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शारजाह से इंदौर की फ्लाइट आज भी कैंसिल, दुबई में एमपी के 100 से ज्यादा लोग फंसे, ड्रोन हमलों के चलते स्थिति तनावपूर्ण

 इंदौर  ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दुबई में हालात चिंताजनक हैं। इसके चलते दुबई एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। अन्य विमानों के साथ ही शारजाह-इंदौर फ्लाइट भी रद हो गई है। इससे मध्य प्रदेश के 100 से अधिक लोग दुबई में फंस गए हैं। इनमें कई कारोबारी और नौकरीपेशा लोग हैं। इंदौर-1 के पूर्व विधायक संजय शुक्ला भी फंसे हैं। उन्होंने दुबई से इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी करके भारत सरकार से मदद की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया है कि दुबई में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाला जाए। शुक्ला के अनुसार, हालात तनावपूर्ण हैं और लगातार अलार्म बज रहे हैं। दुबई में फंसे व्यापारी प्रवीण कक्कड ने बताया कि इंदौर के सभी लोग हालांकि सकुशल हैं। जिस होटल में ठहरे थे, वहां से कुछ ही दूरी पर ड्रोन हमला होने के बाद सभी लोग निजी घर में शिफ्ट हो गए हैं। खरगोन और बुरहानपुर जिले के भी कई लोगों के दुबई में फंसे होने की जानकारी मिली है, जो वहां नौकरी के सिलसिले में गए हुए थे। उनके परिजन चिंतित हैं। दो पूर्व विधायकों सहित इंदौर के एक बड़े कारोबारी और उनके साथी दुबई की जिस होटल में ठहरे थे, उसके पास की ही पार्क जुमेरा होटल में मिसाइल गिरी और धमाका हुआ। घटना के बाद इंदौर के सभी लोगों ने उस इलाके को छोड़कर दूसरी होटल में शरण ली। कारोबारी पिंटू छाबड़ा ने बताया कि उनके परिजन और सभी साथी सुरक्षित हैं। इंदौर से गया एक अन्य परिवार अबूधाबी में फंसा है। हालांकि वहां हालात सामान्य हैं, लेकिन फ्लाइटों के बंद होने के कारण वापसी मुश्किल हो रही है। इधर, इंदौरियों के दुबई सहित यूएई के विभिन्न शहरों में फंसने की खबर के बाद मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ताजा हालातों की जानकारी लेते हुए दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क कर दुबई में फंसे इंदौर के लोगों की वापसी के उपायों के बारे में चर्चा की। उन्होंने दुबई में फंसे पूर्व विधायकों सहित कारोबारी पिंटू छाबड़ा से चर्चा कर कहा कि वे ओमान से लौटने का प्रयास करें, फिलहाल भारत-ओमान के बीच हवाई संपर्क जारी है। मंत्री ने यूएई में फंसे लोगों को भारतीय दूतावास से संपर्क रखने और उनकी हिदायतें मानने की भी सलाह दी। वीडियो भेजकर दी जानकारी उन्होंने वीडियो में पीछे के हालात दिखाते हुए बताया कि यहां पर सब सामान्य है. मैं सभी से कहना चाहूंगा कि पैनिक न हों क्योंकि मीडिया पर कई तरह की खबरें चल रही हैं, लेकिन उन पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें. यहां सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. कुछ कोशिशें जरूर हुई थीं, लेकिन उन्हें डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट कर लिया गया है. आम जनता को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है. मेरे पीछे मेट्रो स्टेशन और भी दिखाई दे रहा है. मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है. लोगों से परेशान ना होने की अपील इसके साथ प्रशांत ने कहा कि मेरा सभी से निवेदन है कि फेक न्यूज न फैलाएं और घबराएं नहीं, यहां स्थिति सामान्य है. दुबई सुरक्षित है और उम्मीद है कि जो बातें हैं, वे भी जल्द ठीक हो जाएंगी हमें भगवान पर भरोसा रखना चाहिए. अगर आपके कोई रिश्तेदार या दोस्त यहां हैं, तो उनके लिए बिल्कुल चिंता न करें. अगर आपको पहले से न बताया जाए, तो शायद आपको पता भी न चले कि यहां कुछ हुआ है. मैं यह वीडियो अपने घर से बना रहा हूं ताकि आपको बड़ा व्यू दिखा सकूं. आप पीछे पूरा ओपन स्काई देख सकते हैं. यह जुमेरा एरिया है, और सामने दिखाई दे रही है. ट्रैफिक दोनों तरफ सामान्य रूप से चल रहा है. आज संडे भी है, इसलिए लोग काम पर कम जा रहे हैं, फिर भी सब कुछ सामान्य है. इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि बेवजह चिंता न करें यहां सब कुछ सामान्य और सुरक्षित है. होटल बुकिंग के बढ़े रेट जबलपुर निवासी शैलेश जैन ने बताया कि हम चार दोस्त 21 फरवरी को अबू धाबी घूमने आए थे. हमारी वापसी 28 फरवरी को निर्धारित थी. 28 फरवरी को दोपहर करीब 3 बजे हमें अचानक जानकारी मिली कि हमारी फ्लाइट कैंसिल हो गई है. उस समय तक हम सुबह 9 बजे होटल से चेक-आउट कर चुके थे. जब हम दोबारा होटल पहुंचे और रुकने की व्यवस्था करनी चाही, तो पता चला कि होटलों के किराए लगभग तीन गुना बढ़ चुके हैं. ऐसी स्थिति में हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल हम यहां अनिश्चित समय के लिए फंसे हुए हैं. यह स्पष्ट नहीं है कि एयरपोर्ट कब खुलेगा और उड़ानें कब शुरू होंगी. इस वजह से हम सभी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं. वापसी की तैयारी के कारण हमारे पास सीमित धनराशि ही बची थी, जो अब लगभग समाप्त होने की स्थिति में है. हम भारत सरकार से विनम्र प्रार्थना करते हैं कि इस परिस्थिति में फंसे भारतीय पर्यटकों की मदद के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. विदेश में अचानक ऐसी स्थिति बन जाने पर कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए सरकार से अनुरोध है कि हमारी समस्या पर ध्यान देकर हमें सुरक्षित और शीघ्र स्वदेश लौटने में सहायता प्रदान करें. सरकार से मदद की अपील फंसे हुए यात्रियों ने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित वापसी की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि अनिश्चित माहौल, उड़ानों की अस्थिरता और बढ़ते खर्च के कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं. परिवारों को अपने बच्चों और बुजुर्गों की भी चिंता सता रही है. पर्यटकों ने दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की है और विशेष राहत उड़ानों की उम्मीद जता रहे हैं. गौरतलब है कि दुबई संयुक्त अरब अमीरात का प्रमुख शहर है और यहां बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक और प्रवासी रहते हैं. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों की भूमिका अहम मानी जा रही है. फिलहाल फंसे हुए पर्यटक त्वरित राहत और सुरक्षित स्वदेश वापसी की आस लगाए हुए हैं, जबकि परिजन भारत में चिंता के बीच सकारात्मक … Read more

भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 19 फरवरी को भी मिला था इसी तरह का मेल

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मच गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ये धमकी ई-मेल के जरिए मिली है, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और यूनिवर्सिटी परिसर की जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा को देखते हुए कैंपस में अलर्ट जारी कर छात्रों को परिसर से बाहर किया गया है। फिलहाल जांच जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, धमकी 10 दिन के भीतर दूसरी बार शहर में स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली है। प्रबंधन को एक ई-मेल मिला, जिसमें लिखा है- ‘आपके कॉलेज में सायनाइड पॉइजन वाले बम रखे गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट करेंगे। सुबह 11:00 बजे तक डॉक्टर और स्टूडेंट्स को निकाल लें! अल्लाह हू अकबर।’ पुलिस और बम स्क्वॉड ने की सर्चिंग धमकी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को यूनिवर्सिटी बुलाया गया। टीम ने कैंपस के अलग-अलग हिस्सों, क्लासरूम, हॉस्टल और पार्किंग एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई। पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 19 फरवरी को भी पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी पुलिस और बम स्क्वॉड ने जांच अभियान चलाया था। हालांकि परिसर में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। ई-मेल भेजने वाले की तलाश जारी पुलिस अब उस ई-मेल आईडी और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिससे धमकी भेजी गई। साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर ली जाएगी।    प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा लगातार दूसरी बार धमकी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी है। गेट पर चेकिंग सख्त कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने छात्रों और स्टाफ से भी अपील की है कि, अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या पुलिस को दें। दूसरी बार मिली धमकी जानकारी के मुताबिक, पीपुल्स यूनिवर्सिटी को 19 फरवरी को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस समय भी ई-मेल के जरिए विश्वविद्यालय को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी जांच की थी, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। अब दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

सीएम डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट ने किए भिलट देव के दर्शन, कृषि कैबिनेट की बैठक जल्द

बड़वानी  कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी जिले में आयोजित कैबिनेट बैठक के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणों के साथ बड़वानी जिले के ग्राम नागलवाड़ी में स्थित मंदिर में भिलट देव के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रीगणों के साथ प्रदेशवासियों की सुख एवं समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। भिलट देव निमाड़ क्षेत्र के आराध्य देव है, अतः आज वे आराध्य के दर्शन के साथ ही कैबिनेट बैठक की शुरूआत करेंगे। कैबिनेट में जो भी निर्णय लिये जायेंगे वे प्रदेशवासियों एवं किसानों के हितार्थ होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निमाड़वासी बड़े सौभाग्यशाली हैं जो उन्हें मां नर्मदा का आंचल मिला है। पैगोडा, हट और डोम में किए इंतजाम मां नर्मदा के जल से ही सिंचाई करके निमाड़ क्षेत्र के किसान समृद्ध एवं प्रगतिशील हो रहे हैं। आज निमाड़ क्षेत्र के किसान कृषि एवं उद्यानिकी की एक से अधिक फसलें लेकर आर्थिक रूप से भी उन्नति कर रहे हैं। मां नर्मदा जी का जल सूक्ष्म उन्नयन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी जिले सहित निमाड़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई हेतु पहुंचाया जा रहा है। किसानों की आर्थिक उन्नति से ही प्रदेश की उन्नति होगी प्रदेश की सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, ताकि किसानों को और अधिक समृद्ध एवं संपन्न बनाया जाए। उन्होंने किसानों से यह अपील भी कि की मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए किसान भाई रासायनिक खेती की बजाय प्राकृतिक खेती को अपनाये शुरुआती वर्षों में प्राकृतिक खेती में उत्पादन कम होगा लेकिन उससे जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं धीरे-धीरे उत्पादन की क्षमता भी बढ़ती जाएगी। संपूर्ण मंदिर परिसर को देखते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा हुआ नांगलवाड़ी भिलट देव मंदिर अत्यंत रमणीय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है। भिलट देव जी की इस तपस्या स्थल पर बने इस विशाल मंदिर के जीर्णोद्धार में निमाड़ के संत श्री सियाराम बाबा का भी अमूल्य योगदान है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रीगणो के साथ नागलवाड़ी मंदिर की स्मृति स्वरूप सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। निमाड़ी शैली में सजाया निमाड़ के बड़वानी जिले में पहली बार नागलवाड़ी में सरकार की कृषि कैबिनेट की बैठक होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके लिए निमाड़ी लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया गया है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप सजाया गया है। साथ ही खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी लगाई गई है। निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में इसे सजाया है। मध्य प्रदेश के कैबिनेट व अधिकारियों सहित आने वाले आगंतुकों के लिए निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी।

नागलवाड़ी में आज ‘कृषि कैबिनेट’ बैठक, बड़वानी में पूरा मंत्रिमंडल होगा एकजुट

बड़वानी मध्य प्रदेश सरकार की ‘कृषि कैबिनेट’ की बैठक आज भोपाल से करीब 350 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के दौरान, राज्य सरकार किसानों के हित में अहम फैसले लेगी। अधिकारियों ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान ‘कृषि कैबिनेट’ की यह पहली मीटिंग होगी। किसान कल्याण वर्ष को पूरे राज्य में मनाया जा रहा है। सीएम यादव ने 11 जनवरी को यहां एक इवेंट में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ लॉन्च किया था। अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के तरफ से किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को फायदा पहुंचाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। साथ ही उनकी इनकम दोगुनी करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। किसानों और बुद्धिजीवियों संग होगी बात सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, “पूरी राज्य कैबिनेट नागलवाड़ी में दिन बिताएगी, जहां एग्रीकल्चर कैबिनेट मीटिंग के अलावा, किसानों और बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत होगी। एग्रीकल्चर और ट्राइबल वेलफेयर पर फोकस्ड एक एग्जिबिशन भी लगाई जाएगी।”. 24 फरवरी को विधानसभा सत्र के दौरान सीएम ने इसी घोषणा की थी। यह कैबिनेट प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन बैठक है। कैबिनेट में निमाड़ के सात जिलों खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर पर फोकस रहेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल के साथ शिखरधाम पहुंचकर बाबा भीलट देव के दर्शन करेंगे। इसके बाद कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें 25 से अधिक मंत्रियों के शामिल होंगे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री जनजातीय समुदाय के लोगों से संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल जुलवानिया के भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे। रविवार को जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने नागलवाड़ी पहुंचकर बैठक स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कलेक्टर जयति सिंह से तैयारियों की जानकारी ली। शिखरधाम में बाबा भीलट देव के दर्शन भी किए। भीलट देव मंदिर में पूजा-अर्चना करेगा मंत्रिमंडल करीब 6000 की आबादी वाला नागलवाड़ी एक आदिवासी बहुल गांव है। कृषि कैबिनेट न केवल बड़वानी जिले के लिए बल्कि मध्य प्रदेश के पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि नागलवाड़ी में 800 साल पुराना प्राचीन भीलट देव मंदिर आदिवासी आस्था में खास महत्व रखता है। कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद पूरा मंत्रिमंडल वहां पूजा-अर्चना करेगी। किसानों से बात करेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मोहन यादव कृषि कैबिनेट मीटिंग के बाद किसानों और जानकारों से बातचीत करेंगे, सरकार की पहल और स्कीमों की जानकारी साझा करेंगे और इलाके के विकास के बारे में उनके विचार और उम्मीदें भी जानेंगे। यादव और उनके मंत्री जुलवानिया में आदिवासी समुदाय द्वारा आयोजित पारंपरिक ‘भगोरिया हाट’ में भी हिस्सा लेंगे। बड़वानी समेत आदिवासी बहुल जिलों में चल रहा भगोरिया उत्सव सोमवार को मध्य प्रदेश में खत्म हो जाएगा। भगोरिया त्योहार झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और धार जिलों में आदिवासी समुदाय मनाते हैं। यह त्योहार वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और देश-विदेश से टूरिस्ट को आकर्षित करता है। शिवराज चौहान ने बनाई थी कृषि कैबिनेट अधिकारियों ने कहा कि कैबिनेट मीटिंग के अलावा सभी प्रोग्राम आदिवासी परंपराओं को दिखाएंगे। देश की पहली कृषि कैबिनेट 2011 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनाई थी, जो अब केंद्रीय कृषि मंत्री हैं।

मंत्रालय में आज राष्ट्रगीत-राष्ट्रगान का आयोजन, पटेल पार्क बनेगा केंद्र

भोपाल मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र -गीत “वन्देमातरम” एवं राष्ट्र -गान “जन-गण-मन” का गायन सोमवार 2 मार्च को प्रात: 10:15 बजे किया जाएगा। रविवार 1 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का आयोजन 2 मार्च को किया जायेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र गीत एवं राष्ट्र गान का आयोजन किया जाता है।  

बढ़ती जैव विविधता से प्रदेश में बढ़े हैं पर्यटन और रोजगार के अवसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के वन, जैव विविधता की दृष्टि से निरंतर समृद्ध हो रहे हैं। केंद्रीय वन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव द्वारा शनिवार को बोत्सवाना अफ्रीका से लाए गए 9 चीते कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए हैं। इस महत्वपूर्ण कदम ने वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में मध्यप्रदेश की साख और बढ़ाई है वन्यजीवों को लेकर भारत का नाम विश्व में स्थापित हुआ है। एशिया से जो चीता विलुप्तप्राय हुआ था, आज उसकी प्रजाति पुनः आबाद हो रही है। प्रदेश में अब चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है। साथ ही मध्यप्रदेश, देश में सर्वाधिक टाइगर, सर्वाधिक चीतों वाला राज्य हो गया है। घड़ियाल के मामले में भी मध्यप्रदेश, देश में नंबर वन है। गत दिनों गिद्धों की गणना के अनुसार भी प्रदेश जैव विविधता में समृद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी ग्वालियर विमानतल पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भी कूनो नदी में दुर्लभ प्रजाति के कछुए और घड़ियाल छोड़े जा रहे हैं। यह राज्य सरकार की जलचरों को बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा है। वन्य-प्राणियों के संरक्षण से बढ़ती जैव विविधता से प्रदेश में पर्यटन के अवसर निर्मित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के नए मौके भी लोगों को मिल रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन गतिविधियों का लाभ सभी को मिले। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में जैव विविधता के संरक्षण की दिशा ऐतिहासिक कदम आगे बढ़ाते हुए आज दुर्लभ प्रजाति के 33 कछुए और 53 घड़ियाल कूनो नदी में छोड़ रहे हैं। जिन कछुओं को नदी में छोड़ा जा रहा है वे मुरैना के कछुआ केन्द्र बरहई से लाए गए हैं। तेंतीस में से 25 कछुए तीन पट्टीदार छत वाले और 8 भारतीय फ्लेप शेल कछुआ हैं। देवरी घड़ियाल केन्द्र से लाकर 53 घड़ियालों को कूनो नदी में छोड़ा जा रहा है, ये कछुए ढोंगोंका और घड़ियाल, गंगा एवं ब्रह्मपुत्र नदी क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ जलीय प्रजातियां हैं। जो, जैव विविधता की अनमोल धरोहर हैं और नदियों के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन प्रजातियों को अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजनर्वेशन ऑफ नेचर की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है। राज्य सरकार इनके संरक्षण के लिए सार्थक प्रयास कर रही है।  

खाटू श्याम महाकाल मंदिर में फूलों की होली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न

Holi of flowers and cultural program concluded at Khatu Shyam Mahakal Temple. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव कैमरामैन अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। खाटू श्याम महाकाल मंदिर में फूलों की होली और गुलाल का भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मंदिर परिसर को भक्ति और रंगों से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर को आकर्षक फूलों एवं रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था। भजन-कीर्तन, संकीर्तन और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर एवं गुलाल लगाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश दिया। भक्ति गीतों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा परिसर जयकारों से गूंजता रहा। आयोजन की व्यवस्थाएं सुचारु रहीं तथा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। आयोजन के संयोजक बबलू यादव ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम का समापन महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इंदौर में की समीक्षा

भोपाल बिजली उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिए विद्युत कंपनी की टीम गंभीरता से कार्य करे। आरडीएसएस के नए कार्यों का समय पर उपभोक्ताओं को लाभ मिले, ताकि उपभोक्ता संतुष्टि में बढ़ोत्तरी हो। उपभोक्ता सुविधाओं से संबंधित कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ये बातें रविवार को पोलोग्राउंड इंदौर स्थित पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान कही उन्होंने कहा कि आरडीएसएस के सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए नए कार्य हो रहे हैं। यह कार्य गुणवत्ता से हो, समय से पूर्ण किए जाए। ताकि परियोजना का उद्देश्य समय पर पूरा हो। श्री तोमर ने कहा कि आरडीएसएस अंतर्गत जो ऐजेंसियों लापरवाही कर रही है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही अच्छा कार्य करने वाले एजेंसी को नियमानुसार अतिरिक्त कार्य दिया जा सकता है। श्री सिंह ने केपेसिटर बैंक की स्थापना के बाद उनका गुणवत्ता परीक्षण एवं उनसे हो रहे फायदे की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएबीएल, एलटीएमटी लेब का सतत पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए। कंपनी के प्रबंध निदेश श्री अनूप कुमार सिंह ने कहा कि आरडीएसएस अंतर्गत 97 में से 87 ग्रिड का कार्य पूर्ण कर बिजली आपूर्ति शुरू की गई हैं। वहीं सात हजार सात सौ ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके है। एलटी केबल कार्य, अंडर ग्राउंड केबल, ग्रिड रिनोवेशन व अन्य कार्य सतत पूर्ण होते जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रकाश सिंह चौहान, मुख्य अभियंता श्री एसएस करवाड़िया, श्रीमती सुषमा वैश्य, श्री आरसी जैन, श्री एससी वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

वीआईपी भी नहीं बचे: बड़े तालाब के नो-कंस्ट्रक्शन जोन में बंगलों का सच

भोपाल राजधानी की लाइफ-लाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब को निगलने वाले रसूखदारों पर प्रशासन ने सीधा प्रहार शुरू कर दिया है। तालाब की सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए शुरू हुआ सीमांकन अभियान बैरागढ़ वृत्त के वीआइपी रोड से होते हुए खानूगांव और हलालपुर तक पहुंच गया है। इसके तहत लाल-पीले निशान तालाब की सीमा को चिह्नित करने के लिए लगाए गए हैं। सीमांकन के दौरान फुल टैंक लेवल (एफटीएल) और उसके 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में 50 से अधिक निर्माण मिले हैं। इनमें आलीशान बंगले, रिसार्ट, मैरिज गार्डन, क्लब, गोदाम और फैक्ट्रियां शामिल हैं। अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर शनिवार को हलालपुर में मोहम्मद अमीन खान के द्वारा बनाए गए गोदाम, शकील खान द्वारा बनाए गए रायल, क्रिसेंट मैरिज गार्डन की 100 मीटर लंबी स्थायी सुरक्षा दीवार को ढहाकर प्रशासन ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। शनिवार को अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई के दौरान एफटीएल और 50 मीटर दायरे में निर्माण करने वाले लोगों ने दस्तावेज पेश करने के लिए दो से तीन दिन की मोहलत मांगी थी। एसडीएम बैरागढ़ रविशंकर राय ने उन्हें चेतावनी दी है कि वह अनुमति के दस्तावेज पेश करें, जिनकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद दोबारा से अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जाएगी। हुजूर में सीमांकन शुरू, टीटीनगर को नक्शे का इंतजार हुजूर तहसील क्षेत्र में सीमांकन की कार्रवाई शनिवार से शुरू कर दी गई है। एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया कि भैंसाखेड़ी सहित अन्य गांवों में बड़ा तालाब की सीमा को चिह्नित किया गया है जहां पर अधिकांश क्षेत्र में खेती की जा रही है। वहीं, टीटीनगर वृत्त को टीएंडसीपी से नक्शा मिलने का इंतजार है। एसडीएम अर्चना शर्मा ने नक्शे के लिए टीएंडसीपी को पत्र भी लिखा है। नक्शा मिलते ही तालाब का सीमांकन शुरू कर सीमाओं को चिह्नित किया जाएगा। तालाब की जद में आए कई बड़े और रसूखदार निर्माण यह बड़े निर्माण अब तक आए तालाब की जद में वीआइपी रोड से बुधवार को शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कई बड़े निर्माण इसकी सीमा के अंदर होना मिले हैं, जिनमें राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बांग्ला, केके हाउस, सुपर बिल्डर की बिल्डिंग, कोचिंग सेंटर, गुलबाग लान, आइएएस के बंगले का कुछ हिस्सा, आर्मी वाटर स्पोर्ट्स सेंटर, भैंस डेरी, पक्के मकान, गोदाम, स्टील फैक्ट्री, मैरिज गार्डन आदि शामिल हैं। प्रशासन ने सभी को दस्तावेज पेश करने का समय दिया है, जिनकी जांच पड़ताल कर होली के बाद चिह्नित निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शुरु होगी।  

मुख्यमंत्री यादव आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत@2047 के लक्ष्य की पूर्ति में प्रदेश की ओर से हर संभव योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके परिणामस्वरुप ही समृद्ध मध्यप्रदेश@2047 के लिए प्रदेश में सभी क्षेत्रों में समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के वन केवल राज्य ही नहीं अपितु राष्ट्र की अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर हैं। वर्ष 2047 में देश की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने के दृष्टिगत प्रदेश के वन संसाधनों के संरक्षण, उनके समुदाय आधारित प्रबंधन और 21वीं सदी में भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में वनों के योगदान संबंधी दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जैव विविधता, समृद्ध सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा “विजन @2047 री-इमैजिनिंग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर द क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर” महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट है। मध्यप्रदेश, विविध और समृद्ध वनों से परिपूर्ण है। यहां घने वनों से लेकर अर्ध-शुष्क वन और नदी तटीय पारिस्थितिक तंत्र तक विद्यमान हैं। ये वन असंख्य वनस्पतियों और वन्य जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं तथा प्रमुख नदियों के उद्गम क्षेत्र बनकर लाखों लोगों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश के वन, जनजातियों एवं वन-आश्रित समुदायों की आजीविका का आधार हैं, जिनकी संस्कृति और पहचान, वन पारिस्थितिकी से परस्पर जुड़ी है। इन वनों की सुरक्षा केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है। विजन@2047 इस विश्वास पर आधारित है कि केवल नियमन और संरक्षण पर आधारित पारंपरिक वन प्रबंधन पद्धतियाँ अब पर्याप्त नहीं हैं। बदलते वर्षा पैटर्न, बढ़ता तापमान, वनों में लगने वाली आग और भूमि उपयोग का दबाव व्यापक एवं दूरदर्शी समाधान की मांग करते हैं। इस संदर्भ में यह विज़न पारिस्थितिकी-आधारित, जलवायु- अनुकूल, विज्ञान-आधारित दृष्टिकोण को अपनाता है। विजन@2047 का प्रमुख आधार समुदायों की भागीदारी है। विजन में वन-आश्रित समुदायों को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि वन संसाधनों के सह-प्रबंधक एवं संरक्षक के रूप में देखा गया है। जब समुदायों को वनों से प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है, तो वे उनके सबसे सशक्त संरक्षक बन जाते हैं। इस विश्वास के साथ यह विज़न समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। यह विज़न वन प्रबंधन के आधुनिकीकरण पर भी विशेष बल देता है। शासकीय प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने पर विजन डॉक्यूमेंट में विशेष महत्व दिया गया है। संस्थागत सुधार और क्षमता निर्माण विज़न@2047 की आधारशिला हैं। नीतियों को प्रभावी परिणामों में परिवर्तित करने के लिए एक दक्ष, प्रशिक्षित और प्रेरित कार्यबल अत्यंत आवश्यक है। विभाग प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार में सतत निवेश करेगा। विजन@2047 को 5 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसमें वन विभाग के इतिहास और संरचना, विभाग की दृष्टि- मिशन और नीति निर्देशक सिद्धांतों, वर्ष 2024 तक के लक्ष्यों पर विशेष अध्याय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही विजन@2024 को क्रियान्वित करने के प्रमुख 11 स्तंभों क्रमश: वन प्रबंधन, वन्य जीव संरक्षण, वन संरक्षण, वन संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग, वन भूमि के बाहर हरित आच्छादन, सामुदायिक वानिकी और आजिविका, पर्यावरण पर्यटन और प्रकिृत शिक्षा, जलवायु सहनशीलता, कार्बन एवं परिस्थितिकीय तंत्र सेवाएं, नीतिगत एवं विधिक सुधार, मानव संसाधन- क्षमता एवं कल्याण और डिजिटल एवं डेटा रूपांतरण की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। विजन@2047 ऐसा दस्तावेज है, जो समय के साथ उभरती चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप आकार लेता रहेगा। यह दृष्टि पत्र 33% हरित आच्छादन के लक्ष्य तथा वर्ष 2017 तक नेट जीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के वन आने वाले वाली पीढियों के लिए स्वस्थ, उत्पादक और सम सामयिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहे।  

आज नागलवाड़ी में लिए जायेंगे अन्नदाताओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा यह संकल्प है कि प्रदेश के अन्नदाताओं को आत्म-निर्भर बनाते हुए उनकी आय को दोगुना किया जाये। इसी क्रम में सोमवार 2 मार्च को जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी में किसान कल्याण वर्ष की पहली कृषि केबिनेट होने जा रही है। इस दिन नागलवाड़ी से ही सरकार किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेगी। राज्य सरकार का मंत्री-मंडल पूरा दिन नागलवाड़ी में रहेगा, जहाँ कृषि केबिनेट सहित प्रबुद्धजन एवं किसानों के साथ संवाद होगा और कृषि एवं जनजातीय कल्याण पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। लगभग 6 हजार की जनसंख्या वाला ग्राम नागलवाड़ी जनजातीय बहुल ग्राम है। यहाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में होने वाली कृषि केबिनेट न केवल बड़वानी जिले अपितु पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक साबित होगी। नागलवाड़ी स्थित 800 वर्ष पुराना प्राचीन भिलट देव मंदिर जनजातीय आस्था में विशेष महत्व रखता है। कृषि केबिनेट के बाद पूरा मंत्री-मंडल इस मंदिर में दर्शन भी करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि केबिनेट के बाद किसानों और प्रबुद्धजन से संवाद भी करेंगे। संवाद के दौरान एक ओर प्रदेश एवं किसानों के हित में किये जा रहे कार्यों एवं योजनाओं को साझा किया जायेगा, वहीं क्षेत्र विकास के लिये किसानों एवं प्रबुद्धजन के विचारों और उनकी अपेक्षाओं को जाना जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय विकास और कृषि आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं मंत्रि-परिषद के सदस्य जनजातीय समाज के जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट की परम्परा में भी शामिल होंगे। केबिनेट के अलावा होने वाले सभी कार्यक्रमों में जनजातीय परम्परा की स्पष्ट झलक दिखाई देगी।

त्योहार में आसान सफर: MP के कई स्टेशनों पर रुकेगीं वडोदरा-खातीपुरा व बांद्रा-गोरखपुर स्पेशल ट्रेनें

रतलाम होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा मंडल से होकर वडोदरा से खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 09103 वडोदरा -खातीपुरा स्पेशल प्रत्येक रविवार को वडोदरा से रात 9.35 बजे प्रस्थान कर दाहोद (12.26/12.28), रतलाम (2.05/2.10), मंदसौर (3.33/3.35), नीमच (4.43/4.48), चित्तौड़गढ़ (6.05/6.10) होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। यह ट्रेन वडोदरा से एक से 29 मार्च तक चलेगी। इसी तरह 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल प्रत्येक सोमवार को खातीपुरा से रात 8.55 बजे प्रस्थान कर चित्तौड़गढ़ (3.25/3.30), नीमच (4.18/4.20), मंदसौर (5.00/5.02), रतलाम (7.10/7.20) व दाहोद (8.43/8.45) होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। यह ट्रेन खातीपुरा से दो से 30 मार्च तक चलेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनामी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच होंगे। 09019 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल एक मार्च को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 8.35 बजे रविवार को प्रस्थान कर दाहोद (6.02/6.04), रतलाम (8.10/8.20), नागदा (9.46/9.48), उज्जैन (10.48/10.50), मक्सी (11.26/11.28), शुजालपुर (12.28/12.30), सीहोर (12.57/12.59) होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। बुधवार सुबह होगी रवाना इसी तरह 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल दो मार्च को गोरखपुर से 11.35 बजे प्रस्थान कर सीहोर (5.43/5.45), शुजालपुर (6.19/6.21), मक्सी (7.32/7.34), उज्जैन (8.15/8.17), नागदा (9.02/9.04), रतलाम (9.52/10.02) व दाहोद (11.22/11.24) होते हुए बुधवार को सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती व खलीलाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेनों के ठहराव, समय व संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन करने के साथ ही रेलवन एप पर भी जानकारी ले सकते हैं।

होली कार्यक्रम बना अफरा-तफरी: मधुमक्खियों के अटैक से मची भगदड़

शहडोल पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में विद्यार्थी होली का उत्सव मना रहे थे, उसी दौरान अफरा-तफरी मच गई। रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए छात्र परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। वहीं बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट भी आपस में भिड़ गए। होली के उत्सव बीच हंगामे और भगदड़ का यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के हमले से परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागते नजर आए। कई छात्र-छात्राएं घबराकर जमीन पर गिरते-पड़ते भी दिखे। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई है।   मामला यहीं नहीं थमा, होली खेलने के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते कहासुनी धक्का-मुक्की में बदल गई, कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की दखल के बाद स्थिति को संभाला गया। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर खड़े हो रहे सवाल     गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर भी चर्चा में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसारित वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और लोग प्रशासनिक लापरवाही पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस की सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।

साइबर गैंग का बड़ा खेल बेनकाब, पुलिस ने राजधानी से दबोचे आरोपी

ग्वालियर भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त चिकित्सक 89 वर्षीय नारायण महादेव टिकेकर को 24 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने के नाम पर 2.52 करोड़ रुपये ठगने के मामले में ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने इनके बैंक खातों में ठगी के 30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। आरोपितों ने एटीएम कार्ड के जरिए राशि निकालकर बिचौलिये को सौंपी और इसके बदले 1.70 लाख रुपये कमीशन लिया। एक आरोपित का भाई दिल्ली पुलिस में दारोगा है। वह ग्वालियर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसका भाई ही साइबर ठगी गिरोह को बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराता था। पुलिस की जांच में क्या पता चला पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, असम और बंगाल सहित अन्य राज्यों के करीब 500 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। क्राइम ब्रांच ने मोहित मिश्रा (बी-40, चाणक्य पैलेस-1, स्ट्रीट नंबर 48, जनकपुरी, नई दिल्ली), राहुल प्रजापति (राजद-150, धरमपुर प्रथम, नजफगढ़, नई दिल्ली), हरीश यादव (हाउस नंबर 49, ब्लॉक धरमपुरा एक्सटेंशन, नजफगढ़, नई दिल्ली) और साहिल फिरोज खान (ए-5/175, एक्सटेंशन पार्ट वन, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली) को दिल्ली से गिरफ्तार किया। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, इस मामले में क्रिप्टो ट्रेडिंग भी की गई। यूएसडीटी के जरिए ठग रकम को क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेज देते थे। आरोपित टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे, जहां से म्यूल खाते उपलब्ध कराने का नेटवर्क संचालित होता था।  

वन विभाग में बड़ा बदलाव: सुभरंजन सेन नए प्रमुख नियुक्त, 2028 तक रहेंगे पद पर

भोपाल भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभरंजन सेन मध्य प्रदेश के नए वन बल प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठता में 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी एचएयू खान और 1990 बैच के बिभाष ठाकुर को पीछे छोड़ 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी सेन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद बन गए, सेन अभी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक हैं। वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले से नए वन बल प्रमुख की तलाश की जा रही थी। इनमें खान, ठाकुर और सेन इन तीन नामों का पैनल बनाकर वन विभाग ने मुख्यमंत्री को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे पहले मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में नए वन बल प्रमुख के चयन के लिए बैठक की गई थी।   नजरअंदाज कर जूनियर को सौंपी कमान वन विभाग में वन बल प्रमुख सबसे वरिष्ठतम अधिकारी को ही बनाया जाता है। इस हिसाब से वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान और उनके बाद पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार बिभाष कुमार ठाकुर वन बल प्रमुख बनने की वरिष्ठता रखते हैं। लेकिन पहली बार वरिष्ठता को नजरअंदाज कर खान और ठाकुर से जूनियर सेन को वन बल प्रमुख की कमान सौंपी है। अब चूंकि सेन की नियुक्त हो गई है तो ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में बदलाव किया जा सकता है, उन्हें पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार से हटाना पड़ेगा। वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम के प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। समीता राजौरा बनाई जा सकती हैं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक वरिष्ठता के आधार पर 1992 बैच की आईएफएस अधिकारी समीता राजौरा मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाई जा सकती हैं। वह वन्यप्राणी शाखा में काम करने की इच्छुक भी हैं। वर्तमान में वह मप्र राज्य लघुवनोपज संघ की प्रबंध संचालक हैं। इधर, राज्य वन विकास निगम की प्रबंध संचालक एवं एसपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है।

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