LATEST NEWS

रिपोर्ट में कोयंबटूर और गुड़गांव भारत के उभरते नौकरी बाज़ार की वादा की गई भूमि के रूप में उभर रहे

नई दिल्ली भारत में अब मेट्रो शहरों तक सीमित करियर के अवसर जल्द ही अतीत की बात हो सकते हैं। एक नई आर्थिक लहर के तहत जयपुर और कोयंबटूर जैसे टियर-2 शहर अब संपन्न व्यापारिक केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। जैसा कि टीमलीज़ रिपोर्ट से पता चलता है, कोयंबटूर और गुड़गांव भारत के उभरते नौकरी बाज़ार की “वादा की गई भूमि” के रूप में उभर रहे हैं। टीमलीज़ एक प्रमुख भारतीय भर्ती और मानव संसाधन कंपनी की हालिया रिपोर्ट के अनुसार ये शहर अपनी प्रचुर क्षमता, कम परिचालन लागत और ताज़ी प्रतिभा पूल की वजह से कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं। इन शहरों में बेहतर बुनियादी ढांचा और विस्तारित कार्यबल के कारण, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, और कृषि जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। क्यों बढ़ रहे हैं टियर-2 शहर? जयपुर, कोयंबटूर और गुड़गांव जैसे शहर अब रोजगार सृजन के नए केंद्र बनते जा रहे हैं जो छात्रों और पेशेवरों के लिए मेट्रो शहरों की भीड़-भाड़ और समस्याओं का एक अच्छा विकल्प बन रहे हैं। टीमलीज़ की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद जैसे पारंपरिक मेट्रो शहरों ने आज भी अपनी प्रमुखता नहीं खोई है। बेंगलुरु 53.1% के साथ सबसे आगे है इसके बाद मुंबई (50.2%) और हैदराबाद (48.2%) हैं। हालांकि छोटे शहरों में भी तेजी से रोजगार की संभावना बढ़ रही है। कोयंबटूर में 24.6%, गुड़गांव में 22.6% और जयपुर में 20.3% नौकरी वृद्धि देखी जा रही है। लखनऊ और नागपुर जैसे शहरों में भी रोजगार वृद्धि 18.5% और 16.7% है। कोयंबटूर और गुड़गांव: क्यों बन रहे हैं रोजगार केंद्र? कोयंबटूर और गुड़गांव जैसे शहर अब नए रोजगार केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। ये शहर अपनी कम परिचालन लागत, कुशल श्रमिकों और सहायक बुनियादी ढांचे के कारण कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं। मेट्रो शहरों में बढ़ती लागत और संतृप्तता के कारण अब व्यवसाय इन शहरों में निवेश करना पसंद कर रहे हैं। इन शहरों में कई शैक्षणिक संस्थान और प्रशिक्षण केंद्र हैं जो कंपनियों को एक तैयार और योग्य कार्यबल प्रदान कर रहे हैं। इसके कारण कोयंबटूर और गुड़गांव में खासतौर पर आईटी, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में रोजगार का विस्तार हो रहा है। कम लागत पर बढ़ते अवसर कोयंबटूर और गुड़गांव में कम रियल एस्टेट लागत, सस्ती उपयोगिताएँ और कम श्रम खर्च की वजह से कंपनियों का ध्यान इन शहरों की ओर बढ़ा है। इससे उन व्यवसायों को भी फायदा हो रहा है जो ओवरहेड खर्चों को कम करने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश में थे। आईटी और गैर-आईटी उद्योगों के लिए आदर्श इन टियर-2 शहरों की अपील केवल आईटी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। कोयंबटूर और गुड़गांव जैसे शहरों में आईटी के साथ-साथ विनिर्माण, वित्त, और अन्य उद्योगों के लिए भी आदर्श अवसर हैं। कम लागत और कुशल श्रम की उपलब्धता इन शहरों को विविध उद्योगों के लिए आकर्षक बना रही है। मेट्रो शहरों की चुनौतियां हालांकि बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद जैसे मेट्रो शहरों की प्रमुखता कायम है लेकिन इन्हें भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन शहरों में बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण की वजह से बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा इन शहरों में कुछ विशेष क्षेत्रों में कौशल अंतराल भी देखने को मिल रहा है जो कंपनियों के लिए चुनौती बन रही है। भारत में रोजगार केंद्र अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं हैं। छोटे और उभरते शहर जैसे कोयंबटूर, गुड़गांव, जयपुर, लखनऊ और नागपुर तेजी से रोजगार सृजन के नए केंद्र बन रहे हैं। ये शहर कंपनियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, कम लागत और कुशल श्रमिकों के साथ आदर्श विकल्प बन रहे हैं। यही कारण है कि इन शहरों में रोजगार की वृद्धि हो रही है जो भविष्य में देश के समग्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कैलेंडर वर्ष 2024 में QIP जुटाई गई रकम ने 1 ट्रिलियन का आंकड़ा पार, तोड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली कैलेंडर वर्ष 2024 (CY24) में योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) के जरिए जुटाई गई राशि ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस साल अब तक 80 कंपनियों ने कुल 1.13 ट्रिलियन रुपये जुटाए हैं जोकि CY23 की तुलना में तीन गुना (3x) अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 35 कंपनियों ने 38,220 करोड़ रुपये जुटाए थे। इससे पहले CY20 में QIP के जरिए सबसे अधिक राशि जुटाई गई थी जब 25 कंपनियों ने 80,816 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। QIP से जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की संभावना यदि गोदरेज प्रॉपर्टीज़ और KEI इंडस्ट्रीज के मौजूदा QIP इश्यूज़ पर विचार किया जाए जिनकी कुल राशि 8,000 करोड़ रुपये है तो CY24 में QIP के जरिए जुटाई गई कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच सकती है। इस साल ज्यादातर कंपनियां QIP के जरिए जुटाए गए फंड का उपयोग अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने, पुनर्भुगतान (debt repayment), पूंजीगत खर्च (capital expenditure) और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करने की योजना बना रही हैं। बाजार विशेषज्ञों की राय स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि 2024 का साल द्वितीयक बाजारों के लिए अच्छा रहा है और इसके साथ ही कंपनियों ने अपनी बैलेंस-शीट को मजबूत करने के लिए QIP का सही इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि प्रमोटर्स ने द्वितीयक बाजारों में उछाल का फायदा उठाया और भविष्य के विकास के लिए धन जुटाया। QIP में बड़े इश्यू ज़ोमैटो का 8,500 करोड़ रुपये का QIP इस साल का एक बड़ा इश्यू रहा है। ज़ोमैटो ने इस रकम का उपयोग डार्क स्टोर और गोदामों के निर्माण और संचालन के लिए करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, ब्रांडिंग, विज्ञापन और प्रौद्योगिकी के बुनियादी ढांचे में निवेश की योजना भी है। अन्य प्रमुख कंपनियां : गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 6,000 करोड़ रुपये का QIP लॉन्च किया है, जिसे भूमि अधिग्रहण और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। : अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने अगस्त 2024 में QIP के जरिए 8,373 करोड़ रुपये जुटाए, जो कि भारतीय बिजली क्षेत्र में सबसे बड़ा फंडरेज़ है। : अदाणी एंटरप्राइजेज ने भी अक्टूबर में 4,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं। : वेदांता और मदरसन इंटरनेशनल जैसी कंपनियों ने भी इस साल QIP के जरिए बड़े फंड जुटाए हैं। साल 2024 में QIP के इश्यू में बड़ा योगदान 2024 के जुलाई से अब तक 42 कंपनियों ने 72,293 करोड़ रुपये जुटाए हैं जो QIP से जुटाई गई कुल राशि का 69 प्रतिशत है। इस अवधि में बीएसई सेंसेक्स लगभग 79,000 के स्तर पर स्थिर रहा। 2025 में QIP के जरिए और धन जुटाने की संभावना इक्विनॉमिक्स रिसर्च के प्रमुख जी चोकालिंगम का कहना है कि 2025 में धन जुटाने के लिए QIP मार्ग की लोकप्रियता बढ़ेगी खासकर यदि द्वितीयक बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है। वहीं मनीष गोयल (इक्वेंटिस वेल्थ एडवाइजरी) का कहना है कि स्ट्रॉन्ग मार्केट और रिकॉर्ड फंड फ्लो को देखते हुए अगले कुछ महीनों में करीब 1.5 ट्रिलियन रुपये और जुटाए जाने की संभावना है। बता दें कि 2024 में QIP के माध्यम से कंपनियों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। यह वर्ष कंपनियों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हुआ है क्योंकि उन्होंने बाज़ार के उछाल का फायदा उठाते हुए अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत किया और भविष्य के लिए धन जुटाया।

अजमेर दरगाह मामले में नजीब जंग समेत पूर्व नौकरशाहों ने PM मोदी को लिखा पत्र, पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की

नई दिल्ली राजस्थान में एक स्थानीय अदालत की ओर से अजमेर शरीफ दरगाह के सर्वे का आदेश देने के कुछ दिनों बाद पूर्व नौकरशाहों और राजनयिकों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. पत्र में पीएम मोदी से उन सभी ‘अवैध और हानिकारक’ गतिविधियों को रोकने लगाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की गई है, जो भारत की सभ्यतागत विरासत पर ‘वैचारिक हमला’ हैं और एक समावेशी देश के विचार को विकृत करती हैं. पूर्व नौकरशाहों और राजनयिकों के ग्रुप ने दावा किया कि सिर्फ प्रधानमंत्री ‘सभी अवैध, हानिकारक गतिविधियों’ को रोक सकते हैं. उन्होंने पीएम मोदी को याद दिलाया कि उन्होंने खुद 12वीं शताब्दी के संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के वार्षिक उर्स के अवसर पर शांति और सद्भाव के उनके संदेश को सम्मान देते हुए ‘चादर’ भेजी थी. समूह में दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, ब्रिटेन में भारत के पूर्व उच्चायुक्त शिव मुखर्जी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, सेना के पूर्व उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जमीरुद्दीन शाह और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व डिप्टी गवर्नर रवि वीरा गुप्ता शामिल हैं. उन्होंने 29 नवंबर को प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि कुछ अज्ञात समूह हिंदू हितों का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे हैं और यह साबित करने के लिए मध्ययुगीन मस्जिदों तथा दरगाहों के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग कर रहे हैं कि इन स्थलों पर पहले मंदिर हुआ करते थे. समूह ने कहा कि पूजा स्थल अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद अदालतें भी ऐसी मांगों पर अनुचित तत्परता और जल्दबाजी के साथ प्रतिक्रिया देती नजर आती हैं. समूह ने कहा, ‘उदाहरण के लिए, एक स्थानीय अदालत का सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की 12वीं सदी की दरगाह के सर्वेक्षण का आदेश देना अकल्पनीय लगता है, जो एशिया में न केवल मुसलमानों के लिए, बल्कि उन सभी भारतीयों के लिए सबसे पवित्र सूफी स्थलों में से एक है, जिन्हें हमारी समन्वयवादी और बहुलवादी परंपराओं पर गर्व है.’ उसने कहा, ‘यह विचार ही हास्यास्पद है कि एक भिक्षुक संत, एक फकीर, जो भारतीय उपमहाद्वीप के अद्वितीय सूफी-भक्ति आंदोलन का एक अभिन्न अंग था और करुणा, सहिष्णुता और सद्भाव का प्रतीक था, अपने अधिकार का दावा करने के लिए किसी भी मंदिर को नष्ट कर सकता था.’ हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता द्वारा यह दावा करने के बाद कि दरगाह मूल रूप से एक शिव मंदिर थी, अजमेर की एक सिविल अदालत ने 27 नवंबर को अजमेर दरगाह समिति, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को नोटिस जारी किया था.

रूस ने साल 2025 के सैन्य खर्चो को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया गया, सैन्य-केंद्रित बजट को दी मंजूरी

कीव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रिकार्ड 145 अरब डालर के रक्षा बजट को मंजूरी दी है। रूस ने साल 2025 के सैन्य खर्चो को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया गया है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान रूस का ये कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूक्रेन के साथ जारी युद्ध में रूस जीत हासिल करना चाहता है। रक्षा क्षेत्र में रूस का रिकॉर्ड बजट रविवार को एक सरकारी वेबसाइट के अनुसार रूस के राष्ट्रीय बजट का 32.5 प्रतिशत राष्ट्रीय रक्षा के लिए आवंटित किया गया है, जो 13.5 ट्रिलियन रूबल (145 अरब से अधिक) है, जो इस वर्ष 28.3 प्रतिशत से अधिक रहा। रूसी संसद के दोनों सदनों, स्टेट ड्यूमा और फेडरेशन काउंसिल के सांसदों ने पहले ही इसे मंजूरी दे दी थी। रूस और यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा संघर्ष है और इसने दोनों पक्षों के संसाधनों को लगभग खत्म कर दिया है। बता दें कि रूसी सरकार ने माना है कि यूक्रेन में मॉस्को द्वारा चलाए जा रहे विशेष सैन्य अभियान और सेना को समर्थन की ज़रूरतें सामाजिक ज़रूरतों और तकनीकी विकास के साथ-साथ बजट की प्राथमिकता बनी रहेंगी। सरकार ने मसौदा बजट को संतुलित के रूप में पेश किया है, जिसमें इस साल के अनुमानित घाटे 1.7% के मुकाबले घाटा 0.5% तक गिर गया है और अगले तीन वर्षों के लिए राज्य का ऋण 20% के निशान से नीचे बना हुआ है। यूक्रेन को मिल रही पश्चिमी सहयोगियों से मदद वहीं, कीव को पश्चिमी सहयोगियों से अरबों डालर की मदद मिल रही है, लेकिन रूस की सेनाएं बड़ी हैं। साथ ही काफी उन्नत हथियारों से सुसज्जित हैं। यह भी देखा गया है कि जब से डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष समाप्त कराने की बात कही है तब से लगातार रूसी सेना पूर्वी क्षेत्रों में यूक्रेनी सैनिकों को पीछे धकेल रही है। इस बीच, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। साथ ही उन्होंने यूक्रेन के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की।

सैयद शुजा नाम के शख्स ने दावा किया था कि ईवीएम की फ्रीक्वेंसी से छेड़छाड़ कर उसे हैक किया जा सकता है, बुरा फसा

नई दिल्ली मतदान में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हैक करने का दावा कर रहे शख्स पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सैयद शुजा नाम के शख्स ने दावा किया था कि ईवीएम की फ्रीक्वेंसी से छेड़छाड़ कर उसे हैक किया जा सकता है। निर्वाचन अधिकारियों ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी सैयद शुजा द्वारा किया गया दावा झूठा और निराधार है। अधिकारी ने बताया कि 30 नवंबर को दक्षिण मुंबई के साइबर थाने में बीएनएस और आईटी ऐक्ट के तहत ‘इस वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के खिलाफ’ प्राथमिकी दर्ज की गई। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक व्यक्ति को यह दावा करते सुना जा सकता है कि वह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ईवीएम की ‘फ्रीक्वेंसी’ से छेड़छाड़ कर उसे (ईवीएम को) हैक कर सकता है, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने यह कार्रवाई की। निर्वाचन आयोग ने 2019 में भी इसी तरह का दावा करने के लिए शुजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘झूठे दावों से जुड़ी इसी तरह की एक घटना में आयोग के निर्देश पर 2019 में दिल्ली में इसी व्यक्ति (शुजा) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो किसी अन्य देश में छिपा हुआ है।’ आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली और मुंबई पुलिस मामले की सक्रियता से जांच कर रही है तथा इस तरह की ‘दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों’ में संलिप्त ऐसे व्यक्तियों के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति की पहचान व गिरफ्तार करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। अधिकारी ने बताया कि इस तरह की हरकतें एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आयोग ने कहा है कि ईवीएम ऐसी मशीन है जिसे ‘वाई-फाई’ या ‘ब्लूटूथ’ सहित किसी भी नेटवर्क से नहीं जोड़ा जा सकता। इसने इस बात पर भी जोर दिया है कि ईवीएम के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। उच्चतम न्यायालय ने भी ईवीएम पर अपना भरोसा जताया है।

अमेरिका से कहा है कि वह ताइवान को तुरंत हथियार देने बंद करे, नहीं तो कड़े कदम उठाए जाएंगे, अमेरिका पर भड़क गया चीन

बीजिंग ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री को मंजूरी दिए जाने पर चीन ने कड़ा रुख जताया है। वन चाइना नीति का उल्लंघन मानते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और आतंकवादी उपायों की रक्षा के लिए मजबूत और दृढ़ जवाबी कदम उठाएगा। उसने अमेरिका से कहा है कि वह ताइवान को तुरंत हथियार देने बंद करे, नहीं तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। हाल ही में अमेरिकी रक्षा विभाग ने घोषणा की है कि विदेश विभाग की ओर से ताइवान को 385 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कीमत के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी गई है। इसके बाद चीनी विदेश मंत्रालय भड़क गया। ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री को अंतर्राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “चीन के ताइवान क्षेत्र को अमेरिकी हथियारों की बिक्री एक-चीन सिद्धांत और तीन चीन-अमेरिका संयुक्त कम्युनिक्यूज, विशेष रूप से 1982 की 17 अगस्त की कम्युनिक्यूज और चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों का गंभीर उल्लंघन है।” आगे कहा गया कि बिक्री अंतर्राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है, अलगाववादी ताकतों को एक गंभीर गलत संकेत भेजती है, और चीन-अमेरिका संबंधों और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के लिए हानिकारक है। ताइवान को हथियार बेचने का निर्णय अमेरिकी नेताओं की ताइवान स्वतंत्रता का समर्थन न करने की प्रतिबद्धता के साथ असंगत है। चीन इसकी निंदा करता है और इसका कड़ा विरोध करता है और अमेरिका के समक्ष गंभीर विरोध दर्ज कराया है। चीन ने अमेरिका से ताइवान को हथियार देना बंद करने के लिए कहा। चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हम अमेरिका से ताइवान को हथियार देना तुरंत बंद करने और अपनी सेना का निर्माण करके ताइवान स्वतंत्रता की मांग करने वाली ताइवान स्वतंत्रता अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा देना और समर्थन देना बंद करने का आह्वान करते हैं। चीन राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए मजबूत और दृढ़ प्रतिकारात्मक उपाय करेगा।” अमेरिका ने शुक्रवार को ताइवान को 385 मिलियन अमेरिकी डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी, जिससे द्वीप राष्ट्र के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत करने के उसके प्रयास जारी हैं। इस कदम ने चीन में चिंताएं बढ़ा दी हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) के अनुसार, इस बिक्री में लड़ाकू विमानों और रडार प्रणालियों के लिए स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं, जिसकी डिलीवरी 2025 से शुरू होने की उम्मीद है। चीन के बढ़ते दबाव के बीच ताइवान अमेरिका के साथ अपने सैन्य संबंधों को बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है, जिससे द्वीप के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं।

पत्रकार पर भीड़ ने धावा बोल दिया और उन पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेश को भारत का हिस्सा बनाना चाहती हैं

ढाका बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदुओं पर हिंसाएं हो रही हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार हिंदू पुजारियों पर भी कहर बरपा रही है। अल्पसंख्यकों को निशाने पर लेने के बीच अब बांग्लादेशी पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। पड़ोसी देश की वरिष्ठ पत्रकार मुन्नी साहा पर बीती रात भीड़ ने धावा बोल दिया और उन पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेश को भारत का हिस्सा बनाना चाहती हैं और इसके लिए वह सबकुछ कर रही हैं। बाद में पुलिस ने उन्हें भीड़ से बचाया और फिर हिरासत में भी ले लिया। बांग्लादेश की स्थानीय मीडिया के अनुसार, पत्रकार मुन्नी साहा एंटी रिजर्वेशन प्रोटेस्ट के दौरान हुए स्टूडेंट की मौत के मामले में वॉन्टेड हैं। इसी प्रोटेस्ट के चलते बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ गया था। पुलिस ने बताया कि मुन्नी साहा को ढाका के कावरान बाजार इलाके से बचाया गया। उन्हें भीड़ ने घेर रखा था। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी रेजाउल करीम मलिक ने ‘द डेली स्टार’ अखबार को बताया, “लोगों ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। उन्हें घबराहट का दौरा पड़ा। हमने उनकी स्वास्थ्य स्थिति और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें रिहा कर दिया कि वह एक महिला पत्रकार है।” साहा को अदालत से जमानत लेने और भविष्य में पुलिस के समन का पालन करने के लिए कहा गया है। अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन), कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने शनिवार को दावा किया कि बांग्लादेश में दो और हिंदू ब्रह्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। राधारमण ने कहा, ”मुझे जानकारी मिली है कि बांग्लादेश में पुलिस ने इस्कॉन के दो और ब्रह्मचारियों को गिरफ्तार किया है।” राधारमण ने शुक्रवार रात को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”इस बीच, बुरी खबर आई है: चिन्मय प्रभु के लिए प्रसाद लेकर गए दो ब्रह्मचारियों को मंदिर लौटते समय गिरफ्तार कर लिया गया, और चिन्मय प्रभु के सचिव भी लापता हैं। कृपया उनके लिए प्रार्थना करें।” इससे पहले, राधारमण ने पोस्ट किया था, ”एक और ब्रह्मचारी, श्री श्याम दास प्रभु को आज चटोग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।” राधारमण ने शनिवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”क्या वह आतंकवादी जैसा दिखते हैं? बांग्लादेश के इस्कॉन के निर्दोष ब्रह्मचारियों को रिहा किया जाए। इस्कॉन के ब्रह्मचारियों की गिरफ्तारी बेहद चौंकाने वाली और परेशान करने वाली है।”

संभल हादसे का जिक्र कर महबूबा बोलीं- हमारी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय हर मस्जिद में मंदिर ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं

श्रीनगर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रविवार को संभल हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह लोग हमारी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के बजाय हर मस्जिद में मंदिर ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। संभल हादसे का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा, “जिन लोगों का इस मामले से कोई लेना देना नहीं था, उन्हें भी अपनी जान गंवानी पड़ी। यह लोग किसी से बात नहीं करना चाहते हैं। जो कोई भी इनसे बात करने की कोशिश करता है, उसे सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है, जैसे उमर खालिद को जेल में डाल दिया गया। वो चार सालों जेल में है। आज कल कहीं पर जनता की बात नहीं सुनी जा रही है।” अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर भी महबूबा मुफ्ती ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम सभी धर्मों के लोग जाते हैं। अजमेर शरीफ भाई चारा और गंगा जमुनी तहजीब की निशानी है। अगर किसी को भारत में गंगा जमुनी तहजीब की निशानी देखनी है, तो उसे अजमेर शरीफ जाना चाहिए, वहां उसे भाईचारे का प्रतीक देखने को मिलेगा। आपको वहां पर देखने को मिलेगा कि कैसे हमारी हिंदू-बहनें और मां अपना सिर झुकाती हैं और मन्नते मानती हैं। वहां पर आपको हिंदू, मुस्लिम और सिख सभी धर्मों के लोग देखने को मिलेंगे। लेकिन, अब यह लोग इसके पीछे भी पड़ चुके हैं। यह दावा कर रहे हैं कि अब इसे भी खोदो। क्या पता यहां भी मंदिर निकल आए। उन्होंने कहा, “मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि यह सब कब तक चलेगा। अब लोग जाग चुके हैं।” महबूबा ने चुनावी प्रणाली पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात पर आशंका जाहिर की कि चुनाव के दौरान भी विसंगति बरती जाती है, ताकि राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में किया जा सके। जानबूझकर किसी एक प्रदेश को विपक्ष के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि सवाल ना उठाया जा सके। इलेक्शन कमीशन इसे लेकर कोई जवाब नहीं देता है। अगर छह बजे वोटिंग बंद हुई, मतदान अगर 58 फीसद था, तो तीन घंटे बाद वो 68 कैसे हो गया? और काउंटिंग से पहले वो 70 फीसद कैसे हो गया। मुझे लगता है कि लोगों को जागना पड़ेगा। इस बीच, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले का जिक्र कर कहा कि वहां हमारे हिंदू भाइयों के साथ ज्यादती हो रही है और यहां पर भी हम अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार कर रहे हैं, तो हममें और उनमें फर्क रहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि अगर हम भारत में अल्पसंख्यकों को परेशान करेंगे। उनकी मस्जिदों में जाकर मंदिर ढूंढेंगे तो ऐसी स्थिति में बांग्लादेश और हमारे बीच में क्या फर्क रह जाएगा। बांग्लादेश में भी तो लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके धार्मिक स्थलों पर हमला किया जा रहा है। बांग्लादेश में जिन लोगों ने हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें वहां जेल में दिया गया, ठीक उसी प्रकार से यहां पर भी जो लोग अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार के विरुद्ध बोलते हैं, उन्हें भी जेल में दिया जा रहा है।

कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी

नई दिल्ली भारत सरकार ने भीड़-भाड़ और अति-पर्यटन को नियंत्रित करने के लिए पूर्वोत्तर भारत के छह राज्यों में आठ कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। इसके लिए करीब 800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और त्रिपुरा में फैली हुई हैं। परियोजनाओं की मंजूरी और धनराशि इन परियोजनाओं को वित्तीय विभाग (डीओई) द्वारा मंजूरी दी गई है। विभाग ने पहली किस्त के तौर पर 66% धनराशि जारी की है जो संबंधित राज्यों को सीधे मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक पर्यटन मंत्रालय इन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करेगा। राज्यों को मार्च 2026 तक इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय दिया गया है। इन परियोजनाओं में कुछ प्रमुख स्थानों का नाम इस प्रकार है: – सिक्किम: नाथुला सीमा अनुभव (97.37 करोड़ रुपये) – त्रिपुरा: गोमती में 51 शक्ति पीठ पार्क (97.7 करोड़ रुपये) – मणिपुर: लोकटक झील का अनुभव (89.48 करोड़ रुपये) – मेघालय: शिलांग में उमियाम झील (99.27 करोड़ रुपये) – असम: गुवाहाटी में असम राज्य चिड़ियाघर (97.12 करोड़ रुपये) – अरुणाचल प्रदेश: पासीघाट में सियांग इको-रिट्रीट (46.48 करोड़ रुपये) केंद्रीय पर्यटन मंत्री की टिप्पणी केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ये परियोजनाएं भारत भर में पर्यटकों के संतुलित वितरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही हैं। इन परियोजनाओं का कुल खर्च करीब 3,295 करोड़ रुपये होगा और ये देश के 23 राज्यों में फैली हुई हैं। द्वितीयक और स्थायी पर्यटन विकास पर्यटन मंत्रालय ने इन परियोजनाओं के लिए विशेष एसएएससीआई (विशेष सहायता पूंजी निवेश) दिशानिर्देश जारी किए हैं जिससे राज्यों को स्थायी और प्रभावशाली पर्यटन स्थलों को विकसित करने का मार्गदर्शन मिलेगा। मंत्रालय का उद्देश्य कम-ज्ञात स्थलों को बढ़ावा देना है ताकि इन स्थानों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के माध्यम से इनकी पर्यटन संभावनाओं को बढ़ाया जा सके। नए निवेश और रोजगार के अवसर मंत्रालय ने राज्य सरकारों को सार्वजनिक-निजी निवेश के अवसर तलाशने के लिए भी प्रेरित किया है जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। भूमि संबंधित परियोजनाओं के लिए राज्य सरकारों द्वारा प्रदान की जाएगी। इस प्रकार इन परियोजनाओं से स्थानीय विकास, नौकरी के अवसर और सतत पर्यटन की दिशा में मदद मिलेगी। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की टिप्पणी अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हाल ही में आईटीएम (इंटरनेशनल टूरिज़म मार्ट) में कहा कि राज्य में पिछले दशक में पर्यटकों की संख्या में 205% की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने बताया कि तिब्बत की सीमा से लगे गांवों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है और इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सेना मिलकर काम कर रही है।

सरकार ने वीजा नियमों में किया बड़ा बदलाव- सऊदी सरकार ने वीजा नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए

दुबई सऊदी सरकार ने वीजा नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनका असर खासकर उन लोगों पर पड़ेगा जो दुबई में अपने परिवार या दोस्तों के साथ रुकने की योजना बनाते हैं। नए नियम 8 दिसंबर से लागू होंगे और क्रिसमस व नए साल के मौके पर दुबई की यात्रा करने वाले हजारों भारतीयों को प्रभावित करेंगे। इन नियमों के चलतेअब भारतीयों के लिए दुबई की यात्रा करना  आसान नहीं रहेगा।  यह नियम 8 दिसंबर से 14 जनवरी तक लागू रहेगा, जब दुबई में शॉपिंग फेस्टिवल और छुट्टियों का मौसम होता है।   पर्यटकों की बढ़ेंगी मुश्किलें और खर्च इन नियमों के कारण जो यात्री अपने परिचितों या दोस्तों के घर पर रुकना चाहते हैं लेकिन जरूरी दस्तावेज नहीं जुटा पाते, उन्हें मजबूरन होटल में रुकना पड़ेगा। दुबई में होटल का खर्च प्रति रात ₹20,000 से ₹1,00,000 तक हो सकता है। दस्तावेज़ न जुटा पाने के कारण कई लोग अपनी यात्रा रद्द करने पर मजबूर हो सकते हैं। बता दें कि  8 दिसंबर से शुरू होने वाले दुबई शॉपिंग फेस्टिवल में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक शामिल होते हैं। लेकिन इन कड़े नियमों के कारण इस बार पर्यटकों की संख्या में गिरावट की संभावना है।  जबकि दुबई प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा को मजबूत करने और अनधिकृत प्रवास को रोकने के लिए उठाया गया है। हालांकि, इसके कारण भारतीयों समेत अन्य देशों के पर्यटकों और निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। 

‘त्रिपुरा से कोलकाता जा रही ‘श्यामोली परिवहन’ बस पर बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया में विश्व रोड पर किया हमला

त्रिपुरा त्रिपुरा के परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने आरोप लगाया कि अगरतला से कोलकाता जा रही एक बस पर बांग्लादेश में हमला किया गया। उन्होंने बताया कि यह घटना बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया जिले के विश्व रोड पर हुई। परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर घटना के बारे में जानकारी दी है। चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर बस की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘‘त्रिपुरा से कोलकाता जा रही ‘श्यामोली परिवहन’ बस पर बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया में विश्व रोड पर हमला किया गया। इस घटना से बस में सवार भारतीय यात्री सहम गए। बस अपनी लेन में चल रही थी, तभी एक ट्रक ने जानबूझकर उसे टक्कर मार दी। इस दौरान एक ऑटोरिक्शा बस के सामने आ गया और बस एवं ऑटोरिक्शा की टक्कर हो गई।” भारत विरोधी नारे लगाए, यात्रियों को धमकाया उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बस में सवार भारतीय यात्रियों को धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने भारत विरोधी नारे भी लगाए और भारतीय यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया तथा उन्हें जान से मारने की धमकी दी। मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं तथा पड़ोसी देश के प्रशासन से भारतीय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं।” कोलकाता और अगरतला के बीच बसों का संचालन ढाका के रास्ते किया जाता है क्योंकि इससे सफर की दूरी आधी से भी कम हो जाती है। यह विमान यात्रा से सस्ती पड़ती है तथा असम के रास्ते ट्रेन से यात्रा करने की तुलना में इसमें कम समय लगता है। ट्रेन यात्रा में आमतौर पर 30 घंटे से अधिक समय लगता है। मुख्यमंत्री माणिक साहा की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि उन्हें बस पर हमले की सूचना मिली तथा वह इस बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे जानकारी मिली है कि अगरतला से यात्रियों को लेकर कोलकाता जा रही बस पर शनिवार को ब्राह्मणबरिया में विश्व रोड पर हमला हुआ। मैं इस मामले में ठोस जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा हूं।” पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंता जताते हुए साहा ने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि बांग्लादेश में हिन्दुओं को किस तरह उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि हमारा राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा है, इसलिए मैंने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पुलिस से कड़ी निगरानी रखने को कहा है।”

भारत के संत श्री नारायण गुरु की सराहना करते हुए संदेश को पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक बताया: पोप फ्रांसिस

तिरुअनंतपुरम दुनिया के शीर्ष ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने भारत के संत श्री नारायण गुरु की सराहना की है और उनके संदेश को पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक बताया है। पोप फ्रांसिस ने कहा कि नारायण गुरु का समाज सुधारक का संदेश ‘आज की हमारी दुनिया के लिए प्रासंगिक है, जहां हमें लोगों और देशों के बीच असहिष्णुता तथा नफरत बढ़ने के उदाहरण देखने को मिल रहे हैं।’ एर्नाकुलम जिले के अलुवा में श्री नारायण गुरु के सर्व-धर्म सम्मेलन के शताब्दी समारोह के अवसर पर शनिवार को वेटिकन में जुटे धर्मगुरुओं और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पोप ने यह बात कही। पोप ने कहा कि आज दुनिया में जो अशांति का माहौल है उसके लिए धर्मों की शिक्षाओं को न अपनाना भी कहीं न कहीं जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि गुरु ने अपने संदेश के माध्यम से सामाजिक और धार्मिक जागृति को बढ़ावा देने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। पोप ने कहा कि गुरु ने अपने संदेश में कहा था कि सभी मनुष्य, चाहे उनकी जाति, धर्म और सांस्कृतिक परंपराएं कोई भी हों, एक ही मानव परिवार के सदस्य हैं। पोप ने कहा, ‘उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी तरह से और किसी भी स्तर पर किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘दुख की बात है कि कई समुदायों और लोगों को नस्ल, रंग, भाषा और धर्म के आधार पर रोजाना भेदभाव तथा तिरस्कार झेलना पड़ रहा है और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऐसा उन लोगों और समुदाय के साथ हो रहा है जो गरीब और कमजोर तबके के हैं।’ पोप ने कहा, ‘धर्मों की महान शिक्षाओं को नहीं अपनाना दुनिया में अशांति के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक है।’ नारायण गुरु को भारत के उन महान संतों में शुमार किया जाता है, जिन्होंने समानता का संदेश दिया। आज भी बहुजन राजनीति और सामाजिक वर्ग के लोगों के लिए वह एक नायक की तरह हैं। 22 अगस्त, 1956 को केरल के तिरुअनंतपुरम के पास एक गांव चेमपजंथी में मदन असन और कुट्टियम्मा के घर हुआ था। उनका परिवार एझावा जाति से संबंध रखता था और उस समय के सामाजिक मान्यताओं के अनुसार इसे ‘अवर्ण’ माना जाता था। छोटी उम्र से ही उनका आकर्षण तप की ओर था जिसके चलते वे संन्यासी के रूप में आठ वर्षों तक जंगल में रहे थे। उनको वेद, उपनिषद, साहित्य, हठ योग और अन्य दर्शनों का ज्ञान था। उन्होंने समानता का संदेश देते हुए ‘एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर’ (ओरु जति, ओरु माथम, ओरु दैवम, मानुष्यानु) का प्रसिद्ध नारा दिया। उन्होंने वर्ष 1888 में अरुविप्पुरम में भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर बनाया, जो उस समय के जाति-आधारित प्रतिबंधों के खिलाफ था। उन्होंने एक मंदिर कलावन्कोड में अभिषेक किया और मंदिरों में मूर्तियों की जगह दर्पण रखा। यह उनके इस संदेश का प्रतीक था कि परमात्मा प्रत्येक व्यक्ति के भीतर है। मंदिर प्रवेश आंदोलन के वह अग्रदूत थे।

साल के आखिरी महीने में बढ़े एलपीजी सिलेंडर के रेट

नई दिल्ली साल के आखिरी महीने दिसंबर की पहली तारीख को एक बार फिर महंगाई का तगड़ा झटका लगा है और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा कर दिया है. तमाम शहरों मं कंपनियों ने संशोधित दाम जारी कर दिए हैं, जिसके मुताबिक 19 किलोग्राम वाला एलपीजी सिलेंडर करीब 16.50 रुपये तक महंगा हुआ है, इससे पहले नवंबर की पहली तारीख को भी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे. हालांकि, 14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें इस बार भी बिना बदलाव के स्थिर हैं. बदलाव के बाद अब ये नए रेट एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में दिसंबर की पहली तारीख को किए गए बदलाव  को देखें, तो दिल्ली से लेकर मुंबई और कोलकाता से लेकर चेन्नई तक 10 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि अब तक 1802 रुपये का मिल रहा था. इसके अलावा अन्य महानगरों की बात करें, तो ये कॉमर्शियल सिलेंडर कोलकाता में अब 1927 रुपये का हो गया है, जो कि 1 नवंबर को हुए इजाफे के बाद 1911.50 रुपये का बिक रहा था. इसके साथ ही Mumbai LPG Cylinder Price को देखें, तो यहां पर 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 1754.50 रुपये थी, जो कि अब बढ़कर 1771 रुपये हो गई है. इसके अलावा चेन्नई में अब तक ये सिलेंडर 1964.50 रुपये का मिल रहा था, जो कि अब 1980.50 रुपये का हो गया है. नवंबर में भी बढ़े थे सिलेंडर के दाम इससे पहले बीते महीने की पहली तारीख यानी 1 नवंबर को भी 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं. उस समय दिल्‍ली में सिलेंडर का दाम 1740 रुपये से बढ़कर 1802 रुपये,  कोलकाता में सिलेंडर 1850.50 रुपये से 1911.50 रुपये और मुंबई में 19 किलोग्राम वाला एलपीजी सिलेंडर 1692.50 रुपये की जगह 1754 रुपये का कर दिया गया था. इसके अलावा चेन्नई में यह सिलेंडर 1903 रुपये से बढ़ाकर 1964 रुपये का किया गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. 1 दिसंबर को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये 1 अगस्त 2024 वाले रेट पर ही मिल रहा है. दिल्ली में इसकी कीमत 803 रुपये, कोलकाता में 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है.  

डॉक्टर ने बताई पूरी डिटेल, शिंदे के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, वह आज शाम को सातारा से मुंबई लौटे सकते है

मुंबई महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले दो दिनों से गृहनगर सतारा जिले में अपने पैतृक गांव में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनके फैमिली डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए डॉक्टरों की टीम ने उनके स्वास्थ्य की पूरी जानकारी दी है। वह बुखार और गले के संक्रमण से पीड़ित हैं। उनके गांव में 3-4 डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, शिंदे के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। वह रविवार शाम को सातारा से मुंबई लौटेंगे। शिंदे को सातारा में अपने पैतृक गांव में तेज बुखार हो गया था। इसके बाद शनिवार को डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी जांच की। डॉ. पार्टे ने कहा, ‘‘उन्हें दवाइयां दी गई हैं। दो दिन में उन्हें बेहतर महसूस होगा। वह रविवार को मुंबई के लिए रवाना होंगे।’’ आपको बता दें कि शिंदे महाराष्ट्र सरकार गठन की प्रक्रिया के बीच चर्चा में बने हुए हैं। महायुति गठबंधन ने राज्य विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत हासिल किया है। हालांकि, अब तक मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। शिंदे ने इस हफ्ते कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। इस बयान ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने की संभावना को और मजबूत कर दिया है। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी भाजपा के राज्य अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की है कि महायुति सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 5 दिसंबर को शाम 5 बजे मुंबई के आजाद मैदान में होगा। उन्होंने कहा कि यह समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित किया जाएगा। शिंदे का बड़ा निर्णय संभव शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने शनिवार को कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे रविवार तक कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं। उन्होंने कहा, “शिंदे साहब जब भी बड़े फैसले लेते हैं, वह अपने गांव जाकर समय लेते हैं। मुझे लगता है कि कल शाम तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।”

इंडिगो की एक फ्लाइट को लैंडिंग के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, पायलट की सूझ-बूझ से टला हादसा

चेन्नई चक्रवात फेंगल के बीच चेन्नई एयरपोर्ट पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। रविवार को इंडिगो की एक फ्लाइट को लैंडिंग के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि पायलट की सूझ-बूझ से एक बड़ा हादसा टल दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि विमान रनवे पर छूने के तुरंत बाद फिर से हवा में ऊपर उठ गया। ऐसी संभावना है कि तेज हवाओं और रनवे पर पानी जमा होने के कारण पाइलट को अचानक लैंडिंग के फैसले को कुछ समय के लिए टालना पड़ा। आपको बता दें कि एयरलाइंस की भाषा में इसे गो-अराउंड कहा जाता है। यह स्थिति तब अपनाई जाती है जब लैंडिंग सुरक्षित रूप से पूरी नहीं की जा सकती। इस घटना ने पायलट की और सही निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाया है। चक्रवात फेंगल का प्रभाव पुदुचेरी के पास लैंडफॉल करने वाले चक्रवात फेंगल ने भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम की स्थिति को विकराल कर दी है। चेन्नई में इसका विशेष असर हुआ है। इसके कारण हवाई अड्डे पर परिचालन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इससे कई उड़ानें प्रभावित हुईं। अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए एहतियातन कदम उठाए और यात्रियों से अनुरोध किया कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करके ही यात्रा के लिए निकलें।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet