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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नियमित जनसुनवाई का असर: समस्याओं के समाधान से आमजन हुए संतुष्ट

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारण करने, फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा समाधान में कोताही नहीं बरतने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण राहत दी जा सके। हमारी नीतियों और नीयत के केन्द्र में लोककल्याण ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा की भावना के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। जनसुनवाई के दौरान महिलाएं, युवा, दिव्यांगजन, वृद्धजन सहित सभी परिवादी अपनी समस्याओं के मौके पर ही समाधान से संतुष्ट नजर आए।   इस दौरान शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में संबंधित जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।  

सर्विस लेन पर अव्यवस्था: भारी वाहन खड़े होने से सड़क पर ट्रैफिक जाम

धौलपुर  शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या44 पर दोनों तरफ सर्विस लेन की हालत खराब है। ग्वालियर और आगरा रोड की सर्विस लेन पर सुबह से ही भारी वाहन आकर खड़े हो जाते हैं। यह वाहन दिनभर यहां सर्विस लेन पर खड़े रहते हैं जिससे यातायात बाधित रहता है और हादसे का खतरा बना रहता है। यहां गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स की तरफ की जा रही सर्विस लेन पर इन दिनों खासा ट्रेफिक है। वाटरवक्र्स चौराहे पर हाइवे क्रॉसिंग को बंद करने से सामने की तरफ से लांग साइड से वाहन आने से और समस्या खड़ी हो गई है। रही सही कसर यहां सर्विस लेन पर खड़े हो रहे भारी वाहनों ने कर रखी है। जिससे यहां पर जाम की स्थिति बन रही है। शुरुआत में इन वाहनों को हटाया गया लेकिन फिर से जस की तस स्थिति बनी हुई है। ग्वालियर रोड की सर्विस लेन की स्थिति अधिक खराब है। गुलाब बाग चौराहे से वाटरवक्र्स चौराहे के बीच भारी वाहन खड़े रहते हैं। यहां पर मिस्त्रियों की दुकानें हैं और वाहन यहां दिनभर खड़े रहते हैं। जिससे सर्विस लेन पर जगह कम पड़ जाती है। मिस्त्रियों की दुकानें हाइवे की सर्विस लेन किनारे बनी हुई हैं। यहां दुकानों होने से साइड से गुजर रहे नाली की भी सफाई नहीं हो पाती है। इसी तरह आगे वाटरवक्र्स चौराहे से सागरपाडा तक अनाधिकृत रूप से कब्जा बना हुआ है। आगे की तरफ तो सर्विस लेन पर गड्ढे हो रहे हैं। जिससे निकलना भी दूभर हो रहा है। शहर में कृषि उपज मंडी, चोपड़ा मंदिर कट और आगे राजाखेड़ा बाइपास की तरफ हालात खराब है। यहां पर वाहन रेंग रेंग कर आगे निकल पा रहे हैं। वहीं, केन्द्रीय बस स्टैंड की तरफ भी अव्यवस्था है। यहां आरएसी लाइन से बस स्टैंड तक दुपहिया वाहन चालक मुश्किल से २० किमी प्रति किलोमीटर से भी कम रफ्तार में चल पा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त चौराहा गुलाब बाग का भी हाल बेहाल है। यहां जगदीश तिराहे से चौराहे की तरफ आने वाले ट्रेफिक रेंगता हुआ बढ़ता है। चौराहे के पास अनाधिकृत रूप से पार्किंग हो रही है। गत दिनों सफाई के लिए नगर परिषद ने दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटाया और सफाई की। जिसके बाद फिर से नाले पर ही कब्जा कर लिया। दुकानों की पार्किंग भी सडक़ पर हो रही है। जिससे जाम की स्थिति बन रही है।  

मिलिंद सोमन संग दौड़ा जयपुर, एयू मैराथन को CM ने दिखाई हरी झंडी

जयपुर. गुलाबी नगरी में रविवार सुबह आयोजित एयू जयपुर मैराथन 2026 में फिटनेस, उत्साह और ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों धावकों की कदमताल ने जयपुर को एक बार फिर देश की प्रमुख रनिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर दिया। आयोजन स्थल पर युवाओं और फिटनेस समूहों की सक्रिय भागीदारी से उत्सव जैसा माहौल रहा। रामनिवास बाग से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मैराथन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने भी रन में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रातः जल्दी उठकर दौड़ने और व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है तथा पूरे दिन शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को धरातल पर उतारने के लिए स्वस्थ जीवनशैली एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से व्यायाम को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर देश-प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की। इस दौरान अभिनेता मिलिंद सोमन ने मुख्य दौड़ में भाग लेते हुए न केवल तेज गति से रन किया, बल्कि रास्ते में रुककर पुश-अप्स कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान उनके चारों ओर मौजूद युवा और बच्चे भी उन्हीं की तरह फिटनेस एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित दिखे। संस्कृति युवा संस्था और वर्ल्ड ट्रेड पार्क के संयोजन में आयोजित इस मैराथन को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का सहयोग मिला। संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने इस मैराथन को केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए मैराथन को जनआंदोलन बनाने की पहल बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर ने एक बार फिर साबित किया है कि यहां खेल और सामाजिक सरोकार साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। दौड़ के विभिन्न वर्गों में प्रोफेशनल धावकों से लेकर स्कूली बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भ्ज्ञी हिस्सा लिया। रास्ते में जगह-जगह पानी, ऊर्जा पेय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था रही। जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लाइव म्यूजिक ने प्रतिभागियों का उत्साह बनाए रखा।

आम बजट से उद्यमियों में खुशी की लहर, भीलवाड़ा की टेक्सटाइल सिटी को लगेंगे पंख

जयपुर/भीलवाड़ा. सहमे बाजार और महंगाई की मार झेल रही जनता के बीच आज पेश हुए केंद्रीय बजट में चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा से राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कपड़ा उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजस्थान का भीलवाड़ा जिला कपड़ा उद्योग में सिरमौर है और बजट घोषणा में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना होने से वस्त्रनगरी के कपड़ा उद्योग को पंख लगने तय हैं। सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर, 8 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर और 8 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इस वित्त मंत्री की बजट घोषणा से इस औद्योगिक हब को मानों ‘बूस्टर डोज’ मिल गई है। उद्यमियों ने कहा कि बजट में ‘मेगा टेक्सटाइल पार्क’ की घोषणा हुई है जिससे अब यह शहर वैश्विक पटल पर चीन और वियतनाम जैसे देशों को सीधी टक्कर देने वाला है। वित्तमंत्री ने बजट में ये की घोषणाएं बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मॉर्डन किया जाएगा और टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम पर नया प्लान लॉन्च किया जाएगा। SME सेक्टर को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा की गई है, इसके साथ ही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल (Mahatma Gandhi Gram Swaraj Initiative) को भी लॉन्च किया जाएगा। बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 5 प्वाइंट प्लान लॉन्च किया जाएगा और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है. खादी और हैंडीक्राफ्ट टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा गया है। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा- वित्त मंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में ‘चैलेंज मोड’ में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या? रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे। प्रमुख घोषणाएं… वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल। वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा। रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव

राजस्थान में ₹2,585 प्रति क्विंटल है समर्थन मूल्य, शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद

जयपुर. राजस्थान के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया आज 1 फरवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा। राज्य सरकार ने खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू की है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार किसान 1 फरवरी से 25 जून 2026 तक गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए “गेहूं खरीद के लिए किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल” शुरू किया गया है। किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए अद्यतन जन आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का पैसा सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भुगतान में देरी की समस्या भी नहीं आएगी। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने बैंक खाते को जन आधार से लिंक करा लें। राज्य में गेहूं की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2026 तक की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में 383 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड, तिलम संघ, नाफेड, एनसीसीएफ तथा इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पंजीकरण, खरीद तिथि और अन्य सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएंगी। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14435 जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।

खुलने वाला है राज! साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में आश्रम पहुंची SIT-FSL टीम

जोधपुर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। इस मामले की तह तक जाने के लिए गठित SIT की टीम पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी हुई है। इसी कड़ी में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम भी आज एक बार फिर साध्वी के आश्रम पहुंची, जहां घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आश्रम परिसर से अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि मौत की असल वजह का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण का नहीं हुआ खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी की मौत का साफ कारण नहीं निकल पाया है। मगर मेडिकल सूत्रों के मुताबिक उनकी छोटी और बड़ी आंत में लाल निशान मिले हैं, जो अक्सर जहर के असर से होते हैं। अगर सच में जहर का शक सही है, तो आगे की जांच में यह साफ होगा। अब उनके आंतरिक अंगों (जैसे फेफड़े, यकृत, गुर्दा, आंत) की रासायनिक जांच हो रही है। FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ था या नहीं और अगर था, तो वह कैसे पहुंचा। पुलिस ने आश्रम के बाहर दो अस्थालाइन की बोतलें भी बरामद की हैं। इसके चलते सवाल उठ रहे हैं कि क्या साध्वी को अस्थमा की दिक्कत थी। अस्थमा के मरीजों को अक्सर डेक्सोना इंजेक्शन दिया जाता है, जो स्टेरॉयड है और फेफड़ों की सूजन कम करता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में यह खतरनाक भी हो सकता है।

युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने राजस्थान में अब बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा गुटखा-सिगरेट

जयपुर राजस्थान सरकार ने युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने और सार्वजनिक स्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, जर्दा जैसे तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। शहरी विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था जुलाई-अगस्त 2025 से लागू की जाएगी। इसके तहत विक्रेताओं को संबंधित नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका से लाइसेंस प्राप्त करना होगा, जिसके लिए वार्षिक शुल्क 1,000 रुपये तय किया गया है। पहले चरण में 10 शहरों में होगी शुरुआत इस अभियान का पहला चरण जयपुर, जोधपुर, सीकर, अलवर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, ब्यावर और नागौर जैसे प्रमुख शहरों में लागू किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, केवल जयपुर में लगभग 46 हजार तंबाकू विक्रेता हैं, जिनमें से 20 हजार प्रमुख चौराहों और मुख्य सड़कों पर सक्रिय हैं। पूरे राज्य में इनकी संख्या करीब 2 लाख है। 18 साल से कम उम्र वालों को बेचने पर कार्रवाई सरकार ने तंबाकू नियंत्रण को सख्ती से लागू करने के लिए कुछ सख्त नियम भी जोड़े हैं। यदि कोई लाइसेंसधारी विक्रेता 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल, अस्पताल, बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यह पहल स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ तंबाकू की अवैध बिक्री को नियंत्रित करने और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।  

अंडर-16 साउथ एशियन यूथ बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारत ने जीता स्वर्ण पदक, मोहम्मद रजा चमके

जैसलमेर मालदीव में 12 से 15 जून 2025 तक आयोजित अंडर-16 साउथ एशियन यूथ बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। FIBA (फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन) द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत ने बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका जैसी टीमों को मात देते हुए खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में भारत ने बांग्लादेश को 117-29, मालदीव को 151-20 और श्रीलंका को लीग मुकाबले में 111-79 से हराया। फाइनल में भारत ने एक बार फिर श्रीलंका को 93-62 के बड़े अंतर से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। भारत की इस ऐतिहासिक जीत में जैसलमेर बास्केटबॉल अकादमी के उभरते खिलाड़ी मोहम्मद रजा ने शानदार प्रदर्शन किया। रज़ा ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 86 अंक बनाए और भारतीय टीम के टॉप स्कोरर रहे। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अकेले 38 अंक जुटाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। तीन साल से ले रहे प्रशिक्षण, कई राष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं रज़ा जिला खेल अधिकारी राकेश बिश्नोई ने जानकारी दी कि मोहम्मद रज़ा पिछले तीन वर्षों से राजस्थान सरकार की बास्केटबॉल अकादमी, जैसलमेर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब तक वे चार बार राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और एक स्वर्ण, दो रजत तथा एक कांस्य पदक अपने नाम कर चुके हैं। राजस्थान में जश्न का माहौल, नेताओं और अफसरों ने दी बधाई मोहम्मद रजा की इस उपलब्धि पर जैसलमेर सहित पूरे राजस्थान में खुशी की लहर है। राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, कलेक्टर प्रताप सिंह, एसपी सुधीर चौधरी, और राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह सिसोदिया सहित कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें और उनके कोच को बधाई दी।  

जयपुर सचिवालय के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में तड़के अचानक लगी आग, कई महत्वपूर्ण फाइलें जलकर

जयपुर जयपुर सचिवालय परिसर स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) के कार्यालय में तड़के अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह करीब 5 से साढ़े 5 बजे के बीच की है, जब अधिकांश कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। आग लगते ही सचिवालय के ऑटोमैटिक फायर फाइटिंग अलार्म सक्रिय हो गए और सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए। विभागीय अग्निशमन प्रणाली की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे किसी बड़े नुकसान या जनहानि की स्थिति नहीं बनी। आग पर समय रहते काबू पाने के कारण फायर ब्रिगेड को बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। हालांकि आग से कार्यालय का एक कमरा प्रभावित हुआ है, जहां रखा फर्नीचर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट होगा। सुरक्षा स्टाफ की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। विभागीय स्तर पर आग की जांच शुरू कर दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए अतिरिक्त उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।

आरएसओएस ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट घोषित, आधिकारिक वेबसाइट पर देखें नतीजे

जयपुर राजस्थान स्टेट ओपन बोर्ड (RSOS) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है। जिन छात्रों ने इस साल की परीक्षाएं दी थीं, वे अब rsos.rajasthan.gov.in और rsosadmission.rajasthan.gov.in/rsos पर जाकर अपना रिजल्ट चेक और मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। शिक्षा संकुल परिसर में हुई घोषणा राजस्थान ओपन स्कूल द्वारा परीक्षा परिणामों की घोषणा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा शिक्षा संकुल परिसर से की गई। इस साल 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 21 अप्रैल से 16 मई 2025 के बीच आयोजित की गई थीं। वहीं पाकिस्तान युद्ध के कारण बीकानेर, जैसलमेर, फलौदी, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और जोधपुर में स्थगित हुई परीक्षाएं 28 से 30 मई के बीच ली गईं। कक्षा 12वीं और 10वीं में 57 हजार 80 विद्यार्थी सफल कक्षा 12वीं की स्ट्रीम-1 में कुल 40,830 विद्यार्थी पंजीकृत थे और सभी ने परीक्षा में भाग लिया। इनमें से 13,477 छात्र पूरी तरह से उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं, जबकि 27,353 छात्रों को आंशिक रूप से उत्तीर्ण माना गया है। वहीं, 10वीं स्ट्रीम-1 में 48,294 छात्र पंजीकृत थे और सभी ने परीक्षा दी। इनमें से 13,603 छात्र पास हुए हैं, जबकि 34,691 छात्र आंशिक रूप से उत्तीर्ण हुए हैं। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS) की विशेषता यह है कि यहां किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाता। जो छात्र कुछ विषयों में सफल नहीं हो पाते, उन्हें “आंशिक रूप से उत्तीर्ण” का दर्जा दिया जाता है। ऐसे छात्रों को बाद में दोबारा परीक्षा देकर पूर्ण रूप से उत्तीर्ण होने का अवसर दिया जाता है। RSOS 10th 12th Result: ऐसे चेक करें रिजल्ट     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rsos.rajasthan.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर अपनी कक्षा (10वीं या 12वीं) का चयन करें।     अब एनरोलमेंट नंबर, जन्मतिथि, और दिया गया कोड भरें।     सबमिट पर क्लिक करें।     आपकी रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगी।     आप चाहें तो मार्कशीट की डिजिटल कॉपी भी डाउनलोड कर सकते हैं।  

वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी ने राजस्थान पीटीईटी परीक्षा की उत्तर कुंजी की जारी

जयपुर राजस्थान में बी.एड कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट (PTET) 2025 की उत्तर कुंजी वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (VMOU), कोटा ने आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.com पर जारी कर दी है। चारों सेटों की उत्तर कुंजी जारी यूनिवर्सिटी द्वारा चारों सेट (A, B, C, D) की उत्तर कुंजी अपलोड कर दी गई है। जो भी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, वे वेबसाइट पर जाकर PDF फॉर्मेट में उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं और अपने अंकों का मिलान कर सकते हैं। 21 जून तक आपत्ति दर्ज कराने का मौका अगर किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर अभ्यर्थियों को आपत्ति है, तो वे 19 जून से 21 जून 2025 के बीच ऑनलाइन मोड में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 100 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही, संबंधित प्रमाण (डॉक्युमेंट या प्रमाणित स्रोत) अपलोड करना अनिवार्य होगा। ध्यान दें कि बिना उचित साक्ष्य के भेजी गई आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। 15 जून को हुई थी परीक्षा राजस्थान पीटीईटी 2025 परीक्षा राजस्थान के विभिन्न कॉलेजों में दो वर्षीय बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 15 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित हुई थी। यह परीक्षा राज्यभर के 41 जिलों में बनाए गए कुल 736 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई। इस वर्ष पीटीईटी में कुल 2.73 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जो कि पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी कम है। वर्ष 2023 में जहां 5.21 लाख छात्रों ने आवेदन किया था, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 4.27 लाख रह गई थी। अब 2025 में यह आंकड़ा और घटते हुए 2.73 लाख पर आ गया है। ऐसे करें डाउनलोड     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ptetvmoukota2025.com पर जाएं।     होमपेज पर “Rajasthan PTET Answer Key 2025” लिंक पर क्लिक करें।     अब अपने संबंधित सेट (A, B, C, D) को चुनें।     PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करें और मिलान करें।  

बांसवाड़ा और डूंगरपुर में रिमझिम बारिश का दौर

बांसवाड़ा राजस्थान में मानसून ने प्रवेश कर लिया है। इसका असर वागड़ में देखने को मिल रहा है। बांसवाड़ा में बुधवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। डूंगरपुर में रिमझिम बारिश का दौर बना हुआ है। डूंगरपुर के देवल में सबसे अधिक 63 मिमी यानी ढाई इंच बारिश दर्ज की गई है। राजस्थान में मानसून का प्रवेश दक्षिणी जिलों बांसवाड़ा और डूंगरपुर से होता है। इस वर्ष केरल में मानसून ने जल्दी दस्तक दे दी थी। इससे  बांसवाड़ा और डूंगरपुर में भी जून के दूसरे सप्ताह तक मानसून के आने की उम्मीदें बढ़ गई थीं। हालांकि कुछ दिनों तक महाराष्ट्र में ही मानसून के अटकने का असर यहां भी पड़ा लेकिन अब दोनों जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। तापमान में आई गिरावट बांसवाड़ा में आसमान में बादल छाए हुए हैं।  हल्की नम हवाएं भी चल रही हैं। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है। मौसम ठंडा व सुहावना हो गया है। इससे गर्मी व उमस से बेहाल लोगों को राहत मिली है। बारिश का दौर शुरू होने के बाद किसान भी अब खेतों की ओर रूख कर रहे है। अब बारिश के साथ ही खेतों में सफाई के बाद बुवाई का दौर भी शुरू हो जाएगा।। यहां इतनी हुई बारिश  बुधवार सुबह आठ बजे तक बांसवाड़ा के  गढ़ी में 13मिमी , घाटोेल में पांच मिमी बारिश रिकार्ड की गई। वहीं डूंगरपुर जिले में पिछले 24 घंटों में देवल में सबसे ज्यादा ढाई इंच (63 मिमी ) बारिश हुई है। सोम कमला आंबा बांध क्षेत्र में 42 मिमी, सागवाड़ा में 36 मिमी, गणेशपुर में 32 मिमी, धंबोला में 16 मिमी, डूंगरपुर में 25 मिमी, आसपुर में 33 मिम, चिखली में 13 मिमी, गलियाकोट में 27 मिमी, कनबा में 19 मिमी, निठाउवा में 15 मिमी, साबला में 7 मिमी और वेंजा में 26 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

शहर के चारों तरफ की गौचर भूमि पर बजरी खनन, पर्यावरण के लिए पूरा शहर कर रहा आंदोलन

नागौर नागौर के रियांबड़ी के लोग गुस्से में हैं। वे अपने शहर के पर्यावरण को बचाना चाहते हैं। शहर के चारों तरफ की गौचर भूमि पर बजरी खनन हो रहा है। लोगों में गुस्सा इसलिए है क्योंकि अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जब लोगों की बात प्रशासन ने नहीं सुनी तो उन्होंने आंदोलन की राह पकड़ ली है। शहर को अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दिया है। इसके साथ ही लोग प्रदर्शन भी कर रहे हैं। बाजारों की सभी दुकानें और अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ पूरी तरह से ठप  हैं। शहर के प्रमुख संगठनों और नागरिकों ने मिलकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अनियंत्रित बजरी खनन से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है, साथ ही क्षेत्र की जलधाराओं और खेती योग्य भूमि पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। लोगों का जीवन और स्वास्थ्य भी खतरे में आ गया है। वहीं भारी वाहनों से हादसे होने का भी डर लगा रहता हैं। आंदोलनकारियों ने तीन सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें पहली रियांबड़ी क्षेत्र में गौचर भूमि से बजरी खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। वहीं दूसरी मांग पर्यावरण संरक्षण के नियमों का शहर और इसके आस-पास सख्ती से पालन कराया जाए। तीसरी मांगखनन प्रभावित क्षेत्र के लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शहर का बंद जारी रहेगा। रियांबड़ी का यह आंदोलन अब अन्य गांवों और कस्बों तक फैलने भी लगा है।  

पुलिस कमिश्नरेट की ड्रोन टीम दो शिफ्टों में करेंगी काम, आसमान रखेगी नजर

 जोधपुर जोधपुर पुलिस अब हाईटेक तकनीक से हर अवांछित गतिविधि पर आसमान से नजर रखेगी। चाहे अवैध बजरी परिवहन हो, शराब की अवैध बिक्री या फिर भीड़भाड़ वाले इलाके अब पुलिस ड्रोन के जरिये इन सभी गतिविधियों की निगरानी करेगी। पुलिस कमिश्नरेट की ड्रोन टीम दो शिफ्टों में सुबह 9 से रात 9 बजे तक और फिर रात 9 से सुबह 9 बजे तक पूरे शहर पर नजर रखेगी। ड्रोन टीम पुलिस कंट्रोल रूम से रवाना होगी और दिन के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहेगी। ये भी पढ़ें: Banswara News: हादसे के पांचवें दिन हुआ चिकित्सक दंपती और मासूमों का अंतिम संस्कार, डीएनए जांच के बाद शव सौंपे दिनवार ड्रोन की तैनाती और फोकस क्षेत्रों में सोमवार को उम्मेद स्टेडियम, स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम और आसपास के इलाके में संदिग्ध गतिविधियों व भीड़भाड़ पर निगरानी, मंगलवार को आखलिया चौराहे पर बस स्टैंड, मसूरिया पहाड़ी, ढाबे, होटल और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी, बुधवार को पोलो ग्राउंड में बजरी डंपर, अवैध गैस रिफिलिंग, नाका शिकारगढ़ की निगरानी, गुरुवार को एम्स हॉस्पिटल ग्राउंड से एम्स, एमडीएम, शास्त्री सर्कल, रेल्वे स्टेशन, ढाबे व अवैध गतिविधियों पर निगरानी, शुक्रवार को ओल्ड कैंपस ग्राउंड से रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड, केएन कॉलेज, पुलिस लाइन व जेल क्षेत्र पर निगरानी, शनिवार को कुड़ी भगतासनी ग्राउंड से अवैध बजरी, हाईकोर्ट परिसर व संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी जाएगी। रविवार का दिन मेंटेनेंस दिवस रखा गया है। इसी तरह रात में ड्रोन टीम बजरी डंपर, संदिग्ध वाहन, शराब की अवैध बिक्री, होटलों व ढाबों पर निगरानी रखेगी। उम्मेद स्टेडियम, पोलो ग्राउंड, आखलिया चौराहा जैसे मुख्य स्थानों पर टीम अलग-अलग दिन ड्यूटी पर रहेगी। जोधपुर पुलिस की यह तकनीकी पहल अवांछित गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। ड्रोन से निगरानी से पुलिस की पहुंच उन क्षेत्रों तक भी होगी जहां परंपरागत तरीके से निगरानी कठिन होती है।  

शीर्ष न्यायालय ने कहा अनुकंपा नियुक्ति को अधिकार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए

जयपुर  अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मंगलवार को शीर्ष न्यायालय ने एक से ज्यादा घर और कई एकड़ जमीन वाले एक युवक को पिता के बाद नौकरी देने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता उसके पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति चाह रहा था। शीर्ष न्यायालय पहले भी यह कहता रहा है कि अनुकंपा नियुक्ति को अधिकार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। साथ ही ऐसी नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का जरूरी मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है। अदालत ने याचिकाकर्ता रवि कुमार जेफ के पिता सेंट्रल एक्साइज में प्रधान आयुक्त थे। अगस्त 2015 में उनका निधन हो गया था। अब रवि ने CGST और सेंट्रल एक्साइज (जयपुर जोन) राजस्थान में मुख्य आयुक्त के कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस मनमोहन ने याचिका खारिज कर दी है। खास बात है कि याचिकाकर्ता के पिता दो घर, 33 एकड़ जमीन और 85 हजार रुपये परिवार को मासिक पेंशन छोड़ गए हैं। राजस्थान हाईकोर्ट और सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्युनल की तरफ से रवि की अनुकंपा नियुक्ति की याचिका को खारिज कर दिया था। उन्होंने डिपार्टमेंट के इस दावे को बरकरार रखा कि परिवार के पास सुविधाओं के साथ रहने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। खबर है कि विभागीय समिति ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए 19 आवेदकों के नाम पर विचार किया था, जिनमें से सिर्फ 3 को पात्र माना गया। विभाग का कहना है कि अनुकंपा नियुक्ति को अधिकार के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। ऐसे रोजगार के दावों पर सिर्फ वहां विचार किया जाता है, जहां परिवार मुश्किलों का सामना कर रहा हो। समिति ने कहा, ‘दिवंगत सरकारी कर्मचारी के परिवार में पत्नी और उनके बेटा-बेटी हैं। बेटा और बेटी दोनों ही बेरोजगार है और शादी नहीं हुई है। परिवार के पास गांव में एक घर है, 33 एकड़ कृषि भूमि है, जयपुर में HIG घर है…। परिवार को 85 हजार रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। परिवार की मासिक आय उनकी आजीविका के साथ सामाजिक दायित्वों के लिए पर्याप्त नजर आ रही है।’

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