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दिलजीत दोसांझ ने हैदाराबाद के गुरुद्वारे में टेका मत्था, गुरुपर्व की दी सबको बधाई

मुंबई, पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ निजामों के शहर हैदराबाद स्थित एक गुरुद्वारे पहुंचे। फिर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सबको गुरु पर्व की शुभकामनाएं दीं। अपने शो के सिलसिले में दोसांझ तेलंगाना में हैं। दिलजीत ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर में वह गुरुद्वारे में मत्था टेकते, कड़ा प्रसाद खाते और गुरुद्वारे के बाहर इंतजार करते प्रशंसकों संग पोज देते देखे जा सकते हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “गुरुपर्व दीयां सरेयां नु वधाइयां हर साल दी तरन एस वार वी बाबा जी ने वी बौत किरपा किती… (गुरु पर्व पर सभी को शुभकामनाएं.. इस बार भी बाबा ने मुझे बहुत आशीर्वाद दिया है)। बता दें कि दिलजीत अपने दिल-लुमिनाती इंडियन टूर के लिए हैदराबाद में परफॉर्म करने के लिए पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने अबू धाबी में धूम मचाई थी। जहां उनके परफॉर्म करने से पहले वो “पंजाबी आ गए अबू धाबी” कहते सुने गए थे। दिलजीत ने इंस्टाग्राम पर अपने अबू धाबी के इस प्रोग्राम की एक झलक शेयर की थी। उन्होंने वीडियो को कैप्शन दिया: “मरहबा अबू धाबी।” उन्होंने कहा,”पंजाबी आ गए अबू धाबी” और फिर 1992 की फिल्म “खुदा गवाह” से कविता कृष्णमूर्ति और मोहम्मद अजीज द्वारा गाया गया गाना “तू मुझे कबूल” गाया था। “खुदा गवाह” मुकुल एस आनंद द्वारा निर्देशित 1992 की एक फिल्म है। इसमें अमिताभ बच्चन, श्रीदेवी दोहरी भूमिका में हैं, नागार्जुन, शिल्पा शिरोडकर, डैनी डेन्जोंगपा, किरण कुमार प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म का अहम किरदार बादशाह खान अफगानिस्तान से भारत की यात्रा करता है और बेनजीर के पिता के हत्यारे को ढूंढता है ताकि वह उसे प्रभावित कर सके। वह सफल तो होता है लेकिन जल्द ही खुद को अन्य आपराधिक मामलों में घिरा पाता है और एक भारतीय जेल में कैद हो जाता है। दिलजीत की बात करें तो 4 नवंबर को वो जयपुर में थे। दिलजीत को एयरपोर्ट पर लाल पगड़ी और काले रंग की स्वेटशर्ट पहने देखा गया, जिस पर लाल रंग से जयपुर लिखा हुआ था। इस पर उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था, “मुझे जयपुर से बहुत प्यार मिला है। मैं इस प्यार को कभी नहीं भूल पाऊंगा।”    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिरसा मुण्डा जयंती पर धार में 334 करोड़ रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की दी गई सौगातें

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से प्रारंभ हुए जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से हमारी आजादी में जनजातीय नायक-नायिकाओं के योगदान से देश-दुनिया को परिचित कराने में मदद मिली है। अंग्रेजों से वीरता पूर्वक युद्ध करने वाले, जन-समुदाय द्वारा भगवान के रूप में पूजे जाने वाले, मुण्डा क्रांति के जनक बिरसा मुण्डा थे। उन्होंने सशस्त्र छापामार संघर्ष में बलिदानी रायन्ना, संथाल विद्रोह या हूल आंदोलन में तीर-कमान के साथ शामिल होने वाले शहीद सिद्धो संथाल, कान्हू संथाल, उनके छोटे भाई चाँद और भैरव के योगदान का भी उल्लेख किया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की संवेदनाएं जनजाति वर्ग के प्रति विशेष रूप से है। जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिये उन्होंने बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि की है। पीएम जन मन योजना के माध्यम से जनजातीय वर्ग के कल्याण को नई दिशा दी जा रही है। बेगा, सहरिया सहित अन्य पिछड़े जनजातीय वर्ग के जीवन में सुधार के लिये भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को धार में भगवान बिरसा मुण्डा जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के विशाल समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से समाज को मुक्त कराने का लक्ष्य रखा है। इस प्रयास में समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस बीमारी के उन्मूलन के संबंध में जागरूकता के लिये विशेष प्रयास करें। समय पर जाँच होने से इस बीमारी का इलाज संभव है। आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं है। आज के दिन हमारे समाज के गौरव भगवान बिरसा मुण्डा ने जन्म लिया था। यह दिन हमारे लिये गौरव के साथ गर्व का दिन भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरूआत की है। बिरसा मुण्डा ने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिये संघर्ष किया। उन्होंने भारत माँ की रक्षा के लिये भी अपनी जीवटता और वीरता से अनेक उल्लेखनीय कार्य किये और समाज को नई दिशा दी। धर्मांतरण के विरोध में आवाज उठाते हुए वे आगे आये। मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि संस्कृति बचेगी तो हम बचेंगे। संस्कृति की रक्षा के लिये बिरसा मुण्डा का भारत के इतिहास में एक बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि टंट्या मामा के नाम से विश्वविद्यालय बनाया गया है। रेलवे स्टेशन का नाम भी टंट्या मामा के नाम पर किया गया है। हमारी सरकार जनजाति समाज के समग्र कल्याण के लिये कृत संकल्पित होकर लगातार काम कर रही हैं, जो अनवरत जारी रहेंगे। विकास के साथ होंगे रोजगार के अवसर सृजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संवर्धन के माध्यम से विकास को नये आयाम दिये जा रहे हैं। धार जिले में 334 करोड़ रूपये लागत के 57 विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र को प्रगति के पथ पर तेज गति प्रदान करेगी। इससे क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेसा कानून की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल आदि मूलभूत सुविधाओं के विकास के प्लान तैयार किये जायें और उन्हें कार्यरूप में परिणित भी करें। उन्होंने बताया कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जा रहा है। शासन की प्रत्येक योजना का लाभ हर पात्रताधारी व्यक्ति को मिले, इसके लिये मैदानी स्तर पर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकल सेल बीमारी समाज के लिये घातक है। इस बीमारी के उन्मूलन के लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। मैदानी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के लिये  विशेष प्रयास लगातार जारी हैं। गरीब वर्ग के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा जनजाति वर्ग के भाई-बहनों को आगे लाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमार को त्वरित चिकित्सकीय सेवा की उपलब्धता तथा उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश सरकार हर व्यक्ति को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित नहीं रहे। उन्होंने जनजाति समाज के बच्चों से बेहतर शिक्षण के लिये आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा जनजाति समाज के बच्चों को उच्च शिक्षण के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इन कोचिंग पर होने वाला खर्च शासन द्वारा उठाया जायेगा। गौ-संवर्धन के लिये खुलेंगी बड़ी गौ-शालाएँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में गौ-माता की रक्षा और उनके संवर्धन के लिये बड़ी-बड़ी गौशालाएं खोली जाएंगी। ग्रामीणों को दुग्ध उत्पादन के लिये प्रोत्साहित करने के साथ इस पर बोनस भी दिया जायेगा। प्रदेश में राज्य परिवहन निगम जैसी सेवा पुन: प्रारंभ की जायेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के बेहतर साधन एवं सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि

भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण श्री रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल श्री पटेल राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल श्री पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल श्री पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल श्री पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया।  

विवादों के बीच सुंबुल तौकीर संग दिखीं रूपाली गांगुली

मुंबई, घरेलू विवाद के सोशल प्लेटफॉर्म पर आने के बाद एक्ट्रेस रूपाली गांगुली सुंबुल तौकीर संग दिखीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम से एक तस्वीर साझा कर सुंबुल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। रूपाली ने एक सेल्फी शेयर की, सुंबुल शुक्रवार को 21 साल की हो गई। फोटो में, ‘अनुपमा’ और ‘इमली’ स्टार्स कैमरे की ओर देखते हुए मुस्कुरा रहे हैं। फोटो पर ‘हैप्पी बर्थडे’ स्टिकर लगा हुआ था। रूपाली ने पहले एक सेल्फी शेयर की थी, जिसे उन्होंने ‘रूफी और अनुफी’ बताया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, उन्होंने सौतेली बेटी ईशा वर्मा के खिलाफ मानहानि का नोटिस दायर करने के बाद ‘मानवीय शोर को शांत करने’ के बारे में एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर किया था। रूपाली ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक कोट शेयर किया, जिसमें लिखा था, “ऐसे समय होते हैं जब आपको मनुष्यों के शोर से उबरने के लिए जानवरों सी चुप्पी की आवश्यकता होती है।’ यह पोस्ट ऐसे समय में आया जब एक्ट्रेस ने अपनी सौतेली बेटी ईशा को मानहानि का नोटिस भेजा था, जिसमें उन्होंने उनके चरित्र और निजी जीवन को ‘खराब’ करने के लिए 50 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा था। यह कानूनी नोटिस ईशा के ‘झूठे और नुकसानदेह बयानों’ के जवाब में था और यह कदम उनकी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए उठाया गया था। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि एक्ट्रेस 50 करोड़ रुपए का मुआवजा भी चाहती हैं। यह नोटिस गांगुली की वकील सना रईस खान ने भेजा है, जो ‘बिग बॉस 17’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आई थीं। कानूनी नोटिस में ईशा को संबोधित करते हुए कहा गया है, ‘हमारे क्लाइंट ने बताया कि वह ‘एक्स’, ‘इंस्टाग्राम’ और ‘फेसबुक’ समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपके द्वारा प्रकाशित पोस्ट और कमेंट को देखकर हैरान रह गई। क्लाइंट ने कहा कि वर्तमान नोटिस जारी करने के लिए सही और सटीक तथ्य पेश करना ठीक होगा …’ नोटिस में बताया गया है कि रूपाली मानसिक सदमे से गुजरी, जिसके कारण उन्हें मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। सेट पर उनका अपमान किया गया और उन्होंने प्रोफेशनल मौके को खो दिया।  

जनजातीय गौरव दिवस, सभी के लिए जनजातीय बलिदानियों को स्मरण करने का अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार

भोपाल भगवान बिरसा मुंडा शौर्य एवं पराक्रम के प्रतीक हैं। उन्होंने न केवल अंग्रेजों की पराधीनता के विरुद्ध स्वतंत्रता के संघर्ष का शंखनाद किया बल्कि समाज को संगठित कर राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले स्वाधीनता सेनानी तैयार किए। भगवान बिरसा मुंडा ने समाज की बुराइयों पर नियंत्रण एवं सुधार के लिए भी अपना योगदान दिया। जिसने अपने मात्र 25 वर्ष के जीवन में देश के लिए बलिदान देकर राष्ट्र रक्षा के संकल्प लिया और उसके लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, राष्ट्र के ऐसे क्रान्तिसूर्य के शौर्य एवं पराक्रम पर सभी को गर्व करने की आवश्यकता है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म जयंती पर मनाए जा रहे “जनजातीय गौरव दिवस” के उपलक्ष्य पर भोपाल स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित “पुष्पांजलि कार्यक्रम” में कही। श्री परमार ने उलगुलान के उद्घोषक और धरती आबा कहे जाने वाले जनजातीय गौरव भगवान बिरसा मुंडा जी के छायाचित्र पर पीत अंगवस्त्र ओढ़ाकर, पुष्पांजलि अर्पित की। श्री परमार ने सभी को भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म जयंती की शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। श्री परमार ने कहा भगवान बिरसा मुंडा का शौर्य एवं पराक्रम से समृद्ध अल्पायु जीवन, प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय है। श्री परमार ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस, यह जनजातीय समाज के गौरव का दिवस नहीं बल्कि हम सभी के लिए गौरव करने का अवसर है। श्री परमार ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उनके दूरदर्शितापूर्ण दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के रूप में जनजातीय बलिदानियों का स्मरण करना, भारत के इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में लिखा जाने की ओर महत्वपूर्ण कदम है। श्री परमार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, मधु भगत, चक्र बिसोई, राजा शंकरशाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह सहित अनेकों जनजातीय बलिदानियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। ऐसे जनजातीय बलिदानियों के संघर्ष और इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में पढ़ने एवं समझने की आवश्यकता हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, पूरे देश को भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में जनजातीय बलिदान की श्रृंखला को स्मरण करने का अवसर मिला है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने भारत के गौरवशाली इतिहास, परम्परा, ज्ञान-विज्ञान, संस्कृति एवं दर्शन सहित समस्त भारतीय दृष्टिकोण को शिक्षा में समाहित करने का अवसर दिया है। भारतीय ज्ञान परम्परा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का अभिन्न अंग है। श्री परमार ने ग्रामीण परिवेश में गृहिणियों की रसोई को भारतीय ज्ञान का कुशल एवं श्रेष्ठ प्रबंधन बताया। श्री परमार ने कहा कि 2047 में विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने सभी की सहभागिता की आवश्यकता है। हम सभी के योगदान से वर्ष 2047 तक भारत विश्वमंच पर हर क्षेत्र में सिरमौर बनेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शहडोल में आयोजित समारोह में ऑनलाइन जुड़कर वर्चुअल संबोधन के सजीव प्रसारण किया गया। महामहिम राज्यपाल श्री मंगु भाई पटेल एवं माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के संबोधन का भी सीधा प्रसारण का किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े, महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष डॉ अजय नारंग, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी उच्च शिक्षा डॉ धीरेंद्र शुक्ल, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अजय कुमार अग्रवाल एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ सविता भार्गव सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। उच्च शिक्षा मंत्री ने छात्रावास परिसर का निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने भोपाल स्थित शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय के छात्रावास परिसर का औचक अवलोकन किया। श्री परमार ने छात्राओं से संवाद कर ,उन्हें प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। श्री परमार ने छात्राओं के पठन-पाठन के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छात्राओं के लिए उत्तम एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रबंधन के लिए रसोई को पुनः संचालित करने के निर्देश दिए। छात्रावास के पुस्तकालय को नवीनतम पुस्तकों एवं शिक्षण सामग्री से समृद्ध करने को कहा। छात्राओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। छात्रावास परिसर की स्वच्छता की सुनिश्चिता एवं खेलकूद सुविधाएं उपलब्ध करने को भी कहा। छात्रावास में छात्राओं की संख्या वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।  

उमरिया जिले का विश्व प्रसिद्ध बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व वैश्विक धरोहर है

भोपाल उमरिया जिले का विश्व प्रसिद्ध बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व वैश्विक धरोहर है। यहाँ की जैव-विविधता, दुर्लभ वन्य-जीवों की उपलब्धता, कल्चुरी कालीन किला और हिन्दू देवताओं के प्राचीन मंदिर पूरी दुनिया में दुर्लभ हैं। टाइगर रिजर्व की स्थापना के पूर्व यहाँ का जंगल एवं पहाड़ियों के बीच निर्मित किला एवं अन्य संरचनाएँ रीवा रियासत के महाराजा की निजी सम्पत्ति हुआ करती थी। किले में राजकीय कार्यों के अलावा राज परिवार का निवास भी होता था। घनघोर जंगल राजा और महाराजाओं का निजी शिकारगाह होता था, जहाँ देश-विदेश के राजा समय-समय पर आकर आखेट करते थे। कालांतर में देश की आजादी के बाद तत्कालीन रीवा महाराजा मार्तण्ड सिंह ने सन् 1967 में किला सहित पूरा जंगल मध्यप्रदेश शासन को नेशनल पार्क स्थापित करने एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिये दान में दिया था। इसके बाद मध्यप्रदेश शासन द्वारा बाँधवगढ़ नेशनल पार्क की स्थापना की गयी। वर्ष 1981 के बाद यहाँ पर केन्द्र की टाइगर परियोजना शुरू की गयी। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मौजूद जल-स्रोतों से यहाँ की जैव-विविधता देश-दुनिया के जंगलों की अपेक्षा उत्कृष्ट रही है। यहाँ जल-स्रोतों की मौजूदगी हमेशा से रही है, जिससे हरियाली बनी रहती है। पर्याप्त जल-स्रोत, चारागाह, सघन वन, शाकाहारी, मांसाहारी वन्य-जीवों के लिये आवश्यक आहार और रहवास की अनुकूलता होने से यहाँ दुर्लभ से दुर्लभ वन्य-प्राणी एवं पक्षी अपना आश्रय-स्थल बनाये हुए हैं। बाघों की सघन मौजूदगी पूरी दुनिया में बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व को एक अलग पहचान दिलाती है। टाइगर रिजर्व 1526 वर्ग किलोमीटर के कोर एवं बफर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस जंगल में वर्ष 2022 की गणना अनुसार 165 से भी ज्यादा बाघों की संख्या पायी गयी थी। इसके अलावा कान्हा टाइगर रिजर्व से 49 बायसन लाकर वर्ष 2012 में बसाये गये थे, जो अनुकूल परिस्थितियों में बढ़कर वर्तमान में लगभग 200 की संख्या में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व में दुनिया में विलुप्ति की कगार पर पहुँच चुके विशेष प्रजाति के बारहसिंघा भी कान्हा टाइगर रिजर्व से लाकर बाँधवगढ़ में बसाये गये हैं। वर्ष 2018 से जंगली हाथियों ने भी अपना रहवास यहाँ बनाया है। तकरीबन 70 से 80 जंगली हाथी टाइगर रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न झुण्डों में विचरण कर रहे हैं। टाइगर रिजर्व में बाघ, बायसन, जंगली हाथी के अलावा नीलगाय, भालू, तेंदुआ, चीतल और सांभर यहाँ के मुख्य वन्य-प्राणी हैं, जो पर्यटन के साथ जैव-विविधता का केन्द्र हैं। टाइगर रिजर्व बाँस एवं साल के सघन वृक्षों से घिरा हुआ है। यहाँ वन्य-जीव दर्शन के अलावा हिन्दू मान्यताओं के कई प्राचीन धार्मिक मंदिर भी हैं। इसमें बाँधवगढ़ किले के समीप स्थित भगवान राम-जानकी मंदिर आस्था का प्रमुख केन्द्र है। यहाँ पर प्रतिवर्ष जन्माष्मी के पर्व पर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर से हिन्दू धर्मावलम्बी पूजा-दर्शन के लिये पहुँचते हैं। बाँधवगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित कबीर गुफा कबीरपंथियों की आस्था का केन्द्र है। प्रतिवर्ष अगहन पूर्णिमा के दिन यहाँ पर कबीरपंथियों का जमावड़ा होता है और कबीर गुफा में कबीर अनुयायी उनकी पूजा-पाठ करते हैं। संत शिरोमणि सेन की तपोस्थली भी बाँधवगढ़ में ही रही है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा संत सेन का मंदिर एवं समाधि-स्थल बनाने के लिये टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे हुए क्षेत्र में भूमि आरक्षित की गयी है, जिसमें निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों के लिये विश्व प्रसिद्ध है। इसमें पहली बार दो दिवसीय बटरफ्लाई सर्वे कराया गया। टाइगर रिजर्व के 15 कैम्पों में 61 सदस्यों ने रिजर्व के जंगलों में पैदल सर्वे किया और सर्वे शीट पर तितलियों की जानकारी को अपडेट किया। दो दिवसीय सर्वे में तितलियों की 100 से अधिक प्रजातियाँ पायी गयीं। इनमें 5 से अधिक तितलियाँ दुर्लभ प्रजाति की हैं। कॉमन रैड आई, ब्लैक राजा, किंग क्रो और इंडियन डॉर्ट लेट जैसी तितली भी सर्वे में पायी गयी। तितलियों के सर्वे में मोबाइल एप का उपयोग नहीं किया गया। हाथ से ही सर्वे शीट में पैन से जानकारी को अपडेट किया गया।  

पुष्पा 2: द रूल का ट्रेलर 17 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में होगा लॉन्च

मुंबई, दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की आने वाली फ़िल्म पुष्पा 2: द रूल का ट्रेलर 17 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में लॉन्च होगा। 17 नवंबर को पुष्पा 2: द रूल का मच अवेटेड ट्रेलर लॉन्च होगा। ये ग्रैंड इवेंट गांधी मैदान में गंगा किनारे शाम 5 बजे से शुरू होगा और इसे एक शानदार आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। ट्रेलर में एक्शन, ड्रामा, और स्टार पावर का बेहतरीन तालमेल होगा, और यह फैंस को पुष्पा 2 की अगली कड़ी का पहला नजारा देगा। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर घोषणा करते हुए, माइथ्री मूवी मेकर्स ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट की तारीख और समय के साथ फिल्म का एक पोस्टर साझा किया है, “गंगा तट पर सबसे बड़े इवेंट के लिए तैयार हो जाइए 3 दिन बाकी हैं 17 नवंबर को गांधी मैदान, पटना में शाम 5 बजे से ग्रैंड #पुष्पा 2dरूल ट्रेलर लॉन्च इवेंट होगा” पुष्पा 2: द रूल, सुकुमार द्वारा निर्देशित और अल्लू अर्जुन, रश्मिका मंदाना और फहाद फासिल द्वारा स्टारर है। इस फिल्म का निर्माण माइथ्री मूवी मेकर्स और सुकुमार ने किया है और म्यूजिक टी सीरीज ने दिया है। यह फिल्म 05 दिसंबर को रिलीज होगी।

जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल

जनजातीय गौरव दिवस, इतिहास के एक बड़े अन्याय को दूर करने का है ईमानदार प्रयास : प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा ने मातृभूमि के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिये अपना सर्वस्व बलिदान दिया प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के दो जनजातीय संग्रहालय राष्ट्र को किये समर्पित जन मन योजना और सिकलसेल उन्मूलन मिशन जनजाति कल्याण का महाभियान : राज्यपाल पटेल भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार के विरुद्ध जनजातीय समाज को किया खड़ा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय समाज आज भी हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे है देश में चल रहा है जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को समक्ष लाने का अभियान बाणसागर बांध से शहडोल जिले के लोगों को भी मिलेगा पानी शहडोल में बनाया जायेगा स्थाई हेलीपेड जनजातीय गौरव दिवस का राज्यस्तरीय कार्यक्रम शहडोल में हुआ आयोजित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनायी जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास है। आजादी के बाद जनजातीय वर्ग के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके लिये वे हकदार थे। जनजातीय समाज वो है, जिसने राजकुमार राम को भगवान बनाया। भारत की संस्कृति और आजादी के रक्षा के लिये सैकड़ो वर्षों की लड़ाई का नेतृत्व दिया। आजादी के बाद के दशकों में जनजातीय वर्ग के अनमोल योगदान को मिटाने की कोशिश की गई। इसके पीछे स्वार्थ भरी राजनीति थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ संचालित कर उनके आर्थिक और सामाजिक विकास का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिहार जिले के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती पर 6 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। इसमें जनजातीय वर्ग के बच्चों के भविष्य को संवारने वाले स्कूल और हॉस्टल, जनजातीय वर्ग की महिलाओं के लिये स्वास्थ्य सुविधा, जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सैकड़ों किलोमीटर की सड़कें, जनजातीय वर्ग की संस्कृति को समर्पित संग्रहालय एवं जनजातीय वर्ग के डेढ़ लाख परिवारों को पक्के घर के स्वीकृति पत्र वितरित किये गये हैं। साथ ही आज देव दीपावली के दिन 11 हजार से अधिक जनजातीय परिवारों को अपने घर में प्रवेश कराया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वंतत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का वर्चुअली लोकापर्ण किया। मध्यप्रदेश के शहडोल जिला मुख्यालय पर आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण रामलाल रोतेल सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत जनजातीय परंपरा अनुसार किया गया। जनजातीय कल्याण के लिये राज्य सरकार कर रही है बेहतरीन कार्य : राज्यपाल पटेल राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश में जनजातीय कल्याण के अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। पीएम जन मन योजना और सिकल सैल उन्मूलन मिशन, जनजाति कल्याण का महाभियान है। इस महाभियान में राज्य सरकार द्वारा जनजाति कल्याण के बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। अनेक विभागों के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने के कारगर प्रयास लगातार जारी है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल उन्मूलन मिशन का संकल्प मध्यप्रदेश की धरती से लिया जाना प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा सिकल सैल उन्मूलन की दिशा में जाँच और जागरूकता के कार्य सघन स्तर पर किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 82 लाख लोगों की सिकलसेल स्क्रीनिंग पूर्ण हो गई है। राज्यपाल पटेल ने शहडोल ज़िले के सिकल सैल जाँच कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को सिकल सैल कार्ड वितरण का कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सैल से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय, इस रोग के प्रति जागरूकता ही है। उन्होंने कहा कि शादी के पूर्व लड़का-लड़की सिकल सैल कार्ड का मिलान ज़रूर करें। उन्होंने कहा कि गर्भधारण के दौरान और जन्म के बाद भी बच्चे के सिकल सैल की जाँच ज़रूर कराएं। राज्यपाल पटेल ने सभी से आह्वान किया कि सिकल सैल की जाँच और जागरूकता हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। राज्यपाल पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती पर उनका नमन किया और प्रदेश एवं देश के महान क्रांतिकारी, जनजातीय सपूतों का पुण्य स्मरण भी किया। उन्होंने जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जबलपुर और छिंदवाड़ा के जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण के प्रति आभार ज्ञापित किया। जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का है मूल अधिकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन का अधिकार जनजातीय समाज का मूल अधिकार है। इसे अंग्रेज उनसे छीनना चाहते थे। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के अत्याचार, अनाचार के खिलाफ जनजातीय समाज को खड़ा किया और अंग्रेजों के खिलाफ दो स्तरों पर लड़ाई लड़ी। एक ओर उन्होंने जनजातीय समाज के मूल अधिकार की रक्षा की और दूसरी ओर ईसाई मिशनरियों द्वारा हमारे धर्म के साथ छेड़छाड़ कर हमारे जनजातीय भाइयों को ईसाई बनाने के कुत्सित प्रयासों को ध्वस्त किया। आज हम भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें हृदय से स्मरण और नमन करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को देश के समक्ष लाने का अभियान चलाया है। उन्होंने प्रतिवर्ष देश भर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय मध्यप्रदेश में ही लिया। आज पूरे देश में भगवान बिरसा मुंडा जयंती मनाई जा रही है। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हम सबके लिए मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा … Read more

हिसाब बराबर का वर्ल्ड प्रीमियर 26 नवंबर 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में होगा

मुंबई, जियो स्टूडियोज और एसपी सिनेकॉर्प द्वारा निर्मित आर. माधवन की मनोरंजक सामाजिक ड्रामा हिसाब बराबर का वर्ल्ड प्रीमियर 26 नवंबर को 55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफ आई) में होगा। अश्वनी धीर द्वारा निर्देशित, हिसाब बराबर हास्य, व्यंग्य और तीव्र भावनाओं का मिश्रण है, और एक आम आदमी द्वारा कॉरपोरेट बैंक के अरबों डॉलर के घोटाले को उजागर करने की साहसी लड़ाई के बाद वित्तीय धोखाधड़ी के व्यापक मुद्दे का साहसपूर्वक सामना करता है। इस फ़िल्म में, माधवन राधे मोहन शर्मा की भूमिका निभा रहे हैं, जो एक सतर्क रेलवे टिकट चेकर है, जिसे अपने बैंक खाते में एक छोटी लेकिन समझ से परे विसंगति का पता चलता है। यह एक छोटी सी समस्या आगे जाके एक बड़ी जांच में बदल जाता है, जिससे उसे एक बैंकर, मिकी मेहता (नील नितिन मुकेश) द्वारा किए गए एक बड़े वित्तीय घोटाले का पता चलता है। राधे सिस्टम के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता है, साथ ही उसे अपने निजी जीवन की जटिलताओं का भी सामना करना पड़ता है आखिर उसे एहसास होता है कि बैलेंस शीट के तरह, रिश्तों को भी केवल संख्याओं से ठीक नहीं किया जा सकता है। कीर्ति कुल्हारी इस फिल्म में न्याय, ईमानदारी और सही के लिए खड़े होने की व्यक्तिगत मूल्य के विषयों की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जियो स्टूडियोज प्रस्तुत, एसपी सिनेकॉर्प प्रोडक्शन “हिसाब बराबर” अश्वनी धीर द्वारा निर्देशित और ज्योति देशपांडे, शरद पटेल और श्रेयांशी पटेल द्वारा निर्मित है।

विपुल अमृतलाल शाह की हॉरर सीरीज भेद-भरम का पहला पोस्टर रिलीज

मुंबई,  बॉलीवुड फिल्मकार विपुल अमृतलाल शाह की हॉरर सीरीीज भेद-भरम का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है। विपुल अमृतलाल शाह अपने प्रोडक्शन हाउस सनशाइन पिक्चर्स और डीडी नेशनल के साथ नई और रोमांचक टीवी सीरीज़ भेद-भरम लेकर आ रहे हैं, जिसका पहला पोस्टर रिलीज़ हो गया है। यह शो हरकिशन मेहता के लोकप्रिय उपन्यास पर आधारित है। इस शो में यशपाल शर्मा, अतुल कुमार, गौरव चोपड़ा, ऐश्वर्या सखूजा, वैशाली ए. ठक्कर, विशाल मल्होत्रा, प्रणव मिश्रा, दिव्यांगना जैन, वाणीकी त्यागी और समीर धर्माधिकारी जैसे कलाकार शामिल हैं। मेकर्स ने एक कैप्शन के साथ इसका पहला पोस्टर अपने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया है। कैप्शन में लिखा गया है,क्या आप अनसुलझे रहस्यों का सामना करने के लिए तैयार हैं? भेद भरम – रहस्यों का मायाजाल में ऐसे खौफनाक डर सामने आएंगे, जो आपको सीट से चिपके रहने पर मजबूर कर देंगे।18 नवंबर को सोमवार से गुरुवार रात 9:30 बजे डीडी नेशनल पर रिलीज होगा। भेद भरम का निर्देशन यूसुफ बसराई ने किया है, इसकी कहानी हरकिसन मेहता ने लिखी है। यह शो सनशाइन पिक्चर्स लिमिटेड द्वारा प्रोड्यूस और आशिन ए. शाह और रविचंद नल्लप्पा द्वारा को-प्रोड्यूस है।विपुल अमृतलाल शाह अपनी अगली फिल्म हिसाब पर काम कर रहे हैं, जो सनशाइन पिक्चर्स और जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर बनायी जा रही है। यह फिल्म विपुल अमृतलाल शाह ने प्रोड्यूस और निर्देशित की है, और आशिन ए शाह ने को-प्रोड्यूस की है। फिल्म में जयदीप अहलावत और शेफाली शाह स्टार कर रहे हैं। फिल्म साल के अंत तक रिलीज होने वाली है।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल का भ्रमण कार्यक्रम

 अनूपपुर मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल 16 नवम्बर 2024 को प्रातः 7:45 बजे मां नर्मदा मंदिर अमरकंटक में दर्शन करेंगे। तत्पश्चात् प्रातः 8:30 बजे अमरकंटक से ग्राम जगतपुर करंजिया, जिला-डिण्डौरी के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रातः 9 बजे ग्राम जगतपुर करंजिया पहुंचेंगे एवं मां नर्मदा मैकल परिक्रमा द्वारा आयोजित मैकल परिक्रमा पर्वतराज अमरकंटक की परिक्रमा कार्यक्रम एवं अन्य स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। प्रातः 10 बजे ग्राम जगतपुर करंजिया से अमरकंटक के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रातः 10:30 बजे सर्किट हाऊस अमरकंटक पहुंचेंगे एवं अन्य स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। दोपहर 3 बजे अमरकंटक से बिजुरी के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 5 बजे बिजुरी पहुंचेंगे। शेष कार्यक्रम पृथक से जारी किया जाएगा।

जिले में 16 नवंबर से आयोजित होगा जल संवाद कार्यक्रम

सिंगरौली खनन परियोजनाओं से प्रभावित सिंगरौली जिले के लिए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन अंतर्गत जल संरक्षण एवं प्रबंधन  एक अनिवार्य आवश्यकता है। चूंकि वर्षा जल हर समय उपलब्ध नहीं रहता इसलिए जल की कमी को पूरा करने के लिए जल के संरक्षण के साथ जल की हानि,  उपयोग या अपव्यय में वास्तविक रूप से कमी लाने के साथ-साथ जल की गुणवत्ता को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है जिसके लिए आमजन जागरूकता भी महत्वपूर्ण पहलू है। इसी के मद्देनजर जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जिला मुख्यालय में स्थापित जल शक्ति केंद्र एवं मनरेगा योजना के माध्यम से जिले अंतर्गत जल के विभिन्न आयाम , चुनौतियां, सभी को स्वच्छ जल की उपलब्धता के साथ सतत जल प्रबंधन और संरक्षण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में जल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका शुभारंभ 16 नवंबर को जिला पंचायत सभागार में प्रातः 11:00 बजे से किया जाएगा। इसके साथ ही 17 नवंबर को जनपद पंचायत देवसर में तथा 18 नवंबर को जनपद पंचायत चितरंगी में कार्यक्रम उपरांत चिन्हित ग्राम पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस जल संवाद कार्यक्रम में जल प्रहरी एवं वाटर हीरो श्री नीरज वानखेड़े जी एवं उनकी टीम द्वारा जल संवर्धन एवं संरक्षण के विषय पर प्रकाश डाला जाएगा साथ ही विभिन्न विभाग के अधिकारियों/कर्मचारी,  जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य , ग्राम पंचायत सरपंच, सब इंजीनियर, मनरेगा अंतर्गत सी.एफ.पी प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विशेषज्ञ एवं आम जनमानस द्वारा जन भागीदारी से जल संरक्षण के उपायों पर चर्चा कर जन जागरूकता चलाया जाएगा।

जिला स्तरीय समारोह का आयोजन अटल सामुदायिक भवन बिलौजी में हुआ आयोजित

सिंगरौली जिलें भर में भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती  को धूमधाम  से जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन अटल सामुदायिक भवन बिलौजी में राज्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती राधा सिंह के मुख्य अतिथि में एवं सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह, देवसर विधानसभा के विधायक श्री राजेन्द्र मेश्राम, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेंय, कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसुमिरन गुप्ता के गरिमामय उपस्थित में आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर एवं भगवान बिरसा मुण्डा के छाया चित्र पर मल्यापर्ण कर किया गया। समारोह में एकलव्य विद्यालय की छात्राओं के द्वारा मनमोहक सास्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया गया। छात्राओं के द्वारा प्रस्तुत गीतो ने अतिथियों को मत्रमुग्ध कर दिया।  इस अवसर पर उपस्थित जन समूह को राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने जनजातीय गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की आज पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। आज पूरा देश एक साथ भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मना रहा है। उन्होंने कहा कि जल जंगल जमीन के असली मालिक आदिवासी समाज है। यह हमारे पर्यावरण, संस्कृति की रक्षा करने वाला समाज है। आधुनिक युग में हम अपने संस्कृति संस्कार भूलने लगे हैं लेकिन आदिवासी समाज आज भी अपने संस्कृति और संस्कार को संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि भारत में आदिवासी समाज सुदूर वनांचल क्षेत्र में निवास करता है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज के उत्थान, उन्नति और विकास के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद देश में स्थिति बदली है। मोदी जी के नेतृत्व में आज पूरा देश देख रहा की बिरसा मुंडा कौन है। आदिवासी संस्कृति को देख और समझ रहा है। आज मोदी जी अनेक कल्याणकारी योजना बनाकर आदिवासी समाज के उन्नति और उत्थान के लिए काम कर रहे हैं।  वही समारोह को संबोधित करते हुये सिंगरौली विधायक श्री राम निवास शाह ने कहा कि आज अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग सरपंच, पांच बनने के लिए सोचते थे। लेकिन आज गर्व की बात है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण आज आदिवासी समाज को बेटी श्रीमति द्रौपती मुर्मू देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति के पद को सुशोभित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आदिवासी समाज के प्रति विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा भी कई योजनाएं संचालित कर आदिवासी समाज के विकास एवं उनके उत्थान के लिए कार्य किया जा रहा है।       समारोह में देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम ने कहा कि आज दिन पूरे देश के लिए गौरव का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में समूचे देश में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस कर रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने। कहा कि हमारी केन्द्र एवं राज्य सरकार ने हमेशा जनजाति समाज को सम्मान देने का काम किया है। देश के लिए बहुत ही सम्मान की बात है कि देश के सर्वोच्चित पद में आदिवासी महिला है। राष्ट्रपति के रूप में श्रीमति द्रौपती मुर्मू आदिवास समाज का मान बढ़ा रहीं है। प्रदेश सरकार के द्वारा भी समाज के उत्थान के लिए कई कार्य किये जा रहे। देवसर विधायक के द्वारा समारोह के दौरान सास्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली एकलव्य विद्यालय के छात्राओं को प्रति छात्र 5 हजार रूपयें सम्मान राशि दियें जाने की घोषणा की। समारोह में नगर निगम अध्यक्ष श्री देवेश पाण्डेंय के द्वारा भी उपस्थित जन सामूह को जनजाति गौरव दिवस की बधाई देते हुये भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन के बारे में अवगत कराते हुयें उनके संघर्षो को याद किया गया।  समारोह के दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रशेखर शुक्ला ने भगवान बिरसा मुण्डा के जीवन पर प्रकाश डालते हुये बताया कि बरसा मुंडा जी का जन्म 15 नवम्बर 1875 को झारखंड के उलीहातू गांव में एक साधारण मुंडा परिवार में हुआ था। उनका जीवन बेहद कठिनाइयों से भरा था और उन्हें बाल्यावस्था से ही आर्थिक संघर्षों का सामना करना पड़ा। कलेक्टर ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा को धरती आवा भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि भागवान बिरसा मुण्डा का भारत की आजादी अहम योगदान है। उन्होंने सोसक ब्रिटस औपनिवेशिक व्यवस्थाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी तथा आम लोगो के मन में आजादी की अलख जागने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा के तरह ही भारत के अनेक जनजाति समाज के नायको ने अपने प्राणो की आहूति देकर भारत को अंग्रेजो के क्रूर शासन से मुक्ति दिलाने में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज भगवान बिरमा मुण्डा के जन्म दिवस के अवसर पर उन महान बलिदानियों को भी याद करने का दिन है।     समारोह के दौरान विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियो को अतिथियों के कर कमलो द्वारा लाभान्वित कराया गया। जिसमें पीएम जनमन योजना अंतर्गत 10 हितग्राहियों को उनके आवासों की चाभी सौपकर उनका गृह प्रवेश कराया गया। वही पॉच बैगा जन जाति के हितग्राहियों को केसीसी स्वीकृत प्रमाण पत्र तथा उन्नत किस्म के बीजों का किट प्रदान किया गया। तथा 10 समूहों को मछुआ क्रेडिट कार्ड का वितरण किया गया। समारोह के दौरान उपस्थिति अतिथि सहित जन सामूह के द्वारा बिहार प्रदेश के जमुई जिले से प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन को लाईव टेलीकास्ट के माध्यम से देखा एवं सुना गया।   इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह नागेश,  डीपीओ राजेश गुप्ता, उप संचालक कृषि आशीष पाण्डेंय, खाद्य आपूर्ति अधिकारी पी.सी चन्द्रवंशी, उप संचालक उद्यानिकी एच.एल निमोरिया, नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर आरपी बैस, जन जाति कार्य विभाग के ए.डी जीतेन्द्र सहित पार्षद संतोष शाह, वरिष्ट समाजसेवी संदीप चौबे, सुन्दर शाह, पूनम गुप्ता, अरविंद दुबे, कालिका प्रसाद गुप्ता, सुनील दुबे, कमल नयन चौरसिया, भोला प्रसाद शाह सहित जन जाति वर्ग के नागरिक एवं एकलव्य विद्यालय के गुरूजन एवं छात्र छात्रा उपस्थित रहे।

UP लोक सेवा आयोग ने किया PCS एग्जाम की तारीख का ऐलान, 22 दिसंबर को होगी परीक्षा

 प्रयागराज उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2024 की प्रारंभिक परीक्षा की तारीख का ऐलान कर दिया है। आयोग ने परीक्षा की अब नई तारीख जारी की है। आयोग परीक्षा की तारीख का नोटिस जारी करते हुए कहा, सात और आठ दिसंबर को होने वाली पीसीएस प्री परीक्षा अब 22 दिसंबर को एक ही दिन कराई जााएंगी। पहली पाली सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े 11 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर के ढाई बजे से साढ़े चार बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। आयोग के इस फैसले के बाद से माना जा रहा है कि आरओ और एआरओ परीक्षा की तारीखों में भी बदलाव किया जा सकता है। ये परीक्षा पहले 22 और 23 दिसंबर को होनी थी। बतादें कि छात्र आंदोलन के कारण पीसीएस 2024 प्रारंभिक परीक्षा दो की बजाय एक दिन में कराने के फैसले के बाद अब सात और आठ दिसंबर को होनी वाले एग्जाम को टाल दिया गया था। परीक्षा टाले जाने को लेकर एक दिन पहले ही नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका हे। दरअसल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार की एक दिन में परीक्षा कराने की घोषणा के बाद जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ भी छात्रों के बीच पहुंचे थे और परीक्षा को लेकर छात्रों की शंकाओं को भी जाना था। छात्रों ने जब परीक्षा तिथि के बारे में जानकारी चाही तो डीएम ने साफ किया परीक्षा टलेगी। आयोग की ओर से नई तिथि जारी की जाएगी। तीसरी बार टाली गई परीक्षा 12 जनवरी 2024 को जारी कैलेंडर में आयोग ने पीसीएस प्री 17 मार्च 2024 को कराने का निर्णय लिया था लेकिन आरओ/एआरओ 2023 प्रारंभिक परीक्षा का पेपर 11 फरवरी को लीक होने के कारण परीक्षा टालनी पड़ गई। उसके बाद आयोग ने तीन जून को जारी संशोधित कैलेंडर में 27 अक्तूबर को पीसीएस 2024 प्रारंभिक परीक्षा कराने की सूचना दी थी। हलांकि तमाम कोशिश के बावजूद मानक के अनुसार परीक्षा केंद्र नहीं मिलने के कारण आयोग ने पहले 27 और 28 अक्तूबर को परीक्षा कराने की तैयारी की। समय कम होने के कारण प्रारंभिक परीक्षा सात और आठ दिसंबर को कराने का निर्णय लिया गया। इस तरह से देखा जाए तो 17 मार्च को प्रस्तावित परीक्षा की तिथि का छात्रों को आठ महीने में बाद भी इंतजार है। आरओ/एआरओ 2023 प्री स्थगित, समिति गठित लोक सेवा आयोग ने समीक्षा अधिकारी (आरओ) और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा-2023 को स्थगित कर दिया है। आयोग का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति सभी पहलुओं पर गहन अध्ययन कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी, जिससे इन परीक्षाओं की शुचिता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया जा सके। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आरओ/एआरओ की परीक्षा तिथि तय की जाएगी। पांच नवंबर को आयोग ने यह परीक्षा 22 और 23 दिसंबर को कराने का निर्णय लिया था। हालांकि प्रतियोगी छात्र इसे भी एक दिन में ही कराने पर अड़े हैं। 19 जून के शासनादेश में सिर्फ पीसीएस को विशिष्ट श्रेणी में रखा गया था। ऐसे में आरओ/एआरओ पर क्या निर्णय होगा, इसका अभ्यर्थियों को इंतजार है। कुछ छात्रों का मानना है कि आयोग को यह परीक्षा भी एक दिन में करानी पड़ेगी। क्योंकि इससे पहले 11 फरवरी को एक दिन में 10,76,004 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई जा चुकी है।

रायसेन में दिल का दौरा पड़ने से एक एसआई की मौत, सड़क पर गिरे

रायसेन मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में हैरान करने वाली घटना सामने आई। अचानक दिल का दौरा पड़ने से एक एसआई की मौत हो गई। वह बरेली में पेट्रोल पंप से फ्यूल भरवाकर आगे बढ़े ही थे कि बाइक के साथ जमीन पर गिर पड़े, मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।   जानकारी के अनुसार, हैरान कर देने वाला वीडियो बरेली के एक पेट्रोल पंप का है, जहां ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर सुभाष सिंह अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए गए थे। वह पेट्रोल भरवाकर वापस लौट रहे थे, लेकिन वह 50 कदम की दूरी भी वह तय नहीं कर पाए और मौत उनके पास पहुंच गई। घटना का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसमें दिख रहा है कि सब इंस्पेक्टर बाइक से जा रहे हैं और तभी वह कुछ असहज महसूस करते हैं और बाइक रोकते हैं, अगले कुछ सेकेंड में वह बाइक के साथ जमीन पर गिर जाते हैं। पेट्रोल पंप के कर्मचारी तुरंत एसआई सुभाष सिंह को पास के अस्पताल ले जाते हैं, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। 1 महीने बाद था रिटायरमेंट बरेली थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर सुभाष सिंह की मौत से हर कोई हैरान है। पता चला है कि एक महीने बाद सुभाष सिंह रिटायर होने वाले थे। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बनारस रहने वाले थे, 28 साल पहले जिला रायसेन में उनकी पुलिस में नौकरी लगी थी। नौकरी का अधिकतर कार्यकाल रायसेन में ही गुजरा है। इतने लंबे समय से रायसेन में रहने के कारण उन्होंने नगर के किनगी रोड पर अपना खुद का घर भी बना लिया था। महज एक महीने बाद दिसंबर में सुभाष सिंह रिटायर होने वाले थे। जानकारी के अनुसार, मौत से आधा घंटा पहले सुभाष थाने में मौजूद थे और वहां पर हंसी-मजाक में बात कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें बीपी की समस्या थी।

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