LATEST NEWS

कर्नाटक में नर्स की यूनिफॉर्म में एक नवजात के परिवार के पास आई संदिग्धों महिलाओं ने बच्चे को चुरा लिया

 कलबुर्गी कर्नाटक के कालाबुरगी में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के जिला अस्पताल से फर्जी नर्सों ने नवजात का अपहरण कर लिया. यहां खुद को नर्स बताने वाली दो महिलाओं ने एक नवजात बच्चे को किडनैप कर लिया.   25 नवंबर की सुबह 4 बजे अस्पताल के वार्ड 115 में कस्तूरी के घर बच्चे का जन्म हुआ. तभी अस्पताल के कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में परिवार के पास आई संदिग्धों महिलाओं ने कहा कि उन्हें बच्चे को ब्लड टेस्ट के लिए ले जाना होगा. परिवार ने बच्चा दे दिया लेकिन वह उसे कभी वापस लाई ही नहीं. परेशान माता-पिता, रामकृष्ण और कस्तूरी, सैयद चिंचोली गांव के रहने वाले हैं. ब्रह्मपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं. अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में महिलाएं नवजात को लेकर अस्पताल से बाहर भागती दिख रही हैं. फुटेज में दोनों में से एक महिला ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ है जबकि दूसरी बच्चे को गोद में लिए दिख रही है. दोनों कुछ देर के लिए अस्पताल की लॉबी में बात करती दिख रही हैं. बता दें कि अस्पताल से बच्चा चोरी का ये कोई पहला मामला नहीं है बल्कि ऐसे कई रैकेट चल रहे हैं. इसी साल दिल्ली के केशव पुरम इलाके में सीबीआई और पुलिस की टीम ने एक घर में छापा मारा था. दो दिनों तक चली रेड के बाद सीबीआई ने मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 7 से 8 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया था. उनकी उम्र 10 साल से कम थी. इसमें एक नवजात की उम्र तो महज 36 घंटे थी, जबकि दूसरे की उम्र 15 दिन . सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि जांच से पता चला कि आरोपी फेसबुक पेज और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देते थे. इसके जरिये वे बच्चे गोद लेने के इच्छुक निःसंतान दंपतियों से जुड़ते थे. आरोपी वास्तविक माता-पिता के साथ-साथ कथित तौर पर सरोगेट माताओं से भी बच्चे खरीदते थे. इसके बाद आरोपी नवजात बच्चों को 4 से 6 लाख रुपये में बेच देते थे. आरोपी कथित तौर पर गोद लेने से संबंधित फर्जी दस्तावेज बनाकर कई निःसंतान दंपतियों से लाखों रुपये की ठगी करने में भी शामिल रहे हैं.  

रोपवे परियोजना के विरोध में कटरा में प्रदर्शन, दुकानदारों व मजदूरों ने चाैथे दिन रखी हड़ताल, पुलिस पर पथराव

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित वैष्णो देवी मंदिर तक जाने के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना के खिलाफ चाैथे दिन भी स्थानीय दुकानदारों और मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को बड़ी संख्या में दुकानदारों और मजदूरों ने श्रद्धालु बेस कैंप पर पुलिस पर पथराव किया, जिससे कटरा में हड़ताल तनावपूर्ण माहाैल बना हुआ है। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रस्तावित रोपवे परियोजना के विराेध में भवन मार्ग पर दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं। भवन मार्ग पर पंचायत पुराना दारूड के निवासियों के साथ ही घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी के मजदूरों ने अपधा काम बंद रखा हुआ है। भवन मार्ग पर बाणगंगा क्षेत्र से लेकर मिल्कबार क्षेत्र तक सभी निजी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। प्रदर्शनकारियों ने कटडा के मुख्य बस अड्डा पर भी प्रदर्शन किया। इस दौरान कटडा मुख्य बस अड्डा पर आने वाले वाहनों को प्रमुख मार्गों पर रुकना पड़ा। बेरोजगार होने से सशंकित प्रदर्शनकारियों ने श्राइन बोर्ड और रोपवे परियोजना के खिलाफ नारे लगाए। क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे वे जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि रोपवे परियोजना हिंदू श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के समान है और तीर्थयात्रियों को सेवाएं प्रदान करने वाले मजदूरों के हितों को भी नुकसान पहुंचा रही है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने ताराकोट मार्ग से सांझी छत के बीच 12 किलोमीटर के ट्रैक पर 250 करोड़ रुपये की यात्री रोपवे परियोजना आगे बढ़ने की योजना की घोषणा की है। इस प्रस्तावित रोपवे के विरोध में दुकानदारों के साथ घोड़ा और पालकी मालिकों की चार दिवसीय हड़ताल शुक्रवार से शुरू हुई थी। घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी मजदूरों की हड़ताल से मां वैष्णो के श्रद्धालुओं को पैदल ही यात्रा करनी पड़ रही है। हालांकि भवन मार्ग पर अर्द्धकुवांरी मंदिर क्षेत्र से भवन तक श्रद्धालुओं को बैटरी कार सेवा, हेलीकॉप्टर सेवा निरंतर मिल रही है। हड़ताल से दिव्यांगों के साथ बुजुर्गों, महिलाओं को भी परेशान होना पड़ रहा है। इसी तरह के विरोध के कारण परियोजना को पहले भी टाल दिया गया था। इस बीच श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग ने कहा है कि रोपवे परियोजना एक गेम चेंजर होगी। खासकर उन तीर्थयात्रियों के लिए जो तीर्थस्थल तक खड़ी चढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण मानते हैं। तीर्थयात्रा बिना किसी व्यवधान के जारी रही है। घटना के संबंध में रियासी जिले के पुलिस अधीक्षक परमवीर सिंह ने बताया कि तीन दिनों से लोग प्रदर्शन कर रहे, जिन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन साेमवार काे प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया है। पुलिस ने फिलहाल हालातों को काबू में कर लिया है।

देश में हुई ‘सुभद्रा योजना’की शुरुआत, लाभार्थी महिलाओं को सुभद्रा डेबिट कार्ड भी जारी किया जाएगा

नई दिल्ली  हाल ही में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर महिलाओं के लिए ‘सुभद्रा योजना’की शुरुआत की। इस योजना के तहत ओडिशा सरकार महिलाओं को हर साल 10,000 रुपये देगी। यह पैसा 21 से 60 साल की महिलाओं के खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाएगा। योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को सुभद्रा डेबिट कार्ड भी जारी किया जाएगा। आइए जानते हैं कि कौन-कौन इस योजना के लिए पात्र है और इसका लाभ लेने के लिए क्या करना होगा। सवाल– सुभद्रा योजना क्या है? जवाब– सुभद्रा योजना ओडिशा सरकार की एक बड़ी पहल है, जिसका मकसद महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है। सवाल– सुभद्रा योजना के तहत लाभार्थियों को क्या लाभ मिलते हैं? जवाब- लाभार्थियों को सुभद्रा कार्ड और पांच वर्षों के लिए हर साल आर्थिक सहायता के रूप में 10,000 रुपये मिलते हैं। सवाल- लाभार्थियों को सुभद्रा योजना के तहत कितनी राशि मिलेगी? जवाब– योजना की पात्र लाभार्थी महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। ये रुपये पांच वर्षों में हर साल 10-10 हजार रुपये के तौर पर दिए जाएंगे। सवाल- खाते में ये रकम कब आएगी? जवाब- हर साल 5-5 हजार रुपये की दो किस्तों में ये रकम दी जाएगी। पहले 5,000 रुपये राखी पूर्णिमा (रक्षाबंधन) पर और दूसरे 5,000 रुपये अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) पर। सवाल– सुभद्रा कार्ड क्या है? जवाब- सुभद्रा कार्ड एक डेबिट कार्ड है जो सभी लाभार्थियों को प्रदान किया जाएगा, ताकि उन्हें अपने खाते से रुपये निकालने में आसानी हो। सवाल- क्या किसी अन्य आर्थिक योजना का लाभ ले रही महिलाएं सुभद्रा योजना के लिए योग्य हैं? जवाब– नहीं, जो महिलाएं अन्य योजनाओं के तहत 1,500 रुपये हर महीने या ज्यादा पा रही हैं, वे इस योजना के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं। सवाल– सुभद्रा योजना के तहत पुरस्कार कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है? जवाब- यह कार्यक्रम डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए है, जिसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय में सबसे ज्यादा डिजिटल लेन-देन करने वाली 100 महिलाओं को 500 रुपये का अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा। सवाल- सुभद्रा योजना ओडिशा के किन जिलों में लागू होगी? जवाब– यह योजना ओडिशा के सभी 30 जिलों में लागू होगी। सवाल- सुभद्रा योजना के लिए कौन-कौन महिलाएं पात्र हैं? जवाब– आवेदक महिलाओं को ओडिशा की निवासी होना चाहिए। उम्र 21 वर्ष से ज्यादा और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। इसके अलावा आर्थिक स्थिति और रोजगार से संबंधित दूसरी शर्तों को पूरा करना होगा। सवाल– सुभद्रा योजना के लिए कौन योग्य नहीं है? जवाब- 21 वर्ष से कम या 60 वर्ष से ज्यादा उम्र वाली महिलाएं इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं। साथ ही वो महिलाएं भी पात्र नहीं हैं, जो निर्धारित सीमाओं से ज्यादा आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं। सार्वजनिक प्रतिनिधि और जिनके पास कुछ संपत्तियां या आय के स्रोत हैं, वे अयोग्य हैं। सवाल– योजना का लाभ लेने लिए परिवार की इनकम कितनी होनी चाहिए। जवाब- 2.50 लाख रुपये सालाना से ज्यादा आय वाले परिवारों की महिलाएं योजना के लिए अयोग्य हैं। सवाल- आवेदन पत्र कहां से प्राप्त कर सकते हैं? जवाब– आंगनवाड़ी केंद्रों, ब्लॉकों, मो सेबा केंद्रों और सामान्य सेवा केंद्रों से आवेदन पत्र लिए जा सकते हैं। सवाल– आवेदक अपने आवेदन कहां जमा कर सकते हैं? जवाब- महिलाएं अपने भरे हुए आवेदन पत्र सामान्य सेवा केंद्रों या मो सेबा केंद्रों पर जमा कर सकती हैं। सवाल- क्या आवेदन पत्र के लिए कोई शुल्क है? जवाब– आवेदन पत्र निःशुल्क हैं। साथ ही आवेदकों को इसे जमा करते वक्त भी कोई शुल्क नहीं देना है। सवाल– योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं? जवाब– योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://subhadra.odisha.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सवाल- सुभद्रा योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं? जवाब- आवेदकों को आधार कार्ड, आधार से लिंक किया हुआ मोबाइल नंबर और DBT-सक्षम बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज जमा करने होंगे। सवाल- यदि आवेदक के पास DBT-सक्षम बैंक खाता नहीं है, तो क्या होगा? जवाब– आवेदक को उसके आधार कार्ड से जुड़ा DBT-सक्षम बैंक खाता खोलने और लिंक करने का अवसर दिया जाएगा। सवाल– योजना की लाभार्थी महिलाएं ई-केवाईसी प्रक्रिया कैसे पूरी कर सकती हैं? जवाब- लाभार्थी महिलाएं अपने आधार नंबर का इस्तेमाल कर सुभद्रा पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन पर फेस-ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। सवाल– योजना के लिए आवेदकों की पात्रता कैसे जांच की जाएगी? जवाब- पात्रता की जांच सरकारी डेटाबेस के जरिए और अगर जरूरत पड़ी तो फील्ड जांच के माध्यम से की जाएगी।

न्यूयॉर्क ने एक सदी पुराने कानून को निरस्त कर दिया, जिसमे जीवनसाथी को धोखा देना अपराध माना जाता था

न्यूयॉर्क. न्यूयॉर्क ने  एक सदी से भी ज़्यादा पुराने एक ऐसे कानून को निरस्त कर दिया, जिसका इस्तेमाल शायद ही कभी किया जाता था। इस कानून के तहत अपने जीवनसाथी को धोखा देना अपराध माना जाता था। यह एक ऐसा अपराध था जिसके लिए व्यभिचारियों को तीन महीने की जेल हो सकती थी। गवर्नर कैथी होचुल ने इस कानून को निरस्त करने वाले बिल पर हस्ताक्षर किए। यह कानून 1907 से चला आ रहा है और इसे लंबे समय से पुराना और लागू करने में मुश्किल माना जाता रहा है। उन्होंने कहा, “हालांकि मैं अपने पति के साथ 40 साल तक प्यार भरी शादीशुदा ज़िंदगी जीने के लिए भाग्यशाली रही हूं, लेकिन मेरे लिए व्यभिचार को अपराध से मुक्त करने वाले बिल पर हस्ताक्षर करना थोड़ा विडंबनापूर्ण है, लेकिन मैं जानती हूं कि लोगों के बीच अक्सर जटिल रिश्ते होते हैं।” “इन मामलों को स्पष्ट रूप से इन व्यक्तियों द्वारा ही संभाला जाना चाहिए, न कि हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली द्वारा। आइए इस मूर्खतापूर्ण, पुराने कानून को हमेशा के लिए हटा दें।” व्यभिचार कानून व्यभिचार पर प्रतिबंध वास्तव में कई राज्यों में कानून है और इसे तलाक लेना कठिन बनाने के लिए लागू किया गया था, ऐसे समय में जब पति या पत्नी द्वारा धोखा दिया जाना साबित करना कानूनी अलगाव पाने का एकमात्र तरीका था। आरोप दुर्लभ हैं और दोषसिद्धि और भी दुर्लभ है। कुछ राज्यों ने हाल के वर्षों में अपने व्यभिचार कानूनों को निरस्त करने के लिए भी कदम उठाए हैं। न्यूयॉर्क में व्यभिचार की परिभाषा इस प्रकार दी गई है कि जब कोई व्यक्ति “किसी अन्य व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाता है, जबकि उसका कोई जीवित जीवनसाथी है या दूसरे व्यक्ति का कोई जीवित जीवनसाथी है।” न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख के अनुसार, राज्य के कानून का पहली बार इस्तेमाल इसके लागू होने के कुछ सप्ताह बाद एक विवाहित पुरुष और 25 वर्षीय महिला को गिरफ्तार करने के लिए किया गया था। बिल के प्रायोजक राज्य विधानसभा सदस्य चार्ल्स लैविन ने कहा कि 1970 के दशक से इस कानून के तहत लगभग एक दर्जन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, और उनमें से केवल पाँच मामलों में ही दोषसिद्धि हुई है। पार्क में यौन क्रिया करते हुए पकड़ी गई महिला ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य के कानून का अंतिम बार प्रयोग 2010 में एक महिला के विरुद्ध किया गया था, जो एक पार्क में यौन क्रिया करते हुए पकड़ी गई थी, लेकिन बाद में एक समझौते के तहत व्यभिचार के आरोप को हटा दिया गया था। 1960 के दशक में न्यूयॉर्क इस कानून को निरस्त करने के करीब पहुंच गया था, जब दंड संहिता का मूल्यांकन करने वाले राज्य आयोग ने कहा था कि इसे लागू करना लगभग असंभव है। 1965 के न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख के अनुसार, उस समय, विधिनिर्माता शुरू में प्रतिबंध हटाने के पक्ष में थे, लेकिन अंततः इसे बरकरार रखने का निर्णय लिया गया, क्योंकि एक राजनेता ने तर्क दिया कि इसे हटाने से ऐसा लगेगा कि राज्य आधिकारिक तौर पर बेवफाई का समर्थन कर रहा है।

लोकसभा सदस्यों को अब डिजिटल पेन से हस्ताक्षर करने होंगे ‘सबमिट’ बटन दबाना होगा

नई दिल्ली संसद के सोमवार से शुरू हुए शीतकालीन सत्र में भाग लेने वाले लोकसभा सदस्यों के पास ‘इलेक्ट्रॉनिक टैब’ पर ‘डिजिटल पेन’ का उपयोग करके अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का विकल्प होगा। संसद को कागज रहित बनाने की अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के तहत लोकसभा कक्ष की लॉबी में चार ‘काउंटर’ पर ‘इलेक्ट्रॉनिक टैब’ रखे जाएंगे। लोकसभा सचिवालय ने कहा, ‘‘काउंटर पर उपस्थिति पुस्तिका पहले की तरह रखी जाती रहेंगी लेकिन सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे टैब के उपयोग को प्राथमिकता दें और संसद को कागज रहित बनाने में मदद करें।’’ अधिकारियों ने बताया कि सदस्यों को सबसे पहले टैब पर ‘ड्रॉप डाउन मेन्यू’ से अपना नाम चुनना होगा, डिजिटल पेन की मदद से अपने हस्ताक्षर करने होंगे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ‘सबमिट’ बटन दबाना होगा। तकनीकी सहायता के लिए हर ‘काउंटर’ पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के इंजीनियर की एक टीम मौजूद रहेगी। संसद सत्र के दौरान सदस्यों को अपना दैनिक भत्ता प्राप्त करने के लिए उपस्थिति पुस्तिका में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है। इससे पहले, लोकसभा सदस्य मोबाइल ऐप का उपयोग करके भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते थे।  

सरकार ने राशन की मात्रा और नियमों में बदलाव किया, चावल की मात्रा में आधा किलो कम कर दी गई, जबकि गेहूं की मात्रा में आधा किलो की बढ़ोतरी हुई

नई दिल्ली भारत सरकार की राशन योजनाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत राशन कार्ड धारकों को कम कीमत पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। अब सरकार ने राशन की मात्रा और नियमों में बदलाव किया हैं। जो 1 जनवरी 2025 से लागू होंगे। राशन की मात्रा में बदलाव राशन कार्ड पर पहले एक यूनिट में 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मिलता था। वही अब इसे बदलकर 2.5 किलो चावल और 2 किलो गेहूं कर दिया गया है।इससे तात्पर्य है कि अब चावल की मात्रा आधा किलो कम कर दी गई है। जबकि गेहूं की मात्रा में आधा किलो की बढ़ोतरी हुई है। दरअसल सरकार ने अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए भी बदलाव किए गए हैं। पहले 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल मिलता था। अब यह बदलकर 17 किलो गेहूं और 18 किलो चावल कर दिया गया है। हालांकि, कुल मात्रा 35 किलो ही रहेगी। e-KYC अनिवार्य सभी राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर 1 जनवरी 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद फ्री राशन या कम कीमत पर मिलने वाली सुविधा बंद हो जाएगी। e-KYC की अंतिम तिथि पहले 1 अक्टूबर तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 1 नवंबर और फिर 1 दिसंबर 2024 कर दिया गया है। e-KYC कराने का तरीका सरकार ने e-KYC प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। – ऑनलाइन: राशन कार्ड धारक अपने आधार कार्ड की जानकारी के साथ खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाकर या नजदीकी राशन की दुकान पर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। – ऑफलाइन: राशन डीलर या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज जमा कर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। महत्वपूर्ण तिथियां – e-KYC की आखिरी तारीख: 1 दिसंबर 2024 – बदलाव लागू होने की तिथि: 1 जनवरी 2025  

डीएम के निर्देश के बाद रफ्तार से आने वाली गाड़ियों पर लग रही है ब्रेक

देहरादून. विगत दिनों ओएनजीसी चौक में सड़क दुर्घटना को लेकर, जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने रेखीय विभाग के साथ सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार विमर्श करने के उपरांत, उन्होंने ओएनजीसी चौंक सहित शहर के अन्य चौक एवं सड़कों को सुरक्षात्मक बनाने हेतु सुधारीकरण कार्य करने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित रेखीय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया, कि मानक के अनुरूप सड़क को सुव्यवस्थित रूप से तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि सड़क में किसी भी प्रकार घटना ना हो इस बात को ध्यान में रखते हुए कार्य कराया जाय। जिलाधिकारी के दिशा निर्देशन के अनुपालन में सड़क सुधारीकारण का कार्य प्रगति पर है, मानक के अनुरूप कार्यदाई विभाग सड़क को सुगम और सुरक्षित बनाने में जुटी है, जिसके चलते ओएनजीसी चौक में गति अवरोधक का कार्य किया गया, जहां अब चौक में आने वाली गाड़ियों की गति धीमी होती दिखाई दे रही है।

रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता का आयोजन

देहरादून. सचिवालय एथलेटिक्स एवं फिटनेस क्लब के तत्वावधान में रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 8.00 सचिवालय एटीएम चौक से प्रारंभ होकर राजपुर रोड से होते हुए सचिवालय का एक पूरा चक्कर लगाने के पश्चात एटीएम चौक पर समाप्त हुआ। रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता को अपर सचिव, सचिवालय प्रशासन प्रदीप सिंह रावत द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार लखेड़ा एवं महासचिव राकेश जोशी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इस प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में राजेंद्र प्रसाद जोशी एवं महिला वर्ग में गोदावरी रावत चैंपियन रहे। इसके अतिरिक्त विभिन्न आयु समूह के महिला ओपन वर्ग में रश्मि, 30 प्लस में रेखा, 40 प्लस में निधि, एवं पुरुष ओपन वर्ग में कुशल सिंह, 30 प्लस में शोबन सिंह, 50 प्लस में दिनेश चंद्र तथा 60 प्लस में आरएस चौहान प्रथम स्थान पर है। क्लब के अध्यक्ष ललित चंद्र जोशी ने अवगत कराया कि क्लब द्वारा प्रत्येक वर्ष दो बार रन फॉर हेल्थ प्रतियोगिता का आयोजन कर सचिवालय परिसर में कार्यरतअधिकारी कर्मचारियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने का प्रयास किया जाता है। इस अवसर पर क्लब की उपाध्यक्ष रीता कौल, रीना शाही, निधि, अर्चना कोहली, चंद्रशेखर, सुभाष चन्द्र लोहनी, डॉ आरएस राणा, प्रदीप पपनै, जीडी नौटियाल, रूपचंद गुप्ता, हर्षमणि भट्ट, एमपी रतूड़ी सहित 50 से अधिक अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन

देहरादून. जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनता दर्शन/जनसुनवाई में आज 95 शिकायतें प्राप्त हुई। जनसुनवाई में अधिकतर शिकायत भूमि विवाद, अतिक्रमण, आपसी सम्पत्ति विवाद, जल संस्थान, लोनिवि, एनएचआई, समाजकल्याण, राजस्व, पुलिस आदि विभागों से सम्बन्धित शिकायत प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने रेखीय विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करें विशेषकर पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता सुनते हुए निस्तारण करें। उन्होंने जनमानस की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करने तथा जो शिकायतें माननीय न्यायालय में लम्बित है तथा न्यायालय के विषय हैं के सम्बन्ध में शिकायतकर्ताओं को वस्तुस्थिति से अवगत कराने को निर्देशित किया। साथ ही पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वरिष्ठ नागरिकों एवं महिलाओं से सम्बन्धित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निस्तारण करवाएं। जनसुनवाई में गल्ज्वाड़ी में वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण कर टीन शैड बनाने की शिकायत पर सम्बन्धित विभागीय के अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने को निर्देशत किया। ग्राम शेरपुर तहसील सहसपुर निवासी ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पुस्तैनी जमीन पर बाहरी व्यक्तियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है, स्थानीय लोगों को डराया, धमकाया जा रहा है, जिस पर तहसीलदार विकासनगर को कार्यवाही को निर्देशित किया गया है। ईश्वर विहार तपोवन के निवासियों द्वारा शिकायत की गई कि वर्षा के दौरान सड़क पर पानी-पानी हो जाता है, जिस पर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिस पर नगर निगम के अधिकारियों को कार्यवाही को निर्देशित किया गया। गली माजरा के शिकायतकर्ताओं द्वारा शिकायत की गई है कि उनका पानी बंद कर किया जा रहा है, जिस पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं जल संस्थान के अधिकारियों को संयुक्त आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन/जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह, अपर नगर आयुक्त बीर सिंह बुदियाल, पुलिस अधीक्षक यातायात मुकेश कुमार, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, लोनिवि, एनएच, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, समाज कल्याण आदि सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

तिरुवनंतपुरम से चलने वाली दो वंदे भारत ट्रेनों की इतनी डिमांड है कि डिब्बों की संख्या बढ़ाने की मांग

नई दिल्ली  देश में कई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को सवारी नहीं मिल रही हैं। लेकिन दो ट्रेनें ऐसी भी हैं जिनमें पैसेंजर सीटें बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। तिरुवनंतपुरम से मैंगलोर और कासरगोड तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की बहुत डिमांड है। यात्रियों की मांग है कि रेलवे बिना किसी देरी के इन ट्रेनों में डिब्बों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को लागू करे। तिरुवनंतपुरम से अलपुझा होते हुए मैंगलोर तक जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में आठ डिब्बे हैं जबकि तिरुवनंतपुरम से कोट्टयम होते हुए कासरगोड तक जाने वाली ट्रेन में 16 डिब्बे हैं। इनमें से एक ट्रेन को 20 डिब्बों वाली सेवा में बदला जाएगा। रेलवे ने कुछ महीने पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। लेकिन अभी अंतिम आदेश जारी होना बाकी है। दोनों ट्रेनों के लिए 100-200% से अधिक ग्राहक हैं। ये देश की सबसे लोकप्रिय वंदे भारत ट्रेनों में शामिल हैं। मौजूदा ट्रेनों में डिब्बों की संख्या मांग के अनुरूप नहीं है। तिरुवनंतपुरम से कोट्टयम होते हुए कासरगोड तक जाने वाली ट्रेन उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो काम के लिए तिरुवनंतपुरम और एर्नाकुलम के बीच यात्रा करते हैं। क्यों बढ़ी है डिमांड फ्रेंड्स ऑन रेल्स के लियोन्स जोसेफ ने कहा कि अगर रेलवे जल्द से जल्द कोच बढ़ा दे तो यह फायदेमंद होगा। तिरुवनंतपुरम से सुबह चलने वाली ट्रेन एर्नाकुलम में 8.25 बजे और त्रिशूर में 9.30 बजे पहुंचती है। उन्होंने कहा कि मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण बसों में भीड़ और देरी के कारण भी यात्रियों की संख्या अधिक है। त्रिशूर रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन के कृष्ण कुमार पी ने रेलवे से बिना देरी किए ट्रेनों के कोच बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ट्रेनों को बहुत ग्राहक मिल रहे हैं और क्षमता बढ़ाने में विफल रहने से राजस्व का नुकसान होगा। कृष्ण कुमार ने कहा कि अगर अब कोचों की संख्या बढ़ाई जाती है तो सबरीमाला तीर्थयात्रियों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे को मौजूदा आठ कोच वाली रेक को खाली कर देना चाहिए और एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच सेवाएं चलाने के लिए इसका उपयोग करने पर विचार करना चाहिए। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि रेक को बदलने का अंतिम आदेश नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अभी तारीख तय नहीं हुई है लेकिन मैंगलोर रूट की ट्रेन को 20 कोच की रेक में अपग्रेड किया जा सकता है।  

बांग्लादेश में यूनुस सरकार का असली चेहरा आया सामने, ISKCON के चिन्मय प्रभु को पुलिस ने किया गिरफ्तार

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार के बीच अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय का नेतृत्व कर रहे चिन्मय प्रभु को गिरफ्तार कर लिया गया है. बांग्लादेश के इस्कॉन मंदिर की तरफ के बताया गया कि चिन्मय प्रभु को कथित तौर पर ढाका पुलिस की जासूसी शाखा के अधिकारियों ने ढाका हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया. चिन्मय प्रभु ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में शुक्रवार को रंगपुर में एक विशाल विरोध रैली को संबोधित किया था. बीएनपी की अगुवाई और सहयोग में कट्टरपंथी जमात ए इस्लामी खुलेआम इस्कॉन भक्तों की हत्या करने की धमकी दे रहा है। इसी क्रम में बांग्लादेश इस्कॉन के आध्यात्मिक नेता चिन्मय कृष्ण प्रभु ने हिन्दुओं को बांग्लादेशी सरजमी की असली संतान करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार हिन्दुओं को आपस में बांटने की साजिश रच रही हैं। चिन्मय प्रभु शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं. शुक्रवार को ही उन्होंने रंगपुर में एक विशाल विरोध रैली को संबोधित किया था.  शेख हसीना के जाने के बाद से निशाने पर हैं बांग्लादेशी हिंदू बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के कारण शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से वहां रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदू निशाने पर हैं. छात्र आंदोलन के दौरान हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था. बांग्लादेश के खुलना, मेहरपुर स्थित इस्कॉन मंदिर को भी निशाना बनाया था.   इस हमले को लेकर चिन्मय प्रभु ने हिंदू मंदिरों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई थी. उन्होंने तब आजतक से बातचीत में कहा था, ‘चटगांव में तीन मंदिर खतरे में हैं, लेकिन हिंदू समुदाय ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के साथ मिलकर अब तक उन्हें बचाया है.’ उन्होंने दावा किया था कि हिंदू समुदाय चटगांव में पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन से मदद के लिए अनुरोध कर रहा है लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा. चिन्मय प्रभु ने कहा था, ‘कई हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते भारत भाग रहे हैं.’ सोशल मीडिया साइट एक्स पर ‘वॉयस ऑफ बांग्लादेशी हिन्दू’ ने एक पोस्ट किया। जिसके जरिए हैंडल ने चिन्मय कृष्ण प्रभु के बयान को कोट किया, “हम आर्य हैं, हम इस मिट्टी की सच्ची संतान हैं। इस देश को छोड़कर कहीं मत जाओ। वे हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं। एकजुट रहो, बंटे मत रहो।” उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त को शेख हसीना वाजेद की सरकार के गिरने के साथ ही वहां पर बीएनपी की अगुवाई में इस्लामिक कट्टरपंथी सरकार बांग्लादेश की सत्ता में आती है। इसके साथ ही अल्पसंख्यकों के खिलाफ अचानक से कट्टरपंथियों के हमले बढ़ गए। हर दिन हिन्दुओं पर किसी न किसी तरह से हमले किए गए। जब इस्कॉन की अगुवाई में चिटगांव में हिन्दुओं ने रैली निकाली तो उसके अगले ही दिन बांग्लादेशी झंडे का अपमान करने का आरोप लगाते हुए इस्कॉन के अध्यक्ष चिन्मय कृष्ण दास समेत 19 लोगों के खिलाफ देश द्रोह का केस दर्ज कर लिया गया। हाल ही में इस्कॉन को बांग्लादेश में आतंकी करार दे दिया गया।  

उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व अध्यक्ष पंवार समेत तीन की हादसे में मौत

ऋषिकेश. उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक बेकाबू ट्रक की टक्कर से उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। ऋषिकेश कोतवाली के उप-निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि वे लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय नेता के बेटे के शादी समारोह में हिस्सा लेने के बाद एक रिजॉर्ट से बाहर आ रहे थे और कार में बैठने वाले थे तभी नटराज चौक के पास ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। ट्रक ने रिजॉर्ट के बाहर खड़े कई अन्य वाहनों को भी टक्कर मार दी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। कुमार ने बताया कि हादसा 24 नवंबर की देर रात ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर हुआ। उन्होंने बताया कि पुल पर चढ़ते समय गति अधिक होने के कारण ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े वाहनों से जा टकराया और तीन लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उप-निरीक्षक ने बताया कि घायलों को तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ले जाया गया जहां त्रिवेंद्र सिंह पंवार (71) और ऋषिकेश के लाल तप्पड़ के निवासी गुरजीत सिंह (36) को मृत घोषित कर दिया गया जबकि दिल्ली के रोहिणी के निवासी जतिन (23) ने उपचार के दौरान सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। इस बीच, पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर उसके चालक को गिरफतार कर लिया है जिसकी पहचान रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि के निवासी विजय कुमार (40) के रूप में हुई है। मुख्यमंत्री धामी ने पंवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। अपने संदेश में धामी ने कहा, ‘‘ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोक संतत्प परिजनों एवं उनके समर्थकों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’’

क्रिसमस और न्यू ईयर का पार्टी के लिए बेस्ट है इंडिया कि ये जगह

हर साल क्रिसमस और न्यू ईयर का इंतजार होता है। ये दो ऐसें फेस्टिवल है जो बहुत ही करीब पडते है। इसके लोग सभी के दिमाग में होता है कि हम ऐसी जगह जाए जहां पर दोनों सेलिब्रेट कर सके। क्योंकि हर इंसान अपनी जीवन में इतना व्यस्त होता है कि और किसी के लिए समय ही नही निकाल पाते है जिसके कारण हम ऐसे समय को चुनते है जिसमें सभी साथ हो। तो फिर सोचना क्या जाइए उन जगहों पर जहां पर आप अपनी तनाव के जीवन से मुक्चत, शांति मिलें। चाहे वह सिर्फ दो दिन की क्यों न हो। जिससे आपकी पूरी थकान गायब हो जाएं। साथ ही प्रभु ईसा के सामने जाकर प्रार्थना कर सकते है। जिससे आपको और आपके दिल को सुकून मिलेगा। तो फिर देर किस बात कि जाइए इन मशहूर और खूबसूरत चर्च में जहां पर आपको एक सुकून मिलेगा। साथ ही जब आप इन्हे देखेगे तो यूरोपियन चर्चों का अहसास होता है। जो अपने आप में बहुत खूबसूरत होती है। जानिए ऐसी चर्च के बारें में। कैथेड्रल चर्च, दिल्ली मुक्ति के कैथेड्रल चर्च को विक्ट्री चर्च के नाम से भी जाना जाता है। ये इंडिया के सबसे सुंदर चर्चों में से एक मानी जाती है। यद चर्च संसद भवन और राष्ट्रपति भवन के पहले पडती है। इस चर्च को हेनरी मड्ड ने साल 1927 और साल 1935 के दौरान बनवाया था। यह चर्च औपनिवेशिक शैली की वास्तुकला का एक आदर्श उदाहरण है। यह चर्च देखने में आपके बर्थ डे केक की तरह दिखता है। जिसके ऊपर कैंडल भी लगी हुई है। इसको इस तरह बनाया गचा है कि गर्मी के मौसम में ये ठंडा रहता है। आप अगर यहां जाना चाहते है तो आसानी से जा सकते है। यहां पर प्रवेश में कोई प्रतिबंध नही है। इस चर्च के चारों और मौजबद हरे-भरे पेड़ और शांति आपका मन मोह लेगी। सेंट फिलोमिना चर्च, मैसूर इस चर्च को सेंट जोसेफ चर्च के नाम से भी जाना जाता है। इसे गौथिक वास्तुशिल्पीय शैली में बनाया गया था। यह चर्च देश के प्रमुख शहरों में एक मैसूर में है। इसके अंदर संगमरमर की वेदी पर सेंट फिलोमेना और जीजस क्राइस्ट की मूर्ति है। जो देखने में आपको अपनी ओर आकर्षित करेगी। इस चर्च में ग्लास पेंटिंग्स लगी हुई है। जिसमें ईसा मसीह के जन्म से लेकर पुनर्जन्म तक की घटनाओं वर्णित है। इसके साथ ही आप मैसूर की अन्य जगह का भी आन्नद ले सकते है। सेंट फ्रांसिस, कोच्चि सेंट फ्रांसिस चर्च भारत का पहला यूरोपियन चर्च है इसे साल 1503 में बनवाया गया था। ये चर्च कई हमलों और अनगिनत समझौतों के साक्षी माना जाता है। साल 1923 भारत में यूरोपियन कोलोनी के स्ट्रगल को इस चर्च के द्वारा देखा जा सकता है। इस चर्च को अब मॉन्यूमेंट के तौर पर सुरक्षित रखा गया है। सेंट जॉन चर्च, नैनीताल नैनीताल के हाई कोर्ट के पास स्थित सेंट जॉन चर्च सबसे पुराना है। गौथिक शैली में निर्मित चर्च की दीवारें ब्रिटिश राज की मजबूत व आकर्षक भवन निर्माण शैली की याद ताजा करती हैं। इस चर्च में क्रिसमस पर प्रार्थना सभा नहीं होती है बल्कि नैनीताल में हुए विनाशकारी भूस्खलन के दिवंगतों की याद में प्रार्थना सभा होती है। यह चर्च 1846 में बना है। यह चर्च भूस्खलन में शिकार हुए लोगों की एक स्मारक के रूप में बनाया गया है। जो लोग इस भूस्खलन में मरे थे उनके नाम की पट्टिका इस चर्च में पीतल के एक पट्टिका लगी हुआ है। क्राइस्ट चर्च, शिमला वैसे तो आपने शिमला में घूमने के बारें में बहुत सुना होगा। लेकिन जो यहां पर चर्च है वहां नहीं गए तो शिमला जाना बेकार हैं। आज इस चर्च को शिमला का ताज कहा जाता है। इसे साल 1857 में नियो गोथिक कला में बना यह चर्च एंग्लीकेन ब्रिटिशन कम्युनिटी के लिए बनाया गया था जिसे उस समय सिमला कहते थे। इस चर्च को कर्नल जेटी बोयलियो ने साल 1844 में डिजाइन किया था। इसे बनाने में पूरे 13 साल लगे थे। इस चर्च में कुछ खास तरह से डिजाइन किया गया है कि इस चर्च के चारों ओर पांच खिडकिया है। जो कि बहुत ही कीमती कांच से बनाई गी है। ये खिड़कियां ईसाई धर्म के विश्वास, उम्मीद, परोपकार, धैर्य, विनम्रता का प्रतीक है।  

हरीश रावत बोले – केदारनाथ सीट पर उत्तराखंड के सरोकारों की हार

केदारनाथ. उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने जीत दर्ज की है। केदारनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत के बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि ये हार कांग्रेस की हार नहीं है बल्कि उत्तराखंड के सरोकारों की हार है। यह उन सवालों की हार है जो केदार भूमि स्वयं उठा रही थी। वो सवाल आम जनता के सवाल थे। हरीश रावत ने जनता को लेकर कहा कि चुनाव के बाद उत्तराखंडी सरोकारों की बात करेंगे। आप भू कानून, महिला सम्मान, पलायन, बेरोजगारी की बात करेंगे, लेकिन उनके लिए जो व्यक्ति खड़ा रहा, उसको आप चुनाव में हरा देंगे। मुझे इस बात की तकलीफ है कि उत्तराखंड किस दिशा में जा रहा है। हम लोगों से बात करेंगे और राजनीतिक दल के रूप में हमें भी अपना तरीका बदलना होगा और जनता का भरोसा जीतना होगा। केदारनाथ विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल को कुल 23,814 वोट मिले हैं। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 18,192 वोट मिले। आशा नौटियाल ने 5,622 वोटों से जीत हासिल की है। इस सीट पर नोटा को 834 वोट मिले। वहीं जीत हासिल करने के बाद आशा नौटियाल ने कहा था कि विकास के मुद्दों पर हम लोगों ने चुनाव लड़ा है। इस चुनाव में विपक्ष सिर्फ लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहा था। विपक्ष कभी भी जनता के हित की बात करते हुए नजर नहीं आया। जबकि भाजपा ने सिर्फ विकास की बात की है। मैं सभी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को तहे दिल से धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने विकास के मुद्दे पर भाजपा को जीत दिलाने में भूमिका निभाई है।

महाराष्ट्र में दिसंबर में लाडली बहनों को मिलेगी पहली किश्त, 2100 रुपये महीने आएंगे खाते में

पुणे  अगले महीने दिसंबर से शुरू होने वाली मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना से कम से कम 13 लाख और महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है। उनके आवेदन, जिन्हें उनके बैंक खातों से आधार सीडिंग की आवश्यकता थी, लंबित थे और उन्हें 2.34 करोड़ लाभार्थियों में जोड़ा जाएगा। शनिवार को महायुति सरकार की भारी जीत का श्रेय व्यापक रूप से इस योजना को दिया जा रहा है, जो महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये देती है। सूत्रों ने कहा कि गठबंधन को न केवल लाभार्थियों को जोड़ना होगा, बल्कि भुगतान को बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का अपना वादा भी निभाना होगा। हालांकि 1,500 रुपये की पिछली सब्सिडी राशि के अनुसार 35,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, लेकिन अगर महायुति सरकार अपना वादा निभाना चाहती है तो आवंटन बढ़ाना होगा। सबसे ज्यादा पुणे से लाभार्थी मई में लोकसभा चुनाव में असफलताओं के बाद महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए यह योजना शुरू की गई थी। इसने सत्तारूढ़ गठबंधन को समर्थकों का एक नया जनसांख्यिकीय बनाने में मदद की, जिन्होंने इसकी वापसी में योगदान दिया। सबसे ज़्यादा लाभार्थी पुणे जिले से हैं, उसके बाद नासिक, ठाणे और मुंबई का नंबर आता है। 13 लाख लंबित थे आवेदन वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा कि लंबित आवेदनों का निपटारा कर दिया जाएगा और महिलाओं को दिसंबर से राशि मिलनी चाहिए। एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने कहा कि नवंबर तक 2.34 करोड़ लाभार्थियों के निपटारे किए गए आवेदनों का वितरण पूरा हो गया था। ये 13 लाख आवेदन लंबित थे और उन्हें दिसंबर की संख्या में जोड़ा जाएगा। लाडली बहिन योजना की सूची में जोड़ा जा रहा नाम महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) को लाभ वितरित करने के लिए कागजी कार्रवाई तैयार करनी होगी। डब्ल्यूसीडी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वे सूची में जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं और दिसंबर के लिए वितरण आचार संहिता हटने के बाद शुरू होगा। क्या तटकरे को वही विभाग मिलेगा? डब्ल्यूसीडी मंत्री अदिति तटकरे, जिन्होंने श्रीवर्धन विधानसभा क्षेत्र से अपने प्रतिद्वंद्वी एनसीपी (एसपी) के अनिल नवगाने के खिलाफ एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की, वे उसी मंत्री पद पर बने रहना चाहेंगी। महायुति सरकार बनाएगी और अपने मंत्रियों की घोषणा करेगी, लेकिन सूत्रों ने बताया कि लड़की बहिन योजना उन प्रमुख परियोजनाओं में से एक थी, जिसके कारण गठबंधन को जीत मिली और तटकरे की नियुक्ति करते समय इसकी निरंतरता को ध्यान में रखा जा सकता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet