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मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्री श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के निर्माण के लिए 2195 करोड़ राशि स्वीकृत करने पर कर्नाटक के श्री श्रृंगेरी शारदा मठ प्रशासन ने आभार माना है। श्रृंगेरी शारदा पीठम के प्रशासक श्री पी.ए. मुरली ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में अद्वैत लोक संग्रहालय को एकात्मता के वैश्विक केन्द्र (ए ग्लोबल सेंटर ऑफ़ वननेस) के रूप में विकसित करने का निर्णय ऐसिहासिक है। श्री मुरली ने राज्य सरकार के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास न केवल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की कालातीत शिक्षाओं को समर्पित एक भव्य स्मृति स्वरूप है, बल्कि समूचे विश्व में अद्वैत वेदांत के प्रकाश-स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। श्री मुरली ने कहा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के अंतर्गत प्रथम चरण में 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा (स्टैचू ऑफ़ वननेस) का लोकार्पण भी श्रृंगेरी मठ के वेदज्ञ पंडितों और विद्वानों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रृंगेरी मठ में आमंत्रित भी किया। उल्लेखनीय है कि जगद्गुरु श्री आदि शंकराचार्य ने आज से 1200 वर्ष पूर्व कर्नाटक की पवित्र तुंगा नदी के तट पर श्रृंगेरी मठ की स्थापना की थी। चार आम्नाय पीठों में प्रथम यह मठ, ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी श्री शारदाम्बा की दिव्य उपस्थिति से पावन है और सदा से ही यह मठ विद्या, आध्यात्म और परंपरा का पूज्य केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि सिंहस्थ : 2028 से पहले ओंकारेश्वर को उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन परिदृश्य में महत्वपूर्ण महत्व रखता है।  

16 जून को बरगी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 16 जून को जबलपुर जिले के बरगी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, संबल योजना और सिलेंडर रिफिलिंग योजना में हितग्राहियों के खातों में जून माह की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की जून माह की किस्त 1551 करोड़ 44 लाख रूपये अंतरित करेंगे। लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 25वीं किस्त है। योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके खातों में अंतरित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि अंतरित करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री 27 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 39.14 करोड़ रुपए की राशि भी उनके खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबल योजना में 6821 श्रमिक परिवारों की 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण करने के साथ ही अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे।  

सौरभ शर्मा का सर्विस रिकार्ड लोकायुक्त ने पुलिस को सौंपा, लापरवाही भी आई सामने, दस्तावेजों का क्रॉस वेरिफिकेशन

ग्वालियर ग्वालियर। करोड़ों की अवैध कमाई और फर्जी अनुकंपा नियुक्ति मामले में फंसे परिवहन विभाग के बर्खास्त आरक्षक सौरभ शर्मा की मुश्किलें अब और बढ़ती दिख रही हैं। भोपाल लोकायुक्त द्वारा सौरभ शर्मा का पूरा सर्विस रिकॉर्ड ग्वालियर के सिरोल थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। इस रिकॉर्ड की जांच के साथ अब सौरभ और उनकी मां उमा शर्मा से पूछताछ की तैयारी भी शुरू हो गई है। साथियों के भी दर्ज हुए बयान सौरभ शर्मा के मामले में केवल वही नहीं, बल्कि उनके कई साथी आरक्षक भी जांच के घेरे में आ गए हैं। हाल ही में परिवहन मुख्यालय में सौरभ के साथ काम कर चुके कुछ आरक्षकों के बयान दर्ज किए गए हैं। इन पर सौरभ के साथ मिलीभगत का आरोप है। अब सभी बिंदुओं की गहनता से जांच की जा रही है। छापे में मिली थी अकूत संपत्ति यह मामला 19 दिसंबर 2024 को सुर्खियों में आया जब भोपाल स्थित सौरभ के घर पर लोकायुक्त की छापेमारी में भारी मात्रा में कैश, सोना और चांदी बरामद की गई। उसी रात, मेंडोरी के जंगल में आयकर विभाग ने 11 करोड़ नकद और 52 किलो सोना जब्त किया। इसके बाद ED (प्रवर्तन निदेशालय) भी मामले में कूद पड़ा और कई शहरों में कार्रवाई की गई। विभागीय लापरवाही भी आई सामने सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उनकी नियुक्ति के दौरान तत्कालीन परिवहन आयुक्त शैलेंद्र श्रीवास्तव के कार्यकाल में जानबूझकर अनदेखी की गई। दस्तावेजों में भाई की नौकरी छिपाई गई और संबंधित विभागों ने भी इस पर चुप्पी साधी रही। अब होगा दस्तावेजों का क्रॉस वेरिफिकेशन सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगौली के अनुसार, लोकायुक्त से प्राप्त रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। सौरभ और उमा शर्मा के हस्ताक्षरों का मिलान, शपथ पत्रों की वैधता और उस वक्त मौजूद अधिकारियों की भूमिका भी अब जांच के घेरे में है।

उपवास का बहाना, पति के murder के बाद सोनम ने खाया लजीज खाना, जेल में मिल रहा यह सब; हालत कैसी

 इस जेल में काटेगी सोनम रघुवंशी सजा, बनेगी 20वीं महिला कैदी हत्यारों ने राजा के अलावा एक महिला की हत्या करने, उसके शव को सोनम रघुवंशी का बताने की साजिश रची थी उपवास का बहाना, पति के murder के बाद सोनम ने खाया लजीज खाना, जेल में मिल रहा यह सब; हालत कैसी इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी अब पुलिस कस्टडी से निकलकर शिलांग डिस्ट्रिक्ट जेल में शिफ्ट की जाएगी, जहां उसकी हर हरकत पर नजर रखी जाएगी। सोनम (Sonam Raghuvanshi) ने राजा की हत्या में शामिल होने की बात कबूल ली है लेकिन उसने इस कांड का मास्टरमाइंड अपने कथित बॉयफ्रेंड राज रघुवंशी को बताया है। उसे मेघालय के ही एक जेल में रखा जाएगा। जानिए कौनसी है वो जेल….।  शिलांग जेल में सोनम की होगी एंट्री राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को अब पुलिस कस्टडी से निकालकर शिलांग डिस्ट्रिक्ट जेल में शिफ्ट किया जाएगा। जेल प्रशासन ने उसके लिए विशेष बैरक तैयार कर लिया है, जहां उसकी सुरक्षा को लेकर सख्त इंतज़ाम किए गए हैं। सोनम को जेल वार्डन ऑफिस के पास बने सुरक्षित बैरक में रखा जाएगा। साथ में दो सीनियर महिला विचाराधीन कैदियों को भी तैनात किया गया है, जो 24 घंटे उस पर नजर रखेंगी। इसके अलावा, उसकी हर हरकत CCTV कैमरे की नज़र में रहेगी। जेल में सोनम की दिनचर्या शिलांग जेल में इस समय कुल 496 कैदी हैं, जिनमें सिर्फ 19 महिलाएं हैं। सोनम यहां 20वीं महिला कैदी होगी। हत्या के केस में वह दूसरी महिला होगी, जो इस जेल में बंद की जाएगी। इससे पहले एक महिला पहले से हत्या मामले में जेल में है। सोनम को जेल में TV देखने, घरवालों से मिलने और बात करने की तयशुदा सुविधा दी जाएगी। उसे तय समय पर नाश्ता, लंच और डिनर मिलेगा। साथ ही, उसे महिला कैदियों के साथ मिलकर सिलाई, कढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट जैसे कार्यों में भाग लेना होगा। हत्या की चौथी कोशिश में सफल हुई साजिश पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सोनम और उसके साथियों ने राजा रघुवंशी पर पहले तीन बार जानलेवा हमले किए थे, लेकिन वह बच गया। चौथी बार में सोनम की साजिश कामयाब हुई और राजा की हत्या कर दी गई। अब अगली सुनवाई में यह तय होगा कि सोनम दोषी करार दी जाएगी या नहीं।  हत्यारों ने राजा के अलावा एक महिला की हत्या   …….  साजिश रची थी  इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की जांच में एक अलग ही पहलू सामने आया है। मेघालय पुलिस ने इस मामले में हैरान करने वाला खुलासा किया है। मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स सोहरा के एसपी विवेक सिम के मुताबिक, हत्यारों ने राजा के अलावा एक महिला की हत्या करने, उसके शव को जलाने और उसे राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी का शव बताने की साजिश रची थी, ताकि लोगों को लगे कि राजा के साथ सोनम की भी मौत हो गई है। कौन थी वो महिला? जानकारी के मुताबिक, राजा हत्याकांड के आरोपियों ने राजा की हत्या के बाद सोनम(Sonam Raghuvanshi) को गायब करने के कई तरीके सोचे। इसी के तहत उन्होनें किसी महिला को मारने की प्लानिंग की। आरोपी किस महिला को निशाना बनाने वाले थे इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन संभावना जताई जा रही है कि आरोपी मेघालय में ही किसी महिला( पर्यटक या स्थानीय निवासी) का शिकार करते। हालांकि, उनकी कोई भी योजना सफल नहीं हुई। एसपी विवेक सिम के मुताबिक, “जब किसी कारणवश यह योजना कामयाब नहीं हुई तो सोनम ने शिलांग और सोहरा जाने की योजना बनाई और सहमति के अनुसार सभी नोंग्रियाट में मिले।” शादी-साजिश दोनों साथ-साथ यह भी जानकारी सामने आई है कि, सोनम शुरू से ही राजा को रास्ते से हटाने की योजना बनाती रही। जब पूरा परिवार सोनम के साथ शादी की तैयारियों में जुटा था, वह राजा(Raja Raghuvanshi murder case) को निपटाने की साजिश रच रही थी। राजा के परिजन के अनुसार सोनम ने राजा और हमारे परिजन के साथ मिलकर शादी की शॉपिंग की थी। उसने ही अपनी पसंद की शेरवानी और कपड़े पसंद किए थे। इन्हें ही राजा ने शादी में पहना। जानकारी मिली है कि इस वक्त भी सोनम फोन पर राज व अन्य आरोपियों के संपर्क में थी। उसी दौरान यह बात भी हुई थी कि शादी के तुरंत बाद ही इसे (राजा) निपटाना है। चैटिंग के दौरान इसकी जानकारी भी मिली है। उपवास का बहाना, पति के murder के बाद सोनम  मेघालय पुलिस राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार सोनम रघुवंशी और चार अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है। रोज चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। जेल में उनके लिए डॉक्टरों की सलाह पर विशेष खाना दिया जा रहा है। बता दें कि सोनम ने पति राजा की हत्या वाले दिन अपनी सास को कहा था कि उसका व्रत है, और पुलिस जांच में पता चला था कि उसने लौटकर बढ़िया खाना खाया था। बता दें कि सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, आकाश राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी से शिलांग पुलिस पूछताछ कर रही है। उनका खास ध्यान रखा जा रहा है ताकि पूछताछ के दौरान उनकी तबीयत न बिगड़े। डॉक्टरों की सलाह पर उनके लिए खाने की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन सभी आरोपियों की खानपान की आदतें पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश समुदायों से अलग हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए ये विशेष व्यवस्था की गई है।  क्या दिया जा रहा खाने में? बताया जा रहा है कि सोनम को साधारण घरेलू खाना जैसे खिचड़ी, उबली सब्जियां और फल दिए जा रहे हैं, जबकि अन्य आरोपियों की डाइट भी डॉक्टरों की सिफारिश के अनुसार तय की गई है। हिरासत के दौरान सभी आरोपियों को नियमित रूप से हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि लंबी पूछताछ के दौरान उनकी तबीयत खराब न हो। अधिकारी ने यह भी बताया कि सभी आरोपी आमतौर पर शांत बने हुए हैं। पुलिस ने इनके कपड़ों और अन्य जरूरतों का भी इंतजाम किया है। सभी आरोपियों की आवश्यक मेडिकल जांच कराई जा चुकी है और फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।    

मध्य प्रदेश में आज 15 जून तक दस्तक देगा मानसून, इस जिले से करेगा धमाकेदार एंट्री

भोपाल   मध्यप्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं भीषण गर्मी तो कहीं तेज आंधी-बारिश का दौर जारी है।। सागर-खंडवा में बारिश के चलते कई पेड़ उखड़ गए। वहीं ग्वालियर में लोग गर्मी से परेशान हैं। इसी बीच मानसून को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कई दिनों से महाराष्ट्र-छग में ठहरे मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। उम्मीद जताई जा रही है किआज  15-16 जून तक मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेगा।आज  15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेगी। भारत मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि दो से तीन तरह की स्थितियां बनने से एमपी के कई जिलों में आज 15 जून से बारिश की संभावना है। बारिश का दौर दो से तीन दिन रहेगा। ऊपरी हवा का एक चक्रवाती सिस्टम उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर सक्रिय है। यह सिस्टम एक ट्रफ के रूप में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से मध्य प्रदेश और विदर्भ होते हुए मराठवाड़ा तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला है। आज 15 जून को इंदौर और आसपास के जिलों को यलो अलर्ट पर रखा गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रतार से हवा चलेगी। 15 जून को ऐसा होगा मौसम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में बारिश होने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। 16 जून को ऐसा होगा मौसम मंडला और बालाघाट में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, सतना, मैहर, मऊगंज, कटनी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और नीमच में हल्की बारिश होने की संभावना है।

एमपी बोर्ड द्वितीय परीक्षा 10वीं 12वीं प्रवेश हुए जारी, ऐसी रहेगी पूरी व्यवस्था, ये रहेंगे नियम

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड की 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बोर्ड ने प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। MPBSE ने प्रवेश पत्र mpbse.mponline.gov.in वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। द्वितीय परीक्षा में केवल 65 प्रतिशत छात्रों ने ही आवेदन किया है। परीक्षा 17 जून से 5 जुलाई तक सुबह 9 से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। 3.31 लाख विद्यार्थियों ने किया आवेदन किया एमपी बोर्ड 10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षा के लिए 3.31 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है,जबकि दोनों कक्षाओं में 5.10 लाख विद्यार्थी फेल हुए हैं। यानी द्वितीय परीक्षा में 65 प्रतिशत विद्यार्थी ही शामिल होंगे।  बता दें कि इस साल पहली बार मप्र बोर्ड की पूरक परीक्षा के बदले द्वितीय परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।10वीं की 17 जून से 26 जून तक एवं 12वीं की परीक्षा 17 जून से 05 जुलाई तक सुबह नौ से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा के मुख्य बिंदु 1- प्रदेश भर में 1306 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें राजधानी में करीब 50 केंद्र बनाए गए हैं। 2- इस बार भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम रहेंगे। 3- दोनों परीक्षा का समय सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। 4- विद्यार्थियों को केंद्र पर एक घंटा पहले यानी सुबह 8 बजे तक पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले तक विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। 5- प्रायोगिक परीक्षाएं विद्यार्थियों को आवंटित परीक्षा केंद्र पर 17 जून से 25 जून के बीच संचालित की जाएगी। इसकी तारीख संबंधित स्कूलों से विद्यार्थियों को मिलेगी परीक्षा कार्यक्रम और समय 10वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 26 जून तक 12वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 5 जुलाई तक प्रायोगिक परीक्षाएं: 17 जून से 26 जून के बीच परीक्षा समय: सुबह 9  बजे से दोपहर 12 बजे तक इन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ – इस विशेष परीक्षा में वे छात्र भी भाग ले सकेंगे जो— – मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहे – किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए – देर से पहुंचे और परीक्षा नहीं दे सके – श्रेणी सुधार के इच्छुक हैं  

2047 तक MP में वृद्धों की संख्या 57 लाख से बढ़कर 1.82 करोड़ हो जाएगी, युवा आबादी बढ़ने की बजाय घटेगी-रिपोर्ट

भोपाल  1999 में बुजुर्गों के लिए बनी मप्र वृद्धजन नीति में 25 साल बाद सुधार की कवायद शुरू हो गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मप्र समेत पूरे देश में प्रजनन दर घटती जा रही है। यानी धीरे-धीरे युवाओं की संख्या घट रही है  मध्य प्रदेश की राजधानी को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी का खिताब मिला है, कई मामलों में भोपाल देश में टॉप पर है, लेकिन प्रजनन दर के मामले में भोपाल देश ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में भी सबसे पिछड़ा है. एक ओर जहां मध्य प्रदेश की प्रजनन दर 2.8 है, जो देश के औसत प्रजनन दर 2.3 से 0.5 अधिक है. वहीं भोपाल की प्रजनन दर 2.0 है, यानि यहां प्रति महिला दो बच्चे पैदा होते हैं. प्रजनन दर के मामले में पन्ना जिला अव्वल नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-2021 की रिपोर्ट के अनुसार “भोपाल में तेजी से प्रजनन दर घट रही है. प्रदेश में भोपाल इस मामले में सबसे निचले पायदान पर है. जबकि सबसे अधिक प्रजनन दर वाले जिलों में पन्ना है. वहां टीएफआर 4.1 है. इसी तरह शिवपुरी का 4.0, बड़वानी में 3.9, विदिशा में 3.9 और छतरपुर का टीएफआर 3.8 है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट इसी तरह यदि प्रदेश में टाप 5 सबसे कम प्रजनन दर वाले जिलों की बात करें तो इनमें भोपाल टीएफआर 2.0, ग्वालियर का 2.1, मंदसौर का 2.2, इंदौर 2.2 और दतिया जिले में प्रजनन दर 2.3 है.” आइडियल फर्टिलिटी रेट से कम भोपाल की दर बता दें कि प्रजनन दर यानि टोटल फर्टिलिटी रेट का आशय किसी क्षेत्र में प्रति एक हजार महिलाओं पर पैदा होने वाले बच्चों से है. इसका सीधा मतलब ये है कि संबंधित क्षेत्र की महिलाएं अपने प्रजनन काल में कितने बच्चों को जन्म देती हैं. इसी के आधार पर भविष्य की जनसंख्या का अनुमान लगाया जाता है. भारत में टीआरएफ 2.1 एक आइडियल प्रजनन दर है, लेकिन भोपाल इससे भी पीछे है. हालांकि ये पहली बार नहीं है, इसके पहले किए गए फैमिली हेल्थ सर्वे में भी भोपाल का टीएफआर 2.1 था. साल 2047 तक सबसे अधिक होगी बजुर्गो की संख्या मध्य प्रदेश में फर्टिलिटी रेट कम होने से बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ेगी. स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण मंत्रालय भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 20 से 29 साल के युवाओं की आबादी 1 करोड़ 54 लाख है, लेकिन आने वाले साल यानि वर्ष 2047 तक युवा आबादी बढ़ने की बजाय कम होने लगेगी. जिलेवार फर्टिलिटी रेट  इसके उलट वर्तमान में जहां 60 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों की संख्या 57 लाख के करीब है, वो साल 2045 तक बढ़कर 1 करोड़ 80 लाख से अधिक होगी. यानि 23 साल बाद मध्य प्रदेश की अधिकतर आबादी बुजुर्ग होगी. मध्य प्रदेश के इन जिलों में कम हुई प्रजनन दर यदि फैमिली हेल्थ सर्वे 2011-12 और 2019-21 की रिपोर्ट का विश्लेषण करें, तो भोपाल के मध्य प्रदेश में कई अन्य जिले भी हैं, जहां तेजी से फर्टिलिटी रेट घट रहा है, लेकिन यह आइडियल फर्टिलिटी रेट से अधिक है. इनमें पन्ना, शिवपुरी, बड़वानी, विदिशा और छतरपुर जिलों में टीएफआर तेजी से घट रहा है. जबकि अन्य जिलों में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि इन 10 सालों में रीवा, सीधी, शाजापुर, सिवनी, धार और श्योपुर ऐसे जिले हैं, जहां टीएफआर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. भोपाल में इसलिए तेजी से घट रही प्रजनन दर नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि “मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रजनन दर अधिक है. इसका कारण लोगों में जागरुकता और परिवार नियोजन जैसे प्रबंधों का अभाव है. डॉ. रचना दुबे ने बताया कि भोपाल जैसे शहर में परिवार नियोजन को लेकर बड़े स्तर पर काम होता है. नसबंदी को लेकर यहां लोग ज्यादा जागरूक हैं. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नसबंदी को लेकर भी भ्रांतियां हैं, जिससे कई बार लोग परिवार नियोजन का सहारा नहीं लेते.”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक कला संग्रहालय की स्वीकृति पर श्रृंगेरी शारदा पीठम ने माना आभार राज्य सरकार ने एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के लिए स्वीकृत किए 2195 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के निर्माण के लिए 2195 करोड़ राशि स्वीकृत करने पर कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ प्रशासन ने आभार माना है। श्रृंगेरी शारदा पीठम के प्रशासक पी.ए. मुरली ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में अद्वैत लोक संग्रहालय को एकात्मता के वैश्विक केन्द्र (ए ग्लोबल सेंटर ऑफ़ वननेस) के रूप में विकसित करने का निर्णय ऐसिहासिक है। मुरली ने राज्य सरकार के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास न केवल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की कालातीत शिक्षाओं को समर्पित एक भव्य स्मृति स्वरूप है, बल्कि समूचे विश्व में अद्वैत वेदांत के प्रकाश-स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। मुरली ने कहा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के अंतर्गत प्रथम चरण में 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा (स्टैचू ऑफ़ वननेस) का लोकार्पण भी श्रृंगेरी मठ के वेदज्ञ पंडितों और विद्वानों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रृंगेरी मठ में आमंत्रित भी किया। उल्लेखनीय है कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने आज से 1200 वर्ष पूर्व कर्नाटक की पवित्र तुंगा नदी के तट पर श्रृंगेरी मठ की स्थापना की थी। चार आम्नाय पीठों में प्रथम यह मठ, ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी शारदाम्बा की दिव्य उपस्थिति से पावन है और सदा से ही यह मठ विद्या, आध्यात्म और परंपरा का पूज्य केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि सिंहस्थ : 2028 से पहले ओंकारेश्वर को उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन परिदृश्य में महत्वपूर्ण महत्व रखता है।  

झाबुआ जिले में भी लैंड करेंगे हवाई जहाज, क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम, करोड़ों की लागत से बनेंगे एयरस्ट्रिप, हेलीपैड और बिल्डिंग!

झाबुआ  झाबुआ के गोपालपुरा हवाई पटटी के नए सिरे से निर्माण की दिशा में कयावद शुरू हो गई है। विस्तार के लिए 120 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसमें से वर्तमान में 23.62 हेक्टेयर जमीन पूर्व से हवाई पट्टी के नाम से दर्ज है। इसके अलावा 71.33 हेक्टेयर वन भूमि और 0.41 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण करना होगा। जबकि पास की 24.64 हेक्टेयर शासकीय जमीन का उपयोग भी इस कार्य के लिए किया जाएगा। विस्तारीकरण के बाद वर्तमान 792 मीटर की हवाई पटटी बढकऱ 1660 मीटर लंबी हो जाएगी। यहां 2 हेलीपेड के साथ 2250 वर्ग मीटर के एक हैंगर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कार्य भी होंगे। जिन पर कुल 95.37 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कलेक्टर नेहा मीना ने प्रस्ताव तैयार करवाकर विमानन आयुक्त को भेज दिया है। सिंहस्थ के दौरान उतर सकेंगे छोटे विमान उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए जिला मुख्यालय से 4 किमी दूरी स्थित हवाई पट्टी के विस्तार का निर्णय लिया है, ताकि यहां छोटे विमान उतर सके। वर्तमान में एयर स्ट्रीप का उपयोग वीआईपी विजिट के दौरान हेलीकॉप्टर उतारने के लिए किया जाता है। दो बार झाबुआ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीकॉप्टर से यहीं उतरे थे। पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा में भी झाबुआ की एयर पट्टी का नाम शामिल है।  1660 मीटर तक बढ़ेगी लंबाई निर्धारित मानक के अनुसार हवाई पटटी की लंबाई बढ़ाकर 1660 मीटर की जाएगी। जबकि चौड़ाई पूर्व की तरह ही 30 मीटर रहेगी। यहां 2 हेलीपेड के निर्माण के साथ प्लेन रखने के लिए हेंगर बनाया जाएगा। 1000 वर्ग मीटर में प्रशासकीय भवन और कर्मचारियों के रहने के लिए आई टाइप के दो मकान भी बनाए जाएंगे। 70 मीटर चौड़ाई में पुलिया का निर्माण होगा। पूरे क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए 6621 मीटर लंबी और 2.10 मीटर ऊंची बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी। झाबुआ जिले में वर्षों से निष्क्रिय पड़ी गोपालपुरा एयर स्ट्रीप को अब सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए झाबुआ में हवाई सेवाओं की शुरुआत की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर दूर स्थित इस एयर स्ट्रीप के विस्तार के लिए लगभग 52 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है, जिसे जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सीमित उपयोग, रनवे विस्तार की दरकार वर्तमान में यह एयर स्ट्रीप केवल वीआईपी हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए उपयोग की जाती है, क्योंकि इसका रनवे केवल 792 मीटर लंबा है, जो बड़े विमानों की लैंडिंग के लिए पर्याप्त नहीं है। नए प्रस्ताव के तहत रनवे को 2600 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, ताकि छोटे हवाई जहाज भी यहां उतर सकें। इसके साथ ही विमान हेंगर, कंट्रोल रूम, विद्युतीकरण और बाउंड्रीवॉल जैसी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की योजना भी शामिल है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में वन विभाग की भूमिका रनवे विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ेगी, जो फिलहाल वन विभाग के अधीन है। ऐसे में वन विभाग से अनुमति लेकर जमीन का हस्तांतरण किया जाना प्रस्तावित है। यह प्रक्रिया जैसे ही पूरी होती है, विस्तारीकरण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है। उज्जैन सिंहस्थ में निभाएगा अहम भूमिका सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर भीड़ अत्यधिक बढ़ सकती है। ऐसे में झाबुआ एयर स्ट्रीप का विकल्प के रूप में विकसित होना न केवल यात्री भार को बांटेगा, बल्कि यहां से सड़क मार्ग द्वारा तीर्थयात्रियों को सीधे उज्जैन पहुंचने की सुविधा भी मिल सकेगी। झाबुआ को पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और धार्मिक पर्यटन हेली सेवा योजनाओं में भी शामिल किया गया है, जो इसके महत्व को और बढ़ाता है। 35 साल पुराना है एयर स्ट्रीप का इतिहास यह एयर स्ट्रीप वर्ष 1989-90 में बनाई गई थी और अब तक इसका उपयोग सीमित रूप से वीआईपी मूवमेंट के लिए होता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने झाबुआ दौरे के दौरान इसी एयर स्ट्रीप पर हेलीकॉप्टर से उतरे थे, जिससे इसकी रणनीतिक उपयोगिता साबित होती है। विफल रही एविएशन ट्रेनिंग सेंटर की योजना वर्ष 2006-07 में इस स्थान पर एक एविएशन ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए राज्य सरकार और एयरोस्पेस एकेडमी ऑफ सेंट्रल इंडिया के बीच करार हुआ और एयर स्ट्रीप को 10 वर्षों के लिए लीज पर दिया गया था। परंतु योजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में समझौता भी समाप्त हो गया।   विकास को गति मिलेगी गोपालपुरा में स्थित हवाई पटटी के विस्तार का प्रारंभिक प्रस्ताव विमानन आयुक्त को भेजा है। उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए जल्द प्रस्ताव मंजूर होने की उम्मीद है।– नेहा मीना, कलेक्टर, झाबुआ

राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब आर्थिक अपराध की दिशा में बढ़ी,मृतक का करोबार भी संदेह के घेरे में…

इंदौर चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब आर्थिक अपराध की दिशा में बढ़ गई है। इस केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री हो चुकी है। हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के साथ-साथ उसके भाई गोविंद रघुवंशी की गतिविधियां भी ईडी के रडार पर आ गई हैं। जांच एजेंसियों को हवाला नेटवर्क और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ में राज ने कबूली थी हवाला की बात सूत्रों के मुताबिक, राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए राज कुशवाह के मोबाइल से हवाला ट्रांजेक्शन से जुड़े सबूत मिले हैं। पुलिस को फोन में दस रुपये के नोटों की तस्वीरें भी मिली हैं, जो एक खास कोडवर्ड के रूप में इस्तेमाल की जाती थीं। पूछताछ में राज ने कबूल किया कि वह सोनम और गोविंद के साथ मिलकर हवाला का पैसा इधर-उधर करता था। इंदौर और गुजरात में फैला है बिजनेस जानकारी के अनुसार गोविंद रघुवंशी का श्री बालाजी एक्टिरियो के नाम से प्लायवुड और लेमिनेशन का कारोबार है। उसका ऑफिस इंदौर के मंगल सिटी स्थित मॉल में है, जबकि गोदाम समरपार्क (कमल विहार) निपानिया इलाके में स्थित है। क्राइम ब्रांच ने हवाला और नकद लेनदेन से जुड़ा पूरा ब्योरा ईडी को सौंप दिया है, जिसके बाद ईडी ने विस्तृत जानकारी मांगी है। अब गोविंद से जुड़े जितेंद्र रघुवंशी के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है, जिनके जरिए सोनम ने ट्रांजेक्शन किए थे। सोनम रघुवंशी ने हत्यारों को हवाला के जरिए पहुंचाया पैसा जांच में पता चला है कि सोनम रघुवंशी ने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के लिए कथित तौर पर हवाला के जरिए हत्यारों को पैसे पहुंचाए हैं। इस मामले में जितेंद्र रघुवंशी का नाम भी सामने आ रहा है, जिसके बैंक खाते से 23 मई 2025 को हत्यारों को शुरुआती पेमेंट की गई थी। सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। गोविंद का कहना है कि जितेंद्र उनके चचेरे भाई हैं और पारिवारिक बिजनेस में जूनियर कर्मचारी की भूमिका निभाते हैं। उनका बैंक खाता सिर्फ सामान्य व्यावसायिक लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है न कि हवाला के लिए। गोविंद ने हवाला के दावों को कोरी और बनावटी कहानियां बताया है। सोनम और कथित प्रेमी राज के फोन में मिलीं नोटों की तस्वीरें बताया जा रहा है कि जांच के दौरान पुलिस को सोनम के कथित प्रेमी और सह-आरोपी राज कुशवाह के फोन में टूटे हुए नोटों की तस्वीरें मिली हैं। जो हवाला लेनदेन की ओर इशारा करती हैं।खबर है कि राज ने मध्य प्रदेश के पीथमपुर में एक हवाला डीलर से 50,000 रुपए लिए थे, जो हत्यारों तक पहुंचाए गए। ऐसे में हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के चलते इस मामले में ईडी की जांच की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।पुलिस इस केस में सोनम के परिवार के एचपीएल शीट्स बिजनेस की भी छानबीन कर रही है, जिसमें राज कुशवाह कथित तौर पर पैसे का लेनदेन देखता था। सोनम के भाई ने उसके खाते में 15 लाख रुपए, कहां से आए ये पता नहीं बता दें कि सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो सोनम के खाते में पड़े 15 लाख रुपए की बात कह रहे हैं। गोविंद ने बताया कि पिछले एक महीने से सोनम के खाते में 15 लाख रुपए हैं। लेकिन वो कहां से आए हैं, इस बारे में उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं है। दंपति के खातों से असामान्य लेन-देन दर्ज बताया जा रहा है कि मामले की जांच में दंपति के खातों में असामान्य लेन-देन की बात सामने आई है। इस लेन-देन में अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिक्शन भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक राजा रघुवंशी के कारोबार में पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में कैश का फ्लो नजर आया है। जो संदेह को गहरा कर रहा है। तीन राज्यों की पुलिस उलझी राज रघुवंशी की हत्या और सोनम रघुवंशी की प्रेम कहानी का ये मामला अब उलझता जा रहा है। तीन राज्यों मेघालय, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस मिलकर इस हत्याकांड की परतें खोलने में जुटी हैं।राजा-सोनम रघुवंशी के इस मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है, अब देखना होगा कि ईडी कब इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू करती है और क्या नये खुलासे हो सकते हैं। सोनम के नार्को टेस्ट की उठी मांग इस बीच, राजा रघुवंशी के परिजनों ने सोनम के नार्को टेस्ट की मांग की है। भाई सचिन और विपिन रघुवंशी का कहना है कि मामले की परतें खुलनी बाकी हैं और सोनम कई सच्चाइयों को छिपा रही है। शिलांग पुलिस ने गोविंद रघुवंशी को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। शुक्रवार को उसे ईस्ट खासी हिल्स थाने से कॉल आया, जिसमें जल्द शिलांग पहुंचने को कहा गया है। राजा के परिजन लगा रहे गंभीर आरोप परिजनों का यह भी आरोप है कि सोनम की मां को प्रेम प्रसंग की पूरी जानकारी थी, फिर भी उसने चुप्पी साधे रखी। वहीं सोनम के पिता देवीसिंह भी कई अहम जानकारी छिपाते रहे। सगाई के बाद उन्होंने सभी कर्मचारियों को तो मिलवाया, लेकिन राज को कभी सामने नहीं लाए। अब परिजनों को उम्मीद है कि नार्को टेस्ट से सच सामने आएगा।

एमपी में आंधी बारिश का कहर, बेरछा और पीर अमरूद स्टेशनों के बीच आंधी में रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा पेड़ गिरा

उज्जैन  मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में तेज आंधी और तूफान ने लगातार दूसरे दिन ट्रेन संचालन को रोक दिया। शनिवार दोपहर बेरछा और पीर अमरूद स्टेशनों के बीच आंधी में रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा पेड़ गिर गया जिसके कारण भोपाल से दाहोद जा रही ट्रेन नंबर 19340 को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण भोपाल-दाहोद ट्रेन करीब एक घंटे से ज्यादा वक्त तक ट्रैक पर ही खड़ी रही।   लगातार दूसरे दिन रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़ शनिवार को उज्जैन जिले में एक बार फिर तेज आंधी तूफान ने जनजीवन पर असर डाला है। बेरछा स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर तेज आंधी के कारण एक बड़ा पेड़ गिर गया जिसके कारण भोपाल से दाहोद जा रही ट्रेन एक घंटे से भी ज्यादा वक्त के लिए खड़ी रही। रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से आरा मशीन से पेड़ को काटकर अलग किया और विद्युत लाइन की मरम्मत कर रेल संचालक शुरू कराया। रतलाम रेल मंडल के पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया कि बड़नगर और फतेहाबाद स्टेशन के बीच ट्रैक बाधित हुआ था। हमारी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैक और लाइन को दुरुस्त कर दिया, जिसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। शुक्रवार को बड़नगर-इंदौर ट्रैक पर गिरा था पेड़ बता दें कि शुक्रवार को भी बड़नगर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के चलते रेलवे ट्रैक बाधित हुआ था। बड़नगर-इंदौर ट्रैक पर पेड़ गिरने से महू जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को करीब एक घंटे रोका गया था। तेज हवाओं से कई घरों की टिन की छतें उड़ गईं और गोदामों के शेड बिखर गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग तेज तूफान से बचने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए।

पुलिस आरक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में अब तक 65 आरोपी बने, एसटीएफ को सौंपने से नेटवर्क का हो सकता है भंडाफोड़

भोपाल मध्यप्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक इस मामले में प्रदेश के नौ जिलों में कुल 29 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 65 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। भर्ती प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए अब पुलिस मुख्यालय इस मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।   फर्जीवाड़े में सक्रिय संगठित गिरोह का शक अभी तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार इस फर्जीवाड़े के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। अधिकांश मुख्य आरोपित ग्वालियर-चंबल अंचल से जुड़े हुए हैं, जो साल्वरों (दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले व्यक्ति) से लंबे समय से संपर्क में थे। बिहार के दो साल्वरों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। शारीरिक दक्षता परीक्षा से लेकर लिखित परीक्षा तक, अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया। एसटीएफ को सौंपने से नेटवर्क का हो सकता है भंडाफोड़ पुलिस सूत्रों का मानना है कि मामला एसटीएफ को सौंपा जाए तो संगठित गिरोह की गहराई से जांच संभव हो सकेगी। फिलहाल नौ जिलों की पुलिस इस केस की जांच कर रही है, लेकिन एक समान अपराध के तरीकों और प्रदेश भर में फैले आरोपितों के नेटवर्क को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि जांच एक विशेष एजेंसी को दी जाए। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिया जाएगा। हर दो दिन में दर्ज हो रही नई एफआईआर स्थिति यह है कि हर एक या दो दिन में एक नई एफआईआर दर्ज हो रही है। वर्ष 2023 में हुई इस भर्ती परीक्षा में कुल 7411 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिनमें से ओबीसी आरक्षण के कारण 13 प्रतिशत पदों को होल्ड पर रखते हुए 6423 पदों का परिणाम जारी किया गया था। इनमें से लगभग छह हजार चयनित उम्मीदवारों ने पद ज्वाइन भी कर लिया है, जिससे सरकार के सामने अब इनकी नियुक्ति की वैधता को लेकर भी चुनौती खड़ी हो गई है। कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग उठाई इस मामले में विपक्ष भी सक्रिय हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने फर्जीवाड़े की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में विफल रही है और अब यह जरूरी हो गया है कि केंद्रीय एजेंसी पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों को सामने लाए।

मुख्यमंत्री यादव ने हाल ही में ‘एमपी-टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ 2025 में एक डेडिकेटेड स्पेस-टेक नीति बनाने की घोषणा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में ‘एमपी-टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ 2025 में एक डेडिकेटेड स्पेस-टेक नीति बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रदेश को भविष्य के स्पेस टेक्नोलॉजी और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की सोच को मूर्त रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में “एमपी स्पेस-टेक नीति परामर्श: संभावनाएँ और चुनौतियाँ” विषय पर विचार-विमर्श हुआ। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस श्री संजय दुबे ने बताया कि प्रदेश की स्पेस-टेक पॉलिसी अगस्त 2025 तक जारी कर दी जायेगी। इसके लिये रोडमैप तैयार किया जा चुका है। “एमपी स्पेस-टेक नीति परामर्श: संभावनाएँ और चुनौतियाँ” विषय पर हुए संवाद में 30 से अधिक प्रमुख विशेषज्ञ, शोध संस्थान, स्टार्ट-अप प्रतिनिधि, रक्षा और तकनीकी क्षेत्र के अधिकारियों तथा शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने परामर्श दिया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस श्री दुबे ने आईआईटी इंदौर में हुए इस संवाद को अत्यंत सार्थक बताया।उन्होंने कहा कि हमारी स्पेस-टेक नीति आधारभूत संरचना या नीतिगत प्रोत्साहनों तक सीमित नहीं रहेगी। यह नीति में संबंधित नवाचारों को प्रोत्साहन, प्रतिभाओं को राज्य में बनाए रखने और प्रदेश को स्पेस-टेक के क्षेत्र में एक सशक्त दावेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्पेस-टेक पर हुए संवाद में आईईटी इंदौर के शोध और विकास के डीन प्रो. अभिरूप दत्ता और निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने कहा, कि स्पेस-टेक केवल उपग्रहों तक ही सीमित नहीं है, यह इंजीनियरिंग, मटेरियल साइंस, डाटा मैनेजमेंट और राष्ट्रीय क्षमताओं का संगम है। उज्जैन में ऑप्टिक्स एवं ऑप्टिकल कम्युनिकेशन क्लस्टर की स्थापना, क्षेत्रीय डाटा सेंटर और सैटेलाइट ग्राउंड स्टेशन का विकास, पेलोड और कम्पोनेंट निर्माण के लिए मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा देना, डोमेन-स्पेसिफिक स्किलिंग, स्पेस सिस्टम्स में साइबर सुरक्षा और नवाचार को सहयोग दिये जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने सपेस-टेक पॉलिसी निर्माण में रिमोट सेंसिंग और कोर स्पेस-टेक के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाये जाने पर जोर दिया। स्पेस-टेक पॉलिसी पर हुए विचार-विमर्श के परामर्श सत्र में इसरो-इन-स्पेस एमसीएफ भोपाल, एनआरएससी, डीआरडीओ-सीएआईआर, सी-डॉट, राजा रमन्ना उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेली-कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और आईआईटी इंदौर के प्रतिनिधियों एवं एसआईए-इंडिया, ट्रेड प्रमोशन काउंसिल फॉर जियो-स्पेशियल एंड स्पेस इंडस्ट्री जैसे निकाय और कई नवाचार स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधि शामिल हुये। निजी संगठनों में अभ्युदय, स्पेक्ट्रागेज़, सोअरिंग एयरोटेक, अफर्मिटी कॉर्प और ओमएग्री जैसे संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

अगस्त-2025 तक आएगी प्रदेश की स्पेस-टेक पॉलिसी, ‘एमपी स्पेस-टेक पॉलिसी: संभावनाएँ और चुनौतियाँ’ विषय पर हुआ मंथन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में ‘एमपी-टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ 2025 में एक डेडिकेटेड स्पेस-टेक नीति बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रदेश को भविष्य के स्पेस टेक्नोलॉजी और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की सोच को मूर्त रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में “एमपी स्पेस-टेक नीति परामर्श: संभावनाएँ और चुनौतियाँ” विषय पर विचार-विमर्श हुआ। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस श्री संजय दुबे ने बताया कि प्रदेश की स्पेस-टेक पॉलिसी अगस्त 2025 तक जारी कर दी जायेगी। इसके लिये रोडमैप तैयार किया जा चुका है। “एमपी स्पेस-टेक नीति परामर्श: संभावनाएँ और चुनौतियाँ” विषय पर हुए संवाद में 30 से अधिक प्रमुख विशेषज्ञ, शोध संस्थान, स्टार्ट-अप प्रतिनिधि, रक्षा और तकनीकी क्षेत्र के अधिकारियों तथा शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने परामर्श दिया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस श्री दुबे ने आईआईटी इंदौर में हुए इस संवाद को अत्यंत सार्थक बताया।उन्होंने कहा कि हमारी स्पेस-टेक नीति आधारभूत संरचना या नीतिगत प्रोत्साहनों तक सीमित नहीं रहेगी। यह नीति में संबंधित नवाचारों को प्रोत्साहन, प्रतिभाओं को राज्य में बनाए रखने और प्रदेश को स्पेस-टेक के क्षेत्र में एक सशक्त दावेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्पेस-टेक पर हुए संवाद में आईईटी इंदौर के शोध और विकास के डीन प्रो. अभिरूप दत्ता और निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने कहा, कि स्पेस-टेक केवल उपग्रहों तक ही सीमित नहीं है, यह इंजीनियरिंग, मटेरियल साइंस, डाटा मैनेजमेंट और राष्ट्रीय क्षमताओं का संगम है। उज्जैन में ऑप्टिक्स एवं ऑप्टिकल कम्युनिकेशन क्लस्टर की स्थापना, क्षेत्रीय डाटा सेंटर और सैटेलाइट ग्राउंड स्टेशन का विकास, पेलोड और कम्पोनेंट निर्माण के लिए मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा देना, डोमेन-स्पेसिफिक स्किलिंग, स्पेस सिस्टम्स में साइबर सुरक्षा और नवाचार को सहयोग दिये जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने सपेस-टेक पॉलिसी निर्माण में रिमोट सेंसिंग और कोर स्पेस-टेक के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाये जाने पर जोर दिया। स्पेस-टेक पॉलिसी पर हुए विचार-विमर्श के परामर्श सत्र में इसरो-इन-स्पेस एमसीएफ भोपाल, एनआरएससी, डीआरडीओ-सीएआईआर, सी-डॉट, राजा रमन्ना उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेली-कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और आईआईटी इंदौर के प्रतिनिधियों एवं एसआईए-इंडिया, ट्रेड प्रमोशन काउंसिल फॉर जियो-स्पेशियल एंड स्पेस इंडस्ट्री जैसे निकाय और कई नवाचार स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधि शामिल हुये। निजी संगठनों में अभ्युदय, स्पेक्ट्रागेज़, सोअरिंग एयरोटेक, अफर्मिटी कॉर्प और ओमएग्री जैसे संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

वर्ष 2025 के थीम ‘प्लास्टिक प्रदुषण समाप्त करें’ के साथ मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस-2025

जैतहरी एमबी पॉवर (मध्यप्रदेश) लिमिटेड जैतहरी परिसर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ‘‘ विश्व पर्यावरण दिवस ’’ 5 जून के अवसर पर पर्यावरण पखवाड़ा का आयोजन किया गया। यह समारोह दिनांक 27.05.2025 से 10.06.2025 तक मनाया गया। यह पखवाड़ा वर्ष 2025 की थीम ‘‘प्लास्टिक प्रदुषण समाप्त करें ’’ पर केन्द्रित, जैतहरी बस स्टैंड से दीपक नगर टाउनशिप तक एक प्रदुषण जागरूकता रैली, ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी, पोस्टर पेंटिंग, नारा लेखन, भाषण, सामूहिक पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों के संचालन के साथ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कंपनी के कर्मचारी, कामगारबंधु और कंपनी आवासीय परिसर दीपकनगर से महिलाओं एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पखवाड़े में बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन प्रतिभागियों को कंपनी प्रबंधन ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।  दिनांक 10.06.25 को पखवाड़े का समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री मुकेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कंपनी के सी ओ ओ एवं प्लांट हेड श्री आनंद देशपांडे ने पर्यावरण दिवस पर अपने विचार रखें और कहा कि हम प्रकृति के संसाधनों को विरासत में नहीं पाते हैं, बल्कि उन्हें हम अपनी आने वाली पीढ़ियों से उधार लेते हैं। हम अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस, सुरक्षा दिवस जैसे दिवस तो इसलिए मनाते हैं ताकि हमें अपने अधिकार मालुम रहें लेकिन पर्यावरण दिवस हमें अपना उत्तरदायित्व याद दिलाता हैँ। हम सबने हाल ही में तेज़ गर्मी महसूस की है। घर के अंदर एसी की ठंडक अच्छी लगती है, लेकिन बाहर का तापमान डरावना होता जा रहा है। यह सब हमारे द्वारा किए जा रहे पर्यावरणीय नुकसान का परिणाम है। हमें यह सोचना होगा कि क्या हमारी ज़रूरतें हमारी सीमा से ज़्यादा तो नहीं हो गई हैं? हमारी कंपनी इस दिशा में गंभीर है – एफजीडी प्लांट लगाकर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सल्फर जैसे तत्व वातावरण में न फैलें। कार्यक्रम के दौरान उजस्थितजनों ने व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाने एवं प्लास्टिक उपयोग से बचने अथवा सीमित उपयोग करने के लिये सामूहिक शपथ ली| कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश श्रीवास्तव के द्वारा कहा गया कि शुद्ध पर्यावरण हमारे जीवन का मूल आधार है, पर्यावरण शुद्धता के बिना प्रथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। प्लास्टिक प्रदूषण एक सवेदनशील और चिंता का विषय हैँ प्लास्टिक प्रदुषण के रोकथाम हम सबकी जिम्मेदारीदारी हैँ, रोकथाम की मुहिम की शुरुआत हम अपने घरों से भी कर सकते हैँ तथा छोटे छोटे प्रयासों से हम बड़े बदलाव की ओर अग्रसर हो सकते हैँ, हमें अपने घरों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के स्थान पर धातु के बर्तनों का इस्तेमाल में लाना चाहिए | कंपनी के मानव संसाधन एवं प्रशासन प्रमुख आर0के0 खटाना ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से वाटर टू ड्रिंक, फ़ूड्स टू ईट, सेल्टर टू लाइव मिलता हैँ, तो हम समझ सकते हैँ पर्यावरण को बचाना, पृथ्वी की रक्षा करना हम सबके लिए कितना जरुरी हैँ, और बताया कि आज हमारे सामने न केवल वायु प्रदुषण, जल प्रदुषण एक चिनौती हैँ इनके अलावा प्लास्टिक प्रदुषण भी एक गंभीर समस्या के रूप में उभर रहा हैँ, इसके प्रति हमें सतर्क होना होगा जिससे आने वाली पीढ़ी को गंभीर दुस्परिणाम का सामना ना करना पढ़े!  कंपनी के मेंटेनेंस विभाग प्रमुख टी एम पाई ने कहा कि हमें प्रसन्नता हैँ कि हमनें प्लास्टिक-मुक्त क्षेत्र जैसी अवधारणाओं को अपनाया है, जो प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एकता की दिशा में एक सराहनीय कदम है। ऐसे कार्यों के लिये छोटे छोटे कदम भी बहुत मायने रखते हैं – ऐसा कहा जाता है कि एक प्लास्टिक की बोतल को सड़ने में वर्षो लग जाते हैं। कल्पना कीजिए कि इसका आने बाले समय में क्या असर हो सकता हैं! आइए एक स्वच्छ, हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की दिशा में काम करना जारी रखें।  कार्यक्रम का संचालन कंपनी के पर्यावरण एवं सुरक्षा विभाग के प्रमुख डॉ0 भोला कुशवाहा के नेतृत्व में विभागीय दल के द्वारा किया गया एवं डॉ0 कुशवाहा ने वर्ष की थीम पर अपने विचार रखे और प्लास्टिक से होने बाले दुष्परिणामो को साझा किया। विभाग के सहायक प्रबंधक मुकेश कुमार ने उपस्थित जन के समक्ष पर्यावरण पर एक कविता प्रस्तुत की जिसके बोल थे “शुद्ध वातावरण स्वच्छ पर्यावरण” और सभी अतिथियो के द्वारा कार्यक्रम में अपना अपना बहुमूल्य समय देने के लिये वोट ऑफ थैंक्स के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

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