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छात्रावासों में सुविधाओं की एकरूपता और गुणवत्ता पर जोर, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : जनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रालय में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा नई छात्रावास-आश्रम प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ, आश्रम छात्रावासों के संचालन के लिए 85 करोड़ रुपए का ऑनलाइन अंतरण छात्रावासों में सुविधाओं की एकरूपता और गुणवत्ता पर जोर, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई जनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री सायजनजातीय समाज के विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता : मुख्यमंत्री साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने छात्रावास-आश्रम प्रबंधन के लिए नवीन पोर्टल का शुभारंभ किया। साथ ही, आगामी शिक्षण सत्र 2025-26 में प्रदेश के आश्रम छात्रावासों के संचालन हेतु नई व्यवस्था के अंतर्गत शिष्यवृत्ति एवं भोजन सहायता की पहली किश्त (जुलाई से सितंबर) के रूप में 85 करोड़ रुपए का ऑनलाइन अंतरण भी किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों और आदिवासी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है कि इन वर्गों का जीवन स्तर बेहतर हो, वे आत्मनिर्भर बनें और विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समुदाय की सदैव चिंता करते हैं और उनके विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने पीएम जनमन एवं धरती आबा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास और सड़क निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र जैसे मूलभूत दस्तावेजों को तैयार करने का कार्य लगातार जारी रखने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने आश्रम-छात्रावासों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहाँ आवश्यकता हो, वहाँ सर्वसुविधायुक्त छात्रावास बनाए जाएं। शौचालय, बेड, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं में एकरूपता रहे तथा छात्रावासों की निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित क्रीड़ा परिसरों की भी जानकारी ली और बच्चों द्वारा विभिन्न खेलों में अर्जित सफलताओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 20 क्रीड़ा परिसरों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि खेल प्रतिभाएं और निखरें और खिलाड़ी खेलो इंडिया सहित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। प्रयास विद्यालयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें उच्च शिक्षित प्रशिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। साथ ही, इंजीनियरिंग, मेडिकल, क्लैट, सीयूईटी सहित अन्य कैरियर विकल्पों के लिए भी बच्चों को तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री साय ने आदिम जाति विभाग के अंतर्गत स्वीकृत एवं प्रगतिरत भवनों के निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा भवनविहीन संस्थानों के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक भी शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आदिवासी संस्कृति संरक्षण एवं विकास के अंतर्गत देवगुड़ी निर्माण और अखरा विकास के कार्यों की भी समीक्षा की। साय ने अखरा विकास के तहत आस्था स्थलों पर उपयुक्त प्रकाश, बैठक व्यवस्था, शेड और पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के मार्गदर्शन के लिए हाल ही में चयनित अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव लिए जाएं ताकि वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप युवाओं को रणनीति बनाने में मदद मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रदेश के अधिकाधिक युवा उच्च पदों पर पहुँचकर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में एकलव्य आवासीय विद्यालय, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना, जनजातीय बहुउद्देश्यीय विपणन केंद्र, वन अधिकार पत्र सहित अन्य विभागीय योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने म्यूजियम के स्वरूप, निर्माण की गुणवत्ता और प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों की अमर गाथा को समर्पित होगा। इसमें परलकोट विद्रोह, सोनाखान विद्रोह और भूमकाल विद्रोह जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। साथ ही, प्रदेश के प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। हमें गर्व है कि छत्तीसगढ़ की धरती ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। इन गाथाओं को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दृश्य-श्रव्य तरीके से रोचक और ज्ञानवर्धक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियां और नवीन कार्य योजना की जानकारी विस्तार पूर्वक मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री राम विचार नेताम, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

कार्यशाला में जिले के 35 स्टार्टअप,SME उद्योगों के प्रतिनिधि और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे

रायपुर राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस के मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में रैंप (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के अंतर्गत SME एक्सचेंज और अल्टरनेटिव फाइनेंसिंग पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता सीआईडीसी के कार्यपालक संचालक आलोक त्रिवेदी ने की तथा उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक शिव राठौर गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में NSE कलकत्ता (पश्चिम क्षेत्र) से पधारे प्रबंधक अवीक गुप्ता ने NSE Emerge के माध्यम से वैकल्पिक वित्त पोषण की संभावनाओं, लिस्टिंग प्रक्रिया, नियम-कायदों और बाजार में उद्यमों के प्रवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार  SME एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के जरिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम पूंजी जुटा सकते हैं और अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं। वेंचर कैपिटलिस्ट किंजल गुप्ता ने स्टार्टअप के वित्तपोषण की प्रक्रिया, निवेशकों के दृष्टिकोण, पूंजी संरचना और नवाचार आधारित व्यापार मॉडल की वित्तीय आवश्यकताओं पर एक गहन व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यशाला में जिले के 35 स्टार्टअप,SME उद्योगों के प्रतिनिधि और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहभागी उद्यमियों ने विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया और वैकल्पिक वित्त पोषण के प्रति रुचि दिखाई। इस सफल आयोजन में उप संचालक ऋतुराज ताम्रकार की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। कार्यशाला ने स्टार्टअप्स और  MSMEs  को वित्तीय अवसरों की नई दिशा दिखाते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने का कार्य किया।

मंत्री जायसवाल ने एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों से संवाद कर उनसे स्नातक उपरांत ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में सेवाएँ देने का आग्रह किया

रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने  कांकेर प्रवास के दौरान एमसीएच अस्पताल अलबेलापारा एवं शासकीय कोमलदेव अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संचालकों व स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान एमसीएच अस्पताल, अलबेलापारा फार्मेसी में दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा की और जेनेरिक दवाइयों के उपयोग एवं वितरण के निर्देश दिए। इसके पश्चात ‘नेक्स्ट जेन’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से रोगियों का पंजीकरण व मेडिकल रिकॉर्ड देखने का वर्कफ़्लो परीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों (पहला बैच, कांकेर) से संवाद कर उनसे स्नातक उपरांत ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में सेवाएँ देने का आग्रह किया। फाइनल ईयर छात्र राहुल शर्मा ने गर्ल्स व बॉयज हॉस्टल में अलग-अलग पानी के बोर की मांग की, जिस पर मंत्री ने तत्काल नलकूप खनन के निर्देश कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर को दिए। नवजात शिशु कक्ष का निरीक्षण कर उसे और सुसज्जित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बाल चिकित्सा कक्ष में ईश्वर लाल मरकाम (13 वर्ष, विश्रामपुरी; मधुमेह से ग्रस्त) का स्वास्थ्य-इतिहास रेखांकित कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को बेहतर उपचार के लिए प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही थैलेसीमिया पीड़ित हिमांशु मरकाम (घोटवाही) के लिए नियमित रक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रबंधन को दिए। राज्जो बाई कवाची (चिचकी, बड़गांव) से मुलाकात कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। शासकीय कोमलदेव अस्पताल का किया निरीक्षण स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एमआरआई कक्ष, कंसोल रूम व डायलिसिस रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने डायलिसिस कक्ष को आवश्यक उपकरण जैसे एयर कंडीशनर लगाने तथा विस्तार करने के आदेश दिए। अस्पताल परिसर में जहां पंखों की कमी थी, एक सप्ताह के भीतर स्थापित करने के निर्देश जारी किए। पुरूष वार्ड में करूराम से मुलाकात कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। जनरल वार्ड में 86 वर्षीय बृजलाल साहू बागोडार जिसके पैरों में सूजन थी, उनसे बातचीत की। इस पर बृजलाल ने कहा की उनका आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मुफ्त उपचार हो रहा है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये विष्णु का सुशासन है यहां अच्छे से इलाज होता है। इस दौरान श्रीमती रामबती निषाद (दुधावा) से आशीर्वाद लेते हुए उन्हें “ठीक हो जाबे, दाई, तय चिंता झन कर” कहकर उनका उत्साहवर्धन किया। स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों अस्पतालों में रोगियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने एवं समयबद्ध रूप से आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण करने का पुनः आश्वासन दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कुमार कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं अधिष्ठाता डॉ. खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अस्पताल के स्टॉफ उपस्थित रहे।

सभी अधिकारी आश्रम-छात्रावासों का करें नियमित निरीक्षण -मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर : शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आश्रम-छात्रावासों की कराएं साफ-सफाई और रंग-रोगन: मंत्री रामविचार नेताम  मंत्री रामविचार नेताम ने कहा आश्रम-छात्रावास के अधीक्षकों की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से करें  सभी अधिकारी आश्रम-छात्रावासों का करें नियमित निरीक्षण -मंत्री रामविचार नेताम आदिम जाति विकास मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा रायपुर आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि  आश्रम-छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए नये शिक्षण सत्र के प्रारंभ होने से पहले राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों की मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल, रंग-रोगन आदि की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने नवा रायपुर में विभागीय काम-काज की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को आश्रम-छात्रावासों के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव कराने के निर्देश दिए।  आदिम जाति विकास मंत्री नेताम ने कहा है कि आदिम जाति कल्याण विभाग में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने वाले अधीक्षकों की पदस्थापना के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाए। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से एक दिन आश्रम-छात्रावास में समय बिताने और विद्यार्थियों के साथ भोजन करने को भी कहा। नेताम ने बैठक में कहा कि आगामी दो वर्षों में सभी आश्रम छात्रावासों के लिए भवन निर्माण किया जाना है, इसलिए भवनविहिन आश्रम-छात्रावासों का चिन्हांकन कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन आश्रम-छात्रावासों में सीटों की संख्या बढ़ाई गई है वहां रहने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त भवन अथवा कमरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।  नेताम ने राज्य में प्रयास विद्यालयों की व्यवस्था और रख-रखाव के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में छात्रों को अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने कहा।  बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आगामी 15 जून से प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर 15 जून से शुरू होगी। राज्य में 16 और 17 जून को दो दिवसीय राज्य स्तरीय अभियान चलाया जाएगा, वहीं जिला स्तर पर 17 से 20 जून और विकासखण्ड स्तर पर 20 से 30 जून तक चलेगा। इस अभियान के तहत पीएम जनमन योजना से छुटे हुए जनजातीय परिवारों के आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वनाधिकार पत्र जैसे दस्तावेज बनाए जाएंगे। शासकीय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मंत्री नेताम ने सिकलसेल और टीव्ही मुक्त भारत अभियान के प्रति भी बच्चों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि निर्धारित मीनू के आधार पर आश्रम और छात्रावास के बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाए। आश्रम-छात्रावासों की दीवारों पर महापुरूषों के संदेशों का लेखन किया जाए। साथ ही बच्चों में शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने के लिए भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई जाए। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों की विशिष्ट पहचान बनाने पर जोर दिया। मंत्री नेताम ने विभाग में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की भी जानकारी ली। उन्होंने निराकरण के लिए शेष बचे आवेदनों को गंभीरता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 75 बहुउद्देशीय भवन बैठक में जानकारी दी गई कि विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के समग्र विकास के लिए राज्य में 75 बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किया जा रहा है। 31 भवनों का निर्माण लगभग पूर्णतः की ओर है। इन भवनों में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को इन भवनों के तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, उप सचिव बी.एस. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, जितेन्द्र गुप्ता, कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती सहित जिलों के परियोजना प्रशासक और सहायक आयुक्त उपस्थित थे।

समारू राम को मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से मिली आजादी

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से कमारों के जीवन में आयी स्थिरता मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही समारू राम को मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से मिली आजादी रायपुर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंशानुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प को साकार कर रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना, विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में अभूतपूर्व परिवर्तन ला रही है। इस समाज के हजारों लोगों को अब सुरक्षित आवास, स्वच्छ जल और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। जनमन योजना केवल एक आवास योजना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन, स्वच्छता, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी साथ लेकर चल रही है।     प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का सकारात्मक असर राज्य के कई जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों के जीवन में दिखायी देने लगा है। अपनी अलग संस्कृति को सहेजे हुए कच्चे झोपड़ी नुमा मकानों में रहकर अपना जीवन यापन करने वाले विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में स्थिरता आने लगी है और ये स्थिरता प्रदान की है, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने। शासन की योजनाएँ जब धरातल पर सही ढंग से कार्यान्वित होती हैं, तो आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक  बदलाव होता है।          धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के ग्राम सिंगपुर निवासी श्री समारू के जीवन में बदलाव अब साफ देखने को मिल रहा है। समारू राम को अब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् आवास योजना के साथ- साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे बचपन से वे इसी गांव में निवासरत हैं। उनके पास स्वयं की संपत्ति के रूप में जो कुछ था, तो वह था पुश्तैनी जर्जर कच्चा मकान। प्रत्येक व्यक्ति के समान उसकी भी इच्छा थी कि उसका खुद का पक्का मकान हो, इस सपना को प्रधानंत्री जनमन योजना ने पूरा किया। योजना की जानकारी मिलते ही समारूराम ने अपना आवस बनवाने के लिए आवेदन किया, ग्राम सभा के अनुमोदन पश्चात् उनका चयन उनका चयन पक्का आवास बनाने के लिए किया गयाा। योजनांतर्गत उसके बैंक खाते में पहली किस्त आते ही समारू ने मकान निर्माण की नींव रखी और शासन के सहयोग से देखते ही देखते सुंदर आवास का सपना सकार हुआ। समारू राम जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन यापन कर रहा था, वे अब प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित पक्के आवास में परिवार के साथ सम्मानजनक सुरक्षित जीवन जी रहे हैं। उनके चेहरे पर उमंग साफ देखी जा सकती है।    समारू राम का कहना है कि अब हमें बारिश, ठंड या गर्मी की चिंता नहीं है। मेरा परिवार सुरक्षित है। यह घर मेरे लिए सिर्फ दीवारें और छत नहीं है, यह हमारे सपनों की बुनियाद है। शासन के सहयोग से बना  यह आवास न केवल उसके सपने को पूरा किया बल्कि मौसम दर मौसम होने वाली समस्या से भी आजादी दिलाई। उल्लेखनीय है कि धमतरी जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजनांतर्गत 01 हजार 469 आवास स्वीकृत है, जिनमें से 815 आवासों को पूर्ण कर लिया गया है, शेष 654 आवास निर्माणधीन है, जो शीघ्र पूर्ण हो जायेंगे। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तह्त हितग्राहियों को 2 लाख रूपये की सहायता राशि 4 किश्तों में प्रदान की जाती है। पहली किश्त 40 हजार, दूसरी किश्त 60 हजार, तीसरी किश्त 80 हजार और चौथी किश्त 20 हजार रुपए है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत् हितग्राही को 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की जाती है।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! मदन महल से रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी

 रायपुर  रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! जबलपुर स्थित मदन महल स्टेशन से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी। रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि यह नई इंटरसिटी ट्रेन मदन महल से सुबह 6:10 बजे रवाना होगी और बालाघाट व गोंदिया होते हुए दोपहर 1:50 बजे रायपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रायपुर से दोपहर 2:45 बजे चलकर रात 10:30 बजे मदन महल पहुंचेगी। इस इंटरसिटी एक्सप्रेस से मदन महल और रायपुर के बीच का सफर महज 6 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। वर्तमान में, रायपुर से जबलपुर के बीच केवल अमरकंटक एक्सप्रेस संचालित होती है, जिसे यह दूरी तय करने में लगभग 9 घंटे लगते हैं। एक ही ट्रेन होने के कारण अमरकंटक एक्सप्रेस में अक्सर लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में परेशानी होती है। नई इंटरसिटी के शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में सुविधा होगी और उनके यात्रा समय में 2 घंटे 20 मिनट की बचत होगी। बता दें कि वर्तमान में, रायपुर से जबलपुर के बीच केवल अमरकंटक एक्सप्रेस संचालित होती है, जिसे यह दूरी तय करने में लगभग 9 घंटे लगते हैं। एक ही ट्रेन होने के कारण अमरकंटक एक्सप्रेस में अक्सर लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में परेशानी होती है। नई इंटरसिटी के शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में सुविधा होगी और उनके यात्रा समय में 2 घंटे 20 मिनट की बचत होगी। टिकटों की भारी मारामारी से यात्रियों को मिलेगी राहत फिलहाल, अमरकंटक एक्सप्रेस में टिकटों की भारी मारामारी देखी जा रही है। 16 जून तक स्लीपर क्लास में और 14 जून तक एसी थ्री टायर में औसतन 50 के करीब वेटिंग चल रही है। जबलपुर से रायपुर आने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 16 जून तक और एसी थ्री टायर में 15 जून तक वेटिंग है। नई इंटरसिटी ट्रेन के चलने से यह दबाव कम होने और यात्रियों को आसानी से टिकट मिल पाने की उम्मीद है। यात्रियों को मिलेगी राहत फिलहाल, अमरकंटक एक्सप्रेस में टिकटों की भारी मारामारी देखी जा रही है। 16 जून तक स्लीपर क्लास में और 14 जून तक एसी थ्री टायर में औसतन 50 के करीब वेटिंग चल रही है। जबलपुर से रायपुर आने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 16 जून तक और एसी थ्री टायर में 15 जून तक वेटिंग है। नई इंटरसिटी ट्रेन के चलने से यह दबाव कम होने और यात्रियों को आसानी से टिकट मिल पाने की उम्मीद है।

कभी 10 राज्यों में लाल आतंक का पर्याय रहे माओवादी संगठन की ताकत अब बहुत कम हो गई, संगठन अब ‘टुकड़ों’ में बंटा

रायपुर  कभी 10 राज्यों में लाल आतंक का पर्याय रहे CPI (माओवादी) संगठन की ताकत अब बहुत कम हो गई है। लगातार कार्रवाई से संगठन के बड़े नेता या तो मारे गए या गिरफ्तार हो गए। अब उनके लगभग 300 सशस्त्र कैडर दंडकारण्य क्षेत्र और कुछ अन्य जगहों पर छिपे हुए हैं। संगठन अब ‘टुकड़ों’ में बंट गया है। संगठन का नंबर एक नेता ढेर छत्तीसगढ़ पुलिस ने संगठन के नंबर 1 नेता, नंबला केशव राव उर्फ बसवराजू और उनकी सुरक्षा टीम को मार गिराया। 2005 से अब तक, पोलित ब्यूरो (PB) के 14 सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं, मारे गए हैं या बीमारी से मर चुके हैं। सेंट्रल कमेटी (CC) के भी कई सदस्य मारे गए या गिरफ्तार हुए हैं। अब बस चार सक्रिय PB सदस्य बचे हैं। इनमें मुप्पल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति, मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ अभय, थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी और मिसीर बेसरा शामिल हैं। बसवराजू की जगह कौन अभय या देवजी, दोनों तेलंगाना से हैं, बसवराजू की जगह ले सकते हैं। हालांकि, CPI (माओवादी) ने अभी तक उत्तराधिकार पर कोई बयान नहीं दिया है। हर PB सदस्य CC का हिस्सा होता है, लेकिन CC का हर सदस्य PB का हिस्सा नहीं होता है। CC के सदस्यों की संख्या भी कम हो गई है। 2007 से अब तक 26 गैर-PB सदस्य गिरफ्तार हुए, आत्मसमर्पण किए या बीमारी से मर गए। अब CC में केवल 14 सक्रिय सदस्य हैं, जिनमें चार PB नेता शामिल हैं। सेंट्रल कमेटी के एक दर्जन सदस्य अभी जेल में हैं और तीन की बीमारी से मौत हो गई है। तेलंगाना और महाराष्ट्र में कमेटी के चार सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया है और 2007 से सात को मार गिराया गया है, जिनमें से चार इस साल मारे गए हैं। सेंट्रल कमेटी के एक्टिव मेंबर कौन अब CC के सक्रिय सदस्यों में कदारी सत्यनारायण रेड्डी, चंद्रन्ना, मोडेम बालकृष्ण, गणेश उइके, गजरला रवि, अनल दा, मदवी हिडमा, के रामचंद्र रेड्डी, सुजाता और मल्ला राजा रेड्डी शामिल हैं। बस्तर के आईजीपी सुंदरराज पी ने बताया, ‘माओवादियों का कमांड स्ट्रक्चर अब चरमरा गया है। लगातार खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए ऑपरेशनों और आत्मसमर्पणों ने संगठन को तोड़ दिया है और भटका दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘कुल मिलाकर, 300 सशस्त्र कैडर दंडकारण्य और कुछ अन्य जगहों पर छिपे हुए हैं, उनके पास केवल दो विकल्प हैं… आत्मसमर्पण करना या मारे जाना।’ युद्धविराम के प्रयास भी फेल सीपीआई (माओवादी) ने हाल ही में कई बार युद्धविराम और बातचीत का प्रस्ताव रखा है, लेकिन PB या CC के किसी भी नेता ने सुरक्षा बलों के आत्मसमर्पण के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि शायद यह उनके ‘अहंकार’ के कारण है। 2005 में शुरू हुआ पोलित ब्यूरो का पतन PB के सदस्यों का पतन 2005 में पश्चिम बंगाल में सुशील रॉय की गिरफ्तारी के साथ शुरू हुआ। 2008 और 2011 के बीच, कई और PB सदस्य जेल गए। प्रमोद मिश्रा को 2008 में रांची में और फिर 2022 में गिरफ्तार किया गया। कोबाड गांधी को 2009 में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि अब वह एक स्वतंत्र व्यक्ति हैं। अमिताभ बागची को 2009 में रांची में और जगदीश यादव को 2011 में गया, बिहार में गिरफ्तार किया गया। बच्चा प्रसाद सिंह और बंसी धर सिंह को 2010 में कानपुर में पकड़ा गया। झंटू मुखर्जी और नारायण सान्याल को क्रमशः 2006 और 2011 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अब उनकी मृत्यु हो चुकी है। कट्टम सुदर्शन की 2023 में दंडकारण्य में मृत्यु हो गई। PB सदस्य चेरुकुरी राजकुमार उर्फ ‘आजाद’ और किशनजी 2010-2011 में मारे गए, जबकि अरविंदजी की 2018 में झारखंड में बीमारी से मृत्यु हो गई। प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को 2021 में झारखंड से उनकी पत्नी शीला मरांडी, जो CC सदस्य हैं, के साथ गिरफ्तार किया गया था। बसवराजू की मौत सबसे बड़ा झटका CPI (माओवादी) के महासचिव बसवराजू, जो PB और CC के सदस्य थे, की मौत संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका था। अब CC में केवल 14 सदस्य बचे हैं, जिनमें 4 PB नेता शामिल हैं। CC के गिरफ्तार सदस्यों में मिथिलेश मेहता (2007 और 2022), विष्णु (2007, मुंबई), मोती लाल सोरेन (2009, ओडिशा), प्रदीप सिंगला (2009), विजय कुमार आर्य (2011 और 2022) और वाराणसी सुब्रमण्यम (2011, बिहार) शामिल हैं। हाल ही में, शीला मरांडी (2021), बी वी कृष्णा मूर्ति (2022, केरल), कंचन दा (2022, असम), सब्यसाची गोस्वामी (2024, पश्चिम बंगाल) और संजय दीपक राव (2023, हैदराबाद) को गिरफ्तार किया गया।

एसीबी ने केसलीकला के पटवारी उत्तम कुर्रे को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार

मुंगेली 10 जून 2025 को छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने केसलीकला के पटवारी उत्तम कुर्रे को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पटवारी के सुरीघाट स्थित कार्यालय में की गई। उत्तम कुर्रे पर रिकॉर्ड सुधार और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मुंगेली जिले में छह महीने में एसीबी की चौथी बड़ी कार्रवाई है।   रिश्वत की मांग करने पर की शिकायत 30 मई 2025 को बिलासपुर जिले के बोदरी नगर पंचायत निवासी टोप सिंह अनुरागी ने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज की। उन्होंने बताया कि उनके और उनके भाई-बहनों के नाम पर ग्राम केसलीकला, मुंगेली में 1.43 एकड़ जमीन है। रिकॉर्ड में उनका नाम टोप सिंह के बजाय तोप सिंह दर्ज है। उनकी बहन के नाम के आगे पिता के स्थान पर पति का नाम गलत लिखा है। इस सुधार और जमीन का नक्शा, खसरा, बी-वन प्राप्त करने के लिए टोप सिंह ने पटवारी उत्तम कुर्रे से संपर्क किया। उत्तम कुर्रे ने काम कराने के लिए 25,000 रुपये रिश्वत की मांग की। टोप सिंह रिश्वत नहीं देना चाहते थे। उन्होंने एसीबी से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने पाया कि आरोप सही हैं। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। 10 जून को टोप सिंह को 25,000 रुपये की रिश्वत राशि लेकर पटवारी उत्तम कुर्रे के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने अपने सुरीघाट, मुंगेली स्थित कार्यालय में रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की रकम जब्त की गई। उत्तम कुर्रे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। मुंगेली में भ्रष्टाचार पर नकेल मुंगेली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की यह चौथी कार्रवाई है। इससे पहले प्राचार्य मालिक राम मेहर, बाबू हनी शर्मा, राजस्व निरीक्षक नरेश साहू, पटवारी सुशील जायसवाल और सहायक उपनिरीक्षक राजाराम साहू के खिलाफ भी रिश्वत के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। एसीबी ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुठभेड़ में 76 लाख के पांच माओवादी सहित 7 माओवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया

बीजापुर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक ऑप्स केरिपु- देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर- डा. जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ- त्रिलोक बसंल, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय द्वारा नेशनल पार्क एरिया में संचालित अभियान के सबंध में जानकारी देते हुए बताया कि – छत्तीसगढ़ के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा एक संयुक्त माओवादी विरोधी अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं: संवेदनशील क्षेत्रों में नए सुरक्षा शिविर स्थापित करना, स्थानीय आबादी के लिए समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए माओवादी प्रभावित जिलों में राज्य विकास योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन और माओवादियों के सशस्त्र दस्तों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शुरू करना। परिणामस्वरूप, सुरक्षा बलों ने माओवादी संरचनाओं को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे उनके प्रभाव वाले क्षेत्र काफी कमज़ोर हो गए हैं। विश्वसनीय सूचना में केंद्रीय समिति सदस्य गौतम उर्फ सुधाकर, तेलंगाना राज्य समिति सदस्य बंडी प्रकाश, भास्कर राव, दंडकारण्य स्पेशल जोनल समिति सदस्य पापा राव और कुछ अन्य सशस्त्र माओवादी कैडरों की क्षेत्र में उपस्थिति की पुष्टि की गई थी। सूचना के आधार पर माओवादियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही के लिए संयुक्त टीम 5 जून 25 को रवाना हुईं। तलाशी अभियान के दौरान 5 म़़ई 25 की सुबह, माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में, सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन को बहादुरी और कुशलता से जवाब दिया। परिणामस्वरूप मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने CCM गौतम ऊर्फ सुधाकर का शव और एक AK-47 रायफल बरामद की। गौतम एक कुख्यात माओवादी नेता था, जो कई हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार था, जिनमें कई निर्दोष आदिवासी नागरिकों की मृत्यु और सुरक्षा बलों के जवानों की शहादत हुई। इसके अतिरिक्त, माओवादी वैचारिक प्रशिक्षण समिति (RePOS) का प्रभारी होने के नाते, गौतम युवाओं को हिंसक और राष्ट्रविरोधी विचारधारा के ज़रिए गुमराह करने में भी सक्रिय था। 6 जून 25 को माओवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य SZC भास्कर राव सहित 4 माओवादी एवं 7 जून 25 को 2 माओवादियों को मार गिराया गया । घटनास्थल के सर्च पर 1 एके-47 रायफल, 1-.303 रायफल, 1-315 बोर रायफल,2 – बीजीएल लांचर, 1-12 बोर देशी कटटा, भारी मात्रा में विस्फोटक, गोला बारूद एवं नक्सल सामग्री बरामद किया गया।मारे गये माओवादियों में 5 माओवादियों की शिनाख्त पूर्ण हुई है। शेष माओवादियों की शिनाख्तगी कार्यवाही जारी है ।

एमसीबी : जिला पंचायत एमसीबी की स्थायी समितियों का निर्वाचन हुई संपन्न

एमसीबी : जिला पंचायत एमसीबी की स्थायी समितियों का निर्वाचन हुई संपन्न स्थाई समितियों के पदेन सभापति और सदस्यों की हुई घोषणा एमसीबी जिला पंचायत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्थायी समितियों के गठन की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। छत्तीसगढ़ जनपद तथा जिला पंचायत स्थायी समितियों (सदस्यों का निर्वाचन, शक्तियां, कर्तव्य, कार्यकाल एवं संचालन प्रक्रिया) नियम 1994 के अंतर्गत जिला पंचायत की स्थायी समितियों के निर्वाचन कार्यक्रम को आज विधिवत रूप से सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर एवं पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार सिदार ने निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन करते हुए कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की। निर्वाचन की शुरुआत पूर्वान्ह 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई, जहां जिला पंचायत के सदस्यों की उपस्थिति दर्ज की गई। तत्पश्चात सामान्य प्रशासन, कृषि, शिक्षा, संचार एवं संकर्म, सहकारिता एवं उद्योग, महिला एवं बाल विकास, वन तथा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समितियों के लिए नाम निर्देशन पत्रों की स्वीकृति, परीक्षण एवं वैध-अवैध नामों की घोषणा की गई। निर्वाचन परिणाम के अनुसार सामान्य प्रशासन समिति की पदेन सभापति जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह बनीं। वहीं शिक्षा समिति का सभापति जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजेश साहू को मनोनीत किया गया, जिसमें श्रीमती प्रिया और श्रीमती अनीता चौधरी को सदस्य बनाया गया। इसके साथ ही कृषि समिति का सभापति पद श्रीमती सुखमंती सिंह को सौंपा गया, जबकि श्रीमती ममता सिंह और श्री रामजीत लकड़ा सदस्य बनाए गए। इसके साथ ही संचार एवं संकर्म समिति की बागडोर श्री रामजीत लकड़ा को दी गई, साथ ही श्रीमती अनीता सिंह और श्रीमती ममता सिंह को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया। वहीं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति श्री उजीत नारायण सिंह बन, जबकि श्रीमती सुखमंती सिंह और श्रीमती प्रिया सदस्य नियुक्त हुईं। वहीं महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती अनीता सिंह को सौंपी गई, जिसमें श्रीमती प्रिया और श्रीमती बेलाकुंवर सदस्य बनाई गईं। वन समिति का नेतृत्व श्रीमती अनीता चौधरी को मिला और उनके साथ श्रीमती अनीता सिंह तथा श्रीमती बेलाकुंवर आयाम को सदस्य नियुक्त किया गया। अंततः स्वच्छता एवं स्वास्थ्य समिति की जिम्मेदारी श्रीमती बेलाकुंवर आयाम को दी गई, वहीं श्री उजीत नारायण सिंह और श्री रामजीत लकड़ा को इस समिति का स्थायी सदस्य बनाया गया। जिला पंचायत की स्थायी समितियों के गठन से पंचायत व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता आएगी। पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार सिदार ने निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और नवगठित समितियों को शुभकामनाएं दीं।

जगदलपुर : प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवारों को 08 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

जगदलपुर कलेक्टर श्री हरिस एस. द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् प्राकृतिक आपदा पीड़ित 02 परिवारों को 04 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत् तहसील करपावण्ड ग्राम संधकरमरी निवासी सुखदास की मृत्यु पानी में डूबने से पत्नि श्रीमती मंगतीन कश्यप को और तहसील लोहण्डीगुड़ा ग्राम कांटाबास करेकोट निवासी बिटाल की मृत्यु पानी में डूबने से पति जारा को चार-चार लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी गई है। उक्त स्वीकृत सहायता राशि संबंधित हितग्राहियों के बैंक खाते में सीधे अंतरित किए जाने के निर्देश संबंधित तहसीलदारों को दिए गए हैं।

रायपुर : युक्तियुक्तकरण में लापरवाही: विकास खण्ड शिक्षाधिकारी निलंबित

रायपुर, राज्य शासन के निर्देशानुसार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के दौरान गंभीर अनियमितताओं और गलत जानकारी देने के आरोप में विकास खण्ड शिक्षाधिकारी, रामानुजनगर (जिला सूरजपुर) श्री पंडित भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्री भारद्वाज ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत की, जिससे कई स्तरों पर गंभीर त्रुटियां उत्पन्न हुईं। जांच में सामने आया कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुवनेश्वरपुर में अंग्रेजी विषय के दो रिक्त पद गलत तरीके से दिखाए गए, जबकि वहां पहले से चार व्याख्याता कार्यरत थे। इसके चलते दो अतिरिक्त व्याख्याताओं की अनुचित पदस्थापना की गई। इसी प्रकार, प्राथमिक शाला सरईपारा (जगतपुर) और देवनगर में छात्र संख्या के अनुपात से अधिक शिक्षक पद दर्शाए गए, जिससे वहां भी अनावश्यक रूप से शिक्षकों की नियुक्ति हुई। हाई स्कूल सुमेरपुर में कला संकाय के व्याख्याता श्री राजेश कुमार जायसवाल को विज्ञान विषय का बताकर एक अतिरिक्त विज्ञान शिक्षक की पदस्थापना कराई गई। निलंबन अवधि में श्री भारद्वाज को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा तथा उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर-रामानुजगंज निर्धारित किया गया है।

रायपुर : सपनों का घर : पहाड़ी कोरवा महिला फूलोबाई को मिला पक्का आवास

रायपुर जशपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिला श्रीमती फूलोबाई को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पक्का मकान मिला है। यह मकान उनके वर्षों पुराने संघर्षों का सुखद अंत और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत है। फूलोबाई जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंड्रापाठ की निवासी हैं। लंबे समय तक उन्होंने कच्चे घर में कठिनाइयों से भरा जीवन बिताया — बरसात में टपकती छत, जहरीले जीवों का डर और असुरक्षित माहौल उनका रोजमर्रा का हिस्सा था। लेकिन अब, जब उनका पक्का घर बनकर तैयार हो चुका है, तो वह भावुक होकर कहती हैं कि “बरसात में जब छत टपकती थी तो सारी रात जागते कटती थी। अब मैं पहली बार चैन से सो पाती हूँ। यह सिर्फ घर नहीं, मेरे सपनों का महल है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से पहाड़ी कोरवा जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर अग्रसर किया जा रहा है। फूलोबाई ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा, “यह घर मेरे लिए सिर्फ छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

महासमुंद : साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न

महासमुंद : साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न सीइओ श्री एस. आलोक ने की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा महासमुंद जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक ने आज समय सीमा की बैठक लेकर विकसित कृषि संकल्प यात्रा एवं एकमुश्त चावल वितरण, एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान, मोर गांव मोर पानी अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रवि साहू एवं श्री रविराज ठाकुर अनुविभागीय अधिकारीगण एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सीईओ श्री एस. आलोक ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत शिविरों के सफल संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे ’’आपसी समन्वय’’ के साथ ’अपने-अपने विकासखण्डों के चयनित ग्रामों में शिविर आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना’ तैयार करें। इसके साथ ही शिविरों की तिथि वार सूची, लाभार्थी प्रगति विवरण व पालन प्रतिवेदन को भी समय पर उच्च कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करें। जिले में 15 जून से 30 तक शिविरों के माध्यम से विशेष जनजाति परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। इसके लिए जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए गए। पीएम जनमन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों का आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड एवं केसीसी कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर तैयारी के लिए विशेष निर्देश समाज कल्याण विभाग को दिए गए हैं। इस वर्ष योग संगम एवं हरित योग थीम पर योग दिवस मनाया जाएगा। साथ ही इसे योग सप्ताह के रूप में इसे मनाया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जारी स्थानांतरण नीति अंतर्गत जिले के तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए निर्धारित तिथि 09 से 12 जून तक आवेदन लेने सभी प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिए हैं।   “विकसित कृषि संकल्प अभियान की समीक्षा की गई। कृषि उप संचालक ने बताया कि 12 जून को अभियान का अंतिम दिवस है। अभी तक 66 ग्राम पंचायतों में 66 शिविर लगाए गए। सीईओ श्री एस. आलोक ने जून माह में चावल का एकमुश्त वितरण प्रक्रिया पर खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि 30 जून तक 3 माह (जून, जुलाई एवं अगस्त) का चावल वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि भंडारण के लिए अनुविभागीय अधिकारी विशेष ध्यान दें एवं सुरक्षित स्थानों का चयन करके समुचित भण्डारण करें। साथ ही राशन कार्ड नवीनीकरण के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।   ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन विभागों ने अभी तक मांग पत्र नहीं भेजा है वे आज ही मांग पत्र भेजकर वन विभाग से पेड़ मंगवाए और उसका रोपण सुनिश्चित करें। यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, अमृत सरोवर, तालाबों, प्रधानमंत्री आवासों के आसपास एवं माइनिंग क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत सभी जनपदों के तकनीकी सहायकों को कम से कम 25 जल संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए एवं सोख्ता गड्ढा निर्माण की समीक्षा की गई। जनभागीदारी की सहायता से सभी प्रधानमंत्री आवास, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्रां, पंचायतों, छात्रावासों और स्कूलों में सोख्ता गड्ढा अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग, स्वामित्व योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा की। साथ ही बैठक में पीएम आवास, नशामुक्ति अभियान, टीबी मुक्त अभियान, उल्लास कार्यक्रम आदि की समीक्षा की गई।

महासमुंद : राज्य खेल अलंकरण हेतु आवेदन 26 जून तक आमंत्रित

शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि, प्रेरणा निधि, डाईट मनी वर्ष 2023-24 एवं 2024-2025 हेतु आवेदन आमंत्रित महासमुंद छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को प्रदान किए जाते हैं। राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाड़ियों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिनके द्वारा राष्ट्रीय चैंपियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में कोई पदक प्राप्त किया गया हो या अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया गया हो। इसी प्रकार जूनियर वर्ग के उन खिलाड़ियों को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिनके द्वारा जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कोई पदक प्राप्त किया गया हो। ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला-पुरुष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रशिक्षकों, निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या संबंधित ने ऐसी कोई उल्लेखनीय सेवा खेल के क्षेत्र में की हो जिनके आधार पर उन्हें सम्मानित किए जाने हेतु विचार किया जाए उन्हें शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाती है।  पुरस्कार के नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं, नियमों के अंतर्गत पात्रता रखने वाले आवेदकों को पुरस्कार के लिए प्रावीण्यता के आधार पर चयन किया जाएगा। शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार हेतु रुपए 3 लाख, शहीद कौशल यादव पुरस्कार हेतु रुपए 1 लाख 50 हज़ार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार हेतु रुपए 1 लाख 50 हज़ार, शहीद विनोद चौबे सम्मान एवं शहीद पंकज विक्रम सम्मान हेतु रुपए 25-25 हज़ार नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार सीनियर एवं जूनियर वर्ग में दलिय खेलों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाएगी, जिसमें ऐसे दलीय खेल जिसके सदस्यों की संख्या चार है उन्हें सीनियर वर्ग में रुपए दो लाख एवं जूनियर वर्ग में रुपए एक लाख का पुरस्कार दिया जाएगा तथा ऐसे दलिय खेल जिसमें सदस्यों की संख्या चार से अधिक है उन्हें सीनियर वर्ग में रुपए 5 लाख तथा जूनियर वर्ग में रुपए 3 लाख का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के अतिरिक्त मान पत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर प्रदान की जावेगी। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त विजेताओं को प्रोत्साहन नियम के तहत नगद राशि पुरस्कार अलंकरण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2023-24 में (1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक) एवं वर्ष 2024-2025 में (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक) जिन खिलाड़ियों ने सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है वे खिलाड़ी जिला कार्यालय एवं अपने खेल संघों से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। इसी प्रकार खेलवृत्ति (डाइट मनी) के लिए जिन खिलाड़ियों ने अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किए हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया हो खेलवृत्ति हेतु आवेदन कर सकेंगे। खेलवृत्ति हेतु अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। खेल संघों से प्रोत्साहन के लिए उनके द्वारा वर्ष 2023- 2024 में (1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक) एवं वर्ष 2024-2025 में (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक) अर्जित की गई उपलब्धि के लिए प्रेरणा निधि के आवेदन जिला कार्यालय में निर्धारित तिथि तक जमा कर सकेंगे। पुरस्कार, नगद राशि, खेलवृत्ति एवं प्रेरणा निधि हेतु आवेदन फार्म संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण या विभाग के सभी जिला कार्यालय एवं राज्य खेल संघो से प्राप्त किया जा सकते हैं। शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संघों के माध्यम से नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य खेल संघो की अनुशंसा सहित प्राप्त किए जाएंगे। खेल संघ पृथक पृथक दो पुरस्कारों एक महिला एक पुरुष खिलाड़ी के लिए वरीयता के आधार पर दो-दो खिलाड़ियों के नाम की अनुशंसा कर सकेंगे। पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संचालनालय एवं जिला कार्यालय में खिलाड़ियों को सीधे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिला कार्यालय व संचालनालय में राज्य खेल संघो से अनुशंसा सहित आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2025 कार्यालयीन समय तक निर्धारित की गई है। खिलाड़ी को एक से अधिक अलंकरण सम्मान हेतु पृथक-पृथक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्र का प्रारूप मय सूचना विभाग की वेबसाइट https://sportsyw.cg.gov.in पर उपलब्ध है। निश्चित संख्या से कम संख्या में भी पुरस्कार चयन सूची जारी किए जाने हेतु समिति सक्षम होगी। किसी भी प्रमाण-पत्र का सत्यापन के लिए समिति द्वारा परीक्षण कराया जा सकेगा तथा किसी भी आवेदन में अस्पष्टता के कारण पुरस्कार को स्थगित या घोषित नहीं किए जाने का निर्णय समिति सक्षम होगी। आवेदन में दस्तावेज पूर्ण न होने पर आवेदन निरस्त माना जाएगा। पुरस्कार नियम में प्रावधानों के अनुरूप जिन खिलाड़ियों की मान्यता प्राप्त संघ द्वारा पुरस्कार के लिए अनुशंसा नहीं की गई है और तुलनात्मक रूप से उनकी उपलब्धि अधिक है तो ऐसे खिलाड़ी तत्संबंधी विवरण प्रस्तुत कर निर्धारित प्रारूप में अपना व्यक्तिगत विवरण लेख करते हुए दिनांक 26 जून 2025 तक कार्यालयीन समय में संचालनालय खेल एवं कल्याण सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम जी ई रोड रायपुर या खेल विभाग के जिला कार्यालय में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।

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