्डेन्ट दीपांकुर नाथ, जल संसाधन विभाग खारंग के ईई मधु चन्द्रा, जल संसाधन संभाग कोटा के ईई डी जायसवाल, अधीक्षक भू-अभिलेख खिलेन्द्र यादव उपस्थित थे।

जनता को केवल इलाज नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना भी मिले, यही हमारी चिकित्सा व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए : स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चिकित्सा और सामुदायिक विकास दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बैठक लेकर कांकेर जिले में  समीक्षा की। मंत्री जायसवाल ने जिले के नांदनमारा स्थित इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित स्वशासी समिति की बैठक लेकर कॉलेज की कार्यप्रणाली, आधारभूत ढांचे और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री ने साफतौर पर निर्देश दिए कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों को इस रूप में विकसित किया जाए कि वे जनता की पहली पसंद बनें। उन्होंने कहा कि बाह्य रोगी विभाग व अंतःरोगी सेवाओं में संवेदनशीलता और उत्कृष्टता लाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। “जनता को केवल इलाज नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना भी मिले, यही हमारी चिकित्सा व्यवस्था की पहचान होनी चाहिए।  स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य सिर्फ उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना ही नहीं है, अपितु आमजनता के प्रति संवेदनशीलता और उन्हें सम्मान भी मिले। स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।          बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कॉलेज में पारदर्शिता, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली, स्टाफ की नियमित नियुक्ति और उत्तरदायित्व तय करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।  इस अवसर पर  छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग की आयुक्त श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं अधिष्ठाता डॉ. खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ उपस्थित रहे।

वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया

रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण न सिर्फ जरूरतमंदों को पक्का मकान दे रही है, बल्कि उनके सपनों को भी नया ठौर और आत्म-सम्मान दे रही है। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा निवासी 70 वर्षीय संतु चक्रेस की। वर्षों तक कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग संतु चक्रेस आज बेहद प्रसन्न हैं क्योंकि उन्हें उनका पहला पक्का घर मिल गया है। खास बात यह रही कि इस घर की चाबी उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों से मिली, जब वे हाल ही में जशपुर प्रवास पर थे। भावुक संतु चक्रेस ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि “उम्र के इस पड़ाव में जब चिंता से मुक्त होकर जीना चाहता है, तब यह पक्का मकान मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद है। अब मुझे और मेरे परिवार को न तो बारिश से डर है और न ही जहरीले जीव-जंतुओं से। अब हमारा भी एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है।” संतु चक्रेस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत हुआ था, जो अब पूर्ण रूप से बनकर तैयार है। यह महज एक मकान नहीं, बल्कि उनके लिए आत्म-सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक है। वर्षों तक झोपड़ी जैसे घर में जीवन बिताने के बाद जब उन्हें अपना खुद का ठोस छत मिला, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी।

मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री अपेक्स बैंक के  नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के पदभार ग्रहण में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छगमाशिमं की दूसरी मुख्य परीक्षा 8 जुलाई से

रायपुर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की दूसरी मुख्य परीक्षा 8 जुलाई से आयोजित की जाएगी. 12वीं की परीक्षा 8 जुलाई और 10वीं की परीक्षा 9 जुलाई प्रारंभ होगी. गत वर्ष से पूरक परीक्षा के बजाय माशिमं द्वारा दूसरी बार बोर्ड परीक्षा आयोजित की जा रही है. इन दिनों पहली परीक्षा के बाद पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है. इस बीच दूसरी परीक्षा के लिए फॉर्म भी भरे जा रहे हैं. सामान्य शुल्क के साथ फॉर्म भरने की अंतिम तिथि खत्म हो चुकी है. अब विलंब शुल्क के साथ 20 जून तक तथा विशेष विलंब शुल्क के साथ 21 से 30 जून तक फॉर्म भरे जा सकते हैं. परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक आयोजित होगी. माशिमं ने दूसरी मुख्य परीक्षा की समय सारणी आज जारी कर दी. कक्षा 12वीं की परीक्षा 8 जुलाई से प्रारंभ होकर 22 जुलाई तक चलेगी. वहीं 10वीं की परीक्षा 9 जुलाई से 21 जुलाई तक आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में पहली परीक्षा में अनुत्तीर्ण के अलावा पूरक तथा कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी श्रेणी सुधार के लिए सम्मिलित हो सकेंगे. पिछले साल बड़ी संख्या में प्रथम श्रेणी में आए विद्यार्थियों ने भी दूसरी परीक्षा दी थी. दूसरी परीक्षा की समय सारणी कक्षा बारहवीं 8 जुलाई- हिन्दी, 10 जुलाई- अंग्रेजी, 11 जुलाई- संस्कृत, 12 जुलाई- इतिहास, व्यवसाय अध्ययन, कृषि विज्ञान के तत्व एवं गणित, ड्राइंग एंड पेंटिंग, आहार एवं पोषण, 14 जुलाई- मराठी, उर्दू पंजाबी, सिंधी, बंगाली, गुजराती, तेलगू, तमिल, मलयालम, कन्नड़, उड़िया, 15 जुलाई-भूगोल, भौतिक शास्त्र, 16 जुलाई- समाज शास्त्र, 17 जुलाई- राजनीति विज्ञान, रसायन शास्त्र, लेखा शास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन, शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा, 18 जुलाई- मनोविज्ञान, 19 जुलाई- रिटेल मार्केटिंग मैनेजमेंट, आईटी, ऑटोमोबाइल सर्विस टेक्निशियन, हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर, मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, टेलीकम्प्यूनिकेशन, बैंकिंग फाइनेंसियल सर्विस एंड इंश्युरेंस, ब्यूटी एंट वेलनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, 21 जुलाई- गणित, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, भारतीय संगीत, चित्रकला, नृत्यकला, स्टेनो टायपिस्ट, कृषि, गृह विज्ञान, वाणिज्यिक गणित, औद्योगिक संगठन के मूल तत्व, 22 जुलाई- जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, पशुपालन, दुग्व प्रौद्योगिकी मत्स्य एवं कुक्कट पालन, भारतीय कला का इतिहास, विज्ञान के तत्व. कक्षा दसवीं- 9 जुलाई-गणित, 11 जुलाई प्रथम भाषा हिन्दी, 14 जुलाई- द्वितीय भाषा अंग्रेजी, 15 जुलाई- व्यावसायिक पाठ्यक्रम के विषय, 16 जुलाई- विज्ञान, 18 जुलाई सामाजिक विज्ञान, 19 जुलाई- तृतीय भाषा, 21 जुलाई- केवल दृष्टिहीन छात्रों के लिए संगीत, केवल मूक बधिर छात्रों के लिए ड्राइंग एंड पेंटिंग.

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