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धार्मिक आयोजन और पर्यावरण-संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का पर्व है गोवर्धन पूजा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धार्मिक आयोजन और पर्यावरण-संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का पर्व है गोवर्धन पूजा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गोवर्धन पूजा, धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि पर्यावरण-संरक्षण, कृषि और पशुधन के प्रति समाज की जिम्मेदारी का भी पर्व हैं। गोवर्धन पूजा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के प्रति श्रद्धा और कृषि से जुड़ी परंपराओं को बनाए रखने का संदेश भी जाता है। इससे स्थानीय समुदाय को एकजुट होकर अपनी परंपराओं को जीवित रखने की प्रेरणा मिलती है। इसे दृष्टिगत रखते हुए हमने इस वर्ष गौवर्धन पूजा को वृहद पैमाने पर पूरे प्रदेश में सरकार की सहभागिता के साथ मनाने का निर्णय लिया है। गौ-संवर्धन के प्रमुख पहलू     2500 गौ-शालाओं में 4 लाख से अधिक गौ-वंश का पालन।     गौ-वंश के बेहतर आहार के लिये प्रति गौ-वंश मिलने वाली 20 रूपये की राशि बढ़ाकर 40 रूपये करने का निर्णय।     घायल गायों के लिये हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहन की व्यवस्था।     दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने म.प्र. सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच एमओयू।     ग्वालियर स्थित आदर्श गौ-शाला में देश के पहले 100 टन क्षमता वाले सीएनजी प्लांट की स्थापना।     दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक गाँव बनेगा वृंदावन गांव।     देश में सर्वाधिक 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती करने वाले मध्यप्रदेश में गौ-वंश को प्रोत्साहन देन की पहल से जैविक उत्पादन बढ़ाने का प्रयास। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोवर्धन पूजा, पर्यावरण और पशुधन-संरक्षण का भी संदेश देता है, जो कृषि और आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से हम प्रकृति और पशुधन के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा का उद्देश्य न केवल धार्मिक बल्कि आर्थिक और पारिस्थितिकीय महत्व से भी जन-जन को अवगत करना है, जो एक सतत और समर्थ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में सहायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाय को भारतीय संस्कृति में “गौ-माता” का दर्जा दिया गया है। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और त्यौहारों में गाय का पूजन होता है। यह भारतीय समाज में गहरी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हुई है। लम्बे समय से हर घर में गाय पालने की परंपरा रही है, जिससे ग्रामीण समाज में एकता, सामंजस्य और सहयोग की भावना प्रबल होती थी। मध्यप्रदेश में किसानों एवं पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिये सरकार निजी और शासकीय दोनो तरह की गौशालाओं को प्रोत्साहित कर सहयोग कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्रों में भी बताया गया है कि गाय उसी प्रकार पवित्र होती है जैसे नदियों में गंगा। गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी माना गया है। देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं उसी प्रकार गौ-माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती हैं। गौवंश सम्पूर्ण मानव जाति के लिए पूजनीय और आदरणीय है। यह पर्व भारतीय जनमानस को उनकी जड़ों से जोड़े रखता है और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को प्रदर्शित करता है। यह हमारी संस्कृति और परंपरा के संवर्धन का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौवंश संरक्षण समाज में सांस्कृतिक मूल्यों का प्रसारक है और इसकी सेवा से समाज में करुणा, संवेदनशीलता और एकजुटता की भावना बढ़ती है। गौ-माता हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना की स्रोत भी हैं। गौ-माता की सेवा, सम्मान एवं संवर्धन के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। पशुपालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते रहे हैं। दूध और उससे बने उत्पादों को बेचकर ग्रामीणों को हमेशा आय का स्त्रोत मिलता रहा है। भारत दुग्ध उत्पादन के मामले में विश्व में शीर्ष स्थान पर है और इस सफलता में गोवंश का महत्वपूर्ण योगदान है। देश में दुग्ध उत्पादन, अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है और लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का साधन भी है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9 से 10 प्रतिशत उत्पादन करते हुए देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश के अनेक ग्रामों में किसान भाइयों को पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए सुविधाएं प्रदान कर प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिदिन साढ़े पांच करोड़ लीटर दुग्ध उत्पादन हो रहा है। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। जहां देश में प्रति व्यक्ति 459 ग्राम प्रतिदिन दूध की उपलब्धता है वहीं मध्यप्रदेश में यह 644 ग्राम है। अगले पांच वर्ष में प्रदेश का दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य है। इस दिशा में लगभग 40 हजार ग्रामों में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के कार्य शुरू हो चुका है। अब दुग्ध उत्पादन लाखों ग्रामीणों के लिए रोजगार का स्त्रोत बन गया है। इस कार्या में विशेष रूप से महिलाओं की भी अग्रणी भूमिका है। गौ-संवर्धन से न केवल रोजगार सृजन होता है, बल्कि यह समाज की सांस्कृतिक जड़ों को भी मजबूती प्रदान करता है और एक स्वस्थ एवं स्थिर समाज का निर्माण करने में योगदान देता है।  

प्रियंका चोपड़ा ने लंदन में दिवाली की भव्य पार्टी का किया आयोजन

प्रियंका चोपड़ा भले अब विदेश में रहती हों और हॉलीवुड फिल्मों में एक्टिव हों, लेकिन जहां बात देसी फेस्टिवल्स की आती है तो वो कभी पीछे नहीं रहतीं। हर त्योहार वो खूब जोश से मनाती हैं। प्रियंका अपने साथ-साथ पूरे परिवार को भी फेस्टिवल के रंग में रंग डालती हैं। इस दिवाली पर भी ऐसा ही हुआ, जहां प्रियंका लाल रंग की साड़ी में सेलिब्रेशन मोड में दिखीं और हसबैंड निक जोनस भी भारतीय अंदाज में दिखे। बता दें कि प्रियंका चोपड़ा ने लंदन में दिवाली की पार्टी का आयोजन किया। इस दिवाली पार्टी में उनके परिवार और दोस्त शामिल हुए। इस मौके की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर छाई हैं। प्रियंका के साथ निक का देसी अवतार जहां बात परंपराओं और त्योहारों की आती है तो प्रियंका विदेश में रहकर भी पूरी देसी बन जाती हैं। लंदन में इस दिवाली पर प्रियंका ने धूमधाम से सेलिब्रेशन किया। उनके पारंपरिक लुक और अंदाज ने इस माहौल को और भी खूबसूरत बना दिया। प्रियंका के साथ निक के देसी अवतार को देख लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों ने कहा है- निक जिस तरीके से इंडियन फेस्टिवल्स को फॉलो किया करते हैं वो तारीफ के काबिल है। प्रियंका चोपड़ा की फिल्में वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका ‘सिटाडेल’ के साथ-साथ एक्शन-ड्रामा ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ की तैयारी में जुटी हुई हैं। इसमें इदरीस एल्बा और जॉन सीना लीड रोल में नजर आएंगे। इन सबके अलावा प्रियंका की बकेट लिस्ट में ‘द ब्लफ’ का भी हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के 69वें स्थापना दिवस पर जलाए दीप और देखी आतिशबाजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार शाम रोशनपुरा चौराहे पर दीप प्रज्ज्वलित कर आतिशबाजी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। इस अवसर पर दक्षिण-पश्चिम भोपाल के विधायक श्री भगवान दास सबनानी और अनेक नागरिक उपस्थित थे। रोशनपुरा चौराहे पर मिष्ठान वितरण कर प्रदेश की स्थापना दिवस को उल्लास और आनंद के साथ मनाया गया।  

मध्य प्रदेश में दिवाली के बाद से सर्द हुई रातें, इन जिलों में लुढ़का पारा

भोपाल मध्य प्रदेश में सर्द बढ़ते ही कम्बल और रजाई निकल गए हैं। अधिकांश जिलों में रात के तापमान में गिरावट होने पर ठिठुरन बढ़ गई। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि आगामी कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम इसी प्रकार शुष्क बना रहेगा। गुरूवार को कई शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के करीब और उससे कम दर्ज किया गया है। जिससे माना जा रहा है कि आगामी दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान 34 डिग्री से ज्यादा दर्ज हुआ। वहीं रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली है। बता दें, फिलहाल प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में बने सर्कुलेशन सिस्टम के कारण नमी आ रही है। हालांकि इसका असर बारिश के रूप में नहीं देखने को मिलेगा। साथ ही भोपाल सहित अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहेगा। राजधानी में मौसम साफ रहने से रात का पारा भी गिरने के आसार है।

दो विधानसभा में उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारी जारी, नामांकन सूची से हटाए साढ़े 6 लाख मतदाताओं के नाम, 7.47 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े

भोपाल मध्यप्रदेश में दो विधानसभा में उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारी चल रही है। प्रदेश के बुधनी और विजयपुर विधानसभा में उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को मतदान है। इसी बीच मध्यप्रदेश निवार्चन आयोग की ओर से प्रदेश के मतदाताओं के आंकड़े जारी किए हैं। जारी आंकड़े के अनुसार एमपी में साढ़े 6 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और 7.47 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े है। मतदाताओं ने नए पते अपडेट करवाए है। नए मतदाताओं को जोड़ने और जरूरत के अनुसार नाम हटाए जाने की प्रक्रिया तेज हुई है। अब दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गईं है। 228 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या 5,60,63,645 है। उपचुनाव के कारण बुधनी और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में पुनरीक्षण नहीं होगा। दावे आपत्ति लेने का काम शुरू हो गया है। प्रक्रिया 28 नवंबर तक चलेगी।

मध्यप्रदेश में दीपावली त्योहर पर जमकर आतिशबाजी, ग्वालियर शहर की आबोहवा बिगड़ी

ग्वालियर मध्यप्रदेश में दीपावली त्योहर पर जमकर आतिशबाजी की गई है। आतिशबाजी के बाद कई शहरों की आबोहवा खराब हुई है। इसी कड़ी में दीपावली के बाद ग्वालियर शहर की आबोहवा बिगड़ी है। दरअसल आतिशबाजी के बाद हवा बहुत ज्यादा प्रदूषित हुई है। ग्वालियर शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लेवल खतरनाक स्थिति में पहुंचा है। ग्रीन पटाखों की जागरूकता के बावजूद हालात बिगड़े है। रात 12 बजे के बाद शहर का AQI 300 के पार हुआ है। PM 2.5 और PM 10 खराब स्तर पर पहुंचा है। सुबह 9 बजे तक भी ज्यादा सुधार नहीं आया है। शहर के अलग अलग इलाको के हालात ये है। महाराजबाड़ा -283 (खराब), दीनदयाल नगर- 275 (खराब), सिटी सेंटर -196 (मध्यम)।

उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शहर का मौसम फिर गर्म,ठंड बढ़ने के बजाए मध्य प्रदेश में पारा हुआ हाई

ग्वालियर उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण शहर का मौसम फिर गर्म होने लगा है। गत बुधवार को जहां पारा 35 डिग्री सेल्सियस के नजदीक पहुंचा था, वह गुरुवार को 36 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। दोपहर के समय धूप में चुभन का अहसास हुआ और लोग पसीना-पसीना होते नजर आए। वहीं हवा में नमी कम होने के कारण रात के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल वातावरण इसी प्रकार का बना रहेगा। दीपावली के बाद ही तापमान में गिरावट की संभावना है। आमतौर पर दीपावली तक सर्दी की दस्तक हो जाती है, लेकिन फिलहाल शहर में मौसम और अधिक गर्म होता दिख रहा है। गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप खिली हुई थी और सुबह साढ़े 11 बजे तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। शाम चार बजे तक धूप की तीव्रता बनी रही। जबकि शाम साढ़े पांच बजे भी तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 36.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह औसत से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह औसत से 4.0 डिग्री सेल्सियस अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय शहर के मौसम को प्रभावित करने वाला कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। उत्तर-पश्चिम से शुष्क हवाएं आ रही हैं, इसलिए धूप में तेजी है। फिलहाल अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। दो नवंबर के बाद से रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है। सिद्धचक्र महामंडल विधान व विश्वशांति रथयात्रा आठ से उप ग्वालियर लोहामंडी स्थित लाला गोकुलचंद जैसवाल दिगंबर जैन मदिर कमेटी के तत्वावधान में आठ नवंबर से 15 नवंबर तक विधानचार्य बाल ब्रह्मचारी अंशु कोलारस के मार्गादर्शन में सिद्धो की आराधना करने के लिए सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव एवं विश्वशांति यज्ञ व रथयात्रा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें प्रतिदिन धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मीडिया प्रवक्ता सचिन जैन एवं मंदिर अध्यक्ष पदमचंद जैन ने बताया कि सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव शुभारंभ आठ नवंबर को सुबह 5.50 बजे से देव आज्ञा आचार्य निमंत्रण, तथा 7: 30 बजे से गाजेबाजे के साथ मंगल कलश, शोभायात्रा मुख्या मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल लोहमंडी जैन मंदिर पहुंचेगी।

हमीदिया अस्पताल में नवंबर माह पहला बोनमैरो प्रत्यारोपण भी हो सकता है, पांच लाख रुपये में हो सकेगा

भोपाल हमीदिया अस्पताल में किडनी के बाद बोनमैरो प्रत्यारोपण नवंबर माह तक शुरू करने की उम्मीद है। अगले माह तक यहां पहला बोनमैरो प्रत्यारोपण भी हो सकता है। इसके शुरू होने पर इंदौर के बाद हमीदिया प्रदेश का दूसरा सरकारी अस्पताल होगा, जहां यह सुविधा उपलब्ध मरीजों की दी जाएगी। इसके लिए बकायदा अस्पताल के एच-1 ब्लाक की चौथी मंजिल पर 12 कमरों की स्वीकृति भी मिल गई है। जिसमें मरीजों के लिए 24 बिस्तर का वार्ड तैयार किया जाएगा। यह सुविधा शुरू होने से ब्लड कैंसर और खून की कमी से होने वाली बीमारियों-थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया का स्थायी इलाज किया जा सकेगा। करीब 16 करोड़ रुपये की आएगी लागत जानकारी अनुसार इस यूनिट को जमाने के लिए प्रबंधन को करीब 16 करोड़ खर्च करने होंगे। निजी अस्पतालों में बोनमैरो प्रत्यारापेण पर करीब 24 लाख तक खर्च आता है। यहां करीब पांच लाख तक आएगा। अमेरिका के कोलंबिया विवि के बोनमैरो ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डा. प्रकाश सतवानी से इसके लिए एमओयू हो गया है। आठ महीने बाद फिर शुरू होगा किडनी प्रत्यारोपण वहीं हमीदिया अस्पताल में करीब आठ महीने बाद दोबारा किडनी प्रत्यारोपण करने की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। बतादें कि हमीदिया प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहां सात किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। गांधी मेडिकल कालेज के यूरोलाजी विभाग के डा. अमित जैन ने बताया कि दो मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट होने हैं। इसके लिए अंगदान समिति ने मंजूरी दे दी है।  

एमपीपीएससी ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 घोषित कर दी, 16 फरवरी को होंगे पेपर

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 को लेकर घोषणा कर दी। आयोग ने 16 फरवरी को पेपर रखे है। अभी रिक्त पदों के बारे में संबंधित विभागों से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। यही वजह है कि आयोग ने खाली पदों का उल्लेख विज्ञापन में नहीं किया है। आयोग ने अगले सात दिनों के भीतर पदों के बारे में पोर्टल पर जानकारी देने की बात कहीं है। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा में आवेदन की प्रक्रिया भी दीपावली बाद शुरू होगी। राज्य सेवा परीक्षा 2022-2023 के साक्षात्कार की प्रक्रिया और राज्य सेवा परीक्षा 2024 का मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आना बाकी है। इस बीच आयोग ने अगली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। जल्दबाजी में आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की भले ही तारीख घोषित कर दी। मगर रिक्त पदों के बारे में अभ्यर्थियों को जानकारी नहीं दी। आयोग ने 16 फरवरी को दो सत्र में पेपर रखे हैं। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM इंदौर) ने वैश्विक शिक्षा के विस्तार को लेकर चीन और नार्वे की शैक्षणिक संस्थानों के बीच दो अनुबंध करार किए गए है। इसके माध्यम से इन संस्थानों में विद्यार्थी-फैकेल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जा सकेंगे। यहां तक कि संस्थानों में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा। खास बात यह है कि एमओयू के चलते संस्थान आपस में संसाधानों का आदान-प्रदान भी कर सकेंगे। नार्वे की क्रिस्टियानिया यूनिवर्सिटी काॅलेज और चीन में सूचो यूनिवर्सिटी के साथ ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए है। इंदौर और नार्वे की क्रिस्टियानिया यूनिवर्सिटी कॉलेज में अनुसंधान व कलात्म विकास पर अनुबंध हुआ है, जिसमें निदेशक प्रो. हिमांशु राय और डा. क्रिस्टी बाक ने हस्ताक्षर किए हैं। नार्वे की क्रिस्टियानिया यूनिवर्सिटी कालेज नार्वे की स्थापना 1914 में हुई थी। यह 16 हजार से अधिक छात्रों के साथ अभ्यास-उन्मुख शिक्षण वातावरण प्रदान करता है और विपणन, प्रबंधन, रचनात्मकता और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर जोर देता है। डा बाक़ ने कहा कि यह साझेदारी दोनों संस्थानों के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खोलती है। दोनों देशों की शैक्षणिक पद्धति और प्रणाली को समझा जा सकेंगे। इसके माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकेगा। वे कहते है कि इसे इंडस्ट्री की जरूरत व आवश्यकताओं को समझकर पाठ्यक्रम में संशोधन करेंगे। प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ाएंगे।निदेशक प्रो. राय ने कहा कि सतत विकास और नवीन प्रथाओं में उनके अनुभवों से सीखने के लिए उत्सुक हैं, जो हमारी शैक्षिक पाठ्यक्रमों में भी योगदान देगा। वहीं ज्ञान साझा करने व्याख्यानों और संगोष्ठियां आयोजित होगी। वहीं दोनों संस्थान मिलकर पाठ्यक्रम बनाएंगे। साथ ही दोहरी डिग्री के अवसरों की खोज के माध्यम से शैक्षणिक अनुभवों को समृद्ध करेगा। दूसरे एमओयू पर सूचो यूनिवर्सिटी में बिजनेस स्कूल के डीन प्रो. बो फेंग ने हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि उनके मूल मूल्य- प्रामाणिकता, जवाबदेही, प्रशंसा और उन्नति- सामाजिक रूप से जागरूक और अभिनव व्यावसायिक लीडरों को तैयार कर सकेंगे। सहयोग ज्ञान के आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के लिए मार्ग बनाकर हमारे छात्रों और शिक्षकों की शैक्षिक यात्रा को समृद्ध बनाएगा।

डाटाबेस प्रबंधन में अवसर

किसी भी कंपनी के लिए उनके डाटाज बेहद महत्वपूर्ण होते है। इन डाटा को सुरक्षित और अपडेट करने के डाटाबेस प्रबंधन की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। आखिर क्या है इनकी भूमिका? क्या आपकी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से हुई है, जिनके पास कंपनी से संबंधित सारे डाटाज उपलब्ध हों। यदि हां, तो आपकी मुलाकात अब तक किसी ऐसे डाटाबेस प्रबंधक से हो गई होगी, जिनका प्रमुख काम होता है कंपनी की छोटी-छोटी गतिविधियों का ब्योरा रखना और उस ब्योरे से संबंधित डाटा को लगातार अपडेट करते रहना। दरअसल, डाटाबेस प्रबंधन द्वारा अपडेट किए जाने वाले डाटाज पर ही किसी भी संस्था के महत्वपूर्ण निर्णय निर्भर करते हैं। देखा जाए, तो इनका काम बेहद महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ चुनौतिपूर्ण भी होता है, क्योंकि उन्हें अपने डाटाज को लगातार अपडेट करना होता है। दरअसल, वे इस तरह का काम कंपनी की बेहतरी के लिए करते हैं और इसके लिए उन्हें बाजार की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर भी रखनी पड़ती है। गौरतलब यह है कि डाटाबेस कुल मिलाकर एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें जानकारियों को स्टोर किया जाता है। क्या आपको डाटाज मेंटेन करना अच्छा लगता है? अगर हां, तो आप इसे करियर के रूप में चुन सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको कम्प्यूटर लैंग्वेज की जानकारी होनी चाहिए। जॉब पर रखें नजर:- वैसे, ऑरकल सर्टिफाइड असोसिएट (ओसीए) सर्टिफिकेशन के साथ इस क्षेत्र में फ्रेशर्स को भी आसानी से प्रवेश मिल जाता है। शुरुआती दौर में इन्हें लगभग 2-4 लाख रुपये सालाना मिल जाते हैं। दरअसल, 10 से 15 डेवलॅपर्स पर एक डेवलॅपमेंट डाटाबेस ऐडमिनिस्ट्रेटर की आवश्यकता होती है। आज जिस तरह से ज्योग्रफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आदि जैसे क्षेत्रों का विकास हो रहा है, उससे इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं निरंतर बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही आपके पास कई और विकल्प भी हैं, जिन पर भी गौर किया जा सकता है। इसके अलावा, आप डाटाबेस एनालिस्ट के रूप में भी कार्य कर सकते है। ये योग्यताएं हैं जरूरी… ऑरकल पीएल की जानकारी आवश्यक है। पीएल-एसक्यूएल स्टोर्ड प्रोसिड्योर, ट्रीगर्स आदि को डेवलॅप करने की जानकारी। डाइनेमिक एसक्यूएल और जिन्हें असाधारण परिस्थितियों को संभालना अच्छी तरह आता हो। अच्छी कम्युनिकेशन और मैनेजमेंट स्किल। यदि आपके पास ये योग्यताएं हैं, तो डाटाबेस प्रबंधन के रूप में आपका भविष्य सुरक्षित और बेहतर हो सकता है।  

भोपाल में बनेगा वंदे भारत के संचालन व मेंटेनेंस प्रशिक्षण का सेंटर, अभी प्रशिक्षण लेने भुसावल या उदयपुर जाना पड़ता है

भोपाल  भोपाल के निशातपुरा रेल कोच फैक्ट्री के पास पश्चिम मध्य रेलवे का पहला मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर तैयार किया जा रहा है। खास बात यह है कि यहां वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और मेंटेनेंस के प्रशिक्षण की आधुनिक लैब भी बनाई जा रही है। इसके बन जाने के बाद भोपाल वंदे भारत पर काम करने वाले देश भर के रेलवे कार्मिकों के प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र बन जाएगा। बताया जा रहा है कि अभी पश्चिम मध्य रेलवे के लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मैनेजर आदि अधिकारी व कर्मचारियों का पेशेवर प्रशिक्षण भुसावल और उदयपुर में होता है। इसको अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए निशातपुरा में मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर की परिकल्पना की गई थी। अब उसमें वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेन प्रणाली के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल भी जोड़ दिया गया है। तैयार होगी विशेष लैब यहां वंदे भारत लोको सिमुलेटर लैब को तैयार किया जा रहा है। इस लैब में वंदे भारत के लोको पायलट ट्रैक पर वास्तविक ट्रेन संचालन का अनुभव कर पाएंगे। इसमें उन्हें लोको पायलट केबिन से नियंत्रित होने वाली प्रणालियों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें कब, कहां कितनी गति रखनी है, किन परिस्थितियों में ब्रेक लगाना है, सिग्नल की प्रक्रिया आदि का प्रशिक्षण भी सिमुलेटर पर ही दिया जाएगा। इनका मिलेगा प्रशिक्षण ट्रेनिंग सेंटर में तकनीकी, सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, लेखा, कार्मिक, भंडार, रेलों की विविध प्रणाली, यातायात विभाग से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस केंद्र में देशभर से रेलवे अधिकारी.कर्मचारी प्रशिक्षण लेने आएंगे। केंद्र में ऐसी सुविधा होगी इस प्रशिक्षण केंद्र में 80 बिस्तरों वाला होस्टल, कैंटीन, प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, कंप्यूटर केंद्र, सभागार, चिकित्सा कक्ष जैसी सुविधाएं बनाई जा रही हैं। यह केंद्र अगले साल तक शुरू हो जाएगा। निशातपुरा के पास मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण शुरू हो गया है। जल्द ही यहां रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी को प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। – सौरभ कटारिया, सीनियर डीसीएम, भोपाल रेल मंडल

कृषि सहकारी समितियां अब प्रदेश के गांवों में जन औषधि केंद्र भी चलाएंगी

भोपाल मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कृषि साख सहकारी समितियां (बी-पैक्स) अब मेडिकल स्टोर यानी जन औषधि केंद्र भी चलाएंगी। यहां से ग्रामीणों को बाजार के मुकाबले सस्ती दरों पर कारगर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध हो पाएंगी। इस प्रयोग से सहकारी समितियों को आय का नया स्रोत भी मिल जाएगा। सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे जन औषधि केंद्रों के संचालन के लिए प्रदेश की 275 समितियों का चयन किया गया। इनमें से 270 ने अपना औपचारिक आवेदन विभाग को कर दिया। इनमें से 55 समितियों को केंद्र संचालन का लाइसेंस जारी किया गया है। 24 समितियों में जन औषधि केंद्र शुरू भी करवा दिए गए हैं। बढ़ रहा जेनेरिक दवाओं का कारोबार मध्य प्रदेश में ऐसा प्रयोग पहली बार हो रहा है। उत्तर प्रदेश में कृषि साख सहकारी समितियां वर्ष 2023 में ही दवा कारोबार में उतर चुकी हैं। बता दें, मध्य प्रदेश में जन औषधि केंद्रों में व्यवसाय अच्छा हो रहा है। पिछले पांच वर्ष में यहां 44 करोड़ रुपये की जेनेरिक दवाएं बिकी हैं। फार्मा कंपनी से होगा अनुबंध नियमों के मुताबिक किसी दवा दुकान के संचालन के लिए फार्मासिस्ट होना अनिवार्य है। जिला उपायुक्त, सहकारिता छविकांत बाघमारे ने बताया कि कृषि साख सहकारी समितियों के जन औषधि केंद्र का संचालन करवाने के लिए फार्मा कंपनी से अनुबंध किया जाएगा। केंद्र सरकार को इसका प्रस्ताव जाना है। वर्तमान में सीहोर, धार सहित कुछ जिलों में समितियों ने स्थानीय स्तर पर फार्मासिस्ट नियुक्त कर दुकानों का संचालन शुरू किया है। किसानों को होगा सीधा फायदा कृषि साख सहकारी समितियों पर जन औषधि केंद्र खुलने का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिलेगा। वे अपने घर के नजदीक सस्ती दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे। वहीं समितियों के स्वावलंबी होने से भी किसानों को कर्ज और दूसरी सुविधाएं मिलने में आसानी हो जाएगी। साख समितियों को बहुउद्देशीय बनाने की कवायद सरकार बेहतर कार्य करने वाली सहकारी साख समितियों को बहु उद्देश्यीय और विविध व्यवसाय करने वाली समिति बनाने की कोशिश कर रही है। सहकारिता विभाग ने 4500 समितियों में से 2000 समितियों को इसके लिए चुना है। समितियां कर रही ये कारोबार आर्गेनिक उत्पादों का व्यवसाय करने के 1,454 समितियों ने आवेदन किया है। इन समितियों के यहां आर्गेनिक बीज तैयार करने के लिए जगह भी उपलब्ध है। इस तरह की ज्यादातर समितियां आदिवासी क्षेत्रों में किसानों के साथ मिलकर काम करेंगी। समितियों को निर्यात कारोबार से जोड़ने का भी प्रस्ताव है। इन समितियों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई गई है। नेशनल एक्सपोर्ट कोऑपरेटिव सोसायटी की सदस्यता के लिए 1,700 समितियों से आवेदन कराया गया है। प्रदेश की कई कृषि साख सहकारी समितियों को अलग-अलग काम करने के लिए कहा गया है। अभी इन समितियों को जन औषधि केंद्र संचालित करने के लिए लाइसेंस दिए जा रहे हैं। -मनोज कुमार सरियाम, पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्य प्रदेश

Govt Scheme: इधर एग्जाम पास, उधर खाते में आएंगे 100000 रुपए

नई दिल्ली यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को अक्सर आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में तेलंगाना सरकार ने एक अहम योजना शुरू की है। दरअसल, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा यानी प्रीलिम्स एग्जाम पास करने वालों के लिए एक नई योजना का ऐलान किया है। इस योजना का नाम ‘राजीव गांधी सिविल्स्स अभय हस्तम योजना’ रखा गया है। योजना के तहत यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले राज्य के उम्मीदवारों को मेंस की तैयारी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं। क्या है राजीव गांधी सिविल्स अभय हस्तम योजना तेलंगाना सरकार की राजीव गांधी सिविल्स अभय हस्तम योजना का मकसद है कि आर्थिक दिक्कतों की वजह से यूपीएससी की तैयारी करने वाले किसी छात्र की तैयारी ना रुके। यह योजना यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को आगे की तैयारी के लिए आर्थिक तौर पर एक मजबूती प्रदान करती है। योजना के तहत, यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। इस राशि के जरिए उम्मीदवार यूपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग, स्टडी मैटेरियल और दूसरे जरुरी संसाधनों से जुड़े खर्चों को कवर कर सकते हैं। योजना के तहत कहां से दिए जाएंगे रुपए? राजीव गांधी सिविल्स अभय हस्तम योजना के तहत यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्रों को सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) के माध्यम से आर्थिक मदद दी जाएगी। यह मदद उन छात्रों को मिलेगी, जो सिविल्स सेवा परीक्षा के पहले चरण को पास कर लेंगे। छात्रों को दी जाने वाली ये मदद सिंगरेनी कोलियरीज के उस कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत वह कई निर्माण कार्यक्रम चलाता है। गौरतलब है कि सिंगरेनी कोलियरीज भारत सरकार के अधीन एक कोयला खनन कंपनी है और तेलंगाना सरकार के ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आती है। कौन उठा सकता है योजना का लाभ? अगर आप यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास कर चुके हैं और सामान्य (ईडब्ल्यूएस), पिछड़ा वर्ग, एससी, या एसटी वर्ग से हैं, तो आप राजीव गांधी सिविल्स अभय हस्तम योजना का फायदा उठा सकते हैं। इस योजना के तहत आपको आर्थिक मदद मिलेगी। लेकिन ध्यान रहे कि आप तेलंगाना के स्थायी निवासी होने चाहिए और आपके परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए, उम्मीदवारों को यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इसके बाद ही वे इस योजना के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि आर्थिक सहायता केवल एक बार ही दी जाएगी, भले ही उम्मीदवार सिविल्स सेवा परीक्षा कई बार दें। अप्लाई करने के लिए चाहिए ये डाक्यूमेंट्स यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाण तेलंगाना में निवास का प्रमाण पत्र (आधार कार्ड, वोटिंग कार्ड, या अन्य वैध दस्तावेज) शैक्षणिक प्रमाण पत्र मोबाइल नंबर रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक खाते की डिटेल पासपोर्ट साइज की फोटो कैसे करें आवेदन? राजीव गांधी सिविल्स अभय हस्तम योजना के लिए तेलंगाना सरकार द्वारा बनाई गई आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं वेबसाइट पर ‘अप्लाई नाउ’ विकल्प पर क्लिक करें इसके बाद स्क्रीन पर एक एप्लिकेशन फॉर्म आएगा फॉर्म में अपना पूरा नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी सहित जरूरी जानकारी भरें सारी जानकारी भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें

इंदौर में हवा की सेहत खराब, एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार

इंदौर इंदौर की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। दिल्ली, मुंबई की तरह इंदौर भी अब वायु प्रदूषण के मामले में लगातार नए रिकार्ड बना रहा है। पिछले एक सप्ताह में इंदौर का एक्यूआई AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार चल रहा है। 26 अक्टूबर को तो यह 235 तक पहुंचा जो बेहतर खतरनाक स्तर है।      क्या हैं कारण इंदौर में वायु प्रदूषण के सबसे बड़े कारण हैं अधूरे प्रोजेक्ट्स, प्रदूषण और पेड़ों की कटाई। इसकी वजह से लगातार वायु प्रदूषण हो रहा है। पिछले पांच साल में इंदौर की वायु गुणवत्ता को लगातार खराब होते देखा गया है। कोविड के समय जहां इंदौर की आबोहवा अपने सबसे बेहतर स्तर पर थी वहीं अब वह अपने सबसे खराब स्तर पर है। गाड़ियों का चलना बंद होने से यह सुधार देखा गया था। अब लगातार बढ़ रही गाड़ियां शहर को प्रदूषण में धकेलती जा रही हैं। मौसम भी कर रहा परेशान इस साल इंदौर में मौसम भी लगातार परेशान कर रहा है। दीपावली तक शहर में बारिश हो रही है और बीच बीच में पड़ रही बेतहाशा गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। इस बार दशहरा और नवरात्रि के कार्यक्रम बारिश की वजह से बिगड़ गए। अब तेज ठंड के मौसम में तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह से तापमान भी 35 डिग्री के आसपास चल रहा है। कैसे होगा सुधार शहर के पर्यावरण को सुधारने के लिए घटती हुई हरियाली को बचाना होगा। पेड़ों की कटाई रोकनी होगी और गाड़ियों का इस्तेमाल कम करना होगा। इसके साथ अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को भी पूरा करना होगा ताकि धूल से निजात मिले

इंजीनियरिंग करने के बाद नहीं मिल रही है नौकरी तो कर लें ये काम, चमक उठेगा करियर

इंजीनियरिंग के बाद नौकरी को लेकर परेशान हैं तो आइये आपके करियर को मजबूत बनाने के लिए कुछ बेहतरीन कोर्स के बारे में जानते हैं, जो आपको उच्च सैलरी वाली नौकरियों के लिए तैयार करते हैं. इंजीनियरिंग के बाद करियर की राह में आगे बढ़ने के लिए कई शॉर्ट टर्म कोर्स हैं, जो आपको उच्च सैलरी वाली नौकरी दिलाने में मदद कर सकते हैं. आइए जानते हैं कुछ बेहतरीन शॉर्ट टर्म कोर्स के बारे में जो आपके करियर को निखार सकते हैं. डाटा एनालिटिक्स डाटा एनालिटिक्स एक ऐसा कोर्स है जो आजकल बहुत लोकप्रिय हो रहा है. इसमें आपको डेटा इकट्ठा करने, उसका विश्लेषण करने और बिजनेस के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करने की तकनीकें सिखाई जाती हैं. इसके बाद आप डाटा एनालिस्ट या बिजनेस एनालिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं, जो उच्च सैलरी वाली नौकरियों में शामिल हैं. वेब डेवलपमेंट वेब डेवलपमेंट का कोर्स आपको वेबसाइट बनाने और प्रबंधित करने की स्किल्स सिखाता है. इस कोर्स में आपको HTML, CSS, और JavaScript जैसी तकनीकों का ज्ञान दिया जाता है. इस क्षेत्र में नौकरी के कई अवसर हैं, और सैलरी भी अच्छी होती है. साइबर सिक्योरिटी साइबर सिक्योरिटी में शॉर्ट टर्म कोर्स करने से आप विभिन्न प्रकार के साइबर हमलों से अपने सिस्टम को सुरक्षित रख सकते हैं. इस क्षेत्र में सुरक्षा विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है, और यह एक उच्च सैलरी वाली नौकरी पाने का एक अच्छा जरिया है. डिजिटल मार्केटिंग डिजिटल मार्केटिंग कोर्स आपको ऑनलाइन मार्केटिंग की स्किल्स सिखाता है, जैसे कि SEO, SEM, और सोशल मीडिया मार्केटिंग. इस क्षेत्र में फ्रीलांसिंग के अवसर भी हैं और अच्छे पैकेज भी मिलते हैं. प्रोजेक्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का शॉर्ट टर्म कोर्स आपको प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने की कला सिखाता है. इस कोर्स के बाद आप प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में काम कर सकते हैं, जो कि बहुत अच्छी सैलरी वाली नौकरी होती है.  

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