LATEST NEWS

डॉ. यादव ने ममता बनर्जी पर लगाया राष्ट्रपति पद का अपमान करने का आरोप

राष्ट्रपति पद का अपमान किया सुश्री ममता बनर्जी ने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रपति पद का अपमान किया ममता बनर्जी ने: मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आरोप डॉ. यादव ने ममता बनर्जी पर लगाया राष्ट्रपति पद का अपमान करने का आरोप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कड़ी निंदा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी द्वारा जो अमर्यादित व्यवहार किया गया है जो निंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च और प्रतिष्ठित राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और ऐसे समय में जब राष्ट्रपति उनके राज्य के दौरे पर हैं, तब उनको राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्तित्व की गरिमा का पूरा ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे हालात बनाना, जिसमें दुनिया में हमारे राष्ट्रपति के पद का अपमान होता हो, यह किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता। मैं इसकी कटु शब्दों में निंदा करता है। आश्चर्य की बात यह है कि इसको हल्की राजनीति का हिस्सा बनाते हुए स्थानीय और दलीय राजनीति में घसीटने का कृत्य भी हुआ है जो घृणित मानसिकता का उदाहरण है। मैं इसकी निंदा करता हूं। इसके लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को माफी माँगना चाहिए।

काली मठ में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन, कन्याओं का पूजन कर किया गया सम्मान – महापौर अन्नू सिंह रहे उपस्थित

Shrimad Bhagwat Katha was organised at Kali Math, where girls were worshipped and honoured – Mayor Annu Singh was present. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव / अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। शहर के प्राचीन काली मठ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन संतोष मिश्रा द्वारा किया गया, जिसमें उनके परिवारजनों और मित्रों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही और पूरे वातावरण में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान अंधमूक विद्यालय की बालिकाओं का विशेष रूप से पूजन, स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने उपस्थित होकर बालिकाओं का सम्मान किया और आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम समाज में सेवा, संस्कार और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

भोपाल में संपन्न हुआ डॉ. अजय खरे का 12वां स्मृति व्याख्यान

जन स्वास्थ्य अभियान, मध्यप्रदेश(संबद्ध जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया) भोपाल में आयोजित हुआ डॉ. अजय  खरे का 12वां स्मृति व्याख्यान  जन स्वास्थ्य को केवल इलाज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से जोड़कर देखने की जरूरत: सुनील कौल भोपाल  7 मार्च 2026 को भोपाल में 12वां डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, टी.टी. नगर, भोपाल में जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश और मध्यप्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस वर्ष के स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. सुनील कौल थे, जिन्होंने “स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारक: स्वास्थ्य और चिकित्सा पर पुनर्विचार” विषय पर व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अजय खरे की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जो जन-स्वास्थ्य और विज्ञान आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे थे। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य सम्मान 2025 भी प्रदान किए गए जिसकी घोषणा डॉक्टर अनंत भान द्वारा की गई। जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिवंगत डॉ. सी. एम. गुलाठी को मरणोपरांत विशेष जन स्वास्थ्य सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने दवाओं और दवा नीतियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया था। इसके साथ ही डॉ. सी. सत्यामाला, वरिष्ठ जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, तथा विवेक पवार, जन स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यकर्ता, को स्वास्थ्य और उससे जुड़े सामाजिक कारकों पर उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अपने व्याख्यान में डॉ. सुनील कौल ने कहा कि जन स्वास्थ्य को केवल इलाज के दायरे में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और व्यापक सामाजिक संदर्भों के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि पानी पर टैक्स लगाने की सोच विकसित होती है तो वह दिन दूर नहीं जब हवा पर भी टैक्स लगाया जाने लगे। उन्होंने कहा कि जब राजनीति खराब होती है तो उसका सीधा असर जन स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने डॉ. अनुराग भार्गव द्वारा टीबी (तपेदिक) पर किए गए महत्वपूर्ण शोध का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने टीबी और भूख के बीच के संबंध को वैज्ञानिक रूप से स्थापित किया। आज पूरी दुनिया यह मानती है कि दवा के साथ-साथ पर्याप्त और पोषक भोजन भी टीबी के इलाज में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद आज भी देश में लगभग 4 लाख लोग हर साल टीबी से मर रहे हैं। पहले जहां टीबी से मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी का लक्ष्य था, आज हम केवल लगभग 25 प्रतिशत कमी ही हासिल कर पा रहे हैं, जबकि टीबी की दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य में लोगों को बचाने के लिए केवल स्वास्थ्य बजट ही नहीं, बल्कि पोषण, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समानता जैसे अन्य कारक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पैसों का खेल बढ़ता जा रहा है, जिसका उदाहरण नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं में दिखाई देता है। “हम जिस रास्ते पर जा रहे हैं, वह भटकाव का रास्ता है,” उन्होंने कहा। मध्यप्रदेश में कुपोषण की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आंगनवाड़ी मॉडल पर्याप्त है या उसमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने पहले 1000 दिनों (गर्भधारण से दो वर्ष तक) के पोषण और देखभाल के मॉडल पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई। उन्होंने यह भी कहा कि देश के बजट का बड़ा हिस्सा गृह मंत्रालय और सेना पर खर्च होता है, जबकि सामाजिक क्षेत्र और जन स्वास्थ्य पर पर्याप्त निवेश नहीं किया जाता। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को उन्होंने एक गंभीर जन स्वास्थ्य संकट बताया। उनके अनुसार सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देश में हर साल लगभग 35 हजार महिलाएं दहेज या घरेलू हिंसा के कारण जलकर मर जाती हैं, जबकि गैर सरकारी संस्थाओ के अनुसार करीब 75 हजार महिलाएं दहेज या घरलू हिंसा के कारण जलने से अपनी जान गंवाती हैं। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु को रोकने के प्रयासों के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ हिंसा को भी जन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने असम में किए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 58 प्रतिशत पुरुषों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ किसी न किसी प्रकार की हिंसा की है। इसलिए हिंसा को केवल महिला का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और जन स्वास्थ्य का मुद्दा मानना होगा। उन्होंने कहा कि घृणा, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा भी जन स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं। 2020 में अमेरिका की एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था ने भी घृणा को जन स्वास्थ्य का मुद्दा माना है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था का मूल विचार सभी के लिए समान उपचार का था, लेकिन आज स्थिति यह हो गई है कि “अगर आपके पास पैसा नहीं है तो इलाज भी नहीं मिलेगा।” इससे अमीर और गरीब दोनों ही असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में जाति और वर्ग आधारित भेदभाव से ऊपर उठना होगा और लोगों की स्वायत्तता और सम्मान को मजबूत करना होगा। जलवायु परिवर्तन को भी उन्होंने एक बड़ा जन स्वास्थ्य संकट बताते हुए कहा कि हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और कई अध्ययन बताते हैं कि आने वाले वर्षों में इनमें भारी कमी आ सकती है। उन्होंने कहा, “हम बेहतर की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन हमें सबसे खराब स्थिति के लिए भी तैयारी करनी चाहिए।” उन्होंने विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य मॉडल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समुदाय आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आशा कार्यकर्ताओं को दवाएं देने और प्राथमिक उपचार की अधिक ट्रेनिंग दी जा सकती है, ताकि संकट की स्थिति में समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं टिकाऊ बन सकें। दवाओं की कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दवाओं की निर्माण लागत से कई गुना अधिक कीमत पर बिक्री होती है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था में असमानता को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य को केवल डॉक्टरों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसमें एंथ्रोपोलॉजी, मनोविज्ञान और अन्य सामाजिक विज्ञानों के विशेषज्ञों की भी भागीदारी जरूरी है। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा— “एक जिंगई ढूंढ लाओ, वो भीगी हुई चिंगारी ढूंढ लाओ।” कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रजनीश जोशी ने कहा कि हर … Read more

खसरे ने बढ़ाई चिंता: MP के 4 जिलों में 12 मरीज मिले, रोकथाम के लिए घर-घर सर्वे अभियान शुरू

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर संक्रामक बीमारी खसरे (मीजल्स) ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। फरवरी 2024 के बाद, अब 2026 में प्रदेश के चार जिलों- अलीराजपुर, दतिया, शिवपुरी और बुरहानपुर में खसरे के 12 नए मामले सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में बुखार, शरीर पर दाने और खांसी के लक्षणों वाले मरीजों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। गौरतलब है कि साल 2024 में मैहर में खसरे से दो बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मिल रहे नए केस ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित जिलों की स्थिति: कहां कितने मरीज? स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने प्रभावित गांवों का दौरा कर सैंपल लिए, जिसकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है:     बुरहानपुर (बरौली गांव): यहां स्थिति सबसे गंभीर है, जहां भेजे गए सभी 5 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। संक्रमितों की उम्र 2 से 25 वर्ष के बीच है।     दतिया (आगोरा गांव): यहां 8 में से 3 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां संक्रमितों की आयु सीमा 0 से 40 वर्ष तक है।     शिवपुरी (गुदर गांव): खनियाधाना क्षेत्र में 5 में से 3 केस पॉजिटिव आए हैं (उम्र 4 से 15 वर्ष)।     अलीराजपुर (कांडा-चुलिया): जोबट क्षेत्र में 6 में से 1 केस पॉजिटिव मिला है। संक्रमण फैलने का मुख्य कारण ‘टीकाकरण में चूक’ खसरे के दोबारा उभरने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।     विमुक्त और घुमक्कड़ समुदायों के लगातार स्थान बदलने के कारण बच्चों का नियमित टीकाकरण चक्र टूट जाता है।     महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने से कई बच्चे वैक्सीन की अनिवार्य डोज से वंचित रह गए थे। बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है खसरा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा न केवल श्वसन तंत्र पर हमला करता है, बल्कि बच्चों में अंधेपन (Blindness) का भी एक बड़ा कारण है। दुनिया भर में हर साल करीब 60 हजार बच्चे इसके कारण अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं। प्रमुख लक्षण और जटिलताएं     तेज बुखार, खांसी और शरीर पर लाल चकत्ते।     उल्टी, डायरिया और गंभीर डिहाइड्रेशन।     जटिल मामलों में निमोनिया और मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis)। बचाव और सरकारी प्रयास     नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) और स्वास्थ्य संचालनालय ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है।     मरीजों को लक्षणों के आधार पर दवाइयां और विटामिन-ए सॉल्यूशन दिया जा रहा है। विटामिन-ए की दो डोज संक्रमण की गंभीरता को कम करने में सहायक होती हैं।     विशेषज्ञों का कहना है कि मीजल्स-रुबेला (MR) वैक्सीन की दोनों डोज समय पर लगवाना ही इससे बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।     ग्रामीणों और शिक्षकों को सलाह दी गई है कि संक्रमित मरीज को अलग (Isolate) रखें और साफ-सफाई व पोषण का विशेष ध्यान दें।

भोपाल में बड़ा ट्रैफिक बदलाव: ज्योति टॉकीज–बोर्ड ऑफिस मार्ग 3 महीने प्रभावित, नए डायवर्जन जारी

भोपाल भोपाल में ज्योति टॉकीज चौराहा से बोर्ड ऑफिस चौराहा के बीच आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को आने वाले तीन महीनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। करीब सात महीने पहले ज्योति टॉकीज चौराहे के पास नाले की दीवार क्षतिग्रस्त होने से सड़क का एक हिस्सा धंस गया था, जिसकी अब मरम्मत की तैयारी की जा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) रंगपंचमी के बाद इस हिस्से पर मरम्मत कार्य शुरू करेगा। फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से सड़क के एक हिस्से पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस की ओर जाने वाली लेन आंशिक रूप से बंद कर दी गई है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। इस परियोजना पर लगभग 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग के इंजीनियरों के अनुसार पूरा निर्माण कार्य करीब तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से डायवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है। ट्रैफिक व्यवस्था बनी चुनौती यह मार्ग भेल, होशंगाबाद रोड, एमपी नगर और बोर्ड ऑफिस क्षेत्र से न्यू मार्केट व मानसरोवर कॉम्प्लेक्स जाने वालों के लिए प्रमुख रास्ता है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार इस सड़क से हर घंटे लगभग 8 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकता है। 2.8 मीटर गहराई तक बनेगी नई नाले की दीवार सड़क के नीचे से गुजर रहे नाले की दीवार में दरार आने के कारण यह हिस्सा धंस गया था। अब सड़क को खोदकर करीब 2.8 मीटर गहराई तक नाले की नई दीवार बनाई जाएगी। निर्माण कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर जाने वाली लेन के नीचे नाले की मरम्मत होगी, इसके बाद दूसरी दिशा की सड़क का काम किया जाएगा। व्यापारियों से फिर होगी चर्चा एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक संजय पवार के मुताबिक एमपी नगर जोन-1 और जोन-2 क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए व्यापारियों से पहले भी बातचीत की जा चुकी है। जरूरत पड़ने पर दोबारा बैठक कर सड़क किनारे खड़े वाहनों और अतिक्रमण को हटाया जाएगा। साथ ही व्यापारियों के वाहनों को मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क करने की योजना भी है। इन इलाकों में लग सकता है जाम निर्माण कार्य के दौरान एमपी नगर जोन-1, एमपी नगर जोन-2, प्रगति पेट्रोल पंप चौराहा, गुरुदेव गुप्त चौराहा, चेतक ब्रिज, गौतम नगर, रचना नगर, मैदा मिल क्षेत्र, पर्यावास भवन रोड और अरेरा हिल्स जैसे इलाकों में ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है। भारी वाहनों के लिए डायवर्जन जब बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर जाने वाली सड़क पर काम होगा, तब भारी वाहनों को बोर्ड ऑफिस से डीबी सिटी मॉल के सामने से गुरुदेव गुप्त चौराहा की ओर मोड़ा जाएगा। यहां से वाहन एमपी नगर जोन-1 होते हुए होटल रेसिडेंसी के सामने से ज्योति टॉकीज पहुंचेंगे और आगे चेतक ब्रिज की ओर जा सकेंगे।  

शिक्षक भर्ती में नई व्यवस्था लागू: MP में एजुकेशन पोर्टल 3.0 से ऑनलाइन होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

भोपाल प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब शिक्षक भर्ती परीक्षा में पात्र घोषित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन किया जाएगा। इस नई व्यवस्था की शुरुआत प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से की जाएगी। इसके लिए विभाग ने एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर एक विशेष मॉड्यूल तैयार कर लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। पोर्टल पर अपलोड करने होंगे दस्तावेज नई व्यवस्था के तहत चयनित अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद संबंधित अधिकारी पोर्टल के माध्यम से ही इन दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी और अभ्यर्थियों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 13 हजार पदों के लिए जारी हुई मेरिट सूची हाल ही में मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के लगभग 13 हजार पदों के लिए मेरिट सूची जारी की है। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। विभाग की योजना है कि इसी महीने से पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन एजुकेशन पोर्टल-3.0 के माध्यम से शुरू कर दिया जाए। इससे उम्मीद है कि ग्रीष्मावकाश के बाद सरकारी स्कूलों को नए शिक्षक उपलब्ध हो सकेंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किए जाने की संभावना है।   डीईओ कार्यालय में नहीं करना पड़ेगा इंतजार अब तक शिक्षक चयन परीक्षा में मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए संभागीय कार्यालय या जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था। इस प्रक्रिया में कई बार अभ्यर्थियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती थी। इसके अलावा कुछ मामलों में दस्तावेज सत्यापन में गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आई थीं। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद अभ्यर्थी घर बैठे ही अपने दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे और अधिकारियों द्वारा उनकी जांच ऑनलाइन ही की जाएगी। इस तरह पूरी होगी ऑनलाइन प्रक्रिया नई प्रणाली के तहत पात्र अभ्यर्थी एजुकेशन पोर्टल-3.0 पर लॉगिन कर निर्धारित मॉड्यूल में अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करेंगे। इसके बाद विभागीय अधिकारी पोर्टल के माध्यम से इन दस्तावेजों की जांच कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे। यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि पाई जाती है या अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होती है, तो अभ्यर्थियों से ऑनलाइन ही सुधार या अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति आदेश भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बन सकेगी।

मेंटेनेंस के कारण मैहर शारदा मंदिर रोपवे सेवा स्थगित, 14 मार्च तक नहीं चलेगा; ऑनलाइन टिकट का पैसा लौटेगा

सतना मैहर जिला में स्थित मां शारदा देवी मंदिर में संचालित दामोदर रोपवे सेवा 5 मार्च से 14 मार्च तक मेंटेनेंस कार्य के कारण बंद कर दी गई है। रोपवे प्रबंधन ने ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को टिकट कैंसिल कर रिफंड लेने की सुविधा दी है। मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में संचालित दामोदर रोपवे सेवा 5 मार्च से 14 मार्च तक मेंटिनेंस कार्य के चलते पूरी तरह बंद कर दी गई है। इस अवधि में रोपवे का संचालन स्थगित रखा गया है। टिकट बुकिंग पर रोक और रिफंड की मांग रोपवे बंद होने के साथ ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी अस्थायी रूप से रोक दी गई थी, लेकिन इससे पहले कई श्रद्धालुओं ने लगभग एक सप्ताह पहले ही एडवांस टिकट बुक करा ली थी। इसके चलते कुछ यात्री पहले से बुक टिकट लेकर मैहर पहुंच रहे हैं और रिफंड की मांग कर रहे हैं। रोपवे प्रबंधन के अनुसार 5 मार्च से 15 मार्च के बीच कुल 18 लोगों ने 77 एडवांस टिकट बुक किए थे।   रिफंड प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति आठ टिकट धारकों को रिफंड, 30 यात्रियों का मिलना बाकी: 5 मार्च से 15 मार्च के बीच कुल 18 लोगों की 77 एडवांस टिकट बुक हुए थे। इनमें से 8 टिकटों का रिफंड, जिसमें 33 यात्रियों की राशि शामिल है, पूरा कर दिया गया है। वहीं 5 टिकट धारकों के 30 यात्रियों का रिफंड अभी लंबित है क्योंकि उनके बैंकिंग विवरण का इंतजार किया जा रहा है। प्रबंधन ने बताया कि शेष 5 टिकट धारकों ने कॉल का जवाब नहीं दिया है।   प्रबंधन की अपील और हेल्पलाइन नंबर उन्हें दिन में दो बार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद जताई गई है कि मंगलवार तक सभी शेष रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, बशर्ते यात्रियों से बैंक खाते की जानकारी समय पर मिल जाए। प्रबंधन ने यात्रियों से अपील की है कि रोपवे सेवा शुरू होने तक यात्रा की योजना बनाने से पहले जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। रिफंड या टिकट से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए यात्री हेल्पलाइन नंबर 08065130000 पर संपर्क कर सकते हैं या ईमेल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

5 घंटे तक झूमेगा इंदौर: देश के सबसे बड़े रंगोत्सव में तोप-मिसाइलों से पुष्प वर्षा, लाखों लोग होंगे शामिल

इंदौर एक बार फिर इंदौर की रंग-रंगीली रंगपंचमी का उल्लास रविवार को राजवाड़ा पर दिखाई देगा। इसमें लाखों लोग अपनेपन रंग-गुलाल में रमने के लिए शामिल होंगे। 77 वर्ष से चली आ रही संस्थाओं के बैनर तले निकलने वाली गेर परंपरा को निभाने के लिए एक के बाद एक रसिया कॉर्नर, टोरी कॉर्नर, मारल क्लब, संगम कॉर्नर की गेर और नगर-निगम, हिंदरक्षक संगठन फाग यात्रा निकलेगी। रंग-गुलाल से हर एक को भिगोते हुए जब चार किलोमीटर लंबे मार्ग से हजारों लोगों की भागीदारी वाला यह कारवां जब निकलेगा तो यह दृश्य देखते ही बनेगा। धार्मिक, सामाजिक और देशभक्ति के रंग इसमें धार्मिक-सामाजिक के साथ ही देश भक्ति के रंग नजर आएंगे। हिंद रक्षक की फाग यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति तो संगम कॉर्नर की गेर में महाकाल की जटा से गंगाजी के अवतरित होने का दृश्य नजर आएंगे। किसी का गीत-संगीत युवाओं को उत्साहित करने तो कहीं रंगों से बनने वाला तिरंगा देशभक्ति भक्ति की भावना को प्रबल करेगा। शहर की हृदय स्थली पर जब सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक टैंकरों, बोरिंग मशीन, मिसाइलों के साथ ही विभिन्न उपकरणों से लाल-गुलाबी, हरे, पीले, नीले रंग उत्साह से उड़ाकर धरती के साथ आसमान भी रंगों से सराबोर होगा।   गेर मार्ग पर दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्था स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा रंगपंचमी पर इंदौर में निकलने वाली पारंपरिक गेर को निहारने के लिए तीन इमारतों की छतों पर बैठक व्यवस्था की है। इसमें गौराकुंड के पास पृथ्वीलोक होटल की दो इमारत व बालाजी टावर पर यह बैठक व्यवस्था है। यहां की छतों पर तिरपाल लगाई गई है और दर्शकों के लिए पेयजल व सुविधाघर की व्यवस्था भी रहेगी। ऑनलाइन सीट बुकिंग और एनआरआई का उत्साह बुक माय शो से यहाँ पर 150 सीटों की बुकिंग की प्रक्रिया की गई, हालांकि शनिवार शाम 6 बजे तक 50 सीटें ही बुक हुई थीं। एक सीट का शुल्क 100 रुपये लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह ऑनलाइन सीट बुकिंग की व्यवस्था की गई थी। इसमें 90 सीटों पर बुकिंग हुई थी। कई एनआरआई खास तौर पर गेर को देखने के लिए इंदौर आए थे और उन्होंने अपनी सीट बुक की थी।

स्वावलंबन की राह पर मती खान, बालाघाट की इस पहल ने खींचा सबका ध्यान

भोपाल  हाउस ऑफ़ तसल्ली स्टार्टअप- राफ्टएंडरसन प्रायवेट लिमिटेड के प्रयास और “विमेन वीव” के सहयोग से मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के मेहंदीवाड़ा (वारा सिवनी) गांव की बुनकर मती नसीबा खान अपने करघे से परंपरा और स्वावलंबन की अनूठी मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उनके हाथों से हाथ-कांते ऑर्गेनिक कपास पर बुना गया स्टोल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि सादगी, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना का प्रतीक है। इसमें बुना गया चरखे का मोटिफ महात्मा गांधी के स्वदेशी और महिला स्वावलंबन के विचारों को समर्पित है। करीब 2 दिनों के अथक श्रम से तैयार यह डिजाइन करघे की लय और ग्रामीण भारत की रचनात्मकता को दर्शाता है। यह पहल न केवल पारंपरिक हथकरघा कला को जीवित रखने का प्रयास है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। स्पर्श में कोमल और आकर्षण में कालातीत यह स्टोल ग्रामीण भारत की उस सृजनशील शक्ति का प्रतीक है, जो परंपरा और आधुनिकता को एक साथ बुनती है। सृजन को सु अनुराधा शंकर से.नि. आईपीएस जो कि गांधी पीस फाउंडेशन से संबद्ध हैं के द्वारा वेटिकन सिटी के धर्मगुरू पोप तथा अन्य को रोम के एक कार्यक्रम में 26 अक्टूबर 2025 को भेंट किया गया। इस कल्पना को साकार करने में नर्मदापुरम की महिला उद्यमी रत्नम  और राकेश ने अपना योगदान दिया है।  

लाड़ली बहना योजना ने बदली मंजू यादव की जिंदगी, सिलाई सेंटर खोलकर बनीं आत्मनिर्भर

भोपाल  कभी सीमित आय और जिम्मेदारियों के बीच अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देखने वाली नर्मदापुरम की मती मंजू यादव आज आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से मिली आर्थिक सहायता ने न केवल उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होकर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। नर्मदापुरम जिले के वार्ड क्रमांक 31 दीवान चौक ग्वालटोली निवासी 30 वर्षीय मती मंजू यादव को जून 2023 से योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। इस राशि का उन्होंने सोच-समझकर उपयोग किया और अपने घर से सिलाई का छोटा-सा काम शुरू किया। मेहनत और लगन से शुरू किया गया यह प्रयास धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदलने लगा। फरवरी 2026 तक उन्हें योजना की 33वीं किश्त सहित कुल 43 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। इस आर्थिक सहयोग और सिलाई कार्य से हुए मुनाफे का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने काम का विस्तार किया और एक सिलाई सेंटर शुरू कर दिया, जिसमें अब पांच सिलाई मशीनें संचालित हो रही हैं। आज मंजू यादव न केवल स्वयं नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि अपने सिलाई सेंटर के माध्यम से अन्य महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आत्मनिर्भरता की नई राह खुली है। मती मंजू यादव भावुक होकर कहती हैं कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने उनके जीवन में नया विश्वास जगाया है। इस योजना ने उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया और आज वे गर्व के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान दे रही हैं।  

मैनिट में बोले मंत्री विश्वास सारंग: पैक्स के माध्यम से हर पंचायत में जन औषधि केंद्र

भोपाल सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग शनिवार को भोपाल स्थित मैनिट (मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में जन औषधि दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के महत्व के लिये स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, देशभर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयास तथा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना जैसी पहल ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के माध्यम से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सरकार द्वारा खरीदी गई जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध हैं। इन दवाइयों की कीमतें खुले बाजार में मिलने वाली ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में लगभग 50 से 80 प्रतिशत तक कम होती हैं, जिससे आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। मंत्री  सारंग ने बताया कि विगत 11 वर्षों में जन औषधि परियोजना के माध्यम से देश की जनता के लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। यह योजना न केवल लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध करा रही है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा निर्धारित विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। जन औषधि परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराकर उनके जीवन को आसान बना रही है। हर पंचायत में पैक्स के माध्यम से जन औषधि केंद्रों का विस्तार मंत्री  सारंग ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाते हुए जनहित की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में सहकारी समितियों के माध्यम से भी जन औषधि केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। आने वाले समय में प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति) के माध्यम से जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की सुविधा सहज रूप से उपलब्ध हो सके। कार्यक्रम में वरिष्ठ संयुक्त संचालक एनएचएम डॉ. प्रभाकर तिवारी, अध्यक्ष फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (मध्यप्रदेश) डॉ. संजय जैन, जोनल मैनेजर पीएमबीआई (जनऔषधि विभाग)  विवेक शर्मा उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांवेरवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर किया आभार व्यक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड के किसानों के हित में जमीनी स्तर पर मार्ग निर्माण को स्वीकृति और उचित मुआवजे की व्यवस्था किए जाने पर इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के निवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पगड़ी और बड़ी माला पहनाकर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे सभी लोगों को होली और रंगपचमी की बधाई दी। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसी सिलावट उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 हजार करोड़ रुपए की लागत से इंदौर और उज्जैन के बीच बनने वाली सड़क से इंदौर और उज्जैन का सफर सवा घंटे की जगह आधे घंटे का रह जायेगा। दोनों शहरों के बीच तेज कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। स्थानीय स्तर पर उद्योग, लॉजिस्टिक पार्क, किसानों को मण्डियों तक पहुंच और व्यापारियों तथा उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग, देश के व्यापार व्यवसाय के लिए भी महत्वपूर्ण है। देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रो के बीच इस मार्ग से यात्रा सुगम और कम समय में होगी। परिणामस्वरूप आवागमन बढ़ेगा और देश में इंदौर-उज्जैन क्षेत्र का महत्व और अधिक बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारम्परिक और ऐतिहासिक रूप से इंदौर और उज्जैन के बीच इस मार्ग का ही उचित उपयोग होता था। इस मार्ग से इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांव लाभान्वित होंगे। सिंहस्थ के लिए भी यह मार्ग सुविधाजनक और उपयोगी होगा। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में विकास की दृष्टि से नए युग का सूत्रपात हो रहा है। राज्य सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि है। किसानों के सुझावों के अनुसार इस मार्ग का निर्माण कराना और उसके लिए उचित मुआवजे की व्यवस्था करना इस बात का परिचायक है कि सरकार जो कहती है वह करके दिखाती है। यह परियोजना किसान और सरकार के बीच विश्वास की मिसाल बनेगी। जल संसाधन मंत्री  तुलसी सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्नदाता किसान की पीड़ा और कष्ट को समझते हैं। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग को इस रूप में स्वीकृति मिलना उनकी संवेदनशीलता का ही परीणाम है। किसानों को इस परियोजना में अब 816 करोड़ रुपए से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जाएगी। मंत्री  सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस पहल के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।  

विदिशा जिले में प्रदेश की पहली जिला स्तरीय फिंगर प्रिंट लैब का हुआ शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। प्रत्येक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। केन-बेतना नदी जोड़ो परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना सहित आधुनिक सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। गत 2 वर्ष में ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा 10 लाख हैक्टेयर बढ़ा है। अब प्रदेश की 55 लाख हैक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। हम अपनी नदियों से राजस्थान और उत्तरप्रदेश को भी पानी उपलब्ध कराते हैं। बिहार और गुजरात को भी पानी मिलता है। पूर्व सरकारों ने नदियों की जलराशि का उचित प्रबंधन करने पर कभी ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब हमारी सरकार के प्रयासों से विदिशा जिले को भी केन-बेतवा नदी परियोजना का पूरा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश आज बिजली सरप्लस स्टेट है। अब किसानों को दिन में भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। हमारे लिए खेतों में किसान और सीमा पर जवान दोनों बराबर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाएं और अंदरूनी इलाके सुरक्षित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने विदिशा में प्रदेश की पहली जिला स्तरीय फिंगर प्रिंट लैब का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को शमशाबाद में कृषक हितग्राही सम्मेलन और विकास कार्यों के भूमि-पूजन एवं लोकर्पण कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों को हर साल 12 हजार रुपए किसान सम्मान निधि के रूप में दिए जा रहे हैं। विदिशा जिला कृषि उत्पादन के मामले में अग्रणी है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना लागू कर सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में लगभग 1500 करोड़ राशि अंतरित की है। अब सरसों की फसल भी भावांतर योजना के अंतर्गत खरीदी जाएगी। राज्य सरकार ने उड़द की फसल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया है। गेहूं खरीद के लिए पंजीयन कराने की तारीख भी बढ़ाई गई है। राज्य सरकार किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेगी। इसमें 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि शामिल है। सरकार वर्ष 2028 तक किसानों को गेहूं की 2700 रुपए कीमत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। हितग्राहियों को किये गये हितलाभ वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पारंपरिक साफा बांधकर एवं गजमाला से आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा, मुद्रा योजना, कृषि यंत्र, पशुधन, खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। समग्र विकास के लिये किये भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विदिशा जिले के समग्र विकास के लिए 163 करोड़ रुपये की सौगात दी। उन्होंने लगभग 60 करोड़ लागत के 41 विकास कार्यों के लोकार्पण किए, जिसमें कुरवाई का सांदीपनि विद्यालय भी शामिल है। शनिवार 7 मार्च को 104.56 करोड़ की 56 नवीन विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी किया गया। इसमें 15 करोड़ रुपये लागत से विदिशा महाविद्यालय का उन्नयन कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के बजट में विदिशा को 116 करोड़ की नई सड़कों की सौगात मिली है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम “नव्या” शुरू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में विदिशा से कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘नव्या’ की शुरुआत की गई है। यह योजना देश के 9 राज्यों के 27 जिलों में लागू की गई है। विदिशा प्रदेश का इकलौता जिला है, जो योजना में शामिल है। इसके माध्यम से 10वीं पास बहनों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात दे रही है और यह राशि धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी। प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को सर्वगुण संपन्न बनाया जाएगा। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को लैपटॉप, साइकिल, किताबें और ड्रेस उपलब्ध करवाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौमाता के संरक्षण और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी गौशालाएं स्थापित की जा रही हैं। शमशाबाद में भी एक बड़ी आदर्श गौशाला बनाई जाएगी। राज्य सरकार ने शासकीय गौशालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दी है। राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है, इसके अंतर्गत 25 गाय पालने पर सरकार ने 10 लाख रुपए का अनुदान प्रदान करने का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शमशाबाद के लोगों के आत्मीय स्वागत से अभिभूत हूं। विदिशा जिला बुद्ध और बेतवा की धारा से समृद्ध है। यह नगरी भगवान सूर्य को समर्पित है। उज्जैन के समान ही विदिशा भी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण घोषणाएं शमशाबाद नगर परिषद के विकास कार्यों के लिए 3 करोड़ राशि दी जाएगी। शमशाबाद में नवीन विद्युत सब स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे कई गांवों को बिजली मिलेगी। संजय सागर और सगढ़ सिंचाई परियोजनाओं का परीक्षण कर विकास कार्य होंगे। सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विकास केवल योजनाओं की सूची नहीं है। यहां संवेदनशीलता शासन की पहचान बन चुकी है। प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विकास के नए आयाम छू रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की राज्य के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें मध्यप्रदेश का असली जननायक बनाती है। सरकार गांव, गरीब और किसान के साथ खड़ी है। पशुपालन मंत्री एवं विदिशा जिले के प्रभारी श्री लखन पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हैक्टेयर से 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। विधायक श्री सूर्यप्रकाश मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ता जा रहा है। शमशाबाद क्षेत्र में संजय सागर बांध से 12 हजार हैक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। कार्यक्रम में विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी, विधायक श्री हरिसिंह सप्रे, विधायक श्री उमाकांत शर्मा, विधायक श्री मुकेश टंडन, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, जिलाध्यक्ष श्री महाराज सिंह दांगी, प्रदेश यादव महासभा के पदाधिकारी श्री जगदीश यादव, वरिष्ठ राजनेता डॉ. मेहताब सिंह, श्री कप्तान सिंह यादव, श्री भगवान … Read more

समीक्षा में 20 अन्य कार्यों में सुधार के दिए निर्देश

भोपाल  प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा विशेष कार्ययोजना बनाकर औचक निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में विभाग द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के तहत 6 मार्च को मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने सीहोर, पांढुर्णा, भिण्ड, बड़वानी, मऊगंज, उज्जैन और पन्ना जिलों में विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुल 35 कार्यों को रेंडम आधार पर चयनित कर उनकी गुणवत्ता और प्रगति का परीक्षण किया गया। निरीक्षण किए गए कार्यों में 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल) के, 5 कार्य परियोजना क्रियान्वयन इकाई (भवन) के, 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, 2 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम तथा 1 कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित रहे। निरीक्षणों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा बैठक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव, की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल)  के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन)  एस.आर. बघेल, प्रमुख अभियंता (बी.डी.सी.)  अजय वास्तव, तकनीकी सलाहकार एमपीआरडीसी  आर.के. मेहरा सहित विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और निरीक्षण दल के अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए। समीक्षा में भिण्ड जिले के उदोतगढ़ में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन तथा जी-टाइप और एचआई-टाइप आवासीय भवनों का कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार मेसर्स जय कैला देवी कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना को ब्लैकलिस्ट करने तथा कंसल्टेंट मेसर्स एनोवियस कंसल्टेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल के विरुद्ध कार्रवाई और वसूली के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान पाए गए 20 निर्माण कार्यों में आवश्यक सुधार करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पूर्व में किए गए निरीक्षणों के प्रतिवेदनों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण किया जाए। साथ ही मुख्य अभियंता और अधीक्षण यंत्री स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करें, जिससे आगामी माह की ग्रेडिंग में सुधार हो सके। इसके अतिरिक्त पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने तथा जहां पुल-पुलियों की स्थिति खतरनाक हो, वहां नए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे मानसून से पूर्व आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें। साथ ही सड़क सुरक्षा और ब्रिज सेफ्टी ऑडिट के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने, लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने तथा लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से सभी सड़कों की मैपिंग पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी तय किया गया कि नई सड़कों के निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी करने से पहले संबंधित सड़क का सर्वेक्षण लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जाएगा। विभाग के अंतर्गत नए कार्यों के वर्क ऑर्डर भी इसी ऐप के माध्यम से कोड जारी कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

भोपाल में आयोजित हुआ डॉ. अजय खरे का 12वां स्मृति व्याख्यान

जन स्वास्थ्य को केवल इलाज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से जोड़कर देखने की जरूरत: सुनील कौल भोपाल 7 मार्च 2026 को भोपाल में 12वां डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, टी.टी. नगर, भोपाल में जन स्वास्थ्य अभियान, मध्य प्रदेश और मध्यप्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इस वर्ष के स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. सुनील कौल थे, जिन्होंने “स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारक: स्वास्थ्य और चिकित्सा पर पुनर्विचार” विषय पर व्याख्यान दिया। यह व्याख्यान जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अजय खरे की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जो जन-स्वास्थ्य और विज्ञान आंदोलन से गहराई से जुड़े रहे थे। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य सम्मान 2025 भी प्रदान किए गए जिसकी घोषणा डॉक्टर अनंत भान द्वारा की गई। जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिवंगत डॉ. सी. एम. गुलाठी को मरणोपरांत विशेष जन स्वास्थ्य सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने दवाओं और दवा नीतियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया था। इसके साथ ही डॉ. सी. सत्यामाला, वरिष्ठ जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, तथा विवेक पवार, जन स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यकर्ता, को स्वास्थ्य और उससे जुड़े सामाजिक कारकों पर उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अपने व्याख्यान में डॉ. सुनील कौल ने कहा कि जन स्वास्थ्य को केवल इलाज के दायरे में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और व्यापक सामाजिक संदर्भों के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि पानी पर टैक्स लगाने की सोच विकसित होती है तो वह दिन दूर नहीं जब हवा पर भी टैक्स लगाया जाने लगे। उन्होंने कहा कि जब राजनीति खराब होती है तो उसका सीधा असर जन स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने डॉ. अनुराग भार्गव द्वारा टीबी (तपेदिक) पर किए गए महत्वपूर्ण शोध का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने टीबी और भूख के बीच के संबंध को वैज्ञानिक रूप से स्थापित किया। आज पूरी दुनिया यह मानती है कि दवा के साथ-साथ पर्याप्त और पोषक भोजन भी टीबी के इलाज में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद आज भी देश में लगभग 4 लाख लोग हर साल टीबी से मर रहे हैं। पहले जहां टीबी से मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी का लक्ष्य था, आज हम केवल लगभग 25 प्रतिशत कमी ही हासिल कर पा रहे हैं, जबकि टीबी की दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य में लोगों को बचाने के लिए केवल स्वास्थ्य बजट ही नहीं, बल्कि पोषण, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समानता जैसे अन्य कारक भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पैसों का खेल बढ़ता जा रहा है, जिसका उदाहरण नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं में दिखाई देता है। “हम जिस रास्ते पर जा रहे हैं, वह भटकाव का रास्ता है,” उन्होंने कहा। मध्यप्रदेश में कुपोषण की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आंगनवाड़ी मॉडल पर्याप्त है या उसमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने पहले 1000 दिनों (गर्भधारण से दो वर्ष तक) के पोषण और देखभाल के मॉडल पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई। उन्होंने यह भी कहा कि देश के बजट का बड़ा हिस्सा गृह मंत्रालय और सेना पर खर्च होता है, जबकि सामाजिक क्षेत्र और जन स्वास्थ्य पर पर्याप्त निवेश नहीं किया जाता। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को उन्होंने एक गंभीर जन स्वास्थ्य संकट बताया। उनके अनुसार सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देश में हर साल लगभग 35 हजार महिलाएं दहेज या घरेलू हिंसा के कारण जलकर मर जाती हैं, जबकि गैर सरकारी संस्थाओ के अनुसार करीब 75 हजार महिलाएं दहेज या घरलू हिंसा के कारण जलने से अपनी जान गंवाती हैं। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु को रोकने के प्रयासों के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ हिंसा को भी जन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने असम में किए गए एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि 58 प्रतिशत पुरुषों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ किसी न किसी प्रकार की हिंसा की है। इसलिए हिंसा को केवल महिला का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और जन स्वास्थ्य का मुद्दा मानना होगा। उन्होंने कहा कि घृणा, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा भी जन स्वास्थ्य पर गहरा असर डालते हैं। 2020 में अमेरिका की एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्था ने भी घृणा को जन स्वास्थ्य का मुद्दा माना है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था का मूल विचार सभी के लिए समान उपचार का था, लेकिन आज स्थिति यह हो गई है कि “अगर आपके पास पैसा नहीं है तो इलाज भी नहीं मिलेगा।” इससे अमीर और गरीब दोनों ही असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में जाति और वर्ग आधारित भेदभाव से ऊपर उठना होगा और लोगों की स्वायत्तता और सम्मान को मजबूत करना होगा। जलवायु परिवर्तन को भी उन्होंने एक बड़ा जन स्वास्थ्य संकट बताते हुए कहा कि हिमालय के ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं और कई अध्ययन बताते हैं कि आने वाले वर्षों में इनमें भारी कमी आ सकती है। उन्होंने कहा, “हम बेहतर की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन हमें सबसे खराब स्थिति के लिए भी तैयारी करनी चाहिए।” उन्होंने विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य मॉडल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समुदाय आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आशा कार्यकर्ताओं को दवाएं देने और प्राथमिक उपचार की अधिक ट्रेनिंग दी जा सकती है, ताकि संकट की स्थिति में समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं टिकाऊ बन सकें। उन्होंने कहा कि सामाजिक निर्धारक (Social Determinants) स्वास्थ्य के सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं और जन स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए इन्हें केंद्र में रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मानव शरीर स्वयं में पूर्ण नहीं होता, इसलिए समाज, पर्यावरण और जीवन परिस्थितियां मिलकर स्वास्थ्य की स्थिति को तय करती हैं। मध्यप्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि और सीएमएचओ, इंदौर डॉ. माधव हसानी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अजय खरे द्वारा जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो दीप जलाया गया था, उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने डॉ. खरे के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने संगठन … Read more

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet