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नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय

नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय बड़वानी जिला शिक्षा केंद्र में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के प्रभार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कलेक्टर जयति सिंह द्वारा लिया गया निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तरह नियमसम्मत और पारदर्शी बताया जा रहा है। पूर्व डीपीसी प्रमोद शर्मा के स्थानांतरण उपरांत प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सहायक परियोजना समन्वयक अशरफ खान को डीपीसी का अस्थायी प्रभार सौंपा गया है। श्री खान बीते 12 वर्षों से शिक्षा विभाग में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं और जिला शिक्षा केंद्र की योजनाओं एवं व्यवस्थाओं का व्यापक अनुभव रखते हैं।  प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम कलेक्टर ने 11 फरवरी को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थायी नियुक्ति हेतु भोपाल स्तर पर पत्राचार किया गया है। ऐसे में विभागीय कार्यों में बाधा न आए, योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से चलता रहे तथा विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिले—इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया।    अनुभव और वरिष्ठता का सम्मान सूत्रों के अनुसार, श्री खान लंबे समय से सहायक परियोजना समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और उसके पूर्व में भी 2001 में भी डीपीसी का प्रभार संभाल चुके है प्रदेश के कई जिलों में शिक्षाकर्मी वर्ग एक को प्रभारी डीपीसी  बनाया गया है, जिले की शैक्षणिक योजनाओं, बजट प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वरिष्ठता क्रम और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रभार सौंपना व्यावहारिक निर्णय माना जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता – कार्य में निरंतरता कलेक्टर जयति सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखना है। स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। शिक्षा जगत से जुड़े कई लोगों का मानना है कि अनुभवी अधिकारी को प्रभार दिए जाने से विभागीय कार्यों में गति आएगी और लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा सकेगा। समग्र रूप से यह निर्णय प्रशासनिक विवेक, अनुभव और कार्य निरंतरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया संतुलित कदम माना जा रहा है।

कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में 80 हजार का मोबाइल चोरी

कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में 80 हजार का मोबाइल चोरी   मासूम बच्चे के गले से सोने की हाय छीनकर भागा बदमाश  भोपाल  राजधानी से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों में मोबाइल और सामान चोरी तथा झपटमारी का सिलसिला जारी है।कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में एक व्यक्ति का 80 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन चोरी हो गया। इसी प्रकार कई अन्य यात्रियों के मोबाइल फोन तथा अन्य सामान चोरी चला गया।इधर पिता की गोद में मौजूद एक मासूम बच्चे के गले से बदमाश सोने की हाय खींचकर भाग निकला। जीआरपी ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार फरियादी मो. सलीम (58) हीरापुर जिला शाजापुर के रहने वाले हैं। पिछले दिनों वह कुशीनगर एक्सप्रेस के एसी कोच में बस्ती से भोपाल का सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान वह अपना मोबाइल फोन सीट पर रखाकर शौचालय चले गए थे। कुछ देर बाद वापस लौटे तो उनका सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन गायब था। आसपास तलाश करने के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला तो उन्होंने जीआरपी पहुंचकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चोरी गए मोबाइल की कीमत अस्सी हजार रुपये बताई गई है। इधर फरियादी रविंद्र आनंद कर्नाटका एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में रेलवे स्टेशन नई दिल्ली से बैंगलोर का सफर कर रहे थे। भोपाल स्टेशन से ट्रेन चलने के बाद देखा तो उनका एक मोबाइल फोन चोरी हो चुका था। इसी प्रकार रीवा निवासी कुलदीप मिश्रा रीवांचल एक्सप्रेस के पीछे वाले जनरल कोच में रेलवे स्टेशन दमोह से रानी कमलापति की यात्रा कर रहे थे। बीना रेलवे स्टेशन के आसपास उन्होंने अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पाइंट पर लगाया और सो गए। रानी कमलापति स्टेशन आने पर उनकी नींद खुली तो चार्जिंग पाइंट पर लगा मोबाइल फोन चोरी हो चुका था। चोरी गए मोबाइल की कीमत 14 हजार रुपये बताई गई है। आसपास तलाश करने के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला तो उन्होंने जीआरपी पहुंचकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।  बच्चे के गले से खींची सोने की हाय  फरियादी संतोष लोधी भानपुर भोपाल के रहने वाले हैं। गत दिवस वह भोपाल आने के लिए बीना रेलवे स्टेशन पर मेमो ट्रेन में सफर कर रहे थे। वह अपने दो साल के मासूम बच्चे को गोद में लिए हुए थे। ट्रेन में सवार होते समय अज्ञात बदमाश ने उनके बच्चे के गले पर झपट्टा मारकर सोने की हाय खींच ली और भाग निकला। लूटी गई हाय की कीमत करीब 11 हजार रुपए बताई गई है। इधर छत्तीसगढ़ में एक व्यक्ति सहारनपुर से मुलताई की यात्रा कर रहा था। उसने अपने वेल्डिंग के सामान को एक बोरी में भरकर सीट के नीचे रखा था। भोपाल स्टेशन आने से करीब दस मिनट पहले देखा तो सीट के नीचे रखी बोरी गायब थी। आसपास तलाश करने के बाद भी जब बोरी और सामान को कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने जीआरपी पहुंचकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चोरी गए सामान की कीमत करीब 15 हजार रुपए बताई गई है।

MP विधानसभा का बजट सत्र: भागीरथपुरा कांड पर कांग्रेस ने मचाया हंगामा, सदन की कार्यवाही कल तक स्थगित

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र (Madhya Pradesh budget 2026-27) सोमवार को शुरू होते ही हंगामें की भेंट चढ़ गया। राज्यपाल के अभिभाषण में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लोगों की हुई मौत का उल्लेख ना होने पर कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। सोमवार को जैसे ही राज्यपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण शुरू हुआ, उसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस के सभी विधानसभा सदस्य सदन में खड़े होकर विरोध करने लगे। सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कांग्रेस विधायक इंदौर के भागीरथपुरा कांड का राज्यपाल के अभिभाषण में उल्लेख नहीं होने से नाराज दिखे और हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस सदस्यों का हंगामा बढ़ता देख राज्यपाल ने सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हालांकि इस बात का पहले से अनुमान लगाया जा रहा था कि इस 12 बैठकों वाले सत्र में इंदौर के दूषित जल कांड, जहरीले कफ सीरप और सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की अशालीन टिप्पणी पर कार्रवाई न होने, कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा हो सकता है। दस स्थगन, 236 ध्यानाकर्षण की सूचना बजट सत्र के लिए विधायकों ने 1,750 तारांकित और 1,728 अतारांकित प्रश्न लगाए हैं। 10 स्थगन, 236 ध्यानाकर्षण, 41 अशासकीय संकल्प और 83 शून्यकाल की सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुई हैं। उधर, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा सहित सचिवालय के अधिकारियों के साथ विधानसभा की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा-व्यवस्था चाकचौबंद रहे। प्रवेश पत्र के माध्यम से ही प्रवेश हो। कांग्रेस ने बुलाई विधायक दल की बैठक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई थी। सूत्रों के अनुसार इसमें सरकार को घेरने के लिए इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों, बेरोजगारी, एससी-एसटी वर्ग पर बढ़ते अत्याचार, ड्रग्स के मामले, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते कर्ज सहित सदन में उठाए जाने वाले अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।  

डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का निधन, फर्जी दान-पत्र जांच में 60 करोड़ की संपत्ति का फैसला अभी बाकी

जबलपुर जबलपुर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से चिकित्सा जगत और शहर में शोक की लहर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के उपरांत पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज (एमसीएच) के फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। राइट टाउन निवासी डॉ. श्रीवास्तव को करीब एक माह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी तबीयत में सुधार भी हुआ था, लेकिन रविवार को अचानक उनका निधन हो गया। उनके पति और बेटे का पहले ही देहांत हो चुका था। संपत्ति हड़पने के आरोप में डॉ. सुमित जैन, पत्नी प्राची जैन, उनकी बहन व जीजा पर मामला दर्ज है। डॉ. श्रीवास्तव की संपत्ति पर कई दावे एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में हेमलता श्रीवास्तव का पोस्टमॉर्टम किया गया। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर जब उन्हें कार से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी उनकी करोड़ों की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई, जिस पर अलग-अलग लोग दावा कर रहे हैं। डॉ. सुमित जैन के अनुसार 14 जनवरी को उनके जन्मदिन पर हेमलता उनके साथ थीं, जबकि इससे 12 दिन पहले 2 जनवरी को उन्होंने अपनी इच्छा से करीब 11 हजार वर्गफीट जमीन ससुर और बेटे के नाम मेमोरियल अस्पताल के लिए दान की थी। गायत्री मंदिर ट्रस्ट किया था दान करने का दावा इधर गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने भी करोड़ों की संपत्ति को लेकर दावा किया है कि हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी छोटी बहन कनक लता मिश्रा के सामने इच्छा जताई थी कि वे अपनी पूरी संपत्ति ट्रस्ट को देना चाहती हैं। हालांकि, इस मामले में आईएमए भी हस्तक्षेप कर चुका है। हेमलता श्रीवास्तव की छोटी बहन शांति तिवारी, जो छत्तीसगढ़ में रहती हैं, उन्हें सूचना दे दी गई है। उनके जबलपुर पहुंचने के बाद सोमवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में रानीताल मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा। बयान में फर्जीवाड़े का जिक्र किया था डॉ. हेमलता की 60 करोड़ रुपए मूल्य की 11 हजार वर्गफीट संपत्ति के विवाद के बीच जनवरी में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने उनका रेस्क्यू कर उन्हें मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था। स्वस्थ होने पर उन्होंने बयान में कहा था कि गलत जानकारी देकर दान-पत्र लिखवाकर रजिस्टर्ड कराया गया। मामले में डॉक्टर दंपती, रजिस्ट्रार व अन्य की भूमिका की जांच जारी है। प्रताड़ना और जबरन दस्तावेज लिखवाने के आरोप इस पूरे मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। IMA का कहना है कि सीनियर लेडी डॉक्टर को संपत्ति के लिए प्रताड़ित किया गया और उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद रजिस्ट्री और दान-पत्र लिखवाए गए। 12 जनवरी को जन्मदिन पर केक काटा, 14 को तबीयत बिगड़ी हेमलता श्रीवास्तव का 12 जनवरी को 81वां जन्मदिन था, जिसका एक वीडियो भी सामने आया था। डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ हेमलता श्रीवास्तव का केक कटवा रहे हैं। आरोप है कि 13 जनवरी तक स्वस्थ रहने वाली हेमलता की अचानक 14 जनवरी को कैसे तबीयत बिगड़ी। उन्हें घर के सामने स्थित मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया, तभी से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके हाथ में अल्सर हो गया। सुमित जैन ने बताया कि तरुण बहरानी वहां पर मौजूद थे। अस्पताल प्रबंधन की मदद से ना जाने क्या दवा दी गई कि हेमलता श्रीवास्तव की हालत इतनी बिगड़ गई। सुमित जैन का कहना है कि जिस वीडियो को मेडिकल कॉलेज का बताया जा रहा है, वो असल में मुखर्जी अस्पताल का है।

MP के वकीलों ने कोर्ट हाजिरी से किया बहिष्कार, शिवपुरी मर्डर के बाद एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

जबलपुर  मध्य प्रदेश के वकील आज सोमवार को न्यायालयीन कार्य से अलग रहेंगे। 14 फरवरी शिवपुरी जिले में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई, जब अधिवक्ता यूनिफॉर्म में कोर्ट जा रहे थे। इससे आक्रोशित वकीलों ने विरोध स्वरूप प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला रविवार को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इससे पहले मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार ने भी संयुक्त रूप से सोमवार को पैरवी न करने का निर्णय लिया था। मप्र स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए अब एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। रविवार दोपहर सभी सदस्यों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है। 7 दिन का अल्टीमेटम, फिर मुख्यमंत्री निवास घेराव बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर और तहसील स्तर पर अधिवक्ता, तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के करीब सवा लाख अधिवक्ता भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। बैठक के अंत में मृत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि भी दी गई। एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि संजय कुमार सक्सेना के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग सरकार से की जाएगी। साथ ही एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने पर जोर दिया गया। चीफ जस्टिस को पत्र, मुकदमे खारिज न करने का आग्रह तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र के माध्यम से दी है। पत्र में आग्रह किया है कि वकीलों की गैरहाजिरी में मामलों को खारिज न किया जाए। सोमवार को दोपहर 12:30 बजे वकील मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे। वर्षों से लंबित है एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है। भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत आयोजित कर सरकार ने भरोसा भी दिलाया था, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

MP विधानसभा में बजट सत्र: राज्यपाल ने मोहन सरकार की उपलब्धियां साझा कीं, बजट की अहम जानकारियां जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी जाएगी। इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया। 6 मार्च तक चलेगा सत्र सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव होगा। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे। जानिए बजट में क्या मिलने वाला है मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट सिर्फ एक साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य की एक विस्तृत वित्तीय योजना होगी, जिसमें पूंजीगत व्यय बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10% की औसत वार्षिक वृद्धि दर हुई है। इसे देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, पोषण, किसान, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। बजट में करीब 1.40 करोड़ बच्चों को मिड डे मील में टेट्रा पैक दूध देने से लेकर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और ‘सीएम केयर’ योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देने जैसी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। पढ़िए, इस बजट में क्या खास रहने वाला है… स्वास्थ्य: ‘सीएम केयर’ से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार इस बजट में सरकार ‘सीएम केयर’ योजना की घोषणा कर सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।     स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण संस्थान: बजट में एक अत्याधुनिक स्टेट कार्डियक सेंटर और एक अंग प्रत्यारोपण संस्थान बनाने की घोषणा हो सकती है, जहां लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़े और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध होगी।     मेडिकल कॉलेजों में इलाज: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के मेडिकल कॉलेजों में ऑन्कोलॉजी (कैंसर), ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी जैसे सुपर-स्पेशलिटी विभाग शुरू किए जा सकते हैं।     बजट और लागत: इस महत्वाकांक्षी योजना पर अगले पांच सालों में 2,000 करोड़ रुपए खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है, जो परियोजना के आगे बढ़ने पर और बढ़ सकता है।     नए मेडिकल कॉलेज: सीहोर (बुधनी), दमोह और छतरपुर में केंद्र सरकार के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया जा सकता है। वेलनेस टूरिज्म: 12 आस्था स्थल बनेंगे, पर्यटन और आरोग्य का संगम मध्य प्रदेश अब वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्रदेश के 12 स्थलों को आस्था, पर्यटन और आरोग्य के संगम के रूप में विकसित किया जा सकता है।     चयनित स्थल: उज्जैन, ओंकारेश्वर, खजुराहो, पचमढ़ी, सिंगरौली, चित्रकूट, चंदेरी, मंदसौर, आलीराजपुर, ओरछा, आगर मालवा और दतिया।     सुविधाएं: इन स्थलों पर 10-10 बेड के झोपड़ीनुमा डीलक्स अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां पर्यटक पंचकर्म, योग और ध्यान जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से उपचार करा सकेंगे।     आयुष वीजा: सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश, केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बनने जा रहा है जो वेलनेस टूरिज्म को आयुष वीजा से जोड़ेगा। इससे विदेशी पर्यटक सीधे वेलनेस के लिए वीजा लेकर यहां आ सकेंगे।     उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स: देश के तीन प्रस्तावित आयुर्वेद AIIMS में से एक उज्जैन में स्थापित किए जाने की कोशिश है, यदि ऐसा हुआ तो ये प्रदेश को आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में एक नई पहचान देगा। पोषण एवं शिक्षा: बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध पहली से आठवीं तक के 98.37 लाख बच्चे और आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल की उम्र के 48 लाख बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मध्यान्ह भोजन के साथ इस भी बच्चों को ट्रेटा पैक दूध भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत विभाग मप्र दुग्ध महासंघ के साथ एमओयू साइन करेगा।     टेट्रा पैक दूध की खासियत: यह दूध अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) तकनीक से कीटाणु रहित किया जाता है और इसे 6-परतों वाली एयर-टाइट पैकेजिंग में सील किया जाता है। इससे यह बिना फ्रिज के 6-9 महीने तक सुरक्षित और ताजा रहता है, जो इसे दूर-दराज के इलाकों में वितरण के लिए आदर्श बनाता है।     शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा हो सकती है। साथ ही, जबलपुर स्थित धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के निर्माण के लिए 197 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा सकता है। किसानों के लिए: सिंचाई से लेकर भावांतर तक किसानों को साधने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।     सिंचाई: सिंचाई क्षमता को साढ़े सात लाख हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सिंचाई बजट को 17,214 करोड़ से बढ़ाकर 19-20 हजार करोड़ रुपये किया जा सकता है। राजगढ़ की सुल्तानपुर और बरेली की बारना जैसी नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।     भावांतर और जैविक खेती: सोयाबीन के साथ अन्य नकदी फसलों पर भी भावांतर योजना की घोषणा हो सकती है। जैविक खेती … Read more

अवि प्रसाद ने की तीसरी शादी, MP के चर्चित IAS अधिकारी की पत्नियां कलेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी

 भोपाल     मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नाम फिर चर्चा के केंद्र में है अवि प्रसाद. वजह इस बार कोई तबादला, सख्त कार्रवाई या विकास मॉडल नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है. अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है, हालांकि दोनों से उनका तलाक हो चुका है और खास बात यह है दोनों भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी है और वर्तमान में जिले की कलेक्टर के रूप में काम कर रही हैं. तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं.  अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर शुरुआत से ही उल्लेखनीय रहा है. वर्ष 2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ था, लेकिन उन्होंने दोबारा प्रयास किया और वर्ष 2014 की यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान बनाया. उनकी यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के प्रतिभाशाली अधिकारियों में शुमार करती है. वे मूलतः उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ताल्लुक रखते हैं. राजनीति और सार्वजनिक जीवन का माहौल उन्होंने बचपन से देखा. उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे थे. ऐसे में शासन-प्रशासन की समझ उन्हें विरासत में मिली, ऐसा उनके करीबी बताते हैं. पहली शादी: तैयारी के दिनों का रिश्ता दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई थी. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में विवाह हुआ. रिजु बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और राज्य में एक सक्षम व सख्त प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं. हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला. कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और तलाक हो गया.  दूसरी शादी: मिशा सिंह के साथ पहले रिश्ते के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आंध्र प्रदेश की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की. विवाह के बाद मिशा सिंह ने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया. वर्तमान में वे रतलाम की कलेक्टर हैं और 2025 में उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला. रतलाम में उनका कार्यकाल सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जाना जा रहा है. विकास कार्यों के औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहती हैं. हालांकि अवि प्रसाद और मिशा सिंह का यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. करीब चार वर्षों बाद दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया. तीसरी शादी: कूनो में सादे समारोह में फेरे अब अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया है. अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया. कूनो, जो हाल के वर्षों में अपने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, इस निजी आयोजन का साक्षी बना. शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय बताते हुए सम्मान की बात कही, तो कुछ ने लगातार वैवाहिक बदलावों पर सवाल उठाए. प्रशासनिक पहचान और सख्त कार्यशैली अवि प्रसाद की पहचान केवल उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है. वे मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं. फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था. उस समय जिले में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी. अवि प्रसाद ने आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए. उनके इस अभियान की राज्य स्तर पर सराहना हुई थी. कई बार उन्हें प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है. उनके समर्थक कहते हैं कि वे निर्णय लेने में देरी नहीं करते और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देते हैं. तीसरी शादी को लेकर अवि प्रसाद की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी है.

होली स्पेशल सख्ती: रेलवे ने बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ बढ़ाई कार्रवाई, दोगुना किराया तय

 भोपाल कुछ ही दिनों में होली का सीजन शुरू होने वाला है और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ना तय है। हर साल त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट या अनियमित तरीके से यात्रा करते पकड़े जाते हैं। भोपाल मंडल के पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल-मई, अक्टूबर-नवंबर और जनवरी में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। पिछले वर्ष त्योहारों में रिकॉर्ड वसूली हुई थी। इसी को देखते हुए रेलवे ने होली से पहले सख्त जांच अभियान चलाने की तैयारी की है। बिना टिकट यात्रा करने वालों से दोगुना किराया व जुर्माना वसूला जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जनवरी महीने में हुई सबसे ज्यादा कार्यवाही रेलवे के अनुसार वर्ष 2025-26 (जनवरी तक) में 5,19,949 मामलों में कार्रवाई की गई और 33.19 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 4.56 प्रतिशत अधिक है। इनमें करीब 2.56 लाख मामले बिना टिकट यात्रा के और 2.61 लाख मामले अनियमित यात्रा (गलत श्रेणी या दूरी से अधिक सफर) के शामिल हैं। इसके अलावा 2,414 बिना बुकिंग सामान (यूबीएल) के मामले भी दर्ज किए गए। जनवरी महीने में सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि सीजनल भीड़ के समय नियम उल्लंघन बढ़ जाता है। होली के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगर लौटते हैं। कई बार सीट कंफर्म न होने या भीड़ के कारण यात्री बिना टिकट या सामान्य टिकट लेकर स्लीपर-एसी कोच में चढ़ जाते हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। भीड़ बढ़ने पर टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती बढ़ा दी जाती है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। भोपाल मंडल के अधिकारियों के अनुसार बिना टिकट और अनियमित यात्रा के अधिकतर मामले लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में सामने आते हैं, जहां त्योहारों के दौरान भीड़ अधिक रहती है। स्पेशल ट्रेनों पर निगरानी और रेलवे के सख्त दिशा-निर्देश होली और अन्य पर्वों पर चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों में भी विशेष निगरानी रखी जाती है। इन ट्रेनों में टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की अतिरिक्त तैनाती कर सघन जांच अभियान चलाया जाता है। रेलवे ने कहा है कि बिना टिकट या गलत श्रेणी में यात्रा दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर तय दूरी का किराया, अतिरिक्त जुर्माना या दोगुना किराया वसूला जाएगा। भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। बिना बुकिंग सामान पर अलग पेनल्टी लगेगी। यात्रियों से वैध टिकट लेकर नियमों का पालन करने की अपील की गई है। होली के सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भोपाल मंडल में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल

IMD अलर्ट: MP के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश मचाएगी तबाही

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने उत्तरी मध्य प्रदेश के 8 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो फरवरी महीने में यह तीसरी बार बारिश का दौर होगा। इससे पहले माह की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे भी कराया था। पश्चिम विक्षोभ के कारण MP में बदलेगा मौसम… मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि फिलहाल एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, लेकिन उसका असर मुख्य रूप से पहाड़ी राज्यों में दिखाई दे रहा है, जहां बर्फबारी हो रही है। 16 फरवरी से एक नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकांश शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। न्यूनतम तापमान पचमढ़ी का.. ताजा आंकड़ों के अनुसार पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 14.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 15.7 डिग्री और जबलपुर में 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कटनी, सतना, शहडोल, छतरपुर और रीवा के कुछ इलाकों में पारा 10 से 11 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन में बादल छा सकते हैं। 17 फरवरी को हल्का कोहरा रहेगा। बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रहेंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट: भोपाल-इंदौर मेट्रो और मेट्रोपॉलिटन प्रोजेक्ट्स के लिए खुला खजाना

भोपाल मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 18 फरवरी को प्रस्तुत होगा। यह चार लाख, 70 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें कृषि के साथ नगरीय और ग्रामीण विकास पर फोकस रहेगा। अधोसंरचना के कामों की गति बढ़ाई जाएगी। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन, मेट्रो ट्रेन, प्रधानमंत्री आवास शहरी सहित अन्य योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। वहीं, ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी फोकस रहेगा। विकसित भारत-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास, पंचायत एवं सामुदायिक भवन, जल संरचना आदि कार्यों के लिए राशि आवंटित की जाएगी।   शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है प्रदेश को अगले पांच साल में शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से राशि का प्रविधान होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र और राज्यांश मिलाकर पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि रखी जा सकती है। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्र घोषित हो चुके हैं। इसका काम आगे बढ़ाने के साथ मेट्रो ट्रेन के संचालन और आगे का काम पूरा करने के लिए प्रविधान किया जाएगा। अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से लोगों की मौत की घटना सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार की कवायद प्रारंभ हो गई है। इसके लिए अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। अधोसंरचना विकास के कामों के लिए भारत सरकार से मिलने वाली राशि को मिलाकर प्रविधान किया जाएगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी अधोसंरचना विकास पर जोर रहेगा। इन योजनाओं पर भी सरकार खर्च करेगी राशि प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़क, पंचायत एवं सामुदायिक भवन के साथ जल संरचनाओं के विकास, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम, प्रधानमंत्री जनमन योजना, मध्याह्न भोजन, मुख्यमंत्री आवास मिशन के लिए राशि दी जाएगी। विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए अब 40 प्रतिशत अंशदान के साथ प्रविधान करना होगा। योजना में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक रखे जा सकते हैं।

शिवपुरी कांड से गूंजा प्रदेश: वकीलों का ब्लैक आउट, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो बड़ा आंदोलन

जबलपुर शिवपुरी में शनिवार को एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से समूचे राज्य के वकील आक्रोशित हो गए हैं। सोमवार को पूरे प्रदेश के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाएंगे। यह निर्णय रविवार को एमपी स्टेट बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से लिया है। इससे पहले रविवार को ही मप्र हाई कोर्ट बार, जिला बार और हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार ने संयुक्त रूप से सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया था। दरअसल, करेरा तहसील के वकील संजय सक्सेना की शनिवार, 14 फरवरी की दोपहर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त संजय सक्सेना काले कोट में अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। घटना के बाद शिवपुरी पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।   सात दिनों का अल्टीमेटम, वरना सीएम हाउस का होगा घेराव स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता और वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। गुप्ता के अनुसार रविवार को दोपहर को सभी सदस्यों की आनलाइन मीटिंग बुलाकर सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से तय किया गया कि पूरे राज्य में वकीलों की सुरक्षा से जुड़े एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने राज्य सरकार को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो फिर काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के सवा लाख वकील भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। काउंसिल के वाईस चैयरमेन आरके सिंह सैनी ने बताया कि ऑनलाइन मीटिंग के अंत में सभी सदस्यों ने मृत अधिवक्ता संजय सक्सेना को शोक श्रद्धांजलि भी दी। वकीलों ने की ये मांगें स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को ही हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार के अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि अधिवक्ता स्व. संजय सक्सेना के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा, उनके आश्रित को सरकारी नौकरी, हत्या के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई के साथ एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागूकिया जाए। चीफ जस्टिस को भेजी गई सूचना तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी है। एसोसिएशनों ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि उनकी ये मांगें जायज हैं। ऐसे में सोमवार को सुनवाई पर लगे मुकदमों को वकीलों की गैरहाजिरी में खारिज न किया जाए। वकील सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री के नाम पर एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।   वर्षों से की जा रही मांग, मिला सिर्फ आश्वासन इस सम्बन्ध में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए पिछले कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग वकीलों द्वारा की जा रही है। एक बार तो भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत बुलाकर एडवोकेट्स प्रोटेक्शन को जल्द से जल्द लागू करने का भरोसा भी दिलाया गया, लेकिन अभी तक नतीजा शून्य ही रहा है।

घर जाने की राह मुश्किल: होली पर भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी

भोपाल होली का त्योहार नजदीक आते ही घर लौटने की चाह हर दिल में जाग उठती है। लोग अपनों के साथ रंगों की खुशियां बांटना चाहते हैं, लेकिन इस बार सफर आसान नहीं है। भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। इंदौर–पटना, कर्नाटका और हमसफर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। सीट न मिलने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे खर्च और परेशानी दोनों बढ़ गए हैं।   हर बार त्योहारों पर वही समस्या, कंफर्म सीट का संकट होली हो या दिवाली, बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में कंफर्म सीट न मिलना अब आम समस्या बन गई है। यात्रा की तारीख से करीब एक महीने पहले ही अधिकांश ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति दिखाई देने लगती है। वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है और कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि हर साल त्योहारों के समय यही स्थिति बनती है। मजबूरी में लोगों को तत्काल टिकट का सहारा लेना पड़ता है, जहां भीड़ और अधिक रहती है। कई यात्रियों को घर पहुंचने के लिए बस, फ्लाइट या निजी वाहन जैसे महंगे विकल्प चुनने पड़ते हैं। यात्रियों की मांग है कि त्योहारों से पहले रेलवे को अतिरिक्त या स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि भीड़ का दबाव कम हो सके और लोगों को समय पर कंफर्म सीट मिल सके। होली स्पेशल : भोपाल मंडल से चलेंगी 4 जोड़ी विशेष ट्रेनें होली पर्व पर यात्रियों की सुविधा हेतु भारतीय रेलवे ने देशभर में 1410 विशेष ट्रेनों का संचालन किया है, जिनमें पश्चिम मध्य रेल से 43 ट्रेनें शामिल हैं। भोपाल मंडल से रीवा-रानी कमलापति (02192/02191, 02186/02185), भोपाल–रीवा (01704/01703) तथा रानी कमलापति–दानापुर (01667/01668) स्पेशल ट्रेनें निर्धारित तिथियों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान अतिरिक्त भीड़ कम होगी और यात्रियों को सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। इन ट्रेनों में ‘रिग्रेट व नो रूम’ की स्थिति     श्रीनगर-शिरड़ी-कालका सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22455) 28 फरवरी से 5 मार्च तक इस ट्रेन में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को ‘नो रूम’ की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।     कर्नाटका एक्सप्रेस (12627) 28 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं।     अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस (19483) 25 फरवरी से 2 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी श्रेणियों में ‘रिग्रेट’ की स्थिति है।     इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321) 25 फरवरी से 1 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी में सीटें फुल हैं और रिग्रेट दिखा रहा है।     अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस (19435) 25 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में टिकट उपलब्ध नहीं है।     मंगला लक्षद्वीप सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12618) 26 फरवरी से 2 मार्च तक रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।     हमसफर एक्सप्रेस (19092) 25 फरवरी से 5 मार्च तक टिकट बुकिंग में ‘रिग्रेट’ स्थिति दर्शाई जा रही है।

पुलिस अफसरों की दौलत का चौंकाने वाला आंकड़ा, करोड़ों के फ्लैट और भारी रेंटल इनकम चर्चा में

भोपाल मध्य प्रदेश कैडर के एडीजी स्तर के कई अधिकारियों ने भोपाल में कृषि भूमि खरीदी है। कुछ अधिकारियों के पास दिल्ली में फ्लैट भी हैं, जिनसे उन्हें हर साल लाखों रुपये की आय हो रही है। यह जानकारी अधिकारियों द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए अचल संपत्ति के ब्योरे में सामने आई है। किसके पास कितनी संपत्ति एडीजी एसएएफ चंचल शेखर के पास भोपाल में 11 हजार 325 वर्गफीट कृषि भूमि है। यह जमीन उन्होंने वर्ष 2009 में 10 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम से खरीदी थी, जिसकी वर्तमान कीमत एक करोड़ 80 लाख रुपये है। दिल्ली के साउथ वेस्ट क्षेत्र में उनका एक फ्लैट है, जिसे वर्ष 2011 में 17 लाख रुपये में खरीदा गया था और जिसकी वर्तमान कीमत 65 लाख रुपये है। इस फ्लैट से उन्हें प्रतिवर्ष छह लाख 60 हजार रुपये की आय हो रही है।   इसके अलावा वर्ष 2017 में उन्होंने दिल्ली में ही एक करोड़ 70 लाख रुपये का एक और फ्लैट खरीदा, जिसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। यह फ्लैट उनके और पत्नी के नाम पर है और इससे उन्हें सालाना एक लाख 80 हजार रुपये की आय होती है। ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति एडीजी इंटेलिजेंस ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति है, जो दिल्ली में फ्लैट के रूप में है। उन्होंने वर्ष 2024 में यह फ्लैट तीन करोड़ 60 लाख रुपये में खरीदा था और इसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। इस संपत्ति से उन्हें प्रतिवर्ष 17 लाख 13 हजार रुपये की आय हो रही है। स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव के पास तीन अचल संपत्तियां हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक फ्लैट शामिल है, जिसे वर्ष 2012 में 40 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम पर खरीदा गया था। इसकी वर्तमान कीमत सवा करोड़ रुपये है और इससे उन्हें प्रतिवर्ष एक लाख 75 हजार रुपये की आय होती है। संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों ने भी 31 जनवरी की स्थिति में अपनी संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया है, लेकिन इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इनकी संख्या लगभग 365 बताई गई है। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर इनकी अचल संपत्ति की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

1 मई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, खुद दर्ज करनी होगी पूरी जानकारी, 33 सवालों के लिए रहें तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया।   अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा।द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा-अद्भुत धाम है नवग्रह शक्तिपीठ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सहभागिता की। महाशिवरात्रि के अवसर पर नवग्रह शक्तिपीठ परिसर ओम नम: शिवाय से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवग्रह मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डबरा में निर्मित यह नवग्रह शक्तिपीठ एक अद्भुत धाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से सभी का अभिनंदन करते हुए महाशिवरात्रि पर्व की उपस्थितजन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर डबरा के शक्तिपीठ में उपस्थित होना सौभागय का विषय है। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्र द्वारा इस नवग्रह शक्तिपीठ का निर्माण कर अद्भुत और प्रेरणादायी संकल्प को साकार किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमार विश्वास का अभिदनंदन करते हुए कहा कि उन पर मां सरस्वती की कृपा सदैव बरसती है। वे समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीराम द्वारा वनवास प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि इतना समृद्ध राज्य छोड़कर संसाधनों के अभाव में भी दो राजकुमारों द्वारा रामराज्य का स्वप्न देखना साहस, धैर्य और आदर्श का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान राम द्वारा स्वयंवर के समय विराट रूप के दर्शन करवाए गये जिसके साक्षी दुनिया के अनेक शासक भी थे। निश्चित ही यह प्रसंग युवा शक्ति के समाजहित में उपयोग की दृष्टि से भी अध्ययन और शोध का विषय है। पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने नवग्रह शक्तिपीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि डबरा में इस प्रकल्प के पूर्ण होने और संतों के समागम का अवसर सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डबरावासियों की भावना का सम्मान करते हुए सहभागिता की है। डॉ. मिश्र ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित अन्य अतिथियों को साफा बांधकर और अंगवस्त्र भेंट कर उनका सम्मान भी किया। कुमार विश्वास ने कथा वाचन द्वारा अनेक पौराणिक प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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