LATEST NEWS

सूटकेस में मिला 9 साल की बच्ची का शव, इलाके में तनाव

नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में पड़ोसी के घर में नौ साल की बच्ची का शव सूटकेस में बंद मिला, जिसके बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस यौन उत्पीड़न समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले की जानकारी के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीड़ ने लापरवाही का आरोप लगाया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।इलाके में तनाव के कारण कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। उनमें से कई ने कहा कि वे हिंसा से डरते हैं और प्रदर्शनकारियों के बाजार की गलियों से मौजूदगी के चलते अपनी दुकानें बंद कर लीं। इस मामले में राजनीति भी तेज हो गई है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप नेता आतिशी ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली की बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? आप ने उठाए ये सवाल आतिशी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि ‘दिल्ली में 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और मर्डर के लिए कौन जिम्मेदार है? बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है? भाजपा की 4 इंजन की सरकार है, फिर भी हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं? कहां हैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी? कहां हैं देश के गृह मंत्री अमित शाह जी?’ यह है मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक नाबालिग लड़की का खून से लथपथ सूटकेस में शव मिला है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पूर्वोत्तर दिल्ली के नेहरू विहार में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को शुरुआती मेडिकल जांच के आधार पर यौन उत्पीड़न का संदेह है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दयालपुर पुलिस स्टेशन में रात 8:41 बजे पीसीआर कॉल मिलने पर एक टीम को नेहरू विहार की गली नंबर 2 में भेजा गया, जिसमें पाया गया कि लड़की के पिता ने उसे पहले ही जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भर्ती करा दिया था। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसके चेहरे पर चोट के निशान पाए और यौन उत्पीड़न की संभावना जताई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया है। साक्ष्य एकत्र करने और आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीमों को तैनात किया गया है।

₹14000 करोड़ की वसूली के बाद भी ऐसी है लाइफस्टाइल, जानिए संपत्ति, विजय माल्या आज भी जीते हैं लैविश लाइफ!

नई दिल्ली  17 भारतीय बैंकों का अरबों डॉलर लेकर लंदन भागे कारोबारी विजय माल्या ने 9 साल बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक यूट्यूब चैनल पर चार घंटे के इंटरव्यू में उन्होंने बैंकों से लिए गए लोन, भगोड़े और चोर करार दिए जाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने किंगफिशर एयरलाइंस के पतन से लेकर भारत से अपने जाने तक की कहानियां साझा कीं। आइए जानते हैं विजय माल्या के पास कितनी है संपत्ति और कैसी है उनकी लाइफटास्टल- कितनी है माल्या की संपत्ति किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या, जिन्होंने कभी करोड़ों का कारोबारी साम्राज्य चलाया था। हाल के सालों में उनकी कुल संपत्ति में कमी देखी गई। 28 साल की उम्र में यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप के चेयरमैन की भूमिका निभाने के बाद, शराब के इस दिग्गज ने विमानन, पेय पदार्थ और रियल एस्टेट सहित विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार किया। फोर्ब्स के अनुसार, 2013 में उनकी अनुमानित कुल संपत्ति लगभग 750 मिलियन डॉलर थी। इस बीच, इंडिपेंडेंट यूके के अनुसार, विजय माल्या की नवीनतम नेटवर्थ रिपोर्ट जुलाई 2022 की है, जब यह लगभग 1.2 बिलियन डॉलर होने का अनुमान लगाया गया था। इंटरव्यू में माल्या ने दावा किया कि वह भारत से भागा नहीं बल्कि उसने अरुण जेटली को लंदन की अपनी यात्रा के बारे में बताया था। हालांकि, उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया, जिससे वह वहीं फंस गया। ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) के अनुसार, उस पर ब्याज सहित 6,203 करोड़ रुपये बकाया हैं। फिर भी, सरकार दावा करती है कि यह 9,000 करोड़ रुपये है और उसने 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की नीलामी की है। माल्या ने इस बात पर असमंजस व्यक्त किया कि सरकार ने कौन सी संपत्तियां बेची हैं। इन बिक्री के बावजूद, उनके पास अभी भी काफी संपत्ति है और वे लंदन में एक आलीशान बंगले में रहते हैं। कभी करते थे 400 रुपये वेतन वाली नौकरी माल्या की यात्रा एक व्यवसायी परिवार से शुरू हुई, लेकिन उन्हें मात्र 400 रुपये के वेतन वाली नौकरी करके खुद को साबित करना पड़ा। अपने पिता विट्ठल माल्या के निधन के बाद उन्होंने यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप को संभाला, जो किंगफिशर बीयर के लिए जाना जाता है। मार्केटिंग में उनके प्रयासों से किंगफिशर बीयर को 52% बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिली। विजय माल्या कथित तौर पर न्यूयॉर्क के ट्रम्प प्लाजा, संयुक्त राज्य अमेरिका में एक पेंटहाउस के मालिक हैं, जिसे उन्होंने 2010 में 2.4 मिलियन डॉलर में खरीदा था। इसके अलावा, इंडिया टुडे के अनुसार, उनके पास उसी बिल्डिंग में तीन लग्जरी कॉन्डो हैं। इनमें से दो लग्जरी कॉन्डो उनकी बेटी के साथ संयुक्त रूप से खरीदे गए थे। इसके अलावा, उनके पास फ्रांस में ले ग्रांडे जार्डिन एस्टेट है जो कान के पास सैंटे-मार्गुराइट द्वीप पर स्थित है। सिद्धार्थ माल्या ने पिछले साल शादी की और अपनी पत्नी के साथ लंदन में रहते हैं। अपने पिता के विपरीत, सिद्धार्थ ने मॉडलिंग और अभिनय करियर को आगे बढ़ाया। वह फिल्मों और टीवी शो में दिखाई दिए हैं और सामाजिक कार्यों के लिए समय समर्पित करते हैं। सिद्धार्थ ने ऑनलाइन वीडियो शो भी होस्ट किए और गिनीज के लिए मार्केटिंग मैनेजर के रूप में काम किया। 2019 में डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट से पता चला कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने से पहले सिद्धार्थ कई सालों तक अवसाद से जूझते रहे। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर दो किताबें लिखी हैं: “इफ आई एम ऑनेस्ट: ए मेमॉयर ऑफ माई मेंटल हेल्थ जर्नी” और “सैड-ग्लैड।” वह मानसिक स्वास्थ्य विषयों पर शो आयोजित करते हैं।  

पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक डायलिसिस पर हैं, अस्पताल से आज फिर किया पोस्ट, हालत बहुत गंभीर

नई दिल्ली  किडनी की बीमारी से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक को 11 मई को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था और फिलहाल वह डायलिसिस पर हैं। इस बीच वह लगातार सोशल मीडिया के जरिए भावुक पोस्ट लिख रहे हैं। आज उन्होंने फिर एकबार एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, ‘हालात बहुत गंभीर। संपर्क सूत्र- 9610544972’ आपको बता दें कि इससे पहले उन्होंने एक भावुक पोस्ट लिखकर कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। उन्होंने लिखा, ‘नमस्कार साथियों। मैं पिछले लगभग एक महीने के करीब से हस्पताल में भर्ती हूं और किड़नी की समस्या से जूझ रहा हूं। परसों सुबह से मैं ठीक था लेकिन आज फिर से मुझे ICU में शिफ्ट करना पड़ा। मेरी हालत बहुत गंभीर होती जा रही है। मैं रहूं या ना रहूं इसलिए अपने देशवासियों को सच्चाई बताना चाहता हूं।’ सत्यपाल मलिक ने क्या-क्या कहा? जब गवर्नर के पद पर था तो उस समय मुझे 150-150 करोड़ रूपए की रिश्वत की पेशकश भी हुई परंतु में मेरे राजनीतिक गुरु किसान मसीहा स्वर्गीय चौधरी चरणसिंह जी की तरह ईमानदारी से काम करता रहा ओर मेरा ईमान वो कभी डिगा नहीं सकें। जब मैं गवर्नर था उस समय किसान आंदोलन भी चल रहा था, मैंने बग़ैर राजनीतिक लोभ लालच के पद पर रहते हुए किसानों की मांग को उठाया। फिर महिला पहलवानों के आंदोलन में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक उनकी हर लड़ाई में उनके साथ रहा। पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों के मामले को उठाया, जिसकी आज तक इस सरकार ने कोई जांच नहीं करवाई है। सरकार मुझे CBI का डर दिखाकर झूठे चार्जशीट में फंसाने के बहाने ढूंढ रही है। जिस मामले में मुझे फंसाना चाहते हैं उस टेंडर को मैंने खुद निरस्त किया था, मैंने खुद प्रधानमंत्री जी को बताया था इस मामले में करप्शन है और उन्हें बताने के बाद में मैंने खुद उस टेंडर को कैंसिल किया, मेरा तबादला होने के बाद में किसी अन्य के हस्ताक्षर से यह टेंडर हुआ। मैं सरकार को और सरकारी एजेंसियों को बताना चाहता हूं कि मैं किसान कौम से हूं, मैं ना तो डरने वाला हूं ओर ना ही झूकने वाला हूं।सरकार ने मुझे बदनाम करने में पुरी ताकत लगा दी, अंत में मेरा सरकार से ओर सरकारी एजेंसियों से अनुरोध है कि मेरे प्यारे देश की जनता को सच्चाई जरूर बताना कि आपको छानबीन में मेरे पास मिला क्या? हालांकि सच्चाई तो यह है कि 50 साल से अधिक लंबे राजनीतिक जीवन में बहुत बड़े-बड़े पदों पर देशसेवा करने का मौका मिलने के बाद आज़ भी मैं एक कमरे के मकान में रह रहा हूं ओर कर्ज में भी हूं। अगर आज मेरे पास धन दौलत होती तो मैं प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाता। राहुल ने भी की मुलाकात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यहां राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती सत्यपाल मलिक से शुक्रवार को मुलाकात की और कहा कि सत्य की लड़ाई में वह मलिक के साथ खड़े हैं। वह शाम में करीब साढ़े पांच बजे अस्पताल पहुंचे और जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल मलिक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कांग्रेस नेता ने उनका इलाज कर रहे डॉक्टर से भी इस बारे में चर्चा की। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आज राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी से मिलकर उनका हालचाल जाना। मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं। सत्य की इस लड़ाई में मैं उनके साथ खड़ा हूं।”  

सरकार अब सीधे 1950 में बने कानून का उपयोग करेगी, असम से बाहर निकाले जाएंगे बांग्लादेशी: हिमंत बिस्वा सरमा

असम  असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में अब अवैध प्रवासियों की पहचान कर बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के निष्कासन के लिए विदेशी न्यायाधिकरणों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, सरकार अब सीधे 1950 के ‘Immigrants (Expulsion from Assam) Order’ का उपयोग करेगी, जो अभी भी कानूनी रूप से मान्य है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने क्लॉज 6A पर संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि हर मामले में न्यायिक प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। असम में प्रवासियों को सीधे निष्कासित करने के लिए पहले से ही एक वैध कानून मौजूद है। हम पहले इस कानून के प्रभाव को नहीं समझ सके क्योंकि हमारे वकीलों ने इस पर ध्यान नहीं दिया था।” जिलाधिकारियों को सीधे कार्रवाई का अधिकार 1950 के इस आदेश के तहत जिलाधिकारी को सीधे आदेश जारी कर प्रवासियों को निष्कासित करने का अधिकार प्राप्त है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जहां कोई मामला अदालत में लंबित नहीं है, वहां अब तुरंत कार्रवाई होगी। सरमा ने कहा, “जिन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया नहीं चल रही है, वहां अब हम सीधे निष्कासन की प्रक्रिया अपनाएंगे। जरूरत पड़ी तो बार-बार निष्कासन किया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) प्रक्रिया और विदेशी ट्रिब्यूनल की प्रणाली ने राज्य सरकार की कार्रवाई को धीमा किया है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और पुराने कानून की पुनः खोज से राज्य सरकार को नया रास्ता मिला है। असम में फिलहाल 100 Foreigners Tribunals संचालित हो रहे हैं, जो 2005 से कार्यरत हैं। ये ट्रिब्यूनल असम पुलिस की बॉर्डर विंग द्वारा चिह्नित संदिग्ध नागरिकों की नागरिकता की जांच करते हैं, जिनमें से अधिकांश को बांग्लादेशी नागरिक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नई प्रक्रिया उन मामलों पर लागू नहीं होगी जो पहले से न्यायिक प्रक्रिया में हैं, बल्कि केवल उन्हीं मामलों पर जहां कोई अदालती कार्यवाही नहीं हो रही।  

इमिग्रेशन पॉलिसी के खिलाफ सड़कों पर लोग, 2 हजार सैनिक तैनात, ट्रंप की बढ़ीं मुश्किलें

लॉस एंजिल्स अमेरिका में जब से डोनाल्ड ट्रंप से सत्ता संभाली है आए दिन कुछ न कुछ बवाल होता ही रहता है। अब अमेरिका के लॉस एंजिल्स में बीते दो दिन से इमिग्रेशन रेड का विरोध हो रहा है और बीते दो दिनों से अलग-अलग जगहों पर हिंसा भड़क चुकी है। जिसमें पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया है। इस स्थिति को संभालने के लिए अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2,000 नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती किए जाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद प्रदर्शन हिंसक होने की आशंका है।   प्रदर्शन को लेकर अमेरिकी रक्षा विभाग ने क्या कहा? मीडिया की खबर के मुताबिक, लॉस एंजिल्स में इन प्रदर्शनों की शुरुआत शुक्रवार को तब हुई, जब कई लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे “बड़े पैमाने पर अराजकता” और “सैन्य कार्रवाइयों” का नाम दिया है। रक्षा विभाग ने नेशनल गार्ड को संघीय कानून प्रवर्तन की मदद के लिए सक्रिय करना शुरू कर दिया है। रक्षा सचिव पीट हेग्सेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में प्रदर्शनों को “हिंसक भीड़ का हमला” बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन “अवैध अपराधियों” को हटाने में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।   कैलिफोर्निया के गवर्नर ने दी ट्रंप प्रशासन को चेतावनी व्हाइट हाउस ने शनिवार को एक बयान में कहा कि ट्रंप,कैलिफोर्निया में अराजकता को दूर करने के लिए नेशनल गार्ड्स की तैनाती कर रहे हैं। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजकम ने इस पर आपत्ति जताई और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि ‘रिपब्लिकन राष्ट्रपति का यह कदम जानबूझकर भड़काऊ है और इससे केवल तनाव बढ़ेगा।’ उन्होंने कहा, ‘यह गलत मिशन है और इससे जनता का भरोसा खत्म हो जाएगा। स्थानीय अधिकारी किसी भी समय कानून प्रवर्तन सहायता देने में सक्षम हैं।’ इमिग्रेशन पॉलिसी पर हो रहा हंगामा बता दें कि इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने कई अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार किया। जिससे दंगे भड़के और दंगे के दौरान कुछ वाहनों में आगजनी की गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिनसे पुलिस सख्ती से निपटी। दरअसल, इस सप्ताह लॉस एंजेलिस से करीब 118 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ट्रंप प्रशासन में अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्ती की जा रही है और बड़ी संख्या में इलीगल इमीग्रेंट को पकड़कर उन्हें निर्वासित कर दिया गया है। विभाग के प्रमुख ने बताया कि उनकी एजेंसी हर दिन करीब 1600 अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कर रही है।

छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े स्थलों के दर्शन कराएगी विशेष गाड़ी

* भारत गौरव ट्रेन टूर को 100 प्रतिशत बुकिंग के साथ जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। * 9 जून 2025 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से रवाना होगी। * यह ट्रेन रायगढ़ किला, शिवनेरी किला, प्रतापगढ़ किला, पन्हाला किला, लाल महल, कस्बा गणपति और शिवसृष्टि जैसे ऐतिहासिक स्थलों को कवर करती है, जो महान छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाते हैं। * दो अतिरिक्त आकर्षणों में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग और कोल्हापुर में महालक्ष्मी मंदिर शामिल हैं। * सुविधा और सुलभता के साथ यह ट्रेन यात्रियों को महाराष्ट्र के गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देखने का एक सहज अनुभव प्रदान करेगी।  नई दिल्ली भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने छत्रपति शिवाजी महाराज सर्किट भारत गौरव ट्रेन टूर शुरू किया है, जो 9 जून 2025 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई से रवाना होगी। भारत गौरव ट्रेन टूर को 100 प्रतिशत बुकिंग के साथ जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। कुल 710 यात्री इस यात्रा का लाभ उठाएंगे। जिनमें से 480 यात्री इकोनॉमी (स्लीपर) में, 190 यात्री कम्फर्ट (3AC) में और 40 यात्री सुपीरियर (2AC) में बुक किए गए हैं। भारत गौरव ट्रेन यात्रा की योजना छत्रपति शिवाजी महाराज के 351वें राज्याभिषेक समारोह के अवसर पर बनाई गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज के दर्शन के लिए यह ट्रेन 9 जून, 2025 को रायगढ़ पहुंचेगी। छत्रपति शिवाजी महाराज सर्किट एक विशेष रूप से क्यूरेट किया गया टूर है, जो पांच रातों/छह दिनों की यात्रा में छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास और भव्य विरासत को प्रदर्शित करता है। यह टूर महाराष्ट्र सरकार, भारतीय रेलवे के बीच एक संयुक्त सहयोग है। यह ट्रेन रायगढ़ किला, शिवनेरी किला, प्रतापगढ़ किला, पन्हाला किला, लाल महल, कस्बा गणपति और शिवसृष्टि जैसे ऐतिहासिक स्थलों को कवर करती है, जो महान छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाते हैं। दो अतिरिक्त आकर्षणों में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग और कोल्हापुर में महालक्ष्मी मंदिर शामिल हैं। सुविधा और सुलभता के साथ, यह ट्रेन यात्रियों को महाराष्ट्र के गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देखने का एक सहज अनुभव प्रदान करती है। 6 दिनों का यात्रा कार्यक्रम छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई से शुरू होगा। पहले दिन, रेलगाड़ी कोंकण रेलवे नेटवर्क पर माणगांव रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी, जो रायगढ़ किले के लिए निकटतम रेलवे लिंक है। पहला गंतव्य रायगढ़ है, जो उसी नाम के पहाड़ी किले के लिए जाना जाता है जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था और बाद में यह उनकी राजधानी थी। दर्शनीय स्थलों की यात्रा पूरी होने पर पर्यटक वापस ट्रेन में लौट आएंगे क्योंकि यह अगले गंतव्य पुणे के लिए आगे बढ़ेगी, जहां पर्यटक रात का भोजन करेंगे और पुणे के होटल में रात बिताएंगे। दौरे के दूसरे दिन, पुणे में पर्यटक जिन प्रमुख स्थलों को देखेंगे, वे हैं लाल महल, कस्बा गणपति और शिवसृष्टि। वर्तमान संरचना का पुनर्निर्माण 1984 में उस भूमि के एक हिस्से पर किया गया था, जहां लाल महल खड़ा था और इसमें तेल चित्रों का एक विशाल संग्रह है जो छत्रपति शिवाजी महाराज के महत्वपूर्ण जीवन की घटनाओं को दर्शाता है। पुणे के पीठासीन देवता कस्बा गणपति का मंदिर 1893 का है और माना जाता है कि इसे छत्रपति शिवाजी महाराज की मां जीजाबाई ने बनवाया था। तब से, शहर को गणेश के शहर के रूप में जाना जाता है। बाद में दिन में, पर्यटक शिवसृष्टि का दौरा करेंगे। जो छत्रपति शिवाजी महाराज की कथा को प्रदर्शित करने वाला सबसे बड़ा ऐतिहासिक थीम पार्क है। पर्यटक यहां मराठा शासक की जीवन कहानी 3डी में देखेंगे और अन्य इंटरैक्टिव सत्रों का आनंद लेंगे। पुणे में एक रात के आराम के बाद, तीसरे दिन मेहमान शिवनेरी की यात्रा करेंगे। यह छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली है और मुस्लिम शासन के खिलाफ मराठा गौरव और प्रतिरोध का प्रतीक है। दोपहर के भोजन के बाद पर्यटक रात्रि विश्राम के लिए पुणे लौटने से पहले 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर का दर्शन करेंगे। यात्रा कार्यक्रम के चौथे दिन, पर्यटक सतारा की आगे की यात्रा के लिए ट्रेन में सवार होंगे। इस स्टेशन से कवर किया जाने वाला प्रमुख स्थल प्रतापगढ़ किला है, जो 1659 में छत्रपति शिवाजी महाराज और बीजापुर सल्तनत के जनरल अफजल खान के बीच हुए प्रतापगढ़ युद्ध के कारण अत्यधिक ऐतिहासिक महत्व रखता है। इस युद्ध ने मराठा साम्राज्य की स्थापना के लिए मंच तैयार किया था। यात्रा के बाद, पर्यटक एक उपयुक्त स्थान पर दोपहर का भोजन करेंगे और वापस ट्रेन के लिए रवाना होंगे, क्योंकि यह ट्रेन यहां से यात्रा के अंतिम गंतव्य कोल्हापुर के लिए आगे बढ़ती है। नहाने-धोने और होटल में नाश्ता करने के बाद पर्यटक महालक्ष्मी मंदिर जाएंगे, जिसे अम्बाबाई के नाम से जाना जाता है और उसके बाद पन्हाला किला जाएंगे। सह्याद्री पर्वतमाला के ऊपर स्थित यह पहाड़ी किला कई लड़ाइयों का गवाह है और छत्रपति शिवाजी महाराज से इसका गहरा संबंध है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने 500 से अधिक दिन वहां बिताए थे। यहां उन्हें बंदी बनाकर रखा गया था और बाद में वे भाग निकले थे। पन्हाला किले को ‘सांपों का किला’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह आकार में टेढ़ा-मेढ़ा है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज और शंभाजी महाराज के जीवन इतिहास से जुड़ा हुआ है। इसे किले पर कब्जा करने की लड़ाई के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति बाजी प्रभु देशपांडे द्वारा दिखाई गई वीरता के लिए याद किया जाता है। देर शाम को ट्रेन मुंबई के लिए वापस शुरू होती है और 6वें दिन सुबह मुंबई पहुंचती है। सभी श्रेणियों में सभी समावेशी मूल्य में संबंधित श्रेणियों में ट्रेन यात्रा, आरामदायक होटलों में रात का ठहराव, सभी भोजन (केवल शाकाहारी), बसों में सभी स्थानांतरण और दर्शनीय स्थलों की यात्रा, यात्रा बीमा, टूर एस्कॉर्ट की सेवाएँ आदि शामिल होंगे। यात्रियों को एक सुरक्षित और यादगार अनुभव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए रैली कर रहे सांसद मिगुलए उरीबे को गोली मार

बोगोटा कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में शनिवार को एक चुनाव प्रचार अभियान रैली के दौरान हथियारबंद बदमाशों ने सांसद मिगुएल उरीबे टर्बे को गोली मार दी। अधिकारियों ने इस घटना की जानकारी दी है। देश के ऊपरी सदन सीनेट के सदस्य उरीबे अगले साल होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के संभावित प्रत्याशी हैं। उनकी पार्टी डेमोक्रेटिक सेंटर ने एक बयान जारी कर इस घटना को हिंसा का अस्वीकार्य कृत्य बताया। उनकी पार्टी ने बताया कि यह घटना फोंटिबोन के एक पार्क में हुई जब हथियारबंद हमलावरों ने सांसद को पीछे से गोली मार दी। सोशल मीडिया पर वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों में खून से लथपथ उरीबे को कई लोगों द्वारा पकड़े देखा जा सकता है। संभवत: उनके सिर पर चोट आई है। अभी तक सीनेटर की हालत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। बोगोटा के मेयर कार्लोस गैलन ने एक्स पर पोस्ट साझा कर बताया कि संदिग्ध हमलावर को पकड़ लिया गया है लेकिन संघीय सरकार ने कहा कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया गया है। वहीं, स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक 15 साल के लड़के को पकड़ा गया है। आशंका है कि उसी ने गोली चलाई है। कौन हैं उरीबे मिगुएल उरीबे एक दक्षिणपंथी सीनेटर हैं और उनकी मां एक पत्रकार थीं। उनकी मां की एक आपराधिक गिरोह ने अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी। उरीबे को मई 2026 में होने वाले कोलंबिया के राष्ट्रपति पद के चुनाव का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। उनका परिवार लंबे समय से कोलंबिया में राजनीति का हिस्सा रहा है। उनके एक दादा, जूलियो सेसर टर्बे 1978 से 1982 के दौरान कोलंबिया के राष्ट्रपति रह चुके हैं। उरिबे खुद भी 2022 से सीनेटर हैं। उन्होंने इससे पहले बोगोटा के सरकारी सचिव और सिटी काउंसिलर रह चुके हैं। वह साल 2019 में भी सिटी मेयर के लिए चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन हार गए।  

बकरीद पर LoC पहुंच आसिम मुनीर ने भारत के खिलाफ उगला जहर

नई दिल्ली पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को शनिवार को लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के अग्रिम चौकियों पर देखा गया। मुनीर ने वहां तैनात सैनिकों से मुलाकात की। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, उसने ईद-उल-अजहा के मौके पर जवानों के साथ समय बिताया और उनका मनोबल बढ़ाया। जनरल मुनीर ने इस दौरान पाकिस्तानी सैनिकों की हौसला अफजाई की कोशिश की। हालांकि बकरीद जैसे पाक मोके पर भी जनरल मुनीर भारत के खिलाफ जहर उगलने से बाज नहीं आया। मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान ने हालिया संघर्ष में भारत को करारा जवाब दिया है और अपने जवानों की शहादत का पूरा बदला लिया है। उसने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत के हमलों के जवाब में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। जनरल मुनीर ने इस दौरान एक बार फिर पाकिस्तान का कश्मीर वाला पुराना राग दोहराया और कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों का समर्थन जारी रखेगा। उन्सने इसे पाकिस्तान की मूल नीति बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर मुद्दे को संवेदनशीलता से लेने की अपील की। आपको बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसके बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी सैन्य कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारत के पलटवार से बेदम हो गया। वह अपने एयरबेस तक को भी भारतीय हमले से बचा नहीं पाया। दोनों देशों के बीच चार दिन तक सीमित युद्ध जैसी स्थिति बनी रही। आखिरकार 10 मई को दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी। भारत ने बार-बार दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और रहेंगे। भारत सरकार का स्पष्ट रुख है कि इन क्षेत्रों पर कोई बाहरी दावा अस्वीकार्य है और कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है।  

भारत एक बार फिर अंतरिक्ष में फहराएगा परचम शुभांशु शुक्ला देंगे मिशन को अंजाम

नई दिल्ली भारत एक बार फिर अंतरिक्ष में परचम फहराने के लिए तैयार है। इस बार भारतीय गौरव के वाहक बनेंगे शुभांशु शुक्ला। शुभांशु द्वारा संचालित प्रतिष्ठित एक्सिओम-4 मिशन 10 जून मंगलवार की सुबह अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरेगा। यह मिशन भारतीय समयानुसार सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर होगा। एक्स-4 चालक दल नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में एलसी-39ए से स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होगा। चार देश, एक मिशन यह अमेरिका, भारत, पोलैंड और हंगरी के चार अंतरिक्ष यात्रियों को 14-दिवसीय डॉकिंग मिशन के लिए निम्न पृथ्वी कक्षा में ले जाएगा। इसमें विभिन्न प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें से सात इसरो अंजाम देगा। एएक्स -4 मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए मानव अंतरिक्ष यान की वापसी को साकार करेगा। इसमें हर देश की 40 से अधिक वर्षों में पहली सरकारी प्रायोजित उड़ान होगी। जबकि एएक्स-4 इन देशों के इतिहास में दूसरा मानव अंतरिक्ष यान मिशन है, यह पहली बार होगा जब तीनों देश आईएसएस पर एक मिशन को अंजाम देंगे। इसरो करेगा सात माइक्रोग्रैविटी प्रयोग इसरो आगामी एक्सिओम-4 एक्सिओम इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन मिशन के दौरान सात माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान प्रयोग करेगा। इसरो ने कहाकि मानव स्वास्थ्य, भौतिक/जीवन विज्ञान, सामग्री अनुसंधान, नवीन दवा विकास और जैव प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में संभावित अनुप्रयोगों के साथ माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान का क्षेत्र राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय को महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।  

बेंगलुरु में मरीज ने पांच लोगों को दिया नया जीवन

बेंगलुरु बेंगलुरु में एक ऐसे मरीज के अंगों को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजकर पांच लोगों को नया जीवन दिया गया। इस मरीज को शुक्रवार को चिकित्सकों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इस अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के विमान द्वारा एक गुर्दे और एक कॉर्निया को हवाई मार्ग से बेंगलुरु से दिल्ली पहुंचाया गया। भारतीय वायुसेना ने शनिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में समन्वित अभियान का विवरण और अंगों को हवाई मार्ग से ले जाए जाने की तस्वीरें साझा कीं। वायुसेना ने किया पोस्ट भारतीय वायुसेना की इस पोस्ट में कहा गया कि वायु सेना ने ‘कमांड हॉस्पिटल एयर फोर्स बेंगलुरु’ (सीएचएएफबी) के जरिए जीवनरक्षक प्रतिरोपण को संभव बनाने और विभिन्न स्थानों पर अंगों को पहुंचाने में मदद की। इसमें कहा गया कि शुक्रवार को ब्रेन डेड घोषित किया गया मरीज पांच लोगों को नया जीवन दे गया। भारतीय वायुसेना के अनुसार, एक गुर्दे और एक कॉर्निया को दिल्ली के सैन्य अस्पताल में भेजा गया। दूसरे गुर्दे, कॉर्निया, त्वचा के प्रतिरोपण की प्रक्रिया बेंगलुरु के विक्टोरिया हॉस्पिटल की मेडिकल टीम के सहयोग से सीएचएएफबी में की गई। असाधारण प्रतिबद्धता इस पोस्ट में आगे कहा गया है कि ‘ग्लेनईगल्स बीजीएस अस्पताल’ में लिवर का सफलतापूर्वक प्रतिरोपण किया गया। भारतीय वायुसेना ने पोस्ट में कहाकि यह अभियान ‘जीवनसार्थकथे कर्नाटक’ के साथ मिलकर किया गया। यह सशस्त्र सेना चिकित्सा समुदाय की असाधारण प्रतिबद्धता और चिकित्सकीय क्षेत्र में विशेषज्ञता को दर्शाता है।  

महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने एक नई पहल की शुरू, बिना ब्याज 5 लाख रुपये तक का लोन

नई दिल्ली देश की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। इस योजना के तहत महिलाएं बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकती हैं। खास बात ये है कि यह योजना खासकर ग्रामीण और कम आय वर्ग की महिलाओं के लिए शुरू की गई है, ताकि वे अपना खुद का उद्योग या व्यापार शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। क्या है लखपति दीदी योजना? लखपति दीदी योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने साल 2023 में की थी। इस योजना का उद्देश्य है कि देश की करोड़ों महिलाओं को खुद का रोजगार स्थापित करने में मदद मिले। इसके लिए महिलाओं को जरूरी ट्रेनिंग दी जाती है और उसके बाद उन्हें 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का लोन प्रदान किया जाता है। यह लोन सरकार स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से उपलब्ध कराती है। क्यों खास है ये योजना? बिना ब्याज का लोन: महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी ब्याज के मिलता है स्वरोजगार को बढ़ावा: महिलाएं खुद का काम शुरू करके आत्मनिर्भर बन सकती हैं सरकारी सहयोग: योजना पूरी तरह सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए धोखाधड़ी का खतरा नहीं स्किल ट्रेनिंग: व्यापार शुरू करने से पहले महिलाओं को उचित ट्रेनिंग दी जाती है कौन-कौन ले सकता है योजना का लाभ? इस योजना के तहत आवेदन करने से पहले महिलाओं को कुछ शर्तों को पूरा करना होगा: महिला का संबंध किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) से होना चाहिए परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए यदि कोई महिला इन शर्तों को पूरा करती है, तो वह योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकती है। कैसे मिलेगा लोन? क्या है प्रक्रिया? इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को निम्नलिखित प्रक्रिया अपनानी होगी:     सबसे पहले महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ना होगा     इसके बाद महिला को एक व्यवसाय योजना (Business Plan) तैयार करनी होगी     यह योजना SHG द्वारा संबंधित सरकारी विभाग को भेजी जाएगी     सरकारी अधिकारी उस योजना की समीक्षा करेंगे     योजना स्वीकृत होने पर महिला को बिना ब्याज का लोन मिल जाएगा किन दस्तावेजों की होगी जरूरत? लखपति दीदी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:     आधार कार्ड     पैन कार्ड     आय प्रमाण पत्र     बैंक पासबुक     पासपोर्ट साइज फोटो     मोबाइल नंबर स्वयं सहायता समूह की सदस्यता प्रमाण कितनी महिलाओं को होगा फायदा? सरकार ने इस योजना के तहत 3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके माध्यम से देश के हर कोने में महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे परिवार के लिए आय का मुख्य स्रोत बन सकेंगी। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद महिलाओं को समाज में सम्मान, सशक्तिकरण, और व्यावसायिक कुशलता प्रदान करना है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को जहां रोजगार के अवसर सीमित हैं, वहां यह योजना एक नई उम्मीद लेकर आई है।

तत्काल टिकट बुक करने के लिए चाहिए होगा आधार नंबर

नई दिल्ली भारतीय रेल मंत्रालय ने तत्काल टिकट बुक कराने को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब तत्काल टिकट बुक करते हुए यूजर को अपने वेरिफिकेशन करना होगा। इसके बिना तत्काल टिकट बुक नहीं कराया जा सकेगा। इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पर पोस्ट करते हुए दी है। अब यात्रियों को तत्काल टिकट बुक करते हुए e-Aadhaar ऑथेंटिकेशन करना जरूरी होगा। चलिए इस बदलाव के बारे में डिटेल में समझते हैं। क्या है e-Aadhaar ऑथेंटिकेशन? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में बताया कि जल्द ही Tatkal टिकट बुक करते समय e-Aadhaar ऑथेंटिकेशन ज़रूरी होगा। यह एक तरह का वेरिफिकेशन होगा, जो कि टिकट बुक करवा रहे शख्स के आधार कार्ड के जरिए किया जाएगा। इसे दलालों के द्वारा अवैध टिकट बुकिंग को रोकने के मकसद से लाया जा रहा है। बता दें कि अक्सर तत्काल टिकट बुक करवाते समय चंद मिनटों में IRCTC की वेबसाइट से तत्काल टिकटें बिक जाया करती थीं। ऐसा दलालों के द्वारा अवैध रूप से टिकटें बुक कराने की वजह से होता था। अब इस पर सरकार ने नकेल कसी है। क्या रहेगी तरीका इस नए तरीके का लागू हो जाने के बाद हर यात्री को डिजिटल रूप से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करना होगा। जिसके बाद यूजर को एक OTP मिलेगा और बिना इस OTP के तत्काल टिकट बुक नहीं हो सकेगी। इससे फर्जी बुकिंग और बॉट के जरिए टिकट खरीदने की घटनाएं रोकी जा सकेंगी। इस नए सिस्टम की खास बात यह रहेगी कि पहले 10 मिनट तक सिर्फ वही यात्री तत्काल टिकट बुक कर पाएंगे जिनका IRCTC अकाउंट Aadhaar से लिंक होगा। इन 10 मिनटों के दौरान IRCTC एजेंट को बुकिंग करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार के इस कदम से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। आधार को IRCTC से ऐसे करें लिंक इस बदलाव के बाद IRCTC से ऑनलाइट तत्काल टिकट बुक कराते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहले तो अपने IRCTC अकाउंट को अपने आधार कार्ड के साथ लिंक कर लें। इसके लिए:     IRCTC की वेबसाइट www.irctc.co.in पर जाएं     अपना यूज़रनेम और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें     ‘My Account’ पर जाएं और ऊपर दाईं ओर क्लिक करें     ‘Link Your Aadhaar’ का ऑप्शन सेलेक्ट करें     अपना आधार नंबर और नाम भरें जैसा आधार कार्ड में है.     आपके आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आएगा उसे वेरिफाई करें     ‘Update’ बटन पर क्लिक करें , वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा     इसके बाद स्क्रीन पर कन्फर्मेशन आएगी और आपका अकाउंट लिंक हो जाएगा आधार की इन सेवाओं को चालू रखें इसके अलावा अपने आधार कार्ड के साथ मेन मोबाइल नंबर को जरूर लिंक रखें ताकि आपको IRCTC की ओर से OTP आसानी से मिल सके। अगर आपका फोन नंबर आधार कार्ड के साथ लिंक नहीं है, तो आपको आधार सेंटर पर जाकर अपना नंबर अपडेट कराना होगा। यह काम आप 14 जून तक एक भी रुपया खर्चे बिना करवा सकते हैं। अगर आपको इस बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, तो आप हमारी इस खबर को पढ़ सकते हैं।​

इनकम टैक्स विभाग को आपके डिजिटल डेटा पर नजर रखने का होगा अधिकार, जानें क्या है नया नियम

नई दिल्ली अब आपके सारे डिजिटल डेटा पर सरकार की नजर रहेगी। आपको बिना बताए ईमेल से लेकर सोशल मीडिया पर सरकार पहुंच सकेगी। इसे लेकर एक नया कानूनी नियम आने वाल है। यह 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इस नए कानून के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपका सोशल मीडिया अकाउंट्स, ईमेल्स, बैंक अकाउंट्स और ट्रेडिंग अकाउंट्स को एक्सेस कर पाएगा। आयकर विभाग को अगर आप पर किसी भी तरह से शक होता है कि आपने टैक्स की चोरी की है या आपके पास अघोषित आय है या आप किसी गैरकानूनी सम्पत्ति और ज्वैलरी के मालिक हैं, तो वह आपकी पूरी ऑनलाइन हिस्ट्री कानूनी रूप से खंगाल पाएंगे। चलिए इस नए कानूनी नियम के बारे में डिटेल में समझते हैं। क्या है नया नियम भारत का इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 132 पहले ही अधिकारियों को तलाशी लेने और संपत्ति व अकाउंट बुक्स जब्त करने का कानूनी अधिकार देती है। ऐसा तब होता है जब इनकम टैक्स विभाग को टैक्स की चोरी का शक हो। अब यह अधिकार सिर्फ फिजिकल जगहों तक सीमित नहीं रहेगा। नए इनकम टैक्स बिल के तहत अधिकारियों को डिजिटल दुनिया की जांच का अधिकार भी मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर किसी शख्स पर टैक्स चोरी का शक हो, तो अधिकारी उसके कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल्स, क्लाउड स्टोरेज या सोशल मीडिया अकाउंट्स को कानूनी रूप से खंगाल पाएंगे। इसके लिए उन्हें आपसे किसी तरह की इजाजत लेने की जरूरत नहीं होगी। यह बदलाव टैक्स चोरी के डिजिटल तरीकों पर लगाम लगाने के लिए लाया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इस कानून की वजह से इनकम टैक्स अधिकारी डिजिटल डेटा में झांक कर चोरी करने वालों को आसानी से पकड़ पाएंगे। डिजिटल डेटा में क्या कुछ आएगा? नए इनकम टैक्स बिल के मुताबिक वर्चुअल डिजिटल स्पेस की परिभाषा अब पहले से कहीं ज्यादा डिटेल में लिखी गई है। इसमें टैक्सपेयर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक खाते, ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट अकाउंट्स और ईमेल्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शामिल किया गया है। ये सभी अब सीधे डिजिटल डेटा की सीमा में आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार बिल में बताया गया है कि डिजिटल दुनिया वह जगह है जहां लोग कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट, मोबाइल डिवाइस, नेटवर्क और उभरती हुई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर आपस में जुड़ते हैं और तरह-तरह की डिजिटल गतिविधियाँ करते हैं। इससे इनकम टैक्स विभाग के जांच करने का दायरा भी काफी बढ़ जाएगा। इन अधिकारियों के पास होगा एक्सेस इस नए नियम के अनुसार जिन अधिकारियों को डिजिटल जानकारी खंगालने का अधिकार होगा उनमें जॉइंट डायरेक्टर या एडिशनल डायरेक्टर, जॉइंट कमिश्नर या एडिशनल कमिश्नर, असिस्टेंट डायरेक्टर या डिप्टी डायरेक्टर, असिस्टेंट कमिश्नर या डिप्टी कमिश्नर, इनकम-टैक्स ऑफिसर या टैक्स रिकवरी ऑफिसर शामिल होंगे। अगले साल लागू होने वाले इस कानून के तहत अब टैक्स चोरी को छिपा पाना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा।

भारत में इस जगह खुलेगा ऐपल का चौथा स्‍टोर

मुंबई ऐपल अपने कामकाज को भारत में लगातार बढ़ा रही है। भारतीयों ने जो प्‍यार आईफोन्‍स और दूसरे ऐपल गैजेट्स को दिया है, उसने कंपनी को देश में अपने नए स्‍टोर्स खोलने के लिए प्रेरित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल का चौथा स्‍टोर मुंबई के बोरीवली उपनगर में खुलने जा रहा है। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। कंपनी ने 12,616 स्‍क्‍वॉयर फुट की एक जगह वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के पास बने एक मॉल में लीज पर ली है। रिपोर्ट के अनुसार, यह जगह 10 साल 10 महीने के लिए ली गई है। हर ऐपल स्‍टोर की तरह यहां भी कंपनी अपने लेटेस्‍ट प्रोडक्‍ट्स को सेल करेगी। हर नया आईफोन जो ऐपल स्‍टोर्स में पहुंचता है, उसे यहां भी लाया जाएगा। देश में कहां-कहां हैं ऐपल स्‍टोर्स ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल ने अपना पहला स्‍टोर मुंबई में खोला था। उसके बाद दिल्‍ली में दूसरा स्‍टोर शुरू किया। हाल ही में खबर आई थी कि कंपनी ने अपना तीसरा स्‍टोर खोलने के लिए बंगलूरू में जगह ले ली है। अब चौथा स्‍टोर भी मुंबई के बोरीवली में खुलने जा रहा है। ऐपल स्‍टोर्स में क्‍या मिलता है जिस तरह से कंपनियां अपने ऑनलाइन स्‍टोर में प्रोडक्‍ट्स बेचती हैं, उसी तरह ऑफलाइन स्‍टोर्स में भी गैजेट बेचे जाते हैं। ऐपल स्‍टोर्स में कंपनी अपने लेटेस्‍ट आईफोन, आईपैड, मैकबुक आदि की सेल करती है। जब भी कोई नया ऐपल गैजेट आता है तो उसका रियल फील, ऐपल स्‍टोर में जाकर लिया जा सकता है। ऐपल के ऑफलाइन स्‍टोर से प्रोडक्‍ट खरीदने पर भी कार्ड डिस्‍काउंट वगैरह मान्‍य होता है। लेकिन क्‍या आपको वो बात पता है कि बोरीवली वाले स्‍टोर का किराया कितना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 17.35 लाख रुपये प्रतिमाह चुकाएगी। ईटी की रिपोर्ट कहती है कि कंपनी ने 1.04 करोड़ रुपये सिक्‍योरिटी मनी भी जमा करा दी है। हालांकि कंपनी ने इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। आईफोन 17 सीरीज पर अपडेट इस बीच आईफोन 17 सीरीज पर भी बड़ा अपडेट आया है। रिपोर्ट के अनुसार, अपकमिंग आईफोन को पहले से ज्‍यादा प्राइस में लॉन्‍च किया जा सकता है। कहा ज रहा है कि अमेरिकी टैरिफ की वजह से कंपनी दाम बढ़ाने पर फैसला ले सकती है। फीचर्स की बात करें तो आईफोन 17 सीरीज के डिजाइन में बदलाव देखने को मिल सकता है। चिपसेट के लेवल पर कंपनी शायद कोई अपग्रेड ना दे। सैममोबाइल की एक रिपोर्ट में बताया जा चुका है कि आईफोन 17सीरीज में 50 वॉट की वायरलैस चार्जिंग ऑफर की जा सकती है।

बलूचिस्तान विधानसभा में काउंटर टेररिजम विधेयक 2025 को दी हरी झंडी, आम लोगों के लिए खतरनाक पाक का नया कानून

इस्लामाबाद  पाकिस्तान जैसा देश अपनी ही आवाम पर कहर बरपाने के लिए भी जाना जाता है। बलूचिस्तान में नाक में दम होने के बाद अब विधानसभा में एक ऐसा विधेयक पास किया गया है जो कि मानवाधिकार की धज्जियां उड़ाने वाला है। बलूचिस्तान विधानसभा में काउंटर टेररिजम (बलूचिस्तान अमेंडमेंट) विधेयक 2025 को हरी झंडी दे दी गई है। इस कानून के मुताबिक पाकिस्तान की सेना किसी को भी शक की बुनियाद पर ही गिरफ्तार कर सकती है। इतना ही नहीं सेना शख्स को तीन महीने तक अपनी हिरासत में रख सकती है। इसके लिए किसी तरह के आरोप तय होने की जरूरत भी नहीं है। कानून के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान का यह कानून बलूचिस्तान के लोगों को टारगेट करने के लिए ही बनाया गया है। इस कानून के तहत जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम को बेतहाशा ताकत दे दी गई है। अब यह टीम किसी के लिए भी हिरासत में लेने का आदेश जारी कर सकती है। कानून व्यवस्था में सेना का दखल बढ़ा दिया गया है। आम लोगों की समस्याओं और कानूनी गतिविधियों की निगरानी सेना के अधिकारियों को सौंप दी गई है। इसके अलावा इस कानून से बलूचिस्तान में पुलिसिंग और सैन्य अभियान में अंतर ही खत्म हो गया है। इस कानून के तहत एजेंसियों को तलाशी लेने, गिरफ्तार करने और प्रॉपर्टी सीज करने का भी अधिकार दे दिया गया है। इसके लिए किसी न्यायिक मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। ऐसे में बलूचिस्तान में अब पाकिस्तान आम लोगों पर कहर ढाने वाला है। बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सरकार का विरोध आम बात है। पाकिस्तान सोचता है कि आम लोगों पर अत्याचार करके वह इस आवाज को दबा देगा। बलूचिस्तान में सेना इस कदर कहर ढाती है कि लोग गायब कर दिए जाते हैं। कई परिवार दशकों से अपने परिवार के सदस्यों का इंतजार ही कर रहे हैं। यहां सुरक्षाबल लोगों को अगवा करते हैं। नए कानून से इस तरह की गतिविधियां बढ़ेंगी। वहीं इनको कानून जामा भी पहना दिया जाएगा। बलूचिस्तान याकजेहटी कमेटी ने कहा, इस कानून से बलूचिस्तान एक कानूनी डिटेंशन जोन बन जाएगा। जिस तरह से नाजी जर्मनी में अत्याचार होता था, वही हाल बलूचिस्तान का भी होने वाला है इसके अलावा यह कानून पाकिस्तान के संविधान के आर्टिकल 10 का भी उलंलंघन करता है। इसके तरत आम लोगों को कुछ अधइकार दिए गए हैं। इस मामले में यूएन और अन्य वैश्विक संगठनों को दखल देने की जरूरत है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet