LATEST NEWS

निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई

मुंबई सोमवार को तगड़ी गिरावट के बाद आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी आई है. BSE SENSEX 1700 से ज्‍यादा अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है, जबकि न‍िफ्टी में 500 अंकों की तेजी देखी जा रही है. 1:30 pm तक सेंसेक्‍स 74,800 और निफ्टी 22,650 पर थे. बाजार में यह तेजी आरबीआई के MPC बैठक के फैसले से पहले आई है. उम्‍मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. बाजार में तेजी के साथ ही बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी उछाल आया है और यह 4.61 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 393.86 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. इंडिया फीयर गेज (India VIX) 10.2% गिरकर 20.47 पर पहुंच चुका है. क्‍यों आई मार्केट में तूफानी तेजी?     अमेरिका और एशियाई बाजारों में भारी उछाल के कारण आज इंडियन मार्केट में भी तेजी देखी जा रही है. खासकर आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है. वहीं जापान का निक्केई 5.6 फीसदी चढ़ चुका है.     RBI की एमपीसी की बैठक के फैसले 9 अप्रैल को आने वाले हैं ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में 25 प्रतिशत की कमी आ सकती है. जिसे लेकर बाजार साकारात्‍मक बना हुआ है.     सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने जमकर खरीदारी की है, जिस कारण निफ्टी और सेंसेक्‍स में तेजी देखी जा रही है. बड़े निवेशक भी इस डिप पर अच्‍छे स्‍टॉक को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं.     क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट आई है. यह 65 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका है. जो अगस्‍त 2021 का निचला स्‍तर है. ट्रंप के टैरिफ की वजह से बड़ी गिरावट आई है. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सभी शेयर ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्‍यादा तेजी Zomato और Titan के शेयरों में 4 फीसदी से ज्‍यादा की आई है. वहीं SBI,LT और एशियन पेंट्स के शेयरों में 3 फीसदी की तेजी आई है. आज के टॉप गेनर फाइव स्‍टार बिजनेस के शेयर में 7 फीसदी की तेजी आई है. पीजी इलेक्‍ट्रोपास्‍ट के शेयर में 6.36 फीसदी, Kaynes Technology के शेयर में 5 फीसदी, पॉलिसी बाजार के शेयर में 6 फीसदी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में 6 फीसदी और बाइकॉन के शेयर में 5 फीसदी की तेजी आई है.

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द होगी बढ़ोतरी होगी, पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई

नई दिल्ली रसोई गैस की कीमत में 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी उज्ज्वला और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए होगी। यानी अब गैस सिलेंडर के लिए 803 रुपए की बजाय 853 रुपए देने होंगे। वहीं उज्जवला योजना वाला सिलेंडर लेने के लिए 550 रुपए चुकाने होंगे। इससे पहले सरकार ने पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी है। अब सिलेंडर गैस की कीमत 853 रुपये हो गई केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ेगी। 500 से यह 550 (पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए) हो जाएगी और अन्य के लिए यह 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जाएगी। यह एक ऐसा कदम है जिसकी हम आगे चलकर समीक्षा करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा,”हम हर 2-3 सप्ताह में इसकी समीक्षा करते हैं। इसलिए, आपने जो उत्पाद शुल्क में वृद्धि देखी है, उसका बोझ पेट्रोल और डीजल पर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। उस उत्पाद शुल्क वृद्धि का उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों को 43,000 करोड़ रुपये की भरपाई करना है, जो उन्हें गैस के हिस्से पर हुए नुकसान के रूप में हुआ है।” सरकार ने क्या कहा? सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार 8 अप्रैल 2025 से एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है. यह बढ़ोतरी उज्ज्वला योजना और नॉन-उज्ज्वला यानी सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगी. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब औरतों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाता है, ताकि उन्हें साफ-सुथरा खाना पकाने का ईंधन यानी एलपीजी मिल सके. इस योजना का फायदा ग्रामीण इलाकों की गरीब महिलाओं को दिया जाता है. अब नई कीमतों के अनुसार, उज्ज्वला योजना और अन्य उपभोक्ताओं, दोनों को गैस सिलेंडर के लिए 50 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) को लेकर सोमवार को बड़ी खबर आई. दरअसल, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty Rise) में इजाफा कर दिया है. एक ओर जहां पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये बढ़ाई गई है, तो डीजल पर भी सरकार ने 2 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है. इसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन राहत भरी बात ये है कि सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी किए जाने के साथ ही साफ कर दिया गया है कि आम ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं होगा. तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने ये निर्णय लिया है. क्या होती है Excise Duty? पहले समझ लेते हैं कि आखिर ये Excise Duty होती क्या है? तो बता दें भारत में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक टैक्स है, जो ईंधन की कीमत का एक बड़ा हिस्सा बनाता है. फिलहाल पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 19.90 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगभग 15.80 रुपये प्रति लीटर है. गौरतलब है कि 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.56 रुपये लीटर थी, जिसे बाद में कई बार बढ़ोतरी हुईं. जनता पर नहीं पड़ेगा बोझ सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भले ही इजाफा कर दिया है, लेकिन इसका असर ग्राहकों पर पड़ने की बात से इनकार किया है. पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की ओर से साफ किया गया है कि PSU ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को उत्पाद शुल्क दरों में की गई वृद्धि के बाद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं करने को कहा गया है. 2022 में घटाई गई थी एक्साइज ड्यूटी साल 2021 में, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज़ ड्यूटी ₹27.90 और ₹21.80 प्रति लीटर थी. मई 2022 में केंद्र सरकार ने राहत के तौर पर पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये की कटौती की थी, जिसके बाद ये वही दरें लागू थीं. भारत में वर्तमान में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस करीब 32 रुपये है. इस पर केंद्र सरकार 33 रुपये एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है और बाद में अलग-अलग राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिससे डीजल और पेट्रोल के दाम तीन गुना तक बढ़ जाते हैं. अभी चार महानगरों में Petrol-Diesel की कीमत नई दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 104.21 रुपये है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 103.94 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल की बात करें, तो नई दिल्ली में डीजल की कीमत 87.62 रुपये है. वहीं, मुंबई में डीजल की कीमत 92.15 रुपये है. कोलकाता में डीजल की कीमत 90.76 रुपये प्रति लीटर है और चेन्नई में डीजल के दाम 92.34 रुपये प्रति लीटर है.  

मोटोरोला का नया edge 60 FUSION मॉडल है खास

मोटोरोला का ये मॉडल है खास Motorola ने पेश किया नया edge 60 FUSION – जो edge 50 fusion से कहीं आगे है! इसमें मिलता है दुनिया का सबसे इमर्सिव 1.5K ऑल 4 साइड कर्व्ड डिस्प्ले, दुनिया का पहला ट्रू कलर^ Sony-LYTIA 700C सेंसर, सेगमेंट का सबसे एडवांस्ड motoAI अनुभव, और मिलिट्री ग्रेड मजबूती, अब सिर्फ 20,999* रुपए की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध ●    motorola edge 60 FUSION अपने पिछले संस्करण (edge 50 fusion) की तुलना में बड़े अपग्रेड के साथ आता है। यह Motorola का अब तक का सबसे शार्प और ब्राइट डिस्प्ले पेश करता है, जिसमें दुनिया का सबसे इमर्सिव Super HD (1220p) ऑल-कर्व्ड डिस्प्ले है, सेगमेंट में सर्वश्रेष्ठ 96.3% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो, 4500 nits की पीक ब्राइटनेस, और Pantone™ द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रू कलर्स* है। motorola edge 60 FUSION ने Pantone™ के मूल्यांकन और ग्रेडिंग मानदंडों को पूरा किया है, जिससे यह वास्तविक दुनिया के Pantone रंगों को सटीक रूप से प्रदर्शित करने में सक्षम है। ●    motorola edge 60 FUSION में 50MP कैमरा सिस्टम दिया गया है और यह दुनिया के पहले तथा सेगमेंट में सर्वश्रेष्ठ True Colour Sony LYTIA™ 700C सेंसर के साथ आता है, जो हर फोटो और वीडियो में अविश्वसनीय लो-लाइट परफॉर्मेंस प्रदान करता है। यह एडवांस्ड कैमरा सिस्टम Moto AI पावर्ड मैजिकल फीचर्स के साथ आता है,जिसमें एडेप्टिव स्टेबिलाइजेशन, एआई फोटो एन्हांसमेंट के साथ-साथ गूगल एआई टूल्स (मैजिक इरेज़र, अनब्लर, मैजिक एडिटर), डुअल कैप्चर और ऑडियो ज़ूम शामिल हैं। ●    डिवाइस सेगमेंट का सर्वश्रेष्ठ AI अनुभव प्रदान करता है, जो motoAI द्वारा संचालित है, जिसमें मैजिक कैनवास (टेक्स्ट को इमेज में बदलने के लिए) और असिस्ट फीचर्स जैसे कैच मी अप, पे अटेंशन, रिमेंबर दिस और रिकॉल शामिल हैं। ●    motorola edge 60 FUSION जबरदस्त ड्यूरेबिलिटी के साथ आता है, जिसने 16 स्तरों के MIL-810H मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड प्रोटेक्शन को पास किया है, साथ ही यह IP68+IP69 (सबसे उच्च स्तर की वाटर प्रोटेक्शन) और 4 कर्व्ड डिस्प्ले पर गोरिल्ला ग्लास 7i प्रोटेक्शन भी प्रदान करता है। यह सब एक परिष्कृत और आकर्षक डिज़ाइन के साथ प्रीमियम अनुभव प्रदान करते हुए किया गया है। ●    रंगों की वैश्विक प्राधिकरण संस्था, Pantone Color Institute™ के सहयोग से डिज़ाइन किया गया motorola edge 60 FUSION विशेष रूप से क्यूरेट किए गए रंग विकल्पों – PANTONE Amazonite, PANTONE Slipstream और PANTONE Zephyr में उपलब्ध होगा।   ●    motorola edge 60 FUSION भारत में Flipkart, Motorola.in और प्रमुख रिटेल स्टोर्स पर 9 अप्रैल 2025 से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा, जिसकी प्रभावी शुरुआती कीमत मात्र 20,999* रुपए होगी। नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2025: मोबाइल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में एक वैश्विक अग्रणी कंपनी और भारत का प्रमुख एआई स्मार्टफोन ब्रांड, मोटोरोला ने आज अपनी नई और बहुप्रतीक्षित edge 60 सीरीज़ का पहला स्मार्टफोन motorola edge 60 FUSION लॉन्च किया। यह नया स्मार्टफोन अपनी बेहद लोकप्रिय जनरेशन Motorola edge 50 fusion की तुलना में लगभग हर पहलू में एक महत्वपूर्ण अपग्रेड है। इसे उन उपभोक्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो एक प्रीमियम स्मार्टफोन की तलाश में हैं, जिसमें शानदार डिज़ाइन और अत्याधुनिक फीचर्स का अनूठा संयोजन हो। शक्तिशाली AI-ड्रिवन अनुभवों के साथ, motorola edge 60 FUSION उपयोगकर्ता के दैनिक कार्यों को अधिक सरल और सहज बनाता है। स्मार्टफोन की कुछ प्रमुख विशेषताओं में दुनिया का सबसे इमर्सिव 1.5K ऑल 4 साइड कर्व्ड डिस्प्ले शामिल है, जिसमें पैनटोन द्वारा प्रमाणित ट्रू कलर* है, दुनिया का पहला और सेगमेंट का सबसे बेहतरीन 100% ट्रू कलर सोनी LYT 700C कैमरा सिस्टम है, जिसमें एडवांस AI LED इमेजिंग फीचर हैं, सेगमेंट के सबसे बेहतरीन AI फीचर हैं, जो विभिन्न जनरेटिव AI, कैमरा और Moto AI असिस्ट फीचर्स के साथ आते हैं। इसके अलावा, स्मार्टफोन में ट्रू MIL-810H मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड प्रोटेक्शन के साथ IP68 और IP69 अंडरवाटर प्रोटेक्शन भी है और यह 3 अलग-अलग पैनटोन क्यूरेटेड शानदार रंगों और प्रीमियम वेगन लेदर फिनिश के साथ आता है। motorola edge 60 FUSION मोटोरोला का अब तक का सबसे शार्प और ब्राइट डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन है। इसमें सेगमेंट का सर्वश्रेष्ठ 96.3% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो और सबसे अधिक 45 डिग्री (साइड) व 33 डिग्री (टॉप और बॉटम) कर्वेचर है, जो इसे दुनिया का सबसे इमर्सिव 1.5K ऑल-कर्व्ड डिस्प्ले बनाता है। यह पैनटोन™ द्वारा प्रमाणित ट्रू कलर* के साथ भी आता है। pOLED डिस्प्ले स्क्रीन पर प्रदर्शित प्रत्येक कंटेंट की पूर्ण रंग क्षमता को दर्शाता है, जो उपयोगकर्ताओं को शार्प डिटेल और कम पिक्सेलेशन के साथ एक स्पष्ट, जीवंत तस्वीर का आनंद लेने की सुविधा देता है। इसका 1220p 1.5K सुपर HD रिज़ॉल्यूशन, स्टैंडर्ड Full HD (1080p) डिस्प्ले की तुलना में 13% अधिक रिज़ॉल्यूशन प्रदान करता है। पिछली जनरेशन के motorola edge की तुलना में यह 2.8 गुना अधिक ब्राइट हैं, जिसमें 4500 निट्स की पीक ब्राइटनेस है, जो इसे सेगमेंट का सबसे ब्राइट डिस्प्ले बनाता है। उपयोगकर्ता एक जीवंत amOLED HDR10+ डिस्प्ले पर गहरे काले रंग और एक अरब से अधिक रंगों के अनंत कंट्रास्ट का अनुभव कर सकते हैं। इसके अलावा, 100% DCI-P3 कलर गैमट के साथ अधिक ब्राइट और वाइब्रेंट रंगों का आनंद लें सकते हैं, जो सिनेमा-स्तरीय रंग की सटीकता को सुनिश्चित करता है। motorola edge 60 FUSION दुनिया का पहला स्मार्टफोन है जिसमें Pantone™ प्रमाणित ऑल क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले है, यह Pantone के मूल्यांकन और ग्रेडिंग मानदंडों को पूरा करता है, जिससे यह वास्तविक दुनिया के Pantone Colors की पूरी रेंज को सटीक रूप से प्रदर्शित कर सकता है। Pantone SkinTone™ प्रमाणन यह सुनिश्चित करता है कि डिस्प्ले मानव त्वचा के विशाल रंग स्पेक्ट्रम को पूरी तरह से और सटीक रूप से प्रदर्शित करे। इसका अल्ट्राफास्ट 120Hz रिफ्रेश रेट ऐप्स के बीच स्विच करने, गेम खेलने और वेब ब्राउज़िंग को बेहद सरल और गतिशील बनाता है।300Hz लो-लेटेंसी टच रेट के साथ, स्क्रीन का टच रिस्पॉन्स स्टैण्डर्ड डिस्प्ले की तुलना में अत्यधिक तेज़ और सटीक हो जाता है। डिस्प्ले में कुछ अतिरिक्त फीचर्स भी शामिल हैं, जैसे आई केयर, जो SGS-प्रमाणित लो ब्लू लाइट एमिशन के माध्यम से आंखों की सुरक्षा करता है, और DC डिमिंग, जो स्क्रीन की ब्राइटनेस को एडजस्ट करके दिखाई देने वाले फ्लिकर को कम करता है। इसके अलावा, motorola edge 60 FUSION सेगमेंट के सबसे मजबूत Corning® Gorilla® Glass 7i  के साथ आता है, जो 2 गुना बेहतर … Read more

US टैरिफ से भारतीय शेयर बाजार को तगड़ा इटका, सेंसेक्स-निफ्टी धाराशायी

मुंबई जिसका डर था वहीं हुआ… जी हां एशियाई शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट (Asia’s Market Crash) का असर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) पर भी दिखा और खुलने के साथ ही दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी बिखर गए. प्री-ओपन मार्केट में ही दोनों करीब 5 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आ रहे थे. इसके बाद जब मार्केट ओपन हुआ तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 3000 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ ओपन हुआ, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) ने भी 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स से लेकर रिलायंस तक के शेयर में तगड़ी गिरावट आई. खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 75,364.69 की तुलना में बुरी तरह फिसलकर 71,449 के लेवल पर खुला, तो वहीं NSE Nifty ने अपने पिछले बंद 22,904 की तुलना में गिरकर 21758 पर कारोबार की शुरुआत की. इसके बाद दोनों इंडेक्स कुछ ही देर में और फिसलते चले गए निफ्टी-50 जहां 1000 अंक टूटकर 21,743 पर आ गया, तो सेंसेक्स 71,425 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया. Reliance से Tata तक के शेयर क्रैश शुरुआती कारोबार में बीएसई का लार्जकैप इंडेक्स पूरी तरह लाल नजर आया. सभी 30 बड़ी कंपनियों के शेयर बुरी तरह टूटकर कारोबार कर रहे थे. इस बीच सबसे ज्यादा गिरावट Tata Steel Share में आई और ये 10.43 फीसदी गिरकर 125.80 रुपये पर आ गया. इसके अलावा Tata Motors Share (8.29%), Infosys Share (7.01%), Tech Mahindra Share (6.85%), LT Share (6.19%), HCL Tech Share (5.95%), Adani Ports Share (5.54%), TCS Share (4.99%), Reliance Share (4.55%) और NTPC Share (4.04%) गिरकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Maruti Share, Kotak Bank Share, Axis Bank Share, IndusInd Bank Share, Titan Share, SBI Share, Bajaj Finance Share, HDFC Bank Share, ICICI Bank Share में 2-3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. मिडकैप और स्मॉलकैप का भी बुरा हाल लार्जकैप जैसा ही बुरा हाल सोमवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का भी देखने को मिला. Midcap में शामिल PSB Share (7.94%), Bharat Forge Share (7.86%), Coforge Share (717%), Mazgaon Dock Share (7%), Emcure Pharma Share (6.77%). RVNL Share (6%) और Suzlon Share (6.74%) गिरकर ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप शेयरों में JTL India में सबसे अधिक 13% की गिरावट दर्ज की गई. बीते सप्ताह देखी थी तगड़ी गिरावट बीते सप्ताह शेयर बाजार (Share Market) में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप कंबाइंड रूप से 2.94 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गिर गया था और TATA की TCS से लेकर मुकेश अंबानी की Reliance तक को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. बीते शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 930.67 अंक या 1.22 फीसदी फिसलकर 75,364.69 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं एनएसई का निफ्टी 345.65 अंक या 1.49% की गिरावट लेकर 22,904.45 पर बंद हुआ था. पहले ही मिल रहे थे संकेत भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार को पहले से ही कमजोर ग्लोबल संकेत मिल रहे थे. दरअसल, एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही थी. हांगकांग का हैंगसैंग 9 फीसदी से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं जापान का निक्केई 8 फीसदी से ज्यादा टूटकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) की बात करें, तो ये शुरुआती कारोबार में ही 900 अंक से ज्यादा फिसल गया था. अन्य एशियाई मार्केट्स में भी 4-5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली.  

आरबीआई इस सप्ताह रेपो रेट में 25 आधार अंकों की और कटौती कर सकता है, आज से शुरू होगी MPC की बैठक

मुंबई आरबीआई इस सप्ताह रेपो रेट में 25 आधार अंकों की और कटौती कर सकता है। अमेरिका द्वारा घोषित पारस्परिक शुल्क वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं, ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि विकास को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय बैंक यह कदम उठा सकता है। इसी साल फरवरी में गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट को 25 आधार अंक घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था। यह मई 2020 के बाद रेपो रेट में पहली कटौती थी और ढाई साल बाद मुख्य ब्याज दर में किया गया पहला संशोधन था। आज से शुरू होगी एमपीसी की 54वीं बैठक रेपो रेट का निर्धारण करने वाली एमपीसी की 54वीं बैठक आज शुरू होगी और फैसला नौ अप्रैल को घोषित किया जाएगा। आरबीआई ने फरवरी, 2023 से रेपो रेट (अल्पकालिक उधार दर) को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था। पिछली बार आरबीआई ने कोरोना के समय (मई 2020) दर में कमी की थी और उसके बाद इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था।   बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि इस सप्ताह घोषित की जाने वाली ऋण नीति ऐसे समय में आएगी, जब दुनिया भर में और अर्थव्यवस्था के भीतर कई चीजें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का नए दौर की विकास संभावनाओं और मुद्रा पर कुछ प्रभाव पड़ेगा और एमपीसी को इस पर विचार करना होगा। तटस्थ रुख के साथ दरों में कटौती की उम्मीद: इक्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत और चीन सहित लगभग 60 देशों पर 11-49 प्रतिशत के पारस्परिक टैरिफ का एलान किया है। यह नौ अप्रैल से लागू होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के लिए चुनौतियां और अवसर दोनों हैं, क्योंकि निर्यात में उसके कई प्रतिस्पर्धी देश, जैसे चीन, वियतनाम, बांग्लादेश, कंबोडिया और थाइलैंड पर उच्च शुल्क लगाया गया है। रेटिंग एजेंसी इक्रा को भी उम्मीद है कि एमपीसी अपनी आगामी बैठक में तटस्थ रुख बनाए रखते हुए दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करेगी। दरों में कटौती के बजाय निगरानी का रुख अपनाए आरबीआई एसोचैम उद्योग संगठन एसोचैम ने सुझाव दिया कि आगामी मौद्रिक नीति को इस स्तर पर दर में कटौती करने के बजाय प्रतीक्षा और निगरानी का रुख अपनाना चाहिए। प्रेसिडेंट संजय नायर ने कहा कि आरबीआई ने हाल ही में विभिन्न उपायों के माध्यम से बाजार में नकदी डाली है। हमें इन उपायों के पूंजीगत व्यय वृद्धि और खपत पर प्रभाव को देखने के लिए धैर्य रखना चाहिए। ऐसे में मुझे दरों को स्थिर रखने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बाहरी मोर्चे पर चुनौतियों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था के नए वित्त वर्ष में मजबूत स्थिति में रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 26 के लिए लगभग 6.7 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि रहने की संभावना है जबकि खुदरा मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने की संभावना है। फरवरी में खुदरा मुद्रास्फीति सात महीने के निचले स्तर 3.61 प्रतिशत पर आ गई। दरों में कटौती से आवास बाजार में बढ़ेगी मांग सिग्नेचर ग्लोबल सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि आरबीआई खपत को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे छह प्रतिशत पर ला सकता है। उन्होंने कहा कि नीतिगत दर में कमी उधार लेने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाती है, जिससे अधिक लोग घर खरीदने के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं, जिससे आवास बाजार में मांग बढ़ती है। हालांकि, इस दर में कटौती का वास्तविक प्रभाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि वाणिज्यिक बैंक आरबीआद के नीतिगत निर्णय को लोगों को कितनी प्रभावी और तेजी से पहुंचाते हैं।  

170 किमी की आध्यात्मिक पदयात्रा हुई समाप्त, अनंत अनंत ने अपने 30वें जन्मदिन पर भगवान द्वारकाधीश को नमन किया

नई दिल्ली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर अनंत अंबानी की 170 किमी की पदयात्रा रविवार (6 अप्रैल) को द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर समाप्त हो गई. अनंत ने अपने 30वें जन्मदिन पर भगवान द्वारकाधीश को नमन किया. यात्रा के समापन में उनकी मां नीता अंबानी और पत्नी राधिका मर्चेंट भी शामिल हुईं. अनंत अंबानी की यह धार्मिक पदयात्रा 29 मार्च को जामनगर से शुरू हुई थी. अनंत अंबानी ने इस यात्रा को व्यक्तिगत और आध्यात्मिक यात्रा बताया. उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और आशीर्वाद से परिपूर्ण रही. उन्होंने द्वारकाधीश के दर्शन-पूजा करने के बाद सभी को रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. एएनआई से बात करते हुए अनंत ने कहा, ‘ये मेरी खुद की धार्मिक यात्रा है. भगवान का नाम लेकर यात्रा की शुरुआत की थी और भगवान का नाम लेकर ही यात्रा पूरी हो गई. भगवान श्री द्वारकाधीश की हम पर बहुत कृपा रही है. इसके लिए मैं भगवान श्री द्वारकाधीश का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं.’ मेरे पिताजी ने हमेशा मेरा साथ दिया: अनंत अंबानी अनंत अंबानी ने कहा, ‘आज मेरी पत्नी और माता जी भी आई हैं. मेरे पिताजी ने भी हमेशा मेरा साथ दिया. इस यात्रा के लिए भी उन्होंने मुझे शक्ति दी. मैं अपने दादी, नानी, सास-ससुर मैं सभी का आभार जताना चाहता हूं.’ मां के रूप में ये मेरे लिए ये गर्व की बात- नीता अंबानी अनंत अंबानी की मां और रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष नीता अंबानी ने कहा कि एक मां के रूप में अपने सबसे छोटे बेटे अनंत को द्वारकाधीश के इस दिव्य स्थान की पदयात्रा पूरी करते देखना बहुत गर्व की बात है. उन्होंने कहा, ‘पिछले 10 दिनों से अनंत की पदयात्रा में शामिल सभी युवा हमारी संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. मैं द्वारकाधीश से यही प्रार्थना करती हूं कि वे अनंत को शक्ति प्रदान करें.’ पत्नी राधिका मर्चेंट बोलीं- हमें गर्व है… अनंत की पत्नी राधिका मर्चेंट ने कहा कि अनंत की इच्छा थी कि वे अपनी शादी के बाद पदयात्रा करें. आज उनका 30वां जन्मदिन है. हमें गर्व है कि आज हम यहां अनंत का जन्मदिन मना रहे हैं. मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करती हूं, जिन्होंने अनंत की पदयात्रा को सफल बनाने के लिए आशीर्वाद दिया. यात्रा के दौरान मुर्गियों को आजाद कराया अनंत अंबानी ने अपनी यात्रा के दौरान मुर्गियों से भरी गाड़ी को रुकवाया. उसमें करीब 250 मुर्गियां थीं, जिन्हें बूचड़खाने ले जाया जा रहा था. अनंत ने मुर्गियों की दोगुनी कीमत देकर उन्हें आजाद कराया. इसके बाद वह मुर्गी हाथ में लेकर चलते भी दिखाई दिए. वन्यजीवों के संरक्षण के लिए चलाते हैं वनतारा अनंत अंबानी का वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ा वनतारा फिलहाल सुर्खियों में है. यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. वनतारा संरक्षण केंद्र दो हजार से ज्यादा प्रजातियों और डेढ़ लाख से ज्यादा संकटग्रस्त जानवरों का घर है. वनतारा को पशु कल्याण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित प्राणी मित्र पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

दिल्ली के वाहन चालक को लगा झटका, CNG की कीमतों में बढ़ोतरी, अब गाड़ी चलाना होगा महंगा

नई दिल्ली दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो गई है, जिससे राजधानी में वाहन चालकों के लिए सफर करना महंगा हो सकता है। अब सीएनजी की कीमत 76.09 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जो पिछले मुकाबले में 1 रुपये की बढ़ोतरी का संकेत देती है। इस बढ़ोतरी के पीछे सरकार के द्वारा एमपीएम गैस की कीमतों में चार प्रतिशत का इजाफा किया जाना मुख्य कारण है। सीएनजी कीमतों में वृद्धि का कारण सीएनजी की कीमत में यह वृद्धि, प्रशासनिक मूल्य प्रणाली (APM) के तहत उत्पादित प्राकृतिक गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण हुई है। दो साल बाद एपीएम गैस की कीमतों में यह वृद्धि की गई है, जो सीएनजी के दामों पर सीधा असर डाल रही है। इससे पहले, अप्रैल 2023 में भी एमपीएम गैस के दाम बढ़ाए गए थे। कैसे चेक करें नए रेट्स? दिल्ली के वाहन चालक अब घर बैठे सीएनजी के ताजे रेट्स जान सकते हैं। हर दिन सुबह 6 बजे, तेल कंपनियां सीएनजी की कीमतों में संशोधन करती हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि इस दिन सीएनजी की कीमत क्या है, तो आप तेल कंपनी के आधिकारिक नंबर पर एसएमएस भेजकर इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्या इसका असर आम आदमी पर होगा? सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतें दिल्लीवासियों के लिए निश्चित तौर पर महंगाई का कारण बन सकती हैं, खासकर उन परिवारों के लिए जो गाड़ियों का उपयोग करते हैं। इस बढ़ोतरी से लोगों की जेब पर असर पड़ेगा, जबकि राजधानी में महंगाई पर राहत की उम्मीदें भी अब कम हो सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता?

नई दिल्ली यह बहुत ही कम बार होता है कि एक तरफ मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हो रहा हो और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ रही हो।  रुपया डॉलर के मुकाबले पांच पैसे मजबूत हो कर 85.25 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी तरफ, ब्रेंट क्रूड (क्रूड बाजार का मानक) की कीमतों में पिछले तीन वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट भी शुक्रवार को हुई। यह 3.26 फीसद की गिरावट के साथ 67.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था। फिर जरूर मिली होती राहत अगर किसी सामान्य काल में ऐसा होता तो तेल कंपनियों ने आम जनता को पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमतों में कमी करने का तोहफा जरूर दिया होता, लेकिन फिलहाल इसकी उम्मीद कम दिखती है। वित्त मंत्रालय के आला अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन की तरफ से पारस्परिक शुल्क लगाने के बाद जिस तरह से वैश्विक माहौल बन रहा है, उसको देखत हुए सतर्क रहने की जरूरत है। एक साल पहले कम हुई थी कीमतें भारत में पिछली बार पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती पिछले आम चुनाव से पहले मार्च, 2024 में दो रुपये प्रति लीटर की हुई थी। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ें स्वयं बताते हैं कि जून, 2024 और सितंबर, 2024 को छोड़ दिया जाए तो भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च, 2024 के मुकाबले सस्ती दरों पर ही कच्चे तेल की खरीद की है। मार्च, 2024 के माह में भारत के लिए क्रूड खरीद की औसत लागत 82.58 डॉलर प्रति बैरल थी। अप्रैल के पहले तीन दिनों में यह 75.76 डॉलर प्रति बैरल है। केयर एज रेटिंग एजेंसी की एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में भारत की औसत क्रूड खरीद कीमत 85.21 डॉलर प्रति बैरल, दूसरी तिमाही में 78.80 डॉलर प्रति बैरल, तीसरी तिमाही में 73.83 डॉलर प्रति बैरल रही है। क्या कम होंगे पेट्रोल-डीजल के भाव? अगर छह महीने तक इस एजेंसी ने क्रूड की कीमत को 75-80 डॉलर रहने का अनुमान लगाया है। अब कीमतें विशेष शोध एजेंसियों के अनुमान से नीचे आ गई हैं और कुछ अंतरराष्ट्रीय एजंसियों ने इससे भी नीचे जाने की बात कही है। वजह यह बताया जा रहा है कि अमेरिका भी क्रूड उत्पादन बढ़ा रहा है और तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) ने भी उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। एक तरफ उत्पादन बढ़ने की स्थिति है तो दूसरी तरफ मांग के घटने की संभावना है। क्यों कम हो रहीं क्रूड की कीमतें? एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि पारस्परिक कर लगाने का फैसला अमेरिका में महंगाई के स्तर को 2.2 फीसद तक बढ़ा सकता है। वैश्विक निर्यात की वृद्धि दर वर्ष 2024-25 में 2.9 फीसद थी वह वर्ष 2025-26 में घट कर 1.3 फीसद आ सकती है। यह मंदी की तरफ से इशारा करता है। संभवत: क्रूड की कीमतें इस डर से ही कम हो रही हैं। पूर्व में कई बार जब क्रूड महंगा हुआ है तब तेल कंपनियों ने यह कह कर बहाना बनाया है कि डॉलर महंगा हो रहा है। चूंकि आयातित क्रूड का भुगतान तेल कंपनियां डॉलर में करती हैं और जब यह महंगा होता है तो उन्हें खाते से ज्यादा रुपये का भुगतान होता है। अभी ऐसा नहीं है। फरवरी, 2025 में एक डॉलर की कीमत एक समय 88.10 के स्तर को छू गई थी। लोग इसके जल्द ही 100 के आंकड़ें के पार होने के कयास लगा रहे थे। लेकिन पिछले कुछ कारोबारी दिनों में यह लगातार मजबूत हो रहा है।  

TATA Capital आ रही 15000Cr का IPO, SEBI के पास कॉन्‍फिडेशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए पेपर जमा किया

मुंबई नमक से सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर टाटा ग्रुप (Tata Group) अपने एक और कंपनी का IPO लाने की तैयारी कर रहा है. इस आईपीओ का साइज 15000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का होने वाला है. टाटा की इस कंपनी ने सेबी के पास डॉक्‍यूमेंट्स सबमिट किया है. टाटा की यह कंपनी TATA Capital है, जो फाइनेंशियल सर्विस प्रोवाइड कराती है.  रिपोर्ट के मुताबिक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विस फर्म और Tata Sons की सहायक फर्म ने मार्केट रेग्‍युलेटर SEBI के पास कॉन्‍फिडेशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए पेपर जमा किया है. IPO के जरिए कितने जारी होंगे शेयर? 25 फरवरी को टाटा कैपिटल (Tata Capital) के बोर्ड ने IPO प्‍लान अप्रूव किया था. इस आईपीओ के जरिए 23 करोड़ शेयर फ्रेश इश्‍यू के जरिए जारी किए जाएंगे. ऑफर फॉर सेल पर मौजूदा शेयर होल्‍डर्स द्वारा इक्विटी जारी किया जाएगा. कंपने के मुताबिक, स्टॉक मार्केट के कंडीशन और रेग्‍युलेटरी क्लियरेंस के आधार पर IPO जारी किया जाएगा. अभी आईपीओ लाने का क्लियर डेट नहीं है. टाटा कैपिटल में इन फर्मों की हिस्‍सेदारी 31 मार्च तक टाटा संस (Tata Sons) के पास टाटा कैपिटल लिमिटेड (Tata Capital) के 92.83% शेयर होल्डिंग थी. इसमें टाटा ग्रुप की और कंपनियों और IFC की भी हिस्‍सेदारी है. पहले बताया गया था कि टाटा कैपिटल गोपनीय प्री-फाइलिंग सिस्‍टम का यूज करते हुए मार्च के आखिरी या अप्रैल की शुरुआत तक पेपर को अंतिम रूप देकर पेश कर देगा. IPO के लिए इन बैंकों की ली मदद कंपनी ने IPO की तैयारी में सलाहकार सहायता के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल (Kotak Mahindra Capital), सिटी, जेपी मॉर्गन (JP Morgan), एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), ICICI सिक्योरिटीज, SBC सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल, बीएनपी पारिबा (BNP Paribas), SBI कैपिटल और HDFC बैंक समेत 10 निवेश बैंकों की सेवाएं ली हैं. क्‍यों आ रहा टाटा का ये IPO? टाटा ग्रुप की ओर से लिया गया है ये फैसला RBI के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें टॉप एनबीएफसी को अधिसूचना के तीन साल के भीतर सार्वजनिक होने का निर्देश दिया गया है, जो सितंबर 2025 तक निर्धारित है. टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, जो अब जनवरी 2024 तक टाटा कैपिटल के साथ विलय हो चुकी है, को नियामक सूची में शामिल किया गया है. इसके अलावा, जून 2024 में, टाटा मोटर्स लिमिटेड (TML), टाटा कैपिटल लिमिटेड (TCL) और टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड (TMFL) के निदेशक मंडल ने एनसीएलटी व्यवस्था योजना के माध्यम से TMFL के साथ टीसीएल के विलय को मंजूरी दे दी है. विलय समझौते के हिस्से के रूप में, टीसीएल अपने इक्विटी शेयर TMFL शेयरधारकों को जारी करेगा, जिससे TML के पास संयुक्त इकाई में 4.7 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. क्रिसिल रेटिंग्‍स की रिपोर्ट क्‍या कहता है? क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Tata Sons ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों में टाटा कैपिटल लिमिटेड में कुल 6,097 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसमें वित्त वर्ष 2019 में 2,500 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2020 में 1,000 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 में 594 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 2,003 करोड़ रुपये शामिल हैं, जो समूह के कर्ज कारोबार पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है. इस फैसले से टाटा कैपिटल, टाटा प्ले, ओयो, स्विगी, विशाल मेगा मार्ट, क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज, इंदिरा आईवीएफ और फिजिक्सवाला के बाद गोपनीय प्री-फाइलिंग मार्ग को चुनने वाली आठवीं प्रमुख भारतीय फर्म बन गई है.

बिल गेट्स ने Microsoft के 50 साल पूरे होने पर शेयर की पुरानी फोटो

माइक्रोसॉफ्ट को 50 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर कंपनी के को-फाउंडर बिल गेट्स ने इंस्टाग्राम पर कुछ मेमोरी शेयर की हैं। यहां उन्होंने कुछ पुरानी फोटोज शेयर की हैं। इसमें उन्होंने लिखा, ‘दुर्भाग्यवश, मैं कभी भी खुद को ‘कूल’ महसूस नहीं कर पाऊंगा, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट के शुरुआती दिनों में मैं ऐसा ही था।’ गेट्स ने साल 2000 तक कंपनी के CEO के रूप में सेवाएं दी हैं। वह खुद इन फोटोज को अजीब बताते हैं। बिल गेट्स ने कंपनी के लिए मैसेज लिखा, ‘हैप्पी 50वां जन्मदिन, माइक्रोसॉफ्ट। शुक्रिया यादों और अजीब फोटो शूट्स के लिए।’ माइक्रोसॉफ्ट के इस खास मौके पर कंपनी के सभी सदस्यों ने अलग-अलग तरीके से बधाई संदेश दिया है। इसमें बिल गेट्स, स्टीव बाल्मर और मौजूदा सीईओ सत्य नडेला शामिल हैं। इसमें तीनों से एक शानदार बातचीत भी शेयर की है। इसमें Microsoft के AI असिस्टेंट Copilot के द्वारा फीचर किया गया है। गेट्स ने की मजेदार बात इस रीयूनियन से सभी ने पुराने पलों को याद किया। साथ ही टेक-फॉरवर्ड मूमेंट पर भी चर्चा की। नडेला ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक क्लिप भी शेयर की है। इस बातचीत में कई अहम चीजों पर बातचीत की। जब AI ने अपनी नज़र तीनों टेक दिग्गजों की ओर मोड़ी, तो बिल गेट्स पर एक मज़ेदार तंज कसा गया, ‘अब बिल, तुम्हारी वो सोचती हुई सीरियस नजर तो बहुत मशहूर है, लेकिन क्या कभी ऐसा लगता है कि तुम्हारा ये ‘सोचने वाला चेहरा’ AI को डराता होगा? ऐसा लगता है जैसे वो ‘ब्लू स्क्रीन’ का इंतजार कर रहा हो!’ बिल गेट्स ने की बात बिल गेट्स ने भी मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, ‘उम्मीद तो है! क्योंकि अब बस यही तो बचा है मेरे पास, जब AI इतनी तेज हो रही है। मेरी यही सोचती हुई नजर और आलोचना करने की आदत मुझे अलग बनाती है।’ इस पर Copilot ने तारीफ करते हुए कहा,’और वाकई, आपकी वो नजर काफी प्रभावशाली है, बिल!’ इसके बाद स्टीव बॉलमर भी अपनी हाजिरजवाबी दिखाते हुए बोले, ‘Copilot, क्या तुम कभी इनकी आलोचना कर पाओगे?’ बातचीत एक प्यारे अंदाज में खत्म हुई, जब Copilot ने टोस्ट उठाते हुए कहा, ‘आने वाले 50 सालों की नई खोजों और रोमांच के नाम – चीयर्स!’ बिल गेट्स ने भी मुस्कुराते हुए फौरन जोड़ा, ‘AI के लिए इसका मतलब क्या होता है? क्या ये पीता भी है?’ इस पूरी बातचीत का एक वीडियो शेयर किया गया है।

US में कोरोना काल जैसा मार्केट क्रैश, ये 4 कारण मंदी का खौफ पैदा कर रहे

वाशिंगटन अमेरिकी बाजार में शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को देर रात फिर बड़ी गिरावट आई है. नैस्‍डैक, Dow Jones और S&P 500 इंडेक्‍स 5 फीसदी से ज्‍यादा गिर गए. वॉल स्ट्रीट कोविड-19 संकट के चरम के बाद से सबसे तीव्र गिरावट का सामना कर रहा है. इस गिरावट को लेकर एक ही बड़ा कारण माना जा रहा है, जो राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का टैरिफ (Donald Trump Tariff) है. चीन ने भी अमेरिका के टैरिफ पर रिएक्‍शन देते हुए 10 अप्रैल से अमेरिका पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. जिस कारण आशंका जताई जा रही है कि कुछ और देश भी अमेरिका पर टैरिफ (US Tariff) लगा सकते हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इससे ट्रेड वॉर की संभावना बढ़ चुकी है, जिससे महंगाई भी बढ़ने की संभावना है और मंदी की स्थिति भी पैदा हो सकती है. चीन के रिएक्‍शन से सहमा US मार्केट चीन द्वारा टैरिफ ऐलान के बाद S&P 500 इंडेक्‍स में 6% की गिरावट आई, जिससे वैश्विक मंदी में ट्रेड वॉर (Trade War) के बढ़ने की आशंका बढ़ गई. मार्च 2020 के बाद से यह एसएंडपी 500 का सबसे खराब सप्ताह था, जब महामारी ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था. Dow Jones में 2,231 अंक (5.5%) की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक में 5.8% की गिरावट आई, जो दिसंबर के उच्च स्तर से 20% से अधिक गिर गया है. 11 महीने के निचले स्‍तर पर बाजार शुक्रवार को, अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में रिकॉर्ड तोड़ 26.79 बिलियन शेयरों का कारोबार हुआ, जो 27 जनवरी 2021 को 24.48 बिलियन के पिछले उच्च स्तर को पार कर गया. नैस्डैक 962.82 अंक गिरकर 15,587.79 पर आ गया, जिससे पुष्टि हुई कि टेक-हैवी इंडेक्स 16 दिसंबर के रिकॉर्ड समापन उच्च 20,173.89 से 20% से अधिक गिरने के बाद एक बीयर बाजार में था. डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2,231.07 अंक गिरकर 38,314.86 पर आ गया, जो 4 दिसंबर के रिकॉर्ड बंद स्तर 45,014.04 से सुधार दिखाता है. इस बीच, रॉयटर्स के अनुसार, एसएंडपी 500 322.44 अंक गिरकर 5,074.08 पर आ गया, जो 11 महीनों में इसका सबसे निचला स्तर है. ग्‍लोबल मंदी का बढ़ रहा खतरा ट्रंप के पारस्‍परिक टैरिफ के ऐलान के बाद अन्‍य देशों की तरफ से भी टैरिफ लगाने की संभावना बढ़ गई. चीन ने अमेरिका पर 34 फीसदी टैरिफ लगाया है. कनाडा ने भी 25 फीसदी टैक्‍स लगाने का ऐलान किया है. इससे ग्‍लोबल महंगाई बढ़ने का खतरा सामने आ गया है. ट्रंप की ओर से उठाया गया ये कदम दुनिया को ग्‍लोबल मंदी की ओर धकेल रहा है. टैरिफ के अलावा मंदी का खौफ बढ़ने के ये कारण? ग्लोबल ट्रेड वॉर का डर: ट्रंप के नए टैरिफ के बाद चीन और कनाडा ने भी जवाबी कदम उठाने की धमकी दी है. इससे निवेशक घबराए हुए हैं. अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26% और अन्य देशों पर 10% आयात शुल्क लगाया है. जवाब में कनाडा ने अमेरिकी वाहनों पर 25% टैरिफ लागू किया है. इससे ग्‍लोबल ट्रेड वॉर का संकट बढ़ चुका है. ग्‍लोबल मार्केट में गिरावट: अमेरिका में S&P 500 इंडेक्स 5% और Nasdaq 5.5% गिरा, जो 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. एशियाई बाजार भी टूटे हैं. जापान का निक्केई 3%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% नीचे रहा. सेक्टोरल दबाव: फार्मा स्टॉक्स, IT शेयर और ऑटो शेयरों में भारी दबाव देखा जा रहा है. रिलायंस के शेयरों में भी जबरदस्‍त बिकवाली हो रही है. Nifty IT इंडेक्स 2% गिरा, Coforge और Persistent Systems सबसे बड़े लूजर रहे. मेटल स्टॉक्स में बिकवाली रही. महंगाई बढ़ने की संभावना: अमेरिका में मंदी बढ़ने का सबसे बड़ा रिस्‍क महंगाई है. कई एक्‍सपर्ट्स का अनुमान है कि अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ने वाला है, क्‍योंंकि दूसरे देशों से आने वाले समान अब ज्‍यादा कीमत पर मिलेंगे. इससे महंगाई बढ़ेगी. वहीं डॉलर इंडेक्‍स में भी गिरावट देखी जा रही है, जो अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था के लिए अच्‍छे संकेत नहीं है. क्‍या बढ़ रहा मंदी का खतरा? ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद ग्‍लोबल मार्केट में महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ चुकी है, जिससे मंदी का रिस्‍क बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. डॉयचे बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री ब्रेट रयान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ट्रंप के टैरिफ से इस साल अमेरिकी विकास दर में 1-1.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है, जिससे मंदी का जोखिम काफी बढ़ सकता है. हालांकि भारत में अभी ऐसा कोई संकट नहीं है. भारत की अर्थव्‍यवस्‍था के लिए अच्‍छे संकेत दिखाई दे रहे हैं.  

अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिरेंगे, भारत में 55,000 प्रति 10 ग्राम आएंगे भाव

नई दिल्ली  क्या कभी सोने की कीमत 55 हजार हो जाएगी। क्या सोने की कीमतों के लिहाज से वक्त 2 साल पीछे हो जाएगा, जब 2023 में 10 ग्राम सोने की कीमत तकरीबन यही थी…संभव हो ऐसा हो। एक अमेरिकी एनालिटिकल कंपनी ने तो कुछ ऐसा ही अनुमान लगाया है। मगर, ऐसा क्यों होगा, इसके पीछे क्या ईरान-अमेरिका, रूस-यूक्रेन युद्ध, बांग्लादेश में तख्तापलट या इजरायल-हमास जंग है, जिसके खत्म होने के आसार लगाए जा रहे हैं। आइए-समझते हैं। किसने की सोने पर ऐसी खुशी देने वाली भविष्णवाणी अमेरिकी कंपनी मॉर्निंगस्टार के विश्लेषक ने यह भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिर सकते हैं। भारत में 24 कैरेट सोने का दाम लगभग 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह $3,100 से ऊपर है। अगर सोने के दाम 40% गिरते हैं, तो भारत में यह लगभग 55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। सोने के दाम कब बढ़ जाते हैं और क्यों यह सुरक्षित निवेश सोने के दाम लगातार बढ़ ही रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि दुनिया बीते कई सालों से युद्ध, महामारी, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के चलते उतार-चढ़ाव से जूझ रही है। चूंकि, युद्ध या संघर्षों के दौरान सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। चीन के साथ अमेरिका का ट्रेड वॉर भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से सोने ने दिखाई अकड़ 2018 में यूक्रेन ने इस क्षेत्र पर रूस के कब्जे की घोषणा की। संघर्ष के इन पहले आठ वर्षों में नौसैनिक घटनाएं और साइबर युद्ध भी शामिल थे। 20 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर आक्रमण किया और कब्जा कर लिया। इस युद्ध की शुरुआत वैसे तो 2014 में तब शुरू हुई थी, जब फरवरी 2014 में यूक्रेन के स्वायत्त गणराज्य क्रीमिया पर रूसी सैनिको ने गुप्त रूप से आक्रमण कर दिया था। इसके बाद से ही छिटपुट युद्ध चलता रहा है। 2022 में इसकी बाकायदा शुरुआत हो गई। तभी से एक और विश्वयुद्ध की आशंका के चलते सोने के भाव बढ़ते चले गए। 2023 में सोना करीब 55 हजार ही था, मगर बीते दो साल में यह दोगुने के करीब पहुंच चुका है। इजरायल-हमास युद्ध ने भी बढ़ाए सोने के भाव बीते कई सालों से इजरायल-हमास के बीच जारी युद्ध के दौरान सोने की चमक लगातार बढ़ती गई। बीते साल अक्टूबर तक सोना 76000 के पार निकल गया था। जो अब 90 हजार के पार पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि अगर यही हाल रहा तो इसकी कीमत इसी साल 1 लाख के पार हो जाएगी। बीते कुछ महीनों से इजरायल और हमास के बीच जंग और गहरी हो गई है। गाजा पट्टी को लेकर संघर्ष भी बढ़ गया है। अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु युद्ध को लेकर टेंशन बीते कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु प्रसार को लेकर भी टेंशन बढ़ रही है। ईरान के गुपचुप तरीके से यूरेनियम संवर्द्धन की खबरें आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास इतनी परमाणु सामग्री जमा हो चुकी है कि वह मौका पाते ही बेहद कम समय में परमाणु हथियार बना लेगा, जो अमेरिका और उसके समर्थक देशों के लिए तबाही ला सकता है। इस बात को लेकर भी अमेरिकी शेयर बाजार कई बार टूटे हैं। मगर, उस वक्त भी सोने ने अंगद की तरह पांव जमा रखे थे। उसके भाव बढ़ते रहे हैं। इन वजहों से गिर सकते हैं सोने के भाव दरअसल, मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट का कहना है कि सोने का उत्पादन बढ़ गया है। 2024 की दूसरी तिमाही में सोने की खदानों को एक औंस पर $950 का मुनाफा हुआ। इसका मतलब है कि सोना निकालने वाली कंपनियों को फायदा हो रहा है। दुनिया भर में सोने का भंडार भी 9% बढ़कर 2,16,265 टन हो गया है। ऑस्ट्रेलिया में सोने का उत्पादन बढ़ गया है। साथ ही, पुराने सोने को पिघलाकर फिर से इस्तेमाल करने का चलन भी बढ़ गया है। क्या सोने की मांग कम होने से दाम गिरना संभव यह भी कहा जा रहा है कि दुनिया में सोने की मांग कम हो सकती है। पिछले साल केंद्रीय बैंकों ने 1,045 टन सोना खरीदा था। लेकिन अब वे शायद उतना सोना न खरीदें। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे में पता चला है कि 71% केंद्रीय बैंक या तो अपना सोने का भंडार कम करेंगे या उसे उतना ही रखेंगे। इससे सोने के दाम में संभव है कि उतनी तेजी न आए, जितना आमतौर पर देखने को मिलती है। क्या सोने का बाजार का यह सैचुरेशन पीरियड यह भी कहा जा रहा है कि सोने का बाजार शायद अब चरम पर पहुंच गया है। 2024 में सोने के कारोबार में विलय और अधिग्रहण 32% बढ़ गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि बाजार अब ऊपर जाने के बजाय नीचे आ सकता है। कुछ मामलों में लोग सोना खरीदने-बेचने के बजाया सोने में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। क्या रूस-यूक्रेन की जंग होगी खत्म, जिससे घटेगा सोना रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमर कस ली है। वह दुनिया के दिग्गज राजनेताओं से इस बारे में मुलाकात और बात भी कर चुके हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस युद्ध के खात्मे के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि अगर ये कोशिशें जारी रहती हैं तो वह दिन दूर नहीं जब दोनों देशों के बीच युद्ध थम जाएगा। वैसे भी दोनों देश अब ज्यादा लड़ने के इच्छुक भी नहीं हैं। अगर ऐसा हुआ तो बाजार सुधरेगा और दुनिया में सोने की बेतहाशा खरीददारी भी थम सकती है। जब सोने की मांग घटेगी तो जाहिर है सोने की कीमतें भी गिर सकती हैं। क्या इजरायल-हमास जंग के भी खत्म होने के आसार है इजरायल और हमास के बीच वैसे तो जंग पूरी तरह से खत्म होने के आसार नहीं हैं। मगर, ये है कि ये संघर्ष कुछ समय के लिए थम सकता है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे लेकर प्रयास कर रहे … Read more

ड्रैगन-अमेरिका में ट्रेड वार शुरू, ट्रंप के टैरिफ के बाद चिनफिंग ने भी लगाया 34% जवाबी टैक्स

बीजिंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2 अप्रैल को दुनिया के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा के साथ ही वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका जताई जाने लगी. अब यह व्यापार युद्ध शुरू होता दिख रहा है क्योंकि चीन भी अमेरिका पर बराबरी का टैरिफ लगाने जा रहा है. चीन के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका से आयातित सभी सामानों पर 10 अप्रैल से 34% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि चीन का यह टैरिफ अमेरिका के हालिया टैरिफ का जवाब है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘2 अप्रैल 2025 को अमेरिकी सरकार ने देश में आयातित सभी चीनी सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया. अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के खिलाफ है जो कि चीन के वैध अधिकारों को नुकसान पहुंचाता है. यह दादागिरी है जो न केवल अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचाएगा बल्कि वैश्विक आर्थिक विकास, उत्पादन की स्थिरता और सप्लाई चेन को भी खतरे में डालेगा.’ चीनी मंत्रालय ने अमेरिका से टैरिफ हटाने का आग्रह कहते हुए कहा, ‘चीन अमेरिका से आग्रह कहता है वो बातचीत के जरिए तुरंत अपने एकतरफा टैरिफ उपायों को हटा ले ताकि व्यापार को लेकर जो भी मतभेद हैं उन्हें सुलझाया जा सके.’ अमेरिका को रेयर अर्थ मेटल्स के निर्यात पर भी नियंत्रण लगाएगा चीन अमेरिकी टैरिफ से नाराज चीन न केवल अमेरिका पर बराबरी का टैरिफ लगा रहा है बल्कि उसने यह भी कहा है कि वो अमेरिका को अब रेयर अर्थ मेटल्स के निर्यात पर भी नियंत्रण लगाएगा. चीन ने कहा है कि वो अमेरिका को मध्यम और भारी रेयर अर्थ मेटल्स यानी दुर्लभ-पृथ्वी धातुओं के निर्यात पर नियंत्रण लगा रहा है. इन धातुओं में समारियम, गैडोलीनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और यिट्रियम शामिल हैं. यह नियंत्रण 4 अप्रैल से ही लागू भी हो गया है. वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘चीनी सरकार कानून के अनुसार प्रासंगिक वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण लागू कर रही है. इसका मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की बेहतर सुरक्षा करना और परमाणु अप्रसार जैसे अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करना है.’ चीन ने पहले ही दी थी जवाबी टैरिफ की धमकी ट्रंप ने पहले ही अमेरिका में आयात होने वाले चीनी सामानों पर 20% का टैरिफ लगाया था.  2 अप्रैल को फिर उन्होंने चीन पर 34% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया जिसके बाद चीनी सामानों पर अमेरिका का टैरिफ 54% हो गया. चीन ने गुरुवार को अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ की निंदा करते हुए कहा था कि वो इन तरीकों का ‘दृढ़ता से विरोध करता है और अपने अधिकारों, हितों की रक्षा के लिए जवाबी उपाय’ लागू करेगा. गुरुवार को एक बयान में, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने टैरिफ की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानदंडों का उल्लंघन बताया और तर्क दिया था कि इससे प्रभावित देशों के वैध अधिकारों को काफी नुकसान पहुंचता है. क्या है टैरिफ? टैरिफ एक तरह का टैक्स है, जो वस्तुओं के आयात पर लगाया जाता है। इसे आयात शुल्क भी कहते हैं। वस्तुओं का आयात करने वाले को यह टैक्स सरकार को देना पड़ता है। आम तौर पर कंपनियां टैरिफ का बोझ ग्राहकों पर डालती हैं। क्या है पारस्परिक टैरिफ? पारस्परिक टैरिफ का मतलब है कि कोई देश दूसरे देश पर उतना ही टैरिफ लगाएगा, जितना टैरिफ दूसरा देश उस पर लगा रहा है। ट्रंप ने भी दूसरे देशों को पारस्परिक टैरिफ की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि हम दूसरे देशों पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे, जितना वे हमारे उत्पादों पर लगाते हैं। अमेरिका भारत पर कितना टैरिफ लगाता है? भारत से अमेरिका निर्यात किए जा रहे उत्पाद जैसे स्टील, एल्युमिनियम और ऑटो पर पहले से ही 25 प्रतिशत टैरिफ लग रहा है। बाकी उत्पादों पर 5-8 अप्रैल के बीच 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। इसके बाद 9 अप्रैल से भारत के उत्पादों पर 27 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। अमेरिका के टैरिफ वार से 60 से अधिक देश प्रभावित होंगे। अमेरिका ने क्यों किया है टैरिफ का एलान? अमेरिका का दावा है कि टैरिफ से अमेरिका में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार घाटा कम होगा। अमेरिका कई देशों के साथ बड़े पैमाने पर व्यापार असंतुलन का सामना कर रहा है। खा कर चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा काफी अधिक है। वस्तुओं के व्यापार में भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 2023-24 में 35.31 अरब डॉलर रहा था। किन सेक्टर्स को टैरिफ से छूट मिली है? थिंक टैंक जीटीआरआइ के अनुसार, आवश्यक और रणनीतिक वस्तुओं को टैरिफ से छूट मिली है। जैसे फार्मा, सेमीकंडक्टर, तांबा और ऊर्जा उत्पाद जैसे तेल, गैस, कोयला और एलएनजी। टैरिफ का भारत पर क्या होगा असर? भारत सरकार के अधिकारियों के अनुसार, वाणिज्य मंत्रालय अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 27 प्रतिशत टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है। हालांकि, इसका असर मिला-जुला होगा और यह भारत के लिए बड़ा झटका नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर क्या चल रहा है? फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे। उस समय दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने के लिए एक व्यापार समझौते की बात कही थी। दोनों देश समझौते के पहले चरण को इस वर्ष सितंबर-अक्टूबर तक अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। क्या है व्यापार समझौता? व्यापार समझौते में दो व्यापारिक साझीदार देश या तो आयात या निर्यात शुल्क बड़े पैमाने पर घटाते हैं या ज्यादातर उत्पादों पर शुल्क खत्म कर देते हैं। इसके अलावा वे सेवाओं और निवेश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नियमों को आसान बनाते हैं। क्या अमेरिका के टैरिफ डब्ल्यूटीओ के नियमों के हिसाब से हैं? अंतरराष्ट्रीय व्यापार मामलों के विशेषज्ञ अभिजीत दास के अनुसार ये टैरिफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ)  के नियमों का उल्लंघन करते हैं। सदस्य देश के पास अधिकार है वह इनके खिलाफ डब्ल्यूटीओ में जाकर अपील करें।  

भारतीय शेयर बाजार के कारोबार सत्र में लाल निशान में बंद हुआ, सेंसेक्स 930 अंक गिरा

मुंबई भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबार सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 930 अंक या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,364 और निफ्टी 345 अंक या 1.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,904 पर था। गिरावट का असर लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप पर अधिक दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,516 अंक या 2.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,645 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 579 अंक या 3.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,675 पर था। सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, एनर्जी, इन्फ्रा और कमोडिटी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। केवल फाइनेंशियल सर्विसेज और एफएमसीजी इंडेक्स ही हरे निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और आईटीसी टॉप गेनर्स थे। टाटा स्टील , टाटा मोटर्स, एलएंडटी, इंडसइंड बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और एचसीएल टेक टॉप लूजर्स थे। जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा कि हाल ही में अमेरिका द्वारा अनुमान से अधिक टैरिफ लागू किए जाने का वैश्विक बाजारों पर काफी असर हुआ है और निवेशक इससे हुए नुकसान की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की संभावना ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, जो संभावित आर्थिक मंदी और मंदी के बढ़ते जोखिम को लेकर चिंताओं को दर्शाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ के बाद यूएस के बाजारों में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई। डाओ करीब 4 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक करीब 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3 अप्रैल को लगातार चौथे सत्र में अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 2,806 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार पांचवें दिन शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 221.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान, भारत को बड़ी राहत दी, वहीं चीन को कोई भी छूट नहीं दी गई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को 57 देशों पर टैरिफ का ऐलान कर दिया था। ट्रंप ने कुल 57 में से 16 देशों को बड़ी राहत देते हुए टैरिफ की रेट में बदलाव कर दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 27 प्रतिशत के रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 26 फीसदी कर दिया। इससे पहले बुधवार को वाइट हाउस ने आधिकारिक दस्तावेजों मे 27 फीसदी टैरिफ की बात कही थी। जब डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करने लगे तो उन्होंने भारत को बड़ी राहत दे दी। वहीं चीन को कोई भी छूट नहीं दी गई। बुधवार को रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत से होने वाले आयात पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं वाइट हाउस के दस्तावेजों में भारत को 27 फीसदी टैरिफ वाली लिस्ट में रखा गया था। गुरुवार को भारतीय अधिकारियों ने भी पुष्टि की थी कि अमेरिका ने भारत पर 27 फीसदी की रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। वहीं अब वाइट हाउस के दस्तावेजों में भी परिवर्तन कर दिया गया है और भारत सहित 16 देशों को राहत दी गई है। भारत के अलावा इन देशों को भी राहत व्हाइट हाउस की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए दस्तावेजों के मुताबिक होसनिया और हरजोगोविना का टैरिफ 36 फीसदी से घटाकर 35 फीसदी किया गया है। इसके अलावा बोत्सवाना का रेसिप्रोकल टैरिफ 38 फीसदी से घटाकर 37 फीसदी कर दिया गया है। इसी तरह कैमरून, फाकलैंड आइलैंड, मालावी, म्यांमार, निकारगुआ, नॉर्वे, पाकिस्तान, फिलीपीन्स, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, थाइलैंड और वानुआतू को भी एक-एक फीसती की छूट की गई है। पाकिस्तान का रेसिप्रोकल टैरिफ भी 30 पर्सेंट से घटाकर 29 पर्सेंट कर दिया गया है। अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले सामान पर 34 फीसदी का टैरिफ लगाया है। वहीं कंबोडिया से आयात होने वाले सामान पर 49 फीसदी के भारी-भरकम टैरिफ का ऐलान किया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि 50 सालों से उनके देश को ठगा जा रहा है लेकिन ऐसा चल नहीं सकता। भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री उनके अच्छे दोस्त हैं लेकिन हमारे साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है। वे हमसे 52 फीसदी का शुल्क ले रहे हैं और उसकी तुलना में हम कुछ भी नहीं ले रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश से आयात होने वाले वाहनों पर भी 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह टैरिफ 3 मई से प्रभावी हो सकता है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet