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धार्मिक आस्था और आधुनिक अधोसंरचना का अद्भुत संगम — भैरव मंदिर, गूढ़ (रीवा) का भव्य लोकार्पण

A wonderful confluence of religious faith and modern infrastructure – Grand inauguration of Bhairav Temple, Gudh (Rewa) जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वास्तुकला के सुंदर समन्वय का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आज गूढ़ स्थित भैरव मंदिर परिसर का भव्य लोकार्पण माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। यह अवसर न केवल क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण रहा, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं के लिए आस्था के नए केंद्र की स्थापना का ऐतिहासिक दिन भी बना। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह मंदिर परिसर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने इसे प्रदेश की धार्मिक पर्यटन संभावनाओं को सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। परंपरा और आधुनिकता का संतुलित स्वरूप मंदिर परिसर की संपूर्ण वास्तु संकल्पना प्रसिद्ध आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव द्वारा तैयार की गई है। उनके डिज़ाइन में पारंपरिक मंदिर वास्तुकला की गरिमा और आधुनिक सुविधाओं का उत्कृष्ट संतुलन देखने को मिलता है। भव्य शिल्पकला, विस्तृत प्रांगण, सुव्यवस्थित मार्ग, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था और सौंदर्यपूर्ण प्रकाश व्यवस्था इस परिसर को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। आर्किटेक्ट श्रीवास्तव ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल एक मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि एक ऐसा आध्यात्मिक एवं सामाजिक केंद्र विकसित करना था जहाँ लोग शांति, संस्कृति और सामुदायिक जुड़ाव का अनुभव कर सकें। आस्था से सामाजिक समरसता तक भैरव मंदिर परिसर आने वाले समय में धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक आयोजनों, आध्यात्मिक प्रवचनों तथा सामुदायिक कार्यक्रमों का प्रमुख स्थल बनने की दिशा में अग्रसर है। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया। आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल यह नव-निर्मित परिसर केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रेरक प्रतीक सिद्ध होगा। भव्यता, आध्यात्मिकता और आधुनिक दृष्टिकोण का यह संगम रीवा जिले को धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान देने जा रहा है।

केंद्रीय जेल जबलपुर की झांकी “गुडिया” बनी जेल सुधार की संवेदनशील मिसाल

The tableau of Central Jail Jabalpur, “Gudiya”, became a sensitive example of prison reform. जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता/ कैमरामैन  अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर । केंद्रीय जेल जबलपुर द्वारा प्रस्तुत झांकी “गुडिया” ने जेल सुधार और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा है। यह झांकी केंद्रीय जेल जबलपुर के बंदियों के अथक परिश्रम से तैयार की गई है, जो समाज को यह संदेश देती है कि सुधार की राह ही वास्तविक परिवर्तन की कुंजी है। मासूम “गुडिया” की कहानी से खुलता है सच झांकी में एक छोटी बच्ची “गुडिया” की कहानी के माध्यम से उन बच्चों की स्थिति को दर्शाया गया है, जो अपने माता या पिता के साथ जेल में रहने को मजबूर होते हैं। कुछ वर्ष पूर्व तक दंडात्मक जेल व्यवस्था के चलते 6 वर्ष तक के निर्दोष बच्चों को भी जेल के कठिन वातावरण में रहना पड़ता था। सुधारात्मक सोच से बदली बच्चों की दुनिया झांकी में यह भी दर्शाया गया है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जेलों में सुधारात्मक विचारधारा अपनाए जाने के बाद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। अब जेल परिसरों में बच्चों के लिए बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ का मजबूत संदेश “गुडिया” झांकी बेटे और बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करने का संदेश देती है और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है। यह समाज में समानता और जागरूकता को बढ़ावा देने वाली झांकी है। नारी सशक्तिकरण और बंदियों की भावनाएँ भी दिखीं झांकी में महिला कमांडो के माध्यम से नारी सशक्तिकरण को दर्शाया गया है। वहीं जेल में सजा काट रहे बंदियों द्वारा जनजातीय गौरव दिवस जैसे अवसरों पर अपनी रिहाई की आशा को नृत्य के माध्यम से व्यक्त करते हुए दिखाया गया है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। समाज के लिए एक मजबूत संदेश कुल मिलाकर, केंद्रीय जेल जबलपुर की झांकी “गुडिया” यह साबित करती है कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, संवेदना और मानवता का केंद्र भी बन सकती है।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर प्रशासन का शिकंजा, जबलपुर में हाई-लेवल जांच शुरू

Administration cracks down on fake caste certificates, high-level investigation begins in Jabalpur विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तवभोपाल।सहकारिता विभाग मुख्यालय के स्थापना कक्ष में तरह-तरह की हैरत अंग्रेज मामले सामने आ रहे हैं स्थापना अधीक्षक संजीव गुप्ता द्वारा स्वयं की विवादित फाइल को घुमा दिया गया है जबकि सौरभ राजपूत के प्रकरण में पूर्व पंजीयक के आदेश की अवहेलना की जा रही है इसी कड़ी में एक और मामला सामने आया है जो जबलपुर का है जबलपुर उपयुक्त कार्यालय में यह साबित हो चुका है कि सीनियर कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर हेमलता डोंगर का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है जिसके आधार पर वह वर्षों से नौकरी कर रही हैं संबंधित जांच विभाग द्वारा अनेक बार स्थापना कक्षा सहकारिता को इस बारे में जानकारी दी गई किंतु ना तो संजीव गुप्ता ने विभागीय जांच करवाई और ना ही फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे व्यक्ति पर निलंबन की कार्यवाही की स्थापना कक्षा की इस कार्य प्रणाली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं सूत्रों के अनुसार संजीव गुप्ता भ्रष्टाचार में इतना दबंग हो चुका है कि वह तय करता है की स्थापना कक्ष में कौन अधिकारी काम करेगा।वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करके किस फाइल को समक्ष रखना है किसे नहीं यह खेल कब तक रुकेगा यह देखने लायक होगा। संभावित सुर्खियां:

सहकारिता विभाग में स्थापना कक्ष में संजीव गुप्ता के नेतृत्व में कार्य कर रहा सिंडिकेट

Work is going on in the Establishment Room in the Establishment Department under the leadership of Sanjeev Gupta. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव सहकारिता विभाग में विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी जिसके माध्यम से क्लर्क पद पर कार्यरत कर्मचारी सहकारी निरीक्षक बनाए गए थे।इस परीक्षा को कराने से लेकर मूल्यांकन परिणाम और कर्मचारियों के चयन को लेकर विभागीय कमेटी भी बनी थी।किंतु मुख्य रूप से यह कार्य स्थापना कक्ष का था ।स्थापना अधीक्षक संजीव गुप्ता के चहेते क्लर्क सौरभ राजपूत को इस परीक्षा में निर्धारित 100 में से 90 अंक मिल जाते है।परीक्षा का स्तर भी बेहद साधारण था सरल प्रश्न पूछे गए थे।मूल्यांकन करने वालों ने चिन्हित लोगों को उदारता पूर्वक नंबर दिए।नतीजतन सौरभ राजपूत जैसे लोग सहकारी निरीक्षक बन गए।सौरभ राजपूत को पूर्व पंजीयक मनोज सरेयाम द्वारा संदिग्ध कार्य प्रणाली के कारण कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।स्थापना कक्ष में संजीव गुप्ता के सिंडिकेट के मुख्य गुर्गे के रूप में काम करने वाले सौरभ राजपूत की फाइल कारण बताओ के बाद दबा दी गई।फाइलों को दबा देने की शैली सहकारिता विभाग में बहुत पुरानी है।वर्षों से जमे संजीव गुप्ता का लेन देन करने वाले सौरभ राजपूत एक अकेला उदाहरण नहीं है गिरोह बनाकर संजीव गुप्ता स्थापना कक्ष में कार्य कर रहा है।स्वयं संजीव गुप्ता के संबंध में पूर्व पंजीयक आलोक सिंह साहब ने एस बी आई हाउसिंग समिति में इसके विरुद्ध अंकित किया था सस्पेंड किया जाय ।मगर उसकी फाइल भी दबा दी जा चुकी है।स्थापना उपायुक्त और संयुक्त आयुक्त आखिर क्यों पूर्व पंजीयक सहकारिता के आदेशों की अवहेलना कर रहे है यह चर्चा का विषय बना हुआ है।प्रदेश के जिलों में कार्यरत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने पदोन्नति रोकने लेन देन के उपरांत लोगों को उपकृत करने का यह खेल दस सालों से चल रहा है।सूत्रों के अनुसार वर्तमान पंजीयक एवं आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प को इसकी भनक लग चुकी है और वे जल्दी ही बड़ी कार्यवाही करने वाले है।सहकारिता विभाग में प्रशासनिक लापरवाही और आदेशों की अवहेलना का गंभीर मामला सामने आया है। सहकारी निरीक्षक मुख्यालय श्री सौरभ राजपूत (दस्तावेज़ानुसार नाम) के विरुद्ध संयुक्त आयुक्त सहकारिता (प्रशासन) मुख्यालय द्वारा औपचारिक आरोप पत्र एवं आरोप विवरण पत्र जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोप पत्र के अनुसार 3 मई 2024 को कार्यालयीन आदेश के तहत श्री राजपूत का प्रशासन शाखा से अंकेक्षण शाखा में स्थानांतरण किया गया था। इसके बावजूद उन्हें निर्देशित किया गया था कि वे समस्त निस्तारित प्रकरणों का चार्ज एवं अभिलेख तत्काल संबंधित अधिकारियों को सौंपें, लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद उन्होंने न तो अभिलेख सौंपे और न ही चार्ज ट्रांसफर किया। सूत्रों के मुताबिक 25 सितंबर 2024 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुनः निर्देश दिए गए कि श्रीमती राखी राठौर (सहायक ग्रेड-03) तथा बाद में श्री अजय सिंह को समस्त अभिलेख और प्रकरण सौंपे जाएं, लेकिन यह प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि इस लापरवाही के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए और डिजिटल अभिलेखों व शासकीय निस्तारण कार्यों में हेर-फेर व छेड़छाड़ की आशंका भी सामने आई है। इससे कार्यालयीन व्यवस्था और कार्य संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ा। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि संबंधित अधिकारी द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आधार पर प्रकरण को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडनीय माना गया है। अब संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो उनके विरुद्ध आगे की कड़ी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह मामला सहकारिता विभाग में प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

फाइलें नहीं सौंपी, आदेशों की अवहेलना: सहकारी निरीक्षक मुख्यालय पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, आरोप पत्र जारी

Files not handed over, orders disobeyed: Disciplinary action against Cooperative Inspector Headquarters, charge sheet issued विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव सहकारिता विभाग में विभागीय कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी जिसके माध्यम से क्लर्क पद पर कार्यरत कर्मचारी सहकारी निरीक्षक बनाए गए थे।इस परीक्षा को कराने से लेकर मूल्यांकन परिणाम और कर्मचारियों के चयन को लेकर विभागीय कमेटी भी बनी थी।किंतु मुख्य रूप से यह कार्य स्थापना कक्ष का था ।स्थापना अधीक्षक संजीव गुप्ता के चहेते क्लर्क सौरभ राजपूत को इस परीक्षा में निर्धारित 100 में से 90 अंक मिल जाते है।परीक्षा का स्तर भी बेहद साधारण था सरल प्रश्न पूछे गए थे।मूल्यांकन करने वालों ने चिन्हित लोगों को उदारता पूर्वक नंबर दिए।नतीजतन सौरभ राजपूत जैसे लोग सहकारी निरीक्षक बन गए।सौरभ राजपूत को पूर्व पंजीयक मनोज सरेयाम द्वारा संदिग्ध कार्य प्रणाली के कारण कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।स्थापना कक्ष में संजीव गुप्ता के सिंडिकेट के मुख्य गुर्गे के रूप में काम करने वाले सौरभ राजपूत की फाइल कारण बताओ के बाद दबा दी गई।फाइलों को दबा देने की शैली सहकारिता विभाग में बहुत पुरानी है।वर्षों से जमे संजीव गुप्ता का लेन देन करने वाले सौरभ राजपूत एक अकेला उदाहरण नहीं है गिरोह बनाकर संजीव गुप्ता स्थापना कक्ष में कार्य कर रहा है।स्वयं संजीव गुप्ता के संबंध में पूर्व पंजीयक आलोक सिंह साहब ने एस बी आई हाउसिंग समिति में इसके विरुद्ध अंकित किया था सस्पेंड किया जाय ।मगर उसकी फाइल भी दबा दी जा चुकी है।स्थापना उपायुक्त और संयुक्त आयुक्त आखिर क्यों पूर्व पंजीयक सहकारिता के आदेशों की अवहेलना कर रहे है यह चर्चा का विषय बना हुआ है।प्रदेश के जिलों में कार्यरत कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकने पदोन्नति रोकने लेन देन के उपरांत लोगों को उपकृत करने का यह खेल दस सालों से चल रहा है।सूत्रों के अनुसार वर्तमान पंजीयक एवं आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प को इसकी भनक लग चुकी है और वे जल्दी ही बड़ी कार्यवाही करने वाले है। सहकारिता विभाग में प्रशासनिक लापरवाही और आदेशों की अवहेलना का गंभीर मामला सामने आया है। सहकारी निरीक्षक मुख्यालय श्री सौरभ राजपूत (दस्तावेज़ानुसार नाम) के विरुद्ध संयुक्त आयुक्त सहकारिता (प्रशासन) मुख्यालय द्वारा औपचारिक आरोप पत्र एवं आरोप विवरण पत्र जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोप पत्र के अनुसार 3 मई 2024 को कार्यालयीन आदेश के तहत श्री राजपूत का प्रशासन शाखा से अंकेक्षण शाखा में स्थानांतरण किया गया था। इसके बावजूद उन्हें निर्देशित किया गया था कि वे समस्त निस्तारित प्रकरणों का चार्ज एवं अभिलेख तत्काल संबंधित अधिकारियों को सौंपें, लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद उन्होंने न तो अभिलेख सौंपे और न ही चार्ज ट्रांसफर किया। सूत्रों के मुताबिक 25 सितंबर 2024 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुनः निर्देश दिए गए कि श्रीमती राखी राठौर (सहायक ग्रेड-03) तथा बाद में श्री अजय सिंह को समस्त अभिलेख और प्रकरण सौंपे जाएं, लेकिन यह प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि इस लापरवाही के कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए और डिजिटल अभिलेखों व शासकीय निस्तारण कार्यों में हेर-फेर व छेड़छाड़ की आशंका भी सामने आई है। इससे कार्यालयीन व्यवस्था और कार्य संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ा। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि संबंधित अधिकारी द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई, जो कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आधार पर प्रकरण को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दंडनीय माना गया है। अब संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो उनके विरुद्ध आगे की कड़ी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह मामला सहकारिता विभाग में प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

इंदौर हादसे के बाद जागा जबलपुर नगर निगम, 473 लीकेज सुधारे, 657 सैम्पल की जांच पूरी

Jabalpur Municipal Corporation wakes up after Indore tragedy, repairs 473 leaks, completes testing of 657 samples विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर। नागरिकों को शुद्ध और साफ जल की आपूर्ति करने के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। निगम का दावा है कि अब तक 473 लीकेज सुधार हुए है और 657 पानी के सैम्पल की जांच करवाई गई है। कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह और महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के नेतृत्व में जल प्रदाय व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वार्ड स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शहर के कई जगह अभी भी नाले के आसपास से पानी की लाइन गुजरी है जिसको लेकर भी कार्रवाही की जा रही है। कैबिनेट मंत्री कर रहे हैं निरक्षण जलापूर्ति की पारदर्शिता और जमीनी हकीकत जानने के लिए कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह लगातार निरीक्षण और समीक्षा कर रहे हैं वहीं सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीकि भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। आज महापौर जगत बहादुर सिंह ’अन्नू’ और केंट विधानसभा क्षेत्र के विधायक अशोक ईश्वरदास रोहाणी, निगमाध्यक्ष रिंकू विज एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर मौजूद रहकर पाइप लाइन सुधार कार्यों का निरीक्षण किया और नागरिकों से सीधे संवाद कर जलापूर्ति का फीडबैक लिया। निगमायुक्त एवं अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ड क्रमांक 75 में एमआइजी हाउसिंग बोर्ड में गंदे पानी की समस्या का निराकरण दो पाइप लाइन बदलकर किया गया। क्षेत्रवार किए गए पाइप लाइन सुधार कार्य वार्ड क्रमांक 23 में छोटी ओमती अजाक्स थाने के समीप पाइप लाइन शिफ्टिंग व मिला कार्य, लकड़गंज नाले के पास चार स्थानों में पाइप लाइन लीकेज सुधार, घंटाघर नाले के पास उड़िया मोहल्ला रोड़ पर पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य, वार्ड क्रमांक 32 में पटैल मोहल्ला सूरज सोंधिया निवास के समीप पाइप लाइन सुधार कार्य, एमएमटी, एमएलबी क्वार्टर के समीप पाइप लाइन सुधार, गेट नं. चार पोस्ट आफिस के पास सार्वजनिक शौचालय में नल कनेक्शन कार्य, दद्दा परिसर के पीछे पाइप लाइन सुधार, वार्ड क्रमांक 34 में सतना बिल्डिंग नाले से पाइप लाइन शिफ्टिंग कार्य, श्रीनाथ की तलैया अखाड़े के पास पाइप लाइन सुधार, दत्त मंदिर के पीछे पाइप लाइन सुधार, केशरवानी कॉलेज के सामने पाइप लाइन सुधार कार्य। मोतीलाल नेहरु वार्ड अंतर्गत अंसार नगर नाले के पास दो पाइप लाइन लीकेज व चार खम्बा नाले के पास पाइप लाइन शिफ्टिंग कार्य, जाकिर हुसैन वार्ड अंतर्गत बड़ा कुऑं के पास एक लीकेज सुधार कार्य, चार खम्बा चौक में पाइप लाइन सुधार किया गया। मेडिकल स्टोर बेनी सिंग तलैया में पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य। अन्नुपुट्ठा गली में पाइप लाइन सुधार कार्य, हाजी तजम्मुल के पास पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य। राजेन्द्र प्रसाद वार्ड अंतर्गत सुजीपुरा मजिस्द के सामने गली में पाइप लाइन लीकेज सुधार कार्य। गुलहाई के पास पाठकजी की गली में पाइप लाइन लीकेज सुधार, हरदौल मंदिर से दीपक भटनागर जी के घर तक लाइन बदली, बढ़ई मोहल्ला दुर्गा मंदिर के पास पाइप लाइन सुधार कार्य। रजक मोहल्ले में पाइप लाइन सुधार कार्य। लीकेज सुधार कार्य चितरंजन वार्ड में अहमद नगर में 2 स्थानों पर लीकेज सुधार कार्य। मालगुजार परिसर के पास लीकेज सुधार। संभाग 16 के अंतर्गत अशफाक उल्ला खॉं वार्ड में अहफास होटल के पास, मौ. अब्दुल कलाम वार्ड में बाकर अली का बाड़ा के पास पाइप लाइन सुधार कार्य। वार्ड क्रमांक 73 के अंतर्गत करमेता में खेरमाई मंदिर के पीछे शंकर नगर में नाली से पाइप लाइन हटाने का कार्य। मदन महल वार्ड चौरसिया होटल के पास नाली से शिफ्टिंग कार्य। गढ़ा वार्ड अंतर्गत गढ़ा बाजार तिराहे में लीकेज सुधार, रानी दुर्गावती स्कूल के पीछे, शास्त्री नगर चौक पर लीकेज सुधार कार्य कराया गया।

मुनाफा छुपाने का खेल, मप्र में बिजली कंपनी ने दिखाया 6044 करोड़ का ‘काल्पनिक’ घाटा, दाम बढ़ाने की तैयारी

A game of profit concealment, Madhya Pradesh power company shows ‘fictitious’ loss of 6044 crores, prepares to increase prices जबलपुर। बिजली कंपनियों ने प्रदेश में बिजली के दाम औसत 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेजा है। आयोग ने याचिका पर सुझाव और आपत्ति बुलाई है। इसमें बिजली विशेषज्ञों का दावा है कि बिजली कंपनी ने 6044 करोड़ का घाटा बताया है जबकि 9204 करोड़ रुपये के मनमाने आंकड़े आयोग के सामने रखकर इस घाटे को दर्शाया गया है ताकि बिजली की दर को बढ़ाया जा सके। बिजली मामलों के जानकार एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग को जो आपत्ति दी है उसमें दावा किया है कि 9204 करोड़ रुपये के आंकड़े गलत और तथ्यहीन है। विद्युत नियामक आयोग यदि इन आंकड़ों से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण करेगी तो निश्चित ही घाटे की जगह मुनाफा नजर आएगा। 9204 करोड़ के फर्जी आंकड़े सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी काल्पनिक खर्च को बताकर बिजली कंपनियों का घाटा बताया है। उनके अनुसार पावर मैनजमेंट कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2022-23 तक की सत्यापन याचिका में खारिज 3450.63 करोड़ रुपये पूरक बिजली खरीदी लागत की पुन: असंवैधानिक मांग की गई है। इसके अलावा 832.96 करोड़ रुपये अन्य लागत जो कि स्टेशन आधार पर आवंटित नहीं की जा सकी थी उसकी असंवैधानिक मांग की है। राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि ताप गृह से बिजली खरीदी का व्यय अलग है लेकिन अन्य व्यय का एक मुश्त यह राशि क्यों और किस लिए मांगी गई इसका कोई ब्यौरा नहीं है। पूरक बिल के नाम पर 2185 करोड़ रुपये मांगा है जबकि मप्र विद्युत नियामक आयोग ने पहले ही साफ किया है कि पूर्ण वितरण दस्तावेज सहित प्रस्तुत नहीं करने पर यह राशि स्वीकृति नहीं होगी। अग्रवाल का कहना है कि विद्युत चोरी के कारण हुए नुकसान को उपभोक्ता से 696 करोड़ रुपये वसूल करने की तैयारी की गई है। इसके अलावा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पिछले दस साल की वार्षिक राजस्व आवश्यक्ता में पूंजीकरण में संसोधन के तहत 623 करोड़ के अवैधानिक मांग की है। वहीं याचिका में मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी का कार्य मात्र विद्युत वितरण कंपनी के लिए बिजली खरीद कर उपलबध कराना है किंतु मैनेजमेंट कंपनी समानांतर रूप से अवैधानिक रूप से बिजली खरीदी के लिए 438 करोड़ रुपये मांगे है।इसके साथ ही पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जो राशि नहीं मांगी वो भी उल्लेखित है 5.15 करोड़ रुपये की मांग की गई है। मैनेजमेंट कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं पर दो वर्ष के ब्याज कि रुप में 774 करोड़ रुपये की मांग की है आपत्तिकर्ता ने इसे गलत मांग बताया है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर के लिए 197 करोड़ रुपये की मांग की है। राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग को भेजे पत्र में दावा किया है कि अभी तक बिजली वितरण कंपनियों ने स्मार्ट मीटर के नाम पर राशि का भुगतान ही नहीं किया है ऐसे में यह राशि वसूल करना गलत है। 25 जनवरी तक आपत्ति-सुझाव मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली टैरिफ याचिका को लेकर 25 जनवरी तक आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके बाद मप्र विद्युत नियामक आयोग आपत्ति और सुझाव के आधार पर प्रदेश के तीन शहर जबलपुर, भोपाल और इंदौर में जनसुनवाई का आयोजन करेगा।राजेंद्र अग्रवाल ने आयोग से मांग की है कि इस बार आनलाइन की बजाए फिजिकल जनसुनवाई की जाए ताकि लोग अपनी बात बेहतर तरीके से कह सके।

मकर संक्रांति पर सहारा समाचार टीम संग विधायक अभिलाष पांडे ने मनाया उत्सव, पतंगों से सजा आसमान

MLA Abhilash Pandey celebrated Makar Sankranti with the Sahara News team, the sky was decorated with kites. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सहारा समाचार टीम ने उत्तर मध्य के लोकप्रिय विधायक अभिलाष पांडे के साथ मिलकर पारंपरिक उल्लास और सामाजिक सौहार्द के साथ पर्व मनाया। इस अवसर पर पतंगबाजी का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।रंग-बिरंगी पतंगों से सजा आसमान, बच्चों की हँसी और “काई पो छे” की गूंज ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। विधायक अभिलाष पांडे ने स्वयं पतंग उड़ाकर क्षेत्रवासियों के साथ खुशियाँ साझा कीं और सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।सहारा समाचार टीम की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हुई। स्थानीय नागरिकों ने इसे जनप्रतिनिधि और जनता के बीच आत्मीय संवाद का सशक्त उदाहरण बताया। कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता और उत्सव की भावना को और प्रगाढ़ किया।

इंडो इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2026 में वरिष्ठ आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव को मानद डॉक्टरेट से सम्मान

Senior Architect Ashish Srivastava Conferred Honorary Doctorate at Indo International Intellectual Conclave 2026 जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में 11 जनवरी 2026 को आयोजित इंडो इंटरनेशनल इंटेलेक्चुअल कॉन्क्लेव 2026 के अंतर्गत हुए फेलोशिप एवं फैलीसिटेशन कॉन्क्लेव में वरिष्ठ आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव को वास्तुकला (आर्किटेक्चर) के क्षेत्र में उनके विशिष्ट, नवोन्मेषी एवं दीर्घकालीन योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें सतत एवं हरित वास्तुकला भूकंपरोधी भवन डिज़ाइन, तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि आशीष श्रीवास्तव का कार्य न केवल भारतीय वास्तुकला को नई दिशा देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के वास्तुविदों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। यह मानद उपाधि उनके पेशेवर कौशल, सामाजिक दायित्वबोध और राष्ट्र निर्माण में योगदान का प्रतीक है। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि महामहिम श्रीमती शीला बप्पू (भारत में मॉरिशस की उच्चायुक्त) तथा डॉ. ट्रांजियर वशिष्ठ (पीस एंड स्पोर्ट्स काउंसलर, अफगानिस्तान – इंडिया) उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति राजेश टंडन (पूर्व न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, उत्तराखंड) ने की। विशिष्ट अतिथियों में राधेश्याम मिश्रा (IAS, पूर्व राजस्व सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार) महामहिम श्रीमती हरीशोआ लालतियाना अंकुश (माननीय उच्चायुक्त, सेशेल्स उच्चायोग, भारत), माननीय मुखेश्वर छोनी (पूर्व उच्चायुक्त, मॉरिशस), सुश्री स्वाति मालीवाल (सांसद, राज्यसभा) तथा डॉ. अभिषेक वर्मा (NDA) शामिल रहे। समारोह में देश-विदेश से आए बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों और गणमान्य अतिथियों ने आशीष श्रीवास्तव के योगदान की सराहना करते हुए इसे भारतीय वास्तुकला के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

भोपाल में हुई अहम बैठक, मिलर्स बोले– बिना भुगतान नहीं करेंगे धान मिलिंग

An important meeting was held in Bhopal, where millers said they would not mill paddy without payment. विशेष संवाददाता (जितेन्द्र श्रीवास्तव) भोपाल। भोपाल स्थित पत्रकार कॉलोनी में नागरिक आपूर्ति निगम के मुख्यालय में खाद्य एवं आपूर्ति निगम विभाग की अपर मुख्य सचिव माननीय रश्मि अरुणा शमी की अध्यक्षता में चावल उद्योग महासंघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में नान के प्रबंध सचिव अनुराग वर्मा, महाप्रबंधक मनोज वर्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान महासंघ अध्यक्ष आशीष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शासन को 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। महासंघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक शासन द्वारा वर्ष 2024-25 की मिलिंग पर अपग्रेडेशन राशि, हमाली एवं बारदाने की उपयोगिता व्यय राशि का भुगतान नहीं किया जाता और वर्ष 2025-26 के उपार्जन अंतर्गत मिलिंग पर 200 रुपये अपग्रेडेशन राशि देने संबंधी आदेश जारी नहीं होते, तब तक प्रदेश के मिलर्स मिलिंग कार्य नहीं करेंगे। महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शासन मिलिंग एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करना चाहता है तो वह उसके लिए भी तैयार है। पदाधिकारियों ने कहा कि मिलर्स अपनी-अपनी मिलों की चाबी शासन को सौंपने को तैयार हैं और यदि शासन चाहे तो मिलों का अधिग्रहण भी कर सकता है, लेकिन बिना अपग्रेडेशन राशि के आदेश के किसी भी स्थिति में मिलिंग कार्य संभव नहीं है। महासंघ द्वारा रखे गए तथ्यों और मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद माननीय अपर मुख्य सचिव ने कुछ समय की मांग करते हुए कहा कि इस विषय में उच्च स्तर पर अवगत कराकर शीघ्र जवाब दिया जाएगा। बैठक के बाद भी मिलर्स के रुख में कोई नरमी नहीं दिखी, जिससे आने वाले समय में धान मिलिंग व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

घाना में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 205 से अधिक मरीजों को मिला उपचार

A massive free medical camp was held in Ghana, treating over 205 patients. जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर । वेदांत होम्योपैथिक क्लिनिक, घाना में एक विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन डॉ. अंजना कपूर (प्रेसिडेंट, र्मावल यूनिट – HMAI) एवं डॉ. विकास विश्वकर्मा (डीसीसी, र्मावल यूनिट) के संयुक्त समन्वय से किया गया। शिविर के दौरान क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती रजनी साहू तथा होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HMAI) के वरिष्ठ चिकित्सकों का शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही शिविर में सेवाएं देने वाले सभी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 205 से अधिक मरीजों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया तथा उन्हें निःशुल्क होम्योपैथिक दवाओं का वितरण किया गया। आयोजन को क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग और सराहना मिली।

केंद्रीय जेल जबलपुर में गीता जयंती पर आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन

Spiritual program organized on Geeta Jayanti in Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर! शासन निर्देशानुसार नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में गीता जयंती पर श्रीमद्भगवद्गीता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तन्मय सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) से पधारे निवासदास एवं रामचंद्रदास ने श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन से वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। उन्होंने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर वाचन किया गया। क्ल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घोष ने आदर्श समाज की स्थापना हेतु श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को आवश्यक बताते हुए बंदियों को जीवन में गीता के संदेश अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा बंदियों एवं जेल स्टाफ को भगवद्गीता का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती सरिता घोष, कल्याण अधिकारी, केंद्रीय जेल जबलपुर द्वारा किया गया। आयोजन में मदन कंवलकर (उप जेल अधीक्षक), प्रशांत चौहान (सहायक जेल अधीक्षक) एवं श्रीमती अंजु मिश्रा (सहायक जेल अधीक्षक) का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

केंद्रीय जेल जबलपुर में विश्व एड्स दिवस पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित

Health check-up and awareness camp organized on World AIDS Day at Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर ! नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ माननीय न्यायाधीश विवेक रूस्तम (म.प्र. जबलपुर) द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शिविर के दौरान परिरुद्ध बंदियों को एच.आई.वी./एड्स की रोकथाम और बचाव संबंधी जानकारी दी गई। चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा एच.आई.वी., एड्स वायरस और इससे जुड़े स्वास्थ्य पहलुओं पर विस्तृत परामर्श प्रदान किया गया, ताकि बंदियों में जागरूकता बढ़ सके। कार्यक्रम में कृष्णमूर्ति मिश्रा (प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर), सुश्री सुमन श्रीवास्तव (सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर), उप जेल अधीक्षक, मदन कंवलकर तथा सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन जेल प्रशासन द्वारा सावधानीपूर्वक किया गया। अंत में जेल अधीक्षक द्वारा सभी उपस्थित जनों एवं जेल स्टाफ का आभार व्यक्त किया गया।

क्राइस्ट चर्च स्कूल एल्युमिनाई एसोसिएशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर एवं गर्म कपड़े वितरित करने संबंधी कार्यक्रम

Health camp and distribution of warm clothes organised by Christ Church School Alumni Association जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। केन्द्रीय जेल जबलपुर में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में क्राइस्ट चर्च स्कूल एल्युमिनाई एसोसिएशन द्वारा स्वास्थ्य शिविर एवं गर्म कपड़े वितरित करने संबंधी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छाती रोग विशषज्ञ डॉ. स्पंदन विश्वास, हड्डी रोग विशषज्ञ – डॉ. प्रियांशु दीक्षित, डॉ. नितिन वाधवा, नाक कान गला रोग विशषज्ञ डॉ. सुरजा राय, डॉ. नवीन चावला, डॉ. राहुल वाधवा, नेत्र रोग विशषज्ञ डॉ. शब्बीर हुसैन, दन्त रोग विशषज्ञ डॉ. वाय.सी. चाउ, चर्म रोग विशषज्ञ डॉ. अक्षय सक्सेना, डॉ. निहित अग्रवाल के द्वारा लगभग 275 बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा वितरित की गई। बुजुर्ग एवं असहाय बंदियों को गर्म कपड़े वितरित किये गये। कार्यक्रम में क्राइस्ट चर्च स्कूल एल्युमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री यतिन पटे आयोजन के संयोजक डॉ० वाय.सी. चाउ, जेल अधीक्ष तोमर, उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश, रूपाली शर्मा, सहायक जेल अधीक्षक प्रशांत चौहान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन कल्याण अधिकारी सरिता घारू द्वारा किया गया।

जबलपुर केंद्रीय कारागार में लगेगा विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, बंदियों को दी जाएंगी निःशुल्क दवाएँ

A huge free health camp will be organised in Jabalpur Central Jail, free medicines will be given to the prisoners. जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार, जबलपुर में बंदियों के लिए एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए क्राइस्ट चर्च स्कूल एलुमिनाय एसोसिएशन ने जेल प्रशासन को आधिकारिक अनुरोध भेजा है। एसोसिएशन ने जेल अधीक्षक, केंद्रीय कारागार जबलपुर को लिखे पत्र में बताया कि यह शिविर 23 नवंबर 2025 (रविवार) को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस दौरान कारागार में बंद सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता अनुसार निःशुल्क दवाइयाँ भी वितरित की जाएँगी। एसोसिएशन ने जेल प्रशासन से इस सेवा कार्यक्रम की अनुमति देने का आग्रह किया है, ताकि बंदियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। संगठन का कहना है कि समाज के प्रत्येक वर्ग – विशेषकर बंदी जीवन जी रहे लोगों – को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना एक मानवीय दायित्व है, और इसी भावना के साथ यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। जेल प्रशासन द्वारा अनुमति मिलने के बाद यह शिविर कारागार के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर केंद्रीय जेल जबलपुर में तीन दिवसीय भव्य समारोह आयोजित

A three-day grand function was organised at Central Jail Jabalpur on the occasion of Madhya Pradesh Foundation Day. जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के 70वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केंद्रीय जेल जबलपुर में तीन दिवसीय विविध सांस्कृतिक एवं प्रदर्शनी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में यह आयोजन 1 नवम्बर से 3 नवम्बर तक संपन्न हुआ। इस अवसर पर जेल के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बंदियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम की शुरुआत बंदियों द्वारा मध्यप्रदेश गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। इसके पश्चात बंदियों ने मध्यप्रदेश की विविधता, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को समर्पित स्वलिखित गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बंदी मयंक तिवारी, जितेन्द्र चौधरी एवं आनंद सोनकार ने राज्य की समृद्ध परंपरा, पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक धरोहर को अपने चित्रों और प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। केंद्रीय जेल में निर्मित हस्तशिल्प प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें जेल में बंदियों द्वारा बनाए गए चादर, टॉवल, दरी, नेपकिन, लोहे की सिगड़ी, लकड़ी के उत्पाद इत्यादि वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें आगंतुकों ने सराहा। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता ध्रुव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश का विशेष सहयोग रहा। अंत में उप जेल अधीक्षक नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर (म.प्र.) ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं बंदियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि 

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर केंद्रीय जेल जबलपुर में हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

Cultural program organized in Central Jail Jabalpur on Madhya Pradesh Foundation Day जितेंद्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर। 70वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल जबलपुर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर बंदियों द्वारा मध्यप्रदेश गीत प्रस्तुत किया गया, वहीं स्वलिखित गीतों के माध्यम से प्रदेश की विशेषताओं का सुंदर वर्णन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता धारे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश का विशेष सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान जेल परिसर में उत्सवमय माहौल रहा। अधिकारी-कर्मचारियों और बंदियों ने मिलकर प्रदेश के गौरवमयी इतिहास को याद किया और एकता एवं विकास के संकल्प के साथ स्थापना दिवस मनाया।

आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में आध्यात्मिक प्रशिक्षण

Spiritual Training in Prison by The Art of Living जितेंद्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में “आर्ट ऑफ लिविंग” संस्था के प्रशिक्षक श्रीमती अरुणा सरीन, ब्रह्मानंद पांडेय, कु. वसुधारा शुक्ला एवं वालंटियर घनश्याम सिंह ठाकुर के सहयोग से केंद्रीय जेल में पुरुष एवं महिला बंदियों के लिए 24 से 31 अक्टूबर 2025 तक आध्यात्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जबलपुर। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में “आर्ट ऑफ लिविंग” संस्था के प्रशिक्षक श्रीमती अरुणा सरीन, ब्रह्मानंद पांडेय, कु. वसुधारा शुक्ला एवं वालंटियर घनश्याम सिंह ठाकुर के सहयोग से केंद्रीय जेल में पुरुष एवं महिला बंदियों के लिए 24 से 31 अक्टूबर 2025 तक आध्यात्मिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ध्यान और योग के माध्यम से तनाव, क्रोध, अवसाद तथा स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता, आत्म-सम्मान और आत्म-संतुष्टि पर विशेष सत्र लिए गए। प्रशिक्षकों ने बताया कि ध्यान से व्यक्ति अपने मन, मस्तिष्क, स्वास्थ्य और मानसिक विकास में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में मानसिक स्पष्टता, प्रसन्नता, तनावमुक्त जीवन एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था। यह कार्यक्रम उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश एवं श्रीमती सरिता धाकड़ की उपस्थिति और सहयोग से संपन्न हुआ। उप जेल अधीक्षकनेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर (म.प्र.)

सरकारी लापरवाही का बड़ा मामला: जबलपुर के वेयरहाउस में चार साल से पड़ा अनाज सड़ने की कगार पर, भुगतान भी लंबित

A major case of government negligence: Grain lying in a Jabalpur warehouse for four years is on the verge of rotting, and payment is also pending. जितेंद्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर। सरकारी उपेक्षा और प्रशासनिक उदासीनता का गंभीर उदाहरण तब सामने आया जब जबलपुर स्थित समस्त सरकारी वेयरहाउसों में पिछले चार वर्षों से भुगतान लंबित होने और गोदामों में रखा माल सड़ने की स्थिति में पहुंचने का मामला उजागर हुआ। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन वेयरहाउसों में किसानों से खरीदा गया अनाज लंबे समय से रखा हुआ है, जिसे न तो उठाया जा रहा है और न ही उसका सही रख-रखाव किया जा रहा है। सरकार द्वारा भंडारण का भुगतान न होने के कारण गोदाम संचालक भी रखरखाव पर खर्च नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप, हजारों क्विंटल अनाज अब सड़ने और बेकार होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकारी खजाने पर भी भारी बोझ पड़ने वाला है। इस लापरवाही के विरोध में समस्त वेयरहाउस मालिकों की ओर से मौन प्रदर्शन किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे पिछले कई महीनों से सरकार और प्रशासन को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। किसानों का कहना है कि चार साल बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा भुगतान न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। वहीं, गोदाम मालिकों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे गोदाम बंद करने पर विवश हो जाएंगे। जानकारों का मानना है कि यह मामला खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस मुद्दे पर कब कार्रवाई करती है और किसानों व गोदाम मालिकों को न्याय कब तक मिलता है।

जबलपुर : रानी दुर्गावती मित्र मंडल द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमा का भव्य विसर्जन

Jabalpur: Grand immersion of the idol of Goddess Durga by Rani Durgavati Mitra Mandal जितेंद्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। नवरात्रि उत्सव के समापन अवसर पर रानी दुर्गावती मित्र मंडल, गुलौआ चौक गढ़ा जबलपुर द्वारा विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा का रविवार को बैंड-बाजे और आतिशबाजी के साथ भव्य विसर्जन किया गया। उत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुबह से ही मंडल परिसर में श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो गया था। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी नजर आईं, वहीं बच्चे उत्साहपूर्वक माता की झांकी देखने पहुंचे। जैसे ही विसर्जन यात्रा का आरंभ हुआ, वातावरण माता के जयकारों से गूंज उठा। विसर्जन यात्रा में शामिल बैंड-बाजों की मधुर ध्वनि और रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने माहौल को और भी भव्य बना दिया। मंडल अध्यक्ष संजय राठौर ने बताया कि इस बार का आयोजन पूरी तरह सामूहिक प्रयास से सम्पन्न हुआ। इसमें पप्पू महाराज, मनोज पाटकर, दिनेश तिवारी, शीलू, संजू बड्ढा, गुड्डू कोरी, नितिन सिंह सहित अनेक सक्रिय कार्यकर्ताओं का योगदान रहा। यात्रा में क्षेत्रीय नागरिकों और गणमान्य अतिथियों ने भी अपनी सहभागिता निभाई। विसर्जन से पहले स्वस्ति वाचन और विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंडल द्वारा महाआरती कर माता की विदाई का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। इसके बाद प्रतिमा को पारंपरिक ढंग से विसर्जन स्थल तक ले जाया गया। पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन और नगर निगम की टीम भी सक्रिय रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंडल की ओर से सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण भी किया गया। नवरात्रि के नौ दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद विसर्जन ने उत्सव को पूर्णता प्रदान की। इस अवसर पर मंडल और स्थानीय नागरिकों ने अगले वर्ष और भी भव्य आयोजन का संकल्प लिया।

गढ़ा शक्तिपीठ में नवरात्र महोत्सव का भव्य समापन,जवारा जुलूस, भक्त भोज और गरबा ने बढ़ाई रौनक

The grand finale of the Navratri festival at Garha Shaktipeeth, with Jawara procession, devotee feast and Garba adding to the gaiety. जितेंद्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। गढ़ा स्थित श्री मातेश्वरी शक्तिपीठ में नौ दिवसीय शारदीय नवरात्र महोत्सव का समापन भक्ति और उत्साह के माहौल में सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर भव्य जवारा जुलूस और विशाल भक्त भोज का आयोजन किया गया। दुर्गा सप्तशती यज्ञ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबआचार्य पंडित तुलाराम शास्त्री के सानिध्य में आयोजित दुर्गा सप्तशती यज्ञ में क्षेत्रभर से हजारों भक्तों ने भाग लिया और श्री राज राजेश्वरी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। महिलाओं का गरबा कार्यक्रम बना आकर्षण का केंद्रनवरात्र के अंतिम दिनों में क्षेत्रीय महिलाओं द्वारा दो दिवसीय रंगारंग गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को खास बना दिया। संस्थान ने जताया आभारश्री श्री सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजेश खम्परिया और सचिव एडवोकेट नवीन शुक्ल ने नवरात्र महोत्सव की सफलता पर सभी भक्तों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

जबलपुर में रानी दुर्गावती मित्र मंडल का भव्य आयोजन, देवी प्रतिमा स्थापना और गरबे में उमड़ा जनसैलाब

Rani Durgavati Mitra Mandal organised a grand event in Jabalpur, with a huge crowd gathering for the installation of the goddess’s idol and Garba. जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। नवरात्र महोत्सव के अवसर पर शहर का माहौल भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा। रानी दुर्गावती मित्र मंडल, गुलौआ चौक गढ़ा जबलपुर में भव्य देवी मां की प्रतिमा की स्थापना की गई। समिति अध्यक्ष संजय राठौर और मित्र मंडल के सदस्यों ने प्रतिमा स्थापना कर नगरवासियों को धार्मिक आस्था से जोड़ने का संदेश दिया। प्रतिमा स्थापना के साथ ही भव्य गरबा का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे श्रद्धालुओं ने देवी गीतों पर देर रात तक गरबे की प्रस्तुतियां दीं। माता रानी के जयकारों और भक्तिमय संगीत से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न सिर्फ धार्मिक उत्सव का हिस्सा हैं बल्कि समाज में आपसी एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं।

जबलपुर : दुर्गा अष्टमी पर न्यू दुर्गा उत्सव समिति गोरखपुर ने किया विशाल भंडारा

Jabalpur: New Durga Utsav Samiti Gorakhpur organised a huge feast on the occasion of Durga Ashtami. जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर। दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर न्यू दुर्गा उत्सव समिति गोरखपुर की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। समिति अध्यक्ष रतन यादव एवं सभी सदस्यों की अगुवाई में आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और लोग माँ दुर्गा की भक्ति में सराबोर होकर प्रसाद वितरण का आनंद उठाते रहे। आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रबल करते हैं बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना को भी मजबूत बनाते हैं।

इतिहास का हिस्सा बने भेड़ाघाट के नागरिक

The citizens of Bhedaghat became a part of history जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! महानगर की तर्ज पर पहली बार आयोजित यह गरबा का पहला दिन ऐतिहासिक रहा। आधुनिक पंडाल आकर्षक विद्युत सज्जा सुरीले गायक बेहतरीन साउंड व्यवस्थित पार्किंग अनुशासित विवेकानंद दुर्गा उत्सव समिति के कार्यकर्ता स्वादिष्ट चौपाटी के व्यंजनो का स्वाद लेते हुए जबलपुर के प्रोफेशनल ट्रेनर मिथुन द्वारा तीन दिन तक सिखाए गए 185 प्रतिभागियों ने जोश के साथ हिस्सा लिया जबकि दर्शकों की संख्या भी 800 से अधिक रही .सह प्रायोजक भेड़ाघाट टॉक न्यूज द्वारा पल पल की कवरेज के अलावा सोशल मीडिया पर लाइव इस इवेंट में चार चांद तब लग गए जब बरगी विधान सभा के विधायक नीरज लोधी जी ने पंडाल में पहुंचकर गरबा नृत्य किया और बेस्ट ड्रेस बेस्ट मेकप बेस्ट कपल बेस्ट डांस सहित अन्य श्रेणियों में पुरस्कार भी प्रदान किए। महानगरीय तर्ज पर अनूठा आयोजननिर्धारित समय से आरम्भ और समाप्त होने वाले कल के आयोजन में भेड़ाघाट थाने का विशेष सहयोग रहा।जबकि लगातार विशिष्ट लोगों की उपस्थिति बनी रही ।जिसमें आशीष जैन राज्य सभा सांसद प्रतिनिधि एवं ओम नारायण दुबे महामंत्री भाजपा एवं विधायक प्रतिनिधि की उपस्थिति उल्लेख नीय है। बेहतरीन लाइट साउंड परफॉर्मेंसएक तरफ जहां सह प्रायोजक बावर्ची रेस्टोरेंट अनमोल रॉयल सिटी अरविंद ऑटो पार्ट्स के विज्ञापनों से पंडाल की शोभा बढ़ रही थी वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ संगीतज्ञ संतोष जी के मार्गदर्शन में भी गायक कलाकार अरविंद पटेल विनीत गौतम सरस्वती प्रतीक्षा ने समा बांध दिया। प्रोटोकॉल का पालन का संपन्न हुआ आयोजनविवेकानंद विजडम इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में आयोजित गरबा उत्सव के पहले दिन के आयोजन में सभी स्टाफ सदस्यों ने अपनी अपनी भूमिका का बखूबी निर्वाह किया और क्षेत्र के नागरिकों तथा प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।आज इसी आयोजन का दूसरा दिवस है।माता रानी से प्रार्थना है मौसम की कृपा दृष्टि रही तो आज का उत्सव कल से बेहतर होने की संभावना है। सजीव मां के रूपो की झांकीमंच पर नन्हीं बालिकाओं ने नवरात्रि का रूप लेकर उचित वेश भूषा में नव रात्रि का एक अलग ही सौंदर्य पैदा किया दर्शक माताजी के इन सजीव रूपों के साथ बहुत सेल्फी लेते रहे।

अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू

Advocates started a relay hunger strike to press for their pending demands. जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर। जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में आज से जबलपुर में अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह कदम कई सालों से चली आ रही समस्याओं के समाधान में हो रही देरी और प्रशासन की कथित अनदेखी के विरोध में उठाया गया है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा के नेतृत्व में अधिवक्तागण आज सुबह 11 बजे जिला एवं सत्र न्यायालय के गेट नंबर 4 के बाहर अनशन पर बैठ गए। अधिवक्ताओं का कहना है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे उन्हें और उनके मुवक्किलों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने कहा कि प्रशासन द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती। इस भूख हड़ताल से न्यायालय के कामकाज पर असर पड़ सकता है, और अधिवक्ताओं में व्याप्त असंतोष अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।

खुली जेल परिसर में स्वच्छता पखवाड़ा : अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिया श्रमदान

Cleanliness fortnight in the open jail premises: Officers and employees donated their labour. जितेन श्रीवास्तवजबलपुर। आज दिनांक 21 सितम्बर 2025 को प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत खुली जेल परिसर में बाहर की ओर स्वच्छता हेतु श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर सहित 07 अधिकारी एवं 37 पुरुष तथा महिला कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बताया गया कि शासन द्वारा संचालित इस अभियान के तहत आगामी दिनों में वृक्षारोपण और रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। जेल अधीक्षक तोमर ने कहा कि गांधी जयंती (2 अक्टूबर) से पहले स्वच्छता और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

जबलपुर में हुआ “चित्रगुप्त सम्मान” का आयोजन, श्रीमती सविता श्रीवास्तव को किया गया सम्मानित

“Chitragupta Samman” was organized in Jabalpur, Mrs. Savita Shrivastava was honored जितेंद्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता जबलपुर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा आयोजित चित्रगुप्त सम्मान समारोह में सांस्कृतिक योगदान के लिए श्रीमती सविता श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि “समाज और देश को एक सूत्र में पिरोना ही सबसे बड़ा योगदान है। जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी राष्ट्र का सशक्त निर्माण संभव होगा।” समारोह में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष चमन श्रीवास्तव, महिला अध्यक्ष डॉ. रेनू श्रीवास्तव, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष भानु श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष ममता श्रीवास्तव, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष विवेक बरेठ और महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सिद्धा श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर आशीष श्रीवास्तव (पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय महासभा, पूर्व अध्यक्ष संस्कारधानी कायस्थ महासभा, राष्ट्रीय अध्यक्ष आर्किटेक्ट्स एवं इंजीनियर्स फोरम, राष्ट्रीय सम्मान-पुरस्कृत आर्किटेक्ट एवं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मेघालय और छत्तीसगढ़ सरकार के कंसल्टेंट आर्किटेक्ट तथा इनकम टैक्स वैल्यूअर) ने कहा कि –“संस्कारधानी की विभूषित एवं समर्पित शिक्षिका श्रीमती सविता श्रीवास्तव को भगवान चित्रगुप्त सम्मान प्रदान करना गौरव की बात है। इसके लिए मैं अखिल भारतीय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री चमन श्रीवास्तव का अपने राष्ट्रीय फोरम की ओर से हार्दिक धन्यवाद देता हूँ।” अतिथियों ने इस अवसर पर युवाओं से सामाजिक और नैतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं सम्मानित शिक्षिका श्रीमती सविता श्रीवास्तव ने संगठन के इस सम्मान को प्रेरणा बताते हुए समाज उत्थान और शिक्षा क्षेत्र में निरंतर योगदान देने का संकल्प दोहराया।

जंगली हाथियों की मौत और पकड़े जाने पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को फटकारते हुए मांगा 30 साल का रिकॉर्ड

High Court strict on the death and capture of wild elephants, reprimanded the government and asked for 30 years of record MP High Court Strict :जबलपुर में स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जंगली हाथियों की मौत और पकड़े जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। शहडोल से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाए गए एक हाथी की मौत को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य सरकार के साथ-साथ वन विभाग को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने जंगली हाथियों को पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ एक्ट का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिये हैं। हाईकोर्ट ने सरकार से पिछले 30 सालों में पकड़े गए जंगली हाथियों का पूरा रिकॉर्ड भी मांग लिया है। सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से अब तक 10 जंगली हाथियों को पकड़ा गया है। एक्सपर्ट कमेटी ने सुझाव दिया है कि कान्हा में रखे गए जंगली हाथियों को 15 दिनों में छोड़ना होगा। 24 सितंबर को अगली सुनवाईये मामला रायपुर में रहने वाले नितिन सिंघवी की याचिका पर आधारित है, जिसमें कहा गया कि केंद्रीय पर्यावरण विभाग की गाइडलाइन के अनुसार जंगली हाथियों को पकड़ना अंतिम उपाय होना चाहिए, लेकिन मध्य प्रदेश में इसे पहला विकल्प बना कर रखा गया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

पाटन में आशा दिवस कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच और सम्मान समारोह आयोजित

Asha Diwas program, health checkup and felicitation ceremony organized in Patan जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर/पाटन। पाटन ब्लॉक की समस्त आशा कार्यकर्ता और आशा सुपरवाइज़र सिविल अस्पताल पाटन में आयोजित आशा दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं। कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आदर्श बिश्नोई के निर्देशन में किया गया। आशा दिवस विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं के लिए मनाया जाता है, इसलिए इस अवसर पर उनकी स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता दी गई। सभी आशा कार्यकर्ताओं का पंजीयन कर वजन, ऊँचाई, कमर का नाप, ब्लड प्रेशर, शुगर, ए.वी.एन., ब्लड सैंपल सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ता श्रीमती रेखा चक्रवर्ती को सम्मानित करते हुए ₹1000 का चेक प्रदान किया गया। वहीं आशा सुपरवाइज़र श्रीमती सुनीता श्रुति को भी सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने मनोरंजन के लिए गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने बेहद सराहा।इस अवसर पर ब्लॉक के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे और डॉ. आदर्श बिश्नोई के निर्देशन में कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।

प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर आज जनता को समर्पित करेंगे केंद्रीय मंत्री गडकरी, कुछ खास है ये ब्रिज

Union Minister Gadkari will dedicate the state’s longest flyover to the public today, this bridge is special प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर का लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा आज 23 अगस्त को किया जाएगा। लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन मदन महल चौक में किया गया है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। लोकार्पण समारोह की सभी तैयारिया लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का विशेष विमान से शनिवार 23 अगस्त को सुबह 11.25 डुमना विमानतल पर आगमन होगा। वह सडक मार्ग से दोपहर 12 बजे महन महन चौक में पहुंचकर मदनमहल-दमोहनाका फ्लाईओवर के लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा वह राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम के सभी तैयारियां जिला प्रशासन व विभाग के द्वारा पूरी कर ली गई है। प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री स्थानीय विधायक ने दो दिन प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ नवनिर्मित प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर का निरीक्षण किया था। केन्द्रीय मंत्री के आगमन तथा लोकार्पण कार्यक्रम के मद्देनजर पुलिस विभाग के द्वारा भी चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। इसके लिए कुछ मार्गों में यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्वागत में लगे बैनर पोस्टरकेन्द्रीय मंत्री के नगरागमन में कारण स्थानीय भाजपा नेताओ में उत्साह है। प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए सड़कों में उसके समर्थन में बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं। केन्द्रीय मंत्री का काफिला जिन मार्ग से गुजरेगा तथा कार्यक्रम स्थल पर पूरी तरह से बैनर पोस्टर से पटे हुए हैं। नीचे बने हैं पार्क, ओपन जिम तथा बास्केटबॉल कोर्टफ्लाईओवर के नीचे सार्वजनिक उपयोग के लिए बच्चों के पार्क, ओपन जिम तथा बास्केटबॉल कोर्ट भी बनाए गए हैं। इसके अलावा पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए फ्लाईओवर के नीचे 50 हजार पौधे का रोपण किया गया है। फ्लाईओवर निर्माण में बच्चों के मनोरंजन, लोगों के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में रक्षाबंधन पर्व पर विशेष मुलाकात भाई-बहन के रिश्ते ने तोड़ी सलाखों की दूरियाँ

Special meeting on Rakshabandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail Jabalpur, the relationship of brother and sister broke the distance behind the bars जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय जेल, जबलपुर (म.प्र.) में एक भावनात्मक और अनुकरणीय पहल के तहत जेल प्रशासन ने विशेष मुलाकात व्यवस्था का आयोजन किया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के निर्देशन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें बंदियों को अपने परिजनों के साथ पर्व की खुशी बाँटने का अवसर दिया गया। इस विशेष दिन पर 1561 पुरुष बंदियों से मिलने के लिए दूर-दराज़ से पहुँचीं करीब 3707 माताएँ और बहनें अपने साथ 1015 बच्चों को भी लाई थीं। सभी ने अपने भाईयों को कुमकुम का तिलक कर राखी बाँधी, मिठाई खिलाई और जीवन में बुराईयों को छोड़कर नई राह पर चलने का संकल्प दिलाया। इसी प्रकार जेल में बंद 27 महिला बंदियों को भी उनके भाईयों ने राखी बाँधी और स्नेह के इस पर्व को मनाया। इस विशेष अवसर पर कुल 1588 पुरुष और महिला बंदियों से मिलने के लिए 4722 परिजन आए और रक्षाबंधन का यह पर्व जेल परिसर में बड़े हर्षोल्लास और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। सुरक्षा के दृष्टिकोण से जेल प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। साथ ही जेल कैंटीन के माध्यम से राखी, मिठाई, कुमकुम, फल आदि की व्यवस्था की गई। चिकित्सा सुविधा, बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था भी की गई थी। इस आयोजन को सफल बनाने में जेल स्टाफ, पुलिस प्रशासन और मीडिया का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम के दौरान जेल चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण शाह जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश, यशवंत सिंह मांझी, गणेश सिंह, श्रीमती रूपाली मिश्रा, समस्त सहायक जेल अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस पहल ने यह सिद्ध किया कि भाई-बहन का रिश्ता सलाखों के परे भी उतना ही मजबूत और संवेदनशील होता है। रक्षाबंधन का यह आयोजन न केवल परिजनों के लिए बल्कि बंदियों के लिए भी एक शमानवता से भरा हुआ यादगार दिन बन गया।

रक्षाबंधन पर जेल में खुली मुलाकात: जबलपुर केंद्रीय जेल प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

Open meeting in jail on Rakshabandhan: Jabalpur Central Jail Administration issued guidelines जितेंद्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार भी केंद्रीय जेल जबलपुर में बंद कैदियों को उनके परिजनों विशेषकर बहनों से मिलने का अवसर मिल सकता है। जेल प्रशासन ने 9 अगस्त 2025 को संभावित खुली मुलाकात के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अनुसार, जेल में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसलिए परिजनों से सहयोग की अपील की गई है। दिशा-निर्देश के मुख्य बिंदु:नाम दर्ज कराने का समय:सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। उसी के आधार पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। पुरुष बंदी की बहनें:उन्हें जेल के विशेष प्रांगण में ले जाकर मुलाकात कराई जाएगी।साथ में केवल महिलाएं और 5 वर्ष से छोटे बच्चे ही प्रवेश कर सकेंगे। महिला बंदी की मुलाकात:उनके भाई जेल के कार्यालय में पृथक रूप से मुलाकात करेंगे। सामग्री पर रोक:मुलाकात स्थल पर किसी भी प्रकार की वस्तु ले जाने की अनुमति नहीं होगी।केवल सीलबंद राखी किट, जो जेल कैंटीन से ₹50 में खरीदी जा सकती है, मान्य होगी। प्रतिबंधित वस्तुएं:पर्स, मोबाइल, गुटखा, तंबाकू, बैग, भोजन आदि कड़ाई से प्रतिबंधित हैं।तलाशी के दौरान प्रतिबंधित वस्तु पाई जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोट: जेल प्रशासन ने परिजनों से अपील की है कि वे दिए गए निर्देशों का पालन करें, ताकि यह शुभ अवसर शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल जबलपुर के आदेशानुसार जारी यह सूचना रक्षाबंधन के पवित्र रिश्ते को बनाए रखने का एक मानवीय प्रयास है, जो कैदियों और उनके परिजनों को एक दिन का स्नेहभरा मिलन प्रदान करता है।

आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे डिप्टी कमिश्नर, ईओडब्ल्यू का छापा

Deputy commissioner caught in disproportionate assets case, EOW raids जबलपुर। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर जगदीश सर्बटे संभागीय उपायुक्त के जबलपुर और भोपाल स्थित आवास पर ईओडब्ल्यू ने छापा मारा है। डिप्टी कमिश्नर जगदीश सर्वटे के जबलपुर स्थित घर शंकर शाह नगर स्थित शासकीय आवास एवं जबलपुर अधारताल स्थित निजी निवास पर छापामार कार्रवाई की है। संपत्तियां, बैंक खातों, नगदी और आभूषण सहित दस्तावेजों का ईओडब्ल्यू अवलोकन कर रही है। यह कार्रवाई सुबह 6:00 बजे से शुरू हुई है। सर्चिंग कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा की डिप्टी कमिश्नर ने कितनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

जेल की चारदीवारी में आध्यात्मिक उजाला: केंद्रीय जेल जबलपुर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

Spiritual light within the prison walls: Shrimad Bhagwat Katha started in Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल के इतिहास में शनिवार, 14 जून 2025 का दिन अध्यात्म और आस्था का अद्भुत संगम लेकर आया। जेल परिसर में शिव मंदिर कचनार सिटी विजय नगर के मुख्य आचार्य एवं मां दक्षिणेश्वरी धाम के संस्थापक सुरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज के सान्निध्य में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। शास्त्री जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचनों में कहा, “जो लोग जेल की सीमाओं में रहते हुए भी श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं, वे वास्तव में सौभाग्यशाली हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि बाहर की दुनिया में कई लोग हैं जिन्हें आज तक यह पुण्य अवसर नहीं मिल पाया है। लेकिन यहां बंदियों को भगवान श्रीकृष्ण की अमृतमयी कथा सहज ही प्राप्त हो रही है, जो उनके जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी। कथा स्थल बना भक्ति का केंद्रकथा की शुरुआत जेल के पूर्वी खंड में बैंड-बाजों और भजन की मधुर धुनों के बीच निकाली गई शोभायात्रा से हुई। इस शोभायात्रा में जेल अधिकारी, कर्मचारी और बंदी मिलकर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष लगाते हुए उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से गूंज उठा। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने शास्त्री जी का पुष्पमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश, रूपाली मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक अंजू मिश्रा, प्रशांत चौहान, हिमांशु तिवारी, ओम प्रकाश दुबे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पूजन-अर्चन की विधि प्रतिष्ठित आचार्य अमित शास्त्री द्वारा विधिपूर्वक संपन्न कराई गई। आध्यात्मिक पुनर्निर्माण की दिशा में प्रशंसनीय पहलजेल प्रशासन की यह पहल न केवल बंदियों के मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान की दिशा में एक प्रभावी कदम है, बल्कि यह बताती है कि सुधार और पुनर्वास की प्रक्रिया में धर्म और संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन बंदियों को आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और एक नवजीवन की प्रेरणा देगा। केंद्रीय जेल में इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन, समाज के पुनर्निर्माण की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। यह सिद्ध करता है कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर मनुष्य आत्मिक विकास की ओर अग्रसर हो सकता है — चाहे वह किसी भी परिस्थिति में क्यों न हो।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जबलपुर केंद्रीय जेल में अनूठा आयोजन, बंदियों ने किया पौधारोपण व गाजरघास सफाई अभियान

A unique event was organized in Jabalpur Central Jail on World Environment Day, prisoners did plantation and carrot grass cleaning campaign जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल जबलपुर में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में जेल परिसर को हराभरा और स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक पर्यावरणीय गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस मौके पर उप जेल अधीक्षक प्रशासन मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक श्रीमती रूपाली मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी व बंदियों ने मिलकर जेल परिसर में पौधारोपण किया। बंदियों की भागीदारी से संवरा परिसरइस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें जेल के बंदियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि परिसर के आसपास उग आए हानिकारक गाजर घास को उखाड़कर नष्ट किया। कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घारू, लिपिक उपेन्द्र त्रिवेदी व अन्य कर्मचारियों की देखरेख में यह सफाई अभियान सफलता से संपन्न हुआ। गाजर घास मिट्टी की उर्वरता को कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक मानी जाती है, ऐसे में इसका सफाया एक आवश्यक कदम था। जेल अधीक्षक ने दिया पर्यावरण सरंक्षण का संदेशइस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने कहा, “विश्व में लगातार घटते जंगलों के कारण प्रदूषण व तापमान में वृद्धि हो रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रभाव हमारे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में पेड़ लगाना और पर्यावरण की रक्षा करना हम सबका नैतिक कर्तव्य है।” उन्होंने सभी को वर्ष भर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में छोटे-छोटे कदम उठाने की प्रेरणा भी दी। सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी की मिसालकेंद्रीय जेल में आयोजित यह अभियान न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि समाज से अलग-थलग पड़े बंदियों के भीतर एक नई सोच और जिम्मेदारी का भाव भी उत्पन्न किया। इस आयोजन से यह संदेश भी गया कि समाज के हर वर्ग को मिलकर धरती को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

विश्व धूम्रपान निषेध दिवस: जबलपुर जेल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

World No Smoking Day: Awareness program organized in Jabalpur Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में 31 मई को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन में और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने दिए नशा मुक्ति के संदेशकार्यक्रम में डॉ. नवीन कोठारी (सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय, जबलपुर) ने बंदियों को नशे से होने वाले गंभीर शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन ने आध्यात्मिक प्रवचन के माध्यम से आत्मिक शक्ति और संयम से नशा मुक्त जीवन की प्रेरणा दी। डिप्टी कमिश्नर श्रीमती आभा जैन ने कहा कि नशा छोड़ने की पहली शर्त है – “मजबूत इच्छा शक्ति।” उन्होंने सभी बंदियों से अपने जीवन में बदलाव लाने की अपील की। संकल्प और सहयोगडॉ. वीरेंद्र साहू ने नशे से होने वाले मानसिक व शारीरिक नुकसान को विस्तार से समझाया।रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यकारिणी सदस्य सुनील गर्ग ने बंदियों को नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरिता धारू (कल्याण अधिकारी) ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि हिमांशु तिवारी (डिप्टी जेलर) ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता तेज सिंह ठाकुर एवं नितेश लखेरा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जल ही जीवन है” अभियान: फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन की समाजसेवी पहल

“Water is life” campaign: Social service initiative of Pharma Healing Hands Welfare Association जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर ! गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के बीच जबलपुर की सड़कों पर प्यास बुझाने वाली एक सराहनीय पहल देखने को मिली। फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सिविक सेंटर दवा बाजार में राहगीरों और आम नागरिकों के लिए शीतल जल व ORS वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस सामाजिक सेवा कार्यक्रम में दवा प्रतिनिधियों, फार्मा कंपनियों के मैनेजर्स, और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।अभियान का नेतृत्व एसोसिएशन के अध्यक्ष पवित्र मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा, सुमित तिवारी और समस्त सदस्यगण भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और सेवा में योगदान दिया। जल सेवा शिविर का उद्देश्य गर्मी से राहत देना ही नहीं, बल्कि समाज में जल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। ORS के साथ जल वितरण करने का मकसद लोगों को हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन से सुरक्षित रखना है। एसोसिएशन ने यह घोषणा की है कि यह अभियान आगामी तीन दिन — 29, 30 और 31 मई तक लगातार जारी रहेगा। सभी फार्मा से जुड़े लोगों और नागरिकों से इस जनहित कार्य में सहभागी बनने की अपील की गई है। “जल ही जीवन है” केवल एक नारा नहीं, यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। फार्मा हीलिंग हैंड्स वेलफेयर एसोसिएशन इस जिम्मेदारी को निभाते हुए जबलपुर शहर के लिए एक प्रेरणास्रोत बन रही है।

श्रीजी डिज़ाइन एंड आर्किटेक्ट कार्यालय का भव्य उद्घाटन महापौर योगेश ताम्रकार के करकमलों से संपन्न

The grand inauguration of Shreeji Design and Architect office was done by the hands of Mayor Yogesh Tamrakar जितेन्द्र श्रीवास्तवश्रीजी डिजाइन एंड आर्किटेक्ट के प्रोपराइटर आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे के कार्यालय का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय महापौर योगेश ताम्रकार एवं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव जी द्वारा किया । आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे, एडवोकेट राजेश खरे (बंटू) एवं विशिष्ट जनों द्वारा अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छे से किया गया। माननीय महापौर जी ने अपने उद्बोधन में कहा की शहर के विकास के लिए ऐसे ही युवा एवं अनुभवी आर्किटेक्ट्स की जरूरत है उन्होंने अपने उद्बोधन में सतना के विकास के लिए किया जा रहे कार्यों का विस्तृत विवरण भी दिया आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे को कंसल्टेंसी के व्यवसाय में कार्य करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ आर्किटेक्ट एवं ऑल इंडिया आर्किटेक्ट इंजीनियर फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्षआशीष श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में माननीय महापौर से अनुग्रह किया कि सतना नगर निगम और स्मार्ट सिटी सतना के जो प्रस्तावित प्रोजेक्ट है उसके लिए शहर के यह नए आर्किटेक्ट्स को भी मौका दिया जाए जिससे कि उनकी प्रतिभा में निखार आ सके, माननीय महापौर से आग्रह किया कि आर्किटेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन नगर निगम में अलग से किया जाए एवं इंजीनियर का अलग से किया जाए जिसमें की आर्किटेक्ट्स को प्रमुखता से आगे काम करने का मौका मिल सके, कार्यक्रम में एडवोकेट राजेश खरे बंटू ने माननीय महापौर , अध्यक्ष महोदय का एवं यहां उपस्थित जनों का धन्यवाद किया एवं आर्किटेक्ट स्नेहिल खरे को शुभकामनाएं दी, इस कार्यक्रम का सफल संचालन प्रशांत श्रीवास्तव ने किया

उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति मध्यप्रदेश जबलपुर के सौजन्य से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्य पीठ जबलपुर के क्षेत्रांतर्गत आने वाली समस्त जेल में बृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

A massive health camp was organized in all the jails falling under the jurisdiction of the Madhya Pradesh High Court Chief Bench, Jabalpur, courtesy of the High Court Legal Services Committee, Madhya Pradesh, Jabalpur. जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत, मुख्य न्यायाधिपति, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के मार्गदर्शन में एवं मान्नीय न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा प्रशासनिक न्यायाधीश मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा मान्नीय न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर तथा न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल अध्यक्ष म.प्र.उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की गरिमामयी उपस्थिति में आज दिनांक 03.05.2025 को केन्द्रीय जेल जबलपुर से मान्नीय उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्राधिकार की समस्त जेलों में विशेष मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम न्यायमूर्तिगण का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया तथा मान्नीयों का गार्ड ऑफ आनर के साथ स्वागत किया गया। मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा सुभाष कक्ष में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की शयिका पर पुष्पांजली अर्पित कर वार्ड का अवलोकन किया गया। जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर द्वारा कार्यक्रम का परिचय दिया गया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय मुख्यपीठ जबलपुर के क्षेत्रान्तर्गत केन्द्रीय जेल जबलपुर का भौतिक रूप से तथा अन्य जेलों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरो का वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से अवलोकन किया जाकर शिविर के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा बंदियों को सम्बोधित भी किया गया तथा शिक्षा एवं विधिक सहायता तथा प्रशिक्षण व पुनर्वास पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में जेल बंदियों द्वारा मनमोहक गायन की भी प्रस्तुतियॉं दी गई।मान्नीय न्यायमूर्तिगण द्वारा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों का भी अवलोकन किया गया तदोपरांत जेल पाकशाला, बंदी योगा एवं जेल अस्पताल तथा जेल बंदी बैरिक तथा जेल वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग का भी अवलोकन किया गया है।मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा पेन्टिंग स्कैच बनाने वाले बंदी, जेल आर्केस्ट्रा के बंदियों तथा योगा टीम के बंदियों को उनके खाते में 1000/- रूपये प्रोत्साहन स्वरूप विधिक सहायता के माध्यम से प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये तथा जेल बंदी आर्केस्ट्रा टीम को जेल के बाहर भी कार्यक्रम करने की अनुमति संबंधी नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिये गये तथा जेल में बंदियों द्वारा निर्मित समोसे तथा अन्य व्यंजनों के विक्रय हेतु प्रोत्साहन के निर्देश दिये गये। कार्यक्रम के अंत में मान्नीय न्यायमूर्तिगण को जेल बंदियों द्वारा बनाई गई पेन्टिंग एवं चरखा भेंट की गई। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारीगण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जबलपुर आलोक अवस्थी, सदस्य-सचिव मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर प्रदीप मित्तल, रजिस्ट्रार जनरल म.प्र.उच्च न्यायालय जबलपुर धरमिन्दर सिंह, रजिस्ट्रार/सचिव मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर श्रीमती अर्चना सिंह, रजिस्ट्रार न्यायिक वंदन मेहता, अतिरिक्त-सचिव अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर श्रीमती शक्ति वर्मा, एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण तथा सिविल सर्जन जबलपुर एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रदीप सिंह, दिग्विजय सिंह, श्रीमती शक्ति रावत विशेष स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित रहें। अधिष्ठाता, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर के आदेशानुसार जेल में पुरूष महिला बंदियों का विशेष स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने हेतु कैम्प में जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, अस्थि रोग, स्किन एण्ड व्ही.डी., गायनिक, डेन्टल, न्यूरोलॉजी, मनोरोग, नेत्र, शिशु, कैसर, नेफ्रोलॉजी, ई.एन.टी. विभाग के 17 चिकित्सकों के द्वारा 410 पुरूष बंदी, 52 महिला बंदी तथा 06 बच्चों सहित कुल 468 का चैकप किया गया है।इस अवसर पर जेल में बंदियों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन हुआ। विधिक सहायता शिविर में विशेष रूप से चीफ लीगल एड डिफेन्स काऊंसिल अशोक पटेल, डिप्टी चीफ राजेश तिवारी, वीरेन्द्र सिंह, अभिषेक तिवारी, असिस्टेन्ट गौरव पाठक, वेदांत पटेल तथा जेल पैरालीगल वॉलेंटियर्स द्वारा सहयोग किया गया तथा लगभग 75 बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के संबंध में बतलाया गया तथा 06 बंदियों को विधिक सहायता के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता दिलाये जाने की कार्यवाही की गई।इस अवसर पर जेल चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण शाह, उप जेल अधीक्षक श्रीमती रूपाली शर्मा, गणेश सिंह, सहायक जेल अधीक्षक प्रशांत चौहान, कुलदीप सिंह, श्रीमती अंजू मिश्रा, जेल लेखापाल राहुल चौरसिया, प्रमुख मुख्य प्रहरी तीर्थेन्द्र सिंह बघेल, वरिष्ठ प्रहरी ओमप्रकाश दुबे, सुभाष चन्द्र यादव, पिनांकपाणि मिश्रा, विवेकानन्द शर्मा, आशीष हिडाउ एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। आभार प्रदर्शन जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश द्वारा एवं मंच संचालन सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी द्वारा किया गया।

कुपोषण से मुक्ति की दिशा में कदम: C-MAM मॉडल और समुदाय सहभागिता के माध्यम से बाल पोषण जागरूकता कार्यक्रम

Step towards freedom from malnutrition

Step towards freedom from malnutrition: Child nutrition awareness programme through C-MAM model and community participation जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्र.-04, सेक्टर-02 खेरमाई वार्ड के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में “C-MAM(समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन मॉड्यूल)के माध्यम से कुपोषण का प्रबंधन तथा जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व” थीम पर आधारित विविध गतिविधियों का आयोजन आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर किया गया। समस्त आंगनबाड़ी केंद्र में आज तृतीय मंगल दिवस पर “अन्नप्राशन दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 6 माह की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों का सामूहिक अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों की माता, पिता,अभिभावकों से बच्चों के आहार की बारंबारता, उसकी प्रकृति के विषय में चर्चा की गई। उन्हें जानकारी दी गई की 6 माह के बाद बच्चों के वृद्धि तथा विकास तेजी से होता है।जिसके लिए मां का दूध ही केवल पर्याप्त नहीं होता है। यही वह समय है जबकि बच्चों को ऊपरी आहार की शुरूआत करने की आवश्यकता होती है। बच्चों का भोजन सादा होना चाहिए। इसमें मिर्च मसाले का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा बच्चों के भोजन की प्रकृति अर्द्धठोस होनी चाहिए। बच्चों के आहार की मात्रा, बारंबारता, भोजन में खाद्य विविधता एवं स्वच्छता विषय पर परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों में शारीरिक माप दिवस का आयोजन किया गया।जिसमें निर्धारित बच्चों का वजन ऊंचाई लेकर उनका पोषण स्तर ज्ञात किया गया तथा बच्चों के पोषण स्तर के संबंध में माता-पिता से चर्चा की गई बच्चों के पोषण स्तर के आधार पर माता-पिता तथा देखभालकर्ता को आवश्यक समझाइश/परामर्श भी दिया गया। केंन्द्र क्रमांक-30 में ‘वीएचएसएनडी दिवस’ का आयोजन किया गया। जहां एएनएम की उपस्थिति में वार्ड अंतर्गत समस्त चिन्हांकित सेम बच्चों की भूख की जांच की गई तथा भूख की जांच में फेल बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र(NRC) रेफर किया गया। साथ ही नवीन चिन्हांकित सेम,मेंम बच्चों को एएनएम की उपस्थिति में दवाओं का वितरण किया गया एवं पूर्व में C-MAM कार्यक्रम में पंजीकृत बच्चो को प्रदाय दवाओ के अनुपूरन का फॉलो अप एवं निर्धारित साप्ताहिक फॉलो अप भी किया गया। वीएचएसएनडी दिवस पर चिन्हांकित 0 से 6 वर्ष तक के सभी सेम, मैंम तथा गंभीर कम वजन के बच्चों,के माता पिता तथा अभिभावको को कुपोषण के संकेतो,लक्षणों,दुष्प्रभाव तथा उससे बचाव के उपायो तथा उपचार के संबंध में आवश्यक परामर्श दिए गए।

हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई 

Hanuman Jayanti is celebrated with great joy  जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। देश भर में आज हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में पूजा अर्चना एवं भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं जबलपुर में हनुमान जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ बनाई गई,वहीं शहर में भी अनेकों स्थानों पर भंडारे एवं प्रसाद वितरण किए गए,उसी कड़ी शहर स्थित कालादेही बरगी में हनुमान मंदिर,पर भी पूजा अर्चना एवं भंडारे का आयोजन किया गया यहां सुबह से ही दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लगी रही,मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के द्वारा भजन की प्रस्तुति दी गई,वहीं कालादेही बरगी हनुमान मंदिर संस्थान के अध्यक्ष राम भजन चौकसे व  राम गणेश चौकसे,भोगी राम चौकसे,शिव गोपाल चौकसे, शिबू चौकसे,राम भूषण चौकसे,सुशील चौकसे,राम शिरोमणि चौकसे,संतोष कुमार चौकसे परमानन्द दुबे एवं समस्त युवा मंडल  ने हमें बताया कि, विगत कई वर्षों से हनुमान जयंती पर ऐसे आयोजन करते आ रहे हैं,मुख्य रूप से भंडारे का आयोजन किया गया,भंडारा 12 बजे से प्रारंभ हुआ जो देर रात तक चला,जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु ने प्रसाद ग्रहण किया

पोषण पखवाड़ा में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र को गोद लेकर बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट

During the Nutrition Fortnight

During the Nutrition Fortnight, Digambar Jain Social Group adopted Anganwadi Centre and presented educational material to the children जीतेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्रमांक-04, सेक्टर-02 में परियोजना अधिकारी रीतेश दुबे के मार्गदर्शन में “पोषण पखवाडा” कार्यक्रम के अवसर पर “दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, संस्कारधानी” महाकौशल विंध्य रीजन के अध्यक्ष अवकाश जैन,तथा सदस्य सतीश वर्धमान,अमित पारस, प्रदीप जैन,अरविंद नावेल्टी,लष्मी , संदीप जैन,राजेन्द्र के सौजन्य से “अडॉप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम” के तहत आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-32,लाल स्कूल साठिया कुआँ, हनुमानताल वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को खेलने हेतु आवश्यक खिलौने तथा शिक्षण सामग्री प्रदान की गई। ताकि खेल-खेल के माध्यम से बच्चो को अनौपचारिक शिक्षा प्रदान की जा सके।जिससे बच्चो का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा। “सप्तम पोषण पखवाड़ा” कार्यक्रम अंतर्गत हनुमानताल वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार जी की उपस्थिति में उपस्थित महिलाओं,किशोरी बालिकाओं तथा बच्चों से “पोषण संवाद” किया गया। जिसमें महिलाओं को सही पोषण आहार,आहार में विविधता रखने, संतुलित थाली, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। जीवन के प्रथम 1000 दिवस के महत्व पर विशेष चर्चा का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जन समुदाय से 10 दिवसीय शारीरिक माप दिवस के आयोजन के संबंध में भी चर्चा की गई।कार्यक्रम के अवसर पर पार्षद महोदया द्वारा उपस्थित जन समुदाय को “पोषण शपथ” दिलाई गई। तथा अति गंभीर कुपोषित बच्चों को NRC में भर्ती कराने हेतु माता-पिता को समझाइश दी गई।पार्षद महोदया द्वारा बच्चो को “पोषण मटका” कार्यक्रम के तहत बिस्किट के पैकेट प्रदान किये गए।कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्रीमती आरती पांडेय,वार्ड अंतर्गत समस्त कार्यकर्ताएं एवं सहायिकाएं उपस्थित रही।

“जूनियर प्रोफेसर को कैसे बना दिया प्रभारी प्राचार्य’, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लगाया स्टे

“How was a junior professor made the acting principal?”, Madhya Pradesh High Court imposed a stay जबलपुर ! जबलपुर के मोहनलाल हरगोविंद दास होम साइंस स्वायत्तशासी कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य को लेकर मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जूनियर को प्रभारी प्राचार्य बनाने के आदेश पर रोक लगा दी. गौरतलब है कि राज्य सरकार के आदेश को दरकिनार करते हुए इस कॉलेज में 6 साल जूनियर प्रोफेसर को प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया. इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. प्रभारी प्राचार्य बनाने वालों को नोटिस जारी हाई कोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने जूनियर को प्रभारी प्राचार्य पद का दायित्व दिये जाने पर रोक लगाते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका पर अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद निर्धारित की गयी है. मामले के अनुसार जबलपुर निवासी डॉ.गिरीश वर्मा की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया “मोहनलाल हरगोविंद दास होम साइंस स्वायत्तशासी कॉलेज में वह साल 2012 से प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हैं. वह कॉलेज के सबसे वरिष्ठ प्रोफेसर हैं.” राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं किया याचिका में कहा गया “प्रोफेसर समीर कुमार शुक्ला साल 2018 में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ हुए और वह उनसे 6 साल जूनियर हैं. वरिष्ठ होने के बावजूद उनके जूनियर को प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया है. याचिका में राज्य सरकार द्वारा 15 फरवरी 2022 को जारी परिपत्र के हवाला देते हुए कहा गया है प्रभारी प्राचार्य का दायित्व वरिष्ठ प्रोफेसर को दिया जाना आवश्यक है. इस मामले में राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं किया गया.” वहीं, प्रभारी प्राचार्य की तरफ से केबियेट दायर की गयी. इसके बाद एकलपीठ ने सुनवाई के बाद जूनियर को प्रभारी प्राचार्य बनाये जाने के आदेश पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अंकित अग्रवाल ने पैरवी की.

केन्द्रीय जेल जबलपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी का निरीक्षण, बंदियों से संवाद

District and Sessions Judge Alok Awasthi’s inspection of Central Jail Jabalpur, interaction with prisoners जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर। आज दिनांक को केन्द्रीय जेल जबलपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक अवस्थी जी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शक्ति वर्मा जी एवं जिला विधिक सेवा अधिकारी, बी. ड़ी दीक्षित जी द्वारा भ्रमण किया गया, एवं दण्डित एवं विचाराधीन बंदियों से संवाद किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय के करकमलों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जेल आर्केस्ट्रा द्वारा सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दण्ड़ित एवं विचाराधीन बंदियों के साथ संवाद किया गया। आगे न्यायाधीश द्वारा जेल का भ्रमण किया गया एवं पाठशाला का निरीक्षण किया गया। जेल प्रशासन की ओर मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक (प्रशासन), श्रीमती रूपाली शर्मा उप जेल अधीक्षक, हिमांशु तिवारी, सहायक जेल अधीक्षक, राहुल चौरसिया लेखापाल एवं सुभाष यादव द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों को जेल का भ्रमण एवं निरीक्षण कराया गया।

जबलपुर केंद्रीय जेल में होली समारोह का भव्य आयोजन

Holi celebration organized in a grand manner at Jabalpur Central Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। जबलपुर स्थित केंद्रीय जेल नेता सुभाष चंद्र बोस में होली का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर जेल उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश एवं जेल स्टाफ एवं समस्त बंदी पुरुषों एवं महिलाओं के द्वारा होली का रंगा रंग कार्यक्रम का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ , अन्य जेल अधिकारी, कर्मचारी और बंदियों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर त्योहार की खुशियाँ साझा कीं।   समारोह की मुख्य झलकियाँ सुधारात्मक प्रयासों का हिस्सा जेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार के आयोजनों को सुधारात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित होती है और उनके पुनर्वास में मदद मिलती है।   इस तरह के आयोजनों से जेल के भीतर एक सकारात्मक माहौल बनता है और आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिलता है।

अनियंत्रित होकर खाई में गिरा वाहन, 3 की मौत 27 घायल, पिकअप में सवार होकर सगाई में जा रहा था परिवार

Jabalpur Accident जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया. सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मृतकों में महिला समेत तीन बच्चे शामिल हैं. वहीं घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं समेत 27 लोगों के घायल होने की खबर है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरी घटना, बरेला थाना क्षेत्र के महगवां इलाके की है. जहां एक पिकअप में सवार होकर सभी लोग सगाई करने मंडला जा रहे थे. इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर 4 फीट नीचे गड्ढे में गिर गया. जिसमें महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि घटना में 27 लोग घायल हैं. हादसे में घायल सभी लोग एक ही परिवार के हैं. पूरा परिवार तिलवारा थाना क्षेत्र के ऐंठाखेड़ा का रहने वाला है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है. जबकि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है. घायलों के परिजन राजकुमार नरेती ने बताया कि ऐंठाखेड़ा से सभी लोग बरेला के चुरईखानी गांव सगाई में जा रहे थे. इसी दौरान गाड़ी की स्टेयरिंग फेल हो गई. वाहन में बच्चे समेत 30 लोग सवार थे. तीन की मौत हो गई है. जिसमें मेरसिंह कुलस्ते, हिरोंदाबाई, धूमकेती रामेश्वर मुरारी की मौत हो गई.

अब भगोड़े बिल्डर मंच्छानी के खिलाफ चलेगा हाईकोर्ट की अवमानना का मामला

Now a case of contempt of High Court will be filed against fugitive builder Manchhani जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाता  जबलपुर। मंगलवार दिनांक 04/01/2025 को हाईकोर्ट जबलपुर की युगल पीठ के न्यायाधीश विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला द्वारा अधिवक्ता मुकेश जैन द्वारा दायर विविध सिविल याचिका पर सुनवाई के दौरान रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इस एम.सी.सी. को अवमानना मामले के रूप में पंजीकृत किया जाए और अवमानना मामले का पंजीकरण होने के बाद अवमानना याचिका को अगले सप्ताह उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। यह भी निर्देश दिया गया कि अवमानना मामले के पंजीकरण किए जाने के साथ ही इस एम.सी.सी. का निपटारा भी हो जाएगा। दरअसल 24 जून 2024 को हाईकोर्ट ने 80 फुट चौड़े सार्वजनिक रोड पर बिल्डर शंकर मंच्छानी द्वारा मुस्कान पार्क प्रोजक्ट में दुकानों का अवैध निर्माण करने की शिकायत का निराकरण करने के आयुक्त नगर निगम को निर्देश दिए थे। यह निराकरण 4 माह की अवधि में किया जाना था। उक्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हाईकोर्ट चौराहे से दूसरे पुल के बीच निर्माणाधीन मुस्कान पार्क के सामने 80 फुट रोड के हिस्से में अवैध रूप से दुकान, फ्रंट एमओएस, पार्किंग व गार्डन पेरापेट का निर्माण कर सार्वजनिक रोड को संकरा करने और जन सामान्य के आवागमन में बाधा डाली जा रही है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने न्यायालय को बताया कि हाईकोर्ट से सेकेण्ड ब्रिज वाले मार्ग पर स्वामी दयानंद सरस्वती वार्ड, नेपियर टाउन जबलपुर स्थित नजूल भूमि पर मुस्कान पार्क का निमाण शंकरलाल मंच्छानी द्वारा किया जा रहा है। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और आयुक्त नगर पालिका निगम जबलपुर द्वारा उक्त भूमि पर दी गई विकास अनुज्ञा और भवन अनुज्ञा के नक्शे में भवन के सामने स्थित रोड को 80 फुट चौढ़ा दिखाया गया है। उक्त व्यस्ततम सड़क के मध्य से 40 फुट रोड के क्षेत्र में से मुस्कान पार्क की दिशा की ओर स्थित करीब 25 वे फुट से बिल्डर शंकर मंच्छानी के द्वारा अवैध रूप से फर्श (फ्लोर) का निर्माण षुरू किया जो कि 50 वे फुट रोड क्षेत्र तक हुआ है। इस प्रकार बिल्डर द्वारा रोड के उक्त हिस्से पर कब्जा कर उसे बिना अनुमति के अपने भवन के फ्रन्ट एमओएस हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया है और फ्रन्ट एमओएस के लिए विहित 40 फुट लंबाई वाली वास्तविक जगह में से आधी से अधिक लंबाई पर (जो कि करीब 20 फुट के आसपास बैठता है), उसे खाली छोड़ने के स्थान पर उस पर दुकानों का अवैध निर्माण कर उसे उन्हें नगर निगम की अनुमति के बिना चालू भी कर दिया गया है। उक्त अवैध निर्माण के कारण सार्वजनिक रोड के मध्य से भवन की दूरी 80 फुट से करीब 30 फुट घटकर 50 फुट ही रह गई है। इसके फलस्वरूप मार्ग आंशिक रूप से सकरा होने से पहले की तुलना में आवागमन अपेक्षाकृत कठिन हो गया गया है। रोड के सकरा होने से और मुस्कान पार्क में कामर्शियल दुकानों के अवैध निर्माण के कारण आगे चलकर जब वाहनों की संख्या में वृद्धि होगी तो आवागमन में बाधा और ज्यादा बढ़ेगी। साथ ही पार्किंग की समस्या भी पैदा होगी। इसलिए इन अवैध निर्मित दुकानों और व्यावसायिक आफिसों को ध्वस्त कर वहां फ्रंट ओपन स्पेश का निर्माण किया जाना आवश्यक है।  गौरतलव है कि याचिकाकर्ता मुकेश जैन के द्वारा इस संबंध में नगर निगम को प्रस्तुत शिकायत प्रस्तुत पर कोई कार्यवाही न होने के चलते उक्त याचिका दायर की गई थी। जिसमें पारित आदेश का पालन न होने के कारण विविध सिविल याचिका दायर की थी किन्तु आदेश की अवमानना किए जाने के दृष्टिगत न्यायालय के द्वारा प्रकरण की विविध सिविल प्रकृति को बदलकर अवमानना की श्रेणी में रखते हुए उक्त आदेश जारी किया। प्रकरण में शासकीय अधिवक्ता ऋत्विक पाराशर के द्वारा शासन की ओर से पक्ष रखा।

किस कानून में लिखा है कि सीएम के कार्यक्रम में निगमायुक्त डीजल भरवाए? मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सवाल

HIGHCOURT ON NO DIESEL PAYMENT जबलपुर ! मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सम्मान कार्यक्रम जबलपुर में रखा गया था, जिसमें बसों के डीजल का मामला कोर्ट पहुंच गया है. दरअसल, सीएम के सम्मान कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित की गई बसों में भरे गए डीजल का अबतक भुगतान नहीं किया गया है, जिसके बाद एक पेट्रोल पंप संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सीएम के कार्यक्रम के लिए 6 लाख का डीजल दरअसल, जबलपुर के आईएसबीटी बस स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सुगम चंद्र जैन ने ये याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया था कि 3 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम का आयोजन जबलपुर में किया गया था. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में डीजल भरने के लिए नगर निगम के खाद्य अधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से आकर निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि निगमायुक्त ने उक्त निर्देश दिए थे. कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित बसों में लगभग 6 लाख रु का डीजल उनके पेट्रोल पंप से भरा गया था. बिल भुगतान कराने के लिए की कई बार की मांग अगस्त 2024 में याचिकाकर्ता ने बिल भुगतान के लिए संयुक्त कलेक्टर व जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से संपर्क किया. इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय से निगमायुक्त को राशि भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए गए थे, पर भुगतान नहीं हुआ. एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि अधिग्रहित बस में डीजल भरने के लिए प्रशासन की ओर से पीओएल जारी किया गया था या नहीं? याचिकाकर्ता ने इसपर जवाब दिया कि सिर्फ मौखिक आदेश जारी किए गए थे. बिना पीओल कैसे भर दिया बसों में डीजल? एकलपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि बिना किसी प्राधिकरण के याचिकाकर्ता ने बसों में कैसे डीजल भरा? इसके साथ ही कोर्ट ने संयुक्त कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी व निगमायुक्त से एसोसिएशन व उसके सदस्य को पीओएल की प्रतिपूर्ति करवाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कलेक्टर से मांगा जवाब कोर्ट ने इसके अलावा कलेक्टर से जवाब मांगा है कि किस कानून में यह लिखा है कि निगमायुक्त का दायित्व है कि वह मुख्यमंत्री की रैली में लगी बसों में डीजल भरवाए? एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया यह सार्वजनिक धन के बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला प्रतीत हो रहा है. इस संबंध में एकलपीठ ने जिला कलेक्टर को हलफनामे में जवाब पेश करने के आदेश जारी किए हैं. एकलपीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता अब याचिका वापस लेने का हकदार नहीं होगा. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आशीष रावत ने पैरवी की,,,

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

Special health camp organized in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail, Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)  जबलपुर । नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में कैदियों के स्वास्थ्य लाभ हेतु एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से दृष्टि, हड्डी रोग, मानसिक रोग, दंत रोग तथा अन्य आवश्यक चिकित्सीय जांच एवं परीक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं।   इस शिविर में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे:   हड्डी रोग विशेषज्ञ : डॉ. सुनील पटेल   नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ: डॉ. रूमिता आचार्य   नेत्र रोग विशेषज्ञ: डॉ. शलभ अग्रवाल   मानसिक रोग विशेषज्ञ: डॉ. विद्या रतन बरकडें   दंत रोग विशेषज्ञ: डॉ. परमजीत छावड़ा   विशेषज्ञों की इस टीम ने कैदियों की स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक परामर्श दिया। इस पहल का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करना था ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।   स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन से कैदियों को राहत मिली और उन्होंने चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जेल प्रशासन द्वारा इस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएँ समय-समय पर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।

नेता सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल, जबलपुर में विशेष कार्यक्रम

Special program at Neta Subhash Chandra Bose Central Jail, Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में जबलपुर स्थित केंद्रीय जेल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साहित्यिक, सांस्कृतिक, और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें जेल के बंदियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और उनके संघर्षों को याद करते हुए कविताएं, भाषण प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। बंदियों ने अपने रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों और उनकी देशभक्ति को शब्दों और कलाओं के माध्यम से व्यक्त किया। खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कार्यक्रम में खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों ने सक्रियता और ऊर्जा के साथ भाग लिया। इन खेलों ने न केवल उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया, बल्कि टीम भावना और अनुशासन का भी संदेश दिया। पुष्पांजलि और संग्रहालय का अवलोकन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की शायिका पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। इसके पश्चात सुभाष संग्रहालय का अवलोकन किया गया, जहां नेताजी के जीवन से जुड़ी तस्वीरें, दस्तावेज़, और उनकी प्रेरणादायक गाथाओं का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य यह कार्यक्रम सुभाष चंद्र बोस के विचारों और उनके अद्वितीय पराक्रम को बंदियों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक प्रयास था। नेताजी के जीवन के माध्यम से सभी को देशभक्ति, साहस, और आत्मबलिदान की प्रेरणा दी गई। पराक्रम दिवस पर आयोजित यह विशेष कार्यक्रम सुभाष चंद्र बोस के विचारों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग को आत्मसात करने का अवसर था। इस प्रकार के आयोजन से न केवल बंदियों में सकारात्मकता का संचार होता है, बल्कि समाज में भी प्रेरणा का संदेश जाता है।

DJ पर गाइडलाइन बनी,अमल कौन कराएगा” MP हाईकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

jabalpur high court notice to state government implement guidelines on dj जबलपुर ! मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में डीजे को लेकर गाइडलाइन बनाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई. याचिका में कहा गया “डीजे की तेज आवाज से लोगों को शारीरिक नुकसान होता है. इसके अलावा सामुदायिक दंगे भड़काने में डीजे भी माध्यम बनता है.” याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है “इस मुद्दे पर जवाब पेश करें.” याचिका पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को निर्धारित की गयी है. डीजे की आवाज को लेकर कार्रवाई नहीं होती अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया “दिन के समय डीजे की अधिकतम आवाज 55 डिसमिल तथा रात के समय 45 डिसमिल होना चाहिए. इससे अधिक आवाज से ध्वनि प्रदूषण फैलता है और लोगों के स्वास्थ पर विपरीत प्रभाव पडता है. वर्तमान में सिर्फ कोलाहल एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है. ट्रकों में 20 फीट तक सउंड बांधकर डीजे बजाये जाते हैं, जिससे लोगों के कान खराब हो रहे हैं. इसके अलावा डीजे बजाने के कारण कई स्थानों पर सांप्रदायिक दंगे भी भड़के हैं. इसका मुख्य कारण डीजे में बजाए जाने वाले गाने हैं.” हाई कोर्ट ने सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया “मुख्यमंत्री ने डीजे बजाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं.” इस पर युगलपीठ ने कहा “सिर्फ निर्देश जारी पर्याप्त नहीं है, उनका पालन भी आवश्यक है.” युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश जारी करते हुए सरकार से कहा है “इस मामले में सारे बिंदुओं पर विस्तृत जवाब पेश करें.” बता दें कि मुख्यमंत्री का पद संभालने के कुछ दिनों बाद डॉ. मोहन यादव ने डीजे और लाउड स्पीकर को लेकर सख्ती की थी. लेकिन ये मुहिम एक हफ्ते ही चली. इसके बाद फिर वही ढर्रा शुरू हो गया.

जबलपुर के धान खरीदी केंद्रों की जांच शुरू: कलेक्टर ने दिए वीडियोग्राफी के निर्देश

Investigation of Jabalpur’s paddy procurement centers started: Collector gave instructions for videography जबलपुर। जबलपुर के पाटन और शाहपुरा के 6 उपार्जन केन्द्रों में मिली गड़बड़ी के बाद कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं। लिहाजा जांच के लिए गठित पांच टीमें इन उपार्जन केंद्रों की पड़ताल कर रही है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने उपार्जन केंद्रों में की जा रही जांच की वीडियो ग्राफी भी करने के निर्देश दिए थे। औसत से ज्यादा की जा रही थी धान खरीदी खाद्य विभाग की सहायक आपूर्ति नियंत्रक संजय खरे ने बताया कि, विगत दिनों कलेक्टर दीपक सक्सेना धन उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण पर निकले थे। उन्होंने शाहपुरा तहसील की सेवा सहकारी संस्था पिपरिया कला की बलराज विहार हाउस का निरीक्षण किया था। वहां करीब 5000 क्विंटल धान का ढेर लगा था। धान किसकी अनुमति से रखी गई थी इसकी कोई जानकारी तहसीलदार और एसडीएम के साथ ही फूड कंट्रोलर को नहीं दी गई। लिहाजा कलेक्टर ने इसके जांच के निर्देश दिए थे। इसके अलावा अनमोल संकुल स्तरीय संगठन पाटन, सेवा सहकारी संस्था सरौंद क्रमांक-2, सेवा सहकारी संस्था सहसन, सेवा सहकारी संस्था मुर्रई, सेवा सहकारी संस्था की रिपोर्ट भी जल्द कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। गड़बड़ी करने वालों पर होगी कार्रवाई खाद्य विभाग के सहायक आपूर्ति नियंत्रक संजय खरे ने बताया कि, जांच में अनियमितता जाने पर कार्यवाही भी की जाएगी। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान उपार्जन में गड़बड़ी और लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी।

वाटर फॉल, नर्मदा नदी और प्राचीन मंदिर…जबलपुर के भेड़ाघाट में मनाइए नए साल का जश्न

new year celebration in bhedaghatspectacular amidst marble valleys and sparkling waterfalls भेड़ाघाट ! जबलपुर के पास स्थित एक शांत और ऐतिहासिक स्थल है, जो संगमरमर की वादियों, धुआंधार जलप्रपात, और पवित्र नर्मदा नदी के लिए प्रसिद्ध है. यहां के प्राचीन मंदिरों और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करना हर पर्यटक के लिए अविस्मरणीय होता है. यह स्थल विशेष रूप से नए साल के जश्न या किसी भी खास अवसर पर शांति और सुकून का आनंद लेने के लिए सही है. भारत में प्रकृति की अपार धरोहरें हर कोने में फैली हुई हैं, और मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर इन धरोहरों का प्रमुख केंद्र है. अगर आप नए साल का जश्न प्रकृति के करीब और शांत वातावरण में मनाना चाहते हैं, तो जबलपुर का भेड़ाघाट और इसके आसपास के स्थल आपके लिए आदर्श स्थान हो सकते हैं. read more: https://youtu.be/V5wcMkX490o?si=TF8QyG53-KavifTw जबलपुर को ‘संस्कारधानी’ के नाम से भी जाना जाता है, और यह शहर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है. इस शहर के प्रमुख स्थल भेड़ाघाट, बरगी डेम, धुआंधार जलप्रपात, 64 योगिनी मंदिर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल न केवल प्रकृति की मनमोहक सुंदरता का अनुभव कराते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं के महत्व को भी जीवित रखते हैं. संगमरमर वादियों में नाव की सैर, रोपवे से धुआंधार का नज़ारा, और नर्मदा की लहरों का संगीत इस अनुभव को यादगार बना देंगे. इसके साथ बरगी डेम में क्रूज पर भी यात्रा कर सकते है. धुआंधार जलप्रपातभेड़ाघाट का प्रमुख आकर्षण धुआंधार जलप्रपात है, जहां नर्मदा नदी लगभग 30 मीटर की ऊंचाई से गिरती है. गिरते हुए पानी से उठता झाग धुएं जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे ‘धुआंधार’ नाम दिया गया. इसकी तुलना अक्सर नियाग्रा फॉल्स से की जाती है. रोपवे के जरिए इस जलप्रपात का दृश्य और भी रोमांचक बनता है. संगमरमर की वादियांभेड़ाघाट में संगमरमर के पहाड़ नर्मदा नदी के साथ दो किलोमीटर तक फैले हुए हैं. इन संगमरमर की चट्टानों में सफेद, गुलाबी, हरी, और काली रंगों की छटा देखने को मिलती है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इन वादियों का दृश्य और भी मनोरम होता है. बंदर कूदनीसंगमरमर की इन चट्टानों के बीच ‘बंदर कूदनी’ नामक स्थान है, जहां चट्टानों की निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि एक बंदर कूदकर इसे पार कर सकता है. यह स्थल कई पौराणिक कथाओं और किंवदंतियों से जुड़ा हुआ है. चौंसठ योगिनी मंदिरयह 9वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर भेड़ाघाट के पहाड़ पर स्थित है. यह मंदिर शक्ति.पासना का केंद्र था और इसे तांत्रिकों की विश्वविद्यालय माना जाता है. मंदिर में चौसठ योगिनियों की मूर्तियां हैं, जो हरियाली लिए पीले बलुआ पत्थरों से बनी हैं. इस मंदिर का निर्माण कल्चुरी राजाओं द्वारा किया गया था. त्रिपुर सुंदरी मंदिरभेड़ाघाट से कुछ दूरी पर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर कल्चुरी काल की उत्कृष्ट कृति है. यहां देवी के तीन रूप महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती की पूजा होती है. यह स्थान तीन शहरों की सुंदर देवियों के वास का प्रतीक है. कुंभेश्वर महादेव मंदिरलम्हेटा घाट पर स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने यहां लक्ष्मण के साथ शिव की आराधना की थी. इंद्र गयाइंद्र गया वह स्थान है जहां इंद्रदेव ने अपने पिता की अस्थियों का विसर्जन किया था. यह स्थान आज भी धार्मिक कर्मकांडों के लिए प्रसिद्ध है. लम्हेटा घाटयह स्थान नर्मदा किनारे डायनासोर के अंडों के अवशेषों के लिए जाना जाता है. यहां डायनासोर के जीवाश्म मिलने के प्रमाण भी मिले हैं, जो इसे वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं. भेड़ाघाट की फिल्मी पहचानभेड़ाघाट के संगमरमर वादियों में कई फिल्मों की शूटिंग हुई है. यह स्थान भारतीय फिल्म उद्योग के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है. भेड़ाघाट में नाव यात्रा पर्यटकों के लिए विशेष अनुभव है. नाविक की रोचक कमेंट्री, जिसमें ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं का जिक्र होता है, सैर को और भी यादगार बनाती है. नए साल का जश्ननए साल के जश्न या किसी भी अन्य अवसर पर भेड़ाघाट एक अद्भुत पर्यटन स्थल है. यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थान परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त हैं. भेड़ाघाट न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक अनमोल धरोहर है. इसकी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और पौराणिक कहानियां इसे विशेष बनाती हैं. यह स्थान न केवल देखने और महसूस करने का है बल्कि आत्मा को शांति और सुकून देने वाला है. यहां की यात्रा हर किसी को जीवन में एक बार अवश्य करनी चाहिए.

शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक उत्सव की धूम

Celebration of annual festival at Shiv Shakti International School जितेंद्र श्रीवास्तव विशेष संवाददाताजबलपुर। शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक उत्सव समारोह बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर स्कूल परिसर में मुख्य अतिथि के रूप में नीरज कुचिया, एस.ई., एम.पी.ई.बी., और मोहम्मद सहजीब, ए.जी.एम., बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत गायन, एकल नृत्य, और सामूहिक लोक नृत्य जैसे विभिन्न कार्यक्रमों ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। बच्चों की कला और उत्साह ने समारोह में चार चांद लगा दिए। समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों द्वारा किए गए प्रयासों की भी प्रशंसा की गई। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रबंधक सचिन यादव ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने समारोह को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया और उपस्थित मेहमानों, शिक्षकों, और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल का यह वार्षिक उत्सव, बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का भी माध्यम बना।

AIRPORT FLIGHTS ISSUE, जबलपुर एयरपोर्ट से कम उड़ानों के मामले में हाईकोर्ट सख्त, विमानन कंपनियों पर कड़ी टिप्पणी

AIRPORT FLIGHTS ISSUE, High Court strict in case of less flights from Jabalpur Airport, strict comment on aviation companies जबलपुर ! मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर से अन्य बड़े शहरों के लिए एयर कनेक्टिविटी संबंधी मामले को गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने मंगलवार को दो विमानन कंपनियां स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब न आने पर सख्त टिप्पणी की है. युगलपीठ ने दोनों विमानन कंपनियों को जवाब के लिए आखिरी मोहलत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर जवाब न आने पर उनपर भारी जुर्माना लगाना शुरू किया जाएगा. एयरलाइंस कंपनियां जुर्माने के लिए रहें तैयारकोर्ट ने एयरलाइंस कंपनियों को दो टूक कहा है कि अगर अगली सुनवाई तक जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी को लेकर उनका जवाब नहीं आया तो सभी पर बीस-बीस हजार रु का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही न्यायालय ने इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस को पक्षकार बनाने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए हैं. युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित की है. क्या है जबलपुर से फ्लाइट्स का मामला?दरअसल, ये जनहित का मामला नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव की ओर से दायर किया गया था. इसमें कहा गया है कि जबलपुर में अन्य शहरों की तुलना में कम फ्लाइट हैं. पूर्व में जबलपुर से मुम्बई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरू आदि शहरों के लिए फ्लाइटें संचालित होती थीं और जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर व भोपाल के सामान थी. लेकिन लगातार फ्लाइटें बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 15 से 5 हुईं जबलपुर से फ्लाइटेंयाचिका में कहा गया कि पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वहीं अब इनकी संख्या घटकर 5 हो गयी है, जिससे जबलपुर का विकास अवरुद्ध हो रहा है. इस मामले में इंडिगों विमान कंपनी ने अपना जवाब पेश कर दिया था. जबकि अनावेदक स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब प्रतीक्षित था. मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने का आखिरी मौका दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा.

जबलपुर एसपी की बड़ी कार्रवाई एक साथ 22 डिपार्टमेंट लाइन शामिल, अपराधी की कर रहे थे मदद

Big action by Jabalpur SP, 22 department lines involved simultaneously, were helping the criminal जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर ने एसपी संपत उपाध्याय ने क्राइम ब्रांच विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 22 पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच किया है। बताया जा रहा है कि, इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। सूत्रों की माने तो, कई पुलिसकर्मियों पर आरोप था कि वे कार्रवाई होने से पहले ही मुखबिरी कर दिया करते थे। जिससे पुलिस के ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। इन पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपियों को पहले ही कार्रवाई के बारे में बता दिया जाता था। जिससे पुलिस के पहुंचने के पहले ही आरोपी फरार हो जाते थे। या फिर अलर्ट हो जाते थे। ऐसे में पुलिस के बड़े-बड़े ऑपरेशन फेल हो रहे थे। लिहाजा इस स्थिति को देखते हुए एसपी ने ये कड़ा कदम उठाया। बतादें कि, यह पहली बार नहीं है जब जबलपुर क्राइम ब्रांच में इतनी बड़ी संख्या में तबादले हुए हों। इससे पहले भी कई पुलिसकर्मियों को एक साथ क्राइम ब्रांच से हटाया जा चुका है। पुलिस विभाग इस प्रक्रिया को सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई बता रहा है।

सुरक्षा कर्मियों ने युवक को मारा, फिर पेट्रोल डालकर लगाई आग

Security personnel beat the young man, then poured petrol and set him on fire जबलपुर: एक दिल दहला देने वाली घटना जबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र से सामने आई है. जहां आए दिन शराब पीने बैठे युवक के बीच रोज-रोज की बेइज्जती से परेशान होकर निजी प्रेस बिल्डिंग के अंदर दो सुरक्षा कर्मियों ने 35 वर्षीय युवक की हत्या कर दी और शव को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया. वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने थाने जाकर सरेंडर कर दिया. जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है. क्या है पूरा मामला यह घटना एक निजी प्रिंटिंग प्रेस की बिल्डिंग में हुई. जो कई सालों से बंद पड़ी थी. बैंक ने इस बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए हेमराज सरिया और ज्ञानी सिंह ठाकुर को तैनात किया था. मृतक विकास पटेल इसी बिल्डिंग के पास पान की दुकान चलाता था. पिछले कुछ महीनों से विकास और दोनों सुरक्षा कर्मी अक्सर साथ में शराब पीते थे. घटना के दिन भी तीनों ने शराब पी. नशे की हालत में किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद हेमराज और ज्ञानी ने विकास पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया. विकास की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को बिल्डिंग के अंदर ले जाकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. आग की लपटें और धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, जबकि पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच शुरू की. शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया है. पुलिस का बयान ओमती थाना टीआई राजपाल बघेल ने बताया कि “दोनों आरोपी बैतूल और डिंडौरी के रहने वाले हैं. हत्या की मुख्य वजह आपसी विवाद है. आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही मृतक ओमती थाना जिला बदर यानी कि एनएसए का भी आरोपी था, जो पुलिस थाने जाकर हाजिरी लगाता था. इस बीच, घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी खुद ओमती थाना पहुंचे और सरेंडर कर दिया. प्रारंभिक पूछताछ में हत्या के पीछे आपसी विवाद की वजह सामने आई है. यह जघन्य घटना आपसी विवाद के गंभीर परिणामों को दर्शाती है. पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.

एचडीएफसी बैंक का 16वां वार्षिक रक्तदान अभियान 6 दिसंबर 2024 को विजयनगर शाखा जबलपुर में मनाया गया 

HDFC Bank’s 16th Annual Blood Donation Drive was celebrated on 6th December 2024 at Vijayanagar Branch Jabalpur भारत का अग्रणी निजी क्षेत्र का बैंक एच डी एफ सी ने अपनी प्रमुख सीएसआर पहल, परिवर्तन के तहत अपने राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान के 16वें संस्करण का आयोजन विजयनगर शाखा जबलपुर में किया l जबलपुर । यह अभियान भारत भर के 1100 से अधिक शहरों में चलाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्र के युवा विधायक माननीय अभिलाष पांडे जी के कर कमलों द्वारा किया गया। एचडीएफसी बैंक के सर्किल हेड श्री अनूप शर्मा ने बताया की बैंक विगत 15 वर्षों से इस सामाजिक कार्य में लगी हुई है और यह हमारे बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री भावेश ज़वेरी जी की दूरदर्शिता है जिस ने युवाओं को इस अभियान से जोड़ा और बैंक को समाज में एक नई पहचान दिलवाई है। जबलपुर सर्कल द्वारा कुल   यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। क्षेत्र के विधायक  अभिलाष पांडे ने एच डी एफ सी बैंक और अथ  यथार्थ फाउंडेशन के संस्थापक योगाचार्य श्री रमाकांत पल्हा को इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए धन्यवाद दिया।  पांडे ने रक्त दान

धान उपार्जन 2024-25: मिलर्स की समस्याओं का समाधान अनिवार्य, लंबित भुगतान और सुविधाओं की मांग

Paddy procurement 2024-25: Solution to millers’ problems mandatory, demand for pending payment and facilities जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ! जैसा कि ज्ञात है, 2 दिसंबर से प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। शासन की मंशा है कि परिवहन, भंडारण एवं सूखत से होने वाली क्षति को कम करने के लिए अधिक से अधिक धान समितियों से सीधे मिलर्स को मिलिंग हेतु धान का प्रदाय किया जाए। हालांकि, प्रदेश के मिलर्स की कई समस्याओं के निराकरण के बिना वर्ष 2024-25 में उपार्जित धान की मिलिंग प्रक्रिया चालू कर पाना संभव नहीं है। मुख्य समस्याएं और उनके समाधान की मांग: लंबित भुगतान का अभाव: वर्ष 2022-23 और 2023-24 में मिलर्स द्वारा जमा किए गए बारदाने, मिलिंग, परिवहन, और हमाली की राशि अब तक अप्राप्त है। इसके अलावा, सीएमआर के साथ मिक्सिंग में उपयोग किए गए 1% FRK चावल और जमा किए गए अतिरिक्त बारदाने की राज्यांश राशि भी नहीं मिली है।मांग: मिलर्स को इन लंबित राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए ताकि वे आर्थिक कठिनाइयों से उबर सकें और धान मिलिंग अनुबंध करने में सक्षम हो सकें। अपग्रेडेशन राशि का आदेश: भारतीय खाद्य निगम द्वारा प्रतिवर्ष मिलर्स को रेशों अनुसार अपग्रेडेशन राशि दी जाती है। परंतु उपार्जन वर्ष 2023-24 और आगामी 2024-25 के लिए अपग्रेडेशन राशि जारी करने संबंधी आदेश अब तक जारी नहीं हुए हैं।मांग: उपार्जन शुरू होने से पहले अपग्रेडेशन राशि संबंधित आदेश जारी किए जाएं। लोडिंग-अनलोडिंग के भुगतान का अभाव: उपार्जन वर्ष 2023-24 की मिलिंग में चावल की गोदाम प्वाइंट की अनलोडिंग के लिए मात्र 4.75 रुपये प्रति क्विंटल के भुगतान का निर्देश दिया गया है। हालांकि, धान की लोडिंग-अनलोडिंग और चावल की मिल प्वाइंट लोडिंग की राशि पर कोई आदेश नहीं आया है।मांग: बढ़ती महंगाई को देखते हुए सभी प्रकार की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए उचित भुगतान सुनिश्चित करने का आदेश जारी हो। FRK चावल मिक्सिंग का भुगतान: निर्देशानुसार, सीएमआर चावल में 1% FRK (फ्रैक्शनल राइस कर्नेल) मिक्सिंग करके जमा किया जाता है। हालांकि, इस कार्य के लिए प्रतिवर्ष मिलर्स को दी जाने वाली 5 रुपये प्रति क्विंटल की राशि का भुगतान 2023-24 के लिए अब तक नहीं हुआ है।मांग: नान और विभाग मिलर्स को लंबित भुगतान तुरंत करें। समाधान की आवश्यकता: इन समस्याओं के निराकरण के बिना प्रदेश में धान मिलिंग प्रक्रिया शुरू कर पाना असंभव है। मिलर्स की वित्तीय स्थिति सुधारने और अनुबंध प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे।

हम होंगे कामयाब पखवाड़े के अंतर्गत जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन

Public dialogue program organized under We Shall Be Successful Fortnight जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर ! एकीकृत बाल विकास परियोजना शहरी क्रमांक-04,जबलपुर,में परियोजना स्तरीय जेंडर आधारित हिंसा उन्मूलन हेतु जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन भानतलैया बालक प्राथमिक शाला,खेरमाई वार्ड में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन परियोजना अधिकारी श्री रितेश दुबे जी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में उप निरीक्षक श्रीमती संध्या तिवारी (थाना गोहलपुर) ),अधिवक्ता श्रीमती ममता पटेल उपस्थित रही। कार्यक्रम में उप निरीक्षक श्रीमती संध्या तिवारी द्वारा घरेलू हिंसा रोकथाम अधिनियम 2005, कार्य स्थल पर महिलाओं का लैंगिक शोषण प्रतिषेध अधिनियम 2013, बाल विवाह निषेध अधिनियम, पोक्सो एक्ट,गुड टच,बैड टच आदि के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई पर्यवेक्षक श्रीमती सविता अग्रवाल तथा आरती पांडेय द्वारा महिलाओं तथा किशोरी बालिकाओ को महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, पोक्सो एक्ट, दहेज प्रतिषेध अधिनियम,घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, पीसीपीएनडीटी एक्ट आदि के संबंध में जानकारी दी गई।जेंडर आधारित भेदभाव, लड़के तथा लड़कियों में अंतर, बाल विवाह आदि के दुष्परिणाम से जन समुदाय को अवगत कराया गया।

जबलपुर: दमोह नाका स्थित चौकसे यात्री निवास होटल में पुलिस का छापा, देह शोषण और असामाजिक गतिविधियों का खुलासा

Jabalpur: Police raid at Chaukse Yatri Niwas Hotel located at Damoh Naka, जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर । दमोह नाका स्थित चौकसे यात्री निवास होटल में पुलिस ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया, जहां देह शोषण और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा चल रहा था। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल से पांच युवक-युवतियों और कई दलालों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, होटल में देह शोषण के कई मामले चल रहे थे, और यह स्थान अवैध गतिविधियों के लिए जाना जाता था।  पुलिस ने होटल पर छापेमारी के बाद देह शोषण और अन्य अपराधों को लेकर एक मामला दर्ज किया और दंडात्मक कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ दलाल भी शामिल हैं, जो युवाओं और युवतियों को इस अवैध गतिविधि में शामिल कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई इलाके में असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और समाज में सुरक्षा का माहौल बनाने के लिए की गई है।  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान होटल के भीतर कई संदिग्ध गतिविधियाँ पाई गईं और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद यह साफ हो गया कि यह स्थान देह व्यापार और अन्य अवैध कार्यों का केंद्र बन चुका था। पुलिस ने अब सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है।  इस मामले के बाद स्थानीय समुदाय में भी चिंता का माहौल है, और पुलिस प्रशासन से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद की जा रही है।

15 लोगों ने मिलकर एक को चाकूओं से किया छलनी, युवक की मौत से मातम

15 people together stabbed a man with knives, mourning over the death of the young man जबलपुर ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में दिनेश झारिया नाम के एक शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना गढ़ा थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि दिनेश का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद 10-15 लोगों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। हमला इतना इतना भयानक था कि इससे दिनेश की मौत हो गई। उसके पेट में कई गहरे घाव मिले हैं। मृतक छुई खदान क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। दिनेश का कुछ लोगों से मामूली विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि 10 से 15 लोगों ने मिलकर दिनेश पर चाकू से हमला कर दिया। घटनास्थल पर पहुंची प्रशासन की टीमघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गंभीर रूप से घायल दिनेश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 15 से ज्यादा लोगों ने किया हमलाइस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 15 से ज्यादा लोग थे जिन्होंने दिनेश पर हमला किया था। हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हुआसीएसपी डीपीएस चौहान ने बताया कि दिनेश झारिया नाम के युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई है। फिलहाल हत्या किस वजह से हुई है, इसकी जानकारी नहीं लग पाई है। बताया जा रहा है कि मामूली विवाद में हत्या की गई है। इन आरोपियों के खिलाफ मामला हुआ दर्जउन्होंने आगे बताया कि हत्या का आरोप निहाल केवट, राजू सेन, भुज्जी सेन पर है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगी हुई हैं। जल्द ही हम आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर दिनेश को सही समय पर अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

गोवर्धन पूजन पर केंद्रीय जेल जबलपुर की गोकुलधाम गौशाला में पूजन का आयोजन

On the occasion of Govardhan Puja, Puja was organized in Gokuldham Gaushala of Central Jail Jabalpur जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर ! आज केंद्रीय जेल जबलपुर स्थित गोकुलधाम गौशाला में गोवर्धन पूजन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर एवं अन्य अधिकारियों ने गौशाला में विधिवत पूजन किया। गोकुलधाम गौशाला में वर्तमान में लगभग 155 गायें हैं, जिनमें से करीब 40 गायें दूध देने वाली हैं। इनसे लगभग 70 लीटर दूध प्रतिदिन प्राप्त होता है, जिसका उपयोग विशेष रूप से जेल में बीमार, वृद्ध बंदियों और महिला बंदियों के बच्चों की देखभाल के लिए किया जाता है। इस आयोजन में उपस्थित जेल अधिकारियों ने गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल दिया और बताया कि गोकुलधाम गौशाला का उद्देश्य बंदियों को गौसेवा और प्राकृतिक जीवन के करीब लाना है। गोवर्धन पूजा के इस अवसर पर, सभी ने गौमाता की सेवा एवं उनके संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। गौशाला में गोवंश की देखभाल और उनके लिए स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित प्रबंधन किया जा रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। इस विशेष आयोजन से जेल प्रशासन द्वारा गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया गया, जिससे जेल में बंदियों को नैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से प्रेरणा मिल सके।

जबलपुर विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार: सीईओ और सहायक भू अर्जन अधिकारी कि मिली भगत से

Corruption in Jabalpur Development Authority: In collusion with CEO and Assistant Land Acquisition Officer जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर – जबलपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के सीईओ दीपक वैद्य और सहायक भू अर्जन अधिकारी अमित धुर्वे पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने खसरा नंबर 132/1, कुल रकबा 4.80 एकड़ की जमीन को भारी रिश्वत लेकर जालसाज पीयूष दूबे और भरत दूबे को बेच दिया है। यह जमीन ब्रम्हा पूरी सोसाइटी की है, जिसके मूल मालिकों के साथ धोखाधड़ी की गई है। सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने इस जमीन को बेचने के लिए 5 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस प्रक्रिया के दौरान एक फर्जी लीज डीड भी तैयार की गई, जिसके तहत जमीन दूबे भाइयों को अवैध रूप से सौंप दी गई। यह जमीन पहले से ही विवादास्पद थी, और इस पर 1 जनहित याचिका (PIL) और 4 वाद (WP) के फैसले भी हुए थे। बावजूद इसके, JDA द्वारा अनैतिक रूप से इस जमीन की बिक्री कर दी गई। मूल मालिकों के साथ धोखाधड़ीमूल मालिकों को जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली, तो उन्होंने कानूनी कार्यवाही का सहारा लिया और हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बावजूद, JDA और संबंधित सरकारी विभाग द्वारा इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह सवाल उठता है कि इस भ्रष्टाचार में क्या और भी उच्च अधिकारी संलिप्त हैं? भ्रष्टाचार के गहरे सवालजबलपुर के विकास प्राधिकरण में ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि किसी जमीन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ हो। वर्ष 1985 से लेकर आज तक कई सीईओ और अध्यक्ष आए, परंतु किसी ने भी इस जमीन को लेकर ऐसा विवादास्पद निर्णय नहीं लिया। यह सवाल उठता है कि आखिर क्यों अब जाकर यह काम किया गया और वह भी नियमों के विपरीत? उच्चस्तरीय जांच की मांगइस मामले में यह भी जानने की जरूरत है कि इतनी बड़ी रकम, जो रिश्वत के तौर पर ली गई, आई कहां से? और अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई? मूल मालिकों के साथ हुई इस धोखाधड़ी की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है, ताकि दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जा सके और न्याय हो सके। इस घटना ने जबलपुर विकास प्राधिकरण और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो कि जबलपुर के विकास और जनता के हितों के खिलाफ हैं। जनता इस मामले में सच्चाई और न्याय की उम्मीद कर रही है।

शिक्षा माफिया पर बड़ा एक्शन: जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मालिक और समिति सचिव गिरफ्तार

Big action on education mafia: Joy Senior Secondary School owner and committee secretary arrested जबलपुर: मध्यप्रदेश में शिक्षा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने एक और बड़े निजी स्कूल पर शिकंजा कसा है। शहर के प्रतिष्ठित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मालिक और समिति सचिव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को जबलपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया, जिसमें स्कूल द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और अन्य अनियमितताओं का पर्दाफाश किया गया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि के खिलाफ यह बड़ा कदम उठाया है। जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खिलाफ विजय नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसके आधार पर जॉय एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष अखिलेश मेबिन और सचिव अनुराग श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है। फीस जांच समिति का बड़ा खुलासा स्कूल फीस जांच समिति द्वारा की गई जांच में पाया गया कि 2017-18 से अब तक स्कूल ने अभिभावकों से 25 करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त फीस वसूली की है। यह फीस स्कूल प्रबंधन द्वारा व्यक्तिगत भोग-विलास के लिए इस्तेमाल की गई। इस अतिरिक्त आय का उपयोग लक्जरी वाहनों की खरीद और दुबई ट्रिप जैसे महंगे शौक पूरा करने में किया गया। फर्जी जानकारी और दबाव बनाने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि स्कूल द्वारा ऑडिट रिपोर्ट में झूठी जानकारी दी गई थी। इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन ने जानबूझकर विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुस्तकों की खरीद का दबाव डाला। साथ ही, फर्जी ISBN नंबर वाली किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों पर भी दबाव बनाया गया। अभिभावकों को अतिरिक्त फीस लौटाने का निर्देश प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वह अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करे। जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी और एडिशनल एसपी आनंद कलादगी ने यह जानकारी दी। शिक्षा माफिया पर प्रशासन की मुहिम यह कार्रवाई प्रदेश में शिक्षा माफिया के खिलाफ प्रशासन की मुहिम का हिस्सा है। इससे पहले भी कई निजी स्कूलों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिल सके। जबलपुर में जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर की गई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि राज्य सरकार और प्रशासन शिक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं। यह कदम न केवल शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए भी एक सशक्त संदेश है।

जबलपुर केंद्रीय जेल में हाथ धुलाई दिवस के मौके पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

Awareness program towards cleanliness completed on the occasion of Hand Washing Day in Jabalpur Central Jail जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ! नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में 15 अक्टूबर 2024 को अंतर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर जी के मार्गदर्शन में किया गया। पूर्वी खंड के सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में बंदियों ने “अंतर्राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस” के महत्व को समझाते हुए अस्वच्छ हाथों से होने वाले विभिन्न रोगों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने स्वरचित निबंध, लेख, कविता और लघु नाटिका प्रस्तुत की। इसके साथ ही, 101 बंदियों ने सही तरीके से हाथ धोकर “हाथों को स्वच्छ रखने” का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का संयोजन एवं मंच संचालन कल्याण अधिकारी श्रीमती सरिता घारू द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि, “रोजमर्रा के जीवन में जाने-अनजाने हमारे हाथ कई वस्तुओं एवं व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं, जिससे वे अदृश्य रोगाणुओं से ग्रसित हो जाते हैं। इसलिए, विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव हेतु समय-समय पर सही तरीके से हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है।” इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर, उप जेल अधीक्षक श्री मदन कमलेश, सहायक जेल अधीक्षक श्री प्रशांत चौहान, और अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को हाथ धोने के महत्व के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन न केवल बंदियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास था, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी दी।

जबलपुर: गोहलपुर में आग ने लॉज को किया तबाह, लोग हुए परेशान

Jabalpur: Fire destroys lodge in Gohalpur, people get worried जीतेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर ! जबलपुर में देर रात एक लॉज में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के बाद आस-पास के घरों से लोग घबराकर बाहर निकल आए थे। दशहरा पर्व के उल्लास के बीच शनिवार-रविवार दरमियानी रात करीब 3:15 बजे गोहलपुर क्षेत्र में स्थित एक लॉज में आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। आग की कुर्ती उठती लगता देख आसपास रहने वालों मे अफरा-तफरी मच गई और वह घरों से निकलकर बाहर आ गए। तत्काल ही लॉज में आग लगने की सूचना नगर निगम के दमकल भाग को दी गई। इसकी जानकारी लगते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। आग से लॉज के पर्दे, फर्नीचर सहित अन्य सामान जलकर खाक हो गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग दमकल कर्मियों के मुताबिक तकरीबन 3:15 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। तत्काल ही एक बड़ा दमकल वाहन रवाना किया गया। आग तेजी से फैल रही थी, धुआं उठ रहा था। लगभग लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के मुताबिक फिलहाल आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है। लॉज अजय पटेल का बताया जा रहा हैं।

सड़क पर उतरे किसानः सोयाबीन को 6 हजार प्रति क्विंटल की मांग , एमएसपी से खरीदी के खिलाफ किया प्रदर्शन

Farmers took to the streets: Demanded Rs. 6 thousand per quintal for soybean, demonstrated against purchase from MSP

Farmers took to the streets: Demanded Rs. 6 thousand per quintal for soybean, demonstrated against purchase from MSP जितेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर। भारतीय किसान संघ के आह्वान पर आज प्रदेश व्यापी आंदोलन हो रहा है। किसान सोयाबीन की जो खरीदी शासन ने एमएसपी पर करने की घोषणा की है उससे संतुष्ट नहीं है। किसान चाहता है कि 6000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन की खरीदी की जाए। किसान नेताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य और केंद्र के नेताओं ने घोषणा की थी 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान और और 2700 क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीद करेंगे। सरकार ने घोषणाओं पर कोई ध्यान नहीं है। सरकार को उसकी घोषणा को याद दिलाने के लिए आज प्रदेश के सभी किसान जिला लेबल पर अपना विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेता राघवेंद्र पटेल ने कहा कि सरकार चाहे किसी की भी रही हो जब जब किसान संकट में रहा है भारतीय किसान संघ ने सड़कों पर उतर कर किसानों को आवाज उठाई है। किसान नेताओं ने कहा कि हमने पहले ही प्रशासन को जता दिया था कि दी हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो 16 सितंबर को हम सड़कों पर उतरेंगे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। इसी कड़ी में आज तहसील, ब्लॉक लेवल से लेकर जिला स्तर तक अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं। मांगे नहीं मानी गई तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

झोलाछाप डॉक्टरों पर नहीं हो रही कार्रवाई, अधिकारियों भी कर रहे नजरअंदाज

No action is being taken against quacks, officials are also ignoring them

No action is being taken against quacks, officials are also ignoring them जितेंद्र श्रीवास्तवजबलपुर ! प्रदेश में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए थे। मगर, इसके बावजूद अभी जिले में कोई कार्रवाई होते हुए नजर नहीं आ रही है। झोला छाप डाक्टरों के द्वारा ग्राम बरबटी बरगी जिला जबलपुर में भोली भाली जनता के साथ झोलाछाप डॉक्टर फर्जी डिग्रियों द्वारा इलाज करके मौत के हवाले किया जा रहा है ! इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग भी इसमें कोई रूचि नहीं ले रहा है। झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में कर रहे इलाजबता दें कि सैकड़ों झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों का अवैध उपचार किए जाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिससे मरीजों की जान को भी खतरा रहता है। यह डॉक्टर बिना किसी मेडिकल डिग्री या प्रमाण पत्र के गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहे हैं।सबसे ज्यादा इनकी संख्या ग्रामीण क्षेत्र में रहती है। कई मरीजों की बीमारी इनके इलाज के बाद गंभीर हो जाती है। ऐसे में कई बार उनकी जान पर भी बन आती है। अधिकारी भी कार्रवाई में नहीं ले रहे रुचिस्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल ऑफिसर को बिना डिग्री के इलाज करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के लिए कहा है। मगर, अभी तक ग्राम बरबटी बरगी क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं की !

केंद्रीय जेल जबलपुर मैं श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

Various programs organized on Krishna Janmashtami festival in Central Jail Jabalpur

Various programs organized on Krishna Janmashtami festival in Central Jail Jabalpur जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर। कैदियों एवं कर्मचारी गण द्वारा धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर पार्षद कमलेश अग्रवाल द्वारा कार्यक्रम का उद्धघाटन किया गया साथ में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर व जेल उपाधीक्षक मदन कमलेश एवं स्टाफ गण उपस्थित रहे ।

आदित्य अस्पताल जबलपुर स्थित डॉक्टर की लापरवाही से युवक कि मौत 

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur

A young man died due to the negligence of a doctor at Aditya Hospital, Jabalpur जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता) जबलपुर । ग़लत इंजेक्शन लगाने से जान गंवानी पड़ी उसका पोस्टमार्टम भी नहीं कराया और शव रिश्तेदारों व परिवार वालों को सौंप दिया

पक्षियों को मौसम की मार से बचाने जबलपुर में वन विभाग घर-घर रखवाएगा ‘घरौंदा’

Forest Department will arrange 'Gharaunda' in every house in Jabalpur to protect the birds from the weather.

Forest Department will arrange ‘Gharaunda’ in every house in Jabalpur to protect the birds from the weather. जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर । गर्मी, सर्दी और वर्षा, तूफान का मौसम बेजुबान पक्षियों के लिए खतरा बन जाते हैं। वर्तमान में वर्षा का मौसम है ऐसे में पक्षियों के घरौंदे सुरक्षित नहीं है। घरौंदा बनवाने जबलपुर आरा मिल एसोसिएशन का सहयोग लिया है, जो लकड़ी के ऐसे घरौंदे बनवा कर वन विभाग को मुहैया करवा रहा जो घरों में आसानी से वृक्षों में टांगे जा सके। वन मंडल अधिकारी की पहलजबलपुर वन मंडल अधिकारी की इस पहल को ‘घरौंदा’ अभियान का नाम दिया गया है। पहले चरण में तीन हजार घरौंदे घरों में रखवाएं जाएंगे और ये कारगार साबित हुआ तो अगले चरण में सभी घरों में रखवाए जाएंगे। फिलहाल वन विभाग ने ऐसे 200 घरौंदे नागरिकों को वितरित भी किए हैं। अक्सर उजड़ जाते हैं आशियानेपक्षियों के लिए घरौंदा बनाने और निश्शुल्क वितरण के इस नवाचार पर वन मंडल अधिकरी जबलपुर ऋषि मिश्रा बताते हैं कि अक्सर देखा गया है कि पक्षी बड़ी मेहनत से घरौंदे बनाते हैं जो ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाते अक्सर उजड़ जाते है या उजाड़ दिए जाते हैं। लोग अज्ञानवता वश उन्हें हटा देते हैंपक्षी बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर, घरों में एयर कंडिशनर के बाहर लगे केबल व उपकरणों सहित अन्य जगहों पर घरौंदा बना लेते हैं, कई लोग अज्ञानवता वश उन्हें हटा देते हैं। कई बार घरौंदों में पक्षियों के अंडे और चूजे भी गिरकर नष्ट हो जाते हैं। पक्षी नहीं कर पाते अपना संरक्षरणइंसान तो हर मौसम परिस्थितियों में अपना संरक्षरण कर सकता है पर बेजुबान पक्षी नहीं कर पाते। इसे ध्यान में रखते हुए पक्षियों के लिए घरौंदा अभियान शुरू करने का विचार आया और कार्ययोजना तैयार कर आरामिल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा की गई। घरौंदा बनाकर उपलब्ध कराने का निर्णयकार्ययोजना का स्वीकार कर घरौंदा बनाकर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। अब तक 200 से ज्यादा घरौंदे बनाकर नागरिकों को निश्शुल्क वितरित किए जा चुके है। उद्देश्य तीन हजार घरौंदे वितरण का है। तो उन्होंने घरौंदों के निर्माण का प्रस्ताव मजबूत है लकड़ी के घरौंदेआरामिल एसोसिएशन द्वारा जो घरौंदे वन विभाग को तैयार कर दिए गए हैं वे प्लाइबोर्ड या प्लास्टिक के नहीं हैं, बल्कि ठोस लकड़ी से बने हैं और दो प्रकार की आकृतियों में हैं। पहली आकृति त्रिकोण है और दूसरी आकृति चौकोर। जो काफी मजबूत है। दाना-पानी देने किया जा रहा प्रेरितवन विभाग के कर्मचारियों द्वारा शहर व आस-पासके क्षेत्रों में पक्षियों के संरक्षण के लिए न सिर्फ घरौंदों का वितरण कर उन्हें घरों में सुरक्षित जगह रखवाया जा रहा बल्कि नागरिकों से घरौंदों में पक्षियों के लिए दाना-पानी भी उपलब्ध कराने के लिए जागरूक व प्रेरित किया जा रहा है। यदि प्रयास सफल रहा तो वन मंडल परिक्षेत्रों में अन्य संगठनों के सहयोग से ऐसे घरौंदे बनवाएं और रखवाएं जाएंगे।

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केन्द्रीय जेल में रक्षा बंधन पर्व पर विशेष मुलाकात कार्यक्रम 

Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail

Special meeting program on Raksha Bandhan festival in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail जीतेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर ‌। रक्षा बंधन पर्व के अवसर पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय जेल जबलपुर म.प्र. में श्री अखिलेश तोमर जेल अधीक्षक के निर्देशन में बंदियों को अपनी बहनों एवं बहनों को अपने भाईयों से रक्षा बंधन त्यौहार में राखी बांधने के लिए विशेष मुलाकात की व्यवस्था की गई साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जेल अधिकारी/कर्मचारियों को मुलाकात व्यवस्था का अलग-अलग दायित्व सौंपा गया । 1244 बंदी / हवालाती पुरूष बंदियों से दूर दराज से आई लगभग 2705 माताओं / बहनों एवं उनके साथ 899 बच्चों ने अपने-अपने भाईयों को कुमकुम का तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधकर मिष्ठान खिलाया और उनसे बुराईयों के रास्ते को छोड़ने का संकल्प लिया एवं मुलाकात की। जेल में परिरूद्ध 50 बंदी/ हवालाती महिला बंदियों से भाईयो ने राखी बंधवाई । कुल 3604 बहनों/भाईयो एवं परिजनों ने कुल 1294 पुरुष / महिला बंदी से जेल पर आकर रक्षा बंधन का पवित्र त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जेल कैंटीन के माध्यम से बंदियों के लिए राखी, मिठाई, कुमकुम एवं फल की व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा की गई। जेल अधीक्षक द्वारा जेल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जेल स्टाफ, पुलिस प्रशासन एवं मीडिया का भी सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर डॉ. लक्ष्मण शाह (जेल चिकित्सक), श्री मदन कमलेश (जेल उप अधीक्षक), श्री नारायण सिंह राणा (जेल उप अधीक्षक), श्री गणेश सिंह (जेल उप अधीक्षक), श्रीमति रूपाली मिश्रा (जेल उप अधीक्षक) एवं समस्त सहायक जेल अधीक्षक एवं समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहें एवं सहयोग किया गया ।

हिन्दू चेतना मंच का कैन्डिल मार्च : हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन

Hindu Chetna Manch Candle March: Protest against atrocities on Hindus

Hindu Chetna Manch Candle March: Protest against atrocities on Hindus जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )  जबलपुर । हिन्दू समाज पर हिंसक हमले, बलात्कार, हिन्दू मह मंदिरों में  तोड़ फोड़ अत्याचार के विरोध में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन

केंद्रीय जेल जबलपुर के अधिकारी /कर्मचारीयों द्वारा विशाल तिरंगा रैली का आयोजन

Officers/employees of Central Jail Jabalpur organized a huge tricolor rally

Officers/employees of Central Jail Jabalpur organized a huge tricolor rally जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर। केंद्रीय जेल जबलपुर के अधिकारी /कर्मचारीयों द्वारा तिरंगा रैली निकाली Gना है आज प्रातः 10:00 बजे जो केंद्रीय जेल से सिविल लाइन होते हुए सदर बाजार एवं स्टेट बैंक चौराहे से होते हुए केंद्रीय जेल जबलपुर वापस

शासकीय मानकुंवरबाई कला एवं वाणिज्य स्वशासी महिला महाविद्यालय में विशेष उद्यमिता शिविर आयोजित किया गया

A special entrepreneurship camp was organized at Government Mankunwarbai Arts and Commerce Autonomous Women's College

A special entrepreneurship camp was organized at Government Mankunwarbai Arts and Commerce Autonomous Women’s College जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता )जबलपुर । शासकीय मानकुंवरबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में सावन मास में विशेष उद्यमिता शिविर आयोजित किया गया। इस विशेष उद्यमिता शिविर में मुख्य अतिथि डॉ अभिलाष पांडेय, माननीय विधायक, उत्तर मध्य जबलपुर, श्री योगेंद्र सिंह ठाकुर, माननीय अध्यक्ष जनभागीदारी समिति, डॉ संतोष जाटव, अतिरिक्त संचालक जबलपुर संभाग, दी संध्या चौबे, प्राचार्य, शासकीय मानकुंवरबाई बाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री कोमलचंद्र जैन जी का सम्मान भी संस्था द्वारा किया गया। छात्राओं को स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित करने हेतु इस शिविर का आयोजन किया गया। इसी उद्देश्य से शासन के निर्देशानुसार महाविद्यालय की भूतपूर्व छात्राओं द्वारा हस्तनिर्मित वस्तुओं, क्राफ्ट आइटम्स, राखी आदि के स्टाल लगाए गए तथा उन्हें बाजार व्यवस्था से परिचित करा कर स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित किया गया। डॉ अभिलाष पांडेय, माननीय विधायक ने कहा की प्रतिस्पर्धा के इस दौर में स्वरोजगार का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वरोजगार से न केवल हम स्वयं का धनोपार्जन करते हैं अपितु दूसरों की भी रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। श्री योगेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार इस तरह के उद्यमिता शिविर छात्राओं के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराते हैं, जिससे छात्राएं कौशल विकास, उद्यम, रोजगार तथा स्वरोजगार आदि के अवसर निर्मित करती है। इस अवसर पर केंद्रीय कारागार के कैदी भाइयों द्वारा निर्मित वस्तुओं का भी स्टॉल महाविद्यालय में लगाया गया, जिसमें उनकी उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर ही महाविद्यालय की छात्राओं को राखी बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रकोष्ठ प्रभारी डॉक्टर सुलेखा मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस तरह के विशेष उद्यमिता शिविर समय-समय पर आयोजित होते हैं, जिनसे छात्राएं रोजगार तथा स्वरोजगार के लिए अवसर प्राप्त करती है. एवं उनमें आत्मविश्वास जागृत होता है, तथा उनके कौशल विकास पर भी वह कार्य करती है जो कि आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न क्षेत्रों में पदस्थ महाविद्यालय की छात्राओं का भी सम्मान किया गया। इस उद्यमिता शिविर में महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रकोष्ठ सदस्य डॉ नेहा शाक्य, कपिल नेमा का सहयोग रहा। उद्यमिता शिविर में छात्राओं ने अपने स्टाल लगाए।

शासकीय मानकुंवर महाविद्यालय : स्टाफ द्वारा नेता सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल में कैदियों को रक्षा सूत्र बंधन कार्यक्रम संपन्न 

Government Mankunwar College: Staff organized a program to tie Raksha Sutra to prisoners in Neta Subhash Chandra Bose Central Jail

Government Mankunwar College: Staff organized a program to tie Raksha Sutra to prisoners in Neta Subhash Chandra Bose Central Jail जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर। नेता सुभाषचंद्र बोस सेंट्रल जेल में आज मानकुंवर शासकीय महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रशासक एवं स्टाफ के द्वारा जेल में बंद कैदियों को रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद दिया । इस दौरान  जेल अधीक्षक तोमर, जेलर मदान कमलेश व स्टाफ उपस्थित रहे  रक्षा सूत्र बंधन कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें हम अपने प्रियजनों के साथ एक विशेष बंधन को मजबूत करते हैं। आज, हम इस कार्यक्रम को जेल में कैदियों के साथ मना रहे हैं, जो हमें यह याद दिलाता है कि हर किसी को प्रेम और समर्थन की आवश्यकता होती है। इस कार्यक्रम में, हम रक्षा सूत्र बांधकर एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम और स्नेह को दर्शाते हैं। यह बंधन हमें एक दूसरे के साथ जोड़ता है और हमें याद दिलाता है कि हम कभी अकेले नहीं हैं। कैदियों के साथ इस कार्यक्रम को मनाने से हम उन्हें यह महसूस कराते हैं कि वे समाज का हिस्सा हैं और हम उनके साथ हैं। यह उन्हें प्रेरित करता है और उन्हें एक नई दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।  इस रक्षा सूत्र बंधन कार्यक्रम को एक प्रेम और समर्थन के प्रतीक के रूप में मनाएं और एक दूसरे के साथ मजबूत बंधन बनाएं।

जबलपुर : बोल बम के जय करो से गुजा शहर

Jabalpur: City passes through Bol Bam Ke Jai Karo

Jabalpur: City passes through Bol Bam Ke Jai Karo जीतेन्द्र श्रीवास्तव ( विशेष संवाददाता ) जबलपुर ! समाज सेवक श्री रतन यादव ओर सभी बम बम बोले के भक्त गण विगत 30 सालों से नाग पंचमी के दिन यह पताका आज गोरखपुर से गुप्तेश्वर महादेव के मन्दिर में जाकर चढ़ाया जाता है बोल-बम के उद्घोष से शहर गूंज उठा। शिवभक्त बोल-बम, बम-बम के जयकारे लगाते हुए गंतव्य की ओर रवाना होते गए। भगवान शिव की भक्ति को समर्पित श्रावण मास में पूरा शहर शिवमय होने लगा है। ज्यों-ज्यों शिवरात्रि के आगमन की तिथि निकट आ रही है त्यों-त्यों शहर में भक्ति की लहरें उफान पर पहुंच रही हैं।

केंद्रीय जेल जबलपुर में बंदियों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन उन्हें स्वरोजगार हेतु प्रेरित किया गया

10-day training was organized for the prisoners in Central Jail Jabalpur and they were motivated for self-employment.

10-day training was organized for the prisoners in Central Jail Jabalpur and they were motivated for self-employment. जीतेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता)जबलपुर ! केन्द्रीय जेल जबलपुर में जेल अधीक्षक श्री अखिलेश तोमर के मार्गदर्शन एवं जेल उप अधीक्षक श्री मदन कमलेश, श्रीमती रूपाली मिश्रा के पर्यवेक्षण में दिनांक 30.07.2024 से 08.08.2024 तक 10 दिवसीय एनवलेप एवं फाईल मेकिंग कोर्स का संचालन सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया के सहयोग से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (सेन्ट-आरसेटी) द्वारा कराया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार हेतु निर्भर बनाना था ताकि वे जेल से रिहा होकर समाज की मुख्यधारा में जुड सकें। जिसमें कुल 25 बंदियों द्वारा भाग लिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षक श्री सुभाष पिल्लई एवं श्री अभिषेक तिवारी द्वारा बंदियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन कार्यक्रम में जेल उप अधीक्षक श्री मदन कमलेश, श्रीमती रूपाली मिश्रा, श्रीमती अंजू मिश्रा, सहायक जेल अधीक्षक, सेन्ट्रल बैंक आफ इण्डिया की ओर से रीजनल हेड श्री अविनाश कुमार (एल.डी.एम.) दिवाकर ठाकुर, आर.से.टी. डायरेक्टर कल्पा राजपूत, आनंद सिंह एवं गौरव नामदेव उपस्थित रहे।

साइबर ठगों के निशाने पर प्रदेश के IAS अफसर: जबलपुर कलेक्टर हुए साइबर फ्राड के शिकार

State's IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud

State’s IAS officers on target of cyber thugs: Jabalpur Collector becomes victim of cyber fraud जबलपुर । मध्य प्रदेश के कलेक्टर (आईएएस अफसर) साइबर ठगों के निशाने पर हैं। ताजा मामला जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने साइबर सेल से मामले की शिकायत की है। जबलपुर कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि ऐसे फर्जी संदेशों को नजरअंदाज करें और तत्काल ब्लॉक कर दें। जबलपुर कलेक्टर का पहले भी फैसबुक अकाउंट हैक हो चुका है। जालसाजों ने कलेक्टर दीपक सक्सेना के नाम से उनके रिश्तेदार से 25 हजार की ठगी की है। ठग ने साइबर फ्रॉड करते हुए वाट्सऐप पर कलेक्टर दीपक की फोटो लगाई। फिर कई रिश्तेदारों को मैसेज किया। झांसे में आकर एक रिश्तेदार ने 25 हजार ट्रांसफर भी कर दिए गए। दीपक सक्सेना को ठगी का पता चला तो हैरान हो गए। ठगी का पता चलते ही जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने फर्जी फेसबुक आईडी ब्लॉक कर आरोपी की तलाश के निर्देश साइबर सेल को दिए हैं। कलेक्टर ने अपनी फेसबुक आईडी पर फेक लिखते हुए कहा है कि अज्ञात नंबर से उनकी प्रोफाइल फोटो लगाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। जिससे लोगों को धोखा हो रहा है। उन्होंने कहा है कि इन नंबरों का कलेक्टर जबलपुर से कोई संबंध नहीं है। नंबर फर्जी हैं। ऐसी ठगी को दिया अंजाम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 20 जुलाई को जबलपुर में आरआईसी का करेंगे शुभारंभ

Chief Minister Dr. Yadav will inaugurate RIC in Jabalpur on July 20.

Chief Minister Dr. Yadav will inaugurate RIC in Jabalpur on July 20. मध्यप्रदेश में संतुलित और समतापूर्ण विकास की यात्रा आगे बढ़ाते हुए, राज्य सरकार शनिवार 20 जुलाई 2024 को सुबह 09:00 बजे से संस्कारधानी-जबलपुर में “नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक और सूचना केंद्र” में अपना दूसरा रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन) आयोजित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्रीय क्षमता का दोहन कर औद्योगिक विकास में असमानताओं को दूर करना है। जबलपुर क्षेत्र की औद्योगिक क्षमताओं और अवसरों से निवेशकों को रू-ब-रू करवाकर क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। नवाचारी सम्मेलन का उद्देश्य प्रमुख बाजारों से निवेशकों को एक साथ लाकर, सार्थक चर्चा करके सहयोग को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में प्रमुख उद्योगपतियों, विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों, नौकरशाहों और प्रमुख विदेशी प्रतिनिधियों सहित 3500 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। आरआईसी में वैधनाथ समूह, आईटीसी, वोल्वो आयशर, बेस्ट कॉर्प, एसआरएफ और दावत समूह जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह भाग लेंगे। आरआईसी में ताईवान, मलेशिया, यूके, फिजी, जापान और इंडोनेशिया का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख विदेशी प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वर्चुअली 60 से अधिक इकाईयों का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम के दौरान उद्योगपतियों के साथ आमने-सामने चर्चा करेंगे। विशिष्ट अतिथि एमएसएमई मंत्री श्री चैतन्य काश्यप और पीडब्ल्यूडी मंत्री श्री राकेश सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। क्षेत्रीय सत्रों में होगी क्षेत्र विशेष में निवेश पर विस्तृत चर्चा क्षेत्र की संभावनाओं पर केंद्रित 5 क्षेत्रीय सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें कृषि, खाद्य एवं डेयरी प्र-संस्करण, रक्षा, खनन एवं खनिज, कपड़ा एवं परिधान तथा पर्यटन शामिल है। उद्योग संघों, स्टार्टअप्स और रक्षा, कपड़ा एवं परिधान के विशेषज्ञों के साथ गोलमेज चर्चा भी होगी। सम्मेलन में 300 से अधिक क्रेता-विक्रेता बैठकें और वन-टू-वन चर्चा भी होंगी। निवेशकों को महाकौशल का अनुभव प्रदान करने के लिए जबलपुर एक्सपो और रक्षा प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और नेटवर्किंग डिनर के साथ होगा, जिसमें क्षेत्र की संस्कृति और व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केन्द्रीय जेल जबलपुर में विधिक साक्षरता एवं नवीन कानूनों का परिचय व वृक्षारोपण कार्यक्रम 

Legal literacy and introduction of new laws and tree plantation program

Legal literacy and introduction of new laws and tree plantation program at Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail, Jabalpur

जबलपुर के खजरी खिरिया बायपास के गोदाम में धमाके, जनहानि की आशंका

Explosion in warehouse of Khajri Khiriya bypass of Jabalpur, fear of loss of life धमाके से भूकंप जैसा एहसास। आसपास के भवनों को भी पहुंची क्षतिगोदाम की शटर 100 मीटर दूर पाई गई। जबलपुर। जबलपुर के खजरी खिरिया बाईपास में एक गोदाम धमाके के साथ उड़ गया। यह गोदाम समीम कबाड़ी का बताया जा रहा है। गैस कटर वाले सिलेंडर में कई धमाके हुए जिससे पूरा गोदाम ढह गया। गोदाम में लगी लोहे की शटर कई टुकड़ों में 100 मीटर दूर पाई गई। जनहानि की आशंका।धर्म कांटा में धमाका हुआ है कोई बोल बम से ब्लास्ट कई लोगों के दबे होने की आशंका। मौके पर मनुष्यों के कटे अंग भी मिले हैं। 1 किलोमीटर तक के लोग घर से बाहर आ गएगैस सिलिंडर कटर के धमाके की आवाज से दहला। शमीम कबाड़ी का बताया जा रहा है। धमाके से भूकंप जैसा एहसास। आसपास के भवनों को भी पहुंची क्षतिगोदाम की शटर 100 मीटर दूर पाई गई। इससे धमाके का अंदाजा लगाया जा सकता है कबाड़ में हुआ धमाका इतना शक्तिशाली था कि लगभग 1 किलोमीटर तक के लोग घर से बाहर आ गए।

मतदान केंद्र के अंदर के फोटो वायरल करना पड़ा भारी, पीठासीन अधिकारी निलंबित

Photos from inside the polling station had to go viral, presiding officer suspende जबलपुर में मतदान केंद्र के अंदर के फोटो खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर करने पीठासीन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबलपुर। जबलपुर में जारी लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के बीच चुनावी ड्यूटी में तैनात पीठासीन अधिकारी को मतदान केंद्र के अंदर के फोटो शेयर करना भारी पड़ गया। जिसके चलते जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरअसल, मतदान केन्द्र क्रमांक 173 पर तैनात पीठासीन अधिकारी रतन कुमार ने मतदान केन्द्र के अंदर के फोटो खिंचवाकर अपने मोबाइल नम्बर से किसी वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किए थे। मामले में अधिकारियों को शिकायत मिलने पर जांच करवाई गई। जिसके बाद सेक्टर अधिकारी हेमंत अमहिया द्वारा मोबाइल फोन जब्त कर जांच की जो शिकायत सही पाई गई। वर्जित है मोबाइल का उपयोगबता दें कि मतदान केंद्र में मोबाइल फोन का उपयोग वर्जित है। नियम का उल्लंघन करने पर पीठासीन अधिकारी को निलंबित कर मतदान अधिकारी क्रमांक -1 को पीठासीन अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।

राजपूत करणी सेवा ने मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला का पुतला दहन किया ,एवं आक्रोश देखने को मिला

Rajput Karni Seva burnt the effigy of Minister Purushottam Rupala जबलपुर ! भाजपा सरकार में गुजरात के मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला जी ने छात्राणियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है नारी किसी भी समाज की हो नारी का सम्मान हमेशा होना चाहिए ऐसे मंत्रियों की कोई जरूरत नहीं है जो नारियों का सम्मान नहीं करते हैं एक तरफ मोदी जी नारी सम्मान की बात करते हैं और दूसरी तरफ उनके मंत्री अपशब्द भाषा छात्राणियों के खिलाफ करते हैं ऐसे मंत्री पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए लोक सभा सीट कटी जानी चाहिए गुजरात से मोदी जी से यही आग्रह है कि ऐसे सांसद की टिकट काट देनी चाहिए ऐसी जानकारी जो के नारी सम्मान के जगह उनके बारे में आप शब्द बातें करते है सहारा समाचार जबलपुर से जीतेन्द्र सिंह श्रीवास्तव की प्रदेश अध्यक्ष से वार्तालाप , जबलपुर जिला अध्यक्ष संजू सिंह राजपूत. प्रदेश अध्यक्ष सहेंद्र सिंह. संभाग अध्यक्ष विशाल सिंह सोलंकी मीडिया से वार्ता करते हुए

करणी सेना का वार्षिक होली मिलन संपन्न

Karni Sena’s annual Holi meet concludes जबलपुर ! प्रतिवर्ष अनुसार श्री राजपूत करणी सेना जबलपुर द्वारा प्रज्ञा मंडपम में वार्षिक होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया गया । करणी सेना के जिला अध्यक्ष संजू राजपूत ने बताया की होली मिलन के माध्यम से स्वजातीय बंधुओं एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया गया है ।कार्यक्रम की अध्यक्षता करणी सेना के संभाग अध्यक्ष श्री विशाल सिंह जी एवं जिला अध्यक्ष महिला मधु देवी सिंह द्वारा की गई ।इस दौरान क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेंद्र सिंह, श्री अभिषेक सिंह (गुरुजी), श्रीमती माला राकेश सिंह जी, श्रीमती रूपलेखा चौहान जी, दिलीप सिंह जी, अमित सिंह जी, अर्पित सिंह रक्षित सिंह अंकित परिहार, सुजीत सिंह, शिवम परिहार आदि बड़ी संख्या में क्षत्रिय राजपूत समाज उपस्थित रहा ।

ग्राउंड रिपोर्ट: जबलपुर में भाजपा के आशीष लैंड लार्ड, कांग्रेस के दिनेश मांग रहे ‘एक नोट-एक वोट’

Ground report: BJP’s Ashish Land Lord, Congress’s Dinesh are demanding ‘one note-one vote’ in Jabalpur भोपाल। जबलपुर लोकसभा सीट में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला तो है लेकिन पलड़ा भाजपा का भारी है। ऐसा पहली बार नहीं है, भाजपा यहां लगातार जीत भी दर्ज करती आ रही है। 1991 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के श्रवण पटेल पहली बार मामूली अंतर 6 हजार 722 वोटों के अंतर से भाजपा के बापूराव परांजपे को हरा कर चुनाव जीते थे। इसके बाद से सीट पर भाजपा का कब्जा है और कांग्रेस एक अदद जीत के लिए तरस रही है। 1996 और 1998 के दो चुनाव बापूराव परांजपे ने जीते और 1999 में जयश्री बनर्जी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2004, 2009, 2014 और 2019 में भाजपा की ओर से लगातार राकेश सिंह ने कमल खिलाया। राकेश सिंह ने पिछला चुनाव साढ़े 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीता। मौजूदा माहौल देखकर कहा जा रहा है कि जीत का यह आंकड़ा और बढ़ने वाला है। लगातार चार जीत दर्ज करने वाले राकेश सिंह इस बार जबलपुर से मैदान में नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वे विधानसभा का चुनाव लड़े थे और इस समय राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। उनके स्थान पर भाजपा ने बिल्कुल नए चेहरे आशीष दुबे को प्रत्याशी बनाया है। वे तीन बार से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। उन्होंने ज्यादा संगठन में काम किया है और अब लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अपनी छवि के कारण आशीष भाजपा की पसंद बने हैं। वे कभी विवादों में नहीं रहे। उनकी बेदाग और निर्विवाद छवि है। आशीष की पारिवारिक पृष्ठभूमि भाजपाई है। उनकी गिनती जबलपुर के लैंड लार्ड के तौर पर होती है। कांग्रेस के दिनेश यादव भी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वे प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हैं। इससे पहले वे पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। कांग्रेस की ओर से वे महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी छवि भी अच्छी है लेकिन वे भाजपा के आशीष से काफी पिछड़ते दिखाई पड़ रहे हैं। जबलपुर में भाजपा जैसी जीत दर्ज करती है, उसे देखकर स्पष्ट है कि यहां जातीय और सामाजिक गणित फेल हो जाते हैं। बावजूद इसके कांग्रेस को जातीय आधार पर ही वोट मिलने की संभावना है। भाजपा द्वारा कराए गए काम बने चुनाव का मुद्दाजबलपुर प्रदेश का महानगर है, इसलिए यहां राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दो ंका खासा असर है। इसके साथ यहां सरकार द्वारा कराए गए काम भी मुद्दा बने हुए हैं। गांव-गांव तक सड़कों की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। सड़कों का जाल बिछा है। 4-5 फ्लाई ओवर बन कर तैयार हुए हैं। एक बड़ा फ्लाई ओवर बन रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी केंद्र और राज्य सरकार ने काफी काम किए है। भाजपा मोदी और राम लहर के साथ इन कामों को मुद्दा बना रही है। भाजपा के आशीष पारिवारिक संबंधों का हवाला देकर भी समर्थन मांग रहे हैं। कांग्रेस अपनी 19 माह की सरकार के कार्यों को गिना रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस किस तरह सभी किसानों का कर्ज माफ करने जा रही थी लेकिन भाजपा ने इसे रोक दिया। केंद्र एवं राज्य सरकार की महंगाई और रोजगार को लेकर नाकामिंया भी बताई जा रही है। कांग्रेस के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कांग्रेस के दिनेश को यादव समाज से भी काफी उम्मीद है। विधानसभा में भाजपा को हासिल है बड़ी बढ़तप्रदेश की कई अन्य सीटों की तरह जबलपुर में भी भाजपा को विधानसभा में बड़ी बढ़त हासिल है। लोकसभा क्षेत्र की 8 में से 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट है। 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा ने पाटन, बरगी, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट, जबलपुर पश्चिम, पनागर और सिहोरा विधानसभा क्षेत्रों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस सिर्फ जबलपुर पूर्व सीट ही जीत सकी है। जबलपुर पूर्व में कांग्रेस के लखन घनघोरिया 27 हजार 741 वोटों के अंतर से जीते हैं जबकि सातों सीटों में भाजपा की जीत का अंतर 2 लाख 36 हजार 359 वोट है। साफ है कि भाजपा को विधानसभा चुनाव से ही 2 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त हासिल है। कांग्रेस के लिए इस अंतर को पाटना बड़ी चुनौती है। जबलपुर जिले को मिलाकर बनी लोकसभा सीटजबलपुर लोकसभा सीट का भाैगोलिक एरिया बाहर नहीं गया। इसके तहत आने वाली सभी 8 विधानसभा सीटें जबलपुर जिले की ही हैं। जातीय आधार पर जरूर हर विधानसभा सीट की अलग-अलग स्थिति है। किसी सीट में दलित और आदिवासी ज्यादा हैं तो किसी में पिछड़े और ब्राह्मण। कुल मिलाकर दबदबा भाजपा का ही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तब भाजपा और कांग्रेस को बराबर 4-4 सीटें मिली थीं। बावजूद इसके 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के राकेश सिंह 4 लाख 54 हजार 744 वोटों के बड़े अंतर से जीते थे। अब तो विधानसभा में भी भाजपा का पलड़ा भारी है। माहौल भी भाजपा का है। ऐसे में यदि भाजपा के जीत का अंतर और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है तो गलत नहीं है। वैसे भी जबलपुर में भाजपा की जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता ही गया है। क्षेत्र में ब्राह्मण, दलित, पिछड़े वर्ग का दबदबाजबलपुर लोकसभा सीट में आमतौर पर जातीय आधार पर मतदान नहीं होता। सामाजिक समीकरण फेल होने की वजह से यहां हार-जीत का अंतर ज्यादा होता है। लोकसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के मतदाताओं का दबदबा है। ब्राह्मण एकमुश्त भाजपा के खाते में जा सकते हैं जबकि पिछड़े वर्ग का एक हिस्सा कांग्रेस को मिल सकता है। भाजपा प्रत्याशी ब्राह्मण और कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़े वर्ग से हैं। क्षेत्र में मुस्लिम और आदिवासी वर्ग के मतदाताओं की तादाद भी काफी है। इनमें मुस्लिम का अधिकांश वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है जबकि दलित और आदिवासी मतों में बंटवारा होगा। हालांकि इनका ज्यादा हिस्सा भी भाजपा के पक्ष में ज्यादा जाने की संभावना है। क्षेत्र के वैश्य, क्षत्रिय एवं अन्य जाितयों में भाजपा का दबदबा देखने को मिल रहा है।

भीम आर्मी भारत एकता मिशन संगठन ने राहुल चौधरी को नियुक्त किया जबलपुर जिला अध्यक्ष

Bhim Army Bharat Ekta Mission the organization has appointed Rahul Chaudhary as Jabalpur District President भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा जबलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में राहुल चौधरी को एक बार फिर भीम आर्मी जबलपुर का ज़िला अध्यक्ष बनाया गया हैं। जबलपुर ! पुनः ज़िलाध्यक्ष बनाए जाने पर सम्पूर्ण जिले के पदाधिकारियों व सदस्यों में हर्ष का माहौल हैं बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आकाश राहुल के मुख्य अतिथि में आयोजित इस संभाग स्तरीय बैठक में सभी जिलों के पदाधिकारी, सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिसमे जबलपुर जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी को पुनः ज़िलाध्यक्ष जबलपुर जिले की कमान सौंपते हुए जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति किया गया। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने बताया कि आगामी अप्रैल माह में जिले की सभी तहसीलो का द्वारा कर जिला कार्यकारणी का पुनः गठन किया जाएगा। और संगठन को पहले से भी ज्यादा मजबूत किया जाएगा इस दौरान भीम आर्मी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट सुनील बेले,आकाश बौद्ध,मनीष चौधरी,संजीव चौधरी,सनोज चौधरी, साहिल चौधरी, सहिल चौधरी, सुमित चौधरी अन्य सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

चुनाव का नामांकन पत्र खरीदने पहुंचा निर्दलीय उम्मीदवार, सिक्कों में चुकाए 25 हजार रुपये

Independent candidate came to buy election nomination papers, paid 25 thousand rupees in coins प्रदेश के जबलपुर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करने पहुंचे एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट सेक्यरिटी डिपोजिट के लिए हजारों रुपयों के सिक्के लेकर पहुंचा. जबलपुर ! लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बज चुका है और सभी सियासी दल तैयारियों में जुट गए हैं. मध्य प्रदेश के जबलपुर से चुनाव से संबंधित एक अजीब मामला सामने आया है लोकसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे जबलपुर का एक उम्मीदवार बुधवार को नामांकन के वक्त सेक्योरिटी डिपोजिट के रूप में भुगतान के लिए 25 हजार रुपयए के सिक्के लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचा.इंडिपेंडेंट कैंडिडेट विनय चक्रवर्ती, जबलपुर के सियासी मैदान में उतरना चाहते हैं. उन्होंने 10 रुपये, 5 रुपये और 2 रुपये के सिक्कों में सेक्योरिटी डिपोजिट के रूप में 25 हजार रुपये का भुगतान किया है. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैंने सिक्कों में 25 हजार रुपये का भुगतान किया है. सिक्कों में भुगतान की क्या वजह बताई? एजेंसी के मुताबिक विनय ने कहा कि कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल या ऑनलाइन मोड के जरिए भुगतान करने की कोई सुविधा नहीं थी, इसलिए मैंने सिक्कों में अमाउंट का भुगतान किया, जिसकी सुविधा उपलब्ध थी. उन्होंने कहा कि मैं एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहता हूं. जबलपुर जिले के रिटर्निंग ऑफिसर और कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि संभावित उम्मीदवार द्वारा सिक्कों में किया गया भुगतान प्राप्त कर लिया गया और उसकी रसीद उन्हें दे दी गई. बता दें कि पहले चरण के लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई. मध्यप्रदेश में 29 सीटों के लिए 4 चरणों में चुनाव संपन होना है. प्रदेश में 19 अप्रैल को पहले चरण में 6 सीटों के लिए मतदान होगा. इसके बाद 26 अप्रैल को 7 सीटें, 7 मई को 8 सीट और फिर 13 मई को बची 8 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी 4 चरणों में चुनाव हुआ था.

मंत्री विजयवर्गीय बोले- मध्य प्रदेश में सभी 29 सीट जीतेंगे

Minister Vijayvargiya said- Will win all 29 seats in Madhya Pradesh जबलपुर। मध्यप्रदेश की सभी 29 सीट जीतने के साथ ही एनडीए देश में चार सौ से ज्यादा सीटें जीतेगा। यह कहना है प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का। वे मंडला जाते समय अल्पप्रवास पर जबलपुर में रुके, जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा की। विजयवर्गीय का यह भी कहना रहा कि प्रदेश की सभी 29 सीटों पर अबकी लोकसभा चुनाव में भाजपा जीत हासिल करने वाली हैं। नकुल नाथ को उम्मीदवार बनाए जाने पर कटाक्षकेबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा से नकुल नाथ की उम्मीदवारी को लेकर कहा कि नकुल लड़ें या कमल नाथ, भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस ऐसे ही लोगों को टिकट दे रही है, जो करोड़पति हैं। भाजपा ने 400 सीटों का संकल्प लिया है और वो इसी लक्ष्य को लेकर प्रयास में जुट गई है। उन्होंने देश में हाल में लागू सिटीजन अमेंडमेंट बिल यानि, सीएए लागू किए जाने को प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का साहसिक निर्णय बताया।

जबलपुर कलेक्टर के आदेश की एसडीएम व तहसीलदार ने उड़ाई धज्जियां, दोनों सस्पेंड

Jabalpur Collector’s order flouted by SDM and Tehsildar जबलपुर में कलेक्टर के आदेश पर सील हुई पटाखा दुकानों को एसडीएम और तहसीलदार ने खुलवाया. उनकी अभी जांच भी पूरी नहीं हो पाई थी. लापरवाही बरतने पर एसडीएम और तहसीलदार को निलंबित किया गया. मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एसडीएम को निलंबित करने का मामला सामने आया है. एसडीएम पुष्पेंद्र अहाके पर पटाखा व्यापारियों को अनिश्चित लाभ पहुंचाने का आरोप है. एसडीएम पर आरोप है कि उन्होंने कलेक्टर दीपक सक्सेना के आदेश के विपरीत जाकर पटाखा व्यापारियों की सील की गई दुकानों को खोल दिया. जिसकी वजह से पटाखा व्यापारियों को अपने स्टॉक को इधर-उधर करने में मदद मिल गई. मामले को लेकर तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे को भी निलंबित किया गया है. संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा के मुताबिक, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी (एसडीएम) अधारताल पुष्पेन्द्र अहाके एवं तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे को शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. संभागायुक्त ने यह कार्रवाई कलेक्टर दीपक सक्सेना से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर की है. बता दें कि पिछले दिनों हरदा की घटना के बाद जबलपुर शहर के कठौंदा स्थित बारहमासी पटाखा संग्रहण एवं विक्रय दुकानों के स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं होने पर कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा उन्हें सील करने के निर्देश दिए गए थे. जांच पूरी हुए बिना ही खुलवा दीं दुकानेंलेकिन अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अधारताल ने स्टॉक का सत्यापन किए बगैर तथा सक्षम स्वीकृति प्राप्त किए बिना सील की गई दुकानें खुलवा दी थीं. हरदा हादसे के बाद जिला प्रशासन ने थोक पटाखा बाजार की दुकानें सील की थी. बिना पूरी जांच किए एसडीएम और तहसीलदार ने पटाखा बाजार की दुकानों की सील को खोल दिया. जबकि इन दुकानों के स्टॉक में भी कमी मिली थी. इन दुकानों की सील पूरी जांच और स्टॉक रजिस्टर से मिलान के बाद खोली जानी थी. एसडीएम पुष्पेंद्र अहाके और तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे के निलंबन आदेश में कहा गया है कि यह शासन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन व शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही है. इसमें अभी माना गया है कि दोनों अधिकारियों ने पटाखा व्यापारियों को अपने अवैध स्टॉक को इधर-उधर करने में मदद की है. शासन के नियमों एवं निर्देशों के विपरीत कार्रवाई की गई. जिसकी वजह से दोनों का निलंबन किया गया है.

1100 फीट लंबी चुनरी की जाएगी अर्पित, लोक निर्माण मंत्री होंगे शामिल

1100 feet long chunri will be offered Public Works Minister will be involved जबलपुर। पुण्य सलिला मां नर्मदा जी के प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर आज जबलपुर में कई भव्य कार्यक्रम होंगे। जगह-जगह मां नर्मदा की प्रतिमा रखी गई है। कई स्थानों पर भंडारे भी होंगे। मां नर्मदा जयंती पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह स्वामी गिरीशानंद सरस्वती जी के साथ चुनरी यात्रा में शामिल होंगे। इस दौरान मां नर्मदा को 1100 फीट लंबी चुनरी भी अर्पित की जाएगी।  राकेश सिंह सुबह 11.30 बजे नर्मदा पूजन करेंगे, इसके उपरांत दोपहर 12 बजे उमाघाट में 1100 फीट लंबी चुनरी मां नर्मदा को अर्पित करेंगे। बताया जा रहा है कि नर्मदा जयंती के अवसर पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दर्शन करने के लिए गौरीघाट पहुंच सकते हैं। जाने मां नर्मदा का इतिहास सबिंदु सिन्धु सुस्खल तरंग भंग रंजितम… द्विषत्सु पाप जात जात कारि वारि संयुतम… कृतान्त दूत काल भुत भीति हारि वर्मदे… त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे। नर्मदा मां मात्र नदी ही नहीं हैं, बल्कि कंकर-कंकर में शंकर को प्रकट करने वाली हैं, अपने पावन तट पर आद्य जगतगुरु शंकराचार्य जी को सनातन संस्कृति को दिशा देने वाली रचनाओं की प्रेरणा प्रदान करने वाली हैं, साथ ही अन्नदाताओं को समृद्धि प्रदान करने वाली हैं। पवित्र नदियों में स्नान से पुण्य फल प्राप्ति की मान्यता है, जबकि मां नर्मदा के दर्शन से ही कहीं ज्यादा पुण्य मिल जाता है। कल-कल, छल-छल प्रवाहित अविरल धारा हमें जीवन, समृद्धि और खुशहाली देती है, साथ ही सतत आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलती है। सहायक नदियों को समाहित करती मां नर्मदा आगे बढ़ती हैं और मानों संदेश देती हैं कि हम सभी को साथ लेकर चलें। मां नर्मदा की प्रेरणा से जब हम सृजन के लिए आगे बढ़ते हैं तो समाज का हर वर्ग साथ देने आता है। मध्यप्रदेश के अमरकंटक उद्गम कुंड से मां नर्मदा प्रवाहमान होती हैं, और विन्ध्य व सतपुड़ा के पहाड़ों, जंगलों को पार करते हुए ओंकारेश्वर से आगे बढ़कर गुजरात में प्रवेश करके खम्भात की खाड़ी तक जाती हैं। लगभग 1,312 किलोमीटर की यह यात्रा लोक कल्याण, सतत परिश्रम और समर्पण का संदेश देती है। यह यात्रा कब शुरू हुई, इसका अंदाजा भी लगाना संभव नहीं है। नर्मदा नदी ने प्रकृति को, मानव सभ्यता को और मध्य प्रदेश को इतना कुछ दिया है कि उसकी न गणना की जा सकती है, न कल्पना। यह संकल्प जरूर लिया जा सकता है कि हम भी मां नर्मदा की सेवा से अपना जीवन धन्य करें। नर्मदा घाटी में मानव सभ्यता का न केवल विकास हुआ है, बल्कि हमारे वैभवशाली इतिहास को समेटे नगरों ने भी आकार लेते हुए समृद्धि के प्रतिमान स्थापित किए हैं। महिष्मती (महेश्वर), नेमावर, हतोदक, त्रिपुरी, नंदीनगर, भीमबैठका आदि ऐसे कई प्राचीन नगर हैं, जहां उत्खनन में 2200 वर्ष पुराने प्रमाण मिले हैं। मां नर्मदा की सेवा के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जाए और अनुशासनात्मक जीवन शैली अपना लें, तो काफी बदलाव संभव है। नदी के जल को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए हम दूषित पदार्थों को नदी तक पहुंचने ही न दें, धार्मिक आस्था के नाम पर कोई भी अनुपयोगी वस्तु नदी में प्रवाहित न करें। यह नदी पहाड़ों और जंगलों में विशाल वृक्षों के जड़ों में संचित जल के माध्यम से पल्लवित हैं, ऐसे में हम अधिक से अधिक पौधारोपण करें, यह सेवा ही मां नर्मदा के प्रति कृतज्ञ होने के लिए पर्याप्त है। मां नर्मदा वर्ष पर्यंत हमें जीवन देने के लिए ही प्रवाहमय रहती हैं। मां नर्मदा के रौद्र रूप में भी सृजन की अद्भुत संभावना है। आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी द्वारा नर्मदाष्टक की रचना इसका प्रमाण है। कम उम्र में वेदांत और उपनिषद देने वाले आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य जी जन्म स्थान केरल से चलकर अमरकंटक के रास्ते पवित्र धरा मध्य प्रदेश पहुंचे थे। उन्होंने 16 साल की उम्र में वेदांत दर्शन की व्याख्या कर सहस्त्राधिक रचनाएं दीं। देश के चारों कोनों पर चार पीठों की स्थापना कर देश को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोया। वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक देखें, तो मां नर्मदा के विस्तृत तट पर अनेक ऋषि, मुनि गणों ने विश्व कल्याण की कामना के साथ घोर तपस्या की और अपने तब को फलीभूत भी किया है। मां नर्मदा के पावन तट का एक-एक कण पुण्य प्रताप से ओजस्वी है। नर्मदा पुराण के अनुसार माँ नर्मदा को 13 नामों से जाना जाता है। जिनमे शोण, महानदी, मंदाकनी, महापुण्य प्रदा त्रिकुटा, चित्रोपला, विपाशा, बालवाहिनी, महार्णव विपाषा, रेवा, करभा, रुद्रभावा और एक जो हम सभी जानते है नर्मदा । अनेको पौराणिक ग्रंथो के अनुसार कई बार प्रलय से संसार का अंत हुआ और कई बार भगवान शिव ने संसार को पुनः स्थापित किया लेकिन माँ नर्मदा कभी क्षीण नहीं हुई। हर बार वह संसार की उत्पत्ति में भोलेनाथ के साथ रही और तब श्रृष्टि की पुनः रचना के बाद भोले नाथ ने उन्हें वरदान देते हुए कहा की तुम्हारे दर्शन से पाप रुपी रोगो से मनुष्यो को मुक्ति मिलेगी। सभी पापो को नष्ट करने वाली महानदी नर्मदा दक्षिण दिशा की और निकल गई। घोर महार्णव में दिखाई देने के कारण माँ महार्णव कहलाई।

युवा क्रांति की मांग- डॉ धारणा के विरुद्ध कार्यवाही हो 

2 साल में भी कमेटी की जांच नहीं हुई पूरी; शासकीय भूमि पर किया था। कब्जा  Demand for youth revolution – action should be taken against Dr. Dharana. The investigation of the committee was not completed even in 2 years; done on government land. Retraction  जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ प्रदीप कुमार बिसेन ने अपनी बहु डॉ धारणा बिसेन को नियम विरुद्ध नियुक्त किया था। जिस पर लोकायुक्त जबलपुर ने संज्ञान लेते हुए डॉ बिसेन के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। अब डॉ धारणा बिसेन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। यह बात युवा क्रांति संगठन के संयोजक अनुराग तिवारी ने प्रेसवार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहां लोकायुक्त में इस अपराध की विवेचना जारी है। इस अपराध में पूर्व कुलपति डॉ पीके बिसेन के साथ पूर्व रजिस्ट्रार अशोक कुमार इंगले को भी अपराधी बनाया गया है। अब उनकी बहू धारणा बिसेन के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए। संगठन का आरोप हैं कि उनकी नियुक्ति भी नियम विरुद्ध तरीके से की गई है। जिसको लेकर युवा क्रांति लोकायुक्त को शिकायत कर चुकी हैं। 2 साल बीते यूनिवर्सिटी ने नहीं की जांच क्रांति संगठन के प्रदेश सचिव देवा झारिया का कहना है की यूनिवर्सिटी में पदस्थ प्रोफेसर ने शासकीय 57 एकड़ भूमि पर कब्जा किया था। जिसे तत्कालीन कलेक्टर इलैया राजा टी ने अतिक्रमण मुक्त कराया था। जिसको लेकर लोकायुक्त ने विश्वविद्यालय को पत्र लिख जांच करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव ने अनुमति नहीं दी। हालांकि 2 साल पहले 15 मार्च 2022 को कमेटी बनाई और 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने कहां था। कुलसचिव के आदेशों की भी उड़ाई गई धज्जियां बावजूद इसके 2 साल बीत जाने के बाद भी कुलसचिव के आदेश की धज्जियां उड़ाई गई और अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई। ऐसे में यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ एम ए खान और डॉ परवेज राजन खान के ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए। जिन्होंने शहपुरा भिटौनी के ग्राम खैरी में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया था। प्रेसवार्ता के दौरान पुष्पराज पांडे, वैभव पांडे, विवेक ठाकुर, रूपेश सिंह, अंकित पटेल, संतोष तिवारी, अंबुज स्वामी सुजीत पटेल सहित अन्य मौजूद रहे।

स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से बनेगा आत्मनिर्भर भारत: केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी

Construction of smart village along with smart city will make India self-reliant: Union Minister Shri Gadkari जबलपुर ! केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि स्मार्ट शहर के साथ स्मार्ट विलेज के निर्माण से आत्म निर्भर भारत का निर्माण हो सकेगा। जबलपुर मध्यप्रदेश का ग्रोथ इंजन है। यह पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में जबलपुर का नाम पूरे देश में जाना जाता है। जबलपुर में सड़कों-पुलों के निर्माण और सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक विकास के लिये सरकार कार्य कर रही है। श्री गडकरी जबलपुर में वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़कों के निर्माण से उद्योगों का विकास होता है। पर्यटन में वृद्धि होती है। कृषि एक्सपोर्ट बढ़ता है और इस तरह सड़क प्रदेश के विकास की धुरी बन जाती है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत का विजन, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने का ध्येय गांव और किसानों के विकास से सीधा जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग और रिंग रोड निर्माण के दौरान जमीन से खोदी गई मिट्टी और मुरूम की जगह पर पानी का स्टोरेज टैंक और तालाब बनाया जा सकता है। इससे वाटर कंजर्वेशन तो होगा साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध होगा। हर गांव की 75% जमीन सिंचित होगी तो किसान और गांव समृद्ध होंगे और कृषकों की आमदनी बढ़ेगी। किसान आगे बढ़कर बने ऊर्जा दाता केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो एविएशन फ्यूल, बायो सीएनजी और बायो एलएनजी निर्माण की दिशा में कार्य करके अन्नदाता से आगे बढ़कर ऊर्जा दाता बन सकता है। कृषि से उपजे बायोमास को एनर्जी क्रॉप्स में परिवर्तित करें। पानीपत में इंडियन ऑयल के बिटुमिन प्लांट का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने बताया कि प्रदेश में पराली से 1 लाख लीटर एथेनॉल, 1.5 टन बिटुमिन और 75 हजार टन हवाई ईंधन तैयार किया जाता है। यह उत्पाद हवाई जहाज के ईंधन के रूप में उपयोग किए जा सकते है। इसे सस्टेनेबल एवियशन फ्यूल कहा गया है। दो साल पहले 26 जनवरी के कार्यक्रम में फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर में बायो फ्यूल का उपयोग किया गया था। प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह पुरातन काल में सम्राट विक्रमादित्य का काल सुशासन का काल माना जाता था। उसी तरह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में सुशासन की स्थापना की जा रही है। जैसे हिमालय से गंगा अविरल बहती है वैसे ही प्रदेश में विकास की धारा निर्बाध गति से आगे बढ़ रही है। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने अपने संबोधन में प्रदेश के जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने से जिलों के विकास के द्वार खुलेंगे और विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में यह अहम प्रयास साबित होगा।

प्रदेश को 10,405 करोड़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मिलेगी सौगात

State will get gift of National Highway projects worth Rs 10,405 crore जबलपुर ! केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल और जबलपुर में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में 10 हजार 405 करोड़ रुपये की लागत से 724 किलोमीटर लंबी 24 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का विकास होगा। भोपाल में 8 हजार 38 करोड़ रुपये की लागत से 498 किलोमीटर लंबी 15 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम लाल परेड मैदान एवं जबलपुर में 2 हजार 367 करोड़ रुपये की लागत से 226 किलोमीटर लंबी 9 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम वेटनरी कॉलेज ग्राउंड पर आयोजित किया जाएगा। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में एनएच-46 के अयोध्या बायपास खंड का 6-लेन चौड़ीकरण, एनएच-146बी के शाहगंज से बाड़ी खंड का चार-लेन चौड़ीकरण, एनएच-552 (विस्तारित) के मध्य प्रदेश/राजस्थान सीमा से श्योपुर-गोरस का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-752सी पर सुजालपुर बायपास का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-552 (विस्तारित) पर अटेर एवं भिण्ड बायपास का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-552 (विस्तारित) के गोरस से श्यामपुर मार्ग का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-56 के दाहोद (गुजरात सीमा) से अम्बुआ खंड का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, एनएच-347ए मुलताई से मध्यप्रदेश/महाराष्ट्र सीमा तक का दो-लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम से एनएच-539 के टीकमगढ़-झांसी सड़क पर स्थित जामनी नदी पर पुल का निर्माण, चदिया घाटी से कटनी बायपास तक (पेव्ड शोल्डर के साथ) 2 लेन सड़क उन्नयन कार्य, एनएच-339 के बमीठा से खजुराहो हिस्से का चार-लेन चौड़ीकरण कार्यों का लोकार्पण एवं गुलगंज बायपास से बरना नदी तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क उन्नयन कार्य, बरना नदी से केन नदी तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क निर्माण, शहडोल से सगर टोला तक दो लेन (पेव्ड शोल्डर के साथ) सड़क उन्नयन कार्य, एनएच-44 (म.प्र.) के अंतर्गत ललितपुर-सागर-लखनादौन खण्ड में कुल 23 पुल सर्विस रोड का निर्माण, एनएच-44 के सुकतारा, खुरई और खवासा में कुल 3 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य, बंजारी घाटी (एनएच-44) पर 2 ब्लैक स्पॉट का सुधार कार्य का शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं से महाकौशल क्षेत्र के गेहूं और धान कृषि व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक कनेक्टिविटी आसान होगी, कटनी के कोयला खदान उद्योग को लाभ मिलेगा। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो, ओरछा, राष्ट्रीय पेंच टाइगर कॉरिडोर तक कनेक्टिविटी आसान होगी, बुधनी टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज और वुड क्रॉफ्ट व्यापार को लाभ मिलेगा साथ ही मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली राज्यों के बीच व्यावसायिक एवं नागरिक यातायात सुगम होगा।

लापरवाह अफसर बचे उपार्जन प्रकरण में

जबलपुर । जिला उपार्जन समिति के सदस्यों का सामूहिक उत्तरदायित्व है उपार्जन। धान उपार्जन की कार्यवाही में उपायुक्त सहकारिता अखिलेश निगम का नंबर कब आएगा? इसके पहले पूर्व कलेक्टर सौरभ सुमन ने उपायुक्त सहकारिता को निलंबित करने की बात कही थी क्योंकि उपार्जन जैसा महत्वपूर्ण दायित्व छोड़कर ये भोपाल चले गए थे। गौर तलब है कि जिला स्तर के अधिकारी होने के बावजूद अखिलेश निगम एक भी बार फील्ड पर नही गए किसी सहकारी समिति का दौरा नही किया। जबकि संभागीय आयुक्त सिद्धार्थ लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रहे है।इसके पूर्व दिनांक दो जनवरी को आयुक्त सहकारिता की जबलपुर बैठक में भी उपस्थित नही थे। यदि समय पर उपायुक्त द्वारा केंद्र बनाए गए होते तो किसानों को धान रखने विवश न होना पड़ता। उपार्जन का सर्वाधिक विवादित विकास खंड पाटन और मझौली रहा है। हैरानी की बात यह है बीते दो माह से पाटन में उपायुक्त सहकारिता ने किसी को सहकारिता विस्तार अधिकारी का दायित्व ही नही दिया। मूल पद स्थापना भोपाल होने से जबलपुर कहकर निकल आते है। जबलपुर में भोपाल का बहाना बनाया जाता है।सवाल यह है कि किसानों के केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव उपायुक्त सहकारिता ने समय पर क्यों नही दिया? इसके पूर्व पदस्थापना जिले सिवनी में भी अखिलेश निगम उपार्जन अनियमितता के चलते केवलारी विधायक की शिकायत पर मुख्य मंत्री जी द्वारा मंच से स्थानांतरित किए गए थे ।

धोखाधड़ी के केस में भाजपा विधायक पर कार्रवाई करे जबलपुर पुलिस – “हाईकोर्ट”

हाईकोर्ट ने कहा- धोखाधड़ी के केस में भाजपा विधायक पर कार्रवाई करे जबलपुर पुलिस जबलपुर ! हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पनागर से भाजपा विधायक सुशील तिवारी इंदु व किशोर रावत के विरुद्ध शिकायत से जुड़े एक मामले में जबलपुर पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जांच के बाद यदि पाया जाता है कि विधायक ने संज्ञेय अपराध किया है तो पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करे। याचिका जबलपुर निवासी रीतेश तिवारी ने दायर की थी। जिसके मुताबिक विधायक और फरियादी ने इसकी शिकायत गोहलपुर थाने में की, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। याचिकाकर्ता के मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471 के तहत कार्रवाई की जानी थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह शिकायत की प्रारंभिक जांच करे। उनके साथी किशोर रावत ने चेक की राशि धोखाधड़ी से अपने खाते में ट्रांसफर कर ली थी।

कलेक्ट्रेट में पटवारियों ने किया प्रदर्शन:

Patwaris demonstrated in the Collectorate: जबलपुर ! पंजीयन के सत्यापन में बरती गई लापरवाही को लेकर जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने गुरुवार को तत्कालीन एसडीएम और मझौली के प्रभारी तहसीलदार सहित दो पटवारियों को निलंबित कर दिया। कलेक्टर की इस कार्रवाई को लेकर सैकड़ों पटवारियों ने आज कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और कलेक्टर से मिलकर पटवारियों पर हुई कार्रवाई को गलत बताया। करीब आधे घंटे तक कलेक्टर ने पटवारियों की बात सुनी और आश्वासन दिया कि इसकी जांच करवा ली जाएगी।धान फर्जीवाड़े को लेकर जबलपुर कलेक्टर ने तत्कालीन एसडीएम धीरेंद्र सिंह एवं मझौली के प्रभारी तहसीलदार आदित्य जंघेला को आरोप पत्र दिया है, साथ ही दो पटवारी राहुल पटेल और अभिषेक विश्वकर्मा को निलंबित कर दिया। कलेक्टर की कार्रवाई को लेकर पटवारियों का कहना है कि धान खरीदी मैं राजस्व विभाग के कर्मचारियों का सीधा कहीं कोई दखल नहीं होता किसान अपनी उपज का रजिस्ट्रेशन सहकारी समितियां में करवाता है, इन सहकारी समितियां के कंप्यूटर ऑपरेटर और पंजीयन किसान की फसल का रजिस्ट्रेशन करते हैं, और यहीं पर किसान जमीनों के सिकमी नामे को जमा करता है l किसानों के जो भी रजिस्ट्रेशन किए जाते हैं, उनके माध्यम से वेरीफाई कर दिया जाता है। इसमें केवल 10% केस ही भौतिक रूप से सत्यापन के लिए आते हैं, जिन्हें पटवारी को सत्यापित करना होता है lजबलपुर में धान खरीदी में जो घोटाला हुआ उसमें कुछ स्थानों पर 35% जमीन सिकमी नाम के माध्यम से रजिस्ट्रेशन में दर्शाई गई है, मतलब इस जमीन पर जमीन का मालिक खेती नहीं कर रहा है, बल्कि उसने किसी को किराए से दी है और इसी किराए की जमीन की उपज लेकर किसान खरीदी केंद्र में गया। लगभग 50 हजार क्विंटल धान उन खरीदी केंद्रों पर पहुंची है, जिन खरीदी केंद्र को सरकार ने खरीदी करने की अनुमति नहीं दी थी। यही धान अब खरीदी केंद्र के बाहर लावारिस ढंग से पड़ी हुई है इसमें कई किसान भी फंस गए हैंपटवारी संघ के अध्यक्ष जागेश्वर पीपरे का कहना है कि कलेक्टर से मुलाकात कर उन्होंने कहा कि ये गलती पटवारियों की नहीं बल्कि व्यवस्था की लापरवाही है। उन्होंने बताया कि जब तक सिकमीनामे की हार्ड कापी नहीं मिलेगी तब तक हम कैसे मालूम होगा। तहसील कार्यालय में सिकमी नामे की एक कॉपी होना चाहिए था, पर जब से सिकमी नामा अधिनियम बना है तब से लेकर आज तक एक कॉपी भी नहीं है। पटवारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में हम लगे हुए थे, इसके बाद भी हमने कार्रवाई गलत नहीं है। कलेक्टर ने मामले पर कहा जबलपुर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने मामले पर कहा कि पटवारियों ने मुझसे मुलाकात कर बताया कि चुनाव ड्यूटी के कारण कुछ काम छूट गया था, वहीं यह भी देखा गया है कि पटवारियों को जानकारी देने में भी कुछ गलती हुई है। पटवारियों ने अपनी कुछ मजबूरियां भी बताई है, जिसको देखा जा रहा है। निलंबन को लेकर कलेक्टर ने कहा कि पटवारियों की लापरवाही ये है कि उन्हें जिस सिकमी नामे का वेरिफिकेशन नहीं करना था, उसका भी करके पास कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को मिले तीन नए न्यायाधीश, नियुक्त की अनुशंसा

Madhya Pradesh High Court gets three new judges, recommendation for appointment मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जज की नियुक्ति के लिए न्यायिक अधिकारी रामकुमार चौबे, एडवोकेट दीपक खोत और एडवोकेट पवन कुमार द्विवेदी के नामों की अनुशंसा। जबलपुर। भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए न्यायिक अधिकारी रामकुमार चौबे के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार से की है। मप्र हाई कोर्ट में 40 न्यायाधीश नियुक्तवर्तमान में मप्र हाई कोर्ट में 40 न्यायाधीश नियुक्त हैं। जबकि कुल स्वीकृत पद 53 हैं। लिहाजा, तीन जज बढ़ने से कुल जज 43 हो जाएंगे। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट कालेजियम की अनुशंसा पर राष्ट्रपति की मुहर की प्रतीक्षा है।

हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों द्वारा चक्का जाम हड़ताल

Chakka jam strike by drivers in protest against hit and run law केंद्र सरकार के तीन कृषि काले कानून के बाद हिट एंड रन कानून के विरोध में ड्राइवरों द्वारा चक्का जाम हड़ताल दिनेश राज शर्मा जबलपुर ! केंद्र सरकार ने तीन कृषि काले कानून के बाद हिट एंड रन कानून के विरोध में गाड़ी चलाको, ड्राइवरों ने चक्का जाम कर हड़ताल पर बाघ्य हुए सरकार ने बिना सोचे समझे मोटर कानून में बदलाव करके चालक से एक्सीडेंट होने पर 10 साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना का प्रावधान किया जाना पूर्णतःगलत है कोई भी ड्राइवर या गाड़ी चालक जानबूझकर एक्सीडेंट नहीं करता जब गाड़ी का मालिक गाड़ी का इंश्योरेंस कराकर हर साल 25 से ₹30000 इसलिए चुकता है, कि रिस्क कवर हो गाड़ी का इंश्योरेंस है तो ड्राइवर से 5 लाख का जुर्माना लेने का प्रावधान क्यों किया गया?कांग्रेस पूर्व प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने जो इंश्योरेंस कंपनियों का प्राइवेटीकरण किया है उसको फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से एक तरफा कानून में बदलाव कर गाड़ी मालिक और ड्राइवर का गाड़ी का चक्का जाम के लिए मजबूर किया।कांग्रेस नेता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि सोशल मीडिया पर ट्रक ड्राइवर एवं बस चालक सोशल मीडिया पर हड़ताल पर जाने की विगत कई दिनों से चेतावनी दे रहे थे उसके बावजूद शासन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। और आम जनता को पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कमी से जूझने के लिए मजबूर कर दिया। अभी तो शुरुआत है शासन प्रशासन से मांग है कि ड्राइवर की मांगों पर तत्काल ध्यान दें । और आम जनता को राहत पहुचाने आवश्यक कदम शीघ्र उठाये।

जबलपुर धान खरीदी घोटाला जिम्मेदार कौन

Who is responsible for Jabalpur paddy purchase scam धान खरीदी में फर्जीवाड़े से नाराज किसानों ने घंटों लगाया जाम उदित नारायणभोपाल ! आज जबलपुर में सैकड़ो किसान धान खरीदी के भुगतान के लिए सड़क पर चक्का जाम कर रहे हैं. जिला प्रशासन की नाक के नीचे हुए धन उपार्जन घोटाले के लिए जबलपुर से लेकर भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है. इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की लापरवाही सर्वाधिक है, परंतु जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ जयंती सिंह ने सारा ठीकरा जिला फूड कंट्रोलर कमलेश ताडेकर, जिला विष्णन अधिकारी रोहित सिंह बघेल, एमपी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन डी के हवलदार, सिहोरा ब्रांच मैनेजर बीके पाठक, पाटन ब्रांच मैनेजर आनंद पांडे, शाहपुर ब्रांच मैनेजर ऋतिक सिनाटिया, रिछाई ब्रांच मैनेजर एम.के उपाध्याय को निलंबित किया गया है. कल जिला प्रशासन द्वारा आनन फानन में 36 वेयरहाउस संचालकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया. वही प्रदेश शासन ने वेयरहाउसिंग के सहकारिता प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव को ट्रांसफर कर दिया है. हजारों किसानों की फसल की बंदरवाट करने के लिए दोषियों को जिस प्रकार संरक्षण दिया जा रहा है उससे यह स्पष्ट है कि इस पूरे घोटाले को सत्ता पक्ष का संरक्षण प्राप्त है. जमीनी हकीकत यह है कि जिले में धान के उपार्जन के लिए कमेटी के अध्यक्ष जिला कलेक्टर होते हैं. जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केन्द्रो की सूची खरीद के निर्धारित व घोषित तिथि 3 दिसंबर के पूर्व जारी क्यों नहीं की, धान खरीदी के लिए प्रभारी अधिकारी जिला पंचायत सीईओ उपार्जन तिथि से शिकायत की तिथि तक क्या कर रही थी, 36 केन्द्रो व तीन तहसीलों के क्षेत्र में जब उपार्जन का व्योरा तक अपलोड नहीं किया, तो प्रदेश शासन के जिम्मेदार अधिकारी की नींद क्यों नहीं खुली जिला कलेक्टर के द्वारा धान खरीदी जैसे कृषक हित के कार्यों में घनघोर लापरवाही किसके दबाव में की इन सभी सवालों के बीच किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए सड़कों पर है. जिला कलेक्टर सारे घोटाले पर पर्दा डालने में सक्रिय है. वेयरहाउसिंग संचालकों को ब्लैक लिस्ट करने के जगह उनके विरुद्ध एफ.आई.आर की कार्यवाही कब तक की जाएगी. हजारों किसानों का यही सवाल है लगभग जबलपुर जिले की 75% उपज पर डाका डालने की साजिश पर खुद को किसान हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार के लिए कठिन कार्य साबित होता जा रहा है. “अब देखना यह है कि जन हितैषी भाजपा सरकार दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करतीं हैं या फिर कर्मचारियों की ग़लती मानकर सारे मामले को रफा-दफा करतीं हैं ! साथ ही हितग्राही किसानों को भुगतान कैसे किया जाऐगा ?

जिसका सीएम ने मंच से तबादला किया उसके हाथ जबलपुर का उपार्जन.

The one whose transfer was announced by the Chief Minister, has been assigned to Jabalpur. विशेष संवाददाता, सहारा समाचार, जबलपुर.  जबलपुर धान उपार्जन में मुख्यमंत्री के निर्देश पर फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर की बर्खास्त्गी के बाद निलंबन का क्रम जारी है।इस सनसनीखेज मामले में लगातार भोपाल स्तर पर कठोर कार्यवाही से हड़कंप मचा हुआ है।इस बीच यह चर्चा भी गर्म है कि उपार्जन समिति के सदस्य होते है उपायुक्त सहकारिता। जब नियमानुसार सहकारी समितियों को केंद्र बनाया जाना था या एक समिति को दो केंद्र दिए जाने थे तो देरी सहकारिता विभाग से हुई है।उपार्जन और कमीशन से सहकारी समितियों के आर्थिक हित जुड़े होते है।अब फूड कंट्रोलर के सस्पेंड होने के बाद दो केंद्र बनाने की कार्यवाही हो रही जबकि सहकारिता विभाग को शुरू से ही सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाना था।सहकारी संस्थाओं को केंद्र बनाने के प्रस्ताव तो सहकारिता विभाग की होती है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपायुक्त सहकारिता निगम उपार्जन में गड़बड़ी के चलते केवलारी विधायक के तत्कालीन मुखमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंच से सिवनी से भोपाल ट्रांसफर किए गए थे।जबलपुर का घोटाला सहकारिता विभाग की शिथिलता का मामला है।ऐसी नव निर्मित संस्थाओं को उपार्जन दिया गया है जिनके कार्यालय और निर्वाचन की जानकारी भी नही मिलती।अखिलेश निगम की भूमिका की जांच होनी चाहिए।इस संबंध में कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के शिव चौबे ने जिला कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन बुधवार को संयुक्त आयुक्त सहकारिता को सौंपा।उन्होंने आयुक्त सहकारिता और प्रमुख सचिव से उचित कार्यवाही की मांग की है।

ग्वालियर, जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की तैयारी

Preparation to implement police commissioner system in Gwalior, Jabalpur, decision may be taken in January भोपाल ! प्रदेश में भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने के बाद राज्य सरकार जल्द ही जबलपुर और ग्वालियर में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करेगी। गृह विभाग ने इसके संकेत दिए हैं कि इस मामले में जनवरी में ही सरकार निर्णय ले सकती है। उधर दोनों ही जिलों के पुलिस अधीक्षक को भी मैसेज किया गया है कि सरकार इसको लेकर जल्द फैसला करेगी। साथ ही आवश्यक जानकारी लेने का काम भी जिलों से शुरू किया गया है। बीजेपी के संकल्प पत्र 2023 में ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की बात कही गई है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ हुई पहली बैठक में साफ कहा है कि संकल्प पत्र का हर वादा पूरा करना है और इसके लिए सभी विभागों से सात दिन में आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर सीएम सचिवालय में देने के लिए कहा गया था। सूत्रों का कहना है कि वैसे तो संकल्प पत्र में पुलिस कमिश्नर प्रणाली सरकार बनने के बाद दो साल में लागू करने के लिए कहा गया है लेकिन इसके लिए किसी तरह के अतिरिक्त बजट की जरूरत नहीं है। इसलिए संकल्प पत्र को लेकर सीएम यादव द्वारा दिए गए निर्देश के बाद माना जा रहा था कि इस पर शीघ्र फैसला होगा। अब गृह विभाग ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट भी किया है। इसमें कहा गया है कि मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरी होने की गारंटी, हर नागरिक की सुरक्षा का संकल्प है। जल्द ही ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होगी। इस ट्वीट के बाद यह माना जा रहा है कि मोहन यादव सरकार लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले इन दोनों ही जिलों में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर सकती है।

धान उपार्जन में लापरवाही एक और अफसर पर पड़ी भारी: जबलपुर के प्रभारी फूड कंट्रोलर के बाद अब प्रबंधक व जिला विपणन अधिकारी भी सस्पेंड

Negligence in paddy procurement fell heavily on another officer: After the food controller in-charge of Jabalpur, now the manager and district marketing officer are also suspended. सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। उदित नारायण भोपाल ! राज्य शासन ने जिला विपणन अधिकारी और मंडल प्रबंधक जबलपुर रोहित सिंह बघेल को भी सस्पेंड कर दिया है। यह कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक आलोक कुमार सिंह ने की है। प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जारी नीति के अनुसार धान उपार्जन का कार्य नहीं कराया गया है। अधिकारी की लापरवाही के चलते शासन के समक्ष संघ की छवि धूमिल हुई है। इसलिए बघेल को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि में बघेल का मुख्यालय विपणन संघ भोपाल तय किया गया है। मंगलवार को प्रभारी फूड कंट्रोलर हुए थे सस्पेंड इससे पहले मंगलवार को खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया था। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है। आदेश में कहा था कि जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। राज्य शासन ने जबलपुर के फूड कंट्रोलर को सस्पेंड कर दिया है। मोहन यादव कैबिनेट के गठन के बाद शासकीय काम में लापरवाही के मामले में की गई यह पहली कार्रवाई है। खाद्य, नागरिक और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने जबलपुर में पदस्थ प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक कमलेश टांडेकर को धान उपार्जन केंद्रों के मामले में गंभीर लापरवाही पर सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि में टांडेकर का मुख्यालय खाद्य विभाग संचालनालय भोपाल तय किया है।विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए जारी की गई नीति के मुताबिक ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों से एक दिसंबर 2023 तक उपार्जन कार्य कराया जाना था। इसके लिए सहकारी समितियों के साथ एनआरएलएम में रजिस्टर्ड महिला स्व सहायता समूहों को भी उपार्जन केंद्र के संचालन का काम देने के निर्देश 29 नवंबर को जारी किए गए थे। इसमें जिला उपार्जन समिति के माध्यम से महिला स्व सहायता समूहों को उपार्जन केंद्र की अनुमति का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय को भेजा जाना था। जबलपुर जिले में कुल 121 केंद्रों के विरुद्ध 85 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। बाकी 36 उपार्जन केंद्र महिला स्व सहायता समूहों को देने का प्रस्ताव 21 दिसंबर को भेजा गया जो काफी देरी से भेजा गया। इन उपार्जन केंद्रों के तय न होने से किसानों को उपज बेचने में परेशानी हुई है। साथ ही महिला स्व सहायता समूह उपार्जन केंद्र के लिए तय गोदामों का सत्यापन प्रक्रिया का पालन किए बगैर किया गया। इस संबंध में न तो प्रभारी फूड कंट्रोलर द्वारा संचालनालय को जानकारी दी गई और न ही स्थानीय स्तर पर जनहित का काम किया गया। सहकारी सेवा समितियों को दो-दो उपार्जन केंद्रों की जिम्मेदारी दिए जाने के विपरीत उपार्जन नीति का पालन नहीं करते हुए 27 सहकारी समितियों को केवल एक-एक उपार्जन केंद्र का जिम्मा सौंपा है। इसलिए जिले में आवश्यक उपार्जन केंद्र स्थापित नहीं किए जा सके। इसे व्यापक लापरवाही मानते हुए विभाग ने टांडेकर को सस्पेंड कर दिया है। आजीविका समिति की जाँच कराने की माँग कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शित्रकुमार चौबे ने जिले में कुछ आजीविका समितियों का फर्जी तरह से कार्य करने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि पंजीयन के 6 माह के अंदर समितियों के निर्वाचन के प्रस्ताव चले जाने चाहिए मगर पिछले 2 साल से किसी भी एक समिति का चुनाव प्रस्ताव कार्यालय उपायुक्त सहकारिता से नहीं गया है। नियम तो यह भी है कि यदि निर्वाचन नहीं होता है तो तत्काल विभाग को किसी शासकीय कर्मचारी को प्रशासक बना देना चाहिए, मगर कार्यालय के स्तर पर इस तरह की भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इन्हें क्यों छोड़ा गया धान खरीदी की जाँच का जिम्मा तमाम एसडीएम को दिया गया था, खाद्य विभाग के अधिकारी भी इसमें शामिल थे, वहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और मार्कफेड के अधिकारियों का कहीं जिक्र तक नहीं किया जा रहा है। डिप्टी कलेक्टर, अपर कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत भी खरीदी केन्द्र की जाँच के लिए जिम्मेदार हैं लेकिन 1 दिसम्बर से अभी तक केवल लोकायुक्त ने ईमानदारी से कार्य किया और रिश्वत लेते कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ा, बाकी किसी ने भी किसी केन्द्र में कोई जाँच नहीं की। सहाकारिता उपायुक्त डॉ. अखिलेश निगम पिक्चर से ही गायब हैं जबकि उपार्जन समिति में वे जिम्मेदार पद पर हैं। रातों-रात गायब हुई धान जानकारों का कहना है कि जैसे ही वेयरहाउस संचालकों को यह पता चला कि जाँच दल आ रहा है तत्काल ही बिना अनुमति खरीदी करने वाले वेयरहाउसों से धान को गायब करवाया गया। यहाँ तक की कई वेयरहाउसों में जाँच दल पहुँच भी गया था लेकिन एप्रोच लगाकर जाँच दल को रोका गया और उनकी मौजूदगी में ही धान गायब करवाई गई। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सरकारी बारदानों यानी बोरों में बिना अनुमति खरीदी हुई, यह कैसे हुआ कोई बताने तैयार नहीं। रातभर बाहर किया धान, फिर भी अंदर रखा मिला 30 हजार क्विंटल प्रमुख सचिव … Read more

फर्जी उपार्जन केंद्रों पर बड़ी कार्यवाही, फूड कंट्रोलर सस्पेंड, सीएम मोहन यादव ने लिया संज्ञान.

Major crackdown on fake purchasing centers, Food Controller suspended; CM Mohan Yadav takes cognizance. Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpur. जबलपुर । नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा मंगलवार की शाम जबलपुर के फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें उपार्जन केंद्रों की स्थापना में हुई देरी और अनियमियता का दोषी पाया गया है। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा जो 20 सदस्य जांच दल जबलपुर आया हुआ था उसने भी अपनी रिपोर्ट मेल के माध्यम से मुख्यालय में भेज दी है जिसके बाद मंगलवार देर रात या बुधवार को और भी बड़ी कार्यवाहियां हो सकती हैं। जिसमें कुछ गोदाम को ब्लैकलिस्टेड करने की बात सामने आ रही है। इस पूरे मामले की गंभीरता को इस बात से भी समझा जा सकता है कि वल्लभ भवन से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा इस पूरे मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों से मांगी गई है जबकि जबलपुर आई टीम के द्वारा अपनी रिपोर्ट दे दी गई है। ऐसे में सीएम को वास्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा।

क्रिसमस डे, का धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने किया विरोध

Dhirendra Krishna Shastri opposed Christmas Day सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, धीरेंद्र कृष्‍ण शास्त्री ने कहा उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। कटनी ! बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोमवार को यहां पुरैनी में बागेश्वर धाम आश्रम का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में उन्होंने ईसाई पूजा पद्धति पर टिप्पणी करते कहा कि जब दो प्रतिशत लोग हमारी रामनवमी नहीं मनाते तो हम 98 प्रतिशत लोग उनका त्योहार क्यों मनाएं। सांता क्लाज को सांता क्रूज़ में भेज दिया जाए। क्रिसमस पर सांता क्लाज बनाने की जगह बच्चों को राम मंदिर लेकर जाओ, तिलक लगाओ, बच्चों को वहां गिफ्ट दो।इससे तुम्हारी पीढ़ी व पूर्वज प्रसन्न होंगे, बालक संस्कारी बनेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी मजहब के विरोधी नहीं हैं। हकीकत है कि हम अपने धर्म के कट्टर हैं। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम अयोध्या में विराजित हो रहे हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है।

सहकारी समिति प्रबंधक को रिश्वत लेते लोकायुक्त ने दबोचा

Lokayukta caught cooperative society manager taking bribe धान तुलाई के नाम पर किसान से रिश्वत ले रहे सहकारी समिति के प्रबंधक को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने बुधवार को एक होटल से दबोचा। जबलपुर‌‌। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डुमारी लाल यादव पिताश्री रतिराम यादव उम्र 54 वर्ष निवासी ग्राम छत्तरपुर ने लिखित शिकायत दी थी कि वह एवम् उनके पुत्र कृष्ण यादव की लगभग 300 क्विंटल धान सेवा सहकारी संस्था छतरपुर में तौल के लिए रखी गई। धान तुलाई मजदूरी शासन द्वारा देय होती है। उक्त धान की तौल की प्रति क्विंटल ₹35 के हिसाब से सेंटर एवं स्वयं के लिए 5 से ₹10 प्रति क्विंटल की दर से ₹15000 की रिश्वत समिति प्रबंधक पनागर नवल किशोर खंपरिया द्वारा मांग की जा रही है।जिसके शिकायत का सत्यापन कराया गया। मोल भाव पर ₹9000 लेना तय हुआ। जिसके बाद आज बुधवार को वेदांत होटल जबलपुर -कटनी राष्ट्रीय राजमार्ग पर समिति प्रबंधक पनागर नवल किशोर खंपरिया को ₹9000 रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक सुरेखा परमार , निरीक्षक भूपेंद्र कुमार दीवान, निरीक्षक कमल सिंह उईके एवं 5 सदस्यीय दल शामिल था।

शून्य दुघर्टना सर्वोच्च लक्ष्य एम पी ट्रांसकों की समीक्षा बैठक में – एम.डी. श्री सुनील तिवारी

Zero accident is the highest goal, in the review meeting of MP Trans, MD Shri Sunil Tiwari Special Correspondent, Sahara Samachaar, Jabalpurजबलपुर ! एम पी ट्रांसकों के प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने मैदानी अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली एवं उन्हें यह सख्त निर्देश दिये कि कंपनी के सभी कार्यों में पूर्ण सावधानी रखी जावे एवं शून्य दुघर्टना ही हमारा सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए। इस हेतु आवश्यक सभी कदम उठाये जावें । इंजीनियर सुनील तिवारी ने विगत विधानसभा चुनावों के दौरान संपूर्ण मध्यप्रदेश में व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति के लिये कंपनी के सभी कार्मिकों को बधाई देते हुए कहा कि इसी प्रकार आगामी रबी सीजन में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जावे । उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप विधानसभा चुनावों के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति की परीक्षा में खरे उतरे उसी प्रकार आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान भी व्यवधान रहित विद्युत आपूर्ति हेतु आवश्यक संधारण कार्य पूर्ण किये जावें ताकि कंपनी पुनः अपने लक्ष्य में खरी उतर सके । इस समीक्षा बैठक में एम पी ट्रांसको के संपूर्ण मध्यप्रदेश के अधिकारी तथा मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी उपस्थित थे।

तेंदुआ की खाल सहित दो तस्कर मंडला पुलिस ने किया गिरफ्तार.

Mandla police arrested two smugglers with leopard skin. मंडला ! थाना बिछिया पुलिस को सूचना मिली थी की बालाघाट निवासी दो व्यक्ति तेन्दुआ की खाल लेकर आटो रिक्शा स्टेण्ड ग्राम सिझौरा में जबलपुर जाने के लिये बस का इंतजार कर रहे हैं। उक्त सूचना पर पुलिस अनुविभाग अधिकारी बिछिया के निर्देशन में थाना प्रभारी बिछिया धर्मेन्द्र धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए रेड कार्यवाही बताये गये स्थान ग्राम सिझौरा हाई वे स़्थित बस स्टैंड पर जबलपुर जाने के लिये बस का इंतेजार कर रहे दो व्यक्ति बताये गये हुलिया के मिले उनके पास बैग के अंदर वन्य जीव तेंदु‌आ का खाल मिला। जिनसे पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति ने अपना नाम आकाश धुर्वे पिता रामलाल धुर्वे उम्र 22 साल निवासी डोडियाटोला थाना मलाजखण्ड जिला बालाघाट तथा उसके साथ दूसरा व्यक्ति काले रंग की बेकेट पहना हुआ था उसने अपना नाम रंजन धुर्वे पिता शंकर सिंह धुर्वे उम्र 31 वर्ष निवासी बाकीगुड़ा थाना मलाजखण्ड जिला बालाघाट का रहने वाला बताये। जिनसे उक्त तेंदुआ के खाल के रखने के संबंध में दस्तावेज के बारे में पूछा गया जो कोई दस्तावेज नहीं होना बताये हैं। उक्त आरोपियों पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए आरोपी से तेंदुआ की खाल जप्त किया जाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों का कृत्य धारा- 2,9.39.49 (B),50 51 वन्य प्राणी संरक्षण धिनियम 1972 के तहत अपराध का पाये जाने से थाना बिछिया में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। गिरफ्तार सुदा आरोपियों को आज दिनाँक को माननीय न्यायालय बिछिया पेश किया गया। जिन्हे न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया।उक्त संपूर्ण कार्यवाही थाना प्रभारी बिछिया के नेतृत्व में उनकी टीम जिसमें उप निरीक्षक जगदीश पंद्रे स.उ.नि. धनपाल बिसेन, आर, सुनीराम मरावी चा. आर. धनेश मरावी से महावीर झारिया एवं थाना बिछिया में आये वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो से सराहनीय योगदान रहा।

अपर सचिव वन के खिलाफ लोकायुक्त में मामला दर्ज.

A case has been filed against the Deputy Secretary of Forests in the Lokayukta. लोकायुक्त संगठन तत्कालीन छतरपुर डीएफओ एवं वर्तमान अवर सचिव वन अनुराग कुमार के खिलाफ वायरबेड और चैनलिंक खरीदी में अनियमित किए जाने पर प्रकरण पंजी बात कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एसपी सागर लोकायुक्त को दी गई है। लोकायुक्त संगठन ने वन विभाग को पत्र लिखकर खरीदी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के बार-बार निर्देश दिए जा रहे है किन्तु विभाग दस्तावेज उपलब्ध कराने में टालमटोल कर रहा है। उज्जैन एसपी लोकायुक्त ने 3 साल पहले एपीसीसी सत्यानंद के खिलाफ प्रकरण पंजीबद किया था। इसके बाद से सत्यानंद से संबंधित जांच आगे नहीं बढ़ पाई। इसके अलावा खरगोन डीएफओ प्रशांत कुमार, इको टूरिज्म बोर्ड में पदस्थ साहिल गर्ग सहित आधा दर्जन आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ जांच लंबित है किंतु फैसला अभी तक नहीं लिया जा सका है। मैं इस मामले को दिखवाता हूं। कमल अरोरा सीसीएफ जबलपुर

एचडीएफसी बैंक जबलपुर शाखा द्वारा 46 केंद्रों में रक्तदान अभियान के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया.

HDFC Bank’s Jabalpur branch collected 4661 units of blood across 46 centers through a blood donation campaign. भोपाल! भारत का अग्रणी निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक ने शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से शुरू होने वाले अपने राष्ट्रव्यापी रक्तदान अभियान के 15वें संस्करण का आयोजन जबलपुर के विजय नगर शाखा में किया। अपने प्रमुख सीएसआर कार्यक्रम परिवर्तन के तहत भारत के 1200 शहरों में 6,000 केंद्रों पर रक्तदान शिविर का संचालन किया गया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन निर्मला देवी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के संस्थापक श्री मुनेंद्र मिश्रा जी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। श्री मिश्रा ने एचडीएफसी बैंक द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बैंक व्यवसायिक दायित्वों के निर्वाह के साथ साथ सामाजिक दायित्व के निर्वहन में भी देश का नंबर वन बैंक बन चुका है। एचडीएफसी बैंक के सर्किल हेड श्री अनूप शर्मा ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि इस दान से बड़ा और कोई दान नहीं हो सकता। श्री शर्मा ने शहर के सभी युवाओं को स्वेच्छा से रक्तदान करने का आग्रह किया। गत माह में एचडीएफसी बैंक के जबलपुर सर्किल के द्वारा 45 विभन्न कैंपों के माध्यम से 4661 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया गया। एचडीएफसी बैंक अपने कर्मचारियों, ग्राहकों, कॉरपोरेट्स, रक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों सहित विभिन्न प्रकार के रक्त दानदाताओं को जुटाने के लिए तैयार है। इस साल एक अनोखे दृष्टिकोण में एचडीएफसी बैंक ने लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए ‘फीलिंग ऑफ सेविंग समवन नामक एक फिल्म लॉन्च की है। फिल्म व्यक्तियों को इस जीवन रक्षक कार्य में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करती है और रक्तदान की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर देती है। यह फिल्म बैंक के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जाएगी, यह जनता के बीच उनके योगदान के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करेगा और अभियान में बड़े पैमाने पर रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा। एचडीएफसी बैंक के कार्यकारी निदेशक, श्री भावेश ज़वेरी ने कहा, “एचडीएफसी बैंक में हम लोगों को इस प्रयास में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में बहुत गर्व महसूस करते हैं, क्योंकि दान किए गए रक्त की हर बूंद एक संभावित जीवन रक्षक है। अपने 15वें अखिल भारतीय रक्तदान अभियान के साथ हम नागरिकों को इस नेक काम में भाग लेने और अपना योगदान देने के लिए एक मंच देना चाहते हैं।” यह पहल 2007 में केवल 88 केंद्रों और 4000 दानदाताओं के साथ शुरू की गई थी जो केवल बैंक कर्मचारियों के बीच ही चलाई गई थी। पिछले कुछ वर्षों में इस अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया और इसमें कॉलेज के छात्रों, कॉरपोरेट्स और सेना और सेवा कर्मियों को शामिल किया गया। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्डसा” से सबसे बड़े (सिंगल डे, मल्टीपुल वेन्यू) रक्तदान अभियान के रूप में मान्यता और प्रमाणन प्राप्त हुआ। 2022 में बैंक ने 25 लाख यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया। कुछ महत्वपूर्ण दानकर्ता 1500- कॉलेजों, 550 कॉरपोरेट्स और 105- रक्षा और सेवा कर्मियों से आए जिन्होंने रक्तदान अभियान में भाग लिया। एचडीएफसी बैंक के रक्तदान अभियान के बड़े पैमाने और व्यापक आधार ने देश के समग्र रक्त संग्रह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।रक्तदान शिविर का संचालन जबलपुर शाखा के ऑपरेशन प्रबंधक श्री लीजू जोसेफ ने किया एवं समस्त स्टाफ ने स्वेच्छा से रक्तदान करने आए बैंक के ग्राहकों एवं युवा वर्ग का आभार व्यक्त किया।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अहम आदेश, रिश्तेदार होने के कारण गवाह का प्रभाव नहीं होता कम.

Important directive from the Madhya Pradesh High Court: The relationship with the witness does not diminish the impact. जबलपुर। रिश्तेदार के गवाही के आधार पर सजा से दंडित किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस हृदयेश ने अपील को खारिज करते हुए अपने आदेश में कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू तथा तथ्यों के आधार पर सजा से दंडित किया है। गवाहों के रिश्तेदार होने के कारण उनका प्रभाव कम नहीं होता है। बता दें कि अपीलकर्ता सुकलू की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि सोमती बाई (40) पर कुल्हाड़ी से प्राणघातक हमला करने के आरोप में न्यायालय ने उसे पांच साल के कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने सजा सुनाने में स्वतंत्र गवाह के बयान को नजर अंदाज किया है। घटना का चश्मदीद गवाह नहीं होने के बावजूद रिश्तेदारों के गवाह के आधार पर सजा से दंडित किया गया। अपीलकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि रिश्तेदारों ने अभियोजन की कहानी के अनुसार अपने बयान दिए हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि गवाहों ने घटना नहीं देखी है, परंतु पीड़िता के शरीर में कुल्हाड़ी से आई चोटों के निशान अवश्य देखे हैं। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी ने पर कुल्हाड़ी से हमला किया है। रिश्तेदार होने के कारण गवाह का प्रभाव कम नहीं होता है। एकलपीठ ने अपील को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय ने कानूनी बिंदू के अनुसार उचित दंड से अपीलकर्ता को दंडित किया है।

थाने के अंदर दलित महिला के कपड़े उतार कर पिटाई.

Stripping and beating of a Dalit woman inside the police station. पुलिस अधीक्षक की 2 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर किया विरोध प्रदर्शन  जबलपुर । मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस का एक बार फिर अमानवीय चेहरा सामने आया है. एक प्राइवेट होटल में हुई जेवरात की चोरी के शक में पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए, महिला के कपड़े उतरवाए और बर्बरता से जमकर मारपीट की। दलित महिला के साथ की गई मारपीट के बाद बंशकार समाज ने पुलिस थाने के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ। महिला का जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, यह पूरा मामला ओमती थाना क्षेत्र के एक प्राइवेट होटल में ब्रेसलेट चोरी से जुड़ा हुआ है। होटल के कमरा नंबर 103 में रुके यात्री ने ओमती थाने पहुंच कर पुलिस को सूचना दी कि वह होटल में रुकने के लिए पहुंचा था। उसी दौरान होटल से उसकी ब्रेसलेट चोरी हो गई। यात्री के साथ पुलिस होटल पहुंची और शक के आधार पर होटल में काम करने वाली महिला मंजू वंशकार और एक अन्य युवक को लेकर पुलिस थाने आई। पुलिस ने पार की सारी मर्यादाएं जहां पूछताछ के दौरान पुलिस ने सारी मर्यादाएं पार कर दी। महिला पुलिसकर्मी ने बेहरहमी से मारपीट करते हुए महिला के कपड़े उतरवाए। हद तो तब हो गई जब मारपीट के दौरान महिला बेहोश हो गई तो और पुलिसकर्मियों ने इलाज कराने की बजाए महिला को पुलिस थाने के बाहर छोड़ दिया। बंशकर समाज के लोगों ने थाने का किया घेराव महिला के साथ की गई बर्बरता से मारपीट के विरोध में बंशकार समाज के लोग महिला को घायल अवस्था में लेकर पुलिस थाने पहुंचे और महिला को थाने की दहलीज पर ही लिटा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की मांग करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि जब महिला को थाने लाया गया था तो बिना एफआईआर दर्ज किए इतनी बेरहमी से मारपीट क्यों कि गई। दो पुलिसकर्मी हुए लाइन अटैच हंगामें की जानकारी लगते ही जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह खुद ओमती थाने पंहुचे। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद यह पूरा मामला शांत हुआ। इस मामले में विभागीय जांच पूरी होने तक पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने दो पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया है। पूरे मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक पंकज मिश्रा को दी गई है, जो पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

डी.आर.डी.ई. में किया गया स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन

ग्वालियर ! डीआरडीओ मुख्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार रक्षा अनुसंधान तथा विकास स्थापना ग्वालियर में 1 से 15 दिसंबर 2023 के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्थापना में पूरे पखवाड़े के दौरान अनेक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सर्वप्रथम 1 दिसंबर 2023 को ‘स्वच्छता शपथ’ का आयोजन किया गया जिसमें डी.आर.डी.ई. निदेशक डॉ. एम. एम. परीडा ने समस्त वैज्ञानिकों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। स्थापना के कर्मचारियों में स्वच्छता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए 4 दिसंबर 2023 को ‘जागरूकता दिवस’ के अतंर्गत व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. ए. के. गोयल, वैज्ञानिक ‘जी’ ने व्याख्यान दिया। इस अवसर पर डी.आर.डी.ई. ग्वालियर में विभिन्न स्थानों एवं भवनों में जागरूकता प्रसार करने वाले पोस्टर आदि प्रदर्शित किये गए। 5 दिसंबर 2023 को ‘अभिलेख प्रबंधन दिवस’ के अंतर्गत पुराने रिकॉर्ड को छटाई कर व्यवस्थित करने का कार्य किया गया। 6 दिसंबर 2023 को ‘स्क्रैप / कचरा निस्तारण दिवस’ के अंतर्गत स्थापना में एकत्र कचरे एवं सूखी वनस्पतियों का निस्तारण किया गया। पुरानी और सूखी पत्तियों से खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट भी तैयार की गयी है। इसके अलावा डीआरडीई के पुराने अभिलेखों को छांट कर सुव्यवस्थित किया गया एवं पुरानी एवं निष्प्रयोज्य सामग्रियों को निस्तारित किया गया। 7 दिसंबर 2023 को ‘गो ग्रीन ड्राइव’ के अंतर्गत स्थापना के झांसी मार्ग स्थित परिसर के बाहर झांसी मार्ग पर बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थापना के निदेशक डॉ. मनमोहन परीडा एवं वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने अपने करकमलों से बृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया। स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत अगले पूरे सप्ताह भी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है, जिनमें दि. 08 दिसंबर 2023 को ‘कम्युनिटी आउटरीच’ के अंतर्गत गांवों में जागरूकता हेतु संपर्क, व्याख्यान आयोजन, सार्वजनिक स्थलों पर लगी प्रतिमाओं की सफाई आदि गतिविधियां शामिल हैं। 12 दिसंबर 2023 को ‘सोशल बज डे’ के अंतर्गत स्वच्छता रैली का आयोजन, एवं 13 दिसंबर 2023 को ‘प्रतियोगिता दिवस’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। दि. 14 दिसंबर 2023 को ‘परस्पर संवाद’ के अंतर्गत डीआरडीई के कर्मचारियों के लिए आपसी विचार विमर्श एवं संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अभिनव विचारों को साझा किया जएगा। 15 दिसंबर 2023 को ‘पुरस्कार वितरण दिवस’ के अंतर्गत निदेशक महोदय के करकमलों से विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता अधिकारियों/कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे एवं पूरे पखवाड़े के विस्तृत रिपोर्ट डीआरडीओ मुख्यालय को प्रेषित की जाएगी।

मोदी-शाह के समीकरण में फिट बैठते हैं ये नेता, CM के लिए प्रहलाद सिंह पटेल की चर्चा तेज़.

Leaders align well with the Modi-Shah equation; discussions about Prahlad Singh Patel for the Chief Minister position are gaining momentum. उदित नारायण भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बाद अब मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे इस बात की चर्चा सियासी गलियारों मे तेज़ हो गयी है, क्योंकि यहां भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा. अगले सीएम फेस के रूप में शिवराज सिंह चौहान पीछे ही रहे. बहरहाल अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे या नहीं होंगे, यह तो आने वाले एक दो दिनों में पता चल जाएगा, लेकिन इससे पहले सियासी गलियारों में नए चेहरों पर काफी चर्चा हो रही है. आगामी मुख्यमंत्री के रूप में जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें एक नाम प्रहलाद सिंह पटेल का भी है. पटेल को मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. उनके नाम की चर्चा उस वक्त ही शुरू हो गई थी, जब उन्हें भाजपा ने नरसिंहपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था. अब प्रहलाद सिंह पटेल चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के लखन सिंह पटेल को 31310 वोटों से हराया है प्रहलाद पटेल की गिनती मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वे केंद्रीय नेतृत्व के खास माने जाते हैं. इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब से दिल्ली में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है प्रहलाद पटेल के पास कोई ना कोई मंत्रालय रहा है. साथ ही साथ अगर जातिगत समीकरण की बात करें तो वह ओबीसी वर्ग से आते हैं. ओबीसी में भी लोधी जाति से आते हैं,  पटेल की गिनती मध्य प्रदेश भाजपा के सीनियर नेताओं में होती है. पटेल ने पहले लोकसभा चुनाव 1989 में जीता था. उसके बाद 1996, 1999, 2014 और 2019 को मिलाकर कुल 5 लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. मजे की बात यह है कि पटेल 2023 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीते है. पटेल के पास सियासत का लंबा अनुभव है और उनकी साफ सुथरी छवि, संगठन मे मजबूत पकड़ तथा उमा भारती के बाद प्रदेश के सबसे बड़े लोधी नेता और केंद्रीय नेतृत्व मे मजबूत पकड़ उनको अग्रिम पंक्ति मे खड़ा करती है सूत्रों की माने तो ओ बी सी मे शिवराज सिंह के बाद पटेल एकमात्र सर्वमान्य नेता है, अपने समाज के अतिरिक्त पटेल की आदिवासियों और पिछडो मे मजबूत पकड़ मानी जाती है आगामी 2024 के लिए पटेल की ताजपोसी मध्य प्रदेश के साथ साथ पडोसी राज्यों मे भी भा ज पा को मजबूती दे सकती है

आरजीपीवी पॉलिटेक्निक का पेपर कांड: शिकायत को दो माह बीते, कागजों में अटकी जांच, एफआईआर भी नहीं हुई.

The Paper scandal at RGPV Polytechnic: Two months have passed since the complaint; investigation stuck in paperwork, no FIR filed yet. – विवि की आंतरिक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपी भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेमेस्टर परीक्षा के पेपर बेचे जाने के कथित मामले में जांच कागजों में अटक गई है। शिकायत के दो माह बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस को विश्वविद्यालय की ओर से सही और स्पष्ट जांच प्रतिवेदन का इंतजार है, वहीं विवि प्रबंधन का कहना है कि वह एक विस्तृत आवेदन भेज चुका है, जिसके साथ प्राप्त वीडियो भी संलग्न किया गया था। विवि की कमेटी ने प्रबंधन को सौंपी रिपोर्ट मामले की शिकायत मिलने पर जांच के लिए विवि ने कमेटी का गठन किया था। जिसने शिकायत और प्राप्त वीडियो के आधार पर रिर्पोट तैयार कर प्रबंधन को सौंप दी है। इस रिर्पोट में लिखा है कि यह गंभीर प्रकृति का आपराधिक प्रकरण है। इसलिए समिति के द्वारा जांच किया जाना व्यवहारिक नहीं है, इसलिए पुलिस जांच होना जरूरी है। यह है पूरा मामला: दरअसल, कुछ माह पूर्व आरजीपीवी के पॉलिटेक्निक में कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी द्वारा इंजीनियरिंग डिप्लोमा के स्टूडेंट्स को पांच हजार रुपए प्रति पेपर बेंचने का कथित मामला सामने आया था। इसका एक कथित वीडियो भी सामने आया है। इस विडियो में कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी छात्र से कैश लेता नजर आ रहा है। इस विडियो को बतौर प्रूफ रखते हुए पॉलिटेक्निक प्रबंधन के पास लिखित शिकायत पहुंची थी।शिकायत पर पॉलिटेक्निक के प्राचार्य ने जांच के लिए आतंरिक कमेटी बनाई। जांच के आधार पर सिविल ब्रांच के कॉन्ट्रेक्ट फैकल्टी गौरव जैन, हिमांशु राय और सुरभि श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया। एक अन्य फैकल्टी सतीश अहिरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पुलिस में भी आवेदन किया गया था, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई है।

एमपी पुलिस में 7 साल बाद दूर होगी कैडर की समस्या.

After 7 years, the cadre-related issues will be resolved in the Madhya Pradesh Police. नए साल में 13 अफसर होंगे प्रमोट, 26 आईजी में से 3 अफसरों का रिटायरमेंट प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33, रेंज और जोन में भेज जाएंगे आईजी, एडीजी फिर पीएचक्यू लौटेंगे उदित नारायण  भोपाल। प्रदेश में लगभग 7 साल बाद आईजी के पद की कमी दूर होने जा रही है। प्रदेश में एक साथ 13 आईपीएस अफसर आईजी के पद को एक जनवरी को मिलने जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आईजी रैंक के अफसरों की संख्या दो दर्जन पार हो जाएगी। इससे पहले करीब 2016 तक इतने पद भरे हुए थे। इसके बाद धीरे-धीरे इन पदों पर अफसरों की संख्या कम होती गई। एक जनवरी को वर्ष 2006 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी से पदोन्नत होकर आईजी के पद पदोन्नत होने जा रहे हैं। इन अफसरों की संख्या 13 होगी। प्रदेश में अभी 15 अफसर आईजी के पद पर पदस्थ हैं। इनमें से दो अफसर अब एडीजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं।  वर्ष 2000 से 2005 बैच के 13 अफसर जहां आईजी के पद पर पदस्थ रहेंगे। वहीं वर्ष 2006 बैच के अफसर आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनकी भी संख्या 13 होगी। ऐसे में प्रदेश में लंबे अरसे बाद इस पद पर 26 अफसर पदस्थ होंगे। आईजी के पद पर 26 अफसरों की संख्या सिर्फ जनवरी के महीने में ही रहेगी। इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष कपूरिया 31 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे तो यह संख्या घटकर एक कम हो जाएगी। कपूरिया के बाद जून 2024 में आरआरएस परिहार रिटायर होंगे और इसी साल के अक्टूबर में राजेश हिंगणकर भी रिटायर हो जाएंगे। यानि यह संख्या नवम्बर में घटकर 23 पर पहुंच जाएगी। हालांकि इसके बाद भी इनती संख्या में आईजी के पद प्रदेश पुलिस में अरसे बाद पदस्थ रहेंगे।  कम संख्या के कारण एडीजी को दिया था रेंज का प्रभार प्रदेश में जब आईजी रेंक के अफसरों की संख्या कम होना शुरू हुई तो उनकी जगह का काम एडीजी रेंक के अफसरों से करवाने का क्रम शुरू हुआ। इसके चलते एडीजी रेंक के अफसरों को रेंज में पदस्थ किया गया। हालात यह बने ही भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर का पद कॉडर में आईजी रेंक का मिला, लेकिन यहां भी एडीजी रेंक के अफसर ही पदस्थ हुए। भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर एडीजी मकरंद देउस्कर बने थे। अब देउस्कर इंदौर पुलिस कमिश्नर हैं। 90 बैच तक के अफसर एडीजी आईजी के पद पर अफसरों की कमी होने के चलते एडीजी के पद पर अफसरों की संख्या बढ़ गई थी। प्रदेश में अभी वर्ष 1990 से वर्ष 1999 तक के 34 अफसर एडीजी के पद पर पदस्थ हैं। हालांकि इसमें से अब वर्ष 1999 बैच के दो अफसर एडीजी हो जाएंगे। प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33 है। अस्थाई तौर पर डीजी के बढ़े थे दो पद- एडीजी रेंक पर अफसरों की संख्या ज्यादा होने के चलते डीजी के दो पद अस्थाई तौर से राज्य शासन को बढ़ाने पड़े थे। प्रदेश में तत्कालीन डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला थे, उस वक्त दो साल के लिए डीजी के दो अस्थाई पद बढाए गए थे। बाद में फिर से दो पद बढ़ाए गए। प्रदेश में डीजी के पांच पद कॉडर के हैं, जबकि पांच पद एक्स कॉडर के हैं। इनके अलावा दो अस्थाई पद हैं। इस तरह से प्रदेश में डीजी रेंक के 12 अफसर पदस्थ हैं।

बीटीआर में टिकट की कालाबाजारी से अधिकारियों की दिवाली

The corruption in the purchase of tickets in the BTR is a celebration for the officials more than Diwali. उदित नारायण बांधवगढ़:- टाइगर रिजर्व में स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाले पड़े हैं, और यहां अधिकारियों की जमकर कमाई का आरोप लगा है। स्थानीय जनों में पर्यटकों के टिकट के कालाबाजारी का चर्चा जोरों पर है। विभाग के कर्मचारियों के ऊपर चहेतों और पूंजीपतियों के दबाव में टिकट का बड़ा खेल किया जा रहा है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है। लिहाजा स्थानीय जनों की माने तो उनके अनुसार टिकट के कालाबाजारी के इस खेल में नीचे से ऊपर तक कि कड़ी के संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिसका खामियाजा दूर से आने वाले सैलानियों को उठाना पड़ता है और बांधवगढ़ की सफारी का सपना बुनकर आने वाले पर्यटक बगैर सैर के ही वापस लौट जाते हैं। वीआईपी टिकट के नाम पर किये जाने वाले इस कारनामे ने बीटीआर की समूची व्यवस्था ही चौपट कर दी है। कारनामे का कौन है जिम्मेदार – बांधवगढ़ में कई पूंजीपतियों के रिसोर्ट हैं, साथ ही कई बड़े  पहुंच का दम भरने वाले वे लोग भी जो टिकट बुकिंग का काम करते हैं। दिवाली की इस भीड़ में जहां लोगों को सफारी के लिए मसक्कत करनी पड़ रही थी, तो वहीं उक्त लोग टिकट का जुगाड़ बीटीआर के कर्मचारियों के सह पर बना रहे थे। बांधवगढ़ में इससे पूर्व भी टिकट के कालाबाजारी के कारनामे से पर्दा उठ चुका है, लेकिन टिकट का खेल ज्यों का त्यों अभी भी जारी है। सूत्रों के मुताबिक़ वीआईपी के नाम पर टिकट की बुकिंग कर गाढ़ी कमाई की जा रही है, इसमें बीटीआर के कई अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। यही नहीं हर विभाग के जिम्मेदार मिलकर राजस्व को चुना लगाने में जुटे हैं, वहीं सैलानियों को भी सफारी के लिए कई कठिनाईयों से गुजरना पड़ता है। अफसर ही लूट के कटघरे में – पूंजीपति रिसोर्ट सञ्चालक अपने रसूख के बल पर टिकट तो बुक कर लेते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सक्रीय कुछ दलाल बड़े अधिकारी और वीआईपी के नाम पर टिकट लेकर महंगे दामों में पर्यटकों को सफारी करा रहे हैं। यही नहीं कई वर्षों से एक ही स्थान पर जमें स्थानीय शासकीय विभागों के कर्मीयों पर भी टिकट कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं, इन कर्मियों द्वारा शासकीय प्रोटोकॉल वाहनों को भी पर्यटक सफरी के लिए उपयोग कर कमाई का जरिया बना लिया गया है। जिस तरह से व्यापक पैमाने पर अधिकारियों और अन्य वीआईपी के कोटे की टिकटों के नाम पर खेला किया जा रहा है उससे समूची व्यवस्था चौपट हो रही है साथ ही पर्यटन से मिलने वाले राजस्व की हानि भी हो रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि वीआईपी के नाम पर जितनी भी टिकट बुकिंग हुई है उनकी जांच कर दी जाए तो मामले में शामिल अधिकारियों और व्यक्तियों के नामों का खुलासा हो जाएगा।

जबलपुर में मतदान के अंतिम चरण में हिंसक वारदातें, भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक आपस में भिड़े।

Violent incidents in the last phase of voting in Jabalpur, supporters of BJP and Congress candidates clashed with each other. जमकर हुआ पथराव,चले गोली और बम। बमबाजी में पुलिस का एएसआई घायल। विशेष संवाददाता जबलपुर। विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान जिले के घमापुर क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। जबलपुर में मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों पर हिंसक वारदात घटित हुई। पूर्व विधानसभा क्षेत्र के घमापुर में फायरिंग की घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इस विधानसभा क्षेत्र के भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के अनुसार मतदान के अंतिम 15 मिनट में कई स्थानों में हिसंक घटना घटित हुई हैं। पूर्व विधानसभा के अंतर्गत घमापुर क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर तथा कांग्रेस प्रत्याशी लखन घनघोरिया के गुटों में टकराव हो गया। इस दौरान फायरिंग की घटना में एएसआई गोपाल सिंह को चोट आई है और उसके कान में छर्रे लगे हैं। हिंसा के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, टकराव के कारण व आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व विधानसभा के अंतर्गत भान तलैया क्षेत्र में पथराव की घटना हुई है। केंट विधानसभा अंतर्गत गोराबाजार तथा रांझी क्षेत्र में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। मध्य-उत्तर विधानसभा अंतर्गत मिलौनीगंज तथा हनुमानताल क्षेत्र में भी टकराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस प्रत्याशी समर्थक तथा पूर्व पार्षद कल्लन गुप्ता के कार्यालय के सामने हुई हिंसक वारदात के दौरान फायरिंग के साथ जमकर बम व पत्थर चले। इस हिंसक वारदात में कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। इसके बाद सांसद राकेश सिंह, भाजपा प्रत्याशी अंचल सोनकर सहित कई भाजपा नेता थाने पहुंच गए थे। यह हिंसक घटना पुलिस बल की मौजूदगी में हुई। पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल में पहुंचकर मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित करने पुलिस को हलके बल का प्रयोग भी करना था। घटना के बाद क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया था।

खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बने देवांशु झारिया।

Jabalpur; Sahara Samachaar; Congress; Devanshu Jhariya;

Devanshu Jharia becomes State General Secretary of Sports and Players Cell Congress. संतोष सिंह तोमर भोपाल। कांग्रेस पार्टी जबलपुर के युवा नेता देवांशू झारिया को मध्यप्रदेश कांग्रेस खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। देवांशु झारिया (देवा) निवासी 10 धनवंतरी नगर जबलपुर की नियुक्ति मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सहमति से एवं उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे. पी. धनोपिया के अनुमोदन पर खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मतीन खान के द्वारा की गई। देवांशू झारिया ने अपनी नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ, उपाध्यक्ष-प्रभारी समस्त प्रकोष्ठ जे.पी. धनोपिया और खेल एवं खिलाड़ी प्रकोष्ठ मतीन खान सहित कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री देवांशू झारिया ने पार्टी को विश्वास दिलाया है कि वह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने के लिए पूरी लगन एवं ईमानदारी से कार्य करते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे। देवांशू झारिया की नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों एवं इष्टमित्रों द्वारा शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं गईं।

पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, 3 जनरल कोच पूरी तरह जले.

Pataalkot Express; Fire Broke; Indian Railways; Sahara Samachaar;

Fire broke out in the Patalkot Express, completely burning three general coaches. मनीष त्रिवेदीभांडई, पातालकोट एक्सप्रेस में लगी आग, घटना उत्तरप्रदेश के भांडई स्टेशन की घटना, पातालकोट एक्सप्रेस आगरा की ओर जा रही थी, चलते चलते सामान्य श्रेणी के कोच में आग भड़क गयी. आग की चपेट में पातालकोट एक्सप्रेस के तीन कोच आ गए. 3 जनरल कोच पूरी तरह जल गए। घटना को देखते हुए झांसी से दिल्ली जाने वाला ट्रैफिक दोनों ट्रेक पर किया बंद. मौके पर रेलवे के अधिकारी और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गए. इस घटना में 13 लोग घायल हुए, 7 लोगों को एस ऐन मेडिकल कॉलेज में, जबकि 6 यात्री सोलंकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. आग लगने के बाद कई यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर जान बचाई।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व गृह मंत्री के समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष को घेरा.

Sahara Samachaar; BJP; Bhartiya Janta Party; Jabalpur; Indore; Chhindwara; Gwalior; Neemuch; Elections; VD Sharma;

Supporters of the former Home Minister of the Bharatiya Janata Party surrounded the state president.

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