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मध्यप्रदेश का दूसरा सोन घड़ियाल अभयारण्य, जहाँ हो रहा है प्राकृतिक पर्यावास में घड़ियालों का प्रजनन

भोपाल  मध्यप्रदेश में चंबल अभयारण्य के बाद दूसरे सोन घड़ियाल अभयारण्य में प्राकृतिक पर्यावास में घड़ियाल का प्रजनन हो रहा है। अभयारण्य घड़ियाल, स्कीमर सहित अन्य दुर्लभ जलीय जीव-जंतुओं के लिये प्रजनन के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है। अभयारण्य पर मंडरा रहे अस्तित्व के संकट के बीच अभयारण्य में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों की इच्छा-शक्ति और अथक प्रयासों से सोन नदी के तटों पर निवासरत समुदायों के सहयोग एवं सहभागिता से जलीय जीव-जंतुओं का संरक्षण करने में सफलता प्राप्त की है। अभयारण्य में 21-22 मई, 2025 को घड़ियालों द्वारा दिये गये अण्डों से लगभग 80 बच्चे निकले है। शेष अण्डों से बच्चे निकालने का क्रम जारी है। अभयारण्य में नर घड़ियाल नहीं होने से प्रजनन अवरुद्ध हो गया था। चंबल अभयारण्य से 14 जनवरी, 2025 को एक नर घड़ियाल लाने के बाद 8 मादा घड़ियालों द्वारा माह मार्च-2025 में अण्डे दिये गये थे। सोन घड़ियाल अभयारण्य, सीधी का गठन घड़ियाल एवं अन्य जलीय जीवों के संरक्षण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के नोटिफिकेशन 23 सितम्बर, 1981 को किया गया था। इसके अंतर्गत सोन, गोपद एवं बनास नदियों में 209.21 किलोमीटर लम्बाई और चौड़ाई 200 मीटर है। अभयारण्य में वर्ष 2025 में की गयी जलीय जीव-जंतुओं एवं पक्षियों की गणना में 38 घड़ियाल, 74 मगरमच्छ, 41 स्मीकर, 49 प्रकार के कुल 4015 पक्षी तथा कछुए एवं मछलियों की अनेक प्रजातियाँ, जलीय सर्प इत्यादि जीव पाये गये।  

मोटर साइकिल चालक ने चार वर्षीय बच्चे को मारी टक्कर, घर लाते समय हुई बच्चे की मौत

बालाघाट जिले के खैरलांजी में खेरी रोड पर मोटरसाइकिल की टक्कर से एक चार वर्षीय बालिक की मौत हो गई है। मृतक बालक प्रांशुल पिता दीपक रनगड़े खैरलांजी निवासी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बालक के शव को बरामद कर पंचनामा कार्रवाई को पूर्ण किया है, पुलिस मामला दर्जकर पुलिस जांच में जुटी।   मोटरसाइकिल चालक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार दीपक रनगढे खैरलांजी निवासी जिला न्यायालय डिंडोरी में सहायक ग्रेड के पद पर पदस्थ है। जिनकी पत्नी अनीता रनगढे बच्चों के साथ खैरलांजी में रहती है। 11 जून की शाम करीब पांच बजे वह अपने घर के सामने आंगन में खड़ी थी। छोटा बेटा प्रांशुल घर के सामने रोड पर खड़ा था तभी घर के सामने रोड से तेज रफ्तार से आ रही मोटरसाइकिल के चालक बालक को टक्कर मार दी। जिससे वह घायल हो गया उसके चिल्लाने पर मां आई और मोटर साइकिल से ही बालक को उपचार के लिए खैरलांजी अस्पताल लेकर पहुंचे। घर लाते समय हुई बच्चे की मौत बच्चे के प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जिसपर परिजन बालक को गोंदिया के निजी अस्पताल लेकर गए। 12 जून को बालक के स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर उसे परिजन घर लेकर आने के लिए छुट्टी करवारकर आ रहे थे लेकिन रास्ते में ही बालक की तबियत बिगड़ गई जिससे उसे खैरलांजी अस्पताल ले जाया गया, यहां पर उसकी मौत हो गई।

सुरवाया थाना क्षेत्र के फोरलेन हाईवे पर एक कार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, कार को आग की लपटों ने घेर लिया

शिवपुरी सुरवाया थाना क्षेत्र के फोरलेन हाईवे पर शुक्रवार की दोपहर एक कार में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी कार को आग की लपटों ने घेर लिया। कार में सवार परिवार आग फैलने के पहले ही सुरक्षित बाहर निकल आया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई है। पुलिस ने आगजनी कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।   ससुराल घूमने जा रहा था परिवार जानकारी के अनुसार कानपुर निवासी सय्यैद शहनबाज अपनी इग्निस कार से परिवार के साथ वीक एंड की छुट्टियां मनाने के लिए गुना स्थित ससुराल जा रहे थे। कार में तीन पुरूष, दो महिला व एक बच्चा सवार था। शुक्रवार की सुबह कानपुर से चलकर दोपहर के समय वह अमाेला व सुरवाया के बीच में पहुंचे। भीषण गर्मी के कारण कार गर्म होने से इंजन में शॉर्ट सर्किट हुआ। कार ने आग पकड़ ली। कार चला रहे सय्यैद शाहनबाज के भांजे मेहमूद को लगा की चलती कार के इंजन में आग लग गई। इस पर उन्होंने कार को सड़क किनारे खड़ा कर पूरे परिवार को बाहर निकाला। आग से जली पूरी कार उसके आग को बुझाने की कोशिश से पहले ही आग ने भीषण हो गई। पूरी कार आग की चपेट में आकर जल गई। कार में सवार लोगों को कुछ मिनट तक पता नहीं चलता कि कार में आग लग गई है, तो शायद यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

सोनम रघुवंशी और राज का नार्को टेस्ट से सामने आएगा, राजा रघुवंशी मर्डर केस का ‘पूरा सच’आएगा सामने?

इंदौर मेघालय में हनीमून के दौरान मार डाले गए इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी  राजा रघुवंशी मर्डर केस का पूरा सच सामने लाने के लिए अब आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की मांग उठने लगी है। राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने मांग की है कि राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम (25) और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। इस मामले में सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा (20) समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  मेघालय पुलिस की कस्टडी में हैं आरोपी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम पर आरोप है कि उसने कुशवाहा के साथ मिलकर उसके तीन दोस्तों की मदद से अपने पति की हत्या कराई ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके। इस मर्डर केस के के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं। इन आरोपियों से पूछताछ करके इस वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में कहा,”हम चाहते हैं कि मेघालय पुलिस सोनम और कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए ताकि मेरे भाई की हत्या का पूरा सच बाहर आ सके।”  नार्को टेस्ट से पूरा सच आएगा सामने सचिन ने कहा, “सोनम और राज कुशवाहा से मेघालय पुलिस की पूछताछ को लेकर सामने आ रही खबरों से हमें लग रहा है कि दोनों मिलीभगत के तहत एक-दूसरे को इस वारदात का मास्टरमाइंड बताकर जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि सोनम और कुशवाहा अपने दम पर उनके भाई राजा रघुवंशी की हत्या नहीं कर सकते थे। सचिन ने कहा,”मुझे लगता है कि हत्याकांड में और लोग भी शामिल हैं जो अब तक मेघालय पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोनम और कुशवाह के नार्को टेस्ट से इन लोगों के नाम भी पता चल सकते हैं।”  ‘राज-सोनम के नार्को टेस्ट से सामने आएगा सच’ राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने राजा हत्याकांड में शामिल सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह के नार्को टेस्ट की मांग की है। सचिन रघुवंशी का कहना है कि सोनम और राज दोनों ही पुलिस की पूछताछ में एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बताकर पुलिस को गुमराह कर रहे हैं इसलिए दोनों का नार्को टेस्ट होना चाहिए जिससे कि सच का पता चल सके। इसके साथ ही उन्होंने राजा की हत्या की साजिश में और लोगों के शामिल होने की आशंका भी जताई है। भाई-भतीजे ने किया राजा का पिंडदान इधर राजा रघुवंशी का उनके परिजन ने उज्जैन में पिंडदान किया। राजा के दशाकर्म के लिए भाई विपिन रघुवंशी, भतीजा विधान (विपिन का बेटा), भाई सुजित रघुवंशी व उज्जैन में रहने वाले रिश्तेदार सिद्धवट घाट पहुंचे थे। सोनम का भाई गोविंद भी पूजन करने इनके साथ आया था। राजा का पिंडदान भतीजे विधान ने किया। पूजन पंडित राजेश त्रिवेदी ने कराया। पिंडदान में पहुंचे सोनम के भाई गोविंद ने एक बार फिर साफ साफ कहा है कि सोनम उनके लिए मर चुकी है और अब उससे हमारा कोई रिश्ता नहीं है। सोनम और राज के रिश्ते के बारे में परिवार को मालूम था? राजा रघुवंशी के भाई ने इस मर्डर केस की विस्तृत जांच की मांग की और यह संदेह भी जताया कि सोनम और कुशवाहा के कथित करीबी रिश्ते के बारे में इस महिला के परिवार, खासकर उसकी मां को पहले से पता था, लेकिन इसके बावजूद सोनम पर पारिवारिक दबाव डालकर राजा के साथ उसकी शादी कराई गई। उन्होंने यह मांग भी की कि राजा रघुवंशी हत्याकांड का मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले लोगों को ‘दोहरे आजीवन कारावास’ की सजा दी जाए।  राज कुशवाहा है इस केस का मस्टरमाइंड मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के एसपी विवेक सायम ने बृहस्पतिवार को  बताया था कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ उनकी शादी से ठीक पहले इंदौर में रची गई थी। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि राज कुशवाहा है। सोनम ने इस साजिश के लिए अपनी रजामंदी दी थी। राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों-विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर शुरुआत में ‘भाड़े के हत्यारे’ होने का संदेह जताया गया था, लेकिन मेघालय पुलिस अब इन्हें कुशवाह के दोस्त बता रही है।  अन्य आरोपी सुपारी किलर नहीं, राज के दोस्त एसपी ने कहा, “हत्याकांड में शामिल तीनों युवक कुशवाह के दोस्त हैं जिनमें से एक आरोपी उसका चचेरा भाई है। यह हत्या की सुपारी देने का कोई आम मामला नहीं है, लेकिन साजिश हत्या की ही थी और तीनों युवकों ने अपने दोस्त कुशवाह की मदद के लिए इसे अंजाम दिया था।’’ सायम ने बताया कि कुशवाह ने तीनों युवकों को खर्च के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचे जाने का सिलसिला फरवरी में इंदौर में शुरू हुआ था और आरोपियों ने इस वारदात के बाद सोनम के फरार होने के तरीके सोचे थे। 

बुर्का पहन मेघालय से भागी सोनम, फरवरी में ही बना लिया था राजा रघुवंशी की हत्या का प्लान,पुलिस का खुलासा

इंदौर जा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हत्या के बाद सोनम बुर्का पहनकर मेघालय से भाग गई थी। वह टैक्सी, बस और ट्रेन से मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंची। हत्या की योजना फरवरी में ही बननी शुरू हो गई थी। साजिश को अंतिम रूप इंदौर में शादी से ठीक पहले दिया गया, जिसमें सोनम भी शामिल थी। पुलिस ने राज कुशवाहा के तीन दोस्तों विशाल, आकाश और आनंद को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सोनम 26 मई से आठ जून तक इंदौर में रही है। सुपारी किलर नहीं थे ये पुलिस के अनुसार, ये सुपारी किलर नहीं थे, बल्कि राज के दोस्त थे और दोस्ती के लिए हत्या करने को तैयार हो गए थे। राजा को मारने के बाद, आरोपियों ने एक और महिला की हत्या करके उसे सोनम के रूप में पेश करने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गहराई से कर रही जांच मेघालय पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने इस मामले में कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि हत्या की साजिश कैसे रची गई और कैसे आरोपियों ने इसे अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि राजा की हत्या की योजना बहुत पहले से बन रही थी। आरोपियों ने 19 मई को असम में राजा को मारने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इसके बाद सोनम ने शिलॉन्ग और सोहरा जाने का सुझाव दिया। सभी आरोपी नोंग्रियात में मिले। वहां से वाई वेसाडोंग फॉल्स के लिए निकले। पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ उसकी शादी से ठीक पहले इंदौर में रची गई थी तथा इसका मास्टरमाइंड राज कुशवाह है, जबकि सोनम ने इस साजिश के लिए सहमति जताई थी. पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने कहा, “तीनों युवक दोस्त थे और उनमें से एक राज का चचेरा भाई है. यह हत्या की सुपारी देने का कोई मामला नहीं है. हां, योजना हत्या की थी और उन्होंने अपने दोस्त राज की मदद करने के लिए ऐसा किया.” पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज ने उन्हें खर्च के लिए 50,000 रुपये दिए थे. उन्होंने बताया कि वारदात की योजना फरवरी में इंदौर में शुरू हुई थी और उन्होंने राजा की हत्या के बाद सोनम के वहां से फरार होने के तरीके सोचे थे. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपियों की एक योजना यह थी कि लोगों को विश्वास दिलाया जाए कि वह झरने में बह गई होगी. दूसरी योजना यह थी कि किसी अनजान महिला की हत्या कर दी जाए, उसके शव को दोपहिया वाहन पर लाद दिया जाए, शव को जला दिया जाए और दावा किया जाए कि यह सोनम का शव है. हालांकि, कोई भी योजना सफल नहीं हुई.” 18 मिनट में कर दी हत्या विवेक सिएम के अनुसार, दोपहर 2:00 बजे से 2:18 बजे के बीच तीनों ने राजा पर माचेते (चाकू जैसे हथियार) से हमला कर दिया। सोनम के सामने ही राजा की हत्या कर दी गई। फिर लाश को खाई में फेंक दिया गया। हत्या के बाद सोनम ने अपना रेनकोट आकाश को दिया, क्योंकि उसकी शर्ट पर खून के धब्बे थे। बाद में उस रेनकोट और टू-व्हीलर को घटनास्थल से कुछ दूरी पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने सोनम के ‘लापता’ होने के दौरान इसे बरामद किया था। बुर्का पहनकर भागी थी सोनम सोनम की फरारी की कहानी भी काफी दिलचस्प है। राज ने अपने दोस्त विशाल को एक बुर्का दिया, जिसे सोनम ने पहना। वह पुलिस बाजार से टैक्सी लेकर गुवाहाटी गई। फिर बस से सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल), फिर पटना और आरा, फिर ट्रेन से लखनऊ और वहां से बस से इंदौर पहुंची। गाइड की बात से खुलासा हुआ पूरा मामला तब खुला जब मेघालय मीडिया ने एक गाइड से बात की। उस गाइड ने राजा और सोनम को तीन अन्य लोगों के साथ देखा था। राज ने सोनम से कहा था कि वह सिलीगुड़ी जाकर खुद को अगवा बताकर पेश करे। लेकिन 8 जून को सोनम जब इंदौर से निकली, तभी मेघालय पुलिस की दो टीमें यूपी और मध्यप्रदेश पहुंच चुकी थीं। जब पहली गिरफ्तारी (आकाश) हुई, तब राज घबरा गया। उसने सोनम से कहा कि वह अपने परिवार को फोन कर दे और कहे कि वह किसी गैंग से बचकर निकली है। यहीं से यह पूरा मामला उजागर हुआ और सोनम गाज़ीपुर में पुलिस के सामने आई। सोनम और राज को लगा था कि राजा की लाश जल्दी नहीं मिलेगी क्योंकि जगह बहुत दुर्गम थी और जांच में महीने भर का वक्त लग सकता था। इसी वजह से सोनम खुद को अगवा दिखाकर सहानुभूति पाना चाहती थी। 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर देंगे एसपी सिएम ने कहा कि आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 90 दिनों की समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सभी पांच आरोपियों को बुधवार को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

विधवा बहू ने दोबारा शादी करने से किया इनकार तो पूर्व सैनिक ससुर ने मार दी गोली

मुरैना  मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक पूर्व सैनिक ने अपनी विधवा बहू को गोली मार दी है। उसने इस बात को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी कि उसने दोबारा शादी करने से इनकार कर दिया। महिला के परिजनों और पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पूर्व सैनिक फरार सिविल लाइंस थाना प्रभारी दर्शन लाल शुक्ला ने बताया कि आरोपी ज्ञान सिंह गुर्जर (65) रात करीब 10 बजे देसी कट्टे से अपनी बहू प्रियंका (38) की गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार हो गए। महिला ने एक साल पहले अपने पति को खो दिया था। उन्होंने बताया कि यह घटना मुरैना जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सिकरौदा नहर के पास हुई और महिला की मौके पर ही मौत हो गई। चार दिन पहले आई थी ससुराल शुक्ला ने कहा कि ज्ञान सिंह के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। पति की मौत के बाद महिला अपने तीन बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। हालांकि, वह चार दिन पहले अपने ससुराल लौट आई थी। बड़े भाई के बेटे से शादी का दबाव पीड़िता के भाई मुकेश के अनुसार प्रियंका के ससुर गुर्जर उस पर अपने बड़े भाई के बेटे ध्रुव से शादी करने का दबाव बना रहे थे, जो उनकी बहन को मंजूर नहीं था। मुकेश ने आरोप लगाया कि मेरी बहन ने इनकार कर दिया क्योंकि उसके पहले से ही तीन बच्चे हैं। इस वजह से उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। पुलिस अधिकारी शुक्ला ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। 18 महीने में दो बेटों की मौत आरोपी पूर्व सैनिक ने पिछले 18 माह में अपने दोनों बेटों को खो दिया। पुलिस के अनुसार, प्रियंका के पति अजय गुर्जर की पिछले साल नौ जून को मौत हो गई थी और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक सात साल की बेटी और पांच और तीन साल के दो बेटे हैं।

उर्दू पाण्डुलिपियाँ 9 जुलाई तक आमंत्रित

भोपाल  मध्यप्रदेश उर्दू साहित्यकारों एवं शायरों से वर्ष 2025-26 के लिए उनकी पाण्डुलिपियों के प्रकाशन के लिये आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए पाण्डुलिपियां सहित आवेदन 9 जुलाई तक आमंत्रित किये गये है। पाण्डुलिपियां म.प्र. उर्दू अकादमी, मुल्ला समूजी भवन भोपाल में कार्यालीन समय में प्राप्त की जा सकेंगी। आवेदकों के पाण्डुलिपि के साथ मध्यप्रदेश का मूल निवासी प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। ऐसे आवेदनों पर नहीं विचार किया जाएगा जिन्होंने विगत दस वर्षों में आर्थिक सहायता प्राप्त न की हो। पुस्तक प्रकाशन के लिये आर्थिक सहायता देने हेतु बनाई गई कमेटी का निर्णय ही अंतिम होगा।  

राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन

मंत्री पटेल से महाराष्ट्र के अधिकारियों ने की भेंट सिपरी सॉफ्टवेयर से प्रभावित हुआ महाराष्ट्र का दल, फील्ड विज़िट में देखा ग्राउंड इम्पैक्ट राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन मनरेगा परिषद का अभिनव नवाचार बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के छह सदस्यीय दल ने शुक्रवार को उनके शासकीय निवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर वर्षा जल के संचयन और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए किए जा सकने वाले प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने इस दौरान मध्यप्रदेश में वर्षा जल और भूजल प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। खासतौर पर दल ने जल गंगा संवर्धन अभियान और सिपरी सॉफ्टवेयर की प्रशंसा की। इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद, महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रणदिवे, अवर सचिव मृदा एवं संरक्षण विभाग देवेन्द्र भामरे, प्रकाश पाटिल, क्षेत्रीय जल संरक्षण अधिकारी दिलीप निपाने, जीआईएस विशेषज्ञ अमोल विधाते और असिस्टेंट इंजीनियर अविनाश देवपारे शामिल रहे। महाराष्ट्र के दल ने को सिपरी सॉफ्टवेयर की सराहना जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मध्यप्रदेश मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचारों का अध्ययन करने के लिए महाराष्ट्र सरकार का यह छह सदस्यीय दल 12 जून को दो दिवसीय दौरे पर भोपाल आया। दल के सदस्यों ने फील्ड में जाकर सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित किए गए खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर के कार्य को गहराई से देखा और उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली की सराहना की। यह पहला अवसर है जब मध्यप्रदेश में सॉफ्टवेयर की मदद से वैज्ञानिक पद्धति से खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का चयन किया गया। दल ने किया फील्ड भ्रमण भोपाल आगमन के पश्चात दल ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद से पृथक से भेंट कर विस्तृत चर्चा की। पहले दिन 12 जून को अधिकारियों ने भोपाल जिले की जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत गुनगा एवं जैतपुर का भ्रमण किया, जहां उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर से चिन्हित खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल देखे। इस दौरान उन्होंने हितग्रहियों से चर्चा भी की। शुक्रवार को दल ने रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण किया और वहां भी सिपरी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली को देखा व आवश्यक जानकारियां प्राप्त कीं। एमपीएसईडीसी ने दी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी विकास भवन में एमपीएसईडीसी और इसके नॉलेज पार्टनर संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों ने प्रजेंटेशन के माध्यम से महाराष्ट्र से आए अधिकारियों को सिपरी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी दी।साथ ही मनरेगा परिषद के अधिकारियों ने प्लानर सॉफ्टवेयर और एरिया ऑफिसर ऐप के बारे में भी दल को अवगत कराया। यह जानकारी इस बात पर केंद्रित थी कि ये तकनीकी उपकरण किस प्रकार कार्य को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाते हैं। क्या है सिपरी सॉफ्टवेयर और प्लानर ऐप सिपरी (Software for Identification and Planning of Rural Infrastructure) एक उन्नत तकनीकी सॉफ्टवेयर है, जिसे महात्मा गांधी नरेगा, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा एमपीएसईडीसी और इसरो के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण हेतु उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। यह भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से कार्य करता है। वहीं प्लानर ऐप मनरेगा परिषद द्वारा विकसित एक डिजिटल उपकरण है जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना को सरलता से तैयार करना है। यह ऐप मनरेगा के उद्देश्यों और प्रावधानों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करता है। इस तरह की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राज्य में हो रहे हैं कार्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बारिश की हर बूंद का संचयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन 30 जून को होगा। अभियान के अंतर्गत सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से प्रदेशभर में 79,815 खेत तालाब, 1,254 अमृत सरोवर और 1,03,900 कूप रिचार्ज पिट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।अब तक 2 लाख 30 हजार से अधिक जलदूतों ने स्वयं को पंजीकृत किया है, जो इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने में जुटे हुए हैं।   

भोपाल में अमृत हरित महा अभियान पर हुई कार्यशाला, समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

नगरीय क्षेत्रों को नगर वन से पर्यावरण के अनुकूल बनायें : एसीएस शुक्ला हरित क्षेत्र के मामले में मध्यप्रदेश बने देश का मॉडल स्टेट: एसीएस शुक्ला भोपाल में अमृत हरित महा अभियान पर हुई कार्यशाला, समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने कहा है कि बढ़ती आबादी के दबाव के कारण शहरों का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। जरूरत इस बात की है कि जन भागीदारी से हम शहरों में हरित क्षेत्र को बढ़ायें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पौधरोपण के साथ-साथ हम पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव शुक्ला शुक्रवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में अमृत हरित महा अभियान पर केन्द्रित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण जुड़ी गतिविधियों और पहल का प्रसार करना है। कार्यशाला में समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने कहा कि आगामी बारिश के मौसम के दौरान जिन चिन्हित स्थानों पर पौधरोपण होना है, वहां व्यापक स्तर पर तैयारी की जाये। शुक्ला ने कहा कि शासकीय भवन परिसर, कॉलेज एवं स्कूल परिसर के आस-पास पौधरोपण किया जाये। उन्होंने कहा कि नगरों के कुल क्षेत्रफल का लगभग 20 से 25 प्रतिशत भाग समृद्ध हरित क्षेत्र होना चाहिए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि हमारे देश में प्राचीन काल से जिन पेड़ों को आस्था के साथ लगाया जाता रहा है, हम उनको स्थानीय परिस्थिति के अनुसार ज्यादा संख्या में लगा सकते हैं। इनमें आम, जामुन, पीपल, नीम इत्यादि हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे काम करने वाले नगरीय निकायों को पुरस्कृत किये जाने की भी पहल की जाना चाहिए। एक करोड़ पौधरोपण का कार्यक्रम कार्यशाला में नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि वर्षा काल के दौरान प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में एक करोड़ पौधरोपण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण और वृक्षों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शत-प्रतिशत जनभागीदारी से सफल हो सकती है। आयुक्त ने कहा कि पौधरोपण के साथ उनकी सुरक्षा से जुड़ी 3 वर्ष की कार्य योजना बनाये जाना भी जरूरी है। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक नगर परिषद में एक लाख, नगर पालिका में 5 लाख और नगर निगम में 15 से 20 लाख पौधरोपण की योजना तैयार की जाये। औद्योगिक क्षेत्र की चर्चा करते हुए आयुक्त ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में वर्षा काल के इस सीजन में 11 लाख पौधरोपण की योजना तैयार की गई है। इसी तरह की योजना मंडीदीप सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी बनाई जा रही है। आयुक्त ने कहा कि हमें अमृत मित्र तैयार करना होंगे, जो इस कार्य में सहयोग करेंगे। विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े, आईआईएफएम के डॉ. योगेश दुबे ने शहरी अधोसंरचना में नीली-हरी अवसंरचना का प्रबंधन, एप्को के रामरतन ने जलवायु परिवर्तन, एसपीए भोपाल के सौरभ पोपली ने शहरी स्थल पर हरित प्रणाली, अपर आयुक्त सुटीना यादव ने पर्यावरण संरक्षण संबंधित कानून और प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा ने नगर वनों के विकास की जानकारी दी। कार्यशाला में दिव्यांग पार्क और छिंदवाड़ा में आधुनिक पार्क पर केन्द्रित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। रवीन्द्र भवन परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का बड़ी संख्या में नागरिकों ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी में खाद, बीज, उन्नत किस्म के पौधे, कृषि और उद्यानिकी के लिये उपयोगी यंत्रों का विक्रय एवं प्रदर्शन किया गया।  

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की शासन ने की मान्यता रद्द …

भोपाल  एमपी के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज को लेकर यह फैसला लिया है। कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं कर पाया। इसलिए विभाग ने मान्यता रद्द कर दी। विभाग को जांच में कई अनियमितताएं भी मिलीं। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार कॉलेज ने जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए थे। दस्तावेजों में भी कई कमियां पाई गईं। इसी वजह से कॉलेज की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया गया। पहले कॉलेज को मौका दिया गया था। यह अवसर सत्र 2025-26 के लिए था। पर इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज जरूरी शर्तें पूरी नहीं कर पाया। दरअसल, मई 2025 में इस कॉलेज को अस्थायी मान्यता (Temporary Recognition) दी गई थी, लेकिन विभाग की जांच में सामने आया कि कॉलेज (College) द्वारा जरूरी दस्तावेज (Documents) और शर्तें पूरी नहीं की गई थीं। साथ ही, निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं भी पाई गईं। इन्हीं आधारों पर विभाग ने मान्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया है। दस्तावेज अधूरे, अनियमितताएं भी मिलीं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मान्यता को लेकर की गई जांच में इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज के दस्तावेज अधूरे मिले हैं। जांच में कुछ अनियमितताएं भी मिलीं। जिसके बाद ही कॉलेज की मान्यता को खत्म करने का निर्णय लिया है। जिसके बाद से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में पड़ता नजर आ रहा है। विधायक का जवाब यह निर्णय अनुचित कॉलेज की मान्यता निरस्त करने पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक आरिफ मसूद ने कहा हैं कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कॉलेज की दो बार जांच हो चुकी है और नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी। इसके बावजूद मान्यता रद्द किया जाना पूरी तरह अनुचित और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। हाईकोर्ट में मामला विधायक आरिफ मसूद ने इस कार्रवाई को सही नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला हाई कोर्ट में चल रहा है। मसूद के अनुसार कॉलेज की दो बार जांच हो चुकी है। कॉलेज का नवीनीकरण भी हो चुका है। कांग्रेस नेता आरिफ मसूद का कहना विधायक मसूद का कहना है कि कॉलेज ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की हैं। फिर भी मान्यता रद्द करना समझ से परे है। उन्होंने इस फैसले को अनुचित बताया है। अब देखना होगा कि हाई कोर्ट इस मामले में क्या फैसला लेता है। कॉलेज प्रशासन भी इस फैसले से नाखुश है। हाई कोर्ट में इसके अलावा भी कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर मामला चल रहा है। बीजेपी के नेता ध्रुव नारायण सिंह ने नामांकन के दौरान 50 लाख के लोन वाली बात छिपाने के एवज में याचिका लगाई थी। इस पर भी कार्रवाई चल रही है।

नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति के बाद पीड़िता का इनकार

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अमित सेठ की एकलपीठ के समक्ष पूर्व निर्देश के पालन में मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई। विशेषज्ञ डाक्टरों ने अवगत कराया कि आठ माह का गर्भपात कराने से बच्चे व पीड़ित को खतरा हो सकता है। यह सुनते ही नाबालिग व उसके अभिभावकों ने गर्भपात से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए पीड़ित को गर्भ जारी रखने की अनुमति दे दी। दरअसल, हाई कोर्ट की 20 फरवरी, 2025 की गाइडलाइन के अंतर्गत यदि कोई नाबालिग रेप पीड़िता 24 हफ्ते (करीब छह महीने) से ज्यादा गर्भवती हो, तो गर्भपात के लिए हाई कोर्ट से मार्गदर्शन लेना होगा। यह आदेश सभी जिम्मेदार विभागों को दिया गया था। इसके बाद बालाघाट जिला निवासी बच्ची के गर्भपात की अनुमति के लिए बालाघाट जिला अदालत ने हाई कोर्ट को पत्र लिखा था। बेंच ने इस पत्र को याचिका मानकर सुनवाई की। कोर्ट ने नौ जून को मेडिकल टीम गठित कर आठ माह के गर्भपात से होने वाले नुकसान के बारे में बताने को कहा था। बच्ची व उसके अभिभावकों को भी आठ माह के गर्भपात की जटिलताओं से अवगत कराने को कहा गया था। गुरुवार को मेडिकल टीम की ओर से रिपोर्ट पेश की गई। बताया गया कि पूर्णकाल तक गर्भ धारण करना बच्ची के मानसिक व शारिरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालेगा। आठ माह का गर्भपात किया जा सकता है, किन्तु इसमें बच्ची व उसके गर्भस्थ शिशु की जान को खतरा है। गर्भपात की दशा में पीड़ित के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि इस जानकारी के बाद पीड़ित व उसके अभिभावक गर्भपात के लिए सहमत नही हैं। रिपोर्ट के अवलोकन के बाद हाई कोर्ट ने पीड़ित और उसके अभिभावकों को उनकी इच्छानुसार गर्भ पूर्ण करने के लिए स्वतंत्रता दे दी। इधर कमेटी बनाकर दस्तावेजों की जांच करने के दिए निर्देश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अमित सेठ की एकलपीठ ने गढ़ा बाजार के अतिक्रमणों के विरुद्ध जारी कार्रवाई के मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। इसके अंतर्गत एक कमेटी बनाकर याचिकाकर्ता की भूमि से संबंधित दस्तावेजों की जांच के निर्देश दे दिए। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती कब्जा तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कार्रवाई के पूर्व याचिकाकर्ता को सुनवाई का पूरा अवसर देने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता गढ़ा बाजार निवासी महेंद्र कुमार कोष्टा की ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता को निवासरत भूमि उसके पूर्वजों द्वारा प्राप्त हुई है। उनका परिवार वर्ष 1935 में वहां पर निवास करता आ रहा है। विगत दिवस नगर निगम ने याचिकाकर्ता को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता ने अपने मकान में बने छज्जे, टीन शेड आदि को हटा लिया। कुछ दिन बाद नगर निगम द्वारा मकान के एक हिस्से को तोड़ने हेतु पुनः चिह्नित कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से भूमि के कब्जा तथा अधिकार के सभी दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद ननि को एक कमेटी बनाकर दस्तावेजों की वैधानिकता की जांच करने के निर्देश दिए।

दस हजार की रिश्वत लेते धराया बाबू, इस काम के लिए मांगी थी रकम

शिवपुरी  तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को पोहरी तहसील में पदस्थ एक बाबू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू तहसीलदार के नाम पर अतिक्रमण हटवाने की प्रक्रिया में आदेश जारी कराने के लिए किसान से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। किसान ने रकम घटाने की बात कही, तो बाबू 10 हजार रुपये लेने को तैयार हो गया। लोकायुक्त ने रकम लेते उसे मौके पर ही पकड़ लिया।     जानकारी के मुताबिक, ग्राम बरईपुरा निवासी अतर सिंह धाकड़ व उनके भाई नारायण धाकड़ की कृषि भूमि पर ओमप्रकाश शाक्य और अन्य ने अवैध कब्जा कर लिया था। इस अतिक्रमण के चलते वहां से गुजरने वाले नाले का प्रवाह रुक गया, जिससे नाले का पानी अतर सिंह के खेत में भरने लगा और उनकी फसलें बर्बाद होने लगीं। परेशान होकर अतर सिंह ने 26 जुलाई 2024 को तहसीलदार निशा भारद्वाज को शिकायत सौंपी थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में अतिक्रमण प्रकरण क्रमांक 306/आर-68/2024-25 दर्ज किया गया। पटवारी से मौका मुआयना कर रिपोर्ट मंगवाई गई। जांच में अतिक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद अतिक्रमण हटवाने के आदेश जारी होने थे। आदेश निकालने के एवज में बाबू पुनीत गुप्ता ने 20 हजार रुपये की मांग की। लोकायुक्त ने योजना बनाकर पकड़ा     किसान अतर सिंह ने जब पैसे देने में असमर्थता जताई तो बाबू ने साफ कहा कि तहसीलदार का स्तर बड़ा है, इसलिए कम पैसे में काम नहीं होगा। इस पर किसान ने 10 जून 2025 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज करवा दी। शिकायत की जांच में आरोप सही पाया गया और बाबू 10 हजार रुपये में सौदा करने को तैयार हो गया।     इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजना बनाकर शुक्रवार को अतर सिंह को पैसे के साथ बाबू के पास भेजा। जैसे ही बाबू पुनीत गुप्ता ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, लोकायुक्त टीआई कवीन्द्र सिंह चौहान और उनकी टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। 15 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई इस कार्रवाई को अंजाम देने में टीआई कवीन्द्र सिंह चौहान के साथ निरीक्षक बलराम सिंह राजावत, अंजली शर्मा सहित 15 सदस्यों की टीम शामिल रही। लोकायुक्त ने आरोपी बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

नरसिंहपुर में भीषण हादसा, मैरिज गार्डन में करंट की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत

नरसिंहपुर  मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक मैरिज गार्डन के सामने करंट की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं 4 लोग घायल हैं। इस हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।दरअसल, पूरी घटना गाडरवारा क्षेत्र की है। यहां श्री पैलेज मैरिज गार्डन के सामने अचानक बिजली की चपेट में कुछ लोग आ गए। हादसे के बाद 3 लोगों की मौत हो गई। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया। वहीं घायलों को अस्पताल भेजा। जहां सभी का इलाज जारी है। सभी मृतक और घायल गाडरवारा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।  फ़िलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। 

दमोह शहर की सड़कों पर रात लोगों ने केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक को पैदल चलते हुए देखा तो अचरज में पड़ गए

दमोह  दमोह शहर की सड़कों पर गुरुवार रात लोगों ने केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक को पैदल चलते हुए देखा तो अचरज में पड़ गए, क्योंकि वह आम लोगों की तरह से सबसे मिल रहे थे। जैसे ही लोगों को जानकारी लगी कि यह तो केंद्रीय मंत्री हैं, जो अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। फिर क्या था मंत्री से मुलाकात करने लोगों की भीड़ लग गई। शहर के कई चौराहों से पैदल चलते हुए वह वापस सर्किट हाउस पहुंचे। दरअसल गुरुवार शाम टीकमगढ़ सांसद और भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र खटीक दमोह पहुंचे। यहां उन्हें कई कार्यक्रमों में शामिल होना था, लेकिन अहमदाबाद में हुए प्लेन हादसे में कई लोगों की मौत के बाद उन्होंने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए और घटना पर दुख जताया। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा घटना बेहद दुखद है इस दुख की घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मंत्री खटीक ने अपनी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की इसके बाद वह पैदल शहर की सड़कों पर घूमने निकल गए। सर्किट हाउस से बेलाताल, वीआईपी मार्ग, सिविल वार्ड से वापस होकर कोतवाली चौक, घंटाघर चौक पहुंचे जहां उन्होंने लोगों के साथ मिलकर गन्ने का जूस पिया। मंत्री खटीक को इस तरह सामान्य व्यक्ति की तरह घूमते देख लोग सहजता से उनके पास पहुंचे और मुलाकात की। यह नजारा देखने लोगों की भीड़ लग गई। इसके बाद बकौली चौक होते हुए अस्पताल चौराहे पर संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारियों से औषधि संबंधित जानकारी ली अधिकांश दवाएं उपलब्ध होने पर खुशी जाहिर की साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा जो यह जन औषधि केंद्र बनाए गए उससे आमजन को बहुत ही लाभ मिल रहा है। इसके बाद मंत्री सीधे सर्किट हाउस पर रवाना हुए। इस दौरान सीएसपी अभिषेक तिवारी, कोतवाली टी आई मनीष कुमार मौजूद रहे। रात्रि विश्राम करने के बाद शुक्रवार सुबह मंत्री वीरेंद्र खटीक सतधरू योजना का निरीक्षण करने निकल गए।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर में श्रमिकों की मृत्यु पर किया दु:ख व्यक्त

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर में श्रमिकों की मृत्यु पर किया दु:ख व्यक्त मृतकों के परिजन को 2-2 लाख एवं घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आए 3 श्रमिकों की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हृदय विदारक घटना में घायल तीन अन्य श्रमिकों के समुचित उपचार के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। यह दुर्घटना शुक्रवार को एक मैरिज गार्डन में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में दिवंगत व्यक्तियों के परिजन को दो-दो लाख रुपए और घायल श्रमिकों के समुचित उपचार के लिए 50- 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।  

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