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यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी के तीन दशक बाद भी यूनियन कार्बाइड संयंत्र का जहरीला कचरा कानूनी और पर्यावरणीय विवादों के केंद्र में है। सुप्रीम कोर्ट ने  इस कचरे को जलाने के बाद बची राख से पारे के संभावित रिसाव से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता संगठन भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति को राहत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट की 20 साल पुरानी निगरानी का हवाला मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉय माल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह संवेदनशील मामला पिछले दो दशकों से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में चल रहा है। बेंच ने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों और नई सामग्री के साथ हाईकोर्ट में आवेदन करना अधिक व्यावहारिक और उचित होगा। याचिका में दावा किया गया था कि कचरे के अवशेषों में भारी मात्रा में पारा हो सकता है, जो आसपास के भूजल और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है। क्या है विशेषज्ञों की राय? सुनवाई के दौरान अदालत ने तकनीकी बारीकियों पर टिप्पणी करने से परहेज किया। न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि जब विशेषज्ञ समितियों और निजी विशेषज्ञों की राय अलग-अलग हो, तो कोर्ट सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। याचिकाकर्ताओं ने डॉ. आसिफ कुरैशी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्रायल रन की पद्धति पर सवाल उठाए थे। यदि भविष्य में पारे के रिसाव से संबंधित कोई नई सामग्री या तकनीकी आपत्ति सामने आती है, तो याचिकाकर्ता हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। हमें उम्मीद है कि हाईकोर्ट इस मुद्दे पर जल्द विचार करेगा। क्या है पूरा मामला? यह मामला पीथमपुर (धार) स्थित ट्रीटमेंट प्लांट और भोपाल के यूनियन कार्बाइड परिसर से जुड़ा है। दिसंबर 2024 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक नोटिस ने खलबली मचा दी थी, जिसमें दावा किया गया था कि जहरीले तत्व भूजल में रिस रहे हैं। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि कंक्रीट की पेटियों में बंद राख की दोबारा जांच हो, जिसे फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है।

भोजशाला विवाद पर हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय, जज खुद करेंगे मुआयना, 2 अप्रैल तक होगा दौरा

इंदौर/धार. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने धार जिले के अति-संवेदनशील भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर मामले में एक अहम टिप्पणी की है. जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने कहा कि मामले से जुड़े कई विवादों को देखते हुए वे 2 अप्रैल की अगली सुनवाई से पहले स्वयं परिसर का मुआयना करेंगे। एक न्यूज एजेंसी ने बताया कि जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने इस विवादित परिसर से जुड़ी याचिकाओं की नियमित सुनवाई के लिए 2 अप्रैल की तारीख तय की. बेंच ने अपनी मौखिक टिप्पणियों में कहा, “कई विवादों को देखते हुए हम इस परिसर का दौरा करना और उसका मुआयना करना चाहेंगे. हम अगली तारीख (2 अप्रैल) से पहले इस परिसर का दौरा करेंगे.” कोर्ट के दौरे की सख्त शर्तें हालांकि, बेंच ने यह भी साफ किया कि इस दौरे के दौरान मामले से जुड़ा कोई भी पक्ष विवादित जगह पर मौजूद नहीं रह पाएगा। लंबी दलीलें सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने इस मामले में दायर अलग-अलग अंतरिम अर्जियों को स्वीकार कर लिया और कहा कि पक्ष इन अर्जियों से जुड़े दस्तावेज़ और हलफनामे कोर्ट में पेश कर सकते हैं। हाई कोर्ट ने जोर देकर कहा, “हम इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा मौका देंगे। धार में स्थित यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में है, जिसने हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए इसका वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया और एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की। ASI सर्वे रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु ASI की 2000 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि धार के परमार राजाओं के शासनकाल की एक विशाल इमारत मस्जिद से पहले से ही वहां मौजूद थी और मौजूदा विवादित इमारत को प्राचीन मंदिरों के हिस्सों का दोबारा इस्तेमाल करके बनाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां से मिले वास्तुशिल्प के अवशेष, मूर्तियों के टुकड़े, साहित्यिक लेखों वाली शिलालेखों की बड़ी-बड़ी पट्टियां, खंभों पर बने नागकर्णिका शिलालेख आदि इस बात का संकेत देते हैं कि इस जगह पर साहित्यिक और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़ी एक विशाल इमारत मौजूद थी। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि वैज्ञानिक जांच-पड़ताल और इस दौरान मिले पुरातात्विक अवशेषों के आधार पर, इस पहले से मौजूद इमारत को परमार काल का माना जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “वैज्ञानिक जांच, सर्वेक्षण और की गई पुरातात्विक खुदाई, मिली चीजों के अध्ययन और विश्लेषण, वास्तुशिल्प अवशेषों, मूर्तियों और शिलालेखों, कला और मूर्तियों के अध्ययन के आधार पर, यह कहा जा सकता है कि मौजूदा ढांचा पहले के मंदिरों के हिस्सों से बनाया गया था। ASI ने रिपोर्ट में कहा कि सजाए गए खंभों और स्तंभों की कला और वास्तुकला से यह कहा जा सकता है कि वे पहले के मंदिरों का हिस्सा थे और बेसाल्ट के एक ऊंचे चबूतरे पर मस्जिद के स्तंभों की कतार बनाते समय उनका दोबारा इस्तेमाल किया गया था। दोनों पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें हिंदू समुदाय, जिसने पूरे विवादित परिसर की धार्मिक प्रकृति को तय करने की मुख्य मांग के साथ अदालत का रुख किया था, का दावा है कि ASI को अपने वैज्ञानिक सर्वेक्षण के दौरान मिले सिक्के, मूर्तियां और शिलालेख यह साबित करते हैं कि यह ढांचा मूल रूप से एक प्राचीन मंदिर था। हालांकि, मुस्लिम पक्ष ने इस दावे पर विवाद किया है और सर्वेक्षण पर सवाल उठाया है, यह आरोप लगाते हुए कि ASI ने उनकी पिछली आपत्तियों को नजरअंदाज किया और सर्वेक्षण में विवादित परिसर में रखी गई चीजों को शामिल कर लिया। न्यूज एजेंसी से बात करते हुए, मुस्लिम पक्ष के याचिकाकर्ताओं में से एक मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के नेता अब्दुल समद ने कहा, “हमने हाई कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि पूरे ASI सर्वेक्षण की वीडियोग्राफी और रंगीन तस्वीरें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि हम यह साबित कर सकें कि सर्वेक्षण में शामिल कुछ चीजों को किस तरह पहले से तय योजना के तहत शामिल किया गया था। समद ने दावा किया कि विवादित परिसर के सर्वेक्षण के दौरान जैन और बौद्ध समुदायों से संबंधित मूर्तियां भी मिली थीं. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड और एक ‘मुतवल्ली’  ने भी परिसर से संबंधित अदालत में चल रहे मामले में अर्जी दाखिल की है। बता दें कि हिंदू समुदाय भोजशाला को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा है कि 11वीं सदी की यह इमारत कमल मौला मस्जिद है. ASI के 7 अप्रैल 2003 के एक आदेश के अनुसार, हिंदुओं को हर मंगलवार को इस परिसर में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुसलमानों को हर शुक्रवार को नमाज पढ़ने की इजाजत है।

36 महीने में तैयार होगा न्यू एमवाय अस्पताल, इंदौर में होंगे 34 ऑपरेशन थिएटर और 320 ICU बेड्स

इंदौर  मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल इंदौर में बनने जा रहा है। यह हॉस्पिटल वर्तमान एमवाय हॉस्पिटल से भी बड़ा होगा। इससे बनाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर में बनने वाले प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल का नाम न्यू एमवाय हॉस्पिटल रखा जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1610 बेड वाले अत्याधुनिक टीचिंग हॉस्पिटल का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। इस हॉस्पिटल को तैयार करने के लिए प्रशासनिक रूप से 773.07 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। इंदौर में बनने वाले नए एमवाय हॉस्पिटल को तैयार करने में अनुमानित लागत लगभग 586.65 करोड़ रुपए आएगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। विधायक गोलू शुक्ला ने बताया कि एमवाय हॉस्पिटल हमारे मालवा निमाड़ की संजीवनी बूटी है। अब हम नया हॉस्पिटल 1610 बेड का बनाने जा रहे हैं। नए हॉस्पिटल बनाने का काम अब शुरू होने वाला है। दो से चार दिन में ही इसका काम शुरू हो जाएगा। तीन साल में अस्पताल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। ऐसा होगा नए अस्पताल का सेट अप मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक कान गला विभाग में कुल 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में कुल 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी. नए अस्पताल भवन में कुल 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे. इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड. रुपए व्यय किए जाएंगे. इसके अलावा सार्वजनिक पार्किंग के निर्माण पर 31.50 करोड़ रुपए, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल एवं सोलर पैनल स्थापना पर 25.53 करोड रुपए तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग एवं वाटर सप्लाई संबंधी कार्यों कार्य पर लगभग 10 करोड़ रुपए लागत आएगी. 81.5 एकड़ में बनकर तैयार होगा हॉस्पिटल 3D विजुअलाइजेशन में अस्पताल देखने में बिल्कुल आधुनिक लग रहा है। सोलर पैनल, हरे-भरे गार्डन, फाउंटेन, वाइड प्लाजा, एंबुलेंस एंट्री और भव्य प्रवेश द्वार। MPBDC के जरिए यह ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट 81.5 एकड़ में बन रहा है। डीडीएफ कंसल्टेंट्स आर्किटेक्ट हैं और आयरन ट्रायंगल लिमिटेड ने इसको बनाने का ठेका लिया है। इस हॉस्पिटल को पूरा करने के लिए सरकार ने 36 महीने की समय सीमा तय की है। न्यू एमवाय के पास में मौजूद कई पुरानी इमारतें (ओल्ड क्वार्टर्स, कुछ ब्लॉक) तोड़े जाएंगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, चाचा नेहरू हॉस्पिटल, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, कैंसर हॉस्पिटल बरकरार रहेंगे इनका सिर्फ रिनावेशन कार्य किया जाएगा। प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होगा न्यू एमवाय एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन का यह प्लान है कि नया एमवाय हॉस्पिटल बनाया जाए। क्योंकि वर्तमान एमवाय में चौदह सौ पचास बेड है, जो की हमेशा ओवरलोडेड रहते हैं। पेशेंट की संख्या ज्यादा होने की वजह से लोड ज्यादा होने की वजह से एक नए अस्पताल की आवश्यकता है। जिसके तहत एक नई बिल्डिंग बनाई जा रही है। वर्तमान में एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रदेश में सबसे ज्यादा बिस्तरों की संख्या के साथ आज भी मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा अस्पताल है। अब यह नया एमवाय बन जाएगा तो हमारी क्षमता ओर अधिक हो जाएगी, जिससे हम दिल्ली और मुंबई के बराबर में खड़े हो जाएंगे।

एचपीवी टीकाकरण अभियान: मध्यप्रदेश में 14 वर्ष की एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण हुआ पूरा

एचपीवी टीकाकरण अभियान: मध्यप्रदेश में 14 वर्ष की एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण हुआ पूर्ण प्रदेश की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेश में 14 वर्ष आयु वर्ग की एक लाख से अधिक किशोरी बालिकाओं के सफल एचपीवी टीकाकरण पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिला प्रशासन तथा सहयोगी संस्थाओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को अजमेर, राजस्थान से इस विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ किया था। मध्यप्रदेश इस अभियान के अंतर्गत एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण कर देश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण वाला राज्य बन गया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जिलों का इस उपलब्धि में विशेष योगदान रहा है। प्रदेश में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टरों की अध्यक्षता में समन्वय स्थापित किया गया और स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत विभाग सहित विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष आयु की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और शेष पात्र बालिकाओं का टीकाकरण भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।  

दीनदयाल बस स्टैंड पर RTO का सख्त एक्शन: 13 वाहनों पर चालान, 1 जब्त

Strict RTO action at Deendayal Bus Stand: 13 vehicles challaned, 1 seized विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव /अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। जिले में यात्री सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दीनदयाल बस स्टैंड पर बड़ा अभियान चलाया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन विभाग की टीम ने असुरक्षित और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की। संभागीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस सघन जांच अभियान के दौरान कुल 13 वाहनों में अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर ₹12,500 का चालान किया गया। वहीं आवश्यक दस्तावेज नहीं होने पर एक वाहन को जब्त कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की गई है। उड़न दस्ता प्रभारी राजेंद्र साहू ने साफ कहा कि यात्री सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकेत दिए कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्रवाई में परिवहन उप निरीक्षक अक्षय पटेल, आरक्षक अशोक खापर्डे, इम्तियाज हुसैन, राजेंद्र पटेल, नवल स्टारकी, शंकर झरिया, आकाश अग्रवाल सहित पूरी टीम सक्रिय रही। प्रशासन का संदेश साफ है — नियम तोड़ोगे तो कार्रवाई तय है।

भौगोलिक सीमाओं से परे सामूहिक अस्तित्व और उत्तरदायित्व की दिशा में आगे बढ़ें युवाओं का किया आह्वान

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्काउटिंग और गाइडिंग के मूल मंत्र ईश्वर, देश के प्रति कर्तव्य तथा दूसरों की सेवा और चरित्र निर्माण मानवता का आधार है। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक भारत सहित बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों की युवा चेतना के लिए सीखने, समझने और आत्म-विकास का प्रेरक मंच है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं का आह्वान किया कि वह भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करें। समूचे क्षेत्र के सतत विकास, शांतिपूर्ण, समृद्ध भविष्य के निर्माण में योगदान करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को बिम्सटेक द्वारा यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमर्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित शुभारंभ समारोह में सदस्य देशों बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल,लंका, थाईलैंड भारत के स्काउट्स-गाइड्स, रोवर्स-रेंजर्स और पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के तत्वावधान में स्काउट्स और गाइड्स द्वारा आयोजित किया गया था। समारोह का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। इस अवसर पर सेंट माउंट फोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पटेल नगर की छात्राओं ने स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साझा इतिहास, समुद्री परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास की सामूहिक आकांक्षाओं का जीवंत स्वरूप है। भारत की सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानने की भावना “वसुधैवकुटुम्बकम्” का आधुनिक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आयोजन का विषय “विरासत, प्रकृति और सतत भविष्य के लिए नेतृत्व”, भौगोलिक सीमाओं से परे मानवता, सह-अस्तित्व और साझा उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। युवाओं से कहा कि एक-दूसरे की विविध संस्कृतियों को समझने और सीमाओं से परे स्थायी मित्रता स्थापित करने के इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में जन-केंद्रित, युवा-संचालित और प्रकृति के प्रति उत्तरदायी विकास के विभिन्न आयामों को भारत ने अपनाया है। इनका अध्ययन कर विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को समझा जा सकता है। संयुक्त सचिव बिम्सटेक एवं सार्कविदेश मंत्रालय सी.एस.आर. राम ने बताया कि मध्य प्रदेश में आयोजित बिम्सटेक कार्यक्रम के माध्यम से ‘इंडो-पैसिफिक’ और ‘ग्लोबल साउथ’ के विजन को मजबूती दी गई। ‘महासागर’ पहल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सहयोग से इसे सरकारी नीतियों के बजाय एक जन-आंदोलन बनाया जा रहा है। युवाओं को सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास से जोड़ने की पहल है। दिल्ली से बाहर निकलकर गुवाहाटी और महाराष्ट्र के क्रम में आयोजन की चौथी कड़ी मध्यप्रदेश का आयोजन है। उन्होंने कहा है कि नागरिक समाज की यह सक्रियता दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सहयोग का नया अध्याय लिखेगी। चीफ नेशनल कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स डॉ. के.के. खंडेलवाल ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक दक्षिण एवं दक्षिण एशियाई क्षेत्र की साझा संस्कृति और इतिहास का स्वरूप है। उन्होंने बिम्सटेक को बंगाल की खाड़ी को जोड़ने वाला एक सेतु बताते हुए क्षेत्र के युवाओं के लिए नेतृत्व और सहकार के अनुभव प्राप्त करने की पहल बताया है। स्काउट्स-गाइड्स को विरासत, प्रकृति संरक्षण, चरित्र निर्माण और भविष्य के नेतृत्व की जिम्मेदारी उठाने के लिएप्रेरित किया। स्वागत उद्बोधन सेक्रेट्री जनरल एण्ड प्रेसीडेंट इन काऊंसिल भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स पी.जी.आर. सिंधिया ने दिया। डायरेक्टर स्काउट ब्यूरों एशिया पेसिफिक एस. प्रसन्नावास्तव ने कार्यक्रम की गतिविधियों का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन नेशनल कमिश्नर ऑफ स्काउट्स भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मनीष मेहता ने दिया। कार्यक्रम में स्टेट चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स मध्यप्रदेश पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन, सेवानिवृत्त वरिष्ठ आई.पी.एस. पवन कुमारवास्तव, डायरेक्टर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स सुश्री दर्शना पावस्कर, एडिशनल चीफ कमिश्नर भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स एम.ए. खालिद मंचासीन थे।  

74 विद्यार्थियों को उपाधि, 107 को गोल्‍ड मेडल और 1 शोधार्थी को डी-लिट् की प्रदान की गई उपाधि

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आज विक्रम विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर अत्यधिक आनन्द का अनुभव हो रहा है। उन्होंने दीक्षान्त समारोह में उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए सभी के यशस्वी एवं मंगलमय भविष्य की कामना की। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि उज्‍जैन नगरी में आते ही एक अलग प्रकार की अनुभूति होती है। सम्राट विक्रमादित्‍य विश्‍वविद्यालय में ही एक विद्यार्थी ने शिक्षा प्राप्‍त की और आज वे प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बने। मंगलवार को राज्यपाल  पटेल की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30 वां दीक्षांत समारोह स्‍वर्ण जयंती सभागृह सम्पन्न हुआ। राज्‍यपाल  पटेल ने कहा कि प्रदेश का राज्‍यपाल बनने के अगले ही दिन वे भगवान  महाकालेश्‍वर के दर्शन के लिए आए और यहीं से उन्‍हें प्रदेश के सतत विकास और देश की प्रगति के लिए प्रयासरत रहने की प्रेरणा प्राप्‍त हुई। राज्‍यपाल  पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि आज दीक्षांत के साथ आप सभी ने समाज के उत्‍थान और देश की एकता के लिए शपथ ली है। विश्‍वविद्यालय से जो संस्‍कार आपको मिले है उन्‍हें जीवन भर स्‍मरण रखकर कार्य करें। आपके माता-पिता ने आपको शिक्षित करने के लिए बहुत कष्‍ट उठाए है इसलिए पढ़ लिखकर अपने माता-पिता की सेवा करें। आप जीवन में कुछ भी बन जाओं परंतु अपने माता-पिता और गुरु के प्रति सदैव आभारी रहना, उनकी सेवा करना। शिक्षित होने का उद्देश्‍य मात्र उपाधि अथवा प्रमाण-पत्र पाना नहीं बल्कि समाज और देश की उन्‍नति में योगदान देकर एक जिम्‍मेदार नागरिक भी बनना है। भगवान कृष्ण ने उज्जैन को बनाया अपनी शिक्षा स्थली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान और ध्यान के वैश्विक केन्द्र उज्जैन को भगवान कृष्ण ने अपनी शिक्षास्थली के रूप में चुना। चौसठ कलाओं और 14 विद्याओं की यह धरती शौर्य के प्रतीक सुशासन के पुरोधा, विक्रम संवत के प्रवर्तक, भारतीय सांस्कृतिक चेतना के रक्षक और न्यायप्रियता के प्रतीक सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली रही है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण नहीं बल्कि 7 दशकों के उस समर्पण का परिणाम है, जिसने दुनिया को कुशल मानव संसाधन और श्रेष्ठ स्कॉलर सौंपे हैं। विश्वविद्यालय से सम्राट विक्रमादित्य का नाम जुड़ने से विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों का गौरव बढ़ा है। ऐसे विश्वविद्यालय की उपाधियों से विभूषित होना विद्यार्थियों के लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीक्षांत समारोह में डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी-लिट), गोल्ड मेडल और स्नातक उपाधियां प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा का अंत नहीं बल्कि जीवन में सीखने की एक नई शुरुआत है, यह जीवन का महत्वपूर्ण टर्निंग पाइंट है। बेहतर जीवन के लिए विद्यार्थियों को सीखने की ललक सदैव बनाए रखना होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी देश और प्रदेश के समग्र विकास में सहभागी बनेंगे और जीवन के सभी क्षेत्रों में अपने कर्तव्य का पूर्ण निष्ठा के साथ निवर्हन करते हुए अपने परिवार, समाज और देश का गौरव बढ़ायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को ससम्मान उपाधियां प्रदान करने के लिए दीक्षांत समारोह की परम्परा आरंभ की गई है। यह विश्वविद्यालय प्रसिद्ध कवि  शिवमंगल सिंह सुमन और पद्म विष्णु धर वाकणकर जैसी महान विभूतियों की कर्मस्थली रहा है। नवाचार में अग्रणी यह विश्वविद्यालय, कृषि अध्ययन शाला और डेयरी टेक्नालॉजी जैसे आधुनिक विषयों को आरंभ करने के लिए पहल करने में भी प्रदेश में प्रथम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय को विभिन्न यंत्रों के लिए 51 लाख रुपए, 5 ड्रोन तथा अध्ययन यात्रा के लिए एक बस प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। पिछला वर्ष प्रदेश में निवेश और रोजगार के रूप में मनाया गया। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उज्जैन वर्ष 2028 में भव्य और दिव्य सिंहस्थ का साक्षी बनेगा। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन से लेकर उनके मां क्षिप्रा के जल से स्नान तक की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार अभी से हर संभव तैयारी कर रही है। सिंहस्थ के आयोजन में स्वच्छता, यात्री मार्गदर्शन, डिजिटल हेल्प आदि का विशेष रूप से ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नवरात्रि और गुड़ी पड़वा की मंगलकामनाएं भी दीं। नवीन कृषि अध्ययनशाला भवन और भर्तृहरि छात्रावास भवन का किया लोकार्पण राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित नवीन कृषि अध्ययनशाला भवन का लोकार्पण एवं एमईआरयू परियोजना अंतर्गत नव श्रृंगारित भर्तृहरि छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सम्पादित पुस्तकों ईकोस एण्ड एक्सप्रेशन्स, कंटूर्स ऑफ थॉट, रागात्मिका सहित 4 पुस्तकों का विमोचन भी किया। उपाधियाँ प्रदान करने के बाद विश्‍वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. भारद्वाज ने सभी उपाधि प्राप्तकर्ता विद्यार्थियों को उपदेश देकर शपथ दिलाई। निकली अकादमिक शोभायात्रा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यपरिषद सदस्‍यों व संकाय अध्‍यक्षों के साथ समूह चित्र खिंचवाया। इसके बाद दीक्षांत समारोह की अकादमिक शोभा यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में सांसद  अनिल फिरोजिया, विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा और नगर निगम अध्‍यक्ष  कलावती यादव शामिल रहें। सम्राट विक्रमादित्य के मूर्तिशिल्प पर अर्पित की पुष्पांजलि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक परिसर स्थित सम्राट विक्रमादित्य के मूर्तिशिल्प पर पुष्पांजलि अर्पित की। एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। समारोह के प्रारंभ में राष्ट्रगीत वंदेमातरम और राष्ट्रगान जन-गण-मन हुआ। अतिथियों ने माँ वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। हथकरघा इकाई की प्रदर्शनी का किया अवलोकन राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य अतिथियों ने हथकरघा इकाई की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। आचार्य विद्यासागर पीठ एवं संस्‍था द्वारा अतिथियों को हाथ से बनी हथकरघा सामग्री भेंट की। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज और कुल सचिव  अनिल कुमार शर्मा ने राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ, पारिजात का पौधा, शॉल, फल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। कार्य परिषद के सदस्यों के द्वारा अन्य अतिथियों का भी सम्मान और स्वागत किया गया। … Read more

अपर मुख्य सचिव ने की पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम के मद्देनजर अधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसी तारतम्य में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरूण शमी ने मंत्रालय मे खाद्य विभाग के अधिकारियों तथा ऑइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ पेट्रोल, डीजल, पीएनजी, सीएनजी तथा घरेलू गैस की आपूर्ति के संबंध में समीक्षा की गई। एसीएस शमी द्वारा सिलेन्डर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं। ऑइल कंपनियो के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि पूर्व में जहां 84% उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करवा रहे थे वह संख्या बढकर 90% हो गयी है। कंपनियों ने मोबाइल ऐप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता बुकिंग के लिए इन डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचे | घरेलू एलपीजी के उत्पादन में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यकता की 100 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विशेष छूट के निर्देश भी जारी किये है। बैठक में गैस एजेंसियों के संचालन, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। समस्त जिला कलेक्टर को निर्देश दिए गए है कि सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करें। यदि कहीं वितरण व्यवस्था में अनियमितता या विलंब की शिकायत मिलती है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश मे 1341 स्थानों पर कार्यवाही कर 1827 सिलेंडर जब्त किये गए। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी। औ‌द्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजी के कनेक्शन लें। पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोल, डीजल घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी। ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर श्री अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें। प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत / सुझाव के लिये इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है : भारत गैस हेल्पलाइन नंबर 1800-22-4344 (टोल फ्री) इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर 1800-2333-555 (टोल फ्री) एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर 1800-2333-555 (टोल फ्री)  

भर्ती प्रक्रिया में सुधार पर फोकस: DGP मकवाणा ने DIG स्तर के अधिकारियों के साथ की बैठक

भोपाल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुई पुलिस भर्ती प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा तथा आगामी भर्ती प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उप पुलिस महानिरीक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। पुलिस महानिदेशकने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा प्रत्येक स्तर पर निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की विस्तार से समीक्षा करते हुए फील्ड स्तर पर सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों (ग्राउंड रियलिटी) तथा व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की समस्याओं, परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों एवं उनकी सुविधाओं को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।साथ ही भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सुगम, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए भविष्य में अपनाए जाने वाले सुधारात्मक उपायों पर भी सार्थक चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सुदृढ़ व्यवस्थाएँ लागू की गईं। अभ्यर्थियों की पहचान एवं प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने हेतु फिंगरप्रिंट आधारित पहचान सत्यापन, फेस रिकग्निशन सिस्टम,आईरिसएवं मेडिकल परीक्षण तथा दस्तावेजों का सघन सत्यापन किया गया। इसके अतिरिक्त पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान सॉफ्टवेयर आधारित डेटा प्रबंधन एवं ऑनलाइन अपलोड प्रणाली का उपयोग किया गया, जिससे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों एवं परिणामों का सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही किसी भी तकनीकी बाधा की स्थिति से निपटने के लिए तकनीकी एवं मैन्युअल दोनों प्रकार की रिकॉर्ड प्रणाली को समानांतर रूप से संचालित किया गया। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षाएँ, जिनमें दौड़, शॉर्ट पुटएवं लॉन्ग जंप शामिल हैं, निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई गईं तथा पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी सुनिश्चित की गई। अभ्यर्थियों के परिणामों का संकलन भी समयबद्ध रूप से कर पारदर्शिता बनाए रखी गई। समीक्षा के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कुछ प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें विभाग द्वारा आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए जा चुके हैं। बैठक के दौरान भर्ती प्रक्रिया के सफल एवं उत्कृष्ट संचालन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। समीक्षा बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक देहात भोपाल राजेश चंदेल,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, बालाघाट विनीत जैन,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, मुरैना सुनील जैन,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, रतलाम निमिष अग्रवाल,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, रीवा हेमन्त चौहान,उप पुलिस महानिरीक्षक रेंज, ग्वालियर अमित सांघी,उप पुलिस महानिरीक्षक, रेल भोपाल पंकजवास्तवतथा पीएसओटू डीजीपी डॉ. विनीत कपूर उपस्थित थे।  

शिक्षा सुधार पर सरकार का फोकस, मंत्री परमार बोले- हर बच्चे तक पहुंचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को, भोपाल में मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग की बैठक लेकर, विभिन्न विभागीय विषयों के अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मंत्री  परमार ने नवीन संकाय, संकाय उन्नयन एवं विधि महाविद्यालय से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने नवीन संकाय एवं स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने प्रदेश में संचालित शासकीय विधि महाविद्यालयों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर निर्देशित किया कि समस्त मानकों की पूर्ति करते हुए बीसीआई से मान्यता प्राप्त करने एवं विश्वविद्यालयो से संबद्धता प्राप्त करने की कार्यवाही आगामी सत्र प्रवेश प्रारंभ होने से पूर्व सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में विश्वविद्यालयों से उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने को भी कहा। मंत्री  परमार ने निर्देशित किया कि जन प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर, समय-सीमा में परीक्षण कर प्रावधान अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति से अनिवार्यतः अवगत भी कराया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि महाविद्यालय में छात्र संख्या के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत शैक्षणिक पदों का युक्तियुक्तकरण किया जाए एवं प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को अनुमति के लिये प्रेषित किया जाए जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो सके। मंत्री  परमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

उज्जैन में 4-लेन और 2-लेन कॉरीडोर निर्माण के लिए 945 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रूपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रूपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रूपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। “मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा। पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय,गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।  

“भूतो न भविष्यति” अद्वितीय होगा सिहंस्थ-2028 का वैभव गीता भवन, विक्रम नगर आरओबी का हुआ भूमि-पूजन

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में 662 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित नगर विकास योजनाएँ, सिंहस्थ-2028 संबंधी कार्य एवं गीता भवन का भूमि-पूजन शामिल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि उज्जैन विकास की 662 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का भूमि-पूजन केवल अवसंरचनाओं का निर्माण मात्र नहीं है। यह उज्जैन के गौरवशाली भविष्य और सांस्कृतिक एवं अभ्युदय का शंखनाद है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के माध्यम से समर्थ, समृद्ध और सशक्त विकसित भारत के दिव्य संकल्प की सिद्धि का प्रतीक भी है। उन्होंने त्रिवेणी विहार में इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर ‘गीता भवन’ निर्माण के निर्णय के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार को बधाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कन्या-पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में भूमि-पूजन और विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन किया गया। शुरूआत में राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से बनने वाले ये निर्माण कार्य केवल कंक्रीट के ढाँचे नहीं होंगे, बल्कि उज्जैन के नये ‘स्वर्ण युग’ की आधारशिला हैं, जो दुनिया के सामने सुनियोजित विकास के प्रतीक बनेंगे। इन विशाल निर्माण कार्यों और उत्कृष्ट नगरीय सुविधाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक के निर्माण के बाद से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लाखों लोग महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे हैं। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हो गया है, अब हम सबका लक्ष्य और संकल्प विकसित भारत ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल एवं विद्युत संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ और सेवाओं की उपलब्धता के द्वारा उज्जैन की आदर्श आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान बनाने में उज्जैनवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि गीता भवन निर्माण हमारी भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों के बीजारोपण और सनातन ज्ञान-पुंज को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित करने का दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी कदम है। गीता भवन युवाओं, शोधार्थियों और नागरिकों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, जो समाज में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों की मजबूती और विस्तार में सहयोगी होगा। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, कर्तव्य बोध और मानव कल्याण का सर्वकालिक मार्गदर्शक ग्रंथ है। फल की इच्छा किए बिना कार्य करने वाले जीवन में सफल होते है। ‘भगवद् गीता’ के दर्शन का यह ज्ञान नई पीढ़ी में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक विचारों के आधार को मजबूत बनाएगा। प्रदेश में सनातन परंपरा पुनउर्त्थान के सशक्त केंद्र के रूप में गीता भवन भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैचारिक संवाद को नई दिशा देने के माध्यम बनेंगे। ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का होगा वैश्विक-समागम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का वैश्विक-समागम है। हमारा कर्तव्य, दायित्व और जवाबदारी सिंहस्थ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को गरिमापूर्वक सुविधाजनक दर्शन करने के प्रति है। सिंहस्थ-2028 में उज्जैन आने वाला प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि होगा। सिंहस्थ-2028 का वैभव इस बार “भूतो न भविष्यति” को साकार करते हुए अद्वितीय होगा। राज्य सरकार के प्रयासों को भारत सरकार का साथ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से NH- 752 D के बदनावर-पेटलावद थांदला खंड को फोर लेन करने की स्वीकृति दी है। यह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य मिलकर सिंहस्थ-2028 को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़कर विकास की नई धुरी बनेगा। राज्य सरकार ने सिहंस्थ-2028 महापर्व की भव्यता और जन सुविधाओं के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्यों की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। वर्ष 2026-27 के बजट में सिहंस्थ के लिए 3060 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान रखा गया है, यह उज्जैन के भविष्य को बदलने का रोडमेप है। हम उज्जैन को सुविधा और शुचिता का ऐसा मॉडल बनाएंगे जो पूरी दुनिया में आध्यात्मिक नगरी के साथ आधुनिकतापूर्वक कदम से कदम मिलाकर चलने का उदाहरण बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में गीता भवन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिन्दू नववर्ष की पावन बेला में उज्जैन को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ-2028 विकास कार्यों को समर्पित है, जो तय सीमा में पूर्ण होंगे। उज्जैन को 662 करोड़ 46 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है। आज 77 करोड़ 14 लाख की लागत से गीता भवन की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही 30 करोड़ 68 लाख की लागत से विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज और 11 सड़क निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सवा साल में श्रेष्ठ कार्य करते हुए 25 प्रतिशत दूध उत्पादन बढ़ाया है। सभी पशुपालक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। किसानों को 5 से 8 रुपए लीटर अधिक मूल्य का लाभ मिला है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए साइकिलें, ड्रेस, किताबें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। टॉपर बच्चों को स्कूटी, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात मिल रही है। अब प्रदेश के बच्चों को नवीन माता यशोदा योजना अंतर्गत स्कूलों में नि:शुल्क दूध के पैकेट मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वह नगरी है, जहां सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीवंत करते हुए आज 30वाँ दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। उज्जैन में भगवान कृष्ण … Read more

निवाड़ी के डायल 112 हीरोज: सतर्कता और समझाइशदेकर आत्‍महत्‍या के उद्देश्‍य से रेलवे पटरी पर बैठी महिला को सुरक्षित बचाया

भोपाल निवाड़ी जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाईसे आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठी एक महिला की जान बचाई गई। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित गंभीर घटना को टाल दिया गया। दिनांक 16 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई किनिवाड़ी रेलवे स्टेशनपर एक महिला आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठ गई है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  नरेंद्र गौतम एवं पायलट  आनंद कुमारने पाया कि पारिवारिक विवाद के चलते अवसादग्रस्त 21 वर्षीय महिलारेलवे पटरी पर बैठी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को समझाइश देकर सुरक्षित पटरी से हटाया।इसके पश्चात महिला पहचान एवं सत्यापन उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा न केवल आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि संवेदनशीलता के साथ लोगों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित भी करती है।  

समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं स्वयंसेवक: मंत्री परमार ने दिए अहम संदेश

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प विकसित भारत@2047 का ध्येय, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के निमित्त सभी को एक दिशा की ओर जोड़ना है। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को शिक्षा, समाज, अर्थव्यवस्था सहित हर क्षेत्र में विश्वमंच पर अग्रणी बनाने के लिए व्यापक मंथन का दौर चल रहा है। इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षा के मंदिरों से समाज एवं राष्ट्र के प्रश्नों का समाधान करने वाले श्रेष्ठ नागरिक सृजित हों। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के निनाद सभागृह में, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026” के समापन सत्र में सहभागिता कर कही। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के संकल्प की सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वयंसेवक, अपने आचरण से समाज के लिए अभिप्रेरक बनेंगे। इसके लिए स्वयंसेवकों को शैक्षणिक परिसरों में स्वयं स्वच्छता का परिवेश निर्मित कर, अन्य लोगों के लिए प्रेरक बनना होगा। स्वयंसेवकों के द्वारा किए जा रहे कार्यों का, समाज में सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव दिखना चाहिए। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के दर्शन वसुधैव कुटुंबकम् से भारत पुनः विश्वमंच पर अग्रणी बनेगा और विश्व कल्याण के भाव से मार्ग प्रशस्त करेगा। पूर्वजों के इस दर्शन को आगे बढ़ाने से ही शिक्षा का उद्देश्य पूरा होगा। मंत्री  परमार ने क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन की सराहना करते हुए, इसे प्रदेश के युवाओं के लिए मील का पत्थर बताया। मंत्री  परमार ने सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य “संवाद से समाधान” पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अपनाया गया ‘संवाद से समाधान’ का मार्ग अत्यंत सराहनीय और समसामयिक है। मंत्री  परमार ने कहा कि जब युवा समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हैं, तो वे न केवल समस्याओं को समझते हैं बल्कि उनके व्यवहारिक समाधान भी खोज निकालते हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि यह पहल, प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा योजना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अनुशासन, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं और राज्य सरकार उनके माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत प्रदेश भर की गतिविधियों के मासिक संग्रह – डिजिटल न्यूज़लेटर “सेवापथ” का लोकार्पण भी किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक (मप्र-छग) डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने स्वागत उद्बोधन में, सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसे युवाओं के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह दो दिवसीय राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026 न केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच बना, बल्कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने में भी सफल रहा। कार्यक्रम में माधव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंत सक्सेना एवं डॉ. भरत व्यास सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. शुभम सिंह चौहान एवं आभार प्रदर्शन डॉ. राजकुमार वर्मा ने किया।  

क्राइम पर कड़ा प्रहार: MP पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ छेड़ा अभियान

भोपाल  प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त तथा उनके उपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सतत एवं सघन कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में 42 अवैध हथियार जप्त किए गए हैं। प्रमुख कार्यवाहियां इंदौर जिले में थाना द्वारकापुरी एवं भंवरकुआ पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। आरोपी के कब्जे से 6 देशी पिस्टल जप्त की है। पूछताछ में आरोपी द्वारा प्रदेश स्तर पर नेटवर्क संचालित करने की बात सामने आई है, जिसके संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त भंवरकुआ पुलिस द्वारा भी एक अन्य आरोपी को अवैध पिस्टल सहित गिरफ्तार किया गया। उक्त कार्यवाहियों में कुल 07 अवैध पिस्टल जप्त किए गए। दतिया जिले के थाना सिविल लाइन, बड़ौनी, देहात, इंदरगढ़, कोतवाली एवं उनाव पुलिस द्वारा अलग-अलग दिनों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, लूट एवं फायरिंग जैसी घटनाओं में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुरैना जिले में थाना पहाड़गढ़, सिविल लाइन, सिहोनिया, बानमोर एवं रिठौरा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 06 अवैध हथियार जप्त किए गए है। ग्वालियर जिले के थाना गिजोर्रा, थाटीपुर एवं पिछोर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 04 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर प्रकरणों में फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। जबलपुर जिले के थाना घमापुर, गोरखपुर, शहपुरा तथा क्राइम ब्रांच की कार्यवाहियों में कुल 03 अवैध हथियार जप्त किए गए। शिवपुरी, छतरपुर एवं पन्‍ना शिवपुरी जिले के थाना सतनवाड़ा एवं करैरा पुलिस, छतरपुर की थाना कोतवाली पुलिस एवं पन्‍ना जिले की कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही कर 02-02 अवैध हथियार जब्‍त किए है। इसी प्रकार सागर, विदिशा, खरगोन, सतना एवं निवाड़ी जिलों में भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रत्येक जिले से 01-01 अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त एवं निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आमजन में सुरक्षा का भाव स्थापित करने के लिए पुलिस पूर्णतः प्रतिबद्ध है।  

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