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नशे में धुत कार चालक ने लोगों को रौंदा, एक की मौत, तीन गंभीर, कुछ लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई

  बिलासपुर तोरवा थाना क्षेत्र के दर्रीघाट के पास एक नशे में धुत कार चालक ने कई लोगों को रौंद दिया. इस दौरान 4 लोग कार की चपेट में आ गए, जिनमें से 1 की मौके पर ही मौत हो गई. 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं अन्य लोगों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार चालक को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. इस घटना के बाद लोगों में नशे की हालात में कार चलाने वालों के लिए भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. साथ ही गिरफ्तार आरोपी के कार से बीयर और शराब की बोतलें भी बरामद कर कार को जब्त कर लिया गया है.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर लगातार मिल रही सफलताओं पर खुशी की जाहिर, अफसरों को किया सम्मानित

रायपुर  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर लगातार मिल रही सफलताओं पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने शुक्रवार को सीएम साय और डिप्टी सीएम समेत अभियानों में शामिल प्रदेश के टॉप कॉप्स के साथ बैठक कर अब-तक मिली सफलताओं के लिए बधाई दी. इस बैठक का वीडियो उन्होंने आज अपने सोशल मीडिया (ट्वीटर) पर साझा करते हुए लिखा कि वे एंटी नक्सल ऑपरेशन्स को सफल बनाने वाले बहादुर जवानों से मिलने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने ट्वीट पर लिखा- “हाल ही में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों से भेंट कर इन ऑपरेशंस की ऐतिहासिक सफलता पर उन्हें बधाई दी. इन अभियानों को अपनी बहादुरी से सफल बनाने वाले जवानों से भी मिलने के लिए उत्सुक हूं और जल्द ही छत्तीसगढ़ आकर उनसे भेंट करूंगा. मोदी सरकार नक्सलवाद के दंश से भारत को मुक्त करने के लिए संकल्पित है.” उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों द्वारा केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के निर्देशन में माओवादी विरोधी अभियानों का संचालन किया जा रहा है. इसके तहत अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में दिनांक 18.05.2025 से 21.05.2025 तक छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा (जिसमें जिला नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव एवं बीजापुर पुलिस के डीआरजी बल शामिल थे) संचालित अभियान में दिनांक 21.05.2025 को ग्राम बोटेर के जंगलों में हुए मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) के महासचिव व पोलित ब्यूरो सदस्य बसवाराजू उर्फ गगन्ना सहित 27 नक्सली मारे गये तथा भारी मात्रा में हथियार एवं गोला बारूद बरामद हुए. बता दें, केंद्रीय मंत्री द्वारा सम्मानित किए गए अफसरों में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान/ एसआईबी/ एसटीएफ) विवेकानंद, बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव और नक्सल मुक्त जिला बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ सिंह शामिल हैं. अमित शाह ने इन अफसरों को शॉल और बुके देकर सम्मानित किया और पीठ थपथपाकर शुभकामनाएं दी.

युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मातम में बदली बकरीद की खुशियां

बिलासपुर बिलासपुर जिले के तखतपुर ताज मेटाडोर सर्विस में हेल्पर का काम करने वाले युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। युवक की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तखतपुर वार्ड क्रमांक एक चूलघट रोड निवासी सलीम खान उर्फ मंझला ताज मेटाडोर सर्विस में हेल्पर का काम करता है। कल 6 जून को वह गाड़ी में बिलासपुर हेल्परी करते हुए गया था। गाड़ी खाली करने के लिए खड़ा करने के बाद वह वहां से चला गया और देर रात तक उसका ड्राइवर इंतजार करता रहा लेकिन वह वापस नहीं आया। आज सुबह पता चला कि उसने लिदरी ठाकुर ढाबा के पास फांसी लगाकर आत्महत्या ली है। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई, पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बकरीद के दिन युवक की मौत के बाद खुशियां मातम में बदल गई। 

प्रदेश सरकार आबकारी विभाग में आरक्षकों के 200 और उप निरीक्षक के 90 पदों पर करेगी भर्ती

 रायपुर  प्रदेश सरकार आबकारी विभाग में आरक्षकों के 200 और उप निरीक्षक के 90 पदों पर भर्ती करने जा रही है. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में दी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शराब घोटाले में पूर्व मंत्री अंदर हैं. 2000 करोड़ का घोटाला हुआ है, इससे शर्म की बात और क्या हो सकती है. कांग्रेस सरकार में नकली होलोग्राम और नकली शराब की बिक्री हुई. हमारी सरकार में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा. नए अध्यक्ष के पदभार के बाद विश्वास है कि राजस्व की बढ़ोतरी होगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने माहौल को हल्का करते हुए कहा कि कॉरपोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी का ड्रेस देखकर पता चलता है कि यह शराब छूते तक नहीं हैं. इससे कारपोरेशन स्ट्रांग होगा और काम अच्छे से होगा. पदभार ग्रहण कार्यक्रम में मौजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने शराब की बिक्री में करीब 2000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया था. इसलिए इस बार एक ईमानदार व्यक्ति को नियुक्त किया गया है.

चिनाब ब्रिज में लगा भिलाई का इस्पात, दौड़ेगी वंदेभारत

दुर्ग जम्मू कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज के निर्माण में भिलाई इस्पात संयंत्र सहित अन्य प्लांट से स्टील लगाया गया है। भिलाई इस्पात संयंत्र ने इस ब्रिज के निर्माण के लिए 12 हजार से टन से अधिक स्टील उपलब्ध कराया है। पीएम मोदी ने 6 जून 2025 को चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को देश को समर्पित किया है। भिलाई इस्पात संयंत्र सहित स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अन्य इस्पात संयंत्रों ने इस पुल के निर्माण के लिए 16,000 टन स्टील की आपूर्ति की है। जिसके अंतर्गत प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं। सेल के इस्पात संयंत्रों ने जम्मू-कश्मीर में निर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल में उपयोग के लिए 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेटों सहित कुल 16,000 टन इस्पात की आपूर्ति की है। पुल निर्माण में प्रयुक्त सामग्री जानकारी के अनुसार, इस पुल के निर्माण में लगभग 29 हजार मीट्रिक टन स्टील, 10 लाख क्यूबिक मीटर अर्थवर्क, 66 हजार क्यूबिक मीटर से अधिक कंक्रीट तथा 84 किलोमीटर रॉक बोल्ट और केबल एंकर का उपयोग किया गया है। जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी के ऊपर बना 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर है और पेरिस के एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा है। यह पुल 266 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा की रफ्तार और उच्चतम तीव्रता के भूकंपीय तरंगों का सामना करने में सक्षम है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के अंतर्गत यह पुल कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है, जिससे आवागमन सुलभ होगा। भिलाई इस्पात संयंत्र का योगदान सेल के स्टील प्लांट ने जम्मू-कश्मीर में निर्मित दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के लिए 6,690 टन टीएमटी उत्पाद, 1,793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7,511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट्स और चेकर्ड प्लेट्स सहित कुल 16 हजार टन इस्पात की आपूर्ति की है। इसमें भिलाई इस्पात संयंत्र ने 5,922 टन टीएमटी स्टील, 6,454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात की आपूर्ति की है। सेल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट, दुर्गापुर स्टील प्लांट, राउरकेला स्टील प्लांट और बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी स्टील की आपूर्ति की है। नेशनल प्रोजेक्ट में सेल का योगदान स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) राष्ट्रीय महत्व की कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे बांधों, पुलों, सुरंगों, फ्लाईओवरों और एक्सप्रेसवे सहित ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा क्षेत्र में उपयोग होने वाले विशेष ग्रेड के इस्पात की आपूर्ति करता है। सेल-बीएसपी में उत्पादित इस्पात का उपयोग ऊर्जा और बिजली क्षेत्र के साथ-साथ कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे पुलों, राजमार्गों, सुरंगों, फ्लाईओवरों, भूकंपीय संभावित क्षेत्रों में ऊंची इमारतों, औद्योगिक निर्माण, भारी मशीनरी, तेल और गैस क्षेत्र, अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठानों आदि में किया जाता है। भारतीय रेल के लिए भिलाई का योगदान इंडियन रेलवे के लिए वांछित ग्रेड की रेल्स (पटरियों) के उत्पादन के अलावा, सेल-बीएसपी चौड़ी, मोटी और हेवी प्लेटों की विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करता है तथा विशेष मांग पर वैल्यू-एडेड स्पेशल स्टील ग्रेड की रोलिंग करता है। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा तैयार किए गए टीएमटी उत्पादों की पूरी श्रृंखला भूकंपरोधी और जंगरोधी गुणों के साथ उच्च गुणवत्ता वाली है। इसके अतिरिक्त, संयंत्र चैनल्स, एंगल्स और बीम्स सहित स्ट्रक्चरल ग्रेड स्टील का भी उत्पादन करता है। अन्य प्रमुख परियोजनाओं में भिलाई का स्टील भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग बांद्रा-वर्ली सी-लिंक, मुंबई में अटल सेतु, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग, हिमाचल प्रदेश में अटल सुरंग और राष्ट्रीय महत्व की कई अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के निर्माण में किया गया है। सेल-भिलाई द्वारा उत्पादित स्टील का उपयोग युद्धपोतों और आईएनएस विक्रांत के निर्माण में भी किया गया है। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए सेल-बीएसपी द्वारा बड़ी मात्रा में टीएमटी बार्स की आपूर्ति की गई है। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश की राजधानी में निर्मित सेंट्रल विस्टा परियोजना के लिए भी टीएमटी उत्पादों की आपूर्ति की है। भिलाई से किस-किस चीज की हुई सप्लाई? दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों ने बताया कि सेल के विभिन्न इस्पात संयंत्रों, जिसमें भिलाई भी शामिल है, ने इस पुल के लिए 16 हजार टन स्टील की सप्लाई की। इसमें प्लेट्स, टीएमटी बार और स्ट्रक्चरल्स शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस्पात किसी भी निर्माण और औद्योगिक कार्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण सामग्री में से एक है। जानकारी के अनुसार, इस पुल के निर्माण में लगभग 29 हजार मीट्रिक टन इस्पात, 10 लाख घन मीटर मिट्टी, 66 हजार घन मीटर से अधिक कंक्रीट और 84 किलोमीटर ‘रॉक बोल्ट’ (जमीन को स्थिर करने के लिए इस्पात के बोल्ट) तथा केबल एंकर का उपयोग हुआ। इतना खास क्यों है चिनाब नदी पर बना पुल? अधिकारियों ने बताया कि 1.3 किलोमीटर लंबा यह पुल चिनाब नदी के तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है, जो पेरिस के एफिल टॉवर से 35 मीटर अधिक ऊंचा है। यह इंजीनियरिंग का एक अनूठा नमूना है, जो 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा और भूकंप के तेज झटकों को सहन करने में सक्षम है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना (यूएसबीआरएल) के तहत कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे घुमावदार खंड का हिस्सा है। यह क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाएगा। और कहां-कहां से की गई स्टील की सप्लाई? अधिकारियों ने बताया कि सेल के इस्पात संयंत्रों ने इस पुल के लिए 6690 टन टीएमटी उत्पाद, 1793 टन स्ट्रक्चरल स्टील और 7511 टन स्टील प्लेट्स, हॉट स्ट्रिप मिल प्रोडक्ट और चेकर्ड प्लेट्स सहित कुल 16 हजार टन इस्पात की आपूर्ति की। भिलाई इस्पात संयंत्र ने इसमें 5922 टन टीएमटी स्टील, 6454 टन प्लेट्स और 56 टन स्ट्रक्चरल स्टील सहित कुल 12,432 टन इस्पात दिया। उन्होंने बताया कि सेल के पश्चिम बंगाल के बर्नपुर स्थित इस्को इस्पात संयंत्र, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र, ओडिशा के राउरकेला इस्पात संयंत्र और झारखंड के बोकारो स्टील लिमिटेड ने भी इस पुल के लिए स्टील की सप्लाई की गई। भिलाई से गया स्टील कई प्रोजेक्ट में लगा अधिकारियों ने कहा कि सेल ने पहले भी कई राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, जैसे बांध, पुल, सुरंग, फ्लाईओवर, एक्सप्रेसवे, ऊर्जा क्षेत्र और रक्षा … Read more

बिलासपुर में मिले 10 कोरोना संक्रमितों में हाईकोर्ट के एक जज भी शामिल, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तेजी से कोरोना के मामले सामने आए हैं। शहर में एक साथ कोरोना के 10 मरीज मिले हैं। सभी मरीज अलग-अलग इलाकों में मिले हैं। इनमें गुलाब नगर, राजकिशोर नगर, हेमूनगर व नेहरू नगर क्षेत्र शामिल हैं। कोरोना संक्रमितों में हाईकोर्ट के एक जज भी शामिल हैं। सभी मरीजों को होम आईसोलेट किया गया है। अब तक राज्य में कुल 1183 लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 50 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि सभी संक्रमितों में सिर्फ सामान्य सर्दी-खांसी जैसे हल्के लक्षण पाए गए हैं। कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। 5 जून 2025 को पूरे राज्य के अस्पतालों में कोविड-19 की रोकथाम एवं उपचार की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान सभी जिलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल  कोविड-19 के संदिग्ध मामलों की निगरानी करें, आवश्यक जांच कराएं, और समय पर सैंपल परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

एंटी नक्सल ऑपरेशन में तीसरे दिन नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 2 बड़े नक्सली लीडर सहित 7 माओवादी ढेर

बीजापुर नेशनल पार्क इलाके में लगातार तीसरे दिन नक्सलियों के साथ जारी मुठभेड़ में जवानों ने कार्रवाई आक्रमक कर दी है. एंटी नक्सल ऑपरेशन में अबतक 2 टॉप लीडर समेत 7 नक्सली ढेर हो गए हैं. मौके से शव के साथ हथियार और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरमाद किया गया है. इसमें दो AK-47 राइफलें भी शामिल है. फिलहाल आस-पास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन जारी हैं. मुठभेड़ में शनिवार सुबह दो और नक्सलियों को जवानों ने मार गिराया. इससे पहले 1 करोड़ के इनामी नक्सली लीडर सुधाकर और 45 लाख के इनामी नक्सली भास्कर मारे गए थे. इनके अलावा ढेर अन्य नक्सलियों में दो महिला और 3 पुरुष शामिल हैं, जिनकी शिनाख्ती नहीं हो पाई है.   3 दिन से ऑपरेशन जारी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नेशनल पार्क एरिया में 5 जून को एंटी नक्सल ऑपरेशन शुरू किया गया था. पहले दिन मुठभेड़ में सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सुधाकर उर्फ गौतम को जवानों ने मार गिराया. इसके अगले दिन 6 जून को सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सुधाकर उर्फ गौतम को ढेर कर दिया. 6 से 7 जून की दरमियानी शाम को मुठभेड़ में तीन नक्सली और मारे गए. आज भी जवानों को अभियान में सफलता मिली. सुबह 2 नक्सली को ढेर कर दिया गया. अब तक इन नक्सलियों के शव बरामद 1. सुधाकर उर्फ गौतम – सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM). 2. भास्कर – तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य (TSC). 3. 2 अज्ञात महिला नक्सली कैडर. 4. 3 अज्ञात पुरुष नक्सली कैडर. ऑपरेशन के दौरान जवानों को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, फिर भी वे लगातार मोर्चे पर डटे रहे. सर्पदंश, मधुमक्खी के डंक, डिहाइड्रेशन और अन्य अभियान से जुड़ी वजहों से कुछ जवान घायल हुए हैं. सभी को तत्काल मेडिकल सहायता प्रदान की गई है. राहत की बात यह है कि सभी जवानों की स्थिति अब सामान्य है.

छत्तीसगढ़ में रोड किनारे बिक रहा सबसे महंगी सब्जियों में शुमार बोड़ा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर में मानसून के दस्तक के साथ ही सबसे महंगी सब्जियों में शुमार एक सब्जी अब बस्तर के बाजारों में दिखने लगी है। आज हम बात कर रहे एक ऐसी सब्जी की जो न तो खेत में उगती है और न ही दुकानों में मिलती है, लेकिन इसकी तलाश जंगल में ऐसे होती है जैसे कोई खजाना हो। इस सब्जी का नाम है बोड़ा और यह इन दिनों 2500, 3000 रुपये किलो बिक रहा है। आदिवासी महिलाएं ग्रामीण अंचलों से बोड़ा बेचने शहर पहुंच रही हैं। हर साल जून-जुलाई की बारिश के साथ बस्तर के जंगलों की जमीन के नीचे एक खामोश हलचल होती है। बोड़ा साल के पेड़ों की छांव में पत्तों की सड़न और मिट्टी की नमी में जन्म लेता है। ये कोई आम सब्ज़ी नहीं ये एक जैविक रहस्य है। एक फफूंद, जो न तो इंसानी हाथों से उगाया जा सकता है और न ही इसका कोई बीज होता है। बोड़ा उगता है सिर्फ कुछ ही हफ्तों के लिए और इस बेहद कम समय में इसका स्वाद और कीमत दोनों आसमान छू जाते हैं। लोग कहते हैं ये स्वाद में मटन और चिकन से भी आगे है। जंगल से निकलने वाली ये सब्जी अब बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनती जा रही है। महुआ और तेंदूपत्ता के बाद यही एक सीज़नल इनकम है, जिससे गांव वालों की कमाई होती है। हर साल सैकड़ों क्विंटल बोड़ा जंगलों से निकाला जाता है और जगदलपुर से लेकर रायपुर, भिलाई, नागपुर और विशाखापट्टनम तक भेजा जाता है। वैज्ञानिक अब भी हैरान हैं। लाख रिसर्च करने के बाद भी बोड़ा को कृत्रिम रूप से उगाने का फॉर्मूला नहीं मिल पाया, क्योंकि ये सिर्फ साल के पत्तों की सड़न, मिट्टी और उमस के एकदम सटीक मेल से उगता है। बोड़ा में भरपूर मात्रा में होता है प्रोटीन बताया जाता है कि बोड़ा में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है। इसके अलावा, विटामिन बी,अमीनो एसिड और एंटीऑक्सिडेंट्स भी मिलता है. स्वाद ही नहीं सेहत में भी इसे सुपरफूड की कैटेगरी में रखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार इंफेक्शन, ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों के लिए इसे अचूक दवा माना जाता है, जबकि, कुपोषण और पेट से संबंधित बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए यह बहुत फायदा करता है। जब ये 2500 से 3000 रुपये किलो बिक रहा है तो सवाल ये नहीं उठता कि ये महंगा क्यों है। सवाल ये उठता है कि ये अब तक बाकी दुनिया की नज़र से कैसे छुपा रह गया। दूसरे राज्यों से आते हैं खरीदने, विदेशी पर्यटकों की भी पहली पसंद है बोड़ा छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। साथ ही यहां की आदिवासी परंपरा,रहन-सहन, कला और संस्कृति देश-विदेशों में चर्चित है। इसके अलावा बस्तर में आदिवासियों द्वारा बनाए जाने वाले स्वादिष्ट व्यंजन और यहां के प्रकृति से मिलने वाले कंद मूल से बनी सब्जियों खासकर बोड़ा की सब्जी को देश विदेशों से पहुंचने वाले पर्यटक काफी चाव से खाते हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के साथ-साथ अन्य जिलों के रहवासी और पड़ोसी राज्य ओडिशा, तेलंगाना से भी बड़ी संख्या में लोग बोड़ा खरीदने के लिए आते हैं।

युक्तियुक्तकरण से जशपुर में पालकों में उत्साह, बच्चों में नया जोश

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और स्कूलों में शिक्षक उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश भर में चलाए जा रहे युक्तियुक्तकरण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में क्रियान्वित इस अभियान से खासकर आदिवासी बहुल और दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है। फरसाबहार विकासखंड के दो ऐसे प्राथमिक विद्यालय रैगारमुंडा और मुण्डाडीह, जो वर्षों से शिक्षक विहीन थे, अब यहां युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत  2-2 नियमित शिक्षकों पदस्थ हो चुके हैं। रैगारमुंडा शाला, जो कि स्वयं मुख्यमंत्री श्री साय के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में स्थित है, में दो शिक्षकों की नियुक्ति से गांव में शिक्षा के प्रति वातावरण पूरी तरह से बदल गया है। पूर्व में विद्यालय केवल व्यवस्था अनुसार शिक्षकों के भरोसे चल रहा था, और बच्चों की उपस्थिति नगण्य थी। अब यहां के पालकों में नया विश्वास जगा है और वे पुनः अपने बच्चों का नामांकन स्थानीय शाला में कराने के लिए आगे आ रहे हैं। इसी प्रकार मुण्डाडीह के प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से शिक्षक न होने के कारण शिक्षण कार्य लगभग ठप था। गांव के लोग आशंकित थे कि कहीं उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय न हो जाए। किंतु अब नियमित शिक्षकों की पदस्थापना से विद्यालय में फिर से पढ़ाई हो सकेगी। विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और ग्रामवासियों ने शिक्षकों के आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामवासी श्रीमती शांति चौहान, जिनकी बेटी कक्षा पाँचवीं में पढ़ती है, भावुक होकर बताती हैं किअब हम निश्चिंत हैं कि हमारे बच्चे भी पढ़-लिखकर कुछ बन पाएंगे। शिक्षक आ गए हैं, ये हमारे लिए बहुत बड़ा तोहफा है। इस सकारात्मक बदलाव पर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता देना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मैं स्वयं देख रहा था कि कई विद्यालय शिक्षक विहीन स्थिति में थे, विशेष रूप से सुदूर अंचलों में। इसलिए हमने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता से लागू किया। यह सुनिश्चित किया गया कि जहां-जहां जरूरत है, वहां शिक्षकों की तैनाती हो। जशपुर के फरसाबहार क्षेत्र में जो सकारात्मक बदलाव आ रहा है, वह इस नीति की सफलता का प्रमाण है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में किया गया प्रयास है। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की कोशिश है कि अगले शैक्षणिक सत्र तक प्रदेश के सभी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में आवश्यक शिक्षक उपलब्ध हों।शिक्षकों की उपस्थिति से बच्चों को अब नियमित मार्गदर्शन मिलेगा, शैक्षणिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा और समूचे अंचल में शिक्षा के प्रति जागरूकता की नई लहर दौड़ पड़ी है। इस प्रकार, जशपुर जिले के रैगारमुंडा और मुण्डाडीह जैसे गांवों में युक्तियुक्तकरण की यह पहल न केवल शिक्षा को बल दे रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में सरकार के प्रति विश्वास और सहभागिता का आधार भी मज़बूत कर रही है। यह छत्तीसगढ़ सरकार के संकल्प—“सब पढ़ें, सब बढ़ें” की दिशा में एक सार्थक कदम है।

बीजापुर में बड़ी मुठभेड़ पांच नक्सली हुए ढेर, सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी

छत्तीसगढ़  छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए हैं। सुरक्षा बलों ने 3 दिन पहले सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। तलाशी अभियान और मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी है। तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्यों के हजारों की संख्या में जवान ऑपरेशन पर हैं। इलाके में सर्च अभियान जारी नक्सलियों के खिलाफ इस अभियान में कई सुरक्षा इकाइयां शामिल हैं, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती वन क्षेत्रों में नक्सलियों की मौजूदगी और बुनियादी ढांचे को खत्म करना है। जानकारी के अनुसार, नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया गया है। ऑपरेशन में 10,000 सुरक्षाकर्मी शामिल पुलिस ने बताया कि यह अभियान बस्तर क्षेत्र में शुरू की गई सबसे बड़ी आतंकवाद रोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), राज्य पुलिस की सभी इकाइयों के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और इसके विशिष्ट कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन (कोबरा) सहित विभिन्न इकाइयों के लगभग 10,000 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। तीन दिन पहले शुरू हुआ था अभियान पुलिस ने बताया कि माओवादियों के सबसे मजबूत सैन्य संगठन बटालियन नंबर 1 और माओवादियों की तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी के बारे में मिली जानकारी के आधार पर सोमवार को अभियान शुरू किया गया और यह कई दिनों तक चलेगा। पुलिस ने आगे ये भी बताया कि घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरा यह इलाका माओवादियों की बटालियन नंबर 1 का बेस माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, बीजापुर में 5 हजार से अधिक जवानों को नक्सलियों ने घेर लिया है। बीजापुर में बड़ी मुठभेड़, 40 लाख का इनामी नक्सली सुधाकर मारा गया छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. डीआरजी और एसटीएफ ने नेशनल पार्क इलाके में नक्सलियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान जवानों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य सुधाकर मारा गया. सुधाकर पर सरकार ने 40 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. यह मुठभेड़ बीजापुर के घने जंगलों में हुई, जहां लंबे समय से नक्सली गतिविधियां चल रही थीं. 40 लाख का इनामी नक्सली मारा गया बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि की है. हालांकि सुधाकर के मारे जाने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. जवान अभी भी इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि मुठभेड़ के बाद इलाके में लगातार तलाशी ली जा रही है. मुठभेड़ के दौरान भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं. मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान जारी सुधाकर नक्सली संगठन में एक अहम भूमिका निभाता था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था. उसकी मौत को सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन में जुटे हुए हैं और जंगल के हर हिस्से की बारीकी से जांच कर रहे हैं.  

एनआईए ने छत्तीसगढ़ में सेना के जवान की हत्या के मामले में नक्सली कार्यकर्ता के खिलाफ आरोप पत्र किया दाखिल

रायपुर राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानि एनआईए ने फरवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भारतीय सेना के जवान की हत्या मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए एक नक्सली कार्यकर्ता के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। बीजापुर के आशु कोरसा के खिलाफ जागदलपुर में एनआईए विशेष अदालत में आईपीसी, 1860 की धारा 302 के साथ 120बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 16, 18, 20, 38 और 39 के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है। जांच में जो मामले सामने आए हैं उसके तहत आरसी-13/2024/एनआईए/आरपीआर के तहत की गई। जांच में यह सामने आया कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) की आपराधिक साजिश में शामिल था, जिसका उद्देश्य मोतीराम अचला की हत्या करना था। पीड़ित को पिछले साल 25 फरवरी को कांकेर जिले के अमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव के मेले में परिवार के साथ जाते समय सीपीआई (माओवादी) के सशस्त्र कैडर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले को मूल रूप से स्थानीय पुलिस ने दर्ज किय था और 29 फरवरी 2024 को अपने हाथ में लिया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी माओवादी आशु कोरसा  उत्तर बस्तर डिवीजन की कुयेमारी क्षेत्र समिति का सक्रिय सशस्त्र कैडर था। उसने एक अन्य वरिष्ठ माओवादी नेता के साथ मिलकर मोतीराम अचला की पहचान की और स्थानीय बाजार में उसकी हत्या की। एनआईए ने उसे पिछले साल दिसंबर मे इस साजिश के संबंध में गिरफ्तार किया था।  जिसका मकसद उस क्षेत्र के लोगों में दहशत फैलाना था।  

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिले मुख्यमंत्री ने दिखाई छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर में शांति व्यवस्था, विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके साथ ही हाल ही में छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार की प्रधानमंत्री को जानकारी दी। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी उनके आवास पर मुलाकात की। जहां राज्य के विकास, नक्सल ऑपरेशन सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।   मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर का चेहरा बदल रहा है, जो कभी बंदूक और बारूदी सुरंगों के लिए जाना जाता था, आज वहाँ मोबाइल टावर खड़े हो रहे हैं, जो सिर्फ संचार का माध्यम नहीं बल्कि विकास और विश्वास के प्रतीक बन चुके हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा विगत डेढ़ वर्ष में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है। इन सुरक्षा चौकियों के आसपास गांवों में न केवल पुलिस की उपस्थिति से सुरक्षा की भावना बनी है, बल्कि इन इलाकों में अब नेटवर्क भी पहुंच गया है। सरकार ने अब तक कुल 671 मोबाइल टावर चालू कर दिए हैं, जिनमें से 365 टावरों में 4G सेवा उपलब्ध है। यह न सिर्फ तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह संकेत है कि अब आदिवासी क्षेत्रों में संचार क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर में सिर्फ मोबाइल टावर नहीं लग रहे हैं, बल्कि ये टावर इस बात का सबूत हैं कि वहां के बच्चे और युवा भी अब डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। पहले जहां बच्चों को पढ़ाई या नौकरी की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था, अब वही काम वे अपने गांव में मोबाइल नेटवर्क के ज़रिए ऑनलाइन कर पा रहे हैं। अब बस्तर का युवा भी स्मार्टफोन से अपनी दुनिया खुद बना रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बताया सुरक्षा कैंपों के इर्द-गिर्द बसते गांवों में अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुँच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत चिन्हित 146 ग्रामों में 18 सामुदायिक सेवाएं और 25 तरह की सरकारी योजनाएं एक साथ क्रियान्वित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया सुशासन तिहार के तहत अब तक सैकड़ों समाधान शिविर आयोजित किए गए हैं, जहां सांसद से लेकर विधायक तक गांव गांव पहुंचकर जनता की शिकायतों का समाधान किया। इन शिविरों में ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्कूल प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला गैस जैसी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर दिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए की जा रही योजनाओं और नवाचारों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है, और जनभागीदारी से लेकर तकनीकी उपायों तक, हर स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में अब बारिश के दिन कम हो गए हैं — पहले जहाँ लगभग 100 दिन बारिश होती थी, अब सिर्फ़ 65 दिन ही होती है। तकनीक के तहत गांव-गांव में पानी बचाने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। जहां पहले पानी बरसकर बह जाता था, अब उसे रोकने और जमा करने की कोशिश हो रही है। इस काम में आधुनिक तकनीक जैसे GIS मैपिंग और ‘जलदूत’ नाम का मोबाइल ऐप इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह पता चलता है कि कहां कितनी ज़रूरत है। सबसे खास बात यह है कि इस अभियान में महिलाएं बड़ी भागीदारी निभा रही हैं। महिला समूह तालाबों की सफाई, गहराई बढ़ाने, और पुराने जल स्रोतों को फिर से जीवित करने में आगे आ रही हैं। इस साझेदारी से गांवों में पानी की कमी दूर हो रही है और लोगों को अपने इलाके में ही साफ और पर्याप्त पानी मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को नालंदा परिसर की जानकारी भी दी, जो देश की पहली 24×7 हाईब्रिड सार्वजनिक लाइब्रेरी है। 18 करोड़ की लागत से बनी इस सुविधा में ई-लाइब्रेरी, यूथ टॉवर, हेल्थ ज़ोन और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था है। अब तक 11,000 से अधिक छात्र लाभांवित हो चुके हैं, जिनमें 300 से अधिक छात्र यूपीएससी और सीजी पीएससी में सफलता पाई है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ मॉडल की भी जानकारी दी, जिसमें वंचित व आदिवासी बच्चों को आईआईटी, नीट, क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। अब तक 1508 छात्र चुनिंदा राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना की और छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

जून माह तक आगामी तीन माह का चावल ले सकते हैं राशनकार्डधारी- खाद्य मंत्री बघेल

राशन वितरण में शिकायत आने पर तत्काल कार्यवाही करें: खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तीन माह का एकमुश्त चावल वितरण पर रखें निगरानी- खाद्य मंत्री बघेल जून माह तक आगामी तीन माह का चावल ले सकते हैं राशनकार्डधारी- खाद्य मंत्री बघेल पीएससी और व्यापम को रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश कस्टम मिलिंग का चावल तेजी से जमा कराए विभागीय काम-काज की समीक्षा रायपुर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री श्री बघेल ने बैठक में कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी राशनकार्ड धारियों को माह जून से अगस्त तक तीन माह का एकमुश्त चावल देने का निर्णय लिया है। राज्य के सभी 13965 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को एक जून से चावल वितरण प्रारंभ हो गया है। उन्होंने चावल वितरण में तेजी लाने के साथ ही सभी राशनकार्ड धारियों को आगामी तीन माह का एकमुश्त चावल मिले इस पर विशेष रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चावल वितरण में गड़बड़ी की शिकायत आने पर तत्काल कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने उचित मूल्य के दुकानों में चावल भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने बैठक में वर्ष 2022-23 से वर्ष 2024-25 के स्टॉक सत्यापन की कार्यवाही की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सितम्बर 2022 की स्थिति में भौतिक सत्यापन उपरांत कम पाए गए खाद्यान्न की वसूली तेजी के साथ किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 335 उचित मूल्य के दुकानों में लगभग 124 करोड़ के राशन सामग्री कम पाए गए थे, जिसमें से 119 करोड़ रूपए की वसूली की जा चुकी है। पांच करोड़ रूपए की वसूली शेष है, जिस पर कार्यवाही की जा रही है। वहीं 27 उचित मूल्य दुकान संचालकों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गई थी। मंत्री श्री बघेल ने शेष वसूली भी शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री ने चना वितरण एवं भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 और 2024-25 में मिलर्स द्वारा केन्द्रीय और राज्य पुल में चावल जमा की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि मिलर्स द्वारा 2023-24 के शेष 0.88 लाख मीट्रिक टन चावल को जमा करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है। इसी प्रकार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 25.43 लाख मीट्रिक टन चावल जमा किया जाना है। जिसके विरूद्ध 14.86 लाख मीट्रिक टन उपार्जित कर लिया गया है, जो चावल जमा का 58.43 प्रतिशत है। शेष चावल की जमा करने की कार्यवाही तेजी गति से चल रही है। मंत्री श्री बघेल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के चावल जमा करने की तिथि 30 जून के पश्चात समय में वृद्धि नही करने और तेजी के साथ चावल जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की तैयारी, समितियों में खरीदी व्यवस्था की तैयारी सहित संग्रहण केन्द्र में धान की भौतिक स्थिति, मिलर्स को प्रोत्साहन राशि का भुगतान, न्यायालयीन प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने कहा कि रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शीघ्र भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने वित्त विभाग से अनुमति ले चुके पदों के लिए पीएससी और व्यापंम को भर्ती प्रस्ताव भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता आयोग राज्य एवं जिला स्तर पर अध्यक्षों और सदस्यों के रिक्त पदों पर विधिसम्मत भरने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने आयोग में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया। मंत्री श्री बघेल ने विधिक मापविज्ञान विभाग की प्रगति की समीक्षा की। नाप तौल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024-25 में नाप तौल के सत्यापन एवं मुद्रांकण से 13.5 करोड़ रूपए की राजस्व प्राप्ति हुई है। वहीं 2.21 लाख नाप तौल उपकरणों का सत्यापन किया गया है। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि माप तौल प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। वहीं लायसेंस प्रदान करने की समय सीमा भी कम की जाए। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्रीमती किरण कौशल, मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री रमेश शर्मा, विधिक मापविज्ञान विभाग के संचालक श्री देवेन्द्र भारद्धाज सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही :CM

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में माओवादी विरोधी अभियानों की अब तक की सफलताओं और बस्तर अंचल में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है। विगत डेढ़ वर्ष में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 1,428 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो बीते पांच वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। मुख्यमंत्री साय ने अवगत कराया कि 205 मुठभेड़ों में 427 माओवादी मारे गए, जिनमें संगठन के शीर्ष नेता महासचिव बसवा राजू और सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर जैसे कुख्यात माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही, राज्य में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है, जिससे सुरक्षा नेटवर्क मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि इन सुरक्षा कैंपों के आसपास बसे गांवों तक अब बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुँचाई जा रही हैं। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत चिन्हित 146 ग्रामों में एकीकृत रूप से 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाएं और 25 प्रकार की शासकीय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास शासन तंत्र में बढ़ा है। गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री साय द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो रहा है और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने परिजनों के लिए प्रतीक्षा हॉल के निर्माण की घोषणा

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री ने मातृ एवं शिशु अस्पताल रायपुर का किया निरीक्षण  स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की सुविधाओं का लिया जायजा, मरीजों और परिजनों से की बातचीत  स्वास्थ्य मंत्री ने परिजनों के लिए प्रतीक्षा हॉल के निर्माण की घोषणा अस्पताल को जल्द ही मिलेंगे 4 मेडिकल ऑफिसर और  25 स्टाफ नर्स रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज रायपुर में कालीबाड़ी स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण किया। जायसवाल ने संपूर्ण अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रसव पूर्व निगरानी कक्ष, पोषण पुनर्वास केंद्र समेत अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी बात की और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। जायसवाल ने निरीक्षण के पश्चात अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकीय स्टाफ की बैठक लेते हुए उन्हें मरीजों के हित में और बेहतर कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अस्पताल में मरीजों के हित में फैसला लेते हुए बैठक के दौरान अस्पताल के लिए 4 मेडिकल ऑफिसर, 25 स्टाफ नर्स, 10 वार्ड आया, 5 वार्ड बॉय, 2 लैब टेक्निशन और 2 लैब असिस्टेंट की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अस्पताल परिसर में विधायक निधि से जेनेरिक मेडिकल स्टोर भी जल्द खुलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में मरीजों की आवश्यकता और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए परिजनों के लिए प्रतीक्षा कक्ष के निर्माण और अस्पताल के द्वितीय तल पर स्थित हॉल में और कंडीशनर लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान क्षेत्र के विधायक सुनील सोनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी भी उपस्थित थे।

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