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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में मध्यप्रदेश करेगा एआई-सक्षम शासन और डीप-टेक नवाचारों का प्रदर्शन

नई दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा ‘मध्यप्रदेश पैवेलियन’ स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण और शहरी प्रबंधन में एआई समाधान होंगे प्रस्तुत भोपाल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। समिट में प्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग “मध्यप्रदेश पैवेलियन” स्थापित कर राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा। प्रदर्शनी हॉल-4, प्रथम तल, बूथ क्रमांक 4F32 एवं 4F34 में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित होगी। मध्यप्रदेश पैवेलियन में एआई-सक्षम शासन मॉडल, डीप-टेक नवाचारों और स्टार्टअप आधारित समाधानों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। यह सहभागिता 15 जनवरी 2026 को भोपाल में आयोजित रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस के बाद हो रही है, जहाँ प्रदेश ने शासन, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी तंत्र और औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया था। समिट में प्रदेश के चार प्रमुख शासकीय विभागों द्वारा एआई के व्यावहारिक उपयोग प्रस्तुत किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा टीबी जोखिम पूर्वानुमान के लिए पीएटीओ, एआई आधारित मल्टीमॉडल टीबी स्क्रीनिंग के लिए सीएटीबी, मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य के लिए संवादात्मक एआई आधारित सुमन सखी और शासकीय अस्पतालों में निदान दक्षता बढ़ाने के लिए एआई-सहायित रेडियोलॉजी निर्णय समर्थन पायलट प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा के लिए एआई-चालित जिला प्रदर्शन प्रतिवेदन प्रणाली प्रस्तुत करेगा, जो लाइव एपीआई डेटा को केपीआई बेंचमार्किंग, अपवाद पहचान और ब्लॉक एवं पंचायत स्तर तक एआई-जनित अंतर्दृष्टियों में परिवर्तित कर जमीनी स्तर पर योजना निर्माण और पारदर्शिता को सुदृढ़ बनाती है। शहरी प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा एमपी अर्बन लॉकर, जेनरेटिव एआई आधारित जीआईएस गरुड़ लैब, एआई-सक्षम फ्लीट एवं ईंधन प्रबंधन प्रणाली और ई-नगर पालिका एकीकरण ढांचा प्रदर्शित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड होलोग्राफिक डिस्प्ले, महाकाल दर्शन अनुभव, इंटरैक्टिव डिजिटल कियोस्क और वीआर आधारित 360 डिग्री पर्यटन सहभागिता उपकरण प्रस्तुत करेगा, जो पर्यटन प्रोत्साहन के लिए उन्नत डिजिटल इंटरफेस को दर्शाते हैं। पैवेलियन में एमपीएसईडीसी की एआई पहलों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। ये पहलें संप्रभु एआई, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और एआई, डीप-टेक, एवीजीसी-एक्सआर, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक एवं औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन को रेखांकित करती हैं।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित अन्य नवाचार केंद्रों से स्टार्टअप्स उत्पादन-तैयार एआई समाधान प्रस्तुत करेंगे। इनमें संप्रभु एआई प्लेटफॉर्म, बहुभाषी डिजिटल अवतार, टेली-फिजियोथेरेपी उपकरण, वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए एआई एजेंट, औद्योगिक पूर्वानुमान एवं डिजिटल ट्विन, एआई आधारित कृषि समाधान, फसल निदान प्रणाली, रोबोटिक्स और जेनेरेटिव एआई आधारित सृजनात्मक तकनीक शामिल हैं। भारत मंडपम, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश पैवेलियन में सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक स्वचालन, शिक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों को समाहित करते हुए राज्य के समग्र एआई पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करेगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश एआई आधारित शासन एवं आर्थिक परिवर्तन की दिशा में अग्रसर होते हुए स्वयं को टियर-2 प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर रहा है।  

अब AI कंटेंट पोस्ट करना नहीं होगा आसान, केंद्र सरकार करने जा रही है IT कानून में बड़ा बदलाव

 इंदौर इंटरनेट मीडिया पर एआई टूल्स के जरिए फोटो, वीडियो और टेक्स्ट बनाकर पोस्ट करना अब पहले जितना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार 20 फरवरी से नए आईटी नियम लागू करने जा रही है, जिनका मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता बढ़ाना और डीपफेक तथा फर्जी सामग्री पर रोक लगाना है। AI कंटेंट की जानकारी देना होगी अनिवार्य नई व्यवस्था के तहत यदि कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किया गया है या उसमें किसी व्यक्ति की शक्ल, आवाज या घटना को बदला गया है, तो पोस्ट करते समय इसकी स्पष्ट जानकारी देना जरूरी होगा। इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट और दिखाई देने वाला लेबल भी लगाएंगे, ताकि दर्शकों को तुरंत पता चल सके कि सामग्री वास्तविक नहीं है। सामान्य एडिटिंग पर नहीं लागू होगा नियम सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य संपादन कार्य इन नियमों के दायरे में नहीं आएंगे। जैसे- फिल्टर लगाना, रंग सुधारना, अनुवाद करना, शोर हटाना या प्रस्तुति तैयार करना ‘सिंथेटिक कंटेंट’ नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में अलग से घोषणा करना आवश्यक नहीं होगा। AI उपयोग की सीमा तय आम यूजर, कंटेंट क्रिएटर और छोटे कारोबारी एआई का इस्तेमाल डिजाइन, लेखन, पोस्टर निर्माण, अनुवाद या सामान्य एडिटिंग जैसे कार्यों में कर सकेंगे। लेकिन किसी की फोटो या आवाज बदलकर फर्जी वीडियो बनाना, पहचान का दुरुपयोग करना, फेक न्यूज या नकली दस्तावेज तैयार करना और बिना अनुमति निजी या आपत्तिजनक सामग्री बनाना सीधे अपराध माना जाएगा। डीपफेक पर कड़ी नजर सरकार का मानना है कि AI के दुरुपयोग से गलत सूचना तेजी से फैल रही है। इसलिए नए नियमों के जरिए लोगों को वास्तविक और कृत्रिम सामग्री में अंतर समझाने तथा डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

राज्यपाल पटेल से केरल राज्य के पार्षदगणों ने की मुलाकात

राजधानी के स्वच्छता प्रबंधन कार्यों की सराहना की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से रविवार को लोकभवन में केरल राज्य के विभिन्न स्थानीय निकायों के पार्षद एवं जनप्रतिनिधियों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल पटेल ने सभी का आत्मीय स्वागत कर परिचय प्राप्त किया। उनके क्षेत्र के राजनैतिक और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आए केरल के जनप्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करें। प्रदेश सरकार के अनुकरणीय नवाचारों और भ्रमण के अनुभवों को अपने क्षेत्रों में जनकल्याणकारी और विकासात्मक कार्यों  में लागू करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी से स्थानीय शासन को और अधिक प्रभावी बनाएं। हमेशा गरीब, वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा के संकल्प का पालन करें। राज्यपाल पटेल से केरल के जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश भ्रमण के अनुभव साझा किए। देश की स्वच्छतम राजधानी के रूप में भोपाल के सफ़ाई प्रबन्धन की सराहना की। प्रदेश के जल प्रबन्धन, स्मार्ट सिटी परियोजना, कचरा निस्तारण, सौर ऊर्जा आदि की चर्चा की। शिष्टाचार भेंट कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी और प्रदेश में निवासरत मलयाली समाज के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

महाशिवरात्रि पर बड़ा हादसा: नर्मदा नदी में डूबा 15 वर्षीय ओम, बचाव अभियान तेज

नरसिंहपुर ठेमी थाना अंतर्गत ग्राम महादेव पिपरिया स्थित नर्मदा नदी में स्नान के दौरान एक 15 वर्षीय बालक डूबकर लापता हो गया। घटना रविवार को महाशिवरात्रि के दिन की है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान व दर्शन के लिए पहुंचे थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल कॉलोनी जबलपुर निवासी टीकाराम राजोरिया अपने पुत्र ओम राजोरिया के साथ ग्राम बड़गवा में रिश्तेदार के यहां आए थे। महाशिवरात्रि के अवसर पर दोनों महादेव पिपरिया स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। सुबह लगभग 11.30 बजे पिता-पुत्र नर्मदा नदी में स्नान कर रहे थे। स्नान के बाद टीकाराम मंदिर में स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए चले गए, जबकि ओम नदी में ही नहाता रहा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ओम गहरे पानी में चला गया और डूब गया।   भीड़ अधिक होने के कारण अधिकांश लोगों को तत्काल घटना की जानकारी नहीं लग सकी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा शोर मचाने पर लोगों का ध्यान इस ओर गया। स्थानीय गोताखोरों और मौजूद लोगों ने नदी में गोता लगाकर बालक की तलाश की, परंतु सफलता नहीं मिल सकी।   जब पिता को घटना की जानकारी मिली तो वे व्याकुल हो उठे। सूचना मिलने पर पुलिस और होमगार्ड तैराक दल मौके पर पहुंचा और बालक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। शाम 5 बजे तक बालक का कोई सुराग नहीं लग सका था। ठेमी थाना प्रभारी प्रीति मिश्रा ने बताया कि रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार तलाश की जा रही है। नदी में पानी का बहाव अधिक होने के कारण खोज कार्य में कठिनाई आ रही है।

आस्था पर हमला: खजराना मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश, सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में

इंदौर शहर के आस्था के प्रमुख केंद्र खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश की घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को मंदिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, अनाधिकृत प्रवेश के लिए दबाव बनाने वाले आकाश रावत पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इंटरनेट मीडिया में खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में बदमाश सतीश भाऊ के प्रवेश का वीडियो शनिवार को बहुप्रसारित हुआ, जबकि गर्भगृह में प्रवेश करना प्रतिबंधित है। मामले को कलेक्टर शिवम वर्मा ने संज्ञान में लेकर सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई तो 11 फरवरी की शाम करीब 7.41 से 7.45 बजे के बीच कुछ व्यक्तियों के गर्भगृह में प्रवेश की पुष्टि हुई। जांच में क्या निकला जांच में सामने आया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने चैनल गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बातचीत की, जिसके बाद गेट खोला गया। उस दौरान ड्यूटी पर मौजूद एजेंसी की सुरक्षा गार्ड ज्योति वरुण ने जांच में बताया कि आकाश ने ही दबाव बनाकर गर्भगृह में प्रवेश दिलाया था। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही बालाजी सिक्युरिटी सर्विस के गार्ड ज्योति वरुण की भूमिका लापरवाहीपूर्ण पाई गई, इसलिए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा और केवल विशेष परिस्थितियों में पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा। पुजारी अशोक भट्ट का कहना है कि मंदिर में सभी श्रद्धालुओं से समानता का व्यवहार किया जाता है, पूर्व अनुमति से ही गर्भगृह में प्रवेश किया जा सकता है। अनाधिकृत प्रवेश पर निगरानी रखी जाएगी और श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा। पहले भी सामने आए हैं वीडियो गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद अनाधिकृत प्रवेश के वीडियो पहले भी सामने आते रहे हैं। विधायक गोलू शुक्ला के बेटे के विवाह के बाद गर्भगृह में पूजन का वीडियो सामने आया था। उस दौरान भी हंगामा हुआ था, लेकिन प्रशासन ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।

राज्यपाल पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की सौजन्य भेंट

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को लोकभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का तोमर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल पटेल को विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने 16 फ़रवरी से प्रारम्भ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के अभिभाषण के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर विभिन्न विषयों पर पारस्परिक चर्चा हुई।

MP हाईकोर्ट में गरमाया रज्जाक मामला, NSA लगाने पर सरकार का बयान; विधायक ने उठाए सवाल

 जबलपुर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की युगलपीठ न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति आरके वाणी के समक्ष जबलपुर निवासी अब्दुल रज्जाक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने स्पष्ट किया कि याचिका दायर किए जाने की तारीख तक रज्जाक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। राज्य सरकार का पक्ष राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता एचएस रूपराह ने अदालत को बताया कि रज्जाक की पत्नी सुबीना बेगम पहले अपनी याचिका वापस ले चुकी हैं। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता वर्तमान में जिस आपराधिक मामले में जेल में है, उसमें उसे नियमित जमानत के लिए आवेदन करना चाहिए। साथ ही, वह चाहें तो संबंधित आपराधिक कार्रवाई को निरस्त करने की मांग भी कर सकते हैं। याचिकाकर्ता की दलील रज्जाक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली ने राज्य सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय मांगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित कर दी। विधायक पर लगाए गए आरोप मामले में अब्दुल रज्जाक ने विधायक संजय पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके विरुद्ध दर्ज कई मामलों में अभी तक अंतिम रिपोर्ट दाखिल नहीं हुई है। गिरफ्तारी को बताया प्रक्रिया का दुरुपयोग रज्जाक का आरोप है कि एक मामले में जमानत मिलते ही दूसरे प्रकरण में गिरफ्तारी दिखा दी जाती है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया के साथ छल बताया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना

शिव भक्तों के साथ मनाया महाशिवरात्रि पर्व भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर भोपाल के प्राचीन बड़वाले महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों को महाशिवरात्रि की बधाई देते हुए सभी के साथ महाशिवरात्रि पर्व मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। वे महाशिवरात्रि पर्व पर शिवभक्तगणों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस बैंड के सदस्यों सहित अनेक युवाओं ने डमरू दल के साथ पारम्परिक प्रस्तुति दी। शिव बारात का रथ खींचा मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिव बारात को रवाना किया और बारात का रथ भी खींचा। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकगण उत्साह, उमंग से बारात में शामिल हुए। इस दौरान हर-हर महादेव और जय महाकाल के सामूहिक स्वर से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। महाशिवरात्रि के कार्यक्रम और शिव बारात में अनेक जनप्रतिनिधि और शिव भक्त भी शामिल हुए। इनमें सांसद श्री आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविंद्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित महाशिवरात्रि पर्व आयोजन समिति के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. शंभूदयाल गुरु के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. शंभुदयाल गुरु के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. गुरु ने संचालक गजेटियर सहित अन्य महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। मध्यप्रदेश से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों के संरक्षण और पुराने ग्रंथों के पुनर्प्रकाशन के लिए उन्होंने विशेष योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. डॉ. गुरु की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।  

भोपाल की फैक्ट्री में लगी भीषण आग: आसमान में उठता धुआं, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद

भोपाल राजधानी के कस्तूरबा नगर स्थित चेतक ब्रिज के पास रविवार दोपहर करीब सवा चार बजे एक फर्नीचर की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जो करीब सात से आठ किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। उस धुंए का देखकर हर किसी के मन में यही बात उठ रही थी कि इतनी भीषण आग कहां लग गई। फायर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार आग पर काबू पाने के लिए दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत कर रही है। दमकल कर्मियों के सामने खड़ी हो गई चुनौती चूंकि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी और फर्नीचर का सामान रखा था, इसलिए आग की ऊंची लपटों ने दमकल कर्मियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। फिलहाल हादसे में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और निगम की दमकलें एक के बाद एक मौके पर पहुंच रही हैं।

हवा में लहराया CM मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, कुछ देर के लिए थम गई सांसें

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की उड़ान के दौरान कुल पल के लिए तब लोगों की सांसें थम गईं जब टेक ऑफ के तुरंत बाद यह आगे बढ़ने की बजाए पीछे हटने लगा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोग सीएम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए थे। यह घटना हाल ही में तब हुई जब CM मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना में लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। खंडवा के पंधाना में उड़ान भरने के दौरान अचानक मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर आगे जाने के बजाय पीछे और नीचे की ओर झुकने लगा। यह सीन देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी घबरा गए लेकिन पायलट ने सूझबूझ से हेलीकॉप्टर को संभाल लिया। आखिरकार हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से हवा में संतुलित कर जब आगे अपने सफर के लिए रवाना हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।

धर्म और परंपरा का नया अध्याय: महाशिवरात्रि पर भोपाल में किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक

 भोपाल महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी भोपाल में आयोजित किन्नर धर्म सम्मेलन में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस भव्य आयोजन में हिमांगी सखी को देश की पहली किन्नर शंकराचार्य के रूप में घोषित कर उनका पट्टाभिषेक किया गया। पुष्कर पीठ से संभालेंगी कमान किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह ऐतिहासिक घोषणा की गई। हिमांगी सखी राजस्थान के पुष्कर पीठ को देश की पहली किन्नर शंकराचार्य पीठ के रूप में संभालेंगी। मूल रूप से मुंबई निवासी हिमांगी सखी ‘मां वैष्णो किन्नर अखाड़ा’ की प्रमुख हैं और वे पहली किन्नर भागवत कथा वाचक भी हैं। 60 किन्नरों की हिंदू धर्म में वापसी सम्मेलन के दौरान एक बड़ा दावा किया गया कि विभिन्न कारणों से धर्म परिवर्तन कर चुके 60 किन्नरों की ‘घर वापसी’ कराई गई है। आयोजकों ने बताया कि मुस्लिम धर्म अपना चुके इन किन्नरों ने शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया है। नए जगद्गुरु और महामंडलेश्वरों की नियुक्ति सम्मेलन में किन्नर समुदाय के धार्मिक नेतृत्व को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की गईं…     घोषित जगद्गुरु: काजल ठाकुर (भोपाल), तनीषा (राजस्थान), संजना (भोपाल), संचिता (महाराष्ट्र)।     घोषित महामंडलेश्वर: सरिता भार्गव, मंजू, पलपल, रानी ठाकुर, सागर। यह सम्मेलन किन्नर समुदाय के भीतर चल रहे गद्दी विवाद और धर्म परिवर्तन के आरोपों के बीच आयोजित किया गया, जिसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

धार्मिक विरासत की मिसाल: क्यों नेपाल से भी खास है मंदसौर की अष्टमुखी पशुपतिनाथ प्रतिमा

 मंदसौर मंदसौर में शिवना तट पर विराजे अष्टमुखी श्री पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का सौंदर्य अपने-आप में अनूठा है। नेपाल के पशुपतिनाथ में चार मुख की मूर्ति है, जबकि मंदसौर में मूर्ति अष्टमुखी है और अभी तक ज्ञात इतिहास में यह विश्व की एकमात्र अष्टमुखी मूर्ति है। पशुपतिनाथ महादेव की मूर्ति लगभग 1500 वर्ष पुरानी है। और 85 बरस पहले शिवना नदी से ही निकली थी। 19 जून 1940 को शिवना नदी से बाहर आने के बाद 21 साल तक भगवान पशुपतिनाथ की मूर्ति नदी के तट पर ही रखी रही। मूर्ति को नदी से बाहर निकलने के बाद चैतन्य आश्रम के स्वामी प्रत्यक्षानंदजी महाराज ने 23 नवंबर 1961 को प्राण प्रतिष्ठा की। 27 नवंबर को मूर्ति का नामकरण श्री पशुपतिनाथ महादेव किया गया। इसके बाद मंदिर निर्माण हुआ। सावन में यहां डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। मुख्य आकर्षण श्रावण में पूरे माह होने वाला मनोकामना अभिषेक है। और अब तो यहां पशुपतिनाथ लोक बनने से पूरा परिसर आकर्षक बन गया है। 101 फीट ऊंचे मंदिर शिखर पर 100 किलो वजनी कलश स्थापित है जिस पर 51 तोला सोने की परत चढ़ाई गई है। शैव धर्म की 6 प्रमुख परंपराओं में से एक मंदसौर का पशुपतिनाथ महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित हिंदू मंदिर है। यह पशुपतिनाथ परंपरा से संबंधित है जो शैव धर्म के भीतर 6 प्रमुख परंपराओं में से एक है। शिलालेखों के आधार पर मंदिर की मूर्ति 5वीं या 6ठी शताब्दी की है। प्राचीन समय में इस स्थल को दशपुर कहते थे। यह मालवा के ऐतिहासिक क्षेत्र में राजस्थान की सीमा के पास इंदौर से लगभग 200 किमी, उदयगिरि गुफाओं से लगभग 340 किमी पश्चिम में और शामलाजी प्राचीन स्थलों से लगभग 220 किलोमीटर पूर्व में है। दोनों ही गुप्त साम्राज्य युग की पुरातात्विक खोजों के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। शिवना से प्रकटे अष्टमुखी महादेव माना जाता है कि प्रतिमा का निर्माण विक्रम संवत 575 ई. में सम्राट यशोधर्मन की हूणों पर विजय के आसपास का है। संभवत: मूर्ति भंजकों से रक्षा के लिए इसे शिवना नदी में दबा दिया गया था। अनुमान के अनुसार अज्ञात कलाकार ने प्रतिमा के ऊपर के चार मुख पूरी तरह बना दिए थे, जबकि नीचे के चार मुख निर्माणाधीन थे। श्री पशुपतिनाथ महादेव मूर्ति की तुलना नेपाल के काठमांडू स्थित श्री पशुपतिनाथ से की जाती है। मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति अष्टमुखी है। जबकि नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति चार मुखी है। मूर्ति में बाल्यावस्था, युवावस्था, अधेड़ावस्था व वृद्धावस्था के दर्शन होते हैं। इसमें चारों दिशाओं में एक के ऊपर एक दो शीर्ष हैं। प्रतिमा में गंगावतरण जैसी दिखाई देने वाली सफेद धारियां हैं। प्रतिमा की विशेषता मुख 8, ऊंचाई 7.3 फीट, गोलाई 11.3 फीट, वजन 6 क्विंटल अष्टमुख की विशेषता प्रतिमा के आठों मुखों का नामकरण भगवान शिव के अष्ट तत्व के अनुसार है। हर मुख के भाव व जीवन काल भी अलग-अलग हैं। 1 – शर्व, 2 – भव, 3 – रुद्र, 4 – उग्र, 5 – भीम, 6 – पशुपति, 7 – ईशान और 8 – महादेव। कैसे पहुंचें मंदसौर रेल सेवाएं – जयपुर-इंदौर रेलमार्ग पर मंदसौर प्रमुख स्टेशन है। और मुंबई, इंदौर, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, बड़ौदा, सूरत, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, उदयपुर, मथुरा, भोपाल, नागपुर, हिसार, जोधपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों से सीधी रेल सेवा उपलब्ध है। बस सेवाएं – मंदसौर महू-नसीराबाद राजमार्ग पर स्थित है। मंदसौर से महज 30 किमी दूर से मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस वे भी निकल रहा है। सभी प्रमुख शहरों से सीधी बस सेवाएं भी उपलब्ध हैं। निकटतम हवाई अड्डा – इंदौर (220 किमी), उदयपुर (190 किमी) मंदसौर में 25 करोड़ से ‘पशुपतिनाथ लोक’ तैयार श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में पशुपतिनाथ लोक का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। मंदिर के सभा हाल से लेकर पुराने पार्किंग स्थल तक पूरे परिसर में 25 करोड़ रुपये में पर्यटन विकास निगम ने कायाकल्प कर दिया है। मंदिर परिसर में पुराने खंभों पर भी लाल पत्थर का कार्य हो चुका है। माली धर्मशाला व उसके आस-पास बने भवन भी तोड़कर यहां ओपन थियेटर बना दिया गया है। मंदिर के आसपास दीवारों पर लगे लाल पत्थरों पर शिव लीलाएं उकेरी गई हैं।

मासूम बच्चियों को डायल 112 के जवानों ने परिजनों से मिलाया

ऑटो से उतरने के बाद मां से बिछड़ गई थी एक और तीन साल की बच्चियां भोपाल सागर जिले के थाना मोतीनगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता, मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही ने दो मासूम बच्चियों को सुरक्षित उनके माता-पिता से मिलाया है। सड़क पर लावारिस अवस्था में भटकती लगभग 1 वर्ष एवं 3 वर्ष आयु की दो बच्चियों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर, डायल-112 टीम ने जिस धैर्य, समझदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया, वह सेवा और करुणा का अनुकरणीय उदाहरण है।  जानकारी के अनुसार इस संबंध में राज्य स्तरीय डायल-112 कंट्रोल रूम भोपाल को सूचना प्राप्त हुई, जिसके तत्काल बाद थाना मोतीनगर क्षेत्र में तैनात एफआरव्ही वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षक अभय विनोदिया एवं पायलट अनिकेत दुबे ने मौके पर पहुंचकर दोनों मासूम बच्चियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। टीम द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता, धैर्य और अपनत्व के साथ बच्चियों से संवाद किया गया।जिसके परिणामस्वरूप 3 वर्षीय बच्ची ने अपने परिजन का नाम बताया। इस जानकारी के आधार पर डायल-112 टीम ने आसपास के क्षेत्र में सक्रियता से पूछताछ करते हुए परिजनों की तलाश प्रारंभ की। लगातार प्रयासों और सतर्क खोज के बाद बच्चियों के माता-पिता का पता लगाया और उन्हें तत्काल मौके पर बुलाया। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बच्चियां अपनी माता के साथ थीं, लेकिन ऑटो में पर्स छूट जाने के कारण वे उसे लेने पीछे चली गई।इसी दौरान बच्चियां ठेले वाले के पास खड़ी रहीं और मां को तलाशते हुए आगे निकल गईं, जिससे वे एक-दूसरे से बिछड़ गईं। जवानों ने पहचान एवं सत्यापन उपरांत दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके माता-पिता के सुपुर्द किया। डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना संदेश देती है कि मध्यप्रदेश पुलिस केवल कानून-व्यवस्था की प्रहरी नहीं, बल्कि हर संकट में आमजन की सुरक्षा, संवेदनशीलता और भरोसे की मजबूत ढाल है।

प्रथम वर्ष के चार विद्यार्थी होंगे निष्कासित, इंदौर में आईईटी में रैगिंग के लिए उकसाया

इंदौर. इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) ने रैगिंग को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसमें प्रथम वर्ष के चार विद्यार्थियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इन्हें सीनियर को रैगिंग दिए जाने को लेकर सहपाठियों पर दबाव बनाने का दोषी पाया गया है। एंटी रैगिंग कमेटी (एआरसी) ने चार विद्यार्थियों को कोर्स से बाहर करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में निष्कासन की अनुशंसा की गई है। जबकि 11 विद्यार्थियों को हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है। इन पर अर्थदंड भी लगाया गया है। रैगिंग की रिपोर्ट कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को भेज दी गई। करीब दो सप्ताह पहले प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थियों ने रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया गया था कि डी हॉस्टल में कुछ छात्र जूनियर्स पर दबाव बनाते हैं। आरोप था कि उन्हें सीनियर्स के पास जाकर जबरन परिचय देने के लिए उकसाया जाता है। इतना ही नहीं, सिगरेट पीने के लिए भी मजबूर किया जाता है। बैच आउट कर दिया जाता है इन्कार करने पर विद्यार्थियों को ‘बैच आउट’ कर दिया जाता है। ‘बैच आउट’ यानी ऐसे विद्यार्थियों को सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से दूर रखा जाता है। उन्हें सीनियर्स के सामने सिर झुकाकर और हाथ जोड़कर बात करने को कहा जाता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संस्थान ने तुरंत जांच शुरू कर दी। शिकायत के अलावा एंटी रैगिंग कमेटी ने ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच की। इसमें प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थी अपने सहपाठियों को रैगिंग देने के लिए उकसाते हुए पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भी इस पूरे मामले में शामिल थे। करीब दो सप्ताह की जांच के बाद कमेटी ने करीब 15 विद्यार्थियों को दोषी पाया। इनमें से चार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों पर गंभीर आरोप साबित हुए। कमेटी ने इन्हें बीटेक कोर्स से बाहर करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को भेज दी गई है। अगले सप्ताह इस मुद्दे पर बैठक बुलाई गई है, जिसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा। जुर्माना भी लगाया बीटेक के प्रथम व द्वितीय वर्ष के आठ विद्यार्थी ऐसे हैं, जो रैगिंग का समर्थन करते हैं। इन पर भी कमेटी ने सख्त कार्रवाई की है। भले ही इन्हें कोर्स से बाहर नहीं किया गया है, मगर इन विद्यार्थियों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर विद्यार्थियों को अर्थदंड की राशि जमा करना है। समयावधि निकलने के बाद विद्यार्थियों पर अर्थदंड के साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रतिदिन 100 रुपये रखा गया है। तीन विद्यार्थियों को पूर्व में भी रैगिंग में शामिल होना पाया गया था। इन पर दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है और कैम्पस प्लेसमेंट की गतिविधियों से बाहर कर दिया गया है। यूजीसी को भी भेजी रिपोर्ट आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बसंल का कहना है कि रैगिंग को लेकर कमेटी ने रिपोर्ट तैयार की है। चार विद्यार्थियों को कोर्स से बाहर करने की अनुशंसा की है। कुछ विद्यार्थियों को हॉस्टल और प्लेसमेंट से बाहर किया गया है। कुलगुरु और यूजीसी को रिपोर्ट भेज दी गई है। विश्वविद्यालय के अब फैसले के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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