” वीयू ” जबलपुर वेटरनरी कॉलेज का 77 स्थापना दिवस हर्षोल्लाह से मनाया गया
“VU” Jabalpur Veterinary College’s 77th Foundation Day was celebrated with great enthusiasm
“VU” Jabalpur Veterinary College’s 77th Foundation Day was celebrated with great enthusiasm
HDFC Bank and Forest Department completed a massive tree plantation program by planting 8000 trees.
on the other side the opposition in black clothes was demanding resignation.
Special conversation with Jabalpur SP
Swift action against negligent government employees in Jabalpur, seven Patwaris suspended
Rs 40 lakh fraud in wheat purchase: FIR against seven people including warehouse owner
a program was organized in Netaji Subhash Chandra Bose Central Jail
On the occasion of International Yoga Day
Explosion in warehouse of Khajri Khiriya bypass of Jabalpur, fear of loss of life धमाके से भूकंप जैसा एहसास। आसपास के भवनों को भी पहुंची क्षतिगोदाम की शटर 100 मीटर दूर पाई गई। जबलपुर। जबलपुर के खजरी खिरिया बाईपास में एक गोदाम धमाके के साथ उड़ गया। यह गोदाम समीम कबाड़ी का बताया जा रहा है। गैस कटर वाले सिलेंडर में कई धमाके हुए जिससे पूरा गोदाम ढह गया। गोदाम में लगी लोहे की शटर कई टुकड़ों में 100 मीटर दूर पाई गई। जनहानि की आशंका।धर्म कांटा में धमाका हुआ है कोई बोल बम से ब्लास्ट कई लोगों के दबे होने की आशंका। मौके पर मनुष्यों के कटे अंग भी मिले हैं। 1 किलोमीटर तक के लोग घर से बाहर आ गएगैस सिलिंडर कटर के धमाके की आवाज से दहला। शमीम कबाड़ी का बताया जा रहा है। धमाके से भूकंप जैसा एहसास। आसपास के भवनों को भी पहुंची क्षतिगोदाम की शटर 100 मीटर दूर पाई गई। इससे धमाके का अंदाजा लगाया जा सकता है कबाड़ में हुआ धमाका इतना शक्तिशाली था कि लगभग 1 किलोमीटर तक के लोग घर से बाहर आ गए।
Photos from inside the polling station had to go viral, presiding officer suspende जबलपुर में मतदान केंद्र के अंदर के फोटो खींचकर व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर करने पीठासीन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जबलपुर। जबलपुर में जारी लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के बीच चुनावी ड्यूटी में तैनात पीठासीन अधिकारी को मतदान केंद्र के अंदर के फोटो शेयर करना भारी पड़ गया। जिसके चलते जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दरअसल, मतदान केन्द्र क्रमांक 173 पर तैनात पीठासीन अधिकारी रतन कुमार ने मतदान केन्द्र के अंदर के फोटो खिंचवाकर अपने मोबाइल नम्बर से किसी वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट किए थे। मामले में अधिकारियों को शिकायत मिलने पर जांच करवाई गई। जिसके बाद सेक्टर अधिकारी हेमंत अमहिया द्वारा मोबाइल फोन जब्त कर जांच की जो शिकायत सही पाई गई। वर्जित है मोबाइल का उपयोगबता दें कि मतदान केंद्र में मोबाइल फोन का उपयोग वर्जित है। नियम का उल्लंघन करने पर पीठासीन अधिकारी को निलंबित कर मतदान अधिकारी क्रमांक -1 को पीठासीन अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है।
Rajput Karni Seva burnt the effigy of Minister Purushottam Rupala जबलपुर ! भाजपा सरकार में गुजरात के मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला जी ने छात्राणियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है नारी किसी भी समाज की हो नारी का सम्मान हमेशा होना चाहिए ऐसे मंत्रियों की कोई जरूरत नहीं है जो नारियों का सम्मान नहीं करते हैं एक तरफ मोदी जी नारी सम्मान की बात करते हैं और दूसरी तरफ उनके मंत्री अपशब्द भाषा छात्राणियों के खिलाफ करते हैं ऐसे मंत्री पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए लोक सभा सीट कटी जानी चाहिए गुजरात से मोदी जी से यही आग्रह है कि ऐसे सांसद की टिकट काट देनी चाहिए ऐसी जानकारी जो के नारी सम्मान के जगह उनके बारे में आप शब्द बातें करते है सहारा समाचार जबलपुर से जीतेन्द्र सिंह श्रीवास्तव की प्रदेश अध्यक्ष से वार्तालाप , जबलपुर जिला अध्यक्ष संजू सिंह राजपूत. प्रदेश अध्यक्ष सहेंद्र सिंह. संभाग अध्यक्ष विशाल सिंह सोलंकी मीडिया से वार्ता करते हुए
Karni Sena’s annual Holi meet concludes जबलपुर ! प्रतिवर्ष अनुसार श्री राजपूत करणी सेना जबलपुर द्वारा प्रज्ञा मंडपम में वार्षिक होली मिलन का कार्यक्रम आयोजित किया गया । करणी सेना के जिला अध्यक्ष संजू राजपूत ने बताया की होली मिलन के माध्यम से स्वजातीय बंधुओं एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया गया है ।कार्यक्रम की अध्यक्षता करणी सेना के संभाग अध्यक्ष श्री विशाल सिंह जी एवं जिला अध्यक्ष महिला मधु देवी सिंह द्वारा की गई ।इस दौरान क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेंद्र सिंह, श्री अभिषेक सिंह (गुरुजी), श्रीमती माला राकेश सिंह जी, श्रीमती रूपलेखा चौहान जी, दिलीप सिंह जी, अमित सिंह जी, अर्पित सिंह रक्षित सिंह अंकित परिहार, सुजीत सिंह, शिवम परिहार आदि बड़ी संख्या में क्षत्रिय राजपूत समाज उपस्थित रहा ।
Ground report: BJP’s Ashish Land Lord, Congress’s Dinesh are demanding ‘one note-one vote’ in Jabalpur भोपाल। जबलपुर लोकसभा सीट में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला तो है लेकिन पलड़ा भाजपा का भारी है। ऐसा पहली बार नहीं है, भाजपा यहां लगातार जीत भी दर्ज करती आ रही है। 1991 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के श्रवण पटेल पहली बार मामूली अंतर 6 हजार 722 वोटों के अंतर से भाजपा के बापूराव परांजपे को हरा कर चुनाव जीते थे। इसके बाद से सीट पर भाजपा का कब्जा है और कांग्रेस एक अदद जीत के लिए तरस रही है। 1996 और 1998 के दो चुनाव बापूराव परांजपे ने जीते और 1999 में जयश्री बनर्जी ने जीत दर्ज की। इसके बाद 2004, 2009, 2014 और 2019 में भाजपा की ओर से लगातार राकेश सिंह ने कमल खिलाया। राकेश सिंह ने पिछला चुनाव साढ़े 4 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीता। मौजूदा माहौल देखकर कहा जा रहा है कि जीत का यह आंकड़ा और बढ़ने वाला है। लगातार चार जीत दर्ज करने वाले राकेश सिंह इस बार जबलपुर से मैदान में नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वे विधानसभा का चुनाव लड़े थे और इस समय राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं। उनके स्थान पर भाजपा ने बिल्कुल नए चेहरे आशीष दुबे को प्रत्याशी बनाया है। वे तीन बार से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे लेकिन मिला नहीं। उन्होंने ज्यादा संगठन में काम किया है और अब लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अपनी छवि के कारण आशीष भाजपा की पसंद बने हैं। वे कभी विवादों में नहीं रहे। उनकी बेदाग और निर्विवाद छवि है। आशीष की पारिवारिक पृष्ठभूमि भाजपाई है। उनकी गिनती जबलपुर के लैंड लार्ड के तौर पर होती है। कांग्रेस के दिनेश यादव भी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वे प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री हैं। इससे पहले वे पार्षद और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। कांग्रेस की ओर से वे महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी छवि भी अच्छी है लेकिन वे भाजपा के आशीष से काफी पिछड़ते दिखाई पड़ रहे हैं। जबलपुर में भाजपा जैसी जीत दर्ज करती है, उसे देखकर स्पष्ट है कि यहां जातीय और सामाजिक गणित फेल हो जाते हैं। बावजूद इसके कांग्रेस को जातीय आधार पर ही वोट मिलने की संभावना है। भाजपा द्वारा कराए गए काम बने चुनाव का मुद्दाजबलपुर प्रदेश का महानगर है, इसलिए यहां राष्ट्रीय और प्रादेशिक मुद्दो ंका खासा असर है। इसके साथ यहां सरकार द्वारा कराए गए काम भी मुद्दा बने हुए हैं। गांव-गांव तक सड़कों की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। सड़कों का जाल बिछा है। 4-5 फ्लाई ओवर बन कर तैयार हुए हैं। एक बड़ा फ्लाई ओवर बन रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी केंद्र और राज्य सरकार ने काफी काम किए है। भाजपा मोदी और राम लहर के साथ इन कामों को मुद्दा बना रही है। भाजपा के आशीष पारिवारिक संबंधों का हवाला देकर भी समर्थन मांग रहे हैं। कांग्रेस अपनी 19 माह की सरकार के कार्यों को गिना रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस किस तरह सभी किसानों का कर्ज माफ करने जा रही थी लेकिन भाजपा ने इसे रोक दिया। केंद्र एवं राज्य सरकार की महंगाई और रोजगार को लेकर नाकामिंया भी बताई जा रही है। कांग्रेस के 5 न्याय और 24 गारंटियों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कांग्रेस के दिनेश को यादव समाज से भी काफी उम्मीद है। विधानसभा में भाजपा को हासिल है बड़ी बढ़तप्रदेश की कई अन्य सीटों की तरह जबलपुर में भी भाजपा को विधानसभा में बड़ी बढ़त हासिल है। लोकसभा क्षेत्र की 8 में से 7 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट है। 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा ने पाटन, बरगी, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट, जबलपुर पश्चिम, पनागर और सिहोरा विधानसभा क्षेत्रों में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस सिर्फ जबलपुर पूर्व सीट ही जीत सकी है। जबलपुर पूर्व में कांग्रेस के लखन घनघोरिया 27 हजार 741 वोटों के अंतर से जीते हैं जबकि सातों सीटों में भाजपा की जीत का अंतर 2 लाख 36 हजार 359 वोट है। साफ है कि भाजपा को विधानसभा चुनाव से ही 2 लाख से ज्यादा वोटों की बढ़त हासिल है। कांग्रेस के लिए इस अंतर को पाटना बड़ी चुनौती है। जबलपुर जिले को मिलाकर बनी लोकसभा सीटजबलपुर लोकसभा सीट का भाैगोलिक एरिया बाहर नहीं गया। इसके तहत आने वाली सभी 8 विधानसभा सीटें जबलपुर जिले की ही हैं। जातीय आधार पर जरूर हर विधानसभा सीट की अलग-अलग स्थिति है। किसी सीट में दलित और आदिवासी ज्यादा हैं तो किसी में पिछड़े और ब्राह्मण। कुल मिलाकर दबदबा भाजपा का ही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तब भाजपा और कांग्रेस को बराबर 4-4 सीटें मिली थीं। बावजूद इसके 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के राकेश सिंह 4 लाख 54 हजार 744 वोटों के बड़े अंतर से जीते थे। अब तो विधानसभा में भी भाजपा का पलड़ा भारी है। माहौल भी भाजपा का है। ऐसे में यदि भाजपा के जीत का अंतर और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है तो गलत नहीं है। वैसे भी जबलपुर में भाजपा की जीत का अंतर हर चुनाव में बढ़ता ही गया है। क्षेत्र में ब्राह्मण, दलित, पिछड़े वर्ग का दबदबाजबलपुर लोकसभा सीट में आमतौर पर जातीय आधार पर मतदान नहीं होता। सामाजिक समीकरण फेल होने की वजह से यहां हार-जीत का अंतर ज्यादा होता है। लोकसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग के मतदाताओं का दबदबा है। ब्राह्मण एकमुश्त भाजपा के खाते में जा सकते हैं जबकि पिछड़े वर्ग का एक हिस्सा कांग्रेस को मिल सकता है। भाजपा प्रत्याशी ब्राह्मण और कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़े वर्ग से हैं। क्षेत्र में मुस्लिम और आदिवासी वर्ग के मतदाताओं की तादाद भी काफी है। इनमें मुस्लिम का अधिकांश वोट कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है जबकि दलित और आदिवासी मतों में बंटवारा होगा। हालांकि इनका ज्यादा हिस्सा भी भाजपा के पक्ष में ज्यादा जाने की संभावना है। क्षेत्र के वैश्य, क्षत्रिय एवं अन्य जाितयों में भाजपा का दबदबा देखने को मिल रहा है।
Bhim Army Bharat Ekta Mission the organization has appointed Rahul Chaudhary as Jabalpur District President भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा जबलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बैठक में राहुल चौधरी को एक बार फिर भीम आर्मी जबलपुर का ज़िला अध्यक्ष बनाया गया हैं। जबलपुर ! पुनः ज़िलाध्यक्ष बनाए जाने पर सम्पूर्ण जिले के पदाधिकारियों व सदस्यों में हर्ष का माहौल हैं बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आकाश राहुल के मुख्य अतिथि में आयोजित इस संभाग स्तरीय बैठक में सभी जिलों के पदाधिकारी, सदस्य व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जिसमे जबलपुर जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी को पुनः ज़िलाध्यक्ष जबलपुर जिले की कमान सौंपते हुए जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति किया गया। नव नियुक्त जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने बताया कि आगामी अप्रैल माह में जिले की सभी तहसीलो का द्वारा कर जिला कार्यकारणी का पुनः गठन किया जाएगा। और संगठन को पहले से भी ज्यादा मजबूत किया जाएगा इस दौरान भीम आर्मी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट सुनील बेले,आकाश बौद्ध,मनीष चौधरी,संजीव चौधरी,सनोज चौधरी, साहिल चौधरी, सहिल चौधरी, सुमित चौधरी अन्य सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Independent candidate came to buy election nomination papers, paid 25 thousand rupees in coins प्रदेश के जबलपुर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करने पहुंचे एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट सेक्यरिटी डिपोजिट के लिए हजारों रुपयों के सिक्के लेकर पहुंचा. जबलपुर ! लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल बज चुका है और सभी सियासी दल तैयारियों में जुट गए हैं. मध्य प्रदेश के जबलपुर से चुनाव से संबंधित एक अजीब मामला सामने आया है लोकसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रहे जबलपुर का एक उम्मीदवार बुधवार को नामांकन के वक्त सेक्योरिटी डिपोजिट के रूप में भुगतान के लिए 25 हजार रुपयए के सिक्के लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचा.इंडिपेंडेंट कैंडिडेट विनय चक्रवर्ती, जबलपुर के सियासी मैदान में उतरना चाहते हैं. उन्होंने 10 रुपये, 5 रुपये और 2 रुपये के सिक्कों में सेक्योरिटी डिपोजिट के रूप में 25 हजार रुपये का भुगतान किया है. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैंने सिक्कों में 25 हजार रुपये का भुगतान किया है. सिक्कों में भुगतान की क्या वजह बताई? एजेंसी के मुताबिक विनय ने कहा कि कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल या ऑनलाइन मोड के जरिए भुगतान करने की कोई सुविधा नहीं थी, इसलिए मैंने सिक्कों में अमाउंट का भुगतान किया, जिसकी सुविधा उपलब्ध थी. उन्होंने कहा कि मैं एक इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहता हूं. जबलपुर जिले के रिटर्निंग ऑफिसर और कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने बताया कि संभावित उम्मीदवार द्वारा सिक्कों में किया गया भुगतान प्राप्त कर लिया गया और उसकी रसीद उन्हें दे दी गई. बता दें कि पहले चरण के लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई. मध्यप्रदेश में 29 सीटों के लिए 4 चरणों में चुनाव संपन होना है. प्रदेश में 19 अप्रैल को पहले चरण में 6 सीटों के लिए मतदान होगा. इसके बाद 26 अप्रैल को 7 सीटें, 7 मई को 8 सीट और फिर 13 मई को बची 8 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भी 4 चरणों में चुनाव हुआ था.