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दुनिया में धाक जमाती हिंदी

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष हिंदी महज एक भाषा नहीं बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की संस्कृति, सभ्यता, साहित्य और इतिहास को बयां करती है और उन्हें एकता के सूत्र में बांधती है। हिंदी भारतीयों के मान, सम्मान और स्वाभिमान की भाषा है। हिंदी भाषा ही नहीं यह भावों की अभिव्यक्ति है। हिंदी मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है। हिंदी हमारा ईमान है और हिंदी हमारी पहचान है। हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची परिचायक भी है। आइए जानते हैं विश्व हिंदी दिवस पर विश्व में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और उसका महत्व। डॉ. केशव पाण्डेय (अतिथि संपादक) 10 जनवरी को पूरी दुनिया में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। प्रत्येक भारतीय के लिए यह बेहद गर्व की बात है। बहुल सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है। जिसे दुनिया भर में समझने, बोलने और चाहने वाले लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हिंदी भाषा वक्ताओं की ताकत है, लेखकों का अभिमान है। करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में बांधने के साथ ही हमारी आन-बान, शान और अभिमान है। हिंदी को राष्ट्र की अस्मिता और प्रणम्य का प्रतीक माना जाता है। इसके हर शब्द में गंगा जैसी पावनता और गगन सी व्यापकता है। समुद्र सी गहराई और हिमालय सी ऊंचाई है, जो इसे महान बनाती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया विश्व हिंदी दिवस मना रही है।यदि हम हिंदी भाषा के विकास की बात करें तो यह कहना मुनासिब होगा कि पिछली शताब्दी मेंं हिंदी का तेजी से विकास हुआ है और दिनों-दिन इसका प्रभाव बढ़ रहा है। हिंदी का करीब एक हजार वर्ष पुराना इतिहास है। संस्कृत भारत की सबसे प्राचीन भाषा है, जिसे देवभाषा भी कहा जाता है। माना जाता है कि हिंदी का जन्म भी संस्कृत से हुआ है। ज्यादातर शब्द संस्कृत, अरबी और फारसी भाषा से लिए गए हैं। यह मुख्य रूप से आर्यों और पारसियों की देन है। इस कारण हिन्दी अपने आप में एक समर्थ भाषा है।भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं, बावजूद इसके हिंदी सबसे ज्यादा बोली, लिखी व पढ़ी जाती है। इसीलिए हिंदी भारत की सबसे प्रमुख भाषा है। 26 जनवरी 1950 को संसद के अनुच्छेद 343 के तहत हिंदी को प्राथमिक भाषा माना गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर विदेशी धरती पर मातृभाषा का मान बढ़ाया। हिन्दी के जहां अंग्रेजी में मात्र 10 हजार मूल शब्द हैं। वहीं हिन्दी के मूल शब्दों की संख्या 2 लाख 50 हजार से भी अधिक है। हिन्दी विश्व की एक प्राचीन, समृद्ध तथा महान भाषा होने के साथ हमारी राजभाषा भी है। हिन्दी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिन्दी की यह स्थिति हिन्दी भाषियों और हिन्दी समाज की देन है, हमें अहसास होना चाहिये कि हिन्दी दुनिया की किसी भी भाषा से कमजोर नहीं है। हिंदी भाषा के इतिहास पर पुस्तक लिखने वाला कोई हिंदुस्तानी नहीं बल्कि फ्रांसीसी लेखक ग्रेसिम द टैसी था। हिंदी के बढ़ते प्रभाव के कारण ही ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में अच्छा और सूर्य नमस्कार जैसे कई हिंदी शब्दों को शामिल किया गया है।हिंदी का वर्चस्व बढ़ाने के लिए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रतिवर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से इसकी वर्षगांठ के उपलक्ष में हर साल मनाया जाता है। आज दुनियाभर में अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी तीसरे नंबर की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। सर्वे एजेंसी स्टैटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में 43. 63 प्रतिशत लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं।भारत के अलावा फिजी, मॉरीशस, सूरीनाम, त्रिनिनाद, टोबैगो, गुयाना, नेपाल, तिब्बत और पाकिस्तान में हिंदी बोली जाती है। इसके चलते इंटरनेट की दुनिया में अब हिंदी का वर्चस्व बढ़ रहा है।यही कारण है कि हिंदी आज दुनिया भर में इंटरनेट की पसंदीदा भाषा बन रही है। प्रति वर्ष 94 फीसदी हिंदी भाषी जुड़ रहे हैं, जबकि अंग्रेजी के महज 17 प्रतिशत हैं। गूगल-केपीएमजी रिसर्च, सेंसस इंडिया और आईआरएस की सर्वे रिपोर्ट को मानें तो आने वाले साल में हिन्दी में इंटरनेट उपयोग करने वाले अंग्रेजी वालों से ज्यादा हो जाएंगे। एक अनुमान के मुताबिक 34 करोड़ लोग हिन्दी का उपयोग करने लगेंगे। हिंदी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने अपना एप हिन्दी में लॉन्च किया। ओएलएक्स, फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न कंपनियों के प्लेटफॉर्म पहले ही हिन्दी में उपलब्ध हैं। स्नैपडील भी हिन्दी में आ चुका है। 2023 तक 16.1 करोड़ लोगों ने डिजिटल पेमेंट के लिए हिन्दी का उपयोग किया। जबकि 2016 में यह संख्या 2.2 करोड़ थी। 2016 में डिजिटल माध्यम में हिन्दी समाचार पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी। जो 2023 में बढ़कर 24.4 करोड़ तक हो गई।इसी को दृष्टिगत रखते हुए इस बार हिंदी दिवस मनाने की थीम “ हिंदी पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता“ रखी गई है।विदेशों में हिंदी जनमानस के दिलो दिमाग पर अपनी छाप छोड़ रही है। लंदन में हिंदी पढ़ाई जा रही है। जर्मन में ऐसे स्कूल और गुरुकुल हैं जहां बच्चों को हिंदी के साथ ही संस्कृत भी पढ़ाई जाती है। क्योंकि हिंदी सोच बदलने वाली भाषा है। यह दुनिया की प्राचीन समृद्ध और सबसे सरल भाषा है। वर्तमान में दुनियाभर के करोड़ों लोग हिंदी बोलते हैं और लिखते भी हैं। कह सकते हैं कि दुनिया के भाल पर चंदन की भांति चमकने वाली हिंदी अपनी धाक जमा रही है।

राहुल गांधी करेंगे ‘भारत न्याय यात्रा’, मणिपुर से 14 जनवरी से होगी शुरुआत, 6200 KM का होगा पूरा सफर

Rahul Gandhi will undertake the ‘Bharat Nyay Yatra’ starting from January 14th, beginning from Manipur. The entire journey will cover a distance of 6200 kilometers. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पहले ही पूरी कर चुके हैं. इस यात्रा में उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक का सफर तय किया था.नई दिल्ली ! कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘भारत न्याय यात्रा’ करने वाले हैं. पिछले साल सितंबर से लेकर इस साल 14 जनवरी तक भारत जोड़ो यात्रा करने के बाद अब राहुल इस नई यात्रा को करने जा रहे हैं. ‘भारत न्याय यात्रा’ लोगों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने के लिए की जा रही है. भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से हुई थी, जो कश्मीर में जाकर खत्म हुई थी. राहुल ने इस यात्रा में दक्षिण से उत्तर का सफर किया था. वहीं, भारत न्याय यात्रा की शुरुआत पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर से होगी, जो पश्चिम में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर खत्म होगी. इस तरह राहुल भारत न्याय यात्रा में पूर्व से पश्चिम की ओर सफर करने वाले हैं. पूरी यात्रा में 6200 किमी सफर तय किया जाएगा. ज्यादातर यात्रा बस के जरिए ही कवर की जाएगी, मगर कहीं-कहीं पैदल भी सफर किया जाएगा. भारत न्याय यात्रा को भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा संस्कृरण बताया गया है, जिसकी शुरुआत 14 जनवरी से होगी. यात्रा में क्या होने वाला है खास? कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 14 जनवरी को मणिपुर में भारत न्याय यात्रा को झंडा दिखाएंगे. इस तरह यात्रा की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो जाएगी. ये यात्रा 20 मार्च को जाकर मुंबई में खत्म होगी. भारत न्याय यात्रा 14 राज्यों के 85 जिलों से होकर गुजरेगी. मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से भारत न्याय यात्रा गुजरने वाली है. कैसे आया भारत यात्रा का विचार? कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार (27 दिसंबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत न्याय यात्रा को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा, ’21 दिसंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से अपना मत रखा कि राहुल गांधी को पूर्व से पश्चिम की ओर एक यात्रा करनी चाहिए. राहुल गांधी भी सीडब्ल्यूसी की इस इच्छा को पूरा करने के लिए तैयार हो गए.’ उन्होंने कहा, ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी ने फैसला किया है कि 14 जनवरी से 20 मार्च तक मणिपुर से लेकर मुंबई तक भारत न्याय यात्रा की जाएगी. इस यात्रा में राहुल गांधी युवाओं, महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों से मुलाकात करने वाले हैं. बस यात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा जाएगा. यात्रा में कुछ छोटे हिस्से को रुक-रुक कर पैदल भी कवर किया जाएगा.’ भारत जोड़ो यात्रा क्या थी? राहुल गांधी ने सितंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की थी, जो जनवरी 2023 में जाकर खत्म हुई. राहुल गांधी की यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को कन्याकुमारी से हुई. इस यात्रा के जरिए उन्होंने 4500 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल ही तय किया. इस यात्रा का मकसद भारत को एकजुट और देश को मजबूत करना था. कांग्रेस की इस यात्रा से उसका संगठन काफी मजबूत हुआ था. भारत जोड़ो यात्रा 30 जनवरी, 2023 को कश्मीर में जाकर खत्म हुई. भारत जोड़ो यात्रा के जरिए 12 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों को कवर किया गया था. ये यात्रा जिस-जिस राज्य से होकर गुजरी, उस-उस राज्य में कांग्रेस नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया. कई प्रमुख हस्तियों को भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होते हुए देखा गया था.

सशक्त, समृद्ध राष्ट्र की पहचान है “एकजुटता“

The recognition of a strong, prosperous nation is “Unity.” तरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस आज डॉ. केशव पाण्डेयआधुनिक युग में पूरी दुनिया एक गठबंधन की भावना के साथ आगे बढ़ रही है। जिसमें मानव एकजुटता की महत्वपूर्ण भूमिका है। विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी युग में यह वह अद्वितीय मौका है, जब हम सभी मिलकर समस्त मानव जाति के लिए एकमत और समृद्धि की दिशा में बेहतर काम कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस के अवसर पर आज हम इसके महत्व को समझेंगे और इसकी महत्वपूर्णता को भी जानेंगे। 20 दिसंबर को प्रति वर्ष अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एकजुटता के महत्त्व को बताना, गरीबी पर अंकुश लगाना एवं विकासशील देशों में मानव और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र ने 22 दिसंबर 2005 को इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस दिवस को विश्व एकजुटता कोष और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा बढ़ावा दिया जाता है, जो दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित हैं। विश्व एकजुटता कोष की स्थापना फरवरी 2003 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के ट्रस्ट फंड के रूप में की गई थी।विश्व में एकजुटता का दौर : मौजूदा परिवेश में बेशक कुछ देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं या फिर कुछ में टकराव की स्थिति है, बावजूद इसके दुनिया के अनेक देशों और समुदायों के बीच मित्रता, समरसता और एकजुटता के हालात जन्म ले रहे हैं। आपसी समझ, भावना, सहयोग, साझा जिम्मेदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने हमें एक समृद्धि भरे भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए मजबूती दी है। इस संदर्भ में यह दिवस हमें सकारात्मक रूप से सोचने और उस दिशा में आगे बढ़कर कार्रवाई करने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से सरकारों को सतत् विकास लक्ष्य के गरीबी और अन्य सामाजिक बाधाओं का जवाब देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति शिक्षा को बढ़ावा देकर या गरीबों, शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम लोगों की मदद करके इस दिवस में अपना योगदान दे सकता है। क्योंकि इस दिवस की थीम ही- “सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना“ है। अन्य अंतरराष्ट्रीय दिनों के विपरीत इस दिवस की थीम प्रति वर्ष एक समान ही रहती है।दरअसल, एकजुटता का अर्थ है- साझा लक्ष्यों और हितों के बारे में जागरूकता। जो एक ऐसे समाज में एकता की मनोवैज्ञानिक भावना को जन्म देकर संबंधों को मजबूत करता व बांधता है। इसका उद्देश्य पूरी दुनिया में, विशेषकर विकासशील देशों में सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना है।ताकि सामाजिक, आर्थिक विकास, मानवाधिकार और शांति को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के देशों और लोगों को एक साथ लाने का प्रयास किया जा सके। वैश्विक साझेदारी भी संयुक्त राष्ट्र की तरह वैश्विक सहयोग और एकजुटता की नींव पर ही बनाई जा सकती है। सतत विकास एजेंडा इसी पर केंद्रित है, जो लोगों को गरीबी, भूख और बीमारी से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध वैश्विक साझेदारी द्वारा समर्थित है। मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।यह दिवस हमें सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है ताकि हम सभी मिलकर समस्त विश्व के लिए सुधार कर सकें। विभिन्न सांघीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से हम एक बेहतर और संबलित समाज की दिशा में काम कर सकें।अंत में, अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस हमें एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट विश्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए संकल्पित करता है। हमें यहां एक मौका मिलता है कि हम सभी मिलकर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए काम करें और एक समृद्धि भरे भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह दिन सभी को समर्पित होना चाहिए ताकि हम समृद्धि और एकता की दिशा में आगे बढ़ सकें। क्योंकि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि और सशक्तता की प्रतीक है एकजुटता।

केंद्र सर्कार द्वारा फर्जी दस्तावेज लगाकर चल रहे 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन बंद -अश्विनी वैष्णव.

Govt blocked over 1.32L mobile phones for financial fraud, cybercrime: Vaishnaw केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोबाइल धोखाधड़ी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल के तहत “फर्जी दस्तावेज लगाकर चल रहे ” 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं। भारत सरकार ने साइबर अपराधियों से 400,000 नागरिकों के 1,000 करोड़ रुपये से अधिक जब्त और बरामद किए हैं, केंद्र ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा धोखाधड़ी वाले मोबाइल फोन के उपयोग और साइबर अपराध पर उठाए गए सवालों की एक श्रृंखला पर संसद को सूचित किया।केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार द्वारा साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े 132,000 मोबाइल कनेक्शन की सेवाएं बंद कर दी गयी हैं, और इसके अतिरिक्त 278,000 कनेक्शन काट दिए गए हैं। वैष्णव ने कहा कि मोबाइल धोखाधड़ी से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल के तहत “फर्जी दस्तावेजों पर प्राप्त” 5.5 मिलियन से अधिक अवैध मोबाइल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए हैं।उन्होंने जवाब दिया कि सरकार ने धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शन का पता लगाने के लिए एक प्रणाली विकसित की है। उन्होंने संसद में एक लिखित उत्तर में कहा, “एक बार पता चलने पर, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को ऐसे मोबाइल कनेक्शनों का पुन: सत्यापन करने का निर्देश दिया जाता है… पुन: सत्यापन में विफल रहने पर, ऐसे मोबाइल कनेक्शन काट दिए जाते हैं।” सरकार ने एक पोर्टल भी विकसित किया है – संचार साथी जो उपयोगकर्ताओं को उनके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जांच करने और अवैध कनेक्शन की रिपोर्ट करने की अनुमति देता है। वैष्णव ने लिखा, यह उपयोगकर्ताओं को अपने चोरी हुए या खोए हुए फोन की रिपोर्ट करने की भी अनुमति देता है, जिसके बाद नंबर सभी टीएसपी पर ब्लॉक कर दिए जाते हैं।उन्होंने कहा कि नागरिक मोबाइल या लैंडलाइन नंबर से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय कॉल की भी रिपोर्ट कर सकते हैं।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि टेक्स्ट-आधारित साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए, टेक्स्ट संदेशों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विश्लेषण के परिणामस्वरूप फरवरी 2023 और नवंबर 2023 के बीच टेक्स्ट-आधारित साइबर अपराध में 36% की कमी आई है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अवैध मोबाइल कनेक्शन से जुड़े 220,000 व्हाट्सएप खातों को बंद कर दिया गया है, और 2021 से 162 अवैध दूरसंचार सेट-अप का भंडाफोड़ किया गया है।वैष्णव ने कहा कि गलत बिक्री केंद्रों के खिलाफ 365 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 70,313 को काली सूची में डाल दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने कहा कि डिस्कनेक्ट किए गए मोबाइल फोन से जुड़े ‘बैंक और पेमेंट्स’ वॉलेट द्वारा भी 983,000 खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। सरकार सभी को 1963/1800110420 पर धोखाधड़ी और संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करने की सलाह देती है।

भारत-साउथ अफ्रीका के बीच पहले T20I पर बारिश ने फेरा पानी.

Rain played spoilsport in the first T20I between India and South Africa. टॉस के लिए भी मैदान में नहीं आ सके कप्तान भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला डरबन में बारिश की भेंट चढ़ गया और टॉस भी नहीं हो सका. स्टोरी हाइलाइट्स: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला T20I हुआ रद्द बारिश के चलते पहले टी20 में फिरा पानी भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया. साउथ अफ्रीका के डरबन में होने वाले मैच से पहले टीम इंडिया का स्वागत बारिश ने किया और इसके चलते टॉस तक नहीं हो सका. जिससे टीम इंडिया के खिलाड़ी मैच होने का इंतजार करते-करते फिर बिना खेले होटल को लौट गए. इसके साथ ही फैन को भी भारत-साउथ अफ्रीका के बीच पहले टी20 का रोमांच देखने को नहीं मिला. डरबन के मैदान में मैच से पहले ही बारिश हो रही थी और बाद में रुकी ही नहीं, जिसके चलते इसे रद्द करना ही अंतिम विकल्प बचा. अब भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टी20 मैच 12 दिसंबर को ग्केबरा में खेला जाएगा. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया अपने घर में पांच मैचों की टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को 4-1 से हराने के बाद साउथ अफ्रीका पहुंची थी. जहां पर अगले साल 2024 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से इस सीरीज को काफी अहम माना जा रहा है. लेकिन तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले डरबन में होने वाले मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी.

बुंदेलखंड में आईएएस व आईपीएस विलेज रैपुरा (चित्रकूट) उत्तर प्रदेश: कभी डकैतों के लिए मशहूर था, अब आईएएस आईपीएस की है फैक्ट्री, हर घर में अफसर.!

Bundelkhand, the village of Raipura (Chitrakoot), Uttar Pradesh, was once infamous for dacoits but now boasts of IAS and IPS officers. It has transformed into a hub of factories, with every household having officers. Udit Narayanभोपाल। देश के हर गांव की अपनी एक विशेषता होती है और उसी वजह से वह अपनी पहचान बना लेता है, उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड अंचल के चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों का गढ़ माना जाता था । दरअसल इस इलाके में एक डकैत के खात्मे के बाद दूसरा डकैत बन जाता था, लेकिन अब इस पाठा क्षेत्र में डकैत नहीं बल्कि आईएएस और पीसीएस का जलवा है। इस छोटे से गांव के हर घर में एक सरकारी नौकर है। हम चित्रकूट जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर रैपुरा गांव कर रहे हैं।यह गांव कभी डकैतों के लिए मशहूर था, लेकिन अब इसकी पहचान आईएएस और आईपीएस हैं। दरअसल गांव के लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक लोग इस समय आईएएस, आईपीएस, पीसीएस जैसी विभिन्न सेवाओं में उच्चाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं । खास आज यह है कि रैपुरा गांव में हर घर में कोई न कोई सरकारी कर्मचारी-अधिकारी है।हर घर में एक सरकारी कर्मचारी रैपुरा गांव के इंटर कॉलेज रिटायर प्रधानाचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस गांव में लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग आईएएस, पीसीएस हैं। इन सभी की स्‍कूली पढ़ाई गांव में ही हुई है । हालांकि बाहर से उच्‍च शिक्षा हासिल कर अधिकारी बने हैं। साथ ही कहा कि इस गांव में हर एक घर में कोई न कोई सरकारी नौकरी में है। सिंह ने बताया कि वह जब स्कूल के प्रिंसिपल थे, तब स्कूल में बच्चों को दूसरों के बारे में बात कर प्रोत्साहित करते थे। इसका असर बच्‍चों पर सकारात्‍मक हुआ और गांव के युवाओं में सरकारी नौकरी हासिल करने की होड़ सी लग गई। कभी डकैतों के लिए मशहूर यह गांव सरकारी अफसरों के लिए पहचान रखता है। आईएएस और पीसीएस की भरमार महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि गांव के अभिजीत सिंह, रोहित सिंह, कुलदीप कुमार और सीपी सिंह (आईएएस), यदुवेंद्र शुक्ल (आईपीएस), तेज स्वरुप, सुरेन्द्र, राजेन्द्र ,प्रकाश कुमार, सुरेश चन्द्र पाण्डेय, प्रह्लाद सिंह और सुरेश गर्ग बतौर पीसीएस कार्यरत हैं। इसके अलावा भी कई युवा अधिकारी बनकर रैपुरा गांव का नाम रौशन कर रहे हैं। साथ ही बताया कि आज भी तमाम युवा सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए बाहर रहकर पढ़ाई में जुटे हैं । हर साल कोई न कोई छात्र आईएएस या पीसीएस की परीक्षा में सफल जरूर रहता है. पिछली बार भी यह रिकॉर्ड कायम रहा है ।

भारतीय-संविधान दिवस आत्मचिंतन का पर्व………..

Indian Constitution Day is a day of introspection सलाहकार संपादक,,शीतला शंकर मिश्राहम भारत के लोगों ने 26नवम्बर1949को भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व लोकतंत्रात्मक गण राज्य बनाने के लिए संविधान को अंगीकृत,अधिनियमित व आत्मार्पित किया था।यही संविधान 26जनवरी 1950को लागू किया गया था।विश्व के सबसे बड़े संविधान की 74वीं वर्ष गाँठ का उल्लास स्वाभाविक है, लेकिन निराशा की खाइयाँ ढेर सारी हैं।संविधान दिवस को आत्मचिंतन दिवस के रूप में मनाने की आवश्यकता है। भारत का संविधान किसी क्रांति का परिणाम नहीं है। ब्रिटिश सरकार ने पराजित क़ौम की तरह भारत नहीं छोड़ा था। स्वाधीनता भी ब्रिटिश संसद के भारतीय स्वतंत्रता क़ानून 1947से मिली। भारतीय संविधान में ब्रिटिशसंसद द्वारा पारित 1935 के अधिनियम की ही अधिकांश बातें हैं। भारत ने भारत शासन अधिनियम 1935को आधार बनाकर गलती की थी। यह आरोप मै ही लगा रहा हूँ ऐसा नहीं है उस समय के विचारकों, क़ानून विदों ने भी लगाया था और आरोपों का उत्तर देते हुए डाक्टर अम्बेडकर ने स्पष्टीकारण दिया था कि उनसे इसी अधिनियम के आधार की अपेक्षा की गई है। भारत की संसदीय व्यवस्था, प्रशासनिक तंत्र व प्रधानमंत्री ब्रिटिश व्यवस्था की उधारी है। दुःखद है कि भारत ने अपनी संस्कृति व जन गण मन की भावना के अनुरूप अपनी राजव्यवस्था नहीं गढ़ी।जिसका परिणाम आप सबके समक्ष है।एक सैकड़ा से ऊपर संविधान संशोधनों के पश्चात् भी परिस्थितियों में मूल भूत सुधार नहीं हो सका है। सम्प्रति भारतीय संविधान और गणतंत्र संकट में है। संविधान सभा ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में मात्र 63 लाख 96हज़ार रुपए ही खर्च किये। जम कर बहस हुई,2473संशोधनों पर चर्चा हुई। आज संसद और विधान मंडलों के स्थगन शोर शराबे और करोड़ों रुपयों के खर्च विस्मय कारी हैं।संविधान में शतक से अधिक संशोधन हो चुके हैं। संवैधानिक तंत्र विफल हो गया है।राजनीति भ्रष्ट उद्योग बन गई है। संविधान के शपथी मंत्री, सांसद, विधायक जेल जा रहे हैं। अनेक जेल में रहकर मंत्री पद के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। जेल में रहकर अनेक जन प्रतिनिधि चुनाव लड़ रहे हैं, जीत भी रहे हैं।निराशा की खाईं गहरी है , राष्ट्रीय उत्सव अब उल्लास नहीं पाते। संवैधानिक संस्थाएँ धीरज नहीं देतीं। आम जन हताश और निराश हैं। राजनीतिक अड्डों में ही गण तंत्र के उल्लास का जग मग आकाश है 15-20%लोग ही संविधान के सुख और गणतंत्र के माल से अघाए हैं। शेष अस्सी प्रतिशत लोग भुखमरी में हैं। बावजूद इसके अर्थव्यवस्था मोदी मय है और राजनीतिक व्यवस्था गणतंत्र विरोधी है।मेरी दृष्टि में संविधान दिवस राष्ट्रीय आत्मचिंतन का पर्व होना चाहिए।जयहिंद

सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश.

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According to a report by the cybersecurity firm Cyfirma located in Singapore, India is the most targeted country on a global scale. Manish Trivedi इकोनॉमिक टाइम्स और द वायर हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा (Cyfirma) की ‘2023 इंडिया थ्रेट लैंडस्केप रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश है, जो सभी साइबर हमलों में से 13.7% का सामना करता है. 9.6% हमलों के साथ अमेरिका दूसरा सबसे अधिक लक्षित देश है. इसके बाद इंडोनेशिया और चीन ने क्रमश: 9.3% और 4.5% हमलों का सामना किया. साइफर्मा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि वैश्विक औसत की तुलना में भारत में विदेशी सरकार-प्रायोजित साइबर हमलों का अनुपात भी अधिक है.उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर पिछले तीन वर्षों में लगभग 68 प्रतिशत साइबर हमले सरकार प्रायोजित थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप भारत की संख्या को देखें, तो यह थोड़ा अधिक 72% है.’ कमजोर साइबर सुरक्षाजहां डिजिटलीकरण ने साइबर सुरक्षा की आवश्यकता को तेज कर दिया है, वहीं भारत के साइबर सुरक्षा नियम कमजोर और अपर्याप्त हैं. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट को 24 घंटे में हैकिंग के लगभग 6,000 प्रयासों का सामना करना पड़ा था. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैनसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के एक सप्ताह बाद हुआ था. अनुमानित 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर 2023 को बड़े पैमाने पर हुए एक डेटा उल्लंघन में आईसीएमआर के पास मौजूद 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेच दी गई थी.

देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार.

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Unemployment rate in the country crossing 10 percent in October. मनीष त्रिवेदीदिल्ली, भारत में बेरोजगारी, निजी सर्वेक्षण और अनुसंधान समूह सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर अक्टूबर में 10 प्रतिशत को पार कर गई है। रिपोर्ट के अनुसार एक श्रम अर्थशास्त्री ने इस स्थिति के लिए धीमी पोस्ट-कोविड रिकवरी को जिम्मेदार ठहराया है। जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू सर्वेक्षण करता है, सीएमआईई के अनुसार अक्टूबर में बेरोजगारी दर 10.05 प्रतिशत थी, जो कि सितंबर में 7.09 थी। पिछले साल अक्टूबर का आंकड़ा 7.8 फीसदी था। बेरोजगारी दर कार्यबल में बेरोजगार लोगों का प्रतिशत है जो कार्यरत हैं या नौकरी की तलाश में हैं। सीएमआईई सर्वेक्षण में इस साल अक्टूबर में ग्रामीण बेरोजगारी दर 10.82 प्रतिशत और शहरी बेरोजगारी दर 8.44 प्रतिशत आंकी गई है। 2023-24 के पहले छह महीनों में बेरोजगारी दर लगभग 7-8 प्रतिशत थी। द टेलीग्राफ की इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में बाथ विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर और श्रम अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा ​​ने कहा कि संगठित क्षेत्र ने कोविड के प्रभाव को दूर कर लिया है, लेकिन असंगठित क्षेत्र, जो देश के लगभग 90 प्रतिशत कार्यबल को आजीविका प्रदान करता है, ने नहीं किया है। सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), नियोजित या नौकरी की तलाश में व्यक्तियों का अनुपात, 2017-18 में 49.8 प्रतिशत से बढ़कर 2022-23 में 57.9 प्रतिशत हो गया।

12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा.

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In the last 12 months, nearly 60% of healthcare organizations in India had to face cyberattacks. Manish Trivedi नई दिल्ली: पिछले 12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा है. इकोनॉमिक टाइम्स ने यूके स्थित साइबर सुरक्षा फर्म सोफोस के एक नए अध्ययन का हवाला देते हुए बताया है कि इनमें से, साइबर अपराधी लगभग 75% रैंसमवेयर अटैक में डेटा को सफलतापूर्वक एन्क्रिप्ट करने में सक्षम थे, जो पिछले तीन वर्षों में एन्क्रिप्शन की सबसे ऊंची दर है. अख़बार ने साइबर सुरक्षा फर्म के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि यह पिछले साल किए गए 61% डेटा एन्क्रिप्शन के मुकाबले बड़ी वृद्धि है. बताय गया है कि केवल 24% स्वास्थ्य सेवा संगठन साइबर अपराधियों द्वारा उनके डेटा को एन्क्रिप्ट करने से पहले रैंसमवेयर के अटैक को रोकने में सक्षम थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा 2022 में 34% था. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट पर 24 घंटे में करीब 6,000 हैकिंग प्रयास हुए थे. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैंसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के हफ्तेभर बाद हुआ था. अनुमान ही कि इसमें 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर, 2023 को बड़े पैमाने पर हुए डेटा ब्रीच (सेंधमारी) में आईसीएमआर के साथ 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेची गई. लेकिन हेल्थकेयर क्षेत्र डेटा ब्रीच का नया निशाना क्यों बन रहा है? साइबर जोखिम प्रबंधन फर्म एरेटे के अध्यक्ष एपीएसी राज शिवाराजू ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुराने सॉफ्टवेयर, पुराने सिस्टम और साइबर सुरक्षा में अपर्याप्त निवेश ने स्थिति खराब कर दी है. जैसे-जैसे भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऑनलाइन सिस्टम को सुरक्षित करना तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. ट्रेंड माइक्रो की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की पहली छमाही में साइबर सुरक्षा जोखिम की घटनाओं के लिए भारत को अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरा सबसे खराब देश बताया गया. साइबर ख़तरे का हाल कोलंबिया स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी टेनेबल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि भारतीय कंपनियां लगभग आधे साइबर अटैक को नहीं रोक सकती हैं. यह रिपोर्ट 825 आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के ऑनलाइन अध्ययन पर आधारित है, जिनमें से 69 भारतीय थे. टेनेबल इंडिया के कंट्री मैनेजर कार्तिक शाहनी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘आज के खतरे के माहौल में जब तक संगठन साइबर अटैक पर प्रतिक्रिया देते हैं, तब तक बाजी आधी हारी जा चुकी होती है.’ रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण आईटी और साइबर सुरक्षा टीमों के बीच समन्वय की कमी है, जिसे 43% भारतीय संगठनों ने स्वीकार किया है. शाहानी ने कहा कि संगठनों में आईटी और सुरक्षा टीमों के बीच लक्ष्यों के अलग होने के परिणामस्वरूप तालमेल की स्पष्ट कमी होती है, जिससे साझा लक्ष्य की दिशा में एकजुट होकर काम करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अध्ययन में उत्तर देने वाले कम से कम 78% भारतीयों का मानना है कि उनके संगठन प्रिवेंटिव साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित ज़्यादा संसाधनों के साथ साइबर अटैक से बेहतर बचाव कर सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से केवल सात (71%) संगठनों का कहना है कि उनकी आईटी टीमें पैचिंग और सुधार की तुलना में अपटाइम के बारे में अधिक चिंतित हैं. बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए कौशल की कमी इसके अलावा, भारत के साइबर सुरक्षा उद्योग में मांग और आपूर्ति के बीच गहरी खाई है. चीन के बाद सक्रिय इंटरनेट यूजर्स की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के बावजूद भारत में वैश्विक साइबर सुरक्षा नौकरियों का केवल 6% है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 तक इस उद्योग में केवल 40,000 नौकरियां थीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उद्योग को जरूरी कौशल को लेकर बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जहां मांग-आपूर्ति के बीच का अंतर 30% है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का साइबर सुरक्षा कार्यबल 2023 में लगभग 0.3 मिलियन था, जो 2022 में 0.21 मिलियन और 2021 में 0.1 मिलियन था. इसकी तुलना में, साइबर सुरक्षा पेशेवरों का वैश्विक कार्यबल लगभग 4.7 मिलियन था. इसमें यह भी कहा गया है कि साइबर सुरक्षा राजस्व के मामले में भारत 222 बिलियन डॉलर के वैश्विक राजस्व में से 2.50 बिलियन डॉलर का अनुमानित राजस्व पैदा कर रहा है. यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट पर आधारित है 

देश राज्यों से बड़ी खबरें.

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National Headlines and State News 1 सरदार पटेल जयंती पर अमृत कलश यात्रा आज,विजय चौक पर मेरी माटी मेरा देश-अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश भर से 7500 कलशों में मिट्टी लेकर अमृत कलश यात्रा दिल्ली पहुंचेगी। यात्रा में शामिल लोग देश के विभिन्न हिस्सों से पौधे भी लेकर आएंगे 2 उपराष्ट्रपति बोले-कानूनी मामलों में उलझें तो सड़कों पर न उतरें, गुवाहाटी में कहा- लोग समन मिलते ही प्रदर्शन करते हैं, वे भी न्यायपालिका पर भरोसा रखें 3 जम्मू कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश बनने के चार साल बाद महकने लगे विकास और खुशहाली के फूल, पत्थरबाजी इतिहास के पन्नों में सिमटा 4 नागरिकों को राजनीतिक चंदे का स्रोत जानने का अधिकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार 5 कोविड के कारण भर्ती, ज्यादा मेहनत वाले काम… ICMR स्टडी में पता चली अचानक मौतों की वजह 6 गड़बड़ी फैलाने की ताक में भारत विरोधी ताकतें, केरल में धमाके के बाद दिल्ली-NCR समेत देशभर में अलर्ट 7 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने भेजा नोटिस, दो नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया 8 मराठा आरक्षण पर देर रात CM-डिप्टी CM की बैठक, दो सांसदों और एक विधायक ने इस्तीफा दिया, प्रदर्शनकारियों ने दो विधायकों के घर जलाए 9 मराठा आरक्षण के समर्थन में एकनाथ शिंदे गुट के 2 सांसदों का इस्‍तीफा, हेमंत पाटिल संग हेमंत गोडसे का राजीनामा 10 ‘मुझे डर लगता, प्रियंका-राहुल जब आते कुछ भी कह जाते’, वसुंधरा राजे ने कहा- जरूरी नहीं है कि यह उस पर अडिग रहे; किसानों का कर्जा आज भी माफ नहीं हुआ 11 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 12 राजस्थान:बीजेपी का 10 और कांग्रेस का 3 सीटों पर विरोध, चौथी लिस्ट के लिए दोनों पार्टी में फंसा है अभी भी पेंच ! 13 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 14 अस्पताल से छूटते ही ED की हिरासत में ममता के मंत्री ज्याेति प्रिया मलिक, देर रात हुआ ऐक्शन 15 अफगानिस्तान ने श्रीलंका को भी 7 विकेट से हराया, वर्ल्ड कप 2023 में जीता तीसरा मैच 16 ‘गाजा में सीजफायर के लिए कहना, मतलब इजरायल को हमास के सामने सरेंडर करने के लिए कहने जैसा है’; नेतन्याहू की दो टूक

धामकेदार परफॉरमेंस देख दर्शक हुए बेकाबू.

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Spellbinding performance left the audience spellbound. उद्भव उत्सव के चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नृत्य एवं संगीत समारोह का पुरस्कार वितरण के साथ हुआ रंगारंग समापनखुशनुमा यादों के साथ एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी-खुशी विदा हुए देश-विदेश के कलाकार, खासे रास आए उपहार. संतोष सिंह तोमरग्वालियर । अंतरराष्ट्रीय नृत्य एवं संगीत समारोह उद्भव उत्सव 2023 की गाला नाइट में कलाकारों की धमाकेदार प्रस्तुति ने लोगों को नृत्य, संगीत के साथ संस्कृतियों का सुखद अहसास कराया। देश-विदेश के विभिन्न सांस्कृतिक समूहों को अपनी सुंदर संस्कृतियों, मूल्यों और परंपराओं को साझा और प्रदर्शित करने के लिए अनूठा मंच प्रदान करने वाले ” उद्भव कल्चरल एंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के 18वें उद्भव उत्सव 2023″ का समापनन समारोह खास रहा। सिंधिया कन्या विद्यायल, ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल एवं एलआईसी के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय उद्भव उत्सव के अंतिम दिन रविवार को गाला नाइट का आयोजन सिंधिया कन्या विद्यालय के ओपन थिएटर में किया गया। इस दौरान विदेशी टीमों श्रीलंका, मलेशिया, किर्गिजस्तान, एस्टोनिया और तिब्बत की टीमों के बीच उद्भव उत्सव खिताब पाने के लिए गजब का उत्साह देखने को मिला। किर्गिस्तान के कलाकारों की दिल धड़का देने वाली प्रस्तुति देख मौजूदा दर्शक बेकाबू होकर झूमने लगे। कलाकारों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों को लोग अपलक निहारते रहे। विदेशी कलाकारों के साथ ही इंदौर, गुड़गांव, ग्वालियर और औरंगाबाद के कलाकारों ने लोगों का दिल जीत लिया। एक के बाद एक कुल 17 प्रस्तुतियां देखने को मिली, जिनमें गीत, संगीत और नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियों ने लोगों का मन झंकृत कर दिया और इस पल का यादगार बना दिया। आसमान में छाई सतरंगी छटा गाला नाईट अवार्ड सेरेमनी के दौरान भव्य और शानदार आतिशबाजी की गई। करीब 35 मिनट तक चली आतिशबाजी से आसमान में सतरंगी छटा छा गई। हर कोई इस नजारे को कैमरे में कैद करने को उत्सुक नजर आया। सांस्कृतिक विरासत की सरंक्षक है उद्भव मुख्यअतिथि पद्म भूषण एवं सांसद डॉ. सोनल मानसिंह ने कहा कि उद्भव उत्सव में देश और दुनिया में अपनी खास पहचान रखता है। कारण भारतीय संस्कृति और सभ्यता के साथ ही विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक विरासत की संरक्षक है उद्भव संस्था। बुल्गारिया के राजदूत यानकोव निकोलेय ने कहा कि ऐतिहासिक और संगीत की नगरी ग्वालियर में संस्कृति के विविध रूप देखकर अभिभूत हॅूं। मुझे भारतीय संस्कृति और कला पर गर्व महसूस होता है। सिंधिया कन्या विद्यालय की प्राचार्य निशी मिश्रा, ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर किरण भदौरिया, एलआईसी के सीनियर डिवीजनल मैनेजर खलील अहमद, मार्केटिंग मैनेजर सुदेश कुमार पाण्डेय एवं मिश्रा हॉस्पिटल के डायरेक्टर सौरभ मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किए। संस्था के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय एवं सचिव दीपक तोमर ने अतिथियों को स्मृति चिंह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन यशस्वी शर्मा एवं ब्रज किशोर दीक्षित ने तथा आभार व्यक्त चंद्रकांत शर्मा ने किया। ये रहे विजेताक्लासिकल स्कूल श्रेणीप्रथम : दिल्ली पब्लिक स्कूल गुड़गांवद्वितीय : क्वींस कॉलेज इंदौरतृतीय : विद्यादेवी जिंदल स्कूल हिसारक्लासिकल ओपन श्रेणीप्रथमः गंधर्व अकेडमी इंदौरद्वितीय : श्रीमाता निर्मला देवी नृत्य झंकार औरंगाबादतृतीय : शिखा नृत्य संस्थान, ग्वालियरसेमी क्लासिकल ओपन श्रेणीप्रथमः वल्लभ नृत्य संस्थान इंदौरद्वितीय : एमआईटीएस, गवालियरतृतीय : नुपूर सांस्कृतिक संस्थान ग्वालियरसेमी क्लासिकल स्कूल श्रेणीप्रथमः देहली पब्लिक स्कूल गुड़गांवद्वितीय : भारतीय विद्या निकेतन ग्वालियरतृतीय : डेली कॉलेज इंदौरफोक ओपन श्रेणीप्रथमः अल्वी डांस अकेडमी ग्वालियरद्वितीय : गंधर्व अकेडमी इंदौरफोक स्कूल श्रेणीप्रथमः शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल इंदौरद्वितीय : डेली कॉलेज इंदौरतृतीय : ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल आदित्य पुरम

टिकट कटने से नाराज नंदू भैया के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान का शक्ति प्रदर्शन, बीजेपी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ सकते हैं चुनाव

जनता का आदेश होगा वह मेरे लिए सर्वमान्य होगा। मेरे जीवन का फैसला अब मैंने इनके हाथों में दे दिया। दूसरी बार निमाड़ की जनता से फरेब हुआ। हमें धोखे में रखा गया। पहले इनके द्वारा कहा गया था कि हारे हुए कैंडिडेट को टिकट नहीं दिया जाएगा वह भी जो निर्दलीय से हारे हैं। जिन पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप हैं। ऐसे लोगों को टिकट मिल गया। बहरहाल आज तो मैं शहर में आया हूं। सबसे चर्चा करूंगा। जनता का सेवक हूं जो मालिक कहेगा वह सेवक करेगा। मेरे पास किसी का फोन नहीं आया। अब क्या बात करना। हर्षवर्धन सिंह चौहान ने जताई नाराजगी एक तरफ नीमच की मनासा विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार अनिरूद्ध मारू को टिकट देने से नाराज पूर्व मंत्री व मनासा से विधायक रहे कैलाश चावला ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह ने बेटे का टिकट कटने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया और अब बुरहानपुर में नंदकुमार चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान विरोध में सामने आ गए हैं। भोपाल से लौटने के बाद उन्होने कहा कि दूसरी बार निमाड़ की जनता के साथ फरेब हुआ है और अब जो जनता का आदेश होगा वह मेरे लिए सर्वमान्य होगा। बुरहानपुर से निर्दलीय लड़ने की संभावना बता दें कि बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा से पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को प्रत्याशी बनाया है। यहां से हर्षवर्धन सिंह चौहान भी दावदारी कर रहे थे। टिकट कटने के बाद वो रविवार को बुरहानपुर पहुंचे जहां हजारों की संख्या में मौजूद समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान हर्षवर्धन सिंह चौहान ने कहा ‘मेरे जीवन का फैसला अब मैंने इनके हाथों में दे दिया है। दूसरी बार निमाड़ की जनता से फरेब हुआ। हमें धोखे में रखा गया। पहले इनके द्वारा कहा गया था कि हारे हुए कैंडिडेट को टिकट नहीं दिया जाएगा। वह भी जो निर्दलीय से हारे हैं और जिनपर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप हैं। ऐसे लोगों को टिकट मिल गया।’ हर्षवर्धन सिंह चौहान के समर्थक मांग कर रहे हैं कि वो निर्दलीय चुनाव लड़ें और बहुत संभावना है कि वो इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना दावा ठोंक सकते हैं। इधर उनकी मां और नंदू भैया की पत्नी दुर्गेश्वरी देवी ने भी जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि ‘आखिर मेरे पति ने पार्टी की सेवा करने में क्या कमी की थी और आज मुझे ये दिन देखना पड़ रहा है। मेरे पति ने अपना पूरा जीवन त्याग कर दिया उनके साथ में अगर ये न्याय है तो आगे क्या होगा।’ उन्होने कहा कि मेरे बेटे के साथ जनता का आशीर्वाद, वरिष्ठों का आशीर्वाद और युवाओं का सहयोग रहा तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। इस तरह अब पूरा परिवार बीजेपी के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है।

इंदौर-3 से टिकट कटने पर आकाश विजयवर्गीय बोले- ‘जब पिता जी को टिकट मिला तभी…’

आकाश विजयवर्गीय ने कहा, आगामी राज्य चुनावों के लिए राकेश गोलू शुक्ला को इंदौर-3 से टिकट दिया गया है. हमें खुशी है, हमने इस फैसले को स्वीकार किया क्योंकि यह पार्टी के हित में है. आदित्य शर्मा, इन्दौर | मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी (BJP) ने अपने प्रत्याशियों की 5वीं लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने इंदौर 3 विधानसभा क्षेत्र से कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय की जगह इस बार गोलू शुक्ला (Golu Shukla) को चुनावी मैदान में उतारा है. अब इस पर आकाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. आकाश ने पार्टी के फैसले का स्वागत किया है. आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब उनके पिता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) को पार्टी ने टिकट दिया था उसी समय ये बात लगभग स्पष्ट हो गई थी इस बार उन्हें टिकट नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला उन्हें मंजूर है. पार्टी के हिट में जो भी होता है वो हम सभी के लिए मान्य होता है. आकाश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके भाई जैसे गोलू शुक्ला को पार्टी ने इंदौर 3 (INdore) से उम्मीदवार बनाया है, और उन्हें क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का मौका मिल रहा है. गोलू शुक्ला जैसे नेता को टिकट मिलना खुशी की बात आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले पांच सालों में पार्टी ने क्षेत्र में काफी विकास किया है. सरकार की सभी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाया. बीजेपी का जो नारा है सबका साथ सबका विकास, हमने उसी के तहत अपने निर्वाचन क्षेत्र में काम किया है. इसके आगे आकाश ने कहा कि उन्हें खुशी है कि गोलू शुक्ला जैसा ऊर्जावान और युवा नेता क्षेत्र को मिलने वाला है. उन्होंने कहा कि गोलू शुक्ला उनसे भी ज्यादा अनुभवी हैं, ऐसे में उन्हें यकीन है कि गोलू शुक्ला के नेतृत्व में भी क्षेत्र का और भी तेज गति से विकास किया जाएगा. इसके अलावा आकाश ने कहा कि वो पार्टी के एक कार्यकर्ता हैं. आगे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उन्हें वो निभाएंगे । संजय शुक्ला के चचेरे भाई हैं गोलू शुक्ला गौरतलब है कि शनिवार को पार्टी ने अपने 92 उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट जारी की है, जिसमें आकाश की जगह गोलू शुक्ला को इदौंर 3 से उम्मीदवार बनाया गया है. गोलू शुक्ला संजय शुक्ला के चचेरे भाई हैं जो इंदौर 1 से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. जिनका मुकाबला कैलाश विजयवर्गीय से है. आकाश के टिकट पर थी सभी की निगाहें बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश के टिकट को लेकर कई दिनों से चर्चाएं थी. सभी की निगाहें इस क्षेत्र पर थी. पहले ही अटकलें लगाई जा रही कि इस बार आकाश का पत्ता साफ हो सकता है. जिसके पीछे एक बड़ी वजह 2019 का बल्ला कांड भी हो सकता है. दरअसल 2019 में आकाश का बल्ला कांड काफी सुर्खियों में रहा था. जर्जर मकान पर कार्रवाई के दौरान आकाश ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर क्रिकेट के बैट से वहां मौजूद एक अधिकारी की जमकर पिटाई कर दी थी.

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