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बिसनूर सब स्टेशन में 50 एमव्हीए का नया ट्रांसफार्मर स्थापित, एमपी ट्रांसको की बड़ी पहल

एमपी ट्रांसको ने बिसनूर सब स्टेशन में स्थापित किया 50 एमव्हीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर बैतूल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युमन सिह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने बैतूल जिले की बिजली व्यवस्था की सुदृढ़ता के लिए 132 के.व्ही. सब स्टेशन बिसनूर (मुलताई) में एक 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उजीकृत कर दिया है। इससे बैतूल जिले की पारेषण प्रणाली को विश्वसनीयता मिलने के साथ मुलताई क्षेत्र के हजारों विद्युत उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो सकेंगी साथ ही सब स्टेशन में दूसरा ट्रांसफार्मर लगने से सिस्टम में फ्लेक्सिबिल्टी आई है। इन क्षेत्रों को होगा फायदा एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  राजेश शाँडिल्य ने बताया कि बिसनूर में इस पॉवर ट्रांसफार्मर उर्जीकृत होने से सब स्टेशन से जुड़े स्थानीय बिसनूर के अलावा गेहुवरसा, पोंनी, टेरमुरनी, डब्ल्यू.आर.डी. फीडर से जुड़े हजारों कृषि विद्युत उपभोक्ताओं के साथ घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। बैतूल जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढोत्तरी मुख्य अभियंता  शांडिल्य ने जानकारी दी कि बिसनूर में 50 एम.व्ही.ए. ट्रांसफार्मर लगने से सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 100 एम.व्ही.ए. की हो गई है। एमपी ट्रांसको बैतूल जिले में 220 के.व्ही. के 3 सब स्टेशन बैतूल, गुड़गांव, सारणी एवं 132 के.व्ही. के 6 सब स्टेशन बैतूल, आमला, चिचौली, मुलताई, गुड़गांव व बिसनूर के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस ट्रांसफार्मर के उर्जीकृत होने से बैतूल जिले की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी में बढ़ोत्तरी 1598 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

भोपाल नगर निगम में करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले पर लोकायुक्त की कार्रवाई, जांच शुरू

भोपाल  नगर निगम में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय और एक अन्य दफ्तर पर दबिश दी।यह कार्रवाई निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान की शिकायतों के बाद की गई है। लोकायुक्त की टीम शुक्रवार सुबह ठीक उस वक्त निगम दफ्तर पहुँची जब कर्मचारी अपनी सीटें संभाल ही रहे थे। फायनेंस और कंप्यूटर शाखा लोकायुक्त के घेरे में टीम ने सबसे पहले फायनेंस और कंप्यूटर शाखा को अपने घेरे में लिया। जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ ऑफिस खुलते ही लोकायुक्त की टीम वहाँ पहुँच गई थी। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि निगम में बिना किसी जमीनी काम के, केवल कागजों पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान का खेल चल रहा है। लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें दोनों कार्यालयों में जांच कर रही हैं। कम्प्यूटर शाखा में नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण ऑनलाइन रिकॉर्ड और लेखा-जोखा रखा जाता है, इसलिए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। संबल योजना के दस्तावेज खंगाले टीम ने संबल योजना से जुड़े रिकॉर्ड और ऑनलाइन एंट्री की जांच शुरू की है। इसके साथ ही अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है। फतेहगढ़ स्थित कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों वसीम, सोहेल और पंकज से अंदर पूछताछ की जा रही है। टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे दोनों स्थानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई शुरू की। 22 फरवरी को नए भवन में हुई थी शिफ्टिंग फतेहगढ़ में स्थित नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को 22 फरवरी को लिंक रोड नंबर-2 पर बने नए भवन में शिफ्ट किया गया था। रेड के दौरान दोनों इमारतों में रखे दस्तावेजों की जांच की जा रही है। कम्प्यूटर शाखा में होते हैं ये ऑनलाइन कार्य नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा में संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े काम संचालित होते हैं। लोकायुक्त टीम इनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। दस साल पुराना रिकार्ड को जब्त किया जा रहा इस दौरान पिछले करीब 10 साल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। लोकायुक्त पुलिस इस मामले में नगर निगम के दो ऑफिस बॉय और एक ऑपरेटर से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने का मामले से जुड़ी शिकायत के बाद कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त की टीम पुराने दस्तावेजों और भुगतान से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। संबल योजना और कर्मकार मंडल के तहत 2023 में 2 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े मामले से जुड़े रिकॉर्ड लोकायुक्त की टीम खंगाल रही है। एक दशक पुराने दस्तावेजों की जब्ती कार्रवाई की सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर पिछले 10 वर्षों के पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए हैं। यह संकेत देता है कि यह घोटाला किसी एक कार्यकाल का नहीं, बल्कि एक दशक से चल रहा एक संगठित भ्रष्टाचार है। जांच टीम अब इन दस्तावेजों का मिलान जमीनी हकीकत से करने की तैयारी में है।

कलेक्टर का बड़ा कदम: भोपाल में भू-जल स्तर गिरने पर नए नलकूप खनन पर प्रतिबंध, पूरे जिले को जल अभावग्रस्त घोषित

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत आदेश जारी करते हुए पूरे भोपाल जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके साथ ही जिले में नए निजी और अशासकीय नलकूपों के खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। भू-जल के अत्यधिक दोहन से संकट गहराया लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ने प्रशासन को जानकारी दी कि जिले में कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भू-जल स्रोतों का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। इसके कारण नलकूपों और पेयजल स्रोतों का जल स्तर तेजी से गिरता जा रहा है। यदि यह स्थिति जारी रही तो आगामी गर्मियों में भोपाल जिले में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। बिना अनुमति नहीं हो सकेगा बोरिंग मशीन का प्रवेश जारी आदेश के अनुसार जिले की राजस्व सीमाओं में बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के कोई भी बोरिंग मशीन प्रवेश नहीं कर सकेगी और नए निजी नलकूपों का खनन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि सार्वजनिक सड़कों से गुजरने वाली मशीनों को इस प्रावधान से छूट दी गई है। अवैध बोरिंग पर जब्ती और एफआईआर प्रशासन ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि कोई बोरिंग मशीन अवैध रूप से जिले में प्रवेश करती है या प्रतिबंधित स्थानों पर नलकूप खनन का प्रयास करती है तो उसे तुरंत जप्त किया जाए और संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की जाए। विशेष परिस्थितियों में मिल सकेगी अनुमति कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देश दिया है कि यदि किसी क्षेत्र में अपरिहार्य परिस्थिति हो तो उचित जांच के बाद नलकूप खनन की अनुमति दी जा सकती है। आदेश उल्लंघन पर सख्त सजा आदेश का उल्लंघन करने पर मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत दो हजार रुपये तक का जुर्माना, दो वर्ष तक का कारावास या दोनों का प्रावधान है। सरकारी योजनाओं पर नहीं लागू होगा प्रतिबंध यह आदेश सरकारी योजनाओं के तहत किए जाने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आवश्यकतानुसार योजनाओं के अंतर्गत नलकूप खनन का कार्य जारी रख सकेगा। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर निजी जल स्रोतों को सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए अधिग्रहित किया जा सकता है।

MP में ऑनलाइन सिलेंडर बुकिंग बंद, सर्वर डाउन और वेटिंग बढ़ी; गैस की किल्लत बढ़ी

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाइन बुकिंग लगभग ठप हो गई है। इसके चलते भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में लोग गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बड़े शहरों में सिलेंडर की वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है, जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। इस बीच कई जगहों से सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। एजेंसियों पर सुबह से लग जाती हैं कतारें  हालात यह हैं कि कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और लोग सीधे एजेंसी पहुंचकर समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं। इस समस्या का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल और रेस्टॉरेंट कारोबार भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में मोटे अनुमान के अनुसार लगभग 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट संचालित होते हैं, जिनमें से कई के सामने गैस खत्म होने की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि पिछले चार दिनों से कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पाई है।  ऑनलाइन बुकिंग ठप, एजेंसियों पर बढ़ी भीड़ प्रदेश में गैस बुकिंग का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन माध्यम से होता है, लेकिन सर्वर में आई तकनीकी समस्या के कारण उपभोक्ता सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कई उपभोक्ता सीधे एजेंसियों पर पहुंचकर बुकिंग और सिलेंडर की जानकारी लेने को मजबूर हैं। गैस वितरकों के अनुसार, सर्वर की समस्या के कारण सप्लाई चेन भी प्रभावित हुई है, जिससे वितरण में देरी हो रही है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, भोपाल के करीब 2 हजार होटल-रेस्टॉरेंट को 4 दिन में एक भी सिलेंडर नहीं मिला। कई होटल्स ऐसे हैं, जहां पर 24 से 48 घंटे तक भी बमुश्किल निकल पाएंगे। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि होटल, रेस्टॉरेंट, कॉलेज की कैंटीन को भी इमरजेंसी सेवा में शामिल किया जाए, क्योंकि भोपाल में ही करीब 2 लाख स्टूडेंट्स को यहां से भोजन मिलता है। उनके सामने बड़ी दिक्कत खड़ी हो जाएगी। अधिकांश और होटल-रेस्टॉरेंट ठप पड़े भोपाल होटल एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार केवल भोपाल शहर में ही करीब दो हजार होटल और रेस्टॉरेंट को पिछले कुछ दिनों में एक भी सिलेंडर नहीं मिला है। ऐसे कई प्रतिष्ठान हैं, जहां उपलब्ध गैस स्टॉक अधिकतम एक या दो दिन ही चल पाएगा। स्थिति को देखते हुए होटल व्यवसायियों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि होटल, रेस्टॉरेंट और कॉलेज कैंटीन जैसी सेवाओं को आपातकालीन श्रेणी में रखा जाए, क्योंकि बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग भोजन के लिए इन संस्थानों पर निर्भर रहते हैं।  कारोबारियों ने सीएम को बताई परेशानी इस संबंध में कारोबारी प्रतिनिधियों ने राज्य के सीएम डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात कर अपनी चिंता जाहिर की है। सीएम यादव ने समस्या के समाधान के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया है। गैस की कमी के बीच लोग वैकल्पिक उपाय भी तलाशने लगे हैं। कई होटल और घरों में अब इंडक्शन चूल्हों और डीजल भट्ठियों का उपयोग बढ़ गया है। इस अचानक बढ़ी मांग का असर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। भोपाल में इंडक्शन कुकर की बिक्री पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। जहां पहले रोजाना एक-दो ही इंडक्शन बिकते थे, अब इनकी बिक्री बहुत बढ़ गई है।   इंडक्शन के मूल्य में दिखी जबर्दस्त उछाल मांग बढ़ने के साथ ही इंडक्शन की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले तक जो इंडक्शन लगभग 1800 से 2000 रुपये में मिल जाता था, उसकी कीमत अब 3500 रुपए या उससे अधिक तक पहुंच गई है। स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इनके दाम बढ़े हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तरह एलपीजी बुकिंग में आई तकनीकी समस्या ने आम उपभोक्ताओं से लेकर होटल उद्योग तक सभी को प्रभावित किया है, जिससे प्रदेश में गैस आपूर्ति की स्थिति चर्चा का विषय बन गई है। होटल-रेस्टॉरेंट में गैस खत्म होने की स्थिति LPG संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टॉरेंट व्यवसाय पर पड़ा है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के अनुसार, शहर के करीब 2 हजार होटल और रेस्टॉरेंट को पिछले चार दिनों से एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला है। उनका कहना है कि, कई होटल ऐसे हैं जहां सिर्फ 24 से 48 घंटे का ही गैस स्टॉक बचा है। अगर जल्द सप्लाई नहीं हुई तो होटल और रेस्टॉरेंट का संचालन प्रभावित हो सकता है। 2 लाख छात्रों के खाने पर संकट होटल और रेस्टॉरेंट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि, होटल, रेस्टॉरेंट और कॉलेज कैंटीन को भी इमरजेंसी सेवाओं में शामिल किया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि, भोपाल में करीब 2 लाख छात्र ऐसे हैं जो रोजाना होटल या कैंटीन से भोजन लेते हैं। अगर गैस की आपूर्ति बंद रही तो छात्रों के सामने भी भोजन की समस्या खड़ी हो सकती है। भोपाल और ग्वालियर में लंबा इंतजार राजधानी भोपाल में ऑनलाइन बुकिंग ठप होने के कारण एजेंसियों ने खुले मैदान से सिलिंडर वितरण शुरू कर दिया है। यहां पहले जहां रोज 200–300 सिलिंडर वितरित होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 1500 से 2000 तक पहुंच गई है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद लगभग दस दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। ग्वालियर में पिछले तीन दिनों से फोन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बुकिंग प्रभावित है। आठ मार्च को बुकिंग कराने वाले कई उपभोक्ताओं को अभी तक सिलिडर नहीं मिला है। इंडेन के डिस्ट्रीब्यूटर श्यामानंद शुक्ला के अनुसार सर्वर खराबी के कारण बुकिंग प्रभावित हुई है। वहीं एचपी के डिस्ट्रीब्यूटर प्रद्युम्न भदौरिया का कहना है कि घबराहट में बुकिंग अचानक … Read more

सलकनपुर मेले में गैस संकट, घरेलू सिलेंडर पर बैन और कमर्शियल गैस की भारी कमी

सलकनपुर  जिले के सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी मंदिर में आगामी चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मौजूदा गैस संकट को देखते हुए मेला स्थल और मंदिर परिसर में घरेलू गैस सिलिंडर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं कमर्शियल गैस सिलिंडर की सीमित उपलब्धता के कारण मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।  जिला कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेला क्षेत्र में किसी भी होटल, दुकान या प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का कहना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यदि किसी दुकान या होटल में घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग पाया गया तो उसे जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानों में अग्नि सुरक्षा के मद्देनजर छोटे अग्निशमन यंत्र रखना भी अनिवार्य किया जाएगा। गैस संकट से बढ़ी परेशानी वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी आपूर्ति पर भी असर देखने को मिल रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए। इसके चलते कमर्शियल सिलिंडरों की उपलब्धता सीमित हो गई है। इस स्थिति का असर नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। खाना बनाने और अन्य कार्यों के लिए उन्हें वैकल्पिक ईंधन की तलाश करनी पड़ रही है। बाजार में इन दिनों डीजल भट्टी की मांग बढ़ गई है, जिसकी कीमत करीब 12 से 15 हजार रुपये तक बताई जा रही है। कई व्यापारी इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक हीटर और लकड़ी की भट्टी जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारी अरविंद मालवीय और पंकज शर्मा का कहना है कि गैस सिलिंडर की कमी के कारण मेले में कारोबार करना मुश्किल हो सकता है। उनका कहना है कि पहले से ही बाजार में मंदी का माहौल है और ऐसे में गैस संकट से मेले का व्यापार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मेले की तैयारियां तेज चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है। इस दौरान सलकनपुर स्थित विजयासन देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने सलकनपुर पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली और मेला व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, जहां डॉक्टर और चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहेगा। आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे। 

अधिकारियों के लिए चेतावनी, देर से आने-जल्दी जाने पर सख्त कार्रवाई, सीएम ने दिए निर्देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज वल्लभ भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को आदेश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा कार्यालयों में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्रित की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन कर सभी कार्यालयों में तैनाती कर दी है, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस आदेश की सूचना दी गई है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने की हिदायत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कई बार पांच दिवसीय कार्यालय होने के बावजूद अधिकारी अपने निर्धारित समय पर नहीं आते, जो प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। सीएम के निर्देशों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्यालय समय का पालन कड़ाई से हो। बता दें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 9:05 बजे भोपाल से उड़ान भरकर उदयपुर पहुंचेंगे और वहां से भीलवाड़ा जाएंगे। भीलवाड़ा में वे उद्योगपतियों के साथ निवेश संभावनाओं पर संवाद करेंगे। इसके बाद दोपहर 3:25 बजे वे उदयपुर से जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। जबलपुर से गढ़ाकोटा के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहा वह  218वें ‘रहस मेला’ और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के वितरण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद सीएम शाम को रायपुर जाएंगे।  जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम करना अब अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। 

नर्मदापुरम पुलिस में अधिकारियों समेत 72 पुलिसकर्मियों के बड़े तबादले, विभाग में बदलाव

नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। एसपी सांई कृष्णा थोटा ने जिले में एक साथ 72 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं। जारी सूची में 2 एसआई, 11 एएसआई, 20 हेड कांस्टेबल और 38 कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा एक सूबेदार का भी तबादला किया गया है। जारी आदेश के अनुसार 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को थानों से हटाकर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) भेजा गया है, वहीं पुलिस लाइन में लंबे समय से इंतजार कर रहे कई पुलिसकर्मियों को थानों में नई जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि एसपी सांई कृष्णा थोटा के नर्मदापुरम में पदभार संभालने के बाद यह थोक तबादलों की पहली सूची है, जिसकी चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी। सूची के अनुसार सूबेदार विनय अडलक को इटारसी से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं एसआई नरेंद्र लिल्लौरे को सिवनी मालवा थाने से हटाकर बानापुरा पुलिस चौकी का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा एसआई वंशज श्रीवास्तव को पुलिस लाइन से पचमढ़ी थाने में पदस्थ किया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। गुरुवार रात करीब 11:30 बजे तबादला सूची जारी की गई। वहीं जल्द ही विभाग में तबादलों की एक और सूची जारी होने की संभावना भी जताई जा रही है।

MP में early summer heat, नर्मदापुरम 40.2°C, 10 शहरों में तापमान 38°C पार, 15-16 मार्च को बारिश का अलर्ट

भोपाल मार्च के दूसरे सप्ताह में ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। सीजन में पहली बार नर्मदापुरम, रतलाम और धार में गर्म हवाएं चली।  आज भी यहां लू की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया। नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री रहा। 15 और 16 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है। इधर, मौसम विभाग ने 14 मार्च को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। 15 मार्च को प्रदेश में असर दिखाई देगा। इस दिन ग्वालियर-जबलपुर समेत 16 जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, 16 मार्च को पूर्वी हिस्से के 14 जिलों में भी मौसम बदला रहेगा। भोपाल में गर्मी बढ़ गई राजधानी भोपाल में गर्मी बढ़ गई है। आलम यह है कि धूप से बचने के लिए वाहन चालक मुंह पर कपड़ा बांधकर निकल रहे हैं। इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर बढ़ गया है। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चली। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा।  कई जिलों में 38-39 डिग्री के बीच तापमान प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रतलाम में 39.5°, खजुराहो में 39°, धार में 38.8°, खंडवा में 38.1° और शिवपुरी में 38° तापमान दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, दतिया और गुना में भी पारा 37 डिग्री के आसपास रहा।  सुबह-शाम की नमी भी कम हुई मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह भोपाल में 44 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जो शाम तक घटकर 17 प्रतिशत रह गई। नमी कम होने और तेज धूप के कारण दिन में गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। अप्रैल और मई में हीट वेव का रहेगा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है।अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे।  इससे पहले पूरे प्रदेश में तेज गर्मी का असर रहेगा। बुधवार को तीन जिलों में लू चलने के साथ पारे में भी खासी बढ़ोतरी देखने को मिली। धार, नर्मदापुरम और रतलाम में पारा आम दिनों की तुलना में ज्यादा रहा। यहां पर गर्म हवाएं भी चलीं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में भी पारा बढ़ा हुआ रहा। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा। रतलाम में 39.5 डिग्री, खजुराहो में 39 डिग्री, धार में 38.8 डिग्री, दमोह-टीकमगढ़ में 38.5 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, मंडला, श्योपुर-खरगोन में पारा 38 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री, ग्वालियर में 37.2 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा। इस वजह से गर्मी का असर तेज मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है। 2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम     15 मार्च- ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।     16 मार्च- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट। मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा डॉक्टरों‎ की मानें तो मार्च का यही मौसम ‎सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी‎ और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। ‎सुबह और देर रात ठंडी हवा से ‎बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और ‎बुजुर्गों को।‎ मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंड प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।

CM मोहन यादव आज ग्वालियर में, लाड़ली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ बहनों को 1836 करोड़ का लाभ

 ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रहे सम्मेलन में “मुख्यमंत्री लाडली बहना” के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसमें ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 बहनों के खातों में पहुंचने वाली 44 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि शामिल है। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ रुपये लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। सरकार की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी वितरित करेंगे। ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी। लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। मंदिर पहुंचकर करेंगे पूजा-अर्चना प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मार्च को दोपहर वायुमार्ग से राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से घाटीगांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को मजबूत आधार दे रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपए की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इन कार्यों का होगा भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शबरी माता परिसर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन के दौरान ग्वालियर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बना उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा शहर और ग्रामीण क्षेत्र की नव-निर्मित सड़कों का लोकार्पण भी किया जाएगा। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह तथा 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण शामिल है। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने वाले हॉल व छात्रावास तथा भितरवार में लगभग 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आश्वासन—प्रदेश में घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी

प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं-निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर फोकस मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स के साथ की वी.सी. भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी। गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है। मुख्य सचिव  जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी  कैलाश मकवाना और एसीएस  शिवशेखर शुक्ला एवं मती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें। मुख्य सचिव  जैन ने कई कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं। मुख्य सचिव  जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए। डी.जी.पी.  मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति मती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी/पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है। कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस मती शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही … Read more

सिलेंडर सप्लाई को लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

भोपाल  युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बिगड़े हालातों का असर अब अन्य देशों में भी दिखने को मिल रहा है. इस कारण भारत में भी एलपीजी गैस की सप्लाई बाधित (LPG Supply Shortage) हो रही है. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव ने गुरुवार को गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली. इसके बाद मुख्य सचिव ने भोपाल कलेक्टर के लिए आदेश जारी किया है. ईंधन के आयात में हुई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली।  फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू उपभोक्ताओं को ही करने का निर्देश दिया है. उपभोक्ताओं के लिए गैस एजेंसियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जहां भारत गैस उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर-1800-22-4344, इंडेडेन ऑयल गैस- 1800-2333-555, एचपी गैस- 1800-2333-555 नंबर है. इसके साथ ही मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध गैस रिफलिंग की जांच करने का भी आदेश दिया है।  मुख्य सचिव ने गैस सिलेंडर आपूर्ति को लेकर कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक ली मुख्य सचिव की बैठक लेने के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी किया एलपीजी की आपूर्ति केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को करने के संबंध में आदेश दिया आयात में हुई रूकावट को देखते हुये पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की बैठक ली   भारत गैस हेल्पलाईन नंबर-1800-22-4344, इण्डेन ऑयल गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555, एचपी गैस हेल्पलाईन नंबर 1800-2333-555 गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी एवं अवैध गैस रिफलिंग की सतत जांच करने मुख्य सचिव ने दिया आदेश होटल-रेस्तरां में नहीं होगी सप्लाई भोपाल कलेक्टर ने भी आदेश जारी करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की होटल, रेस्तरां और मॉल में सप्लाई नहीं होगी. इसके अलावा एलपीजी का उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्री में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जाएगी. फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सिर्फ चिकित्सालय और शैक्षणिक संस्थाओं में की जाएगी। इसके साथ ही निर्देश दिए हैं कि सिलेंडर की जमाखोरी करने वालों पर जिला प्रशासन निगरानी रखेगा. अगर कोई ऐसा करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. SDM, ACP और आपूर्ति अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। 

मध्य प्रदेश में दूध उत्पादकों को लाइसेंस की अनिवार्यता, शुद्धता की निगरानी होगी सख्त

भोपाल मध्य प्रदेश में घर-घर दूध बेचने वाले दुग्ध उत्पादकों को अब दूसरे दुकानदारों की तरह लाइसेंस लेना होगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए भी लाइसेंस का अनिवार्य कर दिया है. इसके चलते प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों को अब खाद्य विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. प्राधिकरण ने दुग्ध उत्पादकों के पंजीयन और लाइसेंस के संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी है. यह निर्णय दूध में की जा रही मिलावट पर लगाम लगाने के लिए लिया गया है। हर माह तैयार होगी रिपोर्ट मध्य प्रदेश देश में तीसरा सबसे ज्यादा दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य है. प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 707 ग्राम प्रतिदिन है. प्रदेश में 225.95 लाख टन का दूध उत्पादन हो रहा है. प्रदेश में लोगों तक सहकारी समितियों के माध्यम से तो दूध पहुंच ही रहा है, साथ ही बड़ी मात्रा में दूध की सप्लाई डेयरी संचालकों द्वारा घर-घर की जा रही है. सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध सप्लाई की गुणवत्ता की जांच तो लगातार हो रही है, लेकिन डेयरी संचालकों द्वारा सप्लाई होने वाले दुग्ध और उनके उत्पाद की जांच के लिए ऐसे सभी संचालकों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इससे प्रदेश के सभी दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं की पहचान हो सकेगी. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने दूध से जुड़ी गतिविधियों की नियमित मासिक रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं. यह रिपोर्ट हर माह 31 तारीख तक भेजनी होगी। दुध में मिलावट के लिए बनाई जा रही प्रयोगशाला प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को शुद्ध दूध की सप्लाई के लिए राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है. यह प्रयोगशाला भोपाल के मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन में स्थापित की जाएगी. इस प्रयोगशाला में आम उपभोक्ता से लेकर प्रदेश भर की संस्थाएं दूध और इससे बनने वाले उत्पादों की जांच करा सकेंगे।  यह प्रदेश की पहली राज्य स्तरीय केन्द्रीय प्रयोगशाला होगी. इसमें 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी. इस प्रयोगशाला को एनएबीएल और एफएसएसएआई की मान्यता प्राप्त होगी. इससे प्रदेश में शुद्ध दूध की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी।

MP में प्रशासनिक सर्जरी की गूंज, नए चेहरों को दी जाएगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

भोपाल कुछ समय से मध्य प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव की तैयारी की बात हो रही है। अब इसकी तैयारी और तेज हो गई है। होली के बाद रंगपंचमी का त्योहार भी बीत चुका है। मंत्रालय के गलियारों में प्रशासनिक सर्जरी की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। अगले सप्ताह लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। इसमें दर्जन भर जिलों के कलेक्टर यहां से  वहां होने की उम्मीद है। भोपाल कलेक्टर से  भोपाल संभाग के आयुक्त पर सबकी नजर है।  निगम-मंडल और प्राधिकरण के एमडी तथा सीईओ के साथ मंत्रालय स्तर पर प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव के प्रभारों में बदलाव होना संभव है। वैसे भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का प्रमोशन हो चुका है।  लिहाजा उनका बदला जाना तय है। वर्ष 2010 बैच के कलेक्टर सिंह को किसी संभाग का आयुक्त बनाया जा सकता है। नई तबादला सूची जल्द ही जारी होने की संभावना है। इस फेरबदल में कुछ कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की कमान सौंपी जा सकती है। धार जिले में बसंत पंचमी के दौरान भोजशाला विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने वाले युवा आईएएस अधिकारी Priyank Mishra का भोपाल कलेक्टर बनने का नाम चर्चा में है। धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को जिले की कमान संभाले तीन साल से ज्यादा समय हो गया है। उनके परफॉर्मेंस को देखते हुए बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं ग्वालियर और जबलपुर जिलों की कमान महिला आईएएस संभाल चुकी हैं। अब इंदौर और भोपाल जिलों को लेकर संभावनाएं बन रही हैं। वहीं  मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी प्रशासनिक बदलाव की संभावना है। अभी CMO में Alok Kumar Singh और Ilaiyaraaja T सचिव के रूप में जिम्मेवारी संभाल रहे हैं।  बताया जा रहा है कि CMO को एक और सचिव मिल सकता है, जबकि कुछ अतिरिक्त सचिवों में भी फेरबदल किया जा सकता है। लिहाजा रंगपंचमी के बीतने के साथ ही प्रशासनिक बदलाव का काउंटडाउन शुरु हो चुका है।

भोपाल में 6 प्राइवेट हॉस्पिटल पर खतरा, 1 अप्रैल से बंद होने का अलर्ट, सीएमएचओ ने नोटिस भेजा

भोपाल   राजधानी में लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराने वाले आधा दर्जन निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने ऐसे 6 अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 के बाद बिना नवीनीकरण के उनका संचालन नहीं किया जा सकेगा. वहीं तय समय में आवेदन नहीं करने पर अब इन अस्पतालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. अस्पतालों के संचालन के लिए यह नियम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा शहर के 6 निजी अस्पतालों को लाइसेंस नवीनीकरण का आवेदन नहीं करने पर नोटिस जारी किया गया है. इन अस्पतालों ने निर्धारित समय सीमा के अंदर अपने अस्पताल के लाइसेंस और पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था. मध्यप्रदेश उपचारगृह व रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (पंजीयन व अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 व नियम 1997 (संशोधित 2021) के तहत निजी स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीयन अनिवार्य है. इस अधिनियम की धारा 3 के अनुसार बिना पंजीयन के किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्था का संचालन नहीं किया जा सकता. इन अस्पतालों को जारी किया गया नोटिस सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार लालघाटी चौराहा स्थित जहरा अस्पताल, मोतिया तालाब रोड स्थित सरदार पटेल अस्पताल, कैपिटल पेट्रोल पंप के पास राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, बीडीए कॉलोनी गोदरमऊ गांधीनगर स्थित हेल्थ केयर हॉस्पिटल, दानिश कुंज कोलार रोड स्थित भगवती गौतम अस्पताल व सोनागिरी पिपलानी पेट्रोल पंप के पास स्थित सचिन ममता अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है. ढाई महीने का समय देने के बाद भी नहीं कराया रिन्यू सीएमएचओ कार्यालय से अस्पताल संचालन के लिए पंजीयन और लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है, जो हर तीन वर्ष के लिए जारी किया जाता है. इस वर्ष निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को एनएचएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का समय दिया गया था, लेकिन इन छह अस्पतालों ने निर्धारित अवधि में नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया. 31 मार्च के बाद होगी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया, ” नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत रिन्यूअल आवेदन जमा नहीं करने पर इन अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है. यदि 31 मार्च के बाद भी ये अस्पताल संचालित पाए गए तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.” डॉ. शर्मा ने बताया कि इसके साथ अन्या अस्पतालों का अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है. यदि कोई कमी सामने आती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

सेक्स रैकेट चलाने वाली दो बहनों का खुलासा, भोपाल सिंडिकेट की सच्चाई सामने आई

 भोपाल भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित धर्मांतरण और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार सगी बहनें अमरीन और आफरीन इस समय जेल में हैं. इस मामले में जांच के दौरान लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं. पुलिस पूरे प्रकरण की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि दोनों बहनों के परिवार का संबंध भोपाल के ईरानी डेरे से जुड़ा बताया जा रहा है. यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने इस दिशा में भी पड़ताल शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, जब दोनों बहनें अपने परिवार के साथ अब्बास नगर की झुग्गियों में रहती थीं, उसी दौरान उनके परिवार की ईरानी डेरे से नजदीकियां बढ़ी थीं. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वहां के आपराधिक छवि वाले लोगों से उनका कोई संपर्क था या नहीं। ब्यूटी पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों बहनों ने ब्यूटी पार्लर की आड़ में अपना नेटवर्क तैयार किया था. अधिकारियों को शक है कि इसी माध्यम से कई युवतियों को जाल में फंसाया गया हो सकता है. इसलिए पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी लड़कियां इस पूरे मामले से प्रभावित हुई हैं। एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी के मुताबिक पुलिस इस मामले की हर दिशा से जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि ईरानी डेरे से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है, हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है. पुलिस का कहना है कि जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जांच जारी रहेगी। परिवार में चार बहनें और दो भाई अमरीन और आफरीन के परिवार में कुल चार बहनें और दो भाई हैं. इनमें से दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि भाइयों में से एक मानसिक रूप से बीमार बताया जाता है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बिलाल नाम का युवक, जो उनका मौसेरा भाई है, इस पूरे मामले में उनका सहयोगी माना जा रहा है. बिलाल मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है, लेकिन वह भोपाल आकर अब्बास नगर स्थित घर में दोनों बहनों के साथ रहने लगा था. फिलहाल पुलिस को जानकारी मिली है कि वह मुंबई में मौजूद है। पीड़िताओं ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि अमरीन और आफरीन का गिरोह एमडी ड्रग्स की तस्करी से भी जुड़ा हुआ है। चंदन यादव अमरीन और आफरीन के साथ रहता था एफआईआर के अनुसार, चंदन यादव नाम का युवक सागर रॉयल विला में अमरीन और आफरीन के साथ रहता था. बताया गया है कि दोनों बहनों के संपर्क में आने के बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया था. पीड़िताओं का कहना है कि अमरीन और आफरीन उन्हें गुजरात और मुंबई भी लेकर गई थीं, जहां उन्हें अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया. इतना ही नहीं, दोनों बहनें उन्हें शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं। कई लड़कियों को देह व्यापार में धकेला एफआईआर दर्ज कराने वाली दोनों पीड़िताओं का आरोप है कि आरोपी बहनें अब तक करीब पांच से सात लड़कियों को देह व्यापार में धकेल चुकी हैं. उनका तरीका भी लगभग एक जैसा होता था. सबसे पहले वे लड़कियों को बच्चे की देखभाल के नाम पर अपने घर में नौकरी पर रखती थीं. इसके बाद उन्हें अपने साथ घुमाने-फिराने ले जातीं और महंगी पार्टियों में भी शामिल कराती थीं. मौका मिलने पर चंदन, बिलाल और चानू उर्फ हाशिम रजा उनके साथ दुष्कर्म करते थे। पीड़िताओं का कहना है कि जब लड़कियां विरोध करतीं या शिकायत की बात करतीं तो उन्हें बदनामी का डर दिखाकर चुप करा दिया जाता था. बाद में काम दिलाने के बहाने उन्हें अहमदाबाद भेज दिया जाता था, जहां यासिर नाम का व्यक्ति उन्हें स्पा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार के लिए मजबूर करता था। आफरीन फोन को लेकर भटका रही मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया है. तीनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया. जांच के दौरान पुलिस ने अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए, लेकिन आफरीन का फोन बरामद नहीं हो सका. वह फोन के बारे में पुलिस को लगातार भटकाती रही. आखिरकार रिमांड अवधि खत्म होने के बाद 26 फरवरी को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया. पुलिस की दो अलग-अलग टीमें फरार आरोपी यासिर, बिलाल और चानू की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।  

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