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गंभीर डेम में पानी की चिंता, टी-कनेक्शन अटका; पूरा होने पर रोज मिलेगा नर्मदा जल

उज्जैन  गर्मी की शुरुआत के साथ जलप्रदाय को लेकर शहरवासियों को हमेशा की तरह चिंता सताने लगी है। इसे दूर करने के लिए नगर निगम ने नर्मदा से पानी लेकर सप्लाय की योजना 2023 में बनाई। दो साल में लाइन तो लगभग पूरी डाल दी पर इसे जोड़ने के लिए टी कनेक्शन बाकी रह गया। यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। अफसरों का कहना है हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते पीएचई का फिल्टर प्लांट का हिस्सा भी हटाया जाना था। पर पूरे शहर पर असर होने के चलते बचा लिया गया। इन सबके चलते ही केवल टी कनेक्शन इतने समय तक अटका रहा। अब कनेक्शन हो जाएगा तो शहरवासियों को रोज ही जलप्रदाय किया जा सकेगा। पिछले साल 15 अप्रैल से निगम के पीएचई विभाग ने एक दिन छोड़कर जलप्रदाय शुरू कर दिया था। इससे जून तक बारिश नहीं होने तक लोग रोज ही पानी के लिए जूझते रहे। इस बार क्या होगा… भास्कर टीम ने जनता की समस्या को देखते हुए पड़ताल की। इस बार 10 दिन का पानी ज्यादा : शहर के प्रमुख जलस्रोत गंभीर डेम में पिछले साल 12 मार्च को 70 दिन का पानी शेष था। इस बार 12 मार्च को गंभीर डेम में 84 दिन का पानी है। यानी पिछले साल की तुलना में 10 दिन का पानी ज्यादा है। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार नर्मदा का पानी उपलब्ध हो जाएगा। इसलिए फिलहाल एक दिन छोड़कर जलप्रदाय लागू करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते नहीं हो रहा था काम फिलहाल 931 एमसीएफटी पानी पर गर्मी में वाष्पीकरण और पानी चोरी से होती है दिक्कत वर्तमान में गंभीर में 1031 एमसीएफटी पानी है। इसमें से लगभग 100 एमसीएफटी डेड स्टोरेज को हटा दिया जाए तो जलप्रदाय के लिए करीब 931 एमसीएफटी पानी उपलब्ध रहेगा। शहर में प्रतिदिन करीब 11 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है, इस हिसाब से लगभग 84 दिन का पानी बचा है। हालांकि गर्मी में वाष्पीकरण और पानी की चोरी के कारण जल प्रदाय में दिक्कत होती है। प्रशासन द्वारा जल अधिनियम 1986 लागू करने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे पानी की चोरी पर नियंत्रण किया जा सके। गऊघाट प्लांट से फिल्टर होकर पानी सीधे घरों तक पहुंच सकेगा, लोगों को मिलेगी राहत पाइपलाइन जुड़ने के बाद गऊघाट स्थित फिल्टर प्लांट में नर्मदा का पानी सीधे पहुंचेगा। करीब 100 से 150 मीटर लंबी 1000 एमएम नर्मदा पाइपलाइन को 800 एमएम गंभीर पाइपलाइन से जोड़ा जा रहा है। यहां से पानी आने के बाद गऊघाट प्लांट से फिल्टर होने के बाद पानी सीधा पाइपलाइन द्वारा रहवासियों के घर में आ सकेगा। अगर गंभीर का पानी में कमी आती है, तो जलप्रदाय के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध हो सकेगा। शहरवासियों को पेयजल को लेकर राहत मिल सकेगी। लोगों को गर्मी में परेशान नहीं होना पड़ेगा। 3 साल से अधूरा प्रोजेक्ट अब जाकर पूरा कर रहे- शहर के लिए राहत की बात यह है कि नर्मदा पाइपलाइन को गंभीर की मुख्य लाइन से जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है। केवल टी कनेक्शन बाकी है, जिसे जोड़ने के लिए एक दिन जलप्रदाय बंद करना पड़ेगा। इसी कारण फिलहाल इसे मेंटेनेंस कार्य के साथ जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। वर्ष 2023 में शुरू हुए 1.88 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को दो माह में पूरा होना था। अब जल्द पूरा करने का अफसरों का दावा है।

केंद्र का बड़ा फैसला: जल जीवन मिशन को 4000 करोड़ की मदद, कर्ज सीमा बढ़ाने पर सहमति

भोपाल  जल जीवन मिशन में खर्च हुई राशि को देने के केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है। मप्र ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बताया कि वर्ष 2024-25 का 4500 करोड़ और 2025-26 का 5000 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। मप्र ने खुद 9000 करोड़ लगाकर योजना को चालू रखा है। योजना को पूरा करने का वक्त 2028 तय है, लेकिन 2026 में अभी तक मप्र ने 99% काम पूरा कर लिया। पाटिल ने इसकी बधाई दी और राशि देने पर सहमति दे दी। मार्च 2026 से पहले मप्र को जल जीवन मिशन के 4000 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। सीआर पाटिल से मिलने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इसमें सीएम ने कहा कि मप्र की औसत ग्रोथ 10% है। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ होगा। लिहाजा इसी आधार पर मप्र को बाजार से कर्ज लेने की सीमा तय की जाए। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी इस दौरान सीएम के साथ थे। वित्त का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सहमति दे दी है। इससे मप्र को कई प्रकार से लाभ मिलेगा। सीएम गुरुवार को 5 मुद्दों को लेकर दिल्ली गए थे। इसमें सिंहस्थ के लिए राशि की मांग करना भी शामिल रहा। निकायों का पैसा मांगा     सीएम ने नगरीय तथा ग्रामीण निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित पूरी राशि को देने की बात रखी। अभी कम पैसा मिला है। निकायों से संबंधित मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 की 512 करोड़ एवं 2025-26 की 1,181 करोड़ की राशि मिलना है।     पंचायती राज मंत्रालय व जल शक्ति मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए ही 1097 करोड़ जारी करने का अनुरोध है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के लिए 4,600 करोड़ के विरूद्ध 3,690 करोड़ ही मिले हैं।  

6000 एकड़ औद्योगिक जमीन पर अतिक्रमण, गोविंदपुरा, मंडीदीप व पीथमपुर में 5 हजार करोड़ निवेश का रास्ता बंद

इंदौर /भोपाल  मप्र में कागजों पर उद्योगों के लिए डेढ़ लाख एकड़ जमीन उपलब्ध है लेकिन हकीकत उलट है। प्रदेशभर के औद्योगिक क्षेत्रों की 5-6 हजार एकड़ जमीन अवैध कब्जों से घिरी है। इनमें अवैध कॉलोनियां, गोदाम और व्यावसायिक कब्जे शामिल हैं। नए उद्योगों के लिए जगह ही नहीं मिल पा रही है। इसे मुक्त करा लिया जाए तो 90 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है, वहीं, 4 से 5 हजार करोड़ निवेश भी आ सकता है। लेकिन, राजनीतिक दखल के चलते ये प्रयास सफल नहीं हो पा रहे। भोपाल में 700 एकड़ में फैले गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 180 एकड़ से अधिक अतिक्रमण है। 141 एकड़ जमीन का विवाद एक बिल्डर समूह से हाई कोर्ट में सालों से लंबित है तो 10-15 एकड़ क्षेत्र में 3 झुग्गी बस्तियां बसी हुई हैं। ​पीथमपुर में ही 50 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है। इधर, मप्र औद्योगिक विकास निगम के एमडी चंद्रमौलि शुक्ला कहते हैं, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला हॉस्टल बन रहे हैं। अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रह रही महिला श्रमिकों को इनमें बसाया जाएगा। प्रति एकड़ निवेश टेक्सटाइल में एक करोड़ रुपए प्रति एकड़ से लेकर फार्मा में 6 करोड़ तक निवेश आता है। मल्टी स्टोरी क्लस्टर में 10-12 करोड़ तक है। वहीं, प्रति एकड़ निवेश पर अलग-अलग सेक्टर में 20 से 150 लोगों को नौकरियां मिलती हैं। 15 साल बाद प्रस्ताव पर पहल मंडीदीप इंडस्ट्री एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा, 15 साल पहले हमने पास में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव दिया था ताकि कब्जे न हों और श्रमिकों को आवास मिलें। अब ये पहल हुई है। श्रमिकों के आवास बनेंगे पीएम आवास योजना के तहत निजी बिल्डरों की मदद से औद्योगिक क्षेत्रों के पास श्रमिकों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट और रेंटल प्रोजेक्ट के तहत आवास बनेंगे। -संकेत भोंडवे, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास किस तरह के अतिक्रमण…     40% गुमठियां, पार्किंग     35% झुग्गी बस्तियां     25% भूखंड धारकों के अवैध निर्माण  

जूनियर डॉक्टरों की मांग पूरी: MP में बढ़ा स्टाइपेंड, जानें किसे कितनी मिलेगी राशि

भोपाल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर यह वृद्धि करते हुए एक अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू कर दिया गया है। कितने रुपये बढ़ाया गया नए संशोधन के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये कर दिया गया है। वहीं पीजी द्वितीय वर्ष का स्टाइपेंड 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये और तृतीय वर्ष का स्टाइपेंड 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी तरह मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड भी बढ़ाया गया है। पहले जहां इंटर्न को 13,928 रुपये मिलते थे, वहीं अब उन्हें 14,337 रुपये स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 82,441 रुपये तय किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का इतना बढ़ा सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया गया है, जबकि जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस फैसले से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधायक देवेन्द्र जैन के पुत्र के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को अल्प प्रवास पर संभाग के शिवपुरी जिला मुख्यालय पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिवपुरी में नक्षत्र गार्डन पहुंचकर विधायक  देवेंद्र जैन के पुत्र सक्षम जैन और वधू आरजू को आशीर्वाद प्रदान किया। नवविवाहित दंपति को वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उनके साथ थे।  

बिजली कनेक्शन के लिए अब नहीं लगेगी लंबी लाइन, ‘सरल संयोजन पोर्टल’ से 150 किलोवॉट तक सुविधा

भोपाल मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र भोपाल, नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग में 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए विद्युत कनेक्शन उपभोक्‍ताओं को प्रदान करने के लिए ऑनलाइन, सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया लागू की है। कंपनी के “सरल संयोजन पोर्टल” पर उपलब्‍ध इस   https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home  लिंक के माध्‍यम से यह कनेक्‍शन ऑनलाइन मिलेंगे। नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवॉट भार तक के नए कनेक्शन के लिए आवेदन केवल “सरल संयोजन पोर्टल” के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकृत किए जाएंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने बताया है कि उपभोक्‍ताओं द्वारा नए कनेक्‍शन के लिए अब तक आवेदन के बाद 45 मीटर तक की सर्विस लाइन तथा आवश्यकता होने पर वितरण ट्रांसफार्मर, उच्‍च दाब/ निम्‍न दाब लाइन जैसी अन्य अधोसंरचना संबंधी निर्माण कार्य स्वयं कराना होते हैं। अब इस नई व्यवस्था में, वैध विद्युतीकृत क्षेत्रों में ऐसे सभी कार्य अब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराए जाएंगे। इसके लिए शर्त है कि उपभोक्ता को मप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित रेग्‍यूलेशन में निहित प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सप्लाई अफोर्डिंग चार्जेस का भुगतान करना होगा। उपभोक्‍ता को रेग्‍यूलेशन में दिए गए प्रावधानों के अनुसार ऊपर दिए गए प्रावधानों में से किसी भी विकल्‍प को चुनने की स्‍वतंत्रता होगी। यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था के लागू होने से 150 किलोवॉट भार तक के निम्‍न दाब श्रेणी के नए कनेक्शनों को लेने के इच्‍छुक उपभोक्ताओं को अब सर्विस लाइन और अन्‍य अधोसंरचना बनाने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिल सकेगी। गौरतलब है कि मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी उपभोक्‍ता उन्‍मुखी कंपनी है और कंपनी द्वारा प्रदेश के सतत विकास के लिए तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश की अवधारणा को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सुशासन की दिशा में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।  फायदे इस व्यवस्था के लागू होने से लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ अन्य वाणिज्यिक संस्थानों, नए स्टार्टअप को नया कनेक्शन आसानी से मिल सकेगा।     नया कनेक्‍शन ऑनलाइन और निर्धारित समय अवधि में प्राप्त होगा। नई व्‍यवस्‍था से मध्यप्रदेश के उद्योग जगत में नए युग का सूत्रपात होगा और राज्‍य में उद्योगों को लगाने के लिए “इज ऑफ डूइंग बिजनेस “ के उद्देश्य की पूर्ति हो सकेगी।     यह पहल मध्यप्रदेश के सतत विकास लक्ष्‍य (SDG Goals) को प्राप्त करने में सहायक होगी।     निरन्‍तर उद्योगों के लगने से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।  

गैस एजेंसी में मिली स्टॉक की गड़बड़ी, एमपी नगर एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए

भोपाल भोपाल में गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था की जांच के तहत आज एसडीएम एमपी नगर  एल. के. खरे द्वारा जंबूरी मैदान स्थित विनीत गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में कमर्शियल एवं घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनके स्टॉक में अनियमितता सामने आई। निरीक्षण के दौरान गोदाम के अंदर 51 बड़े कमर्शियल सिलेंडर, 147 पाँच किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर तथा 18 प्लास्टिक कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए पाए गए। इसके अतिरिक्त घरेलू श्रेणी के 535 भरे हुए तथा 823 खाली सिलेंडर भी गोदाम में पाए गए। जांच के दौरान उपलब्ध सिलेंडरों का स्टॉक रजिस्टर से मिलान नहीं हो पाया, जिससे अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। निरीक्षण के समय फूड इंस्पेक्टर  प्रवीण भी उपस्थित रहे। एसडीएम  खरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड इंस्पेक्टर को आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मौके पर ही संपूर्ण कार्रवाई का पंचनामा तैयार किया गया तथा संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया जायेगा पुरस्कृत

भोपाल राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति की बैठक में उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों तथा विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय उपभोक्ता संरक्षण पुरस्कारों के लिए किया गया है। वर्ष 2025 के लिए यह चयन उपभोक्ता संरक्षण और जनजागरूकता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के आधार पर किया गया है। संस्थागत श्रेणी में अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन, कटनी को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 1,11,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी श्रेणी में म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सालय तथा महाविद्यालय समिति, ग्वालियर को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। संस्था को 51,000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। उपभोक्ता जागरूकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवनगर, जिला उज्जैन की कक्षा 11वीं की छात्रा अश्विता पोरवाल को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय प्राथमिक विद्यालय, 19 नया बसेरा, जिला इंदौर की कक्षा 4वीं की छात्रा रानी चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा खुशबु रेवकर को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसी क्रम में चित्र प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को सराहा गया। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 10वीं की छात्रा शुभी सेन को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 6000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय पीएमश्री एमएलबी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जिला छतरपुर की कक्षा 9वीं की छात्रा तपस्या कुशवाहा को द्वितीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 4000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बदनावर, जिला धार की कक्षा 11वीं की छात्रा पलक सिसोदिया को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें 2000 रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। चयनित संस्थाओं और विद्यार्थियों को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर 15 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को इस विषय से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 

सड़क दुर्घटना में घायल सात लोगों को समय पर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल रतलाम जिले के थाना बड़ावदा क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को डायल-112 जवानों की त्वरित कार्रवाई से समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की तत्परता से घायलों को शीघ्र उपचार मिल सका। 12 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112  भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना बड़ावदा क्षेत्र में बाबा फरीद दरगाह के पास तूफान गाड़ी और मिनी लोडिंग वाहन की आमने-सामने भिड़ंत हो गई है, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल एफआरव्ही-13 को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर आरक्षक  अंतर सिंह एवं पायलट  अंकित परमार ने पाया कि तूफान गाड़ी और मिनी लोडिंग वाहन की भिड़ंत में सात व्यक्ति घायल हो गए थे। स्थिति को देखते हुए डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सिविल अस्पताल जावरा पहुँचाकर भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस हर आपात स्थिति में आमजन की सहायता और जीवन रक्षा के लिए सदैव सजग और समर्पित है।  

नई शिक्षा व्यवस्था से विद्यार्थियों में बढ़ेगा कौशल और ज्ञान का दायरा : एसीएस राजन

भोपाल शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, भोपाल द्वारा “विकसित भारत @ 2047: संस्कृति, ज्ञान तथा सततता पर अन्तर्विषयी दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसका शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने शुभारंभ किया। साथ ही महाविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी को लेकर तैयार की गई स्मारिका एवं मोनोग्राफ का लोकार्पण भी किया। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  राजन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में शिक्षा व्यवस्था में बहुविषयक अध्ययन पद्धति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बहु-विषयक ज्ञान प्रदान करना है। एसीएस  राजन ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समग्र विकास की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि केवल आर्थिक विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के संतुलित और समग्र विकास के लिए मानव मूल्यों, संस्कृति, विरासत और पर्यावरण के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का अध्ययन महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ-साथ कला और सामाजिक विषयों से भी जुड़ाव उतना ही आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। शोध-पत्र प्रस्तुत किये जायेंगे संगोष्ठी के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। साथ ही विकसित भारत 2047 की संकल्पना के संदर्भ में संस्कृति, ज्ञान परंपरा और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी किया जा रहा है।  राजन ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन अपर मुख्य सचिव  राजन ने दो दिसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में महाविद्यालय परिसर में विभिन्न संकायों द्वारा लगाई गए एक विशेष अन्तर्विषयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर प्रदर्शनी के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। इसके साथ ही प्राचीन सिक्कों का संग्रह, सम्राट विक्रमादित्य के सिक्के, उज्जैन के महाकाल मंदिर से संबंधित सिक्के तथा अन्य कालखंडों के दुर्लभ सिक्कों का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त पद्म डॉ. नारायण व्यास द्वारा संग्रहित प्राचीन औजार, पंचांग, डाक टिकट तथा अन्य पुरावस्तुओं का भी प्रदर्शन किया गया। महाविद्यालय द्वारा स्वराज संस्थान, भोपाल के सहयोग से “वंदे मातरम्” की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की उत्पत्ति, स्वतंत्रता संग्राम में उसकी प्रेरक भूमिका तथा भारतीय राष्ट्रीय चेतना में उसके महत्व को भी प्रदर्शित किया गया। संगोष्ठी में आयुक्त, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग  मनोज वास्तव, आयुक्त, उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, नई दिल्ली  आर.आर. रश्मि, पद्म डॉ. नारायण व्यास, साहित्यकार  उदयन वाजपेई, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के डॉ. मनोज कुमार कुर्मी, जनजातीय संग्रहालय, भोपाल के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र पारे तथा दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विद्वान एवं महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं।  

भोपाल में 14–15 मार्च को होगा फिट इंडिया कार्निवाल

भोपाल  स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया भोपाल द्वारा 14 एवं 15 मार्च को टीटी नगर स्टेडियम, भोपाल में दो दिवसीय फिट इंडिया कार्निवाल का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित होगा। यह आयोजन सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए खुला है और इसका उद्देश्य नागरिकों को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास सारंग द्वारा कार्निवाल का उद्घाटन किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रसिद्ध टीवी अभिनेता  अभिनव शुक्ला के साथ प्रख्यात खिलाड़ी एवं खेल हस्तियां भी उपस्थित रहेंगी, जो प्रतिभागियों के साथ संवाद कर उन्हें अपने दैनिक जीवन में फिटनेस को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी। कार्निवल में फिटनेस को रोचक और सभी के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न इंटरएक्टिव गतिविधि ज़ोन बनाए जाएंगे। इनमें योग, ज़ुम्बा, एरोबिक्स और समूह फिटनेस सत्र के साथ-योग, गतका और मल्लखंब के प्रदर्शन भी शामिल होंगे। इन गतिविधियों को छोटे-छोटे सत्रों में आयोजित किया जाएगा जिससे आगंतुक पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इसके अलावा आत्मरक्षा प्रदर्शन और विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएं भी होंगी, जिनमें रोज़मर्रा की जिंदगी में अपनाई जा सकने वाली सरल फिटनेस आदतों के बारे में जानकारी दी जाएगी। परिवारों और बच्चों के लिए कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए फन स्पोर्ट्स ज़ोन में मिनी स्पोर्ट्स कोर्ट, पारंपरिक खेल और परिवार केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे सामुदायिक भागीदारी और सक्रिय मनोरंजन को बढ़ावा मिलेगा। बच्चों के लिए विशेष किड्स ज़ोन भी बनाया जाएगा, जहां वे सुरक्षित और मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। आगंतुक वेलनेस ज़ोन का भी लाभ उठा सकेंगे, जहां BMI जांच, पोषण परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक  अभिषेक सिंह चौहान (आईटीएस) ने कहा, “फिट इंडिया कार्निवाल समुदाय को एक साथ लाने और हमारे दैनिक जीवन में फिटनेस के महत्व को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से हम सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं और यह संदेश देना चाहते हैं कि फिटनेस सरल, आनंददायक और सभी के लिए सुलभ हो सकती है।” 

लाड़ली बहना योजना: 1.25 करोड़ महिलाओं को मिली 34वीं किस्त, खातों में आए 1500 रुपये

भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 13 मार्च का दिन खास रहा। उनके लाड़ले भाई प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके खातों में योजना की 34वीं किश्त के रूप में 1500 रुपये ट्रांसफर किए। सीएम डॉ. यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में 1.25 महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस मौके पर उन्होंने 121 करोड़ रुपये की लागत के 54 विकासकार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत बड़ी से बड़ी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन बेटियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। आज नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपए की सौगात मिली है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है। इससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। खुला सौगातों का पिटारा     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार में 122 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 40 करोड़ लागत के भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण और नए पुल का भूमिपूजन भी शामिल है।     डबरा के जौरासी गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए दूसरे चरण में 12.5 हजार करोड़ के भूमि पूजन किया जाएगा।     कुलैथ, डबरा और मुरार में 50-50 सीट के बालक बालिका छात्रावास का पूजन हो रहा है। आईएसबीटी के पास 7 करोड़ की लागत से श्रमिक विश्रामगृह का निर्माण किया जा रहा है।     उन्होंने कहा 2024 से अब तक ग्वालियर में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।     यहां 12.5 हजार करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लोगों की जिंदगी बदलेगी। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है।     मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी के कूनो नेशनल पार्क में चीता अपना कुनबा बढ़ा रहा है।     माधव नेशनल पार्क अब टाइगर, घड़ियाल और कछुआ के लिए पहचान बना रहा है। किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार ने किसानों को 40 रुपये बोनस देखकर गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है।     प्रदेश में पशुपालन एवं दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ये घोषणाएं सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार पीएचसी को सिविल अस्पताल बनाएंगे। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। भितरवार में मां शबरी माता का भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजन होंगे। लिखी जा रही विकास की नई इबारत     कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।     प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।     लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है।     भारत अब अमृतकल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।     बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई है।     प्रदेश की लाड़ली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 तक दिए जाएंगे।     इस दौरान जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा है, वह किया है।     प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है।  

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: महिला पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, 1 लाख की मांग पर ₹5 हजार पकड़े गए

 धार  धार जिले की सरदारपुर तहसील में शुक्रवार को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पटवारी जमीन का पट्टा जल्दी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग कर रही थी। लोकायुक्त टीम ने उसे आवेदक से पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये लेते समय धर दबोचा।लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के तहत इंदौर इकाई ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया। पट्टा दिलाने के नाम पर मांगे थे रुपये जानकारी के अनुसार, ग्राम कुमारिया खेड़ी (ग्राम पंचायत भानगढ़), तहसील सरदारपुर निवासी 53 वर्षीय लक्ष्मण कुमावत ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने जिस जमीन पर मकान बनाया है और उसके पीछे की जमीन पर उसका कब्जा है, उसका पट्टा उसके नाम होना है। लोकायुक्त टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा इस संबंध में आवेदक ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत की। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 13 मार्च 2026 को ट्रेप दल का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपी पटवारी श्रीमती भारती राजपूत को आवेदक से पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में शामिल अधिकारी ट्रेप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक पवन पटोरिया, आरक्षक मनीष माथुर, आरक्षक कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा शामिल रहे।  

बागेश्वर धाम में हनुमान चालीसा हवन का चौथा आयोजन सफल, अगले हवन की तिथि 20 अप्रैल

छतरपुर बागेश्वर धाम में गुरुवार रात पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन करवाया. इसमें देश और विदेश के 2 लाख भक्तों ने एक साथ हवन पूजन किया. इस आयोजन का उद्दश्य घरों से नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा करना था. इसके साथ ही इस प्रकार के हवन भक्त घर में कर सकें, इसकी विधि भी बताई गई।  हवन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ बागेश्वर धाम परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए और हवन में हिस्सा लिया. बागेश्वर धाम में जो भक्त नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन हवन और हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा आयोजित यह चौथा हनुमान चालीसा हवन था. खास बात ये है कि इसमें विदेश के भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।  सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े भक्त विदेश में रहने वाले भक्तों ने यूट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजन में हिस्सा लिया. धाम में पंडाल में बैठे 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन हवन पूजन में अपनी आहुति डाली. भक्तों ने दिव्य अनुष्ठान में आहुति देकर अपना कार्य सिद्ध किया. ऑनलाइन हवन व हनुमान चालीसा विधि-विधान से शुरू किया गया. यह हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया।  यह इस श्रृंखला का चौथा आयोजन था। इससे पहले भी धाम पर तीन हनुमान चालीसा हवन आयोजित किए जा चुके हैं। हवनों की यह श्रृंखला दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुई थी और 12 मार्च को इसका चौथा आयोजन संपन्न हुआ। हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया। ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन से जुड़े लाखों श्रद्धालु इस हवन का मुख्य उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने अपने घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की। बागेश्वर महाराज ने बताया कि यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है। इसका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।   बागेश्वर धाम में अगला आयोजन 20 अप्रैल को हवन का उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है. कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ आहुति देकर अपने घर-परिवार में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की।  इस मौके पर पं. धीरेंद्र शास्त्रीने कहा “पांचवां अगला हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।  20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में पांचवां हनुमान चालीसा अगला, पांचवां हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा। इसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। हवन के लिए, ऑनलाइन जुड़े भक्तों ने रात में तिल, जौ, चावल, धूप, घी, दीपक, चंदन, लकड़ियां, कपूर, नारियल, सुपारी, कलावा, रुई की बाती, माचिस, पुष्प और जल जैसी आवश्यक सामग्री एकत्र कर निःशुल्क हवन किया।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: जूनियर डॉक्टर स्वास्थ्य सेवा में निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल उप मुख्यमंत्री  शुक्ल के निर्देश के अनुक्रम में स्टाइपेंड वृद्धि आदेश जारी 1 अप्रैल 2025 से होंगे प्रभावशील भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल के निर्देशों के अनुपालन में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जूनियर डॉक्टर पूर्ण समर्पण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और सुदृढ़ करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभायेंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूर्ण करते हैं। मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी जूनियर डॉक्टर अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर के हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को सकारात्मक समाधान के निर्देश दिए थे। उसके अनुक्रम में विभाग द्वारा स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि करते हुए 1 अप्रैल 2025 से संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है। इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये, द्वितीय वर्ष का 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये तथा तृतीय वर्ष का 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये किया गया है। इसी प्रकार इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये किया गया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये निर्धारित किया गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एवं सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।  

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