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वित्त मंत्री ने ‘सशक्त नारी के 11 वर्ष’ पर प्रकाश डालते हुए कहा- देश के आर्थिक विकास में अहम योगदान दे रहीं महिलाएं

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में महिलाएं देश में प्रगति की प्रमुख चालक के रूप में उभरी हैं और नरेंद्र मोदी सरकार ने नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। वित्त मंत्री ने ‘सशक्त नारी के 11 वर्ष’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खोले गए 55.7 प्रतिशत खाते महिलाओं के पास हैं, जो जमीनी स्तर पर उनके सशक्तिकरण को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि देश भर में मुद्रा लोन लाभार्थियों में 68 प्रतिशत महिलाएं हैं। इन लोन ने लाखों महिलाओं को उद्यमी बनने और स्वतंत्र रूप से अपने सपनों को साकार करने में सक्षम बनाया है। वहीं, स्टार्ट-अप इंडिया उद्यमी योजना के तहत लाभ पाने वालों में से 74 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके अलावा, गरीबों के लिए पीएमएवाई (ग्रामीण) योजना के तहत 73 प्रतिशत घरों का स्वामित्व महिलाओं के पास है। वित्त मंत्री ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। ये उनके लिए एक बड़ा वरदान साबित हुए हैं, क्योंकि इससे उनका जीवन आसान हुआ है और स्वास्थ्य लाभ भी मिला है। साथ ही, उन्हें लकड़ी और अन्य ईंधन जैसे कि गोबर के हानिकारक धुएं से मुक्ति मिली है, जिसका उपयोग पहले खाना पकाने के लिए किया जाता था। जन धन योजना वित्तीय समावेशन में एक बड़ी सफलता रही है। इस योजना के तहत खोले गए खातों में मार्च 2015 में प्रति खाते औसत बैंक बैलेंस 1,065 रुपए था, जो अब बढ़कर 4,352 रुपए हो गया है। मौजूदा समय में करीब 80 प्रतिशत जन धन खाते सक्रिय हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 66.6 फीसदी जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें से 29.56 करोड़ (55.7 प्रतिशत) खाते महिलाओं के पास हैं। करीब 10 साल पहले जब मोदी सरकार पहली बार सत्ता में आई थी, तो उसने हर नागरिक को वित्तीय और बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना’ के तहत सबसे गरीब लोगों के लिए बैंकों में जीरो बैलेंस बैंक खाते खोले गए थे। मौजूदा समय में केवल 8.4 प्रतिशत जन धन खातों में ही जीरो बैलेंस है।

अगले साल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बनागी एनडीए की सरकार : गृह मंत्री शाह

मदुरै केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मदुरै में कहा कि अगले साल तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में जनता द्रमुक को हराएगी। उन्होंने कहा कि साल 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और अन्नाद्रमुक मिलकर एनडीए सरकार बनाएंगे। शाह ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में एनडीए की सरकार बनेगी।   उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन द्रमुक सरकार को सत्ता से हटाने और बदलाव की शुरुआत का संकेत है। अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा कार्यकर्ता इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। अमित शाह ने कहा, यहां 2026 में बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन की एनडीए सरकार बनेगी। एम.के. स्टालिन कहते हैं कि अमित शाह द्रमुक को हरा नहीं सकते। वह सही कह रहे हैं, मैं नहीं, बल्कि तमिलनाडु की जनता आपको हराएगी। शाह ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी की समीक्षा भी की और राज्य के नेताओं के साथ रणनीति पर चर्चा की। शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, तमिलनाडु की जनता द्रमुक सरकार के भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है। भाजपा के कार्यकर्ता हर गली, मोहल्ले और घर तक पहुंचेंगे और (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए का विकसित और समृद्ध तमिलनाडु का दृष्टिकोण लोगों तक पहुंचाएंगे। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 साल में तमिलनाडु को 6.80 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। फिर भी मुख्यमंत्री स्टालिन पूछते हैं कि केंद्र ने राज्य के लिए क्या किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्टालिन को चुनौती दी कि वह बताएं क्या उन्होंने 2021 के चुनाव में द्रमुक की ओर से किए गए सभी वादों को पूरा किया है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में शराब बिक्री घोटाले के बराबर पैसे से हर स्कूल में कम से कम दो कक्षाएं बनाई जा सकती थीं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, मैं तमिलनाडु सरकार से एक बार फिर अपील करता हूं कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई जल्द ही तमिल भाषा में शुरू की जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में सेंगोल स्थापित कर तमिलनाडु का सम्मान किया है, और मैं उम्मीद करता हूं कि मुख्यमंत्री स्टालिन उन्हें इसके लिए धन्यवाद देने के लिए पत्र लिखेंगे। गृह मंत्री शाह ने दिन की शुरुआत प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के दर्शन से की, जहां उन्होंने पूजा की और मंदिर के पुजारियों ने उन्हें पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने तमिल भाषा में न बोल पाने पर खेद जताया। उन्होंने कहा, मैं तमिलनाडु के पार्टी कार्यकर्ताओं से माफी चाहता हूं क्योंकि मैं भारत की सबसे महान भाषाओं में से एक तमिल में बात नहीं कर सकता। अप्रैल में तमिलनाडु दौरे के दौरान शाह ने अन्नाद्रमुक के साथ फिर से गठबंधन की घोषणा की थी। अपने संबोधन में भाजपा के राज्य अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने द्रमुक सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने पश्चिमी कोगु क्षेत्र के गांवों में बुजुर्गों की लक्षित हत्या को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी लगन के साथ काम करने की अपील की। नागेंद्रन ने कहा कि उनका लक्ष्य होगा कि विधानसभा में ज्यादा से ज्यादा विधायक पहुंचें। उन्होंने अमित शाह की तुलना भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल से की और उन्हें ‘भारत का नया लौह पुरुष’ करार दिया। भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने कहा कि पार्टी का एकमात्र लक्ष्य तमिलनाडु से द्रमुक को सत्ता से हटाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस ‘संकल्प’ के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उप-राज्यपाल ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए समय पर पहचाने गए कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए

श्रीनगर/जम्मू उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजभवन में अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (एस.ए.एस.बी.) की 49वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। उप-राज्यपाल ने विभिन्न चल रही परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए समय पर पहचाने गए कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। सिन्हा ने बोर्ड की बैठक में सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपायों और हस्तक्षेपों का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में आपदा तैयारी और न्यूनीकरण उपायों, यात्रा से संबंधित सूचनाओं का प्रसार, यात्रियों और सेवा प्रदाताओं को बीमा कवर, यात्रा ट्रैक का उन्नयन, स्वच्छता जल, बिजली, परिवहन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं, दूरसंचार कनैक्टिविटी, मौसम पूर्वानुमान, सेवाओं को किराए पर लेने के लिए डिजिटल प्रीपेड प्रणाली, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं और नागरिक आपूर्ति सहित यात्रा के मार्ग में आधार शिविरों और विभिन्न स्थानों पर व्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं पर चर्चा की गई।   उप-राज्यपाल ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम सभी तीर्थयात्रियों के लिए परेशानी मुक्त और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव सुनिश्चित करने के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक में यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर यात्री निवास और पारगमन शिविरों की स्थापना, ठहरने की क्षमता में वृद्धि, प्रसाद बिक्री काउंटरों का विस्तार, यात्री सुविधा केंद्रों का संचालन, बोर्ड द्वारा ऑनलाइन सेवाएं, आर.एफ.आई.डी. कार्ड जारी करना, तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण और सत्यापन, लंगर और एन.जी.ओ. सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों पर भी चर्चा की गई।   बैठक में श्राइन बोर्ड के सदस्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, प्रो. कैलाश मेहरा साधु, के.के शर्मा, के.एन राय, मुकेश गर्ग, डॉ शैलेश रैना, डॉ. स्मृद्धि बिंदरू, सुरेश हवारे और प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री शामिल हुए। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मंदीप के भंडारी ने यात्रा की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी। बताया गया कि इस वर्ष अब तक लगभग 3,31,000 श्रद्धालुओं ने पवित्र यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। इस वर्ष श्री अमरनाथ जी यात्रा 3 जुलाई को दोनों मार्गों- अनंतनाग जिले के पहलगाम ट्रैक और गांदरबल जिले के बालटाल से एक साथ शुरू होगी और इसका समापन 9 अगस्त, 2025 को रक्षा बंधन के दिन होगा। बैठक में अटल डुल्लू मुख्य सचिव, शालीन काबरा अतिरिक्त मुख्य सचिव जल शक्ति विभाग, नलिन प्रभात डी.जी.पी., चंद्राकर भारती प्रमुख सचिव गृह, आई.जी.पी., प्रशासनिक सचिव, डिवीजनल कमिश्नर जम्मू, डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर, डिप्टी कमिश्नर (गांदरबल और अनंतनाग), अतिरिक्त सी.ई.ओ. एस.ए.एस.बी. और यूटी प्रशासन, पुलिस, श्राइन बोर्ड और बी.आर.ओ. के वरिष्ठ अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से और वर्चुअल मोड के माध्यम से शामिल हुए।

भारत के एयरबेस पर हमले का दावा कर रहे पाक की खुल गई पोल, मुंह दिखाने लायक नहीं रहे शरीफ

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को निशाना बनाते हुए बड़ा नुकसान पहुंचाया। इससे झल्लाया पाकिस्तान अपनी जनता को खुश करने के लिए झूठे दावे करने लगा। उसने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के आदमपुर एयरबेस पर हमला किया और वहां खड़े सुखोई विमान को भी नुकसान पहुंचाया। हालांकि, भारत ने पहले दिन से ही स्पष्ट रूप से इससे इनकार किया और खुद पीएम मोदी भारतीय सेना के जवानों से मिलने के लिए आदमपुर एयरबेस पहुंचे, जिससे पता चला कि एयरबेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। अब एक बार फिर से पाकिस्तान की पोल खुल गई है और इस बार तो वह और उसके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। दरअसल, जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने एक्स पर तस्वीरों के साथ पाक के दावे का ‘फैक्ट चेक’ किया है। उन्होंने लिखा, ‘’रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान ने पंजाब के आदमपुर एयरबेस पर हमला किया और सुखोई Su-30 MKI विमान को नुकसान पहुंचाया, लेकिन पाकिस्तान ने संघर्ष से दो महीने पहले मार्च 2025 में ली गई एक सैटेलाइट तस्वीर शेयर की है, जिसमें मिग-29 का रखरखाव चल रहा था और इंजन टेस्ट पैड के पास दिखाई देने वाली काली कालिख आम बात है। यह कोई संघर्ष में हुआ नुकसान नहीं है।” इस तरह डेमियन ने भी साफ कर दिया है कि भारत के आदमपुर एयरबेस बिल्कुल सही सलामत है और पाकिस्तान का दावा गलत है। भारत से तनाव के दौरान, पाकिस्तान ने दावा किया था कि चीन निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमान से दागी गई उसकी मिसाइलों ने आदमपुर में रूस निर्मित एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया। हालांकि, सच्चाई इससे बिल्कुल उलट थी। पाकिस्तान ने जम्मू से गुजरात तक अपने खास दोस्त तुर्की के ड्रोन के जरिए हमला किया था, लेकिन सबको हवा में ही विफल कर दिया गया था। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के कई अहम एयरबेस को निशाना बनाया और वहां खड़े जासूसी विमान AWACS समेत अन्य महत्वपूर्ण चीजों को तबाह कर दिया। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद 13 मई को पीएम मोदी आदमपुर एयरबेस गए थे और जवानों से मुलाकात की थी। इस दौरान, सोशल मीडिया पर पोस्ट की गईं तस्वीरों में फाइटर जेट और रूस से खरीदा गया एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 पूरी तरह से सही दिखाई दे रहे थे। देखा जा सकता था कि आदमपुर एयरबेस और भारत के लड़ाकू विमान व एयर डिफेंस सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इस तरह पाक का यह दावा भी गलत निकला।  

बदरीनाथ यात्रा पर आई दो महिला श्रद्धालुओं की ह्रदय गति रुकने से मौत, अब तक 24 की गई जान

गोपेश्वर  बदरीनाथ यात्रा पर आई दो महिला श्रद्धालुओं की ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। महिला श्रद्धालुओं में से एक राजस्थान और एक मध्य प्रदेश की रहने वाली थी। कपाट खुलने से अब तक 24 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य कारणों से मौत हो चुकी है। इनमें हेमकुंड साहिब के यात्रा मार्ग पर एक श्रद्धालु की मौत भी शामिल है। बीते रोज निर्मला देवी (70 वर्ष) पत्नी चिरंजी लाल निवासी सुरक्षित नगर, लालसैट दौसा, राजस्थान को तबीयत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय लाया गया, लेकिन यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। श्रद्धालु स्वजन के साथ बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आई थी। वहीं रविवार को भगवती देवी (55 वर्ष) निवासी हरिदुवा, राजजा, मध्य प्रदेश को तबीयत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय लाया गया। यहां उपचार के दौरान भगवती देवी की मौत हो गई। अब तक बदरीनाथ धाम व हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए 24 श्रद्धालुओं में से अधिकांश की ह्रदय गति रुकने से मौत हुई है।

चीन-पाक की साजिशों के बावजूद भारत-फ्रांस ने किया बड़ा रक्षा सौदा, अफवाहों का दिया मुंहतोड़ जवाब: J-10C बनाम राफेल

नई दिल्ली  भारत और फ्रांस के बीच राफेल फाइटर जेट को लेकर चल रहे कथित विवाद पर चीन और पाकिस्तान ने एक नया नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है। मगर अब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की फ्रांस यात्रा इस गलत प्रचार की हवा निकालने का काम करेगी। अगले हफ्ते पेरिस में होने वाली यह यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत की सैन्य प्रतिष्ठा और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम होगी। फ्रांस सांसद के सवालों से विवाद की शुरुआत फ्रांस के सांसद मार्क चावेंट ने अपने विदेश मंत्री से पूछा कि क्या भारत का राफेल फाइटर जेट हालिया झड़पों में पाकिस्तान के J-10C द्वारा गिराया गया था। उन्होंने PL-15E मिसाइल और KLJ-10A AESA रडार का उल्लेख करते हुए पूछा कि अगर ये सच है तो इससे फ्रांस की एयरोस्पेस तकनीक और रणनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठ सकते हैं। उन्होंने राफेल के स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए। पाकिस्तान-चीन का प्रोपेगेंडा युद्ध चीन और पाकिस्तान की मीडिया ने दावा किया कि भारत और फ्रांस के बीच राफेल को लेकर विवाद हो गया है। उनके अनुसार फ्रांसीसी निरीक्षण टीम को भारत आने से रोक दिया गया। साथ ही प्रचारित किया गया कि पाकिस्तान के J-10C फाइटर ने राफेल को गिराया। भारत सरकार ने अब तक इस दावे की कोई पुष्टि नहीं की है। लेकिन चीन और पाकिस्तान का ये प्रोपेगेंडा सिर्फ भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को तोड़ने की कोशिश नहीं है, बल्कि राफेल की छवि को धूमिल कर दक्षिण-पूर्व एशिया और मिडिल ईस्ट जैसे हथियार बाजारों में चीनी J-10 को प्रमोट करने का प्रयास है। राफेल-टाटा की नई डील  इन तमाम अफवाहों के बीच भारत की टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन ने एक नई डील पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत हैदराबाद में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा जहाँ राफेल के मुख्य ढांचे का निर्माण होगा। यह साझेदारी भारतीय मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसकी लागत $25 बिलियन से अधिक आंकी जा रही है। इसमें राफेल, F-21, F/A-18, ग्रिपेन-ई और SU-35 जैसे विकल्पों की प्रतिस्पर्धा है। फ्रांस की प्रतिक्रिया: सच्चाई की तलाश फ्रांस के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वे भी राफेल को लेकर फैलाई जा रही बातों की सच्चाई जानने में रुचि रखते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अगर वास्तव में राफेल युद्ध में गिरा है, तो यह पहला मौका होगा और इसकी पुष्टि आवश्यक है। फ्रांस ने भारत के साथ मिलकर तथ्यों की जांच करने की बात कही है। राफेल  को निशाना क्यों बना रहा चीन? चीन का मकसद स्पष्ट है साउथ ईस्ट एशिया में J-10 जैसे अपने विमान बेचने के लिए राफेल को कमजोर दिखाना। मलेशिया ने हाल ही में 42 राफेल खरीदने की डील की है और इंडोनेशिया ने $8 अरब की डील साइन की है। ऐसे में चीन नहीं चाहता कि फ्रांस इन क्षेत्रों में अपनी पकड़ मज़बूत करे। भारत और फ्रांस की साझेदारी अटूट राफेल को लेकर जो भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उनका कोई ठोस आधार नहीं है। भारत और फ्रांस की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हो रही है। जयशंकर की यात्रा इस साझेदारी को और प्रगाढ़ करेगी और साथ ही चीन-पाकिस्तान के झूठे प्रचार को बेनकाब करेगी। भारत की सैन्य प्रतिष्ठा को लेकर कोई संदेह की गुंजाइश नहीं है, और यह दौरा इस विश्वास को वैश्विक मंच पर और भी सुदृढ़ करेगा।

अब एक बार फिर नया संकट मंडरा रहा, इस बार कोरोना से भी बदतर, एक्सपर्ट की क्या चेतावनी

वाशिंगटन  साल 2020 के आखिर में दुनिया ने पहली बार कोरोना वायरस का प्रकोप झेला। चीन से शुरू हुआ यह वायरस कुछ ही दिनों में पूरी दुनिया में फैल चुका था। सबसे ज्यादा मौतें अमेरिका में हुईं। तब भी अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार थी। ट्रंप ने चीन के वुहान शहर स्थित खुफिया लैब को इसके पीछे जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप कई मौकों पर कोरोना वायरस को चीनी वायरस की संज्ञा दे चुके हैं। अब एक बार फिर नया संकट मंडरा रहा है। चीन मामलों के शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ गॉर्डन चांग ने चीन को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने सावधानी नहीं बरती तो वह “कोविड से भी बड़े खतरे” का सामना कर सकता है। यह बयान उस घटना के बाद आया है जिसमें दो चीनी वैज्ञानिकों पर अमेरिका में जहरीले फंगस तस्करी के आरोप लगे हैं। एग्रो-आतंकवाद से जुड़ा मामला 33 वर्षीय यूनकिंग जियान और 34 वर्षीय उनके बॉयफ्रेंड जुनयोंग लियू पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में ‘Fusarium graminearum’ नामक फंगस की तस्करी की साजिश रची। यह फंगस गेहूं, जौ, मक्का और चावल में “हेड ब्लाइट” नामक बीमारी फैलाता है और एग्रो-आतंकवाद का संभावित हथियार माना जाता है। यह इंसानों और पशुओं में उल्टी, लिवर डैमेज और प्रजनन क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है। एक्सपर्ट की क्या चेतावनी गॉर्डन चांग ने Fox News से बातचीत में कहा, यह फंगस तस्करी “अमेरिका के खिलाफ युद्ध” जैसा है। अगर अमेरिका ने चीन से रिश्ते नहीं तोड़े , तो उसे कोविड, फेंटानिल से भी भयानक हमला झेलना पड़ सकता है। उन्होंने 2020 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब चीन से अनचाही बीजों की खेप अमेरिका के सभी 50 राज्यों में भेजी गई थी — जिसे उन्होंने जैविक हमले की कोशिश बताया। चांग ने आगे कहा, “हम चीन से हार सकते हैं, भले ही हम उनसे ताकतवर हों, क्योंकि हम अपनी रक्षा पूरी ताकत और संकल्प से नहीं कर रहे।” चांग का कहना है कि चीन का कम्युनिस्ट शासन अमेरिका को दुश्मन मानकर ‘जनयुद्ध’ की मानसिकता से काम कर रहा है और अमेरिका को अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है। गौरतलब है कि गॉर्डन चांग ‘China Is Going to War’ जैसी चर्चित किताबों के लेखक हैं। वे करीब दो दशकों तक चीन और हांगकांग में रहे हैं और अमेरिकी कानूनी फर्मों में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके हैं।  

बिलावल भुट्टो के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचे इस दल को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा, US सांसद ने उठाया डॉ. अफरीदी का मुद्दा

नई दिल्ली  ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजकर अपना पक्ष रखा था। इसकी नकल करते हुए पाकिस्तान ने भी अपने दल को विदेश में भेजा है, लेकिन अब विदेश में इस दल की फजीहत हो रही है। बिलावल भुट्टो के नेतृत्व में अमेरिका पहुंचे इस दल को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। एक अमेरिका सांसद ने पाकिस्तानी डेलीगेशन से लादेन को मारने में अमेरिका की मदद करने वाले डॉक्टर शकील अफरीदी को जेल से रिहा करने के लिए सरकार पर दवाब बनाने के लिए कहा है। वहीं वाशिंगटन में मौजूद शशि थरूर ने भी अमेरिकी सांसद के इस प्रस्ताव का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए अमेरिकी सांसद शेरमैन ने कहा, “मैंने पाकिस्तानी डेलीगेशन से आग्रह किया है कि वह अपनी सरकार पर डॉक्टर शकील अफरीदी को रिहा करने का दबाव बनाए। क्योंकि पाकिस्तानी सरकार ने शकील को इस आरोप में जेल में बंद करके रखा है कि उसने संयुक्त राज्य अमेरिका को लादेन का ठिकाना बताया था। डॉक्टर अफरीदी को रिहा करना 9/11 के पीड़ितों को एक बड़ी श्रृद्धांजलि होगी।” अमेरिका सांसद के इस पोस्ट को रिट्वीट करते हुए भारतीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले शशि थरूर ने भी पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने लिखा, “सांसद शैरमैन ने एक स्वागत योग्य जानकारी याद दिलाई है। पाकिस्तान वह देश है, जिसने न केवल आतंकवादी मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को छिपा रखा था, बल्कि इस मुद्दे पर अमेरिकियों की मदद करने वाले एक बहादुर डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया और उसे अभी तक जेल में डाल रखा है। पाकिस्तान में आपको आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए तो इनाम दिया जाता है लेकिन अगर आप उसके खिलाफ हैं तो आपको सजा दी जाती है।” आपको बता दें कि डॉक्टर शकील अफरीदी एक पाकिस्तानी डॉक्टर हैं, जिन्होंने अलकायदा चीफ कुख्यात ओसामा बिन लादेन की जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को दी थी। इसके बाद अमेरिकी सेना ने खुफिया मिशन चलाकर लादेन को मौत के घाट उतार दिया था।  

जस्टिस वर्मा के सामने महाभियोग से बचने का केवल एक ही विकल्प, मॉनसून सत्र से पहले उठा सकते हैं बड़ा कदम

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने के लिए राजनीतिक दलों से चर्चा शुरू कर दी है। अब जस्टिस वर्मा के सामने महाभियोग से बचने का केवल एक ही विकल्प है। अगर वह प्रस्ताव आने से पहले ही इस्तीफा दे देते हैं तो महाभियोग से बच सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति और हटाने के मामलों के जानकार लोगों का कहना है कि संसद में खुद का बचाव करने से बचने के लिए वह मौखिक रूप से ही इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। अगर वह खुद से ही इस्तीफा दे देते हैं तो रिटायर्ड हाई कोर्ट के जज की तरह ही उन्हें पेंशन और बाकी सुविधाएं मिलती रहेंगी। हालांकि अगर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाना पड़ता है तो उन्हें पेंशन तक नहीं मिलेगी। संविधान के अनुच्छेद 217 के मुताबिक हाई कोर्ट के जज राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसमें किसी की मंजूरी की भी जरूरत नहीं होती है। इस्तीफा देने के लिए जज का पत्र ही काफी होता है। अगर जज अपने पत्र में इस्तीफा देने की कोई तारीख बताता है तो उसतारीख से पहले उसके पास इस्तीफा वापस लेने का भी अधिकार होता है। सीजेआई रहते हुए जस्टिस संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। जज इन्क्वायरी ऐक्ट 1968 के मुताबिक सदन में अगर किसी जज को हटाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो स्पीकर या फिर सदन का अध्यक्ष तीन सदस्यों की कमेटी बनाकर इस बात की भी जांच करा सकता है कि उसे किस बुनियाद पर हटाया गया है। इस कमेटी में सीजेआई, 25 हाई कोर्ट में से किसी एक हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस शामिल होता है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बुधवार को न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने में सभी राजनीतिक दलों को साथ लेने के सरकार के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को ‘राजनीतिक चश्मे’ से नहीं देखा जा सकता। केंद्रीय मंत्री रीजीजू ने कहा कि प्राथमिक उद्देश्य महाभियोग प्रस्ताव लाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में दोनों सदनों में निष्कासन की कार्यवाही पारित हो जाएगी। मार्च में राष्ट्रीय राजधानी में न्यायमूर्ति वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना हुई थी, जब वह दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे, जिसके कारण उनके घर के एक हिस्से में नकदी की जली हुई बोरियां मिलीं थीं। न्यायाधीश ने नकदी के बारे में अनभिज्ञता का दावा किया, लेकिन उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने कई गवाहों से बात करने और उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें दोषी ठहराया। माना जाता है कि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए संकेत दिया था, लेकिन न्यायमूर्ति वर्मा अपनी जिद पर अड़े रहे। न्यायालय ने तब से उन्हें उनके मूल कैडर, इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया, जहां उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपा गया है। न्यायमूर्ति खन्ना ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महाभियोग प्रस्ताव की सिफारिश की थी, जो उच्च न्यायपालिका के सदस्यों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया है।  

कनाडा में खालिस्तानियों पर कनाडा के पत्रकार ने लगाया धमकी देने का आरोप

ओटावा कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकी समय-समय पर रैलियां करते रहते हैं। भारत और कनाडा के बीच इसी वजह से संबंधों में थोड़ी खटास भी आई है। अब खालिस्तानियों पर कनाडा के एक स्वतंत्र पत्रकार पर हमला करने और उन्हें धमकाने का आरोप लगा है। पत्रकार ने बताया कि खालिस्तानियों ने उन्हें घेर लिया और धमकी देने लगे। यह उस समय हुआ, जब पत्रकार रविवार को वैंकूवर में आयोजित एक रैली को कवर कर रहे थे। पत्रकार मोचा बेजिरगन ने कहा कि उन्हें उनकी संपादकीय स्वतंत्रता और खालिस्तान से संबंधित विरोध प्रदर्शनों की पिछली कवरेज के कारण निशाना बनाया गया। पत्रकार मोचा बेजिरगन ने घटना का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने अपनी आपबीती शेयर करते हुए कहा, ”यह सिर्फ 2 घंटे पहले हुआ था और मैं अब भी कांप रहा हूं। मुझे कई खालिस्तानियों ने घेर लिया था जो गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने मुझे घेर लिया, मुझे धमकाया, मेरे साथ मारपीट की और उन्होंने मेरे हाथ से मेरा फोन छीन लिया।” पत्रकार ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने गुंडों की तरह व्यवहार किया और जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया। पत्रकार ने दावा किया कि उस पर एक व्यक्ति ने हमला किया था जो लंबे समय से ऑनलाइन अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करके उसे परेशान कर रहा था। बेजिरगन ने कहा, “मैं कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, न्यूजीलैंड में खालिस्तान विरोध प्रदर्शनों को कवर करता रहा हूं। मेरा एकमात्र लक्ष्य स्वतंत्र पत्रकारिता करना और जो कुछ हो रहा है उसे रिकॉर्ड करना और रिपोर्ट करना है और क्योंकि मैं संपादकीय रूप से स्वतंत्र हूं, इसलिए यह कुछ लोगों को निराश करता है।” पत्रकार ने आगे कहा कि खालिस्तान समर्थक उन्हें खरीदना चाहते हैं और उन्हें प्रभावित करना चाहते हैं, ताकि वह खुलकर न बोलें। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि खालिस्तानियों का ये डराने व धमकाने का तरीका काम नहीं करेगा और उनकी संपादकीय स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होगी। शेयर किए गए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति उनसे भिड़ रहा है। दोनों में काफी तू-तू, मैं-मैं हो रही है। वह पत्रकार को परेशान करते हुए धमकी भी देता हुआ सुना जा सकता है।  

हरिद्वार में वीकेंड पर हाइवे पर रेंगती हुई नजर आई गाड़िया

हरिद्वार गर्मी की छुट्टियां और वीकेंड के चलते टूरिस्ट प्लेस पर आवाजाही काफी बढ़ गई है। उत्तराखंड के हरिद्वार में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां वीकेंड पर घूमने आए टूरिस्ट का हुजूम दिखाई दिया। अधिक मात्रा में पहुंचे यात्रियों के चलते सड़कों का हाल-बेहाल हो गया। हरिद्वार-ऋषिकेश और देहरादून नेशनल हाईवे दोनों तरफ से खचाखच भरा दिखाई दिया। काफी मात्रा में पहुंचे यात्रियों के चलते सड़कें गाड़ियों से बुरी तरह भरी दिखाई दीं। इसके चलते लंबे समय तक जाम लगा रहा और गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं, इससे शहर की रफ्तार मानों थम सी गई। ट्रैफिक के चलते रोडवेज बसें समय से बस स्टैंड नहीं पहुंच पाईं। इस कारण उन यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जो सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करके यात्रा करने आए थे। सड़कों पर उमड़ी गाड़ियों की भीड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है कि टूरिस्ट प्लेस जैसे मंदिर और गंगा तट का क्या हाल होगा। हर की पौड़ी, मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर पर भी खचाखच भीड़ दिखाई दी। मंदिर प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखते हुए दर्शन करने का आह्वान किया। हालांकि अचानक बढ़ी इस भीड़ को पुलिस प्रशासन संभाल नहीं पाया, क्योंकि जो भी ट्रैफिक प्लान बनाया गया था, वो नाकाफी साबित हुआ।  

80 विमान और 400 मिसाइलों के साथ आया था भारत, पाक ने US से भीख में मांगा एयर डिफेंस सिस्टम

वाशिंगटन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के जोरदार हवाई हमलों से बौखलाया पाकिस्तान अब खुलेआम अमेरिका से उन्नत हथियार प्रणाली की गुहार लगा रहा है। वॉशिंगटन में मौजूद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और नवाज शरीफ कैबिनेट में मंत्री मुसादिक मलिक ने का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह अमेरिका से एयर डिफेंस सिस्टम और फाइटर जेट्स बेचने की गुहार लगा रहे हैं। उनका यह बयान पाकिस्तान में सरकार द्वारा किए जा रहे ‘जीत’ के दावों से एकदम उलट है। वायरल हो रहे वीडियो में मलिक कहते हैं, “भारत 80 विमानों और 400 मिसाइलों के साथ आया था, जिनमें से कुछ परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। आपने देखा क्या हो सकता था हमारे साथ। अगर हमारे पास एयर डिफेंस सिस्टम न होते तो हम मलबे में बदल चुके होते। भारत टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रहा है। वह बहुत ही एडवांस है। आप ले आइए वो टेक्नोलॉजी, हम आपसे खरीदने को तैयार हैं।” आपको बता दें कि मलिक विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में अमेरिकी अधिकारियों और सांसदों से वार्ता के लिए अमेरिका दौरे पर हैं। मलिक का यह कबूलनामा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के द्वारा पाकिस्तान में बार-बार की जा रही उस बयानबाजी को पूरी तरह खारिज करता है, जिसमें वह भारत के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की जीत का दावा करते हैं। यहां तक कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल सैयद असीम मुनीर को ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि भी दे दी गई, जिसे भारत के खिलाफ जीत के तौर पर प्रस्तुत किया गया। शहबाज शरीफ ने खुद स्वीकार किया था कि भारत ने रावलपिंडी सहित कई पाकिस्तानी इलाकों में मिसाइल हमले किए। उन्होंने कहा, “भारत ने अपनी ब्रह्मोस मिसाइल दागी, जो पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में गिरी। उनमें रावलपिंडी का एयरपोर्ट भी शामिल है।” इस बीच भारत ने भी अपना एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा है, जिसमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर शामिल हैं। यह टीम अमेरिका को पाकिस्तान के आतंकी ढांचे और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे हालिया सैन्य अभियानों की जानकारी दे रही है। साथ ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भी साक्ष्य पेश कर पाकिस्तान को बेनकाब रही है।  

पुतिन आर्मी ने एक और शहर में लहराया रूसी झंडा, रूस ने यूक्रेन की लगभग 20 प्रतिशत जमीन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया

कीव/मॉस्को रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन साल पूरे हो गए हैं। दिन-ब-दिन यह जंग खतरनाक बनती जा रही है। पिछले दिनों यूक्रेन के रूस पर घातक वार और रूस के पलटवार ने युद्ध को और खतरनाक बना दिया है। इस महायुद्ध की सबसे भयावह बात यह है कि यह तीन साल से बिना रुके जारी है। यूक्रेन एक तरफ रूस के भीतर सेंध लगाकर उसकी धरती दहला रहा है तो दूसरी ओर रूसी सेना लगातार यूक्रेनी शहरों पर कब्जा करती जा रही है। रविवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी सेना ने यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में ज़ोरिया नामक बस्ती पर कब्जा कर लिया है। इस ताज़ा बढ़त के साथ रूस ने यूक्रेन की लगभग 20 प्रतिशत जमीन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। वॉर रिपोर्ट कार्ड-2025 और रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन में अब तक रूसी सेना 1,12,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक जमीन पर अपना कब्जा कर चुकी है। इसमें क्रीमिया, डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज़्झिया के बड़े हिस्से शामिल हैं। यह भूभाग यूक्रेन के कुल क्षेत्रफल का लगभग पांचवां हिस्सा है। धीमी लेकिन लगातार बढ़त रूस की यह ताज़ा सैन्य सफलता कोई अचानक हुई घटना नहीं है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि रूस अब धीमी लेकिन स्थिर गति से पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। ज़ोरिया जैसे छोटे शहरों पर कब्जा इसी रणनीति का हिस्सा है। यह इलाका अवदीवका और चासिव यार के बीच स्थित है और दोनों ही पक्षों के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यूक्रेनी जवाबी कार्रवाई सीमित हालांकि यूक्रेन ने खेरसॉन और खारकीव जैसे क्षेत्रों में कुछ कामयाबी पाई थी, लेकिन 2024 के अंत और 2025 की शुरुआत में उसकी जवाबी कार्रवाइयां सीमित साबित हुई हैं। रूस अब न केवल अपने कब्जे को बनाए रखने में सफल रहा है, बल्कि धीरे-धीरे उसे विस्तार भी दे रहा है। उधर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने एक बार फिर रूस की इस कार्रवाई की आलोचना की है, लेकिन जमीनी हालात बता रहे हैं कि फिलहाल रूसी सेना यूक्रेन में रणनीतिक बढ़त बनाए हुए है।  

रोडवेज बस और यात्री कार में भिड़ंत, कई लोग घायल

ऋषिकेश ऋषिकेश में कौडियाला के पास रविवार को दो वाहन हादसे का शिकार हो गए। अलसुबह दिल्ली से गोपेश्वर जा रही रोडवेज बस और हरियाणा के यात्रियों की कार की आपस में टक्कर हो गई। हादसे में कई लोग घायल हुए। जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब पांच बजे की है। बस कौडियाला से होते हुए गोपेश्वर जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान गलत दिशा से कार आई जिसके कारण दोनों वाहन आपस में टकरा गए। कार में सवार दो तीन घायल यात्रियों को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गनीमत रही कि बस में सवार अन्य यात्री सुरक्षित हैं।

देश में कोरोना संक्रमण के केस 6000 के पार, 24 घंटे में 378 नए केस और छह की मौत

नई दिल्ली देश में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार डराने लगी है। कोरोना संक्रमण के सक्रिय केसों का आंकड़ा 6000 के पार पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में छह कोरोना संक्रमितों की मौत भी हुई है। केरल अब भी देश का सबसे प्रभावित राज्य बना हुआ है। यहां कोरोना के कुल 1950 केस हैं। बीते 24 घंटे में इसमें 144 का इजाफा देखा गया है। इसके बाद गुजरात में 822, दिल्ली में 686, महाराष्ट्र में 595, कर्नाटक में 366, उत्तर प्रदेश में 219, तमिलनाडु में 194, राजस्थान में 132 और हरियाणा में 102 कोरोना के मामले मिल चुके हैं। पिछले 24 घंटे में हुई मौतों की बात करें तो केरल में तीन कोरोना संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। एक की उम्र 51 साल, दूसरे की 64 और तीसरे की उम्र 92 साल बताई गई। तीनों ही पुरुष थे और तीनों को पहले से कई बीमारियां थीं। ऐसे ही कर्नाटक में भी दो कोरोना संक्रमितों की मौत हुई। जान गंवाने वाले दोनों पुरुषों की उम्र 51 और 78 साल थी। ये दोनों भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से ग्रसित थे। इसके अलावा एक 42 साल के पुरुष कोरोना संक्रमित की मौत तमिलनाडु में हुई। पिछले 48 घंटों में 769 नए केस केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में 769 नए संक्रमणों के साथ भारत के सक्रिय कोविड मामले 6,000 के आंकड़े को पार कर गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बढ़ते कोविड मामलों की वजह से केंद्र सरकार सुविधा-स्तर की तैयारियों की जांच करने के लिए मॉक ड्रिल करा रहा है। सभी राज्यों को ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जनवरी से अब तक देश में 65 मौतें मंत्रालय ने कहा कि भारत में 6,133 सक्रिय कोविड मामले हैं। पिछले 24 घंटों में छह और मौतें हुई हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश मामले हल्के हैं और घरेलू देखभाल में ही आइसोलेशन के साथ ठीक कर लिए जा रहे हैं। इस साल जनवरी से अब तक देश में 65 मौतें हुई हैं। 22 मई को देश में कुल 257 सक्रिय मरीज थे। अहम बैठकें भी की गईं इससे पहले 2 और 3 जून को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, आपातकालीन प्रबंधन प्रतिक्रिया (EMR) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP), दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों के प्रतिनिधियों और सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ मौजूदा कोरोना स्थिति और तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए तकनीकी समीक्षा बैठकों की एक सीरीज आयोजित की गई थी। बारीकी से निगरानी की जा रही 4 जून को आधिकारिक सूत्रों ने कहा था कि IDSP के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा था कि दिशानिर्देशों के अनुसार सभी भर्ती SARI मामलों और 5 प्रतिशत ILI मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की जाती है।  सकारात्मक SARI नमूनों को ICMR VRDL नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाता है।

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