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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ स्वच्छक श्याम कुमार को किया गया निलंबित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेशानुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ स्वच्छक श्याम कुमार को मृतक अमृत लाल साहू के पोस्टमार्टम हेतु परिजनों से अनावश्यक राशि मांगने के गंभीर आरोप के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई 19 अप्रैल 2025 को मृतक के परिजनों द्वारा की गई शिकायत और विभिन्न न्यूज चैनलों में प्रसारित समाचारों को संज्ञान में लेते हुए की गई है। साथ ही सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (2) में निहित प्रावधानों के अंतर्गत श्याम कुमार को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजी, जिला एमसीबी में निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वहन हेतु भत्ता प्रदान किया जाएगा।

चिरमिरी से पहलगाम गए 11 पर्यटक सुरक्षित

चिरमिरी से पहलगाम गए 11 पर्यटक सुरक्षित आतंकी हमले के बाद स्थानीय लोगों ने दी श्रद्धांजलि; सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग चिरमिरी/एमसीबी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को मनेंद्रगढ़ जिले में श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, जिले से कई पर्यटक पहलगाम घूमने गए थे जो अब सुरक्षित है लेकिन उनकी वापसी नहीं हुई है जिसे लेकर परिवार वालों ने चिंता जताई है। चिरमिरी से गर्मी की छुट्टियां मनाने गए चार परिवारों के सदस्य वर्तमान में सुरक्षित हैं। बुधवार को हल्दीबाड़ी यातायात चौक पर स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान लोगों ने भारत सरकार से इस घटना पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, बैकुंठपुर में मुस्लिम समुदाय ने कुमार चौक में एक साथ एकत्रित होकर आतंकी हमले की निंदा कर आतंकियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग चिरमिरी के नागरिकों ने अपने शहर से गए पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना की है। स्थानीय लोगों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उन्हें सकुशल घर वापस पहुंचाने में मदद करे। कश्मीरी व्यापारी ने बचाई जान मंगलवार को हुए आतंकी हमले में एक कश्मीरी व्यापारी ने छत्तीसगढ़ के 11 लोगों की जान बचाई। चिरमिरी के 11 पर्यटक जो घूमने गए थे, वो भी हमले के वक्त वहीं पहलगाम में मौजूद थे। इनमें भाजपा पार्षद पूर्वा स्थापक, पूर्व पार्षद शिवांश जैन समेत 3 बच्चे भी शामिल थे। शिवांश जैन ने बताया कि भू-स्खलन के कारण सड़क पर जाम लगा था। सड़क के दोनों तरफ पर्यटकों की भीड़ थी। अचानक फायरिंग शुरू हो गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय कश्मीरी व्यापारी नजाकत अली ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। नजाकत हर साल सर्दियों में चिरमिरी आकर गर्म कपड़े बेचते हैं। पर्यटक उन्हीं के साथ पहलगाम के आस-पास घूम रहे थे।

सुशासन तिहार: श्रम कार्ड बनने से श्रमिकों के चेहरे खिले

सफलता की कहानी सुशासन तिहार: श्रम कार्ड बनने से श्रमिकों के चेहरे खिले रायपुर श्रमिकों को अब शीघ्रता से मिलेगा श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ बिलासपुर, 23 अप्रैल 2025/ सुशासन तिहार में आवेदन करने पर श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों का कार्ड त्वरित रूप से बनाया गया, एक आवेदन पर श्रम कार्ड मिलने से श्रमिकों के चेहरे खिल गए हैं ,कोटा की महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस संवेदनशील पहल के लिए उनका आभार जताया है।      मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा आम लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल सुशासन तिहार में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। सुशासन तिहार में आवेदन करने पर कोटा ब्लॉक की ग्राम कलमीटार निवासी महिला श्रमिक श्रीमती मालती रजक और श्रीमती सोनिया निर्मलकर को सुशासन तिहार में श्रम कार्ड के लिए आवेदन करने पर विभाग द्वारा शीघ्र ही संज्ञान लिया गया और उन्हें कार्ड बनाकर दिया गया। उन्होंने बताया कि श्रम कार्ड बनवाने के लिए वे काफी समय से प्रयासरत थे लेकिन प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण उनका कार्ड नहीं बन पा रहा था, ग्राम पंचायत के माध्यम से सुशासन तिहार के विषय में जानकारी मिलने पर उन्होंने पेटी में अपना आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि आवेदन देने के कुछ ही दिन के पश्चात उन्हें विभाग द्वारा कार्ड बनने की सूचना मिली और उन्हें कार्ड दिया गया। श्रीमती मालती रजक कहती है कि हम जैसे श्रमिक परिवारों के लिए श्रम कार्ड इस बड़ा सहारा है जिसके माध्यम से हमें सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।      इसी तरह मस्तूरी ब्लॉक के श्रमिक कृष्णा ठाकुर, आनंद पाटनवार, आयुष पाटनवार, रामकली कुर्रे ने भी सुशासन तिहार में आवेदन दिया था जिस पर त्वरित रूप से निराकरण की कार्यवाही करते हुए विभाग द्वारा उन्हें श्रम कार्ड प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि श्रम कार्ड बनने से श्रमिकों को शासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है जिसमें 1.2 लाख रुपये तक का बीमा कवर, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत,दुर्घटना में मृत्यु पर 2 लाख रूपए, आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रूपए का बीमा लाभ मिलता है। इससे श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है जैसे पीएम आवास योजना, उज्जवला योजना, राशन कार्ड आदि का लाभ आसानी से मिल सकता है। श्रमिकों को  भविष्य में पेंशन स्कीम से जुड़ने का मौका भी इस माध्यम से मिल सकता है उन्हें पीएम श्रम योगी मानधन योजना के तहत रिटायरमेंट के बाद 3 हजार रूपए तक की पेंशन राशि का लाभ दिया जाता है। श्रमिक कार्ड बनने से श्रमिको के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ जाते हैं साथ ही उनके बच्चों को भी विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है। रेहाना/

मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव-मोर पानी महाअभियान’ का शुभारंभ कर जल संरक्षण दिलाई शपथ

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर किया ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ का वर्चुअल शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश में मोदी की एक और गारंटी पूरी: डिजिटल सेवाओं की पहुंच अब गांव तक, ग्रामीणों को मिलेगी नकद भुगतान सहित नागरिक सुविधाएं मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव-मोर पानी महाअभियान’ का शुभारंभ कर जल संरक्षण दिलाई शपथ प्रदेश के 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में चलेगा जल संरक्षण अभियान पंचायतें लोकतंत्र की जड़ें हैं, इन्हें सशक्त बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से की चर्चा, लाभार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव पीएम आवास प्लस प्लस का सर्वे जारी, मुख्यमंत्री ने कहा – सर्वे में शामिल होकर योजना से लाभान्वित रायपुर त्रि स्तरीय पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की मूल कड़ी हैं। मैं पांच साल पंच रहा और निर्विरोध रूप से सरपंच का दायित्व संभालने का अवसर भी मिला। अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए यदि आप अच्छा काम करेंगे तो जनता का स्नेह हमेशा मिलेगा और गांव के विकास में आप बड़ी भूमिका निभा पाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर से ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ का वर्चुअल शुभारंभ कर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि पंचायती राज दिवस के खास मौके पर शुरू हुई इस योजना से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति आएगी और प्रदेश के सरकारी सेवाओं और योजनाओं की पहुंच आम लोगों तक सुगम होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के उद्देश्य से प्रदेश के 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों में मोर गांव मोर पानी महाअभियान का शुभारंभ कर पंचायत प्रतिनिधियों और नागरिकों से जल संरक्षण का आह्वान करते हुए शपथ दिलाई।                 मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंचायतें हमारे लोकतंत्र की जड़ें हैं और इन्हें मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से वादा किया था कि ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को बैंक शाखाओं तक न जाना पड़े। आज मोदी की इस गारंटी को पूरा करते हुए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्ग पेंशनधारी, महतारी वंदन योजना से लाभान्वित माताएं बहनें, अन्नदाता किसानों को पीएम किसान निधि समेत डीबीटी से प्राप्त राशि के आहरण की सुविधा अब गांव में ही मिलने लगेगी। साय ने कहा कि ग्रामीणों को अब लंबी दूरी तय कर बैंक नहीं जाना पड़ेगा और समय के साथ-साथ उनके आने-जाने में खर्च होने वाली राशि की भी बचत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन योजनाएं, राशन कार्ड जैसी सरकारी सेवाएं भी ग्रामीणों के लिए आसान और सुगम हो जाएंगी। साय ने विश्वास जताया कि यह योजना डिजिटल इंडिया मिशन को जमीनी स्तर पर मजबूती देगी और ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी व उत्तरदायी शासन प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि आज 1460 ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था शुरू हुई है और आने वाले समय में इस योजना को विस्तार दिया जायेगा।           मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भू जल स्तर में लगातार कमी हो रही है और जल संचयन के उद्देश्य से मोर गांव मोर पानी महाअभियान का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने  पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि जल संचयन की दिशा में आप सभी को गंभीरता के साथ कार्य करना है। वर्षा जल संचयन के साथ-साथ वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों को भी अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। इन प्रयासों के माध्यम से ही हम आने वाले समय में प्रदेश में पानी की कमी को दूर कर पाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के 51 हजार परिवारों को पीएम आवास की 300 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है। प्रधानमंत्री सभी जरूरतमंद परिवार को पक्का घर मिले इसकी लगातार चिंता करते हैं। उन्होंने बताया कि अभी आवास प्लस प्लस का सर्वे चल रहा है और इसका दायरा बढ़ाते हुए कुछ अतिरिक्त छूट के प्रावधान भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सर्वे में शामिल होकर योजना का लाभ लेने की बात कही और पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वे भी इसकी जानकारी आमजन तक पहुंचाएं।       उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को सशक्त बनाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आय-जाति निवास प्रमाणपत्र, भूमि दस्तावेज, डिजिटल भुगतान और ई-डिस्ट्रिक्ट की अनेक सेवाएं आसानी से ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद की 10 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में यह सुविधा प्रारंभ की जा रही है और आगामी छह महीनों में 8,000 से अधिक पंचायतों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी।      उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संग्रहण और भू-जल स्तर को पुनःस्थापित करने हेतु मोर गांव-मोर पानी महाभियान प्रारंभ किया गया है। हर ग्राम पंचायत में नागरिकों की सहभागिता से जल संचयन की योजनाएं बनाई जाएंगी और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सरपंचों, जनपद एवं जिला पंचायत सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जल स्रोतों की पहचान कर उनके पुनर्निर्माण और संरक्षण की दिशा में सक्रिय कार्य करें।      उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज लोकतंत्र की जड़ है और ग्राम विकास की रीढ़ है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों की सूची तैयार कर उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, सचिव पंचायत भीम सिंह, संचालक पीएम आवास ग्रामीण तारन प्रकाश सिन्हा सहित अधिकारी कर्मचारी और प्रदेश के विभिन्न जिलों से पंचायत प्रतिनिधि, हितग्राही और आमजन वर्चुअली मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के हितग्राहियों और जनप्रतिनिधियों से किया संवाद      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय … Read more

ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन जोरों पर, उपसरपंच ने सरपंच पति और प्रशांत शुक्ला पर लगाए गंभीर आरोप

एमसीबी/मनेंद्रगढ़  ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उपसरपंच ऋषभ तिवारी ने सरपंच पति और रेत ठेकेदार प्रशांत शुक्ला पर अवैध रेत उत्खनन को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है। उपसरपंच का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में रेत के अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, साथ ही राजस्व की भी हानि हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले में ग्राम पंचायत की वर्तमान सरपंच सोनकुंवर ने भी ठेकेदार प्रशांत शुक्ला और पंचायत सचिव टीपी पर चोरी और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा था उन्होंने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर रेत की खुदाई की जा रही है। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब पंचायत क्षेत्र में अवैध रेत खनन की शिकायतें सामने आई हों। स्थानीय नागरिकों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है।   ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन जारी, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। उपसरपंच ऋषभ तिवारी द्वारा सरपंच पति और रेत ठेकेदार प्रशांत शुक्ला पर लगाए गए आरोपों के बाद भी रेत खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतों के बावजूद प्रशांत शुक्ला द्वारा भारी मशीनों और हरित उपकरणों (ग्रीन इक्विपमेंट्स) के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन जारी है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्तमान सरपंच सोनकुंवर ने भी रेत ठेकेदार प्रशांत शुक्ला और पंचायत सचिव टीपी के खिलाफ चोरी और अनियमितताओं की शिकायत पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से की थी। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले पर खनिज विभाग भी पूरी तरह मौन साधे बैठा है। विभाग की चुप्पी से अवैध खनन को और बल मिलता दिख रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राम पंचायत क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले में दिवंगत दिनेश मिरानिया के पार्थिव शरीर को दिया कंधा, अंतिम संस्कार में शामिल होकर दी श्रद्धांजलि

रायपुर : ‘आतंकवादियों की कायराना हरकत से प्रदेश ने अपना बेटा खोया’: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने परिजनों से मुलाकात कर दिया सरकार की ओर से सहायता का भरोसा मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले में दिवंगत दिनेश मिरानिया के पार्थिव शरीर को दिया कंधा, अंतिम संस्कार में शामिल होकर दी श्रद्धांजलि परिजनों से मुलाकात कर दिया सरकार की ओर से सहायता का भरोसा स्वर्गीय मिरानिया के पावन स्मृतियों को सहेजने के लिए सरकार करेगी प्रयास रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में दिवंगत प्रदेश के कारोबारी दिनेश मिरानिया के अंतिम संस्कार में शामिल होकर पार्थिव शरीर को कंधा दिया। उन्होंने स्वर्गीय दिनेश मिरानिया के पार्थिव देह पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और ईश्वर से मृतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साय ने शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। साय ने कहा कि स्वर्गीय मिरानिया के पावन स्मृतियों को सहेजने और चिर स्थायी बनाने लिए सरकार किसी सड़क या चौक को उनके नाम पर करने की बात कही। साय ने कहा कि आतंकवादियों की इस कायराना हरकत ने देश की आत्मा पर चोट किया है। पूरे प्रदेश के लिए भी यह दुख और पीड़ा का क्षण है।  घिनौनी आतंकवादी घटना में प्रदेश ने अपना एक बेटा खो दिया है। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने से जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित हुई, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिला और घाटी के विकास को गति मिली थी। आतंकवादियों ने पर्यटकों के जरिए कश्मीर और देश को अस्थिर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुटता के साथ इस अमानवीय कृत्य का बदला लेगा। साय ने कहा कि पाकिस्तान के शह पर हुई इस हमले का अंजाम उसे भुगताना पड़ेगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, विधायक किरण देव, विधायक राजेश मूणत और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में किए सुधार के चलते अब उद्योग एक ही भू-खंड पर दोगुना निर्माण कर सकेंगे

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में किए सुधार के चलते अब उद्योग एक ही भू-खंड पर दोगुना निर्माण कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर हुए इस संशोधन से राज्य में उद्योगों एवं व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम में संशोधन 24 दिसंबर 2024 को अधिसूचित किए गए हैं। फ्लैटेड इंडस्ट्रीज़ के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को 1.5 से बढ़ाकर 3.0 किया गया है, जिससे उद्योग एक ही भूखंड पर अब दोगुना निर्माण कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को कम लागत में अधिक उपयोग योग्य स्थान उपलब्ध होगा। औद्योगिक प्लॉट्स के लिए ग्राउंड कवरेज को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही सेटबैक में कमी की गई है, जिससे ज़मीन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। नगर पालिका क्षेत्रों और विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में व्यावसायिक भवनों के लिए न्यूनतम 5.0 एफएआर निर्धारित किया गया है। जिन भूखंडों का क्षेत्रफल 5 एकड़ या उससे अधिक है और जिन तक 100 मीटर चौड़ी सड़क की पहुँच है, उन पर एफएआर 5.0 लागू होगा। यदि ये भूखंड सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक (सीबीडी) या ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवल्पमेंट (टीओडी) ज़ोन में आते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 2.0 एफएआर की अनुमति होगी, यानी कुल एफएआर 7.0 तक हो सकेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि इन सुधारों से राज्य में आधुनिक औद्योगिक तथा व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे निवेश में वृद्धि, रोजगार सृजन और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग ने इन संशोधनों को उद्योग हितैषी नीति के तहत तैयार किया है, ताकि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक एवं व्यावसायिक निवेश को बढ़ावा मिल सके।

राज्यपाल रमेन डेका ने आतंकी हमले मे जान गंवाने वाले मिरानिया को दी श्रद्धांजलि

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले रायपुर निवासी दिनेश मिरानिया को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल डेका आज सुबह मिरानिया के घर पहंचें और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया तथा उनकी सद्गति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर उन्हें ढ़ाढ़स बंधाया।

कलेक्टर ने 65 साल के बुजुर्ग को तेंदुए से लड़कर पोते की जान बचने के लिए किया सम्मानित

गरियाबंद  तेंदुए से बहादुरी से लड़कर अपने चार साल के पोते को मौत के मुंह से खींच लाने वाले 65 वर्षीय दर्शन नेताम को आज जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया. दादा की डेयरिंग: घर से बच्चे को मुंह में दबाकर ले जा रहा था तेंदुआ,दादा ने जान पर खेलकर पोते की बचाई जान कोठीगांव निवासी दर्शन नेताम ने बीते मंगलवार को अपने पोते को तेंदुए के हमले से बचाया था. नलकूप में स्नान कर रहे दादा ने जैसे ही पोते को तेंदुआ उठाकर ले जाते देखा, वे 100 मीटर तक तेंदुए के पीछे दौड़े और उस पर कूद पड़े. इस साहसिक प्रयास से तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग गया. बच्चे की गर्दन पर तेंदुए के दांतों के निशान पाए गए हैं, लेकिन उसकी जान बच गई. इस अदम्य साहस के लिए कलेक्टर भगवानू उइके और डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने दर्शन नेताम को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया. कलेक्टर ने उन्हें “शेर से कम नहीं” बताते हुए ग्रामीणों से वन क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने और हिंसक वन्य प्राणियों से दूरी बनाए रखने की अपील की है. अंकित प्रयागराज राजिम के निवासी हैं और पूर्व राजपत्रित अधिकारी मुरली मनोहर थवानी के सुपुत्र हैं. प्रशासन ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अन्य युवाओं को भी उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया.

कांकेर में दर्दनाक हादसा कोटरी नदी में डूबने से नाबालिग की मौत

कांकेर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसमें एक नाबालिग की कोटरी नदी में डूबने से मौत हो गई. यह घटना उस समय घटी जब चार दोस्त नहाने के लिए नदी के एनीकेट में उतरे थे और एक साथी की जीवन की समाप्ति हो गई, जबकि दूसरा किसी तरह बच निकला. यह मामला परतापुर थाना क्षेत्र का है. मिली जानकारी के अनुसार, परतापुर के कोटरी नदी के एनीकेट में आज दोपहर चार नाबालिग दोस्त नहाने गए थे. नहाते समय दो दोस्त नदी में उतर गए, लेकिन अचानक एक दोस्त डूबने लगा. बहार खड़े जब दो दोस्तों ने उसे डूबते हुए देखा तो आसपास के ग्रामीणों से मदद मांगी. घटनास्थल पर एक नाबालिग की मौत हो गई, जबकि दूसरे की स्थिति सामान्य रही. स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह डूबे हुए नाबालिग को बाहर निकाला और उसे स्कूटी में पखांजुर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. सभी नाबालिगों की उम्र लगभग 16 वर्ष थी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके [पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है.

जनसंपर्क में उत्कृष्ट योगदान के लिए मीडिया की हस्तियों को मिला पुरस्कार

कोरबा पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), रायपुर चैप्टर द्वारा राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर बालको के जनसंपर्क अधिकारी विजय वाजपेयी को रामशंकर अग्निहोत्री स्मृति जनसंपर्क पुरस्कार से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में जनसंपर्क और मीडिया क्षेत्र से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र और सम्मान प्रदान किए गए. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर जनसंपर्क दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए पुरस्कृत पीआर पेशेवरों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको), कोरबा की पीआर हेड सुची मिश्रा ने कहा कि हमें आधुनिक तकनीकियों का उपयोग करते हुए सत्य और वस्तुनिष्ठ जानकारी जनता तक पहुँचानी चाहिए. पीआर में सच्चाई और वास्तविकता बहुत आवश्यक हैं. जब हम तथ्यों पर आधारित कार्य करते हैं तो कठिनाइयाँ स्वतः दूर हो जाती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में तकनीक की गहरी समझ और नवीनतम ट्रेंड्स से अपडेट रहना हर जनसंपर्क अधिकारी के लिए जरूरी है. सूचना में सत्यता और रिपोर्टिंग यथासंभव तथ्यात्मक होनी चाहिए. PRSI रायपुर के चेयरमेन डॉ. शाहिद अली ने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क सोसाइटी के विभिन्न आयोजनों और पुरस्कृत व्यक्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी. समारोह में PRSI रायपुर के सचिव डॉ. कुमार सिंह तोप्पा, कोषाध्यक्ष डॉ. दानेश्वरी संभाकर, अडानी ग्रुप के वाईस प्रेसिडेंट डॉ. प्रतीक पाण्डे, उप संचालक जनसंपर्क नसीम अहमद खान और सौरभ शर्मा तथा डॉ. कीर्ति सिसोदिया संपादक, मुकेश एस सिंह वरिष्ठ पत्रकार, सत्येश भट्ट जनसंपर्क अधिकारी सहित बड़ी संख्या में जनसंपर्क, पत्रकारिता और साहित्य जगत से जुड़ी हस्तियां मौजूद थे.

सुरक्षा बल की ओर से अब तक का सबसे बड़ा अभियान, तीन राज्य के 10 हजार जवानों ने हिड़मा को घेरा, 3 माओवादी ढेर

जगदलपुर बीजापुर जिले के तेलंगाना सीमा से सटे कर्रेगुट्टा क्षेत्र में हिड़मा समेत शीर्ष माओवादी नेताओं की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बल की ओर से अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ा गया है। अभियान के केंद्र में कुख्यात माओवादी हिड़मा है, जिसे मार गिराने छत्तीसगढ़, तेलंगाना व महाराष्ट्र की फोर्स के दस हजार से अधिक जवान बीते सोमवार से अभियान पर है। अभियान के 72 घंटे बीत जाने के बाद पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार गुरुवार की सुबह साढ़े नौ बजे कर्रेगुट्टा की पहाड़ी के पास हुए मुठभेड़ में तीन महिला माओवादियों के शव व हथियार मिले हैं। मारे गए माओवादी हिड़मा की बटालियन के सदस्य हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। शीर्ष माओवादियों की उपस्थित पर छेड़ा अभियान     पुलिस के शीर्ष अधिकारी ने इस अभियान को माओवादियों के विरुद्ध एक निर्णायक लड़ाई बताते हुए कहा कि बीजापुर जिले की सीमा पर तेलंगाना के मुलुगु जिले के कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर बीते कुछ सप्ताह से बड़ी संख्या में माओवादियों की उपस्थिति मिल रही थी।     इंटलीजेंस के अनुसार मोस्ट वांटेड शीर्ष माओवादी नंबल्ला केशव राव उर्फ बसव राजू, तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य दामोदर, चंद्रन्ना समेत हिड़मा, देवा व माओवादियों की बटालियन की उपस्थिति थी। इसके बाद तीन राज्यों की ओर से एक संयुक्त अभियान सोमवार को छेड़ा गया। वायुसेना-थलसेना व एनटीआरओ की जमीन से आसमान तक घेराबंदी     शीर्ष माओवादियों की उपस्थिति पर छेड़े गए अभियान में एनटीआरओ (राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन) के सेटेलाइट से लाइव सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों की टीम अभियान को आगे बढ़ा रही है।     उपग्रह के साथ ही 20 से अधिक यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल) ड्राेन की सहायता से माओवादियों की हर गतिविधि पर नजर रखते हुए अभियान किया जा रहा है।     तेलंगाना के चेरला में वायुसेना का लांच पैड बनाया गया है, जहां से सेना के दो एमआइ-17 हेलीकाप्टर से भी माओवादियों पर आसमानी हमला किया जा रहा है। सप्ताह पहले बनी रणनीति फिर शाह के इशारे पर अभियान     केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर सोमवार को माओवादियों के विरुद्ध यह अभियान छेड़ा गया। सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री से मिलकर शीर्ष नक्सलियों की उपस्थिति की पक्की सूचना दी।     इसके कुछ घंटों बाद ही तीन राज्यों की ओर से संयुक्त अभियान छेड़ दिया गया। यद्यपि इसके कई दिनों पहले से ही इसकी तैयारी थी।     पिछले दिनों माओवादियों ने पत्र जारी कर कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर भारी संख्या में इंप्राेवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) लगाने की बात कहते हुए ग्रामीणों को वहां आने से मना किया था।     इससे सुरक्षा बल को यह अंदेशा हो गया कि यहां भारी संख्या में माओवादी हो सकते हैं। एनटीआरओ ने सैटेलाइट और ड्रोन से क्षेत्र पर नजर रखनी शुरु की तो इसकी पुष्टि हो गई।     इसके तुरंत बाद 14 अप्रैल को उपमुख्मंयत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा सुकमा जिले के आकस्मिक प्रवास पर पहुंचे, जहां सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ हिड़मा को घेरने की रणनीति तैयार की गई। माओवादियों के कई बंकर ढहाए, 100 से अधिक विस्फोटक मिले अभियान में शामिल एक जवान ने बताया कि बीजापुर जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ी तेलंगाना व छत्तीसगढ़ की सीमा तय करती है। लगभग 15 किमी में विस्तृत इस पहाड़ी के आस-पास और भी कई पहाड़ है। यहां माओवादियों को घेरने त्रिस्तरीय घेराबंदी की गई है। आउटर व इनर कार्डन के साथ एक किलिंग टीम है, जो कि सीधे माओवादियों के ठिकाने की ओर बढ़ रही है। रास्ते में माओवादियों के कई बंकर भी फोर्स को मिले हैं, जिन्हें ढहाया गया है। पिछले दो दिन में फोर्स को 100 से अधिक आइईडी बरामद करने में भी सफलता मिली है।

उग्रसेन की मेहनत और वन अधिकार पत्र: एक परिवार की उम्मीदों की कहानी

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित “वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006“ के अंतर्गत महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम कुदारीबाहरा के निवासी श्री उग्रसेन को 1.029 हेक्टेयर भूमि पर व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया। यह केवल एक दस्तावेज़ नहीं था, बल्कि उनके सपनों को पंख देने वाली चाबी बन गया। कभी अपने परिवार की बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करने वाले उग्रसेन, आज एक सफल और आत्मनिर्भर किसान के रूप में अपनी नई पहचान बना चुके हैं। इस अधिकार पत्र ने न केवल उनकी ज़मीन को वैधानिक मान्यता दी, बल्कि उनके जीवन की दिशा और दशा दोनों ही बदल दी। भूमि के स्वामित्व के साथ ही उग्रसेन ने खेती की ओर रुख किया। वर्ष 2023-24 में उन्होंने धान की खेती की, जिससे लगभग 2 लाख रुपये की आय अर्जित की। इस आय से उन्होंने अपनी जमीन पर बोरवेल खुदवाया, जिससे सिंचाई की सुविधा बेहतर हुई। अब वे धान के साथ-साथ मूंगफली, बैंगन, और गोभी जैसी फसलें भी उगा रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में लगातार इज़ाफा हो रहा है। खेती से मिली इस सफलता ने न केवल उग्रसेन की आर्थिक स्थिति को सुधारा, बल्कि उनके पूरे परिवार को भी सशक्त बनाया। उन्होंने अपनी आय का उपयोग बच्चे की शादी और पारिवारिक ज़रूरतों को पूरा करने में किया। उनका आत्मविश्वास अब पहले से कहीं अधिक है। आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित यह योजना गरीब, वंचित और आदिवासी समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। वन अधिकार अधिनियम 2006 का यह सफल क्रियान्वयन न केवल श्री उग्रसेन को एक सशक्त किसान बनने में मदद कर रहा है, बल्कि उनके परिवार के भविष्य को भी सुरक्षित कर रहा है।

पहलगाम आतंकी हमला : ‘झीरम घाटी की घटना’ से जोड़ते हुए बघेल ने केंद्र सरकार की नाकामी पर उठाए सवाल

दुर्ग जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एक प्रेस वार्ता कर कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि इस हमले ने न सिर्फ 27 परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे देश को शोक में डुबो दिया है. बघेल ने इस आतंकी घटना को ‘झीरम घाटी की घटना’ से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए. वहीं संविधान बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित की जा रही ‘संविधान बचाओ रैली’ पर भी विस्तृत चर्चा की और भाजपा की आलोचना की. भिलाई के एक निजी होटल में आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पहलगाम की दुखद घटना पर गहरी पीड़ा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले से देश की 140 करोड़ जनता व्यथित है.उन्होंने कहा कि इस आतंकी हमले में 27 परिवार उजड़ गए. जो लोग खुशी के पल बिताने गए थे, वे अब दुखी होकर लौटे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कल ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है. भूपेश बघेल ने कहा कि आज की इस वार्ता में ‘पहलगाम की घटना’ और ‘संविधान बचाओ रैली’ पर बात करने आए हैं. उन्होंने कहा कि एक पहलू यह है कि धर्म पूछ-पूछ कर हत्याएं की गई, कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया. दूसरा पहलू यह है कि जो लोग घोड़ा चला रहे थे, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर पर्यटकों को बचाया. इन दोनों घटनाओं में समानता यह है कि हमने भी झीरम में अपनों को खोया था. वहां भी सुरक्षा नहीं थी और पहलगांव में भी सुरक्षा नहीं थी. भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम में भी नाम पूछ-पूछ कर मारा गया था. वहां भी 33 लोग मारे गए थे और पहलगाम में भी 27 लोगों की जान गई. पहलगाम में भी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल मदद के लिए सामने नहीं आया. इस घटना ने झीरम घाटी की घटना की याद ताज़ा कर दी. हमारे सभी नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की, शोक व्यक्त किया और केंद्र सरकार को समर्थन देने की बात कही. लेकिन भाजपा की सोशल मीडिया टीम ने सिर्फ ‘धर्म पूछ-पूछ कर मारा’ को ही मुख्य मुद्दा बना दिया. संविधान बचाओ रैली को लेकर पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि आज राष्ट्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. संविधान को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है. महंगाई लगातार बढ़ रही है और सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने की तैयारी की जा रही है. रायपुर में कांग्रेस के अधिवेशन से पहले ईडी ने कई कांग्रेस नेताओं के घर छापे मारे. अहमदाबाद में भी राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई. नेशनल हेराल्ड को लेकर बघेल ने कहा कि देश की आज़ादी में नेशनल हेराल्ड से निकलने वाली पत्रिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. यह एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में है. उस संस्था पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जो सेक्शन 8 के तहत संचालित है. भाजपा के नेता ने 5 हजार करोड़ रुपये के मामले का झूठा हल्ला मचाया, जबकि इस परिवार ने सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति दान कर दी है. भाजपा के नेता लगातार अफवाह फैलाने और कांग्रेस नेताओं को दुर्भावना से फंसाने की कोशिश की जा रही है. इसके विरोध में हमें निर्देश मिला है कि 40 दिनों तक लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें ‘संविधान बचाओ रैली’ का आयोजन भी शामिल है.

जेईई मेंस-2025 में प्रयास के बच्चों का शानदार प्रदर्शन

371 बच्चों ने दी परीक्षा, 122 बच्चें हुए क्वालीफाई राज्य में 15 प्रयास आवासीय विद्यालय है संचालित अब तक प्रयास विद्यालय के 122 विद्यार्थी आईआईटी, 356 विद्यार्थी एनआईटी, 960 समकक्ष परीक्षा में और 70 विद्यार्थी एमबीबीएस में हो चुके है चयनित रायपुर, जेईई मेंस-2025 के घोषित परिणामों में प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस वर्ष जेईई मेंस परीक्षा में बैठे प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 371 बच्चों में से 122 ने क्वालीफाई किया है। विद्यार्थियों की इस सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ उनके गांव एवं समाज में हर्ष का माहौल है। विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।       वर्तमान में राज्य में कुल 15 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में राजनादंगावं एवं बलरामपुर में एक-एक नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके प्रारंभ होने से राज्य में प्रयास विद्यालयों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी। ज्ञात हो कि अब तक प्रयास आवासीय विद्यालय के 122 विद्यार्थी आईआईटी एवं समकक्ष में, 356 विद्यार्थी एनआईटी एवं समकक्ष में, 960 समकक्ष में एवं 70 एमबीबीएस हेतु चयनित हो चुके हैं।              उल्लेखनीय है कि  मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध उपलब्ध कराना, उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने हेतु सक्षम बनाकर व्यावसायिक उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश कराना तथा उन्हें जीवन में स्थिरता प्रदान करना है।     आदिम जाति कल्याण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष जेईई मेंस के घोषित परिणामों में प्रयास, बालक आवासीय विद्यालय, रायपुर का परीक्षा परिणाम सबसे अच्छा रहा है, इसके जेईई एडवासं परीक्षा में बैठे कुल 153 बच्चों में से 69 ने मेंस क्वालीफाई किया है। इनकी सफलता का प्रतिशत लगभग 45 प्रतिशत रहा है, जो कि राष्ट्रीय स्तर की इतनी कठिन परीक्षा के हिसाब से उत्कृष्ट कहा जा सकता है। इसी प्रकार प्रयास आवासीय विद्यालय, अंबिकापुर के परीक्षा में बैठे 44 में से 16 बच्चों ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है। प्रयास, दुर्ग के परीक्षा में बैठे 46 में से 12 बच्चे, प्रयास, कांकेर के परीक्षा में बैठे 23 में से 08 बच्चे, जबकि प्रयास, जशपुर के परीक्षा में बैठे 38 में से 09 बच्चों ने तथा प्रयास, कोरबा के परीक्षा में बैठे 30 बच्चों में से 01 ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है।     इसी प्रकार प्रयास, जगदलपुर के परीक्षा में बैठे 37 बच्चों में से 07 ने जेईई मेंस क्वालीफाई किया है। प्रदेश के सुदूर नक्सल प्रभावित अंचल के बच्चों का राष्ट्रीय स्तर की इस कठिन परीक्षा में सफल होना विभाग के साथ-साथ राज्य के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। इस प्रकार इस वर्ष कुल मिलाकर 122 विद्यार्थियों का आईआईटी एवं आईआईटी प्रिपरेटरी में चयन होने की संभावना है। 

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