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प्रियंका चोपड़ा की फैमिली डिनर डेट की तस्वीरें वायरल

लॉस एंजिल्स प्रियंका चोपड़ा हाल ही पति निक जोनस और बेटी मालती मैरी के साथ फैमिली डिनर के लिए गईं। लेकिन इस दौरान मालती की हरकतों ने ध्यान खींच लिया। टेबल पर जहां निक जोनस, प्रियंका और बाकी लोग बाते करनें और खाने में बिजी थे, वहीं मालती फोन में बिजी दिखीं। 3 साल की मालती फोन पर अपना फेवरेट कार्टून देख रही थी, और उसी में खोई थी। प्रियंका की इस फैमिली डिनर डेट की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। फैंस नन्ही मालती पर भी खूब प्यार लुटा रहे हैं। प्रियंका, निक और मालती की ये तस्वीरें न्यू यॉर्क के एक रेस्टोरेंट की हैं, जिन्हें एक फैन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। एक तस्वीर में प्रियंका और निक बार के पास खड़े हैं, और स्माइल कर रहे हैं। निक खाने में तो मालती फोन में बिजी, यूजर्स के मजेदार कमेंट्स दूसरी तस्वीर में जहां निक जोनस खाना खाते दिखे, वहीं मालती दुनिया से बेफिक्र होकर फोन में कार्टून देखने में बिजी हैं। एक तस्वीर में प्रियंका के ससुर यानी निक जोनस के पापा पॉल केविन जोनस भी नजर आए। इन तस्वीरों पर फैंस के काफी कमेंट आ रहे हैं। एक ने लिखा है, ‘मालती कितनी क्यूट लग रही है।’ एक और कमेंट है, ‘कितनी प्यारी फैमिली है, एक साथ सब इंजॉय कर रहे हैं।’ एक अन्य फैन का कमेंट है, ‘मेरी जान प्रिंसेस मालती।’ ‘द लास्ट फाइव ईयर्स’ भी निक को सपोर्ट करने पहुंची थीं प्रियंका और मालती इससे पहले प्रियंका बेटी मालती के साथ निक जोनस के आने वाले शो ‘द लास्ट फाइव ईयर्स’ को सपोर्ट करने पहुंचे थे। निक इस शो से अपना ब्रॉडवे डेब्यू कर रहे हैं। यह 18 मार्च को रिलीज होगा। वहीं, प्रियंका की बात करें, तो वह हॉलीवुड फिल्म ‘द ब्लफ’ में नजर आएंगी। इसके अलावा वह ‘हेड्स ऑफ स्टेट’ में भी दिखेंगी।

रान्या राव कांड: DRI ने अभिनेत्री से की पूछताछ, CBI ने शुरू की इंटरनेशनल गोल्ड स्मगलिंग रैकेट की जांच

 बेंगलुरु कन्नड़ फिल्म एक्ट्रेस रन्या राव की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अंतरराष्ट्रीय सोने की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है. रन्या राव को डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने 4 मार्च 2025 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था. वह दुबई से 14.8 किलोग्राम सोना तस्करी कर लाने की कोशिश कर रही थीं. इस सोने की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई की टीमें मुंबई और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर तैनात की गई हैं ताकि इस तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच की जा सके. इस मामले में घरेलू एजेंटों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों के बीच कनेक्शन को उजागर करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि यह नेटवर्क अत्याधुनिक तरीकों से काम कर रहा था और इसमें बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी की गई थी. एक साल में 30 बार दुबई गईं रन्या राव जांच में सामने आया है कि रन्या राव पिछले एक साल में लगभग 30 बार दुबई गई थीं और हर बार वे सोने की तस्करी में शामिल थीं. डीआरआई की कार्रवाई के दौरान उनके पास से 12.56 करोड़ रुपये की कीमत के सोने के बिस्किट बरामद किए गए. इसके अलावा, उनके घर की तलाशी में 2.06 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 2.67 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए, जिससे कुल जब्ती की राशि 17.29 करोड़ रुपये हो गई. अंतरराष्ट्रीय तस्करों का भंडाफोड़ करेगी सीबीआई रन्या राव की गिरफ्तारी के बाद मामला और गंभीर हो गया है क्योंकि वह कर्नाटक स्टेट पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के डीजीपी रामचंद्र राव की सौतेली बेटी हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस तस्करी में किसी कानूनी अधिकारी या उनके परिवार की संलिप्तता थी. सूत्रों का कहना है कि जांच में सीबीआई के जुड़ने से अधिकारियों को इस रैकेट में शामिल अंतरराष्ट्रीय तस्करों का पता लगाने में मदद मिलेगी. मुख्य हवाई अड्डों पर जांच दलों को तैनात कर तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रणनीति बनाई जा रही है. इस मामले को 2020 के केरल गोल्ड स्मगलिंग कांड से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें राजनयिक चैनलों का दुरुपयोग कर सोने की तस्करी की गई थी और कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी.  Ranya Rao को पति जतिन ने सोने की तस्करी में धकेला!    जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है उनके तस्करी में शामिल होने के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक उनके पति जतिन हुकरि जो बेंगलुरु में एक आर्किटेक्ट हैं पर आरोप है कि रान्या ने उनसे शादी के बाद सोने की तस्करी शुरू की थी। जतिन हुकरि कौन हैं? रान्या को बुधवार को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 14.2 किलोग्राम सोने के बिस्किट के साथ पकड़ा गया है।  रान्या की शादी आर्किटेक्ट जतिन हुकरि से हुई है। पुलिस का कहना है कि जतिन और रान्या ने दुबई कई बार यात्रा की है। एक साल में लगातार 10 यात्रा करने पर अधिकारियों को उन पर शक हुआ और उन पर नजर रखी जाने लगी। डीआरआई अधिकारियों ने उनके घर की तलाशी ली और रु 2.06 करोड़ का सोना और रु 2.67 करोड़ की भारतीय मुद्रा जब्त की जिससे जांच और भी तेज हो गई। जतिन हुकरि ने बेंगलुरु के आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से आर्किटेक्चर में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने लंदन के रॉयल कॉलेज ऑफ आर्ट से शिक्षा ली। एक यात्रा में इतनी होती थी रान्या की कमाई रान्या ने हर बार केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे पर सोने की तस्करी के दौरान अपने पिता का नाम इस्तेमाल किया ताकि वह कड़ी जांच से बच सकें। रिपोर्ट के अनुसार दुबई हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद रान्या को टॉयलेट में सोना सौंपा जाता था। फिर वह सोने के बर्फों को अपनी कमर के चारों ओर बेल्ट की तरह बांधकर भारत लौट आती थी। बेंगलुरु में वह अपने सौतेले पिता का नाम इस्तेमाल करती थी ताकि जांच से बच सके। यह भी कहा जाता है कि वह हर बार एक ही कपड़े और बेल्ट पहनती थी और कुछ  रिपोर्ट्स के अनुसार वह पुलिस एस्कॉर्ट के साथ घर भी जाती थी। एक साल में 10 बार की दुबई की यात्रा प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि रान्या ने पिछले एक साल में दुबई 10 से ज्यादा बार यात्रा की और हर बार सोने की तस्करी की। डीआरआई सूत्रों के अनुसार उसे हर किलो सोने की तस्करी पर 1 लाख रुपये की रकम मिलती थी और उसने हर यात्रा में 13 लाख रुपये तक की कमाई की। रान्या राव ने फिल्म उद्योग में अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘मणिक्य’ से की थी, जिसमें सुदीप मुख्य भूमिका में थे। इसके बाद उन्होंने चार और फिल्मों में अभिनय किया। अभिनेत्री को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।  

रीवा अरोड़ा ने डिजिटल इन्फ्लुएंस एंड वुमन एम्पावरमेंट में कर ली PHD

मुंबई चाइल्ड आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रीवा अरोड़ा एक बार फिर से लोगों की आलोचनाओं का शिकार हो गई हैं। उन्होंने 19 साल की उम्र में डिजिटल इन्फ्लुएंस एंड वुमन एम्पावरमेंट में PHD कर ली है। उसकी डिग्री के साथ फोटो शेयर की और बताया कि अब वह डॉक्टर बन गई हैं। जिसके बाद तो इंटरनेट यूजर्स ने उन्हें छेंक लिया। ‘भारत’ और ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं रीवा अरोड़ा की सही उम्र तो आज तक कोई जान न सका है। लेकिन वह खुद को बड़ा ही बताती हैं। जबकि इंटरनेट उन्हें 14-16 साल का ही समझता है। अब इंस्टाग्राम पर उन्होंने अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह कॉन्वोकेशन के दौरान पहने जाने वाली टोपी और गाउन में दिखाई दे रही हैं। हालांकि एक पैर में चोट लगी है लेकिन वह पोज दे रही हैं और खुशी जाहिर कर रही हैं। रीवा अरोड़ा ने हासिल की PHD की डिग्री आदि शंकर वैदिक यूनिवर्सिटी से उन्होंने ये PHD की डिग्री हासिल की है। कैप्शन में लिखा, ‘अब से मैं डॉक्टर रीवा अरोड़ा हूं। इस मील के पत्थर तक पहुंचना एक सपने के सच होने जैसा है, और मैंने जो हासिल किया है, उस पर मुझे इससे ज़्यादा गर्व नहीं हो सकता।’ अब इस पर एक्टर कुणाल सिंह, एक्ट्रेस अनेरी वजानी, सचिन गुप्ता समेत अन्य ने बधाई दी है लेकिन यूजर्स ने फिरकी ली है। रीवा अरोड़ा को लोगों ने सुनाई बातें रीवा अरोड़ा के पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा, ‘बचपन में 55 की डिग्री।’ एक ने कहा, ‘कभी ट्यूशन या स्कूल भी गई है?’ एक ने पूछा, ‘ये डिग्री कैसे हासिल कर सकती है? कोई लॉजिक है?’ एक ने लिखा, ‘हे भगवान मुझे इस 15 साल की डॉक्टर से बचा ले।’ एक ने कहा, ’18 की उम्र में डिग्री? बढ़िया मजाक किया।’ एक ने लिखा, ‘पैसे देकर डिग्री ली है न?’ एक ने पूछा, ‘कितने पैसे दिए?’

31 मार्च तक बनवाएं किसान आईडी, नहीं तो अटक जाएंगे फसल बीमा और सम्मान निधि के पैसे!

Get your farmer ID made by March 31, otherwise your crop insurance and Samman Nidhi money will get stuck! भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए जरूरी खबर! अगर आपने 31 मार्च 2025 तक किसान आईडी (Farmer ID) नहीं बनवाई, तो आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं। एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की डिजिटल पहचान के लिए 11 अंकों की यूनिक आईडी अनिवार्य की गई है। क्यों जरूरी है किसान आईडी? राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों का पंजीकरण करा रही है। यह यूनिक आईडी किसानों की डिजिटल पहचान होगी, जिसके बिना न तो फसल बीमा का क्लेम मिलेगा, न ही किसान सम्मान निधि की राशि, और न ही बिना दस्तावेज़ों के कृषि ऋण उपलब्ध होगा। मध्यप्रदेश के कृषि विभाग के अनुसार, 31 मार्च के बाद यह पंजीकरण फ्री नहीं रहेगा, यानी इसके लिए किसानों को शुल्क देना होगा। जिन पंचायतों में पहले ही शिविर लग चुके हैं, वहां के किसान अपने पटवारी से संपर्क कर पंजीकरण करवा सकते हैं। बिना किसान आईडी नहीं मिलेगा इन योजनाओं का लाभ अगर आपने अभी तक अपनी किसान आईडी नहीं बनवाई, तो आप कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से वंचित हो सकते हैं— ✔ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि – सालाना ₹6,000 की सहायता राशि नहीं मिलेगी। ✔ फसल बीमा योजना – केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिनकी पहचान सरकारी रिकॉर्ड में होगी। ✔ कृषि ऋण व किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – किसान बिना ज्यादा दस्तावेज़ों के लोन नहीं ले पाएंगे। ✔ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) – अपनी फसल सरकारी मंडियों में बेचने के लिए भी यह आईडी अनिवार्य होगी। ✔ फसल सर्वे व स्वामित्व हस्तांतरण – सरकारी रिकॉर्ड में जमीन संबंधी कार्यों के लिए यह आईडी आवश्यक होगी। रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़ किसान आईडी बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ अनिवार्य हैं— जल्दी करें, वरना देना होगा अतिरिक्त शुल्क! जो किसान 31 मार्च तक अपना पंजीकरण नहीं करवाते, उन्हें इसके बाद शुल्क देकर किसान आईडी बनवानी होगी। इसलिए समय रहते नजदीकी पंचायत या शिविर में जाकर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।

प्रभास ने फिल्म कन्नप्पा में फ्री में किया काम

मुंबई,  दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार प्रभास ने फिल्म कन्नप्पा में फ्री में काम किया है। अभिनेता-निर्माता विष्णु मांचू ने पुष्टि की है कि प्रभास ने ‘कन्नप्पा’ में रुद्र की भूमिका के लिए कोई शुल्क नहीं लिया । हाल ही में #आस्कविष्णु ट्विटर सेशन के दौरान विष्णु मांचू ने एक दिल को छू लेने वाले खुलासे में पुष्टि की कि बहुप्रतीक्षित फिल्म कन्नप्पा में रुद्र की भूमिका निभाने वाले स्टार प्रभास ने फ्री में अभिनय किया है। एक प्रशंसक ने विष्णु से पूछा कि क्या अफ़वाहें सच हैं, और उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा, “हाँ,” जिससे प्रभास के उदार भाव पर प्रकाश पड़ता है। प्रभास, जो उद्योग के भीतर अपनी मज़बूत दोस्ती और सम्मान के लिए जाने जाते हैं, ने फ़िल्म कन्नप्पा का समर्थन करने में संकोच नहीं किया। ख़ास तौर पर विष्णु के पिता डॉ. एम. मोहन बाबू, जो फ़िल्म के निर्माता भी हैं, के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए प्रभास ने कोई फीस नहीं ली।भारतीय सिनेमा में सबसे ज़्यादा मांग वाले सुपरस्टार में से एक होने के बावजूद, प्रभास ने हमेशा अपने करीबी लोगों के प्रति बहुत विनम्रता और वफ़ादारी दिखाई है। विष्णु ने यह भी साझा किया कि प्रभास ने भूमिका स्वीकार करने में केवल कुछ सेकंड लिए और फिल्म की रश से बहुत प्रभावित हुए, उन्होंने इसे एक ऐसा अनुभव बताया जो उन्हें बेहद पसंद आया। रुद्र के रूप में प्रभास के पहले लुक ने पहले ही ऑनलाइन चर्चा बटोर ली है, और प्रशंसक फिल्म में उनकी शक्तिशाली उपस्थिति का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा एक नेटिजन ने पूछा:प्रभास को यह भूमिका स्वीकार करने में कितना समय लगा? फिल्म की रश देखकर उनकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी? साथ ही, क्या आप उन्हें प्री-रिलीज़ इवेंट में ला रहे हैं? विष्णु मांचू ने जवाब दिया: उन्हें स्वीकार करने में कुछ सेकंड लगे उन्हें यह बेहद पसंद आया। बिना किसी फीस के अभिनय करने का प्रभास का इशारा सोने के दिल वाले व्यक्ति के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है, जो हमेशा अपने दोस्तों और सहकर्मियों के लिए मौजूद रहते हैं। फिल्म कन्नप्पा 25 अप्रैल को दुनिया भर में रिलीज़ होने वाली है।  

रवीना टंडन ने पेरिस फैशन वीक में बिखेरा जलवा

मुंबई,  बॉलीवुड की सदाबहार फैशनिस्टा रवीना टंडन ने पेरिस फैशन वीक में जलवा बिखेर दिया। रवीना ने अपनी शानदार स्टाइल और शान से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपने पहनावे के लिए मशहूर और एक सच्ची स्टाइल दिवा के रूप में मशहूर रवीना ने सोशल मीडिया पर कई शानदार तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें उन्होंने इस प्रतिष्ठित इवेंट में अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराई। लग्जरी ब्रांड डेलवॉक्स के साथ अपने सहयोग के तहत इस भव्य समारोह में शामिल हुईं रवीना ने ग्लैमर और परिष्कार का सहजता से मिश्रण किया। उनके पहनावे और आत्मविश्वास से भरे आभामंडल ने उन्हें एक सदाबहार फैशन आइकन के रूप में स्थापित किया। अपनी निरंतर विकसित होती शैली और सहज अनुग्रह के साथ, रवीना दुनिया भर के फैशन प्रेमियों को प्रेरित करती रहती हैं। चाहे ऑन-स्क्रीन हो या ऑफ-स्क्रीन, वह एक ट्रेंडसेटर बनी हुई हैं, यह साबित करते हुए कि फैशन की दुनिया में उनका आकर्षण और प्रभाव पहले की तरह ही मजबूत है। पेरिस फैशन वीक में उनकी उपस्थिति शानदार रही, जिसने बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश डीवाज़ में से एक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया।  

अमिताभ बच्चन ने फिल्म बी हैप्पी के लिये अभिषेक बच्चन की तारीफ की

मुंबई, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने बेटे अभिषेक बच्चन की आने वाली फिल्म बी हैप्पी के लिये तारीफ की। प्राइम वीडियो की ओरिजिनल फिल्म बी हैप्पी का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है, जिसने दर्शकों के दिल को छू लिया है। इस फिल्म की कहानी शिव (अभिषेक बच्चन) की है, जो एक सिंगल फादर है और अपनी बेटी धारा (इनायत वर्मा) के साथ ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव से जूझ रहा है। अब इस फिल्म की तारीफ करने वालो में अमिताभ बच्चन का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने अभिषेक की परफॉर्मेंस पर गर्व जताते हुए अपनी खुशी जाहिर की है। अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया लिखा, अभिषेक, एक पिता का गर्व, कितनी आसानी से एक किरदार से दूसरे किरदार में बदल जाते हो। बधाई हो बधाई, स्नेह। एक दूसरी पोस्ट में, अमिताभ बच्चन ने फिल्म की कहानी और अभिषेक की परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए लिखा, बेहद खूबसूरत कहानी… और अभिषेक, तुमने जिस तरह एक फिल्म से दूसरी फिल्म तक अपने किरदार को परिभाषित किया है, वो कमाल है। ढेर सारा आशीर्वाद और प्यार। बी हैप्पी को रेमो डिसूजा एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले लिजेल रेमो डिसूजा ने प्रोड्यूस किया है और इसे रेमो डिसूजा ने निर्देशित किया है। यह दिल छू लेने वाली डांस ड्रामा फिल्म है, जिसमें अभिषेक बच्चन के साथ नोरा फतेही, नासर, जॉनी लीवर और हरलीन सेठी जैसे दमदार कलाकार नज़र आएंगे। बी हैप्पी भारत समेत 240 से ज्यादा देशों और टेरिटरीज में 14 मार्च को प्राइम वीडियो पर एक्सक्लूसिव रिलीज़ होने जा रही है। फिल्म तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी डब होकर रिलीज होगी।  

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में खरीदी 2 बीघा जमीन, बनाएंगे ट्रस्ट

मुंबई बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन न केवल फिल्मों में अपने शानदार अभिनय के लिए फेमस हैं, बल्कि वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए भी जाने जाते हैं। कई बड़े सितारे अपनी संपत्ति और निवेश के कारण चर्चित रहते हैं, और अमिताभ बच्चन भी इस सूची में शामिल हैं। वह न केवल भारत के विभिन्न राज्यों में निवेश कर चुके हैं, बल्कि उन्होंने अब एक नया कदम उठाया है, जिससे उनका अयोध्या से गहरा संबंध जुड़ने जा रहा है। अयोध्या, जो प्रभु राम की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है, अब और भी खास बन गई है। अमिताभ बच्चन ने अयोध्या के तिहुरा माझा में स्थित 2 बीघा ज़मीन को अभिनंदन लोढ़ा ग्रुप से खरीदी है। यह ज़मीन लगभग 86 लाख रुपये की बताई जा रही है। यह खरीददारी उनकी सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा है, क्योंकि वे इस ज़मीन का उपयोग अपने पिता, महान कवि हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में बनाए जा रहे ट्रस्ट के लिए करेंगे। ट्रस्ट के निर्माण की योजना अमिताभ बच्चन ने इस ज़मीन को अपने पिता की स्मृति में समर्पित करने का निर्णय लिया है। वे इस ज़मीन का इस्तेमाल एक ट्रस्ट के निर्माण के लिए करेंगे, जो उनके पिता के योगदान और उनके साहित्यिक कार्यों को सहेजेगा। हालांकि, ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट अब तक लॉन्च नहीं की गई है, जिससे इसके बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है। अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन साहित्य और कविता के क्षेत्र में एक महान व्यक्तित्व थे। उनकी कविताएं और लेखन आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं और उनके योगदान को श्रद्धांजलि देने के लिए यह ट्रस्ट स्थापित किया जा रहा है।

930 रुपए किलो का गुग्गल 1700 रूपये में खरीदने के मामले की नहीं हो पा रही है जांच

The case of buying guggal worth 930 rupees per kg for 1700 rupees is not being investigated भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभास ठाकुर के निर्देश एमएफपी पार्क बरखेड़ा पठानी में बेअसर साबित हो रहें है। इसका सबसे बड़ा उदाहरणएमएफपी पार्क में हुई रॉ मटेरियल खरीदी में गड़बड़झाला की जांच एक साल से एमडी ठाकुर जांच नहीं करवा पा रहें हैं। इस बीच खबर है कि पार्क की सीईओ गीतांजलि गुग्गल खरीदी में विवादों की सुर्खियों में रहीं प्रभारी सुनीता अहिरवार को पुनः प्रबंधक बनने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक विभाष ठाकुर ने 31 जनवरी 25 को एमएफपी पार्क की सीईओ गीतांजलि को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि गुग्गल की खरीदी 930 रूपये की जगह 1700 रुपए की दर से खरीदने की जांच सात दिन में बिंदुवार प्रतिवेदन दें। 1 महीने से अधिक का समय बीत गया है पर पार्क की सीईओ ने एमडी के पत्र पर जांच शुरू नहीं की। दिलचस्प पहलु यह है कि गुग्गल खरीदी की जांच को लेकर फेडरेशन के एमडी ठाकुर ने पूर्व के सीईओ को भी दो से अधिक पत्र लिख चुके हैं पर एमएफपी पार्क में उनके पत्रों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एमडी ने पिछले दिनों पर के दोनों डॉक्टरों को कारण बताओं नोटिस जारी किया था। इनमें से किसी ने भी अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। इसके पहले लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने भंडारण की जांच के लिए एसीएफ मणि शंकर मिश्र को 7 दिन में जांच का रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे किंतु अभी तक जांच शुरू नहीं हुई। चिंताजनक पहलू यह है कि एसीएफ मिश्रा जांच के भंडारण से संबंधित दस्तावेज मांगने के लिए एमडी ठाकुर से लगातार चिट्ठीयां लिखना शुरू किया तो उन्हें ही वहां से हटा दिया गया। क्या है मामलाएमएसपी पार्क की तत्कालीन प्रबंधक अहिरवार ने गूग्गल सहित प्रष्टपर्णी, काली मिर्च, हींग, पुनर्नवा आदि रॉ मैटेरियल की खरीदी के लिए टेंडर किया था। टेंडर में गुग्गल के लिए हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार का रेट 930 रूपये प्रति किलोग्राम था। एसपी पार्क के कर्ताधर्ता ने हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार से खरीदी न करके आर्यन फार्मेसी से ₹1700 की कीमत पर 4000 किलो खरीदी की। हर्बल ऑटोमेशन हरिद्वार फर्म से न तो वर्क आर्डर दिया गया और न किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। आर्यन से खरीदी से संघ को 30 लाख 80000 रुपए का अधिक भुगतान करना पड़ा है। प्रभारी एसडीओ एवं उत्पादन प्रबंधक ⁠सुनीता अहीरवार के कार्यकाल में 6 करोड़ों की govt सप्लाई में 3 करोड़ से अधिक की रॉ -मटेरियल ख़रीदी के भुगतान किये गये है, जिसमें 2 करोड़ के बिल तो आर्यन फ़ार्मेसी के थे। इसके अलावा 30-35 लाख के मरम्मत के भुगतान किये जा चुके है।

गोविंदा सेक्रेटरी शशि प्रभु के अंतिम संस्कार में फूट-फूटकर रोए

मुंबई लंबे समय से बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर गोविंदा के सेक्रेटरी रहे शशि प्रभु ने 6 मार्च, 2025 को दुनिया को अलविदा कह दिया है. शशि प्रभु के निधन से एक्टर बुरी तरह टूट गए. इस खबर के मिलते ही एक्टर तुरंत प्रभु के घर पहुंचे हैं. रात 10 बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया है. उनके निधन के बाद गोविंदा के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. इस वायरल वीडियो में गोविंदा अपने आंसू पोछते और काफी इमोशनल होते हुए नजर आ रहे हैं. अपने खास दोस्त को अंतिम विदाई देते समय एक्टर फूट-फूटकर रोने लगे. उनके इस गहरे दुख को देखकर वहां मौजूद सभी लोग भी इमोशनल हो गए. शशि प्रभु  के निधन की खबर दोपहर में गोविंदा को मिली, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए उनके परिवार से मिलने का फैसला किया. अंतिम संस्कार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अंतिम संस्कार में फूट-फूटकर रोए गोविंदा अंतिम संस्कार के वीडियो में गोविंदा बेहद दुखी दिखाई दे रहे हैं. वे एक महिला रिश्तेदार को ढांढस बंधाते भी नजर आए, जिससे साफ दिखता है कि वो प्रभु के परिवार को अपना मानते थे. गोविंदा और शशि प्रभु का रिश्ता सिर्फ प्रोफेशनल ही नहीं, बल्कि पारिवारिक भी था. प्रभु न सिर्फ उनके सेक्रेटरी थे, बल्कि उनके संघर्ष के दिनों से ही एक मजबूत सहारा बने रहे. दोनों के बीच सालों से थी दोस्ती बता दें कि गोविंदा और शशि प्रभु  की दोस्ती सालों तक बनी रही. दोनों के बीच अटूट संबंध फिल्म इंडस्ट्री में एक मिसाल माना जाता है. गोविंदा के दूसरे सेक्रेटरी शशि सिन्हा ने उनके रिश्ते पर बात करते हुए कहा, ‘शशि प्रभु और गोविंदा का रिश्ता शुरू से ही बहुत गहरा था. उन्होंने कई सालों तक गोविंदा के लिए काम किया. मैं उनके साथ बाद में जुड़ा. मैंने देखा कि उनके संघर्ष के दिनों में प्रभु भाई की तरह उनके साथ खड़े रहे. गोविंदा उन्हें भाई की तरह प्यार करते थे और आज भी उनका वही सम्मान है’.

किसी की सोच बदलने की जिमेदारी हमारी नहीं, अपनी लाइफ को स्वयं के अनुसार जीना आना चाहिए: विद्या बालन

कॅरियर की शुरुआत से अब तक मैंने खुद में कभी भी ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। मैं जैसी हूं, वैसी ही रहूंगी। फिल्म अभिनेत्री विद्या बालन ने फिक्की लो में महिलाओं से रूबरू होते हुए यह बात कही। विद्या बालन ने  इंदौर में फिक्की लो की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस(Womens Day) के उपलक्ष्य में हुए कार्यक्रम में शिरकत की। कहा, किसी की सोच बदलने की जिमेदारी हमारी नहीं है। अपनी लाइफ को स्वयं के अनुसार जीना आना चाहिए। जब तक महिलाओं को देखने और समझने की सोच नहीं बदलेगी, तब तक महिलाओं का शोषण होता रहेगा। अब हर किसी की सोच को हम बदल दें, यह जरूरी भी नहीं है। इसलिए हम वही करें, जो हम करना चाहते हैं। मन की इच्छा दबाने की बजाय उसे निखारने की तरफ ध्यान दें।

तमन्ना के साथ ब्रेकअप की अफवाहों के बीच, विजय को लेकर पार्टनर्स का पोस्ट किया शेयर

मुंबई विजय वर्मा और तमन्ना भाटिया बी-टाउन के सबसे पसंदीदा कपल्स में से एक हैं। जब से दोनों ने अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया, तभी से लोग उनकी केमिस्ट्री को पसंद कर रहे हैं। फैंस उन्हें शादी के बंधन में बंधते हुए भी देखना चाहते थे, लेकिन यह ख्वाब पूरा होने से पहले ही रिश्ता टूटने की खबर सुर्खियों में आ गई। जी हां, फिल्मी गलियारों में ऐसी चर्चा हो रही है कि विजय वर्मा और तमन्ना भाटिया ने अपने रास्ते जुदा कर लिए हैं। दोनों के एक हफ्ते पहले ही ब्रेकअप करने की खबर आ रही है। हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच विजय ने पहला पोस्ट जारी किया है। तमन्ना के साथ ब्रेकअप की अफवाहों के बीच विजय वर्मा ने सोशल मीडिया पर पहला पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में वह पार्टनर्स के बारे में बात करते हुए नजर आए। दरअसल, विजय वर्मा IIFA 2025 को होस्ट करने वाले हैं। अभिनेता ने बैकस्टेज और को-स्टार्स के साथ तस्वीरें शेयर की हैं। पहली फोटो में वह बैकस्टेज पर हैं, जबकि दूसरी फोटो में उन्हें होस्ट मोड पर देखा जा सकता है। एक तस्वीर में विजय स्त्री एक्टर्स अभिषेक बनर्जी और अपारशक्ति खुराना साथ पोज देते हुए नजर आ रहे हैं। इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, “पार्टनर्स इन राइम (तुकबंदी में पार्टनर्स)।” वह आईफा की शूटिंग के लिए जयपुर भी पहुंच गए हैं, जहां अवॉर्ड फंक्शन होस्ट होने वाला है। क्यों अलग हुए विजय और तमन्ना? तमन्ना और विजय वर्मा पिछले 2 साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। 2023 के न्यू ईयर के समय उनकी किस फोटो वायरल हुई थी जिसके बाद उनके अफेयर की खबर लगी थी। बाद में कपल ने खुद इसे ऑफिशियल किया था। तभी से दोनों अपनी डेटिंग के चलते लाइमलाइट में थे। हालांकि, दो साल की डेटिंग के बाद दोनों के अलग होने की खबर वायरल हो रही है। विजय और तमन्ना ने खुद आकर न ही अपने ब्रेकअप की पुष्टि की है और ना ही इसे खारिज किया है, लेकिन ऐसी खबर चल रही है कि दोनों ने ब्रेकअप शादी को लेकर किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तमन्ना को विजय से शादी करनी थी, जबकि अभिनेता अभी करियर पर ध्यान देना चाहते थे। इसी वजह से दोनों ने अपनी राहें जुदा कर ली हैं। हालांकि, दैनिक जागरण इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Ranya Rao Gold Smuggling: सोने की तस्करी के लिए Dubai से तस्करों का क्या है खास कनेक्शन

बेंगलुरु कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव रंगे हाथों गोल्ड स्मगलिंग केस में पकड़ी गईं. इस वाकये के बाद सोने की तस्करी का मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दुनियाभर के एयरपोर्ट पर इतनी सघन चेकिंग की जाती है तो फिर रन्या राव दुबई से 12.86 करोड़ रुपए का 14 किलो सोना लेकर कैसे आ गई. डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि एक्ट्रेस रन्या राव गोल्ड स्मगलिंग के लिए अलग-अलग ट्रिक इस्तेमाल करती थी. पिछले एक साल में कन्नड़ एक्ट्रेस ने करीब 30 बार दुबई की यात्रा की. अनुमान है कि अपनी ट्रिक्स की बदौलत ही रन्या राव हर बार दुबई से कई किलो सोना लेकर आई और हर बार रन्या राव को 1 लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से पेमेंट किया गया. ये ट्रिक्स अपनाती थी रन्या राव > पैरों में गोल्ड छिपाना: कन्नड़ एक्ट्रेस रन्या राव को पता था कि वह अपने बॉडी पार्ट जैसे पैरों या कोई अंदरूनी अंग में आराम से सोने की सिल्ली या छड़ छुपाकर ला सकती है और महिला होने के नाते उसकी गहन जांच होने की संभावना भी कम होगी. जानकारी के मुताबिक रन्या राव अपने पैरों (थाई) और कमर पर टेप लगाकर सोने की छड़ों को छिपा लेती थी. > स्पेशल कपड़े: गोल्ड स्मगलिंग करने के लिए रन्या राव ने बकायदा स्पेशल कपड़े डिजाइन करा रखे थे. एक्ट्रेस ने कई ऐसी जैकेट्स बनवाई थीं, जिसकी मदद से वह आराम से गोल्ड स्मगलिंग कर लेती थी. ये जैकेट्स पूरी तरह से मॉडिफाइड होती थीं. इसके अलावा कन्नड़ एक्ट्रेस रिस्ट बेल्ट का भी इस्तेमाल करती थी. हाथ में इस बेल्ट को बांधकर रन्या राव इसके अंदर भी गोल्ड छुपाकर लाती थी. > जांचकर्मियों संग मिलीभगत: तस्करी करते वक्त पकड़ी न जाए इसलिए रन्या राव ने एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी सेटिंग कर रखी थी. जांच में सामने आया है कि बेंगलुरु एयरपोर्ट पर तैनात कांस्टेबल बसवराज ने रन्या की मदद की थी. जब अधिकारियों ने एक्ट्रेस की जांच करनी चाही तो बसवराज ने उन्हें रोकते हुए कहा कि,’तुम्हें पता है ये कौन हैं? ये डीजीपी रामचंद्र राव की बेटी.’ रन्या राव का कैसे हुआ पर्दाफाश? एक्ट्रेस रन्या राव 3 मार्च को दुबई से बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची थी. रन्या ने 15 दिनों के भीतर दुबई की चार ट्रिप की, जिससे संदेह पैदा हुआ. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उनकी मदद के लिए पहले से ही बसवराजू नाम का एक पुलिस कांस्टेबल तैयार था. उसी की मदद से एक्ट्रेस ने सिक्योरिटी चेक से बच निकलने की कोशिश की, लेकिन DRI की टीम उस पर पहले से ही नजर बनाए हुई थी. DRI ने रन्या को सोने की खेप के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. जांच के दौरान अधिकारियों ने उसके जैकेट में छिपा विदेशी मूल का 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 12.56 करोड़ रुपये है.  

ग्वालियर किला निजी हाथों में सौंपने शहरवासियों ने किया विरोध, बोले- दिल्ली तक जाएंगे

gwalior city residents protested against handing over gwalior fort to private hands Gwalior Fort Update: ग्वालियर के ऐतिहासिक किले को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी से शहरवासी आक्रोश में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि ग्वालियर किला (Gwalior Fort) हमारी विरासत है, इससे छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। शहरवासियों का कहना है कि ग्वालियर किले पर बने ऐतिहासिक स्मारक हमारी पहचान हैं और किले के निजीकरण के बाद यहां मनमाने ढंग से वसूली प्रारंभ हो जाएगी। इसके विरोध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शुक्रवार को कलेक्टर और राज्य पुरातत्व विभाग को ज्ञापन देकर चेताएगी। बता दें, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पर्यटन-संस्कृति विभाग ने इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) के साथ ग्वालियर किले के लिए एमओयू किया है। वहीं इंडिगो ग्रुप के 100 लोगों की टीम शुक्रवार 7 मार्च की शाम 4 बजे ग्वालियर फोर्ट पहुंच रही है। टिकट काफी महंगे हो जाएंगेग्वालियर किले पर जो स्मारक पूर्ण रूप से संरक्षित हैं और उनसे आमदनी भी हो रही है, ऐसे स्मारकों को निजी हाथ में देना ठीक नहीं रहेगा। क्योंकि उनके टिकट काफी बढ़ जाएंगे। ऐसे में आम आदमी स्मारकों को देखने से वंचित रह जाएगा और पुरातत्व महत्व भी समाप्त हो जाएगा।–लाल बहादुर सिंह, पूर्व क्यूरेटर (संग्रहाध्यक्ष) गूजरी महल संग्रहालयराष्ट्रपति भवन तक जाएंगे हम इस मुद्दे पर पूरी लड़ाई लड़ेंगे, किसी भी हालत में किले का निजीकरण नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तक क्यों ना जाना पड़े। हम हर स्तर पर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। साथ ही दूसरे समाजों को भी इससे जोड़ेंगे। इससे पूर्व भी हमने यहां निजी होटल के निर्माण को नहीं होने दिया था।–पूरन सिंह राणा, एडवोकेट, सचिव, जाट समाज कल्याण परिषद ग्वालियरनिजीकरण बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे ग्वालियर का किला न सिर्फ शहर बल्कि प्रदेश-देश के लिए भी पुरातत्व धरोहर है। इसका निजीकरण किया जाना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगा। पता नहीं इस ऐतिहासिक विरासत को पूंजीपतियों के हवाले क्यों किया जा रहा है। जो लोग इस काम को करवा रहे हैं, उन्हें गरिमा का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है। हम शुक्रवार को इसके लिए ज्ञापन भी देंगे।–सुनील शर्मा, कांग्रेस प्रदेश महासचिवकम हो जाएगी पर्यटकों की संख्या ग्वालियर किला हमारे ग्वालियर नहीं अपितु पूरे देश में प्रसिद्ध है, यहां हर कोई आना पसंद करता है। निजी हाथों में जाने के बाद यहां जाने के लिए अतिरिक्त पैसा देना पड़ेगा। वहीं राज्य पुरातत्व विभाग और केंद्रीय पुरातत्व विभाग इस किले का संरक्षण और देखभाल कर तो रहे हैं। निजीकरण से निश्चित तौर पर पर्यटकों की संख्या कम ही होगी।–ज्योति अग्रवाल, संस्थापक अध्यक्ष, अग्रकुल महिला समितिनिजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए ग्वालियर किला हमारी ऐतिहासिक धरोहर है, इसका निजीकरण बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। इसे संरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि निजी कंपनियों को सौंपना। इससे आम जनता की पहुंच और सांस्कृतिक महत्व प्रभावित हो सकता है। किले का संरक्षण सरकार खुद करे, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रहे।–श्वेता बिंदल, चेयरपर्सन, जेसीआई ग्वालियरनिर्णय वापस लिया जाए ग्वालियर किला हमारे शहर की शान है। जो भी ऐतिहासिक धरोहर होती हैं उनकी देखभाल व संरक्षण करना सरकार का नैतिक कर्तव्य है। निजीकरण करना कोई विकल्प नहीं है, इसलिए अनुरोध है कि निजी कंपनी को किले को देने का निर्णय वापस लिया जाए। किले का जो पुराना इतिहास है उसको यथावत रखा जाए, क्योंकि यही हमारी पहचान भी है।-जुबैर रहमान, संस्थापक अध्यक्ष, लॉयंस क्लब दिशा

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश

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