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नरेला में अवैध कब्जों पर चलेगा बुलडोजर, मंत्री सारंग ने अधिकारियों को दिए निर्देश

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा के वार्ड क्रमांक 69, 70 और 71 का दौरा कर शासकीय भूमि से अवैध कब्जे, मदरसे, फैक्ट्री और मांस की दुकानें हटाने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा अवैध अतिक्रमण को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर मंत्री  सारंग स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री  सारंग ने शासकीय भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर निगम, राजस्व, पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अवैध अतिक्रमण पर बने स्थानों को पेयजल, विद्युत सहित किसी भी प्रकार के शासकीय कनेक्शन नहीं दिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि ऐसे स्थानों को पहले से कनेक्शन दिए गए हैं तो उन्हें तत्काल हटाया जाए तथा यह जांच की जाए कि किन अधिकारियों की अनुमति से यह कनेक्शन दिए गए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री  सारंग ने गुप्ता कॉलोनी, सुभाष कॉलोनी और शहंशाह गार्डन, अशोका गार्डन क्षेत्र में पहुंचकर शासकीय भूमि की स्थिति का निरीक्षण किया और स्थानीय रहवासियों से भी चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना। कई स्थानों पर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किए गए हैं और कुछ जगहों पर बिना अनुमति के गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस पर मंत्री  सारंग ने मौके पर मौजूद नगर निगम, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि शासकीय भूमि जनता की संपत्ति है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासकीय भूमि पर अवैध रूप से संचालित हो रहे मदरसे, फैक्ट्री और मांस की दुकानों की विस्तृत जांच कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन कर शासकीय भूमि पर कब्जा किया है तो उसे तत्काल हटाया जाए और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में शासकीय भूमि का सर्वे कर विस्तृत सूची तैयार की जाए और जहां-जहां अतिक्रमण पाया जाए वहां चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाकर उसे हटाया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा न कर सके। मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि नगर निगम, राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय नागरिकों ने मंत्री  सारंग को कई स्थानों पर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण की जानकारी दी। मंत्री  सारंग ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और शासकीय भूमि को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, अतिक्रमण या शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  

अग्नि सुरक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय में मॉक ड्रिल, आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार सुबह पुलिस मुख्यालय के भूतल पर सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर प्रभावी नियंत्रण करने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान अग्नि नियंत्रण से संबंधित मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई, जिसमें आधुनिक उपकरणों के माध्यम से आग बुझाने की विधियों का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान तरल पदार्थों में लगी आग को अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग से किस प्रकार सुरक्षित और प्रभावी तरीके से बुझाया जा सकता है, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने धुएं और लपटों से सुरक्षित रहते हुए आग पर काबू पाने की तकनीकों का अभ्यास किया। इस अवसर पर मानसेवी डीएसपी  मोहनलाल मेहरा, पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा इंचार्ज निरीक्षक  मुकेश सैनी, पुलिस फायर स्टेशन मंत्रालय, भोपाल के एसआई  बी.एस. हुड्डा एवं उनकी टीम उपस्थित रही। इन उपकरणों का दिया प्रशिक्षण मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न आधुनिक उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में कलेक्टिंग ब्रिज, डिवाइडिंग ब्रिज, फायरमैन हेलमेट, फोम नोजल, अग्निशमन सिलेंडर, कॉर्टेज, टॉर्च, रिवॉल्विंग नोजल, यूनिवर्सल ब्रांच, न्यू लाइट (ब्रांच), ऑर्डिनरी ब्रांच, एडॉप्टर, जाली, फायरमैन एक्स, लॉक कटर, प्रॉक्सीमेटी सूट, एल्यूमिनियम सूट, कैमिकल सूट, ब्रीदिंग ऑपरेटर सेट, लाइफ जैकेट, हौज पाइप, फायर ब्लैंकेट एवं अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी गई। 5 तरह की होती है आग – बुझाने में बरतें सावधानी प्रशिक्षण के दौरान एसआई  बी.एस. हुड्डा ने बताया कि आग मुख्यतः पांच प्रकार की होती है और प्रत्येक को बुझाने की प्रक्रिया अलग होती है। लकड़ी और कोयले में लगी आग को क्लास ‘ए’, तरल पदार्थों में लगी आग को क्लास ‘बी’, गैसों में लगी आग को क्लास ‘सी’, धातुओं में लगी आग को क्लास ‘डी’ तथा विद्युत से संबंधित आग को क्लास ‘ई’ श्रेणी में रखा जाता है। इन सभी प्रकार की आग को परिस्थितियों के अनुसार पानी या रासायनिक माध्यमों से बुझाया जाता है। अग्नि दुर्घटना होने पर यह करें      फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस थाना, विद्युत विभाग एवं चिकित्सालय को तत्काल सूचना दें।              फायर फाइटिंग दल फायर एक्सटिंग्यूशर, पानी या रेत की सहायता से प्रारंभिक अवस्था में आग बुझाने का प्रयास करें।              भवन के विद्युत प्रवाह को मेन स्विच से तुरंत बंद करें।                  फायर अलार्म दल अलार्म बजाकर सभी को अग्नि दुर्घटना की चेतावनी दें।                इवेक्युएशन टीम लोगों को निर्धारित सुरक्षित मार्गों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाए।                     भगदड़ से बचें।                  लिफ्ट का प्रयोग न करें।                      संपत्ति बचाव दल महत्वपूर्ण एवं मूल्यवान सामग्री को सुरक्षित स्थान पर ले जाए।                  अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, केरोसिन और प्लास्टिक को आग के स्थान से दूर करें। इन नंबरों पर करें सूचित आग की सूचना देने के लिए भोपाल में एमपीईबी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2678251, 0755-2678369 पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 0755-2555922, पुलिस फायर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 0755-2441008 और नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 0755-2542222 पर कॉल कर किया जा सकता है।  

वर्किंग वुमेंन के लिए सुरक्षित आवासीय सुविधा विकसित कर रहा मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ महिलाओं के सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य परिवेश को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025 के अंतर्गत रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी प्रति माह 5 हजार रुपए. की सहायता पांच वर्षों तक प्रदान की जा रही है, वहीं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पहले पांच वर्षों में नियुक्त प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 13 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर सृजित करना और उन्हें सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। औद्योगिक विकास के साथ महिला सुविधाओं पर विशेष ध्यान प्रदेश में औद्योगिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें आईटी पार्क, प्लग एण्ड प्ले पार्क, प्लेटेड इंडस्ट्रीज तथा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करते हुए प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ महिला कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके। औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित होंगे आधुनिक वर्किंग वुमेन हॉस्टल कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। भारत सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस 2024-25 के अंतर्गत एमपीआईडीसी क्षेत्र में चार वर्किंग वुमेन हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 26 आवासीय ब्लॉक्स का निर्माण किया जाएगा और प्रत्येक ब्लॉक में 222 बेड्स की व्यवस्था की जाएगी। हजारों महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित आवास इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 5700 से अधिक कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध होगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को रहने और आवागमन से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा वे अधिक आत्मविश्वास और सुविधा के साथ अपने कार्यक्षेत्र में योगदान दे सकेंगी। औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल वर्किंग वुमेन हॉस्टल का विकास विक्रम उद्योगपुरी (उज्जैन), पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 (धार), मालनपुर-घिरींगी (भिंड) और मंडीदीप (रायसेन) में किया जा रहा है। लगभग 6.66 हेक्टेयर भूमि पर इन परियोजनाओं का निर्माण करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह सुविधाएं औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल आवासीय वातावरण प्रदान करेंगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित हो रहे वर्किंग वुमेन हॉस्टल महिलाओं को सुरक्षित आवास, बेहतर जीवन सुविधा और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा प्रदान करेंगे। इससे महिलाओं की कार्य भागीदारी बढ़ेगी, उनके आत्मनिर्भर बनने की प्रक्रिया को बल मिलेगा और औद्योगिक विकास में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण होगी।  

किसान कल्याण के संकल्प को मजबूत करता निर्णय या समृद्ध किसान, सशक्त मध्यप्रदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि किसान कल्याण उसकी नीतियों और निर्णयों का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीदी पर प्रति क्विंटल 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय किसानों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय के बाद किसानों को गेहूं का मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा, जो उनकी मेहनत के उचित सम्मान और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकार की यह जिम्मेदारी होती है कि वह किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उपाय भी सुनिश्चित करे। गेहूं खरीदी पर बोनस की घोषणा इसी सोच का परिणाम है, जो यह दर्शाती है कि राज्य सरकार किसानों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को गंभीरता से समझती है। प्रदेश सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च करने का निर्णय भी लिया है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस व्यवस्था का लाभ उठा सकें। यह निर्णय प्रशासनिक संवेदनशीलता और किसान-हितैषी दृष्टिकोण का परिचायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी उसी दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए किसानों को बेहतर मूल्य, सुविधाएं और अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रही है। स्पष्ट है कि यदि किसान सशक्त होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे। किसानों के परिश्रम को सम्मान और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निर्णय न केवल सराहनीय हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र को स्थायी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होंगे। जयपाल सिंह चावड़ा लेखक (मध्यप्रदेश भाजपा किसान मोर्चे के अध्यक्ष है)

भोपाल पुलिस की पहल: गोविंदपुरा थाने में महिलाओं व किशोरियों के लिए एक्सपोज़र विजिट

भोपाल महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को पुलिस व्यवस्था, कानूनी प्रक्रियाओं तथा बाल संरक्षण संबंधी विषयों की जानकारी प्रदान करने और उनके भीतर सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से थाना गोविंदपुरा में एक्सपोज़र विजिट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निवसीड–बचपन संस्था एवं महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें अन्ना नगर सेक्टर एवं बाणगंगा परियोजना क्षेत्र की लगभग 70 महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी  अवधेश सिंह तोमर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पुलिस थाने की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों, बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस से सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में समझाया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस थाने में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इसके पश्चात हेड कॉन्स्टेबल  मुकेश यादव तथा ऊर्जा डेस्क की प्रभारी मती रश्मि पटेल द्वारा प्रतिभागियों को पुलिस थाने के विभिन्न कक्षों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान शिकायत कक्ष, रिकॉर्ड रूम, पूछताछ कक्ष, ऊर्जा डेस्क सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों के लिए थाने में विशेष डेस्क और सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जहाँ उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका समाधान किया जाता है। एक्सपोज़र विजिट के दौरान प्रतिभागियों ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न भी पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सहज एवं स्पष्ट रूप से उत्तर दिया गया। इस संवाद से महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को पुलिस व्यवस्था और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम में निवसीड–बचपन संस्था से सु निहारिका पंसोरिया तथा महिला बाल विकास विभाग से सु चंद्रावती अमरुते भी उपस्थित रहीं। इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को कानून और सुरक्षा तंत्र के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी समस्या या आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से सहायता प्राप्त कर सकें। ऐसे प्रयासों से समाज और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है तथा महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है।  

आंदोलन की धमकी पड़ी भारी! CM हाउस में BJP विधायक को सुननी पड़ी खरी-खरी

भोपाल/उज्जैन मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब अनिल जैन कालूखेड़ा द्वारा उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का विरोध करने का मामला पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गया। उज्जैन उत्तर से बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने पहले सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ जनता के साथ आंदोलन करने की चेतावनी दी थी, लेकिन अब उन्होंने अपने रुख में बड़ा बदलाव कर लिया है। जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों के समर्थन में विधायक ने विरोध जताते हुए आंदोलन की बात कही थी। मामला जब प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा तो उन्हें तुरंत सीएम हाउस भोपाल तलब किया गया। बताया जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विधायक को कड़ी फटकार लगाई। पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए विकास कार्यों में किसी भी तरह का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के सुर बदलते नजर आए। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी वापस लेते हुए कहा कि अब वे सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं करेंगे और सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों में पूरा सहयोग करेंगे। गौरतलब है कि  Kumbh Mela को देखते हुए उज्जैन में बड़े स्तर पर सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास कार्य चल रहे हैं, जिन्हें लेकर सरकार किसी भी तरह की बाधा नहीं चाहती।

डिजिटल पंजीयन में मध्यप्रदेश ने रचा इतिहास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश का पहला पूर्ण पेपरलैस ई-रजिस्ट्रेशन सिस्टम संपदा 2.0 और सायबर पंजीयन कार्यालय से कहीं से भी होगा दस्तावेजों का फेसलैस पंजीयन हर साल 11 हजार करोड़ से अधिक राजस्व भोपाल मध्यप्रदेश में पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस ई-पंजीयन शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग राज्य के प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले विभागों में शामिल है। प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 16 लाख दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है, जिससे 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। विभाग की वेब आधारित संपदा प्रणाली के माध्यम से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। पेपरलैस और डिजिटल पंजीयन में मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य संपदा 2.0 के माध्यम से दस्तावेजों का पूर्णतः पेपरलेस और डिजिटल पंजीयन संभव हुआ है और यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टाम्प तैयार कर सकता है। साथ ही संपत्ति की पहचान भू-अभिलेख और नगरीय प्रशासन के डेटाबेस से की जाती है तथा संपत्ति की जियो-टैगिंग भी की जाती है, जिससे संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी। कृषि भूमि के पूर्ण अंतरण के बाद सायबर तहसील के माध्यम से स्वतः नामांतरण की सुविधा भी शुरू की गई है, वहीं कलेक्टर ऑफ स्टाम्प न्यायालय की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। ई-गवर्नेंस को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल स्थित महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय में सायबर पंजीयन कार्यालय स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से लगभग 75 प्रकार के दस्तावेजों का फेसलेस पंजीयन किया जा सकेगा। सायबर सब-रजिस्ट्रार राज्य के किसी भी जिले के दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे।        फेसलेस पंजीयन प्रक्रिया में पक्षकारों के लिए आधार आधारित वीडियो KYC करना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों के डिजिटल निष्पादन के बाद उन्हें ऑनलाइन सायबर उप-पंजीयक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इससे नागरिकों को उप पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहेगी। नई व्यवस्था के तहत लीज, मॉर्टगेज, डी-मॉर्टगेज, संपत्ति में पत्नी या बेटी का नाम जोड़ने और मुख्तियारनामा जैसे दस्तावेज अब कहीं से भी ऑनलाइन तैयार कर पंजीकृत किए जा सकते हैं। डिजिटल तकनीक के उपयोग से मध्यप्रदेश ने ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है और आने वाले समय में यह व्यवस्था नागरिक सेवाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाएगी।

क्लासरूम में ‘मैडम’ की सेवा’ पर भड़के पैरेंट्स, चित्रकूट में छात्राओं से मालिश कराते दिखीं हेडमास्टर

भोपाल/चित्रकूट. शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका (हेडमास्टर) बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे अपनी मालिश करवाती नजर आईं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अभिभावकों में भारी आक्रोश है और विभाग ने अब मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और निलंबन के संकेत दिए हैं। मैडम की सेवा में जुटीं मासूम छात्राएं मामला चित्रकूट के कर्वी स्थित नया बाजार प्राथमिक विद्यालय (भाग-1) का है। वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधु कुमारी राय आराम से लेटी हुई हैं और मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त हैं। वहीं, स्कूल की छोटी-छोटी छात्राएं उनके हाथ और पैरों की मालिश कर रही हैं। यह सब उस समय हो रहा था जब स्कूल में शिक्षण कार्य (पढ़ाई) का समय था। स्कूल के पास ही BEO का ऑफिस हैरानी की बात यह है कि जिस स्कूल से यह शर्मनाक मामला सामने आया है, उसके पास ही खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) का कार्यालय स्थित है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था। अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि आखिर अधिकारियों को अपने कार्यालय के पास चल रही इन गतिविधियों की भनक क्यों नहीं लगी? अभिभावकों का फूटा गुस्सा घटना के बाद अभिभावकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल इसलिए भेजते हैं ताकि उनका भविष्य संवर सके, न कि शिक्षकों की निजी सेवा करने के लिए। इस तरह की घटनाओं से बच्चों के मानसिक विकास पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और शिक्षा के प्रति उनका नजरिया बदल जाता है। वायरल वीडियो, एक्शन में विभाग मामला सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) वीरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का आचरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर दोषी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों के बाद हुआ खुलासा स्थानीय लोगों के अनुसार, विद्यालय के बारे में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि यहाँ पढ़ाई के बजाय बच्चों से दूसरे काम कराए जाते हैं। कुछ जागरूक लोगों ने जब चोरी-छिपे वीडियो बनाया, तब जाकर इस सनसनीखेज सच्चाई का पर्दाफाश हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद अब न केवल प्रधानाध्यापिका बल्कि स्कूल के अन्य स्टाफ और निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा के मंदिर में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हो सकें और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनी रहे।

दिल्ली से साबरमती तक चलेगी स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने क्रिकेट फैंस को दिया बड़ा तोहफा

चंडीगढ़. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को होने वाले हाई-वोल्टेज टी-20 फाइनल मुकाबले को लेकर देशभर में क्रिकेट का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। प्रशंसकों के इसी जबरदस्त उत्साह और अहमदाबाद जाने वाली उड़ानों के आसमान छूते किरायों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक बड़ा राहतकारी फैसला लिया है। उत्तर रेलवे ने दिल्ली और एनसीआर के प्रशंसकों के लिए ‘साबरमती टी-20 स्पेशल’ ट्रेन चलाने की घोषणा की है। महंगी फ्लाइट और वेटिंग टिकटों से मिलेगी निजात फाइनल मैच के कारण दिल्ली से अहमदाबाद जाने वाली नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और हवाई टिकटों की कीमतों में तीन से चार गुना बढ़ोतरी देखी जा रही थी। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली से साबरमती के बीच विशेष ट्रेन (संख्या 04062) के संचालन का निर्णय लिया है। इस बड़े खेल आयोजन के मद्देनजर नियमित ट्रेनों और फ्लाइट्स पर भारी दबाव था। यह स्पेशल ट्रेन उन प्रशंसकों के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प साबित होगी जो स्टेडियम में बैठकर फाइनल का आनंद लेना चाहते हैं।- हिमांशु शेखर उपाध्याय, CPRO, उत्तर रेलवे ट्रेन का शेड्यूल और स्टॉपेज क्रिकेट प्रशंसकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि यात्री मैच शुरू होने से पहले आराम से साबरमती पहुंच सकें।  प्रस्थान (नई दिल्ली): शनिवार रात 11:45 बजे।  आगमन (साबरमती): रविवार दोपहर 2:30 बजे।  प्रमुख स्टॉपेज: दिल्ली कैंट, गुरुग्राम, रेवाड़ी और जयपुर। 19 कोचों वाली ‘क्रिकेट स्पेशल’ की खासियत रेलवे ने इस विशेष ट्रेन में कुल 19 कोच लगाए हैं। यात्रियों की आरामदायक यात्रा के लिए इसमें सेकेंड एसी (2AC) और थर्ड एसी (3AC) श्रेणी के डिब्बे शामिल किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीटों की संख्या पर्याप्त रखी गई है ताकि अधिक से अधिक क्रिकेट प्रेमी इस सुविधा का लाभ उठाकर रविवार शाम को होने वाले महामुकाबले का गवाह बन सकें। यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से अपनी टिकट बुक करा लें। यह ट्रेन न केवल दिल्ली बल्कि गुरुग्राम और जयपुर के प्रशंसकों के लिए भी अहमदाबाद पहुंचने का सबसे सुलभ जरिया बनेगी। इस पहल से उन हजारों युवाओं और प्रशंसकों के चेहरे खिल गए हैं जो बजट के कारण अपनी यात्रा को लेकर असमंजस में थे। अब ‘साबरमती स्पेशल’ के जरिए दिल्ली का जोश सीधे अहमदाबाद के मैदान पर नजर आएगा।

इंदौर में ट्रैवल पैकेज के नाम पर बड़ा फ्रॉड, दंपती को लगाया लाखों का चूना

इंदौर अपराध शाखा ने टूर एंड ट्रेवल्स की आड़ में धोखाधड़ी करने वाला गुजरात का गिरोह पकड़ा है। आरोपित एक दंपती के साथ ठगी कर चुके थे। दोबारा ठगी के लिए होटल में कैंप लगाया था। पुलिस ने कंपनी के मालिक और मैनेजर को भी आरोपित बनाया है। एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक शीतल नगर (एमआर-10) निवासी राधा सोनी और आशीष सोनी द्वारा शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जुनैद आलम निवासी उन पाटिया नवसारी रोड सूरत, आकाश सोमपुरा निवासी नोवा रेसीडेंसी जहांगीरपुरा सूरत, रिजवान अलाउद्दीन निवासी संग्रामपुरा तलावड़ी सूरत और शाहिद खान निवासी अंबावाड़ी कालीपुल सूरत को पकड़ा है। आरोपित भाविक जाबेरी (मैनेजर) और कपिल देव (मालिक) फरार हैं। फ्री हॉलिडे पैकेज के नाम पर बुना जाल पिछले साल 26 जुलाई को राधा के मोबाइल पर वाट्सएप पर मैसेज आया था। कंपनी की तरफ से होटल में डिनर के साथ आकर्षक और फ्री हाली-डे टूर पैकेज के संबंध में चर्चा का प्रस्ताव दिया गया था। राधा और आशीष होटल पहुंचे और एक लाख रुपये में पैकेज तय किया। आरोपितों ने कहा कि पांच साल में 35 दिन तक होटल, भोजन, कार, चालक की सुविधा रहेगी। सेवा पसंद न आने पर 45 दिनों के अंदर पैकेज निरस्त किया जा सकता है। धोखे से मोबाइल लेकर किया अवैध ट्रांजेक्शन आशीष सोनी से आधार कार्ड ले लिया और धोखे से मोबाइल फोन उठा कर आइसीआइसीआइ बैंक का एप लॉगइन कर क्रेडिट लिमिट बदल ली। आरोपितों ने पिन बदल कर 92 हजार 800 रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया। मैसेज देखकर राधा ने आपत्ति ली तो आरोपितों ने कहा 928 रुपये कट कर शेष राशि खाते में आ जाएगी। जबकि आरोपितों द्वारा राधा और आशीष की बगैर सहमति के 2300 रुपये की किस्तें बना दी।  

अयोध्या एक्सटेंशन में 10-लेन रोड पर मिलेंगे किफायती फ्लैट्स, भोपाल में घर खरीदने का सुनहरा मौका

भोपाल. अगर आप राजधानी भोपाल में अपने सपनों का घर तलाश रहे हैं, तो मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (MPHIDB) आपके लिए एक शानदार अवसर लेकर आया है। अयोध्या एक्सटेंशन की सबसे चर्चित लोकेशन पर मंडल ने ‘सुरम्या परिसर, फेज-2’ के तहत सर्वसुविधायुक्त फ्लैट्स की बुकिंग शुरू कर दी है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 है। भोपाल के अयोध्या एक्सटेंशन में प्रस्तावित 10-लेन रोड की प्राइम लोकेशन पर यह प्रोजेक्ट स्थित है। ‘सुरम्या परिसर-2’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि निवासियों को शहर की कनेक्टिविटी के साथ-साथ शांतिपूर्ण वातावरण भी मिले। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो काम और सुकून के बीच संतुलन चाहते हैं। फ्लैट्स की उपलब्धता और कीमत इस योजना के तहत कुल 142 फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 2BHK फ्लैट्स: 119 यूनिट्स 3BHK फ्लैट्स: 23 यूनिट्स शुरुआती कीमत: मात्र 43.91 लाख रुपये। मिलेगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं MPHIDB ने इस प्रोजेक्ट में लग्जरी और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं: सुरक्षा: पूरे परिसर में CCTV सर्विलांस की सुविधा। पार्किंग: हर फ्लैट के लिए कवर्ड कार पार्किंग। लिफ्ट: प्रत्येक ब्लॉक में 2 लिफ्ट की व्यवस्था। पर्यावरण: रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)। अन्य: रिसेप्शन/लॉबी, पीए सिस्टम, पोडियम लेवल पर इंटरेक्टिव स्पेस, और हर अपार्टमेंट में सुंदर बालकनी व टेरेस। पंजीयन और आवेदन प्रक्रिया इच्छुक खरीदार इन फ्लैट्स के लिए ऑनलाइन माध्यम से ई-पंजीयन कर सकते हैं। आवेदन www.mponline.gov.in या मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.mphousing.in पर उपलब्ध हैं। ध्यान रहे कि पंजीयन की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। बुकिंग से पहले बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें: यदि आपके आवेदन को मंडल द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है और उसके बाद आप अपना पंजीयन निरस्त (Cancel) करवाते हैं, तो जमा की गई पूरी पंजीयन राशि नियमानुसार जब्त कर ली जाएगी। इसलिए आवेदन सोच-समझकर करें। फ्लैट की बेस कीमत के अलावा, राज्य शासन और मंडल के नियमों के अनुसार GST एवं अन्य सभी सरकारी टैक्स अलग से देने होंगे। शासन के नियमों के तहत लीजरेंट और कुल भवन मूल्य का 5% कार्पस फंड (Corpus Fund) अतिरिक्त रूप से देय होगा, जो भविष्य में भवन के रखरखाव के लिए उपयोग किया जाता है। आवास योजना से जुड़े अन्य सभी नियम और शर्तें मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (MPHIDB) के अधीन होंगी। (MP Housing Board New Scheme) संपर्क जानकारी: अधिक विवरण के लिए संपदा अधिकारी, संभाग-4, सैटेलाइट प्लाजा, अयोध्या नगर, भोपाल से संपर्क करें या दिए गए नंबरों (6260753127, 9301302433, 9406912076, 9826644908) पर कॉल करें।

MP Health Alert: खसरे के 12 नए मरीज मिले, 4 जिलों में सतर्कता और सर्वे अभियान

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर संक्रामक बीमारी खसरे (मीजल्स) ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। फरवरी 2024 के बाद, अब 2026 में प्रदेश के चार जिलों- अलीराजपुर, दतिया, शिवपुरी और बुरहानपुर में खसरे के 12 नए मामले सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में बुखार, शरीर पर दाने और खांसी के लक्षणों वाले मरीजों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। गौरतलब है कि साल 2024 में मैहर में खसरे से दो बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मिल रहे नए केस ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित जिलों की स्थिति: कहां कितने मरीज? स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने प्रभावित गांवों का दौरा कर सैंपल लिए, जिसकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है: बुरहानपुर (बरौली गांव): यहां स्थिति सबसे गंभीर है, जहां भेजे गए सभी 5 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। संक्रमितों की उम्र 2 से 25 वर्ष के बीच है। दतिया (आगोरा गांव): यहां 8 में से 3 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां संक्रमितों की आयु सीमा 0 से 40 वर्ष तक है। शिवपुरी (गुदर गांव): खनियाधाना क्षेत्र में 5 में से 3 केस पॉजिटिव आए हैं (उम्र 4 से 15 वर्ष)।    अलीराजपुर (कांडा-चुलिया): जोबट क्षेत्र में 6 में से 1 केस पॉजिटिव मिला है। संक्रमण फैलने का मुख्य कारण ‘टीकाकरण में चूक’ खसरे के दोबारा उभरने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। विमुक्त और घुमक्कड़ समुदायों के लगातार स्थान बदलने के कारण बच्चों का नियमित टीकाकरण चक्र टूट जाता है।    महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने से कई बच्चे वैक्सीन की अनिवार्य डोज से वंचित रह गए थे। बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है खसरा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा न केवल श्वसन तंत्र पर हमला करता है, बल्कि बच्चों में अंधेपन (Blindness) का भी एक बड़ा कारण है। दुनिया भर में हर साल करीब 60 हजार बच्चे इसके कारण अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं। प्रमुख लक्षण और जटिलताएं     तेज बुखार, खांसी और शरीर पर लाल चकत्ते।     उल्टी, डायरिया और गंभीर डिहाइड्रेशन।     जटिल मामलों में निमोनिया और मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis) बचाव और सरकारी प्रयास     नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) और स्वास्थ्य संचालनालय ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवाइयां और विटामिन-ए सॉल्यूशन दिया जा रहा है। विटामिन-ए की दो डोज संक्रमण की गंभीरता को कम करने में सहायक होती हैं विशेषज्ञों का कहना है कि मीजल्स-रुबेला (MR) वैक्सीन की दोनों डोज समय पर लगवाना ही इससे बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।    ग्रामीणों और शिक्षकों को सलाह दी गई है कि संक्रमित मरीज को अलग (Isolate) रखें और साफ-सफाई व पोषण का विशेष ध्यान दें।  

निगम परिषद में कलेक्टर गाइड लाइन पर तीखी बहस, ग्वालियर में पुरानी दर से ही होगी टैक्स वसूली

ग्वालियर. वित्तीय वर्ष 2026-27 में कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार निगम कमिश्नर के संपत्तिकर की दरों के निर्धारण के प्रस्ताव पर शुक्रवार को नगर निगम परिषद की बैठक में चर्चा हुई। सभी पार्षदों ने एकजुट होकर प्रस्ताव का विरोध किया। विरोध को देखते हुए सभापति ने प्रस्ताव को वापस कर दिया और जनता को राहत देते हुए संपत्तिकर को पुरानी गाइड लाइन से ही वसूलने निर्णय लिया। हालांकि, संपत्तियों की बोगस आइडियों को लेकर सत्ता पक्ष व प्रतिपक्ष के पार्षदों में काफी बहस भी हुई और एक दूसरे पर कई तरह के आरोप भी लगाए। यहां तक कि बहस में अमर्यादित शब्दों का भी उपयोग हुआ। नगर निगम परिषद की बैठक शुक्रवार को दोपहर तीन बजे से स्थानीय जलविहार स्थित परिषद भवन में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता पैनल सभापति गिर्राज कंषाना ने की। बता दें कि 26 फरवरी को हुए परिषद के विशेष सम्मेलन के एजेंडे में कमिश्नर के 2026-27 की कलेक्टर गाइड लाइन के मुताबिक संपत्तिकर की दरों के निर्धारण करने का प्रस्ताव शामिल था, लेकिन 26 फरवरी को इस इस बिंदु पर चर्चा नहीं हो पाई थी और इस पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को विशेष सम्मेलन बुलाया गया। संपत्तियों की ID व राजस्व बढ़ाने पर अधिक चर्चा सम्मेलन में सत्ता पक्ष व प्रतिपक्ष ने एजेंडे के बिंदु पर तो कम चर्चा की, बल्कि शहर की बोगस संपत्तियों की ID हटाने, 40 प्रतिशत शहर जो संपत्तिकर के दायरे में नहीं हैं, उन्हें दायरे में लाने और पुराने ठहरावों पर अमल कराने पर अधिक बहस की। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। यहां तक कि कुछ प्रतिपक्ष के नेताओं ने तो सत्ता पक्ष, महापौर, एमआइसी व अफसरों पर भ्रष्टाचार करने व झूठी जानकारी देने के भी आरोप लगाए। हालांकि, सत्ता पक्ष प्रतिपक्ष के आरोपों का जवाब नहीं दे पाया। ऐसे में प्रतिपक्ष हावी रहा। किसने क्या कहा  – नेता प्रतिपक्ष हरिपाल ने कहा कि संपत्तियों की बोगस आइडियों को हटाने व नई ID बनाने के लिए 20 जुलाई 2023 व 19 जुलाई 2024 की बैठकों में ठहराव हुआ था, लेकिन निगम के अफसरों ने इसका अमल नहीं किया। अब जनवरी में इसका आदेश जारी किया है। ऐसे में निगम को राजस्व की हानि हो रही है। साथ ही शहर की 40 प्रतिशत संपत्तियां ऐसी हैं जिनसे कर वसूल नहीं किया जाता। इन संपत्तियों को वसूली के दायरे में लाया जाए। नई गाइड लाइन के मुताबिक संपत्तिकर वसूलने की जगह पुरानी दरों से ही वसूला जाए।     -भाजपा पार्षद देवेंद्र राठौर ने कहा कि संपत्तियों की ID न बनने से निगम को राजस्व की हानि हो रही है। साथ ही राजस्व वसूली न करने वालों पर सख्ती की जाए, ये संपत्तिकर वसूलने में कोताही बरतते हैं। इनकी तीन-तीन मंजिला कोठी बन गई हैं। राजस्व वसूली में 80 प्रतिशत इनकी जेब में जाता है। आइडी बनाने के भी पांच से दस हजार लेते हैं। पुराने ठहरावों पर अमल किया जाए।     – कांग्रेस पार्षद मनोज राजपूत ने BJP पार्षदों पर आरोप लगाया कि आपकी तानाशाही चल रही है, जबकि शहर में विकास हो रहा है और ग्वालियर बदल रहा है। भाजपा पार्षद विकास की नहीं, बल्कि उलझाने की बात करते हैं। संपत्तिकर को पुरानी गाइड लाइन से ही वसूल किया जाए।     – मदनमोहन सोनी ने कहा कि पुराने ठहराव 56 व 142 के पालन में निगम अफसरों क्या किया। ठहराव होने के दो साल में कितनी बोगस आइडी हटाई और कितनी बनाई, इसका बात का डेटा अफसरों को देना चाहिए। तभी पता चलेगा कितना काम हुआ है। पोर्टल की कमियों को दूर किया जाए, क्योंकि वहां संपत्तिकर दो साल का जमा होना है, लेकिन उस पर निकल छह साल का रहा है। नेता प्रतिपक्ष के अमर्यादित बोल -‘…आपको नहीं मिलेगी MIC’ कांग्रेस पार्षद मनोज राजपूत के प्रतिपक्ष पर विकास में सहयोग न करने के आरोप पर नेता प्रतिपक्ष हरिलाल ने उनसे अमर्यादित शब्दावली में कहा, ‘आपको MIC नहीं मिलेगी।’ हालांकि, नेता प्रतिपक्ष के इस कथन के बाद परिषद में अन्य पार्षदों ने थोड़ा हंगामा किया और उन्हें मर्यादित शब्दों का उपयोग करने के लिए कहा।

रमजान माह हो या श्रवाण माह -इबादत करों या भक्ति एक ही है।

बड़वानी  बड़वानी निवासी पिंकी गुप्ता द्वारा हाल ही में चल रहे रमजान माह के साथ रंगो का त्योहार होली में एक मिशाल पेश करते हुए। रंग ओर रहमत दोनों त्योहार को मनाते हुए हिन्दू मुस्लिम एकता का संदेश दिया। पिंकी गुप्ता मित्रों में जया शर्मा, प्रिया सोनी, निकिता,राजा परिहार,ओर अन्य मित्रगण के साथ मिलकर हम सब एक हैं हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हम सब भाई भाई तर्ज़ पर संदेश दिया। भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मुनिरा सालिवाला एवं रानी खांन रमजान के पवित्र माह में मुस्लिम धर्म अनुसार प्रतिदिन बिना कुछ खाये पिये रोज़ा रख रहे हैं बड़वानी शहर के सामाजिक संगठनों द्वारा प्रतिदिन अलग अलग संगठन उनका रोज़ा शाम की नमाज़ के बाद फल फ्रुट एवं पेय पदार्थों के साथ खुलवाते। बड़वानी शहर में ज्यादा से ज्यादा यह शुभ कार्य पिंकी गुप्ता अपने मित्रमंडली के साथ कर रहे हैं। उक्त कार्य करने से बड़वानी शहर में सभी धर्मों एवं सभी वर्गों में खुशी का माहौल है।

कटनी में मनचले की पिटाई का वीडियो वायरल, आपत्तिजनक पोस्ट से नाराज़ युवती ने चप्पलों से धुना

कटनी स्लीमानाबाद थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक युवती ने छेड़छाड़ और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले 42 वर्षीय युवक की बीच बाजार चप्पलों से धुनाई कर दी। शनिवार को युवती का युवक पर चप्पलों से वार करते वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। फोटो एडिट कर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप जानकारी के मुताबिक, उमरियापान निवासी आरोपी शाकिर मंसूरी (42 वर्ष) पिछले काफी समय से युवती को सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान कर रहा था। युवक ने युवती को इंस्टाग्राम पर कई बार फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे युवती लगातार अस्वीकार करती रही। इसके बाद युवक ने युवती की प्रोफाइल से उसकी तस्वीरें चोरी कीं और उन्हें एडिट कर अपनी फोटो के साथ जोड़कर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक तरीके से पोस्ट कर दिया। बीच बाजार फूटा युवती का गुस्सा शुक्रवार को जब युवती स्लीमानाबाद बाजार में थी, तभी उसकी नजर आरोपित शाकिर मंसूरी पर पड़ गई। युवती ने तुरंत उसे रोका और विरोध जताया। देखते ही देखते युवती का गुस्सा फूट पड़ा और उसने सरेराह चप्पलों से आरोपी की पिटाई शुरू कर दी। बीच बाजार हुई इस घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू घटना के बाद युवती सीधे स्लीमानाबाद थाने पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई। स्लीमानाबाद थाना प्रभारी सुदेश समन ने कहा कि युवती की शिकायत के आधार पर युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपित मजदूरी का काम करता है और पीड़िता ने उस पर लगातार परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस अब युवक द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए आपत्तिजनक कंटेंट की भी तकनीकी जांच कर रही है।  

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