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मिस एशिया यूनिवर्स प्रतियोगिता में सतना की बेटी मीनाक्षी सिंह ने लहराया परचम, अब करेंगी एशिया में भारत का प्रतिनिधित्व

सतना  जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब सतना की बेटी मीनाक्षी सिंह ने “मिस एशिया यूनिवर्स” प्रतियोगिता में शानदार जीत हासिल कर खिताब अपने नाम किया। अब मीनाक्षी पूरे एशिया में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह ऐतिहासिक उपलब्धि शुक्रवार को, दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित फाइनल इवेंटके दौरान दर्ज हुई। प्रतियोगिता में देशभर से आई सुंदरियों ने भाग लिया था, लेकिन अपनी आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रस्तुति से मीनाक्षी ने निर्णायकों का दिल जीत लिया। स्टेज पर उनके आत्मविश्वास और भारतीयता से भरे उत्तरों ने उन्हें सब पर भारी कर दिया। मीनाक्षी सिंह जो कि मूलतः सतना जिले की निवासी हैं, ने मॉडलिंग और फैशन के क्षेत्र में कड़ा संघर्ष करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अपने जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। प्रतियोगिता में मीनाक्षी को “बेस्ट कैटवॉक” और “ब्यूटी विद ब्रेन” टाइटल भी मिले, जिससे उनके समग्र प्रदर्शन को और भी मजबूती मिली। मीनाक्षी ने खिताब जीतने के बाद कहा,यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, सतना और पूरे देश की है। मैं अपने माता-पिता, गुरुजनों और उन सभी का आभार मानती हूं जिन्होंने इस सफर में मेरा साथ दिया। मेरा सपना है कि मैं भारत की सांस्कृतिक सुंदरता को एशिया के मंच पर गर्व से प्रस्तुत करूं।” इस उपलब्धि पर सतना में खुशी की लहर है। जिले के सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक वर्गों ने मीनाक्षी की उपलब्धि पर बधाई दी है। सोशल मीडिया पर भी मीनाक्षी सिंह ट्रेंड कर रही हैं। अब सबकी नजरें एशिया लेवल पर होने वाली मिस यूनिवर्स प्रतियोगितापर टिकी हैं, जहां मीनाक्षी सिंह भारत का तिरंगा थामे अपनी प्रतिभा और गरिमा से पूरी दुनिया को भारत की सुंदरता और शक्ति का अहसास कराएंगी।

दुआ है कि गंगा-जमुनी तहज़ीब को कभी कोई बुरी नज़र न लगे और इसकी खूबसूरती बनी रहे

भोपाल: तहज़ीब, तालीम, तरक्क़ी और तासीर का शहर  ताहिर अली यदि मंदिरों से घंटियों की मधुर आवाज़ और मस्जिदों से बुलंद अज़ान एक साथ गूंजे, तो समझ लीजिए आप उस शहर में हैं, जहाँ सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब ने अपने खूबसूरत रंग बिखेरे हैं। यह शहर है भोपाल – झीलों की नगरी, नवाबी संस्कृति की परछाईं, प्राकृतिक सौंदर्य की मिसाल और ऐतिहासिक धरोहरों का सजीव संग्रह। तहज़ीब और भाईचारा भोपाल की सबसे बड़ी खासियत इसकी साझा संस्कृति है। यहाँ तालाब के बीचों-बीच मंदिर, मस्जिद और मजारों का साथ-साथ दिखना आम बात है। यही वह शहर है, जहाँ सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक – ताजुल मस्जिद है, तो वहीं विश्व की सबसे छोटी मस्जिद मानी जाने वाली ‘ढाई सीढ़ी मस्जिद’ भी यहीं स्थित है। भोपाल में उर्दू भाषा का उपयोग लगभग सभी समुदाय के लोग करते हैं। भोपाल की सड़कों पर चलते हुए अगर कोई राहगीर किसी मोहल्ले का पता पूछ ले, तो भोपाली उसे दरवाजे तक छोड़कर आते हैं। यही इसकी तहज़ीब है, यही इसकी पहचान है। भोपाल की एक बात ओर मशहूर है कि जो भी भोपाल आता है यहां के लोग उसे सीने से लगा लेते हैं। हिन्दुस्तान के किसी भी कोने से जो भोपाल आया जैसे नौकरीपेशा या कोई भी व्यवसाय के लिए यहीं का होकर रह गया। भेल कारखाना इसका जीता-जागता उदाहरण है। ज्यादातर नौकरी पेशा अधिकारी एवं कर्मचारी रिटायर होने के बाद भोपाल को ही अपना मानकर यहीं बस गए। काफी लोग कारोबार करने के उद्देश्य से यहीं आकर आबाद हो गये। भोपाल की मज़ेदार ‘उर्फ़ियत’ – नाम के पीछे नाम की दुनिया! भोपाल, भोपाली और भोपालियत की पहचान  केवल ताल-ता‍लैया और ऐतिहासिक इमारतों आबोहवा, तहजीब और संस्‍क़ति तक सीमित नहीं है,  बल्कि अपनी अनोखी और मज़ेदार ‘उर्फ़ियतों’ के लिए भी मशहूर है। जब किसी मोहल्ले में एक ही नाम के कई लोग हों, तो पहचान बनाने के लिए नाम के पीछे कुछ जोड़ना लाज़मी हो जाता है, फिर चाहे वो पहनावे से जुड़ा हो, बोलचाल से, शौक से या किसी मज़ेदार किस्से से – हर भोपाली को मिल जाता है उसका ख़ास “उर्फ़ी टाइटल”। तो मिलिए भोपाल की इस अनोखी नामावली से – तारिक़ टाई, जो हमेशा टाई में दिखते थे, तारिक़ चपटे, जिनके गाल खुद गवाही देते हैं, तारिक़ होंठ कटे, जिनके होंठों की कहानी हर गली जानती है, और तारिक़ झबरे, जिनकी आंखें ही उनकी पहचान हैं। आरिफ़ अंडे का नाश्ता शहर भर में मशहूर है, तो आरिफ़ बुलबुल अपने गले से सबको दीवाना बना देते हैं। बाबूलाल 501 नाम की सिगरेट की तरह मशहूर हैं, और सेठ छगनलाल, जिनका “सेठपना” मोहल्ले में आज भी कायम है। रविंद्र सिंह लखरत, बाबूलाल लठमार, चांदमल हिटलर, मोहन पंचायती, लाला मुल्कराज, सरदारमल लालवानी, नाहर सिंह सूरमा भोपाली, कन्हैयालाल ‘बीड़ी’ और के. अमीनउद्दीन-301 तो अपनी शान और रसूख़ के लिए पहचाने जाते हैं। अखिलेश अग्रवाल गफूरे और वहीद अग्रवाल की उर्फ़ियतें उनकी दोस्ती और कारोबार की दास्तान सुनाती हैं। हफ़ीज़ पाजामे और चांद कटोरे का नाम सुनते ही भोपाल मुस्कुरा उठता है, वहीं चांद चुड़वे मोहल्ले की कहानियों के नायक हैं। सुरेश 501, अनिल अग्रवाल पटीये, और देवेश सिमहल वकील साहब अपने नाम से ही काफ़ी असरदार हैं। बाबू साहब घोड़े और बाबू साहब नाम की सादगी में गजब की शान है। आलू बड़े, ज़ायकों की दुनिया के हीरो हैं, और लोक सिंह ताल ठोंकू हर बहस में जीत की गारंटी हैं। रईस भूरा, मुन्ने मॉडल ग्राउंड, मुन्ने पेंटर, मुईन क़द्दे और माहिर मदीना – ये नाम जैसे ही कान में पड़ें, पूरा मोहल्ला मुस्करा उठता है। भोपाल की गलियों में लोग नाम से कम और उर्फ़ियत से ज़्यादा जाने जाते हैं। जावेद चपटे और जावेद चिराटे जैसे नामों में मज़ाकिया तंज है, तो बन्ने पहलवान और बन्ने लखेरा में मोहल्ले की दो अलग-अलग शख्सियतें झलकती हैं। कल्लू अट्ठे, बाबू भड़भुजे, मुन्ने फुक्की, ईरानी और डूंड जैसे नाम रोज़मर्रा की आदतों, मज़ाक या पेशे से जुड़े हैं। सईद बुल, छुटकटे, वहीद ढेलकी, आरिफ पिस्स, और अनफिट भोपाल की उस खास तासीर को दर्शाते हैं, जहां हर नाम के पीछे एक किस्सा है — हँसी, अपनापन और तंज से भरा। यही भोपाल की असली पहचान है — उर्फ़ियतों में बसी यारी और यादें। भोपाल की इन मज़ेदार उर्फ़ियतों में वो अपनापन है, जो किसी GPS में नहीं मिलता – सिर्फ मोहल्लों की यादों और बातों में ही जिंदा रहता है। भोपाल में हिंदू-मुस्लिम एकता : सांस्कृतिक सह-अस्तित्व की मिसाल भोपाल की सांस्कृतिक विरासत की सबसे मजबूत कड़ी उसकी हिंदू-मुस्लिम एकता है, जो सिर्फ सामाजिक सौहार्द का प्रतीक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक संघर्षों के बीच पनपी सहिष्णुता और साझेदारी की अनूठी मिसाल है। जब देश के अन्य हिस्सों में अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ नीति ने सांप्रदायिक तनाव को जन्म दिया, तब भी भोपाल ने अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब को संजोए रखा। हर वर्ग के लोगों ने एक दूसरे से बहुत प्यार मोहब्बत के साथ दिली लगाव रखा। सन 1812 की लड़ाई में हिंदू योद्धाओं जैसे डांगर सिंह, जय सिंह, और अमन सिंह पटेल ने भोपाल की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहां तक कि युद्ध में महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी की, यह दिखाते हुए कि भाईचारा केवल धार्मिक स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के स्तर पर भी जीवित था। भोपाल रियासत के प्रशासन में हर कालखंड में हिंदुओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दीवान (प्रधानमंत्री) जैसे उच्च पदों पर लाला घानी राम, लाला फूलानाथ, राजा अवध नारायण जैसे हिंदू अधिकारी रहे। यह समावेशिता केवल औपचारिक नहीं थी — ये अधिकारी नवाबों के विश्वासपात्र भी थे। नवाब क़ुदसिया बेग़म के दरबार में एक हिंदू, एक मुसलमान और एक ईसाई मंत्री नियुक्त थे — यह उस समय की धार्मिक विविधता के प्रति सम्मान का प्रतीक था। रियासत के इंजिमाम (शामिल करने) के बाद शरीफ़ शरणार्थियों में (उच्च परिवार के शरणार्थी) सरदार गुरबख्श सिंह भी थे, जिनके बेटे अमरीक सिंह रंजीत होटल चलाते हैं। वे बहू मियाँ के साथ ईद पर नवाब साहब को सलाम करने जाते। एक बार नवाब साहब ने पूछा कि भोपाल कैसा लग रहा है, तो सरदार साहब ने हाथ जोड़कर कहा कि जहाँ गरीब परवर सरकार का साया हो, वहाँ कोई कैसे न खुश हो — यह कहते हुए वे भावुक हो … Read more

ग्वालियर में एक पति ने अपने पति को रंगे हाथों पकड़ा, फेक आईडी पर 2 महीने हुई बात, सोचा नई गर्लफ्रेंड मिल गई, मिलने पहुंचा तो…

 ग्वालियर शादी के बाद भी खुद को अविवाहित बताकर लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाने वाले एक शख्स का भेद उसकी पत्नी ने खोल दिया. पत्नी ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर पति को एक रेस्टोरेंट में मिलने बुलाया और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया. मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली 23 वर्षीय युवती की शादी 2023 में एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करने वाले अतुल (बदला हुआ नाम) से हुई थी. शादी के बाद अतुल अक्सर मोबाइल फोन पर घंटों व्यस्त रहता और घर से बाहर जाकर ही बात करता था. उसकी इन गतिविधियों से पत्नी को शक हुआ. पूछताछ करने पर अतुल ने बताया कि कंपनी के कॉल आते हैं. इसके अलावा, पति का मोबाइल लॉक रखना, देर रात तक इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर चैट करना और अधिकतर समय घर से बाहर रहना नवविवाहिता को अखरने लगा. पत्नी ने शक होने पर अपनी बहन की आईडी से एक सिम खरीदी और फर्जी नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर एक खूबसूरत लड़की की डीपी लगाई. फिर उसी आईडी से पति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी. पति अतुल ने तुरंत रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और घंटों चैट करने लगा. करीब दो महीने तक दोनों के बीच बातचीत चली. अतुल को शक न हो, इसलिए जब भी बातचीत करनी होती, पत्नी अपनी बहन से वॉयस कॉल पर बात करवाती थी. अंत में, पति को रंगे हाथों पकड़ने के लिए पत्नी ने सोशल मीडिया गर्लफ्रेंड के रूप में उसे रेस्टोरेंट में मिलने बुलाया. अतुल तुरंत राजी हो गया और मिलने पहुंच गया. लेकिन जब उसने इंस्टाग्राम गर्लफ्रेंड की जगह अपनी पत्नी को देखा, तो उसके होश उड़ गए. शातिर पति ने फिर भी अपनी पत्नी से झूठ बोला कि वह किसी क्लाइंट से मिलने आया है. लेकिन जब पत्नी ने चैट हिस्ट्री दिखाई, तो उसका झूठ पकड़ा गया. पत्नी ने बताया कि इंस्टाग्राम पर जिस लड़की से वह प्रेम की बातें करता था, वह कोई और नहीं, बल्कि वह खुद थी. इसके बाद रेस्टोरेंट में दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया और मामला महिला थाने पहुंच गया. पत्नी ने पति पर धोखेबाजी का आरोप लगाया और तलाक की मांग की. वहीं, पति ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाकर अलग होने की बात कही. परामर्श केंद्र में काउंसलर महेंद्र शुक्ला ने एक महीने तक दोनों की काउंसलिंग की. अंत में, पति ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसी गलती न करने का वादा किया. इसके बाद दोनों हंसी-खुशी अपने घर लौट गए. पुलिस की काउंसलिंग ने एक रिश्ता टूटने से बचा लिया.  

इंदौर के 411 पुराने कुओं का जीर्णोद्धार कार्य तेजी से किया जा रहा, 15 तालाबों का गहरीकरण किया

इंदौर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया है कि शहर के 411 पुराने कुओं का जीर्णोद्धार कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही शहर की पारंपरिक बावड़ियों को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। नदियों में जल की सतत आवक सुनिश्चित करने हेतु हाईड्रोलॉजिकल सर्वे भी कराया जा रहा है। जल कार्य समिति के प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि यह अभियान तीन साल पहले शुरू किया गया था और अब तक 15 तालाबों का गहरीकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री की पहल पर जलगंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आव्हान पर पूरे प्रदेश में जलगंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों को सम्मानित किया जाएगा। इसके तहत कलेक्टरों और जिला पंचायत के सीईओ को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिससे कार्य में उत्साह और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की पुरस्कार योजना पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने जलगंगा संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कारों की घोषणा की है। समग्र प्रदर्शन के आधार पर जिले के कलेक्टर को क्रमशः ₹1,50,000, ₹1,25,000 और ₹1,00,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ₹1,00,000, ₹75,000 और ₹50,000 की नकद राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, जिले के अमले को भी ₹6 लाख, ₹4.5 लाख और ₹3 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी। ए और बी श्रेणी में बांटी जाएंगी पुरस्कार श्रेणियां पुरस्कार वितरण दो श्रेणियों – ए और बी – में किया जाएगा। जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए ए श्रेणी में चार या उससे कम जनपद और बी श्रेणी में पांच या उससे अधिक जनपदों को शामिल किया गया है। विकासखंड स्तरीय पुरस्कार के लिए ए श्रेणी में 70 या उससे कम ग्राम पंचायतों वाली जनपद पंचायतें और बी श्रेणी में 71 या उससे अधिक ग्राम पंचायतों वाली पंचायतें आएंगी। दोनों स्तरों पर प्रथम पुरस्कार के तहत कलेक्टर को ₹1 लाख, सीईओ को ₹75 हजार, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री को ₹50 हजार और जिले के अमले को ₹2.75 लाख दिए जाएंगे।

आशिक ने अपनी प्रेमिका के भाई की हत्या कर लाश तालाब के किनारे गड्ढा कर गाढ़ दी, अब पहुंचाया जेल

इंदौर  इंदौर जिले में बॉलीवुड फिल्म ‘दृश्यम’ जैसी सस्पेंस वाली मर्डर मिस्ट्री का खुलासा हुआ है। इंदौर के पास खुडैल थाना क्षेत्र में एक आशिक ने अपनी प्रेमिका के भाई की हत्या कर लाश तालाब के किनारे गड्ढा कर गाढ़ दी थी। बीते कुछ दिनों से बारिश के होने कारण उसे लगा कि लाश दुर्गंध मार रही होगी। यह सोचकर वह लाश को नमक में दबाने के लिए कुछ कुछ मजदूरों को अपने साथ ले गया, लेकिन शराब के नशे में उन मजदूरों ने पूरी कहानी उगल दी। इसके बाद इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी उमाकांत चौधरी के मुताबिक, एक युवती द्वारा 03 मई को थाना खुडैल में अपने 21 वर्षीय भाई विशाल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस उस युवक की तलाश में लगी थी। इस बीच, कुछ ग्रामीणों ने उन्हें युवती के प्रेम प्रसंग की बात बताई। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही थी कि तभी उसे सेमलियाचाउ के पास एक अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा ही था कि कुछ मुखबिरों ने पुलिस को बताया कि कुछ शराबी नशे में एक व्यक्ति की लाश को नमक में दबाने के लिए कुछ रुपये मिलने की बात कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने पहले उन नशेड़ियों को थाने लाकर पूछताछ की तो अज्ञात शव और गुमशुदा युवक दोनों की कहानी एक ही निकली। दरअसल, इलाके में रहने वाले आरोपी रोहित परमार और मृतक विशाल की बहन के बीच 5 साल से प्रेम संबंध थे। दोनों के प्रेम कहानी की खबर विशाल को लगी तो उसने रोहित को ब्लैकमेल कारण शुरू कर दिया। दोनों के अफेयर की बात यदि गांव में पता चल जाती तो उससे बखेड़ा खड़ा हो जाता। रोहित गांव में एक डॉक्टर के पास कंपाउंडर का काम करता था। वहीं मृतक विशाल और उसकी बहन एक कपड़े की दुकान में काम करते थे। विशाल ने जब रोहित को ब्लैकमेल करना नहीं छोड़ा तो उसने गुस्से में आकर विशाल को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। उसने फोन कर पहले विशाल को एक सुनसान इलाके में मिलने बुलाया, फिर उसे गोली मारकर लाश नजदीक के तालाब के किनारे छोटे से गड्डे में गाड़ दी थी। रोहित ने कई बार ‘दृश्यम’ फिल्म देख रखी थी। उसने परिवार को गुमराह करने के लिए मृतक विशाल के मोबाइल से उसके घर में कुछ एमएमएस किए और इंदौर से सांवरिया सेठ दर्शन करने जाने की बात कही। फिर विशाल का मोबाइल लेकर रोहित सांवरिया सेठ भी गया। उसे लगा कि यदि विशाल के मोबाइल फोन की लोकेशन निकलेगी तो वो बाहर की आएगी। इसके बाद वो खुडैल आ गया, लेकिन कई दिन से लगातार बारिश हो रही थी। उसने सोचा कि लाश पानी में जल्दी सड़ जाएगी और तालाब में पानी बढ़ने पर वो जल्द ऊपर या सकती है। पुलिस को मुखबिर से मिली थी सूचना आरोपी रोहित ने गांव आकर कई कुंटल नमक खरीदा और शव को नमक में दबाने के लिए इलाके के दो मजदूर बबलू खाड़पा और सोनू परमार से 40 हजार रुपये में सौदा तय किया। इतनी बड़ी रकम सुन दोनों ने इस काम के लिए हां कर दी। उन्होंने शव को अच्छे से दफना कर आरोपी से 40 हजार लिए और चले गए। एक दिन दोनों मजदूरों बबलू और सोनू ने शराब के नशे में एक लाश को नमक दबाने के लिए 40 हजार मिलने की बात उगल दी। यह खबर किसी पुलिस के मुखबिर को मिल गई और उसने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद परत दर परत यह कहानी खुल गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

सीहोर में सरकारी टीचर ने पार की हदें, पाक सेना का किया सपोर्ट, शेयर किया वीडियो, अब भुगतना होगा अंजाम

 सीहोर सीहोर में एक सरकारी स्कूल की टीचर शहनाज परवीन को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना के समर्थन में पोस्ट किया था। जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर ने यह कार्रवाई की। टीचर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का उल्लंघन करने का आरोप है। उनके इस काम को गलत माना गया है, इसलिए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। टीचर शहनाज परवीन जावर की रहने वाली हैं। वह मेहतवाड़ा के सरकारी स्कूल में पढ़ाती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों के लिए दुआ की थी। उन्होंने लिखा था कि पाकिस्तानी सैनिकों को अल्लाह अच्छा रखे। शिक्षिका ने शेयर किया था वीडियो दरअसल, जावर की रहने वाली शिक्षिका शहनाज परवीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेहतवाड़ा में बतौर शिक्षिका है. ऐसे में बजरंग दल की शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया. अब मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम के तहत उन पर गाज गिरी है. इस दौरान शिक्षिका शहनाज परवीन का मुख्यालय निलंबन अवधि में इछावर रखा गया है. टीचर को किया गया निलंबित सीहोर में सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना के पक्ष में एक पाकिस्तानी यूजर का पोस्टर शेयर करने वाली सरकारी शिक्षिका को जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. दरअसल, सीहोर के जावर की रहने वाली शिक्षिका ने पाकिस्तान को सपोर्ट में एक वीडियो शेयर किया था जो देखते ही देखते वायरल हो गया. इस वीडियो में की सोशल मीडिया यूजर ने कमेंट भी किया था. इसके बाद शिक्षिका को जमकर ट्रोल किया जाने गया. वीडियो की भनक शिक्षा विभाग को लगी तो हड़कंप मच गया. फिर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें निलंबित कर दिया. सोशल मीडिया पर डाला था पोस्ट यह पोस्ट भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के सेक्शन 163 का उल्लंघन है। इस नियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर गलत या बिना पुष्टि की हुई जानकारी नहीं फैला सकता। इसमें सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आते हैं। बजरंग दल ने की कार्रवाई की मांग बजरंग दल ने इस मामले में शिक्षा विभाग से शिकायत की थी। शिक्षा विभाग के डीईओ संजय सिंह तोमर ने टीचर के इस काम को गलत माना। उन्होंने शहनाज परवीन को सस्पेंड कर दिया। सस्पेंशन के दौरान शहनाज परवीन का मुख्यालय इछावर रहेगा। विभाग के अधिकारी का कहना शिक्षा विभाग के डीईओ संजय सिंह तोमर ने बताया कि बजरंग दल ने इस मामले में शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि टीचर शहनाज परवीन ने पाकिस्तानी सेना के समर्थन में पोस्ट डालकर गलत काम किया है।

गर्म हवा की वजह से शुक्रवार को ग्वालियर भट्टी जैसा तपा, हीटवेव को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी

 ग्वालियर  शुक्रवार  का दिन इस सीजन का अब तक का सबसे भीषण गर्मी वाला दिन साबित हुआ। शहर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना ऊपर चढ़ा है। तेज धूप और लू के कारण शहरवासी दिनभर बेहाल नजर आए। हालात ऐसे रहे कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों में भी खरीदार कम ही नजर आए। तापमान में पिछले 24 घंटों के भीतर 2.0 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। सुबह नौ बजे के बाद ही तेज धूप ने चुभना शुरू कर दिया था और दोपहर होते-होते गर्म हवाएं लू में तब्दील हो गईं। लू ने लोगों को झुलसाया धूप की चुभन और लू के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगे। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश व निकट के क्षेत्रों पर चक्रवात सक्रिय हैं। साथ ही एक ट्रफ उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर से चक्रवाती परिसंचण से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप हिमालयी पचिमी बंगाल होते हुए बंग्लादेश तक है। इसी तरह एक चक्रवातीय परिसंचरण पूर्व मध्य और उससे सटे उत्तरपूर्व अरब सागर और दक्षिण गुजरात तक है। इसी तरह एक चक्रवात हरियणा के ऊपर सक्रिय है। इन सभी सिस्टमों के सक्रिय होने से अंचल में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। आगामी 24 घंटों तक अंचल में तापमान व गर्मी की स्थिति ऐसी ही रहेगी। 18 मई को तापमान बूंदाबांदी हो सकती है और पारे में गिरावट आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे और भी अधिक परेशान कर सकते हैं। शनिवार को भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहने की संभावना है। तेज गर्म हवाएं भी चल सकती हैं। 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं गर्म हवाएं शुक्रवार को अंचल में 20 से 30 किमी प्रति घंटे की गति से तेज गर्म हवा यानी लू चली। यह हालत सुबह दस बजे के बाद ही शुरू हो गई थी। सुबह 11 बजते ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। एक साथ दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से अंचल आग की भट्टी में बदल गया था। दिन में 10 बजे के बाद ही सड़कों पर ट्रैफिक कम हो गया और बाजार भी सूने हो गए। दोपहर 12 बजे के बाद तो सड़कों पर वाहन तक नहीं थे। यह स्थिति चार बजे तक रही। चार बजे के बाद सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ने लगा, हालांकि शाम तक भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं थी। साढ़े पांच बजे भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पर था। लगातार बढ़ रही है तपिश मौसम की तपिश लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में एक हजार बिस्तर अस्पताल में मरीजों के स्वजन भरी दोपहरी में पेड़ की छांव में राहत पाने को मजबूर हैं। अस्पताल में मरीजों के स्वजनों के लिए ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में वे पेड़ की छांव के साथ अस्पताल के आसपास राहत पाने की कोशिश में लगे हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन अब तक मरीजों के स्वजन के लिए ठहरने की उचित सुविधा शुरू नहीं कर पाया है। बढ़ने लगे उल्टी दस्त के मरीज ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल और जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त व बैचेनी के प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई। मरीजों की संख्या पिछले दो दिन से बढ़ी है। कई लोग चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और थकावट जैसी समस्याओं को लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने लोगों से दिन में धूप से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है।

मध्यप्रदेश में आज हीट-वेव के बीच इन जिलों में आंधी-बारिश, भोपाल-इंदौर समेत 39 जिलों में आंधी का अलर्ट

भोपाल उत्तरी मध्य प्रदेश में गर्मी का पारा तेजी से बढ़ रहा है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बादल, बारिश के असर से तापमान में घट बढ़ रही है। खुजराहो सहित तीन जिलों में शुक्रवार को लू का असर रहा, जबकि ग्वालियर, नौगांव सहित आधा दर्जन जिलों में पारा 43 से 44 डिग्री तक दर्ज हुआ है। प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो में पारा 45.8 डिग्री रहा है। साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर भी रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को भी दो दर्जन जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होगी। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के उत्तरी मप्र में दिन का पारा और बढ़ेगा, जिससे आधा दर्जन तक जिलों में लू का असर हो सकता है। हालांकि, इस बीच भोपाल में बादल, बौछारों से तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। शुक्ला के अनुसार अभी एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के सक्रिय है। यहां से एक ट्रफ बिहार पश्चिमी बंगाल होते हुए उत्तरी बांग्लादेश तक सक्रिय है। एक सकुर्लेशन पूर्वी मप्र और इससे सटे उत्तर पूर्वी अरब सागर तक सक्रिय है। इससे प्रदेश में नमी आ रही है। इसी कारण से अभी प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ बारिश का दौर भी चलेगा। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा। 3 घंटे की धूप ने किया बेहाल राजधानी में दोपहर तक बादल छाए रहे, लेकिन एक बजे के बाद बादल छंटते गए। हवा में 40 फीसदी से अधिक नमी के कारण दोपहर दो बजे के बाद धूप का असर बढ़ गया। 5 से 6 बजे के बीच 3 घंटे की धूप में ही लोगों को तेज गर्मी और उमस का अहसास रहा। दिन का पारा दोपहर में ढाई बजे के करीब 38 डिग्री था, जो 3 से 4 बजे के बीच एक से दो डिग्री तक और बढ़ गया। हालांकि, शाम को हवाओं के रफ्तार पकड़ते ही गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। 6 जिलों में 31 डिग्री तक रात का पारा शुक्रवार को पांच जिलों में रात का पारा 29 से 31 डिग्री के बीच तक रहा है। इनमें रीवा सबसे गर्म 31 डिग्री रहा। दमोह 29.5, बड़वानी 29.2 निवाड़ी 29.1 और सीधी तथा सतना में न्यूनतम पारा 29 डिग्री रहा है। इन जिलों में रात में काफी गर्मी महसूस की गई। आज यहां आंधी-बारिश मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार तक भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, आगर, मंदसौर, नीमच, भिंड, मुरैना आदि में कहीं कहीं गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। शुक्रवार को दोपहर के शाम के बीच डिंडोरी, सिवनी, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी, मंडला, अनूपपुर, बालाघाट, पांढुर्ना, बैतूल, धार, आंधी के साथ कहीं बारिश तो कहीं कुछ देर ओले गिरे हैं। चार सिस्टम की एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में 3 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक टर्फ की एक्टिविटी है। इस वजह से बारिश और आंधी चल रही है। बारिश के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। इसके लिए अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म आंधी-बारिश के बीच मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गर्मी के तेवर भी देखने को मिलें। एक बार फिर दिन का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। छतरपुर जिला सबसे गर्म रहा। यहां के खजुराहो में पारा सबसे ज्यादा 45.8 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर और नौगांव में भी 45 डिग्री दर्ज किया गया। इस सीजन में पहली बार तापमान इतना पहुंचा। इसी तरह सतना में 44.1 डिग्री, गुना, शिवपुरी-टीकमगढ़ में 44 डिग्री, रीवा में 43.6 डिग्री, सीधी में 42.4 डिग्री, दमोह में 41.5 डिग्री, उमरिया में 40.5 डिग्री, सागर में 40.2 डिग्री और रायसेन में 40 डिग्री रहा।

एनटीए जारी कर सकेगा NEET UG 2025 का परिणाम, हाईकोर्ट ने अपने आदेश में किया बदलाव

 इंदौर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने नीट यूजी के परीक्षा परिणाम घोषित करने पर गुरुवार को लगाई रोक एक दिन बाद ही शुक्रवार को हटा ली। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर शेष सेंटरों के परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने शासन से कहा है कि वह इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों की सूची विस्तृत जवाब के साथ प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। चार मई को देशभर में नीट यूजी परीक्षा आयोजित हुई थी। इसके लिए इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे, मगर जोरदार बारिश और हवा के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कई परीक्षा केंद्रों की बिजली गुल हो गई। 15 मई को आदेश जारी कर लगाई थी रोक इस कारण केंद्रों में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी। कई जगह तो मोमबत्ती का इंतजाम भी नहीं हो सका था। परीक्षा के दौरान हुई इस अव्यवस्था को लेकर दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई को आदेश जारी कर नीट यूजी का परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को मामले में दोबारा सुनवाई हुई। पक्ष सुने बगैर दिया आदेश केंद्र शासन की ओर से एडवोकेट हिमांशु जोशी ने कोर्ट को बताया कि हमारा पक्ष सुने बगैर आदेश जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि कुछ सेंटरों पर हुई अव्यवस्था की वजह से पूरे परीक्षा परिणाम पर रोक लगाना सही नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट मृदुल भटनागर ने विरोध किया। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने आदेश दिया कि एनटीए इंदौर के प्रभावित परीक्षा केंद्रों को छोड़कर परिणाम घोषित कर सकता है। अगली सुनवाई 19 मई को होगी।

अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा

भारतीय सेना ने दिखायी ऐतिहासिक शौर्य, पराक्रम और वीरता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री तिरंगा यात्रा में हुए शामिल-पूरा इंदौर हुआ देश भक्ति से ओतप्रोत अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा हर तरफ हुआ भारत माता की जय और वंदे-मातरम् का उदघोष इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब नए दौर का शक्तिशाली भारत दिखाई दे रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से हमारी तीनों सेना ने अपने साहस, शौर्य, पराक्रम और वीरता से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना ने दुश्मन को अल्प समय में ऐतिहासिक जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर से पूरी दुनिया ने हमारी ताकत, एकजुटता और अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग देखा है। आतंकवादियों के मंसूबों को भी नाकाम किया गया है। कोई भी ताकत अब भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। लगातार तिरंगा यात्राओं से सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा रहा है। यह यात्रा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक लगातार जारी रहेगी। उन्होंने इंदौर की तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर में अपने शौर्य और पराक्रम से वीरता की अप्रतिम गाथा रचने वाले भारत के वीर सैनिकों के सम्मान में अपार जोश और उल्लास के साथ निकली तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। इन्दौर में तिरंगा यात्रा बड़ा गणपति से प्रारंभ हुई और गोराकुण्ड, खजुरी बाजार होते हुए ऐतिहासिक महत्व के राजबाड़ा पर सम्पन्न हुई। यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने हर तरफ हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। यात्रा से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया और पूरा आसमान भारत माता की जय और वंदे-मातरम् के उदघोष से गुंजायमान रहा। यात्रा में बच्चों से लेकर वृद्धों तक हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी रही। यात्रा में हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग के लोग इस यात्रा में शामिल हुये और उन्होंने अपने राष्ट्रप्रेम की झलक बिखरते हुए सेना के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। यात्रा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी तथा सुकविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, विधायकगण रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, मनोज पटेल, सुमित मिश्रा तथा श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी साथ थे। महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के प्रारंभ में बड़ा गणपति पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने तिरंगा यात्रा के समापन के बाद लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर को समर्पित 10 दिनी उत्सव का होगा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती मनाई जा रही है। यह संयोग है कि 20 मई को तिथि के अनुसार उनकी जयंती है और विवाह की वर्षगांठ भी है। साथ ही उनके ससुर मल्हारराव होलकर की पुण्यतिथि भी है। इसको देखते हुए 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा में कैबिनेट की बैठक आयोजित की जा रही है। इसी दिन से पूरे प्रदेश में 10 दिनी उत्सव का आयोजन भी शुरू किया जा रहा है। इसका समापन भोपाल में भव्य रूप से 31 मई को किया जाएगा। प्रदेश में 10 दिनी उत्सव के तहत जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

राजपूत ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं नरसिंहपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने जिला खनिज अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन व भंडारण करने वालों पर तत्काल एक्शन लें। खनिज, पुलिस और राजस्व विभाग का अमला संयुक्त रूप से कार्रवाई करे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने नरसिंहपुर में जिला योजना समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। राजपूत ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जिले में हो रहे कार्यों से अवगत कराया जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत माह अप्रैल में खाद्यान्न वितरण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में हुए गेहूं उपार्जन का भुगतान शत प्रतिशत पूरा करें। मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान करें मंत्री श्री राजपूत ने लगातार नरसिंहपुर जिला प्रदेश में तीसरी बार प्रथम आने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाये। इसके अलावा नवीन व्यावसायिक शिक्षा में अधिक से अधिक पंजीयन करायें, जिसमें युवाओं की मांग व उनके रूझान के अनुरूप प्रशिक्षण करवायें। इससे उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके। इसके लिए प्रशिक्षण के कोर्स भी बढ़ायें जायें। महिलाओं को सेंट आरसेटी में कौशल उन्नयन एवं रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाये, जिससे महिलाओं को एनआरएलएम से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने  कहा कि निर्माण एजेंसी सीएम राइज स्कूलों के निर्माण कार्य में तेजी लायें और पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करें। नरवाई नहीं जलाने किसानों को जागरूक करें मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जिले में नरवाई नहीं जलाने के लिए संगोष्ठी, चौपाल आदि के माध्यम से किसानों को प्रेरित कर उन्हें नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बतायें। प्रभारी मंत्री श्री राजपूत ने जिले में चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। अभियान में सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाये। योजना समिति की बैठक में लिये गये निर्णयों को शीघ्र अमल में लाने  के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। बैठक में सांसद द्वय फग्गन सिंह कुलस्ते एवं चौ. दर्शन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, विधायक द्वय विश्वनाथ सिंह पटेल एवं महेन्द्र नागेश, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता ठाकुर  एवं  विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

आजीविका मिशन के महिला समूहों के व्‍यवसाय में होगी बढ़त

बायर-सेलर मीट में समूहों के उत्‍पादों में रूचि दिखाई क्रेताओं ने साढ़े नौ हजार टन सामग्री क्रय हेतु अनुबंध हुये आजीविका मिशन के महिला समूहों के व्‍यवसाय में होगी बढ़त भोपाल स्‍व-सहायता समूहों के उत्‍पादों की विक्री हेतु भोपाल में आयोजित की गई दो दिवसीय बायर-सेलर मीट में बडी संख्‍या में बायर पहुंचे। क्रेताओं ने समूहों के उत्‍पादों में अपनी रूचि दिखाई। इस दौरान समूहों से सामग्री खरीदने के लिये 16 व्‍यापारिक अनुबंध किये गये, जिसके तहत लगभग साढे नौ हजार टन सामग्री क्रय की जायेगी। इसमें मुख्‍य रूप से आलू, गेहूं, चावल, दाल, मूंगफली, मोरिंगा पावडर तथा सरसों का तेल आदि शामिल है। इसी प्रकार गैर कृषि आधारित उत्‍पादों के अंतर्गत कलात्‍मक बस्‍तुओं में 200 गौंड पेण्टिंग तथा लगभग 2 लाख रूपये की बैगा कलाकृतियां खरीदने का अनुबंध तथा ई-सरस दिल्‍ली द्वारा शिवपुरी जिले के बदरवास की जैकेट व मंदसौर जिले के फ्रूट शर्बत की विक्री हेतु वेण्‍डर के रूप पंजीयन किया गया। इसके अलाबा मिलेट एवं मिलेट उत्‍पाद, सरसों, गेहूं एवं मक्‍का के लिये लॉजिस्टिक सपोर्ट हेतु सहमति बनी। ज्ञातव्‍य है कि मध्‍यप्रदेश राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिला स्‍व-सहायता समूहों के उत्‍पादों की बिक्री में बढोत्‍तरी के लिये बायर – सेलर मीट का आयोजन 15 एवं 16 मई 2025 को भोपाल के अरेरा हिल्‍स स्थित विकास भवन के सभागार में किया गया था। इसका उद्घाटन 15 मई को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया गया था। बायर-सेलर मीट के लिये 149 क्रेताओं द्वारा ऑनलाईन प्री-रजिस्‍ट्रेशन किया गया था। 64 क्रेताओं ने उपस्थित होकर सामग्री देखी। अनुबंध करने बाली प्रमुख क्रेता फर्म में सिद्धि विनायक एग्री प्रोसेसिंग, समुन्‍नत, ANGV (A Next Generation Ventures), मीरा होटल वेयर एवं ई-सरस आदि शामिल हैं। इसके अलाबा अन्‍य क्रेताओं ने भी अपनी रूचि दिखाई है संभावना है, निकट भविष्‍य में इनका समूहों के साथ अनुबंध होने की उम्‍मीद है। बायर – सेलर मीट से समूहों के उत्‍पादों को वृहद बाजारों से सीधे जुडकर अधिक लाभ प्राप्‍त करने का अवसर मिला है साथ ही विभिन्‍न जिलों से आई समूह सदस्‍य का भी उत्‍साहवर्धन हुआ है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं:CM यादव

मध्यप्रदेश, गुजरात की तर्ज पर कर रहा है उद्योगों का तेजी से विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत टैक्स 2026 से पहले मेटेक्सिल के विशेष-सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों की सहभागिता आरआईसी और जीआईएस भोपाल के बाद अब विषयवार उद्योग संवर्धन कार्यक्रम प्राथमिकता प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक परिदृश्य बदल दिया है, देश के नागरिक एकजुट हैं इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया के विकास का संकल्प कारखाने हमारे हैं मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने, श्रमिकों, सहयोगी नागरिकों, सड़क और अन्य आवागमन सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की सरलता के कारण औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। गुजरात हमारे लिए आदर्श है। मध्यप्रदेश भी गुजरात की तर्ज पर उद्योगों के विकास का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में बेंगलुरू में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा मध्यप्रदेश में रायसेन जिले में मेट्रो और रेल कोच निर्माण इकाई की स्थापना के लिए की गई पहल पर त्वरित कार्रवाई कर कुल 60.063 हेक्टेयर भूमि आवंटन का निर्णय बिना विलंब के लिया गया। यह प्रदेश की उद्योग संवर्धन और निवेश वृद्धि की पारदर्शी नीति का नवीनतम उदाहरण है। मध्यप्रदेश उद्योगों के अनुकूल नीतियों को लागू कर उस स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में शामिल है, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रयासरत हैं। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब देकर सशक्त नेतृत्व की बेहतरीन मिसाल पेश की है। ‘मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार की शाम इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश का समूचा परिदृश्य बदल गया है। उद्योगों के विकास के साथ धन के अर्जन के साथ मानवीय पक्ष को महत्व देने की भारतीय संस्कृति रही है। कोरोना के कठिन समय में प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक देशों में लोगों का जीवन बचाने का कार्य किया। यह भारत के इतिहास का गौरवशाली पृष्ठ है। आपरेशन सिंदूर के क्रियान्वयन में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारत की सेनाओं का साहस हम सभी के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। एक वस्त्र की बुनाई के लिए जिस तरह एक-एक धागे का अपना महत्व है, उसी तरह संकट के समय में भारत के सभी नागरिक भेदभाव से रहित होकर एकजुटता का परिचय देने में आगे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कारखाने हमारे लिए मंदिर की तरह हैं। देवालय और मंदिर जिस तरह श्रद्धा का केंद्र होते हैं, उसी तरह कारखाने बड़े वर्ग को लाभान्वित करने के पवित्र भाव के साथ संचालित होते हैं। शासन द्वारा लागू अनुकूल नीतियों और सुशासन का लाभ उद्योगों को दिलाने के लिये मध्यप्रदेश में विशेष अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में जो उद्योगपति आते हैं वे यहीं के होकर रह जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश के सभी संभागों में रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं। इसके बाद इस वर्ष फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इन प्रयासों से 30 लाख हजार करोड़ से अधिक का निवेश लाने में सफलता मिली। अब विभिन्न सेक्टर को ध्यान में रखकर उद्योग संवर्धन कार्यक्रम हो रहे हैं। यह क्रम निरंतर चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर स्वच्छता, स्वाद और सुशासन की नगरी है। प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र में नया इतिहास लिखा जाएगा। इंदौर इसका प्रमुख केंद्र होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन ,देवास, मक्सी आदि क्षेत्रों को मिलाकर इंदौर मेट्रोपोलिटिन एरिया विकसित किया जाएगा। अधोसंरचना विकास से नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी। प्रदेश के 2 बड़े महानगरीय क्षेत्रों में से एक, इंदौर क्षेत्र के समग्र विकास का संकल्प राज्य सरकार साकार करेगी। राज्यों के मध्य विवाद हो रहे समाप्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पानी, भूमि और फसल के मुद्दों पर दक्षिण भारत से लेकर अन्य राज्यों तक विवाद रहे हैं। लेकिन, अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इनका समाधान हो रहा है। मध्यप्रदेश ने वर्षों से लंबित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल (पीकेसी) परियोजना से जुड़ी असहमतियों को राजस्थान के साथ संवाद कर समाप्त किया है। राष्ट्र के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के परस्पर विवादों को समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य कर रहे हैं। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए एक समर्थ, अनुकूल और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक वातावरण विकसित किया गया है। राज्य न केवल पॉवर सरप्लस है, बल्कि कुल विद्युत आपूर्ति में 30 प्रतिशत हरित ऊर्जा का योगदान है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए विशेष अवस्थापना सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें पानी की प्रचुर उपलब्धता, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) युक्त कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), 220 केवी का सब स्टेशन तथा 20 एमएलडी पानी की आपूर्ति शामिल हैं। धार में प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क देश का सबसे लागत-कुशल और उच्चतम रिटर्न देने वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क बनने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ 4 औद्योगिक कॉरिडोर संचालित हो रहे हैं और एक प्रस्तावित है। छह इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) तथा राष्ट्रीय स्तरीय संस्थान जैसे NIFT भोपाल, NID भोपाल, IITDM जबलपुर और ग्लोबल स्किल्स पार्क की उपस्थिति से प्रदेश एक सशक्त और आधुनिक मूल्य श्रृंखला विकसित करने में सक्षम है। MSME विकास नीति 2025 के अंतर्गत निर्यात और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक सहायता प्रावधान किए गए हैं। सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण है। यहां कहीं भी किसी बात के लिए उद्योगपतियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पर सभी अनुमतियों को लेख सेवा केंद्र के माध्यम से नियत समय सीमा में दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यहां 30 दिन में उद्योग को प्रारंभ कर सकते हैं साथ ही टैक्सटाइल एंड गारमेंट्स सेक्टर में विशेष अतिरिक्त इंसेंटिव्स दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक योगदान और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को सम्मानित करते हुए मेटेक्सिल के चेयरमैन शालीन तोशनीवाल ने स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट किए। साथ ही 25 पौधे महाराष्ट्र में रोपण कर उन्हें जीवित रखने का संकल्प-पत्र भी सौंपा।” “एक्सपोर्ट पोटेंशियल मैन मेड फाइबर टेक्सटाईल्स, होम टेक्सटाईल्स एण्ड टेक्निकल टेक्सटाईल मध्यप्रदेश” सेमिनार मैटेक्सिल के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर ए. रवि … Read more

जो वर्तमान समय में सामाजिक सहभागिता की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय बाल चिकित्सालय चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के जनभागीदारी से कायाकल्पित स्वरूप का लोकार्पण कर प्रदेशवासियों को समर्पित किया। लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय की अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) का अवलोकन कर सराहना की। चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय जनभागीदारी और जनसहयोग से कायाकल्प किए जाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता हैं। लगभग 8 करोड़ रुपए की लागत से 2 चरणों में चिकित्सालय का कायाकल्प किया जा रहा हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उक्त राशि सामाजिक संगठनों, दानदाताओं, क्रेडाई इंदौर और सीएसआर फंड्स के माध्यम से एकत्र की गई है , जो वर्तमान समय में सामाजिक सहभागिता की अनूठी पहल हैं। चिकित्सालय का कायाकल्प 2 चरणों में किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण का कार्य मई 2025 में पूर्ण किया जा चुका हैं। चिकित्सालय के कायाकल्प के तहत वातानुकूलित वार्ड्स, पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पी आई सी यू), हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), सीवियर मालन्यूट्रीशन ट्रीटमेंट यूनिट (एसएमटीयू), एक्स रे कक्ष, मॉड्यूलर किचन, फाउलर बेड्स एवं टॉयलेट्स बनाए गए हैं। इससे बच्चों के उपचार के दौरान अनुकूल वातावरण बनाने में मदद होगी।  

निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाईगी कांग्रेस

भोपाल विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन नहीं हुआ तो प्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। कांग्रेस ने इसकी तैयारी अभी से प्रारंभ की है। प्रत्याशी चयन से लेकर बूथ प्रबंधन तक का काम देखने के लिए अलग से टीम बनाई जा रही है। इसमें उन नेताओं को रखा जाएगा, जिन्हें चुनाव लड़ाने का अनुभव है। जिला और ब्लाॅक कांग्रेस इकाई की प्रत्याशी चयन में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पार्टी का प्रयास है कि स्थानीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी चयन का काम एक वर्ष पूर्व पूरा कर लिया जाए ताकि संबंधित को काम करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाए। वर्ष 2022 में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने लंबे समय बाद बेहतर प्रदर्शन करते हुए पांच नगर निगम में जीत दर्ज की थी। ग्वालियर, मुरैना, रीवा, छिंदवाड़ा और जबलपुर में कांग्रेस के महापौर बने थे। इसी तरह नगर पालिका और नगर परिषद में भी पार्षद बने थे। कालांतर में विभिन्न कारणों से जबलपुर, छिंदवाड़ा और मुरैना महापौर का पार्टी से मोहभंग हुआ और उन्होंने भाजपा की सदस्यता ले ली। छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके को लेकर असमंजस आज भी बना हुआ है क्योंकि वह लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल हो गए थे और कुछ दिनों बाद फिर वापसी का दावा किया गया। पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का बड़ा कारण नए चेहरों पर दांव लगाना और समय से पहले प्रत्याशी को लेकर स्थिति स्पष्ट कर देना था। यही काम 2027 में होने वाले निकाय चुनाव के लिए भी अभी से किया जा रहा है। इसके लिए अलग से पूरी टीम बनाई जा रही है, जिसका काम केवल निकाय चुनाव पर फोकस करना रहेगा। प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन तक में इसकी भूमिका निर्णायक रहेगी। सूत्रों का कहना है कि प्रत्याशी चयन में इस बार जिला और ब्लाक इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सर्वे में जिनका नाम प्रमुखता से सामने आएगा, उन पर स्थानीय इकाइयों के अध्यक्षों की राय ली जाएगी। यदि सहमति बनती है तो फिर जिला प्रभारी के माध्यम से प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा।

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